Author name: Prasanna

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.1

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Exercise 1.1

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों को भरिए :
(a) 1 लाख …………. दस हजार
(b) 1 मिलियन = …………… सौ हजार
(c) 1 करोड़ = …………….. दस लाख
(d) 1 करोड़ = ……….. मिलियन
(e) 1 मिलियन = …………… लाख
हल :
(a) 10,
(b) 10,
(c) 10,
(d) 10,
(e) 10.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.1

प्रश्न 2.
सही स्थानों पर अल्पविराम लगाते हुए, संख्यांकों को लिखिए :
(a) तिहत्तर लाख पिचहत्तर हजार तीन सौ सात।
(b) नौ करोड़ पाँच लाख इक्तालीस।
(c) सात करोड़ बावन लाख इक्कीस हजार तीन सौ दो।
(d) अट्ठावन मिलियन चार सौ तेइस हजार दो सौ दो।
(e) तेइस लाख तीस हजार दस।
हल :
(a) 73,75,307
(b) 9,05,00,041
(c) 7,52,21,302
(d) 58,423,202
(e) 23,30.010.

प्रश्न 3.
उपयुक्त स्थानों पर अल्पविराम लगाइए और संख्या के नामों को भारतीय संख्यांकन पद्धति में लिखिए :
(a) 87595762
(b) 8546283
(c) 99900046.
(d) 98432701
हलं :
भारतीय संख्यांकन पद्धति के अनुसार उपर्युक्त स्थानों पर अल्पविराम लगाने तथा संख्या नामों को लिखने पर,
(a) 8,75,95,762 : आठ करोड़ पिचहत्तर लाख पिचानवे हजार सात सौ बासठ।
(b) 85,46,283 : पिच्चासी लाख छियालीस हजार दो सौ तिरासी।
(c) 9,99,00,046 : नौ करोड़ निन्यानवे लाख छियालीस ।
(d) 9,84,32,701 : नौ करोड़ चौरासी लाख बत्तीस हजार सात सौ एक।

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प्रश्न 4.
उपयुक्त स्थानों पर अल्पविराम लगाइए और संख्या नामों को अन्तर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धति में लिखिए :
(a) 78921092
(b) 7452283
(c) 99985102
(d) 48049831
हल :
अन्तर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धति के अनुसार उपयुक्त स्थानों पर अल्पविराम लगाने तथा संख्या नामों को लिखने पर,
(a) 78,921,092 : अठहत्तर मिलियन नौ सौ इक्कीस हजार बानवे।
(b) 7,452,283 : सात मिलियन चार सौ बावन हजार दो सौ तिरासी।
(c) 99,985,102 : निन्यानवे मिलियन नौ सौ पिच्चासी हजार एक सौ दो।
(d) 48,049,831 : अड़तालीस मिलियन उनन्चास हजार आठ सौ इक्कत्तीस।

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HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

प्रयास कीजिए (पृष्ठ सं. 191)

प्रश्न 1.
क्या संख्या परिमेय संख्या है ? इसके बारे में सोचिए।
हल :
हाँ, यह परिमेय संख्या है लेकिन ऋणात्मक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 2.
दस परिमेय संख्याओं की एक सूची बनाइए।
हल :
दस परिमेय संख्याओं की सूची इस प्रकार है :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 1

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 192

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों को भरिए :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 2
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 3
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 4
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 5

पृष्ठ सं. 192

प्रश्न 1.
क्या 5 एक धनात्मक परिमेय संख्या है ?
हल :
हम जानते हैं कि 5 = \(\frac{5}{1}\), जहाँ अंश और हर दोनों धनात्मक हैं।
∴ 5 एक धनात्मक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 2.
पाँच और धनात्मक परिमेय संख्याएँ लिखिए।
हल :
पाँच धनात्मक परिमेय संख्याएँ निम्न हैं-
\(\frac{2}{3}, \frac{3}{4}, \frac{9}{11}, \frac{-13}{-17}\) और \(\frac{-121}{-123}\)

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 192

प्रश्न 1.
क्या -8 एक ऋणात्मक परिमेय संख्या है ?
हल :
हम जानते हैं कि -8 = \(\frac{-8}{1}\), जहाँ -8 ऋणात्मक तथा 1 धनात्मक पूर्णांक है।
∵ 8 एक ऋणात्मक पूर्णांक है।

प्रश्न 2.
पाँच और ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ लिखिए।
हल :
पाँच ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ निम्न हैं-
\(\frac{-2}{3}, \frac{-3}{4}, \frac{-11}{15}, \frac{13}{-17}\) और \(\frac{107}{-113}\)

पृष्ठ सं. 193

प्रश्न 1.
निम्नलिखित से कौन-सी संख्याएँ ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ हैं ?
(i) \(\frac{-2}{3}\)
(ii) \(\frac{5}{7}\)
(iii) \(\frac{3}{-5}\)
(iv) 0
(v) \(\frac{6}{11}\)
(vi) \(\frac{-2}{-9}\)
हल :
(i) \(\frac{-2}{3}\) में हर व अंश विपरीत चिन्ह के हैं। इसलिए \(\frac{-2}{3}\) एक ऋणात्मक परिमेय संख्या है।
(ii) \(\frac{5}{7}\) में हर व अंश दोनों समान चिन्ह के हैं। इसलिए \(\frac{5}{7}\) धनात्मक परिमेय संख्या है।
(iii) \(\frac{3}{-5}\) में अंश व हर विपरीत चिन्ह के हैं। इसलिए \(\frac{3}{-5}\) ऋणात्मक परिमेय संख्या है।
(iv) शून्य संख्या न धनात्मक है और न ही ऋणात्मक है।
(v) \(\frac{6}{11}\) में अंश व हर समान चिन्ह के हैं। इसलिए \(\frac{6}{11}\) धनात्मक परिमेय संख्या है।
(vi) \(\frac{-2}{-9}\) में हर व अंश समान चिन्ह के हैं। इसलिए \(\frac{-2}{-9}\) धनात्मक परिमेय संख्या है।

पृष्ठ सं. 196

प्रश्न 1.
मानक रूप ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac{-18}{45}\)
(ii) \(\frac{-12}{18}\)
हल :
(i) \(\frac{-18}{45}\) को मानक रूप में व्यक्त करने के लिए इसके अंश व हर में 18 और 45 के म.स. (9) से भाग देते हैं।
\(\frac{-18}{45}\) के अंश और हर में 9 से भाग देने पर,
\(\frac{-18}{45}=\frac{-18 \div 9}{45 \div 9}=\frac{-2}{5}\)
अतः \(\frac{-18}{45}\) का मानक रूप \(\frac{-2}{5}\) है।

(ii) \(\frac{-12}{18}\) के लिए
12 और 18 का म.स. = 6 है।
\(\frac{-12}{18}\) का मानक रूप = \(\frac{-12}{18}\)
अतः \(\frac{-12}{18}\) का मानक रूप \(\frac{-2}{3}\) है।

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 198

प्रश्न 1.
\(\frac{-5}{7}\) और \(\frac{-3}{8}\) के बीच में पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 6

पृष्ठ सं. 201

प्रश्न 1.
\(\frac{-13}{7}\) + \(\frac{6}{7}\) तथा \(\frac{19}{5}+\left(\frac{-7}{5}\right)\) ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 7

पृष्ठ सं. 202

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac{-3}{7}+\frac{2}{3}\)
(ii) \(\frac{-5}{6}+\frac{-3}{11}\)
हल :
(i) \(\frac{-3}{7}+\frac{2}{3}\)
7 और 3 का ल.स. = 21 है।
दी गई संख्याओं में हर को 21 लिखने पर,
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 8

(ii) \(\frac{-5}{6}+\frac{-3}{11}\)
दोनों संख्याओं के हर धनात्मक हैं।
∴ 6 और 11 का ल.स. = 66
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 9
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 10

पृष्ठ सं. 202

प्रश्न 1.
\(\frac{-3}{9}\), \(\frac{-9}{11}\) और \(\frac{5}{7}\), के योज्य प्रतिलोम क्या हैं?
हल :
\(\frac{-3}{9}\) का योग्य प्रतिलोम = -(\(\frac{-3}{9}\)) = \(\frac{3}{9}\) है,
\(\frac{-9}{11}\) का योज्य प्रतिलोम = – (\(\frac{-9}{11}\)) = \(\frac{9}{11}\) है,
और \(\frac{5}{7}\) का योग्य प्रतिलोम = -(\(\frac{5}{7}\)) = \(\frac{-5}{7}\) है

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 203

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए :
(i) \(\frac{7}{9}\) – \(\frac{2}{5}\)
(ii) \(2 \frac{1}{5}-\frac{(-1)}{3}\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 11

पृष्ठ सं. 204

प्रश्न 1.
निम्नलिखित गुणनफल क्या होंगे ?
(i) \(\frac{-3}{5} \times 7\)
(ii) \(\frac{-6}{5} \times(-2)\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 12

पृष्ठ सं. 204

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac{-3}{4} \times \frac{1}{7}\)
(ii) \(\frac{2}{3} \times \frac{-5}{9}\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 13a

पृष्ठ सं. 205

प्रश्न 1.
\(\frac{-6}{11}\), \(\frac{-8}{5}\) के व्युत्क्रम क्या होंगे ?
हल :
\(\frac{-6}{11}\) का व्युत्क्रम = \(\frac{11}{-6}\)
और \(\frac{-8}{5}\) का व्युत्क्रम = \(\frac{5}{-8}\)

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 205

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac{2}{3} \times \frac{-7}{8}\)
(ii) \(\frac{-6}{7} \times \frac{5}{7}\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ InText Questions 14

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HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2

Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Exercise 15.2

प्रश्न 1.
दो ग्राहक श्याम और एकता एक विशेष दुकान पर एक ही सप्ताह में जा रहे हैं? (मंगलवार से शनिवार तक)। प्रत्येक द्वारा दुकान पर किसी दिन या किसी अन्य दिन जाने के परिणाम समप्रायिक हैं। इसकी क्या प्रायिकता है कि दोनों उस दुकान पर (i) एक ही दिन जाएँगे? (ii) क्रमागत दिनों में जाएँगे? (iii) भिन्न-भिन्न दिनों में जाएँगे?
हल :
यहाँ पर,
सभी संभव परिणामों की कुल संख्या = 5 x 5 = 25
अर्थात्
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 1
(i) दोनों (श्याम और एकता) के एक ही दिन दुकान पर जाने से अनुकूल परिणामों की संख्या = 5
[(T, T), (W, W), (TH, TH), (F, F), (s, S)]
∴ P (एक ही दिन दुकान जाना) = \(\frac{5}{25}=\frac{1}{5}\)
(ii) क्रमागत दिनों में दुकान पर जाने से अनुकूल परिणामों की संख्या = 8
[(T, W), (W, T), (W, TH), (TH, W), (TH, F), (E, TH), (E, S), (S, F)]
∴ P (क्रमागत दिनों पर दुकान जाना) = \(\frac{8}{25}\)
(iii) भिन्न-भिन्न दिनों पर दुकान जाने के अनुकूल परिणाम = 25 – 5 = 20
∴ p(भिन्न-भिन्न दिनों पर दुकान जाना) = \(\frac{20}{25}=\frac{4}{5}\)

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2

प्रश्न 2.
एक पासे के फलकों पर संख्याएँ 1, 2, 2, 3, 3 और 6 लिखी हुई हैं। इसे दो बार फेंका जाता है तथा दोनों बार प्राप्त हुई संख्याओं के योग लिख लिए जाते हैं। दोनों बार फेंकने के बाद, प्राप्त योग के कुछ संभावित मान निम्नलिखित सारणी में दिए हैं। इस सारणी को पूरा कीजिए-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 2
इसकी क्या प्रायिकता है कि कुल योग-
(i) एक सम संख्या होगा?
(ii) 6 है?
(iii) कम-से-कम 6 है?
हल :
पूर्ण सारणी निम्न होगी-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 3
सभी संभव परिणामों की कुल संख्या = 6 x 6 = 36
(i) योग के सम संख्या प्राप्त होने के परिणाम = 2, 4, 4, 4, 4, 8, 4, 4, 8, 4, 6, 6, 4, 6, 6, 8, 8, 12
अनुकूल परिणामों की संख्या = 18
∴ P (योग एक सम संख्या है) = \(\frac{18}{36}=\frac{1}{2}\)

(ii) योग के 6 प्राप्ति के परिणाम = 6, 6, 6, 6
अनुकूल परिणामों की संख्या = 4
∴ P (योग 6 है) = \(\frac{4}{36}=\frac{1}{9}\) =

(iii) योग के कम-से-कम 6 के परिणाम = 7, 8, 8, 6, 6, 9, 6, 6, 9, 7, 8, 8, 9, 9, 12
अनुकूल परिणामों की संख्या = 15
∴ P (योग कम-से-कम 6 है) = \(\frac{15}{36}=\frac{5}{12}\)

प्रश्न 3.
एक थैले में 5 लाल गेंद और कुछ नीली गेंदे हैं। यदि इस थैले में से नीली गेंद निकालने की प्रायिकता, लाल गेंद निकालने की प्रायिकता से दुगुनी है, तो थैले में नीली गेंदों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
यहाँ पर,
थैले में लाल गेंदों की कुल संख्या = 5
माना थैले में नीली गेंदों की संख्या = x
∴ थैले में गेंदों की कुल संख्या = (5 + x)
अर्थात् सभी संभव परिणामों की संख्या = (5 + x)
P(नीली गेंद) = \(\frac{x}{5+x}\)
P(लाल गेंद) = \(\frac{5}{5+x}\)
प्रश्नानुसार, नीली गेंद की प्रायिकता = 2 x लाल गेंद की प्रायिकता
\(\frac{x}{5+x}=2 \times \frac{5}{5+x}\)
या x = 10
अतः थैले में नीली गेंदों की संख्या = 10

प्रश्न 4.
एक पेटी में 12 गेंदे हैं, जिनमें से x गेंद काली है। यदि इसमें से एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है, तो इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि यह गेंद काली है। ,
यदि इस पेटी में 6 काली गेंद और डाल दी जाएँ, तो काली गेंद निकालने की प्रायिकता पहली प्रायिकता की दुगुनी हो जाती है। x का मान ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) थैले में गेंदों की कुल संख्या = 12
अतः सभी संभव परिणामों की संख्या = 12
काली गेंदों की संख्या = x
अर्थात् अनुकूल परिणामों की संख्या = x
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 4
= \(\frac{x}{12}\)
अब, P (एक काली गेंद) = सभी संभव परिणामों की कल संख्या

(ii) क्योंकि थैले में 6 काली गेंदे और रख दी गई हैं।
∴ थैले में गेंदों की कुल संख्या = 12 + 6 = 18
थैले में काली गेंदों की कुल संख्या = 6 + x
∴ सभी संभव परिणामों की कुल संख्या = 18
अनुकूल परिणामों की संख्या = 6 + x
∴ P(काली गेंद) = \(\frac{6+x}{18}\)
प्रश्नानुसार, \(\frac{6+x}{18}=2 \times \frac{x}{12}\)
\(\frac{6+x}{18}=\frac{x}{6}\)
6 (6 + x) = 18x
36 + 6 x = 18x
18 x = 36 +6x
18x – 6x = 36
2x = 36
x = \(\frac{36}{12}\) = 3
अतः x = 3

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2

प्रश्न 5.
एक जार में 24 कंचे हैं जिनमें कुछ हरे हैं और शेष नीले हैं। यदि इस जार में से यादृच्छया एक कंचा निकाला जाता है तो इस कंचे के हरा होने की प्रायिकता है। जार में नीले कंचों की संख्या ज्ञात कीजिए। हल : यहाँ पर,
जार में कंचों की कुल संख्या = 24
सभी संभव परिणामों की संख्या = 24
माना हरे कंचों की संख्या = x
हरे कंचों के अनुकूल परिणाम = x
P (हरा कंचा) = \(\frac{x}{24}\) ……………(i)
परंतु प्रश्नानुसार,
P (हरा कंचा) = \(\frac{2}{3}\) ……………….(ii)
समीकरण (i) व (ii) की तुलना करने से,
\(\frac{x}{24}=\frac{2}{3}\)
x = \(\frac{2}{3}\) x 24 = 16
जार में हरे कंचों की संख्या = 16
जार में नीले कंचों की संख्या = 24 – 16 = 8

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HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 10 मानव बस्ती

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 10 मानव बस्ती Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Solutions Chapter 10 मानव बस्ती

अभ्यास केन प्रश्न

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. निम्नलिखित में से किस प्रकार की बस्तियाँ सड़क, नदी या नहर के किनारे होती हैं?
(A) वृत्ताकार
(B) चौक पट्टी
(C) रेखीय
(D) वर्गाकार
उत्तर:
(C) रेखीय

2. निम्नलिखित में से कौन-सी एक आर्थिक क्रिया ग्रामीण बस्तियों की मुख्य आर्थिक क्रिया है?
(A) प्राथमिक
(B) तृतीयक
(C) द्वितीयक
(D) चतुर्थ
उत्तर:
(A) प्राथमिक

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 10 मानव बस्ती

3. निम्नलिखित में से किस प्रदेश में प्रलेखित प्राचीनतम नगरीय बस्ती रही है?
(A) हांगही की घाटी
(B) सिंधु घाटी
(C) नील घाटी
(D) मेसोपोटामिया
उत्तर:
(B) सिंधु घाटी

4. 2006 के प्रारंभ में भारत में कितने मिलियन सिटी थे?
(A) 40
(B) 41
(C) 42
(D) 43
उत्तर:
(A) 40

5. विकासशील देशों की जनसंख्या के सामाजिक ढाँचे के विकास एवं आवश्यकताओं की पूर्ति में कौन-से प्रकार के संसाधन सहायक हैं?
(A) वित्तीय
(B) मानवीय
(C) प्राकृतिक
(D) सामाजिक
उत्तर:
(A) वित्तीय

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए.

प्रश्न 1.
आप बस्ती को कैसे परिभाषित करेंगे?
उत्तर:
बस्ती से अभिप्राय उस मानव अधिवास से है जिसमें एक से अधिक मकान होते हैं। यह मनुष्य के उस संगठित निवास स्थान से संबंधित है, जिसमें उनके रहने तथा प्रयोग करने वाले भवनों तथा उनके आने-जाने के लिए बनाए गए रास्तों एवं गलियों को शामिल किया जाता है।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 10 मानव बस्ती

प्रश्न 2.
स्थान (साइट) एवं स्थिति (सिचुएसन) के मध्य अंतर बताएँ।
उत्तर:
बस्तियों के स्थान एवं स्थिति में निम्नलिखित अंतर हैं-

बस्तियों के स्थानबस्तियों की स्थिति
बस्ती के स्थान से अभिप्राय उस भूमि से होता है जिस पर कोई बस्ती बसी हुई है।बस्तियों की स्थिति से तात्पर्य उसके आस-पास के गाँवों के संदर्भ में उसकी अवस्थिति से हैं।

प्रश्न 3.
बस्तियों के वर्गीकरण के क्या आधार हैं?
उत्तर:
बस्तियों के वर्गीकरण के दो आधार हैं-
1. बस्तियों का आकार-बस्तियों में भेद नगरीय व ग्रामीण आधार पर होता है, लेकिन विश्व के विभिन्न देशों में जनसंख्या के आधार पर बस्ती का वर्गीकरण भिन्न-भिन्न है।

2. बस्तियों के लिए किए जाने वाले आर्थिक कार्य-विश्व के विकसित और विकासशील देशों में बस्तियों के लिए किए जाने वाले आर्थिक कार्य भी भिन्न-भिन्न हैं। विकासशील देशों का द्वितीयक व्यवसाय विकसित देशों का प्राथमिक व्यवसाय हो सकता है।

प्रश्न 4.
मानव भूगोल में मानव बस्तियों के अध्ययन का औचित्य बताएँ।
उत्तर:
मानव भूगोल में बस्तियों का अध्ययन बहुत ही महत्त्वपूर्ण है क्योंकि बस्तियों की स्थिति, प्रतिरूप तथा विन्यास के अध्ययन द्वारा हम यह जान सकते हैं कि मनुष्य ने प्रारंभ से अब तक आस-पास की भूमि का उपयोग कैसे किया। इसके अतिरिक्त बस्तियाँ मानव समाज के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामाजिक रीति-रिवाजों पर भी प्रकाश डालती हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।

प्रश्न 1.
ग्रामीण एवं नगरीय बस्ती किसे कहते हैं? उनकी विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियाँ-एफ०एस० हडसन के अनुसार, “ग्रामीण बस्ती से आशय उस बस्ती से है जिसके निवासी अपने जीवनयापन के लिए भूमि विदोहन पर निर्भर करते हैं। अधिकांश ग्रामीण बस्तियों के अधिकांश निवासी कृषि कार्यों में संलग्न रहते हैं।” कृषि कार्यों के अतिरिक्त ग्रामीण बस्तियों में पशुपालन, मुर्गीपालन, मछली पकड़ना, लकड़ी काटना जैसे प्राथमिक कार्यों पर निर्भर जनसंख्या भी हो सकती है।

विशेषताएँ-

  • ग्रामीण बस्तियों का आकार छोटा होता है।
  • इनकी जनसंख्या 5000 से कम होती है।
  • यहाँ के निवासियों का प्रमुख व्यवसाय कृषि है।
  • कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण नगरों को कृषि तथा पशु उत्पाद भेजते हैं।
  • यहाँ आधुनिक सुविधाओं का अभाव होता है।

नगरीय बस्तियाँ वान रिक्टोफन के अनुसार, “नगर एक संगठित समूह होता है जिसमें सामान्यतः कृषि कार्यों के विपरीत प्रमुख व्यवसाय वाणिज्य तथा उद्योग से संबंधित होते हैं।”

विशेषताएँ-

  • नगरीय बस्तियों का आकार बड़ा होता है।
  • उनकी जनसंख्या 5000 से अधिक होती है।
  • यहाँ के निवासियों का प्रमुख व्यवसाय व्यापार एवं विभिन्न उद्योग-धंधे हैं।
  • ये उद्योग प्रधान क्षेत्र होने के कारण गाँवों को उत्पादित वस्तुएँ भेजते हैं।
  • यहाँ सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 10 मानव बस्ती

प्रश्न 2.
विकासशील देशों में नगरीय बस्तियों की समस्याओं का विवेचन कीजिए।
उत्तर:
विकासशील देशों में नगरीय बस्तियों से संबंधित समस्याएँ निम्नलिखित हैं-
1. अवैध व मलिन बस्तियों की वृद्धि विकासशील देशों के महानगरों में द्रुत गति से बढ़ती जनसंख्या के फलस्वरूप गंदी बस्तियों और झोंपड़ पट्टियों का उदय हो जाता है। जहाँ मानव का जीवन-स्तर निम्नतम होता है। मुंबई स्थित धारावी बस्ती एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी मलिन बस्ती है।

2. सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव-विकासशील देशों की नगरीय बस्तियां आवास, परिवहन, स्वास्थ्य, पेयजल तथा रोजगार जैसी सार्वजनिक सुविधाओं की कमियों से जूझ रही हैं। आर्थिक विषमताएँ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं तथा गुणवत्ता युक्त जीवन का ह्रास हो रहा है।

3. प्रदूषण की समस्या-नगरीकरण के परिणामस्वरूप औद्योगिक बस्तियों का विकास हुआ जिससे भूमि, जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण की समस्या उभरकर आई। महानगरों में वाहनों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि से वायु प्रदूषण एक प्रमुख समस्या बन गई है। महानगरों में प्रदूषण के दुष्प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर घातक सिद्ध हो रहे हैं।

4. सामाजिक समस्याएँ महानगरों में आकर बसे लोगों पर किसी तरह का सामाजिक दबाव नहीं होता इसलिए वहाँ अपराधिक प्रवृत्तियों का विकास होने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसके अतिरिक्त गरीबी और बेरोज़गारी अपराधिक प्रवृत्तियों को बढ़ाने में सहायक होती हैं इसलिए नगरीकरण से सामाजिक असुरक्षा की भावना पनपती है।

5. बेरोज़गारी व गरीबी-विकासशील देशों के बड़े राजधानी नगरों में आर्थिक निवेश की तीव्र प्रवृत्ति छोटे नगरों को पंगु बना रही है। मशीनीकरण व औद्योगीकरण के कारण गाँवों में रोजगार समाप्त हो गए हैं, जिससे गाँव के अधिकतम लोग शहरों में रोज़गार की तलाश में भटक रहे हैं।

मानव बस्ती HBSE 12th Class Geography Notes

→ नगरीकरण (Urbanization) : वे प्रक्रियाएँ जिनसे नगर की जनसंख्या बढ़ती है; जैसे प्राकृतिक वृद्धि, प्रवास तथा निकटवर्ती गाँवों के शहर में सम्मिलित होने पर।

→ नगर की संरचना (Structure of the Town) : नगर के विभिन्न भागों में दिखाई पड़ने वाले विविध प्रकार के भूमि उपयोग।

→ ग्रामीण बस्ती (Rural Settlement) : ग्रामीण बस्तियाँ वे बस्तियाँ होती हैं जिनके निवासी अपने जीवनयापन के लिए भूमि के विदोहन पर निर्भर करते हैं।

→ प्रतिरक्षा नगर (Defence Cities) : जिन नगरों का विकास प्रतिरक्षा सामग्री तथा छावनी के कारण होता है। इनका सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थान होता है जहाँ सैनिकों को प्रशिक्षण तथा अभ्यास की सुविधा होती है; जैसे भारत में अंबाला, पुणे, देहरादून आदि प्रतिरक्षा नगरों के रूप में जाने जाते हैं। औद्योगिक नगर (Industrial Cities) : जिन नगरों का अस्तित्व तथा विकास

→ औद्योगिक विकास के साथ हुआ हो तथा जो उद्योगों के लिए जाने जाते हैं, उन्हें औद्योगिक नगर कहते हैं; जैसे बर्मिंघम, पिट्सबर्ग, मानचेस्टर, जमशेदपुर, भिलाई, राउरकेला, सूरत आदि।

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HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Exercise 15.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथनों को पूरा कीजिए-

(i) घटना E की प्रायिकता + घटना ‘E नहीं की प्रायिकता = ………………. है।
(ii) उस घटना की प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती ……… है। ऐसी घटना ……….. कहलाती है।
(iii) उस घटना की प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है ……………… है। ऐसी घटना …………… कहलाती है।
(iv) किसी प्रयोग की सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग …..
(v) किसी घटना की प्रायिकता ……………. से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा ……………. से छोटी या उसके बराबर होती है।
हल :
(i) 1
(ii) शून्य; असंभव घटना
(iii) 1; अवश्य या निश्चित घटना
(iv) 1
(v) शून्य; 1

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रयोगों में से किन-किन प्रयोगों के परिणाम समप्रायिक हैं? स्पष्ट कीजिए।
(i) एक ड्राइवर कार चलाने का प्रयत्न करता है। कार चलना प्रारंभ हो जाती है या कार चलना प्रारंभ नहीं होती है।
(ii) एक खिलाड़ी बास्केटबॉल को बास्केट में डालने का प्रयत्न करती है। वह बास्केट में बॉल डाल पाती है या नहीं डाल पाती है।
(ii) एक सत्य-असत्य प्रश्न का अनुमान लगाया जाता है। उत्तर सही है या गलत होगा।
(iv) एक बच्चे का जन्म होता है। वह एक लड़का है या एक लड़की है।
हल :
(i) इस प्रयोग में कि एक ड्राइवर कार चलाने का प्रयास करता है। कार चलना प्रारंभ हो जाती है या कार चलना प्रारंभ नहीं होती है। इसके परिणाम समप्रायिक नहीं है।
(ii) इस प्रयोग में एक खिलाड़ी बास्केटबॉल को बास्केट में डालने का प्रयत्न करती है। वह बास्केट में बॉल डाल पाती है या नहीं डाल पाती है। इसके परिणाम समप्रायिक नहीं है।
(iii) इस प्रयोग में एक सत्य-असत्य प्रश्न का अनुमान लगाया जाता है। उत्तर सही है या गलत होगा। इसके परिणाम समप्रायिक हैं क्योंकि इसमें किसी एक घटना के घटने या न घटने के परिणाम समान हैं।
(iv) इस घटना में एक बच्चे का जन्म होता है। वह एक लड़का है या एक लड़की है। इसके परिणाम समप्रायिक हैं क्योंकि इसमें किसी एक घटना के घटने या न घटने के परिणाम समान हैं।

प्रश्न 3.
फुटबॉल के खेल को प्रारंभ करते समय यह निर्णय लेने के लिए कि कौन-सी टीम पहले बॉल लेगी, इसके लिए सिक्का उछालना एक न्यायसंगत विधि क्यों माना जाता है?
हल :
क्योंकि किसी सिक्के को उछालने पर चित और पट में से कोई एक परिणाम प्राप्त होने की संभावनाएँ समान हैं। इसलिए फुटबॉल के खेल को प्रारंभ करते समय यह निर्णय लेने के लिए कि कौन-सी टीम पहले बॉल लेगी, इसके लिए सिक्का उछालना एक न्यायसंगत विधि है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती?
(A) 2/3
(B) -1.5
(C) 15%
(D) 0.7
हल :
(B)-1.5 (क्योंकि किसी घटना की प्रायिकता (P) हमेशा शुन्य और 1 के बीच होती है।)

प्रश्न 5.
यदि P(E) = 0.05 है, तो ‘E नहीं की प्रायिकता क्या है? हल : यहाँ पर,
P(E) = 0.05
P(E नहीं) = ?
हम जानते हैं कि
P(E) + P(E नहीं) = 1
P(E नहीं) = 1- P(E)
= 1- 0.05 = 0.95

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 6.
एक थैले में केवल नींबू की महक वाली मीठी गोलियाँ हैं। मालिनी बिना थैले में झाँके उसमें से एक गोली निकालती है। इसकी क्या प्रायिकता है कि वह निकाली गई गोली
(i) संतरे की महक वाली है?
(ii) नींबू की महक वाली है?
हल :
(i) थैले में से संतरे की महक वाली गोली निकलने की प्रायिकता शून्य है क्योंकि थैले में केवल नींबू की महक वाली मीठी गोलियाँ हैं। अर्थात्
P(संतरे की महक वाली गोली) = 0
(ii) थैले में से नींबू की महक वाली गोली निकलने की प्रायिकता एक है क्योंकि थैले में केवल नींबू की महक वाली मीठी गोलियाँ ही हैं। अर्थात्
P(नींबू की महक वाली गोली) = 1

प्रश्न 7.
यह दिया हुआ है कि 3 विद्यार्थियों के एक समूह में से 2 विद्यार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन न होने की प्रायिकता 0.992 है। इसकी क्या प्रायिकता है कि इन 2 विद्यार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन हो?
हल :
माना 2 विद्यार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन होने की प्रायिकता को E से लिखा जाता है तो प्रश्नानुसार,
P(\(\overline{\mathrm{E}}\)) = 0.992
P(E) = ?
हम जानते हैं कि
P(E) + P(\(\overline{\mathrm{E}}\)) = 1
P(E) = 1 – P(\(\overline{\mathrm{E}}\))
= 1-0.992 = 0.008
अतः 2 विद्यार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन होने की प्रायिकता 0.008 होगी।

प्रश्न 8.
एक थैले में 3 लाल और 5 काली गेंदें हैं। इस थैले में से एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है। इसकी प्रायिकता क्या है कि गेंद (1) लाल हो? (it) लाल नहीं हो?
हल :
यहाँ पर,
थैले में लाल गेंदों की संख्या = 3
थैले में काली गेंदों की संख्या = 5
थैले में गेंदों की कुल संख्या = 3 +5 = 8
∴ सभी संभव परिणामों की संख्या = 8

(i) लाल गेंद के अनुकूल परिणामों की संख्या = 3
P (लाल गेंद हो) = \(\frac{3}{8}\)

(ii) P (लाल गेंद नहीं हो) = 1 – \(\frac{3}{8}\)
= \(\frac{8-3}{8}=\frac{5}{8}\)

प्रश्न 9.
एक डिब्बे में 5 लाल कंचे, 8 सफेद कंचे और 4 हरे कंचे हैं। इस डिब्बे में से एक कंचा यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि निकाला गया कंचा
(i) लाल है? (ii) सफेद है? (iii) हरा नहीं है?
हल :
यहाँ पर,
डिब्बे में लाल कंचों की संख्या = 5
डिब्बे में सफेद कंचों की संख्या = 8
डिब्बे में हरे कंचों की संख्या = 4
डिब्बे में कुल कंचों की संख्या = 5 + 8 + 4 = 17
∴ सभी संभव परिणामों की संख्या = 17

(i) लाल कंचे के अनुकूल परिणामों की संख्या = 5
∴ P (लाल कंचा) = \(\frac{5}{17}\)

(ii) सफेद कंचे के अनुकूल परिणामों की संख्या = 8
∴ (सफेद कंचा) = \(\frac{8}{17}\)

(iii) , हरे कंचे के अनुकूल परिणामों की संख्या = 4
∴ P (हरा कंचा) = \(\frac{4}{17}\)
P (हरा कंचा नहीं) = \(1-\frac{4}{17}=\frac{17-4}{17}=\frac{13}{17}\)

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 10.
एक पिग्गी बैंक (piggy bank) में, 50 पैसे के सौ सिक्के हैं, 1 रु० के पचास सिक्के हैं, 2 रु० के बीस सिक्के और 5 रु० के दस सिक्के हैं। यदि पिग्गी बैंक को हिलाकर उल्टा करने पर कोई एक सिक्का गिरने के परिणाम समप्रायिक हैं, तो इसकी क्या प्रायिकता है कि वह गिरा हुआ सिक्का (1) 50 पैसे का होगा? (ii) 5 रु० का नहीं होगा?
हल :
यहाँ पर, पिग्गी बैंक में
50 पैसे के सिक्कों की संख्या = 100
1 रु० के सिक्कों की संख्या = 50
2 रु० के सिक्कों की संख्या = 20
5 रु० के सिक्कों की संख्या = 10
∴ पिग्गी बैंक में सिक्कों की कुल संख्या = 100 + 50 + 20 + 10 = 180
∴ सभी संभव परिणामों की संख्या = 180

(i) 50 पैसे के सिक्के के अनुकूल परिणामों की संख्या = 100
∴ P (50 पैसे का सिक्का) = \(\frac{100}{180}=\frac{5}{9}\)

(ii) 5 रु० के सिक्के के अनुकूल परिणामों की संख्या = 10
∴ P (5 रु० का सिक्का) = \(\frac{10}{180}=\frac{1}{18}\)
P (5 रु० का सिक्का नहीं) = \(1-\frac{1}{18}=\frac{18-1}{18}=\frac{17}{18}\)

प्रश्न 11.
गोपी अपने जल-जीव कुंड (aquarium) के लिए एक दुकान से मछली खरीदती है। दुकानदार एक टंकी, जिसमें 5 नर मछली और 8 मादा मछली हैं, में से एक मछली यादृच्छया उसे देने के लिए निकालती है (देखिए संलग्न आकृति)। इसकी क्या प्रायिकता है कि निकाली गई मछली नर मछली है?
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 1
हल :
यहाँ पर, टंकी में
नर मछलियों की संख्या = 5
मादा मछलियों की संख्या = 8
∴ टंकी में मछलियों की कुल संख्या = 5 + 8 = 13
∴ सभी संभव परिणामों की संख्या = 13
नर मछली के अनुकूल परिणामों की संख्या = 5
∴ P (नर मछली) = \(\frac{5}{13}\)

प्रश्न 12.
संयोग (chance) के एक खेल में, एक तीर को घुमाया जाता है, जो विश्राम में आने के । बाद संख्याओं 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 और 8 में से किसी एक संख्या को इंगित करता है (देखिए संलग्न आकृति)। यदि ये सभी परिणाम समप्रायिक हों तो इसकी क्या प्रायिकता है कि यह तीर इंगित
(i) 8 को करेगा?
(ii) एक विषम संख्या को करेगा?
(iii) 2 से बड़ी संख्या को करेगा?
(iv) 9 से छोटी संख्या को करेगा?
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 2
हल :
यहाँ पर,
_ बिंदुओं की कुल संख्या = 8 (1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8)
सभी संभव परिणामों की संख्या = 8

(i) यहाँ पर, अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
∴ P (तीर 8 को इंगित करेगा) = \(\frac{1}{8}\)

(ii) यहाँ पर, अनुकूल परिणामों की संख्या = 4 (विषम संख्याएँ = 1, 3, 5, 7)
∴ P (तीर एक विषम संख्या को इंगित करेगा) = \(\frac{4}{8}=\frac{1}{2}\)

(iii) यहाँ पर, अनुकूल परिणामों की संख्या = 6 (2 से बड़े बिंदु = 3, 4, 5, 6, 7, 8)
P (तीर 2 से बड़ी संख्या को इंगित करेगा) = \(\frac{6}{8}=\frac{3}{4} \)

(iv) यहाँ पर, अनुकूल परिणामों की संख्या = 8 (9 से छोटी संख्याएँ = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8)
∴ P (तीर 9 से छोटी संख्या को इंगित करेगा) = \(\frac{8}{8}\) = 1

प्रश्न 13.
एक पासे को एक बार फेंका जाता है। निम्नलिखित को प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए-
(i) एक अभाज्य संख्या
(ii) 2 और 6 के बीच स्थित कोई संख्या
(iii) एक विषम संख्या।
हल :
यहाँ पर, पासे को एक बार फेंकने पर सभी संभव परिणामों की संख्या = 6

(i) अनुकूल परिणामों की संख्या = 3 (अभाज्य संख्याएँ = 2, 3, 5)
∴ P (एक अभाज्य संख्या) = \(\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\)

(ii) अनुकूल परिणामों की संख्या = 3 (संख्याएँ = 3, 4, 5)
P (2 और 6 के बीच की संख्या) = \(\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\)

iii) अनुकूल परिणामों की संख्या = 3 (विषम संख्याएँ = 1, 3, 5)
P (एक विषम संख्या) = \(\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\)

प्रश्न 14.
52 पत्तों को अच्छी प्रकार से फेंटी गई एक गड्डी में से एक पत्ता निकाला जाता है। निम्नलिखित को प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए-
(i) लाल रंग का बादशाह
(ii) एक फेस कार्ड अर्थात् तस्वीर वाला पत्ता
(iii) लाल रंग का तस्वीर वाला पत्ता
(iv) पान का गुलाम
(v) हुकुम का पत्ता (vi) एक ईंट की बेगम
हल :
यहाँ पर,
ताश की गड्डी में पत्तों की कुल संख्या = 52
सभी संभव परिणामों की संख्या = 52

(i) लाल रंग के बादशाहों की संख्या = 2
अनुकूल परिणामों की संख्या = 2
अतः P (लाल रंग का बादशाह) = \(\frac{2}{52}=\frac{1}{26}\)

(ii) तस्वीर वाले पत्तों की संख्या = 12 (बादशाह, बेगम, गुलाम)
अनुकूल परिणामों की संख्या = 12
P (एक फेस कार्ड अर्थात् तस्वीर वाला पत्ता) = \(\frac{12}{52}=\frac{3}{13}\)

(iii) लाल रंग के तस्वीर वाले पत्तों की संख्या = 6
अनुकूल परिणामों की संख्या = 6
P (लाल रंग का तस्वीर वाला पत्ता) = \(\frac{6}{52}=\frac{3}{26}\)

(iv) पान के गुलामों की संख्या = 1
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
P (पान का गुलाम) = \(\frac{1}{52}\)

(v) हुकुम के पत्तों की संख्या = 13
अनुकूल परिणामों की संख्या = 13
P (हुकुम का पत्ता) = \(\frac{13}{52}=\frac{1}{4}\)

(vi) ईंट की बेगमों की संख्या = 1
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
अतः P (एक ईंट की बेगम) = \(\frac{1}{52}\)

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 15.
ताश के पाँच पत्तों-ईंट का दहला, गुलाम, बेगम, बादशाह और इक्का-को पलट करके अच्छी प्रकार फेंटा जाता है। फिर इनमें से यादृच्छया एक पत्ता निकाला जाता है।
(i) इसकी क्या प्रायिकता है कि यह पत्ता बेगम का है?
(ii) यदि बेगम निकल आती है, तो उसे अलग रख दिया जाता है और एक अन्य पत्ता निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि दूसरा निकाला गया पत्ता (a) एक इक्का है? (b) एक बेगम है?
हल :
यहाँ पर,
(i) ताश के पत्तों की संख्या = 5 (ईंट का दहला, गुलाम, बेगम, बादशाह व इक्का)
सभी संभव परिणामों की संख्या = 5
बेगम की संख्या = 1
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
अतः P (एक बेगम पत्ता) = \(\frac{1}{5}\)

(ii) बेगम निकालने के बाद पत्तों की संख्या = 4
सभी संभव परिणामों की संख्या = 4
(a) इक्कों की संख्या = 1
अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
अतः P (एक इक्का है) = \(\frac{1}{4}\)
(b) बेगम की संख्या = 0
अनुकूल परिणामों की संख्या = 0
अतः P (एक बेगम है) = \(\frac{0}{4}\) = 0

प्रश्न 16.
किसी कारण 12 खराब पेन 132 अच्छे पेनों में मिल गए हैं। केवल देखकर यह नहीं बताया जा सकता है कि कोई पेन खराब है या अच्छा है। इस मिश्रण में से, एक पेन यादृच्छया निकाला जाता है। निकाले गए पेन की अच्छा होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल :
यहाँ पर,
अच्छे पेनों की संख्या = 132
खराब पेनों की संख्या = 12
पेनों की कुल संख्या = 132 + 12 = 144
सभी संभव परिणामों की संख्या = 144
अनुकूल परिणामों की संख्या (अच्छे पेन) = 132
∴ P (एक अच्छे पेन) = \(\frac{132}{144}=\frac{11}{12}\)

प्रश्न 17.
(i) 20 बल्बों के एक समूह में 4 बल्ब खराब हैं। इस समूह में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि यह बल्ब खराब होगा?
(ii) मान लीजिए (i) में निकाला गया बल्ब खराब नहीं है और न ही इसे दुबारा बल्बों के साथ मिलाया जाता है। अब शेष बल्बों में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि यह बल्ब खराब नहीं होगा?
हल :
यहाँ पर,
(i) बल्बों की कुल संख्या = 20
सभी संभव परिणामों की संख्या = 20
खराब बल्बों की संख्या = 4
अनुकूल परिणामों की संख्या = 4
अतः P (एक खराब बल्ब) = \(\frac{4}{20}=\frac{1}{5}\)

(ii) क्योंकि घटना (i) में निकाला गया बल्ब खराब नहीं है और न ही इसे दुबारा बल्बों के साथ मिलाया जाता है।
∴ बल्बों की शेष संख्या = 20 – 1 = 19
सभी संभव परिणामों की संख्या = 19
अच्छे बल्बों की संख्या = 19-4 = 15
अनुकूल परिणामों की संख्या = 15
अतः P (एक खराब बल्ब नहीं) = \(\frac{15}{19}\)

प्रश्न 18.
एक पेटी में 90 डिस्क (discs) हैं, जिन पर 1 से 90 तक संख्याएँ अंकित हैं। यदि इस पेटी में से एक डिस्क यादृच्छया निकाली जाती है तो इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि इस डिस्क पर अंकित होगी-1) दो अंकों की एक संख्या (it) एक पूर्ण वर्ग संख्या (ii) 5 से विभाज्य एक संख्या।
हल :
यहाँ पर,
पेटी में डिस्कों पर अंकित संख्याएँ = 90 (1 से 90 तक)
सभी संभव परिणामों की संख्या = 90
(i) दो अंकों की संख्याओं वाली डिस्कों की संख्या = 81 (10 से 90 तक)
अनुकूल परिणामों की संख्या = 81
∴ P (दो अंकों की एक संख्या वाली डिस्क) = \(\frac{81}{90}=\frac{9}{10}\)

(ii) एक पूर्ण वर्ग संख्या वाली डिस्कों की संख्या = 9 (1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81)
अनुकूल परिणामों की संख्या = 9
∴ P (एक पूर्ण वर्ग संख्या वाली डिस्क) = \(\frac{9}{90}=\frac{1}{10}\)

(iii) 5 से विभाज्य संख्या वाली डिस्कों की संख्या – 18 (5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40, 45, 50, 55, 60, 65, 70, 75, 80, 85, 90)
अनुकूल परिणामों की संख्या = 18
∴ P (5 से विभाज्य संख्या वाली डिस्क) = \(\frac{18}{90}=\frac{1}{5}\)

प्रश्न 19.
एक बच्चे के पास ऐसा पासा है जिसके फलकों पर निम्नलिखित अक्षर अंकित हैं-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 3
इस पासे को एक बार फेंका जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि (1)A प्राप्त हो? (ii) D प्राप्त हो?
हल :
यहाँ पर,
सभी संभव परिणामों की संख्या = 6
(i) ‘A’ के अनुकूल परिणामों की संख्या = 2
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 4
= \(\frac{2}{6}=\frac{1}{3}\)

(ii) ‘D’ के अनुकूल परिणामों की संख्या = 1
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 5
= \(\frac{1}{6}\)

प्रश्न 20.
मान लीजिए आप एक पासे को संलग्न आकृति में दर्शाए आयताकार क्षेत्र में यादृच्छया रूप से गिराते हैं। इसकी क्या प्रायिकता है कि वह पासा 1m व्यास वाले वृत्त के अंदर गिरेगा?
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 6
हल :
यहाँ पर,
दिए गए आयताकार क्षेत्र का क्षेत्रफल = 3 m x 2 m = 6 m2
1 m व्यास वाले वृत्त की त्रिज्या = \(\frac{1}{2}\) m
1 m व्यास वाले वृत्त का क्षेत्रफल = \(\pi\left(\frac{1}{2} m\right)^{2}=\frac{\pi}{4} m^{2}\)
∴ सभी संभव परिणामों की संख्या = 6
अनुकूल परिणामों की संख्या = \(\frac{\pi}{4}\)
अतः P (पासे के वृत्त के अंदर गिरना) = \(\frac{\pi / 4}{6}=\frac{\pi}{24}\)

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 21.
144 बॉल पेनों के एक समूह में 20 बॉल पेन खराब हैं और शेष अच्छे हैं। आप वही पेन खरीदना चाहेंगे जो अच्छा हो, परंतु खराब पेन आप खरीदना नहीं चाहेंगे। दुकानदार इन पेनों में से, यादृच्छया एक पेन निकालकर आपको देता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि
(i) आप वह पेन खरीदेंगे?
(ii) आप वह पेन नहीं खरीदेंगे?
हल :
यहाँ पर,
बॉल पेनों की कुल संख्या = 144
खराब बॉल पेनों की संख्या = 20
अच्छे बॉल पेनों की संख्या = 144 – 20 = 124

(i) सभी संभव परिणामों की संख्या = 144
अनुकूल परिणामों की संख्या = 124
P (पेन खरीदेंगी) = \(\frac{124}{144}=\frac{31}{36}\)

(ii) सभी संभव परिणामों की संख्या = 144
अनुकूल परिणामों की संख्या = 20
P (पेन नहीं खरीदेंगी) = \(\frac{20}{144}=\frac{5}{36}\)

प्रश्न 22.
(i) निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 7
(i) एक विद्यार्थी यह तर्क देता है कि ‘यहाँ कुल 11 परिणाम 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 हैं। अतः प्रत्येक की प्रायिकता \(\frac{1}{11}\)है। क्या आप इस तर्क से सहमत हैं? सकारण उत्तर दीजिए।
हल :
दो पासों को एक साथ फेंकने पर सभी संभव परिणामों की संख्या = 6 x 6 = 36
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 8

(i) दोनों पासों की संख्याओं का योग 3 होने के अनुकूल परिणाम = 2 [(1, 2), (2, 1)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 3) = \(\frac{2}{36}=\frac{1}{18}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 4 होने के अनुकूल परिणाम = 3 [(1, 3), (2, 2), (3, 1)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 4) = \(\frac{3}{36}=\frac{1}{12}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 5 होने के अनुकूल परिणाम = 4 [(1, 4), (2, 3), (3, 2), (4, 1)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 5) = \(\frac{4}{36}=\frac{1}{9}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 6 होने के अनुकूल परिणाम = 5 [(1, 5), (2,4), (3, 3), (4, 2), (5, 1)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 6) = \(\frac{5}{36}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 7 होने के अनुकूल परिणाम = 6 [(1, 6), (2, 5), (3, 4), (4, 3), (5, 2), (6, 1)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 7) = \(\frac{6}{36}=\frac{1}{6}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 9 होने के अनुकूल परिणाम = 4 [(3, 6), (4, 5), (5,4), (6, 3)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 9) = \(\frac{4}{36}=\frac{1}{9}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 10 होने के अनुकूल परिणाम = 3 [(5, 5), (4, 6), (6, 4)]
∴ P(पासों की संख्याओं का योग 10) = \(\frac{3}{36}=\frac{1}{12}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 11 होने के अनुकूल परिणाम = 2 [(5, 6), (6, 5)]
∴ P (पासों की संख्याओं का योग 11) = \(\frac{2}{36}=\frac{1}{18}\)
दोनों पासों की संख्याओं का योग 12 होने के अनुकूल परिणाम = 1 [6, 6]
∴ p(पासों की संख्याओं का योग 12) = \(\frac{1}{36}\)
अतः दी गई सारणी इस प्रकार पूरी होगी-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 9
(ii) नहीं, ये 11 परिणाम सम-संभावी नहीं हैं।

प्रश्न 23.
एक खेल में एक रुपए के सिक्के को तीन बार उछाला जाता है और प्रत्येक बार का परिणाम लिख लिया जाता है। तीनों परिणाम समान होने पर, अर्थात् तीन चित या तीन पट प्राप्त होने पर, हनीफ खेल में जीत जाएगा, अन्यथा वह हार जाएगा। हनीफ के खेल में हार जाने की प्रायिकता परिकलित कीजिए।
हल :
यहाँ पर,
एक रुपए के सिक्के को तीन बार उछालने पर सभी संभव परिणामों की संख्या = 23 = 8
[HHH, HTH, THH, TTH, HHT, HTT, THT, TTT]
हनीफ के खेल जीत जाने के अनुकूल परिणाम = 2 (HHH, TIT)
हनीफ के खेल हार जाने के अनुकूल परिणाम = 8 -2 = 6
P (हनीफ का खेल हार जाना) = \(\frac{6}{8}=\frac{3}{4}\)
अतः 3/4 संभव परिणाम हैं-HHH, TTT, HHT, HTH, HTT, THH, THT, TTH, यहाँ THH का अर्थ पहले उछाल में पट, दूसरे में चित तथा तीसरे में भी चित इत्यादि।

प्रश्न 24.
एक पासे को दो बार फेंका जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि
(i) 5 किसी भी बार में नहीं आएगा? (ii) 5 कम-से-कम एक बार आएगा?
(संकेत-एक पासे को दो बार फेंकना और दो पासों को एक साथ फेंकना एक ही प्रयोग माना जाता है।)
हल :
एक पासे को दो बार फेंकने पर सभी संभव परिणामों की संख्या = 6 x 6 = 36
अर्थात्
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 10

(i) 5 किसी भी बार में नहीं आने के अनुकूल परिणामों की संख्या = 36 – 11 = 25
अतःP (5 किसी भी बार में नहीं आएगा) = \(\frac{25}{36}\)
(ii) 5 कम-से-कम एक बार आने के अनुकूल परिणामों की संख्या = 11
अतः P (5 कम-से-कम एक बार आएगा) = \(\frac{11}{36}\)

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 25.
निम्नलिखित में से कौन से तर्क सत्य हैं और कौन से तर्क असत्य हैं? सकारण उत्तर दीजिए।
(i) यदि दो सिक्कों को एक साथ उछाला जाता है, तो इसके तीन संभावित परिणाम-दो चित, दो पट या प्रत्येक एक बार हैं। अतः इनमें से प्रत्येक परिणाम की प्रायिकता है।
(ii) यदि एक पासे को फेंका जाता है, तो इसके दो संभावित परिणाम-एक विषम संख्या या एक सम संख्या हैं। अतः एक विषम संख्या ज्ञात करने की प्रायिकता , है।
हल :
(i) सत्य नहीं है। हम इस प्रकार परिणामों को वर्गीकृत कर सकते हैं परंतु वे सम-संभावी नहीं है क्योंकि दोनों सिक्कों को उछालने पर यह हो सकता है कि पहले पर चित और दूसरे पर पट या पहले पर पट तथा दूसरे पर चित आए। इसलिए एक पर पट तथा दूसरे पर चित आने की संभावना दोनों पर चित या दोनों पर पट आने की संभावनाओं का दुगुना है।
(ii) सही है। प्रश्न में विचारित दोनों परिणाम सम-संभावी हैं।

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HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3

Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Exercise 14.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित बारंबारता बंटन किसी मोहल्ले के 68 उपभोक्ताओं की बिजली की मासिक खपत दर्शाता है। इन आँकड़ों के माध्यक, माध्य और बहुलक ज्ञात कीजिए। इनकी तुलना कीजिए।

मासिक खपत (इकाइयों में) ।

उपभोक्ताओं की संख्या ।

65-854
85-1055
105-12513
125-14520
145-16514
165-1858
185-2054

हल :
माध्यक के लिए-

मासिक खपत (इकाइयों में)उपभोक्ताओं की संख्या (f)संचयी बारंवारता (cf)
65-8544
85-10559
105-1251322
125-1452042
145-1651456
165-185864
185-205468
योगN = 68

यहाँ पर n = 68
\(\frac{n}{2}=\frac{68}{2}\) = 34 जो कि वर्ग-अंतराल 125-145 में आता है।
अतः माध्यक वर्ग — 125-145
माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 125
वर्ग-माप (h) = 20
माध्यक वर्ग के ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 22
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 20
अब माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h
= 125 + \(\left(\frac{34-22}{20}\right)\) x 20 = 125 + 12
= 137 इकाई
माध्य के लिए-
माना कल्पित माध्य (a) = 135
वर्ग-माय (h) = 20
ui = \(\frac{x_{i}-a}{h}=\frac{x_{i}-135}{20}\)
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 1
बहुलक के लिए यहाँ पर अधिकतम वर्ग बारंबारता 20 है तथा इस बारंबारता का संगत वर्ग 125-145 है।
बहुलक वर्ग = 125-145
बहुलक वर्ग की निम्न सीमा (1) = 125
वर्ग-माप (h) = 20
बहुलक वर्ग की बारंबारता (f1) = 20
बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता (f0) = 13
बहुलक वर्ग के ठीक बाद में आने वाले
वर्ग की बारंबारता (f2) = 14
बहुलक = \(l+\left(\frac{f_{1}-f_{0}}{2 f_{1}-f_{0}-f_{2}}\right) \times h\)
= 125 + \(\) x 20
= 125 + \(\frac{7}{13}\) x 20
= 125 + 10.76
= 135.76 इकाई
यहाँ पर दिए गए आंकड़ों के लिए तीनों मापक लगभग समान हैं।

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3

प्रश्न 2.
यदि नीचे दिए हुए बंटन का माध्यक 28.5 हो तो x और ‘ के मान ज्ञात कीजिए-

वर्ग-अंतरालबारंबारता
0-105
10-20X
20-3020
30-4015
40-50Y
50-605
योग60

हल :
यहाँ पर दिया गया है-माध्यक = 28.5; n = 60

वर्ग-अंतरालबारंबारता(f)संचयी बारंबारता (f)
0-1055
10-20X5 + x
20-302025 + x
30-401540 + x
40-50Y40 + x + y
50-60545 + x + y
योगN = 60

क्योंकि माध्यक 28.5 दिया है. इसलिए माध्यक वर्ग = 20-30
\(\frac{n}{2}=\frac{60}{2}\) = 30
माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 20
वर्ग-माप (h) = 10
माध्यक वर्ग के ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 5+x
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 20
हम जानते हैं कि माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h
28.5 = 20 + \(\frac{30-(5+x)}{20}\) x 10
28.5 – 20 = \(\frac{30-5-x}{2}\)
2 8.5 x 2 = 25 – x
x = 25 – 17 = 8
45 + x + y = 60
45 + 8 + y = 60
y = 60 – 53
= 7

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प्रश्न 3.
एक जीवन बीमा एजेंट 100 पॉलिसी धारकों की आयु के बंटन के निम्नलिखित आँकड़े ज्ञात करता है। माध्यक आयु परिकलित कीजिए, यदि पॉलिसी केवल उन्हीं व्यक्तियों को दी जाती है, जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, परंतु 60 वर्ष से कम हो।

आयु (वर्षों में)पॉलिसी धारकों की संख्या
20 से कम2
25 से कम6
30 से कम24
35 से कम45
40 से कम78
45 से कम89
50 से कम92
55 से कम98
60 से कम100

हल :

आयु (वर्षों में)बारंबारता (f)संचयी बारंबारता (cf)
15 – 2022
20 – 2546
25 – 301824
30 – 352145
35 – 403378
40 – 451189
45 – 50392
50 – 55698
55 – 602100
योगn = 100

यहाँ पर n = 100
\(\) = 50 जो वर्ग-अंतराल 35-40 में आता है।
अतः माध्यक वर्ग = 35-40
अब माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 35
वर्ग-माप (h) = 5
माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 45
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 33
माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h = 35 + \(\frac{50-45}{33}\) x 5
= 35 + \(\frac{25}{33}\) = 35 + 0.76 = 35.76
अतः माध्यक आयु = 35.76 वर्ष

प्रश्न 4.
एक पौधे की 40 पत्तियों की लंबाइयाँ निकटतम मिलीमीटरों में मापी जाती है तथा प्राप्त आँकड़ों को निम्नलिखित सारणी के रूप में निरूपित किया जाता है-

लंबाई (mm में)पत्तियों की संख्या
118-1263
127-1355
136-1449
145-15312
154-1625
163-1714
172-1802

पत्तियों की माध्यक लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल :
यहाँ पर माध्यक ज्ञात करने के लिए, आँकड़ों को सतत वर्ग अंतरालों में बदलना पड़ेगा, क्योंकि सूत्र में वर्ग अंतरालों को सतत माना गया है, जो निम्नलिखित होंगे-

लंबाई (mm में)पत्तियों की संख्या बारंवारता (f)संचयी बारंवारता (f)
117.5-126.533
126.5-135.558
135.5-144.5917
144.5-153.51229
153.5-162.5534
162.5-171.5438
171.5–180.5240
योगN = 40

n = 40 ⇒ \(\frac{n}{2}=\frac{40}{2}\) = 20 जो कि वर्ग-अंतराल 144.5 – 153.5 में आता है।
अतः माध्यक वर्ग = 144.5-153.5
अब माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 144.5
वर्ग-माप (h) = 9
माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 17
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 12
माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h = 14.5 + \(\frac{3}{12}\) x 9
= 144.5 + 2.25 = 146.75
अतः पत्तियों की माध्यक लम्बाई = 146.75 mm

प्रश्न 5.
निम्नलिखित सारणी 400 नियॉन लैंपों के जीवनकालों (life time) को प्रदर्शित करती है-

जीवन काल (घंटों में)लैंपों की संख्या
1500-200014
2000-250056
2500-300060
3000-350086
3500-400074
4000-450062
4500-500048

एक लैंप का माध्यक जीवनकाल ज्ञात कीजिए।
हल:

जीवन काल (घंटों में)लैंपों की संख्या(f)संचयी बारंबारता (cf)
1500-20001414
2000-25005670
2500-300060130
3000-350086216
3500-400074290
4000-450062352
4500-500048400
योगn = 400

यहाँ पर n = 400 ⇒ \(\frac{n}{2}=\frac{400}{2}\) = 200 जो कि वर्ग-अंतराल 3000-3500 में आता है।
अतः माध्यक वर्ग = 3000-3500
अब माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 3000
वर्ग-माप (h) = 500
माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 130
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 86
माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h
= 3000 + \(\left(\frac{200-130}{86}\right)\) x 500
= 3000 + \(\frac{70}{86}\) x 500
= 3000 + 406.98 = 3406.98
अतः दिए गए लैंपों का माध्यक जीवनकाल = 3406.98 घण्टे

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3

प्रश्न 6.
एक स्थानीय टेलीफ़ोन निर्देशिका से 100 कुलनाम (surnames) लिए गए और उनमें प्रयुक्त अंग्रेज़ी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्नलिखित बारंबारता बंटन प्राप्त हुआ-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 2
कुलनामों में माध्यक अक्षरों की संख्या ज्ञात कीजिए। कुलनामों में माध्य अक्षरों की संख्या ज्ञात कीजिए। साथ ही, कुलनामों का बहुलक ज्ञात कीजिए।
हल :
माध्यक के लिए-

अक्षरों की संख्याकुलनामों की संख्या (बारंबारता) (f)संचयी बारंबारता (cf)
1-466
4-73036
7-104076
10-131692
13-16496
16-194100
योगn = 100

यहाँ पर n = 100
\(\frac{n}{2}=\frac{100}{2}\) = 50 जो कि वर्ग-अंतराल 7-10 में आता है।
अतः माध्यक वर्ग = 7-10
अब माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 7
वर्ग-माप (h) = 3
माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 36
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 40
माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h = 7 + \(\left(\frac{50-36}{40}\right)\) x 3
= 7 + \(\frac{14}{40}\) x 3 = 7 + 1.05 = 8.05
माध्य के लिए-
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 3
∴ माध्य = \(\frac{\Sigma f_{i} x_{i}}{\Sigma f_{i}}=\frac{832}{100}\) = 8.32
बहुलक के लिए यहाँ पर अधिकतम वर्ग बारंबारता 40 है तथा इस बारंबारता का संगत वर्ग 7-10 है।
बहुलक वर्ग = 7-10
बहुलक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 7
वर्ग-माप (h) = 3
बहुलक वर्ग की बारंबारता (f1) = 40
बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता (f0) = 30
बहुलक वर्ग के ठीक बाद में आने वाले वर्ग की बारंबारता (f2) = 16
बहुलक = l + \(\left(\frac{f_{1}-f_{0}}{2 f_{1}-f_{0}-f_{2}}\right)\) x h = 7 + \(\left(\frac{40-30}{2 \times 40-30-16}\right)\) x 3
= 7 + \(\left(\frac{40-30}{2 \times 40-30-16}\right)\) x 3
= 7+ \(\frac{10}{34}\) x 3 = 7 + 0.88 = 37.88
अतः माध्यक = 8.05, माध्य = 8.32 व बहुलक = 7.88

प्रश्न 7.
नीचे दिया हुआ बंटन एक कक्षा के 30 विद्यार्थियों के भार दर्शा रहा है। विद्यार्थियों का माध्यक भार ज्ञात कीजिए।
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 4
हल:

भार (किलोग्राम में)विद्यार्थियों की संख्या (बारंवारता)संचयी बारंबारता (cf)
40-4522
45-5035
50-55813
55-60619
60-65625
65-70328
70-75230
योगn = 30

यहाँ पर n = 30
\(\frac{n}{2}=\frac{30}{2}\) = 15 जो कि वर्ग-अंतराल 55-60 में आता है।
अतः माध्यक वर्ग = 55-60
अब माध्यक वर्ग की निम्न सीमा (l) = 55
वर्ग-माप (h) = 5
माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता (cf) = 13
माध्यक वर्ग की बारंबारता (f) = 6
माध्यक = l + \(\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right)\) x h = 55 + \(\left(\frac{15-13}{6}\right)\) x 5
= 55 + \(\frac{2}{6}\) x 5 = 55 + 1.67 = 56.67
अतः विद्यार्थियों का माध्यक भार = 56.67 किलोग्राम

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HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

Haryana State Board HBSE 12th Class Sanskrit Solutions व्याकरणम् Anuprayuktvyakaranam Bahuvikalpeey Prashn अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

1. अधस्तनप्रश्नानां लिखितोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘अनेजदेकम्’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः ?
(i) अनेजत् + एकम्
(ii) अन + जते + कम्
(iii) अनेजद् + कम्
(iv) अने + जेतकम्।
उत्तर :
(i) अनेजत् + एकम्

(ख) ‘ईश + आवास्यम्’ इति पदे किं सन्धिपदम् ?
(i) ईशासम्
(ii) ईशास्यम्
(iii) ईशावासम्
(iv) ईशावास्यम्।
उत्तर :
(iv) ईशावास्यम्।

(ग) ‘शान्तः’ इति पदे कः सन्धि ?
(i) विसर्गसन्धिः
(ii) पूर्वरूपसन्धिः
(iii) परसवर्णसन्धिः
(iv) व्यञ्जनसन्धिः
उत्तर :
(iii) परसवर्णसन्धिः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(घ) ‘उपकूलम्’ इति पदे विग्रहोऽस्ति –
(i) कूलाय इति
(ii) कूलेन समीपे
(iii) कूले इति
(iv) कूलस्य समीपं।
उत्तर :
(iv) कूलस्य समीपं।

(ङ) ‘सभापण्डितः’ इति पदे कः समासः?
(i) द्वितीयातत्पुरुषः
(ii) सप्तमीतत्पुरुषः
(ii) षष्ठीतत्पुरुषः
(iv) पञ्चमीतत्पुरुषः।
उत्तर :
(ii) षष्ठीतत्पुरुषः

(च) ‘जगतः एकनाथः’ इति विग्रहे किं समस्तपदम्?
(i) जगदेकनाथः
(ii) जगेकनाथः
(iii) जगतानाथ:
(iv) जगतोनाथः।
उत्तर :
(i) जगदेकनाथः

(छ) ‘राजन्’, षष्ठी एकवचने रूपम्
(i) राजनस्य
(ii) राज्ञः
(iii) राज्ञा
(iv) राज्ञाम्।
उत्तर :
(ii) राज्ञः

(ज) ‘अश्वात्’ इति पदे का विभक्तिः?
(i) तृतीया
(ii) षष्ठी
(ii) सप्तमी
(iv) पञ्चमी।
उत्तर :
(iv) पञ्चमी।

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(झ) ‘कुरु’ इति पदे कः धातुः?
(i) क्री
(ii) कर्
(iii) कृ
(iv) कार।
उत्तर :
(iii) कृ

(ब) ‘प्रवर्तन्ते’ इति पदे कः पुरुषः?
(i) प्रथमपुरुषः
(ii) उत्तमपुरुषः
(iii) अन्यपुरुषः
(iv) मध्यमपुरुषः
उत्तर :
(i) प्रथमपुरुषः

(ट) “दातुम्’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) क्तवतु
(ii) शतृ
(iii) क्त्वा
(iv) तुमुन्।
उत्तर :
(iv) तुमुन्।

(ठ) ‘आ + वृ + क्त’ एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) आवृतः
(ii) आवुत्तः
(iii) आवृत्यः
(iv) आवरत्य।
उत्तर :
(i) आवृतः

(ड) ‘नमः’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) चतुर्थी
(ii) पञ्चमी
(iii) प्रथमा
(iv) सप्तमी।
उत्तर :
(i) चतुर्थी

(ढ) ‘जगत्’ इति पदस्य समानार्थक पदमस्तिा।
(i) तनः
(ii) संसार:
(iii) गात्रम्
(iv) शिवः।
उत्तर :
(ii) संसार:

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ण) ‘समतिक्रामत्सु’ इति पदस्य विशेष्यम् –
(i) पत्रम्
(ii) महान्
(iii) दिवसेषु
(iv) मूर्खः।
उत्तर :
(ii) महान्

(त) ‘तमसा’ इति पदस्य विलोमपदमस्ति –
(i) प्रकाशेन
(ii) मध्यः
(iii) भयः
(iv) अङ्गः।
उत्तर :
(i) प्रकाशेन।

2. अधस्तनप्रश्नानां लिखितोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘कुर्वन्नेवेह’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः ?
(i) कुर्व + नेवह
(ii) कुर्वन् + एव + इह
(iii) कुर्वन् + इव + एव
(iv) कुर्व + न + इव।
उत्तर :
(ii) कुर्वन् + एव + इह

(ख) ‘पुरुषः + अश्नुते’ इति पदे किं सन्धिपदम् ?
(i) पुरुषोश्नुते
(ii) पुरुषोऽश्नुते
(ii) पुरुषस्शनुते
(iv) पुरुषोशनुते।
उत्तर :
(ii) पुरुषोऽश्नुते

(ग) ‘कोऽयम्’ इति पदे कः सन्धिः ?
(i) दीर्घसन्धिः
(ii) यणसन्धिः
(iii) अयादिसन्धिः
(iv) विसर्गसन्धिः।
उत्तर :
(iv) विसर्गसन्धिः।

(घ) ‘उपकृष्णम्’ इति पदे विग्रहोऽस्ति –
(i) कृष्णस्य समीपम्
(ii) कृष्णम् इति
(iii) कृष्णाय समीपम्
(iv) कृष्णः परम।
उत्तर :
(i) कृष्णस्य समीपम्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ङ) ‘नखभिन्नः’ इति पदे कः समासः ?
(i) चतुर्थीतत्पुरुषः
(ii) सप्तमीतत्पुरुषः
(iii) पञ्चमीतत्पुरुषः
(iv) तृतीयातत्पुरुषः।
उत्तर :
(iv) तृतीयातत्पुरुषः।

(च) ‘दीर्घा ग्रीवा यस्य सः’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) दीर्घग्रीवः
(ii) दीर्घाग्रीवा
(iii) दीर्घो ग्रीव: यस्या सा
(iv) दीर्घस्य ग्रीवा।
उत्तर :
(i) दीर्घग्रीवः

(छ) ‘राम’ प्रथमा द्विवचने रूपम्
(i) रामयोः
(ii) रामौ
(iii) रामान्
(iv) रामम्।
उत्तर :
(ii) रामौ

(ज) ‘अग्नये’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) प्रथमा
(ii) चतुर्थी
(iii) सप्तमी
(iv) द्वितीया।
उत्तर :
(ii) चतुर्थी

(झ) ‘आस्ताम्’ इति पदे कः धातुः ?
(i) भु
(ii) आस्
(ii) भाव
(iv) अस्।
उत्तर :
(iv) अस्।

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ञ) ‘बिभ्यति’ इति पदे कः पुरुषः ?
(i) प्रथमपुरुषः
(ii) उत्तमपुरुषः
(iii) अन्यपुरुषः
(iv) मध्यपुरुषः।
उत्तर :
(i) प्रथमपुरुषः

(ट) ‘लब्ध्वा’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) क्तः
(ii) क्त्वा
(iii) यत्
(iv) ल्यप्।
उत्तर :
(ii) क्त्वा

(ठ) ‘परि + त्यज् + ल्यप् एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) परित्यजय
(ii) परित्यज्य
(iii) परित्याग
(iv) परित्यजाय।
उत्तर :
(ii) परित्यज्य

(ड) ‘साकम्’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) द्वितीया
(ii) चतुर्थी
(iii) तृतीया
(iv) पञ्चमी।
उत्तर :
(iii) तृतीया

(ढ) ‘नरे’ इति पदस्य समानार्थकपदमस्ति
(i) मनुष्ये
(ii) जीवने
(iii) भारे
(iv) नारे।
उत्तर :
(i) मनुष्ये

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ण) ‘अधीतशास्त्रस्य’ इति पदस्य विशेष्यम्
(i) त्वम्
(ii) भवति
(iii) ते
(iv) अस्माकम्।
उत्तर :
(iii) ते

(त) ‘उभयम्’ इति पदस्य विलोमपदमस्ति
(i) एकम्
(ii) अनेकम्
(iii) द्वित्व
(iv) सभयम्।
उत्तर :
(i) एकम्

3. अधस्तनप्रश्नानां लिखितोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘आहुरविद्यया’ इति पदे किं सन्धिविच्छेदः ?
(i) आहुर + अविद्यया
(ii) आहुरा + विद्यया
(iii) आहुः + अविद्यया
(iv) आहुः + रविद्यया।
उत्तर :
(ii) आहुरा + विद्यया

(ख) ‘जनयेत + अज्ञानाम्’ इति पदे किं सन्धिपदम् ?
(i) जनयेज्ञानाम्
(ii) जनयेतज्ञानम्
(iii) जनयेदज्ञानाम्
(iv) जनयैज्ञानाम्।
उत्तर :
(iii) जनयेदज्ञानाम्

(ग) ‘मुनिर्याति’ इति पदे कः सन्धिः ?
(i) अयादिसन्धिः
(ii) यणसन्धिः
(iii) विसर्गसन्धिः
(iv) प्रकृतिभावसन्धिः।
उत्तर :
(ii) यणसन्धिः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(घ) ‘ग्रामगतः’ इति पदे विग्रहोऽस्ति –
(i) ग्रामः गतः
(ii) ग्रामं गतः
(iii) ग्रामाय गतः
(iv) ग्रामाः गतः।
उत्तर :
(ii) ग्रामं गतः

(ङ) ‘सप्तदिनम्’ इति पदे कः समास:?
(i) अव्ययीभावः
(ii) बहुव्रीहिः
(iii) कर्मधारयः
(iv) द्विगुः।
उत्तर :
(iv) द्विगुः।

(च) ‘पुण्यः च असौ अनुभावः’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) पुण्यानुभावः
(ii) पुण्यश्चपुण्यः
(iii) पुण्यश्चभावः
(iv) पुण्यभावः।
उत्तर :
(i) पुण्यानुभावः

(छ) ‘छात्र’ तृतीया विभक्तौ एकवचने रूपम्
(i) छात्रम्
(ii) छात्रान्
(iii) छात्रैः
(iv) छात्रेण।
उत्तर :
(iv) छात्रेण।

(ज) “विद्वांसः’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) तृतीया
(ii) चतुर्थी
(iii) प्रथमा
(iv) सप्तमी।
उत्तर :
(iii) प्रथमा

(झ) ‘योजते’ इति पदे कः धातुः ?
(i) योज्
(ii) युज्
(ii) यौज
(iv) यू।
उत्तर :
(ii) युज्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ञ) “विलोक्यसे’ इति पदे कः पुरुषः ?
(i) प्रथमपुरुषः
(ii) अन्यपुरुषः
(iii) उत्तमपुरुषः
(iv) मध्यमपुरुषः।
उत्तर :
(iv) मध्यमपुरुषः।

(ट) ‘अत्तुम्’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) तुमुन्
(ii) क्त्वा
(iii) मतुप्
(iv) अनीयर्।
उत्तर :
(i) तुमुन्

(ठ) ‘आ + हृ + तुमुन्’ एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) आहृत
(ii) आहरत्य
(iii) आहर्तुम्
(iv) आहरितुम्।
उत्तर :
(iii) आहर्तुम्

(ड) ‘परितः’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ? .
(i) प्रथमा
(ii) द्वितीया
(iii) तृतीया
(iv) चतुर्थी।
उत्तर :
(ii) द्वितीया

(ढ) “विद्वान्’ इति पदस्य समानार्थकपदमस्ति –
(i) विश्वस्तः
(ii) मूर्खः
(iii) मार्जारः
(iv) मनीषी।
उत्तर :
(iv) मनीषी।

(ण) ‘अतिगहनम्’ इति पदस्य विशेष्यम् –
(i) अन्धकारः
(ii) यौवनप्रभवम्
(iii) दिवसः
(iv) प्रकाशः
उत्तर :
(ii) यौवनप्रभवम्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(त) ‘मृत्युम्’ इति पदस्य विलोमपदमस्ति –
(i) मरणम्
(ii) प्रकाशम्
(iii) अमृतम्
(iv) वर्षणम्।
उत्तर :
(i) मरणम्

4. अधस्तनप्रश्नानां लिखितोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘तद्धावतः’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः ?
(i) तद्धा + अत
(ii) तद् + वतः
(iii) तद् + धातः
(iv) तत् + धावतः।
उत्तर :
(iv) तत् + धावतः।

(ख) “हि + एवम्’ इति पदे किं सन्धिपदम् ?
(i) हिवम्
(ii) हेवम्
(iii) ह्येवम्
(iv) हावयम्।
उत्तर :
(iii) ह्येवम्

(ग) ‘पुनरपि’ इति पदे कः सन्धिः ?
(i) दीर्घसन्धिः
(ii) विसर्गसन्धिः
(iii) गुनसन्धिः
(iv) वृद्धिसन्धिः
उत्तर :
(ii) विसर्गसन्धिः

(घ) ‘रत्नाकरः’ इति पदे विग्रहोऽस्ति
(i) रत्नं आकरः
(ii) रत्ने आकरः
(iii) रत्नाय इदं
(iv) रत्नानाम् आकरः।
उत्तर :
(iv) रत्नानाम् आकरः।

(ङ) ‘अनेजत्’ इति पदे कः समासः ?
(i) बहुव्रीहिः
(ii) नञ् तत्पुरुषः
(iii) सप्तमी तत्पुरुषः
(iv) तृतीया तत्पुरुषः।
उत्तर :
(ii) नञ् तत्पुरुषः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(च) ‘दुर्बला आशा यस्य सः’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) दुर्बलाश:
(ii) दुर्बलाशा
(iii) दुर्बल: आशः
(iv) दुर्बला च आशा च।
उत्तर :
(i) दुर्बलाश:

(छ) ‘नाम’ द्वितीया विभक्तिः बहुवचने रूपम्
(i) नामनि
(ii) नामानि
(iii) नामे
(iv) नामभ्यः।
उत्तर :
(ii) नामानि

(ज) ‘कर्मणा’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) सप्तमी
(ii) द्वितीया
(iii) तृतीया
(iv) प्रथमा।
उत्तर :
(ii) द्वितीया

(झ) ‘रोचन्ते’ इति पदे कः धातुः ?
(i) रोच्
(ii) रुच्
(iii) रौच
(iv) रच्।
उत्तर :
(ii) रुच्

(ञ) ‘प्राप्नोमि’ इति पदे कः पुरुष ?
(i) अन्यपुरुषः
(ii) मध्यमपुरुषः
(ii) उत्तमपुरुषः
(iv) प्रथमपुरुषः।
उत्तर :
(ii) मध्यमपुरुषः

(ट) ‘जेतव्यः’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) तव्यत्
(ii) तुमुन्
(iii) क्त्वा
(iv) क्तवतु।
उत्तर :
(i) तव्यत्

(ठ) ‘नि + शम् + ल्यप्’ एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) निशमयः
(ii) निशम्य
(iii) निशामय
(iv) निशमयप।
उत्तर :
(ii) निशम्य

(ड) ‘सर्वतः’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) सप्तमी
(ii) प्रथमा
(iii) द्वितीया
(iv) तृतीया।
उत्तर :
(iii) द्वितीया

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ढ) ‘दुष्कृतम्’ इति पदस्य समानार्थकपदमस्ति
(i) मानुषम्
(ii) अग्रजम्
(iii) पातकम्
(iv) जीवनम्।
उत्तर :
(iii) पातकम्

(ण) ‘सचेतसम्’ इति पदस्य विशेष्यम्
(i) विद्वांसम्
(ii) भारत
(iii) शास्त्रम्
(iv) वार्तालापम्।
उत्तर :
(i) विद्वांसम्

(त) ‘तिष्ठत्’ इति पदस्य विलोमपदमस्ति
(i) धावत्
(ii) सूचना
(iii) निशम्य
(iv) सकृत।
उत्तर :
(i) धावत्

5. अधस्तनप्रश्नानां लिखित्तोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘अन्यथेतः’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः?
(i) अन्य + थेत:
(ii) अन्यथा + इतः
(iii) अन्यथ + इतः
(iv) अन्यथा + एतः।
उत्तर :
(iv) अन्यथा + एतः।

(ख) ‘तत् + श्रुत्वा’ इति पदे किं सन्धिपदम्?
(i) तश्रुत्वा
(ii) तत्श्रुत्वा
(iii) तच्छ्रुत्वा
(iv) तत्छ्रुत्वा।
उत्तर :
(i) तश्रुत्वा

(ग) ‘सर्वापि’ इति पदे का सन्धिः ?
(i) दीर्घसन्धिः
(ii) वृद्धिसन्धिः
(iii) गुणसन्धिः
(iv) यण्सन्धिः।
उत्तर :
(i) दीर्घसन्धिः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(घ) ‘पुष्पाञ्जलिः’ इति पदे विग्रहोऽस्ति –
(i) पुष्पाणां अञ्जलिः
(ii) पुष्पेषु अञ्जलिः
(iii) पुष्पेभ्यः अञ्जलिः
(iv) पुष्पाय अञ्जलिः।
उत्तर :
(i) पुष्पाणां अञ्जलिः

(ङ) ‘महान्धकारः’ इति पदे कः समासः?
(i) कर्मधारयः
(ii) द्विगु:
(iii) तत्पुरुषः
(iv) बहुव्रीहिः।
उत्तर :
(i) कर्मधारयः

(च) ‘महान् उत्साहः’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) महानुत्साहः
(ii) महोत्साहः
(iii) माहोत्साहः
(iv) महानोत्साहः।
उत्तर :
(ii) महोत्साहः

(छ) ‘किम्, पुल्लिंग, द्वितीया, द्विवचने रूपम्’
(i) के
(ii) काम्
(iii) कौ
(iv) कान्।
उत्तर :
(i) के

(ज) “वनानि’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) प्रथमा
(ii) तृतीया
(iii) चतुर्थी
(iv) पंचमी।
उत्तर :
(i) प्रथमा

(झ) ‘याचते’ इति पदे कः धातुः?
(i) यच्छ
(ii) यच्
(iii) यत्
(iv) याच्।
उत्तर :
(iv) याच्।

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ज) ‘परिभ्रमसि’ इति पदे कः पुरुषः?
(i) प्रथमपुरुषः
(ii) उत्तमपुरुषः
(iii) मध्यमपुरुषः
(iv) अन्यपुरुषः।
उत्तर :
(iii) मध्यमपुरुषः

(ट) ‘कृतवान्’ इति पदे कः प्रत्ययः?
(i) क्त
(ii) तल्
(iii) क्त्वा
(iv) क्तवतु।
उत्तर :
(iv) क्तवतु।

(ठ) ‘उत् + स्था + क्तः’ एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) उत्तिष्ठ
(ii) उत्तिष्ठत्
(iii) उत्थितः
(iv) स्थितः।
उत्तर :
(iii) उत्थितः

(ङ) ‘सह’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) प्रथम
(ii) तृतीया
(iii) चतुर्थी
(iv) पंचमी।
उत्तर :
(ii) तृतीया

(ढ) ‘शरीरम्’ इति पदस्य समानार्थकपदमस्ति
(i) कलुषम्
(ii) पातकम्
(iii) अङ्गम्
(iv) गात्रम्।
उत्तर :
(iv) गात्रम्।

(ण) “पूर्वतनम्’ इति पदस्य विशेष्यम्
(i) त्वम्
(ii) पत्रम्
(iii) प्राप्तम्
(iv) आशाम्।
उत्तर :
(ii) पत्रम्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(त) ‘विद्वान्’ इति पदस्य विलोमपदस्ति
(i) युवा
(ii) वृद्धः
(iii) मूर्खः
(iv) बालकः।
उत्तर :
(iii) मूर्खः

6. अधस्तनप्रश्नानां लिखित्तोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘जहातीह’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः ?
(i) जहाती + ह
(ii) जहाति + इह
(iii) जहाति + ईह
(iv) जहाती + ईह।
उत्तर :
(ii) जहाति + इह

(ख) ‘तेन + एव’ इति पदे किं सन्धिपदम् ?
(i) तेनेव
(ii) तेनिव
(iii) तेनैव
(iv) तेनव।
उत्तर :
(iii) तेनैव

(ग) ‘यथेच्छम्’ इति पदे का सन्धिः ?
(i) गुणसन्धिः
(ii) दीर्घसन्धिः
(iii) यण्सन्धिः
(iv) अयादिसन्धिः।
उत्तर :
(i) गुणसन्धिः

(घ) ‘अश्रुधारा’ इति पदे विग्रहोऽस्ति
(i) अश्रुः धारा
(ii) अश्रूणां धारा
(iii) अश्रवः धारा
(iv) अश्रूः धाराः।
उत्तर :
(ii) अश्रूणां धारा

(ङ) ‘प्रकृत्या सिद्धम्’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) प्रकृतीसिद्धम्
(ii) प्रकृत्यासिद्धम्
(iii) प्रकृतिसिद्धम्
(iv) प्रकृत्सिद्धम्।
उत्तर :
(iii) प्रकृतिसिद्धम्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(च) ‘कुलव्रतम्’ अत्र कः समास: ?
(i) कर्मधारयः
(ii) तत्पुरुषः
(iii) अव्ययीभावः
(iv) बहुव्रीहिः।
उत्तर :
(ii) तत्पुरुषः

(छ) सर्व, पुल्लिंग, द्वितीया, बहुवचने रूपम् –
(i) सर्वान्
(ii) सर्वेभ्यः
(iii) सर्वे
(iv) सर्वेण।
उत्तर :
(i) सर्वान्

(ज) ‘राज्ञे’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) पञ्चमी
(ii) तृतीया
(iii) प्रथमा
(iv) चतुर्थी।
उत्तर :
(iv) चतुर्थी।

(झ) ‘गृह्यताम्’ इति पदे कः धातुः ?
(i) ग्रह
(ii) गृह्य
(iii) गृह
(iv) ग्रह्य।
उत्तर :
(i) ग्रह

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ञ) ‘आध्नन्ति’ इति पदे कः पुरुषः ?
(i) प्रथमपुरुषः
(ii) उत्तमपुरुषः
(iii) अन्यपुरुषः
(iv) मध्यमपुरुषः।
उत्तर :
(i) प्रथमपुरुषः

(ट) ‘दोधूयमानाः’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) मान्
(ii) आन्
(iii) शानच्
(iv) शतृ।
उत्तर :
(iii) शानच्

(ठ) ‘आ + गम् + ल्यप्’ एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) आगमय
(ii) आगत्य
(iii) आगतः
(iv) आगमः।
उत्तर :
(iii) आगतः

(ड) ‘दा’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) प्रथमा
(ii) द्वितीया
(iii) चतुर्थी
(iv) तृतीया।
उत्तर :
(iii) चतुर्थी

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ढ) ‘स्वर्गः’ इति पदस्य समानार्थपदमस्ति –
(i) नरकः
(ii) नाकः
(iii) कलुषम्
(iv) पातकम्।
उत्तर :
(ii) नाकः

(ण) ‘सन्तुलितः’ इति पदस्य विशेष्यम् –
(i) व्यवहारः
(ii) पत्रम्
(iii) जन्तवः
(iv) शिशवः।
उत्तर :
(i) व्यवहारः

(त) ‘भयम्’ इति पदस्य विलोमपदस्ति –
(i) सभयम्
(ii) निर्भयम्
(iii) भयभीत:
(iv) आभयम्।
उत्तर :
(ii) निर्भयम्

7. अधस्तनप्रश्नानां लिखित्तोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) तांस्ते’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः ?
(i) तान् + ते
(ii) तांस् + ते
(iii) तांन् + ते
(iv) ताम् + ते।
उत्तर :
(i) तान् + ते

(ख) ‘प्राप्तैव’ इति पदे का सन्धिः ?
(i) वृद्धिसन्धिः
(ii) गुणसन्धिः
(iii) यण्सन्धिः
(iv) अयादिसन्धिः
उत्तर :
(i) वृद्धिसन्धिः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ग) ‘त्वयि + एवम्’ इति पदे किं सन्धिपदम् ?
(i) त्वयिवम्
(ii) त्वयैवम्
(iii) तवैवम्
(iv) त्वय्येवम्।
उत्तर :
(iv) त्वय्येवम्।

(घ) ‘अर्थकार्यम्’ इति पदे विग्रहोऽस्ति
(i) अर्थस्य कार्यम्
(ii) अर्थात् कार्यम्
(ii) अर्थे कार्यम्
(iv) अर्थम् कार्यम्।
उत्तर :
(i) अर्थस्य कार्यम्

(ङ) ‘महान् ऋषिः’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) महार्षिः
(ii) मर्हषिः
(iii) महर्षिः
(iv) माहर्षिः।
उत्तर :
(iii) महर्षिः

(च) ‘गुरूपदेशः’ अत्र कः समासः ?
(i) कर्मधारयः
(ii) अव्ययीभावः
(iii) बहुव्रीहिः
(iv) तत्पुरुषः।
उत्तर :
(iv) तत्पुरुषः।

(छ) ‘तत्, पुल्लिंग, तृतीया’ एकवचने रूपम्’
(i) तस्य
(ii) तव
(iii) तेन
(iv) तस्मात्।
उत्तर :
(i) तस्य

(ज) “वित्तानाम्’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) तृतीया
(ii) षष्ठी
(iii) सप्तमी
(iv) चतुर्थी।
उत्तर :
(ii) षष्ठी

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(झ) ‘दास्यति’ इति पदे कः धातुः ?
(i) यछ्
(ii) यच्छ्
(iii) दा
(iv) दाप्।
उत्तर :
(iii) दा

(ञ) ‘अपह्रियसे’ इति पदे कः लकार: ?
(i) लट्लकारः
(ii) लोटलकारः
(iii) लङ्लकारः
(iv) लृट्लकारः।
उत्तर :
(i) लट्लकारः

(ट) ‘अध्यासितव्यम्’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) तव्यत्
(ii) यत्
(iii) शतृ
(iv) शानच्।
उत्तर :
(i) तव्यत्

(ठ) ‘स्वी + कृ + ल्यप् एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) स्वीकारः
(ii) स्वीकृतः
(iii) स्वीकृत्य
(iv) स्वीकृत्यः
उत्तर :
(iii) स्वीकृत्य

(ड) ‘परितः’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) प्रथमा
(ii) द्वितीया
(iii) तृतीया
(iv) पञ्चमी।
उत्तर :
(ii) द्वितीया

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ढ) “विस्मृतः’ इति पदस्य विलोमपदमस्ति
(i) आस्मृतः
(ii) स्मृतः
(iii) संस्मृतः
(iv) निस्स्मृतः
उत्तर :
(ii) स्मृतः

(ण) ‘सञ्चितम्’ इति पदस्य विशेष्यम्
(i) धनम्
(ii) बुद्धिः
(iii) दिवसम्
(iv) रक्षणम्।
उत्तर :
(i) धनम्

(त) असारः’ इति पदस्य समानार्थपदमस्ति –
(i) सारवान्
(ii) सारभूतः
(iii) निस्सारः
(iv) सारः।
उत्तर :
(iii) निस्सारः

8. अधस्तनप्रश्नानां लिखितोत्तर-विकल्पेषु शुद्धविकल्पं चित्वा उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘पित्रोक्तम्’ इति पदे कः सन्धिविच्छेदः?
(i) पित्रा + उक्तम्
(ii) पितृ + उक्तम्
(iii) पितृ + क्त
(iv) पितृ + उक्त।
उत्तर :
(i) पित्रा + उक्तम्

(ख) ‘तत्’ + धावतः’ इति पदे किं सन्धिपदम्?
(i) तत्धावतः
(ii) तद्धावतः
(iii) तदधावतः
(iv) तद्धावत।
उत्तर :
(ii) तद्धावतः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ग) ‘प्रत्युत्तरम्’ इति पदे का सन्धि ?
(i) यण्सन्धिः
(ii) अयादिसन्धिः
(iii) दीर्घसन्धिः
(iv) गुणसन्धिः।
उत्तर :
(i) यण्सन्धिः

(घ) ‘महान्धकारः’ इति पदे विग्रहोऽस्ति
(i) महान् एवं अन्धकारः
(ii) महा अन्धकारः
(iii) महान् अन्धकारः
(iv) महत् अन्धकारः।
उत्तर :
(ii) महा अन्धकारः

(ङ) ‘कालस्य खण्डः तस्मिन्’ इति विग्रहे किं समस्तपदम् ?
(i) कालखण्डः
(ii) कालखण्डात्
(iii) कालखण्डे
(iv) कालखण्डम्।
उत्तर :
(iii) कालखण्डे

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(च) ‘अहर्निशम्’ अत्र कः समासः?
(i) कर्मधारयः
(ii) द्विगुः
(iii) तत्पुरुषः
(iv) द्वन्द्वः
उत्तर :
(iv) द्वन्द्वः

(छ) ‘अस्मद्’ प्रथमा, एकवचने रूपम्
(i) अहम्
(ii) मया
(iii) वयम्
(iv) आवाम्।
उत्तर :
(i) अहम्

(ज) ‘शिशवः’ इति पदे का विभक्तिः ?
(i) द्वितीया
(ii) चतुर्थी
(iii) प्रथमा
(iv) तृतीया।
उत्तर :
(iii) प्रथमा

(झ) ‘अनुवर्तते’ इति पदे कः धातुः?
(i) वृत्
(ii) अनुवृत
(iii) अनु
(iv) वत्।
उत्तर :
(i) वृत्

(ञ) ‘पश्यन्ति’ इति पदे कः लकार: ?
(i) लृट्लकारः
(ii) लङ्लकारः
(iii) लोट्लकारः
(iv) लट्लकारः।
उत्तर :
(iv) लट्लकारः।

(ट) “सिद्धम्’ इति पदे कः प्रत्ययः?
(i) क्त
(ii) तल्
(iii) क्तवतु
(iv) ल्यप्।
उत्तर :
(i) क्त

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ठ) ‘कृ + शानच्’ एषां संयोगे किं रूपम् ?
(i) कुर्वाणः
(ii) कुर्वन्
(iii) कुर्वत्
(iv) कृतवान्।
उत्तर :
(i) कुर्वाणः

(ड) ‘परितः’ इति उपपदयोगे का विभक्तिः ?
(i) प्रथमा
(ii) द्वितीया
(iii) तृतीया
(iv) चतुर्थी।
उत्तर :
(ii) द्वितीया

(ढ) ‘गात्रम्’ इति पदस्य समानार्थपदमस्ति
(i) सततम्
(ii) पातकम्
(iii) शरीरम्
(iv) कलुषम्।
उत्तर :
(iii) शरीरम्

(ण) “रूक्षः’ इति पदस्य विशेष्यम्
(i) दिवसः
(ii) रात्रिः
(iii) व्यवहारः
(iv) वृक्षः।
उत्तर :
(iii) व्यवहारः

(त) ‘शत्रुता’ इति पदस्य विलोमपदमस्ति
(i) आर्जवम्
(ii) समता
(iii) पटुता
(iv) मित्रता।
उत्तर :
(iv) मित्रता।

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

9. अधोलिखितदशप्रश्नानां प्रदत्तोत्तरविकल्पेषु एकम् शुद्धविकल्पं विचित्य उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘प्रत्युज्जगाम’ इति पदे का सन्धिः वर्तते ?
(i) गुणसन्धिः
(ii) अयादिसन्धिः
(iii) दीर्घसन्धिः
(iv) यण्सन्धिः
उत्तर :
(iv) यण्सन्धिः

(ख) ‘उपनयतैनम्’ पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति –
(i) उपनयत + एनम्
(ii) उपनयत + ऐनम्
(iii) उपनय + तैनम्
(iv) उप + नयत + एनम्
उत्तर :
(i) उपनयत + एनम्

(ग) ‘अशेषम्’ अत्र कः समासः ?
(i) अव्ययीभावः
(ii) नञ्तत्पुरुषः
(iii) द्वन्द्वः
(iv) बहुव्रीहिः
उत्तर :
(ii) नञ्तत्पुरुषः

(घ) ‘दीर्घायुषम्’ इति पदस्य विग्रहः अस्ति –
(i) दीर्घा आयुः यस्य सः
(ii) दीर्घम् आयुः यस्य सः
(iii) दीर्घः आयुः यस्य सः
(iv) दीर्घम् आयुम् यस्य सः
उत्तर :
(ii) दीर्घम् आयुः यस्य सः

(ङ) ‘कृ + सन् + उ’ अत्र निष्पन्न रूपम् अस्ति –
(i) करिष्णुः
(ii) चरिष्णुः
(iii) चिकीर्षः
(iv) कीर्षुः
उत्तर :
(iii) चिकीर्षः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(च) ‘परिगृहीतः’ इति पदे कः प्रत्ययः –
(i) क्त
(ii) क्तवतु
(iii) शतृ
(iv) शानच्
उत्तर :
(i) क्त

(छ) ‘धुनोति’ इति पदस्य प्रकृति-प्रत्यय-विभागः –
(i) धूञ् + लट् + प्रथमपुरुष: + एकवचनम्
(ii) धूञ् + लट् + प्रथमपुरुष: + द्विवचनम्
(iii) धूञ् + लट् + प्रथमपुरुषः + बहुवचनम्
(iv) धूञ् + लट् + उत्तमपुरुषः + एकवचनम्
उत्तर :
(i) धूञ् + लट् + प्रथमपुरुष: + एकवचनम्

(ज) ‘स्था + शत’ अत्र निष्पन्नम् पदम् अस्ति –
(i) स्थितः
(ii) स्थितवान्
(iii) तिष्ठन्
(iv) स्थित्वा।
उत्तर :
(iii) तिष्ठन्

(झ) ‘सूर्ये’ इत्यस्य पदपरिचयः अस्ति –
(i) सूर्य + तृतीयाविभक्तिः + एकवचनम्
(ii) सूर्य + चतुर्थीविभक्तिः + एकवचनम्
(iii) सूर्य + षष्ठीविभक्तिः + एकवचनम्
(iv) सप्तमीविभक्तिः + एकवचनम्
उत्तर :
(iv) सप्तमीविभक्तिः + एकवचनम्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ञ) ‘विप्रत्ययः’ इति पदस्य विलोमपदम् अस्ति –
(i) सुप्रत्ययः
(ii) संप्रत्ययः
(iii) आप्रत्ययः
(iv) अनुप्रत्ययः
उत्तर :
(ii) संप्रत्ययः

10. अधोलिखितदशप्रश्नानां प्रदत्तोत्तरविकल्पेषु एकम् शुद्धविकल्पं विचित्य उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘इत्युवाच’ इति पदे का सन्धिः वर्तते ?
(i) गुणसन्धिः
(ii) यण्सन्धिः
(iii) पररूपसन्धिः
(iv) दीर्घसन्धिः
उत्तर :
(ii) यण्सन्धिः

(ख) ‘सत्कविरिव’ पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति –
(i) सत्कविः + इव ….
(ii) सत्कवि + रिव…
(iii) सत्कविः + ईव
(iv) सत् + कवि + रिव
उत्तर :
(i) सत्कविः + इव ….

(ग) ‘प्रतारणकुशलाः’ इति पदे कः समासोऽस्ति ?
(i) कर्मधारयः
(ii) तत्पुरुषः
(iii) द्वन्द्वः
(iv) बहुव्रीहिः
उत्तर :
(ii) तत्पुरुषः

(घ) ‘गुणलुब्धाः’ इति पदस्य समास-विग्रहः –
(i) गुणाः लुब्धाः
(ii) गुणेषु लुब्धाः
(iii) गुणानां लुब्धाः
(iv) गुणान् लुब्धाः
उत्तर :
(ii) गुणेषु लुब्धाः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ङ) अनु + सु + लट्लकारः + प्रथमः पुरुषः + एकवचनम् अत्र निष्पन्नं रूपमस्ति –
(i) अनुसरति
(ii) अनुसार्यति
(ii) अनुसारयति
(iv) अनुसरन्ति।
उत्तर :
(i) अनुसरति

(च) ‘रताः’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) तव्यत्
(ii) तुमुन्
(iii) क्त्वा
(iv) क्त
उत्तर :
(iv) क्त

(छ) “समाचरन्’ इति पदस्य प्रकृति-प्रत्यय-विभागः –
(i) सम् + आ + चर् + शतृ
(ii) समा + चरन्
(iii) सम् + आ + चर् + शानच्
(iv) सम् + आ + चर् + यत्
उत्तर :
(i) सम् + आ + चर् + शतृ

(ज) ‘तृ + क्त्वा’ अत्र निष्पन्नम् पदमस्ति –
(i) ती|
(ii) तीर्त्य
(iii) तरित्वा
(iv) तृत्वा
उत्तर :
(i) ती|

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(झ) ‘त्वयि’ इत्यस्य पदपरिचयः अस्ति –
(i) युष्मद् शब्द + षष्ठी विभक्ति + एकवचन
(ii) युष्मद् शब्द + सप्तमी विभक्ति + एकवचन
(iii) युष्मद् शब्द + सप्तमी विभक्ति + द्विवचन
(iv) युष्मद् शब्द + षष्ठी विभक्ति + द्विवचन
उत्तर :
(ii) युष्मद् शब्द + सप्तमी विभक्ति + एकवचन

(ञ) ‘स्वगतम्’ इति पदस्य समानपदम् अस्ति –
(i) आगतम्
(ii) अनुगतम्
(iii) आत्मगतम्
(iv) सुगतम्
उत्तर :
(iii) आत्मगतम्

11. अधोलिखितदशप्रश्नानां प्रदत्तोत्तरविकल्पेषु एकम् शुद्धविकल्पं विचित्य उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘एोहि’ इति पदे का सन्धिः वर्तते ?
(i) गुणसन्धिः
(ii) यण्सन्धिः
(iii) वृद्धिसन्धिः
(iv) अयादिसन्धिः
उत्तर :
(ii) यण्सन्धिः

(ख) ‘पुरुषोऽश्नुते’ पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति –
(i) पुरुषः + अश्नुते
(ii) पुरुषो + अश्नुते।
(iii) पुरुषो + श्नुते
(iv) पुरुषः + श्नुते
उत्तर :
(i) पुरुषः + अश्नुते

(ग) ‘अपगतमले’ इति पदे कः समासोऽस्ति ?
(i) बहुव्रीहिः
(ii) तत्पुरुषः
(iii) कर्मधारयः
(iv) अव्ययीभावः
उत्तर :
(i) बहुव्रीहिः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(घ) ‘चन्द्रोज्ज्वलाः’ इति पदस्य विग्रहः अस्ति –
(i) चन्द्र इव उज्ज्वलाः
(ii) चन्द्र उज्ज्वलाः
(iii) चन्द्रो ज्वलाः
(iv) चन्द्र इव ज्वलाः
उत्तर :
(i) चन्द्र इव उज्ज्वलाः

(ङ) ‘अभि + जन् + क्त’ अत्र निष्पन्न रूपम् अस्ति –
(i) अभिजनम्
(ii) अभिजन्यम्
(iii) अभिजातम्
(iv) अभिज्ञातम्
उत्तर :
(iii) अभिजातम्

(च) “निधाय’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) यत्
(ii) ल्यप्
(iii) क्त
(iv) शतृ
उत्तर :
(ii) ल्यप्

(छ) ‘अवगतम्’ इति पदस्य प्रकृति-प्रत्यय-विभाग: –
(i) अव + गम् + क्त
(ii) अव + गच्छ् + क्त
(iii) अव + गतम्
(iv) अवगत + अम्
उत्तर :
(i) अव + गम् + क्त

(ज) ‘बल + मतुप’ अत्र निष्पन्नं पदम् अस्ति –
(i) बलमान्
(ii) बलवान्
(iii) बलमतुप्
(iv) बलवतुप
उत्तर :
(ii) बलवान्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(झ) ‘लोचने’ इत्यस्य पदपरिचयः अस्ति –
(i) लोचन + प्रथमाविभक्तिः + एकवचनम्
(ii) लोचन + प्रथमाविभक्तिः + द्विवचनम्
(iii) लोचन + प्रथमाविभक्तिः + बहुवचनम्
(iv) लोचन + द्वितीयाविभक्तिः + एकवचनम्
उत्तर :
(ii) लोचन + प्रथमाविभक्तिः + द्विवचनम्

(ञ) ‘विधात्रा’ इति पदस्य समानपदम् अस्ति –
(i) विधिना
(ii) आत्मना
(iii) विधुना
(iv) निधात्रा
उत्तर :
(i) विधिना

12. अधोलिखितदशप्रश्नानाम् प्रदत्तोत्तरविकल्पेषु एकम् शुद्धविकल्पं विचित्य उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘परमेश्वरः’ इति पदे का सन्धिः वर्तते ?
(i) यण्सन्धिः
(ii) गुणसन्धिः
(iii) पूर्वरूपसन्धिः
(iv) अयादिसन्धिः
उत्तर :
(ii) गुणसन्धिः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ख) ‘मातृणम्’ पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति
(i) मातृ + णम्
(ii) मा + तृणम्
(iii) मातृ + ऋणम्
(iv) मातृ + नम्
उत्तर :
(iii) मातृ + ऋणम्

(ग) ‘निर्जनम्’ अत्र कः समासः ?
(i) बहुव्रीहिः
(ii) नञ्तत्पुरुषः
(iii) अव्ययीभावः
(iv) द्वन्द्वः
उत्तर :
(ii) नञ्तत्पुरुषः

(घ) ‘कुम्भकारः’ इति पदस्य विग्रहः अस्ति
(i) कुम्भं कारः
(ii) कुम्भस्य कारः
(iii) कुम्भं करोति इति
(iv) कुम्भे कारः
उत्तर :
(iii) कुम्भं करोति इति

(ङ) ‘ईक्ष् + अनीयर’ अत्र निष्पन्नं रूपम् अस्ति –
(i) ईक्षणीयः
(ii) ईक्षनीयः
(iii) ईक्षानीयः
(iv) ईक्षाणीयः
उत्तर :
(i) ईक्षणीयः

(च) ‘क्रीणानः’ इति पदे कः प्रत्यय ?
(i) शानच्
(ii) क्त
(iii) क्तवतु
(iv) शतृ
उत्तर :
(i) शानच्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(छ) ‘दीव्यत्’ इति पदस्य प्रकृति-प्रत्यय-विभागः –
(i) दीव् + शतृ
(i) दीव्य + शतृ
(iii) दिव् + शतृ
(iv) दिव्य + शतृ
उत्तर :
(iii) दिव् + शतृ

(ज) ‘कृ + क्तवतु’ अत्र निष्पन्नम् पदम् अस्ति –
(i) क्रतव्यः
(ii) करितव्यः
(iii) कृतत्व्यः
(iv) कृतवत्
उत्तर :
(iv) कृतवत्

(झ) ‘हृदि’ इत्यस्य पदपरिचयः अस्ति –
(i) हृत् + तृतीयाविभक्तिः एकवचनम्
(ii) हृत् + सप्तमीविभक्तिः एकवचनम्
(iii) हृत् + द्वितीयाविभक्तिः एकवचनम्
(iv) हृत् + चतुर्थीविभक्तिः एकवचनम्
उत्तर :
(ii) हृत् + सप्तमीविभक्तिः एकवचनम्

(ञ) ‘तत्र’ इति पदस्य विलोमपदम् अस्ति –
(i) यत्र
(ii) अत्र
(iii) सर्वत्र
(iv) परत्र
उत्तर :
(ii) अत्र

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

13. अधोलिखितदशप्रश्नानाम् प्रदत्तोत्तरविकल्पेषु एकम् शुद्धविकल्पं विचित्य उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘पर्याकुलाः’ इति पदे का सन्धिः वर्तते ?
(i) गुणसन्धिः
(ii) यण्सन्धिः
(iii) पररूपसन्धिः
(iv) दीर्घसन्धिः
उत्तर :
(ii) यण्सन्धिः

(ख) ‘कर्मणैव’ पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति –
(i) कर्मणा एवं
(ii) कर्म णैव
(iii) कर्मणा इव
(iv) कर्मना एव
उत्तर :
(i) कर्मणा एवं

(ग) ‘सृष्टिधारास’ इति पदे कः समासोऽस्ति ?
(i) कर्मधारयः
(ii) तत्पुरुषः
(iii) द्वन्द्वः
(iv) बहुव्रीहिः
उत्तर :
(ii) तत्पुरुषः

(घ) ‘धनादेशः’ इति पदस्य समास-विग्रहः
(i) धनाय आदेशः
(ii) धनस्य आदेश:
(iii) धनेन आदेश:
(iv) धनम् आदेशः
उत्तर :
(i) धनाय आदेशः

(ङ) ‘अव + धा + ल्युट्’ अत्र निष्पन्न रूपम् अस्ति –
(i) अवधाय
(ii) अवधातुम्
(iii) अवधानम्
(iv) अवधातः
उत्तर :
(i) अवधाय

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(च) ‘न्यूनीभूतम्’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) तव्यत्
(ii) क्त
(iii) शतृ
(iv) तुमुन्
उत्तर :
(ii) क्त

(छ) ‘अभियोगः’ इति पदस्य प्रकृति-प्रत्यय-विभागः —
(i) अभि + युज् + घञ्
(ii) अभि + युज् + क्त
(iii) अभि + युज् + शतृ
(iv) अभि + युज् + क्त्वा
उत्तर :
(i) अभि + युज् + घञ्

(ज) “सम् + चिन्त् + अनीयर’ अत्र निष्पन्नम् पद्म अस्ति –
(i) समचिन्तनीयम्
(i) समचिन्तनीयर
(iii) संचिन्तनीयम्
(iv) सञचिन्त्यनीयम्
उत्तर :
(iii) संचिन्तनीयम्

(झ) ‘गुरवे’ इत्यस्य पदपरिचयः अस्ति –
(i) गुरु + तृतीयाविभक्तिः एकवचनम्
(ii) गुरु + चतुर्थीविभक्तिः एकवचनम्
(iii) गुरु + द्वितीयाविभक्तिः एकवचनम्
(iv) गुरु + सप्तमीविभक्तिः एकवचनम्
उत्तर :
(ii) गुरु + चतुर्थीविभक्तिः एकवचनम्

(ब) ‘जीवनम्’ इति पदस्य विलोमपदम् अस्ति –
(i) मरणम्
(ii) मुक्तः
(iii) अविद्या
(iv) युक्तम्
उत्तर :
(i) मरणम्

14. अधोलिखितदशप्रश्नानाम् प्रदत्तोत्तरविकल्पेषु एकम् शुद्धविकल्पं विचित्य उत्तरपुस्तिकायां लिखत –
(क) ‘अप्यसारः’ इति पदे का सन्धिः वर्तते ?
(i) पूर्वरूपसन्धिः
(ii) गुणसन्धिः
(iii) यण्सन्धिः
(iv) वृद्धिसन्धिः
उत्तर :
(iii) यण्सन्धिः

(ख) ‘श्रेयश्च’ पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति –
(i) श्रेय + च
(ii) श्रेयः + च
(iii) श्रेयस् + च
(iv) श्रेयस + च
उत्तर :
(ii) श्रेयः + च

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ग) ‘परप्रतारकाः’ इति पदे कः समासोऽस्ति ?
(i) बहुव्रीहिः
(ii) तत्पुरुषः
(iii) अव्ययीभावः
(iv) कर्मधारयः
उत्तर :
(ii) तत्पुरुषः

(घ) ‘मनोनिवेशः’ इति पदस्य विग्रहः अस्ति –
(i) मनसि निवेशः
(ii) मनः निवेशः
(iii) मनसः निवेशः
(iv) मनसा निवेशः
उत्तर :
(iv) मनसा निवेशः

(ङ) ‘अति + क्रम + क्त’ अत्र निष्पन्न रूपम् अस्ति –
(i) अतिक्रमतः
(ii) अतिक्रम्य
(ii) अतिक्रतः
(iv) अतिक्रान्तम्
उत्तर :
(iv) अतिक्रान्तम्

(च) ‘उपगम्य’ इति पदे कः प्रत्ययः ?
(i) क्त
(ii) ल्यप्
(iii) क्त्वा
(iv) शतृ
उत्तर :
(ii) ल्यप्

(छ) ‘अन्वेषणीयम्’ इति पदस्य प्रकृति-प्रत्यय-विभागः –
(i) अनु + इष् + अनीयर्
(ii) अनु + इष + क्त
(ii) अनु + इष् + क्त्वा
(iv) अनु + इष् + ल्यप्
उत्तर :
(i) अनु + इष् + अनीयर्

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ज) ‘श्रु + क्त्वा’ अत्र निष्पन्नम् पदम् अस्ति –
(i) श्रुत्वः
(ii) श्रुत्वा
(iii) श्रुक्त्वा
(iv) श्रुत्य
उत्तर :
(ii) श्रुत्वा

(झ) ‘वचसि’ इत्यस्य पदपरिचयः अस्ति –
(i) वचस् + चतुर्थीविभक्तिः, एकवचनम्
(ii) वचस् + सप्तमीविभक्तिः, एकवचनम्
(iii) वचस् + तृतीयाविभक्तिः, एकवचनम्
(iv) वचस् + द्वितीयाविभक्तिः, एकवचनम्
उत्तर :
(i) वचस् + चतुर्थीविभक्तिः, एकवचनम्

(ञ) ‘राग’: इति पदस्य विलोमपदम् अस्ति –
(i) आसक्तिः
(ii) त्यागः
(iii) ग्राही
(iv) प्रेमः
उत्तर :
(ii) त्यागः

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

15. (क) निर्देशानुसारं रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत
(i) ‘वज्रः भिन्नम्’ – अत्र समस्तपदम् ……….. अस्ति।
(ii) ‘अति + आसङ्गः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ……….. अस्ति।
(iii) ‘खन् + ल्युट्’ अत्र निष्पन्नं पदम् ……….. अस्ति।
उत्तर :
(i) ‘वक्रैः भिन्नम्’ – अत्र समस्तपदम् ‘वज्रभिन्नम्’ अस्ति।
(ii) ‘अति + आसङ्गः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ‘अत्यासङ्गः’ अस्ति।
(iii) ‘खन् + ल्युट्’ अत्र निष्पन्नं पदम् ‘खननम्’ अस्ति।

(ख) अधोलिखितपदानां संस्कृतवाक्येषु प्रयोग: करणीयः –
(i) अधिगच्छति,
(ii) इतः,
(iii) अर्घ्यम्।
उत्तर :
(i) अधिगच्छति- विद्यया अमृतम् अधिगच्छति। (विद्या से अमरता को प्राप्त करता है।)
(ii) इतः- इतः कः आयाति? (इधर से कौन आ रहा है ?)
(iii) अर्घ्यम्- भक्तः सूर्याय अर्घ्यम् अर्पयति। (भक्त सूर्य को अर्घ्य दे रहा है।)

16. (क) निर्देशानुसारं रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत
(i) ‘दुर्बला आशा यस्य सः’ अत्र समस्तपदम् ……… अस्ति।
(ii) ‘तत् + तसिल्’ अत्र निष्पन्नं पदम् ……….. अस्ति।
(iii) ‘प्रति + अग्रहीत्’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ………. अस्ति।
उत्तर :
(i) ‘दुर्बला आशा यस्य सः’ अत्र समस्तपदम् ‘दुर्बलाशः’ अस्ति।
(ii) ‘तत् + तसिल्’ अत्र निष्पन्नं पदम् ‘ततः’ अस्ति।
(iii) ‘प्रति + अग्रहीत्’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ‘प्रत्यग्रहीत्’ अस्ति।

(ख) अधोलिखितपदानां संस्कृतवाक्येषु प्रयोगः करणीयः –
(i) सुखेन,
(ii) अमृतम्,
(iii) उवाच।
उत्तर :
(i) सुखेन- बालिका सुखेन शेते। (बालिका सुखपूर्वक सो रही है।)
(ii) अमृतम्- विद्यया अमृतम् अश्नुते। (विद्या से अमरता को प्राप्त करता है।)
(iii) उवाच- श्रीकृष्णः उवाच। (श्रीकृष्ण ने कहा।)

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

17. (क) निर्देशानुसारं रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत
(i) ‘उष्णाः रश्मयः यस्य सः’ अत्र समस्तपदम् ……. अस्ति।
(ii) ‘कर्मणा + एव’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ……….. अस्ति।
(iii) ‘सम् + दृश् + शतृ’ अत्र निष्पन्नं पदम् ………. अस्ति।
उत्तर :
(i) ‘उष्णाः रश्मयः यस्य सः’ अत्र समस्तपदम् ‘उष्णरश्मिः’ अस्ति।
(ii) ‘कर्मणा + एव’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ‘कर्मणैव’ अस्ति।
(iii) ‘सम् + दृश् + शतृ’ अत्र निष्पन्नं पदम् ‘संपश्यन्’ अस्ति।

(ख) अधोलिखितपदानां संस्कृतवाक्येषु प्रयोगः करणीयः –
(i) अनुश्रूयते,
(ii) चिराय,
(iii) यौवनम्।
उत्तर :
(i) अनुश्रूयते- राजा रघुः सर्वस्वदानम् अकरोत् इति अनुश्रूयते।
(राजा रघु ने सर्वस्वदान कर दिया था ऐसा सुना जाता है।)
(ii) चिराय – राजा चिराय प्रजाः अपालयत्।
(राजा ने लम्बे समय तक प्रजा की पालना की।)
(iii) यौवनम् – यत्नेन यौवनं रक्षणीयम्।
(प्रयत्न पूर्वक यौवन की रक्षा करनी चाहिए।)

18. (क) निर्देशानुसारं रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत –
(i) ‘मदेन अन्धः’ अत्र समस्तपदम् ………….. अस्ति।
(ii) ‘पुरः + कारः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ……………. अस्ति।
(iii) ‘वच् क्त्वा’ अत्र निष्पन्नं पदम् …………… अस्ति।
उत्तर :
(i) ‘मदेन + अन्धः’ अत्र समस्तपदम् ‘मदान्धः’ अस्ति।
(ii) ‘पुरः + कारः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ‘पुरस्कारः’ अस्ति।

(ख) अधोलिखितपदानां संस्कृतवाक्येषु प्रयोगः करणीयः –
(i) समुपस्थितम्
(ii) विनयम्
(iii) स्पृशति।
उत्तर :
(वाक्यप्रयोगः)
(i) समुपस्थितम् – गुरुः समुपस्थितं शिष्यम् उवाच।
(ii) विनयम् – विद्या विनयं ददाति।
(iii) स्पृशति – बालकः पुष्पं स्पृशति।

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

19. (क) निर्देशानुसारं रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत –
(i) ‘विनयेन शिशिरः’ अत्र समस्तपदम् ………….. अस्ति।
(ii) ‘नमः + कारः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ……………. अस्ति।
(iii) ‘परि + क्लिश् + क्तः अत्र निष्पन्नं पदम् ………….. अस्ति।
उत्तर :
(i) ‘विनयेन शिशिरः’ अत्र समस्तपदम् ‘विनयशिशिरः’ अस्ति।
(ii) ‘नमः + कारः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ‘नमस्कारः’ अस्ति।
(iii) परि + क्लिश् + क्त, अत्र निष्पन्नं पदम् ‘परिक्लिष्टः’ अस्ति।

(ख) अधोलिखितपदानां संस्कृतवाक्येषु प्रयोग: करणीयः –
(i) नीरजम्
(ii) वित्तानाम्
(iii) रोचते।
उत्तर :
(i) नीरजम् – सरोवरे नीरजं विकसति।
(ii) वित्तानाम् – आपत्कालाय वित्तानां संचयः कर्तव्यः।
(iii) रोचते – मह्यं दधि न रोचते।

20. (क) निर्देशानुसारं रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत –
(i) ‘मदेन अन्धः’ अत्र समस्तपदम् ………….. अस्ति।
(ii) ‘तिरः + कारः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् …………… अस्ति।
(iii) ‘वि + अस् + क्त’ अत्र निष्पन्नम् पदम् ………… अस्ति।
उत्तर :
(i) ‘मदेन अन्धः’ अत्र समस्तपदम् ‘मदान्धः’ अस्ति।
(ii) ‘तिरः + कारः’ अत्र सन्धियुक्तपदम् ‘तिरस्कारः’ अस्ति।
(iii) “वि + अस् + क्त’ अत्र निष्पन्नं पदम् ‘व्यस्तम्’ अस्ति।

HBSE 12th Class Sanskrit व्याकरणम् अनुप्रयुक्तव्याकरणम् बहुविकल्पीय प्रश्न

(ख) अधोलिखितपदानां संस्कृतवाक्येषु प्रयोग: करणीयः
(i) धीराः,
(ii) नीरजम्
(iii) जरा।
उत्तर :
(i) धीराः – धीराः जनाः सन्मार्गान् न विचलन्ति।
(ii) नीरजम् – सरोवरे नीरजं शोभते।
(ii) जरा – जरा अवस्था कष्टप्रदा भवति।

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HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

A. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आयात-निर्यात को क्या कहते हैं?
(A) स्थानीय व्यापार
(B) अनुकूल व्यापार
(C) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(D) क्षेत्रीय व्यापार
उत्तर:
(C) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

2. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कितने प्रकार का होता है?
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर:
(A) 2

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

3. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के द्वार हैं-
(A) समुद्री बंदरगाह
(B) हवाई पत्तन
(C) जहाजों की रक्षा
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(B) हवाई पत्तन

4. जब एक ही क्षेत्र के निवासी वस्तु विनिमय करते हैं, तो यह कौन-सा व्यापार है?
(A) स्थानीय व्यापार
(B) क्षेत्रीय व्यापार
(C) राष्ट्रीय व्यापार
(D) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
उत्तर:
(A) स्थानीय व्यापार

5. क्षेत्रीय व्यापार को कहते हैं-
(A) स्थानीय व्यापार
(B) देशी व्यापार
(C) बहुपक्षीय व्यापार
(D) द्विपक्षीय व्यापार
उत्तर:
(B) देशी व्यापार

6. दो देशों के बीच वस्तुओं का विनिमय क्या कहलाता है?
(A) व्यापार
(B) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(C) क्षेत्रीय व्यापार
(D) द्विपक्षीय व्यापार
उत्तर:
(D) द्विपक्षीय व्यापार

7. आयात और निर्यात के बीच मूल्य के अंतर को क्या कहा जाता है?
(A) व्यापार संतुलन
(B) अनुकूल व्यापार संतुलन
(C) विलोम व्यापार संतुलन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) व्यापार संतुलन

8. जब निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा आयात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है तो व्यापार कहलाता है-
(A) व्यापार संतुलन
(B) अनुकूल व्यापार संतुलन
(C) ऋणात्मक व्यापार संतुलन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) ऋणात्मक व्यापार संतुलन

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

9. ओपेक में सम्मिलित देश नहीं है-
(A) ईरान
(B) कुवैत
(C) भारत
(D) इराक
उत्तर:
(C) भारत

10. एक देश द्वारा दूसरे देश से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद कहलाती है-
(A) व्यापार
(B) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(C) आयात
(D) निर्यात
उत्तर:
(C) आयात

11. एक देश द्वारा दूसरे देश को वस्तुओं का भेजना, क्या कहलाता है?
(A) व्यापार
(B) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(C) निर्यात
(D) आयात
उत्तर:
(C) निर्यात

12. निम्नलिखित में से कौन-सा देश सार्क (SAARC) का सदस्य नहीं है?
(A) भारत
(B) चीन
(C) पाकिस्तान
(D) भूटान
उत्तर:
(B) चीन

13. गैट व्यापारिक समझौता लागू हुआ था
(A) सन् 1948 में
(B) सन् 1959 में
(C) सन् 1994 में
(D) सन् 2005 में
उत्तर:
(A) सन् 1948 में

14. निम्नलिखित देशों में से कौन-सा सार्क का नया सदस्य बना है?
(A) भूटान
(B) नेपाल
(C) श्रीलंका
(D) अफगानिस्तान
उत्तर:
(D) अफगानिस्तान

15. विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय कहाँ है?
(A) न्यूयार्क
(B) जेनेवा
(C) पेरिस
(D) शंघाई
उत्तर:
(B) जेनेवा

16. सार्क (SAARC) के सदस्य देशों की संख्या कितनी है?
(A) 6
(B) 7
(C) 8
(D) 9
उत्तर:
(C) 8

17. अंतर्राष्ट्रीय तेल उत्पादक राष्ट्रों का समूह है-
(A) सार्क (SAARC)
(B) आसियान (ASEAN)
(C) 311406 (OPEC)
(D) इ०यू० (यूरोपीय संघ)
उत्तर:
(C) 311406 (OPEC)

18. आसियान का मुख्यालय है-
(A) जकार्ता में
(B) पेरिस में
(C) जेनेवा में
(D) लंदन में
उत्तर:
(A) जकार्ता में

19. जो पत्तन समुद्री मार्गों के मध्य विकसित होते हैं, उन्हें कहा जाता है-
(A) पोर्ट ऑफ कॉल पत्तन
(B) बाह्य पत्तन
(C) आंतरिक पत्तन
(D) सवारी पत्तन
उत्तर:
(A) पोर्ट ऑफ कॉल पत्तन

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

20. गहरे समुद्र में बनाए गए पत्तन को कहा जाता है-
(A) आंतरिक पत्तन
(B) बाह्य पत्तन
(C) तैल पत्तन
(D) सवारी पत्तन
उत्तर:
(B) बाह्य पत्तन

21. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के महत्त्वपूर्ण पक्ष में सम्मिलित है-
(A) व्यापार का परिमाण
(B) व्यापार की दिशा
(C) व्यापार का संयोजन
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

22. हगली नदी पर बना कोलकाता पत्तन निम्नलिखित में से किस प्रकार का है?
(A) बाह्य पत्तन
(B) आंत्रेपो पत्तन
(C) आंतरिक पत्तन
(D) सवारी पत्तन
उत्तर:
(C) आंतरिक पत्तन

23. जिन पत्तनों पर तेल का आयात-निर्यात और परिष्करण होता है, उन्हें कहा जाता है-
(A) वाणिज्यिक पत्तन
(B) बाह्य पत्तन
(C) आंतरिक पत्तन
(D) तैल पत्तन
उत्तर:
(D) तैल पत्तन

24. फारस की खाड़ी पर स्थित अबादान निम्नलिखित में किस प्रकार का पत्तन है?
(A) वाणिज्यिक पत्तन
(B) नौ सैनिक पत्तन
(C) तैल पत्तन
(D) आंत्रेपो पत्तन
उत्तर:
(C) तैल पत्तन

25. कौन-से देश ने इलैक्ट्रॉनिक के सामान के व्यापार में विशिष्ट दक्षता प्राप्त की है तथा जिसकी मांग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर है?
(A) भारत
(B) चीन
(C) अमेरिका
(D) जापान
उत्तर:
(D) जापान

26. छोटे-छोटे कल पुों के विशिष्टीकरण के व्यापार को कहा जाता है-
(A) क्षैतिज व्यापार
(B) उर्ध्वाधर व्यापार
(C) द्विपक्षीय व्यापार
(D) बहुपक्षीय व्यापार
उत्तर:
(B) उर्ध्वाधर व्यापार

27. व्यापारिक अनुबंधों में सामान्यीकृत प्रणाली से कार्य करने वाले देशों के समूह को कहा जाता है-
(A) व्यापार संघ
(B) प्रादेशिक व्यापार संघ
(C) यूरोपीय संघ
(D) दक्षिण एशिया प्रादेशिक सहयोग संघ
उत्तर:
(A) व्यापार संघ

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28. बंदरगाह जो जंगी जहाजों के लिए काम करता है, उसे कहते हैं-
(A) तेल बंदरगाह
(B) आंतरिक पत्तन
(C) पोर्ट ऑफ काल
(D) नौ सैनिक पत्तन
उत्तर:
(D) नौ सैनिक पत्तन

29. जब आयात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है, तो व्यापार कहलाता है-
(A) व्यापार संतुलन
(B) ऋणात्मक व्यापार संतुलन
(C) धनात्मक व्यापार संतुलन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) धनात्मक व्यापार संतुलन

B. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में दीजिए

प्रश्न 1.
विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आयात-निर्यात को क्या कहते हैं?
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार।

प्रश्न 2.
विश्व व्यापार संगठन (W.T.0.) की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
सन् 1995 में।

प्रश्न 3.
जब एक ही क्षेत्र के निवासी वस्तु-विनिमय करते हैं, तो यह कौन-सा व्यापार है?
उत्तर:
स्थानीय व्यापार।

प्रश्न 4.
दो देशों के बीच वस्तुओं का विनिमय क्या कहलाता है?
उत्तर:
द्विपक्षीय व्यापार।

प्रश्न 5.
एक देश द्वारा दूसरे देश को वस्तुओं का भेजना, क्या कहलाता है?
उत्तर:
निर्यात।

प्रश्न 6.
विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर:
जेनेवा में।

प्रश्न 7.
किस महाद्वीप में विश्व व्यापार का सर्वाधिक प्रवाह होता है?
उत्तर:
उत्तरी अमेरिका में।

प्रश्न 8.
सार्क (SAARC) के सदस्य देशों की संख्या कितनी है?
उत्तर:
आठ।

प्रश्न 9.
आसियान के कोई दो सदस्य देशों के नाम लिखें।
उत्तर:

  1. मलेशिया
  2. इण्डोनेशिया।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

प्रश्न 10.
जो पत्तन समुद्री मार्गों के मध्य विकसित होते हैं, उन्हें क्या कहा जाता है?
उत्तर:
पोर्ट ऑफ कॉल पत्तन।

प्रश्न 11.
हुगली नदी पर बना कोलकाता पत्तन किस प्रकार का पत्तन है?
उत्तर:
आंतरिक प्रकार का।

प्रश्न 12.
जिन पत्तनों पर तेल का आयात-निर्यात और परिष्करण होता है, उन्हें क्या कहा जाता है?
उत्तर:
तैल पत्तन।

प्रश्न 13.
कौन-से देश ने इलेक्ट्रॉनिक के सामान के व्यापार में विशिष्ट दक्षता प्राप्त की है?
उत्तर:
जापान ने।

प्रश्न 14.
जो पत्तन जंगी जहाजों के लिए काम करता है, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर:
नौ सैनिक पत्तन।

प्रश्न 15.
सार्क देशों का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर:
काठमाण्डू (नेपाल) में।

प्रश्न 16.
व्यापार के दो प्रकार बताइए।
उत्तर:

  1. घरेलू व्यापार
  2. विदेशी व्यापार।

प्रश्न 17.
यूरोपीय संघ का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर:
ब्रूसेल्स में।

प्रश्न 18.
भारत किस प्रादेशिक व्यापार समूह का सदस्य है?
उत्तर:
साफ्टा (SAFTA)।

प्रश्न 19.
उस देश का नाम लिखें जहाँ व्यापारिक रूप से हर किसान सहकारी संस्था का सदस्य है?
उत्तर:
डेनमार्क।

प्रश्न 20.
आसियान का गठन कब हुआ और इसका मुख्यालय कहाँ है?
अथवा
आसियान समूह का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर:
गठन-वर्ष 1967 में; मुख्यालय-जकार्ता में।

प्रश्न 21.
विश्व व्यापार संगठन (W.T.0.) की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
15 अप्रैल, 1997 को।

प्रश्न 22.
यूरोपीय आर्थिक समुदाय (E.E.C.) का गठन कब हुआ?
उत्तर:
मार्च, 1957 में।

प्रश्न 23.
यूरोपीय आर्थिक समुदाय को कब ‘यूरोपीय संघ’ नाम दिया गया?
अथवा
यूरोपीय संघ का गठन कब हुआ?
उत्तर:
सन् 1992 में।

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प्रश्न 24.
नाफ्टा का गठन कब हुआ?
उत्तर:
सन् 1988 में।

प्रश्न 25.
साफ्टा का गठन कब हुआ?
उत्तर:
सन् 2006 में।

प्रश्न 26.
ओपेक का गठन कब हुआ और इसका मुख्यालाय कहाँ है?
अथवा
ओपेक देशों के समूह का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर:
गठन-सन् 1949 में; मुख्यालय-वियना में।

प्रश्न 27.
किन्हीं दो प्रादेशिक व्यापार समूहों के नाम बताएँ।
उत्तर:

  1. आसियान
  2. साफ्टा।

प्रश्न 28.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का तोरण या अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रवेश द्वारा किसे कहा जाता है?
उत्तर:
पत्तन (Port) को।

प्रश्न 29.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार किसका परिणाम है?
उत्तर:
उत्पादन में विशिष्टीकरण का।

प्रश्न 30.
रेशम मार्ग किन दो देशों को आपस में जोड़ता है?
उत्तर:
चीन तथा दक्षिणी-पश्चिमी एशिया को।

प्रश्न 31.
अनुकूल व्यापार संतुलन से क्या तात्पर्य है?
अथवा
किसी देश का व्यापार संतुलन धनात्मक कब होता है?
उत्तर:
जब निर्यात का मूल्य आयात के मूल्य से अधिक हो तो उसे धनात्मक या अनुकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।

प्रश्न 32.
गैट (GATT) को कब विश्व व्यापार संगठन (WTO) में रूपांतरित किया गया?
उत्तर:
सन् 1995 में।

प्रश्न 33.
निम्नलिखित का पूर्ण रूप लिखें-

  1. WTO
  2. GATT
  3. OPEC
  4. EEC
  5. SAARC
  6. CIS
  7. COMECON
  8. EFTA
  9. ASEAN
  10. NAFTA
  11. SAFTA
  12. LAIA

उत्तर:

  1. WTO : World Trade Organisation
  2. GATT : General Agreement on Trade and Tariffs
  3. OPEC : Organisation of Petroleum Exporting Countries
  4. EEC : European Economics Community
  5. SAARC : South Asian Association of Regional Co-operation
  6. CIS : Common Wealth of Independent States
  7. COMECON : Council for Mutual Economic Assistance
  8. EFTA : European Free Trade Association
  9. ASEAN : Association of South East Asian Nations
  10. NAFTA : North American Free Trade Agreement
  11. SAFTA: South Asian Free Trade Area
  12. LAIA : Latin American Integration Association

अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार क्या है?
उत्तर:
विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आयात और निर्यात को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहते हैं।

प्रश्न 2.
तटीय व्यापार क्या है?
उत्तर:
एक ही देश की बंदरगाहों के बीच होने वाला व्यापार तटीय व्यापार कहलाता है।

प्रश्न 3.
आयात क्या है?
उत्तर:
किसी दूसरे देश से किसी वस्तु या सेवा का अपने देश के लिए खरीदना आयात कहलाता है।

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प्रश्न 4.
निर्यात क्या है?
उत्तर:
किसी वस्तु या सेवा का दूसरे देश में बेचना निर्यात कहलाता है।

प्रश्न 5.
उर्ध्वाधर व्यापार किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब कोई देश एक वस्तु का दूसरे देश से आयात कर अपने यहाँ उपभोग कर किसी अन्य वस्तु का निर्माण कर उसे किसी दूसरे देश को निर्यात करे तो उसे उर्ध्वाधर व्यापार कहते हैं।

प्रश्न 6.
क्षैतिज व्यापार किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब किसी उत्पाद का संपूर्ण कार्य एक ही देश में हो और उसे दूसरे देश में निर्यात किया जाए तो उसे क्षैतिज व्यापार कहते हैं।

प्रश्न 7.
संसार के पाँच सबसे बड़े व्यापारिक देशों के नाम बताइए।
उत्तर:

  1. संयुक्त राज्य अमेरिका
  2. युनाइटेड किंगडम
  3. फ्रांस
  4. जर्मनी
  5. जापान।

प्रश्न 8.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के चार महत्त्वपूर्ण पक्ष कौन-कौन से हैं?
उत्तर:

  1. व्यापार की मात्रा
  2. व्यापार की संरचना या संगठन
  3. व्यापार की दिशा
  4. व्यापार संतुलन।

प्रश्न 9.
व्यापार संघ क्या है?
उत्तर:
व्यापार संघ ऐसे देशों का समूह होता है जिनके बीच व्यापारिक शर्तों की सामान्यीकृन प्रणाली काम करती है।

प्रश्न 10.
ओपेक देशों के नाम बताइए।
उत्तर:
ओपेक देश 13 हैं इरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, वेनेजुएला, अल्जीरिया, इक्वेडोर, इंडोनेशिया, लीबिया, नाइजीरिया, कतर, गैबन व संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।

प्रश्न 11.
सार्क (SAARC) देशों के नाम बताइए।
उत्तर:
सार्क देश भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान हैं। ये आठ दक्षिण एशियाई देश हैं।

प्रश्न 12.
प्रतिकूल व्यापार संतुलन से क्या तात्पर्य है?
अथवा
किसी देश का व्यापार संतुलन ऋणात्मक कब होता है?
उत्तर:
जब निर्यात का मूल्य आयात के मूल्य से कम हो तो ऋणात्मक या प्रतिकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।

प्रश्न 13.
‘सैलेरी’ शब्द से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
‘सैलेरी’ शब्द लैटिन भाषा के शब्द “सैलेरिअम’ से बना है, जिसका अर्थ है-नमक के द्वारा भुगतान। क्योंकि उस समय समुद्र के जल से नमक बनाने का पता नहीं था : यही वजह है कि यह भुगतान का एक माध्यम बना।

प्रश्न 14.
विदेशी मुद्रा विनिमय क्या है?
उत्तर:
यह एक ऐसी प्रणाली है जिसके अंतर्गत एक देश की मुद्रा का दूसर देश की मुद्रा से अदल-बदल किया जाता है।

प्रश्न 15.
अंतर्देशीय पत्तन किसे कहते हैं? दो उदाहरण दें।
उत्तर:
ये पत्तन समुद्री तट से दूर अवस्थित होते हैं। ये समुद्र से एक नदी अथवा नहर द्वारा जुड़े होते हैं। ऐसे पत्तन चौरस तल वाले जहाज़ द्वारा ही गम्य होते हैं; जैसे मानचेस्टर, कोलकाता।

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प्रश्न 16.
बाह्य पत्तन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
ये गहरे जल के पत्तन हैं जो वास्तविक पत्तन से दूर बने होते हैं। ये उन जहाजों, जो अपने बड़े आकार के कारण उन तक पहुँचने में असमर्थ हैं, को ग्रहण करके पैतृक पत्तनों को सेवाएँ प्रदान करते हैं।

प्रश्न 17.
धनात्मक व्यापार संतुलन क्या होता है?
उत्तर:
किसी समयावधि में आयात एवं निर्यात के बीच मूल्यों के अंतर को व्यापार संतुलन कहते हैं। यदि किसी देश में आयात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है तो ऐसे देशों के व्यापार संतुलन को धनात्मक कहा जाता है। इसे अनुकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।

प्रश्न 18.
रेशम मार्ग किसे कहते हैं?
उत्तर:
रेशम मार्ग एक स्थलीय मार्ग है जो प्राचीनकाल में चीन तथा दक्षिणी पश्चिमी एशिया को व्यापारिक दृष्टि से जोड़ता था। इस मार्ग द्वारा कारवां रेशम, दाल चीनी, लोहे का सामान आदि अपने साथ व्यापार के लिए लेकर चलते थे। इस मार्ग पर प्राचीन नगरों के अवशिष्ट क्षेत्र अब भी दिखाई पड़ते हैं।

प्रश्न 19.
पारस्परिक आर्थिक सहयोग परिषद् (COMECON) के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
इस परिषद् का गठन पूर्वी यूरोप के सात देशों रूस, बुल्गेरिया, चेको-स्लोवाकिया, हंगरी, जर्मनी, पोलैंड तथा रोमानिया ने किया। इन देशों की परिषद् ने आर्थिक नियोजन के अंतर्गत ही व्यापार की नीतियों का निर्धारण किया है।

प्रश्न 20.
प्रादेशिक व्यापार समूह क्या होता है?
उत्तर:
प्रादेशिक व्यापार समूहों का जन्म भौगोलिक सामीप्य एवं समरूपता वाले देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने तथा विकासशील देशों के व्यापार पर लगे प्रतिबन्धों को हटाने के लिए हुआ है। वर्तमान में 120 व्यापार समूह विश्व के लगभग 52 प्रतिशत व्यापार का जनन कर रहे हैं। इन व्या समूहों का विकास प्रादेशिक व्यापार को गति देने में वैश्विक संगठनों के असफल होने के प्रत्युत्तर में हुआ है।

प्रश्न 21.
मुक्त व्यापार अथवा व्यापारिक उदारीकरण से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
व्यापार के लिए बिना किसी शर्त के अर्थव्यवस्थाओं को खोलने की प्रक्रिया को मुक्त व्यापार कहते हैं। इसको व्यापारिक उदारीकरण भी कहा जाता है।

प्रश्न 22.
व्यापारिक समूहों के निर्माण द्वारा राष्ट्रों को क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
उत्तर:

  1. व्यापार की मदों में भौगोलिक समीपता, समरूपता व पूरकता प्राप्त होना।
  2. विभिन्न राष्ट्रों के बीच व्यापार बढ़ने व व्यापार पर प्रतिबंध हटाने में सहायता मिलना।

प्रश्न 23.
प्रादेशिक व्यापार समूहों का क्या उद्देश्य है?
उत्तर:

  1. व्यापार शुल्क को समाप्त करना या हटाना।
  2. मुक्त व्यापार को बढ़ावा देना।
  3. व्यापार की मदों में भौगोलिक समीपता, समरूपता व पूरकता लाना।
  4. व्यापार को बढ़ावा देना और विकासशील देशों के व्यापार पर लगे प्रतिबंध हटाना आदि।

प्रश्न 24.
यूरोपीय संघ व्यापार समूह में कौन-से पाँच देश शामिल हैं?
उत्तर:

  1. ऑस्ट्रिया
  2. बेल्जियम
  3. डेनमार्क
  4. फ्रांस
  5. फिनलैंड आदि।

प्रश्न 25.
साफ्टा व्यापार समूह में शामिल किन्हीं पाँच देशों के नाम बताएँ।
उत्तर:

  1. बांग्लादेश
  2. मालदीव
  3. भूटान
  4. नेपाल
  5. भारत

प्रश्न 26.
आसियान व्यापार समूह में शामिल किन्हीं पाँच देशों के नाम बताएँ।
उत्तर:

  1. ब्रुनेई
  2. इंडोनेशिया
  3. मलेशिया
  4. सिंगापुर
  5. थाइलैंड।

प्रश्न 27.
प्रादेशिक व्यापार समूह के कोई चार संगठन बताएँ।
उत्तर:

  1. ओपेक
  2. आसियान
  3. साफ्टा
  4. नाफ्टा।

प्रश्न 28.
विनिमय व्यवस्था (Barter System) क्या होती है?
अथवा
वस्तु विनिमय से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
आदिम समाज में व्यापार का आरम्भिक रूप विनिमय व्यवस्था (Barter System) थी जिसमें बिना मुद्रा के वस्तुओं के विनिमय द्वारा ही व्यापार होता था अर्थात् वस्तु के बदले वस्तु ही दी जाती थी। यह व्यवस्था आज भी विश्व की आदिवासी जातियों में प्रचलित है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
व्यापार कितने प्रकार के होते हैं? वर्णन करें।
उत्तर:
व्यापार निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं-

  1. स्थानीय व्यापार-इसमें एक ही क्षेत्र के निवासी वस्तुओं का आदान-प्रदान करते हैं।
  2. क्षेत्रीय व्यापार-इसमें एक से दूसरे क्षेत्र में वस्तुओं का आदान-प्रदान होता है। इसे देशी व्यापार भी कहते हैं।
  3. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार-इसमें विभिन्न देश आपस में व्यापार करते हैं।

प्रश्न 2.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कितने प्रकार के होते हैं? वर्णन करें।
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार दो प्रकार का हो सकता है-

  1. द्विपक्षीय व्यापार-इसमें दो देशों के बीच वस्तुओं का विनिमय होता है। ऐसा तभी संभव होता है जब एक देश औद्योगिक उत्पादों के बदले कच्चे माल या ऊर्जा का विनिमय करे।
  2. बहुपक्षीय व्यापार-इसमें वस्तुओं और सेवाओं का कई देशों के बीच विनिमय होता है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

प्रश्न 3.
व्यापार संतुलन क्या है? यह कितने प्रकार का होता है?
उत्तर:
व्यापार संतुलन-किसी समयावधि में आयात एवं निर्यात के बीच मूल्यों के अंतर को व्यापार संतुलन कहते हैं। प्रकार-व्यापार संतुलन दो प्रकार का होता है-

  1. धनात्मक व्यापार संतुलन-यदि किसी देश में आयात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है तो ऐसे देशों के व्यापार संतुलन को धनात्मक कहा जाता है। इसे अनुकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।
  2. ऋणात्मक व्यापार संतुलन यदि किसी देश में निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा आयात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है तो उस देश का व्यापार संतुलन ऋणात्मक कहा जाता है। इसे विलोम व्यापार संतुलन या प्रतिकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।

प्रश्न 4.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास का मापदंड क्यों होता है?
उत्तर:
वर्तमान युग व्यापार का युग है। किसी भी देश का आर्थिक विकास उस देश द्वारा किए गए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर करता है। प्रौद्योगिकी तथा यातायात के साधनों में विकास के कारण व्यापार में काफी वृद्धि हुई है। जब कोई राष्ट्र अपनी उत्पादक वस्तुओं का निर्यात करता है तो विदेशी मुद्रा अर्जित करता है तथा संपन्नता को प्राप्त करता है। इसलिए अब विश्व में बड़े-बड़े व्यापारिक देश उन्नति के शिखर पर पहुँचकर विकसित देश बन गए हैं। औद्योगिक विकास होने के कारण कई देश दूसरे देशों का कच्चा माल निर्यात करते हैं तथा विदेशी मुद्रा प्राप्त करते हैं जिससे उस देश के लोगों के रहन-सहन तथा जीवन-स्तर में प्रगति होती है। कच्चा माल आयात करने वाले देश निर्मित वस्तुओं का निर्यात कर मुद्रा अर्जित करते हैं। इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार किसी भी देश की आर्थिक संपन्नता का मापदंड है।

प्रश्न 5.
पत्तन को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार कहते हैं। क्यों?
उत्तर:
पत्तन आयात तथा निर्यात करने के क्षेत्र हैं। ये अपने पृष्ठ क्षेत्र से यातायात के साधनों द्वारा जुड़े होते हैं। यहाँ स्थल मार्गों द्वारा विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ आती हैं जिन्हें सागरीय मार्ग द्वारा दूसरे देशों में भेजा जाता है तथा अन्य देशों से आयात किया गया माल इन पत्तनों द्वारा ही पृष्ठ देश में भेजा जाता हैं। इसलिए पत्तन अन्य देशों से आए माल के लिए प्रवे: देश के माल को अन्य देशों में भेजने के लिए निकास द्वार का कार्य करता है। इस प्रकार पत्तन के द्वारा ही आयात-निर्यात का कार्य होता है। इसलिए पत्तन को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के द्वार कहते हैं। .

प्रश्न 6.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का जन-जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का जन-जीवन पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ता है-

  1. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से कुछ देशों का शोषण होने लगता है और वाणिज्यिक प्रतिस्पर्धा कई बार राष्ट्रों को युद्धों की ओर धकेल देती है।
  2. वैश्विक व्यापार पर्यावरण, लोगों के स्वास्थ्य व कल्याण के साथ-साथ जीवन के अन्य अनेक पक्षों को प्रभावित करता है। आज ज्यादातर देश विश्व व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखने अथवा उसे बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धी बनते जा
  3. उपभोगवादी जीवन-शैली के चलते समुद्री जीवन तेजी से नष्ट हो रहा है। वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है और नदी बेसिन पेयजल कंपनियों को बेचते जा रहे हैं।
  4. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों को बढ़ावा मिलता है। प्रदूषण से जन-जीवन बहुत प्रभावित होता है।

प्रश्न 7.
दक्षिण-एशियाई मुक्त व्यापार समझौते (SAFTA) का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर:
दक्षिण एशियाई देशों में आपसी सहयोग, सहभागिता तथा समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से जिस प्रकार आठ देशों (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका व भूटान) का ‘सार्क’ (SAARC) संगठन वर्ष 1985 में अस्तित्व में आया था। उसी तर्ज पर इस क्षेत्र में परस्पर आर्थिक तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए मई, 1995 में नई दिल्ली में सार्क देशों की बैठक के दौरान ‘दक्षिण एशियाई वरीयता व्यापार समझौता’ (South Asian Preferential Trading Agreement-SAPTA) अस्तित्व में आया। इसके तहत सार्क देशों के बीच प्रारम्भ में 226 वस्तुओं के व्यापार पर 10 फीसदी से 100 फीसदी तक की रियायत प्रशुल्क दरें लगाने की व्यवस्था की गई है, जबकि सर्वाधिक 106 वस्तुओं पर रियायत भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत की गई।

सार्क बैठक के दौरान सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों द्वारा 5-7 जनवरी, 2004 को इस्लामाबाद में हस्ताक्षरित एक संधि के द्वारा ‘दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार संधि’ (SAFTA) अस्तित्व में आया, जबकि 1 जनवरी, 2006 से SAFTA’ को प्रभावी माना गया। इसके अन्तर्गत प्रशुल्कों को न्यूनतम दर पर लाकर गैर-प्रशुल्कीय बाधाओं को दूर किया जाना शामिल है। प्रतिवर्ष तकरीबन 20 बिलियन डॉलर व्यापार वाले क्षेत्र सार्क में तमाम ऐसी सम्भावनाएँ तथा विशेषताएँ मौजूद हैं जिनका दोहन कर आपसी सामाजिक-आर्थिक विषमताओं तथा समस्याओं को दूर किया जा सकता है। मगर क्षेत्र में लम्बे समय से चल रहे राजनीतिक गतिरोध के कारण इस समझौते के अधिकतम लाभ नहीं मिल पाए हैं।

दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार संधि के तहत समस्त सदस्य देशों को संवेदनशील सूची में क्रमबद्ध तरीके से कमी लाने पर सहमति बनी है। मालदीव अपनी संवेदनशील सूची में 681 प्रशुल्क लाइनों (Tariff Lines) को 78 प्रतिशत कम करके 152 प्रशुल्क लाइनों पर ले आया है। भारत द्वारा क्षेत्र के अल्पविकसित देशों के लिए संवेदनशील सूची की 480 प्रशुल्क लाइनों को 95 प्रतिशत कम करके 25 प्रशुल्क लाइनों के स्तर पर लाया गया है।

प्रश्न 8.
विश्व व्यापार संगठन (WTO) का वर्णन कीजिए।
अथवा
विश्व व्यापार संगठन क्या है? इसके आधारभूत कार्य कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
सन् 1994 में सदस्य देशों द्वारा राष्ट्रों के बीच मुक्त एवं निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए स्थायी संस्था के गठन का निर्णय लिया गया तथा 1 जनवरी, 1995 से गैट (GATT) को विश्व व्यापार संगठन में रूपान्तरित कर दिया गया। इस प्रकार विश्व व्यापार संगठन एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जो संयुक्त राष्ट्र के अधीन है। सन् 1995 में इसके सदस्य देशों की संख्या 124 थी जो वर्तमान में बढ़कर 164 हो गई है।

विश्व व्यापार संगठन के कार्य-विश्व व्यापार संगठन के कार्य निम्नलिखित हैं-

  1. यह एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो राष्ट्रों के मध्य वैश्विक नियमों को लागू करता है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न सदस्य देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को निबोध रूप से विकसित करना है।
  2. यह विश्वव्यापी व्यापार तंत्र के लिए टैरिफ और गैर टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए नियम बनाता है।
  3. विश्व व्यापार संगठन वस्तु व्यापार, सेवा व्यापार; जैसे दूरसंचार व बैंकिंग, आदि विषयों को अपने कार्यों में सम्मिलित करता है।
  4. यदि कोई सदस्य देश समझौतों और नियमों का पालन नहीं करता तो उसकी शिकायत विवाद निपटारा समिति को की जाती है।
  5. यह संगठन विश्व व्यापार नीति निर्माण में समन्वय लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष तथा विश्व बैंक को सहयोग करता है।

प्रश्न 9.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयातक एवं निर्यातक दोनों देशों के लिए लाभदायक होता है। व्याख्या करें।
उत्तर:
दो या दो से अधिक देशों का आपस में वस्तुओं तथा सेवाओं का आदान-प्रदान करना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है। एक देश दूसरे देश को उसकी आवश्यकता की वस्तुएँ भेजता है तथा बदले में उससे अपनी आवश्यकता की वस्तुएँ मंगवा लेता है। कोई भी देश जो किसी विशिष्ट वस्तु का उत्पादन अधिक करता है, वह उन्हें अन्य देशों को निर्यात करता है, जिससे उसे विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। कुछ देशों में वस्तुओं की खपत की तुलना में उत्पादन कम होता है। वे अन्य देशों से उन वस्तुओं का आयात कर लेते हैं। उन देशों की अर्थव्यवस्था आयात किए गए कच्चे माल पर आधारित होती है। इस कच्चे माल से वे निर्मित वस्तुएँ बनाकर निर्यात कर देते हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयातक एवं निर्यातक देशों के लिए लाभदायक होता है।

प्रश्न 10.
पत्तनों का नौभार के आधार पर वर्गीकरण करें।
उत्तर:
नौभार के आधार पर पत्तनों का वर्गीकरण निम्नलिखित है-

  1. सवारी पत्तन-ये सवारी लाइनर के ठहरने के पत्तन होते हैं जो आन्तरिक भाग से रेल व सड़क मार्गों से जुड़े होते हैं। मुम्बई, लंदन व न्यूयॉर्क ऐसे ही सवारी पत्तन हैं।
  2. वाणिज्यिक पत्तन-इन पत्तनों से आयात-निर्यात किया जाता है। इनमें से कुछ पत्तनों पर सवारियाँ भी उतारी-चढ़ाई जाती हैं। कई वाणिज्य पत्तन मत्स्यन जलपोतों को भी आश्रय देते हैं।
  3. विस्तृत पत्तन-ये वे पत्तन हैं जो बड़े परिमाण वाले तथा सामान्य नौभार को थोक में हैण्डल करते हैं। विश्व के अधिकांश महान् पत्तन विस्तृत पत्तनों के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं।
  4. औद्योगिक पत्तन-ये पत्तन थोक नौभार के लिए विशेषीकृत होते हैं।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

प्रश्न 11.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के कारण होने वाली किन्हीं चार हानियों का उल्लेख करें।
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के कारण होने वाली हानियाँ निम्नलिखित हैं-

  1. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से प्राकृतिक संसाधनों का उत्पादन बढ़ जाता है। इससे इनका इतनी तेजी से दोहन होता है कि इनकी पुनः पूर्ति नहीं हो पाती।
  2. इससे विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों को बढ़ावा मिलता है।
  3. शोषण और व्यापारिक प्रतिद्वन्द्विता से विश्व में युद्ध की आशंका रहती है।
  4. इससे विकास के वितरण में असमानता हो जाती है।

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट करें-
(क) उर्ध्वाधर व्यापार और क्षैतिज व्यापार
(ख) बाह्य पत्तन और आंतरिक पत्तन
(ग) अनुकूल व्यापार संतुलन और प्रतिकूल व्यापार संतुलन
(घ) द्विपक्षीय व्यापार और बहुपक्षीय व्यापार।।
उत्तर:
(क) उर्ध्वाधर व्यापार और क्षैतिज व्यापार में अन्तर-

उर्ध्वाधर व्यापारक्षैतिज व्यापार
जब कोई देश एक वस्तु का दूसरे देश से आयात कर अपने यहाँ उपभोग कर किसी अन्य वस्तु का निर्माण कर उसे किसी दूसरे देश को निर्यात करे उसे उर्ध्वाधर व्यापार कहते हैं।जब किसी उत्पाद का संपूर्ण कार्य एक ही देश में हो और उसे दूसरे देश में निर्यात किया जाए तो उसे क्षैतिज व्यापार कहते हैं।

(ख) बाह्य पत्तन और आंतरिक पत्तन में अन्तर-

बाह्य पत्तनआंतरिक पत्तन
1. ये गहरे समुद्र में बनाए जाते हैं।1. ये पत्तन समुद्र तट से दूर होते हैं। परंतु किसी नदी या नहर द्वारा समुद्र से जुड़े होते हैं।
2. इनका आकार बड़ा होता है। ऐसे जहाज जो वास्तविक पत्तन तक नहीं पहुंच पाते, उन्हें बाह्य पत्तन लंगर डालने की सुविधा प्रदान कर वास्तविक पत्तन तक पहुंचाने में सहायता करता है।2. इनका आकार छोटा होता है। ये पत्तन चपटे तलों वाले जहाजों के लिए बनाए जाते हैं।

(ग) अनुकूल व्यापार संतुलन और प्रतिकूल व्यापार संतुलन में अन्तर-

अनुकूल व्यापार संतुलनप्रतिकूल व्यापार संतुलन
जब किसी देश का निर्यात उसके आयात से अधिक हो तो इसे उस देश का अनुकूल व्यापार संतुलन कहा जाएगा।जब किसी देश का आयात उसके निर्यात से अधिक हो तो इसे उस देश का प्रतिकूल संतुलन व्यापार कहा जाएगा।

(घ) द्विपक्षीय व्यापार और बहुपक्षीय व्यापार में अन्तर-

द्विपक्षीय व्यापारबहुपक्षीय व्यापार
1. इसमें दो देशों के बीच व्यापार होता है।1. ये पत्तन समुद्र तट से दूर होते हैं। परंतु किसी नदी या नहर द्वारा समुद्र से जुड़े होते हैं।
2. इसमें एक देश अपने दूसरे मित्र व्यापारिक देश से ही व्यापार करता है।2. इसमें एक देश अनेक देशों से व्यापार कर सकता है।
3. द्विपक्षीय व्यापार में लगभग व्यापार दो देशों के अन्तर्गत ही सीमित है।3. विकासशील देश अनेक देशों में अपना व्यापार बढ़ाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

प्रश्न 13.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के इतिहास पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
प्राचीन समय में व्यापार स्थानीय बाज़ार तक ही सीमित था। लोग तब अपने संसाधनों का अधिकांश भाग अपनी मूलभूत आवश्यकताओं-रोटी, कपड़ा और मकान पर खर्च करते थे। केवल धनी लोग ही आभूषण और महंगे वस्त्र खरीदते थे। रोमन साम्राज्य के विखंडन के बाद 12वीं व 13वीं शताब्दी के दौरान यूरोपीय वाणिज्य को बढ़ावा मिला। 15वीं शताब्दी से यूरोपीय उपनिवेशवाद शुरू हुआ और विदेशी वस्तुओं के साथ जो व्यापार आरंभ हुआ उसे दास व्यापार कहा गया।

औद्योगिक क्रान्ति के पश्चात् कच्चे माल; जैसे अनाज, मांस, ऊन की माँग बढ़ने लगी, लेकिन विनिर्माण की वस्तुओं की तुलना में उनका मौद्रिक मूल्य कम हो गया। औद्योगिक राष्ट्रों ने कच्चे माल के रूप में प्राथमिक उत्पादों का आयात किया व तैयार माल को अनौद्योगीकृत राष्ट्र को निर्यात कर दिया।

19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन करने वाले प्रदेश अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं रहे और औद्योगिक राष्ट्र एक-दूसरे के मुख्य ग्राहक बन गए। प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार राष्ट्रों ने व्यापार कर और प्रतिबंध लगाए। विश्वयुद्ध के बाद के समय के दौरान विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने शुल्क घटाने में सहायता की।

प्रश्न 14.
व्यापार का परिमाण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का महत्त्वपूर्ण पक्ष क्यों है? वर्णन करें।
उत्तर:
व्यापार की गई वस्तुओं के वास्तविक तौल को व्यापार का परिमाण कहा जाता है। हालांकि तौल से मूल्य का सही-सही ज्ञान कभी नहीं हो पाता और न ही व्यापारिक सेवाओं को तौल में मापा जा सकता है। इसलिए व्यापार की गई कुल वस्तुओं तथा सेवाओं के कल मूल्य को व्यापार के परिमाण के रूप में जाना जाता है। इस परिमाण प्रक्रिया से ही व्यापार की स्थिति का पता चलता है। इसी कारण यह पक्ष अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का महत्त्वपूर्ण पक्ष है।

प्रश्न 15.
पत्तन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
समुद्र तट पर स्थित वह स्थलीय भाग जहाँ जहाजों को ठहरने, उनमें सामान लादने तथा उतारने, यात्रियों को ठहरने तथा सामान को सुरक्षित रखने के लिए माल गोदाम आदि सुविधाएँ होती हैं, उन्हें पत्तन कहते हैं। इन स्थानों पर जहाजों को खड़ा करने की सुरक्षित जगह होती है। वास्तव में ये अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवेश द्वार होते हैं, जहाँ से जहाजों की यात्रा आरंभ होती है तथा पुनः इसी जगह पर समाप्त होती है। ये स्थल तथा समुद्र के संगम पर द्वार की भांति होते हैं। किसी भी पत्तन का विकास उसके पृष्ठ प्रदेश (Winter Land) पर आधारित होता है। उसका पृष्ठ प्रदेश जितना अधिक समृद्धशाली होगा, वह पत्तन उतना ही अधिक वस्तुओं का व्यापार करेगा तथा उसका आकार भी विस्तृत होगा। पत्तन देश के आंतरिक भागों से सड़कों, रेलमार्गों तथा वायुमार्गों द्वारा भी जुड़े हैं। उदाहरणार्थ, न्यूयार्क, मुंबई (बंबई), कोलकाता, शंघाई, सिडनी आदि। विश्व में व्यापार की बढ़ती हुई प्रवृत्ति तथा जनसंख्या वृद्धि के कारण पत्तनों की भी विशिष्टता है।

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार क्या होता है? इसे प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
अथवा
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्या आधार हैं? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं-
1. प्राकृतिक संसाधनों की विविधता-विश्व में धरातलीय एवं भूगर्भिक संरचना, जलवायु तथा मिट्टी आदि की विभिन्नताओं के कारण प्राकृतिक संसाधनों में भी विभिन्नताएँ मिलती हैं। इस कारण कुछ देशों में आवश्यकता से अधिक संसाधन मिलते हैं और कुछ देशों में बहुत कम संसाधन मिलते हैं, इस प्रकार संसाधनों की विभिन्न मात्रा में उपलब्धि व्यापार का महत्त्वपूर्ण आधार है।

2. वस्तुओं का अतिरेक उत्पादन-किसी देश में यदि वस्तु का उत्पादन अधिक होता है तो उसे दूसरे देशों को निर्यात किया जाता है तथा बदले में अपनी आवश्यकता की वस्तुएँ आयात की जाती हैं; जैसे भारत में चाय, ब्राजील में कहवा, बांग्लादेश में पटसन, मलाया में रबड़, ऑस्ट्रेलिया में ऊन तथा नार्वे और स्वीडन में कागज आदि। इसलिए ये देश इन वस्तुओं का निर्यात करते हैं तथा निर्मित वस्तुएँ यूरोपीय देशों तथा अमेरिका से आयात करते हैं।

3. वस्तुओं तथा सेवाओं का अभाव आज विश्व का कोई भी देश आत्म-निर्भर नहीं है। उसको किसी-न-किसी वस्तु या सेवा के लिए दूसरे देश पर निर्भर रहना पड़ता है। जापान तथा ब्रिटेन जैसे विकसित देशों को भी कच्चे माल के लिए विदेशों का मंह ताकना पड़ता है। जापान तथा ब्रिटेन को उद्योगों के लिए कोयला, खनिज तेल, लोहा, चाय तथा चीनी के लिए विकासशील देशों पर आश्रित रहना पड़ता है। 12 मई तथा 13 मई 1998 को भारत ने पोखरण में 5 परमाणु परीक्षण किए तो संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकी दी। इससे साफ जाहिर है कि भारत को प्रौद्योगिकी तथा अन्य वस्तुओं के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है। हमारे पास पर्याप्त संसाधन होते हुए भी हमारी कुछ-न-कुछ निर्भरता विदेशों पर है।

4. परिवहन तथा संचार के साधनों का विकास वस्तुओं तथा सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए विकसित यातायात तथा संचार के साधनों का होना आवश्यक है। देश के आंतरिक भागों से बंदरगाहों तक पहुंचने के लिए सड़क तथा रेल यातायात तथा विदेशों में भेजने के लिए समुद्री परिवहन तथा वायु परिवहन का विकास आवश्यक है। भारी वस्तुएँ; जैसे खनिज पदार्थ (कोयला, लोहा आदि) को जलपोतों द्वारा तथा हल्की एवं बहुमूल्य वस्तुओं को वायु यातायात द्वारा भेजा जाता है; जैसे दूध, घी, मक्खन, फल, सब्जी इनके लिए वायु यातायात के साधनों का विकास करके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलता है।

5. आर्थिक विकास तथा जीवन-स्तर-विश्व के औद्योगिक रूप से संपन्न देशों में कच्चे माल की कमी है लेकिन वे विदेशों से मंगवाकर इसकी पूर्ति करते हैं क्योंकि उनकी क्रय-शक्ति अधिक है। जापान तथा जर्मनी विदेशों से कच्चा माल आयात कर उद्योग संचालित करते हैं तथा ऊंचे दामों पर मशीनें तथा अन्य निर्मित सामान विकासशील देशों को बेचते हैं जिससे अधिक लाभ कमाते हैं और जीवन-स्तर ऊंचा रखते हैं।

6. सांस्कृतिक विशेषताएँ दुनिया के कुछ देश ऐसे हैं जो अपनी सांस्कृतिक विशेषताओं के आधार पर कुछ विशिष्ट वस्तुओं का उत्पादन करते हैं तथा निर्यात भी करते हैं तथा उन वस्तुओं की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मांग अधिक है; जैसे भारत का हथकरघा तथा हौजरी का सामान, चीन का रेशम, जापान के खिलौने, ईरान के कालीन आदि। इन वस्तुओं की विदेशों में अधिक मांग है और यदि ये देश इन वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाएँ तो बहुत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित कर सकते हैं।

7. युद्ध और शांति युद्ध और शांति का भी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। युद्ध के दौरान कोई भी देश उस देश से व्यापार संबंध तथा वस्तुएँ नहीं भेजता क्योंकि उसे सामान के लूटे जाने तथा क्षतिग्रस्त होने का भय रहता है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को शांति से ही प्रोत्साहन मिलता है। खाड़ी युद्ध के दौरान कोई भी देश इराक से व्यापारिक संबंध बनाने तथा अपनी वस्तुओं को आसानी से निर्यात करने को सहमत नहीं था।

8. व्यापारिक नीति-व्यापार पर प्रतिबंध लगाने से व्यापार पर प्रतिकल प्रभाव पड़ता है। जो देश स्वतंत्र व्यापार की नीति अपनाते हैं, उनका व्यापार बहुत बढ़ जाता है। भारत ने तिलहनों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसी प्रकार अनेक उद्योगों को प्रोत्साहन तथा संरक्षण देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने कई वस्तुओं के आयात पर भारी कर लगाए हैं जिससे उनका आयात बंद या बहुत कम मात्रा में होता है।

9. राजनीतिक संपर्क-राजनीतिक संपर्क एवं मित्रता का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर प्रभाव पड़ता है। विश्व के साम्यवादी देश, चीन, हंगरी, यूगोस्लाविया तथा पूर्व सोवियत संघ आपस में ही व्यापारिक संबंध रखना चाहते थे। इन देशों का आपसी लेन-देन होता था। इसी प्रकार मध्य पूर्व के देशों में पहले ब्रिटेन का प्रभाव अधिक था। उसके साथ व्यापारिक संबंध थे लेकिन अब ये देश संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रभाव में अधिक हैं। उससे ही अधिकांश व्यापार करना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका बार-बार खाड़ी के देशों को आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी देता है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

प्रश्न 2.
पत्तनों (Port) का वर्गीकरण कीजिए।
अथवा
विभिन्न आधारों में पत्तनों का वर्गीकरण कीजिए।
अथवा
पत्तन कितने प्रकार के होते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पत्तनों का वर्गीकरण निम्नलिखित आधारों पर किया जाता है-
I. अवस्थिति के आधार पर पत्तनों का वर्गीकरण/प्रकार – अवस्थिति के आधार पर पत्तनों के प्रकार निम्नलिखित हैं

  • अंतर्देशीय पत्तन-ये पत्तन समुद्री तट से दूर अवस्थित होते हैं। ये समुद्र से एक नदी अथवा नहर द्वारा जुड़े होते हैं। ऐसे पत्तन चौरस तल वाले जहाज़ द्वारा ही गम्य होते हैं। उदाहरणतया मानचेस्टर, कोलकाता।
  • बाह्य पत्तन-ये गहरे जल के पत्तन हैं जो वास्तविक पत्तन से दूर बने होते हैं। ये उन जहाजों, जो अपने बड़े आकार के कारण उन तक पहुँचने में असमर्थ हैं, को ग्रहण करके पैतृक पत्तनों को सेवाएँ प्रदान करते हैं।

II. निपटाए गए नौभार के आधार पर पत्तनों का वर्गीकरण/प्रकार-निपटाए गए नौभार के आधार पर पत्तनों के प्रकार निम्नलिखित हैं

  • सवारी पत्तन-ये सवारी लाइनर के ठहरने के पत्तन होते हैं जो आन्तरिक भाग से रेल व सड़क मार्गों से जुड़े होते हैं। मुम्बई, लंदन व न्यूयॉर्क ऐसे ही सवारी पत्तन हैं।
  • वाणिज्यिक पत्तन-इन पत्तनों से आयात-निर्यात किया जाता है। इनमें से कुछ पत्तनों पर सवारियाँ भी उतारी-चढ़ाई जाती हैं। कई वाणिज्य पत्तन मत्स्यन जलपोतों को भी आश्रय देते हैं।
  • विस्तृत पत्तन-ये वे पत्तन हैं जो बड़े परिमाण वाले तथा सामान्य नौभार को थोक में हैण्डल करते हैं। विश्व के । अधिकांश महान् पत्तन विस्तृत पत्तनों के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं।
  • औद्योगिक पत्तन-ये पत्तन थोक नौभार के लिए विशेषीकृत होते हैं।

III. विशिष्टीकृत कार्यकलापों के आधार पर पत्तनों का वर्गीकरण/प्रकार-विशिष्टीकृत कार्यकलापों के आधार पर पत्तनों के प्रकार निम्नलिखित हैं
1. आंत्रपो पत्तन ये पत्तन एक देश के माल को दूसरे देश में भेजने का कार्य करते हैं। इन पत्तनों पर जो माल आता है, उसका गंतव्य अन्य देश होते हैं।

2. मार्ग या विश्राम पत्तन ये ऐसे पत्तन होते हैं जो मूल रूप से मुख्य समुद्री मार्गों पर विश्राम केंद्र के रूप में विकसित हुए।

3. पैकेट स्टेशन इन पत्तनों का प्रयोग छोटे समुद्री मार्ग वाले यात्रियों को उतारने तथा चढ़ाने के लिए किया जाता है। इनमें डाक लाने तथा ले जाने की भी सुविधा होती है। इन्हें नौका पत्तन (Ferry Port) भी कहा जाता है। इनका नामकरण छोटे जहाजों के आधार पर पैकेट स्टेशन रखा गया : ब्रिटिश चैनल के एक ओर डोबर (इंग्लैंड) तथा दूसरी ओर कैलेस (फ्रांस) इस प्रकार के पैकेट स्टेशन पोर्ट हैं।

4. नौ सेना पत्तन-सामरिक दृष्टि से इनका अत्यधिक महत्त्व होता है। इनमें नौसेना के लड़ाकू विमानों के ठहरने तथा उनके प्रशिक्षण और मुरम्मत की व्यवस्था होती है।

5. तैल पत्तन-20वीं शताब्दी में तेल का ऊर्जा के रूप में अधिक महत्त्व होने के कारण ऐसे पत्तन विकसित किए गए जहाँ तेल वाहक टैंकर ठहर सकें। इन्हें टैंकर पोर्ट भी कहते हैं। इन पत्तनों से तेल का आयात-निर्यात किया जाता है। कुछ तैल पत्तनों पर परिष्करण शालाएँ (तल शोधन शालाएँ) भी स्थापित की गई हैं। ये पत्तन तेल की पाइप लाइनों द्वारा तेल क्षेत्र से जुड़े होते हैं। वेनेजुएला में माराकायबो, लेबनॉन में ट्रिपोली तथा फारस की खाड़ी पर परिष्करणशाला या तैल पत्तन हैं।

प्रश्न 3.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की नूतन प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए। अथवा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की नूतन प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं-
(1) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के स्वरूप में अत्यधिक परिवर्तन आए हैं। पहले जनसंख्या कम थी तथा लोगों की आवश्यकताएँ भी सीमित थीं। देश या क्षेत्र उत्पादित वस्तुओं से ही अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर लेते थे, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ आत्म-निर्भरता कम होती गई। पहले व्यापार बहुत कम या सीमित वस्तुओं का होता था जिनमें अधिकांश बहुमूल्य वस्तुएँ: जैसे हीरा, सोना, चांदी. जवाहरात आदि का ही या विलासिता की वस्तुएँ; जैसे कहवा, चाय तथा चीनी का व्यापार होता था।

17वीं और 18वीं शताब्दी में उपनिवेशवाद के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का स्वरूप भी परिवर्तित हुआ। शासकों ने उपनिवेशों से प्राकृतिक संसाधनों का (कच्चे माल के रूप में) शोषण कर अपने देश ले जाना आरंभ किया तथा अपना औद्योगिक विकास मजबूत किया और निर्मित वस्तुओं को ऊँची कीमत पर उपनिवेशों को बेचना आरंभ किया।

(2) 18वीं शताब्दी की औद्योगिक क्रांति ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की संरचना में मूलभूत परिवर्तन किए। विलासिता एवं बहुमूल्य वस्तुओं के स्थान पर खनिज पदार्थो तथा ऊजा के संसाधनों (कोयला, पेट्रोल) आदि का व्यापार होने लगा। औद्योगिक देशों से निर्मित माल कम विकसित और विकासशील देशों को भेजा जाने लगा। विकासशील देश इन औद्योगिक देशों से मशीनें, इंजीनियरिंग का सामान तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आयात करने लगे। विकासशील देश विभिन्न कृषि उपजें; जैसे रबड़, कहवा, चाय, चीनी, मसाले, रेशम आदि का निर्यात कर अपनी राष्ट्रीय आय में वृद्धि करने लगे। व्यापार संतुलन बनाने के प्रयास जारी किए गए। इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहन मिला।

(3) 20वीं शताब्दी में उपनिवेश देशों को स्वतंत्रता मिल गई। इन देशों में आर्थिक विकास के स्तर को ऊँचा करने, लोगों के जीवन-स्तर में सुधार के अनेक प्रयास किए गए। प्राथमिक व्यवसायों के अतिरिक्त उद्योगों को भी प्रोत्साहित करने के प्रयास किए गए। ताकि अधिकतर कच्चा माल निर्यात करने की बजाय उद्योगों में वस्तुओं का निर्माण किया जाए। औद्योगिक विकास के लिए अनेक प्रोत्साहन तथा संरक्षण दिए गए जिससे औद्योगिक विकास की गति भी तीव्र हुई और अब विकासशील देश अपना सारा कच्चा माल विदेशों में भेजने की बजाय स्वयं उसका अधिकतर उपयोग करने लगे तथा वस्तुओं का निर्माण शुरू किया जिससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का स्वरूप परिवर्तित हो गया।

(4) परिणामस्वरूप अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का एक ऐसा स्वरूप सामने आया जिसमें उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों से शीतोष्ण कटिबन्धीय औद्योगिक देशों की और कम मूल्य वाले प्राथमिक उत्पादों; जैसे कपास, वनस्पति, खाद्यान्न, ऊन, रबड़, चाय, तेल, खनिज व कहवा आदि का निर्यात तथा शीतोष्ण कटिबन्धीय देशों से उष्ण कटिबन्धीय देशों को अधिक मूल्य वाले पदार्थो; जैस रासायनिक उत्पाद, मशीनरी, वस्त्र, मोटर, दवाइयों आदि का निर्यात होने लगा।

(5) कच्चा तेल, मशीनें तथा खनिज पदार्थ एवं परिवहन उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्त्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।

(6) विकसित गष्ट्रों का आयात-निर्यात बढ़ रहा है तथा अधिकांश देशों में व्यापार-सन्तुलन धनात्मक है जबकि विकासशील देशों का व्यापार-सन्तुलन निरन्तर बिगड़ रहा है। किंतु विश्व के पेट्रोल निर्यातक देश इसके अपवाद हैं।

(7) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के संवर्धन (Promotion) के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं; जैसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) एवं राष्ट्र व्यापार संघ व्यापार एवं विकास संस्था (UNCTAD) के होने के बाद भी विभिन्न राष्ट्रों द्वारा अपने हितों की रक्षा के लिए व्यापार संघों तथा क्लबों में लामबन्द होना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की एक नई प्रवृत्ति सामने आई है।

प्रश्न 4.
विश्व के विभिन्न प्रादेशिक व्यापार समूहों का वर्णन कीजिए।
अथवा
विश्व के किन्हीं चार प्रादेशिक व्यापार समूहों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विश्व के विभिन्न प्रादेशिक व्यापार समूह संघ/समूह निम्नलिखित हैं-
1. गैट-गैट (General Agreement on Trade and Tariffs-GATT) की स्थापना सन् 1948 में जेनेवा में हुई थी जिसका मुख्य उद्देश्य व्यापार के प्रतिबंधों को कम करके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि करना था। दूसरे विश्वयुद्ध के पश्चात् गैट ने भूमंडलीय
आर्थिक क्रान्ति को बढ़ावा दिया।

2. विश्व व्यापार संगठन-सन् 1995 में GATT का नाम बदलकर WTO (World Trade Organisation-WTO) हो गया। यह व्यापारिक झगड़ों का निपटारा करता है। सेवाओं के व्यापार को भी नियंत्रित करता है।

3. ओपेक-विश्व में 13 ऐसे देश हैं जो संपूर्ण निर्यात का लगभग 85 प्रतिशत तेल निर्यात करते हैं। इन्होंने सन् 1949 में एक संगठन गठित किया जिसे ओपेक (Organisation of Petroleum Exporting Countries-OPEC) के नाम से जाना जाता है। ये देश विश्व में तेल के सम्बन्ध में अपने संगठन की नीति बनाते हैं, उनका कार्यान्वयन करते हैं। इसमें जो 13 सदस्य देश हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं-अल्जीरिया, सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, इंडोनेशिया, इक्वेडोर, गैबन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, लीबिया, नाइजीरिया तथा वेनेजुएला। इस संगठन का उद्देश्य अपने सदस्य देशों के मध्य समन्वय, एकीकरण तथा तेल सम्बन्धी नीतियों का निर्धारण करना है।

4. यूरोपीय आर्थिक समुदाय-यूरोप के देशों का समुदाय ‘European Economic Community’ का गठन सन् 1957 में किया गया। प्रारंभ में इसमें फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम, लैग्जमबर्ग, नीदरलैंड तथा इटली 6 देश थे, लेकिन सन् 1973 में 3 देश डेनमार्क, ब्रिटेन तथा आयरिश गणराज्य भी सम्मिलित किए गए। इस समुदाय का उद्देश्य अपने सदस्य देशों के साथ स्वतंत्र व्यापार स्थापित करना तथा व्यापार प्रतिबंधों को समाप्त करना है। अब इन 9 देशों के बीच कोई व्यापारिक प्रतिबंध नहीं है।

स्वतंत्र व्यापार की नीति के अंतर्गत एक देश-दूसरे देश से व्यापार करता है। सन् 1995 में यूरोपीय आर्थिक समुदाय यूरोपीय संघ में परिवर्तित हो गया। इसने कई उत्पादन एवं व्यापार नीतियों का सामंजस्यीकरण किया। सन् 1999 के प्रारंभ में सभी सदस्य देशों में समान रूप से चलने वाली मुद्रा-‘यूरो’ को भी प्रचलन में लाया गया, ताकि सभी देशों को एक आर्थिक व्यवस्था के अंतर्गत प्रभावशाली ढंग से एक सूत्र में बाँधा जा सके। यह संघ विश्व का अकेला सबसे बड़ा बाजार है।

5. यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ-इस संघ का निर्माण सन् 1994 में हुआ। प्रारंभ में इसके 7 सदस्य देश-ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, नार्वे, पुर्तगाल, स्वीडन, ग्रेट ब्रिटेन व स्विटज़रलैंड थे, लेकिन ग्रेट ब्रिटेन, डेनमार्क व पुर्तगाल इस संघ को छोड़ गए व फिनलैंड व आइसलैंड इसमें शामिल हो गए।

6. उत्तरी अमेरिकन स्वतन्त्र व्यापार संघ-इसका संगठन सन 1988 में विश्व के दो बड़े व्यापारिक सहयोगियों-संयुक्त राज्य अमेरिका तथा कनाडा के बीच व्यापारिक प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए किया गया था। सन् 1994 में इसका व्यापक विस्तार किया गया और मैक्सिको को भी इसका सदस्य बनाया गया। यह ऐसा पहला अवसर था, जब किसी विकासशील देश को विकसित देशों के व्यापारिक संघ में सदस्यता मिली थी। अब इस संघ में लैटिन अमेरिकी देशों को भी सम्मिलित कर लिया गया है। इससे एक ऐसे स्वतन्त्र व्यापार क्षेत्र का निर्माण हुआ है, जो अलास्का से टिएरा डेल फ्यूगो तक फैला हुआ है। कृषि उत्पाद, मोटरगाड़ियाँ, स्वचालित पुजे, कम्प्यूटर, वस्त्र आदि इन देशों के मध्य प्रमुख व्यापारिक वस्तुएँ हैं।

7. दक्षिणी-पूर्वी एशियाई देशों का संगठन-आसियान देशों का गठन सन् 1967 में हुआ। इसके सदस्य देश हैं इंडोनेशिया, थाइलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, फिलीपींस और सिंगापुर। भारत भी आसियान देशों का सह-सदस्य है। जापान, यूरोपीय संघ तथा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से व्यापारिक बातचीत करते समय आसियान देश एक संयुक्त वार्ता करके उनकी मदद करता है।

8. दक्षिण एशिया प्रादेशिक सहयोग संगठन-सात दक्षिण एशियाई देशों-भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव ने मिलकर सार्क का गठन किया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार विकसित करना है। वर्तमान में इसके सदस्य देशों की संख्या आठ है।

9. स्वतंत्र राष्ट्रों का संघ इस व्यापार समूह का गठन तत्कालीन सोवियत संघ के विघटन के बाद मिस्क (बेलारूस) में किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था, प्रतिरक्षण तथा विदेश नीति के मामलों पर समन्वय एवं सहयोग स्थापित करना है। बेलारूस, जॉर्जिया, आरमीनिया, अज़रबैजान, कजाकिस्तान, रूस, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, यूक्रेन, खिरगिस्तान, मॉल्डोवा तथा उज्बेकिस्तान इस संगठन के सदस्य हैं। इन देशों के मध्य अशोधित तेल, प्राकृतिक गैस, सोना, कपास, रेशे, एल्यूमिनियम आदि मुख्य व्यापारिक वस्तुओं का व्यापार होता है।

10. लैटिन अमेरिकन इंटीग्रेशन एसोसिएशन इस व्यापारिक समूह का गठन सन् 1960 में किया गया था। इसका मुख्यालय मॉण्टोविडियो (उरुग्वे) में है। इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण अमेरिका के देशों के बीच आपसी व्यापार को बढ़ाना है। ब्राजील, कोलंबिया, अर्जेंटाइना, बोलीविया, इक्वाडोर, मैक्सिको, पराग्वे, पेरू, उरुग्वे तथा वेनेजुएला इसके सदस्य देश हैं।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

प्रश्न 5.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के परिमाण, व्यापार संयोजन व व्यापार की दिशा का वर्णन करें।
अथवा
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रतिरूप को निर्धारित करने वाले महत्त्वपूर्ण पक्षों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रतिरूप को निर्धारित करने वाले महत्त्वपूर्ण चार पक्ष होते हैं जिनका वर्णन निम्नलिखित हैं
1. व्यापार का परिमाण-व्यापार की गई वस्तुओं के वास्तविक तौल को व्यापार का परिमाण कहा जाता है। हालांकि तौल से मूल्य का सही-सही ज्ञान कभी नहीं हो पाता और न ही व्यापारिक सेवाओं को तौल में मापा जा सकता है। इसलिए व्यापार की गई कुल वस्तुओं तथा सेवाओं के कुल मूल्य को व्यापार के परिमाण के रूप में जाना जाता है। इस परिमाण प्रक्रिया से ही व्यापार की स्थिति का पता चलता है। इसी कारण यह पक्ष अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का महत्त्वपूर्ण पक्ष है। विभिन्न देशों के बीच व्यापार के परिमाण की भिन्नता उत्पादित पदार्थों, सेवाओं की प्रकृति, द्विपक्षीय सन्धियों व व्यापार निषेधों पर निर्भर करती है।

2. व्यापार का संयोजन-अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में जगह पाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के प्रकार भी बदलते रहते हैं। 20वीं शताब्दी के आरम्भ में आयात और निर्यात की वस्तुओं में प्राथमिक उत्पादों की प्रधानता थी। बाद में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में विनिर्मित वस्तुओं ने प्रमुखता प्राप्त कर ली। वर्तमान समय में यद्यपि विश्व व्यापार के अधिकांश भाग पर विनिर्माण क्षेत्र का आधिपत्य है, सेवा क्षेत्र जिसमें परिवहन तथा अन्य व्यावसायिक सेवाएँ शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि की प्रवृत्ति दिखा रहा है। इस प्रकार वस्तुओं के उत्पादन की अपेक्षा सेवाओं का उत्पादन ज्यादा लाभदायक होता है।

3. व्यापार की दिशा-18वीं सदी तक विकासशील देश यूरोप को विनिर्मित वस्तुएँ निर्यात किया करते थे। 19वीं सदी में व्यापार की दिशा बदली और यूरोप से विनिर्मित माल तीन दक्षिणी महाद्वीपों-दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया की ओर आने लगा। बदले में ये महाद्वीप कच्चे माल व खाद्य पदार्थों को यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच होने लगा। अब भारत, चीन व अन्य विकासशील देश भी विनिर्मित वस्तुओं के व्यापार में विकासशील देशों से प्रतिस्पर्धा करने लगे हैं।

4. व्यापार संतुलन-किसी समयावधि में आयात एवं निर्यात के बीच मूल्यों के अंतर को व्यापार संतुलन कहते हैं।
(i) धनात्मक व्यापार संतुलन यदि किसी देश में आयात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है तो ऐसे देशों के व्यापार संतुलन को धनात्मक कहा जाता है। इसे अनुकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।

(ii) ऋणात्मक व्यापार संतुलन यदि किसी देश में निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की अपेक्षा आयात की जाने वाली वस्तुओं का मूल्य ज्यादा होता है तो उस देश का व्यापार संतुलन ऋणात्मक कहा जाता है। इसे विलोम व्यापार संतुलन या प्रतिकूल व्यापार संतुलन कहते हैं।

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HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

पृष्ठ सं. 171 (प्रयास कीजिए)

प्रश्न 1.
निम्न आँकड़ों के लिए विभिन्न ऊँचाई वाले बच्चों का प्रतिशत ज्ञात कीजिए :
हल :

ऊँचाईबच्चों की संख्याभिन्न खप मेंप्रतिशत में
110 सेमी22\(\frac {22}{100}\)22%, 22 प्रतिशत
120 सेमी25\(\frac {25}{100}\)25%, 25 प्रतिशत
128 सेमी32\(\frac {32}{100}\)32%, 32 प्रतिशत
130 सेमी21\(\frac {21}{100}\)21%, 21 प्रतिशत
योग100

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 2.
एक दुकान में विभिन्न मापों वाले जूतों की जोड़ियों की संख्या निम्न प्रकार है।
माप 2 : 20; माप 3 : 30; माप 4 : 28; माप 5 : 14; माप 6 : 8
इस सूचना को ऊपर की भाँति एक तालिका के रूप में लिखिए और दुकान में उपलब्ध जूते की हर माप को प्रतिशतता में भी ज्ञात कर लिखिए।
आँकड़ों को निम्न सारणी में लिखा जाता है

आकारजूतों की संख्या रूप मेंभिन्न केप्रतिशत में
1.  220\(\frac {20}{100}\)20%, 20 प्रतिशत
2.  330\(\frac {30}{100}\)30%, 30 प्रतिशत
3.  428\(\frac {28}{100}\)28%, 28 प्रतिशत
4.  514\(\frac {14}{100}\)14%, 14 प्रतिशत
5.  68\(\frac {8}{100}\)8%, 8 प्रतिशत
योग100

पृष्ठ सं. 172

प्रश्न 1.
विभिन्न रंगों वाले 10 टुकड़ों (chips) का संग्रह इस प्रकार है:
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions 1

रंगसंख्याभिन्नहर सौप्रतिशत में
हरा (G)
नीला (B)
लाल (R)
योग

तालिका पूर्ण कीजिए तथा प्रत्येक रंग वाले टुकड़ों का प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
हल :
प्रत्येक रंग के टुकड़ों का वांछित प्रतिशत :

रंगसंख्याभिन्नहर सौप्रतिशत में
हरा (G)4\(\frac {4}{10}\)\( \frac{4}{10} \times \frac{100}{100}=\frac{40}{100}\)40%
नीला (B)3\(\frac {3}{10}\)\( \frac{3}{10} \times \frac{100}{100}=\frac{30}{100}\)30%
लाल (R)3\(\frac {3}{10}\)\( \frac{3}{10} \times \frac{100}{100}=\frac{30}{100}\)30%
योग10

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 2.
माला के पास चूड़ियों का एक संग्रह है जिनमें 20 सोने तथा 10 चाँदी की चूड़ियाँ हैं। प्रत्येक प्रकार की चूड़ियों का प्रतिशत क्या है ? क्या आप इसके लिए भी ऊपर की तरह तालिका बना सकते हैं?
हल :
ऑकड़ों को तालिका के रूप में लिखने पर,
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions 2

पृष्ठ सं. 174

प्रश्न 1.
निम्नलिखित भिन्नों को प्रतिशत में बदलिए :
(a) \(\frac {12}{16}\)
(b) 3.5
(c) \(\frac {49}{50}\)
(d) \(\frac {2}{2}\)
(e) 0.05
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions 3

प्रश्न 2.
(i) 32 विद्यार्थियों में 8 अनुपस्थित हैं। विद्यार्थियों का क्या प्रतिशत अनुपस्थित है ?
(ii) 25 रेडियो सैट में 16 खराब हैं। खराब रेडियो सैटों का प्रतिशत क्या है ?
(iii) एक दुकान में 500 पुर्जे हैं जिनमें 5 बेकार हैं। बेकार पुर्जी का प्रतिशत क्या है?
(iv) 120 मतदाताओं में से 90 ने ‘हाँ’ में मत दिया। कितने प्रतिशत ने ‘हाँ’ में मत दिया?
हल :
(i) विद्यार्थियों की कुल संख्या = 32
अनुपस्थित विद्यार्थियों की संख्या = 8
अनुपस्थित विद्यार्थियों का प्रतिशत = (\(\frac {8}{32}\) × 100) % = 25%

(ii) कुल रेडियो सेटों की संख्या = 25
खराब रेडियो सेटों की संख्या = 16
खराब रेडियो सेटों का प्रतिशत = (\(\frac {16}{25}\) × 100)%
= 64%

(iii) कुल पुर्जी की संख्या = 500
खराब पुों की संख्या = 5
खराब पुर्जी का प्रतिशत = (\(\frac {5}{500}\) × 100)%
= 1%

(iv) मतदाताओं की कुल संख्या = 120
हाँ वाले मतदाताओं की संख्या = 90
हाँ वाले मतदाताओं का प्रतिशत = (\(\frac {90}{120}\) × 100)%
= 75%

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

पृष्ठ सं. 175

प्रश्न 1.
35% + ……..% = 100%, 64% + 20% + ……..% = 100%, 45% – 100% – …….. %, 70% = …….. % – 30%
हल:
35% + 65% = 100%,
[∵ 100 – 35 = 65]
64% + 20% + 16% = 100%,
[∵ 64 + 20 = 84 और 100 – 84 = 16]
45% = 100% – 55%,
[∵ 100 – 45 = 55]
70% = 100% – 30%,
[∵ 70 + 30 = 100]

प्रश्न 2.
किसी कक्षा के विद्यार्थियों में 65% के पास साइकिलें हैं। कितने प्रतिशत विद्यार्थियों के पास साइकिलें नहीं हैं ?
हल :
साइकिल वाले विद्यार्थियों की संख्या = 65%
साइकिल न होने वाले विद्यार्थियों की संख्या = (100 – 65)% = 35%.

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 3.
हमारे पास, सेब, संतरों तथा आमों से भरी एक टोकरी है। यदि उसमें 50% सेब तथा 30% संतरे हैं, तब आमों का प्रतिशत कितना है?
हल :
टोकरी में सेबों की प्रतिशत = 50%
टोकरी में संतरों का प्रतिशत = 30%
टोकरी में आमों का प्रतिशत = (100 – 50 – 30)%
= (100-80)%
= 20%

पृष्ठ सं. 176

प्रश्न 1.
निम्न आकृतियों का कितने प्रतिशत छायांकित है?
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions 4
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions 5

पृष्ठ सं. 177

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(a) 164 का 50%
(b) 12 का 75%
(c) 64 का 12\(\frac {1}{2}\)%
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions 6

प्रश्न 2.
25 बच्चों की कक्षा में 8% बच्चे वर्षा में भीगना पसंद करते हैं। वर्षा में भीगने वाले बच्चों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
∵ 100 में से 8 बच्चे वर्षा में भीगना पसंद करते हैं।
∴ 25 में से वर्षा में भीगने वाले बच्चों की संख्या
= \(\frac {8}{100}\) × 25 = \(\frac {8}{4}\) × 1 = 2.

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

पृष्ठ सं. 178

प्रश्न 1.
9 किस संख्या का 25% है?
हल :
माना संख्या a है, तो
a का 25% = 9
⇒ \(\frac {25}{100}\) × a = 9
⇒ \(\frac {1}{4}\) × a = 9
⇒ a = 9 × 4
⇒ a = 36
अत: वांछित संख्या 36 है।

प्रश्न 2.
15 किस संख्या का 75% है?
हल :
माना संख्या a है, तो
a का 75% = 15
⇒ \(\frac {75}{100}\) × a = 15
⇒ \(\frac {3}{4}\) × a = 15
⇒ a = 15 × \(\frac {4}{3}\)
⇒ a = 5 × 4 = 20
∴ वांछित संख्या 20 है।

पृष्ठ सं. 179

प्रश्न 1.
15 मिठाइयों को मनु तथा सोनू में इस प्रकार बाँटिए कि उन्हें कुल का क्रमशः 20% तथा 80% मिले।
हल :
कुल मिठाइयों की संख्या = 15
मनु के पास मिठाइयों की संख्या = 15 का 20%
= \(\frac{20}{100}\) × 15 = \(\frac{1}{5}\) × 15 = 3
और सोनू के पास मिठाइयों की संख्या
= 15 का 80%
= \(\frac{80}{100}\) × 15 = \(\frac{4}{5}\) × 15
= 4 × 3 = 12.

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 2.
यदि किसी त्रिभुज के कोणों में अनुपात 2 : 3 : 4 है, तब उसके प्रत्येक कोण की माप क्या होगी?
हल:
अनुपातों का योग = 2 + 3 + 4 = 9
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग = 180°
∴ पहला कोण = \(\frac{2}{9}\) × 180° = 2 × 20° = 40°
दूसरा कोण = \(\frac{3}{9}\) × 180° = 3 × 20° = 60°
और तीसरा कोण = \(\frac{4}{9}\) × 180° = 4 × 20° = 80°

पृष्ठ सं. 180

प्रश्न 1.
बढ़ने या घटने का प्रतिशत ज्ञात कीजिए :
(i) कमीज का मूल्य ₹ 280 से घटकर ₹210 हो गया।
(ii) किसी परीक्षा में प्राप्तांक बढ़कर 20 से 30 हो गए।
हल :
(i) कमीज का वास्तविक मूल्य = ₹ 280
कमीज का नया मूल्य = ₹ 210
∴ मूल्य में कमी = (280 – 210) रु. = ₹ 70
कमी का प्रतिशत = मूल्य में कमी / वास्तविक मल्य × 100
= \(\frac {70}{280}\) × 100
= \(\frac {1}{4}\) × 100 = 25%

(ii) मूल प्राप्तांक = 20
नये प्राप्तांक = 30
प्राप्तांक में बदलाव = (30 – 20) = 10
बढ़ने का प्रतिशत = अंक में बदलाव / मूल अंक × 100 = 50%

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 2.
मेरी माता जी कहती हैं कि उनके बचपन के समय पैट्रोल की दर ₹ 1 प्रति लीटर थी और आजकल यह ₹ 52 प्रति लीटर है। पैट्रोल की दर में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई ?
हल :
पैट्रोल का मूल मूल्य = ₹ 1
पैट्रोल का नया मूल्य = ₹ 52
मूल्यों में अन्तर = ₹(52 – 1) रु. = ₹ 51
मूल्य प्रतिशत वृद्धि = मूल्य में अंतर / मूल मूल्य × 100
\(\frac {51}{1}\) × 100 = 5100%

पृष्ठ सं. 183

प्रश्न 1.
एक दुकानदार ने एक कुर्सी ₹ 375 रु. में खरीदी तथा ₹ 400 रु. में बेच दी। उसका लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
हल :
कुर्सी का क्रय मूल्य = ₹ 375
कुर्सी का विक्रय मूल्य = ₹ 400
क्योंकि विक्रय मूल्य > क्रय मूल्य, अत: लाभ होगा।
∴ लाभ = विक्रय मूल्य – क्रय मूल्य
= 400 – 375 = ₹ 25
लाभ % = (लाभ / क.म. × 100) %
= (\(\frac {25}{375}\) × 100) %
= (\(\frac {20}{3}\)) % = 6 \(\frac {2}{3}\) %

प्रश्न 2.
एक वस्तु ₹ 50 रु. में क्रय की गई तथा 12 प्रतिशत लाभ पर बेच दी गई। उस विक्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
हल:
क्रय मूल्य = ₹ 50
लाभ = 12%
₹ 50 रु. पर लाभ = \(\frac {12}{100}\) × 50 = ₹ 6
विक्रय मूल्य = 50 + 6 = ₹ 56 उत्तर

प्रश्न 3.
एक वस्तु में ₹ 250 में बेचने पर 5 प्रतिशत लाभ प्राप्त हुआ। उसका क्रय मूल्य क्या था ?
हल :
वस्तु का वि. मू. = ₹ 250
लाभ = 5 %
क्र. मू. = 100 × वि. मू. / 100 + लाभ %
= \(\frac{100 \times 250}{100+5}=\frac{100 \times 250}{105}\)
= ₹ \(\frac {5000}{21}\)
= ₹ 238\(\frac {2}{21}\) उत्तर

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 4.
एक वस्तु 5 प्रतिशत हानि उठा कर ₹ 540 रु. में बेची गई। उसका क्रय मूल्य क्या था ?
हल :
वि. मू. = ₹ 540
हानि = 5%
क्र. मू. = 100 × वि. मू. / 100 – हानि %
= ₹ \(\frac{100 \times 540}{100-5}\)
= ₹ \(\frac{100 \times 540}{95}\)
= \(\frac {10800}{19}\) = ₹ 568 \(\frac {8}{19}\) उत्तर

पृष्ठ सं. 185

प्रश्न 1.
₹ 10,000, 5 प्रतिशत वार्षिक दर से जमा किए जाते हैं। एक वर्ष बाद कितना व्याज प्राप्त होगा ?
हल :
मूलधन (P) = ₹ 10000, दर (R) = 5% और समय (T) = 1 वर्ष
∴ साधारण ब्याज (S.I.) = \(\frac{P \times R \times T}{100}\)
= ₹ \(\frac{10000 \times 5 \times 1}{100}\)
= ₹ 500 उत्तर

प्रश्न 2.
₹ 3500, 7 प्रतिशत वार्षिक दर से उधार दिए जाते हैं। दो वर्ष बाद कितना साधारण ब्याज देय होगा?
हल :
मूलधन (P) = ₹ 3500, दर (R) = 7 % और समय (T) = 2 वर्ष
∴ साधारण ब्याज (S.I.) = \(\frac{P \times R \times T}{100}\)
= \(\frac{3500 \times 7 \times 2}{100}\)
= ₹ 490 उत्तर

प्रश्न 3.
₹ 6050, 6.5 प्रतिशत वार्षिक दर से उधार लिए जाते हैं। 3 वर्ष बाद कितना ब्याज और कितना मिश्रधन देय होगा ?
हल :
मूलधन (P) = ₹ 6050, दर (R) = 6.5% और समय (T) = 3 वर्ष
∴ साधारण ब्याज (S.I.) = \(\frac{P \times R \times T}{100}\)
= ₹ \(\frac{6050 \times 6.5 \times 3}{100}\)
= ₹ 1179.75
मिश्रधन = मूलधन + साधारण ब्याज
= ₹ (6050 + 1179.75)
= ₹ 7229.75 उत्तर

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 4.
₹ 7000, 3.5 प्रतिशत वार्षिक दर से दो वर्ष के लिए उधार लिए जाते हैं। दो वर्ष बाद कितना मिश्रधन देय होगा?
हल :
मूलधन (P) = ₹ 7000 दर (R) = 3.5%, और समय (T) = 2 वर्ष
∴ साधारण ब्याज = \(\frac{P \times R \times T}{100}\)
= \(\frac{7000 \times 3.5 \times 2}{100}\)
= ₹ 490
मिश्रधन = मूलधन + साधारण ब्याज
= ₹ (7000 + 490)
= ₹ 7490 उत्तर

पृष्ठ सं. 186

प्रश्न 1.
आपके बैंक खाते में ₹ 2400 जमा हैं तथा ब्याज की दर 5 प्रतिशत वार्षिक है। कितने वर्षों बाद व्याज की राशि ₹ 240 होगी?
हल:
मूलधन (P) = ₹ 2400, दर (R) = 5% और साधारण ब्याज (S.I.) = ₹ 240
∴ समय (T) = \(\frac{\text { S.I. } \times 100}{P \times R}\)
= \(\frac{240 \times 100}{2400 \times 5}\) वर्ष
= 2 वर्ष उत्तर

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 8 राशियों की तुलना InText Questions

प्रश्न 2.
किसी धन का 5 प्रतिशत वार्षिक दर से 3 वर्ष का व्याजों ₹ 450 होता है। वह धन ज्ञात कीजिए।
हल :
साधारण ब्याज (S.I.) = ₹ 450, दर (R) = 5% और समय (T) = 3 वर्ष
∴ मूलधन (P) = \(\frac{100 \times \text { S.I. }}{R \times T}\)
= ₹ (\(\frac{100 \times 450}{5 \times 3}\))
= ₹ 3000

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HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

प्रश्न 1.
योग ज्ञात कीजिए :
(i) \(\frac{5}{4}+\left(\frac{-11}{4}\right)\)
(ii) \(\frac{5}{3}+\frac{3}{5}\)
(iii) \(\frac{-9}{10}+\frac{22}{15}\)
(iv) \(\frac{-3}{-11}+\frac{5}{9}\)
(v) \(\frac{-8}{19}+\frac{(-2)}{57}\)
(vi) \(\frac{-2}{3}+0\)
(vii) \(-2 \frac{1}{3}+4 \frac{3}{5}\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 1
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 2
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 3

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

प्रश्न 2.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac{7}{24}-\frac{17}{36}\)
(ii) \(\frac{5}{63}-\left(\frac{-6}{21}\right)\)
(iii) \(\frac{-6}{13}-\left(\frac{-7}{15}\right)\)
(iv) \(\frac{-3}{8}-\frac{7}{11}\)
(v) \(-2 \frac{1}{9}-6\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 4
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 5

प्रश्न 3.
गुणनफल ज्ञात कीजिए :
(i) \(\frac{9}{2} \times\left(\frac{-7}{4}\right)\)
(ii) \(\frac{3}{10} \times(-9)\)
(iii) \(\frac{-6}{5} \times \frac{9}{11}\)
(iv) \(\frac{3}{7} \times\left(\frac{-2}{5}\right)\)
(v) \(\frac{3}{11} \times \frac{2}{5}\)
(vi) \(\frac{3}{-5} \times \frac{-5}{3}\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 6

HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

प्रश्न 4.
निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए :
(i) \((-4) \div \frac{2}{3}\)
(ii) \(\frac{-3}{5} \div 2\)
(iii) \(\frac{-4}{5} \div(-3)\)
(iv) \(\frac{-1}{8} \div \frac{3}{4}\)
(v) \(\frac{-2}{13} \div \frac{1}{7}\)
(vi) \(\frac{-7}{12} \div\left(\frac{-2}{13}\right)\)
(vii) \(\frac{3}{13} \div\left(\frac{-4}{65}\right)\)
हल :
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 7
HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2 8

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Exercise 1.3

प्रश्न 1.
व्यापक नियम का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित में से प्रत्येक का आकलन कीजिए :
(a) 730 + 998
(b) 796 – 314
(c) 12,904 + 2,888
(d) 28,292 – 21,496
जोड़ने, घटाने और उनके परिणामों के आकलन के दस और उदाहरण बनाइए।
हल :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 1

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3

प्रश्न 2.
दस और उदाहरण :
(i) 744 + 785
(ii) 13805 + 2868
(iii) 975 – 687
(iv) 840 + 897
(v) 697 – 213
(vi) 25677 + 4213
(vii) 28283 – 21527
(viii) 48457 – 23624
(ix) 38393 – 31495
(x) 14915 + 2675
हल :
इसके हल निम्न प्रकार हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 2
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 3

प्रश्न 3.
एक मोटेतौर पर (Rough) आकलन (सौ तक सन्निकटन) और एक निकटतम आकलन (दस तक सन्निकटन) दीजिए:
(a) 439 + 334 + 4317
(b) 108734 – 47599
(c) 8325 – 491
(d) 489348 – 48365
ऐसे चार और उदाहरण बनाइए।
हल :
(a) शुरू करने के लिए हम सौ तक सन्निकटन, करते हैं।
439 → 400
334 → 300
4317 → 4300
आकलन योग = 5000
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 4
दूसरा आकलन प्राप्त करने के लिए हम दस तक सन्निकटन करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 5
अत: हम देखते हैं कि दूसरा आकलन बेहतर है।

(b) शुरू करने के लिए हम 100 तक सन्निकटन करते हैं :
108734 → 108700
47599 → – 47600
आकलन अन्तर = 61100
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 6
निकटतम आकलन प्राप्त करने के लिए प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकटन करते हैं :
108734 → 108730
47599 → – 47600
आकलन अन्तर = 161130
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 7
वास्तविक अन्तर = 61135
अत: दूसरे आकलन का अन्तर बेहतर है।

(c) शुरू करने के लिए हम 100 तक सन्निकटन करते हैं।
8325 → 8300
491 → -500
आकलन अन्तर = 7800
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 8
निकटतम आकलन प्राप्त करने के लिए हम प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकट करते हैं।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 9
अत: दूसरे आकलन का अन्तर बेहतर है।

(d) शुरू करने के लिए हम 100 तक सन्निकटन करते हैं:
489348 → 489300
48365 → -48400
आकलन अन्तर = 440900
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 10
निकटतम आकलन प्राप्त करने के लिए प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकटन करते हैं:
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 11
अत: दूसरे आकलन का अन्तर बेहतर है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3

प्रश्न 4.
चार और उदाहरण निम्न हैं:
(i) 434 + 593 + 5317
(ii) 7625 – 591
(iii) 479548 – 47465
(iv) 109834 – 48598
हल :
(i) जब प्रत्येक संख्या को 100 तक सन्निकटन करते हैं, तो
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 12
जब प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकटन करते हैं, तो
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 13
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 14
∴ दूसरा आकलन योग बेहतर है।

(ii) जब प्रत्येक संख्या को 100 तक सन्निकटन करते है तो –
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 15
जब प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकटन करते है तो
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 16
अत: दूसरे आकलन का अन्तर बेहतर है।

(iii) जब प्रत्येक संख्या को 100 तक सन्निकटन करते है तो –
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 17
जब प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकटन है तो –
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 18
अत: दूसरे आकलन का अन्तर बेहतर है।

(iv) जब प्रत्येक संख्या को 100 तक सन्निकट करते हैं, तो
109834 → 109800
48598 → 48600
आकलन अन्तर = 61200
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 19
जब प्रत्येक संख्या को 10 तक सन्निकटन करते हैं, तो –
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3 - 20
अत: दूसरे आकलन का अन्तर बेहतर है।

प्रश्न 5.
व्यापक नियम का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित गुणनफलों का आकलन कीजिए:
(a) 578 × 161
(b) 5281 × 3491
(c) 1291 × 592
(d) 9250 × 29
ऐसे चार और उदाहरण बनाइए।
हल :
(a) 578 → 600 (100 के सन्निकटित)
161 → 200 (100 के सन्निकटित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 600 × 200
= 1,20,000.

(b) 5281 → 5000 (1000 के सन्निकटित)
3491 → 73500 (100 के सन्निकरित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 5000 × 3500
= 1,75,00,000.

(c) 1291 → 1300 (100 के सन्निकटित)
592 → 600 (100 के सन्निकटित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 1300 × 600 = 7,80,000.

(d) 9250 → 9000 (1000 के सन्निकटित)
29 → 30 (10 के सन्निकटित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 9000 × 30 = 2,70,000.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 1 अपनी संख्याओं की जानकारी Ex 1.3

प्रश्न 6.
चार और उदाहरण :
(i) 89 × 318
(ii) 785 × 9
(iii)789 × 878
(iv) 988 × 388.
हल :
(i) 89 → 90 (10 के सन्निकटित)
318 → 300 (100 के सन्निकटित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 90 × 300 = 27,000.

(ii) 785 → 800 (100 के सन्निकटित)
9 → 10 (10 के सन्निकटित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 800 × 10 = 8.000.

(iii) 789 → 800 (100 के सन्निकटित)
878 → 900 (100 के सन्किटित)
∴ गुणनफलों का आकलन = 800 × 900 = 7,20,000.

(iv) 988 → 1000 (100 के सन्निकटित)
388 → 400 (100 के सन्निकटित)
∴ गणनफलों का आकलन = 1000 × 400 = 400000.

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