Author name: Bhagya

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

Haryana State Board HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

HBSE 9th Class Physical Education शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Textbook Questions and Answers

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
शारीरिक शिक्षा से आप क्या समझते हैं? इसके लक्ष्यों पर प्रकाश डालिए। अथवा शारीरिक शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ बताएँ। इसके लक्ष्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ (Meaning and Definitions of Physical Education):
शारीरिक शिक्षा ऐसी शिक्षा है जो वैयक्तिक जीवन को समृद्ध बनाने में प्रेरक सिद्ध होती है। शारीरिक शिक्षा, शारीरिक विकास के साथ शुरू होती है और मानव-जीवन को पूर्णता की ओर ले जाती है, जिसके परिणामस्वरूप वह एक हृष्ट-पुष्ट और मजबूत शरीर, अच्छा स्वास्थ्य, मानसिक योग्यता और सामाजिक एवं भावनात्मक संतुलन रखने वाला व्यक्ति बन जाता है। ऐसा व्यक्ति किसी भी प्रकार की चुनौतियों अथवा परेशानियों से प्रभावी तरीके से लड़ने में सक्षम होता है। शारीरिक शिक्षा के विषय में विभिन्न शिक्षाशास्त्रियों के विचार निम्नलिखित हैं

1. सी० ए० बूचर (C.A. Bucher):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा, संपूर्ण शिक्षा पद्धति का एक अभिन्न अंग है, जिसका उद्देश्य नागरिक को शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक तथा सामाजिक रूप से शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से, जो गतिविधियाँ उनके परिणामों को दृष्टिगत रखकर चुनी गई हों, सक्षम बनाना है।”

2. सी० सी० कोवेल (C.C.Cowell):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा व्यक्ति-विशेष के सामाजिक व्यवहार में वह परिवर्तन है जो बड़ी माँसपेशियों तथा उनसे संबंधित गतिविधियों की प्रेरणा से उपजता है।”

3. जे० बी० नैश (J. B. Nash):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा, शिक्षा के संपूर्ण क्षेत्र का वह भाग है जो बड़ी माँसपेशियों से होने वाली क्रियाओं तथा उनसे संबंधित प्रतिक्रियाओं से संबंध रखता है।”

4. ए० आर० वेमैन (A. R. Wayman):
के मतानुसार, “शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह भाग है जिसका संबंध शारीरिक गतिविधियों द्वारा व्यक्ति के संपूर्ण विकास एवं प्रशिक्षण से है।” ।

5. आर० कैसिडी (R. Cassidy):
के अनुसार, “शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं।”

6. जे० एफ० विलियम्स (J. E. Williams):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा मनुष्य की उन शारीरिक क्रियाओं को कहते हैं, जो किसी विशेष लक्ष्य को लेकर चुनी और कराई गई हों।”

7. सी० एल० ब्राऊनवैल (C.L. Brownwell):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा उन परिपूर्ण एवं संतुलित अनुभवों का जोड़ है जो व्यक्ति को बहु-पेशीय प्रक्रियाओं में भाग लेने से प्राप्त होते हैं तथा उसकी अभिवृद्धि और विकास को चरम-सीमा तक बढ़ाते हैं।”

8. निक्सन व कोजन (Nixon and Cozan):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा, शिक्षा की पूर्ण क्रियाओं का वह भाग है जिसका संबंधशक्तिशाली माँसपेशियों की क्रियाओं और उनसे संबंधित क्रियाओं तथा उनके द्वारा व्यक्ति में होने वाले परिवर्तनों से है।”

9. डी०ऑबरटियूफर (D. Oberteuffer):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा उन अनुभवों का जोड़ है जो व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों से प्राप्त हुई है।”

उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी पहलू है जिसमें शारीरिक गतिविधियों या व्यायामों द्वारा व्यक्ति के विकास के प्रत्येक पक्ष प्रभावित होते हैं। यह व्यक्ति के व्यवहार और दृष्टिकोण में आवश्यक परिवर्तन करती है। इसका उद्देश्य न केवल व्यक्ति का शारीरिक विकास है, बल्कि यह मानसिक विकास, सामाजिक विकास, भावनात्मक विकास, बौद्धिक विकास, आध्यात्मिक विकास एवं नैतिक विकास में भी सहायक होती है अर्थात् यह व्यक्ति का संपूर्ण या सर्वांगीण विकास करती है। संक्षेप में, विभिन्न विद्वानों द्वारा दी गई परिभाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने से हमें निम्नलिखित जानकारी प्राप्त होती है

(1) शारीरिक शिक्षा साधारण शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण अंग है।
(2) शारीरिक शिक्षा का माध्यम शिक्षा के साथ-साथ क्रियाएँ हैं। जब तक ये क्रियाएँ शक्तिशाली नहीं होंगी, शरीर के सारे अंगों का पूरी तरह से विकास नहीं हो सकता।
(3) शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य केवल शारीरिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक विकास करना भी है।
(4) आज की शारीरिक शिक्षा वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें क्रियाओं का चुनाव इस प्रकार किया जाता है जिससे इसके उद्देश्य की पूर्ति की जा सके।
(5) शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाओं द्वारा व्यक्ति अपने शरीर में सुधार करता है और इसे मजबूत बनाता है।
(6) यह शिक्षा शरीर की कार्य-कुशलता व क्षमता में वृद्धि करती है।

शारीरिक शिक्षा के लक्ष्य (Aims of Physical Education)-शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य विद्यार्थी को इस प्रकार तैयार करना है कि वह एक सफल एवं स्वस्थ नागरिक बनकर अपने परिवार, समाज व राष्ट्र की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता या योग्यता उत्पन्न कर सके और समाज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनकर सफलता से जीवनयापन करते हुए जीवन का पूरा आनंद उठा सके। विभिन्न विद्वानों के अनुसार शारीरिक शिक्षा के लक्ष्य निम्नलिखित हैं

1.जे० एफ० विलियम्स (J. E. Williams):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य एक प्रकार का कुशल नेतृत्व तथा पर्याप्त समय प्रदान करना है, जिससे व्यक्तियों या संगठनों को इसमें भाग लेने के लिए पूरे-पूरे अवसर मिल सकें, जो शारीरिक रूप से आनंददायक, मानसिक दृष्टि से चुस्त तथा सामाजिक रूप से निपुण हों।”

2. जे० आर० शर्मन (J.R. Sherman):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य है कि व्यक्ति के अनुभव को इस हद तक प्रभावित करे कि वह अपनी क्षमता से समाज में अच्छे से रह सके, अपनी जरूरतों को बढ़ा सके, उन्नति कर सके तथा अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सक्षम हो सके।”

3. केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय (Central Ministry of Education):
के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा को प्रत्येक बच्चे को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाना चाहिए और उसमें ऐसे व्यक्तिगत एवं सामाजिक गुणों का विकास करना चाहिए ताकि वह दूसरों के साथ प्रसन्नता व खुशी से रह सके और एक अच्छा नागरिक बन सके।”

दी गई परिभाषाओं का अध्ययन करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है। इसके लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए जे०एफ० विलियम्स (J.E. Williams) ने भी कहा है कि “शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य मनुष्य के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।”

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 2.
शारीरिक शिक्षा से आपका क्या अभिप्राय है? इसके उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा का अर्थ (Meaning of Physical Education):
शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से व्यक्ति में एक चुनी हुई दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है।

शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य (Objectives of Physical Education):
उद्देश्य, लक्ष्य की तरह अदृश्य या अपूर्ण नहीं है, बल्कि ये साधारण भाषा में लिखे जाते हैं। ये किसी भी मापक द्वारा तोले जा सकते हैं। ये गिनती में बहुत अधिक हैं तथा किसी मुख्य स्थान पर जाने के लिए निर्धारक का काम करते हैं। नि:संदेह इनकी प्राप्ति व्यक्तियों तथा सिद्धांतों द्वारा ही होती है, परंतु प्रत्येक हालत में सब उद्देश्यों को प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसका भाव यह नहीं है कि उद्देश्यों का कोई महत्त्व ही नहीं है, इनके द्वारा ही बच्चों या विद्यार्थियों के आचरण में कई तरह के परिवर्तन तथा सुधार किए जा सकते हैं। विभिन्न विद्वानों ने शारीरिक शिक्षा के भिन्न-भिन्न उद्देश्य बताएँ हैं, जो निम्नलिखित प्रकार से हैं

1. हैगमैन तथा ब्राऊनवैल (Hagman and Brownwell) के अनुसार, शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(i) शारीरिक स्वास्थ्य में बढ़ोतरी करना (Increase in Physical Health)
(ii) गति या तकनीकी योग्यताओं में बढ़ोतरी करना (Increase in Motor Skills)
(iii) ज्ञान में वृद्धि करना (Increase in Knowledge)
(iv) अभिरुचि में सुधार लाना (Improvement in Aptitude)।

2. जे०बी०नैश (J. B. Nash) के अनुसार, शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(i) शारीरिक अंगों का विकास (Development of Organic)
(ii) नाड़ी-माँसपेशियों संबंधी विकास (Neuro Muscular Development)
(iii) अर्थ समझने की योग्यता का विकास (Development of Inter-pretative Ability)
(iv) भावनात्मक विकास (Emotional Development)।

3. बॅक वाल्टर (Buck Walter) ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को तीन भागों में विभाजित किया है
(i) सेहत या स्वास्थ्य में सुधार करना (Improvement in Health),
(ii) खाली समय का उचित प्रयोग (Proper or Worthy use of Leisure Time),
(iii) नैतिक आचरण (Ethical Character)।

4. लास्की (Laski) के अनुसार शारीरिक शिक्षा के पाँच उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(i) शारीरिक विकास (Physical Development),
(ii) नाड़ी-माँसपेशियों के समन्वय में विकास (Development of Neuro-Muscular Co-ordination),
(iii) भावनात्मक विकास (Emotional Development),
(iv) सामाजिक विकास (Social Development),
(v) बौद्धिक विकास (Intellectual Development)।

5. इरविन (Irwin) के अनुसार शारीरिक शिक्षा के पाँच उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(i) शारीरिक विकास (Physical Development),
(ii) भावनात्मक विकास (Emotional Development),
(iii) सामाजिक विकास (Social Development),
(iv) मानसिक विकास (Mental Development),
(v) मनोरंजक गतिविधियों में निपुणता या मनोरंजक विकास (Skill in Recreation Activities or Development of Recreation)।

6. चार्ल्स ए० बूचर (Charles A. Bucher) ने अपनी पुस्तक ‘शारीरिक शिक्षा की बुनियाद’ में शारीरिक शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य बताए हैं
(i) शारीरिक विकास (Physical Development),
(ii) गतिज विकास (Motor Development),
(iii) मानसिक विकास (Mental Development),
(iv) मानवीय संबंधों का विकास (Development of Human Relations)।

उपर्युक्त वर्णित उद्देश्यों के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि शारीरिक शिक्षा के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं
1.शारीरिक विकास (Physical Development):
शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाएँ शारीरिक विकास का माध्यम हैं । शारीरिक क्रियाएँ माँसपेशियों को मजबूत करने, रक्त का बहाव ठीक रखने, पाचन-शक्ति में बढ़ोतरी करने और श्वसन क्रिया को ठीक रखने में सहायक होती हैं। शारीरिक क्रियाएँ न केवल भिन्न-भिन्न प्रणालियों को स्वस्थ और ठीक रखती हैं, बल्कि उनके आकार, शक्ल और कुशलता में भी बढ़ोतरी करती हैं। शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाना और उसके व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू को निखारना है।

2. मानसिक विकास (Mental Development):
शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी होना चाहिए।शारीरिक शिक्षा ऐसी क्रियाएँ प्रदान करती हैं, जो व्यक्ति के दिमाग को उत्तेजित करती हैं। उदाहरणस्वरूप बास्केटबॉल की खेल के दौरान एक टीम के खिलाड़ियों ने विरोधी टीम के खिलाड़ियों से बॉल बचा कर रखनी होती है। इसके साथ अपना निशाना भी देखना होता है और अपनी शक्ति का अन्दाज़ा लगाकर बॉल को ऊपर बास्केट में डालना होता है। जो खिलाड़ी केवल शारीरिक तौर पर शक्तिशाली हो और मानसिक तौर पर उसकी प्रफुल्लता पूरी न हो, वह कभी अच्छा खिलाड़ी नहीं बन सकता। इसलिए खेल खेलने वाले व्यक्ति का शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी हो जाता है। शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है।

3. संवेगात्मक या भावनात्मक विकास (Emotional Development):
शारीरिक तौर पर स्वस्थ और मानसिक तौर पर चुस्त व्यक्ति भी कई बार बहुत भावुक हो जाते हैं। ये जीवन में साधारण समस्याओं को हंसते-हंसते सुलझा देने के स्थान पर उनको एक बड़ी समस्या बनाकर उनमें उलझ जाते हैं। वे अपनी खुशी, दुःख, पसन्द और ईर्ष्या को ज़रूरत से अधिक महत्ता देते हैं। ऐसा करने से उनका बहुमूल्य समय और शक्ति व्यर्थ चले जाते हैं और वे अच्छे परिणाम प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। खेलें शारीरिक भावनाओं पर नियन्त्रण करने की कला सिखाती हैं। शारीरिक शिक्षा कई प्रकार के ऐसे अवसर पैदा करती है, जिनसे शरीर का भावनात्मक या संवेगात्मक विकास होता है। खेल में बार-बार जीतना या हारना दोनों हालातों में भावनात्मक पहलू प्रभावित होते हैं। इससे खिलाड़ियों में भावनात्मक स्थिरता उत्पन्न होती है। इसलिए उन पर जीत-हार का बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। शारीरिक शिक्षा खिलाड़ियों को अपनी भावनाओं पर काबू रखना सिखाती है।

4. सामाजिक विकास (Social Development):
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसे समाज में मिल-जुलकर रहना पड़ता है। शारीरिक शिक्षा भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करती है। उनमें एकता व एकबद्धता लाती है। खेल में धर्म, जाति, श्रेणी, वर्ग या क्षेत्र आदि के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। इस तरह से शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक व नैतिक विकास में वृद्धि होती है; जैसे एक-दूसरे से. मिलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना, दूसरों की आज्ञा का पालन करना, बड़ों का सम्मान करना, नियमों का पालन करना आदि।

5. सांस्कृतिक विकास (Cultural Development)”
शारीरिक शिक्षा संबंधी खेल और क्रियाकलापों के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के व्यक्ति व खिलाड़ी आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानते हैं व उनके रीति-रिवाजों, परंपराओं और जीवन-शैली के बारे में परिचित होते हैं, जिससे सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

6. चरित्र या नैतिक निर्माण (Character or Moral Development):
यदि सभी व्यक्तियों को अपने आस-पास के सभी नियमों को निभाते हुए सरलता से जीवन जीना आ जाता है तो वे सुलझे हुए इंसान बन जाते हैं। खेलें खेलते हुए यदि खिलाड़ियों को रैफ़री का निर्णय पसन्द न भी आए तो भी वे उसकी आज्ञा का पालन हैं और कोई दुर्व्यवहार नहीं करते। इस प्रकार खेल के मैदान में ही आज्ञा पालन, सत्य बोलना, समय के पाबन्द रहना, अनुशासन में रहना, बड़ों का कहना मानना, छोटों से प्यार करना, पड़ोसियों के साथ मेल-जोल से रहना, आदि गुण सीखे जाते हैं।

7. गतिज विकास (Motor Development):
शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाएँ शरीर में ज्यादा-से-ज्यादा तालमेल बनाती हैं। अगर शारीरिक शिक्षा में उछलना, दौड़ना, फेंकना आदि क्रियाएँ न हों तो कोई भी उद्देश्य पूरा नहीं किया जा सकता। मानवीय शरीर में सही गतिज विकास तभी हो सकता है जब नाड़ी प्रणाली और माँसपेशीय प्रणाली का संबंध ठीक रहे। इससे कम थकावट और अधिक-से-अधिक कुशलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

निष्कर्ष (Conclusion)-दिए गए विवरण से स्पष्ट है कि शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों का क्षेत्र बहुत विशाल है। शारीरिक शिक्षा, एक सामान्य शिक्षा के रूप में शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक होती है। यह व्यक्ति या छात्र में आंतरिक कुशलताओं का विकास करती है और उसमें अनेक प्रकार के छुपे हुए गुणों को बाहर निकालती है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 3.
शिक्षा के क्षेत्र में शारीरिक शिक्षा क्यों आवश्यक है? वर्णन करें। अथवा हमें शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता किन कारणों से पड़ती है? वर्णन करें।
उत्तर:
शिक्षा के क्षेत्र में शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता या उपयोगिता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वर्तमान युग में शारीरिक शिक्षा पूरे विश्व के स्कूल-कॉलेजों में पाठ्यक्रम का महत्त्वपूर्ण अंग बन गई है। एच०सी० बॅक (H.C. Buck) के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा कार्यक्रम का वह भाग है जो माँसपेशियों के क्रियाकलापों के माध्यम से बच्चों की वृद्धि, विकास तथा शिक्षा से संबंधित है।” आज के मनुष्य को योजनाबद्ध खेलों और शारीरिक शिक्षा की बहुत आवश्यकता है। आधुनिक संदर्भ में शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता या उपयोगिता निम्नलिखित प्रकार से है

1. शारीरिक विकास (Physical Development):
शारीरिक विकास शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से होता है। शारीरिक क्रियाएँ माँसपेशियों को मजबूत, रक्त का संचार सही, पाचन-शक्ति में बढ़ोतरी तथा श्वसन क्रिया को ठीक रखती हैं। शारीरिक क्रियाएँ अलग-अलग प्रणालियों को स्वस्थ और ठीक रखती हैं । शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाना है। नियमित रूप में किया जाने वाला व्यायाम एक स्वस्थ जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्ति की निपुणता और सामर्थ्य में वृद्धि करता है। इस कारण शारीरिक क्रियाकलाप शारीरिक वृद्धि और विकास के लिए बहुत आवश्यक है।

2. नियमबद्ध वृद्धि एवं विकास (Harmonious Growth and Development):
नियमित रूप से वृद्धि और विकास शारीरिक शिक्षा का सबसे महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है। सभी सजीव वस्तुएँ वृद्धि करती हैं। जैसे एक छोटा-सा बीज बड़ा होकर एक भारी पेड़ बन जाता है। शारीरिक शिक्षा का संबंध भी वृद्धि और विकास से है। व्यायाम करने से माँसपेशियाँ मजबूत बनती हैं। नियमित रूप से किया जाने वाला शारीरिक अभ्यास विभिन्न अंगों में वृद्धि एवं विकास करता है। इसलिए आज हमें इसकी बहुत आवश्यकता है।

3. अच्छे नागरिक के गुणों का विकास (Development of Qualities of Good Citizen):
शारीरिक शिक्षा खेलकूद के माध्यम से अच्छे नागरिकों के गुणों को विकसित करती है; जैसे खेलों के नियमों की पालना करना, खेलों में आपसी तालमेल बनाना, हार व जीत में संयम रखना, दूसरों का आदर करना, देशभक्ति की भावना आदि।

4. मानसिक विकास (Mental Development):
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी होना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों के मिलाप से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक क्रियाओं में भाग लेता है तो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसका मानसिक विकास भी होता है।

5. नेतृत्व का विकास (Development of Leadership):
शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व करने के अनेक अवसर होते हैं। उदाहरणतया, हॉकी की टीम के कैप्टन को निष्पक्षता और समझदारी से खेलना पड़ता है। कई बार प्रतियोगिताओं का आयोजन करना भी नेतृत्व के गुणों के विकास में सहायक होता है। इसलिए हमें शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता पड़ती है।

6. गतिज विकास (Motor Development):
शारीरिक क्रियाएँ शरीर में अधिक-से-अधिक तालमेल बढ़ाती हैं। यदि शारीरिक क्रियाओं में कूदना, दौड़ना, फेंकना आदि न हो तो कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। मानवीय शरीर में सही गतिज विकास तभी हो सकता है जब नाड़ी प्रणाली और माँसपेशी प्रणाली का संबंध ठीक रहे। शारीरिक शिक्षा विभिन्न शारीरिक प्रणालियों की कार्यक्षमता को सुचारु करने में सहायक होती है।

7. भावनात्मक विकास (Emotional Development):
शारीरिक क्रियाएँ कई प्रकार के ऐसे अवसर पैदा करती हैं जिनसे भावनात्मक विकास होता है। खेल में बार-बार विजयी होना या हारना, दोनों अवस्थाओं में भावनात्मक स्थिरता आती है। इसलिए खिलाड़ी पर जीत-हार का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सिखाती है। जिस व्यक्ति का अपने संवेगों पर नियंत्रण होता है वह सफलता की ओर अग्रसर होता है। इसलिए हमें शारीरिक शिक्षा की अधिक आवश्यकता है।

8. सामाजिक विकास (Social Development):
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज में मिल-जुलकर सम्मानपूर्वक जीना चाहता है। शारीरिक शिक्षा की क्रियाओं द्वारा व्यक्ति का सामाजिक विकास होता है जैसे कि एक-दूसरे को सहयोग देना, दूसरों का सम्मान करना और आज्ञा का पालन करना, अनुशासन, वफादारी, सहनशीलता, सदाचार, नियमों व कर्त्तव्यों की पालना, नियमबद्धता इत्यादि। ये सभी गुण मित्रता और भाईचारे में वृद्धि करते हैं। इसलिए शारीरिक शिक्षा हमारे लिए उपयोगी एवं आवश्यक है।

9. स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान (Knowledge of Health Education):
स्वस्थ जीवन के लिए स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी होना आवश्यक है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को एक अच्छा जीवन व्यतीत करने का मार्ग दर्शाती है। शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा के
अंतर्गत जन-संपर्क के रूप में कार्य करती है, जो सेहत और रोगों से संबंधी जानकारी प्रदान करती है। यह लोगों को अपनी आदतों और जीवन व्यतीत करने के तौर-तरीकों का विकास करने की प्रेरणा देती है।

निष्कर्ष (Conclusion)-उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि शारीरिक गतिविधियाँ नियमित रूप से वृद्धि करने में सहायक होती हैं। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में हमें शारीरिक शिक्षा की अति आवश्यकता पड़ती है। इसकी उपयोगिता देखते हुए इसका क्षेत्र दिन-प्रतिदिन विस्तृत होता जा रहा है। अतः हम यह कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा को हमें विशाल स्तर पर सर्व-प्रिय बनाना चाहिए और इसे न केवल शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित रखना चाहिए बल्कि इसे ग्रामीण या अन्य क्षेत्रों तक भी पहुँचाना चाहिए।

प्रश्न 4.
आधुनिक संदर्भ में शारीरिक शिक्षा के महत्त्व का वर्णन कीजिए। अथवा शारीरिक शिक्षा का क्या महत्त्व है? वर्णन करें।
उत्तर:
आज का युग एक मशीनी व वैज्ञानिक युग है, जिसमें मनुष्य स्वयं मशीन बनकर रह गया है। इसकी शारीरिक शक्ति खतरे में पड़ गई है। मनुष्य पर मानसिक तनाव और कई प्रकार की बीमारियों का संक्रमण बढ़ रहा है। मनुष्य को नीरोग एवं स्वस्थ रखने में शारीरिक शिक्षा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शारीरिक शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए रूसो (Rousseau) ने कहा”शारीरिक शिक्षा शरीर का एक मजबूत ढाँचा है जो मस्तिष्क के कार्य को निश्चित तथा आसान करता है।” शारीरिक शिक्षा के महत्त्व को निम्नलिखित प्रकार से समझा जा सकता है

1. शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है (Physical Education is Useful for Health):
अच्छा स्वास्थ्य अच्छी जलवायु की उपज नहीं, बल्कि यह अच्छी खुराक, व्यक्तिगत स्वच्छता, उचित आराम, अनावश्यक चिंताओं से मुक्ति और रोग-रहित जीवन है। आवश्यक डॉक्टरी सहायता भी स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए ज़रूरी है। बहुत ज्यादा कसरत करना, परन्तु आवश्यक खुराक न खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जो व्यक्ति खेलों में भाग लेते हैं, उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है। खेलों में भाग लेने से शरीर की सारी शारीरिक प्रणालियाँ सही ढंग से काम करने लग जाती हैं। ये प्रणालियाँ शरीर में हुई थोड़ी-सी कमी या बढ़ोतरी को भी सहन कर लेती हैं। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति खेलों में अवश्य भाग ले। आधुनिक युग में शारीरिक शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ० राधाकृष्णन (Dr. Radha Krishanan) ने कहा है, “मजबूत शारीरिक नींव के बिना कोई राष्ट्र महान नहीं बन सकता।”.

2. शारीरिक शिक्षा हानिकारक मनोवैज्ञानिक व्याधियों को कम करती है (Physical Education decreases Harmful Psychological Disorders):
आधुनिक संसार में व्यक्ति का ज्यादा काम दिमागी हो गया है। जैसे प्रोफैसर, वैज्ञानिक, गणित-शास्त्री, दार्शनिक आदि सारे व्यक्ति मानसिक कामों से जुड़े हुए हैं। मानसिक काम से हमारे स्नायु संस्थान (Nervous System) पर दबाव बढ़ता है। इस दबाव को कम करने के लिए काम में परिवर्तन आवश्यक है। यह परिवर्तन मानसिक शांति पैदा करता है। सबसे लाभदायक परिवर्तन शारीरिक कसरतें हैं। जे०बी० नैश (J.B. Nash) का कहना है कि “जब कोई विचार दिमाग में आ जाता है तो हालात बदलने पर भी दिमाग में चक्कर लगाता रहता है।” अतः स्पष्ट है कि शारीरिक क्रियाएँ करने से हमारी मानसिक थकान कम होती है।

3. शारीरिक शिक्षा भीड़-भाड़ वाले जीवन के दुष्प्रभाव को कम करती है (Physical Education decreases the side effects of Congested Life):
आजकल शहरों में जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। इस बढ़ी हुई जनसंख्या के कारण कई समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। शहरों में यातायात वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। मोटरों, गाड़ियों और फैक्टरियों का धुआँ निरंतर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। अतः शारीरिक शिक्षा से लोगों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। विभिन्न क्षेत्रों में शारीरिक शिक्षा संबंधी खेल क्लब बनाकर लोगों को अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

4. शारीरिक शिक्षा सुस्त जीवन के बुरे प्रभावों को कम करती है (Physical Education corrects the harmful effects of Lazy Life):
आज का युग मशीनी है। दिनों का काम कुछ घण्टों में हो जाता है. जिसके कारण. मनुष्य के पास काफी समय बच जाता है जो गुजारना बहुत मुश्किल होता है। बिना काम के जीवन सुस्त और क्रिया-रहित हो जाता है। ऐसी हालत में लोगों को दौड़ने-कूदने के मौके देकर उनका स्वास्थ्य ठीक रखा जा सकता है। जब तक व्यक्ति योजनाबद्ध तरीके से खेलों और शारीरिक क्रियाओं में भाग नहीं लेगा, तब तक वह अपने स्वास्थ्य को अधिक दिनों तक तंदुरुस्त नहीं रख पाएगा।

5. शारीरिक शिक्षा सम्पूर्ण व्यक्तित्व बनाने में सहायता करती है (Physical Education helps in making Proper Personality):
शारीरिक शिक्षा मनुष्य के सम्पूर्ण व्यक्तित्व में बढ़ोतरी करती है। यह बहु-पक्षीय प्रगति करती है। इससे शरीर के प्रत्येक पक्ष का विकास होता है, जिससे मनुष्य का सम्पूर्ण व्यक्तित्व बनता है।

6. शारीरिक शिक्षा मनोरंजन प्रदान करती है (Physical Education provides the Recreation):
मनोरंजन जीवन का महत्त्वपूर्ण अंग है। मनोरंजन व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक खुशी प्रदान करता है। इसमें व्यक्ति निजी प्रसन्नता और संतुष्टि के कारण अपनी इच्छा से भाग लेता है। शारीरिक शिक्षा और मनोरंजन में गहरा संबंध है। शारीरिक शिक्षा मनुष्य को कई प्रकार की क्रियाएँ प्रदान करती है जिससे उसको मनोरंजन प्राप्त होता है।

7. शारीरिक शिक्षा शारीरिक संस्थानों का ज्ञान प्रदान करती है (Physical Education Provides the Knowledge of Human Body System):
शारीरिक शिक्षा मानवीय शरीर की सभी प्रणालियों का ज्ञान प्रदान करती है। यह किसी भी व्यक्ति के . शरीर की विभिन्न प्रणालियों पर व्यायाम द्वारा पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी देती है। यह विभिन्न रोगों से व्यक्ति को अपने शारीरिक अंगों की रक्षा करने संबंधी जानकारी देती है।

8. खाली समय का सही उपयोग (Proper Use of Leisure Time):
शारीरिक शिक्षा खाली समय के सही उपयोग में सहायक होती है। खाली समय में व्यक्ति शारीरिक क्रियाकलापों द्वारा कोई अच्छा कार्य कर सकता है। जैसे कि वह खाली समय में कोई खेल, खेल सकता है। यदि वह बाहर जाकर नहीं खेल सकता तो घर में ही खेल सकता है जिससे व्यक्ति का मन सामाजिक कुरीतियों की तरफ नहीं जाता।

9. अच्छे नागरिक के गुणों का विकास (Development Qualities of Good Citizen):
शारीरिक शिक्षा खेलकूद के माध्यम से अच्छे नागरिकों के गुणों को विकसित करती है। जैसे खेलों के नियमों की पालना करना, खेलों में आपसी तालमेल बनाना, हार व जीत में संयम रखना, दूसरों के प्रति आदर व सम्मान की भावना, देशभक्ति की भावना जो लोकतांत्रिक जीवन में आवश्यक है, को विकसित करती है। 1

10. सांस्कृतिक विकास (Cultural Development):
शारीरिक शिक्षा खेल व शारीरिक गतिविधियों की प्रक्रिया है। खेलों और क्रियाकलापों के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के खिलाड़ी आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानते हैं। वे एक-दूसरे के रीति-रिवाज़ों, परंपराओं और जीवन-शैली से परिचित होते हैं, जिससे सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

11. राष्ट्रीय एकता का विकास (Development of National Integration):
शारीरिक शिक्षा एक ऐसा माध्यम है, जिससे राष्ट्रीय एकता में वृद्धि की जा सकती है। खेलें खिलाड़ियों में सांप्रदायिकता, असमानता, प्रांतवाद और भाषावाद जैसे अवगुणों को दूर करती है। इसमें खिलाड़ियों को ऐसे अनेक अवसर मिलते हैं, जब उनमें सहनशीलता, सामाजिकता, बड़ों का सत्कार और देश-भक्ति की भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। ये गुण उनमें राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं और उनके व्यक्तित्व को विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार खेलकूद में भाग लेने से मातृत्व या राष्ट्रीयता की भावना विकसित होती है। ..

12. शारीरिक शिक्षा और सामाजिक एकता (Physical Education and Social Cohesion):
सामाजिक जीवन में कई तरह की भिन्नताएँ होती हैं; जैसे अलग भाषा, अलग संस्कृति, रंग-रूप, अमीरी-गरीबी, शक्तिशाली-कमज़ोर आदि । इन भिन्नताओं के बावजूद मनुष्य को सामाजिक इकाई में रहना पड़ता है। शारीरिक शिक्षा भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करती है। उनमें एकता व एकबद्धता लाती है।खेल में धर्म, जाति, श्रेणी, वर्ग या क्षेत्र आदि के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। इस तरह से शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक व नैतिक विकास में वृद्धि होती है; जैसे एक-दूसरे से मिलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना, दूसरों की आज्ञा का पालन करना, बड़ों का सम्मान करना, नियमों का पालन करना आदि।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 5.
शारीरिक शिक्षा के मुख्य सिद्धांतों का वर्णन करें। उत्तर-शारीरिक शिक्षा के मुख्य सिद्धांत निम्नलिखित हैं
(1) शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा का एक अभिन्न अंग है जो व्यक्ति के संपूर्ण विकास में सहायक होता है।

(2) शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों को शामिल किया जाता है जिनमें भाग लेकर छात्र या व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करने में समर्थ हो सके। इससे अच्छे संवेगों का विकास होता है और बुरे संवेगों का निकास होता है।

(3) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम या गतिविधियाँ ज्ञान संबंधी तथ्यों को सीखने में योगदान देती हैं।

(4) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम गतिक कौशल, शारीरिक सुयोग्यता एवं पुष्टि तथा स्वास्थ्य में सुधार करने वाले होने चाहिएँ। .

(5) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम छात्रों की रुचियों, आवश्यकताओं एवं पर्यावरण पर आधारित होने चाहिएँ।

(6) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रमों में छात्रों का पूर्ण चिकित्सा-परीक्षण किया जाना चाहिए, क्योंकि बिना चिकित्सा परीक्षण के किसी को यह पता नहीं चल सकता कि छात्र किस प्रकार की असमर्थता का सामना कर रहा है।

(7) शारीरिक शिक्षा का महत्त्वपूर्ण माध्यम शारीरिक क्रियाएँ हैं। जब तक ये क्रियाएँ व्यवस्थित एवं प्रभावशाली नहीं होंगी, तब तक व्यक्ति या छात्रों के सभी अंगों का पूरी तरह से विकास नहीं हो सकता।

(8) शारीरिक शिक्षा के सिद्धांत वैज्ञानिक प्रक्रिया पर आधारित हैं। इसमें क्रियाओं का चुनाव इस प्रकार से किया जाना चाहिए कि इसके उद्देश्यों की पूर्ति पूर्णत: की जा सके।

(9) शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों द्वारा छात्रों के आचरण में कई प्रकार के महत्त्वपूर्ण परिवर्तन एवं सुधार किए जा सकते हैं; जैसे नियमों की पालना करना, सहयोग देना, दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना आदि।

(10) शारीरिक शिक्षा के बारे में जानकारी सामान्य भाषा में देनी चाहिए और यह जानकारी भरपूर होनी चाहिए।

(11) शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों को भी शामिल करना चाहिए जिनमें छात्रों की स्वाभाविक इच्छाओं एवं आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।

(12) शारीरिक क्रियाओं का चयन छात्रों की आयु, लिंग के अनुसार होना चाहिए।

प्रश्न 6.
संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में शारीरिक शिक्षा का क्या योगदान है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास को अपना उद्देश्य बनाती है। संक्षेप में, हम कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा मनुष्य के संपूर्ण विकास में सहायक होती है। यह बात निम्नलिखित तथ्यों से स्पष्ट होती है
1. नेतृत्व का विकास (Development of Leadership):
शारीरिक शिक्षा में नेतृत्व करने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं; जैसे क्रिकेट टीम में टीम का कैप्टन, निष्पक्षता, सूझ-बूझ और भावपूर्ण ढंग से खेल की रणनीति तैयार करता है। जब किसी खेल के नेता को खेल से पहले शरीर गर्माने के लिए नियुक्त किया जाता है, तब भी नेतृत्व की शिक्षा दी जाती है। कई बार प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन करना भी नेतृत्व के विकास में सहायता करता है।

2. अनुशासन का विकास (Development of Discipline):
शारीरिक शिक्षा हमें अनुशासन का अमूल्य गुण भी सिखाती है। हमें अनुशासन में रहते हुए और खेल के नियमों का पालन करते हुए खेलना पड़ता है। इस प्रकार खेल अनुशासन की भावना में वृद्धि करते हैं। खेल में अयोग्य करार दिए जाने के डर से खिलाड़ी अनुशासन भंग नहीं करते। वे अनुशासन में रहकर ही खेलते हैं।

3. सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार का विकास (Development of Sympathetic Attitude):
खेल के दौरान यदि कोई खिलाड़ी घायल हो जाता है तो दूसरे सभी खिलाड़ी उसके प्रति हमदर्दी की भावना रखते हैं। ऐसा फुटबॉल अथवा क्रिकेट खेलते समय देखा भी जा सकता है। जब भी किसी खिलाड़ी को चोट लगती है तो सभी खिलाड़ी हमदर्दी प्रकट करते हुए उसकी सहायता के लिए दौड़ते हैं। यह गुण व्यक्तित्व निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

4. अच्छे नागरिक के गुणों का विकास (Development of Qualities of Good Citizen):
शारीरिक शिक्षा खेलकूद के माध्यम से अच्छे नागरिकों के गुणों को विकसित करती है। जैसे खेलों के नियमों की पालना करना, खेलों में आपसी तालमेल बनाना, हार व जीत में संयम रखना, दूसरों के प्रति आदर व सम्मान की भावना, देशभक्ति की भावना आदि।

5.शारीरिक विकास (Physical Development):
शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाएँ शारीरिक विकास का माध्यम हैं। शारीरिक क्रियाएँ माँसपेशियों को मजबूत, रक्त का बहाव ठीक रखने, पाचन-शक्ति में बढ़ोतरी और श्वसन क्रिया को ठीक रखने में सहायक हैं। शारीरिक क्रियाओं से खिलाड़ी या व्यक्ति का शरीर मजबूत, शक्तिशाली, लचकदार और प्रभावशाली बनता है।

6. मानसिक विकास (Physical Development):
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी होना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों के मिलाप से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक क्रियाओं में भाग लेता है तो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसका मानसिक विकास भी होता हैं।

7. उच्च नैतिकता की शिक्षा (Lesson of High Morality):
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति में खेल-भावना (Sportsmanship) उत्पन्न करती है। यह इस बात में भी सहायता करती है कि खिलाड़ी का स्तर नैतिक दृष्टि से ऊँचा रहे तथा वह पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अपने उद्देश्य की ओर अग्रसर होता रहे। संक्षेप में, शारीरिक शिक्षा खिलाड़ी का उच्च स्तर का नैतिक विकास करने में सहायक होती है।

8. भावनात्मक संतुलन (Emotional Balance):
भावनात्मक संतुलन भी व्यक्तित्व के पूर्ण विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शारीरिक शिक्षा और खेलों द्वारा पैदा होता है। शारीरिक शिक्षा खिलाड़ी में अनेक प्रकार से भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है। बच्चे को बताया जाता है कि वह विजय प्राप्त करने के बाद आवश्यकता से अधिक प्रसन्न न हो और हार के गम को भी । सहज भाव से ले। इस तरह भावनात्मक संतुलन एक अच्छे व्यक्तित्व के लिए अत्यावश्यक है।

9. सामाजिक विकास (Social Development):
शारीरिक शिक्षा समूचे व्यक्तित्व का विकास इस दृष्टि से भी करती है कि व्यक्ति में अनेक प्रकार के सामाजिक गुण आ जाते हैं। उदाहरणतया सहयोग, टीम भावना, उत्तरदायित्व की भावना और नेतृत्व जैसे गुण भी बच्चे में खेलों द्वारा ही उत्पन्न होते हैं। ये गुण बड़ा होने पर अधिक विकसित हो जाते हैं। फलस्वरूप बच्चा एक अच्छा नागरिक बनता है।

10. अच्छी आदतों का विकास (Development of Good Habits):
अच्छी आदतें व्यक्तित्व की कुंजी होती हैं । शारीरिक शिक्षा से खिलाड़ी.या व्यक्ति में अच्छी आदतों का विकास होता है; जैसे दूसरों का आदर व सम्मान करना, बड़ों का आदर करना, समय का पाबंद होना, नियमों का पालन करना, समय पर भोजन करना, व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना आदि। ये सभी संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)-उपर्युक्त विवरण से हम कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा व्यक्तियों या बच्चों में न केवल भीतरी गुणों को ही व्यक्त करती है, अपितु यह उनके व्यक्तित्व के विकास में भी सहायक होती है। यह उनमें कई प्रकार के सामाजिक व नैतिक गुण पैदा करती है और उनमें भावनात्मक संतुलन बनाए रखती है। शारीरिक क्रियाओं द्वारा व्यक्ति में कुर्बानी, निष्पक्षता, मित्रता की भावना, सहयोग, स्व-नियंत्रण, आत्म-विश्वास और आज्ञा की पालना करने जैसे गुणों का विकास होता है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 7.
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक के व्यक्तिगत गुणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक के व्यक्तिगत गुण निम्नलिखित हैं

1. व्यक्तित्व (Personality):
अच्छा व्यक्तित्व शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का सबसे बड़ा गुण है, क्योंकि व्यक्तित्व बहुत सारे गुणों का समूह है। एक अच्छे व्यक्तित्व वाले अध्यापक में अच्छे गुण; जैसे कि सहनशीलता, पक्का इरादा, अच्छा चरित्र, सच्चाई, समझदारी, ईमानदारी, मेल-मिलाप की भावना, निष्पक्षता, धैर्य, विश्वास आदि होने चाहिएँ।

2. चरित्र (Character):
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक एक अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति होना चाहिए, क्योंकि उसका सीधा संबंध विद्यार्थियों से होता है। यदि उसके अपने चरित्र में कमियाँ हैं तो वह कभी भी विद्यार्थियों के चरित्र को ऊँचा नहीं उठा पाएगा।

3. नेतृत्व के गुण (Qualities of Leadership):
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक में एक अच्छे नेता के गुण होने चाहिएँ क्योंकि उसने ही विद्यार्थियों से शारीरिक क्रियाएँ करवानी होती हैं और उनसे क्रियाएँ करवाने के लिए सहयोग लेना होता है। यह तभी संभव है जब शारीरिक शिक्षा का अध्यापक अच्छे नेतृत्व वाले गुण अपनाए।

4. दृढ़ इच्छा शक्ति (Strong Will Power):
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक दृढ़ इच्छा शक्ति या पक्के इरादे वाला होना चाहिए। वह विद्यार्थियों में दृढ़ इच्छा शक्ति की भावना पैदा करके उन्हें मुश्किल-से-मुश्किल प्रतियोगिताओं में भी जीत प्राप्त करने के लिए प्रेरित करे।

5. अनुशासन (Discipline):
अनुशासन एक बहुत महत्त्वपूर्ण गुण है और इसकी जीवन के हर क्षेत्र में जरूरत है। शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भी बच्चों में अनुशासन की भावना पैदा करना है। शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों में निडरता, आत्मनिर्भरता, दुःख में धीरज रखना जैसे गुण पैदा करता है। इसलिए जरूरी है कि शारीरिक शिक्षा का अध्यापक खुद अनुशासन में रहकर बच्चों में अनुशासन की आदतों का विकास करे ताकि बच्चे एक अच्छे समाज की नींव रख सकें।

6. आत्म-विश्वास (Self-confidence):
किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्म-विश्वास का होना बहुत आवश्यक है। शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों में आत्म-विश्वास की भावना पैदा करके उन्हें निडर, बलवान और हर दुःख में धीरज रखने वाले गुण पैदा कर सकता है।

7. सहयोग (Co-operation):
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का सबसे बड़ा गुण सहयोग की भावना है। शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का संबंध केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं है बल्कि मुख्याध्यापक, बच्चों के माता-पिता और समाज से भी है।

8. सहनशीलता (Tolerance):
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों से अलग-अलग क्रियाएँ करवाता है। इन क्रियाओं में बच्चे बहुत सारी गलतियाँ करते हैं। उस वक्त शारीरिक शिक्षा के अध्यापक को सहनशील रहकर उनकी गलतियों पर गुस्सा न करते हुए गलतियाँ दूर करनी चाहिएँ। यह तभी हो सकता है अगर शारीरिक शिक्षा का अध्यापक सहनशीलता जैसे गुण का धनी हो।

9.त्याग की भावना (Spirit of Sacrifice):
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक में त्याग की भावना का होना बहुत जरूरी है। त्याग की भावना से ही अध्यापक बच्चों को प्राथमिक प्रशिक्षण अच्छी तरह देकर उन्हें अच्छे खिलाड़ी बना सकता है। –

10. न्यायसंगत (Fairness):
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक न्यायसंगत या न्यायप्रिय होना चाहिए, क्योंकि अध्यापक को न केवल शारीरिक क्रियाएँ ही करवानी होती हैं बल्कि अलग-अलग टीमों में खिलाड़ियों का चुनाव करने जैसे निर्णय भी लेने होते हैं। न्यायप्रिय और निष्पक्ष रहने वाला अध्यापक ही बच्चों से सम्मान प्राप्त कर सकता है।

प्रश्न 8.
शारीरिक शिक्षा के बारे में क्या-क्या गलत धारणाएँ या भ्रांतियाँ प्रचलित हैं? वर्णन करें।
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से व्यक्ति में एक चुनी हुई दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है। अत:शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के संपूर्ण (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक आदि) व्यक्तित्व का विकास होता है।

शारीरिक शिक्षा के बारे में गलत धारणाएँ (Misconception about Physical Education):
शारीरिक शिक्षा के बारे में लोगों की अलग-अलग धारणाएँ हैं। कुछ लोग शारीरिक शिक्षा को क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स आदि समझ लेते हैं। इसके कारण इस विषय संबंधी गलत धारणाएँ प्रचलित हो जाती हैं। इस विषय संबंधी कुछ भ्रांतियाँ या गलत धारणाएँ निम्नलिखित हैं

(1) यह एक आम भ्रांति है कि शारीरिक प्रशिक्षण और शारीरिक शिक्षा एक ही वस्तु है। परंतु ये दोनों भिन्न शब्द हैं। प्रशिक्षण वह कार्यक्रम है जो सेना में सैनिकों को शक्ति या शौर्य प्रदर्शन हेतु दिया जाता है। दूसरी ओर शारीरिक शिक्षा का अर्थ है-अभिव्यक्ति, आत्म-अनुशासन, कल्पनाशील विचार, आयोजन में भाग लेना आदि।

(2) लोगों की यह आम धारणा है कि शारीरिक शिक्षा के द्वारा शरीर को ही स्वस्थ बनाया जा सकता है। शारीरिक शिक्षा का संबंध केवल शारीरिक स्फूर्ति को बनाए रखने वाली शारीरिक क्रियाओं अथवा व्यायाम से ही है। अत: कोई भी इस प्रकार की क्रिया जिसका उद्देश्य व्यायाम करने से या शरीर को स्फूर्ति प्रदान करना हो, शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत मानी जाती है। परन्तु
यह धारणा गलत है।

(3) कुछ लोग मानते हैं कि शारीरिक शिक्षा द्वारा वे अपने बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल नहीं कर सकते। उनका मानना है कि यह समय एवं पैसे की बर्बादी है जो कि ग़लत धारणा है। वास्तव में शारीरिक शिक्षा से बच्चों को आगे बढ़ने की शक्ति एवं प्रेरणा मिलती है। यह उनका पूर्ण रूप से शारीरिक विकास करने में सहायक होती है जिसके कारण वे सभी कार्य अधिक कुशलता एवं क्षमता से करने में समर्थ होते हैं।

(4) कुछ लोग यह सोचते हैं कि शारीरिक शिक्षा व्यक्ति या खिलाड़ी के लिए कोई कैरियर या व्यवसाय नहीं है। परन्तु यह गलत है, क्योंकि वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों में खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में आरक्षण दिया जा रहा है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में खिलाड़ियों के चयन की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

(5) कुछ लोगों की धारणा है कि शारीरिक शिक्षा केवल खेल है। खेल के लिए किसी प्रकार के निर्देश की आवश्यकता नहीं होती और न ही निरीक्षण आवश्यक होता है परन्तु यह एक नकारात्मक अवधारणा है।

(6) कुछ लोग शारीरिक शिक्षा को पी०टी० कहते हैं। वास्तव में पी०टी० अंग्रेजी में फिजिकल ट्रेनिंग शब्दों के प्रथम दो अक्षर – हैं। ये शब्द सेना में प्रयोग किए जाते हैं जो प्रात:काल सैनिकों को स्वस्थ रखने के लिए कराए जाते हैं। शारीरिक शिक्षा को पूर्ण से पी०टी० कहना गलत है।

(7) कुछ लोग शारीरिक शिक्षा को सामूहिक ड्रिल कहते हैं परन्तु सामूहिक ड्रिल और शारीरिक शिक्षा में बहुत अंतर है। शारीरिक शिक्षा से सर्वांगीण विकास होता है और सामूहिक ड्रिल से केवल शारीरिक विकास होता है। शारीरिक शिक्षा में स्वतंत्रता व विविधता रहने से वातावरण आनंददायी बनता है और सामूहिक ड्रिल में पुनरावृत्ति अधिक होने से थकान और उदासीन वृत्ति आ जाती है।

(8) कुछ लोग जिम्नास्टिक को शारीरिक शिक्षा कहते हैं। जिम्नास्टिक के द्वारा तो केवल शरीर को अधिक लचीला बनाया जाता है। परन्तु शारीरिक शिक्षा संपूर्ण विकास का पहलू है।

(9) कुछ लोगों की धारणा है कि शारीरिक शिक्षा संबंधी गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासनहीनता फैलती है परन्तु यह गलत धारणा है। एक खिलाड़ी खेल गतिविधियों से अनेक आवश्यक नियमों की जानकारी प्राप्त करता है। एक अच्छा खिलाड़ी सदा अनुशासित ढंग से व्यवहार करता है और खेलों के नियमों के अनुसार खेलता है। वह न केवल खेल के मैदान में नियमों का अनुसरण करता है बल्कि अपने वास्तविक जीवन में भी नियमों का अनुसरण करता है।

(10) कुछ लोग यह सोचते हैं कि शारीरिक शिक्षा का अर्थ केवल खेलों में भाग लेना है। परन्तु वास्तव में शारीरिक गतिविधियों में भाग लेकर व्यक्ति या खिलाड़ी शारीरिक रूप से मजबूत एवं सुडौल बनता है और इन गतिविधियों का उसके स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

(11) कुछ लोगों की धारणा है कि वीडियो गेम शारीरिक शिक्षा की गतिविधि है जिससे शारीरिक विकास होता है परन्तु यह गलत धारणा है। वीडियो गेम से मनोरंजन तो हो सकता है परन्तु शारीरिक विकास नहीं।

(12) कुछ लोगों की धारणा है कि शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों में भाग केवल सक्षम व धनी व्यक्ति/खिलाड़ी ही लेते हैं, परन्तु यह गलत धारणा है। खेल गतिविधियों में कोई भी भाग ले सकता है। इनमें अमीरी-गरीबी आदि प्रवृत्तियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सभी अपना, अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन समान रूप से करते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
शारीरिक शिक्षा की परम्परागत अवधारणा को आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा की अवधारणा व्यक्तियों के लिए कोई नई नहीं है। वास्तव में इसकी जड़ें बहुत प्राचीन हैं। प्राचीन समय में विचारों के आदान-प्रदान का सर्वव्यापी माध्यम शारीरिक गतिविधियों एवं शारीरिक अंगों का हाव-भाव था। प्राचीन समय में दौड़ने, कूदने, छलांग लगाने, युद्ध करने तथा शिकार करने आदि को ही शारीरिक शिक्षा का अभिन्न अंग माना जाता है। उस समय मानव इन सभी क्रियाओं का प्रयोग अपनी रक्षा करने और आजीविका कमाने के लिए करता है। पुरातन समय में कुशल, योद्धा एवं योग्य नागरिक बनाने के लिए जो शारीरिक क्रियाएँ करवाई जाती थीं, वे शारीरिक प्रशिक्षण कहलाती थीं। इन गतिविधियों या क्रियाओं का मुख्य उद्देश्य शारीरिक विकास था अर्थात् व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत एवं शक्तिशाली बनाना था।

प्रश्न 2.
शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा न केवल शारीरिक विकास करती है बल्कि यह मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक विकास भी करती है अर्थात् इसका उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है। इस अवधारणा के अनुसार शारीरिक शिक्षा का मुख्य लक्ष्य शिक्षा है न कि स्वास्थ्य, शारीरिक क्रियाएँ या प्रशिक्षण। शिक्षाशास्त्रियों के अनुसार यह शिक्षा का ही एक महत्त्वपूर्ण एवं अभिन्न अंग है क्योंकि शारीरिक क्रियाओं व खेलों द्वारा बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जाता है। चार्ल्स ए० बूचर के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा समस्त शिक्षा प्रणाली का ही एक आधारभूत अंग है।”

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 3.
शारीरिक शिक्षा समाजीकरण की प्रक्रिया को किस प्रकार से प्रभावित करती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा समाजीकरण का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। व्यक्ति किसी भी खेल में खेल के नियमों का पालन करते हुए तथा अपनी टीम के हित को सामने रखते हुए भाग लेता है। वह अपनी टीम को पूरा सहयोग देता है। वह हार-जीत को समान समझता है। उसमें अनेक सामाजिक गुण; जैसे सहनशीलता, धैर्यता, अनुशासन, सहयोग आदि विकसित होते हैं। इतना ही नहीं, प्रत्येक पीढ़ी कुछ-न-कुछ खास परंपराएँ व नियम भावी पीढ़ी के लिए छोड़ जाती है जिससे विद्यार्थियों को शारीरिक शिक्षा के माध्यम से परिचित करवाया जाता है। इस प्रकार शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के समाजीकरण में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रश्न 4.
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एक शिक्षक क्या भूमिका निभा सकता है?
उत्तर:
वर्तमान में स्कूल ही एकमात्र ऐसी प्राथमिक संस्था है, जहाँ शारीरिक शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यार्थी स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान शिक्षकों से सीखते हैं। मुख्याध्यापक व शिक्षक-वर्ग विद्यार्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा का कार्यक्रम बनाकर उन्हें शिक्षा देते हैं जिनसे विद्यार्थी यह जान पाते हैं कि किन तरीकों और साधनों से वे अपने शारीरिक संस्थानों व स्वास्थ्य को सुचारु व अच्छा बनाए रख सकते हैं। शिक्षकों द्वारा ही उनमें अपने शरीर व स्वास्थ्य के प्रति एक स्वस्थ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है और उनको अच्छे स्वास्थ्य हेतु प्रेरित किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(1) शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाना अर्थात् संपूर्ण शारीरिक विकास करना है ताकि वह – अपने जीवन को सफल बना सके।

(2) शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी बहुत आवश्यक होता है। अतः शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास में भी सहायक होती है। बुद्धि के बल पर हम बड़ी-से-बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं।

(3) सामाजिक, नैतिक, चारित्रिक एवं गत्यात्मक विकास भी शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य हैं। इन उद्देश्यों की पूर्ति होने पर हम अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और समाज व देश के अच्छे नागरिक बनकर देश की उन्नति में भागीदार बन सकते हैं।

प्रश्न 6.
“आधुनिक शिक्षा को पूरा करने के लिए शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता है।”इस कथन की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
प्राचीनकाल में विद्या का प्रसार बहुत कम था। उस समय पिता ही पुत्र को पढ़ा देता था या शिक्षा आचार्य दे दिया करते थे। परंतु वर्तमान युग में प्रत्येक व्यक्ति के पढ़े-लिखे होने की आवश्यकता है। बच्चा विभिन्न क्रियाओं में भाग लेकर अपना शारीरिक विकास करता है। इसलिए बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। शारीरिक शिक्षा केवल शारीरिक निर्माण तक ही सीमित नहीं है, वास्तव में यह बच्चे का मानसिक, भावनात्मक, नैतिक और सामाजिक पक्ष का भी विकास करती है। आधुनिक शिक्षा को पूरा करने के लिए शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

प्रश्न 7.
“शारीरिक शिक्षा बढ़ रहे स्कूली दायित्व को पूरा करती है।” इस कथन की व्याख्या करें।
उत्तर:
प्राचीनकाल में शिक्षा का प्रसार बहुत कम था। बच्चा प्राथमिक शिक्षा अपने माता-पिता और भाई-बहनों से प्राप्त करता था। स्कूलों तथा कॉलेजों का प्रचलन बिल्कुल नहीं था। परंतु आधुनिक युग में शिक्षा का क्षेत्र बहुत बढ़ गया है। जगह-जगह पर स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं। आज के युग में बच्चे को छोटी आयु में ही स्कूल भेज दिया जाता है। घर में बच्चा अनुसरण करके अथवा गलतियाँ करके बहुत कुछ सीख जाता है। अभिभावक व स्कूल के अध्यापक उसकी गलतियों में सुधार करते हैं । बच्चा सहयोग और सहायता करना सीख जाता है। पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा का मिश्रण सीखने की क्रिया को ओर आसान और रुचिपूर्ण बनाता है। परिणामस्वरूप शारीरिक शिक्षा बढ़ रहे स्कूली दायित्व को पूरा करती है।

प्रश्न 8.
शारीरिक शिक्षा, स्वस्थ जीवन व्यतीत करने में कैसे सहायता करती है?
उत्तर:
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसे समाज के साथ रहना पड़ता है। यदि व्यक्ति को सफल जीवन व्यतीत करना है तो उसे स्वयं को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखना होगा। इस कार्य में शारीरिक शिक्षा उसको महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करती है और उन्हें विकसित करने में सहायक होती है। शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे व्यक्ति में अनेक सामाजिक एवं नैतिक गुणों का विकास होता है। इसके माध्यम से वह अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहता है, एक-दूसरे को सहायता करता है, दूसरों की भावनाओं की कदर करता है और मनोविकारों व बुरी आदतों से दूर रहता है। इस प्रकार शारीरिक शिक्षा, स्वस्थ जीवन व्यतीत करने में सहायता करती है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 9.
शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य के लिए कैसे लाभदायक है?
उत्तर:
अच्छा स्वास्थ्य अच्छी जलवायु की उपज नहीं, बल्कि यह अच्छी खुराक, व्यक्तिगत स्वच्छता, उचित आराम, अनावश्यक ज़्यादा कसरत करना, परन्तु आवश्यक खुराक न खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जो व्यक्ति खेलों में भाग लेते हैं, उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है। खेलों में भाग लेने से शरीर की सारी शारीरिक प्रणालियाँ सही ढंग से काम करने लग जाती हैं। ये प्रणालियाँ शरीर में हुई थोड़ी-सी कमी या बढ़ोतरी को भी सहन कर लेती हैं। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति खेलों में अवश्य भाग ले।

प्रश्न 10.
शारीरिक शिक्षा राष्ट्रीय एकता में कैसे सहायक होती है?।
असमानता, प्रांतवाद और भाषावाद जैसे अवगुणों को दूर करती हैं। इसमें खिलाड़ियों को ऐसे अनेक अवसर मिलते हैं, जब उनमें सहनशीलता, सामाजिकता, बड़ों का सत्कार, देश-भक्ति और राष्ट्रीय आचरण जैसे गुण विकसित होते हैं। ये गुण उनमें राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं और उनके व्यक्तित्व को विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः खेलकूद में भाग लेने से मातृत्व या राष्ट्रीयता की भावना विकसित होती है।

प्रश्न 11.
शारीरिक शिक्षा घरेलू तथा पारिवारिक जीवन में क्या योगदान देती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा घरेलू तथा पारिवारिक जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को न केवल अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने की कुशलता प्रदान करती है, बल्कि यह उसे अपने परिवार एवं समाज के स्वास्थ्य को ठीक रखने में भी सहायता करती है। किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य जितना अच्छा होगा, उसका पारिवारिक जीवन भी उतना ही अच्छा होगा। शारीरिक शिक्षा अनेक सामाजिक व नैतिक गुणों जैसे सहनशीलता, धैर्यता, अनुशासन, सहयोग, बंधुत्व, आत्मविश्वास, अच्छा आचरण आदि को विकसित करने में सहायक होती है। शारीरिक शिक्षा अवसाद, चिन्ता, दबाव व तनाव को कम करती है। यह अनेक रोगों से बचाने में सहायक होती है, क्योंकि इसकी गतिविधियों द्वारा रोग निवारक क्षमता बढ़ती है। ये सभी विशेषताएँ घरेलू तथा पारिवारिक जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान देती हैं।

प्रश्न 12.
खाली समय का सदुपयोग किस प्रकार किया जा सकता है? संक्षेप में लिखें। अथवा “शारीरिक शिक्षा खाली समय का सदुपयोग करना सिखाती है।” समझाइए।
उत्तर:
किसी ने ठीक ही कहा है कि “खाली दिमाग शैतान का घर होता है।” (An idle brain is a devil’s workshop.) यह आमतौर पर देखा जाता है कि खाली या बेकार व्यक्ति को हमेशा शरारतें ही सूझती हैं। कभी-कभी तो वह इस प्रकार के अनैतिक कार्य करने लग जाता है, जिनको सामाजिक दृष्टि से उचित नहीं समझा जा सकता। खाली या बेकार समय का सदुपयोग न करके उसका दिमाग बुराइयों में फंस जाता है। शारीरिक शिक्षा में अनेक शारीरिक क्रियाएँ शामिल होती हैं। इन क्रियाओं में भाग लेकर हम अपने समय का सदुपयोग कर सकते हैं। अतः शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को खाली समय का सदुपयोग करना सिखाती है।

खाली समय का प्रयोग यदि खेल के मैदान में खेलें खेलकर किया जाए तो व्यक्ति के हाथ से कुछ नहीं जाता, बल्कि वह कुछ प्राप्त ही करता है। खेल का मैदान जहाँ खाली समय का सदुपयोग करने का उत्तम साधन है, वहीं व्यक्ति की अच्छी सेहत बनाए रखने का भी उत्तम साधन है। इसके अतिरिक्त व्यक्ति को एक अच्छे नागरिक के गुण भी सिखा देता है। इसलिए हम दावे के साथ कह सकते हैं कि खाली समय का सदुपयोग करने के लिए खेल का मैदान ही योग्य साधन है।

प्रश्न 13.
शारीरिक शिक्षा के मुख्य क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा का क्षेत्र बहुत विशाल है। इसके मुख्य क्षेत्रों का वर्णन निम्नलिखित है
1. शोधक क्रियाएँ-इन क्रियाओं द्वारा विद्यार्थियों के शारीरिक अंगों की कमजोरियों में सुधार किया जा सकता है। प्रायः ये कमज़ोरियाँ माँसपेशियों के अवगुणों के कारण होती हैं।

2. खेल-कूद क्रियाएँ-इन क्रियाओं में एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, तैरना और किश्ती चलाना आदि शामिल हैं।

3. मौलिक क्रियाएँ-इस क्षेत्र में शरीर का संतुलन ठीक रखने के लिए चलना-फिरना, भागना, चढ़ना और उतरना इत्यादि क्रियाएँ शामिल हैं।

4. लयबद्ध क्रियाएँ-नाचना और गाना मनुष्य का स्वभाव है। इस स्वभाव से मनुष्य अपनी खुशी और पीड़ा को प्रकट करता है। शारीरिक शिक्षा में लोक-नाच और ताल-भरी क्रियाओं का विशेष स्थान है। टिपरी, डम्बल, लोक-नाच, लेजियम, उछलना और जिम्नास्टिक्स जैसी क्रियाएँ शामिल हैं।

5. यौगिक क्रियाएँ-यौगिक क्रियाएँ केवल खेलों और बीमारी के उपचार के लिए ही लाभदायक नहीं हैं, बल्कि इन क्रियाओं द्वारा शरीर और आत्मा का निर्माण भी किया जा सकता है।

6. मनोरंजन-शारीरिक शिक्षा में मनोरंजन का विशेष स्थान है। विकसित देशों में शारीरिक शिक्षा के अध्यापक को मनोरंजन की शिक्षा अवश्य दी जाती है। इसमें नाच, नाटक, पहाड़ों की सैर, कैंप लगाने, लंबी सैर, मछली पकड़ना, बागवानी और कुदरत के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। इन क्रियाओं से व्यक्ति का विकास आसानी से हो सकता है।

अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न [Very Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
शारीरिक शिक्षा से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से, व्यक्तियों में एक चुनी हुई दिशा में, परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है।शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के संपूर्ण (शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक) व्यक्तित्व का विकास होता है।

प्रश्न 2.
शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए। अथवा . शारीरिक शिक्षा की कोई दो परिभाषाएँ लिखें।
उत्तर:
1. ए०आर० वेमैन के मतानुसार, “शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह भाग है जिसका संबंध शारीरिक गतिविधियों द्वारा व्यक्ति के संपूर्ण विकास एवं प्रशिक्षण से है।”
2. आर० कैसिडी के अनुसार, “शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं।”

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 3.
प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री जे०एफ०विलियम्स के अनुसार शारीरिक शिक्षा क्या है?
उत्तर:
जे० एफ० विलियम्स के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य एक प्रकार का कुशल नेतृत्व तथा पर्याप्त समय प्रदान करना है, जिससे व्यक्तियों या संगठनों को इसमें भाग लेने के लिए पूरे-पूरे अवसर मिल सकें, जो शारीरिक रूप से आनंददायक, मानसिक दृष्टि से चुस्त तथा सामाजिक रूप से निपुण हों।”

प्रश्न 4.
शारीरिक शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य क्या है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य विद्यार्थी को इस प्रकार तैयार करना है कि वह एक सफल एवं स्वस्थ नागरिक बनकर अपने परिवार, समाज व राष्ट्र की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता या योग्यता उत्पन्न कर सके और समाज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनकर सफलता से जीवनयापन करते हुए जीवन का पूरा आनंद उठा सके। .

प्रश्न 5.
सैन्ट्रल मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के अनुसार शारीरिक शिक्षा का क्या लक्ष्य है?
उत्तर:
सैन्ट्रल मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा को प्रत्येक बच्चे को शारीरिक, मानसिक एवं भावात्मक रूप से स्वस्थ बनाना चाहिए और उसमें ऐसे व्यक्तिगत एवं सामाजिक गुणों का विकास करना चाहिए ताकि वह प्रसन्नता एवं खुशी से रह सके और एक अच्छा नागरिक बन सके।”

प्रश्न 6.
राष्ट्रीय योजना के अनुसार शारीरिक शिक्षा किसे कहते हैं?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा वह शिक्षा है जो बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व तथा उसकी शारीरिक प्रक्रियाओं द्वारा उसके शरीर, मन और आत्मा के पूर्ण-रूपेण विकास हेतु दी जाती है। अतः शारीरिक शिक्षा केवल शरीर की शिक्षा ही नहीं अपितु संपूर्ण शरीर का ज्ञान है।

प्रश्न 7.
हमें बेकार या खाली समय का सदुपयोग कैसे करना चाहिए?
उत्तर:
हमें बेकार या खाली समय का सदुपयोग खेलें खेलकर करना चाहिए। खेलें खेलने से जहाँ बेकार समय का सदुपयोग हो जाता है, वहीं खेलों द्वारा शारीरिक रूप से अभ्यस्त होकर शरीर में सुंदरता, शक्ति और चुस्ती-स्फूर्ति आ जाती है। शरीर की कार्यकुशलता बढ़ जाती है और शरीर नीरोग रहता है।

प्रश्न 8.
बेकार व्यक्ति का मन शैतान का घर क्यों कहलाता है?
उत्तर:
बेकार व्यक्ति आमतौर पर बुरे व्यक्तियों की संगत में बैठते हैं, जिसके फलस्वरूप वे कई प्रकार की समाज विरोधी बुराइयों में फंस जाते हैं। बेकार व्यक्ति को शरारतें ही दिखाई देती हैं । चोरी, हेरा-फेरी और नशे की आदत बेकार व्यक्तियों में अधिकतर पाई जाती है। बेकार व्यक्ति लोगों का विश्वास गंवा बैठता है। इसलिए बेकार व्यक्ति का मन शैतान का घर कहलाता है।

प्रश्न 9.
शारीरिक शिक्षा के कोई दो सिद्धांत बताएँ।
उत्तर:
(1) शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा का एक अभिन्न अंग है जो व्यक्ति के संपूर्ण विकास में सहायक होता है।
(2) शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों को शामिल किया जाता है जिनमें भाग लेकर छात्र या व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करने लगे। इससे अच्छे संवेगों का विकास होता है और बुरे संवेगों का निकास होता है।

प्रश्न 10.
मानसिक विकास में शारीरिक शिक्षा या क्रियाओं का क्या योगदान है?
उत्तर:
एक कथन के अनुसार, “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग का वास होता है।” भाव यह है कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी होना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों के मिलाप से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक क्रियाओं में भाग लेता है तो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसका मानसिक विकास भी होता है। शारीरिक क्रियाओं से व्यक्ति की कल्पना-शक्ति, तर्क-शक्ति एवं स्मरण-शक्ति बढ़ती है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 11.
शारीरिक शिक्षा का ज्ञान व्यक्ति को अच्छा कार्यक्रम बनाने में कैसे सहायता करता है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को शरीर से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और उसे करने की सही तकनीकों की जानकारी प्रदान करती है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को उसके विभिन्न पक्षों; जैसे शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक आदि का ज्ञान प्रदान करती है। इसलिए शारीरिक शिक्षा का ज्ञान व्यक्ति को अच्छा कार्यक्रम बनाने में सहायता करता है।

प्रश्न 12.
शारीरिक शिक्षा सांस्कृतिक विकास को कैसे बढ़ावा देती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा खेल व शारीरिक गतिविधियों की प्रक्रिया है। खेलों और शारीरिक क्रियाकलापों के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के खिलाड़ी आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानते हैं। वे एक-दूसरे के रीति-रिवाजों, परंपराओं और जीवन-शैली से परिचित होते हैं, जिससे सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

प्रश्न 13.
शारीरिक शिक्षा नेतृत्व का विकास कैसे करती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व करने के अनेक अवसर होते हैं। जब किसी खिलाड़ी को शरीर गर्माने के लिए नियुक्त किया जाता है तो उस समय भी नेतृत्व की शिक्षा दी जाती है। कई बार प्रतियोगिताओं का आयोजन करना भी नेतृत्व के गुणों के विकास में सहायता करता है। उदाहरणतया, हॉकी की टीम के कैप्टन को निष्पक्षता और समझदारी से खेलना पड़ता है। …

प्रश्न 14.
शारीरिक शिक्षा अनुशासन की भावना कैसे विकसित करती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा हमें अनुशासन की अमूल्य भावना सिखाती है। हमें अनुशासन में रहते हुए और खेल के नियमों का पालन करते हुए खेलना पड़ता है। इस प्रकार खेल अनुशासन की भावना में वृद्धि करते हैं। खेल में अयोग्य करार दिए जाने के डर से खिलाड़ी अनुशासन भंग नहीं करते। वे अनुशासन में रहकर ही खेलते हैं।

प्रश्न 15.
चार्ल्स बूचर के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।
उत्तर:
चार्ल्स बूचर ने अपनी पुस्तक ‘शारीरिक शिक्षा की बुनियाद’ में शारीरिक शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य बताए हैं
(1) शारीरिक विकास,
(2) गतिज विकास,
(3) मानसिक विकास,
(4) मानवीय संबंधों का विकास।

प्रश्न 16.
जे० बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।
उत्तर:
जे० बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(1) शारीरिक अंगों का विकास,
(2) नाड़ी-माँसपेशियों संबंधी विकास,
(3) अर्थ समझने की योग्यता का विकास,
(4) भावनात्मक विकास।

प्रश्न 17.
इरविन के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।
उत्तर:
इरविन के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
(1) शारीरिक विकास,
(2) भावनात्मक विकास,
(3) सामाजिक विकास,
(4) मानसिक विकास,
(5) मनोरंजक गतिविधियों में निपुणता या मनोरंजक विकास।

प्रश्न 18.
लास्की के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।
उत्तर:
लास्की के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(1) शारीरिक विकास,
(2) नाड़ी-माँसपेशियों के तालमेल में विकास,
(3) भावनात्मक विकास,
(4) सामाजिक विकास,
(5) बौद्धिक विकास। .

प्रश्न 19.
शारीरिक शिक्षा भावनात्मक संतुलन में किस प्रकार सहायक है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा अनेक प्रकार से भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है। बच्चे को बताया जाता है कि वह विजय प्राप्त करने के बाद आवश्यकता से अधिक प्रसन्न न हो और हार के गम को भी सहज भाव से ले। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति की अपने भावों को नियंत्रित करने में सहायता करती है।

प्रश्न 20.
खेलों या शारीरिक शिक्षा द्वारा व्यक्ति का सामाजिक व नैतिक विकास कैसे होता है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करती है। उनमें एकता व एकबद्धता लाती है। खेल में धर्म, जाति, श्रेणी, वर्ग या क्षेत्र आदि के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। इस तरह से शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक व नैतिक विकास में वृद्धि होती है; जैसे एक-दूसरे से मिलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना, दूसरों की आज्ञा का पालन करना, बड़ों का सम्मान करना, नियमों का पालन करना आदि।

HBSE 9th Class Physical Education शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न [Objective Type Questions]

प्रश्न 1.
जे०बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
जे० बी० नैश के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा, शिक्षा के बड़े क्षेत्र का वह अंग है जो बड़ी माँसपेशियों से होने वाले कार्य तथा उनसे संबंधित प्रतिक्रियाओं से संबंध रखता है।”

प्रश्न 2.
आर० कैसिडी के अनुसार शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
आर० कैसिडी के अनुसार, “शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं।”

प्रश्न 3.
ए० आर० वेमैन के अनुसार शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
ए० आर० वेमैन के मतानुसार, “शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह भाग है जिसका संबंध शारीरिक गतिविधियों द्वारा व्यक्ति के संपूर्ण विकास एवं प्रशिक्षण से है।”

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 4.
“शारीरिक शिक्षा शरीर का एक मजबूत ढाँचा है जो मस्तिष्क के कार्य को निश्चित एवं आसान करता है।” यह कथन किसका है?.
उत्तर:
यह कथन रूसो का है।

प्रश्न 5.
“शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं?” यह कथन किसने कहा? .. .
उत्तर:
यह कथन आर० कैसिडी ने कहा।

प्रश्न 6.
मध्यकाल में शारीरिक शिक्षा कहाँ दी जाती थी?
उत्तर:
मध्यकाल में शारीरिक शिक्षा गुरुकुल में दी जाती थी।

प्रश्न 7.
शारीरिक शिक्षा किन अनुभवों का अध्ययन है? उ
त्तर:
शारीरिक शिक्षा उन सभी शारीरिक अनुभवों का अध्ययन है, जो शारीरिक अभ्यास द्वारा प्रकट होते हैं।

प्रश्न 8.
सामाजिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को किस प्रकार का बनाती हैं?
उत्तर:
सामाजिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को सक्षम बनाती हैं।

प्रश्न 9.
शारीरिक शिक्षा को पहले कौन-कौन-से नामों से जाना जाता था?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा को शारीरिक सभ्यता, शारीरिक प्रशिक्षण, खेल और कोचिंग आदि नामों से जाना जाता था।

प्रश्न 10.
शारीरिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को किस प्रकार का बनाती हैं?
उत्तर:
शारीरिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को स्वस्थ एवं मजबूत बनाती हैं।

प्रश्न 11.
किस प्रकार की शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है।

प्रश्न 12.
शारीरिक शिक्षा व मनोरंजन के केन्द्रीय सलाहाकार बोर्ड की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा व मनोरंजन के केन्द्रीय सलाहाकार बोर्ड की स्थापना सन् 1950 में हुई।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 13.
“मजबूत शारीरिक नींव के बिना कोई राष्ट्र महान् नहीं बन सकता।” यह कथन किसका है?
उत्तर:
यह कथन डॉ० राधाकृष्णन का है।

प्रश्न 14.
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के शरीर को कैसा बनाती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के शरीर को मजबूत एवं तंदुरुस्त बनाती है।

प्रश्न 15.
सफल जीवन व्यतीत करने के लिए किसकी सबसे अधिक जरूरत है?
उत्तर:
सफल जीवन व्यतीत करने के लिए सुडौल, मजबूत व स्वस्थ शरीर की सबसे अधिक जरूरत है।

प्रश्न 16.
मनुष्य किस प्रकार का प्राणी है?
उत्तर:
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।

प्रश्न 17.
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के किन पक्षों का विकास करती है?
अथवा
शारीरिक शिक्षा किस क्षेत्र के विकास में मदद करती है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा मानसिक, शारीरिक, सामाजिक, व्यक्तिगत, बौद्धिक आदि पक्षों का विकास करती है।

प्रश्न 18.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शारीरिक शिक्षा का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा मित्रता, सद्भावना तथा अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देती है।

प्रश्न 19.
शारीरिक शिक्षा का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा का शाब्दिक अर्थ है-शरीर की शिक्षा।

प्रश्न 20.
शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
शारीरिक वृद्धि एवं विकास करना।

बहुविकल्पीय प्रश्न [Multiple Choice Questions]

प्रश्न 1.
मनुष्य कैसा प्राणी है?
(A) अलौकिक
(B) सामाजिक
(C) प्राकृतिक
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(B) सामाजिक

प्रश्न 2.
जे०बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(A) शारीरिक अंगों का विकास
(B) नाड़ी-माँसपेशीय संबंधी विकास
(C) भावनात्मक विकास
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 3.
“शारीरिक शिक्षा शरीर का मजबूत ढाँचा है जो मस्तिष्क के कार्य को निश्चित एवं आसान करता है।” यह कथन है
(A) रूसो का
(B) अरस्तू का
(C) प्लेटो का
(D) सुकरात का
उत्तर:
(A) रूसो का

प्रश्न 4.
लयात्मक क्रियाओं में शामिल हैं
(A) नाचना
(B) लो क-नृत्य
(C) लेजियम
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 5.
शारीरिक शिक्षा किस विकास में मदद करती है?
(A) मानसिक विकास में ।
(B) भावनात्मक विकास में ।
(C) सामाजिक विकास में
(D) सर्वांगीण विकास में
उत्तर:
(D) सर्वांगीण विकास में

प्रश्न 6.
हैगमैन और ब्राऊनवैल ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?
(A) तीन
(B) चार
(C) पाँच
(D) छह
उत्तर:
(B) चार

प्रश्न 7.
जे०बी० नैश ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?
(A) चार
(B) तीन
(C) पाँच
(D) छह
उत्तर:
(A) चार

प्रश्न 8.
बी० वाल्टर ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?
(A) चार
(B) दो
(C) पाँच
(D) तीन
उत्तर:
(D) तीन

प्रश्न 9.
लास्की ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?
(A) तीन
(B) चार
(C) पाँच
(D) छह
उत्तर:
(C) पाँच

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य

प्रश्न 10.
‘शारीरिक शिक्षा की बुनियाद’ (Foundation of Physical Education) नामक पुस्तक लिखी है
(A) चार्ल्स ए० बूचर ने
(B) लास्की ने
(C) जे०बी० नैश ने
(D) बी० वाल्टर ने
उत्तर:
(A) चार्ल्स ए० बूचर ने

प्रश्न 11.
शारीरिक शिक्षा का क्षेत्र है
(A) विकट
(B) सरल
(C) सीमित
(D) विशाल
उत्तर:
(D) विशाल

प्रश्न 12.
शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में सम्मिलित गतिविधियाँ हैं
(A) एथलेटिक्स
(B) जिम्नास्टिक्स
(C) मनोरंजनात्मक गतिविधियाँ
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Summary

शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य परिचय

शारीरिक शिक्षा की अवधारणा बहुत प्राचीन है। प्राचीन समय में इसका प्रयोग अव्यवस्थित रूप से था जो आज पूर्णत: व्यवस्थित हो चुका है। इसलिए शिक्षाशास्त्रियों ने शारीरिक शिक्षा की अवधारणा को पुनः परिभाषित किया है। शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा न केवल शारीरिक विकास करती है, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक आदि विकास भी करती है अर्थात् इसका उद्देश्य व्यक्ति या छात्र का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षाशास्त्रियों के अनुसार शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का ही एक महत्त्वपूर्ण एवं अभिन्न अंग है क्योंकि शारीरिक क्रियाओं व खेलों द्वारा बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है।

चार्ल्स ए० बूचर (Charles A. Bucher) के अनुसार, “शारीरिक शिक्षा समस्त शिक्षा प्रणाली का ही एक आधारभूत अंग है।” आज शारीरिक क्रियाएँ या गतिविधियाँ न केवल मनोरंजन या शक्ति प्रदर्शन के ही साधन मानी जाती हैं, बल्कि ये बालक के विकास के विभिन्न पक्षों को प्रभावित कर उनके विकास में सहायक होती हैं। आज यह माना जाने लगा है कि शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा से न केवल व्यक्ति की मूल भावनाओं या संवेगों को एक नई दिशा मिलती है, बल्कि उसमें अनेक नैतिक एवं मूल्यपरक गुणों का भी विकास होता है। इससे मानसिक एवं बौद्धिक क्षमता में भी वृद्धि होती है। आज शारीरिक शिक्षा न केवल शारीरिक प्रशिक्षण, शारीरिक सुयोग्यता एवं सामूहिक ड्रिल की प्रक्रिया है, बल्कि यह बहु-आयामी एवं उपयोगी प्रक्रिया है जो जीवन एवं स्वास्थ्य के प्रत्येक पहलू के लिए अति आवश्यक है।

संक्षेप में, शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से व्यक्ति में एक चुनी हुई दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है। अतः शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के संपूर्ण (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक आदि) व्यक्तित्व का विकास होता है।

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HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व

Haryana State Board HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व

HBSE 9th Class Physical Education व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Questions and Answers

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य से क्या अभिप्राय है? इसके आवश्यक नियमों का वर्णन कीजिए। अथवा व्यक्तिगत स्वास्थ्य क्या है? इसको सुधारने वाले तरीकों का वर्णन कीजिए।
अथवा
व्यक्तिगत स्वास्थ्य में सुधार करने वाले साधनों या ढंगों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ (Meaning of Personal Health):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य दो शब्दों से मिलकर बना है’व्यक्ति’ एवं स्वास्थ्य’। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य की सफाई के सिद्धांत जो व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में लाए जाते हैं। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं ही प्रयत्नशील होना पड़ता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी आचरण; जैसे शरीर की स्वस्थता, दाँतों की सफाई,Meaning and Importance of Personal Health आँखों की सफाई, बालों की सफाई, हाथों की सफाई, भोजन या आहार, व्यायाम तथा मद्यपान संबंधी नियमों का पालन आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इनके प्रति लापरवाही हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। उदाहरण के लिए, दाँतों की सफाई न करने से दाँतों पर जमे रोगाणुओं से दाँतों में कृमि एवं अन्य विकार पैदा हो सकते हैं। इसलिए हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य के आवश्यक नियम या तरीके (Important Rules or Methods of Personal Health)-व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ठीक तथा स्वस्थ रखने के लिए हमें अपने जीवन में स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने की आदत डालनी चाहिए। ये नियम देखने में बड़े साधारण-से लगते हैं लेकिन इनका पालन करना हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य मानव जीवन की आधारशिला होती है। केवल, एक स्वस्थ व्यक्ति ही अपने जीवन को सफलता के पथ पर अग्रसर कर सकता है। स्वस्थ व्यक्ति के लिए असंभव कार्य भी संभव हो जाता है, जबकि अस्वस्थ व्यक्ति के लिए ऐसा करना कठिन होता है। अतः व्यक्ति को हमेशा व्यक्तिगत रूप से स्वयं को स्वस्थ बनाने के लिए प्रयासशील रहना चाहिए। इसलिए हमें अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए निम्नलिखित तरीकों या नियमों को अपनाना चाहिए

1. शारीरिक स्वस्थता (Physical Fitness):
हमें अपने शरीर की सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। प्रतिदिन ताजे पानी से नहाना चाहिए। स्वास्थ्य हेतु शुद्ध जल, शुद्ध वायु एवं संतुलित आहार के साथ-साथ शारीरिक स्वस्थता पर नियमित रूप से ध्यान देना चाहिए।

2. दाँतों की सफाई (Cleanliness of Teeth):
सुबह स्नान करने से पहले तथा रात्रि को सोने से पहले अपने दाँतों को मंजन, दातुन या ब्रश से साफ करना चाहिए। .

3. नाखूनों की सफाई (Cleanliness of Nails):
हमें अपने नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए। यदि इनमें मैल होगी तो वह खाते समय भोजन के साथ हमारे शरीर के अंदर चली जाएगी और हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाएगी।

4. कपड़ों की सफाई (Cleanliness of Clothes):
हमें कपड़े साफ-सुथरे, मौसम के अनुसार तथा ढीले पहनने चाहिएँ। गंदे कपड़े साफ शरीर को भी गंदा कर देते हैं।

5. नाक द्वारा साँस लेना (Breathing by Nose):
साँस हमेशा नाक द्वारा ही लेनी चाहिए। नाक से साँस लेने से वायु एक तो साफ होकर अंदर जाती है और दूसरे फेफड़ों तक पहुँचते-पहुँचते थोड़ा गर्म भी हो जाती है।

6. भोजन का उचित समय (Proper Time of Diet/Food):
भोजन प्रतिदिन उचित समय पर ही करना चाहिए। भोजन अच्छी तरह चबाकर और धीरे-धीरे करना चाहिए। भोजन संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए।

7. मादक वस्तुओं का सेवन निषेध (No use of Drugs or Intoxicants):
मादक वस्तुओं के प्रयोग से सदैव बचना चाहिए। इससे शरीर को नुकसान होता है। सिग्रेट, तम्बाकू, शराब आदि पीने की आदत कभी नहीं डालनी चाहिए।

8. खुले वातावरण में व्यायाम (Exercise in Open Environment):
अपनी अवस्था, काम और स्वास्थ्य के अनुसार प्रतिदिन खुले वातावरण में व्यायाम अवश्य करना चाहिए। इससे शरीर चुस्त एवं गठीला बनता है।

9. जल्दी सोना और जल्दी उठना (Early to bed and Early to rise):
हमें रात को जल्दी सोना तथा प्रातः जल्दी उठना चाहिए। इससे स्वास्थ्य ठीक रहता है। बेंजामिन फ्रैंकलिन के अनुसार, “जल्दी सोना और जल्दी उठना, व्यक्ति को समृद्ध, स्वस्थ एवं बुद्धिमान बनाता है।”

10. शुद्ध एवं संतुलित भोजन (Pure and Balanced Diet):
हमारा भोजन शुद्ध एवं सादा होना चाहिए। हमें सदैव संतुलित भोजन करना चाहिए।

11. उचित मुद्रा (Correct Posture):
चलते-फिरते, काम करते समय, पढ़ते समय एवं सोते समय उचित मुद्रा (आसन) का ध्यान रखना चाहिए। ऊपर वर्णित नियमों का पालन करने से प्रत्येक व्यक्ति अपने-आपको स्वस्थ रख सकता है। अपने-आपको स्वस्थ रखना भी एक महान् देश सेवा है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव

प्रश्न 2.
आँखों की सफाई और संभाल या देखभाल हेतु हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
आँखें मनुष्य के शरीर का कोमल अंग हैं। सुंदर आँखें सुंदरता की निशानी हैं। इनकी सफाई और रक्षा ध्यान से करनी चाहिए। आँखों को कई प्रकार के रोग हो जाते हैं; जैसे आँखों का फ्लू, कुकरे, आँखों की सूजन और आँखों की खुजली आदि। आँखों की सफाई और संभाल निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है

(1) तेज प्रकाश और अंधेरे में आँखों से काम नहीं लेना चाहिए। नंगी आँख से सूर्यग्रहण नहीं देखना चाहिए।
(2) बहुत कम और बहुत तेज प्रकाश में तथा नीचे को झुककर कभी नहीं पढ़ना चाहिए। .
(3) पुस्तक को बहुत निकट रखकर नहीं पढ़ना चाहिए। पढ़ते समय पुस्तक आँखों से लगभग 30 सेंटीमीटर की दूरी पर होनी चाहिए।
(4) आँखों में पसीना नहीं पड़ने देना चाहिए। आँखों को हमेशा स्वच्छ व शुद्ध पानी से नियमित रूप से धोना चाहिए।
(5) बहुत देर तक एक स्थान पर नजर नहीं टिकानी चाहिए।
(6) आँखों की सफाई करने के लिए स्वयं का स्वच्छ रूमाल प्रयोग में लेना चाहिए।
(7) पढ़ते समय कुर्सी और मेज व्यक्ति के कद के अनुसार होना चाहिए।
(8) खसरा और छोटी माता जैसी बीमारियों के दौरान बच्चों की आँखों का ध्यान रखना चाहिए।
(9) खट्टी चीजें, तेल, लाल मिर्च, तम्बाकू, शराब और अफीम आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
(10) सिनेमा और टेलीविजन अधिक निकट बैठकर नहीं देखना चाहिए।
(11) प्रतिदिन आँखों पर ठंडे पानी के छीटें मारने चाहिएँ।
(12) तेज धूप एवं धूल से बचने के लिए धूप के चश्मे का प्रयोग अधिक लाभदायक है।
(13) आँखों की निकट एवं दूर की दृष्टि की जाँच नेत्र चिकित्सक से कराकर चिकित्सक की सलाह के अनुसार चश्मे आदि का प्रयोग करना चाहिए।
(14) आँखों के लिए विटामिन ‘ए’ युक्त खाद्य पदार्थों; जैसे गाजर, पपीता, पत्तेदार सब्जियाँ, दूध, मक्खन, घी, आम आदि का प्रयोग करना चाहिए।
(15) सुबह सूर्य निकलने के समय दो मिनट तक सूर्य की ओर अवश्य देखना चाहिए, परंतु तेज रोशनी में नहीं देखना चाहिए।
(16) आँखों को बिना गर्दन हिलाए चारों ओर घुमाना चाहिए।
(17) चलती बस या ट्रेन में कभी नहीं पढ़ना चाहिए। इससे आँखों पर अधिक दबाव पड़ता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित का संक्षेप में वर्णन कीजिए
(क) व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान
(ख) त्वचा की सफाई
(ग) नाक की देखभाल।
उत्तर:
(क) व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान (Personal Health Science):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जो हमें तंदुरुस्ती और नीरोग रहने की शिक्षा देती है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान में अरोग्यता प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने पर बल दिया गया है। जिंदगी केवल जीवित रहने के लिए नहीं, अपितु रोग-रहित रहने के लिए भी है। रोग-रहित रहना ही व्यक्तिगत अरोग्यता प्राप्त करना है। स्वास्थ्य विज्ञान में व्यक्तिगत अरोग्यता एक ऐसी धारा है, जिसके नियमों को अपनाकर मनुष्य अरोग्य रह सकता है। बचपन मनुष्य की संपूर्ण जिंदगी का आधार होता है। इस कारण निजी अरोग्यता नियमों का पालन मनुष्य को बचपन से ही करना चाहिए।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान के मौलिक नियम निम्नलिखित हैं
(1) अंगों और कपड़ों की सफाई
(2) अंगों और कपड़ों का सही प्रयोग
(3) अंगों की सुरक्षा
(4) संतुलित व पौष्टिक भोजन का प्रयोग
(5) शारीरिक बीमारियों से बचने के लिए उचित प्रबंध आदि।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान मनुष्य को रहन-सहन, खाने-पीने, शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती के लिए व्यायाम करने का ढंग बताता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान का उद्देश्य है कि मनुष्य को दवाइयों के प्रयोग के बिना स्वस्थ बनाना। इसलिए व्यक्ति को खाने-पीने की वस्तुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का ज्ञान प्राप्त करना बहुत आवश्यक है। पर्यावरण को साफ कैसे रखना है, कौन-सी वस्तु का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है आदि का ज्ञान व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान से मिलता है।

(ख) त्वचा की सफाई (Cleanliness of Skin):
त्वचा हमारे शरीर की चारदीवारी है। यह हमारे शरीर के आंतरिक अंगों को ढकती है और उसकी रक्षा करती है। यह हमारे शरीर का तापमान ठीक रखती है। इसके द्वारा हमारे शरीर में से पसीना और अन्य बदबूदार पदार्थों का निकास होता है। इसको स्पर्श करने से ही किसी बाहरी वस्तु के गुण और लक्षणों का ज्ञान होता है। त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है। इसलिए हमें अपनी त्वचा की नियमित सफाई करनी चाहिए और इसकी सफाई का सबसे उत्तम ढंग प्रतिदिन स्वच्छ पानी से स्नान करना या नहाना है। नहाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है

(1) नहाने से पहले पेट साफ और खाली होना चाहिए।
(2) खाने के तुरंत पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।
(3) व्यायाम अथवा बहुत थकावट के एकदम पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।
(4) सर्दियों में नहाने से पहले धूप में शरीर की मालिश करें। यह शरीर को विटामिन ‘डी’ देने के लिए उपयोगी होता है।
(5) ताजे और स्वच्छ पानी से नहाना लाभदायक होता है।
(6) नहाने के लिए साबुन का प्रयोग कम करना चाहिए। नहाने के लिए उपयुक्त साबुन, जिसमें क्षार की मात्रा कम हो, प्रयोग में लेना हितकर है।
(7) नहाने के पश्चात् शरीर को साफ तौलिए या साफ कपड़े से पौंछकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए।
(8) शरीर को पौंछने के लिए अपने स्वयं का ही तौलिया काम में लाना चाहिए।

(ग) नाक की देखभाल (Care of Nose):
नाक श्वास लेने और सूंघने की शक्ति रखती है। नाक की संभाल शरीर के बाकी अंगों की तरह करनी चाहिए। इसको बीमारी से बचाने के लिए साफ वायु में श्वास लेना चाहिए। जिस व्यक्ति को जुकाम लगा हो, उसके पास नहीं बैठना चाहिए। नाक में उँगली नहीं मारनी चाहिए और किसी का रूमाल भी प्रयोग नहीं करना चाहिए। नाक को जोर से साफ नहीं करना चाहिए। इसकी सफाई हेतु स्वच्छ रूमाल का प्रयोग करना चाहिए। हमें हमेशा नाक द्वारा श्वास लेना चाहिए। नाक में छोटे-छोटे बाल होते हैं। वायु के कीटाणु और मिट्टी इनमें रुक जाती हैं जिससे हमारे अंदर साफ वायु जाती है। नाक के बालों को कभी भी काटना और तोड़ना नहीं चाहिए। यदि हमारे नाक के अंदर ये बाल न हों तो हमारे शरीर के अंदर गंदी हवा प्रवेश कर जाएगी और हमारा शरीर रोग का शिकार हो जाएगा। इसलिए हमें नाक की देखभाल की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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प्रश्न 4.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित नियमों के बारे में लिखिए तथा बालों की सही प्रकार से सफाई करने की विधि बताइए।
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित नियम (Rules related to Personal Health)-व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं
(1) शरीर के आंतरिक अंगों; जैसे दिल, फेफड़े, जिगर, आमाशय, तिल्ली, गुर्दे और बाहरी अंग; जैसे हाथ, आँख, कान, नाक, त्वचा, पैर और बाल आदि की नियमित सफाई व संभाल करनी चाहिए।
(2) समय-समय पर अपने शरीर का नियमित डॉक्टरी परीक्षण करवाना चाहिए।
(3) हमेशा खुश व प्रसन्न रहना चाहिए।
(4) हमेशा साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिएँ। पहनावा ऋतु और मौसम के अनुसार होना चाहिए।
(5) खुले एवं स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए। घर हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए।
(6) हमेशा नाक द्वारा श्वास लेनी चाहिए।
(7) नियमित शारीरिक क्रियाएँ या व्यायाम करने चाहिएँ।
(8) हमें हमेशा संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।
(9) हमें पर्याप्त विश्राम करना चाहिए और उचित समय तक सोना चाहिए।

बालों की सफाई करने की विधि (Method of Cleanliness of Hair):
पुराने समय में बालों के रख-रखाव व निखार के लिए महिलाएँ अनेक प्राकृतिक तरीके इस्तेमाल करती थीं, जिनसे उनके बाल वास्तव में ही काले, घने, मजबूत और चमकदार होते थे। आज के युग में कई तरह के साबुन और अन्य चीजों से बालों को धोने या साफ करने के लिए प्रयोग में लाया जाने लगा है। इनसे बाल पोषक तत्त्व हासिल करने के स्थान पर समय से पूर्व टूट कर गिरने लगते हैं, साथ ही सफेद होने लगते हैं। हमें भूलकर भी बालों के साथ ज्यादा प्रयोग नहीं करने चाहिएँ। ऐसा करने से बाल कमजोर होकर असमय टूटने लगते हैं। इसलिए बालों की सही प्रकार से सफाई करनी चाहिए, ताकि ये मजबूत, काले व चमकदार बने रहें। बालों की सफाई हेतु निम्नलिखित विधि अपनानी चाहिए

(1) खट्टी दही में चुटकी भर फिटकरी मिला लें, साथ ही थोड़ी-सी हल्दी भी मिला लें। इस मिश्रण को सिर के बालों में लगाने से सिर की गंदगी तो दूर होती ही है, साथ ही बाल भी निखर जाते हैं।
(2) बालों को धोने के बाद गोलाकार कंघी से बालों में भली प्रकार से ब्रश करना चाहिए। इसके बाद सिर के बालों की जड़ों में उंगली घुमाते हुए अपना हाथ ऊपर से नीचे की ओर फिराएँ। ऐसा करने से बाल हमेशा मुलायम बने रहते हैं।
(3) धूल-मिट्टी के प्रभाव से सिर के बाल रूखे एवं बेजान से हो जाते हैं । इनसे छुटकारा पाने के लिए उत्तम किस्म के शैम्पू से बालों को धोना चाहिए।
(4) कुदरती साधनों के इस्तेमाल से बालों को सुंदर बनाया जा सकता है। बालों को अच्छी तरह धोने के बाद बालों में ताजी मेहंदी पीसकर लगानी चाहिए। कुछ समय बाद बालों को पानी से धो लेना चाहिए।
(5) बालों को पानी में भीगे आँवलों से धोना चाहिए। बालों को आँवले से धोने से बाल चमकदार व मुलायम बनते हैं।
(6) पसीना बालों की जड़ों में पहुंचने पर बालों को नुकसान होता है। इसलिए नियमित अंतराल पर उचित विधि द्वारा बालों को साफ करना चाहिए।
(7) बालों को गर्म पानी में धोने से ये कमजोर होते हैं। इसलिए बालों को हमेशा गुनगुने पानी से ही धोना चाहिए।
(8) कंघी हमेशा बालों को सुखाने के बाद ही करनी चाहिए। गीले बालों में कंघी करने से बाल कमजोर हो सकते हैं।

प्रश्न 5.
दाँतों की सफाई पर विस्तृत नोट लिखें। अथवा दाँतों की देखभाल हेतु हमें किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?
उत्तर:
दाँतों के न रहने से मुँह का स्वाद चला जाता है और चेहरे की खूबसूरती भी समाप्त हो जाती है। गंदे दाँतों से स्वयं को और दूसरों को बदबू भी आती है। यदि दूध के दाँतों का ध्यान अच्छी प्रकार न रखा जाए तो पक्के दाँत शुरू से कमजोर हो सकते हैं जोकि टूटने के उपरांत टेढ़े-मेढ़े निकलते हैं। दाँत साफ न रहने के कारण इनके ऊपर जो इनैमल और इंटीन की तह होती है, वह दाँत गंदे रहने से नष्ट हो जाती है। फिर दाँतों के नीचे तक कीटाणु चले जाते हैं और मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। इसलिए हमें नियमित रूप से दाँतों की सफाई करनी चाहिए। दाँतों की संभाल और सफाई निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है

(1) हमें मिठाई, चीनी, टॉफियाँ आदि अधिक नहीं खानी चाहिएँ।
(2) दाँतों में कभी भी कोई तीखी चीज़ नहीं मारनी चाहिए।
(3) कठोरै बोतलों के ढक्कन अथवा कठोर खाने वाली चीजें दाँतों से न खोलें/तोड़ें।
(4) हमें बहुत अधिक गर्म और ठंडी चीजों का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
(5) किसी दूसरे का ब्रश प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
(6) दाँतों को रेत, कोयले की राख आदि से साफ नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे दाँतों की ऊपरी परत को हानि पहुँचती है।
(7) पान, गुटका, तम्बाकू आदि दाँतों एवं मसूड़ों के लिए घातक होते हैं। इसलिए इनका सेवन नहीं करना चाहिए।
(8) यदि दाँत खराब हो जाएँ तो निकलवा लेने चाहिएँ ताकि छूत के कारण दूसरे दाँत भी खराब न हो जाएँ।।
(9) प्रतिदिन सुबह उठकर और रात को सोने से पहले ब्रश करना चाहिए और खाना खाने के पश्चात् कुल्ला करना चाहिए।
(10) दाँतों की मजबूती के लिए कैल्शियम एवं विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों; जैसे गाजर, मूली, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, … आँवला, नींबू, टमाटर, बन्दगोभी आदि का सेवन करना चाहिए।

प्रश्न 6.
कानों एवं नाखूनों की सफाई पर संक्षिप्त नोट लिखें। अथवा कानों तथा नाखूनों की सफाई करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
कानों की सफाई (Cleanliness of Ears):
कान सुनने की शक्ति रखते हैं। कान की बाहरी बनावट टेढ़ी और कठोर दिखाई देती है परंतु अंदर इसका पर्दा नाजुक होता है। यदि कान में कोई फोड़ा अथवा फुसी हो जाए तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कोई तेज दवाई डालने से कान के पर्दे को नुकसान पहुँच सकता है। कान में कभी भी कोई नुकीली चीज़ नहीं मारनी चाहिए। इससे कान में चोट लग सकती है। यदि कान में दर्द है तो समय पर इसका इलाज करवाना चाहिए, नहीं तो पीब (Pus) पड़ने का डर होता है और पर्दा भी गल सकता है। कान को साफ करने के लिए खुरदरे और मोटे तिनके पर अच्छी प्रकार से रूई लपेटकर हाइड्रोजन परऑक्साइड में भिगोकर साफ करें। यह सप्ताह में एक बार अवश्य करें। नहाने के पश्चात् कान के बाहरी भाग को जरूर साफ करना चाहिए। स्वयं को शोरगुल से दूर रखना चाहिए।

नाखूनों की सफाई (Cleanliness of Nails):
हाथों व पैरों की उँगलियों के आगे कठोर बढ़ा हुआ भाग नाखून होता है। इसकी सफाई मनुष्य के शरीर के बाकी अंगों की भाँति बहुत जरूरी है। नाखूनों को साफ न करने से कई हानियाँ हो सकती हैं। अतः नाखूनों की सफाई के लिए निम्नलिखित कार्य करने चाहिएँ
(1)नाखून बढ़ने नहीं देने चाहिएँ अर्थात् समय-समय पर बढ़े हुए नाखूनों को काटते रहना चाहिए, ताकि इनमें मैल आदि न जमा हो सके।
(2) खाना खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन आदि से धोने चाहिएँ।
(3) नाखून दाँतों से नहीं तोड़ने चाहिए। इससे नाखूनों के बीच वाली मैल मुँह द्वारा हमारे शरीर के अंदर पहुँच जाती है और कई प्रकार की बीमारियाँ पैदा करती है।
(4) नाखून ब्लेड और कैंची से भी नहीं काटने चाहिएँ, बल्कि इनको नेलकटर से काटना चाहिए।
(5) नाखूनों को सोडियम कार्बोनेट के पानी से धोना चाहिए।
(6) कठोर, खुरदरे, पीले, काले अथवा सफेद धब्बों वाले नाखून डॉक्टर को जरूर दिखा लेने चाहिएँ।
(7) कई फैशन के तौर पर अपने नाखून बढ़ा लेते हैं परंतु ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
(8) पैरों के नाखून भी काटने आवश्यक हैं। इनको न काटने से उँगलियों में दर्द होना शुरू हो जाता है।

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प्रश्न 7.
व्यायाम क्या है? व्यायाम करने से हमें क्या-क्या लाभ होते हैं?
अथवा
व्यायाम हमारे लिए क्यों आवश्यक है? इसके क्या-क्या फायदे हैं?
उत्तर:
व्यायाम का अर्थ (Meaning of Exercise):
कुछ विशेष तथा तेज शारीरिक क्रियाएँ जो मनुष्य अपनी इच्छानुसार करता है, व्यायाम कहलाता है। जिस प्रकार भोजन, जल और वायु जीवन के लिए आवश्यक हैं उसी प्रकार व्यायाम भी शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। व्यायाम न करने से शरीर आलसी एवं रोगी हो जाता है, जबकि व्यायाम करने से शरीर चुस्त, फुर्तीला व सक्रिय बनता है। व्यायाम करने से शरीर नीरोग रहता है। बुद्धि व स्मरण शक्ति तेज होती है, जिससे मनुष्य दिन-प्रतिदिन उन्नति करता है। व्यायाम से अनेक प्रकार की दुर्बलताएँ दूर हो जाती हैं। इसलिए हमारे लिए व्यायाम बहुत आवश्यक है।
व्यायाम करने के लाभ या फायदे (Advantages of doing Exercise)-व्यायाम करने से होने वाले लाभ. निम्नलिखित हैं

(1) व्यायाम करने से शरीर की माँसपेशियाँ लचकदार तथा मजबूत बनती हैं। शरीर में कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।
(2) व्यायाम करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट रहता है और बुढ़ापा देर से आता है।
(3) व्यायाम करने से भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया ठीक रहती है।
(4) व्यायाम करने से क्षयरोग, दमा और कब्ज आदि नहीं हो सकते। अत: व्यायाम करने से शरीर नीरोग रहता है।
(5) व्यायाम करने से रात को नींद अच्छी आती है।
(6) व्यायाम करने से रक्त का संचार तेज होता है। वृक्क (Kidneys) में रक्त के अधिक पहुँचने से उसके सारे विषैले पदार्थ मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
(7) व्यायाम करने से शरीर के सभी अंग सुचारु रूप से कार्य करते हैं।
(8) व्यायाम करने से नाड़ी प्रणाली स्वस्थ रहती है। ज्ञानेंद्रियों की शक्ति बढ़ जाती है।
(9) व्यायाम करने से फेफड़ों में ऑक्सीजन अधिक पहुँचती है और कार्बन-डाइऑक्साइड भी बाहर निकलती है।
(10) व्यायाम शरीर की बहुत-सी कमियों तथा जोड़ों के रोगों को दूर करने में सहायक होता है।
(11) व्यायाम से हृदय बलशाली हो जाता है तथा धमनियाँ, शिराएँ और केशिकाएँ आदि मजबूत बनती हैं।
(12) व्यायाम करने से टूटी कोशिकाओं को ऑक्सीजन तथा ताजा रक्त मिलता है। इस प्रकार इनकी मुरम्मत हो जाती है।
(13) व्यायाम करने से शरीर में फूर्ति बढ़ती है और आलस्य दूर होता है।
(14) व्यायाम करने से स्मरण शक्ति, तर्क शक्ति एवं कल्पना शक्ति बढ़ती है।

प्रश्न 8.
सोते समय हमें क्या-क्या सावधानियाँ रखनी चाहिएँ?
उत्तर:
थकान को दूर करने के लिए तथा व्यय हुई शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए हमें आराम के साथ-साथ नींद की नितांत आवश्यकता होती है। इसलिए परमात्मा ने काम के लिए दिन और विश्राम के लिए रात को बनाया। जब हम प्रकृति के इस नियम का उल्लंघन करते हैं तो अनेक प्रकार के कष्ट सहते हैं। पूरी नींद लेने से थकी माँसपेशियाँ और दिमाग भी ताजा हो जाता है। इसलिए गहरी नींद में सोना भोजन से भी अधिक आवश्यक है।

सोते समय हमें निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिएँ
(1) सोने का कमरा साफ-सुथरा तथा हवादार होना चाहिए।
(2) खिड़कियाँ व रोशनदान हवादार होने चाहिएँ।
(3) प्रतिदिन नियमित समय पर सोना चाहिए।
(4) सोने से दो घंटे पहले कुछ नहीं खाना चाहिए।
(5) मुँह ढककर कभी नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से कार्बन-डाइऑक्साइड फेफड़ों में चली जाती है और ऑक्सीजन नहीं मिलती।
(6) सोने के कमरे में कोयले की अंगीठी जलती हुई छोड़कर कभी नहीं सोना चाहिए।
(7) रात को जल्दी सोना चाहिए और प्रातः जल्दी उठना चाहिए।
(8) रात को सोने से पूर्व चाय या कॉफी के स्थान पर दूध पीना चाहिए।
(9) गर्मियों में सोने से पहले स्नान करना चाहिए। सर्दियों में गर्म पानी से मुँह-हाथ धो लेने चाहिएँ।
(10) सोने वाले स्थान के पास पशु नहीं बाँधने चाहिएँ।
(11) सोते समय शरीर पर हल्के कपड़े होने चाहिएँ।
(12) रात को वृक्षों के नीचे सोना हानिकारक है। इसका कारण यह है कि रात के समय वृक्ष कार्बन-डाइऑक्साइड गैस छोड़ते हैं और ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। इसलिए ऐसे वातावरण में साँस लेना हानिकारक है।
(13) चिंता, क्रोध तथा दुःखों को भूलकर बिना किसी तनाव के सोना चाहिए।
(14) गर्मी के मौसम में यदि बाहर सोना हो तो मच्छरदानी का प्रयोग करें।
(15) पलंग या चारपाई कद के अनुसार होनी चाहिए। इस पर बिछा हुआ बिस्तर मौसम के अनुसार तथा साफ-सुथरा होना चाहिए।
(16) चारपाई खटमल रहित होनी चाहिए क्योंकि वे मनुष्य का रक्त चूसते हैं तथा गहरी नींद नहीं सोने देते।

प्रश्न 9.
अच्छी मुद्रा या आसन (Good Posture) के लाभों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शरीर की किसी एक स्थिति को मुद्रा नहीं कहा जाता। हम अपने शरीर को कई अलग-अलग ढंगों से टिकाते हैं। शरीर को स्थिर रखने की स्थितियों को मुद्रा या आसन कहा जाता है। शरीर को बिना तकलीफ उठाना, बैठाना, घुमाना आदि मुद्रा में ही आते हैं । शरीर की प्रत्येक प्रकार की स्थिति ठीक हो अथवा गलत मुद्रा ही कहलाएगी। परंतु गलत और ठीक मुद्रा में बहुत
अंतर होता है। ठीक मुद्रा देखने में सुंदर व आकर्षक लगती है। इससे शरीर की माँसपेशियों पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता। ठीक मुद्रा वाला व्यक्ति काम करने, चलने-फिरने में चुस्त और फुर्तीला लगता है। भद्दी मुद्रा व्यक्ति के शरीर के लिए अनावश्यक बोझ बन जाती है। इसलिए हमेशा शरीर की स्थिति प्रत्येक प्रकार का आसन (Posture) प्राप्त करते समय ठीक रखनी चाहिए। संक्षेप में, अच्छी मुद्रा के निम्नलिखित लाभ हैं
(1) शरीर को अच्छी स्थिति में रखने से हिलाना-डुलाना आसान हो जाता है और शरीर के दूसरे भागों पर भी भार नहीं पड़ता।
(2) अच्छी मुद्रा शरीर में आत्मविश्वास पैदा करती है।
(3) अच्छी मुद्रा मन को प्रसन्नता एवं खुशी प्रदान करती है।
(4) अच्छी मुद्रा वाले व्यक्ति की कार्य करने में शक्ति कम लगती है।
(5) अच्छी मुद्रा हड्डियों और माँसपेशियों को संतुलित रखती है।
(6) अच्छी मुद्रा वाले व्यक्ति को बीमारियाँ कम लगती हैं।

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प्रश्न 10.
भद्दी मुद्रा के कारणों का उल्लेख करते हुए मुद्रा ठीक करने के ढंगों का वर्णन कीजिए। अथवा मुद्रा संबंधी विकार बताइए। मुद्रा संबंधी विकार ठीक करने के तरीकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
मुद्रा संबंधी विकार या विकृतियाँ (Postural Deformities): मुद्रा संबंधी विकार या विकृतियाँ निम्नलिखित हैं
(1) कूबड़पन,
(2) कमर का आगे निकलना,
(3) रीढ़ की हड्डी का टेढ़ा होना,
(4) दबी हुई छाती होना,
(5) घुटनों अथवा टखनों का भिड़ना,
(6) गोल कंधे,
(7) टेढ़ी गर्दन,
(8) चपटे पैर आदि।

भद्दी मुद्रा के कारण (Cause of Incorrect Posture): भद्दी मुद्रा के निम्नलिखित कारण हैं
(1) भोजन की कमी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है, इस कारण मुद्रा भी ठीक नहीं रहती।
(2) व्यायाम न करने से मुद्रा भद्दी हो जाती है।
(3) घर अथवा स्कूल में सही ढंग से बैठने का प्रबंध न होना।
(4) भारी बैग को ठीक ढंग से न पकड़ना।
(5) तंग कपड़े और तंग जूते पहनना भी मुद्रा के लिए हानिकारक हैं।
(6) पढ़ते समय बैठने के लिए सही कुर्सी या मेज का न होना और कुर्सी पर ठीक से न बैठना।

मुद्रा ठीक रखने के ढंग या तरीके (Methods of Keep Right to Posture): मुद्रा ठीक करने के ढंग निम्नलिखित हैं
(1) बच्चों को ठीक मुद्रा के बारे में जानकारी देनी चाहिए। स्कूल में अध्यापकों और घर में माँ-बाप का कर्त्तव्य है कि बच्चों
की खराब मुद्रा को ठीक करने के लिए निरंतर प्रयास करें।
(2) भोजन की कमी के कारण आई कमजोरी को ठीक करना चाहिए।
(3) बच्चों को न तो तंग कपड़े डालने चाहिएँ और न ही तंग जूते।
(4) हमें गलत ढंग से न तो चलना चाहिए और न ही पढ़ना और बैठना चाहिए।
(5) हमें उचित और पूरी नींद लेनी चाहिए।
(6) बच्चों के स्कूल बैग का भार हल्का होना चाहिए।
(7) आवश्यकतानुसार डॉक्टरी परीक्षण करवाते रहना चाहिए ताकि मुद्रा-त्रुटि को समय पर ठीक किया जा सके।
(8) हमारे घरों, स्कूलों और कॉलेजों में ठीक मुद्रा की जानकारी देने वाले चित्र लगे होने चाहिएँ।
(9) घरों और स्कूलों में पूरे कद वाला शीशा लगा होना चाहिए जिसके आगे खड़े होकर बच्चा अपनी मुद्रा देख सके।
(10) सोते समय शरीर को अधिक मोड़ना नहीं चाहिए।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित आसनों या मुद्राओं (Postures) पर संक्षिप्त नोट लिखें
(क) बैठने की मुद्रा
(ख) खड़े होने की मुद्रा
(ग) चलने की मुद्रा
(घ) लेटने की मुद्रा।
उत्तर:
(क) बैठने की मुद्रा (Posture of Sitting):
कई कामों में हमें अधिक देर तक बैठना पड़ता है। अधिक देर बैठने से धड़ की माँसपेशियाँ थक जाती हैं और धड़ में कई दोष आ जाते हैं। बैठते समय रीढ़ की हड्डी सीधी, छाती आमतौर पर खुली, कंधे समतल, पेट स्वाभाविक तौर पर अंदर की ओर, सिर और धड़ सीधी स्थिति में होने चाहिए। बच्चे स्कूल में अधिक समय बैठते हैं परंतु घर में चलते-फिरते रहते हैं। बैठने वाला स्थान हमेशा खुला और समतल होना चाहिए। बैठने वाला स्थान साफ-सुथरा हो। देखा जाता है कि कई व्यक्ति सही ढंग से बैठकर नहीं पढ़ते। पढ़ते समय हमें ऐसी मुद्रा में बैठना चाहिए जिससे आँखों व शरीर पर कम-से-कम दबाव पड़े। लिखने के लिए मेज या डैस्क का झुकाव आगे की ओर होना चाहिए। हमें कभी भी सिर झुकाकर न तो पढ़ना चाहिए और न ही लिखना चाहिए। इससे हमारी रीढ़ की हड्डी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। गलत ढंग से बैठने से शरीर में कई विकार पैदा हो सकते हैं।

(ख) खड़े होने की मुद्रा (Posture of Standing):
गलत ढंग से खड़े होने अथवा चलने से भी शरीर में थकावट आ जाती है। खड़े होने के दौरान शरीर का भार दोनों पैरों पर बराबर होना चाहिए। खड़े होने के दौरान पेट सीधा, छाती फैली हुई और धड़ सीधा होना चाहिए। ठीक ढंग से खड़े होने से हमारे शरीर में रक्त की गति ठीक रहती है। यदि आपको अधिक देर खड़े होना पड़े तो दोनों पैरों पर बदल-बदल कर खड़े होना चाहिए ताकि प्रत्येक टाँग पर शरीर का भार बारी-बारी पड़े।

(ग) चलने की मुद्रा (Posture of Walking):
हमारी चाल हमेशा सही होनी चाहिए। ठीक चाल से अच्छा प्रभाव पड़ता है। चलते समय पंजे और एड़ियों पर ठीक भार पड़ना चाहिए। अच्छी चाल वाला व्यक्ति प्रत्येक मनुष्य को अपनी ओर आकर्षित करता है। चलते समय पैरों का अंतर समान रहना चाहिए। हाथ आगे पीछे आने-जाने चाहिएँ। घुटने आपस में टकराने नहीं चाहिएँ। चलते समय पैरों की रेखाएँ चलने की दिशा की रेखा के समान होनी चाहिएँ।

(घ) लेटने की मुद्रा (Posture of Lying):
लेटते समय हमारा शरीर विश्राम अवस्था में और शांत होना चाहिए। सोते समय शरीर प्राकृतिक तौर पर टिका होना चाहिए। हमें सोते समय कभी भी गलत ढंग से नहीं लेटना चाहिए। इससे हमारे रक्त के संचार पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे श्वास क्रिया भी रुक जाने का खतरा पैदा हो सकता है। गर्दन अथवा अन्य किसी भाग की. नाड़ी आदि चढ़ जाने का खतरा रहता है।

प्रश्न 12.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं
1. व्यायाम (Exercises):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को व्यायाम अर्थात् शारीरिक गतिविधियाँ काफी प्रभावित करती हैं। व्यायाम करने से शरीर की उचित वृद्धि एवं विकास होता है। व्यायाम शरीर के सभी अंगों की कार्यक्षमता को सुचारू करने में सहायक होता है। व्यायाम करने से न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विकास होता है बल्कि यह सर्वांगीण विकास में सहायक होता है।

2. भोजन (Food):
हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सबसे अधिक भोजन प्रभावित करता है। यदि हमारे भोजन में सभी आवश्यक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में हैं तो इनका हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारे शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इसलिए हमारा भोजन संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए।

3. नशीले पदार्थों से परहेज (Away from Intoxicants):
हमारे स्वास्थ्य के लिए नशीले पदार्थों का सेवन सबसे अधिक हानिकारक है। इन पदार्थों के सेवन से हमारे शरीर के सभी पहलुओं या पक्षों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इनके सेवन से हमारा शरीर अनेक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इन पदार्थों के सेवन से स्वयं को बचाना चाहिए।

4. भोजन संबंधी आदतें (Food Related Habits):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भोजन करने संबंधी आदतें भी महत्त्वपूर्ण होती हैं। खाने-पीने की आदतें जितनी उचित होंगी, व्यक्ति का स्वास्थ्य भी उतना अच्छा होगा।

5. चिकित्सा जाँच (Medical Checkup):
नियमित चिकित्सा जाँच स्वास्थ्य के सभी पक्षों को प्रभावित करती है। नियमित चिकित्सा जाँच से हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता हैं और शारीरिक अंग रोगमुक्त रहते हैं।

6. आसन (Posture):
आसन भी हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसलिए हमें उचित आसन की आदत डालनी चाहिए।

7. विश्राम एवं निद्रा (Rest and Sleep):
विश्राम एवं निद्रा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं बल्कि सभी प्रकार के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। सामान्य तौर पर व्यक्ति को आठ घंटे तक सोना चाहिए। लंबी अवधि तक कार्य करने के बीच में थोड़ा-बहुत विश्राम कर लेना चाहिए।

8. अच्छी आदतें (Good Habits):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को अच्छी आदतें भी प्रभावित करती हैं। अच्छी आदतें हमारी दिनचर्या को प्रभावित करती हैं; जैसे जल्दी सोना, जल्दी उठना, दाँतों पर नियमित ब्रश करना, स्नान करने के बाद नाश्ता करना आदि। अच्छी आदतों से हमारा आसन और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव

प्रश्न 13.
व्यक्तित्व के विकास में स्वास्थ्य की भूमिका का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अधिकांश लोग स्वास्थ्य के महत्त्व को नहीं समझते। हम जब भी स्वास्थ्य की बात करते हैं तो हमारा ध्यान शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित रहता है। हम शरीर के अन्य पहलुओं के बारे में नहीं सोचतें। अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता हम सभी को है। एक व्यक्ति को स्वस्थ तभी कहा जाता है जब उसका शरीर स्वस्थ एवं मन साफ व शांत हो। वास्तव में अच्छे स्वास्थ्य की कल्पना संपूर्ण स्वास्थ्य का नाम है जिसमें शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सामाजिक स्वास्थ्य एवं बौद्धिक स्वास्थ्य आदि शामिल हैं। स्वास्थ्य का व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। स्वास्थ्य निम्नलिखित प्रकार से व्यक्तित्व में अपना योगदान देता है

(1) स्वास्थ्य जीवन को बढ़ाने के लिए कौशल और ज्ञान को विकसित करने की क्षमता बढ़ाता है। हमारी बौद्धिक क्षमता हमारी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती है जिससे हमारा व्यक्तित्व आकर्षिक बनता है।
(2) अच्छे स्वास्थ्य का हमारे शरीर के प्रत्येक पहलू पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारा शरीर चुस्त, फुर्तीला एवं मजबूत बनता है जिससे हमारा व्यक्तित्व काफी आकर्षित लगता है।
(3) स्वास्थ्य संबंधी जानकारी होने से शरीर नीरोग रहता है जो शरीर रोगमुक्त होता है और उसका जीवनकाल भी अधिक होता है अर्थात् शरीर को विकारों से मुक्त बनाए रखता है और हमेशा अच्छा महसूस कराता है।
(4) अच्छे स्वास्थ्य से खुशी एवं प्रसन्नता महसूस होती है। प्रसन्नता एवं खुशी से व्यक्ति के व्यक्तित्व का पता चलता है।
(5) किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को उसका स्वभाव सबसे अधिक प्रभावित करता है। जो व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर एवं बीमार होता है उसमें अनेक विकार पैदा हो जाते हैं; जैसे क्रोध करना, चिंता करना, घृणा करना आदि। परन्तु जो व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ या रोगमुक्त होता है वह अपने मनोविकारों पर नियंत्रण करने में समर्थ होता है। इस प्रकार स्वास्थ्य व्यक्ति के स्वभाव को सुधारने में सहायक होता है जिससे उसका व्यक्तित्व अन्य व्यक्तियों से अधिक आकर्षित एवं अच्छा होता है।
(6) अच्छे स्वास्थ्य से शारीरिक सुंदरता में वृद्धि होती है। शारीरिक सुंदरता का आकर्षण व्यक्तित्व के विकास में योगदान देता है लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि आप सुंदर नहीं हैं तो आपका व्यक्तित्व आकर्षक नहीं हो सकता।
(7) अच्छा स्वास्थ्य व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आत्मविश्वास व्यक्तित्व की कुंजी है।

निष्कर्ष (Conclusion):
उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि अच्छा स्वास्थ्य व्यक्तित्व की कुंजी है। आकर्षित व्यक्तित्व से कोई भी व्यक्ति किसी को भी प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य न केवल व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है बल्कि यह शरीर के प्रत्येक पहलू के विकास में सहायक होता है। इसलिए हमें स्वास्थ्य के बारे में संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए।

लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
कानों की सफाई करते समय किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?
उत्तर:
कान सुनने की शक्ति रखते हैं। कान की बाहरी बनावट टेढ़ी और कठोर दिखाई देती है परंतु अंदर इसका पर्दा नाजुक होता है। यदि कान में कोई फोड़ा अथवा फुसी हो जाए तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कोई तेज दवाई डालने से कान के पर्दे को .. नुकसान पहुंच सकता है। कान में कभी भी कोई नुकीली चीज़ नहीं मारनी चाहिए। इससे कान में चोट लग सकती है। यदि कान में दर्द है तो समय परं इसका इलाज करवाना चाहिए, नहीं तो पीब (Pus) पड़ने का डर होता है और पर्दा भी गल सकता है। कान को साफ करने के लिए खुरदरे और मोटे तिनके पर अच्छी प्रकार से रूई लपेटकर हाइड्रोजन परऑक्साइड में भिगोकर साफ करें। यह सप्ताह में एक बार अवश्य करें। नहाने के पश्चात् कान के बाहरी भाग को जरूर साफ करना चाहिए। स्वयं को शोरगुल से दूर रखना चाहिए।

प्रश्न 2.
नाखूनों की सफाई करते समय किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?
उत्तर:
नाखूनों की सफाई के लिए हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-
(1) नाखून बढ़ने नहीं देने चाहिएँ अर्थात् समय-समय पर बढ़े हुए नाखूनों को काटते रहना चाहिए, ताकि इनमें मैल आदि न जमा हो सके।
(2) खाना खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन आदि से धोने चाहिएँ।
(3) नाखून दाँतों से नहीं तोड़ने चाहिएँ। इससे नाखूनों के बीच वाली मैल मुँह द्वारा हमारे शरीर के अंदर पहुँच जाती है और कई प्रकार की बीमारियाँ पैदा करती है।
(4) नाखून ब्लेड और कैची से भी नहीं काटने चाहिएँ, बल्कि इनको नेलकटर से काटना चाहिए।
(5) नाखूनों को सोडियम कार्बोनेट के पानी से धोना चाहिए।
(6) कठोर, खुरदरे, पीले, काले अथवा सफेद धब्बों वाले नाखून डॉक्टर को जरूर दिखा लेने चाहिएँ।
(7) कई फैशन के तौर पर अपने नाखून बढ़ा लेते हैं परंतु ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

प्रश्न 3.
व्यायाम करने के कोई पाँच लाभ बताएँ। उत्तर-व्यायाम करने से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं
(1) व्यायाम करने से शरीर की माँसपेशियाँ लचकदार तथा मजबूत बनती हैं। शरीर में कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।
(2) व्यायाम करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट रहता है और बुढ़ापा देर से आता है।
(3) व्यायाम करने से भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया ठीक रहती है।
(4) व्यायाम करने से रात को नींद अच्छी आती है।
(5) व्यायाम करने से रक्त का संचार तेज होता है। वृक्क (Kidneys) में रक्त के अधिक पहुंचने से उसके सारे विषैले पदार्थ मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।

प्रश्न 4.
बालों की सफाई न रखने या करने से होने वाली हानियाँ बताएँ। उत्तर-यदि बालों को सही ढंग से साफ न किया जाए तो इससे निम्नलिखित हानियाँ हो सकती हैं
(1) बालों की सफाई न करने से सिर में सिकरी (Dandruff) हो जाती हैं।
(2) बालों की नियमित सफाई न करने से ये कमजोर हो जाते हैं।
(3) सिर में जुएँ आदि हो जाती हैं।
(4) बालों की सफाई न करने से बाल सड़ने लगते हैं।
(5) समय से पहले बाल सफेद होने लगते हैं।

प्रश्न 5.
भद्दी मुद्रा के मुख्य कारण बताएँ।
उत्तर:
भद्दी मुद्रा के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं
(1) भोजन की कमी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है, इस कारण मुद्रा भी ठीक नहीं रहती।
(2) व्यायाम न करने से मुद्रा भद्दी हो जाती है।
(3) घर अथवा स्कूल में सही ढंग से बैठने का प्रबंध न होना।
(4) भारी बैग को ठीक ढंग से न पकड़ना।
(5) तंग कपड़े और तंग जूते पहनना भी मुद्रा के लिए हानिकारक हैं।
(6) पढ़ते समय बैठने के लिए सही कुर्सी या मेज का न होना और कुर्सी पर ठीक से न बैठना।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव

प्रश्न 6.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले चार कारक निम्नलिखित हैं
(1) व्यक्तिगत स्वास्थ्य को व्यायाम अर्थात् शारीरिक गतिविधियाँ काफी प्रभावित करती हैं। व्यायाम करने से शरीर की उचित वृद्धि एवं विकास होता है। व्यायाम शरीर के सभी अंगों की कार्यक्षमता को सुचारु करने में सहायक होता है। व्यायाम करने से न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विकास होता है बल्कि यह सर्वांगीण विकास में सहायक होता है।

(2) हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सबसे अधिक भोजन प्रभावित करता है। यदि हमारे भोजन में सभी आवश्यक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में हैं तो इनका हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारे शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इसलिए हमारा भोजन संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए।

(3) हमारे स्वास्थ्य के लिए नशीले पदार्थों का सेवन सबसे अधिक हानिकारक है। इन पदार्थों के सेवन से हमारे शरीर के सभी पहलुओं या पक्षों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इनके सेवन से हमारा शरीर अनेक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इन पदार्थों के सेवन से स्वयं को बचाना चाहिए।

(4) व्यक्तिगत स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भोजन करने संबंधी आदतें भी महत्त्वपूर्ण होती हैं। खाने-पीने की आदतें जितनी उचित होंगी, व्यक्ति का स्वास्थ्य भी उतना अच्छा होगा।

प्रश्न 7.
हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर:
हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से पड़ती है
(1) एक अच्छा, स्वस्थ व सुडौल शरीर बनाने के लिए।
(2) माँसपेशियों में निरंतर शक्ति संचार बनाए रखने के लिए।
(3) दाँतों को नष्ट होने से बचाने के लिए।
(4) त्वचा को साफ-सुथरा व स्वस्थ रखने तथा रोगों से मुक्त रखने के लिए।
(5) संक्रमण रोगों की रोकथाम एवं बचाव करने के लिए।
(6) आँख, कान एवं नाक को स्वस्थ तथा रोगों से मुक्त रखने के लिए।
(7) व्यक्ति में ऊर्जा या शक्ति को बनाए रखने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए।
(8) शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को बनाए रखने के लिए।

प्रश्न 8.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ
(1) आयु और आवश्यकतानुसार व्यायाम अथवा सैर करें।
(2) पौष्टिक और संतुलित भोजन खाएँ।
(3) प्रतिदिन स्नान करके साफ व स्वच्छ कपड़े पहनें।
(4) समय-समय पर शरीर का डॉक्टरी परीक्षण करवाएँ।
(5) अच्छी आदतों को अपनाएँ।

प्रश्न 9.
त्वचा के हमारे शरीर के लिए क्या लाभ हैं?
अथवा
त्वचा के प्रमुख कार्य क्या हैं?
उत्तर:
त्वचा के हमारे शरीर के लिए निम्नलिखित लाभ या कार्य हैं-
(1) त्वचा शरीर को ढककर रखती है।
(2) यह शरीर का तापमान स्थिर रखती है।
(3) यह शरीर के अंदर बीमारी के कीटाणुओं को प्रवेश होने से रोकती है।
(4) त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है।

प्रश्न 10.
त्वचा की सफाई के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? अथवा नहाते समय हमें किन नियमों की पालना करनी चाहिए?
उत्तर:
त्वचा हमारे शरीर की चारदीवारी है। यह हमारे शरीर के आंतरिक अंगों को ढकती है और उसकी रक्षा करती है। यह हमारे शरीर का तापमान ठीक रखती है। इसके द्वारा हमारे शरीर में से पसीना और अन्य बदबूदार पदार्थों का निकास होता है। इसको स्पर्श करने से ही किसी बाहरी वस्तु के गुण और लक्षणों का ज्ञान होता है। त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है। इसलिए हमें अपनी त्वचा की नियमित सफाई करनी चाहिए और इसकी सफाई का सबसे उत्तम ढंग प्रतिदिन स्वच्छ पानी से स्नान करना या नहाना है। नहाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है
(1) नहाने से पहले पेट साफ और खाली होना चाहिए।
(2) खाने के तुरंत पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।
(3) व्यायाम अथवा बहुत थकावट के एकदम पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।
(4) सर्दियों में नहाने से पहले धूप में शरीर की मालिश करें। यह शरीर को विटामिन ‘डी’ देने के लिए उपयोगी होता है।
(5) ताजे और स्वच्छ पानी से नहाना लाभदायक होता है।
(6) नहाने के लिए साबुन का प्रयोग कम करना चाहिए। नहाने के लिए उपयुक्त साबुन, जिसमें क्षार की मात्रा कम हो, प्रयोग में लेना हितकर है।
(7) नहाने के पश्चात् शरीर को साफ तौलिए या साफ कपड़े से पौंछकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिएँ।
(8) शरीर को पौंछने के लिए अपने स्वयं का ही तौलिया काम में लाना चाहिए।

प्रश्न 11.
बालों की सफाई और संभाल कैसे करनी चाहिए?
उत्तर:
बालों की सफाई और संभाल निम्नलिखित प्रकार से करनी चाहिए
(1) नहाने के पश्चात् बालों को तेल लगाएँ परंतु बाल बहुत चिकने न हों।
(2) प्रतिदिन सुबह और सोने से पहले बालों में कंघी करनी चाहिए।
(3) हमें कभी भी गिले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए।
(4) बालों को हमेशा हर्बल व प्राकृतिक शैंपू से ही धोना चाहिए।
(5) बालों पर कंघी करने के बाद इसको साफ कर लेना चाहिए और दूसरों की कंघी कभी भी प्रयोग नहीं करनी चाहिए।
(6) बालों की चमक एवं मजबूती हेतु सप्ताह में एक बार बालों पर तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए।

प्रश्न 12.
व्यायाम करते समय कौन-कौन-सी सावधानियाँ अपनानी चाहिएँ? उत्तर-व्यायाम करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ अपनानी चाहिएँ
(1) व्यायाम सदैव खुली हवा, खुली जगह पर करना चाहिए अर्थात् खुले एवं स्वच्छ वातावरण में करना चाहिए। इससे रक्त में अधिक ऑक्सीजन जाती है।
(2) व्यायाम करने के शीघ्र बाद नहाना नहीं चाहिए। इससे स्वास्थ्य बिगड़ने का डर रहता है।
(3) व्यायाम प्रात:काल या सायंकाल करना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद किसी भी प्रकार का व्यायाम लाभदायक नहीं होता।
(4) शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्तियों एवं वृद्धों को आसान व्यायाम करने चाहिएँ।
(5) व्यायाम के बाद थोड़ा विश्राम करना चाहिए।
(6) व्यायाम करने के पश्चात् कुछ समय शरीर को ढीला छोड़कर लंबे तथा गहरे साँस लेने चाहिएँ।
(7) बीमारी में या बीमारी से उठने के शीघ्र बाद व्यायाम नहीं करना चाहिए।
(8) व्यायाम करते समय न अधिक तंग और न अधिक खुले कपड़े पहनने चाहिएँ।
(9) व्यायाम सदा सावधानी से और नियमों के अनुसार ही करना चाहिए।

प्रश्न 13.
दाँतों की संभाल कैसे की जानी चाहिए?
उत्तर:
दाँतों की संभाल अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए इनकी संभाल के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ.
(1) प्रतिदिन सुबह-शाम ब्रश करना चाहिए।
(2) बहुत गर्म और बहुत ठंडी चीजें खाने से परहेज करें।
(3) यदि दाँत में खोल हो जाए तो तुरंत भरवा लेना चाहिए।
(4) प्रतिदिन कीकर, नीम और फलाही या टाहली की दातुन यदि संभव हो तो करें।
(5) प्रतिदिन खाने के पश्चात् साफ पानी से कुल्ला करें और सुबह-शाम दंत-मंजन करें।

प्रश्न 14.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य की महत्ता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
हमारे लिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे लिए निम्नलिखित प्रकार से उपयोगी होता है
(1) जो व्यक्ति अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सजग रहता है उसका व्यक्तित्व आकर्षित एवं प्रभावित होता है।
(2) शरीर की छवि आत्म-सम्मान, आत्म-विश्वास आदि को प्रभावित करती है। अत: व्यक्तिगत स्वास्थ्य से आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती है।
(3) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।
(4) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण शारीरिक अंगों; जैसे आँख, नाक, कान, त्वचा, दाँत आदि पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
(5) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण हमारी कार्यक्षमता एवं योग्यता में वृद्धि होती है।
(6) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण हमारा शरीर नीरोग रहता है। हमारे शरीर की रोग निरोधक क्षमता पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
(7) व्यक्तिगत स्वास्थ्य हमारे आसन को ठीक करने में सहायक होता है।
(8) यह हमारी हीन भावनाओं को दूर करने में सहायक होता है।
(9) यह हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने में हमारी सहायता करता है।
(10) यह हमारी अच्छी आदतों को विकसित करने में सहायता करता है।

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प्रश्न 15.
लेटते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
लेटते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए
(1) लेटते समय शरीर विश्राम की स्थिति में होना चाहिए।
(2) तकिया बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए।
(3) सोते समय शरीर प्राकृतिक रूप से टिका होना चाहिए।
(4) सोते समय कठोर गद्दे का प्रयोग करना चाहिए। ऐसे गद्दे पर लेटने से शरीर का आसन सही रहता है।
(5) कभी भी लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।

प्रश्न 16.
मुद्रा ठीक रखने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
मुद्रा ठीक रखने के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ
(1) बच्चों को ठीक मुद्रा के बारे में जानकारी देनी चाहिए। स्कूल में अध्यापकों और घर में माँ-बाप का कर्तव्य है कि बच्चों की खराब मुद्रा को ठीक करने के लिए निरंतर प्रयास करें।
(2) भोजन की कमी के कारण आई कमजोरी को ठीक करना चाहिए।
(3) बच्चों को न तो तंग कपड़े पहनने चाहिएँ और न ही तंग जूते।
(4) हमें गलत ढंग से न तो चलना चाहिए और न ही पढ़ना और बैठना चाहिए।
(5) उचित और पूरी नींद लेनी चाहिए।
(6) बच्चों के स्कूल बैग का भार हल्का होना चाहिए।
(7) आवश्यकतानुसार डॉक्टरी परीक्षण करवाते रहना चाहिए ताकि मुद्रा-त्रुटि को समय पर ठीक किया जा सके।
(8) हमारे घरों, स्कूलों और कॉलेजों में ठीक मुद्रा की जानकारी देने वाले चित्र लगे होने चाहिएँ।
(9) घरों और स्कूलों में पूरे कद वाला शीशा लगा होना चाहिए जिसके आगे खड़े होकर बच्चा अपनी मुद्रा देख सके।
(10) सोते समय शरीर को अधिक मोड़ना नहीं चाहिए।

प्रश्न 17.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रमुख नियमों का उल्लेख कीजिए। उत्तर-व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं
(1) शरीर के आंतरिक अंगों; जैसे दिल, फेफड़े, जिगर, आमाशय, तिल्ली, गुर्दे और बाहरी अंग; जैसे हाथ, आँख, कान, नाक, दाँत, त्वचा, पैर और बाल आदि की जानकारी प्राप्त करके इनकी संभाल करनी चाहिए।
(2) अपनी आयु के अनुसार और समय पर नींद लेनी चाहिए।
(3) समय-समय पर अपने शरीर का डॉक्टरी परीक्षण करवाना चाहिए।
(4) सदा साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिएँ और संतुलित भोजन का प्रयोग करना चाहिए।
(5) कपड़ों और घर को सदा साफ रखना चाहिए।
(6) सदा प्रसन्न रहना चाहिए।
(7) ऋतु और मौसम के अनुसार पहनावा पहनना चाहिए।
(8) खुले एवं स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए।
(9) सदा नाक द्वारा श्वास लेनी चाहिए।

प्रश्न 18.
हाथों की सफाई करने की विधि बताइए।
उत्तर:
हाथ हमारे शरीर के ऐसे अंग हैं, जिनके द्वारा प्रत्येक कार्य किए जाते हैं; जैसे-खाना-पीना, लिखना, घरेलू कार्य करना आदि। हमें खाना खाते समय, खाना खाने के बाद तथा किसी भी कार्य को करने के बाद अच्छी तरह हाथ साफ करने चाहिएँ। हाथ साफ करने की विधि निम्नलिखित हैं
(1) पानी के बहाव को समायोजित करें जिससे यह छलके न।
(2) अपने हाथों को गीला करें।
(3) अपने गीले हाथों पर साबुन लगाकर अच्छे से रगड़ें।
(4) हथेलियों, हाथों के पिछले भाग और कलाइयों पर झाग मलें। अपने हाथों को सभी तरफ, अपनी उंगलियों के बीच और अपने नाखूनों के आस-पास कम-से-कम 20 सेकिण्ड तक रगड़ें। अपने नाखूनों के नीचे और आस-पास सफाई करने के लिए नाखून के ब्रश या किसी पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं।
(5) अपने हाथों को चलते पानी से अच्छी तरह से धोएँ।
(6) पानी के नल को बन्द करने के लिए अपने हाथ में कागज़ या साफ तौलिए का उपयोग करें। इससे आपका साफ हाथ नल के हैंडल, जो साफ नहीं होता, से छूने से बचा रहता है।
(7) अब अपने हाथों को सुखा लें।

अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न  [Very Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वास्थ्य दो शब्दों से मिलकर बना है-‘व्यक्ति’ एवं स्वास्थ्य’। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य की सफाई के सिद्धांत जो व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में लाए जाते हैं। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं ही प्रयत्नशील होना पड़ता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी आचरण; जैसे शरीर की स्वस्थता, दाँतों की सफाई, आँखों की सफाई, बालों की सफाई, हाथों की सफाई, भोजन, आहार, व्यायाम तथा मद्यपान संबंधी नियमों का पालन आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इनके प्रति लापरवाही हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। उदाहरण के लिए, दाँतों की सफाई न करने से दाँतों पर जमे रोगाणुओं से दाँतों में कृमि एवं अन्य विकार पैदा हो सकते हैं। इसलिए हमें व्यक्तिगत स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

प्रश्न 2.
त्वचा की सफाई रखनी क्यों आवश्यक है? अथवा त्वचा की सफाई की क्या आवश्यकता है?
उत्तर:
यदि त्वचा की सफाई न रखी जाए तो पसीना और त्वचा में से निकले हुए बदबूदार पदार्थ शरीर पर जम जाते हैं, जिसके कारण शरीर को त्वचा की बीमारियाँ लगने का डर रहता है। इसलिए त्वचा की सफाई रखना उतना ही आवश्यक है, जितना कि जीवित रहने के लिए भोजन।

प्रश्न 3.
अच्छी मुद्रा क्या है?
उत्तर:
अच्छी मुद्रा का अर्थ, व्यक्ति के सही एवं उचित संतुलन से है जब वह बैठा हो, खड़ा हो, पढ़ रहा हो, पैदल चल रहा हो, भाग रहा रहो या कोई क्रिया कर रहा हो। इसका अर्थ यह है कि अच्छी मुद्रा शरीर की वह स्थिति है जिससे व्यक्ति को थकान महसूस नहीं होती या बहुत कम होती है।

प्रश्न 4.
बालों की सफाई क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
बालों की सफाई करने से बाल मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं। बालों को हमेशा हर्बल या प्राकृतिक शैंपू से साफ करना चाहिए, क्योंकि इससे बालों को आवश्यक पोषण मिलता है और लम्बे समय तक बाल सुरक्षित रहते हैं।

प्रश्न 5.
गीले बालों में कंघी क्यों नहीं करनी चाहिए?
उत्तर:
गीले बालों में कंघी करने से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। इसलिए गीले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए। गीले बालों को सुखाने के बाद ही कंघी करनी चाहिए।

प्रश्न 6.
कान के पर्दे के बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
कान का पर्दा एक नर्म झिल्ली का बना हुआ होता है, जिसका बचाव बहुत आवश्यक होता है। इसलिए गले की बीमारियों और जुकाम का तुरंत इलाज किया जाए। कान में कोई सख्त और तीखी चीज न डाली जाए। कान में दर्द होने पर कानों में बोरिक एसिड ग्लिसरीन में मिलाकर डालें। मोटे तिनके पर रूई लपेटकर हाइड्रोजन परऑक्साइड में भिगोकर कान साफ करें।

प्रश्न 7.
क्या ठीक चाल शरीर को आकर्षक बनाती है?
अथवा
व्यक्तिगत स्वास्थ्य में चलने की उचित मुद्रा किस प्रकार से सहायक है?
अथवा
चलने की सही मुद्रा क्या है?
उत्तर:
अंग्रेजी भाषा में इसको गेट और पंजाबी में चाल अथवा तोर आदि कहा जाता है। हमारी चाल हमेशा सही होनी चाहिए। ठीक चाल से अच्छा प्रभाव पड़ता है। चलते समय पंजे और एड़ियों पर ठीक भार पड़ना चाहिए। अच्छी चाल वाला व्यक्ति प्रत्येक मनुष्य को अपनी ओर आकर्षित करता है। चलते समय पैरों का अंतर समान रहना चाहिए। हाथ आगे-पीछे आने-जाने चाहिए। घुटने आपस में टकराने नहीं चाहिएँ। चलते समय पैरों की रेखाएँ चलने की दिशा की रेखा के समान होनी चाहिएँ।

प्रश्न 8.
नाक के बाल किस प्रकार से लाभदायक हैं?
उत्तर:
हमें हमेशा नाक द्वारा श्वास लेना चाहिए। नाक में छोटे-छोटे बाल होते हैं। वायु के कीटाणु और मिट्टी इनमें रुक जाती हैं जिससे हमारे अंदर साफ वायु जाती है। नाक के बालों को कभी भी काटना और तोड़ना नहीं चाहिए। यदि हमारे नाक के अंदर ये बाल न हों तो हमारे शरीर के अंदर गंदी हवा प्रवेश कर जाएगी और हमारा शरीर रोग का शिकार हो जाएगा।

प्रश्न 9.
हमें किस आसन में लेटना चाहिए? अथवा व्यक्तिगत स्वास्थ्य में लेटने की उचित मुद्रा किस प्रकार से सहायक है? अथवा लेटने की सही मुद्रा क्या है?
उत्तर:
लेटते समय हमारा शरीर विश्राम अवस्था में और शांत होना चाहिए। सोते समय शरीर प्राकृतिक तौर पर टिका होना चाहिए। हमें सोते समय कभी भी गलत ढंग से नहीं लेटना चाहिए। इससे हमारे रक्त के संचार पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे श्वास क्रिया भी रुक जाने का खतरा पैदा हो सकता है। गर्दन अथवा अन्य किसी भाग की नाड़ी आदि चढ़ जाने का खतरा रहता है।

प्रश्न 10.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन किस प्रकार सहायक है?
उत्तर:
स्वस्थ जीवन जीने के लिए भोजन ही मुख्य आधार होता है। वास्तव में हमें भोजन की आवश्यकता न केवल शरीर की खोई हुई शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए होती है, बल्कि शरीर की वृद्धि एवं विकास के लिए और शरीर को नीरोग रखने के लिए भी होती है। इसलिए इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु व्यक्ति को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। ऐसा भोजन करने से शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव

प्रश्न 11.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले किन्हीं तीन कारकों के नाम बताएँ।
उत्तर:
(1) व्यायाम,
(2) उचित आसन,
(3) विश्राम एवं निद्रा।

प्रश्न 12.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु.हमें कौन-कौन-सी सफाई करनी चाहिए?
उत्तर:
(1) कपड़ों की सफाई,
(2) आँखों की सफाई,
(3) कान, नाक की सफाई,
(4) दाँतों की सफाई,
(5) मुँह की सफाई,
(6) नाखूनों की सफाई,
(7) त्वचा व बालों की सफाई आदि।

प्रश्न 13.
व्यक्तिगत सफाई (Personal Cleanliness) क्या है?
उत्तर:
व्यक्तिगत सफाई या स्वच्छता से अभिप्राय व्यक्ति का तन, मन और आत्मा से शुद्ध और निर्मल होना है। इसमें व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वच्छता शामिल है। व्यावहारिक रूप में व्यक्तिगत सफाई का तात्पर्य शरीर के अंगों की साफ-सफाई से है।

प्रश्न 14.
नाक साफ न करने से क्या हानि हो सकती है?
उत्तर:
नाक साफ न करने से हमारे शरीर के अंदर गंदी हवा व धूल-कण प्रवेश कर जाएँगे और हमारा शरीर रोगग्रस्त हो जाएगा; जैसे जुकाम आदि हो जाना।

प्रश्न 15.
आराम और नींद में क्या अंतर है?
उत्तर:
आराम और नींद दोनों ही हमारी खोई हुई ऊर्जा या शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए बहुत ही आवश्यक हैं। आराम या विश्राम के लिए हमारी आखें कभी-कभी बंद रहती हैं, परन्तु हमारा मस्तिष्क सचेत अवस्था में होता है और सक्रिय रूप से कार्य करता है। आराम की अवस्था में हमें आस-पास की गतिविधियों की जानकारी रहती है। दूसरी ओर, नींद की अवस्था में हमारा मस्तिष्क सक्रिय रूप से कार्य नहीं करता। इस अवस्था में हमें आस-पास के वातावरण व गतिविधियों के बारे में कोई चेतना नहीं रहती।

HBSE 9th Class Physical Education व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न [Objective Type Questions]

प्रश्न 1.
हमें अपने बढ़े हुए नाखून किससे काटने चाहिएँ?
उत्तर:
हमें अपने बढ़े हुए नाखून नेलकटर से काटने चाहिएँ।

प्रश्न 2.
हमें शुद्ध और साफ वायु कैसे प्राप्त हो सकती है?
उत्तर:
खुली वायु में रहने और नाक द्वारा श्वास लेने से शुद्ध और साफ वायु प्राप्त हो सकती है।

प्रश्न 3.
त्वचा शरीर में से अनावश्यक पदार्थों का निकास किस रूप में करती है?
उत्तर:
त्वचा शरीर में से अनावश्यक पदार्थों का निकास पसीने के रूप में करती है।

प्रश्न 4.
त्वचा शरीर को क्या प्रदान करती है?
उत्तर:
त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है।

प्रश्न 5.
त्वचा की सफाई का सबसे उत्तम ढंग कौन-सा होता है?
उत्तर:
ताजे पानी से स्नान करना।

प्रश्न 6.
बालों की सुंदरता के लिए बालों का किस प्रकार का होना आवश्यक है?
उत्तर:
घना, मजबूत व चमकदार।

प्रश्न 7.
बालों की सफाई न रखने से बालों में क्या पड़ जाती हैं?
उत्तर:
बालों की सफाई न रखने से बालों में सिकरी व जुएँ पड़ जाती हैं।

प्रश्न 8.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य का कोई एक नियम बताएँ।
उत्तर:
खुले एवं स्वच्छ वातावरण में रहना।

प्रश्न 9.
नाक द्वारा श्वास क्यों लेना चाहिए?
उत्तर:
नाक द्वारा श्वास लेने से हवा कीटाणुरहित, गर्म होकर व छनकर फेफड़ों में प्रवेश करती है।

प्रश्न 10.
दाँतों की संभाल के लिए क्या नहीं खाना चाहिए?
उत्तर:
दाँतों की संभाल के लिए अधिक मिठाइयाँ, ठंडी चीजें व अधिक गर्म चीजें नहीं खानी चाहिएँ।

प्रश्न 11.
त्वचा की कितनी परतें होती हैं?
उत्तर:
त्वचा की दो परतें होती हैं।

प्रश्न 12.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु कोई एक अच्छी आदत बताएँ।
उत्तर:
जल्दी सोना और जल्दी उठना।

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प्रश्न 13.
हमें कैसे वातावरण में सैर करनी चाहिए?
उत्तर:
हमें स्वच्छ एवं खुले वातावरण में सैर करनी चाहिए।

प्रश्न 14.
हमें किस प्रकार का भोजन करना चाहिए?
उत्तर:
हमें पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए।

प्रश्न 15.
कान की सफाई किस प्रकार करनी चाहिए?
उत्तर:
कान की सफाई खुरदरे तिनके पर रुई लपेटकर ग्लिसरीन का प्रयोग करके करनी चाहिए।

प्रश्न 16.
हमें दाँतों की सफाई कब करनी चाहिए?
उत्तर:
हमें दाँतों की सफाई सुबह स्नान करने से पहले और रात को सोने से पहले करनी चाहिए।

प्रश्न 17.
हमें कपड़े किसके अनुसार पहनने चाहिएँ?
उत्तर:
हमें कपड़े मौसम के अनुसार पहनने चाहिएँ।

प्रश्न 18.
हमें कब नहीं नहाना चाहिए?
उत्तर:
हमें व्यायाम करने और खाना खाने के तुरंत बाद नहीं नहाना चाहिए।

प्रश्न 19.
वयस्क व्यक्ति को कितने घंटे सोना चाहिए?
उत्तर:
वयस्क व्यक्ति को लगभग 8 घंटे सोना चाहिए।

प्रश्न 20.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बढ़ावा कैसे दिया जा सकता है?
उत्तर:
शरीर के अंगों की उचित सफाई करके व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जा सकता है।

प्रश्न 21.
आँखों की सफाई न करने से कौन-सा रोग सामान्यतया हो सकता है?
उत्तर:
सामान्यतया आँखों की सफाई न करने से फ्लू नामक रोग हो सकता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न [Multiple Choice Questions]

प्रश्न 1.
आँखों की सफाई न रखने से कौन-से रोग हो जाते हैं?
(A) आँखों का फ्लू
(B) आँखों की जलन
(C) कुकरे
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 2.
व्यक्ति के जीवन की अनमोल वस्तु कौन-सी है?
(A) आराम
(B) पैसा
(C) स्वास्थ्य
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) स्वास्थ्य

प्रश्न 3.
व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी नियमों की पालना कब से आरंभ की जानी चाहिए?
(A) युवावस्था से
(B) प्रौढ़ावस्था से
(C) बुढ़ापे में
(D) बचपन से
उत्तर:
(D) बचपन से

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प्रश्न 4.
हमें स्नान कब करना चाहिए?
(A) शौचादि के पश्चात्
(B) खाना खाने से पहले
(C) (A) और (B) दोनों ।
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) (A) और (B) दोनों

प्रश्न 5.
व्यायाम अथवा कार्य करने के पश्चात् कब नहाना चाहिए?
(A) तुरंत
(B) 5 मिनट बाद…
(C) शरीर को ठंडा करने के बाद
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) शरीर को ठंडा करने के बाद

प्रश्न 6.
नहाने से पहले धूप में बैठकर शरीर की मालिश किस मौसम में करनी चाहिए?
(A) गर्मियों में
(B) सर्दियों में
(C) वर्षा में
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) सर्दियों में

प्रश्न 7.
आँखों की सफाई हेतु हमें ध्यान देना चाहिए
(A) आँखों की नियमित सफाई की ओर
(B) आँखों के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थ की ओर
(C) आँखों की नियमित चिकित्सा जाँच की ओर
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 8.
शरीर का सबसे कोमल अंग कौन-सा है?
(A) नाक
(B) कान
(C) आँख
(D) सिर
उत्तर:
(C) आँख

प्रश्न 9.
नंगी आँख से सूर्य की ओर कब बिल्कुल नहीं देखना चाहिए?
(A) सूर्योदय के समय
(B) सूर्यास्त के समय
(C) सूर्यग्रहण के समय
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) सूर्यग्रहण के समय

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प्रश्न 10.
पढ़ते समय किताब आँखों से कितनी दूर रखनी चाहिए?
(A) लगभग 40 सेंटीमीटर
(B) लगभग 60 सेंटीमीटर
(C) लगभग 30 सेंटीमीटर
(D) लगभग 50 सेंटीमीटर
उत्तर:
(C) लगभग 30 सेंटीमीटर

प्रश्न 11.
दाँतों के लिए कौन-से वृक्ष की दातुन करना लाभदायक होता है?
(A) नीम की
(B) कीकर की
(C) फलाही या टाहली की
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 12.
कान का कौन-सा भाग बहुत नर्म झिल्ली का बना होता है?
(A) बाह्य कान
(B) आंतरिक कान
(C) कान का पर्दा
(D) कर्णपट उ
त्तर:
(C) कान का पर्दा

प्रश्न 13.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य के नियम निम्नलिखित हैं
(A) नियमित डॉक्टरी परीक्षण करवाना चाहिए
(B) स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए
(C) संतुलित एवं पौष्टिक भोजन खाना चाहिए
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 14.
“जल्दी सोना और जल्दी उठना, व्यक्ति को समृद्ध, स्वस्थ एवं बुद्धिमान बनाता है।” यह कथन है
(A) बेंजामिन फ्रैंकलिन का
(B) स्वामी विवेकानंद का
(C) गाँधी जी का
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) बेंजामिन फ्रैंकलिन का

प्रश्न 15. कान की सफाई करनी चाहिए
(A) सिर की सूई से
(B) खुरदरे मोटे तिनके पर रूई लपेटकर
(C) कठोर एवं नोकदार सिलाई से
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) खुरदरे मोटे तिनके पर रूई लपेटकर

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प्रश्न 16.
खाना खाते समय क्या करना चाहिए?
(A) खाना खाने से पहले हाथ और नाखून साबुन से धोने चाहिएँ
(B) भोजन चबाकर खाना चाहिए
(C) भोजन बिना बोले करना चाहिए
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 17.
व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु निम्नलिखित कथन सही है
(A) प्रतिदिन उठने के बाद साफ पानी से मुँह धोना चाहिए
(B) शौच से निवृत्त के बाद दाँतों की सफाई करनी चाहिए
(C) हमेशा हाथ धोकर ही भोजन करना चाहिए
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 18.
हमें त्वचा की देखभाल हेतु करना चाहिए
(A) नियमित रूप से ताजे पानी से नहाना चाहिए
(B) स्वयं को धूल भरे वातावरण से दूर रखना चाहिए
(C) त्वचा की नियमित सफाई करनी चाहिए।
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Summary

व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व परिचय

प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन का पूरी तरह आनंद लेना चाहता है। जीवन का पूरा आनंद तभी लिया जा सकता है जब व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा हो। अच्छा स्वास्थ्य आचरण व नियमों पर निर्भर करता है। हमारा दैनिक आचरण, रहन-सहन, खान-पान, व्यवहार विचार आदि हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य (Personal Health):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य से अभिप्राय है कि हम कैसे अपने-आपको मेहनत करने के योग्य, स्वस्थ तथा नीरोग बना सकते हैं जिससे हम अपने जीवन का अधिक-से-अधिक लाभ समाज और देश को दे सकें तथा अपने-आपको नीरोग बना सकें। अतः हम कह सकते हैं कि स्वास्थ्य ही व्यक्ति की सबसे बड़ी संपत्ति है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘व्यक्ति’ एवं ‘स्वास्थ्य’। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य की सफाई के सिद्धांत जो व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में लाए जाते हैं। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं ही प्रयत्नशील होना पड़ता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी आचरण; जैसे शरीर की स्वस्थता, दाँतों की सफाई, आँखों की सफाई, बालों की सफाई, हाथों की सफाई, भोजन या आहार, व्यायाम तथा मद्यपान संबंधी नियमों का पालन आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इनके प्रति लापरवाही हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।

व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता (Importance of Personal Health):
व्यक्तिगत स्वास्थ्य व्यक्ति को निम्नलिखित बातों में सहायता करता है
(1) एक अच्छा, स्वस्थ व सुडौल शरीर बनाने में।
(2) मांसपेशियों में निरंतर शक्ति संचार बनाए रखने में।।
(3) दाँतों को नष्ट होने से बचाने में।
(4) त्वचा को साफ-सुथरा व स्वस्थ रखने तथा रोगों से मुक्त रखने में।
(5) संक्रमण रोगों की रोकथाम एवं बचाव करने में। आँख, कान एवं नाक को स्वस्थ तथा रोगों से मुक्त रखने में।
(6) व्यक्ति में ऊर्जा या शक्ति को बनाए रखने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने में।
(7) शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को बनाए रखने में।

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HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

Haryana State Board HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

HBSE 9th Class Physical Education स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Questions and Answers

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य का अर्थ व परिभाषा बताएँ। इसका हमारे लिए क्या महत्त्व है? अथवा स्वास्थ्य की अवधारणा से आप क्या समझते हैं? इसकी हमारे जीवन में क्या उपयोगिता है?
उत्तर:
स्वास्थ्य का अर्थ (Meaning of Health):
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं। सामान्यतया पारस्परिक व रूढ़िगत संदर्भ में स्वास्थ्य से अभिप्राय बीमारी की अनुपस्थिति से लगाया जाता है, परंतु यह स्वास्थ्य का विस्तृत अर्थ नहीं है। स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है, जिसमें वह मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसके सभी शारीरिक संस्थान व्यवस्थित रूप से सुचारु होते हैं। इसका अर्थ न केवल बीमारी अथवा शारीरिक कमजोरी की अनुपस्थिति है, अपितु शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णत: स्वस्थ होना भी है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति का मन या आत्मा प्रसन्नचित्त और शरीर रोग-मुक्त रहता है।

स्वास्थ्य की परिभाषाएँ (Definitions of Health): विद्वानों ने स्वास्थ्य को निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया है
1. जे०एफ० विलियम्स (J.E. Williams) के अनुसार, “स्वास्थ्य जीवन का वह गुण है, जिससे व्यक्ति दीर्घायु होकर उत्तम सेवाएं प्रदान करता है।”

2. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-W.H.O.) के अनुसार, “स्वास्थ्य केवल रोग या विकृति की अनुपस्थिति को नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक सुख की स्थिति को कहते हैं।”

3. वैबस्टर्स विश्वकोष (Webster’s Encyclopedia) के कथनानुसार, “उच्चतम जीवनयापन के लिए व्यक्तिगत, भावनात्मक और शारीरिक स्रोतों को संगठित करने की व्यक्ति की अवस्था को स्वास्थ्य कहते हैं।”

4. रोजर बेकन (Roger Bacon) के अनुसार, “स्वस्थ शरीर आत्मा का अतिथि-भवन और दुर्बल तथा रुग्ण शरीर आत्मा का कारागृह है।”

स्वास्थ्य का महत्त्व या उपयोगिता (Importance or Utility of Health)-अच्छे स्वास्थ्य के बिना कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर सकता। अस्वस्थ व्यक्ति समाज की एक लाभदायक इकाई होते हुए भी बोझ बन जाता है। एक प्रसिद्ध कहावत है- “Health is Wealth.” अर्थात् स्वास्थ्य ही धन है। यदि हम संपूर्ण रूप से स्वस्थ हैं तो हम जिंदगी में बहुत-सा धन कमा सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य का न केवल व्यक्ति को लाभ होता है, बल्कि जिस समाज या देश में वह रहता है, उस पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ता है। अतः स्वास्थ्य का हमारे जीवन में निम्नलिखित प्रकार से भी विशेष महत्त्व है

(1) स्वास्थ्य मानव व समाज का आधार स्तंभ है। यह वास्तव में खुशी, सफलता और आनंदमयी जीवन की कुंजी है।
(2) अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी होते हैं।
(3) स्वास्थ्य के महत्त्व के बारे में अरस्तू ने कहा-“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है।” अतः इस कथन से भी हमारे जीवन में स्वास्थ्य की उपयोगिता व्यक्त हो जाती है।
(4) स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने व निखारने में सहायक होता है।
(5) अच्छे स्वास्थ्य से हमारा जीवन संतुलित रहता है।
(6) किसी भी देश के नागरिकों के स्वास्थ्य व आर्थिक विकास में प्रत्यक्ष संबंध पाया जाता है। यदि किसी देश के नागरिक शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे तो उस देश का आर्थिक विकास भी उचित दिशा में होगा।
(7) स्वास्थ्य की महत्ता बताते हुए गाँधी जी ने कहा-“स्वास्थ्य ही असली धन है न कि सोने एवं चाँदी के टुकड़े।”

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 2.
स्वास्थ्य से आप क्या समझते हैं? स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं का वर्णन कीजिए। अथवा स्वास्थ्य के विभिन्न रूपों अथवा आयामों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य का अर्थ (Meaning of Health)-स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है, जिसमें वह मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसके सभी शारीरिक संस्थान व्यवस्थित रूप से सुचारु होते हैं। स्वास्थ्य का अर्थ न केवल बीमारी अथवा शारीरिक कमजोरी की अनुपस्थिति है, अपितु शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना भी है। यह ऐसी अवस्था . है जिसमें व्यक्ति का मन या आत्मा प्रसन्नचित और शरीर रोग-मुक्त रहता है।
स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम या पहलू (Dimensions or Aspects of Health) स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम या पहलू निम्नलिखित हैं

1. शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health):
शारीरिक स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है। इसके अंतर्गत हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त होती है। शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति के लिए आवश्यक है कि उसके सभी शारीरिक संस्थान सुचारु रूप से कार्य करते हों। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को न केवल शरीर के विभिन्न अंगों की रचना एवं उनके कार्यों की जानकारी होनी चाहिए, अपितु उनको स्वस्थ रखने की भी जानकारी होनी चाहिए। शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति समाज व देश के विकास एवं प्रगति में भी सहायक होता है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को अपने शारीरिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाने हेतु संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, व्यक्तिगत सफाई, नियमित व्यायाम, चिकित्सा जाँच और नशीले पदार्थों के निषेध आदि की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

2. मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health):
मानसिक या बौद्धिक स्वास्थ्य के बिना सभी स्वास्थ्य अधूरे हैं, क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य का संबंध मन की प्रसन्नता व शांति से है अर्थात् इसका संबंध तनाव व दबाव मुक्ति से है। यदि व्यक्ति का मन चिंतित एवं अशांत रहेगा तो उसका कोई भी विकास पूर्ण नहीं होगा। आधुनिक युग में मानव जीवन इतना व्यस्त हो गया है कि उसका जीवन निरंतर तनाव, दबाव व चिंताओं से घिरा रहता है। परन्तु जिन व्यक्तियों का मानसिक स्वास्थ्य उत्तम होता है वे आधुनिक संदर्भ में भी स्वयं को चिंतामुक्त अनुभव करते हैं। मानसिक अस्वस्थता के कारण न केवल मानसिक रोग हो जाते हैं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य भी गिर जाता Meaning and Importance of Health Education है और शारीरिक कार्य-कुशलता में भी कमी आ जाती है। अत: व्यक्ति को अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए तनाव व दबाव से दूर रहना चाहिए, उचित विश्राम करना चाहिए और सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।

3. सामाजिक स्वास्थ्य (Social Health):
सामाजिक स्वास्थ्य भी स्वास्थ्य का एक महत्त्वपूर्ण रूप है। यह व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर करता है। व्यक्ति सामाजिक प्राणी होने के नाते समाज के नियमों, मान-मर्यादाओं आदि का पालन करता है। यदि एक व्यक्ति अपने परिवार व समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत है तो उसे सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति कहा जाता है। सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति सैद्धांतिक, वैचारिक, आत्मनिर्भर व जागरूक होता है। वह अनेक सामाजिक गुणों; जैसे आत्म-संयम, धैर्य, बंधुत्व, आत्म-विश्वास आदि से पूर्ण होता है। समाज, देश, परिवार व जीवन के प्रति उसका दृष्टिकोण रचनात्मक व सकारात्मक होता है।

4. संवेगात्मक या भावनात्मक स्वास्थ्य (Emotional Health):
संवेगात्मक स्वास्थ्य में व्यक्ति के अपने संवेग; जैसे डर, गुस्सा, सुख, क्रोध, दुःख, प्यार आदि शामिल होते हैं। इसके अंतर्गत स्वस्थ व्यक्ति का अपने संवेगों पर पूर्ण नियंत्रण होता है। वह प्रत्येक परिस्थिति में नियंत्रित व्यवहार करता है। हार-जीत पर वह अपने संवेगों को नियंत्रित रखता है और अपने परिवार, मित्रों व अन्य व्यक्तियों से मिल-जुल कर रहता है।

5. आध्यात्मिक स्वास्थ्य (Spiritual Health):
आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति उसे कहा जाता है जो नैतिक नियमों का पालन करता हो, दूसरों के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करता हो, सत्य व न्याय में विश्वास रखने वाला हो और जो दूसरों को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान न पहुँचाए आदि। ऐसा व्यक्ति व्यक्तिगत मूल्यों से संबंधित होता है। दूसरों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग की भावना रखना, सहायता करने की इच्छा आदि आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्त्वपूर्ण पहलू हैं। आध्यात्मिक स्वास्थ्य की प्राप्ति हेतु मुख्यतः योग व ध्यान सबसे उत्तम माध्यम हैं। इनके द्वारा आत्मिक शांति व आंतरिक प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न 3.
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा बताएँ तथा इसके प्रमुख उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा को परिभाषित करते हुए इसके उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ (Meaning and Definitions of Health Education)-स्वास्थ्य शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों या पहलुओं के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में विभिन्न विद्वानों ने अपने-अपने विचार निम्नलिखित प्रकार से व्यक्त किए हैं

1. डॉ० थॉमस वुड (Dr. Thomas Wood):
के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा उन अनुभवों का समूह है, जो व्यक्ति, समुदाय और सामाजिक स्वास्थ्य से संबंधित आदतों, व्यवहारों और ज्ञान को प्रभावित करते हैं।”

2. प्रसिद्ध स्वास्थ्य शिक्षक ग्राऊंट (Grount):
के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा से अभिप्राय है कि स्वास्थ्य के ज्ञान को शिक्षा द्वारा व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में बदलना है।”

3.विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation):
के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षाशारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ रहने की स्थिति को कहते हैं न कि केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ या रोगमुक्त होने को।”

इस प्रकार स्वास्थ्य शिक्षा से अभिप्राय उन सभी बातों और आदतों से है जो व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के प्रमुख उद्देश्य (Main Objectives of Health Education)-स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं

1. सामाजिक गुणों का विकास (Development of Social Qualities):
स्वास्थ्य शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य व्यक्ति में अच्छे सामाजिक गुणों का विकास करके अच्छा नागरिक बनाना है। स्वास्थ्य शिक्षा जहाँ सर्वपक्षीय विकास करके अच्छे व्यक्तित्व को निखारती है, वहीं कई प्रकार के गुण; जैसे सहयोग, त्याग-भावना, साहस, विश्वास, संवेगों पर नियंत्रण एवं सहनशीलता आदि का भी विकास करती है।

2. सर्वपक्षीय विकास (All Round Development):
सर्वपक्षीय विकास से अभिप्राय व्यक्ति के सभी पक्षों का विकास करना है। वह शारीरिक पक्ष से बलवान, मानसिक पक्ष से तेज, भावात्मक पक्ष से संतुलित, बौद्धिक पक्ष से समझदार और सामाजिक पक्ष से स्वस्थ हो। सर्वपक्षीय विकास से व्यक्ति के व्यक्तित्व में बढ़ोत्तरी होती है। वह परिवार, समाज और राष्ट्र की संपत्ति बन जाता है।

3. उचित मनोवृत्ति का विकास (Development of Right Attitude):
स्वास्थ्य शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल निर्देश देकर ही पूरा नहीं किया जा सकता बल्कि इसे पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच की अति-आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य संबंधी उचित मनोवृत्ति का विकास तभी हो सकता है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी आदतें और व्यवहार इस प्रकार परिवर्तित करे कि वे उसकी आवश्यकताओं का अंग बन जाएँ।

4. स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान (Knowledge about Health):
पुराने समय में बच्चों और जन-साधारण में स्वास्थ्य संबंधी बहुत अज्ञानता थी, परन्तु समय बदलने से रेडियो, टी०वी०, अखबारों और पत्रिकाओं ने संक्रामक बीमारियों और उनकी रोकथाम, मानसिक चिंताओं और उन पर नियंत्रण और संतुलित भोजन के गुणों के बारे में वैज्ञानिक ढंग से जानकारी साधारण लोगों तक पहुँचाई है। यह ज्ञान उन्हें अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित करता है।

5. स्वास्थ्य संबंधी नागरिक ज़िम्मेदारी का विकास (To Develop Civic Sense related Health):
स्वास्थ्य शिक्षा का उद्देश्य छात्रों या व्यक्तियों में स्वास्थ्य संबंधी नागरिक ज़िम्मेदारी या उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है।

6. आर्थिक कुशलता का विकास (Development of Economic Efficiency):
आर्थिक कुशलता का विकास तभी हो सकता है अगर स्वस्थ व्यक्ति अपने कामों को सही ढंग से करें। अस्वस्थं मनुष्य अपनी आर्थिक कुशलता में बढ़ोत्तरी नहीं कर सकता। स्वस्थ व्यक्ति जहाँ अपनी आर्थिक कुशलता में बढ़ोत्तरी करता है, वहीं उससे देश की आर्थिक कुशलता में भी बढ़ोत्तरी होती है। इसीलिए स्वस्थ नागरिक समाज व देश के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं । उनको देश की बहुमूल्य संपत्ति कहना गलत नहीं होगा।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 4.
स्वास्थ्य शिक्षा से क्या अभिप्राय है? इसकी महत्ता पर प्रकाश डालिए। अथवा स्वास्थ्य शिक्षा क्या है? इसकी हमारे जीवन में क्या उपयोगिता है? वर्णन करें।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा बताते हुए उसके महत्त्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning of Health Education and Definition):
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ उन सभी आदतों से है जो किसी व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं । यह शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्म-निर्भर बनने में सहायता करते हैं। अतः स्वास्थ्य शिक्षा एक ऐसी शिक्षा है जिसके बिना मनुष्य की सारी शिक्षा अधूरी रह जाती है। इस प्रकार स्वास्थ्य शिक्षा से अभिप्राय उन सभी बातों और आदतों से है जो व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं। विश्व “स्वास्थ्य संगठन के शारीरिक रूप से स्वस्थ या रोगमुक्त होने को।”

स्वास्थ्य शिक्षा की महत्ता या उपयोगिता (Importance or Utility of Health Education):
स्वास्थ्य की हमारे जीवन में विशेष उपयोगिता है। स्वस्थ व्यक्ति ही समाज, देश आदि के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है। अरस्तू ने कहा था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। इसलिए हमें अपने स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षा व्यक्ति को स्वास्थ्य से संबंधित विशेष जानकारियाँ प्रदान करती है, जिनकी पालना करके व्यक्ति स्वच्छ एवं सुखदायी जीवन व्यतीत कर सकता है। अतः स्वास्थ्य शिक्षा हमारे लिए निम्नलिखित कारणों से महत्त्वपूर्ण व उपयोगी है

1. मानवीय संबंधों को सुधारना (Improvement in Human Relations):
स्वास्थ्य शिक्षा अच्छे मानवीय संबंधों का निर्माण करती है। स्वास्थ्य शिक्षा विद्यार्थियों को यह ज्ञान देती है कि किस प्रकार वे अपने दोस्तों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों व समुदाय के

2. बीमारियों से बचाववरोकथाम के विषय में सहायक (Helpful Regarding Prevention and Control of Diseases):
स्वास्थ्य शिक्षा संक्रामक-असंक्रामक बीमारियों से बचाव व उनकी रोकथाम के विषय में हमारी सहायता करती है। इन बीमारियों के फैलने के कारण, लक्षण तथा उनसे बचाव व इलाज के विषय में जानकारी स्वास्थ्य शिक्षा से ही मिलती है।

3. शारीरिक विकृतियों को खोजने में सहायक (Helpful in Discovering Physical Deformations):
स्वास्थ्य शिक्षा शारीरिक विकृतियों को खोजने में सहायक होती है। यह विभिन्न प्रकार की शारीरिक विकृतियों के समाधान में सहायक होती है।

4. स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक आदतों को बढ़ाने में सहायक (Helpful in increase the Desirable Health Habits):
स्वास्थ्य शिक्षा जीवन के सिद्धांतों एवं स्वास्थ्य की अच्छी आदतों का विकास करती है; जैसे स्वच्छ वातावरण में रहना।

5. सामाजिक गुणों का विकास (Development of Social Qualities):
स्वास्थ्य शिक्षा व्यक्ति में सामाजिक गुणों का विकास करके उसे अच्छा नागरिक बनाने में सहायक होती है। स्वास्थ्य शिक्षा जहाँ सर्वपक्षीय विकास करके अच्छा व्यक्तित्व निखारती है, वहीं इसके साथ-साथ यह और कई प्रकार के गुण; जैसे सहयोग, त्याग-भावना, साहस, विश्वास, संवेगों पर नियंत्रण एवं सहनशीलता आदि का भी विकास करती है।

6. स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान (Knowledge about Health):
पुराने समय में बच्चों और साधारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी बहुत अज्ञानता थी, परन्तु समय बदलने से रेडियो, टी०वी०, अखबारों और पत्रिकाओं ने शारीरिक बीमारियों और उनकी रोकथाम, मानसिक चिंताओं और उन पर नियंत्रण और संतुलित भोजन के गुणों के बारे में वैज्ञानिक ढंग से जानकारी साधारण लोगों तक पहुँचाई है। स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान के कारण व्यक्तियों का जीवन सुखमय व आरामदायक हुआ है।.

7. स्वास्थ्यप्रद आदतों का विकास (Development of Healthy Habits):
आदत बालक के साथ जीवनपर्यन्त चलती हैं। अत: बालक को स्वास्थ्यप्रद आदतों को अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर साफ-सफाई का ध्यान, सुबह जल्दी उठना, रात को जल्दी सोना, खाने-पीने तथा शौच का समय निश्चित होना ऐसी स्वास्थ्यप्रद आदतों को अपनाने से व्यक्ति स्वस्थ तथा दीघार्यु रह सकता है। यह स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा ही सम्भव है।

8. प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी प्रदान करना (Provide the Knowledge of FirstAid):
स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जा सकती है जिसके अंतर्गत व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा के सामान्य सिद्धांतों की तथा विभिन्न परिस्थितियों में; जैसे साँप के काटने पर, डूबने पर, जलने पर, अस्थि टूटने आदि पर प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी प्रदान की जाती है। इस प्रकार की दुर्घटनाएँ कहीं पर भी तथा किसी के भी साथ घट सकती हैं तथा व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ सकता है। ऐसी जानकारी स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा ही दी जा सकती है।

9. जागरूकता एवं सजगता का विकास (Development of Awareness and Alertness):
स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा एक स्वस्थ व्यक्ति सजग एवं जागरूक रह सकता है। उसके चारों तरफ क्या घटित हो रहा है उसके प्रति वह हमेशा सचेत रहता है। ऐसा व्यक्ति अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक रहता है।

10. सकारात्मक दृष्टिकोण (Positive View):
स्वास्थ्य शिक्षा से व्यक्ति की सोच काफी विस्तृत होती है। वह दूसरे व्यक्तियों को भली-भांति समझता है। उसकी सोच संकीर्ण न होकर व्यापक दृष्टिकोण वाली होती है।

प्रश्न 5.
स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों के विभिन्न सिद्धांतों या नियमों का ब्योरा दें। अथवा स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रमों के लिए किन-किन बातों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए? अथवा आप अपने स्कूल में स्वास्थ्य शिक्षण कार्यक्रम को कैसे अधिक प्रभावशाली बनाएँगे?
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा के मुख्य सिद्धांतों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी सिद्धांत अथवा नियम निम्नलिखित हैं
(1) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बच्चों की आयु और लिंग के अनुसार होना चाहिए।
(2) स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी देने का तरीका साधारण और जानकारी से भरपूर होना चाहिए।
(3) स्वास्थ्य शिक्षा पढ़ने-लिखने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए अपितु उसकी प्राप्तियों के बारे में कार्यक्रम बनाने चाहिएँ।
(4) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम लोगों या छात्रों की आवश्यकताओं, रुचियों और पर्यावरण के अनुसार होना चाहिए।
(5) मनुष्य का व्यवहार ही उसका सबसे बड़ा गुण है, जिसमें उसकी रुचि ज्यादा है वह उसे सीखने और करने के लिए तैयार रहता है। इसलिए कार्यक्रम बनाते समय बच्चों की उत्सुकता, रुचियों और इच्छाओं का ध्यान रखना चाहिए।
(6) स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी देते समय जीवन से संबंधित मुश्किलों पर भी बातचीत होनी चाहिए।
(7) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्तर के अनुसार बनाना चाहिए।
(8) स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम ऐसे होने चाहिएँ जो बच्चों की अच्छी आदतों को उत्साहित कर सकें ताकि वे अपने सोचने के तरीके को बदल सकें।
(9) स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों में बुरी आदतों को छोड़ने और अच्छी आदतों को ग्रहण करने हेतु फिल्में, चार्ट, टी०वी०, रेडियो आदि माध्यमों के प्रयोग द्वारा बच्चों को प्रेरित किया जाना चाहिए।
(10) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अंग होना चाहिए।
(11) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम रुचिपूर्ण, शिक्षा से भरपूर और मनोरंजनदायक होना चाहिए।
(12) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम प्रस्तुत करते समय लोगों में प्रचलित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। यह भाषा उनकी आयु और समझने की क्षमता के अनुसार होनी चाहिए।
(13) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बनाते समय संक्रामक-असंक्रामक बीमारियों के बारे में व उनकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
(14) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम केवल एक व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका क्षेत्र विशाल होना चाहिए।
(15) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम लोगों की आंतरिक भावनाओं को जानकर ही बनाना चाहिए।
(16) स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम में पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर के विषय शामिल होने चाहिएँ।

प्रश्न 6.
स्कूली स्वास्थ्य कार्यक्रम के विभिन्न तत्त्व या घटक कौन-कौन-से हैं? वर्णन कीजिए।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा के मुख्य क्षेत्रों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का क्षेत्र बहुत विशाल है। यह केवल स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है। इसमें स्वास्थ्य ज्ञान के अतिरिक्त और बहुत-से घटक शामिल हैं, जिनका आपस में गहरा संबंध होता है। ये सभी घटक बच्चों के स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव डालते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम के विभिन्न घटक या क्षेत्र निम्नलिखित हैं

1. स्वास्थ्य सेवाएँ (Health Services):
छात्रों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना भी विद्यालय का मुख्य उत्तरदायित्व माना जाता है। स्वास्थ्य सेवाएँ वे सेवाएँ हैं जिनके माध्यम से छात्रों के स्वास्थ्य की जाँच की जाती है और उनमें पाए जाने वाले दोषों से माता-पिता को अवगत करवाया जाता है ताकि समय रहते उन दोषों का उपचार किया जा सके। इन सेवाओं के अंतर्गत स्कूल के अन्य कर्मचारियों एवं अध्यापकों के स्वास्थ्य की भी जाँच की जाती है।

आधुनिक युग में स्वास्थ्य सेवाओं की बहुत महत्ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की सहायता से बच्चे और वयस्क अपने स्वास्थ्य का स्तर , ऊँचा उठा सकते हैं। साधारण जनता को ये सेवाएँ सरकार की ओर से मिलनी चाहिएँ, जबकि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल की ओर से ये सुविधाएँ मिलनी चाहिएँ। स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य बच्चों में संक्रामक रोगों को ढूँढकर उनके माता-पिता की सहायता से ठीक करना है। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए डॉक्टर, नर्स, मनोरोग चिकित्सक और अध्यापक विशेष योगदान दे सकते हैं।

2. स्वास्थ्यपूर्णस्कूली जीवन या वातावरण (HealthfulSchool Living or Environment):
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वच्छ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वच्छ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक-भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

बच्चे के स्कूल का वातावरण, रहने का स्थान और काम करने का स्थान स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। जिस देश के बच्चे और नवयुवक स्वस्थ होते हैं वह देश प्रगति के रास्ते पर अग्रसर होता है, क्योंकि आने वाला भविष्य उनसे बंधा होता है। बच्चा अपना अधिकांश समय स्कूल में गुजारता है। बच्चे का उचित विकास स्कूल के वातावरण पर निर्भर करता है । यह तभी संभव हो सकता है, अगर साफ़-सुथरा व स्वच्छ स्कूल अर्थात् वातावरण हो। स्वच्छ वातावरण बच्चे और वयस्क दोनों को प्रभावित करता है। स्वच्छ वातावरण केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावात्मक और नैतिक विकास में भी सहायक होता है।

3. स्वास्थ्य अनुदेशन या निर्देशन (Health Instructions):
स्वास्थ्य निर्देशन का आशय है-स्कूल के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना। बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी जानकारी देना कि वे स्वयं को स्वच्छ एवं नीरोग बना सकें।स्वास्थ्य निर्देशन स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों एवं दृष्टिकोणों का विकास करते हैं। ये बच्चों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाते हैं । इनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सभी महत्त्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना है ताकि वे स्वयं को स्वस्थ रख सकें। स्वास्थ्य संबंधी निर्देशन में वे सभी बातें आ जाती हैं जो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती हैं; जैसे अच्छी आदतें, स्वास्थ्य को ठीक रखने के तरीके और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आदि। शरीर की बनावट एवं संरचना, संक्रामक रोगों के लक्षण एवं कारण, इनकी रोकथाम या बचाव के उपायों के लिए बच्चों को फिल्मों या तस्वीरों आदि के माध्यम से अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। स्वास्थ्य निर्देशन की जानकारी प्राप्त कर बच्चे अनावश्यक विकृतियों या कमजोरियों का शिकार होने से बच सकते हैं।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 7.
स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए।
अथवा
स्वास्थ्य के प्रमुख निर्धारक तत्त्वों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक या तत्त्व निम्नलिखित हैं

1. वंशानुक्रमण (Heredity):
व्यक्ति के मानसिक व शारीरिक गुण जीन (Genes) द्वारा निर्धारित होते हैं। जीन या गुणसूत्र को ही वंशानुक्रमण (Heredity) की इकाई माना जाता है। अतः वंशानुक्रमण द्वारा व्यक्ति का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। बहुत-सी बीमारियाँ हैं जो वंशानुक्रमण द्वारा आगामी पीढ़ी को भी हस्तान्तरित हो जाती हैं।

2. वातावरण (Environment):
अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ वातावरण का होना बहुत आवश्यक होता है। यदि वातावरण प्रदूषित है तो ऐसे वातावरण में व्यक्ति अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं।

3. संतुलित व पौष्टिक भोजन (Balanced and Nutritive Diet):
भोजन शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और शरीर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाता है। यदि हमारा भोजन संतुलित एवं पौष्टिक है तो इसका हमारे स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा

4. सामाजिक-सांस्कृतिक कारक (Social and Cultural Factors):
वातावरण के अतिरिक्त व्यक्ति का अपना सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण भी उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यदि व्यक्ति और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण के बीच असामंजस्य है तो इसका उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसीलिए व्यक्ति को अपने अच्छे स्वास्थ्य हेतु सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करना चाहिए। इसमें न केवल उसका कल्याण है बल्कि समाज व देश का भी कल्याण है।

5. आर्थिक कारक (Economic Factors):
स्वास्थ्य आर्थिक कारकों से भी प्रभावित होता है। यदि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है अर्थात् गरीब है तो वह अपने परिवार के सदस्यों के लिए न तो संतुलित आहार की व्यवस्था कर पाएगा और न ही उन्हें चिकित्सा सुविधाएँ दे पाएगा। इसके विपरीत यदि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी है तो वह अपने परिवार के सदस्यों की सभी आवश्यकताएँ पूर्ण कर पाएगा।

प्रश्न 8.
स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति को किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए? अथवा अच्छे स्वास्थ्य हेतु हमें किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए? उत्तर-स्वस्थ रहने के लिए हमें निम्नलिखित आवश्यक नियमों का पालन करना चाहिए

1. शारीरिक संस्थानों या अगों का ज्ञान (Knowledge of Body Systems or Organs):
हमें अपने शरीर के संस्थानों या अंगों; जैसे दिल, आमाशय, फेफड़े, तिल्ली, गुर्दे, कंकाल संस्थान, माँसपेशी संस्थान, उत्सर्जन संस्थान आदि का ज्ञान होना चाहिए।

2. डॉक्टरी जाँच (Medical Checkup):
समय-समय पर अपने शरीर की डॉक्टरी जाँच भी करवानी चाहिए।

3. पर्याप्त निद्रा व विश्राम (Proper Sleep and Rest):
रात को समय पर सोना चाहिए और शरीर को पूरा विश्राम देना आवश्यक है।

4. व्यायाम (Exercises):
प्रतिदिन व्यायाम या सैर आदि करनी आवश्यक है। हमें नियमित योग एवं आसन आदि भी करने चाहिएँ।

5. नाक से साँस लेना (Breathing by Nose):
हमें हमेशा नाक द्वारा साँस लेनी चाहिए। नाक से साँस लेने से हमारे शरीर को शुद्ध हवा प्राप्त होती है, क्योंकि नाक के बाल हवा में उपस्थित धूल-कणों को शरीर के अंदर जाने से रोक लेते हैं।

6. साफ वस्त्र (Clean Cloth):
हमें हमेशा साफ-सुथरे और ऋतु के अनुसार कपड़े पहनने चाहिएँ।

7. शुद्ध एवं स्वच्छ वातावरण (Pure and Clean Environment):
हमें हमेशा शुद्ध एवं स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए।

8. संतुलित भोजन (Balanced Diet):
हमें ताजा, पौष्टिक और संतुलित भोजन खाना चाहिए।

9. शुद्ध आचरण (Good Conduct):
हमेशा अपना आचरण व विचार शुद्ध व सकारात्मक रखने चाहिएँ और हमेशा खुश एवं सन्तुष्ट रहना चाहिए। कभी भी किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए। हमेशा बड़ों का आदर करना चाहिए।

10. मादक वस्तुओं से परहेज (Away from Intoxicants):
अफीम, शराब, चरस, गाँजा, तंबाकू और दूसरी नशीली वस्तुओं के प्रयोग से बचना चाहिए।

11. उचित मनोरंजन (Proper Recreation):
आज के इस दबाव एवं तनाव-युक्त युग में स्वास्थ्य को बनाए रखने हेतु मनोरंजनात्मक क्रियाओं का होना अति आवश्यक है। हमें मनोरंजनात्मक क्रियाओं में अवश्य भाग लेना चाहिए। इनसे हमें आनंद एवं संतुष्टि की प्राप्ति होती है।

12. नियमित दिनचर्या (Daily Routine):
समय पर उठना, समय पर सोना, समय पर खाना, ठीक ढंग से खड़े होना, बैठना, चलना, दौड़ना आदि क्रियाओं से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। कपड़ों की सफाई व आस-पास की सफाई दिनचर्या के आवश्यक अंग होने चाहिएँ।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 9.
छात्रों के स्वास्थ्य संबंधी सुधार हेतु शारीरिक शिक्षा का अध्यापक क्या भूमिका निभा सकता है? अथवा शारीरिक शिक्षा का अध्यापक विद्यार्थियों के स्वास्थ्य निर्माण में क्या भूमिका निभाता है? वर्णन करें।
उत्तर:
छात्र अपना अधिकांश समय स्कूल में व्यतीत करते हैं। जितना वे स्कूल के वातावरण में सीखते हैं उतना शायद ही कहीं ओर सीखते हैं। स्कूल के वातावरण में सबसे अधिक वे अध्यापकों से प्रभावित होते हैं । उनको अपना आदर्श मानते हैं। स्कूल में शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का महत्त्वपूर्ण स्थान होता है। वह विद्यार्थियों को अच्छे स्वास्थ्य हेतु प्रेरित करता है। शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए निम्नलिखित उपाय कर अपना महत्त्वपूर्ण योगदान देता है या दे सकता है

(1) शारीरिक शिक्षा का अध्यापक छात्रों को उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु प्रेरित करता है। वह व्यक्तिगत स्वास्थ्य के महत्त्व को ब्रताकर उनके स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।

(2) वह विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या के महत्त्व बताता है। वह छात्रों को नियमित समय पर सोने एवं उठने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो छात्र नियमित समय पर सोते एवं उठते हैं वे हमेशा चुस्त एवं फुर्तीले होते हैं। उनमें आलस्य नहीं होता।

(3) वह छात्रों को स्वास्थ्य की महत्ता बताकर उनको अपने स्वास्थ्य हेतु जागरूक करता है। “स्वास्थ्य ही धन है।” यह कथन इस प्रक्रिया में बहुत महत्त्वपूर्ण है।

(4) वह अभिभावकों को भी स्वास्थ्य संबंधी महत्त्वपूर्ण जानकारी देकर अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकता है ताकि अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य की ओर विशेष रूप से ध्यान दे सकें।

(5) वह स्कूल में स्वास्थ्य संबंधी अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करवाकर भी छात्रों के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।

(6) अधिकांश शारीरिक शिक्षा के अध्यापक चुस्त एवं फुर्तीले होते हैं। वे अपने व्यक्तित्व से भी छात्रों को प्रभावित कर सकते हैं।
(7) वह छात्रों को संक्रामक बीमारियों के कारणों से अवगत करवाता है तथा उनकी रोकथाम के उपाय से भी परिचित करवाता है।
(8) वह छात्रों को भोजन के आवश्यक तत्त्वों की महत्ता के बारे में बताता है। यदि भोजन में सभी आवश्यक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में विद्यमान होंगे तो इसका इनके स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

(9) वह विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत करवाता है।
(10) वह विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों को विकसित करने में सहायता करता है।
(11) शारीरिक शिक्षा का अध्यापक स्कूल में अनेक शारीरिक क्रियाएँ करवाता है जिनका छात्रों के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 10.
स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। उनको इस बात का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है कि वे अपने तन व मन को किस प्रकार से स्वस्थ रख सकते हैं। एक पुरानी कहावत है-“स्वास्थ्य ही जीवन है।” अगर धन खो दिया तो कुछ खास नहीं खोया, लेकिन यदि स्वास्थ्य खो दिया तो सब कुछ खो दिया। अतः सुखी व प्रसन्नमय जीवन व्यतीत करने के लिए उत्तम स्वास्थ्य का होना बहुत आवश्यक है। एक स्वस्थ व्यक्ति अपने परिवार, समाज तथा देश के लिए हर प्रकार से सेवा प्रदान कर सकता है, जबकि अस्वस्थ या बीमार व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता। तन व मन को स्वस्थ व प्रसन्न रखने में स्वास्थ्य शिक्षा महत्त्वपूर्ण योगदान देती है, क्योंकि स्वास्थ्य शिक्षा में वे सभी क्रियाएँ सम्मिलित होती हैं जिनसे व्यक्ति में स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ती है और इनके परिणामस्वरूप उसका स्वास्थ्य तंदुरुस्त रहता है। स्वास्थ्य शिक्षा को बहुत-से कारक प्रभावित करते हैं जिनमें से प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं

1. संतुलित भोजन (Balanced Diet):
संसार में प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ जीवन व्यतीत करना चाहता है और स्वस्थ जीवन हेतु भोजन ही मुख्य आधार है। वास्तव में हमें भोजन की जरूरत न केवल ऊर्जा या शक्ति की पूर्ति हेतु होती है बल्कि शरीर की वृद्धि, उसकी क्षतिपूर्ति और उचित शिक्षा प्राप्त करने हेतु भी होती है। अतः स्पष्ट है कि संतुलित भोजन स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करता है।

2. शारीरिक व्यायाम (Physical Exercise):
स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा व्यक्ति अपने शरीर को शारीरिक व्यायामों द्वारा लचीला एवं सुदृढ़ बनाता है। शारीरिक व्यायाम की क्रियाओं द्वारा पूरे शरीर को तंदुरुस्त बनाया जा सकता है। कौन-से व्यायाम कब करने चाहिएँ और कब नहीं करने चाहिएँ, का ज्ञान स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा प्राप्त होता है।

3. आदतें (Habits):
आदतें भी स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करती हैं। प्रत्येक व्यक्ति का स्वभाव व आदतें अलग-अलग होती हैं । बालक की स्वास्थ्य शिक्षा उसके स्वभाव एवं आदत पर निर्भर करती है। बच्चों में अच्छी आदतों का विकास किया जाए, ताकि वह एक सफल नागरिक बन सके। अच्छी आदतों वाला व्यक्ति उचित मार्ग पर अग्रसर होकर तरक्की करता है। स्वास्थ्य शिक्षा अच्छी आदतों का विकास करने में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है।

4. बीमारी (Illness):
स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि “एक कमजोर आदमी जिसका शरीर या मन कमजोर है वह कभी भी मज़बूत काया का मालिक नहीं बन सकता।” अत: बीमारी भी स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करती है। एक बीमार बालक कोई भी शिक्षा प्राप्त करने में पूर्ण रूप से समर्थ नहीं होता। स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से एक स्वस्थ व्यक्ति या बालक प्रायः बीमारियों से मुक्त रहता है।

5. जीवन-शैली (Life Style):
जीवन-शैली जीवन जीने का एक ऐसा तरीका है जो व्यक्ति के नैतिक गुणों या मूल्यों और दृष्टिकोणों को प्रतिबिम्बित करता है। यह किसी व्यक्ति विशेष या समूह के दृष्टिकोणों, व्यवहारों या जीवन मार्ग का प्रतिमान है। स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान प्राप्त करने हेतु एक स्वस्थ जीवन-शैली बहुत आवश्यक होती है। एक स्वस्थ जीवन-शैली व्यक्तिगत रूप से पुष्टि के स्तर को बढ़ाती है। यह हमें बीमारियों से बचाती है और हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है। इसके माध्यम से आसन संबंधी विकृतियों में सुधार होता है। इसके माध्यम से मनोवैज्ञानिक शक्ति या क्षमता में वृद्धि होती है जिससे तनाव, दबाव व चिंता को कम किया जाता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि एक स्वस्थ जीवन-शैली स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करती है।

6. वातावरण (Environment):
स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान प्राप्त करने हेतु स्वच्छ वातावरण का होना बहुत आवश्यक है। वातावरण दो प्रकार के होते हैं-
(i) आन्तरिक वातावरण,
(ii) बाह्य वातावरण। दोनों प्रकार के वातावरण बालक को प्रभावित करते हैं।
शिक्षा प्राप्त करने हेतु स्कूली वातावरण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। बिना वातावरण के कोई भी विद्यार्थी किसी प्रकार का ज्ञान अर्जित नहीं कर सकता। इसलिए स्कूल प्रबन्धों को स्कूली वातावरण की ओर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए, ताकि विद्यार्थी बिना किसी बाधा के ज्ञान अर्जित कर सकें।

लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्यों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य हैं

(1) विद्यालय में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण बनाए रखना।
(2) बच्चों में ऐसी आदतों का विकास करना जो स्वास्थ्यप्रद हों।
(3) रोगों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी देना।
(4) सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का निरीक्षण करना व निर्देश देना।
(5) सभी विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान तथा अभिव्यक्ति का विकास करना।
(6) व्यक्तिगत सफाई तथा स्वच्छता के बारे में जानकारी देना।
(7) स्वास्थ्य संबंधी आदतों का विकास करना।
(8) रोगों से बचने का उपाय करना और शारीरिक रोगों की जांच करना।
(9) निष्कर्ष रूप में यह कहा जा सकता है कि स्वास्थ्य शिक्षा के उपर्युक्त उद्देश्यों को अपनाते हुए हम इस लक्ष्य को प्राप्त करते हुए प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य के स्तर को ऊपर उठा सकते हैं।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 2.
स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत हमें किन-किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान स्वयं में ही सरल उपाय है जिसके द्वारा रोगों को फैलने से रोका जा सकता है। हमें स्वास्थ्य शिक्षा । के अंतर्गत निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए तथा उनका प्रचार करना चाहिए

  1. विभिन्न खाद्य-पदार्थों में कौन-कौन-से पोषक तत्त्व उपलब्ध होते हैं?
  2. विभिन्न रोगों के क्या कारण होते हैं? वे किस प्रकार फैलते हैं तथा उनसे बचने के तरीके क्या हैं?
  3. स्वास्थ्य संबंधी व्यक्तिगत स्तर पर अच्छी आदतों का ज्ञान तथा सामुदायिक स्तर पर अच्छी परंपराओं की आवश्यकता।
  4. विभिन्न नशीले व मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले कुप्रभावों तथा दुष्परिणामों की जानकारी।
  5. खाद्य-पदार्थों को पकाने तथा उन्हें संगृहीत करने की विधियाँ।
  6. वातावरण को किस प्रकार स्वच्छ रखा जा सकता है?
  7. घरेलू या औद्योगिक स्तर पर उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों के निपटान की विधियाँ।

प्रश्न 3.
स्वास्थ्य शिक्षा का हमारे जीवन में क्या महत्त्व है? अथवा – स्वास्थ्य शिक्षा हमारे लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था-“एक कमजोर आदमी जिसका शरीर या मन कमजोर है वह कभी भी मजबूत काया का मालिक नहीं बन सकता।” अतः स्वास्थ्य शिक्षा हमारे लिए निम्नलिखित कारणों से महत्त्वपूर्ण है.

(1) स्वास्थ्य शिक्षा अच्छे मानवीय संबंधों में वृद्धि करती है। स्वास्थ्य शिक्षा विद्यार्थियों को यह ज्ञान भी देती है कि किस प्रकार वे अपने दोस्तों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों व समुदाय के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कार्य कर सकते हैं।

(2) स्वास्थ्य शिक्षा कई प्रकार की बीमारियों के बचाव व रोकथाम के विषय में हमारी सहायता करती है। विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने के कारण, लक्षण, उनसे बचाव व इलाज के विषय में जानकारी स्वास्थ्य शिक्षा से ही मिलती है।

(3) स्वास्थ्य शिक्षा व्यक्ति में सामाजिक गुणों का विकास करके उसे अच्छा नागरिक बनाने में सहायक होती है। स्वास्थ्य शिक्षा जहाँ सर्वपक्षीय विकास करके अच्छा व्यक्तित्व निखारती है, वहीं इसके साथ-साथ यह और कई प्रकार के गुण; जैसे . सहयोग, त्याग-भावना, साहस, विश्वास, संवेगों पर नियंत्रण एवं सहनशीलता आदि का भी विकास करती है।

प्रश्न 4.
स्वस्थ व्यक्ति किसे कहते हैं? अच्छे स्वास्थ्य के कोई दो लाभ बताएँ। .
उत्तर:
स्वस्थ व्यक्ति-स्वस्थ व्यक्ति के शरीर के सभी अंगों की बनावट और उनके कार्य ठीक-ठाक होते हैं। वह हर प्रकार के मनोवैज्ञानिक, मानसिक व सामाजिक तनावों से मुक्त होता है। केवल शारीरिक रोगों से मुक्त व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ नहीं होता, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति को रोग घटकों से भी मुक्त होना चाहिए।
अच्छे स्वास्थ्य के लाभ:
(1) अच्छे स्वास्थ्य से व्यक्ति का जीवन सुखमय व आनंदमय होता है।
(2) अच्छे स्वास्थ्य का न केवल व्यक्तिगत लाभ होता है, बल्कि इसका सामूहिक लाभ भी होता है। इसका समाज व देश पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। अच्छे स्वास्थ्य वाला व्यक्ति ही देश के आर्थिक विकास में सहायक हो सकता है।

प्रश्न 5.
अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने में स्वास्थ्य शिक्षा किस प्रकार सहायक होती है?
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक तौर पर विकारों तथा तनावों को दूर करने की आवश्यकता है, परंतु भारतवर्ष में बहुत-से लोग इस बात से भी अनभिज्ञ हैं कि कौन-कौन-से रोग किस-किस कारण से होते हैं? उनकी रोकथाम कैसे की जा सकती है तथा उनके बचाव के क्या उपाय हैं? केवल रोगों के निदान से ही स्वास्थ्य कायम नहीं होता। इसके लिए बाह्य कारक; जैसे प्रदूषण तथा सूक्ष्म-जीवों के संक्रमण से भी बचाव अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य शिक्षा संतुलित आहार और उनमें पौष्टिक तत्त्व की कितनी-कितनी मात्रा होनी चाहिए आदि की जानकारी देने में हमारी सहायता करती है। स्वास्थ्य शिक्षा के द्वारा ही हमें किसी रोग के कारण, लक्षण और उनकी रोकथाम के उपायों का पता चलता है। स्वास्थ्य शिक्षा ही हमें पर्यावरण से संबंधित आवश्यक जानकारी देती है।

प्रश्न 6.
स्वास्थ्य शिक्षा के प्रमुख सिद्धांतों का उल्लेख करें।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं

  1. स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम व पाठ्यक्रम बच्चों की आयु और रुचि के अनुसार होना चाहिए।
  2. स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी देने का तरीका साधारण और जानकारी से भरपूर होना चाहिए।
  3. स्वास्थ्य शिक्षा पढ़ने-लिखने तक ही सीमित नहीं रखनी चाहिए अपितु उसकी प्राप्तियों के बारे में कार्यक्रम बनाने चाहिएँ।
  4. स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम छात्रों की आवश्यकताओं, इच्छाओं और पर्यावरण के अनुसार होना चाहिए।
  5. स्वास्थ्य शिक्षा में स्वास्थ्य के सभी पक्षों की विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए।

प्रश्न 7.
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी वातावरण हेतु किन मुख्य बातों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए?
उत्तर:
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी वातावरण हेतु निम्नलिखित बातों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए

(1) अध्यापकों को अपना पाठ्यक्रम बच्चों की इच्छाओं, आवश्यकताओं एवं रुचियों के अनुसार बनाना चाहिए। इसके लिए अध्यापक को अपने अनुभव का प्रयोग करना चाहिए।
(2) बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय का भवन रेलवे स्टेशनों, सिनेमाघरों, कारखानों, यातायात सडकों आदि से दूर होना चाहिए।
(3) बच्चों के संपूर्ण विकास हेतु अध्यापकों एवं छात्रों में सहसंबंध होना चाहिए।
(4) विद्यालय की समय-सारणी का विभाजन छात्रों के स्तर के अनुसार होना चाहिए।

प्रश्न 8.
स्कूल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख उपाय या अभिकरण बताएँ। अथवा आजकल स्कूलों में बच्चों को अपने परिवेश के बारे में जागरूक बनाने हेतु अपनाए गए प्रमुख तरीके बताएँ।
उत्तर:
वर्तमान समय में स्कूलों में स्वास्थ्य के प्रति बच्चों को जागरूक बनाने के लिए नए-नए तरीके या उपकरण अपनाए जा रहे हैं। इनका विवरण निम्नलिखित है
1. मेडिकल निरीक्षण:
अनेक स्कूल सर्वप्रथम तो उस समय निरीक्षण की माँग करते हैं, जब बच्चे स्कूल में प्रवेश पाते हैं और उसके बाद वे नियमित अंतराल के बाद मेडिकल निरीक्षण करवाने पर जोर डाल सकते हैं । इसके अंतर्गत वे शारीरिक माप, स्वास्थ्य जाँच, बोलने एवं सुनने की जाँच तथा खून की जाँच करवाते हैं। इसके अतिरिक्त दाँतों की देखभाल, संचरणीय रोगों के लक्षण, कारण एवं इसकी रोकथाम के उपायों आदि की जानकारी भी सेमिनारों के माध्यम से दी जाती है।

2. रोगों से मुक्ति के कार्यक्रम:
अधिकतर स्कूल अनेक रोगों से मुक्ति के कार्यक्रम चलाते हैं; जैसे पल्स पोलियो, टी०बी०, मलेरिया, हेपेटाइटिस-बी, चेचक आदि।

3. एड्स जागरूकता संबंधी कार्यक्रम:
स्कूल राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतर भयानक बीमारियों; जैसे एड्स को नियंत्रण करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

4. प्राथमिक सहायता और आपातकालीन सेवाओं के पाठ्यक्रम:
स्कूलों के आधुनिक तरीकों के अंतर्गत विद्यार्थियों को कक्षाओं तथा पाठ्यक्रम के माध्यम से प्राथमिक सहायता तथा आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी जाती है।

प्रश्न 9.
स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार के प्रमुख उपाय बताएँ। उत्तर-स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार के प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं

  1. स्वास्थ्य शिक्षा का पाठ्यक्रम बच्चों की आवश्यकताओं एवं रुचियों के अनुसार होना चाहिए।
  2. स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रम व्यावहारिक जीवन से संबंधित होने चाहिएँ।
  3. स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी आदतें, पर्यावरण प्रदूषण, प्राथमिक उपचार, बीमारियों की रोकथाम आदि को चित्रों या फिल्मों की सहायता से समझाया या दिखाया जाना चाहिए।
  4. स्वास्थ्य शिक्षा में वाद-विवाद और भाषण आदि को अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
  5. स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत स्वास्थ्यपूर्ण कार्यक्रमों को अधिक-से-अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को नियमित डॉक्टरी जाँच और अन्य सुविधाओं से लाभ हो सके।
  6. स्वास्थ्य शिक्षा में उन सभी पक्षों को शामिल करना चाहिए, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हों।

प्रश्न 10.
हमारे जीवन में अच्छे स्वास्थ्य की महत्ता या उपयोगिता पर प्रकाश डालिए। अथवा स्वास्थ्य (Health) का महत्त्व बताइए।
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य के बिना कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर सकता। अस्वस्थ व्यक्ति समाज की एक लाभदायक इकाई होते हुए भी बोझ बन जाता है। अतः स्वास्थ्य का हमारे जीवन में निम्नलिखित प्रकार से विशेष महत्त्व है

(1)स्वास्थ्य मानव व समाज का आधार स्तंभ है। यह असल में खुशी, सफलता और आनंदमयी जीवन की कुंजी है।
(2)अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी होते हैं।
(3) स्वास्थ्य के महत्त्व के बारे में अरस्तू ने कहा था-“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है।” अतः इस कथन से भी हमारे जीवन में स्वास्थ्य की उपयोगिता व्यक्त हो जाती है।
(4) स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने व निखारने में सहायक होता है।
(5) स्वास्थ्य हमारे जीवन को उचित व संतुलित बनाने में सहायक होता है।
(6) किसी भी देश के नागरिकों के स्वास्थ्य व आर्थिक विकास में प्रत्यक्ष संबंध पाया जाता है यदि किसी देश के नागरिक स्वस्थ होंगे तो आर्थिक विकास भी अच्छा होगा।

प्रश्न 11.
स्कूल के स्वास्थ्य कार्यक्रम में शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
स्कूल के स्वास्थ्य कार्यक्रम में शिक्षक निम्नलिखित प्रकार से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है

  1. शिक्षक छात्रों को स्वास्थ्य कार्यक्रम की उपयोगिता बताकर उन्हें अपने स्वास्थ्य हेतु प्रेरित कर सकता है।
  2. वह छात्रों को व्यक्तिगत सफाई के लिए प्रेरित कर सकता है, ताकि छात्र स्वयं को नीरोग एवं स्वस्थ रख सकें।
  3. शिक्षक छात्रों को संक्रामक रोगों के कारणों एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दे सकता है।
  4. शिक्षक को चाहिए कि वह स्वास्थ्य शिक्षा की विषय-वस्तु से संबंधित विभिन्न सेमिनारों का आयोजन करे।
  5. वह छात्रों को अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करे।

प्रश्न 12.
स्वास्थ्य अनुदेशन या निर्देशन से आप क्या समझते हैं? अथवा विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन पर संक्षिप्त नोट लिखें।
उत्तर:
स्वास्थ्य निर्देशन का आशय है-स्कूल के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी जानकारी देना कि वे स्वयं को स्वस्थ एवं नीरोग बना सकें। स्वास्थ्य निर्देशन स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों एवं दृष्टिकोणों का विकास करते हैं। ये बच्चों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाते हैं । इनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सभी महत्त्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराना है ताकि वे स्वयं को स्वस्थ रख सकें। स्वास्थ्य संबंधी निर्देशन में वे सभी बातें आ जाती हैं जो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती हैं; जैसे अच्छी आदतें, सेहत को ठीक रखने के तरीके और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आदि। शरीर की बनावट एवं संरचना, संक्रामक रोगों के लक्षण एवं कारण, इनकी रोकथाम या बचाव के उपायों के लिए बच्चों को फिल्मों या तस्वीरों आदि के माध्यम से अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। स्वास्थ्य निर्देशन की जानकारी प्राप्त कर बच्चे अनावश्यक विकृतियों या कमजोरियों का शिकार होने से बच सकते हैं।

प्रश्न 13.
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा में क्या अंतर है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा में परस्पर अटूट संबंध है। दोनों एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, क्योंकि आज एक ओर जहाँ स्वास्थ्य शिक्षा को शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत पढ़ाया जाता है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य शिक्षा के अध्ययन में भी शारीरिक शिक्षा के पक्षों पर जोर दिया जाता है। फिर भी इनमें कुछ अंतर है। शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत शारीरिक गतिविधियों या क्रियाओं पर विशेष बल दिया जाता है, जबकि स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 14.
अभिभावकों को शिक्षित करके बच्चों में होने वाले रोगों की रोकथाम किस प्रकार की जा सकती है?
अथवा
माता-पिता किस प्रकार बच्चों की रोगों से बचाव हेतु सहायता कर सकते हैं?
उत्तर:
अभिभावकों को शिक्षित करके बच्चों में होने वाले रोगों की रोकथाम निम्नलिखित उपायों द्वारा की जा सकती है

  1. अभिभावकों को उचित एवं संतुलित आहार तथा विशेष परिस्थितियों में भोजन की आवश्यकताओं का ज्ञान कराने से बच्चों में कुपोषण से होने वाले रोगों की रोकथाम की जा सकती है।
  2. बच्चों के जन्म के समय मृत्यु होने की घटनाएँ बहुत अधिक होती हैं। इससे बचने के लिए गर्भवती स्त्री को गर्भकाल में पौष्टिक आहार देना चाहिए तथा टैटनस के टीके भी लगवाने चाहिएँ।
  3.  जन्म के बाद बच्चों में रोगों के कारण मृत्यु होने की घटनाएँ अधिक संख्या में होती हैं। इनकी रोकथाम के लिए आवश्यक है कि अभिभावक अपने बच्चों को समय-समय पर प्रतिरक्षी टीके लगवाएँ।
  4. बच्चों के रोगी होने का एक प्रमुख कारण माताओं द्वारा स्तनपान न कराना है। महिलाओं को यह ज्ञान कराना आवश्यक है कि बच्चे के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम आहार है। इससे बच्चे को सभी पोषक तत्त्व तथा प्रतिजैविक पदार्थ प्राप्त होते हैं।
  5. अभिभावकों को विभिन्न रोगाणुओं से संक्रमण के तरीके तथा उनसे बचाव के उपायों की शिक्षा देकर भी बच्चों को इनसे होने वाले रोगों से बचाया जा सकता है।

प्रश्न 15.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के महत्त्व पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चे अनेक बीमारियों की रोकथाम तथा उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य तथा स्वच्छता की जानकारी स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायक है। स्कूल के दिनों में बच्चों में जिज्ञासा की प्रवृत्ति अति तीव्र होती है। उनकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए ये कार्यक्रम अति आवश्यक होते हैं। सभी स्कूली छात्र कक्षा के अनुसार समान आयु के होते हैं, इसलिए उनकी समस्याएँ भी लगभग एक-जैसी होती हैं और उनके निदान के प्रति दृष्टिकोण भी एक-जैसा ही होता है। इसलिए स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम सभी छात्रों के लिए समान रूप से उपयोगी होते हैं। स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को पोषक तत्त्वों एवं खनिज-लवणों की जानकारी की महत्ता बताई जाती है जो उनकी संपूर्ण जिंदगी में सहायक होती है। स्कूल के दिनों के दौरान विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम अनेक अच्छी आदतों के निर्माण में सहायक हैं जो समाज के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 16.
स्कूल में स्वास्थ्य निर्देशन के मुख्य उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
स्कूल में स्वास्थ्य निर्देशन के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  1. बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जानकारी देना।
  2. बच्चों को स्वास्थ्य के विषय में पर्याप्त ज्ञान देना।
  3. स्वास्थ्य संबंधी महत्त्वपूर्ण नियमों या सिद्धांतों की जानकारी देना।
  4. संक्रामक रोगों की रोकथाम के उपायों की जानकारी देना।
  5. बच्चों को अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने हेतु प्रेरित करना।
  6. अच्छी आदतें एवं सेहत को ठीक रखने के उपाय बताना।

प्रश्न 17.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं पर संक्षिप्त नोट लिखें। अथवा विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
छात्रों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना भी विद्यालय का मुख्य उत्तरदायित्व माना जाता है। विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ, वे सेवाएँ हैं जिनके माध्यम से छात्रों के स्वास्थ्य की जाँच की जाती है और उनमें पाए जाने वाले दोषों से माता-पिता को अवगत करवाया जाता है ताकि समय रहते उन दोषों का उपचार किया जा सके। इन सेवाओं के अंतर्गत स्कूल के अन्य कर्मचारियों एवं अध्यापकों के स्वास्थ्य की भी जाँच की जाती है। इनके अंतर्गत छाों को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सभी प्रकार की बीमारियों के लक्षणों, कारणों, रोकथाम या बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की जाती है। स्कूल/विद्यालय में ऐसी सुविधाओं को विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ (School Health Services) कहा जाता है। आधुनिक युग में इन सेवाओं की बहुत आवश्यकता है।

प्रश्न 18.
प्रो० एण्डर्सन के अनुसार स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य बताइए।
उत्तर:
प्रो० एण्डर्सन (Prof. Anderson) के अनुसार स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  1. सभी तरह के रोगों के कारणों व लक्षणों का पता लगाना तथा इलाज व रोकथाम के उपाय ढूंढना।
  2. छात्रों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझना।
  3. छात्रों का नियमित डॉक्टरी निरीक्षण करवाना।
  4. छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परीक्षण देना।
  5. छात्रों में अपने स्वास्थ्य हेतु जागरूकता पैदा करना।
  6. छात्रों को पर्यावर्णिक स्वास्थ्य या आस-पास के स्वास्थ्य की महत्ता समझाना।
  7. छात्रों को व्यक्तिगत व पर्यावरण की स्वच्छता या सफाई की उपयोगिता बताना।
  8. छात्रों में स्वास्थ्य संबंधी अभिरुचियों का विकास करना।

अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न [Very Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है, जिसमें वह मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसके सभी शारीरिक संस्थान व्यवस्थित रूप से सुचारु होते हैं। इसका अर्थ न केवल बीमारी अथवा शारीरिक कमजोरी की अनुपस्थिति है, अपितु शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना भी है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति का मन या आत्मा प्रसन्नचित और शरीर रोग-मुक्त रहता है।

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प्रश्न 2.
स्वास्थ्य की कोई दो परिभाषा लिखें।
उत्तर:
(1) जे०एफ० विलियम्स के अनुसार, “स्वास्थ्य जीवन का वह गुण है, जिससे व्यक्ति दीर्घायु होकर उत्तम सेवाएँ प्रदान करता है।”
(2) विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, “स्वास्थ्य केवल रोग या विकृति की अनुपस्थिति को नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक सुख की स्थिति को कहते हैं।”

प्रश्न 3.
विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम के विभिन्न अंग कौन-कौन-से हैं?
उत्तर:
(1) स्वास्थ्य सेवाएँ,
(2) स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण,
(3) स्वास्थ्य निर्देश।

प्रश्न 4.
सर्वपक्षीय विकास से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
सर्वपक्षीय विकास से अभिप्राय व्यक्ति के सभी पक्षों का विकास करना है। वह शारीरिक पक्ष से बलवान, मानसिक पक्ष से तेज़, भावात्मक पक्ष से संतुलित, बौद्धिक पक्ष से समझदार और सामाजिक पक्ष से स्वस्थ हो। सर्वपक्षीय विकास से व्यक्ति के व्यक्तित्व में बढ़ोत्तरी होती है। वह परिवार, समाज और राष्ट्र की संपत्ति बन जाता है।

प्रश्न 5.
स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम मुख्यतः कैसे होने चाहिएँ?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम रुचिकर, मनोरंजक तथा शिक्षाप्रद होने चाहिएँ, ताकि इनमें सभी बढ़-चढ़कर भाग ले सकें। ये बच्चों की रुचि, स्वास्थ्य के स्तर तथा वातावरण की आवश्यकता के अनुसार तथा व्यावहारिक भी होने चाहिएँ, ताकि इनसे स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की उचित जानकारी प्राप्त हो सके।

प्रश्न 6.
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ लिखते हुए कोई एक परिभाषा लिखें।
अथवा
डॉ० थॉमस वुड के अनुसार स्वास्थ्य शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों या पहलुओं के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करते हैं। डॉ० थॉमस वुड के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा उन अनुभवों का समूह है, जो व्यक्ति, समुदाय और सामाजिक स्वास्थ्य से संबंधित आदतों, व्यवहारों और ज्ञान को प्रभावित करते हैं।”

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प्रश्न 7.
अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के आवश्यक कारक बताएँ।
उत्तर:
(1) व्यक्तिगत तथा पर्यावरण स्वच्छता,
(2) व्यायाम तथा उचित विश्राम,
(3) भोजन में पौष्टिक तत्त्व एवं खनिज-लवण,
(4) स्वच्छ भोजन व जल का उपयोग।

प्रश्न 8.
विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन के कोई दो उद्देश्य लिखें।
उत्तर:
(1) बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की महत्ता की जानकारी देना,
(2) बच्चों को स्वास्थ्य के विषय में पर्याप्त ज्ञान देना।

प्रश्न 9.
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वच्छ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वच्छ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक-भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

प्रश्न 10.
स्वास्थ्य अनुदेशन के कोई दो मार्गदर्शक सिद्धांत बताइए।
उत्तर:
(1) स्वास्थ्य संबंधी किसी विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता करवाना।
(2) स्वास्थ्य के सभी पहलुओं से संबंधित साहित्य स्कूल पुस्तकालय में उपलब्ध करवाना।

प्रश्न 11.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं के कोई तीन उद्देश्य लिखें।
उत्तर:
(1) छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना,
(2) उन्हें स्वास्थ्य के नियमों से अवगत कराना,
(3) उन्हें संक्रामक व असंक्रामक रोगों के कारणों और उनकी रोकथाम या बचाव के उपायों की जानकारी देना।

प्रश्न 12.
स्वस्थ व्यक्ति के कोई दो गुण लिखें।
उत्तर:
(1) स्वस्थ व्यक्ति का व्यक्तित्व आकर्षक एवं सुंदर होता है,
(2) वह चुस्त एवं फुर्तीला होता है।

प्रश्न 13.
पोषण किसे कहते हैं?
उत्तर:
जीव की वृद्धि, विकास, अनुरक्षण एवं सभी सजीव प्रक्रमों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक सभी पदार्थों (पोषकों) के अधिग्रहण को पोषण कहते हैं।

प्रश्न 14.
स्वस्थ व्यक्ति की क्या पहचान है?
अथवा
स्वस्थ व्यक्ति की मुख्य विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर:
(1) स्वस्थ व्यक्ति अपने सभी कार्य अच्छे से एवं तीव्रता से करने में समर्थ होता है।
(2) उसके शरीर में फूर्ति एवं लचकता होती है।
(3) उसके शारीरिक संस्थान सुचारु रूप से कार्य करते हैं और उनकी कार्यक्षमता अधिक होती है।
(4) उसका मन शांत और शरीर स्वस्थ होता है।

प्रश्न 15.
विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ रहना क्यों अधिक महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर:
विद्यार्थी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करना होता है। शिक्षा प्राप्त करने हेतु विद्यार्थी का स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण होता है, इसलिए विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ रहना अधिक महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि अस्वस्थ विद्यार्थी के लिए शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता है। किसी ने ठीक ही लिखा है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है। अच्छे स्वास्थ्य के द्वारा ही विद्यार्थी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकता है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करके वह देश के विकास में अपना योगदान देता है।

प्रश्न 16.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं । स्कूल में जाने वाले बच्चे किसी राष्ट्र को सशक्त व मजबूत बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समस्त राष्ट्र का उत्तरदायित्व उनके कोमल कंधों पर टिका होता है। इसलिए स्कूल के बच्चों का स्वास्थ्य ही स्कूल प्रणाली का महत्त्वपूर्ण तथा प्राथमिक मुद्दा है। अतः स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम वह ग्रहणित प्रक्रिया है जिसको स्कूली स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्यप्रद स्कूली जीवन और स्वास्थ्य निर्देश में बच्चों के स्वास्थ्य के विकास के लिए अपनाया जाता है।

HBSE 9th Class Physical Education स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न [Objective Type Questions]

प्रश्न 1.
“स्वास्थ प्रथम पूँजी है।” यह किसका कथन है?
उत्तर:
यह कथन इमर्जन का है।

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प्रश्न 2.
किसके बिना मानसिक स्वास्थ्य अधूरा है?
उत्तर:
शारीरिक स्वास्थ्य के बिना मानसिक स्वास्थ्य अधूरा है।

प्रश्न 3.
सोफी के अनुसार, स्वास्थ्य शिक्षा किसे कहते हैं?
उत्तर:
सोफी के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े व्यवहार से संबंधित है।”

15 प्रश्न 4.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, स्वास्थ्य शिक्षा किसे कहते हैं?
उत्तर:
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ रहने की स्थिति को कहते हैं न कि केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ या रोगमुक्त होने को।”

प्रश्न 5.
“स्वस्थ शरीर आत्मा का अतिथि-भवन और दुर्बल तथा रुग्ण शरीर आत्मा का कारागृह है।” यह कथन किसने कहा?
उत्तर:
यह कथन रोजर बेकन ने कहा।

प्रश्न 6.
“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है।” यह कथन किसने कहा?
उत्तर:
यह कथन अरस्तू ने कहा।

प्रश्न 7.
किसी देश का कल्याण किसके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है?
उत्तर:
किसी देश का कल्याण उस देश के नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

प्रश्न 8.
स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत आने वाले कोई दो कार्यक्रमों के नाम बताएँ।
उत्तर:
(1) एड्स जागरूकता संबंधी कार्यक्रम,
(2) मेडिकल निरीक्षण कार्यक्रम।

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प्रश्न 9.
प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध किससे था?
उत्तर:
प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध स्वास्थ्य निर्देशन से था।

प्रश्न 10.
विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?
उत्तर:
विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाता है।

प्रश्न 11.
‘प्रोटीन’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया?
उत्तर:
प्रोटीन’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम जे० बरजेलियास ने किया।

प्रश्न 12.
“एक कमजोर आदमी जिसका शरीर या मन कमजोर है वह कभी भी मजबूत काया का मालिक नहीं बन सकता।” यह कथन किसने कहा?
उत्तर:
यह कथन स्वामी विवेकानंद जी ने कहा।

प्रश्न 13.
W.H.O. का पूरा नाम लिखें।
उत्तर:
World Health Organisation

प्रश्न 14.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम तीन प्रकार के होते हैं।

प्रश्न 15.
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी कोई एक समस्या बताएँ।
उत्तर:
डॉक्टरों व अस्पतालों का अभाव।

प्रश्न 16.
शहरों में स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख समस्या क्या है?
उत्तर:
यातायात वाहनों की अधिकता के कारण प्रदूषण बढ़ना।

प्रश्न 17.
जन-साधारण को स्वास्थ्य-संबंधी उपयोगी जानकारी देने वाले माध्यम या साधन बताएँ।
उत्तर:
टेलीविजन, रेडियो, वार्तालाप, भाषण, अखबार आदि।

प्रश्न 18.
अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन कैसा होता है?
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन शांत एवं सुखमय होता है।

प्रश्न 19.
आनन्दमय जीवन की कुंजी क्या है?
उत्तर:
आनन्दमय जीवन (Felicitious Life) की कुंजी स्वस्थ शरीर अर्थात् स्वास्थ्य है।

प्रश्न 20.
वंशानुक्रम क्या है? उत्तर-जो गुण या विशेषता हम अपने जन्म के समय प्राप्त करते हैं, उसे ही वंशानुक्रम कहते हैं।

प्रश्न 21.
स्वास्थ्य का कोई एक पहलू बताएँ।
उत्तर:
शारीरिक स्वास्थ्य।

प्रश्न 22.
मानसिक स्वास्थ्य का क्या अर्थ है?
उत्तर:
दबाव व तनाव से मुक्ति।

बहुविकल्पीय प्रश्न [Multiple Choice Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य का शाब्दिक अर्थ है
(A) स्वस्थ शरीर
(B) स्वस्थ दिमाग
(C) स्वस्थ आत्मा
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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प्रश्न 2.
स्वास्थ्य हृष्ट-पुष्ट होने की एक दशा है।” यह कथन किसके अनुसार है?
(A) यूनिसेफ के
(B) विश्व स्वास्थ्य संगठन के
(C) अंग्रेज़ी पद के
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) अंग्रेजी पद के

प्रश्न 3.
स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम किसको ध्यान में रखकर तय करना चाहिए?
(A) बच्चों की आयु और लिंग को
(B) बच्चे के स्वास्थ्य को
(C) बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्तर को
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 4.
“स्वास्थ्य ही असली धन है, न कि सोने एवं चाँदी के टुकड़े।” यह कथन है
(A) महात्मा गाँधी का
(B) डॉ० थॉमस वुड का
(C) हरबर्ट स्पेंसर का
(D) जे०एफ०विलियम्स का
उत्तर:
(A) महात्मा गाँधी का

प्रश्न 5.
स्कूल स्वास्थ्य के चरण हैं
(A) स्वास्थ्य सेवाएँ
(B) स्कूली वातावरण
(C) स्वास्थ्य निर्देश
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 6.
स्वास्थ्य के आयाम हैं
(A) शारीरिक स्वास्थ्य
(B) मानसिक स्वास्थ्य
(C) सामाजिक व आध्यात्मिक स्वास्थ्य
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 7.
किसने स्वास्थ्य को प्रथम पूँजी’ कहा?
(A) स्वामी विवेकानंद ने
(B) इमर्जन ने
(C) गाँधी जी ने
(D) डॉ० थॉमस वुड ने
उत्तर:
(B) इमर्जन ने

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प्रश्न 8.
स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य हैं
(A) स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान देना
(B) उचित मार्गदर्शन करना
(C) स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों का विकास करना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 9.
प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध किससे था?
(A) स्वास्थ्य सेवाओं से
(B) स्वास्थ्य अनुदेशन से
(C) स्वास्थ्य निरीक्षण से
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(B) स्वास्थ्य अनुदेशन से

प्रश्न 10.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) न्यूयार्क में
(B) पेरिस में
(C) जेनेवा में
(D) लंदन में
उत्तर:
(C) जेनेवा में

प्रश्न 11.
साधारण जनता को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है
(A) रेडियो द्वारा
(B) टेलीविजन द्वारा
(C) अखबार द्वारा
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 12.
स्कूल स्वास्थ्य प्रणाली का सबसे महत्त्वपूर्ण एवं प्राथमिक मुद्दा है
(A) स्कूल का प्रबंधन
(B) बच्चों का स्वास्थ्य
(C) बच्चों की पढ़ाई
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) बच्चों का स्वास्थ्य

प्रश्न 13.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम मुख्यतः कितने प्रकार का होता है?
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5.
उत्तर:
(B) 3

प्रश्न 14.
स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम होना चाहिए
(A) रुचिपूर्ण
(B) शिक्षा से भरपूर
(C) मनोरंजनात्मक
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व

प्रश्न 15.
अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए उत्तरदायी कारक है
(A) व्यक्तिगत तथा घरेलू स्वच्छता
(B) व्यायाम तथा विश्राम
(C) संतुलित व पौष्टिक आहार
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 16.
विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?
(A) 7 अप्रैल को
(B) 8 मार्च को
(C) 14 अप्रैल को
(D) 15 मार्च को
उत्तर:
(A) 7 अप्रैल को

प्रश्न 17.
W.H.0. का पूरा नाम है
(A) Organisation of World Health
(B) World Health Organisation
(C) World Healthy Organisation
(D) Health World Organisation
उत्तर:
(B) World Health Organisation

प्रश्न 18.
व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक क्षमता की पूर्णरूपेण समन्वित स्थिति को क्या कहते हैं?
(A) स्वास्थ्य
(B) स्वस्थता
(C) सुयोग्यता
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) स्वास्थ्य

स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व Summary

स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ एवं महत्त्व परिचय

स्वास्थ्य (Health):
अच्छा स्वास्थ्य होना जीवन की सफलता के लिए बहुत आवश्यक है, क्योंकि अच्छे स्वास्थ्य से कोई व्यक्ति किसी निर्धारित उद्देश्य को प्राप्त करने में सफल हो सकता है। आरोग्य व्यक्ति को स्वस्थ कहना बहुत बड़ी भूल है। स्वस्थ व्यक्ति उसे कहा जाता है जिसकी सभी शारीरिक प्रणालियाँ ठीक ढंग से कार्य करती हों और वह स्वयं को वातावरण के अनुसार ढालने में सक्षम हो। प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य का अर्थ भिन्न-भिन्न होता है। कुछ लोगों के लिए यह बीमारी से छुटकारा है तो कुछ के लिए शरीर और दिमाग का सुचारु रूप से कार्य करना। स्वास्थ्य का शाब्दिक अर्थ स्वस्थ शरीर, दिमाग तथा मन से चुस्त-दुरुस्त होने की अवस्था है, विशेष रूप से किसी बीमारी या रोग से मुक्त होना है। अत: स्वास्थ्य कोई लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवन में उपलब्धि प्राप्त करने का साधन है। महात्मा गौतम बुद्ध (Mahatma Gautam Budh) ने स्वास्थ्य के बारे में कहा- “हमारा कर्तव्य है कि हम अपने शरीर को स्वस्थ रखें अन्यथा हम अपने मन को सक्षम और शुद्ध नहीं रख पाएंगे।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-W.H.O.):
के अनुसार, “स्वास्थ्य केवल रोग या विकृति की अनुपस्थिति को नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक सुख की स्थिति को कहते हैं।” अतः स्वास्थ्य के नए दर्शन-शास्त्र को निम्नलिखित बातों से समझा जा सकता है

(1) स्वास्थ्य एक आधारभूत अधिकार है।
(2) स्वास्थ्य समस्त संसार का सामाजिक ध्येय है।
(3) स्वास्थ्य विकास का अभिन्न अंग है।
(4) स्वास्थ्य जीवन की गुणवत्ता की धारणा का केंद्र बिंदु है।

स्वास्थ्य शिक्षा (Health Education):
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ उन सभी आदतों से है जो किसी व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं। इसका संबंध मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यह शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्म-निर्भर बनाने में सहायता करते हैं। अत: यह एक ऐसी शिक्षा है जिसके बिना मनुष्य की सारी शिक्षा अधूरी रह जाती है।

डॉ० थॉमस वुड (Dr. Thomas Wood):
के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा उन अनुभवों का समूह है, जो व्यक्ति, समुदाय और सामाजिक स्वास्थ्य से संबंधित आदतों, व्यवहारों और ज्ञान को प्रभावित करते हैं।”

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HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

Haryana State Board HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

HBSE 12th Class Physical Education स्वास्थ्य शिक्षा Textbook Questions and Answers

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य क्या है? इसके महत्त्व या उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
अथवा
स्वास्थ्य से क्या अभिप्राय है? हमारे जीवन में अच्छे स्वास्थ्य की क्या उपयोगिता है?
उत्तर:
स्वास्थ्य का अर्थ (Meaning of Health):
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं । सामान्यतया पारस्परिक व रूढ़िगत संदर्भ में स्वास्थ्य से अभिप्राय बीमारी की अनुपस्थिति से लगाया जाता है, परंतु यह स्वास्थ्य का विस्तृत अर्थ नहीं है। स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है, जिसमें वह मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसके सभी शारीरिक संस्थान व्यवस्थित रूप से सुचारू होते हैं। इसका अर्थ न केवल बीमारी अथवा शारीरिक कमजोरी की अनुपस्थिति है, अपितु शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना भी है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति का मन या आत्मा प्रसन्नचित्त और शरीर रोग-मुक्त रहता है।

स्वास्थ्य का महत्त्व या उपयोगिता (Importance or Utility of Health):
अच्छे स्वास्थ्य के बिना कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर सकता। अस्वस्थ व्यक्ति समाज की एक लाभदायक इकाई होते हुए भी बोझ-सा बन जाता है। एक प्रसिद्ध कहावत है-“स्वास्थ्य ही धन है।” यदि हम संपूर्ण रूप से स्वस्थ हैं तो हम जिंदगी में बहुत-सा धन कमा सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य का न केवल व्यक्ति को लाभ होता है, बल्कि जिस समाज या देश में वह रहता है, उस पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ता है। साइरस (Syrus) के अनुसार, “अच्छा स्वास्थ्य और अच्छी समझ-दोनों जीवन के सबसे बड़े आशीर्वाद हैं।” इसलिए स्वास्थ्य का हमारे जीवन में विशेष महत्त्व है; जैसे
(1) स्वास्थ्य मानव व समाज का आधार स्तंभ है। यह वास्तव में खुशी, सफलता और आनंदमयी जीवन की कुंजी है।
(2) अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी होते हैं।
(3) स्वास्थ्य के महत्त्व के बारे में अरस्तू ने कहा-“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है।” इस कथन से भी हमारे जीवन में स्वास्थ्य की उपयोगिता व्यक्त हो जाती है।
(4) स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने व निखारने में सहायक होता है।
(5) स्वास्थ्य से हमारा जीवन संतुलित, आनंदमय एवं सुखमय रहता है।
(6) स्वास्थ्य हमारी जीवन-शैली को बदलने में हमारी सहायता करता है।
(7) किसी भी देश के नागरिकों के स्वास्थ्य व आर्थिक विकास में प्रत्यक्ष संबंध पाया जाता है। यदि किसी देश के नागरिक शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे तो उस देश का आर्थिक विकास भी उचित दिशा में होगा।
(8) स्वास्थ्य से हमारी कार्यक्षमता पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
(9) अच्छे स्वास्थ्य से हमारे शारीरिक अंगों की कार्य-प्रणाली सुचारू रूप से चलती है।

निष्कर्ष (Conclusion):
स्वास्थ्य एक गतिशील प्रक्रिया है जो हमारे शारीरिक संस्थानों को प्रभावित करती है और हमारी जीवन-शैली में आवश्यक एवं महत्त्वपूर्ण बदलाव करती है। अच्छा स्वास्थ्य रोगों से मुक्त होने के अतिरिक्त किसी व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक खुशहाली एवं प्रसन्नता को व्यक्त करता है। यह हमेशा अच्छा महसूस करवाता है। वर्जिल के अनुसार, “सबसे बड़ाधन स्वास्थ्य है।” इस तरह हमारे जीवन में स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। स्वास्थ्य की महत्ता बताते हुए महात्मा गाँधी ने कहा”स्वास्थ्य ही असली धन है न कि सोने एवं चाँदी के टुकड़े।” स्वास्थ्य ही हमारा असली धन है। जब हम इसे खो देते हैं तभी हमें इसका असली मूल्य पता चलता है।

HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

प्रश्न 2.
स्वास्थ्य का क्या अर्थ है? इसके पहलुओं का वर्णन कीजिए।
अथवा
स्वास्थ्य की अवधारणा से आप क्या समझते हैं? इसके आयामों का वर्णन कीजिए।
अथवा
स्वास्थ्य का अर्थ एवं परिभाषा लिखें। इसके रूपों का भी वर्णन करें।
उत्तर:
स्वास्थ्य का अर्थ एवं परिभाषाएँ (Meaning and Definitions of Health):
स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है, जिससे वह मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसके सभी शारीरिक संस्थान व्यवस्थित रूप से सुचारू होते हैं। इसका अर्थ न केवल बीमारी अथवा शारीरिक कमजोरी की अनुपस्थिति है, अपितु शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना भी है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति का मन या आत्मा प्रसन्नचित्त और शरीर रोग-मुक्त रहता है। विभिन्न विद्वानों ने स्वास्थ्य को निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया है-
1. जे०एफ० विलियम्स (J.F. Williams) के अनुसार, “स्वास्थ्य जीवन का वह गुण है, जिससे व्यक्ति दीर्घायु होकर उत्तम सेवाएं प्रदान करता है।”
2. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-W.H.O.) के अनुसार, “स्वास्थ्य केवल रोग या विकृति की अनुपस्थिति को नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक सुख की स्थिति को कहते हैं।”
3. वैबस्टर्स विश्वकोष (Webster’s Encyclopedia) के कथनानुसार, “उच्चतम जीवनयापन के लिए व्यक्तिगत, भावनात्मक और शारीरिक स्रोतों को संगठित करने की व्यक्ति की अवस्था को स्वास्थ्य कहते हैं।”
4. रोजर बेकन (Roger Bacon) के अनुसार, “स्वस्थ शरीर आत्मा का अतिथि-भवन और दुर्बल तथा रुग्ण शरीर आत्मा का कारागृह है।”
5. इमर्जन (Emerson) के अनुसार, “स्वास्थ्य प्रथम पूँजी है।”
संक्षेप में, स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है जिसमें वह मानसिक तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसमें उसके शारीरिक अंग, आंतरिक तथा बाहरी रूप से अपने पर्यावरण से व्यवस्थित होते हैं।

स्वास्थ्य के विभिन्न पहलू या आयाम (Aspects or Dimensions of Health):
स्वास्थ्य एक गतिशील प्रक्रिया है जो हमारी जीवन-शैली को प्रभावित करता है। इसके विभिन्न आयाम या पहलू निम्नलिखित हैं-
1. शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health):
शारीरिक स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है। इसके अंतर्गत हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त होती है। शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति के लिए आवश्यक है कि उसके सभी शारीरिक संस्थान सुचारू रूप से कार्य करते हों। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को न केवल शरीर के विभिन्न अंगों की रचना एवं उनके कार्यों की जानकारी होनी चाहिए, अपितु उनको स्वस्थ रखने की भी जानकारी होनी चाहिए। शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति समाज व देश के विकास एवं प्रगति में भी सहायक होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने शारीरिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाने हेतु संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, व्यक्तिगत सफाई, नियमित व्यायाम व चिकित्सा जाँच और नशीले पदार्थों के निषेध आदि की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

2. मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health):
मानसिक या बौद्धिक स्वास्थ्य के बिना सभी स्वास्थ्य अधूरे हैं, क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य का संबंध मन की प्रसन्नता व शांति से है अर्थात् इसका संबंध तनाव व दबाव मुक्ति से है। यदि व्यक्ति का मन चिंतित एवं अशांत रहेगा तो उसका कोई भी विकास पूर्ण नहीं होगा। आधुनिक युग में मानव जीवन इतना व्यस्त हो गया है कि उसका जीवन निरंतर तनाव, दबाव व चिंताओं से घिरा रहता है। परन्तु जिन व्यक्तियों का मानसिक स्वास्थ्य उत्तम होता है वे आधुनिक संदर्भ में भी स्वयं को चिंतामुक्त अनुभव करते हैं। मानसिक स्वास्थ्य से व्यक्ति के बौद्धिक विकास और जीवन के अनुभवों को सीखने की क्षमता में वृद्धि होती है। लेकिन मानसिक अस्वस्थता के कारण न केवल मानसिक रोग हो जाते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य भी गिर जाता है और शारीरिक कार्य-कुशलता में भी कमी आ जाती है। इसलिए व्यक्ति को अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए तनाव व दबाव से दूर रहना चाहिए, उचित विश्राम करना चाहिए और सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।

3. सामाजिक स्वास्थ्य (Social Health):
सामाजिक स्वास्थ्य भी स्वास्थ्य का एक महत्त्वपूर्ण आयाम है । यह व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर करता है । यह व्यक्ति में संतोषजनक व्यक्तिगत संबंधों की क्षमता में वृद्धि करता है। व्यक्ति सामाजिक प्राणी होने के नाते समाज के नियमों, मान-मर्यादाओं आदि का पालन करता है । यदि एक व्यक्ति अपने परिवार व समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत है तो उसे सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति कहा जाता है। सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति सैद्धांतिक, वैचारिक, आत्मनिर्भर व जागरूक होता है। वह अनेक सामाजिक गुणों; जैसे आत्म-संयम, धैर्य, बंधुत्व, आत्म-विश्वास आदि से पूर्ण होता है। समाज, देश, परिवार व जीवन के प्रति उसका दृष्टिकोण रचनात्मक व सकारात्मक होता है।

4. संवेगात्मक या भावनात्मक स्वास्थ्य (Emotional Health):
संवेगात्मक स्वास्थ्य में व्यक्ति के अपने संवेग; जैसे डर, गुस्सा, सुख, क्रोध, दुःख, प्यार आदि शामिल होते हैं। इसके अंतर्गत स्वस्थ व्यक्ति का अपने संवेगों पर पूर्ण नियंत्रण होता है। वह प्रत्येक परिस्थिति में नियंत्रित व्यवहार करता है। हार-जीत पर वह अपने संवेगों को नियंत्रित रखता है और अपने परिवार, मित्रों व अन्य व्यक्तियों से मिल-जुलकर रहता है। जिस व्यक्ति को अपने संवेगों पर नियंत्रण होता है वह बड़ी-से-बड़ी परिस्थितियों में भी स्वयं को संभाल सकता है और निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर हो सकता है।

5. आध्यात्मिक स्वास्थ्य (Spiritual Health):
आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति उसे कहा जाता है जो नैतिक नियमों का पालन करता हो, दूसरों के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करता हो, सत्य व न्याय में विश्वास रखने वाला हो और जो दूसरों को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान न पहुँचाता हो आदि। ऐसा व्यक्ति व्यक्तिगत मूल्यों से संबंधित होता है। दूसरों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग की भावना रखना, सहायता करने की इच्छा आदि आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्त्वपूर्ण पहलू हैं । आध्यात्मिक स्वास्थ्य की प्राप्ति हेतु मुख्यत: योग व ध्यान सबसे उत्तम माध्यम हैं। इनके द्वारा आत्मिक शांति व आंतरिक प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न 3.
स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति को किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए?
अथवा
अच्छे स्वास्थ्य हेतु हमें किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए?
उत्तर:
स्वस्थ रहने के लिए हमें निम्नलिखित आवश्यक नियम या सिद्धांत ध्यान में रखने चाहिएँ
1. शारीरिक संस्थानों या अगों का ज्ञान (Knowledge of Body System or Organs): हमें अपने शरीर के संस्थानों या अंगों; जैसे दिल, आमाशय, फेफड़े, तिल्ली, गुर्दे, कंकाल संस्थान, माँसपेशी संस्थान, उत्सर्जन संस्थान आदि का ज्ञान होना चाहिए।

2. डॉक्टरी जाँच (Medical Checkup): समय-समय पर अपने शरीर की डॉक्टरी जाँच करवानी चाहिए। इससे हम अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं। डॉक्टरी जाँच या चिकित्सा जाँच से हम समय पर अपने शारीरिक विकारों या बीमारियों को दूर कर सकते हैं।

3. निद्रा व विश्राम (Sleep and Rest): रात को समय पर सोना चाहिए और शरीर को पूरा विश्राम देना आवश्यक है।

4. व्यायाम (Exercises): प्रतिदिन व्यायाम या सैर आदि करनी आवश्यक है। हमें नियमित योग एवं आसन आदि भी करने चाहिएँ।

5. नाक द्वारा साँस लेना (Breathing by Nose): हमें हमेशा नाक द्वारा साँस लेनी चाहिए। नाक से साँस लेने से हमारे शरीर को शुद्ध हवा प्राप्त होती है, क्योंकि नाक के बाल हवा में उपस्थित धुल-कणों को शरीर के अंदर जाने से रोक लेते हैं।

6. साफ वस्त्र (Clean Cloth): हमें हमेशा साफ-सुथरे और ऋतु के अनुसार कपड़े पहनने चाहिएँ।

7. शुद्ध एवं स्वच्छ वातावरण (Pure and Clean Environment): हमें हमेशा शुद्ध एवं स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए।

8. संतुलित भोजन (Balanced Diet): हमें ताजा, पौष्टिक और संतुलित आहार खाना चाहिए।

9. शुद्ध आचरण (Good Conduct): हमेशा अपना आचरण व विचार शुद्ध व सकारात्मक रखने चाहिएँ और हमेशा खुश एवं संतुष्ट रहना चाहिए। कभी भी किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए। हमेशा बड़ों का आदर करना चाहिए।

10. मादक वस्तुओं से परहेज (Away from Intoxicants): मादक वस्तुओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए हमें नशीली वस्तुओं से स्वयं को बचाना चाहिए। दूसरों को भी नशीली वस्तुओं के दुष्प्रभावों से अवगत करवाना चाहिए।

11. उचित मनोरंजन (Proper Recreation): आज के इस दबाव एवं तनाव-युक्त युग में स्वास्थ्य को बनाए रखने हेतु मनोरंजनात्मक क्रियाओं का होना अति आवश्यक है। हमें मनोरंजनात्मक क्रियाओं में अवश्य भाग लेना चाहिए। इनसे हमें आनंद एवं संतुष्टि की प्राप्ति होती है।

12. नियमित दिनचर्या (Daily Routine): समय पर उठना, समय पर सोना, समय पर खाना, ठीक ढंग से खड़े होना, बैठना, चलना, दौड़ना आदि क्रियाओं से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। व्यक्तिगत स्वच्छता, कपड़ों की सफाई व आस-पास की सफाई दिनचर्या के आवश्यक अंग होने चाहिएँ।

HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

प्रश्न 4.
स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों या तत्त्वों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं
1. वंशानुक्रमण (Heredity):
व्यक्ति के मानसिक व शारीरिक गुण जीन (Genes) द्वारा निर्धारित होते हैं । जीन या गुणसूत्र को ही वंशानुक्रमण की इकाई माना जाता है। इसी कारण वंशानुक्रमण द्वारा व्यक्ति का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। वंशानुक्रमण संबंधी गुण; जैसे ऊँचाई, चेहरा, रक्त समूह, रंग आदि माता-पिता के गुणसूत्रों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। बहुत-सी ऐसी बीमारियाँ हैं जो वंशानुक्रमण द्वारा आगामी पीढ़ी को भी हस्तान्तरित हो जाती हैं।

2. वातावरण (Environment):
अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ वातावरण का होना बहुत आवश्यक होता है। यदि वातावरण प्रदूषित है तो ऐसे वातावरण में व्यक्ति अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं।

3. संतुलित व पौष्टिक भोजन (Balanced and Nutritive Diet): भोजन शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और शरीर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाता है। यदि हमारा भोजन संतुलित एवं पौष्टिक है तो इसका हमारे स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा और यदि भोजन में पौष्टिक तत्त्वों का अभाव है तो इसका हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

4. सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण (Social and Cultural Conditions):
वातावरण के अतिरिक्त व्यक्ति का अपना सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण भी उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यदि व्यक्ति और उसके सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण के बीच असामंजस्य है तो इसका उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसीलिए व्यक्ति को अपने अच्छे स्वास्थ्य हेतु सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करना चाहिए। इसमें न केवल उसका हित है बल्कि समाज व देश का भी हित है।

5. आर्थिक दशाएँ (Economic Conditions):
स्वास्थ्य आर्थिक दशाओं से भी प्रभावित होता है। यदि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है अर्थात् गरीब है तो वह अपने परिवार के सदस्यों के लिए न तो संतुलित आहार की व्यवस्था कर पाएगा और न ही उन्हें चिकित्सा सुविधाएँ दे पाएगा। इसके विपरीत यदि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी है तो वह अपने परिवार के सदस्यों की सभी आवश्यकताएँ पूर्ण कर पाएगा।

6. अन्य कारक (Other Factors):
स्वास्थ्य को जीवन-शैली भौतिक व जैविक वातावरण, स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर, मनोवैज्ञानिक कारक और पारिवारिक कल्याण सेवाएँ भी प्रभावित करती हैं।

प्रश्न 5.
स्वास्थ्य शिक्षा को परिभाषित कीजिए। इसके मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालें।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा से क्या अभिप्राय है? इसके लक्ष्य तथा उद्देश्यों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ व परिभाषाएँ (Meaning and Definitions of Health Education):
स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यह शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों या पहलुओं के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में विभिन्न विद्वानों ने अपने-अपने विचार निम्नलिखित प्रकार से व्यक्त किए हैं

1.डॉ० थॉमस वुड (Dr. Thomas Wood) के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा उन अनुभवों का समूह है, जो व्यक्ति, समुदाय और सामाजिक स्वास्थ्य से संबंधित आदतों, व्यवहारों और ज्ञान को प्रभावित करते हैं।”
2. सोफी (Sophie) के कथनानुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े व्यवहार से संबंधित है।”
3. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-W.H.O.) के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ रहने की स्थिति को कहते हैं न कि केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ या रोगमुक्त होने को।”
इस प्रकार स्वास्थ्य शिक्षा से अभिप्राय उन सभी बातों और आदतों से है जो व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं।

स्वास्थ्य शिक्षा का लक्ष्य (Aim of Physical Education):
स्वास्थ्य शिक्षा का लक्ष्य न केवल शारीरिक विकास या वृद्धि तक सीमित है बल्कि इसका महत्त्वपूर्ण लक्ष्य व्यक्ति के मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक आदि पक्षों को भी विकसित करना है। इसका लक्ष्य शरीर को हानि पहुँचाने वाली बुरी आदतों से अवगत करवाना और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों हेतु अनुकूल परिस्थितियों के निर्माण में सहायता करना है।

स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य (Objectives of Health Education):
स्वास्थ्य शिक्षा के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
1. सामाजिक गुणों का विकास (Development of Social Qualities):
स्वास्थ्य शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति में अच्छे सामाजिक गुणों का विकास करके अच्छा नागरिक बनाना है। स्वास्थ्य शिक्षा जहाँ सर्वपक्षीय विकास करके अच्छे व्यक्तित्व को निखारती है, वहीं कई प्रकार के सामाजिक गुणों; जैसे सहयोग, त्याग-भावना, साहस, विश्वास, संवेगों पर नियंत्रण एवं सहनशीलता आदि का भी विकास करती है।

2. सर्वपक्षीय विकास (All Round Development):
सर्वपक्षीय विकास से अभिप्राय व्यक्ति के सभी पक्षों का विकास करना है। वह शारीरिक पक्ष से बलवान, मानसिक पक्ष से तेज़, भावात्मक पक्ष से संतुलित, बौद्धिक पक्ष से समझदार और सामाजिक पक्ष से निपुण हो। सर्वपक्षीय विकास से व्यक्ति के व्यक्तित्व में बढ़ोतरी होती है। वह परिवार, समाज और राष्ट्र की संपत्ति बन जाता है।

3. उचित मनोवृत्ति का विकास (Development of RightAttitude):
स्वास्थ्य शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल निर्देश देकर ही पूरा नहीं किया जा सकता बल्कि इसे पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच की अति-आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य संबंधी उचित मनोवृत्ति का विकास तभी अस्तित्व में आ सकता है, यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी आदतें और व्यवहार इस प्रकार परिवर्तित करे कि वे उसकी आवश्यकताओं का अंग बन जाएँ, तो इससे एक अच्छे समाज और राष्ट्र की नींव रखी जा सकती है।

4. स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान (Knowledge about Health):
पुराने समय में स्वास्थ्य संबंधी बहुत अज्ञानता थी, परन्तु समय बदलने से रेडियो, टी०वी०, अखबारों और पत्रिकाओं ने संक्रामक बीमारियों और उनकी रोकथाम, मानसिक चिंताओं और उन पर नियंत्रण और संतुलित भोजन के गुणों के बारे में वैज्ञानिक ढंग से जानकारी साधारण लोगों तक पहुँचाई है। यह ज्ञान उन्हें अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित करता है।

5. स्वास्थ्य संबंधी नागरिक जिम्मेदारी का विकास (To Develop Civic Sense about Health):
स्वास्थ्य शिक्षा का उद्देश्य छात्रों या व्यक्तियों में स्वास्थ्य संबंधी नागरिक जिम्मेदारी या उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है। उन्हें नशीली वस्तुओं का सेवन करना, जगह-जगह पर थूकना, खुली जगह पर मल-मूत्र करना और सामाजिक अपराध आदि जैसी बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए।

6. आर्थिक कुशलता का विकास (Development of Economic Efficiency):
आर्थिक कुशलता का विकास तभी हो सकता है अगर स्वस्थ व्यक्ति अपने कामों को सही ढंग से करें। अस्वस्थ मनुष्य अपनी आर्थिक कुशलता में बढ़ोतरी नहीं कर सकता। स्वस्थ व्यक्ति जहाँ अपनी आर्थिक कुशलता में बढ़ोतरी करता है, वहीं उससे देश की आर्थिक कुशलता में भी बढ़ोतरी होती है। इसीलिए स्वस्थ नागरिक समाज व देश के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं। उनको देश की बहुमूल्य संपत्ति कहना गलत नहीं होगा।

HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

प्रश्न 6.
स्वास्थ्य शिक्षा से क्या अभिप्राय है? इसकी महत्ता पर प्रकाश डालिए।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा क्या है? इसकी हमारे जीवन में क्या उपयोगिता है? वर्णन करें।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ (Meaning of Health Education):
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ उन सभी आदतों से है जो किसी व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं। इसका संबंध मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यह शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्म-निर्भर बनने में सहायता करते हैं। यह एक ऐसी शिक्षा है जिसके बिना मनुष्य की सारी शिक्षा अधूरी रह जाती है। इस प्रकार स्वास्थ्य शिक्षा से अभिप्राय उन सभी बातों और आदतों से है जो व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं।

स्वास्थ्य शिक्षा की महत्ता या उपयोगिता (Importance orUtility of Health Education):
स्वास्थ्य शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने कहा था-“एक व्यक्ति जिसका शरीर या मन कमजोर है वह कभी भी मजबूत काया का मालिक नहीं बन सकता।” इसलिए स्वास्थ्य की हमारे जीवन में विशेष उपयोगिता है। स्वस्थ व्यक्ति ही समाज, देश आदि के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है। अरस्तू ने कहा था कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।” इसलिए हमें अपने स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षा व्यक्ति को स्वास्थ्य से संबंधित विशेष जानकारियाँ प्रदान करती है, जिनकी पालना करके व्यक्ति संतुष्ट एवं सुखदायी जीवन व्यतीत कर सकता है। अतः स्वास्थ्य शिक्षा हमारे लिए निम्नलिखित कारणों से महत्त्वपूर्ण है

1.स्वास्थ्यप्रद आदतों का विकास (Development of Healthy Habits):
बचपन में बालक जैसी आदतों का शिकार हो जाता है वो आदत बालक के साथ जीवनपर्यन्त चलती है। अतः बालक को स्वास्थ्यप्रद आदतों को अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर साफ-सफाई का ध्यान, सुबह जल्दी उठना, रात को जल्दी सोना, खाने-पीने तथा शौच का समय निश्चित होना ऐसी स्वास्थ्यप्रद आदतों को अपनाने से व्यक्ति स्वस्थ तथा दीर्घायु रह सकता है। यह स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा ही सम्भव है।

2. सामाजिक गुणों का विकास (Development of Social Qualities):
स्वास्थ्य शिक्षा व्यक्ति में सामाजिक गुणों का विकास करके उसे अच्छा नागरिक बनाने में सहायक होती है। स्वास्थ्य शिक्षा जहाँ सर्वपक्षीय विकास करके अच्छा व्यक्तित्व निखारती है, वहीं इसके साथ-साथ यह और कई प्रकार के गुणों; जैसे सहयोग, त्याग-भावना, साहस, विश्वास, संवेगों पर नियंत्रण एवं सहनशीलता आदि का भी विकास करती है।

3. प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी प्रदान करना (To Provide FirstAid Information):
स्वास्थ्य शिक्षा के द्वारा व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जा सकती है जिसके अन्तर्गत व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा के सामान्य सिद्धान्तों की तथा विभिन्न परिस्थितियों में जैसे-साँप के काटने पर, डूबने पर, जलने पर, अस्थि टूटने आदि पर प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी प्रदान की जाती है क्योंकि इस प्रकार की दुर्घटनाएँ कहीं भी, कभी भी तथा किसी के भी साथ घट सकती है तथा व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ सकता है। ऐसी जानकारी स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा ही दी जा सकती है।

4. स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक आदतों को बढ़ाने में सहायक (Helpful in increase the Desirable Health Habits):
स्वास्थ्य शिक्षा जीवन के सिद्धांतों एवं स्वास्थ्य की अच्छी आदतों का विकास करती है; जैसे स्वच्छ वातावरण में रहना, पौष्टिक व संतुलित भोजन करना आदि।

5. जागरूकता एवं सजगता का विकास (Development of Awareness and Alertness):
स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा एक स्वस्थ व्यक्ति सजग एवं जागरूक रह सकता है। उसके चारों तरफ क्या घटित हो रहा है उसके प्रति वह हमेशा सचेत रहता है। ऐसा व्यक्ति अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक रहता है।

6.बीमारियों से बचाव में सहायक (Helpful to Prevention of Diseases):
स्वास्थ्य शिक्षा संक्रामक-असंक्रामक बीमारियों से बचाव व उनकी रोकथाम के विषय में हमारी सहायता करती है। इन बीमारियों के फैलने के कारण, लक्षण तथा उनसे बचाव व इलाज के विषय में जानकारी स्वास्थ्य शिक्षा से ही मिलती है।

7. शारीरिक विकृतियों को खोजने में सहायक (Helpful in Discovering Physical Deformities):
स्वास्थ्य शिक्षा शारीरिक विकृतियों को खोजने में सहायक होती है। यह विभिन्न प्रकार की शारीरिक विकृतियों के समाधान में सहायक होती है।

8. मानवीय संबंधों को सुधारना (Improvement in Human Relations):
स्वास्थ्य शिक्षा अच्छे मानवीय संबंधों का निर्माण करती है। स्वास्थ्य शिक्षा विद्यार्थियों को यह ज्ञान देती है कि किस प्रकार वे अपने मित्रों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों व समुदाय के स्वास्थ्य के लिए कार्य कर सकते हैं।

9.सकारात्मक दृष्टिकोण (Positive View):
स्वास्थ्य शिक्षा से व्यक्ति की सोच काफी विस्तृत होती है। वह दूसरे व्यक्तियों के दृष्टिकोण को भली भाँति समझता है। उसकी सोच संकीर्ण न होकर व्यापक दृष्टिकोण वाली होती है।

प्रश्न 7.
स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आज का बालक कल का भविष्य है। उसको इस बात का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है कि वह अपने तन व मन को किस प्रकार से स्वस्थ रख सकता है। एक पुरानी कहावत है-“स्वास्थ्य ही जीवन है।” अगर धन खो दिया तो कुछ खास नहीं खोया, लेकिन यदि स्वास्थ्य खो दिया तो सब कुछ खो दिया। अतः सुखी व प्रसन्नमय जीवन व्यतीत करने के लिए उत्तम स्वास्थ्य का होना बहुत आवश्यक है। एक स्वस्थ व्यक्ति अपने परिवार, समाज तथा देश के लिए हर प्रकर से सेवा प्रदान कर सकता है, जबकि अस्वस्थ या बीमार व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता। तन व मन को स्वस्थ व प्रसन्न रखने में स्वास्थ्य शिक्षा महत्त्वपूर्ण योगदान देती है, क्योंकि स्वास्थ्य शिक्षा में वे सभी क्रियाएँ सम्मिलित होती हैं जिनसे व्यक्ति में स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ती है, और इनके परिणामस्वरूप उसका स्वास्थ्य तंदुरुस्त रहता है।
स्वास्थ्य शिक्षा को बहुत-से कारक प्रभावित करते हैं जिनमें से प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं-
1.संतुलित भोजन (Balance Diet):
संसार में प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ जीवन व्यतीत करना चाहता है और स्वस्थ जीवन हेतु भोजन ही मुख्य आधार है। वास्तव में हमें भोजन की जरूरत न केवल ऊर्जा या शक्ति की पूर्ति हेतु होती है बल्कि शरीर की वृद्धि, उसकी क्षतिपूर्ति और उचित शिक्षा प्राप्त करने हेतु भी होती है। अतः स्पष्ट है कि संतुलित भोजन स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करता है।

2.शारीरिक व्यायाम (Physical Exercise):
स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा व्यक्ति अपने शरीर को शारीरिक व्यायामों द्वारा लचीला एवं सुदृढ़ बनाता है। शारीरिक व्यायाम की क्रियाओं द्वारा पूरे शरीर को तंदुरुस्त बनाया जा सकता है। कौन-से व्यायाम कब करने चाहिएँ और कब नहीं करने चाहिएँ, का ज्ञान स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा प्राप्त होता है।

3. आदतें (Habits):
आदतें भी स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करती हैं। प्रत्येक व्यक्ति का स्वभाव व आदतें अलग-अलग होती हैं। बालक की स्वास्थ्य शिक्षा उसके स्वभाव एवं आदत पर निर्भर करती है। बच्चों में अच्छी आदतों का विकास किया जाए, ताकि वह एक सफल नागरिक बन सके। अच्छी आदतों वाला व्यक्ति उचित मार्ग पर अग्रसर होकर तरक्की करता है। स्वास्थ्य शिक्षा अच्छी आदतों का विकास करने में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है।

4. बीमारी (Disease):
स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि “एक व्यक्ति जिसका शरीर या मन कमजोर है वह कभी भी मज़बूत काया का मालिक नहीं बन सकता।” अतः बीमारी भी स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करती है। एक बीमार बालक कोई भी शिक्षा प्राप्त करने में पूर्ण रूप से समर्थ नहीं होता। स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से एक स्वस्थ व्यक्ति या बालक प्रायः बीमारियों से मुक्त रहता है।

5. जीवन-शैली (Lifestyle):
जीवन-शैली जीवन जीने का एक ऐसा तरीका है जो व्यक्ति के नैतिक गुणों या मूल्यों और दृष्टिकोणों को प्रतिबिम्बित करता है। यह किसी व्यक्ति विशेष या समूह के दृष्टिकोणों, व्यवहारों या जीवन मार्ग का प्रतिमान है। स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान प्राप्त करने हेतु एक स्वस्थ जीवन-शैली बहुत आवश्यक होती है। एक स्वस्थ जीवन-शैली व्यक्तिगत रूप से पुष्टि के स्तर को बढ़ाती है। यह हमें बीमारियों से बचाती है और हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है। इसके माध्यम से आसन संबंधी विकृतियों में सुधार होता है। इसके माध्यम से मनोवैज्ञानिक शक्ति या क्षमता में वृद्धि होती है जिससे तनाव, दबाव व चिंता को कम किया जाता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि एक स्वस्थ जीवन-शैली स्वास्थ्य शिक्षा को प्रभावित करती है।

6. वातावरण (Environment):
स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान प्राप्त करने हेतु स्वच्छ वातावरण का होना बहुत आवश्यक है। वातावरण दो प्रकार के होते हैं-(1) आन्तरिक वातावरण, (2) बाह्य वातावरण। दोनों प्रकार के वातावरण बालक को प्रभावित करते हैं। शिक्षा प्राप्त करने हेतु स्कूली वातावरण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। बिना वातावरण के कोई भी विद्यार्थी किसी प्रकार का ज्ञान अर्जित नहीं कर सकता। इसलिए स्कूल प्रबन्धों को स्कूली वातावरण की ओर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए, ताकि विद्यार्थी बिना किसी बाधा के ज्ञान अर्जित कर सकें।

HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

प्रश्न 8.
‘विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम’ क्या है? विद्यार्थियों के लिए इसके महत्त्व का उल्लेख कीजिए।
अथवा
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं? इसकी उपयोगिता या महत्ता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम का अर्थ (Meaning of School Health Programme):
बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं। स्कूल में जाने वाले बच्चे किसी राष्ट्र को सशक्त व मजबूत बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समस्त राष्ट्र का उत्तरदायित्व उनके कंधों पर टिका होता है । इसलिए स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य ही स्कूल प्रणाली का महत्त्वपूर्ण तथा प्राथमिक मुद्दा है।
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तीन चरण होते हैं-
(1) स्वास्थ्य सेवाएँ (Health Services)
(2) स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन या वातावरण (Healthful School Living or Environment) तथा
(3) स्वास्थ्य अनुदेशन या निर्देशन (Health Instructions)।
अतः स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम को इस प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है-“स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम वह ग्रहणित प्रक्रिया है जिसको स्कूल स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन और स्वास्थ्य अनुदेशन के रूप में बच्चों के स्वास्थ्य के विकास के लिए अपनाया जाता है।”

स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम का महत्त्व (Importance of School Health Programme):
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के महत्त्व के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
(1) इससे स्कूल में जाने वाले बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों को आसानी से विकसित किया जा सकता है।
(2) इससे बच्चे अनेक बीमारियों की रोकथाम तथा उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
(3) स्वास्थ्य तथा स्वच्छता की जानकारी स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायक है।
(4) स्कूली दिनों में बच्चों में जिज्ञासा की प्रवृत्ति अति तीव्र होती है। उनकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए ये कार्यक्रम अति-आवश्यक होते हैं।
(5) सभी स्कूली छात्र कक्षा के अनुसार लगभग समान आयु के होते हैं, इसलिए उनकी समस्याएँ भी लगभग एक-जैसी होती हैं और उनके निदान के प्रति दृष्टिकोण भी एक-जैसा ही होता है। इसलिए स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम सभी छात्रों के लिए समान रूप से उपयोगी होते हैं।
(6) स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को पोषक तत्त्वों एवं खनिज-लवणों की जानकारी की महत्ता बताई जाती है जो उनकी संपूर्ण जिंदगी में सहायक होती है।
(7) स्कूल के दिनों के दौरान विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम अनेक अच्छी आदतों के निर्माण में सहायक हैं जो समाज के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं।
(8) ये कार्यक्रम स्कूल के वातावरण को स्वास्थ्यप्रद रखने में स्कूल के अधिकारियों व कर्मचारियों की सहायता करते हैं।

प्रश्न 9.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के विभिन्न तत्त्व या घटक कौन-कौन-से हैं? वर्णन कीजिए।
अथवा
विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंगों के आपसी संबंधों का वर्णन करें।
अथवा
विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तीनों अंगों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
अथवा
विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम के मुख्य क्षेत्रों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का क्षेत्र बहुत विशाल है। यह केवल स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है। इसमें स्वास्थ्य ज्ञान के अतिरिक्त और बहुत-से घटक शामिल हैं, जिनका आपस में गहरा संबंध होता है। ये सभी घटक या तत्त्व बच्चों के स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव डालते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम के विभिन्न घटक या क्षेत्र निम्नलिखित हैं
1. स्वास्थ्य सेवाएँ (Health Services):
छात्रों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना भी विद्यालय का मुख्य उत्तरदायित्व माना जाता है। स्वास्थ्य सेवाएँ वे सेवाएँ हैं जिनके माध्यम से छात्रों के स्वास्थ्य की जाँच की जाती है और उनमें पाए जाने वाले दोषों से माता-पिता को अवगत करवाया जाता है ताकि समय रहते उन दोषों का उपचार किया जा सके। इन सेवाओं के अंतर्गत स्कूल के अन्य कर्मचारियों एवं अध्यापकों के स्वास्थ्य की भी जाँच की जाती है।

आधुनिक युग में स्वास्थ्य सेवाओं की बहुत महत्ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की सहायता से बच्चे और वयस्क अपने स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा उठा सकते हैं । साधारण जनता को ये सेवाएँ सरकार की ओर से मिलनी चाहिएँ। जबकि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल की ओर से ये सुविधाएँ मिलनी चाहिएँ। स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य बच्चों में संक्रामक रोगों को ढूँढकर उनके माता-पिता की सहायता से ठीक करना है। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए डॉक्टर, नर्स, मनोरोग चिकित्सक और स्कूलों के अध्यापक विशेष योगदान दे सकते हैं।

2. स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन या वातावरण (Healthful School Living or Environment):
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वच्छ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वच्छ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक-भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

बच्चे के स्कूल का वातावरण, रहने का स्थान और काम करने का स्थान स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं । जिस देश के बच्चे और नवयुवक स्वस्थ होते हैं वह देश हमेशा प्रगति के रास्ते पर चलता रहता है, क्योंकि आने वाला भविष्य उनसे बंधा होता है। बच्चा अपना अधिकांश समय स्कूल में गुजारता है। बच्चे का उचित विकास स्कूल के वातावरण पर निर्भर करता है। यह तभी संभव हो सकता है, अगर साफ़-सुथरा एवं स्वच्छ स्कूल हो।स्वच्छ वातावरण बच्चे और वयस्क दोनों को प्रभावित करता है। स्वच्छ वातावरण केवल छात्रों के ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावात्मक और नैतिक विकास में भी सहायक होता है।

3. स्वास्थ्य अनुदेशन या निर्देशन (Health Instructions):
स्वास्थ्य निर्देशन का आशय है-स्कूल के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना। बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी जानकारी देना कि वे स्वयं को स्वस्थ एवं नीरोग बना सकें। स्वास्थ्य निर्देशन स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों एवं दृष्टिकोणों का विकास करते हैं। ये बच्चों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सभी महत्त्वपूर्ण पहलुओं से अवगत करवाना है ताकि वे स्वयं को स्वस्थ रख सकें। स्वास्थ्य संबंधी निर्देशन में वे सभी बातें आ जाती हैं जो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती हैं; जैसे अच्छी आदतें, स्वास्थ्य को ठीक रखने के तरीके और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आदि। शरीर की बनावट या संरचना, संक्रामक रोगों के लक्षण एवं कारण, इनकी रोकथाम या बचाव के उपायों के लिए बच्चों को फिल्मों या तस्वीरों आदि के माध्यम से अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। स्वास्थ्य निर्देशन की जानकारी प्राप्त कर बच्चे अनावश्यक विकृतियों या कमजोरियों का शिकार होने से बच सकते हैं।

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प्रश्न 10.
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन से आप क्या समझते हैं? इसके क्षेत्र एवं प्रभाव पर प्रकाश डालें।
उत्तर:
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन का अर्थ (Meaning of Healthful School Living):
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वस्थ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वस्थ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक व भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन का क्षेत्र (Scope of Healthful School Living):
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन के क्षेत्र में निम्नलिखित बातों की ओर ध्यान दिया जाता है-

1. स्कूल अध्यापक का अनुभव (Experience of School Teacher): अध्यापकों को अपना पाठ्यक्रम बच्चों की इच्छाओं, आवश्यकताओं, रुचियों के अनुसार बनाना चाहिए। इसके लिए अध्यापक को अपने अनुभव का प्रयोग करना चाहिए।

2. विद्यालय की स्थिति (Situation of School): बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय का भवन रेलवे स्टेशनों, सिनेमाघरों, कारखानों, यातायात सड़कों आदि से दूर होना चाहिए।

3. छात्र एवं अध्यापक में संबंध (Relationship between Student & Teacher): बच्चों के संपूर्ण विकास हेतु अध्यापकों एवं छात्रों में सहसंबंध होना चाहिए।

4. समय-सारणी (Time-Table): विद्यालय की समय-सारणी का विभाजन छात्रों के स्तर के अनुसार होना चाहिए।

स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन का प्रभाव (Effect of Healthful School Living):
व्यक्ति या बच्चे के स्वास्थ्य पर अच्छा-बुरा वातावरण बहुत अधिक प्रभाव डालता है। बच्चे के स्कूल का माहौल, रहने का स्थान और काम करने का स्थान स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। जिस देश के बच्चे और नवयुवक स्वस्थ होते हैं, वह देश हमेशा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है। बच्चा अपना बहुत ज्यादा समय स्कूल में गुजारता है। बच्चे का उचित विकास स्कूल के वातावरण पर निर्भर करता है। यह तभी हो सकता है, अगर साफ-सुथरा स्कूल हो अर्थात् साफ व आकर्षक बगीचे, साफ-सुथरे व हवादार कमरे, कुर्सियाँ, डैस्क और अधिक-से-अधिक पेड़-पौधे लगाकर स्वच्छ वातावरण बनाया जाए। स्वच्छ वातावरण छात्रों को बहुत प्रभावित करता है। स्वच्छ वातावरण केवल छात्रों की ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक और बौद्धिक क्षमता व योग्यता को भी प्रभावित करता है।

प्रश्न 11.
विद्यालयी स्वास्थ्य अनुदेशन या शिक्षण पर विस्तृत नोट लिखें।
अथवा
स्वास्थ्य निर्देशन या अनुदेशन क्या है? इसके उद्देश्य एवं आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।
अथवा
स्वास्थ्य अनुदेशन क्या है? विद्यालय में इसकी आवश्यकता एवं महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन या अनुदेशन का अर्थ (Meaning of School Health Instruction):
विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन का आशय है-स्कूल के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी जानकारी देना कि वे स्वयं को स्वस्थ एवं नीरोग बना सकें। स्वास्थ्य निर्देशन स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों एवं दृष्टिकोणों का विकास करते हैं। ये हमें स्वास्थ्य से संबंधित बाधाओं या समस्याओं के बुरे प्रभावों से बचाव के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन के उद्देश्य (Objectives of School Health Instruction):
विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
(1) बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जानकारी देना।
(2) बच्चों को स्वास्थ्य के विषय में पर्याप्त ज्ञान देना।
(3) स्वास्थ्य संबंधी महत्त्वपूर्ण नियमों या सिद्धांतों की जानकारी देना।
(4) संक्रामक रोगों की रोकथाम के उपायों की जानकारी देना।
(5) बच्चों को अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने हेतु प्रेरित करना।
(6) स्वास्थ्य को ठीक रखने के उपाय बताना।

faculteit Farren faldera ant rape cont a Hera (Need and Importance of School Health Instruction):
स्वास्थ्य के बिना मानव जीवन अधूरा है। वह अपने जीवन के उद्देश्य को तभी प्राप्त कर सकता है यदि वह शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हो। अपने स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए हमें स्वास्थ्य निर्देशन का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन स्वास्थ्य के सभी पहलुओं की जानकारी प्रदान करते हैं। इसलिए विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन की हमें बहुत आवश्यकता है। अत: इनका हमारे लिए निम्नलिखित प्रकार से विशेष महत्त्व है-
(1) विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन बच्चों को संक्रामक रोगों के लक्षणों एवं कारणों की उचित जानकारी प्रदान करते हैं।
(2) ये बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव या रोकथाम के उपायों की जानकारी देते हैं।
(3) ये बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की उपयोगिता से अवगत करवाते हैं।
(4) इनकी सहायता से बच्चे स्वयं को स्वस्थ रखने हेतु प्रेरित होते हैं।
(5) ये व्यक्तिगत स्वास्थ्य या स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक व पर्यावरण स्वच्छता की जानकारी भी देते हैं।
(6) ये बच्चों को अनावश्यक विकृतियों या कमजोरियों का शिकार होने से बचाने में सहायक होते हैं।

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प्रश्न 12.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं से आप क्या समझते हैं? इसके महत्त्व या उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
अथवा
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता एवं महत्त्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं का अर्थ (Meaning of School Health Services):
छात्रों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना भी विद्यालय का मुख्य उत्तरदायित्व माना जाता है। स्वास्थ्य सेवाएँ वे सेवाएँ हैं जिनके माध्यम से छात्रों के स्वास्थ्य की जाँच की जाती है और उनमें पाए जाने वाले दोषों से माता-पिता को अवगत करवाया जाता है ताकि समय रहते उन दोषों का उपचार किया जा सके। इन सेवाओं के अंतर्गत स्कूल के अन्य कर्मचारियों एवं अध्यापकों के स्वास्थ्य की भी जाँच की जाती है। इनके अंतर्गत छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सभी प्रकार की बीमारियों के लक्षणों, कारणों, रोकथाम या बचाव के उपायों की जानकारी दी जाती है। विद्यालय में ऐसी सुविधाओं को विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ (School Health Services) कहा जाता है।

विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता एवं महत्त्व (Need and Importance of School Health Services):
आधुनिक युग में स्वास्थ्य सेवाओं की बहुत महत्ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की सहायता से बच्चे और वयस्क अपने स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा उठा सकते हैं। आम जनता को ये सेवाएँ सरकार की ओर से मिलनी चाहिएँ, जबकि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल की ओर से ये सुविधाएँ मिलनी चाहिएँ। स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य बच्चों में संक्रामक रोगों, कुपोषण जैसी बीमारियों को ढूँढकर उनके माता-पिता की सहायता से ठीक करना है। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए डॉक्टर, नर्स, मनोवैज्ञानिक और स्कूलों के अध्यापक विशेष योगदान दे सकते हैं। ये सेवाएँ न केवल छात्रों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि स्कूल के अन्य कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए भी उपयोगी हैं। विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ निम्नलिखित प्रकार से आवश्यक व महत्त्वपूर्ण हैं-
(1) विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ छात्रों के रोगों का पता लगाने और उनकी रोकथाम व बचाव में सहायक होती हैं।
(2) ये संक्रामक व असंक्रामक रोगों के लक्षणों एवं कारणों की जानकारी देती हैं।
(3) इनसे इन रोगों की रोकथाम व बचाव के उपाय करने में सहायता मिलती है।
(4) इन,सेवाओं से छात्रों, अध्यापकों व अन्य स्कूल कर्मचारियों के स्वास्थ्य के निरीक्षण में सहायता मिलती है।
(5) इनके माध्यम से रोगी बच्चों के उपचार में मदद मिलती है।
(6) ये अकस्मात् दुर्घटना या रोगों के दौरान छात्रों को आपातकालीन सुविधाएँ प्रदान करती हैं।

प्रश्न 13.
स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों के विभिन्न सिद्धांतों या नियमों का ब्योरा दें।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रमों के लिए किन-किन बातों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए?
अथवा
आप अपने स्कूल में स्वास्थ्य शिक्षण कार्यक्रम को कैसे अधिक प्रभावशाली बनाएँगे?
अथवा
उन विभिन्न माध्यमों का वर्णन कीजिए, जिनका प्रयोग आप अपने स्कूल में वस्तुतः प्रभावशाली स्वास्थ्य शिक्षण कार्यक्रम के लिए करेंगे।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक बातें या सिद्धांत निम्नलिखित हैं-
(1) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बच्चों की आयु और लिंग के अनुसार होना चाहिए।
(2) स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी देने का तरीका साधारण और जानकारी से भरपूर होना चाहिए।
(3) स्वास्थ्य शिक्षा पढ़ने-लिखने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए अपितु उसकी प्राप्तियों के बारे में कार्यक्रम बनाने चाहिएँ।
(4) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम लोगों या छात्रों की आवश्यकताओं, रुचियों और पर्यावरण के अनुसार होना चाहिए।
(5) मनुष्य का व्यवहार ही उसका सबसे बड़ा गुण है, जिसमें उसकी रुचि ज्यादा है वह उसे सीखने और करने के लिए तैयार रहता है। इसलिए कार्यक्रम बनाते समय बच्चों की उत्सुकता, रुचियों और इच्छाओं का ध्यान रखना चाहिए।
(6) स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी देते समय जीवन से संबंधित मुश्किलों पर भी वार्तालाप होनी चाहिए।
(7) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्तर के अनुसार बनाना चाहिए।
(8) स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम ऐसे होने चाहिएँ जो बच्चों की अच्छी आदतों को उत्साहित कर सकें, ताकि वे अपने सोचने के तरीके को बदल सकें।
(9) स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों में बुरी आदतों को छोड़ने और अच्छी आदतों को ग्रहण करने हेतु फिल्में, चार्ट, टी०वी०, रेडियो आदि माध्यमों के प्रयोग द्वारा बच्चों को प्रेरित किया जाना चाहिए।
(10) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अंग होना चाहिए।
(11) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम रुचिपूर्ण, शिक्षा से भरपूर और मनोरंजनदायक होना चाहिए।
(12) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम प्रस्तुत करते समय लोगों में प्रचलित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। यह भाषा उनकी आयु और समझने की क्षमता के अनुसार होनी चाहिए।
(13) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बनाते समय संक्रामक-असंक्रामक बीमारियों के बारे में तथा उनकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
(14) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम केवल एक व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका क्षेत्र विशाल होना चाहिए।
(15) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम लोगों की आंतरिक भावनाओं को जानकर ही बनाना चाहिए।
(16) स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम में पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर के विषय शामिल होने चाहिएँ।

प्रश्न 14.
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण/जीवन से आपका क्या अभिप्राय है? स्कूल में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण उत्पन्न करने के लिए स्कूल अध्यापक को क्या करना चाहिए?
उत्तर:
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण/जीवन का अर्थ (Meaning of Healthful School Environment/Living):
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण या जीवन का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वच्छ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वच्छ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक-भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

स्कूल में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण उत्पन्न करने में स्कूल अध्यापक की भूमिका (Role of School Teacher in Creating Healthful Environment in School):
स्कूल अध्यापक को छात्रों को पढ़ाते समय कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है; जैसे अध्यापक द्वारा पढ़ाया जाने वाला कोई विषय या पाठ छात्रों की समझ में न आना, बच्चों द्वारा शरारतें करना, बच्चों द्वारा अध्ययन कार्य में रुचि न लेना आदि। यदि स्कूल अध्यापक छात्रों की रुचि, इच्छाओं एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अपना पाठ्यक्रम बनाए तभी वह अपने उद्देश्य में सफल हो सकता है अर्थात् वह छात्रों को पढ़ाए गए विषय को अच्छे से समझा सकता है।

कोई भी स्कूल अध्यापक तब तक अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकता, जब तक वह छात्रों को पढ़ने या अध्ययन करने हेतु प्रेरित न करे। यदि छात्रों की पढ़ने में रुचि है तो अध्यापक अपने उद्देश्य में सफल होगा और यदि छात्रों की रुचि नहीं है तो अध्यापक पढ़ाकर भी छात्रों को पढ़ाए गए विषय का ज्ञान नहीं करा पाएगा। इसलिए स्कूल अध्यापक को अपना पाठ्यक्रम छात्रों की रुचि एवं आवश्यकतानुसार बनाना चाहिए। तभी वह स्कूल में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण उत्पन्न करने में सफल होगा और उसे पढ़ाने के दौरान किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्कूल अध्यापक को अपने अनुभवों का भी प्रयोग करना चाहिए। उसको समय-सारणी का विभाजन भी छात्रों के स्तर के अनुसार निश्चित करना चाहिए।

बच्चों के संपूर्ण विकास हेतु छात्रों और स्कूल अध्यापक में परस्पर सहसंबंध अवश्य होना चाहिए, तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। इसलिए अध्यापक को कक्षा का वातावरण एवं पाठ्यक्रम रुचिकर बनाना चाहिए और उनके स्वास्थ्य के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इसके साथ-साथ उसे छात्रों की इच्छाओं, आवश्यकताओं, आदतों तथा समस्याओं आदि का भी पूरा ज्ञान होना चाहिए। अध्यापक को छात्रों को सभी सामाजिक गुणों के प्रति प्रेरित करना चाहिए, ताकि ये गुण उनके सामाजिक जीवन में उनकी सहायता कर सकें और उन्हें समाज का एक अच्छा नागरिक बना सकें। इस प्रकार स्कूल में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण उत्पन्न करने के लिए स्कूल अध्यापक महत्त्वपूर्ण भूमिका अंदा कर सकता है।

HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

प्रश्न 15.
आधुनिक समय में जन स्वास्थ्य कल्याण हेतु कौन-कौन-सी मुख्य संस्थाएँ कार्य कर रही हैं?
अथवा
भारत में स्वास्थ्य कल्याण हेतु कार्यरत प्रमुख संस्थानों या संघों का वर्णन करें।
उत्तर:
आधुनिक युग में किसी देश की शक्ति का अनुमान वहाँ के स्वस्थ नागरिकों से लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य की पूर्ण व्याख्या किसी व्यक्ति के सही शारीरिक पक्ष से की जा सकती है। स्वास्थ्य की पूर्ण व्याख्या से अभिप्राय व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक पक्ष के पूर्ण होने से है। प्रत्येक पक्ष से स्वस्थ व्यक्ति अच्छे समाज का निर्माण करता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य का ज्ञान अति-आवश्यक है। विकासशील देशों में सरकार और अन्य संगठन लोगों के स्वास्थ्य के लिए भरपूर सेवाएँ उपलब्ध करवाते हैं। भारत में निम्नलिखित प्रमुख संघ या संस्थान स्वास्थ्य कल्याण हेतु कार्यरत हैं-
1. भारतीय तपेदिक रोग संगठन (Tuberculosis Association of India):
भारतीय तपेदिक रोग संगठन वर्ष 1939 में अस्तित्व में आया। इसका मुख्य कार्य टी०बी० से पीड़ित लोगों को इससे राहत देना है। भारत की बहुत-सी जनसंख्या इस रोग से पीड़ित है। भारत सरकार ने इस रोग पर नियंत्रण पाने के लिए कई बड़े-बड़े अस्पताल और अन्वेषण केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि इस घातक बीमारी से लोगों को निजात दिलाई जा सके। यह संगठन डॉक्टरों, नौं और अन्य संगठन जो इस रोग के निवारण हेतु योगदान दे रहे हैं, उन्हें प्रशिक्षण की सुविधाएँ प्रदान करता है।

2. भारत सेवक समाज (Bharat Sewak Samaj):
भारत सेवक समाज संस्था वर्ष 1952 में अस्तित्व में आई। यह एक गैर-सरकारी संस्था है। इसका मुख्य कार्य लोगों को स्वस्थ रहने के तौर-तरीके बताना है। यह संस्था समय-समय पर शहरों और गाँवों में शिविर लगाकर लोगों को स्वास्थ्य चेतना या जागरूकता के बारे में जानकारी देती है।

3. अखिल भारतीय नेत्रहीन सहायक सोसायटी (All India Blind Relief Society):
यह सोसायटी वर्ष 1945 में स्थापित की गई। यह नेत्रहीन लोगों की सहायता के लिए कार्य कर रही है। यह अन्य कई संस्थाओं जोकि नेत्रहीनता को दूर करने के लिए कार्य कर रही हैं, उनकी सहायता करती है। इसका अस्तित्व सरकार की आर्थिक सहायता पर अधिक निर्भर करता है। यह समय-समय पर आँखों के शिविर लगाकर लोगों को आँखों की गंभीर बीमारियों से अवगत करवाती है और उन्हें इनके प्रति सुविधाएँ प्रदान करती है। यह लोगों को आँखें दान हेतु प्रेरित करती है, ताकि नेत्रहीनता के शिकार लोगों को रोशनी दी जा सके।

4. हिंद कुष्ठ निवारण संघ (Hind Kusht Niwaran Sangh):
हिंद कुष्ठ निवारण संघ वर्ष 1947 में स्थापित की गई। कुष्ठ रोग जैसी घातक बीमारी को रोकने के लिए यह संघ दिन-रात प्रयासरत है। यह संघ वैज्ञानिक खोजों से इस बीमारी के कारण और उपयुक्त इलाज संबंधी जानकारी लोगों को प्रदान कर रहा है।

5.भारतीय परिवार नियोजन संघ (Family Planning Association of India):
भारतीय परिवार नियोजन संघ की स्थापना वर्ष 1949 में हुई। भारत में बढ़ रही जनसंख्या पर रोक लगाने हेतु यह संघ प्रयासरत है। थोड़े ही समय में इसकी शाखाएँ पूरे भारत में खुल गई हैं। इस संघ ने अनेक डॉक्टरों और समाज-सुधारकों को प्रशिक्षण देकर लोगों को परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया है।

6. भारतीय बाल कल्याण परिषद् (Indian Council for Child Welfare):
भारतीय बाल कल्याण परिषद् की स्थापना वर्ष 1952 में हुई। इसका मुख्य कार्य बच्चों संबंधी समस्याओं का हल और उनके कल्याण संबंधी योजनाएं बनाना है। इस परिषद् ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पं० जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस 14 नवंबर को बच्चों का दिन (बाल-दिवस) मनाने का निर्णय लिया। अब भारत में प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को यह दिन मनाया जाता है। यह परिषद् अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से जुड़ी हुई है। यह प्रत्येक वर्ष बच्चों के कल्याण के लिए नई-नई योजनाएँ बनाती है।

7. भारतीय चिकित्सा संघ (Indian Medical Association):
इस संघ का मुख्य कार्य सरकार का ध्यान राष्ट्रीय स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की ओर दिलाना और उन्हें हल करने के लिए सहयोग देना है। यह संघ समय-समय पर सरकार से अपने वार्षिक बजट में आर्थिक सहायता की वृद्धि के लिए माँग करता है। भारतीय चिकित्सा संघ वैज्ञानिक अन्वेषण करके सरकार को घातक बीमारियों के फैलने और बचाव के बारे में सिफारिश करता रहता है। इस संघ की सिफारिश पर ही सरकार लोगों के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, अच्छी दवाइयाँ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए नई-नई योजनाएँ बनाती रहती है।

8. भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी (Indian Redcross Society):
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी एक राष्ट्रीय संगठन है। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय सोसायटी का सदस्य है। भारत में यह वर्ष 1920 में अस्तित्व में आई। यह सोसायटी मानवता की सेवा में संलग्न है। यह लोगों को स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान, बीमारियों के बचाव और उपाय, युद्ध के दौरान घायलों की सहायता, प्राकृतिक आपदाओं के समय दवाइयाँ और आवश्यकतानुसार सुविधाएँ उपलब्ध करवाती है। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जन-कल्याण के लिए निम्नलिखित कार्य करती है-
(1) रक्त बैंक की स्थापना करना और आवश्यकता पड़ने पर रक्त की सुविधाएँ उपलब्ध करना।
(2) युद्ध के दौरान घायल हुए और रोगी सैनिकों की देखभाल करना।
(3) यह भूकंप, बाढ़, प्लेग और सूखा पड़ने से पीड़ित लोगों की सहायता करती है।
(4) यह बाल कल्याण और उनकी भलाई के लिए विशेष योगदान देती है।
(5) यह तपेदिक, कुष्ठ, एड्स और अन्य कई बीमारियों की रोकथाम के लिए मुफ्त दवाइयाँ प्रदान करती है।
(6) यह उन अन्य संगठनों, जो मानवता की सेवा में संलग्न हैं, की आर्थिक सहायता करती है।
(7) यह असमर्थ लोगों को नकली अंग देकर उनकी मदद करती है।

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लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य की अवधारणा से आप क्या समझते हैं? अथवा ‘स्वास्थ्य’ से आप क्या समझते हैं?
अथवा
स्वास्थ्य का अर्थ एवं परिभाषा लिखें।
उत्तर:
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं। स्वास्थ्य से अभिप्राय बीमारी की अनुपस्थिति से लगाया जाता है, परंतु यह स्वास्थ्य का विस्तृत अर्थ नहीं है। स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है, जिससे वह मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है तथा जिसके सभी शारीरिक संस्थान व्यवस्थित रूप से सुचारू होते हैं। इसका अर्थ न केवल बीमारी अथवा शारीरिक कमजोरी की अनुपस्थिति है, अपितु शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना भी है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति का मन या आत्मा प्रसन्नचित्त और शरीर रोग-मुक्त रहता है। जे०एफ० विलियम्स के अनुसार, “स्वास्थ्य जीवन का वह गुण है, जिससे व्यक्ति दीर्घायु होकर उत्तम सेवाएं प्रदान करता है।” रोजर बेकन के अनुसार, “स्वस्थ शरीर आत्मा का अतिथि-भवन और दुर्बल तथा रुग्ण शरीर आत्मा का कारागृह है।”

प्रश्न 2.
विद्यालय में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में चिकित्सा परीक्षण की भूमिका का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विद्यालय में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में चिकित्सा परीक्षण की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है, जैसे-
(1) चिकित्सा परीक्षण से विद्यार्थियों को अपने शारीरिक स्वास्थ्य और विकारों की जानकारी प्राप्त होती है। अतः समय रहते वे अपने विकारों को दूर कर सकते हैं।
(2) चिकित्सा परीक्षण से बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों के स्वास्थ्य की पूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। वे उनके स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत हो जाते हैं।
(3) चिकित्सा परीक्षण से विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की प्रेरणा मिलती है और वे अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य व स्वच्छता की ओर ध्यान देने लगते हैं।
(4) चिकित्सा परीक्षण विद्यार्थियों के लिए भविष्य के संदर्भ में आधार देता है, क्योंकि स्वस्थ बालक ही कल के राष्ट्र-निर्माण में सहयोग दे सकता है।
(5) चिकित्सा परीक्षण विद्यार्थियों को नीरोग जीवन जीने हेतु प्रोत्साहित करता है।
(6) चिकित्सा परीक्षण से विद्यार्थियों को अपने सभी अंगों की पूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाती है।
इस प्रकार स्पष्ट है कि चिकित्सा परीक्षण सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। वर्ष में कम-से-कम एक बार विद्यार्थियों का चिकित्सा परीक्षण अवश्य करवाना चाहिए, ताकि उन्हें अपने स्वास्थ्य की पूर्ण जानकारी मिलती रहे।

प्रश्न 3.
स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(1) विद्यालय में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण बनाए रखना।
(2) बच्चों में ऐसी आदतों का विकास करना जो स्वास्थ्यप्रद हों।
(3) रोगों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी देना।
(4) सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का निरीक्षण करना व निर्देश देना।
(5) सभी विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान तथा अभिव्यक्ति का विकास करना।
(6) व्यक्तिगत सफाई तथा स्वच्छता के बारे में जानकारी देना।
(7) स्वास्थ्य संबंधी आदतों का विकास करना।
(8) रोगों से बचने का उपाय करना और शारीरिक रोगों की जाँच करना।

प्रश्न 4.
स्वस्थ व्यक्ति किसे कहते हैं? अच्छे स्वास्थ्य के कोई तीन लाभ बताएँ।
उत्तर:
स्वस्थ व्यक्ति-स्वस्थ व्यक्ति वह होता है जिसकी सभी शारीरिक प्रणाली सुचारू रूप से कार्य करती हैं। अतः स्वस्थ व्यक्ति के शरीर के सभी अंगों की बनावट और उसके शारीरिक संस्थानों की क्रिया सुचारू रूप से चलती है। वह हर प्रकार के मनोवैज्ञानिक, मानसिक व सामाजिक तनावों से मुक्त होता है। केवल शारीरिक रोगों से मुक्त व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ नहीं होता, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति को रोग घटकों से भी मुक्त होना चाहिए।
अच्छे स्वास्थ्य के लाभ-
(1) अच्छे स्वास्थ्य से व्यक्ति का जीवन सुखमय व आनंदमय होता है।
(2) अच्छे स्वास्थ्य का न केवल व्यक्तिगत लाभ होता है, बल्कि इसका सामूहिक लाभ होता है। इसका समाज व देश पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
(3) अच्छे स्वास्थ्य से व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है। स्वस्थ व्यक्ति कोई भी लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।

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प्रश्न 5.
अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने में शिक्षा किस प्रकार सहायक होती है?
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक तौर पर विकारों तथा तनावों को दूर करने की आवश्यकता है, परंतु भारतवर्ष में बहुत-से लोग इस बात से भी अनभिज्ञ हैं कि कौन-कौन-से रोग किस-किस कारण से होते हैं? उनकी रोकथाम कैसे की जा सकती है तथा उनके बचाव के क्या उपाय हैं? केवल रोगों के निदान से ही स्वास्थ्य कायम नहीं होता। इसके लिए बाह्य कारक; जैसे प्रदूषण तथा सूक्ष्म-जीवों के संक्रमण से भी बचाव अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा संतुलित आहार और उनमें पौष्टिक तत्त्व की कितनी-कितनी मात्रा होनी चाहिए आदि की जानकारी देने में हमारी सहायता करती है। शिक्षा के द्वारा ही हमें किसी रोग के कारण, लक्षण और उनकी रोकथाम के उपायों का पता चलता है। शिक्षा ही हमें पर्यावरण से संबंधित आवश्यक जानकारी देती है। इन सब बातों को जानने के लिए उचित शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है।

प्रश्न 6.
स्वास्थ्य शिक्षा के प्रमुख सिद्धांत कौन-कौन-से हैं?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं-
(1) स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम व पाठ्यक्रम बच्चों की आयु और रुचि के अनुसार होना चाहिए।
(2) स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी देने का तरीका साधारण और जानकारी से भरपूर होना चाहिए।
(3) स्वास्थ्य शिक्षा पढ़ने-लिखने तक ही सीमित नहीं रखनी चाहिए अपितु उसकी प्राप्तियों के बारे में कार्यक्रम बनाने चाहिएँ।
(4) स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम छात्रों की आवश्यकताओं, इच्छाओं और पर्यावरण के अनुसार होना चाहिए।
(5) स्वास्थ्य शिक्षा में स्वास्थ्य के सभी पक्षों की विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए।

प्रश्न 7.
स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार के प्रमुख उपाय बताएँ।
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा में सुधार के प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं-
(1) स्वास्थ्य शिक्षा का पाठ्यक्रम बच्चों की आवश्यकताओं एवं रुचियों के अनुसार होना चाहिए।
(2) स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी कार्यक्रम व्यावहारिक जीवन से संबंधित होने चाहिएँ।
(3) स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी आदतें, पर्यावरण प्रदूषण, प्राथमिक उपचार, बीमारियों की रोकथाम आदि को चित्रों या फिल्मों की सहायता से समझाया या दिखाया जाना चाहिए।
(4) स्वास्थ्य शिक्षा में वाद-विवाद और भाषण आदि को अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
(5) स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत स्वास्थ्यपूर्ण कार्यक्रमों को अधिक-से-अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को नियमित डॉक्टरी जाँच और अन्य सुविधाओं से लाभ हो सके।
(6) स्वास्थ्य शिक्षा में उन सभी पक्षों को शामिल करना चाहिए, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक हों।

प्रश्न 8.
शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा में क्या संबंध है?
उत्तर:
शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा में परस्पर गहरा संबंध पाया जाता है। हमारा शरीर मन और आत्मा का संगठित रूप है और शिक्षा इसको सुदृढ़ करने में सहायक होती है। आज प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि उसकी वृद्धि एवं विकास शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। स्वास्थ्य शिक्षा इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है, क्योंकि कहा जाता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। स्वास्थ्य व्यक्ति का वह गुण है जिससे वह मानसिक तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है। स्वास्थ्य शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जागृत करना है तथा उनमें स्वास्थ्य संबंधी विचारधाराओं में रुचि विकसित करना है। शिक्षा का उद्देश्य भी छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है और स्वास्थ्य शिक्षा के सभी उद्देश्य शिक्षा के उद्देश्यों में ही निहित हैं क्योंकि शिक्षा का क्षेत्र बहुत व्यापक है। शिक्षा की तरह ही स्वास्थ्य शिक्षा भी लोगों या छात्रों के ज्ञान, भावनाओं व व्यवहार में परिवर्तन करने से संबंधित है। यह स्वास्थ्य संबंधी ऐसी आदतों को विकसित करने की ओर ध्यान देती है जो उनमें (छात्रों) तंदुरुस्त होने का अहसास उत्पन्न कर सके।

शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा में परस्पर संबंध इस तथ्य से भी स्पष्ट होता है कि आज खेल के मैदान को एक छोटा कक्षा-कक्ष’ माना जाता है, जिससे सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होते हैं। खेल के मैदान में बच्चों को अनेक सामाजिक-नैतिक गुण सीखने को मिलते हैं; जैसे सहयोग की भावना, सहानुभूति, नेतृत्व, मानवतावाद, देशभक्ति, भाईचारा, मित्रता, अनुशासन की भावना आदि। सामान्यतया शिक्षा नागरिक दायित्व का प्रशिक्षण देकर लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करती है। अतःस्वास्थ्य शिक्षा को शिक्षा का महत्त्वपूर्ण अंग कहा जाता है जो व्यक्ति के सभी पक्षों; जैसे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक आदि पक्षों में योगदान प्रदान करती है।

प्रश्न 9.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं। स्कूल में जाने वाले बच्चे किसी राष्ट्र को सशक्त व मजबूत बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समस्त राष्ट्र का उत्तरदायित्व उनके कोमल कंधों पर टिका होता है। इसलिए स्कूल के बच्चों का स्वास्थ्य ही स्कूल प्रणाली का महत्त्वपूर्ण तथा प्राथमिक मुद्दा है। अत: स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम वह ग्रहणित प्रक्रिया है जिसको स्कूल स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्यप्रद स्कूल जीवन और स्वास्थ्य निर्देश में बच्चों के स्वास्थ्य के विकास के लिए अपनाया जाता है। इस प्रकार स्कूल स्वास्थ्य कर्यक्रम के तीन चरण होते हैं-
(1) स्वास्थ्य सेवाएँ (Health Services),
(2) स्वास्थ्यप्रद स्कूली जीवन या वातावरण (Healthful School Living or Environment) तथा
(3) स्वास्थ्य अनुदेशन या निर्देशन (Health Instructions)।

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प्रश्न 10.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के महत्त्व पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम का महत्त्व निम्नलिखित है
(1) स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चे अनेक बीमारियों की रोकथाम तथा उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
(2) स्कूल के दिनों में बच्चों में जिज्ञासा की प्रवृत्ति अति तीव्र होती है। उनकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए ये कार्यक्रम अति-आवश्यक होते हैं।
(3) सभी स्कूली छात्र कक्षा के अनुसार लगभग समान आयु के होते हैं, इसलिए उनकी समस्याएँ भी लगभग एक-जैसी होती हैं और उनके निदान के प्रति दृष्टिकोण भी एक-जैसा ही होता है। इसलिए स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम सभी छात्रों के लिए समान रूप से उपयोगी होते हैं।
(4) स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को पोषक तत्त्वों एवं खनिज लवणों की जानकारी की महत्ता बताई जाती है जो उनकी संपूर्ण जिंदगी में सहायक होती है।
(5) स्कूल के दिनों के दौरान विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम अनेक अच्छी आदतों के निर्माण में सहायक हैं जो समाज के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 11.
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी वातावरण हेतु किन-किन मुख्य बातों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए?
अथवा
स्कूल में स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण उत्पन्न करने के लिए स्कूल अध्यापक को क्या करना चाहिए?
अथवा
विद्यालय के वातावरण को स्वास्थप्रद बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाने चाहिएँ?
उत्तर:
स्कूल/विद्यालय छात्रों का सर्वांगीण विकास करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए स्कूल का वातावरण स्वास्थ्यपूर्ण होना चाहिए। अत: स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी वातावरण हेतु निम्नलिखित बातों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए-
(1) अध्यापकों को अपना पाठ्यक्रम बच्चों की इच्छाओं, आवश्यकताओं, रुचियों के अनुसार बनाना चाहिए। इसके लिए अध्यापक को अपने अनुभव का प्रयोग करना चाहिए।
(2) बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय का भवन रेलवे स्टेशनों, सिनेमाघरों, कारखानों, यातायात सड़कों आदि से दूर होना चाहिए।
(3) बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु अध्यापकों को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। बच्चों के संपूर्ण विकास हेतु अध्यापकों एवं छात्रों में सहसंबंध होना चाहिए।
(4) अध्यापक को विद्यालय की समय-सारणी का विभाजन छात्रों के स्तर के अनुसार करना चाहिए।
(5) स्कूल में नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना चाहिए और छात्रों को इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए।

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प्रश्न 12.
स्कूल के स्वास्थ्य कार्यक्रम में शिक्षक/अध्यापक की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
स्कूल के स्वास्थ्य कार्यक्रम में शिक्षक/अध्यापक निम्नलिखित प्रकार से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है-
(1) शिक्षक छात्रों को स्वास्थ्य कार्यक्रम की उपयोगिता बताकर उन्हें अपने स्वास्थ्य हेतु प्रेरित कर सकता है।
(2) वह छात्रों को व्यक्तिगत सफाई के लिए प्रेरित कर सकता है, ताकि छात्र स्वयं को नीरोग एवं स्वस्थ रख सकें।
(3) शिक्षक छात्रों को संक्रामक रोगों के कारणों एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दे सकता है।
(4) शिक्षक को चाहिए कि वह स्वास्थ्य शिक्षा की विषय-वस्तु से संबंधित विभिन्न सेमिनारों का आयोजन करे।
(5) वह छात्रों को अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करे।

प्रश्न 13.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं पर एक संक्षिप्त नोट लिखें।
अथवा
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
छात्रों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना भी विद्यालय का मुख्य उत्तरदायित्व माना जाता है। विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ, वे सेवाएँ हैं जिनके माध्यम से छात्रों के स्वास्थ्य की जाँच की जाती है और उनमें पाए जाने वाले दोषों से माता-पिता को अवगत करवाया जाता है ताकि समय रहते उन दोषों का उपचार किया जा सके। इन सेवाओं के अंतर्गत स्कूल के अन्य कर्मचारियों एवं अध्यापकों के स्वास्थ्य की भी जाँच की जाती है। इनके अंतर्गत छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान की जाती है और उन्हें सभी प्रकार की बीमारियों के लक्षणों, कारणों, रोकथाम या बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की जाती है। स्कूल/विद्यालय में ऐसी सुविधाओं को विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ (School Health Services) कहा जाता है। आधुनिक युग में इन सेवाओं की बहुत आवश्यकता है।

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प्रश्न 14.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं की क्यों आवश्यकता होती है?
उत्तर:
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ निम्नलिखित प्रकार से आवश्यक हैं
(1) विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ छात्रों के रोगों का पता लगाने और उनकी रोकथाम व बचाव में सहायक होती हैं।
(2) ये संक्रामक व असंक्रामक रोगों के लक्षणों एवं कारणों की जानकारी देती हैं।
(3) इनसे इन रोगों की रोकथाम व बचाव के उपाय करने में सहायता मिलती है।
(4) इन सेवाओं से छात्रों, अध्यापकों व अन्य स्कूल कर्मचारियों के स्वास्थ्य के निरीक्षण में सहायता मिलती है।
(5) इनके माध्यम से रोगी बच्चों के उपचार में मदद मिलती है। (6) ये अकस्मात् दुर्घटना या रोगों के दौरान छात्रों को आपातकालीन सुविधाएँ प्रदान करती हैं।

प्रश्न 15.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न कार्य निम्नलिखित हैं-
(1) विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं।
(2) ये विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हेतु उचित वातावरण प्रदान करती हैं और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों का विकास करती है।
(3) ये विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हेतु उचित अभिवृत्तियों को विकसित करने का कार्य करती हैं।
(4) ये विद्यार्थियों को अनेक प्रकार के संक्रामक व असंक्रामक रोगों की जानकारी प्रदान करती हैं और उनसे बचने के उपायों की जानकारी प्रदान करती हैं।।
(5) ये अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी प्रदान करती हैं।
(6) विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ रोगों का पता लगाने और उनके उपचार व इलाज में सहायता करती हैं।

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प्रश्न 16.
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन पर संक्षिप्त नोट लिखें।
उत्तर:
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन या वातावरण का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वच्छ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वच्छ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक-भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

व्यक्ति या बच्चे के स्वास्थ्य पर अच्छा-बुरा माहौल बहुत अधिक प्रभाव डालता है। बच्चे के स्कूल का माहौल, रहने का स्थान और काम करने का स्थान स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। जिस देश के बच्चे और नवयुवक स्वस्थ होते हैं वह देश हमेशा प्रगति के रास्ते पर चलता रहता है, क्योंकि आने वाला भविष्य उनसे बंधा होता है। बच्चा अपना बहुत ज्यादा समय स्कूल में गुजारता है। बच्चे का उचित विकास स्कूल के माहौल पर निर्भर करता है। यह तभी संभव हो सकता है, अगर साफ़-सुथरा एवं स्वच्छ स्कूल हो। स्वस्थ माहौल बच्चे और वयस्क दोनों को प्रभावित करता है। स्वस्थ माहौल केवल छात्रों का ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावात्मक, नैतिक और बौद्धिक विकास में भी सहायक होता है।

प्रश्न 17.
स्कूल में स्वास्थ्य निर्देशन के मुख्य उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
स्कूल में स्वास्थ्य निर्देशन के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं
(1) बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जानकारी देना।
(2) बच्चों को स्वास्थ्य के विषय में पर्याप्त ज्ञान देना।
(3) स्वास्थ्य संबंधी महत्त्वपूर्ण नियमों या सिद्धांतों की जानकारी देना।
(4) संक्रामक रोगों की रोकथाम के उपायों की जानकारी देना।
(5) बच्चों को अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने हेतु प्रेरित करना।
(6) अच्छी आदतें एवं सेहत को ठीक रखने के उपाय बताना।

प्रश्न 18.
स्वास्थ्य निर्देशन के क्षेत्र पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
स्वास्थ्य निर्देशन के क्षेत्र निम्नलिखित हैं
1. वाद-विवाद-वाद-विवाद, स्वास्थ्य निर्देशन प्रदान करने का महत्त्वपूर्ण तरीका है। इसके अंतर्गत बच्चों को कोई विषय देकर वाद-विवाद करवाया जाता है।
2. भाषण-भाषण द्वारा भी बच्चों को निर्देशन प्रदान किए जाते हैं। बच्चों को एक विषय देकर अपने विचार व्यक्त करने को कहा जाता है, ताकि सुनने वाले बच्चों को भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त हो सके।
3. रेडियो, सिनेमा, टी०वी०-बच्चों को रेडियो, सिनेमा, टी०वी० के माध्यम से भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की जा सकती है।
4. प्रदर्शन व प्रदर्शनी-प्रदर्शन व प्रदर्शनी द्वारा भी स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्रदान किया जा सकता है। प्रदर्शनी में अनेक प्रकार की हृदय-श्रव्य सामग्री का प्रदर्शन किया जा सकता है।
5. स्वास्थ्य संबंधी भ्रमण एवं साहित्य-समय-समय पर छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य हेतु शैक्षणिक भ्रमणों की व्यवस्था करनी चाहिए। ऐसे भ्रमणों से उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ज्ञान प्रदान किया जा सकता है। इसके साथ ही हमें स्वास्थ्य संबंधी साहित्य की व्यवस्था स्कूल पुस्तकालय में करवानी चाहिए।

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प्रश्न 19.
स्वास्थ्य का महत्त्व बताएँ।
उत्तर:
स्वास्थ्य का हमारे जीवन में विशेष महत्त्व है; जैसे-
(1) स्वास्थ्य मानव व समाज का आधार स्तंभ है। यह वास्तव में खुशी, सफलता और आनंदमयी जीवन की कुंजी है।
(2) अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी होते हैं।
(3) स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने व निखारने में सहायक होता है।
(4) स्वास्थ्य से हमारा जीवन संतुलित, आनंदमय एवं सुखमय रहता है।
(5) स्वास्थ्य हमारी जीवन-शैली को बदलने में हमारी सहायता करता है।
(6) किसी भी देश के नागरिकों के स्वास्थ्य व आर्थिक विकास में प्रत्यक्ष संबंध पाया जाता है। यदि किसी देश के नागरिक शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे तो उस देश का आर्थिक विकास भी उचित दिशा में होगा।
(7) स्वास्थ्य से हमारी कार्यक्षमता पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 20.
स्कूल स्वास्थ्य सेवाओं के अभिकरण बताएँ।
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य स्वास्थ्य विकास और कल्याण को बढ़ावा देना है, ताकि छात्र अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें। स्वास्थ्य सेवाएँ संयुक्त रूप से स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान की जाती हैं। स्कूल स्वास्थ्य सेवा टीम में सामुदायिक स्वास्थ्य नर्स और अन्य स्वास्थ्य पेशेवर शामिल होते हैं । एक सामुदायिक स्वास्थ्य नर्स आमतौर पर स्कूल की यात्रा करती है और छात्रों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त करती है। सामुदायिक स्वास्थ्य टीम में सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर भी स्कूल में चल रहे कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न [Very Short Answer Type Questions]

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ लिखते हुए कोई एक परिभाषा लिखें। अथवा स्वास्थ्य शिक्षा को परिभाषित कीजिए।
अथवा
स्वास्थ्य शिक्षा से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यह शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों या पहलुओं के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करते हैं। डॉ० थॉमस वुड के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा उन अनुभवों का समूह है, जो व्यक्ति, समुदाय और सामाजिक स्वास्थ्य से संबंधित आदतों, व्यवहारों और ज्ञान को प्रभावित करते हैं।”

प्रश्न 2.
स्वास्थ्य शिक्षा का क्या लक्ष्य है?
उत्तर:स्वास्थ्य शिक्षा का लक्ष्य न केवल शारीरिक विकास या वृद्धि तक सीमित है बल्कि इसका महत्त्वपूर्ण लक्ष्य व्यक्ति के मानसिक, भावात्मक, सामाजिक आदि पक्षों को भी विकसित करना है। इसका लक्ष्य शरीर को हानि पहुँचाने वाली बुरी आदतों से अवगत करवाना और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों हेतु अनुकूल परिस्थितियों के निर्माण में सहायता करना है।

प्रश्न 3.
विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम के विभिन्न अंग या तत्त्व कौन-कौन-से हैं?
उत्तर:
(1) स्वास्थ्य सेवाएँ,
(2) स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण,
(3) स्वास्थ्य निर्देश ।

प्रश्न 4.
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा में क्या अंतर है?
उत्तर:
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा में परस्पर अटूट संबंध है। दोनों एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, क्योंकि आज एक ओर जहाँ स्वास्थ्य शिक्षा को शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत पढ़ाया जाता है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य शिक्षा के अध्ययन में भी शारीरिक शिक्षा के पक्षों पर जोर दिया जाता है। फिर भी इनमें कुछ अंतर है। शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत शारीरिक गतिविधियों या क्रियाओं पर विशेष बल दिया जाता है, जबकि स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 3 स्वास्थ्य शिक्षा

प्रश्न 5.
विभिन्न स्कूल स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
(1) चिकित्सा परीक्षण,
(2) प्राथमिक चिकित्सा/सहायता सेवाएँ,
(3) आहार-पोषण पर विशेष ध्यान,
(4) माता-पिता को छात्रों की स्वास्थ्य रिपोर्ट की जानकारी देना,
(5) बीमार छात्रों का उपचार आदि।

प्रश्न 6.
स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम मुख्यतः कैसे होने चाहिएँ?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम रुचिकर, मनोरंजक तथा शिक्षाप्रद होने चाहिएँ, ताकि इनमें सभी बढ़-चढ़कर भाग ले सकें। ये बच्चों की रुचि, स्वास्थ्य के स्तर तथा वातावरण की आवश्यकता के अनुसार तथा व्यावहारिक भी होने चाहिएँ, ताकि इनसे स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की उचित जानकारी प्राप्त हो सके।

प्रश्न 7.
स्वास्थ्य के विभिन्न पहलू या मापक बताइए।
उत्तर:
(1) शारीरिक स्वास्थ्य
(2) मानसिक स्वास्थ्य,
(3) सामाजिक स्वास्थ्य,
(4) आध्यात्मिक स्वास्थ्य,
(5) संवेगात्मक स्वास्थ्य।

प्रश्न 8.
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण की परिभाषा दीजिए।
अथवा
स्वास्थ्यपूर्ण विद्यालयी जीवन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली जीवन या वातावरण का अर्थ है कि स्कूल में संपूर्ण स्वच्छ वातावरण का होना या ऐसे वातावरण का निर्माण करना जिससे छात्रों की सभी क्षमताओं एवं योग्यताओं को विकसित किया जा सके। स्कूल का स्वच्छ वातावरण ही छात्रों के सामाजिक-भावनात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और साथ-ही-साथ उन्हें अधिक-से-अधिक सीखने हेतु प्रेरित करता है।

प्रश्न 9.
स्कूल में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या हैं?
अथवा
विद्यालयी छात्रों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों को बताइए।
अथवा
अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक कारक बताएँ।
उत्तर:
(1) वातावरण
(2) संतुलित व पौष्टिक आहार
(3) व्यक्तिगत स्वच्छता
(4) सामाजिक व आर्थिक कारक ।

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प्रश्न 10.
स्वास्थ्य अनुदेशन या निर्देशन क्या है?
उत्तर:
स्वास्थ्य निर्देशन का आशय है-स्कूल के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी जानकारी देना कि वे स्वयं को स्वस्थ एवं नीरोग बना सकें। स्वास्थ्य निर्देशन स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों एवं दृष्टिकोणों का विकास करते हैं। स्वास्थ्य से संबंधित बाधाओं या समस्याओं के बुरे प्रभावों से बचाव के लिए ये हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

प्रश्न 11.
विद्यालयी स्वास्थ्य निर्देशन के कोई दो उद्देश्य लिखें।
उत्तर:
(1) बच्चों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य की महत्ता की जानकारी देना।
(2) बच्चों को स्वास्थ्य के विषय में पर्याप्त ज्ञान देना।

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प्रश्न 12.
स्वास्थ्य अनुदेशन के कोई दो मार्गदर्शक सिद्धांत बताइए।
उत्तर:
(1) स्वास्थ्य संबंधी किसी विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता करवाना।
(2) स्वास्थ्य के सभी पहलुओं से संबंधित साहित्य स्कूल पुस्तकालय में उपलब्ध करवाना।

प्रश्न 13.
शारीरिक स्वास्थ्य से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
शारीरिक स्वास्थ्य वह स्वास्थ्य है जिसमें शारीरिक पक्ष संबंधी विशेष जानकारी दी जाती है। शारीरिक स्वास्थ्य में शारीरिक संस्थान व उनके अंगों या भागों को शामिल किया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को न केवल शरीर के विभिन्न अंगों या भागों की बनावट एवं उनके कार्यों की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि शारीरिक अंगों या भागों को उत्तम स्वास्थ्य की स्थिति में रखने का भी ज्ञान होना चाहिए।

प्रश्न 14.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य से अभिप्राय है कि हम अपने आस-पास के वातावरण को ऐसा बनाएँ, जिससे हम उसका अधिक-से-अधिक लाभ समाज व देश को दे सकें, ताकि हमारा समाज व देश स्वच्छ एवं नीरोग हो सके। अत: यह ऐसा स्वास्थ्य है जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी पक्षों पर बल दिया जाता है। अतः हम सभी को स्वास्थ्य संबंधी पक्षों में विशेष रुचि लेनी चाहिए, ताकि देश का स्वास्थ्य उचित बना रहे।

प्रश्न 15.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं के कोई दो उद्देश्य लिखें।
उत्तर:
(1) छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना अर्थात् उन्हें स्वास्थ्य के नियमों से अवगत कराना। (2) उन्हें संक्रामक-असंक्रामक रोगों के कारणों और उनकी रोकथाम या बचाव के उपायों की जानकारी देना।

प्रश्न 16.
स्कूल में स्वास्थ्य शिक्षा के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर:
(1) बच्चों में ऐसी स्वाभाविक आदतों का विकास करना जो स्वास्थ्यप्रद हो
(2) छात्रों के स्वास्थ्य का निरीक्षण करना
(3) छात्रों को रोगों के बारे में विस्तृत जानकारी देना
(4) छात्रों को रोगों से बचने के उपायों की जानकारी देना।

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प्रश्न 17.
स्वास्थ्य शिक्षा के कोई दो आधारभूत नियम बताएँ।
उत्तर:
(1) स्वास्थ्य शिक्षा छात्रों में अच्छी आदतों का विकास करती है।
(2) स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम व्यावहारिक, स्वास्थ्य के स्तर एवं वातावरण की आवश्यकतानुसार होने चाहिएँ।

प्रश्न 18.
जन-साधारण को स्वास्थ्य-संबंधी उपयोगी जानकारी देने वाले माध्यम या साधन बताएँ।
उत्तर:
(1) टेलीविजन,
(2) रेडियो,
(3) वार्तालाप,
(4)भाषण,
(5) अखबार,
(6) पत्रिकाएँ एवं विज्ञापन आदि।

प्रश्न 19.
स्वस्थ व्यक्ति की क्या पहचान है? अथवा स्वस्थ व्यक्ति की मुख्य विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर:
(1) स्वस्थ व्यक्ति अपने सभी कार्य अच्छे से एवं तीव्रता से करने में समर्थ होता है,
(2) उसके शरीर में फूर्ति एवं लचकता होती है,
(3) उसके शारीरिक संस्थान सुचारू रूप से कार्य करते हैं और उनकी कार्यक्षमता अधिक होती है,
(4) उसका मन शांत और शरीर स्वस्थ होता है।

प्रश्न 20.
विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ रहना क्यों अधिक महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर:
विद्यार्थी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करना होता है। शिक्षा प्राप्त करने हेतु विद्यार्थी का स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण होता है, इसलिए विद्यार्थियों के लिए स्वस्थ रहना अधिक महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि अस्वस्थ विद्यार्थी के लिए शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता है। किसी ने ठीक ही लिखा है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है। अच्छे स्वास्थ्य के द्वारा ही विद्यार्थी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकता है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करके वह देश के विकास में अपना योगदान देता है।

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HBSE 12th Class Physical Education स्वास्थ्य शिक्षा Textbook Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न [Objective Type Questions]

भाग-I : एक शब्द/वाक्य में उत्तर दें-

प्रश्न 1.
किस शिक्षा में स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा में स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।

प्रश्न 2.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) ने स्वास्थ्य को कैसे परिभाषित किया है?
उत्तर:
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार “स्वास्थ्य केवल रोग या विकृति की अनुपस्थिति को नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक सुख की स्थिति को कहते हैं।”

प्रश्न 3.
“स्वास्थ्य जीवन का वह गुण है, जिससे व्यक्ति दीर्घायु होकर उत्तम सेवाएं प्रदान करता है।” यह कथन किसने कहा?
उत्तर:
यह कथन जे०एफ० विलियम्स ने कहा।

प्रश्न 4.
“स्वास्थ्यप्रद शरीर आत्मा के लिए आरामगृह, परन्तु कमजोर व बीमार व्यक्ति के लिए कारागृह है।” यह किसने कहा?
उत्तर:
यह कथन रोजर बेकन ने कहा।

प्रश्न 5.
“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है।” यह कथन किसने कहा?
उत्तर:
यह कंथन अरस्तू ने कहा।

प्रश्न 6.
किसी देश का कल्याण किसके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है?
उत्तर:
किसी देश का कल्याण उस देश के नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

प्रश्न 7.
स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत आने वाले कोई दो कार्यक्रमों के नाम बताएँ।
उत्तर:
(1) एड्स जागरूकता संबंधी कार्यक्रम
(2) मेडिकल निरीक्षण कार्यक्रम।

प्रश्न 8.
प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध किससे था?
उत्तर:
प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध स्वास्थ्य निर्देशन से था।

प्रश्न 9.
आनन्दमय जीवन की कुँजी क्या है?
उत्तर:
आनन्दमय जीवन की कुँजी स्वस्थ शरीर है।

प्रश्न 10.
भारतीय बाल कल्याण परिषद् की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
भारतीय बाल कल्याण परिषद् की स्थापना वर्ष 1952 में हुई।

प्रश्न 11.
विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?
उत्तर:
विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाता है।

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प्रश्न 12.
भारत सेवक समाज संस्था कब अस्तित्व में आई?
उत्तर:
भारत सेवक समाज संस्था वर्ष 1952 में अस्तित्व में आई।

प्रश्न 13.
प्रारंभ में स्वास्थ्य निर्देशन के अन्तर्गत किस विषय पर बल दिया जाता था?
उत्तर:
प्रारंभ में स्वास्थ्य निर्देशन के अन्तर्गत स्वास्थ्य शिक्षा पर बल दिया जाता था।

प्रश्न 14.
स्कूल स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य विकास कल्याण को बढ़ावा देना है ताकि छात्र अपनी संपूर्ण क्षमता तक पहुँच सकें।

प्रश्न 15.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) की स्थापना अप्रैल, 1948 में हुई।

प्रश्न 16.
स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा देने की कोई दो विधियाँ बताएँ।
उत्तर:
(1) भ्रमण द्वारा
(2) स्वास्थ्य संबंधी भाषण।

प्रश्न 17.
W.H.0. का क्या अर्थ है?
उत्तर:
World Health Organisation.

प्रश्न 18.
स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम मुख्यतः कैसा होना चाहिए?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बच्चों की आवश्यकताओं, रुचियों और पर्यावरण के अनुसार होना चाहिए।

प्रश्न 19.
स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम किसको ध्यान में रखकर तय करना चाहिए?
उत्तर:
स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम बच्चों की आवश्यकताओं, रुचियों और पर्यावरण को ध्यान में रखकर तय करना चाहिए।

प्रश्न 20.
“स्वास्थ्य प्रथम पूँजी है।” यह कथन किसने कहा?
उत्तर:
यह कथन इमर्जन ने कहा।

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प्रश्न 21.
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम तीन प्रकार के होते हैं।

प्रश्न 22.
क्या स्वास्थ्य निर्देशन के अन्तर्गत शरीर के संस्थानों की जानकारी प्रदान की जाती है?
उत्तर:
हाँ, स्वास्थ्य निर्देशन के अन्तर्गत शरीर के संस्थानों की जानकारी प्रदान की जाती है।

प्रश्न 23.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर:
रोगों का पता लगाना और उनके उपचार में सहायता करना।

प्रश्न 24.
विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाओं का कोई एक उद्देश्य बताएँ।
उत्तर:
छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य से संबंधी नियमों से अवगत करवाना।

प्रश्न 25.
अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन कैसा होता है?
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन शांत एवं सुखमय होता है।

प्रश्न 26.
मानसिक स्वास्थ्य का क्या अर्थ है?
उत्तर:
दबाव व तनाव से मुक्ति।

प्रश्न 27.
शहरों में स्वास्थ्य संबंधी एक प्रमुख समस्या क्या है?
उत्तर:
यातायात वाहनों की अधिकता के कारण बढ़ता प्रदूषण।

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प्रश्न 28.
‘प्रोटीन’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया?
उत्तर:
‘प्रोटीन’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम बरजेलियास ने किया।

प्रश्न 29.
भारतीय परिवार नियोजन संघ की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
भारतीय परिवार नियोजन संघ की स्थापना वर्ष 1949 में हुई।

प्रश्न 30.
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना वर्ष 1920 में हुई।

भाग-II: सही विकल्प का चयन करें

1. स्वास्थ्य का शाब्दिक अर्थ है
(A) स्वस्थ शरीर
(B) स्वस्थ दिमाग
(C) स्वस्थ आत्मा
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

2. “स्वास्थ्य हृष्ट-पुष्ट होने की एक दशा है।” यह कथन किसके अनुसार है?
(A) डॉ० थॉमस वुड के ।
(B) विश्व स्वास्थ्य संगठन के
(C) अंग्रेज़ी पद के
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) अंग्रेज़ी पद के

3. स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम किसको ध्यान में रखकर तय करना चाहिए?
(A) बच्चों की आयु और लिंग को
(B) बच्चे के स्वास्थ्य को
(C) केवल आयु को
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) बच्चों की आयु और लिंग को

4. “स्वस्थ शरीर आत्मा का अतिथि-भवन और दुर्बल तथा रुग्ण शरीर आत्मा का कारागृह है।” यह कथन है
(A) रोजर बेकन का
(B) डॉ० थॉमस वुड का
(C) हरबर्ट स्पेंसर का
(D) जे०एफ०विलियम्स का
उत्तर:
(A) रोजर बेकन का

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5. निम्नलिखित में से कौन-सा विद्यालयी स्वास्थ्य कार्यक्रम का अंग (चरण) है?
(A) विद्यालयी स्वास्थ्य सेवाएँ
(B) स्वास्थ्यपूर्ण स्कूली वातावरण
(C) स्वास्थ्य निर्देश
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

6. स्वास्थ्य का आयाम है
(A) शारीरिक स्वास्थ्य
(B) मानसिक स्वास्थ्य
(C) सामाजिक व आध्यात्मिक स्वास्थ्य
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

7. किसने स्वास्थ्य को ‘प्रथम पूँजी’ कहा?
(A) स्वामी विवेकानंद ने
(B) इमर्जन ने

(D) डॉ० थॉमस वुड ने
उत्तर:
(B) इमर्जन ने

8. स्वास्थ्य शिक्षा का उद्देश्य है
(A) स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान देना
(B) उचित मार्गदर्शन करना
(C) स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों का विकास करना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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9. प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध किससे था?
(A) स्वास्थ्य सेवाओं से
(B) स्वास्थ्य अनुदेशन से
(C) स्वास्थ्य निरीक्षण से
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) स्वास्थ्य अनुदेशन से

10. भारत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति कब बनाई गई?
(A) वर्ष 1983 में
(B) वर्ष 1988 में
(C) वर्ष 1992 में
(D) वर्ष 1999 में
उत्तर:
(A) वर्ष 1983 में

11. भारतीय बाल कल्याण परिषद् की स्थापना हुई
(A) वर्ष 1950 में
(B) वर्ष 1951 में
(C) वर्ष 1952 में
(D) वर्ष 1955 में
उत्तर:
(C) वर्ष 1952 में

12. विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) न्यूयॉर्क में
(B) पेरिस में
(C) जेनेवा में
(D) लंदन में
उत्तर:
(C) जेनेवा में

13. साधारण जनता को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है
(A) रेडियो द्वारा
(B) टेलीविजन द्वारा
(C) अखबार द्वारा
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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14. स्कूल स्वास्थ्य प्रणाली का सबसे महत्त्वपूर्ण एवं प्राथमिक मुद्दा है
(A) स्कूल का प्रबंधन
(B) बच्चों का स्वास्थ्य
(C) बच्चों की पढ़ाई
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) बच्चों का स्वास्थ्य

15. अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का जीवन कैसा होता है?
(A) सुखमय
(B) आरामदायक
(C) दुखदायी
(D) (A) व (B) दोनों
उत्तर:
(D) (A) व (B) दोनों

16. स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम कितने चरणों में पूरा होता है?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर:
(C)3

17. विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?
(A) 7 अप्रैल को
(B) 8 मार्च को
(C) 14 अप्रैल को
(D) 15 मार्च को
उत्तर:
(A)7 अप्रैल को

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18. पोषण से होता है
(A) वृद्धि एवं विकास
(B) सहनशीलता
(C) रफ्तार
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) वृद्धि एवं विकास

19. स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम मुख्यतः किसको ध्यान में रखकर तय करना चाहिए?
(A) शिक्षकों को
(B) स्कूल के अन्य कर्मचारियों को
(C) छात्रों को
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) छात्रों को

20. स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम होना चाहिए
(A) रुचिपूर्ण
(B) शिक्षा से भरपूर
(C) मनोरंजनात्मक
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी

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भाग-III : रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

1. स्वास्थ्य एक ………………. उत्तरदायित्व है।
2. स्वास्थ्य शिक्षा के कार्यक्रम ……………….. की आवश्यकता के अनुसार होने चाहिएँ।
….. के बिना हमारा शारीरिक स्वास्थ्य अधूरा है।
4. स्वास्थ्य शिक्षा छात्रों को ……………….. संबंधी जानकारी देने वाला विषय है।
5. “स्वास्थ्य शिक्षा लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े व्यवहार से संबंधित है।” यह कथन ……………. ने कहा।
6. स्वास्थ्य शिक्षा ……………….. प्रक्रिया है।
7. विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम . ……………… चरणों में पूरा होता है।
……… के बिना कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार कार्य नहीं कर सकता।
9. ………………….. शिक्षा से अभिप्राय उन सभी साधनों से है जो व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्रदान करते हैं।
10. अच्छे स्वास्थ्य वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन ……………….. होता है।
उत्तर:
1. व्यक्तिगत
2. बच्चों
3. मानसिक स्वास्थ्य
4. स्वास्थ्य
5. सोफी
6. जन स्वास्थ्य संबंधी
7. तीन
8. अच्छे स्वास्थ्य
9. स्वास्थ्य
10. आनंदमय एवं सुखमय।

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स्वास्थ्य शिक्षा Summary

स्वास्थ्य शिक्षा परिचय

स्वास्थ्य (Health):
अच्छा स्वास्थ्य होना जीवन की सफलता के लिए बहुत आवश्यक है, क्योंकि अच्छे स्वास्थ्य से कोई व्यक्ति किसी निर्धारित उद्देश्य को प्राप्त करने में सफल हो सकता है। आरोग्य व्यक्ति को स्वस्थ कहना बहुत बड़ी भूल है। स्वस्थ व्यक्ति उसे कहा जाता है जिसकी सभी शारीरिक प्रणालियाँ ठीक ढंग से कार्य करती हों और वह स्वयं को वातावरण के अनुसार ढालने में सक्षम हो। अलग-अलग लोगों के लिए स्वास्थ्य का अर्थ भिन्न-भिन्न होता है। कुछ लोगों के लिए यह बीमारी से छुटकारा है तो कुछ के लिए शरीर और दिमाग का सुचारू रूप से कार्य करना। स्वास्थ्य का शाब्दिक अर्थ-स्वस्थ शरीर, दिमाग तथा आत्मा से चुस्त-दुरुस्त होने की अवस्था है, विशेष रूप से किसी बीमारी या पीड़ा से मुक्त रहना। अत: स्वास्थ्य कोई लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवन में उपलब्धि प्राप्त करने का साधन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के अनुसार, “स्वास्थ्य केवल रोग या विकृति की अनुपस्थिति को नहीं, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक सुख की स्थिति को कहते हैं।”

स्वास्थ्य शिक्षा (Health Education):
स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ उन सभी आदतों से है जो किसी व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान देती हैं। इसका संबंध मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यह शिक्षा मनुष्य को स्वास्थ्य के उन सभी मौलिक सिद्धांतों के बारे में जानकारी देती है जो स्वस्थ जीवन के अच्छे ढंगों, आदतों और व्यवहार का निर्माण करके मनुष्य को आत्म-निर्भर बनाने में सहायता करते हैं। अतः यह एक ऐसी शिक्षा है जिसके बिना मनुष्य की सारी शिक्षा अधूरी रह जाती है। डॉ० थॉमस वुड (Dr Thomas Wood) के अनुसार, “स्वास्थ्य शिक्षा उन अनुभवों का समूह है, जो व्यक्ति, समुदाय और सामाजिक स्वास्थ्य से संबंधित आदतों, व्यवहारों और ज्ञान को प्रभावित करते हैं।”

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HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out

Haryana State Board HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out

Exercises

Question 1.
(a) Which kind of garbage is not converted into compost by the red-worms?
(b) Have you seen any other organisms, besides red worm, in your pit, if yes, try to find out their names. Draw pictures of these.
Answer:
(a) Garbage such as pieces of cloth, polythene bags, broken glass, aluminium wrappers, nails, old shoes and broken toys etc. not into compest by red warms.
(b) Yes, there are other organisms in a pit of compesting such as bacteria and some fungi which decompose the biodegradable wastes.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out

Question 2.
Discuss:
(a) Is garbage disposal the responsibility only of the government?
(b) Is it possible to reduce the problems relating to disposal of garbage?
Answer:
(a) No, the garbage disposal is our responsibility also. Because clear air, water and locality helps us to make healthy. So every citizen should care for waste disposal. We should not throw wastes carelessly. We should use less and reuse them and recycle the wastes. We should collect garbage carefully in dustbins and should save environment to pollute. It is our duty to keep our environment healthy and clean.

(b) Problems related to garbage disposed can be reduced easily, if we think carefully for disposal of wastes. We should collect, our kitchen or shop garbage in separate bags and dispose of in municipal dustbin. We should not throw any waste materials in the gali or on road. Everyone of us should use separate dust bins. Industry should use effluent plants for their waste disposal. Organic and agricultural wastes should be used for composting garbage should be properly discarded into landfill.
If we properly follow these action then disposal problem can be reduced.

Question 3.
(a) What do you do with the leftover food at home?
(b) If you and your friends are given the choice of eating in a plastic plate or a banana leaf platter at a party, which one would you prefer and why?
Answer:
(a) The left over food in our home is known as kitchen wastes. It comes in group—I category, which wastes are biodegradable by micro-organisms into useful products. Left over food at home is dumped into compost pits with other wastes such as rag, papers, and peels of vegetables which converted into manure after some days and used as food for plants.

(b) In a party I and my friend choose to eat in a banana leaf platter, due to the following reasons:
Banana leaf platter is an agricultural waste and it can be converted into compost after use. Compost is a manure, which is used by plants and crops for getting necessary nutrients. By using banana platter we also save our environment and surroundings to become pollute. Which is helpful for our health and healthy environment.

Question 4.
(a) Collect pieces of different kinds of paper. Find out which of these can be recycled?
(b) With the help of a lense look at the pieces of paper you collected for the above question. Do you see any difference in the materials of recycled paper and a new sheet ofpaper?
Answer:
(a) Pieces of newspapers, magezines, used envelops, note books, shiny plastic coated papers and shiny paper which are waxy in nature. From all these types of papers, plastic coated paper and shiny paper, could not be recycled. But paper pieces like newspapers, used envelops, notebooks, maga-zines, etc. cam be recycled and be converted into useful products, which are harmless for our society.

(b) When we see the recycled paper with the help of lense, we find that there is no great difference between them. The recycled paper quantity decrease upto some levels and there are roughness in recycled paper. This type of paper can be used for making carrybags and other packing materials.

Question 5.
(a) Collect different kinds of packaging materials. What was the purpose for which each one was used? Discuss in groups.
(b) Give an example in which packing could have been reduced?
(c) Write a story on how packing increases amount of garbage?
Answer:
(a) Collect different types of packaging materials such as, plastic cords, plastic bags, strips, jute bags and cords, clothes strips and any packaging materials from your locality and market shops. Discuss with your class mate in groups, in which each packaging materials used and write in your notebook.

(b) The shopkeepers should buy large amount of goods like nuts or coffee. By doing so they reduce the waste and packaging materials. They should buy goods in bulk and bigger quantities in a single box pakage. For exaple we can buy the large package of sugar, rice, cereals, tooth-pestes and detergents, etc. This type of shopping will reduce the wastages.

(c) Packing increases the amount of garbages. Every good or things are sold in small packets of plastic materials which are thrown out after use. This increases the garbage. Plastic bags, cans, aluminium foils and many other packaging materials are used and thrownout after use. These packaging materials increase garbage. Soft drinks, tooth-pastes and many other goods now-a-days are sold in plastic cans and aluminium cans.

Now-a-days every thing/goods such as ghee, refined, soaps, detergents, cereals and all eatable goods are sold in small packets. This increases the garbage upto a large extent. In this way we can say that packaging materials increases the amount of garbage.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out

Question 6.
Do you think it is better to use compost instead of chemical fertilizers? Why?
Answer:
We think that compost is better to use instead of chemical fertilisers because compost provides much nutrients to crop plants. It is easily absorbed by plant roots. Compost is cheaper than chemical fertilisers. It increases the fertility of the soil. On the other hand chemical fertilisers do not get decomposed by natural methods and they increase water and soil pollution. Chemical fertilizers are easily solunle in water. By leaching they reache the underground water and pollute water.
Therefore, we can say that compost is better use instead of chemical fertilisers.

HBSE 6th Class Science Garbage In Garbage Out Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Name any two garbage.
Answer:
Plastic bags and cans/tins.

Question 2.
Define garbage.
Answer:
Any materials which is discarded by us or which is of no use for us is called garbage.

Question 3.
What is landfill?
Answer:
A low lying open area in which garbage is thrown.

Question 4.
Are all garbage harmful to us?
Answer:
No, all garbage not harmful to us.

Question 5.
What type of garbage are used for composting?
Answer:
Garbage of our kitchen like fruits & vegetable peels, egg cells, waste food and tea leaves are used for composting.

Question 6.
Name some garbage which are not used as composting.
Answer:
Garbage, like, polythene bags, broken glass, aluminium wrappers and old shoes are not used for composting.

Question 7.
Define composting.
Answer:
The rotting and conversion of some materials into manure is called, ‘composting’.

Question 8.
Which type of dustbin is used for collecting garbage which is used again?
Answer:
Blue colour dustbin.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out

Question 9.
What type of garbage is collecting in green colour dustbin?
Answer:
Materials such as kitchen and other plant or animal wastes.

Question 10.
Should we bum the dried leaves?
Answer:
No, we should not bum the dried leaves.

Question 11.
Define ‘Vermicomposting’.
Answer:
The method of preparing compost with the help of redworms is called ‘Vermicomposting’.

Question 12.
What type of food red worm need?
Answer:
Red worms need food like, vegetable and fruits wastes, coffee and tea remains.

Question 13.
Which type of wastes is not used as red worm food?
Answer:
Wastes such as salt containing pickels, oil, vinegar, meat and milk should not be used as redworm food.

Question 14.
How redworms grind the food?
Answer:
Red worms do not have teeth for grinding food. They have a structure called gizzards for grinding their food.

Question 15.
What is the suitable season for the survival of red worms?
Answer:
They need normal temperature, not very hot nor very cold. They also need moisture around them.

Question 16.
What is ‘Papier mache’?
Answer:
It is a paste made of clay and paper and some rice husk.

Question 17.
Name few things we use that are made of plastics.
Answer:
Toys, shoes, bags, pens, combs and tooth brushes, etc. are few things that we use in daily life made of plastics.

Question 18.
How plastics are harmful for our health?
Answer:
Burning of plastics give out harmful gases, which may cause many health problems including cancer in humans.

Question 19.
How plastic bags are harmful for stray animals?
Answer:
Stray animals look for food in these bags, they end up swallowing these, sometimes they die due to this.

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Question 20.
What are the problems we face. When plastic bags thrown away on roads?
Answer:
When we throw away plastic bags on roads or other places, they get into drain and sewer system. As a result drain get choked and water spills on the road.

Question 21.
Name one method by which we minimise garbage.
Answer:
We make a minimum use of plastic bags. We reuse the bags whenever it is possible to do so without any adverse affects.

Question 22.
What do you know about wastes?
Answer:
Wastes are the useless and unwanted materials discarded by humans.

Question 23.
Define domestic wastes.
Answer:
Domestic wastes include sewage, kitchen wastes, and garbage, etc.

Question 24.
What is incineration?
Answer:
The process of burning of wastes in a large furnace is called incineration.

Question 25.
Define vermieulture.
Answer:
The process of getting manure from biodegradable wastes by adding earthworms to the compost, is called vermieulture.

Short Answer Type Questions

Question 1.
How many types wastes can be divided?
Answer:
On the basis of physical, chemical and biological characteristic wastes can be divided into the following categories:
(a) Biodegradable wastes: Wastes which comprise of materials which has the ability to break down sofely and quickly by micro-organisms for example, dead and decaying remains of plants and animals, faecal remains water etc.

(b) Non-biodegadable wastes: Which do not breakdown into simple and harmless products by natural agents like bacteria and fungi are called non- biodegadable wastes. For example, metallic oxides, murcury, lead, DDT and radioactive wastes.

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Question 2.
Define municipal wastes.
Answer:
Municipal wastes referred as garbage, etc. Municipal wastes is a combina-tion of wastes. They are papers, food wastes, plastics, metals, ash, glass, and others.

Question 3.
What are biodegradable wastes?
Answer:
Biodegradable wastes comprise of material which has the ability to break down safely and quickly by microorganisms. These originate from natural organic sources animals and plant based products.

Question 4.
Define the term domestic wastes.
Answer:
Human beings discard many things in our day to day life activities. They are considered as domestic wastes. Domestic wastes are:
(i) Sewage
(ii) kitchen wastes
(iii) garbage
(iv) others.
Human excreta and wastes from bathroom and kitchen come in category of sewage. Vegetables, fruits and other food wates are kitchen wastes whereas papers, rags, hairs, and house dust come in garbage category and plastic bags and rubber things are come in other categorties.

Question 5.
Burning of lianes are harmful to us. Explain.
Answer:
Garbage heaps of dried leaves are burnt most of the time. Farmers too often burn the husk dried leaves and part of crop plants in their fields. Burning of these, produces smoke and gases that are harmful to our health.

Question 6.
How earthworms are called farmers’ friends?
Answer:
Earthworms are farmers friends because they help to increase the fertility of the soil. They eat dust and make soil fertile. They are used to prepare vermicopot, which gives many nutrients to soil and ultimately to crop plants. So they are called farmers’ friend.

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Question 7.
How do you prepare vermicompost?
Answer:
Vermicompost is prepared by the help of redworms. A pit of 30 cm deep is dug and a comfortable home is made for the redworms in it. Spray a thick layer of sand in it, stalk of plants’ husk or green leaves spread over the sand layer. Sprinkle some water to make this layer wet. Now put some redworms in this pit. Cover it with a sheet of cloth over the pit. Redworms eat fruits wastes’ coffee and tea remains. They grind their food. They eat equal to their weight. After 3/4 weaks soil like material is seen in the pit. This is vermicompost. Remove it from the pit and use after dried in sunlight.

Question 8.
Define recycling of paper.
Answer:
Collect old newspapers, magazines, used envelops, note-books and other papers and take a frame fitted with a net. Tear the paper into small pieces, put them in a tub and pour water over it. Let the paper remain submerged in water for a day. Make a thick paste of paper by pounding it.

Now spread the wet pastes on the wire mesh fixed to the frame. Put it gently to make the thickness of layer of paste as uniform as possible. Wait till waste drains off. Now remove the layer of paste from the frame, spread it on a sheet of newspaper by putting some weights so that these do not curl up. Thus recycled paper is prepared.

Question 9.
What is meant by the spoilage of landscape
Answer:
Spoilage of landscape is directly related to the improper waste management specially solid waste. The solid wastes may be slag heaps from mines, in paper mills, sugar mills, fertilizers and our household. They make our surrounding unhygenic. These spoils the landscape and destroy greenary of some areas. Soil becomes toxic in nature wastes accumulated places often becomes home of rats, house flies, mosquitoes and bacteria. These things destroy the beauty and usefulness of the place.

Question 10.
What are the health problems faced by the rag-pickers?
Answer:
Rag-pickers manually separate non- biodegradable wastes from the heap of garbage in the cities. These people are always exposed to biomedical wates like tape worms, liver flube eggs, sharp materials, broken glass, used syringes, needles etc. which can harm them to a great extent.

Some of the occupational hazards associated with these wastes handling are infectious of different types like skin and eye and respiratory, intestinal. Some diseases also result due to bites of animals. Exposer to dust and can result in cancer. Exposer to toxic agents is usually followed by its absorption and entry into the blood cancer.

Question 11.
List the various steps practiced in waste management.
Answer:
Various steps practiced in waste management are broadly divided into four steps:
(i) collection of wastes
(ii) segregation of waste
(iii) reduction and resource recovery
(iv) treatment and disposal.

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Question 12.
How does a landfill basically works?
Answer:
The basic working of a landfill involves three steps:
(i) Deposit the refuse.
(ii) Compact it with buldozers.
(iii) Cover the garbage with at least 6 inches deep of soil after each day operation and with a final cover of 2 feet when the area is full.

Question 13.
What should be taken into consideration while selecting a landfills?
Answer:
While selecting a landfill the following points must be considered:
(i) Land requirements and its cost: The quantity of solid wastes, degree of compaction to be obtained, ratio of compacted wastes to the cover materials and depth of the fill determine the area of land and hence its cost.

(ii) Accessibility: The place where the disposal of wastes is to be done should be located either centrally or near the source generation. Also the landfill should be downward from the community.

(iii) Cover material: A sanitary landfill requires at least 15 cm cover of thick compacted soil at the end of each day work.

(iv) Climate: The frequency of rainfall, the velocity and direction of prevailing wind, and our all temperature time relationship are the factors to be considered for a particular site.

(v) Tropography: Any tropography may be used for the site of a landfill. However different site will pose special operational and design problems.

Question 14.
What are composting? What are its benefits?
Answer:
Composting is defined as the decomposition if heterogeneous matter in a mixed microbial population in the moist, warm and aerobic environment. The micro-organisms convert organic waste into humus which has a significant value for crops. The end product is called compost. It consists of nutrients and minerals like n, p, k and other trace elements.

Compost has the following benefits:
(i) It increases the fertility of the soil, rich in nutrients.
(ii) It also contains trace elements like copper, manganese and molybdenum etc. essential for growth of plants.
(iii) It improves the texture of the soil and increases the water absorption capacity of the soil.

Question 15.
Write short notes on:
(i) Incineration
(ii) Bio-methanation.
Answer:
(i) Incineration:
Incineration is the process of burning of wastes in a large furnance. It reduces the volume of waste by 20 to 30% of original volume and makes the products stable. It helps to eliminate any infectious organisms which may be present while reducing the volumes of wastes to be disposed of. If wastes is not segregated properly, incineration produces toxic ash and its leakage can pollute pond water.

(ii) Bio-methanation:
In this method organic matter like vegetable wastes, crop residues and animal excreta like cow-dung are decomposed in the absence of air and presence of water to produce biogas which is rich in methane. Biogas can be used to produce electricity, to cook to light streetlamps. It is pollution free method of dispoal of organic wastes in which leftover and slurry can be used as a manure.

HBSE 6th Class Science Solutions Chapter 16 Garbage In, Garbage Out

Long Answer Type Questions

Question 1.
What can we do to minimise overuse of plastics and deal with garbage?
Answer:
(i) We make a minimum use of plastic bags. We re-use the bags wherever it is possible to do so without any adverse effects.
(ii) We insist shopkeepers use proper bags. We carry a cloth or jute bags when we go out for shopping.
(iii) We do not use plastic bags to store eatables.
(iv) We do not throw plastic bags here and there, after use.
(v) We never burn plastic bags and other plastic materials.
(vi) We do not put garbage in plastic bags and throw it away.
(vii) We use vermicompacting at home and dead with other kitchen wastes carefully.
(viii) We recycle papers.
(ix) We use both sides of paper to write. We use a slate for rough work. We use blank sheet of papers left in our note-books for roughworks.
(x) We make our family friends and others to follow proper practices for disposing different kinds of wastes.
The most important point to know and think about is that—more garbage we generate, more difficult it will be to get rid of it.

Question 2.
What we can do to manage waste?
Answer:
The following are some of the things we can do to manage waste:
(i) Throwing garbage in the correct bin.
(ii) Segregating household garbage into biodegradable and non-biodegradable.
(iii) Reducing the use of plastics.
(iv) Using materials that can be recycled.
(v) Buying things with least amount of packaging to avoid generation of waste.

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Garbage In Garbage Out Class 6  HBSE Notes

  • Landfill is an area where the garbage collected from a city or town is dumped.
  • Converting plant and animal wastes including that from kitchen, into manure, is called composting.
  • The method of making compost from kitchen garbage using red warms is called vermicomposting.
  • Paper can be recycled to get useful products.
  • Plastic cannot be converted into less harmful substances by the process of composting.
  • We need to generate less wastes and find ways of dealing with the increasing amount of garbage in our surroundings.
  • Wastes may be soiid wastes. Industrial wastes, Biomedical wastes, Agricultural wastes commercial wastes and radioactive wastes.
  • Wastes are harmful but all are not for example soil is a waste when it is discarded from our homes.
  • Proper disposal of wastes must, ensure that it does not pose a threat to people and the environment.
  • Domestic wastes are sewage, kitchen wastes, Garbage and others.
  • Sewage wastes can be divided into three categories: (i) Natural wastes (ii) Road traffic wastes and (iii) Behavioural wastes.
  • Industrial wastes are from manufacturing industry, nuclear reactor, metallur-gical mining, textile, food processing, petroleum and other industries.
  • Commercial wastes are generated in shops, restaurants, hotels, institutions, etc. A large quantities of plastic packing bottles, cans and clothings are discarded by these places.
  • Commercial wastes may be of the following types: (i) Budding waste, (ii) Restaurants and shope waste, (iii) Wastes from printing.
  • Bio-medical wastes generated by medical institutions and hospitals even day. It includes discarded cotton, bandages, plasters, syringes, medicines, saline bottles, hot water bags, and needles, tissues, bloods, fresh x- ray films etc.
  • Agricultural wastes are farm animal waste fertilisers, pesticides, insecticides, fungicides, herbicides and rodenticides.
  • Wastes may be biodegradable and non- biodegradable. It may be toxic and non-toxic.
  • Bio-array use of some organisms to know the biological effects of a sustance or factor.

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HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

Haryana State Board HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखण्ड कीजिए
(i) a2 + 8a + 16
(ii) p2 – 10p + 25
(iii) 25m2 + 30m + 9
(iv) 49 y2 + 84yz + 36z2
(v) 4x2 – 8x + 4
(vi) 121b2 – 88bc + 16c2
(vii) (l + m)2 – 4lm
(viii) a4 + 2a2b2 + b4
हल:
हम जानते हैं कि सर्वसमिका
(a + b)2 = a2 + 2ab + b2
तथा, (a – b)2 = a2 – 2ab + b2

(i) a2 + 8a + 16
= a2 + 2 × a × 4 + (4)2.
= a2 + 8a + 16
= (a + 4)2

(ii) p2 – 10p + 25
= p2 – 2 × p × 5 + (5)2
= (p – 5)2

(iii) 25m2 + 30m + 9
= (5m)2 + 2 × 5m × 3 + (3)2
= (5m + 3)2

(iv) 49y2 + 84yz + 36z2
= (7y)2 + 2 × 7y × 6z + (6z)2
= (7y + 6z)2
∴ 49y2 + 84yz + 36z2 = (7y + 6z)2

(v) 4x2 – 8x + 4
= (2x)2 – 2 × 2x × 2 + (2)2
= (2x – 2)2
= 22(x – 1)
= 4(x – 1)2
∴ 4x2 – 8x + 4 = 4(x – 1)2

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

(vi) 121b2 – 88bc + 16c2
= (11b)2 – 2 × 11b × 4c + (4c)2
= (11b – 4c)2
∴ 121b2 – 44bc – 44bc +16c2

(vii) (l + m)2 – 4lm
(l + m)2 का प्रयोग करने पर-
(l + m)2 = l2 + 2lm + m2

∴ (l + m)2 – 4lm = l2 + 2lm + m2 – 4lm
= l2 – 2 × l × m + m 2
= (l – m)2
∴ (l + m)2 – 4lm = (l – m)2

(viii) a4 + 2a2b2 + b4
= (a2)2 + 2 × a2 × b2 + (b2)2
= (a2 + b2)2
∴a4 + 2a2b2 + b4 = (a2 + b2)2

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

प्रश्न 2.
गुणनखंड कीजिए
(i) 4p2 – 9q2
(ii) 63a2 -112b2
(iii) 49x2 – 36
(iv) 16x5 – 144x3
(v) (l + m)2 (l – m)2
(vi) 9x2y2 – 16
(vii) (x2 – 2xy + y2)
(viii) 25a2 – 4b2 + 28bc – 49c2
हल:
(i) 4p2 – 9q2
सर्वसमिका a2 – b2 = (a + b)(a – b) से
∴ 4p2 – 9q2 = (2p)2 – (3q)2
= (2p + 3q) (2p – 3q)
∴ 4p2 – 9q2 = (2p + 3q) (2p – 3q)

(ii) 63a2 – 112b2
दोनों पदों में 7 उभयनिष्ठ है
∴ 63a2 – 112b2 = 7(9a2 – 16b2)
= 7[(3a)2 – (4b)2]
= 7 (3a + 4b) (3a – 4b)
∴ 63a2 – 112b2 = 7 (3a + 4b) (3a – 4b)

(iii) 49x2 – 36
= (7x)2 – (6)2
= (7x + 6) (7x – 6)
∴ 49x2 – 36 = (7x + 6) (7x – 6)

(iv) 16x5 – 144x3
= 16x3(x2 – 9)[16 x2 उभ्यनिष्ठ लेने पर]
= 16x3 (x2 – 32)
= 16x3[(x + 3)(x – 3)]
∴ 6x5 – 144x3 = 16x3[(x + 3)(x – 3)]

(v) (l + m)2 – (l – m)2
सर्वसमिका
(a + b)2 = a2 + 2ab + b2
तथा, (a – b)2 = a2 – 2ab + b2
∴ (l + m)2 = l2 + 2lm + m2
(l – m)2 = l2 – 2lm + m2

∴ (l + m)2 – (l – m)2 = l2 + 2lm + m2 – (l2 – 2lm + m2)
= l2 + 2lm + m2 – l2 + 2lm – m2
= 4lm
∴ (l + m)2 – (l – m)2 = 4lm

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

(vi) 9x2y2 – 16
= (3xy)2 – (4)2
= (3xy + 4) (3xy – 4)
∴ 9x2y2 – 16 = (3xy + 4) (3xy – 4)

(vii) (x2 – 2xy + y2) – z2
पहला पद, x2 – 2xy + y2
= (x)2 – 2 × x × y + (y)2
= (x – y)2
∴ (x2 – 2xy + y2) – z2 = (x – y)2 – (z)2
= (x – y + z) (x – y – z)
अतः (x2 – 2xy + y2) – z2 = (x – y + z) (x – y – z)

(viii) 25a2 – 4b2 + 28bc – 49c2
⇒ 25a2 – (4b2 – 28bc + 49c2)
⇒ 25a2 – [(2b)2– 2 x 2b x 7c + (7c)2]
⇒ 25a2 – (2b – 7c)2
⇒ (5a)2 – (2b – 7c)2
⇒ (5a + 2b – 7c) (5a – 2b + 7c)
∴ 25a2 – 4b2 + 28bc – 49c2 = (5a + 2b – 7c) (5a – 2b + 7c)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखंड कीजिए
(i) ax2 + 6x
(ii) 7p2 + 21q2
(iii) 2x3 + 2xy2 + 2xz2
(iv) am2 + bm2 + bn2 + an2
(v) (lm + l) + m + 1
(vi) y(y + z) + 9 (y + z)
(vii) 5y2 – 20y – 8z + 2yz
(viii) 10ab + 4a + 5b + 2
(ix) 6xy – 4y + 6 – 9x
हल:
(i) ax2 + bx
दोनों पदों में x उभयनिष्टि है।
ax2 + bx = x (ax + b)
∴ ax2 + bx= x (ax + b)

(ii) 7p2 + 21q2
दोनों पदों में 7 उभयनिष्टि है।
7p2 + 21q2 = 7(p2 + 3q2)
∴ 7p2 + 21q2 = 7(p2 + 3q2)

(iii) 2x3 + 2xy2 + 2xz2
इस योजक में 2x उभयनिष्टि है।
2x3 + 2xy2 + 2xz2
= 2x(x2 + y2 + z2)
∴ 2x3 + 2xy2 + 2xz2 = 2x(x2 + y2 + z2)

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

(iv) am2 + 6m2 + bn2 + an2
= (am2 + 6m2) + (bn2 + an2)
= m2(a + b) + n2(b + a)
= m2(a + b) + n2(a + b)
= (a + b) (m2 + n2)
∴ am2 + 6m2 + bn2 + an2 = (a + b) (m2 + n2)

(v) (lm + l) + m + 1
= lm + l) + (m + 1)
= l(m + 1) + 1 (m + 1)
= (m + 1) (l + 1)
∴ (lm + l) + m + 1 = (m + 1) (l + 1)

(vi) y(y + z) + 9(y + z)
= (y + z)(y + 9)
∴ y(y + z) + 9(y + z) = (y + z)(y + 9)

(vii) 5y2 – 20y – 8z + 2yz
= (5y2 – 20y) + 2yz – 8z
= 5y (y – 4) + 2z (y – 4)
= (y – 4) (5y + 2z)
∴ 5y2 – 20y – 8z + 2yz = (y – 4) (5y + 2z)

(viii) 10ab + 4a + 5b + 2
= (10ab + 4a) + (5b + 2)
= 2a (5b + 2) + 1(5b + 2)
= (5b + 2) (2a + 1)
∴ 10ab + 4a + 5b + 2 = (5b + 2) (2a + 1)

(ix) 6xy – 4y + 6 – 9x
= (6xy – 9x) – (4y – 6)
= 3x(2y – 3) – 2(2y – 3)
= (2y – 3) (3x – 2).
∴ 6xy – 4y + 6 – 9x = (2y – 3) (3x – 2).

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

प्रश्न 4.
गुणनखंड कीजिए
(i) a4 – b4
(ii) p4 – 81
(iii) x4 – (y + z)4
(iv) x4 – (x – z)4
(v) a4 – 2a2b2 + b4
Solution:
(i) a4 – b4
= (a2)2 – (b2)2
= (a2 + b2) (a2 – b2) (सर्वसमिका a2 – b2 = (a + b) (a- b) से)
= (a2 + b2) [a2 – b2]
= (a2 + b2) [(a + b) (a- b)]
अतः a4 – b4 = (a2 + b2) (a + b) (a- b)

(ii) p4 – 81
= p4 – 81
= (p2)2 – (9)2
= (p2 + 9) (p2 – 9)
= (p2 + 9) (p2 – 32)
= (p2 + 9) (p + 3) (p – 3)
∴ p4 – 81 = (p2 + 9) (p + 3) (p – 3)

(iii) x4 – (y + z)4
= (x2)2 – [(y + z)2]2
= [x2 + (y + z)2] [x2 – (y + z)2]
= [(x2 + (y + z)2)] [(x + y + z) (x – y – z)]
∴ x4 – (y + z)4 = (x + y + z) (x – y – z) (x2 + (y + z)2)

(iv) x4 – (x – z)4
= (x2)2 – [(x – z)2]2
= [x2 + (x – z)2] [x2 – (x – z)2]
= [x2 + (x – z)2] [(x + x – z) (x – x + z)]
= [x2 + (x – z)2] (2x – z) z
∴ x4 – (x – z)4 = z (2x – z) [x2 + (x – z)2]
= z (2x – z) (x2 + x2 – 2xz + z2)
= z (2x – z) (2x2 – 2xz + z2)

(v) a4 – 2a2b2 + b4
= (a2)2 – 2 × a2 × b2 + (b2)2
= (a2 – b2)2
= [(a + b) (a – b)]2
= (a + b)2 (a – b)2
∴ a4 – 2a2b2 + b4 = (a + b)2 (a – b)2

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

प्रश्न 5.
निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखंड कीजिए
(i) p2 + 6p + 8
(ii) q2 – 10q + 21
(iii) p2 + 6p – 16
हल:
(i) p2 + 6p + 8
अंक 8 को दो संख्याओं में इस प्रकार विभाजित करते हैं कि उनका योग व्यंजक के बीच वाली संख्या 6 के बराबर तथा उनका गुणनफल 8 हो-
अर: 8 = 4 × 2 (∴ 4 + 2 = 6)
अतः व्यंजक के मध्य पद 6p को 4p तथा 2p में विभाजित करेंगे ।
∴ p2 + 6p + 8 ⇒ p2 + 4p + 2p + 8
दो-दो संख्या लेकर याग्म बनाने पर-
= (p2 + 4p) + (2p + 8)
= p(p + 4) + 2(p + 4)
= (p + 4) (p + 2)

(ii) q2 – 10q + 21
21 = 7 × 3 (∴ 7 + 3 = 10)
अतः q2 – 7q – 3q + 21
युग्म बनाने पर,
= (q2 – 7q) – (3q – 21)
= q(q – 7) – 3(q – 7)
= (q – 3)(q – 7)
अतः q2 – 10q + 21 = (q – 3)(q – 7)

HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2

(iii) p2 + 6p – 16
व्यंजक के आखिरी पद 16 को दो संख्याओं में इस प्रकार विभाजित करेंगे कि उनका गुणनफल 16 तथा उनका अन्तर 6 हो जाय, क्योंकि पद 16 से पूर्व ॠणात्कक (-) चित्र है ।
16 = 8 × 2 (8 – 2 = 6)
अतः p2 + 6p – 16 = p2 + 8p – 2p – 16
युग्म बनाने पर = (p2 + 8p) – (2p + 16)
= p (p + 8) – 2 (p + 8)
= (p + 8)(p – 2)
अतः p2 + 6p – 16 = (p + 8)(p – 2)

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HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. अपचयन का उदाहरण है-
(1) Sn2+ → Sn4+
(2) I → I0
(3) [Fe(CN)6]3- → [Fe(CN)6]4-
(4) MnO42- → MnO4.
उत्तर:
(3) [Fe(CN)6]3- → [Fe(CN)6]4-

2. निम्न में रेडॉक्स अभिक्रिया है-
(1) SnCl2 + 2FeCl3 → SnCl4 + 2FeCl2
(2) AgNO3 + HCl → AgCl + HNO3
(3) 2KI + Pb(NO3)2 → 2KNO3 + PbI2
(4) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl.
उत्तर:
(1) SnCl2 + 2FeCl3 → SnCl4 + 2FeCl2

3. अभिक्रिया Na2S2O3 + Br2 + H2O → Na2SO4 + S + 2HBr में ऑक्सीकरण पदार्थ है-
(1) Na2S2O3
(2) Br2
(3) H2O
(4) S.
उत्तर:
(2) Br2

4. निम्न में ऑक्सीकरण प्रक्रिया है-
(1) Fe3+ + e → Fe2+
(2) I2 + 2e → 2I
(3) 2H+ + 2e → H2
(4) Cu – 2e → Cu2+
उत्तर:
(4) Cu – 2e → Cu2+

5. ऑक्सीकरण – अपचयन अभिक्रिया में-
(1) ऑक्सीकारक इलेक्ट्रॉन देता है
(2) अपचायक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है
(3) ऑक्सीकारक H+ ग्रहण करता है
(4) अपचायक इलेक्ट्रॉन देता है।
उत्तर:
(4) अपचायक इलेक्ट्रॉन देता है।

6. निम्न में ऑक्सीकरण – अपचयन अभिक्रिया कौन-सी है–
(1) KI + I2 → KI3
(2) Cu2+ + 4Cl → [CuCl4]2-
(3) CO + Cl2 → COCl2
(4) Hg22+ + 2I → Hg2I2
उत्तर:
(3) CO + Cl2 → COCl2

7. K2Cr2O7 में क्रोमियम का ऑक्सीकरण अंक है-
(1) -6
(2) -2
(3) +2
(4) +6.
उत्तर:
(4) +6.

8. क्लोरीन का उच्चतम ऑक्सीकरण अंक वाला यौगिक है-
(1) SO2Cl2
(2) HOCl
(3) COCl2
(4) CH2Cl2
उत्तर:
(2) HOCl

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

9. NH2OH तथा N3H में नाइट्रोजन की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमश: है-
(1) -1, -1/3
(2) -1/3, -1
(3) 1/3, -1
(4) 1, 1/3.
उत्तर:
(1) -1, -1/3

10. S8 में सल्फर की संयोजकता है-
(1) 0
(2) 2
(3) 4
(4) 8
उत्तर:
(1) 0

11. [Fe(CN)6]3- मैं Fe का ऑक्सीकरण अंक है-
(1) – 3
(2) 0
(3) + 3
(4) + 6.
उत्तर:
(3) + 3

12. निम्न में स्वतः ऑक्सीकरण अपचयन अभिक्रिया (असमानुपातन अभिक्रिया) कौन-सी है?
(1) MnO2 + 4HCl → MnCl2 + Cl2 + 2H2O
(2) Cl2 + 2NaOH → NaCl + NaOCl + H2O
(3) 2KI + Cl2 → 2KCl + I2
(4) Zn + 2NaOH → Na2ZnO2 + H2.
उत्तर:
(2) Cl2 + 2NaOH → NaCl + NaOCl + H2O

13. निम्न में से अपघटन अभिक्रिया कौन-सी है-
(1) C + O2 → CO2
(2) 3Mg + N2 → Mg3N2
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 1
(4) CuSO4 + Zn → Cu + ZnSO4
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 1

14. निम्न में से विस्थापन अभिक्रिया कौन-सी है?
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 2
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 3

15. तत्वों की बढ़ती क्रियाशीलता का सही क्रम है-
(1) Ca < Na < Li
(2) Ni < Na < Ca
(3) Au < Mg < Zn
(4) Sn < Ag < Au.
उत्तर:
(2) Ni < Na < Ca

16. निम्न में से कौन सी अभिक्रिया का होना सम्भव नहीं है-
(1) Cu2+ + Zn → Zn2+ + Cu
(2) 2KBr + I2 → 2KI + Br2
(3) 2Ag+ + Cu → 2Ag + Cu2+
(4) Fe + H2SO4 → FeSO4 + H2.
उत्तर:
(2) 2KBr + I2 → 2KI + Br2

17. कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन का प्लैटिनम इलेक्ट्रोडॉ के मध्य विद्यत अपघटन करने पर क्या होता है?
(1) कैथोड पर हाइड्रोजन और ऐनोड पर ऑक्सीजन मुक्त होती है
(2) कैथोड पर कॉपर जमा होता है और ऐनोड पर हाइड्रोजन निकलती है
(3) कैथोड पर ऑक्सीजन निकलती है और ऐनोड पर कॉपर जमा होता है
(4) सल्फ्यूरिक अम्ल का विलयन बनता है।
उत्तर:
(4) सल्फ्यूरिक अम्ल का विलयन बनता है।

18. K, Mg Fe और Zn धातुओं की अपचायक क्षमता बढ़ने है-
(1) K < Mg < Fe < Zn
(2) K < Mg < Zn < Fe
(3) Fe < Zn < Mg < K
(4) Zn उत्तर:
(3) Fe < Zn < Mg < K

19. निम्न में से किस धातु को उसके लवण के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन करके प्राप्त किया जा सकता है-
(1) Al
(2) Ca
(3) Na
(4) Ag
उत्तर:
(4) Ag

20. विद्युत रासायनिक श्रेणी में Cu Zn, Mg, Fe धातुओं की घटती हुई अपचायक क्षमता का क्रम है-
(1) Mg, Fe, Zn, Cu
(2) Cu Zn, Fe, Mg.
(3) Zn, Mg Fe, Cu
(4) Mg, Zn, Fe, Cu.
उत्तर:
(4) Mg, Zn, Fe, Cu.

21. चार तत्वों A B C तथा D के मानक अपचयन विभव क्रमशः – 2.90, + 2.90, + 1.50, 0.74 तथा +0.34 वोल्ट हैं। इनमें सर्वाधिक प्रबल अपचायक है-
(1) A
(2) B
(3) C
(4) D
उत्तर:
(1) A

22. Al, Sr, Hg और Cu को अपचायक क्षमता का बढ़ता क्रम है-
(1) Al, Hg, Sr, Cu
(2) Hg, Cu, Al, Sr
(3) Hg, Al, Cu, Sr
(4) Cu, Hg. Al, Sr.
उत्तर:
(2) Hg, Cu, Al, Sr

23. निम्न में से कौन सी धातु अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती है-
(1) Fe
(2) Zn
(3) Cu
(4) Mg.
उत्तर:
(3) Cu

24. कौन-सा हैलोजन अम्ल श्रेष्ठ अपचायक है-
(1)HCl
(2) HBr
(3) HI
(4) HF.
उत्तर:
(3) HI

25. अपचायक के रूप में कार्य नहीं करने वाला ऑक्साइड है-
(1) ClO2
(2) SO2
(3) NO2
(4) CO2.
उत्तर:
(4) CO2.

26. K3[Cr(C2O4)3] मैं क्रोमियम की समन्वय संख्या तथा ऑक्सीकरण अंक क्रमश: है-
(1) 6+3
(2) 3 व 0
(3) 4 व +2
(4) 3 व + 3.
उत्तर:
(1) 6+3

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

27. कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकारक या अपचायक के रूप में कार्य करने में सक्षम है-
(1) H2SO4
(2) SO2
(3) H2S
(4) HNO3.
उत्तर:
(2) SO2

28. ब्रोमीन जल SO2 से क्रिया करके बनाती है-
(1) H2O तथा HBr
(2) H2SO4 तथा HBr
(3) HBr तथा S
(4) S तथा H2O.
उत्तर:
(2) H2SO4 तथा HBr

29. अधोलिखित में कौन-सी अभिक्रिया में H2O2 अपचायक का कार्य करता है-
(1) 2FeCl2 + 2HCl + H2O2 → 2FeCl3 + 2H2O
(2) Cl2 + H2O2 → 2HCl + O2
(3) 2HI + H2O2 → 2H2O + I2
(4) H2SO3 + H2O2 → H2SO4 + H2O.
उत्तर:
(2) Cl2 + H2O2 → 2HCl + O2

30. K [Co(CO)4] में कोबाल्ट की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) +1
(2) +3
(3) -1
(4) – 3.
उत्तर:
(3) -1

31. अधोलिखित समीकरण में A के पर होगा-
2Fe3+(aq) + Sn2+(aq) → 2Fe2+(aq) + A
(1) Sn4+
(2) Sn3+
(3) Sn2+
(4) Sn0
उत्तर:
(1) Sn4+

32. अधोलिखित में से किस यौगिक में Mn की ऑक्सीकरण संख्या KIO4 में आयोडीन की ऑक्सीकरण संख्या के तुल्य है-
(1) पोटैशियम मँगनेट
(2) पोटैशियम परमैंगनेट
(3) मैंग्नस क्लोराइड
(4) मैग्नीज क्लोराइड।
उत्तर:
(2) पोटैशियम परमैंगनेट

33. ऐनायनों SO32-, S4O62- और S2O62- में सल्फर की ऑक्सीकरण अवस्थाओं का क्रम है-
(1) S2O62- < S2O42- < SO32-
(2) S2O42- < SO32- < S2O62-
(3) SO32-< S2O42- < S2O62-
(4) S2O62- < S2O62- < SO32-
उत्तर:
(2) S2O42- < SO32- < S2O62-

34. क्षारीय माध्यम में I, MnO4 द्वारा ऑक्सीकृत होता है, प्रक्रिया में I निम्न में परिवर्तित होता है-
(1) IO3
(2) I2
(3) IO4
(4) IO
उत्तर:
(1) IO3

35. [Ni (CO)4] मैं Ni की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) 0
(2)+2
(3)+3
(4)+4.
उत्तर:
(1) 0

36. निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया रेडॉक्स अभिक्रिया है-
(1) Zn+2AgCN → 2Ag + Zn(CN)2
(2) CaC2O4 + 2HCl → CaCl2 + H2C2O4
(3) NaCl + KNO3 → NaNO3 + KCl
(4) Mg(OH)2 + 2NH4Cl → 2NH4OH + MgCl2.
उत्तर:
(1) Zn+2AgCN → 2Ag + Zn(CN)2

37. CHCl2 में कार्बन परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) 3
(2) 2
(3) 5
(4) 0
उत्तर:
(4) 0

38. दी गयी अभिक्रिया में Br का व्यवहार है-
Br2 + H2O → HOBr + HBr
(1) केवल ऑक्सीकृत होती है
(2) अपचयित होती है
(3) दोनों व्यवहार दर्शाती है
(4) न ऑक्सीकृत होती है न अपचयित।
उत्तर:
(3) दोनों व्यवहार दर्शाती है

39. F2O में फ्लुओरीन व ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमशः
(1) -1,-2
(2) -1, +2
(3) -2,+2
(4) +2, -1.
उत्तर:
(2) -1, +2

40. विद्युत् रासायनिक श्रेणी में प्रबलतम अपचायक है-
(1) Li
(2) Na
(3) Cs
(4) Ra.
उत्तर:
(1) Li

41. KI तथा अम्लीय K2Cr2O7 के विलयन में बने अन्तिम उत्पाद Cr की ऑक्सीकरण अवस्था है-
(1) + 2
(2) +3
(3) +4
(4) +6.
उत्तर:
(2) +3

42. निम्न में से किसमें फॉस्फोरस की ऑक्सीकरण संख्या +3 है-
(1) फॉस्फोरस अम्ल
(2) पाइरोफॉस्फोरिक अम्ल
(3) ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल
(4) मेटाफॉस्फोरिक अम्ल।
उत्तर:
(3) ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल

43. H2S2O8 में S की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) +2
(2) +4
(3) +6
(7) +7
उत्तर:
(3) +6

44. SF6 में S की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) + 2
(2) +4
(3) +6
(4) +7
उत्तर:
(3) +6

45. KMnO4 में Mn की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) +4
(2) +5
(3) +6
(4) +7
उत्तर:
(4) +7

46. रेडॉक्स अभिक्रिया
2Hg2+ + Sn2+ → (A) + (B).
मैं उत्पाद (A) तथा (B) हैं-
(1) Hg+ और Sn
(2) Hg और Sn4+
(3) Hg22+ और Sn4+
(4) Hg22+ और Sn.
उत्तर:
(3) Hg22+ और Sn4+

47. CH4, CaH2 तथा H2 में हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमश: हैं-
(1) -1, +1, +1
(2) – 1, +1, 0
(3) +1, -1, 0
(4) -1, -1, +1.
उत्तर:
(3) +1, -1, 0

48. [Fe(CN)6]4- आयन में Fe की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) + 2
(2) +3
(3) +4
(4) +6.
उत्तर:
(1) + 2

49. मोर लवण है-
(1) सामान्य लवण
(2) संकर लवण
(3) अम्लीय लवण
(4) द्विक लवण
उत्तर:
(4) द्विक लवण

50. OF2 तथा H2O2 में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) -2,-1
(2) +2,-1
(3) +2+1
(4) -2, +1.
उत्तर:
(2) +2,-1

51. H2SO5 में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) +2
(2) +4
(3) +6
(4) +8.
उत्तर:
(3) +6

52. Mg2P2O7 तथा P4O74- में फॉस्फोरस की ऑक्सीकरण संख है-
(1) 5, 5
(2) 5, 2.5
(3) 2.5, 5
(4) -2.5, -5.
उत्तर:
(2) 5, 2.5

53. [Cu(NH3)4]2+ में Cu की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) + 2
(2) +3
(3) 0
(4) + 1.
उत्तर:
(1) + 2

54. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल का प्लैटिनम इलेक्ट्रोड के साथ कैथोड अभिक्रिया में विद्युत अपघटन है-
(1) उपचयन
(2) अपचयन
(3) उपचयन एवं अपचयन दोनों
(4) उदासीनीकरण।
उत्तर:
(2) अपचयन

55. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ अपचायक के रूप में कार्य करता है-
14H+ + Cr2O72- + 3Ni → 2Cr3+ + 7H2O
(1) H2O
(2) Ni
(3) H+
(4) CO2O72-
उत्तर:
(2) Ni

56. अपचायक-
(1) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं
(2) इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं।
(3) प्रोटॉन ग्रहण करते हैं
(4) प्रोटॉन त्यागते हैं।
उत्तर:
(2) इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं।

57. KMnO4 का तुल्यांकी भार, जब यह MnSO में परिवर्तित होता है, है-
(1) M/S
(2) M/6
(3) M/3
(4) M/2.
उत्तर:
(1) M/S

58. लोहे के गैल्वेनीकरण में प्रयुक्त होती है-
(1) Al
(2) Pb
(3) Zn
(4) Sn.
उत्तर:
(3) Zn

59. प्रबलतम अपचायक है–
(1) F
(2) Cl
(3) Br
(4) I
उत्तर:
(4) I

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से वे पदार्थ छाँटकर लिखिए जो ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों का कार्य कर सकते हैं-
O3, H2O2, FeCl2, HNO3, SO2
उत्तर:
ऑक्सीकारक व अपचायक पदार्थों के गुण O3 व H2O2 रखते हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 2.
निम्नलिखित अभिक्रिया के ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ कारण सहित लिखिए-
2K2MnO4 + O3 + H2O2 → 2KMnO4 + 2KOH + O2
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 4
क्योंकि Mn की ऑक्सीकरण संख्या + 6 से बढ़कर 7 हो जाती है अत: K2MnO4 अपचायक है तथा ओजोन K2MnO4 को KMnO4 में ऑक्सीकृत करती है; अत: O3 ऑक्सीकारक है।

प्रश्न 3.
रेडॉक्स अभिक्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर:
रेडॉक्स अभिक्रिया – जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में एक पदार्थ का ऑक्सीकरण तथा दूसरे का अपचयन हो रहा हो वे अभिक्रियाएँ रेडॉक्स अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण – 2FeCl3 + SnCl2 → 2FeCl2 + SnCl4

प्रश्न 4.
अपचयन को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
किसी पदार्थ द्वारा हाइड्रोजन या अन्य धन- विद्युती तत्व ग्रहण करने अथवा ऑक्सीजन या अन्य ऋण विद्युती तत्व त्यागने की प्रक्रिया अपचयन कहलाती है।
उदाहरण – Cl2 + H2 → 2HCl (क्लोरीन का अपचयन)
CuO + H2 → Cu + H2O (क्यूप्रिक ऑक्साइड का अपचयन)

प्रश्न 5.
ऑक्सीकारक क्या होते हैं? कुछ ऑक्सीकारकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
किसी अभिक्रिया में जिन पदार्थों का अपचयन होता है उन्हें ऑक्सीकारक कहते हैं।
उदाहरण – KMnO4, K2Cr2O7, सान्द्र HNO3, तनु H2SO4.

प्रश्न 6.
ऑक्सीकरण को उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन या अन्य ऋण- विद्युती तत्व ग्रहण करने अथवा हाइड्रोजन या अन्य धन विद्युती तत्व त्यागने की प्रक्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं।

उदाहरण-

  • C + O2 → CO2 (कार्बन का ऑक्सीकरण)
  • 2KI + Cl2 → I2 + 2KCI (KI का ऑक्सीकरण)

प्रश्न 7.
अपचायक क्या होते हैं? कुछ अपचायकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अभिक्रिया में जिन पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है उन्हें अपचायक कहते हैं।
उदाहरण – 2FeCl3 + SnCl2 → 2FeCl2 + SnCl4
उपर्युक्त अभिक्रिया में SnCl2 अपचायक है क्योंकि SnCl2 का SnCl4 में ऑक्सीकरण हो रहा है।

प्रश्न 8.
कारण देते हुए ऑक्सीकरण संख्या के आधार पर बताइए कि निम्नलिखित अभिक्रिया में कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकारक है?
2KI + Cl2 → 2KCl + I2
उत्तर:
अभिक्रिया 2 KI + Cl2 → 2KCl + I2
ऑक्सीकरण संख्या -1 0 -1 0
इसमें Cl2 की ऑक्सीकरण संख्या शून्य है और KCl में Cl की ऑक्सीकरण संख्या -1 है। यहाँ ऑक्सीकरण संख्या में कमी हो रही है; अत: Cl2 एक ऑक्सीकारक है।

प्रश्न 9.
इलेक्ट्रॉनीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह प्रक्रिया जिसमें किसी परमाणु आयन अथवा अणु द्वारा एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण किया जाता है उसे इलेक्ट्रॉनीकरण कहते हैं।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित में से कौन ऑक्सीकारक तथा कौन अपचायक है?
2KI + Cl2 → 2KCl + I2
उत्तर:
यहाँ Cl2 ऑक्सीकारक है तथा KI अपचायक है।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ कारण सहित लिखिए-
2K4Fe(CN)6 + H2O2 + 2HCl → 2K3Fe(CN)6 + 2KCl + 2H2O
उत्तर:
अभिक्रिया
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 5
K4Fe(CN)6 मैं Fe की ऑक्सीकरण संख्या में 2 से +3 की वृद्धि हो रही है अत: K4Fe(CN)6 अपचायक है तथा H2O2 में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या -1 से -2 हो जाती है अत: H2O2 ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करता है।

प्रश्न 12.
कारण सहित बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-सी ऑक्सीकरण तथा कौन-सी अपचयन अभिक्रिया है?
(i) Fe → Fe2+ + 2e
(ii) Sn4+ + 2e → Sn2+
उत्तर:
अभिक्रिया (i) ऑक्सीकरण अभिक्रिया है; क्योंकि इसमें Fe का Fe2+ में ऑक्सीकरण (धनात्मक संयोजकता में वृद्धि हो रहा है। अभिक्रिया (ii) अपचयन अभिक्रिया है क्योंकि इसमें Sn4+ का Sn2+ में अपचयन (धनात्मक संयोजकता में कमी) हो रही है।

प्रश्न 13.
निम्नलिखित में प्लैटिनम की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए-
[PtCl6]2-, (NH4)2PtCl6, PtCl4
उत्तर:
+ 4 + 4 + 4

प्रश्न 14.
निम्नलिखित में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए-
F2O, Cl2O7, H2O2, NaOCl, O3
उत्तर:
+2, 2, 1, 2, 0

प्रश्न 15.
S8 अणु में सल्फर की संयोजकता और ऑक्सीकरण संख्या बताइए।
उत्तर:
संयोजकता 2
ऑक्सीकरण संख्या – 0

प्रश्न 16.
अभिक्रिया 3ClO → 2Cl + ClO3 किस प्रकार की अभिक्रिया है?
उत्तर:
असमानुपातन अभिक्रिया है; क्योंकि इसमें ClO का ClO3 में ऑक्सीकरण तथा Cl में अपचयन होता है।

प्रश्न 17.
असमानुपातन (disproportionation) अभिक्रिया किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
वह अभिक्रिया जिसमें एक ही पदार्थ का ऑक्सीकरण व अपचयन होता हो, असमानुपातन अभिक्रिया कहलाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 6

प्रश्न 18.
उन धातुओं और अधातुओं के बारे में बताइए जो असमानुपातन अभिक्रिया प्रदर्शित कर सकती हैं।
उत्तर:
(क) वे अधातुएँ जो परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाओं में रह सकती हैं, असमानुपातन अभिक्रिया प्रदर्शित कर सकती हैं। फॉस्फोरस, क्लोरीन तथा सल्फर ऐसी ही अधातुएँ हैं।

(ख) संक्रमण श्रेणी (d-ब्लॉक तत्व) से सम्बद्ध धातुएँ असमानुपातन अभिक्रियाएँ प्रदर्शित कर सकती हैं। उदाहरणार्थ- मैंगनीज, आयरन तथा कॉपर आदि।

प्रश्न 19.
निम्नलिखित ऑक्साइडों में से कौन-कौन से ऑक्साइड H2 द्वारा अपंचयित हो सकते हैं? कारण सहित समझाइए-
Na2O, MgO, Al2O3, CuO, Ag2O
उत्तर:
इनमें CuO तथा Ag2O हाइड्रोजन गैस द्वारा अपचयित होंगे; क्योंकि विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Fe या उससे नीचे रखी धातुओं के ऑक्साइड H2 द्वारा अपचयित हो जाते हैं; अतः
CuO + H2 → Cu↓ + H2O
Ag2O + H2 → 2Ag↓+ H2O

प्रश्न 20.
निम्नलिखित आयनों में से कौन-सा आयन ब्रोमीन द्वारा ऑक्सीकृत होगा-
F, Cl, I
उत्तर:
फ्लुओरीन तथा क्लोरीन, ब्रोमीन से अधिक प्रबल ऑक्सीकारक हैं, परन्तु आयोडीन, ब्रोमीन से क्षीण ऑक्सीकारक है; अत: ब्रोमीन आयोडाइड आयन को आयोडीन में ऑक्सीकृत कर देगी-
2I + Br2 → I2 + Br
परन्तु यह फ्लुओराइड एवं क्लोराइड को ऑक्सीकृत नहीं करेगा।

प्रश्न 21.
लोहा, कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित करता है, किन्तु सिल्वर नहीं करता, क्यों?
उत्तर:
क्योंकि लोहा विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Cu से ऊपर है; अत: CuSO4 से Cu को विस्थापित कर देता है, जबकि सिल्वर इस श्रेणी में कॉपर से नीचे है अत: यह CuSO4 से Cu को विस्थापित नहीं करता है।
Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu ↓
Ag + CuSO4 → कोई अभिक्रिया नहीं।

प्रश्न 22.
कारण सहित समझाइए कि निम्नलिखित अभिक्रिया सम्भव है अथवा नहीं-
Fe + H2SO4 → FeSO4 + H2
उत्तर:
अभिक्रिया Fe + H2SO4 → FeSO4 + H2↑ में Fc (जो विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर है) के परमाणु इलेक्ट्रॉन देने में सक्षम हैं; अत: Fe अम्ल H2SO4 में से H2 विस्थापित कर देगा, इसलिए यह क्रिया सम्भव है अर्थात् Fe का E°, H के E° से उच्च है।

प्रश्न 23.
दो धातुओं के नाइट्रेटों के नाम बताइए जो तेजी से गर्म करने पर धातु में अपघटित हो जाते हैं।
उत्तर:
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में सिल्वर या उससे नीचे के तत्वों के नाइट्रेट गर्म करने पर अपने तत्वों में अपघटित हो जाते हैं। इस प्रकार Ag, Pt आदि के नाइट्रेट ताप से अपघटित हो जाते हैं।

प्रश्न 24.
घटते हुए इलेक्ट्रोड विभव के अनुसार कुछ तत्व निम्नलिखित क्रम में हैं, बताइए इनमें से कौन-से तत्व अम्लों से हाइड्रोजन का विस्थापन कर सकते हैं-
Ba, Mg, Zn, H, Cu, Ag
उत्तर:
Mg का विस्थापन नहीं होगा; क्योंकि Zn का इलेक्ट्रोड विभव अर्थात् इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता Mg से कम है।
Sn का विस्थापन होगा; क्योंकि Zn की इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता अर्थात् इसका इलेक्ट्रोड विभव Sn से अधिक है; अत: Zn, विलयन में से Sn को विस्थापित कर देगा।

प्रश्न 25.
क्या विलयन में Zn द्वारा Mg या Sn का विस्थापन हो जायेगा?
उत्तर:
Mg का विस्थापन नहीं होगा; क्योकि Zn का इलेक्ट्रोड विभव अर्थात् इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता Mg से कम है।
Sn का विस्थापन होगा: क्योंकि Zn की इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता अर्थात् इसका इलेक्ट्रोड विभव Sn से अधिक है; अत: Zn, विलयन में से Sn को विस्थापित कर देगा।

प्रश्न 26.
विद्युत-रासायनिक श्रेणी के आधार पर समझाइए कि निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया सम्भव है और क्यों?
(i) SnO + H2 → Sn + H2O
(ii) CaO + H2 → Ca + H2O
उत्तर:
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Ca का स्थान Sn की अपेक्षा काफी पहले है; अत: Ca के लक्षण अधिक स्थायी होते हैं। इस कारण केवल अभिक्रिया (i) ही सम्भव है।

प्रश्न 27.
2KCI + I2 → 2KI + CI2 क्रिया होगी या नहीं?
उत्तर:
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में I2 का स्थान Cl2 से ऊपर है; अत: I2, KCI से Cl2 विस्थापित नहीं करेगी।
अभिक्रिया 2KCI + I2 2KI + Cl2 सम्भव नहीं है।

प्रश्न 28.
निम्नलिखित में से किस ऑक्साइड का हाइड्रोजन द्वारा अपचयन होता है?
Na2O, CaO, Al2O3, CuO, ZnO
उत्तर:
उन धातुओं के ऑक्साइडों का हाइड्रोजन द्वारा अपचयन होगा जो विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में आयरन तथा कॉपर के बीच स्थित हैं; अत: केवल CuO का हाइड्रोजन द्वारा अपचयन होगा।

प्रश्न 29.
विद्युत् – रासायनिक श्रेणी के आधार पर बताइए कि लोहे की कीलों को CuSO4 विलयन में छोड़ देने पर उन पर ताँबा क्यों चढ़ जाता है?
उत्तर:
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Cu का स्थान लोहे से नीचे है; अत: CuSO4 विलयन से लोहा, Cu को विस्थापित कर देता है जिसके फलस्वरूप विस्थापित Cu, लोहे की कीलों पर चढ़ जाता है।
CuSO4 + Fe – → FeSO4 + Cu ↓

प्रश्न 30.
लोहे पर निम्नलिखित धातुओं में से किसकी परत चढ़ाई जा सकती है?
Mg, Cu, Ag
उत्तर:
लोहे पर Cu तथा Ag की परत चढ़ाई जा सकती है; क्योंकि इन तत्वों का इलेक्ट्रोड विभव धनात्मक है। इसके विपरीत Mg की परत लोहे पर नहीं चढ़ाई जा सकती; क्योंकि इसका इलेक्ट्रोड विभव Fe से कम है।

प्रश्न 31.
जिंक तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया करता है, जबकि ताँबा नहीं। कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
Zn का इलेक्ट्रोड विभव H के इलेक्ट्रोड विभव से उच्च है। इस कारण जिंक तनु HCl से हाइड्रोजन पृथक् करता है।
Zn + 2HCI → ZnCl2 + H2
जबकि कॉपर का इलेक्ट्रोड विभव हाइड्रोजन के इलेक्ट्रोड विभव से कम है; इस कारण यह तनु HCl से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करता है।

प्रश्न 32.
कौन-सी धातुएँ तनु H2SO4 से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती हैं?
उत्तर:
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर अर्थात् वे धातुएँ, जिनका मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) व ऋणात्मक होता है तनु H2SO4 से हाइड्रोजन विस्थापित कर देती हैं; जैसे- Zn, Fe, K आदि। इसके विपरीत हाइड्रोजन से नीचे अर्थात् धनात्मक मानक इलेक्ट्रोड विभव वाली धातुएँ; जैसे – Cu, Ag आदि अम्ल से H2 विस्थापित नहीं कर पाती हैं।

प्रश्न 33.
भाप को अपघटित करने वाली धातुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में वे धातुएँ, जो हाइड्रोजन से ऊपर हैं, जलवाष्प को अपघटित कर देती हैं और हाइड्रोजन मुक्त करती हैं। जैसे – Fe, Zn, Na आदि।

प्रश्न 34.
निम्न तत्वों को उनकी बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में समझाइए –
Al, Ag, Fe, Ca, Cu
उत्तर:
Ag < Cu < Fe < Al < Ca प्रश्न 35. निम्नलिखित धातुओं को उनकी घटती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में लिखिए- Fe, Na, Cu, Zn उत्तर: विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Na का स्थान Zn से ऊपर है, Zn का स्थान Fe से ऊपर हैं, Fe का Cu से ऊपर है। अतः श्रेणी में धातुओं की आक्सीकृत होने की प्रवृत्ति ऊपर से नीचे की ओर घटती है। इनकी घटती हुई अपचायक क्षमता निम्न प्रकार है- Na > Zn > Fe > Cu

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 36.
निम्नलिखित हैलोजनों को उनकी बढ़ती हुई ऑक्सीकारक क्षमता के क्रम में लिखिए-
I2, Cl2, Br2, F2
उत्तर:
I2 < Br2 < Cl2 < F2

प्रश्न 37.
निम्नलिखित हैलोजन अम्लों को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में लिखिए-
HCl, HI, HF, HBr
उत्तर:
HF < HCl < HBr < HI

प्रश्न 38.
निम्नलिखित अभिक्रिया सम्भव है या नहीं-
Cu + H2SO4 → CuSO4 + H2
उत्तर:
सम्भव नहीं है, क्योंकि Cu की ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति हाइड्रोजन से दुर्बल है।

प्रश्न 39.
क्या कारण है सोडियम साधारण ताप पर जल से क्रिया करता है जबकि मैग्नीशियम केवल उच्च ताप पर क्रिया करता है?
उत्तर:
मैग्नीशियम के पृष्ठ पर ऑक्साइड की रक्षी परत होती है। तथा साधारण ताप पर Mg की जल से अभिक्रिया मन्द होती है।

प्रश्न 40.
एक सेल में जिंक की छड़, जिंक आयन के घोल में तथा कॉपर की छड़ क्यूप्रिक आयन के घोल में डुबी हुई हैं। दोनों छड़ों को तार से जोड़ने पर इलेक्ट्रोडों पर क्या क्रियाएँ होंगीं?
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 7
क्योंकि कॉपर का मानक अपचयन विभव धनात्मक है।

प्रश्न 41.
सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में कॉपर डालने से विलयन का रंग नीला हो जाता है, क्यों?
उत्तर:
कॉपर सिल्वर आयनों को सिल्वर में अपचयित कर देता है और स्वयं Cu2+ आयनों में ऑक्सीकृत हो जाता है जिसका रंग नीला होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 8

प्रश्न 42.
Sn2+, Fe2+ और I को बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के अनुसार क्रमबद्ध कीजिए।
उत्तर:
Fe2+ + I + Sn2+

प्रश्न 43.
निम्न में से कौन-सा ऑक्साइड H2 द्वारा अपचयित हो सकता है और क्यों?
Al2O3, MgO, CuO, Na2O, Ag2O
उत्तर:
CuO और Ag2O, क्योंकि Cu और Ag हाइड्रोजन से दुर्बल अपचायक हैं।

प्रश्न 44.
कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में लोहे की छड़ डालने पर विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे क्यों गायब हो जाता है? समझाइए।
उत्तर:
CuSO4 + Fe → FeSO4 + Cu
क्योंकि Cu2+ आयन, Fe से विस्थापित होकर Cu बनाता है।

प्रश्न 45.
लीथियम हाइड्राइड (LiH) में लीथियम तथा हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या बताइए।
उत्तर:
LiH में Li की ऑक्सीकरण संख्या (+1) तथा हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या (- 1) है।

प्रश्न 46.
Na2O में सोडियम की ऑक्सीकरण संख्या क्या होगी?
उत्तर:
Na2O (माना सोडियम की ऑक्सीकरण संख्या x है )
2 × x + (- 2 ) = 0
या 2x = + 2
∴ x = + 1

प्रश्न 47.
[Fe(CO)5] में Fe की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
उत्तर:
[Fe(CO)5] में Fe की ऑक्सीकरण संख्या शून्य (0) है।

प्रश्न 48.
निम्न में से कौन-सा ऑक्साइड गर्म करने पर अपघटित होगा?
Ag2O, CO, MgO तथा ZnO
उत्तर:
केवल Ag2O ही गर्म करने पर अपघटित होता है।

प्रश्न 49.
क्या लोहे पर Mg की परत चढ़ सकती है?
उत्तर:
लोहे पर Mg की परत नहीं चढ़ सकती है क्योंकि Fe2+ या Fe3+ आयनों में से कोई भी Mg से क्रिया नहीं करता है।

प्रश्न 50.
चाँदी के तार को CuSO4 विलयन में डालने पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
चाँदी के तार को CuSO4 में डालने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

प्रश्न 51.
Zn की छड़ को CuSO4 विलयन में डालने पर विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे गायब क्यों हो जाता है?
उत्तर:
Zn की छड़ को CuSO4 विलयन में डालने पर Zn, CuSO4 से क्रिया करती है जिसके कारण Cu2+ आयन Cu में परिवर्तित हो जाते हैं तथा ZnSO4 बनने लगता है। ZnSO4 रंगहीन होता है, इस कारण विलयन का नीला रंग गायब हो जाता है।

प्रश्न 52.
निम्न समीकरण को पूरा कीजिए-
P + OH + …….. H2PO2 + PH3
उत्तर:
4P + 3OH + 3H2O → 3H2PO2 + PH3
यह एक असमानुपातन अभिक्रिया है।

प्रश्न 53.
निम्न समीकरण को सन्तुलित कीजिए-
I2 + OH → I + IO3 + H2O
उत्तर:
3I2 + 6OH → 5I + IO3 + H2O

प्रश्न 54.
Cu की छड़ को AgNO3 विलयन में डालने पर विलयन का रंग नीला क्यों हो जाता है?
उत्तर:
Cu की छड़ को AgNO3 में डालने पर Cu(NO3)2 बनने के कारण विलयन का रंग नीला हो जाता है क्योंकि Cu2+ आयनों का रंग नीला होता है।

प्रश्न 55.
ताँबे के तार को AgNO3 में डालने पर क्या अभिक्रिया होती है?
उत्तर:
Cu + 2AgNO3 → Cu (NO3)2 + 2Ag.

प्रश्न 56.
KMnO4 में सभी परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्या का योग क्या होगा?
उत्तर:
शून्य।

प्रश्न 57.
संयोजकता एवं ऑक्सीकरण संख्या में एक प्रमुख अन्तर बताइए।
उत्तर:
संयोजकता पूर्ण होती है जबकि ऑक्सीकरण संख्या आंशिक भी हो सकती है।

प्रश्न 58.
SO2 के सम्पर्क में अम्लीकृत K2Cr2O का कागज ले जाने पर यह हरा हो जाता है, क्यों?
उत्तर:
अम्लीय माध्यम में SO2, K2 Cr2O को Cr2 (SO4)4 में अपचयित कर देती है जो हरे रंग का होता है।

प्रश्न 59.
एक द्विधात्विक यौगिक में एक धातु तथा एक अधातु है। किसकी ऑक्सीकरण संख्या धनात्मक होगी?
उत्तर:
धातु की।

प्रश्न 60.
दो धातुओं से बने यौगिक में किसकी ऑक्सीकरण संख्या धनात्मक होगी?
उत्तर:
कम विद्युत् ऋणात्मक तत्व की।

प्रश्न 61.
निम्नलिखित को ऑक्सीकरण संख्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
HXO, HXO3, HXO2, HXO4
उत्तर:
HXO < HXO2 < HXO3 < HXO4.

प्रश्न 62.
निम्न समीकरण में ऑक्सीकारक तथा अपचायक छाँटें-
PCl3 + Cl2 → PCI5
उत्तर:
सभी की ऑक्सीकरण संख्या निम्न हैं-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 9

प्रश्न 63.
स्वत: रेडॉक्स अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
2Cu → Cu + Cu2+

प्रश्न 64.
P4 में फॉस्फोरस की सामान्य संयोजकता व ऑक्सीकरण संख्या बताइए।
उत्तर:
3 तथा 0.

प्रश्न 65.
CH4, CaH2, H2, HCl में हाइड्रोजन (H) की ऑक्सीकरण संख्या बताइए।
उत्तर:
CH4 = + 1
CaH2 = – 1
H2 = 0
HCl = + 1

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 66.
CH4, CH3Cl, CH2Cl2, CHCl3 और CCl4 में कार्बन
की ऑक्सीकरण संख्याएँ बताइए।
उत्तर:
CH4 = – 4
CH3Cl = – 2
CH2Cl2 = 0
CHCl3 = + 2
CCl4 = + 4

प्रश्न 67.
Zn + Fe2+ → Zn2+ + Fe में किसका ऑक्सीक हो रहा है तथा किसका अपचयन?
उत्तर:
Zn का ऑक्सीकरण तथा Fe2+ का अपचयन।

प्रश्न 68.
N, S तथा Cl की न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या क्या होगी?
उत्तर:
न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या = समूह संख्या – 8
N = 5 – 8 = – 3
S = 6 – 8 = – 2

प्रश्न 69.
फ्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या सदैव – 1 है, क्यों?
उत्तर:
क्योंकि यह सर्वाधिक विद्युत् ऋणात्मक तत्व है, इसकी ऑक्सीकरण संख्या सदैव ऋणात्मक होगी तथा
न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या = 7 – 8
= – 1

प्रश्न 70.
MnCl2, MnO2 तथा KMnO4 को ऑक्सीकरण संख्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 10

प्रश्न 71.
क्लोरीन की न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या व अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या वाला यौगिक = NaCl
अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या वाला यौगिक = Cl2O7

प्रश्न 72.
KMnO4 → K2MnO4 में KMnO4 तथा K2 MnO4 का तुल्यांकी भार बताइए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 11

प्रश्न 73.
[Fe (SCN)]2+ में Fe की ऑक्सीकरण संख्या क्या है।
उत्तर:
+ 3.

प्रश्न 74.
वैद्युत रासायनिक सेल में ऐनोड ऋणावेशित क्यों होता है?
उत्तर:
वैद्युत रासायनिक सेल में ऐनोड ऋणावेशित होता है क्योंकि ऐनोड पर इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं।

प्रश्न 75.
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड को उत्क्रमणीय इलेक्ट्रोड क्यों कहते हैं?
उत्तर:
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड उत्क्रमणीय इलेक्ट्रोड कहलाते हैं। क्योंकि वैद्युत रासायनिक सेल में यह ऐनोड तथा कैथोड दोनों की तरह व्यवहार करता है।

प्रश्न 76.
गैल्वेनी सेल में वैद्युत ऊर्जा का स्रोत क्या होता है?
उत्तर:
गैल्वेनी सेल में, रेडॉक्स अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित प्रकृति की होती है। अभिक्रिया में मुक्त ऊर्जा (∆G) के रूप में ऊर्जा निकलती है। यही ऊर्जा वैद्युत ऊर्जा में रूपान्तरित हो जाती है।

प्रश्न 77.
इलेक्ट्रॉनिक संकल्पना के अनुसार ऑक्सीकरण क्या है?
उत्तर:
अभिक्रिया के दौरान ऑक्सीकरण में किसी स्पीशीज द्वारा एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन का निष्कासन होता है। हरण दीजिए।

प्रश्न 78.
असमानुपातन अभिक्रिया का एक उदाहरण है।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 12
चूँकि P की ऑक्सीकरण संख्या में कमी के साथ-साथ वृद्धि भी हो रही है। इसलिए यह एक असमानुपातन अभिक्रिया का उदाहरण है।

प्रश्न 79.
(CN) आयन में कार्बन की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
उत्तर:
(CN)
x – 3 = – 1
∴ x = + 2

प्रश्न 80.
N2O, NO और N2O5 में से कौन-सा HNO3 का एनहाइड्राइड है?
उत्तर:
HNO3 का एनहाइड्राइड N2O5 है और यह निम्न प्रकार बनता है-
2HNO3 → N2O5 + H2O

प्रश्न 81.
सोडियम अमलगम (Na-Hg) में सोडियम की ऑक्सीकरण अवस्था क्या है?
उत्तर:
सोडियम अमलगम साधारणतः दो धातुओं से मिलकर बना एक समांगी मिश्रण है तथा इसमें कोई भी रासायनिक अभिक्रिया नहीं होती है। दोनों धातुएँ मूल अवस्था में होती हैं तथा इसकी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ शून्य होती हैं।

प्रश्न 82.
विरंजक चूर्ण में क्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
उत्तर:
विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र निम्न है –
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 13
इसमें Cl की ऑक्सीकरण अवस्था – 1 है।

प्रश्न 83.
ऑक्सीकरण अभिक्रिया में तत्व के ऑक्सीकरण अंक में क्या परिवर्तन होता है?
उत्तर:
ऑक्सीकरण अभिक्रिया में तत्व के ऑक्सीकरण अंक में वृद्धि होती है-
Fe2+ → Fe3+ + e

प्रश्न 84.
KO2 (पोटैशियम सुपरऑक्साइड) में ऋणायन पर आवेश व ऑक्सीजन में ऑक्सीकरण संख्या होगी।
उत्तर:
KO2 पोटैशियम का सुपर ऑक्साइड है-
KO2 → K+ + O2+
ऋणायन पर आवेश – 1 होगा, ऑक्सीजन में ऑक्सीकरण संख्या – 1/2 होगी।

प्रश्न 85.
Fe0.94O में Fe की ऑक्सीकरण संख्या है?
उत्तर:
Fe0.94O
x × 0.94 + 1 × (- 2) = 0
या 0.94x – 2 = 0
या 0.94x = 2
∴ x = \(\frac { 200 }{ 94 }\)

लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
ऑक्सीकरण व अपचयन अभिक्रियाओं में अन्तर बताइए।
उत्तर:
ऑक्सीकरण तथा अपचयन में अन्तर
Table

प्रश्न 2.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किस पदार्थ का ऑक्सीकरण और किस पदार्थ का अपचयन हो रहा है, बताइए ?
(i) \(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{O}_2\)
(ii) \(\mathrm{SO}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{Cl}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{HCl}+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4\)
(iii) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+\mathrm{I}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{HI}+\mathrm{S}\)
(iv) \(2 \mathrm{KMnO}_4+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+5 \mathrm{HNO}_2 \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+2 \mathrm{MnSO}_4+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+5 \mathrm{HNO}_3\)
उत्तर:
(i) PbS का ऑक्सीकरण तथा O3 का अपचयन।
(ii) SO2 का ऑक्सीकरण तथा Cl2 का अपचयन।
(iii) H2S का ऑक्सीकरण तथा l2 का अपचयन।
(iv) HNO2 का ऑक्सीकरण तथा KMnO4 का अपचयन।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 3.
नीचे दी गई अभिक्रियाओं में पहचानिए कि किसका ऑक्सीकरण हो रहा है और किसका अपचयन ?
(i) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}_{(g)}+\mathrm{Cl}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{HCl}_{(g)}+\mathrm{S}_{(\mathrm{s})}\)
(ii) \(3 \mathrm{Fe}_3 \mathrm{O}_{4(s)}+8 \mathrm{Al}_{(s)} \longrightarrow 9 \mathrm{Fe}_{(s)}+4 \mathrm{Al}_2 \mathrm{O}_{3(s)}\)
(iii) \(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{H}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{NaH}_{(s)}\)
उत्तर:
(i) H2S का ऑक्सीकरण हो रहा है; क्योंकि हाइड्रोजन से ऋणविद्युती तत्व क्लोरीन का संयोग हो रहा है या धर्नविद्युती तत्व हाइड्रोजन का सल्फर से निष्कासन हो रहा है। हाइड्रोजन के संयोग के कारण क्लोरीन का अपचयन हो रहा है।
(ii) ऑक्सीजन के संयोग के कारण ऐलुमिनियम का ऑक्सीकरण हो रहा है। ऑक्सीजन के निष्कासन के कारण फेरोसोफेरिक ऑक्साइड (Fe3O4) का अपचयन हो रहा है।
(iii) विद्युत् ऋणात्मकता की अवधारणा के सावधानी-पूर्वक अध्ययन से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि सोडियम ऑक्सीकृत तथा हाइड्रोजन अपचयित होता है।

प्रश्न 4.
H2O2 एक ऑक्सीकारक व अपचायक पदार्थ है। एक-एक समीकरण द्वारा कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
माना \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KOH}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)

इस अभिक्रिया में KI ऑक्सीकृत होकर I2 देता है, जबकि H2O2 का अपचयन होता है; अतः इस क्रिया में H2O2 ऑक्सीकारक का कार्य करता है।
माना \(\mathrm{Ag}_2 \mathrm{O}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{Ag} \downarrow+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{O}_2 \uparrow\)

इस अभिक्रिया में Ag2O अपचयित होकर Ag बनाता है। इसलिए यह अपचयन की क्रिया है जिसमें H2O2 एक अपचायक है।

प्रश्न 5.
ओजोन एक ऑक्सीकारक और अपचायक पदार्थ है। एक-एक समीकरण द्वारा इस कथन की पुष्टि कीजिए।
अथवा
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किसमें ओजोन ऑक्सीकारक तथा किसमें अपचायक का कार्य करती है? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
\(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{O}_2 \uparrow\)
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+\mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+2 \mathrm{O}_2 \uparrow\)
उत्तर:
यदि ओजोन की किसी पदार्थ से क्रिया होने पर उस पदार्थ में ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि (PbS का PbSO4 में ऑक्सीकरण होने पर S की ऑक्सीकरण संख्या -2 से +6 हो जाती है) होती है तो उस पदार्थ का ऑक्सीकरण होता है। लेड सल्फाइड, ओजोन की क्रिया से लेड सल्फेट में ऑक्सीकृत हो जाता है; अतः इस अभिक्रिया में ओजोन ऑक्सीकारक है।
\(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{O}_2 \uparrow\)
इसी प्रकार, यदि ओजोन की क्रिया से किसी पदार्थ से ऑक्सीजन पृथक् हो जाए तो ओजोन अपचायक होती है; जैसे-निम्नांकित अभिक्रिया में ओजोन अपचायक है; क्योंकि इसमें H2O2 के H2O में परिवर्तन पर ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या -1 से घटकर -2 हो जाती है; अतः इसमें H2O2 ऑक्सीकारक का कार्य करता है।
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+\mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+2 \mathrm{O}_2 \uparrow\)
उपर्युक्त अभिक्रियाओं से स्पष्ट है कि ओजोन ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों की तरह व्यवहार करती है।

प्रश्न 6.
कारण सहित बताइए कि निम्नलिखित में कौन-सा ऑक्सीकारक तथा कौन-सा अपचायक है?
\(2 \mathrm{I}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{OH}^{-}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)
अथवा
कारण देते हुए बताइए कि निम्नांकित अभिक्रिया मे कौन-सा पदार्थ अपचायक है?
\(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KOH}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)
उत्तर:
उपर्युक्त समीकरण को इस प्रकार भी लिखा जा सकता है-
\(2 \mathrm{I}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{OH}^{-}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)
IMG

क्योंकि आयोडीन (I) की ऑ. सं. में -1 से 0 तक वृद्धि तथा ऑक्सीजन (O) की ऑ सं. में -1 से -2 तक कमी हो रही है; अतः H2O2 ऑक्सीकारक तथा I2 अपचायक है।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में H2O2 किसमें ऑक्सीकारक तथा किसमें अपचायक का कार्य करता है?
(i) \(\mathrm{Cl}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{HCl}+\mathrm{O}_2 \uparrow\)
(ii) \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KOH}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)
उत्तर:
(i) IMG
इस अभिक्रिया में H2O2 अपचायक है; क्योंकि O की ऑ. सं. में -1 से 0 की वृद्धि हो रही है।
(ii)IMG
इस अभिक्रिया में H2O2 ऑक्सीकारक है; क्योंकि O की ऑ. सं. -1 से -2 तक घट रही है।

प्रश्न 8.
कारण देते हुए बताइए कि निम्नलिखित अभिक्रिया में कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकारक है ?
(i) \(2 \mathrm{FeCl}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+2 \mathrm{HCl}+\mathrm{S} \downarrow\)
(ii) \(\mathrm{SnCl}_2+\mathrm{HgCl}_2 \longrightarrow \mathrm{SnCl}_4+\mathrm{Hg} \downarrow\)
उत्तर:
IMG
इस अभिक्रिया में FeCl3 में Fe की ऑ. सं. +3 है तथा FeCl2 में Fe की ऑ. सं. +2 है; क्योंकि ऑ. सं. में कमी हो रही है; अत: FeCl3 ऑक्सीकारक है।
(ii) IMG
इस अभिक्रिया में HgCl2 में Hg की ऑ. सं. +2 है तथा Hg में Hg की ऑ. सं. 0 (शून्य) है; क्योंकि ऑ. सं. में कमी हो रही है; अत: HgCl2 ऑक्सीकारक है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किसमें SO2 ऑक्सीकारक तथा किसमें अपचायक का कार्य करती है?
(i) \(2 \mathrm{Mg}+\mathrm{SO}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{MgO}+\mathrm{S} \downarrow\)
(ii) \(2 \mathrm{SO}_2+\mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{SO}_3 \uparrow\)
उत्तर:
(i) IMG
यहाँ SO2 में S की ऑ. सं. +4 तथा सल्फर में S की ऑ. सं. 0 है अर्थात् ऑ. सं. में कमी हो रही है; अतः इसमें SO2 का S में अपचयन होता है और SO2 ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करती है।

(ii) IMG

यहाँ SO2 में S की ऑ. सं. +4 तथा SO3 में S की ऑ. सं. +6 है अर्थात् ऑ. सं. में वृद्धि हो रही है; अतः इस क्रिया में SO2 अपचायक की भाँति कार्य करती है।

प्रश्न 10.
निम्नांकित अभिक्रियाओं में ऑक्सीकारक और अपचायक बताइए। कारण भी दीजिए-
(i) \(2 \mathrm{FeCl}_3+\mathrm{SnCl}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+\mathrm{SnCl}_4\)
(ii) \(2 \mathrm{FeCl}_3+2 \mathrm{KI} \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+2 \mathrm{KCl}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)
(iii) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_3+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \longrightarrow 3 \mathrm{~S} \downarrow+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(iv) \(2 \mathrm{Cu}^{2+}+4 \mathrm{I}^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{CuI}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)
उत्तर:
IMG
उपर्युक्त अभिक्रिया में Sn की ऑक्सीकरण संख्या में +2 से +4 की वृद्धि हो रही है; अतः SnCl2 अपचायक है तथा Fe की ऑ. सं. में + 3 से +2 की कमी हो रही है; अत: FeCl3 एक ऑक्सीकारक है।
(ii) IMG
उपर्युक्त अभिक्रिया में FeCl3 ऑक्सीकारक है; क्योंकि यह KI (जिसमें I की ऑ. सं. -1 है) को I2 (जिसकी ऑ. सं. शून्य है) में ऑक्सीकृत कर देता है और KI एक अपचायक है; क्योंकि यह FeCl3 (जिसमें Fe की ऑ. सं. +3) को FeCl2 (जिसमें Fe की ऑ. सं. +2) में अपचयित कर देता हैं।
(iii) IMG
उपर्युक्त अभिक्रिया में क्योंकि H2S में S की ऑ. सं. में -2 से 0 तक वृद्धि तथा H2SO3 में S की ऑ.सं. में +4 से 0 तक कमी हो रही है; अतः इस अभिक्रिया में H2SO3 ऑक्सीकारक तथा H2S अपचायक है।
(iv) IMG

प्रश्न 28.
अभिक्रिया \(\mathrm{Cl}_{2(g)}+2 \mathrm{I}^{-} \longrightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 \mathrm{Cl}^{-}\) के लिए E0cell का मान नीचे दी गई अर्द्ध्र- अभिक्रियाओं की सहायता से ज्ञात करिए-
\(\mathrm{Cl}_{2(\mathrm{~g})}+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Cl}^{-}\) E0 = + 1.36V
\(\mathrm{I}_{2(\mathrm{~g})}+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{I}^{-}\) E0 = +0.54V
उत्तर:
\(\mathrm{E}_{\text {cell }}^0=\mathrm{E}_{\text {(cathode) }}^0-E_{(\text {Anode) }}^0\)
= \(\mathrm{E}_{\mathrm{Cl}_2 / \mathrm{Cl}^{-}}^0-\mathrm{E}_{\mathrm{I}_2 / \mathrm{I}}^0\)
= 1.36 -(+ 0.54)
= 0.82 V

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 29.
Zn2+, Mg2+ और Na+ के लिए मानक अपचयन विभव के मान क्रमशः -0.76V, -2.37 V तथा -2.71V हैं।
अतः निम्न में से सर्वाधिक शक्तिशाली ऑक्सीकारक कौन-सा है ?
Zn2+, Mg2+ य| Na+
उत्तर:
उपर्युक्त लिखे आयनों में से Zn2+ सर्वाधिक शक्तिशाली ऑक्सीकारक है क्योंकि इसके मानक अपचयन विभव का मान सबसे अधिक है अतः यह आसानी से इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर सकता है।

प्रश्न 30.
निम्नलिखित अभिक्रिया गैल्वनिक सेल में विद्युत् का उत्पादन करती है-
\(2 \mathrm{Fe}^{3+}+2 \mathrm{Cl}^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}^{2+}+\mathrm{Cl}_2\)
इस सेल में ऐनोड और कैथोड पर होने वाली अभिक्रियाओं को लिखिए। इसके साथ-साथ ऐनोड और कैथोड की प्रवृत्ति बताइए तथा सेल आरेख लिखिए।
उत्तर:
IMG
सेल में ऐनोड पर ऑक्सीकरण होता है तथा यह-ve terminal होता है जबकि कैथोड पर अपचयन होता है तथा यह + ve terminal का कार्य करता है।
सेल आरेख- \(\mathrm{Cl}^{-}\left|\mathrm{Cl}_2 \| \mathrm{Fe}^{3+}\right| \mathrm{Fe}^{2+}\)

प्रश्न 31.
निम्नलिखित धातुओं को उनकी ऑक्सीकृत होने की घटती हुई प्रवृत्ति के क्रम में लिखिए-
Zn, Cu, Mg, Ag
उत्तर:
विद्युत् रासायनिक श्रेणी में धातुओं की इलेक्ट्रॉन त्याग करने की अर्थात् ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति ऊपर से नीचे की ओर घटती है। विद्युत् रासायनिक श्रेणी में Mg का स्थान Zn के ऊपर, Zn का स्थान Cu के ऊपर और Cu का स्थान Ag के ऊपर है। अतः इन धातुओं की ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति घटने का क्रम होगा-
Mg > Zn > Cu > Ag

प्रश्न 32.
कॉपर का मानक इलेक्ट्रोड विभव +0.34 V और जिंक का मानक इलेक्ट्रोड विभव -0.76 V है। इन दोनों इलेक्ट्रोडों को परस्पर जोड़ने से बने गैल्वेनिक सेल का E.M.F. कितना होगा ? सेल अभिक्रिया की समीकरण लिखिए।
उत्तर:
\(\mathrm{E}_{\text {cell }}^0=E_{(\text {cathode) }}^0-\mathrm{E}_{\text {(Anode) }}^0\)
\(\mathrm{E}_{\text {cell }}^0=\mathrm{E}_{\mathrm{Cu}^{2+} / \mathrm{Cu}}^0-\mathrm{E}_{\mathrm{Zn}^{2+} / \mathrm{Zn}}^0\)
= + 0.34 – (-0.76)
∴ E0cell = + 1. 10 V
IMG

प्रश्न 33.
मानक इलेक्ट्रोड विभव को परिभाषित कीजिए। इलेक्ट्रोड विभव तथा मानक इलेक्ट्रोड विभव में सम्बन्ध बताइए।
उत्तर:
मानक इलेक्ट्रोड विभव (Standard electrode potential) – 25°C पर किसी धातु की छड़ उसके किसी लवण के एक मोलर (1 M) सान्द्रता वाले विलयन में डुबोने से उस धातु की सतह पर धनात्मक या ऋणात्मक आवेश आ जाता है; इस कारण धातु तथा आयनों के बीच जो विभवान्तर उत्पन्न होता है, उसे मानक इलेक्ट्रोड विभव (standard electrode potential) कहते हैं। मानक इलेक्ट्रोड विभव को E0 से व्यक्त करते हैं। इसका मात्रक भी वोल्ट होता है।
IMG
इलेक्ट्रोड विभव व मानक इलेक्ट्रोड विभव में सम्बन्ध (Relation between electrode potential and standard electrode potential)—माना इलेक्ट्रोड क्रिया निम्नलिखित प्रकार से है-
\(\mathrm{M}^{n+}+n e^{-} \longrightarrow \mathrm{M}\)
नेर्नस्ट समीकरण के अनुसार,
\(\mathrm{E}=\mathrm{E}^0+\frac{0-0591}{n} \log _{10}\left[\mathrm{M}^{n+}\right]\)
\(\mathrm{E}=\mathrm{E}^0-\frac{0 \cdot 0591}{n} \log _{10} \frac{1}{\left[\mathrm{M}^{n+}\right]}\)
जहाँ, E = इलेक्ट्रोड विभव, E0 = मानक इलेक्ट्रोड विभव, n = इलेक्ट्रोड क्रिया में भाग लेने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा [Mn+]= धातु आयनों की मोलर सान्द्रता।
किसी विलयन की सान्द्रता [Mn+] = 0 होगी।
अत: 25°C पर इलेक्ट्रोड विभव (E) = मानक इलेक्ट्रोड विभव (E0)

प्रश्न 34.
कुछ अर्द्ध-अभिक्रियाओं के E0 निम्न प्रकार हैं।
\(\mathrm{I}_2+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{I}^{-;} \mathbf{E}^0=+0.54 \mathrm{~V}\)
\(\mathrm{Cl}_2+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Cl}^{-;} \mathrm{E}^0=+1.36 \mathrm{~V}\)
\(\mathrm{Fe}^{3+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Fe}^{2+;} \mathbf{E}^0=+0 \cdot 76 \mathrm{~V}\)
\(\mathrm{Ce}^{4+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Ce}^{3+;} \mathrm{E}^0=+1 \cdot 6 \mathrm{~V}\)
\(\mathrm{Sn}^{4+}+2 e^{-} \longrightarrow \mathrm{Sn}^{2+;} \mathbf{E}^0=+0 \cdot 15 \mathrm{~V}\)
उपर्युक्त विभवों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

प्रश्न (a). क्या Fe3+ द्वारा Ce3+ का ऑक्सीकरण हो सकता है ? कारण सहित समझाइए।
उत्तर:
नहीं, क्योंकि Ce3+ का मानक इलेक्ट्रोड विभव अधिक है।

प्रश्न (b). क्या I2 क्लोरीन को KCl में से विस्थापित कर सकती है?
उत्तर:
नहीं। क्योंकि I2 का मानक इलेक्ट्रोड विभव कम है।

प्रश्न (c). SnCl2 और FeCl3 विलयनों को मिलाने पर क्या अभिक्रिया होगी? समीकरण लिखिए।
उत्तर:
\(2 \mathrm{FeCl}_3+\mathrm{SnCl}_2 \rightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+\mathrm{SnCl}_4\)

प्रश्न (d).
उपर्युक्त अर्द्ध सेल अभिक्रियाओं में सबसे प्रबल ऑक्सीकारक और सबसे प्रबल अपचायक कौन-सा है ?
उत्तर:
प्रबल ऑक्सीकारक- Ce4+
प्रबल अपचायक- Sn2+

प्रश्न (e). FeCl3 विलयन डालने पर क्या KI विलयन से आयोडीन मुक्त होगी?
उत्तर:
हाँ आयोडीन मुक्त होगी।

प्रश्न 35.
(i) कुछ पदार्थों के अपचयन विभव निम्नवत् हैं, इनमें सबसे प्रबल ऑक्सीकारक तथा सबसे प्रबल अपचायक बताइए-
IMG
इन इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) क्या Fe2+ आयन Cu2+ आयन को अपचयित कर सकता है ?
(ख) निम्नांकित में से सबसे प्रबल अपचायक है-
Cu+, Fe2+, Hg+, Br
उत्तर:
(i) जो पदार्थ जितना अधिक प्रबल ऑक्सीकारक होता है उसका अपचयन विभव उतना-ही अधिक धनात्मक या कम ऋणात्मक होता है तथा जो पदार्थ अधिक प्रबल अपचायक होता है, उसका अपचयन विभव कम धनात्मक या अधिक ऋणात्मक होता है; अतः
(क) Sn2+, Mn2+, I+ तथा Fe2+ अपचायकों मे से सबसे प्रबल अपचायक Sn2+ है; क्योंकि इसका अपचयन विभव सबसे कम धनात्मक है।
(ख) Sn4+, MnO4, I2 तथा Fe3+ अपचायकों में से सबसे प्रबल ऑक्सीकारक MnO4 है; क्योंकि इसका अपचयन विभव सबसे अधिक धनात्मक है।

(ii) (क) Fe2+ आयन Cu2+ आयन को अपचयित कर देगा; क्योंकि अपचायक Fe2+ का इलेक्ट्रोड विभव ऑक्सीकारक Cu2+ से अधिक है। अभिक्रिया समीकरण (b) में से (a) को घटाने पर,
\(\mathrm{Fe}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Fe}^{3+}+e^{-} ; \mathrm{E}^0=-0.77\) वोल्ट
\(\mathrm{Cu}^{+} \longrightarrow \mathrm{Cu}^{2+}+e^{-} ; \mathrm{E}^0=-1 \cdot 5\) वोल्ट
या \(\mathrm{Fe}^{2+}+\mathrm{Cu}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Cu}^{+}+\mathrm{Fe}^{3+} ; \mathrm{E}^0=-0.73\) वोल्ट

प्रश्न 36.
(i) निम्नलिखित सम्भव अभिक्रियाओं की सहायता से Mg, Zn, Cu तथा Ag को उनके घटते हुए इलेक्ट्रोड विभव के क्रम में लिखिए-
\(\mathrm{Cu}+2 \mathrm{Ag}_{(\mathrm{aq})}^{+} \longrightarrow \mathrm{Cu}^{2+}{ }_{(a q)}+2 \mathrm{Ag}\)
\(\mathrm{Mg}+\mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)} \longrightarrow \mathrm{Mg}^{2+}{ }_{(a q)}+\mathrm{Zn}\)
\(\mathrm{Zn}+\mathrm{Cu}^{2+}{ }_{(a q)} \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+\mathrm{Cu}\)

(ii) कुछ अर्द्ध-अभिक्रियाओं के इलेक्ट्रोड विभव इस प्रकार हैं-
\(\mathrm{Fe}_{(a q)}^{3+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Fe}_{(a q)}^{2+}\); E0 = + 0.76 वोल्ट
\(\mathrm{Ce}_{(a q)}^{4+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Ce}_{(a q)}^{3+}\); E0 = + 1.60 वोल्ट
कारण देते हुए बताइए कि क्या Fe3+ से Ce4+ ऑक्सीकृत हो सकता है?

(iii) इलेक्ट्रोड अभिक्रियाओं-
(a) \(\mathrm{Zn}(s) \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+2 e^{-}\); E0 = 0.76 वोल्ट
(b) \(\mathrm{Cu}(s) \longrightarrow \mathrm{Cu}^{2+}{ }_{(a q)}+2 e^{-}\); E0 = -0.337 वोल्ट में कारण सहित बताइए कि
\(\mathrm{Zn}_{(s)}+\mathrm{Cu}_{(a q)}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Zn}_{(a q)}^{2+}+\mathrm{Cu}_{(s)}\) का होना सम्भव है या नहीं ?
उत्तर:
(i) विद्युत्-रासायनिक श्रेणी के अनुसार तत्वों का घटता इलेक्ट्रोड विभव क्रम निम्नवत् है-
Mg > Zn > Cu > Ag

(ii) इन अर्द्ध-सेल अभिक्रियाओं में Fe3+ का Fe2+ में अपचयन विभव, Ce4+ के Ce3+ में अपचयन विभव से अधिक है। नियमानुसार उच्च विभव का अपचायक कम विभव के ऑक्सीकारक से क्रिया करेगा; अत: Fe3+ से Ce4+ ऑक्सीकृत नहीं होगा।

(iii) प्रश्नानुसार,
IMG
इस क्रिया में Zn अपचायक का कार्य करता है तथा कॉपर ऑक्सीकारक का कार्य करता है। Zn का E0, Cu के E0 से उच्च है; अतः नियमानुसार उच्च Eo का अपचायक कम E0 के ऑक्सीकारक से ही क्रिया कर सकता है; अतः निम्नलिखित अभिक्रिया सम्भव है-
\(\mathrm{Zn}_{(s)}+\mathrm{Cu}_{(a q)}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Zn}_{(a q)}^{2+}+\mathrm{Cu}_{(s)}\)

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 37.
H2S केवल अपचायक की तरह कार्य करता है जबकि SO2 अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है, क्यों ?
उत्तर:
H2S में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या का मान -2 है जबकि SO2 में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या +4 है। H2S में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या बढ़ तो सकती है परन्तु यह घट नहीं सकती है अत: H2S केवल अपचायक की भाँति कार्य करता है। जबकि SO2 में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या घट भी सकती है तथा बढ़ भी सकती है।

इसी कारण SO2 की ऑक्सीकरण संख्या बढ़ तो सकती है परन्तु यह घट नहीं सकती है अत: H2S केवल अपचायक की भाँति कार्य करता है। जबकि SO2 में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या घट भी सकती है तथा बढ़ भी सकती है। इसी कारण SO2 अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है। अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है।

प्रश्न 38.
निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं की अर्द्ध-अभिक्रियाओं को लिखिए-
(i) \(2 \mathrm{Fe}_{(a q)}^{3+}+2 \mathrm{I}_{(a q)}^{-} \longrightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 \mathrm{Fe}_{(a q)}^{2+}\)
(ii) \(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{Cl}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{NaCl}_{(s)}\)
(iii) \(\mathrm{Zn}_{(s)}+2 \mathrm{H}_{(a q)}^{+} \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+\mathrm{H}_{2(g)}\)
उत्तर:
(i) \(2 \mathrm{Fe}^{3+}{ }_{(a q)}+2 \mathrm{I}^{-}{ }_{(a q)} \rightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 \mathrm{Fe}^{2+}{ }_{(a q)}\) की अर्द्ध अभिक्रियाएँ निम्न हैं-
ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-
\(2 \mathrm{I}_{(a q)}^{-} \longrightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 e^{-}\)
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया
\(2 \mathrm{Fe}^{3+}(a q)+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}^{2+}(a q)\)

(ii) \(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{Cl}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{NaCl}_{(s)}\) की अर्द्ध अभिक्रियाएँ निम्न हैं-
ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-
\(2 \mathrm{Na}_{(s)} \longrightarrow 2 \mathrm{Na}_{(a q)}^{+}+2 e^{-}\)
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया-.
\(\mathrm{Cl}_{2(g)}+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Cl}^{–}(a q)\)

(iii) \(\mathrm{Zn}_{(s)}+2 \mathrm{H}_{(a q)}^{+} \longrightarrow \mathrm{Zn}_{(a q)}^{2+}+\mathrm{H}_{2(g)}\) की अर्द्ध अभिक्रियाएँ निम्न हैं-
ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-
\(\mathrm{Zn}_{(s)} \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+2 e^{-}\)
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया-
\(2 \mathrm{H}_{(a q)}^{+}+2 e^{-} \longrightarrow \mathrm{H}_{2(g)}\)

प्रश्न 39.
निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया के लिए,
\(\mathrm{Mn}+\mathrm{CuSO}_4 \longrightarrow \mathrm{MnSO}_4+\mathrm{Cu}\)
(i) ऑक्सीकरण एवं अपचयन अर्द्ध-अभिक्रियाएँ लिखिए।
(ii) कौन-सी स्पीशीज अपचायक की भाँति तथा कौन-सी ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करेगी ?
(iii) अभिक्रिया में SO42- आयन की क्या भूमिका है ?
उत्तर:
(i) ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-
\(\mathrm{Mn} \longrightarrow \mathrm{Mn}^{2+}+2 e^{-}\)
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया-
\(\mathrm{Cu}^{2+}+\mathrm{SO}_4^{2-}+2 e^{-} \longrightarrow \mathrm{Cu}+\mathrm{SO}_4^{2-}\)

(ii) यहाँ पर Mn अपचायक की भाँति कार्य करता है क्योंकि इससे इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं। Cu2+ आयन ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करता है, क्योंकि यह इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है।

(iii) SO42- आयनों की प्रवृत्ति उभयनिष्ठ होती है। यह रेडॉक्स अभिक्रिया में किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं निभाते हैं। इन्हें दर्शक आयन (spectator ions) कहते हैं।

प्रश्न 40.
निम्नलिखित यौगिकों में जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या बताइए-
XeF4, XeOF2, XeO2F2, XeF6
उत्तर:
(i) XeF4 (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)
x + 4 × -1 = 0
∴ =+4

(ii) XeOF2 (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)
x + (-2) + 2 × (-1) = 0
या x – 4 = 0
∴ x = +4

(iii) XeO2F2 (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)
x + 2 × (-2) + 2 × (-1) = 0
या x – 4 – 2 = 0
∴ x = +6

(iv) XeF6 (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)
x + 6 × (-1) = 0
या x – 6 = 0
∴ x = +6

प्रश्न 41.
निम्नलिखित आयनों के लिए असमानुपातन अभिक्रियाएँ लिखिए-
(i) ClO
(ii) ClO2
(iii) ClO3
उत्तर:
(i) ClO के लिए असमानुपातन अभिक्रिया-
IMG
(ii) ClO2 के लिए असमानुपातन अभिक्रिया-
IMG
(iii) ClO3 के लिए असमानुपातन अभिक्रिया-
IMG

प्रश्न 42.
निम्न अभिक्रियाओं को आयन इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा सन्तुलित करें-
(1) \(\mathrm{FeCl}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \longrightarrow \mathrm{FeCl}_2+\mathrm{HCl}+\mathrm{S}\)
(2) \(\mathrm{Cu}+\mathrm{HNO}_3 \longrightarrow \mathrm{Cu}\left(\mathrm{NO}_3\right)_2+\mathrm{NO}+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(3) \(\mathrm{KI}+\mathrm{Cl}_2 \longrightarrow \mathrm{KCl}+\mathrm{I}_2\)
(4) \(\mathrm{MnO}_2+\mathrm{HCl} \longrightarrow \mathrm{MnCl}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{Cl}_2\)
(5) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+\mathrm{HNO}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{NO}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
उत्तर:
(1) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+2 \mathrm{FeCl}_3 \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+2 \mathrm{HCl}+\mathrm{S}\)
(2) \(3 \mathrm{Cu}+8 \mathrm{HNO}_3 \longrightarrow 3 \mathrm{Cu}\left(\mathrm{NO}_3\right)_2+2 \mathrm{NO}+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(3) \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{Cl}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KCl}+\mathrm{I}_2\)
(4) \(\mathrm{MnO}_2+4 \mathrm{HCl} \longrightarrow \mathrm{MnCl}_2+\mathrm{Cl}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(5) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+8 \mathrm{HNO}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+8 \mathrm{NO}_2+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ

प्रश्न 43.
कॉपर एवं सिल्वर इ्केक्ट्रोडों के मध्य एक सेल निम्न प्रकार हैं-
IMG
उत्तर:
= E0सेल = E0कैथोड – E0ऐनोड
= \(\mathrm{E}_{\mathrm{Ag}^{+} / \mathrm{Ag}}^0-\mathrm{E}_{\mathrm{Cu}^{2+} / \mathrm{Cu}}^0\)
= 0.80 = 0.34
= 0.46 V

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HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

बहुविकल्पीय प्रश्न:

1. हाइड्रोजन के लिए कौन-सा उपयुक्त है-
(1) एक अपचायक
(2) एक ऑक्सीकारक
(3) ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही
(4) न तो ऑक्सीकारक न ही अपचायक ।
उत्तर:
(3) ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही

2. निम्न में से कौन सी धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन उत्पन्न नहीं करती-
(1) जिंक
(2) कॉपर
(3) लोहा
(4) मैग्नीशियम ।
उत्तर:
(2) कॉपर

3. हाइड्रोजन अपचयित नहीं करता-
(1) गरम क्यूप्रिक ऑक्साइड को
(2) गरम फैरिक ऑक्साइड को
(3) गरम स्टैनिक ऑक्साइड को
(4) गरम एल्यूमिनियम ऑक्साइड को ।
उत्तर:
(4) गरम एल्यूमिनियम ऑक्साइड को ।

4. हाइड्रोजन के नाभिकीय अपररूप है-
(1) ऑर्थो
(2) पैरा
(3) ऑर्थो व पैरा दोनों
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(3) ऑर्थो व पैरा दोनों

5. हाइड्रोजन अपने यौगिकों में ऑक्सीकरण संख्या को प्रदर्शित करता है-
(1) केवल – 1
(2) केवल जीरो
(3) + 1, 1 और जीरो
(4) केवल + 1
उत्तर:
(3) + 1, 1 और जीरो

6. निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस को उत्पन्न नहीं करता-
(1) Fe तथा जलीय H2SO4
(2) Cu तथा जलीय HCl
(3) सोडियम तथा एथिल एल्कोहॉल
(4) आयरन तथा भाप ।
उत्तर:
(2) Cu तथा जलीय HCl

7. रॉकेट के लिये निम्न में से कौन प्रोपेलेण्ट के रूप में प्रयोग किया जा सकता है-
(1) द्रव ऑक्सीजन + द्रव ऑर्गन
(2) द्रव हाइड्रोजन + द्रव ऑक्सीजन
(3) द्रव नाइट्रोजन + द्रव ऑक्सीजन
(4) द्रव हाइड्रोजन + द्रव नाइट्रोजन ।
उत्तर:
(2) द्रव हाइड्रोजन + द्रव ऑक्सीजन

8. भारी जल तैयार कर सकते हैं-
(1) जल के प्रभाजी आसवन द्वारा
(2) \({ }_1^1 \mathrm{H}\) तथा \({ }_2^1 \mathrm{H}\) के रासायनिक विनिमय द्वारा
(3) क्षारीयकृत जल के विद्युत अपघटन द्वारा
(4) उपरोक्त सभी विधियों द्वारा ।
उत्तर:
(4) उपरोक्त सभी विधियों द्वारा ।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

9. एक ड्यूटीरियम में पाये जाते हैं-
(1) एक न्यूट्रॉन तथा एक प्रोटॉन
(2) एक पॉजीट्रॉन तथा एक न्यूट्रॉन
(3) दो प्रोटॉन तथा एक न्यूट्रॉन
(4) एक प्रोटॉन तथा दो न्यूट्रॉन ।
उत्तर:
(1) एक न्यूट्रॉन तथा एक प्रोटॉन

10. भारी जल जम जाता है-
(1)-3.8°C पर
(2) 3.8°C पर
(3) 0°C पर
(4) 3.2°C पर ।
उत्तर:
(2) 3.8°C पर

11. हाइड्रोजन परमाणु का आयनीकरण करने पर प्राप्त होता है-
(1) हाइड्राइड आयन
(2) हाइड्रोनियम आयन
(3) प्रोटॉन
(4) हाइड्रॉक्सिल आयन ।
उत्तर:
(3) प्रोटॉन

12. सबसे हल्का तत्व है-
(1) हाइड्रोजन
(2) हीलियम
(3) निऑन
(4) ऑर्गन ।
उत्तर:
(1) हाइड्रोजन

13. ट्राइटियम में न्यूट्रॉनों की संख्या है-
(1) 1
(2) 2
(3) 3
(4) 4
उत्तर:
(2) 2

14. भारत में भारी जल का निर्माण होता है-
(1) दिल्ली में
(3) भिलाई में
(2) मुम्बई में
(4) नांगल में।
उत्तर:
(4) नांगल में।

15. ट्राइटियम प्राप्त किया जा सकता है-
(1) नाभिकीय अभिक्रिया द्वारा
(2) गर्म C पर वाष्प प्रवाह द्वारा
(3) Al पर NaOH की क्रिया द्वारा
(4) Zn पर H2SO4 की क्रिया द्वारा ।
उत्तर:
(1) नाभिकीय अभिक्रिया द्वारा

16. हीलियम प्राप्त करने के लिये हाइड्रोजन का संलयन किया जा सकता है-
(1) उच्च ताप तथा उच्च दाब पर
(2) उच्च ताप तथा निम्न दाब पर
(3) निम्न ताप तथा उच्च दाब पर
(4) निम्न ताप तथा निम्न दाब पर ।
उत्तर:
(1) उच्च ताप तथा उच्च दाब पर

17. किस पर तनु H2SO4 की क्रिया द्वारा हाइड्रोजन बनायी जा सकती है-
(1) जिंक
(2) हीलियम
(3) कॉपर
(4) मरकरी ।
उत्तर:
(1) जिंक

18. हाइड्रोजन प्राप्त नहीं होती है जब जिंक क्रिया करता है-
(1) ठण्डे जल से
(2) तनु H2SO4 से
(3) तनु HCl से
(4) गर्म NaOH (20%) से ।
उत्तर:
(1) ठण्डे जल से

19. हाइड्रोजन का रेडियो एक्टिव समस्थानिक होता है-
(1) 1H1
(2) 1H2
(3) 1H3
(4) इनमें से कोई नहीं ।
उत्तर:
(3) 1H3

20. प्लेटिनम द्वारा हाइड्रोजन का अधिशोषण कहलाता है-
(1) अपचयन
(2) रुकावट
(3) हाइड्रोजनीकरण
(4) विहाइड्रोजनीकरण ।
उत्तर:
(2) रुकावट

21. औद्योगिक हाइड्रोजन का निर्माण होता है-
(1) मार्श गैस से
(2) तेल गैस से
(3) प्रोड्यूसर गैस से
(4) कोयला गैस से ।
उत्तर:
(1) मार्श गैस से

22. जल का परीक्षण करते हैं-
(1) गन्ध से
(2) स्वाद से
(3) जलीय CuSO4 से
(4) निर्जलीय COCl3 से जो कि नीले रंग से गुलाबी रंग में बदल जाता है।
उत्तर:
(4) निर्जलीय COCl3 से जो कि नीले रंग से गुलाबी रंग में बदल जाता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

23. H (हाइड्राइड) आयन, OH आयन से प्रबल क्षारीय है। निम्न में से कौन सी अभिक्रिया होती जब NaH को जल में घोला जायेगा-
(1) H(aq) + H2O(l) → H3O+(aq)
(2) H(aq) + H2O(l) → OH(aq) + H2
(3) H(aq) + H2O(l) → कोई अभिक्रिया नहीं
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर:
(2) H(aq) + H2O(l) → OH(aq) + H2

24. निम्न में से कौन-सा हाइड्राइड अरससमीकरणमितीय प्रकृति का होता है-
(1) आयनिक हाइड्राइड
(2) आण्विक हाइड्राइड
(3) धात्विक हाइड्राइड
(4) उपरोक्त सभी।
उत्तर:
(3) धात्विक हाइड्राइड

25. जल की अस्थायी कठोरता, जो कि कैल्शियम बाइकार्बोनेट की वजह से होती है, को दूर किया जाता है। जब हम मिलाते हैं-
(1) CaCO3
(2) CaCl2
(3) Ca(OH)2
(4) HCl
उत्तर:
(2) CaCl2

26. कैलगॉन विधि में प्रयोग करते हैं-
(1) सोडियम पोली मैटा फॉस्फेट
(2) जलीय सोडियम एल्यूमिनियम सिलिकेट
(3) धनायन विनिमयक रेजिन
(4) ऋणायन विनिमयक रेजिन ।
उत्तर:
(1) सोडियम पोली मैटा फॉस्फेट

27. जल का क्रान्तिक ताप ऑक्सीजन से ज्यादा होता है क्योंकि जल के अणुओं में होता है-
(1) ऑक्सीजन से कम इलेक्ट्रॉन
(2) दो सह-संयोजक बन्ध
(3) V – आकार
(4) द्विध्रुव आघूर्ण ।
उत्तर:
(4) द्विध्रुव आघूर्ण ।

28. पॉली फॉस्फेट को जल के मृदुलीकरण में प्रयोग करते हैं क्योंकि वे –
(1) ऋणायन के साथ घुलनशील यौगिक बनाते हैं
(2) ऋणायन को अवक्षेपित करते हैं।
(3) धनायन के साथ घुलनशील यौगिक बनाते हैं
(4) धनायन को अवक्षेपित करते हैं।
उत्तर:
(3) धनायन के साथ घुलनशील यौगिक बनाते हैं

29. निम्न में से कौन-सा यौगिक जल की कठोरता ज्ञात करने में प्रयुक्त होता है-
(1) ऑक्सेलिक अम्ल
(2) EDTA
(3) सोडियम सिट्रेट
(4) सोडियम थायो सल्फेट ।
उत्तर:
(2) EDTA

30. भार की दृष्टि से हाइड्रोजन की H2O2 में प्रतिशत मात्रा है-
(1) 5.88
(2) 6.25
(3)25
(4) 50
उत्तर:
(1) 5.88

31. निम्न में से किस अभिक्रिया में H2O2 अपचायक का कार्य करता- है-
(1) PbO2 + H2O2 → PbO + H2O + O2
(2) Na2SO3 + H2O2 → Na2SO4 + H2O
(3) 2KI + H2O2 → 2KOH + I2
(4) KNO2 + H2O2 → KNO3 + H2O.
उत्तर:
(1) PbO2 + H2O2 → PbO + H2O + O2

32. H2SO4 से अम्लीय KMnO4 के विलयन में जब H2O2 मिलायी जाती है-
(1) केवल जल बनता है
(2) ऑक्सीकारक का कार्य करती है।
(3) अपचायक का कार्य करती है।
(4) H2SO4 को अपचयित करती है
उत्तर:
(3) अपचायक का कार्य करती है।

33. H2O2 की साम्य अणुक संरचना है-
(1) तलीय जैसी नीचे दी गयी है।
IMG
(2) रेखीय
(3) चतुष्फलकीय
(4) तलीय जैसी नीचे दी गयी है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 1
उत्तर:
(1) तलीय जैसी नीचे दी गयी है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 2

34. H2O2 एक काले पदार्थ X को सफेद पदार्थ में परिवर्तित कर देती है। X है-
(1) ZnS
(2) PbS
(3) CuS
(4) NiS
उत्तर:
(2) PbS

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

35. H2O2 का ऑक्सीजन परमाणु जो ऑक्सीकरण के लिये प्रयुक्त किया जाता है, जुड़ा रहता है-
(1) आयनिक बन्ध द्वारा
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा
(3) हाइड्रोजन बन्ध द्वारा
(4) उप-सहसंयोजक बन्ध द्वारा ।
उत्तर:
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा

36. दो समीकरणों का संज्ञान लीजिए ।
(x) H2O2 + 2HI → I2 ↑ + 2H2O
(y) H2O2 + O3 → 2O2 ↑ + H2O
H2O2 है।
(1) आयनिक बन्ध द्वारा
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा
(3) हाइड्रोजन बन्ध द्वारा
(4) उप-सहसंयोजक बन्ध द्वारा ।
उत्तर:
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा

37. ऑक्साइड जो तनु अम्ल से क्रिया करके H2O H2 देता है-
(1) PbO2
(2) MnO2
(2) Na2O2
(3) TiO2
उत्तर:
(2) MnO2

38. अभिक्रिया H2S + H2O2 → S + 2H2O दर्शाती है-
(1) H2O2 का अम्लीय गुण
(2) H2O2 का क्षारीय गुण
(3) H2O2 का ऑक्सीकारक गुण
(4) H2O2 का अपचायक गुण ।
उत्तर:
(3) H2O2 का ऑक्सीकारक गुण

39. H2O2 में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या है-
(1) -2
(2) -1
(3) +1
(4) +2.
उत्तर:
(2) -1

40. भारी जल में कैल्शियम कार्बाइड जब क्रिया करता है तो क्या बनता है-
(1) C2D2
(2) CaD2
(3) Ca2D2O
(4) CD2
उत्तर:
(1) C2D2

41. परमाणु रियेक्टर में भारी जल उपयोग में लाया जाता है-
(1) शीतलक के रूप में
(2) मन्दक के रूप में
(3) दोनों शीतलक तथा मन्दक के रूप में
(4) न उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(2) मन्दक के रूप में

42. भारी जल है-
(1) H2O18
(2) बार-बार आसवन से प्राप्त जल
(3) D2O
(4) 4°C ताप पर जल ।
उत्तर:
(3) D2O

43. D2O का अधिकता से प्रयोग किया जाता है-
(1) रसायन उद्योग में
(2) नाभिकीय रिएक्टर में
(3) दवाई बनाने में
(4) कीटाणुनाशको के निर्माण में ।
उत्तर:
(2) नाभिकीय रिएक्टर में

44. भारी जल तैयार किया जाता है-
(1) जल के प्रभाजी आसवन द्वारा
(2) \({ }_1^1 \mathrm{H}\) तथा \({ }_2^1 \mathrm{H}\) के रासायनिक विनिमय द्वारा
(3) क्षारीयकृत जल के विद्युत अपघटन द्वारा
(4) उपरोक्त सभी विधियों से ।
उत्तर:
(4) उपरोक्त सभी विधियों से ।

45. लीथियम- 6 पर न्यूट्रॉनों की बमबारी कराने पर हीलियम – 4 और (x) बनता है। (x) है-
(1) H
(2) D
(3) T
(4) Be.
उत्तर:
(3) T

46. भारी जल का अणुभार क्या है-
(1) 10
(2) 18
(3) 20
(4) 22
उत्तर:
(3) 20

47. जल का उच्चतम घनत्व का ताप 4°C है। भारी जल का उच्चतम घनत्व का ताप क्या है-
(1 ) 8.1°C
(2) 6.1°C
(3) 9.3°C
(4) 11.2°C
उत्तर:
(4) 11.2°C

48. भारी जल की खोज किसके द्वारा हुई –
(1) लुई और मैक्डोनाल्ड
(2) यूरे और वाशबर्न
(3) टेलर, आइरिंग और फ्रॉस्ट
(4) बर्ग और मैन्जल
उत्तर:
(2) यूरे और वाशबर्न

49. गलित कैल्सियम हाइड्राइड का विद्युत अपघटन करने पर क्या होता है-
(1) हाइड्रोजन कैथोड पर मुक्त होती है।
(2) हाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है।
(3) हाइड्रोजन कैथोड व ऐनोड दोनों पर मुक्त होती हैं
(4) हाइड्रोजन मुक्त नहीं होती ।
उत्तर:
(2) हाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है।

50. ट्राइटियम एक बीटा-उत्सर्जक है। इसकी अर्द्ध- आयु 12.4 वर्ष है। ट्राइटियम के विघटन से क्या बनता है-
(1) ड्यूटीरियम
(2) हीलियम-3
(3) हीलियम-4
(4) हाइड्रोजन
उत्तर:
(2) हीलियम-3

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

51. ड्यूटीरियम के खोजकर्ता कौन हैं ?
(1) बर्ग और मैन्जल
(2) मोस्ले
(3) लुई और मैक्डोनाल्ड
(4) यूरे
उत्तर:
(4) यूरे

52. निम्न में से कौन-सा पदार्थ जल में स्थायी कठोरता उत्पन्न करता है-
(1) NaCl
(2) NaHCO3
(3) K2SO4
(4) Mg(NO3)2
उत्तर:
(4) Mg(NO3)2

53. \(\mathrm{NaOCl}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{NaCl}+\mathrm{O}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
इस अभिक्रिया में H2O2 अणु-
(1) इलेक्ट्रॉन लेता है
(2) इलेक्ट्रॉन देता है
(3) इलेक्ट्रॉन लेता भी है तथा देता भी है
(4) इलेक्ट्रॉन न लेता है और न देता है।
उत्तर:
(2) इलेक्ट्रॉन देता है

54. हाइड्रोजन परॉक्साइड का उपयोग पुराने तेल चित्रों का सफेद रंग काला पड़ जाने पर उसको पुनः सफेद करने में होता है। यह निम्न अभिक्रिया पर आधारित है-
(1) Ag2O + H2O2 → 2Ag + H2O + O2
(2) PbO2 + H2O2 → PbO + H2O + O2
(3) PbS + 4H2O2 → PbSO4 + 4H2O
(4) H2S + H2O2 → S + 2H2O
उत्तर:
(3) PbS + 4H2O2 → PbSO4 + 4H2O

55. निम्न में किस क्रिया में H2O2 ऑक्सीकरण के रूप में कार्य करता है ?
(1 ) I2 + H2O2 → 2HI + O2
(2) 2FeCl3 + H2O2 → 2FeCl2 + 2HC1 + O2
(3) PbO2 + H2O2 → PbO + H2O + O2
(4) Ag2O + H2O2 → 2Ag + H2O + O2
उत्तर:
(2) 2FeCl3 + H2O2 → 2FeCl2 + 2HC1 + O2

56. भारी पानी को पीने में प्रयुक्त नहीं करते हैं क्योंकि-
(1) यह विषैला होता है
(2) यह महँगा होता है
(3) इसकी शरीर क्रियात्मक क्रिया साधारण जल से भिन्न होती है
(4) इसके रासायनिक गुण साधारण जल से भिन्न होते हैं।
उत्तर:
(3) इसकी शरीर क्रियात्मक क्रिया साधारण जल से भिन्न होती है

57. सोडियम हाइपोक्लोराइट H2O2 से अभिक्रिया करके बनाता है-
(1 ) NaCl
(2) H2O
(3)O2
(4) उपरोक्त सभी।
उत्तर:
(4) उपरोक्त सभी।

58. जल का क्रान्तिक ताप O2 से अधिक है क्योंकि जल के अणु में-
(1) O2 की तुलना में कम इलेक्ट्रॉन हैं
(2) दो सहसंयोजक आबन्ध हैं
(3) आकृति V आकार की है
(4) द्विध्रुव आघूर्ण होता है ।
उत्तर:
(4) द्विध्रुव आघूर्ण होता है ।

59. साधारण हाइड्रोजन का परमाण्वीय हाइड्रोजन में परिवर्तन होता है-
(1) नाभिकीय अभिक्रिया
(2) एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया
(3) एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
(4) एक विघटन अभिक्रिया ।
उत्तर:
(2) एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया

60. HCl से H2 निम्न में किसकी क्रिया द्वारा उत्पन्न होती है-
(1) Cu
(2) Mg
(3) P
(4) Hg
उत्तर:
(2) Mg

61. वह ऑक्साइड जो तनु अम्ल से अभिक्रिया करके H2O2 देता है-
(1) PbO2
(2) Na2O2
(3) MnO2
(4) TiO2
उत्तर:
(2) Na2O2

62. \(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{H}^{+}+\mathrm{O}_2+2 e^{-}, \mathrm{E}^0=-0 \cdot 68 \mathrm{~V}\) उपरोक्त अभिक्रिया H2O2 के किस व्यवहार को निरूपित करती है-
(1) अपचायक
(3) अम्लीय
(2) ऑक्सीकारक
(4) उत्प्रेरक ।
उत्तर:
(1) अपचायक

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

63. क्रोमिक अम्ल के अम्लीय विलयन को H2O2 के साथ क्रिया कराने पर प्राप्त होता है-
(1) CrO2 + H2O + O2
(2) Cr2O3 + H2O + O2
(3) CrO5 + H2O
(4) H2Cr2O + H2O + O2
उत्तर:
(3) CrO5 + H2O

64. भारी जल को भारी कहा जाता है, क्योंकि –
(1) इसमें हाइड्रोजन का भारी समस्थानिक होता है
(2) यह ड्यूटीरियम का ऑक्साइड है
(3) इसके घनत्व साधारण जल से ज्यादा हैं।
(4) इसमें से भारी दुर्गन्ध आती है।
उत्तर:
(2) यह ड्यूटीरियम का ऑक्साइड है

65. कैलेगॉन का सूत्र है-
(1) Na4[Na2(PO4)6]
(2) Na2[Na4(PO3)6]
(3) Na4[Na2(PO3)6]
(4) Na2[Na4(PO4)6]
उत्तर:
(2) Na2[Na4(PO3)6]

66. निम्न में से कौन-सा यौगिक हाइड्रोजन द्वारा द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलता है-
(1) ग्लिसरॉल
(2) तेल
(3) ऐसिटिलीन
(4) इथाइलीन ।
उत्तर:
(2) तेल

67. सबसे अधिक क्रियाशील है-
(1) नवजात हाइड्रोजन
(2) साधारण हाइड्रोजन
(3) भारी हाइड्रोजन
(4) ऑर्थो हाइड्रोजन ।
उत्तर:
(1) नवजात हाइड्रोजन

अति लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
हाइड्रोजन का नामकरण किस वैज्ञानिक ने किया ?
उत्तर:
हाइड्रोजन का नामकरण लेवोशिए ने किया।

प्रश्न 2.
हाइड्रोजन के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं ?
उत्तर:
हाइड्रोजन के एक अणु में हाइड्रोजन के दो परमाणु होते हैं।

प्रश्न 3.
हाइड्रोजन को हवा में जलाने से कौन-सा पदार्थ प्राप्त होता है ?
उत्तर:
हाइड्रोजन को हवा में जलाने से जल (H2O) प्राप्त होता है।

प्रश्न 4. हाइड्रोजन गैस प्राप्त करने के दो मुख्य स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
डाइहाइड्रोजन प्राप्त करने के दो मुख्य स्रोत जल तथा अम्ल हैं।

प्रश्न 5.
जल के विद्युत् अपघटन से ऋणोद पर एकत्र होने वाली गैस का नाम लिखिए।
उत्तर:
जल के विद्युत् अपघटन से ऋणोद पर डाइहाइड्रोजन गैस (H2) एकत्रित होती है।

प्रश्न 6.
वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किस उत्प्रेरक की उपस्थिति में होता है ?
उत्तर:
वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण निकिल ( बारीक चूर्ण) उत्प्रेरक की उपस्थिति में होता है।

प्रश्न 7.
हाइड्रोजन के रेडियोऐक्टिव समस्थानिक का नाम बताइए।
उत्तर:
ट्राइटियम (1H3) रेडियोऐक्टिव है।

प्रश्न 8.
कक्ष-ताप पर डाइहाइड्रोजन अन्य पदार्थों से मन्द दर पर अभिक्रिया क्यों करती है ?
उत्तर:
डाइहाइड्रोजन की बंन्ध वियोजन ऊर्जा अत्यन्त उच्च (436 kJ mol-1) होती है जिस कारण यह अन्य पदार्थों से मन्द दर पर अभिक्रिया करती है।

प्रश्न 9.
हाइड्रोजन के कौन-से समस्थानिक का प्रयोग नाभिकीय रिऐक्टर में किया जाता है ?
उत्तर:
ड्यूटीरियम (D) का प्रयोग नाभिकीय रिएक्टर में किया ‘जाता है।

प्रश्न 10.
जब सोडियम हाइड्राइड विद्युत्-अपघटित होता है तो डाइहाइड्रोजन कौन से इलेक्ट्रोड पर मुक्त होती है ?
उत्तर:
डाइहाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है; इसे निम्न प्रकार दर्शाया जा सकता है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 3
ऐनोड पर : 2H – 2e → H2(g)

प्रश्न 11.
हाइड्रोजन अणु उच्च ध्रुवी क्यों होता है ?
उत्तर:
अपने लघु आकार तथा उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण हाइड्रोजन अणु उच्च ध्रुवी होता है।

प्रश्न 12.
शुद्ध H2 कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर:
अम्लीकृत जल के विद्युत् अपघटन से शुद्ध H2 तथा O2 प्राप्त करते हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

प्रश्न 13.
ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व कौन-सा है ?
उत्तर:
हाइड्रोजन।

प्रश्न 14.
हाइड्रोजन तत्व कक्ष ताप पर दूसरे तत्वों के साथ धीमी गति से क्रिया क्यों करता है।
उत्तर:
क्योंकि इसकी बन्ध एन्थैल्पी का मान बहुत अधिक (436kJ.mol) होता है।

प्रश्न 15.
हाइड्रोजन का स्थान आवर्त सारणी में अभी तक स्थायी क्यों नहीं है ?
उत्तर:
क्योंकि यह क्षार धातुओं तथा हैलोजन दोनों के साथ समानता प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 16.
हाइड्रोजन का कौन सा समस्थानिक न्यूट्रॉन नहीं रखता ?
उत्तर:
प्रोटियम (1H1)

प्रश्न 17.
एक ऐसा उदाहरण दीजिए जिसमें हाइड्रोजन ऑक्सीकारक का कार्य करता है ?
उत्तर:
2Na + H2 → 2NaH

प्रश्न 18.
उस हाइड्रोजन का नाम लिखिए जिसमें नाभिक एक ही दिशा में चक्रण करता है।
उत्तर:
ऑर्थो हाइड्रोजन

प्रश्न 19.
उन धातुओं के नाम बताइए जो NaOH से क्रिया करके H2 गैस का उत्पादन करती है ?
उत्तर:
Al तथा Be वो धातुएँ हैं जो NaOH से क्रिया करके H1 गैस का उत्पादन करती हैं।

प्रश्न 20.
उन धातुओं के नाम बताइए जो 5% HNO3 से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
उत्तर:
Mg और Mn

प्रश्न 21.
H2S की तुलना में जल का क्वथनांक तथा गलनांक उच्च क्यों होता है?
उत्तर:
जल- अणु अन्तर- आण्विक हाइड्रोजन बन्धों द्वारा संगुणित रहते हैं जिससे इनका क्वथनांक तथा गलनांक उच्च हो जाता है, जबकि H2S में ऐसा नहीं होता ।

प्रश्न 22.
जल किस तत्व का ऑक्साइड है?
उत्तर:
जल हाइड्रोजन का ऑक्साइड है।

प्रश्न 23.
उस जल का नाम लिखिए, जो साबुन के साथ आसांनी से झाग उत्पन्न करता है।
उत्तर:
मृदु जल, साबुन के साथ आसानी से झाग उत्पन्न करता है ।

प्रश्न 24.
सोडियम जियोलाइट का नाम व रासायनिक सूत्र लिखिए ।
उत्तर:
सोडियम जियोलाइट / परम्यूटिट (Na2Z) सोडियम ऐलुमिनियम सिलिकेट को कहते हैं। इसका रासायनिक सूत्र Na2Al2Si2O 8 है।

प्रश्न 25.
जल की अस्थायी कठोरता किन लवणों के कारण होती है?
उत्तर:
जल की अस्थायी कठोरता कैल्सियम या मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट लवणों के कारण होती है।

प्रश्न 26.
जल की अस्थायी कठोरता दूर करने की किसी एक विधि का नाम लिखिए ।
उत्तर:
जल की अस्थायी कठोरता दूर करने के लिए क्लार्क विधि का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 27.
एक ऐसे पदार्थ का नाम लिखिए जो जल में घुलकर, उसे स्थायी कठोर बनाता है।
उत्तर:
मैग्नीशियम क्लोराइड जल में घुलकर उसे स्थायी कठोर बना देता है।

प्रश्न 28.
आसवन द्वारा जल की कौन-सी कठोरता दूर होती है ?
उत्तर:
आसवन द्वारा जल की स्थायी तथा अस्थायी दोनों प्रकार की कठोरता दूर हो जाती हैं।

प्रश्न 29.
जल कितने प्रकार का होता है?
उत्तर:
जल दो प्रकार होता हैं- मृदु जल तथा कठोर जल ।

प्रश्न 30. साधारण जल से भारी जल किस प्रकार उत्पन्न होता है?
उत्तर:
साधारण जल का बार-बार विद्युत अपघटन (repeated electrolysis) कराने पर भारी जल प्राप्त होता है।

प्रश्न 31.
किन-किन विधियों द्वारा जल- अणु निर्जलीय लवणों से जुड़कर हाइड्रेट बनाते हैं?
उत्तर:
उपसहसंयोजक बन्ध तथा हाइड्रोजन बन्ध द्वारा जुड़कर जल – अणु हाइड्रेट बनाते हैं।

प्रश्न 32.
कठोर जल की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
कठोर जल, वह जल है जो साबुन के साथ आसानी से झाग नहीं देता है अथवा अत्यधिक कठिनाई से झाग देता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

प्रश्न 33.
वर्षा के जल में कौन-कौन सी अशुद्धियाँ होती हैं ?
उत्तर:
वर्षा का जल शुद्धतम प्राकृतिक जल है, किन्तु इसमें अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन परऑक्साइड आदि गैसों के अतिरिक्त 0.005% ठोस अशुद्धियाँ भी मिली होती हैं।

प्रश्न 34.
किस गैस द्वारा जल शुद्ध किया जाता है?
उत्तर:
क्लोरीन गैस द्वारा जल शुद्ध किया जाता है।

प्रश्न 35.
जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए दो विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
जल की स्थायी कठोरता दूर करने की दो विधियाँ, आयन- विनिमय रेजिन विधि तथा जियोलाइट अथवा परम्यूटिट विधि हैं।

प्रश्न 36.
संश्लेषण विधि से जल का आयतनी संघटन ज्ञात करने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर:
संश्लेषण विधि से जल का आयतनी संघटन ज्ञात करने के लिए गैस आयतनमापी नली (eudiometer tube) नामक उपकरण का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 37.
पेयजल को शुद्ध करने के लिए पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO4) क्या कार्य करता है?
उत्तर:
पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO4) जल के रोगाणुओं को नष्ट करता है तथा कार्बनिक अशुद्धियों को ऑक्सीकृत करता है।

प्रश्न 38.
गैस आयतनमापी नली में 15 घन सेमी ऑक्सीजन तथा 35 घन सेमी हाइड्रोजन लेकर मिश्रण में विद्युत् धारा प्रवाहित करने के बाद 5 घन सेमी गैस बाकी बच रही है। इस गैस का क्या नाम है ?
उत्तर:
गैस आयतनमापी नली में बची हुई उस गैस का नाम डाइहाइड्रोजन है।

प्रश्न 39.
एक कुएँ के जल में कैल्सियम बाइकार्बोनेट लवण विलेय है। यह किस प्रकार का कठोर जल होगा?
उत्तर:
कुएँ के जल में कैल्सियम बाइकार्बोनेट लवण विलेय है। यह अस्थायी कठोर जल होगा।

प्रश्न 40.
किसी कठोर जल में कैल्सियम बाइकार्बोनेट घुला है। इसे मृदु जल किस प्रकार बनाया जा सकता है?
उत्तर:
कैल्सियम बाइकार्बोनेट घुले अस्थायी कठोर जल को उबालने से कैल्सियम बाइकार्बोनेट लवण अविलेय कैल्सियम कार्बोनेट लवण में परिवर्तित हो जाता है और नीचे बैठ जाता है। इसको छानकर दूर कर लिया जाता है।
\(\mathrm{Ca}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2 \longrightarrow \mathrm{CaCO}_3 \downarrow+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{CO}_2 \uparrow\)

प्रश्न 41.
जल में कठोरता उत्पन्न करने वाले दो लवणों के नाम लिखिए ।
उत्तर:
जल में कैल्सियम व मैग्नीशियम के क्लोराइड व सल्फेट घुले रहने के कारण जल कठोरता (स्थायी) व्यक्त करता है।

प्रश्न 42.
कठोर जल में घुले हुए MgSO4 से धावन सोडा की क्या क्रिया होती है?
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 4

प्रश्न 43.
क्या होता है जब – P4O10 ठण्डे जल में घोला जाता है? (केवल रासायनिक समीकरण दीजिए)
उत्तर:
ऑर्थो-फॉस्फोरिक अम्ल बनता है।
\(\mathrm{P}_4 \mathrm{O}_{10}+6 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow 4 \mathrm{H}_3 \mathrm{PO}_4\)

प्रश्न 44.
कठोर जल साबुन के साथ कम और देर में झाग क्यों देता है ?
उत्तर:
कठोर जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं जिसके कारण कठोर जल साबुन के साथ झाग बनाने के स्थान पर कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के स्टिऐरेट बनाता रहता है जो जल में अविलेय होते हैं।

प्रश्न 45.
सोडियम कार्बोनेट के द्वारा जल की स्थायी कठोरता क्यों दूर हो जाती है ?
उत्तर:
यदि स्थायी कठोर जल में सोडियम कार्बोनेट या धावन सोडा (Na2CO3) मिलाकर गर्म किया जाता है तो उसमें विलेय मैग्नीशियम तथा कैल्सियम के लवण अविलेय कार्बोनेटों में बदल जाते हैं जिनको छानकर अलग कर लिया जाता है।

प्रश्न 46.
“कठोर जल के एक नमूने की कठोरता 6° है ।” इस कथन का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
कठोर जल के एक नमूने में कठोरता 6° है। इसका अर्थ यह है कि उसकी कठोरता एक ppm ( part per million) है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 5

प्रश्न 47.
क्लार्क विधि से अस्थायी कठोरता दूर करने की रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
इस विधि में चूने का जल मिलाकर अस्थायी कठोरता दूर करते हैं।
\(\mathrm{Ca}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2+\mathrm{Ca}(\mathrm{OH})_2 \longrightarrow 2 \mathrm{CaCO}_3 \downarrow+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
कठोरता

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

प्रश्न 48.
हाइड्राइड अन्तराल क्या है ?
उत्तर:
वर्ग 3, 4 और 5 की संक्रमण धातुएँ धात्विक हाइड्राइड बनाती हैं। वर्ग 6 में क्रोमियम भी एक हाइड्राइड बनाता है। इसके पश्चात् इसमें एक अन्तराल बन जाता है क्योंकि 7, 8 तथा 9 से सम्बन्धित धातुएँ कोई हाइड्राइड नहीं बनाती हैं।

प्रश्न 49.
जल आयनिक एवं ध्रुवीय सहसंयोजक यौगिकों के लिये एक अच्छा विलायक क्यों है?
उत्तर:
आयनिक यौगिक जल में घुलकर आयन देते हैं जबकि ध्रुवीय सहसंयोजक यौगिक जल के साथ हाइड्रोजन बन्ध बनाते हैं। इसी कारण आयनिक एवं ध्रुवीय सहसंयोजक यौगिकों के लिये जल अच्छा विलायक है।

प्रश्न 50.
जल गैस क्या है?
उत्तर:
CO तथा H2 का मिश्रण जल गैस है।

प्रश्न 51.
H2O2 का सान्द्रण कम दाब पर क्यों किया जाता है?
उत्तर:
70°C तक गर्म करने पर H2O2 का सान्द्रण 45% तक हो जाता है, परन्तु इससे ऊपर उच्च ताप पर गर्म करने पर इसका अपघटन हो जाता है। अत: अपघटन को रोकने के लिए H2O2 का सान्द्रण कम दाब पर किया जाता है।

प्रश्न 52.
हाइड्रोजन परॉक्साइड जल की अपेक्षा उत्तम ऑक्सीकारक है। कारण सहित बताइए ।
उत्तर:
H2O2 में ऑक्सीजन की ऋण विद्युता जल की अपेक्षा अधिक होती है; अत: H2O2 जल की अपेक्षा उत्तम ऑक्सीकारक होता है । इसके अतिरिक्त H2O2 में O की ऑक्सीकरण संख्या -1 है, जबकि H2O में O की ऑक्सीकरण संख्या -2 है। H2O2 में O की उच्च ऑक्सीकरण संख्या उसके जल की अपेक्षा उत्तम ऑक्सीकारक होने का एक कारण है।

प्रश्न 53.
एक पदार्थ का नाम बताइए जो H2O2 को ऑक्सीकृत कर सकता है ?
उत्तर:
अम्लीकृत KMnO4, H2O2 को ऑक्सीकृत कर सकता है।

प्रश्न 54.
10 आयतन H2O2 विलयन की सामर्थ्य परिकलित कीजिए ।
हल : H2O2 के 10 आयतन विलयन का अर्थ है कि 1L H2O2 मानक ताप एवं दाब पर 10L ऑक्सीजन देगा-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 6
∴ 22.4L ऑक्सीजन बनती है = 68 g H2O2 से
∴ 10.L ऑक्सीजन बनती है = \(\frac { 68×10 }{ 22.4 }\)g H2O2 = 30.36 g H2O2
उत्तर:
’10 आयतन’ H2O2 विलयन की सामर्थ्य 30.36 gm/ L है।

प्रश्न 55.
हाइड्रोजन परॉक्साइड विलयन की आयतन में व्यक्त सान्द्रता का मोलरता तथा नॉर्मलता के साथ सम्बन्ध बताइये ।
उत्तर:

  • आयतन सान्द्रता = 5.6 × नॉर्मलता
  • आयतन सान्द्रता 11.2 × मोलरता

प्रश्न 56.
हाइड्रोजन परॉक्साइड विलयन की आयतन सान्द्रता एवं प्रतिशत सान्द्रता में सम्बन्ध बताइये ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 7

प्रश्न 57.
H2O2 की आयतन सान्द्रता तथा इसकी सामर्थ्य (g / L-1) में, का आपस में सम्बन्ध बताइये ।
उत्तर:
आयतन सान्द्रता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 8

प्रश्न 58.
जब H2O2 की क्रिया खून के साथ होती है तो एक गैस तेजी से निकलती है ? व्याख्या करें ?
उत्तर:
रक्त में उपस्थित एन्जाइम H2O2 के ऑक्सीकरण की दर बढ़ा देता है जिससे O2 गैस तेजी के साथ निकलती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 9

प्रश्न 59.
’15 आयतन H2O2‘ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
15 आयतन H2O2 का अर्थ है कि H2O2 का 1 ml S.T.P. पर 15 ml O2 गैस देता है।

प्रश्न 60.
ऐसे दो यौगिकों के नाम लिखिये जो H2O2 के अपघटन की क्रिया को धीमा कर देते हैं।
उत्तर:
एसिटानिलाइड, ग्लिसरॉल।

प्रश्न 61.
’25 आयतन H2O2‘ के 10ml में कितनी H2O2 उपस्थित है?
उत्तर:
25 आयतन H2O2 के 10 ml में ऑक्सीजन की मात्रा = 10 × 25 = 250 ml at NTP
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 10
H2O2 की मात्रा जो 250 ml O2 को NTP पर मुक्त करती है
= \(\frac { 68 × 250 }{ 22400 }\) = 0.759 g

प्रश्न 62.
दिये गये H2O2 विलयन के 10ml में 0.91 g H2O2 उपस्थित है। इसकी सान्द्रता आयतन में व्यक्त करें ।
उत्तर:
68 g H2O2 NTP पर उत्पन्न करती है = 22400 ml O2
0.91 g H2O2 NTP पर उत्पन्न करती है।
= \(\frac { 22400×0.91 }{ 68 }\)
= 300 ml S.T.P. पर
अतः आयतन सान्द्रता = \(\frac { 300 }{ 100 }\) = ’30 आयतन H2O2

प्रश्न 63.
परहाइड्राल क्या है?
उत्तर:
परहाइड्राल H2O2 का व्यापारिक नाम है जो कि घाव, दाँत, कान आदि को साफ करने में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 64.
सूखे BaO2 को H2O2 को बनाने में प्रयुक्त नहीं करते हैं, क्यों ।
उत्तर:
सूखे BaO2 को प्रयोग में नहीं लाते क्योंकि अभिक्रिया के दौरान यह BaSO4 को बनाता है जो कि एक सुरक्षा कवच की तरह इसके ऊपर चढ़ जाता है तथा बचे हुये BaO2 की अभिक्रिया नहीं होने देता है।

प्रश्न 65.
वह कौन-सा यौगिक है जो तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया कराने पर हाइड्रोजन परॉक्साइड देता है ?
उत्तर:
BaO2

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प्रश्न 66.
भारी जल का सूत्र लिखिए। इसके दो उपयोग दीजिए।
उत्तर:
भारी जल का रासायनिक सूत्र D2O है। भारी जल (D2O) का अणुभार = 2 × 2 + 16 = 20 होता है। इसका उपयोग परमाणु भट्टी में न्यूट्रॉनों की गति मन्द करने में तथा जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि ज्ञात करने में होता है।

प्रश्न 67.
भारी जल का रासायनिक सूत्र लिखिए। भारी जल का उपयोग परमाणु भट्टी में क्यों किया जाता है?
उत्तर:
भारी जल का रासायनिक सूत्र D2O है। इसका उपयोग परमाणु भट्टी में न्यूट्रॉनों की गति को मन्द करने के लिए होता है।

प्रश्न 68.
भारी जल (D2O) के एक अणु में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
उत्तर:
दस ।

प्रश्न 69.
नाभिकीय रिएक्टर में भारी जल की क्या उपयोगिता है?
उत्तर:
यह मन्दक के रूप में कार्य करता है। यहाँ यह न्यूट्रॉन की गति को कम करके नाभिकीय अभिक्रिया को सन्तुलित करता है।

प्रश्न 70.
क्या होता है जब भारी जल कैल्सियम कार्बाइड के साथ अभिक्रिया करता है।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 11

प्रश्न 71.
क्या होता है जब भारी जल क्लोरोफार्म के साथ क्षार की उपस्थिति में क्रिया करता है।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 12

प्रश्न 72.
साधारण जल की अपेक्षा भारी जल में NaCl कम घुलनशील है, क्यों ?
उत्तर:
H2O की अपेक्षा D2O का परा वैद्युत स्थिरांक कम होता है यही कारण है कि NaCl भारी जल में कम विलेय है।

प्रश्न 73.
साधारण जल का विद्युत अपघटन भारी जल की अपेक्षा शीघ्र होता है, क्यों?
उत्तर:
साधारण जल में OH बन्ध की बन्धन ऊर्जा का मान D2O के OD बन्ध की बन्धन ऊर्जा के मान से कम होता है जिसके कारण साधारण जल का विद्युत अपघटन आसानी से होता हैं ।

प्रश्न 74.
यद्यपि D2O हर तरह से H2O जैसा है फिर भी यह विषैला है। क्यों ?
उत्तर:
D2O विषैला है क्योंकि एन्जाइम के द्वारा संचालित सभी अभिक्रियाएँ H+ की अपेक्षा D+ की उपस्थिति में धीमी गति से होती हैं।

प्रश्न 75.
D2O2 को कैसे बनाया जा सकता है ?
उत्तर:
जब पोटैशियम परसल्फेट की क्रिया भारी जल से होती है तो D2O2 बनता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 13

प्रश्न 76.
हाइड्रोजन, क्षार धातुओं तथा हैलोजनों के साथ समानता रखती है, क्षार धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय हैं, हैलोजनों के ऑक्साइड अम्लीय हैं जबकि हाइड्रोजन का ऑक्साइड उदासीन है। स्पष्ट करो।
उत्तर:
क्षार धातुओं के ऑक्साइड घुलने पर OH आयन देते हैं तथा हैलोजनों के ऑक्साइड H+ देते हैं जबकि हाइड्रोजन के ऑक्साइड जल वियोजित होकर समान मात्रा में H+ तथा OH आयन देते हैं ।

प्रश्न 77.
H2O2 का क्वथनांक आशा से अधिक होता है, क्यों ?
उत्तर:
H2O2 के अणु अन्तराअणुक हाइड्रोजन बन्ध द्वारा संगुणित रहते हैं। H2O2 में जल से अधिक संगुणन होता है। इसी कारण H2O2 का क्वथनांक आशा से अधिक होता है।

प्रश्न 78.
जब गलित कैल्सियम हाइड्राइड का विद्युत अपघटन किया जाता है तो हाइड्रोजन ऐनोड पर प्राप्त होती है, क्यों ?
उत्तर:
CaH2 में हाइड्रोजन H के रूप में रहती है । वैद्युत अपघटन करने पर H आयन ऑक्सीकृत होकर ऐनोड पर H2 को मुक्त करता है।

प्रश्न 79.
अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट और H2O2 की अभिक्रिया का सन्तुलित समीकरण लिखें ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 14

प्रश्न 80.
D2O का गलनांक, साधारण जल से अधिक होता है, क्यों ?
उत्तर:
क्योंकि D2O में उपस्थित हाइड्रोजन बन्ध अधिक प्रबल होते हैं।

प्रश्न 81.
साधारण जल की अपेक्षा, भारी जल का घनत्व अधिक होता है, क्यों ?
उत्तर:
भारी जल का अधिक घनत्व इसके अधिक अणुभार के कारण है।

प्रश्न 82.
H2O2 अस्थायी द्रव क्यों होता है ?
उत्तर:
H2O2 को खुले में रखने पर या गर्म करने पर यह अपघटित हो जाता है।
\(2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{O}_2\)

प्रश्न 83.
भारी जल के एक अणु में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं ?
उत्तर:
10 इलेक्ट्रॉन ।

प्रश्न 84.
अम्लों की भास्मिकता निकालने में भारी जल का प्रयोग किस प्रकार किया जाता है।
उत्तर:
आयनिक हाइड्रोजन या ऑक्सीजन से जुड़ी साधारण हाइड्रोजन का भारी हाइड्रोजन द्वारा विनिमय होता है।
उदाहरण:
CH3COOH की D2O से क्रिया कराने पर CH3COOD प्राप्त होता है न कि CD3COOD | इससे सिद्ध होता है कि CH3COOH में केवल एक आयनिक हाइड्रोजन है और यह मोनो बेसिक अम्ल है ।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

प्रश्न 85.
H2O2 को जिस बोतल में रखते हैं उसकी आन्तरिक सतह मोम की होती है तथा बोतल रंगीन होती है, क्यों ?
उत्तर:
खुरदरी सतह H2O2 के विघटन में उत्प्रेरक का कार्य करती है। मोम की चिकनी सतह H2O2 के विघटन की दर कम कर देती है। रंगीन बोतल प्रकाश को रोकती है जिससे H2O2 का विघटन कम हो जाता है।

प्रश्न 86.
सूर्य में कौन-सा तत्व अधिक मात्रा में उपस्थित है ?
उत्तर:
हाइड्रोजन |

प्रश्न 87.
ज्वालामुखी एवं पेट्रोलियम कुँओं से निकलने वाली गैसों में मुख्य रूप से कौन-सी गैस है ?
उत्तर:
ज्वालामुखी एवं पेट्रोलियम कुँओं से अधिक मात्रा में हाइड्रोजन प्राप्त होती है।

प्रश्न 88.
धातुओं पर अम्लों की क्रिया द्वारा निकलने वाली गैस को हाइड्रोजन नाम किसने दिया ?
उत्तर:
लेवोशिये ने सर्वप्रथम इसे हाइड्रोजन नाम दिया।

प्रश्न 89.
ऐसे दो-दो उदाहरण दें जिनमें हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण अंक +1 तथा 1 हो।
उत्तर:
(i) ऑक्सीकरण अंक + 1 वाले उदाहरण-
HCl तथा H2O

(ii) ऑक्सीकरण अंक – 1 वाले उदाहरण-
NaH, CaH2

प्रश्न 90.
वैज्ञानिक यूरे, ब्रिकवैड व मर्फी ने हाइड्रोजन के कौन से समस्थानिक की खोज की ?
उत्तर:
वैज्ञानिक यूरे, ब्रिकवैड व मर्फी ने ड्यूटीरियम की खोज की ।

प्रश्न 91.
वैज्ञानिक लोजिअर, ब्लीकनें व स्मिथ ने हाइड्रोजन के कौन-से समस्थानिक की खोज की ?
उत्तर:
ट्राइटियम की ।

प्रश्न 92.
गोल्ड हेबर विधि का समीकरण लिखें ?
उत्तर:
गोल्ड हेबर विधि में ट्राइटियम को लीथियम पर मन्द न्यूट्रॉनों के प्रहार से बनाते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 15

प्रश्न 93.
हाइड्रोजन को सर्वप्रथम किस वैज्ञानिक ने तैयार किया ?
उत्तर:
रॉबर्ट बॉयल ने सर्वप्रथम हाइड्रोजन को तैयार किया ।

प्रश्न 94.
किस वैज्ञानिक ने हाइड्रोजन को ज्वलनशील वायु कहा ?
उत्तर:
हैनरी कैवेन्डिश ने हाइड्रोजन को ज्वलनशील वायु कहा।

प्रश्न 95.
क्या ह्लेता है जब सोडियम की जल से क्रिया कराते हैं ?
उत्तर:
हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है।
\(2 \mathrm{Na}+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow 2 \mathrm{NaOH}+\mathrm{H}_2 \uparrow\)

प्रश्न 96.
H2 गैस में कौन-कौन सी अशुद्धियाँ होती हैं ?
उत्तर:
H2 गैस में AsH3, PH3, H2S, SO2, CO2, NO2, नमी आदि की अशुद्धियाँ होती हैं।

प्रश्न 97.
AsH3 तथा PH3 की अशुद्धि को हाइड्रोजन से दूर करने के लिये इसे किस विलयन से गुजारते हैं ?
उत्तर:
AsH3 तथा PH2 की अशुद्धि को हाइड्रोजन से दूर करने के लिये इसे AgNO3 विलयन से गुजारते हैं।

प्रश्न 98.
सहसंयोजक हाइड्राइड के दो उदाहरण दें।
उत्तर:
B2H6, CH4

प्रश्न 99.
धात्विक हाइड्राइड के दो उदाहरण दें।
उत्तर:
ZrH, TaH

प्रश्न 100.
आयनिक हाइड्राइड के दो उदाहरण दें।
उत्तर:
CaH2, SrH2

प्रश्न 101.
जल में उपस्थित ऑक्सीजन तत्व पर संकरण क्या है ?
उत्तर:
sp3

प्रश्न 102.
जल अणु पुंज किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जल में H2O-HOH प्रकार के अणु समूह या गुच्छे उपस्थित होते हैं, इन्हें जल अणु पुंज कहते हैं।

प्रश्न 103.
Na2CO3 का जलीय विलयन कैसा होता है ?
उत्तर:
Na2CO3 का जलीय विलयन क्षारीय होता है।

प्रश्न 104.
CuSO4 का जलीय विलयन कैसा होता है ?
उत्तर:
CuSO4 का जलीय विलयन अम्लीय होता है।

प्रश्न 105.
बॉयलर में किस रासायनिक पदार्थ की पपड़ी जमती है ?
उत्तर:
बॉयलर में CaSO4, MgSO4 लवण के कारण पपड़ी जमती है।

प्रश्न 106.
जल की अस्थायी कठोरता कैसे दूर होती है ?
उत्तर:
जल की अस्थायी कठोरता को उबालकर या जल में बुझा चूना डालकर दूर करते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 16

प्रश्न 107.
किस धातु के स्टियरेट जल में अविलेय हैं ?
उत्तर:
मैग्नीशियम व कैल्सियम के स्टियरेट जल में अविलेय हैं।

प्रश्न 108.
किस धातु का स्टियरेट जल में विलेय है?
उत्तर:
सोडियम धातु का स्टियरेट जल में विलेय होता है।

प्रश्न 109.
हाइड्रोजन परॉक्साइड की खोज किसने की थी ?
उत्तर:
H2O2 की खोज बेनार्ड नामक फ्रेंच रसायनज्ञ ने की थी ।

प्रश्न 110.
H2O2 के भण्डारण में स्थायी कारक पदार्थ मिलाते हैं, इनके नाम बतायें ।
उत्तर:
फॉस्फोरिक अम्ल, ग्लिसरॉल, ऐसीटेनिलाइड आदि ।

प्रश्न 111.
H2O2 के क्वथनांक का सही मान ज्ञात नहीं है, क्यों ?
उत्तर:
H2O2 का क्वथनांक सही रूप से निर्धारित नहीं हो पाता है क्योंकि यह उस तापक्रम से पहले विघटित हो जाता है।

प्रश्न 112.
H2O2 की गैसीय अवस्था एवं क्रिस्टलीय अवस्था में बन्ध कोण कितना है ?
उत्तर:
H2O2 की गैसीय अवस्था में बन्ध कोण 111.5° व क्रिस्टलीय अवस्था में बन्ध कोण 90.2° होता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

प्रश्न 113.
H2O2 को रंगीन बोतलों में रखते हैं, क्यों ?
उत्तर:
H2O2 का प्रकाश द्वारा विघटन रोकने के लिये इसे रंगीन बोतलों में रखते हैं।

प्रश्न 114.
धातु की सतह पर हाइड्रोजन का चिपकना क्या कहलाता है ?
उत्तर:
धातु की सतह पर हाइड्रोजन का चिपकना अधिशोषण कहलाता है।

प्रश्न 115.
क्या तनु HCl के साथ कॉपर की क्रिया करा कर हाइड्रोजन उत्पन्न कर सकते हैं ?
उत्तर:
नहीं।

प्रश्न 116.
जल गैस के घटक क्या हैं ?
उत्तर:
जल गैस के घटक CO, H2 हैं ।

प्रश्न 117.
क्या होता है जब निम्न पर जल गिराते हैं-
(i) CaC2
(ii) Mg3P2
उत्तर:
(i) CaC2 जल से क्रिया करके CH ≡ CH बनाता है।
(ii) Mg3P2 जल से क्रिया करके PH3 बनाता है।

प्रश्न 118.
परम्यूटिट का रासायनिक सूत्र लिखें ।
उत्तर:
परम्यूटिट का रासायनिक सूत्र Na2Al2Si2O8.xH2O होता है।

प्रश्न 119.
केलगॉन का रासायनिक सूत्र है ।
उत्तर:
Na2[Na4(PO3)6] को केलगॉन कहते हैं।

प्रश्न 120.
क्या समुद्री प्राणी आसुत जल में रह सकते हैं ?
उत्तर:
समुद्री प्राणी आसुत जल में नहीं रह सकते हैं।

प्रश्न 121.
H2O2 की क्षारकता कितनी होती है ?
उत्तर:
H2O2 की क्षारकता दो होती है।

प्रश्न 122.
ऐसीटैनिलाइड H2O2 के विघटन को रोकता है। इसकी प्रकृति कैसी होती है ?
उत्तर:
ऐसीटैनिलाइड संदमक का कार्य करता है।

प्रश्न 123.
जल की कठोरता की मात्रा की परिभाषा दें ।
उत्तर:
इसे भारानुसार जल के 10 लाख भाग में उपस्थित कैल्सियम कार्बोनेट या इसके तुल्यांक के भारानुसार भागों की संख्या के रूप में परिभाषित कर सकते हैं।

प्रश्न 124.
ऐसी अभिक्रियाओं का उदाहरण दो जिसमें हाइड्रोजन ऑक्सीकारक तथा अपचायक की तरह कार्य करता है ?
उत्तर:
अपचायक के रूप में,
\(\mathrm{CuO}_{(s)}+\mathrm{H}_{2(g)} \longrightarrow \mathrm{Cu}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_{(\ell)}\)
ऑक्सीकारक के रूप में,
\(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{H}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{Na}^{+} \mathrm{H}^{-}(s)\)

लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
हाइड्रोजन की प्राप्ति पर विवेचना कीजिए।
उत्तर:
हाइड्रोजन ब्रह्माण्ड में अतिबाहुल्य तत्व (ब्रह्माण्ड के सम्पूर्ण द्रव्यमान का 70 प्रतिशत) है तथा यह सौर वायुमण्डल का प्रमुख तत्व है। बड़े ग्रहों-बृहस्पति (Jupiter) तथा शनि (Saturn) में अधिकांशत: हाइड्रोजन होती है, हालांकि अपनी हल्की प्रकृति के कारण यह पृथ्वी के वायुमण्डल में कम मात्रा (द्रव्यमानानुसार लगभग 0.15 प्रतिशत) में पाई जाती है। संयुक्त अवस्था में हाइड्रोजन तत्व भू-पर्पटी तथा महासागर में 15.4 प्रतिशत भाग का निर्माण करते हैं। संयुक्त अवस्था में जल के अतिरिक्त यह पादप तथा जन्तु-ऊतकों, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हाइड्राइड, हाइड्रोकार्बन और कई अन्य यौगिकों में पायी जाती है।

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प्रश्न 2.
क्या होता है, जबकि डाइहाइड्रोजन निम्न- लिखित के साथ अभिक्रिया करती है-
(i) फेरिक क्लोराइड,
(ii) सिल्वर क्लोराइड,
(iii) सल्फर।
उत्तर:
डाइहाइड्रोजन की फेरिक क्लोराइड, सिल्वर क्लोराइड तथा सल्फर के साथ अभिक्रियाएँ निम्नवत् हैं-
(i) फेरिक क्लोराइड से अभिक्रिया (Reaction with ferric chloride)-डाइहाइड्रोजन फेरिंक क्लोराइड के साथ क्रिया करके उसे फेरस क्लोराइड में अपचयित कर देती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 17

(ii) सिल्वर क्लोराइड से अभिक्रिया (Reaction with silver chloride) – डाइहाइड्रोजन की सिल्वर क्लोराइड से अभिक्रिया होने पर सिल्वर तथा हाइड्रोजन क्लोराइड गैस प्राप्त होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 18

(iii) सल्फर से अभिक्रिया (Reaction with sulphur ) – हाइड्रोजन गैस को गर्म उबलते सल्फर में प्रवाहित करने से हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बनती है।
\(\mathrm{H}_2+\mathrm{S} \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \uparrow\) हाइड्रोजन सल्फाइड

प्रश्न 3.
उदाहरण देकर सिद्ध कीजिए कि डाइहाइड्रोजन एक प्रबल अपचायक है।
उत्तर:
डाइहाइड्रोजन को लेड, कॉपर आदि के गर्म ऑक्साइडों पर प्रवाहित करने से शुद्ध धातु प्राप्त होती है।
PbO + H2 → Pb + H2O
CuO + H2 → Cu + H2O
उपरोक्त अभिक्रियाएँ सिद्ध करती हैं कि H2 एक प्रबल अपचायक है।

प्रश्न 4.
क्या होता है, जबकि –
(i) जल में सोडियम का टुकड़ा डाला जाता है ?
(ii) डाइहाइड्रोजन और क्लोरीन की अभिक्रिया सूर्य के प्रकाश में होती है ?
(iii) जल के साथ हाइड्रोलिथ की अभिक्रिया होती है ?
उत्तर:
(i) जल में सोडियम का टुकड़ा डालने पर डाइहाइड्रोजन गैस बनती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 19

(ii) सूर्य के प्रकाश में डाइहाइड्रोजन तथा क्लोरीन की अभिक्रिया से हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) गैस बनती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 20

(iii) जल के साथ हाइड्रोलिथ की अभिक्रिया से डाइहाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
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प्रश्न 5.
निम्न अभिक्रियाओं को पूर्ण करें-
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उत्तर:
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प्रश्न 6.
निम्न अभिक्रियाओं को पूर्ण करें-
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उत्तर:
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प्रश्न 7.
रिक्त स्थानों को भरिए ।
(अ) हाइड्रोजन ……………तथा……………दोनों प्रकार के गुण रखता है।
(ब) H+ आयन जल में…………… आयन की तरह रहते हैं तथा इन्हें……………… आयन कहते हैं।
(स) हाइड्रोजन………………. पर प्राप्त होती है जब NaH का विद्युत अपघटन किया जाता है।
(द) हाइड्रोनियम………………तथा………………… ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
(अ) विद्युत धनीय, विद्युत ऋणीय
(ब) H3O+, हाइड्रोनियम
(स) ऐनोड
(द) +1, -1

प्रश्न 8.
हाइड्रोजन अपने यौगिकों में तीन प्रकार के बन्ध बनाता है। इसे उदाहरण सहित समझाइए ।
उत्तर:
(i) आयनिक बन्ध (उदाहरण – NaH)
(ii) सहसंयोजक बन्ध ( उदाहरण HCl, NH3, H2O)
(iii) हाइड्रोजन बन्ध ( उदाहरण NH3, H2O, HF)

प्रश्न 9.
(i) हाइड्रोजन को गुब्बारों में नहीं भरा जाता । क्यों ?
(ii) H2 को सुखाने के लिये सान्द्र H2SO4 का प्रयोग नहीं करते, क्यों ?
(iii) क्या समुद्री जानवर आसुत जल में जीवित रह सकते हैं?
उत्तर:
(i) हाइड्रोजन अत्यन्त ज्वलनशील गैस है। हवा की अधिकता में इसमें तुरन्त आग लग जाती है। अत: इसे गुब्बारों में नहीं भरा जाता है।
(ii) जब सान्द्र H2SO4 हाइड्रोजन गैस के साथ मौजूद H2O के अणुओं को सोखता है तब अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करता है। इस ऊर्जा की उपस्थिति में हाइड्रोजन में तुरन्त आग लग जाती है अत: Ha को सुखाने के लिये सान्द्र H2SO4 का प्रयोग नहीं करते हैं।
(iii) नहीं। क्योंकि आसुत जल में घुली हुयी O2 उपस्थित नहीं होती ।

प्रश्न 10.
अन्तराकाशी हाइड्राइडों के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
(i) CuH तथा
(ii) FeH.

प्रश्न 11.
क्या आप यह अपेक्षा करते हैं कि N, O तथा F के हाइड्राइडों के क्वथनांक उनके वर्ग के संगत सदस्यों के हाइड्राइडों से निम्न होते हैं? कारण बताइए।
उत्तर:
NH3, H2O तथा HF के आण्विक भारों के आधार पर इनके क्वथनांक संगत सदस्यों के हाइड्राइडों से कम होने चाहिए, परन्तु N, O, F की उच्च विद्युत् ऋणता के कारण हाइड्राइडों में हाइड्रोजन बन्ध बनाने की क्षमता उल्लेखनीय है। अत: NH3, H2O तथा HF के क्वथनांक उनके वर्ग के सदस्यों से उच्च होते हैं।

प्रश्न 12.
हाइड्रोजन किस प्रकार के तत्वों के साथ धात्विक हाइड्राइड बनाता है?
उत्तर:
d तथा f-ब्लॉक के तत्वों के साथ ।

प्रश्न 13.
वण समान हाइड्राइड तथा आण्विक हाइड्राइडों में अन्तर बताइए ?
उत्तर:

लवण समान हाइड्राइडआण्विक हाइड्राइड
(1) s-ब्लॉक के तत्व, बनाते हैं।(1) p-ब्लॉक के तत्व बनाते हैं।
(2) आयनिक बन्ध बनाते हैं।(2) सह-संयोजक बन्ध बनाते हैं।
(3) ये जल के साथ विस्फोटीय रूप से अभिक्रिया करते हैं।(3) जल के साथ विस्फोटीय रूप से अभिक्रिया नहीं करते हैं तथा जल में विलेय नहीं होते हैं।
(4) हाइड्रोजन H आयन में के रूप में होता है।(4) हाइड्रोजन H आयन के रूप नहीं होता है।
(5) उदाहरण: NaH, CaH2, KH आदि।(5) उदाहरण: CH4, NH3, HF आदि ।

प्रश्न 14.
कठोर जल से हानियाँ और लाभ लिखिए ।
उत्तर:
कठोर जल से हानियाँ (Disadvantages from hard water) – कठोर जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड तथा सल्फेट लवण घुले होते हैं जो साबुन से क्रिया करके अविलेय यौगिक बनाते हैं; जिसके कारण साबुन का अधिकतर भाग इस क्रिया में ही नष्ट हो जाता है और साबुन झाग नहीं देता है।
कठोर जल से लाभ (Advantages of hard water) – कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट तथा सल्फेट लवण हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं तथा इन लवणों की उपस्थिति के कारण ही जल स्वादिष्ट होता है।

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प्रश्न 15.
जल की कठोरता से क्या अभिप्राय है? क्या कठोर जल पीने के लिए उपयुक्त है ?
उत्तर:
जल का साबुन के साथ आसानी से झाग न देने अथवा अत्यधिक कठिनाई से झाग देने का गुण उसकी कठोरता कहलाता है अथवा जब जल साबुन के रगड़ने पर कम झाग अथवा देर से झाग उत्पन्न करता है तो जल के इस गुण को जल की कठोरता कहते हैं। कठोर जल की पीने के लिए उपयुक्तता निम्नवत् है-

  • कठोर जल में घुले कैल्सियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड तथा सल्फेट लवण हमारे स्वास्थ्य के लिए हितकर हैं। इनकी उपस्थिति से जल स्वादिष्ट हो जाता है, परन्तु पीने के जल में अधिक कठोरता नहीं होनी चाहिए।
  • मृदु जल जब सीसे के नलों में बहता है तो कुछ धातु एवं उसके यौगिकों के घुलने से जल विषैला हो जाता है; अतः सीसे के नलों से बहाकर ले जाने के लिए जल कठोर होना चाहिए।

प्रश्न 16.
जल की कठोरता के क्या कारण हैं? कठोर जल को मृदु बनाने की किसी एक विधि का वर्णन कीजिए ।
उत्तर:
जल की कठोरता, जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड तथा सल्फेट लवणों के कारण होती है। कठोर जल को मृदु बनाना (Softening of hard water) – स्थायी अथवा अस्थायी रूप से कठोर जल को शुद्ध करने के लिए आसवन विधि सर्वोत्तम मानी जाती है। इस विधि से जल में विलेय और निलम्बित दोनों प्रकार की अशुद्धियाँ दूर की जा सकती हैं।

इसके लिए अविरत क्रियाशील भभका प्रयोग किया जाता है। इसमें ताँबे के भभके को जल से भरकर गर्म करते हैं। उत्पन्न भाप को नल में से गुजारते हैं। इस नल से गुजरते समय, वाष्प जल को गर्म करती है तथा स्वयं ठण्डी होकर द्रव बन जाती है। यह जल ग्राही पात्र में एकत्रित कर लिया जाता है। इस प्रकार प्राप्त जल में कोई भी लवण नहीं होता है। यह शुद्ध जल ‘ आसुत जल’ कहलाता है।

प्रश्न 17.
जल की अस्थायी कठोरता उबालने से कैसे दूर हो जाती है ? रासायनिक समीकरण भी दीजिए।
उत्तर:
अस्थायी कठोर जल को उबालने पर उसमें घुले कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट लवण अविलेय कार्बोनेट लवणों में परिवर्तित हो जाते हैं, जो नीचे बैठ जाते हैं। इनको छानकर दूर कर लिया जाता है।
\(\mathrm{Ca}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{CO}_2 \uparrow+\mathrm{CaCO}_3 \downarrow\)
\(\mathrm{Mg}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{CO}_2 \uparrow+\mathrm{MgCO}_3 \downarrow\)

प्रश्न 18.
बुझा हुआ चूना मिलाकर जल को उबालने से वह मृदु क्यों हो जाता है ?
उत्तर:
अस्थायी कठोर जल में बुझा हुआ चूना मिलाकर जल को उबालने से उसमें विलेय बाइकार्बोनेट लवण, अविलेय कार्बोनेट लवणों में बदल जाते हैं जिन्हें छानकर अलग कर दिया जाता है।
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प्रश्न 19.
कठोर जल में साबुन के रगड़े जाने पर झाग के देर से बनने का कारण स्पष्ट कीजिए । सम्बन्धित अभिक्रिया का समीकरण भी दीजिए।
उत्तर:
कठोर जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट, बाइकार्बोनेट्स इत्यादि साबुन (जो कि उच्च वसीय अम्लों के सोडियम लवण होते हैं) से क्रिया करके अविलेय कैल्सियम व मैग्नीशियम लवण बना लेते हैं जिससे कठोर जल झाग उत्पन्न नहीं करता है।
उदाहरण – सोडियम स्टिऐरेट एक उच्च वसीय अम्ल का लवण है अर्थात् साबुन है। यह कठोर जल में विद्यमान कैल्सियम व मैग्नीशियम लवणों से क्रिया करके अविलेय लवण बना लेता है जिससे साबुन झाग नहीं बनाता है।
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प्रश्न 20.
जल की अस्थायी तथा स्थायी कठोरता से क्या तात्पर्य है ? ” कठोर जल में साबुन की काफी मात्रा व्यर्थ में चली जाती है।” समझाइए ।
उत्तर:
अस्थायी कठोरता (Temporary hard-ness) – जब जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट लवण [Ca(HCO3)2 तथा Mg(HCO3)2] घुले होते हैं तो यह जल अस्थायी कठोर जल तथा इस प्रकार की कठोरता अस्थायी कठोरता कहलाती है। यह कठोरता जल को उबालने से सरलता से दूर हो जाती है।

स्थायी कठोरता (Permanent hardness) – जब जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के सल्फेट तथा क्लोराइड लवण घुले रहते हैं तो यह जल स्थायी कठोर जल तथा इस प्रकार की कठोरता स्थायी कठोरता कहलाती है। यह कठोरता उबालने से दूर नहीं होती ।

कठोर जल में अधिक साबुन खर्च होने का कारण (Reason of excess soap consumption in hard water) – कठोर जल में कैल्सियम, मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट तथा बाइकार्बोनेट घुले होते हैं जिनसे क्रिया करके सोडियम स्टिऐरेट अर्थात् साबुन अविलेय लवण बनाता है जिससे साबुन झाग नहीं बनाता है। अतः कठोर जल में साबुन की क्रिया के कारण इसकी काफी मात्रा व्यर्थ में चली जाती है।

प्रश्न 21.
मृदु और कठोर जल में क्या अन्तर है?
उत्तर:
मृदु और कठोर जल में अन्तर

मृदु जलकठठेर जल
1. यह साबुन के साथ आसानी से झाग देता है।1. यह साबुन के साथ कम झाग या देर में झाग उत्पन्न करता है।
2. मृदु जल से कपड़े धोने में साबुन कम खर्च होता है।2. कठोर जल से कपड़े धोने में साबुन अधिक खर्च होता है।
3. इसमें कैल्सियम व मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट व बाइकार्बोनेट लवणों का अभाव होता है।3. इसमें कैल्सियम व मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट तथा बाइकार्बोनेट लवण विलेय होते हैं।
4. यह जल पीने के लिए उपयुक्त नहीं होता है; क्योंकि इसमें शरीर की वृद्धि के लिए कैल्सियम लवण नहीं घुले रहते हैं।4. यह जल कम मात्रा में पीने के लिए उपयोगी होता है।
5. इसके प्रयोग से बॉयलर शीघ्र खराब नहीं होते हैं।5. इसके प्रयोग से बॉयलर शीघ्र खराब हो जाते हैं।

प्रश्न 22.
जल की कठोरता दूर करने की जियोलाइट विधि में सोडियम जियोलाइट कुछ देर बाद अप्रभावी हो जाता है, क्यों ? इसे पुनः प्रभावी किस तरह बनाया जा सकता है ?
उत्तर:
अधिक समय तक उपयोग करने के पश्चात् जब सम्पूर्ण सोडियम परम्यूटिट, कैल्सियम अथवा मैग्नीशियम परम्यूटिट में बदल जाता है तो यह शक्तिहीन हो जाता है; अतः इसे शक्तिशाली करने के लिए नली में जल प्रवाह को रोककर, दूसरी नली द्वारा सोडियम क्लोराइड का विलयन प्रवाहित करते हैं। यह सोडियम क्लोराइड, कैल्सियम और मैग्नीशियम के जियोलाइट से क्रिया कर उन्हें पुनः सोडियम जियोलाइट में बदल देता है; अत: सोडियम परम्यूटिट पुनः जल को मृदु करने के योग्य हो जाता है।
\(\mathrm{CaZ}+2 \mathrm{NaCl} \longrightarrow \mathrm{CaCl}_2+\mathrm{Na}_2 \mathrm{Z}\)

प्रश्न 23.
परम्यूटिट क्या है? जल की कठोरता दूर करने में यह किस प्रकार सहायक हैं?
उत्तर:
परम्यूटिट सोडियम ऐलुमिनियम सिलिकेट नामक पदार्थ है। इसका सूत्र Na2Al2Si2O2 है। जल की कठोरता दूर करने के लिए इसे कठोर जल में प्रवाहित किया जाता है। जल में उपस्थित कैल्सियम तथा मैग्नीशियम लवण इसके साथ क्रिया करते हैं । सोडियम परमाणुओं के स्थान पर कैल्सियम या मैग्नीशियम परमाणु आ जाते हैं तथा कैल्सियम या मैग्नीशियम परम्यूटिट बन जाता है जिसे अलग कर लिया जाता है।

प्रश्न 24.
जल के स्वतः अपघटन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब जल के दो अणु आपस में अभिक्रिया करते हैं तो अभिक्रिया के दौरान H+ आयन का आदान-प्रदान होता है। इस प्रकार जल का एक अणु अम्ल की भाँति जबकि दूसरा अणु क्षार की भाँति कार्य करता है। वह अणु जो H+ को ग्रहण करता है, H3O+ में परिवर्तित हो जाता
उत्तर:
सान्द्रता ग्राम/लीटर में. → 2.24 आयतन H2O2 का अर्थ है कि 1 लीटर H2O2 N. T. P. पर 2.24 लीटर O2 देता है।
2H2O2 → 2H2O + O2
2 × 34 1 mol
= 68g =22.4L
22.4 लीटर O2 प्राप्त होती है = 68 or H2O2 से
2.24 लीटर O2 प्राप्त होती है = \(\frac { 68×2.24 }{ 22.4 }\) = 6.8g/L

प्रतिशत सान्द्रता –
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नॉर्मलता-
आयतन सान्द्रता 5.6 × नॉर्मलता
नॉर्मलता = \(\frac { 2.24 }{ 5.6 }\) = 0.4N
मोलरता- आयतन सान्द्रता = 11.2 × मोलरता
\(\frac { 2.24 }{ 5.6 }\) मोलरता
मोलरता = 0.2 M

प्रश्न 32.
’20 आयतन’ H2O2 की नॉर्मलता ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
20 आयतन H2O2 का अर्थ है कि यहाँ 1 लीटर H2O2 से 20 लीटर O2 N. T. P. पर प्राप्त होती है।
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22.4 लीटर O2 हेतु N. T. P. पर आवश्यक
H2O2 = 68g
20 लीटर O2 हेतु N. T. P. पर आवश्यक
H2O2 = \(\frac { 68×20 }{ 22.4 }\) = 60.71 g/L
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प्रश्न 33.
हाइड्रोजन परॉक्साइड की संरचना की विवेचना कीजिए ।
उत्तर:
हाइड्रोजन परॉक्साइड का अणुसूत्र H2O2 है। इसके लिए दो संरचना सूत्र प्रस्तुत किए गए हैं-
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उत्तर:
किगंजेट द्वारा प्रस्तुत सूत्र की पुष्टि के प्रमाण-
(i) H2O2 जल और ऑक्सीजन में अपघटित होता है।
(ii) H2O2 की प्रकृति क्षीण अम्लीय है।
बेअर द्वारा प्रस्तुत सूत्र की पुष्टि के प्रमाण-

(i) H2O2 एथिलीन से क्रिया करके एथिलीन ग्लाइकॉल बनाता है जिससे यह विदित होता है कि H2O2 के अणु में दो -OH मूलक परस्पर ऑक्सीजन परमाणु द्वारा जुड़े हैं (HO- -OH)।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 32

(ii) H2O2 डाइ – एथिल सल्फेट [ (C2H5)2 SO4] के साथ क्रिया करने पर डाइ – एथिल परॉक्साइड बनाता है जिसके अपचयन से एथिल ऐल्कोहॉल बनता है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि H2O2 के एक अणु में O – O बन्ध उपस्थित है और एक-एक ऑक्सीजन परमाणु से केवल एक हाइड्रोजन जुड़ी है ।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 33

(iii) यह क्लोरो सल्फोनिक अम्ल से अभिक्रिया करने पर डाइसल्फ्यूरिक अम्ल बनाता है जिसमें O – O बन्ध होता है। इससे सूत्र II की पुष्टि होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 34

(iv) द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment), अवरक्त अवशोषण स्पेक्ट्रा आदि भी सूत्र II की पुष्टि करते हैं। अब्राहम (Abraham, 1951) के अनुसार OH तथा O -O बन्ध के बीच का कोण 97° होता है। अब यह विश्वास किया जाता है कि H2O2 का जलीय विलयन दोनों सूत्रों का चलावयवी (tautomeric) साम्य है
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हाइड्रोजन परॉक्साइड की अम्लीय संरचना (Acidic structure of Hydrogen peroxide ) – ठोस हाइड्रोजन परॉक्साइड की संरचना एक खुली पुस्तक की तरह होती है, जिसमें पुस्तक के दोनों भागों के मध्य 90.2° का कोण होता है। दोनों ऑक्सीजन परमाणु पुस्तक के अक्ष पर तथा दोनों पृष्ठों पर एक-एक हाइड्रोजन परमाणु स्थित होता है।

O–O बन्ध दूरी = 145. 8pm, O-H बन्ध दूरी = 98.8pm,
O–O–H कोण = 101.9°
अतः इसका संरचना सूत्र निम्न है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 36

प्रश्न 34.
H2O2 अम्लीय तथा क्षारीय दोनों माध्यमों में प्रबल ऑक्सीकारक का कार्य करता है। विवेचना कीजिए ।
उत्तर:
अम्लीय माध्यम में ऑक्सीकारक गुण-
(i) \(2 \mathrm{FeSO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Fe}_2\left(\mathrm{SO}_4\right)_3+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(ii) \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{I}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(iii) \(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)

क्षारीय माध्यम में ऑक्सीकारक गुण-
(i) \(\mathrm{Na}_2 \mathrm{SO}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Na}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(ii) \(\mathrm{KNO}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{KNO}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(iii) \(\mathrm{Na}_3 \mathrm{AsO}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Na}_3 \mathrm{AsO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन

प्रश्न 35.
क्या होता है जब-
(i) BaO2 की क्रिया ठंडे तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से कराते हैं।
(ii) BaO2 की क्रिया फॉस्फोरिक अम्ल से कराते हैं।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 37

प्रश्न 36.
निम्न को पूरा करें-
(i) PbS + H2O2
(ii) MnO4 + H2O
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 38

प्रश्न 37.
’10 आयतन H2O2 विलयन का आयतन बताइये जो 200 ml के 2N KMnO4 के साथ अम्लीय माध्यम में अभिक्रिया करता है।
उत्तर:
’10 आयतन H2O2‘ की नॉर्मलता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 39
हम जानते हैं कि,
N1V1(H2O2) = N2V2(KMnO4)
\(\frac { 10 }{ 5.6 }\) × V1 = 2 × 200

प्रश्न 38.
हाइड्रॉजीन तथा H2O2 का मिश्रण Cu(11) उत्प्रेरक की उपस्थिति में रोकेट प्रोपेलेन्ट की तरह कार्य करता है ? क्यों ?
उत्तर:
हाइड्रॉजीन तथा H2O2 के मध्य होने वाली अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है तथा इसके साथ-साथ बनने वाले उत्पाद का आयतन बहुत अधिक बढ़ जाता है ।
अतः इसका मिश्रण रॉकेट के ईधन या प्रोपेलेन्ट की तरह प्रयुक्त होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 40

प्रश्न 39.
निम्न अभिक्रियाओं को लिखिए-
H2O2 के द्वारा अम्लीय एवं क्षारीय माध्यम में Fe2+ का Fe3+ आयनों में ऑक्सीकरण ।
उत्तर:
(i) अम्लीय माध्यम में,
\(2 \mathrm{Fe}^{2+}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+2 \mathrm{H}^{+} \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}^{3+}+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)

(ii) क्षारीय माध्यम में,
\(2 \mathrm{Fe}^{2+}+4 \mathrm{OH}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}(\mathrm{OH})_3\)

प्रश्न 40.
अभिक्रिया लिखें-
(i) H2O2 के द्वारा अम्लीय माध्यम में आयोडाइड आयन का आयोडीन में ऑक्सीकरण
(ii) H2O2 द्वारा अम्लीय डाईक्रोमेट आयन का ऑक्सीकरण ।
उत्तर:
(i) \(2 \mathrm{I}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+2 \mathrm{H}^{+} \rightarrow \mathrm{I}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)
(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 41

प्रश्न 41.
क्या होता है जब H2O2 अभिक्रिया करता है।
(i) क्षारीय पोटैशियम फेरी सायनाइड के साथ ।
(ii) सल्फ्यूरस अम्ल के साथ ।
(iii) सोडियम आर्सेनाइट के साथ ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 42

प्रश्न 42.
H2O एवं D20 के गुणों को जानते हुए क्या आप मानते हैं कि D2O का उपयोग पेय-प्रयोजनों के रूप में किया जा सकता है ?
उत्तर:
नहीं, भारी जल पेय प्रयोजनों के रूप में उपयोगी नहीं होता है। इसके निम्न कारण हैं-
(i) भारी अणु होने के कारण D2O में आयतन H2O की तुलना में एक-तिहाई ही होता है।
(ii) D2O में बन्ध H2O की तुलना में अत्यन्त धीमी गति से टूटते हैं।
(iii) कम पराविद्युतांक के कारण इसमें आयनिक पदार्थ जल की तुलना में कम विलेय होते हैं। उपर्युक्त कारणों से भारी जल शरीर में होने वाली अपचयोपचयी अभिक्रियाओं को साधारण जल की तुलना में अति मन्द दर से करता है जिससे ये असन्तुलित हो जाती हैं। अतः यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसके अतिरिक्त इससे बीजों का अंकुरण रुक जाता है, इसमें रहने वाले टैडपोल तथा अन्य छोटे-छोटे जीव मर जाते हैं तथा यह पेड़-पौधों का विकास रोक देता है।

प्रश्न 43.
(i) भारी जल का अणुभार बताइए। भारी जल से ड्यूटीरियम बनाने के लिए एक रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण दीजिए ।
(ii) सोडियम के साथ भारी जल की क्रिया का समीकरण लिखिए और अभिक्रिया के उत्पादों के नाम बताइए ।
(iii) भारी जल क्या है? यह कैसे प्राप्त होता है ?
उत्तर:
(i) भारी जल का अणुसूत्र D2O है जिसके आधार पर इसका अणुभार = 2 × 2 + 16 = 20 है। भारी जल से ड्यूटीरियम विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त कर सकते हैं जिसका रासायनिक समीकरण निम्नांकित प्रकार है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 43

(ii) सोडियम की भारी जल से अभिक्रिया का समीकरण निम्नांकित प्रकार से है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 44

(iii) ड्यूटीरियम ऑक्साइड (D2O) को भारी जल कहते हैं। इसका निर्माण साधारण जल की ड्यूटीरियम (D2) के साथ विनियम विधि द्वारा किया जा सकता है-
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{D}_2 \longrightarrow \mathrm{D}_2 \mathrm{O}+\mathrm{H}_2 \uparrow\)

प्रश्न 44.
(क) ड्यूटीरियम ऑक्साइड को भारी जल क्यों कहते हैं? केवल रासायनिक समीकरण देते हुए सल्फर डाइऑक्साइड से इसकी अभिक्रिया बताइए ।
(ख) भारी जल के उपयोग बताइए ।
(ग) भारी जल का न्यूट्रॉन विमन्दक तथा ट्रेसर के रूप में उपयोग समझाइए ।
उत्तर:
(क) भए पइड्रोजन में प्रोटॉन, 1 न्यूट्रॉन तथा 1 इलेक्ट्रॉन होता है, जबकि साधारण डाइहाइड्रोजन में 1 प्रोटॉन और 1 इलेक्ट्रॉन ही होता है। भारी हाइड्रोजन के नाभिक में एक अतिरिक्त न्यूट्रॉन के कारण यह भार में भारी होता है; अतः भारी हाइड्रोजन कहलाता है। भारी हाइड्रोजन से बने ड्यूटीरियम ऑक्साइड (D2O) का भार भी साधारण जल (H2O) से अधिक होता है; अत: इसे भारी जल कहते हैं।
D2O पर SO2 की अभिक्रिया से ड्यूटीरो सल्फ्यूरस अम्ल बनता है।
D2O+SO2 → D2SO3

(ख) भारी जल के प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं-
(i) ड्यूटीरियम तथा इसके यौगिक बनाने में काम आता है। (ii) यह नाभिकीय अभिक्रियाओं में मन्दक (moderator) के रूप में प्रयुक्त होता है।
(iii) इसका उपयोग आरेख (tracer) के रूप में रासायनिक तथा जैव-अभिक्रियाओं की क्रियाविधि के अध्ययन में होता है।
(iv) आयनिक व अनायनिक हाइड्रोजन में विभेद करने में (In differentiating between ionic and non-ionic hydrogen)-आयनिक एवं अनायनिक हाइड्रोजन में विभेद करने में भारी जल का प्रयोग करते हैं। आयनिक हाइड्रोजन, अर्थात् वह हाइड्रोजन जोकि उच्च विद्युत् ऋणात्मकता वाले तत्वों से क्रिया कर यौगिक बनाती है, का विनिमय भारी जल के द्वारा आसानी से हो जाता है।

(ग) (i) न्यूट्रॉन विमन्दक के रूप में उपयोग (Uses as a neutron moderator) – नाभिकीय रिएक्टर में U235 पर मन्द गति के न्यूट्रॉनों की बमबारी करने के फलस्वरूप U235 का नाभिकीय विखण्डन हो जाता है और ऊर्जा उत्पन्न होती है। तीव्रगामी न्यूट्रॉनों की गति को मन्द करने के लिए उनको भारी जल से गुजारते हैं। इस प्रकार नाभिकीय रिएक्टरों में भारी जल का उपयोग न्यूट्रॉन विमन्दक के रूप में होता है।

(ii) ट्रेसर के रूप में उपयोग (Uses as a tracer) – D2O का उपयोग ट्रेसर के रूप में रासायनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि ज्ञात करने में होता है। इससे ज्ञात होता है कि किस बन्ध का विदलन होता है और किस बन्ध का निर्माण होता है।

प्रश्न 45.
निम्न यौगिकों के नाम लिखें तथा उन अभिक्रियाओं को भी लिखें जिनके द्वारा ये बनाए जाते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 45

प्रश्न 46.
बेरियम परॉक्साइड से H2O2 को बनाने के लिये सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर फॉस्फोरिक अम्ल को प्राथमिकता देते हैं, क्यों?
उत्तर:
क्योंकि बनने वाली H2O2 के अपघटन में H2SO4 उत्प्रेरक का कार्य करता है, इसलिये H2SO4 के स्थान पर फॉस्फोरिक अम्ल को प्राथमिकता देते हैं। साथ ही BaO2 पर BaSO4 की एक पर्त जम जाती है । जिससे BaO2 की क्रियाशीलता घट जाती है।

प्रश्न 47.
H2O2 की शीशी को खोलने से पहले ठण्डा करते हैं, क्यों ?
उत्तर:
H2O2 एक अस्थायी द्रव है, जो रखने पर या अधिक ताप पर अपघटित होकर जल व ऑक्सीजन को देता है। यदि खोलने से पहले शीशी को ठण्डा किया जाये तो द्रव का वाष्प दाब कम हो जाता है। यदि शीशी को ठण्डान किया जाये तो शीशी को खोलते ही विस्फोट हो सकता है।

प्रश्न 48.
H2O2 तथा O3 ओजोन में पाँच विभेद दें।
उत्तर:

H2O2 (हाइड्रोजन परॉक्साइड)O3 (ओजोन)
1. यह एक गन्धहीन, रंगहीन व गाढ़ा द्रव होता है।1. मछली जैसी गन्ध की हल्के नीले रंग की गैस है।
2. इसका मर्करी पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है।2. यह मर्करी की सतह को नष्ट कर देती है जिससे मर्करी काँच पर चिपक जाती है।
3. इसका टेट्रामेथिल बेस पेपर पर कोई प्रभाव नहीं होता है।3. यह टेट्रामेथिल बेस पेपर को बैंगनी कर देती है।
4. यह अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन को रंगहीन कर देता है।4. ओजोन अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन पर कोई प्रभाव नहीं डालती है।
5. यह बेन्जीडीन पेपर पर कोई प्रभाव नहीं डालता है।5. यह बेन्जीडीन पेपर को भूरा कर देती है।

प्रश्न 49.
कठोर जल को क्वथित्रों में प्रयोग करने से पहले मृदु बनाया जाता है, क्यों ?
उत्तर:
कठोर जल को जब क्वथित्रों में प्रयोग किया जाता है तो कठोर जल में उपस्थित लवण क्वथित्र के भीतर एक अघुलनशील परत बना लेते हैं, यह परत या पपड़ी ऊष्मा की कुचालक होती है इसलिये इसमें ईंधन का दुरुपयोग होता है तथा क्वथित्र का जीवन काल भी कम हो जाता है। इस कारण कठोर जल को क्वथित्रों में प्रयोग करने से पहले मृदु कर देते हैं।

प्रश्न 50.
क्या यह सत्य है कि हाइड्रोजन गैस धातु की तरह कार्य कर सकती है तथा यह किन परिस्थितियों में सम्भव है ?
उत्तर:
धातुएँ सदैव विद्युत धनात्मक तत्व होती हैं। जब किसी ऐसे यौगिक का विद्युत अपघटन होता है जिसमें धातुओं के साथ अधातुएँ भी उपस्थित हों तो धातुएँ सदैव कैथोड पर मुक्त होती हैं। इसी प्रकार हाइड्रोजन गैस यह व्यवहार तब प्रदर्शित करती है जब यह उच्च वैद्युत ऋणात्मक तत्व जैसे क्लोरीन के साथ संयोग कर यौगिक बनाये एवं यह यौगिक गलित अवस्था में विद्युत अपघट्य की तरह कार्य करे। ऐसी परिस्थिति में वैद्युत अपघटन होने पर हाइड्रोजन गैस सदैव कैथोड पर ही मुक्त होगी। यह व्यवहार धातुओं के समान ही है।

प्रश्न 51.
क्या होता है जब-
(1) O3 की H2O2 से क्रिया करायी जाती है।
(2) H2O2 की सिल्वर ऑक्साइड से अभिक्रिया होती है।
(3) फेरस सल्फेट के अम्लीय विलयन में H2O2 विलयन को मिलाया जाता है।
(4) H2O2 को KMnO4 के अम्लीय विलयन में मिलाते हैं।
(5) लेड सल्फाइड में H2O2 मिलाते हैं।
(6) क्षारीय पोटैशियम फेरीसायनाइड में H2O2 की क्रिया होती है।
(7) NaOH विलयन की उपस्थिति में क्रोमियम हाइड्रॉक्साइड की क्रिया H2O2 से होती है।
(8) H2O2 की क्रिया K2Cr2O7 और H2SO4 से होती है।
(9) H2O2 को KI विलयन में मिलाते हैं।
उत्तर:
(1) H2O2 ओजोन को ऑक्सीजन में अपचयित कर देता हैं।
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(2) H2O2 सिल्वर ऑक्साइड Ag2O को Ag में अपचयित कर देता है।
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(3) यह तनु अम्ल की उपस्थिति में फेरस सल्फेट को फेरिक सल्फेट में ऑक्सीकृत कर देता है।
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(4) अम्लीय माध्यम में हाइड्रोजन परॉक्साइड (H2O2) पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO4) को मैंगनस सल्फेट (MnSO4) में अपंचयित कर देता है–
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(5) हाइड्रोजन परॉक्साइड (H2O2) लेड सल्फाइड को लेड सल्फेट में ऑक्सीकृत कर देता है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 50

(6) क्षारीय माध्यम में K3[Fe(CN)6] को K4[Fe(CN)6] में अपचयित कर देता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 51

(7) NaOH के विलयन में निलम्बित क्रोमिक हाइड्रॉक्साइड में H2O2 डालने पर क्रोमियम लवणों का क्रोमेट में ऑक्सीकरण हो जाता है तथा विलयन का रंग पीला हो जाता है-
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(8) यह अम्लीय पोटैशियम डाइक्रोमेट को नीले क्रोमिक परॉक्साइड या ब्लू परक्रोमेट (CrO5) में परिवर्तित कर देता है जो अम्ल से विघटित होकर ऑक्सीजन व क्रोमियम सल्फेट देता है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 53

(9) यह अम्लीय पोटैशियम आयोडाइड विलयन से आयोडीन को मुक्त करता है-
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{O}\)
\(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{O} \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{I}_2\)
\(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4 \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{I}_2\)

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HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. एक रासायनिक अभिक्रिया A ⇌ B साम्य में कहलायेगी, जब –
(1) A पूर्णत: B में परिवर्तित होता है।
(2) A का B में ठीक 10% परिवर्तन होता है
(3) A का B में 50% परिवर्तन होता है
(4) A के B में परिवर्तन होने की दर और B के A में परिवर्तन होने की दर बराबर होती है।
उत्तर:
(4) A के B में परिवर्तन होने की दर और B के A में परिवर्तन होने की दर बराबर होती है।

2. A + 2B ⇌ C अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक हैं-
(1) \(\frac{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]^2}{[\mathrm{C}]}\)
(2) \(\frac{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}{[\mathrm{C}]}\)
(3) \(\frac{[\mathrm{C}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]^2}\)
(4) \(\frac{[\mathrm{C}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\)
उत्तर:
(3) \(\frac{[\mathrm{C}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]^2}\)

3. अभिक्रिया, A (ठोस) + 2B (गैस) ⇌ 3D (ठोस) + 2C (गैस) के लिए-
(1) Kp = Kc (RT)0
(2) Kp = Kc R² T²
(3) Kp = Kc(RT)
(4) Kp = Kc = R-2 T-2
उत्तर:
(1) Kp = Kc (RT)0

4. यदि अभिकारकों तथा उत्पाद की सान्द्रता दोगुनी कर दी जाय तो साम्य स्थिरांक Kc होगा –
(1) 2Kc
(2) \(\frac{K_c}{2}\)
(3) K²c.
(4) अपरिवर्तित
उत्तर:
(4) अपरिवर्तित

5. अभिक्रिया N2 + 3H2 ⇌ 2NH3 + X किलो जूल में अधिक अमोनिया बनाने के लिए आवश्यक शर्ते हैं-
(1) उच्च ताप और उच्च दाब
(2) कम ताप और उच्च दाब
(3) कम ताप और कम दाब
(4) उच्च ताप और कम दाब।
उत्तर:
(2) कम ताप और उच्च दाब

6. PCI5 = PCI3 + CI2 में यदि आयतन मूल आयतन का 16 गुना कर दिया जाये तो वियोजन की मात्रा हो जायेगी-
(1) 4 गुनी
(2) 1/4 गुनी
(3) 2 गुनी
(4) 1/2 गुनी।
उत्तर:
(1) 4 गुनी

7. यदि अभिक्रिया A + B ⇌ C + D में यदि A का सान्द्रण दोगुना तथा B का सान्द्रण आधा कर दिया जाये तो अभिक्रिया के वेग में क्या परिवर्तन होगा-
(1) दोगुनी वृद्धि
(2) घटकर आधी
(3) कोई परिवर्तन नहीं
(4) घटकर चौथाई।
उत्तर:
(3) कोई परिवर्तन नहीं

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

8. N2 + 3H2 ⇌ 2NH3 क्रिया में मानक ताप व दाब पर 68 ग्राम NH3 बनाने हेतु H2 का आवश्यक आयतन लेंगे-
(1) 67.2 लीटर
(2) 22.4 लीटर
(3) 134.4 लीटर
(4) 112.3 लीटर।
उत्तर:
(3) 134.4 लीटर

9. अभिक्रिया H2 + I2 ⇌ 2HI की साम्यावस्था में H2 व I2 की मोलर सान्द्रताएँ क्रमश: a तथा b हैं तथा HI के संश्लेषण की मात्रा x हो, तो साम्य स्थिरांक Kc का मान होगा-
(1) \(\frac{x^2}{(a-x)(b-x)}\)
(2) \(\frac{4 x^2}{(a-x)(b-x)}\)
(3) \(\frac{2 x^2}{(a-x)(b-x)}\)
(4) \(\frac{x^2}{4(a-x)(b-x)}\)
उत्तर:
(2) \(\frac{4 x^2}{(a-x)(b-x)}\)

10. अभिक्रिया PCI5 ⇌ PCI3 + CI2 में यदि x वियोजन की मात्रा हो तब Kp का मान होगा-
(1) \(\frac{x^2}{(1-x) P}\)
(2) \(\frac{x}{\left(1-x^2\right) P}\)
(3) \(\frac{x}{(1-x)^2 P}\)
(4) \(\frac{x^2 P}{\left(1-x^2\right)}\)
उत्तर:
(4) \(\frac{x^2 P}{\left(1-x^2\right)}\)

11. द्रव अनुपाती क्रिया के नियम का सत्यापन किसने किया—
(1) गोल्डबर्ग ने
(2) बोडेन्सटीन ने
(3) आरहीनियस ने
(4) ओस्टवाल्ड ने।
उत्तर:
(2) बोडेन्सटीन ने

12. यदि CH3COOK का वियोजन स्थिरांक 10-2 हो, तो CH3COOH का वियोजन स्थिरांक होगा-
(1) 10-2
(2) 10-12
(3) 10-14
(4) 10-16
उत्तर:
(2) 10-12

13. सोडियम सल्फेट का जलीय विलयन होता है-
(1) अम्लीय
(2) क्षारीय
(3) उदासीन
(4) उभयधर्मी।
उत्तर:
(1) अम्लीय

14. यौगिक जिसके जलीय विलयन की pH सबसे अधिक है-
(1) NH4 CI
(2) NH3CO3
(3) NaOH
(4) NaCI
उत्तर:
(3) NaOH

15. अल्प विलेय लवण AgCI की 26°C पर जल में विलेयता 1.25 × 10-5 मोल/लीटर है। इसका विलेयता गुणनफल होगा-
(1) 1.25 × 1010
(3) 1.56 x 1010
(2) 1.50 x 10-5
(4) 3.53 x 10-3
उत्तर:
(3) 1.56 x 1010

16. निम्न में से कौन सा युग्म समआयतन प्रभाव दर्शाता है-
(1) BaCl2 + Ba(NO)2
(2) KCl + HCl
(3) CH3COOH +CH3COONa
(4) AgCN + NaCN.
उत्तर:
(3) CH3COOH +CH3COONa

17. निम्न में से किस लवण का जल अपघटन होगा-
(1) KCI
(2) Na2SO4
(3) NaNO3
(4) KCN
उत्तर:
(4) KCN

18. किसी विद्युत अपघट्य के वियोजन की मात्रा निर्भर करती है-
(1) तापमान पर
(2) विलायक की प्रकृति पर
(3) सान्द्रता पर
(4) आयनों के आवेश पर
उत्तर:
(4) आयनों के आवेश पर

19. एक यौगिक में OH तो नहीं है, लेकिन वह जल में घोलने पर क्षारीय विलयन देता है। वह यौगिक है-
(1) NH3
(2) CO2
(3) BCl3
(4) NH4Cl
उत्तर:
(1) NH3

20. किसी विद्युत अपघट्य का आयनन निर्भर करता है-
(1) विद्युत अपघट् की प्रकृति पर
(2) ताप पर
(3) विलायक की प्रकृति पर
(4) इन सभी पर
उत्तर:
(4) इन सभी पर

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21. निम्न में से कौन-सा तथ्य गलत है-
(1) जलीय विघटन में आयन होते हैं
(2) सब आयन रंगीन होते हैं
(3) आयनों पर वैद्युत आवेश होता है
(4) आयनिक अभिक्रियाएँ क्षणिक होती हैं।
उत्तर:
(4) आयनिक अभिक्रियाएँ क्षणिक होती हैं।

22. पिघले हुए साधारण नमक में वैद्युत चालन होता है, क्योंकि उसमें होते हैं-
(1) मुक्त इलैक्ट्रॉन
(2) मुक्त आयन
(3) मुक्त परमाणु
(4) मुक्त अणु।
उत्तर:
(3) मुक्त परमाणु

23. प्रबल वैद्युत अपघट्य का अभिप्राय है कि-
(1) उसका आयनन अधिक होता है।
(2) उसकी जल में विलेयता अधिक होती है
(3) उसके आयन वैद्युत धारा को ले जाते हैं।
(4) धनायनों तथा ऋणायनों की संख्या समान होती है।
उत्तर:
(1) उसका आयनन अधिक होता है।

24. आहनियस का आयनन सिद्धांन्त असफल रहता है-
(1) अम्लों के लिए
(2) क्षारों के लिए
(3) लवणों के लिए
(4) प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए।
उत्तर:
(4) प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए।

25. निम्न में से कौन-सा वर्ग सदैव प्रबल विद्युत अपघट्य का कार्य करता है-
(1) अम्ल
(2) क्षार
(3) लवण
(4) जटिल यौगिक।
उत्तर:
(4) जटिल यौगिक।

26. एक विद्युत् अपघट्य के संतृप्त विलयन में एक निश्चित ताप पर यह स्थिर होता है-
(1) आयनिक गुणनफल
(2) विलेयता गुणनफल
(3) आयनिक स्थिरांक
(4) वियोजन स्थिरांक।
उत्तर:
(4) वियोजन स्थिरांक।

27. ऐसीटिक अम्ल और सोडियम ऐसीटेट के विलयन मिलाने पर ऐसीटिक अम्ल के वियोजन की मात्रा कम होने का कारण है-
(1) विलेयता गुणनफल
(2) आयनी गुणनफल
(3) उभय प्रतिरोधी क्रिया
(4) सम आयन प्रभाव।
उत्तर:
(3) उभय प्रतिरोधी क्रिया

28. एक वैद्युत अपघट्य का अवक्षेपण होता है, क्योंकि आयनों के सान्द्रण का गुणनफल-
(1) विलेयता से अधिक होता है
(2) विलेयता से कम होता है
(3) विलेयता गुणनफल से अधिक होता है
(4) विलेयता गुणनफल के बराबर होता है।
उत्तर:
(1) विलेयता से अधिक होता है

29. सिल्वर क्लोराइड का विलेयता गुणनफल 1.57 × 10-1 है। इसके संतृप्त विलयन में Cl की सान्द्रता होगी-
(1) 12.5 × 105
(2) 1.57 × 105
(3) 1.25 × 10-5
(4) 0.125 × 105
उत्तर:
(4) 0.125 × 105

30. BaSO4 का विलेयता गुणनफल 1 × 10-10 है। इसके जलीय विलयन में SO42- आयन का सान्द्रण होगा-
(1) 1 × 10-5
(2) 1 × 105
(3) 2 × 10-5
(4) 1 × 107
उत्तर:
(1) 1 × 10-5

31. शुद्ध जल की मोलरता है-
(1) 55.4
(2) 18
(3) NH3
(4) OH
उत्तर:
(1) 55.4

32. निम्न में तीव्र लुईस क्षार है-
(1) CH3
(2) F
(3) NH3
(4) OH
उत्तर:
(3) NH3

33. निम्न में से कौन-सा लुईस अम्ल है
(1) OH
(2) CH3COO
(3) NH3
(4) BF3
उत्तर:
(4) BF3

34. निम्न में से कौन सा ब्रॉन्स्टेड अम्ल तथा ब्रॉन्स्टेड क्षारक दोनों का कार्य करता है-
(1) HSO4
(2) CH3NH2
(3) OH
(4) NH4
उत्तर:
(2) CH3NH2

35. CH3NH2 का संयुग्मी अम्ल है.
(1) CH3OH
(2) CH3NH3+
(3) CH3NH3
(4) CH3NH
उत्तर:
(2) CH3NH3+

36. Cl आयन किस अम्ल का संयुग्मी क्षारक है-
(1) HCl
(2) HOCl
(3) HClO3
(4) H3O+
उत्तर:
(1) HCl

37. निम्न में लुईस क्षार होता है-
(1) Cu2+
(2) Ag+
(3) CN
(4) SO3
उत्तर:
(3) CN

38. जब pH = 0 है, तो [H+] होगा-
(1) 0
(2) 1
(3) 7
(4) 14
उत्तर:
(1) 0

39. अम्लीय विलयन में OH+ आयन की सान्द्रता होगी
(1) > 10-7
(2) 10-7
(3) < 10-5
(4) इनमें से कोई नही।
उत्तर:
(1) > 10-7

40. यौगिक जिसका 0.1 M विलयन क्षारीय है-
(1) CH3COONH4
(2) NH4NO3
(3) NH4Cl
(4) CH3COOK
उत्तर:
(4) CH3COOK

41. निम्न में से कौन-सा जल अपघटित होगा-
(1) KCl
(2) NH4Cl
(3) K2SO4
(4) NaCl.
उत्तर:
(2) NH4Cl

42. ऐसीटिक अम्ल के जलीय विलयन में होता है-
(1) H+ तथा CH3COO
(2) H3O+, CH3COO तथा CH3COOH
(3) H+, H3O+ तथा CH3COO
(4) CH3COO, H+ तथा CH3COO.
उत्तर:
(2) H3O+, CH3COO तथा CH3COOH

43. NH2 का संयुग्मी अम्ल है-
(1) NH3
(2) NH2OH
(3) NH4
(4) N2H4
उत्तर:
(1) NH3

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

44. निम्न में से कौन-सा बफर विलयन होता है-
(1) NaOH + NaCl
(2) HNO3 +KNO3
(3) HCl+ NaCl
(4) NH4Cl + NH4 OH.
उत्तर:
(4) NH4Cl + NH4 OH.

45. एक प्रबल अम्ल एवं प्रबल क्षार की उदासीनीकरण की ऊष्मा सदैव होती है-
(1) 13.7 kcal
(2) 9.6 kcal
(3) 6 kcal
(4) 11.4 kcal.
उत्तर:
(1) 13.7 kcal

46. दुर्बल क्षार एवं प्रबल अम्ल के लवण के जलीय विलयन की PH ज्ञात करने के लिये सही सम्बन्ध है-
(1) pH = 7 + \(\frac {1}{2}\) log Kb + \(\frac {1}{2}\) log C
(2) pH = 7 – \(\frac {1}{2}\) log Kb – \(\frac {1}{2}\) log C
(3) pH = 7 + \(\frac {1}{2}\) log Ka + \(\frac {1}{2}\) log C
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(1) pH = 7 + \(\frac {1}{2}\) log Kb + \(\frac {1}{2}\) log C

47. निम्न में से क्षारीय लवण कौन-सा है-
(1) PbS
(2) PbCO3
(3) PbSO4
(4) 2 PbCO3.Pb (OH)2.
उत्तर:
(4) 2 PbCO3.Pb (OH)2.

48. दुर्बल अम्ल जिसका वियोजन स्थिरांक Ka तथा सान्द्रता C है, के विलयन में हाइड्रोजन आयन सान्द्रता होती है-
(1) \(\sqrt{\mathrm{K}_a \mathrm{/C}}\)
(2) C/Ka
(3) Ka C
(4) \(\sqrt{K_a \cdot C}\)
उत्तर:
(4) \(\sqrt{K_a \cdot C}\)

49. प्रबलतम ब्रॉन्स्टेड क्षार होगा-
(1) ClO
(2) ClO2
(3) ClO3
(4) ClO4
उत्तर:
(1) ClO

50. 1 × 10-8 M – HCl विलयन की pH है-
(1) 6 व 7 के बीच
(2) 7 व 8 के बीच
(3) 8
(4) – 8.
उत्तर:
(1) 6 व 7 के बीच

51. 90°C पर शुद्ध जल में [H3O+] = 10-6 M है। इस ताप पर Kw का मान क्या है-
(1) 10-6
(2) 10-12
(3) 10-11
(4) 10-8
उत्तर:
(2) 10-12

52. निम्न में से किस विलयन की pH सर्वाधिक है-
(1) NH4Cl
(2) (NH4)2 SO4
(3) Na2 CO3
(4) Na NO3.
उत्तर:
(3) Na2 CO3

53. निम्न में से कौन सा अम्ल व क्षार दोनों की तरह कार्य करता है—
(1) SO42-
(2) H3O+
(3) CO32-
(4) HCO3
उत्तर:
(4) HCO3

54. लुईस संकल्पना के अनुसार निम्न में से कौन क्षार नहीं है-
(1) OH
(2) Ag+
(3) NH3
(4) H
उत्तर:
(2) Ag+

55. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के एक 10-3 M विलयन का pH होगा-
(1) 1.3
(2) 2.0
(3) 3·0
(4) 4.5.
उत्तर:
(3) 3·0

56. जल नहीं हो सकता-
(1) लूईस अम्ल
(2) लुईस क्षार
(3) ब्रॉन्स्टेड अम्ल
(4) ब्रॉन्स्टेड क्षार।
उत्तर:
(1) लूईस अम्ल

57. ऐथिल ऐसीटेट के जल अपघटन में स्व उत्प्रेरक है-
(1) C2H2OH
(2) CH3COOC2H5
(3) H2O
(4) CH3COOH.
उत्तर:
(4) CH3COOH.

58. न्यूनतम pH मान का जलीय विलयन है।
(1) पोटॅशियम नाइट्रेट
(2) कॉस्टिक सोडा
(3) सोडियम सायनाइड
(4) फेरिक क्लोराइड।
उत्तर:
(4) फेरिक क्लोराइड।

59. अम्लीय शक्ति का सही क्रम है-
(1) HClO < HClO2 < HClO3 < HClO4
(2) HClO4 < HClO < HClO2 < HClO3
(3) HClO2 < HClO3 < HClO4 < HClO
(4) HClO4 < HClO3 < HClO2 < HClO.
उत्तर:
(1) HClO < HClO2 < HClO3 < HClO4

60. एक विलयन के pH मान के लिये व्यंजक है-
(1) log [H+]
(2) log \(\frac{1}{\left[\mathrm{H}^{+}\right]}\)
(3) \(\frac{1}{\log \left[\mathrm{H}^{+}\right]}\)
(4) \(-\log \left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\)
उत्तर:
(2) log \(\frac{1}{\left[\mathrm{H}^{+}\right]}\)

61. PbS2 के विलेयता गुणनफल के लिये व्यंजक है-
(1) [Pb2+] [S2-
(2) [Pb4+] [S2-
(3) [Pb2+] [2S2-]
(4) [2Pb4+] [S2-
उत्तर:
(2) [Pb4+] [S2-

62. H2S विलयन का pH है-
(1) >7
(2) <7
(3) 7
(4) 0
उत्तर:
(2) <7

63. HS का संयुग्मी क्षार है-
(1) S2-
(2) H2S
(3) उपरोक्त दोनों
(4) दोनों में से कोई नहीं।
उत्तर:
(1) S2-

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

64. यदि 50°C पर pkw = 13.36 है तो इस ताप पर जल का pH मान क्या होगा-
(1) 7.00
(2) 6.68
(3) 7.63
(4) 6·00.
उत्तर:
(2) 6.68

65. निम्न अम्लों में से किसका pKa मान सबसे कम होगा-
(1) CH3 – CH2 – COOH
(2) (CH3)2 CHCOOH
(3) HCOOH
(4) CH3 – COOH.
उत्तर:
(3) HCOOH

66. PbCl2 का विलेयता गुणनफल Ksp है। इसकी विलेयता है-
(1) \(\sqrt{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}}}\)
(2) \(\sqrt[3]{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}}}\)
(3) \(\sqrt[3]{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}} / 4}\)
(4) \(\sqrt{8 \mathrm{~K}_{\mathrm{sp}}}\)
उत्तर:
(3) \(\sqrt[3]{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}} / 4}\)

67. A2X3 की विलयेता Y मोल ली.-1 है। इसका विलेयता गुणनफल है-
(1) 6Y4
(2) 64Y4
(3) 36Y5
(4) 108Y5
उत्तर:
(4) 108Y5

68. AgCl की 30°C पर विलेयता 1.5 x 10-3 gL-1 है। इसका विलेयता गुणनफल है।
(1) (1.5 × 10-3
(2) (1.05 × 10-5
(3) (1.05 x 10-3
(4) (1.5 × 10-3 × 143.5)².
उत्तर:
(2) (1.05 × 10-5

69. उच्च दाब निम्न अग्र अभिक्रिया में अनुकूलता प्रदान करेगा-
(1) H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g)
(2) N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)
(3) N2(g) + O2 (g) ⇌ 2NO(g)
(4) PCl5(g) ⇌ PCl3 (g) + Cl2 (g).
उत्तर:
(1) H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g)

70. अग्र एवं विपरीत अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक क्रमश: K1 एवं K2 हैं तो अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक होता है-
(1) K1 x K2
(2) K2 – K1
(3) \(\frac{\mathrm{K}_1}{\mathrm{~K}_2}\)
(4) \(\frac{\mathrm{K}_1+\mathrm{K}_2}{\mathrm{~K}_1-\mathrm{K}_2}\)
उत्तर:
(3) \(\frac{\mathrm{K}_1}{\mathrm{~K}_2}\)

71. जब दो क्रियाकारक A एवं B संयोग के पश्चात् उत्पाद C एवं D देते हैं तो प्रारम्भिक अवस्था में अभिक्रिया भागफल (Reaction quotient, Q)-
(1) शून्य होता है
(2) समय के साथ बढ़ता है
(3) समय पर निर्भर नहीं करता
(4) समय के साथ कम होता है।
उत्तर:
(2) समय के साथ बढ़ता है

72. अभिक्रिया x + 3y → 2Z में x, y तथा z के साम्य सान्द्रण क्रमशः 2, 2 तथा 4 हैं। साम्य स्थिरांक का मान है-
(1) 1
(2) 2
(3) 3
(4) 4.
उत्तर:
(1) 1

73. MgCO3(s) ⇌ MgO (s) + CO2 (g) के लिए निम्न में से सही है-
(1) Kp = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{Mg}} \mathrm{O} \times \mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{MgCO}_3}}\)
(2) Kp = \(\frac{P_{\mathrm{Mgo}}+P_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{MgCO}_3}}\)
(3) Kp = \(\frac{[\mathrm{Mgo}]\left[\mathrm{CO}_2\right]}{\left[\mathrm{MgCO}_3\right]}\)
(4) Kp = PCO2 ·
उत्तर:
(4) Kp = PCO2 ·

74. यदि N2 + 3H2 ⇌ 2NH3 के लिए साम्य स्थिरांक K तथा 2N2 + 6H2 ⇌ 4NH3 के लिए साम्य स्थिरांक K’ है तो K’ का मान होगा-
(1) K²
(2) \(\sqrt{K}\)
(3) \(\frac{1}{\sqrt{\mathrm{K}}}\)
(4) \(\frac{1}{K^2}\)
उत्तर:
(1) K²

75. HI के निर्माण के लिए साम्य स्थिरांक (K) का मान 50 है तो K का मान HI के वियोजन के लिए होता है-
(1) 50
(2) 5
(3) 0.2
(4) 0·02.
उत्तर:
(4) 0·02.

76. साम्य 2HI (g) ⇌ H2 (g) + I2 (g) के लिए निम्न में से सही है-
(1) Kp = Kc
(2) Kc = 2Kp
(3) Kp > Kc
(4) Kc = Kp (RT)².
उत्तर:
(1) Kp = Kc

77. 500°C पर उत्क्रमणीय अभिक्रिया N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2 NH3(g) के लिए Kp का मान 1.44 x 10-5 है। जब आंशिक दाब वायुमण्डल (Atm) में पाया जाता है। यदि सान्द्रता मोल ली- 1 में है तो सम्बन्धित Kc का मान है-
(1) 1.44 × 10-5/ (0.082 × 500)²
(2) 1.44 x 105 / ( 8.314 × 773)-2
(3) 1.44 × 10-5/ (0.0821 × 773)²
(4) 1.44 x 10-5/ (0.0821 × 773)-2.
उत्तर:
(4) 1.44 x 10-5/ (0.0821 × 773)-2.

78. अभिक्रिया H2 + I2 ⇌ 2HI के लिए
(1) Kc = 2Kp
(2) Kc > Kp
(3) Kc = Kp
(4) Kc < Kp
उत्तर:
(3) Kc = Kp

79. इकाई आयतन में उपस्थित पदार्थ के ग्राम अणुओं की संख्या कहलाती है-
(1) सक्रियता
(2) नॉर्मल विलयन
(3) मोलर विलयन
(4) सक्रिय द्रव्यमान।
उत्तर:
(4) सक्रिय द्रव्यमान।

80. अभिक्रिया C(s) + CO2(g) ⇌ 2CO(g) के लिए साम्यावस्था पर CO2 एवं CO के आंशिक दाब क्रमश: 2.0 तथा 4.0 atm हैं। अभिक्रिया के लिए Kp होगा-
(1) 0.5
(2) 4.0
(3) 8.0
(4) 32.0
उत्तर:
(3) 8.0

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ताप बढ़ाने पर KNO3 की विलेयता बढ़ जाती है, जबकि Ca(OH)2 की विलेयता घट जाती है, क्यों?
उत्तर:
KNO3 का जल में घुलना ऊष्माशोषी अभिक्रिया है, जबकि Ca(OH)2 को विलेय करने पर ऊष्मा निकलती है। अतः ला शातेलिए के नियमानुसार ताप बढ़ाने पर KNO3 की विलेयता बढ़ती है तथा Ca(OH)2 की घटती है।

प्रश्न 2.
ताप बढ़ाने पर जल में लेड नाइट्रेट की विलेयता बढ़ती है, जबकि कैल्सियम ऐसीटेट की विलेयता घटती है, क्यों?
उत्तर:
लेड नाइट्रेट को जल में घोलने पर ऊष्मा अवशोषित होती है जबकि कैल्सियम ऐसीटेट को घोलने पर उत्सर्जित होती है।

प्रश्न 3.
“रासायनिक साम्य गतिक होता है?” इस कथन की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रिया में अग्र अभिक्रिया की दर घटती है, वहीं पश्च अभिक्रिया की दर बढ़ती जाती है। रासायनिक साम्यावस्था आने पर अग्र अभिक्रिया की दर पश्च अभिक्रिया की दर के बराबर हो जाती है, अर्थात् अभिक्रिया रुकती नहीं वरन् सतत रूप से दोनों ओर गतिक रहती है।

प्रश्न 4.
Cl2 की उपस्थिति में PCl5 के वियोजन की मात्रा कम हो जाती है, क्यों?
उत्तर:
PCl5 ⇌ PCl3 + Cl2; ला-शातेलिए के नियमानुसार, Cl2 की सान्द्रता बढ़ाने पर पश्च अभिक्रिया अधिक होगी जिससे PCl5 का वियोजन घट जायेगा।

प्रश्न 5.
FeCl3 के विलयन में NH4CNS मिलाने पर गहरा लाल रंग आ जाता है। इसमें NH4Cl विलयन मिलाने पर रंग गायब हो जाता है, क्यों?
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 1
उपरोक्त विलयन में NH4Cl मिलाने पर पश्च अभिक्रिया तेजी से होती है तथा Fe(CNS)3 विघटित हो जाती है जिससे लाल रंग गायब हो जाता है।

प्रश्न 6.
अभिक्रिया, 2HI ⇌ H2 + I2 में दाब m गुना करने पर साम्य स्थिरांक पर क्या प्रभाव होगा?
उत्तर:
साम्य स्थिरांक पर दाब का कोई प्रभाव नहीं होता है।

प्रश्न 7.
नाइट्रिक ऑक्साइड के संश्लेषण में उच्च ताप अमोनिया के संश्लेषण में अपेक्षाकृत कम ताप प्रयुक्त किया जाता है, क्यों ?
उत्तर:
नाइट्रिक ऑक्साइड का संश्लेषण ऊष्माशोषी अभिक्रिया है। वहीं अमोनिया का संश्लेषण ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

प्रश्न 8.
सोडा वाटर की बोतल खोलने पर बुलबुले उठते हैं, क्यों?
उत्तर:
सोडा वाटर की बोतल खोलने पर दाब कम होने के कारण गैस की जल में विलेयता घट जाती है तथा गैस के तेजी से बाहर निकलने के कारण बुलबुले उठते हैं।

प्रश्न 9.
किस अभिक्रिया साम्य स्थिरांक के लिए अभिक्रिया पूर्णता की ओर अधिक होगी।
K = 1; K = 1010; K = 10-10
उत्तर:
K = 1010

प्रश्न 10.
Mg एवं Fe दोनों ही Cu2+ आयन को Cu में परिवर्तित कर देते हैं। यदि साम्यावस्थाएँ निम्न हों तो कौन अधिक सीमा तक Cu2+ को Cu में परिवर्तित करेगा।
Mg (g) + Cu2+ ⇌ Mg2+ Cu; Kc = 6 × 1090
Fe(s) + Cu2+ ⇌ Fe2+ + Cu; Kc = 3 x 1026
उत्तर:
Mg क्योंकि Kc अधिक होने पर अभिक्रिया पूर्णता की ओर अधिक होगी।

प्रश्न 11.
उत्क्रमणीय अभिक्रिया A + B ⇌ C + D का साम्य स्थिरांक लिखिए।
उत्तर:
Kc = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\)

प्रश्न 12.
(a) अभिक्रिया a + bB ⇌ cC + dD के लिए स्थिरांक का व्यंजक लिखिए।
(b) यदि उपरोक्त अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक Kc = 5.0 x 10³ है तो अभिक्रिया CC + dD ⇌ C + dD के साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 2

प्रश्न 13.
N2 + 2O2 ⇌ 2NO2, Kc = 100 लीटर मोल हो तो निम्नलिखित अभिक्रियाओं के K1, K2 के मान ज्ञात कीजिए।
(i) 2NO2 ⇌ N2 + 2O2 तथा
(ii) NO2 ⇌ \(\frac {1}{2}\) N2 + O2
उत्तर:
(i) K1 = \(\frac{1}{K_c}=\frac{1}{100}\) = 10-2 मोल लीटर-1 ;
(ii) K1 = \(\sqrt{\frac{1}{K_c}}=\sqrt{\frac{1}{100}}\) = 10-1 मोल\(\frac {1}{2}\) लीटर\(\frac {1}{2}\)

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 14.
विलेयता पर ताप का क्या प्रभाव होगा?
उत्तर:

  1. यदि पदार्थ को घोलने पर ऊष्मा निकलती है तो ताप बढ़ाने पर उसकी विलेयता घट जाती है।
  2. यदि पदार्थ को घोलने पर ऊष्मा शोषित होती है तो ताप बढ़ाने पर उसकी विलेयता बढ़ जाएगी।

प्रश्न 15.
अभिक्रिया N2 + O2 ⇌ 2NO के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
Kc = \(\frac{[\mathrm{NO}]^2}{\left[\mathrm{~N}_2\right]\left[\mathrm{O}_2\right]}\) तथा Kc = \(\frac{4 x^2}{(a-x)(b-x)}\)

प्रश्न 16.
अभिक्रिया PCl5 ⇌ PCl3 + Cl2 के लिए Kp व Kc में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
उत्तर:
Kp = Kc x RT; ∵ ∆n = 1

प्रश्न 17.
ला – शातेलिए नियम किस अवस्था में लागू होता है।
उत्तर:
साम्यावस्था में।

प्रश्न 18.
m1A(g) + m2B(g) → n1C(g) + n2D(g) के लिए Kp तथा Kc के मध्य सम्बन्ध का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
Kp = Kc\((\mathrm{RT})^{\left(n_1+n_2\right)-\left(m_1+m_2\right)}\)

प्रश्न 19.
निम्न में उत्क्रमणीय एवं अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ छाँटिए-
(a) चूना भट्टी में चूने का टूटना
(b) नौसादर का वायुमण्डल में ऊर्ध्वपातन
(c) NH का बन्द पात्र में टूटना
(d) KI में AgNO3 मिलाना।
उत्तर:
उत्क्रमणीय (c) अनुत्क्रमणीय: (a), (b), (d)

प्रश्न 20.
रासायनिक साम्य स्थापित करने में उत्प्रेरक का क्या योगदान है?
उत्तर:
रासायनिक साम्य शीघ्र स्थापित हो जाता है।

प्रश्न 21.
पहाड़ों पर बर्फ धीरे-धीरे पिघलती है, क्यों।
उत्तर:
ला-शातेलिए के नियम के अनुसार पहाड़ों पर दाब कम होता है अतः बर्फ ⇌ जल की साम्यावस्था उस ओर अधिक होती है जिधर आयतन अधिक होता है (जल में बर्फ की ओर) अतः बर्फ कम पिघलती है।

प्रश्न 22.
रासायनिक साम्य क्या है?
उत्तर:
रासायनिक साम्य अभिक्रिया की वह अवस्था जिसमें अग्र और विपरीत दोनों अभिक्रियाओं के वेग बराबर हो जाते हैं, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती है।

प्रश्न 23.
सक्रिय द्रव्यमान का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
किसी भी पदार्थ के सक्रिय द्रव्यमान का अभिप्राय उसकी आण्विक सान्द्रता से होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 3

प्रश्न 24.
साम्य स्थिरांक की परिभाषा दीजिए।
उत्तर:
साम्य स्थिरांक-स्थिर ताप पर किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांकों के अनुपात को साम्य स्थिरांक कहते हैं।
Kc = \(\frac{K_f}{K_b}\)

प्रश्न 25.
ऐसी अभिक्रिया का उदाहरण दीजिए जिनमें
(i) दाब बढ़ाने पर अधिक उत्पाद बनता हो
(ii) ताप बढ़ाने पर अधिक उत्पाद बनता हो।
उत्तर:
(i) N2(g) + 3H2 (g) ⇌ 2NH3 (g) + 22,400 कैलोरी
(ii) N2(g) + O2 (g) ⇌ 2NO (g) – 43,200 कैलोरी

प्रश्न 26.
किसी गैसीय साम्य पर क्या होगा जबकि ∆n का मान ऋणात्मक हो और दाब कम कर दिया जाये?
उत्तर:
∆n के ऋणात्मक मान का अर्थ क्रियाकारकों के कुल अणुओं की संख्या क्रियाफलों के कुल अणुओं की संख्या से अधिक है। अर्थात् गैसीय अभिक्रिया में दाब कम करने पर अभिक्रिया प्रतीप दिशा में विस्थापित होगी।

प्रश्न 27.
सामान्य अभिक्रिया aA + bB → lL + mM हेतु ∆n = (1+ m) – (a + b) का कितना मान हो कि साम्य पर दाब का कोई प्रभाव नहीं पड़े?
उत्तर:
∆n = 0 होने पर दाब परिवर्तन से साम्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

प्रश्न 28.
Kp व Kc में सम्बन्ध बताइए।
उत्तर:
Kp = Kc (RT)∆n

प्रश्न 29.
हैबर विधि में अमोनिया की अधिकतम लब्धि हेतु किन शर्तों का होना आवश्यक है?
उत्तर:
हैबर विधि द्वारा अमोनिया की अधिकतम लब्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हैं-

  • अधिकारकों (N2 तथा H2) की उच्च सान्द्रता
  • उच्च दाब तथा कम ताप।

प्रश्न 30.
Kp तथा Kc के मात्रक बताइए।
उत्तर:
Kp का मात्रक bar है।
Kc का मात्रक mol/L है।
जब Kp = Kc(RT)n में ∆n = 0 होता है, तब ये विमा रहित हो जाते हैं।

प्रश्न 31.
सक्रिय द्रव्यमान को कैसे प्रकट करते हैं?
उत्तर:
इसे व्यक्त करने के लिए प्रतीक अथवा सूत्र को बड़े कोष्ठक [ ] में लिखा जाता है।

प्रश्न 32.
∆n के पृथक् मान रखकर Kp तथा Kc के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
उत्तर:
यदि ∆n=0 हो तो, Kp = kc
∆n = + 1 हो, तो Kp > Kc
∆n = – 1 हो, तो Kp > Kc

प्रश्न 33.
द्रव्य अनुपाती क्रिया के नियम का प्रयोग H2 तथा I2 पर ही क्यों किया गया?
उत्तर:
क्योंकि कमरे के ताप पर H2 तथा I2 क्रिया नहीं करते हैं, परन्तु उच्च ताप पर ये पूर्ण क्रिया करते हैं।

प्रश्न 34.
अभिक्रिया वेग की इकाई क्या है?
उत्तर:
मोल लीटर-1 सेकेण्ड-1 होती है।

प्रश्न 35.
Kc से क्या ज्ञात होता है?
उत्तर:
Kc को स्थिर सान्द्रता पर साम्य स्थिरांक कहते हैं।

प्रश्न 36.
∆n ऋणात्मक मान की एक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
N2 + 3H2 → 2NH3 (∆n = – 2 )

प्रश्न 37.
अभिक्रिया PCI5 → PCI3 + Cl2 में यदि वियोजन की मात्रा x है तो Kp का मान क्या होगा?
उत्तर:
Kp = \(\frac{x^2 P}{\left(1-x^2\right)}\)

प्रश्न 38.
अभिक्रिया 2SO2 + O2 → 2SO3 + 45,2000 cal. में अधिकतम SO3 प्राप्त करने के लिए आवश्यक परिस्थितियां कौन-सी हैं?
उत्तर:

  1. उच्च दाब
  2. निम्न ताप
  3. SO2 तथा O2 का अधिक सान्द्रण।

प्रश्न 39.
विद्युत अपघय से आप क्या समझते हो?
उत्तर:
वह पदार्थ जो जल में घोलने पर दो आवेशित भाग में टूट जाता है, विद्युत अपघट्य कहलाता है।
उदाहरणार्थ – NaCl, NH4Cl, CuSO4 आदि।

प्रश्न 40.
आयनन की मात्रा से आप क्या समझते हो?
उत्तर:
किसी विद्युत अपघट्य का वह अंश जो आयनीकृत होता है, उसे आयनन की मात्रा कहते हैं।

प्रश्न 41.
वह कौन-सा कारक है जिसका आयनन पर प्रभाव नहीं पड़ता है।
उत्तर:
दाब।

प्रश्न 42.
एक प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार की उदासीनीकरण ऊष्मा कितनी होती है?
उत्तर:
13.7 कैलोरी।

प्रश्न 43.
अम्लों की सामर्थ्य किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर:
अम्लों की सामर्थ्य उसके आयनन की मात्रा तथा जल में OH आयनों के सान्द्रण पर निर्भर करती है।

प्रश्न 44.
क्षारों की सामर्थ्य किस पर निर्भर करती है?
उत्तर:
क्षारों की सामर्थ्य उसके आयनन की मात्रा तथा जल में OH आयनों के सान्द्रण निर्भर करती है।

प्रश्न 45.
जल के आयनिक गुणनफल से आप क्या समझते हो? इसे किसके द्वारा व्यक्त करते हैं?
उत्तर:
स्थिर ताप पर जल में उपस्थित H+ तथा OH आयनों के सान्द्रण के गुणनफल को जल का आयनिक गुणनफल कहते हैं। इसे Kw से प्रदर्शित करते हैं।
Kw = [H+][OH]

प्रश्न 46.
K का मान कितना है?
उत्तर:
1 × 10-14 ग्राम आयन / लीटर

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 47.
प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के जल-अपघटनांक स्थिरांक का सूत्र दीजिए।
उत्तर:
Kw = \(\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_b}\)

प्रश्न 48.
दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के जल अपघटनांक स्थिरांक का सूत्र दीजिए।
उत्तर:
Kh = \(\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_a}\)

प्रश्न 49.
दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार के जल अपघटनांक स्थिरांक का सूत्र दीजिए।
उत्तर:
Kh = \(Kw = [latex]\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_b}\)

प्रश्न 50.
सम आयन प्रभाव क्या है?
उत्तर:
जब दो विद्युत अपघट्यों के विलयन में एक आयन समान होता है, तो कम आयनित विद्युत अपघट्य का आयनन कम हो जाता है। यही सम आयन प्रभाव कहलाता है।

प्रश्न 51.
जल का H+ आयन सान्दण कितना है?
उत्तर:
10-7 ग्राम आयन प्रति लीटर।

प्रश्न 52.
तनु जलीय विलयन में जल की मोलर सान्द्रता कितनी होती है?
उत्तर:
55.38 मोल प्रति लीटर।

प्रश्न 53.
जल का आयनन स्थिरांक कितना है?
उत्तर:
1.8 x 10-16

प्रश्न 54.
आरेनियस के आयनन सिद्धान्त के अनुसार अम्ल क्षार क्या है ?
उत्तर:
वे पदार्थ जो जल में H+ आयन देते हैं उन्हें अम्ल तथा जो पदार्थ जलीय विलयन में OH आयन देते हैं, उन्हें क्षार कहते हैं।

प्रश्न 55.
जल किस प्रकार का व्यवहार करता है?
उत्तर:
यह अम्ल तथा क्षारक दोनों प्रकार का व्यवहार करता है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 4

प्रश्न 56.
संयुग्मी अम्ल क्षार समीकरण दीजिए।
उत्तर:
अम्ल1 + क्षार2 → अम्ल2 + क्षार1

प्रश्न 57.
लुईस अम्ल कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर:

  1. उदासीन
  2. विद्युत धनात्मक

प्रश्न 58.
लुईस क्षार कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:

  1. उदासीन
  2. विद्युत ऋणात्मक।

प्रश्न 59.
ऐसे धनायन का नाम बताइये जो जलीय विलयन में अम्लीय हो?
उत्तर:
H3O+ आयन।

प्रश्न 60.
किसी विलयन में H+ आयनों की सान्द्रता का ऋणात्मक लॉग (log) क्या कहलाता है ?
उत्तर:
pH मान।

प्रश्न 61.
जल का pH मान कितना है?
उत्तर:
7

प्रश्न 62.
बफर विलयन क्या है?
उत्तर:
इन विलयनों के pH मान स्थिर होते हैं।

प्रश्न 63.
यदि जल में अम्ल मिलाया जाय तो आयनन गुणनफल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
आयनन गुणनफल अपरिवर्तित रहेगा।

प्रश्न 64.
यदि स्थिर ताप पर हीलियम मिलायी जाये तो PCI5 के वियोजन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
कोई प्रभाव नहीं होगा।

प्रश्न 65.
किसी लवण का Ksp मान अधिक है। यह क्या दर्शाता है?
उत्तर:
लवण अधिक घुलनशील है।

प्रश्न 66.
संयुग्मी अम्ल और संयुग्मी क्षार में क्या अन्तर है?
उत्तर:
संयुग्मी अम्ल और संयुग्मी क्षार एक प्रोटॉन के कारण भिन्न हैं।

प्रश्न 67.
BaCl2 के सान्द्र विलयन में HCl प्रवाहित करने पर सफेद अवक्षेप आता है।
उत्तर:
HCl की उपस्थिति में [CH] का मान अधिक हो जाता है तथा विलयन में [Ba2+] [Cl]² का मान BaCl2 के Ksp से अधिक हो जाने के कारण BaCl का अवक्षेपण होने लगता है।
[Ba2+] [Cl]² (Ksp साम्य पर)

प्रश्न 68.
फैरिक क्लोराइड का जलीय विलयन रखने पर भूरे रंग का अवक्षेप प्राप्त होता है।
उत्तर:
Fe3+ + 3H2O → Fe (OH)3 + 3H+
फैरिक आयन के जल अपघटन विलयन में भूरे का Fe(OH)3 का अवक्षेप बन जाता है।

प्रश्न 69.
BaCl के विलयन से Ba2+ का भारात्मक विश्लेषण करते समय विलयन में H2SO4 की थोड़ी अधिक मात्रा मिलायी जाती है, क्यों?
उत्तर:
Ba2+ आयनों का पूर्ण अवक्षेपण करने के लिए H2SO4 कुछ अधिक मात्रा में मिलाया जाता है।
BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl

प्रश्न 70.
Ca3(PO4)2 लवण HCI की उपस्थिति में जल में घुल जाता है।
उत्तर:
HCl, H3PO4 से प्रबल अम्ल होने के कारण Ca3(PO4)2 को अपघटित कर देता है।
Ca3(PO4)2 + 6HCl → 3CaCl2, 2H3PO4

प्रश्न 71.
बहु-प्रोटॉनीय अम्ल (Poly Protonic acid) किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
वे अम्ल जो एक से अधिक प्रोटॉन देते हैं; बहु-प्रोटॉनीय अम्ल कहलाते हैं, जैसे- H2SO4, H3PO4, H2PO3 आदि।

प्रश्न 72.
बोरॉन के हैलाइडों को बढ़ती हुई अम्लीय प्रकृति के क्रम में कारण सहित व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर:
BF3 < BCl3 < BBr3 < Bl3 ऐसा पश्च आबन्धन (back bonding) के कारण होता है।

प्रश्न 73.
अम्लीय बफर विलयन का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
CH3COOH + CH3COONa

प्रश्न 74.
NaCl, CuSO4 एवं KNO3 लवणों में से किस लवण का जल अपघटन होगा?
उत्तर:
CuSO4 का, NaCl व KNO3 प्रबल अम्ल प्रबल क्षार के लवण हैं।

प्रश्न 75.
pH पैमाने पर ताप बढ़ाने से क्या प्रभाव पड़ता है।
उत्तर:
pH पैमाना ताप बढ़ाने पर 0 से 14 की जगह 0 से 14 से कम हो जाता है।

प्रश्न 76.
धातु के दो ऑक्साइड लिखिए जो अम्लीय होते हैं।
उत्तर:
Mn2O7; CrO3

प्रश्न 77.
अधातुओं से प्राप्त उदासीन एवं उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
उदासीन ऑक्साइड CO, N2O, NO: उभयधर्मी ऑक्साइड : H2O

प्रश्न 78.
Ag के हैलाइडों में जल में घुलनशील हैलाइड कौन-सा है?
उत्तर:
AgF

प्रश्न 79.
संयुग्मी अम्ल-क्षार के वियोजन स्थिरांकों में क्या सम्बन्ध होता है?
उत्तर:
Ka x Kb = Kw

प्रश्न 80.
BF3, NF3, AlCl3 तथा SnCl4 में कौन लुईस क्षार है?
उत्तर:
NF3

प्रश्न 81.
CH3COO, NH4+, BF3 एवं SO3 में अम्ल एवं क्षार बताइए-
उत्तर:
अम्ल NH4+, BF3, SO3 क्षार CH3COO

प्रश्न 82.
Ca के हैलाइडों में जल में अविलेय हैलाइड कौन-सा है?
उत्तर:
CaF2

प्रश्न 83.
क्या फिनॉल्फ्थलीन NH4OH के विलयन में गुलाबी रंग देगा?
उत्तर:
हाँ।

प्रश्न 84.
निम्नलिखित दशाओं में विलयन की प्रकृति बताइए।
(a) pH > 7
(b) pH < 7
(c) pH = 7
उत्तर:
(a) क्षारीय
(b) अम्लीय
(c) उदासीन।

प्रश्न 85.
हैलोजन अम्लों में कौन-सा अम्ल दो प्रकार के लवण बनाता है?
उत्तर:
हैलोजन अम्लों में HF दो प्रकार के लवण बनाता है। क्योंकि इसकी प्रकृति H2F2 बनाने की होती है। ऐसा हाइड्रोजन आबन्ध बनने के कारण होता है। यह दो लवण KHF2 तथा KF बनाता है।

प्रश्न 86.
विद्युत अपघटनी सुचालकों की चालकता पर ताप का क्या प्रभाव होता है?
उत्तर:
बढ़ जाती है।

प्रश्न 87.
किसी लवण का जलीय विलयन अम्लीय है अथवा क्षारीय, कैसे ज्ञात करोगे।
उत्तर:
लिटमस परीक्षण द्वारा लिटमस पेपर के नीला होने पर क्षारीय तथा लाल होने पर अम्लीय।

प्रश्न 88.
जल के आयनिक गुणनफल का मान क्या होता है?
उत्तर:
25°C पर Kw = 10-14

प्रश्न 89.
यदि किसी विलयन की pH 5-5 हो तो POH कितनी होगी ?
उत्तर:
POH = 8.5

प्रश्न 90.
साम्य से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
साम्य वह स्थिति है जिस पर अग्रगामी अभिक्रिया की दर पश्चगामी अभिक्रिया की दर के बराबर हो जाती है।

प्रश्न 91.
भौतिक साम्य क्या है? उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
समान पदार्थ की दो विभिन्न भौतिक अवस्थाओं के मध्य स्थापित साम्यावस्था भौतिक साम्य कहलाती है।
उदाहरणार्थं -H2O(s) ⇌ H2O(l)

प्रश्न 92.
क्या साम्य एक खुले पात्र में प्राप्त हो सकता है, जबकि उत्पाद इससे निष्कासित सकते हों?
उत्तर:
नहीं; क्योंकि यदि उत्पाद पात्र से निष्कासित हो जाएँगे तो यह उत्क्रमणीय प्रक्रम नहीं होगा। अतः साम्यावस्था प्राप्त नहीं होगी।

प्रश्न 93.
अभिक्रिया
N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)
के लिए Kc का व्यंजक लिखिए Kc की इकाई दीजिए।
उत्तर:
Kc = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_2\right]\left[\mathrm{H}_2\right]^3}\)
= \(\frac{\left(\mathrm{mol} \mathrm{L}^{-1}\right)^2}{\left(\mathrm{~mol} \mathrm{~L}^{-1}\right)\left(\mathrm{mol} \mathrm{L}^{-1}\right)^3}\)
= L² mol-2

प्रश्न 94.
उन कारकों के नाम बताइए जो किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की साम्यावस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
उत्तर:

  1. ताप
  2. दाब
  3. सान्द्रता
  4. उत्प्रेरक।

प्रश्न 95.
किस ताप पर ठोस तथा द्रव 1 atm दाब के अन्तर्गत साम्य में होंगे ?
उत्तर:
गलनांक अथवा हिमांक पर।

प्रश्न 96.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में दाब वृद्धि का क्या प्रभाव होगा?
(1) PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)
(2) N2 (g) + O2(g) ⇌ 2NO (g)
उत्तर:
(1) साम्य पश्चगामी अभिक्रिया में विस्थापित हो जाएगा।
(2) कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 97.
अभिक्रिया N2O4(g) ⇌ 2NO2(g) के लिए Kp का व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
Kp = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{NO}_2}\right)^2}{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{N}_2 \mathrm{O}_4}\right)}\)

प्रश्न 98.
बन्द पात्र में होने वाली कौन-सी रासायनिक अभिक्रियाएँ साम्यावस्था प्राप्त करती हैं?
उत्तर:
बन्द पात्र में होने वाली उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रियाएँ साम्यावस्था प्राप्त करती हैं।

प्रश्न 99.
H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI (g), K = 49
अभिक्रिया HI (g) ⇌ \(\frac {1}{2}\) H2(g) + \(\frac {1}{2}\)I2(g) के लिए Kc का मान क्या है?
उत्तर:
K = \(\frac{[\mathrm{HI}]^2}{\left[\mathrm{H}_2\right]\left[\mathrm{I}_2\right]}\) = 49
K = \(\frac{\left[\mathrm{H}_2\right]^{1 / 2}\left[\mathrm{I}_2\right]^{1 / 2}}{[\mathrm{HI}]}=\frac{1}{\sqrt{K}}=\frac{1}{\sqrt{49}}=\frac{1}{7}\)

प्रश्न 100.
N2 + 3H2 ⇌ 2NH3 + ऊष्मा इस अभिक्रिया के लिए K का मान ताप बढ़ने पर किस प्रकार प्रभावित होगा?
उत्तर:
ताप बढ़ाने पर K का मान घट जाएगा।

प्रश्न 101.
गर्म शीतल पेय तथा ठण्डी शीतल पेय की बोतलों में से किसमें CO2 की अधिक मात्रा होगी और क्यों?
उत्तर:
ठण्डी बोतल में CO2 अधिक मात्रा में होगी, चूँकि द्रवों में गैसों की विलेयता ताप में कमी आने पर बढ़ जाती है।

प्रश्न 102.
एक उत्प्रेरक साम्यावस्था स्थिरांक को किस प्रकार प्रभावित करता है?
उत्तर:
साम्यावस्था स्थिरांक उत्प्रेरक द्वारा प्रभावित नहीं होता है।

प्रश्न 103.
आयनिक साम्यावस्था को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
किसी दुर्बल विद्युत अपघट्य के वियोजन के दौरान आयनों तथा अनायनित अणुओं के मध्य स्थापित साम्य, आयनिक साम्यावस्था कहलाता है।

प्रश्न 104.
वियोजन की मात्रा पर ताप वृद्धि का क्या प्रभाव होता है?
उत्तर:
वियोजन की मात्रा ताप वृद्धि पर बढ़ जाती है।

प्रश्न 105.
जलीय विलयन में HCN के आयनन के लिए, Ka का व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
HCN + H2O ⇌ H3O+ + CN
Ka = \(\frac{\left[\mathrm{H}_3 \mathrm{O}^{+}\right]\left[\mathrm{CN}^{-}\right]}{[\mathrm{HCN}]}\)

प्रश्न 106.
जल के आयनिक गुणनफल (Kw) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
यह विशिष्ट ताप पर [H3O+] तथा [OH] की सान्द्रता का गुणनफल स्थिरांक होता है।
K = [H3O+] [OH]
= 1.0 × 10-14

प्रश्न 107.
विलेयता गुणनफल (Ksp) पर ताप का क्या प्रभाव होता है?
उत्तर:
Ksp ताप बढ़ाने पर बढ़ता है, चूंकि विलेयता बढ़ जाती है।

प्रश्न 108.
क्या pH = 2 पर Fe(OH)3 का अवक्षेप प्राप्त करना सम्भव है?
उत्तर:
नहीं क्योंकि FO(OH)3 प्रबल अम्लीय माध्यम में विलेय होगा।

प्रश्न 109.
किन परिस्थितियों के अन्तर्गत एक पदार्थ अपने विलयन से अवक्षेपित हो जाएगा?
उत्तर:
जब आयनिक गुणनफल, विलेयता गुणनफल से अधिक हो जाता है, तब अवक्षेप प्राप्त होता है।

प्रश्न 110.
सम-आयन प्रभाव किस प्रकार विद्युत अपघट्य की विलेयता को प्रभावित करता है?
उत्तर:
सम-आयनं प्रभाव के कारण विद्युत अपघट्यों की विलेयता घट जाती है।

प्रश्न 111.
क्षारीय बफर क्या है?
उत्तर:
क्षारीय बफर वह बफर है जिसका pH 7 से अधिक होता है। यह दुर्बल क्षारक तथा प्रबल अम्ल के साथ इसके लवण का मिश्रण होता है; जैसे-NH4 Cl + NH4 OH

प्रश्न 112.
अम्लों A, B, C, D के pKa मान 1.5, 3.5, 2.0 तथा 5.0 हैं। इनमें से कौन-सा प्रबलतम अम्ल है?
उत्तर:
pKa = 1.5 वाला अम्ल ‘A’ प्रबलतम अम्ल है; क्योंकि pKa का मान न्यूनतम होने पर अम्ल प्रबलतम होता है।

प्रश्न 113.
SO32- ब्रॉन्स्टेड क्षारक है अथवा अम्ल और क्यों?
उत्तर:
SO32- ब्रॉन्स्टेड क्षारक है, चूँकि प्रोटॉन (H+) ग्रहण करता है।

प्रश्न 114.
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम अम्ल है-
CCl4, AlCl3, NCl3, OCl2
उत्तर:
AlCl3 प्रबलतम लूईस अम्ल है क्योंकि इसका अष्टक पूर्ण नहीं है।

प्रश्न 115.
बफर विलयन के दो अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर:

  1. बफर विलयनों का प्रयोग दवाइयों में किया जाता है।
  2. बफर विलयन, रक्त के pH को नियन्त्रित करते हैं।

प्रश्न 116.
निम्नलिखित में से कौन-सा लूईस अम्ल है। परन्तु ब्रॉन्स्टेड अम्ल नहीं है-
HBrO3, SbCl3, HSO4, AlF3
उत्तर:
SbCl3 तथा AlF3 लूईस अम्ल हैं परन्तु ब्रॉन्स्टेड अम्ल नहीं है।

प्रश्न 117.
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम अम्ल है-
HCl, HClO3, HNO3, H2SO4, HClO4
उत्तर:
HClO4 प्रबलतम अम्ल है।

प्रश्न 118.
निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्बलतम अम्ल है।
HClO4, HClO3, HClO2, HClO
उत्तर:
HClO दुर्बलतम अम्ल है।

प्रश्न 119.
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम संयुग्मी क्षारक
CH3, NH2, OH, F
उत्तर:
CH3 प्रबलतम संयुग्मी क्षारक है।

प्रश्न 120.
HCN तथा NH+ के संयुग्मी क्षारक बताइए।
उत्तर:
HCN का संयुग्मी क्षारक CN है तथा NH4+ का संयुग्मी क्षारक NH3 है।

प्रश्न 121.
ताप बढ़ाने पर जल के आयनिक गुणनफल पर क्या प्रभाव होगा?
उत्तर:
ताप बढ़ाने इसमें वृद्धि होगी; क्योंकि जल का वियोजन एक ऊष्माशोषी प्रक्रम है।

प्रश्न 122.
द्रवों में गैसों की विलेयता पर दाब में वृद्धि का प्रभाव बताइए।
उत्तर:
द्रवों में गैसों की विलेयता दाव में वृद्धि होने पर बढ़ती है।

प्रश्न 123.
NH4OH के लिए Kb का मान 1.8 x 10-5 तथा CH3 NH2 के लिए 4.4 x 10-6 इनमें से कौन सा प्रबलतम क्षारक है और क्यों?
उत्तर:
CH3 NH2 प्रबलतम क्षारक होगा चूँकि इसके क्षारक वियोजन स्थिरांक का मान अधिक है।

प्रश्न 124.
निम्नलिखित दशाओं में विलयन की प्रकृति बताइए-
(i) pH < 7
(ii) pH > 7
उत्तर:
(i) अम्लीय
(ii) क्षारीय

प्रश्न 125.
बफर विलयन से क्या समझते हैं? निम्न में कौन-सा बफर विलयन है?
(1) KOH + HC
(2) HNO3 + KNO3
(3) CH3 COOH + CH3COONa
(4) HCI + NaCl.
उत्तर:
बफर विलयन (Buffer solution)-वे विलयन जिनकी अम्लीयता या क्षारीयता आरक्षित होती है, बफर विलयन कहलाते हैं।
CH3 COOH CH3 COO Na विलयन का मिश्रण बफर विलयन है।

प्रश्न 126.
जल के आयनिक गुणनफल की परिभाषा लिखिए। साधारण ताप पर जल के आयनिक गुणनफल मान लिखिए
उत्तर:
जल में विद्यमान H+ व OH आयनों के सान्द्रण के गुणनफल को जल का आयनिक गुणनफल कहते हैं साधारण ताप पर इसका मान 1 x 10-14 होता है।
Kw = [H+] x [OH]

प्रश्न 127.
किसी विलयन में विद्यमान हाइड्रोजन आयनों की सान्द्रता तथा उसके pH में क्या सम्बन्ध होता है? सूत्र द्वारा व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
किसी विलयन के H+ आयन सान्द्रण व उसके pH मान में सम्बन्ध को निम्नलिखित सूत्र द्वारा व्यक्त किया जाता है-pH log10 [H+]

प्रश्न 128.
एक समीकरण दीजिए जो प्रदर्शित करता हो कि NH3 एक आरहीनियस क्षारक है?
उत्तर:
NH3 + H2O → NH4+ + OH
उपर्युक्त समीकरण प्रदर्शित करता है कि NH3 एक आहनियस क्षारक है, चूंकि यह जलीय विलयन में OH देता है।

प्रश्न 129.
H2O का संयुग्मी अम्ल तथा संयुग्मी क्षारक लिखिए।
उत्तर:
संयुग्मी अम्ल : H3O+ तथा
संयुग्मी क्षारक : OH+

प्रश्न 130.
प्रबल विद्युत अपघट्य के चार उदाहरण लिखिए?
उत्तर:

  1. NaCl
  2. H2SO4
  3. K2SO4
  4. Ba(OH)2

प्रश्न 131.
विशुद्ध विद्युत अपघय के दो उदाहरण दो-
उत्तर:

  1. NaCl
  2. KNO3

प्रश्न 132.
विभव विद्युत अपघट्य के दो उदाहरण लिखिए?
उत्तर:

  1. CH3 COOH
  2. HCN

प्रश्न 133.
चार क्षारों के pKb निम्न हैं।

क्षार =AOHBOHCOHDOH
PKb  =4.04.55.05.5

अब pKb की सहायता से निम्न प्रश्नों के उत्तर दो-
(1) प्रबलतम क्षार है-
उत्तर:
AOH

(2) दुर्बलतम क्षार है-
उत्तर:
DOH

(3) इन क्षारों को बढ़ती सामर्थ्य के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
उत्तर:
DOH < COH < BOH < AOH

(4) कौन सा क्षार प्रबलतम संयुग्मी अम्ल देगा-
उत्तर:
DOH

(5) कौन सा क्षार दुर्बलतम संयुग्मी अम्ल देगा-
उत्तर:
AOH

प्रश्न 134.
निम्न यौगिकों में से कौन से यौगिक अप्रोटिक हैं-
H2O, BF3, CHCl3, HSO4, NH4+, C6H6
उत्तर:
BF3, CHCl3, C6H6 अप्रोटिक यौगिक हैं क्योंकि इनमें प्रोटॉन नहीं हैं।

प्रश्न 135.
निम्न में से कौन से सदस्य उभय प्रोटिक हैं?
NH4+, H2O, H3O+, HSO4, BF3,
उत्तर:
H2O, HSO4 उभय प्रोटिक है क्योंकि ये प्रोटॉन दे भी सकते हैं और प्रोटॉन ले भी सकते हैं।

प्रश्न 136.
H2O के आयनन स्थिरांक का मान क्या होगा?
उत्तर:
H2O ⇌ H+ + OH
K = \(\frac{\left[\mathrm{H}^{+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}{\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\right]}=\frac{\mathrm{K}_w}{\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\right]}=\frac{1 \times 10^{-14}}{55 \cdot 4}\)
= 1.8 x 10-16

प्रश्न 137.
एक लीटर जल में हाइड्रोनियम आयनों की संख्या क्या होगी?
उत्तर:
एक लीटर जल में हाइड्रोनियम आयनों
की संख्या [H3O+] x NA (आवोगाद्रो संख्या)
= 1 × 10-7 x 6.02 x 1023
= 6.02 × 1016 आयन

प्रश्न 138.
एक विद्यार्थी शुद्ध जल में [OH] = 5 × 10-7 ग्राम आयन / ली० ज्ञात करता है तो जल के आयनिक गुणनफल का मान क्या होगा?
उत्तर:
हम जानते हैं कि,
शुद्ध जल में [OH] = [H+]
Kw = [OH] = [H+] = [OH]
= (5 x 10-7
Kw = 25 x 10-14 ग्राम मोल /ली०²

प्रश्न 139.
ऐसीटिक अम्ल जो कि एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है, को 50 ग्राम मात्रा के जल के निम्न आयतनों में घोला-
(1) 1 ली०
(2) 10 ली०
(3) 100 ली०
(4) 1000 ली०
अब बताओ-
(1) कौन से विलयन की आयनन की मात्रा अधिकतम है?
उत्तर:
1000 ली० वाले विलयन की।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

(2) कौन से विलयन में आयनन की मात्रा निम्नतम है?
उत्तर:
1 ली० वाले विलयन की।

(3) ऊपर दिये गये अम्लों को आयनन की मात्रा के आधार पर व्यवस्थित करें।
उत्तर:
(1 ली० < 10 ली० < 100 ली० < 1000 ली.) वाले विलयन।

प्रश्न 140.
सामान्य रक्त की pH कितनी होती है?
उत्तर:
सामान्य रक्त की pH 7.4 होती है।

प्रश्न 141.
समुद्री जल की pH कितनी होती है?
उत्तर:
समुद्री जल की pH 8.2 होती है।

प्रश्न 142.
CH3 COO तथा OH आयनों में से दुर्बल क्षार कौन सा है?
उत्तर:
OH की तुलना में CH3COO दुर्बल क्षार है।

प्रश्न 143.
यदि विलयन में HCl उपस्थित है तो H2S के आयनन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
HCl की उपस्थिति में H2S का आयनन कम हो जायेगा।

प्रश्न 144.
साम्यावस्था पर ∆G का मान क्या होता है।
उत्तर:
साम्यावस्था पर ∆G का मान शून्य होता है।

प्रश्न 145.
यदि किसी अभिक्रिया के लिये Qc = K है तो यह क्या प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
Qc = K प्रदर्शित करता है कि अभिक्रिया साम्यावस्था में है।

प्रश्न 146.
किसी संतृप्त विलयन का ताप बढ़ाने पर क्या होगा?
उत्तर:
किसी संतृप्त विलयन का ताप बढ़ाने पर यह असंतृप्त हो जायेगा।

प्रश्न 147.
किसी एक ऐसी अभिक्रिया का उदाहरण दो जिसका ताप बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ती है।
उत्तर:
सभी ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं का ताप बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती है।
उदाहरण-N2 + O2 ⇌ 2NO – ऊर्जा

प्रश्न 148.
किसी एक ऐसी अभिक्रिया का उदाहरण दो जिसका दाब बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती हो।
उत्तर:
N2 + 3H2 ⇌ 2NH3
उपरोक्त अभिक्रिया का दाब बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती है।

प्रश्न 149.
NH4Cl(s) ⇌ NH3 (g) + HCl(g) के लिये साम्य स्थिरांक व्यंजक लिखो,
उत्तर:
Kc = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right][\mathrm{HCl}]}{\left[\mathrm{NH}_4 \mathrm{Cl}\right]}\)
परन्तु [NH4Cl] = 1
Kc = [NH3] [HCl]

प्रश्न 150.
जल में HCI का आयनन निम्न अभिक्रियाओं के द्वारा होता है-
HCl(aq) + H2O(l) ⇌ H3O+(aq) + Cl(aq)
इस आयनन में दो संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म को पहचाने।
उत्तर:

  1. HCl (अम्ल), Cl (संयुग्मी क्षार)
  2. H2O (क्षार) H3O+ (संयुग्मी अम्ल)

प्रश्न 151.
चीनी के जलीय विलयन में से विद्युत का प्रवाह नहीं होता है। वरन् यदि इसमें NaCl को मिला दें तो यह विद्युत प्रवाह करता है। इस कथन को आप आयनन के रूप में किस प्रकार व्याख्यायित करेंगे।
उत्तर:
(i) चीनी एक अनअपघट्य है अतः इसका आयनन नहीं होता है जबकि NaCl पूर्ण रूप से जल में आयनित हो जाता है और Na+ तथा Cl आयन प्रदान करता है जिसकी सहायता से विद्युत धारा प्रवाहित होती है।

(ii) NaCl की सान्द्रता को यदि बढ़ा दिया जाये तो अधिक मात्रा में Na+ तथा Cl आयनों का निर्माण होगा और विद्युत का प्रवाह बढ़ जायेगा।

प्रश्न 152.
BF3 प्रोटॉन नहीं रखती है तब भी यह अम्ल की तरह व्यवहार कर NH3 से अभिक्रिया करती है। ऐसा क्यों? इन दोनों के मध्य किस प्रकार का बन्ध बनता है।
उत्तर:
BF3 एक इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक है अतः यह लूईस अम्ल की तरह व्यवहार करता है। NH3 के पास एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है जिसे यह BF को दान करके उपसहसंयोजक बन्ध का निर्माण करता है।
(H3N → BF3)

प्रश्न 153.
दुर्बल क्षार MOH के आयनन स्थिरांक को निम्न व्यंजक के द्वारा व्यक्त करते हैं।
Kb = \(\frac{\left[\mathrm{M}^{+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}{[\mathrm{MOH}]}\)
कुछ दुर्बल क्षारों के, आयनन स्थिरांक के मानों को निम्न सारणी में दिया गया है।
क्षार – डाइमेथिल अमीन यूरिया पिरीडीन अमोनिया
Kb-5.4 x 104- 1.3 x 10-14 1.77 × 10-9 1.77 × 105
साम्यावस्था पर इनके क्षारों को वियोजन की घटती मात्रा के क्रम में व्यवस्थित करें। इनमें से कौन-सा क्षार प्रबलतम है।
उत्तर:
Kb का मान जितना अधिक होगा उस क्षार का आयनन भी उतना अधिक होगा अतः आयनन का क्रम है।
डाइमेथिल एमीन > अमोनिया > पिरीडीन > यूरिया
जिसका आयनन जितना अधिक होता है वह उतना अधिक प्रबल क्षार होता है? अतः डाइमेथिल एमीन प्रबल क्षार है।

प्रश्न 154.
दुर्बल क्षार का संयुग्मी अम्ल प्रबल होता है। निम्न संयुग्मी क्षारों की क्षारकता का घटता क्रम है।
OH, RO, CH3COO, Cl
उत्तर:
दिये गये क्षारों के संयुग्मी अम्ल हैं-H2O, ROH, CH3COOH, HCl
इनकी अम्लता का क्रम है HCl > CH3COOH > H2O > ROH
अतः संयुग्मी क्षारों की क्षारकता का क्रम है
Cl < CH3COO < OH < RO
या
RO > OH > CH3COO > Cl

प्रश्न 155.
निम्न को pH मान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें।
KNO3(aq) CH3COONa(aq), NH4Cl(aq), C6H5COONH4(aq)
उत्तर:
KNO3 (प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार का लवण) अतः विलयन उदासीन, pH = 7
CH3COON (दुर्बल अम्ल – प्रबल क्षार का लवण) विलयन क्षारीय pH > 7
NH4Cl (प्रबल अम्ल दुर्बल क्षार का लवण) विलयन अम्लीय, pH < 7
C6H5COONH4 (दोनों दुर्बल परन्तु NH4OH, C6H5COOH की तुलना में थोड़ा प्रबल होता है) अतः pH-7 के लगभग परन्तु 7 से थोड़ा ज्यादा होगा।
अतः pH का क्रम है-NH4Cl < C6H5COONH4 > KNO3 < CH3COON

प्रश्न 156.
2HI(g) ⇌ H2(g) + I2(g) के लिये Kc = 1 x 10-4 दिये गये समय पर अभिक्रिया मिश्रण की सान्द्रता है।
[HI] = 2 × 10-5 mol, [H2] = 1 x 10-5 mol, [I2] = 1 × 10-5 mol
अभिक्रिया किस दिशा में जायेगी ?
उत्तर:
Q = \(\frac{\left[\mathrm{H}_2\right]\left[\mathrm{I}_2\right]}{[\mathrm{HI}]^2}=\frac{\left(10^{-5}\right) \times\left(10^{-5}\right)}{\left(2 \times 10^{-5}\right)^2}\)
= \(\frac {1}{4}\) = 0.25 = 2.5 x 10-1
चूँकि Q > K अत: अभिक्रिया प्रतीप दिशा में जायेगी।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रासायनिक साम्य की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
रासायनिक साम्य की निम्न विशेषताएँ हैं-

  • अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं का वेग समान होता है।
  • अभिकारकों तथा उत्पादों की मात्राएँ साम्य मिश्रण में स्थिर रहती हैं।
  • ताप. दाब और सान्द्रण में परिवर्तन होने पर साम्य स्थिति बदल जाती है।
  • साम्य गतिज होता है।

प्रश्न 2.
किसी उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रिया की अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं के साम्य स्थिरांकों में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर:
यदि उत्क्रमणीय अभिक्रिया को निम्न प्रकार प्रदर्शित करें-
A + B ⇌ C + D
तब अग्र अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक Kc = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\)
तथा विपरीत अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक-
Kc’ = \(\frac{1}{\mathrm{~K}_c}\)
अतः किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं के साम्य स्थिरांक एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं।

प्रश्न 3.
रासायनिक साम्य कितने प्रकार का होता है?
उत्तर:
रासायनिक साम्य निम्न दो प्रकार के होते हैं-

  • समांगी गैसीय साम्य
  • विषमांगी गैसीय साम्य।

(i) समांगी गैसीय साम्य वह साम्य जिसमें अभिकारक तथा क्रियाफल पदार्थ एक ही प्रावस्था में होते हैं और वह प्रावस्था गैसीय होती है उसे समांगी गैसीय साम्य कहते हैं।

समांगी गैसीय साम्य दो प्रकार का होता है।
(अ) वे अभिक्रियाएँ जिनमें रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप अणुओं
की संख्या में परिवर्तन नहीं होता है, जैसे-
H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g)
2HI(g) ⇌ H2(g) + I2(g)

(ब) वे अभिक्रियाएँ जिनमें रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप अणुओं की संख्या में परिवर्तन होता है। जैसे-
PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2
N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)

(ii) विषमांगी गैसीय साम्य – इनमें अभिकारक और क्रियाफल भिन्न-भिन्न प्रावस्था में होते हैं, जैसे-
3Fe(s) + 4H2O(l) ⇌ Fe3O4(l) + 4H2(g)

प्रश्न 4.
अभिक्रिया N2 + O2 ⇌ 2NO – xcal साम्यावस्था में हो रही है। इस अभिक्रिया पर ताप, दाब एवं सान्द्रण में परिवर्तन का क्या प्रभाव पड़ता है।
उत्तर:
N2 + O2 ⇌ 2NO – x cal
इस अभिक्रिया ऊष्मा का शोषण होता है। अतः ताप बढ़ाने पर NO का अधिक उत्पादन होगा। अभिक्रिया में आयतन अपरिवर्तित रहता है। अतः दाब का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

साम्य पर N2 तथा O2 का सान्द्रण बढ़ाने पर इनका आंशिक दाब बढ़ जायेगा। अतः साम्य स्थिरांक Kp का मान स्थिर रखने के लिए NO का सान्द्रण बढ़ जायेगा। अत: N2 या O2 के सान्द्रण वृद्धि इस साम्य में NO के अधिक उत्पादन में सहायक होगी।

प्रश्न 5.
निम्न अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
2SO2 + O2 ⇌ 2SO3 +x k cal.
उत्तर:
2SO2 + O2 ⇌ 2SO3 + x k cal.
माना कि SO2 के दो ग्राम अणु तथा O2 का एक ग्राम अणु मिलकर SO3 के दो ग्राम अणु का निर्माण करते हैं। यदि साम्यावस्था पर 2x ग्राम SO3 प्राप्त होती है, तो
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 5

प्रश्न 6.
दाब बढ़ा देने पर जल के वाष्पीकरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जल धीरे-धीरे वाष्प में परिवर्तित होता है। जल के वाष्प में परिवर्तित होने पर आयतन में वृद्धि होती है एवं ताप का शोषण होता है।
जल ⇌ जल वाष्प – x cal
दाब बढ़ाने पर जो परिवर्तन होता है उसके प्रभाव को नष्ट करने के लिए साम्य उस दिशा में अग्रसर होता है जिस ओर आयतन में कमी होती है, क्योंकि वाष्पन के फलस्वरूप आयतन में वृद्धि होती है। अतः कुल वाष्प द्रव में परिवर्तित हो जायेगी और जल का वाष्पीकरण कम हो जायेगा। इसके विपरीत, दाब घटाने पर जल का वाष्पीकरण अधिक होगा।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 7.
बर्फ के पिघलने पर ताप तथा दाब का क्या प्रभाव पड़ता है? इसका कारण स्पष्ट करो।
उत्तर:
बर्फ के गलनांक पर बर्फ तथा जल में निम्नलिखित साम्यावस्था स्थापित होती है-
बर्फ (ठोस) ⇌ जल 80 कैलोरी /ग्राम
बर्फ के पिघलने पर ऊष्मा का शोषण होता है तथा आयतन में कमी होती है अतः इस साम्यावस्था पर ताप दाब के परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है।

ताप का प्रभाव-ताप के प्रभाव से साम्यावस्था उस ओर विस्थापित हो जाती है जिस ओर ताप का अवशोषण होता है। अतः साम्यावस्था अग्रिम दिशा में विस्थापित होगी अर्थात् बर्फ का पिघलना बढ़ जायेगा।

दाब का प्रभाव-उपर्युक्त साम्य की अग्रिम दिशा में आयतन में कमी होती है। किसी तन्त्र पर दाब बढ़ने पर उसका आयतन कम होता है। अतः दाब में वृद्धि साम्यावस्था को उस ओर विस्थापित करेगी जिस ओर दाब वृद्धि का प्रभाव नष्ट होता है अर्थात् आयतन कम होता है। अतः साम्य अग्रिम दिशा में विस्थापित होगा।

अतः दाब में वृद्धि बर्फ के पिघलने में सहायक होती है।

प्रश्न 8.
निम्न अभिक्रियाओं पर दाब का क्या प्रभाव होगा, विवेचना कीजिए तथा इसके साम्यावस्था नियतांक (Kc) का परिकलन कीजिए-
(i) 2CO2 ⇌ 2CO + O2
(ii) N2 + O2 ⇌ 2NO
(iii) NH4Cl ⇌ NH3 + HCl
(iv) N2O4 ⇌ 2NO2
उत्तर:
(i) 2CO2 ⇌ 2CO + O2
Kc = \(\frac{[\mathrm{CO}]^2 \times\left[\mathrm{O}_2\right]}{\left[\mathrm{CO}_2\right]^2}\)
इस क्रिया में दाब अधिक रखने पर CO तथा O2 कम बनेगी, क्योंकि उत्पादों का आयतन बढ़ रहा है।

(ii) N2 + O2 ⇌ 2NO
Kc = \(\frac{[\mathrm{NO}]^2}{[\mathrm{~N}]_2\left[\mathrm{O}_2\right]}\)
यह क्रिया दाब के प्रभाव से मुक्त है क्योंकि आयतन में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है।
∆n = 0 है, अत: Kp = Kc

(iii) NH4Cl ⇌ NH3 + HCl
Kc = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right][\mathrm{HCl}]}{\left[\mathrm{NH}_4 \mathrm{Cl}\right]}\)
चूँकि आयतन बढ़ रहा है अतः NH4Cl का विघटन दाब बढ़ाने पर घट जाता है।

(iv) N2O4 ⇌ 2NO2
Kc = \(\frac{\left[\mathrm{NO}_2\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_2 \mathrm{O}_4\right]}\)
चूँकि आयतन बढ़ रहा है अतः इस क्रिया में अधिक दाब बढ़ाने पर N2O4 का वियोजन कम होगा।

प्रश्न 9.
∆n की शून्य, धनात्मक तथा ऋणात्मक क्रियाओं की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
Kp = Kc(RT)∆n
यदि ∆n = 0 तो उत्पाद के अणुओं की संख्या क्रियाकारक के अणुओं की संख्या के बराबर होती है।
Kp = Kc(RT)0
Kp = Kc
उदाहरण – H2 + 12 ⇌ 2HI
N2 + O2 ⇌ 2NO
∆n = + ve होने पर उत्पाद के अणुओं की संख्या अभिकारकों के अणुओं की संख्या से अधिक होती है अर्थात्
Kp = Kc(RT)-∆n
Kp/Kc = (RT)+∆n
(RT)+∆n > 1
Kp/Kc > 1
उदाहरण – PCI5 ⇌ PCl3 + Cl2 ∆n = + 1
N2O2 ⇌ 2NO2; ∆n = + 1
∆N = – ve होने पर उत्पाद के अणुओं की संख्या, क्रियाकारकों के अणुओं से कम होती है अतः ∆n = – ve होने पर
kp = Kc(RT)-∆n
Kp/Kc = (RT)-∆n
1 > (RT)∆n
उदाहरण –
N2 + 3H2 ⇌ 2NH3; ∆n = – 2
2SO2 + O2 ⇌ 2SO3; ∆n = – 1

प्रश्न 10.
यदि P वायुमण्डल दाब पर PCI5 50% वियोजित हुआ तब KP का मान क्या होगा?
उत्तर:
KP = \(\frac{x^2 \mathrm{P}}{1-x}=\frac{(0.5)^2 \times \mathrm{P}}{1-(0.5)^2}\)
= \(\frac{0.25 \times P}{1-0.25}\)
= \(\frac{0.25 \mathrm{P}}{0.75}=\frac{\mathrm{P}}{3}\)

प्रश्न 11.
अभिक्रिया 2A (गैस) + B (गैस) ⇌ 3C (गैस) के लिए साम्य स्थिरांक का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
2A + B ⇌ 3C
साम्यावस्था पर यदि अनुकूल आंशिक दाब PA, PB, PC हो तब
Kp = \(\frac{\left(P_C\right)^3}{\left(P_A\right)^2 \times P_B}\)
जहाँ Kp साम्य स्थिरांक है।
इसी प्रकार निम्न सामान्य गैसीय अभिक्रिया के लिए-
m1A + m2B + …….. ⇌ n.C
Kp = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{C}}^{m_1} \times \ldots}{\mathrm{P}_{\mathrm{A}}^{m_1} \times \mathrm{P}_{\mathrm{B}}^{m_2}}\)

प्रश्न 12.
PCl5 के PCI5 और Cl2 में वियोजन की मात्रा यदि x हो, तो साम्यावस्था पर PCl5 की कितनी मोल मात्रा होगी?
उत्तर:
माना PCl3 निम्न प्रकार से वियोजित हो रहा है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 6
माना एक ग्राम अणु PCl5 जिसका आयतन V लीटर है। यदि PCl5 के वियोजन की मात्रा है, तो साम्य मिश्रण में x ग्राम अणु PCl3 x, ग्राम अणु Cl2 तथा 1 – x ग्राम अणु PCl5 होंगे।

प्रश्न 13.
निम्न अभिक्रियाओं के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखिए-
(i) CaCO3(s)⇌ CaO(s) + CO2(g)
(ii) NH4Cl(s) ⇌ NH3(g) + HCl(g)
(iii) PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)
(iv) SO42-(aq) + Pb2+(aq) ⇌ PbSO4(s)
उत्तर:
(i) Kc = [CO2]
(ii) Kc = [NH3] [HCl]
(iii) Kc = [PCl3] [Cl2]
(iv) Kc = \(\frac{1}{\left.\left[\mathrm{SO}_4{ }^{2-}\right] \mathrm{Pb}^{2+}\right]}\)

प्रश्न 14.
ला – शातेलिये सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
ला-शातेलिये सिद्धान्त के अनुसार यदि साम्यावस्था निकाय में दाब, सान्द्रता अथवा ताप परिवर्तन किया जाये तो साम्य स्वतः ही उस दिशा में विस्थापित हो जाता है जिस ओर हटने से परिवर्तन का प्रभाव समाप्त हो जाये।

ला-शातेलिये नियम के अनुसार-

  • साम्य निकाय का दाब बढ़ने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होता है जिधर आयतन घटता है।
  • साम्य निकाय का ताप बढ़ने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होता जिधर ऊष्मा अवशोषित होती है।
  • साम्य निकाय में उपस्थित किसी पदार्थ की सान्द्रता बढ़ाने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होता है जिधर उस पदार्थ की खपत होती है।

प्रश्न 15.
साम्यावस्था स्थिरांक को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
साम्यावस्था स्थिरांक निम्न कारकों द्वारा प्रभावित होता है-
(1) ताप ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के लिए ताप बढ़ने पर साम्यावस्था स्थिरांक (Kc) का मान बढ़ जाता है, जबकि ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के लिए Kc का मान घट जाता है।

(2) अभिक्रिया व्यक्त करने की विधि-यदि उत्क्रमणीय अभिक्रिया को A + B ⇌ C + D के रूप में व्यक्त करें तो साम्यावस्था स्थिरांक Kc = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\) तथा यदि इस अभिक्रिया को C + D ⇌ A + B के रूप में लिखें तो साम्यावस्था स्थिरांक Kc‘ = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\) होगा अर्थात्
Kc‘ = \(\frac{1}{\mathrm{~K}_c}\)

(3) रासायनिक अभिक्रिया की रससमीकरणमितिय – जब किसी रासायनिक अभिक्रिया को दो रससमीकरणमितीय समीकरणों के द्वारा व्यक्त किया जाता है तो दोनों स्थितियों में साम्य स्थिरांक का मान भिन्न होता है।

प्रश्न 16.
लुईस अवधारणा के अनुसार निम्न में से अम्ल-क्षार छाँटिये
S2-, H+, OH, BF3, Ni2+, F
उत्तर:
लुईस अम्ल – H+, BF3, Ni2+
लुईस क्षार S2- – OH, F

प्रश्न 17.
निम्न संयुग्मी अम्ल लिखिए-
HS, NH3, H2PO4, CH3NH2
उत्तर:
HS का संयुग्मी अम्ल = H2S
NH3 का संयुग्मी अम्ल = NH4+
H2PO4 का संयुग्मी अम्ल = H3PO4
CH3NH2 का संयुग्मी अम्ल = CH3NH3+

प्रश्न 18.
आयनन प्रभावित करने वाले कोई तीन कारक लिखिए।
उत्तर:
आयनन को प्रभावित करने वाले तीन कारक निम्नलिखित
(i) ताप (Temperature) – ताप में वृद्धि करने पर आयनन की मात्रा में वृद्धि होती है, क्योंकि ताप बढ़ने पर आयनों के मध्य लगने वाले आकर्षण बल में कमी आती है।
α ∝ \(\frac{1}{\sqrt{\mathrm{C}}}\)

(iii) विलायक की प्रकृति (Nature of Solvent ) – अध्रुवीय विलायकों की तुलना में ध्रुवीय विलायकों द्वारा आयनन अधिक होता है। किसी विलायक का परावैद्युतांक स्थिरांक जितना अधिक होगा उसमें आयनन की मात्रा उतनी ही अधिक होगी।

प्रश्न 19.
साधारण नमक के संतृप्त विलयन में अवक्षेपण हेतु HCl गैस मिलायी जाती है, HCl अम्ल नहीं। कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
क्योंकि किसी लवण के अवक्षेपण के लिए यह आवश्यक है कि विलयन में आयनों के सांद्रणों का गुणनफल (आयनिक गुणनफल) विद्युत अपघट्य के विलेयता गुणनफल से अधिक हो। यही कारण है कि साधारण नमक के संतृप्त विलयन में अवक्षेपण हेतु HCl गैस मिलायी जाती है, HCl अम्ल नहीं।

प्रश्न 20.
प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षार से बने लवण विलयन का Kh तथा [H+] सान्द्रता ज्ञात करने का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर:
प्रबल अम्ल एवं दुर्बल क्षार से बने लवण विलयन का Kh तथा [H+] सांद्रता ज्ञात करने का सूत्र निम्न प्रकार है।
उदाहरणार्थ – NH4Cl
ऐसे लवणों का जल अपघटन निम्न समीकरण से प्रकट करते हैं-
NH4Cl + H2O ⇌ NH4OH + HCl
NH4+ + H2O ⇌ NH4OH + H+
यदि दुर्बल क्षार एवं प्रबल अम्ल के लवण BA के एक ग्राम मोल को V लीटर विलयन में विलेय किया जाये और जल अपघटन की मात्रा h हो, तो विलयन में साम्यावस्था निम्न प्रकार होगी-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 7

प्रश्न 21.
द्वितीय समूह के विश्लेषण में एक छात्र तनु HCl के स्थान पर NH4OH मिला देता है। यदि विलयन में CdCl2 मौजूद हो, तो H2S गैस प्रवाहित करने पर अवक्षेप प्राप्त होगा या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तर:
द्वितीय समूह के विश्लेषण में तनु HCl स्थान पर NH4OH मिला दिया जाय तो विलयन में CdCl2 की उपस्थिति में H2S गैस प्रवाहित करने पर NH4OH की उपस्थिति में H+ आयन इसके OH से क्रिया करके जल बनाते हैं। H+ आयन की सान्द्रता पर्याप्त रूप से कम हो जाती है और इस प्रकार S2- आयन की सांद्रता बढ़ जाती है जिससे कि आयनों की सान्द्रता का गुणनफल CaS के विलेयता गुणनफल से अधिक हो जाता है अत: Cd, Cds के रूप में अवक्षेपित हो जायेगा।

प्रश्न 22.
Mg (OH)2, NH4Cl में विलेय है, जबकि NaCl में अविलेय, कारण बताइए।
उत्तर:
किसी विद्युत अपघट्य की विलेयता उसके आयनीकरण की मात्रा बढ़ने से बढ़ती है। अत: Mg (OH)2, NH4Cl में विलेय है, तो यह स्पष्ट है कि Mg (OH)2 का आयनीकरण NH4Cl में बढ़ जाता है।
Mg (OH)2 ⇌ Mg 2+ +2OH
NH4Cl ⇌ Cl + NH4+

NH4+ आयन OH से मिलकर दुर्बल विद्युत अपघट्य NH4OH बनाता है जिससे OH आयनों की कमी हो जाती है। अत: Mg 2+ तथा OH आयनों सान्द्राण का गुणनफल Mg (OH)2 की विलेयता गुणनफल से कम हो जाता है। इसीलिए Mg (OH)2 घुल जाता है।

NaCl के आयनीकरण से प्राप्त Na+आयन OH आयनों से संयोग नहीं करेंगे, क्योंकि NaOH एक प्रबल विद्युत अपघट्य है जो आयनिक अवस्था में ही रहेगा। अतः अब OH आयनों में कमी नहीं होगी और Mg(OH)2 का आयनीकरण नहीं बढ़ेगा तथा यह अविलेय रह जायेगा।

प्रश्न 23.
विलेयता गुणनफल किसे कहते हैं? CdS प्रकार के यौगिकों के लिए विलेयता तथा विलेयता गुणनफल के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए। तृतीय समूह के अवक्षेपण में NH4OH मिलाने के पहले NH4Cl क्यों मिलाया जाता है? कारण समझाइए।
उत्तर:
स्थिर ताप पर किसी विद्युत अपघट्य के संतृप्त विलयन में ठोस अपघट्य और विलयन में उपस्थित अवियोजित अणुओं तथा आयनों के मध्य साम्यावस्था रहती है। माना कि कोई विद्युत अपघट्य AB विलयन में है। विलयन संतृप्त है, तो अग्र साम्य स्थापित होगा-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 8
निश्चित ताप पर ठोस का सक्रिय भार तथा विलयन में उपस्थित अवियोजित अणुओं व आयनों के सक्रिय भार भी स्थिर रहते हैं। अतः इस साम्यावस्था पर द्रव्य अनुपाती क्रिया का नियम लगाने पर
K = \(\frac{\left[\mathrm{A}^{+}\right]\left[\mathrm{B}^{-}\right]}{[\mathrm{AB}]}\)
या [A+][B] = [AB] K = Ksp (स्थिरांक)
किसी भी संतृप्त विलयन में अवियोजित अणुओं की संख्या सदैव निश्चित रहती है।

इसका कारण K तथा [AB] का गुणनफल एक स्थिरांक [Ksp] है। अत: एक स्थिरांक होगा। इस स्थिरांक को विलेयता गुणनफल कहते हैं। विलेयता गुणनफल केवल संतृप्त विलयनों के लिए आयनिक गुणनफल है।

Ksp का मान विलयन के ताप पर निर्भर करता है। इसकी इकाई ग्राम अणु प्रति लीटर है।

अतः किसी विद्युत अपघट्य के संतृप्त विलयन में उपस्थित आयनों सान्द्र का गुणनफल स्थिर ताप पर स्थिर रहता है और इसे उस ताप पर विद्युत अपघट्य का विलेयता गुणनफल कहा जाता है।

विलेयता और विलेयता गुणनफल में सम्बन्ध

यदि किसी अल्प विलेय द्विअंगी (binary) विद्युत अपघट्य AB की विलेयता ग्राम अणु प्रति लीटर हो और वह लवण पूर्णतया आयनित हो रहा हो, तो A+ तथा B आयनों का सान्द्रण ग्राम आयन प्रति लीटर होगा और AB का विलेयता गुणनफल s² होगा।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 9
अर्थात् किसी अल्प विलेय द्विअंगी विद्युत अपघट्य की विलेयता उसकी विलेयता गुणनफल के वर्गमूल के बराबर होती है।
तृतीय समूह के अवक्षेपण में NH4OH मिलाने के पहले NH4Cl मिलाया जाता है, क्योंकि NH4OH एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है। अतः इसमें NH4Cl मिलाने पर इसकी आयनन की मात्रा कम हो जाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 10
विलयन में NH4+ आयनों की सान्द्रता में वृद्धि होती है।

प्रश्न 24.
लवण का जल अपघटन से क्या तात्पर्य है? निम्न लवणों के जलीय विलयन की प्रकृति बताइए तथा अपने उत्तर का कारण भी समझाइए-
(i) CuSO4 (ii) Na2CO3 (iii) CH3COO NH4 लवण के लिए Kh, Kw, Ka तथा Kb में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
उत्तर:
लवण का जल अपघटन (Hydrolysis of Salt)-जब किसी लवण के अणुओं की जल के अणुओं के साथ क्रिया करायी जाती है, तो वह अपने संगत अम्ल तथा क्षार में विभक्त हो जाता है। यह प्रक्रिया लवण का जल अपघटन कहलाती है। यह एक उत्क्रमणीय प्रक्रिया है।

उदाहरण-
NaCl + H2O ⇌ HCl + NaOH
NH4Cl + H2O ⇌ HCl + NH4OH
Na2CO3 + H2O ⇌ H2CO3 + 2NaOH
(i) CuSO4 का जलीय विलयन अम्लीय होता है, क्योंकि विलयन में [H+] आयन की सान्द्रता [OH] आयन की सान्द्रता से अधिक होती है।
अत: Cu2+ + 2H2O ⇌ Cu (OH)2 + 2H+

(ii) Na2CO3 का जलीय विलयन क्षारीय होता है, क्योंकि Na2CO3 प्रबल क्षारक एवं दुर्बल अम्ल का लवण है। Na2CO3 को जल में मिलाने पर कार्बोनेट आयन (CO32-) जल के अणुओं से क्रिया करके दुर्बल कार्बोनिक अम्ल (H2CO3) तथा मुक्त हाइड्रॉक्साइड आयन बनाते हैं जिससे विलयन में OH आयनों की सान्द्रता H+ आयनों की सान्द्रता से अधिक हो जाती है तथा विलयन क्षारीय होता है।
CO32- + 2H2O ⇌ H2CO3 + 2OH

(iii) CH3COONH4 का विलयन उदासीन होता है, क्योंकि यह दुर्बल क्षार NH4OH तथा दुर्बल अम्ल CH3COOH से मिलकर बना होता है।
CH3COONH4 + H2 ⇌ CH3COOH + NH4OH
Kh, Kw, Ka तथा Kb में सम्बन्ध
किसी लवण की जल अपघटन साम्यावस्था इस प्रकार होगी
B+ + A + H2O ⇌ HA + BOH
यदि लवण BA के एक ग्राम मोल को एक लीटर विलयन में विलेय किया जाये तथा जल अपघटन की मात्रा h हो तो विलयन की साम्यावस्था निम्न होगी-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 11
उपर्युक्त व्यंजक में सान्द्रता नहीं है, अतः जल-अपघटन की मात्रा सान्द्रता या तनुकरण पर निर्भर नहीं करती है।
लवण की जल-अपघटन साम्यावस्था निम्न होगी-
B+ + A + H2O ⇌ HA + BOH
अतः Kh = \(\frac{[\mathrm{HA}][\mathrm{BOH}]}{\left[\mathrm{B}^{+}\right]\left[\mathrm{A}^{+}\right]}\) … (3)
जल का आयनिक गुणनफल Kw = [H+] [OH] … (4)
दुर्बल अम्ल HA का वियोजन स्थिरांक निम्न होगा-
HA ⇌ H+ + A
Ka = \(\frac{\left[\mathrm{H}^{+}\right]\left[\mathrm{A}^{-}\right]}{[\mathrm{HA}]}\) … (5)
दुर्बल क्षार BOH का वियोजन स्थिरांक निम्न होगा-
BOH ⇌ B+ + OH
Kb = \(\frac{\left[\mathrm{B}^{+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}{[\mathrm{BOH}]}\)
समीकरण (4) में समीकरण (5) तथा समीकरण (6) का भाग देने पर,
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 12

प्रश्न 25.
दुर्बल अम्लों की आपेक्षिक सामर्थ्य क्या है?
उत्तर:
दो समान सान्द्रता वाले, दुर्बल अम्लों की आपेक्षिक सामर्थ्य उनके अपघटन स्थिरांकों के अनुपात का वर्गमूल होती है।
चूँकि किसी अम्ल की अपघटन की मात्रा उसकी हाइड्रोजन आयन देने की क्षमता की माप है, अतः यह उसकी सामर्थ्य की भी माप है। अतः
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 13

प्रश्न 26.
ब्रॉन्स्टेड लॉरी संकल्पना की उपयोगिता लिखो।
उत्तर:
ब्रॉन्स्टेड लॉरी संकल्पना की उपयोगिता (Advantages of Bronsted Lowry concept)-

  • यह संकल्पना पदार्थों की अम्लीय तथा क्षारीय प्रकृति को उनके आयनों, जो कि विलयन में उपस्थित है, से सम्बन्धित नहीं करती। जैसे-HCl एक अम्ल इसलिए है कि वह प्रोटॉन (H+) आयन दे सकता है।
  • इस संकल्पना को जल के अतिरिक्त अन्य प्रोटॉनी विलायकों जैसे NH3, CH3COOH आदि पर भी प्रयुक्त कर सकते हैं।
  • यह सिद्धान्त लवणों के जल अपघटन पर प्राप्त विलयन की अम्लीय तथा क्षारीय प्रकृति की व्याख्या करने में भी सफल है।

प्रश्न 27.
अभिक्रिया H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g) के लिये साम्य स्थिरांक की गणना करें।
उत्तर:
माना कि प्रारम्भ में a मोल H2, b मोल I2 लिये गये हैं। साम्यावस्था पर x मोल H2 तथा x मोल I2 के संयोग से 2x मोल HI बनते हैं। यदि अभिक्रिया मिश्रण का कुल आयतन V लीटर है तो,
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 14
क्योंकि दी गयी अभिक्रिया में उत्पादों एवं अभिकारकों की संख्या समान है अतः इसमें Kc तथा Kp के मान भी समान होगें।

प्रश्न 28.
ला-शातेलिए के सिद्धान्त के आधार पर निम्नलिखित की विवेचना कीजिए-
(1) जल में पोटैशियम नाइट्रेट की विलेयता पर ताप का प्रभाव।
(2) गैस की द्रव में विलेयता पर दाब का प्रभाव।
उत्तर:
(1) पोटैशियम नाइट्रेट को जल में घोलने पर ऊष्मा अवशोषित होती है।
KNO3 (s) + जल ⇌ KNO3 (aq) – X kcal
ला-शातेलिए के नियमानुसार ताप वृद्धि पर KNO3 की जल में विलेयता बढ़ेगी।
अतः जल में पोटैशियम नाइट्रेट की विलेयता ताप बढ़ाने से बढ़ती है।

(2) जब कोई गैस किसी द्रव में घोली जाती है तो उसके आयतन में कमी होती है, फलस्वरूप ला-शातेलिए के नियमानुसार उसकी विलेयता में दाब वृद्धि सहायक होगी; अतः दाब बढ़ाने पर द्रव में किसी गैस की विलेयता बढ़ती है।

प्रश्न 29.
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 15
अभिक्रिया साम्य पर ताप के प्रभाव की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है जिसमें अभिक्रिया के फलस्वरूप अभिकारकों का कुल आयतन कम हो जाता है और ऊष्मा निर्मुक्त होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 16
ला-शातलिए नियमानुसार, साम्यावस्था पर ताप बढ़ाने पर साम्य उस दिशा में परिवर्तित होगा जिसमें ऊष्मा का शोषण होता है। इसमें ताप वृद्धि पर CO2 का अधिक विघटन होगा; क्योंकि तन्त्र विपरीत दिशा की ओर अग्रसर होगा अर्थात् कम ऊष्मा उत्पन्न होगी जिससे CO2 का निर्माण अधिक होगा; अतः कम ताप पर CO2 का निर्माण अधिक होगा।

प्रश्न 30.
विद्युत वियोजन के सिद्धान्त के अनुसार सम-आयन प्रभाव की व्याख्या कीजिये।
उत्तर:
1. ला – शातेलिए सिद्धांत के अनुसार, यदि किसी लवण विलयन में किसी एक आयन की सांद्रता बढ़ाने पर आयन अपने विपरीत आवेश के आयन के साथ संयोग करेगा तथा विलयन से कुछ लवण तब तक अवक्षेपित होंगे, जब तक एक बार पुनः Ksp = Qsp न हो जाए।

2. यदि किसी आयन की सांद्रता घटा दी जाए, तो कुछ और लवण घुलकर दोनों आयनों की सांद्रता बढ़ा देते हैं ताकि फिर Ssp = Qsp हो जाए।

3. यह विलेय लवणों के लिए भी लागू हैं, सिवाय इसके कि आयनों की उच्च सांद्रता के कारण Qsp व्यंजक में मोलरता के स्थान पर हम सक्रियता (activities) का प्रयोग करते हैं। इस प्रकार सोडियम क्लोराइड के संतृप्त विलयन में HCl के वियोजन से प्राप्त क्लोराइड आयन की सांद्रता (सक्रियता) बढ़ जाने के कारण सोडियम क्लोराइड का अवक्षेपण हो जाता है। इस विधि से प्राप्त सोडियम क्लोराइड बहुत ही शुद्ध होता है।

4. इस प्रकार सोडियम अथवा मैग्नीशियम सल्फेट जैसी अशुद्धियों को दूर कर देते हैं।

5. भारात्मक विश्लेषण में किसी आयन को बहुत कम विलेयता वाले उसके अल्प विलेय लवण के रूप में पूर्ण रूपेण अवक्षेपित करने में भी सम आयन प्रभाव का प्रयोग किया जाता है।

6. इस प्रकार भारात्मक विश्लेषण में सिल्वर आयन का अवक्षेपण सिल्वर क्लोराइड के रूप में, फेरिक अम्ल का अवक्षेपण फेरिक हाइड्रॉक्साइड के रूप में तथा अवक्षेपण बेरियम आयन का बेरियम सल्फेट के रूप में कर सकते हैं।

7. दुर्बल अम्ल के लवणों की विलेयता कम pH पर बढ़ती है, क्योंकि कम pH पर ऋणायन की सांद्रता इसके प्रोटॉनीकरण के कारण घटती है, जो लवण की विलेयता को बढ़ा देता है। इससे Ksp = Qsp हमें दो साम्यों को एक साथ संतुष्ट करना होता है, अर्थात् Ksp = [M+] [X],
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 17a
अतः pH के घटने पर ‘f’ भी घटता है।
यदि दी गई pH पर लवण की विलेयता S हो, तो
Ksp = [S] [f S] = S² {Ka / (Ka + [H+])} एवं
S = {Ksp ([H+] + Ka) / Ka}1/2
अत: S, [H+] के बढ़ने या pH के घटने पर विलेयता बढ़ती है।

प्रश्न 31.
आरहीनियस के आयनन या विद्युत अपघटनी वियोजन सिद्धान्त को लिखें।
उत्तर:
सर्वप्रथम सन् 1887 में आरेनियस ने अम्ल व क्षार को निम्न प्रकार परिभाषित किया। आरेनियस के अनुसार,

अम्ल वे पदार्थ होते हैं जो जलीय विलयन में H+ आयन देते हैं।
उदाहरणार्थ-
प्रबल अम्ल जैसे-HCI, HNO3 व H2SO4 आदि।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 17
दुर्बल अम्ल जैसे CH3COOH व H2CO3 भी अम्ल के उदाहरण हैं। ये भी जल में कुछ सीमा तक आयनित होते हैं व यहाँ पर साम्य भी स्थापित होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 18

प्रबल अम्ल (Strong Acids)दुर्बल अम्ल (Weak Acids)
परक्लोरिक अम्ल (HCIO4)बोरिक अम्ल (H3BO3)
सलफ्यूरिक अम्ल (H2SO4)हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S)
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)नाइट्रस अम्ल (HNO2)
हाइड्रोब्रोमिक अम्ल (HBr )हाइपोक्लोरस अम्ल (HCIO)
हाइड्रोआयोडिक अम्ल (HI)फॉस्फोरिक अम्ल (H3PO4)
नाइट्रिक अम्ल (HNO3)

क्षार वे पदार्थ होते हैं जो जलीय विलयन में OH आयन देते हैं। OH आयन भी जलीय विलयन में जलयोजित रूप में रहता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 19
NH4OH तथा Al(OH)3 जैसे दुर्बल क्षार कम मात्रा में आयनित होते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 20

प्रबल क्षार (Strong Bases )दुर्बल क्षार (Weak Bases)
लीथियम हाइड्रॉक्साइड (LiOH)अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH4OH)
सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)पिरीडीन (CHN)
पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH)ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड [Al(OH)3]
बेरियम हाइड्रॉक्साइड Ba(OH)2कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)2]
सिजियम हाइड्रॉक्साइड (CsOH)ऐमीन्स (R-NH2)
रुबिडियम हाइड्रॉक्साइड (RbOH)ऐनिलीन (C6H5-NH2)

आरेनियस के सिद्धान्त के अनुसार उदासीनीकरण में अम्ल के H+ आयन क्षार के OH आयनों के साथ संयोग करके जल के एक उदासीन अणु का निर्माण करते हैं। उदासीनीकरण की इस अभिक्रिया में 13.7 kcal ऊर्जा निर्मुक्त होती है; अतः यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
H+(aq) + OH(aq) ⇌ H2O(l); ∆H = – 13.7 kcal
किसी भी अम्ल व क्षार की प्रबलता उसके द्वारा विलयन में दिये गये H+ व OH आयनों की प्रवृत्ति पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिये, HCl व HCN में HCl प्रबल अम्ल है क्योंकि यह विलयन में अधिक H+ आयन देता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 32.
बफर विलयन किसे कहते हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं? समझाइये।
उत्तर:
जैसा कि पहले बताया जा चुका है कि विलयन की उदासीन, अम्लीय या क्षारीय प्रकृति उसके pH मानों पर निर्भर करती है। यदि किसी विलयन में अम्ल या क्षार को डाल दिया जाये तो उसके pH मान में अन्तर आ जाता है।

परन्तु कुछ विलयन ऐसे होते हैं जिनके pH का मान स्थिर होता है। अतः ऐसे विलयन जिनके pH का मान निश्चित होता है एवं प्रबल अम्ल या क्षार की कुछ मात्रा डालने पर भी उनके pH मान में कोई भी परिवर्तन नहीं होता है तो ऐसे विलयनों को बफर विलयन (Buffer Solution) कहते हैं, यह क्रिया बफर क्रिया (Buffer Action) कहलाती है। बफर विलयन को वायु में खुला रंख देने पर भी pH का मान परिवर्तित नहीं होता। इन विलयनों के pH पर तनुता का कोई प्रभाव नहीं होता। बफर विलयनों को लम्बे समय तक रखने पर भी pH के मान में कुछ अन्तर नहीं होता।

बफर विलयन दो प्रकार के होते हैं-
(1) सरल बफर (Simple Buffers) – ये दुर्बल अम्ल एवं दुर्बल क्षार के लवण होते हैं।
उदाहरण-(NH4)2CO3, अमोनियम ऐसीटेट आदि।

(2) मिश्रित बफर (Mixed Buffers) मिश्रित बफर में दो संघटकों का मिश्रण होता है।

  • अम्लीय बफर
  • क्षारीय बफर

बफर विलयन बनाना (Preparation of Buffer Solution)-यदि pKa, pKb तथा साम्य स्थिरांक के मान ज्ञात हो तों हम वांछित pH का बफर विलयन बना सकते हैं।

(A) अम्लीय बफर (Acidic Buffer) – अम्लीय बफर बनाने के लिए हम दुर्बल अम्ल एवं उसके प्रबल क्षार से बने हुये लवण लेते हैं। जिसमें दुर्बल अम्ल व उसके प्रबल क्षार के लवण को सम मोलर मात्रा में मिलाया जाता है।
उदाहरण – (1) ऐसीटिक अम्ल (CH3 COOH) + सोडियम ऐसीटेट (CH3COONa)

(2) ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH) + पोटैशियम ऐसीटेट (CH3COOK)

(3) फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) + सोडियम फॉर्मेट (HCOONa) अम्लीय बफर की बफर क्रिया (Buffer Action of Acidic Buffer ) अम्लीय बफर की बफर क्रिया के अध्ययन के लिये ऐसीटिक अम्ल तथा सोडियम ऐसीटेट (CH3COONa) की सम मोलर सान्द्रताओं से बना बफर विलयन लेते हैं जलीय विलयन में CH3COOH दुर्बल वैद्युत अपघट्य होने के कारण इसका आयनन कम मात्रा में होता है, इस कारण साम्य स्थापित हो जाता है। जबकि लवण CH3COONa पूर्णत: आयनित हो जाता है। इसे हम निम्न अभिक्रियाओं के द्वारा प्रदर्शित कर सकते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 21
यदि वफर विलयन में प्रबल अम्ल जैसे HCl की थोड़ी सी मात्रा डाल दें तो यह आयनित होकर H3O आयन देता है। H3O+ आयन विलयन की pH को बदल सकता है परन्तु H3O+ विलयन में पहले से उपस्थित CH3COO आयनों के साथ संयोग करके CH3COOH बना लेता है। ऐसीटिक अम्ल दुर्बल विद्युत अपघट्य होने के कारण कम आयनित होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 22
इस प्रकार अम्लीय बफर में उपस्थित CH3COO आयनों के कारण H3O+, CH3COOH में परिवर्तित हो जाता है तथा अम्लीय बफर में HCl मिलाने पर जो विलयन के pH पर प्रभाव पड़ना होता है वह प्रभाव नहीं पड़ पाता। इस प्रकार बफर विलवन में कुछ मात्रा में प्रबल HCI अम्ल डालने पर इसके pH में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

इसी तरह माना कि बफर विलयन में हम कुछ मात्रा में NaOH क्षार को मिलाते हैं तो प्रबल क्षार NaOH आयनित होकर OH आयन देता है जो कि विलयन की pH में परिवर्तन कर सकता है। परन्तु क्षार से प्राप्त OH आयन विलयन में पहले से ही उपस्थित H3O+ से क्रिया करके जल में परिवर्तित हो जाता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 23
चूँकि जल एक दुर्बल वैद्युत अपघट्य है। अतः यह भी बहुत कम मात्रा में आयनित होता है अर्थात् बफर द्वारा दिये गये H3O+ आयनों ने क्षार से प्राप्त होने वाले OH आयनों के प्रभाव को निरस्त कर देता है। इस प्रकार बफर विलयन में क्षार को कुछ मात्रा डालने पर भी उसके pH मान में परिवर्तन नहीं होता है।

यह याद रखने योग्य बात है कि बफर अपनी आरक्षित अम्लता को क्षार के विरुद्ध एवं आरक्षित क्षारकता को अम्ल के विरुद्ध काम में लाता है। इस प्रकार यह विलयन में pH में होने वाले परिवर्तन का विरोध करता है।

(B) क्षारीय बफर (Basic Buffer) – ये दुर्बल क्षार एवं इसके प्रबल अम्ल से बने लवण का मिश्रण होते हैं। यहाँ पर दोनों ही सम मोलर सान्द्रताओं में मिले होते हैं इसका उदाहरण निम्न प्रकार है।
उदाहरण –

  • अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH4OH) + अमोनियम क्लोराइड (NH4Cl)
  • अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH4OH) + अमोनियम नाइट्रेट (NH4NO3)
  • अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH4OH) + अमोनियम सल्फेट [(NH4)2SO4]

क्षारीय बफर की बफर क्रिया (Buffer Action of Basic Buffer) – क्षारीय बफर की बफर क्रिया के अध्ययन के लिये अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH4OH) तथा अमोनियम क्लोराइड (NH4Cl) का उदाहरण लेते हैं। विलयन में दोनों सम मोलर सान्द्रताओं के अनुरूप मिलते हैं। जलीय विलयन में क्षार दुर्बल होने के कारण बहुत कम मात्रा में आयनित होता है जबकि लवण पूर्णतः आयनित होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 24
उपरोक्त विलयन में कुछ मात्रा में HCl डालने पर HCl आयनित होकर H3O+ आयन देता है जो विलयन में उपस्थित OH आयनों से क्रिया करके H2O बनाता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 25
अतः क्षारीय बफर से HCl का योग होने पर भी विलयन के pH के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है क्योंकि H2O एक दुर्बल वैद्युत अपघट्य है जो कि कम मात्रा में आयनित हो पाता है।

अब यदि क्षारीय बफर में कुछ मात्रा में क्षार (NaOH) डालते हैं तो यह आयनित होकर OH आयनों को देता है ये OH आयन विलयन में पहले से उपस्थित NH4+ आयनों से क्रिया करके NH4OH बनाते हैं जो कि दुर्बल क्षार होने के कारण कम मात्रा में आवनित होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 26
इस प्रकार अम्लीय एवं क्षारीय दोनों प्रकारों के बफर विलयनों में कुछ मात्रा में प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षार डालने पर भी pH का मान परिवर्तित नहीं होता है।

प्रश्न 33.
ऊष्मीय वियोजन व विद्युत वियोजन में अन्तर लिखें।
उत्तर:

ऊष्मीय वियोजनविद्युत वियोजन
1. यौगिक को उ़च्च ताप पर गर्म करने पर ऊष्मीय वियोजन (thermal dissociation) होता है; जैसे-
NH4Cl ⇌ NH3 + HCl
यौगिकों को ध्रुवीय विलायक में घोलने पर विद्युत वियोजन होता है: जैसे-
NaCl ⇌ Na+ + Cl
2. ऊष्मीय वियोजन में माध्यम आवश्यक नहीं है।विद्युत वियोजन में जल या अन्य कोई आयनीकारक द्रव जैसा माध यम आवश्यक है।
3. इस वियोजन में उदासीन अणु प्राप्त होते हैं।इस वियोजन से विपरीत विद्युत आवेशयुक्त आयन प्राप्त होता है।
4. भौतिक विधियों द्वारा पदार्थ तथा उसके वियोजन उत्पाद को पृथक किया जा सकता है।पदार्थ को आयनन से भौतिक विधि द्वारा अलग नहीं किया जा सकता; क्योंकि आवेशित होने के कारण ये बँधे रहते हैं।
5. तनुता का इस वियोजन की मात्रा पर प्रभाव नहीं पड़ता है।तनुता से इस वियोजन की मात्रा बढ़ती है।

प्रश्न 34.
वे गैसीय अभिक्रियाएँ जिनमें ∆n = 0 है, को प्रभावित करने वाले कारकों को बताएँ।
उत्तर:
(∆n = 0) रखने वाली गैसीय अभिक्रियाओं के साम्य पर निम्नलिखित कारक प्रभाव डालते हैं।
1. दाब (Pressure) दाब परिवर्तित करने पर साम्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि अभिक्रिया में उत्पादों की संख्या व अभिकारकों की संख्या समान होती है। यहाँ पर Kp = Kc भी होता है। यदि साम्य मिश्रण पर दाब परिवर्तित कर दिया जाता है तो प्रत्येक क्रियाकारक और प्रत्येक उत्पाद का आंशिक दाब भी उसी अनुपात में परिवर्तित हो जाता है।

2. सान्द्रता (Concentration ) यदि साम्यावस्था पर अभिकारकों की सान्द्रता को बढ़ा दिया जाय तो अभिक्रिया दायीं तरफ विस्थापित होगी अर्थात् अधिक मात्रा में उत्पाद बनेंगे और उत्पादों की सान्द्रता बढ़ा दिया जिससे स्थिरांक का मान स्थिर रहता है।
जाय तो अभिक्रिया बार्यी तरफ विस्थापित होगी अर्थात् अधिक मात्रा में अभिकारक बनेंगे जिससे कि बढ़ायी गयी मात्रा उपयोग में लायी जा सके।

3. अक्रिय गैस का योग (Addition of Inert Gas) – साम्यावस्था पर अक्रिय गैस को मिलाने पर कोई प्रभाव नहीं होगा चाहे गैस को स्थिर दाब पर मिलाएँ चाहे इसे स्थिर आयतन पर मिलाएँ।

प्रश्न 35.
निम्न का कारण बतायें-
(i) तूफानी दिनों में कपड़े शीघ्र सूखते हैं।
(ii) आर्द्र दिनों में अधिक पसीना आता है।
उत्तर:
(i) जब गीले कपड़ों को सुखाया जाता है, तो कपड़े में से जल का वाष्पन होता है, और वातावरण की वायु संतृप्त होकर सूखने की प्रक्रिया में बाधा पहुँचाती है। तूफानी दिनों में वायु के प्रवाह के कारण आसपास की गीली वायु को शुष्क वायु विस्थापित कर देती है जिससे और आगे वाष्पन में सहायता मिलती है। अतः तूफानी दिनों में कपड़े शीघ्र सूखते हैं।

(ii) आर्द्र दिनों में वायु पहले से ही जल वाष्प से संतृप्त होती है। इसका अर्थ है कि शरीर के रोम कूपों से निकलने वाला पसीना वाष्पित नहीं हो पाता है। इस कारण आर्द्र दिनों में अधिक पसीना निकलता है।

आंकिक प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न समीकरणों के लिये साम्य नियतांक के व्यंजक लिखें-
(i) BaCO3(s) ⇌ BaO(s) + CO2(g)
(ii) CH3COCH3(l) ⇌ CH3COCH3(g)
(iii) Al(s) + 3H+(aq) ⇌ Al3+(aq) + \(\frac {3}{2}\)H2(g)
(iv) AgCl(s) ⇌ Ag+(aq) + Cl(aq)
(v) HPO42-(aq) + H2O(l) ⇌ H3O+(aq) + PO43-(aq)
हल:
(i) BaCO3(s) ⇌ BaO(s) + CO2(g)
Kc = [CO2] तथा Kp = PCO2
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 27

प्रश्न 2.
निम्न अभिक्रियाओं में Kp तथा Kc में सम्बन्ध बतायें।
(1) N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)
(2) H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g)
(3) PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)
हल:
(1) N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)
∆n = 2 – 4 = – 2
Kp = Kc(RT)∆n
Kp = Kc(RT)-2

(2) H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g)
∆n = 2 – 2 = 0
Kp = Kc(RT)0
Kp = Kc

(3) PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)
∆n = 2 – 1 = 1
Kp = Kc(RT)∆n
Kp = Kc(RT)1

प्रश्न 3.
यदि किसी साम्य अभिक्रिया के लिये अग्र तथा पश्च अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांक क्रमशः 2.38 10 तथा 8.15 × 10-5 हों तो इस अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना करो।
हल:
साम्य स्थिरांक = \(\frac{\mathrm{K}_f}{\mathrm{~K}_b}\)
= \(\frac{2.38 \times 10^{-5}}{8.15 \times 10^{-5}}\)
= 2.92

प्रश्न 4.
298K ताप पर यदि निम्न अभिक्रिया के लिये साम्य स्थिरांक 2.0 x 1015 है।
Cu(s) + 2Ag+(aq) ⇌ Cu2+(aq) + 2Ag(s)
एक विलयन में जिसमें कॉपर कुछ सिल्वर आयनों को विलयन में से विस्थापित करता है, Cu2+ आयन की सान्द्रता 18 x 10-2mol L-1 है तथा Ag+ आयन की सान्द्रता 3.0 x 10-9 mol L है। क्या यह निकाय साम्यावस्था में है।
हल:
अभिक्रिया
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 28
Qc का मान साम्य स्थिरांक के बराबर है अतः अभिक्रिया साम्यावस्था में होगी।

प्रश्न 5.
2 मोल PCl5 को 4 ली० के एक पात्र में गर्म किया गया। साम्यावस्था पर इसका वियोजन 50% PCl3 तथा Cl2 में हो गया। साम्य स्थिरांक की गणना करें।
हल:
साम्यावस्था पर PCl5 के वियोजित मोलों की संख्या x = 50%
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 29

प्रश्न 6.
10 मोल H2 की अभिक्रिया 5 मोल I2 से कराने पर 8 मोल HI उत्पन्न होता है तो अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना करें।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 30

प्रश्न 7.
ग्लाइकोलाइसिस में ग्लूकोज के फास्फो-राइलेशन के लिये ∆G° का मान 13.8 kJ /mol है। 298 K ताप पर Kc की गणना करो।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 31

प्रश्न 8.
700 K ताप पर अभिक्रिया,
H2(g) + I2(g) ⇌ 2HI(g) के लिये K = 50.2 है।
0.50 atm HI तथा H2 एवं 12 में प्रत्येक के 0.02 atm से मिलकर बने मिश्रण में क्या कोई अभिक्रिया होगी। यदि ऐसा है तो क्या HI व्यय होगा या निर्मित होगा।
हल:
माना अभिक्रिया भागफल (Qp) = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{(\mathrm{HI})}\right)^2}{\mathrm{P}_{\left(\mathrm{H}_2\right)} \mathrm{P}_{\left(\mathrm{I}_2\right)}}\)
= \(\frac{(0.50)^2}{(0.02)(0.02)}=\frac{0.5 \times 0.5}{0.02 \times 0.02}\) = 625
यहाँ पर Kp = 50·2 है जिससे सिद्ध होता है कि अभिक्रिया साम्यावस्था में नहीं है। साम्यावस्था प्राप्त करने के लिये HI का व्यय होगा।

प्रश्न 9.
1020 K ताप पर एक पात्र में 0.6 atm दाब पर CO2 है। कुछ CO2 ग्रेफाइट के योग पर CO में परिवर्तित हो जाता है। यदि साम्यावस्था पर कुल दाब 0.8 atm है तो Kp की गणना करो।
हल:
CO2(g) + C(s) ⇌ 2CO(g)
अभिक्रिया होने के पश्चात् माना CO2(g) के दाब में कमी = p atm
CO(g) की दाब वृद्धि = 2p atm
साम्यावस्था पर
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 32
कुल दाब = (0.6 – p + 2p) = 0.6 + p atm
वास्तविक दाब = 0.8 atm
0.6 + p = 0.8
p = 0.8 – 0.6
p = 0.2 atm
PCO = 2p = 2 × 0.2 = 04 atm ; PCO2 = 0.6 – p’
= 0.6 – 0.2 = 0.4 atm
Kp = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{CO}}\right)^2}{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}\)
Kp = \(\frac{0.4 \times 0.4}{0.4}\) = 0.4 atm

प्रश्न 10.
N2 + 2O2 ⇌ 2NO2 के लिये निश्चित ताप पर साम्य स्थिरांक के घटक लिखो तथा साम्य स्थिरांक के साम्य स्थिरांक 100 mol-1 L है। नीचे दी गयी अभिक्रियाओं के लिये अलग-अलग साम्य स्थिरांक के घटक लिखो तथा साम्य स्थिरांक के मान की गणना करो।
(i) 2NO2 ⇌ N2 + 2O2
(ii) NO2 ⇌ \(\frac {1}{2}\)N2 + 2O2
हल:
अभिक्रिया,
N2 + 2O2 ⇌ 2NO2 के लिये
K1 = \(\frac{\left[\mathrm{NO}_2\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_2\right]\left[\mathrm{O}_2\right]^2}\) = 100 … (1)
अभिक्रिया,
2NO2 ⇌ N2 + 2O2 के लिये K2 = \(\frac{\left[\mathrm{N}_2\right]\left[\mathrm{O}_2\right]^2}{\left[\mathrm{NO}_2\right]^2}\) … (2)
समीकरण (2) के साम्य स्थिरांक को व्युत्क्रम करने पर
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 33

प्रश्न 11.
एक निश्चित ताप पर N2O4 का वाष्प घनत्व 30 पाया गया। N2O4 की वियोजन की प्रतिशत मात्रा ज्ञात करें।
हल:
N2O4 का अणु भार = 2 × 14 + 4 × 16 = 92
वाष्प घनत्व (D) = \(\frac {92}{2}\) = 46
N2O4 का वियोजन निम्न प्रकार होता है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 34
D = आरम्भ में वाष्प घनत्व = 46,
d = साम्यावस्था पर वाष्प घनत्व = 30
n = एक अणु के वियोजन से बने अणुओं की संख्या = 2, α, वियोजन की मात्रा
α.(n – 1) = \(\frac{D-d}{d}=\frac{46-30}{30}=\frac{16}{30}\)
α(2 – 1) = \(\frac {16}{30}\) = 0.533 = 53.3 %

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 12.
अभिक्रिया CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g) के लिये 700°C ताप पर P = 1.20 atm है। यदि 20.0 g CaCO3 को 10 L के फ्लास्क में रखें तथा इसे 800°C तक गर्म करें तो साम्य पर CaCO3 की कितनी प्रतिशतता अनअभिक्रियाकृत (Unreacted) रहेगी।
हल:
CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g)
Kp = PCO2
= 1.20 atm
हम जानते हैं,
PV = nRT
n = \(\frac {PV}{RT}\)
= 0.15 मोल
निर्मित CO2 के मोलों की संख्या = 0.15 mol
वियोजित CaCO3 के मोल = 0.15 mol
प्रारम्भ में CaCO3 के मोलों की संख्या
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 35
अवियोजित बचे COCO3 की प्रतिशतता = 100 – 75 = 25%

प्रश्न 13.
सिद्ध करें कि 500 K ताप पर PCl5 का 50% वियोजन प्राप्त करने के लिये आवश्यक दाब आंकिक रूप से Kp के मान का तीन गुना होता है।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 36

प्रश्न 14.
100 लीटर के पात्र में 1 मोल N2 तथा 3 मोल PCl5 को 227°C तक गरम किया गया। साम्यावस्था पर दाब 2.05 atm है। गैसों का आदर्श व्यवहार मानते हुए PCl5 की वियोजन मात्रा एवं अभिक्रिया PCl5 ⇌ PCl3 + Cl2 के लिए Kp की गणना कीजिए।
हल:
N2 के एक मोल के साथ PCl5 के 3 मोल गरम किए जाते हैं। तो यह PCl3 एवं Cl2 में वियोजित होता है। माना कि साम्यावस्था पर PCl5 के 3 मोल मैं से x मोल PCl3 एवं Cl2 में वियोजित होते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 37
साम्यावस्था पर कुल मोलों की संख्या
(n) = 1 + 3 – x + x + x
n = 4 + x
साम्य दाब (P) = 2.05 atm
आयतन (V) = 100 litre
R = 0.0821 lit atm deg-1 mole-1
T = 227 + 273 = 500K
आदर्श गैस के लिए – PV = nRT
2.05 × 100 = (4 + x) x 0.0821 × 500
4 + x = 4.99
∴ x ≈ 1
PCl5 की वियोजन मात्रा (α)
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 38

प्रश्न 15.
250°C एवं 2 वायुमण्डल दाब पर PCl5 का 68.6% वियोजन होता है। इस ताप पर PCl5 के वियोजन से साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
हल:
माना कि PCl5 के एक मोल को 250°C पर गर्म किया जाता है तो साम्यावस्था पर PCl5 के एक मोल में से \(\frac {68.6}{100}\) अर्थात् 0.686 मोल PCl3 एवं Cl2 में विभाजित हो जाते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 39
साम्य पर मिश्रण के कुल मोलों की संख्या
= (1-0.686) + (0.686) + (0.686)
द्रव्य अनुपाती क्रिया नियम के अनुसार-
Kp = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{PCl}_3}\right) \times\left(\mathrm{P}_{\mathrm{Cl}_2}\right)}{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{PCl}_5}\right)}\)
साम्य पर मिश्रण में किसी पदार्थ का आंशिक दाब
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 40

प्रश्न 16.
200°C पर PCl5 का वाष्य घनत्व 702 पाया गया। इस ताप पर PCl5 के प्रतिशत वियोजन की गणना कीजिये (P 31, Cl = 35.5)
हल:
PCl5 का अणुभार = 31 + 5 x (355) = 208.5
वियोजन से पूर्व
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 41
मिश्रण का प्रेक्षित वाष्प घनत्व (d) = 70.2
PCl5 के वियोजन का समीकरण-
PCl5 ⇌ PCl3 + Cl2
अत:
n = 2
α = \(\frac{\mathrm{D}-d}{d(n-1)}\)
= \(\frac{104 \cdot 25-70 \cdot 2}{70 \cdot 2(2-1)}\) = 0.485
प्रतिशत वियोजन = 100 x α
= 100 x 0.485 = 48.5 %

प्रश्न 17.
एक मोल C2H5OH एवं एक मोल CH3COOH की क्रिया कराने पर \(\frac {2}{3}\) मोल CH3COOC2H5 बनता है। अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 42

प्रश्न 18.
Al(OH)3 का विलेयता गुणनफल 43.2 × 10-11 mol4 L-4 इसकी जल में विलेयता ज्ञात करें।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 43

प्रश्न 19.
0.01 M अमोनियम ऐसीटेट विलयन की जल अपघटन की मात्रा तथा उसके pH के मान की गणना कीजिये।
(Ka = 1.75 × 10-5, Kb = 1·8 × 10-5, Kw = 1.0 × 10-14)
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 44

प्रश्न 20.
0.01 M ऐनिलीन ऐसीटेट के विलयन में इसके जल अपघटन की मात्रा ज्ञात कीजिए। यदि ऐनिलीन तथा ऐसीटिक अम्ल के वियोजन स्थिरांक क्रमश: 4.6 x 1010 तथा 1.8 x 10 हैं। यदि उपर्युक्त के एक लीटर विलयन में 5 लीटर जल मिला दिया जाए तो जल अपघटन की मात्रा में क्या परिवर्तन होगा ?
हल:
जल अपघटन की मात्रा
h = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_w}{\mathrm{~K}_a \times \mathrm{K}_b}}\)
= \(\sqrt{\frac{1 \times 10^{-14}}{1.8 \times 10^{-5} \times 4.6 \times 10^{-10}}}\)
h का 1.0 से बड़ा मान सम्भव है अतः (1 – h) को h के बराबर नहीं माना जा सकता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 45
अतः जल अपघटन की मात्रा 0.523 है।
जल अपघटन की मात्रा h का व्यंजक लवण की सान्द्रता या तनुता के पद से मुक्त है अतः 5 लीटर जल मिलाने पर भी जल अपघटन की मात्रा वही रहेगी।

प्रश्न 21.
अमोनियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन में \(\frac {M}{100}\) हाइड्रॉक्सिल आयनों की सान्द्रता क्या होगी ?
(Kb = 1.8 x 10-5
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 46

प्रश्न 22.
1.5 x 10-5 M बेरियम क्लोराइड विलयन का 15 mL 1.0 x 10-5 M सोडियम सल्फेट विलयन के 35 mL के साथ मिलाया जाता है। क्या अवक्षेप बनेगा (BaSO4 का Ksp = 1 x 10-10)
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 47
उपरोक्त अभिक्रिया के लिये Ba2+ को BaCl2 द्वारा जबकि SO42- आयन को Na2SO4 विलयन द्वारा वियोजन के फलस्वरूप प्राप्त करते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 48
मिलाने के बाद कुल आयतन 15 + 35 = 50ml
विलयन में Ba2+ की सान्द्रता =\(\frac {15}{50}\) = 0.3
विलयन में SO42- की सान्द्रता =\(\frac {35}{50}\) = 0.7
मिलाने से पहले [Ba2+] = 1.5 x 10+5M
मिलाने के बाद [Ba2+] = 0.3 x 1.5 x 10-5
= 0.45 × 10
मिलाने से पहले [SO42-] = 1.0 x 10-5 m )
मिलाने के बाद [SO42-] = 0.7 = x 1.0 x 10-5
= 0.7 x 10-5 M
आयनिक अगुणनफल [Ba2+] [SO42-]
= 0.45 × 10-5 × 0.7 × 10-5
= 0.45 x 0.7 x 10-5
BaSO4 के Ksp का मान 1 x 10-10 है।
चूँकि [आयनिक गुणनफल] < [विलेयता गुणनफल]
अतः BaSO4 अवक्षेपित नहीं होगा।

प्रश्न 23.
298 K ताप पर Mg (OH)2 की विलेयता 8.352 x 10-3 g/100ml है Mg(OH)2 का विलेयता गुणनफल क्या होगा?
हल:
Mg(OH)2 की विलेयता
= 8352 × 10-3 g/100ml.
= 83.52 × 10-3 g/L
Mg(OH)2 का मोलर द्रव्यमान
= 24 + 2 x 17
= 24 + 34
= 58g mol-1
Mg(OH)2 की विलेयता = \(\frac{83.52 \times 10^{-3}}{58}\)
= 1.44 x 10-3 mol L-1
Mg(OH)2 का विलेयता साम्य है
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 49a

[Mg2+] = 144 x 10-3 mol L-1
[OH] = 2 × 1.44 x 10-3 mol L-1
Ksp = [Mg2+] [OH
= 144 x 10-3 x 2 x 1.44 x 10-3
= 4.1472 x 10-6 mol³ L-3

प्रश्न 24.
298 K ताप पर जल में AgCl की विलेयता 1.20 x 10-5mol L-1 है। इस ताप पर इसका विलेयता गुणनफल ज्ञात करो।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 49
AgCl की विलेयता = 1.20 × 10-5 mol L-1
[Ag+] = 1.20 × 10-5 mol L-1
[Cl] = 1.20 × 10-5 mol L-1
Ksp = [Ag+] [Cl]
= 1.20 × 10-5 x 1.20 x 10-5
= 1.44 × 10-10 mol² L-5

प्रश्न 25.
0.2 मोल ऐसीटिक अम्ल को 0.20 मोल NaOH से 0.50 लीटर जल में उदासीन करने पर प्राप्त विलयन की pH ज्ञात करें।
(Ka = 1.8 × 10-5)
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 50
[CH3COONa] = \(\frac {0.2}{0.5}\) = 0.4 mol L-1
CH3COONa के जल अपघटन के कारण विलयन क्षारीय होगा.
CH3COO + H2O ⇌ CH3COOH + OH
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 51

प्रश्न 26.
एक घोल में प्रत्येक Ph2+ तथा Zn2+ की सान्द्रता 0.01 M है। इनमें से केवल Ph2+ को अवक्षेपित करने के लिये H2S के सन्तृप्त घोल में कितना [H3O+] रखना चाहिये। (Kap (H2S) = 1.1 x
10-22 तथा Ksp (ZnS) = 1.0 × 10-21)।
हल:
ZnS अवक्षेपित न हो इसके लिये,
[Zn2+] [S2-] < Ksp (ZnS)
10-2[S2-] < 1.0 x 10-21
अतः [S²] = 10-19 वह अधिकतम सान्द्रता है जिस पर ZnS अवक्षेपित नहीं होगा या दूसरे शब्दों में कहें तो इस सान्द्रता शुरु हो जायेगा।
H2S ⇌ 2H+ + S2-
[H+]² [S2-] = 1.1 × 10-22
[H+]² = \(\frac{1.1 \times 10^{-22}}{10^{-19}}\)
[H+]² = 11 x 104-
[H+] = 3.3 x 10-2 mol L-1
अत: [H+] = 3.3 x 10-2 M है तो केवल Phs अवक्षेपित होगा ZnS नहीं

प्रश्न 27.
Pb(OH) की जल में विलेयता 67 10M है। Pb(OH)2 की pH = 8 के बफर विलयन में विलेयता ज्ञात करें।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 52

प्रश्न 28.
pH = 9 के बफर विलयन को बनाने के लिये NH तथा NH4Cl की मात्रा की गणना करो, जबकि दोनों की मिश्रित सान्द्रता 0.6 मोल / L है। (pK (NH3) = 4.7)
हल:
माना कि (NH3 + NH4Cl) बफर विलयन में मोल NH3 के तथा b मोल NH4Cl के हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 53
b के मान को समीकरण 1 में रखने पर मोल
a + b = 0.6
a + 2a = 0.6
3a = 0.6
a = \(\frac {0.6}{3}\) = 0.2 मोल
b = 0.4 मोल
NH3 के मोल = 0.2, NH4Cl के मोल = 0.4

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 29.
यदि HCl के 200 मिली जलीय विलयन (pH = 2) में NaOH का 300 मिली जलीय विलयन (pH = 12) मिला दिया जाये तो परिणामी pH क्या होगी?
हल:
[H+] [HCl] = 10-2
[OH] = [NaOH] = 10-2 (∴ pH = 12; pOH = 2 )
विलयन में H+ के मिली मोल = 10-2 x 200
विलयन में OH के मिली मोल = 10-2 x 300
विलयन में OH के बचे मिली मोल
= (300 – 200) × 10-2
= 100 × 10-2 मिली मोल
[OH] = \(\frac{100 \times 10^{-2}}{500}\)
कुल आयतन = 200 + 300 मिली
[OH ] = 0.2 × 10-2
pOH = 2.6989
pH = 14 – 2.6989
pH = 11.3011

प्रश्न 30.
10% अमोनिया (भार प्रतिशत विलयन) के विलयन का घनत्व 0.99 g / cm³ है। इस विलयन में OH तथा H+ आयनों की सान्द्रता की गणना करें। (NH4+ के लिये Ka = 5.0 × 10-1010 M)
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 54

प्रश्न 31.
NaOCN के 0.002 M जलीय विलयन में जल अपघटनांक की प्रतिशतता ज्ञात कीजिये। HOCN के लिये (Ka = 3.33 × 10-4 M)
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 55

प्रश्न 32.
250 ml जलीय विलयन में Ca(OH)2 के कितने मोल होंगे यदि उस विलयन की pH = 10.65 हो। Ca(OH)2 का पूर्ण विघटन होता है।
हल:
माना कि 250ml जल में Ca(OH)2 के a मोल उपस्थित हैं।
Ca(OH)2 की मोलरता = \(\frac{a \times 1000}{250}\) = 4a
[OH] = 2 × 4a
– log [OH] = – log 8a
pOH = 3.35 = – log 8a
a = 5.58 × 10-5 mol/ 250ml.

प्रश्न 33.
\(\frac { N }{ 1000 }\) NaOH विलयन की pH कितनी होगी?
हल:
\(\frac { N }{ 1000 }\) NaOH ≈ \(\frac { N }{ 1000 }\) NaOH = 10-3N NOOH
∴ [NaOH] = -3 N
NaOH → Na+ + OH
10-3N 10-3N
[OH] = 10-3
[H+][OH] = 10-14
[H+] = \(\frac{10^{-14}}{10^{-3}}\)
pH = – log [H+]
= – log 10-11
pH = 11

प्रश्न 34.
10-4 M HCl की pH क्या होगी?
हल:
HCl → H+ + Cl
10-4M 10-4 M
[H+] = 10-4 M
pH = – log [H+]
= – log 10-4
pH = + 4

प्रश्न 35.
0.00001 M H2SO4 विलयन की pH क्या होगी।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 56

प्रश्न 36.
किसी मोनोबेसिक अम्ल का pH मान 6.99 है। [H+] की सान्द्रता ज्ञात करें।
हल:
pH = 6.99
pH = – log [H+]
[H+] = Antilog (- pH)
= Antilog (- 6.99)
= Antilog (\(\bar { 7 }\).001)
[H+] = 1.023 x 10-7

प्रश्न 37.
0.001 M Ba(OH)2 विलयन की pH ज्ञात करें।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 57

प्रश्न 38.
किसी 0.42 g प्रति लीटर वाले H2SO4 विलयन के pH की गणना करें।
हल:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 58

प्रश्न 39.
0.2 M ऐसीटिक अम्ल के विलयन का pH मान ज्ञात करो। CH3COOH का वियोजन स्थिरांक Ka =1.8-5 है।
हल:
[H+] = C α ; α = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_{\mathrm{a}}}{\mathrm{C}}}\)
α = \(\sqrt{\frac{1.8 \times 10^{-5}}{0 \cdot 2}}\)
α = \(\sqrt{9 \times 10^{-5}}\)
α = \(\sqrt{90 \times 10^{-6}}\)
α = 9.487 x 10-3
α = 0.0095
[H+] = C α
= 0·2 × 0.0095
= 0.0019 M
[H+] = 0.0019
pH = – log [H+]
= – log (0·0019)
pH = 2.72

प्रश्न 40.
यदि ऐसीटिक अम्ल का 0.001 M विलयन 5% वियोजित होता है तो इस विलयन की pH क्या होगी?
हल:
[CH3COOH] = 0.001 M
वियोजन मात्रा (α) = 5%
= \(\frac {5}{100}\) = 0.05
परन्तु ऐसीटिक अम्ल के लिये
[H+] = Cα
= 0·001 0·05
= 5 × 10-5
pH = – log [H+]
= – log 5 × 10-5
= – [log 5 + log 10-5]
= – [0·699 – 5]
pH = 4.301

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था

प्रश्न 41.
50 ml 0.1 M NaOH तथा 50 ml 0.05M CH3COOH के मिश्रण की pH क्या होगी?
हल:
NaOH + CH3COOH → CH3COONa+ H2O
1M            1M
एक मोल NaOH, 1 मोल CH3COOH से क्रिया करता है।
NaOH के मिली मोलों की संख्या
= M x V
= 0.1 x 50
= 5 मिली मोल
CH3COOH के मिली मोलों की संख्या
= M × v
= 0.05 × 50
= 2.5 मिली मोल
NaOH के 5 मिली मोल एवं CH3COOH के 2.5 मिली मोल में अभिक्रिया होने के पश्चात् NaOH के 2.5 मिली मोल शेष रहते हैं।
अतः शेष बचे NaOH की मोलरता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 59

प्रश्न 42.
एक निश्चित ताप पर यदि जल के आयनिक गुणनफल (Kw) का मान 25 x 10-14 हो तो pH की गणना करें।
हल:
Kw = 25 × 10-14
∴ [H+] = [OH] ( जल उदासीन है)
[H+][OH] = Kw
[H+] [H+] = 25 × 10-14
[H+]² = 25 × 10-14
[H+] = \(\sqrt{25 \times 10^{-14}}\) = 5 × 10-7
pH = log [H+] = – log 5 x 10-7
pH = – [log 5 + log 107]
pH = – [0.699 – 7]
pH = 6.301

प्रश्न 43.
एक विलयन का pH मान 3 है। इसे कितने गुना तनु किया जाये कि इसका pH मान 6 हो जाये।
हल:
आरम्भ में विलयन का pH = 3
[H+] = 10-pH
= 10-3
तनु करने के पश्चात् pH = 6,
[H+] = 10-pH = 10-6
अर्थात् विलयन में हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता 10-3 से घटाकर 10-6 करने के लिये विलयन को 1000 गुना तनु करना होगा।

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HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

बहुविकल्पीय प्रश्न:

1. बॉक्साइट निम्नलिखित में से किस धातु का अयस्क है ?
(1) जिंक
(2) कॉपर
(3) एलुमिनियम
(4) आयरन।
उत्तर:
(3) एलुमिनियम

2. बोरेक्स बीड परीक्षण में नीली बीड बनाएगा-
(1) Cr3+
(2) Co2+
(3) Ni2+
(4) Cd2+
उत्तर:
(2) Co2+

3. बोरेक्स का रासायनिक नाम है-
(1) सोडियम मेटा बोरेट
(2) सोडियम टेट्राबोरेट डेकाहाइड्रेट
(3) सोडियम टेट्राबोरेट
(4) सोडियम आर्थोबोरेट।
उत्तर:
(2) सोडियम टेट्राबोरेट डेकाहाइड्रेट

4. B2O3 है-
(1) अम्लीय
(2) उभयधर्मी
(3) भास्मिक
(4) आयनिक।
उत्तर:
(1) अम्लीय

5. लीथियम एलम नहीं बना सकता है, क्योंकि-
(1) यह उच्च वैद्युत धनात्मक है
(2) इसका आकार छोटा होता है
(3) इसकी आयनन ऊर्जा अधिक होती है
(4) यह क्रियाशील धातु है।
उत्तर:
(2) इसका आकार छोटा होता है

6. गीली हवा में AlCl3 धुआँ देता है क्योंकि यह है-
(1) सहसंयोजी है
(2) वाष्पशील है
(3) जलग्राही है
(4) गीली हवा में HCl बनाता है।
उत्तर:
(4) गीली हवा में HCl बनाता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

7. थर्माइट एक मिश्रण है, आयरन ऑक्साइड तथा-
(1) Al चूर्ण
(2) Zn चूण
(3) Mg चूर्ण
(4) Cd चूर्ण।
उत्तर:
(1) Al चूर्ण

8. एलुमिनियम क्लोराइड है-
(1) ब्रांस्टेड-लॉरी अम्ल
(2) आर्हीनियस अम्ल
(3) लूइस अम्ल
(4) लूइस क्षार।
उत्तर:
(3) लूइस अम्ल

9. हॉल विधि में, मुख्य अभिकर्मक के साथ मिश्रित किया जाता है-
(1) NaF
(2) Na3AlF6
(3) AlF3
(4) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(2) Na3AlF6

10. कीचड़युक्त (mudy) जल में एलम मिलाया जाता है-
(1) यह रोगाणुनाशक का कार्य करता है
(2) यह मिट्टी तथा बालू का स्कन्दन कर देता है
(3) मिट्टी एलम में विलेय है। अतः यह इन्हें प्रथक् कर देता है
(4) यह जल को क्षारीय कर देता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।
उत्तर:
(2) यह मिट्टी तथा बालू का स्कन्दन कर देता है

11. क्रोमियम (Cr) क पेरेक्स बीड परीक्षण है-
(1) हरा
(2) नीला
(3) बैंगनी
(4) भूरा।
उत्तर:
(1) हरा

12. AlCl3 के डाइमर में बन्ध होते हैं-
(1) आयनिक
(2) सहसंयोजक
(3) आयनिक तथा सहसंयोजक
(4) सहसंयोजक तथा उप-सहसंयोजक।
उत्तर:
(4) सहसंयोजक तथा उप-सहसंयोजक।

13. बोरेक्स तैयार किया जाता है, कोलेमेनाइट की क्रिया कराकर-
(1) NaNO3 से
(2) NaCl से
(3) Na2CO3 से
(4) NaHCO3 से ।
उत्तर:
(3) Na2CO3 से

14. निम्न में कौन-सा तत्त्व भू-पर्पर्टी में बहुतायत में पाया जाता है-
(1) B
(2) Al
(3) Ga
(4) In
उत्तर:
(2) Al

15. Al की क्रियाशीलता आयरन से अधिक है लेकिन यह आयरन से कम संक्षारित होता है क्योंकि-
(1) Al उत्कृष्ट धातु है
(2) Al के ऊपर ऑक्सीजन की एक परिरक्षी ऑक्साइड की परत बनती है
(3) Fe जल के साथ सरलता से क्रिया करता है
(4) Fe एक संयोजी तथा द्वि-संयोजी आयन बनाता है।
उत्तर:
(2) Al के ऊपर ऑक्सीजन की एक परिरक्षी ऑक्साइड की परत बनती है

16. एलुमिनियम अनेक धातु ऑक्साइडों को अपचयित करता है क्योंकि इसकी अधिक बन्धुता होती है-
(1) ऑक्सीजन के लिए
(2) धातुओं के लिए
(3) इलेक्ट्रॉनों के लिए
(4) हाइड्रोजन के लिए।
उत्तर:
(2) धातुओं के लिए

17. ड्यूरेलुमिन मिश्र धातु में ऐलुमिनियम के साथ होता है-
(1) निकिल
(2) मैग्नीशियम तथा निकिल
(3) मैग्नीशियम, मैगनीज तथा कॉपर
(4) मैग्नीशियम, निकिल तथा मैगनीज।
उत्तर:
(3) मैग्नीशियम, मैगनीज तथा कॉपर

18. आयरन ऑक्साइड की अशुद्धि वाले बॉक्साइट खनिज की शोधन विधि को कहते हैं-
(1) हूप विधि
(2) सर्पेक विधि
(3) बेयर प्रक्रम
(4) विद्युत अपघटन प्रक्रम।
उत्तर:
(3) बेयर प्रक्रम

19. कपड़ा रंगने वाले फिटकरी का प्रयोग करते हैं-
(1) कपड़ों को अग्निरोधक बनाने के लिए
(2) कटे हुए पर प्राथमिक उपचार के लिए
(3) कठोर जल को मृदु बनाने के लिए
(4) रंग-बन्धक की तरह।
उत्तर:
(4) रंग-बन्धक की तरह।

20. निम्न में से कौन गर्म करने पर ऊर्ध्वपातित होता है-
(1) AlF3
(2) AlBr3
(3) Al2Cl6
(4) AlI3
उत्तर:
(2) AlBr3

21. थर्माइट वेल्डिंग प्रक्रम में, हम प्रयुक्त करते हैं-
(1) Al चूर्ण
(2) Fe चूर्ण
(3) Ca चूर्ण
(4) Al + Fe चूर्ण।
उत्तर:
(4) Al + Fe चूर्ण।

22. निम्न में से कौन III-A समूह से सम्बन्धित नहीं है-
(1) B
(2) Al
(3) Ge
(4) In
उत्तर:
(3) Ge

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

23. ऐलुमिनियम का प्रमुख अयस्क है-
(1) बॉक्साइट
(2) डोलोमाइट
(3) गैलेना
(4) फेलस्पार।
उत्तर:
(1) बॉक्साइट

24. निम्न में से कौन-सा ऐलुमिनियम का खनिज नहीं है-
(1) ऐनहाइड्राइड
(2) बॉक्साइट
(3) कोरण्डम
(4) डायस्पोर।
उत्तर:
(1) ऐनहाइड्राइड

25. बोरेक्स का सूत्र है-
(1) Na2B4O7
(2) Na2B4O7.4H2O
(3) Na2B4O7.7H2O
(4) Na2B4O7.10H2O
उत्तर:
(4) Na2B4O7.10H2O

26. बोरॉन एक
(1) धातु है
(2) अधातु है
(3) उप-धातु है
(4) यौगिक है।
उत्तर:
(3) उप-धातु है

27. निम्न में से कौन-सा तत्व अक्रिय युग्म प्रभाव दिखाता है-
(1) B
(2) Al
(3) Tl
(4) Sc
उत्तर:
(3) Tl

28. कौन-सी धातु अपने ऑक्साइड की परत द्वारा रक्षित होती है ?
(1) Al
(2) Au
(3) Fe
(4) Ag
उत्तर:
(1) Al

29. क्रायोलाइट अयस्क है-
(1) Fe का
(2) Al का
(3) Cu का
(4) Ag का।
उत्तर:
(2) Al का

30. ऑर्थो-बोरिक अम्ल में बोरॉन का संकरण, कौन-से संकरित ऑर्बिटल देता है ?
(1) sp
(2) sp2
(3) sp3
(4) sp3d
उत्तर:
(2) sp2

31. बोरेक्स का जलीय विलयन होता है-
(1) अम्लीय
(2) क्षारीय
(3) उदासीन
(4) विरंजक।
उत्तर:
(2) क्षारीय

32. डादबोरेन से B का संकरण है-
(1) sp
(2) sp2
(3) sp3
(4) sp3d
उत्तर:
(3) sp3

33. कौन-सा मेटाबोरिक अम्ल है-
(1) HBO2
(2) H2B4O7
(3) B(OH)3
(4) H3BO3
उत्तर:
(1) HBO2

34. ऐल्युमीनियम उपस्थित है-
(1) अल्ट्रामैराइन में
(2) लापिस लाजुली में
(3) रूबी में
(4) इन सभी में।
उत्तर:
(4) इन सभी में।

35. निम्न में लूईस अम्ल है-
(1) PCl3
(2) AlCl3
(3) NCl3
(4) AsCl3
उत्तर:
(2) AlCl3

36. ऐलुमिना है-
(1) अम्लीय
(2) उभयधर्मी
(3) क्षारीय
(4) उदासीन।
उत्तर:
(2) उभयधर्मी

37. वर्ग संख्या-13 का अधात्विक तत्व. है-
(1) B
(2) Al
(3) Ga
(4) In.
उत्तर:
(1) B

38. निम्न में से कौन रोगग्रस्त आँखों को धोने में प्रयुक्त होता है-
(1) Na2CO3
(2) Na2B4O7. 10H2O
(3) NaHCO3
(4) NaCl
उत्तर:
(2) Na2B4O7. 10H2O

39. बोरेक्स प्राप्त करने हेतु कोलेमेनाइट को उबालते हैं-
(1) Na2CO3 के साथ
(2) Na2SO4 के साथ
(3) NaCl के साथ
(4) NaOH के साथ।
उत्तर:
(1) Na2CO3 के साथ

40. बोरेक्स या सुहागा का रासायनिक संगठन है-
(1) CaSO4.B4O7.H2O
(2) MgSO4.B2O4.2H2O
(3) Na2B4O7.10H2O
(4) MgCl2.B4O10.10H2O
उत्तर:
(3) Na2B4O7.10H2O

41. रॉकेट में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होते हैं-
(1) बोरॉन के हाइड्राइड्स
(2) एल्यूमीनियम के हाइड्राइड्स
(3) गैलियम के हाइड्राइड्स
(4) इण्डियम के हाइड्राइड्स।
उत्तर:
(1) बोरॉन के हाइड्राइड्स

42. ऊष्मा और विद्युत का अच्छा चालक है-
(1) एस्थ्रेसाइट
(2) हीरा
(3) चारकोल
(4) श्रेफाइ्त।
उत्तर:
(4) श्रेफाइ्त।

43. हीरा तथा ग्रेफाइट हैं-
(1) समाबयवी
(2) समस्थानिक
(3) अपररूप
(4) बहुलक।
उत्तर:
(3) अपररूप

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

44. निम्न में सबसे अधिक आयनिक यौगिक है-
(1) PbCl2
(2) PbCl4
(3) CCl4
(4) SiCl4
उत्तर:
(1) PbCl2

45. निम्न में कौन-सा अल में अघुलनशील है ?
(1) CuSO4
(2) CdSO4
(3) PbSO4
(4) Bi2(SO4)3
उत्तर:
(3) PbSO4

46. सौर-सेल में किस पदार्थ का उपयोग होता है ?
(1) Cs
(2) Si
(3) Sn
(4) Ti
उत्तर:
(2) Si

47. कोल गैस के प्रमुख अवयव हैं-
(1) CO + N2
(2) CO + H2
(3) CH4 + H2
(4) CH4 + N2
उत्तर:
(3) CH4 + H2

48. निम्नलिखित में किसका कैलोरीमान अधिकतम है ?
(1) कोल गैस
(2) जल गैस
(3) प्रोइ्यूसर गैस
(4) कार्बन द्वाइ-औक्साइड।
उत्तर:
(1) कोल गैस

49. काँच क्या है ?
(1) द्रव
(2) ठोस
(3) अविशीतित द्रव
(4) पारदर्शक कार्बनिक बहुलक।
उत्तर:
(3) अविशीतित द्रव

50. काँच के औद्योगिक निर्माण में प्रयुक्त कच्चे पदार्थ हैं-
(1) रेत, लाइम स्टोन तथा Na2CO3
(2) रेत, लाइम स्योन तथा NaCl
(3) रेत, जिप्सम तथा Na2CO3
(4) रेत, कास्टिक सोड्या तथा लाइम स्टोन।
उत्तर:
(3) रेत, जिप्सम तथा Na2CO3

51. प्रोड्यूसर गैस मिश्रण है-
(1) CO + N2
(2) CO + H2
(3) CO + जलबाष्प
(4) N2 + CH4
उत्तर:
(1) CO + N2

52. रेड लेड है-
(1) PbO
(2) Pb2O3
(3) Pb3O4
(4) Pb
उत्तर:
(3) Pb3O4

53. सफेद लेड है-
(1) PbSO4
(2) Pb(OH)2
(3) PbO
(4) 2PbCO3.Pb(OH)2
उत्तर:
(3) PbO

54. गैलना एक अयस्क है, इससे प्राप्त धातु है-
(1) गैलियम
(2) लेड
(3) टिन
(4) जर्मेनियम।
उत्तर:
(2) लेड

55. निम्न में कौन-सी धातु बन्दूक की गोली बनाने के काम आती है-
(1) Pb
(2) Sn
(3) Fe
(4) Cu
उत्तर:
(1) Pb

56. एक पदार्थ का जलीय विलयन तनु HCl से क्रिया कराने पर सफेद अवक्षेप देता है जो गर्म करने पर विलेय हो जाता है। इस गर्म अम्लीय विलयन में जब H2S प्रवाहित की जाती है तो काला अवक्षेप प्राप्त होता है। पदार्थ है-
(1) Hg22+ लवण
(2) Cu2+ लवण
(3) Ag2+ लवण
(4) Pb2+ लवण।
उत्तर:
(4) Pb2+ लवण।

57. नवीनतम खोजा गया कार्बन का अपररूप है-
(1) C16
(2) C60
(3) C26
(4) C56
उत्तर:
(2) C60

58. बकमिन्स्टर फुलरीन है-
(1) C60 का खोजकर्ता
(2) कार्बन का एक अपररूप
(3) टिन का एक अयस्क
(4) लेड का एक यौगिक।
उत्तर:
(2) कार्बन का एक अपररूप

59. C, N, P और Si तत्त्वों की विद्युत ऋणात्मकता के बढ़ने का क्रम है-
(1) C, N, Si, P
(2) N, Si, C, P
(3) Si, P, C, N
(4) P, Si, N, C
उत्तर:
(3) Si, P, C, N

60. अक्रिय युग्म प्रभाव प्रदर्शित करता है-
(1) कार्बन
(2) सिलिकन
(3) लेड
(4) ऐलुमिनियम।
उत्तर:
(3) लेड

61. एक आदर्श अर्द्ध-चालक बनाया जाता है-
(1) ग्रेफाइट से
(2) कार्बन से
(3) सिलिकॉन से
(4) सीसे से।
उत्तर:
(3) सिलिकॉन से

62. निम्न में अत्यधिक कठोर पदार्थ है-
(1) हीरा
(2) ग्रेफाइट
(3) फुलेरीन
(4) कार्बेरिण्डम।
उत्तर:
(1) हीरा

63. समूह- 4 का तत्व जो बहुबन्ध नहीं बना सकता है, वह है-
(1) C
(2) Si
(3) Sn
(4) Pb
उत्तर:
(2) Si

64. निम्न में से कौन चूने के पानी को दूधिया कर देता है-
(1) CO2
(2) CO
(3) NO2
(4) Cl2
उत्तर:
(1) CO2

65. फॉस्जीन गैस का रासायनिक नाम है-
(1) फॉस्फीन
(2) कार्बोनिल क्लोराइड
(3) फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड
(4) फॉस्फोरस ऑक्सी क्लोराइड।
उत्तर:
(2) कार्बोनिल क्लोराइड

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

66. प्रयोगशाला के बर्नरों में हम प्रयुक्त करते हैं-
(1) प्रोड्यूसर गैस
(2) तेल गैस
(3) कोल गैस
(4) गोबर गैस।
उत्तर:
(2) तेल गैस।

67. संश्लेषित गैस किसका मिश्रण है-
(1) भाप + CO
(2) CO + N2
(3) H2 + CO
(4) H2 + CH4
उत्तर:
(3) H2 + CO

68. निम्न में से किसका गलनांक सर्वाधिक है ?
(1) लैड
(2) हीरा
(3) लोहा
(4) सोडियम।
उत्तर:
(2) हीरा

69. निम्न में से कौन-सा तत्व मुक्त अवस्था में पाया जाता है-
(1) C
(2) Si
(3) Ge
(4) Sn
उत्तर:
(1) C

70. उदासीन ऑक्साइड है-
(1) ZnO
(2) CO
(3) SO
(4) SnO
उत्तर:
(2) CO

71. सिलिकॉन निम्न में से किसका महत्त्वपूर्ण अवयव है-
(1) क्लोरोफिल
(2) चट्टान
(3) हीमोग्लोबिन
(4) अमलगम।
उत्तर:
(2) चट्टान

72. बेल मेटल किसकी मिश्र धातु है-
(1) Cu + Sn
(2) Cu + Ni
(3) Cu + Zn
(4) Cu + Pb
उत्तर:
(1) Cu + Sn

73. कौन शुष्क बर्फ है-
(1) बिना जल की ठोस बर्फ
(2) ठोस SO2
(3) ठोस CO2
(4) ठोस C6H6
उत्तर:
(2) ठोस SO2

74. CO जो कि एक विषैली गैस है, CO का प्रतिरोधी है-
(1) कार्बोरण्डम
(2) शुद्ध CO2
(3) कार्बोजन
(4) COCl2
उत्तर:
(3) कार्बोजन

75. चारकोल है-
(1) क्रिस्टलीय अपररूप
(2) अक्रिस्टलीय अपररूप
(3) आर्द्रताग्राही अपररूप
(4) उत्फुल्ल अपररूप।
उत्तर:
(2) अक्रिस्टलीय अपररूप

76. निम्न में कौन-सा तत्व अपररूपता प्रदर्शित नहीं करता है-
(1) C
(2) Si
(3) Sn
(4) Pb
उत्तर:
(4) Pb

77. निम्न में से कार्बन का सर्वाधिक शुद्ध अपररूप है-
(1) काष्ठ चारकोल
(2) जन्तु चारकोल
(3) लैम्प कालिख
(4) ग्रेफाइट।
उत्तर:
(4) ग्रेफाइट।

78. लैड शर्करा है-
(1) 2PbSO4.PbO
(2) (CH3COO)2Pb
(3) Pb3O4
(4) PbCO3.Pb(OH)2
उत्तर:
(2) (CH3COO)2Pb

79. रासायनिक रूप से लिथार्ज है-
(1) PbO
(2) PbO2
(3) Pb3O4
(4) Pb(CH3COO)2
उत्तर:
(1) PbO

80. किसी पदार्थ के दो या अधिक क्रिस्टलीय रूपों में अस्तित्व में रहने का गुण कहलाता है-
(1) समावयवता
(2) बहुसमाकृतिकता
(3) समाकृतिकता
(4) असमाकृतिकता।
उत्तर:
(2) बहुसमाकृतिकता

81. हीरे में कार्बन परमाणुओं को परस्पर बाँधने वाला बल होता है-
(1) आयनिक
(2) सहसंयोजी
(3) द्विध्रुवीय
(3) वाण्डरवाल।
उत्तर:
(2) सहसंयोजी

82. छद्म ठोस है-
(1) हीरा
(2) काँच
(3) चट्टानी लवण
(4) संगमरमर।
उत्तर:
(2) काँच

83. ग्रेफाइट में इलेक्ट्रॉन-
(1) प्रत्येक तीसरे कार्बन पर स्थानीकृत होते हैं
(2) प्रतिआबन्धन कक्षकों में होते हैं
(3) प्रत्येक कार्बन परमाणु पर स्थानीकृत होते हैं
(4) संरचना के बीच फैले होते हैं।
उत्तर:
(4) संरचना के बीच फैले होते हैं।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
बोरॉन के दो महत्त्वपूर्ण अयस्क बताइए।
उत्तर:

  1. बोरेक्स Na2B4O7.10H2O
  2. कारनाइट Na2B4O7.2H2O

प्रश्न 2.
बोरॉन के दो समस्थानिकों के नाम बताइए।
उत्तर:
5B10 तथा 5B11 बोरॉन के दो समस्थानिक हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

प्रश्न 3.
एक सेतु आबन्ध के द्वारा कितने परमाणु परस्पर जुड़ते हैं?
उत्तर:
तीन परमाणु।

प्रश्न 4.
बोरॉन के दो अपररूपों के नाम बताइए।
उत्तर:
सरन्ध्र तथा क्रिस्टलीय बोरॉन।

प्रश्न 5.
क्रिस्टलीय बोरॉन कठोर ठोस क्यों होता है ?
उत्तर:
प्रबल सहसंयोजक बन्धों के कारण क्रिस्टलीय बोरॉन कठोर होता है।

प्रश्न 6.
बोरॉन को नाभिकीय रिऐक्टर में प्रयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर:
बोरॉन न्यूट्रॉनों को अवशोषित कर सकता है; अतः इसका प्रयोग नाभिकीय रिऐक्टर में किया जाता है।

प्रश्न 7.
टिंकल क्या है ? इसका रासायनिक सूत्र दीजिए।
उत्तर:
टिंकल (अथवा बोरेक्स) बोरॉन का एक अयस्क है। इसका सूत्र Na2B4O7.10H2O है।

प्रश्न 8.
बोरॉन Si से समानता क्यों दर्शाता है ?
उत्तर:
दोनों में आवेश/त्रिज्या का अनुपात समान होता है अर्थात् समान ध्रुवण-क्षमता होती है; इसीलिए दोनों समानता दर्शाते हैं।

प्रश्न 9.
बोरॉन स्थायी इलेक्ट्रॉन-न्यून यौगिक क्यों बनाता है ?
उत्तर:
बोरॉन में तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। यह अन्य तत्वों से तीन इलेक्ट्रॉनों का साझा करके इलेक्ट्रॉन-न्यून यौगिक बनाता हैं जो स्थायी होते हैं।

प्रश्न 10.
बोरिक अम्ल (H3BO3) एकल क्षारकीय अम्ल क्यों होता है ?
उत्तर:
यह H2O के OH आयन से इलेक्ट्रॉनों का एक युग्म ग्रहण करता है; इसलिए यह एकलक्षारकीय अम्ल होता है।

प्रश्न 11.
किस प्रकार का काँच प्राप्त होता है जब बोरेक्स मिलाया जाता है ?
उत्तर:
पाइरेक्स काँच। यह ऊष्मीय प्रतिरोधक होता है तथा उच्च ताप सह सकता है।

प्रश्न 12.
BH3 डाइबोरेन के रूप में क्यों उपस्थित होता है
उत्तर:
BH3 डाइबोरेन के रूप में उपस्थित होता है; क्योंकि यह सरलतापूर्वक इलेक्ट्रॉन त्याग अथवा ग्रहण कर सकता है। अतः दो BH3 अणु आपस में संयोजन B2H6 करके बनाता है।

प्रश्न 13.
बोरॉन द्वारा किंस प्रकार के बन्ध बनाए जाते हैं तथा क्यों ?
उत्तर:
बोरॉन सह-संयोजक बन्ध बनाता है क्योंकि यह न तो इलेक्ट्रॉन त्याग सकता है और न ही उसे ग्रहण कर सकता है।

प्रश्न 14.
ऑर्थोबोरिक अम्ल की मूल संरचनात्मक इकाई क्या है ? इनमें उपस्थित बन्ध के प्रकार का नाम बताइए।
उत्तर:
ऑर्थोबोरिक अम्ल की मूल संरचनात्मक इकाई \(\mathrm{BO}_3{ }^{3-}\) है। इनमें सहसंयोजी बन्ध उपस्थित होते हैं।

प्रश्न 15.
औद्योगिक प्रक्रमों में BF3 उत्प्रेरक के रूप में किस प्रकार का कार्य करता है ?
उत्तर:
BF3 इलेक्ट्रॉन न्यून होता है; इसलिए औद्योगिक प्रक्रमों में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।

प्रश्न 16.
BCl3 की तुलना में BF3 दुर्बल लूइस अम्ल क्यों होता है ?
उत्तर:
BCl3 की तुलना में BF3 दुर्बल लूइस अम्ल होता है; क्योंकि Cl की तुलना में F के छोटे आकार के कारण F की स्थिति में अधिक प्रभावी पश्चगामी बन्ध (back bonding) बनता है।

प्रश्न 17.
बोरेन में उपस्थित तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर:
बोरेन, बोरॉन तथा हाइड्रोजन तत्वों से मिलकर बना होता है।

प्रश्न 18.
BF3 में B की संकरण-अवस्था लिखिए।
उत्तर:
BF3 में B की संकरण-अवस्था sp2 होती है।

प्रश्न 19.
बोरिक अम्ल लूइस अम्ल के समान व्यवहार क्यों करता है ?
उत्तर:
क्योंकि बोरिक अम्ल में, बोरॉन का अष्टक पूर्ण नहीं होता। यह जलीय विलयन में H2O से OH आयन ग्रहण कर लेता है।

प्रश्न 20.
आवर्त सारणी के वर्ग 13 में बोरॉन के असंगत व्यवहार का मुख्य कारण क्या है ?
उत्तर:
इसका मुख्य कारण बोरॉन परमाणुं का छेटा आकार तथा उच्च आयनन ऊर्जा तथा उच्च आवेश/आकार अनुपात होता है।

प्रश्न 21.
बोरॉन हैलाइड अमोनिया तथा ऐमीन के साथ योगात्पक यौगिक क्यों बनाते हैं ?
उत्तर:
बोरॉन हैलाइड इलेक्ट्रॉन न्यून होते हैं; इसलिए ये अमोनिया तथा ऐमीन के साथ योगात्मक यौगिक बनाते हैं।

प्रश्न 22.
\(\mathrm{BH}_4^{-}\) में B की संकरण-अवस्था एवं ऑक्सीकरण अवस्था बताइये।
उत्तर:
sp3, + 3

प्रश्न 23.
AlF3 तथा ACCl3 के मध्य किसका गलनांक उच्च होता है ?
उत्तर:
AlF3 अधिक आयनिक होता है, इसलिए इसका गलनांक उच्च होता है।

प्रश्न 24.
निम्नलिखित तत्वों में कौन-सा +1 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शिंत करता है ?
Al, B, Ca, TL, Be
उत्तर:
Tl,+1 ऑकसीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 25.
निर्जलीय AlCl3 का कौन-सा गुण इसे कार्बनिक रसायन में एक अच्छा निर्माण अभिकर्मक बनाता है ?
उत्तर:
यह लूइस अम्ल के समान व्यवहार करता है।

प्रश्न 26.
निम्नलिखित को लूइस अम्ल गुण के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
BF3, BCl3, BBr3 तथा BI3
उत्तर:
BF3 < BCl3 < BBr3 < BI3

प्रश्न 27.
बोरॉन ट्राई ब्रोमाइड से शुद्ध क्रिस्टलीय बोरॉन प्राप्त करने की अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
2BBr3 + 3H2 → 2B + 6HBr

प्रश्न 28.
बोरिक अम्ल के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:

  1. पूतिरोधी (संक्रमण रोधी) के रूप में।
  2. इनैमल और पॉटरी को चमकीला बनाने में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 29.
बोरॉन का एक उपयोग दीजिए।
उत्तर:
5B10 समसंथानिक का नाभिकीय रिएक्टर में नियन्त्रण छड़ों के रूप में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 30.
डाई बोरेन कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर:
सोड्डियम बोरो हाइड्राइड पर आयोडीन की क्रिया द्वारा दाइ बोरेन प्राप्त की जाती है।

प्रश्न 31.
बोरॉन के दो अयस्कों के नाम बताओ ?
उत्तर:

  1. बोरेक्स (Na2B4O7.10H2O)
  2. करनाइट (Na2B4O7. 2H2O)

प्रश्न 32.
बोरॉन के दो आइसोटोप के नाम लिखो ?
उत्तर:
5B10 तथा 5B11 बोरॉन के दो आइसोटोप हैं।

प्रश्न 33.
बोरॉन के दो अपररूपों के नाम लिखो ?
उत्तर:

  1. क्रिस्टलीय,
  2. अक्रिस्टलीय

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

प्रश्न 34.
बोरॉन B3+ आयन क्यों नहीं बनाता ?
उत्तर:
बोरॉन B3+ आयन नहीं बनाता क्योंकि इसके आयनन विभव का मान अत्यधिक उच्च एवं परमाणु आकार काफी छोटा होता है।

प्रश्न 35.
क्रिस्टलीय बोरॉन एक कठोर ठोस है क्यों ?
उत्तर:
क्योंकि इसमें अत्यधिक प्रबल सह-संयोजी बंध पाये जाते हैं।

प्रश्न 36.
निम्न को पूर्ण करें-
(i) B + O2
उत्तर:
4B + 3O2 →2B2O3 (बोरॉन ऑक्साइड)

(ii) B + N2
उत्तर:
2B + N2 → 2BN (बोरॉन नाइट्राइड)

(iii) B + Cl2
उत्तर:
2B + 3Cl2 → 2BCl3 (बोरॉन ट्राइ-क्लोराइड)

(iv) BF3 + NH3
उत्तर:
BF3 + : NH3 →[F3B ← : NH3]

(v) Na2B4O7 + H2O →
उत्तर:
Na2B4O7 + H2O → 2NaOH + 4H3BO3 बोरिक अम्ल

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प्रश्न 37.
डाइ-बोरॉन की संरचना बनाइए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 2

प्रश्न 38.
डाइ-बोरॉन अमोनिया तथा एमीन के साथ योगोत्पाद क्यों बनाता है ?
उत्तर:
क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक है।

प्रश्न 39.
विद्युत अपघटन से पूर्व Al2O3 का निर्जल होना आवश्यक है, क्यों ?
उत्तर:
क्योंकि जल की उपस्थिति में Al3+ का कैथोड पर विसर्जन न होकर H+ का विसर्जन होगा क्योंकि Al3+ का विसर्जन विभव H+ से अधिक होता है।

प्रश्न 40.
फिटकरी का सामान्य सूत्र क्या है ?
उत्तर:
इसका सामान्य सूत्र-
M2SO4.M2(SO4)3. 24H2O होता है।
यहाँ पर M = एक-संयोजी क्षारीय धातु या मूलक
M = त्रि-संयोजी क्षारीय धातु या मूलक।

प्रश्न 41.
बोरॉन का गलनांक सामान्य से अधिक होता है। क्यों ?
उत्तर:
क्योंकि यह ठोस तथा द्रव दोनों ही अवस्थाओं में एक बड़े सह-संयोजक बहुलक के रूप में रहता है।

प्रश्न 42.
BF3 के जल-अपघटन की अभिक्रिया लिखें।
उत्तर:
BF3 के जल-अपघटन की अभिक्रिया निम्न है-
BF3 + H2O → H+[BF3OH]

प्रश्न 43.
एलुमीनियम का प्रयोग उन ऑक्साइडों को अपचयित करने में किया जाता है, जिनका अपचयन कार्बन नहीं कर पाता है। कारण स्पष्ट करो।
उत्तर:
क्योंकि एलुमीनियम कार्बन से प्रबल धनविद्युती तत्व व प्रबल अपचायक होता है।

प्रश्न 44.
AlCl3.6H2O को गर्म करके निर्जल AlCl3 को नहीं बनाया जा सकता है, क्योंकि ?
उत्तर:
AlCl3.6H2O गर्म करने पर निर्जल AlCl3 नहीं Al2O3 देता है।

प्रश्न 45.
क्या होता है जब BF3 की जल से अभिक्रिया होती है ?
उत्तर:
BF3 की जल से अभिक्रिया पर फ्लुओरोबोरिक अम्ल एवं ऑर्थोबोरिक अम्ल प्राप्त होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 3

प्रश्न 46.
B2H6 की HCl से अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 4

प्रश्न 47.
ड्यूरेलूमिन का प्रयोग हवाई जहाज बनाने में किया जाता है, क्यों ?
उत्तर:
यह Al, Cu, Mg तथा Mn की मिश्र धातु है जो हल्की परन्तु मजबूत होती है जिसके कारण इसका प्रयोग हवाई जहाज बनाने में किया जाता है।

प्रश्न 48.
बोरॉन के समस्थानिक बताएँ।
उत्तर:
बोरॉन के दो समस्थानिक होते हैं-
\(20 \%{ }_5^{10} \mathrm{~B}\) तथा \(80 \%{ }_5^{11} \mathrm{~B}\)

प्रश्न 49.
हीरे से कम कठोर अधात्विक तत्व का नाम बताएँ।
उत्तर:
बोरॉन \(\left({ }_5^{10} \mathrm{~B}\right)\)

प्रश्न 50.
बोरेक्स कैसे बनाते हैं ?
उत्तर:
कोलेमेनाइट पर जब Na2CO3 की क्रिया कराते हैं, तो बोरेक्स का निर्माण होता है।

प्रश्न 51.
ऐलुमिनियम के उस खनिज का नाम बताएँ जो कि साधारण फिटकरी बनाने में प्रयुक्त होता है।
उत्तर:
ऐलुनाइट का प्रयोग साधारण फिटकरी बनाने में करते हैं।

प्रश्न 52.
गैलियम का गलनांक बहुत कम होता है, क्यों ?
उत्तर:
क्योंकि गैलियम Ga2 अणु के रूप में होता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

प्रश्न 53.
बोरेन क्या हैं ? इसका सामान्य सूत्र क्या होता है ?
उत्तर:
बोरॉन तथा हाइड्रोजन आपस में क्रिया करके वाष्पशील हाइड्राइड बनाते हैं। जिन्हें बोरेन (Boranes) कहते हैं। इनका सामान्य सूत्र BnHn+4 व BnHn+4 है।

प्रश्न 54.
एलेन से क्या समझते हो ?
उत्तर:
एलमीनियम के हाइड़ाइड को एलेन कहते हैं।

प्रश्न 55.
ऐलुमिना के वैद्युत-अपथटन में प्रयोग होने वाले गालक कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
ऐलुमिना के बैद्युत-अपषटन में क्रायोलाइट (Na3AlF6) तथा फ्लुओरस्पार (CaF2) का प्रयोग होता है।

प्रश्न 56.
बोरॉन की भू-पर्पटी में उपलब्तता कितने प्रतिशत है ?
उत्तर:
0.0001%

प्रश्न 57.
Al की भू-पर्पटी में उपलक्धता कितने प्रतिशत है ?
उत्तर:
8.3%

प्रश्न 58.
निम्न के सूत्र लिखें-
(i) और्थो बोरिक अम्ल,
(ii) बोरेक्स,
(iii) करनाइट,
(iv) बॉक्साइट,
(v) कायोलाइट।
उत्तर:
(i) और्थो बोरिक अम्ल – H3BO3
(ii) बोरेक्स – Na2B4O7.10H2O
(iii) करनाइट – Na2B4O7.4H2O
(iv) बॉक्साइ्ट – Al2O3. 2H2O
(v) क्रायोलाइट – Na3AlF6

प्रश्न 59.
Ga, In व TI तत्वों में +1 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करने की बङुती प्रवृत्ति दीजिए।
उत्तर:
Ga < ln < TI.

प्रश्न 60.
समूह- 13 के तत्वों में +3 ऑक्सीकरण अवस्था किसमें अधिकतम है ?
उत्तर:
बोरॉन (B) में ।

प्रश्न 61.
निर्जल AlCl3 की प्रकृति सहसंयोजी होती है जबकि जलयोजित AlCl3 वैद्युत संयोजी होता है, क्यों ?
उत्तर:
निर्जल लवप एक द्विलक (Al2Cl6) के रूप में होता है तथा यह सहसंयोजी प्रकृति का होता है। जब AlCl3 जल के सम्पर्क में आता है तो यह जलयोजित हो जाता है तथा जलयोजित लवप [Al(H3O)6]Cl3 को बनाता है। यह जल में आयनीकृत होकर [Al(H2O)6]3+ तथा 3Cl आयन देता है।

प्रश्न 62.
क्या H3BO3 त्रिक्षारकीय है ?
उत्तर:
नहीं, यह एक क्षारीय है।

प्रश्न 63.
बोरिक अम्ल में BO3 की इकाइयाँ किस बन्ध के द्वारा आबन्धित रहती हैं ?
उत्तर:
बोरिक अम्ल में BO3 की इकाइयाँ हाइड्रोजन बन्ध के द्वारा आबन्धित रहती हैं।

प्रश्न 64.
बोरेक्स मनका परीक्षण के द्वारा किस प्रकार के धनायनों का परीक्षण करते हैं ?
उत्तर:
बोरेक्स मनका परीक्षण के द्वारा ऐसे धनायनौ का परीक्षण करते हैं जो कि रंगीन होते हैं।

प्रश्न 65.
समीकरण को पूर्ण करो-
Na2B4O7 + H2SO4 + 5H2O →… + Na2SO4
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 5

प्रश्न 66.
प्रकृति में कार्बन किस रूप में शुद्ध पाया जाता है ?
उत्तर:
फुलरीन।

प्रश्न 67.
हीरे में कार्बन का संकरण क्या होता है ?
उत्तर:
sp3

प्रश्न 68.
CO2 की संरचना दीजिए।
उत्तर:
O = C = O, इसकी रेखीय संरचना होती है।

प्रश्न 69.
क्या कार्बन डाइ-ऑक्साइड विषैली है ?
उत्तर:
नहीं, कार्बन डाइ-ऑक्साइड (CO2) विषैली नहीं होती।

प्रश्न 70.
प्रोड्यूसर गैस क्या है ?
उत्तर:
प्रोड्यूसर गैस CO तथा N2 का 1: 2 के अनुपात में भिश्रण है।

प्रश्न 71.
बकमिन्सटर फुलरीन किस तत्व का क्रिस्टलीय अपररूप होता है ?
उत्तर:
बकमिन्सटर फुलरीन कार्बन का क्रिस्टलीय अपररूप होता है।

प्रश्न 72.
\(\mathrm{CO}_3^{2-}\) की संकरण-अवस्था क्या है ?
उत्तर:
\(\mathrm{CO}_3^{2-}\) में C की संकरण-अवस्था sp2 होती है।

प्रश्न 73.
\(\mathrm{SiF}_5{ }^{2-}\) आयन में सिलिकन के संकर कक्षकों का प्रकार बताइए।
उत्तर:
sp3d2

प्रश्न 74.
किसी अन्य तत्व की तुलना में कार्बन सर्वाधिक श्रृंखलन क्यों दर्शाता है ?
उत्तर:
कार्बन सर्वाधिक श्रृंखलन प्रदर्शित करता है क्योंकि इसका परमाणु आकार छोटा होता है। यह अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ स्थायी सहसंयोजक बन्ध बना सकता है।

प्रश्न 75.
कमरे के ताप पर CO2 गैस होती है, जबकि SiO2 ठोस। इसका एक कारण बताइए।
उत्तर:
CO2 एक विविक्त (discrete) अणु के रूप में होती है; इसलिए इसमें दुर्बल वाण्डरवाल्स आकर्षण बल होते हैं, जबकि SiO2 त्रिविमीय सहसंयोजी ठोस होता है। यही कारण है कि कमरे के ताप पर CO2 गैस व SiO2 ठोस है।

प्रश्न 76.
कार्बन तथा सिलिकन मुख्यतः चतुःसंयोजी होते हैं परन्तु Ge, Sn तथा Pb द्विसंयोजकता प्रदर्शित करते हैं। कारण दीजिए।
उत्तर:
Ge, Sn तथा Pb अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण द्विसंयोजी होते हैं जो कि कार्बन तथा सिलिकन में नहीं होता।

प्रश्न 77.
सिलिकॉन का सामान्य सूत्र क्या है ?
उत्तर:
R2SiO.

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प्रश्न 78.
सिलिकेट क्या हैं ?
उत्तर:
सिलिकेट खनिज होते हैं जिनमें \(\mathrm{SiO}_4{ }^{4-}\) इकाइयाँ विभिन्न क्रमों में व्यवस्थित रहती हैं।

प्रश्न 79.
समूह-14 में से उन सदस्य (या सदस्यों) को चुनिए, जो
(i) सबसे अधिक अम्लीय डाइऑक्साइड बनाते हैं;
(ii) सामान्यत: +2 ऑक्सीकरण अवस्था में मिलते हैं;
(iii) अर्द्धचालक (या अर्द्धचालकों) के रूप में प्रयोग में आते हैं।
उत्तर:
(i) कार्बन, (ii) सिलिकन तथा (iii) जर्मेनियम।

प्रश्न 80.
मेथेन किस से प्राप्त की जाती है ?
उत्तर:
एल्युमीनियम कार्बाइड से मेथेन प्राप्त की जाती है।

प्रश्न 81.
\(\left[\mathrm{SFF}_6\right]^{2-}\) ज्ञात है, जबकि \(\left[\left.\mathrm{SiCl}_6\right|^{2-}\right.\) अज्ञात है। इसके सम्भावित कारण दीजिए।
उत्तर:
इसके मुख्य सम्भावित कारण निम्नलिखित हैं-

  1. सिलिकन परमाणु का आकार छोटा होने के कारण इसके चारों ओर क्लोरीन के छः बड़े आकार वाले परमाणु व्यवस्थित नहीं हो पाते हैं।
  2. क्लोरीन परमाणु के एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म तथा सिलिकन परमाणु के मध्य अन्योन्यक्रिया अधिक प्रबल नहीं होती है।

प्रश्न 82.
कार्बन डाइऑक्साइड दहन में सहायता नहीं करती है, परन्तु मैग्नीशियम का जलता हुआ तार CO2 के वातावरण में जलता रहता है। क्यों ?
उत्तर:
मैग्नीशियम CO2 को कार्बन में अपचयित कर देता है तथा अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है। चूँकि मैग्नीशियम का ज्वलन-ताप बहुत अधिक होता है; अतः यह CO2 के वातावरण में जलता रहता है।

प्रश्न 83.
ग्रेफाइट विद्युत चालक क्यों होता है ?
उत्तर:
ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु sp2 संकरित होता है तथा तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से एकल संयोजी बन्धों द्वारा जुड़ा रहता है। प्रत्येक कार्बन परमाणु का एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है जिसके कारण ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक होता है।

प्रश्न 84.
कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त के साथ क्रिया कर कौन-सा यौगिक बनाती है ?
उत्तर:
कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन।

प्रश्न 85.
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस ‘मौत का फन्दा’ है; समझाइए।
उत्तर:
कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस (CO) रक्त के हीमोग्लोबिन से संयुक्त होकर कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन बनाती है जिससे हीमोग्लोबिन ऑक्सीवाहक का कार्य करना बन्द कर देता है एवं मनुष्य दम घुटने के कारण मर जाता है। अतः CO गैस ‘मौत का फन्दा’ है।

प्रश्न 86.
कार्बन के अपररूप कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
कार्बन के दो अपररूप हैं-
(i) क्रिस्टलीय कार्बन-यह तीन रूपों में पाया जाता है-
(अ) हीरा, (ब) ग्रेफाइट, (स) फुलरीन।
(ii) अक्रिस्टलीय रूप-यह तीन रूपों में पाया जाता है-
(अ) चारकोल, (ब) काजल, (स) खनिज कोयला।

प्रश्न 87.
कार्बन कौन-से ऑक्साइड बनाता है ?
उत्तर:

  • कार्बन सबऑक्साइड (C3O2),
  • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO),
  • कार्बन डाईऑक्साइड (CO2)।

प्रश्न 88.
कार्बन मोनो-ऑक्साइड का औद्योगिक उपयोग बताइए।
उत्तर:
प्रोड्यूसर गैस (CO + N2) तथा भाप अंगार गैस (CO + H2) के रूप में ईंधन में प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 89.
CO2 का प्रकृति में क्या उपयोग है ?
उत्तर:
क्लोरोफिल की उपस्थिति में पौधे CO2 को ग्रहण कर सूर्य के प्रकाश में ग्लूकोस, स्टार्च, सेल्यूलोस आदि बनाते हैं।
\(6 \mathrm{CO}_2+6 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow \mathrm{C}_6 \mathrm{H}_{12} \mathrm{O}_6+6 \mathrm{O}_2\)

प्रश्न 90.
कार्बन के मिश्रित हैलाइडों को समझाइए।
उत्तर:
कार्बन के साथ फ्लोरीन तथा क्लोरीन दो भिन्न तत्वों के जुड़े होने पर प्राप्त यौगिक क्लोरो-फ्लुओरो यौगिक कहलाते हैं। इन्हें मिश्रित हैलाइड कहते हैं। जैसे-फ्रेऑन-11 (CFCl3)$, फ्रेमीन- 12 (CF2Cl2) ये प्रशीतक के रूप में प्रयुक्त होते हैं।

प्रश्न 91.
कार्बन परमाणु का विशिष्ट गुण क्या है ?
उत्तर:
कार्बन परमाणु का विशिष्ट गुण भृंबला बनाने की प्रवृत्ति है।

प्रश्न 92.
कुछ वर्षों पूर्व खोजे गए कार्बन के नए रूप का नाम लिखिए।
उत्तर:
C60 या बकमिन्सटर फुलरीन।

प्रश्न 93.
डायमण्ड में C—C लम्बाई बताइए।
उत्तर:
डायमण्ड में प्रत्येक C—C बंध की दूरी 1.54 Å होती है।

प्रश्न 94.
डायमण्ड में क्राबंन परमाणु पर कौन-सा संकरण होता है ?
उत्तर:
डायमण्ड में प्रत्येक कार्बन परमाणु पर sp3 संकरण होता है।

प्रश्न 95.
गेफाइट में प्रत्येक कावंन परमाणु पर कौन-सा संकरण होता है ?
उत्तर:
ग्रेफाइट में प्रत्येक कावन परमाणु पर sp2 संकरण होता है।

प्रश्न 96.
ऐ्रेफाइट विद्युत का सुचालक क्यों है ?
उत्तर:
ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु पर p-उपकोश में एक इलेक्ट्रॉन शेष रहता है यह π-इलेक्ट्रॉन कहलाता है। इन्ही π-इ्लेक्ट्रॉनों के गतिशील होने के कारण ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है।

प्रश्न 97.
ग्रेफाइट में C—C बंध की दूरी क्या है ?
उत्तर:
प्रत्येक C—C बंध की दूरी 1.42 Å होती है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

प्रश्न 98.
फुलरीन की खोज कब हुई ?
उत्तर:
1985 में।

प्रश्न 99.
C60 का नाम किसके नाम पर रखा गया ?
उत्तर:
अमरीकी वास्तु स्थापत्य बकमिन्सटर फुलरीन के नाम पर रखा गया।

प्रश्न 100.
C60 में कौन-सा संकरण होता है ?
उत्तर:
C60 में कार्बन परमाणु पर sp2 संकरण होता है।

प्रश्न 101.
प्रकृति में कार्बन किस शुद्ध अवस्था में पाया जाता है ?
उत्तर:
फुलरीन।

प्रश्न 102.
ड्वायमण्ड में कौन-सा संकरण होता है ?
उत्तर:
sp3

प्रश्न 103.
\(\mathrm{SiF}_6{ }^{2-}\) में C संकरण कौन-सा है ?
उत्तर:
sp2 संकरण।

प्रश्न 104.
\(\mathrm{SiF}_6{ }^{2-}\) में Si का संकरण क्या है ?
उत्तर:
sp3d2

प्रश्न 105.
SiCl4 का जल अपघटन हो सकता है परन्तु CCl4 का नहीं; क्यों ?
उत्तर:
Si में रिक्त d-कक्षक पाये जाते हैं जिसके कारण SiCl4 का जल अपघटन हो सकता है, परन्तु CCl4 का नहीं।

प्रश्न 106.
गैसीय ईंधन अत्यधिक उपयोगी क्यों होते हैं ?
उत्तर:
गैसीय ईंधनों का दहन पूर्ण रूप से हो जाता है तथा इसका कोई भी अवशेष नहीं बचता है, इस कारण गैसीय ईंधन अत्यधिक उपयोगी होते हैं।

प्रश्न 107.
सिन्दूर का रासायनिक नाम व सूत्र क्या है?
उत्तर:
ट्राइप्लम्बिक टेट्रॉऑक्साइड (Pb3O4)

प्रश्न 108.
कार्बन के दो क्रिस्टलीय अपररूपों के उदाहरण लिखें।
उत्तर:
डायमण्ड व ग्रेफाइट कार्बन के दो क्रिस्टलीय अपररूप हैं।

प्रश्न 109.
किन्हीं चार ईंधनों के उदाहरण लिखें।
उत्तर:

  1. भाप-अंगार गैस,
  2. पेट्रोल गैस,
  3. तेल गैस,
  4. प्रोड्यूसर गैस।

प्रश्न 110.
कार्बन परिवार का वह कौन-सा तत्व है जो कि अपररूपता को प्रदर्शिन नहीं करता है ?
उत्तर:
लेड (Pb).

प्रश्न 111.
कार्बन का उदासीन ऑक्साइड कौन-सा है ?
उत्तर:
कार्बन मोनोऑक्साइड (CO).

प्रश्न 112.
प्रयोगशाला में बर्नरों में प्रयोग की जाने वाली गैस कौन-सी है ?
उत्तर:
तेल गैस या पेट्रोल गैस, परन्तु आजकल प्रयोगशाला में L.P.G. प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 113.
वाटर ग्लास का सूत्र लिखें।
उत्तर:
Na2SiO3

प्रश्न 114.
ठण्डे देशों में पैकिंग के लिये टिन धातु की पन्नी का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर:
कम ताप पर टिन, ग्रे-टिन में परिवर्तित हो जाता है। यह ग्रे टिन भंगुर प्रकृति का होता है तथा पाउडर में बदल जाता है। इसको टिन-प्लेग (tin plague) या टिन की बीमारी (tin disease) भी कहते हैं।

प्रश्न 115.
CH4 व SiH4 के गुणों में भिन्नता क्यों होती है ?
उत्तर:
Si-H की बन्ध ऊर्जा का मान C-H की बन्ध ऊर्जा से कम होता है।

प्रश्न 116.
MgCl2 की आकृति अधुवीय रेखीय है जबकि SnCl2 कोणीय ध्रुवीय होता है। कारण बताओ।
उत्तर:
MgCl2 में Mg पर sp संकरण पाया जाता है जो कि रेखीय आकृति देता है, जबकि SnCl2 में Sn, sp2 संकरण (समतलीय त्रिकोणीय) प्रकृति प्रदर्शित करता है। Sn पर एक अनाबन्धित या एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म इसका आकार कोणीय कर देता है।

प्रश्न 117.
SnCl2ठोस है, जबकि SnCl4 दव है। क्यों ?
उत्तर:
SnCl2 की आयनिक प्रकृति अधिक (Sn2+) होती है अत: इसका गलनांक भी अधिक होता है और इस कारण यह ठोस अवस्था में पाया जाता है। SnCl4 में sp3संकरण होता है, जिसके कारण इसकी प्रवृत्ति सह-संयोजक होती है और यह द्रव अवस्था में होता है।

प्रश्न 118.
अपररूपता को परिभाषित करें।
उत्तर:
जब कोई तत्व दो या दो से अधिक रूपो में पाया जाता है, जिनके भौतिक गुण भिन्न-भिन्न ब रासायनिक गुण समान होते हैं तो इन रूपों को अपररूप व इस गुण को अपररूपता कहते हैं।

प्रश्न 119.
शृंखलित होने का गुण (Catenation) क्या है?
उत्तर:
समान परमाणुओं के आपस में जुड़कर एक लम्बी विवृत भंख्रला अथवा संबृत भृंखला बनाने की प्रवृत्ति को मृंखलित होने का गुण (Catenation) कहते हैं।

प्रश्न 120.
समूह-14 में +2 ऑक्सीकरण अवस्था बनाने की प्रयृत्ति समूह में नीचे जाने पर बक़ी जाती है, क्यों ?
उत्तर:
चूँकि समूह में नीचे जाने पर अक्रिय युग्म प्रभाव (Inert pair effect) बढ़ा जाता है, इसके कारण +2 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करने की प्रवृत्ति भी बह़ जाती है।

प्रश्न 121.
टिन व लेड क्रमशः Sn2+ तथा Pb2+ आयन बनाते हैं। क्यों ?
उत्तर:
अक्रिय युग्म प्रभाव (inert pair effect) के कारण टिन व लेड क्रमशः Sn2+ तथा Pb2+ आयनों को बनाते हैं।

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प्रश्न 122.
समूह-14 में ऊपर से नीचे जाने पर श्रृंखलित होने का गुण घटता जाता है। क्यों ?
उत्तर:
समूह-14 में ऊपर से नीचे जाने पर भृंखलित होने का गुण घटता जाता है क्यॉकि बन्ध ऊर्जा (Bond energy) का मान कार्बन से लेड की और जाने पर घटता जाता है।

प्रश्न 123.
कार्बन की अधिकतम संयोजकता का मान 4 है जबकि सिलिकन की संयोजकता का मान 6 है, क्यों ?
उत्तर:
सिलिकन के वाद्य कोश में रिक्त d-उपकोश उपस्थित होता है जिसके कारण सिलिकन की संयोजकला का मान 6 हो जाता है।

प्रश्न 124.
कार्बन व सिलिकन दोनों एक ही समूह में होते हुए भी अपने यौगिकों के गुणों में भिन्नता प्रदर्शित करते हैं, क्यों ?
उत्तर:
कार्बन व सिलिकन एक ही समूह में उपस्थित हैं परन्तु इन दोनों तत्वों की विद्युत ऋणात्मकता में काफी अन्तर होता है। इस कारण इनके यौगिकों के गुर्णों में काफी भिन्नता होती है।

प्रश्न 125.
ऐसे CO2 को शुष्क वर्फ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
क्योंकि टेस CO2 के ऊर्ध्वपातन होने से सतह पर किसी भी प्रकार का कोई अवशेष नहीं रहता है, इस को कारण इसे शुष्क बर्फ कहते है।

प्रश्न 126.
रेडियोएक्टिव पदार्थों को लेड के बक्सों में क्यों रखा जाता है ?
उत्तर:
क्योंकि रेडियोएक्टिब पदार्थों से निकलने वाली रेडियोएक्टिव किरणों में लेड धातु को पार करने की क्षमता बहुत कम होती है। इस कारण रेडियोएक्टिव पदायों को लेड वॉक्स में रखते हैं।

प्रश्न 127.
डायमण्ड विद्युत का चालक नहीं होता है, क्यों ?
उत्तर:
डायमण्ड विद्युत का कुचालक है, क्योंकि इसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु के चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन चार एकल सह-संयोजक बन्ध बनाने में प्रयुक्त हो जाते हैं जिसके कारण डायमण्ड विद्युत् का कुचालक होता है।

प्रश्न 128.
CO2 ऑक्सीजन की उपस्थिति में क्यों नहीं जलती है ?
उत्तर:
CO2 में कार्बन की अधिकतम ऑक्सीकरण अवस्था होती है
अतः CO2 का पुनः ऑक्सीकरण होना सम्भव नहीं होता है। यही कारण है कि CO2 ऑक्सीजन की उपस्थिति में नहीं जलती है।

प्रश्न 129.
कार्बन मोनोऑक्साइड के अम्लीय होने को प्रदर्शित करने वाला एक समीकरण लिखें।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 6

प्रश्न 130.
समूह्न 14 के तत्वों के टेट्राहैलाइडों के स्थायित्व का घटता हुआ क्रम लिखें।
उत्तर:
CX4 > SiX4 > GeX4 > SnX4 > PbX4

प्रश्न 131.
निम्न अभिक्रियाओं को पूर्ण करें-
(i) Pb + 4HNO3
(ii) SiCl4 + 4H2O→
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 7

प्रश्न 132.
समूह-14 में सबसे अधिक अम्लीय डाइऑक्साइड कौन बनाता है ?
उत्तर:
कार्बन सबसे अधिक अम्लीय डाइऑक्साइड बनाता है।

प्रश्न 133.
समूह-14 में वह कौन-सा तत्व है जो कि सामान्यता +2 ऑक्सीकरण अवस्था में प्राप्त होता है ?
उत्तर:
समूह-14 में लैड (Pb) सामान्यतः + 2 ऑक्सीकरण अवस्था में पांया जाता है।

प्रश्न 134.
समूह-14 में कौन से तत्व अर्द्ध-चालकों के रूप में प्रयुक्त होते हैं ?
उत्तर:
समूह- 14 में सिलिकन तथा जर्मेनियम अर्द्ध-चालकों के रूप में प्रयुक्त होते हैं।

प्रश्न 135.
क्या कारण है कि हीरे में सहसंयोजन होने के उपरान्त भी गलनांक काफी उच्च होता है ?
उत्तर:
हीरे के अणु में C-C परमाणु के मध्य त्रिविम संरचना होती है। इस चतुष्फलक जालक को तोड़ना काफी कठिन होता है। अत: हीरे का गलनांक काफी उच्च होता है। यद्यपि इसमें सहसंयोजक बन्ध पाया जाता है।

प्रश्न 136.
सिलिकॉन्स की प्रकृति कैसी होती है ?
उत्तर:
सिलिकॉन्स जलरोधी एवं जल-अपकर्षक प्रकृति के होते हैं।

प्रश्न 137.
पृथ्वी अथवा मृदा की ऊपरी परत किस रासायनिक पदार्थ से बनी होती है ?
उत्तर:
पृथ्वी अथवा मृदा की ऊपरी परत सिलिकेट्स की बनी होती है।

प्रश्न 138.
अन्नराकाशी काब्बांइक के उदाइरण दें। क्यादरण है।
उत्तर:
Cr3C2, Fe3C, Mn3C, WC आदि अन्तराकाशी कार्बाइड के उदाहरण हैं।

प्रश्न 139.
सहुसंयोजक कार्बाइड के उदलण दें।
उत्तर:
B4C3 तथा SiC सहसंवोनक काबादह के ददाहय है।

प्रश्न 140.
आयनिक कार्बाइड के उदाइरण बें।
उत्तर:
Li2C3, CaC2 तथा Al4C3 अदि अरणनिक्ष का बाइड के उदाइरण है।

प्रश्न 141.
सिलिकन कार्बांइड (SiC) का मुख्य उप्पयोग क्या है ?
उत्तर:
सितिकन कबोद्ड का मुख्य उन्योग काँच को काटने में तथा अम्स-भार को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 142.
बोरॉन कार्जाइड का उबयोग दें।
उत्तर:
बौरौन कार्बांश्ड को प्रकृजी कठोर सेने के दारण बह Drilling में तथा उन्तु बनामे में प्रयुक किवा जाता है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व

प्रश्न 143.
पढ्रो सिलिकेट में कौन-सा क्रणायन मिलनता है ?
उत्तर:
\(\mathrm{Si}_2 \mathrm{O}_7^{6-}\)

प्रश्न 144.
कार्बों रण्डम (carborandum) किसे कहते है?
उत्तर:
SiC (सिलिकन कार्बाइड) को कार्बोरण्डम कहते हैं।

प्रश्न 145.
क्या होता है जब CO को ZnO के साघ गार्म करते हैं ?
उत्तर:
CO एक प्रबत अपवायक है। यह ZnO को लिक (Zn) में अपवावित कर देत्ता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 8

प्रश्न 146.
त्रिबिम मिलिकेट के उद्वाहरण दें।
उत्तर:
क्वारंब तथा रिश्रोलाएट शिविम सिलिकेट के उदाशरण है।

प्रश्न 147.
शिद सिलिकेट के उदाहरण दें। ज्वाहरण है।
उत्तर:
टैल्क, केओलीन तथा मस्क्कोलाइट आदि शिट सिलिकेट के उदाहरण हैं।

प्रश्न 148.
चक्रीय सिलिकेट के उदाहरण दें।
उत्तर:
बेनीटोआइट तथा बोरेल चक्रीय सिलिकेट के उदाहरण हैं।

प्रश्न 149.
श्रृंखला सिलिकेट के उदाहरण दें।
उत्तर:
स्पॉड्यूमीन तथा एन्स्टेटाइट शृंखला सिलिकेट के उदाहरण हैं।

प्रश्न 150.
पायरो सिलिके के उदाइरण दें।
उत्तर:
थौट्टीवीटाइट तथा हेगीमोरफाइर पाबरो सिलिकेट के उदाहरण है।

प्रश्न 151.
औधॉंतिलिकेट के उदाहरण वें ।
उत्नर:
फिनेसदट तथा जिरकॉन और्था सिलिकेट के द्वासण है।

प्रश्न 152.
सिलिका में Si ऑक्सीजन के साथ π-बन्ध क्यों नहीं बना पाता ?
उत्तर:
Si का आकार ऑक्सीजन से बड़ा होता है जिसके कारण यह ऑक्सीजन के साथ π-बन्ध नहीं बना पाता है।

प्रश्न 153.
ऊष्मा भट्टियों में किन इंटों का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर:
ऊष्मा भद्टियों में सिलिका हटं का प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 154.
क्या होता है जब HCOOH को सान्द्र H2SO4 के साथ 373 K पर गर्म करते हैं ?
उत्तर:”
HCOOH को सान्द्र H2SO4 के साथ 373 K पर गर्म करने पर CO प्राप्त होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 9

प्रश्न 155.
CO की क्रिया निम्न के साथ प्रदर्शित करें –
(i) ZnO
(ii) Fe2O3
(iii) Ni
(iv) Cl2
उत्तर:
(i) CO की क्रिया ZnO के साथ कराने पर Zn प्राप्त होती है।
\(\mathrm{CO}+\mathrm{ZnO} \longrightarrow \mathrm{Zn}+\mathrm{CO}_2\)

(ii) CO की क्रिया Fe2O3 से कराने पर आयरन व कार्बन डाईंक्साइड बनता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 10

(iii) CO की क्रिया Ni से कराने पर कार्बोनिल प्राप्त होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 11

(iv) CO की क्रिया Cl2 से कराने पर एक विर्घली गैस फॉस्जीन प्राप्त होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 12

प्रश्न 156.
प्रकाश संश्लेषण पर टिप्पणी लिखें ।
उत्तर:
प्रकाश एवं क्लोरोफिल (पर्णरहित) की उपस्थिति में पौधे कार्बन डाइऑक्साइड गैस ग्रहण करते हैं तथा ऑक्सीजन निकालते हैं। इस अभिक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।
\(6 \mathrm{CO}_2+6 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow \mathrm{C}_6 \mathrm{H}_{12} \mathrm{O}_6+6 \mathrm{O}_2\)

प्रश्न 157.
रात्रि में बड़े वृक्षों के नीचे नहीं सोना चाहिए। क्यों ?
उत्तर:
रात्रि में पेड्ट व पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं करने रात्रि में ये श्वसन की क्रिया करते हैं, जिससे CO2 गैस निकलती है। अतः रात्रि में वृक्ष्र के नीचे नहीं सोना चाहिए।

प्रश्न 158.
C60 की क्रिया पोटैशियम से कराने पर क्या प्राप्त होता है ?
उत्तर:
C60 की क्रिया पोटैशियम के साथ कराने पर K3C60 प्राप्त होता है।

प्रश्न 159.
कार्बन की परमाणवीय त्रिज्या का मान क्या होता है ?
उत्तर:
कार्बन की परमाण्वीय त्रिज्या 77 Å होती है।

प्रश्न 160.
वर्ग-14 के तत्व बताएँ।
उत्तर:
C, Si, Ge, Sn, Pb.

प्रश्न 161.
निम्न के सूत्र लिखें-
(i) केसिटेराइट,
(ii) गैलेना।
उत्तर:
(i) केसिटेराइट- SnO2
(ii) गैलेना-PbS.

प्रश्न 162.
वर्ग-14 के तत्वों को क्वथनांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें।
उत्तर:
Pb < Sn < Ge < Si < C

प्रश्न 163.
स्थायी रूप से अतिशीतित (super cooled) द्रव क्या कहलाता है ?
उत्तर:
स्थायी रूप से अतिशीतित (super cooled) द्रव को अक्रिस्टलीय ठोस (amorphous solid) कहते हैं।

प्रश्न 164.
क्या होता है जब लेड सल्फाइड को वायु में गर्म किया जाता है ?
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 13

प्रश्न 165.
हानिकारक U.V. rays को सोखने वाले काँच का नाम बताओ।
उत्तर:
क्रुक्स काँच (Crookes glass)।

प्रश्न 166.
सफेदा का सूत्र लिखें।
उत्तर:
2PbCO3.Pb(OH)2

प्रश्न 167.
CO2 एक अम्लीय एनहाइड्राइड है जबकि PbO2 एक क्षारीय एनहाइड्राइड है। स्पष्ट करें।
उत्तर:
C एक अधातु है, अतः इसका ऑक्साइड (CO2) अम्लीय है जबकि Pb एक धातु है अतः इसका ऑक्साइड (PbO2) क्षारीय है।

लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
बोरिक अम्ल, B(OH)3 में तीन OH समूह होते हैं परन्तु फिर भी यह दुर्बल क्षारकीय अम्ल होता है। समझाइए।
उत्तर:
बोरिक अम्ल में बोरॉन परमाणु इलेक्ट्रॉन न्यून होता है तथा H2O अणु के परमाणु से इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर लेता है। इसके परिणामस्वरूप एक उपसहसंयोजक बन्ध बनता है। अतः यह जलयोजित हो जाता है। जलयोजित अणु में ऑक्सीजन परमाणु जो इलेक्ट्रॉन अपूर्ण हो चुका है, OH बन्ध से इलेक्ट्रॉन युग्म को खींचता है जिससे प्रोटॉन निकल जाता है। अतः यह अम्ल एक क्षारकीय अम्ल (monobasic acid) की भाँति कार्य करता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 15

प्रश्न 2.
BX3 में B-X बन्ध लम्बाई अपेक्षा से कम मानी जाती है, क्यों ?
उत्तर:
pπ-pπ पश्च बन्धन के कारण BX3 में B-X बन्ध आंशिक द्विबन्ध गुण धारण कर लेता है। इसके परिणामस्वरूप B-X बन्ध लम्बाई, अपेक्षित एकल संयोजक B-X बन्ध लम्बाई से कम हो जाती है।

प्रश्न 3.
सुहागा-मनका परीक्षण क्या है ? समीकरण सहित समझाइए।
उत्तर:
सुहागा-मनका परीक्षण (Borax-Bead Test)
यह परीक्षण उन बेसिक मूलकों के परीक्षण में काम आता है जिनके लवण रंगीन होते हैं या जो सुहागा के साथ गर्म किए जाने पर रंगीन पदार्थ बनाते हैं। सबसे पहले प्लैटिनम के तार के छल्ले (ring) पर बोरेक्स का चूर्ण लेकर ज्वाला में खूब गर्म किया जाता है। शुरू में यह फूलता है तथा बाद में काँच के समान गोली बन जाती है।
\(\mathrm{Na}_2 \mathrm{~B}_4 \mathrm{O}_7 \cdot 10 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow \mathrm{Na}_2 \mathrm{~B}_4 \mathrm{O}_7+10 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\) सोडियम टेट्राबोरेट
\(\mathrm{Na}_2 \mathrm{~B}_4 \mathrm{O}_7 \longrightarrow 2 \mathrm{NaBO}_2+\mathrm{B}_2 \mathrm{O}_3\) काँच के समान गोली

अब मनके पर थोड़ा-सा दिया हुआ पदार्थ रखकर ज्वाला पर रखते हैं। इस काँच के समान गोली का एक विशिष्ट रंग आता है जिसके आधार पर इसके मूलकों का ज्ञान होता है; जैसे-कॉपर के साथ एक नीला मनका बनता है।
\(\mathrm{CuSO}_4 \longrightarrow \mathrm{CuO}+\mathrm{SO}_4 \uparrow\)
\(\mathrm{CuO}+\mathrm{B}_2 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{Cu}\left(\mathrm{BO}_2\right)_2\)
\(\mathrm{CuSO}_4+\mathrm{B}_2 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{Cu}\left(\mathrm{BO}_2\right)_2+\mathrm{SO}_3 \uparrow\)
कॉपर मेटाबोरेट (नीला रंग)

इसी प्रकार कुछ अन्य बेसिक मूलकों में उत्पन्न रंगों को नीचे दिया गया है-
Co2+ (गहरा नीला), Ni2+ (भूरा), Mn2+ (बैंगनी), Cr3+ ( हरा) तथा Fe3+ (पीला)। इस प्रकार केवल मनके का रंग देखकर ही मिश्रण में विद्यमान कुछ बेसिक मूलकों का पता लगाया जा सकता है।

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प्रश्न 4.
बोरिक अम्ल से प्रारम्भ करके निम्नलिखित यौगिकों को कैसे प्राप्त करोगे ?
(i) बोरॉन ऐनहाइड्राइड
(ii) बोरॉन ट्राइक्लोराइड
(iii) बोरॉन हाइड्राइड
(iv) बोरॉन ट्राइफ्लुओराइड।
उत्तर:
(i) बोरिक अम्ल से बोरॉन ऐनहाइड्राइड में परिवर्तनबोरिक अम्ल को रक्त तप्त करने पर बोरॉन ऐनहाइड्राइड प्राप्त होता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 16

(ii) बोरिक अम्ल से बोरॉन ट्राइक्लोराइड में परिवर्तन-उपर्युक्त विधि से सबसे पहले बोरॉन ऐनहाइड्राइड को प्राप्त कर लिया जाता है। बोरॉन ऐनहाइड्राइड को कार्बन के साथ मिलाकर रक्त तप्त करके, क्लोरीन गैस प्रवाहित की जाती है तो बोरॉन ट्राइक्लोराइड प्राप्त हो जाता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 17

(iii) बोरिक अम्ल से बोरॉन ऐनहाइड्राइड में परिवर्तन-उपर्युक्त विधि से प्राप्त बोरॉन ऐनहाइड्राइड को मैग्नीशियम चूर्ण के साथ गर्म करके मैग्नीशियम बोराइड प्राप्त कर लिया जाता है। मैग्नीशियम बोराइड तनु HCl से प्रक्रिया करके वाष्पशील हाइड्राइडों का मिश्रण देता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 18

(iv) बोरिक अम्ल से बोरॉन ट्राइफ्लुओराइड में परिवर्तन-जब बोरिक अम्ल को सान्द्र H2SO4 और CaF2 के साथ गर्म किया जाता है तो बोरॉन ट्राइफ्लओओराइड की वाष्प प्राप्त हो जाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 19

प्रश्न 5.
बोरेक्स से बोरॉन प्राप्त करने की विधि को समझाइए। उत्तर-बोरेक्स को सान्द्र HCl के साथ अभिक्रिया कराने पर बोरिक अम्ल प्राप्त होता है जो तेज गर्म करने पर बोरिक एनहाइड्राइड देता है।
\(\mathrm{Na}_2 \mathrm{~B}_4 \mathrm{O}_7+2 \mathrm{HCl} \longrightarrow 2 \mathrm{NaCl}+\mathrm{H}_2 \mathrm{~B}_4 \mathrm{O}_7\)
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{~B}_4 \mathrm{O}_7+5 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow 4 \mathrm{H}_3 \mathrm{BO}_3\) बोरिक अम्ल
\(4 \mathrm{H}_3 \mathrm{BO}_3 \longrightarrow \mathrm{B}_2 \mathrm{O}_3+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)

बोरिक एनहाइड्राइड को पोटैशियम के साथ गर्म करने पर बोरॉन प्राप्त होता है।
\(\mathrm{B}_2 \mathrm{O}_3+6 \mathrm{~K} \longrightarrow 2 \mathrm{~B}+3 \mathrm{~K}_2 \mathrm{O}\)

प्रश्न 6.
बोरिक अम्ल कैसे बनाया जाता है ? इसका एक रासायनिक गुण तथा प्रमुख उपयोग लिखिए।
उत्तर:
बनाने की विधि-कोलेमेनाइट को उबलते हुए जल में डालकर SO2 गैस प्रवाहित करने पर बोरिक अम्ल प्राप्त होता है।
\(\mathrm{Ca}_2 \mathrm{~B}_6 \mathrm{O}_{11}+2 \mathrm{SO}_2+9 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow 6 \mathrm{H}_3 \mathrm{BO}_3+6 \mathrm{CaSO}_3\)
गर्म करने पर बोरिक अम्ल अपघटित होकर बोरिक एनहाइड्राइड देता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 20
बोरिक अम्ल का उपयोग इनैमल और पोटरी को चमकयुक्त बनाने में किया जाता है।

प्रश्न 7.
BCl3 एकलक के रूप में पाया जाता है जबकि BH3 द्विलक अर्थात् B2H6 बनाता है। क्यों ?
उत्तर:
BCl3 में पश्च आबन्ध (Back bonding) पायी जाती है अर्थात् एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म Cl के द्वारा B को दिया जाता है। जिस कारण बोरॉन की इलेक्ट्रॉन न्यूनता कम हो जाती है। जबकि BH3 में पश्च आबन्ध (Back bonding) नहीं पायी जाती है लेकिन यहाँ दो सेतुबन्ध (B-H-B) पाये जाते हैं। इसलिए यह द्विलक के रूप में पाया जाता है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित को रासायनिक समीकरणों द्वारा सिद्ध करें-
(i) Sn (II) एक अपचायक है जबकि pb (II) नहीं। क्यों ?
(ii) Ga (I) असमानुपातन अभिक्रियायें प्रदर्शित करता है, क्यों ?
उत्तर:
(i) Sn (II) एक अपचायक है जबकि Pb (II) नहीं क्योंकि Pb2+, Pb4+ से ज्यादा स्थायी होता है। ऐसा अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण होता है तथा Sn4+, Sn2+ से ज्यादा स्थायी होता है अत: Sn2+ एक अपचायक का कार्य करता है।
\(\mathrm{Sn}^{2+}+\mathrm{Pb}^{4+} \longrightarrow \mathrm{Sn}^{4+}+\mathrm{Pb}^{2+}\)
या \(\mathrm{SnCl}_2+\mathrm{PbCl}_4 \longrightarrow \mathrm{SnCl}_4+\mathrm{PbCl}_2\)

(ii) क्योंकि Ga+1 से ज्यादा स्थायी Ga3+ होता है।
\(3 \mathrm{Ga}^{+} \longrightarrow 2 \mathrm{Ga}+\mathrm{Ga}^{3+}\)

प्रश्न 9.
निम्न को +3 ऑक्सीकरण अवस्था के स्थायित्व के आधार पर बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें ?
BCl3, AlCl3, GaCl3, InCl3, TICl3
उत्तर:
TlCl3 < InCl3 < GaCl3 < AlCl3 < BCl3 ( अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण यह क्रम पाया जाता है।)

प्रश्न 10.
निम्न को पूर्ण करें।
(i) NaBH4 + I2
उत्तर:
2NaBH4 + I2→ 2Nal + B2H6 + H2 डाइ-बोरॉन

(ii) B2H6 + NaH→
उत्तर:
B2H6 + 2NaH→ 2Na BH4 सोडियम बोरो-हाइड्राइड

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 21

(iv) B2H6 + H2O→
उत्तर:
B2H6 + 6H2O→ 2B(OH)3 + 6H2 बोरिक अम्ल

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 22

(vi) Al + NaOH→
उत्तर:
Al + 3NaOH →Al(OH)3 + 3Na एल्युमीनियम हाइड्रॉक्साइड

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प्रश्न 11.
BF3 की जल से अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
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प्रश्न 12.
B2H6 की HCl से अभिक्रिया लिखें ।
उत्तर:
B2H6 + HCl → B2H5Cl + H2 क्लोरो डाइ-बोरॉन

प्रश्न 13.
कोबाल्ट (II) ऑक्साइड के बोरेक्स बीड परीक्षण की रासायनिक अभिक्रियाएँ लिखिए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व Img 25

प्रश्न 14.
क्या होगा जब एल्यूमिनियम नाइट्राइड गर्म जल से क्रिया करता है।
उत्तर:
अमोनिया गैस प्राप्त होती है।
\(\mathrm{AlN}+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow \mathrm{Al}(\mathrm{OH})_3+\mathrm{NH}_3\) वाष्प अमोनिया

प्रश्न 15.
कार्बन के गुणों को समझाइए।
उत्तर:
(1) कार्बन की परमाणु त्रिज्या 0.77 Å है।
(2) कार्बन की विद्युत-ऋणात्मकता 2.5 है।
(3) कार्बन अधातु तत्व है। इसकी प्रथम आयनन ऊर्जा 1086 किलो जूल प्रति मोल है।
(4) कार्बन का गलनांक 3727°C (4000 K) है। इसका क्वथनांक 5100 K है।
(5) कार्बन परमाणुओं में शृंखलित होने का गुण बहुत अधिक है, अतः ये परस्पर जुड़कर एकल (Single), द्विक् (Double) तथा त्रिक (Triple) बंध बना लेते हैं। कार्बन, नाइट्रोजन, सल्फर व ऑक्सीजन के साथ एक से अधिक बंध बनाता है।
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प्रश्न 16.
कार्बाइड किसे कहते हैं ? कार्बाइड कितने प्रकार के होते हैं ? उदाहरण सहित समझाइए। कार्बाइड के प्रमुख उपयोग लिखिए।
उत्तर:
कार्बाइड-कार्बन अपने से कम विद्युत-ऋणता वाले तत्वों से अभिक्रिया करके द्विअंगी यौगिक बनाता है। ये यौगिक कार्बाइड कहलाते हैं। जैसे-केल्सियम कार्बाइड (CaC2), सिलिकन-कार्बाइड (SiC), लीधियम कार्बाइड (Li2C2), एल्युमिनियम कार्बाइड (Al4C3) ।

कार्बाइडों के प्रकार-कार्बाइड चार प्रकार के होते हैं-
(i) आयनिक कार्बाइड-प्रथम, द्वितीय तथा तेरहवें वर्ग में (बोरॉन को छोड़कर) अन्य तत्वों के साथ कार्बन संयुक्त होकर आयनिक कार्बाइड बनाता है। उदाहरणार्थ- Li2C2, CaC2, Al4C3 आदि।

(ii) सहसंयोजी कार्बाइड-सिलिकन-कार्बाइड (SiC) तथा बोरॉन कार्बाइड (B4C3) सहसंयोजी कार्बाइड हैं। जैसे-टंगस्टन कार्बाइड (WC तथा W2C) ।

(iii) धात्विक कार्बाइड-चतुर्थ, पंचम, षष्ठम वर्ग की धातुओं के कार्बाइड धात्विक कार्बाइड कहलाते हैं। इनमें सहसंयोजी बंध होता है।

(iv) अन्तराली कार्बाइड- Fe3C, Cr3C, Mn3C आदि कार्बाइड अन्तराली कार्बाइड कहलाते हैं। इन धातुओं के जालकों में रिक्त स्थानों में कार्बन प्रवेश कर लेता है। इसीलिए ये अन्तराली कार्बाइड कहलाते है।

कार्बाइडों के उपयोग-

  • कैल्सियम कार्बाइड का उपयोग ऐसीटिलीन बनाने के लिए होता है।
  • सिलिकन कार्बाइड को कोरण्डम कहते हैं। इसकी कठोरता के कारण इसका उपयोग पीसने के पत्थर तथा धातुओं में धार बनाने के लिए होता है।
  • बोरॉन कार्बाइड का उपयोग हीरे को काटने, तरासने, रॉकेट में छेद बनाने, इलेक्ट्रॉन बनाने तथा लैम्प फिलामेण्ट बनाने में होता है।
  • ऐल्युमिनियम कार्बाइड से मेथेन प्राप्त की जाती है।

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प्रश्न 17.
CO2 तथा SiO2 की संरचना में अन्तर बताइये।
उत्तर:

CO2SiO2
1. यह एक रेखीय यौगिक है तथा एकलक के रूप में पाया जाता है। यह एक गैस है।1 . SiO2 कक्ष ताप पर ठोस अवस्था में पाया जाता है क्योंकि इसकी संरचना त्रिविमीय होती है जिसमें Si परमापु चार ऑक्सीजन परमाणु के साथ चतुष्फलकीय सह-संयोजक बंध बनाते हैं।
2. CO2 में कार्बन sp संकरण प्रदर्शित करता है।2. SiO2 में Si का संकरण sp3 होता है।

प्रश्न 18.
निम्न में से कौन अम्लीय ऑक्साइड है और क्यों ?
SiO2, Al2O3, PbO2, SnO2
उत्तर:
SiO2 अम्लीय ऑक्साइड है क्योंकि Si एक अधातु है।

प्रश्न 19.
निम्न को उनके क्वथनांकों के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें-
उत्तर:
CH4 < SiH4 < GeH4 < SnH4 समूह में नीचे जाने पर पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface area) बढ़ने के कारण वाण्डरवाल बल का आकर्षण बल बढ़ जाता है जिसके कारण क्वथनांक भी बढ़ जाता है।

प्रश्न 20.
कार्बन एलुमीनियम ऑक्साइड का अपचयन नहीं कर सकता, क्यों ?
उत्तर:
क्योंकि Al एक प्रबल अपचायक है। इसकी अपचायक प्रकृति कार्बन से अधिक होती है।

प्रश्न 21.
निम्न के लिए रासायनिक समीकरण लिखें-
(अ) CO2 बनाने की विधि।
(ब) Na2CO3 का क्षारीय गुण।
(स) एसीटिलीन बनाने की विधि।
उत्तर:
(अ) CaCO3 + 2HCl → CaCl2 + CO2 + H2O
(ब) Na2CO3 + 2H2O → 2 NaOH + H2CO3
(स) CaC2 + 2H2O → Ca(OH)2 + C2H2

प्रश्न 22.
क्या होता है जब-
(अ) CaO की क्रिया कोक के साथ करायी जाती है।
(ब) CO की क्रिया Cl2 के साथ होती है।
(स) पौधे CO2 का अवशोषण करते हैं।
उत्तर:
(अ) CaO + 3C → CaC2 + CO कैल्सियम कार्बाइड
(ब) CO + Cl2 → COCl2 (फॉस्जीन)
(स) 6CO2 + 6H2O→C6H12O6 + 6O2 ग्लकोज

प्रश्न 23.
सिलिकॉन कार्बाइड कैसे प्राप्त किया जाता है। इसके गुण समझाइये।
उत्तर:
सिलिकान कार्बाइड, SiC-सिलिकॉन कार्बाइड को सिलिका का कार्बन के द्वारा 2273 K पर विद्युत भट्टी में अपचयन करने पर प्राप्त किया जा सकता है।
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गर्म सिलिकॉन पर C2H2 की क्रिया द्वारा भी इसे प्राप्त किया जा सकता है।
\(2 \mathrm{Si}+\mathrm{C}_2 \mathrm{H}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{SiC}+\mathrm{H}_2 \uparrow\)
SiC के गुण-
(i) शुद्ध अवस्था में SiC रंगहीन होता है परन्तु व्यावसायिक रूप से काम में आने वाले SiC में अशुद्धियों के कारण पीला, हरा या नीला रंग आ जाता है।
(ii) यह लगभग हीरे जितना कठोर होता है। 2473 K तक इसका विघटन नहीं होता।
(iii) सामान्य अवस्था में प्रबल अम्लों एवं क्षारों से भी यह क्रिया नहीं करता। गलित NaOH के साथ ऑक्सीजन की उपस्थिति में इसका विघटन होता है।
\(\mathrm{SiC}+4 \mathrm{NaOH}+2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Na}_2 \mathrm{CO}_3+\mathrm{Na}_2 \mathrm{SiO}_3+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)

प्रश्न 24.
सिलिकेटों पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
ऐसे यौगिक जो कि सिलिकॉन व ऑक्सीजन के मध्य बन्ध बनने के कारण बनते हैं तथा जिसमें \(\mathrm{SiO}_4^{4-}\) संरचनात्मक इकाई होती है। सिलिकेट (silicates) कहलाते हैं। भू-पर्पटी का एक बहुत बड़ा भाग सिलिकेट खनिजों का बना होता है उदाहरण-क्वार्ट्ज, ऐस्बेस्टॉस, फेल्सपार, जिओलाइट आदि।
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HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

बहुविकल्पीय प्रश्न:

1. प्रयोगशाला में प्रथम कार्बनिक यौगिक का निर्माण करने वाले वैज्ञानिक हैं-
(1) कैकुले
(2) व्होलर
(3) लैवाशिए
(4) लीबिंग
उत्तर:
(2) व्होलर

2. सर्वप्रथम किस कार्बनिक यौगिक का संश्लेषण प्रयोगशाला में हुआ था-
(1) यूरिया
(2) एथेनॉल
(3) मेथेन
(4) एसीटिक एसिड
उत्तर:
(1) यूरिया

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

3. रासायनिक पदार्थों का सर्वप्रथम वर्गीकरण किसने किया-
(1) निकालेस लीमरी
(2) बर्जीलियस
(3) क्होलर
(4) फैराडे
उत्तर:
(1) निकालेस लीमरी

4. कार्बनिक यौगिकों में यह तत्त्व उपस्थित होना चाहिए-
(1) ऑक्सीजन
(2) कार्बन
(3) नाइट्रोजन
(4) हाइड्रोजन
उत्तर:
(2) कार्बन

5. कार्बनिक यौगिकों के सम्बन्ध में कौन-सा कथन असत्य है-
(1) सभी कार्बनिक यौगिक प्राकृति में पाये जाते हैं।
(2) कार्बनिक यौगिक सहसंयोजी होते हैं।
(3) C—C बंध अन्य तत्त्वों के परमाणुओं के मध्य बने एकल बन्धों से प्रबल होता है।
(4) कार्बन में शृंखलन का गुण सबसे अधिक होता है।
उत्तर:
(1) सभी कार्बनिक यौगिक प्राकृति में पाये जाते हैं।

6. 2-मेथिल-2-ब्यूटीन को व्यक्त किया जाता है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 1
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 2

7. निम्नलिखित यौगिक का सही I.U.P.A.C नाम चुनिए।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 3
(1) ब्यूटेन-2-ऐल्डिहाइड
(2) 3-मेथिल ब्यूटेनेल
(3) 2-मेथिल आइसो ब्यूटायरल्डिहाइड
(4) 2-मेथिल ब्यूटैनैल।
उत्तर:
(4) 2-मेथिल ब्यूटैनैल।

8. CH3OC2H5 ईथर का I.U.P.A.C नाम है-
(1) ऐथॉक्सी मेथेन
(2) मेथॉक्सी ऐथेन
(3) मेथिल ऐथिल ईथर
(4) ऐथिल मेथिल ईथर
उत्तर:
(2) मेथॉक्सी ऐथेन

9. (CH3)2CHCH2OH का I.U.P.A.C नाम है-
(1) द्वितीयक ब्यूटिल ऐल्कोहॉल
(2) प्राथमिक ब्यूटिल ऐल्कोहॉल
(3) 3-मेथिल ब्यूटेनॉल
(4) 3-मेथिल प्रोपेन-1-ऑल
उत्तर:
(4) 3-मेथिल प्रोपेन-1-ऑल

10. यौगिक HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 4 का I.U.P.A.C नाम है-
(1) 1, 1-डाई मेथिल-3-साइक्लोहैक्सेनॉल
(2) 1, 1 -डाई मेथिल-3-हाइड्रॉक्सी हैक्सेन
(3) 3, 3-डाई मेथिल-1-साइक्लोहैक्सेनॉल
(4) 3, 3-डाई मेथिल-1-हाइड्रॉक्सी साइक्लो-हैक्सेनॉल
उत्तर:
(3) 3, 3-डाई मेथिल-1-साइक्लोहैक्सेनॉल

11. CH3—CH = CH—C ≡ CH का I.U.P.A.C नाम है-
(1) पेण्ट-2-ईन-4आइन
(2) पेण्ट-3-ईन-1आइन
(3) 3-आइन-4ईन-पेण्टेन
(4) पेण्ट-4-ईन-2आइन
उत्तर:
(2) पेण्ट-3-ईन-1आइन

12. CH3—C(CH3) (OH) CH2—CH(CH3)CH3 का I.U.P.A.C नाम है-
(1) 2, 4-डाइ मेथिल पेन्टेनॉल-2-ऑल
(2) 2, 4-डाइ मेथिल पेण्टेन-4-ऑल
(3) 2, 2-डाइ मेथिल
(4) ब्यूटेनॉल-2-ऑन।
उत्तर:
(1) 2, 4-डाइ मेथिल पेन्टेनॉल-2-ऑल

13. निम्नलिखित यौगिक का I.U.P.A.C नाम है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 5
(1) 1, 2, 3-ट्राइ सायनोप्रोपेन
(2) 3-सायनोपेण्टेन-1, 5 डाइ नाइट्राइल
(3) 1, 2, 3-ट्राइ साइनोप्रोपेन
(4) प्रोपेन-1, 2, 3-ट्राइ कार्बोनाइट्राइल।
उत्तर:
(4) प्रोपेन-1, 2, 3-ट्राइ कार्बोनाइट्राइल।

14. (CH3)2.CH.CH2CH2Br का I.U.P.A.C नाम है-
(1) 1-ब्रोमो पेण्टेन
(2) 2-मेथिल-4-ब्रोमो पेण्टेन
(3) 1-ब्रोमो-3-मेथिल ब्यूटेन
(4) 2-मेथिल-3-ब्रोमो ब्यूटेन
उत्तर:
(3) 1-ब्रोमो-3-मेथिल ब्यूटेन

15. (CH3)3C—CH = CH2 का I.U.P.A.C नाम है-
(1) 3, 3,3-ट्राइमेथिल-1-प्रोपीन
(2) 1, 1, 1-ट्राइमेथिल-2-प्रोपीन
(3) 3, 3-डाइ-मेथिल-1-ब्यूटीन
(4) 2, 2-डाइ-मेथिल-3-ब्यूटीन
उत्तर:
(3) 3, 3-डाइ-मेथिल-1-ब्यूटीन

16. निम्न I.U.P.A.C नामों में कौन-सा सही है-
(1) 2-ऐथिल-3-मेथिल पेण्टेन
(2) 3-ऐथिल-2-मेथिल पेण्टेन
(3) 3-मेथिल-2-एथिल पेण्टेन
उत्तर:
(2) 3-ऐथिल-2-मेथिल पेण्टेन

17. यदि कार्बोनिल समूह की शेष दो संयोजकताएँ दो ऐल्किल समूहों द्वारा सन्तुष्ट होती हैं तो यौगिक है-
(1) ऐल्डिहाइड
(2) कीटोन
(3) अम्ल
(4) अम्ल ऐनहाइड्राइड
उत्तर:
(2) कीटोन

18. निम्न यौगिक का I.U.P.A.C नाम है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 6
(1) 3, 3, 3-ट्राइमेथिल-1-प्रोपेन
(2) 1, 1, 1-ट्राइमेथिल-2-प्रोपेन
(3) 3, 3-डाईमेथिल-1-ब्यूटेन
(4) 2, 2-डाईमेथिल-3-ब्यूटेन
उत्तर:
(3) 3, 3-डाईमेथिल-1-ब्यूटेन

19. कार्बन के अधिकतम यौगिक होने के कारण हैं-
(1) बहु संयोजकता
(2) मृंखलन का गुण
(3) रासायनिक बन्धुता
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(2) मृंखलन का गुण

20. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 7 का I.U.P.A.C नाम है-
(1) 2-ऐथिल-ब्यूटेनामाइड
(2) 2-मेथिल ब्यूटेनामाइड
(3) 1-ऐमीनो-2-मेथिल प्रोपेन
(4) 1-ऐमीनो-3-मेथिल प्रोपेन
उत्तर:
(2) 2-मेथिल ब्यूटेनामाइड

21. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 8 का I.U.P.A.C नाम है-
(1) एसीटल
(2) मेथेनैल
(3) एथेनैल
(4) ऐसिटल्डिहाइड
उत्तर:
(3) एथेनैल

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

22. यौगिक CH2 = CHCH2Cl का I.U.P.A.C नाम क्या है?
(1) एलिल क्लोराइड
(2) 1-क्लोरो प्रोप-3-ईन
(3) 3-क्लोरो प्रोपाइलीन
(4) 3-क्लोरो-1-प्रोपीन
उत्तर:
(4) 3-क्लोरो-1-प्रोपीन

23. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 9
(1) 2-हाइड्रॉक्सी-1, 3, 6-ट्राई ब्रोमोबेंजीन
(2) 1 -हाइड्रॉक्सी-2, 4, 6-ट्राई ब्रोमोबेंजीन
(3) 2, 4, 6-ट्राई ब्रोमोफीनॉल
(4) ट्राई ब्रोमोफीनॉल
उत्तर:
(3) 2, 4, 6-ट्राई ब्रोमोफीनॉल

24. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 10 का I.U.P.A.C नाम है-
(1) 1-क्लोरो-2-ऐथिल प्रोपेनॉन
(2) 1-क्लोरो-3-मेथिल ब्यूटेनॉन
(3) 2-मेथिल ब्यूटेनॉयल क्लोराइड
(4) 2, 3-डाइ मेथिल-प्रोपेनॉयल क्लोराइड
उत्तर:
(3) 2-मेथिल ब्यूटेनॉयल क्लोराइड

25. निम्नलिखित संरचना वाले यौगिक का I.U.P.A.C नाम है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 11
(1) 3-ऐमीनो-2-हाइड्रॉक्सी प्रोपियोनिक अम्ल
(2) 2-ऐमीनो-प्रोपेन-3-ऑल-1-ओइक अम्ल
(3) ऐमीनो हाइड्रॉक्सी प्रोपेनॉइक अम्ल
(4) 2-ऐमीनो-3-हाइड्रॉक्सी प्रोपेनॉइक अम्ल।
उत्तर:
(4) 2-ऐमीनो-3-हाइड्रॉक्सी प्रोपेनॉइक अम्ल।

26. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 12 का I.U.P.A.C का नाम है-
(1) 4-मेथिल-1-पेण्टेन डाइऑल
(2) 2-मेथिल-2, 3-पेण्टेन डाइऑल
(3) 2-मेथिल-1, 2-हैक्सेन डाइऑल
(4) आइसो-हैक्सेन-ग्लाइकॉल
उत्तर:
(2) 2-मेथिल-2, 3-पेण्टेन डाइऑल

27. C2H2—O—C2H5 तथा CH3—O—C3H7 प्रदर्शित करते हैं-
(1) चलावयवता
(2) मध्यावयवता
(3) शृंखला समावयवता
(4) प्रकाशिक समावयवता ।
उत्तर:
(2) मध्यावयवता

28. ऐल्केन प्रदर्शित करते हैं-
(1) मेसोमेरिज्म
(2) शृंखला समावयवता
(3) ज्यामितीय समावयवता
(4) स्थित समावयवता ।
उत्तर:
(2) शृंखला समावयवता

29. सूत्र C4H14N से कितने प्राथमिक ऐमीन संभव है-
(1) 1
(2) 2
(3) 3
(4) 4
उत्तर:
(4) 4

30. C6H14 के समावयवियों की संख्या है-
(1) 4
(2) 6
(3) 5
(2) 7
उत्तर:
(3) 5

31. मेथिल ब्यूटेन के मोनोक्लोरीनीकरण से प्राप्त हो सकने वाली सम्भावित प्रतिविम समावयवी युगलों की संख्या है—
(1) 2
(2) 3
(3) 4
(4) 1
उत्तर:
(1) 2

32. ब्यूटेन 2, 3-डाइ-ऑल के कितने प्रकाशीय सक्रिय त्रिविम समावयवी सम्भव है-
(1) 1
(2) 2
(3) 3
(4) 4
उत्तर:
(2) 2

33. यौगिक C2BrClFI के समावयवियों की कुल संख्या है-
(1) 3
(2) 4
(3) 5
(4) 6
उत्तर:
(4) 6

34. ऐसीटोन के ईनोल रूप में पाए जाते हैं-
(1) 9σ बंध, 1π बंध तथा 2 एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म
(2) 8σ बंध, 2π बंध तथा 2 एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म
(3) 10σ बंध, 1π बंध तथा 1 एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म
(4) 9σ बंध, 27 बंध तथा 1 एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म
उत्तर:
(1) 9σ बंध, 1π बंध तथा 2 एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म

35. क्रियात्मक समावयवी हैं—
(1) C2H5OH तथा CH3—O—CH3
(2) C2H5OH तथा CH3COOH
(3) CH3—O—CH3 तथा CH3CHO
(4) उपरोक्त सभी।
उत्तर:
(1) C2H5OH तथा CH3—O—CH3

36. डाइमेथिल ईथर और ऐथिल एल्कोहॉल है-
(1) श्रृंखला समावयवी
(2) स्थान समावयवी
(3) क्रियात्मक समावयवी
(4) मध्यावयवी ।
उत्तर:
(3) क्रियात्मक समावयवी

37. निम्नलिखित में से कौन सा युगल श्रृंखला समावयवता प्रदर्शित करता है-
(1) α- ब्यूटिलीन तथा β-ब्यूटिलीन
(2) β- ब्यूटिलीन तथा आइसो ब्यूटिलीन
(3) आइसो ब्यूटिलीन तथा साइक्लो ब्यूटेन
(4) साइक्लो ब्यूटेन तथा α- ब्यूटिलीन ।
उत्तर:
(2) β- ब्यूटिलीन तथा आइसो ब्यूटिलीन

38. निम्नलिखित में से कौन सा युगल स्थिति समावयवता का उदाहरण नहीं है ?
(1) n-पेण्टेन तथा आइसो पेण्टेन
( 2 ) n-प्रोपिल ऐल्कोहॉल तथा आइसो प्रोपिल ऐल्कोहॉल
(3) ऐथिलीन डाइ-क्लोराइड तथा ऐथिलिडीन डाइ-क्लोराइड
(4) o-क्लोरो टॉलुइन तथा p-क्लोरो टॉलुइन ।
उत्तर:
(1) n-पेण्टेन तथा आइसो पेण्टेन

39. निम्नलिखित में से कौन-से युगल के यौगिक शेष तीनों में भिन्न प्रकार की समावयवता दर्शाते हैं-
(1) मैथिल सायनाइड तथा मेथिल आइसो सायनाइड
(2) मैथिल नाइट्राइट तथा नाइट्रो मेथेन
(3) ऐथिल मेथेनोएट तथा मेथिल ऐथेनोएट
(4) 2- ब्यूटाइन तथा 1, 3- ब्यूटाडाइईन ।
उत्तर:
(3) ऐथिल मेथेनोएट तथा मेथिल ऐथेनोएट

40. निम्नलिखित में से कौन-से युगल के यौगिक स्थिति समावयवता और मध्यावयवता दोनों प्रदर्शित करते हैं ?
(1) डाइ – ऐथिलेमीन तथा आइसो प्रोपिल मेथिलेमीन
(2) प्रोपिल ऐथेनोएट तथा आइसो प्रोपिल ऐथेनोएट
(3) ऐथॉक्सी ऐथेन तथा 2-मेथॉक्सी प्रोपेन
(4) डाई – ऐथिल कीटोन तथा 2-मेथिल, n-प्रोपिल कीटोन |
उत्तर:
(4) डाई – ऐथिल कीटोन तथा 2-मेथिल, n-प्रोपिल कीटोन |

41. ऐथिल ऐथेनोएट का मध्यावयवी है—
(1) ऐथिल मेथेनोएट
(2) मैथिल प्रोपेनोएट
(3) मेथिल ब्यूटिरेट
(4) मेथिल ऐसीटेट |
उत्तर:
(2) मैथिल प्रोपेनोएट

42. डाइ-मेथिलेमीन और ऐथिलेमीन किस प्रकार के समावयवी हैं ?
(1) मध्यावयवी
(2) श्रृंखला
(3) स्थिति
(4) क्रियात्मक समूह |
उत्तर:
(4) क्रियात्मक समूह |

43. ऐलिल ऐल्कोहॉल तथा ऐसीटोन एक-दूसरे के कौन-से समावयवी हैं ?
(1) स्थिति
(2) क्रियात्मक समूह
(3) श्रृंखला
(4) मध्यावयवी ।
उत्तर:
(2) क्रियात्मक समूह

44. C4H8O2 से सम्भावित अम्ल प्रदर्शित कर सकते हैं-
(1) केवल श्रृंखला समावयवता
(2) केवल मध्यावयवता
(3) मध्यावयवता तथा श्रृंखला समावयवता
(4) केवल स्थिति समावयवता
उत्तर:
(1) केवल श्रृंखला समावयवता

45. C7H8O सूत्र वाले ऐरोमैटिक यौगिकों के समावयवियों की संख्या है
(1) 2
(2) 3
(3) 4
(4) 5
उत्तर:
(4) 5

46. C4H8O के कितने समावयवी होते हैं ?
(1) 3
(2) 4
(3) 5
(4) 6
उत्तर:
(2) 4

47. मध्यावयवता पायी जाती है-
(1) अम्ल में
(2) ऐल्कोहॉल में
(3) ईथर में
(4) ऐल्डिहाइड में।
उत्तर:
(2) ऐल्कोहॉल में

48. C6H14 के समावयवियों की संख्या है
(1) 4
(2) 5
(3) 6
(4) 7.
उत्तर:
(3) 6

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

49. निम्न में समावयवी युग्म है
(1) मेथिल मेथेन और ऐथेन
(2) डाइमेथिल मेथेन और प्रोपेन
(3) आइसो पेण्टेन तथा 2 2 – डाइ ऐथिल प्रोपेन
(4) ऐथिल एल्कोहॉल और डाइऐथिल ईथर ।
उत्तर:
(2) डाइमेथिल मेथेन और प्रोपेन

50. C7H7Cl कितने समावयवी प्रदर्शित करता है?
(1) 2
(2) 3
(3) 4
(4) 5.
उत्तर:
(3) 4

51. निम्न में से कौन-सा जोड़ा त्रिविम समावयवता को प्रदर्शित करता है ?
(1) संरचनात्मक समावयवता तथा ज्यामिति समावयवता
(2) बन्ध समावयवता तथा ज्यामिति समावयवता
(3) श्रृंखला समावयवता तथा घूर्णन समावयवता
(4) प्रकाशिक समावयवता तथा ज्यामिति समावयवता ।
उत्तर:
(3) श्रृंखला समावयवता तथा घूर्णन समावयवता

52. कार्बोधनायन हैं-
(1) sp संकरित
(2) sp3 संकरित
(3) sp2 संकरित
(4) sp3d संकरित
उत्तर:
(3) sp2 संकरित

53. निम्नलिखित में से कौन स्थायी कार्बेनायन है ?
(1) C6H5CH2
(2) p—NO2.C6H4CH2
(3)p—CH3—O—C6H4CH2
(4) p—CH3C6CH2
उत्तर:
(2) p—NO2.C6H4CH2

54. कौन-सा सबसे अधिक नाभिक स्नेही है ?
(1) —OCOCH3
(2) —OCH3
(3) Cl
(4) —CH3
उत्तर:
(2) —OCH3

55. निम्नलिखित में से किस श्रेणी में केवल नाभिक स्नेही हैं ?
(1) NH3, H2O, AlCl3
(2) NH3, ROH, H2O
(3) H2O, H3O+, SO3
(4) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(2) NH3, ROH, H2O

56. निम्नलिखित कार्बोनियम आयनों में सबसे अधिक स्थायी है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 13
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 14

57. इनमें से सबसे अधिक स्थायी कार्बेनायन है-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 15
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 16

58. इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिकर्मक है-
(1) कार्बेनियम आयन
(2) क्लोराइड आयन
(3) ऐल्कोहॉल
(4) फेरिक क्लोराइड ।
उत्तर:
(4) फेरिक क्लोराइड ।

59. कार्बेनायनों के स्थायित्व का क्रम है-
(1) मैथिल > ऐथिल > आइसोप्रोपिल > टर्शियरी ब्यूटिल
(2) टर्शियरी ब्यूटिल > आइसो प्रोपिल > ऐथिल > मैथिल
(3) ऐथिल > मेथिल > आइसोप्रोपिल > टर्शियरी ब्यूटिल
(4) आइसो प्रोपिल > ऐथिल > मैथिल > टर्शियरी ब्यूटिल ।
उत्तर:
(1) मैथिल > ऐथिल > आइसोप्रोपिल > टर्शियरी ब्यूटिल

60. सर्वाधिक स्थायी कार्बोनियम आयन हैं-
(1) मेथिल कार्बोनियम आयन
(2) प्राथमिक कार्बोनियम आयन
(3) द्वितीयक कार्बोनियम आयन
(4) तृतीयक कार्बोनियम आयन ।
उत्तर:
(4) तृतीयक कार्बोनियम आयन ।

61. सह संयोजक बंध का होमोलिटिक विखण्डन देता है-
(1) कार्बोनियम आयन
(2) कार्बेनायन
(3) मुक्त मूलक
(4) एक धनायन तथा एक ऋणायन।
उत्तर:
(3) मुक्त मूलक

62. निम्नलिखित में से कौन इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिकर्मक है-
(1) RO
(2) BF3
(3) NH3
(4) R—O—H
उत्तर:
(2) BF3

63. इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिकर्मक होते हैं-
(1) इलेक्ट्रॉन युग्म दाता
(2) लुईस अम्ल
(3) विषम इलेक्ट्रॉन युग्म
(4) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(2) लुईस अम्ल

64. अभिक्रिया C2H5Cl+KOH(aq) → C2H5OH + KCl हैं-
(1) इलेक्ट्रॉन स्नेही योगात्मक
(2) नाभिक स्नेही योगात्मक
(3) इलेक्ट्रॉन स्नेही प्रतिस्थापन
(4) नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन ।
उत्तर:
(4) नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन ।

65. इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिकर्मक है-
(1) BF3
(2) NH3
(3) H2O
(4)R—OH.
उत्तर:
(1) BF3

66. नाभिक स्नेही अभिकर्मक हैं-
(1) R3N
(2) SO3
(3) BF3
(4) NO2
उत्तर:
(1) R3N

67. निम्नलिखित में से कौन-सा मुक्त मूलक का लक्षण नहीं है ?
(1) अयुग्मित इलेक्ट्रॉन युग्म की उपस्थिति
(2) विद्युत उदासीनता
(3) सम विदलन से बनना
(4) प्रतिचुम्बकीय गुण |
उत्तर:
(4) प्रतिचुम्बकीय गुण |

68. निम्न में से कौन-सा कार्बन परमाणु सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है ?
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 17
(1) I
(2) II
(3) III
(4) सभी समान विद्युत ऋणात्मक हैं।
उत्तर:
(1) I

69. इलेक्ट्रॉन स्नेही योगात्मक अभिक्रिया करने वाले यौगिक हैं-
(1) ऐल्कीन
(2) कीटोन
(3) बेंजीन
(4) ऐल्केन ।
उत्तर:
(1) ऐल्कीन

70. एक सजातीय श्रेणी में-
(1) आण्विक सूत्र समान होते हैं
(2) संरचनात्मक सूत्र समान होते हैं
(3) भौतिक गुण समान होते हैं
(4) सामान्य सूत्र समान होते हैं।
उत्तर:
(4) सामान्य सूत्र समान होते हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

71. पुनर्विन्यास अभिक्रिया के कारण कोई यौगिक बदल जाता है-
(1) उच्च सजात में
(2) निम्न सजात में
(3) समावयवी में
(4) अनिश्चित ।
उत्तर:
(3) समावयवी में

72. दुर्बलतम लूईस क्षारक है-
(1) H+
(2) OH
(3) Cl
(4) HCO3
उत्तर:
(1) H+

73. बेन्जीन में समान कार्बन कार्बन बन्धों की बन्धन श्रेणी है-
(1) 1
(2) 2
(3) 1 तथा 2 के मध्य
(4) क्रमागत 1 तथा 2.
उत्तर:
(3) 1 तथा 2 के मध्य

74. NH3 अणु है-
(1) इलेक्ट्रोफाइल
(2) लूईस अम्ल
(3) लूइस क्षार
(4) होमोलिटिक अभिकर्मक |
उत्तर:
(3) लूइस क्षार

75. निम्न में से कौन-सा अम्ल उत्प्रेरित ऐल्कोहॉल के निर्जलन में सम्भावित मध्यवर्ती है?
(1) मुक्त मूलक
(2) कार्बेनायन
(3) कार्बोनियम आयन
(4) ऐल्कॉक्साइड आयन।
उत्तर:
(3) कार्बोनियम आयन

76. परिशोधित स्पिरिट से परिशुद्ध ऐल्कोहॉल निम्न में से किस विधि से प्राप्त किया जाता है-
(1) प्रभाजी आसवन
(2) भाप आसवन
(3) स्थिर क्वाथी
(4) निर्वात् आसवन।
उत्तर:
(3) स्थिर क्वाथी

77. दो कार्बनिक ठोस जिनकी विलेयता भिन्न है, इस विधि द्वारा पृथक् किये जाते हैं-
(1) प्रभाजी क्रिस्टलन
(2) ऊध्र्वपातन
(3) साधारण क्रिस्टलन
(4) विलायकों द्वारा निष्कर्षण।
उत्तर:
(1) प्रभाजी क्रिस्टलन

78. किसी कार्बनिक ठोस की शुद्धता का लक्षण है-
(1) गलनांक
(2) क्वथनांक
(3) विशिष्ट घनत्व
(4) क्रिस्टलीय संरचना।
उत्तर:
(1) गलनांक

79. नैफ्थलीन और बेन्जोइक ऐसिड का पृथक्करण इस विधि से करं। हैं-
(1) ऊर्ध्वपातन
(2) विलायक द्वारा निष्कर्षण
(3) प्रभावी क्रिस्टलन
(4) रासायनिक विधि।
उत्तर:
(4) रासायनिक विधि।

80. ऐनिलीन का उच्च क्वथनांक, उच्च वाष्प दाब 100°C पर है और जल में नहीं घुलती है। अतः ऐनिलीन अलग होती है-
(1) साधारण आसवन से
(2) भाप आसवन से
(3) निर्वात् आसवन से
(4) ऐल्कली विवेचन से।
उत्तर:
(2) भाप आसवन से

81. समुद्री जल के एक प्रतिदर्श में उपस्थित लवणों से जल को पृथक करने के लिए किस विधि का उपयोग करेंगे?
(1) फिल्टरेशन
(2) आसवन
(3) क्रिस्टलन
(4) प्रभावी आसवन।
उत्तर:
(4) प्रभावी आसवन।

82. बेंजीन और टॉलूर्हन के क्वथनांक क्रमशः 80°C और 110°C हैं। बेंजीन और टॉलूईन के मिश्रण से उनका पृषक्करण कराने में कौन-सी विधि अधिक उपयुक्त रहेगी
(1) आसवन
(2) निर्वात् आसवन
(3) भाप आसवन
(4) प्रभाजी आसवन।
उत्तर:
(2) निर्वात् आसवन

83. पुर्म्मों और पौधों से सुगन्धित तेलों का निष्कर्षण निम्न में से किस विधि द्वारा किया जाता है-
(1) प्रभाजी आसवन
(2) भाप आसबन
(3) निर्वात् आसवन
(4) वर्णलेखन।
उत्तर:
(3) निर्वात् आसवन

84. गिलसरीन अपने क्वथनांक पर अपघटित हो जाती है। गिलसरीन के शोधन के लिए निम्न में से कौन-सी विधि ठीक हैं?
(1) प्रभाजी आसवन
(2) भाप आसवन
(3) साधारण आसवन
(4) निर्वात् आसवन।
उत्तर:
(2) भाप आसवन

85. दो पदार्थं को पृथक् करने की प्रभावी क्रिस्टलन विधि इसके अन्तर पर निर्भर करती है-
(1) घनत्व
(2) वाध्यशीलता
(3) विलेयता
(4) क्रिस्टलीय आकार।
उत्तर:
(1) घनत्व

86. एक बोतल है जिसमें दों अमिश्रणीय द्रव है। इनको इससे पृथक् किया जा सकता है-
(1) प्रभाजक स्तम्भ
(2) साधारण आसवन
(3) प्रभाजक आसबन
(4) भाप आसवन।
उत्तर:
(3) प्रभाजक आसबन

87. ऐनिलीन को साधारणतया इस विधि से शुद्ध किया जाता है-
(1) भाप आसबन
(2) साधारण आसवन
(3) कम दाब पर आसवन
(4) छर्ध्वपातन।
उत्तर:
(1) भाप आसबन

88. निम्न में से किस मिश्रण को प्रभाजी आसवन द्वारा उसके घटकों में अलग किया जा सकता है ?
(1) बेंजीन-टॉलूईन
(2) जल-एंथिल ऐल्कोहॉल
(3) जल-नाद्रिक अम्ल
(4) जल-हाइड्रोक्लोरिक अम्ल।
उत्तर:
(1) बेंजीन-टॉलूईन

89. कार्बनिक यौगिकों की शुद्धता के बहुत-से सक्षण है। निम्न में से कौन-सा सर्वोत्तम माना जाता है ?
(1) गलनांक
(2) मिश्रित गलनांक
(3) सूक्षदर्शी द्वारा निरीक्षण
(4) रंग।
उत्तर:
(1) गलनांक

90. शक्करों को पृथक् करने की सर्वोत्तम विधि है-
(1) प्रभाजी क्रिस्टलन
(2) ऊर्ध्वपातन
(3) क्रोमिटोग्राफी
(4) बेनेडिक्र अभिकर्मक।
उत्तर:
(3) क्रोमिटोग्राफी

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

91. कुछ पदार्थ शुद्ध अवस्था में रंगहीन होते हैं। हल्की-सी अशुद्धि के कारण ये रंगीन हो जाते हैं। इन पदार्थों में से रंग की अशुद्धियों को दूर करने के लिए सक्रियल चारकोल (activated charcoal) का प्रयोग किया जाता है। क्रियाशील चारकोल की क्रिया इस प्रकार होती है-
(1) विरंजन
(2) ऑक्सीकरण
(3) अपचयन
(4) अधिशोषण।
उत्तर:
(2) ऑक्सीकरण

92. किसी कार्बनिक यौगिक का मिश्रित गलनांक किसलिए निर्धारित किया जाता है ?
(1) यौगिक की शुद्धता ज्ञात करने के लिए
(2) यौगिक की शुद्धता शीघ्रता से ज्ञात करने के लिए
(3) यौगिक का गलनांक सुस्पष्ट करने के लिए
(4) यौगिक को केशिका नली में आसानी से भरने के लिए।
उत्तर:
(4) यौगिक को केशिका नली में आसानी से भरने के लिए।

93. दो अविलेय द्रवों को उनके मिश्रण से पृथक करने की सबसे उपयुक्त विधि है-
(1) भाप आसवन
(2) निर्वात् आसवन
(3) पृथक्कारी
(4) वर्णलेखन।
उत्तर:
(1) भाप आसवन

94. नैफ्थेलीन व बैन्जोइक अम्ल को इनके मिश्रण में से पृथक करने की सबसे उपयुक्त विधि है-
(1) क्रिस्टलन
(2) आसवन
(3) वर्णलेखन
(4) ऊर्ध्वपातन।
उत्तर:
(3) वर्णलेखन

95. ऐनिलीन का शोधन इस विधि द्वारा किया जाता है-
(1) वाष्प आसवन
(2) साधारण आसवन
(3) कम दाब पर आसवन
(4) क्रिस्टलीय आकार।
उत्तर:
(3) कम दाब पर आसवन

96. निम्न का शोधन ऊर्ध्वपातन विधि द्वारा करते हैं-
(1) बैन्जोइक
(2) नाइट्रोबेन्जीन
(3) ईथर
(4) नैफ्थलीन।
उत्तर:
(1) बैन्जोइक

97. नाइट्रोजन युक्त कार्बनिक यौगिक को सोडियम धातु के साथ संगलित करने पर बना सोडियम लवण है-
(1) NaNO3
(2) NaCN
(3) NaCNO
(4) NaCN3
उत्तर:
(4) NaCN3

98. कार्बनिक यौगिक में नाइट्रोजन के आंकलन की ड्यूमा विधि में अन्तिम एकत्रित होने वाली गैस है-
(1) N2
(2) NO1
(3) NH3
(4) NO2
उत्तर:
(2) NO1

99. कागज वर्ण लेखन में-
(1) स्थिर प्रावस्था ठोस, गतिमान प्रावस्था द्रव है
(2) स्थिर प्रावस्था द्रव व गतिमान प्रावस्था ठोस
(3) दोनों प्रावस्थाएँ ठोस
(4) दोनों प्रावस्थाएँ द्रव।
उत्तर:
(1) स्थिर प्रावस्था ठोस, गतिमान प्रावस्था द्रव है

100. एक यौगिक के 60 g के विश्ले पा पर उसमें 24 g C, 4 g H, तथा 32 g O पाए गए। इसका सरलतम सूत्र है-
(1) C2H4O2
(2) CH2O
(3) C2H2O
(4) CH2O2
उत्तर:
(1) C2H4O2

101. एक कार्बनिक द्रव का आसवन होता है-
(1) उसके क्वथनांक पर
(2) उसके गलनांक पर
(3) उसके क्वथनांक से कम ताप पर
(4) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(2) उसके गलनांक पर

102. दो पदार्थों को पृथक करने की प्रभाजी क्रिस्टलन विधि किसके अन्तर पर निर्भर करती है-
(1) घनत्व
(2) वाष्पशीलता
(3) विलेयता
(4) क्रिस्टलीय आकार।
उत्तर:
(1) घनत्व

103. ऐनिलीन का शोधन किया जाता है-
(1) आसवन द्वारा
(2) भाप आसवन द्वारा
(3) निर्वात् आसवन द्वारा
(4) प्रभाजी आसवन द्वारा।
उत्तर:
(1) आसवन द्वारा

104. नैफ्थेलीन का शोधन किया जाता है-
(1) आसवन द्वारा
(2) ऊर्ध्वपातन द्वारा
(3) भाप आसवन द्वारा
(4) निर्वात् आसवन द्वारा।
उत्तर:
(2) ऊर्ध्वपातन द्वारा

105. ग्लिसरॉल का शोधन किया जाता है-
(1) आसवन द्वारा
(2) भाप आसवन द्वारा
(3) निर्वात् आसवन द्वारा
(4) प्रभाजी आसवन द्वारा।
उत्तर:
(2) भाप आसवन द्वारा

106. कागज वर्णलेखिकी में-
(1) स्थिर प्रावस्था ठोस तथा गतिमान प्रावस्था द्रव है
(2) स्थिर प्रावस्था द्रव तथा गतिमान प्रावस्था ठोस है
(3) दोनों प्रावस्थाएँ द्रव हैं
(4) दोनों प्रावस्थाएँ ठोस हैं।
उत्तर:
(3) दोनों प्रावस्थाएँ द्रव हैं

107. 110° तथा 80° क्वथनांक वाले दो द्रवों के मिश्रण के पृथक्करण की उपयुक्त विधि है-
(1) कम दाब पर आसवन
(2) प्रभाजी आसवन
(3) भापीय आसवन
(4) सरल आसवन।
उत्तर:
(3) भापीय आसवन

अति लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
कार्बनिक यौगिकों के प्राकृतिक स्रोत क्या है ?
उत्तर:
जीवधारी ।

प्रश्न 2.
कार्बन में श्रृंखलन का प्रबल गुण क्यों पाया जाता है?
उत्तर:
क्योंकि C—C बन्ध ऊर्जा अत्यधिक होती है।

प्रश्न 3.
जैवशक्ति सिद्धान्त किसने दिया था ?
उत्तर:
बर्जीलियस ने।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 4.
क्या होता है जब अमोनियम सायनेट गर्म किया जाता है ?
उत्तर:
यूरिया बनता है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 18

प्रश्न 5.
सर्वप्रथम किसने रासायनिक पदार्थों का वर्गीकरण किया था ?
उत्तर:
निकोलस लीमरी ।

प्रश्न 6.
जिलेटिन एवं सूक्रोज के मुख्य स्रोत क्या हैं ?
उत्तर:
जिलेटिन – जन्तु जगत से ।
सूक्रोज – वनस्पति जगत से ।

प्रश्न 7.
कार्बनिक पदार्थों में किस तत्व की उपस्थिति अनिवार्य
उत्तर:
कार्बन की ।

प्रश्न 8.
पोटैशियम सायनेट से यूरिया कैसे प्राप्त करेंगे ? केवल रासायनिक समीकरण दें।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 19

प्रश्न 9.
निम्नलिखित यौगिकों के बन्ध रेखाचित्रण दीजिए।
(i) 2-मेथिल पेण्टेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 20
(ii) प्रोपेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 21
(iii) 2,3-डाइमेथिल ब्यूटेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 22
(iv) 3-मेथिल पेण्टेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 23
(v) 2, 2-डाइ मेथिल प्रोपेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 24

प्रश्न 10.
निम्नलिखित बंध रेखा चित्रण के कार्बन यौगिकों के
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 25

प्रश्न 11.
द्वितीयक तथा तृतीयक ब्यूटिल ऐल्कोहॉल का सूत्र लिखें तथा इसका I. U.P.A.C पद्धति में नाम बताइए ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 26

प्रश्न 12.
आइसो पेन्टेन तथा निओ पेन्टेन का सूत्र तथा I.U.P.A.C. पद्धति में नाम लिखें-
उत्तर:
आइसो पेण्टेन
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 27

प्रश्न 13.
निम्नलिखित यौगिकों के I.U.P.A.C. पद्धति में नाम लिखो।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 28
उत्तर:
4-क्लोरो पेण्टेन-2-आइन

(ii) CH3CHO
उत्तर:
ऐथेनैल

(iii) (CH3)2 CH—O—CH3
उत्तर:
2 – मेथॉक्सी प्रोपेन या
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 29

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 30
उत्तर- ब्यूट- 3-ईन-2-ओन

प्रश्न 14.
निम्न के I. U.P.A. C. नाम लिखें।
(i) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 31
उत्तर:
3-3 – डाइमेथिल पेण्टेन 1 ईन 4- आइन

(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 32
उत्तर:
मेथिल प्रोपेनोएट

(iii) CH3—NH—CH3
उत्तर:
N – मेथिल मेथेनेमाइन

(iv) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 33
उत्तर:
3-ऐमीनो पेण्टेन-2-ऑल

(v) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 34
उत्तर:
4-क्लोरो-3-आइडो-2-मेथिल पेण्टेनॉइल क्लोराइड

(vi) CH3CH2NH2
उत्तर:
ऐथेनैमाइन

(vii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 35
उत्तर:
4-हाइड्रॉक्सी-4-मेथिल पेण्टेन-2-ऑन

प्रश्न 15.
(अ) ऐथिल ऐसीटेट तथा ऐथिल सायनाइड के I.U.P.A.C नाम लिखिए ।
(ब) डाइऐथिलेमीन का I.U.P.A.C नाम लिखें।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 36

प्रश्न 16.
निम्नलिखित संरचना सूत्र वाले यौगिकों का I.U.P.A.C पद्धति में नाम लिखिए।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 37
उत्तर:
2,2-डाइमेथिल

(2) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 202
उत्तर:
2-क्लोरो-3-ऐथिल-4-मोथिल हेक्सेन

(3) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 38
उत्तर:
3-मेथिल हेक्सेन

(4) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 39
उत्तर:
3-ब्रोमो-5-ऐथिल हेप्टेन

(5) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 40
उत्तर:
2, 3 डाइमेथिल पेण्टेन

प्रश्न 17.
निम्नलिखित यौगिकों के I. U. P.A. C नाम लिखिए-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 41
उत्तर:
2, 3, 5 ट्राइमेथिल हेक्सेन

2. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 42
उत्तर:
4-आइडो-3-मेथिल पेण्टेन-2-ऑल
3. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 43
उत्तर:
1-ब्रोमो-1-क्लोरो-1-आयोडो मेथेन
4. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 45
उत्तर:
4,5,5-ट्राइमेथिल-2-हेक्सेमीन
5. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 46
उत्तर:
3-ब्रोमो-2-क्लोरो-4-आयोडो हेक्सेन

6. CH3—CH = CH—CH3
उत्तर:
2-ब्यूटीन या ब्यूट-2-ईन

7. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 47
उत्तर:
2-मेथिल प्रोप-1-ईन

8. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 48
उत्तर:
3-क्लोरो-3-मेथिल पेण्ट-1-ईन

9. CH2 = CH—CH ≡ CH
उत्तर:
ब्यूट-1-ईन-3-आइन

10. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 49
उत्तर:
3,3-डाइमेथिल पेन्ट-1-ईन-4-आइन

11. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 50
उत्तर:
3-नाइट्रो-2-मेथिल ब्यूटीन-1 या 3-नाइट्रो-2-मेथिल ब्यूट-1-ईन

12. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 51
उत्तर:
प्रोपेनॉल

13. HO—CH2–CH=CH2
उत्तर:
प्रोप-2 ईन-1-ऑल

14. CH3–CH=CH–CH2OH
उत्तर:
ब्यूट-2 ईन-1-ऑल

15. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 52
उत्तर:
3-मेथिल ब्यूटेन-1-ऑल

16. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 53
उत्तर:
2,3-डाइमेथिल ब्यूटेन-1-ऑल

17. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 54
उत्तर:
2-मेथिल ब्यूटेन-2-ऑल

18. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 55
उत्तर:
1-ब्रोमो-3-मेथिल ब्यूटेन-2-ऑल

19. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 56
उत्तर:
3-मेथिल पेण्ट-1-आइन

20. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 57
उत्तर:
हेक्स-2, 4-डाईआइन

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

21. CH3—CH = CH—CH = CH—CH3
उत्तर:
हेक्स-2, 4-डाइईन

22. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 58
उत्तर:
3-नाइट्रो प्रोप-1-ईन

23. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 59
उत्तर:
2, 3-हाइव्रोमो-1-क्लोरो-4-नाइट्रो ब्यूट-2-ई

24. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 60
उत्तर:
3-सेषिल पेण्टेन-2-ऑल

25. HOCH2—CH2OH
उत्तर:
एथेन-1, 2-डाइ ऑल

26. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 61
उत्तर:
2-मेघिल प्रोपेन-2-ऑल

27. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 62
उत्तर:
3-ब्रोमो ख्यूटेन-2-औल

28. CH3CHO
उत्तर:
एथेनेल

29. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 63
उत्तर:
2-मेधिल ब्यूटेनैल

30. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 64
उत्तर:
2-ब्रोमो-3-मेशिल ब्यूटैनैल

31. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 65
उत्तर:
3, 3-डाइमेथिल ब्यूटेनैल

32. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 66
उत्तर:
ब्यूट-2-ईनल

33. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 67
उत्तर:
प्रोपेन-1, 3-डाइअल

34. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 68
उत्तर:
3-हाइड्रॉक्सी-2-मेथिल प्रोपेनैल

35. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 69
उत्तर:
4-मेथिल पेण्टेन-2-ओन

36. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 70
उत्तर:
5-ब्रोमो-6-आयोडो-7-मेथिल ऑक्टेन-2-ओन

37. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 71
उत्तर:
3-हाइड्रॉक्सी-4-मेथिल पेण्टेन-2-ओन

38. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 72
उत्तर:
4-मेथिल पेण्टेन-2-ऑन

39. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 73
उत्तर:
3-(1-क्लोरो एथिल)-4-मेथिल-4-क्लोरो-2-पेण्टेनोन

40. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 74
उत्तर:
3-मेथिल-ब्यूटेनोइक अम्ल

41. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 75
उत्तर:
4-ब्रोमो-2-मेथिल ब्यूटेनोइक अम्ल

42. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 76
उत्तर:
3-हाइड्रॉक्सी ब्यूटेनोइक अम्ल

43. HCOC.CH2.CH2COOH
उत्तर:
ब्यटटे-1, 4-हाइअध्रक अम्ल

44. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 77
उत्तर:
3-खौफ्तो-फेट्टेनाइक अम्ल

45. CH3—NH—CH3
उत्तर:
N-मेथिल मेथेनेमीन

46. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 78
उत्तर:
N, N-डाईमेथिल मेथेनेमीन

47. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 79
उत्तर:
N-मेधिक्त पेष्ट्रन-2-ऐमीने

48. CH3—CH2—CH2—CH2—CH2—CH2—CH2—Br
उत्तर:
1-क्रोमोहेप्टेन

49. HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 80
उत्तर:
5-क्रोमो हेप्टेनेझक अन्त

50. CH3CH2COCl
अत्तर:
प्रोमनःल क्लोपाइड

51. CH3CH2CN
अत्तर:
प्रोजेन नाद्टाइल

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

52. CH3CH2CONH2
उत्तर:
पोपेनेमाइड

53. CH3CH2CONHBr
उत्तर:
N-ब्रोमो प्रोपेनेमाइड

प्रश्न 18.
निम्नलिखित खौगिको के संधना सुत्र लिखिए-
(1) 4-मेबिल घैन्टीन-2
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 81
(2) 3,3,5-द्टेत्टेयिल भंक्टेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 82

(3) 3-ब्रोमो-2-क्नोरो-4-आचोड़ोहेक्सेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 83

(4) 1,3-ख्यूटाड़ाइ
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 84

(5) 3-एधिल-1, 4-हेक्साडाइ़न
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 85

(6) 2- मेधिन ब्यूटेनोइक अम्ल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 86

(7) ब्यूटेनोन
उत्तर:
CH3COCH2CH3

(8) प्रोपेन नाइट्राइल
उत्तर:
—CH3—CH2—CN

(9) 2, 2-डाइमेथिल पेण्टेन-1-अल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 87

(10) 4-मेथिल पेण्टेन-1-ऑल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 88

(11) 5-क्लोरो-3-छाइड्रॉक्सी केवसेनैल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 89

(12) 2, 3-डाइमेथिल ब्यूटेन 2-ऑल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 90

(13) 2-मेच्यिल पेण्टेन-1-अॉल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 91

(14) 2-मेघिल पेन्टेनॉल-1
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 92

(15) 1-क्लोरो-2-पेण्टेनोन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 93

(16) ब्यूटेन-2, 3-डाइऑल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 94

(17) 3-मेथिल हेक्सीन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 95

(18) 1-क्लोरो-1-पेण्टीन-4-आइन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 96

(19) 2-ब्रोमो प्रोपेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 97

(20) 4, 4-डाइऐथिल-2-ऐमीनो हेक्सेन
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 98

(21) 2, 2-डाइमेथिल पेण्टेनैल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 99

(22) 3-आयोडो ब्यूटेनोइक अम्ल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 100

(23) 2, 4-डाइऐथिल हेक्सेनॉइक अम्ल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 101

(24) 2, 4-डाइमेथिल पेण्टेन नाइट्राइल
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 102

(25) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 103
उत्तर:
3-सायनो ब्यूटेनॉइक अम्ल

प्रश्न 19.
निम्न के IUPAC नाम लिखें।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 104
5-क्लोरो-4-आयोडो-3-मेथिल पेण्टेनॉयल क्लोराइड
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 105

प्रश्न 20.
निम्नलिखित आबन्ध रेखा सूत्रों के IUPAC नाम लिखें

(1) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 106
उत्तर:
3-मेधिल-1-सादक्लो हैक्साइन

(2) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 107
उत्तर:
3,4-दाइ प्रौषिल-1, 3, 5 हेष ट्राइईन

(3) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 108
उत्तर:
शियल-2-क्लोरो प्रोपेनोएट

(4) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 109
उत्तर:
3.ऐधिल-1,1-द्धाइमेयिल साइक्लो हैवसेन

(5) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 110
उत्तर:
1-मेथिल-3-प्रोपिल साइक्लोहेक्सेन

(6) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 111
उत्तर:
2, 3-द्वाइ्रोमो-1-फेनिल पेच्टेन

(7) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 112
उत्तर:
व्यूटनल

(8) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 113
उत्तर:
3-बोमो-3-क्लोरो हेप्टेन

(9) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 114
उत्तर:
3-मेधिल घेण्टेन-1-नाइट्राइल

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

(10) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 115
उत्तर:
3-प्रीपिल हैस-1-अइन

(11) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 116
उत्तर:
पेण्टेन-2,3-डाइऑल

(12) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 117
उत्तर:
पेण्ट-3-ईन-1-ऐल

(13) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 118
उत्तर:
ऑक्ट-1-ईन-3-आइन

(14) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 119
उत्तर:
2-ऐथिल-4-मेथिलंहेप्ट- 5 ईन-2-ओन

(15) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 120
उत्तर:
3-ऐथिल पेण्ट- 1, 3-डाइईन

(16) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 121
उत्तर:
3-नाइट्रोसाइक्लो हेक्स-1-ईन

(17) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 122
उत्तर:
हेप्ट-2-आइन

(18) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 123
उत्तर:
पेण्ट-2-ईन-2-ऑल

प्रश्न 21.
निम्न के IUPAC नाम लिखें।
(1) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 124
उत्तर:
1-क्लोरो-2-मेथिल साइक्लोहेक्सेन

(2) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 125
उत्तर:
3,7-डाइमेथिल ऑक्ट-2,6- डाइईन-1-एल

(3) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 126
उत्तर:
5,6-डाइऐथिल-3-मेथिल डेक-4-ईन

(4) (CH3)3 C—CH = CH—CH2OH
उत्तर:
4, 4-डाइमेथिल पेन्ट-2 ईन-1-ऑल

(5) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 127
उत्तर:
2, 3-डाइहाइड्रॉक्सी ब्यूटेन-1, 4-डाइ ओइक अम्ल

(6) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 128
उत्तर:
3-ब्रोमो-3-क्लोरो-2 मेथिल ब्यूटेनोइक अम्ल

(7) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 129
उत्तर:
2-क्लोरो प्रोपेनोइक अम्ल

(8) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 130
उत्तर:
4-फॉर्मिल 2-मेथिल हेक्स-3-ईनोइक अम्ल

(9) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 131
उत्तर:
2, 3 एपॉक्सी प्रोपेन-1-ऑल

प्रश्न 22.
कोई एक रासायनिक अभिक्रिया बताइए, जिसमें क्रिया के दौरान मुक्त मूलक बनते हैं।
उत्तर:
मुक्त मूलकों का बनना
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 132

प्रश्न 23.
निम्नलिखित में नाभिक स्नेही केन्द्र बताइए-
(अ) मेथिल क्लोराइड
(ब) ऐसीटोन
(स) मेथिल सायनाइड ।
उत्तर:
(अ) मेथिल क्लोराइड CH3Cl में नाभिक स्नेही (Cl) क्लोराइड आयन है।
(ब) ऐसीटोन—CH3—O—CH3 में नाभिक स्नेही केन्द्र (OCH3) मैथॉक्साइड आयन है।
(स) मेथिल सायनाइड – CH3CN में नाभिक स्नेही केन्द्र (CN) सायनाइड आयन है।

प्रश्न 24.
कार्बऐनायन में ऋणावेशित कार्बन की संकरण अवस्था कौन-सी है ?
उत्तर:
कार्बऐनायन में ऋणावेशित कार्बन sp3 संकरित होता है।

प्रश्न 25.
विषमांशी विखण्डन में कौन-सी स्पीशीज बनती है?
उत्तर:
आयन बनते हैं।

प्रश्न 26.
हेटेरोलिटिक विखण्डन में कितने प्रकार के आयन बनते हैं?
उत्तर:
इस प्रकार के विखण्डन में दो प्रकार के आयन बनते हैं। धनावेशित आयन को कार्बोनियम आयन तथा ऋणावेशित आयन को कार्बऐनायन कहते हैं।

प्रश्न 27.
कार्बोनियम आयन के केन्द्र के कार्बन परमाणु का बाह्य कक्षा की क्या इलेक्ट्रॉनिक संरचना होती है?
उत्तर:
इनकी बाह्य कक्षा में इलेक्ट्रॉनों का षष्टक होता है।

प्रश्न 28.
कार्बऐनायन के केन्द्र के कार्बन परमाणु की बाह्य कक्षा की क्या इलेक्ट्रॉनिक संरचना होती है ?
उत्तर:
इनकी बाह्य कक्षा में इलेक्ट्रॉनों का अष्टक होता है।

प्रश्न 29.
प्रेरणिक प्रभाव कितने कार्बन पर समाप्त हो जाता है?
उत्तर:
पाँचवें कार्बन पर समाप्त हो जाता है।

प्रश्न 30.
-I प्रभाव दर्शाने वाले धनावेशित समूहों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
NH+ तथा N+R3

प्रश्न 31.
+I प्रभाव दर्शाने वाले ऋणावेशित समूहों के उदाहरण दीजिए ।
उत्तर:
–COO—S तथा—O फीनॉलिक ।

प्रश्न 32.
बन्ध ऊर्जा किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऊर्जा की वह मात्रा जो किसी बन्ध के बनने या टूटने पर उत्सर्जित या अवशोषित होती है, बन्ध ऊर्जा कहलाती है।

प्रश्न 33.
इलेक्ट्रॉन स्नेही योगात्मक अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए ।
उत्तर:

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 133

प्रश्न 34.
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 134 की बन्ध लम्बाई बताइए।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 135

प्रश्न 35.
सहसंयोजक बन्ध में ध्रुवता किस कारण होती है?
उत्तर:
दोनों संयोजी परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकताओं के अन्तर के कारण ।

प्रश्न 36.
बन्ध लम्बाई की इकाई क्या है?
उत्तर:
Å ऐंग्स्ट्रॉम इकाई होती है।

प्रश्न 37.
अतिव्यापन कौन-कौन-से कक्षकों के बीच होता है?
उत्तर:
S, P तथा d-कक्षकों के बीच होता है।

प्रश्न 38.
निम्न को – I प्रभाव के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
उत्तर:
वे परमाणु जो कार्बन शृंखला से जुड़े होते हैं एवं जो हाइड्रोजन की तुलना में अधिक क्षमता से इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित कर सकते हैं। उन्हें 1 प्रभाव दर्शाने वाला कहते हैं।
-I प्रभाव दर्शाने वाले यौगिकों का बढ़ता हुआ क्रम निम्न प्रकार है
—OH< —Cl< —F< —CN < —NO2

प्रश्न 39.
निम्न को स्थायित्व के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए ।
CH3CH2CH2CH2+, (CH3)3C+, CH3+, CH (CH2CH3)2
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 136

प्रश्न 40.
दो ऐसे इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिकर्मक लिखिए जो क्रमशः धनावेशित एवं उदासीन हों।
उत्तर:
Cl+ तथा AlCl3

प्रश्न 41.
दो ऐसे नाभिकस्नेही अभिकर्मक लिखिए जो क्रमशः ऋणावेशित एवं उदासीन हों।
उत्तर:
Cl-, NH3.

प्रश्न 42.
(CH3)3 C—Cl में बन्ध का विषम विदलन समीकरण द्वारा समझाइए |
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 137

प्रश्न 43.
वाइनिल क्लोराइड के निम्नलिखित अनुनाद के कारण इसके द्विध्रुव आघूर्ण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
CH2 = CH—Cl ←→CH2—CH = Cl+ आवेश का पृथक्करण बढ़ जाने के कारण द्विध्रुव आघूर्ण बढ़ जायेगा।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 44.
निम्न यौगिकों में विषम विदलन समीकरण द्वारा व्यक्त कीजिए-
(i) C2H2
(ii) R—OH.
उत्तर:
(i) CH3—CH2—H →CH3—CH2 + H+. क्योंकि C-परमाणु H-परमाणु से अधिक विद्युत ऋणात्मक है।

(ii) R—O—H →R—O- + H+ क्योंकि O-परमाणु H-परमाणु से अधिक विद्युत ऋणात्मक है।

प्रश्न 45.
किसी कार्बनिक अभिक्रिया की क्रियाविधि का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
किसी अभिक्रिया के उन पदों को क्रियाविधि कहते हैं जिनसे आधार के बन्धों का टूटना तथा नये बन्धों का बनना व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 46.
क्रिया से क्या समझते हैं?
उत्तर:
एक अभिकारक जिसमें कुछ कार्बन परमाणुओं के बन्ध टूटते हैं और कुछ के नये बन्ध बनते हैं, क्रिया कहलाती है।

प्रश्न 47.
सम विदलन से उत्पन्न खण्डों को क्या कहते हैं?
उत्तर:
सम विदलन से उत्पन्न खण्डों को मुक्त मूलक कहते हैं । ये विद्युत उदासीन होते हैं। ये अत्यधिक अभिक्रियाशील होते हैं और गैसीय अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।

प्रश्न 48.
Br2 के विषम विदलन से प्राप्त भागों के नाम बताइए तथा समीकरण दें।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 138

प्रश्न 49.
निम्न हैट्रोलिटिक विखण्डन में कौन-सा खण्ड कार्बोधनायन व कौन-सा कार्बेधनायन कहलायेगा ?
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 139
उत्तर:
खण्ड को कार्बोधनायन तथा खण्ड II को कार्बेनायन कहते हैं।

प्रश्न 50.
विषम विदलन में कितने प्रकार के आयन बनते हैं और उनके नाम क्या हैं?
उत्तर:
इस प्रकार के विदलन में दो प्रकार के आयन बनते हैं। धन आवेशित कार्बन आयन को कार्बोधनायन तथा ऋण आवेशित कार्बन आयन को कार्बेनायन कहते हैं।

प्रश्न 51.
फॉर्मिक अम्ल के जलीय विलयन से आसवन विधि द्वारा शुद्ध फॉर्मिक अम्ल क्यों नहीं प्राप्त किया जा सकता है?
उत्तर:
दोनों के क्वथनांकों में बहुत कम अन्तर है (फॉर्मिक अम्ल (101.5°C) तथा जल (100°C) अतः प्रभाजी आसवन विधि द्वारा भी दोनों अलग-अलग नहीं होते हैं।

प्रश्न 52.
ऐथिल ऐल्कोहॉल के जलीय विलयन से आसवन विधि द्वारा शुद्ध ऐथिल ऐल्कोहॉल प्राप्त क्यों नहीं किया जा सकता ?
उत्तर:
दोनों स्थिर क्वथनांकी मिश्रण बनाते हैं जो एक निश्चित तापक्रम (78.1°C) पर उबलता है तथा इसमें दोनों अवयवों का संघटन निश्चित रहता है। (95.6% ऐथिल ऐल्कोहॉल)।

प्रश्न 53.
मेथिल एल्कोहॉल तथा ऐसीटोन मिले विलयन से ऐल्कोहॉल और एसीटोन अलग करने की विधि कौन-सी है?
उत्तर:
प्रभाजी आसवन करने पर ऐसीटोन 56°C पर तथा मेथिल ऐल्कोहॉल 64.6°C पर पृथक होते हैं।

प्रश्न 54.
किस विधि से फूलों, फलों, पत्तियों, छालों, छिलकों, जड़ों आदि से सुगन्धित तेलों का निष्कर्षण होता है?
उत्तर:
भाप आसवन विधि से हम फूलों, फलों, छालों आदि से सुगन्धित तेल भाप के साथ वाष्पशील होने के कारण अलग हो जाते हैं।

प्रश्न 55.
जल में कुछ क्लोरोफॉर्म मिलाने पर उसके क्वथनांक पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
उत्तर:
जल (क्वथनांक 100°) तथा क्लोरोफॉर्म (क्वथनांक 61°C) दोनों परस्पर अभिश्रणीय द्रव है। मिश्रण का क्वथनांक 61°C से कुछ कम होगा।

प्रश्न 56.
प्रभाजी आसवन विधि में प्रभाजक स्तम्भ का उपयोग कब करते हैं?
उत्तर:
दो द्रवों के क्वथनांकों में 30°C से कम अन्तर होने पर इसका उपयोग करते हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 57.
अकार्बनिक तथा कार्बनिक अभिक्रियाओं के वेग में क्या अन्तर है?
उत्तर:
अकार्बनिक अभिक्रियाएँ आयनिक होने के कारण तीव्र गति से होती हैं जबकि कार्बनिक अभिक्रियाएँ आण्विक होने के कारण मन्द गति से होती हैं।

प्रश्न 58.
कार्बनिक यौगिकों का शोधन क्यों किया जाता है?
उत्तर:
कार्बनिक यौगिकों में अन्य यौगिकों की अशुद्धियाँ होती हैं, अतः इन्हें शुद्ध करना आवश्यक है।

प्रश्न 59.
निस्यंदन से क्या समझते हो ?
उत्तर:
निस्यंदन में अवक्षेप को मातृद्रव से पृथक करके विजातीय आयनों को निष्कासित करते हैं।

प्रश्न 60.
गुणात्मक विश्लेषण में कौन-सा फिल्टर पत्र प्रयुक्त होता है?
उत्तर:
क्हाटमेन फिल्टर पत्र।

प्रश्न 61.
कार्बनिक यौगिकों में से रंगीन तथा गन्धयुक्त अपद्रव्यों को किस प्रकार दूर किया जाता है?
उत्तर:
यौगिक में जन्तु कोयला मिलाकर रंगीन तथा गन्धयुक्त अपद्रव्यों को दूर किया जाता है।

प्रश्न 62.
क्रिस्टलन के लिए कौन-कौन से विलायकों का उपयोग होता है?
उत्तर:
ऐल्कोहॉल, बेंजीन, क्लोरोफॉर्म, ईथर आदि विलायकों का प्रयोग होता है।

प्रश्न 63.
ऊध्र्वपातन से शुद्ध होने वाले किसी यौगिक का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
नैफ्थेलीन।

प्रश्न 64.
कार्बन तथा हाइड्रोजन का निर्धारण किस विधि से करते हैं?
उत्तर:
लीबिंग विधि द्वारा।

प्रश्न 65.
कार्बन के निर्धारण के लिए प्रयुक्त सूत्र लिखिए।
उत्तर:
कार्बन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 140

प्रश्न 66.
हाइड्रोजन के निर्धारण के लिए प्रयुक्त सूत्र लिखिए।
उत्तर:
हाइड्रोजन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 141

प्रश्न 67.
नाइट्रोजन का निर्धारण किन-किन विधियों से किया जाता है?
उत्तर:
नाइट्रोजन का निर्धारण निम्नलिखित दो विधियों द्वारा किया जाता है। (i) ड्यूमा की विधि, (ii) कैल्डाल की विधि।

प्रश्न 68.
नाइट्रोजन के निर्धारण में ड्यूमा विधि द्वारा प्रयुक्त सूत्र दीजिए।
उत्तर:
नाइट्रोजन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 142

प्रश्न 69.
नाइट्रोजन के निर्धारण में कैल्डाल विधि द्वारा प्रयुक्त सूत्र दीजिए।
उत्तर:
नाइट्रोजन की प्रतिशतता = \(\frac { 1.4NV }{ w }\)

प्रश्न 70.
हैलोजनों का निर्धारण किस विधि से करते हैं?
उत्तर:
कैरियस विधि द्वारा।

प्रश्न 71.
क्लोरीन की प्रतिशतता किस सूत्र से ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
क्लोरीन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 143

प्रश्न 72.
ब्रोमीन की प्रतिशतता किस सूत्र से ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
ब्रोमीन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 144

प्रश्न 73.
आयोडीन की प्रतिशतता किस सूत्र से ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
आयोडीन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 145

प्रश्न 74.
सल्फर का निर्धारण किस विधि से करते हैं?
उत्तर:
कैरियस विधि द्वारा।

प्रश्न 75.
कार्बनिक यौगिक में सल्फर की प्रतिशतता ज्ञात करने का सूत्र दीजिए।
उत्तर:
सल्फर की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 146

प्रश्न 76.
फॉस्फोरस का निर्धारण कैसे करते हैं?
उत्तर:
फॉस्फोरस का निर्धारण कैरियस विधि से किया जाता है।

प्रश्न 77.
क्रिस्टलन क्रिया क्या है?
उत्तर:
किसी पदार्थ के संतृप्त विलयन को धीरे-धीरे ठण्डा करने पर कम विलयशील पदार्थ के टुकड़े बनने लगते हैं। जिन्हें क्रिस्टल कहते हैं। अतः किसी विलयन से विलेयशील पदार्थ के क्रिस्टल प्राप्त करने की क्रिया को क्रिस्टलन कहते हैं।

प्रश्न 78.
आसवन का सिद्धान्त बताइए।
उत्तर:
किसी द्रव को उबालकर वाष्प में परिवर्तित करके प्राप्त वाष्पों को संघनित करने की क्रिया को आसवन कहते हैं।

प्रश्न 79.
प्रभाजी स्तम्भ का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर:
जब अशुद्धियाँ वाष्पशील प्रकृति की हों तथा दो द्रवों के क्वथनांकों का अन्तर 10°C का हो तब प्रभाजी स्तम्भ का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 80.
कम दाब पर आसवन के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
वायुमण्डलीय दाब कम करने पर पदार्थ का क्वथनांक कम हो जाता है अतः वे पदार्थ जो अपने क्वथनांक पर विघटित हो जाते हैं, उन्हें इस विधि से शुद्ध करते हैं।

प्रश्न 81.
वर्णलेखन किस सिद्धान्त पर आधारित है?
उत्तर:
किसी मिश्रण के अवयवों की दो प्रावस्थाओं के मध्य वर्णात्मक वितरण के सिद्धान्त पर वर्णलेखन आधारित है।

प्रश्न 82.
निस्यंदन किसे कहते हैं?
उत्तर:
निस्यंदन में किसी विलायक में एक ठोस अविलेय घटक को उसमें विलेय घटक से पृथक किया जाता है।

प्रश्न 83.
कार्बनिक यौगिक क्या होते हैं?
उत्तर:
कार्बन तथा हाइड्रोजन के यौगिक तथा उनके व्युत्पन्नों को कार्बनिक यौगिक कहते हैं।

प्रश्न 84.
जैव शक्ति सिद्धान्त किसने तथा कब दिया था ?
उत्तर:
बर्जीलियस ने 1808 में दिया था।

प्रश्न 85.
जैव शक्ति सिद्धान्त क्या था ?
उत्तर:
कार्बनिक यौगिक जीवों में एक रहस्यमयी शक्ति से बनते हैं।

प्रश्न 86.
जैव शक्ति सिद्धान्त का अन्त क्यों हुआ ?
उत्तर:
अकार्बनिक यौगिक अमोनियम सल्फेट तथा पोटैशियम सायनेट के मिश्रण से यूरिया के संश्लेषण होने से जैव शक्ति सिद्धान्त का अन्त हुआ।

प्रश्न 87.
कोल्बे ने किस यौगिक का संश्लेषण किया था ?
उत्तर:
कोल्बे ने कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन से ऐसीटिक अम्ल का संश्लेषण किया था।

प्रश्न 88.
कार्बनिक यौगिकों में कौन-कौन से तत्व विद्यमान रहते हैं?
उत्तर:
कार्बनिक यौगिकों में C,H,O,N,S तत्व होते हैं। कार्बन तथा हाइड्रोजन सभी कार्बनिक यौगिकों में होते हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 89.
किसी यौगिक के मूलानुपाती सूत्र तथा अणुसूत्र में क्या अन्तर है?
उत्तर:
किसी यौगिक के एक अणु में उपस्थित उसके विभिन्न परमाणुओं का अनुपात दर्शाने वाला सूत्र उस यौगिक का मूलानुपाती सूत्र कहलाता है।
किसी यौगिक के एक अणु में उपस्थित विभिन्न परमाणुओं की वास्तविक संख्या को उसका अणुसूत्र कहते हैं।
अणुसूत्र = मूलानुपाती सूत्र × n

प्रश्न 90.
ऐसे दो कार्बनिक यौगिकों के नाम बताइए जो ऊर्ध्वपातित होते हैं।
उत्तर:
कपूर एवं नैफ्थेलीन।

प्रश्न 91.
भाप आसवन विधि द्वारा किस प्रकार के यौगिकों का शोधन किया जाता है?
उत्तर:
जल में अविलेय तथा भाप में वाष्पशील यौगिकों का भाप आसवन विधि द्वारा शोधन किया जाता है।

प्रश्न 92.
ऐसे दो पदार्थों के नाम बताइए जो वर्णलेखन विधि में अधिशोषक के रूप में काम में लिए जाते हैं।
उत्तर:
सक्रिय ऐल्यूमिना तथा सिलिका।

प्रश्न 93.
केरियस विधि में क्लोरीन का आंकलन किस रूप में अवक्षेपित करके किया जाता है ?
उत्तर:
AgCl के रूप में।

प्रश्न 94.
गलन मिश्रण किन यौगिकों का मिश्रण है?
उत्तर:
KNO3 + Na2CO3

प्रश्न 95.
किसी द्रव के क्वथनांक पर दाब का क्या प्रभाव होता है?
उत्तर:
क्वथनांक कम हो जाता है।

प्रश्न 96.
ऐसीटोन और ऐथिल ऐल्कोहॉल के मिश्रण को कैसे पृथक करोगे?
उत्तर:
प्रभाजी आसवन के द्वारा।

प्रश्न 97.
बैन्जोइक अम्ल का प्रतिदर्शन जिसमें सोडियम क्लोराइड अशुद्धि के रूप में हो कैसे शुद्धिकृत करते हैं?
उत्तर:
ऊर्ध्वपातन द्वारा।

प्रश्न 98.
सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड का रासायनिक सूत्र क्या है?
उत्तर:
Na2[Fe(CN)5NO]

प्रश्न 99.
किसी यौगिक में सल्फर का परीक्षण कैसे किया जाता है?
उत्तर:
लैसग्ने विलयन में 1-2 बूँद सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड मिलाने पर बैंगनी रंग का विलयन प्राप्त होता है।
\(\mathrm{Na}_2 \mathrm{~S}+\mathrm{Na}_2\left[\mathrm{Fe}(\mathrm{CN})_5 \mathrm{NO}\right] \longrightarrow \mathrm{Na}_4\left[\mathrm{Fe}(\mathrm{CN})_5 \mathrm{NOS}\right]\)

प्रश्न 100.
किसी यौगिक में ब्रोमीन की पहचान कैसे करोगे ?
उत्तर:
लैसग्ने विलयन में AgNO3 विलयन डालने पर हल्का पीला अवक्षेप आता है।
NaBr + AgNO3 → AgBr + NaNO3

प्रश्न 101.
द्रव्यमान स्पैक्ट्रोमिति की क्या उपयोगिता है?
उत्तर:
इस तकनीकी से अणु द्रव्यमान ज्ञात करने के साथ-साथ कार्बनिक यौगिक का अणुसूत्र तथा अणु संरचना को भी निर्धारित किया जाता है।

प्रश्न 102.
प्रभाजी आसवन का उपयोग दो द्रव कार्बनिक पदार्थों के मिश्रण को पृथक करने में किस दशा में होता है?
उत्तर:
दो कार्बनिक पदार्थों के मिश्रण को पृथक् करने में प्रभाजी आसवन का उपयोग तब किया जाता है, जब उनके क्वथनांक में अन्तर 10°C से उच्च तथा 50°C से कम हो।

प्रश्न 103.
साधारण आसवन का उपयोग दो द्रव पदार्थों के मिश्रण को पृथक करने में किस दशा में होता है ?
उत्तर:
दो द्रव पदार्थों के मिश्रण को पृथक करने में साधारण आसवन का उपयोग तब होता है, जब उनके क्वथनांकों में अन्तर 50°C से उच्च होता है।

प्रश्न 104.
भाप आसवन विधि का उपयोग कौन से कार्बनिक पदार्थों के शोधन में किया जाता है?
उत्तर:
भाप आसवन विधि का उपयोग उन कार्बनिक पदार्थों के शोधन में किया जाता है, जो वाष्पशील हों तथा जल में अविलेय हों।

प्रश्न 105.
वर्णालेखन क्या है?
उत्तर:
वह प्रक्रम जिनके द्वारा किसी मिश्रण के कुछ या सभी अवयवों को सान्द्रित क्षेत्रों में या विभिन्न प्रावस्थाओं में ( जिनमें वे पहले उपस्थित थे), पृथक्करण किया जाता है, वर्णलेख्यन कहलाता है।

प्रश्न 106.
निम्नलिखित मिश्रण के अवययों को पृथक करने की विधि के नाम लिखिए-
(अ) नमक एवं नौसादर
(ब) ऐथिल ऐल्कोहॉल एवं जल
(स) स्पेणट लाई एवं ग्लिसरीन
(द) ऐमीनो अम्ल का मिश्रण
(य) फूलों से सुगच्धित तेल
(र) साधारण नमक एवं जल।
उत्तर:
(अ) प्रभाजी क्रिस्टलन द्वारा
(ब) चूने द्वारा
(स) बेसिक फेरिक सस्फेट मिलाकर
(द) हिन्सबर्ग विधि द्वारा या हौफमैन विधि द्वारा
(य) प्रभाजी आसवन द्वारा
(र) क्रिस्टलीकरण द्वारा।

प्रश्न 107.
उध्रवपातन (Sublimation) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
जो ठौस पदार्थ गर्म करने पर बिना द्रव में बदले सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाते हैं तो उनके इस गुण को उुर्धवपातन कहते है। उदाहरण-आयोडीन, बेन्जोइक अम्ल आदि।

प्रश्न 108.
कम दाब पर आसयन का उपयोग किन पदार्थों के शोधन में किया जाता है? उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर:
जो पदार्थ अपने क्यथनांक से पूर्व ताप पर सीधे गर्म करने पर अपघटित हो जाते हैं, उनका शोधन कम दाब पर आसवन या निर्वात आसबन विधि से किया जाना है; जैसे – गिलसरीन।

लघु उत्तरीय प्रश्न:

प्रेशन 1.
C4H10O में पाये जाने वाले विभिन्न समावयवियों के नाम तथा संरचना सूत्र लिखें ?
उत्तर:
(i) C4H10O अणुसूत्र में-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 147

प्रश्न 2.
निम्नलिखित यौगिकों के मध्य किस प्रकार की समावयवता उपस्थित है, और क्यों ? समझाइए।
(i) CH3—CH2—COOH एवं H—COOC2H2
(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 148
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 149
में भिन्न-भिन्न क्रियात्मक समूह होने के कारण क्रियात्मक समावध्रवता (functional isomerism) उपस्थित हैं।

(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 150
में कार्बन भृंबला की संरचनाएँ भिन्न होने से भृंखला समावयवता (chain isomerism) उपस्थित है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित युग्मों में किस प्रकार की संमांवयकता है ? व्याखाया कीजिए।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 151
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 152
युग्म में मध्यावयवता (Metamerism) उपस्थित है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 153
युग्म में भी मध्यावयवता (Metomerism) उपस्थित है। एक ही क्रियात्मक समूह से भिन्न ऐल्किल समूह जुहे हैं।

प्रश्न 4.
C4H10 के शृंखला समावयवियों की संरचनाएँ लिखिए।
उत्तर:
(i) CH3—CH2—CH2—CH3 (n-क्यूटेन)
(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 154

प्रश्न 5.
निम्नलिखित यौगिकों के समावयवियों के नाम ओर संरचना सूत्र लिखिए।
(i) CH3—CH2—CH2—Cl
(ii) CH3—CO—CH3
उत्तर:
(i) इसमें स्थिति समावयवता (Position isomerism) पाई जाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 155
(ii) इसमें क्रियात्मक समूहसमावयक्ता (Functional group isomerism) पाई जाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 156

प्रश्न 6.
उन सभी समावयबी ऐल्कोहोलों की संख्या दीजिए जिनका अणुसूत्र C5H12O है।
उत्तर:
C5H12O अणुसूत्र में निम्न तीन समावपवी ऐेल्कोहॉल सम्भव हैं-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 157

प्रश्न 7.
C6H6O में पायी जाने वाली समावघक्ता बताये तथा सूत्र भी लिखें ।
उत्तर:
इसमें क्रियात्मक समाबयवता (functional isomerism) पायी जाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 158

प्रश्न 8.
C4H610O के क्रियात्पक समाबयवी लिखें।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 203

प्रश्न 9.
निम्नलिखित युगल किस प्रकार की समावस्यता प्रदर्शित करते हैं।
(i) CH3—CH2—CHO तथा CH3—CO—CH3
(ii) CH3—CH2—CH = CH2 तथा CH3—CH = CH—CH3
उत्तर:
(i) क्रियात्मक समूह समावयवता
(ii) स्थिति समावयवता।

प्रश्न 10.
CH3CH2OH एवं CH3—O—CH3 में कौन-सी समावयवता है?
उत्तर:
क्रियात्मक समूह समावयवता।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित यौगिकों के समावयवियों के नाम और संरचना सूत्र लिखिए।
(i) CH3—CH2—CH2—Cl
(ii) CH3—CO—CH3
उत्तर:
(i) इसमें स्थिति समाबयवता पाई जाती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 159
(ii) इसमें क्रियात्मक समूह समावयवता पाई जाती है।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 12.
CH3.CH2.CO.CH2.CH3 तथा CH3CO.CH2CH2.CH3 किस प्रकार की समावचयता को प्रदर्शित करते हैं?
अधवा
पेण्टेन-2-ओन और पेण्टेन-3-ओन में किस प्रकार की समावयवता है और क्यों ?
उत्तर:
दी गई संरचनाएँ C5H10O के दो कौटेन समाबयघी है और ये दोनों मध्याबयवता (metamerism) प्रदर्शित करते है।
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प्रश्न 13.
निम्नलिखित यौगिक कौन-सी समायखवता प्रदशित करते हैं?
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प्रश्न 14.
निम्नलिखित यौगिक कौन-सी समावचवता प्रदश्शित करते है ?
(i) CH3—CH2—CH2—OH तथा CH3—CHOH—CH3
(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 162
उत्तर:
(i) इनमें स्थिति समाबयखता है।
(ii) इसमें अध्यावयवता है।

प्रश्न 15.
C3H6O2 के सभी समावयवी प्रदश्रित कीजिए।
उत्तर:
C3H6O2 के निम्नलिखित तीन समाबयवी है-
(i) C2H5COOH प्रोपेनोद्रक अम्ल
(ii) HCOOC2H5 ऐैचिल फॉर्मेट
(iii) CH3COOCH3 मेथिल ऐसीटेट

प्रश्न 16.
निम्नलिखित समावयवी यौगिकों के संरचना सूत्र दिए गए हैं, इनमें पाई जाने वाली समावयंवता का नाम लिखिए–

(i) CH3.CHOH.CH3 तथा CH3.CH2.CH2OH
(ii) CH3.O.C3H7 तथा C2H5.O.C2H5
(iii) CH3.CH2. CHO तथा CH3.CO.CH3
(iv) CH3.CH2.OH तथा CH3.O.CH3
उत्तर:
(i) स्थिति समावयवता,
(ii) मध्यावयवता,
(iii) क्रियात्मक समूह समावयवता,
(iv) क्रियात्मक समूह समावयवता ।

प्रश्न 17.
C6H4Cl2 सूत्र वाले ऐरोमैटिक यौगिक के सम्भावित समावयवियों के संरचना सूत्र लिखिए।
उत्तर:
C6H4Cl2 सूत्र वाले ऐरोमैटिक यौगिक के सम्भावित समावयवी निम्नलिखित हैं। ये स्थान समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
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प्रश्न 18.
C4H10O में पाये जाने वाले विभिन्न समावयवियों के नाम, सूत्र एवं समावयवताओं के नाम लिखें।
उत्तर:
C4H10O अणुसूत्र में-
(a) C2H5OC2H5 ऐथॉक्सी ऐथेन
(b) CH3OCH2CH2CH3 मेथॉक्सी प्रोपेन
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 164
(i) यहाँ (a) तथा (b) में मध्यावयवता पायी जाती है।
(ii) (b) तथा (c) में स्थिति समावयवता है। इसके अलावा (d) व (c) में भी स्थान समावयवता है।
(iii) (a) तथा (d) में क्रियात्मक समूह समावयवता है।
(iv) (f) तथा (g) में श्रृंखला समावयवता है।

प्रश्न 19.
C3H9N में पायी जाने वाली समावयवता, उनके समावयवियों के नाम व सूत्र लिखें।
उत्तर:
C3H9N अणुसूत्र में-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 165
(i) (a) तथा (b) के मध्य स्थिति समावयवता है।
(ii) (a), (c) तथा (d) में क्रियात्मक समूह समावयवता है।

प्रश्न 20.
C5H12 में पाये जाने वाले समावयवियों के नाम, सूत्र व समावयवता बताएँ ।
उत्तर:
C5H12 अणुसूत्र में-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 166
2, 2 – डाइमेथिल प्रोपेन (नियो पेण्टेन)
यहाँ (a), (b) तथा (c) में श्रृंखला समावयवता है।

प्रश्न 21.
C5H10O में पायी जाने वाली समावयवता, समावयवियों के नाम व सूत्र लिखें।
उत्तर:
C5H10O अणुसूत्र में-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 167
(i) (a) तथा (b) में मध्यावयवता है।
(ii) (b) तथा (c) में शृंखला समावयवता है।

प्रश्न 22.
C4H11N के विभिन्न समावयवी लिखें।
उत्तर:
C4H11N अणुसूत्र में
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 168

प्रश्न 23.
पेन्टेन के एक शृंखला समावयवी का नाम व संरचनात्मक सूत्र लिखें।
उत्तर:
(1) CH3–CH2–CH2–CH2–CH3; n- पेण्टेन
(2) (CH3)2CH–CH2–CH3; 2- मेथिल ब्यूटेन

प्रश्न 24.
निम्नलिखित युग्मों में पायी जाने वाली समावयवता के नाम लिखें-
(i) n – ब्यूटिल ऐल्कोहॉल तथा आइसो ब्यूटिल ऐल्कोहॉल
उत्तर:
शृंखला समावयवता ।

(ii) n – ब्यूटिल ऐल्कोहॉल और sec- ब्यूटिल ऐल्कोहॉल
उत्तर:
स्थान समावयवता ।

(iii) sec ब्यूटिल ऐल्कोहॉल और / ब्यूटिल ऐल्कोहॉल |
उत्तर:
स्थान व श्रृंखला समावयवता ।

(iv) n ब्यूटिल ऐल्कोहॉल और / ब्यूटिल ऐल्कोहॉल।
उत्तर:
शृंखला तथा स्थिति समावयवता ।

(v) n प्रोपिल ऐल्कोहॉल और आइसो प्रोपिल ऐल्कोहॉल।
उत्तर:
स्थिति समावयवता ।

(vi) मैलेइक अम्ल फ्यूमेरिक अम्ल ।
उत्तर:
ज्यामितीय समावयवता ।

(vii) ऐथिल ऐसीटो ऐसीटेट (कीटो) एवं ऐथिल ऐसीटोएसीटेट (इनोल) ।
उत्तर:
चलावयवता ।

(viii) दक्षिण एवं वाम घूर्णक लैक्टिक अम्ल ।
उत्तर:
प्रकाश समावयवता ।

(ix) पेण्टेन-2-ऑन और पेण्टेन – 3-ओन ।
उत्तर:
मध्यावयवता ।

(x) प्रोपेनॉइक अम्ल और मेथिल ऐसीटेट ।
उत्तर:
क्रियात्मक समावयवता ।

(xi) o-हाइड्रॉक्सी टॉलूईन और बेन्जिल ऐल्कोहॉल |
उत्तर:
क्रियात्मक समावयवता।

प्रश्न 25.
निम्नलिखित प्रत्येक यौगिक के एक समावयवी का नाम एवं उसका संरचना सूत्र लिखें-
(i) CH2 = CHCH2CH3
उत्तर:
इसका समावयवी CH3—CH = CH—CH3 है। यह यौगिक CH2 – CHCH2CH के साथ-साथ समावयता प्रदर्शित करते हैं।

(ii) (CH3)2CHOH
उत्तर:
इसका समावयवी CH3—CH2CH2OH है। यह (CH3)2CHOH के साथ स्थिति मध्यावयवता प्रदर्शित करता है।

(iii) CH3COOH
उत्तर:
इसका समावयवी HCOOCH3 है यह CH3COOH के साथ क्रियात्मक समूह समावयवता प्रदर्शित करता है।

(iv) CH3OCH2CH2CH3
उत्तर:
इसका समावयवी CH3CH2OCH2CH3 है। यह CH3OCH2CH2CH3 के साथ मध्यावयवता प्रदर्शित करता है।

(v) CH3CHCICH3
उत्तर:
इसका समावयवी CH3CH2CH2Cl है। यह CH3CHClCH3 के साथ स्थिति समावयवता प्रदर्शित करता है।

(vi) CH3CH2CHO
उत्तर:
इसका समावयवी CH3COCH3 है। यह CH3CH2CHO के साथ क्रियात्मक समूह समावयवता प्रदर्शित करता है।

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प्रश्न 26.
यौगिक के निम्नलिखित युग्मों में कौन-सी समावयवता है?
(1)CH3CH2CHO तथा CH3COCH3
उत्तर:
इस युग्म में क्रियात्मक समूह समावयवता है।

(2) C2H5OC2H5 तथा CH3OC3H7
उत्तर:
उपरोक्त युग्म में मध्यावयवता है।

(3) CH3CH2OH तथा CH3OCH3
उत्तर:
उपरोक्त युग्म में क्रियात्मक समूह समावयवता है।

(4) CH3CH2CH2OH तथा CH3CH(OH)CH3
उत्तर:
उपरोक्त युग्म में स्थिति समावयवता है।

(5) CH3CH2—NH–CH2CH3 तथा CH3—NH—CH2CH2CH3
उत्तर:
उपरोक्त युग्म में मध्यावयवता होती है।

(6) CH3CHO तथा CH2 = CHOH
उत्तर:
इसमें चल समावयवता है।

(7) CH3CH2CH = CH2 तथा CH3CH = CHCH3
उत्तर:
उपरोक्त युग्म में स्थिति समावयवता है।

(8) CH3CH2CH2CH3 तथा (CH3)3CH
उत्तर:
उपरोक्त युग्म में श्रृंखला समावयवता है।

प्रश्न 27.
निम्नलिखित के संरचनात्मक सूत्र दीजिए-
(1) दो प्रतिबिम्ब रूप
(2) दो ज्यामितीय समावयवी
(3) दो समजातीय।
उत्तर:
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प्रश्न 28.
निम्न संरचनाओं ( I से VII) को ध्यान से देखकर दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें-
(i)CH3—CH2—CH2—CH2—OH
(ii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 170

(i) उपरोक्त संरचनाओं में से कौन मध्यावयता प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
V तथा VI एवं V तथा VII मध्यावयवता प्रदर्शित करते हैं। क्योंकि इनमें ईथर से जुड़ने वाली कार्बन शृंखलाओं में कार्बन की संख्या में अन्तर है।

(ii) उपरोक्त संरचनाओं में से कौन क्रियात्मक समूह समावयवता को प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
I तथा V, I तथा VI, I तथा VII, II तथा V, II तथा VI, II तथा VII, III तथा V, III तथा VI, III तथा VII, IV तथा V, IV तथा VI और IV तथा VII क्रियात्मक समूह समावयवता को प्रदर्शित करते हैं।

(iii) उपरोक्त संरचनाओं में से कौन स्थान समावयवता को प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
I तथा II, III तथा IV और VI तथा VII

(iv) उपरोक्त संरचनाओं में से कौन श्रृंखला समावयवता प्रदर्शित करता है।
उत्तर:
I तथा III, I तथा IV. II तथा III और II तथा IV

प्रश्न 29.
कार्बोकेटायन एवं कार्बोऐनायन की संरचना में अन्तर स्पष्ट कीजिए एवं उनके मुख्य लक्षण बताइए।
उत्तर:
कार्बोकेटायन—वह धनावेशित कार्बनिक समूह (R+) जिसमें कार्बन परमाणु के बाह्यतम कोश में केवल 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं, कार्बोकेटावन कहलाता है।
उदाहरणार्थHBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 171 मैथिल HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 172 एथिल कार्बोकेटायन की संरचना समतल त्रिकोणीय होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 173

कार्बोऐनायन – वह ऋणावेशित कार्बनिक समूह R जिसमें कार्बन परमाणु के बाह्यतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं। कार्बोऐनायन कहलाता है। उदाहरणार्थ-
\(\mathrm{CH}_3\) (मेथिल कार्बोऐनायन) \(\mathrm{CH}_3 \mathrm{CH}_2^{-}\) एथिल कार्बोऐनायन
कार्बोऐनायन की आकृति पिरामिडीय होती है।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 174

प्रश्न 30.
नाभिक स्नेही अभिकर्मक की विभिन्न प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाएँ बताइए ।
उत्तर:
नाभिक स्नेही अभिकर्मक दो प्रकार से अभिक्रिया करते हैं-

(अ) नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया इन अभिक्रियाओं में आक्रमणकारी अभिकर्मक नाभिक स्नेही होता है। ऐल्किल हैलाइड की अधिकतर प्रतिस्थापन अभिक्रियाँ नाभिक स्नेही होती हैं। उदाहरणार्थ – CH3—CH2Cl + KOH (जलीय) → CH3—CH2—OH + KCl इस अभिक्रिया में KOH जो कि एक क्षार है, OH- आयन देता है जो कि नाभिक स्नेही होता है और इस अभिक्रिया में आक्रमणकारी अभिकर्मक का कार्य करता है।

(ब) नाभिक स्नेही योगात्मक अभिक्रिया – ये अभिक्रियाएँ अधिकतर असंतृप्त कार्बनिक यौगिकों में होने वाली अभिक्रियाएँ हैं।
उदाहरण-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 175
इस अभिक्रिया में प्रथम पद में CN का योग होता है तथा बनने वाला मध्यवर्ती यौगिक अपेक्षाकृत अधिक स्थायी होती है।

प्रश्न 31.
निम्नलिखित यौगिकों में हेटेरोलिटिक विदलन समीकरण द्वारा समझाइए-
(i) (CH3)3 C—Cl,
(ii) R—OH,
(iii) (CH3)2CO.
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 176

प्रश्न 32.
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रिया की क्रियाविधि समझाइए-
CH2 = CH2 + HBr → CH3.CH3
अथवा
इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया को एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
ऐथिलीन HBr के साथ इलेक्ट्रोफिलिक योगात्मक क्रिया देता है अर्थात् इसमें योगशील अभिकर्मक का इलेक्ट्रोफाइल (H+) पहले संयुक्त होता है तथा फिर न्यूक्लिओफाइल (Br-) संयुक्त होता है। यह है क्रियाविधि निम्नलिखित पदों में व्यक्त कर सकते हैं-
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प्रश्न 33.
निम्न में क्या अन्तर हैं
(i) समांग व विषमांग विखण्डन
(ii) इलेक्ट्रोफाइल एवं न्यूक्लिओफाइल |
उत्तर:
(i) समांग विखण्डन एवं विषमांग विखण्डन में अन्तर निम्नलिखित हैं-

समांग विखण्डनविषमांग विखण्डन
1. इसमें दोनों परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन लेकर अलग हो जाते हैं।1. इसमें इलेक्ट्रॉन युग्म किसी एक परमाणु के पास आ जाते हैं।
2. इसमें बने उत्पाद विद्युत उदासीन होते हैं-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 204
2. इसमें विपरीत आवेश वाले आयन बनते हैं-

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 205

(ii) इलेक्ट्रोफाइल तथा न्यूक्लिओफाइल में निम्नलिखित अन्तर हैं-

इलेक्ट्रोफाइलन्यूक्लिओफाइल
1. वे अभिकर्मक जो इलेक्ट्रॉन ग्राही होते हैं, इलेक्ट्रोफाइल कहलाते हैं।1. वे अभिकर्मक जो इलेक्ट्रॉन के धनी होते हैं, न्यूक्लिओफाइल कहलाते हैं।
2. ये उदासीन या न्यून धनावेशित होते हैं।2. ये ऋणावेशित या उदासीन होते हैं।

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 34.
कार्बोनियम आयन व कार्बेनायन में उपस्थित प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°) तथा तृतीयक (3°) के स्थायित्व का क्रम बताइए।
उत्तर:
(i) कार्बोनियम आयन में प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°) तथा तृतीयक (3°) कार्बन पर स्थायित्व का क्रम-
यदि धनावेश क्रमशः प्राथमिक (1°) द्वितीयक (2°) तथा तृतीयक (3°) कार्बन पर विद्यमान हो, तो कार्बोनियम आयन भी 1°, 2°, 3° होते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 178
इनके स्थायित्व का क्रम निम्न प्रकार हैं-
3° > 2° > 1°
(ii) कार्बऐनायन में प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°) तथा तृतीयक (3°) कार्बन पर स्थायित्व का क्रम-
यदि ऋणावेश क्रमश: प्राथमिक (1°) द्वितीयक (2°) तथा तृतीयक (3°) कार्बन पर विद्यमान हो, तो कार्बेऐनायन भी 1°, 2°, 3° होते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 179
इनके स्थायित्व का क्रम निम्न प्रकार है-
1° > 2° > 3°

प्रश्न 35.
आयन तथा मुक्त मूलक में क्या अन्तर है ?
उत्तर:

आयनमुक्त मूलक
1. ये जल अथवा अन्य आयनीकारक विलायक में विलेय करने पर (सहसंयोजक बन्ध के हेटेरोलिटिक विखण्डन पर) बनते हैं।1. ये साधारणतया होमोलिटिक विखण्डन (ऊष्मा या प्रकाश की उपस्थिति में) द्वारा उत्पन्न होते हैं।
2. ये प्रायः विलयन अवस्था में बनते हैं।2. ये प्राय: गैसीय अवस्था में बनते हैं।
3. ये विद्युत आवेशित होते हैं; क्यौ कि ये इलेक्ट्रॉन के आदान-प्रदान के फलस्वरूप बनते हैं।3. ये साधारणतया विद्युत उदासीन होते हैं; क्योंकि विषम इलेक्ट्रॉन, उदासीन परमाणु का वह इलेक्ट्रॉन होता है, जो सहसंयोजक बन्ध बनाने के काम आता है।
4. ये प्रतिचुम्बकीय गुण प्रदर्शित करते हैं।4. ये अनुचुम्बकीय गुण प्रदर्शित करते हैं।
5. ये स्थायी होते हैं।5. ये प्रायः अस्थायी होते हैं।

प्रश्न 36.
ऐसीटिलीन पर HBr की अभिक्रिया की क्रियाविधि समझाइए ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 180

प्रश्न 37.
ऐल्कीन में इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव दिखाइये।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 181

प्रश्न 38.
(CH3)3C—Cl में बन्ध का विषम विदलन समीकरण द्वारा समझाइये |
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 182

प्रश्न 39.
निम्नलिखित को निर्देशानुसार व्यवस्थित करें-
(क) ClCH2COOH, CH3CH2COOH, ClCH2CH2COOH(CH3)2CHCOOH तथा CH3COOH को अम्ल प्रबलता के बढ़ते हुए क्रम में ।
उत्तर:
(CH3)2CHCOOH < CH3CH2COOH < CH3COOH< ClCH2CH2COOH< ClCH2COOH

(ख) C6H5OH, C2H5OH, HCOOH तथा CH3COOH को अम्ल प्रबलता के घटते हुए क्रम में ।
उत्तर:
HCOOH>CH3COOH>C6H5OH> C2H5OH

(ग) मेथिलेमीन, डाइमेथिलेमीन, ऐनिलीन तथा N – मेथिल ऐनीलीन को क्षारीय प्रबलता के बढ़ते हुए क्रम में ।
उत्तर:
ऐनिलीन

प्रश्न 40.
यौगिक CH3CH = CHCH2CH3 में 2, 3 C—C बन्ध में इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव किस प्रकार होगा ? कारण सहित बताइए।
उत्तर:
CH3CH = CHCH2CH3 → CH3CH—CHCH2CH3 बड़े ऐल्किल समूह का प्रेरणिक प्रभाव अधिक होता है ।

प्रश्न 41.
निम्न में से कौन इलेक्ट्रॉन स्नेही तथा नाभिक स्नेही होते हैं?
(1) FeCl3
(2) AlCl3
(3) H2O
(4) C2H5OH
(5) BF3
(6) (C2H5)2O
(7) NH3
(8) RSH
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन स्नेही – FeCl3 , AlCl3 , BF3
नाभिक स्नेही – H2 O, C2 H5 OH, (C2H5 )2 O, RSH

प्रश्न 42.
निम्न यौगिकों में विषम विदलन समीकरण द्वारा व्यक्त कीजिए-
(a) C2H6
(b) R—OH
उत्तर:
(a) \(\mathrm{CH}_3-\mathrm{CH}_2-\mathrm{H} \longrightarrow \mathrm{CH}_3-\mathrm{CH}_2^{-}+\mathrm{H}^{+}\) क्योंकि O-परमाणु H-परमाणु से अधिक विद्युत ऋणात्मक है।

प्रश्न 43.
प्रत्येक कार्बन पर संकरण बतायें ?
उत्तर:
CH2 = C =H2
उत्तर:
sp2 – sp – sp2

प्रश्न 44.
बताइये कि किस प्रकार कार्बनिक यौगिकों में संकरण कार्बन परमाणु की विद्युत ऋणात्मकता से सम्बन्धित है।
उत्तर:
जैसे-जैसे कार्बन परमाणु पर संकरण का s-गुण बढ़ता है। विद्युत ऋणात्मकता भी बढ़ जाती है। अतः विद्युत ऋणात्मकता का क्रम है-
sp3 < sp2 < sp

प्रश्न 45.
निम्न की अनुनादी संरचना बनायें-
(i) CH2 = CH—:Cl:
(ii) CH2 = CH—CH = CH2
(iii) HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 183
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 184

प्रश्न 46.
दिये गये समूहों में से सबसे स्थायी स्पीशीज छाँटे-
(i) CH3,+CH2Br, CHBr2, CBr2
(ii) CH3,-CH2Cl,-CHCl2, CCl3
उत्तर:
(i) CH3 सबसे अधिक स्थायी है क्योंकि जैसे-जैसे Br हाइड्रोजन को विस्थापित करता जाता है वैसे-वैसे कार्बन पर +ve आवेश बढ़ता जाता है, क्योंकि Br हाइड्रोजन की तुलना में अधिक विद्युत ऋणात्मक है। जिसके कारण +CBr3 सबसे कम स्थायी स्पीशीज हो जाती है।

(ii) Cl—Cl3 सर्वाधिक स्थायी स्पीशीज है क्योंकि Cl, हाइड्रोजन की तुलना में अधिक विद्युत ऋणात्मक है। जैसे-जैसे Cl की संख्या बढ़ती जाती है वैसे-वैसे स्थायित्व भी बढ़ता जाता है।

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प्रश्न 47.
निम्न में से कौन अनुनादी संकर नहीं बनाता है?
(i) CH3OH
(ii) R—CONH2
(iii) CH3CH=CHCH2NH2
उत्तर:
(i) CH3OH- यह अनुनादी संकर नहीं बनाता है क्योंकि इनके पास ग-इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं। इस कारण यह अनुनादी संकर नहीं बना पाता है।
(ii) R-CONH2 यह अनुनादी संकर बनाता है।
(iii) CH3CH = CHCH2NH2-यह अनुनादी संकर नहीं बनाता है क्योंकि इसके पास (conjugate) एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म नहीं है।

प्रश्न 48.
SO3 इलेक्ट्रॉन स्नेही की तरह कार्य क्यों करता है?
उत्तर:
-s- परमाणु से तीन अत्यधिक विद्युत ऋणी ऑक्सीजन परमाणु जुड़े हुये हैं। जिसके कारण s-परमाणु न्यून हो जाता है। अनुनाद के कारण भी s-परमाणु पर +ve आवेश आ जाता है, इन दोनों कारकों के कारण ही SO3 इलेक्ट्रॉन स्नेही की तरह व्यवहार करता है ।
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प्रश्न 49.
निम्न में से किस अनुनादी संरचना का स्थायित्व अधिक है?
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प्रश्न 50.
किसी कार्बनिक यौगिक की शुद्धता की जाँच आप किस प्रकार करेंगे ?
उत्तर:
किसी भी कार्बनिक यौगिक की शुद्धता की जाँच उसके भौतिक स्थिरांकों तथा स्पेक्ट्रमी गुणों की सहायता से की जाती है। आधुनिक समय में कार्बनिक यौगिकों की शुद्धता से जाँच करने के लिए गैस वर्णलेखन (Gas chromotography) का प्रयोग बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है। गैस वर्ण लेखन द्वारा उन यौरिकों की शुद्धता की जाँच भी की जा सकती है, जिनके भौतिक स्थिरांकों, स्पेक्ट्रमी गुणों, संघटन आदि का ज्ञान पहले से न हो।

कार्बनिक यौगिकों के भौतिक स्थिरांक विशिष्ट क्रिस्टलीय रूप, अपवर्तनांक (Refractive index), आपेक्षित गुरुत्व (specific gravity), गलनांक तथा क्लथनांक आदि हैं। ठोस कार्बनिक यौगिकों की शुद्धता की जाँच उनके गलनांक तथा मिश्रित गलनांक से की जाती है। द्रव कार्बत औा गेकों की शुद्धता की जाँच उनके क्नथनांक से की जाती है।

प्रश्न 51.
किसी उपयुक्त विलायक में क्या-क्या विशेषताएँ होनी वाहिए ?
उत्तर:
किसी उपयुक्त विलायक में निम्नलिखित विशेषताएँ होती है-
(i) किसी पदार्थ एवं अशुद्धियों की विलायक में विलेयताओं का अंतर अधिक होना चाहिए।
(ii) विलायक में अशुद्धि कमरे के ताप पर लगभग विलेय होनी चाहिए अथका अशुद्ध की विलेयता, पदार्थ की विलेयता से बहुत अधिक होनी चाहिए।
(iii) विलायक का क्वथनांक कम होना चाहिए।
(iv) विलायक में अत्यधिक दहनशीलता का गुण नहीं होना चाहिए।
(v) विलायक में कार्बनिक ठोस कम तापमान पर कम विलेय एवं उच्ब तापमान पर अधिक विलेय होना चाहिए।

प्रश्न 52.
ऊर्ध्वपातन से क्या समझते हैं?
उत्तर:
छर्ध्वपातन (Sublimation) कुछ छोस पदार्थ गम्म करने पर बिना द्रव अवस्था में आए सीधे वाष्प में परिवर्तित हो जाते हैं।
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 187
ऐसे ठोस पदार्थ को ऊर्धवपातज (Sublimate) कहते हैं। ठोस पदार्थ के सीधे वाप्य में परिवर्तित होने की क्रिया को ऊर्ध्वपातन (Sublimation) कहते हैं। ऊर्व्वपातन विधि का प्रयोग ऐसे यौगिकों के शोधन में होता है जो स्वयं तो ऊर्ध्वपातित होते हैं परन्तु उसमें उपस्थित अशुद्धियों का ऊर्ध्यपातन नहीं होता। उदाहरण-कपूर, बैंजोइक अम्ल तथा नैफ्थेलीन का शोधन।

प्रश्न 53.
बन्नोरोबैंजीन जाल में अविलेय है तथा भाप में वाध्यशील है इसके शोधन की विधि को संक्षेप में समझाइए।
उसंर:
धेंप आसवन विधि में अंशुद्ध कार्थनिक ड्रव क्लोरोबेंजीन को आसवन फुल्लास्क में लेकर गर्म करते हैं। इसमें साथ ही भाए प्रवाहित करते हैं। भाप के साथ क्लोरोबें ।न का वाष्पन होता है। ग्रीमी पात्र में आसुत जल तथा क्लोरोबेंजीन होते हैं, जिनें पथक्कारौ काण दारा अलग कर लिया जाता है।

प्रश्न 54.
कम दाब : आसवन विधि को समझाइए।
उत्तर:
ऐसे द्रव जो उप्ते क्वथनांक पर अपघटित हो जाते हैं, उन्हें कम दाब पर शोधित किया जाता है। क्लेजन फ्लास्क में रत्ते हुए द्रव को गर्म करने पर यह अपने सामान्य क्वथनांक से कम तंप उ उदलने लगता है तथा इसकी वाष्प संधनित होकर ग्राही में एकत्रिर जाती है, जिसे अलग कर लिया जाता है।

प्रश्न 55.
वर्णलेखन क्या है? इसका वर्गीकरण समझाइए।
उत्तर:
वर्णलेखन वह तकनीक है जिसके द्वारा किसी मिश्रण के अवयवों का सान्द्रित क्षेत्रों में या विभिन्न प्रावस्थाओं में जिनमें पहले उपस्थित थे, पृथक्करण किया जाता है। इसे दो वर्गों में वर्गीकृत कर सकते हैं-
(i) अधिशोषण वर्णलेखन
(ii) वितरण वर्णलेखन

प्रश्न 56.
लैसग्ने विलयन कैसे बनाते हैं?
उत्तर:
किसी यौगिक को उच्च ताप पर सोडियम धातु के साथ संगलित करने पर उसमें उपस्थित N,S,Cl,Br, I तत्व सोडियम से क्रिया करके सोडियम लवण बनाते हैं जो जल में आयनित हो जाते हैं। सोडियम धातु का सूखा टुकड़ा लेकर यौगिक के साथ ज्वलन नली में गर्म करते हैं। लाल गर्म हो जाने पर इसे आसुत जल में भरी प्याली में डाल देते हैं। विलयन को उबालकर छान लेते हैं। प्राप्त विलयन लैसग्ने विलयन कहलाता है।

प्रश्न 57.
किसी कार्बनिक यौगिक का मूलानुपाती सूत्र कैसे ज्ञात करोगे ?
उत्तर:
(i) यौगिक में उपस्थित तत्वों की प्रतिशतताओं को उनके परमाणु भारों से भाग देकर तत्वों के परमाणुओं की आपेक्षित संख्याएँ ज्ञात करते हैं।
(ii) आपेक्षित संख्याओं को सबसे छोटी आपेक्षित संख्या से भाग देकर परमाणुओं का सरल अनुपात ज्ञात करते हैं।
(iii) यदि प्राप्त अनुपात पूर्णांक या पूर्णांक के निकट होता है, तो किसी उचित समगुणक से गुणा करके पूर्णांकों में बदलते हैं। इस प्रकार कार्बनिक यौगिक का मूलानुपाती सूत्र ज्ञात कर सकते हैं।

प्रश्न 58.
किसी कार्बनिक यौगिक में आयोडीन की उपस्थिति किसी प्रकार ज्ञात करेंगे ?
उत्तर:
लैसग्ने विलयन में तनु HNO3 डालकर सिल्वर नाइट्रेट की कुछ बूँदें डालने पर गहरे पीले रंग का अवक्षेप आता है जो अमोनियम डाइड्रॉक्साइड विलयन में अघुलनशील होता है। इससे आयोडीन की उपस्थिति ज्ञात होती है।

प्रश्न 59.
किसी यौगिक के मूलानुपाती सूत्र तथा अणुसूत्र में क्या अन्तर है?
उत्तर:
किसी यौगिक के एक अणु में उपस्थित उसके विभिन्न परमाणुओं का अनुपात दर्शाने वाला सूत्र उस यौगिक का मूलानुपाती सूत्र कहलाता है। एक यौगिक के एक अणु में उपस्थित विभिन्न परमाणुओं की वास्तविक संख्या को उसका अणुसूत्र कहते हैं।
अणसूत्र = मूलानुपाँती सूत्र × n

प्रश्न 60.
C6H5N2Cl में नाइट्रोजन होने के बाद भी यह यौगिक नाइट्रोजन का लैसेगने परीक्षण नहीं देता है क्यों ?
उत्तर:
सोडियम के साथ बेन्जीन डायजोनियम लवण को गर्म करने पर सोडियम के प्रगलन से पूर्व ही लवण वियोजित हो जाता है तथा N2 गैस सोडियम से क्रिया करने से पूर्व बाहर निकल जाती है और NaCN नहीं बनता। इसी कारण यह लैसेग्ने परीक्षण नहीं देता।

आंकिक प्रश्न:
प्रश्न 1.
एक कार्बनिक यौगिक के 2.390 g का दहन करने पर 0.88 g CO2 और 0.18 g जल प्राप्त हुआ । यौगिक में कार्बन तथा हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्रा ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
यौगिक का भार = 2.390 g
CO2 की मात्रा = 0.88 g
जल की मात्रा = 0.18 g
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 188
= \(\frac { 12 }{ 44 }\) × \(\frac { 0.88 }{ 2.390 }\) × 100
= 10.04%

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 189
= \(\frac { 12 }{ 18 }\) × \(\frac { 0.88 }{ 2.390 }\) × 100
= 0.84%

प्रश्न 2.
0.25 g क्लोरीनयुक्त एक यौगिक से केरियस विधि से 0.18 g सिल्वर क्लोराइड प्राप्त हुआ । यौगिक में क्लोरीन की प्रतिशत मात्रा ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
क्लोरीन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 190
= 17.81%

प्रश्न 3.
एक द्विक्षारकीय कार्बनिक अम्ल के 0.41 g सिल्वर लवण को गर्म करने पर 0.216 g सिल्वर अवशेष बचता है। अम्ल का अणुभार ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 191
\(\frac { 0.41 }{ 0.216 }\) = \(\frac { E+107 }{ 108 }\)
कार्बनिक अम्ल का तुल्यांकी भार
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 192
कार्बनिक अम्ल का अणुभार
= भास्मिकता × तुल्यांकी भार = 2 × 98 = 196

प्रश्न 4.
एक कार्बनिक यौगिक (अणुभार = 73) में C = 49.32%, H = 9.59% है। यौगिक के 0-365 ग्राम की जैल्डाल क्रिया करवाने पर उत्पन्न अमोनिया के पूर्ण उदासीनीकरण में 50 ml प्राप्त हुए। यौगिक का अणुसूत्र निकालिए ।
उत्तर:
N की प्रतिशतता = \(\frac { 1.4NV }{ W }\) = \(\frac { 1.4×1×50}{ 0.365 }\) = 19.17%

तत्व की प्रतिशततापरमाणु भारपरमाणु की आपेक्षिक संख्यापरमाणुओं का सरल अनुपातसरल पूर्णांक अनुपात
C = 49.321224.114.11/1333
H = 9.5919.599.59/1.337
N = 19.10141.361.36/1.331
O = 22161.331.33/1.331

यौगिक का अणुसूत्र = C3H7NO

प्रश्न 5.
एक कार्बनिक यौगिक का मूलानुपाती सूत्र CH2O हैं इसका अणुभार 60 है। यौगिक का अणुसूत्र क्या है ?
उत्तर:
मूलानुपाती सूत्र = CH2O
मूलानुपाती सूत्र भार = 12 + 2 +16 = 30
अणुभार = 60
n = \(\frac { 60 }{ 30 }\) = 2
अणुसूत्र = 2 × CH2O
= C2H4O2

प्रश्न 6.
एक कार्बनिक यौगिक में 68.86% कार्बन, 4.96% हाइड्रोजन तथा शेष ऑक्सीजन है। यौगिक के सरलतम सूत्र की गणना करो ।
उत्तर:

तत्व की प्रतिशततापरमाणुओं की आपेक्षिक संख्यापरमाणुओं का सरल अनुपात
C = 68.8668.86/12 = 5.735.73/1.63 = 3.5 × 2 = 7
H = 4.964.96/1 = 4.964.96/1.63=3 × 2 = 6
O = 26.7826.18/16 = 1.631.63/1.63 = 1 × 2 = 2

सरलतम सूत्र = C7H6O2

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 7.
एक प्राथमिक ऐमीन के 0.60 ग्राम के पूर्ण दहन पर 1.17 g CO2 तथा 0.84 g H2O प्राप्त हुए। पदार्थ का अणुभार 45 है, तो इसका अणुसूत्र ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
C की प्रतिशतता = \(\frac { 12 }{ 44 }\) × \(\frac { 1.17 }{ 0.60 }\) × 100
=53.18%
H की प्रतिशतता = \(\frac { 2 }{ 18 }\) × \(\frac { 0.84 }{ 0.60 }\) × 100
= 15.55%
शेष N की प्रतिशतता 100-(53.18+15.55) = 31.27%

तत्व की प्रतिशततापरमाणुओं की आपेक्षिक संख्यापरमाणुओं का सरल अनपात
C = 53.18\(\frac { 53.18 }{ 12 }\) = 4.43\(\frac { 4.43 }{ 2.23 }\) = 2
H = 15.55\(\frac { 15.55 }{ 1 }\) = 15.55\(\frac { 15.55 }{ 2.23 }\) = 7
N = 31.27\(\frac { 31.27 }{ 14 }\) = 2.23\(\frac { 2.23 }{ 2.23 }\) = 1

यौगिक का अणुसूत्र = C2H7N

प्रश्न 8.
ड्यूमा के एक प्रयोग में किसी कार्बनिक यौगिक के 0.204 g से 17°C ताप तथा 756 mm दाब पर 18.6 mL नम नाइट्रोजन प्राप्त हुई । यदि 17°C ताप पर जल वाष्प दाब 14.5 mm हो, तो यौगिक में नाइट्रोजन की प्रतिशतता ज्ञात करो ।
उत्तर:
P1 = 756 – 14.5 = 741.5mm, P2 = 760
V1 = 18.6mL, T2 = 273
T1 = 273 + 17 = 290K, V2 = ?
\(\frac{P_1 V_1}{T_1}\) = \(\frac{P_2 V_2}{T_2}\)
\(\frac{741.5 \times 18.6}{290}\) = \(\frac{760 \times V_2}{273}\)
V2 = \(\frac{741.5 \times 18.6 \times 273}{290 \times 760}\) = 17.1
N2 की प्रतिशतता = \(\frac { 28 }{ 22400 }\) × \(\frac { 17.1 }{ 0.204 }\) ×100
= 10.47%

प्रश्न 9.
एक यौगिक को मूलानुपाती सूत्र CH3O है तथा इस अणुभार 62 है | यौगिक का अणुसूत्र ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
यौगिक का मूलानुपाती सूत्र भार = 12 + 3 × 1 + 16 = 31
∴ n = \(\frac { 62 }{ 31 }\) = 2
अत: यौगिक का अणुसूत्र (CH3O)2 अर्थात् C2H6O3 है।

प्रश्न 10.
एक कार्बनिक यौगिक में कार्बन 48.66% और हाइड्रोजन 8.11% है । यदि यौगिक का वाष्प घनत्व 37 है तो उसका अणुसूत्र ज्ञात करो ।
उत्तर:
कार्बन व हाइड्रोजन की प्रतिशतताओं का योग 100 से कम है, अतः शेष मात्रा ऑक्सीजन की होगी ।

तत्वप्रतिशततापरमाणु भारआपेक्षिक अनुपातसरलतम अनुपात
C48.6612\(\frac { 48.66 }{ 12 }\) = 4.05\(\frac { 4.05 }{ 2.70 }\) = 1.5 × 2 = 3
H8.111\(\frac { 8.11 }{ 1 }\) = 8.11\(\frac { 8.11 }{ 2.70 }\) = 3 × 2 = 6
O43.22316\(\frac { 43.23 }{ 26 }\) = 2.70\(\frac { 2.70 }{ 2.70 }\) = 1 × 2 = 2

अतः मूलानुपाती सूत्र = C3H6O2
मूलानुपाती सूत्र भार= (12 × 3) + (6 × 1) + (16 × 2) = 72
अणुभार = 2 × वाष्प घनत्व
= 2 × 37 = 74
क्योंकि यौगिक का अणु सूत्र व मूलानुपाती सूत्र समान हैं।
अतः यौगिक का अणु सूत्र = C3H6O2

प्रश्न 11.
एक कार्बनिक यौगिक में C, H, N तथा O उपस्थित हैं। C = 20%, H = 6.66%, N = 46.66% है। इस यौगिक का वाष्प घनत्व 30 है | यौगिक का अणुसूत्र बताइए ।
उत्तर:

तत्वप्रतिशततापरमाणु भारआपेक्षिक अनुपातसरलतम अनुपात
C20%12\(\frac { 20 }{ 12 }\) = 1.66\(\frac { 1.66 }{ 1.66 }\) = 1
H6.66 %1\(\frac { 6.66 }{ 1 }\) = 6.66\(\frac { 1.66 }{ 1.66 }\) = 4
N46.66%14\(\frac { 46.66 }{ 14 }\) = 3.33\(\frac { 3.33 }{ 1.66 }\) = 2
O26.68%16\(\frac { 26.68 }{ 16 }\) = 1.66\(\frac { 1.66 }{ 1.66 }\) = 1

मूलानुपाती सूत्र = CH4N2O
मूलानुपाती सूत्र भार = 12 + 4 + 28 + 16 = 60
अणुभार = 2 × वाष्प घनत्व = 2 × 30 = 60
अतः अणु सूत्र = CH4N2O

प्रश्न 12.
C, H तथा N के कार्बनिक यौगिक ने विश्लेषण पर निम्नलिखित आँकड़ें दिए- C = 65.73%, H = 15.06%, N = 19.21%। यदि इसका वाष्प घनत्व 37 है, तो यौगिक का अणुसूत्र ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:

तत्वप्रतिशततापरमाणु भारआपेक्षिक अनुपातसरलतम अनुपात
C65.7312\(\frac { 65.73 }{ 12 }\) = 5.47\(\frac { 5.47 }{ 1.37 }\) = 4
H15.061\(\frac { 15.06 }{ 1 }\) = 15.06\(\frac { 15.06 }{ 1.37 }\) = 11
N19.2114\(\frac { 19.21 }{ 14 }\) = 13.7\(\frac { 1.37 }{ 1.37 }\) = 1

मूलानुपाती सूत्र = C4H11N
मूलानुपाती सूत्र भार = 4 × 12 + 1 × 11 + 1 × 14 = 73
अणुभार = 2 × वाष्प घनत्व = 2 × 37 = 74
अणुसूत्र = n × (मूलानुपाती सूत्र )
1 × (C4H11N) = C4H11N

प्रश्न 13.
0.2127 g कार्बनिक यौगिक में C, H और O हैं, को दहन करने पर 0.4862 g CO2 और 0.1989 g H2O प्राप्त हुआ। कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की प्रतिशत मात्रा की गणना कीजिए ।
उत्तर:
हल: यौगिक में C की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 193
= \(\frac { 12 }{ 44 }\) × \(\frac { 0.4862 }{ 0.2127 }\) = 10 = 63.34%
यौगिक में हाइड्रोजन की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 194
= \(\frac { 2 }{ 18 }\) × \(\frac { 0.1989 }{ 0.2127 }\) × 100 = 10.39%
ऑक्सीजन की प्रतिशतता =100 – [62.34 + 10.39] = 27.27%

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें

प्रश्न 14.
0.70 ग्राम कार्बनिक यौगिक का कैल्डाल विधि द्वारा विश्लेषण किया गया। विश्लेषण में उत्पन्न NH3 को 100 mL \(\frac { N }{ 10 }\) H2SO4 में अवशोषित किया गया। बचे हुए अम्ल को उदासीन करने के लिए 10 mL \(\frac { N }{ 5 }\) NaOH की आवश्यकता हुई । यौगिक में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
10 mL \(\frac { N }{ 5 }\)NaOH = 10 mL \(\frac { N }{ 10 }\)H2SO4
N1V1 = N2V2
\(\frac { N }{ 5 }\) × 10 = \(\frac { N }{ 10 }\) × V2
V2 = \(\frac { 10×10 }{ 5 }\) = 20
= 20mL \(\frac { N }{ 10 }\)H2SO4
अतः बचे हुए अम्ल का आयतन = 20 mL \(\frac { N }{ 10 }\)H2SO4
∴ प्रयुक्त अम्ल = (100-20)
= 80 मिली \(\frac { N }{ 10 }\)H2SO4
नाइट्रोजन की प्रतिशतता = \(\frac { 1.4NV }{ w }\) = \(\frac { 1.4×1/10×80 }{ 0.70 }\) = 16%

प्रश्न 15.
कैरियस विधि द्वारा एक कार्बनिक यौगिक के 0.1890 g से 0-2870 g सिल्वर क्लोराइड प्राप्त हुआ। कार्बनिक यौगिक में क्लोरीन की प्रतिशत मात्रा ज्ञात करो ।
उत्तर:
कार्बनिक यौगिक का भार = 0.1890 g
सिल्वर क्लोराइड का भार = 0.2870g
क्लोरीन की प्रतिशतता HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 194
= \(\frac { 35.5 }{ 143.5 }\) × \(\frac { 0.2870 }{ 0.1890 }\) × 10 = 37.5%

प्रश्न 16.
एक कार्बनिक यौगिक के मात्रात्मक विश्लेषण 0.1254 g यौगिक से 0.1292 g बेरियम सल्फेट प्राप्त हुआ । यौगिक में गन्धक की प्रतिशत मात्रा की गणना कीजिए ।
उत्तर:
कार्बनिक यौगिक का भार = 0.1254 g
बेरियम सल्फेट का भार = 0-1292 g
गन्धक की प्रतिशतता = HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 196
= \(\frac { 32 }{ 233 }\) × \(\frac { 0.1292 }{ 0.1254 }\) × 100 = 14.15%

प्रश्न 17.
किसी एक अम्लीय क्षार के 0.40 g प्लैटिनम क्लोराइड दहन करने पर 0.125 g प्लैटिनम प्राप्त हुआ। क्षार का अणुभार ज्ञात करो ।
उत्तर:
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 197
\(\frac { 2B+410 }{ 195 }\) = \(\frac { 0.4 }{ 0.125 }\)
2B = \(\frac { 0.4×195 }{ 0.125 }\) – 410
= \(\frac { 0.4×195 }{ 0.125×2 }\) – 205
= 107
क्षार का तुल्यांकी भार =107
क्षार का अणुभार = क्षार का तुल्यांकी भार × अम्लता
=1 × 107 =107

प्रश्न 18.
किसी मोनोबेसिक कार्बनिक अम्ल के 0.122 g के उदासीनीकरण में 10 mL \(\frac { N }{ 10 }\) दाहक सोडा विलयन लगा। उस अम्ल का अणुभार ज्ञात करो ।
उत्तर:
10 mL \(\frac { N }{ 10 }\)NaOH विलयन = 0.122 g अम्ल
100 mL N NaOH विलयन = 122 g अम्ल
अतः अम्ल का तुल्यांकी भार = 122 g
अम्ल का अणु भार = क्षारकता × तुल्यांकी भार
= 1 × 122 = 122

प्रश्न 19.
एक कार्बनिक यौगिक (A) जिसका वाष्प घनत्व 15 है, में C = 40.0%, H = 6.67% तथा शेष ऑक्सीजन है। यह फेहलिंग विलयन का अपचयन करता है । NaOH से क्रिया करने पर यह एक ऐल्कोहॉल (B) तथा अम्ल (C) का सोडियम लवण देता है। यौगिक (A) के अपचयन से भी (B) प्राप्त हो सकता है। A, B तथा C के संरचना सूत्र लिखिए। [C = 12; H = 1; O = 16]
उत्तर:
ऑक्सीजन की प्रतिशत मात्रा
= 100 – ( %C + % H )
= 100 – (40.0 + 6.67) = 53.33%
सरल सूत्र की गणना-

तत्वप्रतिशततापरमाणु भारपरमाणुओं की आपेक्षिक संख्यासरल अनुपात
C40.012\(\frac { 40.0 }{ 12 }\) = 3.33\(\frac { 3.33 }{ 3.33 }\) = 1
H6.671\(\frac { 6.67 }{ 1 }\) = 6.67\(\frac { 6.67 }{ 3.33 }\) = 2
O53.3316\(\frac { 53.33 }{ 16 }\) = 3.33\(\frac { 3.33 }{ 3.33 }\) = 1

∴ A का सरल सूत्र = CH2O
मान लिया यौगिक का अणुसूत्र = n × सरल सूत्र
तथा A का सरल सूत्र भार = 12 + 2 + 16 = 30

A का वाष्प घनत्व =15
अनुभार = 15 × 2 = 30
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 198
= \(\frac { 30 }{ 30 }\) = 1
∴ यौगिक A का अणुसूत्र = n × = 1 × CH2O = CH2O

चूँकि यौगिक A फेहलिंग विलयन का अपचयन करता है तथा NaOH के साथ क्रिया करने से एक ऐल्कोहॉल B तथा अम्ल C का सोडियम लवण देता है और B को A के अपचयन से भी प्राप्त किया जा सकता है; अतः यह एक ऐल्डिहाइड है। अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण निम्नलिखित हैं-
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 199

प्रश्न 20.
ड्यूमा विधि द्वारा नाइट्रोजन के अनुमापन में 0.3 g कार्बनिक यौगिक 300 K ताप तथा 715 दाब पर 50 mL नाइट्रोजन देता है। नाइट्रोजन की प्रतिशतता ज्ञात कीजिए। (300K पर जलीय तनाव = 15 mm ) ।
उत्तर:
300 K ताप तथा 715 mm दाब पर एकत्र नाइट्रोजन का आयतन = 50mL
वास्तविक दाब = 715 – 15 = 700 mm
STP नाइट्रोजन का आयतन = \(\frac{273 \times 700 \times 50}{300 \times 760}\) = 41.9 mL
22400 mL नाइट्रोजन का भार = 28 g
41.9 mL = \(\frac { 28×41.9 }{ 22400 }\) g
नाइट्रोजन की प्रतिशतता = \(\frac{28 \times 41.9 \times 100}{22400 \times 0.3}\) = 17.46%

प्रश्न 21.
एक कार्बनिक यौगिक में C = 49.32% और H = 9.59% है। 0.365 g कार्बनिक यौगिक की कैल्डाल प्रक्रिया कराने पर उत्पन्न अमोनिया (NH3) के पूर्ण उदासीनीकरण में H2SO4 के 50 mL प्रयुक्त हुए। यदि यौगिक का अणुभार 73 हो तो यौगिक का अणुसूत्र लिखिए।
उत्तर:
कैल्डाल विधि से N की प्रतिशतता
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 200

तत्वप्रतिशततापरमाणु भारपरमाणुओं की आपेक्षिक संख्यासरल अनुपात
C49.3212\(\frac { 49.32 }{ 12 }\) = 4.11\(\frac { 4.11 }{ 1.37 }\) = 3
H9.591\(\frac { 9.59 }{ 1 }\) = 9.59\(\frac { 9.59 }{ 1.37 }\) = 7
N19.1714\(\frac { 19.17 }{ 14 }\) = 1.37\(\frac { 1.37 }{ 1.37 }\) = 1
O21.9216\(\frac { 21.92 }{ 16 }\) = 1.37\(\frac { 1.37 }{ 1.37 }\) = 1

अत: यौगिक का मूलानुपाती सूत्र = C3H7NO
मूलानुपाती सूत्र का भार = 3 × 12 + 7 × 1 + 14 + 16 = 73
मान लिया यौगिक का अणुसूत्र = n × C3H7NO
HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Img 201 = \(\frac { 73 }{ 73 }\) = 1
अत: यौगिक का अणुसूत्र =C3H7NO

प्रश्न 22.
नाइट्रोजन आकलन की कैल्डाल विधि में 0.5 g यौगिक में मुक्त अमोनिया 10 mL 1 M-H2SO4 को उदासीन करती है। यौगिक में नाइट्रोजन की प्रतिशतता ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
1 M 10 mL H2SO4 = 1 M 20 mL NH3 1000 mL 1 M अमोनिया में उपस्थित नाइट्रोजन = 14 g
अत: 20 mL 1 M अमोनिया में उपस्थित नाइट्रोजन = \(\frac { 14×20 }{ 1000 }\) g नाइट्रोजन
अत: नाइट्रोजन की प्रतिशतता = \(\frac { 14×20×100 }{ 1000×0.5 }\) = 56.0%

प्रश्न 23.
हैलोजेन के आकलन की केरियस विधि 0.15g कार्बनिक यौगिक 0.12 g AgBr देता है । यौगिक में ब्रोमीन की प्रतिशतता ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
AgBr का आण्विक द्रव्यमान = 108 + 80 = 188 g mol-1
188 g AgBr में उपस्थित ब्रोमीन = 80 g
0.12 g AgBr में उपस्थित ब्रोमीन = \(\frac { 80×0.12×100 }{ 188×0.15 }\) = 34.04%

HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें Read More »