Author name: Bhagya

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में

Haryana State Board HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में

HBSE 6th Class Hindi वन के मार्ग में Textbook Questions and Answers

कविता से

Van Ke Marg Mein HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 प्रश्न 1.
प्रथम सवैये में कवि ने राम-सीता के किस प्रसंग का वर्णन किया है?
उत्तर :
प्रथम सवैये में कवि तुलसी ने राम-सीता के उस प्रसंग का वर्णन किया है जब वे चौदह वर्ष का बनवास बिताने के लिए अयोध्या से निकलकर वन-मार्ग की ओर बढ़ते हैं।

वन के मार्ग में HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 प्रश्न 2.
वन के मार्ग में सीता को क्या कठिनाइयाँ हुई?
उत्तर :
वन के मार्ग में सीता को निम्नलिखित कठिनाइयाँ हुई :
1. वे थक गईं। उनके माथे पर पसीने की बूंदें दिखाई देने लगीं तथा होंठ सूख गए।
2. उन्हें प्यास लगी।
3. उनके पैरों में काँटे चुभ गए।

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में प्रश्न 3.
सीता की आतुरता देखकर राम की क्या प्रतिक्रिया होती है?
उत्तर :
सीता की आतुरता देखकर राम भी व्याकुल हो गए। उनकी आँखों में आँसू आ गए।

वन के मार्ग में Question and Answer HBSE 6th Class Hindi Chapter 16 प्रश्न 4.
राम बैठकर काँटे क्यों निकालने लगे?
उत्तर :
राम बैठकर पैरों से काँटे इसलिए निकालने लगे क्योंकि उन्हें लक्ष्मण की प्रतीक्षा करनी थी। पैरों में लगे काँटे वन-मार्ग पर चलने में कष्ट दे रहे होंगे।

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में

प्रश्न 5.
सवैये के आधार पर बताओ, दो कदम चलने के बाद सीता का ऐसा हाल क्यों हुआ?
उत्तर :
दो कदम चलने के बाद सीता का ऐसा हाल इसलिए हो गया क्योंकि वे अत्यंत सुकुमारी थीं। उन्हें इस प्रकार चलने का अभ्यास न था।

प्रश्न 6.
‘धरि-धीर दए’ का आशय क्या है?
उत्तर :
‘धरि-धीर दए’ का आशय है-धीरज धारण करके अर्थात् मन में हिम्मत बाँधकर कोई काम करना।

भाषा की बात

1. लखि – देखकर
धरि – रखकर
पोंछि – पोंछकर
जानि- जानकर
ऊपर लिखे शब्दों और उनके अर्थ को ध्यान से देखो। हिंदी में जिस उद्देश्य के लिए हम क्रिया में ‘कर’ जोड़ते हैं, उसी के लिए अवधी में क्रिया में ि (इ) को जोड़ा जाता है, जैसे अवधी में बैठ + ि – बैठि और हिंदी में बैठ + कर = बैठकर। तुम्हारी भाषा या बोली में क्या होता है? अपनी भाषा के ऐसे छह शब्द लिखो, उन्हें ध्यान से देखो और कक्षा में बताओ।
उत्तर :
हमारी भाषा/बोली में भी ‘कर’ जोड़ते हैं; जैसे-
पढ़कर सोकर देखकर लिखकर जाकर सुनकर

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में

HBSE 6th Class Hindi वन के मार्ग में Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
अपनी किसी यात्रा का कोई हिस्सा अपने शिक्षक को सुनाओ।
उत्तर :
हम एक बार गाँव की यात्रा पर गए। यह गाँव शहर से लगभग 20 किमी. दूर था। हम वहाँ बस से पहुँचे। बस ने दो किमी. पहले ही उतार दिया था। वहाँ हम पैदल चलकर गए। गाँव के बाहर खेतों को देखकर हमारा मन प्रसन्न हो गया। खेतों में पीली-पीली सरसों की शोभा छाई हुई थी। कहीं-कहीं गन्ने को पेरकर गुड़ बनाने का काम चल रहा था। हमारे लिए यह एक नया अनुभव था। वहाँ हमने ताजा बना गुड़ खाया। इस यात्रा में हमें बहुत आनंद आया।

प्रश्न 2.
जब हम कहीं जाते हैं तो क्या-क्या तैयारी करते हैं? अपने दोस्तों को सुनाओ।
उत्तर :
जब हम कहीं जाते हैं तो ये तैयारियां करते हैं :

  • कपड़े छाँटकर बैग में रखते हैं।
  • टूथपेस्ट, ब्रुश, साबुन-तेल, कंघी-शीशा आदि चीजें संभालकर रखते हैं।
  • जहाँ जाना होता है वहाँ की टिकटें बुक कराते हैं।
  • प्रातःकाल जल्दी उठकर खाद्य वस्तुएँ भी जमा करते हैं।

प्रश्न 3.
अनुभव या अनुमान के आधार पर सोचो कि पैदल और किसी वाहन (बस, रेल आदि) में यात्रा करने के
(क) क्या फायदे हो सकते हैं?
(ख) क्या नुकसान हो सकते हैं?
(ग) किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए?

तीन-तीन के समूह में बात करके प्रत्येक किस्म की यात्रा की अलग-अलग तालिका बनाओ। उदाहरण के तौर पर नीचे तालिका दी गई है :
फायदा नुकसान ध्यान रखने की बातें
(क) इनमें यात्रा शीघ्र एवं सुरक्षित होती है।
(ख) दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है।
(ग) खस्ताहाल बस में यात्रा नहीं करनी चाहिए। बस अच्छी हालत में होनी चाहिए। टिकट लेकर यात्रा करनी चाहिए।

प्रश्न 4.
वन के मार्ग में सीता को क्या कठिनाइयाँ हुई?
उत्तर :
वन के मार्ग में सीता को निम्नलिखित कठिनाइयाँ हुई

  • वे थक गई। उनके माथे पर पसीने की बूंदें दिखाई देने लगी तथा होंठ सूख गए।
  • उन्हें प्यास लगी।
  • उनके पैरों में काँटे चुभ गए।

प्रश्न 5.
सीता की आतुरता देख कर राम की क्या प्रतिक्रिया होती है?
उत्तर :
सीता की आतुरता देख कर राम भी व्याकुल हो गए। उनकी आँखों में आँसू आ गए।

प्रश्न 6.
राम बैठ कर काँटे क्यों निकालने लगे?
उत्तर :
राम बैठ कर पैरों से काँटे इसलिए निकालने लगे क्योंकि उन्हें लक्ष्मण की प्रतीक्षा करनी थी। पैरों में लगे काँटे वन-मार्ग पर चलने में कष्ट दे रहे होंगे।

प्रश्न 7.
सवैये के आधार पर बताओ, दो कदम चलने के बाद सीता का ऐसा हाल क्यों हुआ?
उत्तर :
दो कदम चलने के बाद सीता का ऐसा हाल इसलिए हो गया क्योंकि वे अत्यंत सुकुमारी थीं। उन्हें इस प्रकार चलने का अभ्यास न था।

प्रश्न 8.
प्रथम सवैये में कवि ने राम-सीता के किस प्रसंग का वर्णन किया है?
उत्तर :
प्रथम सवैये में कवि तुलसी ने राम-सीता के उस प्रसंग का वर्णन किया है जब वे चौदह वर्ष का बनवास बिताने के लिए अयोध्या से निकल कर वन-मार्ग की ओर बढ़ते हैं।

प्रश्न 9.
‘धरि-धीर दए’ का आशय क्या है?
उत्तर :
‘धरि-धीर दए’ का आशय है-धीरज धारण करके अर्थात् मन में हिम्मत बाँध कर कोई काम करना।

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में

वन के मार्ग में सवैयों की सप्रसंग व्याख्या

1. पुर तें निकसी रघुबीर-बधू, धरि धीर दए मग में डग द्वै।
झलकी भरि भाल कनी जल की, पुट सूखि गए मधुराधर द्वै।
फिरि बूझति हैं, ‘चलनो अब केतिक, पर्न कुटी करिहौ कित वै?
तिय की लखि आतुरता पिय की, अँखियाँ अति चारु चली जल च्चै॥

शब्दार्थ :
पुर-नगर, किला (City or fort)। निकसी-निकली (Come out)। धरि-धारण करके (To keep)। धीर-धैर्य (Courage)। मग-रास्ता (Path)। डग-कदम (Feet)। द्वै-दो (Tivo)। झलकी-दिखाई दी (Showed)। भाल-माथा (Forehead)। कनी-बूंदें (Drops)। पुट-होंठ (Lips)। बूझति-पूछती (To ask)। केतिक-कितना (How much)। पर्न कुटी-पत्तों से बनी कुटिया (Hut made of leaves)। कित है-कहाँ है? (Where is)। तिय-स्त्री, पत्नी (Wife) लखि-देखकर (To see)। आतुरता-बेचैनी (Restlessness)। चारु-सुंदर (Beautifull

प्रसंग : प्रस्तुत सवैया तुलसीदास द्वारा रचित काव्य ‘कवितावली’ के अयोध्याकांड से अवतरित है। सीताजी वन-मार्ग की कठिनाइयों से व्यथित हो जाती हैं और पति राम से पछती हैं

व्याख्या :
अयोध्या नगर से बाहर निकलकर राम की पत्नी सीता ने बड़े धैर्यपूर्वक मार्ग पर दो कदम आगे बढ़ाए। इसकी थकान से उनके माथे पर पसीने की बूंदें झलकने लगीं और उनके दोनों मधुर होंठ सूख गए। फिर वे थककर पति राम से पूछने लगी-अभी हमें कितना चलना है और वह पत्तों से बनी कुटिया कहाँ है, जहाँ हमें रहना है? उनके प्रश्न से उनकी व्याकुलता स्पष्ट झलक रही थी। पत्नी की व्याकुलता को देखकर पति राम की आँखों से आँसू की बूंदें चू पड़ीं। अर्थात् श्रीराम पत्नी सीता के कष्ट का अनुमान करके व्यथित हो गए।

विशेष :
1. सीता की कोमलता तथा व्याकुलता का मार्मिक चित्रण हुआ है।
2. प्रश्न शैली अपनाई गई है।
3. सवैया छंद है।
4. ब्रजभाषा का प्रयोग है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. थोड़ा-सा चलने के उपरांत ही सीता की क्या दशा हो गई ?
2. सीता राम से क्या पूछने लगीं?
3. सीता की व्याकुलता देख कर राम की क्या दशा हुई?
उत्तर:
1. अयोध्या नगर से थोड़ा चलने के उपरांत ही सीता जी बुरी तरह थक गईं। थकान से उनके माथे पर पसीने की बूंदें झलकने लगीं।
2. सीता थक कर अपने पति राम से पूछने लगी-अभी हमें कितनी दूर चलना है और हमें रहने के लिए पत्तों की कुटिया कहाँ बनानी है?
3. अपनी पत्नी सीता की व्याकुलता देख कर श्री राम की आँखों से आँसू की बूंदें चू पड़ी। वे भी व्यथित हो गए।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. यह सवैया किसके द्वारा रचित है?
(क) तुलसीदास द्वारा
(ख) सूरदास द्वारा
(ग) कबीर द्वारा
(घ) अन्य द्वारा
उत्तर :
(क) तुलसीदास द्वारा

2. सीता की थकान किससे झलक रही थी?
(क) माथे पर पसीने की बूंदों से
(ख) होठों के सूखने से
(ग) व्याकुलता से
(घ) उपर्युक्त सभी लक्षणों से
उत्तर :
(घ) उपर्युक्त सभी लक्षणों से

3. किसकी आँखों से आँसू की बूंदें चू पड़ीं?
(क) सीता की
(ख) राम की
(ग) दोनों की
(घ) किसी की नहीं
उत्तर :
(ख) राम की

2. जल को गए लक्खन हैं लरिका, परिखौ, पिय! छाँह घरीक है ठाढ़े।
पोंछि पसेउ बयारि करौं, अरु पाँय पखारिहौँ भूभुरि-डाढ़े।
तुलसी रघुबीर प्रिया सम जानि के बैठि बिलंब लौ कटक काढ़े।
जानकी नाह को नेह लख्यौ, पुलको तनु, बारि बिलोचन बाढ़े।

शब्दार्थ :
लरिका-लड़का (Boy)। परिखौ-प्रतीक्षा करो (To wait)1 छाँह-छाया (Shadow)। घरीक-घड़ी भर (For sometime)। ठाढ़े-खड़े होना (To stand)। पसेउ-पसीना (Sweat)। बयारि-हवा (Wind)। पाँय-पैर (Feet)। पखारिहौं-धोना (To wash)। भूभुरि-गरम रेत (Warm sand)। सम-श्रम (Labour)। बिलंब-देर (Late)। कंटक-काँटा (Thorn)। काढ़े-निकाले (To catch out)। नेह-स्नेह, प्रेम (Love)। लख्यौ -देखा (Saw)। पुलको-हर्षित हुआ (Happy)। तनु-शरीर (Body)। बारि-पानी, आँसू (Tears)। बिलोचन-नेत्रों (Eyes)।

प्रसंग : प्रस्तुत सवैया रामभक्त कवि तुलसीदास द्वारा रचित ‘कवितावली’ से लिया गया है। राम-सीता के वन-गमन के समय का यहाँ उल्लेख हुआ है।

व्याख्या :
सीता जी अपने पति राम से कहती हैं-लक्ष्मण पानी लेने गए हैं, अतः किसी पेड़ की छाया में खड़े होकर प्रतीक्षा कीजिए। अपना पसीना पोंछकर हवा कर लो। आप गरम रेत पर खड़े हुए हैं अतः पाँवों को धोकर ठंडा कर लो। तुलसीदास कहते हैं कि सीता को थकी हुई जानकर श्रीराम बैठ गए और काफी देर तक पैरों के काँटे निकालते रहे। जानकी (सीता जी) ने उन्हें प्रेमपूर्वक देखा। इससे उनका शरीर पुलकित हो गया और आँखों में आँसू आ गए।

विशेष :
1. इस सवैये में मार्ग के कष्टों का वर्णन है।
2. पोंछि पसारि, पाँय पखारिहौं, बारि बिलोचन में अनुप्रास अलंकार है।
3. ब्रजभाषा का प्रयोग है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. सीता जी अपने पति राम से क्या कहती हैं?
2. श्रीराम ने सीता के कथन पर क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की?
3. सीता की दशा का वर्णन करो।
उत्तर:
1. सीता जी अपने पति राम से कहती हैं-अभी लक्ष्मण पानी लेने गए हैं। अतः आप किसी पेड़ की छाया में खड़े होकर उनकी प्रतीक्षा कीजिए। अपना पसीना पोंछ कर हवा कर लो तथा पाँवों को धोकर ठंडा कर लो।
2. सीता के कथन के बाद श्रीराम बैठ गए और काफी देर तक सीता के पैरों के काँटे निकालते रहे।
3. सीता अपने पति राम को प्रेमपूर्वक देखती रहीं। उनका शरीर पुलकित हो गया तथा आँखों में अश्नु आ गए।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. लक्ष्मण कहाँ गए थे?
(क) जल लेने
(ख) भोजन लेने
(ग) कुटिया बनाने
(घ) रास्ता देखने
उत्तर:
(क) जल लेने

2. ‘भूभुरि’ क्या होता है?
(क) अनुप्रास
(ख) गरम रेत
(ग) ठंडी रेत
(घ) घास
उत्तर :
(ख) गरम रेत

3. ‘बारि बिलोचन’ में कौन-सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास
(ख) यमक
(ग) रूपक
(घ) उपमा
उत्तर :
(क) अनुप्रास

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 16 वन के मार्ग में

वन के मार्ग में Summary in HIndi

वन के मार्ग में कवि का परिचय

जीवन-परिचय :
महाकवि तुलसीदास का जन्म 1532 ई. में राजापुर, जिला बाँदा (उत्तर प्रदेश) माना जाता है। कुछ विद्वान उनका जन्मस्थान सोरों (जिला एटा) मानते हैं। तुलसीदास का बचपन अत्यंत कष्टपूर्ण रहा। उन्हें माता-पिता का विछोह सहना पड़ा था। वे भिक्षा माँगकर उदर-पूर्ति करते थे। उनके गुरु का नाम बाबा नरहरिदास था।

कहा जाता है कि उनका विवाह पंडित दीनबंधु पाठक की पुत्री रत्नावली से हुआ था। वे उससे अत्यधिक प्रेम करते थे और एक बार उससे मिलने के लिए साँप को रस्सी समझकर छत पर चढ़ गए थे। पत्नी से धिक्कार भरे स्वर सुनकर उन्हें घर-संसार से विरक्ति हो गई थी। वे अयोध्या, काशी, चित्रकूट आदि तीर्थों का भ्रमण करते रहे। सन् 1632 ई. में काशी के असीघाट पर उन्होंने प्राण त्याग दिए।

विशेषताएँ :
तुलसी रामभक्त कवि थे। उन्होंने प्रभु राम को ही अपना सर्वस्व माना। ब्रज और अवधी दोनों भाषाओं पर तुलसी का समान अधिकार था। उन्होंने अपनी बहुचर्चित रचना ‘रामचरितमानस’ की रचना अवधी भाषा में की तथा ‘विनयपत्रिका’ और ‘कवितावली’ की रचना ब्रज भाषा में की। ‘रामचरितमानस’ उच्च कोटि का महाकाव्य है। ‘विनयपत्रिका’ में गीत हैं तथा ‘कवितावली’ में कवित्त-सवैया रचे गए हैं। तुलसी की काव्य प्रतिभा अनन्य है। प्रबंध एवं मुक्तक दोनों शैलियों में उनकी समान गति है। उनका काव्य लोक-मंगलकारी, लोक-कल्याणकारी एवं समन्वयवादी है।

रचनाएँ :

  • रामचरितमानस।
  • कवितावली।
  • गीतावली।
  • विनयपत्रिका।

वन के मार्ग में सवैयों का सार

  • पहले सवैये में वन जाते समय सीताजी की व्याकुलता एवं थकान का वर्णन है। वे अपने गंतव्य के बारे में जानना चाहती हैं। पत्नी सीता की ऐसी बेहाल अवस्था देखकर रामचंद्रजी भी दुःखी हो जाते हैं।
  • दूसरे सवैये में श्रीराम और सीता की दशा का मार्मिक चित्रण है। राम के शरीर पर पसीना आ रहा है तथा सीता जी के पैर काँटों से भर गए हैं। श्रीराम उन्हें निकालते हैं।

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HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

Haryana State Board HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master? Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

HBSE 6th Class English How the Dog Found Himself a New Master? Textbook Questions and Answers

HBSE 6th Class English Honeysuckle Chapter 2 Question 1.
Why did the dog feel the need for a master?
Answer:
The dog was unhappy in living freely like a wolf. He was sick and tired of wandering here and there. He had to look for food himself. Above all, he was frightened of stronger creatures. Therefore, the dog felt the need for a master.

How the Dog Found Himself a New Master? HBSE 6th Class English Question 2.
Who did he first choose as his master? Why did he leave that master?
Answer:
First, he chose a wolf as his master. The wolf was afraid of the bear. It means, the bear was stronger than the wolf. The dog left that master (the wolf) because he was not the strongest on earth.

HBSE 6th Class English Honeysuckle Chapter 2 Question and Answer Question 3.
Who did he choose next?
Answer:
Next, he chose a bear (as his master).

Question and Answer HBSE 6th Class English Honeysuckle Chapter 2 Question 4.
Why did he serve the Lion for a long time?
Answer:
The dog enjoyed life in the service of the lion. He had nothing to complain of. No other beast in the forest was stronger than the lion. No one dared touch the dog or offend him in any way. Therefore, he served the lion for a long time.

HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

Question 5.
Who did he finally choose as his master and why?
Answer:
Finally, he chose the man as his master. It was because, man is stronger than anyone on earth.

HBSE 6th Class English How the Dog Found Himself a New Master? Important Questions and Answers

Question 1.
How do you know that the dog and the wolf are closely related?
Answer:
The dog called the wolf his kinsman. This shows both of them are closely related. Both of them were their own masters. Both of them lived in freedom. They wandered about by themselves. They looked for food themselves.

Question 2.
Which wild animals have been tamed over the centuries?
Answer:
The following wild animals have been tamed over the centuries. They are kept in sanctuaries, zoos and circuses.
Dogs, bears, bisons, elephants, giraffes, rhinos, boars, tigers and lions etc.

Question 3.
Why did a dog decide to become the servant of the strongest?
Answer:
The dogs were once their own masters. They lived freely like wolves. They wandered here and there looking for food. The stronger creatures frightened them. A dog got ill pleased with that way of living. So he decided to become the servant of the strongest. It would save him from danger and trouble.

Question 4.
Why did the dog often change his masters?
Answer:
The wolf was afraid of the bear. The bear was afraid of the lion. The lion was afraid of the man. Therefore, the dog changed his previous masters, the wolf, the bear and the lion. He
(a) Strong, stronger, strongest wanted to be the servant of the strongest.

Question 5.
How did the masters agree to keep the dog in his service?
Answer:
The wolf said, “I don’t see why not!” The bear agreed to the dog’s request readily. The lion agreed to it (keep the dog in his service).
The man did not speak any word. The dog went to join the man and he stayed with him.

Question 6.
Where did the Bear propose the Dog to go?
Answer:
The Bear proposed to Dog to find a herd of cows.

Question 7.
How do you know that the Dog and the Wolf are closely related?
Answer:
The Dog and the Wolf are closely realted because:
(a) The Dog called the Wolf his kinsman.
(b) Both of them are their own masters.
(c) Both of them lived in freedom.
(d) Both of them wandered about by themselves.
(e) They lived in freedom.
(f) Both of them lived for food themselves.

Question 8.
Why did a Dog decide to become the servant of the strongest?
Answer:
A Dog decided to become the servant of the strongest because he was fed up of looking food for himself and he was afraid of the strong animals. The Dog believed that if he becomes the servant of the strongest, he would be safe from danger and trouble.

Question 9.
Why did the Dog often change his masters?
Answer:
The Dog often changed his masters because everytime he regarded someone as his master, he found some other animal to be stronger than him. The Wolf, the Bear and the Lion were afraid of the Bear, the Lion and the Man respectively. The Dog wanted his master to be the strongest of all animals.

HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

Question 10.
Why did the Dog finally decide to stay with the man? Do you think his decision was right?
Answer:
The Dog finally decided to stay with the man because even the lion, the king of the forest was afraid of him, and the Dog wanted to make the strongest one his master.

The Dog’s decision was right because the man can take the best care of the Dog. The man can feed him well, provide him good shelter and protect him from fierce creatures. He has brain and can keep the wild beasts in control.

How the Dog Found Himself a New Master? Passages for Comprehension

Read the passage carefully and answer the questions that follows:

Passage – 1

Dogs were such a master.
Questions:
(i) How did the wolves live?
(ii) What was the dog sick and tired of?
(iii) What was the dog frightened of?
(iv) Who did the dog set out to find?
(v) Use the phrase ‘to wander about’ in your own sentence.
Answers:
(i) The wolves lived in freedom.
(ii) The dog was sick and tired of wandering.
(iii) The dog was frightened of those who were stronger than he.
(iv) The dog set out to find a master who was stronger than anyone on earth.
(v) Why do you keep wandering about all day?

Passage – 2

“I am looking …………… you so?”
Questions:
(i) Who is T in the above passage?
(ii) What was he looking for?
(iii) What did the wolf agree upon?
(iv ) Why did the wolf dart off?
(v) Who went on together?
Answers:
(i) T in the above passage is the dog.
(ii) He was looking for someone to take up service with.
(iii) The wolf agreed upon to make the dog his servant.
(iv) The wolf darted off on sniffing something (a bear).
(v) The dog and the wolf went on together.

HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

Passage – 3

The Bear ……………. all directions.
Questions:
(i) What did the bear agree to do?
(ii) Where did the bear propose to the dog to go?
(iii) How will they eat their fill?
(iv) Why were they stopped?
(v) Give the sounds of cats, goats and lions.
Answers:
(i) The bear agreed to keep the dog in his service.
(ii) The bear proposed to the dog to go to find a herd of cows.
(iii) They will eat their fill when the bear kills a cow.
(iv) They were stopped to hear a terrible
(v) Cats mew, goats bleat and lions roar.

Passage – 4
“Don’t you ………….. in any way.
Questions:
(i) Who is ‘he’ in the above passage?
(ii) Why did the dog say goodbye to the bear?
(iii) What did the lion agree to?
(iv) How long did the dog serve the lion?
(v) Give the three degrees of ‘strong’.
Answers:
(i) He in the passage stands for ‘the lion’.
(ii) The dog realised that the bear was not the strongest on the earth. Therefore, he bade goodbye to the bear.
(iii) The lion agreed to keep the dog in his service.
(iv) The dog served the lion for a long, long time.

How the Dog Found Himself a New Master? Translation in Hindi

1. Dogs were ………… than he.
2. He thought ………… master.
किसी समय, कुत्ते, स्वयं अपने मालिक हुआ करते थे और भेड़ियों की तरह स्वतंत्र रहते थे, जब तक एक वैसा कुत्ता पैदा नहीं हुआ जो उस प्रकार के जीवन से नाखुश था। वह परेशान हो गया था और अकेला भोजन की तलाश में घूमता हुआ ऊब गया था और वह उन (जीवों) से भयभीत था जो उससे ज्यादा ताकतवर थे।।

उसने इस बात पर विचार किया और निर्णय किया कि उसके लिए सबसे अच्छी बात यह होगी कि वह किसी वैसे जीव का नौकर बन जाए जो पृथ्वी पर दूसरों से अधिक बलवान हो, और वह, उस प्रकार के मालिक की तलाश में चल दिया।

Word-Meanings:
Freedom-liberty, स्वतंत्रता। Ill-pleased-unhappy, नाश। Wandering-strolling, घूमना। Looking for searching, तलाश करना। Frightened-afraid, भयभीत। | Set out-started, चल दिया।

HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

3. He walked ………………together.
4. They ………. ………….. and me.”
वह चलता ही गया और उसे अपना संबंधी, एक बड़ा भेड़िया मिला जो उतना ही शक्तिशाली था जितना वह डरावना था।
“कुत्ते, तुम कहाँ जा रहे हो?” भेड़िया ने पूछा।
‘मैं किसी की तलाश में हूँ जिसकी नौकरी कर सकूँ। भेड़िया, क्या आप, मेरा मालिक बनना पसंद करेंगे?’

‘मुझे नहीं कहने का कोई कारण नजर नहीं आता। ‘भेड़िये ने उत्तर दिया, और यह बात तय होने के बाद, वे दोनों इकट्ठे चल दिए।

वे चलते ही चलते गए, और अचानक भेड़िया ने अपनी नाक ऊपर की तरफ उठाई, सूंघा और तत्काल, रास्ते से हट गया और झाड़ियों के बीच छलाँगें लगाता हुआ, घने जंगल में जा पहुंचा।
कुत्ते को बड़ा आश्चर्य हुआ।

‘मालिक, आपके साथ क्या बीत गई है?’ उसने पूछा-‘किस चीज ने आपको इतना भयभीत कर दिया है?’
“क्या तुम्हें दिखाई नहीं देता है? वहाँ एक भालू है और वह हम दोनों को खा सकता है-तुम्हें और मुझे।”

Word-Meaning:
Kinsman-arelative, संबंध || Fierce-fearful, भयानक। Together-in company, एक साथ। All of a sudden-at once, तत्काल। Liftedraised, ऊपर को उठाया। Sniffed-drew up air in an audible manner, नाक से -किया; सूंघा। Dartedmoved rashly, तेजी से दौड़ने लगा। Crept-entered, प्रवेश किया। Surprised-amazed, आश्चर्य में पड़ गया। Come over-affected, प्रभावित होना; घटित होना। Frightened-terrified, भयभीत करना। Mightpossibly, संभवतः।

5. Seeing …………………………. eat our fill.”
6. They walked ………………….. directions.
यह देख (जान) कर कि भालू, भेड़िया से अधिक बलवान है, कुत्ते ने उस (भालू) की नौकरी करने की मन में ठान ली, और उसने भेड़िया को छोड़ दिया और भालू से उसका मालिक बनने की प्रार्थना की। भालू, इस बात पर तत्काल सहमत हो गया और बोला। “आओ चलते हैं और गायों के किसी झंड की तलाश करते हैं। मैं एक गाय को मार दूंगा और तब हम दोनों भरपेट भोजन कर सकेंगे।”

वे चलते गए और तुरंत उन्हें गायों का एक झंड दिखाई पड़ा परंतु ज्यों ही वे उनके पास पहुँचने ही वाले थे, एक भयानक शोर को सुनकर वे रुक गए। गायें जोर से रंभा रही थीं और आतंकित होकर सभी दिशाओं में भाग रही थीं।

Word-Meaning:
Decided-made up the mind, निर्णय लिया। Take up service with-become the servant of, नौकर बनना। Readily-promptly, at once तुरंत। Herd-group, झुंड। Fill-satisfaction, full supply, पर्याप्त मात्रा; भरपेट। Terrible-fearful, frightful, भयानक। Mooing-crying, bellowing, रंभाना। Panic-excessive terror, sudden alarm, आतंक। Directions-quarters, sides, दिशाएँ।

HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

7. “The Bear …………………………. on earth!”
8. And off ……. ……….. in any way.
भालू ने एक पेड़ के पीछे से (दूर तक) देखा और फिर वह भी तेज रफ्तार से भागता हुआ गहरे जंगल में पहुँच गया।
“अब, मुझे यहाँ क्यों आना पड़ा?” उसने कुत्ते को बताया। “वहाँ शेर था जो इस क्षेत्र के जंगल पर शासन करता है।”
“शेर? वह कौन है?”
“क्या तुम्हें पता नहीं है? वह पृथ्वी पर बलिष्टतम जंगली जानवर है।”
“ठीक है, तब तो भालू, मैं आपको अलविदा कहूँगा। मुझे वैसा मालिक चाहिए जो पृथ्वी पर दूसरों से अधिक बलशाली हो।” और शेर से यह पूछने के लिए कि क्या वह उसका मालिक बन जाएगा, कुत्ता उससे दूर चला गया।

शेर इस बात को मान गया और कुत्ता उसके साथ ठहरा रहा और काफी लंबे समय तक उसकी सेवा की। वह बढ़िया जीवन था, और उसे किसी बात की शिकायत नहीं थी, क्योंकि शेर से बढ़कर जंगल में कोई दूसरा जंगली जानवर बलवान नहीं था और कुत्ते को छूने या किसी प्रकार से रुष्ट करने की किसी में हिम्मत नहीं थी।

Word-Ivieanings:
Behind-back part, VECI भाग। Hastily-swifile without wasting time, तेज गति से समय नष्ट किए बिना। Rules-governs, शासन करना। Beast-a wild animal, जंगली जानवर। Goodbye-farewell, facil Dared-had the courage, was brave enough to do something, साहस रखना; कुछ करने की शक्ति रखना। Offend-to displease, to make angry, नाखुश करना; रुष्ट करना।

9. But one ………….. on earth!”
10. And off ………….. …….. master.

परंतु एक दिन वे दोनों साथ-साथ, चट्टानों के बीच रास्ते से जा रहे थे, जब अचानक शेर रुक गया। उसने जोर की दहाड़ मारी, और क्रोध में आकर जमीन पर अपने पंजे से इतनी ताकत से प्रहार किया कि वहाँ एक छेद बन गया, और चुपचाप पीछे हटने लगा।

“क्या बात है, मालिक, क्या कुछ परेशानी आ गई है?” कुत्ते ने आश्चर्ययुक्त होकर पूछा।

“मुझे, इधर आते हुए किसी आदमी की महक (गंध) आ रही है,” शेर बोला। “इसलिए, इसी में फायदा है कि हम भाग जाएँ नहीं तो हम मुसीबत में पड़ जाएँगे।”
“अरे, अच्छा, तब तो मैं आप को अलविदा कहूँगा, शेर। मुझे वैसा मालिक चाहिए जो पृथ्वी पर दूसरों से अधिक बलवान हो।”

और कुत्ता उस आदमी से मिलने के लिए दूर चला गया और वह उसी के साथ ठहरा रहा और वफादारी से उसकी सेवा की। यह बात बहुत समय पहले घटित हुई थी, परंतु अभी तक कुत्ता, मनुष्य का सर्वाधिक वफादार नौकर है और वह किसी दूसरे मालिक को नहीं जानता है।

Word-Meanings:
Along-towards the end of, एक छोर से दूसरे छोर तक। Cliffs-a steep high rock often at the edge of the sea, समुद्र के किनारे पर ढालुआँ ऊँची चट्टान Roar-loud and deep sound of a lion, शेर की दहाड़। Struck-hit, प्रहार किया। Paw-foot of a beast, जंगल जानवर का पंजा Quietly-without making a noise, चुपचाप,Trouble-danger, unpleasant situation, खतरा, परेशानी, Off-away, दूर, Faithfully-in a loyal manner, वफादार से,a Happened-took place, घटिन होना।

HBSE 6th Class English Solutions Honeysuckle Chapter 2 How the Dog Found Himself a New Master?

How the Dog Found Himself a New Master? Summary in English

Once the dogs lived like wolves, in freedom. A dog was tired of wandering about looking for food. He was also frightened of the stronger animals. He decided to become the servant of the strongest creature. He set out to find such a master.

The dog met a fierce wolf. The wolf agreed to become the dog’s master. They started walking together. The wolf sniffed some danger. He ran into deeper forest. The wolf was afraid of the bear. The dog became sure that the bear was stronger than the wolf.

Therefore, the dog became the bear’s servant. The bear took the dog out to find a herd of cows. Just then, they heard a terrible noise. The cows were running in panic. The bear saw a lion. He also ran for his life. He told the dog that the lion was the strongest beast on earth. The dog, then made the lion, his master. He served the lion for a long time. No other beast even dared touch the dog.

One day, the dog and the lion were walking along a path amid bare cliffs. The lion smelt a man coming that way. The lion got afraid. He began to back away. The dog noticed the lion’s fear. He went off and joined the man’s service. Since then the dog has accepted no other master. He is only man’s loyal servant.

How the Dog Found Himself a New Master? Summary in Hindi

किसी समय, कुत्ते, भेड़ियों की तरह स्वतंत्र रहा करते थे। एक कुत्ता, भोजन की तलाश में घूमते हुए ऊब गया। वह अधि क बलशाली पशुओं से भी डरता था। उसने सबसे ज्यादा ताकतवर जीव का नौकर बनने की बात मन में ठान ली। वैसे मालिक की तलाश में वह चल दिया।

कुत्ते की एक डरावने भेड़िए से मुलाकात हुई। भेड़िया, कुत्ते का मालिक बनने के लिए राजी हो गया। वे इकट्ठे चल दिए। भेड़िया ने सूंघ कर किसी खतरे का अनुमान लगाया। वह दौड़कर गहरे जंगल में पहुंच गया। भेड़िया, भालू से डर गया था। कुत्ते को निश्चय हो गया कि भालू, भेड़िया से अधिक बलवान है।

इसलिए, कुत्ता, भालू का नौकर बन गया। भालू, कुत्ते को गायों का झुंड तलाश करने के लिए ले गया। तभी, उन्होंने एक डरावनी आवाज सुनी। आतंकित होकर गायें दौड़ रही थीं। भालू ने शेर को देखा। वह भी अपना जीवन बचाने के लिए दौड़ने लगा। उसने कुत्ते को बताया कि पृथ्वी पर, शेर, सबसे ज्यादा ताकतवर जंगली जानवर है। तब कुत्ते ने शेर को अपना मालिक बना लिया। उसने काफी समय तक शेर की सेवा की। कुत्ते को छूने तक की किसी भी जंगली जानवर में हिम्मत नहीं थी।

एक दिन, कुत्ता और शेर, खुली चट्टानों के बीच, मार्ग पर चल रहे थे। शेर ने सूंघ कर पता लगाया कि एक आदमी उसी रास्ते पर आ रहा था। शेर भयभीत हो गया। वह पीछे हटने लगा। कुत्ता, शेर के डर को भांप गया। वह उस मनुष्य के पास चला गया और उसका नौकर बनना स्वीकार किया। तब से, कुत्ते ने किसी और को मालिक नहीं माना है। वह केवल, मनुष्य का वफादार नौकर है।

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HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.6

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.6 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Exercise 13.6

Assume π = \(\frac{22}{7}\), unless stated otherwise.

Question 1.
The circumference of the base of a cylindrical vessel is 132 cm and its height is 25 cm. How many litres of water can it hold? (1000 cm3 = 11)
Solution:
We have,
Height of cylindrical vessel (h) = 25 cm
Circumference of the base of the cylindrical vessel = 132 cm …..(1)
Let the radius of the base of the cylindrical vessel be r сm, then
Circumference of the base of the cylindrical vessel = 2πr
⇒ 132 = 2 × \(\frac{22}{7}\) × r [Using (1)]
⇒ \(\frac{132 \times 7}{2 \times 22}=r\)
⇒ r = 21 cm
∴ volume of the water in the vessel = πr2h
\(\frac{22}{7}\) × (21)2 × 25
= 34650 cm3
= \(\frac{34650}{1000}\)
= 34.65 litres
Hence, volume of the water in the vessel = 34.65 litres.

Question 2.
The inner diameter of a cylindrical wooden pipe is 24 cm and its outer diameter is 28 cm. The length of the pipe is 35 cm. Find the mass of the pipe, if 1 cm3 of wood has a mass of 0.6 g.
Solution:
We have,
Length of the cylindrical pipe (h) = 35 cm
Inner diameter of the cylindrical pipe = 24 cm
∴ Inner radius of the cylindrical pipe (r) = \(\frac{24}{2}\) = 12 cm
and outer diameter of the cylindrical pipe = 28 cm
∴ Outer radius of the cylindrical pipe (R) = \(\frac{28}{2}\) = 14 cm
∴ Volume of wooden used in making the pipe
= π(R2 – r2) × h
= \(\frac{22}{7}\)(142 – 122) × 35
= \(\frac{22}{7}\)(14 + 12)(14 – 12) × 35
= 110 × 26 × 2 = 5720 cm3
∵ Weight of 1 cm3 wood = 0·6 gram
∴ Weight of 5720 cm3 wood = 0·6 × 5720 gram
= 3432 gram
= \(\frac{3432}{1000}\) kg = 3.432
Hence,mass of the wooden pipe = 3.432 kg.

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.6

Question 3.
A soft drink is available in two packs – (i) a tin can with a rectangular base of length 5 cm and width 4 cm, having a height of 15 cm and (ii) a plastic cylinder with circular base of diameter 7 cm and height 10 cm. Which container has greater capacity and by how much?
Solution:
(i) We have,
Length of rectangular tin (l) = 5 cm
Breadth of rectangular tin (b) = 4 cm
Height of rectangular tin (h) = 15 cm
∴ Volume of the rectangular tin = l × b × h
= 5 × 4 × 15 = 300 cm3

(ii) Diameter of the base of the plastic cylinder (d) = 7 cm
∴ Radius of the base of the plastic cylinder (r) = \(\frac{7}{2}\) = 3.5 cm
and height of the plastic cylinder (h) = 10 cm
∴ Volume of the plastic cylinder = πr2h
= \(\frac{22}{7}\) × (3.5)2 × 10
= 385 cm3
Hence, plastic cylinder has greater capacity and it is equal (385 – 300) cm3 = 85 cm3.

Question 4.
If the lateral surface of a cylinder is 94.2 cm2 and its height is 5 cm, then find :
(i) radius of its base
(ii) its volume. (Use π = 3.14)
Solution:
We have,
Height of the cylinder (h) = 5 cm
Let radius of the cylinder be r сm.
and lateral surface of the cylinder = 94.2 cm2
⇒ 2πrh = 94.2
⇒ 2 × 3.14 × r × 5 = 94.2
⇒ 31.4 × r = 94.2
⇒ r = \(\frac{94.2}{31.4}\)
⇒ r = 3 cm
(ii) Volume of the cylinder = πr2h
= 3.14 × (3)2 × 5
= 141.3 cm3
Hence, (i)Radius of the cylinder = 3 cm
(ii) Volume of the cylinder = 141.3 cm3.

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.6

Question 5.
It costs Rs. 2200 to paint the inner curved surface of a cylindrical vessel 10 m deep. If the cost of painting is at the rate of Rs. 20 per m2, find :
(i) inner curved surface area of the vessel,
(ii) radius of the base,
(iii) capacity of the vessel.
Solution:
We have,
Depth of the cylindrical vessel (h) = 10 m
cost of painting = Rs. 20 per m2
Total cost of painting = Rs. 2200
(i) Inner curved surface area of the vessel = \(\frac{\text { Total cost }}{\text { Cost of painting }}=\frac{2200}{20}\) = 110 m2
(ii) Let the radius of the base of vessel ber m.
Curved surface area of the vessel = 110 m2,
[As solved in (i)]
⇒ 2πrh = 110
⇒ 2 × \(\frac{22}{7}\) × r × 10 = 110
⇒ \(\frac{440}{7}\) × r = 110
⇒ r = \(\frac{110 \times 7}{440}\)
⇒ r = 1.75 m.
(iii) Capacity of the vessel = πr2h
= \(\frac{22}{7}\) × (175)2 × 10
= 96.25 m3 = 96.25 kl
Hence, (i) Inner curved surface area of the vessel = 110 m2
(ii) Radius of the base = 1.75 m
(iii) Capacity of the vessel = 96.25 m3 or 96.25 kl.

Question 6.
The capacity of a closed cylindrical vessel of height 1 m is 15.4 litres. How many square metres of metal sheet would be needed to make it?
Solution:
We have,
Height of the cylindrical vessel (h) = 1 m
and volume of the cylindrical vessel = 15.4 litres …..(1)
Let the radius of the cylindrical vessel be r m, then
Volume of the cylindrical vessel = πr2h
⇒ 15.4 litres = \(\frac{22}{7}\) × r2 × 1[Using (1)]
⇒ \(\frac{15.4}{1000} \mathrm{~m}^3=\frac{22}{7} r^2\)
⇒ \(\frac{15.4 \times 7}{1000 \times 22}=r^2\)
⇒ 0.0049 = r2
⇒ r = \(\sqrt{0.0049}\)
⇒ r = \(\sqrt{\frac{49}{10000}}\)
r = \(\frac{7}{100}\)
Required area of the metal sheet = Total surface area of the cylindrical vessel
= 2πrh + 2πr2
= 2 \(\frac{22}{7}\) × 1 + 2 × \(\frac{22}{7} \times\left(\frac{7}{100}\right)^2\)
= \(\frac{44}{100}\) + 0.0308
= 0.44 + 0.0308
= 0.4708 m2
Hence, area of the metal sheet required to make the vessel = 0.4708 m2.

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Question 7.
A lead pencil consists of a cylinder of wood with a solid cylinder of graphite filled in the interior. The diameter of the pencil is 7 mm and the diameter of the graphite is 1 mm. If the length of the pencil is 14 cm, find the volume of the wood and that of the graphite.
Solution:
We have,
Length of the cylindrical pencil (h)= 14 cm
Diameter of the cylindrical pencil = 7 mm
= \(\frac{7}{10}\) cm
∴ Radius of the cylindrical pencil (R) = \(\frac{7}{20}\) cm
and diameter of the cylindrical graphite
= 1 mm = \(\frac{1}{10}\) cm
∴ Radius of the cylindrical graphite (r) = \(\frac{1}{10}\)
∴ Volume of the cylindrical pencil = πR2h
= \(\frac{22}{7} \times\left(\frac{7}{20}\right)^2 \times 14\)
= 5.39 cm3
and volume of the cylindrical graphite = πr2h
= \(\frac{22}{7} \times\left(\frac{1}{20}\right)^2 \times 14\)
= 0·11 cm3
Volume of the wood = Volume of the pencil – Volume of the graphite
= 5.39 – 0·11 = 5.28 cm3
Hence, volume of the wood = 5.28 cm3 and volume of the graphite = 0·11 cm3.

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Question 8.
A patient in a hospital is given soup daily in a cylindrical bowl of diameter 7 cm. If the bowl is filled with soup to a height of 4 cm, how much soup the hospital has to prepare daily to serve 250 patients?
Solution:
We have,
Height of the cylidrical bowl filled with soup (h) = 4 cm
Diameter of the cylindrical bowl (d) = 7 cm
∴ Radius of the cylindrical bowl (r) = \(\frac{7}{2}\) cm
Volume of the soup for 1 patient = πr2h
= \(\frac{22}{7} \times\left(\frac{7}{2}\right)^2 \times 4\)
= 154 cm3
Volume of the soup for 250 patients
= 154 × 250 = 38500 cm3
= \(\frac{38500}{1000}\) litres
= 38.5 litres
Hence, volume of the soup for 250 patients = 38500 cm3 or 38.5 litres.

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HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

Haryana State Board HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

HBSE 6th Class Hindi संसार पुस्तक है Textbook Questions and Answers

पत्र से

संसार पुस्तक है पाठ के शब्दार्थ HBSE 6th Class Hindi  प्रश्न 1.
लेखक ने ‘प्रकृति के अक्षर’ किन्हें कहा है?
उत्तर:
लेखक ने प्रकृति की विविध चीजों को ही प्रकृति के अक्षर कहा है। पहाड़, पत्थर, नदी, मैदान, रोड़ा, पक्षी ये सभी प्रकृति के अक्षर हैं। इनको पढ़ने-समझने से बहुत बातें स्वयं पता चल जाती हैं।

पाठ 12 संसार पुस्तक है प्रश्न उत्तर HBSE 6th Class Hindi प्रश्न 2.
लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी?
उत्तर:
लाखों-करोड़ों वर्ष पहले इस धरती पर कोई आदमी नहीं रहता था। तब जानवर भी नहीं थे। तब यह धरती बहुत गर्म थी।

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

Sansar Pustak Hai Class 6 HBSE Hindi Chapter 12 प्रश्न 3.
दुनिया का पुराना हाल किन चीजों से जाना जाता है? उनके कुछ नाम लिखो।
उत्तर:
दुनिया का पुराना हाल इन चीजों से जाना जाता है

  • पहाड़
  • समुद्र
  • सितारे
  • नदियाँ
  • जंगल
  • जानवरों की हड्डियाँ।

संसार पुस्तक है के प्रश्न उत्तर Class 6 HBSE Hindi Chapter 12 प्रश्न 4.
गोल चमकीला रोड़ा अपनी क्या कहानी बताता है?
उत्तर:
गोल चमकीला रोड़ा अपनी कहानी बताता है कि बहुत समय पहले वह चट्टान का एक टुकड़ा था। उसके किनारे और कोने भी थे। वह पहाड़ के दामन में पड़ा रहा। जब पानी आया और उसे बहाकर छोटी घाटी तक ले गया। वहाँ से एक पहाड़ी नाले ने ढकेलकर उसे एक छोटे दरिया में पहुंचा दिया. फिर वह बड़े दरिया में पहुंचा और उसके पेंदे में लुढ़कता रहा। इससे उसके किनारे घिस गए और वह चिकना तथा चमकदार हो गया।

Class 6 HBSE Hindi Chapter 12 Question and Answers संसार पुस्तक है प्रश्न 5.
गोल चमकीले रोड़े को यदि दरिया और आगे ले जाता तो क्या होता? विस्तार से उत्तर लिखो।
उत्तर:
गोल चमकीले रोड़े को यदि दरिया और आगे ले जाता तो वह और छोटा होता चला जाता और अंत में बालू का एक कण बन जाता। इस प्रकार वह नदी या समुद्र की रेत बन जाता। तब वह बालू का किनारा होता, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं और घरौंदे बनाते हैं।

प्रश्न 6.
नेहरूजी के इस बात का हलका-सा संकेत दिया है कि दुनिया कैसे शुरू हुई होगी? उन्होंने क्या बताया है? पाठ के आधार पर लिखो।
उत्तर:
नेहरूजी ने बताया है कि यह पृथ्वी लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है। पहले यहाँ न कोई आदमी था, न जानवर। एक समय ऐसा भी था कि जब इस पृथ्वी पर कोई जानदार चीज न थी। तब धरती बेहद गर्म थी। धीरे-धीरे यह धरती कम गर्म होती चली गई और जानवर अस्तित्व में आए। बाद में आदमी इस धरती पर आए।

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

पत्र से आगे

1. लगभग हर जगह दुनिया की शुरुआत को समझाती हुई कहानियाँ प्रचलित हैं। तुम्हारे यहाँ कौन-कौन सी कहानी प्रचलित है?
उत्तर:
हमारे यहाँ एक कहानी प्रचलित है कि इस दुनिया की शुरुआत भगवान ने की। उसी ने इस सृष्टि के क्रम को आगे बढ़ाया।

2. तुम्हारी पसंदीदा किताब कौन-सी है/हैं और क्यों?
उत्तर:
हमारी पसंदीदा किताब तुलसीदास द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ है। इसमें नीति, धर्म, व्यवहार, कर्तव्य-अकर्तव्य आदि सभी के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है।

3. मसूरी और इलाहाबाद शहर भारत के कौन-से प्रदेश/प्रदेशों में हैं?
उत्तर:
मसूरी – उत्तरांचल प्रदेश में।
इलाहाबाद – उत्तर प्रदेश में।

4. तुम जानते हो, दो पत्थरों को रगड़कर आदि मानव ने आग की खोज की थी। उस युग में पत्थरों का और क्या-क्या उपयोग होता था?
उत्तर:
उस युग में पत्थरों का निम्नलिखित रूपों में उपयोग होता था-

  • हथियार बनाने में।
  • मकान बनाने में।

5. यदि प्रकृति का एक अक्षर किसी पेड़ को मानें, तो क्या उसे पढ़ने के लिए सिर्फ आँखों का इस्तेमाल करना होगा?
उत्तर:
उसे आँखों के अतिरिक्त हाथों से छूकर तथा मस्तिष्क से सोचकर भी पढ़ना होगा।

भाषा की बात

1. ‘इस बीच वह दरिया में लटकता रहा।’ नीचे लिखी क्रियाएँ पढ़ो। क्या इनमें और ‘लुढ़कना’ में तुम्हें कोई समानता नजर आती है?
ढकेलना, सरकना, खिसकना.
उत्तर:
इन चारों क्रियाओं का अंतर समझाने के लिए इनसे वाक्य बनाओ।
ढकेलना – दूसरों को ढकेलना ठीक नहीं है।
ढकेलता – वह लोगों को ढकेलता चला गया।
सरकना – हमें धीरे-धीरे सरकना होगा।
सरकता – वह सरकता चला गया।
खिसकना – हमें धीरे-धीरे खिसकना चाहिए।
खिसकता – वह आगे खिसकता चला गया।

2. चमकीला रोड़ा – यहाँ रेखांकित विशेषण ‘चमक’ संज्ञा में ‘ईला’ प्रत्यय जोड़ने पर बना है। निम्नलिखित शब्दों में यही प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाओ और इनके साथ उपयुक्त संज्ञाएँ लिखो-
पत्थर ………..
काँटा ………….
रस ………….
जहर ………….
उत्तर:
पत्थर + ईला = पथरीला
रस + ईला = रसीला
काँटा + ईला = कँटीला
जहर + ईला = जहरीला

3, ‘जब तुम मेरे साथ रहती हो, तो अक्सर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो।’ यह वाक्य दो वाक्यों को मिलाकर बना है। इन दोनों वाक्यों को जोड़ने का काम जब-तो (तब) कर रहे हैं, इसलिए इन्हें योजक कहते हैं। योजक के रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए ये अव्यय का एक प्रकार होते हैं। नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक-एक वाक्य बनाओ।
उत्तर:
(क) कृष्णन् फिल्म देखना चाहता है …… मैं मेले में जाना चाहती हूँ।
(ख) मुनिया ने सपना देखा ……….. वह चंद्रमा पर बैठी है।
(ग) छुट्टियों में हम सब ……….. दुर्गापुर जाएँगे ……….. जालंधर।
(घ) सब्जी कटवाकर रखना ……….. घर आते ही मैं खाना बना लूँ।
(ङ) ……….. मुझे पता होता कि शमीम बुरा मान जाएगा …….. मैं यह बात न कहता।
(च) मालती ने तुम्हारी शिकायत नहीं ……….. तारीफ ही की थी।
(छ) इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है ……….. अनाज महँगा है।
(ज) विमल जर्मन सीख रहा है ……….. फ्रेंच।
बल्कि / इसलिए / परंतु / कि / यदि / तो कि / या / ताकि
उत्तरः
(क) कृष्णन् फिल्म देखना चाहता है परंतु में मेले में जाना चाहती हूँ।
(ख) मुनिया ने सपना देखा कि वह चंद्रमा पर बैठी है।
(ग) छुट्टियों में हम सब तो दुर्गापुर जाएँगे न कि जालंधर।
(घ) सब्बी कटवाकर रखना ताकि घर आते ही में खाना बना लूँ।
(ङ) यदि मुझे पता होता कि शमीम बुरा मान जाएगा तो मैं यह बात न कहता।
(च) मालती ने तुम्हारी शिकायत नहीं बल्कि तारीफ ही की
(छ) इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है इसलिए अनाज महँगा है।
(ज) विमल जर्मन सीख रहा है न कि फ्रेंच।

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सुनना और सुनाना

1. एन.सी.ई.आर.टी. की श्रव्य श्रृंखला ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’।
2. एन.सी.ई.आर.टी. का श्रव्य कार्यक्रम ‘पत्थर और पानी की कहानी’।

HBSE 6th Class Hindi संसार पुस्तक है Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
रोड़ा कैसे चमकीला और चिकना तथा गोल बना?
उत्तर:
एक समय जब रोड़ा एक चट्टान का टुकड़ा था, उसमें किनारे और कोने थे। वह किसी पहाड़ के दामन में पड़ा रहा। तब पानी आया और उसे बहाकर छोटी घाटी तक ले गया। वहाँ से एक पहाड़ी नाले ने ढकेलकर उसे एक छोटे-से दरिया में पहुंचा दिया। इस छोटे-से दरिया से वह बड़े दरिया में पहुंचा। इस बीच वह दरिया के पेदे में लुढ़कता रहा, उसके किनारे घिस गए और वह चिकना तथा चमकदार हो गया।

प्रश्न 2.
नेहरू जी ने पुत्री को क्या सलाह दी?
उत्तर:
नेहरू जी ने पुत्री को कहा कि इंग्लैंड केवल एक छोटा-सा टापू है और हिंदुस्तान, जो एक बहुत बड़ा देश है, फिर भी दुनिया का एक छोटा-सा हिस्सा है। अगर तुम्हें इस दुनिया का कुछ हाल जानने का शौक है, तो तुम्हें सब देशों का और उन सब जातियों का, जो इसमें बसी हुई हैं, ध्यान रखना पड़ेगा, केवल उस एक छोटे-से देश का नहीं जिसमें तम पैदा हुई हो।

प्रश्न 3.
धरती के बारे में इस पाठ में क्या बताया गया है?
उत्तर:
धरती के बारे में इस पाठ में बताया गया है कि यह लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है। सबसे पहले यहाँ न आदमी थे न जानवर। तब जानदार चीजें न थीं। बाद में जानवर और आदमी इस धरती पर आ गए।

प्रश्न 4.
किन चीजों से दुनिया का पुराना हाल मालूम हो सकता है?
उत्तर:
किताबों से, पहाड़ों से, समुद्रों से, नदियों से, सितारों से, जंगलों से, जानवरों की पुरानी हड्डियों से दुनिया का पुराना हाल मालूम हो सकता है।

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

प्रश्न 5.
हमें कौन-सी पुस्तक पढ़नी चाहिए?
उत्तर:
हमें संसार रूपी पुस्तक पढ़नी चाहिए।

प्रश्न 6.
एक रोड़ा दरिया में लुढ़कता-लुढ़कता किस रूप में बदल जाता है?
उत्तर:
रोड़ा दरिया में लुढ़कते-लुढ़कते छोटा होता जाता है और अंत में बालू रेत का कण बन जाता है।

संसार पुस्तक है गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. मुझे मालूम है कि इन छोटे-छोटे खतों में बहुत थोड़ी-सी बातें ही बतला सकता हूँ। लेकिन मुझे आशा है कि इन थोड़ी-सी बातों को भी तुम शौक से पढ़ोगी और समझोगी कि दुनिया एक है और दूसरे लोग जो इसमें आबाद हैं हमारे भाई-बहन हैं। जब तुम बड़ी हो जाओगी तो तुम दुनिया और उसके आदमियों का हाल मोटी-मोटी किताबों में पढ़ोगी। उसमें तुम्हें जितना आनंद मिलेगा, उतना किसी कहानी या उपन्यास में भी न मिला होगा।

प्रसंग: प्रस्तुत गद्यांश पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित पत्र से अवतरित है। यह पत्र उन्होंने अपनी पुत्री को लिखा है।

व्याख्या:
नेहरूजी उस समय इलाहाबाद में थे और पुत्री मसूरी में थी, अत: पत्रों के माध्यम से ही वे अपनी बात कहते थे। वे यह बात भली प्रकार जानते थे कि पत्रों की एक सीमा है और पत्रों द्वारा थोड़ी सी बातें ही बताई जा सकती हैं। नेहरूजी को विश्वास है कि उनकी पुत्री उनके द्वारा बताई गई बातों को ध्यानपूर्वक और रुचि के साथ पढ़कर समझेगी।

उसे यह समझना होगा कि यह सारी दुनिया एक है और दुनिया भर के लोग हमारे भाई-बहन हैं। पुत्री जब बड़ी हो जाएगी तब उसे लोगों द्वारा लिखी गई मोटी-मोटी किताबें पढ़ने को मिलेंगी। उन पुस्तकों को पढ़ने में बड़ा आनंद आएगा। ऐसा आनंद कहानी या उपन्यास में भी नहीं आता।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. किसे, क्या मालूम है?
2. लेखक अपनी पुत्री से क्या उम्मीद करता है?
3. बड़ी होने पर पुत्री क्या करेगी?
4. किताबों का आनंद किससे ज्यादा होगा?
उत्तर:
1. लेखक को यह मालूम है कि छोटे-छोटे पत्रों में थोड़ी-सी बातें ही बताई जा सकती हैं।
2. लेखक अपनी पुत्री इंदिरा से यह उम्मीद करता है कि वह पत्रों में बताई थोड़ी-सी बातों को भी शौक से पढ़ेगी और यह बात समझेगी कि यह दुनिया सारी एक है।
3. बड़ी होने पर पुत्री दुनिया के आदमियों का हाल मोटी-मोटी किताबों में पढ़ेगी।
4. उन मोटी किताबों में जो आनंद मिलेगा वह कहानी या उपन्यास से ज्यादा होगा।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. खतों में कितनी बातें बताई जा सकती हैं?
(क) काफी
(ख) थोड़ी
(ग) बहुत
(घ) कुछ नहीं
उत्तर:
(ख) थोड़ी

2. कौन लोग हमारे भाई-बहन हैं?
(क) दुनिया के देशों में बसे लोग
(ख) अपने देश के लोग
(ग) बाहर के लोग
(घ) घर के लोग
उत्तर:
(क) दुनिया के देशों में बसे लोग

3. इस पाठ के लेखक हैं
(क) पं. जवाहरलाल नेहरू
(ख) प्रेमचंद
(ग) इंदिरा गाँधी
(घ) मोतीलाल
उत्तर:
(क) पं. जवाहरलाल नेहरू

2. कोई जबान, उर्दू, हिंदी या अंग्रेजी सीखने के लिए तुम्हें उसके अक्षर सीखने होते हैं। इसी तरह पहले तुम्हें प्रकृति के अक्षर पढ़ने पड़ेंगे, तभी तुम उसकी कहानी उसकी पत्थरों और चट्टानों की किताब से पड़ सकोगी। शायद अब भी तुम उसे थोड़ा-थोड़ा पढ़ना जानती हो। जब तुम कोई छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा देखती हो, तो क्या वह तुम्हें कुछ नहीं बतलाता है? यह कैसे गोल, चिकना और चमकीला हो गया और उसके खुरदरे किनारे या कोने क्या हुए?

प्रसंग: प्रस्तुत पंक्तियाँ पॉडत जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी पुत्री को लिखे एक पत्र का अंश हैं।

व्याख्या:
नेहरू जी का कहना है कि प्रकृति को समझने के लिए उसकी भाषा को पढ़ना और समझना होगा। किसी भी भाषा को पढ़ने और समझने के लिए उसके अक्षरों को सीखना पड़ता है। प्रकृति को पढ़ने के लिए पत्थरों और चट्टानों को जानना होगा। इसे हम पहले से भी थोड़ा-बहुत तो जानते ही हैं।

लेखक पुत्री से कहता है कि जब वह कोई छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा देखती होगी तो वह तुम्हें बहुत कुछ बतलाता होगा। वह यह बताता है कि वह कैसे गोल, चिकना और चमकीला हो गया और उसके खुरदरे किनारे या कोने किस प्रकार मिट गए।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. किसी भी भाषा को सीखने के लिए क्या सीखना पड़ता है?
2. पत्थर और चट्टानों के बारे में क्या पढ़ सकते हैं?
3. एक छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा क्या बतलाता है?
उत्तर:
1. किसी भी भाषा को सीखने के लिए उस भाषा के अक्षरों को सीखना पड़ता है।
2. पत्थर और चट्टानों की किताब को पढ़ने के लिए प्रकृति के अक्षरों से पढ़ सकते हैं।
3. एक छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा यह बतलाता है कि वह कैसे गोल, चिकना और चमकीला हो गया। उसके खुरदरे किनारे कहाँ चले गए।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. इस गद्यांश में किस भाषा का उल्लेख है?
(क) उर्दू
(ख) हिंदी
(ग) अंग्रेजी
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

2. ‘गोल चमकीला रोड़ा’- रेखांकित शब्द व्याकरण में क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) सर्वनाम
(ग) विशेषण
(घ) क्रिया
उत्तर:
(ग) विशेषण

3. ‘खुरदरे’ का विलोमार्थी है
(क) चिकना
(ख) चमकीला
(ग) गोल
(घ) टेड़ा
उत्तर:
(क) चिकना

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

3. यह धरती लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है और बहुत दिनों तक इसमें कोई आदमी न था। आदमियों के पहले सिर्फ जानवर थे और जानवरों से पहले एक ऐसा समय था जब इस धरती पर कोई जानदार चीज न थी। आज जब यह दुनिया हर तरह के जानवरों और आदमियों से भरी हुई है, उस जमाने का खयाल करना भी मुश्किल है, जब यहाँ कुछ था।

लेकिन विज्ञान जानने वालों और विद्वानों ने, जिन्होंने इस विषय को खूब सोचा और पढ़ा है, लिखा है कि एक समय ऐसा था जब वह धरती बेहद गर्म थी और इस पर कोई जानदार चीज नहीं रह सकती थी और अगर हम उनकी किताबें पढ़ें और पहाड़ों और जानवरों की पुरानी हड्डियों को गौर से देखें तो हमें खुद मालूम होगा कि ऐसा समय जरूर रहा होगा।

प्रसंग: प्रस्तुत गद्यांश पडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी पुत्री को लिखे पत्र का एक अंश है।

व्याख्या:
लेखक बताता है कि यह धरती लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है। उस समय इस पर कोई आदमी नहीं रहता था। आदमियों से पहले इस धरती पर केवल जानवर थे। जानवरों से पहले इस धरती पर जानदार, प्राणी भी नहीं रहते थे। आज दुनिया जानवरों और आदमियों से भरी पड़ी है। अब तो उस जमाने का खयाल करना भी कठिन है। वैज्ञानिकों और विद्वानों ने इस बारे में बहुत सोचा, पढ़ा और लिखा है। एक समय यह भी था कि यह धरती बेहद गरम थी।

तब इस धरती पर कोई जानदार चीज नहीं रह सकती थी। उस जमाने के बारे में उस समय की किताबों, पहाड़ों तथा जानवरों की पुरानी हड्डियों को ध्यानपूर्वक देखने से भली प्रकार पता चल सकता है। हम जान जाएंगे कि कभी ऐसा समय जरूर रहा होगा।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. यह धरती कितनी पुरानी है?
2. आदमियों से पहले धरती पर कौन थे?
3. वैज्ञानिकों और विद्वानों का धरती के बारे में क्या कहना था?
4. हमें खुद क्या मालूम हो जाएगा?
उत्तर:
1. यह धरती लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है।
2. आदमियों से पहले इस धरती पर केवल जानवर थे। जानवरों से पहले धरती पर कोई जानदार चीज न थी।
3. वैज्ञानिकों और विद्वानों ने लिखा है कि एक समय ऐसा था जब यह धरती बेहद गर्म थी और इस पर कोई जानदार चीज़ नहीं रह सकती थी।
4. किताबों को पढ़ने तथा पहाड़ों और जानवरों की हड्डियों देखने पर हमें यह मालूम हो जाएगा कि ऐसा समय जरूर रहा होगा।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. आज यह धरती किनसे भरी पड़ी है?
(क) आदमियों से
(ख) जानवरों से
(ग) दोनों से
(घ) किसी से नहीं
उत्तर:
(ग) दोनों से

2. एक समय यह धरती कैसी थी?
(क) बेहद गर्म
(ख) बेहद ठंडी
(ग) सामान्य
(घ) मिली-जुली
उत्तर:
(क) बेहद गर्म

3. धरती के बारे में जानने के लिए किस काम की सलाह दी गई है?
(क) किताबें पढ़ने की
(ख) पहाड़ों को देखने की
(ग) जानवरों की पुरानी हड्डियों को देखने की
(घ) उपर्युक्त सभी काम
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी काम

HBSE 6th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 संसार पुस्तक है

संसार पुस्तक है Summary in Hindi

संसार पुस्तक है पाठ का सार

यह पाठ मूल रूप से एक पत्र है, जो भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपनी पुत्री इंदिरा को लिखा है। लेखक के पत्रों का संकलन ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ से प्रकाशित हुआ। लेखक अपनी पुत्री को संबोधित करते हुए कहता है कि जब वह उसके साथ रहती थी, तब वह अनेक प्रकार के प्रश्न पूछा करती थी और वह उनके जवाब देने की कोशिश किया करते थे।

अब पुत्री मसूरी में है और लेखक इलाहाबाद में है, अतः आमने-सामने तो कोई बातचीत नहीं हो सकती। अब तो पत्रों के द्वारा ही दुनिया की बातें बताई जा सकती हैं। पुत्री ने भारत और इंग्लैंड का इतिहास पढ़ा है। इंग्लैंड एक छोटा-सा टापू है जबकि हिंदुस्तान एक बहुत बड़ा देश है। अभी तो वह छोटी है पर बड़ी होने पर उसे दुनिया के बारे में मोटी-मोटी किताबों में बहुत कुछ पढ़ने को मिलेगा।

लेखक पुत्री को बताता है यह धरती करोड़ों वर्ष पुरानी है। यहाँ आदमियों से पहले सिर्फ जानवर थे। उनसे भी पहले यहाँ कोई जानदार चीज न थी। आज की दुनिया हर तरह के जानवरों और आदमियों से भरी पड़ी है। एक समय ऐसा भी था जब यह धरती बहुत गर्म थी और इस पर कोई जानदार चीज नहीं रह सकती थी। उस समय के बारे में हमें पहाड़ों और जानवरों की पुरानी हड्डियों से पता चल जाता है।

अब प्रश्न उठता है कि जब उस पुराने जमाने में आदमी ही न था तब भला किताबें कौन लिखता था? पर उस जमाने की कुछ चीजें ऐसी हैं जिनसे हमें दुनिया का पुराना हाल मालूम हो सकता है। हमें संसार रूपी पुस्तक को स्वयं पढ़ना होगा। एक छोटा-सा रोड़ा, जिसे हम सड़क पर या पहाड़ के नीचे पड़ा हुआ देखते हैं, वह भी संसार की पुस्तक का एक छोटा-सा पृष्ठ है और उससे कोई नई बात मालूम हो सकती है। पर हमें उसे पढ़ना आना चाहिए। किसी भी भाषा को सीखने के लिए उसके अक्षर सीखने होते हैं।

अत: हमें पहले प्रकृति के अक्षर पढ़ने होंगे। जब तुम कोई छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा देखती हो तब वह तुम्हें बहुत कुछ बतलाता है कि वह कैसे चमकीला और चिकना बन गया। तुम उसकी कहानी सुन सकती हो। चट्टान के टुकड़े को पानी बहाकर घाटी तक ले गया। वहाँ से एक पहाड़ी नाले ने ढकेलकर उसे छोटे-से दरिया में पहुंचा दिया।

वह दरिया के पेंदे में लुढ़कता रहा, उसके किनारे घिस गए और वह चिकना और चमकदार हो गया। अगर वह दरिया उसे और आगे ले जाता तो वह छोटा होते-होते अंत में बालू का एक कण बन जाता। इसी बालू रेत से छोटे-छोटे बच्चे खेलते और घरौंदे बनाते हैं। एक छोटा-सा रोड़ा हमें इतनी बातें बता सकता है तो पहाड़ और दूसरी चीजें तो हमें न जाने कितनी बातें बता सकती हैं।

संसार पुस्तक है शब्दार्थ

अक्सर = प्रायः (Generally)। दामन = पहाड़ों के नीचे की जमीन (Land under mountain)। खत = पत्र, चिट्टी (Letter)। आबाद = बसा हुआ (Populated)। गढ़ना = निर्माण करना (To construct)। शत = प्रतिज्ञा, वह बात जिस पर बात का होना, किया जाना, कायम रहना निर्भर हो (Condition)। खुरदरा = जिसकी सतह चिकनी न हो (Nor even)। बरिया = नदी (River)। मुश्किल = कठिन (Difficulty। बेहद = बहुत अधिक (Too much)।

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HBSE 6th Class Social Science Solutions History Chapter 9 खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर

Haryana State Board HBSE 6th Class Social Science Solutions History Chapter 9 खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Social Science Solutions History Chapter 9 खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर

HBSE 6th Class History खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर Textbook Questions and Answers

कल्पना करो:

प्रश्न तुम बेरिगाजा में रहते हो और पत्तन देखने निकले हो। तुमको क्या-क्या देखने को मिला?
उत्तर :
मैंने यहाँ नावों के कई बेड़ों को आते-जाते देखा। यहाँ यूनान, स्पेन, पुर्तगाल और अरब के व्यापारी इन बेड़ों में शराब, ताँबा, टिन, सीसा, मूंगा, पुखराज, कपड़े, सोने और चांदी के सिक्के भरकर ला रहे थे। इन्हें समुद्र तट पर उतारा जा रहा था। हजारों लोगों का जमघट था। लोगों की अलग-अलग किस्म की वेशभूषा देखने को मिली। भाषा भी लोग अलग-अलग बोल रहे थे। बेरिंगाजा असल में भृगुकच्छ बंदरगाह है लेकिन यूनानियों ने इसका नाम बेरिंगाजा रख दिया है।

बंदरगाह के दूसरे छोर पर मैंने देखा कि खाली नावों में हिमालय की जड़ी-बूटियाँ, हाथी दाँत का सामान, गोभेद, कानिलियन, सूती और रेशमी कपड़ा तथा इत्र जैसी चीजें लादी जा रही हैं। यह बंदरगाह इस समय गुजरात राज्य में है और अब इसे भडौंच कहा जाता है।

आओ याद करें :

खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर Class 6th History HBSE प्रश्न 1.
खाली जगहों को भरो:
(अ) तमिल में बड़े भूस्वामी को ………….. कहते थे।
(ब) ग्राम-भोजकों की जमीन पर प्रायः ………….. द्वारा खेती की जाती थी।
(स) तमिल में हलवाहों को ………….. कहते थे ।
(द) अधिकांश गृहपति ………….. भूस्वामी होते थे।
उत्तर :
(अ) बेल्लालर
(ब) दास और दैनिक श्रमिकों
(स) उझावर
(द) स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर।।

खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर class 6 HBSE History प्रश्न 2.
ग्राम-भोजकों के काम बताओ। वे शक्तिशाली क्यों थे?
उत्तर :
गाँव का मुखिया ग्राम भोजक था, जो गाँव के झगड़ों को निपटाता था। सरकारी लगान एवं कर की वसूली करता था और कभी-कभी अपराधी सिद्ध हुए लोगों को दण्डित भी करता था। उसका पद आनुवांशिक होने, राजस्व वसूली. न्याय करने, दण्डित करने आदि का प्राधिकार रहने के कारण हम उसको शक्तिशाली व्यक्ति कह सकते हैं। दास, कर्मकार, श्रमिक आदि -उसकी सेवा करते थे एवं कृषि-कार्य का बोझ भी उन्हीं के कंधों पर था।

HBSE 6th Class Social Science Solutions History Chapter 9 खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर

HBSE 6th Class Social Science खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर प्रश्न 3.
गाँव तथा शहरों दोनों में रहने वाले शिल्पकारों की सूची बनाओ।
उत्तर :
1. मूर्ति शिल्पी
2. टोकरी बुनने वाले
3. लोहार
4. स्वर्णकार
5. खदान श्रमिक
6. कृषि-दास.
7. भवन-शिल्पी
8. बढ़ई (काष्ठ-शिल्पी)
9. भांडकार (कुम्हार एवं ठठेरे)
10. जुलाहे
11. बुनकर
12. जलयान एवं नाव बनाने वाले
13. गंधी (इत्र आदि सुंगधित द्रव्य बनाने और बेचने वाले)
14. सिक्के डालने वाले (मुद्रा शिल्पी)।

प्रश्न 4.
सही जवाब ढूंढो :
(क) वलयकूप का उपयोग …………..
(i) नहाने के लिए
(ii) कपड़े धोने के लिए
(iii) सिंचाई के लिए
(iv)जल निकास के लिए किया जाता था।
उत्तर :
(iv)जल निकास के लिए किया जाता था।

(ख) आहात सिक्के …………..
(i) चाँदी
(ii) सोना
(iii) टिन
(iv) हाथीदाँत के बने होते थे।
उत्तर :
(i) चाँदी

(ग) मथुरा महत्त्वपूर्ण …………..
(i) गाँव
(ii) पत्तन ।
(iii) धार्मिक केन्द्र
(iv) जंगल क्षेत्र
उत्तर :
(iii) धार्मिक केन्द्र

(घ) श्रेणी …………..
(i) शासकों
(ii) शिल्पकारों
(iii) कृषकों
(iv) पशुपालकों का संघ होता था।
उत्तर :
(ii) शिल्पकारों

HBSE 6th Class Social Science Solutions History Chapter 9 खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर

आओ चर्चा करें :

प्रश्न 5.
एन.सी.आर.टी की पाठ्यपुस्तक पर दिखाए गए लोहे के औजरों में कौन खेती के लिए महत्त्वपूर्ण होंगे? अन्य औजार किस काम में आते होंगे ?
उत्तर :
हल की लोहे की फाल। इससे खेतों की जुताई की जाती थी। सँडसी का प्रयोग किसी चीज को पकडकर गर्म करने आग से उतारने, कीलों को खींचकर बाहर निकालने आदि में होता होगा। दराँती का प्रयोग घास काटने, फसल काटने, पेड़ों की पत्ते काटने एवं लकड़ी काटने में होता होगा।

प्रश्न 6.
अपने शहर की जल निकास व्यवस्था की तुलना तुम उन शहरों की व्यवस्था से करो, जिनके बारे में तमने पढ़ा है। इनमें तुम्हें क्या-क्या समानताएँ और अंतर दिखाई दिए ?
उत्तर :
छात्रों को इस प्रश्न का उत्तर अपने निवास के आस-पास वाले स्थानों का निरीक्षण करके देना है। यदि वे गाँव में रहते हैं तो लिखेंगे कि वहाँ साधारण कुल्या खोदकर प्रत्येक घर की नाली को गाँव के किसी बड़े नाले तक पहुँचाया जाता है। यह नाली खुली रहती है तथा वर्षाकाल में टूटती रहती है। यदि वे शहर में रहते हैं तो यहाँ नालियों के भूगत रहने का उल्लेख करेंगे। इसमें एक बस्ती की नाली को दूसरी के साथ जोड़ते हुए एक जाल सा तैयार किया जाता है। सीमेंट निर्मित बड़े-बड़े नल छिपाए जाते हैं। प्रत्येक 50 मीटर की दूरी पर पक्के सीमेंट की एक हौदी बनाई जाती है। इसके ऊपर लोहे या सीमेंट-कंक्रीट का एक ढक्कन रखा जाता है। बस्ती के समूचे नाली-जाल का अन्त में बस्ती से दूर किसी बड़े नाले के साथ जोड़ दिया जाता है।

इस पाठ में वर्णित नाली प्रबंध छल्लेदार कुंओं (Ring Well) का है। यह एक दूसरे के ऊपर रखे हुए गोलाकार बर्तन (हाँडी) की तरह था। इनका प्रयोग शौचादि करने एवं कूड़ा-करकट को डालने में किया जाता था। ये पृथ्वी में गहराई पर गाड़े गए थे। ये मिट्टी के बने हुए थे। इसका अर्थ है कि उस काल में नाली प्रबंध निकास वाला नहीं बल्कि भूगत-अवशोषण (सुरक्षा-कुंड) वाला था। ऐसा आवृत्त और भू-गत नाली प्रबंध, कई गांवों एवं शहरों में आज भी दिखाई पड़ता है। दोनों में समानता यह है कि इनका प्रयोग मल-जल का व्ययन करने में होता है। गंदगी को विसंक्रमित करने तथा बस्ती से दूर रखने का कार्य दोनो व्यवस्थाओं में होता है।

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आओ करके देखें:

प्रश्न 7.
अगर तुमने किसी शिल्पकार को काम करते हुए देखा है तो कुछ वाक्यों में उसका वर्णन करो (संकेत : उन्हें कच्चा माल कहाँ से मिलता है, किस तरह के औजारों का प्रयोग करते हैं, तैयार माल का क्या होता है, आदि)
उत्तर :
टोकरी बुनने वाले : कच्चा माल अर्थात् बाँस को जंगलों से लाते हैं। कुछ दिन इसको सूखने दिया जाता है। अब आरी से इसके डंडों को लम्बाई में बारीकी से चीरा जाता है और बाँस की बारीक खप्पचियों को क्रमश: एक-दूसरे में फंसाकर, ग्रंथियाँ लगाकर, बाटकर वह टोकरी आदि वस्तुएँ या चटाई तैयार कर ली जाती है। इस कार्य के लिए हमको दराँती, आरी, पैमाना, रस्सी के टुकड़े आदि उपकरणों की आवश्यकता रहती है। पूरा परिवार इस कार्य को आपस में बाँट लेता है। यह गृह-उद्योग या शिल्प का एक प्राथमिक रूप है। इस तरह बनाए गए माल (टोकरी, डिब्बा, संदूक, बाल्टी आदि) को बाजार में ले जाकर बेच दिया जाता है। आकर्षक बनाने के लिए इन्हें विविध रंगों में रंगते भी हैं।

प्रश्न 8.
अपने शहर या गांव के लोगों के कार्यों की एक सूची बनाओ। मथुरा में किए जाने वाले कार्यों में से ये कितने समान और कितने भिन्न हैं ?
उत्तर :
आधुनिक पुरुष और महिलाओं द्वारा नगर एवं गाँव में किए जाने वाले कार्य :
1. खेती
2. पशुपालन
3. मुर्गी पालन
4. दुग्धशाला उद्योग
5. कारोबार
6. व्यापार
7. टोकरियाँ बुनना
8. खाद्य संग्रहण
9. जड़ी-बूटी उद्योग
10. फलोद्यान (बागवानी)
11. मत्स्यपालन
12. उत्खनन (खदानों में)
13. सड़क एवं पुल निर्माण
14. भवन निर्माण
15. मूर्ति शिल्प
16. हथकरघा उद्योग
17. हस्तकला आदि।

मथुरा में रहने वाले ऐतिहासिक लोगों द्वारा किए गए कार्य :
1. लोहारगिरी
2. सुनारगिरी
3. जुलाहे
4. टोकरी बुनने वाले
5. फूलों की माला गूंथने वाले (माली)
6. सुगंधित द्रव्य बनाने वाले (गंधी)
7. बागवानी
8. पुष्पोद्यान
9. कृषि
10. व्यापार (घरेलू एवं विदेशी)
11. मूर्ति शिल्प
12. भवन निर्माण शिल्प (वास्तुकला)
13. लेखक आदि।

समानताएँ और असमानताएँ :
उक्त तालिकाओं से स्पष्ट होता है कि आज भी पुरूष और महिलाओं द्वारा ये सभी कार्य किए जाते हैं। अन्तर केवल कार्य में प्रयोग किए जाने वाले औजारों एवं उपकरणों का दिखाई पड़ता है। आज विद्युत या वाष्प चालित यंत्र/ औजार बन गए हैं। बीजों की प्रजातियों में संकरण किया गया है और पहले की तुलना में अधिक आकर्षक चीजें बड़े पैमाने पर बनाई जाने लगी हैं। गृह उद्योग या कुटीर उद्योग जैसे लघु उद्योग अब दम तोड़ रहे हैं तथा उनका स्थान बड़े-बड़े उद्योगों ने ले लिया है।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण कार्य-विधि और साधनों (औजारों) में परिवर्तन हुआ है अन्यथा कार्यों में लगभग समानता है। सरकारी स्तर पर कटीर उद्योग-धन्धों को पनरूज्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाली मशीनों के इस युग में व्यष्टि या परिवार स्तर पर किए जाने वाले कार्य अलाभप्रद रह गए हैं। बड़े पैमाने पर निर्मित वस्तुएँ सस्ती कीमत पर उपलब्ध रहने के कारण उचित लाभांश नहीं मिल पाता है। संस्थानिक विशेष स्तर के प्रयास की आवश्यकता है।

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HBSE 6th Class History खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मौर्यकाल में बड़े जमींदार कैसे बने होंगे?
उत्तर :
इस युग में ग्रामीण स्तर पर राजकार्य में सहायता देने वाले लोगों को बड़े-बड़े कृषि-क्षेत्र स्वामित्व में दिए गए थे। साम्राज्य स्तर पर सबसे बड़ा कार्य कर-वसूली का था, जिसको बड़े जमींदार अपने-अपने गाँव से करते थे।

प्रश्न 2.
ग्रामभोजक और वेल्लालर में क्या अन्तर हैं ?
उत्तर :
दोनों शब्द बड़े जमींदारों के लिए प्रयोग होते हैं। अन्तर केवल उत्तर भारत की संस्कृत भाषा और दक्षिण भारत में तमिल भाषा (द्रविड समूह की एक भाषा) का है।

प्रश्न 3.
दक्षिण भारत में उझावर, कदाईसियार तथा आदिमई किन्हें कहा जाता था ?
उत्तर :
उझावर-साधारण कृषक को, खेतीहर मजदूर को-कदाईसियार और दासों को आदिमई कहा जाता था।

प्रश्न 4.
उत्तर भारत में गृहपति और दास-कर्मकार किसको कहा जाता था?
उत्तर :
क्रमशः छोटी कृषि-जोत (Land Holding) वाले परन्तु स्वतंत्र किसान को गृहपति और कृषि-दास खेतीहर मजदूर एवं बंधुआ मजदूर थे।

प्रश्न 5.
संगम-साहित्य से आप क्या समझते हो?
उत्तर :
तमिल (द्रविड़ भाषा समूह की एक भाषा) में लिखे गए ग्रंथ संगम साहित्य हैं। कृषि श्रम, शिल्प (मूर्ति निर्माण, काष्ठ कला, भवन निर्माण आदि) कार्य व्यवसाय में लगे हुए सामान्य जन एक समूह या सभा में बैठकर तत्कालीन समाज की घटनाओं का विवरण साहित्य की कविता विद्या (faculty) में उच्चारित करते थे।

प्रश्न 6.
पुरातत्वविदों ने नगरों के बारे में जानकारी किन-किन साधनों से जुटाई है ?
उत्तर :
तत्कालीन ग्रंथों में वर्णित कहानियों, उपाख्यानों, विदेशी यात्रियों के यात्रावृत्त या संस्मरणों अथवा विवरणों तथा मूर्ति शिल्प के मग्नावशेषों से।

HBSE 6th Class Social Science Solutions History Chapter 9 खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर

प्रश्न 7.
पुरातत्वविदों का इतिहास को क्या योगदान
उत्तर :
ऐतिहासिक घटनाओं के प्रमाणों को पुरातत्वविद् ही जुटाते हैं। पुरातत्व स्थलों का पता लगाना, प्राचीन ग्रंथों को पढ़ना, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का अध्ययन, दर्शन, प्रेक्षण तथा प्रयोग करना यथा-पुरातत्व स्थलों को खोदना, भग्नावशेषों का अध्ययन करना आदि कार्य पुरातत्वविद् ही करते हैं।

प्रश्न 8.
जातक कथाओं में किन विषयों को लिया जाता है?
उत्तर :
पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, जलवायु, वनस्पति, जीव-जंतु, पर्वत, गिरि, श्रृंग, पुरातन भवन आदि को बौद्ध धर्म के -सिद्धांतों को मनोकौशल से जनप्रिय बनाया गया है।

प्रश्न 9.
‘मूषक श्रेष्ठि कथा’ को आप किस सीमा तक सही मानते हैं ?
उत्तर :
अन्तर्जात गुणों के बोध, आर्थिक नियमों एवं उच्चावच की जानकारी, संयोगों की सन्धि कराने की कला वाली व्यष्टि की बुद्धि सीमा तक। वस्तुतः वह बालक भूख के मूल-प्रेरण से ही व्यवसाय प्रबंधन को सीखा होगा।

प्रश्न 10.
गोल-कूप क्या थे ? इनका किस कार्य में उपयोग होता था?
उत्तर :
मिट्टी के बने विशेष पात्र (घड़े के ऊपर घड़ा क्रम में)। इनका प्रयोग शौचादि में होता था। गहराई में गड़े हुए इन पात्रों में मल-जल बिना दुर्गंध सड़ जाता था एवं द्रव को मिट्टी द्वारा सोख लिया जाता था। यह एक तरह का नाली-प्रबंधन था।

प्रश्न 11.
मूर्ति-शिल्प का प्रयोग कहाँ हुआ है ?
उत्तर :
भवनों के जंगलों, स्तंभों तथा फाटकों को सजाने में।

प्रश्न 12.
भारतीय यूनानी कौन थे ?
उत्तर :
आज से लगभग 1800 वर्ष पहले उत्तर-पश्चिम भारत में शासन करने वाले यूनान के बैक्ट्रिया प्रदेश के वासी। इन्हें बैक्ट्रिया-यूनानी (यवन) भी कहा जाता है।

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प्रश्न 13.
कण्व कौन थे ?
उत्तर :
शुंगवंश के अन्तिम शासक को पराजित करके सिंहासन पर बैठने वाला राजवंश। इसके शासक वासुदेव, भूमिमित्र, नारायण और सुशर्मा थे।

प्रश्न 14.
बारीगज क्या हैं ?
उत्तर :
भड़ौच नामक बंदरगाह जिसको यूनानियों ने बारीगज नाम दिया था। इसका नाम भृगुकच्छ भी था। यह आधुनिक गुजरात

प्रश्न 15.
नमक के सौदागर यात्रा कैसे करते थे ?
उत्तर :
बैलगाड़ी में सवार होकर।

प्रश्न 16.
मथुरा नगर की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :
1. चारों ओर से किलेबन्दी वाला नगर
2. व्यापार और यात्रा का केन्द्र
3. मूर्ति शिल्प में अग्रणी तथा
4. धार्मिक नगर।

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प्रश्न 17.
मंदिर और मठों को वान देने वाले लोग कौन थे?
उत्तर :
राजा, रानी, अधिकारी, व्यापारी और शिल्पी लोग।

प्रश्न 18.
मथुरा में शिल्पी कौन-कौन थे ?
उत्तर :
1. सुनार
2. लोहार
3. जुलाहे.
4. दस्तकार,
5. माला गूंथने वाले और
6. गंधी (इत्र और सुगंधित द्रव्य बेचने वाले)।

प्रश्न 19.
“श्रेणी” बैंक का कार्य कैसे करती थी ?
उत्तर :
यह धनी महिला और पुरुषों का एक संघ था। वे धन जमा करते थे तथा शिल्पियों को कर्ज देते थे। मूल धन के व्याज का एक अंश वापस लौटा दिया जाता था। या मठ अथवा मंदिर बनाने वाली संस्थाओं को दान दिया जाता था।

प्रश्न 20.
सूत कातने और वस्त्र तैयार करने के काम में कौन-कौन से लोग लगाए गए थे? .
उत्तर :
भिन्न-भिन्न योग्यता वाली महिलाएँ, भिक्षुणियों, वेश्याओं की माताएँ, राज-सेवा से निवृत महिलाएँ तथा सेवा-निवृत देवदासियाँ।

प्रश्न 21.
वस्त्र बनाने में प्रयुक्त कच्चा माल क्या था ?
उत्तर :
ऊन, पेड़ों की छाल, सूत, सन(जूट) और क्षुमा।

प्रश्न 22.
अरिकामेडू कहाँ है ?
उत्तर :
आधुनिक पांडिचेरी संघ राज्य क्षेत्र में।

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प्रश्न 23.
इस बात का पता कैसे चलता है कि अरिकामेड़ बंदरगाह से भूमध्य सागर क्षेत्रों का माल आयात किया जाता था ?
उत्तर :
यहाँ पर दुहत्थे (दोनों पार्श्व भागों में मूठ वाले) घड़े पाए गये हैं जिसका उपयोग शराब या तेल रखने में किया जाता था। इसी तरह मुहर लगे लाल-चमकीले बर्तन पाए गए हैं जो इटली में प्रयोग किए जाते थे। इटली के एरेटाइन शहर के नाम से इन्हें एरेटाईन मिट्टी के बर्तन कहा जाता है।

प्रश्न 24,
बर्तनों पर मुहर कैसे लगाई जाती होगी?
उत्तर :
मुहर लगाने के साँचे में गीली मिट्टी को दबाकर।

प्रश्न 25.
अरिकामेडू में अन्य कौन-कौन सी चीजें पाई गई हैं?
उत्तर :
रोम के दीए, काँच का सामान तथा कीमती रत्न आदि।

प्रश्न 26.
तमिल भाषा में सीखने के लिए प्रयुक्त लिपि कौन सी थी?
उत्तर :
ब्राह्मी लिपि।

प्रश्न 27.
अरिकामेडू में पाए गए रंगीन छोटे हौज क्या दर्शाते हैं ?
उत्तर :
ये उस काल में वस्त्रों की रंगाई के लिए बनाए गए हौज होंगे।

प्रश्न 28.
रोम साम्राज्य का तत्कालीन विस्तार बताइए।
उत्तर :
रोम साम्राज्य समूचे यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया तक विस्तृत था।

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प्रश्न 29.
रोम नगर में स्नान, फव्वारे/झरने और शौच कार्य हेतु जलापूर्ति कैसे की गई थी?
उत्तर :
कुल्याएँ (कृत्रिम जल प्रणाली) खोदकर।

प्रश्न 30.
अखाड़े और कुल्याएँ आज तक सुरक्षित कैसे रही होंगी?
उत्तर :
इन्हें ईंटों/पत्थरों की प्रत्येक पंक्ति के बीच कोलतार (डामर) की लेप लगाकर जल-प्रतिरोधी बनाया गया था।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संगम साहित्य किसे कहते हैं ? यह किस भाषा में रचा गया ?
उत्तर :
संगम साहित्य : यह आठ ग्रंथों का संग्रह है और इसमें दो हजार कविताएँ हैं। तमिल भाषा की ब्राह्मी लिपि में ये लिखे गए हैं। कवि, चारण, भाट तथा घूमने-फिरने वाले गवैयों ने परस्पर-मिलकर एक सभा में इनकी रचना की थी इसलिए इस कविता संग्रह को संगम-साहित्य कहते हैं।

प्रश्न 2.
रोम के व्यापारी दक्षिण भारत के राज्यों हेतु लाभप्रद कैसे थे?
उत्तर :
1. भारत में मसालों, वस्त्रों, हीरे-मोती तथा भोग-विलास की वस्तुओं (सुधियों) का प्रचुर उत्पादन/ विनिर्माण होता था जबकि इनकी माँग रोम में अधिक थी। इस कारण इन वस्तुओं की ऊँची कीमत मिल जाती थी।
2. रोम के व्यापारी माल की कीमत सोने में देते थे।
3. तत्कालीन रोम साम्राज्य का विस्तार भूमध्य सागर के सभी देशों तक हो चुका था इसलिए इन वस्तुओं की दक्षिण भारतीयों को बहुत बड़ी बाजार मिल गई थी।
4. भारतीयों को रोम साम्राज्य के देशों में जाने की भी जरूरत नहीं थी क्योंकि रोम के जहाज स्वयं ही मालाबार तट और तमिलनाडु के पूर्वी तट पर आते रहते थे।

प्रश्न 3.
हिन्द यवन राजा कौन थे? उन्होंने कहाँ शासन किया ?
उत्तर :
हिन्द यवन या इंडोग्रीक राजा यूनान के मूल निवासी थे। यूनान का वह नगर बैक्ट्रिया था। इन्हें बैक्ट्रिया-यूनानी भी कहा जाता है। इन्होंने भारत में पंजाब के कुछ हिस्सों और काबुल की घाटी पर अपना अधिकार कर लिया। इस युग की जानकारी इन शासकों द्वारा जारी किए गए सिक्कों से प्राप्त होती है। मिनांडर जैसे कुछ बैक्ट्रिया शासकों ने बौद्ध धर्म भी स्वीकार कर लिया था। इनकी’ संस्कृति वस्तुतः भारत और यूनानी संस्कृतियों का मिश्रण थी।

प्रश्न 4.
कला की मथुरा और गांधार शैलियों का क्या तात्पर्य है? इनकी समानताएँ और भिन्नताएँ लिखिए।
उत्तर :
मथुरा शैली :
मथुरा में रहने वाले कुछ भारतीयों ने शिल्प कला सीखने में विशेष परिश्रम किया और गौतम बुद्ध की जीवंत मूर्तियाँ बनाई थी। यह मूर्ति शिल्प विशुद्ध भारतीय था।

गांधार शैली :
पश्चिम एशिया का कनिष्क जब भारत में प्रविष्ट हुआ तो यूनान की मूर्तिकला उत्तर भारत में पहुंच गई थी। कनिष्क ने गौतम बुद्ध के जीवन से संबंधित विविध चित्रों को यूनानी शैली में ही उत्कीर्ण कराया है। भारत में प्रयुक्त इस यूनानी कला को गांधार शैली कहते हैं।

समानता :
दोनों शैलियों के कलाकारों ने गौतम बुद्ध और उनके जीवन से जुड़ी हुई विविध घटनाओं प्रसंगों/ संदर्भो के चित्र भी उत्कीर्ण किए हैं।

भिन्नता :
मथुरा शैली विशुद्ध भारत की शिल्प-शैली (कला) थी जबकि कुषाणों आदि के शासन काल में बनाई गई मूर्तियों में यूनानी मूर्तिकला का प्रभाव (गांधार शैली) दिखाई देता है। यह मिश्रण भारतीय आत्मा परन्तु यूनानी कलेवर (शरीर) जैसा था।

प्रश्न 5.
शक कौन थे?
उत्तर :
मध्य एशिया की खानाबदोश (यायावर) जाति को शक कहा जाता था। ये आरंभ में हिल्मद नदी की घाटी में बसे और जनसंख्या बढ़ने पर हिंदुकुश दरें या सुलेमान पर्वत को पार करके भारत में आ गए थे। इन्होंने नासिक, मथुरा, उज्जैन जैसे नगरों में राज्य किया। ये भारतीयों के साथ रच-बस गए और हिन्दू तथा जैन धर्मो को अपना लिया था।

प्रश्न 6.
स्तूप और विहारों का क्या महत्त्व था? सुस्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
ये बौद्ध धर्म में दक्षिण भिक्षु और भिक्षुणियों के पूजा स्थल और निवास स्थान थे। स्तूप अर्ध गोलाकार टीले होते थे। इनमें महात्मा बुद्ध अथवा बौद्ध भिक्षुओं के अवशेष रखे जाते थे। इनकी पूजा की जाती थी। उदाहरणार्थ-साँची, अमरावती के स्तूप, विहार बहुत बड़े पहाड़ों को लोगों द्वारा काटकर बनाई गई गुफाएँ थीं। ये स्तूपों के नजदीक ही बनाए जाते थे। इनमें बौद्ध भिक्षु निवास करते थे। उदाहरणार्थ-सारनाथ, कार्ले और बेदसा के विहार, सारनाथ के विहार भवनयुक्त पक्की ईंटों के बनाए गए थे। इन्हें धनी व्यापारियों और शासक द्वारा दान में दी गई धनराशि से बनाया गया था।

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प्रश्न 7.
चैत्य, स्तूप और विहार का अर्थ क्या है? ऐसे कुछ स्थलों के नाम बताएँ जहाँ ये पाए जाते हैं?
उत्तर :
चैत्य : ये एक तरह के गुफा मंदिर हैं। एक बहुत बड़े कक्ष को चारों ओर खंभों पर बनाया जाता है।
स्तूप : ये अर्ध-गोलाकार टीले होते थे। इनमें बुद्ध या बौद्ध भिक्षुओं के अवशेष रखे जाते थे।
विहार : ये चैत्यों और स्तूपों के पास निर्मित भवन होते थे। ये वस्तुत: बौद्ध-भिक्षुओं के निवास स्थल हैं।

प्रश्न 8.
यूनानियों तथा यवनों के संपर्क में आने से भारतीय संस्कृति तथा व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर :
भारतीय संस्कृति पर प्रभाव :
भारतीय प्रतिनिधियों ने यूनान की नक्षत्र या खगोल विद्या को सीखा। यूनानियों के प्रभाव से चिकित्सा के क्षेत्र में भी भारतीय खोज करने लगे। सुश्रुत तथा चरक इसी काल के आयुर्वेद विशेषज्ञ थे। उन्होंने क्रमशः शरीरशास्त्रम एवं चरकसंहिता जैसे चिकित्सा ग्राथों को लिखा। इस तरह विज्ञान, नक्षत्र-विद्या और चिकित्सा की भारतीय संस्कृति का मानो प्रभात हुआ।

व्यापार पर प्रभाव :
यूनानी ही थे जिन्होंने भारत के साथ व्यापार की दिशा में पहल की। उनके जलयान मालाबार तट और अरिकामेडू बंदरगाह तक आते थे। इस तरह भारतीय माल भूमध्य सागर क्षेत्र के नगरों तथा बंदरगाहों में पहुंचने लगा। तक्षशिला, मथुरा और उज्जैन जैसे नगरों का समृद्ध बना, इसी व्यापार प्रगति का परिणाम है।

प्रश्न 9.
महलों, बाजारों और सामान्य लोगों के घरों की जानकारी कहाँ से एकत्रित की गई होगी? सुस्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
महलों, बाजारों और सामान्य लोगों के घरों की जानकारी को देने में समर्थ उस काल में लिखी गई पुस्तकें ही बनी। पुस्तकों को भले ही किसी भी विषय में लिखा गया हो, इनमें तत्कालीन समाज की दशा, रहन-सहन, जीवन-स्तर आदि का प्रत्यक्ष या परोक्ष उल्लेख अवश्य रहता है।

आयुर्वेदाचार्य चरक की यह उक्ति विचारणीय है कि वात, पित्त या कफ में किसी एक, किन्हीं दो या फिर सभा के सयुक्त असतुलन (विकार) से व्यक्ति रागा बनता है और ऐसे असंतुलन का कारण अनुचित खान-पान, संगत, साहचर्य, सहवास आदि होता है। उस समय के रोगों की पृष्ठभूमि में उन्होंने लोगों के निवास स्थान, बाजारों आदि का वर्णन किया है। इस अवधि में इंडिका, अर्थशास्त्र, चरकसंहिता, शरीरशास्त्रम, संगम साहित्य आदि ग्रंथ लिखे गए थे। ‘इंडिका’ एक यात्रा-अभिलेख या संस्मरण है जो मैगस्थनीज ने लिखा है। एक अज्ञात यूनानी मल्लाह ने अपनी डायरी में लिखा है कि वह किन-किन बंदरगाहों पर जाता था, वहाँ कैसे-कैसे लोग मिलते थे ? बंदरगाहों के आस-पास के नगरों और गाँवों की दशा कैसे है? आदि-आदि।

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प्रश्न 10.
एक यूनानी मल्लाह ने अपनी डायरी में गुजरात के भड़ौच (भृगुकच्छ) बंदरगाह का क्या वर्णन किया है ?
उत्तर :
वह कहता है कि भड़ौच बंदरगाह कच्छ की सँकरी खाड़ी में स्थित है। (भड़ौच बंदरगाह अब कांदला बंदरगाह है)। इसका नाम यूनानी भाषा में बारिंगज रखा गया था। इस बंदरगाह में हिमालय की जड़ी-बूटियाँ, हाथीदांत का सामान, मसाले, पत्थर, मोती, मलमल, मणियाँ तथा रत्नों का निर्यात होता था और यूनान के व्यापारियों से दोहत्थे कलश (आरटाइन, मृभांड), मदिरा पात्र, मदिरा, ताँबा, टिन, सीसा, मूंगा, पुखराज, वस्त्र, सोने और चाँदी के सिक्के आदि खरीदते थे। यूनान के व्यापारी राजा के लिए विशेष उपहार लाते थे। चाँदी के बर्तन, गायक,कमनीय महिलाएँ, विशुद्ध मदिरा और बारीक वस्त्र (मलमल) उपहार की वस्तुएँ थीं।

खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर Class 6 HBSE Notes in Hindi

1. लोहे का उपयोग कब से प्रारंभ हुआ? : लगभग 3000 वर्ष पूर्व।
2. सर्वाधिक औजार और हथियार कहाँ मिले हैं ? : महापाषाणी कब्रगाहों में।
3. जुताई के लिए लोहे की फाल का प्रयोग कबसे हुआ? : लगभग 2500 वर्ष पूर्व।
4. गाँवों की सहायता के बिना राजा और राज्य क्यों नहीं बन सकते? : गाँव ही प्राथमिक कार्यों से उत्पादन करते हैं और भोजन की आपूर्ति करते हैं।
5. सिंचाई के कौन-कौन से साधन प्रयोग किए जाने लगे ? : नहरें, कुएँ, तालाब और कृत्रिम झीलें।
6. तमिल भाषी क्षेत्र के जमींदारों, हरवाहों तथा भूमिहीन श्रमिकों का नाम क्या था ? : वेल्लालर, उझावर और कदाईसियार तथा आदिमई।
7. उत्तर भारत में बड़े जमींदार, छोटे जमींदार और भूमिहीन श्रमिकों को क्या कहा जाता था ? ग्रामभोजक, गृहपति, दास, कर्मकार।
8. तमिल भाषा की पहली कृति क्या है? : संगम साहित्य।
9. संगम क्या थे ? : पांड्य शासकों द्वारा आयोजित गोष्ठियाँ, सभा या गोष्ठी।
10, जातक कथाएँ किसने लिखी ? : बौद्ध मठों में रहने वाले भिक्षुओं ने।
11. मूषक श्रेष्ठि कथा किसमें पाई जाती है ? : जातक ग्रंथों में।
12. मूर्तिकला का प्रयोग किस हेतु किया जाता था ? : जंगले, खंभे तथा भवनों के फाटकों को सजाने के लिए।
13. “अरसर” कौन थे? : शासकों के अधीन वर्ग।
14. श्रोणि : विश्व श्रम संगठन (W.H.O.), कर्मचारी संघ/परिसंघ/सम्मेलन।

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15. धर्मशास्त्र : सामाजिक नियमों/ सदाचार-सद्व्यवहार के नियमों, उनसे प्रेरित कार्य का स्पष्टीकरण, विविध कार्यों का प्रतिफलन/ परिणाम नि:सरण आदि पर लिखे गए ग्रंथ।
16. किलेबन्दी वाले नगर किस काल में बने ? : महाजनपद काल में।
17. सामान्य नागरिकों के घरों, बाजारों और महलों के अवशेष नगण्य मात्रा में क्यों मिले हैं ?: शायद अनुवर्ती काल में पत्थर, ईंट आदि सामग्रियों का रूपांतरण करके पहले के स्थानों पर पुनः नए भवन बनाए गए होंगे। जन-सामान्य के घर घास-फस, खरपतवार आदि के बने थे अतः कालांतर में सड़ गए होंगे।
18. भड़ौच बंदरगाह में आयातित माल कौन-कौन सा था ? : शराब, ताँबा, टिन, सीसा, पुखराज, कांस्य, सोने और चाँदी के सिक्के।
19. भड़ौच से नियंतित माल : जड़ी-बूटियाँ, हाथी-दांत, गोमेद ईंधन, सूत. रेशम और सुगन्धित द्रव्य (इत्र, केवड़ा, गुलाब आदि।)
20. विदेशी व्यापारी राजाओं को नजराने में क्या देते थे ? : चाँदी के बर्तन, गायक-वृन्द, सुन्दर महिलाएं, विशेष मदिरा और बारीक वस्त्र (उदाहरणार्थ-मलमल का कपड़ा)।
21. आहत मुद्राएँ कौन-कौन सी धातुओं में पाई गई हैं ? : चाँदी या ताँबे में।
22. नमक के बदले खाने-पीने की अन्य चीजों को पाने के लिए नमक के सौदागरों को क्या करना पड़ता था? : चावल बैलगाड़ी पर लादकर समुद्र तट तक लाना पड़ता था। बैलगाड़ियों में नमक लादकर रेगिस्तान पार करके सौदागर उत्तर भारत में जाता था।
23. मथुरा नगर कब बसा? : आज से लगभग 2500 वर्ष पहले।
24. मथुरा की अवस्थिति बताइए? : उत्तर-पश्चिम से पूर्व और उत्तर से दक्षिण की ओर जाने वाले व्यापारिक मार्ग के चौराहे
25. मथुरा क्यों प्रसिद्ध है ? : मूर्ति कला के लिए, बौद्ध मठों, जैन मंदिरों तथा भगवान कृष्ण की जन्म नगरी के कारण।
26. मथुरा में रहने वाले लोगों के व्यवसाय क्या थे ? : सुनार, लोहार, जुलाहे. टोकरी बुनने वाले (गूंधने वाले) और गंधी (इत्र बेचने तथा बनाने वाले)।
27. “श्रेणि” क्या करते थे? : शिल्प और व्यापार के ये संगठन प्रशिक्षण देते थे। कच्ची सामग्री का उपापन (स्थानीय स्रोतों से खरीदकर इकट्ठा करना) करते थे तथा निर्मित माल का वितरण (विपणन) करते थे। ये एक तरह के बैंक भी थे।
28. कताई और बुनाई के नियम किसमें वर्णित हैं ? : अर्थशास्त्र के आँठवें अध्याय में।

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HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Exercise 13.4

Assume π = \(\frac{22}{7}\), unless stated otherwise.

Question 1.
Find the surface area of a sphere of radius:
(i) 10.5 cm (ii) 5.6 cm (iii) 14 cm.
Solution:
(i) We have,
Radius of sphere (r) = 10.5 cm
∴ Surface area of a sphere = 4πr2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (10.5)2
= \(\frac{9702}{7}\) cm2 Ans.
Hence,surface area of a sphere = 1386 cm2.

(ii) We have,
Radius of sphere (r) = 5.6 cm2
∴ Surface area of a sphere = 4πr2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (5.6)2
= \(\frac{2759.68}{7}\)
= 394.24 cm2
Hence,surface area of a sphere
= 394.24 cm2.

(iii) We have,
Radius of sphere (r) = 14 cm
∴ Surface area of a sphere = 4πr2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (14)2
\(\frac{17248}{7}\) = 2464 cm2
Hence, surface area of a sphere = 2464 cm2.

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Question 2.
Find the surface area of a sphere of diameter :
(i) 14 cm
(ii) 21 cm
(iii) 3.5 m.
Solution:
(i) We have,
Diameter of a sphere (d) = 14 cm
∴ Radius of a sphere (r) = \(\frac{14}{2}\) = 7 cm
∴ Surface area of a sphere = 4πr2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (7)2
= \(\frac{4312}{7}\)
= 616 cm2
Hence,surface area of a sphere = 616 cm2.

(ii) We have,
Diameter of a sphere (d) = 21 cm
∴ Radius of a sphere (r) = \(\frac{21}{2}\) = 10.5 cm
∴ Surface area of a sphere = 4πr2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (10.5)2
= \(\frac{9702}{7}\) cm2 = 1386 m2
Hence,surface area of a sphere = 1386 cm2.

(iii) We have,
Diameter of a sphere (d) = 3.5 m
∴ Radius of a sphere (r) = \(\frac{3.5}{2}\) = 1.75 m
∴ Surface area of a sphere = 4πr2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (1.75)2
= \(\frac{269.5}{7}\)
= 38.5 m2
Hence,surface area of a sphere= 38.5 m2.

Question 3.
Find the total surface area of a hemisphere of radius 10 cm. (Use π = 3.14)
Solution:
We have, Radius of a hemisphere (r) = 10 cm
∴ Total surface area of a hemisphere= 3πr2
= 3 × 3.14 × (10)2
= 942 cm2
Hence, total surface area of a hemisphere = 942 cm2.

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Question 4.
The radius of a spherical balloon increases from 7 cm to 14 cm as air is being pumped into it. Find the ratio of surface areas of the balloon in the two cases.
Solution:
We have,
Radius of a spherical balloon (r1) = 7 cm
∴ Surface area of a spherical balloon (S1) = 4π(r1)2 = 4 × \(\frac{22}{7}\) × (7)2
= 616 cm2
and increased radius of a spherical ballon (r2)= 14 cm
∴ Surface area of a spherical ballon in this case (S2) = 4π(r1)2
= 4 × \(\frac{22}{7}\) × (14)2
= 2464 cm2
Now,
\(\frac{S_1}{S_2}=\frac{616}{2464}\)
⇒ \(\frac{S_1}{S_2}=\frac{1}{4}\)
⇒ S1 : S2 = 1 : 4
Hence, required ratio of the balloon in two cases = 1 : 4.

Question 5.
A hemispherical bowl made of brass has inner diameter 10.5 cm. Find the cost of tin-plating it on the inside at the rate of Rs. 16 per 100 cm2.
Solution:
We have,
Diameter of hemispherical bowl
(d) = 10.5 cm
∴ Radius of the hemispherical bowl (r) = \(\frac{10.5}{2}\) = 5.25 cm
∴ Inner curved surface area of the bowl = 2πr2
= 2 × \(\frac{22}{7}\) × (5.25)2
= \(\frac{44 \times 27.5625}{7}\)
= 173.25 cm2
Rate of tin-plating = Rs. 16 per 100 cm2
∴ Cost of tin-plating inside of bowl = \(\frac{173.25 \times 16}{100}\)
= Rs. 27.72
Hence, cost of tin-plating the inside of a bowl = Rs. 27.72.

Question 6.
Find the radius of a sphere whose surface area is 154 cm2.
Solution:
Let the radius of a sphere be r cm.
Surface area of a sphere = 154 cm2, (given)
⇒ 4πr2 = 154
⇒ 4 × \(\frac{22}{7}\) × r2 = 154
⇒ \(\frac{88}{7}\) × r2 = 154
⇒ r2 = \(\frac{154 \times 7}{88}\)
⇒ r2 = \(\frac{7 \times 7}{4}\)
⇒ r = \(\sqrt{\frac{7 \times 7}{2 \times 2}}\)
⇒ r = \(\frac{7}{2}\) = 3.5 cm
Hence, radius of the sphere = 3.5 cm.

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Question 7.
The diameter of the Moon is approximately one fourth of the diameter of the Earth. Find the ratio of their surface areas.
Solution:
Let diameter of the Earth be 2x.
∴ Radius of the Earth (R) = x
∴ Surface area of the Earth (S1) = 4πR2 = 4πx2
According to question,
Diameter of the Moon = \(\frac{1}{4}\) × diameter of the Earth
= \(\frac{1}{4}\) × 2x = \(\frac{x}{4}\)
∴ Radius of the Moon (r) = \(\frac{\frac{x}{2}}{2}=\frac{x}{4}\)
∴ Surface area of the Moon (S2) = 4πr2
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 1
Hence, required ratio of the their surface areas = 1 : 16.

Question 8.
A hemispherical bowl is made of steel, 0.25 cm thick. The inner radius of the bowl is 5 cm. Find the outer curved surface area of the bowl.
Solution:
We have,
Inner radius of the bowl = 5 cm
and thickness of the bowl = 0.25 cm
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 2
Fig. 13.34
∴ Outer radius of the bowl (r) = 5 + 0.25
= 5.25 cm
∴ Outer curved surface area of the bowl = 2πr2
= 2 × \(\frac{22}{7}\) × (5.25)2
= \(\frac{44 \times 27.5625}{7}\)
= 44 × 3.9375
= 173.25 cm2
Hence, outer curved surface area of the bowl = 173.25 cm2.

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Question 9.
A right circular cylinder just encloses a sphere of radius r (see Fig. 13.35). Find :
(i) surface area of the sphere, (ii) curved surface area of the cylinder, (iii) ratio of the areas obtained in (i) and (ii).
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 3
Fig. 13.35
Solution:
We have,
(i) Radius of sphere = r
∴ Surface area of the sphere (S1) = 4πr2.
(ii) Radius of the cylinder = radius of the sphere = r.
Height of the cylinder (h) = 2 × r = 2r
∴ Curved surface area of the cylinder
(S2) = 2πrh = 2π × r × 2r
= 4πr2
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 4
Hence, (i) surface area of sphere = 4πr2
(ii) curved surface area of the cylinder = 4πr2
(iii) required ratio of the areas obtained in (i) and (ii) = 1 : 1.

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HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Arithmetic Progressions Ex 5.2

Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Arithmetic Progressions Ex 5.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 5 Arithmetic Progressions Ex 5.2

Question 1.
Fill in the blanks in the following table, given that a is the first term, d the common difference and a„ the 71th term of the AP :

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Solution :
(i) We have, a = 7, d = 3, n = 8, an = ?
We know that 71th term of an AP is : an = a + (n – 1)d
⇒ a8 = 7 + (8 – 1) × 3
⇒ a8 = 7 + 7 × 3
⇒ a8= 7 + 21
⇒ a8 = 28
Hence, a8 = 28.

(ii) We have, a = – 18, n = 10, an = 0, d = ?
We know that 7th term of an AP is an = a + (n – 1) d
⇒ 0 = – 18 + (10 – 1) × d
⇒ 0 = – 18 + 9d
⇒ 9d = 18
⇒ d = \(\frac{18}{9}\) = 2
Hence, d = 2.

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(iii) We have, d = – 3, n = 18, an = – 5, a = ?
We know that n term of an AP is
an = a + (n – 1)d
⇒ – 5 = a + (18 – 1) × (- 3)
⇒ – 5 = a + 17 × (- 3)
⇒ – 5 = a – 51
⇒ a = 51 – 5 = 46
Hence, a = 46.

(iv) We have, a = – 18.9, d = 2.5, n = ?, an = 3.6.
We know that 71th term of an AP is
an = a + (n – 1) d
⇒ 3.6 = – 18.9 + (n – 1) × 2.5
⇒ 3.6 = – 18.9 + 2.5n – 2-5
⇒ 3.6 = – 21.4 + 2.5n
⇒ 2.5n = 3.6 + 21.4
⇒ 2.5n = 25
⇒ n = \(\frac{25}{2.5}\)
⇒ n = 10
Hence, n = 10.

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(v) We have, a = 3.5, d = 0, n = 105, an = ?
We know that nth term of an AP is
an = a + (n – 1) d
⇒ a105 = 3.5 + (105 – 1) × 0
⇒ a105 = 3.5 + 0
⇒ a105 = 3.5
Hence, a105 = 3.5.

Question 2.
Choose the correct choice in the following and justify :
(i) 30th term of the AP : 10, 7, 4, … is
(A) 97
(B) 77
(C) – 77
(D) – 87

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(ii) 11th term of the AP : – 3, – \(\frac{1}{2}\), 2, ……………… is
(A) 28
(B) 22
(C) – 38
(D) – 48 \(\frac{1}{2}\)
Solution :
(i) The given sequence of AP is : 10, 7, 4, …
Here a = 10, d = 7 – 10 = – 3, n = 30
We know that 77th term of an AP is an = a + (n – 1) d
⇒ a30 = 10 + (30 – 1) × (- 3)
⇒ a30 = 10 + 29 × (- 3)
⇒ a30 = 10 – 87
a30 = – 77
Hence, the correct option is (C).

(ii) The given sequence is : – 3, – \(\frac{1}{2}\), 2, ………………..
Here a = – 3,
d = – \(\frac{1}{2}\) – (- 3)
= – \(\frac{1}{2}\) + 3
= \(\frac{-1+6}{2}=\frac{5}{2}\)
and n= 11
We know that nth term of an AP is an = a + (n – 1) d
⇒ a11 = – 3 + (11 – 1) × \(\frac{5}{2}\)
⇒ a11 = – 3 + 10 × \(\frac{5}{2}\)
⇒ a11 = – 3 + 25
⇒ a11 = 22.
Hence, the correct option is (B).

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Question 3.
In the following APs, find the missing terms in the boxes.
(i) 2, ___, 26
(ii) ___, 13, ___, 3
(iii) 5, ___, ___, 91
(iv) – 4, ___, ___, ___, ___, 6
(v) ___, 38, ___, ___, ___, – 22.
Solution :
(i) We have, a = 2, a3 = 26
Now, a3 = 26
⇒ a + (3 – 1)d = 26
⇒ a + 2d = 26
⇒ 2 + 2d = 26 [∵ a = 2]
⇒ 2d = 26 – 2
⇒ d = \(\frac{24}{2}\) = 12.
Then missing term = a2 = a + d = 2 + 12 = 14
Hence, the missing term = 14.

(ii) We have, a2 = 13
⇒ a + d = 13 …(1)
and a4 = 3.
⇒ a + (4 – 1)d = 3
⇒ a + 3d = 3 ……………..(2)
Subtracting equation (2) from equation (1), we get

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Putting the value of d in equation (1), we get
a – 5 = 13
a = 13 + 5
⇒ a = 18
⇒ 3rd missing term (a3) = a + 2d
⇒ a3 = 18 + 2 × (- 5)
⇒ a3 = 18 – 10
⇒ a3 = 8.
Hence, 1st and 3rd missing terms are 18, 8.

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(iii) We have, a = 5
a4 = 9\(\frac{1}{2}\)
a +(4 – 1) d = \(\frac{19}{2}\)
a + 3d = \(\frac{19}{2}\) …………..(1)
5 + 3d = \(\frac{19}{2}\) [∵ a = 5]
3d = \(\frac{19}{2}\) – 5
3d = \(\frac{19-10}{2}\)
d = \(\frac{9}{2 \times 3}\)
d = \(\frac{3}{2}\)
So, 2nd missing term (a2) = a + d
⇒ a2 = 5 + \(\frac{3}{2}\)
⇒ a2 = \(\frac{13}{2}\)
⇒ a2 = 6\(\frac{1}{2}\)
and 3rd missing term (a3) = a + 2d
⇒ a3 = 5 + 2 × \(\frac{3}{2}\)
a3 = 5 + 3
a3 = 8
Hence, 2nd and 3rd missing terms are 6 \(\frac{1}{2}\), 8.

(iv) We have a = – 4 and a6 = 6
a + (6 – 1)d = 6
a + 5d = 6
– 4 + 5d = 6 [:a = – 4]
5d = 6 + 4
5d = 10
d = \(\frac{10}{2}\) = 2
d = 2

2nd missing term (a2) = a + d
a2 = – 4 + 2
a2 = – 2

3rd missing term (a3) = a + 2d
a3 = – 4 + 2 × 2
a3 = – 4 + 4
a3 = 0

4th missing term (a4) = a + 3d
a4 = – 4 + 3 × 2
a4 = – 4 + 6
a4 = 2

5th missing term (a5) = a + 4d
⇒ a5 = -4 + 4 × 2
⇒ a5 = – 4 + 8
⇒ a5 =4
Henae, 2nd, 3rd, 4th, 5th missing terms are – 2, 0, 2, 4.

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(v) We have, a2 = 38
⇒ a + d = 38 ……………(1)
and a6 = – 22
⇒ a + (6 – 1)d = – 22
⇒ a + 5d = – 22 …………..(2)
Subtracting equation (2) from (1), we get

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⇒ d = – 15
Substituting the value of d in equation (1), we
a – 15 = 38
⇒ a = 38 + 15
⇒ a = 53
So, 1st missing term = 53

3rd missing term (a3) = a + 2d
⇒ a3 = 53 + 2 × (- 15)
⇒ a3 = 53 – 30
⇒ a3 = 23

4th missing term (a4) = a + 3d
⇒ a4 = 53 + 3 × (- 15)
⇒ a4 = 53 – 45
⇒ a4 = 8

5th missing term (a5) = a + 4d
⇒ a5 = 53 + 4 × (- 15)
⇒ a5 = 53 – 60
⇒ a5= – 7
Hence, 1st, 3rd, 4th, 5th missing terms are: 53, 23, 8, – 7.

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Question 4.
Which term of the AP : 3, 8, 13, 18, … is 78 ?
Solution :
The given sequence of AP is : 3, 8, 13, 18, …
Here, a = 3, d = a2 – a1 = 8 – 3 = 5, an = 78
We know that nth term of AP is
an = a + (n – 1 )d.
⇒ 78 = 3 + (n – 1) × 5
⇒ 78 = 3 + 5n – 5
⇒ 78 = – 2 + 5n
⇒ 78 + 2 = 5 n
⇒ 5n = 80
⇒ n = \(\frac{80}{2}\) = 16
Hence, 16th term of the given AP is 78.

Question 5.
Find the number of terms in each of the following APs :
(i) 7, 13, 19, ………., 205
(ii) 18, 15\(\frac{1}{2}\), 13, ………….., – 47
Solution :
(i) The given sequence of AP is : 7, 13, 19, …, 205
Here, a = 7, d = a2 – a1 = – 13 – 7 = 6, an = 205
We know that term of AP is
an = a + (n – 1) d
⇒ 205 = 7 + (n – 1) × 6
⇒ 205 = 7 + 6n – 6
⇒ 205 = 1 + 6n
⇒ 6n = 205 – 1
⇒ 6n = 204
n = \(\frac{204}{6}\) = 34
Hence, the number of terms = 34.

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(ii) The given sequence of AP is 18, 15\(\frac{1}{2}\), 13, ……….. – 47
Here, a = 18, d = a2 – a1
= 15\(\frac{1}{2}\) – 18
= \(\frac{31}{2}\) – 18
= \(\frac{31-36}{2}=-\frac{5}{2}\)
d = – \(\frac{5}{2}\)
and an = – 47
We know that nth term of AP is an = a + (n – 1)d

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\(-\frac{135}{2}=-\frac{5}{2} n\)
n = \(-\frac{135}{2} \times \frac{2}{-5}\) = 27
Hence, the number of terms = 27.

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Question 6.
Check whether – 150 is a term of the AP : 11, 8, 5, 2, …………….
Solution :
The given sequence of AP is : 11, 8, 5, 2,…
Here, a = 11
d = a2 – a1
= 8 – 11 = – 3 and
an = – 150
We know that nth term of AP is
an = a + (n – 1) d
– 150 = 11 + (n – 1) x (- 3)
– 15o = 11 – 3n + 3
– 150 = 14 – 3n
150 – 14 = – 3n
– 3n = – 164
n = \(\frac{-164}{-3}=54 \frac{2}{3}\)
∵ n is a natural number, so it is not possible.
Hence, – 150 is not a term of given AP.

Question 7.
Find the 31st term of an AP whose 11th term is 38 and the 16th term is 73.
Solution :
We have,
a11 = 38
⇒ a + (11 – 1)d = 38
⇒ a + 10d = 38 ……………(1)
and a16 = 73
⇒ a + (16 – 1)d = 73
⇒ a + 15d = 73 ……………(2)
Subtracting equation (2) from equation (1), we get

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Putting the value of d in equation (1), we get
a + 10 × 7 = 38
⇒ a + 70 = 38
⇒ a = 38 – 70 = – 32
We know that nth term of AP is :
an = a + (n – 1 )d
⇒ a331 = – 32 + (31 – 1) × 7
⇒ a31 = – 32 + 30 × 7
⇒ a31 = – 32 + 210
⇒ a31 = 178
Hence, 31st term of AP = 178.

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Question 8.
An AP consists of 50 terms of which 3rd term is 12 and the last term is 106. Find the 29th term.
Solution :
We have,
n = 50
a3 = 12
⇒ a+ (3 – 1)d = 12
⇒ a + 2d = 12 ………….(1)
and last term (a50) = 106
⇒ a + (50 – 1 )d = 106
⇒ a + 49d = 106 ……………(2)
Subtracting equation (2) from equation (1), we get

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Putting the value of d in equation (1), we get
a + 2 × 2 = 12
⇒ a + 4 = 12
⇒ a = 12 – 4
⇒ a = 8
We know that nth term of AP is an = a + (n – 1 )d
a29 = 8 + (29 – 1) × 2
a29 = 8 + 28 × 2
a29 = 8 + 56
a29 = 64.
Hence, 29th term of AP = 64.

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Question 9.
If the 3rd term and 9th term of an AP are 4 and – 8 respectively, which term of this AP is zero?
Solution :
We have, a3 = 4
⇒ a + (3 – 1)d = 4
⇒ a + 2d = 4 ………….(1)
and a9 = – 8
⇒ a + (9 – 1)d = – 8
⇒ a + 8d = – 8 ………….(2)
Subtracting equation (2) from equation (1), we get

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putting the value of d in equation (1), we get
a + 2 × (- 2) = 4
⇒ a – 4 = 4
so a = 4 + 4
⇒ a = 8
We know that nth term of AP is :
an = a + (n – 1)d
0 = 8 + (n – 1) × (- 2)
[∵ given that an = 0]
⇒ 0 = 8 – 2n + 2
0 = 10 – 2n
⇒ 2n = 10
n = \(\frac{10}{2}\) = 5
Hence, 5th term of AP is zero.

Question 10.
The 17th term of an AP exceeds its 10th term by 7. Find the common difference.
Solution :
We have,
a17 – a10 = 7
⇒ a + (17 – 1)d – [a + (10 – 1)d] = 7
⇒ a + 16d – a – 9d = 7
⇒ 7d = 7
⇒ d = \(\frac{7}{7}\)
⇒ d = 1
Hence, common difference = 1.

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Question 11.
Which term of the AP : 3, 15, 27, 39, … will be 132 more than its 54th, term?
Solution:
The given sequence of AP is: 3, 15, 27, 39, ……………
Here, a = 3
d = a2 – a1 = 15 – 3 = 12
Let nth term of given AP be 132 more than its 54th term
i. e. an = a54 + 132
⇒ a + (n – 1 )d = 3 + (54 – 1) × 12 + 132
3 + (n – 1) × 12 = 3 + 53 × 12 + 132
3 + (n – 1) × 12 = 3 + 636 + 132
⇒ 3 + 12n – 12 = 771
⇒ 12n – 9 = 771
⇒ 12n = 771 + 9
⇒ 12n = 780
⇒ n = \(\frac{780}{12}\)
⇒ n = 65
Hence 65th term is 132 more than 54th term.

Question 12.
Two AP’s have the same common difference. The difference between their 100th terms is 100, what is the difference between their 1000th terms?
Solution :
Let the two APs, with same common difference d be
a, a + d, a + 2d, a + 3d, …
and b, b + d, b + 2d, b + 3d, …
According to question,
a100 – b100 = 100
⇒ a + (100 – 1)d – [b + (100 – 1)d] = 100
⇒ a + 99d – b – 99d = 100
⇒ a – b = 100 ……………..(1)
Now, a1000 – b1000 = a + (1000 – 1)d – [b + (1000 – 1)d]
⇒ a1000 – b1000 = a + 999d – b – 999d
⇒ a1000 – b1000 = a – b
⇒ a1000 – b1000 = 100
[From equation (1) a – b = 100]
Hence, the difference between 1000th terms = 100.

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Question 13.
How many three-digit numbers are divisible by 7?
Solution :
The list of three digit numbers which are divisible by 7 is : 105, 112, 119, 126,…, 994.
Let n numbers be divisible by 7.
It is an AP with a = 105, d = 7, an = 994.
We know that nth term of AP is
an = a + (n – 1 )d
⇒ 994 = 105 + (n – 1) × 7
⇒ 994 = 105 + 7n – 7
⇒ 994 = 98 + 7n
⇒ 7n = 994 – 98
⇒ 7n = 896
n = \(\frac{896}{7}\) = 128
Hence, 128 numbers are divisble by 7.

Question 14.
How many multiples of 4 lie between 10 and 250?
Solution :
Let the multiples of 4 lying between 10 and 250 are : 12, 16, 20, …………… 248.
Let the multiples of 4 between 10 and 250 be n.
It is an AP with a = 12, d = 4, an = 248.
We know that nth term of AP is
an = a + (n – 1)d
248 = 12 + (n – 1) × 4
248 = 12 + 4n – 4
248 = 8 + 4n
248 = 4n
4n = 240
n = \(\frac{240}{4}\) = 60
Hence, 60 multiples of 4 lie between 10 and 250.

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Question 15.
For what value of n, are the /ith terms of two APs : 63, 65, 67, ……….. and 3, 10, 17, ………… equal ?
Solution:
The first given AP is : 63, 65, 67, …………..
Here, a = 63
d = a2 – a1
= 65 – 63 = 2
Let nth terms of given two APs are equal
an = a + (n – 1)d
⇒ an = 63 + (n – 1) × 2
⇒ an = 63 + 2n – 2
an = 61 + 2n …………….(1)

The second given AP is : 3, 10, 17, …………..
Here a = 3
d = a2 – a1 = 10 – 3 = 7
an = a + (n- 1 )d
⇒ an = 3 + (n – 1) × 7
⇒ an = 3 + 7n – 7
⇒ an = – 4 + 7n …………(2)
Since, /ith terms of given two APs are equal, from equations (1) and (2), we get
61 + 2n = – 4 + 7n
⇒ 7n – 2n = 61 + 4
⇒ 5n = 65
⇒ n = \(\frac{65}{5}\)
⇒ n = 13
Hence, 13th terms of given two APs are equal.

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Question 16.
Determine the AP whose third term is 16 and the 7th term exceeds the 5th term by 12.
Solution :
We have,
a3 = 16
a + (3 – 1 )d = 16
⇒ a + 2d = 16 …………..(1)
and given, 7th term – 5th term = 12
⇒ a7 – a5 = 12
⇒ a + (7 – 1 )d – [a + (5 – 1) d] = 12
⇒ a + 6d – a – 4d = 12
⇒ 2d = 12
⇒ d = \(\frac{12}{2}\) = 6
Putting the value of d in equation (1), we get
a + 2 × 6 = 16
⇒ a + 12 = 16
⇒ a = 16 – 12
⇒ a = 4
So, the AP is : a, a + d, a + 2d, a + 3d, ………..
i.e. 4, 4 + 6, 4 + 2 × 6, 4 + 3 × 6, ……………….
i.e. 4, 10, 16, 22, …………..
Hence, AP is 4, 10, 16, 22, ……………..

Question 17.
Find the 20th term from the last term of the AP : 3, 8, 13, ……………. 253.
Solution:
For finding the 20th term from the last term of AP.
We write the given AP in reverse order as follows : 253, …………….. 13, 8, 3.
Here, a = 253
d= 3 – 8 = – 5
We know that nth term of AP is :
an = a + (n – 1) d
⇒ a20 = 253 + (20 – 1) × (- 5)
⇒ a20 = 253 + 19 × (- 5)
⇒ a20 = 253 – 95
⇒ a20 = 158
Hence, 20th term from the last term of given AP = 158.

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Question 18.
The sum of the 4th and 8th terms of an AP is 24 and the sum of 6th and 10th terms is 44. Find the first three terms of the AP.
Solution:
We have,
a4 + a8 = 24
⇒ a + (4 – 1 )d + a + (8 – 1 )d = 24
⇒ o + 3d + o + 7d = 24
⇒ 2a + 10d= 24 …………..(1)
⇒ a + 5d = 12
and a6 + a10 = 44
⇒ a + (6 – 1)d + a + (10 – 1)d = 44
⇒ a + 5d + a + 9d = 44
⇒ 2a + 14d = 44
⇒ a + 7d = 22 …………….(2)
Subtracting equation (2) from equation (1), we get

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Putting the value of d in equation (1), we get
a + 5 × 5 = 12
⇒ a + 25 = 12
⇒ a = 12 – 25
⇒ a = – 13
So, the first three terms of AP are : a, a + d, a + 2d.
i.e. – 13, – 13 + 5, – 13 + 2 × 5
i.e. – 13, – 8, – 3.
Hence, the first three terms of AP are – 13, – 8, – 3.

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Question 19.
Subba Rao started work in 1995 at an annual salary of ₹ 5000 and received an increment of ₹ 200 each year. In which year did his income reach ₹ 7000?
Solution :
We have,
Increment of each year = ₹ 200
Income in 1995 = ₹ 5000
Income in 1996 = 5000 + 200 = ₹ 5200
Income in 1997 = 5200 + 200
= ₹ 5400 and so on.
Sequence of salary of Subba Rao is : 5000, 5200, 5400, ………….., 7000
a2 – a1= 5200 – 5000 = 200
a3 – a2 = 5400 – 5200 = 200
a2 – a1 = a3 – a2
∴ The given sequence of salary forms an AP.
Here a = 5000
d= 5200 – 5000 = 200 and an = 7000
We know that nth term of AP is
an = a + (n – 1) d
7000= 5000 + (n – 1) × 200
7000 = 5000 + 200n – 200
7000 = 4800 + 200n
200n = 7000 – 4800
200n = 2200
n = \(\frac{2200}{200}\)
n = 11
Hence, in 11th year Subba Rao’s income reached ₹ 7000.

Question 20.
Reunkali saved ₹ 5 in the first week of a year and then increased her weekly savings by ₹ 1.75. If in the nth week, her weekly savings become ₹ 20.75, Find n.
Solution:
We have weekly increment = ₹ 1.75
Saving in first week = ₹ 5.00
Saving in second week = ₹ 5.00 + ₹ 1.75 = ₹ 6.75
Saving in third week= 6.75 + 1.75
= Rs. 8.50 … and so on.
Sequence of savings of Ramkali is : 5.00, 6.75, 8.50, ……………. 20.75.
a2 – a1 = 6.75 – 5.00 = 1.75
a3 – a2 = 8.50 – 6.75 = 1.75
a2 – a1 = a3 – a2
∴ The sequence of savings of Ramkali forms an AP
Here, a = 5.00
d= 6.75 – 5.00 = 1.75
an = 20.75
We know that nth term of AP is
an = a + (n – 1 )d
⇒ 20.75 = 5 + (n – 1) × 1.75
⇒ 20.75 = 5 + 1.75n – 1.75
⇒ 20.75 = 3.25 + 1.75n
⇒ 1.75n = 20.75 – 3.25
⇒ 1.75n = 17.50
⇒ n = \(\frac{17.50}{1.75}\)
⇒ n = \(\frac{1750}{175}\)
Hence, in 10th week Ramkali’s savings become ₹ 20.75.

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HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

Haryana State Board HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

HBSE 9th Class Science खाद्य संसाधनों में सुधार Intext Questions and Answers

(पृष्ठ संख्या – 229)

प्रश्न 1.
अनाज, दाल, फल तथा सब्जियों से हमें क्या प्राप्त होता है?
उत्तर:
अनाज; जैसे गेहूँ, चावल, मक्का , बाजरा व ज्वार से कार्बोहाइड्रेट; दालों; जैसे चना, मटर, उड़द, मूंग, अरहर, मसूर से प्रोटीन; फलों व सब्जियों से विटामिन व खनिज लवण, कुछ मात्रा में प्रोटीन, वसा व कार्बोहाइड्रेट भी प्राप्त होते हैं। ये सभी तत्त्व हमारे विकास, वृद्धि तथा स्वास्थ्य के लिए होते हैं।

(पृष्ठ संख्या – 230)

प्रश्न 1.
जैविक व अजैविक कारक किस प्रकार फसल उत्पादन को प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
जैविक कारक; जैसे रोग, कीट तथा निमेटोड और अजैविक कारक; जैसे सूखा, क्षारता, जलाक्रांति, गर्मी, ठंड व पाला आदि से फसल उत्पादन कम हो जाता है।

प्रश्न 2.
फसल सुधार के लिए ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण क्या हैं?
उत्तर:
चारे वाली फसलों के लिए सघन शाखाएँ ऐच्छिक गुण हैं। अन्न के लिए बौने पौधे उपयुक्त हैं ताकि इन फसलों को उगाने के लिए कम पोषकों की आवश्यकता हो। इस प्रकार सस्य विज्ञान वाली किस्में अधिक उत्पादन करने में सहायक होती हैं।

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(पृष्ठ संख्या-231)

प्रश्न 1.
वृहत् पोषक क्या हैं और इन्हें वृहत् पोषक क्यों कहते हैं?
उत्तर:
वृहत् पोषक-ऐसे पोषक जिनकी पौधों को अधिक मात्रा में आवश्यकता हो, वृहत् पोषक कहलाते हैं। इनकी अधिक मात्रा में आवश्यकता के कारण इन्हें वृहत् पोषक कहते हैं; जैसे सल्फर, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम व मैग्नीशियम।

प्रश्न 2.
पौधे अपना पोषक कैसे प्राप्त करते हैं?
उत्तर:
पौधे भूमि से घोल के रूप में इन पोषकों को ग्रहण करते हैं। खाद और उर्वरक में भी यही पोषक होते हैं जिन्हें पौधे आसानी से और अधिक मात्रा में ग्रहण कर लेते हैं।

(पृष्ठ संख्या-232)

प्रश्न 1.
मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक के उपयोग की तुलना कीजिए।
उत्तर:
मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक की उपयोगिता में अंतर निम्नलिखित है

खाद

  1. इसकी अधिक मात्रा की आवश्यकता पड़ती है।
  2. इसका सतत उपयोग हानिकारक नहीं है।
  3. इनके उपयोग से उत्पादन हमेशा बढ़ता है।
  4. इनके उपयोग और उत्पादन प्राप्त करने में समय अधिक लगता है।
  5. इनका उपयोग करना महंगा नहीं।
  6. इनका स्थानान्तरण व भण्डारण असुविधाजनक होता है।

उर्वरक

  1. इसकी कम मात्रा की आवश्यकता पड़ती है।
  2. इसका सतत उपयोग हानिकारक है।
  3. इनके अनावश्यक उपयोग से उत्पादन घट सकता है।
  4. इनके उपयोग से अधिक उत्पादन कम समय में मिल सकता है।
  5. इनका उपयोग करना महंगा है।
  6. इनका स्थानांतरण व भण्डारण सुविधाजनक होता है।

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(पृष्ठ संख्या – 235)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति में सबसे अधिक लाभ होगा? क्यों?

  • किसान उच्च कोटि के बीज का उपयोग करें, सिंचाई ना करें अथवा उर्वरक का उपयोग ना करें।
  • किसान सामान्य बीजों का उपयोग करें, सिंचाई करें तथा उर्वरक का उपयोग करें।
  • किसान अच्छी किस्म के बीज का प्रयोग करें, सिंचाई करें, उर्वरक का उपयोग करें तथा फसल सुरक्षा की विधियाँ अपनाएँ।

उत्तर:
उपरोक्त तीनों परिस्थितियों में तीसरी परिस्थिति (c) ही उत्तम है क्योंकि इसमें बीजों की गुणवत्ता भी उत्तम है अर्थात् उच्च उत्पादन देने वाली है।

सिंचाई पौधों के पोषण के लिए सहायक है, उर्वरक पौधों के पोषकों की आपूर्ति करते हैं जो पौधे के विकास, वृद्धि और उत्पादन के लिए आवश्यक है। फसल संरक्षण, फसलों को हानियों से बचाता है और निःसंदेह इससे फसल उत्पादन बढ़ता है। अतः (c) परिस्थिति ही किसान के लिए श्रेष्ठ है।

(पृष्ठ संख्या- 235)

प्रश्न 1.
फसल की सुरक्षा के लिए निरोधक विधियाँ तथा जैव नियंत्रण क्यों अच्छा समझा जाता है?
उत्तर:
फसल की सुरक्षा के लिए निरोधक विधियाँ; जैसे समय पर फसल उगाना, उचित क्यारियाँ तैयार करना, अंतराफसलीकरण तथा फसल-चक्र खरपतवार के नियंत्रण में सहायक होती हैं। किसी प्रकार के कीटनाशक, खरपतवार नाशक आदि जहरीले रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

जैव नियंत्रण विधियों में प्रतिरोध क्षमता वाली किस्मों का उपयोग तथा ग्रीष्मकाल में हल चलाकर हानिकारक कीटों व अन्य जीवों को मारा जाता हैं। इस प्रकार मृदा प्रदूषण नहीं होता और इन विधियों पर अतिरिक्त खर्च भी नहीं करना पड़ता। अतः आर्थिक दृष्टि से भी ये उपयोगी हैं।

प्रश्न 2.
भंडारण की प्रक्रिया में कौन-से कारक अनाज की हानि के लिए उत्तरदायी हैं?
उत्तर:
भंडारण की प्रक्रिया में दो प्रकार के कारक अनाज की हानि के लिए उत्तरदायी होते हैं

  • जैविक कारक-जैसे कीट, कृंतक, कवक, चिंचड़ी और जीवाणु आदि।
  • अजैविक कारक-भण्डारण के स्थान पर उपयुक्त नमी व ताप का अभाव।

(पृष्ठ संख्या – 236)

प्रश्न 1.
पशुओं की नस्ल सुधार के लिए प्रायः कौन-सी विधि का उपयोग किया जाता है और क्यों?
उत्तर:
पशुओं की नस्ल सुधार के लिए संकरण विधि का प्रयोग किया जाता है ताकि संकर पशु का दुग्धस्रवण काल व रोगों की प्रतिरोधकता बढ़ जाए।

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(पृष्ठ संख्या – 237)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथन की विवेचना कीजिए – “यह रुचिकर है कि भारत में कुक्कुट, अल्प रेशे के खाद्य पदार्थों को उच्च पोषकता वाले पशु प्रोटीन आहार में परिवर्तन करने के लिए सबसे अधिक सक्षम है। अल्प रेशे के खाद्य पदार्थ मनुष्यों के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।”
उत्तर:
कुक्कुट में यह गुण है कि ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें रेशेदार पदार्थ कम हों और जो मनुष्य के उपयोग के लिए अच्छे नहीं माने जाते अर्थात् गुणवत्ता के आधार पर ये पदार्थ मानव उपयोग के लिए अधिक उपयोगी नहीं होते, उन्हें उच्च प्रोटीन वाले पशु प्रोटीन में बदलने की क्षमता रखते हैं। कुक्कुट के अंडे व मांस प्रोटीन से भरपूर होते हैं और ये मानव के लिए उच्च कोटि का प्रोटीन आहार माना जाता है।

(पृष्ठ संख्या – 238)

प्रश्न 1.
पशुपालन तथा कुक्कुट पालन के प्रबंधन प्रणाली में क्या समानता है?
उत्तर:
पशुपालन तथा कुक्कुट पालन के प्रबंधन प्रणाली में काफी समानता है

  • दोनों को साफ-सुथरे, हवादार व नमी रहित आवास की आवश्यकता होती है।
  • दोनों को उचित व संतुलित आहार दिया जाता है।
  • दोनों को बीमारियाँ लगती हैं जिनका उपयुक्त समय पर टीकाकरण किया जाता है और बीमारी होने पर चिकित्सकों द्वारा . उपचार किया जाता है।
  • दोनों का आधार आर्थिक महत्त्व है अर्थात् दोनों को आर्थिक लाभ पाने के लिए पाला जाता है।
  • दोनों की उच्च उत्पादी नस्लों को पाला जाता है ताकि उत्पादन अधिक मिले। अतः दोनों में प्रबंधन प्रणाली के आधार पर काफी समानता है।

प्रश्न 2.
ब्रौलर तथा अडे देने वाली लेअर में क्या अंतर है? इनके प्रबंधन के अंतर को भी स्पष्ट करें।
उत्तर:
ब्रौलर को मांस के लिए पाला जाता है, जबकि लेअर को अंडे पाने के लिए पाला जाता है। दोनों में यही प्रमुख अंतर है। ब्रौलर की अच्छी वृद्धि तथा अच्छी आहार दक्षता के लिए इन्हें प्रोटीन, वसा व विटामिन से भरपूर भोजन दिया जाता है। भोजन इनके मांस, पंख व कम मृत्यु दर को ध्यान में रखकर दिया जाता है, जबकि लेअर में इस प्रकार के भोजन की कम आवश्यकता होती है। ब्रौलर की आवास पोषण और पर्यावरणीय आवश्यकताएँ अंडे देने वाली मुर्गियों से भिन्न होती हैं।

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(पृष्ठ संख्या – 239)

प्रश्न 1.
मछलियाँ कैसे प्राप्त करते हैं?
उत्तर:
मछलियाँ प्राप्त करने की दो विधियाँ हैं

  • प्राकृतिक स्रोत से,
  • मछली पालन या मछली संवर्धन से।

मछलियाँ ताजे जल (अलवणीय जल) और समुद्री जल (लवणीय जल) दोनों में पाई जाती हैं। ताजे पानी में पाई जाने वाली मछलियाँ कटला, रोहु, मुलेट, मिलिटस आदि हैं जबकि समुद्री मछलियों में पॉमफ्रेट, मैकर्ल, टुना, सारडाइन, बाम्बेडक आदि हैं। समुद्री जल में मुलेट, भेटकी, पर्लस्पॉट, प्रॉन, मस्सल और ऑएस्टर का संवर्धन किया जाता है। मछली पालन ताजे जल या अलवणीय जल में किया जाता है।

प्रश्न 2.
मिश्रित मछली संवर्धन के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
मिश्रित मछली संवर्धन से अधिक मछली संवर्धन किया जाता है। इस संवर्धन में अकेले तालाब में 5 या 6 मछलियों की स्पीशीज़ का उपयोग किया जाता है। इन मछलियों का चयन इस आधार पर किया जाता है कि आहार के लिए इनमें संघर्ष न हो और आहार पाने की आदत अलग-अलग हो

  • तालाब के हर भाग में स्थित आहार का उपयोग हो जाता है।
  • मिश्रित मछली संवर्धन से खरपतवार का जैविक विधि से नियंत्रण हो जाता है।
  • बिना स्पर्धा के भोजन लेने के कारण तालाब में मछली उत्पादन बढ़ता है।

(पृष्ठ संख्या-240)

प्रश्न 1.
मधु उत्पादन के लिए प्रयुक्त मधुमक्खी में कौन-से ऐच्छिक गुण होने चाहिएँ?
उत्तर:
मधु उत्पादन वाली मधुमक्खी में यह ऐच्छिक गुण होना स्वाभाविक है कि वह मधु उत्पादन बढ़ाने में सक्षम हो। इटेलियन मक्खी में मधु एकत्रित करने व छत्ते की सुरक्षा दोनों गुण पाए जाते हैं। यह निर्धारित छत्ते में काफी समय तक रहती हुई प्रजनन तेजी के साथ करती है इससे मधु उत्पादन बढ़ता है।

प्रश्न 2.
चरागाह क्या है और ये मधु उत्पादन से कैसे संबंधित है?
उत्तर:
चरागाह ऐसा प्राकृतिक घास का मैदान होता है जहाँ पशुओं के लिए घास व अन्य फूलों वाले पौधे काफी मात्रा में उगते हैं। इन्हीं फूलों से मधुमक्खियाँ मकरंद व पराग को एकत्रित कर शहद बनाती हैं। चरागाह में उगने वाले फूलों के द्वारा शहद का स्वाद निर्धारित होता है; जैसे ब्रूस के फूलों का शहद, नीम के फूलों का शहद और यूक्लिपटिस के फूलों का शहद । स्वाद के आधार पर मधु की गुणवत्ता भी निर्धारित की जाती है।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

HBSE 9th Class Science खाद्य संसाधनों में सुधार Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
फसल उत्पादन की एक विधि का वर्णन करो जिससे अधिक पैदावार प्राप्त हो सके।
उत्तर:
उच्च फसल उत्पादन संकरण विधि द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। पादप संकरण का मुख्य उद्देश्य वांछित गुणों वाली ऐसी नई किस्मों का विकास एवं उपयोग करना है, जो पादप-रोगों तथा पीड़कों के प्रतिरोधी हों। प्रजनक इन उन्नत किस्मों को विकसित करते हैं। इसमें कृत्रिम विधियों से पहले ही उपलब्ध दो भिन्न किस्मों में परस्पर क्रॉस-प्रजनन (Cross-Breeding) कराया जाता है।

इस तकनीक द्वारा एक किस्म के वांछित गुणों को दूसरी किस्म में संचारित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि हमारे पास दो फसलें हैं, जिनमें से एक फसल में पीड़कों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता है, जबकि दूसरी किस्म में भारी उत्पादन क्षमता है, अर्थात् उसके हर पौधे से अच्छी उपज होती है।

जब पीड़क प्रतिरोधी पौधे का अच्छी उपज वाले पौधे से क्रॉस अथवा संकरण करते हैं, तो संतति पौधे में पहली दोनों किस्मों के गुणों का समावेश हो जाता है। इस प्रकार हमारे पास उच्च उपज देने वाले संकर बीज प्राप्त हो जाते हैं जिनका उपयोग कर अधिक फसल उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। हरित क्रांति में संकर बीजों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है।

प्रश्न 2.
खेतों में खाद तथा उर्वरक का उपयोग क्यों करते हैं?
उत्तर:
खाद और उर्वरक में कोई वृहत् पोषक अवश्य होता है। फसलें भूमि से लगातार पोषकों को ग्रहण करती रहती हैं जिससे भूमि में इन पोषकों की कमी आ जाती है। इन्हीं पोषकों की कमी को पूरा करने के लिए खेतों में खाद और उर्वरक मिलाए जाते हैं। यदि इस कमी को पूरा न किया जाए तो भूमि की उपजाऊ शक्ति घट जाती है और धीरे-धीरे भूमि बंजर बन जाती है। भूमि में इन पोषकों की कमी फसल चक्रण द्वारा भी पूरी की जा सकती है।

प्रश्न 3.
अंतराफसलीकरण तथा फसल-चक्र के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
अंतराफसलीकरण व फसल-चक्र के लाभ निम्नलिखित हैं

  • भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है अर्थात् भूमि बंजर नहीं बनती।
  • एक ही समय में एक से अधिक फसल उत्पाद मिल सकते हैं।
  • पीड़क और खरपतवार नष्ट हो जाते हैं।
  • फसल उत्पादन बढ़ने से किसान की आय बढ़ जाती है।
  • फसल उत्पादन असफल होने का जोखिम भी घट जाता है।

प्रश्न 4.
आनुवंशिक फेरबदल क्या है? कृषि प्रणालियों में ये कैसे उपयोगी हैं?
उत्तर:
फसलों की उच्च पैदावार, इनकी नस्लों के गुणों पर निर्भर करती है। यदि फसलों की नस्लों में सुधार लाना है तो ऐच्छिक गुणों वाले जीन डाले जाते हैं क्योंकि जीन ही निर्धारित करते हैं कि पौधों के गुण क्या होंगे अर्थात् इनकी उपज अधिक होगी या कम। अतः जीन में परिवर्तन आनुवंशिक फेरबदल कहलाता है। इसकी तकनीक के द्वारा आज उन्नत किस्म के बीज तैयार कर कृषि प्रणाली में पैदावार कई गुणा बढ़ाई जा सकी है। विशेषकर इस तकनीक का किसानों और बागवानों को अत्यधिक लाभ पहुंचा है।

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प्रश्न 5.
भंडार गृहों (गोदामों) में अनाज की हानि कैसे होती है?
उत्तर:
भंडार गृहों में अनाज को हानि पहुँचाने वाले कारक निम्नलिखित हैं
(क) जैविक कारक
1. कृतक, पक्षी तथा अन्य जंतु-चूहे, गिलहरी आदि खेतों, घरों तथा गोदामों में रखे खाद्यान्नों को हानि पहुँचाते हैं। इनके बालों, पंखों तथा मल-मूत्र से खाद्यान्नों को नुकसान पहुंचता है।

2. सूक्ष्मजीव-विभिन्न जीवाणु तथा फफूंदी खाद्यान्नों में रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप उनकी संरचना में परिवर्तन कर देते हैं और इस प्रकार ये अनाज को हानि पहुंचाते हैं।

3. कीट-कई प्रकार के कीट कच्चे खाद्यान्न; जैसे अनाज, दालों आदि को क्षति पहुँचाते हैं। वे इन्हें अपने मल-मूत्र से दूषित कर देते हैं।

4. एंजाइम ये जैव उत्प्रेरक हैं, जो कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये अधिक समय तक भंडारित किए गए फल, सब्जियों आदि को खराब कर देते हैं।

(ख) अजैविक कारक-भंडारित अनाज को हानि पहुँचाने वाले अजैविक कारक निम्नलिखित है

1. नमी – भंडारण करते समय खाद्य पदार्थ में अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। खाद्य पदार्थ में नमी की मात्रा उसके भार के 14% से अधिक नहीं होनी चाहिए। खाद्यान्नों में अधिक नमी होने पर

  • इसके दानों का आकार बढ़ जाता है।
  • सूक्ष्मजीव तथा एंजाइम बहुत अधिक सक्रिय हो जाते हैं।
  • कीटों द्वारा संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।
  • नमी वाली वायु में फफूंदी आदि के उगने की संभावना अधिक होती है।

2. तापमान कम ताप पर एंजाइम, कीट तथा अन्य सूक्ष्मजीव अधिक सक्रिय नहीं होते। इस कारण विकारी खाद्य पदार्थों को शीत भंडारों में रखते हैं।

3. भंडारण के लिए बर्तन-भंडारण में प्रयुक्त बर्तन सीसा, धातु या तांबे के बने हुए नहीं होने चाहिएँ, क्योंकि ये विषैले होते हैं तथा इनसे खाद्यान्न के विषाक्त होने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रश्न 6.
किसानों के लिए पशुपालन प्रणालियाँ कैसे लाभदायक हैं?
उत्तर:
पशुपालन प्रणालियाँ किसानों के लिए निम्नलिखित प्रकार से लाभदायक होती हैं

  • किसान को दुधारू पशुओं से दूध की प्राप्ति होती है।
  • पशुपालन द्वारा प्राप्त ड्राफ्ट पशु बोझा ढोने व कृषि कार्यों में सहायक होते हैं।
  • पशुपालन से किसानों को आर्थिक लाभ होने के कारण व्यावसायिक कार्य मिलता है।
  • पशु कृषि से किसानों की अतिरिक्त व वर्ष भर आय होती रहती है।
  • किसान द्वारा पाले गए पशुओं से प्राप्त गोबर व मूत्र से बायोगैस व जैविक खाद तैयार की जाती है।
  • पशुपालन से ऊन, मांस, खालें व हड्डियाँ प्राप्त होती हैं।

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प्रश्न 7.
पशुपालन के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
पशुपालन के दो प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं
1. खाद्य पदार्थों को प्राप्त करना-पशुपालन का प्रमुख उद्देश्य खाद्य उत्पादन करना है जिसमें दूध और मांस का उत्पादन प्रमुख है। इसके अतिरिक्त पशुपालन से ऊन, खालें व हड्डियों की भी प्राप्ति होती है। इस प्रकार पशुपालन का यह उद्देश्य आर्थिक कारणों से जुड़ा है।

2. कृषि कार्य में सहायता करना-पशुपालन का दूसरा प्रमुख उद्देश्य कृषि कार्य में सहायता प्रदान करना है। बैल, ऊंट, खच्चर आदि पश कृषि कार्यों जैसे हल जोतने व बोझा ढोने के काम आते हैं। छोटे किसान कृषि कार्यों के लिए आज भी पशुओं पर आधारित हैं।

प्रश्न 8.
उत्पादन बढ़ाने के लिए कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन तथा मधुमक्खी पालन में क्या समानताएँ हैं?
उत्तर:
कुक्कुट पालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन में एक प्रमुख समानता यही है कि पैदावार देने वाले जंतुओं में रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता, पर्यावरण के अनुकूल और उच्च पैदावार देने वाली नस्ल के हों। तीनों प्रकार के जीव पालन का मुख्य उद्देश्य उच्च उत्पादन के द्वारा अधिक धनार्जन करना है। तीनों को कृषि कार्य के साथ सहायक व्यवसाय के रूप में प्रयोग किया जाता है जिससे कृषक को अतिरिक्त आमदनी होती है और इसमें अलग से पूरा समय देने की आवश्यकता नहीं होती।

प्रश्न 9.
प्रग्रहण मत्स्यन, मेरीकल्चर तथा जल संवर्धन में क्या अंतर है?
उत्तर:
कुछ आर्थिक महत्त्व वाली समुद्री जल मछलियों को समुद्र में संवर्धन किया जाता है ताकि मछलियों की मांग को पूरा किया जा सके। इसे प्रग्रहण मत्स्यन ‘मेरीकल्चर’ कहते हैं। तालाबों में प्राकृतिक वातावरण प्रदान किये जाने वाला मत्स्य पालन ‘जल संवर्धन’ कहलाता है। तालाबों में मछलियाँ अलवणीय जल या ताजे जल में पाली जाती हैं। जबकि समुद्री संवर्धन में मछलियाँ लवणीय जल में पाली जाती हैं।

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HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

Haryana State Board HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

HBSE 9th Class Science गुरुत्वाकर्षण Intext Questions and Answers
(पृष्ठ संख्या – 149)

प्रश्न 1.
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम बताइए।
उत्तर:
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम-विश्व का प्रत्येक पिंड अन्य पिंड को एक बल से आकर्षित करता है, जो दोनों पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनकी बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल दोनों पिंडों को मिलाने वाली रेखा की दिशा में लगता है।
HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण img-1
मान लीजिए M तथा m द्रव्यमान के दो पिंड A तथा B एक-दूसरे से d दूरी पर स्थित हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। मान लीजिए दोनों पिंडों के बीच आकर्षण बल F है। गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, दोनों पिंडों के बीच लगने वाला बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती है। अर्थात्
F α M x m ……………(i)
तथा दोनों पिंडों के बीच लगने वाला बल उनकी बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है, अर्थात्
F α \(\frac{1}{d^2}\) ………………(ii)
समीकरणों (i) तथा (ii) से हमें प्राप्त होगा
F α \(\frac{\mathrm{M} \times \mathrm{m}}{\mathrm{d}^2}\) …………………(iii)
या F = G\(\frac{\mathrm{M} \times \mathrm{m}}{\mathrm{d}^2}\) …………….(iv)
जहाँ G एक आनुपातिकता स्थिरांक है और इसे सार्वत्रिक गुरुत्वीय स्थिरांक कहते हैं।

प्रश्न 2.
पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी वस्तु के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण ज्ञात करने का सूत्र लिखिए। हल
माना पृथ्वी का द्रव्यमान = Me
पृथ्वी पर रखी वस्तु का द्रव्यमान = m
पृथ्वी का अर्धव्यास = R
तो पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी वस्तु के बीच लगने वाला
गुरुत्वाकर्षण बल (F) = \(\frac{\mathrm{Me} \times \mathrm{m}}{\mathrm{R}^2}\) (जहाँ G गुरुत्वीय स्थिरांक है।) उत्तर

(पृष्ठ संख्या -152)

प्रश्न 1.
मुक्त पतन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब वस्तुएँ पृथ्वी की ओर केवल गुरुत्वीय बल के कारण गिरती हैं, तब कहा जाता है कि वस्तुएँ मुक्त पतन में हैं।

प्रश्न 2.
गुरुत्वीय त्वरण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब भी कोई वस्तु पृथ्वी की ओर गिरती है, त्वरण कार्य करता है। यह त्वरण पृथ्वी के गुरुत्वीय बल के कारण होता है। इसलिए इस त्वरण को पृथ्वी के गुरुत्वीय बल के कारण त्वरण या गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं। इसे g से प्रदर्शित किया जाता है तथा इसका मात्रक ms-2 है।

(पृष्ठ संख्या-153)

प्रश्न 1.
किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा भार में क्या अंतर है?
उत्तर:
किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा भार में निम्नलिखित अंतर हैं

द्रव्यमानभार
1. किसी वस्तु में विद्यमान पदार्थ का परिमाण उसका द्रव्यमान कहलाता है।1. जिस बल द्वारा पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है, उसे पृथ्वी पर उस वस्तु का भार कहते हैं।
2. किसी वस्तु का द्रव्यमान शून्य नहीं हो सकता।2. पृथ्वी के केंद्र पर वस्तु का भार शून्य होता है।
3. द्रव्यमान एक अचर राशि है।3. भार अचर राशि नहीं है। वस्तु का भार भूमध्य रेखा की अपेक्षा ध्रुवों पर अधिक होता है।
4. किसी वस्तु का द्रव्यमान भौतिक तुला द्वारा ज्ञात किया जाता है।4. किसी वस्तु का भार कमानीदार तुला द्वारा ज्ञात किया जाता है।
5. द्रव्यमान को किलोग्राम में मापा जाता है।5. भार को न्यूटन में मापा जाता है।
6. द्रव्यमान एक अदिश राशि है।6. भार एक सदिश राशि है।

प्रश्न 2.
किसी वस्तु का चंद्रमा पर भार पृथ्वी पर इसके भार का \(\frac { 1 }{ 6 } \) गुना क्यों होता है?
उत्तर:
हम जानते हैं कि पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान 9.8 m/s2 है। चंद्रमा पर (g) का मान पृथ्वी पर (g) के मान का = गुना है, इसलिए चंद्रमा पर वस्तुओं का भार पृथ्वी की तुलना में कम होता है अर्थात् \(\frac { 1 }{ 6 } \) गुना होता है।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

(पृष्ठ संख्या-157)

प्रश्न 1.
एक पतली तथा मजबूत डोरी से बने पट्टे की सहायता से स्कूल बैग को उठाना कठिन होता है, क्यों?
उत्तर:
एक पतली तथा मजबूत डोरी से बने पट्टे की सहायता से स्कूल बैग को उठाना कठिन होता है क्योंकि उसका प्रणोद एक छोटे क्षेत्रफल (डोरी के मध्य में) को प्रभावित करता है।

प्रश्न 2.
उत्प्लावकता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब किसी वस्तु को किसी तरल में डुबोया जाता है तो तरल उस वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है जिसे उत्प्लावन बल कहते हैं। उत्प्लावन बल का परिमाण तरल के घनत्व पर निर्भर करता है। इस घटना को उत्प्लावकता कहते हैं।

प्रश्न 3.
पानी की सतह पर रखने पर कोई वस्तु क्यों तैरती या डूबती है?
उत्तर:
पानी के घनत्व से कम घनत्व की वस्तुएँ पानी पर तैरती हैं जबकि पानी के घनत्व से अधिक घनत्व की वस्तुएँ पानी में डूबती हैं। उदाहरणतया समान द्रव्यमान की कील और कार्क को पानी पर रखने से कील पानी में डूब जाएगी क्योंकि उसका घनत्व पानी से अधिक है जबकि कार्क तैरता रहेगा क्योंकि उसका घनत्व पानी के घनत्व से कम है।
HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण img-2

(पृष्ठ संख्या-158)

प्रश्न 1.
एक तुला (weighing machine) पर आप अपना द्रव्यमान 42 kg नोट करते हैं। क्या आपका द्रव्यमान 42 kg से अधिक है या कम?
उत्तर:
किसी तुला द्वारा मापने पर यदि द्रव्यमान 42 kg आता है तो हमारा द्रव्यमान 42 kg ही होगा क्योंकि द्रव्यमान स्थिर रहता है।

प्रश्न 2.
आपके पास एक रुई का बोरा तथा एक लोहे की छड़ है। तुला पर मापने पर दोनों 100 kg द्रव्यमान दर्शाते हैं। वास्तविकता में एक-दूसरे से भारी हैं। क्या आप बता सकते हैं कि कौन-सा भारी है और क्यों?
उत्तर:
दोनों में लोहे की छड़ भारी है क्योंकि लोहे का घनत्व रुई की अपेक्षा अधिक होता है।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

HBSE 9th Class Science गुरुत्वाकर्षण Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी को आधा कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल किस प्रकार बदलेगा?
उत्तर:
यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी को आधा कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल चार गुना बढ़ जाएगा क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

प्रश्न 2.
सभी वस्तुओं पर लगने वाला गुरुत्वीय बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती होता है। फिर एक भारी वस्तु हल्की वस्तु के मुकाबले तेजी से क्यों नहीं गिरती?
उत्तर:
सभी वस्तुओं पर लगने वाला गुरुत्वीय बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती होता है फिर भी एक भारी वस्तु हल्की वस्तु के मुकाबले तेजी से नहीं गिरती क्योंकि वस्तुओं का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में नगण्य होता है।

प्रश्न 3.
पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी 1 kg की वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल का परिमाण कितना होगा? (पृथ्वी का द्रव्यमान 6 x 1024 kg है तथा पृथ्वी की त्रिज्या 6.4 x 10°m है।)
हल:
यहाँ पर
पृथ्वी का द्रव्यमान (M.) = 6 x 1024kg
वस्तु का द्रव्यमान (m) = 1 kg
पृथ्वी की त्रिज्या (R) = 6.4 x 106 m
गुरुत्वीय स्थिरांक (G) = 6.673 x 10-11 Nm2/kg2
गुरुत्वीय बल (g) = ?
हम जानते हैं कि
गुरुत्वीय बल (g) = \(\frac{\text { G. } \mathrm{M}_{\mathrm{e}} \times \mathrm{m}}{\mathrm{R}^2}\)
= \(\frac{6.673 \times 10^{-11} \times 6 \times 10^{24} \times 1}{\left(6.4 \times 10^6\right)^2}\)
= 9.8 N उत्तर

प्रश्न 4.
पृथ्वी तथा चंद्रमा एक-दूसरे को गुरुत्वीय बल से आकर्षित करते हैं। क्या पृथ्वी जिस बल से चंद्रमा को आकर्षित करती है वह बल, उस बल से जिससे चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है बड़ा है या छोटा है या बराबर है? बताइए क्यों?
उत्तर:
पृथ्वी, चंद्रमा को अधिक बल से आकर्षित करती है क्योंकि पृथ्वी का द्रव्यमान चंद्रमा की तुलना में अधिक है।

प्रश्न 5.
यदि चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है, तो पृथ्वी चंद्रमा की ओर गति क्यों नहीं करती?
उत्तर:
चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है, परंतु पृथ्वी चंद्रमा की ओर गति नहीं करती क्योंकि चंद्रमा का द्रव्यमान पृथ्वी की तुलना में काफी कम है।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 6.
दो वस्तुओं के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का क्या होगा, यदि
(i) एक वस्तु का द्रव्यमान दुगुना कर दिया जाए?
(ii) वस्तुओं के बीच की दूरी दुगुनी तथा तीन गुनी कर दी जाए?
(iii) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दुगुने कर दिए जाएँ?
उत्तर:
(i) यदि एक वस्तु का द्रव्यमान दुगुना कर दिया जाए तो दो वस्तुओं के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल भी दुगुना हो जाएगा क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल द्रव्यमान के समानुपाती होता है।

(ii) यदि वस्तुओं के बीच की दूरी दुगुनी कर दी जाए तो गुरुत्वाकर्षण बल \(\frac { 1 }{ 4 } \) गुना हो जाएगा तथा यदि वस्तुओं के बीच की दूरी तीन गुनी कर दी जाए तो गुरुत्वाकर्षण बल \(\frac { 1 }{ 9 } \) गुना हो जाएगा क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

(iii) यदि दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दुगुने कर दिए जाएँ तो उनके बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल चार गुना हो जाएगा क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल द्रव्यमानों से समानुपाती होता है।

प्रश्न 7.
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के क्या महत्त्व हैं?
उत्तर:
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के निम्नलिखित महत्त्व हैं

  • यह बल हमें पृथ्वी से बांधे रखता है।
  • यह बल पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा को गति में रखता है।
  • इसी बल के कारण सूर्य के चारों ओर ग्रह गति में रहते हैं।
  • चंद्रमा तथा सूर्य के इस बल के कारण ज्वार-भाटे आते हैं।

प्रश्न 8.
मुक्त पतन का त्वरण क्या है?
उत्तर:
जब भी कोई वस्तु पृथ्वी की ओर गिरती है, त्वरण कार्य करता है। यह त्वरण पृथ्वी के गुरुत्वीय बल के कारण होता है। इसलिए इस त्वरण को पृथ्वी के गुरुत्वीय बल के कारण त्वरण या गुरुत्वीय त्वरण (g) कहते हैं। इसका मान 9.8 m/s2 होता है।

प्रश्न 9.
पृथ्वी तथा किसी वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल को हम क्या कहेंगे?
उत्तर:
पृथ्वी तथा किसी वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल को हम वस्तु का भार कहते हैं।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 10.
एक व्यक्ति A अपने एक मित्र के निर्देश पर ध्रुवों पर कुछ ग्राम सोना खरीदता है। वह इस सोने को विषुवत वृत्त पर अपने मित्र को देता है। क्या उसका मित्र खरीदे हुए सोने के भार से संतुष्ट होगा? यदि नहीं, तो क्यों?
(संकेत : ध्रुवों पर g का मान विषुवत् वृत्त की अपेक्षा अधिक है।)
उत्तर:
नहीं, उसका मित्र खरीदे गए सोने के भार से संतुष्ट नहीं होगा क्योंकि सोने का भार विषवुत् वृत्त पर ध्रुवों की अपेक्षा कम होता है।

प्रश्न 11.
एक कागज की शीट, उसी प्रकार की शीट को मरोड़ कर बनाई गई गेंद से धीमी क्यों गिरती है?
उत्तर:
एक कागज की शीट, उसी प्रकार की शीट को मरोड़ कर बनाई गेंद से धीमी गिरती है क्योंकि शीट का क्षेत्रफल, गेंद के क्षेत्रफल से अधिक होता है जिस कारण दाब कम हो जाता है।

प्रश्न 12.
चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय बल की अपेक्षा 1/6 गुना है। एक 10 kg की वस्तु का चंद्रमा पर तथा पृथ्वी पर न्यूटन में भार क्या होगा?
हल:
यहाँ पर
वस्तु का पृथ्वी पर द्रव्यमान (m) = 10 kg
पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 m/s2
:. वस्तु का पृथ्वी पर भार (W) = m xg
= 10 x 9.8 N
= 98 N
उत्तर:
वस्तु का चंद्रमा पर द्रव्यमान (m) = 10 kg
चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण (g1) = 3 m/s2
:. वस्तु का चंद्रमा पर भार (W) = m g1
= 10 x \(\frac { 9.8 }{ 6 } \) N
= 16.3 N उत्तर

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 13.
एक गेंद ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर 49 m/s के वेग से फेंकी जाती है। परिकलन कीजिए
(i) अधिकतम ऊँचाई जहाँ तक कि गेंद पहुँचती है।
(ii) पृथ्वी की सतह पर वापस लौटने में लिया गया कुल समय।
हल:
यहाँ पर
गेंद का प्रारंभिक वेग (u) = 49 m/s
गेंद का अंतिम वेग (v) = 0 m/s
गुरुत्वीय त्वरण (g) = – 9.8 m/s2

(i) हम जानते हैं कि
v2 – u2 = 2gs.
= \(\frac{\mathrm{v}^2-\mathrm{u}^2}{2 \mathrm{~g}}\) = \(\frac{(0)^2-(49)^2}{2(-9.8)}\)
= \(\frac{-49 \times 49}{-19.6}\) = 122.5 m
अतः गेंद अधिकतम 122.5 m ऊँचाई तक जाएगी। उत्तर

(ii) जाने में लगा समय (t) = \(\frac { v-u }{ g } \)
= \(\frac { 0-49 }{ -9.8 } \)
अतः पृथ्वी पर आने में लगा समय = 5s + 5s = 10s उत्तर

प्रश्न 14.
19.6 m ऊँची एक मीनार की चोटी से एक पत्थर छोड़ा जाता है। पृथ्वी पर पहुँचने से पहले इसका अंतिम वेग ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ पर
पत्थर का प्रारंभिक वेग (u) = 0 m/s
पत्थर का अंतिम वेग (v) = ?
मीनार की चोटी की ऊँचाई (s) = 19.6 m
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 m/s2
हम जानते हैं कि
v2 – u2 = 2gs
v2 – (0)2 = 2 x 9.8 x 19.6
या v2 = 19.6 x 19.6
या v = \( \sqrt{19.6 × 19.6} \) = 19.6 m/s
अतः पत्थर का अंतिम वेग 19.6 m/s होगा। उत्तर

प्रश्न 15.
कोई पत्थर ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर 40 m/s के प्रारंभिक वेग से फेंका गया है। g = 10 m/s2 लेते हुए ग्राफ की सहायता से पत्थर द्वारा चली गई अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। नेट विस्थापन तथा पत्थर द्वारा चली गई कुल दूरी कितनी होगी?
हल:
यहाँ पर
पत्थर का प्रारंभिक वेग (u) = 40 m/s
पत्थर का अंतिम वेग (v) = 0 m/s
गुरुत्वीय त्वरण (g) = -10 m/s2
हम जानते हैं कि
v2 – u2 = 2gs
या s = \(\frac{v^2-u^2}{2 g}\) = \(\frac{(0)^2-(40)^2}{2(-10)}\)
= \(\frac{-40 \times 40}{-2 \times 10}\) = 80 m
अतः पत्थर द्वारा चली गई अधिकतम ऊँचाई = 80 m
पत्थर द्वारा चली गई कुल दूरी = 80 m + 80 m
+ 10 = 160 m उत्तर
पत्थर का नेट विस्थापन = शून्य उत्तर
HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण img-3

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 16.
पृथ्वी तथा सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण बल का परिकलन कीजिए। दिया है, पृथ्वी का द्रव्यमान = 6 x 1024 kg तथा सूर्य का द्रव्यमान = 2 x 1030 kg । दोनों के बीच औसत दूरी 1.5 x 1011 m है।
हल:
यहाँ पर
पृथ्वी का द्रव्यमान (Me) = 6 x 1024 kg
सूर्य का द्रव्यमान (Ms) = 2 x 1030 kg
पृथ्वी व सूर्य के बीच की औसत दूरी (Rs) = 1.5 x 1011 m
गुरुत्वीय स्थिरांक (G) = 6.673 x 10-11 Nm2/kg2
:. पृथ्वी तथा सूर्य के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (Fs) = \(\frac{\mathrm{GM}_{\mathrm{e}} \mathrm{M}_{\mathrm{s}}}{\left(\mathrm{R}_{\mathrm{s}}\right)^2}\) = \(\frac{6.673 \times 10^{-11} \times 6 \times 10^{24} \times 2 \times 10^{30}}{\left(1.5 \times 10^{11}\right)^2} \mathrm{~N}\)
= \(\frac{6.673 \times 12 \times 10^{43}}{2.25 \times 10^{22}}\) N
= 35.59 x 1021 N उत्तर

प्रश्न 17.
कोई पत्थर 100 m ऊँची किसी मीनार की चोटी से गिराया गया और उसी समय कोई दूसरा पत्थर 25 m/s के वेग से ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंका गया। परिकलन कीजिए कि दोनों पत्थर कब और कहाँ मिलेंगे?
हल:
माना दोनों पत्थर ऊपर x m दूरी पर मिलते हैं। ऊपर से फेंके जाने वाले पत्थर के लिए
प्रारंभिक वेग (u) = 0 m/s
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 ms-2
तय दूरी (s) = x m
हम जानते हैं कि
s = ut + \(\frac { 1 }{ 2 } \)gt2
x = (0) (t) + + (9.8)t2
x = 4.9t2
नीचे से फेंके जाने वाले पत्थर के लिए
प्रारंभिक वेग (u) = 25 m/s2
गुरुत्वीय त्वरण (g) = – 9.8 m/s2
तय दूरी (s) = (100 – x)m
हम जानते हैं कि
s = ut+ agt2
100 – x = 25 t+ \(\frac { 1 }{ 2 } \) (-9.8)t2
या 100 – 4.9t2 = 25t – 4.9t2
या 100 = 25t
या t = \(\frac { 100 }{ 25 } \) = 4s
अतः दोनों पत्थर 4s के बाद मिलेंगे उत्तर
ऊपर से दूरी (x) = 4.9 (4)2
= 4.9 x 16 = 78.4 m उत्तर
:. नीचे से दूरी = 100 – 78.4 = 21.6 m उत्तर

प्रश्न 18.
ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंकी गई एक गेंद 6s के पश्चात् फेंकने वाले के पास लौट आती है। ज्ञात कीजिए
(a) यह किस वेग से ऊपर फेंकी गई?
(b) गेंद द्वारा पहुँची गई अधिकतम ऊँचाई।
(c) 4s पश्चात् गेंद की स्थिति।
हल:
यहाँ पर
प्रारंभिक वेग (u) = ?
अंतिम वेग (v) = 0 m/s
गेंद द्वारा अधिकतम ऊँचाई तय करने में लगा समय (t) = \(\frac { 6s }{ 2 } \) = 3s
ऊपर जाते समय गुरुत्वीय त्वरण (g) = – 9.8 m/s2
(a) हम जानते हैं कि
v = u + gt
या u = v-gt
= 0 – ( – 9.8) (3)
= 29.4 m/s
अतः गेंद का प्रारंभिक वेग (u) = 29.4 m/s उत्तर

(b) हम जानते हैं कि
s = ut + \(\frac { 1 }{ 2 } \) gt2
= (29.4) (3) + \(\frac { 1 }{ 2 } \) (-9.8) (3)2
= 88.2 – 44.1 = 44.1 m
अतः अधिकतम 44.1 m की ऊँचाई तय करेगी। उत्तर

(c) इस अवस्था के लिए ऊपर से नीचे की दूरी ज्ञात करेंगे।
u = 0
t = 4s – 35 = 1s
g = 9.8 m/s2
s = ut + \(\frac { 1 }{ 2 } \) gt2
= 0 (1) + \(\frac { 1 }{ 2 } \) (9.8) (1)2
= 4.9 m
अतः गेंद ऊपर से 4.9 m की दूरी पर होगी।
नीचे से गेंद की ऊँचाई = 44.1 – 4.9
= 39.2 m उत्तर

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 19.
किसी द्रव में डुबोई गई वस्तु पर उत्प्लावन बल किस दिशा में कार्य करता है?
उत्तर:
किसी द्रव में डुबोई गई वस्तु पर उत्प्लावन बल ऊपर की ओर कार्य करता है।

प्रश्न 20.
पानी के भीतर किसी प्लास्टिक के गुटके को छोड़ने पर यह पानी की सतह पर ऊपर क्यों आ जाता है?
उत्तर:
पानी के भीतर किसी प्लास्टिक के गुटके को छोड़ने पर यह पानी की सतह पर पानी द्वारा ऊपर की ओर लगाए गए उत्प्लावन बल के कारण आता है।

प्रश्न 21.
50 g के किसी पदार्थ का आयतन 20 cm3 है। यदि पानी का घनत्व 1g cm-3 हो, तो पदार्थ तैरेगा या डूबेगा ?
हल:
यहाँ पर
पदार्थ का द्रव्यमान = 50 g
पदार्थ का आयतन = 20 cm3
:. पदार्थ का घनत्व = HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण img-5
द्रव्यमान आयतन
= \(\frac { 50 }{ 20 } \) g cm-3
= 2.5 g cm-3
क्योंकि पदार्थ का घनत्व, पानी के घनत्व से अधिक है। इसलिए पदार्थ पानी में डूबेगा। उत्तर

प्रश्न 22.
500g के एक मोहरबंद पैकेट का आयतन 350 cm3 है। पैकेट 1g cm-3 घनत्व वाले पानी में तैरेगा या डूबेगा? इस पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का द्रव्यमान कितना होगा?
हल:
यहाँ पर
पैकेट का द्रव्यमान = 500 g
पैकेट का आयतन = 350 cm3
:. पैकेट का घनत्व = HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण img-5
= \(\frac { 500 }{ 350 } \) g cm-3
= 1.43 g cm-3
क्योंकि पैकेट का घनत्व पानी के घनत्व (1 g cm-3) से अधिक है। इसलिए पैकेट पानी में डूबेगा। इस प्रकार पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का द्रव्यमान = आयतन – घनत्व
= 350 x 1 g
= 350 g उत्तर

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HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

Haryana State Board HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

HBSE 9th Class Science बल तथा गति के नियम Intext Questions and Answers
(पृष्ठ संख्या – 131)

प्रश्न 1.
निम्न में किसका जड़त्व अधिक है
(a) एक रबड़ की गेंद एवं उसी आकार का पत्थर ।
(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी।
(c) पाँच रुपए का एक सिक्का एवं एक रुपए का सिक्का।
उत्तर:
(a) एक रबड़ की गेंद एवं उसी आकार के पत्थर में पत्थर का जड़त्व अधिक होगा।
(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी में रेलगाड़ी का जड़त्व अधिक होगा।
(c) पाँच रुपए के एक सिक्के एवं एक रुपए के एक सिक्के में से पाँच रुपए के सिक्के का जड़त्व अधिक होगा।

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें। “फुटबॉल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है। दूसरा खिलाड़ी उस गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है। विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है।” इसके साथ ही उस कारक की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है।
उत्तर:
फुटबॉल के एक खिलाड़ी द्वारा गेंद पर किक मारने पर उसका वेग परिवर्तित होगा तथा उसी टीम के खिलाड़ी द्वारा गेंद को गोल की ओर किक मारने पर उसका वेग पुनः परिवर्तित होगा। इसके बाद विपक्षी टीम के गोलकीपर द्वारा गेंद को पकड़ने . पर गेंद का वेग शून्य हो जाएगा तथा फिर उसके द्वारा अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर मारने पर चौथी बार गेंद का वेग परिवर्तित होगा। प्रत्येक अवस्था में मनुष्य द्वारा लगाया गया बाह्य बल गेंद को वेग प्रदान करता है।

प्रश्न 3.
किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं। क्यों?
उत्तर:
किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं क्योंकि पेड़ की शाखा को हिलाने पर शाखा गति अवस्था में आ जाती है परंतु जड़त्व के कारण पत्तियाँ स्थिर अवस्था में रहने की चेष्टा करती हैं, जिस कारण पत्तियाँ झड़ जाती हैं।

प्रश्न 4.
जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है, तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर जाते हैं, क्यों?
उत्तर:
जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो हमारा नीचे का हिस्सा विरामावस्था में आ जाता है, परंतु ऊपरी हिस्सा गति जड़त्व के कारण गति करने की चेष्टा करता है, जिस कारण हम आगे की ओर झुक जाते हैं। परंतु जब कोई बस विरामावस्था से चलना शुरू करती है तो हमारा निचला हिस्सा बस के साथ गतिज अवस्था में आ जाता है, परंतु ऊपरी हिस्सा स्थिर जड़त्व के कारण स्थिर रहने की चेष्टा करता है, जिस कारण हम पीछे की ओर झुक जाते हैं।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

(पृष्ठ संख्या-140)

प्रश्न 1.
यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है, तो स्पष्ट कीजिए कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है ?
उत्तर:
गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के समान होती है। जब घोड़ा किसी गाड़ी को खींचता है तो वह पृथ्वी पर किसी बल माना F से क्रिया करता है तो पृथ्वी द्वारा उसे R प्रतिक्रिया दी जाती है जिसके दो घटक R cos A तथा R sin A हो जाते हैं। इनमें R cos A क्षैतिज भाग गाड़ी को आगे की ओर खींचने का काम करता है, जबकि R sin A ऊर्ध्वाधर भाग गाड़ी और सड़क के बीच घर्षण बल को कम करने का काम करता है। इस प्रकार गाड़ी को घोड़ा खींच पाता है।

प्रश्न 2.
एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबड़ की नली को पकड़ने में कठिनाई क्यों होती है, स्पष्ट करें।
उत्तर:
गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया समान और विपरीत दिशा में होती है। जब फायर ब्रिगेड के किसी पाइप से तीव्र गति से अत्यधिक मात्रा व उच्च वेग से पानी निकलता है तो वह उस पाइप को उतने ही वेग से पीछे की ओर धकेलता है, जिस कारण अग्निशमन कर्मचारी को वह पाइप संभालना कठिन होता है।

प्रश्न 3.
एक 50g द्रव्यमान की गोली 4kg द्रव्यमान की राइफल से 35 ms-1 के प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है। राइफल के प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए।
हल:
यहाँ पर
गोली का द्रव्यमान (m1) = 50 g = 0.05 kg
राइफल का द्रव्यमान (m2) = 4 kg
गोली का प्रारंभिक वेग (u1) तथा राइफल का प्रारंभिक वेग (u2) क्रमशः शून्य है।
HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम img-1
अर्थात् u1 = u2 = 0
गोली का अंतिम वेग (v1) = + 35 m/s
गोली की दिशा बाएँ से दाएँ परिपाटी के अनुसार चित्र में धनात्मक ली गई है।
माना राइफल का प्रतिक्षेपित वेग = v m/s
गोली छूटने से पहले गोली व राइफल का कुल संवेग = (4 + 0.05) kg x 0 m/s
= 0 kg ms-1
गोली छूटने के बाद गोली का संवेग = 0.05 kg x 35 ms-1 = 1.75 kg ms-1
गोली छूटने के बाद राइफल का संवेग = 4 kg x v ms-1
गोली छूटने के बाद गोली व राइफल का कुल संवेग = (1.75 + 4 v) kg ms-1
संवेग संरक्षण के नियमानुसार
गोली छूटने के बाद का कुल संवेग = गोली छूटने से पहले का कुल संवेग
1.75 + 4v = 0
\(\frac { -1.75 }{ 4 } \) = – 0.44 ms-1 उत्तर
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि राइफल गोली की विपरीत दिशा में अर्थात दाईं से बाईं ओर प्रतिक्षेपित होगी।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 4.
100 g और 200 g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 ms-1 और 1 ms-1 के वेग से गति कर रही हैं। दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात् प्रथम वस्तु का वेग 1.67 ms-1 हो जाता है, तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें। हल-यहाँ पर
पहली वस्तु का द्रव्यमान (m1) = 100 g = 0.1 kg
दूसरी वस्तु का द्रव्यमान (m2) = 200 g = 0.2 kg
पहली वस्तु का प्रारंभिक वेग (u1) = 2 ms-1
दूसरी वस्तु का प्रारंभिक वेग (u2) = 1 ms-1
अतः टक्कर से पहले दोनों वस्तुओं का कुल संवेग = m1 x u1 + m2 x u2
= (0.1 x 2 + 0.2 x 1) kg ms-1
= 0.4 kg ms-1
टक्कर के बाद पहली वस्तु का वेग (v1) = 1.67 ms-1
माना टक्कर के बाद दूसरी वस्तु का वेग (v2) = v ms-1
अतः टक्कर के बाद दोनों वस्तुओं का कुल संवेग = m1v1 + m2V2
= [0.1 x 1.67 + 0.2 x v2] kg ms-1
= [0.167 + 0.2 v2] kg ms-1
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार
टक्कर के बाद कुल संवेग = टक्कर से पहले कुल संवेग
0.167 + 0.2 v2 = 0.4
या 0.2 v2 = 0.4 – 0.167
या v2 = = \(\frac { 1.233 }{ 0.2 } \) = 1.165ms-1
अतः टक्कर के बाद दूसरी वस्तु का वेग = 1.165 ms-1 उत्तर

HBSE 9th Class Science बल तथा गति के नियम Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
उत्तर:
यहाँ पर वस्तु पर लगने वाला बाह्य असंतुलित बल (F) शून्य है अर्थात्
F = 0
ma = 0
परंतु m ≠ 0 इसलिए a = 0
इस अवस्था में गति करना संभव है परंतु गति सीधे पथ पर एक ही परिमाण व एक दिशा में होगी।

प्रश्न 2.
जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।
उत्तर:
जब किसी दरी या कार्पेट को छड़ी से पीटा जाता है तो दरी अपने स्थान से हट जाती है तथा धूल के कण जड़त्व के कारण अपनी स्थिति बनाए रखना चाहते हैं, जिस कारण धूल के कण बाहर आ जाते हैं तथा दरी साफ हो जाती है।

प्रश्न 3.
बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
उत्तर:
बसों अथवा कारों की छतों पर रखे सामान को रस्सी से बाँधना बुद्धिमानी माना जाता है, क्योंकि चलती हुई बसों अथवा कारों के अचानक रुकने या दिशा बदलने पर जड़त्व के कारण सामान गिरने से बच जाता है।

प्रश्न 4.
किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद ज़मीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था में आने के प्रयासरत है। (सही विकल्प का चयन करें)
उत्तर:
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 5.
एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन है तो उस पर लगने वाले बल की गणना करें। (1 टन = 1000 kg)
हल:
यहाँ पर पहली अवस्था में प्रारंभिक वेग (u) = 0
तय की गई दूरी (s) = 400 m
त्वरण (a) = ?
समय (t) = 20s
सूत्रानुसार s = ut + \(\frac { 1 }{ 2 } \) at2
ut + \(\frac { 1 }{ 2 } \) at2 = s
0 x (20) + \(\frac { 1 }{ 2 } \)a x (20)2 = 400
0 + \(\frac { 1 }{ 2 } \)a x 400 =
200 a = 400
a = \(\frac { 400 }{ 200 } \) = 2 m/s2 उत्तर
दूसरी अवस्था में द्रव्यमान (m) = 7 टन
= 7 x 1000 = 7000 kg ( 1 टन = 1000 kg)
बल (F) = mx a
= 7000 kg x 2 m/s2
= 14000 N उत्तर

प्रश्न 6.
1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 ms-1 के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।
हल:
यहाँ पर
पत्थर का द्रव्यमान (m) = 1 kg
पत्थर का प्रारंभिक वेग (u) = 20 ms-1
पत्थर का अंतिम वेग (v) = 0
पत्थर द्वारा तय दूरी (s) = 50 m
त्वरण (a) = ?
हम जानते हैं कि
v2 – u2 = 2as
2 = \(\frac{\mathrm{v}^2-\mathrm{u}^2}{2 \mathrm{~s}}\) = \(\frac{(0)-(20)^2}{2(50)}\)
= \(\frac { -400 }{ 100 } \) = -4 m/s2
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि त्वरण गति के विरुद्ध कार्य कर रहा है।
अतः बर्फ व पत्थर के बीच लगने वाला घर्षण बल = 1 x (-4) = – 4N उत्तर

प्रश्न 7.
एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें
(a) नेट त्वरण बल तथा
(b) रेल का त्वरण।
हल:
यहाँ पर
रेल इंजन का द्रव्यमान (m1) = 8000 kg
पांच डिब्बों का द्रव्यमान (m2) = 2000 kg x 5
= 10000 kg
डिब्बों सहित रेल इंजन का द्रव्यमान (m) = m1 + m2
= (8000 + 10000) kg = 18000 kg
इंजन द्वारा डिब्बों पर आरोपित बल (F1) = 40000 N
पटरी द्वारा डिब्बों पर आरोपित घर्षण बल (F2) = 5000 N
नेट त्वरण बल (F) = F1 – F2
= 40000 N – 5000 N
= 35000 N उत्तर

(a) नेट त्वरण बल = F1 – F2
= 40000N – 5000N
= 35000Nउत्तर

(b) रेल का त्वरण (a) = \(\frac{\mathrm{F}}{\mathrm{m}_2}\) = \(\frac{35000}{10000} \mathrm{~ms}^{-2}\)
= 3.5 ms-2 उत्तर

प्रश्न 8.
एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि गाड़ी को 1.7 ms-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा? हल:
यहाँ पर
गाड़ी का द्रव्यमान (m) = 1500 kg
गाड़ी पर लगने वाला त्वरण (a) = – 1.7 ms-2
अंतिम वेग (v) = 0
गाड़ी व सड़क के बीच लगने वाला बल (F) = m x a
= 1500 x (-1.7) N = -2550 N उत्तर
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बल गाड़ी की गति की दिशा के विपरीत कार्य करेगा।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 9.
किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2
(b) mv2
(c) (\(\frac { 1 }{ 2 } \)) mv2
(d) mv
(उपरोक्त में से सही विकल्प चुनें।)
उत्तर:
(d) mv।

प्रश्न 10.
हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?
उत्तर:
यदि हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं तो बक्से पर लगने वाला घर्षण बल भी 200 N होगा।

प्रश्न 11.
दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 kg है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 ms-1 है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?
उत्तर:
यहाँ पर दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान तथा वेग समान है परंतु दोनों विपरीत दिशाओं में गतिशील होने के कारण टकराने के बाद जुड़ जाती हैं। इसलिए इनका सम्मिलित वेग शून्य (0) होगा।

प्रश्न 12.
गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्त एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?
उत्तर:
किसी सड़क के किनारे खड़े ट्रक पर हमारे द्वारा बल लगाने पर ट्रक गतिशील नहीं हो पाएगा क्योंकि हमारे द्वारा लगाया गया बल, ट्रक द्वारा ट्रक व सड़क के बीच लगने वाले घर्षण बल से काफी कम होगा। यदि हमारा बल, घर्षण बल से बढ़ जाएगा तो ट्रक गतिशील हो जाएगा।

प्रश्न 13.
200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 ms-1 से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 ms-1 के वेग से अपने प्रारंभिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाप का परिकलन कीजिए।
हल:
यहाँ पर
हॉकी गेंद का द्रव्यमान (m) = 200g = 0.2 kg
हॉकी गेंद का प्रारंभिक वेग (v1) = 10 ms-1
प्रारंभिक संवेग = mv1
हॉकी गेंद वेग (v2) के साथ विपरीत दिशा में जाती है = -5 ms-1
अंतिम संवेग = mv2
संवेग परिवर्तन = mv1 – mV2
= 0.2 [10 – (-5)] = 0.2 (15) = 3kg ms-1
अतः हॉकी गेंद का संवेग परिवर्तन 3kg ms-1 है।

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 14.
10 g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms-1 की वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके (टुकड़े) से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके (टुकड़े) द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें। हल-यहाँ पर
गोली का द्रव्यमान (m) = 10g
= \(\frac { 10 }{ 1000 } \)kg = 0.01 kg
गोली का प्रांरभिक वेग (u) = 150 ms-1
गोली का अंतिम वेग (v) = 0 ms-1
समय (t) = 0.03 s
त्वरण (a) = ?
दूरी (s) = ?
हम जानते हैं कि
= \(\frac{v-u}{t}\) = \(\frac{0-150}{0.30}\)ms-2
= – 5000 ms-2
s = ut + \(\frac { 1 }{ 2 } \) at-2
= (150) (0.03) + \(\frac { 1 }{ 2 } \) x (-5000) x (0.03)2
= 4.5 – 2.25 = 2.25 m उत्तर
बल (F) = ma
= 0.01 x ( – 5000) N
= – 50 N उत्तरी
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि बल गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।

प्रश्न 15.
एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1kg है, 10 ms-1 की वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए विरामावस्था में रखे 5kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके (टुकड़े) से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट्ट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।
हल:
यहाँ पर
वस्तु का द्रव्यमान (m) = 1 kg
वस्तु का वेग (v1) = 10 ms-1
:. संघटन से पहले संवेग = m x v1
= 1 x 10 kg ms-1
= 10 kg ms-1
संघटन के बाद भी संवेग होगा = 10 kg ms-1
वस्तु और लकड़ी के टुकड़े का संयुक्त द्रव्यमान (m1) = 1 +5
= 6 kg
माना वस्तु और लकड़ी के टुकड़े का अंतिम वेग = v2 ms-1
संवेग संरक्षण नियमानुसार
m1v2 = 10
या 6 x V2 = 10
या v2 = \(\frac { 10 }{ 6 } \) ms-1 = 5 ms-1 उत्तर

HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 16.
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6s में 5 ms-1 से 8 ms-1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है। हल-यहाँ पर
वस्तु का द्रव्यमान (m) = 100 kg
प्रारंभिक वेग (u) = 5 ms-1
अंतिम वेग (v) = 8 ms-1
समय (t) = 6s
पहले संवेग = mu = 100 x 5 = 500 kg ms-1 उत्तर
बाद में संवेग = mv = 100 x 8 = 800 kg ms-1 उत्तर हम जानते हैं कि
a = \(\frac { v-u }{ t } \) = \(\frac { 8-5 }{ 6 } \) = \(\frac { 3 }{ 6 } \) = 0.5ms-2
वस्तु पर आरोपित बल (F) = m x a
= 100 x 0.5 N= 50 N उत्तर

प्रश्न 17.
अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं कि अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा, गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग-परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख्तर ने कहा कि चूंकि कार का वेग बहुत अधिक था। अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।
उत्तर:
अख्तर का विचार सही है क्योंकि कार का वेग और द्रव्यमान दोनों अधिक होने के कारण कार का संवेग उड़ते हुए कीड़े की अपेक्षा अधिक था। इसलिए कार ने उड़ते हुए कीड़े पर अधिक बल लगाया जिस कारण कीड़े की मौत हो गई।

प्रश्न 18.
एक 10 kg द्रव्यमान की घंटी 80 cm की ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms-2 लें।
हल:
यहाँ पर
घंटी का द्रव्यमान (m) = 10 kg
घंटी का प्रारंभिक वेग (u) = 0 m/s
घंटी का अंतिम वेग (v) = ?
घंटी की ऊँचाई (s) = 80 cm = 0.8 m
त्वरण (a) = 10 ms-2
हम जानते हैं कि
v2 – u2 = 2as
v2 – (0)2 = 2 (10) (0.8)
या v2 = 16
या v = \(\sqrt{16}\) = 4 ms-1
अतः घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग (p) = m.v.
= 10 x 4 = 40 kg ms-1 उत्तर

अतिरिक्त अभ्यास के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी-समय सारणी निम्नवत है
HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम img-2
(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? क्या यह नियत है? बढ़ रहा है? घट रहा है? शून्य है?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
हल:
(a) दूरी-समय सारणी से स्पष्ट होता है कि त्वरण लगातार बढ़ रहा है।
(b) वस्तु पर त्वरण बढ़ने के कारण बल भी बढ़ रहा है।
HBSE 9th Class Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम img-3

प्रश्न 2.
1200 kg द्रव्यमान की कार को एक समतल सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं। उसी कार को तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देकर 0.2 ms-2 का त्वरण उत्पन्न किया जाता है। कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धकेल पाते है? (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं।)
हल:
यहाँ पर
कार का द्रव्यमान (m) = 1200 kg
तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का लगाने पर उत्पन्न त्वरण (a) = 0.2 ms-2
:. प्रत्येक व्यक्ति द्वारा कार पर लगाया गया बल (F) = ma
= 1200 x 0.2 N
= 240 N उत्तर

प्रश्न 3.
500 g द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 ms-1 के वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है। कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.01 s में ही रोक दिया जाता है। कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल की गणना करें।
हल:
यहाँ पर
हथौड़े का द्रव्यमान (m) = 500 g = \(\frac { 500 }{ 1000 } \) kg
= 0.5 kg
हथौड़े का प्रारंभिक वेग (u) = 50 ms-1
समय (t) = 0.01s
हथौड़े का अंतिम वेग (v) = 0
त्वरण (a) = \(\frac { v-u }{ t } \) = \(\frac { 0-50 }{ 0.01 } \) ms-2
= -5000 ms-2
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है त्वरण मंदन का कार्य करता है।
कील के द्वारा हथौड़े पर लगाया गया बल (F)
= m x a
= 0.5 x (5000) N
= 2500 N उत्तर

प्रश्न 4.
एक 1200 kg द्रव्यमान की मोटरकार 90 km/h की वेग से एक सरल रेखा के अनुदिश चल रही है। उसका वेग बाहरी असंतुलित बल लगने के कारण 45 में घटकर 18 km/h हो जाता है। त्वरण और संवेग में परिवर्तन का परिकलन करें। लगने वाले बल के परिमाण का भी परिकलन करें।
हल:
यहाँ पर
मोटरकार का द्रव्यमान (m) = 1200 kg
प्रारंभिक वेग (u) = 90 km/h
\(\frac { 90 x 1000 }{ 3600 } \) = 25ms-1
अंतिम वेग (v) = 18 km/h = \(\frac { 18 x 1000 }{ 3600 } \) = 5 ms-1
3600 समय (t) = 4s
त्वरण (a) = \(\frac { v-u }{ t } \) = \(\frac { 5-25 }{ 4 } \) = \(\frac { -20 }{ 4 } \)
= -5 ms-2 उत्तर
संवेग में परिवर्तन = mv – mu
= m (v-u)
= 1200 (5 – 25) = 1200 x (-20)
= – 24000 kg ms-1
लगने वाले बल का परिमाण (F) = m.a.
= 1200 x 5 = 6000 N उत्तर

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HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

Question 1.
Check whether the following are quadratic equations :
(i) (x + 1)2 = 2(x – 3)
(ii) x2 – 2x = (- 2) (3 – x)
(iii (x – 2)(x + 1) = (x – 1) (x + 3)
(iv) (x – 3)(2x + 1) = x(x + 5)
(v) (2x – 1)(x – 3) = (x + 5)(x – 1)
(vi) x2 + 3x + 1 = (x – 2)2
(vii) (x + 2)3 = 2x(x2 – 1)
(viii) x3 – 4x2 – x + 1 = (x – 2)3.
Solution :
(i) The given equation is (x + 1)2 = 2(x – 3)
⇒ x2 + 2x + 1 = 2x – 6
⇒ x2 + 2x + 1 – 2x + 6 = 0
⇒ x2 + 7 = 0
⇒ 1.x2 + 0.x + 7 = 0
It is of the form ax2 + bx + c = 0, where a ≠ 0.
Hence, the given equation is a quadratic equation.

(ii) The given equation is :
x2 – 2x = (- 2)(3 – x)
⇒ x2 – 2x = – 6 + 2x
⇒ x2 – 2x – 2x + 6 = 0
⇒ x2 – 4x + 6 = 0
⇒ 1.x2 + (- 4).x + 6 = 0
It is of the form ax2 + bx + c = 0, where a ≠ 0.
Hence, the given equation is a quadratic equation.

Haryana Board Solutions for 10th Class Maths Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

(iii) The given equation is :
(x – 2)(x + 1) = (x – 1)(x + 3)
⇒ x2 + x – 2x – 2 = x2 + 3x – x – 3
⇒ x2 – x – 2 = x2 + 2x – 3
⇒ x2 – x – 2 – x2 – 2x + 3 = 0
⇒ – 3x + 1 = 0
⇒ 0.x2 + (- 3) x + 1 = 0
∵ a = 0
∴ It is not of the form ax2 + bx + c = 0, where a ≠ 0.
Hence, the given equation is not a quadratic equation.

(iv) The given equation is :
(x – 3) (2x + 1) = x (x + 5)
⇒ 2x2 + x – 6x – 3 = x2 + 5x
⇒ 2x2 – 5x – 3 = x2 + 5x
⇒ 2x2 – 5x – 3 = x2 – 5x = 0
⇒ x2 – 10x – 3 = 0
⇒ 1.x2 + (- 10).x + (- 3) = 0
It is of the form ax2 + bx + c = 0 where a ≠ 0.
Hence, the given equation is a quadratic equation.

Haryana Board Solutions for 10th Class Maths Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

(v) The given equation is :
(2x – 1)(x – 3) = (x + 5)(x- 1)
⇒ 2x2 – 6x – x + 3 = x2 – x + 5x – 5
⇒ 2x2 – 7x + 3 = x2 + 4x – 5
⇒ 2x2 – 7x + 3 – x2 – 4x + 5 = 0
⇒ x2 – 11x + 8 = 0
⇒ 1.x2 + (- 11)x + 8 = 0
It is of the form ax2 + bx + c = 0, where a ≠ 0.
Hence, the given equation is a quadratic equation.

(vi) The given equation is :
x2 + 3x + 1= (x – 2)2
⇒ x2 + 3x + 1 = x2 – 4x + 4
⇒ x2 + 3x + 1 – x2 + 4x – 4 = 0
⇒ 7x – 3 = 0
⇒ 0.x2 + 7.x + (- 3) = 0
∵ a = 0
∴ It is not of the form ax2 + bx + c = 0.
Hence, the given equation is not a quadratic equation.

Haryana Board Solutions for 10th Class Maths Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

(vii) The given equation is :
(x + 2)3 = 2x(x2 – 1)
⇒ x3 + 6x2 + 12x + 8 = 2x3 – 2x
⇒ x3+ 6x2 + 12x + 8 – 2x3 + 2x = 0
⇒ – x3 + 6x2 + 14x + 8=0
It is not of the form ax2 + bx + c = 0.
Hence, the given equation is not a quadratic equation.

(viii) The given equation is :
x3 – 4x2 – x +1= (x – 2)3
⇒ x3 – 4x2 – x + 1 = x3 – 6x2 + 12x – 8
⇒ x3– 4x2 – x + 1 – x3 + 6x2 – 12x + 8 = 0
⇒ 2x2 – 13x + 9 = 0
⇒ 2.x2 + (- 13).x + 9 = 0
It is of the form ax2 + bx + c = 0, where a ≠ 0.
Hence, the given equation is a quadratic equation.

Haryana Board Solutions for 10th Class Maths Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

Question 2.
Represent the following situations in the form of quadratic equations :
(i) The area of a rectangular plot is 528 m2. The length of the plot (in metres) is one more than twice its breadth. We need to find the length and breadth of the plot.
(ii) The product of two consecutive positive integers is 306. We need to find the integers.
(iii) Rohan’s mother is 26 years older than him. The product of their ages (in years) 3 years from now will be 360. We would like to find Rohan’s present age.
(iv) A train travels a distance of 480 km at a uniform speed. If the speed had been 8 km/h less, then it would have taken 3 hours more to cover the same distance. We need to find the speed of the train.
Solution :
(i) Let the breadth of plot he x m.
Then length = (2x + 1) m. According to question,
x(2x + 1) = 528
[∵ Area of rectangle = Length x Breadth]
⇒ 2x2 + x = 528
⇒ 2x2 + x – 528 = 0
Hence, the quadratic equation is 2x2 + x – 528 = 0.

(ii) Let the two consecutive integers be x and (x + 1)
According to question, x(x+ 1) = 306
⇒ x2 + x = 306
⇒ x2 + x – 306 = 0
Hence, the quadratic equation is x2 + x – 306 = 0.

Haryana Board Solutions for 10th Class Maths Chapter 4 Quadratic Equations Ex 4.1

(iii) Let the Rohan’s present age be x years.
Then, his mother’s present age be (x + 26) years.
After three years, age of Rohan = (x + 3) years
After three years, age of his mother = x + 26 + 3
= (x + 29) years
According to question,
(x + 3)(x + 29) = 360
⇒ x2 + 29x +3x + 87 = 360
⇒ x2 + 32x + 87 – 360 = 0
⇒ x2 + 32x – 273 = 0
Hence, the quadratic equation is x2 + 32x – 273 = 0.

(iv) Let the speed of the train be x km/h
Time taken to travel 480 km = \(\frac{480}{x}\) hours
[∵ Time = \(\frac{\text { Distance }}{\text { Speed }}\)]
If speed is 8 km/h less then new speed = (x – 8) km/h
Time taken to travel 480 km = \(\frac{480}{x-8}\) hours
According to question,
\(\frac{480}{x-8}-\frac{480}{x}\) = 3
⇒ \(\frac{480 x-480(x-8)}{x(x-8)}\) = 3
⇒ 480x – 480x + 480 x 8 = 3x (x – 8)
⇒ 3840 = 3x2 – 24x
⇒ 3x2 – 24x – 3840 = 0
⇒ x2 – 8x – 1280 = 0
Hence, the quadratic equation is x2 – 8x – 1280 = 0.

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