Author name: Prasanna

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Exercise 4.2

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई वक्रों को (i) खुली या (ii) बन्द वक्रों के रूप में वर्गीकृत कीजिए :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 - 1
हल :
(a) और (c) खली वक्र हैं।
(b), (d) और (e) बन्द वक्र हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2

प्रश्न 2.
निम्न को स्पष्ट करने के लिए रफ आकृतियाँ बनाइए:
(a) खुला वक्र
(b) बन्द वक्र।
हल :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 - 2

प्रश्न 3.
कोई भी बहुभुज खींचिए और उसके अभ्यन्तर को छायांकित (shade) कीजिए।
हल :
हम जानते हैं कि बन्द वक़ का अभ्यन्तर वक्र के अन्दर होता है।
यहाँ छायांकित भाग बहुभुज के अभ्यंतर को दर्शाता है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 - 3

प्रश्न 4.
संलग्न आकृति को देखकर निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) क्या यह एक वक्र है?
(b) क्या यह बन्द है ?
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 - 6
हल :
(a) हाँ, दी हुई आकृति वक्र है।
(b) हाँ, यह वक्र बन्द है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2

प्रश्न 5.
रफ आकृतियाँ बनाकर, यदि संभव हो तो निम्न को स्पष्ट कीजिए:
(a) एक बन्द वक्र जो बहुभुज नहीं है।
(b) केवल रेखाखण्डों से बनी हुई खुली वक़्।
(c) दो भुजाओं वाला एक बहुभुज।
हल :
(a) हाँ इस प्रकार हो सकता है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 - 4
(b) हाँ, यह इस प्रकार हो सकता है :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 - 5
(c) असम्भव, क्योंकि दो भुजाओं वाला बहुभुज नहीं बनाया जा सकता।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.9

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.9 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Exercise 5.9

प्रश्न 1.
निम्न का समेलन कीजिए :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.9 - 1
इन आकारों में से प्रत्येक के दो और उदाहरण दीजिए।
हल :
सुमेलन निम्न प्रकार हैं :
(a) → (ii)
(b) → (iv)
(c) → (v)
(d) → (iii)
(e) → (i)
दो और उदाहरण
(a) शंकु – आइसक्रीम का कोन, शंक्वाकार टैन्ट
(b) गोला – ऊन का गोला, टेनिस बॉल।
(c) बेलन – ड्राम, गैस सिलिण्डर।
(d) घनाभ – माचिस की डिब्बी, ईंट।
(e) पिरामिड – मिस्र के पिरामिड, प्रिज्म।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.9

प्रश्न 2.
निम्न किस आकार के हैं ?
(a) आपका ज्यामितीय बक्स
(b) एक ईंट
(c) एक माचिस की डिब्बी
(d) सड़क बनाने वाला रोलर (roller)
(e) एक लड्डू।
हल :
(a) घनाभ,
(b) घनाभ,
(c) घनाभ,
(d) बेलन,
(e) गोला।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.9 Read More »

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

अभ्यास केन प्रश्न

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. निम्नलिखित में से किस राज्य में प्रमुख तेल क्षेत्र स्थित हैं?
(A) असम
(B) राजस्थान
(C) बिहार
(D) तमिलनाडु
उत्तर:
(A) असम

2. निम्नलिखित में से किस स्थान पर पहला परमाणु ऊर्जा स्टेशन स्थापित किया गया था?
(A) कलपक्कम
(B) राणाप्रताप सागर
(C) नरोरा
(D) तारापुर
उत्तर:
(D) तारापुर

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

3. निम्नलिखित में कौन-सा खनिज ‘भूरा हीरा’ के नाम से जाना जाता है?
(A) लौह
(B) मैंगनीज़
(C) लिग्नाइट
(D) अभ्रक
उत्तर:
(C) लिग्नाइट

4. निम्नलिखित में कौन-सा ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है?
(A) जल
(B) ताप
(C) सौर
(D) पवन
उत्तर:
(B) ताप

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
भारत में अभ्रक के वितरण का विवरण दें।
उत्तर:
अभ्रक (Mica) का मुख्य अयस्क पिग्माटाइट है जो आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों में पाया जाता है। अभ्रक उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है। यहाँ विश्व का लगभग 80% अभ्रक उत्पन्न किया जाता है। इसका उपयोग विद्युतीय उपकरण, वायुयान मोटर और राडार बनाने में किया जाता है। भारत में अभ्रक उत्पादक राज्यों का विवरण इस प्रकार है

  1. आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश के नैल्लोर व खम्भात क्षेत्र से अभ्रक प्राप्त किया जाता है। नैल्लोर से उत्तम किस्म के अभ्रक का उत्पादन किया जाता है।
  2. राजस्थान-राजस्थान में अभ्रक पेटी जयपुर से उदयपुर तक फैली हुई है। यहाँ अभ्रक के खनन का भविष्य उज्ज्वल है।
  3. झारखंड यहाँ के अभ्रक उत्पादक क्षेत्र हैं-हजारीबाग और सिंहभूम।
  4. बिहार-यहाँ अभ्रक की लंबी पेटी पाई जाती है। इस पेटी को ‘विश्व का अभ्रक भंडार’ कहा जता है। गया, मुंगेर यहाँ के प्रमुख अभ्रक उत्पादक क्षेत्र हैं।
  5. अन्य उत्पादक राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र आदि हैं।

प्रश्न 2.
नाभिकीय ऊर्जा क्या है? भारत के प्रमुख नाभिकीय ऊर्जा केंद्रों के नाम लिखें।
उत्तर:
नियंत्रित परिस्थितियों में अणुओं के टूटने से पैदा होने वाली ऊर्जा नाभिकीय ऊर्जा कहलाती है। यह ऊर्जा के अणु टूटने से बनती है, इसलिए इसे परमाणु ऊर्जा भी कहते हैं।

भारत के प्रमुख नाभिकीय या परमाणु ऊर्जा केंद्र-

  1. तारापुर – महाराष्ट्र
  2. काकरापाड़ा – गुजरात
  3. रावतभाटा – राजस्थान
  4. कैगा – कर्नाटक
  5. कल्पक्कम – तमिलनाडु
  6. नरोरा – उत्तर प्रदेश

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

प्रश्न 3.
अलौह धातुओं के नाम बताएँ। उनके स्थानिक वितरण की विवेचना करें।
उत्तर:
बॉक्साइट और ताँबा प्रमुख अलौह धातुएँ हैं।
1. बॉक्साइट-बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य ओडिशा (उड़ीसा) है। यहाँ के प्रमुख बॉक्साइट उत्पादक क्षेत्र हैं कालाहांडी और संभलपुर। अन्य महत्त्वपूर्ण उत्पादक राज्य हैं-गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि। बॉक्साइट के गौण . उत्पादक राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु व गोवा आदि हैं।

2. ताँबा-ताँबे की प्राप्ति धारवाड़ क्रम की शिष्ट एवं फाइलाइट शैलों की शिराओं से होती है। भारत में ताँबे के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं-राजस्थान (खेतड़ी, सिंघाना, झुंझुनु, अलवर), मध्यप्रदेश (बालाघाट), झारखंड (सिंहभूम) आंध्र प्रदेश (गुंटूर, अन्निगुण्डल), कर्नाटक (हासन, चित्रदुर्ग) आदि हैं।

प्रश्न 4.
ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत कौन-से हैं?
उत्तर:
ऊर्जा के वे स्रोत जिनके प्रयोग की पहले से परंपरा न रही हो, वे ऊर्जा के अपारंपरिक स्रोत कहलाते हैं। इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय तरंगों की ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा तथा बायोगैस सम्मिलित हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
भारत के पेट्रोलियम संसाधनों पर विस्तृत टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
ऊर्जा एवं शक्ति के साधन के रूप में खनिज तेल का प्रचार एवं प्रसार बढ़ रहा है। पेट्रोलियम या खनिज तेल का उपयोग मुख्य रूप से नए प्रकार के इंजनों, जलयानों या वायुयानों में किया जाता है। यह कच्चे रूप में प्राप्त किया जाता है तथा उत्पादक क्षेत्र से तेल शोधन-शालाओं तक पहुंचाया जाता है, जहाँ इसके शोधन से गैसोलिन, पेट्रोल, मिट्टी का तेल, डीज़ल, मोम तथा मशीनों को चिकना करने का स्नेहक (Lubricant) प्राप्त होता है।

खनिज तेल अवसादी या तलछटी चट्टानों में पाया जाता है, जो भारत में 17 लाख वर्ग कि०मी० क्षेत्र में फैला है। भारत में ये क्षेत्र या तो समुद्र तटवर्ती भागों में हैं या सतलुज-गंगा के मैदान में, जहाँ पर परतदार चट्टानें अधिक हैं। भारत में वर्तमान समय में तेल क्षेत्र उत्तरी-पूर्वी भारत तथा राजस्थान, कावेरी, कृष्णा तथा गोदावरी के बेसिन में या बॉम्बे हाई में स्थित है। खनिज तेल उत्पादन की दृष्टि से हमारी स्थिति संतोषजनक नहीं है क्योंकि हमारे तेल-स्रोत अधिकांशतः उत्तरी-पूर्वी राज्यों तक ही सीमित हैं। हमें अपनी घरेलू माँग की पूर्ति के लिए तेल का आयात करना पड़ता है। हम केवल अपनी 40% आवश्यकता की पूर्ति करने में सक्षम हैं। उत्तरी-पूर्वी राज्यों में डिगबोई, नहारकटिया, मसीपुर तथा बदरपुर प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र हैं।

उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र के अलावा पश्चिमी क्षेत्र जिसमें गुजरात तथा मुंबई (बॉम्बे) हाई से तेल का उत्पादन शुरू हो गया है, जिसका तेल उत्पादन में महत्त्वपूर्ण स्थान है। खंभात की खाड़ी में अंकलेश्वर प्रमुख तेल क्षेत्र है। मुंबई (बॉम्बे) हाई तथा गुजरात में बड़ी मात्रा में तेल प्राप्ति के कारण काफी हद तक घरेलू माँग की पूर्ति हो रही है। उत्तरी-पूर्वी तेल क्षेत्रों का कच्चा तेल शोधन के लिए गुवाहटी के निकट नूनमती तथा बिहार में बरौनी की तेल शोधन-शालाओं में साफ किया जाता है, जबकि गुजरात के कोयली (बड़ौदा) तथा मुंबई (बॉम्बे) हाई का तेल ट्रॉम्बे की शोधन-शालाओं में परिष्करण हेतु लाया जाता है। भारत में लगभग 22 परिष्करणशालाएँ कार्यरत हैं, जिनकी क्षमता 534 लाख टन प्रतिवर्ष से अधिक तेल शोधन की है।

प्रश्न 2.
भारत में जल विद्युत पर एक निबंध लिखें।
उत्तर:
भारत में जल-शक्ति के विशाल भण्डार हैं। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि यह कोयले से उत्पन्न धुएं तथा उसके हानिकारक प्रभावों से मुक्त रहती है। इसे श्वेत कोयला भी कहा जाता है। कोयला तथा पेट्रोलियम के समाप्त हो जाने पर हमें जल-विधुत पर निर्भर रहना पड़ेगा। हम जल भण्डार का उचित प्रयोग करके जल विद्युत के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं।

जल-विद्युत उत्पादन के लिए दशाएँ (Conditions for Production of Water Power)-जल विद्युत उत्पादन के लिए अनुकूल दशाएँ निम्नलिखित हैं
1. लगातार जल प्रवाह (Constant Water Flow)-भारत के जिन क्षेत्रों में स्थाई जल-प्रवाह है, वहां जल-विद्युत का अच्छा विकास देखा गया है। दक्षिणी भारत में दोनों तरफ समुद्र तट होने के कारण तथा उपयुक्त वर्षा के कारण उत्तरी भारत की अपेक्षा ज्यादा जल-विद्युत परियोजनाएं स्थापित की गई हैं।

2. उच्चावच (Relief)-जल-विद्युत का उत्पादन ऊंचाई पर निर्भर करता है क्योंकि इसमें पानी को ऊंचाई से गिराकर बिजली पैदा की जाती है। जल-प्रपात पहाड़ी तथा पठारी भागों में अधिक पाए जाते हैं। नदियों पर कृत्रिम बांध बनाकर भी बिजली तैयार की जाती है। दक्षिणी भारत में अरब सागर के तट के समानांतर सहयाद्रि पर्वत फैले हैं।

3. तापमान (Temperature)-जल-विद्युत के लिए तापमान हिमांक के ऊपर रहना चाहिए। इसके लिए समशीतोष्ण जलवायु कि इसमें न तो जल का अधिक सुखा पड़ता है और न ही जल जमता है। उत्तरी भाग की नदियों का पानी जम जाने के कारण यहां बिजली संयंत्र कई-कई दिनों तक बंद हो जाते हैं।

4. मांग (Demand)-उत्तरी भारत की अपेक्षा दक्षिणी भारत में औद्योगिक विकास अधिक हुआ जिस कारण इस क्षेत्र में बिजली की मांग अधिक रहती है। भाखड़ा नांगल बांध से मुंबई को बिजली सप्लाई नहीं की जा सकती है।

5. ऊर्जा संसाधन (Energy Resources)-दक्षिणी भारत में कोयला कम पाया जाता है। यहां विद्युत, जल द्वारा निर्मित की जाती है। इस क्षेत्र में बहुत तीव्र ढाल और दक्षिणी-पश्चिमी मानसून से काफी वर्षा होती है। उत्तर:पश्चिमी भारत में जल-विद्युत में कोयले का इस्तेमाल किया जाता है।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

वितरण-भारत में जल विद्युत उत्पादन के प्रमुख केंद्र निम्नलिखित हैं
1. महाराष्ट्र (Maharashtra)-इस राज्य के जल-विद्युत केंद्र निम्नलिखित हैं-
(i) टाटा जल-विद्युत योजना (Tata Water Power Project)-पुणे के समीप लोनावला क्षेत्र में नीलामूला, बलट्रान, लोनावला झीलों में जल भण्डारों के आधार पर टाटा कम्पनी ने सन् 1915 में इस शक्ति गृह को स्थापित किया। यहां से पुणे तथा मुम्बई के औद्योगिक क्षेत्र को विद्युत की आपूर्ति की जाती है।

(ii) कोयना परियोजना (Koena Project) यह कृष्णा नदी की सहायक नदी पर मुंबई से 240 किलोमीटर दूर स्थित है। कोयना शक्ति गृह, ट्राम्बे वाष्प शक्ति गृह तथा चोला वाष्प शक्ति गृह को आपस में जोड़कर जल एवं ताप-विद्युत संघटन क्रम (Hydrothermal Grid) बनाया गया है। इन शक्ति गृहों से मुम्बई तथा निकटवर्ती ढाणे, कल्याण तथा पुणे क्षेत्रों को बिजली उपलब्ध करवाई जाती है।

2. कर्नाटक (Karnatka) इस राज्य के जल-विद्युत केंद्र निम्नलिखित हैं
(i) महात्मा गांधी जलविद्युत केंद्र (Mahatama Gandhi Water Power Centre) इसे सन् 1949 में कृष्णा नदी पर जोग जल-प्रपात पर स्थापित किया गया।

(ii) शिवसमुद्रम परियोजना (Shivsamudaram Project) यह बिजली संयंत्र कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम नामक स्थान पर स्थित है। यहां से कोलार सोने की खानों तथा बंगलुरू, मैसूर और इसके निकटवर्ती क्षेत्रों को बिजली की आपूर्ति की जाती है।

(iii) शिम्सा परियोजना (Shimsa Project)-इस परियोजना को सन् 1920 में कावेरी नदी की सहायक शिम्सा नदी के जल-प्रपात पर स्थापित किया गया है। इससे कर्नाटक राज्य को बिजली दी जाती है।

3. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)-उत्तर प्रदेश में निम्नलिखित जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित की गई हैं
(i) गंगा विद्युत संगठन क्रम प्रणाली (Ganga Electric Organisation Serial)- हरिद्वार से मेरठ तक इस क्रम प्रणाली का विकास है। इसमें सलावा पलेरा, सुमेरानी गजनी, मुहम्मदपुर विद्युत केंद्र हैं।

(ii) माताटीला बांध (Matatila Dam) इसे बेतवा नदी पर झांसी के निकट स्थापित किया गया है।

(iii) रिहन्द परियोजना (Rihand Project)-मिर्जापुर जिले में पिपरी नामक स्थान पर रिहन्द नदी पर यह विद्युत-गृह स्थापित है।

4. उत्तराखण्ड (Uttarakhand)-उत्तराखण्ड के जल-विद्युत केंद्र निम्नलिखित हैं
(i) शारदा विद्युत संगठन क्रम प्रणाली (Sharda Electricity Organisation Serial System)-यह शारदा नहर पर तीन जल विद्युत केंद्र के साथ स्थापित है। इसे गंगा विद्युत संगठन क्रम से मिलाया गया है। इससे नैनीताल, अल्मोड़ा तथा उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को बिजली दी जाती है।

(ii) राम गंगा परियोजना (Ram Ganga Project) यह उत्तराखण्ड के गढ़वाल में कालागढ़ स्थान पर रामगंगा नदी पर स्थापित है। यहाँ से कुमाऊं तथा गढ़वाल क्षेत्रों को बिजली दी जाती है।

5. पंजाब (Punjab)-पंजाब की जल-विद्युत परियोजनाएं निम्नलिखित हैं-

  • भाखड़ा नंगल परियोजना यह परियोजना रोपड़ के नजदीक भाखड़ा नामक स्थान पर सतलुज नदी पर बनाई गई है।
  • पोंग बांध परियोजना यह होशियारपुर में तलवाड़ा के निकट पोंग नामक स्थान पर व्यास नदी पर स्थित है।

6. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)-इस राज्य की जल-विद्युत परियोजनाएं इस प्रकार हैं

  • मण्डी परियोजना यहाँ से मण्डी, कांगड़ा घाटी तथा उत्तरी पंजाब को बिजली दी जाती है।
  • पंडोह परियोजना यह व्यास नदी पर पंडोह नामक स्थान पर स्थित है।

7. तमिलनाडु (Tamilnadu) इस राज्य में निम्नलिखित जल-विद्युत परियोजनाएं स्थापित की गई हैं-

  • मैटर परियोजना
  • पापाकारा परियोजना
  • पापनाशम परियोजना
  • कुण्डा परियोजना आदि।

8. केरल (Kerela) केरल राज्य की जल-विद्युत परियोजनाएँ निम्नलिखित हैं

  • पल्लीवासन परियोजना
  • सेगुलम परियोजना
  • पेरीगल कोथू परियोजना
  • नेरीयामगलम परियोजना
  • पेरियार परियोजना आदि।

खनिज तथा ऊर्जा संसाधन HBSE 12th Class Geography Notes

→ खनिज (Minerals) : धरातल अथवा भू-गर्भ से खोदकर प्राप्त की जाने वाली वस्तुओं को खनिज कहा जाता है।

→ धात्विक खनिज (Metallic Minerals) : ऐसे खनिज पदार्थों को, जिनके गलाने से विभिन्न प्रकार की धातुएँ प्राप्त होती हैं, धात्विक खनिज कहते हैं।

→ अधात्विक खनिज (Non-metallic Minerals) : ऐसे खनिज, जिनको गलाने से किसी प्रकार की कोई धात प्राप्त नहीं होती, उसे अधात्विक खनिज कहते हैं।

→ जैव ऊर्जा (Bio Energy) : जैविक उत्पादों से प्राप्त की जाने वाली ऊर्जा को जैव ऊर्जा कहते हैं।

→ खनिज अयस्क (Mineral Ore) : भूमि से प्राप्त वह कच्ची धातु जिसमें मिट्टी और अन्य अशुद्धियाँ मिश्रित होती हैं।

→ खनन (Mining) : खनन वह आर्थिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा भूमि से खनिजों का निष्कासन किया जाता है। खनन को घातक उद्योग कहा जाता है।

→ ऊर्जा (Energy) : किसी भी कार्य को करने के लिए बल या शक्ति की जरूरत होती है जिसे ऊर्जा कहते हैं।

→ ऊर्जा संसाधन (Energy Resources) : वे संसाधन जिन्हें ऊर्जा प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है, ऊर्जा संसाधन कहलाते हैं।

→ लौह खनिज (Ferrous Minerals) : वे खनिज जिनमें लौह-अयस्क होते हैं, लौह खनिज कहलाते हैं।

→ अलौह खनिज (Non-Ferrous Minerals) : वे खनिज जिनमें लौह-अयस्क नहीं होते, अलौह खनिज कहलाते हैं।

→ नाभिकीय या परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) : नियंत्रित परिस्थितियों में अणुओं के टूटने से पैदा होने वाली ऊर्जा, नाभिकीय ऊर्जा कहलाती है। यह ऊर्जा परमाणु के अणु टूटने से बनती है, इसलिए इसे परमाणु ऊर्जा भी कहते हैं।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

→ सौर ऊर्जा (Solar Energy)-सूर्य की गर्मी से प्राप्त ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहते हैं। गुजरात के भुज क्षेत्र में सौर ऊर्जा का एक बड़ा संयंत्र लगा हुआ है।

→ भ-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) भमि के गर्भ के ताप से प्राप्त ऊर्जा को भू-तापीय ऊर्जा भी कहते हैं।

→ पवन ऊर्जा (Air/Wind Energy)-भारत को विश्व में अब पवन महाशक्ति का दर्जा प्राप्त है। भारत में पवन ऊर्जा फार्म की विशालतम पेटी तमिलनाडु नागरकोइल से मदुरई तक अवस्थित है।

→ पन विद्युत (Hydroelectricity) : पानी से बनाई जाने वाली/ऊर्जा पन विद्युत कहलाती है।

→ जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) : भूमि या समुद्र तल में विभिन्न जीवों के संपीड़न से बना हुआ ईंधन, जीवाश्म ईंधन कहलाता है।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 7 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Exercise 10.1

प्रश्न 1.
नीचे दी हुई आकृतियों का परिमाप ज्ञात कीजिए :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 1
हल :
(a) परिमाप = भुजाओं की लम्बाइयों का योग
= 5 सेमी + 1 सेमी + 2 सेमी + 4 सेमी
= 12 सेमी उत्तर

(b) परिमाप = भुजाओं की लम्बाइयों का योग
= 40 सेमी + 35 सेमी + 23 सेमी + 35 सेमी
= 133 सेमी उत्तर

(c) परिमाप = 4 × एक भुजा की लम्बाई
= 4 × 15 सेमी = 60 सेमी उत्तर

(d) परिमाप = 5 × एक भुजा की लम्बाई
= 5 × 4 सेमी = 20 सेमी उत्तर

(e) परिमाप = भुजाओं की लम्बाइयों का योग
= 4 सेमी + 0.5 सेमी + 2.5 सेमी + 2.5 सेमी + 0.5 सेमी + 4 सेमी + 1 सेमी
= 15 सेमी उत्तर

(f) परिमाप = भुजाओं की लम्बाइयों का योग
= 4 सेमी + 3 सेमी + 2 सेमी + 3 सेमी + 1 सेमी + 4 सेमी + 3 सेमी + 2 सेमी + 3 सेमी + 1 सेमी + 4 सेमी + 3 सेमी + 2 सेमी + 3 सेमी + 1 सेमी + 4 सेमी + 3 सेमी + 2 सेमी + 3 सेमी + 1 सेमी
= 52 सेमी उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

प्रश्न 2.
40 सेमी लम्बाई और 10 सेमी चौड़ाई वाले एक आयताकार बॉक्स के ढक्कन को चारों ओर से पूरी तरह एक टेप द्वारा बन्द कर दिया जाता है। आवश्यक टेप की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
आयताकार बॉक्स के ढक्कन में लगे टेप की कुल लम्बाई = आयत का परिमाप = 2 × (ल. + चौ.)
= 2 × (40 सेमी + 10 सेमी)
= 2 × 50 सेमी = 100 सेमी
अतः आवश्यक टेप की लम्बाई 100 सेमी है। उत्तर

प्रश्न 3.
एक मेज की ऊपरी सतह की विमाएँ 2 मीटर 25 सेमी और 1 मीटर 50 सेमी हैं। मेज की ऊपरी सतह का परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल :
मेज की ऊपरी सतह का परिमाप
= 2 × (ल. + चौ.)
= 2 × (2 मीटर 25 सेमी + 1 मीटर 50 सेमी)
= 2 × (3 मीटर 75 सेमी)
= 2 × 3.75 मीटर
= 7.50 मीटर उत्तर
अत: मेज की ऊपरी सतह का परिमाप 7.50 मीटर है। उत्तर

प्रश्न 4.
32 सेमी लम्बाई और 21 सेमी चौड़ाई वाले एक फोटो को लकड़ी की पट्टी से प्रेम करना है। आवश्यक लकड़ी की पट्टी की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
फोटो का फ्रेम आयताकार होता है।
∴ फ्रेम में आवश्यक लकड़ी का परिमाप
= 2 × (ल. + चौ.)
= 2 × (32 सेमी + 21 सेमी)
= 2 × (53 सेमी) = 106 सेमी
अतः आवश्यक लकड़ी की पट्टी की लम्बाई = 106 सेमी उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

प्रश्न 5.
एक आयताकार भूखण्ड की लम्बाई और चौड़ाई क्रमशः 0.7 किमी और 0.5 किमी है। इसके चारों ओर एक तार से 4 पंक्तियों में बाड़ लगाई जानी है। आवश्यक तार की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
आयताकार भूखण्ड का परिमाप
= 2 × (ल. + चौ.)
= 2 × (0.7 किमी + 0.5 किमी)
= 2 × 1.2 किमी = 2.4 किमी
आवश्यक तार की लम्बाई भूखण्ड के परिमाप की 4 गुना होगी।
∴ तार की लम्बाई = 4 × परिमाप
= 4 × (2.4 किमी)
= 9.6 किमी
अतः आवश्यक तार की लम्बाई 9.6 किमी है। उत्तर

प्रश्न 6.
निम्न आकृतियों में प्रत्येक का परिमाप ज्ञात
कीजिए:
(a) एक त्रिभुज जिसकी भुजाएँ 3 सेमी, 4 सेमी तथा 5 सेमी हैं।
(b) एक समबाहुत्रिभुज जिसकी एक भुजा की लम्बाई 9 सेमी है।
(c) एक समद्विबाहु त्रिभुज जिसकी प्रत्येक समान भुजा 8 सेमी की हो तथा तीसरी भुजा 6 सेमी हो।
हल :
(a) त्रिभुज का परिमाप = तीनों भुजाओं का योग
= 3 सेमी + 4 सेमी + 5 सेमी
= 12 सेमी उत्तर

(b) समबाहु त्रिभुज का परिमाप = 3 × एक भुजा की लम्बाई
= 3 × 9 सेमी
= 27 सेमी उत्तर

(c) समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप = तीनों भुजाओं का योग
= 8 सेमी + 8 सेमी + 6 सेमी
= 22 सेमी उत्तर

प्रश्न 7.
एक त्रिभुज का परिमाप ज्ञात कीजिए जिसकी भुजाएँ 10 सेमी, 14 सेमी तथा 15 सेमी हैं।
हल :
त्रिभुज का परिमाप = तीनों भुजाओं की लम्बाइयों का योग
= 10 सेमी + 14 सेमी + 15 सेमी
= 39 सेमी

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

प्रश्न 8.
एक सम षट्भुज का परिमाप ज्ञात कीजिए, जिसकी प्रत्येक भुजा की माप 8 मीटर है।
हल :
एक सम षट्भुज में 6 समान भुजाएँ होती हैं।
∴ इसका परिमाप = 6 × एक भुजा की लम्बाई
= 6 × (8 मीटर)
= 48 मीटर

प्रश्न 9.
एक वर्ग की भुजा ज्ञात कीजिए, जिसका परिमाप 20 मीटर है।
हल :
वर्ग का परिमाप = 20 मीटर
∴ वर्ग में 4 समान भुजाएँ होती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 2

प्रश्न 10.
एक सम पंचभुज का परिमाप 100 सेमी है। प्रत्येक भुजा की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
सम पंचभुज का परिमाप = 100 सेमी
∵ सम पंचभुज में 5 समान भुजाएँ होती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 3

प्रश्न 11.
एक धागे का टुकड़ा 30 सेमी लम्बाई का है। प्रत्येक भुजा की लम्बाई क्या होगी, यदि धागे से बनाया जाता है:
(a) एक वर्ग ?
(b) एक समबाहु त्रिभुज ?
(c) एक सम षट्भुज ?
हल :
(a) धागे की लम्बाई = परिमाप = 30 सेमी
∵ एक वर्ग में 4 समान भुजाएँ होती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 4

(b) धागे की लम्बाई = परिमाप
= 30 सेमी
∴ एक समबाहु त्रिभुज में तीन समान भुजाएँ होती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 5

(c) धागे की लम्बाई = परिमाप = 30 सेमी
∵ एक सम षट्भुज में 6 समान भुजाएं होती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 6

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

प्रश्न 12.
एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 12 सेमी तथा 14 सेमी हैं। इस त्रिभुज का परिमाप 36 सेमी है। इसकी तीसरी भुजा की लम्बाई क्या होगी?
हल :
माना दिया गया त्रिभुज ABC है, जिसमें AB = 12 सेमी, BC = 14 सेमी और इसका परिमाप = 36 सेमी।
अर्थात् AB+ BC + CA = 36 सेमी
⇒ 12 सेमी + 14 सेमी + CA = 36 सेमी
⇒ 26 सेमी + CA = 36 सेमी
⇒ CA = 36 सेमी – 26 सेमी
= 10 सेमी
∴ तीसरी भुजा की लम्बाई 10 सेमी है। उत्तर

प्रश्न 13.
250 मीटर भुजा वाले वर्गाकार बगीचे के चारों ओर बाड़ लगाने का व्यय 20 रु. प्रति मीटर की दर से ज्ञात कीजिए।
हल :
वर्गाकार पार्क की भुजा = 250 मीटर
∴ वर्गाकार पार्क का परिमाप = 4 × भुजा
= 4 × 250 मीटर
= 1000 मीटर
∴ बाड़ लगाने का कुल व्यय = 1000 × 20 रु.
= 20,000 रु. उत्तर

प्रश्न 14.
एक आयताकार बगीचा जिसकी लम्बाई 175 मीटर तथा चौड़ाई 125 मीटर है, के चारों ओर 12 रु. प्रति मीटर की दर से बाड़ लगाने का व्यय ज्ञात कीजिए।
हल :
आयताकार बगीचे की लम्बाई = 175 मीटर
और आयताकार बगीचे की चौड़ाई = 125 मीटर
∴ आयताकार बगीचे का परिमाप = 2 × (ल. + चौ.)
32 × (175 + 125) मीटर
= 2 × 300 मीटर
= 600 मीटर
∴ बाड़ लगाने का व्यय = 600 × 12 रु.
= 7,200 रुपये उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

प्रश्न 15.
स्वीटी 75 मीटर भुजा वाले वर्ग के चारों ओर दौड़ती है और बुलबुल 60 मीटर लम्बाई और 45 मीटर चौड़ाई वाले आयत के चारों ओर दौड़ती है। कौन कम दूरी तय करती है ?
हल :
प्रत्येक लड़की द्वारा एक चक्कर में तय की गई दूरी उस मैदान के परिमाप के बराबर है। इसलिए एक चक्कर में स्वीटी द्वारा तय की गई दूरी = वर्ग का परिमाप
= 4 × भुजा
= 4 × (75 मीटर) = 300 मीटर
बुलबुल द्वारा एक चक्कर में तय की गई दूरी = आयत का परिमाप
= 2 × (लम्बाई + चौड़ाई)
= 2 × (60 मीटर + 45 मीटर)
= 2 × 105 मीटर = 210 मीटर
यह दर्शाता है कि बुलबुल, स्वीटी से कम दूरी तय करती है। उत्तर

प्रश्न 16.
निम्न प्रत्येक आकृति का परिमाप ज्ञात कीजिए। आप उत्तर से क्या निष्कर्ष निकालते हैं ?
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 7
हल :
(a) वर्ग का परिमाप = 4 × भुजा
= 4 × (25 सेमी) = 100 सेमी उत्तर

(b) आयत का परिमाप = 2 × (ल. + चौ.)
= 2 × (40 सेमी + 10 सेमी)
= 2 × (50 सेमी.) = 100 सेमी उत्तर

(c) आयत का परिमाप = 2 × (ल. + चौ.)
= 2 × (30 सेमी + 20 सेमी)
= 2 × (50 सेमी) = 100 सेमी उत्तर

(d) त्रिभुज का परिमाप = 30 सेमी + 30 सेमी + 40 सेमी
= 100 सेमी उत्तर
हम देखते हैं कि प्रत्येक आकृति का परिमाप 100 सेमी है। अतः इन सभी आकृतियों का परिमाप समान हैं। उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1

प्रश्न 17.
अवनीत 9 वर्गाकार टाइल खरीदता है, जिसकी प्रत्येक भुजा \(\frac{1}{2}\) मीटर है और वह इन टाइलों को एक वर्ग के रूप में रखता है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 8
(a) नए वर्ग का परिमाप क्या है [आकृति (a)] ?
(b) शैरी को उसके द्वारा टाइलों को रखने की व्यवस्था पसन्द नहीं आती है। वह इन टाइलों को एक क्रॉस के रूप में रखवाती है। इस व्यवस्था का परिमाप कितना होगा [आकृति (b)] ?
(c) किसका परिमाप अधिक है ?
(d) अवनीत सोचता है, क्या कोई ऐसा भी तरीका है जिससे इनसे भी बड़ा परिमाप प्राप्त किया जा सकता हो? क्या आप ऐसा करने का कोई सुझाव दे सकते हैं? (टाइलें किनारों से आपस में मिली हुई हों और वे दूटी न हों।)
हल :
(a) अवनीत की व्यवस्था की स्थिति में नये वर्ग का
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 9
परिमाप = 4 × भुजा
= 4 × \(\frac{3}{2}\) मीटर
नये वर्ग की भुजा = \(\left(\frac{1}{2}+\frac{1}{2}+\frac{1}{2}\right)\) मीटर = \(\frac{3}{2}\) मीटर
= \(\frac{12}{2}\) मीटर
= 6 मीटर उत्तर

(b) शैरी की व्यवस्था की स्थिति में :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 10
परिमाप = \(\frac{1}{2}\) मीटर + 1 मीटर + 1 मीटर + \(\frac{1}{2}\) मीटर + 1 मीटर + 1 मीटर + \(\frac{1}{2}\) मीटर + 1 मीटर + 1 मीटर + \(\frac{1}{2}\) मीटर + 1 मीटर + 1 मीटर = 10 मीटर उत्तर

(c) शैरी की स्थिति में परिमाप बड़ा है। उत्तर
(d) नोट : विद्यार्थी इस प्रश्न को स्वयं हल करने का प्रयास करें। उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 10 क्षेत्रमिति Ex 10.1 Read More »

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

A. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. बस्तियाँ कितने प्रकार की होती हैं-
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर:
(A) 2

2. ग्रामीण बस्तियों के लोग किस प्रकार के क्रियाकलाप करते हैं?
(A) प्राथमिक
(B) द्वितीयक
(C) तृतीयक
(D) चतुर्थक
उत्तर:
(A) प्राथमिक

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

3. ग्रामीण बस्तियों में लोगों का मुख्य व्यवसाय क्या है?
(A) आखेट
(B) मत्स्य न
(C) कृषि
(D) संग्रहण
उत्तर:
(C) कृषि

4. पास-पास बने घरों वाली ग्रामीण बस्तियाँ कहलाती हैं-
(A) संहत बस्तियाँ
(B) प्रकीर्ण बस्तियाँ
(C) अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(A) संहत बस्तियाँ

5. बड़े तथा एक-दूसरे से दूर बने मकानों वाली बस्तियाँ कहलाती हैं-
(A) संहत बस्तियाँ
(B) प्रकीर्ण बस्तियाँ
(C) अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(B) प्रकीर्ण बस्तियाँ

6. भारत के उत्तरी मैदान में किस प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं?
(A) गुच्छित बस्तियाँ
(B) परिक्षिप्त बस्तियाँ
(C) अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(A) गुच्छित बस्तियाँ

7. नगरीय बस्तियाँ किस प्रकार के क्रियाकलाप में संलग्न नहीं होती?
(A) प्राथमिक
(B) द्वितीयक
(C) तृतीयक
(D) चतुर्थक
उत्तर:
(A) प्राथमिक

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

8. उच्च भूमियों, पर्वतीय क्षेत्रों और मरुस्थलीय भागों में किस प्रकार की बस्तियाँ पाई जाती हैं?
(A) गुच्छित बस्तियाँ
(B) अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ
(C) परिक्षिप्त बस्तियाँ
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(C) परिक्षिप्त बस्तियाँ

9. उत्तरी भारत के किस राज्य में गाँवों के मध्य दूरी सबसे अधिक है?
(A) हरियाणा
(B) हिमाचल प्रदेश
(C) पंजाब
(D) महाराष्ट्र
उत्तर:
(B) हिमाचल प्रदेश

10. दक्षिणी भारत के किस राज्य में गाँवों के मध्य दूरी सबसे अधिक है?
(A) कर्नाटक
(B) केरल
(C) आंध्र प्रदेश
(D) तमिलनाडु
उत्तर:
(B) केरल

11. गुजरात राज्य में बस्तियाँ पाई जाती हैं-
(A) गुच्छित बस्तियाँ
(B) परिक्षिप्त बस्तियाँ
(C) अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(C) अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ

12. किसी तालाब के किनारे बसी बस्ती की आकृति होती है-
(A) रैखिक
(B) गोलाकार
(C) क्रॉस
(D) तारक
उत्तर:
(B) गोलाकार

13. किसी नदी या रेलवे लाइन के किनारे बसी बस्ती की आकृति होती है-
(A) रैखिक
(B) गोलाकार
(C) क्रॉस
(D) तारक
उत्तर:
(A) रैखिक

14. एक लाख से कम जनसंख्या वाला केंद्र कहलाता है-
(A) महानगर
(B) नगर
(C) कस्बा
(D) विराट नगर
उत्तर:
(B) नगर

15. जिन नगरों की जनसंख्या 10 से 50 लाख तक हो, कहलाते हैं-
(A) महानगर
(B) संवैधानिक नगर
(C) जनगणना नगर
(D) विराट नगर
उत्तर:
(A) महानगर

16. 50 लाख से अधिक जनंसख्या वाले नगर कहलाते हैं-
(A) महानगर
(B) नगर
(C) वृहत् नगर
(D) जनगणना नगर
उत्तर:
(C) वृहत् नगर

17. भारत के जनगणना विभाग के अनुसार किसी नगर की न्यूनतम जनसंख्या कितनी होनी चाहिए?
(A) कम-से-कम 2500
(B) कम-से-कम 3500
(C) कम-से-कम 4000
(D) कम-से-कम 5000
उत्तर:
(D) कम-से-कम 5000

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

18. भारत के जनगणना विभाग के अनुसार किसी नगर में जनसंख्या का न्यूनतम घनत्व कितना होना चाहिए?
(A) 400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
(B) 450 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
(C) 475 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
(D) 500 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
उत्तर:
(A) 400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०

19. प्रथम वर्ग के नगर में कितनी जनसंख्या होनी चाहिए?
(A) 10,000-19,999
(B) 20,000-49,999
(C) 50,000-99,999
(D) 1,00,000 से अधिक
उत्तर:
(D) 1,00,000 से अधिक

20. कौन-सा नगर मध्यकालीन नगर है?
(A) दिल्ली
(B) मुंबई
(C) चण्डीगढ़
(D) पाटलिपुत्र
उत्तर:
(A) दिल्ली

21. इलाहाबाद किस प्रकार के युग का नगर है?
(A) प्रागैतिहासिक युग
(B) प्राचीन युग
(C) मध्य युग
(D) आधुनिक युग
उत्तर:
(C) मध्य युग

22. पाटलिपुत्र किस प्रकार के युग का नगर है?
(A) प्रागैतिहासिक युग
(B) प्राचीन युग
(C) मध्य युग
(D) आधुनिक युग
उत्तर:
(B) प्राचीन युग

23. दार्जिलिंग किस प्रकार का नगर है?
(A) खनन नगर
(B) धार्मिक नगर
(C) पर्यटन नगर
(D) छावनी नगर
उत्तर:
(C) पर्यटन नगर

24. निम्नलिखित में से कौन-सा औद्योगिक नगर का उदाहरण है?
(A) जमशेदपुर
(B) शिमला
(C) अम्बाला
(D) दिल्ली
उत्तर:
(A) जमशेदपुर

25. विशाखापत्तनम किस प्रकार के नगरों का उदाहरण है?
(A) पर्यटन नगर
(B) धार्मिक नगर
(C) परिवहन नगर
(D) छावनी नगर
उत्तर:
(C) परिवहन नगर

26. भारत में मलिन बस्तियों की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक कहाँ है?
(A) पटना में
(B) जमशेदपुर में
(C) वृहत्तर मुंबई में
(D) गुड़गाँव में
उत्तर:
(C) वृहत्तर मुंबई में

27. भारत में मलिन बस्तियों की जनसंख्या का अनुपात सबसे कम कहाँ है?
(A) पटना में
(B) जमशेदपुर में
(C) वृहत्तर मुंबई में
(D) करनाल में
उत्तर:
(A) पटना में

28. देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला महानगर जो भारत की सबसे बड़ी बंदरगाह भी है-
(A) कोलकाता
(B) गोवा
(C) महाराष्ट्र
(D) कालीकट
उत्तर:
(C) महाराष्ट्र

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

29. नगरीय संकुल का उदाहरण है-
(A) कोलकाता
(B) हैदराबाद
(C) पूणे
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

30. सोनीपत व रूड़की किस प्रकार के नगर हैं?
(A) प्रशासनिक नगर
(B) पर्यटन नगर
(C) शैक्षिक नगर
(D) छावनी नगर
उत्तर:
(C) शैक्षिक नगर

31. रानीगंज व अंकलेश्वर किस प्रकार के नगर हैं?
(A) प्रशासनिक नगर
(B) खनन नगर
(C) शैक्षिक नगर
(D) परिवहन नगर
उत्तर:
(B) खनन नगर

32. कांडला व कोच्चि किस प्रकार के नगर हैं?
(A) औद्योगिक नगर
(B) परिवहन नगर
(C) खनन नगर
(D) धार्मिक नगर
उत्तर:
(B) परिवहन नगर

33. निम्नलिखित में से प्रशासनिक नगर का उदाहरण नहीं है।
(A) इम्फाल
(B) गाँधीनगर
(C) पटियाला
(D) जयपुर
उत्तर:
(C) पटियाला

34. निम्नलिखित में से औद्योगिक नगर का उदाहरण है-
(A) हुगली
(B) भिलाई
(C) मुंबई
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

35. किस प्रकार के नगर आयात एवं निर्यात कार्यों में संलग्न रहते हैं?
(A) परिवहन नगर
(B) खनन नगर
(C) गैरिसन नगर
(D) धार्मिक नगर
उत्तर:
(A) परिवहन नगर

36. गैरिसन या छावनी नगर का उदाहरण नहीं है-
(A) अम्बाला
(B) करनाल
(C) जालंधर
(D) महू
उत्तर:
(B) करनाल

37. धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरों के उदाहरण हैं-
(A) पूरी, अजमेर, पुष्कर, तिरुपति, कुरुक्षेत्र
(B) दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता
(C) चण्डीगढ़, देहरादून, करनाल, शिमला
(D) अम्बाला, हिसार, महू, जालंधर
उत्तर:
(A) पूरी, अजमेर, पुष्कर, तिरुपति, कुरुक्षेत्र

38. कौन-सा नगर प्राचीन कालीन नगर है?
(A) वाराणसी
(B) प्रयागराज/इलाहाबाद
(C) जयपुर
(D) (A) व (B) दोनों
उत्तर:
(D) (A) व (B) दोनों

39. कौन-सा नगर आधुनिक नगर है?
(A) चेन्नई
(B) मुंबई
(C) कोलकाता
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

B. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में दीजिए

प्रश्न 1.
भारत के उत्तरी विशाल मैदान में किस प्रकार की ग्रामीण बस्तियों की बहुलता है?
उत्तर:
गुच्छित या समूहित बस्तियों की।

प्रश्न 2.
सामान्यतया दक्षिणी पठारों पर गाँवों के मध्य कितनी दूरी होती है?
उत्तर:
सामान्यतया दक्षिणी पठारों पर गाँवों के मध्य दूरी 3 कि०मी० होती है।

प्रश्न 3.
परिक्षिप्त बस्तियाँ प्रायः किस प्रकार के पर्यावरण में पाई जाती हैं?
उत्तर:
परिक्षिप्त बस्तियाँ प्रायः उच्च भूमियों, पर्वतीय क्षेत्रों और मरुस्थली भागों में पाई जाती हैं।

प्रश्न 4.
बृहत् नगरों को अन्य किन नामों से जाना जाता है?
उत्तर:
विश्वनगरी, मेगा सिटी, मेगालोपोलिस आदि।

प्रश्न 5.
भारत के किसी एक नियोजित नगर का नाम लिखिए।
उत्तर:
चण्डीगढ़।

प्रश्न 6.
मध्य युग के किन्हीं दो नगरों का नाम बताइए।
उत्तर:
इलाहाबाद, आगरा।

प्रश्न 7.
2001 की जनगणना के अनुसार भारत में कितने महानगर थे?
उत्तर:
2001 की जनगणना के अनुसार भारत में 35 महानगर थे।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 8.
स्वतन्त्रता के बाद ऐसे पुराने किन्हीं दो नगरों के नाम बताइए जो उपनगरों के रूप में विकसित हुए हैं।
उत्तर:
नोएडा, गुरुग्राम।

प्रश्न 9.
भारत के दो मध्यकालीन नगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. जयपुर
  2. आगरा।

प्रश्न 10.
किस वर्ग के नगरों में भारत की जनसंख्या का सबसे अधिक प्रतिशत निवास करता है?
उत्तर:
प्रथम वर्ग के नगरों में।

प्रश्न 11.
भारत के दो आधुनिक नगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. मुंबई
  2. कोलकाता।

प्रश्न 12.
ग्रामीण बस्तियाँ जीवन-यापन के लिए किन व्यवसायों पर निर्भर करती हैं?
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियाँ मुख्यतः आजीविका के लिए कृषि अथवा संबंधित प्राथमिक व्यवसायों पर निर्भर करती हैं।

प्रश्न 13.
उत्तर भारतीय मैदान में किस प्रकार की बस्तियाँ बहुतायत में पाई जाती हैं?
उत्तर:
उत्तर भारतीय मैदान में पंजाब से पश्चिमी बंगाल तक बहुतायत केंद्रीकृत ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं।

प्रश्न 14.
बृहत् तौर पर भारत की ग्रामीण बस्तियों को कितने प्रकारों में बाँटा जा सकता है?
उत्तर:
चार प्रकारों में।

प्रश्न 15.
गुच्छित बस्तियों को अन्य कौन-कौन से नामों से जाना जाता है?
उत्तर:
संकुलित, समूहित, केंद्रीकृत या आकेंद्रित, सघन/संहत बस्तियाँ आदि।

प्रश्न 16.
पल्लीकृत बस्तियों को अन्य कौन-कौन से नामों से जाना जाता है?
उत्तर:
पाली, पुरवा, पान्ना, पाड़ा, नंगला, ढाणी आदि।

प्रश्न 17.
उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में सामान्यतः किस प्रकार की बस्तियाँ पाई जाती हैं?
उत्तर:
गुच्छित या संहत बस्तियाँ।

प्रश्न 18.
किस राज्य में जल के अभाव में उपलब्ध जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग ने संहत बस्तियों को अनिवार्य बना दिया है?
उत्तर:
राजस्थान में।

प्रश्न 19.
किस प्रकार की बस्ती किसी सीमित क्षेत्र में गुच्छित होने की प्रवृत्ति का परिणाम है?
उत्तर:
विखंडित या अर्द्ध-गुच्छित बस्ती।

प्रश्न 20.
मध्य व निम्न गंगा के मैदानों और हिमालय की निचली घाटियों में किस प्रकार की बस्तियाँ अधिक पाई जाती हैं?
उत्तर:
पल्लीकृत बस्तियाँ।

प्रश्न 21.
किस प्रकार की बस्तियाँ अकृषि, आर्थिक एवं प्रशासकीय प्रकार्यों में संलग्न होती हैं?
उत्तर:
नगरीय बस्तियाँ।

प्रश्न 22.
भारत के दो प्राचीन नगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. प्रयाग (प्रयागराज/इलाहाबाद)
  2. पाटलिपुत्र (पटना)।

प्रश्न 23.
भारत के 20 लाख से अधिक जनसंख्या वाले दो महानगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. दिल्ली
  2. मुंबई।

प्रश्न 24.
भारत में प्रथम श्रेणी के नगरों की जनसंख्या का आकार क्या है?
उत्तर:
1 लाख से अधिक।

प्रश्न 25.
10 से 50 लाख की जनसंख्या वाले नगरों को क्या कहते हैं?
उत्तर:
महानगर।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 26.
एकाकी या प्रविकीर्ण बस्तियों को किस प्रकार की बस्तियाँ कहा जाता है?
उत्तर:
परिक्षिप्त बस्तियाँ।।

प्रश्न 27.
50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों को क्या कहते हैं?
उत्तर:
मेगा नगर।

प्रश्न 28.
भारत के धार्मिक व सांस्कृतिक नगरों के कोई दो उदाहरण लिखें।
उत्तर:

  1. वाराणसी
  2. पूरी।

प्रश्न 29.
भारत के दो गैरिसन या छावनी नगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. अम्बाला
  2. बबीना।

प्रश्न 30.
भारत के दो शैक्षिक नगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. रुड़की
  2. अलीगढ़।

प्रश्न 31.
भारत में प्रथम श्रेणी के नगरों की जनसंख्या का आकार क्या है?
उत्तर:
1,00,000 से अधिक।

प्रश्न 32.
भारत में छठी श्रेणी के नगरों की जनसंख्या का आकार क्या है?
उत्तर:
50,000 से कम।

प्रश्न 33.
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े महानगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. लखनऊ
  2. कानपुर
  3. आगरा
  4. मेरठ
  5. वाराणसी आदि।

प्रश्न 34.
पंजाब के सबसे बड़े महानगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. अमृतसर
  2. लुधियाना।

प्रश्न 35.
गुजरात के सबसे बड़े महानगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. राजकोट
  2. अहमदाबाद
  3. वडोदरा
  4. सूरत।

प्रश्न 36.
महाराष्ट्र के सबसे बड़े महानगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. बृहत मुंबई
  2. नासिक
  3. पुणे।

अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की ग्रामीण बस्तियों के चार मुख्य प्रकार लिखिए।
उत्तर:
भारत की ग्रामीण बस्तियों के कोई चार प्रकार इस प्रकार हैं-

  1. गुच्छित अथवा केंद्रीकृत बस्ती
  2. अर्द्ध-गुच्छित अथवा विखंडित बस्ती
  3. पल्लीकृत बस्ती
  4. परिक्षिप्त अथवा एकाकी बस्ती।

प्रश्न 2.
गुच्छित बस्ती किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह बस्ती जिसमें घर एक-दूसरे से सटे हुए होते हैं तथा घरों के संहत खंड बनाए जाते हैं।

प्रश्न 3.
भारत के किन भागों में पुरवे अधिवास पाए जाते हैं?
उत्तर:
पुरवे अधिवास भारत में गंगा के मध्यवर्ती और निचले मैदान, छत्तीसगढ़ और हिमालय की निचली घाटियों में पाए जाते हैं।

प्रश्न 4.
संवैधानिक नगरों से आपका क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
वे नगर जहाँ नगरपालिका या नगर निगम या कैंटोनमेंट बोर्ड या नोटीफाइड टाऊन एरिया कमेटी हो, सवैधानिक नगर कहलाते हैं।

प्रश्न 5.
भारत के औद्योगिक नगरों के छः उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
हुगली, भिलाई, जमशेदपुर, मोदीनगर, सेलम तथा फरीदाबाद।

प्रश्न 6.
कस्बा किसे कहते हैं?
उत्तर:
एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगर को कस्बा कहते हैं।

प्रश्न 7.
विराट नगर क्या होते हैं? वर्तमान में भारत में कितने विराट नगर हैं?
उत्तर:
50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर विराट नगर कहलाते हैं। वर्तमान में भारत में छः विराट नगर हैं।

प्रश्न 8.
महानगर या मेगासिटी (Megacity) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
एक मेगासिटी आमतौर पर एक महानगरीय क्षेत्र के रूप में परिभाषित की जाती है जिसमें दस लाख की आबादी होती है। एक मेगासिटी एक महानगरीय क्षेत्र या दो या दो से अधिक महानगरीय क्षेत्रों में हो सकती है जो एकजुट होती है।

प्रश्न 9.
बस्ती किसे कहते हैं?
उत्तर:
मानव निवास की मूलभूत इकाई को घर कहते हैं। एक क्षेत्र के घरों के समूह को बस्ती कहते हैं।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 10.
नम बिन्दु बस्तियाँ क्या हैं? इनके दो लाभ लिखिए।
उत्तर:
नम बिन्दु बस्तियाँ-निचले क्षेत्रों में स्थित नदी किनारों या दलदल से घिरे द्वीपों में बसी बस्तियाँ नम बिन्दु बस्तियाँ (Point Settlements) कहलाती हैं।

लाभ-

  • पीने, खाना बनाने, वस्त्र धोने आदि के लिए जल की उपलब्धता होती है।
  • कषि भमि की सिंचाई के लिए नदियों और झीलों के पानी का उपयोग किया जा सकता है।

प्रश्न 11.
भारत के दस बड़े महानगरों/शहरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. अमृतसर
  2. गुरुग्राम
  3. फरीदाबाद
  4. लखनऊ
  5. भोपाल
  6. मुंबई
  7. पटना
  8. हैदराबाद
  9. बंगलुरु
  10. चेन्नई।

प्रश्न 12.
भारत में सघन बस्तियाँ कहाँ पाई जाती हैं?
उत्तर:
भारत में सघन बस्तियाँ गंगा सतलुज के मैदान, मालवा के पठार, नर्मदा घाटी और राजस्थान के मैदानी भागों में पाई जाती हैं।

प्रश्न 13.
बस्ती प्रतिरूप किसे कहते हैं?
उत्तर:
बस्तियों के बसाव की आकृति के आधार पर बस्तियों का जो स्वरूप सामने आता है उसे बस्ती प्रतिरूप कहते हैं।

प्रश्न 14.
नगरीय बस्तियों से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
मानव निर्मित ऐसे निवास स्थान जिनमें अधिकांश लोग द्वितीयक, तृतीयक और चतुर्थक आर्थिक क्रियाओं में संलग्न होते हैं और वहाँ अनेक सुख-सुविधाएँ देखने को मिलती हैं, उन्हें नगरीय बस्तियाँ कहते हैं।

प्रश्न 15.
निवास की मूलभूत इकाई क्या है?
उत्तर:
मानव समस्त पृथ्वी पर विभिन्न प्रकार के गांवों या नगरों में निवास करता है। मानव निवास की मूलभूत इकाई को ‘घर’ कहते हैं। घर एक झोंपड़ी से लेकर भव्य बंगला, कोठी या महल हो सकता है। मानव के रहने के स्थान को अधिवास या घर कहते हैं।

प्रश्न 16.
प्रशासनिक नगर किसे कहते हैं? उदाहरण दें।
उत्तर:
इस प्रकार के नगर प्रशासनिक कार्यों के लिए विकसित होते हैं। देश की राजधानी तथा राज्यों की राजधानियाँ इन नगरों के अंतर्गत आती हैं। चंडीगढ़, दिल्ली, शिमला, भोपाल तथा शिलांग आदि ऐसे नगरों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 17.
औद्योगिक नगर किसे कहते हैं? उदाहरण दें।
उत्तर:
अनेक प्रकार के उद्योगों की अवस्थिति ही ऐसे नगरों की प्रेरक-शक्ति होती है; जैसे मुंबई, कोयंबटूर, भिलाई, हुगली, जमशेदपुर, सेलम तथा फरीदाबाद इत्यादि।

प्रश्न 18.
धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरों के कोई पाँच उदाहरण दें।
उत्तर:

  1. अमृतसर
  2. कुरुक्षेत्र
  3. हरिद्वार
  4. पुरी
  5. उज्जैन।

प्रश्न 19.
परिवहन नगर किसे कहते हैं? उदाहरण दें।
उत्तर:
वे नगर जो मुख्यतः आयात एवं निर्यात कार्यों में संलग्न रहते हैं, परिवहन नगर कहलाते हैं; उदाहरण-जैसे कांडला, कोच्चि, विशाखापट्टनम आदि।

प्रश्न 20.
भारत के औद्योगिक एवं खनन नगरों के चार-चार उदाहरण दें।
उत्तर:
औद्योगिक नगर-

  • मुंबई
  • कोयंबटूर
  • जमशेदपुर
  • हुगली।

खनन नगर-

  • रानीगंज
  • डिगबोई
  • सिंगरौली
  • अंकलेश्वर

प्रश्न 21.
भारत के वाणिज्यिक एवं पर्यटन नगरों के चार-चार उदाहरण दें।
उत्तर:
वाणिज्यिक नगर-

  • कोलकाता
  • मुंबई
  • सहारनपुर
  • सतना।

पर्यटन नगर-

  • नैनीताल
  • शिमला
  • माउंट आबू
  • जोधपुर।

प्रश्न 22.
भारत के किन्हीं आठ प्रशासकीय नगरों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. नई दिल्ली
  2. चण्डीगढ़
  3. जयपुर
  4. भोपाल
  5. चेन्नई
  6. कोलकाता
  7. श्रीनगर
  8. देहरादून।

प्रश्न 23.
मिलियन सिटी और मेगा सिटी में क्या अंतर है?
अथवा
महानगर और बृहत नगर में अंतर बताएँ।
उत्तर:
महानगर की जनसंख्या 10 से 50 लाख तक होती है, जबकि बृहत नगर की जनसंख्या 50 लाख से अधिक होती है।

प्रश्न 24.
भारतीय गाँवों के आकार और उनके बीच की दूरियों को निर्धारित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?
उत्तर:

  1. भूमि की उत्पादकता
  2. उस क्षेत्र की गैर-कृषि क्रियाएँ
  3. परिवहन तंत्र
  4. सामाजिक कारक
  5. तकनीकी आर्थिक संगठन
  6. ऐतिहासिक और राजनीतिक प्रक्रियाएँ।।

प्रश्न 25.
गाँव और नगर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण क्षेत्र नगरीय क्षेत्रों को कच्चा माल व खाद्य-पदार्थ उपलब्ध कराते हैं। इसके विपरीत नगरीय क्षेत्र वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन न केवल अपने लिए वरन् ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्रदान करते हैं। यह क्रिया परिवहन और संचार के साधनों के माध्यम से पूरी होती है।

प्रश्न 26.
अर्द्ध-गुच्छित बस्तियाँ क्या होती हैं?
उत्तर:
ऐसी बस्तियों में सामान्यतया एक छोटा, परंतु सुसंहत केंद्रक होता है, जिसके चारों ओर छोटे आवास मुद्रिका (Ring) के रूप में बिखरे होते हैं। यदि मकान किसी सड़क के दोनों ओर स्थित होते हैं तो इसे रैखिक कहते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
ग्रामीण आबादी की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
ग्रामीण आबादी की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

  1. ग्रामीण क्षेत्र के लोग आजीविका के लिए कृषि व अन्य प्राथमिक कार्यों पर निर्भर होते हैं।
  2. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के घर प्रायः मिट्टी, लकड़ी व घास-फूस या एक-मंजिले होते हैं।
  3. इनके सामाजिक सम्बन्ध प्रगाढ़ होते हैं।
  4. ये लोग कम गतिशील होते हैं।

प्रश्न 2.
गुच्छित एवं परिक्षिप्त बस्तियों में अंतर स्पष्ट करें।
अथवा
संहत बस्तियों तथा प्रकीर्ण बस्तियों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
गुच्छित एवं परिक्षिप्त बस्तियों में निम्नलिखित अंतर हैं-

गुच्छित (संहत) बस्तियाँपरिक्षिप्त बस्तियाँ
1. संहत बस्तियाँ उपजाऊ समतल मैदानों तथा नदी-घाटियों में पाई जाती हैं।1. परिक्षिप्त बस्तियाँ पहाड़ी प्रदेशों, जंगलों तथा पठारी प्रदेशों में पाई जाती हैं।
2. यहाँ लोगों का मुख्य धंधा कृषि होता है।2. यहाँ लोगों का मुख्य धंधा पशु पालना तथा लकड़ी काटना होता है।
3. यहाँ खेत छोटे होते हैं।3. यहाँ खेत बड़े होते हैं।
4. ये बस्तियाँ किसी केंद्रीय स्थल के चारों तरफ बाहर की ओर बढ़ी हुई होती हैं।4. ये बस्तियाँ दूर-दूर होती हैं जिनमें दो-दो या तीन-तीन मकान बिखरे हुए पाए जाते हैं।
5. पानी के निकास की उचित व्यवस्था न होने के कारण ये बस्तियाँ गंदी रहती हैं।5. यहाँ पानी के निकास की उचित व्यवस्था होती है अतः ये साफ-सुथरी बस्तियाँ होती हैं।
6. यहाँ मकान एक-दूसरे से सटे हुए होते हैं।6. यहाँ मकान एक-दूसरे से दूर-दूर होते हैं।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 3.
पल्ली बस्तियाँ अथवा पुरवा बस्तियाँ क्या होती हैं?
उत्तर:
कई बार बस्ती भौतिक रूप से एक-दूसरे से अलग इकाइयों में बँट जाती है। इस प्रकार की बस्ती एक-दूसरे से स्पष्ट दूरी पर होती है। इन इकाइयों को देश के विभिन्न भागों में स्थानीय स्तर पर पान्ना, पाड़ा, पाली, नंगला या ढाँणी इत्यादि कहा जाता है। किसी विशाल गाँव का ऐसा खंडी भवन प्रायः सामाजिक और मानव जातीय कारकों द्वारा अभिप्रेरित होता है। ऐसे गाँव मध्य और निम्न गंगा के मैदान, छत्तीसगढ़ और हिमालय की निचली घाटियों में अधिकतर पाए जाते हैं।

प्रश्न 4.
भारत में नगरों का विकास किस प्रकार हुआ?
उत्तर:
भारत में नगरों का अभ्युदय प्रागैतिहासिक काल से हुआ है। सिंधु घाटी की सभ्यता के युग में भी हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे नगरों का अस्तित्व था। अंग्रेजों और अन्य यूरोपियों के भारत आने तक की अवधि में अनेक उतार-चढ़ाव आए। विभिन्न युगों में भारतीय नगरों का विकास भिन्न रहा। भारतीय नगरों को विकास के आधार पर निम्नलिखित तीन वर्गों में बाँटा जा सकता है-
1. प्राचीन नगर – भारत में 2 हजार से अधिक वर्षों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले अनेक नगर हैं; जैसे वाराणसी, प्रयागराज (इलाहाबाद), पटना (पाटलिपुत्र) आदि।

2. मध्यकालीन नगर-भारत के लगभग 100 नगरों का विकास मध्यकाल में हुआ; जैसे हैदराबाद, जयपुर, आगरा, नागपुर आदि।

3. आधुनिक नगर-भारत में आधुनिक नगरों का विकास अंग्रेजों ने किया। इन्होंने सूरत, गोवा, दमन आदि नगर विकसित किए।

प्रश्न 5.
जनगणना नगर क्या हैं?
उत्तर:
जो नगर जनसंख्या संबंधी निम्नलिखित शर्ते पूरी करते हों, उनको जनगणना नगर कहते हैं-

  1. न्यूनतम जनसंख्या 5,000 हो
  2. कम-से-कम 75% पुरुषों का श्रमिक बल कृषि से संबंधित कार्यों में न लगा हुआ हो
  3. जनसंख्या का घनत्व कम-से-कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० हो।

प्रश्न 6.
भारतीय जनगणना के अनुसार नगरों या शहरों को कितने वर्गों में बाँटा गया है?
अथवा
जनसंख्या के आधार पर भारत के नगरों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:
भारतीय जनगणना के अनुसार नगरों या शहरों को छः वर्गों में बाँटा गया है-

वर्ग/श्रेणीजनसंख्या आकार2011 की जनगणना के अनुसार शहरों/नगरों की जनसंख्या
प्रथम1 लाख से अधिक2,27,899
द्वितीय50,000 से 99,999 तक41,328
तृतीय20,000 से 49,999 तक58,174
चतुर्थक10,000 से 19,999 तक31,866
पंचम5,000 से 9,999 तक15,883
षष्टम5,000 से कम1956

प्रश्न 7.
भारतीय ग्रामीण घर का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण लक्षण क्या है?
उत्तर:
भारतीय घर का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण लक्षण आँगन है। यह सार्वभौमिक होता है। आँगन में ही अधिकतर कार्य संपन्न किए जाते हैं। कमरे का प्रयोग सर्दियों में सोने के लिए या धन आदि रखने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 8.
ग्रामीण और नगरीय बस्तियों में अंतर स्पष्ट करें।
अथवा
ग्रामीण और नगरीय बस्तियों की विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर:
ग्रामीण और नगरीय बस्तियों में निम्नलिखित अंतर हैं-

ग्रामीण बस्तियाँनगरीय बस्तियाँ
1. ग्रामीण बस्तियों में लोगों का व्यवसाय मुख्यतः खेती होता है।1. नगरीय बस्तियों में लोगों का व्यवसाय निर्माण-उद्योग, व्यापार तथा प्रशासन होता है।
2. इन बस्तियों का आकार छोटा होता है।2. इन बस्तियों का आकार बड़ा होता है।
3. इनमें जनसंख्या कम होती है, इनमें 10-20 से लेकर 1,000 तक व्यक्ति रहते हैं।3. इनमें कम-से-कम 5,000 की जनसंख्या होती है।
4. यहाँ जनसंख्या का घनत्व कम होता है।4. यहाँ जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है।
5. यहाँ आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होतीं।5. यहाँ आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं।

प्रश्न 9.
भारत के नगरों की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारतीय नगरों की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. भारत के अधिकांश नगरों में गाँवों की झलक स्पष्ट दिखाई पड़ती है। वास्तव में नगर विस्तृत गाँव ही हैं।
  2. अधिकांश नगरीय जनसंख्या अपनी आदतों और व्यवहार से ग्रामीण ही प्रतीत होती है।
  3. अधिकतर नगरों में मलिन बस्तियों का विकास भारतीय नगरों की प्रमुख विशेषता है। ये प्रवास के प्रतिकर्ष कारकों का . परिणाम है।
  4. अनेक नगरों में पूर्व शासकों और प्राचीन कलाकृतियों के चिहन स्पष्ट देखने को मिलते हैं।
  5. भारतीय नगरों का प्रकार्यात्मक पृथक्करण स्पष्ट तथा प्रारंभिक अवस्था में है।

प्रश्न 10.
गुच्छित ग्रामीण बस्तियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गुच्छित अथवा केंद्रीकृत बस्तियाँ सिंधु-गंगा के मैदान में पंजाब से लेकर पश्चिमी बंगाल तक खूब पाई जाती हैं। इस प्रकार असम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश की महानदी घाटी, ओडिशा, कर्नाटक का मैदानी भाग, आंध्र-प्रदेश के रायल सीमा, कावेरी बेसिन आदि में गुच्छित ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं। इन बस्तियों में सड़कें एक-दूसरे को विभिन्न कोणों पर काटती हैं तथा गलियों का निर्माण करती हैं। इस प्रकार की बस्तियाँ उपजाऊ तथा सिंचित क्षेत्रों की विशेषताएँ हैं। इन बस्तियों की आकृति प्रायः आयताकार होती है। जाति-व्यवस्था के कारण उत्पन्न सामाजिक बिखराव कभी-कभी गुच्छित बस्तियों को विखंडित कर देता है। बस्तियों की इन गौण इकाइयों को डाणी, पल्ली, नगला तथा पाढा आदि कहते हैं। कई राज्यों में निम्न जातियों की बस्तियाँ गांव से हटकर बनाई जाती हैं।

प्रश्न 11.
ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं-
1. भौतिक कारक-बस्तियों के आकार तथा विस्तार पर अनेक भौतिक कारक; जैसे धरातल की बनावट, मिट्टी, जल-स्तर, जलवायु, ढलान, अपवाह तंत्र आदि गहरा प्रभाव डालते हैं। पहाड़ी भागों में विरल तथा मरुस्थलीय भागों में किसी तालाब के चारों ओर बस्तियों का विकास होता है।

2. सांस्कृतिक कारक-एक ही जाति या जनजाति या धर्म के लोग एक ही गांव में रहते हैं। बस्ती के मध्य में गांव के मुखिया या ज़मींदारों के मकान होते हैं तथा बाहर की ओर सेवा करने वाले समुदायों के मकान या झोंपड़े होते हैं।

3. ऐतिहासिक कारक-मध्य युग में बाहर से होने वाले आक्रमणों तथा सेना के आतंक से बचने के लिए संहत बस्तियाँ बनाई जाती थीं। इनमें सुरक्षा और इकट्ठा रहने की स्थिति बनती थी।

प्रश्न 12.
बस्ती किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार की होती हैं? ग्रामीण और नगरीय बस्तियों से आपका क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
मानव निवास की मूलभूत इकाई को घर कहते हैं। किसी क्षेत्र में घरों के समूह को बस्ती कहते हैं। बस्ती नगरों या शहरों की तरह घरों के छोटे-बड़े दोनों तरह के समूह में हो सकती हैं। बस्ती के प्रकार-बस्ती मुख्यतः दो प्रकार की होती है
1. ग्रामीण बस्ती-ग्रामीण बस्ती उसे कहते हैं जिसमें लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती करना होता है। ये बस्तियाँ अपने जीवन का पोषण या आधारभूत आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति भूमि या कृषि आधारित प्राथमिक आर्थिक क्रियाकलापों से करती हैं। अपने आकार-प्रकार के अनुसार ये बस्तियाँ विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न प्रकार की होती हैं।

2. नगरीय बस्ती-नगरीय बस्तियाँ ग्रामीण बस्तियों की अपेक्षा सामान्यतः संहत एवं विशाल आकार की होती हैं। ये अनेक प्रकार के आकृषि, आर्थिक व प्रशासकीय प्रकार्यों में संलग्न होती हैं। इनमें अनेक प्रकार की सुख-सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं।

प्रश्न 13.
गुच्छित या संहत बस्तियों की कोई चार विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:
गुच्छित या संहत बस्तियों की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. गुच्छित बस्तियों में मकान छोटे और एक-दूसरे से सटे हुए होते हैं।
  2. ये बस्तियाँ नदी, घाटियों और जलोढ़, उपजाऊ मैदानों में पाई जाती हैं।
  3. इन बस्तियों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होती।
  4. इन बस्तियों में रहने वालों को सुख-दुःख में एक-दूसरे से मदद मिलती है।

प्रश्न 14.
अर्ध-गुच्छित या विखंडित बस्तियों की कोई चार विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:

  1. अर्घ-गुच्छित बस्तियों में मकान एक-दूसरे से दूर होते हैं परंतु एक ही बस्ती में होते हैं।
  2. इनमें बस्तियाँ अनेक पुरवों में बंटी होती हैं।
  3. निम्न कार्यों में संलग्न लोग इन बस्तियों में रहते हैं।
  4. इनमें अलग-अलग पुरवों में अलग-अलग जातियों के लोग रहते हैं।

प्रश्न 15.
पल्लीकृत बस्तियों की कोई चार विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:

  1. पल्लीकृत बस्तियों में मकान अधिक सटे होते हैं।
  2. इन बस्तियों को देशों के विभिन्न भागों में स्थानीय स्तर पर पान्ना, पाड़ा, पाली, नगला, ढाँणी आदि कहा जाता है।
  3. इन बस्तियों का विस्तार अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र में होता है।
  4. ये बस्तियाँ अधिकतर मध्य व निम्न गंगा के मैदान और हिमालय की निचली घाटियों में पाई जाती हैं।

प्रश्न 16.
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार किन्हीं आठ दस लाखी नगरों या नगरीय संकुलों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
दस लाखी नगरों या नगरीय संकुलों को निम्नलिखित ढंग से सूचीबद्ध किया गया है-

भारत – दस लाखी नगरों/नगरीय संकुलों की जनसंख्या, 2011
क्र०सं०नगर संकुल/नगरों का नामजनसंख्या
1.श्रीनगर1273312
2.लुधियाना1613878
3.अमृतसर1183705
4.चण्डीगढ़1025682
5.फरीदाबाद1404653
6.दिल्ली16814838
7.जयपुर3073350
8.जोधपुर1137815

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 17.
‘घर अपने डिज़ाइन अथवा आंतरिक नियोजन में लोगों के सामाजिक तथा सांस्कृतिक मूल्यों को परिलक्षित करता है।’ उपयुक्त उदाहरण देते हुए इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मानव का मूलभूत निवास स्थान घर होता है। इसका मनुष्य के सामाजिक तथा सांस्कृतिक कारकों के साथ निकट का संबंध है तथा भारतीय सभ्यता के मूलभूत तत्त्वों को परिलक्षित करता है। घर अपने डिजाइन अथवा आंतरिक नियोजन में लोगों के सामाजिक तथा सांस्कृतिक मूल्यों को परिलक्षित करता है। किसी क्षेत्र के सामाजिक जीवन की छाप वहाँ के घरों के प्रकार पर पड़ती है। हमारे घर, परिवार की संकल्पना, मित्रों तथा बंधओं से संबंध तथा हमारे धार्मिक विश्वास के प्रतीक हैं। आंगन भारतीय घर का एक विशिष्ट लक्षण है।

इस आंगन में कृषि पर आधारित कार्य तथा अन्य कार्य किए जाते हैं। दक्षिणी भारत के घरों में कई आंगन होते हैं। इनके डिजाइन पर मंदिरों का विशेष प्रभाव दिखाई पड़ता है। केरल के मछुआरे अपने आंगन का एक छोर खुला रखते हैं। उत्तरी भारत में संपन्न परिवार दो या दो से अधिक मंजिल के घर बनाते हैं। शीत तथा आर्द्र प्रदेशों में घर के आगे एक बरसाती बनाई जाती है। इस तरह घर के डिजाइन, दीवारों तथा छतों की बनावट, मुख्य दरवाजे की दिशा तथा आंगन का आकार व विस्तार लोगों के सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित हैं।

प्रश्न 18.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए (क) महानगर (ख) मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र (सी.बी.डी.) (ग) प्रकार्यात्मक क्षेत्र।
उत्तर:
(क) महानगर-जिन नगरों की जनसंख्या 10 से 50 लाख तक होती है, उन्हें महानगर कहा जाता है। 1991-2001 के दशक में दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों की संख्या 23 से बढ़कर 35 हो गई है। दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बंगलौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, सूरत, जयपुर, कानपुर, लखनऊ और नागपुर आदि ऐसे महानगर हैं जिनकी जनसंख्या 20 लाख से अधिक है। सन् 1991 में इन नगरों की जनसंख्या कुल नगरीय जनसंख्या का 32.5 प्रतिशत थी जो 2011 में बढ़कर 40 प्रतिशत से अधिक हो गई।

(ख) मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र (सी०बी०डी०) मध्यवर्ती व्यापार क्षेत्र या सी०बी०डी० किसी भी नगर का अत्यंत महत्त्वपूर्ण क्षेत्र होता है। यह नगर की विविध गतिविधियों का केंद्र-बिंदु होता है। इसलिए इसे नगर का हृदय-स्थल भी कहते हैं। इस क्षेत्र की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  • यहाँ भूमि का मूल्य अधिक पाया जाता है।
  • यह क्षेत्र घना बसा, भीड़-भाड़ वाला और तंग गलियों वाला बना होता है।
  • यह नगर की प्रमुख व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र होता है।
  • यह क्षेत्र यातायात के द्वारा नगर के सभी भागों से जुड़ा होता है।
  • औद्योगिक क्षेत्र कुछ दूरी पर स्थित होते हैं।
  • इस क्षेत्र में प्रकार्यात्मक पृथक्करण स्पष्ट दिखाई देता है।

(ग) प्रकार्यात्मक क्षेत्र अधिकांश कस्बों और नगरों में अनेक प्रकार के भूमि उपयोग क्षेत्र विकसित हो जाते हैं, जिन्हें प्रकार्यात्मक क्षेत्र कहा जाता है। ये विशिष्ट क्षेत्र व्यापार, उद्योग, प्रशासन, संस्थागत परिवहन तथा आवास जैसी गतिविधियों के केंद्र बन जाते हैं। नगर में विशिष्ट कार्यों के लिए अलग-अलग केंद्र विकसित हो जाते हैं; जैसे व्यापारिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, थोक व्यापार तथा हल्का विनिर्माण क्षेत्र तथा आवासीय क्षेत्र इत्यादि । इस प्रकार प्रकार्यात्मक पृथक्करण अथवा भूमि उपयोग की विविधता नगरों की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता होती है।

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में ग्रामीण बस्तियों के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
अथवा
ग्रामीण अधिवास क्या है? इसके प्रकारों का उल्लेख कीजिए।
अथवा
ग्रामीण बस्तियों को कितने प्रकारों में बाँटा गया है? वर्णन करें।
उत्तर:
ग्रामीण बस्ती/अधिवास (Rural Settlements)-ग्रामीण बस्तियों में लोग मुख्यतः प्राथमिक कार्यों में लगे होते हैं। इनमें कृषक, चरवाहे, मछुआरे, लकड़हारे आदि वर्गों का वर्चस्व रहता है। यहाँ के निवासी कृषि अथवा कृषि से संबंधित कार्यों से जुड़े रहते हैं। भारत की लगभग 70% जनसंख्या ग्रामीण अधिवासों (बस्तियों) में निवास करती है।

बस्तियों के प्रकार-बसाव की सघनता तथा प्रकीर्णन के आधार पर ग्रामीण अधिवासों (बस्तियों) को मुख्यतः चार प्रकारों में विभाजित किया जाता है-
1. सघन ग्रामीण बस्तियाँ-इन्हें गुच्छित, सकेंद्रित तथा सामूहित आदि कई नामों से जाना जाता है। सघन बस्ती एकल केंद्रीय होती है जिसमें मकान या झोपड़ियाँ पास-पास सटे होते हैं। घरों के सघन खण्ड पाए जाते हैं। इनके चारों ओर खेत, खलिहान या बगीचे स्थित होते हैं। घरों की दो कतारों को संकरी, तंग तथा टेढ़ी-मेढ़ी गलियाँ अलग करती हैं। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं उत्तरी राजस्थान के नहरी क्षेत्रों में सघन बस्तियाँ मिलती हैं। ये बस्तियाँ प्रायः उपजाऊ जलोढ़ मैदानों तथा शिवालिक की घाटियों में पाई जाती हैं।

2. अर्द्ध-गुच्छित या अति सघन ग्रामीण बस्तियाँ-ये बस्तियाँ प्रविकीर्ण तथा सघन अधिवासों के बीच की अवस्था को प्रदर्शित करती हैं। ऐसा प्रकार किसी बड़े, सघन गाँव के विखंडन अथवा पृथकन के परिणामस्वरूप उत्पन्न होता है। इसमें गाँव के मूल अधिवास के अतिरिक्त उसकी सीमा पर कुछ दूरी पर एक या अनेक बस्तियाँ होती हैं। समाज का एक वर्ग अपनी मर्जी या मजबूरी से मुख्य बस्ती से दूर रहता है। इसमें प्रायः प्रभावशाली लोग गाँव में तथा निम्न वर्ग के या सेवक जातियों के लोग बाहरी भागों में रहते हैं। भारत के गंगा के मैदान, गुजरात के मैदान में ऐसी बस्तियाँ व्यापक रूप से देखने को मिलती हैं।

3. पल्लीकृत/पुरवा ग्रामीण बस्तियाँ-इस प्रकार के अधिवास में समूचा गाँव का क्षेत्र छोटे-छोटे कई नगलों/पुरवों में बंटा होता है। इस बिखराव के बावजूद भी गाँव के सामुदायिक जीवन में परस्पर सहयोग रहता है। इन इकाइयों में एक से अधिक जातियों के लोग रहते हैं। ऐसे अधिवास सघन तथा प्रविकीर्ण अधिवासों के संक्रमण क्षेत्र में विशेष रूप से देखे जाते हैं। भारत में ऐसे अधिवास गंगा-घाघरा दोआब के पूर्वी भाग, मध्य तथा निम्न गंगा के मैदान, छत्तीसगढ़, हिमालय की निचली घाटियां तथा विंध्य उच्च भू-भाग में देखे जा सकते हैं।

4. प्रविकीर्ण ग्रामीण बस्तियाँ इस प्रकार के अधिवासों में आठ-दस लघु आकार के आवास गृह एक-दूसरे से दूर-दूर समूचे क्षेत्र में बिखरे होते हैं। इनके बीच-बीच में खेत, बाग-बगीचा अथवा गैर-आवासीय क्षेत्र होता है। भारत में ऐसे अधिवास सुदूर वनों अथवा छोटी पहाड़ियों पर एकांकी झोंपड़ी अथवा झोंपड़ियों के समूह के रूप में मिलते हैं। अधिवासों का यह प्रकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल तथा मेघालय के अनेक क्षेत्रों में पाया जाता है।

प्रश्न 2.
ग्रामीण बस्तियों के प्रमख प्रतिरूपों का विस्तत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गांव में मकानों की स्थानिक व्यवस्था ही इसका प्रतिरूप निर्धारित करती है। बस्ती के प्रतिरूप निर्धारण में सड़कों तथा गली-तंत्र का महत्त्व बहुत अधिक है। इनके अतिरिक्त गांव के कुएँ, मंदिर, मस्जिद आदि भी किसी बस्ती के प्रतिरूप को प्रभावित करते हैं।

सामान्यतया भारत में बस्तियों के प्रमुख प्रतिरूप निम्नलिखित हैं-
1. रैखिक प्रतिरूप (Linear Pattern)-इस प्रकार की बस्तियों का विकास प्रायः सड़कों, रेलमार्गों तथा नदियों के किनारों के साथ-साथ पाया जाता है। इस प्रकार इन बस्तियों में मकान सड़कों और रेलवे लाइनों के दोनों ओर तथा सागर तटीय किनारों पर पाए जाते हैं। मणिपुर, मध्य प्रदेश के बालाघाट, मांडला तथा रायगढ़ जिलों में ऐसी बस्तियाँ नदी किनारों के साथ-साथ पाई जाती हैं। नागालैंड तथा छोटा नागपुर के पठार में भी ऐसी बस्तियाँ पाई जाती हैं।
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ 1

2. गोलाकार प्रतिरूप (Circular Pattern)-ऐसी बस्तियों का विकास झीलों तथा तालाबों के चारों ओर होता है। लोग झील तथा तालाब के रास्ते से एक-दूसरे के पास पहुंचते हैं। इस प्रकार के गांव गंगा-यमुना दोआब के ऊपरी भाग, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात आदि राज्यों में पाए जाते हैं।
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ 2

3. त्रिज्या अथवा अरीय प्रतिरूप (Radial Pattern) इन गांवों में कई दिशाओं से आकर मार्ग मिलते हैं या फिर इन गांवों से मार्ग चारों ओर बाहर जाते हैं। इन गांवों की गलियाँ भी गांव के केंद्रीय भाग पर आकर मिलती हैं। ऊपरी गंगा के मैदान तथा तमिलनाडु में इस प्रकार के गांव पाए जाते हैं।
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ 3

4. पंखा प्रतिरूप (Fan Pattern) यदि गांव के एक सिरे पर कोई आकर्षण बिंदु; जैसे कोई पूजा-स्थल, नदी या सड़क स्थित हो तो उसी दिशा में मकान बनने शुरू हो जाते हैं और बस्ती का आकार पंखानुमा हो जाता है। ऐसे गांव महानदी, गोदावरी, कृष्णा नदी आदि के डेल्टों में पाए जाते हैं।

5. सीढ़ीनुमा प्रतिरूप (Terrace Pattern)-ऐसे गांव पर्वतीय ढलानों पर पाए जाते हैं। इनमें मकानों की पंक्तियाँ सीढ़ीनुमा प्रतीत होती हैं। पर्वतीय भागों में खेत भी सीढ़ीनुमा होते हैं जो समोच्च रेखाओं का अनुसरण करते हैं। इस प्रकार के गांव हिमालय क्षेत्र की ढलानों पर पाए जाते हैं। पश्चिमी घाट की ढलानों पर | रेलवे भी इसी प्रकार के गांव हैं।

6. चौक-पट्टी प्रतिरूप (Checker Board Pattern) इस प्रकार के गांव दो सड़क – मार्गों के मिलन-स्थल पर विकसित होते हैं। इन गांवों की गलियाँ परस्पर लंबवत् व समानांतर होती हैं और आयताकार प्रतिरूप बनाती हैं। गंगा-यमुना के दोआब में ये बहुतायत में पाए जाते हैं। दक्षिणी भारत में तमिलनाडु, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में भी ऐसे गाँव मिलते हैं।
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ 4

7. अनाकार प्रतिरूप (Amorphous Pattern) इन गांवों का कोई नियमित प्रतिरूप नहीं होता। भारत के अधिकांश गांव इसी श्रेणी में आते हैं। अधिकतर छोटा नागपुर के पठार तथा बिहार के चंपारन जिले तथा मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, उज्जैन तथा बीना और तमिलनाडु में इस प्रकार के गांव पाए जाते हैं।

प्रश्न 3.
भारत के ग्रामीण घरों की आकृति तथा आकारिकी का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण घर एक कमरे की छोटी-सी झोपड़ी से लेकर कई कमरों का मकान हो सकता है। बड़े मकानों की आकारिकी में बड़ा-सा एक बढ़िया आंगन होता है तथा मुख्य द्वार आकर्षक होता है, जो दहलीज पर होता है। अतः किसी ग्रामीण घर के मुख्य स्थान आंगन, दहलीज तथा एक सुंदर मुख्य द्वार होता है। मकानों का वर्गीकरण विभिन्न आधारों पर किया गया है

  • भारत की जलवायु को ध्यान में रखते हुए भारत के हर क्षेत्र में मकानों में आंगन जरूर होते हैं।
  • एक ग्रामीण घर में कृषि उपज के भंडारण तथा पशुओं के रखने के स्थानों का विशेष प्रबंध होता है।
  • मकान की दीवारें तथा छत स्थानीय तौर पर उपलब्ध पदार्थों से बनाई जाती हैं।

लगभग सभी जगह भारत में ग्रामीण घर का महत्त्वपूर्ण लक्षण घर में आंगन का होना है। इस आंगन में अधिकांश काम किए जाते हैं। कमरे का प्रयोग या तो सर्दियों में सोने के लिए या धन आदि रखने के लिए किया जाता है। भारत के उत्तरी पहाड़ी प्रदेशों में मकान में आंगन के स्थान पर मुख्य मकान के विस्तार के रूप में आगे निकली हुई एक बरसाती बना दी जाती है। एकत्रण, संग्रहण तथा स्थानांतरी कृषि के क्षेत्रों में लोग एक कमरे की झोपड़ी में रहते हैं। इनकी छतें गोलाकार या शंक्वाकार होती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में पशुओं को रखने, अनाज रखने तथा रसोई की व्यवस्था होती है।

भारत में उत्तरी मैदान में घरों की आकारिकी में बहुत अंतर पाया जाता है। इन घरों के चारों ओर से एक लंबा-चौड़ा आंगन मिट्टी की दीवारों या मकानों से घिरा होता है। कई जगह कई झोपड़ियों से घिरा हुआ एक सामान्य आंगन होता है। कई बार झोपड़ियाँ एक-दूसरे के आमने-सामने बनाई हुई होती हैं तथा उनके बीच में एक गली या सड़क होती है। केरल में मछुआरों के गांव के आंगन प्रायः एक छोर पर खुलते हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा में दो या तीन मंजिली मकान होते हैं। मकानों की छत से आंगन साफ दिखाई देते हैं।

कुछ परिवारों की झोपड़ियाँ एक-दूसरे के समकोण पर बनाई जाती हैं तथा एक घेरा बनाकर एक आयताकार आंगन बना लिया जाता है। ऐसे घर प्रायद्वीप के आंतरिक भागों में मिलते हैं। केरल, उड़ीसा, पश्चिमी बंगाल, असम, त्रिपुरा तथा मणिपुर में दो झोपड़ियाँ आमने-सामने बनाकर तथा दोनों भुजाओं में घेरा डालकर आंगन बना लिया जाता है। दक्षिणी भारत के घरों की आकारिकी तथा उनके नियोजन में मंदिरों का प्रभाव पड़ा है तथा वहाँ मकानों में कई आंगन होते हैं।

प्रश्न 4.
विकास के आधार पर भारत के नगरों के प्रकारों का वर्णन करें।
उत्तर:
भारत में नगरों के विकास को निम्नलिखित तीन प्रकारों में बाँटा गया है-
1. प्राचीन नगर-इस युग का अस्तित्व 2000 वर्षों से भी अधिक समय से है। इसमें लगभग 45 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले नगर पाए जाते थे। अधिकांश नगरों का विकास धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में हुआ था। वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज (इलाहाबाद), पाटलिपुत्र (पटना), मथुरा और मदुरै इस युग के कुछ प्राचीन महत्त्वपूर्ण नगर हैं।

2. मध्यकालीन नगर-मध्य युगीन भारत में अधिकांश नगरों का विकास राज्यों या रियासतों की राजधानियों के रूप में हुआ। लगभग 101 वर्तमान नगरों का विकास इस युग में हुआ। ये अधिकतर दुर्ग नगर हैं। दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, आगरा, लखनऊ और नागपुर इस युग के कुछ प्रसिद्ध नगर हैं।

3. आधुनिक नगर-अंग्रेज़ों और अन्य यूरोपवासियों ने भारत के नगरीय परिदृश्य को पूर्णतया बदल दिया। ये व्यापारिक इरादे से भारत आए और इन्होंने अनेक तटीय नगरों का विकास किया; जैसे सूरत, गोआ, दमन और पुदुचेरी इत्यादि । तत्पश्चात् अंग्रेजों ने देश के तीन महत्त्वपूर्ण नगरों मुंबई, चेन्नई और कोलकाता पर अपना प्रशासनिक अधिकार जमाया। उन्होंने इन नगरों का निर्माण अंग्रेजी वास्तुकला के अनुसार किया। इस दौरान उन्होंने अनेक प्रशासनिक नगरों, पर्यटन केंद्रों और पर्वतीय नगरों का विकास किया तथा पहले से विद्यमान नगरों के क्षेत्रों को और विस्तृत किया। सन् 1850 के बाद इन्होंने उद्योगों पर आधारित अनेक नगरों का विकास किया जिसमें जमशेदपुर उल्लेखनीय है।

स्वतंत्रता के पश्चात् अनेक प्रशासनिक नगरों और औद्योगिक केंद्रों का विकास हुआ। चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गांधीनगर आदि प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में तथा दर्गापुर, भिलाई, सिंदरी, बरौनी आदि औद्योगिक नगरों के रूप में विकसित हुए।

प्रश्न 5.
भारत में कस्बों और नगरों के वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऐतिहासिक दृष्टि से भारत के उत्तरी मैदान में सबसे अधिक कस्बे और नगर थे। पश्चिमी और पूर्वी तट के समुद्री पत्तनों की पृष्ठभूमि में भी अनेक कस्बे और नगर स्थित थे। मध्य भारत और दक्षिणी पठार की विस्तृत भूमि पर अपेक्षाकृत कम नगर थे जो दूर-दूर स्थित थे। प्राचीन भारत के ये कस्बे और नगर देश के आंतरिक भागों में मुख्यतः प्रशासनिक मुख्यालय व्यापारिक केंद्र या धार्मिक महत्त्व के स्थान थे।
1. पंजाब-हरियाणा-गंगा का ऊपरी मैदान-उत्तरी भारत के उपजाऊ मैदान के पश्चिमी भाग में विभिन्न आकार के कस्बों और नगरों की संख्या अधिक है। इस क्षेत्र में दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की एक श्रृंखला अमृतसर से वाराणसी तक फैली है।

2. कोलकाता-रांची पट्टी-दक्षिण-पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के उत्तरी भाग में खनिजों के विपुल भंडार हैं। इसलिए इस क्षेत्र को भारत का सार कहा जाता है। इस खनिज बाहुल क्षेत्र का प्रमुख केंद्र कोलकाता तथा इसकी पत्तन सेवाएँ हैं। आसनसोल, धनबाद और जमशेदपुर इस पट्टी के अन्य महत्त्वपूर्ण और प्रमुख नगर हैं।

3. मुंबई-गुजरात प्रदेश-इस क्षेत्र के चार प्रमुख महानगर; राजकोट, अहमदाबाद, बड़ोदरा और सूरत हैं। इस क्षेत्र के अधिकतर नगरों का विकास पेट्रोलियम पर आधारित उद्योगों के विकास से हुआ। एक अन्य नगरीय पेटी है जो मुंबई से पुणे तक फैली है तथा मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के साथ-साथ विस्तृत है।

4. केरल तट केरल के तट पर माहे से कन्याकुमारी तक नगरों की एक निरंतर पट्टी है जिसमें कोच्चि तथा तिरूवनंतपुरम महत्त्वपूर्ण नगर हैं।

5. तमिलनाडु-दक्षिण कर्नाटक पट्टी-इस पेटी में चेन्नई और बंगलौर दो औद्योगिक महानगर हैं। इनके अतिरिक्त कोयंबटूर, तिरूचिरापल्ली, मदुरई, सेलम और पांडिचेरी अन्य प्रमुख औद्योगिक नगर हैं।

6. ऊपरी कृष्णा द्रोणी-महाराष्ट्र में सतारा से लेकर कर्नाटक के शिमोगा तथा पश्चिमी घाट के समानांतर कस्बों और नगरों की एक अविछिन्न पेटी है। जल विद्युत विकास और खनिज भंडारों ने यहाँ औद्योगीकरण और नगरीकरण में बहुत सहायता की है।

7. कष्णानगोदावरी डेल्टा पर्वी तट पर कष्णा-गोदावरी देल्टा तशा नमकी निम्न तट पर कृष्णा-गोदावरी डेल्टा तथा उसकी निम्न भूमियों में कस्बों और नगरों की एक विस्तृत पेटी है। यह विजयवाड़ा, वारंगल और हैदराबाद तक विस्तृत है। इसका विस्तार आंध्र प्रदेश के तटीय मैदान में विशाखापत्तनम तक है।

प्रश्न 6.
प्रकार्यों के आधार पर नगरों का वर्गीकरण कीजिए। अथवा नगरों का प्रकार्यात्मक वर्गीकरण का वर्णन करें।
उत्तर:
नगरों का वर्गीकरण उनके आकार के अतिरिक्त उनके कार्यों के आधार पर भी किया जाता है। कुछ कस्बों और नगरों ने कुछ निश्चित प्रकार्यों में विशिष्टता ग्रहण कर ली है और ये नगर अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए अलग से जाने जाते हैं। यद्यपि प्रत्येक नगर अनेक प्रकार के कार्य करता है परंतु प्रमुख या विशिष्ट कार्यों के आधार पर नगरों को निम्नलिखित वर्गों में विभाजित किया गया है
1. प्रशासनिक नगर-इस प्रकार के नगर प्रशासनिक कार्यों के लिए विकसित होते हैं। देश की राजधानी तथा राज्यों की राजधानियाँ इन नगरों के अन्तर्गत आती हैं। चंडीगढ़, दिल्ली, शिमला, भोपाल तथा शिलांग आदि ऐसे नगरों के उदाहरण हैं।

2. औद्योगिक नगर-अनेक प्रकार के उद्योगों की अवस्थिति ही ऐसे नगरों की प्रेरक शक्ति होती है; जैसे मुंबई, कोयंबटूर, भिलाई, हुगली, जमशेदपुर, सेलम तथा फरीदाबाद इत्यादि।

3. परिवहन नगर-ये नगर मुख्य रूप से आयात और निर्यात की गतिविधियों के कार्यों में सक्रिय रहते हैं; जैसे, कोच्चि, विशाखापत्तनम तथा कालीकट इत्यादि। कुछ नगर आंतरिक परिवहन के केंद्र भी होते हैं; जैसे आगरा, इटारसी तथा कटनी आदि।

4. व्यापारिक नगर-व्यापार में विशिष्टता प्राप्त करने वाले नगरों और कस्बों को इस वर्ग में सम्मिलित किया जाता है, जैसे कोलकाता, मुंबई, सहारनपुर, सतना इत्यादि।

5. खनन नगर-खनन कार्यों में विशिष्टता प्राप्त नगर हैं रानीगंज, झरिया, अंकलेश्वर, डिगबोई तथा सिंगरौली आदि।

6. छावनी नगर-सुरक्षा की दृष्टि से विकसित नगर छावनी नगर कहलाते हैं; जैसे अंबाला, जालंधर, मेरठ आदि।

7. शैक्षिक नगर इस वर्ग के नगरों में शैक्षिक कार्यों की विशिष्टता होती है; जैसे रुड़की, पिलानी, कुरुक्षेत्र, अलीगढ़ तथा वाराणसी आदि।

8. धार्मिक और सांस्कृतिक नगर-ऐसे नगरों में धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रधानता रहती है; जैसे वाराणसी, मथुरा, अमृतसर, हरिद्वार तथा तिरूपति आदि।

9. पर्यटन नगर-ये नगर अपने मनोरम दृश्यों, प्राकृतिक सौंदर्य और स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के लिए जाने जाते हैं; जैसे शिमला, नैनीताल, मसूरी, ऊटी, मांउट आबू इत्यादि।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ

प्रश्न 7.
‘नगर’ की परिभाषा दीजिए। पिछले चार दशकों में बड़े शहरों की जनसंख्या में वृद्धि की समीक्षा कीजिए।
अथवा
वर्तमान सदी में भारत में नगरीकरण की प्रवृत्तियों की विस्तारपूर्वक व्याख्या कीजिए।
अथवा
नगर क्या है? भारत में नगरीकरण की प्रवृत्तियों का उल्लेख करें।
उत्तर:
रेटजल ने नगर को एक लगातार घना, लोगों एवं मकानों का ऐसा जमघट कहा है, जिसके अंदर वृहद् व्यापारिक मार्गों का संगम हो, लोगों का जीवन वाणिज्य एवं उद्योग पर आधारित होता है। वॉन रिचथोपेफन के अनुसार, “नगर के अंदर एक ऐसा सुव्यवस्थित वर्ग निहित है, जहां का मुख्य धंधा वाणिज्य और उद्योग से संबंधित होता है और ये धंधे कृषि कार्यों से सर्वथा भिन्न होते हैं।”

भारत के जनगणना विभाग ने नगर की निम्नलिखित विशेषताएं बताई हैं-

  • वे सभी स्थान जहां नगरपालिका, महापालिका, छावनी या नोटीफाइड क्षेत्रीय समिति स्थापित हो।
  • जनसंख्या कम-से-कम 5000 हो।
  • कार्यशील जनसंख्या का कम से कम 75% भाग अकृषि कार्यों में संलग्न हो।
  • जनसंख्या का घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से कम न हो।

नगरीकरण की प्रवृत्तियाँ (Trends of Urbanisation) – बढ़ता हुआ नगरीकरण आर्थिक स्थिति का द्योतक माना जाता है। स्वतंत्रता से पूर्व भारत में नगरीकरण की गति बहुत धीमी थी। जैसे-जैसे देश में आर्थिक विकास हुआ वैसे-वैसे देश में नगरों की संख्या तथा नगरीयं जनसंख्या में बढ़ोत्तरी होती गई। विश्व के अन्य देशों की तरह भारत में भी नगरीकरण तेजी से हो रहा है। जनसंख्या में भारी वृद्धि के साथ-साथ भारत में नगरीय जनसंख्या में भी वृद्धि हुई। नगरीय जनसंख्या का कुल जनसंख्या में प्रतिशत उतनी तेजी से नहीं बढ़ा, जितना कि उसकी कुल जनसंख्या में वृद्धि हुई है।

सन् 1901 में भारत के कुल नगरों की संख्या 1827 तथा नगरीय जनसंख्या 2.59 करोड़ थी जो कुल जनसंख्या का 10.84% थी जो बढ़कर 2011 में क्रमशः 7935 तथा 37.71 करोड़ हो गई जो कुल जनसंख्या का 31.2% है अर्थात् पिछले 110 वर्षों में नगरों की संख्या में चार से साढे चार गुणा तथा नगरीय जनसंख्या में लगभग 14 से 15 गुणा वृद्धि हुई। भारत में नगरीकरण का यह स्तर विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है क्योंकि विश्व की कुल 45% जनसंख्या नगरों में रहती है। नगरीय जनसंख्या की प्रवृत्ति को अग्रलिखित तालिका में दर्शाया गया है
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ 5
इस तालिका के अनुसार, हम नगरीकरण के विकास को निम्नलिखित तीन युगों में बाँट सकते हैं-
1. नगरीकरण की मंद वृद्धि का युग (Era of Low Growth of Urbanisation)- सन् 1901 से 1921 के बीच भारत की कुल जनसंख्या तथा नगरीय जनसंख्या में कोई खास परिवर्तन नहीं आया। नगरीकरण के विकास की दर काफी धीमी थी। इस दौरान भयंकर बीमारी; जैसे प्लेग, इन्फ्लूएंजा आदि के फैलने से नगरीकरण में काफी कमी आई। नगरीय जनसंख्या 2.5 करोड़ से बढ़कर 2.7 करोड़ ही हो पाई। नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत भी बहुत कम बढ़ा। अतः भारत की कुल जनसंख्या तथा नगरीय जनसंख्या दोनों ही इस काल में मंद गति से बढ़ी।

2. नगरीकरण की मध्यम वृद्धि का युग (Era of Medium Growth of Urbanisation)- सन् 1921 के बाद यद्यपि प्राकृतिक विपदाओं के प्रभाव से देश मुक्त रहा, लेकिन फिर भी नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत 17.62 ही रहा। इसमें केवल 2/2 गुना वृद्धि हुई। इस समय मध्यम वृद्धि का कारण राजनीतिक अस्थिरता तथा धीमा आर्थिक विकास रहा है। सन् 1921 में नगरीय जनसंख्या 3.2 करोड़ थी जो सन् 1951 में 6.1 करोड़ हो गई।

3. नगरीकरण की तीव्र वृद्धि का युग (Era of Speed Growth of Urbanisation)- इस युग में नगरीय जनसंख्या में काफी वृद्धि हुई। इन बीस वर्षों में वृद्धि पिछले 60 वर्षों से भी अधिक थी। भारत की कुल जनसंख्या सन् 1991 में सन् 1951 की तुलना में ढाई गुना हो गई, जबकि नगरीय जनसंख्या तीन गुना हुई। सन् 1961 में नगरों की जनसंख्या 7.89 करोड़ से बढ़कर सन् 2011 में 37 करोड़ 71 लाख हो गई। भारत के नगरों की जनसंख्या विश्व के नगरों की जनसंख्या से अभी कम है। भारत में नगरीकरण प्रारंभिक अवस्था में है। इस युग में नगरीकरण वृद्धि के कारण हैं-

  • देश में भारी मात्रा में औद्योगिक विकास हुआ।
  • नए-नए व्यवस्थित नगरों का निर्माण हो गया।
  • नगरों में सुख-सुविधाएं गांवों की तुलना में अधिक हैं।
  • नगरों के आकार में भारी वृद्धि हो गई है।
  • अनेक ग्रामीण क्षेत्र नगरों में परिवर्तित हो गए हैं।
  • नगरों में रोजगार के अधिक अवसर हैं।
  • सुरक्षा की दृष्टि से नगर उपयुक्त हैं, क्योंकि यहां पुलिस की विशेष व्यवस्था रहती है।

भारत की आधी से अधिक नगरीय जनसंख्या महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिमी बंगाल तथा आंध्र प्रदेश में निवास करती है। सबसे अधिक नगरीकरण चण्डीगढ़ (97.25%), दिल्ली (97.50%), पुडुचेरी (68.31%), लक्षद्वीप (78.08%) में हुआ। केरल में नगरीकरण की प्रवृत्ति अन्य राज्यों की तुलना में अधिक पाई गई है। बिहार, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम व राजस्थान में नगरीकरण की प्रवृत्ति कम देखी गई है। सिक्किम में पांच राज्यों के पुनर्गठन के कारण नगरीय जनसंख्या 1,51,726 हो गई है। सन् 1981-91 की अवधि में सिक्किम की नगरीय जनसंख्या में 27.67% ह्रास हुआ। बड़े राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक आदि में अधिक नगरीकरण हुआ।

भारत के विभिन्न राज्यों में नगरीय जनसंख्या का वितरण बहुत ही असमान है। पंजाब, हरियाणा, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गोआ, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु राज्यों में नगरीकरण का स्तर भारतीय औसत से अधिक है। इसके विपरीत अन्य उत्तर पूर्वी राज्य, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश आदि में यह स्तर भारतीय औसत से कम है। दादर एवं नगर हवेली को छोड़कर शेष सभी केंद्रशासित प्रदेशों में नगरीय जनसंख्या भारतीय औसत से अधिक है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 4 मानव बस्तियाँ Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Exercise 5.8

प्रश्न 1.
जाँच कीजिए कि निम्न में से कौन-सी आकृतियाँ बहुभुज हैं। यदि इनमें से कोई बहुभुज नहीं है, तो कारण बताइए।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 - 1
हल :
(a) नहीं, क्योंकि यह एक खुली आकृति है।
(b) हाँ, क्योंकि यह रेखाखण्डों से बनी बन्द आकृति
(c) नहीं, क्योंकि यह बन्द आकृति रेखाखण्डों से बनी नहीं है।
(d) नहीं, क्योंकि यह बन्द आकृति रेखाखण्डों से बनी नहीं है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8

प्रश्न 2.
प्रत्येक बहुभुज का नाम लिखिए :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 - 2
इनमें से प्रत्येक के दो और उदाहरण बनाइए।
हल :
(a) चतुर्भुज,
(b) त्रिभुज,
(c) पंचभुज,
(d) अष्टभुज।
नोट : विद्यार्थी स्वयं उदाहरण बनाने का प्रयास करें।

प्रश्न 3.
एक सम षट्भुज (regular hexagon) का एक रफ चित्र खींचिए। उसके किन्हीं तीन शीर्षों को जोड़कर एक त्रिभुज बनाइए। पहचानिए कि आपने किस। प्रकार का त्रिभुज खींच लिया है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 - 3
हल :
ABCDEF एक सम षट्भुज का रफ चित्र बनाया, जिसमें AC और AD को मिलाया। इस प्रकार एक त्रिभुज ACD प्राप्त होता है जिसमें AC ≠ CD ≠ AD अत: ΔACD विषमबाहु त्रिभुज है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8

प्रश्न 4.
एक सम अष्टभुज (regular octagon) का रफ चित्र खींचिए। यदि आप चाहें, तो वाकित कागज (squared paper) का प्रयोग कर सकते हैं। इस अष्टभुज के ठीक चार शीर्षों को जोड़कर एक आयत खींचिए।
हल :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 - 4
दिया गया रफ चित्र ABCDEFGH एक सम अष्टभुज जिसमें AC, CE, EG और GA को मिलाने पर आयत ACEG प्राप्त होता है।

प्रश्न 5.
किसी बहुभुज का विकर्ण उसके किन्हीं दो शीर्षों (आसन्न शीर्षों को छोड़कर) को जोड़ने से प्राप्त होता है (यह इसकी भुजाएँ नहीं होती है)। एक पंचभुज का एक रफ चित्र खींचिए और उसके विकर्ण खींचिए।
हल :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 - 5
ABCDE एक पंचभुज का रफ चित्र बनाया। इसके विकर्ण AC, AD, BD, BE और CE को मिलाया। अत: AC, AD, BD, BE और CE इसके विकर्ण हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.8 Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Exercise 4.1

प्रश्न 1.
संलग्न आकृति का प्रयोग करके निम्न के नाम लिखिए :
(a) पाँच बिन्दु
(b) एक रेखा
(c) चार किरणें
(d) पाँच रेखाखण्ड
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 1
हल :
दी गई आकृति से स्पष्ट है कि
(a) O, C, B, E और D पाँच बिन्दु हैं।
(b) एक रेखा \(\stackrel{\leftrightarrow}{B D}\) है।
(c) चार किरणें \(\overrightarrow{O B}, \overrightarrow{O C}, \overrightarrow{O D}\) और \(\overrightarrow{E D}\) हैं।
(d) \(\overline{O E}, \overline{O D}, \overline{D E}, \overline{O B}\) और \(\overline{B D}\) पाँच रेखाखण्ड है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

प्रश्न 2.
संलग्न आकृति में दी हुई रेखा के सभी संभव प्रकारों के नाम लिखिए। आप इन चार बिन्दुओं में से किसी भी बिन्दु का प्रयोग कर सकते हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 2
हल :
दी हुई रेखा के सभी सम्भव प्रकारों के नाम, जिसमें चार बिन्दुओं में से केवल कोई दो अक्षरों का प्रयोग किया गया है :
\(\overrightarrow{A B}, \overrightarrow{A C}, \overrightarrow{A D}, \overrightarrow{B C}, \overrightarrow{B D}, \overrightarrow{C D}, \overrightarrow{D C}, \overrightarrow{D B}\), \(\overrightarrow{C B}, \overrightarrow{D A}, \overrightarrow{C A}\) और \(\overrightarrow{B A}\)

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति को देखकर नाम लिखिए :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 3
(a) रेखाएँ जिसमें बिन्दु E सम्मिलित है
(b) A से होकर जाने वाली रेखा
(c) वह रेखा जिस पर बिन्दु O स्थित है
(d) प्रतिच्छेदी रेखाओं के दो युग्म।
हल :
आकृति से स्पष्ट है कि
(a) \(\overleftrightarrow{A E}, \overleftrightarrow{F E}\) वह रेखा है जिसमें बिन्दु E सम्मिलित
(b) \(\overleftrightarrow{A E}\) वह रेखा है जो A से होकर जाती है।
(c) \(\overleftrightarrow{C O}\) या \(\overleftrightarrow{O C}\) वह रेखा है जिस पर बिन्दु O स्थित है।
(d) \(\overleftrightarrow{C O}, \overleftrightarrow{A E}\) तथा \(\overleftrightarrow{A E}, \overleftrightarrow{E F}\) प्रतिच्छेदी रेखाओं के दो युग्म हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

प्रश्न 4.
निम्नलिखित से होकर कितनी रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
(a) एक बिन्दु
(b) दो बिन्दु ।
हल :
(a) एक बिन्दु से होकर असंख्य रेखाएँ खींची जा सकती है।
(b) दो बिन्दुओं से केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक के लिए एक रफ (Rough) आकृति बनाइए और उचित रूप से उसे नामांकित कीजिए :
(a) बिन्दु P रेखाखण्ड \(\overline{A B}\) पर स्थित है।
(b) रेखाएँ XY और PQ बिन्दुज M पर प्रतिच्छेद करती हैं।
(c) रेखा l पर E और F स्थित हैं, परन्तु D स्थित नहीं है।
(d) \(\overleftrightarrow{O P}\) और \(\overleftrightarrow{O Q}\) बिन्दु O पर मिलती हैं।
हल :
दी गई स्थितियों के लिए रफ आकृतियाँ निम्न प्रकार हैं:
(a) बिन्दु P रेखाखण्ड \(\overline{A B}\) पर स्थित है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 4
(b) रेखाएँ XY और PQ बिन्दु M पर प्रतिच्छेद करती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 5
(c) रेखा l पर E और F स्थित हैं, परन्तु D स्थित नहीं है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 6
(d) \(\overleftrightarrow{O P}\) और \(\overleftrightarrow{O Q}\) बिन्दु O पर मिलती हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 7

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

प्रश्न 6.
रेखा \(\overline{M N}\) की संलग्न आकृति को देखिए। इस आकृति के संदर्भ में बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य:
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 - 8
(a) Q, M, O, N और P रेखा \(\overleftrightarrow{M N}\) पर स्थित बिन्दु हैं।
(b) M, O और N रेखाखण्ड \(\overleftrightarrow{M N}\) पर स्थित बिन्दु हैं।
(c) M और N रेखाखण्ड \(\overleftrightarrow{M N}\) के अन्त बिन्दु हैं।
(d) O और N रेखाखण्ड \(\overrightarrow{O P}\) के अन्त बिन्दु हैं।
(e) M रेखाखण्ड \(\overline{Q O}\) के दोनों अन्त बिन्दुओं में से एक बिन्दु है।
(f) M किरण \(\overrightarrow{O P}\) पर एक बिन्दु है।
(g) किरण \(\overrightarrow{O P}\) किरण \(\overrightarrow{Q P}\) से भिन्न है।
(h) किरण \(\overrightarrow{O P}\) वही है जो किरण \(\overrightarrow{O M}\) है।
(i) किरण \(\overrightarrow{O M}\) किरण \(\overrightarrow{O P}\) के विपरीत (Opposite) नहीं है।
(j) O किरण \(\overrightarrow{O P}\) का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।
(k) N किरण \(\overrightarrow{N P}\) और \(\overrightarrow{N M}\) का प्रारम्भिक बिन्दु है। हल :
दी हुई आकृति के सन्दर्भ में उपर्युक्त कथन इस प्रकार हैं:
(a) सत्य,
(b) सत्य,
(c) सत्य,
(d) असत्य,
(e) असत्य,
(f) असत्य,
(g) सत्य,
(h) असत्य,
(i) असत्य,
(j) असत्य,
(k) सत्य।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.7

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.7 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Exercise 5.7

प्रश्न 1.
सत्य (T) या असत्य (F) कहिए:
(a) आयत का प्रत्येक कोण समकोण होता है।
(b) आयत की सम्मुख भुजाओं की लम्बाई बराबर होती है।
(c) वर्ग के विकर्ण एक-दूसरे पर लम्ब होते हैं।
(d) समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर लंबाई की होती हैं।
(e) समान्तर चतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर लम्बाई की होती हैं।
(f) समलम्ब की सम्मुख भुजाएँ समान्तर होती हैं।
हल :
(a) सत्य,
(b) सत्य,
(c) सत्य,
(d) सत्य,
(e) असत्य,
(f) असत्य।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.7

प्रश्न 2.
निम्नलिखित के लिए कारण दीजिए :
(a) वर्ग को एक विशेष प्रकार का आयत समझा जा सकता है।
(b) आयत को एक विशेष प्रकार का समांतर चतुर्भुज समझा जा सकता है।
(c) वर्ग को एक विशेष प्रकार का समचतुर्भुज समझा जा सकता है।
(d) वर्ग, आयत, समचतुर्भुज और समान्तर चतुर्भुज में से प्रत्येक एक चतुर्भुज भी है।
(e) वर्ग एक समान्तर चतुर्भुज भी है।
हल :
(a) आयत के सभी गुण वर्ग में होते हैं, इसलिए वर्ग को एक विशेष प्रकार का आयत समझा जाता है।
(b) आयत में समान्तर चतुर्भुज के सभी गुण होते हैं, इसलिए आयत को एक विशेष प्रकार का समान्तर चतुर्भुज समझा जा सकता है।
(c) समचतुर्भुज के सभी गुण वर्ग में होते हैं, इसलिए वर्ग को एक विशेष प्रकार का समचतुर्भुज समझा जा सकता है।
(d) चार रेखाओं से घिरी आकृति को चतुर्भुज कहते हैं। अतः वर्ग, आयन, समचतुर्भज और समान्तर चतुर्भुज में से प्रत्येक एक चतुर्भुज भी है।
(e) वर्ग की सम्मुख भुजाएँ समान्तर होती हैं, इसलिए यह समान्तर चतुर्भुज हैं।

प्रश्न 3.
एक बहुभुज सम (regular) होता है, यदि उसकी सभी भुजाएँ बराबर हों और सभी कोण बराबर हों। क्या आप समचतुर्भुज (regular quadrilateral) की पहचान कर सकते हैं ?
हल :
वर्ग एक सम चतुर्भुज है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.7 Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions

प्रयास कीजिए (पृष्ठ सं. 265 से)

प्रश्न 1.
एक कक्षा में 20 लड़के और 40 लड़कियाँ हैं। लड़कों की संख्या का, लड़कियों की संख्या से क्या अनुपात होगा?
हल :
कक्षा में लड़कों की संख्या = 20
और कक्षा में लड़कियों की संख्या = 40
∴ लड़कों की संख्या का, लड़कियों की संख्या से
अनुपात = 20 : 40.
= \(\frac{20}{40}=\frac{1}{2}\)
= 1 : 2 उत्तर

प्रश्न 2.
रवि एक घण्टे में 6 किमी चलता है जबकि रोशन एक घण्टे में 4 किमी चलता है। रवि द्वारा तय की गई दूरी से रोशन द्वारा तय की गई दूरी का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
1 घण्टे में रवि द्वारा तय की गई दूरी= 6 किमी
1 घण्टे में रोशन द्वारा तय की गई दूरी = 4 किमी
∴ रवि द्वारा तय की गई दूरी से रोशन द्वारा तय की गई दूरी का अनुपात = 6 किमी : 4 किमी
= 6 : 4
= \(\frac{6}{4}=\frac{3}{2}\)
= 3 : 2 उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions

पृष्ठ सं. 267 से

प्रश्न 1.
सौरभ घर से स्कूल पहुँचने में 15 मिनट लेता है और सचिन एक घण्टा लेता है। सौरभ द्वारा लिए गए समय और सचिन द्वारा लिए गए समय का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
सौरभ द्वारा घर से स्कूल पहुँचने में लिया समय
= 15 मिनट
सचिन द्वारा घर से स्कूल पहुँचने में लिया समय
= 1 घण्टा
= 1 × 60 मिनट = 60 मिनट
∴ सौरभ और सचिन द्वारा लिए गए समय का अनुपात
= 15 मिनट : 60 मिनट = 15 : 60
= \(\frac{15}{60}=\frac{1}{4}\)
= 1 : 4 उत्तर

प्रश्न 2.
एकटॉफी का मूल्य 50 पैसे और एक चॉकलेट का मूल्य 10 रुपये है। टॉफी के मूल्य का चॉकलेट के मूल्य से अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
टॉफी का मूल्य = 50 पैसे
चॉकलेट का मूल्य = ₹ 10
= 10 × 100 पैसे = 1000 पैसे
∴ टॉफी और चॉकलेट के मूल्य का अनुपात
= 50 पैसे : 1000 पैसे
= 50 : 1000 = 1 : 20 उत्तर

प्रश्न 3.
एक स्कूल में एक वर्ष में 73 छुट्टियाँ बनती हैं। छुट्टियों का वर्ष के कुल दिनों के साथ अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
1 वर्ष में छुट्टियों के दिन = 73
1 वर्ष में कुल दिन = 365
∴ छुट्टियों की संख्या और 1 वर्ष के कुल दिनों का अनुपात = 73 : 365
= \(\frac{73}{365}=\frac{73 \div 73}{365 \div 73}\)
= \(\frac{1}{5}\)
= 1 : 5 उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions

पृष्ठसं. 268 से

प्रश्न 1.
अपने बैग में रखी कॉपियों की संख्या का पुस्तकों की संख्या से अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
माना बैग में 12 काँपियाँ और 6 पुस्तकें हैं।
कॉपियों की संख्या = 12
पुस्तकों की संख्या = 6
कॉपियों की संख्या और पुस्तकों की संख्या का अनुपात = 12 : 6 = 2 : 1 उत्तर

प्रश्न 2.
अपनी कक्षा की कुल डैस्कों की संख्या का कुल कुर्सियों की संख्या से अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
माना कि कक्षा में 15 डैस्क और 45 कुर्सियाँ हैं।
∴ डैस्कों की संख्या = 15
कुर्सियों की संख्या = 45
∴ डैस्कों और कुर्सियों की संख्या का अनुपात = 15 : 45 = 1 : 3 उत्तर

प्रश्न 3.
अपनी कक्षा में उन छात्रों की संख्या ज्ञात कीजिए जिनकी आयु 12 वर्ष से ऊपर है। अब 12 वर्ष से ऊपर आयु वाले छात्रों की संख्या का कक्षा के बाकी छात्रों की संख्या के साथ अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
माना कक्षा में कुल छात्रों की संख्या = 45 जिसमें से 15 ऐसे छात्र हैं जिनकी आयु 12 वर्ष से ऊपर है।
∴ कक्षा में छात्रों की संख्या = 45
12 वर्ष से ऊपर आयु के छात्रों की संख्या = 15
12 वर्ष से कम आयु के छात्रों की संख्या = (45 – 15) 30
∴ 12 वर्ष से ऊपर आयु वाले छात्रों का कक्षा के बाकी छात्रों से अनुपात = 15 : 30 = 1 : 2 उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions

प्रश्न 4.
अपनी कक्षा के दरवाजों की संख्या का खिड़कियों की संख्या से अनुपात निकालिए।
हल :
माना एक कक्षा में 3 दरवाजे और 6 खिड़कियाँ हैं।
∴ दरवाजों की संख्या = 3
खिड़कियों की संख्या = 6
∴ दरवाजों की संख्या का खिड़कियों की संख्या से अनुपात = 3 : 6
= 1 : 2

प्रश्न 5.
एक आयत बनाइए। उसकी लम्बाई का चौड़ाई से अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
माना एक आयत ABCD है और इसकी विमाएँ आकृति में दिखाई गई हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions 1
∴ आयत की लम्बाई = 32 सेमी
और आयतन की चौड़ाई = 8 सेमी
∴ इसकी लम्बाई और चौड़ाई का अनुपात = 32 सेमी : 8 सेमी = 32 : 8 = 4:1 उत्तर

पृष्ठ सं. 275 से

प्रश्न 1.
जाँच कीजिए कि दिए गए अनुपात समान हैं अर्थात् वे समानुपात में हैं। यदि हाँ, तो उन्हें सही ढंग से लिखिए :
1. 1 : 5 और 3 : 15
2. 2 : 9 और 18 : 81
3. 15 : 45 और 5 : 25
4. 4 : 12 और 9 : 27
5. ₹ 10 का ₹ 15 और 4 का 6 से।
हल :
(1) 1 : 5 और 3 : 15
चरम पदों का गुणनफल = 1 × 15 = 15
मध्य पदों का गुणनफल = 3 × 5 = 15
अत: चरम पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
सही ढंग = 1 : 5 :: 3 : 15 समानुपात में हैं। उत्तर

(2) 2 : 9 और 18 : 81
चरम पदों का गुणनफल = 2 × 81 = 162
मध्य पदों का गुणनफल = 9 × 18 = 162
अतः चरम पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
सही ढंग = 2 : 9 :: 18 : 81 उत्तर

(3) 15 : 45 और 5 : 25
चरम पदों का गुणनफल = 15 × 25 = 375
मध्य पदों का गुणनफल = 45 × 5 = 225
अतः चरम पदों का गुणनफल ≠ मध्य पदों का गुणनफल
सही ढंग = 15 : 45 :: 5 : 25 उत्तर

(4) 4 : 12 और 9 : 27
चरम पदों का गुणनफल = 4 × 27 = 108
मध्य पदों का गुणनफल = 12 × 9 = 108
अतः चरम पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
सही ढंग = 2 : 9 :: 18 : 81 उत्तर

(5) ₹ 10 का ₹ 15 और 4 का 6 से
चरम पदों का गुणनफल = 10 × 6 = ₹ 60
मध्य पदों का गुणनफल = 15 × 4 = ₹ 60
अतः चरम पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
सही ढंग = ₹ 10 : ₹ 15 :: 4 : 6 उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions

पृष्ठ सं. 277 से

नोट : प्रश्न 1 छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 2.
निम्न सारणी को पढ़कर पूरा करें।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions 2
हल :
सम्पूर्ण सारणी इस प्रकार है-
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions 3

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 12 अनुपात और समानुपात InText Questions Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Exercise 9.1

प्रश्न 1.
गणित के एक टेस्ट में 40 विद्यार्थियों द्वारा निम्नलिखित अंक प्राप्त किए गए। इन अंकों को मिलान चिह्नों का प्रयोग करके, एक सारणी के रूप में व्यवस्थित कीजिए :
8 1 3 7 6 5 5 4 4 2
4 9 5 3 7 1 6 5 2 7
7 3 8 4 2 8 9 5 8 6
7 4 5 6 9 6 4 4 6 6
(a) ज्ञात कीजिए कि कितने विद्यार्थियों ने 7 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए।
(b) कितने विद्यार्थियों ने 4 से कम अंक प्राप्त किए ?
हल :
अभीष्ट सारणी :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 1
(a) सारणी से स्पष्ट है कि 7 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए गए विद्यार्थियों की संख्या
= 5 + 4 + 3 = 12
(b) सारणी से स्पष्ट है कि 4 से कम अंक प्राप्त किए गए विद्यार्थियों की संख्या = 2 + 3 + 3
= 8. उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1

प्रश्न 2.
कक्षा VI के 30 विद्यार्थियों की मिठाइयों की पसंद निम्नलिखित है :
लड्डू, बरफी, लड्डू, जलेबी, लड्डू, रसगुल्ला
जलेबी, लड्डू, बरफी, रसगुल्ला, लड्डू, जलेबी, लड्डू
जलेबी, रसगुल्ला, लड्डू, रसगुल्ला, जलेबी, लड्डू
रसगुल्ला, लड्डू, लड्डू बरफी, रसगुल्ला, रसगुल्ला
जलेबी, रसगुल्ला, लड्डू, रसगुल्ला, जलेबी, लड्डू।
(a) मिठाइयों के इन नामों को मिलान चिह्नों का प्रयोग करते हुए एक सारणी में व्यवस्थित कीजिए।
(b) कौन-सी मिठाई विद्यार्थियों द्वारा अधिक पसन्द की गई?
हल :
(a) अभीष्ट सारणी :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 2
(b) लड्डू सबसे ज्यादा विद्यार्थियों द्वारा पसन्द किया गया। उत्तर

प्रश्न 3.
केथरिन ने एक पासा (dice) लिया और उसको 40 बार उछालने पर प्राप्त संख्या को लिख लिया। उसने इस कार्य को 40 बार किया और प्रत्येक बार प्राप्त संख्याओं को निम्न प्रकार लिखा :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 3
1 3 5 6 6 3 5 4 1 6
2 5 3 4 6 1 5 5 6 1
1 2 2 3 5 2 4 5 5 6
5 1 6 2 3 5 2 4 1 5
एक सारणी बनाइए और आँकड़ों को मिलान चिह्नों का प्रयोग करके लिखिए। अब ज्ञात कीजिए:
(a) न्यूनतम बार आने वाली संख्या।
(b) अधिकतम बार आने वाली संख्या।
(c) समान बार आने वाली संख्याएँ।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 4
हल :
अभीष्ट सारणी :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 5
(a) सारणी से स्पष्ट है कि 4 न्यूनतम बार आया है।
(b) सारणी से स्पष्ट है कि 5 अधिकतम बार आया है।
(c) सारणी से स्पष्ट है कि 1 और 6 समान बार आये हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1

प्रश्न 4.
निम्नलिखित चित्रालेख पाँच गाँवों में ट्रैक्टरों की संख्या दर्शाता है:
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 6
चित्रालेख को देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(i) किस गाँव में ट्रैक्टरों की संख्या न्यूनतम है ?
(ii) किस गाँव में ट्रैक्टरों की संख्या अधिकतम है ?
(iii) गाँव C में गाँव B से कितने ट्रैक्टर अधिक हैं ?
(iv) पाँचों गाँवों में कुल मिलाकर कितने ट्रैक्टर हैं ?
हल :
दिए गए चित्रालेख को देखने पर,
(i) गाँव D में सबसे कम ट्रैक्टर हैं।
(ii) गाँव C में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर हैं।
(iii) गाँव C में गाँव B से 3 ट्रैक्टर ज्यादा हैं।
(iv) पाँचों गाँवों में ट्रैक्टरों की कुल संख्या
= 6 +5+ 8 + 3 + 6
= 28. उत्तर

प्रश्न 5.
एक सह-शिक्षा माध्यमिक विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में लड़कियों की संख्या अग्र चित्रालेख द्वारा प्रदर्शित है :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 7
इस चित्रालेख को देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(a) किस कक्षा में लड़कियों की संख्या न्यूनतम है ?
(b) क्या कक्षा VI में लड़कियों की संख्या कक्षा V की लड़कियों की संख्या से कम है ?
(c) कक्षा VII में कितनी लड़कियाँ हैं ?
हल :
चित्रालेख को देखने पर स्पष्ट है :
(a) कक्षा VIII में लड़कियों की संख्या सबसे कम है।
(b) नहीं।
(c) कक्षा VII में लड़कियों की संख्या 3 × 4 = 12 है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1

प्रश्न 6.
किसी सप्ताह के विभिन्न दिनों में बिजली के बल्बों की बिक्री नीचे दर्शाई गई है :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 8
चित्रालेख को देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) शुक्रवार को कितने बल्ब बेचे गए ?
(b) किस दिन बेचे गए बल्बों की संख्या अधिकतम थी?
(c) किन दिनों में बेचे गए बल्बों की संख्या समान थी?
(d) किस दिन बेचे गए बल्बों की संख्या न्यूनतम थी?
(e) यदि एक बड़े डिब्बे में 9 बल्ब आ सकते हैं, तो इस सप्ताह कितने डिब्बों की आवश्यकता पड़ी?
हल :
चित्रालेख को देखने पर, स्पष्ट रूप से :
(a) शुक्रवार को बेचे गए बल्बों की संख्या = 7 × 2 = 14.
(b) रविवार को बेचे गए बल्बों की संख्या अधिकतम थी।
(c) बुधवार और शनिवार को बेचे एग बल्बों की संख्या समान थी।
(d) बुधवार और शनिवार को बेचे गए बल्बों की संख्या न्यूनतम थी।
(e) पूरे सप्ताह में बेचे गए बल्बों की कुल संख्या
= (6 + 8 + 4 + 5 + 7 + 4 + 9) × 2
= 43 × 2
= 86
चूँकि एक डिब्बे में बल्ब आ सकते है = 9
तब डिब्बे चाहिए = 86 ÷ 9 = 9.55
अर्थात् इस सप्ताह 10 डिब्बो की आवश्यकता पड़ी। उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1

प्रश्न 7.
एक विशेष मौसम में, एक गाँव में 6 फल विक्रेताओं द्वारा बेची गई फलों की टोकरियों की संख्या निम्न चित्रालेख द्वारा प्रदर्शित है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 9
इस चित्रालेख को देखिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) किस फल विक्रेता ने अधिकतम फलों की टोकरियाँ बेचीं ?
(b) अनवर ने फलों की कितनी टोकरियाँ बेचीं ?
(c) वे विक्रेता जिन्होंने 600 या उससे अधिक टोकरियाँ बेचीं, अगले मौसम में गोदाम खरीदने की योजना बना रहे हैं। क्या आप इनके नाम बता सकते हैं?
हल :
चित्रालेख को देखने पर स्पष्ट है :
(a) मार्टिन फल विक्रेता ने अधिकतम फलों की टोकरियाँ बेचीं।
(b) अनवर ने 7 × 100 = 700 फलों की टोकरियाँ बेचीं।
(c) अनवर, मार्टिन, रंजीत सिंह ने 600 या उससे अधिक टोकरियाँ बेची और ये तीनों अगले मौसम में गोदाम खरीदने की योजना बना रहे हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 9 आँकड़ों का प्रबंधन Ex 9.1 Read More »

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Exercise 5.6

प्रश्न 1.
निम्नलिखित त्रिभुजों के प्रकार लिखिए :
(a) त्रिभुज जिसकी भुजाएँ 7 सेमी, 8 सेमी और 9 सेमी है।
(b) ΔABC जिसमें AB = 8.7 सेमी, AC = 7 सेमी और BC = 6 सेमी है।
(c) ΔPQR जिसमें PQ = OR = RP = 5 सेमी है।
(d) ΔDEF जिसमें m∠D = 90° है।
(e) ΔXYZ जिसमें m∠Y= 90° और XY = YZ है।
(f) ΔLMN जिसमें m∠L = 30°, m∠M = 70° और m∠N= 80° है।
हल :
(a) दिये गये त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ अलग-अलग हैं।
∴ यह विषमबाहु त्रिभुज है।

(b) ΔABC में,
AB = 8.7 सेमी, AC = 7 सेमी,
BC = 6 सेमी
∴ AB ≠ BC ≠ AC
अत: ΔABC विषमबाहु त्रिभुज है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 - 1

(c) ΔPQR में, PQ = QR = RP = 5 सेमी
∴ ΔPQR समबाहु त्रिभुज है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 - 2

(d) ΔDEF में, m∠D = 90°
∴ ΔDEF समकोण त्रिभुज है।

(e) ΔXYZ में, m∠Y = 90° और XY = YZ
∴ ΔXYZ समद्विबाहु समकोण त्रिभुज है।

(f) ΔLMN में,
m∠L = 30°, m∠M = 70° और m∠N = 80° प्रत्येक कोण 90° से कम है।
∴ ΔLMN न्यूनकोण त्रिभुज है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.2

प्रश्न 2.
निम्न का सुमेलन कीजिए :

त्रिभुज की मापत्रिभुज का प्रकार
(i) समान लम्बाई की तीन(a) विषमबाहु समकोण भुजाएँ त्रिभुज
(ii) समान लम्बाई की दो(b) समद्विबाहु समकोण भुजाएँ त्रिभुज
(iii) अलग-अलग लम्बाइयों की सभी भुजाएँ(c) अधिक कोण त्रिभुज
(iv) 3 न्यूनकोण(d) समकोण त्रिभुज
(v) 1 समकोण(e) समबाहु त्रिभुज
(vi) 1 अधिक कोण(f) न्यूनकोण त्रिभुज
(vii) दो बराबर लम्बाइयों की भुजाओं के साथ 1 समकोण(g) समद्विबाहु त्रिभुज

हल :

त्रिभुज की मापत्रिभुज का प्रकार
(i) समान लम्बाई की तीन(e) समबाहु त्रिभुज
(ii) समान लम्बाई की दो(g) समद्विबाहु त्रिभुज
(iii) अलग-अलग लम्बाइयों की सभी भुजाएँ(a) विषमबाहु समकोण भुजाएँ त्रिभुज
(iv) 3 न्यूनकोण(f) न्यूनकोण त्रिभुज
(v) 1 समकोण(d) समकोण त्रिभुज
(vi) 1 अधिक कोण(c) अधिक कोण त्रिभुज
(vii) दो बराबर लम्बाइयों की भुजाओं के साथ 1 समकोण(b) समद्विबाहु समकोण भुजाएँ त्रिभुज

प्रश्न 3.
निम्नलिखित त्रिभुजों में से प्रत्येक का दो प्रकार से नामकरण कीजिए (आप कोण का प्रकार केवल देखकर ज्ञात कर सकते हैं।):
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 - 3
हल :
(a) न्यूनकोण त्रिभुज, समद्विबाहु त्रिभुज
(b) विषमबाहु त्रिभुज, समकोण त्रिभुज
(c) समद्विबाहु त्रिभुज, अधिककोण त्रिभुज
(d) समद्विबाहु त्रिभुज, समकोण त्रिभुज
(e) समबाहु त्रिभुज, न्यूनकोण रिभुज
(f) विषमबाहु त्रिभुज, अधिककोण त्रिभुज।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.2

प्रश्न 4.
माचिस की तीलियों की सहायता से त्रिभुज बनाने का प्रयत्न कीजिए। इनमें से कुछ आकृति में दिखाए गए हैं। क्या आप निम्न से त्रिभुज बना सकते हैं ?
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 - 4
(a) माचिस की 3 तीलियाँ
(b) माचिस की 4 तीलियाँ
(c) माचिस की 5 तीलियाँ
(d) माचिस की 6 तीलियाँ
(ध्यान रखिए कि आपको प्रत्येक स्थिति में सभी उपलब्ध माचिस की तीलियों का उपयोग करना है। प्रत्येक स्थिति में त्रिभुज के प्रकार का नाम बताइए। यदि आप त्रिभुज नहीं बना पाते हैं, तो उसके कारण के बारे में सोचिए।
हल :
(a) हाँ, एक समबाहु त्रिभुज बना सकते हैं।
(b) नहीं, (क्योंकि त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा की लम्बाई से अधिक होता है।)
(c) हाँ, एक समद्विबाहु त्रिभुज बना सकते हैं।
(d) हाँ, एक समबाहु त्रिभुज बना सकते हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 Read More »