Author name: Bhagya

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य

Haryana State Board HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. आपातकालिक गर्भनिरोधक मैथुन के कितने घण्टे के भीतर लेनी चाहिए-
(अ) 72 घण्टे
(ब) 82 घण्टे
(स) 92 घण्टे
(द) 100 घण्टे
उत्तर:
(अ) 72 घण्टे

2. जनसंख्या दिवस मनाया जाता है-
(अ) 11 जुलाई
(ब) 21 जुलाई
(स) 31 जुलाई
(द) 11 अगस्त
उत्तर:
(ब) 21 जुलाई

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य

3. जो दम्पति बच्चे के इच्छुक हैं उनके लिए संतान प्राप्त करने का सर्वोत्तम उपाय है-
(अ) टेस्ट ट्यूब बेबी
(ब) गोद लेकर
(स) पात्रे निषेचन
(द) कृत्रिम गर्भाशय वीर्य सेचन
उत्तर:
(ब) गोद लेकर

4. जनन स्वास्थ्य शब्द से क्या तात्पर्य है-
(अ) शारीरिक स्वास्थ्य
(ब) व्यवहारात्मक स्वास्थ्य
(स) भावात्मक स्वास्थ्य
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

5. रोध (बैरियर) विधि कौन-सी है?
(अ) निरोध
(ब) गर्भाशय ग्रीवा टोपी
(स) डायफ्राम
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

6. कौनसी तकनीकी पुरुषों से सम्बन्धित है?
(अ) मुखीय गोली
(ब) वैसक्टोमी
(स) ट्यूबेक्टोमी
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ब) वैसक्टोमी

7. सिफलिस (Syphillis) रोग का रोगजनक है-
(अ) ट्राइकोमोनास वेजाइनेलिस
(ब) मानव पैपिलोमा वायरस
(स) ट्रिपोनिमा पैलिडम
(द) निसेरिया गोनोही
उत्तर:
(स) ट्रिपोनिमा पैलिडम

8. निम्न में से ऐसा कौनसा रोग है जो उपचार योग्य नहीं है-
(अ) यकृत शोध (बी)
(ब) जननिक परिसर्प
(स) एच.आई.वी. संक्रमण
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

9. विद्यालयों में यौन शिक्षा की पढ़ाई क्यों जरूरी है?
(अ) सुरक्षित और स्वच्छ यौन क्रियाओं के लिए
(ब) यौन संचारित रोगों एवं एड्स की जानकारी के लिए
(स) यौन सम्बन्धी गलत धारणाओं से छुटकारा पाने के लिए
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

10. परखनली के सम्बन्ध में सत्य है-
(अ) मादा के जननांग में निषेचन तथा परखनली में वृद्धि
(ब) जननांगों से बाहर निषेचन तथा गर्भाशय में परिवर्धन
(स) निषेचन तथा परिवर्धन गर्भाशय के बाहर
(द) जन्मपूर्व शिशु को इन्क्यूबेटर में रखना
उत्तर:
(ब) जननांगों से बाहर निषेचन तथा गर्भाशय में परिवर्धन

11. औषधि रहित आई यू डी निम्न में से कौन-सी है?
(अ) लिप्पेस लूप
(ब) कॉपर-टी
(स) सी यू
(द) प्रोजेस्टासर्ट
उत्तर:
(अ) लिप्पेस लूप

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12. उल्बवेधन (ऐमीनोसेंटेसिस) जाँच क्या है?
(अ) गर्भनिरोधक परीक्षण
(ब) बंध्यता परीक्षण
(स) भ्रूणीय लिंग परीक्षण
(द) यौन संचारित रोग परीक्षण
उत्तर:
(स) भ्रूणीय लिंग परीक्षण

13. जनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम किस नाम से प्रसिद्ध है?
(अ) एस.सी.एच.
(ब) एच.सी.एच.
(स) आर.सी.एच.
(द) एफ.सी.एच.
उत्तर:
(स) आर.सी.एच.

14. ऐसे मामले में जहाँ स्त्रियाँ अण्डाणु उत्पत्न नहीं कर सकतीं, लेकिन उनके लिए एक विधि अपनाई जाती है, जिसमें दाता से अंडाणु लेकर उन स्त्रियों की फैलोपी नलिका में स्थानान्तरित कर दिया जाता है। इस तकनीक को क्या कहते हैं?
(अ) जी.आई.एफ.टी.
(ब) ए.आर.टी.
(स) ई.टी.
(द) उत्तर:जेड.आई .एफ.टी.
उत्तर:
(अ) जी.आई.एफ.टी.

15. मानव जनसंख्या की अत्यधिक वृद्धि का कारण है-
(अ) औसत आयुकाल में वृद्धि
(ब) अच्छी चिकित्सीय सुविधाएँ
(स) मृत्युदर में कमी
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

16. परिवार नियोजन की शुरुआत भारत में कब हुई?
(अ) सन् 1951
(ब) सन् 1961
(स) सन् 1941
(द) सन् 197
उत्तर:
(अ) सन् 1951

17. दम्पति के बंध्य होने का कारण हो सकता है-
(अ) शारीरिक
(ब) जन्मजात
(स) रोगजन्य
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

18. निम्न में से यौन संचारित रोग है-
(अ) तपेदिक
(ब) पीलिया
(स) सुजाक
(द) जुकाम
उत्तर:
(स) सुजाक

19. जनन स्वास्थ्य को एक लक्ष्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर जननात्मक स्वस्थ समाज को प्राप्त करने की कार्य योजना बनाने वाला विश्व का पहला देश कौनसा था?
(अ) इंग्लैण्ड
(ब) भारत
(स) रूस
(द) अमेरिका
उत्तर:
(ब) भारत

20. स्तनपान अनार्तव विधि प्रसव के बाद ज्यादा से ज्यादा कितने माह की अवधि तक कारगर मानी गई है?
(अ) 6 माह
(ब) 8 माह
(स) 10 माह
(द) 12 माह
उत्तर:
(अ) 6 माह

21. प्रति हजार व्यक्तियों में जन्म लेने वाली संख्या को क्या कहते हैं?
(अ) वृद्धि दर
(ब) लगभग (crude) जन्म दर
(स) गर्भधारण दर
(द) प्रजनन दर
उत्तर:
(ब) लगभग (crude) जन्म दर

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22. मुखीय गर्भनिरोधक निम्न में से किसके विभित्न संयोग से बनता है?
(अ) प्रोजेस्ट्रेरॉन-एस्ट्रोजन
(ब) ऑक्सीटोसिन
(स) रिलेक्सीन
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) प्रोजेस्ट्रेरॉन-एस्ट्रोजन

23. सासाहिक रूप से खाने वाली गर्भ निरोधक गोली का व्यापारिक नाम है-
(अ) माला
(ब) सहेली
(स) माला ए
(द) माला डी
उत्तर:
(ब) सहेली

24. दैनिक रूप से खाने वाल गर्भ निरोधक गोली कौनसी है?
(अ) माला C
(ब) माला N तथा माला D
(स) माला A
(द) माला D
उत्तर:
(ब) माला N तथा माला D

25. महिलाओं के लिए एक नया ओरल गर्भ ‘सहेली’ वैज्ञानिकों ने किस संस्थान पर विकसित किया?
(अ) सी.डी.आर.आई.-लखनऊ
(ब) आई.आई .एससी.-बैंगलोर
(स) सी.एस.आई.आर.-नई दिल्ली
(द) आई.सी.एम.आर.-नई दिल्ली
उत्तर:
(अ) सी.डी.आर.आई.-लखनऊ

26. निम्न में से लोगों की जनन सम्बन्धी समस्या है-
(अ) सगर्भता
(ब) गर्भपात
(स) प्रसव
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

27. यौन संचारित रोग का लक्षण है-
(अ) गुसांग में खुजली
(ब) तरल स्राव आना
(स) हल्का दर्द तथा सूजन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

28. यौन संचारित रोगों का समय पर उपचार न होने पर निम्न में से कौनसी जटिलता पैदा हो सकती है-
(अ) श्रोणि-शोथज रोग (पी.आई.डी.)
(ब) अस्थानिक सगर्भता
(स) जनन मार्ग का केंसर
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

29. गर्भनिरोधक विधियों के सम्भावित दुष्प्रभाव हैं-
(अ) मतली
(ब) उदरीय पीड़ा
(स) अनियमित आर्तव रक्तस्राव
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

30. महिलाओं द्वारा मुँह से लेने वाली गोलियाँ 21 दिन तक प्रतिदिन ली जाती हैं। इन्हें क्या कहते हैं?
(अ) पिल्स
(ब) विल्स
(स) किल्स
(द) मिल्स
उत्तर:
(अ) पिल्स

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31. नीचे एक स्तम्भ में गर्भनिरोध प्राप्त करने की चार रीतियाँ (1-4) और दूसरे स्तम्भ में उनके कार्य करने की चार विधियाँ (i-iv) दी गई हैं। इन रीतियों और उनकी कार्य विधियों के सही मिलान को चुनिये-

स्तम्भ-I ( रीतियाँ )स्तम्भ-II ( कार्य विधियाँ)
1. गोली(i) शुक्रणुओं को सर्विक्स में पहुँचने से रोकना
2. कंडोम(ii) अंतर्रोपण को न होने देना
3. शुक्रवाहिका छेदन(iii) अण्डोत्सर्ग न होने देना
4. कॉपर-T(iv) वीर्य में शुक्राणुओं का न होना।

मिलान

(अ)1-(iii)2-(iv)3-(i)4-(ii)
(ब)1-(ii)2-(iii)3-(i)4-(iv)
(स)1-(iii)2-(i)3-(iv)4-(ii)
(द)1-(iv)2-(i)3-(ii)4-(iii)

उत्तर:

(स)1-(iii)2-(i)3-(iv)4-(ii)

32. प्रतिनिधि माँ (सरोगेट मदर) का उपयोग के लिए होता है।
(अ) दुगध स्त्रावण के प्रेरण
(ब) कृत्रिम वीर्यसेचित मादा
(स) प्रत्यारोपित भ्रूण वाली भविष्य की माँ
(द) कृत्रिम वीर्यसेचन।
उत्तर:
(स) प्रत्यारोपित भ्रूण वाली भविष्य की माँ

33. एम्नियोसेन्टेसिस विधि में द्रव कहाँ से निकाला जाता है?
(अ) भूण के रक्त से
(ब) माता के रक्त से
(स) माता के शरीर के द्रव से
(द) श्रूण को घेरे हुए द्रव से।
उत्तर:
(द) श्रूण को घेरे हुए द्रव से।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1
सेन्ट्रल ड्रग रिसर्च इन्स्टीट्यूट (CDRI) कहाँ अवस्थित है ?
उत्तर:
सेन्ट्रल ड्रग रिसर्च इन्स्टीट्यूट (CDRI) लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में अवस्थित है ।

प्रश्न 2.
परिवार नियोजन को अब किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर:
परिवार नियोजन को अब परिवार कल्याण के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 3.
कंडोम के उपयोग से कोई एक लाभ लिखिए।
उत्तर:
गर्भधारण के अलावा यौन संचारित रोगों से बचाव जैसा लाभ है।

प्रश्न 4.
उल्बभेदन (Amniocentesis) का एक धनात्मक तथा एक ऋणात्मक अनुप्रयोग बताइये ।
उत्तर:

  • धनात्मक अनुप्रयोग – यह भ्रूणावस्था में आनुवंशिक रोग की जाँच में प्रयुक्त किया जाता है।
  • ऋणात्मक अनुप्रयोग – यह मादा भ्रूण हत्या को बढ़ावा देता है।

प्रश्न 5.
हफ्ते में एक बार लेने वाली गर्भनिरोधक गोली का नाम लिखिए।
उत्तर:
हफ्ते में एक बार लेने वाली गर्भनिरोधक गोली का नाम सहेली है।

प्रश्न 6.
आई. यू. डी. गर्भाशय के अन्दर कॉपर (सी.यू.) का आयन मोचित होने के कारण शुक्राणुओं पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
आई. यू. डी. गर्भाशय के अन्दर कॉपर (सी.यू.) का आयन मोचित होने के कारण शुक्राणुओं की भक्षकाणुक्रिया (Phagocytosis) बढ़ा देती है जिससे शुक्राणुओं की गतिशीलता तथा उनके निषेचन की क्षमता को कम करती है।

प्रश्न 7.
मुँह द्वारा ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियों (पिल्स) में कौनसा हार्मोन पाया जाता है ?
उत्तर:
मुँह द्वारा ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियों (पिल्स) में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन नामक हार्मोन पाया जाता है।

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प्रश्न 8.
जो औरतें गर्भावस्था में देरी या बच्चों के जन्म में अंतराल चाहती हैं, उनके लिए कौनसी युक्ति आदर्श गर्भनिरोधक है?
उत्तर:
जो औरतें गर्भावस्था में देरी या बच्चों के जन्म में अंतराल चाहती हैं, उनके लिए आई यू डी आदर्श गर्भनिरोधक युक्ति है।

प्रश्न 9.
चिकित्सीय सगर्भता समापन किसे कहते हैं?
उत्तर:
गर्भावस्था पूर्ण होने से पहले जानबूझकर या स्वैच्छिक रूप से गर्भ के समापन को चिकित्सीय सगर्भता समापन ( एम.टी.पी.) कहते हैं।

प्रश्न 10.
IUCD का पूर्ण रूप लिखिए।
उत्तर:
इन्ट्रा यूटेराइन कान्ट्रासेप्टिव डिवाइस |

प्रश्न 11.
दो वर्ष तक मुक्त या असुरक्षित सहवास के बावजूद गर्भाधान न हो पाने की स्थिति को क्या कहते हैं?
उत्तर:
दो वर्ष तक मुक्त या असुरक्षित सहवास के बावजूद गर्भाधान न हो पाने की स्थिति को बंध्यता ( Infertility) कहते हैं।

प्रश्न 12.
महिला नसबंदी से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर;
महिला के उदर में छोटा-सा चीरा लगाकर अथवा योनि द्वारा डिंबवाहिनी नली का छोटा भाग निकाल या धागे से बाँधने की क्रिया को महिला नसबंदी अथवा नलिका उच्छेदन (टूबैक्टोमी) कहते हैं।

प्रश्न 13.
चिकित्सीय सगर्भता समापन ( एम. टी. पी.) को कानूनी स्वीकृति कब प्रदान की गई ?
उत्तर:
चिकित्सीय सगर्भता समापन ( एम. टी. पी.) को कानूनी स्वीकृति सन् 1971 ई. में प्रदान की गई।

प्रश्न 14.
STD का सम्पूर्ण रूप लिखिए।
उत्तर:
यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Diseases) |

प्रश्न 15.
स्तनपान अनार्तव विधि के दौरान गर्भधारण शून्य होता है, क्यों?
उत्तर:
स्तनपान अनार्तव विधि के दौरान अण्डोत्सर्ग और आर्तव चक्र शुरू नहीं होता है। इसलिए गर्भधारण शून्य होता है।

प्रश्न 16.
पुरुषों के लिए कंडोम का मशहूर ब्रांड नाम क्या है जो काफी लोकप्रिय है ?
उत्तर:
पुरुषों के लिए कंडोम का मशहूर ब्रांड नाम निरोध (Nirodh) काफी लोकप्रिय है 1

प्रश्न 17.
विवाह की वैधानिक आयु स्त्री तथा पुरुष के लिए क्या सुनिश्चित है ?
उत्तर:
विवाह की वैधानिक आयु स्त्री के लिए 18 वर्ष तथा पुरुष के लिए 21 वर्ष सुनिश्चित है।

प्रश्न 18.
दो STD के नाम लिखिए जो संदूषित रक्त से संचारित होते हैं।
उत्तर:

  • एड्स
  • हिपेटाइटिस – B

प्रश्न 19.
गर्भाशय वीर्य सेचन ( Intrauterine insemination) किसे कहते हैं?
उत्तर:
पति या स्वस्थ दाता से शुक्र लेकर कृत्रिम रूप से या तो स्त्री की योनि (Vagina) में अथवा गर्भाशय ( Uterus) में प्रविष्ट कराना गर्भाशय वीर्य सेचन कहलाता है ।

प्रश्न 20.
माहवारी चक्र में 10वें से 17वें दिन के बीच की अवधि को क्या कहते हैं एवं क्यों?
उत्तर:
माहवारी चक्र में 10वें से 17वें दिन के बीच की अवधि को निषेच्य अवधि (Fertile period) कहते हैं। क्योंकि इस अवधि में निषेचन एवं गर्भधारण के अवसर अधिक होते हैं।

प्रश्न 21.
पुरुष साथी स्त्री को वीर्यसेचित कर सकने योग्य नहीं है अथवा जिसके स्खलित वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बहुत ही कम है, ऐसे दोष का निवारण किस तकनीक से किया जा सकता है?
उत्तर:
कृत्रिम वीर्य सेचन ( Artificial Insemination)।

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प्रश्न 22.
सहेली नामक गर्भनिरोधक गोली की खोज भारत के किस संस्थान में की गई?
उत्तर:
सहेली नामक गर्भनिरोधक गोली की खोज भारत में लखनऊ स्थित केन्द्रीय औषध अनुसंधान संस्थान (CDRI) में की गई।

प्रश्न 23.
लैंगिक सम्पर्क से होने वाले कोई दो रोग बताइए ।
उत्तर:

  • सूजाक (Gonorrhoea)
  • सिफिलिस (Syphilis)

प्रश्न 24.
छोटे परिवार को प्रोत्साहन देने हेतु गर्भ निरोधक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित नारा ‘हम दो हमारा एक’ गाँव में ज्यादा लोकप्रिय है या शहर में ?
उत्तर:
शहरों में कामकाजी युवा दम्पतियों ने ‘हम दो हमारा एक’ का नारा अपनाया है।

प्रश्न 25.
HIV एवं AIDS का सम्पूर्ण रूप लिखिए।
उत्तर:
HIV- ह्यूमन इम्यूनो डेफीसिएन्सी वाइरस । AIDS – एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिन्ड्रोम ।

प्रश्न 26.
दो घटनाओं के नाम लिखिए जो मनुष्य में गर्भधारण से रोकथाम के लिए मुखीय गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करने से होती हैं ?
उत्तर:
मुखीय गर्भनिरोधक गोलियों से अण्डोत्सर्ग की क्रिया परिवर्तित होती है तथा रोपण की क्रिया नहीं होती है। इसके अलावा सर्वाइकल म्यूकस की गुणवत्ता को रूपान्तरित करती है जिससे शुक्राणुओं का प्रवेश बाधित हो जाता है।

प्रश्न 27.
डायफ्राम एवं वाल्ट क्या है? इसका क्या उपयोग है?
उत्तर:
डायफ्राम एवं वाल्ट रबर से बने रोधक उपाय हैं। इनका उपयोग स्त्री के जनन मार्ग में सहवास के पूर्व गर्भाशय ग्रीवा को ढकने में किया जाता है।

प्रश्न 28.
ZI FT का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर:
युग्मनज अन्तः डिम्बवाहिनी स्थानान्तरण (Zygote Intra Fallopian Transfer)

प्रश्न 29.
लिंग अनुपात किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी समष्टि में प्रति एक हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या लिंग अनुपात कहलाता है।

प्रश्न 30.
जनसंख्या की परिभाषा दीजिए।
उत्तर:
एक विशिष्ट स्थान पर एक समय में पाये जाने वाले एक जाति के सदस्यों के समूह को जनसंख्या कहते हैं ।

प्रश्न 31.
STD क्या है? इसके दो रोगों को बताइए ।
उत्तर:
वे रोग जो मैथुन (Sexual Inter Course) द्वारा संचारित होते हैं, उन्हें सामूहिक तौर पर यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Diseases, STD ) कहते हैं। इन्हें रति रोग अथवा जनन मार्ग संक्रमण (Reproductive Tract Infection) भी कहते हैं।
दो रोग –

  • सुजाक (Gonorrhoea)
  • सिफलिस (Syphilis ) ।

प्रश्न 32.
परखनली शिशु क्या है?
उत्तर:
परखनली शिशु ( Test Tube baby) – कुछ महिलाएँ गर्भधारण नहीं कर पाती हैं। इन महिलाओं के अण्डाणु को कृत्रिम माध्यम पर शुक्राणु द्वारा निषेचित कराकर पुनः भ्रूण को गर्भाशय में रोपित कर दिया जाता है जहाँ भ्रूण का सामान्य विकास होता है। सामान्य प्रसव के बाद जो शिशु जन्म लेता है इसे परखनली शिशु कहते हैं ।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
एक वर्ष की पुत्री की माता अपने दूसरे बच्चे में अन्तर रखना चाहती है। उसकी डाक्टर ने उसे Cu – T की सलाह दी। इसके गर्भनिरोधक प्रभाव को समझाइए ।
अथवा
Cu-T किस प्रकार महिलाओं के लिए एक असरकारक गर्भनिरोधक है?
उत्तर:
कॉपर-टी एक कॉपर आयन मुक्त करने वाली अन्तः गर्भाशयी युक्ति है। इससे निकलने वाले कॉपर आयन शुक्राणुओं ( Sperms) के लिए भक्षाणुओं की तरह कार्य कर उन्हें समाप्त कर देते हैं इससे शुक्राणुओं की गतिशीलता व निषेचन की क्षमता समाप्त हो जाती है। जिसके परिणामस्वरूप निषेचन (Fertilization ) एवं. गर्भधारण की क्रिया नहीं होती है।

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प्रश्न 2.
आदर्श गर्भनिरोधक किसे कहते हैं? गर्भनिरोधक उपायों के संभावित कोई पाँच दुष्प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
एक आदर्श गर्भनिरोधक प्रयोगकर्ता के हितों की रक्षा करने वाला, आसानी से उपलब्ध, प्रभावी तथा जिसका कोई दुष्प्रभाव नहीं हो या हो भी तो बहुत ही कम । इसके साथ ही यह उपयोगकर्ता की कामेच्छा, प्रेरणा तथा मैथुन में बाधक न हो उसे एक आदर्श गर्भनिरोधक ( Ideal Contraceptive ) कहते हैं।
गर्भनिरोधक उपायों के संभावित पाँच दुष्प्रभाव निम्न हैं-

  • मतली (Nausea)
  • उदरीय पीड़ा (Abdominal pain)
  • बीच-बीच में रक्तस्राव ( Breakthrough bleeding).
  • अनियमित आर्तव रक्तस्राव (Irregular menstrual bleeding)
  • स्तन कैंसर (Breast Cancer) ।

प्रश्न 3.
भारत में गर्भनिरोधक दूसरी प्रभावी और लोकप्रिय विधि कौनसी है? इसका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत में दूसरी प्रभावी और लोकप्रिय विधि अंतः गर्भाशयी युक्ति (Intra Uterine Device) है ये युक्तियाँ डाक्टरों एवं अनुभवी नसों द्वारा योनि मार्ग से गर्भाशय ( Uterus) में लगाई जाती हैं। आजकल विभिन्न प्रकार की अंत: गर्भाशयी युक्तियाँ उपलब्ध हैं; जैसे कि औषधिरहित आई यू डी (उदाहरण- लिप्पेस लूप), तांबा मोचक आई यू डी (कॉपर-टी, कॉपर-7 मल्टी लोड 375 कॉपर टी) तथा हार्मोन मोचक आई यू डी (प्रोजेस्टासर्ट, एल एन जी -20) आदि।

आई यू डी गर्भाशय के अन्दर कॉपर (सीयू) का आयन मोचित होने के कारण शुक्राणुओं की भक्षकाणुक्रिया (Phagocytosis) बढ़ा देती है जिससे शुक्राणुओं की गतिशीलता तथा उनकी निषेचन क्षमता को कम करती है। इसके अलावा आई यू डी हार्मोन को गर्भाशय में भ्रूण के रोपण के लिए अनुपयुक्त बनाते तथा गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं का विरोधी बनाते हैं जो औरतें गर्भावस्था में देरी या बच्चों के जन्म में अंतराल चाहती हैं, उनके लिए आई यू डी आदर्श गर्भनिरोधक (Ideal Contraceptives) है।

प्रश्न 4.
कभी-कभी गुणकारी खोज भी हानिकारक हो जाती है। समझाइए ।
उत्तर:
वैज्ञानिकों द्वारा मनुष्य के लाभ के लिए अनेक युक्तियों की खोज की जाती है। विभिन्न बीमारियों के इलाज की विधियाँ खोजी जाती हैं परन्तु मनुष्य अपने स्वार्थवश उनका दुरुपयोग करने लगता है जिसका परिणाम अति भयंकर होता है। उदाहरण के लिए उल्चवेधन ऐसी युक्ति है जिसमें माँ के गर्भ में पल रहे शिशु या गर्भ में उत्पन्न आनुवंशिक कमियों तथा उसकी स्थिति का पता लगाया जा सकता है परन्तु लालची मनुष्य ने इस युक्ति का प्रयोग लिंग की पहचान करने में प्रारम्भ कर दिया है।

लिंग का पता करके मनुष्य अवांछित भ्रूण को गर्भपात द्वारा नष्ट करा देता है। खासकर मानव समाज में लड़की के जन्म को हेय दृष्टि से देखा जाता है और उनकी इस युक्ति से पहचान कर गर्भ में हत्या कर दी जाती है। इसे भ्रूण हत्या कहते हैं। यह एक अमानवीय व्यवहार है। इससे यह सिद्ध होता है कि कभी-कभी गुणकारी खोज भी हानिकारक हो जाती है।

प्रश्न 5.
पिल्स क्या है? यह गर्भनिरोधक के रूप में किस प्रकार कार्य करती है? समझाइए ।
उत्तर:
महिलाओं के द्वारा खाया जाने वाला गर्भनिरोधक प्रोजेस्टोजन अथवा प्रोजेस्टोजन और एस्ट्रोजन का संयोजन है जिसे थोड़ी मात्रा में मुँह द्वारा लिया जाता है। यह मुँह से टिकिया (Tablets) के रूप में ली जाती है और यह पिल्स (Pills) के नाम से लोकप्रिय है। ये गोलियाँ ( Pills ) 21 दिन तक प्रतिदिन ली जाती हैं और इन्हें आर्तव चक्र (Menstrual cycle) के प्रथम पाँच दिनों, मुख्यत: पहले दिन से ही शुरू करना चाहिये। गोलियाँ (Pills)

समाप्त होने के सात दिनों के अंतर के बाद जब पुन: आर्तव चक्र शुरू होता है, फिर से वैसे ही लिया जाता है और यह क्रम तब तक जारी रहता है जब तक गर्भनिरोधक की आवश्यकता होती है । ये अण्डोत्सर्जन (Ovulation) और रोपण (Implantation ) को रोकने के साथ गर्भाशय ग्रीवा की श्लेष्मा गुणता को बदल देती हैं, जिससे शुक्राणुओं के प्रवेश पर रोक लग जाती है, या उनकी गति धीरे अथवा मंद हो जाती है।

ये गोलियाँ ( Pills) बहुत ही प्रभावशाली तथा बहुत कम दुष्प्रभाव वाली होती हैं। महिलाओं द्वारा ये खूब स्वीकार्य हैं । सहेली (Saheli) नामक नयी गर्भनिरोधक गोली है । यह हफ्ते में एक बार ली जाने वाली गोली है। इसके दुष्प्रभाव बहुत कम तथा यह उच्च निरोधक क्षमता वाली होती है।

प्रश्न 6.
जन्मदर व मृत्युदर में कोई चार अन्तर लिखिए ।
उत्तर:
जन्मदर तथा मृत्युदर में कोई चार अन्तर-

जन्मद्रमृत्युदर
1.प्रति हजार जनसंख्या में प्रतिवर्ष जन्म लेने वाले प्राणियों की संख्या को जन्मदर कहते हैं।प्रति ह जार जनसंख्या में प्रतिवर्ष मरने वाले प्राणियों की संख्या को मृत्युदर कहते हैं।
2. जन्मदर को नियंत्रित करने वाले कारक निम्न हैं-आर्थिक विकास एवं मानव महत्वाकांक्षाएँ।जबकि मृत्युदर को निम्न कारकों से कम किया जा सकता है -प्राकृ तिक आपदाओं से रक्षा, भण्डारण की सुविधा, कृषि का विकास आदि।
3. जन्मदर के बढ़ने से जनसंख्या घनत्व का मान भी बढ़ जाता है ।मृत्युदर के बढ़ने से जनसंख्या घनत्व के मान में कमी आती है ।
4. जन्मदर के बढ़ने से जनसंख्या में वृद्धि होती है।मृत्युदर के बढ़ने से जनसंख्या में कमी आती है।

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प्रश्न 7.
गर्भनिरोध की शल्यक्रिया विधि को नामांकित चित्र की सहायता से समझाइए ।
उत्तर:
शल्यक्रिया विधियाँ (Surgical methods ) – इन्हें बंध्यकरण (Sterilisation) भी कहते हैं । प्रायः यह उन लोगों को सुझाई जाती है, जिन्हें बच्चा नहीं चाहिये तथा इसे स्थाई माध्यम के रूप में (पुरुष / स्त्री में से एक) अपनाना चाहते हैं। शल्यक्रिया द्वारा युग्मक ( Gametes) के परिवहन को रोक दिया जाता है, जिसके फलस्वरूप गर्भाधान नहीं होता है । बंध्यकरण (Sterilisation) प्रक्रिया को पुरुषों के लिए शुक्रवाहक – उच्छेदन (Vasectomy) तथा महिलाओं के लिए डिंबवाहिनी नलिका उच्छेदन ( Tubectomy) कहा जाता है।

जनसाधारण इन क्रियाओं को पुरुष नसबंदी या महिला नसबंदी के नाम से जानते हैं। शुक्रवाहक- उच्छेदन में अंडकोष (Scrotum) शुक्रवाहक में चीरा मार कर छोटा-सा भाग काटकर निकाल या बाँध दिया जाता है।  (अ) को। जबकि स्त्री के उदर में छोटा- सा चीरा मारकर या योनि द्वारा डिंबवाहिनी नली (Fallopian Tube) का छोटा-सा भाग निकाल या बाँध दिया जाता है। देखिए चित्र (ब) को । ये तकनीकें बहुत ही प्रभावशाली होती हैं पर इनमें पूर्व स्थिति लाने की गुंजाइश बहुत ही कम होती है।
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य 1
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य 2

प्रश्न 8.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जनन स्वास्थ्य का अर्थ क्या है? जनन स्वास्थ्य कार्य योजनाओं के उद्देश्यों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनन स्वास्थ्य का अर्थ विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जनन के सभी पहलुओं सहित एक सम्पूर्ण स्वास्थ्य अर्थात् शारीरिक, भावनात्मक, व्यवहारात्मक तथा सामाजिक स्वास्थ्य है । इसलिए ऐसे समाज को जननात्मक रूप से स्वस्थ समाज कहा जा सकता है, जिसमें लोगों के जनन अंग शारीरिक रूप से प्रकार्यात्मक रूप से सामान्य हों, यौन संबंधी सभी पहलुओं में जिनकी भावनात्मक और व्यावहारिक पारस्परिक क्रियाएँ सामान्य हों।

जनन स्वास्थ्य कार्ययोजनाओं के उद्देश्य – राष्ट्रीय स्तर पर जननात्मक स्वस्थ समाज को प्राप्त करने की कार्ययोजनाएँ बनाई गई हैं। ये सारी कार्ययोजनाएँ वर्तमान में जनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम के अन्तर्गत आगे बढ़ाई जा रही हैं। जनन स्वास्थ्य हासिल करने की दिशा में लोगों के बीच जनन अंगों, किशोरावस्था एवं उससे जुड़े बदलावों, सुरक्षित एवं स्वच्छतापूर्ण यौन प्रक्रियाओं, एच.आई.वी.एड्स सहित यौन संचारित रोगों के बारे में परामर्श देना एवं जागरूकता पैदा करना इस दिशा में पहला कदम है।

चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा आर्तव (ऋतुस्राव) में अनियमितताएँ, सगर्भता संबंधी पहलुओं, प्रसव चिकित्सीय सगर्भता समापन आदि से जुड़ी समस्याओं की देखभाल, इनके लिए चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना और जन्म नियन्त्रण, प्रसवोत्तर शिश् एवं माता की देखभाल एवं प्रबंधन आदि आर. सी. एच. कार्यक्रम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलू हैं ।

प्रश्न 9.
गर्भनिरोधक किसे कहते हैं? महिलाओं द्वारा उपयोग में लिए जाने वाले किन्हीं दो गर्भनिरोधक का संक्षिप्त में वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
प्राकृतिक तथा यांत्रिक विधियों द्वारा निषेचन को रोकना तथा गर्भनिरोधक विधियों द्वारा अण्डे और शुक्राणुओं के संलयन को रोका जाता है।
महिलाओं द्वारा उपयोग किये जाने वाले दो गर्भनिरोधक निम्न हैं-

  1. गर्भनिरोधक गोलियाँ (Contraceptive Pills ) – गर्भनिरोधक गोलियों को रोज खाना पड़ता है, जिनसे महिला में अण्डोत्सर्ग नहीं होता है। इन गोलियों से केवल अण्डोत्सर्ग नहीं हो सकता है और रजचक्र की रक्तस्राव एवं गर्भाशय की दीवार के अस्तर का उतरना सामान्य रूप से होता रहता है।
  2. डायाफ्राम ( Diaphragm ) – इसे चिकित्सक द्वारा गर्भाशय के मुख (Cervix) पर फिट किया जाता है जिससे शुक्राणु सर्विक्स नलिका में प्रवेश नहीं कर पाते हैं।

प्रश्न 10.
चिकित्सीय सगर्भता समापन से क्या तात्पर्य है? इसका क्यों एवं कब उपयोग करना चाहिए? समझाइए ।
उत्तर:
चिकित्सीय सगर्भता समापन (Medical Termination of Pregnancy ) – गर्भावस्था पूर्ण होने से पहले जान- बूझकर या स्वैच्छिक रूप से गर्भ के समापन ( abortion ) को चिकित्सीय सगर्भता समापन कहते हैं। इसे प्रेरित गर्भपात (Induced abortion) भी कहते हैं। हमारे देश में चिकित्सीय सगर्भता समापन को वैधानिक मान्यता प्राप्त है।

सामान्य रूप से चिकित्सीय सगर्भता का उपयोग बलात्कार जैसे मामलों से हुई अनचाही सगर्भता तथा सामान्य या कभी-कभार के यौन संबंधों आदि से पैदा हुई सगर्भता को समाप्त कराने हेतु किया जाता है ऐसे मामलों में भी चिकित्सीय सगर्भता समापन (medical termination of pregnancy) किया जाता है जहाँ बार – बार की सगर्भता माँ अथवा भ्रूण अथवा दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है।

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सगर्भता 12 सप्ताह तक की अवधि में कराया जाने वाला चिकित्सीय सगर्भता समापन अपेक्षाकृत काफी सुरक्षित माना जाता है। इसके बाद द्वितीय तिमाही में गर्भपात बहुत ही घातक होता है। अधिकतर चिकित्सीय सगर्भता समापन ( एम टी पी) गैर-कानूनी रूप से अकुशल नीम-हकीमों से कराए जाते हैं जो कि न केवल असुरिक्षत होते हैं, बल्कि जानलेवा भी सिद्ध हो सकते हैं । आजकल शिशु के लिंग निर्धारण के लिए उल्बवेधन (Amniocentesis) का दुरुपयोग उच्च स्तर पर हो रहा है।

यह प्रवृत्ति शहरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलती है। दम्पति को मादा भ्रूण का पता लगने पर शीघ्र ही एम.टी.पी. करा लिया जाता है जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस प्रकार की प्रवृत्ति से बचना चाहिये क्योंकि यह युवा माँ और भ्रूण दोनों के लिए खतरनाक है। इसके साथ ही जनसंख्या में लिंग अनुपात ( Sex Ratio in Population) में अन्तर आ जायेगा जो सामाजिक दृष्टि में अच्छा नहीं रहेगा एवं इससे भविष्य में कई प्रकार की विषमताएँ उत्पन्न हो जायेंगी ।

प्रश्न 11.
सहेली क्या है? सहेली एवं मल्टी लोड 375 में कोई तीन विभेद लिखिए।
उत्तर:
सहेली – यह एक गर्भनिरोधक गोली एक गैर-स्टेराइड (Non-steroid) पदार्थ वाली होती है। इसे हफ्ते में एक बार लिया जाता है। इसकी निरोधक क्षमता उच्च तथा दुष्प्रभाव कम होता है।

सहेलीमल्टी लोड 375
1. यह प्रोजेस्ट्रोन व एस्ट्रोजन हार्मोन युक्त होती है।इसमें उक्त हार्मोन का अभाव होता है।
2. यह मुख द्वारा खायी जाती है।जबकि इसे स्त्री की योनि मार्ग द्वारा गर्भाशय में लगाया जाता है।
3. इसके द्वारा अण्डोत्सर्ग व रोपण कार्य को रोका जाता है।इसके द्वारा मोचित कॉपर आयन शुक्राणुओं की गतिशीलता को कम कर निषेचन क्रिया को रोकती है।

प्रश्न 12.
IUD क्या है? ये कितनी प्रकार की होती है? औषधि रहित IUD का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
IUD का पूरा नाम अन्तः गर्भाशयी युक्ति ( Intra Uterine Device) है। इसे अनुभवी चिकित्सकों द्वारा स्त्री के योनि मार्ग में गर्भाशय में लगाया जाता है। जब तक यह युक्ति गर्भाशय में रहती है, भ्रूण का रोपण गर्भाशय में नहीं होता है। इस प्रकार की युक्तियाँ शुक्राणुओं को गर्भाशय में पहुँचने से रोकती हैं।
IUD (अन्तः गर्भाशयी युक्तियाँ) तीन प्रकार की होती हैं-

  1. औषधि रहित IUD
  2. ताँबा मोचक IUD
  3. हार्मोन मोचक IUD

औषधिरहित IUD (Non-medicated IUDs) – इसमें कोई किसी प्रकार की औषधि नहीं होती है इसलिए इसे औषधिरहित IUD कहते हैं। केवल अण्डवाहिनी (Oviduct ) में लिप्पेस लूप (Lippes Loops) बनाकर अण्डाणु व शुक्राणु के संयोजन (Fertilization) को रोका जाता है। उदाहरण- लिप्पेस लूप ।

प्रश्न 13.
निम्नलिखित वाक्यों में से बताइए कि कौन-सा वाक्य सत्य है और कौन-सा गलत है?
1. पात्रे – निषेचन के बाद भ्रूण स्थानान्तरण के द्वारा महिला के जनन मार्ग में भ्रूण को स्थापित करके संतान प्राप्त की जाती है। यह एक सामान्य विधि है जिसे टेस्ट ट्यूब बेबी कार्यक्रम कहा जाता है।
उत्तर:
सत्य ।

2. माला-डी गर्भनिरोधक गोली स्टीरॉएड युक्त होती है ।
उत्तर:
सत्य ।

3. एल एन जी -20 एक औषधि रहित IUD है।
उत्तर:
गलत ।

4. मैथुन के समय कंडोम का प्रयोग नहीं करने से यौन संचारित रोग नहीं होते हैं।
उत्तर:
गलत ।

5. जब किसी जनसंख्या में जन्मदर तथा मृत्युदर समान होती है।
और जनसंख्या में कोई भी वृद्धि नहीं होती तो इसे शून्य जनसंख्या वृद्धि कहते हैं।
उत्तर:
सत्य ।

6. विश्व में हमारा देश चौथा ऐसा देश है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर जननात्मक स्वस्थ समाज को प्राप्त करने की कार्ययोजनाएँ बनाई हैं ।
उत्तर:
गलत ।

7. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तथा जीवन के रहन-सहन की बेहतर परिस्थितियाँ होने के कारण जनसंख्या में विस्फोटक वृद्धि हुई हैं।
उत्तर:
सत्य ।

8. दो वर्ष तक मुक्त या असुरक्षित सहवास के ‘बावजूद गर्भाधान न हो पाने की स्थिति को बंध्यता कहते हैं।
उत्तर:
सत्य ।

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प्रश्न 14.
सुजाक रोग क्या है? इसके लक्षण व उपचार लिखिए ।
उत्तर:
सुजाक रोग – इसे गोनोरिया (Gonorrhoea) भी कहते हैं। यह रोग निसेरिया गोनोरिया (Neisseria gonorrhoea) नामक जीवाणु के संक्रमण के कारण उत्पन्न होता है। यह रोग लैंगिक सम्पर्क के माध्यम से फैलता है।
सुजाक रोग के लक्षण-

  • मूत्र विसर्जन के समय तेज दर्द ।
  • शुक्राणु प्रवाह रुक जाता है।
  • संक्रमित नर मनुष्य के मूत्र मार्ग द्वारा श्वेत गाढ़े द्रव का स्राव होता है एवं रोग की अधिकता के कारण अधिवृषण भी संक्रमित हो जाती है।
  • महिलाओं में मासिक चक्र में व्यवधान के कारण बाँझपन आ जाता है।
  • महिलाओं में बार्थोलिन ग्रन्थि (Bartholian gland) एवं

मूत्र जनन मार्ग के संक्रमण के फलस्वरूप मूत्र त्याग में तेज दर्द होना आदि सुजाक रोग का लक्षण है।
उपचार-

  • इस रोग के उपचार में सल्फोनेमाइड तथा स्पेक्टिनोमाइसिम टेट्रासाइक्लिन आदि औषधियाँ दी जाती हैं।
  • सुरक्षित यौन सम्बन्ध व रोगी के सम्पर्क में न आवें ।
  • वेश्यावृत्ति व समलैंगिकता से बचना ।

प्रश्न 15
परखनली शिशु पर टिप्पणी लिखिए ।
उत्तर:
परखनली शिशु (Test Tube Babies) – कुछ महिलाओं में अण्डावाहिनी अवरुद्ध हो जाती है जिसके कारण अण्डे का निषेचन नहीं हो पाता। इस समस्या का निदान परखनली शिशु तकनीक की सहायता से किया जा सकता है। इस तकनीक में स्त्री अण्डाशय से एक या अधिक परिपक्व अण्डे एक विशेष पिचकारी ( Syringe ) द्वारा खींचे जाते हैं।

इन अण्डों को स्त्री के पुरुष साथी के शुक्राणुओं के साथ एक डिश में अनुकूलतम परिस्थितियों में कुछ घण्टों के लिए रखा जाता है। शुक्राणु अण्डों को निषेचित करते हैं और इससे एक भ्रूण निर्मित होता है। तब इस भ्रूण को स्त्री के गर्भाशय में प्रवेश कराया जाता है। जहाँ पर यह एक शिशु के रूप में परिवर्धित होता है।

प्रश्न 16.
कॉलम – I के पदों को कॉलम-II के साथ सही-सही क्रम में मिलाइए-

कॉलम-Iकॉलम-II
(a) जनन स्वास्थ्य लक्ष्य प्राप्ति में विश्व में1. अन्तःगर्भाशय वीर्य सेचन
(b) पहला उल्बवेधन जाँच2. एल एन जी-20
(c) प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि3. भ्रूणलिंग निर्धारण
(d) हार्मोन मोचक आई यू डी4. शुक्रवाहक उच्छेदन (वेसेक्टोमी)
(e) बंध्यकरण प्रक्रिया पुरुषों के लिए5. भारत
(f) कृत्रिम वीर्य सेचन6. स्तनपान अनार्तव

उत्तर:

कॉलम-Iकॉलम-II
(a) जनन स्वास्थ्य लक्ष्य प्राप्ति में विश्व में5. भारत
(b) पहला उल्बवेधन जाँच3. भ्रूणलिंग निर्धारण
(c) प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि6. स्तनपान अनार्तव
(d) हार्मोन मोचक आई यू डी2. एल एन जी-20
(e) बंध्यकरण प्रक्रिया पुरुषों के लिए4. शुक्रवाहक उच्छेदन (वेसेक्टोमी)
(f) कृत्रिम वीर्य सेचन1. अन्तःगर्भाशय वीर्य सेचन

प्रश्न 17.
सिफलिस रोग के रोग जनक, संक्रमण विधि, उद्भवन अवधि, लक्षण, रोकथाम एवं उपचार लिखिए।
उत्तर:
रोगजनक – ट्रोपोनेमा पैलीडम ।
संक्रमण की विधि-संक्रमित व्यक्ति के साथ लैंगिक सम्पर्क | उद्भवन अवधि – सम्पर्क के 10-90 दिन के बाद लक्षण स्पष्ट होते हैं लेकिन सामान्यतया जीवाणु द्वारा संक्रमित होने के 3-4 सप्ताह में लक्षण प्रकट होने लगते हैं।
लक्षण – लक्षण कई चरणों में प्रकट होते हैं। सिलफिस के सामान्य लक्षण निम्न हैं-

  • ज्वर, त्वचा में गले में, मूत्र प्रजनन क्षेत्र विशेषकर योनि या लिंग, गुदा, मलाशय व मुँह में अल्सर होते हैं। अल्सर (व्रण) गोल व दृढ़ व बहुधा पीड़ारहित होते हैं
  • हाथों, पाँवों व हथेली में दाने ।
  • मुँह में सफेद धब्बे ।
  • जाँघ में मुँहासे के समान मस्से ।
  • संक्रमित क्षेत्र से बालों का झड़ना ।
  • अन्तिम तीन लक्षण काफी हो सकते हैं।

ये बहुधा अंदरूनी हो जाते हैं और मस्तिष्क, तन्त्रिका, नेत्रों, रक्त वाहिनियों, अस्थियों व जोड़ों को प्रभावित करते हैं। जो संक्रमण के 10 वर्ष बाद प्रकट होते हैं। इससे पक्षाघात, अंधापन, मनोभ्रम (Dementia) व बंध्यता (Sterility) हो सकती है।

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रोकथाम व उपचार-

  • केवल एक ही व्यक्ति के साथ लैंगिक सम्पर्क
  • वेश्यावृत्ति व समलैंगिकता से बचना ।
  • संयम बरतना व कंडोम का प्रयोग करना ।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता रखनी चाहिए व उचित औषधीय उपचार लेना चाहिये ।

प्रश्न 18.
जीव विज्ञान का विद्यार्थी होने के नाते बंध्य दम्पतियों को संतान प्राप्ति हेतु आप क्या सुझाव देना चाहेंगे ?
उत्तर:
स्त्री व पुरुष दोनों की बंध्यता क्लीनिक में जाँच करवानी चाहिए तथा सहायक जनन प्रौद्योगिकियों ( ए आर टी) की मदद लेनी चाहिए। इन्हें टेस्ट ट्यूब बेबी कार्यक्रम का लाभ उठना चाहिये ।

प्रश्न 19.
(i) IUD का पूर्ण नाम लिखिए।
(ii) हार्मोन स्रावित करने वाले IUDs को, बच्चों के बीच में अन्तर रखने के लिए उत्तम गर्भनिरोधक माना जाता है। क्यों ?
उत्तर:
(i) IUD का पूर्ण नाम- इन्द्रा यूटेराइन डिवाइस (Intra Uterine Devices)
(ii) हार्मोन स्रावित करने वाले IUDs उत्तम गर्भनिरोधक हैं क्योंकि
(a) शुक्राणुओं की भक्षकाणुक्रिया (Phogocytosis) को बढ़ा देती है।
(b) जिससे शुक्राणुओं की गतिशीलता तथा उनकी निषेचन की क्षमता को कम करती है।
(c) गर्भाशय में भ्रूण के रोपण के लिए अनुपयुक्त बनाने तथा गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं का विरोधी बनाते हैं।

प्रश्न 20.
जन्म नियन्त्रण की स्तनपान अनार्तव (लैक्टेशनल एमेनोरिया) विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्तनपान अनार्तव (Lactational amenorrhoea)- यह विधि इस बात पर निर्भर करती है कि प्रसव के बाद स्त्री द्वारा शिशु को भरपूर स्तनपान कराने के दौरान अण्डोत्सर्ग (Ovulation ) और आर्तव चक्र (Menstrual cycle) शुरू नहीं होता है। इसलिए जितने दिनों तक माता शिशु को पूर्णत: स्तनपान कराना जारी रखती है, गर्भधारण का अवसर शून्य होता है।

इस समय शिशु को माँ के दूध के अतिरिक्त ऊपर से पानी या अतिरिक्त दूध भी नहीं दिया जाना चाहिए। इस दौरान मैथुन क्रिया करने पर अण्डाणु के अनुपस्थित होने के कारण निषेचन की सम्भावना नहीं होती है। यह विधि प्रसव के बाद ज्यादा से ज्यादा 6 माह की अवधि तक कारगर मानी गई है।

प्रश्न 21.
युग्मनज का अन्तः फैलोपियन स्थानान्तरण (ZIFT) तकनीक की व्याख्या करें। यह अन्तः गर्भाशयी स्थानान्तरण (IUT) तकनीक से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
युग्मनज का अन्तः फैलोपियन स्थानान्तरण तकनीक में 8 ब्लास्टोमियर तक के भ्रूण को स्त्री फैलोपियन नलिका (Fallopian Tube) में स्थानान्तरण किया जाता है। जबकि अन्तः गर्भाशयी स्थानान्तरण (IUT) तकनीक में 32 ब्लास्टोमीयर के भ्रूण को गर्भाशय में स्थानान्तरण किया जाता है।

प्रश्न 22.
आपके विचार से यौन संचारित रोगों से बचने का सर्वाधिक उपयुक्त उपाय क्या है? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दीजिए ।
उत्तर:
यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Diseases) – यौन संबंधों द्वारा संचारित होने वाले रोगों या संक्रमणों को यौन संचारित रोग (STD) कहा जाता है। इन्हें रतिज रोग (Veneral Diseases) अथवा जनन मार्ग संक्रमण (Reproductive tract infections) भी कहा जाता है। ये रोग निम्न हैं- सुजाक (Gonorrhoea), सिफिलिस (Syphilis), हर्पीस (Herpes), जननिक हर्पिस (Genital herpes), क्लेमिडियता (Chlamydiasis), ट्राइकोमोनसता (Trichomoniasis), यकृत शोध-बी (Hepatitis B ), लैंगिक मस्से ( Genital warts), एड्स (AIDS) आदि। इनसे बचने के लिए निम्न उपाय अपनाने चाहिये-

  • मैथुन के समय हमेशा कंडोम (Condoms ) का उपयोग करना चाहिये ।
  • किसी अनजान व्यक्ति अथवा बहुत से व्यक्तियों के साथ यौन सम्बन्ध नहीं रखना चाहिए।
  • यदि कोई आशंका है तो तत्काल ही प्रारम्भिक जाँच के लिए किसी योग्य चिकित्सक से मिलें और रोग का पता चले तो पूरा इलाज कराना चाहिए।

प्रश्न 23.
मानव स्त्री द्वारा प्रयोग की जाने वाली किसी एक गर्भ निरोधक गोली का नाम लिखिए। मुखीया गोलियाँ कैसे जन्म नियन्त्रण में सहायता करती हैं?
अथवा
मानव मादाओं द्वारा प्रयोग किये जाने वाले मुख से सेवन किये जाने वाले गर्भनिरोधक का हार्मोनी संघटन बताइए। यह एक गर्भनिरोधक के रूप में किस प्रकार कार्य करता है?
उत्तर:
गर्भनिरोधक गोली का नाम पिल्स (Pills) है। ये गोलियाँ प्रोजेस्ट्रोन व एस्ट्रोजन के संयोजन से बनी होती हैं। इन गोलियों का प्रयोग लगातार 21 दिनों तक किया जाता है और इन्हें माहवारी (Menstrual cycle) के पाँच दिनों में ही किसी दिन प्रारम्भ किया जाता है। अगली माहवारी के बाद पुनः शुरू कर दिया जाता है।

ये गोलियाँ ( Pills) अण्डोत्सर्ग (Ovulation ) और रोपण (Implentation) को रोकने के साथ-साथ गर्भाशय ग्रीवा की श्लेष्मा की गुणवत्ता को मंद कर देती है। जिससे शुक्राणुओं के प्रवेश पर रोक लग जाती है अथवा उनकी गति मंद हो जाती है। जिसके फलस्वरूप गर्भाधान नहीं हो पाता है।
हैं?

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प्रश्न 24.
कुछ स्त्रियाँ ‘सहेली’ गोलियों का सेवन क्यों करती
अथवा
स्त्री के लिए ‘सहेली’ गर्भनिरोधक को उत्तम माना जाता है। क्यों?
उत्तर:
सहेली एक उत्तम गैर स्टीरॉइड गर्भनिरोधक गोली है। इसे मुँह से सप्ताह में एक बार लेना होता है। इसके दुष्प्रभाव बहुत कम तथा उच्च निरोधक क्षमता वाली है।

प्रश्न 25.
यदि पुरुष नसबंदी करते समय चिकित्सक दायीं तरफ की शुक्रवाहक को बाँधना भूल जाता है, तो बन्ध्यकरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
पुरुष नसबंदी में दोनों बायें व दायें शुक्रवाहक को बाँधा जाता है। यदि दायीं तरफ की शुक्रवाहक को नहीं बाँधता है तो युग्मक परिवहन निरन्तर होगा व नसबंदी अपूर्ण होगी।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
गर्भनिरोधक साधनों को कौनसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है ? किन्हीं तीन श्रेणियों (विधियों) का वर्णन कीजिए। उत्तर- गर्भनिरोधक साधनों को निम्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है-

  1. प्राकृतिक / परम्परागत (Natural / Traditional)
  2. रोध (Barrier)
  3. आईयूडीज (IUDS)
  4. मुँह से लेने योग्य गर्भनिरोधक (Oral Contraceptives)
  5. टीका ( Injectables)
  6. अंतरोंप (Implants )
  7. शल्यक्रियात्मक विधियाँ (Surgical Methods )

1. प्राकृतिक / परम्परागत विधियाँ (Natural / Traditional Methods)- ये विधियाँ अण्डाणु (Ovum) एवं शुक्राणु ( Sperm) के मिलने (संयोजन) को रोकने के सिद्धान्त पर कार्य करती हैं जो निम्न हैं-
(i) आवधिक संयम (Periodic abstinence ) – इस विधि में एक दम्पति माहवारी चक्र ( menstrual cycle) के 10वें से 17वें दिन के बीच की अवधि के दौरान संभोग क्रिया नहीं करते हैं, जिसे अंडोत्सर्जन (Ovulation) की अपेक्षित अवधि मानते हैं। इस अवधि के दौरान निषेचन (Fertilization) एवं उर्वर (गर्भधारण) के अवसर बहुत अधिक होने के कारण इस अवधि को निषेच्य अवधि (Fertile Period) कहते हैं अतः उक्त अवधि में सहवास / संभोग न करके गर्भाधान से बचा जा सकता है।

(ii) बाह्य स्खलन अथवा अंतरित मैथुन (Withdrawal or coitus interruptus) – इस विधि में पुरुष साथी संभोग के दौरान वीर्य स्खलन से ठीक पहले स्त्री की योनि से अपना लिंग (penis) निकाल कर वीर्यसेचन (Insemination) से बच सकता है।

(iii) स्तनपान अनार्तव (Lactational amenorrhoea) – यह विधि भी इस बात पर निर्भर करती है कि प्रसव के बाद स्त्री द्वारा शिशु को भरपूर स्तनपान कराने के दौरान अण्डोत्सर्ग (Ovulation ) और आर्तव चक्र (Menstrual cycle) शुरू नहीं होता है। इसलिए जितने दिनों तक माता शिशु को पूर्णतः स्तनपान कराना जारी रखती है (इस समय शिशु को माँ के दूध के अतिरिक्त ऊपर से पानी या अतिरिक्त दूध भी नहीं दिया जाना चाहिए) गर्भधारण के अवसर लगभग शून्य होते हैं। यह विधि प्रसव के बाद ज्यादा से ज्यादा 6 माह की अवधि तक ही कारगर मानी गई है। उपरोक्त विधियों में किसी दवा या साधन का उपयोग नहीं किया जाता है अतः इसके कोई किसी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।

2. रोध (Barrier) – इन विधियों के अन्तर्गत रोधक साधनों के माध्यम से अंडाणु (Ovum) और शुक्राणु ( Sperm) को भौतिक रूप से मिलने अथवा संयोजन से रोका जाता है। इस प्रकार के उपाय पुरुष व स्त्री दोनों के लिए उपलब्ध हैं। निरोध (Condoms) एक रोधक उपाय है जिसे पतली रबर या लेटेक्स से बनाया जाता है ताकि इसके उपयोग से पुरुष के लिंग (Penis) या स्त्री की योनि (Vagina) एवं गर्भाशय (Uterus) ग्रीवा को संभोग से ठीक पहले, ढक दिया जाए और स्खलित शुक्राणु स्त्री के जननमार्ग में प्रवेश न कर सकें।

यह गर्भाधान से बचा सकता है। पुरुषों के लिए कंडोम (Condoms) का मशहूर ब्रांड नाम निरोध (Nirodh) काफी लोकप्रिय है। देखिए नीचे चित्र में पुरुष व स्त्री के कंडोम । हाल ही के वर्षों में कंडोम के उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है। क्योंकि इससे गर्भधारण के अतिरिक्त यौन संचारित रोगों तथा एड्स से बचाव अथवा सुरक्षा हो जाती है। स्त्री एवं पुरुष दोनों के ही कंडोम उपयोग के बाद फेंकने वाले होते हैं।

इन्हें स्वयं के द्वारा ही लगाया जा सकता है और इस तरह उपयोगकर्ता की गोपनीयता बनी रहती है। डायफ्राम (Diaphragms), गर्भाशय ग्रीवा टोपी (Cervical Cap) तथा वाल्ट (Vaults) आदि भी रबर से बने रोधक उपाय हैं जो स्त्री के जनन मार्ग में सहवास के पूर्व गर्भाशय ग्रीवा को ढकने के लिए लगाए जाते हैं।

ये गर्भाशय ग्रीवा को ढक कर शुक्राणुओं के प्रवेश को रोककर गर्भाधान से छुटकारा दिलाते हैं। इन्हें पुनः उपयोग में लिया जा सकता है। इसके साथ ही इन रोधक साधनों के साथ-साथ शुक्राणुनाशक क्रीम (Spermicidal Creams), जेली (Jelly ) एवं फोम (Foams) का प्रायः उपयोग किया जाता है, जिससे इनकी गर्भनिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है।
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य 3

3. अंतर्रोप (Implants) – स्त्रियों द्वारा प्रोजेस्ट्रोन अकेले या फिर एस्ट्रोजन के साथ इसका संयोजन भी टीके या त्वचा के नीचे अंतर्रोप ( Implant) के रूप में किया जाता है । (देखिए चित्र में )
डालिए ।
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य 4

प्रश्न 2.
जनन स्वास्थ्य समस्याएँ एवं कार्यनीतियों पर प्रकाश
उत्तर:
[ संकेत – बिन्दु 4.1 का अवलोकन करें ।]
जनन स्वास्थ्य-समस्याएँ एवं कार्यनीतियाँ (Reproductive Health-Problems and Strategies)
मानव समुदाय में जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक प्रत्येक सदस्य को आयु स्तर के सोपानों से होकर गुजरना पड़ता है। इन अवस्थाओं में बाल्यावस्था (Childhood), किशोरावस्था, प्रौढ़ावस्था एवं वृद्धावस्था शामिल हैं। इन सभी अवस्थाओं में किशोरावस्था एक महत्त्वपूर्ण  अवस्था होती है क्योंकि किसी भी समष्टि के भविष्य की समृद्धि एवं उसका आकार इसके द्वारा निर्धारित होता है।

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य

किशोरावस्था में त्वरित वृद्धि तथा अनेक प्रकार के शारीरिक व मानसिक विकासात्मक परिवर्तन आते हैं। इस अर्वधि में किशोरों में लैंगिक परिपक्वन हेतु परिवर्तन उत्पन्न होते हैं जो कि लैंगिक परिपव्वता तक जारी रहते हैं। लड़कों में यह अवधि 719 वर्ष तक और लड़कियों में 8-18 वर्ष की आयु मानी जाती है। इस कालावधि में दोनों ही विशिष्ट हार्मोन्स का उत्पादन व स्रावण होता है जो कि उनमें शारीरिक, क्रियात्मक एवं व्यवहारात्मक परिवर्तन उत्पन्न करते हैं।

ऐसे युवाओं को आगे चलकर वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर सन्तानोत्पत्ति व उनके उचित पालन-पोषण की जिम्मेदारी हेतु शारीरिक व मानसिक रूप से अपने आपको योग्य बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ता है। उपरोक्त कारणों से यह अव्वधि अत्यधिक संवेदनशील पायी जाती है।

चूँकि जनन स्वास्थ्य, जनन के सभी पहलुओं सहित एक सम्पूर्ण स्वास्थ्य है अतः जनन सम्बन्धी अनेक समस्याओं जैसे जनन अंगों का सामान्य रूप से कार्य न करना, प्रजनन के समय विपरीत परिस्थितियाँ उत्पन्न होना, विभिन्न प्रकार के जननिक रोगों की उत्पत्ति, शिशु मृत्युदर में वृद्धि, स्त्री एवं पुरुषों में जननिक दशाओं में अनियमितता आदि को जनन स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में जाना जाता है।

जिनमें कुछ महत्वपूर्ण पहलू निम्नलिखित हैं-

  • लोगों में जनन स्वास्थ्य सम्बन्धी जागरूकता की कमी।
  • तेजी से बढ़ती हुई मानव जनसंख्या अर्थात् जनसंख्या विस्फोट।
  • गर्भावस्था की जटिलताएँ, शिशु जन्म एवं असुरक्षित गर्भपात।
  • प्रसव के समय वांछित सुविधाओं व देखरेख का अभाव।
  • जन्मजात एवं उपार्जित बन्ध्यता।
  • सन्तानों के बीच का कम अन्तराल व अधिक सन्तानों की उत्पत्ति।
  • युवक-युवतियों में लैंगिक संचारित रोगों (Sexually transmitted diseases) का उच्च संक्रमण। एड्स (AIDS) जैसे भयावह व लाइलाज रोग।
  • किशोरियों में मासिक चक्र की अनियमितता व उसका रुकना जैसी कार्यियकीय असमानताएँ।
  • यौन रोगों को छिपाना।
  • विद्यालयों में यौन शिक्षा की कमी।
  • समय पर टीकाकरण न कराना। जन्म नियन्त्रक (गर्भनिरोधक) विकल्पों एवं स्तनपान के महत्त्व का अभाव।
  • पुत्र को कन्या के मुकाबले अत्यधिक महत्च एवं मादा भुण हत्या।
  • कम उम्र में विवाह, प्रजनन, गर्भधारण की अनिवार्यता, गर्भपात आदि 15-19 वर्ष की महिलाओं की मृत्यु के प्रमुख कारण हैं।

उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने समय-समय पर कुछ कार्ययोजना एवं कार्यक्रमों की शुरुआत की। वास्तव में भारत ही विश्व का पहला ऐससा देश है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर सम्पूर्ण जनन स्वास्थ्य को एक लक्ष्य के रूप में प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना और कार्यक्रमों की शुरुआत की।

इन कार्यक्रमों को परिवार नियोजन और आधुनिक समय में परिवार कल्याण के नाम से जाना जाता है। इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1951 में हुई। पिछले दशकों में समय-समय पर इनका स्थिर मूल्यांकन भी किया गया है। जनन संबंधित और आवधिक क्षेत्रों को इसमें सम्मिलित करते हुए बहुत उन्नत व व्यापक कार्यक्रम फिलहाल ‘जनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम’ (Reproductive and Child Health Care RCH Programme)

के नाम से प्रसिद्ध है। इन कार्यक्रमों के अन्तर्गत जनन सम्बन्धी विभिन्न पहलुओं के बारे में जन सामान्य में जागरूकता पैदा करते हुए और जननात्मक रूप से स्वस्थ समाज तैयार करने के लिए अनेक सुविधाएँ एवं प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। दुश्य एवं श्रव्य (Audio-Visual) और मुद्रित सामग्री की सहायता से सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन के माध्यम से जनता के बीच जनन सम्बन्धी सभी पहलुओं के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए विभिन्न उपाय सुझा रहे हैं।

उपरोक्त सूचनाओं को प्रसारित करने में माता-पिता, अन्य निकट सम्बन्धी, शिक्षक एख्वं मित्रों की प्रमुख भूमिका है। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में यौन शिक्षा (Sex Education) को बढ़ावा देकर युवाओं को सही जानकारी उपलव्य कराना लाकि बच्चों को यौन संबंधी फैली भान्तियों पर विश्वास न हो एवं उन्हें यौन संबंधी गलत धारणाओं से निजात मिल सके।

लोगों को जनन अंगों, किशोराबस्था एवं उससे सम्बन्धित परिवर्तनों, सुरक्षेत और स्वच्छ यौन क्रियाओं, यौन संचारित रोगों एवं एड्स के बारे में जानकारियां उपल्नव्य कराना। विशेष रुप से इस प्रकार की जानकारियां किशोर आयु वर्ग के लोगों के लिए जनन सम्बन्धी र्वस्थ जीवन बिताने में सहायक होती है।

लोगों को शिक्षित करना, विशेष रूप से जननक्षम जोड़ी तथा वे लोग जिनकी आयु विवाह योग्य हैं, उन्हें उपलब्ब जन्म नियन्त्रक (गर्भनिरोधक) विकल्पों तथा गर्भवती माताओं की देखभाल, माँ और बच्चे की प्रसवोत्तर (Postnatal) देखभाल आदि के बारे में तथा स्तनपान के महत्व, लड़का या लड़की को समान महत्व एवं समान अवसर देने की जानकारियों आदि से जागरूक स्वस्थ परिवर्तनों का निर्माण होगा।

लोगों को जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणामों, जनन अपराधों, यौन दुरुपयोग, सामाजिक उत्पीड़नों आदि के प्रति जागरूक करना जिससे वे इन बुराइयों से बचकर एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें। जनन स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए विभिन्न कार्यदोजनाओं के सफलतापूर्वक क्रियान्बयन के लिए मजबूत संरचनात्मक सुविधाओं, व्यावसायिक विशेषजता तथा भरपूर भौतिक सहारों की आवश्यकता होती है।

लोगों को जनन सम्बन्धी समस्याओं जैसे कि सगर्भता (Pragnancy), प्रसव (Parturition), यौन संचारित रोगों, गर्भपात (Abortion), गर्भनिरोधकों (Anti-pregnancy agents), आर्तव चक्र (Menstrual cycle) सम्बन्धी समस्याओं, बांपन (Infertility) आदि के बारे में चिकित्सा सहायता एवं देखभाल उपलब्ध करवाना समय-समय पर बेहतर तकनीकों और नई कार्यनीतियों को क्रियान्वित करने की भी आवश्यकता है, ताकि लोगों की अधिक सुचारु रूप से देखभाल और सहायता की जा सके ।

बढ़ती मादा भूरण हत्या की कानूनी रोक के लिए उल्बवेधन (Aminiocentesis) जाँच (भूणीय लिंग के निर्धारण की जाँच), लिंग परीक्षण पर वैधानिक प्रतिबंध तथा व्यापक बाल प्रतिरक्ष्कीकरण (टीका) आदि कुछ महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। जनन सम्बन्धी बिभिन्न अनुसंधानों को बढ़ावा देने के लिए हमारे देश की सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियां नयी विधियाँ तलाशने तथा कार्येशील प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं।

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लखनक स्थित केन्द्रीय औषध अनुसंधान संस्थान (Central Drug Research Institute, CDRI) ने ‘सहेली’ नामक गर्भनिरोधक गोली का निर्माण किया। यौन सम्बन्धी मामलों के बारे में बेहतर जागरूकता अधिकाधिक रूप से चिकिल्सा सहायता प्राप्त प्रसव तथा बेहतर प्रसवोत्तर देखभाल से मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी आई है। छोटे परिवार वाले जोड़ों की संख्या बढ़ी है। यौन संचारित रोगों की सही जाँच तथा देखभाल और लगभग सभी जनन स्वास्थ्य समस्याओं हेतु विकसित चिकित्सा सुविधाओं के होने से बेहतर समाज बेहतर जनन स्वास्थ्य के संकेत प्राप्त हो रहे हैं।

प्रश्न 3.
जनसंख्या विस्फोट किसे कहते हैं? जनसंख्या विस्फोट के कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनसंख्या विस्फोट और जन्म नियन्त्रण (Population Explosion and Birth Control)
चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता एवं व्यापक जागरूकता के कारण विश्व में मृत्युदर में कमी व जन्मदर में वृद्धि होने के फलस्वरूप जनसंख्या में वृद्धि हुई है। सन् 1900 ई. में पूरे विश्व की जनसंख्या लगभग 2 अरब थी जो सन् 2000 ई. में तेजी से बढ़कर 6 अरब हो गई।

हमारे देश भारत की जनसंख्या आजादी के समय लगभग 35 करोड़ थी जो सन् 2000 ई. में बढ़कर एक अरब से ऊपर पहुँच गई अर्थात् आज दुनिया का हर छठा आदमी भारतीय है। हमारे जन स्वास्थ्य के अथक प्रयासों से हमारी जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है जो नाममात्र है।

]हमारी जनसंख्या वृद्धि दर जो 1991 में 2.1 प्रतिशत थी, वह 2001 में घटकर 1.7 प्रतिशत रह गई। इस वृद्धि दर के साथ भी हम 2033 तक 200 करोड़ हो जायेंगे। इस प्रकार कम समयावधि में जनसंख्या में होने वाली इस प्रकार
की तीव्र वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट (Population Explosion) कहा जाता है।

जनसंख्या विस्फोट के कारण-किसी देश की जनसंख्या की वृद्धि के लिए निम्न प्रमुख तीन कारण हैं-
(1) उच्च जन्म दर-अधिकतर देशों में जन्मदर मृत्युदर से अधिक होती है। उच्च जन्मदर के लिए निम्न आर्थिक एवं सामाजिक कारक जिम्मेदार हैं-
(क) आर्थिक कारक-

  • कृषि प्रधानता
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था
  • निर्धनता।

(ख) सामाजिक कारक-

  • अशिक्षा
  • धार्मिक मान्यताएँ
  • बाल विवाह
  • अन्धविश्वास
  • विवाह की अनिवार्यता
  • संयुक्त परिवार एवं परिवार नियोजन के प्रति उदासीनता आदि।

(2) अपेक्षाकृत निम्न मृत्युदर-प्रति हजार जनसंख्या में प्रति वर्ष मरने वाले प्राणियों की जनसंख्या को मृत्युदर कहते हैं। जनसंख्या में विस्फोट का मुख्य कारण लगातार घटती हुई मृत्युदर है। भारत में पिछले दशकों में मृत्युदर में निरन्तर कमी आई है जो कि जनसंख्या वृद्धि में एक महत्त्वपूर्ण कारक है।

वर्ष 1901 में हमारे देश में मृत्युदर (प्रति हजार व्यक्ति) 44.4 थी जो कि 1951 में घटकर 27.4 रह गई व अगले वर्षों में भी इस प्रवृत्ति में और कमी आकर वर्ष 1999 में यह मात्र 8.7 के स्तर तक रह गई। इस प्रवृत्ति में और कमी आकर वर्ष 2007 में यह मात्र 8.0 के स्तर तक आ चुकी थी। इसके निम्न कारण हैं-

  • प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा-मनुष्य अपनी सुरक्षा हेतु मकान बनाकर रहने लगा जिससे उसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हो सका, जैसे-सर्दी, गर्मी, वर्षा, आग तथा तूफान आदि।
  • कृषि का विकास-इसके कारण अनाज की पैदावार में बढ़ोतरी हुई और बढ़ती हुई जनसंख्या को पर्याप्त मात्रा में इसकी पूर्ति किया जाना सम्भव हुआ।
  • भण्डारण की सुविधा-भण्डारण की सुविधा से मानव को पूरे साल खाद्यान्न आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
  • उन्नत परिवहन-उन्नत परिवहन तन्त्र से ऐसे स्थान जहाँ खाद्यान्न की कमी है वहाँ तुरन्त प्रभाव से तथा कम समय में खाद्यान्न पहुँचना सम्भव हो सका।
  • रोगों पर नियन्त्रण-विभिन्न रोगों पर नियन्त्रण होने के कारण तथा स्वास्थ्य उपायों के बढ़ने के फलस्वरूप मृत्युदर में कमी आई है तथा मानव की आयु 30 वर्ष से वृद्धि कर 60 वर्ष हो गई।

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(3) आप्रवासन-किसी स्थान पर बाहर से आकर कुछ सदस्य शामिल हो जायें तो इसे आप्रवासन कहा जाता है। यह जनसंख्या को बढ़ाता है। भारत की सीमाओं में विभिन्न देशों के शरणार्थियों व घुसपैठियों के आगमन से जनसंख्या में इस प्रकार की वृद्धि दर्ज की गई है।
उपर्युक्त कारणों के अतिरिक्त निम्न कारक भी जनसंख्या वृद्धि हेतु जिम्मेदार हैं-

  • विश्व के अधिकतर देशों में औसत आयु में वृद्धि होना।
  • पारस्परिक समाज में नर शिशु की चाहत।
  • मनोरंजन सुर्विधाओं का अभाव।
  • जनसंख्या में नवयुवकों की संख्या अधिक होना।

जनसंख्या वृद्धि दर की समस्या से बचने का सबसे सरल उपाय छोटा परिवार को बढ़ावा देने हेतु गर्भनिरोधक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जाये। दूर संचार माध्यमों की सहायता से विज्ञापन द्वारा सुखी परिवार का प्रचार-प्रसार किया जाता है। विज्ञापन में ‘ हम दो हमारे दो’ नारे सहित दंपति व दो बच्चों का परिवार प्रदर्शित किया जाता है।

शहरों के कामकाजी युवा दंपतियों ने ‘हम दो हमारे एक’ का नारा अपनाया है। कानूनन विवाह योग्य स्त्री की आयु 18 वर्ष तथा पुरुष की आयु 21 वर्ष सुनिश्चित है। सरकार ऐसे युवा जोड़े को प्रोत्साहन देती है जो सुखी छोटे परिवार में विश्वास रखते हैं। जन्मदर कम करने का अच्छा व आसानी से स्वीकार्य उपाय है एक आदर्श गर्भनिरोधक।

एक आदर्श गर्भनिरोधक की मुख्य विशेषताएँ निम्न होनी चाहिए-

  • एक आदर्श गर्भनिरोधक प्रयोगकर्ता के हितों की रक्षा करने वाला एवं आसानी से उपलब्ध होने वाला चाहिए।
  • गर्भनिरोधक का कोई अनुषंगी प्रभाव या दुष्प्रभाव नहीं हो या हो भी तो कम से कम होना चाहिए।
  • गर्भनिरोधक के उपयोग से उपयोगकर्ता की कामेच्छा, प्रेरणा तथा मैथुन में बाधक नहीं होना चाहिए।
  • गर्भनिरोधक प्रभावी होना चाहिए।

गर्भनिरोधक साधनों को निम्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है-

  1. प्रकृ तिक/परम्परागत विधियाँ (Natural/ Traditional Methods)
  2. रोध (Barrier)
  3. अन्तः गभर्शाशयी युक्तियाँ (Intra Uterine Devices-IUD)
  4. मुँह से लेने योग्य गर्भनिरोधक (Oral Contraceptives)
  5. अंतर्रोप एवं टीका (Implants and Injectables)
  6. शल्यक्रियात्मक विधियाँ (Surgical Methods)

(1) प्रकृ तिक / परम्परागत विधियाँ (Natural/ Traditional Methods)-ये विधियाँ अण्डाणु (Ovum) एवं शुक्राणु (Sperm) के मिलने को रोकने के सिद्धान्त पर कार्य करती हैं जो निम्न तीन प्रकार की होती हैं-

(i) आवधिक संयम (Periodic Abstinence)-इस विधि में एक दम्पति माहवारी चक्र (Menstrual cycle) के 10 वें से 17 वें दिन के बीच की अवधि के दौरान संभोग क्रिया नहीं करते हैं, जिसे अण्डोत्सर्जन (Ovulation) की अपेक्षित अव्वध मानते हैं। इस अवधि के दौरान निषेचन (Fertilization) एवं उर्वर ( गर्भधारण )

के अवसर बहुत अधिक होने के कारण इस अवधि को निषेच्य अवधि (Fertile Period) कहते हैं। अतः उक्त अवधि में सहवास/संभोग न करके गभर्भाधान से बचा जा सकता है। इस विधि में संयम की अत्यधिक आवश्यकता होती है तथा माहवारी के पूर्ण चक्र की जानकारी होनी चाहिए।

(ii) बाह्य स्खलन अथवा अंतरित मैथुन (Withdrawal or Coitus interruptus)-इस विधि में पुरुष साथी संभोग के दौरान वीर्य स्खलन से ठीक पहले स्वी की योनि (Vagina) से अपना लिंग (Penis) निकाल कर वीर्यसेचन (Insemination) से बच सकता है।

(iii) स्तनपान अनार्तव (Lactational amenorrhoea)-बह विधि इस बात पर निर्भर करती है कि प्रसव के बाद स्त्री द्वारा शिशु को भरपूर स्तनपान कराने के दौरान अण्डोत्सर्ग (Ovulation) और आर्वव चक्र (Menstrual cycle) शुरू नहीं होता है। इसलिए जितने दिनों तक माता शिशु को पूर्णतः स्तनपान कराना जारी रखती है (इस समय शिशु को माँ के दूध के अतिरिक्त ऊपर से प्रानी या अतिरिक्त दूध भी नहीं दिया जाना चाहिए) गर्भाधारण के अवसर शुन्य होते है।

इस दौरान मैधुन क्रिया करने पर अण्डाणु के अनुपस्थित होने के कारण निषेचन की सम्भावना शुन्य (नहीं) होती है। यह विधि प्रसव के बाद ज्यादा से ज्यादा 6 माह की अवधि तक कारगर मानी गई है। उपरोक्त विधियों में किसी दवा या साधन का उपयोग नहीं किया जाता है। अतः इसके कोई किसी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।

(2) रोध (Barrier)-इन विधियों के अन्तर्गत रोधक साधनों के माध्यम से अण्डाणु (Ovum) और शुक्राणु (Sperm) को भौतिक रूप से मिलाने अथवा संयोजन से रोका जाता है। इस प्रकार के उपाय पुरुष एवं स्ती दोनों के लिए उपलब्ध हैं।
(i) निरोध (Condom)-रबड़ या लेटेक्स (Rubber or Latex) से निर्मित पतली दीवार वाली धैलीनुमा संरचना होती है। इसे संभोग के समब उत्तेजना अवस्था में शिर्न (Penis) पर चढ़ा लिया जाता है जिससे स्खलन के फलस्वरूप वीर्य निरोध में ही रह जाता है अर्थात् गर्भाशय में नहीं पहुँच पाता है। इससे अनचाहे गर्भंधारण से बचा जा सकता है।

आजकल स्त्रियों के लिए भी निरोध बाजारों में उपलब्ध हैं। इनके द्वारा संभोग से पहले स्वी की योनि एवं गर्भाशय के सर्बिक्स (Cervix) भाग को ढक दिया जाता है जिससे शुक्राणु स्वी के जनन मार्ग में प्रवेश नहीं कर पाते हैं। पुरुषों के लिए कंडोम (Condom) का महशूर ब्रांड नाम निरोध (Nirodh) काफी लोकप्रिय है। देखिए आगे पृष्ठ पर चित्र में पुरुष व स्वी के कंडोम।

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हाल ही के वर्षों में कंडोम के उपयोग में वेजी से वृद्धि हुई है क्योंकि इससे गर्भधारण के अतिरिक्त यौन संचारित रोगों तथा एडस से बचाव अथवा सुरक्षा हो जाती है। ये बाजारों में आसानी से उपलब्ब तथा सस्ते होते हैं। यह सरकार द्वारा मुफ्त भी वितरित किये जाते हैं। यह साधारण और प्रभावशाली युक्ति है, इससे कोई नुकस्तान भी नहीं होता है। निरोध का प्रयोग नियमित रूप से किया जा सकता है।
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स्त्री एवं पुरुष दोनों के ही कंडोम उपयोग के बाद फेंकने वाले होते हैं। इन्हें स्वयं के द्वारा ही लगाया जा सकता है और इस तरह उपयोगकर्ता की गोपनीयता बनी रहती है।

(ii) डायाफ्राम (Diaphragms), गभर्भाशय ग्रीवा टोपी (Cervical Cap) तथा वाल्ट (Vault)-ये रबर के बने गुम्बदाकार रोधक उपाय होते हैं। ये स्त्री की योनि के सर्विक्स (Cervix) पर संभोग से पूर्व फिट कर दिए जाते हैं। ये गर्भाशय की ग्रीवा को ढककर गर्भाशय में शुक्राणुओं के प्रवेश को रोक कर गर्भाधान नहीं होने देते हैं। अगली बार प्रयोग करने से पहले इन्हें शुक्राणुनाशक क्रीम (Spermicidal Cream), जेली (Jelly) एवं फोम (Foams) आदि से साफ कर लिया जाता है, जिससे इनकी गर्भनिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है।
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(3) अन्तः गभर्शाशयी युक्तियाँ (Intra Uterine Devices-IUD)-हमारे देश में दूसरी प्रभावशाली और लोकप्रिय विधि अन्तः गर्भाशयी युक्ति का उपयोग है। अन्तः गर्भाशयी युक्ति योनि मार्ग द्वारा गर्भाशय में लगाई जाती है। परन्तु इन्हें प्रशिक्षित डाक्टर या नर्स द्वारा ही लगवाया जाना चाहिए। आजकल निम्न तीन प्रकार की IUDs उपलब्ध हैं-

  • औषधिहीन आई यू डी (Non-Medicated IUDs)उदाहरण-लिप्पेस लूप।
  • तांबा मोचक आई यू डी (Copper releasing IUD) – उदाहरण-कॉपर टी, कॉपर-7, मल्टीलोड 375 कॉपर टी।
  • हार्मोन मोचक आई यू डी (Hormone Releasing IUD)-उदाहरण-प्रोजेस्टासर्ट, एल एन जी- 20 आदि। देखिए चित्र में।

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आई यू डी गर्भाशय के अन्दर कॉपर Cu का आयन मोचित होने के कारण शुक्राणुओं की भक्षकाणुक्रिया (Phagocytosis) बढ़ा देती है जिससे शुक्राणुओं की गतिशीलता तथा उनकी निषेचन की क्षमता को कम करती है। इसके अतिरिक्त आई यू डी हार्मोन को गर्भाशय में भूरण के रोपण के लिए अनुपयुक्त बनाने तथा गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं का विरोधी बनाते हैं। जो महिलाएँ गभावस्था में देरी या बच्चों के जन्म में अन्तराल चाहती हैं उनके लिए आई यू डी आदर्श गर्भनिरोधक है। भारत में गर्भनिरोध की ये विधियाँ व्यापक रूप से प्रचलित हैं।

(4) मुँह से लेने योग्य गर्भनिरोधक (गोलियाँ) (Oral Contraceptives)-मुँह से लेने योग्य गर्भ निरोधक (गोलियाँ) महिलाओं द्वारा ली जाती हैं। ये गोलियाँ प्रोजेस्ट्रोन व एस्ट्रोजन के संयोजन से बनी होती हैं। ये गोलियाँ पिल्स (Pills) के नाम से लोकप्रिय हैं। इन गोलियों का प्रयोग लगातार 21 दिनों तक किया जाता है और इन्हें माहवारी (Menstrual cycle) के पाँच दिनों में ही किसी दिन प्रारम्भ किया जाता है।

अगली माहवारी के बाद इन्हें पुनः शुरू कर दिया जाता है। ये गोलियाँ (Pills) अण्डोत्सर्ग (ovulation) और रोपण (Implantation) को रोकने के साथ-साथ गर्भाशय ग्रीवा की श्लेष्मा की गुणवत्ता को मंद कर देती हैं। जिससे शुक्राणुओं के प्रवेश पर रोक लग जाती है अथवा उनकी गति मंद हो जाती है। जिसके फलस्वरूप गर्भाधान नहीं हो पाता है।

ये गोलियाँ बहुत ही प्रभावशाली तथा कम दुष्प्रभाव वाली होती हैं। इसी प्रकार माला-डी तथा पर्ल नामक गोली भी प्रतिदिन ली जा सकती है। इस प्रकार साप्ताहिक ली जाने वाली गोली भी खूब प्रचलित है जिसे सहेली के नाम से जाना जाता है। सहेली एक उत्तम गैर स्टीरॉइड गर्भनिरोधक गोली है। इसे मुँह से सप्ताह में एक बार लेना होता है।

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इसके दुष्प्रभाव बहुत कम तथा उच्य निरोधक क्षमता वाली है। भारत में लखनक के केन्द्रीय औषध अनुसंधान संस्थान (Central Drug Research InstitutionCDRI) ने सहे ली (गोली) का निर्माण किया। आजकल कु छ गोलियाँ संभोग के बाद 72 घण्टे के भीतर ली जाने वाली भी आती हैं। जिनका प्रयोग बलात्कार (Rape), असुरक्षित यौन संसर्ग (Unprotected Intercourse) के बाद् आपातकालीन अवस्था में किया जा सकता है जिससे गर्भ सगर्भता से बचा जा सकता है।
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(5) अंतर्रोप एवं टीका (Implants and Injectables)स्त्रियों द्वारा प्रोजेस्ट्रोन अकेले या फिर एस्ट्रोजन के साथ इसका संयोजन भी टीके या त्वचा के नीचे अंतर्रोप (Implant) के रूप में किया जाता है। इसके कार्य की विधि ठीक गर्भनिरोधक गोलियों की भाँति होती है तथा काफी लम्बी अवधि के लिए प्रभावशाली होते हैं।

(6) शल्यक्रियात्मक विधियाँ (Surgical Methods)-इन्हें बन्ध्यकरण (Sterilisation) भी कहते हैं। प्रायः उन व्यक्तियों को बताया जाता है, जिन्हें बच्या नहीं चाहिये तथा इसे स्थाई माध्यम के रूप में (पुरुष/स्त्री में से एक) अपनाना चाहते हैं। शल्यक्रिया द्वारा युग्मक के परिवहन को रोक दिया जाता है जिसके फलस्वरूप गर्भाधान नहीं होता है।

बन्ध्यकरण (Sterilisation) की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है-
(1) वेसेक्टोमी/शुक्रवाहक उच्छेदन (Vasectomy)-पुरुषों में शुक्रवाहिका, जिनसे होकर शुक्राणु अधिवृषणों (Epididymis) से बाहर आते, एक शल्य चिकित्सक द्वारा बाँध दी जाती है ताकि शुक्राणु शरीर से बाहर न निकाल सकें, यह विधि अस्थायी है और आवश्यकता पड़ने पर शल्य चिकित्सक द्वारा प्रतिवर्तित की जा सकती है।

निषेचन को स्थायी रूप से रोकने के लिए शुक्रवाहिकाओं को काट दिया जाता है और खुले सिरों को धागे से बाँध दिया जाता है। शुक्रवाहिकाओं को शल्य चिकित्सक द्वारा काटने की क्रिया को वे से क्टोमी (Vasectomy) कहते हैं। में। इसे पुरुष नसबंदी के नाम से भी जाना जाता है।
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(2) ट्यूबैक्टोमी/नलिका उच्छेदन (Tubec-tomy)महिलाओं का बन्धीकरण अंडवाहिकाओं (Oviducts) को शल्य
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चिकित्सक द्वारा बाँधकर व काटकर किया जाता है। इससे अण्डाशयों में बने अण्डे गर्भाशय एवं जनन मार्ग तक नहीं आ पाते हैं। जिससे निषेचन अथवा गर्भधारण नहीं होता है लेकिन आर्तव चक्र (Menstrual cycle) सामान्य रूप से चलता रहता है। अण्डवाहिकाओं को शल्य चिकित्सक द्वारा काटना ही ट्यूबेक्टोमी (Tubectomy) कहते हैं। इसे महिला नसबंदी के नाम से जाना जाता है। उपरोक्त सभी गर्भनिरोधक उपायों का चुनाव एवं उपयोग योग्य चिकित्सक की सलाह से करना चाहिये क्योंक सभी गर्भनिरोधक साधन प्राकृतिक प्रक्रिया जनन जैसे गर्भाधान/सगर्भता को रोकते हैं।

इनका लम्बे समय तक उपयोग करने से इनके कुप्रभाव भी देखे जाते हैं, जो निम्न हैं-

  • मतली आना
  • उदरीय पीड़ा
  • बीच-बीच में रक्तस्राव
  • अनियमित आर्तव रक्तस्राव
  • स्तन कैंसर।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि उक्त विधियों के व्यापक उपयोग ने जनसंख्या की अनियन्त्रित वृद्धि को रोकने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिर भी इनके उपयोग से कुछ कुप्रभाव पड़ते हैं तो उन्हें नजरअदांज किया जा सकता है।

प्रश्न 4.
बंध्यता से क्या तात्पर्य है? इसके निवारण से सम्बन्धित तकनीकों का वर्णन कीजिए।
अथवा
सहायक जनन प्रौद्योगिकी किसे कहते हैं ? विभिन्न तकनीकों का वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
दो वर्ष तक मुक्त या असुरक्षित सहवास के बावजूद गर्भाधान न हो पाने की स्थिति को बन्ध्यता (Sterility) कहते हैं।
बन्ध्यता के अनेक कारण हो सकते हैं जिनमें मुख्य निम्न हैं-

  • शारीरिक
  • जन्मजात
  • औषधिक
  • प्रतिरक्षात्मक
  • मनोवैज्ञानिक आदि।

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ये समस्याएँ पुरुष अथवा स्त्री किसी में भी हो सकती हैं। हमारे देश में बच्चा न होने की स्थिति में प्रायः सिर्फ स्त्री को ही दोष दिया जाता है जबकि हमेशा ऐसा नहीं होता है। यह समस्या पुरुष में भी हो सकती है। इसके लिए अर्थात् सामान्य विकारों को बन्ध्यता क्लीनिक के योग्य चिकित्सकों की सेवायें लेकर दोषों की जाँच एवं उपचार के माध्यम से संतान उत्पन्न करने में सफलता मिल सकती है।

फिर भी जहाँ ऐसे विकार या दोषों को ठीक करना सम्भव नहीं है वहाँ कुछ विशेष तकनीकों की सहायता द्वारा संतान पैदा करने में सहायता की जा सकती है। ऐसी तकनीकों को सहायक जनन प्रौद्योगिकी (Addid Reproductive Technique) कहते हैं। इनमें कुछ महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैं-

(1) पात्रे निषेचन (In vitro fertilization)-पात्रे निषेचन से तात्पर्य है कि शरीर के बाहर लगभग शरीर के भीतर जैसी स्थितियाँ निर्मित करना व निषेचन कराना अर्थात् निषेचन की क्रिया पात्र (Test Tube) में की जाती है इसलिए इसे पात्रे निषेचन कहते हैं। यह विधि टेस्ट ट्यूब बेबी (Test Tube Baby) कार्यक्रम के नाम से लोकप्रिय है।

इस तकनीक में पत्नी या दाता स्त्री के अण्डे से पति अथवा दाता पुरुष से प्राप्त शुक्राणुओं (Sperms) को प्रयोगशाला में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद अनुकूल परिस्थितियों में निषेचन कराकर युग्मनज (Zygote) बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। अब इस युग्मनज (Zygote) को स्त्री के गर्भाशय में स्थानान्तरित कर दिया जाता है। स्थानान्तरण दो विधियों द्वारा किया जा सकता है-

(i) अन्तः डिम्ब वाहिनी (फैलोपी) स्थानान्तरण (Intra Fallopian Tube Transfer)-इसे युग्मनज अन्त: डिम्ब वाहिनी स्थानान्तरण (Zygote Intra Fallopian Transfer) के नाम से भी जाना जाता है। इसके अन्तर्गत युग्मनज या 8 ब्लास्टोमियर तक के भूरण को स्त्री की फैलोपियन नलिका (Fallopian Tube) में स्थानान्तरित किया जाता है।

(ii) इन्द्रा यूटेराइन ट्रांसफर (Intra Uterine Transfer)-इस तकनीक के अन्तर्गत 8 ब्लास्टोमीयर से अधिक के भ्रूण को गर्भाशय (Uterus) में स्थानान्तरित किया जाता है। इसलिए इसे इन्ट्रा यूटेराइन ट्रांसफर कहते हैं। अब निषेचित भ्रूण का स्त्री में स्थानान्तरण के बाद परिवर्धन शरीर के भीतर होता है।

(2) जीवे निषेचन (In vitro Fertilization)-ऐसी स्त्रियाँ जिनको गर्भधारण करने में समस्या आती है उनके लिए यह तकनीक सर्वोत्तम है। इसके अन्तर्गत युग्मकों का निषेचन स्त्री के भीतर ही होता है।

(3) युग्मक फैलोपी नलिका में स्थानान्तरण (Gamete Intra Fallopian Transfer)-ऐसी स्त्रियाँ जिनमें अण्डाणु उत्पन्न नहीं होते हैं परन्तु निषेचन और भ्रूण के परिवर्धन के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान कर सकती हैं। ऐसी स्त्रियों के लिए GIFT तकनीक अपनाई जाती है।
इसके अन्तर्गत दाता के अण्डाणु प्राप्त करके फैलोपी नलिका में स्थानान्तरित किया जाता है। जिसके परिणामस्वरूप निषेचन क्रिया प्राकृतिक होती है।

(4) अन्तःकोशिकीय शुक्राणु निक्षेपण (Intracytoplasm Sperm Injection)-इस तकनीक द्वारा प्रयोगशाला में शुक्राणु (Sperm) को सीधे ही अण्डाणु में अंतःक्षेपित (Injected) किया जाता है।

(5) कृत्रिम वीर्य सेचन (Artificial Insemination)-ऐसे पुरुष जो स्त्री को वीर्य सेचित करने में सक्षम नहीं हैं अथवा उनके वीर्य में शुक्राणुओं (Sperms) की संख्या बहुत ही कम होती है, उन पुरुषों के दोष के निवारण हेतु कृत्रिम वीर्य सेचन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में पति या स्वस्थ दाता से शुक्राणु (Sperm) लेकर कृत्रिम रूप से या तो स्त्री की योनि (Vagina) में अथवा उसके गर्भांशय (Uterus) में प्रविष्ट कराया जाता है। इसे गभराशय वीर्य सेचन (Intra Uterine Insemination) कहते हैं।

इस प्रकार हमारे पास बहुत सारी तकनीकें हैं लेकिन इनका उपयोग करने हेतु विशेषीकृत व्यावसायिक विशेषजों की आवश्यकता होती है। ये तकनीकें मंहगी होती हैं। इसलिए ये सुविधाएँ भारत के कुछ शहरों में ही उपलब्थ हैं। अतः इनका लाभ कुछ ही लोगों को मिल पाता है। इन विधियों को अपनाने में धार्मिक, सामाजिक व भावात्मक घटक बाधक होते हैं।

इन सभी विधियों का लक्ष्य मात्र केवल संतान प्राप्ति का है। भारत में अनेक अनाथ और दीनहीन बच्चे हैं जिनकी देखभाल नहीं की जावे तो वे जीवित नहीं रहेंगे। ऐसे निःसंतान दम्पतियों को यदि संतान चाहिए तो इन्हें गोद् लेकर माता-पिता बन सकते हैं। यह संतान प्राप्त करने का सर्वोत्तम उपाय है। हमारे देश में कानून शिशु को गोद लेने की इजाजत भी देता है।

प्रश्न 5.
गर्भनिरोधक साधन कौन-सी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है? प्रत्येक का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनसंख्या विस्फोट और जन्म नियन्त्रण (Population Explosion and Birth Control)
चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता एवं व्यापक जागरूकता के कारण विश्व में मृत्युदर में कमी व जन्मदर में वृद्धि होने के फलस्वरूप जनसंख्या में वृद्धि हुई है। सन् 1900 ई. में पूरे विश्व की जनसंख्या लगभग 2 अरब थी जो सन् 2000 ई. में तेजी से बढ़कर 6 अरब हो गई।

हमारे देश भारत की जनसंख्या आजादी के समय लगभग 35 करोड़ थी जो सन् 2000 ई. में बढ़कर एक अरब से ऊपर पहुँच गई अर्थात् आज दुनिया का हर छठा आदमी भारतीय है। हमारे जन स्वास्थ्य के अथक प्रयासों से हमारी जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है जो नाममात्र है।

]हमारी जनसंख्या वृद्धि दर जो 1991 में 2.1 प्रतिशत थी, वह 2001 में घटकर 1.7 प्रतिशत रह गई। इस वृद्धि दर के साथ भी हम 2033 तक 200 करोड़ हो जायेंगे। इस प्रकार कम समयावधि में जनसंख्या में होने वाली इस प्रकार
की तीव्र वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट (Population Explosion) कहा जाता है।

जनसंख्या विस्फोट के कारण-किसी देश की जनसंख्या की वृद्धि के लिए निम्न प्रमुख तीन कारण हैं-
(1) उच्च जन्म दर-अधिकतर देशों में जन्मदर मृत्युदर से अधिक होती है। उच्च जन्मदर के लिए निम्न आर्थिक एवं सामाजिक कारक जिम्मेदार हैं-
(क) आर्थिक कारक-

  • कृषि प्रधानता
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था
  • निर्धनता।

(ख) सामाजिक कारक-

  • अशिक्षा
  • धार्मिक मान्यताएँ
  • बाल विवाह
  • अन्धविश्वास
  • विवाह की अनिवार्यता
  • संयुक्त परिवार एवं परिवार नियोजन के प्रति उदासीनता आदि।

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(2) अपेक्षाकृत निम्न मृत्युदर-प्रति हजार जनसंख्या में प्रति वर्ष मरने वाले प्राणियों की जनसंख्या को मृत्युदर कहते हैं। जनसंख्या में विस्फोट का मुख्य कारण लगातार घटती हुई मृत्युदर है। भारत में पिछले दशकों में मृत्युदर में निरन्तर कमी आई है जो कि जनसंख्या वृद्धि में एक महत्त्वपूर्ण कारक है।

वर्ष 1901 में हमारे देश में मृत्युदर (प्रति हजार व्यक्ति) 44.4 थी जो कि 1951 में घटकर 27.4 रह गई व अगले वर्षों में भी इस प्रवृत्ति में और कमी आकर वर्ष 1999 में यह मात्र 8.7 के स्तर तक रह गई। इस प्रवृत्ति में और कमी आकर वर्ष 2007 में यह मात्र 8.0 के स्तर तक आ चुकी थी। इसके निम्न कारण हैं-

  • प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा-मनुष्य अपनी सुरक्षा हेतु मकान बनाकर रहने लगा जिससे उसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हो सका, जैसे-सर्दी, गर्मी, वर्षा, आग तथा तूफान आदि।
  • कृषि का विकास-इसके कारण अनाज की पैदावार में बढ़ोतरी हुई और बढ़ती हुई जनसंख्या को पर्याप्त मात्रा में इसकी पूर्ति किया जाना सम्भव हुआ।
  • भण्डारण की सुविधा-भण्डारण की सुविधा से मानव को पूरे साल खाद्यान्न आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
  • उन्नत परिवहन-उन्नत परिवहन तन्त्र से ऐसे स्थान जहाँ खाद्यान्न की कमी है वहाँ तुरन्त प्रभाव से तथा कम समय में खाद्यान्न पहुँचना सम्भव हो सका।
  • रोगों पर नियन्त्रण-विभिन्न रोगों पर नियन्त्रण होने के कारण तथा स्वास्थ्य उपायों के बढ़ने के फलस्वरूप मृत्युदर में कमी आई है तथा मानव की आयु 30 वर्ष से वृद्धि कर 60 वर्ष हो गई।

(3) आप्रवासन-किसी स्थान पर बाहर से आकर कुछ सदस्य शामिल हो जायें तो इसे आप्रवासन कहा जाता है। यह जनसंख्या को बढ़ाता है। भारत की सीमाओं में विभिन्न देशों के शरणार्थियों व घुसपैठियों के आगमन से जनसंख्या में इस प्रकार की वृद्धि दर्ज की गई है।
उपर्युक्त कारणों के अतिरिक्त निम्न कारक भी जनसंख्या वृद्धि हेतु जिम्मेदार हैं-

  • विश्व के अधिकतर देशों में औसत आयु में वृद्धि होना।
  • पारस्परिक समाज में नर शिशु की चाहत।
  • मनोरंजन सुर्विधाओं का अभाव।
  • जनसंख्या में नवयुवकों की संख्या अधिक होना।

जनसंख्या वृद्धि दर की समस्या से बचने का सबसे सरल उपाय छोटा परिवार को बढ़ावा देने हेतु गर्भनिरोधक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जाये। दूर संचार माध्यमों की सहायता से विज्ञापन द्वारा सुखी परिवार का प्रचार-प्रसार किया जाता है। विज्ञापन में ‘ हम दो हमारे दो’ नारे सहित दंपति व दो बच्चों का परिवार प्रदर्शित किया जाता है।

शहरों के कामकाजी युवा दंपतियों ने ‘हम दो हमारे एक’ का नारा अपनाया है। कानूनन विवाह योग्य स्त्री की आयु 18 वर्ष तथा पुरुष की आयु 21 वर्ष सुनिश्चित है। सरकार ऐसे युवा जोड़े को प्रोत्साहन देती है जो सुखी छोटे परिवार में विश्वास रखते हैं। जन्मदर कम करने का अच्छा व आसानी से स्वीकार्य उपाय है एक आदर्श गर्भनिरोधक।

एक आदर्श गर्भनिरोधक की मुख्य विशेषताएँ निम्न होनी चाहिए-

  • एक आदर्श गर्भनिरोधक प्रयोगकर्ता के हितों की रक्षा करने वाला एवं आसानी से उपलब्ध होने वाला चाहिए।
  • गर्भनिरोधक का कोई अनुषंगी प्रभाव या दुष्प्रभाव नहीं हो या हो भी तो कम से कम होना चाहिए।
  • गर्भनिरोधक के उपयोग से उपयोगकर्ता की कामेच्छा, प्रेरणा तथा मैथुन में बाधक नहीं होना चाहिए।
  • गर्भनिरोधक प्रभावी होना चाहिए।

गर्भनिरोधक साधनों को निम्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है-

  1. प्रकृ तिक/परम्परागत विधियाँ (Natural/ Traditional Methods)
  2. रोध (Barrier)
  3. अन्तः गभर्शाशयी युक्तियाँ (Intra Uterine Devices-IUD)
  4. मुँह से लेने योग्य गर्भनिरोधक (Oral Contraceptives)
  5. अंतर्रोप एवं टीका (Implants and Injectables)
  6. शल्यक्रियात्मक विधियाँ (Surgical Methods)

(1) प्रकृ तिक / परम्परागत विधियाँ (Natural/ Traditional Methods)-ये विधियाँ अण्डाणु (Ovum) एवं शुक्राणु (Sperm) के मिलने को रोकने के सिद्धान्त पर कार्य करती हैं जो निम्न तीन प्रकार की होती हैं-

(i) आवधिक संयम (Periodic Abstinence)-इस विधि में एक दम्पति माहवारी चक्र (Menstrual cycle) के 10 वें से 17 वें दिन के बीच की अवधि के दौरान संभोग क्रिया नहीं करते हैं, जिसे अण्डोत्सर्जन (Ovulation) की अपेक्षित अव्वध मानते हैं। इस अवधि के दौरान निषेचन (Fertilization) एवं उर्वर ( गर्भधारण )

के अवसर बहुत अधिक होने के कारण इस अवधि को निषेच्य अवधि (Fertile Period) कहते हैं। अतः उक्त अवधि में सहवास/संभोग न करके गभर्भाधान से बचा जा सकता है। इस विधि में संयम की अत्यधिक आवश्यकता होती है तथा माहवारी के पूर्ण चक्र की जानकारी होनी चाहिए।

(ii) बाह्य स्खलन अथवा अंतरित मैथुन (Withdrawal or Coitus interruptus)-इस विधि में पुरुष साथी संभोग के दौरान वीर्य स्खलन से ठीक पहले स्वी की योनि (Vagina) से अपना लिंग (Penis) निकाल कर वीर्यसेचन (Insemination) से बच सकता है।

(iii) स्तनपान अनार्तव (Lactational amenorrhoea)-बह विधि इस बात पर निर्भर करती है कि प्रसव के बाद स्त्री द्वारा शिशु को भरपूर स्तनपान कराने के दौरान अण्डोत्सर्ग (Ovulation) और आर्वव चक्र (Menstrual cycle) शुरू नहीं होता है। इसलिए जितने दिनों तक माता शिशु को पूर्णतः स्तनपान कराना जारी रखती है (इस समय शिशु को माँ के दूध के अतिरिक्त ऊपर से प्रानी या अतिरिक्त दूध भी नहीं दिया जाना चाहिए) गर्भाधारण के अवसर शुन्य होते है।

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इस दौरान मैधुन क्रिया करने पर अण्डाणु के अनुपस्थित होने के कारण निषेचन की सम्भावना शुन्य (नहीं) होती है। यह विधि प्रसव के बाद ज्यादा से ज्यादा 6 माह की अवधि तक कारगर मानी गई है। उपरोक्त विधियों में किसी दवा या साधन का उपयोग नहीं किया जाता है। अतः इसके कोई किसी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।

(2) रोध (Barrier)-इन विधियों के अन्तर्गत रोधक साधनों के माध्यम से अण्डाणु (Ovum) और शुक्राणु (Sperm) को भौतिक रूप से मिलाने अथवा संयोजन से रोका जाता है। इस प्रकार के उपाय पुरुष एवं स्ती दोनों के लिए उपलब्ध हैं।
(i) निरोध (Condom)-रबड़ या लेटेक्स (Rubber or Latex) से निर्मित पतली दीवार वाली धैलीनुमा संरचना होती है। इसे संभोग के समब उत्तेजना अवस्था में शिर्न (Penis) पर चढ़ा लिया जाता है जिससे स्खलन के फलस्वरूप वीर्य निरोध में ही रह जाता है अर्थात् गर्भाशय में नहीं पहुँच पाता है। इससे अनचाहे गर्भंधारण से बचा जा सकता है।

आजकल स्त्रियों के लिए भी निरोध बाजारों में उपलब्ध हैं। इनके द्वारा संभोग से पहले स्वी की योनि एवं गर्भाशय के सर्बिक्स (Cervix) भाग को ढक दिया जाता है जिससे शुक्राणु स्वी के जनन मार्ग में प्रवेश नहीं कर पाते हैं। पुरुषों के लिए कंडोम (Condom) का महशूर ब्रांड नाम निरोध (Nirodh) काफी लोकप्रिय है। देखिए आगे पृष्ठ पर चित्र में पुरुष व स्वी के कंडोम।

हाल ही के वर्षों में कंडोम के उपयोग में वेजी से वृद्धि हुई है क्योंकि इससे गर्भधारण के अतिरिक्त यौन संचारित रोगों तथा एडस से बचाव अथवा सुरक्षा हो जाती है। ये बाजारों में आसानी से उपलब्ब तथा सस्ते होते हैं। यह सरकार द्वारा मुफ्त भी वितरित किये जाते हैं। यह साधारण और प्रभावशाली युक्ति है, इससे कोई नुकस्तान भी नहीं होता है। निरोध का प्रयोग नियमित रूप से किया जा सकता है।
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स्त्री एवं पुरुष दोनों के ही कंडोम उपयोग के बाद फेंकने वाले होते हैं। इन्हें स्वयं के द्वारा ही लगाया जा सकता है और इस तरह उपयोगकर्ता की गोपनीयता बनी रहती है।

(ii) डायाफ्राम (Diaphragms), गभर्भाशय ग्रीवा टोपी (Cervical Cap) तथा वाल्ट (Vault)-ये रबर के बने गुम्बदाकार रोधक उपाय होते हैं। ये स्त्री की योनि के सर्विक्स (Cervix) पर संभोग से पूर्व फिट कर दिए जाते हैं। ये गर्भाशय की ग्रीवा को ढककर गर्भाशय में शुक्राणुओं के प्रवेश को रोक कर गर्भाधान नहीं होने देते हैं। अगली बार प्रयोग करने से पहले इन्हें शुक्राणुनाशक क्रीम (Spermicidal Cream), जेली (Jelly) एवं फोम (Foams) आदि से साफ कर लिया जाता है, जिससे इनकी गर्भनिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है।
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(3) अन्तः गभर्शाशयी युक्तियाँ (Intra Uterine Devices-IUD)-हमारे देश में दूसरी प्रभावशाली और लोकप्रिय विधि अन्तः गर्भाशयी युक्ति का उपयोग है। अन्तः गर्भाशयी युक्ति योनि मार्ग द्वारा गर्भाशय में लगाई जाती है। परन्तु इन्हें प्रशिक्षित डाक्टर या नर्स द्वारा ही लगवाया जाना चाहिए। आजकल निम्न तीन प्रकार की IUDs उपलब्ध हैं-

  • औषधिहीन आई यू डी (Non-Medicated IUDs)उदाहरण-लिप्पेस लूप।
  • तांबा मोचक आई यू डी (Copper releasing IUD) – उदाहरण-कॉपर टी, कॉपर-7, मल्टीलोड 375 कॉपर टी।
  • हार्मोन मोचक आई यू डी (Hormone Releasing IUD)-उदाहरण-प्रोजेस्टासर्ट, एल एन जी- 20 आदि। देखिए चित्र में।

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आई यू डी गर्भाशय के अन्दर कॉपर Cu का आयन मोचित होने के कारण शुक्राणुओं की भक्षकाणुक्रिया (Phagocytosis) बढ़ा देती है जिससे शुक्राणुओं की गतिशीलता तथा उनकी निषेचन की क्षमता को कम करती है। इसके अतिरिक्त आई यू डी हार्मोन को गर्भाशय में भूरण के रोपण के लिए अनुपयुक्त बनाने तथा गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं का विरोधी बनाते हैं। जो महिलाएँ गभावस्था में देरी या बच्चों के जन्म में अन्तराल चाहती हैं उनके लिए आई यू डी आदर्श गर्भनिरोधक है। भारत में गर्भनिरोध की ये विधियाँ व्यापक रूप से प्रचलित हैं।

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(4) मुँह से लेने योग्य गर्भनिरोधक (गोलियाँ) (Oral Contraceptives)-मुँह से लेने योग्य गर्भ निरोधक (गोलियाँ) महिलाओं द्वारा ली जाती हैं। ये गोलियाँ प्रोजेस्ट्रोन व एस्ट्रोजन के संयोजन से बनी होती हैं। ये गोलियाँ पिल्स (Pills) के नाम से लोकप्रिय हैं। इन गोलियों का प्रयोग लगातार 21 दिनों तक किया जाता है और इन्हें माहवारी (Menstrual cycle) के पाँच दिनों में ही किसी दिन प्रारम्भ किया जाता है।

अगली माहवारी के बाद इन्हें पुनः शुरू कर दिया जाता है। ये गोलियाँ (Pills) अण्डोत्सर्ग (ovulation) और रोपण (Implantation) को रोकने के साथ-साथ गर्भाशय ग्रीवा की श्लेष्मा की गुणवत्ता को मंद कर देती हैं। जिससे शुक्राणुओं के प्रवेश पर रोक लग जाती है अथवा उनकी गति मंद हो जाती है। जिसके फलस्वरूप गर्भाधान नहीं हो पाता है।

ये गोलियाँ बहुत ही प्रभावशाली तथा कम दुष्प्रभाव वाली होती हैं। इसी प्रकार माला-डी तथा पर्ल नामक गोली भी प्रतिदिन ली जा सकती है। इस प्रकार साप्ताहिक ली जाने वाली गोली भी खूब प्रचलित है जिसे सहेली के नाम से जाना जाता है। सहेली एक उत्तम गैर स्टीरॉइड गर्भनिरोधक गोली है। इसे मुँह से सप्ताह में एक बार लेना होता है।

इसके दुष्प्रभाव बहुत कम तथा उच्य निरोधक क्षमता वाली है। भारत में लखनक के केन्द्रीय औषध अनुसंधान संस्थान (Central Drug Research InstitutionCDRI) ने सहे ली (गोली) का निर्माण किया। आजकल कु छ गोलियाँ संभोग के बाद 72 घण्टे के भीतर ली जाने वाली भी आती हैं। जिनका प्रयोग बलात्कार (Rape), असुरक्षित यौन संसर्ग (Unprotected Intercourse) के बाद् आपातकालीन अवस्था में किया जा सकता है जिससे गर्भ सगर्भता से बचा जा सकता है।
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(5) अंतर्रोप एवं टीका (Implants and Injectables)स्त्रियों द्वारा प्रोजेस्ट्रोन अकेले या फिर एस्ट्रोजन के साथ इसका संयोजन भी टीके या त्वचा के नीचे अंतर्रोप (Implant) के रूप में किया जाता है। इसके कार्य की विधि ठीक गर्भनिरोधक गोलियों की भाँति होती है तथा काफी लम्बी अवधि के लिए प्रभावशाली होते हैं।

(6) शल्यक्रियात्मक विधियाँ (Surgical Methods)-इन्हें बन्ध्यकरण (Sterilisation) भी कहते हैं। प्रायः उन व्यक्तियों को बताया जाता है, जिन्हें बच्या नहीं चाहिये तथा इसे स्थाई माध्यम के रूप में (पुरुष/स्त्री में से एक) अपनाना चाहते हैं। शल्यक्रिया द्वारा युग्मक के परिवहन को रोक दिया जाता है जिसके फलस्वरूप गर्भाधान नहीं होता है।

बन्ध्यकरण (Sterilisation) की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है-
(1) वेसेक्टोमी/शुक्रवाहक उच्छेदन (Vasectomy)-पुरुषों में शुक्रवाहिका, जिनसे होकर शुक्राणु अधिवृषणों (Epididymis) से बाहर आते, एक शल्य चिकित्सक द्वारा बाँध दी जाती है ताकि शुक्राणु शरीर से बाहर न निकाल सकें, यह विधि अस्थायी है और आवश्यकता पड़ने पर शल्य चिकित्सक द्वारा प्रतिवर्तित की जा सकती है।

निषेचन को स्थायी रूप से रोकने के लिए शुक्रवाहिकाओं को काट दिया जाता है और खुले सिरों को धागे से बाँध दिया जाता है। शुक्रवाहिकाओं को शल्य चिकित्सक द्वारा काटने की क्रिया को वे से क्टोमी (Vasectomy) कहते हैं। देखिए चित्र 4.5 में। इसे पुरुष नसबंदी के नाम से भी जाना जाता है।
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(2) ट्यूबैक्टोमी/नलिका उच्छेदन (Tubec-tomy)महिलाओं का बन्धीकरण अंडवाहिकाओं (Oviducts) को शल्य
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चिकित्सक द्वारा बाँधकर व काटकर किया जाता है। इससे अण्डाशयों में बने अण्डे गर्भाशय एवं जनन मार्ग तक नहीं आ पाते हैं। जिससे निषेचन अथवा गर्भधारण नहीं होता है लेकिन आर्तव चक्र (Menstrual cycle) सामान्य रूप से चलता रहता है। अण्डवाहिकाओं को शल्य चिकित्सक द्वारा काटना ही ट्यूबेक्टोमी (Tubectomy) कहते हैं। इसे महिला नसबंदी के नाम से जाना जाता है। उपरोक्त सभी गर्भनिरोधक उपायों का चुनाव एवं उपयोग योग्य चिकित्सक की सलाह से करना चाहिये क्योंक सभी गर्भनिरोधक साधन प्राकृतिक प्रक्रिया जनन जैसे गर्भाधान/सगर्भता को रोकते हैं।

इनका लम्बे समय तक उपयोग करने से इनके कुप्रभाव भी देखे जाते हैं, जो निम्न हैं-

  • मतली आना
  • उदरीय पीड़ा
  • बीच-बीच में रक्तस्राव
  • अनियमित आर्तव रक्तस्राव
  • स्तन कैंसर।

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इसमें कोई संदेह नहीं है कि उक्त विधियों के व्यापक उपयोग ने जनसंख्या की अनियन्त्रित वृद्धि को रोकने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिर भी इनके उपयोग से कुछ कुप्रभाव पड़ते हैं तो उन्हें नजरअदांज किया जा सकता है।

प्रश्न 6.
निम्न लैंगिक संचारित रोग के रोगजनक एवं लक्षण लिखिए-

  1. सिफिलस
  2. सुजाक
  3. हर्पीज जेनाइटेलिस
  4. ट्राइकोमोनियासिस
  5. क्लेमाइडियेसिस
  6. एड्स
  7. जेनाइटल मस्सा
  8. वेजाइनिटिस (Vaginitis ) I

उत्तर:
लैंगिक संचारित रोग, उनके रोगजनक एवं लक्षण

रोग का नाम (Diseases)रोग जनक (Pathogens)लक्षण (Symptoms)
1. सिफिलस (Syphilis)नि पोनिमा पैलिडम Pallidum)जनन अंगों पर उभरते हुए गोलाकार घाव
2. सुजाक या गोनोरिया (Gonorrhea)निसेरिया गोनोही (Neisseria Gonorrhoeae)नर में-मूत्रमार्ग का संक्रमण, मूत्र मार्ग से श्वेत गाढ़े द्रव का स्राव व मूत्र विसर्जन में पीड़ा। मादा में-गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) में संक्रमण तथा मूत्र त्यागने में जलन व दर्द।
3. हर्पीज जेनाइटेलिस (Herpes genealis)एच एस वी-2 (डी एन ए) वाइरस (HSV-2, DNA Virus)नर में शिश्नमुंडछद (Prepuce), शिश्नमुंड (Glans) व शिश्न पर पीड़ा युक्त फफोले मादा में-भग द्वार (Vulva) एवं योनि (Vagina) के ऊपरी भाग में फफोले
4. ट्राइकोमोनियासिस (Trichomoniasis)ट्राइकोमोनास वेजाइनेलिस (Trichomonas Vaginalis)योनि से हरित-पीत स्राव (Greenish-Yellow Vaginal discharge)
5. क्लेमाइडियेसिस (Chlamydiasis)क्लेमाइडिया ट्रेकोमैटिस (ChlamydiaTrachomatis)मूत्र मार्ग में पुनरावर्ती पीड़ा व संक्रमण
6. एड्स (AIDS)ह्यूमन इम्यूनोडेफीशियेन्सी विषाणु (HIV)प्रतिरक्षित तन्त्र का पूर्णतः निष्क्रिय होना, ज्वर, अतिसार इत्यादि।
7. जेनाइटल मस्सा (Genital Warts)मानव पैपिलोमा वायरस (Human Papilloma Virus)गुदा के आसपास, शिश्न, लेबिया एवं योनि के पास मस्से बनना।
8. वेजाइनिटिस (Vaginitis)गार्नेरेला वैजाइनैलिस (Gardnerella Vaginalis)मादा में योनि से श्वेत-धूसर स्राव

प्रश्न 7.
यौन संचारित रोग किसे कहते हैं? इनके नाम लिखिए। इनमें से किन्हीं दो रोगों के संचरण के माध्यम, रोग के लक्षण एवं बचने के उपाय लिखिए।
उत्तर:
यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Diseases) – वे रोग जो मैथुन (Sexual intercourse) द्वारा संचारित होते हैं, उन्हें सामूहिक तौर पर यौन संचारित रोग (Sexually transmitted diseases) कहते हैं । इन्हें रतिरोग (Veneral diseases) अथवा जनन मार्ग संक्रमण (Reproductive tract infections) भी कहते हैं।
यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Diseases)- निम्न हैं-

  1. सुजाक (Gonorrhoea)
  2. सिफिलिस (Syphilis)
  3. हर्पीस (Herpes)
  4. जननिक परिसर्प ( Genital Herpes)
  5. क्लेमिडियता (Chlamydiasis)
  6. ट्राइकोमोनसता (Trichomoniasis)
  7. लैगिंक मस्से (Genital Warts)
  8. यकृतशोथ – बी (Hepatitis-B)
  9. एड्स (AIDS)

यकृतशोथ-बी (Hepatitis B ) तथा एच. आई. वी. के संचरण के माध्यम

  1. संक्रमित व्यक्ति के साझे प्रयोग वाली सूई (टीका)
  2. शल्य क्रिया के औजार
  3. संदूषित रक्ताधान (Blood Transfusion)
  4. संक्रमित माता से गर्भस्थ शिशु ( नर से मादा, मादा से नर, माता से शिशु में जरायु के माध्यम से आदि)
  5. समलैंगिकता ।

रोग के लक्षण (Symptoms of Diseases) – इन सभी रोगों के शुरुआती लक्षण बहुत ही हल्के-फुल्के होते हैं जो कि जननिक क्षेत्र (Genital region) गुप्तांगों में खुजली, तरल स्राव (Fluid discharge) आना, हल्का दर्द तथा सूजन आदि होते हैं । संक्रमित महिलाओं में लक्षण कभी-कभी प्रकट भी नहीं होते हैं । इसलिए लम्बे समय तक उनका पता ही नहीं चल पाता। इसके साथ ही संक्रमित व्यक्ति समाज के भय से जाँच एवं उपचार भी नहीं करा पाता है ।

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इसके कारण आगे चलकर जटिलताएँ उत्पन्न हो जाती हैं । जैसे- श्रोणि-शोथज रोग (Pelvic inflammatory diseases), • गर्भपात (Abortions), मृतशिशु जन्म ( Still-births), अस्थानिक सगर्भता (Ectopic pregnancies ), बंध्यता ( Infertility) अथवा जनन मार्ग (Reproductive tract) का कैंसर (Cancer) हो सकता है । यौन संचारित रोग स्वस्थ समाज के लिए खतरा हैं। यद्यपि सभी लोग इन संक्रमणों के प्रति अतिसंवेदनशील हैं लेकिन 15 से 24 वर्ष की आयु के लोग इन रोगों से ज्यादा ग्रसित हैं ।

निम्न नियमों का पालन करने पर इन रोगों के संक्रमण से बचा जा सकता है-

  1. किसी अनजान व्यक्ति या बहुत से व्यक्तियों के साथ यौन सम्बन्ध न रखें।
  2. मैथुन (Sexual intercourse) के समय सदैव निरोध (Condom) का इस्तेमाल करें।
  3. समलैंगिकता को नकारा जाना चाहिए ।
  4. सदैव निर्जर्मीकृत सूई का प्रयोग करना चाहिए।
  5. रक्त आधान में एच. आई. वी. मुक्त रक्त ही स्थानान्तरित करना चाहिए ।
  6. नशीली दवाओं के रक्त के माध्यम से प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  7. यदि कोई आशंका है तो तुरन्त ही प्रारम्भिक जाँच के लिए किसी योग्य चिकित्सक से मिलें और रोग का पता चले तो पूरा इलाज कराएँ।

प्रश्न 8.
एक गर्भवती महिला को सगर्भता का चिकित्सीय समापन (MTP) कराने की सलाह दी गयी। उसके डॉक्टर ने जाँच में पाया था कि उस महिला के गर्भ में पल रहा भ्रूण एक ऐसे युग्मनज से परिवर्धित हुआ जो Y-धारक शुक्राणु द्वारा निषेचित हुए X X – अण्डे से बना है। उस महिला को M. T. P. कराने की सलाह क्यों दी गई ?
उत्तर:
इस गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहा भ्रूण का चिकित्सीय समापन (MTP) करने की सलाह दी क्योंकि भ्रूण में लिंग गुणसूत्र दो के बजाय तीन और प्राय: XXY होगा। अर्थात् 44 + XXX होगा। क्योंकि अण्डजनन (Oogenesis) की प्रक्रिया में अवियोजन के कारण होता है। यदि अण्डा Y गुणसूत्र युक्त शुक्राणु के साथ मिलता है तो भ्रूण में गुणसूत्र की संख्या 47 (44+XXY) हो जायेगी ।

अर्थात् भ्रूण क्लाईनफेल्टर सिण्ड्रोम (Klinefelter’s Syndrome) से ग्रसित होगा । Y गुणसूत्र की उपस्थिति के कारण, भ्रूण का शरीर लगभग सामान्य पुरुषों जैसा होगा, लेकिन एक अतिरिक्त X गुणसूत्र की उपस्थिति के कारण वृषण छोटे होंगे और इनमें शुक्राणु नहीं बनेंगे। अतः यह नपुंसक होंगे। प्रायः इनमें स्त्रियों जैसे स्तनों का विकास हो जाता है। गाइनीकोमास्टि (Gynaecomastia) औसतन 500 पुरुषों में एक क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम होता है। इसलिए डॉक्टर द्वारा महिला को M. T. P. कराने की सलाह दी गई।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. निम्न में से किस तकानीक की सहायता से ऐसी स्वियाँ जो गर्भधारण नहीं कर सकर्तीं, में भूण को स्थानान्तरित किया जाता है? (NEET-2020)
(अ) GIFT एवं ZIFT
(ब) ICSI एवं ZIFT
(स) GIFT एवं ICSI
(द) ZIFT एवं IUT
उत्तर:
(द) ZIFT एवं IUT

2. यौन संचारित रोगों के सही विकल्प का चयन करो। (NEET-2020)
(अ) सुजाक, मलेरिया, जननिक परिसर्प
(ब) AIDS, मलेरिया, फाइलेरिया
(स) कैंसर, AIDS, सिफिलिस
(द) सुजाक, सिफिलिस, जननिक परिसर्प
उत्तर:
(द) सुजाक, सिफिलिस, जननिक परिसर्प

3. निम्न में से किन गर्भनिरोधक तरीकों में हॉमोंन भूमिका अदा करता है? (NEET-2019)
(अ) गोलियाँ, आपातकालीन गर्भनिरोधक, रोध विधियाँ
(ब) स्तनपान, अनार्रव, गोलियाँ, आपातकालीन गर्भनिरोधक
(स) रोध विधियाँ, स्तनपान, अनार्तब, गोलियाँ
(द) CuT गोलियाँ, आपातकालीन गर्भनिरोधक।
उत्तर:
(ब) स्तनपान, अनार्रव, गोलियाँ, आपातकालीन गर्भनिरोधक

4. हॉर्मोन मोचक अंतःगर्भाशयी युकियों का चयन करो- (NEET-2019)
(अ) लिप्पेस लूप, मल्टीलोड 375
(ब) बाल्टस, LNG-20
(स) मल्टीलोड 375 , प्रोजेस्टासर्ट
(द) प्रोजेस्टासर्ट, LNG-20
उत्तर:
(द) प्रोजेस्टासर्ट, LNG-20

5. निम्न में कौनसा यौन संचारित रोग पूर्णतः साध्य नहीं है- (NEET-2019)
(अ) क्लेमिडियता
(ब) सुजाक
(स) लैंगिक मस्से
(द) जननिक परिसमें
उत्तर:
(द) जननिक परिसमें

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6. गर्भ निरोधक ‘सहेली’- (NEET-2018)
(अ) एक IUD है।
(ब) मादाओं में एस्ट्रोजन की सान्द्रता को बड़ाती है एवं अण्डोत्सर्ग को रोकती है।
(स) गर्भाशय में एस्ट्रोजन ग्राही को अवरुद्ध करती है एवं अण्डों के रोपण को रोकती है।
(द) एक पश्च-मैधुन गर्भनिरोधक है।
उत्तर:
(स) गर्भाशय में एस्ट्रोजन ग्राही को अवरुद्ध करती है एवं अण्डों के रोपण को रोकती है।

7. स्वस्भ I में दिए गए, यौन संचारित रोगों को उनके रोग कारकों (स्तम्भ II) के साथ सुमेलित कीजिए और सही़ी विकल्प का चयन कीजिए- (NEET-2017)

स्तम्भ-Iस्तम्भ-II
1. सुजाक(i) HIV
2. सिफिलिस(ii) नाइडिरिया (Neisseria)
3. जनन मस्से(iii) ट्रेखोनिया
4. AIDS(iv) ह्यामन पैपिलोमा।
कूट :1234
(अ)(ii)(iii)(iv)(i)
(ब)(iii)(iv)(i)(ii)
(स)(iv)(ii)(iii)(i)
(द)(iv)(iii)(ii)(i)

उत्तर:

(अ)(ii)(iii)(iv)(i)

8. एक दंपति जिसके पुरुष में शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम है, उनके लिए निषेचन की कौन-सी तकनीक उचित रहेगी? (NEET-2017)
(अ) अंतः गभाशय स्थानान्तरण
(ब) गैमीट इन्ट्रा फैल्लोपियन ट्रांसफर
(स) कृत्रिम बीर्य सेचन
(द) अंतः कोशिकीय शुक्राणु निक्षेपण
उत्तर:
(द) अंतः कोशिकीय शुक्राणु निक्षेपण

9. कॉपर मोचित ‘IUD’ कोंपर आयनों का क्या कार्य होता है? (NEET-2017)
(अ) ये शुक्राणुओं की गतिशीलता एवं निषेचन क्षमता कम करते हैं।
(ब) ये युग्मक जनन को रोकते हैं।
(स) बे गभाशशय को रोपण के लिए अनुपयुक बना देते है।
(द) ये अण्डोत्सर्ग को संदमित करते है।
उत्तर:
(अ) ये शुक्राणुओं की गतिशीलता एवं निषेचन क्षमता कम करते हैं।

10. शुक्रवाहक-उच्छेदन के बारे में निम्नलिखित में से कौनसा गलत है? (NEET II-2016)
(अ) शुक्रवाहक को काटकर बांध दिया जाता है
(य) अनुक्फ्रमणीय बंध्यता
(स) बीर्य में शुक्राणु नहीं होते है
(द) पपिड्डीडाइलिस में शुक्राणु नहीं होते है।
उत्तर:
(द) पपिड्डीडाइलिस में शुक्राणु नहीं होते है।

11. एम्नीओसेटेसिस के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है? (NEET 1-2016)
(अ) इसे छडन सिन्ड्रेम का पता लगाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।
(ब) इसे खांडतालु (क्लेफ्ट पैलेट) का पता लगाने के लिए प्रयुक किया जाता है।
(स) यह आमतौर पर तब किया जाता है जब स्त्री को 14-16 सताह के बीच का गर्भ होता है।
(द) इसे प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण के लिए प्रबुक्त किया जाता है।
उत्तर:
(ब) इसे खांडतालु (क्लेफ्ट पैलेट) का पता लगाने के लिए प्रयुक किया जाता है।

12. निम्नलिखित उपागमों में से कौनसा उपागम किसी गर्भनिरोधक को परिभाषित क्रिया नहीं बताता- (NEET II-2016)

(अ) हॉर्मोनी गर्भनिरोधकशुक्राणुओं के प्रवेश को रोकते हैं। उसकी दर को धीमा कर देते हैं, अण्डोत्सर्ग और निषेचन नहीं होने देते।
(ब) शुक्रवाहक उच्छेदनशुकाणुजनन नहीं होने देते।
(स) रोध (बैरियर विधियाँ)निषेचन रोकती है।
(द) अन्तःगर्भाशयी युक्तियाँशुक्राणुओं की भक्ष कोशिकता बढ़ा देती हैं, शुक्राणुओं की गतिशीलता एवं निषेचन क्षमता का मंदन करती हैं।

उत्तर:

(ब) शुक्रवाहक उच्छेदनशुकाणुजनन नहीं होने देते।

13. पात्रे निषेचन द्वारा निमिंत 16 से अधिक कोरकखण्ड्डों (Blasomeres) वाले भ्रूण को स्थानान्तरित कर दिया जाता है- (NEET-2016)
(अ) झालर में
(ब) ग्रीवा में
(स) गर्भाशय में
(द) फैलोपियन नली
उत्तर:
(स) गर्भाशय में

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14. एक निःसंत्रान दम्यति को GIFT नामक तकनीक के जरिये बच्चा प्रास करने में मदद की जा सकती है। इस तकनीक का पूरा नाम है- (NEET-2015)
(अ) युग्मक आंतरिक निषेचन और स्थानान्तरण
(ब) जनन कोशिका का आंतरिक फैलोपियन नलिका स्थानान्तरण
(स) युग्मक वीर्य सेचित का फैलोपियन स्थानान्तरण
(द) युग्मक अंतः फैलोपियन नलिका का स्थानान्तरण।
उत्तर:
(द) युग्मक अंतः फैलोपियन नलिका का स्थानान्तरण।

15. निम्नलिखित में से कौन एक होंमोन मोचित करने वाली इंट्रायूटेराइन युकि (आई.यू.डी.) है? (NEET-2014)
(अ) मल्टीलोड-375
(ब) एल.एन.जी-20
(स) ग्रीवा टोपी
(द) वाल्ट।
उत्तर:
(ब) एल.एन.जी-20

16. ट्यूबेक्टोमी बंध्यकरण की एक विधि है जिसमें- (NEET-2014)
(अ) डिबवाहिनी नली का छोटा भाग निकाल या बांध दिया जाता है ।
(ब) अण्डाशय को शस्य क्रिया विधि से निकाल दिया जाता है।
(स) वास डेफरेन्स का छोटा भाग निकाल दिया जाता है या बांध दिया जाता है।
(द) गर्भांशय शल्य क्रिया विधि द्वारा निकाल दिया जाता है।
उत्तर:
(अ) डिबवाहिनी नली का छोटा भाग निकाल या बांध दिया जाता है ।

17. सहायक जनन प्रौद्योगिकी आई,वी,एक. के अन्तर्गत किसका स्थानान्तरण होता है ? (NEET-2014)
(अ) अण्डाणु का फैलोपियन नलिका में
(ब) युग्मनज का फैलोपियन नलिका में
(स) युग्मनज का गर्भाशय में
(द) 16 ब्लास्टोमीयर्स वाले श्रूण का फैलोपियन नलिका में
उत्तर:
(ब) युग्मनज का फैलोपियन नलिका में

18. कृत्रिम वीर्य सेचन से आपका क्या वात्पर्य है? (NEET-2013)
(अ) किसी स्वस्थ दाता के शुक्राणुओं को ऐसी परखनली में स्षानान्तरित का देना जिसमें अण्डाणु मौजूद हों
(ब) पति के शुक्राणुओं को ऐसी परखनली में स्थानान्तरित कर देना जिसमें अण्डाणु मौजूद हों
(स) स्वस्थ दाता के शुक्राणुओं को कृत्रिम तरीके से सीधे ही योनि के भीतर डाल देना।
(द) स्वस्थ दाता के शुक्राणुओं को सीधे ही अण्छाशय के भीतर डाल देना।
उत्तर:
(स) स्वस्थ दाता के शुक्राणुओं को कृत्रिम तरीके से सीधे ही योनि के भीतर डाल देना।

19. जन्म नियंग्नण (बर्थ कंट्रोल) के लिए एक वैध विधि है- (NEET-2013)
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य 17

(अ) उपयुक्त औरधि द्वारा गर्भपात करवा देना
(ब) आर्तव-चक्र के 10 वें दिन से लेकर 17 वे दिन तक मैधुन से बचन
(स) प्रातःकाल मैथुन करना
(द) मैध्युन के दौरान कालपूर्व स्ललन करना।
उत्तर:
(अ) उपयुक्त औरधि द्वारा गर्भपात करवा देना

20. नीचे दिए जा रहे चित्र में विशिएथत क्या दर्शाया गया है? (CBSE PMT-2012, NEET-2012)
(अ) अण्डाशबी कैंसर
(ब) गभाशायी कैंसर
(स) ट्युबेक्टोमी
(द) बासेक्टोमी
उत्तर:
(स) ट्युबेक्टोमी

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21. परखनली शिशु (टेस्टट्यूब्ब बेबी) कार्यक्रम में निम्नलिखित में से किस एक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है- (NEET-2012, CBSE PMT (Pre)-2012)
(अ) अंतःकोशिकीय द्रव्यी शुक्राणु इन्जेषशन (ICSI)
(ब) अंतःगभांशयी वीर्य सेचन (IUI)
(स) युग्मक अंतः फैलोपी स्थानान्तरण (GIFT)
(द) युग्मनज अंतः फैलोपी स्थानान्तरण (ZIFT)
उत्तर:
(द) युग्मनज अंतः फैलोपी स्थानान्तरण (ZIFT)

22. चिकित्सीय सगर्धता समापन (MTP) को कितने ससाह की गर्भावस्था तक सुरक्षिता माना जाता है? (NEET-2011)
(अ) आठ ससाह
(ब) बारह सताह
(स) अट्ठारह ससाह
(द) हैः सताह
उत्तर:
(ब) बारह सताह

23. वर्तमान समय में भारत में गर्भनिरोध की सर्वाधिक मान्य विधि है- (NEET-2011)
(अ) ट्यूबेक्टॉमी
(ब) डायफ्राम
(स) अन्तःगर्भाशयी युक्तियाँ
(द) सर्वाइकल कैप
उत्तर:
(स) अन्तःगर्भाशयी युक्तियाँ

24. सहेली है- (Kerala PMT-2011)
(अ) महिलाओं के लिए मुखीय गर्भनिरोधक
(ब) महिलाओं के लिए बंध्यकरण की शल्य विधि
(स) महिलाखं के लिए डायफ्राम
(द) नरों में बंध्यकरण की शल्य विधि
उत्तर:
(अ) महिलाओं के लिए मुखीय गर्भनिरोधक

25. कॅपर मोचक अन्तरा-गर्भाशायी युक्तिर्यों (Intra Uterine Device, IUD) से निर्मुक्त होने वाले कॉपर आयन- (NEET-2010)
(अ) गर्भाशाय को रोपण के प्रति अनुपयुक्त बनाते हैं
(ब) शुक्रापुओं के भक्षकाणु क्रिया में वृद्धि करते है
(स) शुक्राणुओं की गति का संदमन करते हैं
(द) अण्डोत्सर्ग को रोकते हैं।
उत्तर:
(अ) गर्भाशाय को रोपण के प्रति अनुपयुक्त बनाते हैं

26. गैमीट इन्ट्रफेलोंपियन ट्रंस्रफर (GIFT) अर्थात् युग्मक अन्तःफैलोपी स्थानान्तरण तक्नीक की सलाह उन महिलाओं के लिए दी जाती है- [NEET-2011, CBSE PMT (Main) 2011]
(अ) जिनकी गर्भारय ग्रीवा नाल इतनी संकीर्ण होती है कि उसमें से शुक्राणु प्रवेश नहीं कर सकते
(ब) जिनमें निषेचन प्रक्रिया के लिए उपयुक्त पर्यावरण उपलब्ध? नहीं हों सकता
(स) जिनमें अण्डाणु नहीं बन सकत्ता
(द) जो भ्राण को गर्भाशय के मीतर बनाए नहीं रख सकती।
उत्तर:
(स) जिनमें अण्डाणु नहीं बन सकत्ता

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27. जीवे (In vitro) निषेचन की तकनीक के अन्तर्गत निम्नलिखित में से किसका स्थानान्तरण फैल्लोपियन नलिका में किया जाता है? (NEET-2010)
(अ) केवल भूरण का आठ-कोशिकीय अवस्था तक
(ब) युग्मनज अथवा आठ-कोशिकीय अवस्था तक के प्राकृष्षुण का
(स) बत्तीस-कोशिकीय अवस्था के भ्र्ण का
(द) केवल युग्मनज का
उत्तर:
(ब) युग्मनज अथवा आठ-कोशिकीय अवस्था तक के प्राकृष्षुण का

28. एम्नियोसेण्टेसिस की तकनीक का अनुमोदित डपयोग है- (NEET-2010)
(अ) अजन्मे गभं के लिए लिंग की जाँच
(ब) कृत्रिम बीर्य सेचन
(स) सरोगेट माता के गर्भाशय कें भ्रृण का स्थानान्तरण
(द) आनुवंशिक असामान्यता की जांच
उत्तर:
(द) आनुवंशिक असामान्यता की जांच

29. निम्न में ओरल पिलों का अवयख है- (AFMC-2009)
(अ) प्रोजेस्टेरोन
(ब) अंक्सीटोसिन
(स) रिलेक्सिन
(द) उपयुंक से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) प्रोजेस्टेरोन

30. परखनली शिशु को उत्पग्न करने के लिए भ्रृण को कौनसी अवस्था में स्त्री के इरीर में रोषित किया जाता है ? (CPMT-2009)
(अ) 32 कोशिकीय अवस्था में
(ब) 64 कोशिकीय अवस्था में
(स) 100 कोशिकीय अवस्था में
(द) 164 कोशिकीय अवस्था में
उत्तर:
(अ) 32 कोशिकीय अवस्था में

31. गर्भनिरोधक के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और उनके आगे पूछे जा रहे प्रश्न का उत्तर दीजिए- (CBSE-2008)
(1) प्रथम त्रिमास में चिकित्सीय गर्भ समापन (MTP) सामान्यत: निरापद (खतरे से बाहर) होता है
(2) जब तक माँ अपने शिशु को दो वर्ष तक स्तनपान कराती रहती है तब तक गर्भाधान की सम्भावनाएँ नहीं होती हैं
(3) कॉपर-T जैसी आंतर गर्भाशय युक्तियाँ कारगर गर्भनिरोधक होती हैं
(4) संभोग के बाद गर्भनिरोधक गोलियों का एक सताह तक सेवन करने से गर्भाधान रुक जाता है।

(अ) 2,3
(ब) 3,4
(स) 1,3
(द) 1,2
उत्तर:
(स) 1,3

32. अंडवाहिनी में सीधे ही युग्मक प्रवेश करने की तकनीक है- (Manipal-2004)
(अ) MTS
(ब) IVF
(स) POST
(द) ET
उत्तर:
(ब) IVF

33. मादा में मुखीय गर्भनिरोधक किसे रोकती है- (JK. CMEE-2004)
(अ) अण्डोत्सर्ग
(ब) निषेचन
(स) रोपण
(द) योनि में शुक्राणु का प्रवेश
उत्तर:
(अ) अण्डोत्सर्ग

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 4 जनन स्वास्थ्य

34. कॉपर-T का कार्य क्या है- (AFMC-2010, BHU-2002)
(अ) विद्लन रोकना
(ब) निषेचन रोकना
(स) उत्परिवर्तन रोकना
(द) गेस्ट्रुलेशन रोकना
उत्तर:
(ब) निषेचन रोकना

35. गर्भनिरोधक गोलियों में प्रोजेस्ट्रोन- (AIPMT-2000)
(अ) अण्डोत्सर्ग रोकता है
(ब) एस्ट्रेजन को बाधित करता है
(स) एन्ड्रोमेट्रियम से युग्मनज के जुड़ाव को रोकता है
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(अ) अण्डोत्सर्ग रोकता है

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HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

प्रश्न 1.
ऊर्जा का मात्रक नहीं है-
(a) बाट
(b) किलोवाट घण्टा
(c) जूल
(d) इलेक्ट्रॉन बोल्ट
उत्तर:
(a) बाट

प्रश्न 2.
स्वतन्त्रतापूर्वक गिरती हुई वस्तु की गतिज ऊर्जा का मान-
(a) नियत रहता है
(b) घटता रहता है
(c) बढ़ता रहता है।
(d) शून्य रहता है।
उत्तर:
(c) बढ़ता रहता है।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 3.
चित्र में वेग समय चक्र दर्शाया गया है। बल द्वारा C से D तक किया गया कार्य होगा-
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -1
(a) धनात्मक
(b) शन्य
(c) ऋणात्मक
(d) अनन्त
उत्तर:
(b) शन्य

प्रश्न 4.
यदि एक बल को किसी पिण्ड पर लगाने से उस पिण्ड को वेग प्राप्त होता है तो शक्ति होगी-
(a) F/V
(b) FV²
(c) FV
(d) E/V²
उत्तर:
(c) FV

प्रश्न 5.
एक लड़का दूरी तक सिर पर वजन रखकर ढोता है उसे अधिकतम कार्य करना पड़ता है जब वह वस्तु को लेकर
(a) खुरदरे क्षैतिज सतह पर चलता है।
(b) चिकनी क्षैतिज सतह पर चलता है।
(c) नत तल पर चलता है
(d) ऊर्ध्व तल पर ऊपर चलता है।
उत्तर:
(d) ऊर्ध्व तल पर ऊपर चलता है।

प्रश्न 6.
एक बॉक्स को फर्श से उठाकर किसी टेबिल पर रख देते हैं। हमारे द्वारा बॉक्स पर किया गया कार्य निर्भर करता है-
(a) बॉक्स को रखने में विभिन्न पथों पर
(b) हमारे द्वारा लिये गये स्थान पर
(c) हमारे भार पर
(d) बॉक्स से भार पर
उत्तर:
(d) बॉक्स से भार पर

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 7.
किसी निकाय पर संरक्षी आन्तरिक बल द्वारा किये गये कार्य का ऋणात्मक मान तुल्य होता है-
(a) कुल ऊर्जा में परिवर्तन के
(b) गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के
(c) स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन के
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(c) स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन के

प्रश्न 8.
किसी पिण्ड की गतिज ऊर्जा में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि होती है तो उसके संवेग में प्रतिशत वृद्धि होगी-
(a) 0.05%
(b) 0.1%
(c) 1.0%
(d) 10%
उत्तर:
(a) 0.05%

प्रश्न 9.
राशियाँ जो किसी टक्कर में नियत रहती है-
(a) संवेग, गतिज ऊर्जा तथा ताप
(b) संवेग, लेकिन गतिज ऊर्जा तथा ताप नहीं
(c) संवेग, गतिज ऊर्जा लेकिन ताप नहीं
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(b) संवेग, लेकिन गतिज ऊर्जा तथा ताप नहीं

प्रश्न 10.
दो स्प्रिंगों के बल नियतांक व 2 हैं। उनमें समान खिंचाव x उत्पन्न किया जाता है। इनकी प्रत्यास्थ ऊर्जा E व E2 हो तो E1 व E2 का अनुपात होगा-
(a) \(\frac{k_1}{k_2}\)
(b) \(\frac{k_2}{k_1}\)
(c) \(\frac{\sqrt{k_2}}{\sqrt{k_1}}\)
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) \(\frac{k_1}{k_2}\)

प्रश्न 11.
पिण्ड पर किया गया कार्य निर्भर नहीं करता है-
(a) आरोपित बल पर
(b) पिण्ड की प्रारम्भिक चाल पर
(c) बल व विस्थापन के मध्य कोण पर
(d) विस्थापन पर
उत्तर:
(b) पिण्ड की प्रारम्भिक चाल पर

प्रश्न 12.
यदि किसी पिण्ड का संवेग दुगना कर दिया जाये तो गतिज ऊर्जा में वृद्धि होगी-
(a) 400%
(b) 200%
(c) 300%
(d) 50%
उत्तर:
(c) 300%

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 13.
m व 4m द्रव्यमान के दो अणुओं की गतिज ऊर्जा समान है। उनमें रेखीय संवेग का अनुपात होगा-
(a) 1 : 4
(b) 4 : 1
(c) 1 : 2
(d) 1 : √2
उत्तर:
(c) 1 : 2

प्रश्न 14.
एक पिण्ड समान वेग से चलता हुआ दूसरे समान द्रव्यमान के स्थिर पिण्ड से द्विविमीय टक्कर करता है। टक्कर के पश्चात् दोनों के मध्य कोण होगा-
(a) 450
(b) 90°
(c) 60°
(d) 30°
उत्तर:
(b) 90°

प्रश्न 15.
m द्रव्यमान की गोली 1 वेग से क्षैतिज दिशा में दागी जाती है। यह गोली m द्रव्यमान के रेत के थैले में धँस जाती है। टक्कर के कारण रेत के थैले का वेग होगा-
(a) \(\frac{mu}{M+m}\)
(b) \(\frac{m}{(M+m)u}\)
(c) \(\frac{mM}{(M+m)u}\)
(d) o
उत्तर:
(a) \(\frac{mu}{M+m}\)

प्रश्न 16.
पूर्णत: प्रत्यास्थ टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक ९ का मान होता है-
(a) 1
(b)0
(c) ∞
(d) – 1
उत्तर:
(a) 1

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 17.
एक रेलगाड़ी को रोकने के लिए समान मन्दन बल लगाया जाता है। यदि चाल दोगुनी कर दी जाये तो दूरी होगी-
(a) समान
(b) दो गुनी
(c) आधी
(d) चार गुनी
उत्तर:
(d) चार गुनी

प्रश्न 18.
एक गेंद 5 मीटर ऊँचाई से गिरकर 1.8 मीटर ऊँचाई तक उछलती है, उछलने के पश्चात् तथा पूर्व गेंद के वेगों का अनुपात होगा –
(a) \(\frac{4}{5}\)
(b) \(\frac{1}{5}\)
(c) \(\frac{2}{5}\)
(d) \(\frac{3}{5}\)
उत्तर:
(d) \(\frac{3}{5}\)

प्रश्न 19.
यदि \(\vec{F}=(20 \hat{i}+15 \hat{j}-5 \hat{k}) \mathrm{N} \text { तथा } \vec{v}=(6 \hat{i}-4 \hat{j}+3 \hat{k}) \mathrm{m} / \mathrm{s}\) है तो तात्क्षणिक शक्ति होगी-
(a) 35 W
(b) 25 W
(c) 90 W
(d) 45 W
उत्तर:
(d) 45 W

प्रश्न 20.
√Ek में खींचा गया वक्र है-
(E = गतिज ऊर्जा तन्त्र, p = रेखीय संवेग)
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -2
उत्तर:
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -3

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)

प्रश्न 1.
गुरुत्व के विरुद्ध किसी मनुष्य द्वारा किया गया कार्य कितना होगा, यदि वह समतल में चल रहा हो ?
उत्तर:
∵ W =F.d cos θ
समतल में चलने पर θ = 90° और F = mg
तो W = mg × cos 90°
या W = 0

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 2.
एक मनुष्य 10kg के भार को 1 min तक अपने कन्धों पर उठाये रखता है। मनुष्य द्वारा किया गया कार्य कितना होगा?
उत्तर:
W = F.d
यहाँ d = 0
W = 0

प्रश्न 3.
क्या यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है?
उत्तर:
नहीं; केवल विलगित निकाय की यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है जबकि असंरक्षी बल शून्य हो।

प्रश्न 4.
घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में कौन-सी ऊर्जा संचित होती है? घड़ी चलते रहने पर यह ऊर्जा कौन-सी ऊर्जा में परिवर्तित होती है?
उत्तर:
घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में उसकी स्थितिज ऊर्जा के रूप में ऊर्जा एकत्र होती है। घड़ी के चलते रहने पर यहीं स्थितिज ऊर्जा सुइयों की गतिज ऊर्जा में बदलती है।

प्रश्न 5.
क्या किसी निकाय के संवेग में परिवर्तन किये बिना गतिज ऊर्जा में परिवर्तन किया जा सकता है?
उत्तर:
हाँ; निकाय के कणों का कुल संवेग अपरिवर्तित रहेगा परन्तु उसके कणों के अलग-अलग संवेग बदल सकते हैं और फलस्वरूप गतिज ऊर्जा में परिवर्तन हो सकता है।

प्रश्न 6.
क्या किसी कण की गतिज ऊर्जा परिवर्तित किये बिना इसका संवेग परिवर्तित किया जा सकता है?
उत्तर:
हाँ; एक समान वृत्तीय गति में कण की चाल नियत होने से उसकी गतिज ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है लेकिन प्रति क्षण वेग की दिशा बदलने से संवेग परिवर्तित होगा।

प्रश्न 7.
क्या किसी पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर में सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा क्षय हो सकती है?
उत्तर:
हाँ जब एक स्प्रिंग को दबाते हैं या वस्तु खुरदरे तल पर नियत वेग से खींची जाये।

प्रश्न 8.
संरक्षी बलों के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
गुरुत्वीय बल स्प्रिंग बल ।

प्रश्न 9.
असंरक्षी बलों के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
घर्षण बल श्यान बल ।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 10.
आइन्स्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
E = mc²
जहाँ m = ऊर्जा में बदलने वाला द्रव्यमान
एवं c = प्रकाश की चाल = 3 × 100 ms-1

प्रश्न 11.
क्या किसी वस्तु की (EU) राशि ऋणात्मक हो सकती है? यहाँ E कुल ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा है।
उत्तर:
नहीं, क्योंकि राशि (EU) कुल गतिज ऊर्जा को व्यक्त करती है और गतिज ऊर्जा ऋणात्मक नहीं हो सकती है।

प्रश्न 12.
क्या किसी वस्तु पर बाह्य बल लगाये बिना निकाय की गतिज ऊर्जा परिवर्तित की जा सकती है?
उत्तर:
हाँ, जैसे बम विस्फोट में।

प्रश्न 13.
क्या रेखीय संवेग सदैव संरक्षित रहता है?
उत्तर:
नहीं; रेखीय संवेग केवल विलगित निकाय (Isolated System) में ही संरक्षित रहता है।

प्रश्न 14.
क्या किसी वस्तु पर बिना गतिज ऊर्जा परिवर्तन के बल लगाया जा सकता है?
उत्तर:
हाँ; जब एक स्प्रिंग को दबाते हैं या वस्तु खुरदरे तल पर नियत वेग से खींची जाये।

प्रश्न 15.
पानी में एक हवा का बुलबुला ऊपर उठता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा?
उत्तर:
स्थितिज ऊर्जा घटेगी।

प्रश्न 16.
ऋणात्मक कार्य का क्या अर्थ है?
उत्तर:
इसका अर्थ है कि विस्थापन बल के विपरीत है अर्थात् कार्य बल के विरुद्ध किया गया।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 17.
1 kWh में जूल (J) की संख्या लिखिए।
उत्तर:
1 kWh = 36 × 106 J

प्रश्न 18.
खिंची हुई स्प्रिंग की प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा का मान कितना है?
उत्तर:
U(x) = \(\frac{1}{2}\) kx²

प्रश्न 19.
क्या यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है?
उत्तर:
नहीं; केवल विलगित निकाय की यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है, जब आन्तरिक असंरक्षी बल शून्य हो।

प्रश्न 20.
जब संरक्षी बल किसी वस्तु पर धनात्मक कार्य करता है, तो पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
स्थितिज ऊर्जा घटती है।

प्रश्न 21.
धनात्मक कार्य के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
घोड़े द्वारा गाड़ी खींचना गिरते हुए पिण्ड पर गुरुत्व बल द्वारा कृत कार्य

प्रश्न 22.
एक व्यक्ति अपने हाथ में सूटकेस लिए हुए प्लेटफार्म पर खड़ा है, क्या वह कोई कार्य कर रहा है?
उत्तर:
नहीं; क्योंकि विस्थापन शून्य है।

प्रश्न 23.
1 जूल में कितने अगं होते हैं?
उत्तर:
1 जूल 107 अर्ग

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 24.
नाभिक के चारों ओर घूमते इलेक्ट्रॉन में स्थितिज ऊर्जा होती है अथवा नहीं?
उत्तर:
ऋणात्मक विद्युत् स्थितिज ऊर्जा होती है।

प्रश्न 25.
ऊर्जा के चार रूप लिखिए।
उत्तर:
ऊष्मीय ऊर्जा, विद्युत् ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा।

प्रश्न 26.
माचिस की तीली जलाने पर तीली से कौन-सी ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है?
उत्तर:
रासायनिक ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है।

प्रश्न 27.
किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता क्या कहलाती है?
उत्तर:
ऊर्जा।

प्रश्न 28.
जब किसी वस्तु का ताप बढ़ता है तो उसकी आन्तरिक ऊर्जा में क्या परिवर्तन होता है?
उत्तर:
आन्तरिक ऊर्जा बढ़ती है।

प्रश्न 29.
कमान से छोड़े गये तीर में गतिज ऊर्जा होती है, तीर को वह गतिज ऊर्जा कहाँ से मिलती है?
उत्तर:
तीर और कमान निकाय की स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है जो तीर को मिल जाती है।

प्रश्न 30.
क्या पूर्ण अप्रत्यास्थ संघट्ट में निकाय की सम्पूर्ण ऊर्जा क्षय हो जाती है?
उत्तर:
नहीं; केवल उतनी ही गतिज ऊर्जा का क्षय होता है जितनी कि संवेग संरक्षण के लिए आवश्यक होती है।

प्रश्न 31.
प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट में से किसमें संवेग संरक्षित रहता है और किसमें यांत्रिक ऊर्जा ?
उत्तर:
प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ दोनों ही प्रकार के संघट्टों में संवेग संरक्षित रहता है लेकिन यांत्रिक ऊर्जा केवल प्रत्यास्थ संघट्ट में संरक्षित रहती है।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1.
शून्य कार्य, धनात्मक कार्य एवं ऋणात्मक कार्य के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
(i) शून्य कार्य –
∵ W = F.s.cos θ
यदि θ = 90° तो cos θ = 0 अत: W = 0
उदाहरण के लिए – वृत्तीय पथ पर गतिशील पिण्ड पर अभिकेन्द्रीय बल द्वारा कृत कार्य शून्य होता है।
धनात्मक कार्य – W=Fs.cos θ जब 80° तो cos 9 = 1 अतः W – F. अर्थात् कार्य धनात्मक होगा।
उदाहरण के लिए – जब कोई व्यक्ति किसी भार को ऊपर उठाता है तो व्यक्ति द्वारा कृत कार्य धनात्मक होता है।
ऋणात्मक कार्य – जब 0-180° तो cos81. अतः WFs अर्थात् कार्य ऋणात्मक होगा।
उदाहरण के लिए जब कोई व्यक्ति किसी भार को ऊपर उठाता है तो गुरुत्वीय बल द्वारा कृत कार्य ऋणात्मक (-mgh) होता है।

प्रश्न 2.
किसी बन्दूक से गोली दागी जाती है, तो बन्दूक एवं गोली में से किसकी गतिज ऊर्जा अधिक होगी?
उत्तर:
∵ Ek = \(\frac{p^{2}}{2m}\)
या Ek ∝ \(\frac{1}{m}\) यदि p का मान नियत है।
∵ गोली एवं बन्दूक के संवेग परिमाण में समान होते हैं अतः गोली की गतिज ऊर्जा अधिक होगी क्योंकि इसका द्रव्यमान कम होता है।

प्रश्न 3.
गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह ऊर्जा जो किसी पिण्ड में उसकी गति के कारण होती है. गतिज ऊर्जा कहलाती है और इसकी माप उस कार्य से की जाती है, जो शून्य वेग की अवस्था से उस वेग की अवस्था तक लाने में करना पड़ता है। 1 वेग की अवस्था में
K = \(\frac{1}{2}\) v²

प्रश्न 4.
तोप से दागा गया गोला ऊपर जाकर वायु में फट जाता है। संवेग तथा गतिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा?
उत्तर:
जब गोला फटता है तो संवेग संरक्षित रहता है लेकिन गतिज ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 5.
गतिज ऊर्जा एवं संवेग में सम्बन्ध बताइये और इसकी सहायता से बताइये कि यदि हल्के एवं भारी पिण्डों के संवेग समान हैं तो किसकी गतिज ऊर्जा अधिक होगी?
उत्तर:
गतिज ऊर्जा,
\(K_i=\frac{1}{2} m v^2=\frac{m^2 v^2}{2 m}=\frac{p^2}{2 m}\)
या \(K=\frac{p^2}{2 m}\)
यदि P का मान नियत है, तो K ∝ \(\frac{1}{m}\)
स्पष्ट है कि हल्के पिण्ड ( कम द्रव्यमान m) की गतिज ऊर्जा अधिक होगी।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 6.
कार्य निर्देश तन्त्र पर किस प्रकार निर्भर करता है? समझाइये।
उत्तर:
कार्य, निर्देश तन्त्र पर निर्भर करता है क्योंकि निर्देश तन्त्र परिवर्तित होने से विस्थापन परिवर्तित हो जाता है। जैसे-यदि किसी बॉक्स जिसका द्रव्यमान है, को कोई व्यक्ति सिर पर रखकर ऊँचाई तक ले जाता है, तो व्यक्ति के सापेक्ष बॉक्स का विस्थापन शून्य होता है। अतः व्यक्ति के सापेक्ष कार्य शून्य होगा, लेकिन प्लेटफार्म पर खड़े व्यक्ति के लिए इसका मान Www.gh होता है क्योंकि प्लेटफार्म पर खड़े व्यक्ति के लिए बॉक्स का विस्थापन है।

प्रश्न 7.
स्थितिज ऊर्जा की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
ऊर्जा एवं ऊर्जा के रूप (Energy and Types of Energy) :
ऊर्जा एक विशेष प्रचलित शब्द है अर्थात् बिना ऊर्जा के कोई भी कार्य करना सम्भव नहीं है। मनुष्य इसे खाना खाकर, दूध पीकर, फल खाकर, फलों एवं सब्जियों का जूस पीकर ग्रहण करता है।

किसी वस्तु में उसकी विशेष स्थिति अथवा गति के कारण कार्य करने की क्षमता पायी जाती है। “वस्तु द्वारा कार्य की कुल क्षमता को ऊर्जा कहते है।’ किसी वस्तु में विद्यमान ऊर्जा का मापन उस कार्य से किया जाता है, जितना कि वह कर सकती है जबकि वह कार्य करने के योग्य न रहे। ऊर्जा कार्य के कुल परिमाण को बताती है।

जब कोई वस्तु या पिण्ड कार्य करता है तो उसकी ऊर्जा घटती हैं। किसी भी ऊर्जा की माप उस कार्य से होती है जो वह शून्य ऊर्जा वाली स्थिति में आने तक करती है। स्पष्ट है कि वस्तु द्वारा किया गया अधिकतम कार्य ही ऊर्जा की माप है।

ऊर्जा के वही मात्रक होते हैं जो कार्य के होते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति में ऊर्जा का मात्रक जूल (J) होता है। ऊर्जा के अन्य मात्रक किलोवार घण्टा kWh तथा इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) होते हैं।
1 kWh = 10³ × 1 Watt × 1 hour = 10³ J.s-1 × 3600 s
या 1 kWh = 3.6 × 106 J
1 eV = 1.6 × 10-19 C × 1 J.C-1
या 1 eV = 1.6 × 10-19 J

स्थितिज ऊर्जा की अवधारणा
(Concept of Potential Energy)
किसी कण या पिण्ड या तन्त्र की वह ऊर्जा है जो उसकी स्थिति या अभिविन्यास के कारण होती है, स्थितिज ऊर्जा कहलाती है।
यह धनात्मक या ऋणात्मक हो सकती है। स्थितिज ऊर्जा सदैव सम्पूर्ण निकाय की होती है।

प्रतिकर्षण बलों के कारण स्थितिज ऊर्जा का मान धनात्मक तथा आकर्षण बलों के कारण स्थितिज ऊर्जा का मान ऋणात्मक होता है।
जब कणों के बीच लगने वाला बल आकर्षण होता है तो उनके बीच दूरी बढ़ाने पर स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है और जब कणों के बीच लगने वाला बल प्रतिकर्षण होता है तो उनके बीच की दूरी बढाने पर स्थितिज ऊर्जा घटती है।
आकर्षण तथा प्रतिकर्षण बलों के प्रभाव में स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन चित्र 6.9 में दर्शाया है।
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -4

प्रश्न 8.
संरक्षी बलों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
संरक्षी तथा असंरक्षी बल
(Conservative and Non-conservative Forces)
प्रथम परिभाषा-जब किसी कण पर एक या एक एक से अधिक
बल इस प्रकार कार्य करते हैं कि कण की अपनी प्रारम्भिक अवस्था में लौटने पर वही गतिज ऊर्जा रहती है, जो प्रारिम्भक अवस्था में थी, तो ये बल संरक्षी बल कहलाते है। गतिज ऊर्जा के मान में कमी होने पर बलों को असंरक्षी बल कहते हैं।
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -5
द्वितीय परिभाषा : वे बल जिनके द्वारा पिण्ड को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक विस्थापित करने में किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, संरक्षी बल कहलाते है। अर्थात् पथों 1,2 व 3 के लिये
W1 = W2 = W3
उदाहरणार्थ – गुरुत्वीय बल, प्रत्यास्थ बल आदि।
इसके विपरीत जिन बलों के प्रभाव में वस्तुऐं एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक विस्थापित करनें में कृत कार्य पथ पर निर्भर करता है, असंरक्षी बल कहलाते हैं अर्थात् इनके लिए
W1 ≠ W2 ≠ W3
उदाहरण के लिए – घर्षण बल, श्यान बल आदि।

तृतीय परिभाषा : किसी बल को किसी कण पर लगाने से एक एक पूर्ण चक्कर में बल द्वारा सम्पन्न कार्य शून्य हो तो बल को संरक्षी बल कहते हैं। यदि कुल कार्य का परिमाण शून्य नहीं है तो बल को असंरक्षी कहते हैं।

संरक्षी तथा असंरक्षी बलों के उदाहरण
(i) गुरुत्वीय बल संरक्षी बल है : यदि एक गेंद को पृथ्वी की सतह पर कुछ गतिज ऊर्जा देकर ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाए तो कुछ समय पश्चात वह पुन: पृथ्वी पर लौट आती है तथा उसकी गतिज ऊर्जा वही होती है जितनी ऊपर की ओर फेकते समय थी।

(ii) स्प्र्रग का प्रत्यास्थ बल संरक्षी बल है : माना पिण्ड द्रव्यमान रहित स्प्रिग के सिरे से जुड़ा है। स्प्रिग का दूसरा सिरा एक दीवार से जुड़ा है। स्प्रिग तथा गुटके का यह निकाय एक घर्षण रहित चिकने क्षैतिज धरातल पर रखा है। गुर्युके को दीवार की ओर कुछ विस्थापित करने पर स्प्रिग संपीडित होती है। स्प्रिग प्रत्यास्थता के कारण गुटके के विस्थापन के विपरीत दिशा में एक प्रत्यानयन बल आरोपित करती है। जिससे गुटका स्थिर हो जायेगा तथा उसकी गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है। अब संपीडित स्प्रिग विपरीत दिशा में प्रसारित होता है जिससे गुटका पूर्व गति के विपरीत दिशा में गतिशील होता है। जब गुटका अपनी प्रारस्भिक स्थिति में पहुँचता है तो उसका वेग तथा गतिज ऊर्जा प्रारम्भिक मान के बराबर होते हैं। अतः परिवर्तन के पूर्ण चक्र में गुटके की गतिज ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता है। इससे स्पष्ट होता है कि स्प्रिग का प्रत्यास्थ बल संरक्षी बल होता है।

(iii) घर्षण बल एवं श्यान बल : यदि क्षैतिज तल चिकना न हो अर्थात् घर्षण युक्त हो या गेंद पर वायु प्रतिरोधी श्यान बल करें तो गुटके या गेंद के प्रारम्भिक अवस्था में लौटकर आने पर उनकी गतिज ऊर्जा परिवर्तित हो जायेगी। स्पष्ट है कि घर्षण बल तथा श्यान बल असंरक्षी बल होते हैं।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 9.
टक्कर के लिए न्यूटन का नियम लिखिए।
उत्तर:
संघट्ट या टक्कर (Collision) :
किन्हीं दो पिण्ड़ों के मध्य अल्प समय के लिए पारस्परिक क्रिया (mutual interaction) का होना जिसके द्वारा पिण्ड़ों के संवेग तथा ऊर्जाएँ बदल जायें, संघट्ट कहलाता हैं अर्थात् “जब एक पिण्ड दूसरे पिण्ड की ओर गति करता है तो समीप आने अथवा अन्योन्य क्रिया के कारण उनकी गति में परिवर्तन होता है तो इस प्रक्रिया को संघट्ट या टक्कर कहते है।”

मुख्य तथ्य-
1. टक्कर में दो पिण्डों का परस्पर सम्पर्क में आना आवश्यक नहीं है। साधारणतः दो स्थूल पिण्ड टक्कर में एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं। परन्तु सूक्ष्म कणों की टक्कर में उनके बीच स्पर्श नहीं होता है। उदाहरणार्थ-किसी गेंद तथा बल्ले के बीच टक्कर में स्पर्श होता हैं परन्तु नाभिक द्वारा α-कण के प्रकीर्णन में कोई स्पर्श नहीं होता है।
2. टक्कर की प्रक्रिया में पिणड़ों के रेखीय संवेगों में पुनर्वितरण होता हैं लेकिन कुल संवेग संरक्षित रहता है।
3. टक्कर में कुल ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है।
4. यदि एक टक्कर में टकराने वाले कण टक्कर से पूर्ण तथा टक्कर के पश्चात् एक ही सरल रेखा के अनुदिश गतिशील हों, तो इसे सम्मुख टक्कर (Head on collision) कहते है। वे टक्कर एक विमीय कहलाती है, जबकि यदि टक्कर करने वाली वस्तुओं के वेग एक रेखा के अनुदिश नहीं होने तथा टक्कर से पूर्व और पश्चात् एक ही तल में स्थित होने पर टक्कर द्विविमीय कहलाती है। इसे तिर्यक टक्कर (Oblique collision) भी कहते हैं।

प्रश्न 10.
किसी वस्तु के संवेग में 50% की वृद्धि करें तो उसकी गतिज ऊर्जा में कितनी वृद्धि हो जायेगी ?
उत्तर:
गतिज ऊर्जा एवं संवेग में सम्बन्ध
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -6

प्रश्न 11.
तिर्यक टक्कर किसे कहते हैं?
उत्तर:
यदि टक्कर करने वाली वस्तुओं के वेग एक रेखा के अनुदिश नहीं होते हैं और टक्कर के पूर्व तथा पश्चात् एक ही तल में होते हैं। तो इस टक्कर को द्विविमीय टक्कर या तिर्यक टक्कर कहते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्रश्न 1.
कार्य किसे कहते हैं? परिवर्ती बल द्वारा किया गया कार्य किस प्रकार ज्ञात करते हैं? समझाइये।
उत्तर:
अनुच्छेद 6.2 व 6.5 का अवलोकन कीजिए।
कार्य (Work) :
साधारण भाषा में कार्य शब्द किसी भी क्रिया को व्यक्त करता है जिसमें भौतिक या शारीरिक रूप से कोई कार्य सम्मिलित होता है। भौतिकी में कार्य का अर्थ अलग है। यदि किसी पिण्ड पर बल लगाया जाये और वह पिण्ड बल की दिशा में विस्थापित हो तो कहा जाता है कि कार्य किया गया है।

6.5. परिवर्तो बल के द्वारा किया गया कार्य (Work Done by Variable Force)
परिवर्ती बल की स्थिति में माना बिन्दु P पर बल \(\vec{F}\) द्वारा \(\vec{d} r\) विस्थापन देने में कृत कार्य
\(d W=\vec{F} \cdot \overrightarrow{d r}\)
या dW = Fdr cos θi …….(1)
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -7
यहाँ θi बिन्दु P पर \(\vec{F}\) व \(\vec{d}\) r के मध्य कोण है। \(\vec{d} r \)का मान इतना अत्यल्प है कि इस विस्थापन के लिये \(\vec{F}\) को नियत मान सकते हैं। इस प्रकार अल्प विस्थापन d r के संगत किया गया कार्य d W है। इस प्रकार सम्पूर्ण दूरी \(A \rightarrow B\) के लिये कृत कार्य ज्ञात करने के लिये सम्पूर्ण दूरी को अल्पांशों \(\Delta \overrightarrow{r_1}, \Delta \overrightarrow{r_2} \ldots\). इत्यादि में बाँट लेते हैं। ये अल्पांश इतने अल्प होने चाहिये कि इनके संगत बल को नियत माना जा सके। यदि इन अल्पांशों के संगत बलों के मान क्रमश: \(\vec{F}_1, \vec{F}_2, \vec{F}_3, \ldots\) इत्यादि हों, तो सम्पूर्ण विस्थापन में किया गया कार्य
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -8

प्रश्न 2.
गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं? सिद्ध करें कि किसी पिण्ड की गतिज ऊर्जा mp” होती है? कार्य-कर्जा प्रमेय को समझाते हुए इसे व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर;
ऊर्जा एवं ऊर्जा के रूप (Energy and Types of Energy) :
ऊर्जा एक विशेष प्रचलित शब्द है अर्थात् बिना ऊर्जा के कोई भी कार्य करना सम्भव नहीं है। मनुष्य इसे खाना खाकर, दूध पीकर, फल खाकर, फलों एवं सब्जियों का जूस पीकर ग्रहण करता है।
किसी वस्तु में उसकी विशेष स्थिति अथवा गति के कारण कार्य करने की क्षमता पायी जाती है। “वस्तु द्वारा कार्य की कुल क्षमता को ऊर्जा कहते है।’ किसी वस्तु में विद्यमान ऊर्जा का मापन उस कार्य से किया जाता है, जितना कि वह कर सकती है जबकि वह कार्य करने के योग्य न रहे। ऊर्जा कार्य के कुल परिमाण को बताती है।

जब कोई वस्तु या पिण्ड कार्य करता है तो उसकी ऊर्जा घटती हैं। किसी भी ऊर्जा की माप उस कार्य से होती है जो वह शून्य ऊर्जा वाली स्थिति में आने तक करती है। स्पष्ट है कि वस्तु द्वारा किया गया अधिकतम कार्य ही ऊर्जा की माप है।

ऊर्जा के वही मात्रक होते हैं जो कार्य के होते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति में ऊर्जा का मात्रक जूल (J) होता है। ऊर्जा के अन्य मात्रक किलोवार घण्टा kWh तथा इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) होते हैं।
1 kWh = 10³ × 1 Watt × 1 hour = 10³ J.s-1 × 3600 s
या 1 kWh = 3.6 × 106 J
1 eV = 1.6 × 10-19 C × 1 J.C-1
या 1 eV = 1.6 × 10-19 J

कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem)
कथन-
” किसी बल द्वारा क्षैतिज तल पर एक वस्तु को विस्थापित करने में कृत कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होता है।’ अर्थात्
W = ∆K
नियत बल के लिए कार्य-ऊर्जा प्रमेय-माना कोई कण जिसका द्रव्यमान m है, किसी क्षण प्रारम्भिक वेग \(\vec{u}\) से गतिमान है। अब यदि कोई बल \(\vec{F}\) उस पर गति की दिशा में लगाने से वस्तु का s दूरी तय करने के बाद अन्तिम वेग \(\vec{v}\) हो जाता है तथा वस्तु में उत्पन्न त्वरण \(\vec{a}\) है, तो गति के तृतीय नियम को सदिश रूप से लिखने पर
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -9
अत: किसी वस्तु पर लगाये गये कुल बल द्वारा सम्पन्न कार्य, वस्तु की दो विशिष्ट अवस्थाओं में विद्यमान गतिज ऊर्जाओं के अन्तर के बराबर होता है। यही कार्य-ऊर्जा प्रमेय है। स्पष्ट है कि-
(i) यदि W > 0 तो (Kf – Ki) >0 या Kf > Ki अर्थात् यदि सम्पन्न कार्य धनात्मक है तो अन्तिम गतिज ऊर्जा प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा से अधिक होगी।
(ii) यदि W < 0 तो (Kf – Ki) < 0 या Kf < Ki अर्थात् यदि सम्पन्न कार्य ऋणात्मक है तो अन्तिम गतिज ऊर्जा प्रारिम्भक गतिज ऊर्जा से कम होगी।

परिवर्ती बल के अन्तर्गत कार्य ऊर्जा प्रमेय –
गतिज ऊर्जा \(K=\frac{1}{2} m v^2\)
गतिज ऊर्जा में परिवर्तन की दर
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -10
इस प्रकार परिवर्ती बल के लिए कार्य-ऊर्जा प्रमेय सिद्ध होती है। वास्तव में यह न्यूटन के द्वितीय का समालकन रूप है।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 3.
ऊर्जा किसे कहते हैं? यांत्रिक ऊर्जा कितने प्रकार की होती है? यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण गुणत्व के अधीन स्वतंत्रतापूर्वक गिरते पिण्ड का उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:
ऊर्जा एवं ऊर्जा के रूप (Energy and Types of Energy) :
ऊर्जा एक विशेष प्रचलित शब्द है अर्थात् बिना ऊर्जा के कोई भी कार्य करना सम्भव नहीं है। मनुष्य इसे खाना खाकर, दूध पीकर, फल खाकर, फलों एवं सब्जियों का जूस पीकर ग्रहण करता है।

किसी वस्तु में उसकी विशेष स्थिति अथवा गति के कारण कार्य करने की क्षमता पायी जाती है। “वस्तु द्वारा कार्य की कुल क्षमता को ऊर्जा कहते है।’ किसी वस्तु में विद्यमान ऊर्जा का मापन उस कार्य से किया जाता है, जितना कि वह कर सकती है जबकि वह कार्य करने के योग्य न रहे। ऊर्जा कार्य के कुल परिमाण को बताती है।

जब कोई वस्तु या पिण्ड कार्य करता है तो उसकी ऊर्जा घटती हैं। किसी भी ऊर्जा की माप उस कार्य से होती है जो वह शून्य ऊर्जा वाली स्थिति में आने तक करती है। स्पष्ट है कि वस्तु द्वारा किया गया अधिकतम कार्य ही ऊर्जा की माप है।

ऊर्जा के वही मात्रक होते हैं जो कार्य के होते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति में ऊर्जा का मात्रक जूल (J) होता है। ऊर्जा के अन्य मात्रक किलोवार घण्टा kWh तथा इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) होते हैं।
1 kWh = 10³ × 1 Watt × 1 hour = 10³ J.s-1 × 3600 s
या 1 kWh = 3.6 × 106 J
1 eV = 1.6 × 10-19 C × 1 J.C-1
या 1 eV = 1.6 × 10-19 J

यान्त्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mechanical Energy) :
संरक्षी बलों (Conservative forces) की उपस्थिति में किसी पिण्ड अथवा निकाय की यात्त्रिक ऊर्जा अर्थात् गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा का योग नियत रहता है। यही यान्त्रिक ऊर्जा के संरक्षण का नियम है।
हम जानते हैं कि किसी निकाय पर संरक्षी बल लगाने पर उसके विन्यास में परिवर्तन होता है और इस निकाय की गतिज ऊर्जा ∆K से बदल जाती है। संरक्षी बल की परिभाषा के अनुसार निकाय की स्थितिज ऊर्जा में भी बराबर व विपरीत मात्रा में परिवर्तन होना चाहिए, जिससे कि दोनों परिवर्तनों का योग शून्य हो जाये अर्थात्
∆U = -∆K
या ∆U + ∆K = 0
या U + K = नियतांक ……………(1)
अत: संरक्षी बलों की उपस्थिति में किसी निकाय की गतिज ऊर्जा K में परिवर्तन, निकाय की स्थितिज ऊर्जा U में बराबर व विपरीत परिवर्तन के तुल्य होता है और गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा का योग सदैव नियत रहता है।

यह नियम असंरक्षीय बल (अर्थात् क्षयकारी बल) जैसे-घर्षण बल के लिए लागू नहीं होता है क्योंकि असंरक्षी बलों (Non conservative forces) के कारण यान्त्रिक ऊर्जा का कुछ भाग ध्वनि, ऊष्मा, प्रकाश या अन्य प्रकार की ऊर्जाओं में परिवर्तित हो जाता है।

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 4.
स्प्रिंग नियतांक वाली एक प्रत्यास्थ स्प्रिंग को x दूरी तक संपीडित किया जाता है, दशांइये कि स्थितिज ऊर्जा \(\frac{1}{2}\)Kx² होती है।
उत्तर:
यान्त्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mechanical Energy) :
संरक्षी बलों (Conservative forces) की उपस्थिति में किसी पिण्ड अथवा निकाय की यात्त्रिक ऊर्जा अर्थात् गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा का योग नियत रहता है। यही यान्त्रिक ऊर्जा के संरक्षण का नियम है।
हम जानते हैं कि किसी निकाय पर संरक्षी बल लगाने पर उसके विन्यास में परिवर्तन होता है और इस निकाय की गतिज ऊर्जा ∆K से बदल जाती है। संरक्षी बल की परिभाषा के अनुसार निकाय की स्थितिज ऊर्जा में भी बराबर व विपरीत मात्रा में परिवर्तन होना चाहिए, जिससे कि दोनों परिवर्तनों का योग शून्य हो जाये अर्थात्
∆U = -∆K
या ∆U + ∆K = 0
या U + K = नियतांक ……………(1)
अत: संरक्षी बलों की उपस्थिति में किसी निकाय की गतिज ऊर्जा K में परिवर्तन, निकाय की स्थितिज ऊर्जा U में बराबर व विपरीत परिवर्तन के तुल्य होता है और गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा का योग सदैव नियत रहता है।

यह नियम असंरक्षीय बल (अर्थात् क्षयकारी बल) जैसे-घर्षण बल के लिए लागू नहीं होता है क्योंकि असंरक्षी बलों (Non conservative forces) के कारण यान्त्रिक ऊर्जा का कुछ भाग ध्वनि, ऊष्मा, प्रकाश या अन्य प्रकार की ऊर्जाओं में परिवर्तित हो जाता है।

प्रश्न 5.
सिद्ध कीजिए कि दो समान द्रव्यमान की एक ही रेखा में गतिशील गेंदों के मध्य होने वाली प्रत्यास्थ टक्कर में गेंदे अपने वेगों को परस्पर बदल लेती हैं।
उत्तर:
एक विमीय प्रत्यास्थ टक्कर (One Dimensional Elastic Collision) :
माना चित्र में m1 व m2 द्रव्यमान के दो पिण्ड क्रमशः \(\overrightarrow{u_1}\) व \overrightarrow{u_2}[/latex] नियत वेगों \(\left(\vec{u}>\overrightarrow{u_2}\right)\) से एक सरल रेखा में चलते हुए प्रत्यास्थ रूप से टकराते हैं और टक्कर के बाद के उसी दिशा में क्रमश: \(\overrightarrow{v_1}\) व \(\overrightarrow{v_2}\) वेग से गति करते हैं।

प्रत्यास्थ टक्कर में ऊर्जा एवं संवेग दोनों संरक्षित रहते हैं। अतः संवेग संरक्षण के नियम से-
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -11
इस प्रकार एक विमीय सम्मुख प्रत्यास्थ टक्कर में टक्कर के पूर्व कणों के समीप आने का आपेक्षिक वेग (u1 – u2) टक्कर के पश्चात् उनके दूर जाने के आपेक्षिक वेग (v2 – v1) के बराबर होता है अत: इस टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -12

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 6.
दो विमीय टक्कर का वर्णन कीजिए। इस प्रकार की टक्कर में कणों के अन्तिम वेग किस प्रकार ज्ञात किये जाते हैं?
उत्तर:
द्विविमीय टक्कर अथवा तिर्यक टक्कर (Two Dimensional Collision or Oblique Collision) :
टक्कर के पश्चात् यदि टकराने वाली वस्तुओं के वेग एक रेखा के अनुदिश नहीं रहते तथा टक्कर के पूर्व व पश्चात् उनके तल समान रहते हैं तो इस प्रकार की टक्कर को द्विविमीय टक्कर कहते हैं। इसे तिर्यक टक्कर (oblique collision) भी कहते हैं।
चित्र में माना m1 द्रव्यमान का पिण्ड u1 वेग से चलते हुये m2 द्रव्यमान के स्थिर पिण्ड (u2 = 0) से टकराता है और टक्कर के पश्चात् वे मूल दिशा से क्रमशः θ व ϕ कोणों पर समान तल में गति करते हैं। अतः सदिश निरुपण में
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -13

प्रश्न 7.
बल विस्थापन ग्राफ की सहायता से कार्य का आंकलन किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर:
परिवर्तो बल के द्वारा किया गया कार्य (Work Done by Variable Force)
परिवर्ती बल की स्थिति में माना बिन्दु P पर बल \(\vec{F}\) द्वारा \(\vec{d} r\) विस्थापन देने में कृत कार्य
\(d W=\vec{F} \cdot \overrightarrow{d r}\)
या dW = Fdr cos θi …….(1)
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -7.1
यहाँ θi बिन्दु P पर \(\vec{F}\) व \(\vec{d}\) r के मध्य कोण है। \(\vec{d} r \)का मान इतना अत्यल्प है कि इस विस्थापन के लिये \(\vec{F}\) को नियत मान सकते हैं। इस प्रकार अल्प विस्थापन d r के संगत किया गया कार्य d W है। इस प्रकार सम्पूर्ण दूरी \(A \rightarrow B\) के लिये कृत कार्य ज्ञात करने के लिये सम्पूर्ण दूरी को अल्पांशों \(\Delta \overrightarrow{r_1}, \Delta \overrightarrow{r_2} \ldots\). इत्यादि में बाँट लेते हैं। ये अल्पांश इतने अल्प होने चाहिये कि इनके संगत बल को नियत माना जा सके। यदि इन अल्पांशों के संगत बलों के मान क्रमश: \(\vec{F}_1, \vec{F}_2, \vec{F}_3, \ldots\) इत्यादि हों, तो सम्पूर्ण विस्थापन में किया गया कार्य
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -8.1

प्रश्न 8.
यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण नियम क्या है? प्रत्यास्थ स्प्रिंग लोलक का उदाहरण देकर समझाइये।
उत्तर:
यान्त्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mechanical Energy) :
संरक्षी बलों (Conservative forces) की उपस्थिति में किसी पिण्ड अथवा निकाय की यात्त्रिक ऊर्जा अर्थात् गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा का योग नियत रहता है। यही यान्त्रिक ऊर्जा के संरक्षण का नियम है।

हम जानते हैं कि किसी निकाय पर संरक्षी बल लगाने पर उसके विन्यास में परिवर्तन होता है और इस निकाय की गतिज ऊर्जा ∆K से बदल जाती है। संरक्षी बल की परिभाषा के अनुसार निकाय की स्थितिज ऊर्जा में भी बराबर व विपरीत मात्रा में परिवर्तन होना चाहिए, जिससे कि दोनों परिवर्तनों का योग शून्य हो जाये अर्थात्
∆U = -∆K
या ∆U + ∆K = 0
या U + K = नियतांक ……………(1)
अत: संरक्षी बलों की उपस्थिति में किसी निकाय की गतिज ऊर्जा K में परिवर्तन, निकाय की स्थितिज ऊर्जा U में बराबर व विपरीत परिवर्तन के तुल्य होता है और गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा का योग सदैव नियत रहता है।

(B) प्रत्यास्थ स्प्रिंग में यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण (Mechanical energy consevnation in elastic spring):
स्प्रिग बल भी संरक्षी परिवर्ती बल का उदाहरण है। चित्र में एक स्प्रिग जिसका बल नियतांक k है, दर्शाया है जिसका दूसरा सिरा किसी दृढ़ दीवार से जुड़ा है। स्प्रिग को द्रव्यमान रहित माना जा सकता है। स्प्रिग के लिए आदर्श स्थिति में बल का नियम निम्न है-

इसे हुक का नियम भी कहते हैं।
(i) जब गुटके को बाहर की ओर खींचते हैं तो विस्थापन x है। स्प्रिग बल द्वारा किया गया कार्य
\(W=\int_0^x F_x d x=-\int_0^x k x d x\)
\(W=-\frac{k x^2}{2}\)
यदि स्प्रिग को संपीडित किया जाता है तब भी उपर्युक्त व्यंजक सत्य है। परन्तु इस स्थिति में स्प्रिग बल धनात्मक होता है।
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -14
किस स्प्रिग के गुटके को xi से पुन: xi तक आने दिया जाए तो किया गया कार्य
\(W=-\int_{x_i}^{x_i} k x d x=0\)
अर्थात् पूर्ण चक्र में किया गया कार्य शून्य होगा। अत: स्प्रिग बल एक संरक्षी बल है।
जब स्प्रिग को x दूरी संपीडित किया जाता है तो स्थितिज ऊर्जा
\(U_{(x)}=\frac{1}{2} k x^2\)
यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के नियम से गुटके की चाल v हो तो गतिज ऊर्जा साम्यावस्था (xm = 0) पर अधिकतम होगी।
\(K=\frac{1}{2} m v_m^2=\frac{1}{2} k x_m^2\)

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 9.
संरक्षी व असंरक्षी बलों से क्या अभिप्राय है? समझाकर लिखिए।
उत्तर:
संरक्षी तथा असंरक्षी बल (Conservative and Non-conservative Forces) :
प्रथम परिभाषा-जब किसी कण पर एक या एक एक से अधिक-
बल इस प्रकार कार्य करते हैं कि कण की अपनी प्रारम्भिक अवस्था में लौटने पर वही गतिज ऊर्जा रहती है, जो प्रारिम्भक अवस्था में थी, तो ये बल संरक्षी बल कहलाते है। गतिज ऊर्जा के मान में कमी होने पर बलों को असंरक्षी बल कहते हैं।
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -5
द्वितीय परिभाषा : वे बल जिनके द्वारा पिण्ड को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक विस्थापित करने में किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, संरक्षी बल कहलाते है। अर्थात् पथों 1,2 व 3 के लिये
W1 = W2 = W3
उदाहरणार्थ – गुरुत्वीय बल, प्रत्यास्थ बल आदि।
इसके विपरीत जिन बलों के प्रभाव में वस्तुऐं एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक विस्थापित करनें में कृत कार्य पथ पर निर्भर करता है, असंरक्षी बल कहलाते हैं अर्थात् इनके लिए
W1 ≠ W2 ≠ W3
उदाहरण के लिए – घर्षण बल, श्यान बल आदि।

तृतीय परिभाषा : किसी बल को किसी कण पर लगाने से एक एक पूर्ण चक्कर में बल द्वारा सम्पन्न कार्य शून्य हो तो बल को संरक्षी बल कहते हैं। यदि कुल कार्य का परिमाण शून्य नहीं है तो बल को असंरक्षी कहते हैं।

संरक्षी तथा असंरक्षी बलों के उदाहरण
(i) गुरुत्वीय बल संरक्षी बल है : यदि एक गेंद को पृथ्वी की सतह पर कुछ गतिज ऊर्जा देकर ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाए तो कुछ समय पश्चात वह पुन: पृथ्वी पर लौट आती है तथा उसकी गतिज ऊर्जा वही होती है जितनी ऊपर की ओर फेकते समय थी।

(ii) स्प्र्रग का प्रत्यास्थ बल संरक्षी बल है : माना पिण्ड द्रव्यमान रहित स्प्रिग के सिरे से जुड़ा है। स्प्रिग का दूसरा सिरा एक दीवार से जुड़ा है। स्प्रिग तथा गुटके का यह निकाय एक घर्षण रहित चिकने क्षैतिज धरातल पर रखा है। गुर्युके को दीवार की ओर कुछ विस्थापित करने पर स्प्रिग संपीडित होती है। स्प्रिग प्रत्यास्थता के कारण गुटके के विस्थापन के विपरीत दिशा में एक प्रत्यानयन बल आरोपित करती है। जिससे गुटका स्थिर हो जायेगा तथा उसकी गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है। अब संपीडित स्प्रिग विपरीत दिशा में प्रसारित होता है जिससे गुटका पूर्व गति के विपरीत दिशा में गतिशील होता है। जब गुटका अपनी प्रारस्भिक स्थिति में पहुँचता है तो उसका वेग तथा गतिज ऊर्जा प्रारम्भिक मान के बराबर होते हैं। अतः परिवर्तन के पूर्ण चक्र में गुटके की गतिज ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता है। इससे स्पष्ट होता है कि स्प्रिग का प्रत्यास्थ बल संरक्षी बल होता है।

(iii) घर्षण बल एवं श्यान बल : यदि क्षैतिज तल चिकना न हो अर्थात् घर्षण युक्त हो या गेंद पर वायु प्रतिरोधी श्यान बल करें तो गुटके या गेंद के प्रारम्भिक अवस्था में लौटकर आने पर उनकी गतिज ऊर्जा परिवर्तित हो जायेगी। स्पष्ट है कि घर्षण बल तथा श्यान बल असंरक्षी बल होते हैं।

प्रश्न 10.
शक्ति से आप क्या समझते हैं? इसके मात्रक की परिभाषा कीजिए।
उत्तर:
शक्ति (Power) :
“किसी मशीन या यन्त्र द्वारा कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।”
यदि यन्त्र द्वारा ∆t समय में कृत कार्य ∆W है, तो औसत शक्ति
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -15
अर्थात् बल तथा वेग का अदिश गुणनफल शक्ति प्रदान करता है। यदि θ = 0° अर्थात् बल एवं वेग समान दिशा में है, तो
cos θ = 1
∴ P = F.v
मात्रक एवं विमीय सूत्र-मात्रक :
∵ P = F.v = \(\frac{W}{t}\)
∴ P का मात्रक = \(\frac{J}{s}\) = वाट (Watt)
यदि W = 1 J, t = 1 s, तो P = 1 वाट
अर्थात् यदि कोई मशीन 1 s में 1 J कार्य करती है तो उसकी शक्ति 1 वाट होती है।
विद्युत् उपकरणों में शक्ति किलोवाट (kwatt) में नापी जाती है।
∴ 1 kW = 1000 Js-1 या वाट
व्यवहारिक मात्रक अश्वशक्ति (H.P.) = 746 वाट
विमीय सूत्र ∵ P = \(\frac{W}{t}\)
∴ P का विमीय सूत्र = \(\frac{\left[\mathrm{M}^1 \mathrm{~L}^2 \mathrm{~T}^{-2}\right]}{\left[\mathrm{T}^1\right]}=\left[\mathrm{M}^1 \mathrm{~L}^2 \mathrm{~T}^{-3}\right]\)

HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

प्रश्न 11.
प्रत्यावस्थान गुणांक से क्या अभिप्राय है? विभिन्न प्रकार की टक्करों के लिए इसके मानों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
प्रत्यावस्थान गुणांक (Coefficient of Restitution):
“न्यूटन के अनुसार टक्कर के पश्चात् कणों के दूर आने आपेक्षिक वेग तथा टक्कर के पूर्व उनके समीप आने के आपेक्षिक वे का अनुपात नियत रहता है। यह नियतांक प्रत्यावस्थान गुणां कहलाता है।” इसे e से व्यक्त करते हैं।
अत: \(e=\frac{v_2-v_1}{u_1-u_2}\)
या \(\left(v_2-v_1\right)=e\left(u_1-u_2\right)\)
जहाँ v2 – v1= टक्कर के पश्चात् दूर जाने का आपेक्षिक वेग u1 – u1 = टक्कर के पूर्व समीप आने का आपेक्षिक वेग
e का मान शून्य से 1 के मध्य होता है अर्थात् 0 ≤ e ≤ 1

e का मान के आधार पर टक्करों के प्रकार-

  • प्रत्यास्थ टक्कर के लिए e = 1
  • अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए 0 < e < 1
  • पूर्ण अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए e = 0

सुमेलन सम्बन्धित प्रश्न (Matrix Match Type Questions)

प्रश्न 1.
स्तम्भ I में कुछ राशियाँ एवं स्तम्भ II में उनके दिये गये हैं। स्तम्भ I को स्तम्भ II से सुमेलित कीजिए।

स्तम्भ – Iस्तम्भ – II
(A) किसी बल द्वारा कृत कार्य(p) शून्य
(B) गतिज ऊर्जा एवं संवेग में सम्बन्ध(q) 1
(C) प्रत्यास्थ टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक का मान(r) p = √2mk
(D) पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक का मान(s) \(\vec{F} \cdot \vec{s}\)
(t) \(\int_{x_1}^{x_2} F d x\)

उत्तर:

स्तम्भ – Iस्तम्भ – II
(A) किसी बल द्वारा कृत कार्य(s) \(\vec{F} \cdot \vec{s}\), (t) \(\int_{x_1}^{x_2} F d x\)
(B) गतिज ऊर्जा एवं संवेग में सम्बन्ध(r) p = √2mk
(C) प्रत्यास्थ टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक का मान(q) 1
(D) पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक का मान(p) शून्य

आंकिक प्रश्न (Numerical Questions )

कार्य पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी निकाय पर तीन बल है \(\vec{F}_1=(2 \hat{i}+3 \hat{j}+4 \hat{k})\); \(\vec{F}_2=(\hat{i}+\hat{j}+\hat{k})\) तथा \(\vec{F}_3=(3 \hat{i}-2 \hat{j}-\hat{k})\) एक ही दिशा में कार्य कर रहे हैं। ये यल निकाय को बिन्दु (2, 3, 6) से बिन्दु (5, 3, 8) तक विस्थापित कर देते हैं। इस स्थिति में बल द्वारा किये गये कार्य की गणना कीजिए।
उत्तर:
26 मात्रक

प्रश्न 2.
नियत बल के अन्तर्गत गतिमान एक कण के विस्थापन तथा समय के बीच सम्बन्ध √x + 3 है, जहाँ x मीटर में एवं सेकण्ड में है। ज्ञात कीजिए-
(i) कण का उस क्षण विस्थापन जब इसका वेग शून्य है,
(ii) पहले 65 में बल द्वारा किया गया कार्य।
उत्तर:
(i) शून्य
(ii) शून्य

प्रश्न 3.
एक स्प्रिंग जिसका बल नियतांक है, हुक के नियम का पालन करती है। इसको मूल लम्बाई से 10 cm खींचने में 4 जूल कार्य की आवश्यकता होती है। गणना करें-
(i) A का मान,
(ii) इसे अतिरिक्त 10 cm लम्बाई तक खींचने में कृत कार्य।
उत्तर:
(i) 800 Nmal,
(ii) 123

प्रश्न 4.
एक 6 kg का पत्थर जिसका घनत्व 2g .cm-3 है, पानी में डूबा हुआ है। इसे पानी के अन्दर 4m गहराई से 1 m की गहराई तक उठाने में किये गये कार्य की गणना कीजिए ।
उत्तर:
90 J

ऊर्जा पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 5.
चित्र में ABC एक चिकना वक्रीय पथ है जिसका 8 से आगे का भाग त्रिज्या के उर्ध्व वृत्त के रूप में है। इस पथ पर एक गेंद को किस न्यूनतम ऊँचाई से छोड़ा जाये कि वह पथ के सम्पर्क में रहते हुए उच्चतम बिन्दु C को पार कर ले?
HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 6 कार्य, ऊर्जा और शक्ति -16
उत्तर:
h = (\(\frac{5}{2}\)) r

प्रश्न 6.
एक गेंद 10m की ऊंचाई से प्रारम्भिक वेग μ0 से नीचे की ओर फेंकी जाती है। यह पृथ्वी से टकराने पर 50% ऊर्जा खो देती है। तथा फिर उसी ऊँचाई तक उठती है। ज्ञात कीजिए-
(i) प्रारम्भिक वेग μ0
(ii) यदि प्रारम्भिक स्थिति नीचे न होकर ऊपर को हो तो पृथ्वी से टकराने के बाद गेंद कितनी ऊपर उठेगी?
उत्तर:
(i) 14 ms-1
(ii) 10 m

प्रश्न 7.
एक 50 kg भार का व्यक्ति एक 15 kg भार की वस्तु को अपने सिर पर उठाता है। यदि वह 20 m की दूरी तय करता है, तो उसके द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए-
(a) क्षैतिज तल पर;
(b) 5 में 1 से झुके हुए तल पर [ g = 10 ms-2]
उत्तर:
(a) शून्य
(b) 2600 J

शक्ति पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 8.
एक पेट्रोल चालित पानी का पम्प, 30m गहराई से 0.50m³ min-1 की दर से पानी खींचता है। यदि पम्प की दक्षता 70% है, तो इंजन द्वारा जनित शक्ति ज्ञात कीजिए। (g = 10 ms-2 तथा पानी का घनत्व 10³ kg ):
उत्तर:
3500 वाट

प्रश्न 9.
एक ट्यूबवेल प्रति मिनट 2400 kg पानी खींचता है। यदि पाइप से पानी 3 ms-1 के वेग से बाहर निकलता है तो पम्प की शक्ति ज्ञात कीजिए 10 घण्टे में पम्प कितना कार्य करता है? (g = 10 ms-2 )।
उत्तर:
180 W; 6.48 × 106 J

प्रश्न 10.
एक मोटर वोट 36 km hr-1 की नियत चाल से गतिशील है। यदि नाव की गति के विरुद्ध प्रतिरोध 4000 N है, तो इंजन की शक्ति ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
40 kW

संघट्ट पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 11.
10 kg द्रव्यमान के एक पिण्ड की जिसका वेग 5ms-1 है। एक अन्य 10 kg द्रव्यमान के अन्य पिण्ड से जो विरामावस्था में है, सम्मुख प्रत्यास्थी टक्कर होती है। टक्कर के बाद दोनों पिण्डों के वेग ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
v1 = 0, v2 = 5 ms-1

प्रश्न 12.
एक प्रोटॉन 500 ms-1 के वेग से गति करते हुए दूसरे प्रोटॉन से जो विरामावस्था में है, प्रत्यास्थ संघट्ट करता है। संघ के पश्चात् पहला प्रोटॉन अपनी प्रारम्भिक गति की दिशा से 60° कोण पर प्रकीर्णित हो जाता है। दूसरे प्रोटॉन की संघट्ट के बाद गति की दिशा क्या होगी ? संघट्ट के पश्चात् दोनों प्राटोंनों की चाल क्या होगी ?
उत्तर:
प्रथम प्रोटॉन की प्रारम्भिक गति की दिशा से 30° कोण पर; 250 ms-1 व 433 ms-1

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HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 15 आलेखों से परिचय Intext Questions

Haryana State Board HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 15 आलेखों से परिचय InText Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Maths Solutions Chapter 15 आलेखों से परिचय Intext Questions

(सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए – पृष्ठ 253)

प्रश्न 1.
एक कार की पेट्रोल टंकी को भरने के लिए दी गई राशि खरीदे गए पेट्रोल की मात्रा (लीटर में) द्वारा निश्चित होती है। यहाँ पर कौन-सा चर स्वतंत्र है? चर्चा कीजिए।
हल:
कार में पेट्रोल टंकी को भरने के लिए दी जाने वाली राशि खरीदे गए पेट्रोल की मात्रा द्वारा निश्चित होती है इसलिए, खरीदे गए पेट्रोल की मात्रा स्वतंत्र चर है।

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 15 आलेखों से परिचय Intext Questions

(प्रयास कीजिए – पृष्ठ 254)

प्रश्न 1.
आलेख से ज्ञात कीजिए कि 800 रुपए में कितना पेट्रोल खरीदा जा सकता है?
हल:
आलेख में y-अक्ष पर एक बिन्दु R बनाएँ जो 800 को दर्शाए। R से एक क्षैतिज रेखा खींचें जो आलेख में S पर मिले। S बिन्दु से :-अक्ष पर ST लम्ब खींचिए। T का निर्देशांक 16 है। इस प्रकार निम्न आलेख के अनुसार 800 रुपए का 16 लीटर पेट्रोल खरीदा जा सकता है।
HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 15 आलेखों से परिचय Intext Questions -1

(प्रयास कीजिए – पृष्ठ 255)

प्रश्न 1.
क्या पाठ्यपुस्तक का उदाहरण 7 एक समानुपात का उदाहरण है?
हल:
हाँ, यह एक समानुपात का उदाहरण है।

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HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

Haryana State Board HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. असममित कार्बन परमाणु युक्त यौगिक है-
(अ) C6H5CH2COOH
(ब) HOOC (CH2)2COOH
(स) HO(CH2)2OH
(द) HOOC CH(OH)CH2COOH
उत्तर:
(द) HOOC CH(OH)CH2COOH

2. ध्रुवण घूर्णकता निम्न में से किसके कारण पायी जाती है-
(अ) सममिति तल
(ब) आणविक सममितता
(स) आणविक असममितता
(द) सममित कार्बन परमाणु
उत्तर:
(स) आणविक असममितता

3. निम्नलिखित में से कौनसा यौगिक ध्रुवण घूर्णक नहीं है ?
(अ) लैक्टिक अम्ल
(स) सिट्रिक अम्ल
(ब) टार्टरिक अम्ल
(द) मैलिक अम्ल
उत्तर:
(स) सिट्रिक अम्ल

4. अग्निशामक के रूप में प्रयुक्त होने वाला यौगिक है-
(अ) CH3Cl
(ब) CH2Cl2
(स) CHCl3
(द) CCI4
उत्तर:
(द) CCI4

5. ऐरिल हैलाइड (हैलोएरीन) का उदाहरण है-
(अ) C6H3Cl
(ब) C6H5CH2Cl
(स) C6H5Cl
(द) C6H6Cl6
उत्तर:
(स) C6H5Cl

6. 2° ऐल्किल हैलाइड का उदाहरण है-
(ब) आइसोब्यूटिल क्लोराइड
(स) आइसोप्रोपिल क्लोराइड
(द) उपरोक्त सभी
(अ) n – ब्यूटिल क्लोराइड
उत्तर:
(स) आइसोप्रोपिल क्लोराइड

HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

7. प्रोपेन के संभावित डाइक्लोरो व्युत्पन्नों की संख्या है-
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) पाँच
उत्तर:
(स) चार

8. निम्नलिखित में से कौनसा यौगिक SN1 अभिक्रिया सुगमता से दर्शाता है ?
(अ) CH3Cl
(ब) (CH3)2CH-Cl
(स) (CH)3C-Cl
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(स) (CH)3C-Cl

9. ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया है-
(अ) इलेक्ट्रॉनस्नेही संकलन
(ब) नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन
(स) इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन
(द) नाभिकस्नेही संकलन
उत्तर:
(ब) नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन

10. निम्न में से न्यूनतम क्वथनांक वाला यौगिक कौनसा है?
(अ) CH3Cl
(ब) C2H5Cl
(स) CH3-CH2-CH2-Cl
(द) C4H9Cl
उत्तर:
(अ) CH3Cl

11. ऐल्किल हैलाइडों की क्रियाशीलता का घटता क्रम है-
(अ) RI < RBr < RCI
(ब) RBr < RI < RCl
(स) RBr > RCI > RI
(द) RI > RBr > RCI
उत्तर:
(द) RI > RBr > RCI

12. मोनो हैलोऐल्केन्स की श्रेणी
(अ) CnH2n+1 X
(ब) C2nH2n+1 X
(स) CnH2n-1 X
(द) CnH2n+2 X
उत्तर:
(अ) CnH2n+1 X

13. निम्नलिखित में से किस यौगिक को प्रशीतक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है ?
(अ) CH3COCH3
(ब) CCl4
(स) CF4
(द) CCl2F2
उत्तर:
(द) CCl2F2

14. निम्नलिखित में से कौनसा यौगिक एक जेम डाइहैलाइड है ?
(अ) एथिलीन डाइक्लोराइड
(ब) 2,2-डाइक्लोरोप्रोपेन
(स) 1,3 – डाइक्लोरोप्रोपेन
(द) 1,2- डाइक्लोरोप्रोपेन
उत्तर:
(ब) 2,2-डाइक्लोरोप्रोपेन

15. किसी ऐल्कोहॉल से क्लोरो ऐल्केन बनाने के लिए सबसे उपयुक्त अभिकर्मक है-
(अ) PCl3
(ब) Cl2/CCl4
(स) SOCl2
(द) HCl / ZnCl2
उत्तर:
(स) SOCl2

16. विहाइड्रोहैलोजेनीकरण के लिए आवश्यक विशिष्ट अभिकर्मक है-
(अ) जलीय KOH
(ब) ऐल्कोहॉलिक KOH
(स) जलीय NaOH
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ब) ऐल्कोहॉलिक KOH

17. FeCl3 की उपस्थिति में टॉलुईन की Cl2 से क्रिया द्वारा बना मुख्य उत्पाद होगा-
(अ) बेन्जिल क्लोराइड
(ब) बेन्जल क्लोराइड
(स) m-क्लोरोटॉलुईन
(द) o- तथा p-क्लोरो टॉलुईन
उत्तर:
(द) o- तथा p-क्लोरो टॉलुईन

18. नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन के लिए न्यूनतम क्रियाशीलता वाला यौगिक कौनसा है ?
(अ) CH2 = CH – Cl
(ब) CH3 – CH2Cl
(स) (CH3), C – Cl
(द) CH2 = CH – CH2Cl
उत्तर:
(अ) CH2 = CH – Cl

HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

19. निम्नलिखित में से किस यौगिक का क्वथनांक उच्चतम होगा?
(अ) CH3 – CH2 – CH – Cl
(ब) CH3 – CH3 – CH – CH2-Cl
(स) CH3CH(CH3)CH2Cl
(द) (CH3)3C – Cl
उत्तर:
(ब) CH3 – CH3 – CH – CH2-Cl

20. HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 1, यह अभिक्रिया है-
(अ) विलोपन
(ब) संकलन
(स) प्रतिस्थापन
(द) पुनर्विन्यास
उत्तर:
(स) प्रतिस्थापन

21. शल्य चिकित्सा में निश्चेतक के रूप में प्रयुक्त हैलोजन युक्त यौगिक है-
(अ) थाइरॉक्सिन
(ब) हैलोथेन
(स) फ्रेऑन
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ब) हैलोथेन

22. सान्द्र H2SO4 की उपस्थिति में क्लोरोबेन्जीन तथा क्लोरैल को गर्म करने से प्राप्त उत्पाद है-
(अ) BHC
(ब) C2Cl6
(स) DDT
(द) CF2Cl2
उत्तर:
(स) DDT

23. I Cl तथा Br की नाभिकस्नेहिता का बढ़ता क्रम क्या होगा ?
(अ) I < Br Cl
(ब) Br < Cl < I
(स) Cl < Br < I
(द) I < Cl < Br
उत्तर:

24. अभिक्रिया HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 2B, में यौगिक B मुख्य रूप से क्या होगा ?
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 3
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 4

25. यौगिक HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 5का IUPAC का नाम होगा-
(अ) 1- ब्रोमो – 3 – क्लोरो साइक्लोहेक्सीन
(ब) 3- ब्रोमो – 1 – क्लोरो साइक्लोहेक्स – 1 – ईन
(स) 2- ब्रोमो – 5-क्लोरो साइक्लोहेक्स – 1 – ईन
(द) 6- ब्रोमो – 1 – क्लोरो साइक्लोहेक्स- 1- ईन
उत्तर:
(ब) 3- ब्रोमो – 1 – क्लोरो साइक्लोहेक्स – 1 – ईन

26. अभिक्रिया CH3Br + OH → CH3OH + Br ; SN2 क्रियाविधि द्वारा सम्पादित होती है। इस अभिक्रिया की दर किसकी सान्द्रता पर निर्भर करती है?
(अ) CH3Br, OH
(ब) केवल CH3Br
(स) केवल OH
(द) CH, Br, CH3 OH
उत्तर:
(ब) केवल CH3Br

27. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक I2 तथा NaOH के साथ पीला अवक्षेप देगा ?
(अ) ICH2COCH2CH3
(ब) CH3COOCOCH3
(स) CH3-CH2 CH(OH) CH2CH3
(द) CH3COOH
उत्तर:
(स) CH3-CH2 CH(OH) CH2CH3

28. क्लोरोबेन्जीन की अपेक्षा मेथिल क्लोराइड में C-Cl आबन्ध-
(अ) लम्बा तथा दुर्बल है
(ब) छोटा तथा दुर्बल है
(स) छोटा तथा प्रबल है
(द) लम्बा तथा प्रबल है
उत्तर:
(अ) लम्बा तथा दुर्बल है

29. यौगिक (A) C8H9Br को जब ऐल्कोहॉलिक AgNO3 के साथ गर्म करते हैं तो सफेद अवक्षेप आता है। (A) के ऑक्सीकरण पर एक अम्ल (B) C3H6O4 प्राप्त होता है। (B) गर्म करने पर आसानी से एनहाइड्राइड बनाता है तो यौगिक A है-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 6
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 7

30. परॉक्साइड की अनुपस्थिति में प्रोपीन पर HBr के संयोजन में प्रथम
पद में संयोजन होता है-
(अ) H+ का
(ब) Br का
(स) H
(द) Br का
उत्तर:
(अ) H+ का

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
1- क्लोरोप्रोपेन से 1 आयोडोप्रोपेन प्राप्त करने का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 8
इसे फिंकेल्स्टाइन अभिक्रिया कहते हैं। यह एक हैलोजन विनिमय अभिक्रिया है।

प्रश्न 2.
स्वास अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 9

प्रश्न 3.
अणुसूत्र C4H8Br2 से कितने जेम डाइहैलाइड संभव हैं?
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 10

प्रश्न 4.
C3H6Cl2 से बनने वाले सभी यौगिकों के सूत्र लिखिये।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 11

प्रश्न 5.
निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद बताइए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 12
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 13 क्योंकि HCl के संकलन में परॉक्साइड प्रभाव नहीं लगता है।

प्रश्न 6.
CH3F, CH3Cl, CH3Br तथा CH3I को द्विध्रुव आघूर्ण के बढ़ते क्रम में लिखिए।
उत्तर:
CH3I < CH3Br < CH3F < CH3 – Cl

प्रश्न 7.
विभिन्न हैलोजन अम्लों की क्रियाशीलता का अवरोही क्रम लिखिए।
उत्तर:
HI > HBr > HCl > HF

HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

प्रश्न 8.
ऐल्केनॉल से हैलोएल्केन बनाने के लिए HCl, PCl3 तथा SOCl2 में से सर्वाधिक उपयुक्त अभिकर्मक कौनसा है?
उत्तर:
SOCl2

प्रश्न 9.
मेथिल आयोडाइड से एथेनॉइक अम्ल बनाने के समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 14

प्रश्न 10.
टेट्राएथिल लैड का एक उपयोग बताइए।
उत्तर:
टेट्राएथिल लैड (C2H5)4 Pb एक अपस्फोटरोधी यौगिक होता है।

प्रश्न 11.
CH3-CH2-CH2-Cl तथा (CH3)3C-Cl में से किसका विहाइड्रोहैलोजेनीकरण अधिक सुगमता से होगा तथा क्यों?
उत्तर:
(CH3)3C-Cl का विहाइड्रोहैलोजेनीकरण अधिक सुगमता से होगा क्योंकि यह एक 3° हैलोऐल्केन है जो कि अधिक क्रियाशील है।

प्रश्न 12.
हैलाइड आयनों की नाभिकस्नेही प्रबलता का क्रम बताइए।
उत्तर:
\(\stackrel{-}{I}\) > \(\stackrel{-}{B}\)r > \(\stackrel{-}{C}\)l > \(\stackrel{-}{F}\)

प्रश्न 13.
वुर्ट्स अभिक्रिया द्वारा किस ऐल्केन का संश्लेषण नहीं होता ?
उत्तर:
मेथेन (CH4)

प्रश्न 14.
वह कौनसा हैलोएल्केन है जिससे एक ही पद में मेथेन तथा एथेन दोनों का संश्लेषण किया जा सकता है? समीकरण भी दीजिए।
उत्तर:
CH3 – X (मेथिल हैलाइड)
समीकरण –
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 15

प्रश्न 15.
शुद्ध CHCl में सिल्वर नाइट्रेट विलयन डालने पर AgCl का अवक्षेप नहीं आता, क्यों?
उत्तर:
CHCl3 एक सहसंयोजी यौगिक है अतः इसका आयनन नहीं होने के कारण विलयन में Cl उपलब्ध नहीं होंगे इसलिए यह AgNO3 विलयन के साथ कोई अवक्षेप नहीं देता।

प्रश्न 16.
हैलोऐरीन की नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन के लिए क्रियाशीलता कब बढ़ती है?
उत्तर:
हैलोऐरीन में आर्थो तथा पैरा स्थिति पर इलेक्ट्रॉन आकर्षी समूह जैसे – NO2 उपस्थित होने पर इसकी नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन के लिए क्रियाशीलता बढ़ जाती है।

प्रश्न 17.
फ्रेऑन- 112 का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
C2F2Cl4

प्रश्न 18.
BHC के अन्य व्यापारिक नाम तथा IUPAC नाम बताइए।
उत्तर:
BHC (बेन्जीन हेक्सा क्लोराइड) के विभिन्न व्यापारिक नाम गेमेक्सीन, गेमेन, लिन्डेन व 666 हैं तथा इसका IUPAC नाम 1, 2, 3, 4, 5, 6 हेक्साक्लोरो साइक्लोहेक्सेन है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 16

प्रश्न 19.
वेस्ट्रॉन तथा वेस्ट्रोसॉल के सूत्र बताइए तथा इनका क्या उपयोग है?
उत्तर:
CHCl2-CHCl2 (वेस्ट्रॉन) तथा HCCl = CCl2 (वेस्ट्रोसॉल) विलायक के रूप में प्रयुक्त होते हैं।

प्रश्न 20.
बेन्जल क्लोराइड को जलीय NaOH के साथ उबालने पर क्या होता है?
उत्तर:
बेन्जेल्डिहाइड बनता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 17

प्रश्न 21.
B\(\stackrel{-}{r}\) तथा \(\stackrel{-}{I}\) में से कौनसा प्रबल नाभिकस्नेही है तथा क्यों?
उत्तर:
B\(\stackrel{-}{r}\) तथा \(\stackrel{-}{I}\) में से \(\stackrel{-}{I}\) प्रबल नाभिकस्नेही है क्योंकि \(\stackrel{-}{I}\) का आकार बड़ा है तथा इसकी विद्युतॠणता Br से कम है अतः इसकी इलेक्ट्रॉन युग्म देने की प्रवृत्ति अधिक होती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
(i) पाँच कार्बन युक्त हैलोएल्केन की संरचना बताइए जिसके द्वारा प्रकाशिक समावयवता दर्शायी जाती है।
(ii) 1 – क्लोरो ब्यूटेन तथा 1 – क्लोरो – 2 – मेथिल प्रोपेन में कौनसी समावयवता होती है ?
(iii) अणु सूत्र C4H9Cl वाले स्थिति समावयवी बताइए जिनमें सीधी श्रृंखला हो।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 18

प्रश्न 2.
सैन्डमायर अभिक्रिया पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
ऐमीनो से-सैन्डमायर अभिक्रिया द्वारा- किसी एरोटिक प्राथमिक एमीन (जिसमें – NH2 समूह बेन्जीन वलय से सीधा जुड़ा होता है) की क्रिया सोडियम नाइट्राइट तथा ठण्डे जलीय खनिज अम्ल (HX) से की जाती है तो डाइएजोनियम लवण बनता है। इस डाइएजोनियम लवण की क्रिया Cu2X2 (क्युप्रस हैलाइड) से करवाने पर डाइएजोनियम समूह के स्थान पर हैलोजन आ जाता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 19
(i) क्लोरीनीकरण तथा ब्रोमोनीकरण-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 20
इस अभिक्रिया में CuCl2 तथा Cu2Br2 के स्थान पर Cu लेने पर इसे गाटरमान अभिक्रिया कहते हैं।

(ii) आयोडीनीकरण-आयोडोबेन्जीन बनाने के लिए डाइएजोनियम लवण की क्रिया KI सें करवायी जाती है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 21

प्रश्न 3.
निम्नलिखित को समझाइए-
(i) टॉलुईन का इलेक्ट्रॉनस्नेही क्लोरीनीकरण (प्रतिस्थापन)
(ii) ऐल्केनों का मुक्तमूलक हैलोजेनीकरण।
उत्तर:
(i) इलेक्ट्रॉनस्नेही (इलेक्ट्रॉन रागी) प्रतिस्थापन द्वाराएरिल हैलाइडों का विरचन-जब बेन्जीन, टॉलूईन इत्यादि की क्रिया Fe या FeCl3 (लुईस अम्ल) की उपस्थित में C2 या Br2 से करवाई जाती है तो वलय के हाइड्रोजन का प्रतिस्थापन हैलोजेन द्वारा हो जाता है। यह एक इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया है तथा इससे एरिल हैलाइड प्राप्त होते हैं।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 22
अभिक्रिया से बने आर्थो तथा पैरा समावयवियों के गलनांकों में अधिक अंतर होने के कारण इन्हें आसानी से पृथक् किया जा सकता है।

फ्लुओरीन बहुत अधिक क्रियाशील होती है अतः इस विधि से फ्लुओरो व्युत्पन्न नहीं बना सकते तथा आयोडीन के साथ अभिक्रिया उत्क्रमणीय होने के कारण प्राप्त HI को ऑक्सीकृत करने के लिए HNO3 या HIO3 प्रयुक्त किया जाता है।

(ii) ऐल्केनों के मुक्त मूलक हैलोजेनीकरण द्वारा-सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ऐल्केनों की Cl2 या Br2 से क्रिया करवाने पर समावयवी मोनो तथा पॉली हैलोऐल्केनों का मिश्रण बनता है। अतः किसी एक यौगिक की लब्धि कम होती है तथा इस मिश्रण को पृथक् करना मुश्किल होता है।
इस अभिक्रिया के लिए हाइड्रोजन परमाणुओं के प्रतिस्थापन का क्रम निम्नलिखित है-
3°H > 2°H > 1°H
अतः प्रोपेन की क्लोरीन से क्रिया करवाने पर 2-क्लोरोप्रोपेन (2°) अधिक मात्रा में प्राप्त होता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 23
97 %, 2-ब्रोमो प्रोपेन प्राप्त होने का कारण ब्रोमीन की वरणशीलता (Selectivity) है।
ऐल्केनों के हैलोजेनीकरण में विभिन्न हैलोजनों की क्रियाशीलता निम्न क्रम में होती है-
F2 > Cl2 > Br2 > I2
फ्लुओरीनीकरण विस्फोटक होता है जबकि आयोड़ीनीकरण बहुत धीमी गति से होता है अतः यह एक उत्क्रमणीय अभिक्रिया है। इसलिए इसे आयोडिक अम्ल (HIO3) की उपस्थिति में करवाया जाता है। जो कि अभिक्रिया से प्राप्त HI (अपचायक) से क्रिया करके I2 तथा H2O बना देता है ताकि यह पुनः R-I से क्रिया करके ऐल्केन न बना सके तथा प्राप्त I2 पुनः अभिक्रिया को अग्र दिशा में ले जाने में सहायक होती है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 24

प्रश्न 4.
ऐल्कीनों पर HX तथा हैलोजेन के योग की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
(i) ऐल्कीनों पर हाइड्रोजन अम्ल (HX) के संकलन (संयोजन) से-ऐल्कीनों पर HX के संकलन से हैलोऐल्केन बनते हैं। असममित ऐल्कीनों पर HX के संकलन में प्राप्त उत्पाद मार्कोनीकॉफ के नियम के अनुसार होता है तथा परॉक्साइड की उपस्थिति में HBr का संकलन परॅक्साइड प्रभाव के अनुसार होता है।

इस अभिक्रिया के लिए विभिन्न हाइड्रोजन हैलाइडों की क्रियाशीलता का क्रम निम्न प्रकार होता है-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 25
मार्कोनीकॉफ का नियम-जब किसी असममित ऐल्कीन पर HX का योग होता है तो ऋणात्मक भाग (\(\overline{\mathbf{X}}\)) उस असंतृप्त कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।

यह एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया है।

अभिक्रिया की क्रियाविधि-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 26
परॉक्साइड प्रभाव या खराश प्रभाव-जब किसी असममित ऐल्कीन पर परॉक्साइड की उपस्थिति में HBr का योग होता है तो ब्रोमीन परमाणु उस असंतृप्त कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 27

(ii) ऐल्कीनों पर हैलोजन के संकलन से-ऐल्कीन पर हैलोजन की क्रिया से विसिनल डाइहैलाइड बनते हैं। ब्रोमीन के कार्बन टेट्रा क्लोराइड में विलयन की क्रिया एल्कीन से करवाने पर ब्रोमीन के विलयन का लाल रंग गायब हो जाता है। यह किसी यौगिक में द्विआबंध तथा त्रिआबन्ध की पहचान करने की एक महत्त्वपूर्ण विधि है। इसमें बना विसिनल डाइब्रोमाइड रंगहीन होता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 28

प्रश्न 5.
मार्कोनीकॉफ के नियम तथा परॉक्साइड प्रभाव की व्याख्या उदाहरण सहित कीजिए ।
उत्तर:
(i) ऐल्कीनों पर हाइड्रोजन अम्ल (HX) के संकलन (संयोजन) से-ऐल्कीनों पर HX के संकलन से हैलोऐल्केन बनते हैं। असममित ऐल्कीनों पर HX के संकलन में प्राप्त उत्पाद मार्कोनीकॉफ के नियम के अनुसार होता है तथा परॉक्साइड की उपस्थिति में HBr का संकलन परॅक्साइड प्रभाव के अनुसार होता है।

इस अभिक्रिया के लिए विभिन्न हाइड्रोजन हैलाइडों की क्रियाशीलता का क्रम निम्न प्रकार होता है-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 25
मार्कोनीकॉफ का नियम-जब किसी असममित ऐल्कीन पर HX का योग होता है तो ऋणात्मक भाग (\(\overline{\mathbf{X}}\)) उस असंतृप्त कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।

यह एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया है।

अभिक्रिया की क्रियाविधि-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 26
परॉक्साइड प्रभाव या खराश प्रभाव-जब किसी असममित ऐल्कीन पर परॉक्साइड की उपस्थिति में HBr का योग होता है तो ब्रोमीन परमाणु उस असंतृप्त कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 27

प्रश्न 6.
प्रोपेन के मोनोक्लोरीनीकरण तथा मोनोब्रोमीनीकरण के समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 29

प्रश्न 7.
प्रोपीन पर HCI के योग की क्रियाविधि बताइए।
उत्तर:
अभिक्रिया
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 30
यह अभिक्रिया दो पदों में होती है-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 31

प्रश्न 8.
निम्नलिखित के समीकरण लिखिए-
(i) C2H5NH2 से C2H5Cl बनाना
(ii) CH3CH2COOAg से CH3
उत्तर:
(i) C2H5NH2 + NOCl → C2H5Cl + N2 + H2O
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 32

प्रश्न 9.
निम्नलिखित परिवर्तनों के समीकरण लिखिए-
(i) C2H5I से CH3-CH2COOH
(ii) CH3Cl से CH3CONH2
(iii) CH3-CH2-Cl से CH3-CH2-CH2-NH2
(iv) CH3Cl से CH3CHO
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 33

प्रश्न 10.
निम्नलिखित समीकरणों को पूर्ण कीजिए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 34
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 35

प्रश्न 11.
स्ट्रेकर अभिक्रिया पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
ऐल्किल सल्फोनेट का संश्लेषण (स्ट्रेकर अभिक्रिया)हैलोऐल्केन की क्रिया सोडियम सल्फाइट के साथ करवाने पर सोडियम ऐल्किल सल्फोनेट प्राप्त होता है। इसे स्ट्रेकर अभिक्रिया कहते हैं।

इस अभिक्रिया को अपमार्जकों के संश्लेषण में प्रयुक्त किया जाता है।

प्रश्न 12.
(i) CH3I की KNO2 तथा AgNO2 से अभिक्रिया के समीकरण लिखिए।
(ii) बेन्जीन से टॉलुईन बनाने की फ्रीडेल क्राफ्ट अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 37
(ii) फ्रिडेल क्राफ्ट अभिक्रिया
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 38

प्रश्न 13.
SN1 तथा SN2 अभिक्रियाओं में अन्तर बताइए।
उत्तर:
SN1 तथा SN2 अभिक्रियाओं में अन्तर
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 39

प्रश्न 14.
सममिति तत्त्व कितने होते हैं? परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
आण्विक असममितता, किरैलता तथा प्रतिबिम्ब रूप (Molecular Asymmetry, Chirality and Enantiomers) लुइस पाश्चर (1848) के अनुसार कुछ यौगिकों के क्रिस्टल दर्पण प्रतिबिम्ब रूपों (d तथा l) में पाए जाते हैं तथा इन दोनों क्रिस्टलीय रूपों के समान सान्द्रता के जलीय विलयन, समान मात्रा (परिमाण) में लेकिन विपरीत दिशा में ध्रुवण घूर्णन दर्शाते हैं। घूर्णन में यह अन्तर इन यौगिकों में परमाणुओं तथा समूहों की त्रिविमीय व्यवस्था (विन्यास) में भिन्नता के कारण होता है।

असममित (किरेल) कार्बन परमाणु अथवा त्रिविम केन्द्र [Asymmetric (Chiral) Carbonatom or Stereo Centre]ले बेल तथा वान्ट हॉफ के अनुसार किसी कार्बनिक यौगिक में केन्द्रीय कार्बन परमाणु के चारों ओर परमाणुओं या समूहों की व्यवस्था चतुष्फलकीय (Tetrahedral ) होती है। जब किसी यौगिक में किसी कार्बन परमाणु से जुड़े सभी चार परमाणु तथा समूह भिन्न-भिन्न होते हैं तो ऐसे कार्बन को असममित (किरेल) कार्बन या त्रिविम केन्द्र कहते हैं, इस प्रकार के अणु को असममित (किरेल) अणु कहते हैं। वे अणु जो असममित होते हैं अर्थात् जिनमें असममित कार्बन परमाणु उपस्थित होता है वे प्रकाशिक समावयवता ( धुवण समावयवता) दर्शाते हैं। इन यौगिकों में कोई सममिति तत्त्व नहीं होता है।

सममिति तत्त्व मुख्यतः तीन होते हैं-सममिति तल, सममिति अक्ष तथा सममिति केन्द्र।

सममिति तल-किसी वस्तु या यौगिक का वह तल जो उसे दो समान भागों में विभाजित कर देता है, उसे सममिति तल कहते हैं। ये दोनों भाग एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिम्ब होते हैं, जो कि एक-दूसरे पर अध्यारोपित नहीं होते। जैसे अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर A में ऊर्ध्व्वाधर सममिति तल तथा B में क्षैतिज सममिति तल होता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 40
सममिति अक्ष – किसी वस्तु या यौगिक का वह अक्ष जिस पर उसे घुमाने पर वही रूप प्राप्त हो जो उसके मूल रूप पर अध्यारोपित हो जाता है उसे सममिति अक्ष कहते हैं।

सममिति केन्द्र-किसी वस्तु का वह काल्पनिकःबिन्दु जिस पर से एक सरल रेखा खींचने पर, उस बिन्दु के दोनों और स्थित समूह समान दूरी पर पाए जाते हैं उसे सममिति केन्द्र कहते हैं।

किरेल तथा किरेलता-वे वस्तुएँ या यौगिक जो अपने दर्पण प्रतिबिम्ब पर अध्यारोपित नहीं होते उन्हें किरेल कहते हैं तथा इस गुण को किरेलता कहते हैं तथा वे वस्तुएँ जो अपने दर्पण प्रतिबिम्ब पर अध्यारोपित हो जाती हैं, उन्हें अकिरेल कहते हैं।

उदाहरण-अपने दोनों हाथ व पैर किरेल तथा गोले एवं चित्र में दिखाए गए शंकु अकिरेल होते हैं।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 41

प्रश्न 15.
(i) CH3-I, Mg तथा शुष्क ईथर के प्रयोग से एथेन किस प्रकार बनाया जा सकता है?
(ii) CH3COOH से प्रारम्भ करके एथिल एथेनॉएट बनाने में प्रयुक्त समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 41a

प्रश्न 16.
हैलोएल्केन से फ्रैंकलैण्ड अभिकर्मक तथा टेट्रामेथिल लैड बनाने के लिए आवश्यक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 41b

प्रश्न 17.
हैलोऐल्केन के अपचयन से ऐल्केन कितने प्रकार से बनाया जा सकता है? समीकरण सहित समझाइए |
उत्तर:
(i) अपचायकों द्वारा – ऐल्किल हैलाइडों का अपचयन विभिन्न अपचायकों द्वारा किया जा सकता है तथा इससे ऐल्केन प्राप्त होते हैं। ये अपचायक Na + C2H5OH, Zn + HCl तथा ZnCu युग्म +C2H5OH हो सकते हैं।
R – X + 2H → RH + HX
C2H3Br + 2H → C2H6 + HBr

(ii) उत्प्रेरकी हाइड्रोजनीकरण – धातु उत्प्रेरक की उपस्थिति में R – X की क्रिया हाइड्रोजन से करवाने पर भी ऐल्केन बनते हैं।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 42

(iii) लीथियम ऐलुमीनियम हाइड्राइड (LiAIH4) या सोडियम बोरो हाइड्राइड (NaBH4) द्वारा अपचयन – RX का अपचयन LiAlH4 या NaBH4 से करवाने पर भी एल्केन प्राप्त होते हैं। इस अभिक्रिया हाइड्राइड आयन (H) प्रयुक्त होता है, अतः यह एक नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया है।
4R – X + LiAlH4 → 4RH + LiAlX4

(iv) हाइड्रोजन आयोडाइड द्वारा अपचयन – लाल- फॉस्फोरस की उपस्थिति में ऐल्किल हैलाइडों का अपचयन, HI से कराने पर भी ऐल्केन प्राप्त होते हैं। इसे बर्थेलो विधि कहते हैं।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 43

प्रश्न 18.
हैलोऐल्केनों की मुख्य अभिक्रिया नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन होती है जबकि हैलोऐरीनों की मुख्य अभिक्रिया इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन, क्यों?
उत्तर:
हैलोऐल्केनों में कार्बन हैलोजन बन्ध ध्रुवीय होता है HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 44अतः इनके कार्बन पर नाभिकस्नेही का आक्रमण होकर, हैलोजन का प्रतिस्थापन हो जाता है, अतः ये मुख्यतः नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया दर्शाते हैं।
\(\mathrm{R}-\stackrel{+\delta}{\mathrm{CH}_2}-\stackrel{-\delta}{\mathrm{X}}+\mathrm{N} \overline{\mathrm{u}} \longrightarrow \mathrm{R}-\mathrm{CH}_2-\mathrm{Nu}+\overline{\mathrm{X}}\)
हैलोऐरीनों में उपस्थित बेन्जीन वलय के ऐरोमैटिक षट्क ( 6 इलेक्ट्रॉन) के कारण इसमें इलेक्ट्रॉन घनत्व अधिक होता है। अतः वलय पर इलेक्ट्रॉनस्नेही का आक्रमण सुगमता से हो जाता है इसलिए ये मुख्यतः इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया दर्शाते हैं।

प्रश्न 19.
एक अणुक नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया (SN1) के लिए बेंजिल हैलाइड की क्रियाशीलता, हैलोबेन्जीन की तुलना में अधिक होती है। इसका उचित कारण दीजिए।
उत्तर:
SN1 अभिक्रिया में कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बनता है। बेन्जिल हैलाइड के C-X बन्ध के वियोजन से प्राप्त बेन्जिल कार्बोकैटायन \(\left(\mathrm{C}_6 \mathrm{H}_5 \stackrel{+}{\mathrm{C}} \mathrm{H}_2\right)\) अनुनाद के कारण स्थायी हो जाता है अतः इसका बनना सुग होता है। इसके विपरीत हैलोबेन्जीन में हैलोजन के + M प्रभाव के कारण कार्बन हैलोजन बन्ध में द्विबन्ध के गुण आ जाते हैं, अतः बन्ध का टूटना मुश्किल होता है तथा C – X बन्ध के वियोजन से प्राप्त \(\stackrel{+}{\mathrm{C}}_6 \mathrm{H}_5\) (फेनिल कार्बधनायन) में अनुनाद नहीं होने के कारण यह अस्थायी होता है अतः इसके बनने की संभावना कम होती है। इसी कारण SN1 अभिक्रिया के लिए बेंजिल हैलाइड की क्रियाशीलता हैलोबेन्जीन की तुलना में अधिक होती है।

HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

प्रश्न 20.
क्लोरोबेन्जीन में कार्बन क्लोरीन (C-Cl) आबन्ध लम्बाई, C2H5Cl में C-Cl आबन्ध लम्बाई की अपेक्षा कम होती है, क्यों?
उत्तर:
क्लोरोबेन्जीन HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 45 में क्लोरीन के एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म, बेन्जीन वलय के इलेक्ट्रॉनों के साथ संयुग्मन में होते हैं अतः इसमें वलय की तरफ अनुनाद ( + M प्रभाव) होता है जिसके कारण C-CI बन्ध बन्ध के गुण आ जाते हैं। इसलिए C-Cl बन्ध लम्बाई कम हो जाती है जबकि C2H5Cl में कोई अनुनाद नहीं होता अतः इसमें C-Cl बन्ध लम्बाई अधिक होती है।

प्रश्न 21.
हुसडीकर अभिक्रिया ऐल्किल आयोडाइड बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है, क्यों ?
उत्तर:
हुन्सडीकर अभिक्रिया में जब RCOOAg की I2 के साथ क्रिया की जाती है तो ऐल्किल आयोडाइड के स्थान पर एस्टर मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। अतः यह अभिक्रिया ऐल्किल आयोडाइड बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है।
2RCOOAg + I2 → RCOOR + CO, + 2AgI

प्रश्न 22.
क्लोरोफॉर्म को रंगीन बोतल में अंधेरे में रखा जाता है। क्यों ?
उत्तर:
क्लोरोफॉर्म प्रकाश की उपस्थिति में वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से क्रिया करके विषैली गैस फॉस्जीन बनाता है अतः इसे रंगीन बोतल में अंधेरे में रखा जाता है ताकि इसका ऑक्सीकरण न हो।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 46

प्रश्न 23.
निम्नलिखित यौगिकों की नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति क्रियाशीलता का क्रम कारण सहित बताइए –
CH3F, CH3Cl, CH3Br तथा CH3 – I
उत्तर:
CH3F < CH3Cl < CH3Br < CH3 – I
कार्बन हैलोजन बन्ध ऊर्जा का क्रम निम्न प्रकार होता है-
CF > C – Cl > C Br> C – I क्योंकि बन्ध ऊर्जा परमाणु आकार के व्युत्क्रमानुपाती होती है अतः बन्ध ऊर्जा कम होने पर बन्ध का वियोजन आसानी से होगा तथा अभिक्रिया का वेग अधिक होगा। इसी कारण CH,F की क्रियाशीलता न्यूनतम तथा CH3 – I की क्रियाशीलता अधिकतम है।

प्रश्न 24.
(i) निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए-
CH2 = CH – CH2 – Br HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 47
(ii) आइसोप्रोपिल ब्रोमाइड से n – प्रोपिल ब्रोमाइड किस प्रकार बनाया जाता है ?
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 48

बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से सम्भावित महत्त्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित अभिक्रिया समीकरणों को पूर्ण कीजिए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 49
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 50

प्रश्न 2.
निम्नलिखित युग्मों में से कौनसा एक SN1 प्रतिस्थापन अभिक्रिया अधिक तीव्रता से करता है और क्यों?
अथवा
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 51
अथवा
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 52
उत्तर:
(i) HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 53क्योंकि तृतीयक कार्बोकैटायन का स्थायित्व अधिक होने के कारण तृतीयक ऐल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता SN1 अभिक्रिया के लिए द्वितीयक ऐल्किल हैलाइड से अधिक होती है।
(ii) HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 54, क्योंकि प्राथमिक कार्बोकैटायन की तुलना में द्वितीयक कार्बोकैटायन का स्थायित्व अधिक होने के कारण इसमें SN1 अभिक्रिया अधिक तीव्रता से होगी।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 55

प्रश्न 3.
निम्न यौगिक का आई.यू.पी.ए.सी. (IUPAC) पद्धति अनुसार नाम दीजिए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 56
उत्तर:
4-ब्रोमो-3-मेथिल-पेन्ट-2-ईन

प्रश्न 4.
प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं की SN1 और SN2 क्रियाविधियों के बीच आप कैसे अंतर करेंगे? प्रत्येक प्रकार का एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 57
उदाहरण-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 57a

प्रश्न 5.
निम्नलिखित यौगिक का आई.यू.पी.ए.सी. (IUPAC) नाम लिखिए-
CH2 = CHCH2Br
उत्तर:
3-ब्रोमो प्रोप-1-ईन।

HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

प्रश्न 6.
निम्नलिखित प्रत्येक समूह के यौगिकों को उनके SN2 विस्थापन की सक्रियता के क्रम में लिखिए-
(i) 2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन, 1-ब्रोमोपेन्टेन, 2-ब्रोमोपेन्टेन
(ii ) 1-ब्रोमो-3-मेथिलब्यूटेन, 2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन, 2-ब्रोमो3-मेथिलब्यूटेन
(iii) 1-ब्रोमोब्यूटेन, 1-ब्रोमो-2, 2-डाइमेथिलप्रोपेन, 1-ब्रोमो-2मेथिलब्यूटेन
उत्तर:
विभिन्न ऐल्किल हैलाइडों में SN² अभिक्रिया के लिए क्रियाशीलता का क्रम निम्न प्रकार होता है- \(\stackrel{\circ}{1}>\stackrel{\circ}{2}>\stackrel{\circ}{3}\) तथा जब ऐल्किल हैलाइड समान प्रकार के होते हैं तो वह ऐल्किल हैलाइड जिसमें हैलोजनयुक्त कार्बन पर बड़ा समूह जुड़ा होता है तो वह त्रिविम विन्यासी बाधा उत्पन्न करता है जिससे उसकी क्रियाशीलता कम हो जाती है। क्योंकि स्थूल (बड़ा) समूह आक्रमणकारी नाभिकरागी के लिए अवरोध उत्पन्न करता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 58

प्रश्न 7.
जब CH2 = CH – CH2 – C ≡ CH पर ब्रोमीन की क्रिया होती है, तो क्या होता है?
उत्तर:
निम्न अभिक्रिया होती है-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 59
इसका कारण यह है कि त्रिआबन्ध की तुलना में द्विआबन्ध अधिक क्रियाशील होता है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) किसी यौगिक की किरेलिटी का क्या अर्थ है? एक उदाहरण दीजिए।
(ii) निम्नलिखित यौगिकों में से कौनसा KOH द्वारा अधिक सरलता से जल-अपघटित होता है और क्यों ?
CH3CHClCH2CH3 अथवा CH3CH2CH2Cl
(iii) इनमें कौन SN² प्रतिस्थापन अभिक्रिया अधिक तेजी से करता है और क्यों ?
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 60
उत्तर:
(i) वे वस्तुएँ या यौगिक जो अपने दर्पण प्रतिबिम्ब पर अध्यारोपित नहीं होते हैं उन्हें किरेल कहते हैं तथा इस गुण को किरेलता (किरेलिटी) कहते हैं। उदाहरण- लैक्टिक अम्ल |

(ii) CH3 – CHClCH2CH3 का KOH द्वारा अधिक सरलता से जल अपघटन होगा क्योंकि यह एक \(\stackrel{\circ}{2}\) ऐल्किल हैलाइड है तथा \(\stackrel{\circ}{2}\)– ऐल्किल हैलाइड की क्रियाशीलता \(\stackrel{\circ}{1}\) ऐल्किल हैलाइड से अधिक होती है तथा दूसरा ऐल्किल हैलाइड \(\stackrel{\circ}{1}\) है।

(iii) उपरोक्त में से HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 61 में SN2 अभिक्रिया अधिक तेजी से होगी क्योंकि क्लोरीन की तुलना में आयोडीन का आकार बड़ा होने के कारण C – I बन्ध सुगमता से टूट जाता है।

प्रश्न 9.
ऐरिल हैलाइड नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन के प्रति ऐल्किल हैलाइड से कम क्रियाशील होते हैं, कारण समझाइए।
अथवा
एथिल क्लोराइड KCN से क्रिया करके मुख्य उत्पाद एथिल सायनाइड बनाता है जबकि AgCN से क्रिया करके एथिल आइसोसायनाइड बनाता है, समझाइए।
उत्तर:
नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Nucleophilic Substitution Reaction )-नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया के लिए ऐरिल हैलाइड की क्रियाशीलता ऐल्किल हैलाइड, ऐलिलिक हैलाइड तथा बेन्जिलिक हैलाइड की तुलना में कम होती है। इसके निम्नलिखित कारण हैं-
(i) कार्बन हैलोजन आबंध (C-X) में कार्बन परमाणु के संकरण में भिन्नता-हैलोऐल्केन में हैलोजन से जुड़ा कार्बन परमाणु sp³ संकरित होता है जबकि हैलोऐरीन में इस कार्बन परमाणु पर sp² संकरण होता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 62
संकरण में s लक्षण बढ़ने पर कार्बन की विद्युत-ऋणता बढ़ती है अतः sp³ संकरित कार्बन की तुलना में sp² संकरित कार्बन अधिक विद्युतत्रणी होता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 63
अतः हैलोऐरीन का कार्बन, बन्ध के इलेक्ट्रॉन युग्म को अधिक आकर्षित करता है। अतः इसकी बन्ध लम्बाई कम हो जाती है तथा बन्ध की प्रबलता बढ़ जाती है जिससे बन्ध का टूटना मुश्किल हो जाता है।

(ii) मेसोमरी प्रभाव (अनुनाद प्रभाव)-हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु पर उपस्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म बेन्जीन वलय के π इलेक्ट्रॉनों के साथ संयुग्मन (Conjugation) में होते हैं अतः इसमें अनुनाद होता है। (+ M प्रभाव) क्लोरोबेन्जीन की अनुनादी संरचनाएँ निम्नलिखित हैं-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 64
+ M प्रभाव के कारण कार्बन हैलोजन बन्ध में द्विबंध के लक्षण आ जाते हैं जिसके कारण इस बन्ध की प्रबलता बढ़ जाती है, अतः हैलोएरीन में हैलोएल्केन की अपेक्षा यह बन्ध मुश्किल से टूटता है। इसलिए ये नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के लिए कम क्रियाशील होते हैं।

(iii) फेनिल धनायन का कम स्थायित्व-हैलोऐरीनो के स्वतः आयनन से बना फेनिल कार्ब धनायन स्थायी नहीं हो पाता क्योंकि इसमें अनुनाद नहीं होता है। अतः इसमें SN1 क्रियाविधि की संभावना नहीं होती।

(iv) प्रतिकर्षण-इलेक्ट्रॉनधनी नाभिकस्नेही की इलेक्ट्रॉनधनी ऐरीन वलय की ओर जाने की संभावना कम होती है, क्योंकि इनमें प्रतिकर्षण होता है। अतः ऐरिल हैलाइडों की नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ विशेष परिस्थितियों में उच्च ताप पर ही हो सकती हैं।
अथवा
KCN आयनिक होता है अतः यह विलयन में सायनाइड आयन देता है। यद्यपि कार्बन तथा नाइट्रोजन दोनों ही परमाणु इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान कर सकते हैं परन्तु आक्रमण मुख्यतः कार्बन परमाणु के द्वारा होता है, न कि नाइट्रोजन परमाणु के द्वारा, क्योंक C-C आबंध C-N आबंध की तुलना में अधिक स्थायी होता है। अतः मुख्य उत्पाद सायनाइड बनतां है। जबकि $\mathrm{AgCN}$ सहसंयोजक होता है तथा इसका नाइट्रेजन परमाणु इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान कर सकता है अतः इससे आइसोसायनाइड मुख्य उत्पाद के रूप में बनता है।

प्रश्न 10.
क्या होता है जब (केवल समीकरण दीजिए) –
(i) क्लोरोबेन्जीन की क्रिया नाइट्रीकारी मिश्रण से कराई जाती है।
(ii) एथिल ब्रोमाइड मैग्नीशियम से क्रिया करता है।
(iii) क्लोरोफॉर्म की प्रकाश की उपस्थिति में O2 से क्रिया होती है।
(iv) ऐरिल हैलाइड सोडियम से क्रिया करता है।
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 65

प्रश्न 11.
निम्नलिखित प्रत्येक युग्मों में से कौन-सा यौगिक जलीय KOH के साथ SN1 अभिक्रिया में अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करेगा? कारण दीजिए-
(अ) CH3 – CH2 – Br अथवा CH3 – CH2 – Cl
(ब) CH3 – CH2 – CH2 – CH2 – X अथवा (CH3)3 C X
अथवा
निम्नलिखित अभिक्रियाओं की क्रियाविधि लिखिए-
(अ) CH3 – Cl + जलीय KOH → CH3 – OH + KCl
(ब) (CH3)3 CCl + जलीय KOH → (CH2), COH+KCI
उत्तर:
(अ) CH3 – CH2 – Br तथा CH3 – CH2 – Cl में से CH3 – CH2 – Br, जलीय KOH के साथ SN1 अभिक्रिया अधिक तीव्रता से देगा क्योंकि C – Br बन्ध C- Cl बन्ध की तुलना में अधिक दुर्बल है क्योंकि Br का आकार C] से बड़ा है। अतः यह आसानी से टूटकर कार्बोकटायन बना देता है।

(ब) CH3 – CH2 – CH2 – CH2 – X तथा (CH3)3 C – X में से (CH3)3C – X जलीय KOH के साथ SN1 अभिक्रिया अधिक तीव्रता से देगा क्योंकि यह एक \(\stackrel{\circ}{3}\) ऐल्किल हैलाइड है जिसमें बना कार्बोकटायन अधिक स्थायी होता है।
अथवा
(अ) अभिक्रिया CH3 – Cl + जलीय KOH → CH3OH + KCl
क्रियाविधि – SN2 (द्वितीय कोटि अभिक्रिया)
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 66
यह एक पदीय अभिक्रिया है तथा इसमें संक्रमण अवस्था मानी जाती है।

(ब) अभिक्रिया (CH3)3 C – Cl + जलीय KOH (CH3)3 C – OH + KCl
क्रियाविधि – SN1 (प्रथम कोटि अभिक्रिया)
यह दो पदीय अभिक्रिया है तथा इसमें कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बनता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 67

प्रश्न 12.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए-
(अ) फिटिग अभिक्रिया
(ब) फिंकेल्स्टाइन अभिक्रिया।
उत्तर:
(अ) फिटिंग अभिक्रिया
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 68

(ब) फिंकेल्स्टाइन अभिक्रिया
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 69

प्रश्न 13.
बेन्जिलिक क्लोराइड तथा वाइनिलिक क्लोराइड के संरचना सूत्र लिखिए। इन यौगिकों में क्लोरीन परमाणुओं से जुड़े कार्बन परमाणुओं की संकरण अवस्थाएँ भी लिखिए।
उत्तर:
(i) बेन्जिलिक क्लोराइड HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 70
इसमें क्लोरीन परमाणु से जुड़े कार्बन पर sp संकरण है क्योंकि इस पर चार σ आबन्ध हैं।

(ii) वाइनिलिक क्लोराइड HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 71
इसमें क्लोरीन परमाणु से जुड़े कार्बन पर sp³ संकरण है क्योंकि इस पर चार σ आबन्ध है।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए-
(अ) वुर्ज अभिक्रिया
(ब) वुर्ज-फिटिग अभिक्रिया।
उत्तर:
(अ) वुर्ज अभिक्रिया- शुष्क ईथर
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 72

(ब) वुर्ज-फिटिग अभिक्रिया
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 73

प्रश्न 15.
निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 74
उत्तर:
(i) 2- क्लोरो-3, 3- डाइमेथिलब्यूटेन
(ii) 1,4-डाइक्लोरो-2- मेथिल बेन्जीन

प्रश्न 16.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के मुख्य उत्पादों की संरचना लिखिए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 75
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 76

प्रश्न 17.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं से प्राप्त उत्पादों का अनुमान लगाइए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 77
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 78

प्रश्न 18.
द्वि-अणुक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया (SN2) तथा एकाण्विक नाभिकरागी प्रतिस्थापन (SN1) अभिक्रिया की क्रियाविधियों में कोई दो अन्तर बताइए।
उत्तर:
द्वि- अणुक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया (SN2) तथा एकाण्विक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया (SN1) की क्रियाविधियों में निम्न अंतर हैं-

  • SN2 अभिक्रिया एक पद में होती है जबकि SN1 अभिक्रिया दो पदों में होती है।
  • SN2 अभिक्रिया में काल्पनिक संक्रमण अवस्था मानी जाती है जबकि SN1 अभिक्रिया में कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बनता है।

HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन

प्रश्न 19.
अधोलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कर इसकी क्रियाविधि समझाइए –
(CH3)3 CBr + ŌH (जलीय ) →
उत्तर:
(CH3)3 CBr + ŌH (जलीय ) → (CH3)3COH + Br यह एकअणुक नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया (SN1) है जिसकी क्रियाविधि निम्न प्रकार है – यह अभिक्रिया दो पदों में होती है-

प्रथम पद में C-Br बन्ध का विखण्डन होकर कार्बोकैटायन (कार्बोनियम आयन) या कार्ब – धनायन बनता है। द्वितीय पद में इस पर नाभिकस्नेही (ŌH) आक्रमण करके प्रतिस्थापन उत्पाद देता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 79
प्रथम पद में C-Br बन्ध के विखण्डन के लिए आवश्यक ऊर्जा, विलायक से प्राप्त प्रोटोन द्वारा, हैलाइड आयन के विलायकन से प्राप्त होती है।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं को पूर्ण कीजिए-
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 80
उत्तर:
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 81

प्रश्न 21.
निम्नलिखित युग्म में से कौन SN2 अभिक्रिया अधिक तीव्रता से करेगा :
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 82
उत्तर:
उपर्युक्त युग्म में से C6H5 CH2 CH2 – Br, SN2 अभिक्रिया अधिक तीव्रता से करेगा।

प्रश्न 22.
आप निम्नलिखित का रूपान्तरण कैसे करेंगे:
(i) प्रोप- 1- ईन को प्रोपेन 2- ऑल में
(ii) ब्रोमोबेन्जीन को 2 – ब्रोमोऐसीटोफीनोन में
(iii) 2- ब्रोमोब्यूटेन को ब्यूट – 2 – ईन में।
अथवा
क्या होता है जब
(i) एथिल क्लोराइड को NaI के साथ ऐसीटोन की उपस्थिति में उपचारित किया जाता है,
(ii) शुष्क ईथर की उपस्थिति में क्लोरोबेन्जीन को Na धातु के साथ उपचारित किया जाता है,
(iii) मेथिल क्लोराइड को KNO2 के साथ उपचारित किया जाता है ?
अपने उत्तर के पक्ष में रासायनिक समीकरणों को लिखिए।
उत्तर:
(i) प्रोप- 1 – ईन का प्रोपेन-2-ऑल में रूपान्तरण
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 83

(ii) ब्रोमोबेन्जीन का 2- ब्रोमोऐसीटोफीनोन में रूपान्तरण
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 84

(iii) 2- ब्रोमोब्यूटेन का ब्यूट-2 ईन में रूपान्तरण
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 85
अथवा
(i) एथिल क्लोराइड को ऐसीटोन की उपस्थिति में Nal के साथ उपचारित करने पर हैलोजन का विनिमय होकर एथिल आयोडाइड प्राप्त होता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 86

(ii) शुष्क ईथर की उपस्थिति में क्लोरोबेन्जीन को Na धातु के साथ उपचारित करने पर बाइफेनिल बनता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 87

(iii) मेथिल क्लोराइड को KNO2 के साथ उपचारित करने पर मेथिल नाइट्राइट बनता है।
HBSE 12th Class Chemistry Important Questions Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन 88

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HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

Haryana State Board HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. जैव प्रोद्योगिकी का उपयोग निम्न में से किस में हो रहा है?
(अ) चिकित्सा शास्त्र में
(ब) निदान सूचक में
(स) जैब सुधार में
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

2. ऐसे पौधे, जीवाणु, कवक व जन्तु जिनके जीस हस्तकौशल द्वारा परिवर्तित किए जा चुके हैं, कहलाते हैं-
(अ) आनुवंशिकतः रूपान्तरित जीव
(ब) कीटनाशक
(स) मिल्वाडेगाइन इनकोगनीशिया
(द) रुपेटवाएड संधिशोथ
उत्तर:
(अ) आनुवंशिकतः रूपान्तरित जीव

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

3. क्राइ 1 एबी निम्न में से किसे नियंत्रित करता है?
(अ) कपास छेदक
(ब) सुनहरा चावल छेदक
(स) मक्षा छेदक
(द) तम्बाकू छेदक
उत्तर:
(स) मक्षा छेदक

4. बच्चों में एडीए की कमी का उपचार किसके प्रत्यारोपण से होता है-
(अ) वृक्क
(ब) यकृत
(स) फुफ्फुस
(द) अस्थिमज्जा
उत्तर:
(द) अस्थिमज्जा

5. निम्न में से पारजीवी जन्तु है-
(अ) चूहे
(ब) खरगोश
(स) सूअर
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

6. कम्प्यूटर की तर्ज पर निम्न में से किस तकनीक का विकास हुआ है-
(अ) जीन चिकित्सा
(ब) जीन चिप
(स) DNA अंगुली छापन
(द) हाइब्रिडोमा तकनीक
उत्तर:
(ब) जीन चिप

7. आनुवंशिक रोग में रोगकारी जीन को पहचान कर उसको स्वस्थ जीन द्वारा विस्थापित करने को कहते हैं-
(अ) जीन स्थानान्तरण
(ब) जीन रूपान्तरण
(स) जीन हेर-फेर
(द) जीन थेरेपी
उत्तर:.
(द) उपरोक्त सभी

8. ह्यूमिलिन है-
(अ) एंजाइम
(ब) प्रतिजैविक
(स) इन्सुलिन
(द) वृद्धि हार्मोन
उत्तर:
(स) इन्सुलिन

9. जीन में हेर-फेर से तात्पर्य है-
(अ) आनुवंशिक पदार्थ को जोड़ना
(ब) आनुवंशिक पदार्थ को हटाना
(स) आनुवंशिक पदार्थ को ठीक करना
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

10. ट्रांसजैनिक पौधे विकसित किए जाते हैं-
(अ) जीन स्थानान्तरण द्वारा
(ब) रूपान्तरण द्वारा
(स) कलम द्वारा
(द) मुकुलन द्वारा
उत्तर:
(अ) जीन स्थानान्तरण द्वारा

11. बी टी विष (Bt Toxin) में होता है-
(अ) एन्जाइम
(ब) एल्केलाइड
(स) लिपिड
(द) क्राइ प्रोटीन
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

12. बी टी (Bt) जीन युक्त कपास को कहा जाता है-
(अ) किलर कॉटन
(ब) इजिपियन कॉटन
(स) रोमिल कॉटन
(द) देशी कॉटन
उत्तर:
(अ) किलर कॉटन

13. सबसे अधिक ट्रांसजेनिक पादप कहाँ निर्मित हो रहे हैं?
(अ) न्यूजीलैण्ड
(ब) इंग्लैण्ड
(स) स्कॉटलैण्ड
(द) फिनलैण्ड
उत्तर:
(अ) न्यूजीलैण्ड

14. कौनसा जीव प्राकृतिक आनुवंशिक इंजीनियर के नाम से जाना जाता है?
(अ) सूडोमोनास
(ब) एग्रोबेक्टिसिम ह्यूमिफेसिएन्स
(स) ई.कोलाई
(द) एजोटे बेक्टर
उत्तर:
(ब) एग्रोबेक्टिसिम ह्यूमिफेसिएन्स

15. खनिज तेलों के विघटक के रूप में जैव प्रौद्योगिकीय उपयोगिता का उदाहरण है-
(अ) बायोसेन्सर
(ब) बायोचिप
(स) बायोफिल्म
(द) सुपर बग
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

16. कीटों के लिए प्रतिरोधी जीन निम्न में से किसमें पाया जाता है?
(अ) बैसीलस थूरिजिन्जएन्सिस
(ब) बैसीलस सबटिलिस
(स) बैसीलस एन्थ्रेसिस
(द) सूडोमोनास पूटिडा
उत्तर:
(अ) बैसीलस थूरिजिन्जएन्सिस

17. निम्न में से किसका जीनोम इन्टरनेट पर जारी हो चुका है?
(अ) गोल्डन राइस
(ब) एरेकिस हाइपोजिया
(स) सोलेनम ट्यूबरोसम
(द) एलियम सिपा
उत्तर:
(अ) गोल्डन राइस

18. बैसिल थूरीनजिएंसीस से निर्मित प्रोटीन कौनसे विशिष्ट कीटों को मारने में सहायक है-
(अ) लीथोडोप्टेशन
(ब) कोलियोप्टेरान
(स) डीप्टेशन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

19. आनुर्वंशिक रोग के समय पैदा हुए व्यक्ति का किस विधि से उपचार सम्भव है?
(अ) जीन चिप
(ब) जीन चिकित्सा
(स) आणविक निदान
(द) बायोसेन्सर
उत्तर:
(ब) जीन चिकित्सा

20. मानव प्रोटीन (अल्फा-1 एंट्रीट्रिप्सीन) का उपयोग किसके निदान में होता है-
(अ) सिस्टिक फाइब्रोसिस
(ब) कैंसर
(स) इंफासीमा
(द) एड्स
उत्तर:
(स) इंफासीमा

21. मानव में बौनेपन के उपचार हेतु किस वृद्धि हॉर्मोन का निर्माण किया गया है?
(अ) एन्डोर्फिन
(ब) ह्यमिलिन
(स) प्रोटोपिन
(द) कोकीन
उत्तर:
(स) प्रोटोपिन

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

22. जैव प्रौद्योगिकी की तकनीकी का सबसे अधिक उपयोग किस क्षेत्र में किया गया है?
(अ) उद्योगों में
(ब) कृषि में
(स) बायो गैस निर्माण में
(द) औषध क्षेत्र में
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

23. भारतीय मूल का फसली पौधा जिसका अमेरिका ने पेटेन्ट करवा लिया है-
(अ) ज्वार
(ब) बाजरा
(स) बासमती चावल
(द) गेहुं
उत्तर:
(स) बासमती चावल

24. किन देशों द्वारा जैव अनैतिकता की जा रही है-
(अ) औद्योगिक सम्पन्न देश
(ब) प्रौद्योगिकी सम्पन्न देश
(स) वित्तीय सम्पन्न देश
(द) उपरोक्त सभी के द्वारा
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

25. सुनहरा चावल एक बहुत ही सम्भावनापूर्ण पारजीनी फसल है। कृषि में उतारने पर यह किस चीज में सहायक होगा?
(अ) विटामिन A का अभाव दूर करने में
(ब) पीड़क प्रतिरोध में
(स) शाकनाशी सहनता से
(द) चावल से एक पेट्रोल-ईंधन बनाने में
उत्तर:
(अ) विटामिन A का अभाव दूर करने में

26. 1977 में सर्वप्रथम किस गाय से मानव सम्पन्न दुग्ध (2.4 ग्राम प्रति लीटर) प्रास किया गया?
(अ) पारजीवी गाय रोजी
(ब) पारजीवी गाय सोजी
(स) पारजीवी गाय जर्सी
(द) पारजीवी गाय पीजी
उत्तर:
(अ) पारजीवी गाय रोजी

27. रोजी गाय के दूध में क्या मिलता है जो साधारण गाय के दूध में नहीं मिलता है?
(अ) मानव एल्फा-लेक्टएल्बुमिन
(ब) मानव बीटा-लेक्टएल्बुमिन
(स) मानव डेल्य-लेकटएल्खुमिन
(द) मानव गामा-लेक्टएल्बुमिन
उत्तर:
(अ) मानव एल्फा-लेक्टएल्बुमिन

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

28. निम्न में पीड़क प्रतिरोधी फसल है-
(अ) Bt कपास
(ब) Bt मक्का
(स) टमाटर
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

29. बासमती धान अपनी सुगंध व स्वाद के लिए मशहूर है। इसकी कितनी किस्में भारत में उगाई जाती हैं?
(अ) 25 किस्में
(ब) 26 किस्में
(स) 27 किस्में
(द) 28 किस्में
उत्तर:
(स) 27 किस्में

30. ऐसे जन्तुओं जिनके डी.एन.ए, में परिचालन द्वारा एक अतिरिक्त (बाहरी) जीन व्यर्वस्थित होता है जो अपना लक्षण व्यक्त करता है उसे कहते हैं-
(अ) पारजीवी पादप
(ब) पारजीवी जन्तु
(स) पारजीवी कवक
(द) पारजीवी शैवाल
उत्तर:
(ब) पारजीवी जन्तु

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग किसमें हो रहा है ?
उत्तर:
इसका उपयोग चिकित्साशास्त्र, निदानसूचक (diagnostics), कृषि में आनुवंशिकतः रूपांतरित फसलें, संसाधित खाद्य (processed food), जैव सुधार (bioremediation), अपशिष्ट प्रतिपादन व ऊर्जा उत्पादन में हो रहा है।

प्रश्न 2.
खाद्य उत्पादन में वृद्धि के लिये किन तीन संभावनाओं के विषय में सोचा जा सकता है ?
उत्तर:

  • कृषि रसायन आधारित कृषि,
  • कार्बनिक कृषि और
  • आनुवंशिकतः निर्मित फसल आधारित कृषि।

प्रश्न 3.
वे जीव जिनके जींस हस्तकौशल द्वारा परिवर्तित किये जा चुके हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
उत्तर:
आनुवंशिकतः रूपांतरित जीव (Genetically modified organism=(GMO) ।

प्रश्न 4.
जी एम ओ का व्यवहार किस पर निर्भर करता है ?
उत्तर:
इनका व्यवहार स्थानांतरित जीन की प्रकृति, परपोषी पौधों, जंतुओं या जीवाणुओं की प्रकृति व खाद्य जाल पर निर्भर करता है।

प्रश्न 5.
जैव प्रौद्योगिकी के सहयोग से तैयार की गई पीड़क फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
बी टी कपास, बी टी मक्का, धान, टमाटर व आलू तथा सोयाबीन।

प्रश्न 6.
बी टी विष (BT toxin) प्रोटीन किसके द्वारा उत्पन्न होता है?
उत्तर:
बैसीलस थूरीनजिएंसिस (Bacillus thuringiensis) द्वारा।

प्रश्न 7.
बी टी विष किस जीन द्वारा कूटबद्ध होता है ?
उत्तर:
जींस को क्राई (cry) कहते हैं।

प्रश्न 8.
RNi का पूर्ण नाम लिखिए, यह क्या है?
उत्तर:
आर एन ए अंतरक्षेप (RNA interference) पूर्ण नाम है, यह सभी ससीमकेन्द्रकी (eukaryotes) जीनों में कोशिकीय सुरक्षा की एक विधि है।

प्रश्न 9.
वर्तमान में कितनी पुनर्योगज चिकित्सीय औषधियाँ विश्व में मानव प्रयोग हेतु स्वीकृत हो चुकी हैं व भारत में कितनी विपणित हो रही हैं?
उत्तर:
वर्तमान में लगभग 30 पुनर्योगज चिकित्सीय औषधियाँ विश्व में मानव के प्रयोग हेतु स्वीकृत हो चुकी हैं। वर्तमान में इनमें से 12 भारत में विपणित हो रही हैं।

प्रश्न 10.
आणविक निदान के लिये जब रोग के लक्षण स्पष्ट दिखाई नहीं देते हैं तो इसकी पहचान किसके द्वारा करते हैं?
उत्तर:
इसकी पहचान PCR द्वारा उनके न्यूक्लिक अम्ल के प्रवर्धन (amplification) द्वारा की जाती है।

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प्रश्न 11.
जीन चिकित्सा किसे कहते हैं?
उत्तर:
जीन चिकित्सा वह पद्धति है जिसके द्वारा आनुवंशिक रोग के साथ पैदा होने वाले जातकों का उपचार किया जाता है।

प्रश्न 12.
बायोपाइरेसी किसे कहते हैं?
उत्तर:
मल्टीनेशनल कम्पनियों व दूसरे संगठनों द्वारा किसी राष्ट्र या उससे सम्बन्धित लोगों से बिना व्यवस्थित अनुमोदन व क्षतिपूरक भुगतान के जैव संसाधनों का उपयोग करना बायोपाइरेसी कहलाता है।

प्रश्न 13.
आनुवंशिक अभियांत्रिकी द्वारा रूपान्तरित जीवाणु उत्पाद का नाम लिखिए जिसका हृदयाघात के अग्रग मायोकार्डियल संक्रमण से गुजरे रोगी की रक्त वाहिकाओं से थक्का हटाने यानि ‘थक्का स्फोटन’, में उपयोग किया जाता है।
उत्तर:
स्ट्रैप्टोकाइनेज।

प्रश्न 14.
आनुवंशिक रोग से ग्रसित शिशु के रोगोपचार के लिए उपयुक्त चिकित्सा व्यवस्था का नाम लिखिए।
उत्तर:
जीन चिकित्सा।

प्रश्न 15.
आनुवंशिकतः रूपांतरित जीव को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
ऐसे पौधे, जीवाणु, कवक व जंतु जिनके जींस (genes) हस्तकौशल द्वारा परिवर्तित किये जा चुके हैं, आनुवंशिकतः रूपांतरित जीव (genetically modified organism) कहलाते हैं।

प्रश्न 16.
रोग जनकों के द्वारा उत्पन्न संक्रमण की पहचान कैसे की जाती है?
उत्तर:
रोग जनकों के द्वारा उत्पन्न संक्रमण की पहचान प्रतिजनों (प्रोटीनजन, ग्लाइकोप्रोटीस आदि) की उपस्थिति या रोग जनकों के विरुद्ध संश्लेषित प्रतिरक्षी की पहचान के आधार पर की जाती है।

प्रश्न 17.
उस जीवाणु का वैज्ञानिक नाम लिखिए जिससे Bt जीव विष निर्मित होता है।
उत्तर:
बैसीलस थुरीनजिएंसीस।

प्रश्न 18.
चिकित्सा के क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी का एक उपयोग बताइए।
उत्तर:
आनुवंशिकतः निर्मित इन्सुलिन।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
जैव प्रौद्योगिकी के तीन विवेचनात्मक अनुसंधान क्षेत्र बताइये।
उत्तर:
इसके तीन विवेचनात्मक अनुसंधान क्षेत्र निम्न हैं-

  • उन्नत जीवों जैसे-सूक्ष्मजीवों या शुद्ध एंजाइम के रूप में सर्वोत्तम उत्प्रेरक का निर्माण करना।
  • उत्प्रेरक के कार्य हेतु अभियांत्रिकी द्वारा सर्वोत्तम परिस्थितियों का निर्माण करना।
  • अनुप्रवाह प्रक्रमण तकनीक का प्रोटीन/कार्बनिक यौगिक के शुद्धीकरण में उपयोग करना।

प्रश्न 2.
हरित क्रांति के बावजूद कोई इस प्रकार का वैकल्पिक रास्ता है जिससे खादों व रसायनों का न्यूनतम उपयोग कर सर्वाधिक उत्पादन लिया जा सकता है?
उत्तर:
यद्यपि हरित क्रांति से खाद्य आपूर्ति को बढ़ाकर खाद्य समस्या को हल किया गया है। उत्पादन में यह वृद्धि उन्नत किस्मों का उपयोग, उत्तम प्रबंधकीय व्यवस्था और कृषि रसायनों (खादों तथा पीड़कनाशकों) के प्रयोगों के कारण हुआ है। परन्तु रसायन व खादों का उपयोग एक मंहगी प्रक्रिया है तथा पर्यावरण पर भी हानिकारक प्रभाव उत्पन्न होते हैं।

अतः अब किसान आनुवंशिकतः रूपांतरित फसलों का उपयोग कर अधिक उत्पादन ले सकेंगे। ये फसलें कम खाद व रसायन का उपयोग चाहने वाली होती हैं तथा इससे पर्यावरण पर भी कम हानिकारक प्रभाव होते हैं।

प्रश्न 3.
जीन चिकित्सा (Gene therapy) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
यदि एक व्यक्ति आनुवंशिक रोग के साथ पैदा हुआ है, क्या इस रोग के उपचार हेतु कोई चिकित्सा व्यवस्था है? जीन चिकित्सा ऐसा ही एक प्रयास है। जीन चिकित्सा में उन विधियों का सहयोग लेते हैं जिनके द्वारा किसी बच्चे या भूरण में चिह्नित किए गए जीन दोषों का सुधार किया जाता है।

उसमें रोग के उपचार हेतु जीनों को व्यक्ति की कोशिकाओं या उतकों में प्रवेश कराया जाता है। आनुवंशिक दोष वाली कोशिकाओं के उपचार हेतु सामान्य जीन को व्यक्ति या भ्रूण में स्थानांतरित करते हैं जो निष्क्रिय जीन की क्षतिपूर्ति कर उसके कार्यों को संपन्न करते हैं।

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प्रश्न 4.
जैव अनैतिकता या अपहरण (Biopiracy) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ व दूसरे संगठनों द्वारा किसी राष्ट्र या उससे सम्बन्धित व्यक्तियों से बिना व्यवस्थित अनुमोदन व क्षतिपूरक भुगतान के जैव संसाधनों का उपयोग करना जैव अनैतिकता या अपहरण कहलाता है। अनेक औद्योगिक राष्ट्र जो आर्थिक रूप से अत्यधिक सम्पन्न हैं परन्तु उनके पास जैव विविधता व परंपरागत ज्ञान की कमी है।

ठीक इसके विपरीत विकसित व अविकसित देश जैव विविधता व जैव संसाधनों से सम्बंधित परंपरागत ज्ञान से सम्पन्न हैं। ऐसे देशों से आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ राष्ट्र जैव अनैतिकता या अपहरण का कार्य करते हैं। इसी कारण विकसित व विकासशील राष्ट्रों के बीच अन्याय, अपर्याप्त क्षतिपूर्ति व लाभों की भागीदारी के प्रति भावना विकसित हो रही है।

प्रश्न 5.
जैव अनैतिकता (Biopiracy) को किसी उपयुक्त उदाहरण से स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जैविक अनैतिकता या अपहरण को स्पष्ट करने के लिये एक उदाहरण दिया जा रहा है। पशिमी अफ्रीका में एक पौधा पेन्टाडिप्लेन्ड्रा ब्रेजीइयाना (Pentadiplandra brazzeana) पाया जाता है। इस पौधे से ब्रेजीन (brazzein) नामक एक प्रोटीन का उत्पादन होता है जो कि शर्करा की तुलना में 2000 गुना मीठा होता है।

प. अफ्रीका के लोग इसके उपयोग के विषय में जानते हैं। इससे शक्कर का निर्यात करने वाले देशों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अतः इस प्रकार परंपरागत उपयोग का ज्ञान अर्जित कर वाणिज्यिक क्षेत्र में प्रवेश करा, लाभ अर्जित की दृष्टि रखकर जैव स्रोतों का अपहरण करते हैं, इसे जैव अपहरण या अनैतिकता कहते हैं।

प्रश्न 6.
” कुछ जीवाणुओं द्वारा संश्लेषित बी टी (Bt) आविष प्रोटीन के रवे कीटों को तो मार देते हैं परन्तु स्वयं को नहीं।” कथन को कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वास्तव में बी टी जीव-विष प्रोटीन, प्राक्जीव विष निष्क्रिय रूप में होता है, ज्यों ही कीट इस निष्क्रिय जीव-विष को खाता है, इसके रवे आँत में क्षारीय पी.एच. के कारण घुलनशील होकर सक्रिय रूप में परिवर्तित हो जाते हैं। सक्रिय जीव विष मध्य आँत के उपकलीय कोशिकाओं की सतह से बँधकर उसमें छिद्रों का निर्माण करते हैं, जिस कारण से कोशिकाएँ फूलकर फट जाती हैं और परिणामस्वरूप कीट की मृत्यु हो जाती है।

प्रश्न 7.
जी.एम. पौधों के उपयोग से होने वाले कोई चार लाभ लिखिए।
उत्तर:
आनुवंशिकतः रूपान्तरित फसलों (GM Crops) का उपयोग लाभदायक है क्योंकि आनुवंशिक रूपांतरण द्वारा-

  • अजैव प्रतिबलों (ठंडा, सूखा, लवण, ताप) के प्रति अधिक सहिष्णु फसलों का निर्माण
  • रासायनिक पीड़कनाशकों पर कम निर्भरता करना (पीड़कनाशी-प्रतिरोधी फसल)
  • कटाई के पश्चात् होने वाले (अन्नादि) नुकसानों को कम करने में सहायक”
  • पौधों द्वारा खानिज उपयोग क्षमता में वृद्धि (यह शीघ्र मृदा उर्वरता समापन को रोकता है)
  • खाद्य पदार्थों के पोषणिक स्तर में वृद्धि; उदाहरणार्थविटामिन ए समृद्ध धान।

उपरोक्त उपयोगों के साथ-साथ जी एम का उपयोग तदनुकूल पौधों के निर्माण में सहायक है, जिनसे वैकल्पिक संसाधनों के रूप में उद्योगों में वसा, ईंधन व भेषजीय पदार्थों की आपूर्ति की जाती है।

प्रश्न 8.
किसी बच्चे या भ्रूण में चिह्नित किये गए जीन दोषों का उपचार किस तकनीक द्वारा किया जाता है? उदाहरण द्वारा समझाइये।
उत्तर:
जीन चिकित्सा द्वारा किसी बच्चे या भ्रूण में चिद्धित किए गए जीन दोषों का सुधार किया जाता है। इसमें रोग के उपचार हेतु जीनों को व्यक्ति की कोशिकाओं या ऊतकों में प्रवेश कराया जाता है। आनुवंशिक दोष वाली कोशिकाओं के उपचार के लिये सामान्य जीन को व्यक्ति या भूर्ण में स्थानांतरित करते हैं जो निष्क्रिय जीन की क्षतिपूर्ति कर उसके कार्यों को सम्पन्न करते हैं।

सर्वप्रथम जीन चिकित्सा का प्रयोग वर्ष 1990 में एक चार वर्षीय लड़की में एडीनोसीन डिएमीनेज (ADA) की कमी को दूर करने के लिये किया गया था। यह एन्जाइम प्रतिरक्षातंत्र के कार्य के लिये अति आवश्यक होता है। यह कमी इसलिए हो जाती है क्योंकि एडीनोसीन डिएमीनेज के लिये जिम्मेदार जीन लुप्त हो जाती है।

जीन चिकित्सा में सर्वप्रथम रोगी के रक्त में से लसीकाणु (Lymphocytes) को निकालकर शरीर से बाहर संवर्धन किया जाता है। सक्रिय ADA का cDNA (पश्च विषाणु संवाहक का प्रयोग कर) लसीकाणु में प्रवेश कराकर अंत में रोगी के शरीर में वापस कर दिया जाता है। ये कोशिकाएँ मृतप्राय: होती हैं, इसलिये आनुवंशिक निर्मित लसीकाणुओं को समयसमय पर रोगी के शरीर से अलग करने की आवश्यकता होती है। यदि मज्जा कोशिकाओं (bone marrow) से विलगित अच्छे जीनों को प्रारम्भिक भ्रूणीय अवस्था की कोशिकाओं से उत्पादित ADA में प्रवेश करा दिया जाए तो यह एक स्थायी उपचार हो सकता है।

प्रश्न 9.
मधुमेह रोगियों को यदि असंसाधित प्राक् इन्सुलिन दिया जाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
मानव सहित स्तनधारियों में इन्सुलिन प्राक्-हार्मोन (प्राक् एन्जाइम की जैसे प्राक्-हार्मोन को पूर्ण परिपक्व व क्रियाशील हार्मोन बनने से पूर्व संसाधित होने की आवश्यकता होती है) संश्लेषित होता है; जिसमें एक अतिरिक्त फैलाव होता है जिसे पेप्टाइड ‘सी’ कहते हैं। यह ‘सी’ पेप्टाइड परिपक्व इन्सुलिन में नहीं होता, जो परिपक्वता के दौरान इन्सुलिन से पृथक् हो जाता है। अतः मधुमेह रोगियों को संसाधित प्राक् इन्सुलिन देने पर नियंत्रण पाया जाता है। असंसाधित प्राक् इन्सुलिन से नियंत्रण नहीं किया जा सकता।

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वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. Bt कपास की किस्म जो बैसिलस थुर्रिजनिसिस के विष जीन को समाविष्ट करके बनाई गयी प्रतिरोधी है- (NEET-2020)
(अ) कवकीय रोगों से
(ब) पादप सूत्रकृमि से
(स) कीट परभक्षी से
(द) कीट पीड़कों से
उत्तर:
(द) कीट पीड़कों से

2. निम्न स्तम्भों का,मिलान कर सही विकल्प का चयन करो- (NEET-2020)

स्तम्भ-Iस्तम्भ-II
1. बीटी कपास(i) जीन चिकित्सा
2. एडीनोसीन डिएमीनेज(ii) कोशिकीय सुरक्षा
3. आर.एल.ए. आई.(iii) HIV संक्रमण का पता लगाना
4. पी.सी.आर.(iv) वैसिलस थुरिजिनिसिस
कूट(1)(2)(3)(4)
(अ)(iii)(ii)(i)(iv)
(ब)(ii)(iii)(iv)(i)
(स)(i)(ii)(iii)(iv)
(द)(iv)(i)(ii)(iii)
(द)(iv)(i)(ii)(iii)

3. निम्न में कौनसा कथन सही नहीं है- (NEET-2020)
(अ) प्राक्-इन्सुलिन में एक अतिरित्क पेप्टाइड, जिसे सी-पेप्यइड कहते हैं, होती है
(ब) कार्यांत्मक इंसुलिन में A एवं B शृंखलाएँ होती है जो हाइड्रोजन बंध द्वारा जुड़ी होती है
(स) आनुवंशिक इंजीनियरी इंसुलिन ई-कोलाई द्वारा उत्पादित होता है
(द) मनुष्य में इंसुलिन प्राक्-इंसुलिन से संश्लेषित होता है।
उत्तर:
(ब) कार्यांत्मक इंसुलिन में A एवं B शृंखलाएँ होती है जो हाइड्रोजन बंध द्वारा जुड़ी होती है

4. जीव को उनके जैव प्रौद्योगिंकी में उपयोग के लिए सुमेलित कीजिए। (NEET-2020)

(अ) बैसिलस धुरिनाजिनिसिस(i) क्लोसिक वेक्टर
(ब) थर्मस एक्वेटिकस(ii) प्रथम rDNA अपु का निर्माय
(स) एग्रोयैक्टिसियम ट्यूसिफेसिएंस(iii) डी.एन.ए, पॉलिमरेज
(द) साल्मोनेला(iv) Cry प्रोटीन
कूट(1)(2)(3)(4)
(अ)(iv)(iii)(i)(ii)
(ब)(iii)(ii)(iv)(i)
(स)(iii)(iv)(i)(ii)
(द)(ii)(iv)(iii)(i)

उत्तर:

(अ)(iv)(iii)(i)(ii)

5. गोल्डन चावल के विषय में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही है- (NEET-2019)
(अ) चावल की एक आध किस्म से जीन निवेशन के कारण इसके दाने पीले हैं।
(ब) यह डैफोडिल के जीन वाला विटामिन-ए प्रचुरित है।
(स) यह वैसिलस थुर्रिजिएसिस के जीन वाला पीड़क प्रतिरोधी है।
(द) एग्रोबैक्टीरियम वेक्टर का उपयोग कर विकसित किया गया है।
उत्तर:
(ब) यह डैफोडिल के जीन वाला विटामिन-ए प्रचुरित है।

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6. गोलभ शरलभ कृमि में वैसिलस धुर्रिजिएसिस के Bt आविष को सक्रिय करने के लिए प्रोटोक्सीन की सक्रियता किससे प्रेरित होती है? (NEET-2019)
(अ) आमाशय की अम्लीय pH
(ब) शरीर का तापमान
(स) मध्य आंत की नमी वाली सतह
(द) आंत की क्षारीय pH
उत्तर:
(द) आंत की क्षारीय pH

7. एक विदेशी कम्पनी द्वारा चावल की एक नई किस्म को पेटेन्ट किया गया था, यद्यपि ऐसी किस्में भारत में लम्बे समय से विद्यमान हैं। यह किससे सम्यन्धित है? (NEET-2018)
(अ) लेमो रोजो
(ब) शर्बती सोनोरा
(स) Co-667
(द) बासमती
उत्तर:
(द) बासमती

8. मानव लसिकाणुओं मे डी.एन.ए. के एक टुकड़े के निवेशन के लिए निम्नलिखित में से कौनसा वेक्टर सामान्यतः प्रयुक्त किया जाता है? (NEET-2018)
(अ) λ फाज
(ब) Ti प्लाज्मिड
(स) रेट्रोबाइरस
(द) pBR322
उत्तर:
(स) रेट्रोबाइरस

9. बहुराष्ट्रीय कम्पनियों और संगठनों द्वारा किसी देश या उसके लोगों की बिना अनुज्ञति के जैव संसाधनों के उपयोग को क्या कहा जाता है? (NEET-2018)
(अ) जैव अपघटन
(ब) बायोपाइरेसी
(स) जैब-उल्लंघन
(द) जैव शोषण
उत्तर:
(ब) बायोपाइरेसी

10. तम्बाकू के पौधे का कौनसा भाग मिलेइड्डोगाइन इन्कोग्रिटा द्वारा संक्रमित होता है? (NEET-2016)
(अ) तना
(ब) जड़
(स) पुष्प
(द) पत्ती
उत्तर:
(ब) जड़

11. वर्ष 1990 में एडिनोसीन डीऐमिनेज (ADA) की कमी से पीड़ित चार वर्ष की बालिका को निम्नलिखित से कौनसी चिकिल्सा दी गई? (NEET II-2016)
(अ) प्रतिरक्षा चिकिल्सा
(ब) विकिरण चिकिल्सा
(स) जीन चिकिल्सा
(द) रसायन चिकित्सा
उत्तर:
(स) जीन चिकिल्सा

12. सुनहरे (गोल्डन) चावल एक आनुवंशिक रूपान्तरित फसल पादप है। इसमें निवेशित जीन किसके जैविक संश्लेषण के लिए हैं? (NEET-2015)
(अ) विटामिन C
(ब) ओमेगा
(स) विटामिन A
(द) विटामिन B
उत्तर:
(स) विटामिन A

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13. पादर्पों में t.DNA (tDNA) के प्रवेश से क्या होता है? (NEET-2015)
(अ) मृदा के pH में बदलाव आता है और पादप में प्रघात होता है।
(ब) पादर्पों को थोड़े अल्पकाल के लिए शीत में उद्भासित करना पड़ता है।
(स) पादप मूलों को जल में खड़े रहने देता है।
(द) पादप में एग्रोबेक्टिरियम ट्यूमिफेशिएन्स द्वारा संक्रमित होता है।
उत्तर:
(द) पादप में एग्रोबेक्टिरियम ट्यूमिफेशिएन्स द्वारा संक्रमित होता है।

14. पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी द्वारा उत्पादित पहला मानव हॉमोंन कौनसा है? (NEET-2014)
(अ) इंसुलिन
(ब) एस्ट्रोजन
(स) धॉयरॉक्सिन
(द) प्रोजेस्ट्रान
उत्तर:
(अ) इंसुलिन

15. निम्नलिखित Bt फसलों में से कौनसी फसल भारत में किसानों द्वारा उगाई जा रही है? (NEET-2013)
(अ) मक्का
(ब) कपास
(स) बैंगन
(द) सोयाबीन
उत्तर:
(ब) कपास

16. सबसे पहले नैदनिक जीन चिकित्सा किसके उपचार के लिए दी गई थी? (Mains-2012)
(अ) मधुमेह
(ब) छोटी माता
(स) रुमेठी गठिया
(द) एडीनोसीन डीएमीनेज अल्पता
उत्तर:
(द) एडीनोसीन डीएमीनेज अल्पता

17. विटामिन ‘A’ की कमी से आने वाला अंधापन किसके उपयोग से रोका जा सकता है? (CBSE PMT-2008, 2012, Mains-2012)
(अ) फ्लेवर सैवर टमाटर
(ब) कैनोला
(स) गोल्डन चावल
(द) Bt बैंगन
उत्तर:
(स) गोल्डन चावल

18. तम्बाकू के सूत्रकृमि-प्रतिरोधी पौधे बनाने के लिए उनमें DNA प्रवेश कराया गया जिससे (परपोषी कोशिकाओं के भीतर) किसका बनना संभव हुआ? (NEET-2012)
(अ) अर्थ तथा प्रति-अर्थ दोनों प्रकार का RNA
(ब) एक विशिष्ट हॉर्मोन
(स) एक एन्टीफीडेन्ट (प्रति भोज्य)
(द) एक विषाक्त प्रोटीन
उत्तर:
(अ) अर्थ तथा प्रति-अर्थ दोनों प्रकार का RNA

19. वर्तमान पारजीनी जन्तुओं में से इस समय सबसे अधिक संख्या किसकी है? (NEET-2011)
(अ) मछली
(ब) मूषक
(स) गाय
(द) सूअर
उत्तर:
(ब) मूषक

20. m.RNA की साइलेंसिग किसके प्रतिरोधी ट्रांसजैनिक पादप उत्पादन में उपयुक्त है? (NEET-2011)
(अ) बैक्टोरियल ब्नाइटस
(ब) बालवर्स
(स) नीमेटोद्धस
(द) काइट रस्ट
उत्तर:
(ब) बालवर्स

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21. पौधों में RVA इन्टरफिरेन्स प्रक्रिया (RVAI) का उपयोग किसके विरद्ध प्रतिरोध विकास करने के लिए किया गया है? (NEET-2011)
(अ) सूत्रकृमियों के
(ब) कवकों के
(स) वाइरसों के
(द) कीटों के
उत्तर:
(अ) सूत्रकृमियों के

22. बंसिलस थुरिजिएंसिस प्रोटीन क्रिस्टल बनाते हैं, जो कीट प्रतिरोधी प्रोटीन होती है, यह प्रोटीन- (NEET-2011)
(अ) वाहक जीवाणु को नहीं मारते क्योंकि वह स्वयं में विष के प्रति प्रतिरोधी होता है
(ब) कीट की मध्य-आहार नली की उपकलीय कोशिका द्वारा जुड़ी रहती है। अंततः इसे मार देते हैं।
(स) क्राई जीन सहित कई जीनों द्वारा कोडिल होती है।
(द) कीट की अग्र आहार नली अम्लीय pH द्वारा सक्रिय होती है।
उत्तर:
(ब) कीट की मध्य-आहार नली की उपकलीय कोशिका द्वारा जुड़ी रहती है। अंततः इसे मार देते हैं।

23. भारत में आनुवंशिकतः रूपान्तरित (GM) बैंगन किसके लिए विकसित किया गया है? (NEET-2010)
(अ) शेल्फ लाइफ (ताजा बनाए रखने) की अवधि बढ़ाना
(ब) खनिज तत्वों की मात्रा बढ़ाना
(स) सूखा प्रतिरोधी
(द) कीट प्रतिरोधी
उत्तर:
(द) कीट प्रतिरोधी

24. निम्नलिखित में से किस एक का जैव प्रौद्योगिकी विधि द्वारा व्यापारिक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है? (Mains-2010)
(अ) मोर्फीन
(ब) कुनैन
(स) इंसुलिन
(द) निकोटिन
उत्तर:
(स) इंसुलिन

25. बी टी (Bt) आविष के रवे कुछ जीवाणुओं द्वारा बनाये जाते हैं परन्तु जीवाणु स्वयं को नहीं मारते हैं क्योंकि- (NCERT-2009)
(अ) आविष अपरिपक्व है
(ब) जीवाणु आविष के लिये प्रतिरोधी है
(स) आविष निष्क्रिय होता है
(द) आविष जीवाणु की विशेष थैली में मिलता है
उत्तर:
(द) आविष जीवाणु की विशेष थैली में मिलता है

26. प्लाज्मिड्स उपस्थित होते हैं- (RPMT-2009)
(अ) विषाणुओं में
(ब) जीवाणुओं में
(स) कवकों में
(द) वायरॉंड्डस में
उत्तर:
(ब) जीवाणुओं में

27. भारतीय पौर्धों में विदेशी DNA स्थानांतरण में सामान्यत: प्रयोग की जाती है- (CBSE AIPMT-2009)
(अ) ट्राइकोडर्मा हाजीएवम
(ब) मेलोइडोगाइन इन्कोंग्नीटा
(स) एल्रोबैक्टिरियम ट्यूमीफेसिएन्स
(द) पेनीसीलिखन एक्सपेन्सम
उत्तर:
(स) एल्रोबैक्टिरियम ट्यूमीफेसिएन्स

28. निम्नलिखित में से किस एक की पारजीनी स्पीशीज से मानव इंसुलिन का व्यापरिक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है ? (NEET-2008)
(अ) राइकोषियम
(ब) सेकैरामाइसीज
(स) एशरिश्चिया
(द) माइक्रोबैक्टौरियम
उत्तर:
(स) एशरिश्चिया

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29. धैसिलस धुर्रिर्जिएसिस से प्रात काई I एंडोटौंज्सिन किसके प्रति कारगार होते हैं? (NEET-2008)
(अ) नीमेयेक
(ब) वॉलवर्म
(स) मच्छ
(द) मखिख्यां
उत्तर:
(ब) वॉलवर्म

30. बायोपाइरेसौ सम्बन्धित है- (Maharashtra-2008)
(अ) मैव अणु तथा जौन्स की खोज से
(ब) परम्परागात ज्ञान से
(स) जैव अनुसंधान से
(द) उपरोक्त सभी से
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी से

31. गोल अधिप्लाव (छलकन) के गैषोपयार में सफलतापूर्वक उपयोग की जाने वाली आनुर्बशिकता इंजीनियरिंग सूक्ष्मजौब स्पौशीज किसकी है? (NEET-2007)
(अ) बेसिलस
(ब) स्यूडोमोन्तास
(स) ट्राइकोडमां
(द) जै घोमोनास
उत्तर:
(ब) स्यूडोमोन्तास

32. वाहल परीक्षण किसके निदान से सम्बन्धित है- (RPMT-2006)
(अ) यइ्फाइड
(ब) कोलेरा
(स) मलेरिया
(द) पीत ज्वर
उत्तर:
(अ) यइ्फाइड

33. लींच (जॉंक) कौन-सा प्रतिथक्कारी (anticoagulant) प्दार्थ युक्ति करता है- (AIIMS-2005)
(अ) हिपेरिन
(ब) हिराडिन
(स) हिस्ट्यमीन
(द) सीरोट्रोनिन
उत्तर:
(ब) हिराडिन

34. Bt टोंक्सिन है- (Wardha-2005)
(अ) अंतःकोशिकीय लिपिड
(ब) अन्तःकोशिकीय श्रिस्टलित प्रोटीन
(स) घाछ्म कोशिकीय क्रिस्टलित प्रोटीन
(द) लिपिक्ध किया जाता है-
उत्तर:
(स) घाछ्म कोशिकीय क्रिस्टलित प्रोटीन

35. बैसीलस थूरिनजिएन्सिस (Bt) विभेद अपूर्व कार्य के लिये प्रयोग किया जाता है- (CBSE-2005)
(अ) बायोमेटलर्जिक तकनीक
(ब) बायोइन्सेक्टीसाइड्स पौधे
(स) जैव उर्वरक
(द) बायोमिनरेलाइजेशन प्रक्रम
उत्तर:
(ब) बायोइन्सेक्टीसाइड्स पौधे

36. Ti प्लाज्मिड जो आनुवंशिक इंजीनियरिंग में प्रयुक्त होता है, प्राप्त होता है- (UP CPMT-2004)
(अ) ईश्चेरिचिया कोलाई से
(ब) बैसीलस थूरिनजिएन्सिस से
(स) एग्रोबैक्टीरियम राइजोजीन्स से
(द) एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमीफेशिएन्स से
उत्तर:
(द) एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमीफेशिएन्स से

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 12 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

37. जीन थैरेपी का उदाहरण है- (AIMS-2004)
(अ) प्रविष्ट योग्य हिपेटाइटिस B वेक्सीन का उत्पादन
(ब) भोज्य फसलों में वेक्सीन का उत्पादन
(स) सीवियर कम्बाइन इम्यूनोडेफिफियन्सी से ग्रसित मनुष्यों में एडीनोसीन डीएमीनेज के लिए जीन्स का प्रवेश
(द) निषेचित अण्डों के प्रत्यारोपण और कृत्रिम इन्सेमिनेशन के द्वारा टेस्ट ट्यूब बेबी का उत्पादन
उत्तर:
(स) सीवियर कम्बाइन इम्यूनोडेफिफियन्सी से ग्रसित मनुष्यों में एडीनोसीन डीएमीनेज के लिए जीन्स का प्रवेश

38. एलिसा को विषाणुओं की पहचान में उपयोग किया जाता है जिसमें मुख्य अभिकर्मक होता है- (NEET-2003)
(अ) क्षारीय फास्फेटेज
(ब) कैटेलेज
(स) DNA प्रोब
(द) RNase
उत्तर:
(अ) क्षारीय फास्फेटेज

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HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Haryana State Board HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Exercises

Question 1.
What is the composition of air?
Answer:
The major components of air are:
(i) Nitrogen (78%)
(ii) Oxygen (21%)
(iii) Noble gases (0.9%)
(iv) Carbon dioxide (00.3%)
(iv) Other gases, dust particles and water vapours (0.01%) by volume.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Question 2.
Which gas in the atmosphere is essential for respiration?
Answer:
Oxygen gas in the atmosphere is essential for respiration.

Question 3.
How will you prove that air supports burning?
Answer:
Take two plastic bottles and remove their base with the help of a sharp knife. Take two candles and coverthese two burning candles with the plastic bottles. After some time, candles stop burning and water level rises up in the plastic bottles.

Now make several holes in one plastic bottle and cover the lighting candle with this bottle. We see that candle burns continuously. This candle gets air from different holes and burns continuously till it is completely finished. This activity shows that air supports burning.
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us-1

Question 4.
How will you show that air is dissolved in water?
Answer:
Take some water in a beaker and heat it slowly on a tripod stand with gas burner. We see that tiny bubbles are sticking on it. These
bubbles are mainly of oxygen gas present in air, i which is dissolved in water. When we heat water, the air dissolved in water escapes out in the form of bubbles.
This shows that air is dissolved in water.
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us-2

Question 5.
Why does cotton lump get sunk T in water?
Answer:
Cotton lump contains air in it. There are various spaces in which air is filled. When cotton lump is put into water, air present in the vacant space dissolved in water and cotton lump sank.

Question 6.
The layer of air around the earth is known as
Answer:
The layer of air around the earth is known as atmosphere.

Question 7.
The component of air used by green plants to make their food is
Answer:
Carbon dioxide is needed by green 1 plants to make their food.

Question 8.
List five activities that are possible due to presence of air.
Answer:
Activities that are possible due to presence of air are as follows:
(i) Windmill.
(ii) Movements of sailing yachts.
(iii) Flying of aeroplanes, birds, etc.
(iv) Dispersal of seeds.
(v) Watercycle.

Question 9.
How do plants and animals help each other in the exchange of gases in the atmosphere?
Answer:
Plants and animals help each other in exchange of gases. They are interdependent on each other. All the animals require oxygen for their survival. It helps breaking down digested food in the body and release energy. This process is called respiration. During respiration, carbon dioxide gas is produced.

Plants consume this carbon dioxide gas for preparing their own food and release oxygen. They also use some oxygen for respiration. This oxygen gas is used for animals in their respiration process. In this way, plants and animals help each other in the exchange of gases in the atmosphere.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

HBSE 6th Class Science Air around us Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Where do we get air?
Answer:
We get air from the atmosphere.

Question 2.
What is the use of air pressure?
Answer:
Air pressure is used in pumps.

Question 3.
The cover of air around the earth is called
Answer:
Atmosphere.

Question 4.
Air occupies and
Answer:
Space, mass.

Question 5
forms the earth atmosphere.
Answer:
Air.

Question 6.
What gases are found in the air?
Answer:
Air contains nitrogen, oxygen, carbon dioxide and inert gases and water vapours.

Question 7.
Which gas forms the largest part of the air?
Answer:
Nitrogen.

Question 8.
What part of the air is oxygen?
Answer:
Oxygen is l/5th part of the air.

Question 9.
What is the use of nitrogen in air?
Answer:
Nitrogen slows down the process of combustion.

Question 10.
State one biological importance of air dissolved in water.
Answer:
Dissolved air helps aquatic animals for breathing.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Question 11.
During photosynthesis, which gas is consumed?
Answer:
Carbon dioxide gas.

Question 12.
Which gas is released during photosynthesis?
Answer:
Oxygen gas.

Question 13.
Which gas is helpful for combustion?
Answer:
Oxygen gas.

Question 14.
When do plants release oxygen?
Answer:
Plants release oxygen during photosynthesis.

Question 15.
Name two variable components of air.
Answer:
(i) Nitrogen
(ii) Oyxgen.

Question 16.
Name two objects which are inflated by air.
Answer:
(i) Cycle tyre
(ii) Balloons.

Question 17.
Give the percentage composition of nitrogen and oxygen by volume in air.
Answer:
Nitrogen – 70% and oxygen – 21%.

Question 18.
Name two inert gases present in the air.
Answer:
(i) Argon
(ii) Neon.

Question 19.
Why do we need extra oxygen supply at high altitude?
Answer:
Because at high altitude air is thin.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Question 20.
Excepting oxygen and nitrogen, name two other gases present in the air.
Answer:
(i) Carbon dioxide
(ii) Argon.

Question 21.
Which component of the air is used in fire extinguishers?
Answer:
Carbon dioxide gas.

Question 22.
State one way in which air enters the air.
Answer:
Through respiration.

Question 23.
Why do we call neon and argon as inert gases?
Answer:
Because they do not react with any ; other element or compound in ordinary conditions.

Question 24.
Name two gases which can – damage historical monuments.
Answer:
(i) Nitrogen dioxide
(ii) Sulphur dioxide.

Question 25.
What is called wind?
Answer:
The moving air is called wind.

Question 26.
Name two properties of air.
Answer:
(i) Air occupies space
(ii) It has mass.

Question 27.
Write two importances of air in agriculture.
Answer:
(i) Air helps rotate wind-mill which is used to draw water from tube-wells.
(ii) Air helps in dispersion of seeds and ; pollen grains of flowers of several plants.

Question 28.
Give one important use of .! nitrogen.
Answer:
Nitrogen is used in the manufacture of fertilizers.

Question 29.
Name two major gases of air.
Answer:
Two major gases of air are:
(i) Nitrogen
(ii) Oxygen.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Short Answer Type Questions

Question 1.
Write the names of four main constituents of air.
Answer:
(i) Nitrogen
(ii) Oxygen
(iii) Carbon dioxide
(iv) Water vapours.

Question 2.
What are the uses of oxygen present in air?
Answer:
Uses of oxygen:
(i) Animals use oxygen for breathing and respiration.
(ii) Aquatic animals and plants use oxygen for breathing.
(iii) Mountaineers inhale oxygen at heights where air is thin.
(iv) Pure oxygen is used for artificial breathing in hospitals.
(v) Oxygen is used in oxy-acetylene torch for welding and cutting purposes.
(vi) Liquid oxygen is used as rocket fuels.

Question 3.
How can you show that air contains carbon dioxide?
Answer:
Take some lime water in a watch glass and keep it for a few hours in open air. A white crust is formed on the upper surface of the lime water. Lime water turns milky due to the presence of carbon dioxide in the air. This shows that air contains carbon dioxide.

Question 4.
Show that one-fifth volume of air is oxygen.
Answer:
Take a glass trough. Fill it about half with water. Add a few drops of ink to make the water coloured. Fix a candle on a solid iron rectangular block and place the block in water. Take a glass cylinder and mark it into five equal parts by passing a thin strip of paper at equal distance on its outer surface. Light the candle and invert the glass cylinder over it.

The flame of candle starts burning, then becomes and finally stops burning. Coloured water rises up in the glass cylinder and is filled one fifth with water. Thus one fifth of air is used in burning. Hence one fifth volume of air is oxygen.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Question 5.
How will you show that air contains water vapour?
Answer:
Put some ice blocks in a glass tumbler and keep it in the open air. Drops of water appear on the outer surface of glass tumbler after a few minutes. Air in contact with the tumbler gets cooled and the water vapour present in it condenses to give drops of water.
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us-3
Thus we can see that water is present in air in the form of its vapours.

Question 6.
Explain why air is considered a mixture.
Answer:
Air is considered a mixture because:
(i) The composition of air varies from place to place and at depths and heights.
(ii) The constituents of air such as oxygen, nitrogen, carbon dioxide, water vapours etc. can be separated by simple physical methods.
(iii) The properties of air are the average of its constituents.
(iv) No energy is evolved or absorbed when various components of air (gases) are mixed to obtain air.

Question 7.
Mention five uses of air.
Answer:
Uses of air:
(i) Air is used by humans for respiration.
(ii) Air is necessary for burning.
(iii) Air is used for inflating the tyres of vehicles.
(iv) Balloons and balls can be used only when they are inflated with air.
(v) Compressed air is used in the break system for stopping trains.

Question 8.
How will you show that air is present in a lump of soil?
Answer:
Take a lump of dry soil in a beaker or glass tumbler. Adding water to it, we see that bubbles come out from the soil. This shows that soil contains air.

Question 9.
What will happen if the amount of oxygen in the air is increased?
Answer:
If the amount of oxygen in the air is increased, the burning of thing will not stop and fire will spread into large area which will be dangerous to humans and for the nature.

Question 10.
Why is nitrogen important for living organisms?
Answer:
Nitrogen in air is used for manufacturing food by the nitrogen fixation of atmospheric nitrogen into nitrates which mixes with the soil and plants absorb these as their food. So it is necessary and important for living organisms.

Question 11.
How can we see upto a long distance after it rains?
Answer:
When it rains, the dust in the atmosphere settles down to the ground. This is why we can see upto a long distance just after rain.

Question 12.
How do you know that solid particles are floating in air?
Answer:
Choose a sunny room in your home, now close all the doors and windows to make the room dark. Now open the window/door facing the sun just a little in such a way that it allows sunlight to enter the room only through a slit.

Now look the incoming sunlight slants carefully. We see some tiny shining particles moving rapidly in the slanting beam of sunlight. This shows that air contains dust particles.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Question 13.
Describe the process by which oxygen is naturally produced.
Answer:
Oxygen is naturally produced by the process of photosynthesis. Fill a beaker to about 3/4th with pond water and put a small plant in it. Cover it with a funnel. In this beaker now add a pinch of sodium bicarbonate.

Invert a test tube filled with water on the stem of funnel so that air bubbles get in the test tube.
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us-4
Now put the apparatus in sunlight and observe after sometime. You will see that some gas has been collected in the test tube. Let half the test tube be collected with this gas. Now remove the test tube by putting thumb at the mouth of the test tube. Bring a splinter in the test tube. Splinters burn rapidly which show that it is oxygen gas.

Question 14.
What is liquid air? How can it be made?
Answer:
When air is cooled under reduced pressure, it is convert into liquid form. This air is called liquid air. Air is cooled under reduced air changes into liquid form.

Question 15.
What would happen if plants stop taking carbon dioxide?
Answer:
Plants prepare their own food with the help of carbon dioxide. They take carbon dioxide from the atmosphere and consume all the carbon dioxide released by animals through the process of respiration.

If plants stop taking carbon dioxide from the atmosphere, the amount of carbon dioxide increases in the atmosphere and the temperature of atmosphere will increase due to green house effect. Due to this, glacier will melt and there will be flooding on the earth. The nature living organisms will die.

Question 16.
Why do divers and mountaineers carry oxygen cylinders with them?
Answer:
Divers and mountaineers carry oxygen cylinders with them because at higher altitude and in oceans, the amount of air/oxygen is very thin. Therefore breathing becomes very difficult.

The divers and mountainears inhale oxygen from these cylinders so that they can breate easily. Therefore, they carry oxygen cylinders with them.

Long Answer Type Questions

Question 1.
Point out different uses of air.
Answer:
Uses of various constituents of air:
1. Uses of Nitrogen:
(i) It helps to slow down the process of combustion.
(ii) It dilutes the concentration of air.
(iii) On a very large scale nitrogen is used for the manufacturer of ammonia, which is used to make fertilizers and nitric acid.
(iv) Due to inertness nitrogen is used to produce a blanketing atmosphere during the processing of food to prevent oxidation which causes food to spoil and affects the natural taste.
(v) Nitrogen is used with argon for filling electric lamps.
(vi) Nitrogen is used for making explosive such as TNT and nitro cellulose.

2. Uses of Oxygen:
(i) Without oxygen, animal life is not possible. It is used for breathing and respiration.
(ii) Mountaineers inhale oxygen at heights, where oxygen is thin, from the cylinders they carry on their backs.
(iii) Fish and other aquatic animals use dissolved oxygen for breathing and respiration.
(iv) It is used in hospitals in many diseases for artificial respiration.
(v) Oxygen with acetylene is used as oxy- acetylene torch as welding and cuttings.
(vi) Liquid oxygen is used as rocket fuels.

3. Uses of Carbon dioxide:
(i) Carbon dioxide is used by plants for making their food.
(ii) Carbon dioxide is used in fire extinguishers.
(iii) It is used in soft drinks such as campa and limca.
(iv) Alcoholic beverages such as bear contains carbon dioxide.

4. Uses of Inert gases:
(i) Inert gas argon is filled in bulbs for the protection of filament of the bulb.
(ii) Helium is used to obtain low temperature.
(iii) Neon is used in special electric bulbs called neon-signs.
(iv) Radon gas is used in the treatment of cancer.

Instead of is used in inflating vehicle tyres, such as cars, scooters and motor-cycles. It is used in compressed form for digging, mining and breaking stones in machines. It is used in drying process for agricultural products such as grains, pulses etc. Air current makes the wind-mill to rotate. Wind-mill is used to draw water from the wells and tube-wells. Air is used for sailing gliders and aircrafts. It also helps in dispersal of seeds.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 15 Air Around Us

Air around us Class 6  HBSE Notes

  • Air is found everywhere. When air is in motion, it is called wind.
  • We cannot see air but we can feel it.
  • Air occupies space. It is present in water and soil.
  • Air is a mixture of oxygen, nitrogen, carbon dioxide, argon and few other gases, water vapours and dust particles.
  • Oxygen is necessary for burning and breathing.
  • The cover of air surrounding the earth is known as atmosphere.
  • Atmosphere is essential for the life on the earth.
  • Aquatic animals use dissolved oxygen/air in water for respiration.
  • Plants use carbon dioxide to produce their food and release oxygen.
  • The plants and animals are inter dependent for gaseous exchange.
  • Air is useful in many ways. It is used for inflating tyres, balloons, and for winnowing.
  • Air is also used in several musical instruments.
  • Without oxygen, animal life is not possible. Mountaineers inhale oxygen at height, where air is thin from the cyclinders of oxygen.
  • Oxygen is a supporter of combustion. Ice presence increases the burning process.
  • Plants and animals exchange air and are interdependent on each other.

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HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Haryana State Board HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Exercises

Question 1.
Fill up the blanks in the following:
(a) The process of changing of water into its vapour is called ……………. .
(b) The process of changing water vapour into water is called …………… .
(c) No rainfall for a year or more may lead to ………….. in that region.
(d) Excessive rain may cause …………. .
Answer:
(a) Evaporation
(b) Condensation
(c) Drought
(d) Flood.

Question 2.
State for each of the following whether it is due to evaporation or condensation.
(a) Water drops appear on the outer surface of a glass containing cold water.
(b) Steam rising from wet clothes while they are ironed.
(c) Fog appearing on a cold winter morning.
(d) Black board dries up after wiping it.
(e) Steam rising from a hot girdle when water is sprinkled on it.
Answer:
(a) Condensation
(b) Evaporation
(c) Condensation
(d) Evaporation
(e) Evaporation.

Question 3.
Which of the following statements are “true”?
(a) Water vapour is present in air only during the monsoon.
(b) Water evaporates into air from oceans, rivers, and lakes but not from the soil. water level would lower down. It will result into drought.
(c) The process of water changing into its vapours, is ailed evaporation.
(d) The evaporation of water takes place only in sunlight.
(e) Water vapour condenses to form tiny droplets of water in the upper layers of air where it is cooler.
Answer:
(c) True
(d) True
(e) True.

Question 4.
Suppose you want to dry your school uniform quickly. Would spreading it near an anghiti or heater help? If yes, how?
Answer:
Yes, if we want to dry our school uniform quickly, we should spread our clothes near a anghiti or heater. Because near anghithi or heater, temperature is more, which helps water evaporation from the clothes and they dry quickly.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 5.
Take out a cooled bottle of water from refrigerator and keep it on a table. After some time you notice a puddle of water around it. Why?
Answer:
When we keep a bottle of water taking out from refrigerator we notice some puddles of water around it. This is because the water-vapour near the surrounding atmosphere, condenses and deposites around the cooled water bottle. Water vapour always remains in the atmosphere.

Question 6.
To clean their spectacles, people often breathe out on glasses to make them wet. Explain why the glasses beomes wet?
Answer:
When we breathe on the spectacles, water vapours comes out from our breathe, and they condenses into water droplets when they come in contact of glass, because the glasses are cooler than the water vapours. So the glasses becomes wet, due to water puddles.

Question 7.
How does clouds formed?
Answer:
The water vapours that goes into air rises up along with air. As the air moves up, it gets cooler and cooler. At sufficient heights, air becomes so cool that the water vapour present in it condenses to form tiny drops of water called droplets. These droplets are very small, much smaller than even a grain of sand. These droplets are so small that lakhs of them together would form a drop of water.

These tiny droplets remain suspended in the air and moves along with it. When these water droplets in the air come closers they may combine to form slightly bigger droplets. In this way their sizes may become larger. Once the size of the droplets become larger than a definite size, they appear to us as clouds.

Question 8.
When does a drought occur?
Answer:
If it does not rain in a region for a year or more. The soil continues to lose water by evaporation and transpiration. Since it is not being brought back by rain, the soil becomes dry. The water level of water in ponds and wells of the region goes down and some of them may even dry up. The ground water may also become scarce. This may lead to drought.

HBSE 6th Class Science Water Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Define the term ‘cycle’.
Answer:
It is an event or phenomenon which repeats itself after sometime.

Question 2.
Name some activities in our daily life where we use water.
Answer:
We use water in our daily life in various activities such as: drinking, bathing and washing of clothes.

Question 3.
What is the main source of water?
Answer:
Oceans are the main source of water.

Question 4.
Define the term ‘evaporation’.
Answer:
The process of changing water from its liquid form to its vapour is known as evaporation.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 5.
Is evaporation a slow process or fast process?
Answer:
Evaporation is a slow process.

Question 6.
What is transpiration?
Answer:
Plants lost their excess water through their leaves into the air in the vapour form. This process is called transpiration.

Question 7.
Name two processes through which water vapour add conti-nuously into the air.
Answer:
The two processes are:
(i) Evaporation
(ii) Condensation.

Question 8.
Define condensation.
Answer:
The process of conversion of water vapours into liquid form of water is called ; condensation.

Question 9.
What is fog?
Answer:
The fog in winter is due to condensation of water vapour in air near the , surface of the earth.

Question 10.
What is precipitation?
Answer:
When water drops come together in the air becomes heavy and begin to fall, Falling of water drops is called precipitation.

Question 11.
How is snow or hails formed?
Answer:
When water droplets freeze in the air and begin to fall is called hails or snow.

Question 12.
Define water cycle.
Answer:
The water in its vapour form goes to air by evaporation and transpiration forms cloud and then comes back to the surface of the earth through the process of condensation and precipitation. This process is called water cycle.

Question 13.
Name three states of water.
Answer:
The three states of water are:
(i) liquid
(ii) solid
(iii) gaseous state.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 14.
What is the importance of convertibility of water from one state to another state?
Answer:
The easy convertibility of water from one state to another state makes its availability in all parts of the earth and throughout the year.

Question 15.
What is the percentage of water that is available for our use?
Answer:
Only a tiny fraction about 0.01% of total water is used by human beings.

Question 16.
What would happen if we do not water plants?
Answer:
Water is essential for plants for their food preparation. So the plants will die without water.

Question 17.
List two sources of water on the earth.
Answer:
(i) Underground water
(ii) surface water.

Question 18.
Where do we get water for our daily use?
Answer:
We get water from well, rivers and ponds.

Question 19.
During melting of ice, the temperature of the system changes/remains unchanged.
Answer:
Remains unchanged.

Question 20.
List the sources of water on the earth.
Answer:
Sources of water on the earth are: Rivers, ponds, lakes, well, spring and rain water.

Question 21.
Write the chemical formula of water.
Answer:
H2O.

Question 22.
Name two sources of natural water.
Answer:
(i) River water
(ii) Lake water.

Question 23.
Name two solid forms of water.
Answer:
Snow, hails and frost.

Question 24.
Name universal solvent.
Answer:
Water is a universal solvent.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 25.
What is saline water?
Answer:
A sample of water contains more than 2% dissolved salts are called saline water.

Question 26.
Name the process by which saline water is made potable.
Answer:
Desalination process.

Question 27.
What do we use water for?
Answer:
We use water for drinking, bathing and cleaning purposes.

Question 28.
Give two uses of water in your home.
Answer:
(i) Cooking of food
(ii) Cleaning of utensils.

Question 29.
What is the use of water in agriculture?
Answer:
In agriculture, water is required to produce grains.

Question 30.
From where do we get fresh water supply?
Answer:
The ultimate source of fresh water supply is oceans.

Question 31.
Who supplies water to lakes and ponds?
Answer:
Oceans supply water to lakes and ponds.

Question 32.
What will happen if we do not water the plants in the pot?
Answer:
Water is essential for plants, for the preparation of their food. Without water, the plants will die.

Question 33.
List the sources of water for your daily use.
Answer:
We get water for daily use from wells, lakes, rivers, ponds and streams.

Question 34.
List the sources of water on the earth.
Answer:
Sources of water on the earth are: Rivers, lakes, ponds, well, spring, sea water, rain water and ocean water.

Question 35.
List the salts that can be obtained from the sea.
Answer:
Common salt, sodium bromide, magnesium chloride and potassium iodide.

Question 36.
Explain the term ‘salinity’.
Answer:
The rain water dissolves large amounts of salts, and it becomes salty. This is called salinity of water.

Question 37.
Write two uses of water in plants.
Answer:
(i) They use water in photosynthesis.
(ii) Water is essential for germination of seeds.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 38.
Name two sources of natural water.
Answer:
River water, lake water and stream water.

Question 39.
Name two solid states of water.
Answer:
(i) Snow
(ii) Ice
(iii) Frost.

Question 40.
What is saline water?
Answer:
A sample of natural water which contains more than 2% of dissolved salts, especially common salt is called saline water.

Short Answer Type Questions

Question 1.
How do fish and aquatic plants survive in water?
Answer:
Fish and aquatic plants needs oxygen to survive. Oxygen is slightly soluble in water. They get this dissolved oxygen for their survival.

Question 2.
How are clouds formed?
Answer:
Water vapours being lighter, rise up in the atmosphere. At the upper layer, they are condensed into tiny water droplets and form clouds. These clouds while falling down cause rains.

Question 3.
Give four physical properties of water.
Answer:
Physical properties of water:
1. It is a colourless liquid.
2. It freezes at 0°C and boils at 100°C.
3. Bad conductor of electricity.
4. It has a maximum density ofll cm3 at 4°C.

Question 4.
Define water cycle.
Answer:
Evaporation of water from oceans, ponds, rivers and lakes and from roads and streets to form cloud by condensation at higher altitude. When clouds rain, the rain water flows into the seas and oceans through rivers and streams. Some water percolates into the soil to form underground water. It comes again out in the form of spring and well. This is called water cycle.

Question 5.
Water is called a universal solvent. Give reasons.
Answer:
Water is called universal solvent because it dissolves any things in it. Many things dissolve in water as the time passes. So it is called universal solvent.

Question 6.
State different uses of water.
Answer:
Uses of water:
(i) We use water for drinking, bathing, cooking and cleaning of clothes.
(ii) Water is used in agriculture to produce food.
(iii) It is used in industries for carrying out various activities.
(iv) It is used for making electricity from flowing water.
(v) In thermal power stations, water is used to rotate generators through steam to produce electricity.
(vi) In railways, it is used to move railway engines. In factories, it is used in boilers to produce hot water and steam for running machines.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 7.
What are the different sources of water?
Answer:
Different sources of water are:
(i) Oceans
(ii) Seawater
(iii) Rivers
(iv) Lakes
(v) Streams
(vi) Well and dam water.

Question 8.
Write importance of water for sustaining life.
Answer:
Importance of water:
(i) Water is used by the organisms to transport soluble food materials to the cells.
(ii) It carries waste materials produced within the cells which are excreted out by the living beings.
(iii) It carries oxygenated red bloods to cells and tissues ofliving beings and brings back carbon dioxide produced during respiration and excreted out from the body.
(iv) Plants use enormous water during photosynthesis.
(v) It maintains body temperature.
(vi) Water is essential for germination of seeds.

Question 9.
How does rain water become saline?
Answer:
Water is a universal solvent, because it dissolves a large number of substances. When rain falls, it dissolves common salts and many other substances and minerals present on the earth. The rain water passes through different layers of earth, rocks, dissolves large amount of salt and other minerals. Thus it becomes salty.

Question 10.
How will you show the presence of water in air? .
Answer:
Take some pieces of ice in a beaker and keep it for sometime. After some time, we will observe that small water drops are formed on the cold outer surface wall of the beaker. These water drops are formed by the condensation of those water vapours which were present in air around beaker. This shows that water is present in air.

Question 11.
What are natural calamities?
Answer:
The conditions of floodings and drought ai’e called natural calamities.

Question 12.
What are the factors responsible for flooding?
Answer:
There are many factors for flooding like intensity and duration of rainfall, soil condition and presence of plants or trees on the grounds.

Question 13.
Give some uses of water in our houses.
Answer:
We use water in our houses for “many purposes; we need it for drinking, bathing, washing our clothes. We also use water for cooking, cleaning of utensils, watering of plants and other everyday activities.

Question 14.
How is water essential for plants?
Answer:
Water is essential for agriculture to produce grains; It is also required for growing plants that gives us fibres of cotton and jute. Water is required for the growth and in the process of photosynthesis for preparing their food. Germination of seeds requires water.

Question 15.
Who supplies water to rivers, lakes, ponds and wells?
Answer:
Oceans and seas are major sources of water on the earth. The water cycle fully depends upon oceans and seas. Rain is possible only due to water cycle and supplies water to rivers and ponds etc. Indirectly, ocean supplies water to these resources.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 16.
Define ground water.
Answer:
‘The ground water is actually rain water which mainly comes from seepage of water accumulated under the ground. Rain water percolates into the soil and reaches under the ground where water quantity increases and air decreases. This reserve water under the ground is called ground water.

Question 17.
We should use ground water judiciously. Why?
Answer:
If large quantity of ground water is taken out for various purposes, the water level goes down. Thus there will be shortage of water and it is not possible if we continuously use this water. So we should use ground water very carefully.

Question 18.
How are lakes and ponds formed?
Answer:
Lakes and ponds are small reservoirs of water. These are created by collection of rain water in low lying areas. Seepage from the ground water reserves also adds to the water in lakes and ponds.

Question 19.
What will happen if there is no rain at all?
Answer:
Rain is an important source of natural water. If there is no rain, the soil will lose its water by evaporation and become dry. Water will also be lost through transpiration process of plants. Rivers, ponds and wells will dry and the water level would lower down. All this will affect animals, humans and wild plants. If it continues for one or tw o years in continuation, it results into drought.

Long Answer Type Questions

Question 1.
What do you mean by water cycle in nature?
Answer:
Water constantly moves from the earth to the air and back again. The constant circulation of water is known as the water cycle.

The water in seas, rivers, lakes, ponds „r streams evaporates because of the heat of the sun. Plants also give out large amounts of water from their leaves. The water vapour rises up. The air higher’ up in the atmosphere is cooler. This cools the water vapour and it condenses to form tiny drops of water on dust particles. These drops of water together form clouds. As the clouds get cooled further, the water drops become bigger and heavier. When they become too heavy, they fall to the earth as rain.

The rain water enters the seas, rivers, lakes, ponds and streams and then evaporates again. Thus the water cycle in nature goes on.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 14 Water

Question 2.
How can we conserve the precious water?
Answer:
Water can be conserved by the following methods:
(i) We should use water very judiciously.
(ii) We should not waste water during its consumption.
(iii) We should not use drinking water in garden for watering plants.
(iv) We should not throw waste products into water resources.
(v) Water is used through pipes and spraying in agriculture.
(vi) Industrial wastes and effluents should not be released into rivers.
(vii) Ground water should be used when necessary. Leakage of taps should be stopped. In this way, we conserve water.

Water Class 6  HBSE Notes

  • Water is essential for all living beings. Water is essential for sustaining life. Water vapour is always present in the air.
  • Evaporation of water changes it from its liquid to gaseous state. Evaporation is a slow process.
  • Evaporation of water is a continuous process that takes places at all places.
  • Large amount of water evaporates into air from oceans, rivers, lakes, ponds and other water bodies and also from the soil.
  • Plants release water vapours into air by the process of transpiration.
  • The process of conversion of water vapour into liquid water is called condensation. Water vapours condense to form tiny droplets of water in the upper layers of air where it is cooler.
  • Clouds appear in the sky when water droplets in air become larger than certain size.
  • Falling of water drops from the clouds is called precipitation.
  • The process of evaporation, transpiration, condensation, precipitation of water and its down hill flow to the oceans constitute the water cycle.
  • Cycling of water between oceans and land ensures availability of water for all living organisms on the earth.
  • Water exists in three states, that is solid, liquid and gaseous.
  • Lakes, ground water and ice caps are some sources of water. Well water and spring water are examples of ground water.
  • Water is a universal solvent, because it dissolves a large number of substances.
  • Ocean water is highly saline. This water is harmful for agricultural purpose, animals and for human use.
  • Pure water is colourless, odourless and tasteless liquid. Water becomes tasty due to dissolving of some gases such as C02 in it.
  • Water dissolves oxygen gas due to which aquatic plants and animals respire. Presence of dissolved carbon dioxide is a source of food for aquatic plants.
  • Water cycle helps in replenishing water sources and maintaining global weather.
  • Evaporation of water from sea and other water bodies forms clouds at higher altitude. Clouds give rains and rain water flows back into the sea in the form of streams and rivers. Some rain water percolates through the soil to form underground water. This underground water comes up again and rushes out in the form of springs or is drained out as well water. This is called water cycle.
  • There are two main natural sources of water: (i) Underground water, (ii) Surface water. Underground water is free from impurities.
  • It is mainly of two types: (i) Well water, (ii) Spring water.
  • Surface water is present on the surface of the earth. It is of three types: (i) rain water, (ii) river and lake water, (iii) sea water.
  • Water is precious. It is one of the most wonderful gifts of nature.
  • The total amount of water on the earth remains same but its distribution in different regions is different.
  • We need water for various purposes, like drinking, bathing, washing our clothes, for cooking food, cleaning of utensils, watering of plants and other everyday activities.
  • Water is required in agriculture to produce grains. It is also necessary for growing plants that gives us fibres and jute. Fibres are used for making clothes.
  • Oceans and seas contain most of the water on the earth.
  • Oceans and sea water is not fit for drinking and for agriculture purposes due to large amount of salt in it.
  • Snow is another source of water. Snowmelts slowly and this water flpws down in the form of streafhs and rivers. Streams and rivers are another source of water.
  • Most of the water which human beings use for drinking, washing and farming comes from rivers and streams.
  • Water below the ground is known as underground water. This is mainly rain water that comes from seepage of water accumulated under the ground. The level below the ground where air is very less and only water is present is called water table.
  • Lakes and ponds are small reservoirs of water. These are created by collection of rain water in low laying areas.
  • Rain is a very important source of water for us. All resources of water are fed mainly by rains.
  • If it does not rain for one or two years, soil will lose its water by evaporation and become dry. Rivers, ponds and lakes will dry and the
  • The results of drought may be that no crops, food and fodder will decrease and humans and animals will die.
  • In case of heavy rains, water level increases and flood occurs. Due to lack of air in soil due to heavy rains animals suh as earthworm, rats and snakes come out from the soil. Due to heavy rains, crops are also destroyed.
  • Conditions of flood and drought are called natural calamties.
  • Conservation of water is essential for sustaining life on the earth. Due to increasing population and increasing industrialisation and urbanisation, water requirements are also increasing.

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HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Haryana State Board HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

HBSE 6th Class Science Fun with Magnets Textbook Questions and Answers

Exercises

Question 1.
Fill in the blanks in the following:
(i) Artificial magnets are made in different shapes such as ………… and ………… .
(ii) The materials which are attracted towards magnet are called ………… .
(iii) ………… is not a magnetic material.
(iv) In olden days, sailors used to find direction suspending a piece of ………… .
(v) A magnet always has ………… poles.
Answer:
(i) bar magnet, horse-shoe magnet and round, shaped magnet
(ii) magnetic materials
(iii) leather
(iv) suspended magnet.

Question 2.
State whether the following statements are true or false:
(i) A cylindrical magnet has only one pole.
(ii) Artificial magnets were discovered in Greece.
(iii) Similar poles of a magnet repel each other.
(iv) Maximum iron filings stick in the middle of a bar magnets when it is brought near them.
(v) Bar magnets always point towards North-South direction.
(vi) A compass can be used to find East-West directions at any place.
(vii) Rubber is a magnetic material.
Answer:
(i) False
(ii) True
(iii) True
(iv) False
(v) True
(vi) False
(vii) False.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Question 3.
It was observed that a pencil sharpener gets attracted by both the poles of a magnet, although its body is made of plastic. Name a material that might have been used to make some part of it.
Answer:
A pencil sharpner is made up of iron metals-which is attracted towards the magnet. To some parts of it are made of iron/cobalt; which are magnetic materials.

Question 4. Column I show different positions in which one pole of a magnet is placed ner that of the other. Column II indicates the resulting action between them for each situation. Fill in the blanks:

Column IColumn II
N—N………..
N—SAttraction
S—N………..
S—SRepulsion

Answer:

Column IColumn II
N—NRepulsion
N—SAttraction
S—NAttraction
S—SRepulsion

Question 5.
Write any two properties of a magnet.
Answer:
Properties of a magnet:
1. A magnet attracts magnetic materials such as iron, cobalt and nickel towards it.
2. When a magnet is suspended freely, it stands always in North-South direction.
3. Magnetic influence can pass through a screen of cloth, plastic and papers.

Question 6.
Where are poles of a bar magnet located?
Answer:
A freely suspended magnet always:omes to rest in one direction i.e., North-South direction.
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets-1
The end pint of themagnet pointing towards north is called north pole and end pointing towards south is called south pole. Thus we an see that a magnet has two poles:
(i) North-pole
(ii) South-pole.
North and South poles are marked on the magnet.

Question 7.
A bar magnet has no markings to indicate its pole. How would you find out near which end is its north pole located?
Answer:
We take a bar m agnet and tied it with a thread in the middle. Now it is suspended freely tied the thread in a stand. We find that bar magnets stay in North-South directions.
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets-2
The pole which is towards north is called north pole of the bar magnet. Thus we can find the poles of a magnet.

Question 8.
You are given an iron strip. How will you make it into a magnet?
Answer:
Method of making an iron strip , a magnet: Take the iron strip and place it on the table. Strike it with one pole of a bar magnet in one direction. When you reach the other end of the iron stick, leave the magnet and bring the same pole back to the starting end of the iron stick. Strike again in the same direction. Repeat this process about 30-40 times. Check whether the iron piece has now become a magnet. If not, continue the process for some more time. Remember that the pole and the direction of the magnet is not to be changed. In this way, an iron stick can be converted into a magnet. (See Fig. 13.3.)
HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets-3

Question 9.
How is a compass used to find directions?
Answer:
A compass is made on the property of a magnet, staying in north-south direction. This is a small glass case containing a magnetised needle pivoted on a nail. The needle can rotate freely. Whenever it is kept, its needle always rests in north-south direction, (See Fig. 13.4.)

Normally the north pole of the needle is painted red or some other indication is given to identify north and south poles. So using this needle, north and south can be identified.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Question 10.
A magnet was brought from different directions towards a toy boat that has been floating in water in a tub. Affect observed in each case is stated in column I. Possible reasons for the observed affects are mentioned in column II. Match the statements given in column I with those in column II.

Column IColumn II
(A) Boat gets attracted towards magnet.(a) Boat is fitted with a magnet with north pole toward its head
(B) Boat is’not affected by the magnet.(b) Boat is fitted.with a magnet with south pole towards its head
(C) Boat moves towards the magnet if(c) Boat has a small megnet fixed along its north pole of the magnet is brought length. near its head.
(D) Boat moves away from the magnet when north pole is brought near its boat.(d) Boat is made of magnetic material.
(E) Boat floats without changing its attraction.(e) Boat is made up non-magnetic material.

Answer:
(A)-(d).
(B)—(c).
(C)—(b)
(D)—(a),
(E)—e).

HBSE 6th Class Science Fun with Magnets Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Name two places where magnets are used in your daily life.
Answer:
(1) Refrigerators
(2) Small pencil box.

Question 2.
Why do chess pieces stick to metallic card board?
Answer:
Because chess pieces are fitted with magnets.

Question 3.
What was the name of Greek shephered?
Answer:
His name was Magnes.

Question 4.
Magnetic ludo is not displaced with movement of vehicle. Why?
Answer:
Because the ludo is fitted with magnet.

Question 5.
From what materials magnets are made of?
Answer:
Magnets are made of from magnetic materials. .

Question 6.
Name two magnetic materials.
Answer:
(i) Iron
(ii) Cobalt.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Question 7.
Which, from the following objects, are attracted towards magnet?
Iron ball, plastic scale, wood stick, glass strip, pins.
Answer:
Iron ball and pins are attracted towards magnet.

Question 8.
What are non-magnetic materials?
Answer:
Materials which do not attract towards magnets are called non-magnetic materials.

Question 9.
Name some non-magnetic materials.
Answer:
Leather, plastic, cloth and paper etc.

Question 10.
What is a magnet?
Answer:
A magnet is an object which attracts pieces of iron, cobalt and nickel.

Question 11.
What happens when the north pole of a magnet ip brought near the north pole of a freely suspended magnet?
Answer:
They repel each other.

Question 12.
What happens when the north pole of a magnet is brought near the south pole of a freely suspended magnet?
Answer:
They attract each other

Question 18.
Can we have an isolated north pole or south pole?
Answer:
We cannot have an isolated north pole or south pole. They always exist in opposite direction.

Question 14.
Which iron is used for making a permanent magnet?
Answer:
Hard steel and alloys.

Question 15.
Which iron is used for making a temporary magnet?
Answer:
Soft iron.

Question 16.
Why are artificial magnets preferred to natural magnets?
Answer:
Artificial magnets are very strong in comparison with natural magnets.

Question 17.
In which direction does a freely suspended bar magnet come to rest?
Answer:
North-South direction.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Question 18.
Why does a magnetic needle get deflected when placed near a current carrying conductor?
Answer:
Due to magnetic field produced by current.

Question 19.
A bar magnet attracts iron fillings more strongly at two ends. What are these ends points called?
Answer:
These end points of the bar magnet are called its poles.

Question 20.
Name two devices where electromagnets are used?
Answer:
Electric bell and loud-speaker.

Question 21.
What type of magnet is used in an electric bell?
Answer:
U-shaped magnet is used in an electric bell.

Question 22.
What is the instrument in which directive property of a magnet is used?
Answer:
Mariner’s compass.

Question 23.
What is a temporary magnet?
Answer:
A magnet which retains its properties of magnet for a short time period is called temporary magnet.

Question 24.
How is a magnet demagnetised?
Answer:
(i) By heating
(ii) by hammering the magnet violently.

Question 25.
Two like poles of magnets are brought near each other. Will they attract or repel each other?
Answer:
They will repel each other.

Question 26.
What is a natural magnet?
Answer:
A natural magnet is a naturally occuring ore of iron which has attractive and directive property.

Question 27.
Can we have a magnet with a single pole?
Answer:
No, because unlike poles of equal strength exist together.

Question 28.
What is a sure test of magnetism?
Answer:
Repulsion is a sure test of magnetb.m.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Short Answer Type Questions

Question 1.
What is the difference between a temporary magnet and a permanent magnet?
Answer:

Temporary magnetPermanent magnet
1.It loses its magnetic power as soon as the source of magnetism removed.1. It remains magnet even after the source of magnetism is removed.
2. It is made from soft iron.2. It is made from steel.
3. In it the domain point in the same direction only for short time interval.3. In it the domains point in the same direction permanently.

Question 2.
Give two applications of electromagnets.
Answer:
(i) They are used in cranes to lift heavy loads of scrap iron and iron sheets.
(ii) They are used to separate magnetic substances from non-magnetic substances.

Question 3.
What are the properties of a magnet?
Answer:
There are two main properties of a magnet:
(i) Attractive property.
(ii) Directive property.

Question 4.
Define attractive and directive property of a magnet.
Answer:
(i) Directive property: On suspanding a bar magnet freely with a thread we find that at rest it always points towards north- south direction.
(ii) Attractive property: Magnet has the property to attract iron, cobalt and nickel towards it. These substances are called magnetic substances.

Question 5.
How will you distinguish two identical bars of iron as a permanent magnet and an ordinary piece of iron?
Answer:
To identify the real magnet bring a third magnet near each end of the identical bars. In case of ordinary bar, both its end should be attracted towards magnet. But in case of a permanent magnet, one of its ends would be repelled.

Question 6.
What is the difference between the magnetic properties of soft iron and steel?
Answer:

Magnetic properties of soft ironMagnetic properties of steel
1. It gets strongly magnetised when magnetised by induction,1. Steel is feebly magnetised when magnetised by induction.
2. Soft iron can be demagnetised very easily, hence electromagnets are made of soft iron.2. Steel cannot be demagnetised easily, hence permanent magnets are always made of steels.

Question 7.
Explain that induction precedes attraction.
Answer:
When iron piece is brought near a magnet, the iron is first temporarily magnetised by induction. Thus being two opposite poles, there is attraction. The iron piece first converts into a magnet having opposite poles, near its magnetised pole. Thus induction precedes attraction.

Question 8.
What is the difference between an electromagnet and a magnet?
Answer:
A magnet is a natural magnet with fixed magnetic effects. It is obtained from nature in the form of mineral. An electromagnet is a soft iron piece which shows magnetic effects only when eletric current is passed through it. Its magnetic effects can be increased or decreased by increasing electric current through conducting wire round the core.

Question 9.
What is a magnetic compass? What are its uses?
Answer:
A magnetic compass is a device which has a magnetic needle which is free to move on a pivot at the centre of a round box. It is used by sailors and navigators to find the directions. The compass needle is free to rotate and aligns in the north-south direction. Its free end that points north is marked red. (See Fig. 13.4.).

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 13 Fun with Magnets

Long Answer Type Questions

Question 1.
What is a compass? Describe the construction of a compass with the help of a labelled sketch. How is a compass used to find directions?
Answer:
The compass is an instrument to find the directions of a place. The compass has a tiny magnet in the form of a needle which can rotate freely on a pivot (or pin). The pivoted magnetic needle of the compass is enclosed in a small brass box having a glass top. The compass has a circular dial with various directions marked on it. The needle of compass always conies to rest along the north-south directions. The north pole of compass needle is painted with different colour to distinguish it from the south pole.

In order to find the directions at a place, the compass is kept on a flat surface at that place. The needle of compass will soon come to rest along the north-south direction. The compass is then rotated until the painted end of needle is towards N (North) mark on the dial and the other end of needle is towards S (South) mark on the dial. We can now find any direction by looking at the dial of the compass.

Fun with Magnets Class 6  HBSE Notes

  • Some materials such as magnetite show magnetic properties. These are called natural magnets.
  • Magnet attracts some materials such as iron, cobalt, nickel. Such materials are called magnetic materials.
  • The materials such as paper, cloth, leather etc. which are not attracted towards magnets are called non-magnetic materials.
  • Magnetic attraction is maximum near the ends of the magnet. These ends are called magnetic poles.
  • When suspended freely, a magnet always aligns in N—S direction.
  • When suspended freely one pole of the magnet always points towards North. This is known as North pole.
  • The other pole which points towrds South, is known as South pole.
  • Opposite poles of two magnets attract each other whereas there is repulsion between similar poles.
  • Magnetic influence can pass through screens of some substances like cloth, plastic, paper, glass etc.
  • While travelling on the sea or air, a magnet can be used to find the directions. In olden days sailors used this property of magnet for finding directions when they were at sea.
  • Compass is a small glass case, containing a magnetised pivoted on a nail. The needle can rotate freely.
  • Wherever it is kept its needle always rests in North-South direction.
  • On heating, or hammering magnetic property is destroyed.
  • To keep it safe, store bar magnets in pairs with unlike poles together, separated by a bit of wood and two pieces of soft iron across the ends. For horse-shoe magnet, keep one iron piece across the poles.

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals

HBSE 7th Class Science Nutrition in Animals Textbook Questions and Answers

Question 1.
Fill in the blanks:
(a) The main steps of digestion in humans are …………… , …………… , …………… , …………… , and …………… .
(b) The largest gland in these human body is …………… .
(c) The stomach releases hydrochloric acid and …………. juices which act on food.
(d) The inner wall of the small intestine has many finger-like outgrowths called …………… .
(e) Amoeba digests its food in the …………… .
Answer:
(a) ingestion, digestion, absorption, assimilation, egestion
(b) liver
(c) digestive
(d) villi
(e) food vacuole.

Question 2.
Mark T if the statement is true and F if it is false:
(а) Digestion of starch starts in the stomach.
(b) The tongue helps in mixing food with saliva.
(c) The gall bladder temporarily stores bile.
(d) The ruminants bring back swallowed grass into their mouth and chew it for some time.
Answer:
(a) False
(b) True
(c) False and
(d) True.

Question 3.
Tick (✓) mark the correct answer in each of the following:
(a) Fat is completely digested in the:
(i) stomach
(ii) mouth
(iii) small intestine
(iv) large intestine.
Answer:
(iii) small intestine.

(b) Water from the undigested food is absorbed mainly in the:
(i) Stomach
(ii) food pipe
(iii) small intestine
(iv) large intestine.
Answer:
(iv) large intestine.

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals

Question 4.
Match the items of column I with those given in column II:

Column IColumn II
Food ComponentsProduct (s) of Digestion
(i) Carbohydrates(a) Fatty acids and glycerol
(ii) Proteins(b) Sugar
(iii) Fats(c) Amino acids

Answer:

Column IColumn II
Food ComponentsProduct (s) of Digestion
(i) Carbohydrates(b) Sugar
(ii) Proteins(c) Amino acids
(iii) Fats(a) Fatty acids and glycerol

Question 5.
What are Villi? What is their location and function?
Answer:
Villi are the finger like structures which are the form of internal layer. They are situated in the stomach.
Functions:
(i) Villi provides space for food.
(ii) Digestive juice is secreted out from the digestive glands present in the Villi in the embedded form.
(iii) The food is grinded by the contraction and expansion of Villi.

Question 6.
Where is the bile produced? Which component of the food does it digest?
Answer:
The liver secretes bile juice that is stored in a sac called the gall bladder. The bile plays an important role in the digestion of fats.

Question 7.
Name the type of carbohydrate that can be digested by ruminants but not by humans. Give the reason also.
Answer:
The grass is rich in cellulose, a type of carbohydrate. Many animals, including humans, cannot digest cellulose. The cellulose can be digested by ruminants but not by humans because they have a large sac-like structure between the small intestine and large intestine. The cellulose of the food is digested here by the action of certain bacteria which are not present in humans.

Question 8.
Why do we get instant energy from glucose?
Answer:
We get instant energy from glucose, because in the cells, glucose breaks down with the help of oxygen into carbon dioxide and water and energy is released.

Question 9.
Which part of the digestive canal is involved in:
(i) absorption of food
(ii) chewing of food
(iii) killing of bacteria
(iv) complete digestion of food
(v) formation of faeces.
Answer:
(i) small intestine
(ii) buccal cavity
(iii) stomach
(iv) small intestine
(v) large intestine.

Question 10.
Write one similarity and one difference between the nutrition in Amoeba and human beings.
Answer:
Similarity: In both, the process of digestion involves ingestion, digestion, absorption, assimilation and egestion.
Difference: In Amoeba, the enzymes secreted by the call cytoplasm digest the ingested food.
In man, there are special organs for the digestion of food. The food passes through the alimentary canal. Here several digestive enzymes are secreted. These enzymes break the complex food materials into simpler ones.

Question 11.
Match the items of column 1 with suitable items in column II:

Column IColumn II
(a) Salivary gland(i) Bile juice secretion
(b) Stomach(ii)Storage of undigested food
(c) Liver(iii) Saliva secretion
(d) Rectum(iv) Acid release
(e) Small intestine(v)Digestion is completed
(f) Large intestine(vi)Absorption of water

Answer:

Column IColumn II
(a) Salivary gland(iii) Saliva secretion
(b) Stomach(iv) Acid release
(c) Liver(i) Bile juice secretion
(d) Rectum(vii) Release of faeces
(e) Small intestine(v)Digestion is completed
(f) Large intestine(vi)Absorption of water

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals

Question 12.
Label following figure of the digestive system.
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals-1
Answer:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals-2

Question 13.
Can we survive only on raw, leafy vegetables/grass? Discuss.
Answer:
No, we cannot survive only on raw, leafy vegetables/grass, Discuss of this topic in your class and ask to your teacher.

Extended Learning Activities And Project

Question 1.
Visit a doctor and find out:
(i) Under what conditions does a patient need to be on a drip of glucose?
(ii) Till when does a patient need to be given glucose?
(iii) How does glucose help the patient recover?
Write the answers in your notebook.
Answer:
Do yourself. Consult your family doctor and ask these Questions.

Question 2.
Find out what Vitamins are and get the following information.
(i) Why are Vitamins necessary in the diet?
(ii) Which fruits or vegetables should be eaten regularly to get Vitamins?
Write a one-page note on the information collected by you. You may take help of a doctor, a dietician, your teacher or any other person, or any other source.
Answer:
You have learnt about vitamins in class VI (chapter 2 – components of food).

Question 3.
Collect data from your friends, neighbours and classmates to find out about “milk teeth”. Tabulate your data. One way of doing it is given below:

S. NoAge at which first tooth fellAge at Which last tooth fellNo. of teeth lostNo. of teeth replaced
1.

2.

3.

4

5.

Find out from at least twenty children and find the average age at which children lose the milk teeth. You may take help of your friends.
Answer:
Do yourself. Take help to your classmates and friends.

HBSE 7th Class Science Nutrition in Animals Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Name the body parts that capture food in Hydra, Amoeba.
Answer:
Hydra-tentacles, Amoeba-Pseudopodia.

Question 2.
Name the important parts of the digestive system of human body.
Answer:
(i) Mouth with buccal cavity
(ii) Oesophagus
(iii) Stomach
(iv) Duodenum
(v) Small intestine
(vi) Large intestine
(vii) Anus.

Question 3.
Name three parts in which digestion takes place in the digestive system of human body.
Answer:
(i) Buccal cavity
(ii) Stomach
(iii) Small intestine with duodenum.

Question 4.
In which part of the digestive system absorption of water takes place?
Answer:
Absorption of water takes place in large intestine.

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Question 5.
What are Villi?
Answer:
Villi are the finger like folds in the inner walls of stomach.

Question 6.
What is the fuel for energy production in cells?
Answer:
Carbohydrates acts as the fuel for energy.

Question 7.
Name Five steps in the process of nutrition.
Answer:
1. Ingestion
2. digestion
3. absorption
4. assimilation and
5. egestion.

Question 8.
In which part of the alimentary canal
(a) absorption of water takes place
(b) assimilation of digested food occurs?
Answer:
(a) Large intestine
(b) Small intestine.

Question 9.
In which two parts of man does much of the digestion take place?
Answer:
In stomach and small intestine much of the digestion take place.

Question 10.
What are pseudopodia?
Answer:
Amoeba constantly changes its shape and position. It pushes out one, or more finger-like projections, called pseudopodia or false feet for movement and capture of food.

Question 11.
Name the organ of the digestive system where digestion of food of all types takes place.
Answer:
Small Intestine.

Question 12.
Is the large intestine really large?
Answer:
No. The large intestine is wider and shorter than small intestine. It is about 1.5 metre in length.

Question 13.
Where does digestion start in humans?
Answer:
In humans, digestion starts in stomach.

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Question 14.
Name the largest gland in the human body.
Answer:
Liver is the largest gland in the human body.

Question 15.
Name three ruminant animals.
Answer:
1. Cow
2. Buffalo and
3. Horse.

Question 16.
Define ruminants.
Answer:
Herbivores like cow, buffalo etc. first swallow the food without chewing it. After some time, they bring back the swallowed food to their mouth from the pouch of the stomach. Then they again grind the food well and swallow it. It is called chewing of the cud. These animals are known as ruminants.

Question 17.
What are incisors?
Answer:
Incisors are the flat front teeth. These have a sharp straight edge that help us to cut food and hence, they are also called cutting teeth. There are four incisors in each jaw.

Question 18.
What are canines?
Answer:
Canines are the pointed teeth present on either side of the incisors. These help us to tear the food and hence, they are called the tearing teeth. There are two such teeth in each jaw.

Question 19.
Define ingestion.
Answer:
Ingestion is the process by which food is taken by the organisms.

Question 20.
Define digestion.
Answer:
Digestion is the process of breaking down complex food molecules into similar molecules and is brought about with the help of special molecules called enzymes.

Question 21.
Define egestion.
Answer:
Egestion is the process by which undigested food is removed from the body.

Question 22.
Define absorption.
Answer:
The process by which the digested food molecules are taken up (or absorbed) by the intestine wall and sent to the circulatory system is called absorption.

Question 23.
What is assimilation?
Answer:
Assimilation is a process of conversion of absorbed food into body. For example, in man and other higher animals, the blood carries the food to different parts of the body for incorporation into cell components.

Question 24.
What is gall bladder?
Answer:
The liver secretes juices which help in digestion and are stored in a small bag called the gall bladder.

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Question 25.
In which part of the digestive system and assimilation of food takes place?
Answer:
In human digestive system. Digestion takes place in buccal cavity, stomach and small intestine. Assimilation takes place in small intestine.

Question 26.
Write two functions of Villi.
Answer:
(i) Villi provides space for food.
(ii) Digestive juice is secreted out from the digestive glands present in the villi in the embedded form.

Question 27.
What is the function of oesophagus?
Answer:
No digestion takes place here. It only helps in pushing the food into stomach.

Question 28.
What is amylase?
Answer:
Saliva contains an enzyme called amylase. Amylase acts on starch and changes it into a sugar (called maltose).

Question 29.
Name the two processes of respiration.
Answer:
Inhalation and exhalation are the two processes of respiration.

Question 30.
Name the cells that carry water and food in the body of a green plant.
Answer:
Cells of Xylem vessels.

Short Answer Type Questions

Question 1.
How do the different animals procure food?
Answer:
Different organisms procure different methods. There are special structures in each organism for taking in food, for example, frog uses its sticky tongue to catch the prey. Butterfly has probosces (special mouth parts) to suck nectar from flowers. The housefly also lives on liquid food. It also has feeding tube to suck the liquid food. A spider spins a web to catch small insects. Human beings use hands to put their food in the mouth.

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Question 2.
What are the stages in the process of Nutrition?
Answer:
The food taken into the body by an animal is processed further to derive nutrients from it. There are five stages in the processing of food in an animal.
These include:
(i) Ingestion
(ii) Digestion
(iii) Absorption
(iv) Assimilation
(v) Egestion.

Question 3.
“What do you understand by digestive enzymes?” How does amylase affect starch?
Answer:
Digestive enzymes are the special proteins secreted out in gastric glands, small intestine and in pancreas. Specific enzyme helps in digestion of specific food item.

Amylase is the enzyme secreted in the pancreatic juice which converts carbohydrates (Polysaccharides) starch into Maltose sugar (Disaccharides).

Question 4.
How does nutrition occur in amoeba?
Answer:Amoeba
constantly changes its shape and position. It pushes out one, or more finger-like projections, called pseudopodia or false feet for movement and capture of food.

Amoeba feeds on some microscopic organisms. When it senses food, it pushes out pseudopodia around the food particle and engulfs it. The food becomes trapped in a food vacuole. Digestive juices are secreted into the food vacuole. They act on the food and break it down into simpler substances. The absorbed substances are used for growth, maintenance and multiplication. The undigested residue of the food is expelled outside by the Vacuole.

Question 5.
How does nutrition occur in paramecium?
Answer:
In paramecium, the food is ingested with the help of small hair-like structures present on the cell membrane. These are called the cilia. The food passes to oral groove from the cell membrane and then enters the mouth. From the mouth the food is taken inside the main body, where the food vacuole helps in its digestion with the help of enzymes. The undigested food is excreted with the help of contrectile vacuole.

Question 6.
Differentiate between absorption apd assimilation.
Answer:
Absorption:
It is a process by which digested food gets absorbed. The soluble food materials pass through the wall of digestive tract and reach the circulatory system or body fluid of an organism. In human beings and in other higher organisms, absorption takes place in the small intestine.

Assimilation:
It is a process of conversion of absorbed food into body. For example, in man and other higher animals the blood carries the food of different parts of the body for incorporation into cell components.

Question 7.
Write short note on small intestine.
Answer:
Small intestine is a long coiled tube. It also secretes a juice and digestion of all types of food is carried out here. As a result of digestion, food is converted into simple form, and glucose, amino acid and fatty acides etc. are formed. These end products are ready for absorption. Small intestine also absorbs the digested food and passes it on to the blood system. Thus, the nutrients are carried to all parts of the body.

Question 8.
What happens to the digested food in our bodies?
Answer:
Our body requires energy to carry out the various activities of life. We get this energy from the food we eat. This happens during respiration. The food which we eat is digested in the alimentary canal. But the alimentary canal alone does not require food. It must go to all parts of the body. The digested food is absorbed by the small intestine and passed on to the blood. Through the blood, the absorbed food is carried to all parts of the body.

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Question 9.
Why is the process of excretion important for living organisms?
Answer:
In all the living beings the metabolic activities take palce within the body for getting energy. The remaining part of the food is called as the waste material which are harmful to the body. So to become healthy and for proper functioning it is essential to pass these wastes from the body.

Question 10.
What are the main organs of the digestive system in our body?
Answer:
The process of digestion starts in the mouth. From the mouth, the food passes through a food canal (called alimentary canal).
Alimentary canal is a long, muscular and coiled tube, it starts from the mouth and ends at anus.
The different organs of the alimentary canal are as follows:
1. Mouth and mouth cavity.
2. Oesophagus (gullet or food pipe)
3. Stomach.
4. Small intestine.
5. Large intestine.
6. Anus.

Associated with the alimentary canal are some glands. These are:
1. Salivary glands
2. Liver
3. Pancreas.
The alimentary canal along with the associated glands is called the digestive system.

Question 11.
Write the functions of tongue.
Answer:
Tongue, a muscular organ, is also important for eating and performs several functions:
(i) It helps in mixing the chewed food with saliva
(ii) Swallowing the food
(iii) The tongue tastes, as it has sense organs called the taste buds.
These buds distinguish four basic tastes-salty, sour, sweet and bitter. In addition, it helps us to speak.

Question 12.
What are salivary glands?
Answer:
There are three pairs of salivary glands in our mouth. A watery material called saliva is secreted by these glands. Saliva helps in the digestion of food. Saliva contains an enzyme called amylase (also called ptyalin). Amylase acts on starch and changes it into a sugar (called maltose). The sugar is sweet and soluble in water.

Question 13.
What is meant by excretion? Explain its need for the sustenance of the individual.
Answer:
Excretion is the passing out of the metabolic wastes from the body through special organs known as excretory organs. The excretory matter, if it is present in the body, will disturb the metabolic activities going on in different parts of the body and also become hurdle in the circulation. It will disturb metabolic activity in body. So it is necessary to excrete out all the metabolic wastes from the body.

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Long Answer Type Questions

Question 1.
Name the different types of teeth in an adult man and state their functions. Also give a labelled diagram of different types of teeth.
Answer:
There are four main kinds of teeth in humans-incisors, canines, premolars and molars.

The front four teeth in each jaw are the incisors. They are flat and help in biting the food. On either side of the incisors are the canines. These are sharp and two in number in each jaw. They are meant for tearing the food. The premolars and molars are meant for grinding and crushing the food. Premolars are behind the canines, two in number on either side in each jaw.

Molars are behipd the preiholars. In an adult, they are six in number in each jaw, three each on either side of the premolars. In young people there are 8 molars in all. The second set of 4 molars appears at the age of eighteen or even later. These are called the wisdom teeth. Each jaw in an adult has 16 teeth, or 32 teeth in all.
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 Nutrition in Animals-3

Question 2.
Describe briefly the different stages involved in the process of nutrition.
Answer:
The different stages involved in the process of nutrition are:
1. Ingestion:
It is a process of taking in food. It differs from animal to animal, for example, frog uses its tongue to catch its prey, human beings hold food with hands and put it into their mouth, etc.

2. Digestion:
It is a process of breakdown of complex food materials such as carbohydrates, fats, proteins etc, into simpler forms. It is both a mechanical and a chemical process.

3. Absorption:
It is a process by which digested food gets absorbed. The soluble food materials pass through the wall of digestive tract and reach the circulatory system or body fluid of an organism. In human beings and in other higher organisms, absorption takes place in the small intestine.

4. Assimilation:
It is process of conversion of absorbed food into body. For example, in man and other higher animals, the blood carries the food to different parts of the body for incorporation into cell components.

5. Egestion:
It is the process by which the undigested food is eliminated from the body. In man and other organisms, it is carried out through the anus.

Question 3.
Name the things which help in physical and chemical digestion.
Answer:
The things which help in physical digestion are as follows:
(а) Tongue and Teeth: They masticate and chew the food. The tongue helps in this process.
(b) Villi of Stomach: By peristeltic movement villi help in mixing the digestive juices with the food.

The things which help in chemical digestion are as follows:
(а) Saliva: It contains ptyalin which convert carbohydrates of food into maltose sugar.
(b) Hydrochloric acid: It provides the acidic medium to the food.
Gastric Juice: It contains pepsin enzyme which converts protein into peptone.

(c) Pancreatic juice: It contains three enzymes.
Trypsin: Which converts peptone into amino acid.
Amylopsin: Which converts maltose sugar into sugar.
Stepsin or lypase: It converts fat into fatty acid and glycol.

(d) Intestinal juice: Which converts the remaining part of food into soluble form.

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Question 4.
‘Excretion is a process to eliminate waste by products from the body’. Justify the statement.
Answer:
In all the living beings the biochemical reactions go on continuously which are commonly named as metabolism. It is of two types i.e., anabolism and catabolism. During anabolism the simple compounds combine together to form complex compounds while in catabolism the complex compounds are oxidised and convert into simple compounds and energy. These by products are waste and harmful substances. They are to be expelled out from the body.

If these wastes remain inside the body they will combine together to form other compounds which may be poisonous or more harmful to the body. They may become hurdle to the activities and also may cause death. So the catabolic by products should be passed out from the body. These products are called excretory matter and the organs through which they are expelled, are called excretory organs and the process is called as excretion.

Question 5.
What are the various components of blood? Give their functions.
Answer:
The various components along with their functions are as follows:
Blood Plasma: It is the liquid of the blood which carries food materials, water and other excretory matter to all parts of the body.
Corpuscles:
They are of the three following types:
1. Red Blood Corpuscles (R.B.C.): They carry oxygen to all cells of all parts of the body.
2. White Blood Corpuscles (W.B.C.): They are uninucleated and amoeboid in shape. They light against the disease germs.
3. Blood Platelets: They are spindle shaped and help in clotting the wounds.

Nutrition in Animals Class 7  HBSE Notes

  • Animal nutrition includes nutrient requirement, mode of intake of food and its utilisation in the body.
  • Digestion is the process of breaking down complex food molecules into simpler molecules and is brought about with the help of special molecules called enzymes.
  • The human digestive system consists of the alimentary canal and secretory glands. It consists of the (i) buccal cavity, (ii) oesophagus, (iii) stomach, (iv) small intestine, (v) large intestine ending in rectum, and (vi) anus.
    → The main digestive glands which secrete digestive juices are (i) the salivary glands, (ii) the liver and (iii) the pancreas. The stomach wall and the wall of the small intestine also secrete digestive juices.
  • Different organisms possess different structures for procuring food.
  • Digestion is a complex process involving: (i) ingestion, (ii) digestion, (iii) absorption, (iv) assimilation and (v) egestion.
  • Digestion of carbohydrates, like starch, begins in the buccal cavity. The digestion of protein starts in the stomach. The bile secreted from the liver, the pancreatic juice from the pancreas and the digestive juice from the intestinal wall complete the digestion of all components of food in the small intestine. The digested food is absorbed in the blood vessels in the small intestine.
  • The absorbed substances are transported to different parts of the body. Water and some salts are absorbed from the undigested food in the large intestine.
  • The undigested and unabsorbed residues are expelled out of the body as faeces through the anus.
  • The grazing animals like cows, buffaloes and deer quickly swallow the grass and store it in a separate part of the stomach called rumen. Here the food gets partially digested and is called cud. But later the cud returns to the mouth in small lumps and the animal chews it. This process is called rumination and these animals are called ruminants.
  • Amoeba feeds on some microscopic organisms. When it senses food, it pushes out pseudopodia around the food particle and engulfs it. The food becomes trapped in a food vacuole.

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HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

Haryana State Board HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन


(A) वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions)

1. ऑक्सिन का प्रमुख प्रभाव उद्दीपन करना है-
(A) कोशिका विभाजन
(B) कोशिका दीर्घण
(C) कोशिका स्फीति
(D) कोशिका विभेदन
उत्तर:
(B) कोशिका दीर्घण

2. सायटोकाइनिन उद्दीपित करते हैं-
(A) कोशिका विभाजन
(B) कोशिका दीर्घण
(C) कोशिका स्फीति
(D) कोशिका विभेदन
उत्तर:
(A) कोशिका विभाजन

HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

3. जीर्णता के समय पौधों में बढ़ोत्तरी होती है-
(A) क्लोरोफिल की
(C) श्वसन की
(B) प्रोटीन की
(D) प्रकाश संश्लेषण की
उत्तर:
(C) श्वसन की

4. निम्न में से कौन-सा एक पुष्पीय हॉर्मोन समझा जाता है ?
(A) ऑक्सिन
(B) जिबरेलिन
(C) सायटोकाइनिन
(D) एब्सिसिक अम्ल
उत्तर:
(B) जिबरेलिन

5. ज्यामितीय वृद्धि वक्रं का आकार है-
(A) क्यूबॉइड
(B) सिग्मॉइड
(C) सरल रेखा
(D) त्रिकोणीय
उत्तर:
(B) सिग्मॉइड

6. निम्न में से किसके प्रयोग द्वारा कच्चे फलों को पकाया जा सकता है ?
(A) IAA
(B) GA 3
(C) ABA
(D) C2H1
उत्तर:
(D) C2H1

7. आलू को भण्डारगृह में अंकुरित होने से रोका जा सकता है ?
(A) मैलिक हाइड्रेनाइड द्वारा
(B) जिएटिन द्वारा
(C) जिबरेलिन द्वारा
(D) एथिलीन द्वारा
उत्तर:
(A) मैलिक हाइड्रेनाइड द्वारा

8. जब कोई पौधा पुष्पन न कर रहा हो तो इसमें साइटोकाइनिन निर्मित होता है-
(A) पत्तियों में
(B) पार्श्व कलिकाओं में
(C) जड़ों में
(D) प्ररोह शीर्ष में
उत्तर:
(C) जड़ों में

9. पौधों में पुष्पन उत्प्रेरित करने वाला हॉर्मोन है-
(A) वनेंलिन
(B) फ्लोरिजन
(C) ऑक्सिन
(D) एथिलीन
उत्तर:
(B) फ्लोरिजन

10. प्रदीप्तिकालिका परिघटना को सर्वप्रथम खोजा-
(A) गार्नर एवं एलार्ड ने
(B) याबुता व सुमिकी ने
(C) स्कूग व वेण्ट ने
(D) होमनर व बोनर ने ।
उत्तर:
(A) गार्नर एवं एलार्ड ने

11. जैवियम एक ………………. प्रदीप्तिकाली पौधा है।
(A) अल्प
(B) दीर्घ
(C) उदासीन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) अल्प

HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

12. कम तापमान द्वारा पुष्पन को त्वरित करने की प्रक्रिया को कहते हैं-
(A) प्रदीप्तिकालिता
(B) बसन्तीकरण
(C) विपुंसीकरण
(D) अनुप्रेरण
उत्तर:
(B) बसन्तीकरण

13. प्रदीप्तिकाली प्रेरण के फलस्वरूप प्रेरित रसायन है-
(A) फ्लोरिजन
(B) वनेंलिन
(C) फाइटोक्रोम
(D) साइटोक्रोम
उत्तर:
(A) फ्लोरिजन

14. साइटोकाइनिन प्रेरित करता है- (UPCPMT)
(A) कोशिका दीर्घन
(B) कोशिका वृद्धि
(C) अनिषेक जनन
(D) कोशिका विभाजन
उत्तर:
(D) कोशिका विभाजन

15. संवहनी कैम्बियम में कोशिका विभाजन को प्रेरित करने वाला वृद्धि नियामक है-
(A) IAA
(B) ABA
(C) साइटोकाइनिन
(D) एथिलीन
उत्तर:
(A) IAA

16. फुलिश सीडलिंग रोग का कारण है-
(A) 2, 4-D
(B) GA
(C) ABA
(D) IAA
उत्तर:
(B) GA

17. निम्न में से खरपतवारनाशी है-
(A) ABA
(C) 2, 4-D
(B) IAA
(D) C2H4
उत्तर:
(C) 2, 4-D

18. साइटोकाइनिन नाम दिया- (RPMT)
(A) लीथम (1968) ने
(B) मिलर (1964) ने
(C) मग (1955) ने
(D) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(A) लीथम (1968) ने

19. कौन-सा दीर्घ दिवस पादप है- (CBSE PMT)
(A) तम्बाकू
(B) सोयाबीन
(C) गुलाबांस
(D) पालक ।
उत्तर:
(D) पालक ।

20. कौन-सा आलू भेद में कलिका प्रसुप्ति तोड़ता है- ( CBSE PMT)
(A) जिब्बरेलिन
(B) V AA
(C) ABA
(D) जिएटिन ।
उत्तर:
(A) जिब्बरेलिन

HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

21. कोशिका विभाजन प्रेरण तथा जीर्णता में देरी होती है- (UPCPMT)
(A) जिब्बरेलिन द्वारा
(B) ऑक्सिन द्वारा
(C) सायटोकाइनिन द्वारा
(D) इथाइलीन द्वारा।
उत्तर:
(C) सायटोकाइनिन द्वारा

22. शीर्ष प्रमुखता का कारण है- (RPMT, UPCPMT)
(A) IAA
(B) IBA
(C) 2,4-D
(D) 2,4,5-T
उत्तर:
(A) IAA

23. पौधे में जिंक की कमी होने पर किस हार्मोन का जैव संश्लेषण प्रभावित होता है- (CBSE PMT)
(A) एब्सिसिक अम्ल
(B) ऑक्सिन
(C) साइटोकाइनिन
(D) इथाइलीन ।
उत्तर:
(B) ऑक्सिन

24. हरे पौधों में पर्वों पर कोशिका दीर्घीकरण का कारण है- (CBSE PMT)
(A) IAA
(B) साइटोकाइ
(C) जिब्बरेलिन्स
(D) इथाइलीन ।
उत्तर:
(C) जिब्बरेलिन्स

25. बीजों का शीत उपचार कहलाता है- (RPMT)
(A) वनेंलाइजेशन
(B) स्ट्रेटीफिकेशन
(C) डिवनेंलाइजेशन
(D) फोटोफॉस्फोरिलेशन ।
उत्तर:
(A) वनेंलाइजेशन

26. वर्नेलाइजेशन की प्रक्रिया प्रेरित होती है- (UPCPMT)
(A) साइटोकाइनिन द्वारा
(B) ऑक्सिन द्वारा
(C) फोटो-ट्रॉपिस्म द्वारा
(D) GA द्वारा।
उत्तर:
(D) GA द्वारा।

27. पर्ण विलगन का कारण है- (UPCPMT)
(A) ABA
(B) साइटोकाइनिन
(C) ऑक्सिन
(D) जिब्बरेलिन ।
उत्तर:
(A) ABA

28. ऑक्सिन का जैव संश्लेषण है- (UPCPMT)
(A) एवीना वक्रण परीक्षण
(B) कैलस निर्माण
(C) कवक संवर्धन
(D) बीज प्रसुप्ति।
उत्तर:
(A) एवीना वक्रण परीक्षण

29. पुष्पीय पादपों में प्रकाश अवधि का महत्व प्रथम बार देखा गया- (CBSE PMT)
(A) लेम्ना में
(B) तम्बाकू में
(C) कपास में
(D) पिटूनिया में।
उत्तर:
(B) तम्बाकू में

HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

30. पादपों में बसन्तीकरण की आवश्यकता को प्रतिस्थापित करने वाला हार्मोन है- (RPMT)
(A) इथाइलीन
(B) ऑक्सिन
(C) जिब्बरेलिन
(D) साइटोकाइनिन ।
उत्तर:
(C) जिब्बरेलिन

31. धान का मूठ नवोद्भिद रोग निम्न में से किसकी खोज का कारण बना है ? (RPMT)
(A) GA
(C) 2,4,8
(B) ABA
(D) IAA I
उत्तर:
(A) GA

32. निम्नलिखित में से कौन सा एक संश्लेषित ऑक्सिन है ? (CBSE AIPMT)
(A) NAA
(C) GA
(B) IAA
(D) IBA
उत्तर:
(A) NAA

33. निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल कैरोटीनॉएड्स का व्युत्पन्न है ? (CBSE AIPMT)
(A) इण्डोल ब्यूटारिक अम्ल
(B) इण्डोल-3 एसीटिक अम्ल
(C) जिबरेलिक अम्ल
(D) एब्सिसिक अम्ल ।
उत्तर:
(D) एब्सिसिक अम्ल ।

34. प्रकाशानुक्त झुकाव (phototropic curvature) निम्नलिखित में से किसके असमान वितरण के परिणामस्वरूप उत्पन्न होता है ? (CBSE AIPMT)
(A) जिबरेलिन
(B) फाइटोक्रोम
(C) साइटोकाइनिन
(D) ऑक्सिन ।
उत्तर:
(D) ऑक्सिन ।

35. दीप्तिकालिता को सर्वप्रथम खोजा गया था- (CBSE AIPMT)
(A) तम्बाकू में
(B) आलू में
(C) टमाटर में
(D) कपास में।
उत्तर:
(A) तम्बाकू में

36. चाय के बगानों में सामान्यतया प्रयोग होने वाला पादप वृद्धि हार्मोन है- (RPMT)
(A) ABA
(B) जीएटिन
(C) IAA
(D) इथाइलीन ।
उत्तर:
(B) जीएटिन

(B) अति लघु उत्तरीय प्रश्न ( Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गन्ने की खेती में कौन-से वृद्धि नियामक के छिड़कने से तनों की लम्बाई बढ़ती है ?
उत्तर:
जिबरेलिन्स (Gibberellins) ।

प्रश्न 2.
वृद्धि की किस अवस्था में वृद्धि वक्र सबसे अधिक होता है ?
उत्तर:
प्रसार अवस्था में ।

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प्रश्न 3.
कौन-सा हॉर्मोन वृद्धि को कम करता है ?
उत्तर:
एब्सिसिक अम्ल (Abscisic acid )।

प्रश्न 4.
अनिषेक फलन के लिए उत्तरदायी हॉर्मोन का नाम लिखिए।
उत्तर:
जिब्बरेलिन्स (Gibberellins)।

प्रश्न 5.
ऑक्सिन का एक कार्य लिखिए।
उत्तर:
कोशिका की लम्बाई में वृद्धि का प्रेरण ।

प्रश्न 6.
कोशिका वृद्धि की तीन अवस्थाएँ कौन-सी हैं ?
उत्तर:

  • विभाजन,
  • विवर्धन तथा
  • विभेदन ।

प्रश्न 7.
एक कार्यिकीय प्रक्रिया का नाम बताइए जिसमें लैक्टुका सैटाइवा प्रयुक्त होता है।
उत्तर:
अंकुरण (Germination)।

प्रश्न 8.
प्रकाश पर आधारित किन्हीं तीन प्रक्रियाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण, प्रकाशानुवर्तन, दीप्तिकालिता ।

प्रश्न 9.
LDP तथा SDP का एक-एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
LDP- चुकन्दर, SDP सूर्यमुखी।

प्रश्न 10.
वेण्ट ने अपने प्रयोग किस पौधे पर किये ?
उत्तर:
जई (Avena sativa) ।

प्रश्न 11.
पौधों में शीर्षस्थ प्रभाविता से सम्बन्धित हॉर्मोन कौन-सा है ?
उत्तर:
ऑक्सिन (Auxin) ।

प्रश्न 12.
अधोकुंचन (Epinesty ) से सम्बन्धित पादप हॉर्मोन का नाम बताइए ।
उत्तर:
एथिलीन (Ethylene)।

प्रश्न 13.
जिबरेलिन की खोज किसमें की गई ?
उत्तर:
धान पर परजीवी ऊतक जिबरेला फ्यूजीकुराई ( Gibberella fujikuroi) में ।

प्रश्न 14.
अधिकांश ऑक्सिन का निर्माण किस भाग में होता है ?
उत्तर:
प्ररोह शीर्ष में (shoot apex ) ।

प्रश्न 15.
साइटोकाइनिन की उपस्थिति जीर्णता में देरी का कारण है, इस प्रभाव को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
रिचमॉड एवं लैंग प्रभाव (Richmond and Lang effect)।

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प्रश्न 16.
सायटोकाइनिन रासायनिक आधार पर क्या है ?
उत्तर:
No फरफ्यूरिल – एमीनो प्यूरीन यौगिक ।

प्रश्न 17.
वृद्धि मापन किस यन्त्र द्वारा किया जाता है ?
उत्तर:
ऑक्सेनोमीटर (Auxanometer) द्वारा।

प्रश्न 18.
आलू के कन्द्र अंकुरण रोकने के लिए प्रयुक्त संश्लेषित हॉर्मोन का नाम बताइए।
उत्तर:
MCPA (2-मेथिल, 4- क्लोरोफीनॉक्सी ऐसीटिक अम्ल) ।

प्रश्न 19.
मानव मूत्र से पृथक् किये गये हॉर्मोन का नाम लिखिए।
उत्तर:
ऑक्सिन ।

(C) लघु उत्तरीयं प्रश्न-I (Short Answer Type Questions-1)

प्रश्न 1.
माली हेज लगाने में पौधों की छँटाई क्यों करता है ?
उत्तर:
ऑक्सिन नामक पादप हॉर्मोन प्ररोह शीर्ष में संश्लेषित होता है जो पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को रोकता है। छँटाई करने से शीर्ष कलिका कट जाती है, जिससे पार्श्व कलिकाएँ वृद्धि करने लगती हैं। ऐसा होने से घनी झाड़ियाँ उत्पन्न होती हैं ।

प्रश्न 2.
जिब्बरेलिन की रासायनिक संरचना बताइए।
उत्तर:
इसकी संरचना में एक गिबेन रिंग पायी जाती है।
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प्रश्न 3.
ऑक्सिन की रासायनिक संरचना बताइए।
उत्तर:
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प्रश्न 4.
सायटोकाइनिन की रासायनिक संरचना लिखिए।
उत्तर:
सायटोकाइनिन 6- परफ्यूरिल अमीनोप्यूरीन है।

प्रश्न 5.
एक्सिसिक अम्ल की रासायनिक संरचना लिखिए।
उत्तर:
ओहकुमा ने एब्सिसिक अम्ल की रासायनिक संरचना दी। इसे 3- मेथिल-5 (1- हाइड्रॉक्सी 4-ऑक्सो 2’6’6′ ट्राइमेथिल 2- साइक्लोहेक्सेन-1 आइल)- सिस ट्रान्स 2′, 4′ पेन्टाडिनोइक अम्ल कहते हैं।
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प्रश्न 6.
एथिलीन की रासायनिक संरचना बताइए ।
उत्तर:
मेथिओनीन एमीनो अम्ल से ऐथिलीन का निर्माण होता है।
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प्रश्न 7.
यदि एक नवोद्भिद पौधे की शीर्षस्थ कलिका को काट दिया जाय तो वृद्धि रुक जाती है, क्यों ?
उत्तर:
तने के शीर्ष पर स्थित विभज्योतक कोशिकाओं से पादप हॉर्मोन संश्लेषित होकर पौधे के विभिन्न भागों में विसरित होते हैं। पादप हॉर्मोन (ऑक्सिन) के कारण कोशिकाओं में विभाजन एवं वृद्धि होती है। अतः शीर्षस्थ कलिका (apical bud) को काटने पर वृद्धि रुक जाती है।

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प्रश्न 8.
जीर्णावस्था पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
पादप अंगों की परिपक्वन अवस्था एवं क्रमिक निष्क्रियता आने की अवस्था को जीर्णावस्था कहते हैं। एब्सिसिक अम्ल तथा एथिलीन जीर्णावस्था (senescence) को प्रेरित करते हैं, जबकि सायटोकाइनिन जीर्णता को विलम्बित करता है।

(D) लघु उत्तरीय प्रश्न- II ( Short Answer Type Questions-II)

प्रश्न 1.
पादप हॉर्मोन क्या हैं? इनकी खोज किसने की ? विभिन्न पादप हॉर्मोन के नाम लिखिए।
उत्तर:
पादप हॉर्मोन ऐसे रासायनिक पदार्थ हैं जो पौधों में अल्प मात्रा में संश्लेषित होकर पौधों की वृद्धि का नियन्त्रण करते हैं। सर्वप्रथम जॉन वान सैक (J. V. Sachs) ने पादप हॉर्मोन की खोज की तथा इन्हें वृद्धि कारक कहा । हॉर्मोन्स को पाँच समूहों में बाँटा गया है-

  1. ऑक्सिन जैसे-इण्डोल ऐसीटिक एसिड (IAA), इण्डोल ब्यूटाइरिक एसिड (IBA) 2, 4-डाइक्लोरोफिनोक्सी-ऐसीटिक एसिड (2, 4-D) आदि ।
  2. जिब्बरेलिन्स, जैसे – GA3GA GA4 आदि ।
  3. सायटोकाइनिन, जैसे-काइनेटिन, जिएटिन आदि ।
  4. एब्सिसिक अम्ल, जैसे-ABA ।
  5. एथिलीन – एक गैसीय हॉर्मोन ।

प्रश्न 2.
हॉर्मोन्स तथा एन्जाइम में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
हॉर्मोन्स तथा एन्जाइम में अन्तर

हॉर्मोन्स (Hormones)एन्जाइम्स (Enzymes)
1. हॉर्मोन्स पादप विभज्योतक में संश्लेषित होकर किसी भी भाग को स्थानान्तरित होकर प्रभाव उत्पन्न करते हैं।इनका संश्लेषण कोशिकाओं में आवश्यकतानुसार होता है।
2. इनकी रासायनिक प्रकृति भिन्न-भिन्न होती है।सभी एन्जाइम प्रोटीन प्रकृति के होते हैं।
3. ये सान्द्रता या न्यूनता अलग-अलग प्रभाव डालते हैं।इनकी सान्द्रता व न्यूनता का क्रिया पर कोई प्रभाव नहीं होता है।
4. ये क्रिया में प्रयुक्त हो जाते हैं।ये क्रिया में प्रयुक्त नहीं होते हैं।
5. उदाहरण-ऑक्सिन, जिब्बरेलिन आदि।उदाहरण-एल्डोलेज, हैक्सोकाइनेज आदि।

प्रश्न 3.
विलगन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
विलगन (Abscission) – विभिन्न कारणों जैसे- सूखा, पोषण की कमी, जीर्णावस्था, प्रकाश की कमी आदि से पत्तियों में एथिलीन एवं एक्सिसिक अम्ल का निर्माण बढ़ जाता है जिसके प्रभाव से पत्तियों के वृन्त के आधार पर एक विलगन पर्त बन जाती है। यह पर्त पौधे एवं पत्ती के बीच पदार्थों का स्थानान्तरण रोक देती है। कुछ समय बाद पत्ती पौधे से अलग हो जाती है।

यह क्रिया विलगन कहलाती है। फलों के पकने पर भी इसी प्रक्रिया द्वारा विलगन होता है। IAA पादप हॉर्मोन विलगन एवं जीर्णावस्था में विलम्ब करता है। यदि IAA की उचित सान्द्रता का छिड़काव पर्णवृन्तों पर कर दिया जाय तो विलगन कुछ समय के लिए रुक जाता है।

प्रश्न 4.
ऑक्सिन तथा सायटोकाइनिन किस प्रकार पौधों में ऊतकों के विभेदन को प्रेरित करते हैं ?
उत्तर:
सायटोकाइनिन कोशिका विभाजन के अतिरिक्त ऊतक विभेदन को प्रेरित करता है। यदि किसी पादप ऊतक का संवर्धन शर्करा एवं खनिज लवण युक्त माध्यम पर कराया जाय तो कोशिकाएँ विभाजित होकर समूह कैलस (callus) बना लेती हैं। यदि माध्यम में अधिक सान्द्रता में साइटोकाइनिन तथा ऑक्सिन मिलाया जाय तो कैलस से प्ररोह का विकास हो जाता है।

कम सायटोकाइनिन तथा ऑक्सिन अनुपात में केवल जड़ों का विकास होता है। माध्यमिक सायटोकाइनिन व ऑक्सिन अनुपात में जड़ तथा प्ररोह दोनों विकसित होते हैं। मध्यम सायटोकाइनिन व कम ऑक्सिन अनुपात में केवल कैलस निर्मित होता है।
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प्रश्न 5
कारण बताइए-
(क) पुष्पों का खिलना ।
(ख) कभी-कभी फल परिपक्वता प्राप्त करने से पहले ही गिर जाते हैं। (ग) ड्यूरेन्टा या मेंहदी की झाड़ियों की बाड़ लगाने के लिए इनकी छँटाई करते हैं।
उत्तर:
(क) पौधे में पुष्पन क्रियां प्रकाश से प्रभावित होती है। पौधों को पुष्पन हेतु प्रतिदिन एक निश्चित अवधि तक प्रकाश की आवश्यकता होती है। इसे दीप्तिकाल या पुष्पन काल (Photoperiod or flowering period) कहते हैं। पौधों को अपने निर्णायक काल तक का प्रकाश मिलने पर ही इनमें पुष्पन प्रेरित होता है। इस प्रक्रिया के लिए एक हॉर्मोन फ्लोरिजन का संश्लेषण होता है।

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(ख) कभी-कभी फलों के वृन्त में एब्सिसिक अम्ल की सान्द्रता बढ़ जाती है, जिससे फलों का विलगन हो जाता है।

(ग) ड्यूरेन्टा एवं मेंहदी की शीर्ष कलिकाओं में ऑक्सिन का संश्लेषण होता है जो पार्श्व कलिकाओं (lateral buds) के विकास को रोक देता है जिसके कारण झाड़ियाँ घनी नहीं हो पाती हैं। शीर्ष कलिकाओं (apical buds) की छँटाई से ऑक्सिन का निर्माण रुक जाता है और पार्श्व कलिकाएँ वृद्धि करने लगती हैं।

प्रश्न 6.
अनाज के अंकुरित दानों में जिबरेलिन की क्या भूमिका है ?
उत्तर:
अंकुरण के समय अनाज के दाने जल अवशोषण करते हैं। इससे भ्रूण में कुछ मात्रा में जिब्बरेलिन का संश्लेषण होने लगता है। जिब्बरेलिन प्रोटिएज तथा एमाइलेज विकरों के संश्लेषण को प्रेरित करता है। यह निष्क्रिय B- एमाइलेज को सक्रिय करता है।

सक्रिय – तथा 8- एमाइलेज मिलकर मण्ड का पाचन करते हैं जिससे ग्लूकोज बनता है। ग्लूकोज के ऑक्सीकरण से भ्रूण को ऊर्जा उपलब्ध होती है। अब सायटोकाइनिन तथा ऑक्सिन भी संश्लेषित होते हैं, जिससे कोशिका विभाजन, विवर्धन एवं विभेदन प्रारम्भ हो जाता है और एक नवोद्भिद का निर्माण होता है।

प्रश्न 7.
पादप हॉर्मोन्स के निर्माण स्थल एवं परिवहन पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:

  1. ऑक्सिन इसका संश्लेषण विभज्योतकों में होता है। इसका संवहन एक कोशिका से दूसरी कोशिका में तथा अन्य ऊतकों तथा पौधे के विभिन्न भागों में विसरण द्वारा होता है। ऑक्सिन का प्रवाह एकदिशीय (unidirectional) होता है।
  2. जिब्बरेलिन इसका संश्लेषण तरुण पत्तियों, कलिकाओं, बीजों और जड़ों में होता है। इनका संवहन जाइलम तथा फ्लोएम द्वारा होता है। ये सम्पूर्ण पौधे को प्रभावित करता है।
  3. सायटोकाइनिन इसका निर्माण मुख्यतः जड़ शीर्ष पर या अंकुरित बीजों में होता है। ये जड़ों से जाइलम द्वारा तनों में पहुँचते हैं।
  4. एक्सिसिक अम्ल इसका संश्लेषण कैरोटिनाइड से होता है। यह जाइलम फ्लोएम तथा मृदूतक कोशिकाओं से पूरे पौधे में संवहन करता है।
  5. एथिलीन इसका निर्माण मेथिओनीन एमीनो अम्ल से होता है। यह जीर्णावस्था वाले पुष्पों, पके फलों, तने के शीर्ष, जड़ों आदि से वायु में मुक्त होता है। इसका स्थानान्तरण वायु द्वारा होता है।

(E) निबन्धात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वृद्धि का मापन कैसे किया जाता है ? किन्हीं दो वृद्धि मापक यत्रों की क्रियाविधि लिखिए।
उत्तर:
पाद्वप वृद्धि मापन (Plant growth measurement)
वृद्धि मापन (Measurement of Growth)-पौधों में वृद्धि को निम्न प्रकार मापा जाता है-

  • लम्बाई में वृद्धि,
  • मोटाई में वृद्धि,
  • क्षेत्र तथा आयतन में वृद्धि,
  • कोशिका संख्या में वृद्धि।

वैसे तो मापन की कोई भी विधि प्रयोग की जा सकती है, परन्तु सही जानकारी के लिए हमें कई माप लेने चाहिए। जैसे-बीज के अंकुरण के समय अन्धकार की आवश्यकता होती है जिससे इसमें तीत्र वृद्धि होती है। परन्तु उसी समय उसके शुष्क भार में कमी आ जाती है क्योंकि पौधा संचित भोजन का उपयोग करके लम्बाई में वृद्धि करता है।
वृद्धि को विभिन्न विधियों से मापा जा सकता है-
1. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) – इस विधि द्वारा वृद्धिशील अंग (growing organ) पर निशान लगाकर समय के अन्तराल पर पैमाने से माप लिया जाता है और विशिष्ट समय पर हुई वृद्धि का पता लगाया जाता है।

2. आर्क वृद्धिमापी (Arc Auxanometer) – इस यन्न में एक छोटी घिरनी (pulley) से एक लम्बा सूचक लगा होता है जो एक चापाकार पैमाने पर घूमता है। घिरनी के ऊपर एक मजबूत धागा लगा होता है। धागे के एक सिरे को पौधे के शीर्ष से बाँध दिया जाता है तथा दूसरे सिरे पर एक भार लटका दिया जाता है।

ऐसा करने से धागा घिरनी पर तना रहता है। जब पौधा वृद्धि करता है तो भार के कारण धागा ऊपर खिंचता है साथ ही घिरनी और इसमें लगा सूचक (pointer) भी घूमता है। चाप पर सूचक की दूरी के अनुसार पौधे की इकाई समय में वृद्धि ज्ञात कर ली जाती है।

3. क्षैतिज सूक्ष्कदर्शी द्वारा (By Horizontal microscope) – किसी वृद्धिशील पादप (growing plant) के समीप इस सूक्ष्मदर्शी को लगा देते हैं। पौधे के सिरे पर एक निशान बनाकर उसी स्थान पर सूक्ष्मदर्शी फोकस (focus) कर देते हैं। कुछ दिनों के बाद सूक्ष्मदर्शी (microscope) के पेच को घुमाकर ऊपर उठाकर पुनः उसी बिन्दु पर फोकस करते हैं। दोनों गणनाओं का अन्तर ज्ञात कर लेते हैं। जो पौधे की लम्बाई में वृद्धि को प्रदर्शित करता है।
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4. पेकर का ऑक्सेनोमीटर (Ppeffer’s Auxanometer)- इस यन्त में दो छिरनियाँ (pullies) होती हैं। दोनों घिरनियों को एक स्टैण्ड पर एक सीध में कस द्विया जाता है। दोनों घिरनियों के ऊपर से एक धागा लगाया जाता है। धागे का एक सिरा गमले में लगे पौषे के शीर्ष से बाँध दिया जाता है तथा इसके सिरे पर एक भार लटका दिया जाता है।

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भार लटके धागे वाली ओर एक ऊर्ष्वाधर (vertical) बेलन लगा छोता है जिस पर कालिख लगी होती है। यह बेलन अपनी धुरी पर घूम सकता है। इसी ओर के धागे पर एक सूचक (pointer) लगा दिया जाता है। सूचक (pointer) की नोंक बेलन को छूती है। जब पौधा वृद्धि करता है तो धागा खिंचता है जिससे सूचक घूमते दुए बेलन पर नीचे की ओर चलता है। बेलन पर सूचक द्वारा चली दूरी के अनुसार पौधे की वृद्धि की गणना कर ली जाती है।
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प्रश्न 2.
दीप्तिकालिता तथा क्रान्ति दीप्तिकाल का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दीप्तिकालिता (Photoperiodism)
पौधों में विभिन्न क्रियाओं के लिए प्रकाश का बहुत्त महत्व है। पौधों के फलने-फूलने, वृद्धि, पुष्मन आदि पर प्रकाश की अवधि का प्रभाव पड़ता है। पौधों द्वारा प्रकाश की अवधि तथा समय के प्रति अनुक्रिया को दीजिक्कालिता कहते हैं। दीप्तिकालिता शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम गार्नर तथा एलाई (Garner and Allard; 1920) ने किया।

इन्होंने बताया कि तम्बाक् (Tobacce) की एक प्रजाति में गर्मी में बहुत अधिक कायिक वृद्धि (vegetative growth) होती है परन्तु यदि यही जाति (Nicotiana tabacum) सर्दियों में लगाई जाए तो कायिक वृद्धि के साथ-साथ बहुत अच्छा पुष्पन भी होता है। तब उन्होंने यह कहा कि दिन की लम्बाई अर्थात् प्रकाश के समय का पुष्पन पर प्रभाव पड़ता है, क्योंकि सर्दियों में प्रकाश की अवधि कम होती है। अतः इन्हें अल्प प्रदीप्तिकाली पौधा (short day plant = SDP) कहा।

प्रकाश काल के पुष्पन पर प्रभाव के अनुसार पौषे तीन प्रकार के होते हैं-

  1. अल्प प्रदीप्तिकाली पौधे (Short Day Plant or SDP)-वे पौधे जिनमें क्रान्तिक दीप्तिकाल से कम समय तक प्रकाश देने से पुष्पन होता है; जैसे-तम्बाकू।
  2. दीर्घ प्रदीफिकाली पौधे (Long day plant or LDP)-ऐसे पौधे जिनमें क्रान्तिक दीप्तिकाल से अधिक समय तक प्रकाश देने से पुष्पन होता है; जैसे-जई, मूली आदि।
  3. दिवस निरेक्ष पौधे (Day Neutral Plants or DNP) – इन पौर्धों के पुष्पन पर प्रकाश के समय का कोई प्रभाव नहीं होता है, जैसे-टमाटर आदि।

कुछ पौधों में कुछ दिन अल्व प्रदीपित काल के पश्चात् फिर दीर्घ प्रदीधित काल मिलने से ही पुष्पन होता है। इन्हें अल्प-दीर्घ प्रद्दीष्तिकाली पौधे (Short-Long Day Plant) कहते हैं। जसे-कैन्डीटफ्ट। क्रान्ति दीप्तिकाल (Critical Day Length) क्रान्ति दीप्तिकाल वह दीप्ति समय है जो पौधे में पुष्वन क्रिया को आरम्भ करने के लिए आवश्यक है। दीप्तिकाल में प्रकाश से अधिक सतत् अन्धकार की आवश्यकता होती है। क्योंकि प्रयोगों द्वारा यह सिद्ध हो चुका है कि इनका अन्धकार के समय पड़ने वाली प्रकाश की कुछ किरणें भी पुष्पन को प्रभावित करती हैं।
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दीप्तकालिका का प्रक्रम (Process of Photoperiodism) -फाइटो वर्णक पुष्पन अनुक्रिया के प्रेरण के लिए प्रकाश का अवशोषण करके पुष्पन उत्पन्न करने वाले हॉर्मोंन फ्लोरिजिन (Florigen) का संश्लेषण करता है। सम्पूर्ण प्रक्रम का संक्षेप में वर्णन निम्नवत् हैं।

(1) प्रकाश का अवशोषण (Absorption of Light) – पादपों में पुष्पन तब होता है जब वे प्रकाश तथा अंधेरे का उपयुक्त चक्र प्रहणण कर लेते हैं। इन चक्रों की संख्या विभिन्न प्रजातियों के लिए भिन्नभभिन्न होती है। जैन्थियम पेन्निसिल्वेनिकम (Xanthium pennsylvanicum) को पुष्पन के लिए केवल एक प्रेरक चक्र (Photoinductive cycle) की आवश्यकता होती है।

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साल्विया ऑक्सीडेन्टालिस (Salvia occidentalis) को सत्रह तथा प्लेंटेगो लेन्शियोलेटा (Plantago lanceolata) को 15 प्रकाश प्रेरक चक्रों की आवश्यकता अपने पुष्पन के लिए होती है। पौधों में पुष्पन की क्रिया केवल तभी सम्भव होती है जब वे प्रकाश प्रेरक चक्रों की वांछित संख्या प्राप्त कर लेते हैं। प्रकाश की समस्त तरंगदैर्घ्य पुष्पन को प्रेरित नहीं करती है। पुष्पन की सर्वाधिक उपयुक्त प्रकाश तरंगदैर्ध्य 560 nm – 640 nm

(2) फाइटोक्रोम (Phytochrome) – प्रकाश की तरंगदैर्ध्यों का अवशोषण पत्तियों द्वारा होता है। यह इस तथ्य से प्रमाणित होता है कि पत्तियों रहित पौधों में कभी भी पुष्पन की क्रिया नहीं होती है। वांछित प्रकाशकाल (photoperiod) को अवशोषित करने के लिए एकल पत्ती भी पर्याप्त होती है। आंशिक रूप से परिपक्व पत्तियाँ प्रकाश के लिए अत्यधिक संवेदनशील होती हैं।

पत्तियों में उपस्थित प्रोटीनयुक्त वर्णक फाइटोक्रोम प्रकाश का अवशोषण करके पुष्पन को प्रेरित करते हैं। फाइटोक्रोम अन्तरापरिवर्तनीय रूपों में पाया जाता है। Pr यह लाल रंग का प्रकाश का 660 nm का अवशोषण करता है तथा Pfr सुदू लाल प्रकाश का अवशोषण शीष्रता से करके या अंधेरे में मंद रूप से Pr में बदल जाता है।

दिन के समय जब श्वेत प्रकाश उपलख्य होता है तो Pfr पौधों में संचित हो जाता है। फाइटोक्रोम का यह रूप SDP में पुष्मन रोधक तथा LDP पुष्पन प्रेरक होता है। सायंकाल में Pfr तापीय रूप से स्वतः Pr में अपषटित हो जाता है। यह वर्णक SDP में पुष्वन प्रेक तथा LDP में पुषन रोधक होता है।
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(3) फ्लोरिजन (Florigen)-प्रकाश प्रेरणिक चक्रों से पुष्पन प्रेक हॉमोंन निर्मित होता है। इस हॉमोंन की उपस्थिति मार्फिंग प्रयोग से प्रमाणित हो जाती है। एक पौधा जिसने पुष्वन के लिए वांछित प्रकाशकाल प्रण नहीं किया हो को ऐसे पौधे के साथ कलम से बाँध दिया जाए जिसने पुष्पन के लिए पर्याप्त प्रकाश काल प्रहण कर लिया हो तो पुष्पन की क्रिया दोनों में होती है क्योंकि दूसरे पौधे में उत्पन्न पुष्वन प्रेरक पदार्थ पहले पौधे में स्थानान्तरित हो जाता है। इस पदार्थ को फ्लोरिजन (Florigen) कछे हैं।

फ्लोरिजन के निर्माण को विभिन्न वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रकार से समझाया है। SDP पौधों में इसका निर्माण जिबरेलिन सदृश्य हॉॉमोंन द्वारा होता है जोकि लाल प्रकाश की पर्याप्त मात्रा अवशोषित करके फ्लोरिजन में परिवर्तित हो जाता है। अन्थकार में यह हॉमोंन पुनः जिबरेलिन सदृश हॉम्मोन में परिवर्तित हो जाता है। जिबोलिन सदृश्य होंमोंन प्रकाश तथा ताप की उचित परिस्थितियों में फ्लोरिजन में परिवर्वित होता है। इसके पश्चात् यह पौधे के उन भागों में स्थानान्तरित हो जाता है जहाँ पष्षन की क्रिया होनी होती है।
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फ्लोरिजन से पौधों में पुष्पन की क्रिया प्रेरित होती है।

प्रश्न 3.
पादप वृद्धि पर प्रभाव डालने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वृद्धि दर एवं वृद्धि वक्क (Growth Rate and Growth curve) समय की प्रति इकाई के दौरान बढ़ी हुई वृद्धि को वृद्धि दर (growth rate) कहा जाता है। वृद्धि दर को विभिन्न रूपों में प्रदर्शित किया जाता है। जैसे-अंकगणिवीय वृद्धि, ज्यामितीय वृद्धि, सिग्माइड वृद्धि तथा सम्पूर्ण एवं सापेक्ष वृद्धि दर।

(अ) अकगणितीय धृन्दि (Arithmetic Growth)
यह वृद्धि का वह प्रकार है जिसमें आरम्भ से ही एक स्थिर दर से वृद्धि होती है। समसूत्री विभाजन (mitosis) के पश्चात् बनने वाली दो संतति कोशिकाओं में से केवल एक कोशिका निर्त्रर विभाजित होती रहती है और दूसरी कोशिका विभेदित एवं परिपक्व होती रहती है। अंकगणितीय वृद्धि को हम निश्चित दर पर वृद्धि करती जड़ में देख सकते हैं। यह एक सरलतम अभिव्यक्ति होती है। यदि इस वृद्धि का प्राफ पर आकलन किया जाए तो हमें एक सीधी रेखा प्राप्त होती है। इस वृद्धि को छम गणितीय रूप से व्यक्त कर सकते हैं-

Lt=Lo+rt
(यहाँ Lt= समय t पर लम्बाई,
L0= समय शून्य पर लम्बाई, r= वृद्धि दर)
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(ब) उसमिबीय शृबि (Geometrical Growth)
किसी एक कोशिका, पौधे के एक अंग अथवा पूर्ण पौधे की वृद्धि सदैव एकसमान नहीं होती है अर्थात् बदलती रहती है।
प्रारम्भिक अवस्था में वृद्धि धीमी होती है जिसे प्रारम्थिक धीमा वृद्धि काल (initial lag phase) कहते हैं। इसके पश्वात् वृद्धि तीव्रतम होकर उच्चतम बिन्दु पर पहुँच जाती है जिसे मध्य तीव्र वृद्धि काल (middle logarithmic phase) कहते हैं।

z`इसके पश्चात् वृद्धि पुन: धीमी होती है और अन्त में स्थिर हो जाती है। इसे अन्तिम घीमा वृद्धि काल (last stationary phase) कठते हैं। इसे सामूह्हिक रूप से ज्यामितीय वृद्धि (geometrical growth) कहते हैं। इसमें सूत्री विभाजन (mitosis) से बनी दोनों संतति कोशिकाओं में पुनः विभाजन होता है और इनसे बनी कोशिकाएँ मातृ कोशिकाओं का अनुसरण करती हैं।

यद्यपि सीमित पोषण आपूर्ति के साथ वृद्धि दर धीमी होकर स्थिर हो जाती है। समय के प्रति वृद्धि दर को म्राफ पर अंकित करने पर एक सिम्यॉड्ड वार (Sigmoid curve) प्राप्त होता है। यह ‘ S ‘ की आकृति का होता है। ज्यामितीय वृद्धि को गणितीय रूप से निम्न प्रकार व्यक्त कर सकते हैं-

w1=woert

जहाँ (w1= अन्तिम आकार, भार, ऊँचाई, संख्या आदि, w0= प्रारम्भिक आकार वृद्धि के प्रारम्भ में, r= वृद्धि दर, t= समय, e= स्वाभाविक लघुगणक का आधार)। r एक सापेक्ष वृद्धि दर है। यह पौधे द्वारा नई पादप साममी भी निर्माण क्षमता को मापने के लिए है, जिसे एक दधाता सूंक्कांक (efficiency index) के रूप में सन्दर्रित किया जाता है, अतः w1 का अन्तिम आकार w0 के प्रारम्भिक आकार पर निर्भर करता है।
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HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

(स) सिभ्मॉइड वृद्धि वंज (Sigmoid Growth Curve) : ज्यामितीय वृद्धि को तीन प्रावस्थाओं में बाँटा जा सकता है-

  • प्रारम्भिक धीमा वृद्धि काल (initial lag phase),
  • मध्य तीत्र वृद्धि काल (middle lag phase),
  • अन्तिम धीमा वृद्धि काल (last stationary phase)।

यदि समय के सापेक्ष वृद्धि दर का प्राफ खींचा जाय तो ‘S’ की आकृति का वंक्र प्राप्त होता है। इसे सिम्मॉइ (sigmoid curve) वक्र कहते हैं। एक सिग्मॉइड वक्र में निम्न चार चरण होते है-

  1. पश्चान्त प्राबस्था (Lag phase)-इस प्रावस्था में कोशिका में आन्तरिक परिवर्तन होते हैं, संचित खाध्य पदार्थ के काम आने से इसके शुष्क भार में कमी आती है और वृद्धि बहुत धीमी गति से होती है। इसे मंद वृद्धि काल कहते हैं।
  2. पश्च प्रांस्था (Log phase)-इस प्रावस्था में वृद्धि दर एक साथ तीव्र होती है। इसे ग्याफ में सीधी रेखा से दर्शाया गया है। इसे समग्र वृद्धि काल भी कहते हैं। इसे अधिकतम वृद्धि काल कहते हैं। भी कहते हैं। इसे अधिकतम वृद्धि काल कहते हैं।
  3. घटती प्राक्या (Decline phase)-इस प्रावस्था में वृद्धि दर क्रमशः कम होने लगती है। इसे न्यून वृद्धि काल कहते हैं।
  4. स्याई प्रावस्था (Steady phase)-इस प्रावस्था में कोशिका के पूर्ण परिपक्व हो जाने से वृद्धि लगभग स्थिर हो जाती है। इसे स्थिर वृद्धि काल कहते हैं।

(द) सम्पूर्ण एवं सापेक्ष वृद्धि दर (Absolute and Relative Growth Rate)

  • प्रति इकाई समय और मापन में कुल वृद्धि को सम्पूर्ण या परमवृद्धि दर (absolute growth rate) कहते हैं।
  • किसी दी गई प्रणाली की प्रति इकाई समय में वृद्धि को सामान्य आधार पर प्रदर्शित करना सापेक्ष वृद्धि दर (relative growth rate) कहलाता है। सम्मुख चित्र में दोनों पत्तियों ने एक निश्चित समय में अपने सम्पूर्ण क्षेत्रफल में समान वृद्धि की है, फिर भी A की सापेक्ष वृद्धि दर अधिक है।

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प्रश्न 4.
वृद्धि से आप क्या समझते हैं ? वृद्धि की विभिन्न प्रावस्थाएँ लिखिए।
उत्तर:
वृद्धि (Growth)
जीवधारियों एवं पादपों-का आकार में बढ़ना वृद्धि (growth) कहलाता है, जिसके फलस्वरूप पौधे के शुष्क भार (dry weight) तथा जीवद्रव्य की मात्रा में भी बढ़ोत्तरी होती है। किसी जीवधारी के आकार में परिवर्तन, रूप में भिन्नता एवं जटिलता का उत्पन्न होना परिवर्धन (development) कहालाता है।

अतः वृद्धि एक मात्रात्मक (quantitative) दशा है जिसमें जीवधारियों के पदार्थों की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है। अतः वृद्धि एवं परिवर्धन को एक-दूसरे से आसानी से पृथक् नहीं किया जा सकता है, क्योंकि ये क्रियाएँ एक-दूसरे के बाद एक ही जीव में सम्पन्न रहती हैं। वृद्धि को किसी तुला से तौलकर तथा परिवर्धन को गुणात्मक गणना के आधार पर एक-दूसरे से पृथक् नहीं किया जा सकता है।

परिभाषा (Definition) ब्लैकमैन (Blackman) के अनुसार वृद्धि (growth) वह परिणाम है जो किसी जीव या अंग की विघटनकारी क्रियाओं की तुलना में निर्माणकारी उपापचयी क्रियाओं (metabolic reactions) के कारण उत्पन्न होता है। मिलर (Miller) के अनुसार, वृद्धि वह घटना है जो पादप के किसी अंग, भार, आयतन, आकार एवं रूप में स्थाई एवं अनुक्क्रमणीय (irreversible) परिवर्तन प्रदर्शित करती हैं।
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पादप वृद्धि स्थल (Plant growth places)
निम्न कोटि के पादपों (जैसे-शैवाल, कवक आदि) में वृद्धि उनके सम्पूर्ण शरीर में होती है जबकि उच्चकोटि के पादपों में वृद्धि कुछ विशेष भागों में होती है। इन स्थानों पर पाए जाने वाले ऊतक विभज्योतक (meristems) कहलाते हैं। इन ऊतकों की कोशिकाओं में विभाजन की अपार क्षमता होती है। पादपों में स्थिति के आधार पर विभज्योतक (meristems) निम्नलिखित तीन प्रकार के होते हैं-
(a) शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) – यह तने या मूल (stem and root) के शीर्ष (apex) पर पाया जाता है। इसकी सक्रियता के कारण पौधे की लम्बाई में वृद्धि होती है।

(b) पार्श्व विभज्योतक (Lateral meristem) – जैसा कि नाम से स्पष्ट है, ये ऊतक पौधों के पार्श्व उपांगों जैसे-पर्व एवं पर्वसन्धियों (node & internodes) के पार्श्व में पार्श्व कलिकाओं (lateral buds) के आधार भागों आदि स्थानों पर पाए जाते हैं। इनकी क्रियाशीलता के कारण तने एवं जड़ (root & stem की मोटाई में वृद्धि होती है। संवहन एधा (vascular cambium) तथा कॉर्क एधा (cork cambium) इसके उदाहरण हैं।

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(c) अन्तवेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) – इस प्रकार के विभज्योतक सर्वदा पर्वसन्धि (node) के ऊपर पाए जाते हैं। इनकी सक्रियता के फलस्वरूप पौधे के तने के पर्व (internodes) लम्बाई में वृद्धि करते हैं।

प्रश्न 5.
वृद्धि दर एवं वृद्धि वक्र से आप क्या समझते हैं ? समझाइए ।
उत्तर:
वृद्धि दर एवं वृद्धि वक्क (Growth Rate and Growth curve) समय की प्रति इकाई के दौरान बढ़ी हुई वृद्धि को वृद्धि दर (growth rate) कहा जाता है। वृद्धि दर को विभिन्न रूपों में प्रदर्शित किया जाता है। जैसे-अंकगणिवीय वृद्धि, ज्यामितीय वृद्धि, सिग्माइड वृद्धि तथा सम्पूर्ण एवं सापेक्ष वृद्धि दर।

(अ) अकगणितीय धृन्दि (Arithmetic Growth)
यह वृद्धि का वह प्रकार है जिसमें आरम्भ से ही एक स्थिर दर से वृद्धि होती है। समसूत्री विभाजन (mitosis) के पश्चात् बनने वाली दो संतति कोशिकाओं में से केवल एक कोशिका निर्त्रर विभाजित होती रहती है और दूसरी कोशिका विभेदित एवं परिपक्व होती रहती है। अंकगणितीय वृद्धि को हम निश्चित दर पर वृद्धि करती जड़ में देख सकते हैं। यह एक सरलतम अभिव्यक्ति होती है। यदि इस वृद्धि का प्राफ पर आकलन किया जाए तो हमें एक सीधी रेखा प्राप्त होती है। इस वृद्धि को छम गणितीय रूप से व्यक्त कर सकते हैं-

Lt=Lo+rt
(यहाँ Lt= समय t पर लम्बाई,
L0= समय शून्य पर लम्बाई, r= वृद्धि दर)
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(ब) उसमिबीय शृबि (Geometrical Growth)
किसी एक कोशिका, पौधे के एक अंग अथवा पूर्ण पौधे की वृद्धि सदैव एकसमान नहीं होती है अर्थात् बदलती रहती है।
प्रारम्भिक अवस्था में वृद्धि धीमी होती है जिसे प्रारम्थिक धीमा वृद्धि काल (initial lag phase) कहते हैं। इसके पश्वात् वृद्धि तीव्रतम होकर उच्चतम बिन्दु पर पहुँच जाती है जिसे मध्य तीव्र वृद्धि काल (middle logarithmic phase) कहते हैं।

इसके पश्चात् वृद्धि पुन: धीमी होती है और अन्त में स्थिर हो जाती है। इसे अन्तिम घीमा वृद्धि काल (last stationary phase) कठते हैं। इसे सामूह्हिक रूप से ज्यामितीय वृद्धि (geometrical growth) कहते हैं। इसमें सूत्री विभाजन (mitosis) से बनी दोनों संतति कोशिकाओं में पुनः विभाजन होता है और इनसे बनी कोशिकाएँ मातृ कोशिकाओं का अनुसरण करती हैं।

यद्यपि सीमित पोषण आपूर्ति के साथ वृद्धि दर धीमी होकर स्थिर हो जाती है। समय के प्रति वृद्धि दर को म्राफ पर अंकित करने पर एक सिम्यॉड्ड वार (Sigmoid curve) प्राप्त होता है। यह ‘ S ‘ की आकृति का होता है। ज्यामितीय वृद्धि को गणितीय रूप से निम्न प्रकार व्यक्त कर सकते हैं-

w1=woert

जहाँ (w1= अन्तिम आकार, भार, ऊँचाई, संख्या आदि, w0= प्रारम्भिक आकार वृद्धि के प्रारम्भ में, r= वृद्धि दर, t= समय, e= स्वाभाविक लघुगणक का आधार)। r एक सापेक्ष वृद्धि दर है। यह पौधे द्वारा नई पादप साममी भी निर्माण क्षमता को मापने के लिए है, जिसे एक दधाता सूंक्कांक (efficiency index) के रूप में सन्दर्रित किया जाता है, अतः w1 का अन्तिम आकार w0 के प्रारम्भिक आकार पर निर्भर करता है।
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(स) सिभ्मॉइड वृद्धि वंज (Sigmoid Growth Curve) : ज्यामितीय वृद्धि को तीन प्रावस्थाओं में बाँटा जा सकता है-

  • प्रारम्भिक धीमा वृद्धि काल (initial lag phase),
  • मध्य तीत्र वृद्धि काल (middle lag phase),
  • अन्तिम धीमा वृद्धि काल (last stationary phase)।

यदि समय के सापेक्ष वृद्धि दर का प्राफ खींचा जाय तो ‘S’ की आकृति का वंक्र प्राप्त होता है। इसे सिम्मॉइ (sigmoid curve) वक्र कहते हैं। एक सिग्मॉइड वक्र में निम्न चार चरण होते है-
(1) पश्चान्त प्राबस्था (Lag phase)-इस प्रावस्था में कोशिका में आन्तरिक परिवर्तन होते हैं, संचित खाध्य पदार्थ के काम आने से इसके शुष्क भार में कमी आती है और वृद्धि बहुत धीमी गति से होती है। इसे मंद वृद्धि काल कहते हैं।

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(2) पश्च प्रांस्था (Log phase)-इस प्रावस्था में वृद्धि दर एक साथ तीव्र होती है। इसे ग्याफ में सीधी रेखा से दर्शाया गया है। इसे समग्र वृद्धि काल भी कहते हैं। इसे अधिकतम वृद्धि काल कहते हैं। भी कहते हैं। इसे अधिकतम वृद्धि काल कहते हैं।

(3) घटती प्राक्या (Decline phase)-इस प्रावस्था में वृद्धि दर क्रमशः कम होने लगती है। इसे न्यून वृद्धि काल कहते हैं।

(4) स्याई प्रावस्था (Steady phase)-इस प्रावस्था में कोशिका के पूर्ण परिपक्व हो जाने से वृद्धि लगभग स्थिर हो जाती है। इसे स्थिर वृद्धि काल कहते हैं।

(द) सम्पूर्ण एवं सापेक्ष वृद्धि दर (Absolute and Relative Growth Rate)

  • प्रति इकाई समय और मापन में कुल वृद्धि को सम्पूर्ण या परमवृद्धि दर (absolute growth rate) कहते हैं।
  • किसी दी गई प्रणाली की प्रति इकाई समय में वृद्धि को सामान्य आधार पर प्रदर्शित करना सापेक्ष वृद्धि दर (relative growth rate) कहलाता है। सम्मुख चित्र में दोनों पत्तियों ने एक निश्चित समय में अपने सम्पूर्ण क्षेत्रफल में समान वृद्धि की है, फिर भी A की सापेक्ष वृद्धि दर अधिक है।

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प्रश्न 6.
वृद्धि पर प्रभाव डालने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वृद्धि के लिए दशाएँ अधवा वृद्धि पर प्रभाव ज्ञालने वाले कारक (Conditions for Growth or Factors Affecting Plant Growth)
वृद्धि विभिन्न प्रक्रियाओं का परिणाम है। अतः जो भी कारक इन प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं वृद्धि को भी प्रभावित करते हैं। वृद्धि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्न प्रकार हैं-
1. जल (Water) – जल पादप वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कारक है। जल अनेक पदार्थों के संवहन माध्यम का कार्य करता है। कोशिका की विभिन्न उपापचयी क्रियाएँ (metabolic processes) भी जलीय माध्यम में होती हैं। अधिकांश विकर (enzymes) भी जल की उपस्थिति में सक्रिय रहते हैं। अतः जल की कमी का पौधों की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव होता है।

2. ऑक्सी (respiration) द्रारा प्राप्त होती है और श्वसन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक होती है। अतः ऑक्सीजन की कमी का उपापचयी क्रियाओं पर प्रतिकूल प्रभाव होता है जिससे वृद्धि प्रभावित होती है।

3. प्रकाश (Light)-पौधे प्रकाश की उपस्थिति में ही प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) द्वारा भोज्य पदाथों का निर्माण करते हैं। क्लोरोफिल (chlorophyll) का निर्माण भी प्रकाश की उपस्थिति में होता है। क्लोरोफिल भी प्रकाश संश्लेषण में प्रमुख भूमिका अदा करता है। प्रकाश की अनुपस्थिति में पादपों में न तो क्लोरोफिल का गिर्माण होगा और न ही भोज्य पदार्थों का। भोज्य पदार्थों के अभाव में पौरों की वृद्धि नहीं हो सकती।

4. खनिज लवण (Mineral salts) – पौर्रों की वृद्धि के लिए विभिन्न खनिज लवर्णों की आवश्यकता होती है। पौधों में लगभग 92 तत्व पाए जाते हैं। इनमें से ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन, पोटेशियम, सल्फर तथा नाइट्रोजन प्रमुख हैं। इनके अलावा बोरोन, जिंक, मोलीब्डेनम, कॉपर, लौह, मैग्नीशियम आदि तत्व भी आवश्यक होते हैं। इनकी कमी से पौधों में विकार उत्पन्न हो जाते हैं तथा पौधे समुचित वृद्धि नहीं कर पाते हैं।

5. होंमोंस (Hormones) – हॉर्मोन्स पौर्षों में ही अल्प मात्रा में संश्लेषित होते हैं और पौषों की वृद्धि को प्रभावित करते हैं, जैसे-ऑक्सि, जिबरेलिन इत्यादि ।

6. ताप (Temperature) -10°C तापक्रम बढ़ने पर जैविक क्रियाओं की दर दोगुनी से तिगुनी हो जाती है किन्तु अत्यधिक ताप वृद्धि पादपों के लिए हानिकारक होती है।

7. प्रकाश तीब्ता (Intensity of Light) – अधिक तीव्र प्रकाश वृद्धि को कम करता है किन्तु पौधे छष्ट-पुष्ट होते हैं।

8. प्रकाश का प्रकार (Quality of Light)-पराबैंगनी (ultraviolet) तथा अवरक्त लाल किरणें (infra red rays) वृद्धि को रोकती हैं किन्तु लाल किरणें वृद्धि को प्रेरित करती हैं।

9. प्रकाश काल (Duration of Light) – प्रकाश काल का प्रभाव मुख्यतः पुष्पन (flowering) पर होता है।

10. प्रकाश की दिशा (Direction of Light)-प्रकाश की दिशा भी वृद्धि को प्रभावित करती है। तनों का प्रकाश की ओर बढ़ना धनात्मक प्रकाशानुवर्तन (positive phototropism) कहलाता है।

प्रश्न 7.
पादप वृद्धि नियम क्या है ? किन्हीं दो पादप वृद्धि नियामकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पादप वृद्धि नियामक (Plant Growth Regulators)
प्राकृतिक पादप वृद्धि नियामक विशेष प्रकार के कार्बनिक यौगिक छोते हैं, जो मुख्य रूप से जिक्योत्रों (Meristems) तथा विकासशील पीतियों एवं फ्रों में उत्पन्न होते हैं। इ्नकी अतिस्थि माश्र पौधों के विभिन्न भागों में पहुँचकर उनकी विभिन्न उपापचयी क्रियाओं (metabolic processes) को प्रभावित एवं नियन्त्रित करती है।

इन्हें पात्य होंकोस्स (plant hormones or phytohormones) भी कहो हैं। अनेक कृत्रिम कार्बनिक योगिक भी पादप हॉर्मोंस की तरह कार्य करते हैं। वेन्ट (Went; 1928) के अनुसार वृद्धि नियामक पदार्थों के अभाव में वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव होता है।
पादप हॉर्मोन्स को निम्नलिखित पाँच समुों में बाँटा जा सकता है-

  1. ऑक्सिन्स (Auxins),
  2. जिबरेलिन्स (Gibberellins),
  3. साइटोकाइनिन्स (Cytokinins)
  4. ऐब्सिसिक अम्ल (Abscisic acid),
  5. एथिलीन (Ethylene)।

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित के कार्यिकीय प्रभाव लिखिए-
(अ) ऑक्सिन,
(ब) जिब्बरेलिन,
(स) साइटोकाइनिन।
उत्तर:
देखिए –
(अ)  ऑक्सिन्स (Auxins)
डार्विन (Darwin; 1880) ने केनरी घास (Phalaris canariensis) पर अपने प्रयोगों के दौरान देखा कि इस घास के नवोद्धिद (seedlings) के प्रांकर चोल (coleoptile) को एक ओर से प्रकाश दिया जाय तो यह प्रकाश की ओर मु० जाता है। यदि प्रांर चोल (coleoptile) का शीर्ष काटकर प्रकाश दिया जाय दो यह एक तरफा प्रकाश की ओर नहीं मुड़ता।
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बायसन-जेन्सन (Boysen-Jensen, 1910-1913) ने कटे हुए प्राकुर चोल (coleoptile) को अगार (Agar) के घनाकार टुकड़ों पर रखा। कुछ समय पश्चात् अगार के इस टुकड़े को उन्होने कटे हुए प्रांकुर चोल वाले स्थान पर रखकर एकतरफा प्रकाश दिया। ऐसा करने से प्रांकुर चोल (coleoptile) प्रकाश की ओर मुछ़ जाता है।

वेष्ट ने इसी प्रकार के प्रयोग जई (Avena sativa) के नवोद्भिदों पर किये तथा बताया कि प्रांकुर चोल के शीर्ष भाग में एक रासायनिक पदार्थ बनता है जो प्रकाश से उद्दीप्त हो जाता है। यदि प्रांकुर चोल (coleoptile) के टिप को काट दिया जाय तो इस पदार्थ का संश्लेषण नहीं होता और कटे टिप वाले प्रांकुर चोल पर प्रकाश का कोई प्रभाव नहीं होता है।

यदि टिप को अगार इलाक (agar block) पर रख दिया जाता है तो रासायनिक पदार्थ अगार ब्लाक में रिसकर चला जाता है तथा इस अगार ब्लाक को पुन: कटे प्रांकुर चोल पर रखें तो रासायनिक पदार्थ ठीक उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार बिना काटे हुए प्रांकुर चोल का।

एक अन्य प्रयोग में एफ. इन्यू. वेष्ट्ट (F. W. Went : 1926-1928) ने प्रांकुर चोल के कटे हुए टिप को दो अगार के ब्लाकों पर रखा जिनके मध्य पतली अंक्षेटेट (माइका) लगी थी। अब इस टिप को एकतरफा प्रकाश दिया गया। उन्होंने देखा कि रासायनिक पदार्थ की 65% मात्रा छाया वाले अगार ब्लाक में तथा 35% मात्रा प्रकाश की ओर वाले अगार ब्लाक में एकत्र थी।

वेण्ट ने इस रासायनिक पदार्थ को अंक्सि (Auxin) नाम दिया। ऑंक्सिन की उपस्थिति तने में वृद्धि को प्रेरित करती है तथा जड़ में वृद्धि का संदमन करती है। ऑक्सिन के असमान वितरण के कारण ही प्रकाशानुकर्तनी तथा गुर्तचानुकार्ती (phototropism and geotropism) गति होती है।

ऑक्सिन की खोज का श्रेय एफ. छष्ल्यू. वेन्ट को ही दिया जाता है। केनेब बीमान (Kenneth Thimann) ने आंक्सि को शुद्ध रूप में प्राप्त करके इसकी आण्विक संरचना ज्ञात की। ऑक्सिन की रासायनिक प्रकृति (Chemical Nature of Auxin) कॉगल तथा हाओेन स्थिध ने मानव मूत्र से ऑंक्सिन समान पदार्थ पृथक् किया। इसे उन्डोंने ऑंक्सिन्-a (ऑक्सिनोट्रायोलिक अम्ल) कहा जिसका सूत्र C18H32O5 होता है।

ऑक्सिन दो प्रकार के होते हैं-
(1) प्राकृतिक ऑक्सिन (Natural auxin)-कॉगन एवं साथियों ने पुन: मानव के मूत्र से ही एक अन्य पदार्थ पृथक् किया जिसे हि्डोओक्सिन (Heteroauxin) नाम दिया। इसे आजकल IAA (इन्डोल-3 ऐसीटिक एसिड) कहते हैं। यह प्रों में पाया जाने वाला प्राकृतिक ऑंक्सिन है। अन्य प्राकृतिक ऑक्सिन IAA के व्युतन्न के रूप में पाये जाते हैं।

प्राकृतिक आंक्सिन शीर्ष विभाज्योतकों (apical meristem) में बनते हैं और इनका संश्लेषण विभज्योतक क्षेत्र में ‘ट्रिप्टोफेन’ (triptophen) अमीनो अम्ल द्वारा छोता है। यह शीर्ष से सिर्फ आधार की ओर गमन करते हैं। इ्नका ‘बसेीपिट्य ट्रान्सपेर्ट’ (basipetal transport) होता है। इनकी मात्रा शीर्ष विभज्योतकों में अधिकतम छोती है। तीव्र प्रकाश में ऑंक्सिन नह हो जाते हैं। ऑंक्सिन संश्लेषण के लिए Zn अनिवार्य होता है।

(2) संश्लेकि ऑक्सिन (Synthetic auxins)- कुछ संश्लेषित रासायनिक यौगिक मी ऑक्सिन की भाँति कार्य करते हैं। इन्हें संख्लेषित ऑक्सिन (Auxin) कहते हैं। जैसे – नैफ्थलिन ऐसीटिक अम्ल (NAA), इ्डोल-3-ब्यूटाइरिक अम्ल (IBA), 2-4 डाइक्लोरोफिनांक्सि ऐसीटिक अम्ल (2-4D)। आँक्सिन सबसे अधिक103 या 0.001 M की सान्द्रता पर प्रभावी होता है।

संश्लेषित ऑक्सिन में ‘अधुवीय स्थनान्तरण’ पाया जाता है। पादप के किसी भी भाग पर डालने पर यह सम्पूर्ण पादप में फैल जाते हैं। एक पादप में एक समय एक ही ऑक्सिन (Auxin) पाया जाता है। ऑंक्सिन की सर्वाधिक सान्द्रता विभज्योतक उत्तक में पाई जाती है। आंक्सिन का स्थानान्तरण संवहन बंडल (vascular bundle) के द्वारा नहीं होता है बल्कि विसरण (diffusion) द्वारा एक कोशिका से दूसरी कोशिका में होता है।
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ऑक्सिन के कार्यिकीय प्रभाव एवं उपयोग (Physlological Effects & Uses of Auxins)
1. शीर्ष प्रमुख्ता (Apical dominance)- तनों की शीर्ष कलिका (apical bud) में संश्लेषित आक्सिन शीर्ष वृद्धि को बढ़ावा देते हैं तथा पार्श्व कलिकाओं (lateral buds) की वृद्धि का संदमन करते हैं। शीर्ष कलिका को काटने पर पार्श्व कलिकाएँ तेजी से वृद्धि करती हैं। इस गुण का प्रयोग चाय बागानों एवं हेज लगाने के लिए किया जाता है।

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2. विलगन (Abscission) – ऑक्सिन की विशिष्ट सान्द्रता का छिड़काव करने से पत्तियों, पुष्पों व फलों का असमय विलगन रोका जा सकता है।

3. प्रसुपता नियन्रण (Control of dormancy)-आँक्सिन के छिड़काव द्वारा आलू आदि भूमिगत कन्दों (tubers) की कलिकाओं को सामान्य ताप पर प्रस्सुटित (proliferate) होने से रोका जा सकता है।

4. कायिक प्रजनन (Vegetative propogation)-IBA का प्रयोग कलम में निचले भाग में शीष्र जड़ें उत्पन्न करा देता है।

5. खरपतवार नियमन्रण (Weed control) – ऑंक्सि, जैसे – 2, 4-D का प्रयोग चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों (weeds) को नृष्ट करने के लिए किया जाता है ।

6. अनिवेकफलन (Parthenocarpy)- बिना निषेचन (fertilization) फलों का निर्माण होना अनिषेकफलन (parthenocarpy) कहलाता है। कुछ पौधों जैसे-अंगूर, केला, सन्तरा आदि में परागण क्रिया को रोककर यदि ऑंक्सिन की उचित सान्द्रता वर्तिकाम्रों (stigmia) पर लगा दी जाय तो इनमें फलों का विकास हो जाता है।

7. कोशिका दीर्घीकरण (Cell elongation) – आँक्सिन का मुख्य कार्य प्रोह (shoot) में कोशिका दीर्घीकरण है। प्रोह में ऑंक्सिन की अधिक सान्द्रता कोशिका दीर्घीकरण भी प्रेरित करती है। इसलिए प्ररोह धनात्मक प्रकाशानुवर्तीं (+ ve phototropic) एवं ऋ्रणात्मक गुर्त्वानुवर्ती (-ve geotropic) होता है।

8. कोशिका विभाजन (Cell division) – ऑक्सिन कैम्बियम के विभाजन के समय, कलम बाँधने (grafting) के समय, घाव (wounds) होने पर तथा ऊतक संवर्धन (tissue culture) में कोशिका विभाजन को बढ़ाता है।

9. wके का समारथन (Root initiation) – ऑंक्सिन जड़ों के निकलने को प्रेरित करता है। कुछ पौधे जैसे-गुलाब, बोगेनविलिया, नींबू, संतरा आदि में तनों या कलमों को लगाकर नया पौधा तैयार किया जाता है। कलमों के कटे हुए भाग को ऑक्सिन (IBA या NAA) के घोल में हुबोकर लगाने से कलमों से जड़ें शीघ्रता से निकलती हैं तथा कलम जल्दी लग जाती है।

10. पुयन पर प्रथाव (Effects on flowering)-ऑक्सिन अनावश्यक पुष्यन की क्रिया को रोकते हैं, जैसे-आम में। इसी प्रकार सलाद के पौधे में पुष्प निर्माण को रोककर पौषे के वाणिज्य मूल्य को बनाये रखा जा सकता है, क्योंकि इस पौधे की केवल पत्तियाँ उपयोगी होती हैं। अनन्नास तथा लीची में ऑंक्सिन के छिड़ाव से पौधों के सभी फूल एक समय पर उत्पन्न होते हैं।

ऑक्सिन पुर्षों में ‘माद्रप्न प्रभाव’ (feminising effect) डालते हैं। ये मादा पुष्पों के निर्माण को बढ़ाते हैं। नर पुष्यों के निर्माण को रोकते हैं। जैसे-कुकरबिटा (Cucurbita) में दो प्रकार के पुष्प पाये जाते हैं। इसमें ऑक्सिन के छिड़काव द्वारा मादा पुष्प (female flower) अधिक प्राप्त किए जा सकते हैं।.
अन्य प्रभाव (Other effects) : आंक्सिन्स के कुछ अन्य प्रभाव निम्नलिखित हैं-

  • श्वसन क्रियाधारों की उपलब्धता बढाकर श्वसन को प्रेरित करते हैं।
  • कोशिकाओं में विलेयों के संग्रहण को बढ़ाते हैं।
  • एथिलीन में संश्लेषण को बढ़ाते हैं।

(ब) जिबरेलिन (Gibberellins)
जिबरेलिन की खोज (Discovery of Gibberellin)-जापान के फारमोसा (Formosa) में धान के खेत में कुछ पौधे अत्यधिक लम्बे पाए गए, जिनकी पत्तियाँ लम्बी व पीली हो जाती थीं तथा इन पौधों में दाना कम उत्पन्न होता था। धान का यह रोग एक कवक, जिबरेला फ्यूरीकुराई (Gibberella fujikuroiFusarium moniliforme) द्वारा होता है ।

इस रोग को फूलिश सीडलिग रोग या बकानी (Foolish seedling disease or Bakanae) रोग कठा जाता है। &. कुरोसावा (E. Kurosawa, 1926) ने प्रमाणित किया कि यदि कवक (fungus) द्वारा सावित रस को धान के स्वस्थ पौधों पर स्ते कर दिया जाए तो उनमें भी इस रोग के लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं।

या और ह्याशी (Yabuta and Hayashi, 1939) ने इस फफूँद में से एक वृद्धि नियन्नक पदार्थ पृथक् किया जिसे जिबरेलिन-A (GA) नाम दिया गया। विभिन्न प्रकार के पौधों में अब तक 110 से अधिक जिबरेलिन पृथक् किए जा चुके हैं। जिबरेलिन्स को अपरिपक्व बीजों, जड़ तथा तने के शीर्ष, तरुण पत्तियों तथा कवकों से पृथक् किया गया है। ये संभवतः शैवाल, मॉस तथा फर्न आदि में भी पाए जाते हैं।

श्वसन क्रिया में भाग लेने वाला प्रमुख योगिक ऐसीटिल कोएन्जाइम-A जिबरेलिन-A के निमाण में पूवेवर्ती (Precurser) योंगक का काम करता है।
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रासायनिक सूत्र एवं प्रकृति (Chemical formula and chemical nature): अधिकांश ज्ञात जिबरेलिन्स को GA1, GA2, GA3 ………….. आदि नाम दिए गए हैं।

जिनके रासायनिक संत्र निम्न प्रकार हैं-
GA1 = C19 H24 O6
GA2 = C19 H26 O6
GA3 = C19 H22 O6
सबसे सामान्य तथा सर्वाधिक महत्व का जिबरेलिन GA3 होता है।
(b) रासायनिक प्रकृति (Chemical Nature)-जिबरेलिन का अग्रक पदार्थ (Precurser) कॉरीन (kaurene) होता है। कॉरीन का अग्रक पदार्थ ऐसीटिल Co- A होता है। जिबरेलिन का स्थानान्तरण अधुवीय (non-polar) होता है तथा इनकी संरचना चक्रीय (cyclic structure) होती है। इनमें जिबेन वलय होती है। रासायनिक दृष्टि से सभी जिबरेलिन टरपीन्स (terpenes) होते हैं। ये सभी पादपों में पाये जाते हैं।

जिबरेलिन का कार्यिकीय प्रभाव एवं महत्व (Physiological Effects and Importance of Gibberellins)
1. लम्बाई बक्नाने की क्षमता (Efficiency of increase the length) – जिबरेलिन की उचित सान्द्रता के छिड़काव से बौने पौधे (dwarf plants) लम्बे हो जाते हैं। किन्तु इसका प्रभाव सीमित पौधों पर ही होता है। GA के प्रयोग से सेब के पौधे लम्बे हो जाते हैं। अंगूर के डण्ठल की लम्बाई बढ़ जाती है, गन्ने के तने की लम्बाई बढ़ जाती है।

2. पुप्यन पर प्रभाव (Effect of flowering)-कुछ पौधों को पुष्पन हेतु कम ताप तथा दीर्ष प्रकाश की आवश्यकता होती है। यदि इन पौधों पर GA3 का छिड़काव किया जाय तो पुष्पन आसानी से हो जाता है। द्विवर्षी पौधे (biennial plants), एकवर्षी पौधों (annual plants) की तरह व्यवहार करने लगते हैं, इसे वोस्टित प्रथा (bolting effect) कहते हैं। GA का पुष्पन की क्रिया पर ऑक्सिन की अपेक्षा उल्टा प्रभाव होता है। GA पादपों में पुंजननता (male ness) को प्रेरित करते हैं। अर्थात् नर पुष्पों के निर्माण को बढ़ाते हैं।

3. वृद्धि दर पर प्रथाव (Effect on growth rate)-जिबरेलिन्स कोशिका दीर्घन (cell elongation) के द्वारा वृद्धि को बढ़ाते हैं। जिबरेलिन्स, ऑक्सिन की तुलना में 500 गुना अधिक सक्रिय होते हैं।

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4. अनिषेक फलन (Parthenocarpy) – कृत्रिम अनिषेक फलन में भी GA का उपयोग किया जाता है। इसके द्वारा टमाटर, सेब, नाशपाती आदि फलों में अनिषेक फलन ऑक्सिन की तुलना में अधिक आसानी से कराया जा सकता है। इसका प्रयोग अति तनु अवस्था में किया जाता है।

5. दीर्घ प्रदीप्तिकाली पौधों में पुष्पन (Early flowering in long day plants) – LDP को पुष्पन के लिए दीर्घ प्रकाश अवधि की आवश्यकता होती है। जिबरेलिन के उपचार द्वारा इन पौधों में लघुप्रकाश अवधि (SDP) में ही पुष्पन कराया जा सकता है।

6. बसन्तीकरण या शीत उष्चार का प्रतिस्थापन (Vernalisation or substitution of cold treatment) – द्विवर्षीय पादपों में पुष्पन दूसरे वर्ष में एक शीतकाल के समाप्त होने के बाद होता है। इनमें पुख्पन के लिए शीतकाल में कम तापमान की आवश्यकता होती है। ज़िबरेलिन उपचार से इनमें वृद्धि के प्रथम वर्ष में ही पुष्पन हो जाता है।

7. प्रसुप्तावस्था भंग करना (Breaking of dormancy) – जिबरेलिन बीजों तथा कन्दों (tubers) की प्रसुप्तावस्था (dormancy) को नष्ट करते हैं तथा इन्हें अंकुरित होने के लिए प्रेरित करते हैं। जिबरेलिन बीजों तथा कन्दों के जटिल भोजन के पाचन को प्रेरित करते हैं, जिससे वे अंकुरण कर सकें।

8. एमाइलेज विकर का निर्माण (Synthesis of α-Amylase)-जिबरेलिन मक्का के अंकुरित बीजों में α एमाइलेज के निर्माण को प्रेरित करते हैं।

9. प्रकाश संवेदी बीजों में अंकुरण (Germination in light Sensitive seeds) – सलाद एवं तम्बाकृ के बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है। इन बीजों को जिबरेलिन से उपचारित करने से इन्हें अंधेरे में उगाया जा सकता है।

HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter Chapter 15 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन 24

(स) साइटोकाइनिन।
सार्तेकामनिन के कायिक्डीय प्रथाव (Physiological Effect of Cytokinin)
1. डोरिता निथलन (Cell division)- साइटोकाइनिन का प्रमुख कार्य ऑक्सिन की उपस्थिति में कोरिका विभाजन (cell division) को प्रेरित करना है। ये पादर्यों में विभज्योतक निर्माण को भी प्रेरित करते है।

2. कोशिका वियेद्न (Cell differentiation) – साइ्टोकाइ़नन (cytokinin) ऑंक्सिन की उपस्थिति में विभिन्न अनुपात में अलग-अलग प्रभाव उत्पन्न करते हैं। ऊसक संवर्धन (tissue culture) प्रक्रिया में पोषक माध्यम (culture media) में अधिक सान्द्रता में साइटोकाइनिन तथा कम सान्द्रता में ऑंक्सि हो तो इससे कैलस (callus) का विकास प्रेरित होता है। साइटोकाइनिन की कम एवं ओंक्सिन की अधिक सान्द्रता जड़ निर्माण एवं विभेदन को प्रेरित करती है। यदि दोनों की मात्रा समान रखी जाए तो जड़ एवं तना दोनों ही समान रूप से विकसित होते हैं।

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3. शीर्ष प्रयाबिता निरोध (Counter action of apical dominance)-साइटोकाइनिन के प्रभाव से शीर्ष प्रमुखता प्रभाव नष्ट हो जाता है तथा पाश्व कलिकाओं (lateral buds) की वृद्धि होने लगती है।

4. प्रकाश संब्दी बीजं बा अंरण (Germination of light sensitive seeds)-साइटोकाइनिन से उपचारित सलाद व तम्बाकू के बीजों को अन्धेरे में उगाया जा सकता है।

5. जर्णता विलम्ब (Delay of Senescence)-पादपों में साइटोकाइनिन जीर्णता को विलंबित करते हैं। पर्णहरिम का विघटन, एन्जाइमों का नष्ट होना जीर्णता (senescence) के लक्षण हैं। साइटोकाइनिन के उपश्रार से जीर्णता (senescence) देरी से होती है। इस प्रभाव को रिचमॉण्ड लैंग प्रथाव (Richmond Lang Effect) कहते हैं।

6. घ्रतुर्जा नाशन (Breaking of dormancy)-साइटोकाइनिन के उपचार से कलिकाओं एवं बीजों की प्रसुप्तता को नष्ट किया जा सकता है।

7. लुदीफिकाली पौरों में पुष्मन (Flowering in SDP)-साइटोकाइनिन के उपचार से लघुदीप्तिकाली पौधों (SDP) में पुष्पन प्रेरित किया जा सकता

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HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

Haryana State Board HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. बहुजीनी वंशागति में पर्यावरण के प्रभाव का उदाहरण है-
(अ) मानव त्वचा का रंग
(ब) डाउन सिन्ड्रोम
(स) फेनिल कीटोमेह रोग
(द) क्लाईनफेल्टर – सिन्ड्रोम
उत्तर:
(अ) मानव त्वचा का रंग

2. मेंडल के अध्ययन में मुख्यतः किन लक्षणों का वर्णन किया गया-
(अ) स्पष्ट विकल्पी रूप
(ब) अस्पष्ट विकल्पी रूप
(स) 50% स्पष्ट विकल्पी तथा 50% अस्पष्ट विकल्पी रूप
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) स्पष्ट विकल्पी रूप

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3. लक्षण सामान्यत: तीन अथवा अधिक जीनों द्वारा नियंत्रित करते हैं उन्हें कहते हैं-
(अ) बहुप्रभाविता के लक्षण
(ब) बहुजीनी लक्षण
(स) एकजीनी लक्षण
(द) न्यूनजीनी लक्षण
उत्तर:
(ब) बहुजीनी लक्षण

4. तीन प्रभावी अलील तथा तीन अप्रभावी अलील वाले जीनोटाइप की त्वचा का रंग होगा-
(अ) अग्रवर्ती
(ब) मध्यवर्ती
(स) पश्चवर्ती
(द) कोई अन्तर नहीं आयेगा
उत्तर:
(ब) मध्यवर्ती

5. एक एकल जीन अनेक फीनोटाइप लक्षणों को प्रकट करता है, ऐसे जीन को कहते हैं-
(अ) बहुप्रभावी जीन
(ब) लीथल जीनं
(स) लिंग जीन
(द) सहलग्न जीन
उत्तर:
(अ) बहुप्रभावी जीन

6. फेनिल कीटोमेह व्याधि किसका उदाहरण है ?
(अ) सहप्रभाविता का
(ब) बहुप्रभाविता का
(स) अपूर्ण प्रभाविता का
(द) डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर:
(ब) बहुप्रभाविता का

7. फेनिल कीटोमेह व्याधि का लक्षण है-
(अ) मानसिक मंदन
(ब) बालों का कम होना
(स) त्वचीय रंजन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

8. फेनिल कीटोमेह व्याधि किस एन्जाइम के लिए उत्तरदायी जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है ?
(अ) फेनिल हाइड्रोक्सीलेज
(ब) एलेनीन हाइड्रोक्सीलेज
(स) फेनिल कीटो हाइड्रोक्सीलेज
(द) फेनिल एलेनीन हाइड्रोक्सीलेज ।
उत्तर:
(द) फेनिल एलेनीन हाइड्रोक्सीलेज ।

9. अगुणित – द्विगुणित लिंग निर्धारण प्रणाली पायी जाती है-
(अ) मानव में
(ब) मधुमक्खी में
(स) कबूतर में
(द) बंदर में
उत्तर:
(ब) मधुमक्खी में

10. मधुमक्खी के एक शुक्राणु एवं अण्डे के युग्मन से उत्पन्न संतति होगी-
(अ) रानी तथा श्रमिक
(ब) ड्रोन व रानी
(स) श्रमिक तथा नर
(द) रानी तथा नर
उत्तर:
(अ) रानी तथा श्रमिक

11. अनिषेचित अण्ड अनिषेकजनन (Parthenogenesis ) द्वारा विकसित होते हैं-
(अ) श्रमिक
(ब) रानी
(स) नर
(द) नर एवं रानी
उत्तर:
(स) नर

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12. मादा मधुमक्खी में क्रोमोसोम की संख्या होती है-
(अ) 32
(ब) 16
(स) 30
(द) 34
उत्तर:
(अ) 32

13. किस रोग में व्यक्ति लाल एवं हरे वर्ण (रंग) में विभेद नहीं कर पाता-
(अ) वर्णांधता
(स) दात्रकोशिका अरक्तता
(ब) फीनाइल कीटोनूरिया
(द) थैलीसिमिया
उत्तर:
(अ) वर्णांधता

14. HBA1 एवं HBA2 किस रोग से सम्बन्धित हैं-
(अ) वर्णांधता
(ब) थैलेसीमिया
(स) दात्रकोशिका अरक्तता
(द) डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर:
(ब) थैलेसीमिया

15. नर (ड्रोन) किस विभाजन द्वारा शुक्राणु उत्पादित करते हैं-
(अ) अर्धसूत्री विभाजन
(स) समसूत्री विभाजन
(ब) असूत्री विभाजन
(द) कोशिकाद्रव्य विभाजन
उत्तर:
(स) समसूत्री विभाजन

16. अगुणित 16 क्रोमोसोम निम्न में से किसमें होता है-
(अ) नर में
(स) श्रमिक में
(ब) मादा में
(द) नर व मादा दोनों में
उत्तर:
(अ) नर में

17. विकृत हीमोग्लोबिन का संश्लेषण किस रोग में होता है ?
(अ) वर्णांधता
(स) थैलेसीमिया
(ब) दात्रकोशिका अरक्तता
(द) फीनाइलकीटोन्यूरिया
उत्तर:
(स) थैलेसीमिया

18. थैलेसीमिया रोग का नियंत्रण किस जीन द्वारा किया जाता है-
(अ) HBA1 एवं HBA2
(ब) HBA3 एवं HBA4
(स) HBA1 एवं HBA5
(द) HBA6 एवं HBA7
उत्तर:
(अ) HBA1 एवं HBA2

19. मेंडल की सफलता का मुख्य कारण था-
(अ) मटर के पौधे का चयन किया था
(ब) अपने संकरण में केवल एक लक्षण को एक बार में लिया
(स) वंशावली अभिलेख रखे थे
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

20. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम सिद्ध किया जाता है-
(अ) F1 पीढ़ी की समस्त संतति लम्बी होती है
(ब) लम्बे तथा बौने पौधे 3 : 1 के अनुपात में प्रकटन द्वारा
(स) F2 पीढ़ी में चिकने तथा झुर्रीदार बीजों वाले पौधों के प्रकटनद्वारा
(द) F2 पीढ़ी में लम्बे तथा बौने पौधों के प्रकटन द्वारा
उत्तर:
(स) F2 पीढ़ी में चिकने तथा झुर्रीदार बीजों वाले पौधों के प्रकटनद्वारा

21. एक संकर संकरण की F2 पीढ़ी का लक्षण प्ररूप अनुपात होता है-
(अ) 9 : 33 : 1
(ब) 3 : 1
(स) 1 : 1
(द) 2 : 1
उत्तर:
(ब) 3 : 1

22. लाल तथा सफेद के संकरण से उत्पन्न संतति गुलाबी है। इसमें R जीन किस प्रकार का होना सिद्ध करता है-
(अ) संकर
(ब) अप्रभावी
(स) अपूर्ण प्रभावी
(द) उत्परिवर्ती
उत्तर:
(स) अपूर्ण प्रभावी

23. रुधि वर्ग AB समूह वाले मनुष्य का जीनोटाइप प्रभाव दिखाई
(अ) प्रभावी अप्रभावी देती है, जो कहलाता है-
(ब) अपूर्ण प्रभाविता
(स) सहप्रभाविता
(द) संपूरक
उत्तर:
(स) सहप्रभाविता

24. निम्न में से मंडलीय विकार है-
(अ) सिस्टिक फाइब्रोसिस
(ब) वर्णांधता
(स) थैलेसीमिया
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी

25. एक X क्रोमोसोम का अभाव अर्थात 45 क्रोमोसोम की (XO) स्थिति, किस रोग में होती है-
(अ) टर्नर सिन्ड्रोम
(ब) क्लाइनफेल्टर
(स) डाउन सिन्ड्रोम
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) टर्नर सिन्ड्रोम

26. ड्रोसोफिला मेलेनोगेस्टर पर आनुवंशिक अध्ययन करने वाले थे-
(अ) सटन
(ब) बोवेरी
(स) मोरगन
(द) मेंडल
उत्तर:
(स) मोरगन

27. मेंडल के आनुवंशिकी नियमों का अपवाद है-
(अ) सहलग्नता
(ब) पूर्ण प्रभाविता
(स) समयुग्मता
(द) विपर्यासी लक्षण
उत्तर:
(अ) सहलग्नता

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28. इनमें कौनसा परीक्षण क्रॉस है-
(अ) F1 × कोई सा जनक
(ब) F1 × F1
(स) F1 × अप्रभावी जनक
(द) F2 × प्रभावी जनक
उत्तर:
(स) F1 × अप्रभावी जनक

29. मेंडल के वंशागति नियमों की पुनः खोज करने वाले थे-
(अ) डीब्रिज, सटन
(ब) डीब्रिज, कॉरेन्स, बोवेरी
(स) सटन, बोवेरी, बान शेरमाक
(द) डीब्रिज, कॉरेन्स, वान शेरमाक
उत्तर:
(द) डीब्रिज, कॉरेन्स, वान शेरमाक

30. HBAI एवं HBA2 जीन जनक के कौनसे क्रोमोसोम पर स्थित होती है-
(अ) क्रोमोसोम 15
(ब) क्रोमोसोम 16
(स) क्रोमोसोम 17
(द) क्रोमोसोम -18
उत्तर:
(ब) क्रोमोसोम 16

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
आनुवंशिक विज्ञान में किसका अध्ययन होता है ?
उत्तर:
इस शाखा में वंशागति व विविधता दोनों का अध्ययन होता है।

प्रश्न 2.
मेंडल ने मटर के पौधे के किन लक्षणों पर विचार किया ?
उत्तर:
मेंडल ने विपरीतार्थ लक्षणों पर विचार किया, इन्हें विपर्यासी लक्षण (Contrasting Character) भी कहते हैं। उदाहरण – लंबे या बौने पौधे, पीले या हरे बीज ।

प्रश्न 3.
तद्रूप प्रजनन – सम (True Breeding) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
वह लक्षण जो अनेक पीढ़ियों तक स्व-परागण के फलस्वरूप वही लक्षण प्रकट करता हो ।

प्रश्न 4.
मेंडल ने मटर की कितनी तद्रूप प्रजननी किस्मों को चुना ?
उत्तर:
14 तद्रूप प्रजननी मटर किस्मों को चुना।

प्रश्न 5.
मेंडल के प्रयोगों में F1 से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
प्रथम संतति पीढ़ी (Filial Progeny)।

प्रश्न 6.
समयुग्मजी व विषमयुग्मजी को समझाइये
उत्तर:
यदि पौधे की आनुवंशिक संरचना में किसी युग्म के दोनों विकल्प (alleles) गुण एकसमान हों जैसे (RR), तो पौधों को समयुग्मजी (homozygous) पादप कहते हैं। जब युग्म (gene pair) के दोनों विकल्प भिन्न हों, जैसे Rr, तो पादप को विषमयुग्मजी ( heterozygous) कहते हैं।

प्रश्न 7.
जीन प्ररूप (genotype ) व लक्षण प्ररूप ( phenotype ) को समझाइये।
उत्तर:
पौधे के बाहरी दिखने वाले लक्षण जैसे लाल, लम्बा आदि को लक्षण प्ररूप कहते हैं तथा उसमें स्थित जीनी संरचना को जीन प्ररूप कहते हैं; जैसे -RR, Rr आदि।

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

प्रश्न 8.
द्विसंकर संकरण का लक्षण व जीन प्ररूप बताइये।
उत्तर:
लक्षण प्ररूप 9 : 3 : 3 : 1
जीन प्ररूप 1 : 2 : 2 : 4 : 1 : 2 : 2 : 1

प्रश्न 9.
द्विसंकर परीक्षण संकरण में लक्षण प्ररूप व जीन प्ररूप का अनुपात बताइये।
उत्तर:
लक्षण प्ररूप व जीन प्ररूप दोनों 1 : 1 : 1 : 1 अनुपात में होते हैं।

प्रश्न 10.
सह-प्रभाविता से क्या समझते हैं ? उदाहरण बताइये।
उत्तर:
इसमें F1 पीढ़ी दोनों जनकों से मिलती-जुलती है। इसका अच्छा उदाहरण मानव ABO रुधिर वर्ग है।

प्रश्न 11.
वाल्टर सटन और थियोडोर बोवेरी का क्या कार्य था ?
उत्तर:
इन्होंने बताया कि गुणसूत्रों का व्यवहार जीन जैसा होता है। इन्होंने मेंडल के नियमों को गुणसूत्रों की गतिविधि द्वारा समझाया। इन्होंने गुणसूत्रों के विसंयोजन के ज्ञान को मेंडल के सिद्धान्तों के साथ जोड़कर ‘वंशागति का क्रोमोसोमवाद या सिद्धान्त’ प्रस्तुत किया।

प्रश्न 12.
व्युत्क्रम संकरण (Reciprocal Cross) किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब प्रयोग में मुख्य जनक का उपयोग दो अलग-अलग प्रयोगों में विपरीत तरीके से किया जावे, जैसे पहले प्रयोग में यदि ‘A’ नर तथा ‘B’ मादा होगा तो दूसरे प्रयोग में ‘B’ को नर तथा ‘A’ को मादा के रूप में प्रयोग में लाते हैं। इस प्रकार के संकरण को व्युत्क्रम संकरण कहते हैं।

प्रश्न 13.
सहलग्नता, पुनर्योजन (Recombination) शब्द किसने दिया तथा रीकोम्बीनेशन मैप बनाने वाले कौन थे ?
उत्तर:
मोरगन ने सहलग्नता व पुनर्योजन शब्द दिया तथा इनके शिष्य एल्फ्रेड स्टर्टीवेंट ने रीकोम्बीनेशन मैप बनाया।

प्रश्न 14.
‘X काय’ नाम किसने दिया व मानव में लिंग निर्धारण किससे होता है?
उत्तर:
हेंकिंग ने ‘X काय’ नाम दिया। मानव में XX व XY से लिंग निर्धारण होता है।

प्रश्न 15.
फ्रेम शिफ्ट उत्परिवर्तन किससे होता है ?
उत्तर:
DNA के क्षार युग्मों के घटने-बढ़ने से फ्रेम शिफ्ट उत्परिवर्तन होता है।

प्रश्न 16.
मानव में वंशागत ऐसे दो लक्षण दीजिए जिनके जीन्स लिंग गुणसूत्र पर स्थित हों।
उत्तर:
सिकिल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anaemia) तथा गंजापन (Boldness) मानव में वंशागत होने वाले लक्षण हैं। इनके जीन्स लिंग गुणसूत्र पर स्थित नहीं होते हैं।

प्रश्न 17.
यदि किसी बच्चे में 46 के स्थान पर 47 गुणसूत्र हों तो उस बच्चे में किस प्रकार के विकार की सम्भावना है?
उत्तर:
उस बच्चे में ‘मंगोलिक विकार’ नामक विकार होने की सम्भावना होगी।

प्रश्न 18.
विषमयुग्मकता (Heterogamety) क्या है? एक जीव का उदाहरण दीजिए, जो इसे प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
जिन जीवों में लिंग गुणसूत्र भिन्न प्रकार के होते हैं वे दो प्रकार के युग्मक उत्पन्न करते हैं, अतः ये विषमयुग्मकता प्रदर्शित करते हैं। उदा. ड्रॉसोफिला नर।

प्रश्न 19
सहप्रभाविता का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
‘A’, ‘B’ तथा ‘O’ रुधिर वर्गों के जीन्स सहप्रभावी ( Codominant) होते हैं।

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

प्रश्न 20.
सामान्य जनकों के यहाँ हीमोफीलिया युक्त पुत्र का जन्म हुआ। उनके जनकों का जीनोटाइप बताइये।
उत्तर:
एक हीमोफिलिक पुत्र का जन्म एक सामान्य जनकों के यहाँ माता के वाहक होने पर हो सकता है-
अतः पिता सामान्य = XY
माता वाहक = XXh

प्रश्न 21.
बिन्दु उत्परिवर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर:
डीएनए के एकल क्षार युग्म ( बेस पेयर) के परिवर्तन को बिन्दु उत्परिवर्तन (Point mutation) कहते हैं।

प्रश्न 22.
मेण्डल के द्विसंकरण प्रयोग का समलक्षणी (फीनोटाइप) अनुपात लिखिए।
उत्तर:
मेण्डल के द्विसंकरण प्रयोग का समलक्षणी (फीनोटाइप) अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 है।

प्रश्न 23.
वंशागति के ‘गुणसूत्र सिद्धान्त’ को प्रतिपादित करने वाले वैज्ञानिकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
सटन और बोवेरी।

प्रश्न 24.
मानव में पाये जाने वाले अलिंग सूत्री प्रभावी तथा अलिंग सूत्री अप्रभावी मेण्डलीय दोष से प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए ।
उत्तर:
मायोटोनिक दुष्पोषण (डिस्ट्रोफी), दात्र कोशिका अरक्तता ( सिकल सेल एनीमिया ) ।

प्रश्न 25
बिंदु उत्परिवर्तन के कारण कौन-सा रोग होता है ?
उत्तर:
दात्र कोशिका अरक्तता (Sickle cell anaemia)।

प्रश्न 26.
मानव आनुवंशिकी में वंशावली अध्ययन के कोई दो उपयोग लिखिये।
उत्तर:
इसका उपयोग विशेष लक्षण, अपसामान्यता या रोग का पता लगाने में किया जाता है।

प्रश्न 27.
वाल्टर सटन द्वारा प्रस्तुत वंशागति के सिद्धांत का नाम लिखिए।
उत्तर:
‘ वंशागति का क्रोमोसोमवाद या सिद्धान्त’।

प्रश्न 28.
उत्परिवर्तजन किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिन रासायनिक और भौतिक कारकों द्वारा उत्परिवर्तन होता है, उन्हें उत्परिवर्तजन (म्यूटाजन) कहते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
दो माता-पिता श्री X व श्रीमती X तथा श्री Y व श्रीमती Y एक ही बच्चे को अपनी-अपनी सन्तान बताते हैं। श्री व श्रीमती X दोनों का ही रुधिर वर्ग A तथा श्री Y का रुधिर वर्ग O व श्रीमती Y का रुधिर वर्ग AB है। परन्तु बच्चे का रुधिर वर्ग O है । बताइए कि वह बच्चा किसका हो सकता है और क्यों?
उत्तर:
श्री व श्रीमती X का रुधिर वर्ग A होने पर उनकी सन्तान का रुधिर वर्ग A या O हो सकता है। इसी प्रकार श्री Y का रुधिर वर्ग O तथा श्रीमती Y का रुधिर वर्ग AB होने पर उनकी सन्तान का रुधिर वर्ग A या B होगा ।

माता-पिता का रुधिर वर्ग

 

सन्तान का रुधिर वर्ग
हो सकता हैनहीं हो सकता
1. श्री व श्रीमती X A×AA या OB, AB
2. श्री व श्रीमती O×ABA या BAB या O

क्योंकि बच्चे का रुधिर वर्ग O है अतः उपरोक्त परिणामानुसार बच्चा श्री व श्रीमती X का है।

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

प्रश्न 2.
सामान्य पुरुष तथा हीमोफीलिया से ग्रस्त स्त्री द्वारा हीमोफीलिया की वंशागति को बताइये ।
उत्तर:
जब एक सामान्य पुरुष किसी हीमोफिलिक स्त्री से विवाह करता है तो उसके सभी पुत्र हीमोफिलिक रोग से ग्रस्त होंगे तथा पुत्रियाँ हीमोफीलिया जीन की वाहक होंगी।
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत 1

प्रश्न 3.
एक पुरुष का रुधिर वर्ग ‘A’ है तथा उसकी स्त्री का रुधिर वर्ग ‘O’ है। इनके बच्चे किस रुधिर वर्ग के नहीं होंगे? कारण सहित बताइये।
उत्तर:
पुरुष का रुधिर वर्ग ‘A’ है अतः जीनी संरचना = IAIA/IAIO स्त्री का रुधिर वर्ग -‘O’ है अतः जीनी संरचना = IoIo रुधिर वर्ग प्रदर्शित करने वाली तीन जीन Ia , Ib तथा Io होती हैं। इनमें से  Ia  व  Ib  सहप्रभावी (Co-dominant ), परन्तु Io दोनों का अप्रभावी होता है। इस प्रकार इनके दो क्रॉस सम्भव हैं-

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत 2

इस प्रकार शिशु का रुधिर वर्ग ‘A’ या ‘O’ सम्भव है। ‘A’ रुधिर वर्ग होने पर यह ‘B’ तथा ‘O’ वर्ग वाले व्यक्तियों के लिये हानिकारक होगा, परन्तु ‘O’ होने पर यह सार्विक दाता होगा। अतः यह किसी भी व्यक्ति को हानिकारक नहीं होगा।

प्रश्न 4.
दात्र कोशिका अरक्तता या सिकेल सेल रक्ताल्पता (Sickle Cell Anaemia) की वंशागति को समझाइये
उत्तर:
इस रोग की प्रकृति आनुवंशिक है जो एक अप्रभावी जीन (HbS) के कारण होती है। यह जीन आटोसोमल होती है तथा अपूर्ण प्रभावी जीन (HbA) के साथ होने पर अर्थात् विषमयुग्मजी (HbA HbS ) अवस्था में कम या आंशिक रूप से परन्तु समयुग्मजी ( HbSHbS) होने पर पूर्ण रोग उत्पन्न करती है। विषमयुग्मजी अवस्था वाला व्यक्ति कम थकान का कार्य करके सामान्य व्यक्ति के जैसे जीता है। किन्तु समयुग्मजी अप्रभावी (HbS HbS) जीन वाले व्यक्ति में सभी RBC पिचककर हंसिये की जैसे हो जाती हैं और वे व्यर्थ की हो जाती हैं, अन्ततः ऐसे रोगी की मृत्यु हो जाती है।

वंशागति को निम्न चित्र से समझाया गया है –
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प्रश्न 5
हीमोफीलिया की वंशागति को समझाइये
उत्तर:
प्रायः पुरुष ही हीमोफीलिया रोग से ग्रसित होते हैं, स्त्रियाँ इस रोग की वाहक होती हैं। इस रोग से ग्रसित पुरुष भी प्राय: बाल्यावस्था या यौवन से पूर्व ही मर जाते हैं। वाहक स्त्रियों के द्वारा ही सामान्यतः इस रोग की वंशानुगति होती है।
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत 4

प्रश्न 6.
सहलग्नता किसे कहते हैं? पक्षियों में लिंग निर्धारण की प्रक्रिया समझाइए ।
उत्तर:
गुणसूत्र पर दो जीनों का भौतिक संयोग या जुड़े होने को मोरगन ने सहलग्नता बताया था। पक्षियों में लिंग गुणसूत्रों को Z व W गुणसूत्र कहा जाता है। इनमें मादा के अन्दर एक Z तथा एक W गुणसूत्र होता है जबकि नर में अलिंग गुणसूत्रों के अलावा Z-गुणसूत्र का एक जोड़ा होता है।
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत 5

प्रश्न 7.
सहप्रभाविता से क्या अभिप्राय है? मानव में रुधिर वर्ग का उदाहरण देकर सहप्रभाविता को समझाइए।
उत्तर:
जब प्रभावी व अप्रभावी दोनों एलील स्वतन्त्र रूप से अपनी अभिव्यक्ति प्रदर्शित करते हैं तो उसे सहप्रभाविता (codominance) कहते हैं अर्थात् इसमें F1 पीढ़ी दोनों जनकों से मिलती-जुलती है। इसका एक अच्छा उदाहरण मानवों में ABO रुधिर वर्गों का निर्धारण करने वाली विभिन्न प्रकार की लाल रुधिर कोशिकाएँ (RBC) हैं। ABO रुधिर वर्गों का नियंत्रण जीन ‘I’ करती है।

HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

RBC की प्लाज्मा झिल्ली में सतह से बाहर निकलते हुए शर्करा बहुलक होते हैं। इस बहुलक का प्रकार क्या होगा यहाँ इस बात का नियंत्रण जीन ‘I’ से होता है। इस जीन ‘I’ के तीन अलील IA IB और i होते हैं। अलील IA और अलील IB कुछ भिन्न प्रकार की शर्करा का उत्पादन करते हैं और अलील i किसी भी प्रकार की शर्करा का उत्पादन नहीं करती। मानव जीन (2n) द्विगुणित होता है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति में इन तीन में से दो प्रकार के जीन अलील होते हैं।

और IA तो के ऊपर पूर्णरूप से प्रभावी होते हैं अर्थात् जब IA और तो केवल IB अभिव्यक्त होता है और जब IB और विद्यमान हों तो केवल ” अभिव्यक्त होता है, तो शर्करा बनाता ही नहीं है। विद्यमान हों जब IA और IB दोनों उपस्थित हों तो ये दोनों अपने-अपने प्रकार की शर्करा की अभिव्यक्ति कर देते हैं। यह घटना ही सह प्रभाविता है। इसी कारण RBC में A और B दोनों प्रकारों की शर्करा होती है।

प्रश्न 8.
मानव में लिंग निर्धारण की क्रियाविधि को समझाइए।
उत्तर:
मानव में लिंग निर्धारण XY प्रकार का होता है। मानव में कुल 23 जोड़े अर्थात् 46 गुणसूत्र होते हैं। नर में 44 गुणसूत्र अलिंग गुणसूत्र (Autosomes ) होते हैं तथा दो लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosome ) ‘X’ तथा ‘Y’ होते हैं। स्त्री या मादा में भी 44 गुणसूत्र ऑटोसोम (Autosomes) होते हैं तथा दो लिंग गुणसूत्र ‘X’ व ‘Y’ होते हैं। जब शुक्राणु बनते हैं तो 50% शुक्राणु 22+X गुणसूत्र वाले तथा शेष 50% शुक्राणु 22+Y गुणसूत्र वाले होते हैं।

जबकि स्त्री या मादा के सभी अण्डों में 22+X गुणसूत्र होते हैं। सन्तान मैं कितनो लड़कियाँ ताकि लड़के यह इस पर निर्भर करता है कि कौनसा शुक्राणु अण्ड से निषेचित करता है। मानव में नर बच्चे का होना ‘Y’ गुणसूत्र की उपस्थिति पर निर्भर करता है। एक शुक्राणु में केवल ‘X’ या ‘Y’ लिंग गुणसूत्र ही हो सकता है, अतः पिता का ‘X’ गुणसूत्र लड़कियों में तथा ‘Y गुणसूत्र लड़कों में मिलता है।
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निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1.
बहुविकल्पता या बहुगुण ऐलीलवाद ( Multiple Allelism) को मानव रुधिर वर्ग की सहायता से बताइये ।
उत्तर:
मेंडल के नियमों के अनुसार, परन्तु उसके आधारभूत कारक युग्म (Factor Pairs) के सिद्धान्त से हटकर बहुगुण ऐलीलंवाद पाया जाता है। इस प्रकार की वंशागति दो या दो से अधिक तुलनात्मक लक्षणों वाले जीन्स या एलील्स (Alleles) पर निर्भर करती है। मानव में रुधिर वर्गों की वंशागति बहु-विकल्पता का उदाहरण है।

मानव की आबादी में चार प्रकार के रुधिर वर्ग A, B, AB तथा 0 पाये जाते हैं। रुधिर वर्ग का वर्गीकरण इनमें पाये जाने वाले एन्टीजन (Antigen ) के आधार पर होता है। मानव के रुधिर प्लाजमा में इन प्रतिजनों के प्रति विशिष्ट प्रोटीन्स पाये जाते हैं, जिन्हें प्रतिरक्षी (Antibodies) कहते हैं।

रुधिर वर्ग (Blood Group)प्रतिजन (Antigen)प्रतिरक्षी (Antibodies)
AAAnti-B or ‘b’
BBAnti-A or ‘A’
ABA,Bअनुपस्थित
Oनहीं‘a’ और ‘b’

मानव में रुधिर वर्ग वंशानुगत लक्षण है एवं जनकों से संततियों में मेंडल के नियम के आधार पर वंशानुगत होते हैं। रुधिर वर्ग की वंशागति जनकों से प्राप्त होने वाले जीन्स पर निर्भर करती है। जीन्स जो मनुष्य में रुधिर वर्गों को नियंत्रित करते हैं उनकी संख्या दो के स्थान पर तीन होती है एवं मल्टीपल एलील्स (बहुविकल्पी) कहलाते हैं। अर्थात् दो से अधिक यानी तीन अलील एक ही लक्षण को नियंत्रित करते हैं।

ये सभी तीनों जीन या एलील्स समजात गुणसूत्र में एक ही लोकस (स्थान) पर पाये जाते हैं। एक व्यक्ति में इन तीनों जीनों में से एक साथ केवल दो जीन ही पाये जा सकते हैं, जो प्रकृति में दोनों समान या असमान हो सकते हैं। ये जीन्स ही संतति में रुधिर वर्ग / एन्टीजन्स के उत्पादन को नियंत्रित करते हैं।

जीन जो कि एन्टीजन A उत्पन्न करता है उसे IA से चिन्हित करते हैं, एन्टीजन B के लिये IB जीन एवं दोनों एन्टीजन की अनुपस्थिति के लिये I° जीन होती है। अक्षर I का प्रचलन एक लोकस पर जीन की उपस्थिति दिखाने के लिये आधारीय प्रतीक के रूप में किया जाता है (I = आइसोहीमएग्लूटीनोजन)। इस प्रकार मानव जनसंख्या में चार रुधिर वर्गों के लिये छः प्रकार के जीनोटाइप सम्भव हैं।

संतति का जीनोटाइपसंतति का रुधिर वर्ग
Ia IaA
Ia IoA
IbIbB
IbIoB
IaIbAB
IoIoO

इस आधार पर ABO रुधिर वर्गों की वंशागति का चित्रात्मक प्रदर्शन निम्न प्रकार किया जा सकता है-
(i) रुधिर वर्ग A के लिये समयुग्मजी पुरुष (IaIa) द्वारा O रुधिर वर्ग वाली स्त्री (या इसके विपरीत) से विवाह करने पर इनकी सन्तानों का रुधिर वर्ग A होगा ।
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सभी सन्तानें A रुधिर वर्ग के लिये विषमयुग्मजी हैं।

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(ii) रुधिर वर्ग B के लिये समयुग्मजी पुरुष द्वारा 0 रुधिर वर्ग की स्त्री ( या इसके विपरीत) से विवाह करने पर इनकी सन्तानों में रुधिर वर्ग B होगा ।
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सभी सन्तानें रुधिर वर्ग B के लिये विषमयुग्मजी होंगी।

(iii) A रुधिर वर्ग के लिये समयुग्मजी पुरुष द्वारा B रुधिर वर्ग की समयुग्मजी स्त्री से विवाह करने पर सन्तानें AB रुधिर वर्ग की होंगी ।
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सभी सन्तानें AB रुधिर वर्ग की होंगी।

(iv) AB रुधिर वर्ग वाले पुरुष द्वारा AB रुधिर वर्ग वाली स्त्री से विवाह करने पर 25% सन्तानें A रुधिर वर्ग की, 50% AB रुधिर वर्ग की तथा 25% सन्तानें B रुधिर वर्ग की होंगी।
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(v) विषमयुग्मजी A तथा B रुधिर वर्ग वाले स्त्री-पुरुषों से उत्पन्न सन्तानों में चारों प्रकार की सन्तानें 1:1:1:1 के अनुपात में उत्पन्न होने की सम्भावना है।
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(vi) यदि स्त्री व पुरुष के रुधिर वर्ग क्रमशः AB तथा O हैं तो उनकी सन्तानों में केवल A अथवा B रुधिर वर्ग की सम्भावना होती है।
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प्रश्न 2.
अपूर्ण प्रभाविता क्या है? श्वान पुष्प नामक पौधे में अपूर्ण प्रभाविता को चैकर बोर्ड द्वारा समझाइए । फीनोटाइप व जीनोटाइप अनुपात भी ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete Dominance)-
मेंडल ने मटर पर प्रयोग कर प्रभावी व अप्रभावी लक्षणों के विषय में बताकर प्रभाविता का नियम भी दिया। किन्तु इसी प्रकार के प्रयोग कुछ अन्य पादपों में करने पर यह देखा कि F1 में जो लक्षण उत्पन्न होता है वह किसी भी जनक से नहीं मिलता है, वस्तुतः प्रकट होने वाला लक्षण दोनों जनकों के मध्य का होता है। अतः यहाँ प्रभावित का नियम लागू नहीं होता, वरन् यह मेंडल के नियमों का अपवाद है। इसे अपूर्ण प्रभावित कहते हैं।

श्वान पुष्प या एंटीराइनम (Snap dragon or antirrhinum majus) में जब शुद्ध लाल पुष्प वाली (RR) और शुद्ध सफेद पुष्य (rr) वाली प्रजाति के बीच क्रॉस करवाया गया तो F1 में गुलाबी पुष्पों (Rr) वाली संतति प्राप्त हुई। जब F1 संतति को स्व-परागित किया गया तो परिणामों का अनुपात 1(RR) लाल : 2(Rr) गुलाबी (rr) सफेद था।

यहाँ जीनोटाइप अनुपात तो मेंडलीय एकसंकरण की (1 : 2 : 1) जैसे ही है परन्तु फीनोटाइप अनुपात 3: 1 के स्थान पर 1: 2: 1 हो जाता है। यहाँ R कारक पूर्ण रूप से r पर प्रभावी न होकर अपूर्ण प्रभावी होता है (चित्र 5.5)। गुलावास पादप (Mirabillus jalapa or 4 ‘o’ clock plant) में भी अपूर्ण प्रभाविता पाई जाती है।

प्रभाविता नामक संकल्पना का स्पष्टीकरण-जैसा ज्ञात है कि प्रत्येक जीन में विषेष लक्षण को अभिव्यक्त (Experss) करने की क्षमता होती है। द्विगुणित जीव में प्रत्येक लक्षण को नियंत्रित करने वाली जीन के दो प्रारूप विद्यमान होते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि जीन के दोनों प्रारूप सदैव एक जैसे हों। इनमें से कभी-कभी भिन्नता के कारण परिवर्तन आ जाता है।

उदाहरण के लिये एक ऐसी जीन जिसमें एक विशेष एन्जाइम को उत्पन्न करने की सूचना है। इस जीन के दोनों प्रतिरूप इसके दो अलील रूप हैं। मान लेते हैं कि सामान्य अलील ऐसा एन्जाइम उत्पन्न करता है जो एक सबस्ट्रेट ‘S’ के रूपान्तरण के लिये जरूरी है। रूपान्तरित अलील निम्न में से किसी एक परिवर्तन हेतु उत्तरदायी हो सकता है-

  • सामान्य एन्जाइम या
  • कार्य अक्षम एंजाइम निर्मित करना या
  • एन्जाइम अनुपस्थित होना।

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प्रथम परिवर्तन में रूपान्तरित अलील ठीक अरूपांतरित अलील की जैसे कार्य कर रहा है अर्थात् यह सबस्ट्रेट ‘S’ को बदलकर वही फीनोटाइप (जो होना चाहिए) का उत्पादन करेगा। परन्तु जब अलील किसी भी प्रकार के एन्जाइम का उत्पादन नहीं करता या अक्षम एन्जाइम का उत्पादन करता है तो फीनोटाइप प्रभावित हो सकता है।

वस्तुत: फीनोटाइप अरूपान्तरित अलील के कार्य पर निर्भर होता है। सामान्यत: अरूपान्तरित अलील प्रभावी व रूपान्तरित अलील अप्रभावी होता है। अतः इस उदाहरण से स्पष्ट होता है कि अप्रभावी अलील के उपस्थित होने पर या तो एन्जाइम बनता ही नहीं है या फिर कार्य अक्षम होता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. मेंडल ने स्वतंत्र रूप से प्रजनन करने वाली मटर के पौधे की कितनी किस्मों को युग्मों के रूप में चुना जो विपरीत विशेषकों वाले एक लक्षण के अलावा एक समान थीं? (NEET-2020)
(अ) 2
(ब) 14
(स) 8
(द) 4
उत्तर:
(ब) 14

2. सही मिलान का चयन करो- (NEET-2020)
(अ) फेनिलकीटोन्यूरिया – अलिग क्रोमोसोम प्रभावी लक्षण
(ब) दात्र कोशिका अरक्तता – अलिग क्रोमोसोम अप्रभावी लक्षण, क्रोमोसोम- 11
(स) थैलेसीमिया – X संलग्न
(द) हीमोफीलिया – Y संलग्न
उत्तर:
(ब) दात्र कोशिका अरक्तता – अलिग क्रोमोसोम अप्रभावी लक्षण, क्रोमोसोम – 11

3. वंशागति के गुणसूत्र सिद्धान्त का प्रायोगिक प्रमाण किसने किया था? (NEET-2020)
(अ) सटन
(ब) बोवेरी
(स) मार्गन
(द) मेंडल
उत्तर:
(स) मार्गन

4. वह आनुवंशिक विकार कौन है, जिसमें एक व्यक्ति में मुख्यतः पौरुष विकास होता है, मादा लक्षण होते हैं और बांझ होता है – (NEET-2019)
(अ) डाउन सिन्ड्रोम
(ब) टर्नर सिन्ड्रोम
(स) क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम
(द) एडवर्ड सिन्ड्रोम
उत्तर:
(स) क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम

5. जीनों के बीच की दूरी के मापन के रूप में ही गुणसूत्र पर जीन युग्मों के बीच पुनर्योगजन की आवृति की व्याख्या किसके द्वारा की गई थी? (NEET-2019)
(अ) सटन बोवेरी
(ब) टी.एच. मार्गन
(स) ग्रेगर जे मेण्डल
(द) अलफ्रेड स्टुअर्टवेन्ट
उत्तर:
(द) अलफ्रेड स्टुअर्टवेन्ट

6. एंटीराइनम (स्नैपड्रेगन) में एक लाल पुष्प को श्वेत पुष्प के साथ प्रजनन किया तब F1 में गुलाबी पुष्प प्राप्त हुए। जब गुलाबी पुष्पों को स्वपरागित किया गया तब F2 में श्वेत, लाल और गुलाबी पुष्प प्रास हुए। निम्नलिखित में से गलत कथन का चयन कीजिए- (NEET-2019)
(अ) इस प्रयोग में पृथक्करण का नियम लागू नहीं होता
(ब) यह प्रयोग प्रभाविता के सिद्धान्त का अनुसरण नहीं करता
(स) F1 में गुलाबी रंग, अपूर्ण प्रभाविता के कारण आया।
(द) F2 का अनुपात 14 (लाल), 24 (गुलाबी), 14 (श्वेत) है।
उत्तर:
(स) F1 में गुलाबी रंग, अपूर्ण प्रभाविता के कारण आया।

7. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म गलत रूप में सुमेलित किया गया है- (NEET-2018)
(अ) XO प्रकार लिंग निर्धारण : टिड्डा
(ब) ABO रक्त समूहन : सहप्रभाविता
(स) मटर में मंड संश्लेषण : बहुविकल्पी
(द) टी.एच. मार्गन : सहलग्नता
उत्तर:
(स) मटर में मंड संश्लेषण : बहुविकल्पी

8. एक स्त्री के एक X- गुणसूत्र में X- संलग्न अवस्था है। यह गुणसूत्र किनमें वंशागत होगा? (NEET-2018)
(अ) केवल पोता-पोतियों/नाती-नातियों में
(ब) केवल पुत्रों में
(स) केवल पुत्रियों में
(द) पुत्रों व पुत्रियों दोनों में
उत्तर:
(द) पुत्रों व पुत्रियों दोनों में

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9. निम्नलिखित अभिलक्षणों में से कौनसे मनुष्य में रुधिर वर्गों की वंशागति को दर्शाते हैं- (NEET-2018)
(i) प्रभाविता
(ii) सहप्रभाविता
(iii) बहु अलील
(iv) अपूर्ण प्रभाविता
(v) बहुजीनी वंशागति

(अ) (ii), (iv) एवं (v)
(ब) (i), (ii) एवं (iii)
(स) (ii), (ii) एवं (v)
(द) (i), (iii) एवं (v)
उत्तर:
(ब) (i), (ii) एवं (iii)

10. यदि पति एवं पति का जीनोटाइप IAIB एवं IAi है। इनके बच्चों का रुधिर वर्गों में कितने जीनोटाइप एवं फीनोटाइप संभव है-
(NEET-2017)
(अ) 3 जीनोटाइप, 3 फीनोटाइप
(ब) 3 जीनोटाइप, 4 फीनोटाइप
(स) 4 जीनोटाइप, 3 फीनोटाइप
(द) 4 जीनोटाइप, 4 फीनोटाइप
उत्तर:
(स) 4 जीनोटाइप, 3 फीनोटाइप

11. एक रोग, जो अलिंगसूत्र प्राथमिक अवियोजन के कारण होता है, कौनसा है? (NEET-2017)
(अ) डाठन सिन्ड्रोम
(ब) क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम
(स) टर्नर सिन्ड्रोम
(द) दात्र कोशिका अरक्तता
उत्तर:
(अ) डाठन सिन्ड्रोम

12. निम्नलिखित में से मटर के कौनसे लक्षण पर मेंडल द्वारा अपने प्रयोगों में विचार नहीं गया था? (NEET-2017)
(अ) तना – लम्बा या बौना
(ब) त्वचारोम – ग्रंथिल या ग्रंधिल रहित
(स) बीज – हरा या पीला
(द) फली – फूली हुई या संकुचित
उत्तर:
(ब) त्वचारोम – ग्रंथिल या ग्रंधिल रहित

13. एक वर्णांध पुरुष एक ऐसी स्त्री से विवाह करता है जो सामान्य रंग दृष्टि के लिए समयुग्मजी है। उनके पुत्र के वर्णांध होने की संभावना क्या होगी? (NEET II-2016)
(अ) 0.75
(ब) 1
(स) 0
(द) 0.5
उत्तर:
(स) 0

14. कॉलम-I के शब्दों को कॉलम-II में दिए गए उनके वर्णन से मिलान कीजिए तथा सही विकल्प चुनिए- (NEET-2016)

कॉलम-Iकॉलम-II
1. प्रभाविता(i) अनेक जीन एकल लक्षण का नियंत्रण करते हैं।
2. सहप्रभाविता(ii) विषमयुग्मजी जीव में केवल एक ही अलील स्वयं को अभिव्यक्त करता है।
3. बहुप्रभाविता(iii) विषमयुग्मजी जीव में दोनों ही अलील स्वयं को पूरी तरह अभिव्यक्त करते हैं।
4. बहुजीनी वंशागति(iv) एकल जीन अनेक लक्षणों को प्रभावित करता है।
विकल्प :1234
(अ)(iv)(i)(ii)(iii)
(ब)(iv)(iii)(i)(ii)
(स)(ii)(i)(iv)(iii)
(द)(ii)(iii)(iv)(i)

उत्तर:

(द)(ii)(iii)(iv)(i)

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15. यदि दोनों ही जनक थैलेसीमिया, जो एक अलिंगसूत्री अप्रभावी विकार हैं, के लिए वाहक हैं तो गर्भधारण करने की क्या संभावनाएँ हैं जिसके फलस्वरूप प्रभावित बच्वा पैदा होगा- (NEET-2013)
(अ) कोई संभावना नहीं
(ब) 50%
(स) 25%
(द) 100%
उत्तर:
(स) 25%

16. ऐसे प्रसंकरण के द्वारा कौनसे मेंडलीय विचार प्रदर्शित होता है है जिसमें F1 पीढ़ी दोनों ही जनकों में मिलती है? (NEET-2013)
(अ) अपूर्ण प्रभाविता
(ब) प्रभाविता का नियम
(स) एक जीन की वंशागति
(द) सहप्रभाविता
उत्तर:
(द) सहप्रभाविता

17. एक मेंडलीय संकरण में, F2 पीढ़ी में पाया गया कि जीनी प्रारूपी तथा लक्षण प्रारूपी दोनों अनुपात एक समान 1: 2: 1 है, यह मामला क्या दर्शाता है ? (NEET-2012)
(अ) सह प्रभाविकता
(ब) द्विसंकर संकरण
(स) सम्पूर्ण प्रभाविकता वाला एक संकर संकरण
(द) अपूर्ण प्रभाविकता वाला एक संकर संकरण।
उत्तर:
(द) अपूर्ण प्रभाविकता वाला एक संकर संकरण।

18. मानव वंशावली विश्लेषण में निम्नलिखित में से कौनसा प्रतीक एवं जिस सूचना को प्रदर्शित करता है, सही मिलाया गया है- (NEET-2010)
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उत्तर:
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19. निम्नलिखित में से कौनसा एक लक्षण बहुजीनीय वंशागति का उदाहरण है- (NEET-2006)
(अ) मिरैविलिस जलापा में फूल का रंग
(ब) नर मधुमक्खी का उत्पादन
(स) उद्यान मटर में फलों की आकृति
(द) मानवों में त्वचा का रंग
उत्तर:
(द) मानवों में त्वचा का रंग

20. क्लाइनेफेल्टर्स सिन्ड्रोम में लिंग गुणसूत्र संघटक होते हैं- (BHU-2006)
(अ) 22 A+XXY
(ब) 22 A+XO
(स) 22 A+XY
(द) 22 A+XX
उत्तर:
(अ) 22 A+XXY

21. एक परिवार में पाँच पुत्रियाँ हैं तथा पुत्र नहीं हैं। छ्ठे बच्चे के लिए पुत्र की क्या सम्भावना होगी- (AFMC, 2000; CPMT-2005)
(अ) 50%
(ब) 75%
(स) पूर्ण
(द) कोई भी नहीं
उत्तर:
(अ) 50%

22. नीचे दिए जा रहे एक वंशावली चार्ट में एक खास लिंग-सहलग विशेषक (Trait) की वंशावली दर्शायी गयी है- (AIIMS-2005)
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ऊपर दिए गए वंशावली चार्ट के अध्ययन पश्चात् विशेषक कैसा है-
(अ) प्रभावी X- सहलग्न
(ब) अप्रभावी X- सहलग्न
(स) प्रभावी Y – सहलग्न
(द) अप्रभाव Y- सहलग्न
उत्तर:
(अ) प्रभावी X- सहलग्न

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[हल-पुरुषों में अप्रभावी जीन एकल X – सहलग्न प्रभावी जीन को फीनोटिपिकिली प्रदर्शित करती है जबकि महिला में लिंग से सम्बन्धित एकल क्रीनोटिपिकिल लक्षणों को निर्धारित करने के लिए दो X- सहलग्न जीनों की आवश्यकता होती है। अप्रभावी X – सहलग्न जीन्स में विशिष्ट क्रिस क्रॉस वंशागति पायी जाती है ।

23. एलील्स का निर्माण होता है- (MP. PMT-2005; Haryana PMT-2005)
(अ) जीन
(ब) गुणसूत्र
(स) DNA
(द) कोई नहीं
उत्तर:
(अ) जीन

24. मेंडल के नियम निम्न में से किसके लिए मान्य हैं- (MP PMT-2005)
(अ) अलैंगिक प्रजनन
(ब) लैंगिक प्रजनन
(स) कायिक प्रजनन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(ब) लैंगिक प्रजनन

25. मेंडल का पृथक्करण का नियम लागू होता है- (Wardha-2005)
(अ) केवल द्विसंकर क्रॉस के लिए
(ब) केवल एकसंकर क्रॉस के लिए
(स) दोनों द्विसंकर और एकसंकर क्रॉस के लिए
(द) द्विसंकर के लिए परन्तु एकसंकर के लिए नहीं।
उत्तर:
(स) दोनों द्विसंकर और एकसंकर क्रॉस के लिए

26. वंशानुगति की कार्यिकी इकाई होती है- (Haryana PMT-2005)
(अ) सिस्ट्रॉन
(ब) जीन
(स) इन्ट्रॉन
(द) गुणसूत्र
उत्तर:
(ब) जीन

27. निम्न में से कौन-सा रक्त समूह $\mathrm{A}$ रक्त समूह वालों को स्थानान्तरित किया जा सकता है? (MP PMT-2005)
(अ) A तथा O
(ब) AB तथा O
(स) AB
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(अ) A तथा O

28. ABO रक्त समूह का प्रतिपादक है- (BCECE-2005)
(अ) वीनर
(ब) लेविन
(स) फिशर
(द) लैण्डस्टीनर
उत्तर:
(द) लैण्डस्टीनर

29. गुणसत्र की 2 n-1 अवस्था होती है- (BHU-2005)
(अ) मोनोसोमी (Monosomy)
(ब) नलीसोमी (Nullisomy)
(स) ट्राइसोमी (Trisomy)
(द) टेट्रासोमी (Tetrasomy)
उत्तर:
(अ) मोनोसोमी (Monosomy)

30. वह अमीनो अम्ल जो कि सिकल सेल एनीमिया में प्रतिस्थापित हो जाता है- (Kerala CET-2004, 05)
(अ) वेलीन के लिए ग्लूटामिक अम्ल, α शृंखला में
(ब) वेलीन के लिए ग्लूटामिक अम्ल, β श्रृंखला में
(स) ग्लूटेमिक अम्ल के लिए वेलीन, α श्रृंखला में
(द) ग्लूटेमिक अम्ल के लिए वेलीन, β शृंखला में
उत्तर:
(द) ग्लूटेमिक अम्ल के लिए वेलीन, β शृंखला में

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31. मेंडल के मोनोहाइब्रिड (Monohybrid) क्रॉस का जीनोटिपिक अनुपात होता है- (MP PMT, 2005)
(अ) 1: 3
(ब) 3: 1
(स) 1: 2: 1
(द) 1: 1: 1: 1
उत्तर:
(स) 1: 2: 1

32. नर में लिंग सहलग्न लक्षण किसके द्वारा स्थानान्तरित होते हैं? (MP PMT-2004)
(अ) Y-गुणसूत्र
(ब) ऑटोसोम्स
(स) X- गुणसूत्र
(द) X व Y तथा ऑटोसोम्स
उत्तर:
(स) X- गुणसूत्र

[नोट-क्योंकि नर में केवल एक X गुणसूत्र होता है तथा Y गुणसूत्र बिना एलील के होता है। इसलिए नर में एकल अप्रभावी एलील अपना प्रभाव दिखाते हैं ]

33. यदि AA और aa के बीच क्रॉस कराया जाए तो F1 संतति का स्वभाव होगा (CPMT-2004)
(अ) जीनोटिपिकली AA, फीनोटिपिकली a
(ब) जीनोटिपिकली Aa, फीनोटिपिकली a
(स) जीनोटिपिकली Aa, फीनोटिपिकली A
(द) जीनोटिपिकली aa, फीनोटिपिकली A
उत्तर:
(ब) जीनोटिपिकली Aa, फीनोटिपिकली a

34. टर्नर सिन्ड्रोम किसका उदाहरण है- (Kerala PMT 2004)
(अ) मोनोसोमी
(स) ट्राईसोमी
(ब) बाई सोमी
(द) पोलीयनाइडी
उत्तर:
(अ) मोनोसोमी

35. ड्रोसोफिला मेलेनोगेस्टर में लिंग निर्धारण आधारित होता है- (AIEEE-2004)
(अ) XY गुणसूत्र की क्रियाविधि
(ब) ऑटोसोम्स और X गुणसूत्र के बीच आनुवंशिक संतुलन
(स) गुणसूत्र वातावरण की पारस्परिक क्रिया
(द) स्यूडोएलील्स
उत्तर:
(ब) ऑटोसोम्स और X गुणसूत्र के बीच आनुवंशिक संतुलन

36. डाउन सिन्ड्रोम की आवृत्ति में वृद्धि होती है, जब माता की आयु (Orissa JEE-2004)
(अ) 35 वर्ष से अधिक होती है।
(ब) 35 वर्ष से कम होती है
(स) प्रथम गर्भावस्था के समय
(द) तीन बच्चों की माता में
उत्तर:
(अ) 35 वर्ष से अधिक होती है।

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[ नोट- यह 1/700 जन्म लेने वाले बच्चों में पाया जाता है। इसमें महिला की उम्र 25 वर्ष या इससे कम होती है। इसकी आवृति उम्र के समय बढ़ती है। यह 40 वर्ष की महिला के लिए 1/100 तथा 45 वर्ष की महिला के लिए 1/10 होती है।]

37. गायनेकोमेस्टिया (Gynacomastia) लक्षण है- (KCET-2004)
(अ) क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम का
(ब) टर्नर्स सिन्ड्रोम का
(स) सार्स का
(द) डाउन्स सिन्ड्रोम का
उत्तर:
(अ) क्लाइनफेल्टर्स सिन्ड्रोम का

38. मनुष्य के लिए X गुणसूत्र पर स्थित अप्रभावी जीन सदैव- (CBSE PMT 2004 )
(अ) नर में अभिव्यक्त होते हैं
(ब) मादा में अभिव्यक्त होते हैं।
(स) घातक होते हैं
(द) अर्ध घातक होते हैं
उत्तर:
(अ) नर में अभिव्यक्त होते हैं

39. पाइसम सटाइवम में सहलग्न समूहों की संख्या क्या है- (BVP-2004)
(अ) 2
(ब) 5
(स) 7
(द) 9
उत्तर:
(स) 7

[ नोट उद्यान मटर के पौधों में गुणसूत्र के 7 जोड़े होते हैं और समान संख्या में सहलग्न समूह होते हैं ।

40. एक पुरुष जिसका रक्त समूह B है A रक्त समूह वाली महिला से विवाह करता है और उसकी पहली संतान का रक्त समूह B है तो उसकी संतान का जीनोटाइप क्या होगा- (CPMT 2004)
(अ) IaIb
(ब) IaIo
(स) IbIo
(द) IbIb
HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 5 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत 15

उत्तर:
(स) IbIo

41. एक पौधे में लाल रंग का फल (R) पीले रंग के फल (r) पर प्रभावी है तथा लम्बापन (T) बौनेपन (t) पर प्रभावी है। यदि RRTt जीनोटाइप के पौधे का क्रॉस rrtt वाले पौधे से कराते हैं, तब- (CBSE PMT 2004)
(अ) 75% लाल फल वाले लम्बे पौधे होंगे।
(ब) सभी सन्तति पौधे लाल फल वाले एवं लम्बे होंगे।
(स) 25% लाल फल वाले लम्बे पौधे होंगे।
(द) 50% लाल फल वाले लम्बे पौधे होंगे।
उत्तर:
(द) 50% लाल फल वाले लम्बे पौधे होंगे।

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42. सर्वत्र आदाता (Recipient ) का रक्त वर्ग कौन-सा है- (MP. PMT 2003)
(अ) AB
(स) B
(ब) A
(द) O
उत्तर:
(अ) AB

43. एक समयुग्मज अप्रभावी एवं विषमयुग्मज पौधों के बीच संकरण कहलाता है- (MHCET 2003)
(अ) एकसंकर संकरण
(ब) द्विसंकर संकरण
(स) परीक्षण क्रॉस
(द) पश्च क्रॉस
उत्तर:
(स) परीक्षण क्रॉस

44. एक टेस्ट क्रॉस में 1 : 1 फीनोटाइपिक अनुपात क्या प्रदर्शित करता है- (AIEEE 2003)
(अ) एलील्स सहप्रभावी हैं
(ब) जनक के प्रभावी फीनोटाइप हेटेरोजायगस थे
(स) एलील्स का स्वतन्त्र पृथक्करण होता है।
(द) एलील्स प्रभावी हैं।
उत्तर:
(ब) जनक के प्रभावी फीनोटाइप हेटेरोजायगस थे

45. मेंडल का प्रथम नियम है- (CPMT 2003)
(अ) वंशागति का नियम
(ब) विभिन्नता का नियम
(स) स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
(द) पृथक्करण का नियम
उत्तर:
(द) पृथक्करण का नियम

46. मेंडल ने मटर के पौधे का चयन किया क्योंकि- (BVP 2003)
(अ) ये सस्ते थे
(ब) उनमें सात जोड़े विपरीत प्रकार के लक्षण उपस्थित थे
(स) वे आसानी से मिल जाते थे
(द) वे अधिक आर्थिक महत्त्व के थे।
उत्तर:
(ब) उनमें सात जोड़े विपरीत प्रकार के लक्षण उपस्थित थे

47. मेंडल के नियम का अपवाद है – (PB PMT 2000; RPMT 2002)
(अ) स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम
(ब) पृथक्करण का नियम
(स) प्रभाविता का नियम
(द) सहलग्नता का नियम
उत्तर:
(द) सहलग्नता का नियम

48. यदि एक लाल पुष्प वाले समयुग्मजी पौधे का क्रॉस एक सफेद पुष्प वाले समयुग्मजी पौधे से कराया जाये तो संतति उत्पन्न होगी – ( AIIMS, 2002)
(अ) आधी लाल पुष्प वाली
(ब) आधी सफेद पुष्प वाली
(स) पूरी लाल पुष्प वाली
(द) आधी गुलाबी पुष्प वाली
उत्तर:
(स) पूरी लाल पुष्प वाली

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49. मेंडल का स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम किस पर लागू होता है- (Orissa PMT 2002)
(अ) सभी जीवों में सभी जीन्स पर
(ब) केवल मटर के सभी जीन्स पर
(स) सभी सहलग्न जीन्स पर
(द) केवल सभी असहलग्न जीन्स पर
उत्तर:
(द) केवल सभी असहलग्न जीन्स पर

[नोट- जो स्वतन्त्र रूप से संचरण करते हैं, जीन्स से सहलग्न नहीं होते।]

50. लैंगिक जनन बढ़ाता है- (CPMT 2002)
(अ) आनुवंशिक पुनसंयोजन
(ब) बहुगुणिता
(स) एन्यूप्लॉइडी (Anueploidy)
(द) यूप्लॉइडी (Euploidy)
उत्तर:
(अ) आनुवंशिक पुनसंयोजन

51. जब कोई जीन एक से अधिक रूपों में उपस्थित रहता है तो विभिन्न रूपों को कहते हैं- (CPMT 2002)
(अ) विषमयुग्मजी
(ब) पूरक जीन
(स) समजीनी ( Genotype)
(द) युग्मविकल्पी (Alleles)
उत्तर:
(द) युग्मविकल्पी (Alleles)

52. मेंडल के अनुसार निम्न में से कौन-सा प्रभावी लक्षण है- (AFMC 2000)
(अ) बौना पौधा व पीला फल
(ब) शीर्षस्थ फल व झुर्रीदार बीज
(स) सफेद बीजचोल व पीला पेरीकार्य
(द) हरा फल व गोल बीज
उत्तर:
(द) हरा फल व गोल बीज

[हल मेंडल के अनुसार फली का पीला रंग और झुर्रीदार बीज अप्रभावी लक्षण होते हैं।]

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53. पुरुषों में गुणसूत्र की स्थिति होती है- (JIPMER 2000)
(अ) 44 AA+XO
(स) 44 AA+XY
(ब) 44 AA+XX
(द) 44 AA+XXY
उत्तर:
(द) 44 AA+XXY

54. सहलग्नता का सर्वप्रथम अवलोकन किस पौधे में किया गया है- (AFMC 2000)
(अ) फील्ड मटर
(ब) घास मटर
(स) मीठी मटर
(द) मटर
उत्तर:
(स) मीठी मटर

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