Author name: Prasanna

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1

Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Exercise 9.1

प्रश्न 1.
सर्कस का एक कलाकार एक 20m लंबी डोर पर चढ़ रहा है जो अच्छी तरह A से तनी हुई है और भूमि पर सीधे लगे खंभे के शिखर से बंधा हुआ है। यदि भूमि स्तर के साथ डोर द्वारा बनाया गया कोण 30° का हो तो खंभे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए (देखिए संलग्न आकृति)।
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हल :
प्रश्नानुसार,
AB उर्ध्वाधर खंभा है तथा CA एक 20m लंबी डोर है जिसका एक छोर खंभे AB के 7 शिखर से तथा दूसरा छोर भूमि पर स्थित एक बिंदु C से बंधा है।
ΔABC में,
sin 30° = \(\frac{A B}{A C}\)
\(\frac{1}{2}=\frac{\mathrm{AB}}{\mathrm{AC}}\)
\(\frac{1}{2}=\frac{\mathrm{AB}}{20}\)
AB = \(\frac{20}{2}\) = 10m
अतः खंभे की ऊँचाई 10m

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प्रश्न 2.
आँधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है कि पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30° का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिंदु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8m है। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
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माना BD एक पेड़ है जो बिंदु C से टूटने के बाद CD के स्थान पर CA की स्थिति में आ जाता है अर्थात् बिंदु A पर पेड़ का शिखर D जमीन को छूता है।
प्रश्नानुसार, ∠BAC = 30°
माना BC = x m
CD = CA = y m
अब समकोण ΔABC में,
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प्रश्न 3.
एक ठेकेदार बच्चों के खेलने के लिए एक पार्क में दो फिसलनपट्टी लगाना चाहती है. 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए वह एक ऐसी फिसलनपट्टी लगाना चाहती है जिसका शिखर 1.5 m की ऊँचाई पर हो और भूमि के साथ 30° के कोण पर झुका हुआ हो, जबकि इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए वह 3 m की ऊँचाई पर एक अधिक ढाल की फिसलनपट्टी लगाना चाहती है, जो भूमि के साथ 60° का कोण बनाती हो। प्रत्येक स्थिति में फिसलनपट्टी की लंबाई क्या होनी चाहिए?
हल :
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स्थिति (A) 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए फिसलनपट्टी की लंबाई ज्ञात करना।
माना AC फिसलनपट्टी की लंबाई 1 m तथा ऊँचाई AB = 1.5 m तथा ∠ACB = 30°
समकोण ΔABC में,
\(\frac{\mathrm{AB}}{\mathrm{AC}}\) = sin 30°
\(\frac{1.5}{l}=\frac{1}{2}\)
या l = 1.5 x 2 = 3.0 m या 3 m
अतः 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए फिसलनपट्टी की लंबाई = 3 m
स्थिति (B) 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए फिसलनपट्टी की लंबाई ज्ञात करना।
माना DF फिसलनपट्टी की लंबाई x m तथा ऊँचाई DE = 3 m तथा ∠DFE = 60°
समकोण ΔDEF में,
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अतः 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए फिसलनपट्टी की लंबाई = 2√3 m

प्रश्न 4.
भूमि के एक बिंदु से, जो मीनार के पाद-बिंदु से 30 m की दूरी पर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 30° है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
माना मीनार AB का शिखर A तथा पाद-बिंदु B है जिसकी ऊँचाई hm है। बिंदु C मीनार के पाद-बिंदु B से 30 m की दूरी पर है।
प्रश्नानुसार,
AB = h m
BC = 30 m
∠ACB = 30°
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अतः मीनार की ऊँचाई (AB) = 10√3 m

प्रश्न 5.
भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थायी रूप से भूमि के एक बिंदु से बांध दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर कि डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल :
माना A पतंग की स्थिति जिसकी डोरी का दूसरा सिरा बिंदु C पर बंधा है। पतंग की ऊँचाई (AB) = 60 m तथा ∠ACB = 60°
अब समकोण ΔABC में,
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अतः डोरी की लंबाई (AC) = 40√5 m

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प्रश्न 6.
1.5 m लंबा एक लड़का 30m ऊँचे एक भवन से कुछ दूरी पर खड़ा है। जब वह ऊँचे भवन की ओर जाता है तब उसकी आँख से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° से 60° हो जाता है। बताइए कि वह भवन की ओर कितनी दूरी तक चलकर गया है।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 10
माना AC एक लड़का है जिसकी ऊँचाई 1.5 m है जो 30 m ऊँचे भवन BE से कुछ दूरी पर खड़ा है। जहाँ से शिखर का उन्नयन कोण 30° भवन की ओर F तक चलने के बाद उन्नयन कोण 60° हो जाता है।
प्रश्नानुसार,
∠ECD = 30°
∠EED = 60°
माना CF = x m तथा FD = y m
अब समकोण ΔEDF में,
\(\frac{\mathrm{DE}}{\mathrm{DF}}\) = tan 60°
\(\frac{28.5}{y}=\frac{\sqrt{3}}{1}\)
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अतः भवन की ओर चली गई वांछित दूरी = 19√3 m

प्रश्न 7.
भूमि के एक बिंदु से एक 20 m ऊँचे भवन के शिखर पर लगी एक संचार मीनार के तल और शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 45° और 60° है। संचार मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 12
माना CD एक संचार मीनार है जिसकी ऊँचाई hm है जोकि 20 m ऊँचे भवन BC पर लगी है।
अर्थात्
CD = h m
BC = 20 m
प्रश्नानुसार,
∠BAC = 45°
∠BAD = 60°
अब समकोण ΔABC में,
\(\frac{\mathrm{BC}}{\mathrm{AB}}\) = tan 45°
\(\frac{20}{\mathrm{AB}}\) = 1
AB = 20 m ………..(i)
इसी प्रकार, समकोण ΔABD में,
\(\frac{\mathrm{BD}}{\mathrm{AB}}\) = tan 60°
\(\frac{20+h}{20}\) = √3 [समीकरण (i) से AB = 20 लेने पर]
20 + h = 20√3
h = 20√3 – 20
= 20 (√3 – 1)
अतः संचार मीनार की ऊँचाई = 20 (√3 – 1) m

प्रश्न 8.
एक पेडस्टल के शिखर पर एक 1.6 m ऊँची मूर्ति लगी है। भूमि के एक बिंदु से मूर्ति के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और उसी बिंदु से पेडस्टल के शिखर का उन्नयन कोण 45° है। पेडस्टल की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
माना पेडस्टल BD की ऊँचाई h m है जिसके ऊपर मूर्ति CD = 1.6 m लगी है। भूमि पर स्थित बिंदु A से C का उन्नयन कोण 60° तथा D का उन्नयन 45° है।
प्रश्नानुसार,
∠CAB = 60°
∠DAB = 45°
CD = 1.6 m
BD = h m
अब समकोण ΔABD में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 13
अतः पेडस्टल BD की ऊँचाई = 0.8 (√3 +1) m

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प्रश्न 9.
एक मीनार के पाद-बिंदु से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है और भवन के पाद-बिंद्र से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार 50 m ऊँची हो, तो भवन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 15
माना BC = h m ऊँचाई का एक भवन है तथा AD = 50 m ऊँची एक मीनार है।
प्रश्नानुसार,
∠ABD = 60°
तथा ∠BAC = 30°
अब समकोण ΔABD में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 14
अतः भवन की ऊँचाई = 16\(\frac{2}{3}\) m

प्रश्न 10.
एक 80 m चौड़ी सड़क के दोनों ओर आमने-सामने समान लंबाई वाले दो खंभे लगे हुए हैं। इन दोनों खंभों के बीच सड़क के एक बिंदु से खंभों के शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 60° और 30° हैं। खंभों की ऊँचाई और खंभों से बिंदु की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 16
माना AD और BC समान ऊँचाई hm के दो खंभे हैं तथा AB = 80 m चौड़ी एक सड़क है जिसके बीच बिंदु P है।
माना AP = x m तो
BP = (80-x) m
प्रश्नानुसार, ∠APD = 60° तथा
∠BPC = 30°
अब समकोण ΔAPD में,
\(\frac{\mathrm{AD}}{\mathrm{AP}}\) = tan 60°
\(\frac{h}{x}=\sqrt{3}\)
x = \(\frac{h}{\sqrt{3}}\) ………..(i)
x = इसी प्रकार, समकोण ΔBPC में,
\(\frac{\mathrm{BC}}{\mathrm{BP}}\) = tan 30°
\(\frac{h}{80-x}=\frac{1}{\sqrt{3}}\)
80 – x = √3h
x = 80 – √3h ……….(ii)

समीकरण (i) और (ii) की तुलना करने से,
\(\frac{h}{\sqrt{3}}\) = 80 – √3h
h = 80√3 – 3 h
h + 3h = 80√3
4 h = 80√3
h = \(\frac{80 \sqrt{3}}{4}\) = 20√3
h का मान समीकरण (i) में रखने पर,
x = \(\frac{20 \sqrt{3}}{\sqrt{3}}\) = 20
AP = 20m और BP = 80 – 20 = 60m
अतः खंभों की ऊँचाई = 20√3 m.
खंभों से बिंदु की दूरी = 20 m और 60 m

प्रश्न 11.
एक नहर के एक तट पर एक टी०वी० टॉवर ऊर्ध्वाधरतः खड़ा है। टॉवर के ठीक सामने दूसरे तट के एक अन्य बिंदु से टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। इसी तट पर इस बिंदु से 20 m दूर और इस बिंदु को मीनार के पाद से मिलाने वाली रेखा पर स्थित एक अन्य बिंद्र से टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 30° है। (देखिए संलग्न आकृति)। टॉवर की ऊँचाई और नहर की चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 17
माना टी०वी० टॉवर AB की ऊँचाई hm है जोकि नहर के एक तट D -20m पर खड़ा है। दूसरे तट पर बिंदु C की टॉवर के पाद-बिंदु B से दूरी BC=xm है। बिंदु C से 20 m की दूरी चलने पर माना बिंदु D आता है।
प्रश्नानुसार, ∠ACB = 60°, ∠ADB = 30°, CD = 20 m
BC = xm, BD = (20 + x) m
अब समकोण ΔABC में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 18
इसी प्रकार, समकोण ΔABD में,
\(\frac{\mathrm{AB}}{\mathrm{BD}}\) = tan 30°
\(\frac{h}{20+x}=\frac{1}{\sqrt{3}}\)
20 + x = √3h
x = √3h – 20 ……………(ii)
समीकरण (i) और (ii) की तुलना करने से,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 19
h का मान समीकरण (i) में रखने पर,
x = \(\frac{h}{\sqrt{3}}=\frac{10 \sqrt{3}}{\sqrt{3}}\) = 10
अतः टी०वी० की ऊँचाई = 10√3 m तथा नहर की चौड़ाई = 10 m

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1

प्रश्न 12.
7 m ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45° है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 20
माना AC = 7 m ऊँचा एक भवन है तथा BE एक केबल टॉवर है। प्रश्नानुसार,
∠DCE = 60° और
∠BCD = ∠ABC = 45°
AC = BD = 7 m
माना DE = h m
अब समकोण ΔABC में,
\(\frac{\mathrm{AC}}{\mathrm{AB}}\) = tan 45°
\(\frac{7}{\mathrm{AB}}\) = 1
AB = 7
AB = CD = 7 … (i)
इसी प्रकार, समकोण ΔDCE में,
\(\frac{\mathrm{DE}}{\mathrm{CD}}\) = tan 60°
\(\frac{h}{7}\) = 75
अतः केबल टॉवर की ऊँचाई (BE) = BD + DE
= (7 + 7√3) m
= 7 (1 + √3) m

प्रश्न 13.
समुद्र-तल से 75 m ऊँची लाइट हाउस के शिखर से देखने पर दो समुद्री जहाजों के अवनमन कोण 30° और 45° हैं। यदि लाइट हाउस के एक ही ओर एक जहाज दूसरे जहाज के ठीक पीछे हो तो दो जहाजों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 21
माना D एक लाइट हाऊस जो समुद्र के तल C से 75 m ऊँचा है। समुद्र तल पर दो जहाज A और B के अवनमन कोण क्रमशः 30° और 45° हैं।
माना AB = x m तथा BC = y m
प्रश्नानुसार, ∠DAC = 30° और ∠DBC = 45°
अब समकोण ΔBCD में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 22
x + y = 75√3
x + 75 = 75√3 [समीकरण (i) से]
x = 75√3 – 75
= 75 (√3 – 1)
अतः दोनों जहाजों के बीच की दूरी = 75 (√3 – 1)

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1

प्रश्न 14.
1.2 m लंबी एक लड़की भूमि से 88.2 m की ऊँचाई पर एक क्षैतिज रेखा में हवा में उड़ रहे गुब्बारे को देखती है। किसी भी क्षण लड़की की आँख से गुब्बारे का उन्नयन कोण 60° है। कुछ समय बाद उन्नयन कोण घटकर 30° हो जाता है (देखिए संलग्न आकृति)। इस अंतराल के दौरान गुब्बारे द्वारा तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 23
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 24
माना AB = 1.2 m लंबी एक लड़की है। E तथा F गुब्बारे की दो विभिन्न स्थितियाँ हैं जिनके लड़की की आँख से उन्नयन कोण क्रमशः । 60° और 30° हैं।
प्रश्नानुसार,
EH = FD = 88.2 m
EG = FC = (88.2 – 1.2) m
= 87 m
अब समकोण ΔEAG में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 25

प्रश्न 15.
एक सीधा राजमार्ग एक मीनार के पाद तक जाता है। मीनार के शिखर पर खड़ा एक आदमी एक कार को 30° के अवनमन कोण पर देखता है जोकि मीनार के पाद की ओर एक समान चाल से जाता है। छः सेकेंड बाद कार का अवनमन कोण 60° हो गया। इस बिंदु से मीनार के पाद तक पहुँचने में कार द्वारा लिया गया समय ज्ञात कीजिए।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 26
माना CD एक मीनार है जिसकी ऊँचाई h m है। इसके शिखर D से कार की स्थिति A और B के क्रमशः अवनमन कोण 30° और 60° है अर्थात् ∠DAC = 30° और ∠DBC = 60°
माना कार की चाल = x m/s
तो 6 सेकेंड में कार द्वारा चली गई दूरी AB = 6x m
माना B से C तक पहुँचने में लिया गया समय = n सेकेंड
तो दूरी BC = nx m
अब समकोण ΔACD में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 27
\(\frac{h}{n x}\)= √3
या h = nx√3 …..(ii)

समीकरण (i) और (ii) की तुलना करने से,
\(\frac{6 x+n x}{\sqrt{3}}=n x \sqrt{3}\)
6x + nx = 3nx
6x = 3nx – nx
6x = 2nx
अतः कार द्वारा B से C तक पहुँचने में लगा समय = 3 सेकेंड

HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1

प्रश्न 16.
मीनार के आधार से और एक सरल रेखा में 4m और 9 m की दूरी पर स्थित दो बिंदुओं से मीनार के शिखर के उन्नयन कोण पूरक कोण हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई 6 m है।
हल :
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 28
माना AB = hm ऊँचाई की मीनार है जिसके आधार B से बिंदु C और D की क्रमशः दूरी 4 m और 9 m है।
माना, ∠ADB = θ
तो ∠ACB = 90° – θ
अब समकोण ΔABC में,
\(\frac{\mathrm{AB}}{\mathrm{BC}}\) = tan (90° – θ)
\(\frac{h}{4}\) = cot θ
इसी प्रकार, समकोण ΔABD में,
HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 29
h2 = 36
h = ±6
परंतु h = – 6 असंभव है।
∴ मीनार की ऊँचाई = 6 m

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.2

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Exercise 3.2

प्रश्न 1.
बताइए कि किन्हीं दो संख्याओं का योग सम होता है या विषम होता है, यदि वे दोनों :
(a) विषम संख्याएँ हों,
(b) सम संख्याएँ हों।
हल :
(a) दो विषम संख्याओं का योग सम संख्या होता है।
उदाहरण: 1 + 3 = 4, 5 + 7 = 12
(b) दो सम संख्याओं का योग जप संख्या होता है।
उदाहरण : 2 + 4 = 6, 6 + 8 = 14

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प्रश्न 2.
बताइए कि अग्रलिखित में कौन-सा कथन सत्य है और कौन-सा असत्य ?
(a) तीन विषम संख्याओं का योग सम होता है।
(b) दो विषम संख्याओं और एक सम संख्या का योग सम होता है।
(c) तीन विषम संख्याओं का गुणनफल विषम होता
(d) यदि किसी सम संख्या को 2 से भाग दिया जाए, तो भागफल सदैव विषम होता है।
(e) सभी अभाज्य संख्याएँ विषम हैं।
(f) अभाज्य संख्याओं के कोई गुणनखण्ड नहीं होते।
(g) दो अभाज्य संख्याओं का योग सदैव सम होता
(h) केवल 2 ही एक सम अभाज्य संख्या है।
(i) सभी सम संख्याएँ भाज्य संख्याएँ हैं। (5) दो सम संख्याओं का गुणनफल सदैव सम होता
हल :
(a) असत्य,
(b) सत्य,
(c) सत्य,
(d) असत्य,
(e) असत्य,
(f) असत्य,
(g) असत्य,
(h) सत्य,
(i) असत्य,
(j) सत्य।

प्रश्न 3.
संख्या 13 और 31 अभाज्य संख्याएं हैं। इन दोनों संख्याओं में दो अंक 1 और 3 हैं। 100 तक की संख्याओं में ऐसे अन्य सभी युग्म ज्ञात कीजिए।
हल :
इराटोस्थोन्स की छलनी विधि द्वारा 1 से 100 तक अभाज्य संख्याएँ हैं:
2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89 तथा 97.
इनमें से समान इकाई वाली अभाज्य संख्याओं के जोड़े :
(13, 31); (17, 71); (37, 73); (79, 97). उत्तर

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प्रश्न 4.
20 से छोटी सभी अभाज्य और भाज्य संख्याएँ अलग-अलग लिखिए।
हल :
20 से छोटी सभी अभाज्य संख्याएँ हैं :
2, 3, 5, 7, 11, 13, 17 और 19. उत्तर
20 से छोटी सभी भाज्य संख्याएँ हैं :
4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16 तथा 18. उत्तर

प्रश्न 5.
1 और 10 के बीच में सबसे बड़ी अभाज्य संख्या लिखिए।
हल :
1 से 10 तक के बीच की अभाज्य संख्याएँ 2,5 और 7 हैं।
∴ 1 से 10 के बीच की सबसे बड़ी अभाज्य संख्या 7 है। उत्तर

प्रश्न 6.
निम्नलिखित को दो विषम अभाज्य संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त कीजिए:
(a) 44
(b) 36
(c) 24
(d) 18.
हल :
दी गई प्रत्येक संख्या को दो विषम अभाज्यों संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त करने पर,
(a) 44 = 13 + 31
(b) 36 = 5 + 31
(c) 24 = 11 + 13
(d) 18 = 7 + 11

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प्रश्न 7.
अभाज्य संख्याओं के ऐसे तीन युग्म लिखिए जिनका अंतर 2 हो।
हल :
अभाज्य संख्याओं के तीन युग्म जिनका अन्तर 2 है, हैं : 3, 5, 5, 5, 7, 11, 13 उत्तर
नोट : दो अभाज्य संख्याएँ जिनका अन्तर 2 होता है, “अभाज्य युग्म” कहलाती हैं।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ अभाज्य संख्याएँ हैं ?
(a) 23
(b) 51
(c) 37
(d) 26
हल :
(a) संख्या 23 में अभाज्य संख्याओं 2, 3, 5, 7 और 11 (23 की आधी संख्याओं तक) से पूरा-पूरा भाग नहीं जाता है।
∴ यह एक अभाज्य संख्या है। उत्तर
(b) संख्या 51 में अभाज्य संख्या 3 से भाग जाता है।
∴ यह संख्या अभाज्य नहीं है। उत्तर
(c) संख्या 37 में अभाज्य संख्याओं 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19 (37 की आधी संख्याओं तक) से पूरा-पूरा भाग नहीं जाता है।
∴ यह एक अभाज्य संख्या है। उत्तर
(d) संख्या 26 में अभाज्य संख्या 2 और 13 का पूरा-पूरा भाग जाता है।
∴ यह एक अभाज्य संख्या नहीं है। उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.2

प्रश्न 9.
100 से छोटी सात क्रमागत भाज्य संख्याएँ लिखिए जिनके बीच में कोई अभाज्य संख्या नहीं हो।
हल :
100 से छोटी सात क्रमागत भाज्य संख्याएँ 90, 91, 92, 93, 94, 95 और 96 हैं, जिनके बीच में कोई अभाज्य संख्या नहीं है। उत्तर

प्रश्न 10.
निम्नलिखित संख्याओं में से प्रत्येक को तीन अभाज्य संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त कीजिए:
(a) 21
(b) 31
(c) 53
(d) 61
हल :
दी गई प्रत्येक संख्या को तीन अभाज्य संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त करने पर,
(a) 21 = 3 + 5 + 13
(b) 31 = 3 + 5 + 23
(c) 53 = 3 + 19 + 31
(d) 61 = 3 + 11 + 47

प्रश्न 11.
20 से छोटी अभाज्य संख्याओं के ऐसे पाँच युग्म लिखिए जिनका योग 5 से विभाज्य (divisible) हो।
हल :
20 से छोटी अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17 और 19 हैं।
इन संख्याओं के युग्मों के सम्भव योग निम्न हैं :
2 + 3 = 5
7 + 17 = 24
5 + 7 = 12
2 + 5 = 7
7 + 19 = 26
5 + 11 = 16
2 + 7 = 9
3 + 5 = 8
5 + 13 = 18
2 + 11 = 13
3 + 7 = 10
5 + 17 = 22
2 + 13 = 15
3 + 11 = 14
5 + 19 = 24
2 + 17 = 19
3 + 13 = 16
17 + 11 = 28
2 + 19 = 21
3 + 17 = 20
17 + 19 = 36
7 + 11 = 18
3 + 19 = 22
19 + 11 = 30
7 + 13 = 20
13 + 11 = 24
स्पष्ट है कि वे पाँच युग्म जिनका योग 5 से विभाज्य है, इस प्रकार है:
2, 3; 2, 13, 7, 13; 3, 7; 3, 17 और 11, 19 हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.2

प्रश्न 12.
निम्न में रिक्त स्थानों को भरिए :
(a) वह संख्या जिसके केवल दो गुणनखण्ड हों, एक …………… कहलाती है।
(b) वह संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखण्ड हों, एक ……….. कहलाती है।
(c) 1 न तो ……………. है और न ही …………..
(d) सबसे छोटी अभाज्य संख्या ……………..
(e) सबसे छोटी भाज्य संख्या …………….. है।
(f) सबसे छोटी सम संख्या है।
हल :
(a) अभाज्य संख्या,
(b) भाज्य संख्या,
(c) अभाज्य संख्या, भाज्य संख्या,
(d) 2.
(e) 4.
(f) 2.

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HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 2 प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 2 प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Solutions Chapter 2 प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम

अभ्यास केन प्रश्न

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में पुरुष प्रवास का मुख्य कारण है?
(A) शिक्षा
(B) काम और रोज़गार
(C) व्यवसाय
(D) विवाह
उत्तर:
(B) काम और रोज़गार

2. निम्नलिखित में से किस राज्य में सर्वाधिक संख्या में आप्रवासी आते हैं?
(A) उत्तर प्रदेश में
(B) महाराष्ट्र में
(C) दिल्ली में
(D) बिहार में
उत्तर:
(B) महाराष्ट्र में

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 2 प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम

3. भारत में प्रवास की निम्नलिखित धाराओं में से कौन-सी एक धारा पुरुष प्रधान है?
(A) ग्रामीण से ग्रामीण
(B) ग्रामीण से नगरीय
(C) नगरीय से ग्रामीण
(D) नगरीय से नगरीय
उत्तर:
(B) ग्रामीण से नगरीय

4. निम्नलिखित में से किस नगरीय समूहन में प्रवासी जनसंख्या का अंश सर्वाधिक है?
(A) मुंबई नगरीय समूहन
(B) बँगलुरु नगरीय समूहन
(C) दिल्ली नगरीय समूहन
(D) चेन्नई नगरीय समूहन
उत्तर:
(A) मुंबई नगरीय समूहन

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
जीवन पर्यंत प्रवासी और पिछले निवास के अनुसार प्रवासी में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जीवन पर्यन्त प्रवासी और पिछले निवास के अनुसार प्रवासी में निम्नलिखित अन्तर है-

जीवन पर्यन्त प्रवासीपिछले निवास के अनुसार प्रवासी
(1) ये वे प्रवासी होते हैं जिनका जन्म किसी अन्य स्थान पर होता है, परन्तु जनगणना के समय ये नहीं होते।(1) ये वे प्रवासी होते हैं जो जनगणना के समय एक विशेष क्षेत्र से गिने जाते हैं, परन्तु वे उस क्षेत्र के स्थायी निवासी किसी ओर स्थान से गिने जाते हैं।
(2) ये प्रवासी प्रायः अपने रोजगार के लिए स्थान परिवर्तन करते हैं।(2) ये प्रवासी प्रायः अपने रोजगार के लिए स्थान परिवर्तन नहीं करते।

प्रश्न 2.
पुरुष/स्त्री चयनात्मक प्रवास के मुख्य कारण की पहचान कीजिए।
उत्तर:
शहरी क्षेत्रों में जीविका व रोजगार के लिए पुरुष वरणात्मक प्रवास अधिक होता है, जबकि महिलाएँ विवाह के कारण प्रवास करती हैं। देश में प्रत्येक लड़की को विवाह के बाद अपने पिता के घर को छोड़कर ससुराल के घर तक प्रवास करना होता है।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 2 प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम

प्रश्न 3.
उद्गम और गंतव्य स्थान की आयु एवं लिंग संरचना पर ग्रामीण-नगरीय प्रवास का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
गम और गंतव्य स्थान की आयु एवं लिंग संरचना से असंतुलन पैदा होता है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवा, कुशल एवं दक्ष लोग नगरों की ओर प्रवास करते हैं। फलस्वरूप नगरों में जनसंख्या बढ़ती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कम हो जाती है। अतः ग्रामीण एवं नगरीय प्रवास से उद्गम और गंतव्य दोनों ही स्थानों की आय एवं लिंग संरचना पर प्रभाव पड़ता है।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दीजिए.

प्रश्न 1.
भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के कारणों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
जब किसी देश का निवासी, अन्य किसी देश में प्रवासित हो जाता है, तो उसे अन्तर्राष्ट्रीय प्रवास कहते हैं। यह प्रवास तभी सम्भव है जब वहाँ का समाज व सरकार आने वाले लोगों को स्वीकार करे। भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के प्रमुख कारण अग्रलिखित हैं
1. आर्थिक कारण सभी प्रकार के प्रवासों का महत्त्वपूर्ण आधार/पक्ष आर्थिक होता है। भारत में प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रवास में इनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्तमान में अनेक विदेशी कम्पनियाँ इसी आकर्षण के कारण आई हैं, क्योंकि यहाँ कच्चा माल व श्रम सस्ता प्राप्त होता है और तैयार माल के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध है।

2. आजीविका-आजीविका के लिए भी भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रवास को बढ़ावा मिलता है।

3. राजनीतिक कारण-भारत में रोजनीतिक कारणों और विदेश नीतियों के लचीलेपन के कारण भी विदेशी प्रवास करते हैं। सीमावर्ती देशों से होने वाले प्रवास का कारण भी ये ही है।

4. धार्मिक कारण भारत में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। सभी लोगों को धार्मिक स्वतन्त्रता प्राप्त है।

5. सामाजिक कारण-भारत सर्वधर्म समभाव, वसुधैव कुटुम्बकम् सिद्धांत वाला देश है। यहाँ मेहमान को भगवान का दर्जा दिया जाता है। यहाँ की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक सम्पन्नता से प्रभावित होकर विदेशी यहाँ आते हैं।

प्रश्न 2.
प्रवास के सामाजिक एवं जनांकिकीय परिणाम क्या-क्या हैं?
उत्तर:
प्रवास के सामाजिक एवं जनांकिकीय परिणाम निम्नलिखित हैं-
1. सामाजिक परिणाम-प्रवासी, सामाजिक परिवर्तन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई प्रौद्योगिकी, परिणाम नियोजन, बालिका शिक्षा इत्यादि से संबंधित नए विचारों का नगरीय क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर पहुँचना भी इन्हीं के माध्यम से होता है। प्रवास से विविध संस्कृतियों के लोगों का अंतर्मिश्रण होता है। इसके द्वारा संकीर्ण विचारों को दूर करने में योगदान मिलता है और नए विचारों के विकास में सकारात्मक योगदान मिलता है। इसी के द्वारा लोगों का मानसिक विकास होता है। सकारात्मक पक्ष के साथ-साथ सामाजिक परिणाम के नकारात्मक पक्ष भी होते हैं जो लोगों में सामाजिक द्वेष एवं खिन्नता की भावना भर देते हैं।

2. जनांकिकीय परिणाम-प्रवास से देश की जनसंख्या का पुनर्वितरण होता है। नगरीय जनसंख्या में वृद्धि का प्रमुख कारण ग्रामीण-नगरीय प्रवास है। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाला कुशल एवं दक्ष लोगों का बाल प्रवास ग्रामीण जनांकिकीय संघटन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यद्यपि उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वी महाराष्ट्र से होने वाले बाह्य प्रवास ने इन राज्यों की आयु एवं लिंग संरचना में गंभीर असंतुलन पैदा कर दिया है। ऐसे ही असंतुलन उन राज्यों में भी उत्पन्न हो गए हैं जिनमें ये प्रवासी जाते हैं।

प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम HBSE 12th Class Geography Notes

→ प्रवास (Migration) : जनसंख्या का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना प्रवास कहलाता है अर्थात् किसी एक स्थान से जनसंख्या के दूसरे स्थान पर जाकर बसने को प्रवास कहते हैं। कुछ प्रवास स्थायी होते हैं तथा कुछ अस्थायी। स्थायी प्रवास में व्यक्ति मूल-स्थान से दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से रहने लगता है, जबकि अस्थायी प्रवास में मौसमी, वार्षिक तथा दैनिक प्रवास भी हो सकते हैं।

→ प्रवास के प्रकारों के आधार (Basic of the types of Migration):

  • समय के आधार पर
  • दूरी के आधार पर
  • उद्देश्य के आधार पर
  • क्षेत्र के आधार पर।

→ प्रवास की धाराएँ (Streams of Migration):

  • ग्रामीण से ग्रामीण
  • ग्रामीण से नगरीय
  • नगरीय से नगरीय
  • नगरीय से ग्रामीण।

प्रवास के परिणाम (Results of Migration):

  • आर्थिक परिणाम
  • सामाजिक परिणाम
  • सांस्कृतिक परिणाम
  • राजनीतिक परिणाम
  • जनांकिकीय परिणाम।

→ उत्प्रवास (Out Migration) : किसी गाँव या नगर में आबादी के अधिक बढ़ने या रोज़गार की कमी के कारण जब लोग उस स्थान को छोड़कर रोज़गार की तलाश में दूसरे स्थान पर चले जाते हैं तो यह उत्प्रवास प्रक्रिया कहलाती है।

→ आप्रवास (In Migration) : यदि व्यक्ति अन्य स्थानों से आकर एक विशिष्ट स्थान पर बस जाता है तो वह आप्रवास कहलाता है। बड़े-बड़े नगरों, व्यापारिक केंद्रों, औद्योगिक नगरों, बंदरगाहों, मंडियों और खनिज क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में लोग आकर बस जाते हैं, यह प्रक्रिया आप्रवास कहलाती है।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 2 प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम

→ अंतःराज्यीय प्रवास (Intra-State Migration) : यह वह प्रवास होता है जिसमें राज्य के एक भाग से उसी राज्य के दूसरे भाग में प्रवास किया जाता है; जैसे रोहतक से गुरुग्राम या भिवानी से अंबाला या नारनौल से फरीदाबाद इत्यादि। इसमें प्रवास का आरंभ और गंतव्य दोनों एक ही राज्य अर्थात् हरियाणा में है।

→ अन्तर-राज्यीय प्रवास (Inter-State Migration) यदि लोग एक राज्य से दूसरे राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश में प्रवास करें तो यह अन्तर-राज्यीय प्रवास कहलाएगा; जैसे शिमला से हिसार या दिल्ली से बंगलुरु या आगरा से भरतपुर । इनमें प्रवास का आरंभ अलग राज्य में तथा गंतव्य अलग राज्य में है।

→ अपकर्ष कारक (Pull Factors) : नगरीय सुविधाओं तथा आर्थिक परिस्थितियों के कारण जब लोग नगरों की ओर प्रवास करते हैं, तो इसे अपकर्ष कारक कहा जाता है। प्रतिकर्ष कारक (Push Factors) : जब लोग जीविका के साधन उपलब्ध न होने के कारण गरीबी तथा बेरोजगारी के कारण नगरों की ओर प्रवास करते हैं तो इसे प्रतिकर्ष कारक कहा जाता है।

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HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन Important Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

A. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. विश्व में जनसंख्या की दृष्टि से भारत का कौन-सा स्थान है?
(A) तीसरा
(B) दूसरा
(C) चौथा
(D) सातवाँ
उत्तर:
(B) दूसरा

2. विश्व में घनत्व की दृष्टि से भारत का कौन-सा स्थान है?
(A) तीसरा
(B) दूसरा
(C) चौथा
(D) सातवाँ
उत्तर:
(A) तीसरा

3. विश्व में क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का कौन-सा स्थान है?
(A) दूसरा
(B) तीसरा
(C) चौथा
(D) सातवाँ
उत्तर:
(D) सातवाँ

4. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कितने प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण है?
(A) 25.50%
(B) 68.84%
(C) 9.42%
(D) 64.41%
उत्तर:
(B) 68.84%

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

5. 2001-2011 में जनसंख्या की औसत वार्षिक वृद्धि कितनी रही?
(A) 9.42%
(B) 3.5%
(C) 13.7%
(D) 17.64%
उत्तर:
(D) 17.64%

6. स्वतंत्र भारत में अब तक कितनी बार जनगणनाएँ हो चुकी हैं?
(A) 4
(B) 7
(C) 12
(D) 14
उत्तर:
(B) 7

7. 1951 में भारत का जनसंख्या घनत्व कितना था?
(A) 117 व्यक्ति/वर्ग कि०मी०
(B) 200 व्यक्ति/वर्ग कि०मी०
(C) 208 व्यक्ति/वर्ग कि०मी०
(D) 185 व्यक्ति/वर्ग कि०मी०
उत्तर:
(B) 200 व्यक्ति/वर्ग कि०मी०

8. भारत में सर्वाधिक दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर निम्नलिखित में से किस दशक में रही?
(A) 1961-71
(B) 1971-81
(C) 1981-91
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) 1961-71

9. भारत का निम्नतम जनसंख्या वाला राज्य है-
(A) सिक्किम
(B) अरुणाचल प्रदेश
(C) केरल
(D) गोवा
उत्तर:
(A) सिक्किम

10. भारत का न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि-दर वाला राज्य है-
(A) केरल
(B) अरुणाचल प्रदेश
(C) नगालैण्ड
(D) गोवा
उत्तर:
(C) नगालैण्ड

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

11. भारत का क्षेत्रफल विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्र का कितने प्रतिशत है?
(A) 16.7%
(B) 5.8%
(C) 2.4%
(D) 15.2%
उत्तर:
(C) 2.4%

12. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या का औसत घनत्व कितना है?
(A) 849 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
(B) 334 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
(C) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
(D) 129 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०
उत्तर:
(C) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०

13. भारत में कुल कितने राज्य हैं?
(A) 25
(B) 28
(C) 27
(D) 29
उत्तर:
(B) 28

14. वर्तमान में भारत में कितने केंद्र-शासित प्रदेश हैं?
(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8
उत्तर:
(D) 8

15. भारत में सबसे अधिक जनसंख्या किस प्रदेश में पाई जाती है?
(A) उत्तर प्रदेश
(B) मध्य प्रदेश
(C) अरुणाचल प्रदेश
(D) पश्चिमी बंगाल
उत्तर:
(A) उत्तर प्रदेश

16. सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या कितनी थी?
(A) 100.2 करोड़
(B) 121 करोड़
(C) 102.8 करोड़
(D) 103.8 करोड़
उत्तर:
(C) 102.8 करोड़

17. निम्नलिखित में से जनसंख्या घनत्व को प्रभावित करने वाला भौगोलिक कारक नहीं है
(A) धरातल
(B) खनिज
(C) जलवायु
(D) मृदा
उत्तर:
(B) खनिज

18. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में लिंगानुपात कितना है?
(A) 931 प्रति हजार
(B) 932 प्रति हजार
(C) 943 प्रति हजार
(D) 934 प्रति हजार
उत्तर:
(C) 943 प्रति हजार

19. 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में जन्म-दर कितनी थी?
(A) 23 प्रति हजार व्यक्ति
(B) 24 प्रति हजार व्यक्ति
(C) 25 प्रति हजार व्यक्ति
(D) 26 प्रति हजार व्यक्ति
उत्तर:
(D) 26 प्रति हजार व्यक्ति

20. 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में मृत्यु-दर कितनी थी?
(A) 7 प्रति हजार व्यक्ति
(B) 8 प्रति हजार व्यक्ति
(C) 9 प्रति हजार व्यक्ति
(D) 10 प्रति हजार व्यक्ति
उत्तर:
(C) 9 प्रति हजार व्यक्ति

21. सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की ग्रामीण जनसंख्या कितने प्रतिशत थी?
(A) 72.22%
(B) 58.42%
(C) 67.75%
(D) 27.78%
उत्तर:
(A) 72.22%

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

22. सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की नगरीय जनसंख्या कितने प्रतिशत थी?
(A) 72.22%
(B) 58.42%
(C) 67.75%
(D) 27.78%
उत्तर:
(D) 27.78%

23. निम्नलिखित में से भारत के किस राज्य में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत सबसे अधिक है?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) हरियाणा
(C) केरल
(D) अरुणाचल प्रदेश
उत्तर:
(A) हिमाचल प्रदेश

24. भारत में संपूर्ण जनगणना कब संपन्न हुई थी?
(A) 1880 में
(B) 1980 में
(C) 1881 में
(D) 1981 में
उत्तर:
(C) 1881 में

25. कुल जनसंख्या में कार्यरत जनसंख्या का प्रतिशत अनुपात कहलाता है
(A) आश्रित जनसंख्या
(B) श्रमजीवी जनसंख्या
(C) सहभागिता दर
(D) व्यावसायिक संरचना
उत्तर:
(C) सहभागिता दर

26. भारत में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या क्या दर्शाती है?
(A) ग्रामीण जनसंख्या
(B) नगरीय जनसंख्या
(C) लिंगानुपात
(D) उत्पादक जनसंख्या
उत्तर:
(C) लिंगानुपात

27. भारत में सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य कौन-सा है?
(A) केरल
(B) हरियाणा
(C) महाराष्ट्र
(D) मध्य प्रदेश
उत्तर:
(A) केरल

28. भारत में न्यूनतम लिंगानुपात वाला राज्य कौन-सा है?
(A) केरल
(B) हरियाणा
(C) महाराष्ट्र
(D) मध्य प्रदेश
उत्तर:
(B) हरियाणा

29. श्रमजीवी आयु-वर्ग कहा जाता है-
(A) 0-14 वर्ष
(B) 15-59 वर्ष
(C) 60 वर्ष से ऊपर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) 15-59 वर्ष

30. मुख्य कामगार वर्ष में कितने दिन काम करता है?
(A) 177 दिन
(B) 180 दिन
(C) 183 दिन
(D) 186 दिन
उत्तर:
(C) 183 दिन

31. आयु-संरचना को किस आरेख द्वारा प्रदर्शित किया जाता है?
(A) सरल आरेख
(B) दण्ड आरेख
(C) बहुदण्ड आरेख
(D) आयु एवं लिंग पिरामिड
उत्तर:
(D) आयु एवं लिंग पिरामिड

32. 2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा में लिंगानुपात कितना है?
(A) 933 प्रति हजार
(B) 1058 प्रति हजार
(C) 877 प्रति हजार
(D) 709 प्रति हजार
उत्तर:
(C) 877 प्रति हजार

33. भारतीय भाषाओं से सम्बन्धित भाषा परिवार कितने हैं?
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर:
(C) 4

34. भारत में राजभाषा हिन्दी के अलावा कितनी प्रादेशिक भाषाओं को मान्यता दी गई है?
(A) 15
(B) 16
(C) 17
(D) 21
उत्तर:
(D) 21

35. जनसंख्या की दृष्टि से अनुसूचित जनजातीय किस राज्य में कम हैं?
(A) मध्य प्रदेश
(B) गोवा
(C) उत्तर प्रदेश
(D) हरियाणा
उत्तर:
(B) गोवा

36. भारत के किस राज्य में मुस्लिम सबसे अधिक हैं?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) उत्तर प्रदेश
(C) मिज़ोरम
(D) केरल
उत्तर:
(B) उत्तर प्रदेश

37. भारत के किस राज्य में हिन्दू सबसे कम हैं?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) उत्तर प्रदेश
(C) मिज़ोरम
(D) केरल
उत्तर:
(C) मिज़ोरम

38. भारत के किस राज्य में ईसाइयों का संकेंद्रण सबसे अधिक है?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) उत्तर प्रदेश
(C) मिज़ोरम
(D) केरल
उत्तर:
(D) केरल

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

39. भारत के किस राज्य में सिक्ख धर्म के अनुयायी सबसे अधिक हैं?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) पंजाब
(C) मिज़ोरम
(D) केरल
उत्तर:
(B) पंजाब

40. सन् 2011 के अनुसार भारत में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य कौन-सा है?
(A) पश्चिमी बंगाल
(B) उत्तर प्रदेश
(C) बिहार
(D) केरल
उत्तर:
(C) बिहार

41. सन् 2011 के अनुसार भारत में सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाले राज्य का नाम बताइए।
(A) नगालैंड
(B) अरुणाचल प्रदेश
(C) केरल
(D) गोवा
उत्तर:
(B) अरुणाचल प्रदेश

42. भारत में जनगणना कितने वर्षों के बाद की जाती है?
(A) 5
(B) 10
(C) 15
(D) 20
उत्तर:
(B) 10

B. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में दीजिए

प्रश्न 1.
भारत में पहली जनगणना कब हुई?
उत्तर:
सन् 1872 में।

प्रश्न 2.
भारत में पहली पूर्ण जनगणना कब हुई?
उत्तर:
सन् 1881 में।

प्रश्न 3.
जनगणना 1951 के अनुसार भारत की साक्षरता दर कितनी थी?
उत्तर:
18.33%

प्रश्न 4.
जनगणना 1951 के अनुसार भारत में स्त्री प्रत्याशा कितनी थी?
उत्तर:
36.2 वर्ष।

प्रश्न 5.
जनगणना 1951 के अनुसार भारत में पुरुष प्रत्याशा कितनी थी?
उत्तर:
37.1 वर्ष।

प्रश्न 6.
जनगणना 2001 के अनुसार भारत की साक्षरता-दर कितनी थी?
उत्तर:
64.84%।

प्रश्न 7.
जनगणना 2001 के अनुसार भारत की पुरुष साक्षरता-दर कितनी थी?
उत्तर:
75.26%।

प्रश्न 8.
जनगणना 2001 के अनुसार भारत की स्त्री साक्षरता-दर कितनी थी?
उत्तर:
53.67%।

प्रश्न 9.
सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल कितनी जनसंख्या थी?
उत्तर:
102.8 करोड़ (लगभग)।

प्रश्न 10.
2001 की जनगणना के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व कितना था?
उत्तर:
325 प्रति व्यक्ति।

प्रश्न 11.
जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?
उत्तर:
दूसरा, पहला स्थान चीन का है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

प्रश्न 12.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत के किस राज्य में जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक है?
उत्तर:
बिहार (1102)।

प्रश्न 13.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत की साक्षरता दर कितनी है?
उत्तर:
74.04 प्रतिशत।

प्रश्न 14.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत की पुरुष साक्षरता दर कितनी है?
उत्तर:
82.14 प्रतिशत।

प्रश्न 15.
भारत के मैदानी भागों में देश की कितनी जनसंख्या बसी हुई है?
उत्तर:
लगभग 52 प्रतिशत जनसंख्या।

प्रश्न 16.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत की स्त्री साक्षरता दर कितनी है?
उत्तर:
65.46 प्रतिशत।

प्रश्न 17.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या कितनी है?
उत्तर:
लगभग 121.02 करोड़।

प्रश्न 18.
सन् 2001-2011 में भारत की औसत जनसंख्या वृद्धि-दर कितनी रही?
अथवा
भारत की औसत जनसंख्या वृद्धि दर 2001-2011 के दशक में कितनी रही?
उत्तर:
17.64%।

प्रश्न 19.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व कितना है?
उत्तर:
382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर।

प्रश्न 20.
सर्वाधिक लिंगानुपात वाले राज्य का नाम बताइए।
उत्तर:
केरल। जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

प्रश्न 21.
न्यूनतम लिंगानुपात वाले राज्य का नाम बताइए।
उत्तर:
हरियाणा।

प्रश्न 22.
जनगणना 2011 के अनुसार भारत का लिंगानुपात कितना है?
उत्तर:
9431

प्रश्न 23.
बौद्ध धर्म के लोग अधिकांशतः भारत के किस राज्य में केन्द्रित है?
उत्तर:

  1. सिक्किम
  2. अरुणाचल प्रदेश
  3. हिमाचल प्रदेश
  4. महाराष्ट्र।

प्रश्न 24.
भारतीय श्रमिकों का सर्वाधिक अनुपात किस सेक्टर में संलग्न है?
उत्तर:
प्राथमिक सेक्टर में।

प्रश्न 25.
भारत में विशालतम भाषाई समूह का नाम लिखिए।
उत्तर:
भारतीय यूरोपीय भाषा परिवार (आय)।

प्रश्न 26.
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा एवं सबसे छोटा राज्य कौन-सा है?
उत्तर:

  1. सबसे बड़ा उत्तर प्रदेश।
  2. सबसे छोटा-सिक्किम।

प्रश्न 27.
भारतीय संविधान में कितनी भाषाएँ अधिसूचित हैं?
उत्तर:
22 भाषाएँ।

प्रश्न 28.
भारत में न्यूनतम बाल आयु वर्ग का प्रतिशत रखने वाले दो राज्यों के नाम बताएँ।
उत्तर:

  1. गोवा
  2. केरल।

प्रश्न 29.
भारत के आयु पिरामिड का आकार किसका घोतक है?
उत्तर:
जनसंख्या की गतिशीलता का।

प्रश्न 30.
भारत जनांकिकीय संक्रमण की किस अवस्था में आता है?
उत्तर:
तीसरी अवस्था में।

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प्रश्न 31.
देश में सबसे कम ग्रामीण जनसंख्या किन दो राज्यों अथवा केंद्र-शासित प्रदेशों में पाई जाती है?
उत्तर:
दिल्ली तथा चण्डीगढ़।

प्रश्न 32.
राज्य की जनसंख्या में तीन-चौथाई जन-जातीय जनसंख्या वाले दो राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर:
मेघालय व मिज़ोरम।

प्रश्न 33.
अनुसूचित जातियों के सर्वाधिक अनुपात वाले दो राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर:
पंजाब व हिमाचल प्रदेश।

प्रश्न 34.
उत्तर-पूर्वी राज्यों की भाषाएँ किस भाषा परिवार से संबंधित हैं?
उत्तर:
चीनी-तिब्बती भाषा परिवार से।

अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘लिंगानुपात’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जनसंख्या का लिंग-संयोजन अक्सर एक अनुपात के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, जिसे लिंगानुपात कहते हैं। इसे ‘भारत में प्रति हजार पुरुषों के पीछे कितनी स्त्रियाँ हैं’ के द्वारा दर्शाया जाता है। प्रति हजार पुरुषों की तुलना में स्त्रियों की संख्या का अनुपात लिंगानुपात कहलाता है। भारत में लिंगानुपात लगातार कम हो रहा है। उदाहरण के लिए सन् 1901 में यह लिंगानुपात 972 था जो सन् 2011 में घटकर 943 हो गया।

प्रश्न 2.
भारत में सर्वाधिक तथा न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर:
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य बिहार (1102) तथा न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश (17) है।

प्रश्न 3.
भारत के उच्चतम तथा न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि वाले राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर:
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार उच्चतम जनसंख्या वृद्धि दर मेघालय (27.82%) तथा न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि दर नगालैंड (-0.47%) की है।

प्रश्न 4.
2011 की जनगणना के अनुसार भारत के चार बड़े राज्यों की जनसंख्या प्रतिशत में लिखें।
उत्तर:

क्र०सं०राज्यजनसंख्या (प्रतिशत में)
1उत्तर प्रदेश16.49 %
2महाराष्ट्र9.29 %
3बिहार8.58 %
4पश्चमी बंगाल7.55 %

प्रश्न 5.
भारत में बच्चों के घटते लिंग अनुपात के दो कारण लिखिए।
उत्तर:

  1. देश में कन्या भ्रूण हत्या की घटनाओं से लिंग अनुपात घटता है।
  2. गर्भवती स्त्री के स्वास्थ्य की ओर ध्यान न देने से बच्चे व माँ के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 6.
जनसंख्या की वृद्धि दर से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
दो समय बिंदुओं के बीच हुए जनसंख्या के परिवर्तन को यदि प्रतिशत में व्यक्त किया जाए तो उसे जनसंख्या की वृद्धि दर कहते हैं। इसे सदैव प्रतिशतता में ही व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 7.
भारत को गाँवों का देश क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
भारत की अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण है इसलिए भारत को गाँवों का देश कहा जाता है।

प्रश्न 8.
अब तक भारत में कितनी जनगणनाएँ हो चुकी हैं?
उत्तर:
सन् 2011 तक भारत में 15 व स्वतंत्र भारत में 7 जनगणनाएँ हो चुकी हैं।

प्रश्न 9.
सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में ग्रामीण तथा नगरीय जनसंख्या कितने-कितने प्रतिशत थी?
उत्तर:
ग्रामीण जनसंख्या 72.22 प्रतिशत तथा नगरीय जनसंख्या 27.78 प्रतिशत थी।

प्रश्न 10.
जनसंख्या वृद्धि क्या है?
उत्तर:
किसी क्षेत्र विशेष में किसी दिए गए समय में जनसंख्या आकार में होने वाले परिवर्तन को जनसंख्या वृद्धि कहते हैं। यह धनात्मक व ऋणात्मक दोनों हो सकती है।

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प्रश्न 11.
जनसंख्या वितरण से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
जनसंख्या वितरण उस तरीके को प्रदर्शित करता है जिसके अंतर्गत मानव किसी दिए गए क्षेत्र या स्थल में वितरित होता है। इसका संबंध स्थल से होता है।

प्रश्न 12.
भारत में जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के कोई तीन उपाय बताइए।
उत्तर:

  1. कृषि एवं उद्योगों के क्षेत्र में उत्पादन में वृद्धि करना।
  2. शिक्षा का प्रसार करना।
  3. परिवार नियोजन संबंधी कार्यक्रमों का विस्तार करना।

प्रश्न 13.
2001 की जनगणना के अनुसार सर्वाधिक तथा न्यूनतम लिंगानुपात वाले राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर:
सर्वाधिक : केरल (1058); न्यूनतम : हरियाणा (861)।

प्रश्न 14.
2011 की जनगणना के अनुसार सर्वाधिक तथा न्यूनतम लिंगानुपात वाले केंद्र-शासित प्रदेशों के नाम बताइए।
उत्तर:
सर्वाधिक : पुडुचेरी (1038); न्यूनतम : दमन और दीव (618)।

प्रश्न 15.
आश्रित अनुपात क्या होता है?
उत्तर:
प्रौढ़ों तथा किशोरों और वृद्धों के बीच जनसंख्या के अनुपात को आश्रित अनुपात कहते हैं।

प्रश्न 16.
भारतीय भाषाओं से संबंधित चार भाषा परिवारों के नाम बताइए।
उत्तर:

  1. आग्नेय (आस्ट्रिक) परिवार
  2. चीनी-तिब्बती परिवार
  3. द्रविड़ भाषा परिवार तथा
  4. भारतीय-यूरोपीय (आर्य) परिवार।

प्रश्न 17.
भारत में ईसाई धर्म सबसे पहले कब और कहाँ आया?
उत्तर:
प्रथम शताब्दी में भारत के पश्चिमी तट पर केरल की कोच्चि बंदरगाह पर सीरियाई ईसाइयों ने पहुँचकर ईसाई धर्म का भारत में आरंभ किया।

प्रश्न 18.
सांस्कृतिक विलयन क्या होता है?
उत्तर:
विभिन्न प्रदेशों के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक गुणों के आपसी संपर्क को सांस्कृतिक विलयन कहा जाता है।

प्रश्न 19.
भारत के सात शास्त्रीय नृत्यों के नाम बताइए।
उत्तर:
कत्थक, ओडिसी, मणिपुरी, कुचिपुड़ी, कथकली, भरतनाट्यम और मोहिनी अट्टम।

प्रश्न 20.
जनगणना 2011 में भारत की जनसंख्या कितनी थी? विश्व में जनसंख्या एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का कौन-सा स्थान है?
उत्तर:
वर्ष 2011 में भारतवर्ष की जनसंख्या 121.02 करोड़ थी। जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में दूसरा और क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवाँ स्थान है।

प्रश्न 21.
प्रत्येक उत्तरोत्तर जनगणना में जनसंख्या का घनत्व क्यों बढ़ रहा है?
उत्तर:
भारत की जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है, जबकि क्षेत्रफल सदैव निश्चित रहता है। इसलिए प्रत्येक उत्तरोत्तर जनगणना में जनसंख्या का घनत्व बढ़ जाता है।

प्रश्न 22.
जनसंख्या घनत्व क्या है?
उत्तर:
किसी भी प्रदेश की जनसंख्या और उस प्रदेश की भूमि के क्षेत्र फल के पारस्परिक अनुपात को जनसंख्या घनत्व कहते हैं।

प्रश्न 23.
साक्षरता क्या है?
उत्तर:
यद्यपि साक्षरता (Literacy) जनसंख्या का एक सामाजिक पक्ष है तथापि यह जनसंख्या की गुणवत्ता का बोध कराती है। व्यापक रूप से साक्षरता वह ज्ञान है जो लोगों में जागृति लाए। साधारणतया साक्षरता लोगों को किसी भाषा में समझ के साथ लिखने या पढ़ने की योग्यता को कहा जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ जनसंख्या आयोग के अनुसार, “साक्षर वह व्यक्ति है जो किसी भाषा में साधारण संदेश को पढ़, लिख और समझ सकता है।”

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प्रश्न 24.
भारत किन चार प्रमुख धर्मों का जन्म-स्थान है?
उत्तर:

  1. हिंदू धर्म
  2. बौद्ध धर्म
  3. जैन धर्म
  4. सिक्ख धर्म।

प्रश्न 25.
जन-जातियों में सहभागिता दर सबसे अधिक क्यों पाई जाती है?
उत्तर:
जन-जातीय समुदाय एक खुला समाज होता है। इनमें पुरुषों, स्त्रियों और बच्चों की प्रतिष्ठा समान होती है और वे सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करते हैं। इसलिए उनमें सहभागिता दर सबसे अधिक होती है।

प्रश्न 26.
देश के किस भाग में ग्रामीण जनसंख्या का अनुपात राष्ट्रीय औसत से अधिक है?
उत्तर:
पंजाब और हरियाणा को छोड़कर उत्तरी भारत के सभी राज्यों, पश्चिमी बंगाल को छोड़कर सभी उत्तर:पूर्वी भागों और मध्य भारत के राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का अनुपात राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

प्रश्न 27.
किशोरों, प्रौढ़ों और वृद्धों की आयु सीमाएँ दीजिए।
उत्तर:

  1. किशोर – 15 वर्ष से नीचे।
  2. प्रौढ़ – 15-59 वर्ष।
  3. वृद्ध – 60 वर्ष व इससे ऊपर।

प्रश्न 28.
भारत में आयु पिरामिड की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:

  1. भारत के आयु पिरामिड का आधार बहुत चौड़ा है जो प्रारंभिक आयु वर्गों तक बना रहता है।
  2. आयु पिरामिड ऊपर की ओर संकरा होता जाता है।

प्रश्न 29.
जनसंख्या संरचना क्या है? अथवा जनसंख्या संघटन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जनसंख्या की भौतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को जनसंख्या की संरचना या संघटन या संयोजन कहा जाता है। जनसंख्या का संयोजन लिंग, आयु, श्रम-शक्ति, आवास, इकाइयों, धर्म, भाषा, वैवाहिक स्थिति, साक्षरता शिक्षा और व्यावसायिक संरचना से होता है।

प्रश्न 30.
सतलुज गंगा के मैदान में जनसंख्या के अधिक गहन होने के कारण बताइए।
उत्तर:
सतलुज गंगा के मैदान में जनसंख्या के अधिक गहन होने के कारण निम्नलिखित हैं-

  1. सर्वाधिक उपजाऊ क्षेत्र
  2. औद्योगिक और नगरीय विकास
  3. सुविधाओं का संकेंद्रण।

प्रश्न 31.
कुल जनसंख्या और जनसंख्या घनत्व में क्या अंतर है?
अथवा
कुल जनसंख्या और जनसंख्या घनत्व क्या है?
उत्तर:
कल जनसंख्या दो समय बिंदुओं के बीच एक क्षेत्र विशेष में रहने वाली जनसंख्या को कुल जनसंख्या कहते हैं। जनसंख्या घनत्व-किसी देश की कुल जनसंख्या और उसके कुल क्षेत्रफल के अनुपात को वहाँ का जनसंख्या घनत्व कहते हैं।

प्रश्न 32.
जनसंख्या की प्रमुख जनांकिकीय विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
जनसंख्या संयोजन की विशेषताओं को जनांकिकीय विशेषताएँ कहते हैं। जनांकिकीय विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. नगरीय तथा ग्रामीण जनसंख्या
  2. लिंग संरचना
  3. श्रमिक तथा आश्रित जनसंख्या।

प्रश्न 33.
‘सहभागिता दर’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
सहभागिता दर श्रम का अनुपात है। इसे कुल जनसंख्या में कार्यरत जनसंख्या के प्रतिशत द्वारा व्यक्त किया जाता है। सहभागिता अनुपात पुरुषों तथा स्त्रियों के लिए अलग-अलग होता है।

प्रश्न 34.
भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में कितनी भाषाओं को राज्य-भाषा का दर्जा प्राप्त है?
उत्तर:
भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को राज्य-भाषा का दर्जा प्राप्त है-

  1. हिन्दी
  2. तेलुगू
  3. बांग्ला
  4. मराठी
  5. तमिल
  6. उर्दू
  7. गुजराती
  8. मलयालम
  9. कन्नड़
  10. ओड़िया
  11. असमिया
  12. पंजाबी
  13. कश्मीरी
  14. सिंधी
  15. संस्कृत
  16. कोंकणी
  17. मणिपुरी
  18. नेपाली
  19. डोगरी
  20. मैथिली
  21. बोडो
  22. संथाली।

प्रश्न 35.
द्रविड़ भाषा परिवार का विवरण दीजिए। अथवा . द्रविड़ भाषा परिवार की कौन-सी चार मुख्य भाषाएँ हैं?
उत्तर:
द्रविड़ भाषा परिवार में दक्षिणी द्रविड़, मध्य द्रविड़ तथा उत्तरी द्रविड़ भाषाएँ सम्मिलित हैं। दक्षिणी द्रविड़ में मुख्य भाषाएँ तमिल, मलयालम, कन्नड़ तथा गौण भाषाओं में तुल, कुरगी तथा येरुकला सम्मिलित हैं। मध्य द्रविड़ की मुख्य भाषाएँ तेलुगू तथा गोंडी तथा उत्तरी द्रविड़ वर्ग में कुरुख तथा मालती हैं। वास्तव में 96% द्रविड़-भाषी जनसंख्या चार भाषाएँ-(1) तमिल, (2) तेलुगू, (3) कन्नड़, (4) मलयालम बोलती है।

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प्रश्न 36.
अनुसूचित जातियों का संकेंद्रण देश के जलोढ़ तथा तटीय मैदानों में अधिक है, कारण बताइए।
उत्तर:
भारत की अनुसूचित जाति का अधिकतम संकेंद्रणं सिंधु-गंगा के मैदान तथा भारत के पूर्वी तथा पश्चिमी तटीय मैदानों में पाया जाता है। इसका कारण यह है कि यहाँ समतल उपजाऊ मैदान हैं, पर्याप्त जल-सुविधा है। मिट्टी कोमल तथा उपजाऊ है तथा अनेक प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त जलवायु है। भारत में अधिकतर अनुसूचित जाति के लोग कृषि-श्रमिक हैं और कृषि पर ही उनकी जीविका निर्भर है। अतः जलोढ़ तथा तटीय मैदान में इस जाति का संकेंद्रण अधिक पाया जाता है।

प्रश्न 37.
भारत के लोगों की भाषाओं तथा बोलियों में अत्यधिक विविधता पाई जाती है, कारण बताइए।
उत्तर:
भारत एक विशाल देश है। यहाँ लगभग हर क्षेत्र में विविधता पाई जाती है। भाषाएँ तथा बोलियाँ भी इस संदर्भ में अछूती नहीं हैं। यहाँ विभिन्न युगों में बाहर से मानव प्रजाति का आगमन होता रहा है। वे अपने साथ विभिन्न क्षेत्रों की भाषाएँ तथा बोलियाँ भी साथ लाए थे। अतः यही कारण है कि आज भी भारत के लोगों की भाषाओं और बोलियों में अत्यधिक विविधताएँ पाई जाती हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
2011 की जनगणना के अनुसार भारत के केंद्र-शासित प्रदेशों की जनसंख्या (प्रतिशत में) और घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०) का विवरण दें।
उत्तर:

केंद्र-शासित प्रदेशजनसंख्या (प्रतिशत में)घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी०)
1. दिल्ली1.3811,297
2. चण्डीगद0.099,252
3. पुद्धचेरी0.102,598
4. दमन व दीव0.022169
5. लक्षद्वीप0.012,013
6. दादर व नगर हवेली0.03698
7. अंडमान व निकोबार द्वीप-समूह0.0346

प्रश्न 2.
जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले सामाजिक, आर्थिक कारकों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
मनुष्य ने अपने क्रियाकलापों, प्रौद्योगिकी ज्ञान और सामाजिक संगठनों द्वारा भौतिक कारकों को अपने हित मे बदलने का प्रयत्न किया है। विभिन्न प्रकार की अर्थव्यवस्थाओं की पोषण क्षमता में अंतर पाया जाता है। प्राथमिक क्रियाकलापों की पोषण क्षमता कम होती है जबकि द्वितीयक और तृतीयक क्रियाकलापों की पोषण क्षमता अधिक होती है। इसलिए नगरीय और औद्योगिक क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अधिक पाया जाता है। इसी प्रकार आधुनिक कृषि संपन्न क्षेत्रों में भी जनसंख्या का घनत्व अधिक पाया जाता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब ऐसे ही कुछ क्षेत्र हैं जहाँ जनसंख्या का उच्च घनत्व पाया जाता है।

प्रश्न 3.
भारत के उत्तरी मैदान में जनसंख्या का घनत्व समवृष्टि का अनुसरण करता है, कारण दीजिए।
उत्तर:
भारत का उत्तरी विशाल मैदान, कृषि की दृष्टि से बहुत संपन्न क्षेत्र है। यह समतल उपजाऊ मैदान है जो नदियों द्वारा लाए गए पदार्थ के जमाव से बना है। कृषि के लिए जल की उपलब्धि एक महत्त्वपूर्ण कारक है।

भारत के उत्तरी मैदान में ज्यों-ज्यों हम पूर्व से पश्चिम की ओर जाएँ, वर्षा की मात्रा कम होती जाती है। भारत के सुदूर उत्तर:पूर्वी राज्यों में 400 से०मी० से अधिक वार्षिक वर्षा होती है तथा यहाँ से पश्चिम की ओर जाने से वर्षा की मात्रा में कमी आती रहती है। पश्चिमी बंगाल, बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की मात्रा 100 से 200 सें०मी० वार्षिक है। मध्य उत्तर प्रदेश, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 60 से 100 सें०मी० तक वर्षा का औसत पाया जाता है।

फिर हरियाणा और दक्षिणी पंजाब में 40 सें०मी० से 60 सें०मी० तथा पूर्वी राजस्थान में 20 से 40 और पश्चिमी राजस्थान में 20 सें०मी० से कम वर्षा का औसत वितरण पाया जाता है। इस प्रकार पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा कम होती जाती है। इसी प्रकार उत्तरी मैदान में जनसंख्या का घनत्व भी इसी क्रम से पश्चिम की ओर कम होता जाता है। अतः कृषि के लिए जल का महत्त्व ही इस प्रकार के उत्तरी मैदान में जनसंख्या के वितरण का कारण है।

प्रश्न 4.
आदर्श जनसंख्या किसी देश के विकास के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
आदर्श जनसंख्या वह कहलाती है जब कोई देश पूरी तरह सम्पन्न हो तथा लोगों की प्रति व्यक्ति आय अधिक हो । यदि देश में उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग संतुलित रूप से हो तो वहाँ के लोग सुखी और सुविधा सम्पन्न होंगे। इसलिए देश में न तो बहुत अधिक जनसंख्या होनी चाहिए न ही बहुत कम। किसी भी देश में आदर्श जनसंख्या, संसाधनों के उपयोग की विधियों और विकास की स्थिति बदलने के साथ-साथ बदलती रहती है। अतः आदर्श जनसंख्या वही है जिसके द्वारा अधिक-से-अधिक मानव कल्याण हो सके।

प्रश्न 5.
“भारत में जनसंख्या का विषम स्थानिक वितरण उसे प्रभावित करने वाले कारकों में घनिष्ठ संबंध कैसे है?” स्पष्ट करें।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या का विषम स्थानिक वितरण देश की जनसंख्या और भौतिक, सामाजिक, आर्थिक और ऐतिहासिक कारकों के बीच घनिष्ठ संबंध प्रकट करता है। जहाँ तक भौतिक कारकों का संबंध है भू-विन्यास, जल की उपलब्धता, जलवायु जनसंख्या के वितरण को निर्धारित करते हैं। परिणामतः उत्तर भारत के मैदानों, डेल्टा प्रदेशों और तटीय मैदानों में जनसंख्या का अनुपात दक्षिण और मध्य भारत के राज्यों के कुछ भागों हिमालय क्षेत्र, उत्तर:पूर्व की अपेक्षा उच्चतरं है फिर भी सिंचाई के विकास, खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता और परिवहन जाल के विकास के कारण विरल जनसंख्या के कुछ क्षेत्र अब मध्यम से उच्च संकेंद्रण के क्षेत्र हो गए हैं। जनसंख्या वितरण के सामाजिक, आर्थिक और ऐतिहासिक कारकों से महत्त्वपूर्ण कारक स्थायी कृषि का उद्भव, विकास, मानव बस्ती के प्रतिरूप, परिवहन के साधन, औद्योगीकरण और नगरीकरण हैं।

प्रश्न 6.
मुख्य, सीमान्त एवं अकर्मक कामगार (श्रमिक) क्या हैं?
उत्तर:
मुख्य कामगार-सन् 1991 की जनगणना के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो एक वर्ष में 183 दिन तक आर्थिक दृष्टि से लाभकारी कार्य में संलग्न रहा हो, मुख्य कामगार (श्रमिक) कहलाता है।

सीमान्त कामगार-जो श्रमिक वर्ष में 183 दिन से कम रोजगार पाता है, वह सीमान्त कामगार अकर्मक कामगार-जो श्रमिक गैर-कामगार होते हैं वे अकर्मक कामगार कहलाते हैं।

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प्रश्न 7.
ग्रामीण जनसंख्या तथा नगरीय जनसंख्या की तुलना करें।
उत्तर:
ग्रामीण जनसंख्या तथा नगरीय जनसंख्या की तुलना निम्नलिखित प्रकार से है-

ग्रामीण जनसंख्यानगरीय जनसंख्या
1. ग्रामीण लोगों का प्रमुख व्यवसाय कृषि तथा पशुपालन है।1. नगरीय लोगों का प्रमुख व्यवसाय निर्माण उद्योग, व्यापार तथा तृतीयक व्यवसाय है।
2. यहाँ के लोगों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होती हैं।2. इन्हें लगभग नई आधुनिक सुविधाएँ; जैसे परिवहन, चिकित्सा, शिक्षा तथा मनोरंजन के साधन आदि उपलब्ध होते हैं।
3. ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अधिक नहीं होता।3. नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है।

प्रश्न 8.
उत्पादक और आश्रित जनसंख्या में क्या अंतर है?
अथवा
कार्यशील आयुवर्ग व प्रजनक आयुवर्ग में क्या अंतर है?
उत्तर:
उत्पादक और आश्रित जनसंख्या में निम्नलिखित अंतर हैं-

उत्पादक जनसंख्याअभ्रित जनसंख्या
1. उत्पादक जनसंख्या लाभदायक आर्थिक क्रियाओं में काम करती है।1. आश्रित जनसंख्या, आर्थिक क्रियाओं में विशेष योगदान नहीं देती ।
2. ऐसे लोगों के समुदाय को श्रमिक बल कहा जाता है।2. ऐसे लोगों के समुदाय को अश्रमिक बल कहा जाता है।
3. इस वर्ग में 15 से 59 वर्ष की आयु के लोग आते हैं।3. इस वर्ग में 15 वर्ष से कम तथा 60 वर्ष से ऊपर की आयु के लोग आते हैं।
4. ये लोग स्वयं परिश्रम करके अपना जीवन-निर्वाह करते हैं।4. ये लोग बेरोज़गार होते हैं तथा श्रमिक लोगों पर आश्रित रहते हैं।

प्रश्न 9.
भारत में लिंगानुपात बहुत कम है, कारण बताएँ।
उत्तर:
भारत में लिंगानुपात बहुत कम है। इसके निम्नलिखित कारण हैं-

  1. भारत में लड़कों की अपेक्षा लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा आदि पर कम ध्यान दिया जाता है, जिसके कारण स्त्रियों की प्रायः मृत्यु हो जाती है।
  2. भारत के कई भागों में बाल-विवाह की प्रथा प्रचलित है, जिसके कारण छोटी आयु में, प्रायः प्रसूति काल में ही लड़कियों की मृत्यु हो जाती है।
  3. दहेज जैसी कुप्रथा के कारण कई स्त्रियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
  4. आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति से लोग पहले ही लिंग का पता लगा लेते हैं तथा पुत्र की लालसा में स्त्री-लिंग होने पर गर्भ गिरा देते हैं।

प्रश्न 10.
चंडीगढ़ में लिंगानुपात कम पाया जाता है। कारण बताइए।
उत्तर:
चंडीगढ़ का लिंग अनुपात 773 है अर्थात् हर 1,000 पुरुषों के पीछे 773 स्त्रियाँ हैं। यह अनुपात देश के सभी केंद्र-शासित प्रदेशों में सबसे कम है। इसका मुख्य कारण नगर की प्रकृति है। यह पंजाब तथा हरियाणा की राजधानी भी है। यहाँ बड़ी संख्या जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन में वेतनभोगी लोग सरकारी तथा दूसरे कार्यालयों में काम करते हैं। इनमें कुछ दैनिक यात्री तथा कुछ अस्थायी तौर पर चंडीगढ़ में रहते हैं तथा चंडीगढ़ की जनसंख्या में शामिल कर लिए जाते हैं। ऐसे लोगों में पुरुषों की संख्या अधिक होती है। इस कारण चंडीगढ़ में लिंगानुपात बहुत कम हो गया है। ये लोग अपने परिवारों को गाँवों में ही छोड़कर आते हैं।

प्रश्न 11.
भारतीय जनसंख्या के घनत्व का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या का घनत्व 1901 में 77 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० से बढ़कर 2001 में 334 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० . हो गया। इस प्रकार विगत एक शताब्दी में 257 व्यक्ति वर्ग कि०मी० की उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में वर्तमान में जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० है। भारत में जनसंख्या घनत्व को निम्न तालिका में दर्शाया गया है
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प्रश्न 12.
सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना के मुख्य लक्षणों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
2001 की जनगणना के अनुसार भारत की व्यावसायिक संरचना के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. सन् 1991 की तुलना में देश में किसानों की जनसंख्या घटी है। 1991 में भारत में किसानों की जनसंख्या 38.41 प्रतिशत थी जबकि 2001 में वो घटकर 31.71 प्रतिशत रह गई।
  2. किसान (31.71%) तथा कृषि मजदूर (26.69%) संयुक्त रूप से (58.4%) साबित करते हैं।
  3. कृषि सेक्टर में श्रमिकों के अनुपात में उतार आने से द्वितीयक और तृतीयक सेक्टर में सहभागिता दर बढ़ी है।
  4. इससे श्रमिकों की खेत आधारित रोजगारों पर निर्भरता से गैर-खेत आधारित रोजगारों पर निर्भरता बढ़ गई है।
  5. इससे द्वितीयक क्षेत्र की खेती में न खप सकने वाली श्रम शक्ति को अधिक रोजगार न दे पाने की असमर्थता भी उजागर होती है।
  6. यदि लिंग के अनुसार देखा जाए तो 72% स्त्रियाँ कृषि कार्यों में लगी हैं, जबकि पुरुष केवल 53% ही हैं।
  7. गैर कृषि कार्यों में 28% स्त्रियाँ तथा 52.16% पुरुष कामगार हैं।
  8. घरेलू उद्योगों का महत्त्व भी बढ़ने लगा है, 2001 के अनुसार इनकी संख्या 5% हो गई है।
  9. विनिर्माण, व्यापार, उद्योग, परिवहन, संचार, भंडारण तथा अन्य गैर-कृषिक कार्यों में देश के लगभग 42% कामगार लगे हुए हैं।
  10. तृतीयक कार्यों का अधिक अनुपात मुख्यतः नगरीकृत जिलों तक सीमित है।

प्रश्न 13.
भारत के लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं को कितने भाषा परिवारों में बांटा गया है? उल्लेख करें।
उत्तर:
भारत में बोली जाने वाली भाषाओं को निम्नलिखित भाषाई-परिवारों में बांटा गया है-

  • आस्ट्रिक भाषा परिवार
  • द्रविड़ भाषा परिवार
  • चीन-तिब्बती परिवार
  • भारतीय यूरोपीय परिवार (आय)।

भारत में अधिकतर आर्य परिवार की बोली पाई जाती है। इनमें हिंदी बोलने वालों की संख्या सबसे अधिक है। हिंदी भाषा बोलने वाले निम्नलिखित हैं

  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • राजस्थान
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली।

भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी है जो देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।

प्रश्न 14.
भारत की धार्मिक विविधता में भी एकता है, स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत प्राचीन समय से एक महान् देश रहा है। यहाँ विभिन्न प्रकार के धर्मों ने जन्म लिया। इस समय देश में सात धर्म पाए जाते हैं। हिंदू, सिक्ख, जैन तथा बौद्ध धर्मों ने इसी देश में जन्म लिया। मुस्लिम तथा ईसाई धर्म के अनुयायी भी भारत में काफी समय से रह रहे हैं। पारसी धर्म के लोग विदेशी हैं। इन सब धर्मों ने भारतीय संस्कृति, कला, रीति-रिवाज तथा बस्तियों आदि को बहुत प्रभावित किया। इस प्रकार धर्मों ने भारत में विविधता प्रदान की है, परंतु भारत एक धर्म-निरपेक्ष देश है, जिसने विभिन्न धर्मों के अनयायियों को एकता के सूत्र में बांध रखा है। सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं। एक ही स्थान पर मंदिर, गुरुद्वारा तथा मस्जिद पास-पास पाए जाते हैं तथा उसी जगह के रहने वाले लोग अपने-अपने इष्ट देवता की आराधना करते हैं। ईद, क्रिसमिस आदि के दिन लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। यह सब एकता का प्रतीक है।

प्रश्न 15.
भारत में जन-जातियों का वितरण असमान है, क्या कारण है?
उत्तर:
भारतीय जन-जाति प्रायः अनुसूचित जातियों में पाई जाती है। सन् 1991 की जनगणना के अनुसार भारत में जन-जातियों की जनसंख्या 6 करोड़, 77 लाख थी जो कुल भारतीय जनसंख्या का 8% थी, परंतु भारत में इनका वितरण बहुत ही असमान है। इनका अधिकतर संकेंद्रण मिजोरम, नगालैंड, मेघालय के पहाड़ी तथा जंगली क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त ये मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा आदि राज्यों के ऊबड़-खाबड़ तथा जंगली इलाकों में अधिकतर पाए जाते हैं।

इसका कारण यह है कि पहाड़ी तथा जंगली भाग इन जातियों की सांस्कृतिक मान्यताएँ रहे हैं। दूसरे, ये लोग अधिकतर वहाँ रहते हैं जो क्षेत्र कृषि के लिए अनुकूल नहीं हैं। अतः इनका व्यवसाय तथा जीवन-पद्धति का संबंध इनके निकट के प्राकृतिक वातावरण के काफी निकट होता है। ये जन-जातियाँ कृषि-कार्य करना पसंद करती हैं, इसलिए ये लोग कृषि के उन्नत क्षेत्रों से दूर-दराज के पहाड़ी तथा जंगली क्षेत्रों को स्थानांतरण कर गए हैं। इन्हीं कारणों से इन लोगों का वितरण बहुत ही असमान है।

प्रश्न 16.
उत्तर के जलोढ़ मैदानों में अनुसूचित जातियों के संकेंद्रण की प्रवृत्ति प्रबल क्यों है?
उत्तर:
भारत में अनुसूचित जातियों का संकेंद्रण उत्तर के जलोढ़ मैदानों तथा तटीय मैदानों में है। उत्तरी मैदान में पश्चिमी बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान में इनकी संख्या लगभग चार करोड़ है। पूर्वी तथा पश्चिमी तटीय मैदानों में उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र तथा केरल में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या लगभग दो करोड़ है। इसके निम्नलिखित कारण हैं
(i) इन प्रदेशों में गहन कृषि की जाती है। इसलिए अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है।

(ii) अनुसूचित जाति के अधिकतर लोग खेतीहर मजदूर हैं। यहाँ की उपयुक्त जलवायु, उपजाऊ मिट्टी तथा पर्याप्त मात्रा में जल के कारण इन क्षेत्रों में कृषि का विकास अधिक हआ है। इन श्रमिकों को यहाँ रोजगार मिल जाता है।

(iii) यहाँ आर्थिक विकास अधिक है। इसलिए अनुसूचित जाति के लोग चमड़ा शोधन उद्योग तथा जूता निर्माण उद्योग आदि में कार्यरत हैं।

प्रश्न 17.
“भारत का जन-जातीय समुदाय देश की नृ-जातीय विविधताओं का एक रोचक चित्र प्रस्तुत करता है।” इस कथन पर अपने विचार दीजिए।
उत्तर:
जन-जातीय जनसंख्या भारत की जनसंख्या का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। प्राचीन समय में बाहर से आने वाले प्रजाति समूह द्वारा जो लोग बाहर दूर-दराज जंगली क्षेत्र में खदेड़ दिए गए थे, वे ही आज जन-जातीय जनसंख्या कहलाती हैं। इनको आदिवासी कहते हैं। भारत की वर्तमान जनसंख्या में सांस्कृतिक तथा जातीय विविधता पूर्ण रूप से दिखाई देती है। इसका मुख्य कारण भारतीय महाद्वीप में लंबे समय से मनुष्यों के आबाद होने की प्रक्रिया है। अलग-अलग समयों में अलग-अलग मानव समूह भारत में आए तथा विभिन्न क्षेत्रों में स्थानांतरित होते रहे तथा आपसी तथा स्थानीय जातियों के आपस में मिश्रण के कारण अलग से संस्कृति का जन्म हुआ। विभिन्न जातियों में सामाजिक तथा सांस्कृतिक मिलन होता रहा। प्रत्येक जाति-समूह ने अपनी अलग विशेषता प्राप्त की। इसलिए भारतीय जातियों में विविधताएँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

प्रश्न 18.
आयु संरचना क्या है? आयु वर्ग की दृष्टि से भारत की जनसंख्या को वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
आयु संरचना-किसी दी गई जनसंख्या में विभिन्न आयु वर्ग की जनसंख्या के मिलने वाले अनुपात को आयु संरचना कहते हैं। आयु वर्ग की दृष्टि से जनसंख्या का वर्गीकरण-आयु वर्ग की दृष्टि से भारत की जनसंख्या को निम्नलिखित तीन वर्गों में विभाजित किया गया है
1. बाल आयु वर्ग इसमें 0 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को सम्मिलित किया जाता है। सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में बाल आय वर्ग का प्रतिशत 29.5 रहा। यह आय वर्ग आश्रित आय वर्ग होता है।

2. युवा आयु वर्ग इसमें 15-59 वर्ष के आयु समूह को सम्मिलित किया गया है। सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में युवा वर्ग का प्रतिशत 62.5 रहा। यह वर्ग देश को विकास की ओर अग्रसर करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

3. वृद्ध आयु वर्ग इसमें 60 वर्ष से अधिक के आयु समूह को सम्मिलित किया गया है। सन् 2011 में भारत की कुल जनसंख्या में वृद्ध वर्ग का प्रतिशत 8 रहा। किसी भी देश के इस वर्ग की अधिक जनसंख्या अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं होती।

प्रश्न 19.
भारत में तीव्र जनसंख्या वृद्धि के काल को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
भारत में जनसंख्या वृद्धि के इतिहास को स्पष्ट करें।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या वृद्धि के इतिहास/काल को हम निम्नलिखित तीन युगों में बांट सकते हैं
1. जनसंख्या वृद्धि की धीमी गति का युग-यह समय सन् 1921 से पहले का समय है। सन् 1911 से 1921 के दशक में जनसंख्या में कमी देखने को मिली है। अनुमान है कि सन् 1891 से 1921 के बीच के 30 वर्षों में केवल 6% जनसंख्या ही बढ़ी है।

2. जनसंख्या वृद्धि का मध्यम गतिकाल यह सन् 1921 से 1951 के बीच का काल है। इस काल में सन् 1921 से पहले के दशकों की अपेक्षा थोड़ी तेज गति से वृद्धि हुई, परंतु यह मध्यम गति से बढ़ी।

3. जनसंख्या का तीव्र गति से बढ़ने का युग-सन् 1951 से 1991 के बीच का काल तीव्र गति से जनसंख्या वृद्धि का काल कहलाता है। सन् 1951 से 1981 के बीच भारत की जनसंख्या लगभग दुगुनी और 1991 में यह ढाई गुना हो गई। हालांकि मामूली-सी कमी 1991 में वृद्धि-दर का 24.75% से घटकर 23.50% हो जाना था। सन् 2001 में वृद्धि दर 21.34% एवं सन् 2011 में वृद्धिं-दर 17.64% आंकी गई।

दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
विगत वर्षों में भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्तियों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
वृद्धि प्राकृतिक है तथा प्रवासी वृद्धि बहुत कम है। अखिल भारतीय स्तर पर सर्वप्रथम सन् 1872 में जनगणना हुई थी, जो देश के अनेक भागों में की गई अलग-अलग जनसंख्या का जोड़ था। सन् 1881 में नियमित जनगणना का आरंभ हुआ, जो प्रत्येक 10 वर्ष के पश्चात् होती है। सन् 1981 की जनगणना के अनुसार, भारत की जनसंख्या 68.5 करोड़ थी। वर्तमान समय में लगभग 1.3 मिलियन व्यक्ति प्रति वर्ष मर जाते हैं। इस प्रकार भारत की वृद्धि दर 15 मिलियन व्यक्ति प्रति वर्ष है जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर है अर्थात् जनसंख्या की दृष्टि से भारत में एक ऑस्ट्रेलिया प्रतिवर्ष जुड़ जाता है। जनसंख्या वृद्धि निम्नलिखित दो प्रकार की होती है (1) प्राकृतिक वृद्धि-दर, (2) वास्तविक वृद्धि-दर।

भारत की जनसंख्या वृद्धि के इतिहास पर नज़र डालने पर बहुत ही आश्चर्यजनक बातें हमारे सामने आती हैं। अनुमानतः सन् 1600 में भारत की कुल जनसंख्या 10 करोड़ थी। सन् 1800 में यह लगभग 12 करोड़ थी। इसका मतलब यह हुआ कि 200 वर्षों में भारत की जनसंख्या केवल 2 करोड़ बढ़ी, लेकिन सन् 1871 में यह जनसंख्या दोगुनी अर्थात् 25.5 करोड़ हो गई। सन् 1800 से 1871 अर्थात् 71 वर्ष का समय तीव्र जनसंख्या वृद्धि का समय था।

नीचे दी गई तालिका से भारत में जनसंख्या वृद्धि को दशकों में बांटकर रखा गया है-

दशकीय वृद्धि
जनगणना वर्षजनसंख्यानिरपेक्षप्रतिशत
1901238,396,327
1911252,093,39013,697,0635.75
1921251,321,213-772,177(-) 0.31
1931278,977,23827,656,02511.00
1941318,660,58039,683,34214.22
1951361,088,09042,427,51013.31
1961439,234,77178,146,68121.51
1971548,159,625108,924,88124.80
1981683,329,097135,169,44524.66
1991846,302,688162,973,59123.87
20011,028,737,436182,307,64021.54
20111,210,726,932181,583,09417.64

स्लोत : भारत – 2016

20वीं शताब्दी में भारत की जनसंख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। सन् 1901 में भारत की कुल जनसंख्या 23,83,96,327 व्यक्ति थी, जो 1911 में बढ़कर 25,20,93,390 व्यक्ति हो गई। इस तरह से 1901-11 के दशक में 1,36,97,063 व्यक्तियों की वृद्धि भारत में हुई, जो 5.75% थी। सन् 1921 में, देश की जनसंख्या 25,13,21,213 व्यक्ति रह गई। 1911-21 के दशक को अपवाद माना जाए, जिसमें 7,72,177 व्यक्ति अर्थात् संख्या में 0.31% की कमी हुई। 1921-31 के दशक में 11.00% की वृद्धि हई। 1931-41 में 14.22% वृद्धि देखने को मिली। 1941-51 के दशक में 13.31% वृद्धि हुई। 1951-61 में 21.64% वृद्धि तथा सन् 1971 में 24.80% वृद्धि हुई, जो 20वीं शताब्दी की सर्वाधिक वृद्धि मानी जाती है। सन् 1981 में 24.66 तथा सन् 1991 में 23.8% है, जो सन् 1981 की तुलना में 0.81% कम है। सन् 2011 में जनसंख्या वृद्धि दर 17.64 है, जो सन् 2001 की तुलना में 3.9% कम है।

प्रश्न 2.
भारत में जनसंख्या के असमान वितरण के कारणों का उल्लेख कीजिए। अथवा भारत में जनसंख्या के वितरण की असमानता के कारणों का वर्णन करें।
अथवा
“भारत में जनसंख्या का वितरण बहुत असमान है।” उचित उदाहरण देते हुए इस कथन की व्याख्या करें।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या का प्रादेशिक वितरण बहत-ही असमान पाया जाता है। सन 2011 की जनगणन 121,01,93,422 व्यक्ति देश के सभी भागों में समान रूप से निवास नहीं करते अर्थात् वे समान रूप से वितरित नहीं हैं। एक ओर तो केरल व पश्चिम बंगाल में जनसंख्या का घनत्व 1029 व्यक्ति वर्ग कि०मी० है या उससे अधिक है, जबकि कश्मीर में यह 124, अरुणाचल प्रदेश में मात्र 17 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० है। गंगा के मैदानी भाग, बंगाल का डेल्टा व मालाबार तट में जनसंख्या अधिक है, जबकि थार के मरुस्थल, कश्मीर की ऊंची घाटियों व रण के दलदल में यह विरल है। भारत में जनसंख्या का घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० है। दिल्ली में जनसंख्या का घनत्व 11,297, चंडीगढ़ में 9252, लक्षद्वीप में 2013 तथा पुडुचेरी में 2598 है, जबकि 100 से कम घनत्व वाले प्रदेशों की संख्या भी 4 है।

भारत में जनसंख्या के असमान वितरण के कारण भौतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक कारण हैं। भारत में औद्योगिक विकास अभी अपनी यवावस्था में है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ जनसंख्या में है। नए औद्योगिक स्थानों की ओर लगातार जनसंख्या का स्थानांतरण हो रहा है क्योंकि जनसंख्या का घनत्व आर्थिक उत्पादन से ही सबसे अधिक प्रभावित होता है।

जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन भारत में जनसंख्या की अधिकता मैदानी भागों में होने का कारण समतल धरातल, अनुकूल जलवायु, उर्वरा मिट्टियाँ, वर्षा अथवा सिंचाई के साधन तथा सघन कृषि, यातायात सुविधाएँ, एक ही वर्ष में कई फसलों का होना, सूती-ऊनी वस्त्र, चीनी, कागज आदि उद्योगों का पाया जाना है। देश की 60% जनसंख्या विस्तृत उपजाऊ मैदान में जहाँ कृषि की सुविधाएँ अधिक हैं तथा समुद्र तल से ऊंचाई 200 कि०मी० कम हो जाती है। इन प्रदेशों में घनत्व 300 से 800 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० है। उत्तरी मैदान में जनसंख्या का वितरण अधिक होने के कारण-

  • वर्षा, उपजाऊ मिट्टी जो कि नदियों द्वारा बहाकर लाई जाती है
  • वर्षा की मात्रा पर्याप्त व सिंचाई की सुविधा का होना
  • जलवायु का अच्छी होना
  • याताया के साधनों की उपलब्धता
  • उद्योगों का विकास होना
  • व्यापार के लिए समुचित सुविधाएँ होना है।

दक्षिण के पठार में जनसंख्या का घनत्व मध्यम है। इन पठारी प्रदेशों में जनसंख्या का विक्षेपण विषम धरातल पर कम तथा नदी-घाटियों व उच्च समतल मैदानी भागों पर अधिक है। गुजरात व काठियावाड़, नर्मदा घाटी, आंध्र में कर्नाटक, मालवा का पठार, छत्तीसगढ़ का मैदान, छोटा नागपुर का पठार, थार, आंध्र में जनसंख्या का घनत्व सामान्य है। दक्षिण के पठार में जनसंख्या का कम घनत्व, असमान धरातल, सीमित कृषि क्षेत्र, साधारण वर्षा, सिंचाई के साधनों की कमी, यातायात के साधनों का अभाव होने के कारण है। यहाँ जनसंख्या वितरण व घनत्व दोनों मध्यम हैं।

  • भारत के पूर्वी व पश्चिमी तट घने बसे होने का कारण पठारों की नदियों द्वारा बहाकर लाई गई मिट्टी (कांप मिट्टी) से बना होना है
  • शीतकाल व ग्रीष्मकाल में पर्याप्त वर्षा की मात्रा
  • समुद्र के निकट होने के कारण कम जलवायु
  • चावल का अधिक उत्पादन, जो अन्य फसलों की तुलना में सघन घनत्व समेटे रहता है
  • यातायात व उद्योगों का विकास होना है।

भारत के सीमा प्रांतीय भागों में विरल जनसंख्या पाई जाती है। इसका कारण पाकिस्तान सीमा के साथ कच्छ का दलदल, थार का मरुस्थल व कश्मीर के पर्वतीय भागों में उबड़-खाबड़ धरातल तथा जलवायु के कारण ही जनसंख्या न्यून व दूर-दूर तक बिखरी हुई है। उत्तर में हिमालय के कारण पूर्व में अरुणाचल, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम के पहाड़ी वनों से युक्त जंगलों में जनसंख्या कम है। यहाँ पर कृषि भूमि की कमी, यातायात के साधनों में कठिनाई तथा औद्योगिक विकास के न होने से , यहाँ की जनसंख्या का वितरण कम है।

प्रश्न 3.
भारत में लिंग अनुपात के वितरण प्रतिरूपों का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारत में लिंग अनुपात की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
लिंगानुपात को प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। भारत में लिंगानुपात महिलाओं के लिए हमेशा ही प्रतिकूल रहा है। बीसवीं सदी के शुरू में यह अनुपात 972 था और 1941 के बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई। 1901 से 2011 तक 2001 के मुकाबले 2011 में लिंगानुपात में 10 अंकों की बढ़त दर्ज की गई है। हमारे देश का लिंगानुपात विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया तथा ब्रिटेन आदि देशों में प्रति हजार पुरुषों के पीछे स्त्रियों की संख्या अधिक है।

भारत में लिंग अनुपात की महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यहाँ सन् 1901 के बाद लगातार लिंग अनुपात घटता जा रहा है जो निम्न तालिका से सिद्ध हो जाता है। केवल 1951 तथा 1981 के वर्ष अपवाद हैं।
तालिका : भारत में लिंगानुपात
(1,000 पुरुषों के पीछे स्त्रियों की संख्या)

जनगणना वर्षलिंगानुपातजनगणना वर्षलिंगानुपात
19019721961941
19119641971930
19219551981934
19319501991927
19419452001933
19519462011943

भारत में केवल केरल राज्य का अनुपात स्त्रियों के पक्ष में है। केंद्र-प्रशासित प्रदेशों दादरा तथा नगर हवेली, दमन तथा दीव, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में लिंग अनुपात भारत के औसत अनुपात से अधिक है। केरल में 1,000 पुरुषों के पीछे 1,084 स्त्रियाँ हैं। शेष देश के हर राज्य में स्त्रियों की संख्या पुरुषों से कम है। सबसे कम लिंगानुपात हरियाणा का है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ 1000 पुरुषों के पीछे 877 महिलाएं हैं।

भारत में नगरीय जनसंख्या का लिंगानुपात बहुत ही कम है। भारत के अधिकांश उत्तरी राज्यों में लिंगानुपात में पुरुषों की प्रमुखता पाई जाती है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश के लगभग आधे राज्यों में लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से अधिक है। ये सभी या तो भारत के तटीय राज्य हैं या पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित हैं।

भारत में लिंगानुपात की महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि जिला स्तर पर, दिल्ली तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों; जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तर:पश्चिमी मध्य प्रदेश में लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से कम है। उत्तर प्रदेश के पहाड़ी जिलों, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पूर्वी तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के अधिकतर जिलों में स्त्रियों की संख्या पुरुषों से अधिक है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

प्रश्न 4.
भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रावस्थाओं का वर्णन करें।
अथवा
सन् 1901 से 2011 तक भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रावस्थाओं व कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत की जनसंख्या के दोनों दशकीय और वार्षिक वृद्धि-दर बहुत ऊँचे हैं और समय के साथ निरन्तर बढ़ रहे हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या की दशकीय वृद्धि-दर 17.64 प्रतिशत व वार्षिक वृद्धि-दर 2.4 प्रतिशत है। वृद्धि की इस वर्तमान दर से अनुमान लगाया गया है कि अगले लगभग 30-50 वर्षों में देश की जनसंख्या दुगुनी हो जाएगी और यहाँ तक कि चीन की जनसंख्या को भी पार कर जाएगी।

भारत में दशकीय वृद्धि-दर
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन 2
भारत में जनसंख्या की वृद्धि वार्षिक जन्म-दर, मृत्यु-दर तथा प्रवास की दर के कारण हुई है और यह वृद्धि विभिन्न प्रवृत्तियों और प्रावस्थाओं को दर्शाती है। भारत के जनांकिकीय इतिहास को चार सुस्पष्ट प्रावस्थाओं में बाँटा जा सकता है

प्रावस्था ‘क’ – 1901 से 1921 की अवधि को भारत की जनसंख्या की वृद्धि की रूद्ध अथवा स्थिर प्रावस्था (Stagnant phase) कहा जाता है, क्योंकि इस अवधि में वृद्धि-दर अत्यन्त निम्न थी। 1911-21 के दौरान जनसंख्या बढ़ने के स्थान पर 0.31 प्रतिशत कम हो गई।

कारण – इस दौरान जनसंख्या घटने का प्रमुख कारण बीमारियाँ और महामारियाँ थीं। सन् 1918 में अकेले इंफ्लूएंजा से ही देश में सवा करोड़ लोग मर गए।

  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएँ निम्न स्तरीय थीं।
  • प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) में हजारों भारतीय काम आए।
  • लगातार हो रही फसल की खराबी से भी अनेक लोग भुखमरी का शिकार हो गए। भोजन और अन्य आधारभूत जरूरतों की वितरण प्रणाली अदक्ष (Inefficient) थी।
  • इन सभी कारणों के साथ अधिकतर लोगों की निरक्षरता भी मोटे तौर पर उच्च जन्म और मृत्यु-दरों के लिए उत्तरदायी थी।

प्रावस्था ‘ख’ – 1921-1951 के दशकों को जनसंख्या की स्थिर वृद्धि (Steady growth of population) की अवधि के रूप में जाना जाता है, क्योंकि 1921 के बाद भारत की जनसंख्या में सामान्य वृद्धि होने लगी।

कारण-
(i) इस अवधि में चिकित्सा विज्ञान में हुई उन्नति के फलस्वरूप चेचक, हैज़ा, प्लेग, निमोनिया तथा इंफ्लूएंजा जैसी महामारियों पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। इससे मृत्यु-दर में उल्लेखनीय कमी आई।

(ii) परिवहन के साधनों के विकास ने – सामग्री पहुंचाने का काम आसान कर दिया। इससे भी मृत्यु-दर को घटाने में सफलता मिली।

(iii) कृषीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ। परिणामस्वरूप अशोधित जन्म-दर ऊँची बनी रही। इससे पिछली प्रावस्था की तुलना में वृद्धि-दर . उच्चतर हुई। 1920 के दशक की महान आर्थिक मन्दी और द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि में यह वृद्धि-दर प्रभावशाली थी।

(iv) जनसंख्या की वृद्धि-दर सन् 1941 में 1.42 प्रतिशत से घटकर सन् 1951 में 1.33 प्रतिशत रह गई। इसका कारण देश के विभाजन के फलस्वरूप लाखों लोगों का प्रवास (Migration) और अनेक लोगों का मारा जाना था इसे मृत्यु-प्रेरित वृद्धि कहा गया है।
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन 3
प्रावस्था ‘ग’-1951-1981 के दशकों को भारत में जनसंख्या-विस्फोट (Population Explosion) की अवधि के रूप में जाना जाता है। यह देश में मृत्यु-दर में तीव्र ह्रास और जनसंख्या की उच्च प्रजनन-दर के कारण हुआ। इस दौरान जनसंख्या की औसत वार्षिक वृद्धि-दर 2.2 प्रतिशत तक ऊँची रही और जनसंख्या दुगुनी हो गई।

कारण-
(i) स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यही वह अवधि थी जिसमें केन्द्रीकृत नियोजन प्रक्रिया (Centralised Planning Process) के माध्यम से विकासात्मक कार्यों को आरंभ किया गया। कृषि और उद्योग खण्डों के विकास, रोज़गार में वृद्धि, चिकित्सा सुविधाओं की प्रगति और विस्तार तथा जन्म और मृत्यु-दरों पर नियन्त्रण; जैसी उपलब्धियों के कारण जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी।

(ii) साठ के दशक में देश में आई हरित-क्रान्ति से उपजी खाद्यान्नों में आत्म-निर्भरता से अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ। सुनिश्चित भोजन ने जीवन की दशाओं को बेहतर किया जिससे जनसंख्या की बेतहाशा वृद्धि हुई।

(iii) इसी दौरान तिब्बतियों, नेपालियों, बांग्लादेशियों और पाकिस्तान से आने वाले लागों के बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय प्रवास के कारण भी भारत की जनसंख्या में बढ़ोतरी हुई।

(iv) सन् 1971 के पश्चात्, शिक्षा के प्रचार-प्रसार के प्रभाव तथा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से जनसंख्या की वृद्धि-दर में कुछ-कुछ कमी आने लगी। सन् 1981 में जनसंख्या की वृद्धि-दर हल्की-सी घटकर 24.66 प्रतिशत रह गई, इसे प्रजनन प्रेरित वृद्धि कहा गया है।
भारत : दशकीय जन्म-दर, मृत्यु-दर और प्राकृतिक वृद्धि-दर, 1901-2011

दशकअशोधित जन्म-दर(प्रति 1000)अशोधित मृत्यु-दर(प्रति 1000)प्राकृतिक वृद्धि-दर(प्रति 1000)
1901-191149.242.66.6
1911-192148.147.20.9
1921-193146.436.210.1
1931-194145.937.214.0
1941-195139.927.412.5
1951-196141.722.818.9
1961-197141.219.022.3
1971-198137.21521.0
1981-199129.59.820.1
1991-200126.29.017.0
2001-201125.08.116.9

[Source : Census of India, Sample Registration System (SRS) Bulletin, April, 2011]
प्रावस्था ‘घ’-1981 के बाद वर्तमान तक देश की जनसंख्या वृद्धि-दर यद्यपि ऊँची बनी रही, परन्तु धीरे-धीरे मन्द-गति से घटने लगी। इसका तात्पर्य यह नहीं कि देश की कुल अथवा निरपेक्ष जनसंख्या घट गई। इसका अभिप्राय केवल यह है कि जनसंख्या बढ़ने की गति पर थोड़े ब्रेक लग गए। लोग तो बढ़े लेकिन कम गति से।

कारण-

  • जनसंख्या की ऐसी वृद्धि के लिए अशोधित जन्म-दर की अधोमुखी प्रवृत्ति (Downward Trend) को उत्तरदायी माना जाता है।
  • देश में विवाह के समय औसत आयु में वृद्धि, जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी तथा स्त्री-शिक्षा में सुधार से भी जनसंख्या की वृद्धि-दर में कमी के निश्चित संकेत मिले हैं।

प्रश्न 5.
भारत में ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या के वितरण का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारत में ग्रामीण जनसंख्या के वितरण का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारत में नगरीय जनसंख्या का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आवास के आधार पर भारतीय जनसंख्या को दो वर्गों में बांटा गया है-

  1. ग्रामीण जनसंख्या तथा
  2. नगरीय जनसंख्या।

ग्रामीण तथा नगरीय जनसंख्या की अपनी अलग-अलग विशेषताएँ होती हैं तथा इनको अलग-अलग व्यवसाय संरचना, जीवन-पद्धति आदि के आधार पर पहचाना जा सकता है। गांव के सभी लोग साधारण, सामाजिक संबंधों से ओत-प्रोत तथा अधिकतर कृषि-कार्यों में संलग्न रहते हैं। उनके आचार-विचार तथा सांस्कृतिक दृष्टिकोण नगर में रहने वाले लोगों से भिन्न होते हैं। इसके विपरीत, नगरों में रहने वाले लोग उद्योग तथा व्यापार में संलग्न रहते हैं। इनके आपसी सामाजिक संबंध हैं तथा इनका दृष्टिकोण अपेक्षतया भिन्न होता है।

भारत की अधिकांश जनसंख्या गांवों में रहती है। यहाँ आवासीय इकाइयाँ छोटी-छोटी झोंपड़ियाँ, छोटे-छोटे कच्चे या पक्के मकानों के समूह तथा छोटी बस्तियाँ हैं, जहाँ 30 से 50 लोगों का समुदाय रहता है। कुछ बड़े गांव भी होते हैं, जहाँ कई सौ से कई हज़ार तक लोग निवास करते हैं। चाहे गांव छोटा हो या बड़ा, सभी लोगों का मुख्य धंधा कृषि या इससे संबंधित कार्य करना होता है।

सन् 1981 की जनगणना के अनुसार, भारत में 76.66% जनसंख्या गांवों में तथा 33.34% जनसंख्या शहरों में रहती थी। लेकिन सन 2011 में थोड़ा परिवर्तन आया। गांवों में रहने वाली जनसंख्या का अनुपात घटकर 68.84% रह गया तथा शहरी जनसंख्या का अनुपात बढ़कर 31.16% हो गया। फिर भी ग्रामीण जनसंख्या का आकार तो भारत में बड़ा ही है।

ग्रामीण जनसंख्या का वितरण भारत में कुल जनसंख्या के अनुपात में तथा ग्रामीण जनसंख्या के प्रतिशत अनुपात में अत्यधिक क्षेत्रीय भिन्नताएँ पाई जाती हैं। भारतीय संघ के कुछ राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या की बहुलता है; सन् 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश, असम, बिहार व ओडिशा में 80% से अधिक जनसंख्या गाँवों में रहती है। लगभग यही प्रतिरूप ओडिशा (83.32%), त्रिपुरा (73.82%), नगालैंड (71.03%) और मेघालय (79.92%) में पाया जाता है।

अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखण्ड, राजस्थान, सिक्किम में 75% से 80% जनसंख्या ग्रामीण है। जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड में ग्रामीण जनसंख्या का अनुपात राष्ट्रीय औसत अनुपात (60%) से अधिक है। राष्ट्रीय औसत से कम ग्रामीण जनसंख्या आध्र प्रदेश, गोआ, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिमी बंगाल तथा दादर व नगर हवेली को छोड़कर सभी केंद्र-शासित प्रदेशों में पाई जाती है। देश में सबसे कम ग्रामीण जनसंख्या दिल्ली में 2.5% व चंडीगढ़ में 2.72% पाई जाती है।

दिए गए विवेचन से पता चलता है कि उच्चतम ग्रामीण अनुपात के कारण हमारी अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर करती है। दूसरी बात, जो सामने आई है, वह यह है कि भारत के अधिकांश तटीय राज्यों में नगरीकरण अधिक हुआ है। भारत के कई राज्य ऐसे हैं, जहाँ नगरीकरण बहुत कम हुआ है तथा जिनमें कुछ जिले ऐसे हैं जहाँ 90% से भी अधिक जनसंख्या गांवों में रहती है; जैसे जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में, बिहार के गोपालगंज जिले में, छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में तथा राजस्थान के जलौर। जनसंख्या ग्रामीण है।

अनेक राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का उच्च अनुपात प्रदर्शित करता है कि अर्थव्यवस्था में विविधता न होने के कारण यहाँ कृषि पर निर्भरता अत्यधिक है। परंपरागत सामाजिक ढांचे में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है। भारत के चार राज्यों बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश व राजस्थान में वास्तव में यही स्थिति है। आर्थिक दृष्टिकोण से अविकसित इन राज्यों में नगरीकरण और औद्योगीकरण दोनों की गति धीमी है। भारत के कम नगरीकरण वाले राज्यों में बहुत-से जिले ऐसे हैं जो लगभग ग्रामीण हैं और जहाँ 90% से अधिक लोग गाँवों में रहते हैं।

ऊपर दिए गए विवरण से पता चलता है कि भारत में ग्रामीण जनसंख्या का अधिक अनुपात होने के कारण हमारी अर्थव्यवस्था अधिकतर कृषि पर निर्भर है तथा यहाँ रूढ़िवादी अर्थव्यवस्था प्रचलित है। नगरीय जनसंख्या का वितरण नगरीकरण यद्यपि भारत में, नगरों में रहने वाले लोगों की संख्या का आकार बहुत बड़ा है तथा संभवतः विश्व में कुल नगरीय जनसंख्या में इसका चौथा स्थान है, परंतु कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत बहुत कम है। चीन तथा पाकिस्तान की नगरीय जनसंख्या का भी प्रतिशत भारत से अधिक है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या का 31.16% ही नगरीय जनसंख्या है, जबकि 1990 के आंकड़ों के अनुसार विश्व की कुल जनसंख्या का 45% नगरीय है।

विश्व के कई देशों में नगरीकरण इतना अधिक हुआ है कि भारत की तुलना इन देशों से किसी भी दिशा में नहीं की जा सकती; जैसे यू०एस०ए० में 75%, जापान में 77%, ऑस्ट्रेलिया में 85%, न्यूजीलैंड में 84% नगरीय जनसंख्या का अनुपात है। भारत की तुलना तो इस संदर्भ में कुछ विकासशील देशों से ही की जा सकती है। मिस्र तथा पाकिस्तान की भी नगरीय जनसंख्या का अनुपात भारत से अधिक है।

सन् 1911 की जनगणना के अनुसार भारत में जिन राज्यों में राष्ट्रीय औसत से अधिक नगरीकरण है, उनमें महाराष्ट्र (45.23%), गुजरात (42.58%), कर्नाटक (38.57%), पश्चिम बंगाल (31.89%), आंध्र प्रदेश (33.49%) तथा उत्तराखंड (22.28%), गोआ (62.19%), तमिलनाडु (48.45%), पंजाब (37.49%), मध्य प्रदेश (27.63%), मिजोरम (51.51%), हरियाणा (34.79%) अंकित किए गए हैं।

भारत में पिछले 100 वर्षों में नगरीय जनसंख्या में हर दशक में वृद्धि होती रही है, इससे नगरीकरण की प्रवृत्ति का अनुमान लग सकता है। यह बात दी गई तालिका से भी स्पष्ट हो जाती है।।
तालिका : नगरीय जनसंख्या का अनुपात (1901-2011)

वर्षनगरीय जनसंख्या (प्रतिशत में)वर्षनगरीय जनसंख्या (प्रतिशत में)
190110.84196117.97
191110.29197119.90
192111.17198123.31
193111.99199125.72
194113.85200128.2
195117.29201131.16

दी गई तालिका से पता चलता है कि भारत में नगरीकरण में बृद्धि तो हुई है, लेकिन बड़ी मंद गति से। भारत में नगरीकरण की वृद्धि को अगर राज्यों के आधार पर देखा जाए तो भारत की कुल नगरीय जनसंख्या का 54.16% भारत के केवल पांच राज्यों; महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल तथा आंध्र प्रदेश में निवास करता है। भारत के अन्य पांच राज्यों; कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार तथा राजस्थान में देश के नगरीय जनसंख्या के सामान्य अनुपात से कुछ अधिक जनसंख्या (26.03%) नगरों में निवास करती है। केंद्र-शासित प्रदेशों में से दिल्ली तथा चंडीगढ़ में सबसे अधिक नगरीकरण हुआ है। इन दो प्रदेशों का वास्तव में शुरू से ही नगरों के रूप में विकास हुआ है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

प्रश्न 6.
भारत में श्रमजीवी जनसंख्या के संघटनों या लक्षणों की व्याख्या करें।
उत्तर:
किसी जनसंख्या में श्रम का अनुपात सहभागिता दर द्वारा व्यक्त किया जाता है जो कुल जनसंख्या में कार्यरत जनसंख्या के प्रतिशत द्वारा व्यक्त किया जाता है। सहभागिता अनुपात पुरुषों तथा स्त्रियों के लिए अलग-अलग होता है। किसी भी अर्थव्यवस्था में ‘कामगार’ की परिभाषा आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सन् 1981 की जनगणना के अनुसार जो व्यक्ति वर्ष में 183 दिन लाभकारी कार्य में लगा रहता हो, उसे कामगार व्यक्ति कहेंगे। इससे कम समय का रोज़गार पाने वाले व्यक्ति को ‘सीमांत कामगार’ कहते हैं। 15 से 59 वर्ष की आयु-वर्ग के लोग सामान्यतः श्रमजीवी कहलाते हैं। श्रमजीवी जनसंख्या का अनुपात जितना अधिक होगा, उतनी ही अधिक सामाजिक तथा आर्थिक खुशहाली होगी।

सन् 1991 में भारत में कुल सहभागिता दर 37.46% थी। इसमें पुरुषों की दर 51.55% तथा स्त्रियों की दर 22.25% थी। अतः सहभागिता दर में पुरुषों का महत्त्व अधिक है। प्रति कामगार के पीछे औसतन दो आर्थिक व्यक्ति पाए गए हैं। इसी प्रकार ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों की सहभागिता दर में बहुत अंतर पाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों की सहभागिता दर 53% तथा स्त्रियों की 16% है जो कि नगरीय क्षेत्रों में काफी अधिक है। भारत में नगरीय महिलाओं की औसत सहभागिता दर 7.3% है, अतः अधिकतर महिलाएँ आश्रित हैं।

ग्रामीण श्रमजीवियों का 81% भाग कृषि में कार्यरत है तथा 3% हस्तकलाओं में और 16% अन्य कार्यों में लगा हुआ है। राज्य स्तर पर सहभागिता दर में विषमताएँ पाई जाती हैं। 1991 के जनगणना आंकड़ों के अनुसार पूर्वोत्तर राज्यों में पुरुष सहभागिता दर सिक्किम में 51.26%, मेघालय में 50.07% तथा नगालैंड में 46.86% है। यह दर ओडिशा में 53.79%, कर्नाटक में 54.09% तथा हरियाणा में 48.51% है। यह काफी ऊंची सहभागिता दर है।

महिलाओं की सहभागिता दर पंजाब तथा हरियाणा में भारत के सभी राज्यों से कम है जो क्रमशः 4.40% तथा 10.76% है। उत्तर:पूर्व के जन-जातीय क्षेत्रों में महिला तथा पुरुष सहभागिता दर में विशेष अंतर नहीं पाया जाता। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान तथा ओडिशा में महिलाओं की सहभागिता दर केवल 11% से 28% तक ही है।

प्रश्न 7.
भारत में विभिन्न धार्मिक समुदायों के वितरण प्रतिरूप (2011) का वर्णन कीजिए। अथवा भारत की जनसंख्या के धार्मिक संघटन की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
भारत एक विशाल देश है जिसमें हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, जैन, सिक्ख आदि अनेक महत्त्वपूर्ण धर्म पाए जाते हैं। ईसाई धर्म के लोग भी भारत में बहुत आते रहे हैं तथा यहाँ बसे हुए भी हैं। पारसी भी विदेशों से आकर यहाँ बस गए हैं।
1. हिन्दू-हिन्दू भारत की कुल जनसंख्या का 79.8 प्रतिशत तथा विश्व की कुल जनसंख्या का 1 प्रतिशत है। हिन्दुओं की जनसंख्या विश्व में ईसाइयों की जनसंख्या से कुछ कम व मुस्लिम जनसंख्या के लगभग बराबर है।

देश के अधिकांश भागों में हिंदुओं का बाहल्य है। ओडिशा में केवल 3 जिलों को छोड़कर शेष जिलों में हिंदुओं का अनुपात 95% से 100% तक है। इन तीन जिलों में हिंदुओं का प्रतिशत अनुपात इतना ऊँचा नहीं है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश के 17 जिलों में, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के उपहिमालयी 6 जिलों में, हरियाणा व तमिलनाडु के कुछ जिलों में हिंदुओं की संख्या 95% से ऊपर है। सतलुज-गंगा के मैदान के लगभग 30 जिलों में व मध्य भारत तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ जिलों में हिंदू जनसंख्या का अनुपात 90% से अधिक है।

पंजाब में सिक्खों, उत्तर-पूर्व में ईसाइयों, जम्मू-कश्मीर, केरल के मालापुरम व पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिलों में मुस्लिम जनसंख्या के अधिक होने के कारण हिंदुओं का अनुपात कम है। मेघालय, मिज़ोरम तथा नगालैंड में हिंदुओं की संख्या 3 से 12% तक है।

2. मुस्लिम-मुसलमान भारत में दूसरे सबसे बड़े धार्मिक समुदाय का निर्माण करते हैं। यह देश का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक वर्ग है। मुस्लिम जनसंख्या भारत की कुल जनसंख्या का 14.2% है। मुस्लिम जनसंख्या की दृष्टि से भारत विश्व में चौथा बड़ा राष्ट्र है। यहाँ की मुस्लिम जनसंख्या पाकिस्तान की कुल जनसंख्या के बराबर है।

उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मुसलमान हैं और इस प्रदेश में लगभग 19.26% जनसंख्या मुसलमानों की है। ऊपरी गंगा के मैदान के कुछ जिलों में मुस्लिम जनसंख्या का अनुपात 16% से 48% तक है। केरल के मालापुरम् जिले में मुस्लिम जनसंख्या का अनुपात 70% से अधिक है। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 50% से 60% तथा लक्षद्वीप में सर्वाधिक 96.58% तक जनसंख्या मुसलमानों की है। महाराष्ट्र में 11.54%, आंध्र प्रदेश में 9.56%, कर्नाटक में 12.92%, गुजरात में 9.67% तथा तमिलनाडु में 5.86% मुस्लिम जनसंख्या है। दिल्ली व निकटवर्ती मेवात क्षेत्र में मुसलमानों का संकेंद्रण पाया जाता है। दिल्ली की कुल जनसंख्या में मुसलमानों का अनुपात 12.86% है।

3. ईसाई-ईसाई जनसंख्या अधिकांशत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित हैं। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 2.78 करोड़ ईसाई हैं। केरल में भारत के 18.38% ईसाई रहते हैं। केरल के कोट्टायम में 45% व इडुक्की में 42% जनसंख्या ईसाई है। ईसाइयों के संकेंद्रण के अन्य क्षेत्र गोआ और तमिलनाडु हैं। गोआ में 25.10% जनसंख्या ईसाई है। ओडिशा एवं बिहार के कई जन-जातीय जिलों में ईसाई जनसंख्या का अनुपात काफी अधिक है। ईसाईयों का अधिक संकेंद्रण उत्तर:पूर्वी राज्यों में है। उदाहरणतः मिज़ोरम की 87.16%, नगालैंड की 87.93%, मेघालय की 74.59% तथा मणिपुर की 41.29% जनसंख्या ईसाई है। ईसाइयों की कुल जनसंख्या के आधार पर महत्त्वपूर्ण राज्य केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, मिज़ोरम व गोआ आदि है।

4. सिक्ख–भारत में 2.08 करोड़ सिक्ख हैं जो देश की जनसंख्या का कुल 1.7% हैं। क्योंकि सिक्ख धर्म का उद्भव पंजाब में हुआ इसलिए इनका सर्वाधिक सांद्रण पंजाब में है। पंजाब में 57.69% जनसंख्या सिक्खों की है। पंजाब के अधिकांश जिलों में कुल जनसंख्या का 60-65% भाग सिक्खों का है। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र, राजस्थान के गंगा नगर, अलवर, भरतपुर व दिल्ली में सिक्ख पर्याप्त संख्या में बसे हुए हैं।

5. बौद्धभारत में 84 लाख से अधिक बौद्ध हैं, जो मुख्यतः महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम तथा जम्मू-कश्मीर में केंद्रित हैं। कुछ बौद्ध हिमाचल प्रदेश, मिज़ोरम व त्रिपुरा में भी हैं। भारत के 5.81% बौद्ध महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र के 50 लाख बौद्ध वास्तव में डॉ० बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रभाव से धर्म परिवर्तन करके नव-बौद्ध बने हैं। सिक्किम में एक लाख से ऊपर बौद्ध हैं जो राज्य की कुल जनसंख्या का 27.39% हैं। अरुणाचल प्रदेश में भी एक लाख से ऊपर बौद्ध हैं जो राज्य की 11.77% जनसंख्या है।

6. जैन भारत में 45 लाख जैन धर्मावलंबी हैं। भारत में जैन महाराष्ट्र, राजस्थान तथा गुजरात में अधिक है। इन तीनों के लगभग 60% जैन रहते हैं। जैनियों की प्रमुख विशेषता यह है कि ये मुख्यतः व्यापार और सेवाओं में लगे हैं और नगरों में रहते हैं।

7. अन्य धर्म-भारत में अन्य धर्मों को मानने वालों की जनसंख्या 0.7% है। इनकी कुल जनसंख्या 79 लाख से अधिक है।

8. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 0.2% जनसंख्या के धर्म की कोई जानकारी नहीं है।
भारत में सांस्कृतिक संश्लेषण एक विचित्र विशेषता है। यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग आपसी भाईचारे.नथा संस्कृति से घनिष्ठता से जुड़े हुए हैं। वे तो प्रादेशिक पहचान ही बनाए हुए हैं, न कि धार्मिक; जैसे पंजाब के लोग सिक्ख न होकर पहले पंजाबी हैं तथा बाद में कछ और हैं। धार्मिक विविधता तो केवल ऊपर से दिखाई देती है।

प्रश्न 8.
भारतीय भाषाओं का वर्गीकरण कीजिए तथा विभिन्न भाषा परिवारों का विस्तृत वर्णन दीजिए। अथवा भारत के भाषाई संघटन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भाषाई संघटन-भारत जैसे विशाल देश में विभिन्न प्रकार की भाषाओं तथा बोलियों का होना स्वाभाविक है। यहाँ नृ-जातीय वर्ग भी अपने साथ बाहर के विभिन्न भागों से भाषाएँ लाए हैं। भाषा की अपनी लिपि होती है, जबकि बोलियों की कोई लिपि नहीं होती। सन् 1961 की जनगणना के अनुसार, भारत में लगभग 187 भाषाएँ बोली जाती थीं, इनमें से 94 भाषाएँ 10,000 से भी कम लोगों द्वारा बोली जाती हैं, जिनमें से अंग्रेज़ी के अतिरिक्त 22 भाषाएँ हमारे संविधान की 8वीं अनुसूची में रखी गई हैं। ये 22 भाषाएँ इस प्रकार हैं-

  • हिन्दी
  • तेलुगू
  • बांग्ला
  • मराठी
  • तमिल
  • उर्दू
  • गुजराती
  • मलयालम
  • कन्नड़
  • ओड़िया
  • असमिया
  • पंजाबी
  • कश्मीरी
  • सिंधी
  • संस्कृत
  • कोंकणी
  • मणिपुरी
  • नेपाली
  • डोगरी
  • मैथिली
  • बोडो
  • संथाली।

भारतीय भाषाओं का वर्गीकरण-भारत में भाषाओं को निम्नलिखित चार मुख्य परिवारों में बांटा गया है-

  • आस्ट्रिक परिवार
  • चीनी-तिब्बती परिवार
  • द्रविड़ परिवार
  • भारतीय-यूरोपीय परिवार।

भारत की कुल जनसंख्या का 73% भाग भारतीय-यूरोपीय परिवार (आय) भाषाओं को बोलने वाले हैं।
1. आस्ट्रिक परिवार की भाषाएँ-इन भाषाओं के बोलने वाले लोगों की संख्या भारत में अधिक नहीं हैं। इनका प्रतिशत कुल वल 0.73 है। भारत में 62 लाख से अधिक लोगों के द्वारा यह भाषा बोली जाती है। इनमें सबसे बड़ा वर्ग संथाली भाषा को बोलने वालों का है। इस भाषा के बोलने वाले लोग आस्ट्रो-एशियाई उप-परिवार के हैं जिसे अन्य शाखाओं में बांटा गया है; जैसे (क) मुंडा, (ख) मान ख्मेर, जिसमें दो वर्ग मिलते हैं-खासी और निकोबारी।

2. चीनी-तिब्बती परिवार की भाषाएँ इस भाषा को तीन शाखाओं में बांटा गया है; जैसे-

  • तिब्बती-हिमालयी
  • उत्तर असमी
  • असमी-बर्मी।

तिब्बती-हिमालयी भाषा के आगे दो वर्ग पाए जाते हैं-

  • भोटिया वर्ग
  • हिमालयी वर्ग।

भोटिया वर्ग की मुख्य भाषाएँ तिब्बती, लद्दाखी, लाहुली तथा शेरपा हैं। इसी प्रकार हिमालयी वर्ग में चम्बा, किन्नौरी तथा लेपचा भाषाएँ आती हैं। उत्तर:असमी भाषा में छह बोलियाँ बोली जाती हैं जिनमें सबसे अधिक प्रचलित बो शाखा के भी आगे पांच वर्ग पाए गए हैं; जैसे-

  • बोडो
  • नागा
  • कांचिन
  • कुकीचन तथा।
  • बर्मी वर्ग।

इनमें नागा वर्ग की संख्या सबसे अधिक है। इन बोलियों के बोलने वाले लोगों की संख्या में भिन्नता पाई जाती है। जिनके बोलने वालों की संख्या 1 से 7 लाख है। मणिपुरी बोली बोलने वालों की संख्या सबसे अधिक है। इस वर्ग की अन्य बोलियाँ गारो, बोरो, त्रिपुरी, मिकिर तथा मिजो हैं।

3. द्रविड़ परिवार की भाषाएँ-द्रविड़ भाषा के आगे पाए जाने वाले वर्ग हैं-(क) दक्षिणी द्रविड़, (ख) मध्य द्रविड़ तथा (ग) उत्तरी द्रविड़। दक्षिणी द्रविड़ वर्ग में तमिल, मलयालम, कन्नड़ जैसी भाषाएँ तथा तुजु, कुरगी एवं येरुकला जैसी गौण भाषाएँ तथा बोलियाँ पाई जाती हैं। इसी प्रकार मध्य द्रविड़ वर्ग में तेलुगू और येरुकला जैसी गौण भाषाएँ तथा बोलियाँ पाई जाती हैं। इसी प्रकार मध्य द्रविड़ वर्ग में तेलुगू और गोंडी मुख्य भाषा के रूप में तथा कुई, पारसी एवं खोड, बोलियों के रूप में पाई जाती हैं। उत्तरी द्रविड़ भाषाओं में अधिकतर यानि 95% जनसंख्या तमिल, मलयालम, कन्नड़ तथा तेलुगू भाषाओं के बोलने वालों की है।

4. भारतीय-यूरोपीय परिवार की भाषाएँ इन्हें आर्य भाषाएँ भी कहा जाता है। देश की लगभग 73% जनसंख्या इसी भाषा का प्रयोग करती है। इस परिवार की भाषा को मुख्य दो वर्गों में बाँटा गया है-

  • भारतीय आर्य भाषाएँ तथा
  • दरदी आर्य भाषाएँ।

(1) भारतीय आर्य भाषाओं को आगे कई उपवर्गों में बांटा गया है; जैसे-

  • उत्तर-पश्चिमी
  • दक्षिणी
  • पूर्वी
  • मध्य-पूर्वी
  • मध्य तथा
  • उत्तरी वर्ग।

उत्तर-पश्चिमी उपवर्ग के अंतर्गत सिंधी, लहंदा तथा कच्छी भाषाएँ; दक्षिणी वर्ग में मराठी तथा कोंकणी भाषाएँ आती हैं। पूर्वी वर्ग बहुत बड़ा है, इसमें बांग्ला, बिहारी, ओडिया तथा असमिया भाषाएँ पाई जाती हैं। इसी वर्ग में अवधी, मैथिली तथा भोजपुरी बोलियाँ बोली जाती हैं। मध्य-पूर्वी वर्ग में तीन उपवर्ग हैं जिनकी भाषा क्रमशः अवधी, बघेली तथा छत्तीसगढ़ी है। मध्य वर्ग में हिंदी, पंजाबी, राजस्थानी तथा गुजराती भाषाएँ शामिल हैं। विभिन्न पहाड़ी बोलियाँ पाई जाती हैं; जैसे नेपाली, मध्य पहाड़ी तथा पश्चिमी पहाड़ी।

(2) दरदी आर्य भाषाओं में कश्मीरी, शिना, कोहिस्तानी तथा दरदी भाषाएँ शामिल हैं। इनमें कश्मीरी बोलने वालों की संख्या लगभग 20 लाख है जो सबसे अधिक है। बाकी भाषाओं के बोलने वालों की संख्या सात-सात हजार से अधिक नहीं है।

प्रश्न 9.
भारत में भाषा परिवारों के भौगोलिक वितरण का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:
वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार, अपने परिवर्तित रूपों के साथ हिंदी भारत के लगभग 42.20 करोड़ (41.03) प्रतिशत लोगों की मातृभाषा है। हिंदी के बाद बांग्ला, तेलुगू, मराठी और तमिल भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक है।
भारतीय भाषाओं का वर्गीकरण-
(i) आग्नेय (ऑस्ट्रिक) परिवार-(निषाद)
(ii) चीनी-तिब्बत परिवार (किरात)
(iii) द्रविड़ भाषा परिवार (द्रविड़)
(iv) भारतीय यूरोपीय भाषा परिवार (आर्य)
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन 4
विवरण-भारतीय भाषाओं का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित हैं
I. आग्नेय (ऑस्ट्रिक) परिवार-(निषाद)-भारत में बोली जाने वाली आग्नेय भाषा ऑस्ट्रो-ऐशियाई उप-परिवार की है। यह उप-परिवार दो शाखाओं में बाँटा जाता है

  • मुंडा- (i) मुंडा आग्नेय भाषाओं की सबसे बड़ी शाखा है। (ii) यह भाषा 14 जन-जातियों में बोली जाती है।
  • खासी-मान ख्मेर-खासी भाषा मेघालय की खासी और जयंतिया पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासियों द्वारा बोली जाती है।
  • निकोबारी-निकोबारी भाषा निकोबार द्वीप समूह के आदिवासियों द्वारा बोली जाती है। आस्ट्रो-एशियाई भाषाएँ भारत में 60 लाख से अधिक लोग बोलते हैं।

II. चीनी-तिब्बत परिवार (किरात)-भारत में चीनी-तिब्बती परिवार की भाषाएँ बोलने वाले मुख्यतः तीन शाखाओं में विभाजित हैं।
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन 5
(i) तिब्बती हिमालयी-इस शाखा में दो वर्ग हैं – (a) भोटिया वर्ग, (b) हिमालयी वर्ग।
भोटिया वर्ग – इस वर्ग में तिब्बती, बाल्ती, लद्दाखी, लाहुली, शेरपा तथा सिक्किमी-भोटिया इत्यादि भाषाएँ सम्मिलित हैं।
हिमालय वर्ग – इस वर्ग में चंबा, किन्नौरी और लेह भाषाएँ सम्मिलित हैं।

(ii) उत्तर-असमी-उत्तर:असमी या अरुणाचल वर्ग में निम्नलिखित 6 भाषाएँ हैं-(a) अका, (b) डफला, (c) अंबोर, (a) मिरी, (e) मिशमी, ) मिशिंग।

(iii) असम-बर्मी-इस वर्ग में निम्नलिखित पाँच भाषाएँ बोली जाती हैं-(a) बोरो, (b) नागा, (c) काचिन, (d) कुकिचिन, (e) मयनमारी। .

III. द्रविड़ भाषा परिवार (द्रविड़)

  • दक्षिण-द्रविड़-इस वर्ग में तमिल, मलयालम, तुजु, कुरगी तथा कन्नड़ जैसी मुख्य भाषाएँ सम्मिलित हैं।
  • मध्य-द्रविड़-इस वर्ग में मुख्य भाषाएँ तेलुगू एवं गोंडी, कुई, पारजी एवं खोंड भाषाएँ सम्मिलित हैं।
  • उत्तर-द्रविड़-इस वर्ग में कुरूख एवं मालतो भाषाएँ सम्मिलित हैं।

IV. भारतीय यूरोपीय भाषा परिवार (आर्य)-भारत की अधिकांश जनसंख्या आर्य भाषाओं का एक या कोई दूसरा रूप बताती है। इन भाषाओं को मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा जाता है।

  • दरदी आर्य भाषाएँ।
  • इंडो-आर्य भाषाएँ।

(1) दरदी-आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में दरदी, शिना, कोहिस्तानी तथा कश्मीरी भाषाएँ सम्मिलित हैं। इनमें से कश्मीरी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक अर्थात् 20 लाख है।

(2) इंडो-आर्य भाषाएँ-इन भाषाओं को निम्नलिखित वर्गों में बाँटा जाता है

  • उत्तरी-आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में विभिन्न पहाड़ी भाषाएँ सम्मिलित हैं, जिसमें नेपाली, मध्य-पहाड़ी एवं पश्चिमी-पहाड़ी प्रमुख है।
  • उत्तर-पश्चिमी आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में लहंदा, कच्छी एवं सिंधी भाषाएँ आती हैं।
  • दक्षिणी आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में मराठी और कोंकणी भाषाएँ सम्मिलित की जाती हैं।
  • पूर्वी आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में ओडिया, बिहारी, बंगला तथा असमिया भाषाएँ सम्मिलित हैं। इनमें बिहारी भाषा की बोलियों में मैथिली, भोजपुरी तथा मगधी सम्मिलित हैं।।
  • पूर्व-मध्य आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में अवधी, बघेली तथा छत्तीसगढ़ी भाषाएँ सम्मिलित की जाती हैं।
  • मध्य आर्य भाषाएँ-इस वर्ग में हिंदी, पंजाबी, राजस्थानी तथा गुजराती भाषाएँ आती हैं। आर्य भाषाओं में हिंदी का महत्त्वपूर्ण स्थान है।

निष्कर्ष – भारत के लोग यहाँ के मूल निवासी नहीं हैं। यहाँ बसने वाले विभिन्न नृ-जातीय वर्ग अपने साथ विभिन्न देशों की भाषाएँ व बोलियाँ भी लेकर आए।

प्रश्न 10.
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या राज्य स्तरीय विवरण दें।
अथवा
भारत में जनसंख्या वृद्धि के स्थानिक प्रतिरूपों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या के राज्यवार वितरण में भी अनेक विषमताएँ देखने को मिलती हैं। सामान्यतः अधिक क्षेत्रफल वाले बड़े आकार के राज्यों में जनसंख्या अधिक पाई जाती है, परन्तु यह नियम सर्वत्र लागू नहीं होता, क्योंकि जनसंख्या का संकेन्द्रण प्राकृतिक संसाधनों, विशेषतः भूमि की प्रकृति पर निर्भर करता है।

निम्नलिखित तालिका के अध्ययन से भारत की जनसंख्या के वितरण के बारे में निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण लक्षण उभरते हैं-
तालिका : भारत में जनसंख्या का राज्यवार वितरण (2011)
HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन 6
(i) देश की सबसे ज्यादा (19.9 करोड़) जनसंख्या उत्तर प्रदेश में बसी हुई है। यहाँ भारत की 17.64 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या रहती है। इसके बाद क्रमशः महाराष्ट्र (11.23 करोड़), बिहार (10.38 करोड़), पश्चिम बंगाल (9.13 करोड़) तथा आन्ध्र प्रदेश का स्थान आता है। इन पाँच राज्यों में देश की आधी जनसंख्या रहती है।

(ii) भारत की एक-चौथाई जनसंख्या दो राज्यों उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में रहती है।

(iii) क्षेत्रफल की दृष्टि से देश के दो सबसे बड़े राज्य राजस्थान और मध्य प्रदेश हैं जिनका क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का क्रमशः 10.4 प्रतिशत और 9.37 प्रतिशत है, परन्तु इन राज्यों में भारत की केवल 5.6 प्रतिशत और 6.00 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

(iv) इसके विपरीत उत्तर प्रदेश 7.26 प्रतिशत क्षेत्र पर स्थित है जबकि इस राज्य में देश की 16.49 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

(v) देश के 2.86 प्रतिशत क्षेत्रफल वाले राज्य बिहार में 8.58 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

(vi) देश के 11 राज्यों और 6 केन्द्र-शासित प्रदेशों में जनसंख्या उनके क्षेत्रफल की तुलना में अधिक है। परिणामस्वरूप इन राज्यों में प्रति इकाई क्षेत्रफल पर जनसंख्या का दबाव राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

(vii) दूसरी ओर, जम्मू और कश्मीर (1.04%), अरुणाचल प्रदेश (0.11%) और उत्तराखंड (0.84%); जैसे राज्यों की जनसंख्या का आकार इनके विशाल भौगोलिक क्षेत्र के बावजूद अत्यन्त छोटा है।

(viii) हिमालयी लघु राज्य सिक्किम की जनसंख्या (6.07 लाख) भारत के सभी राज्यों की जनसंख्या से कम है जबकि दिल्ली . की जनसंख्या 1.67 करोड़, जम्मू-कश्मीर की जनसंख्या अथवा सभी केन्द्र-शासित प्रदेशों की संयुक्त जनसंख्या से भी अधिक है।

जनसंख्या वृद्धि के आँकड़ों का विश्लेषण करने पर भारत में निम्नलिखित तीन प्रकार के क्षेत्र मिलते हैं
1. तीव्र जनसंख्या वृद्धि वाले राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेश इस वर्ग में 2001-2011 के दशक के दौरान 30% से अधिक वृद्धि रखने वाले क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया है। इस वर्ग में भारत के केवल दो केंद्र-शासित प्रदेश सम्मिलित हैं

  • दादर एवं नगर हवेली (55.5%)
  • दमन व दीव (53.5%)

2. मध्यम जनसंख्या वृद्धि वाले राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेश इस वर्ग में 2001-2011 के दशक के दौरान 20 से 30% तक वृद्धि रखने वाले क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया है। इस वर्ग में सम्मिलित क्षेत्र हैं

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (20.96%)
  • पुडुचेरी (27.72%)
  • मेघालय (27.82%)
  • बिहार (25.07%)
  • जम्मू-कश्मीर (23.7%)
  • मिजोरम (22.34%)
  • छत्तीसगढ़ (22.59%)
  • झारखण्ड (22.34%)
  • राजस्थान (21.44%)
  • मध्य प्रदेश (20.3%)
  • उत्तर प्रदेश (20.09%) आदि।

3. कम जनसंख्या वृद्धि वाले राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेश इस वर्ग में 2001 से 2011 के दशक के दौरान 20% से कम जनसंख्या वृद्धि रखने वाले क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया है। इसमें अन्य सभी राज्यों व केन्द्र-शासित प्रदेशों को सम्मिलित किया गया है।

HBSE 12th Class Geography Important Questions Chapter 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन

प्रश्न 11.
2001 की जनगणना के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व तालिका की सहायता से दर्शाएँ।
उत्तर:
2001 की जनगणना के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व निम्न तालिका में दर्शाया गया है-

राज्य/केंद्य-शासित प्रदेशघनत्वकोटि क्रम्म
दिली9,2441
चंडीगढ़7,9032
पांडिचेरी2,0293
लक्षद्वीप1,8944
दमन तथा दीव1,4115
पश्चिमी बंगाल9046
बिह्नर8807
केरल8198
उत्तर प्रदेश6899
पंजाब48210
तमिलनाहु47811
हरियाणा47712
दादरा ब नगर हबेली44913
गोवा36314
असम34015
झारखंड33816
महाराष्ट्र31417
त्रिपुरा30418
आंध्र प्रदेश27519
कर्नाटक27520
गुजरात25821
उड़ीसा23622
मध्य प्रदेश19623
राजस्थान16524
उत्तराखंड15925
छत्तीसगढ़15426
नगालैंड12027
हिमाचल प्रदेश10928
मणिपुर10729
मेघालय10330
जम्मू कश्मीर9931
सिक्किम7632
अंडमान व निकोबार4933
द्वीप समूह4234
मिजोरम1335

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Exercise 14.5

प्रश्न 1.
7.3 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड \(\overline{A B}\) खींचिए और उसकी सममित अक्ष ज्ञात कीजिए।
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 1
(1) रेखाखंड AB = 7.3 सेमी खींची।
(2) A को केन्द्र मानकर AB के आधे से अधिक दूरी लेकर AB के दोनों ओर एक-एक चाप लगाया।
(3) अब B को केन्द्र मानकर उसी दूरी को लेकर AB के दोनों ओर चाप लगाया जो पहले वाले चापों को C तथा D पर काटते हैं।
(4) CD को मिलाया। CD, रेखाखंड AB को M पर काटता है। बिन्दु M रेखाखंड AB को समद्विभाजित करता है।
इस प्रकार प्राप्त रेखाखंड CD सममित अक्ष है।

प्रश्न 2.
9.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड खींचिए और उसका लंब समद्विभाजक खींचिए।
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 2
(I) एक रेखाखण्ड AB = 9.5 सेमी खींचा।
(2) A को केन्द्र मानकर AB के आधे से अधिक दूरी की त्रिज्या लेकर AB के दोनों ओर चाप लगाया।
(3) B को केन्द्र मानकर इसी त्रिज्या का AB के दोनों ओर चाप लगाया जो पहले चापों को C व D पर काटते हैं।
(4) CD को मिलाया। रेखाखण्ड CD रेखाखण्ड AB का लम्ब समद्विभाजक है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5

प्रश्न 3.
एक रेखाखंड \(\overline{X Y}\) का लम्ब समद्विभाजक खींचिए जिसकी लंबाई 10.3 सेमी है।
(a) इस लंब समद्विभाजक पर कोई बिन्दु P लीजिए। जाँच कीजिए कि PX = PY है।
(b) यदि M रेखाखंड \(\overline{X Y}\) का मध्य बिन्दु है, तो MX और XY के विषय में आप क्या कह सकते हैं ?
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 3
(1) रेखाखण्ड XY = 10.3 सेमी खींचा।
(2) X को केन्द्र मानकर XY के आधे से अधिक दूरी की त्रिज्या लेकर XY के दोनों ओर चाप लगाया।
(3) इसी प्रकार Y को केन्द्र मानकर इसी त्रिज्या वाली दूरी से चाप लगाया जो पहले चापों को A व B पर काटता है।
(4) AB को मिलाया, जो XY को M पर काटता है। अत: AB XY का लम्ब समद्विभाजक है।
(a) AB पर कोई बिन्दु P लिया। मापने पर, PX = PY.
(b) M, रेखाखण्ड XY का मध्य बिन्दु है।
अत: MX = \(\frac{1}{2}\)XY
= \(\frac{1}{2}\) × 10.3 = 5.15 सेमी।

प्रश्न 4.
लम्बाई 12.8 सेमी वाला एक रेखाखण्ड खींचिए। रूलर और परकार की सहायता से इसके चार बराबर भाग कीजिए। मापन द्वारा अपनी रचना की जाँच कीजिए।
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 4
(1) रेखाखंड AB = 12.8 सेमी खींचा।
(2) A को केन्द्र मानकर AB के आधे से अधिक दूरी लेकर AB के दोनों ओर चाप लगाया।
(3) अब B को केन्द्र मानकर पहले वाली चाप से AB के दोनों ओर चाप लगाया, जो पहले वाले चापों को C तथा D पर काटते हैं।
(4) CD को मिलाया, जो AB को M पर काटती है।
(5) इस विधि से AM और AB के मध्य बिन्दु क्रमशः M1 और M2 प्राप्त होते हैं।
∴ AM1 = M1M = MM2 = M2B। इनको मापने पर प्रत्येक 3.2 सेमी प्राप्त होती है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5

प्रश्न 5.
6.1 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड \(\overline{P Q}\) खींचिए और फिर \(\overline{P Q}\) को व्यास मानकर एक वृत्त खींचिए।
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 5
(1) रूलर की सहायता से PQ रेखाखण्ड 6.1 सेमी खींचा।
(2) रेखाखण्ड PQ का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो PQ को M बिन्दु पर काटता है।
(3) M के केन्ड मान कर MP त्रिज्या का परकार में चाप लेकर वृत्त खींचते हैं। इस प्रकार प्राप्त वृत्त वांछित वृत्त है।

प्रश्न 6.
केन्द्र और त्रिज्या 3.4 सेमी लेकर एक वृत्त खींचिए। इसकी कोई जीवा \(\overline{A B}\) खींचिए। इस जीवा \(\overline{A B}\) का लंब समद्विभाजक खींचिए। जाँच कीजिए कि क्या यह वृत्त के केन्द्र C से होकर जाता है।
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 8
(1) कागज पर कोई बिन्दु C अंकित किया।
(2) C को केन्द्र मानकर 3.4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
(3) वृत्त के अन्दर एक जीवा AB खींची।
(4) जीवा AB का लम्ब समद्विभाजक PQ खींचा।
स्पष्ट है कि लम्ब समद्विभाजक वृत्त के केन्द्र C से होकर जाता है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5

प्रश्न 7.
प्रश्न 6 को उस स्थिति के लिए दोबारा कीजिए जब \(\overline{A B}\) एक व्यास है।
हल :
रचना के पद :
(1) कागज पर कोई बिन्दु C अंकित किया।
(2) C का केन्ड मानकर 3.4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
(3) वृत्त के अन्दर एक व्यास AB खींचा।
(4) व्यास AB का समद्विभाजक PQ खींचा।
स्पष्ट है कि लम्ब समद्विभाजक वृत्त के केन्ड C से होकर जाता है। मापने पर बिन्दु C, व्यास AB का मध्य बिन्दु है।

प्रश्न 8.
4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए। इसकी कोई दो जीवाएँ खींचिए। इन दोनों जीवाओं के लंब समद्विभाजक खींचिए। ये कहाँ मिलते हैं ?
हल :
रचना के पद:
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 6
(1) कागज पर कोई बिन्दु O अंकित किया।
(2) O को केन्द्रः A मानकर 4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
(3) वृत्त के अन्दर AB व CD दो जीवाएँ खींची।
(4) जीवा AB और CD के क्रमशः लम्ब समद्विभाजक PQ और RS खींचे।
स्पष्ट है कि ये लम्ब समद्विभाजक वृत्त के केन्द्र बिन्दु O पर मिलते हैं।

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प्रश्न 9.
शीर्ष O वाला कोई कोण खींचिए। इसकी एक भुजा पर एक बिन्दु A और दूसरी भुजा पर एक अन्य बिन्दु B इस प्रकार लीजिए कि 0A = OB है। \(\overline{O A}\) और \(\overline{O B}\) के लंब समद्विभाजक खींचिए। मान लीजिए ये P पर प्रतिच्छेद करते हैं। क्या PA = PB है ?
हल :
रचना के पद :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 14 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 14.5 7
(1) कोई कोण XOY खींचते हैं।
(2) एक बिन्दु A, OX पर तथा एक बिन्दु B, OY पर इस प्रकार लेते हैं कि
OA = OB.
(3) OA तथा OB के लम्ब समद्विभाजक क्रमशः CD और EF परस्पर P बिन्दु पर काटते हैं।
मापने पर ज्ञात होता है कि PA = PB.

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.5

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.5 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Exercise 5.5

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन लम्ब रेखाओं के उदाहरण हैं?
(a) मेज के ऊपरी सिरे की आसन्न भुजाएँ
(b) रेल पथ की पटरियाँ
(c) अक्षर L बनाने वाले रेखाखण्ड
(d) अक्षर V बनाने वाले रेखाखण्ड।
हल :
(a) हाँ, लम्ब,
(b) नहीं,
(c) हाँ, लम्ब,
(d) नहीं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.5

प्रश्न 2.
मान लीजिए रेखाखण्ड PQ रेखाखण्ड XY पर लम्ब है। मान लीजिए ये परस्पर बिन्द A पर प्रतिच्छेद करते हैं। ∠PAY की माप क्या है ?
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 - 1
हल :
∠PAY की माप = 90°, [क्योंकि PO ⊥ XY]

प्रश्न 3.
आपके ज्यामिति बक्स में दो सेट स्क्वेयर हैं। इनके कोनों पर बने कोणों के माप क्या हैं ? क्या इनमें कोई ऐसी माप है जो दोनों में उभयनिष्ठ है ?
हल :
एक 30°, 60°, 90° सेट स्क्वे यर और दूसरा 45°, 45°, 90° सेट स्क्वे यर है।
स्पष्टतः उभयनिष्ठ कोण = 90°.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.5

प्रश्न 4.
इस आकृति को ध्यान से देखिए। रेखा l, रेखा m पर लम्ब है।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.6 - 2
(क) क्या CE = EG है ?
(ख) क्या रेखा PE रेखाखण्ड CG को समद्विभाजित करती है ?
(ग) कोई दो रेखाखण्डों के नाम लिखिए जिनके लिए PE लम्ब समद्विभाजक है।
(घ) क्या निम्नलिखित सत्य हैं ?
(i) AC > FG
(ii) CD = GH
(iii) BC < EH
हल :
(क) ∵ CE = CD + DE
= 1 + 1 = 2 इकाई
और EG = EF + FG
= 1 + 1 = 2 इकाई
∴ CE = EG.

(ख) ∵ CE = EG
अतः E, CG का मध्य-बिन्दु है।
∴ PE, CG का समद्विभाजक है।

(ग) ∵ DE = EF [क्योंकि प्रत्येक 1 इकाई है]
अत: PE, DF का लम्ब समद्विभाजक है।
पुनः CE = EG = 2 इकाई
अत: PE, CG का लम्ब समद्विभाजक है।

(घ) (i) ∵ AC = AB + BC
= 1 + 1 = 2 इकाई
और FG = 1 इकाई
∴ AC > FG सत्य है।

(ii) ∵ CD = 1 इकाई
GH = 1 इकाई
CD = GH, सत्य है।

(iii) ∵ BC = 1 इकाई
और EH = EF + FG + GH
= 1 + 1 + 1 = 3 इकाई
BC < ED, सत्य है।

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Exercise 5.4

प्रश्न 1.
निम्न की क्या माप हैं :
(i) एक समकोण ?
(ii) एक ऋजुकोण ?
हल :
(i) 1 समकोण = 90°.
(ii) 1 ऋजुकोण = 2 समकोण
= 2 × 90° = 180°.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4

प्रश्न 2.
बताइए सत्य (T) या असत्य (F):
(a) एक न्यूनकोण का माप < 90° है।
(b) एक अधिक कोण का माप < 90° है।
(c) एक प्रतिवीं कोण का माप > 180° है।
(d) एक सम्पूर्ण घूर्णन का माप = 360° है।
(e) यदि m∠A = 53° और m∠B = 35° है, तो m∠A > m∠B है।
हल :
(a) सत्य,
(b) असत्य,
(c) सत्य,
(d) सत्य,
(e) सत्य।

प्रश्न 3.
निम्न का माप लिखिए:
(a) कुछ न्यून कोण
(b) कुछ अधिक कोण (प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।).
हल :
(a) न्यून कोण 90° से कम होते हैं, अत: दो न्यून कोण 70° और 30° हो सकते हैं।
(b) अधिक कोण की माप 90° से अधिक तथा 180° से कम होती है, अत: दो अधिक कोण 140° और 125° हो सकते हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4

प्रश्न 4.
निम्न कोणों को चाँदे से मापिए और उनके माप लिखिए :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 1
हल :
दिये गये कोणों को चाँद से मापने पर कोणों के माप निम्न है:
(a) 45°,
(b) 125°,
(c) 90°,
(d) 40°, 125°, 95°.

प्रश्न 5.
किस कोण का माप बड़ा है?
पहले आकलन (estimate) कीजिए और फिर मापिए।
कोण का माप =
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 2
कोण B का माप =
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 3
हल :
आकलन से पता चलता है कि
∠B > ∠A
दिये गये कोणों को मापने पर,
कोण A की माप = 40°
कोण B की माप = 65°
∴ ∠B > ∠A.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4

प्रश्न 6.
निम्न दो कोणों में से किस कोण का माप बड़ा है? पहले आकलन कीजिए और फिर मापन द्वारा पष्टि कीजिए।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 4
हल :
दिये गये कोणों का आकलन करने से पता चलता है कि
∠B > ∠A
कोणों को मापने पर,
कोण A = 45°
कोण B = 60°
∴ ∠B > ∠A

प्रश्न 7.
न्यून कोण, अधिक कोण, समकोण या ऋजुकोण से रिक्त स्थानों को भरिए:
(a) वह कोण, जिसका माप एक समकोण के माप से कम है, ………… होता है।
(b) वह कोण, जिसका माप एक समकोण के माप से अधिक हो, …………. होता है।
(c) वह कोण जिसके माप दो समकोणों के योग के बराबर है ………….. होता है।
(d) यदि दो कोणों के मापों का योग समकोण के माप के बराबर है, तो प्रत्येक कोण ………… होता है।
(e) यदि दो कोणों के मापों का योग एक ऋजुकोण के माप के बराबर है और इनमें से एक कोण न्यून कोण है, तो दूसरा कोण …………. होना चाहिए।
हल :
(a) न्यून कोण,
(b) अधिक कोण,
(c) ऋजु कोण,
(d) न्यून कोण,
(e) अधिक कोण।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4

प्रश्न 8.
नीचे दी आकृति में दिए प्रत्येक कोण का माप ज्ञात कीजिए (पहले देखकर आकलन कीजिए और फिर चाँदे से मापिए):
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 5
हल :
दी गई आकृति में प्रत्येक कोण का बिना मापे आकलन करने पर.
(a) 45
(b) 68°
(c) 128°
(d) 135°
चाँद से मापने पर कोणों की माप है:
(a) 40°
(b) 65°
(c) 130°
(d) 135°

प्रश्न 9.
नीचे दी गई प्रत्येक आकृति में घड़ी की सुइयों के बीच के कोण का माप ज्ञात कीजिए:
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 6
हल :
दी गई प्रत्येक आकृति में घड़ी की सुइयों के बीच कोणों का माप:
प्रात: 9:00 बजे = 90°
दोपहर 1:00 बजे = 30°
सायं 6:00 बजे = 180°

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4

प्रश्न 10.
खोज कीजिए:
दी हुई आकृति में चाँदा 30° दशा रहा है। इसी आकृति को एक आवर्धन शीशे (magnifying glass) द्वारा देखिए। क्या यह कोण बड़ा हो जाता है? क्या कोण का माप बड़ा हो जाता है?
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 7
हल :
दी गई आकृति को आवर्धन शीशे से देखने पर कोण बड़ा नहीं होता है और कोण की माप भी नहीं बढ़ती है।

प्रश्न 11.
मापिए और प्रत्येक कोण को वर्गीकृत कीजिए:
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 5 प्रारंभिक आकारों को समझना Ex 5.4 - 8
हल :

कोणमापप्रकार
∠AOB40 °न्यूनकोण
∠AOC120 °अधिककोण
∠BOC80 °न्यूनकोण
∠DOC100 °अधिककोण
∠DOA140 °अधिककोण
∠DOB180 °ऋजुकोण

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HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 6 जल संसाधन

Haryana State Board HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 6 जल संसाधन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 12th Class Geography Solutions Chapter 6 जल संसाधन

अभ्यास केन प्रश्न

नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

1. निम्नलिखित में से जल किस प्रकार का संसाधन है?
(A) अजैव संसाधन
(B) जैव संसाधन
(C) अनवीकरणीय संसाधन
(D) चक्रीय संसाधन
उत्तर:
(D) चक्रीय संसाधन

2. निम्नलिखित नदियों में से, देश में किस नदी में सबसे ज़्यादा पुनः पूर्तियोग्य भौम जल संसाधन हैं?
(A) सिंधु
(B) गंगा
(C) ब्रह्मपुत्र
(D) गोदावरी
उत्तर:
(B) गंगा

3. घन कि०मी० में दी गई निम्नलिखित संख्याओं में से कौन-सी संख्या भारत में कुल वार्षिक वर्षा दर्शाती है?
(A) 2,000
(B) 4,000
(C) 3,000
(D) 5,000
उत्तर:
(B) 4,000
HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 6 जल संसाधन

4. निम्नलिखित दक्षिण भारतीय राज्यों में से किस राज्य में भौम जल उपयोग (% में) इसके कुल भौम जल संभाव्य से ज्यादा है?
(A) तमिलनाडु
(B) आंध्र प्रदेश
(C) कर्नाटक
(D) केरल
उत्तर:
(A) तमिलनाडु

5. देश में प्रयुक्त कुल जल का सबसे अधिक समानुपात निम्नलिखित सेक्टरों में से किस सेक्टर में है?
(A) सिंचाई
(B) घरेलू उपयोग
(C) उद्योग
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(A) सिंचाई

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
यह कहा जाता है कि भारत में जल संसाधनों में तेजी से कमी आ रही है। जल संसाधनों की कमी के लिए उत्तरदायी कारकों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
जल एक आधारभूत प्राकृतिक व चक्रीय संसाधन है। जल के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती, लेकिन शुद्ध जल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। जल संसाधनों की कमी में इसका अत्यधिक उपयोग, अधिक जनसंख्या, प्रदूषण और कुप्रबंधन आदि अधिक उत्तरदायी कारक हैं। जल का कोई अन्य विकल्प भी नहीं है। अतः जल एक अनिवार्य किंतु सीमित संसाधन है। इसलिए कहा जा सकता है कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण भारत में जल संसाधनों में कमी आ रही है।

प्रश्न 2.
पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु राज्यों में सबसे अधिक भौम जल विकास के लिए कौन-से कारक उत्तरदायी हैं?
उत्तर:
भौम जल वितरण पर अनेक कारकों का प्रभाव पड़ता है; जैसे चट्टानों की संरचना, धरातल तथा जलापूर्ति की मात्रा आदि। पंजाब तथा हरियाणा में भौम जल की अधिकता के कारण यहाँ कोमल एवं प्रवेश्य चट्टानें पाई जाती हैं जिनसे वर्षा एवं बाढ़ का जल रिस-रिसकर भौम जल का रूप लेता रहता है। तमिलनाडु में चावल की खेती के लिए जल की आवश्यकता होती है। इसी कारण भौम जल का अधिक प्रयोग किया जाता है।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 6 जल संसाधन

प्रश्न 3.
देश में कुल उपयोग किए गए जल में कृषि क्षेत्र का हिस्सा कम होने की संभावना क्यों है?
उत्तर:
देश में कुल उपयोग किए गए जल में कृषि क्षेत्र का हिस्सा कम होने की बड़ी संभावना है क्योंकि वर्तमान में औद्योगिक व घरेल क्षेत्रों में जल का उपयोग कृषि की अपेक्षा अधिक तेजी से बढ़ रहा है तथा भविष्य में और अधिक जल उपयोग होने की संभावना है।

प्रश्न 4.
लोगों पर संदूषित जल/गंदे पानी के उपभोग के क्या संभव प्रभाव हो सकते हैं?
उत्तर:
प्रदूषित जल के उपभोग से पेट की बीमारियाँ बढ़ती हैं। इससे न केवल मनुष्यों को खतरा है, बल्कि जलीय जीव-जंतुओं का जीवन भी संकट में है। प्रदूषित जल के कारण कई संक्रामक रोग; जैसे हैजा, पीलिया, अतिसार आदि हो जाते हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 1.
देश में जल संसाधनों की उपलब्धता की विवेचना कीजिए और इसके स्थानिक वितरण के लिए उत्तरदायी निर्धारित करने वाले कारक बताइए।
उत्तर:
जल हमारे लिए एक मूल्यवान संपदा है। इसे हम पीने के लिए, कृषि के लिए, विद्युत उत्पादन के लिए तथा उद्योगों और परिवहन के लिए प्रयोग करते हैं। जल हमारे देश में अल्प मात्रा में तथा असमान रूप में मिलता है। अतः इसका प्रयोग बड़ी सूझ-बूझ से करना चाहिए। यह वर्षा ऋतु में तो खूब मिलता है, परंतु शुष्क ऋतु में इसका अभाव रहता है। जल-संसाधन से अधिकतम लाभ उठाने के लिए राष्ट्रीय जल-संसाधन परिषद् ने सन् 2002 में राष्ट्रीय जल-नीति बनाई है।

जल का सबसे बड़ा स्रोत वर्षा है। अंतर्भोम जल भी वर्षा से प्रभावित होता है। बहुत कम वर्षा वाले प्रदेश में अंतर्भीम जल खारा होता है। धरातल पर जल हमें नहरों, तालाबों, नदियों तथा झीलों के रूप में मिलता है। यह जल वर्षा से या ऊँचे पहाड़ों पर बर्फ के पिघलने से प्राप्त होता है। इस जल के सिंचाई में उचित प्रबंध से हमारे कृषि क्षेत्र को बहुत लाभ हुआ है। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों से नदियों पर

बाँध बनाकर इसका सदुपयोग किया जाता है। भारत में क्योंकि वर्षा अनिश्चित है, इसलिए पृष्ठीय जल का उचित दिशा में प्रयोग बहुत जरूरी है। फसलों को उचित समय पर जल प्रदान करने के लिए जल का उचित प्रबंध जरूरी है। एक अनुमान के अनुसार देश में एक वर्ष में वर्षण से प्राप्त कुल जल की मात्रा लगभग 4000 घन कि०मी० है। धरातलीय जल और पुनः पूर्तियोग भौम जल से लगभग 1869 घन कि०मी० जल उपलब्ध होता है। इसमें से केवल 60% जल का ही लाभदायक उपयोग किया जा सकता है।

नदियाँ, झीलें, तालाब आदि धरातलीय जल के मुख्य स्रोत हैं। धरातलीय जल का लगभग 690 घन कि०मी० अर्थात् लगभग 32% जल का ही लाभदायक उपयोग किया जा सकता है। भारत की प्रमुख नदियों-गंगा, सिन्धु और ब्रह्मपुत्र में लगभग 60% धरातलीय जल बहता है।

देश में भौम जल या भूगर्भिक जल का वितरण असमान है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और तमिलन इ आदि राज्यों में भौम जल का उपयोग बहुत अधिक हैं और छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरल आदि में इसका उपयोग बहुत कम है। भारत के उत्तरी मैदान में भौम जल के विशाल भंडार हैं। यहाँ पर लगभग 40% भौम जल उपलब्ध है। इसके विपरीत प्रायद्वीपीय भाग में भौम जल का अभाव है। इसलिए हमें जल संरक्षण की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

हमें पीने के पानी का उपयोग भी बडी किफायत से करना चाहिए। जल-संसाधन का संरक्षण बहत जरूरी है। इसके दरुपयोग के हमें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

प्रश्न 2.
जल संसाधनों का हास सामाजिक द्वंदों और विवादों को जन्म देते हैं। इसे उपयुक्त उदाहरणों सहित समझाइए।
उत्तर:
जल हमारे लिए एक मूल्यवान संपदा है। इसे हम पीने के लिए, कृषि के लिए, विद्युत् उत्पादन के लिए, उद्योगों और परिवहन के लिए प्रयोग करते हैं। हमारे देश में जल अल्प मात्रा में तथा असमान रूप.से मिलता है। अतः इसका प्रयोग बड़ी सूझ-बूझ से करना चाहिए। आज अधिक-से-अधिक पानी व्यर्थ गंवाया जा रहा है जितना इतिहास में पृथ्वी पर पहले कभी नहीं था। इसी वजह से 6 में से 1 व्यक्ति को साफ पीने का पानी उपलब्ध नहीं है।

निरंतर जनसंख्या वृद्धि के कारण जल की माँग निरंतर बढ़ती जा रही है और उपलब्ध जल की मात्रा कम है। उपलब्ध जल को अनेक सामाजिक एवं औद्योगिक कारण दूषित कर रहे हैं। अप्रबंधन के कारण भी यह दूषित हो रहा है। अनेक सामाजिक द्वंदों और विवादों के कारण जल संसाधनों का ह्रास हुआ है। इनमें से कुछ द्वंद्व व विवाद इस प्रकार हैं

  • हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व हिमाचल में बहने वाली नदियों के जल बंटवारे को लेकर विवाद।
  • महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में नर्मदा नदी के पानी को लेकर विवाद।
  • कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के पानी को लेकर विवाद।
  • घरेलू कूड़े और औद्योगिक इकाई से जल का प्रदूषित होना।
  • शुद्ध जल संसाधनों की उपलब्धता सीमित होना और अधिक जनसंख्या की निर्भरता आदि।

HBSE 12th Class Geography Solutions Chapter 6 जल संसाधन

प्रश्न 3.
जल-संभर प्रबंधन क्या है? क्या आप सोचते हैं कि यह सतत् पोषणीय विकास में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है?
उत्तर:
जल-संभर प्रबंधन से तात्पर्य मुख्य रूप से धरातलीय और भौम जल संसाधनों के दक्ष प्रबंधन से है। इसके अंतर्गत बहते जल को रोकना और विभिन्न विधियों द्वारा भौम-जल का संचयन और पुनर्भरण शामिल है। जल संभर प्रबंधन के अंतर्गत सभी संसाधन जैसे प्राकृतिक और जल संभर सहित मानवीय संसाधनों के संरक्षण, पुनः उत्पादन और विवेकपूर्ण उपयोग को शामिल किया जाता है। जल संभर प्रबंधन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और समाज के बीच संतुलन लाना है।

भारत में जल संभर विकास कार्यक्रम, कृषि ग्रामीण विकास तथा पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। जल संभर विधि जल संरक्षण का एक महत्त्वपूर्ण उपाय है। भारत में अनेक जल संभर विकास कार्यक्रमों के उदाहरण हैं जिनमें प्रमुख है हरियाणा में अंबाला का सुखोमाजरी गाँव। इस गाँव ने वन और जल संसाधनों का विकास कर पूरे देश में प्रसिद्धि प्राप्त की है। गाँव की सामुदायिक सहभागिता से सुखना झील की गाद को निकाला गया।

झील के संग्रहण क्षेत्र में चार रोक बाँध बनाए गए तथा अनेक पेड़-पौधे लगाए गए। इन कार्यों से गाँव का जल-स्तर ऊपर हो गया तथा जीवन-स्तर भी ऊँचा हो गया। अन्य कुछ क्षेत्रों में भी जल संभर विकास योजनाएँ पर्यावरण और अर्थव्यवस्था की काया पलटने में सफल हुई है। आवश्यकता इस योजना के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने की है और इस एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन उपागम द्वारा जल उपलब्धता सतत् पोषणीय आधार पर की जा सकती है।

जल संसाधन HBSE 12th Class Geography Notes

→ जल संसाधन (Water Resource) : भारत में विश्व के धरातलीय क्षेत्र का लगभग 4% जल संसाधनों का भाग पाया जाता है। हमें जल की प्राप्ति वर्षा, नदियों, झीलों, तालाबों, नहरों आदि से होती है।

→ सिंचाई (Irrigation) : वर्षा के अभाव में शुष्क खेतों तक मानव द्वारा जल पहुँचाने की व्यवस्था।

→ जलभृत (Aquifer) : पारगम्य शैल की परत, जिसमें जल भरा रहता हो; जैसे चाक और बलुआ पत्थर।

→ जल संभर या जल विभाजक (Watershed) : वह उत्थित सीमा, जो विभिन्न अपवाह-तन्त्रों में बहने वाली सरिताओं के शीर्ष भागों को पृथक करती है।

→ प्रवेश्य चट्टान (Pervious Rock) : वे चट्टानें जिनकी दरारों, संधियों और संस्तरण तल से होकर जल भूपृष्ठ से नीचे जा सकता हो। चाक और चूना पत्थर की शैलें इसके उदाहरण हैं।

→ पश्च जल (Back Water) : किसी नदी से संलग्न वह स्थिर जल क्षेत्र जो नदी की धारा से प्रभावित नहीं होता या उसमें प्रवाह गति अत्यन्त कम होती है। यह क्षेत्र उस स्थान पर तेजी से विकसित होता है जहाँ सरिता दो भागों में बँट जाती है अथवा जहाँ नदी विसर्प बनाती है या गुम्फित (Braided) होती है।

→ लैगून (Lagoon): हिन्दी भाषा में इसे अनूप कहते हैं। यह खारे जल का वह क्षेत्र होता है जो सागर तट पर निम्न रेत के किनारे द्वारा सागर से अलग किया हुआ होता है। इसके अतिरिक्त अटॉल से घिरा झील के समान जल का क्षेत्र भी लैगून कहलाता है।

→ वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) : भूमि तथा वनस्पति से होने वाला वाष्पन। इसमें जलाशयों, मृदाओं, शैलों के पृष्ठों और वर्धमान पौधों से वाष्प के रूप में नमी की क्षति भी शामिल है। चक्रीय संसाधन (Cyclical Resources) : ऐसे संसाधन जिन्हें प्रयोग के बाद शुद्ध करके बार-बार उपयोग में लाया जाता है।

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 29 से (प्रयास कीजिए)

प्रश्न 1.
19, 1997, 12000, 49, 100000, 2440701, 100199 और 208090 के पूर्ववती और परवती लिखिए।
हल:

  • 19 का पूर्ववर्ती = 19 – 1 = 18
  • 1997 का पूर्ववर्ती = 1997 – 1 = 1996
  • 12000 का पूर्ववर्ती = 12000 – 1 = 11999
  • 49 का पूर्ववर्ती = 49 – 1 = 48
  • 100000 का पूर्ववती = 100000 – 1 = 99999
  • 2440701 का पूर्ववर्ती = 2440701 – 1 = 2440700
  • 100199 का पूर्ववर्ती = 100199 – 1 = 100198
  • और 208090 का पूर्ववर्ती = 208090 – 1 = 208089.
  • अब, 19 का परवर्ती = 19 + 1 = 20
  • 1997 का परवर्ती = 1997 + 1 = 1998
  • 12000 का परवर्ती = 12000 + 1 = 12001
  • 49 का परवर्ती = 49 + 1 = 50
  • 100000 का परवर्ती = 100000 + 1 = 100001
  • 2440701 का परवर्ती = 2440701 + 1 = 2440702
  • 100199 का परवर्ती = 100199 + 1 = 100200
  • और 208090 का परवर्ती = 208090 + 1 = 208091.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

प्रश्न 2.
क्या कोई ऐसी प्राकृत संख्या है जिसका कोई पूर्ववर्ती नहीं है ?
हल :
हाँ, प्राकृत संख्या 1 का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता है।

प्रश्न 3.
क्या कोई ऐसी प्राकृत संख्या है जिसका कोई परवती नहीं है ? क्या कोई अन्तिम प्राकृत संख्या है ?
हल :
नहीं, ऐसी कोई प्राकृत संख्या नहीं है जिसका कोई परवर्ती नहीं है। अर्थात् प्रत्येक प्राकृत संख्या का परवर्ती होता है। कोई अन्तिम प्राकृत संख्या नहीं है अर्थात् सबसे बड़ी प्राकृत संख्या अज्ञात है।

पृष्ठ सं. 30 से

प्रश्न 1.
क्या सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ भी
हल :
हाँ, सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ भी हैं।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

प्रश्न 2.
क्या सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ भी हैं?
हल :
नहीं, क्योंकि 10 एक पूर्ण संख्या है लेकिन प्राकृत संख्या नहीं है।

प्रश्न 3.
सबसे छोटी पूर्ण संख्या कौन-सी है?
हल :
सबसे छोटी पूर्ण संख्या शून्य (0) है।

प्रश्न 4.
सबसे बड़ी पूर्ण संख्या कौन-सी है?
हल :
सबसे बड़ी पूर्ण संख्या ज्ञात करना सम्भव नहीं

पृष्ठ सं. 31 से

प्रश्न 1.
संख्या रेखा का प्रयोग करके, 4 + 5; 2 + 6; 3 + 5 और 1 + 6 को ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) दो पूर्ण संख्याओं (4 + 5) के योग को संख्या रेखा द्वारा निम्न प्रकार ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 1
तीर के सिरे पर विन्दु 4 से प्रारम्भ करते हैं। चूँकि हमें इस संख्या में 5 जोड़ना है. इसलिए हम दाई ओर 5 कदम अर्थात् 4 से 5, 5 से 6, 6 से 7, 7 से 8 और 8 से 9 चलते हैं; पाँचवें कदम के अन्तिम तौर के सिरे पर बिन्दु 9 है।
इस प्रकार 4 + 5 = 9 है।

(ii) दो पूर्ण संख्याओं (2 + 6) के योग को संख्या रेखा द्वारा निम्न प्रकार से ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 2
तीर के सिरे पर बिन्दु 2 से प्रारम्भ करते हैं। चूँकि हमें इस संख्या में 6 जोड़ना है। इसलिए हम दाईं ओर 6 कदम अर्थात् 2 से 3,3 से 4,4 से 5,5 से 6, 6 से 7 और 7 से 8 चलते हैं। छठवें कदम के अन्तिम तीर के सिरे पर बिन्दु 8 है।
इस प्रकार 2 + 6 = 8 है।

(iii) दो पूर्ण संख्याओं (3 + 5) का योग संख्या रेखा द्वारा निम्न प्रकार से ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 3
तीर से सिरे पर बिन्दु 3 से प्रारम्भ करते हैं। चूँकि हमें इस संख्या में 5 जोड़ना है। इसलिए हम दाईं ओर पाँच कदम अर्थात् 3 से 4, 4 से 5, 5 से 6, 6 से 7 और 7 से 8 चलते हैं। पाँचवें कदम के अन्तिम तौर के सिरे पर बिन्दु 8 है।
इस प्रकार 3 + 5 = 8 है।

(iv) दो पूर्ण संख्याओं (1 + 6) के योग को संख्या रेखा द्वारा अग्न प्रकार से ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 4
तोर के सिरे पर बिन्दु । से प्रारम्भ करते हैं। चूँकि हमें इस संख्या में 6 जोड़ना है। इसलिए हम दाईं ओर 6 कदम अर्थात् 1 से 2, 2 से 3, 3 से 4, 4 से 5, 5 से 6 और 6 से 7 चलते हैं। छठवें कदम के अन्तिम सिरे पर बिन्दु 7 है।
इस प्रकार 1 + 6 = 7 है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 32 से

प्रश्न 1.
संख्या रेखा का प्रयोग करके, 8 – 3; 6 – 2 और 9 – 6 ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) दो पूर्ण संख्याओं (8 – 3) का व्यवकलन (घटाना) संख्या रेखा द्वारा निम्न प्रकार से ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 5
तीर के सिरे पर बिन्दु 8 से प्रारम्भ करते हैं। चूकि इस संख्या में से 3 घटाना है। इसलिए हम बाई ओर तीन कदम चलने पर बिन्दु 5 पर पहुँचते हैं।
इस प्रकार 8 – 3 = 5 प्राप्त होता है।

(ii) दो पूर्ण संख्याओं (6 – 2) का व्यवकलन (घटाना) संख्या रेखा द्वारा निम्न प्रकार से ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 6
तीर के सिरे पर बिन्दु 6 से प्रारम्भ करते हैं। चूँकि इस संख्या में से 2 घटाना है। इसलिए हम बाईं ओर दो कदम अर्थात् 6 से 5 और 5 से 4 चलते हैं, तो हमें बिन्दु 4 प्राप्त होता है।
इस प्रकार 6 – 2 = 4 प्राप्त होता है।

(iii) दो पूर्ण संख्याओं (9 – 6) का व्यवकलन (घटाना) संख्या रेखा द्वारा निम्न प्रकार से ज्ञात करते हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 7
तीर के सिरे पर बिन्दु 9 से प्रारम्भ करते हैं। चूंकि इस संख्या में से 6 घटाना है। इसलिए हम बाई ओर 6 कदम चलने पर बिन्दु 3 पर पहुँचते हैं। इस प्रकार 9 – 6 = 3 प्राप्त होता है।

पृष्ठ सं. 32 से

प्रश्न 1.
संख्या रेखा का प्रयोग करके 2 × 6, 3 × 3 और 4 × 2 को ज्ञात कीजिए।
हल :
संख्या रेखा पर पूर्ण संख्याओं के गुणन को निम्न प्रकार से ज्ञात कर सकते हैं:
(i) 2 × 6
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 8
संख्या रेखा पर 0 से प्रारम्भ करते हैं और दाईं ओर एक बार में 2 मात्रकों के बराबर छ: कदम चलते हैं, तो हम बिन्दु 12 पर पहुँचते हैं। इस प्रकार 2 × 6 = 12 प्राप्त होता है।

(ii) 3 × 3
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 9
संख्या रेखा पर 0 से प्रारम्भ करते हैं और दाईं ओर एक बार में 3 मात्रकों के बराबर तीन कदम चलने पर हम बिन्दु 9 पर पहुंचते हैं। इस प्रकार 3 × 3 = 9 प्राप्त होता है।

(iii) 4 × 2
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 10
संख्या रेखा पर 0 से प्रारम्भ करते हैं और दाईं ओर एक बार में 4 मात्रकों के बराबर दो कदम चलने पर बिन्दु 8 पर पहुँचते हैं। इस प्रकार 4 × 2 = 8 प्राप्त होता है।

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 37 से (जाँच कीजिए)

प्रश्न (i)
पूर्ण संख्याओं के लिए, व्यवकलन (घटाना) क्रमविनिमेय नहीं है। इसकी जांच संख्याओं के तीन विभिन्न युग्म लेकर कीजिए।
हल :
(i) यदि a तथा b दो पूर्ण संख्याएँ हैं, तो व्यवकलन (a – b), (b – a) के बराबर नहीं होता।
हम जानते हैं कि 9 – 3 = 6 परन्तु 3 – 9 सम्भव नहीं है। 26 – 8 = 18 लेकिन 8 – 26 सम्भव नहीं है।
130 – 125 = 5 लेकिन 125 – 130 सम्भव नहीं है। इसलिए दो पूर्ण संख्याओं के लिए यदि a > b तब (a – b)
पूर्ण संख्या है लेकिन (b – a) सम्भव नहीं है। यदि b > a तब (b – a) पूर्ण संख्या है लेकिन (a – b) सम्भव नहीं है।
∴ पूर्ण संख्याओं के लिए घटाना क्रमविनिमेय नहीं है।

(ii) क्या (6 ÷ 3) वही है जो (3 ÷ 6) है?
हल:
6 ÷ 3 = 2 तथा 3 ÷ 6 = \(\frac {1}{2}\)
∴ 6 ÷ 3 ≠ 3 ÷ 6
अत: (6 ÷ 3) वह नहीं है जो (3 ÷ 6) है।
कुछ और उदाहरण लेते हैं।
(a) 21 ÷ 7 = 3 तथा 7 ÷ 21 = \(\frac {1}{3}\)
∴ 21 ÷ 7 ≠ 7 ÷ 21

(b) 35 ÷ 5 = 7 तथा 5 ÷ 35 = \(\frac {1}{7}\)
∴ 35 ÷ 5 ≠ 5 ÷ 35.

(c) 42 ÷ 6 = 7 तथा 6 ÷ 42 = \(\frac {1}{7}\)
∴ 42 ÷ 6 ≠ 6 ÷ 42.

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 38 से (सोचिए और ज्ञात कीजिए)

प्रश्न 1.
कौन-सा गुणन सरल है और क्यों?
(a) (6 × 5) × 3 या 6 × (5 × 3)
(b) (9 × 4) × 25 या 9 × (4 × 25)
हल :
(a) (6 × 5) × 3 या 6 × (5 × 3)
(i) (6 × 5) × 3 = 30 × 3 = 90
(ii) 6 × (5 × 3) = 6 × 15 = 90
स्पष्टतः (6 × 5) × 3 गुणन सरल है। उत्तर

(b) (9 × 4) × 25 या 9 × (4 × 25)
(i) (9 × 4) × 25 = 36 × 25 = 900
(ii) 9 × (4 × 25) = 9 × 100 = 900
स्पष्टत: 9 × (4 × 25) गुणन सरल है। उत्तर

पृष्ठ सं. 39 से

प्रश्न 1.
7 + 18 + 13 और 16 + 12 + 4 को ज्ञात कीजिए।
हल :
सहचारिता (साहचर्य) और क्रमविनिमेय गुणों के आधार पर योग:
(i) 7 + 18 + 13 = (7 + 13) + 18
= 20 + 18 = 38
अथवा
= (7 + 18) + 13
= 25 + 13 = 38.

(ii) 16 + 12 + 4 = (16 + 4) + 12
= 20 + 12 = 32
अथवा
= (16 + 12) + 4
= 28 + 4 = 32. उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 39 से

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) 25 × 8358 × 4
(ii) 625 × 3759 × 8
हल :
(i) 25 × 8358 × 4 = (25 × 4) × 8358
(साहचर्य गुणधर्म से)
= 100 × 8358
= 835800. उत्तर

(ii) 625 × 3759 × 8 = (625 × 8) × 3759
(साहचर्य गुणधर्म से)
= 5000 × 3759
= 18795000. उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 39 से (सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए)

प्रश्न 1.
क्या (16 ÷ 4) ÷ 2 = 16 ÷ (4 ÷ 2) है ? क्या विभाजन के लिए साहचर्य गुण लागू होता है ?
अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए। क्या (28 ÷ 14) ÷ 2 और 28 ÷ (14 ÷ 2) बराबर हैं ?
हल :
यहाँ (16 ÷ 4) ÷ 2 = (16 × \(\frac {1}{4}\)) ÷ 2
= 4 ÷ 2 = 4 × \(\frac {1}{2}\) = 2
तथा 16 ÷ (4 ÷ 2) = 16 ÷ (4 × \(\frac {1}{2}\))
= 16 ÷ 2 = 16 × \(\frac {1}{2}\) = 8
∴ (16 ÷ 4) ÷ 2 ≠ 16 ÷ (4 ÷ 2)
विभाजन के लिए साहचर्य गुण लागू नहीं होता है।
पुनः (28 ÷ 14) ÷ 2 = (28 × \(\frac {1}{4}\)) ÷ 2 = 2 ÷ 2
= 2 × \(\frac {1}{2}\) = 1
तथा 28 ÷ (14 ÷ 2) = 28 ÷ (14 × \(\frac {1}{2}\))
= 28 ÷ 7
= 28 × \(\frac {1}{7}\) = 4
∴ (28 ÷ 14) ÷ 2 ≠ 28 ÷ (14 ÷ 2)

पृष्ठ सं. 40 से

प्रश्न 1.
वितरण (या बंटन) गुण का प्रयोग करके 4 × (5 + 8); 6 × (7 + 9) और 7 × (11 + 9) को ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) 4 × (5 + 8) = 4 × 5 + 4 × 8
= 20 + 32 = 52. उत्तर
(ii) 6 × (7 + 9) = 6 × 7 + 6 × 9
= 42 + 54 = 96. उत्तर
(iii) 7 × (11 + 9) = 7 × 11 + 7 × 9
= 77 + 63 = 140. उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 41 से

प्रश्न 1.
वितरण गुण का प्रयोग करते हुए, 15 × 68, 17 × 23 और 69 × 78 + 22 × 69 के मान ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) 15 × 68 = 15 × (70 – 2)
(व्यवकलन पर गुणन का वितरण गुणधर्म से)
= 15 × 70 – 15 × 2
= 1050 – 30 = 1020. उत्तर

(ii) 17 × 23 = 17 × (20 + 3)
(योग पर गुणन का वितरण गुणधर्म से)
= 17 × 20 + 17 × 3
= 340 + 51 = 391. उत्तर

(iii) 69 × 78 + 22 × 69
= 69 × (78 + 22)
(योग पर गुणन का वितरण गुणधर्म से)
= 69 × 100 = 6900. उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

पृष्ठ सं. 44 से

प्रश्न 1.
कौन-सी संख्याएँ केवल रेखा के रूप में दाई जा सकती हैं ?
हल :
2, 5, 7, 11, 13, … संख्याएँ केवल रेखा के रूप में दर्शाई जा सकती हैं। उत्तर

प्रश्न 2.
कौन-सी संख्याएँ वर्गों के रूप में दशाई जा सकती हैं?
हल :
9, 16, 25….. संख्याएँ वर्गों के रूप में दर्शाई जा सकती हैं। उत्तर

प्रश्न 3.
कौन-सी संख्याएँ आयतों के रूप में दाई जा सकती हैं ?
हल :
4, 6, 8, 9, 10, 12, ……. संख्याएँ आयतों के रूप में दर्शाई जा सकती हैं। उत्तर

प्रश्न 4.
प्रथम सात त्रिभुजाकार संख्याओं को लिखिए (अर्थात् वे संख्याएँ जिन्हें त्रिभुजों के रूप में व्यवस्थित किया जा सकता है) 3, 6, ….
हल :
प्रथम सात त्रिभुजाकार संख्याएँ निम्नलिखित हैं :
3, 6, 10, 15, 21, 27 और 35. उत्तर

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions

प्रश्न 5.
कुछ संख्याओं को दो आयतों के रूप में दर्शाया जा सकता है। उदाहरणार्थ,
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 2 पूर्ण संख्याएँ InText Questions 11
इसी प्रकार के कम-से-कम पाँच उदाहरण दीजिए।
हल :
12 के अतिरिक्त 5 संख्याएँ जिनको कि दो आयतों द्वारा दिखाया जा सकता है :
16 → 2 × 8, 4 × 4
18 → 3 × 6, 2 × 9
20 → 2 × 10, 4 × 5
24 → 3 × 8, 4 × 6
28 → 2 × 14, 4 × 7 उत्तर

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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.2

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Exercise 13.2

प्रश्न 1.
नीचे दी गई आकृतियों में प्रत्येक की सममित रेखाओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.2 1
हल :
दी गई प्रत्येक आकृति बिन्दुकित रेखा के प्रति सममित है। ये बिन्दुकित रेखाएँ सममित रेखाएँ हैं :
HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.2 2

HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.2

प्रश्न 2.
नीचे दी गई प्रत्येक आकृति में त्रिभुज को एक वर्गांकित पेपर पर बनाइए। प्रत्येक में सममित रेखा (रेखाओं) को, यदि है, तो उन्हें खींचिए और त्रिभुज के प्रकार को पहचानिए। (आप उनमें से कुछ आकृतियों का अनुरेख (trace) करना पसंद कर सकते हैं। पहले पेपर को मोड़ने वाली विधि द्वारा प्रयास करें)
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हल :
(a), (b) और (d) समद्विबाहु त्रिभुज हैं। (c) समकोण समद्विबाहु त्रिभुज है। इनकी सममित रेखाएँ, बिन्दुकित रेखाओं द्वारा दर्शाई गई हैं।
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प्रश्न 3.
निम्न तालिका को पूरा कीजिए।
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हल :
तालिका को पूरी करने पर :
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प्रश्न 4.
क्या आप एक ऐसा त्रिभुज बना सकते हो, जिसमें :
(a) केवल एक ही सममित रेखा हो ?
(b) केवल दो ही सममित रेखाएँ हों ?
(c) केवल तीन ही सममित रेखाएँ हों ?
(d) कोई सममित रेखा न हो ?
प्रत्येक में आकृति की रूपरेखा (खाका) बनाइए।
हल :
(a) हाँ, यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसकी आकृति इस प्रकार है :
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(b) नहीं।
(c) हाँ, यह एक समबाहु त्रिभुज है।
इसकी आकृति इस प्रकार है :
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(d) हाँ, यह विषमबाहु त्रिभुज है।
इसकी आकृति इस प्रकार है :
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प्रश्न 5.
एक वर्गांकित पेपर पर निम्न की रूपरेखा बनाइए:
(a) एक त्रिभुज जिसमें क्षैतिज सममित रेखा तो हो, परंतु ऊर्ध्वाधर सममित रेखा न हो।
(b) एक चतुर्भुज जिसमें क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों ही सममित की रेखाएँ हों।
(c) एक चतुर्भुज जिसमें क्षैतिज सममित रेखा तो हो, परंतु ऊर्ध्वाधर सममित रेखा न हो।
(d) एक षट्भुज जिसमें केवल दो ही सममित रेखाएँ
(e) एक षट्भुज जिसमें 6 सममित रेखाएँ हों।
हल :
एक वर्गांकित पेपर लेते हैं। उस पर दिए गए प्रश्नों के अनुसार आकृति बनाकर, सममित रेखाएँ निम्न प्रकार प्राप्त होती हैं
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प्रश्न 6.
प्रत्येक आकृति का अनुरेखण (ट्रेस) कीजिए और सममित रेखाओं को खींचिए।
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हल :
दी गई आकृतियों की सममित रेखाएँ, बिन्दुकित रेखाओं द्वारा दर्शाई गई हैं :
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प्रश्न 7.
अंग्रेजी वर्णमाला के A से Z तक के सभी अक्षरों पर विचार कीजिए। इनमें से उन अक्षरों की सूची बनाइए जिनमें:
(a) ऊर्ध्वाधर सममित रेखाएँ हों (जैसा कि A)
(b) क्षैतिज सममित रेखाएँ (जैसा कि B)
(c) सममित रेखाएँ न हों (जैसा कि Q)
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हल :
अंग्रेजी वर्णमाला के A से Z तक के सभी अक्षरों से:
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(a) ऊर्ध्वाधर सममित रेखाओं वाले (जैसा कि A)
A, H, I, M, O, T, U, V, W, X और Y.
(b) क्षैतिज सममित रेखाओं वाले (जैसा कि B)
B, C, D, E, H, I, K, O और X
(c) बिना सममित रेखाओं वाले (जैसा कि Q)
G, J, L, N, P, Q, R, S और Z.

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प्रश्न 8.
यहाँ पर कुछ मुड़ी हुई शीट की आकृतियाँ दी गई हैं, जिनकी तह पर आकृतियाँ बनाई गई हैं। प्रत्येक में पूर्ण आकृति की रूपरेखा खींचिए जो डिजाइन के काटने के बाद दिखाई देगी।
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हल :
प्रत्येक में पूर्ण आकृति की रूपरेखा जो डिजाइन के काटने के बाद दिखाई देगी, इस प्रकार है :
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HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.1

Haryana State Board HBSE 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Ex 13.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 6th Class Maths Solutions Chapter 13 सममिति Exercise 13.1

प्रश्न 1.
अपने घर अथवा विद्यालय की ऐसी चार वस्तुओं की सूची बनाइए जो सममित हों।
हल :
घर की चार वस्तुएँ जो सममित हैं, निम्न हैं-

  • शीशा
  • पलंग
  • ट्यूबलाइट
  • बल्ब।

प्रश्न 2.
दी गई आकृति में कौन-सी दर्पण रेखा, अर्थात् सममित रेखा है, l1 या l2 ?
हल :
दी गई आकृति में दर्पण रेखा अर्थात् सममित रेखा है।
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प्रश्न 3.
नीचे दी गई आकृतियों की पहचान कीजिए। जाँच कीजिए कि क्या ये आकृतियाँ सममित हैं या नहीं। उनकी सममित की रेखा भी खींचिए।
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हल :
आकृति (c) के अतिरिक्त सभी आकृतियाँ (a), (b), (d), (e) और (f) सममित हैं तथा उनकी सममित रेखाएँ निम्न प्रकार हैं :
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प्रश्न 4.
नीचे दी गई आकृतियों को वर्गांकित पेपर पर बनाइए। आपने वांकित पेपर का प्रयोग अपनी पिछली कक्षाओं में अंकगणित नोट-बुक में किया होगा। इन आकृतियों को इस तरह पूरा कीजिए कि बिन्दुकित रेखा ही सममित रेखा हो।
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हल :
बिन्दुकित रेखा को सममित रेखा मानते हुए आकृति को पूरा करने पर,
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प्रश्न 5.
नीचे दी गई आकृति में, l सममित रेखा है। इस आकृति को पूरा कीजिए जिससे यह सममित हो जाए।
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हल :
पूरी आकृति इस प्रकार है :
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प्रश्न 6.
आकृति में, lसममित रेखा है। त्रिभुज का प्रतिबिंब खींचिए और इस आकृति को पूरा कीजिए जिससे यह सममित हो जाए।
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हल :
त्रिभुज का प्रतिबिम्ब इस प्रकार दर्शाया गया है कि पूरी आकृति सममित हो जाए।
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