Author name: Prasanna

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Exercise 2.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पर बहुपद 5x – 4x2 + 3 के मान ज्ञात कीजिए
(i) x = 0 (ii) x = – 1 (iii) x = 2
हल :
(i) यहाँ पर बहुपद = 5x – 4x2 + 3
x = 0 रखने पर
5x – 4x2 + 3 = 5(0) – 4(0)2 + 3
= 0 – 0 + 3 = 3 उत्तर

(ii) यहाँ पर x = – 1 रखने पर
बहुपद = 5x – 4x2 + 3
5x – 4x2 + 3 = 5(-1) – 4(-1)2 + 3
= – 5 – 4(1) + 3
= – 5 – 4 + 3
= – 9 + 3 = – 6 उत्तर

(iii) यहाँ पर
x = 2 रखने पर
बहुपद = 5x – 4x2 + 3
5x – 4x2 + 3 = 5 (2) – 4(2)2 +3
= 10 – 4(4) + 3
= 10 – 16 + 3
= 13 – 16 = – 3 उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

प्रश्न 2.
निम्नलिखित बहुपदों में से प्रत्येक बहुपद के लिएp p(0), P (1) और p (2) ज्ञात कीजिए-
(i) p(y) = y2 – y + 1
(ii) p(t) = 2 + t + 2t2 – t3
(iii) p(x) = x3
(iv) P(x) = (x – 1) (x + 1)
हल :
(i) यहाँ पर
P(y) = y2 – y + 1
y = 0 रखने पर
P (0) = (0)2 – (0) + 1
= 0 – 0 + 1 = 1 उत्तर

y = 1 रखने पर
P(1) = (1)2 – (1) + 1
= 1 – 1 + 1 = 1 उत्तर

y = 2 रखने पर
p(2) = (2)2 – (2) + 1
= 4 – 2 + 1
= 5 – 2 = 3 उत्तर

(ii) यहाँ पर
p(t) = 2 + t + 2t2 – t3
= – t3 + 2t2 + t + 2
t = 0 रखने पर
p(0) = – (0)3 + 2(0)3 + (0) + 2
= – 0 + 0 + 0 + 2 = 2 उत्तर
t = 1 रखने पर
p(1) = -(1)3 + 2 (1)2 + (1) + 2
= – 1 + 2 + 1 + 2
= – 1 + 5 = 4 उत्तर

t = 2 रखने पर
p(2) = – (2)3 + 2(2)2 + (2) + 2
= – 8 + 8 + 2 + 2
= – 8 + 12 = 4 उत्तर

(iii) यहाँ पर p(x) = x3
x = 0 रखने पर
p(0) = (0)3 = 0 उत्तर
x = 1 रखने पर
p(1) = (1)3 = 1 उत्तर
x = 2 रखने पर
p(2) = (2)3 = 2 × 2 × 2 = 8 उत्तर

(iv) यहाँ पर
P(x) = (x – 1) (x + 1)
= (x)2 – (1)2 = x2 – 1
x = 0 रखने पर
p(0) = (0)2 – 1 = – 1 उत्तर
x = 1 रखने पर
p(1) = (1)2 – 1 = 1 – 1 = 0 उत्तर
x = 2 रखने पर
P (2) = (2)2 – 1 = 4 – 1 = 3 उत्तर

प्रश्न 3.
सत्यापित कीजिए कि दिखाए गए मान निम्नलिखित स्थितियों में संगत बहुपद के शून्यक हैं
(i) p(x) = 3x + 1; x = – \(\frac {1}{3}\)
(ii) p(x) = 5x – π, x = \(\frac {4}{5}\)
(iii) p(x) = x2 – 1; x = 1, – 1
(iv) p(x) = (x + 1) (x – 2), x = – 1, 2
(v) p (x) = x2, x = 0
(vi) p(x) = lx + m; x = –\(\frac {m}{l}\)
(vii) p(x) = 3x2 – 1; x = –\(\frac{1}{\sqrt{3}}, \frac{2}{\sqrt{3}}\)
(viii) p(x) = 2x + 1, x = \(\frac {1}{2}\)
हल :
(i) यहाँ पर
P(x) = 3x + 1
x = – \(\frac {1}{3}\) रखने पर
p(- \(\frac {1}{3}\)) = 3(- \(\frac {1}{3}\)) + 1
= – 1 + 1 = 0
अतः –\(\frac {1}{3}\) बहुपद 3x + 1 का शून्यक है। उत्तर

(ii) यहाँ पर
p(x) = 5x – π
x = \(\frac {4}{5}\) रखने पर
p(\(\frac {4}{5}\)) = 5(\(\frac {4}{5}\)) – π
= 4 – π ≠ 0
अतः \(\frac {4}{5}\) बहुपद 5x – π का शून्यक नहीं है। उत्तर

(iii) यहाँ पर
p(x) = x2 – 1
x = 1 रखने पर p(1) = (1)2 – 1 = 1 – 1 = 0
x = – 1 रखने पर p(-1) = (-1)2 -1 = 1 – 1 = 0
अतः 1 व – 1 बहुपद x2 – 1 के शून्यक हैं। उत्तर

(iv) यहाँ पर
p(x) = (x + 1) (x – 2)
= x2 + x – 2x – 2
= x2 – x – 2
x = – 1 रखने पर
P(-1) = (-1)2 – (-1) – 2
= 1 + 1 – 2 = 2 – 2 = 0
x = 2 रखने पर
p(2) = (2)2 – (2) – 2
= 4 – 2 – 2 = 4 – 4 = 0
अतः – 1 व 2 बहुपद (x + 1) (x – 2) के शून्यक हैं। उत्तर

(v) यहाँ पर
P(x) = x2
x = 0 रखने पर
P(0) = (0)2 = 0
अतः 0 बहुपद x2 का शून्यक है। उत्तर

(vi) यहाँ पर
p(x) = lx + m
x = – \(\frac {m}{l}\) रखने पर
p(-\(\frac {m}{l}\)) = l (-\(\frac {m}{l}\)) +m
= – m + m = 0
अतः –\(\frac {m}{l}\) बहुपद lx + m का शून्यक है। उत्तर

(vii) यहाँ पर
p(x) = 3x2 – 1
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2 - 1

(viii) यहाँ पर
p(x) = 2x + 1
x = \(\frac {1}{2}\) रखने पर
p(\(\frac {1}{2}\)) = 2(\(\frac {1}{2}\)) + 1
= 1 + 1
= 2 ≠ 0
अतः \(\frac {1}{2}\) बहुपद 2x + 1 का शून्यक नहीं है। उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2

प्रश्न 4.
निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक स्थिति में बहुपद का शून्यक ज्ञात कीजिए –
(i) p(x) = x + 5
(ii) P(x) = x – 5
(iii) P(x) = 2x + 5
(iv) p(x) = 3x – 2
(v) p(x) = 3x
(vi) P(x) = ax; a ≠ 0
(vii) P(x) = cx + d; c ≠ 0, c, d वास्तविक संख्याएँ हैं।
हल :
बहुपद का शून्यक ज्ञात करने के लिए आवश्यक है-
P(x) = 0
(i) x + 5 = 0
या x = 0 – 5 = – 5
अतः बहुपद x + 5 का शून्यक = – 5 उत्तर

(ii) x – 5 = 0
या x = 0 + 5 = 5
अतः बहुपद x – 5 का शून्यक = 5 उत्तर

(iii) 2x + 5 = 0
⇒ 2x = 0 – 5 = – 5
या x = – \(\frac {5}{2}\)
अतः बहुपद 2x + 5 का शून्यक = – \(\frac {5}{2}\) उत्तर

(iv) 3x – 2 = 0
⇒ 3x = 0 + 2 = 2
या x = \(\frac {2}{3}\)
अतः बहुपद 3x – 2 का शून्यक = \(\frac {2}{3}\) उत्तर

(v) 3x = 0
या x = \(\frac {0}{3}\) = 0
अतः बहुपद 3x का शून्यक = 0 उत्तर

(vi) ax = 0
या x = \(\frac {0}{a}\) = 0
अतः बहुपद ax का शून्यक = 0 उत्तर

(vii) cx + d = 0
या cx = 0 – d = – d
या x = –\(\frac {d}{c}\)
अतः बहुपद cx + d का शून्यक = – \(\frac {d}{c}\) उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.2 Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Exercise 4.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विकल्पों में कौन-सा विकल्प सत्य है, और क्यों?
y = 3x + 5 का
(i) एक अद्वितीय हल है
(ii) केवल दो हल हैं
(iii) अपरिमित रूप से अनेक हल हैं
हल :
विकल्प (iii) सत्य है क्योंकि x के प्रत्येक मान के लिएy का एक संगत मान होता है तथा विलोमतः भी सत्य है।

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2

प्रश्न 2.
निम्नलिखित समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण के चार हल लिखिए :
(i) 2x + y = 7
(ii) πx + y = 9
(iii) x = 4y
हल :
(i) यहां पर,
2x + y = 7
या y = 7 – 2x
यदि x = 0, तो y = 7 – 2 (0) = 7 – 0 = 7
यदि x = 1, तो y = 7 – 2 (1) = 7 – 2 = 5
यदि x = 2, तो y = 7 – 2 (2) = 7 – 4 = 3
यदि x = 3, तो y = 7 – 2 (3) = 7 – 6 = 1
अतः अभीष्ट चार हल हैं : (0, 7), (1, 5), (2, 3), (3, 1) उत्तर

(ii) यहां पर,
πx + y = 9
या y = 9 – πx
यदि x = 0, तो y = 9 – π(0) = 9 – 0 = 9
यदि x = 1, तो y = 9 – π(1) = 9 – π
यदि x = 2, तो y = 9 – π(2) = 9 – 2π
यदि x = – 1, तो y = 9 – π(-1) = 9 + π
अतः अभीष्ट चार हल हैं : (0, 9), (1, 9 – π), (2, 9 – 2π), (-1, 9 + π) उत्तर

(iii) यहां पर,
x = 4y
यदि y = 0, तो x = 4(0) = 0
यदि y = 1, तो x = 4(1) = 4
यदि y = -1, तो x = 4(-1) = -4
यदि y = 2, तो x = 4(2) = 8
अतः अभीष्ट चार हल हैं : (0, 0), (4, 1), (-4, -1), (8, 2) उत्तर

प्रश्न 3.
बताइए कि निम्नलिखित हलों में कौन-कौन समीकरण.x – 2y = 4 के हल हैं और कौन-कौन हल नहीं हैं:
(i) (0, 2)
(ii) (2, 0)
(iii) (4, 0)
(iv) (\(\sqrt{2}\), 4\(\sqrt{2}\))
(v) (1, 1)
हल :
(i) यहां पर, x – 2y = 4
समीकरण में x = 0, y = 2 रखने पर,
0 – 2(2) = 4
या 0 – 4 = 4 या
या – 4 = 4 (जो कि असत्य है।)
∴ (0, 2) समीकरण का हल नहीं है। उत्तर

(ii) यहां पर,
x – 2y = 4
समीकरण में x = 2, y = 0 रखने पर,
2 – 2(0) = 4
या 2 – 0 = 4
या 2 = 4 (जो कि असत्य है।)
∴ (2, 0) समीकरण का हल नहीं है। उत्तर

(iii) यहां पर,
x – 2y = 4
समीकरण में x = 4, y = 0 रखने पर
4 – 2 (0) = 4
या 4 – 0 = 4
या 4 = 4 (जो कि सत्य है।)
∴ (4, 0) समीकरण का हल है। उत्तर

(iv) यहां पर,
x – 2y = 4
समीकरण में x = \(\sqrt{2}\), y= 4\(\sqrt{2}\) रखने पर,
\(\sqrt{2}\) – 2(4\(\sqrt{2}\)) = 4
या \(\sqrt{2}\) – 8\(\sqrt{2}\) = 4
या – 7\(\sqrt{2}\) = 4 (जो कि असत्य है।)
∴ (\(\sqrt{2}\), 4\(\sqrt{2}\)) समीकरण का हल नहीं है। उत्तर

(v) यहां पर,
x – 2y = 4
समीकरण में x = 1,y = 1 रखने पर,
1 – 2(1) = 4
या 1 – 2 = 4
या – 1 = 4 (जो कि असत्य है।)
∴ (1, 1) समीकरण का हल नहीं है। उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2

प्रश्न 4.
k का मान ज्ञात कीजिए जबकि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y = k का एक हल हो।
हल :
यहां पर, 2x + 3y = k
समीकरण में x = 2,y = 1 रखने पर,
2(2) + 3 (1) = k
या 4 + 3 = k
या k = 7 उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2 Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.1

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Exercise 4.1

प्रश्न 1.
एक नोटबुक की कीमत एक कलम की कीमत से दोगुनी है। इस कथन को निरूपित करने के लिए दो घरों वाला एक रैखिक समीकरण लिखिए।
हल :
माना एक नोटबुक की कीमत = x रुपये
तथा एक कलम की कीमत = y रुपये
प्रश्नानुसार,
एक नोटबुक की कीमत = 2 × एक कलम की कीमत
⇒ x = 2y
या x – 2y = 0 उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित रैखिक समीकरणों को ax + by + c = 0 के रूप में व्यक्त कीजिए और प्रत्येक स्थिति में a, b और के मान बताइए
(i) 2x + 3y = \(9.3 \overline{5}\)
(ii) x – \(\frac {y}{5}\) – 10 = 0
(iii) – 2x + 3y = 6
(iv) x = 3y
(v) 2x = – 5y
(vi) 3x + 2 = 0
(vii) y – 2 = 0
(viii) 5 = 2x
हल :
(i) 2x + 3y = \(9.3 \overline{5}\)
⇒ 2x + 3y – \(9.3 \overline{5}\) = 0
∴ a = 2, b = 3, c = – \(9.3 \overline{5}\) उत्तर

(ii) x – \(\frac {y}{5}\) – 10 = 0
∴ a = 1, b = \(\frac {-1}{5}\), c = – 10 उत्तर

(iii) -2x + 3y = 6
⇒ -2x + 3y – 6 = 0
∴ a = – 2, b = 3, c = – 6 उत्तर

(iv) x = 3y
⇒ x – 3y + 0 = 0
∴ a = 1, b = – 3, c = 0 उत्तर

(v) 2x = – 5y
⇒ 2x + 5y + 0 = 0
∴ a = 2, b = 5, c = 0 उत्तर

(vi) 3x + 2 = 0
⇒ 3x + (0)y + 2 = 0
∴ a = 3, b = 0, c = 2 उत्तर

(vii) y – 2 = 0
⇒ (0) x + (1)y – 2 = 0
∴ a = 0, b = 1, c = – 2 उत्तर

(viii) 5 = 2x
⇒ – 2x + (0)y + 5 = 0
∴ a = – 2, b = 0, c = 5 उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.1 Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Exercise 2.4

प्रश्न 1.
बताइए कि निम्नलिखित बहुपों में से किस बहुपद का एक गुणनखंड x + 1 है
(i) x3 + x2 + x + 1
(ii) x3 + x3 + x2 + x + 1
(iii) x4 + 3x3 + 3x2 + x + 1
(iv) x3 – x2 – (2 + \(\sqrt{2}\))x + \(\sqrt{2}\)
हल :
(i) x + 1 का शून्यक – 1 है
माना,
p (x) = x3 + x2 + x + 1
अब p(-1) = (-1)3 + (-1)2 + (-1) + 1
= 1 + 1 – 1 + 1
= 2 – 2 = 0
अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार x + 1, x3 + x2 + x + 1 का एक गुणनखंड है। उत्तर

(ii) x + 1 का शून्यक – 1 है
माना, P(x) = x4 + x3 + x2 + x + 1
अब P(-1) = (-1)4 + (-1)3 + (-1)2 + (-1) + 1
= 1 – 1 + 1 – 1 + 1
= 3 – 2 = 1 ≠ 0
अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार x + 1, x4 + x3 + x2 + x + 1 का एक गुणनखंड नहीं है। उत्तर

(iii) x + 1 का शून्यक -1 है
माना, p(x) = x4 + 3x3 + 3x2 + x + 1
अब
p(-1) = (-1) +3 (-1) +3(-1) + (-1)+1
= 1+3 (-1)+3 (1) -1+1 = 1-3+3-1+1
= 5-4 = 120 अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार x + 1, x* + 3x + 3x + x + 1 का एक गुणनखंड नहीं है। उत्तर

(iv) x + 1 का शून्यक – 1 है
माना,
p (x) = x3 + x2 – (2 + \(\sqrt{2}\)) x + \(\sqrt{2}\)
अब
p(-1) = (-1)3 – (-1)2 – (2 + \(\sqrt{2}\))(-1) + \(\sqrt{2}\)
= – 1 – 1 + 2 + \(\sqrt{2}\) + \(\sqrt{2}\)
= – 2 + 2 + 2\(\sqrt{2}\)
= 2\(\sqrt{2}\) ≠ 0
अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार x + 1, x3 – x2(2 + \(\sqrt{2}\)) x + \(\sqrt{2}\) का एक गुणनखंड नहीं है। उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 2.
गुणनखंड प्रमेय लागू करके बताइए कि निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक स्थिति में g (r), p (x) का एक गुणनखंड है या नहीं-
(i) p(x) = 2x3 + x2 – 2x – 1, g(x) = x + 1
(ii) p(x) = x3 + 3x2 + 3x + 1, g(x) = x + 2 .
(iii) p(x) = x3 – 4x2 + x + 6, g(x) = x – 3
हल :
(i) x + 1 का शून्यक – 1 है
माना,
p (x) = 2x3 + x2 – 2x – 1
अब
p(-1) = 2(-1)3 + (-1)2 – 2(-1) – 1
= 2(-1) + (1) + 2 – 1
= – 2 + 1 + 2 – 1
अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार g (x), p(x) का एक गुणनखंड है। उत्तर

(ii) x + 2 का शून्यक – 2 है
माना,
P(x) = x3 + 3x2 + 3x + 1
अब
P(-2) = (-2)3 + 3 (-2)2 + 3 (-2) + 1
= (-8) + 3(4) + 3(-2) + 1
= – 8 + 12 – 6 + 1
= 13 – 14 = – 1 ≠ 0
अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार g(x), p(x) का एक गुणनखंड नहीं है। उत्तर

(iii) x – 3 का शून्यक है
माना,
P(x) = x3 – 4x2 + x + 6
अब
p(3) = (3)3 – 4(3)2 + (3) + 6
= 27 – 36 + 3 + 6
= 36 – 36 = 0
अतः गुणनखंड प्रमेय के अनुसार g(x), p(x) का एक गुणनखंड है। उत्तर

प्रश्न 3.
k का मान ज्ञात कीजिए जबकि निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक स्थिति में (x – 1), p(x) का एक गुणनखंड हो
(i) P(x) = x2 + x + k
(ii) p(x) = 2x2 + kx + \(\sqrt{2}\)
(iii) P(x) = kx2 – \(\sqrt{2}\)x + 1
(iv) P(x) = kx2 – 3x + k
हल :
(i) क्योंकि x – 1, p (x) का एक गुणनखंड है
∴ P (1) = 0
⇒ (1)2 + (1)2 + k = 0
या 1 + 1 + k = 0
या 2 + k = 0
या k = – 2 उत्तर

(ii) क्योंकि x – 1, p (x) का एक गुणनखंड है
∴ P(1) = 0
⇒ 2(1)2 + k(1) + \(\sqrt{2}\) = 0
या 2 + k + \(\sqrt{2}\) = 0
या k = -(2 + \(\sqrt{2}\)) उत्तर

(iii) क्योंकि x – 1, p (x) का एक गुणनखंड है
∴ p(1) = 0
⇒ k(1)2 – \(\sqrt{2}\)(1) + 1 = 0
या k – \(\sqrt{2}\) + 1 = 0
या k = \(\sqrt{2}\) – 1 उत्तर

(iv) क्योंकि x – 1, p (x) का एक गुणनखंड है
∴ p(1) = 0
⇒ k (1)2 – 3 (1) + k = 0
या k – 3 + k = 0
या 2k = 3
या k = \(\frac {3}{2}\) उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4

प्रश्न 4.
गुणनखंड ज्ञात कीजिए –
(i) 12x2 – 7x + 1
(ii) 2x2 + 7x + 3
(iii) 6x2 + 5x – 6
(iv) 3x2 – x – 4
हल :
(i) 12x2 – 7x + 1 = 12x2 – 4x – 3x + 1
= 4x (3x – 1) – 1 (3x – 1)
= (3x – 1) (4x – 1) उत्तर

(ii) 2x2 + 7x + 3 = 2x2 + 6x + x + 3
= 2x(x + 3) + 1(x + 3)
= (x + 3) (2x + 1) उत्तर

(iii) 6x2 + 5x – 6 = 6x2 + 9x – 4x – 6
= 3x (2x + 3) – 2(2x +3)
= (2x + 3) (3x – 2) उत्तर

(iv) 3x2 – x – 4 = 3x2 – 4x + 3x – 4
= x (3x – 4) + 1 (3x – 4)
= (3x – 4) (x + 1) उत्तर

प्रश्न 5.
गुणनखंड ज्ञात कीजिए
(i) x3 – 2x2 – x + 2
(ii) x3 – 3x2 – 9x – 5
(iii) x3 + 13x2 + 32x + 20 [2017]
(iv) 2y3 + y2 – 2y – 1
हल :
(i) माना p(x) = x3 – 2x2 – x + 2
यहाँ पर अचर पद 2 है जिसके गुणनखंड ± 1, ± 2 है।
x = 1 रखने पर
p(1) = (1)3 – 2(1)2 – (1) + 2
= 1 – 2 – 1 + 2
= 3 – 3 = 0
अतः x – 1, P(x) का एक गुणनखंड है।
अब
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 - 1
अतः
x3 – 2x2 – x + 2 = (x – 1) (x2 – x – 2)
= (x – 1) (x2 – 2x + x – 2)
= (x – 1) [x(x – 2) + 1 (x – 2)]
= (x – 1) (x – 2) (x + 1) उत्तर

(ii) माना p(x) = x3 – 3x2 – 9x – 5
यहाँ पर अचर पद – 5 है जिसके गुणनखंड ± 1, ± 5 है।
x = 1 रखने पर
P(1) = (1)3 – 3(1)2 – 9(1) – 5
= 1 – 3 – 9 – 5
= 1 – 17 = -16 ≠ 0
x= – 1 रखने पर
p(-1) = (-1)3 – 3(-1))2 – 9(-1) – 5
= – 1 – 3 + 9 – 5
= 9 – 9 = 0
अतः x + 1, p(x) का एक गुणनखंड है।
अब
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 - 2
अतः
x3 – 3x2 – 9x – 5 = (x + 1) (x2 – 4x – 5)
= (x + 1) (x2 – 5x + x – 5)
= (x + 1) [x(x – 5) + 1 (x – 5)]
= (x + 1) (x – 5) (x + 1) उत्तर

(iii) माना p(x) = x3 + 13x2 + 32x + 20
यहाँ पर अचर पद 20 है जिसके गुणनखंड ±1, ±2, ±4, ±5 हैं।
x=1 रखने पर
p(1) = (1)3 + 13(1)2 + 32(1) + 20
= 1 + 13 + 32 + 20
= 66 ≠ 0

x = – 1 रखने पर
P(-1) = (-1)3 + 13(-1)2 + 32 (-1) + 20
= -1 + 13 – 32 + 20
= 33 – 33 = 0
अतः x + 1, p(x) का एक गुणनखंड है।
अब
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 - 3
अतः
x3 + 13x2 + 32x + 20 = (x + 1) (x2 + 12x + 20)
= (x + 1) (x2 + 10x + 2x + 20)
= (x + 1) [x(x + 10) + 2 (x + 10)]
= (x + 1) (x + 10) (x + 2) उत्तर

(iv) माना p(y) = 2y3 + y2 – 2y – 1
यहाँ पर अचर पद – 1 है जिसके गुणनखंड ± 1 हैं।
y = 1 रखने पर
P(1) = 2 (1)3 + (1)2 – 2(1) – 1
= 2 + 1 – 2 – 1
= 3 – 3 = 0
अतः y – 1, p(y) का एक गुणनखंड है।
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 - 4
अतः
2y3 + y2 – 2y – 1 = (y – 1) (2y2 + 3y + 1)
= (y – 1) (2y2 + 2y + y + 1)
= (y – 1) [2y(y + 1) + 1 (y + 1)]
= (y – 1) (y + 1) (2y + 1) उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.4 Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.3

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.3 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Exercise 3.3

प्रश्न 1.
किस चतुर्थांश में या किस अक्ष पर बिंदु (-2, 4), (3, -1), (-1, 0), (1, 2) और (-3, -5) स्थित हैं ? कार्तीय तल पर इनका स्थान निर्धारण करके अपने उत्तर सत्यापित कीजिए।
हल :
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.3 - 1
(i) बिंदु (-2, 4) चतुर्थांश II में है।
(ii) बिंदु (3, -1) चतुर्थाश IV में है।
(iii) बिंदु (-1, 0) ऋण x-अक्ष पर है।
(iv) बिंदु (1, 2) चतुर्थाश I में है।
(v) बिंदु (-3, -5) चतुर्थाश III में है।
दिए गए बिंदु आकृति में निर्धारित कर दिए गए हैं।

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.2

प्रश्न 2.
अक्षों पर दूरी का उपयुक्त एकक लेकर नीचे सारणी में दिए गए बिंदुओं को तल पर आलेखित कीजिए:

x– 2– 1013
y87-1.253– 1

हल :
संलग्न आकृति में बिंदुओं की स्थितियां बिंदुओं (dots) द्वारा दर्शाई गई हैं जोकि, A(-2, 8), B(-1, 7), C(0, – 1.25), D (1, 3) व E (3,-1) हैं।
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.3 - 2

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.3 Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.2

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Exercise 3.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दीजिए:
(i) कार्तीय तल में किसी बिंदु की स्थिति निर्धारित करने वाली क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाओं के क्या नाम हैं?
(ii) इन दो रेखाओं से बने तल के प्रत्येक भाग के नाम बताइए।
(iii) उस बिंदु का नाम बताइए जहां ये दो रेखाएं प्रतिच्छेदित होती हैं। [B.S.E.H, March, 2018]
हल :
(i) कार्तीय तल में किसी बिंदु की स्थिति निर्धारित करने वाली क्षैतिज और ऊध्वाधर रेखाओं के नाम क्रमशः x-अक्ष तथा y-अक्ष होते हैं।
(ii) वैतिज तथा ऊर्ध्वाधर रेखाओं से बने तल के प्रत्येक भाग को चतुर्थांश कहते हैं। जो चार होते हैं।
(iii) x-अक्ष व y-अक्ष रेखाओं के प्रतिच्छेदित बिंदु को मूलबिंदु (0, 0) कहते हैं।

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.2

प्रश्न 2.
आकृति देखकर निम्नलिखित को लिखिए :
(i) B के निर्देशांक
(ii) C के निर्देशांक
(iii) निर्देशांक (- 3, – 5) द्वारा पहचाना गया बिंदु
(iv) निर्देशांक (2, – 4) द्वारा पहचाना गया बिंदु
(v) D का भुज
(vi) बिंदु H की कोटि
(vii) बिंदु L के निर्देशांक
(viii) बिंदु M के निर्देशांक
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.2 - 1
हल :
आकृति अनुसार,
(i) B के निर्देशांक (- 5, 2) हैं।
(ii) C के निर्देशांक (5, – 5) हैं।
(iii) निर्देशांक (- 3, – 5) द्वारा पहचाना गया बिंदु E है।
(iv) निर्देशांक (2, – 4) द्वारा पहचाना गया बिंदु है।
(v) D का भुज = 6
(vi) बिंदु H की कोटि – 3 है।
(vii) बिंदु के निर्देशांक (0, 5) हैं।
(vii) बिंदु M के निर्देशांक (-3 , 0) हैं।

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.2 Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.1

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Exercise 3.1

प्रश्न 1.
एक अन्य व्यक्ति को आप अपने अध्ययन मेज पर रखे टेबल लैंप की स्थिति किस तरह बताएंगे?
हल :
हम लैंप को एक बिंदु तथा मेज को एक समतल मान लेते हैं। अब मेज के कोई भी दो लंब कोर लीजिए। बड़े कोर से लैंप की दूरी माप लीजिए। मान लीजिए यह दूरी 25 सें०मी० है। अब, छोटे कोर से लैंप की दूरी मापिए और मान लीजिए यह दूरी 30 सें०मी० है। जिस क्रम में आपने लैंप रखा है उसके अनुसार उसकी स्थिति को (30, 25) या (25, 30) लिख सकते हैं।
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.1 - 1

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.1

प्रश्न 2.
(सड़क योजना): एक नगर में दो मुख्य सड़कें हैं, जो नगर के केंद्र पर मिलती हैं। ये दो सड़कें उत्तर-दक्षिण की दिशा और पूर्व-पश्चिम की दिशा में हैं। नगर की अन्य सभी सड़कें इन मुख्य सड़कों के समांतर परस्पर 200 मीटर की दूरी पर हैं। प्रत्येक दिशा में लगभग पांच सड़कें हैं। 1 सेंटीमीटर – 200 मीटर का पैमाना लेकर अपनी नोट बुक में नगर का एक मॉडल बनाइए। सड़कों को एकल रेखाओं से निरूपित कीजिए।

आपके मॉडल में एक-दूसरे को काटती हुई अनेक क्रॉस-स्ट्रीट (चौराहे) हो सकती हैं। एक विशेष क्रॉस-स्ट्रीट दो सड़कों से बनी है, जिनमें से एक उत्तर-दक्षिण दिशा में जाती है और दूसरी पूर्व-पश्चिम की दिशा में। प्रत्येक क्रॉस-स्ट्रीट का निर्देशन इस प्रकार किया जाता है। यदि दूसरी सड़क उत्तर-दक्षिण दिशा में जाती है और पांचवीं सड़क पूर्व-पश्चिम दिशा में जाती है और ये एक क्रॉसिंग पर मिलती हैं, तब इसे हम क्रॉस-स्ट्रीट (2, 5) कहेंगे। इसी परंपरा से यह ज्ञात कीजिए कि
(i) कितनी क्रॉस-स्ट्रीटों को (4, 3) माना जा सकता है।
(ii) कितनी क्रॉस-स्ट्रीटों को (3, 4) माना जा सकता है।
हल :
सड़क मार्ग योजना नीचे दी गई आकृति में दिखाई गई है –
HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.1 - 2
दोनों के क्रॉस मार्ग ऊपर की आकृति में चिहनित किए गए हैं। ये अद्वितीयतः प्राप्त किए जाते हैं, क्योंकि दो संदर्भ रेखाओं में हमने स्थान निर्धारण के लिए दोनों का प्रयोग किया है अर्थात केवल एक क्रॉस-स्ट्रीट को (4, 3) तथा एक क्रॉस-स्ट्रीट को (3, 4) माना जा सकता है।

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 3 निर्देशांक ज्यामिति Ex 3.1 Read More »

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

Haryana State Board HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण Important Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
तत्वों का वर्गीकरण किस आधार पर किया गया है?
उत्तर-
तत्वों के गुणों के आधार पर।

प्रश्न 2.
डॉबेराइनर ने तत्वों का वर्गीकरण कब किया था?
उत्तर-
सन् 1817 में।

प्रश्न 3.
डॉबेराइनर के त्रिक की क्या विशेषता है?
उत्तर-
इसकी विशेषता यह है कि त्रिक के मध्य तत्व का परमाणु भार अन्य दो तत्वों के परमाणु भार का लगभग माध्य है।

प्रश्न 4.
अष्टक नियम की परिभाषा क्या है? (RBSE 2016)
उत्तर-
जब तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के आधार पर व्यवस्थित किया जाता है तो प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के गुणों के समान होते हैं।

प्रश्न 5.
न्यूलैंड्स कितने द्रव्यमान तक के तत्वों का वर्गीकरण कर पाया? .
उत्तर-
परमाणु द्रव्यमान 40 तक।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 6.
मेन्डेलीफ का आवर्त नियम लिखिए।
उत्तर-
तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं।

प्रश्न 7.
लघु एवं दीर्घ आवर्त किसे कहते हैं? .
उत्तर-
पहले तीन आवर्तों को तत्वों की संख्या कम होने के कारण लघ आवर्त कहते हैं तथा तत्वों की अधिकता के कारण चौथे से सातवें तक के आवर्तों को दीर्घ आवर्त कहते हैं।

प्रश्न 8.
निष्क्रिय तत्व क्या हैं?
उत्तर-
निष्क्रिय तत्व वे होते हैं जो अन्य तत्वों से संयोजित होने के लिए सक्रिय नहीं होते। ऐसे तत्व के सबसे बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन विद्यमान होते हैं।

प्रश्न 9.
समूहों के गुण लिखिए।
उत्तर-

  • परमाणु का निश्चित संख्या अन्तराल,
  • इलेक्ट्रॉनों की संरचना,
  • संयोजकता,
  • परमाणु भार,
  • धात्वीय प्रकृति,
  • रासायनिक गुण।

प्रश्न 10.
आवर्त सारणी का आधुनिक रूप क्या है?
उत्तर-
बोहर ने ज्ञात तत्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते — क्रम में रखकर एक सारणी बनाई जिसे आवर्त सारणी का दीर्घ रूप या आधुनिक रूप कहते हैं।

प्रश्न 11.
दीर्घ आवर्त सारणी का आधार क्या है?
उत्तर-
परमाणु संख्या और इलेक्ट्रॉन का वितरण।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 12.
निष्क्रिय तत्व आवर्त सारणी के किस समूह में हैं?
उत्तर-
सभी निष्क्रिय तत्व आवर्त सारणी के शून्य समूह में हैं।

प्रश्न 13.
दीर्घ आवर्त सारणी में क्या दोष हैं?
उत्तर-
इसमें हाइड्रोजन की स्थिति निश्चित नहीं है तथा यह परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों का वितरण नियमित नहीं दिखाती।

प्रश्न 14.
परमाणु का आकार कम कब होता है?
उत्तर-
जब नाभिक में बढ़ा धन आवेश इलेक्ट्रॉनों को नाभिक की ओर आकृष्ट करता है तब परमाणु के आकार में कमी आती है।

प्रश्न 15.
वैद्युत ऋणात्मकता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर-
किसी परमाणु के द्वारा इलेक्ट्रॉन को आकर्षित करने की प्रवृत्ति उसकी वैद्युत ऋणात्मकता कहलाती है।

प्रश्न 16.
Ei, Be, B, Na को बढ़ती आयनन ऊर्जा के क्रम में व्यवस्थित करें।
उत्तर-
Na <Li<B

प्रश्न 17.
(i) समस्थानिक किसे कहते हैं?
(ii) आधुनिक आवर्त नियम लिखिए।
(iii) दो उत्कृष्ट गैसों के नाम लिखिए। (RBSE 2017)
उत्तर-
(i) वो तत्व जिनमें प्रोटॉन की संख्या समान परन्तु न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, समस्थानिक कहलाते हैं।
(ii) तत्वों के गुणधर्म उनकी परमाणु संख्या का आवर्त फलन होते हैं।
(iii) आर्गन व क्रिप्टॉन।

प्रश्न 18.
Lit, Nat, K+ में किसकी आयनिक त्रिज्या सबसे कम है?.
उत्तर-
Lit.

प्रश्न 19.
वैद्युत ऋणात्मकता किस अवस्था में सारणी में घटती है?
उत्तर-
समूह में ऊपर से नीचे जाने पर।

प्रश्न 20.
आयनन ऊर्जा से क्या तात्पर्य है?
उत्तर-
किसी तत्व के उदासीन गैसीय परमाणु की तटस्थ अवस्था से उसकी बाह्यतम कक्षा से इलेक्ट्रॉन अलग करने के लिए आवश्यक ऊर्जा को उस तत्व की आयनन ऊर्जा कहते हैं।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 21.
आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्त एवं समूहों की संख्या लिखिए। [राज. 2015]
उत्तर-
आवर्त – सात ।
समूह – अठारह

प्रश्न 22.
मेन्ड्रेलीफ की आवर्त सारणी में समूहों तथा आवतों की संख्या लिखिए।
उत्तर-
मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में नौ समूह तथा सात आवर्त हैं।

प्रश्न 23.
उन तत्वों को बताइए जिनकी खोज मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी बनने के बाद हुई।
उत्तर-
स्कैण्डियम (Sc), गैलियम (Ga) तथा जर्मेनियम (Ge) आदि ऐसे उदाहरण हैं जिन्हें आवर्त सारणी बनने के बाद खोजा गया था।

प्रश्न 24.
उपधातु.क्या होती है?
उत्तर-
वे तत्व जो धातुओं तथा अधातुओं दोनों के अभिलाक्षणिक गुण प्रदर्शित करते हैं, उपधातु कहलाते हैं।

प्रश्न 25.
किसी आवर्त में बाईं से दाईं ओर चलने पर परमाणु आकार किस प्रकार बदलता है?
उत्तर-
किसी आवर्त में बाईं ओर से दाईं ओर चलने पर परमाणु आकार घटता जाता है परन्तु आवर्त के अन्तिम तत्व का परमाणु आकार अपने से पहले तत्व से अधिक होता है।

प्रश्न 26.
शून्य समूह के तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर-
उक्ता हीलियम (He), नीऑन (Ne), आर्गन (Ar), क्रिप्टॉन (Kr), जीनॉन (Xe), रेडॉन (Rn)।

प्रश्न 27.
न्यूलैंड्स अष्टक नियम के क्या दोष थे?
उत्तर-
यह नियम केवल Ca जिसका परमाणु द्रव्यमान 40 है तक ही सीमित रहा। इसके बाद के भारी तत्व इस नियम से वर्गीकृत नहीं किये जा सके।

प्रश्न 28.
किसी आवर्त और समूह में तत्वों के धात्विक गुण किस प्रकार बदलते हैं?
उत्तर-
आवर्त में बाएं से दाएँ जाने पर धात्विक गुण घटता है तथा वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक गुण बढ़ता है।

प्रश्न 29.
किसी समूह में सबसे नीचे पाये जाने वाले तत्व में कौन-सा गुण अधिक होता है?
उतर-
धात्विकता का गुण।

प्रश्न 30.
संशोधित आवर्त सारणी में किन-किन आवों में उपसमूह नहीं हैं?
उतर-
तेर संशोधित आवर्त सारणी के प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सप्तम आवर्तों में उपसमूह नहीं होते हैं।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 31.
निम्नलिखित के नाम बताइए-
(i) आवर्त सारणी के तीसरे वर्ग में स्थित कोई धातु,
(ii) हैलोजेन परिवार में स्थित कोई दो अधातु,
(ii) सर्वाधिक सक्रिय हैलोजेन।
उत्तर-
(i) ऐलुमिनियम,
(ii) क्लोरीन तथा ब्रोमीन,
(iii) फ्लु ओरीन।

प्रश्न 32.
आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बायें से दायें जाने पर निम्नलिखित में क्या परिवर्तन होता है?
(1) परमाणु आकार,
(ii) धात्विक गुण,
(iii) संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या। [राज. 2015]
उत्तर-
(i) परमाणु आकार – घटता है।
(ii) धात्विक गुण – घटता है।
(iii) संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या – बढ़ती है।

प्रश्न 33.
आवर्त सारणी के दीर्घ रूप में कौन-कौन से तत्वों को रखा गया है?
उत्तर-
आवर्त सारणी के तल में परमाणु संख्या 58 से 71 तक लैन्थेनॉइड तथा 90 से 103 तक ऐक्टिनॉइड के तत्वों को दो श्रेणियों में रखा गया है।

प्रश्न 34.
तीन तत्वों A,B,C में से A और C के परमाणु भार 35.5 तथा 127 हैं। डॉबेराइनर के त्रिक के आधार पर B का परमाणु भार ज्ञात करो।
उत्तर-
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 1

प्रश्न 35.
निम्नलिखित को बढ़ती आयमिक त्रिज्या के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-. ..’,
Al3+,Mg2+,Na+,O2-,F
उत्तर-
Al3+ < Mg2+<Na+,F <O2-

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
तत्वों के आवर्त वर्गीकरण के लिए परमाणु द्रव्यमान संख्या की अपेक्षा परमाणु सँख्यो को अच्छा आधार क्यों माना गया है?
उत्तर-
किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान नाभिक के कारण है। नाभिक तत्व के केन्द्र में स्थित है तथा इसमें प्रोटॉन व न्यूट्रॉन स्थित होते हैं। वास्तव में तत्वों के गुण इलेक्ट्रॉनिक वितरण से सम्बन्धित हैं, जैसे-जैसे परमाणु संख्या बदलती है वैसे-वैसे इलेक्ट्रॉनिक वितरण भी परिवर्तित होता जाता है। इस कारण से परमाणु संख्या तत्वों के वर्गीकरण का अच्छा आधार है।

प्रश्न 2.
आवर्तिता से क्या तात्पर्य है? क्या किसी एक समूह के तत्वों के गुणधर्म समान होते हैं? इस कथन की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
आवर्तिता -किसी निश्चित समय के बाद तत्वों के गुणों की पुनरावृत्ति, आवर्तिता कहलाती है। आवर्त सारणी में तत्वों के गुणों में प्रदर्शित समता-विषमता का अध्ययनं करना आवर्ती गुण के नाम से जाना जाता है। गुण इलेक्ट्रॉन पर निर्भर करते हैं जो नाभिक के चारों ओर लगातार गति करते हैं। बाह्यतम कक्ष में समान इलेक्ट्रॉन संख्या वाले तत्व समान गुण प्रकट करते हैं। किसी भी वर्ग के सभी तत्वों के गुण समान होते हैं, जैसे-लीथियम और सोडियम के सबसे बाहरी कक्ष में एक-एक इलेक्ट्रॉन है, इसलिए इनके गुण समान हैं।

प्रश्न 3.
संक्रमण तत्व किन्हें कहते हैं? इनकी विभिन्न. श्रेणियाँ बताइए।
उत्तर-
आधुनिक आवर्त सारणी के s ब्लॉक तथा p-ब्लॉक के मध्य के तत्वों को संक्रमण तत्व कहते हैं। इन तत्वों में परमाणु क्रमांक वृद्धि के साथ-साथ इलेक्ट्रॉन भरे जाने का क्रम, बाह्यतम कक्ष से पहली कक्ष के d-उपक्ष से सम्बन्धित होता है। इसलिए इन्हें d- ब्लॉक तत्व कहते हैं। इसमें III-B, IV-B (4), V-B (5),VI-B (6), VII-B (7), VIII (8, 9, 10) तथा II-B आदि दस ऊर्ध्वाधर श्रेणियाँ हैं।

प्रश्न 4.
मेन्डेलीफका आवर्त नियम क्या है? मेन्डेलीफ आवर्त सारणी की दो विशेषताएँ लिखिए। .
उत्तर-
मेन्डेलीफ का आवर्त नियम-इस नियम के अनुसार, “तत्वों के भौतिक तथा रासायनिक गुण उनके परमाणु भारों के आवर्ती फलन होते हैं।”
मेन्डेलीफ आवर्त सारणी की दो विशेषताएँ-

  • प्रत्येक आवर्त में तत्व अपने बढ़ते परमाणु भारों के क्रम में व्यवस्थित हैं।
  • एक ही समूह के सभी तत्वों के गुणधर्म समान होते हैं।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 5.
निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए
(i) लैन्थेनॉइड्स
(ii) ऐक्टिनॉइड्स।
उत्तर-
(i) लैन्थेनॉइड्स-परमाणु क्रमांक 58 से 71 वाले तत्वों (Ce से Lu) के गुण समान होते हैं। परमाणु क्रमांक 57 वाले तत्व लैन्थेनम (La) के बाद आते हैं, अतः इन्हें लैन्थेनॉइड्स कहा जाता है।
(ii) ऐक्टिनॉइड्स-परमाणु क्रमांक 90 से 103 वाले तत्वों (Th से Lr) के गुण समान होते हैं। ये परमाणु क्रमांक 89 वाले तत्व ऐक्टिनियम (Ac) के बाद आते हैं, अतः इन्हें ऐक्टिनॉइड्स कहा जाता है।

प्रश्न 6.
नये तत्वों की खोज में मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की क्या उपयोगिता है?
उत्तर-
मेन्डेलीफ ने अपनी मूल आवर्त सारणी में नये तत्वों के लिये कई खाली स्थान छोड़ दिये थे तथा इन तत्वों के गुणों के बारे में जानकारी भी दी थी। इस सारणी के ज्ञान से ही नये तत्वों को खोजने में काफी सहायता मिली। इन तत्वों की खोज के बाद पाये गये इन तत्वों के गुण मेन्डेलीफ के द्वारा बताये गये गुणों के समान ही थे। उदाहरण- स्कैण्डियम (Sc), गैलियम (Ga), जर्मेनियम (Ge), आदि की खोज काफी समय बाद हुई थी।

प्रश्न 7.
मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी के सामान्य लक्षण लिखिए।
उत्तर-
मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी के सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

  1. प्रत्येक आवर्त में तत्व अपने परमाणु भारों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित हैं।
  2. एक ही समूह के सभी तत्वों के गुणधर्म समान होते
  3. प्रत्येक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्वों की ऋण विद्युत संयोजकता कम होती है जबकि धन विद्युत संयोजकता बढ़ती जाती है।
  4. तत्वों का परमाणु भार उसका मौलिक गुण होता है।
  5. आवर्त सारणी में रिक्त स्थानों के तत्वों के गुणधर्मों को पहले ही बताया जा सकता है।

प्रश्न 8.
आवर्त सारणी के चतुर्थ समूह में आयनिक त्रिज्या का क्रम स्पष्ट कीजिए तथा आयनन विभव पर इसके प्रभाव का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर-
आवर्त सारणी के चतुर्थ समूह में परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ समान आवेश धनायनों की आयनिक त्रिज्याओं में वृद्धि होती हैं क्योंकि तत्वों के बाह्य कोश की मुख्य क्वाण्टम संख्या में वृद्धि होती है, जैसे –

आयनC4+Si4+Sn4+
आयनिक त्रिज्या (Å में)0.160.400.69

आयनन विभव का मान जितना कम होता हैं परमाणु त्रिज्या उतनी ही बड़ी होती है अर्थात् आयनन विभव के घटने पर आयनिक त्रिज्या बढ़ती है।

प्रश्न 9.
आवर्त सारणी के एक ही आवर्त में परमाणु आकार किस प्रकार परिवर्तित होता है?
उत्तर-
आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाईं ओर से दाईं ओर चलने पर तत्वों के परमाणु क्रमांक में वृद्धि के साथ-साथ तत्वों के परमाणुओं के आकार घटते हैं।

LiBeBCNOF
1.230.890.800.770.750.730.72 (Å में)

प्रश्न 10.
लघु आवर्त तथा दीर्घ आवर्त से क्या तात्पर्य है? आवर्त सारणी में कितने लघु आवर्त तथा कितने दीर्घ आवर्त होते हैं।
उत्तर-
लघ आवर्त जिन आवों में तत्वों की संख्या 8 होती है। उन्हें लघु आवर्त कहते हैं। दीर्घ आवर्त जिन आवर्तों में तत्वों की संख्या 8 से अधिक होती है, उन्हें दीर्घ आवर्त कहते हैं। आवर्त सारणी में प्रथम तीन आवर्त (प्रथम, द्वितीय व तृतीय) लघु आवर्त कहलाते हैं। इनमें प्रथम आवर्त में दो तत्व हैं, जबकि द्वितीय व तृतीय आवर्त में आठ-आठ तत्व हैं। आवर्त सारणी में बाद के चार आवर्त (चतुर्थ, पंचम, षष्ठम तथा सप्तम) दीर्घ आवर्त कहलाते हैं। इनमें चतुर्थ व पंचम आवों में 18-18 तत्व हैं, जबकि षष्ठम आवर्त में 32 तत्व हैं और सप्तम आवर्त अपूर्ण है।

प्रश्न 11.
बेरियम (परमाणु क्रमांक 56) की आवर्त सारणी में स्थिति की विवेचना कीजिए तथा निम्नलिखित के उत्तर दीजिए
(i) यह धातु है या अधातु।
(ii) यह सीजियम से बड़ा है या छोटा।
(iii) इसकी संयोजकता क्या है?
(iv) बेरियम क्लोराइड का सूत्र लिखिए।
उत्तर-
Ba (परमाणु क्रमांक 56)= 2, 8, 18, 18, 8, 2। यह छठे आवर्त तथा II A समूह में स्थित है। (∵ कोशों की – संख्या 6 है तथा संयोजी इलेक्ट्रॉन की संख्या 2 है।)

  • यह धातु है क्योंकि यह आवर्त सारणी में बाईं ओर – तथा समूह में नीचे की ओर स्थित है।
  • यह सीजियम (Cs) से छोटा होता है क्योंकि आवर्त में बाईं से दाईं ओर चलने पर परमाणु आकार घटता है। Ba तथा Cs एक ही आवर्त में स्थित हैं तथा Ba, Cs के दाईं ओर स्थित है।
  • इसमें 2 संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। यह दो इलेक्ट्रॉनों को त्यागकर द्विसंयोजक धनायन बना सकता है।
  • बेरियम क्लोराइड का सूत्र BaCl2 है।

प्रश्न 12.
आवर्त सारणी के द्वितीय आवर्त में निम्नलिखित गुणों में किस प्रकार परिवर्तन होता है? समझाइए-(i) धात्विक गुण, (ii) हाइड्रोजन से सम्बन्धित संयोजकता।
उत्तर-
(i) धात्विक गुण-एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु का आकार कम होता है जबकि आयनन विभव में वृद्धि होती है अतः धनविद्युती गुण या धात्विक गुणों में कमी आती है, जैसे-द्वितीय आवर्त में Li एवं Be कार्बन से अधिक धनविद्युती हैं तथा कार्बन फ्लुओरीन की तुलना में अधिक धनविद्युती है। सामान्यतः आवर्त सारणी के निचले भाग के तत्व अधिक धात्विक तथा ऊपरी दाएँ भाग के तत्व अधिक अधात्विक होते हैं।

(ii) हाइड्रोजन से सम्बन्धित संयोजकता-हाइड्रोजन के अनुसार संयोजकता प्रथम वर्ग 1 से 4 तक बढ़ती है तथा उसके उपरान्त 4 से 1 तक घटती है।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 2

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 13.
निम्नलिखित गुण एक आवर्त तथा वर्ग में किस प्रकार परिवर्तित होते हैं
(i) धात्वीयता,
(ii) परमाणु आकार या परमाणु त्रिज्या,
(iii) विद्युत ऋणात्मकता,
(iv) इलेक्ट्रॉन बन्धुता।
उत्तर-
(i) धात्वीयता-किसी आवर्त में आगे की ओर जाने पर धात्विक लक्षण क्रमशः घटता जाता है और अधात्विक लक्षण क्रमशः बढ़ता है। किसी वर्ग में नीचे की ओर जाने पर धात्विक गुण बढ़ता है तथा अधात्विक गुण घटता है।
(ii) परमाणु आकार-आवर्त में आगे की ओर जाने से परमाणु आकार (परमाणु त्रिज्या) घटता है (शून्य वर्ग को छोड़कर) तथा वर्ग में नीचे की ओर जाने से परमाणु आकार बढ़ता है।
(iii) विद्युत ऋणात्मकता-आवर्त में बाईं से दाईं ओर जाने पर विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है। शून्य वर्ग को छोड़कर तथा वर्ग में नीचे की ओर जाने पर इसका मान घटता है।
(iv) इलेक्ट्रॉन बन्धुता-आवर्त में आगे की ओर जाने से इलेक्ट्रॉन बन्धुता बढ़ती है तथा वर्ग में नीचे की ओर जाने पर यह घटती है।

प्रश्न 14.
किसी आवर्त के तत्वों की ऋणविद्युती प्रकृति तथा हाइड्रोजन के प्रति संयोजकता में किस प्रकार परिवर्तन होता है?
उत्तर-
ऋणविद्युती प्रकृति में परिवर्तन-किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ चलने पर तत्वों की ऋणविद्युती प्रकृति या विद्युत-ऋणात्मकता परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ-साथ क्रमशः बढ़ती है।

तत्वLiBeBCNOF
विद्युत् ऋणात्मकता1.01.52.02.53.03.54.0

संयोजकता में परिवर्तन-किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ चलने पर हाइड्रोजन के सापेक्ष तत्वों की संयोजकताएँ क्रमशः 1 से 4 तक बढ़ती हैं। पुनः 4 से 1 तक क्रमशः घटती हैं।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 3

प्रश्न 15.
निम्नलिखित गुण एक आवर्त तथा वर्ग में किस प्रकार परिवर्तित होते हैं
(a) परमाणु आकार
(b) विद्युत ऋणात्मकता।
उत्तर-
(a) परमाणु आकार-आवर्त में आगे की ओर जाने से परमाणु आकार (परमाणु त्रिज्या) घटता है (शून्य वर्ग को छोड़कर) तथा वर्ग में नीचे की ओर जाने से परमाणु आकार बढ़ता है।
(b) विद्युत ऋणात्मकता-आवर्त में बाईं से दाईं ओर जाने पर विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है।(शून्य वर्ग को छोड़कर) तथा वर्ग में नीचे की ओर जाने पर इसका मान घटता है।

प्रश्न 16.
यह कैसे सत्यापित किया जा सकता है कि आधुनिक आवर्त सारणी विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पर आधारित है?
अथवा
किसी तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8,4 है :
(a) आधुनिक आवर्त सारणी में इस तत्व की समूह संख्या और आवर्त संख्या लिखिए।
(b) इस तत्व का नाम और इसका एक भौतिक गुणधर्म लिखिए। (CBSE 2019)
उत्तर-
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के आधार पर रखा है जिसमें विभिन्न तत्वों के परमाणु जिनके बाहरी कोष की संख्या समान है, उन्हें एक ही आवर्त में रखा गया है तथा जिनके अंतिम कोष में इलेक्ट्रॉन संख्या समान है, उन्हें एक ही समूह में रखा गया हैं अतः आधुनिक आवर्त सारणी विभिन्न तत्वों के परमाणु के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पर आधारित है।
अथवा
(a) आधुनिक आवर्त सारणी में इस तत्व को समूह (ग्रुप) 14 तथा 3 आवर्त में रखा गया है।
(b) यह तत्व सिलिकॉन है। यह एक उपधातु है।

प्रश्न 17.
तत्वों के समूह की संयोजकता के आधार पर, प्रत्येक के लिए कारण सहित पुष्टि करते हुए, नीचे दिए गए यौगिकों के आण्विक-सूत्र लिखिए।
(i) समूह (ग्रुप) 1 के तत्वों का ऑक्साइड
(ii) समूह 13 के तत्वों का हैलाइड
(iii) समूह 2 के तत्व A और समूह 17 के तत्व B के संयोजन से बने यौगिक।
उत्तर-
(i) समूह 1 के तत्वों के अंतिम कोष में एक इलेक्ट्रॉन है। अत: इनकी संयोजकता एक है। इसलिए M2O ऑक्साइड बनायेंगे।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 4
(ii) समूह 13 के तत्वों की संयोजकता 3 है क्योंकि अंतिम कोष में 3 इलेक्ट्रॉन है। अतः ये M2O3, प्रकार के हैलाइड बनायेंगे।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 5

(iii) समूह 2 के तत्व A की संयोजकता 2 है तथा समूह 17 के तत्व B की संयोजकता 1 है। अतः इनके संयोग से बना तत्व AB2, होगा।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 6

प्रश्न 18.
उस तत्व X का नाम, प्रतीक और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए जिसकी परमाणु संख्या 11 है।
अथवा
क्या नीचे दिए गए तत्वों के समूह डॉबेराइनर के प्रिक के रूप में वर्गीकृत किए जा सकते हैं?
(a) Na, Si, CI
(b) Be, Mg, Ca : इन तत्वों के परमाणु द्रव्यमान इस प्रकार हैं –
Be-9,Na-23, Mg-24, Si-28, CI-35, Ca-40 प्रत्येक प्रकरण में अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। (CBSE 2019)
उत्तर-
यह सोडियम तत्व है जिसका प्रतीक Na है तथा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 है।।
अथवा
(a) नहीं, क्योंकि इन तत्वों के गुण अलग-अलग हैं। हालांकि S1, का परमाणु द्रव्यमान Be और Ca के औसत द्रव्यमान के बराबर है।
(b) हाँ, क्योंकि इनके गुण समान है तथा Mg (मैग्नीशियम) का द्रव्यमान Be तथा Ca का औसत द्रव्यमान है।

प्रश्न 19.
आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्तों और समूहों की संख्या लिखिए।
(i) किसी आवर्त में बायीं ओर से दायीं ओर जाने पर, तथा
(ii) किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों के धात्विक अभिलक्षणों में किस प्रकार परिवर्तन होता है? अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए। (CBSE 2017)
उत्तर-
आधुनिक आवर्त सारणी में 7 आवर्त और 18 समूह होते हैं।
(i) आवर्त में बाईं से दाईं ओर जाने पर संयोजकता कोश के इलेक्ट्रॉनों पर कार्य करने वाला प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता जाता है जिससे तत्वों की इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति घटती जाती है।

MgAlSiPSCl
2,8,22,8,32,8,42,8,52, 8,62,8,7

(ii) समूह में ऊपर से नीचे की ओर जाने पर संयोजी इलेक्ट्रॉनों पर कार्य करने वाला प्रभावी नाभिकीय आवेश घटता जाता है, क्योंकि सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होते हैं। इसलिए यह इलेक्ट्रॉन सुगमतापूर्वक निकल जाते हैं। अतः धात्विक अभिलक्षण आवर्त में बायीं से दायीं ओर घटता जाता है और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ता जाता है।
Li(2,1)
Na (2,8, 1)

प्रश्न 20.
Na, Mg और AI आधुनिक आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त के तत्व हैं जिनकी समूह संख्या क्रमशः 1, 2 और 13 है। इनमें से किस तत्व की
(a) संयोजकता अधिकतम,
(b) परमाणु त्रिज्या अधिकतम, तथा
(c) रासायनिक अभिक्रियाशीलता अधिकतम है? प्रत्येक के लिए अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए। (CBSE 2017)
उत्तर-
Na-2,8,1
Mg – 2, 8,2
Al-2, 8,3
(a) अधिकतम संयोजकता Al की होगी, क्योंकि इसके बाहरी कोश में 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अत: यह तीन इलेक्ट्रॉन त्याग सकता है।
(b) Na की परमाणु त्रिज्या अधिकतम होगी, क्योंकि आवर्त में बायीं से दायीं ओर जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती हैं क्योंकि संयोजी इलेक्ट्रॉनों का नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है, जिससे तत्वों का आकार घटता जाता है।
(c) रासायनिक अभिक्रियाशीलता Na की अधिकतम होती है, क्योंकि इसके बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन होता है
और वह इसका आसानी से त्याग कर सकता है। आवर्त में बायें से दाईं ओर जाने पर तत्वों की क्रियाशीलता में वृद्धि होती है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 21.
दीर्घाकार आवर्त सारणी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर-
दीर्घाकार आवर्त सारणी की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  • इस आवर्त सारणी में 7 आवर्त तथा 18 वर्ग हैं।
  • इसमें धातु तथा अधातु तत्वों को अलग-अलग स्थान पर रखा गया है।
  • अक्रिय गैस तत्वों को आंवर्त सारणी के दाईं ओर शून्य वर्ग में रखा गया है।
  • A तथा B उपवर्गों को अलग-अलग कर दिया गया है।
  • लैन्थेनॉइड तथा ऐक्टिनॉइड तत्वों को आवर्त सारणी के बाहर स्थान दिया गया है।

प्रश्न 22.
आवर्त सारणी के द्वितीय आवर्त में तत्वों के निम्नलिखित गुणों में किस प्रकार परिवर्तन होता है
(i) धात्विक गुण
(ii) आयनन विभव।
उत्तर-
(i) धात्विक गुण-एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु का आकार कम होता है जबकि आयनन विभव में वृद्धि होती है। अतः धनविद्युती या धात्विक गुणों में कमी आती है, जैसे-द्वितीय आवर्त में Li तथा Be कार्बन से अधिक धनविद्युती हैं तथा कार्बन फ्लुओरीन की तुलना में अधिक धनविद्युती है।
(ii) आयनन विभव-द्वितीय आवर्त के तत्वों का आयनन विभव कम होता है, परन्तु वर्ग IA के तत्वों के आयनन विभव से अधिक होता है। द्वितीय आवर्त में बाएँ से दाएँ चलने पर आयनन विभव बढ़ता जाता है।

प्रश्न 23.
तत्व X का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है-

KLM
286.

(i) आवर्त सारणी में तत्व X की वर्ग संख्या क्या है?
(ii) आवर्त सारणी में तत्व की आवर्त संख्या क्या है?
(iii) X के परमाणु में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है?
(iv) X की संयोजकता क्या है?
(v) क्या यह धातु है या अधातु?
उत्तर-
(i) तत्व X में 6 संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं इसलिए आवर्त सारणी में तत्व X की वर्ग संख्या 6 + 10 = 16 है।
(ii) तत्व X में उनके परमाणु में 3 इलेक्ट्रॉन कोश (K, L और M) हैं। इसलिए तत्व X की आवर्त संख्या 3 है अर्थात् यह आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त का तत्व है।
(iii) तत्व X में 6 संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं।
(iv) तत्व X में 6 संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं इसलिए इसे अपना अष्टक पूरा करने तथा स्थायी होने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता है। अतः तत्व की संयोजकता 2 हैं।
(v) वर्ग 16 के तत्व अधातु हैं इसलिए X अधातु है।

प्रश्न 24.
दो तत्व A तथा B आधुनिक आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त में क्रमशः समूह 2 और 13 में स्थित है। तालिका के रूप में, इन दोनों तत्वों की नीचे दी गई विशेषताओं की तुलना कीजिए। (CBSE 2016)
(a) इनके परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
(b) इनके परमाणुओं के आकार
(c) इलेक्ट्रॉनों को त्यागने की प्रवृत्ति
(d) इनके ऑक्साइडों के सूत्र
(e) इनके धात्विक लक्षण
(f) इनके क्लोराइडों के सूत्र
उत्तर-
(a) इनमें से A है Mg B = AI इलेक्ट्रॉनों की व्या A में 12 है। इलेक्ट्रॉनों की या B में 13 है।
(b) Mg के परमाणु का आकार AI के परमाणु से बड़ा होगा।
(c) Mg= 2, 8,2 यह दो इलेक्ट्रॉनों का त्याग करेगा।
(d) Al= 2, 8,3 यह 3 इलेक्ट्रॉनों का त्याग करता है।
Mg की इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति अधिक होती है। इनके ऑक्साइड सूत्र हैं –
Mgo – मैग्नीशियम ऑक्साइड
Al2O3 – ऐल्युमीनियम ऑक्साइड
(e) Mg का धात्विक लक्षण AI से ज्यादा होता है, क्योंकि यह 2 इलेक्ट्रॉनों का त्याग आसानी से करता है। .
(f) इनके क्लोराइडों के सूत्र MgCl2, AlCl2.

प्रश्न 25.
दो तत्त्व ‘P’ और ‘Q’ आधुनिक आवर्त सारणी के एक ही आवर्त के क्रमश: समूह-1 और समूह-2 के सदस्य हैं। इनके निम्नलिखित लक्षणों/गुणधर्मों की तालिका के रूप में तुलना कीजिए : [CBSE.2015]
(a) इनके परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की संख्या
(b) इनके परमाणुओं का साइज़
(c) इनकी धात्विक प्रवृत्ति
(d) इनकी इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति
(e) इनके ऑक्साइडों के सूत्र ए
(f) इनके क्लोराइडों के सूत्र।
उत्तर-
(a)

समूह-1समूह-2
समूह-1 के तत्वों में सह संयोजी कोश में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित होता है।समूह – 2 के तत्वों के सह संयोजी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होता है।

(b) परमाणु का साइज-समूह एक के तत्वों के परमाणु गों का आकार समूह दो के तत्वों की तुलना में बड़ा होता है।
(c) धात्विक प्रकृति-दोनों समूह के तत्व धातु होते हैं। समूह एक के तत्वों का धात्विक गुण समूह 2 के तत्वों की तुलना में अधिक होता है। ..
(d) इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रकृति-समूह एक के तत्वों की इलैक्ट्रॉन त्यागने की प्रकृति समूह दो की तुलना में अधिक होती है।

(e) ऑक्साइडों के सूत्र-समूह-1- P2O
समूह-2-QO
(f) समूह-1 -PCl
समूह-2-QCl

प्रश्न 26.
मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी का सिद्धान्त लिखिए। इसकी एक उपलब्धि व दो कमियाँ लिखें।
उत्तर-
मेन्डेलीफ़ की आवर्त सारणी का सिद्धान्ततत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन होते हैं। उपलब्धि-मेन्डेलीफ के आवर्त नियम में उस समय तक न खोजे गये तत्वों, जैसे-गैलियम (Ga), स्कैण्डियम (Sc), और जर्मेनियम (Ge), के लिये आवर्त सारणी में रिक्त स्थान छोड़ दिये व उनके गुणों के बारे में भी बताया था, जो बाद में सही सिद्ध हुये।

कमियाँ-

  1. मेन्डेलीफ ने हाइड्रोजन की सही स्थिति के बारे में नहीं बताया।
  2. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में अक्रिय गैसों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 27.
आवर्त सारणी के द्वितीय आवर्त में निम्नलिखित गुणों में क्या परिवर्तन होता है.
(i) धनविद्युती गुण
(ii) ऑक्साइडों की प्रकृति।
उत्तर-
(i) धनविद्युती गुण-द्वितीय आवर्त में बाएँ से दाएँ चलने पर क्षार धातु (Li) से हैलोजेन फ्लु ओरीन (F) तक तत्वों का धनविद्युती लक्षण या विद्युत्-धनात्मक गुण क्रमशः घटता है। .
(ii) ऑक्साइडों की प्रकृति-द्वितीय आवर्त में बाएँ से दाएँ चलने पर तत्वों के ऑक्साइडों का क्षारीय गुण क्रमशः घटता है।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 7

प्रश्न 28.
पहले समूह के किन्हीं दो तत्वों के नाम और उनके इलेक्ट्रॉन-विन्यास लिखिए। इन इलेक्ट्रॉन-विन्यासों में आपको क्या समानता दिखाई देती है? इन तत्वों में से किसी एक तत्व के ऑक्साइड का सूत्र लिखिए। (CBSE 2016)
उत्तर-
वह दो तत्व जो पहले समूह में आते हैं, वह हैं, Li और Na
Li लीथियम 2,1 Na
सोडियम 2,8,1
इन दोनों के संयोजी कोश में सिर्फ एक ही इलेक्ट्रॉन है। सोडियम के ऑक्साइड का सूत्र है
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 8

प्रश्न 29.
आधुनिक आवर्त सारणी में आठ तत्वों की स्थितियाँ नीचे दिए अनुसार हैं। यहाँ तत्वों की परमाणु संख्या कोष्ठक में दर्शायी गयी है। (CBSE 2016)
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 9
(i) Ca का इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखें।
(ii) Rb में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या का अनुमान लगाइए।
(iii) Sr में कोशों की संख्या क्या है?
(iv) अनुमान लगाइए कि K धातु है अथवा अधातु।
(v) इन तत्वों में किसका आकार सबसे बड़ा है?
(vi) Be,Ca,Mg और Rb को इनके परमाणु के साइज के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर-
(i) Ca का इलेक्ट्रॉन विन्यास है. K L M N 28.8 2
(ii) Rb में संयोजी इलेक्ट्रॉन की संख्या = 1
(iii) Sr में कोशों की संख्या = 5
(iv) K धातु है, क्योंकि यह अपने बाहरी कोश में से एक इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है।
(v) इन तत्वों में से Rb का आकार सबसे बड़ा है।
(vi) Be

प्रश्न 30.
कोई तत्व ‘X’ आधुनिक आवर्त सारणी के आवर्त 3 तथा समूह 13 में स्थित है।
(a) ‘X’ में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा इसकी संयोजकता निर्धारित कीजिए।
(b) ‘x’ की तत्व ‘Y’ (परमाणु संख्या = 8) से अभिक्रिया द्वारा बने यौगिक का अणुसूत्र लिखिए।
(c) ‘X’ की क्लोरीन (CI) से अभिक्रिया द्वारा बने यौगिक का नाम और सूत्र लिखिए। (Cbse 2016)
उत्तर-
(a) X= 13, 2, 8,3
संयोजकता इलेक्ट्रॉन तथा संयोजकता = 3
(b)Y=8, 2, 6 संयोजकता = 2.
X2Y3
(c) XCl3

प्रश्न 31.
कोई तत्व P (परमाणु संख्या 20) किसी अन्य तत्व Q (परमाणु संख्या 17) से अभिक्रिया करके कोई यौगिक बनाता है। नीचे दिए गए प्रश्नों का कारण सहित उत्तर दीजिए : आधुनिक आवर्त सारणी में P और की स्थितियाँ, तथा P और Q की अभिक्रिया द्वारा बने यौगिक का अणु सूत्र लिखिए। (Cbse 2017)
उत्तर-
P परमाणु संख्या 20
P=2,8,8,2
P की स्थिति : समूह ऊर्ध्व स्तंभ-2
क्षैतिज पंक्ति -4
Q की स्थिति-परमाणु संख्या 17
Q=2,8,7
ऊर्ध्व स्तंभ-7
क्षैतिज पंक्ति-3
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 10

प्रश्न 32.
आधुनिक आवर्त सारणी के ऊर्ध्व स्तम्भों और क्षैतिज पंक्तियों के नाम लिखिए। किसी ऊर्ध्व स्तम्भ में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों के धात्विक अभिलक्षण में क्या परिवर्तन होता है? किसी क्षैतिज पंक्ति में बायीं ओर से दायीं ओर जाने पर परमाणु त्रिज्या के साइज में क्या परिवर्तन होता है? उपर्युक्त दोनों प्रकरणों के उत्तरों के पक्ष में कारण दीजिए। (Cbse 2017)
उत्तर-
आधुनिक आवर्त सारणी में 18 ऊर्ध्व स्तंभ हैं, जिन्हें समूह कहा जाता है तथा 7 क्षैतिज पंक्तियाँ हैं, जिन्हें आवर्त कहते हैं। किसी ऊर्ध्व स्तम्भ में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक अभिलक्षण में वृद्धि होती हैं क्योंकि तत्वों में कोशों की सख्या बढ़ती है जिससे नाभिक और संयोजी इलेक्ट्रॉन के बीच आकर्षण कम हो जाता है जिससे तत्व आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग कर देते हैं।

आवर्त में बायीं से दायीं ओर जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है क्योंकि आवर्त में बायीं ओर से दायीं ओर जाने पर कोशों की संख्या समान रहती है। जिससे प्रभावी नाभिकीय आवेश का मान बढ़ता जाता है। नाभिकीय आवेश बढ़ने से तत्व का नाभिक इलेक्ट्रॉन को अपनी ओर अधिक आकर्षण बल से खींचता है। अतः तत्वों का आकार घटता जाता है।

प्रश्न 33.
आधुनिक आवर्त सारणी के संदर्भ में तत्वों के गुणधर्म में आवर्तिता क्या है? समान समूह के सभी तत्वों के गुणधर्म समान क्यों होते हैं? किसी आवर्त में बायीं ओर से दायीं ओर जाने पर तत्वों की इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति में क्या परिवर्तन होता है? इस परिवर्तन का कारण लिखिए। (Cbse 2017)
उत्तर-
आधुनिक आवर्त नियम के अनुसार, तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के बढ़ते हुए क्रम में क्षैतिज पंक्तियों में व्यवस्थित करने पर नियमित अन्तर में गुणों की पुनरावृत्ति होती है, इसे गुणों में आवर्तिता कहते हैं। समान समूह के सभी तत्वों के गुणधर्म समान होते हैं, क्योंकि इनके बाहरी कोश में समान इलेक्ट्रॉन होते हैं।
किसी आवर्त में बार्थी ओर से दायीं ओर जाने पर तत्वों के इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति बढ़ती जाती है। क्योंकि आवर्त में बायीं से दायीं ओर जाने पर संयोजकता कोश के इलेक्ट्रॉनों पर कार्य करने वाला प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
मेन्डेलीफ आवर्त सारणी के प्रमुख दोष लिखिए।
उत्तर-
मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी के दोषमेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में अनेक दोष पाए गए। मुख्य दोष निम्न थे-
1. हाइड्रोजन का स्थान (Position of hydrogen)मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में हाइड्रोजन का स्थान अनिश्चित है। हाइड्रोजन प्रथम समूह के क्षारीय धातु तथा सप्तम समूह के हैलोजनों तत्वों से गुणों में समानता प्रदर्शित करता है। अतः यह निश्चित नहीं हो पाया कि हाइड्रोजन को प्रथम समूह में रखा जाए अथवा सप्तम समूह में।

2. समस्थानिकों का स्थान (Position of isotopes)आवर्त सारणी में समस्थानिकों को कोई स्थान नहीं दिया गया है। परमाणु क्रमांक के आधार पर वर्गीकरण करने पर यह दोष दूर हो गया।

3. दुर्लभ मृदा तत्वों का स्थान (Position of rare earth elements) आवर्त सारणी में समूह के एक आवर्त में एक ही तत्व को स्थान दिया गया है लेकिन तृतीय समूह के छठवें आवर्त में 14 दुर्लभ मृदा तत्वों (Ce-,,Lu) को एक साथ रखा गया है। इन तत्वों के गुण आपस में अत्यधिक समान होते हैं।

4. ऐक्टिनॉइड्स का स्थान (Position of actinides) दुर्लभ मृदा तत्वों के समान तृतीय समूह के सप्तम आवर्त में 14 ऐक्टिनॉइड्स ( Th-Lu) को एक साथ रखा गया है।

5. आठवें समूह के तत्वों का स्थान (Position of eighth group elements)-आठवें समूह में एक खाने में तीन तत्वों को एक साथ रखा गया है जबकि अन्य समूहों में एक खाने में एक ही तत्व को रखा गया है।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 11

6. कुछ समान गुणों वाले तत्वों को पृथक् समूहों में स्थान (Some elements similar in properties placed in different groups)-कुछ समान गुणों वाले तत्वों को एक ही समूह के बजाए अलग-अलग समूहों में रखा गया है। उदाहरणार्थ, कॉपर तथा मरकरी, सिल्वर तथा थैलियम, बेरियम तथा लैड।

7. कुछ असमान गुणों वाले तत्वों को एक ही समूह में स्थान (Some elements dissimilar in propertiés placed in same group)-कुछ असमान गुणों वाले तत्वों को एक ही समूह में स्थान दिया गया है। उदाहरणार्थ, सिक्का धातुओं (Coinage metals) तथा क्षारीय धातु, मैंगनीज तथा हैलोजन।

8. कुछ अधिक परमाणु भार वाले तत्वों को कम परमाणु भार वाले तत्वों से पहले रखना (Some elements with more atomic weight placed before to lighter elements)-कुछ अधिक परमाणु भार वाले तत्वों को कम परमाणुओं वाले तत्वों से पहले स्थान दिया गया है।

उदाहरणार्थ-

  • आर्गन (39.9) को पोटैशियम (39.1) से पहले।
  • कोबाल्ट (58.9) को निकल (58.7) से पहले।
  • टेलुरियम (127.6) को आयोडीन (126.9) से पहले।
  • थोरियम (232.1) को प्रोटेक्टीनियम (231) से पहले रखा गया है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

प्रश्न 2.
मेन्डेलीफ की आधुनिक आवर्त सारणी के दोष बताइए। दीर्घाकार अथवा प्रवर्तित आवर्त सारणी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर-
मेन्डेलीफ की आधुनिक आवर्त सारणी के दोष-परमाणु भार के बजाए परमाणु क्रमांक को आधार मानकर बनाई गई आवर्त सारणी में अनेक दोष स्वयं दूर हो गए।

उदाहरणार्थ-

  • समस्थानिकों को स्थान
  • अधिक परमाणु भार वाले तत्व की कम परमाणु भार वाले तत्व से पहले स्थिति।

लेकिन निम्न दोष अभी भी शेष हैं-

  1. हाइड्रोजन की स्थिति-हाइड्रोजन की स्थिति अनिश्चित है क्योंकि यह IA क्षारीय धातुओं तथा VIIA (हैलोजनों) दोनों उप-समूहों के तत्वों से गुणों में समानता प्रदर्शित करती है।
  2. असमान तत्वों को एक ही समूह में तथा समान तत्वों को विभिन्न समूहों में रखना-उदाहरणार्थ, IA तथा IB के तत्वों को एक ही समूह में तथा Cu, Hg तथा Pt को अलग-अलग समूहों में रखा गया है।
  3. आठवें समूहके साथ तीन तत्वों को रखना-आठवें समूह में एक ही आवर्त में एक साथ तीन तत्वों को रखा गया है। उदाहरणार्थ, Fe Co Ni, Ru Rh Pd, Os Ir Pt
  4. दुर्लभ मृदा तत्वों तथा ऐक्टिनॉइड्स की स्थिति-दुर्लभ मृदा तत्वों तथा ऐक्टिनॉइड्स को सारणी से पृथक् नीचे स्थान, दिया गया है।
  5. धातु तथा अधातुओं की स्थिति-एक ही समूह में धातु तथा अधातु दोनों को एक साथ रखा गया है।

दीर्घाकार अथवा प्रवर्धित आवर्त सारणी (Oblong Form or Extended Formof Periodic Table)-यह आवर्त सारणी बोर (Bohr) सारणी भी कहलाती है, क्योंकि यह बोर के द्वारा दिए गए परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनों के विन्यास पर आधारित है। रॉग (Raug), वर्नर (Werner), तथा बरी (Bury) ने इलेक्ट्रॉनों के विन्यास के आधार पर इस सारणी को प्रस्तुत किया जिसे दीर्घाकार अथवा प्रवर्धित आवर्त सारणी कहते हैं।

इस आवर्त सारणी में प्रथम दो आवतों को विभाजित कर दिया गया है तथा उप-समूहों को अलग करके 18 ऊवधिर (Vertical) खानों में विभाजित किया गया है जिन्हें समूह (Groups) कहते हैं। IA तथा IIA समूह के तत्वों को बाई तरफ रखा गया है। यह तत्व अत्यधिक धनात्मक प्रकृति के होते हैं। सारणी के दाई ओर IIHA, IVA, VA, VIA, VIIA तथा शून्य समूह के तत्वों को रखा गया है। VIIA समूह के हैलोजन तत्व अत्यधिक ऋणात्मक प्रकृति के होते हैं। आवर्त सारणी के मध्य भाग में संक्रमण तत्वों (IIIB से VIIB, VII, IB, IIB) को रखा गया है। लैन्थेनॉइड्स तथा ऐक्टिनॉइड्स को सारणी से नीचे अलग स्थान दिया गया है।

दीर्घाकार आवर्त सारणी की विशेषताएँ-

  1. यह सारणी सरल है तथा याद रखने में आसान है।
  2. इस आवर्त सारणी में तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास तथा स्थिति में एक समन्वय है।
  3. इसमें उप-समूहों को अलग कर देने से भिन्न-भिन्न गुणों वाले तत्व एक ही समूह में नहीं हैं।
  4. इसमें धातु तथा अधातु सारणी में पृथक् हो गए हैं। धातु (धनात्मक) बाईं तरफ, अधातु (ऋणात्मक) दाईं तरफ तथा संक्रमण तत्व सारणी के मध्य भाग में स्थित हैं।
  5. परमाणु क्रमांक के बढ़ने पर तत्वों के गुणों में क्रमिक परिवर्तन होता है।

प्रश्न 3.
मेन्डेलीफ के आवर्त नियम का उल्लेख कीजिए। (Rbse 2017)
उत्तर-
रूसी रसायनशास्त्री डिमित्री एनवानोवीच मेन्डेलीफ (Dimitri Invanovich Mendeleev) – ने सन् 1869 में माना कि “तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं।” इसके अनुसार यदि विभिन्न तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते हुये क्रमानुसार रखा जाए तो निश्चित अन्तर के बाद समान गुणों वाले तत्व प्रकट होते हैं।

मेन्डेलीफ ने 63 कार्ड लेकर उस समय उपलब्ध 63 तत्वों के नाम एवं गुण लिखकर समान गुणों वाले तत्वों के काड़ों को पृथक् करके उनको दीवार पर एक पिन से लगा दिया। तत्वों के परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित करने पर प्रत्येक वर्ग के सभी तत्व अनेक गुणों में समान थे। प्रत्येक सातवें तत्व के बाद आने वाले तत्व के गुण पहले वाले तत्व के समान पाए गए। इस आधार पर तत्वों की व्यवस्था धात्वीय गुण, घनत्व अथवा किसी अन्य गुण पर आधारित व्यवस्था से अच्छी पाई गई। इस प्रकार उन्होंने नियम दिया कि “तत्वों के गुण उनके परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं।”
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 12

प्रश्न 4.
(a) मेन्डेलीफ के आवर्त नियम को चुनौती देने वाले किन्हीं तीन प्रेक्षणों की सूची बनाइए।
(b) आधुनिक आवर्त सारणी में,
(i) किसी आवर्त में बाएं से दाएँ जाने पर,
(ii) किसी समूह (ग्रुप) में ऊपर से नीचे जाने पर, तत्वों के धात्विक लक्षणों में किसी प्रकार विचरण होता है?
अथवा
चार तत्वों A, BC और D के परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों का तीन कोशों में वितरण इस प्रकार है कि इन तत्वों के बाह्यतम कोशों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्रमशः 1, 3, 5 और 7 है। आधुनिक आवर्त सारणी में इन तत्वों की समूह (गुप) संख्या लिखिए। B और D परमाणुओं का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास तथा B और D के संयोग से बने योगिक का आण्विक सूत्र लिखिए। (Cbse 2019)
उत्तर-
(a) मैण्डलीव के नियम को चुनौती देने वाले तीन बिन्दु निम्नवत् हैं-

  • आवर्त सारणी में हाइड्रोजन का स्थान विवादास्पद है, इसे एल्कली समूह के साथ एवं हेलोजन समूह के साथ रखा गया है।
  • समस्थानिकों को स्थान देना सम्भव नहीं है। .
  • कहीं-कहीं तत्वों के परमाणु भार का क्रम टूट गया है। अधिक परमाणु भार वाले तत्वों को कम परमाणु भार वाले तत्वों से पहले रखा गया है। जैसे-सिलिकॉन (28Si) से पहले एल्युमिनियम (29Al) CO के बाद Ni को।
  • अंतिम समूह चौथे, पाँचवें एवं छठवें आवर्त में एक साथ तीन-तीन तत्वों को रखा गया है-Fe, Co, Ni.

(b) आधुनिक आवर्त सारणी में धात्विक लक्षणों में परिवर्तन

  • बायें से दायें जाने पर तत्वों के धात्विक गुण में कमी होती है क्योंकि तत्वों द्वारा इलेक्ट्रॉन को छोड़ने की प्रवृत्ति कम होती है। तत्वों के परमाणु के नाभिक में नाभिकीय बल बढ़ता है।
  • ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों के धात्विक गुण बढ़ते हैं क्योंकि नाभिकीय बल घटता है तथा इलेक्ट्रॉन के छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ती है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 13
∴ B, D.के संयोग से बने यौगिक का अणुसूत्र BD3 है।

प्रश्न 5.
(a) आधुनिक आवर्त सारणी का विकास डॉबेराइनर, न्यूलैण्ड तथा मेण्डलीफ के प्रारम्भिक प्रयासों के कारण हो पाया है। इन तीनों प्रयासों की एक-एक उपलब्धि और एक-एक सीमा की सूची बनाइए।
(b) उस वैज्ञानिक का नाम लिखिए जिसने सर्वप्रथम यहदर्शाया कि किसी तत्व की परमाणु संख्या उसके परमाणु द्रव्यमान की तुलना में अधिक आधारभूत गुणधर्म है।
(c) आधुनिक आवर्त नियम लिखिए। (CBSE 2018)
उत्तर-
(a)
(1) डॉबेराइनर की उपलब्धि और सीमाइन्होंने तीन-तीन तत्वों के समूह बनाए। इन समूहों को डॉबेराइनर का त्रिक/त्रय कहा गया। डॉबेराइनर ने बताया कि इन तत्वों को इनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान अन्य दो परमाणुओं के द्रव्यमान का लगभग औसत होता है।
Li 6.9
Na 23
K 39
सीमा-डॉबेराइनर का सिद्धान्त प्रत्येक त्रिक पर लागू नहीं हो सका।
उदाहरण : यह सिद्धान्त N, P As पर लागू नहीं हो पाया।
वह उस समय उपस्थित तत्वों के तीन ही त्रय को पहचान पाया था।

(2) न्यूलैंड्स का अष्टक सिद्धान्त-न्यूलैंड्स ने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में व्यवस्थित किया तथा यह बताया कि प्रत्येक आठवाँ तत्व पहले तत्व से गुणों में समानता दिखाता है।

सीमाएँ-
(i) यह सिद्धान्त केवल कैल्शियम तत्व तक ही लागू हो सका।
(ii) न्यूलैंड्स का अष्टक नियम केवल हल्के तत्वों के लिए ही लागू हो सका। यह नियम भारी परमाणु के भारी तत्वों का स्थान निर्धारित करने में असफल रहा।

(3) मेण्डलीफ की उपलब्धियाँ-

  • मेण्डलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में भविष्य में ज्ञात होने वाले तत्वों के लिए अनुमानित रिक्त स्थान दिए हैं।
  • मेण्डलीफ की आवर्त सारणी के ज्ञान से ही नए तत्वों को खोजने में काफी सहायता मिली।

सीमाएँ-

  • मेण्डलीफ की आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को नियत स्थान नहीं दिया जा सका।
  • समस्थानिक मैण्डलीफ के आवर्त नियम के लिए एक चुनौती थी।

(b) हेनरी मोज्ले ने सर्वप्रथम दर्शाया कि किसी तत्व की परमाणु संख्या उसके परमाणु द्रव्यमान की तुलना में अधिक आधारभूत गुणधर्महै।
(c) आधुनिक आवर्त सारणी-इस नियम के अनुसार तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के अनुसार व्यवस्थित किया गया है।

आधुनिक आवर्त नियम-

  • तत्वों के रासायनिक और भौतिक गुण उनके परमाणु संख्या के आवर्ती फलन होते हैं।
  • आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया गया है।
  • आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह तथा 7 आवर्त हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Type Questions)

1. न्यूलैंड्स अष्टक सिद्धान्त कैसे तत्वों के लिए ठीक से लागू हो पाया
(a) भारी
(b) कठोर
(c) हल्के
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) हल्के।

2. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में क्षैतिज पंक्तियों को क्या कहा गया –
(a) ग्रुप
(b) आवर्त
(c) रेखीय
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(b) आवर्त।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

3. समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार कैसे प्रभावित होता है –
(a) घटता है
(b) बढ़ता है
(c) समान रहता है
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(b) बढ़ता है।

4. मेन्डेलीफ के वर्गीकरण का आधार है
(a) परमाणु संख्या
(b) परमाणु द्रव्यमान
(c) भौतिक अवस्था
(d) धातु एवं अधातु।
उत्तर-
(b) परमाणु द्रव्यमान।

5. आधुनिक आवर्त सारणी में समूहों की संख्या है –
(a) 8
(b) 18
(c) 7
(d) 17.
उत्तर-
(b) 18.

6. AI(परमाणुसंख्या 13) को किस समूह में रखा गया है –
(a) तीसरे
(b) 13वें
(c) दूसरे
(d) आठवें।
उत्तर-
(b) 13वें।

7. A, B और C डॉबेराइनर के त्रिक तत्व हैं। यदि A का परमाणु द्रव्यमान 7 तथा C का 39 है तो B का परमाणु द्रव्यमान होगा –
(a) 32
(b) 11
(c) 23
(d) 46.
उत्तर-
(c) 23.

8. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में किस तत्व को सही स्थान नहीं मिला?
(a) सोडियम
(b) पौटेशियम
(c) नीऑन
(d) हाइड्रोजन।
उत्तर-
(d) हाइड्रोजन।

9. L-कोश द्वितीय आवर्त में कितने तत्व हैं?
(a) 4
(b) 8
(c) 12
(d) 16.
उत्तर-
(b) 8.

10. F, CI, Br, I तथा A कौन-से समूह के तत्व हैं? .
(a) 2
(b) 7
(c) 12
(d) 17.
उत्तर-
(d) 17.

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

11. निम्न में से किसमें अधिकतम अधात्विक गुण हैं ?
(a) Cl
(b) F
(c) Br
(d) I.
उत्तर-
(b) E

12. एक तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,8,1 है। इसके लिए कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) इसकी संयोजकता – 1 है
(b) इसकी संयोजकता + 1 है
(c) यह I A समूह में उपस्थित है
(d) यह चौथे (IV) आवर्त में आता है।
उत्तर-
(c) यह IA समूह में उपस्थित है।

13. किसी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या हो सकती है –
(a) n2
(b) 2n2
(c) 5n2
(d) 4n2.
उत्तर-
(b) 2n2

14.
तत्वों का प्रथम आवर्ती वर्गीकरण किसने प्रस्तुत किया. था?
(a) डॉबेराइनर
(b) जे. ए. आर. न्यूलैंड्स
(c) मेन्डेलीफ
(d) लोथर मेयर।
उत्तर-
(c) मेन्डेलीफ।

15. आधुनिक आवर्त सारणी तत्वों के किस लक्षण पर आधारित है?
(a) संयोजकता
(b) परमाणु द्रव्यमान
(c) परमाणु आकार
(d) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास।
उत्तर-
(d) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास।

16. आवर्त सारणी का दीर्घाकार रूप आधारित है
(a) परमाणु भार परं
(b) परमाणु द्रव्यमान पर
(c) परमाणु क्रमांक पर
(d) परमाणु त्रिज्या पर।
उत्तर-
(c) परमाणु क्रमांक पर।

17. आधुनिक आवर्त सारणी को किसने विकसित किया था –
(a) लोथर मेयर
(b) नील बोर
(c) मेन्डेलीफ
(d) मोजले।
उत्तर-
(d) मोजले।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

18. मेन्डेलीफ का आवर्त नियम आधारित है
(a) संयोजकता पर
(b) परमाणु भार पर
(c) परमाणु क्रमांक पर
(d) परमाणु आयतन पर।
उत्तर-
(b) परमाणु भार पर।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill In the blanks)

1. मेण्डेलीफ की आवर्त सारणी को ……………………. तथा ……………………. में बाँटा गया है।
उत्तर-
आवर्तों, वर्गों,

2. तीसरे आवर्त में Na; Mg व AI ……………………. है तथा P, S, Clव Ar ……………………. ।
उत्तर-
धातुएँ, अधातुएँ,

3. सारणी में तिरछी रेखा के दाईं ओर ……………………. स्थित हैं।
उत्तर-
अधातुएँ,

4. धातुओं के ऑक्साइड ……………………. तथा अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः ……………………. होते हैं।
उत्तर-
क्षारकीय, अम्लीय,

5. आधुनिक आवर्त सारणी में 18 ऊर्ध्व स्तंभ हैं जिन्हें ……………………. कहते हैं।
उत्तर-
समूह।

सुमेलन संबंधी प्रश्न (Matrix Type Questions)

निम्न को सुमेलित कीजिए –

कॉलम Aकॉलम Bकॉलम C
1. यूरेनियमसमूह 17सिक्का धातु
2. चाँदीऑक्सीजन समूहगैस
3. एल्युमीनियमसंक्रमण तत्वपीला ठोस
4. फ्लु ओरीनबोरॉन समूहरेडियोएक्टिव
5. सल्फरएक्टिनॉइडउभयधर्मी

उत्तर-
1. यूरेनियम – एक्टिनाइड – रेडियोएक्टिव
2. चाँदी – संक्रमण तत्व – सिक्का धातु
3. ऐल्युमीनियम – बोरॉन समूह – उभयधर्मी
4. फ्लु ओरीन – समूह 17 – गैस
5. सल्फर – ऑक्सीजन समूह – पीला ठोस।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण Read More »

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

Haryana State Board HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Exercise 2.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित व्यंजकों में कौन-कौन एक चर में बहुपद हैं और कौन-कौन नहीं हैं ? कारण के साथ अपने उत्तर दीजिए
(i) 4x2 – 3x + 7
(ii) y2 + \(\sqrt{2}\)
(iii) 3\(\sqrt{t}\) + t\(\sqrt{2}\)
(iv) y + \(\frac {2}{y}\)
(v) x10 + y3 + t50
हल :
(i) व्यंजक 4x2 – 3x + 7 एक चर में बहुपद है क्योंकि चर का प्रत्येक घातांक पूर्ण संख्या है।
(ii) व्यंजक y2 + \(\sqrt{2}\) एक चर में बहुपद हैं क्योंकि चर का प्रत्येक घातांक पूर्ण संख्या है।
(iii) व्यंजक 3\(\sqrt{t}\) + t\(\sqrt{2}\) बहुपद नहीं है क्योंकि चर का प्रत्येक घातांक पूर्ण संख्या नहीं है।
(iv) व्यंजक y +  \(\frac {2}{y}\) = y + 2y-1 बहुपद नहीं है क्योंकि चर का घातांक ऋणात्मक संख्या है अर्थात पूर्ण संख्या नहीं है।
(v) व्यंजक x10 + y3 + t50 तीन चरों में एक बहुपद है क्योंकि चरों का प्रत्येक घातांक पूर्ण संख्या है।

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से प्रत्येक में का गुणांक लिखिए
(i) 2 + x2 + x
(ii) 2 – x2 + x3
(iii) \(\frac {π}{2}\)x2 + x
(iv) \(\sqrt{m}\) – 1
हल :
2 + x2 + x में x2 का गुणांक = 1 उत्तर
(ii) 2 – x2 + x3 में x2 का गुणांक = – 1 उत्तर
(iii) \(\frac {π}{2}\)x2 + x में x2 का गुणांक = \(\frac {π}{2}\) उत्तर
(iv) \(\sqrt{2}\)x – 1 में x2 का गुणांक = 0 उत्तर

प्रश्न 3.
35 घात के द्विपद का और 100 घात के एकपदी का एक-एक उदाहरण दीजिए।
हल :
35 घात का द्विपद = 3x35 – 4 उत्तर
100 घात का एकपद = \(\sqrt{2}\)y100 उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 4.
निम्नलिखित बहुपदों में से प्रत्येक बहुपद की घात लिखिए
(i) 5x3 + 4x2 + 7x
(ii) 4 – y2
(iii) 5t – \(\sqrt{7}\)
(iv) 3
हल :
(i) 5x3 + 4x2 + 7x में बहुपद की घात = 3 उत्तर
(ii) 4 – y2 = – y2 + 4 में बहुपद की घात = 2 उत्तर
(iii) 5t – \(\sqrt{7}\) में बहुपद की घात = 1 उत्तर
(iv) 3 में बहुपद की घात = शून्य उत्तर

प्रश्न 5.
बताइए कि निम्नलिखित बहुपदों में कौन-कौन बहुपद रैखिक हैं, कौन-कौन द्विघाती हैं और कौन-कौन त्रिघाती
(i) x2 + x
(ii) x – x3
(iii) y + y2 + 4
(iv) 1 + x
(v) 3t
(vi) r2
(vii) 7x3
हल :
(i) बहुपद x2 + x एक द्विघाती बहुपद है। उत्तर
(ii) बहुपद x – x3 एक त्रिघाती बहुपद है। उत्तर
(iii) बहुपद y + y2 + 4 एक द्विघाती बहुपद है। उत्तर
(iv) बहुपद 1 + x एक रैखिक बहुपद है। उत्तर
(v) बहुपद 3t एक रैखिक बहुपद है। उत्तर
(vi) बहुपद r2 एक द्विघाती बहुपद है। उत्तर
(vii) बहुपद 7x3 एक त्रिघाती बहुपद है। उत्तर

HBSE 9th Class Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1 Read More »

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

Haryana State Board HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय Important Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
स्थानीय हॉर्मोन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ऐसे हॉर्मोन्स जो स्रावित होने वाले स्थान. पर ही प्रयुक्त हो जाते हैं, स्थानीय हॉर्मोन कहलाते हैं।

प्रश्न 2.
विशिष्ट रासायनिक संदेश वाहक किसे माना. जाता है?
उत्तर-
हॉर्मोन्स को।

प्रश्न 3.
युग्मानुबन्धन (Synaps) किसे कहते हैं ?
उत्तर-
तत्रिका कोशिकाओं के आपसी सम्बन्ध को युग्मानुबन्धन कहते हैं।

प्रश्न 4.
जड़ों का भूमि के अन्दर प्रवेश करना किस प्रकार की गति है?
उत्तर-
अनुवर्तनी।

प्रश्न 5.
तीन प्रकार के न्यूरॉन्स के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. मोटर न्यूरॉन,
  2. संवेदी न्यूरॉन,
  3. बहुध्रुवी न्यूरॉन।

प्रश्न 6.
पत्तियों का पौधों से गिरना किस हॉर्मोन के प्रभाव के कारण होता है ?
उत्तर-
एब्सीसिक अम्ल ।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 7.
कौन-सा रसायन सूचनाओं को एक तंत्रिका से दूसरी तंत्रिका पर स्थानान्तरित करता है ?
उत्तर-
ऐसीटिल कोलीन।

प्रश्न 8.
प्रतिवर्ती चाप कहाँ बनते हैं ?
उत्तर-
मेरुरज्जु में।

प्रश्न 9.
फेरोमोन्स क्या होते हैं?
उत्तर-
ऐसे रासायनिक पदार्थ जो एक जीव द्वारा स्रावित होते हैं तथा दूसरे जीव पर प्रभाव डालते हैं, फेरोमोन्स कहलाते हैं।

प्रश्न 10.
एड्रीनलीन हॉर्मोन का एक कार्य बताइए।
उत्तर-
यह आपातकालीन स्थिति में शरीर को संकट से बचने के लिए तैयार करता है।

प्रश्न 11.
प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन का कार्य बताइए।
उत्तर-
प्रोजेस्ट्रॉन गर्भाशय में भ्रूण के सही विकास के लिए आवश्यक होता है।

प्रश्न 12.
गुरुत्वानुवर्तन को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism)- जड़ों द्वारा गुरुव के प्रभाव से भूमि में नीचे की ओर वृद्धि करना, गुरुत्वानुवर्तन कहलाता है।

प्रश्न 13.
फाइटोक्रोप तथा फाइटोहॉर्मोन्स में क्या अन्तर है?
उत्तर-
फाइटोक्रोम प्रकाश अवशोषक वर्णक हैं तथा ये पुष्पन व अंकुरण में सहायता करते हैं। फाइटो हॉर्मोन पौधों के वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 14.
प्रकाश किस प्रकार वृद्धि को प्रभावित करता
उत्तर-
हरितलवक प्रकाश का अवशोषण करके पौधों के लिए भोजन तैयार करने में सहायक होते हैं जो प्रकाश संश्लेषण विधि से पूर्ण होता है।

प्रश्न 15.
दीर्घ प्रदीप्तिकाली पौधे क्या होते हैं?
उत्तर-
ऐसे पौधे जिन्हें पुष्पन के लिए लम्बे प्रकाश काल की आवश्यकता होती है, दीर्घ प्रदीप्तिकाली गधे कहलाते हैं; जैसे-तम्बाकू।

प्रश्न 16.
अल्प प्रदीप्तिकाली पौधे क्या होते हैं?
उत्तर-
ऐसे पौधे जिन्हें पुष्पन के लिए आल्य प्रकाश काल की आवश्यकता होती है, अल्प प्रदीप्तिकाली पौधे कहलाते हैं; जैसे-गेहूँ।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 17.
दिवस निरपेक्ष पौधे क्या होते हैं?
उत्तर-
ऐसे पौधे जिनके पुष्पन पर प्रकाश की अवधि . का कोई प्रभाव नहीं होता है, दिवस निरपेक्ष पादप कहलाते हैं; जैसे-मिर्च।

प्रश्न 18.
पादप गतियाँ कितने प्रकार की होती हैं?
उत्तर-
पादप गतियाँ मुख्यत: दो प्रकार की होती हैं

  1. अनुवर्तनी गतियाँ,
  2. अनुकुंचनी गतियाँ।

प्रश्न 19.
मस्तिष्क के किस भाग में बुद्धिमत्ता, वेतनता एवं इच्छा शक्ति का केन्द्र होता है ?
उत्तर-
मस्तिष्क के प्रमस्तिष्क भाग में।

प्रश्न 20.
हाइपोथैलेमस का क्या कार्य है ?
उत्तर-
यह समस्थापन तथा पीयूष ग्रन्थि का नियमन करता है तथा यह संवेदी अंगों के लिए नियंत्रण केन्द्र होता है।

प्रश्न 21.
रसायनानुवर्तन क्या है? इसका एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
किसी रसायन के प्रति पादप गति को रसायनानुवर्तनी गति कहते हैं। उदाहरण-परागनली का वर्तिका में प्रवेश।

प्रश्न 22.
क्रेनियम किसे कहते हैं ?
उत्तर-
मस्तिष्क को सुरक्षित रखने वाला कंकाल जो तीन परतों का बना होता है, क्रेनियम (Cranium) कहलाता

प्रश्न 23.
तंत्रिका कोशिका (Neuron) के तीन भागों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. तंत्रिका काय (Cyton),
  2. तंत्रिकाक्ष (Axon),
  3. वृक्षाभ (Dendrite)।

प्रश्न 24.
मेडुला ओब्लोंगेटा का क्या कार्य है ?
उत्तर-
अनैच्छिक क्रियाओं पर नियन्त्रण रखना।

प्रश्न 25.
मस्तिष्क का कौन-सा भाग बुद्धि तथा स्मरण का केन्द्र है ?
उत्तर-
प्रमस्तिष्क (cerebrum)। .

प्रश्न 26.
मस्तिष्क के तीन प्रमुख भागों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. अग्र मस्तिष्क (Fore brain)।
  2. मध्य मस्तिष्क (Mid brain)।
  3. पश्च मस्तिष्क (Hind brain) ।

प्रश्न 27.
पौधे का प्रकाश की ओर वृद्धि करना किस हॉर्मोन के कारण होता है?
उत्तर-
ऑक्सिन।

प्रश्न 28.
आयोडीन की कमी से होने वाले रोग का नाम लिखिए।
उत्तर-
घेघा।

प्रश्न 29.
मादा हॉर्मोन का नाम लिखिए।
उत्तर-
एस्ट्रोजन।

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
अभिग्राहक से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
अभिग्राहक प्राणियों में विशेष प्रकार की संरचना वाले तंत्रिका अंग हैं, जो प्रकाश, ध्वनि एवं गन्ध द्वारा बाह्य सूचनाओं का ज्ञान कराते हैं। इन्हें क्रमशः प्रकाशग्राही (photoreceptor), ध्वनिग्राही (Audio receptor) एवं गंधग्राही (olfactory receptor) कहते हैं। अभिग्राही सम्बन्धित क्रियाओं से उद्दीपन प्राप्त करके मस्तिष्क को प्रेषित करते हैं।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 2.
निम्नलिखित का एक-एक कार्य लिखिए(a) डेन्ड्राइट (b) एक्सॉन (c) सिनेप्स।
उत्तर-
(a) डेन्ड्राइट शरीर की ग्राहियों में स्थित होते हैं। और संवेदनाओं को ग्रहण करते हैं।
(b) एक्सॉन डेन्ड्राइट द्वारा ग्रहण की गई सूचनाओं को न्यूरॉन के अन्तिम छोरों तक पहुँचाते हैं।
(c) सिनेप्स एक न्यूरॉन से सूचनाओं को दूसरे न्यूरॉन पर स्थानान्तरित करते हैं।

प्रश्न 3.
नीचे दिए गए आरेख के (a) से (e) तक के भागों के नाम लिखिए।
(b) 11-(e)
आरेख में दर्शायी गयी घटनाओं के क्रम का नाम लिखिए। (CBSE 2020)
उत्तर-
(a) ग्राही,
(b) संवेदी तंत्रिका कोशिका,
(c) मेरुरज्जु,
(d) प्रतिसारण तंत्रिका कोशिका,
(e) प्रेरक तंत्रिका कोशिका।

आरेख में दर्शायी गयी घटनाओं का क्रम :

  • ग्राही अंग द्वारा ऊष्मीय उद्दीपन को प्राप्त करना।
  • संवेदी तंत्रिका द्वारा उस उद्दीपन को विद्युत लहर के रूप में मेरुरज्जु तक ले जाना।
  • मेरुरज्जु की प्रतिसारण तंत्रिका द्वारा उसका विश्लेषण।
  • भुजा की पेशियों द्वारा उद्दीपन के प्रति कार्य करना।

प्रश्न 4.
अन्तर्मुखी क्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर-
अन्तर्मुखी क्रिया सामान्यतः स्वतः होने वाली अनुक्रिया है। यह तंत्रिका प्रणाली युक्त जन्तुओं में पाया जाने वाला सामान्य व्यवहार का रूप है। उदाहरणार्थ, किसी व्यक्ति का हाथ गर्म वस्तु पर पड़ने पर वह तुरन्त हाथ हटा लेता है। वास्तव में इस प्रक्रिया का संदेश तंत्रिकाओं के माध्यम से रीढ़ की हड्डी से हाथ की माँसपेशियाँ तक पहुँचने वाली तंत्रिकाओं को सचेत कर देना है, जिसका – तात्कालिक परिणाम यह होता है कि माँसपेशियों में सिकुड़न होती है तथा हाथ खींच लिया जाता है।

प्रश्न 5.
प्रतिवर्ती चाप को रेखाचित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर-
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय 1

प्रश्न 6.
मानव मस्तिष्क का नामांकित चित्र बनाइए। (मा. शि. बोर्ड 2012)
उत्तर-
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय 2

प्रश्न 7.
मानव प्रमस्तिष्क के विभिन्न भागों को चित्र द्वारा दर्शाइए।
उत्तर-
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय 3

प्रश्न 8.
मस्तिष्क के विभिन्न भाग विशिष्ट कार्यों से संबद्ध हैं। मानव मस्तिष्क के उस भाग का नाम लिंखिए जो निम्नलिखित कार्य करता है: .
(a) पेट पूरा भरा होने की संवेदना
(b) वमन (उल्टी आना)
(c) किसी पेंसिल को उठाना
(d) साइकिल चलाना
उत्तर-
(a) पेट पूरा भरा होने की संवेदना-अग्र-मस्तिष्क।
(b) वमन (उल्टी आना)-पश्चमस्तिष्क का मेडुला भाग।
(c) किसी पेंसिल को उठाना-अनुमस्तिष्क ।
(d) साइकिल चलाना-अनुमस्तिष्क।

प्रश्न 9.
कानों को सन्तुलन अंग क्यों कहते हैं ? .
उत्तर-
कान सुनने के अलावा सन्तुलन का कार्य भी करते हैं। अंतः कर्ण की अर्द्धचन्द्राकार नलिकाओं की तुम्बिका नलियाँ, सैक्युलस तथा यूट्रिकुलस शरीर का सन्तुलन बनाने का कार्य करती हैं। यूट्रिकुलस तथा सैक्युलस के मैकुला तथा अर्द्धचन्द्राकार नलिकाओं के तुम्बिका (ampulla) में स्थित संवेदी कूटों द्वारा गतिक सन्तुलन नियन्त्रित होता है। जब शरीर एक ओर झुक जाता है तो तुम्बिकाओं में स्थित ऑटोकोनिया उसी ओर जाकर संवेदी कूटों को उद्दीपन प्रदान करते हैं। इससे तंत्रिका आवेग उत्पन्न होता है और मस्तिष्क में शरीर के झुकने की सूचना पहुँच जाती है। मस्तिष्क प्रेरक तंत्रिकाओं द्वारा सम्बन्धित पेशियों को सूचना भेजकर शरीर का सन्तुलन बनाता है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 10.
निम्नलिखित अंगों पर अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र का क्या प्रभाव पड़ता है-
(i) हृदय,
(ii) रक्त वाहिनियाँ,
(iii) नेत्र
(iv) ट्रेकिया,
(v) लार ग्रन्थियाँ,
(vi) अधिवृक्क ग्रन्थि,
(vii) मूत्राशय,
(viii) स्वेद ग्रन्थियाँ।
उत्तर
(i) हृदय-स्पंदन दर बढ़ जाती है।
(ii) रक्त वाहिनियाँ-संकुचित होने से, रुधिर दाब बढ़ जाता है।
(iii) नेत्र-उपतारा फैल जाता है।
(iv) ट्रेकिया-ट्रेकिया फैलने से, अधिक वायु फेफड़ों में प्रवेश करती है।
(v) लार ग्रन्थियाँ-लार का स्रावण कम होता है।
(vi) अधिवृक्क ग्रन्थि-एड्रीनलीन हॉर्मोन का स्रावण प्रेरित करता है।
(vii) मूत्राशय-संकुचन कर, मूत्र त्याग को प्रेरित करता है।
(viii) स्वेद ग्रन्थियाँ-पसीना स्रावण को प्रेरित करता है।

प्रश्न 11.
शरीर में मस्तिष्क किस प्रकार सुरक्षित रहता
उत्तर-
मस्तिष्क शरीर का अत्यन्त कोमल अंग है। इसमें अरबों की संख्या में तंत्रिकाएँ (Neurons) उपस्थित होती हैं। इसको सुरक्षित रखने के लिए इसके ऊपर तीन आवरण या तंत्रिकाएँ (Menings) होती हैं।

ये निम्न हैं-

  • सबसे बाहर की ओर दृढ़तानिका या ड्यूरामेटर,
  • बीच वाली परतं जाल तानिका या एरेकोइड, तथा
  • सबसे अन्दर की ओर मृदुतानिका या पियामेटर होती है।

इन आवरणों के बीच-बीच में एक तरल भरा होता है जो मस्तिष्क की आघातों से सुरक्षा करता है।

प्रश्न 12.
तंत्रिका तंत्र कैसे कार्य करता है? संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर-
तंत्रिका कोशिकाओं के दूमिका सिरे ग्राही अंगों से सूचनाएँ ग्रहण करके इन्हें मेरुरज्जु में पहुँचाते हैं। यहाँ पर ये सूचनाएँ संसाधित होती हैं। इसके पश्चात् इनका स्थानान्तरण आवेग के रूप में कार्यकारी पेशियों को कर दिया जाता है जिससे वांछित क्रिया सम्पन्न होती है।

प्रश्न 13.
वृद्धि गति तथा स्फीति गति के बीच अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
वृद्धि गति तथा स्फीति गति में अन्तर-

वद्धि गतिस्फीति गति
1. यह एक दिशा से हो रहे उद्दीपन के प्रति अनु- क्रिया करती है।इसमें उद्दीपन की दिशा का कोई प्रभाव नहीं होता है।
2. यह कोशिकाओं की असमान वृद्धि के कारण होती है।स्फीति गति कोशिकाओं की स्फीति गति में परि वर्तन आने के कारण होती है।
3. वृद्धि गति अनुत्क्रमणीय होती है।स्फीति गति उत्क्रमणीय होती है।

प्रश्न 14.
अनुवर्तनी गति तथा अनुचलन गति में अन्तर कीजिए।
उत्तर-
अनुवर्तनी गति तथा अनुचलन गति में अन्तर

अनुवर्तनी गति(Tropic Movement)अनुचलन गति (Tactic Movement)
1. इसमें उद्दीपन गति की दिशा का निर्धारण करता है।इसमें उद्दीपन गति की दिशा का निर्धारण नहीं करता है।
2. यह स्थिर पौधों द्वारा प्रदर्शित वक्रता गति होती है। अतः यह अनुवर्तन गति होती है।इसमें सम्पूर्ण पादप या उसके किसी भाग में स्थान परिवर्तन होता है, अत: यह अनुचलन गति है।
3. उद्दीपन के आधार पर अनुवर्तनी गति अनेक प्रकार की हो सकती है। जैसे-प्रकाशानुवर्तन, गुरुत्वानुवर्तन, रसायना नुवर्तन आदि।उद्दीपन के आधार पर अनुचलन गति भी अनेक प्रकार की होती है। जैसे-प्रकाशानुचलन, ताप अनुचलन आदि।

प्रश्न 15.
बीजांकुरण में जड़ें सदैव भूमि की ओर तथा प्ररोह ऊपर की ओर वृद्धि करते हैं। क्यों ? प्रयोग द्वारा समझाइए। (मा. शि. बो. 2012)
उत्तर-
बीजांकुरण में जड़ों का भूमि की ओर जाना धनात्मक गुरुत्वानुवर्तन तथा प्ररोह का ऊपर की ओर वृद्धि करना धनात्मक प्रकाशानुवर्तन कहलाता है। प्रयोग-बुरादे या रेत में कुछ बीजों को अंकुरित कराते हैं। इनमें प्ररोह ऊपर की ओर तथा जड़ें नीचे की ओर वृद्धि करती हैं। यदि गमले को क्षैतिज लिटा दिया जाए तो भी जड़ें नीचे की ओर तथा प्ररोह ऊपर की ओर मुड़ जाता है।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय 4

प्रश्न 16.
शीर्ष प्रमुखता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-
शीर्ष प्रमुखता (Apical Dominance)-यह ऑक्सिन नामक पादप हॉर्मोन्स का एक प्रमुख गुण है। ऑक्सिन प्ररोह शीर्ष में स्रावित होता है। इसके प्रभाव से प्ररोह पर स्थित कक्षस्थ कलिकाओं की वृद्धि रुक जाती है और पौधों में शीर्ष वृद्धि अधिक होती है। यदि पौधे के शीर्ष भाग को काट दिया जाए तो इनमें उपस्थित ऑक्सिन हट जाता है और पार्श्व कलिकाएँ वृद्धि करने लगती हैं। इसे शीर्ष प्रमुखता कहते हैं। इसीलिए माली हेज लगाने के लिए शीर्ष कलिकाओं को काट देते हैं।

प्रश्न 17.
अनिषेक फलन क्या है ? इसमें ऑक्सिन का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
अनिषेक फलन (Parynenocarpy)-बीज रहित फलों का निर्माण होना अनिषेक फलन कहलाता है। अनिषेक फलन ऑक्सिन द्वारा कृत्रिम रूप से प्रेरित किया जा सकता है। यदि अनिषेचित वर्तिकान पर निश्चित सान्द्रता वाले ऑक्सिन घोल का लेपन करके इसे परागण होने से रोक दिया जाता है तो ऐसा करने से फल का निर्माण तो होता है लेकिन इनमें बीजों का निर्माण नहीं होता है।

प्रश्न 18.
अपृतनाशन में ऑक्सिन की भूमिका लिखिए।
उत्तर-
फसल से अवांछनीय पौधों का उन्मूलन करना अपृतनाशन कहलाता है। कुछ ऑक्सिन्स जैसे-2-4-D, 2-4, 5T आदि का छिड़काव करने से कुछ द्विबीजपत्री पौधे (चौड़ी पत्ती । वाले) नष्ट हो जाते हैं। इनके छिड़कने से एकबीजपत्री पौधे,जैसे-गेहूँ, जौ, आदि पर कोई खास प्रभाव नहीं होता है।

प्रश्न 19.
हमारे शरीर में हॉर्मोन्स का महत्त्व बताइए।
उत्तर-
हॉर्मोन्स हमारे शरीर में वृद्धि, परिवर्धन, परिपक्वन एवं जनन की बहुत-सी क्रियाओं का नियन्त्रण करते हैं। ये विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं की दर तथा उनकी लयात्मक विविधताओं का एवं ऊर्जा व्यय का नियमन भी करते हैं। हॉर्मोन्स तंत्रिका तंत्र की क्रियाविधि का भी नियमन करते हैं। किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व और उसका आचरण मुख्यतः अन्तःस्रावी ग्रन्थियों पर ही निर्भर होता है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 20.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
(i) सरल गलगंड,
(ii) अवटुवामनता,
(iii) मिक्सिडिया।
उत्तर-
(i) सरल गलगंड-यह आहार में आयोडीन की कमी के कारण होता है। इसकी कमी से थायरॉक्सिन के निर्माण में कमी हो जाती है, जिससे थायरॉइड ग्रन्थि फूल जाती है और गर्दन सूजी हुई दिखाई देती है।
(ii) अवटुवामनता-इसमें बालकों में वृद्धि कम होती है। बालक बौना तथा मन्द बुद्धि रह जाता है। यह थायरॉक्सिन के अल्प स्त्रावण से होता है।
(iii) मिक्सिडिया-थायरॉक्सिन के अल्प स्रावण से यह रोग वयस्कों में होता है। इससे हाथ-पैरों में सूजन हो जाती है।

प्रश्न 21.
पीयूष ग्रन्थि से स्रावित होने वाले चार हॉर्मोन्स के नाम लिखिए।
उत्तर-

  • वृद्धि हॉर्मोन (Growth hormone),
  • थायरॉइड उद्दीपक हॉर्मोन (Thyroid stimulating hormone),
  • एड्रीनो कोर्टिकोट्रोपिक हॉर्मोन (Adreno cortico tropic hormone),
  • गोनेडो उद्दीपक हॉर्मोन (Gonado stimulating hormone)।

प्रश्न 22.
कोई गिलहरी आतंक की परिस्थिति में है। वह अपने शरीर को लड़ने के लिए अथवा वहाँ से भागने के लिए तैयार करती है। उसके शरीर में तत्काल होने वाले परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए जिससे कि वह गिलहरी लड़ अथवा भाग सके। (CBSE 2020)
उत्तर-
ऐसे समय में गिलहरी की अधिवृक्क ग्रन्थि द्वारा एड्रीनलीन हॉर्मोन सीधा रुधिर में स्रावित हो जाता है और फिर शरीर के सभी भागों में पहुँच जाता है। इसके परिणामस्वरूप हृदय की धड़कन और श्वसन दर बढ़ जाती है। ये सभी अनुक्रियाएँ मिलकर, गिलहरी के शरीर को इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार करती हैं।
अथवा
बहुकोशिकीय जीवों की कोशिकाओं के बीच संचार के साधन के रूप में विद्युत आवेग की तुलना में रासायनिक संचरण बेहतर क्यों होता है? (CBSE 2020)
उत्तर-
विद्युत आवेग तंत्रिकाओं द्वारा अंगों तक जाता है इसलिए जीव के किसी अंग की सभी कोशिकाओं तक जल्दी से इसका संचार नहीं हो पाता, जबकि रासायनिक संचरण में हॉर्मोन का प्रवाह, रक्त परिवहन द्वारा होता है। ये हॉर्मोन किसी अंग की कोशिकाओं को कार्य करने के लिए जल्दी से प्रेरित करते हैं तथा रक्त परिसंचरण द्वारा उस अंग तक पहुँच भी जल्दी जाते हैं। इसलिए विद्युत आवेग की तुलना में रासायनिक संचरण बेहतर माना जाता है।

प्रश्न 23.
पादप हॉर्मोन क्या होते हैं? निम्नलिखित के लिए उत्तरदायी हॉर्मोन के नाम लिखिए।
(i) तने की वृद्धि में सहायक
(ii) कोशिका विभाजन को प्रेरित करना
(iii) वृद्धि का संदमन
(iv) कोशिका की लम्बाई में वृद्धि में सहायक (CBSE 2019)
उत्तर-
पादप हॉर्मोन-यह एक प्रकार के रसायन होते हैं जो पौधे के विकास एवं वृद्धि की क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
(i) तने की वृद्धि में सहायक-जिबरेलिन हॉर्मोन।
(ii) कोशिका विभाजन को प्रेरित करनासाइटोकाइनिन हॉर्मोन।
(iii) वृद्धि का संदमन-एब्सिसिक अम्ल (ABA) हॉर्मोन।
(iv) कोशिका की लम्बाई में वृद्धि में सहायक- ऑक्सि हॉर्मोन।

प्रश्न 24.
अग्नाशय ग्रन्थि से स्रावित होने वाले हॉर्मोन का नाम तथा कार्य लिखिए। इसकी कमी से होने वाले रोग का नाम लिखिए। (CBSE 2017)
उत्तर-
अग्नाशय ग्रंथि से स्रावित होने वाले हॉर्मोनइन्सुलिन का कार्य रक्त में शर्करा का स्तर कम रखना होता है। इसकी कमी से मधुमेह नाम की बीमारी होती है।

प्रश्न 25.
अण्डाशय तथा वृषण से स्रावित हॉर्मोन्स के नाम तथा कार्य लिखिए।
उत्तर-

  1. अण्डाशय से स्रावित हार्मोन-एस्ट्रोजन्स (Estrogens)। कार्य-ये जननांगों (गर्भाशय, योनि, स्तन आदि) के विकास को प्रेरित करते हैं। इनके कारण द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास होता है। यह रजोधर्म को प्रारम्भ करता है।
  2. वृषण से स्रावित हॉर्मोन-एण्ड्रोजन्स (Androgens)। कार्य-ये लैंगिक परिपक्वता, जननांगों के विकास, द्वितीयक लैंगिक लक्षण आदि के विकास में सहायक हैं। पुरुषों की भारी आवाज, अधिक मजबूत शरीर, दाढ़ी, मूंछ आदि इसी के प्रभाव से विकसित होते हैं।

प्रश्न 26.
एड्रीनलीन तथा नॉर-एड्रीनलीन का स्त्रावण किस ग्रन्थि से होता है ? इसके कार्य लिखिए।
उत्तर-
एड्रीनलीन तथा नॉर-एड्रीनलीन हॉर्मोन्स अधिवृक्क ग्रन्थि के मैडुला भाग से स्रावित होते हैं।

  • एडीनलीन या एपीनेफ्रीन प्रमुख हॉर्मोन है। यह ग्लाइकोजेनोलाइसिस तथा वसा के विघटन को प्रेरित करता है। यह हृदय स्पंदन दर, श्वास दर, ग्लूकोज की खपत एवं उपापचय दर को बढ़ाता है। यह संकट की अवस्था में शरीर को उग्र प्रतिक्रिया के लिए तैयार करता है।
  • नॉर-एड्रीनलीन या नॉर-एपीनेफ्रीन अल्प मात्रा में स्रावित होता है। यह रुधिर दाब बढ़ाता है तथा हृदय की संकुचनशीलता को नियन्त्रित करता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
प्रतिवर्ती क्रिया को उपयुक्त उदाहरण द्वारा समझाइए।(RBSE 2010, CBSE 2017)
उत्तर-
“बहुत सी क्रियाएँ बाह्य उद्दीपनों के कारण अनुक्रिया (response) के रूप में घटित होती हैं, इन्हें प्रतिवर्ती क्रियाएँ कहते हैं।” काँटा चुभते ही पैर को झटके से ऊपर खींचना, गर्म वस्तु छू जाने पर हाथ खींचना, तीव्र प्रकाश में आँख की पुतली का सिकुड़ना, खाँसना, छींकना, पलक झपकना आदि प्रतिवर्ती क्रिया के उदाहरण हैं।

प्रतिवर्ती क्रियाएँ रीढ़ रज्जु से नियन्त्रित होती हैं। मस्तिष्क को निकाल देने पर ये कुछ समय के लिए चलती रहती हैं। अतः प्रतिवर्ती क्रिया किसी उद्दीपन के प्रति अंग या अंगों के तंत्र द्वारा तीव्र गति से की जाने वाली स्वचालित अनुक्रिया है। __रीढ़ रज्जु से रीढ़ तंत्रिकाएँ निकलती हैं। प्रत्येक रीढ़ तंत्रिका पृष्ठ मूल तथा अधर मूल से मिलकर बनती है। पृष्ठ मूल में संवेदी तन्तु तथा अधर मूल में चालक तन्तु होते हैं। संवेदी अंग उद्दीपन को ग्रहण कर संवेदी तन्तुओं द्वारा रीढ़ रज्जु तक पहँचाते हैं, इसके फलस्वरूप रीढ़ रज्ज से अनक्रिया के लिए आवेश चालक तन्तओं द्वारा सम्बन्धित माँसपेशियों को मिलता है और अंग अनुक्रिया करता है।

इस प्रकार संवेदी अंगों से, संवेदनाओं को संवेदी तन्तुओं द्वारा रीढ़ रज्जु तक आने या रीढ़ रज्जु से प्रेरणा के रूप में अनुक्रिया करने वाले अंगों की माँसपेशियों तक संदेश पहुँचाने के मार्ग को प्रतिवर्ती चाप (Reflex arc) तथा होने वाली क्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex action) कहते हैं। महत्त्व-बाह्य तथा आन्तरिक उद्दीपनों के फलस्वरूप होने वाली ये क्रियाएँ सुषुम्ना द्वारा नियन्त्रित होती हैं। इससे मस्तिष्क पर कार्य दबाव कम हो जाता है। क्रिया होने के पश्चात् मस्तिष्क को सूचना प्रेषित कर दी जाती है।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय 5

प्रश्न 2.
मानव के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर-
केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) – इसके अन्तर्गत मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु आते हैं। मस्तिष्क शरीर का मुख्य नियन्त्रक एवं समन्वयन केन्द्र होता है।

मस्तिष्क (Brain)-मस्तिष्क अत्यन्त महत्त्वपूर्ण अंग है। यह अत्यधिक कोमल होता है जो कपाल (Cranium) में सुरक्षित रहता है। यह चारों ओर से त्रिस्तरीय झिल्ली से घिरा होता है। बाहरी दृढ़ झिल्ली दृढ़ तानिका (Duramater), मध्य वाली झिल्ली मृदुतानिका (Piamater) तथा आन्तरिक झिल्ली जालतानिका (Arachoid) कहलाती है।

मस्तिष्क के प्रमुख तीन भाग होते हैं –
1. अग्र मस्तिष्क-इसके अन्तर्गत घ्राण पिण्ड, प्रमस्तिष्क तथा डाएनसिफलॉन आते हैं। घ्राण पिण्ड गंध -ज्ञान के, प्रमस्तिष्क स्मृति, सोचने-विचारने, तर्क शक्ति आदि के तथा डाएनसिफलॉन भूख, प्यास, नींद, ताप नियन्त्रण, उपापचय आदि के केन्द्र होते हैं।

2. मध्य मस्तिष्क-मध्य मस्तिष्क का अधिकांश भाग अनुमस्तिष्क से ढका होता है। यह दृष्टि ज्ञान कराता है।
3. पश्च मस्तिष्क-इसके अन्तर्गत अनुमस्तिष्क, पोन्स तथा मस्तिष्क पुच्छ आता है।
HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय 6

  • पोन्स-अनुमस्तिष्क के सामने तथा मस्तिष्क पुच्छ के ऊपर स्थित होता है। यह हृदय स्पंदन तथा श्वसन आदि क्रियाओं को नियन्त्रित करता है।
  • अनुमस्तिष्क-प्रमस्तिष्क के पश्च भाग के नीचे स्थित गोलाकार भाग होता है। यह शरीर का सन्तुलन बनाने का कार्य करता है।
  • मस्तिष्क पुच्छ (Medulla oblongata)-मस्तिष्क का पश्च बेलनाकार भाग है, यह शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं पर नियन्त्रण रखता है।

मेरुरज्जु या सुषुम्ना (Spinal Cord)-मस्तिष्क का पश्च भाग लम्बा होकर कपाल के पश्च छोर पर उपस्थित महारन्ध्र से निकलकर रीढ़ की हड्डी में फैला रहता है। यही मेरुरज्जु कहलाता है। रीढ़ की हड्डी कशेरुकाओं की बनी होती है तथा इसके मध्य में एक तंत्रिका नाल होती है। इसी तंत्रिका नाल में मेरुरज्जु स्थित होती है। मेरुरज्जु मस्तिष्क से प्राप्त तथा मस्तिष्क को जाने वाले आवेगों के लिए पथ प्रदान करता है। यह प्रतिवर्ती क्रियाओं के संचालन एवं नियमन के कार्य भी करता है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 3.
निम्नलिखित के कार्यों का वर्णन कीजिए –
1. ऑक्सिन्स
2. जिबरेलिन्स,
3. एसीसिक अम्ल
4. सायटोकाइनिन,
5. इथाइलीन।
उत्तर-
1. ऑक्सिन (Auxins)-ऑक्सिन्स के अन्तर्गत अनेक हॉर्मोन्स आते हैं, जैसे-इंडोल ऐसीटिक एसिड (IAA), इंडोल ब्यूटाइरिक एसिड (IBA), नैफ्थलीन ऐसीटिक एसिड (NAA), 2-4 डाइफिनोल ऐसीटिक एसिड (2-4, D) आदि ।

इनके कार्य निम्नलिखित हैं

  • कोशिकाओं में विवर्धन करना।
  • कोशिका विभाजन में सहायता करना।
  • फलों व पत्तियों को असमय गिरने से रोकना।
  • कायिक प्रजनन में सहायता करना।
  • खरपतवार नियन्त्रण।

2. जिबरेलिन्स (Gibberellins)-ये भी विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे GA1, GA2, GA3, आदि।

इनके कार्य निम्नलिखित हैं-

  • तनों की लम्बाई में वृद्धि करना।
  • बीजों के अंकुरण को बढ़ानां
  • कलिका प्रसुप्ति को कम करना।
  • पुष्पों के खिलने में सहायता करना।
  • कुछ पौधों में अनिषेक फलन उत्पन्न करना।

3. एब्सीसिक अम्ल (Abscissic Acid)-इसे वृद्धि रोधक हॉर्मोन कहते हैं।

इसके निम्नलिखित कार्य हैं ।

  • पौधों की वृद्धि को नियन्त्रित करता है।
  • सूखे की स्थिति में रन्ध्रों को बन्द करता है।
  • बीजों एवं कलियों में अंकुरण का संदमन करता
  • प्रोटीन के संश्लेषण को प्रोत्साहित करता है।

4. सायटोकाइनिन्स (Cytokinins)-

इसके कार्य निम्नलिखित हैं-

  • कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है।
  • जीर्णता को नष्ट करता है।
  • सुप्तावस्था को नष्ट करता है।
  • पोषक पदार्थों के स्थानान्तरण में सहायक होता है।

5. इथाइलीन (Ethylene)-यह एक गैसीय हॉर्मोन है।

इसके निम्नलिखित कार्य हैं-

  • फलों के पकने में सहायक होता है।
  • मादा पुष्पों की संख्या बढ़ाता है।
  • विलगन को प्रेरित करता है।
  • तनों के फूलने में सहायक होता है।

प्रश्न 4.
मानव शरीर में पायी जाने वाली प्रमुख अन्तःस्त्रावी ग्रन्थियों के नाम, उनसे स्त्रावित हॉर्मोन्स तथा कार्यों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। (CBSE 2018)
उत्तर-
मानव शरीर में पायी जाने वाली प्रमुख अन्तः स्रावी ग्रन्थियाँ निम्नलिखित हैं-

1.पीयूष ग्रन्थि (Pituitary gland)-इससे निम्नलिखित हॉर्मोन्स स्रावित होते हैं-

  • वृद्धि हॉर्मोन (GH)-यह अस्थियों तथा ऊतकों की वृद्धि को नियन्त्रित करता है।
  • एन्टीडाइयूरेटिक हॉर्मोन (ADH)-यह वृक्क द्वारा जल के पुनः अवशोषण को नियमित करता है।
  • ACTH-यह कार्टिसोन निर्माण के लिए अधिवृक्क कॉर्टेक्स को उत्तेजित करता है।
  • FSH-यह एस्ट्रोजन सावण के लिए अण्डाशय को उत्तेजित करता है।
  • TSH- यह थायरॉक्सिन के स्रावण के लिए थायरॉइड ग्रन्थि को उत्तेजित करता है।

2. थायरॉइड (Thyroid)- इससे थायरॉक्सिन हॉर्मोन स्रावित होता है। थायरॉक्सिन उपापचय तथा वृद्धि की दर नियमित करता है। इसकी कमी से पेंघा रोग हो जाता है तथा शरीर में शिथिलता आ जाती है। इसकी अधिकता से भीमकायिकता रोग उत्पन्न हो जाता है।

3. अग्न्याशय (Pancreas)-इसकी. लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाओं से इन्सुलिन का स्रावण होता है। इन्सुलिन शर्करा के उपापचय का नियमन करता है। इसकी कमी से रुधिर में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है और शरीर में कमजोरी आती है, ऐसी स्थिति को मधुमेह (Diabetes) कहते हैं।

4. अधिवृक्क ग्रन्थि (Adrenal gland)- इससे कार्टिसोन का स्रावण होता है। कार्टिसोन (Cortison) प्रोटीन को शर्करा में बदलने का कार्य करता है।

5. अण्डाशय (Ovary)-इससे एस्ट्रोजन का स्रावण होता है। एस्ट्रोजन (Estrogen) मादा लक्षणों का विकास करता है।

6. वृषण (Testes)- इनसे टेस्टोस्टेरॉन का स्रावण होता है।

7. टेस्टोस्टेरॉन (Testosteron)-यह नर लक्षणों का विकास करता है।

प्रश्न 5.
हॉर्मोन नियमन की पुनर्भरण क्रियाविधि क्या है? इस परिघटना की व्याख्या इन्सुलिन का उदाहरण लेकर कीजिए। (CBSE 2019)
उत्तर-
वह क्रियाविधि जिसके माध्यम से हमारे शरीर में ग्रंथियों द्वारा स्रावित होने वाले हॉर्मोनों के समय व मात्रा को नियंत्रित किया जाता है, हॉर्मोन की पुनर्भरण क्रियाविधि कहलाती है।

उदाहरण-जब रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है, तो अग्नाश्य की कुछ विशेष प्रकार की कोशिकाएँ, प्रतिक्रिया स्वरूप, अधिक मात्रा में इन्सुलिन का उत्पादन करती हैं। इसके विपरीत जब रक्त में शर्करा का स्तर कम हो जाता है तो अपने आप ही इन्सुलिन की मात्रा कम स्रावित होने लगती है।

प्रश्न 6.
“हमारे शरीर में नियन्त्रण और समन्वय का कार्य तंत्रिका तंत्र और हॉर्मोनी तंत्र द्वारा मिलकर किया जाता है।” किसी उदाहरण की सहायता से इस कथन की पुष्टि कीजिए। (CBSE 2019)
उत्तर-
तंत्रिका तंत्र, बाहर के उद्दीपनों को, शरीर की ग्राही कोशिकाओं से प्राप्त करके, मस्तिष्क अथवा मेरुरज्जु तक संदेश भेजता है, फिर प्रेरक तंत्रिकाओं द्वारा कार्य कर अंगों को उस पर क्रिया करने के लिए प्रेरक संदेश भेजता जाता है। तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित क्रियाएँ एच्छिक अथवा अनैच्छिक दोनों प्रकार की हो सकती हैं। हॉर्मोन तंत्र में अन्तःस्रावी ग्रंथियों द्वारा रासायनिक हॉर्मोन स्रावित होते हैं। यह हॉर्मोन रक्त द्वारा उस अंग तक पहुँचते हैं, जिस अंग की क्रिया पर उन्हें नियंत्रण करना होता है। उदाहरण के लिए, अग्नाश्य ग्रंथि द्वारा इन्सुलिन हॉर्मोन स्रावित होता है और यह हॉर्मोन रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करता है।

प्रश्न 7.
जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए तंत्रिका तथा हार्मोन क्रियाविधि की तुलना तथा अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
तंत्रिका कार्यविधि तथा हार्मोन कार्यविधि में अंतर :

तंत्रिका कार्यविधिहार्मोन कार्यविधि
1. इसमें बाहरी उद्दीपन तथा उसकी प्रतिक्रिया रासा- यनिक तथा विद्युत तरंग के रूप में तंत्रिका कोशि- काओं में से प्रवाहित होती है।1. हार्मोन, अन्त:स्रावी ग्रंथियों द्वारा उत्पन्न होकर रक्त द्वारा उस अंग तक पहुँचते हैं, जिसके कार्य को उस हार्मोन ने नियंत्रित करना होता है।
2. तंत्रिका वेग अपने कार्यों को शीघ्रता से पूरा करती हैं।2. हार्मोन अपने कार्यों को धीरे-धीरे पूरा करते हैं।
3. तंत्रिकाओं द्वारा पेशियों से कार्य करवा कर उद्दीपन के प्रति प्रतिक्रिया काफी तीव्रता से होती है।3. हार्मोनों द्वारा प्रतिक्रिया तंत्रिकाओं की अपेक्षा इतनी तीव्रता से नहीं हो पाती है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में अन्तर लिखिए
(i) अन्तःस्रावी तथा बहिस्स्रावी ग्रन्थियाँ
(ii) अनुकंपी तथा परानुकंपी तंत्रिका तंत्र
(iii) हॉर्मोन तथा एन्जाइम। [RBSE 2015]
उत्तर-
(i) अन्तःस्रावी तथा बहि स्रावी ग्रन्थियों में अन्तर

अन्तःस्त्रावी ग्रन्थिबहिःस्रावी ग्रन्थि
1. ये नलिकाविहीन ग्रन्थियाँ हैं।1. ये नलिकायुक्त ग्रन्थियाँ हैं।
2. इनके स्राव को रुधिर द्वारा गंतव्य तक पहुँचाया जाता है।2. इनका स्राव नलिकाओं द्वारा शरीर के भीतर तक पहुँचता है।
3. ये विशेष अंगों की उचित वृद्धि और कार्यों के लिए उत्तरदायी हैं।3. ये भोजन एवं बाह्य पदार्थों पर कार्य करने में निपुण होती हैं।

(ii) अनुकंपी तथा परानुकंपी तंत्रिका तंत्र में अन्तर

अनुकंपी तंत्रिका तंत्रपरानुकंपी तंत्रिका तंत्र
1. यह मेरुरज्जु के दोनों तरफ गुच्छकों की एक दोहरी कड़ी होती है। प्रत्येक में 18 गुच्छक (ganglion) होते हैं।1. ये भी जोड़ीदार होते हैं लेकिन ये आंतरिक अंगों के समीप नहीं होते हैं।
2. तंत्रिका तन्तु इन गुच्छकों को केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र तथा आंतरिक अंगों से जोड़ते हैं।2. यह तंत्र मस्तिष्क से निकलता है तथा मेरुरज्जु के पश्च भाग तक स्थित होता है।

(iii) हॉर्मोन्स तथा एन्जाइम में अन्तर-

हॉर्मोन्सएन्जाइम
1. ये कार्बनिक पदार्थ हैं जो अन्तःस्रावी ग्रन्थियों से स्रावित होते हैं।1. ये भी कार्बनिक पदार्थ हैं जो बहिस्रावी ग्रन्थियों के पाचक रस में पाए जाते हैं।
2. इनका बहन रुधिर द्वारा होता है।2. इनका वहन नलिकाओं द्वारा होता है।
3. ये उपापचयी क्रिया में प्रयुक्त हो जाते हैं।3. ये उपापचयी क्रिया में उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।
4. ये ग्लाइकोप्रोटीन, स्टी- रॉइड या पॉलीपेप्टाइड होते हैं।4. ये प्रोटीन होते हैं।

प्रश्न 9.
मानव में पायी जाने वाली विभिन्न अन्तः स्त्रावी ग्रन्थियों का वर्णन कीजिए। [RBSE 2015]
उत्तर-
अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ (Endocrine glands) –
अन्तःस्रावी अथवा एण्डोक्राइन (endocrine) ग्रन्थियों से अभिप्राय ऐसी ग्रन्थियों से है, जो आन्तरिक रूप से स्रावण करती हैं। इनमें नलिकायें न पायी जाने के कारण इन्हें नलिकाविहीन ग्रन्थियाँ (ductless glands) भी कहते हैं। ग्रन्थियों से स्रावित होने वाले विशिष्ट पदार्थों को हॉर्मोन्स (hormones) कहते हैं। हॉर्मोन्स का शरीर के विभिन्न अंगों तक संचरण रुधिर प्रवाह के माध्यम से होता है।

मनुष्य में निम्नलिखित अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं-
1. पीयूष ग्रन्थि (Pituitary gland)-यह मस्तिष्क में स्थित होती है।
2. थाइरॉइड ग्रन्थि (Thyroid gland)-यह गले में स्थिति होती है।
3. पैराथाइरॉइड ग्रन्थि (Parathyroid gland)-यह भी गले में स्थित होती है।
4. एड्रीनल ग्रन्थि (Adrenal gland)-यह उदर में वृक्क के पास स्थित होती है।
5. थाइमस ग्रन्थि (Thymus gland)-यह वक्ष में स्थित होती है।
6. पीनियल काय (Pineal body)-यह मस्तिष्क में स्थित होते है।

उपर्युक्त अन्तःस्रावी ग्रन्थियों के अतिरिक्त वृक्क (kidneys), वृषण (testes), अण्डाशय (ovary), प्लैसेन्टा, आहारनाल (alimentary canal), त्वचा आदि ऐसे अंग हैं जिनमें हॉर्मोन्स का स्रावण होता है। अग्न्याशय से भी हॉर्मोन्स का स्त्रवण होता है तथा यह एक मिश्रित ग्रन्थि (अन्तःस्रावी व बहिःस्रावी दोनों प्रकार की) होती है।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

प्रश्न 10.
निम्नलिखित के कार्य लिखिए
(i) ऑक्सीटोसिन
(ii) वेसोप्रेसिन
(iii) प्रोलैक्टिन
(iv) प्रेरक तंत्रिका
(v) मिश्रित तंत्रिका
(vi) साहचर्य तंत्रिका
(vii) संवेदी तंत्रिका
(viii) फीरोमोन्स
(ix) एसीटिलकोलीन
(x) फ्लोरीजेन
उत्तर-
(i) ऑक्सीटोसिन (Oxytosin)-यह हॉर्मोन गर्भवती स्त्री के गर्भाशय के प्रबल संकुचनों को प्रेरित करता है, जिससे बच्चे का जन्म होता है।
(ii) वेसोप्रेसिन (Vasopresin)-यह हॉर्मोन रक्त चाप के बढ़ने पर रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है। यह वृक्क नलिकाओं में से जल के पुनः अवशोषण को भी बढ़ाता है।
(iii) प्रोलैक्टिन (Prolactin)-यह हॉर्मोन दुग्ध ग्रन्थियों में दुग्ध उत्पादन की प्रेरणा देता है।
(iv) प्रेरक तंत्रिका (Motor Neuron)-ये आवेग को मुख्य तंत्रिका तंत्र से प्रेरक (पेशी या ग्रन्थि) में ले जाता है।
(v) मिश्रित तंत्रिका (Mixed Neuron)-इनके अन्दर संवेदना एवं प्रेरण दोनों के गुण होते हैं।
(vi) साहचर्य तंत्रिका (Associate Neuron)-ये संवेदी एवं प्रेरक तंत्रिकाओं के बीच साहचर्य बनाए रखते हैं।
(vii) संवेदी तंत्रिका (Sensory Neuron)-आवेग को सूचना ग्राही से मुख्य तंत्रिका तंत्र में ले जाना।
(viii) फीरोमोन्स (Feromones)-ये विशेष रासायनिक पदार्थ हैं जिन्हें जन्तु द्वारा दूसरे जन्तुओं को भगाने, स्वयं की रक्षा करने या जोड़ा बनाने के लिए शरीर से बाहर छोड़ा जाता है।
(ix) ऐसीटिलकोलीन (Acetylcholine)-यह एक्सॉन के अन्तिम सिरों से निकलकर अगले न्यूरॉन में एक नया आवेग प्रारम्भ करता है।
(x) फ्लोरीजेन (Florigen)-ये उद्दीपन को पत्तियों से पुष्पों तक ले जाता है तथा पुष्पों के खिलने में सहायक है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective type Qusetions)

1. निम्न में से कौन-सी ग्रन्थि मास्टर ग्रन्थि कहलाती है-
(a) थायरॉइड ग्रन्थि
(b) पीयूष ग्रन्थि
(c) अग्न्याशय
(d) एड्रीनल ग्रन्थि।
उत्तर-
(b) पीयूष ग्रन्थि।

2. अग्न्याशय से स्त्रावित हॉर्मोन है
(a) वृद्धि हॉर्मोन
(b) थायरॉक्सिन
(c) प्रोलैक्टिन
(d) इन्सुलिन।
उत्तर-
(d) इन्सुलिन।

3. इन्सुलिन हॉर्मोन के अल्प सावण से किस रोग के होने की सम्भावना होती है –
(a) पीलिया
(b) घेंघा
(c) मधुमेह
(d) तपेदिक।
उत्तर-
(c) मधुमेह।

4. किस हॉर्मोन की कमी से घेघा (goiter) रोग होता है-
(a) ऑक्सीटोसिन
(b) थायरॉक्सिन
(c) पिट्यूसिन
(d) प्रोलैक्टिन।
उत्तर-
(b) थायरॉक्सिन।

5. थायरॉक्सिन के निर्माण के लिए किस तत्व की आवश्यकता होती है-
(a) आयोडीन
(b) आयरन
(c) कैल्सियम
(d) सल्फर।
उत्तर-
(a) आयोडीन।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

6. तंत्रिका तंत्र की क्रियात्मक एवं संरचनात्मक इकाई है
(a) मस्तिष्क
(b) मेरुरज्जु
(c) केशिका
(d) तंत्रिका।
उत्तर-
(d) तंत्रिका।

7. मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग कौन-सा होता है
(a) प्रमस्तिष्क
(b) अनुमस्तिष्क
(c) मेडुला ओब्लोंगेटा
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(a) प्रमस्तिष्क। .

8. निम्न में से कौन-सी अनैच्छिक क्रिया है
(a) लिखना
(b) कूदना
(c) थूकना,
(d) पलक झपकना।
उत्तर-
(d) पलक झपकना। .

9. दो तंत्रिकाओं के बीच खाली स्थान कहलाता है –
(a) एक्सॉन
(b) न्यूरॉन
(c) सिनेप्स
(d) दुमिका।
उत्तर-
(c) सिनेप्स।

10. निम्न में से नर हॉर्मोन है-
(a) एड्रीनलीन
(b) इन्सुलिन
(c) टेस्टोस्टेरॉन
(d) एस्ट्रोजन।
उत्तर-
(c) टेस्टोस्टेरॉन।

11. निम्न में से कौन-सा आपातकालीन हॉर्मोन है-
(a) एड्रीनलीन
(b) थायरॉक्सिन
(c) एस्ट्रोजन
(d) प्रोजेस्ट्रॉन।
उत्तर-

(a) एड्रीनलीन।

सुमेलन संबंधी प्रश्न (Matrix Type Questions)
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए –
(a)

स्तम्भ Iस्तम्भ II
1. ऑक्सिन(i) समन्वयन
2. जिब्रेलिन(ii) कोशिका विभाजन
3. एब्सीसिक अम्ल(iii) फल परिपक्वन
4. इथाइलीन(iv) रन्ध्र बन्द होना
5. साइटोकाइनिन(v) तना दीर्धीकरण
6. हार्मोन(vi) कोशिका विवर्धन

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

(b)

स्तम्भ ।स्तम्भ ॥
1. मधुमेह(i) आयोडीन
2. घेघा(ii) इन्सुलिन
3. नर हॉर्मोन(iii) एस्ट्रोजन
4. मादा हॉर्मोन(iv) टेस्टोस्टेरॉन
5. मस्तिष्कावरण(v) न्यूरॉन
6. साइटॉन(vi) सुरक्षा

(c)

स्तम्भ Iस्तम्भ ॥
1. इन्सुलिन(i) वृषण
2. थाइरॉक्सिन(ii) अण्डाशय
3. एड्रीनलीन(iii) पीयूष
4. वृद्धि हॉर्मोन(iv) अधिवृक्क
5. एस्ट्रोजन(v) थाइरॉइड
6. टेस्टोस्टेरॉन(vi) अग्न्याशय

उत्तर-
(a)

स्तम्भ Iस्तम्भ II
1. ऑक्सिन  (vi) कोशिका विवर्धन
2. जिब्रेलिन(v) तना दीर्धीकरण
3. एब्सीसिक अम्ल(iv) रन्ध्र बन्द होना
4. इथाइलीन(iii) फल परिपक्वन
5. साइटोकाइनिन(ii) कोशिका विभाजन
6. हार्मोन(i) समन्वयन

(b)

स्तम्भ ।स्तम्भ ॥
1. मधुमेह(i) आयोडीन
2. घेघा(ii) इन्सुलिन
3. नर हॉर्मोन(iii) एस्ट्रोजन
4. मादा हॉर्मोन(iv) टेस्टोस्टेरॉन
5. मस्तिष्कावरण(v) न्यूरॉन
6. साइटॉन(vi) सुरक्षा

(c)

स्तम्भ Iस्तम्भ ॥
1. इन्सुलिन (vi) अग्न्याशय
2. थाइरॉक्सिन(v) थाइरॉइड
3. एड्रीनलीन(iv) अधिवृक्क
4. वृद्धि हॉर्मोन(iii) पीयूष
5. एस्ट्रोजन(ii) अण्डाशय
6. टेस्टोस्टेरॉन(i) वृषण

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill In the blanks)

1. मस्तिष्क का सबसे बड़ा हिस्सा ………………………………. है।
उत्तर-
सेरेब्रम,

2. …………………………. शरीर का मुख्य समन्वय केंद्र है।
उत्तर-
मस्तिष्क,

3. पीयूष ग्रन्थि को ………………………………. कहते हैं।
उत्तर-
मास्टर ग्रंथि,

4. ……………………………… फलों को पकाने में सहायक गैसीय हॉर्मोन
उत्तर-
इथाइलीन,

5. मस्तिष्क ………………………………….. में बन्द होता है।
उत्तर-
कपाल गुहा।

HBSE 10th Class Science Important Questions Chapter 7 नियंत्रण एवं समन्वय Read More »

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

Haryana State Board HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

भाग-I : सही विकल्प का चयन करें

1. भारत में सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र पर पाई जाने वाली मिट्टी है
(A) काली मिट्टी
(B) जलोढ़ मिट्टी
(C) लैटेराइट मिट्टी
(D) मरुस्थलीय मिट्टी
उत्तर:
(B) जलोढ़ मिट्टी

2. निम्नलिखित में से किस मिट्टी का अन्य नाम रेगड़ है?
(A) वनीय मिट्टी का
(B) जलोढ़ मिट्टी का
(C) लैटेराइट मिट्टी का
(D) काली मिट्टी का
उत्तर:
(B) जलोढ़ मिट्टी का

3. गंगा के मैदान का उपजाऊपन किस कारण से बना हुआ है?
(A) लगातार सिंचाई
(B) प्रतिवर्ष बाढ़ द्वारा नई मिट्टी का जमाव
(C) मानसूनी वर्षा
(D) ऊसर भूमि का सुधार
उत्तर:
(B) प्रतिवर्ष बाढ़ द्वारा नई मिट्टी का जमाव

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

4. भारत में जलोढ़ मिट्टी का विस्तार कितना है?
(A) 22%
(B) 35%
(C) 44%
(D) 55%
उत्तर:
(C) 44%

5. काली मिट्टी की रचना हुई है
(A) समुद्री लहरों की निक्षेपण क्रिया द्वारा
(B) कांप की मिट्टी के निक्षेपण द्वारा
(C) पैठिक लावा के जमने से
(D) लोएस के जमाव से
उत्तर:
(C) पैठिक लावा के जमने से

6. काली मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(A) इसमें नमी को धारण करने की पर्याप्त क्षमता होती है।
(B) सूखने पर इसमें दरारें पड़ जाती हैं।
(C) गन्ना, तम्बाकू, गेहूं, तिलहन व कपास के लिए यह मिट्टी श्रेष्ठ सिद्ध हुई है।
(D) काली मिट्टी प्रवाहित मिट्टियों का आदर्श उदाहरण है।
उत्तर:
(D) काली मिट्टी प्रवाहित मिट्टियों का आदर्श उदाहरण है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही नहीं है ?
(A) काली मिट्टी : महाराष्ट्र
(B) कांप मिट्टी : उत्तर प्रदेश
(C) लैटेराइट मिट्टी : पंजाब
(D) लाल और पीली मिट्टी : तमिलनाडु
उत्तर:
(C) लैटेराइट मिट्टी : पंजाब

8. दक्कन के पठार पर किस मिट्टी का विस्तार सबसे ज्यादा है?
(A) काली मिट्टी
(B) कांप मिट्टी
(C) लैटेराइट मिट्टी
(D) जलोढ़ मिट्टी
उत्तर:
(A) काली मिट्टी

9. काली मिट्टी किस फसल के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है?
(A) गेहूँ
(B) चावल
(C) कपास
(D) बाजरा
उत्तर:
(C) कपास

10. मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया कहलाती है
(A) निक्षालन
(B) मृदा-जनन
(C) मृदा अपरदन
(D) मृदा संरक्षण
उत्तर:
(B) मृदा-जनन

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

11. राजस्थान में मृदा अपरदन का सबसे बड़ा कारक कौन-सा है?
(A) तटीय
(B) अवनालिका
(C) परत
(D) पवन
उत्तर:
(D) पवन

12. चरागाहों और झाड़ीनुमा वनों के लिए कौन-सी मिट्टी अनुकूल मानी जाती है?
(A) जलोढ़
(B) लैटेराइट
(C) काली
(D) पर्वतीय
उत्तर:
(B) लैटेराइट

13. मिट्टी का विकास कितनी अवस्थाओं में होता है?
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर:
(B) 3

14. लाल मिट्टी के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
(A) लोहे के यौगिकों की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है
(B) यह मिट्टी शुष्क कृषि के लिए अधिक उपयुक्त है
(C) यह अधिकांशतः तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में पाई जाती है
(D) यह तलछटी चट्टानों के टूटने से बनी है
उत्तर:
(D) यह तलछटी चट्टानों के टूटने से बनी है

15. पीट मिट्टी के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
(A) यह मिट्टी राजस्थान, गजरात व हरियाणा में पाई जाती है
(B) इसका निर्माण आर्द्र दशाओं में होता है
(C) इसमें लोहांश और जीवांश की मात्रा अधिक पाई जाती है
(D) वर्षा ऋतु में अधिकांशतः पीट मिट्टी जल में डूब जाती है
उत्तर:
(A) यह मिट्टी राजस्थान, गजरात व हरियाणा में पाई जाती है

16. लैटेराइट मिट्टी के संबंध में कौन-सी बात असत्य है?
(A) इसका निर्माण निक्षालन एवं केशिका क्रिया द्वारा होता है
(B) यह मिट्टी अम्लीय प्रकार की होने के कारण कम उपजाऊ है
(C) इसका निर्माण कम वर्षा और ठंडे इलाकों में होता है
(D) यह मिट्टी कंकरीली और छिद्रयुक्त होती है
उत्तर:
(C) इसका निर्माण कम वर्षा और ठंडे इलाकों में होता है

17. लैटेराइट मिट्टी का सबसे ज्यादा उपयोग किस कार्य में किया जाता है?
(A) कृषि में
(B) चरागाहों में
(C) झाड़ीनुमा वनों में
(D) भवन-निर्माण में
उत्तर:
(D) भवन-निर्माण में

18. ‘बेट’ भूमि कहा जाता है
(A) तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली नालों व नालियों से कटी-फटी भूमि को
(B) उभरे हुए मिट्टी के दरों को
(C) जलोढ़ की बिछी मिट्टी की नई उपजाऊ चौरस परत को
(D) चंबल क्षेत्र में पाई जाने वाली क्षत-विक्षत भूमि को
उत्तर:
(C) जलोढ़ की बिछी मिट्टी की नई उपजाऊ चौरस परत को

19. भारत में मृदा अपरदन का सबसे प्रमुख कारण है?
(A) वनों का बड़ी मात्रा में विदोहन
(B) वायु द्वारा मिट्टी का अपवाहन
(C) सरिता अपरदन
(D) जलवायविक दशाएँ
उत्तर:
(A) वनों का बड़ी मात्रा में विदोहन

20. भारत में मृदा की ऊपरी परत के हास का प्रमुख कारण है-
(A) वायु अपरदन
(B) अत्याधिक निक्षालन
(C) जल अपरदन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) जल अपरदन

21. देश में हरित क्रांति वाले क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि निम्नलिखित में से किस कारण से लवणीय हो रही है?
(A) जिप्सम का बढ़ता प्रयोग
(B) अतिचारण
(C) अति सिंचाई
(D) रासायनिक खादों का उपयोग
उत्तर:
(C) अति सिंचाई

भाग-II : एक शब्द या वाक्य में उत्तर दें

प्रश्न 1.
मृदा को मूल पदार्थ अथवा पैतृक पदार्थ कहाँ से प्राप्त होता है?
उत्तर:
चट्टानों से।

प्रश्न 2.
भारत में किस मिट्टी का विस्तार सबसे अधिक क्षेत्रफल पर है?
अथवा
भारत में उत्तरी मैदान में किस मिट्टी का विस्तार अधिक है?
उत्तर:
जलोढ़ मिट्टी का।

प्रश्न 3.
दक्कन के पठार पर किस मिट्टी का सबसे ज्यादा विस्तार पाया जाता है?
उत्तर:
काली मिट्टी।

प्रश्न 4.
काली मिट्टी किस फसल के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है?
उत्तर:
कपास एवं गन्ना।

प्रश्न 5.
लाल मिट्टी के लाल रंग का क्या कारण है?
उत्तर:
लोहांश की अधिक मात्रा।

प्रश्न 6.
राजस्थान में मृदा अपरदन का सबसे बड़ा कारक कौन-सा है?
उत्तर:
पवन।

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

प्रश्न 7.
चरागाहों और झाड़ीनुमा वनों के लिए कौन-सी मिट्टी अनुकूल मानी जाती है?
उत्तर:
लैटेराइट मिट्टी।

प्रश्न 8.
कौन-सी मिट्टी खेती के लिए अच्छी नहीं मानी जाती?
उत्तर:
पीली मिटी।

प्रश्न 9.
बांगर मिट्टी को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
उत्तर:
पुरातन काँप मिट्टी।

प्रश्न 10.
लाल या पीले रंग वाली मिट्टी का नाम बताइए।
उत्तर:
लैटेराइट।

प्रश्न 11.
काली मिट्टी पाए जाने वाले किसी एक राज्य का नाम बताएँ।
उत्तर:
गुजरात।

प्रश्न 12.
नदियों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जो मृदा मिलती है, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर:
नूतन काँप मिट्टी।

प्रश्न 13.
मरुस्थलीय मिट्टी को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
बलुई मिट्टी।

प्रश्न 14.
वायु अपरदन सबसे अधिक कहाँ होता है?
उत्तर:
मरुस्थलीय भागों में।

प्रश्न 15.
खड़ी ढाल वाले क्षेत्रों में मृदा अपरदन रोकने के लिए कौन-सी विधि अपनाई जाती है?
उत्तर:
समोच्चरेखीय जुताई।

प्रश्न 16.
पहाड़ों और पठारों पर मिट्टी की परत पतली क्यों होती है?
उत्तर:
क्योंकि ढाल एवं गुरुत्वाकर्षण के कारण वहाँ मिट्टी टिक नहीं पाती।

प्रश्न 17.
जलोढ़ मिट्टियों का निर्माण किस प्रकार होता है?
उत्तर:
नदियों द्वारा बहाकर लाए गए अपरदित पदार्थों के निक्षेपण से।

प्रश्न 18.
जलोढ़ मिट्टी में कुएँ, नलकूप व नहरें खोदना आसान क्यों होता है?
उत्तर:
मिट्टी के मुलायम होने के कारण।

प्रश्न 19.
मरुस्थलीय मिट्टी में लहलहाती फसलें कैसे उगाई जा सकती हैं?
उत्तर:
सिंचाई की सुविधाएँ देकर।

प्रश्न 20.
पर्वतीय मिट्टी चाय के लिए उपयोगी क्यों मानी जाती है?
उत्तर:
पर्वतीय मिट्टी तेज़ाबी होती है जो चाय में ‘फ्लेवर’ पैदा करती है।

प्रश्न 21.
वृक्षारोपण मृदा के संरक्षण में कैसे सहायता करते हैं?
उत्तर:
वृक्षों की जड़ें मिट्टी को बांध देती हैं।

प्रश्न 29.
मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया में प्राकृतिक वनस्पति की क्या भूमिका होती है?
उत्तर:
मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया का गहरा सम्बन्ध वनस्पति की वृद्धि और पौधों में पलने वाले सूक्ष्म जीवों से होता है। वनस्पति और जीवों के सड़े-गले अंश जीवांश (ह्यूमस) के रूप में मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हैं। इसी कारण वन्य प्रदेशों में अधिक उपजाऊ मिट्टी पाई जाती है। इस प्रकार मृदा या मिट्टी तथा वनस्पति के प्रकारों में रोचक (Interesting) सम्बन्ध पाया जाता है।

प्रश्न 30.
काली मिट्टी का निर्माण कैसे हुआ है? यह भारत में कहाँ-कहाँ पाई जाती है?
उत्तर:
निर्माण आधुनिक मान्यता के अनुसार, काली मिट्टी ज्वालामुखी विस्फोट से बनी दरारों से निकले पैठिक लावा (Basic Lava) के जमाव से बनी है।
विस्तार-यह मिट्टी महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश, गुजरात तथा तमिलनाडु के लगभग 5 लाख वर्ग कि०मी० क्षेत्र में पाई जाती है। जलोढ़ मिट्टी के बाद देश में काली मिट्टी का विस्तार सबसे बड़े क्षेत्र पर है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा का हमारे लिए क्या महत्त्व है?
अथवा
मृदा की विशेषताएँ किसी प्रदेश के आर्थिक विकास में किस प्रकार महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं? किन्हीं दो उदाहरणों से इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मृदा या मिट्टी एक अत्यन्त मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन है। मिट्टी के निर्माणकारी विभिन्न घटकों का संयोजन मिट्टी के उपजाऊपन को निर्धारित करता है। अधिक उपजाऊ और गहरी मिट्टी में कृषि अर्थव्यवस्था समृद्ध तथा अधिक जनसंख्या के पोषण में समर्थ होती है। इसके विपरीत, कम गहरी व कम उपजाऊ मिट्टी में कृषि का विकास कम होता है जिससे वहाँ जनसंख्या का घनत्व और लोगों का जीवन-स्तर दोनों ही निम्न होते हैं। सघन जनसंख्या वाले पश्चिम बंगाल के डेल्टाई प्रदेश एवं केरल के तटीय मैदान दोनों में समृद्ध जलोढ़ मिट्टी के कारण उन्नतशील कृषि पाई जाती है जबकि तेलंगाना की कम गहरी व मोटे कणों वाली मिट्टी और राजस्थान की रेत उन्नत कृषि को आधार प्रदान नहीं कर पाई।

प्रश्न 2.
भूमि का ढाल अथवा उच्चावच मिट्टी की निर्माण प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करता है?
उत्तर:
भूमि का ढाल मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया को कई प्रकार से प्रभावित करता है-
(1) तीव्र ढाल वाले क्षेत्रों में जल-प्रवाह की गति तेज़ होती है जिससे मिट्टी के निर्माण की बजाय उसका अपरदन होने लगता है। निम्न उच्चावच वाले क्षेत्रों में मिट्टी का निक्षेपण अधिक होता है जिससे मिट्टी की परत गहरी या मोटी हो जाती है।

(2) ढाल की प्रवणता मिट्टी के उपजाऊपन को भी निर्धारित करती है। यही कारण है कि मैदानों के डेल्टा क्षेत्र और नदी बेसिन में मिट्टी गहरी और उपजाऊ होती है जबकि पठारों में अधिक उच्चावच के कारण मिट्टी कम गहरी होती है।

प्रश्न 3.
मिट्टी के निर्माण के सक्रिय एवं निष्क्रिय कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मृदा निर्माण के पाँच कारकों में से दो सक्रिय व तीन निष्क्रिय कारक होते हैं-
(1) सक्रिय कारक (Active Factors) मृदा निर्माण में जलवायु और जैविक पदार्थ सक्रिय कारक माने जाते हैं क्योंकि इनकी क्रियाशीलता के कारण ही चट्टानों का अपघटन (Decomposition) होता है और कुछ नए जैव-अजैव यौगिक (Compounds) तैयार होते हैं।

(2) निष्क्रिय कारक (Passive Factors)-जो कारक मिट्टी निर्माण की प्रक्रिया में स्वयं पहल नहीं करते, निष्क्रिय कारक कहलाते हैं। वे हैं-जनक पदार्थ, स्थलाकृति और विकास की अवधि।

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

प्रश्न 4.
जलोढ़ मिट्टी की प्रमुख विशेषताओं का संक्षिप्त में उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
जलोढ़ मिट्टी की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  • यह मिट्टी हल्के भूरे व पीले रंग की होती है।
  • अधिकतर स्थानों पर यह भारी दोमट व अन्य स्थानों पर यह बलुही और चिकनी होती है।
  • भिन्न-भिन्न प्रदेशों में जलोढ़ मिट्टी की गहराई अलग-अलग होती है।
  • इस मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस व वनस्पति अंश (ह्यूमस) की कमी होती है, परन्तु पोटाश और चूरा पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए यह मिट्टी अत्यन्त उपजाऊ होती है।
  • यह प्रवाहित (Transported) मिट्टी है जिसमें जन्म से जमाव तक के लम्बे चट्टानी मार्ग में अनेक रासायनिक तत्त्व आ मिलते हैं।
  • मुलायम होने के कारण इस मिट्टी में कुएँ, नलकूप व नहरें खोदना आसान और कम खर्चीला होता है।
  • जलोढ़ मिट्टी में गहन कृषि (Intensive Farming) की जाती है; जैसे चावल, गेहूँ, गन्ना, कपास, तिलहन, दालें, तम्बाकू व हरी सब्ज़ियाँ इस मिट्टी में बहुतायत से उगाई जाती हैं।

प्रश्न 5.
जलोढ़ मिट्टियों के विभिन्न प्रकारों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
संरचना और उपजाऊपन के आधार पर जलोढ़ मिट्टियों के तीन उप-विभाग हैं-
1. खादर मिट्टियाँ–नदी तट के समीप नवीन कछारी मिट्टी से बने निचले प्रदेश को खादर कहते हैं। नदियों की बाढ़ के कारण यहाँ प्रतिवर्ष जलोढ़क की नई परत बिछ जाने के कारण यह मिट्टी अधिक उपजाऊ होती है। इसे ‘बेट’ भूमि भी कहा जाता है।

2. बाँगर मिट्टियाँ-पुराने जलोढ़ निक्षेप से बने ऊँचे प्रदेश को बाँगर कहते हैं। यहाँ बाढ़ का जल नहीं पहुँच पाता। बाँगर में मृतिका का अंश अधिक पाया जाता है। इसमें कैल्शियम संग्रथनों अर्थात् कंकड़ों की भरमार होती है। इसे ‘धाया’ भी कहते हैं।

3. न्यूनतम जलोढ़ मिट्टियाँ यह नदियों के डेल्टाओं में पाई जाने वाली दलदली, नमकीन और अत्यन्त उपजाऊ मिट्टियाँ होती हैं। इनके कण अत्यन्त बारीक होते हैं। इनमें ह्यूमस, पोटाश, चूना, मैग्नीशियम व फॉस्फोरस अधिक मात्रा में मिलते हैं।

प्रश्न 6.
भारत के उत्तरी मैदान तथा प्रायद्वीपीय पठार की मिट्टियों में मूलभूत अन्तर क्या है?
उत्तर:
भारत के उत्तरी विशाल मैदान में पाई जाने वाली मिट्टी का निर्माण नदियों की निक्षेपण-क्रिया से हुआ है। यहाँ की मिट्टी हिमालय तथा प्रायद्वीपीय पठार दोनों से ही निकलने वाली नदियों द्वारा बहाकर लाई गई है। इसमें महीन कणों वाली मृत्तिका पाई जाती है। इस मिट्टी का अपनी मूल चट्टानों से सम्बन्ध नहीं रहता। ऐसी मिट्टियों को प्रवाहित मिट्टियाँ कहा जाता है। इसके विपरीत, दक्षिणी पठार की मिट्टियों का अपनी मूल चट्टानों से गहरा सम्बन्ध है क्योंकि ये अपने निर्माण-स्थल से बहुत अधिक दूर प्रवाहित नहीं हुईं। ऐसी मिट्टियाँ स्थायी मिट्टियाँ (Permanent Soils) कहलाती हैं। ये प्रायः मोटे कणों वाली और कम उपजाऊ होती हैं।

प्रश्न 7.
काली मिट्टी की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
विशेषताएँ-

  1. रंग की गहराई के आधार पर काली मिट्टी के तीन प्रकार होते हैं-(a) छिछली काली मिट्टी, (b) मध्यम काली मिट्टी तथा (c) गहरी काली मिट्टी।।
  2. यह अपने ही स्थान पर बनकर पड़ी रहने वाली स्थायी मिट्टी है।
  3. इस मिट्टी में चूना, लोहा, मैग्नीशियम, कैल्शियम कार्बोनेट, एल्यूमीनियम व पोटाश अधिक पाया जाता है, परन्तु इसमें जीवित पदार्थों, फॉस्फोरस और नाइट्रोजन की मात्रा कम पाई जाती है।
  4. लोहांश की मात्रा अधिक होने के कारण इस मिट्टी का रंग काला होता है।
  5. उच्च स्थलों पर पाई जाने वाली मिट्टी का उपजाऊपन निम्न स्थलों व घाटियों की काली मिट्टी की अपेक्षा कम होता है।
  6. काली मिट्टी में कणों की बनावट घनी और महीन होती है जिससे इसमें नमी धारण करने की पर्याप्त क्षमता होती है। इसके लिए सिंचाई की आवश्यकता कम पड़ती है।
  7. जल के अधिक देर तक ठहर सकने के गुण के कारण यह मिट्टी शुष्क कृषि के लिए श्रेष्ठ है।
  8. इस मिट्टी का प्रमुख दोष यह है कि ग्रीष्म ऋतु में सूख जाने पर इसकी ऊपरी परत में दरारें पड़ जाती हैं। वर्षा ऋतु में यह मिट्टी चिपचिपी हो जाती है। दोनों दशाओं में इसमें हल चलाना कठिन हो जाता है। अतः पहली बारिश के बाद इस मिट्टी की जुताई ज़रूरी है।
  9. कपास के उत्पादन के लिए यह मिट्टी अत्यन्त उपयोगी है। अतः इसे काली कपास वाली मिट्टी भी कहते हैं। गन्ना, तम्बाकू, गेहूँ व तिलहन के लिए यह मिट्टी श्रेष्ठ सिद्ध हुई है।

प्रश्न 8.
ढाल पर मृदा अपरदन रोकने की दो प्रमुख विधियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर:
ढाल पर मृदा अपरदन रोकने की दो प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं-
1. वृक्षारोपण-वृक्षारोपण मृदा-संरक्षण का सबसे सशक्त उपाय है। जिन क्षेत्रों में वनों का अभाव है वहाँ वर्षा के जल से मिट्टी के कटाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसे क्षेत्रों में लगाए गए वृक्षों की जड़ें मिट्टी को बाँध देती हैं व वृक्ष तेज़ हवाओं के कारण होने वाली मिट्टी के क्षरण को रोकते हैं। साथ ही वृक्षों के अनियोजित कटाव को भी रोकना होगा। यदि विकास कार्यों हेतु वृक्ष काटने भी पढ़ें तो आस-पास नये वृक्ष लगाना भी आवश्यक है।

2. कृषि प्रणाली में सुधार भारत के कई स्थानों में की जाने वाले दोषपूर्ण कृषि प्रणाली में सुधार लाकर भी मिट्टी का संरक्षण किया जा सकता है। इसमें फसलों का चक्रण, सीढ़ीदार कृषि व ढलानों पर जल का वेग रोकने के लिए समोच्च रेखीय जुताई करना प्रमुख है। खेतों की मेड़बन्दी करना व उर्वरता बढ़ाने हेतु कृषि-भूमि को कुछ समय के लिए परती (Fallow) छोड़ना भी भूमि-संरक्षण के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 9.
मृदा अपरदन भारतीय कृषि का निर्दयी शत्रु क्यों माना जाता है? मृदा अपरदन की हानियाँ स्पष्ट करें।
उत्तर:
मृदा भारत के करोड़ों लोगों व करोड़ों पशुओं के भोजन का आधार है। भारत में मृदा अपरदन ने भयंकर रूप धारण कर रखा है। इसलिए इसे भारतीय कृषि का निर्दयी शत्रु माना जाता है। मृदा-अपरदन से होने वाली हानियाँ निम्नलिखित हैं

  • भीषण तथा आकस्मिक बाढ़ों का प्रकोप।
  • सूखे (Drought) की लम्बी अवधि जिससे फसलों को नुकसान होता है।
  • कुओं व ट्यूबवलों, नलकूपों का जल-स्तर (चोवा) नीचे चला जाता है व सिंचाई में बाधा पहुँचती है।
  • बालू के जमाव से नदियों, नहरों व बन्दरगाहों के मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं।
  • उपजाऊ भूमि के नष्ट होने से कृषि की उत्पादकता कम होती है।
  • अवनालिका अपरदन से कृषि-योग्य भूमि में कमी आती है।

प्रश्न 10.
मृदा की उर्वरा-शक्ति को विकसित करने के लिए कौन-कौन से उपाय करने चाहिएँ?
उत्तर:
कृषि भूमि पर निरन्तर खेती करने से मिट्टी की उर्वरा-शक्ति कम हो जाती है। उर्वरा-शक्ति को बनाए रखने के लिए . निम्नलिखित उपाय करने चाहिएँ-
1. भूमि को परती छोड़ना (Fallow Land) कृषि की जमीन को लगातार जोतने की बजाय उसे एक दो वर्षों के लिए परती छोड़ देनी चाहिए। परती छोड़ने से वायु, वनस्पति (घास), कीड़े-मकौड़े आदि ऐसी जमीन पर उर्वरा-शक्ति बढ़ाते हैं।

2. फसलों का हेर-फेर (Rotation of Crops)-खेत में फसलों को बदल-बदलकर बोना चाहिए। विभिन्न पौधे मिट्टी से विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व खींचते हैं और कछ तत्त्व छोडते हैं। अतः फसलों के हेर-फेर से मिट्टी में लगातार एक प्रकार के पोषक तत्त्व नष्ट नहीं होते, बल्कि दूसरी फसलों से उनकी पूर्ति हो जाती है।

3. गहरी जुताई (Deep Ploughing) कृषि-भूमि को काफी गहराई तक जोतना चाहिए। ऐसा करने से मिट्टी के खनिज तत्त्वों का मिट्टी में पूरी तरह मिलान हो जाता है।

4. रासायनिक खादों का प्रयोग (Use of Chemical Fertilizers)-मिट्टी में समय-समय पर रासायनिक खाद तथा जैविक उर्वरक आदि का प्रयोग करते रहना चाहिए।

प्रश्न 11.
किसी प्रदेश के आर्थिक विकास में मृदा की विशेषताएँ किस प्रकार महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं? इसकी व्याख्या करने के लिए दो उदाहरण बताइए।
उत्तर:
भू-पटल पर पाए जाने वाले असंगठित शैल चूर्ण की पर्त, जो पौधों को उगने तथा बढ़ने के लिए जीवांश तथा खनिजांश प्रदान करती है, उसे मृदा कहते हैं। यह एक बहुमूल्य प्राकृतिक सम्पदा है। इस पर अनेक मानवीय क्रियाएँ निर्भर करती हैं। मिट्टी कृषि, पशु-पालन तथा वनस्पति जीवन का आधार है। बहुत-से देशों की अर्थव्यवस्था मिट्टी के उपजाऊपन पर निर्भर करती है। विश्व के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में मनुष्य अपने भोजन के लिए मृदा की उपजाऊ शक्ति पर निर्भर करते हैं। जिन क्षेत्रों की भूमि अनुपजाऊ होती है, वहाँ जनसंख्या का घनत्व तथा लोगों का जीवन-स्तर निम्न होता है।

उदाहरण के लिए पश्चिमी बंगाल का डेल्टाई क्षेत्र और केरल तट अति उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से निर्मित हैं। इसलिए ये क्षेत्र सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व के प्रदेश हैं तथा यहाँ उन्नत कृषि की जाती है। इसके विपरीत तेलंगाना में मोटे कणों की मिट्टी पाई जाती है और राजस्थान में रेतीली मिट्टी मिलती है। यह मिट्टी कृषि के योग्य नहीं है। इसलिए उन क्षेत्रों में जनसंख्या विरल है।

निबंधात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा-निर्माण करने वाले विभिन्न घटकों या कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मृदा-निर्माण करने वाले मुख्य घटक या कारक निम्नलिखित हैं-
1. जनक-सामग्री अथवा मूल पदार्थ-मिट्टी का निर्माण करने वाले जनक पदार्थों की प्राप्ति चट्टानों से होती है। चट्टानों के अपरदन और अपक्षय से बने चूर्ण से ही मिट्टी का निर्माण होता है। भारत के उत्तरी विशाल मैदान में पाई जाने वाली मिट्टी का निर्माण नदियों की निक्षेपण-क्रिया से हुआ है। इस मिट्टी का अपनी मूल चट्टानों से सम्बन्ध नहीं रहता। ऐसी मिट्टियों को प्रवाहित मिट्टियाँ कहा जाता है। इसके विपरीत, दक्षिणी पठार की मिट्टियों का अपनी मूल चट्टानों से गहरा सम्बन्ध है क्योंकि ये अपने निर्माण-स्थल से बहुत अधिक दूर प्रवाहित नहीं हुईं। ऐसी मिट्टियाँ स्थायी मिट्टियाँ कहलाती हैं।

2. उच्चावच-तीव्र ढाल वाले क्षेत्रों में जल-प्रवाह की गति तेज़ होती है जिसके कारण मिट्टी के निर्माण की बजाय उसका अपरदन होने लगता है। निम्न उच्चावच वाले क्षेत्रों में मिट्टी का निक्षेपण अधिक होता है जिससे मिट्टी की परत गहरी या मोटी हो जाती है। ढाल की प्रवणता मिट्टी के उपजाऊपन को भी निर्धारित करती है। यही कारण है कि मैदानों के डेल्टा क्षेत्र और नदी बेसिन में मिट्टी गहरी और उपजाऊ होती है जबकि पठारों में अधिक उच्चावच के कारण मिट्टी कम गहरी होती है।

3. जलवायु-भारत में तापमान और वर्षा में पाए जाने वाले विशाल प्रादेशिक अन्तर के कारण विभिन्न प्रकार की मिट्टियों का जन्म हुआ है। उष्ण और आर्द्र प्रदेशों की मिट्टियाँ मोटाई और उपजाऊपन में शीतल एवं शुष्क प्रदेशों की मिट्टियों से काफी भिन्न होती हैं। इसके अतिरिक्त, मिट्टी में जल रिसने की मात्रा और सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति भी, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाती हैं, जलवायु द्वारा नियन्त्रित होती है।

4. प्राकृतिक वनस्पति-मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया का गहरा सम्बन्ध वनस्पति की वृद्धि और पौधों में पलने वाले सूक्ष्म जीवों से होता है। वनस्पति और जीवों के सड़े-गले अंश जीवाश्म (ह्यूमस) के रूप में मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हैं। इसी कारण वन्य प्रदेशों में अधिक उपजाऊ मिट्टी पाई जाती है। इस प्रकार मृदा या मिट्टी तथा वनस्पति के प्रकारों में रोचक सम्बन्ध पाया जाता है।

5. विकास की अवधि अथवा समय-मिट्टी का निर्माण एक धीमी किन्तु सतत् प्रक्रिया है। ऐसा मानना है कि दो सेण्टीमीटर मोटी मिट्टी की विकसित परत को बनाने में प्रकृति को लगभग दो शताब्दियाँ लग जाती हैं। मिट्टी का विकास तीन अवस्थाओं में होता है-

  • युवा अवस्था
  • प्रौढ़ अवस्था व
  • जीर्ण अवस्था।

अतः कहा जा सकता है कि मिट्टी ठोस, तरल व गैसीय पदार्थों का मिश्रण है जो चट्टानों के अपक्षय, जलवायु, पौधों व अनन्त जीवाणुओं के बीच होने वाली अन्तःक्रिया का परिणाम है।

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

प्रश्न 2.
भारत में पाई जाने वाली मिट्टियों का वर्णन कीजिए।
अथवा
मृदा क्या है? मृदा के प्रकार बताइए और जलोढ़ मृदा की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मृदा-भू-पृष्ठ की सबसे ऊपरी परत जो पौधों को उगने व बढ़ने के लिए जीवांश और खनिजांश प्रदान करती है मृदा कहलाती है। मिट्टियों के गुण, रंग व बनावट के आधार पर भारत में निम्नलिखित प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं-

  • काली मिट्टी
  • लैटेराइट मिट्टी
  • पर्वतीय मिट्टी
  • मरुस्थलीय मिट्टी
  • लाल और पीली मिट्टी
  • जलोढ़ मिट्टी
  • खारी खड़िया मिट्टी
  • दलदली मिट्टी।

1. काली मिट्टी (Black Soil) काली मिट्टी में महीन कण वाली मृत्तिका अधिक होती है। इस कारण इसमें पानी के रिसने की सम्भावना नहीं होती। यह मिट्टी कठोर प्रकार की होती है। यह ज्वालामुखी के लावा से बनती है। यह काले रंग की बारीक कणों वाली होती है। इसे रेगर (Ragur) के नाम से भी जाना जाता है। यह मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है। इसमें अधिक जुताई करने की आवश्यकता नहीं होती। यह मिट्टी अधिक मात्रा में नमी ग्रहण कर सकती है। इसमें चूना, पोटाश, मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है। यह मिट्टी दक्षिणी राजस्थान, पश्चिमी आन्ध्र प्रदेश तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में अधिक मात्रा में पाई जाती है। कपास की खेती के लिए यह मिट्टी बहुत उपजाऊ है।
HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ 1

2. लैटेराइट मिट्टी (Laterite Soil)-इस प्रकार की मिट्टी उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में पाई जाती है। भारी वर्षा के कारण इसमें चूना व सिलिका घुल जाते हैं और एल्युमीनियम की मात्रा अधिक हो जाती है। चूने के अभाव के कारण यह मृदा अम्लीय होती है। पठारों और पहाड़ियों पर इस मिट्टी का निर्माण अधिक होता है। इस मिट्टी का रंग लौह-ऑक्साइड तत्त्व के कारण लाल होता है। ओडिशा के पूर्वी घाट क्षेत्र में यह मिट्टी अत्यधिक मात्रा में पाई जाती है। इस मिट्टी में ह्यूमस की मात्रा नमी क्षेत्र को छोड़कर बहुत कम पाई जाती है। ऊँचे भागों की लेटेराइट मिट्टी अनुपजाऊ होती है। यह नाइट्रोजन, चूना, फास्फोरस तथा मैग्नीशियम की मात्रा कम होने के कारण कम उपजाऊ है। मिट्टी में घास, झाड़ियाँ बहुत उगती हैं। यह मिट्टी छोटा नागपुर. का पठार, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, ओडिशा तथा असम में पाई जाती है।

3. पर्वतीय मिट्टी (Mountaineous Soil)-मैदान की अपेक्षा पर्वतीय मिट्टियों में अधिक विभिन्नताएँ होती हैं। पर्वतों की मिट्टियाँ आग्नेय चट्टानों तथा इनके पदार्थों के विघटन होने के कारण बनी हैं। पर्वतों की मिट्टियाँ ऊँचाई के अनुरूप अलग-अलग पाई जाती हैं। इनके तल की मिट्टियाँ क्षितिजीय वितरण के लिए होती हैं। ऊँचे पर्वत की मिट्टियाँ ऊपरी ढाँचे से युक्त होती हैं। निचले भागों में अपेक्षाकृत पूर्ण निर्मित व समान रूप से वितरित मिट्टियाँ पाई जाती हैं। धरातल व ढालों के प्रभाव के कारण इसकी गहराई में अन्तर मिलता है।

ये मिट्टियाँ लम्बे समय तक कृषि के उपयोग में लाई जाती हैं। पर्याप्त नमी के कारण विभिन्न खनिजों का जमाव, फास्फोरस, जिप्सम, चूना आदि की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इस प्रकार की मिट्टियों का निर्माण प्रतिवर्ष होता रहता है।

4. मरुस्थलीय मिट्टी (Desert Soil) भारत की मरुस्थलीय मिट्टी में अनुसन्धान ‘भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद्’ कर रही है। इसने हाल ही में राजस्थान के मरुस्थल के बारे में जानकारी उपलब्ध की है। ये मिट्टियाँ मूल रूप से गंगा सिन्ध मैदान का भाग हैं। ये मिट्टियाँ उच्च तापमान व शुष्कता से निर्मित होती हैं। इसका रंग काला, लाल, भूरा व स्लेटी होता है। ये एक प्रकार की स्थानान्तरित कछारी मिट्टियाँ हैं। इनमें उर्वरा शक्ति बहुत कम होती है। इसमें क्षारीय तत्त्व, जैवकीय तत्त्व, नाइट्रोजन व ह्यूमस की मात्रा कम पाई जाती है। इसकी रन्ध्रता से पानी का अधिक तेजी से रिसाव होता है। पैतृक पदार्थों से विघटित होकर ये मिट्टियाँ खिट के रूप में परिवर्तित हो जाती हैं।

5. लाल मिट्टी (Red Soil)-लाल मिट्टी भारत के दक्षिण पठार के मुख्य ट्रेप (Trap) के बाहरी भागों तक पाई जाती है। पूर्वी तथा पश्चिम घाटों के ढाल, हजारीबाग तथा छोटा नागपुर पठार, दामोदर की घाटी तथा अरावली पर्वत श्रेणी इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। इसकी बनावट बलुई व दोमट कणों की है। यह उपोष्ण प्रदेशों में कम, विक्षलित वर्षा वाले वनों में गहरे लाल रंग के रूप में पाई जाती है। ये मिट्टियाँ अधिक मोटी व उपजाऊ होती हैं। ये मिट्टियाँ ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तरी मध्य आन्ध्र प्रदेश तथा पूर्वी केरल राज्यों में विस्तृत रूप से फैली होती हैं। लाल दानेदार मिट्टी कर्नाटक, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश में पाई जाती है। यह मिट्टी कम उर्वरा शक्ति वाली होती है। इसकी भौतिक संरचना रेगर प्रकार की होती है।

6. जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) यह भारत के उत्तरी मैदान की प्रमुख मिट्टी है। उत्तरी भारत की नदियों द्वारा बिछाई गई मिट्टी भारतीय पठार में पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं, नर्मदा, ताप्ती की निचली घाटियों व गुजरात में पाई जाती है। इस मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश की मात्रा कम पाई जाती है। यहाँ की पुरानी जलोढ़ मिट्टी को बाँगर कहा जाता है। इस मिट्टी में चूना बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। ब्रह्मपुत्र नदी द्वारा बिछाई गई मिट्टी में चूने की मात्रा पूर्ण रूप से पाई जाती है। यह मिट्टी शुष्क छ स्थानों पर खारी मिट्टी के बड़े टुकड़े सोडियम, कैल्शियम, पोटाशियम तथा मैग्नीशियम के जमा होने से बनती है। इस मिट्टी में रेह अथव कल्लर भी पाई जाती है। इस मिट्टी पर जुताई बड़ी आसानी से हो जाती है। इसमें खाद मिलाकर सिंचाई करने के बाद वर्ष में कई फसलें प्राप्त की जा सकती हैं। इस भाग में वर्षा के असमान वितरण के कारण कई तत्त्वों की न्यूनाधिकता पाई जाती है। यह मिट्टी अपनी उपजाऊ शक्ति के कारण भारतीय कृषि में अपना विशिष्ट स्थान रखती है।

7. खारी खड़िया मिट्टियाँ (Brakish Soil)-खारी लवण-युक्त मिट्टियाँ शुष्क मरुस्थल में पाई जाती हैं। इस मिट्टी वाले स्थानों पर लवण धरातल पर विक्षालन की बजाय निचली परतों में एकत्रित हो जाते हैं और धीरे-धीरे मिट्टी को लवण-युक्त बना देते हैं। इसकी ऊपरी सतह पर नमक की परत जमा हो जाती है। यह नमक की परत उपजाऊ शक्ति को कम कर देती है। इसमें सोडियम, कैल्शियम तथा मैग्नीशियम की अधिक मात्रा पाई जाती है। यह मिट्टी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में पाई जाती है।
मृदाएँ

8. दलदली मिट्टी (Marshy Soil)-दलदली और पीट मिट्टियाँ, जहाँ बहुत गहरा कीचड़ होता है, वहाँ पाई जाती हैं। उष्ण कटिबन्धीय आर्द्र क्षेत्र जहाँ अपर्याप्त जल प्रवाह होता है, वहाँ दलदली मिट्टियाँ विकसित होती हैं। ये अत्यधिक अम्लीय अपरिष्कृत विनिष्ट वनस्पतिक पदार्थ उत्पन्न करती हैं। ये बाढ़ के मैदानों पर निर्मित होती हैं, जो विभिन्न अवधियों में जलमग्न हो जाती हैं और कीचड़ तथा तलछट के निक्षेपों से युक्त हो जाती हैं। यह मिट्टी केरल, ओडिशा, पश्चिमी बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तरी बिहार, उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु के तटवर्ती क्षेत्रों में पाई जाती है।

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ

प्रश्न 3.
मृदा अपरदन से आपका क्या तात्पर्य है? इसके प्रकार तथा कारण बताएँ।
अथवा
मृदा अपरदन क्या है? इसके प्रकारों तथा कारणों का वर्णन करें।
उत्तर:
मृदा अपरदन (Soil Erosion)-प्रकृति की विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा मिट्टियों के ह्रास को मृदा अपरदन कहते हैं। मृदा अपरदन जल तथा वायु के परिणामस्वरूप होता है। विभिन्न साधन, जो किसी-न-किसी रूप में सक्रिय रहते हैं, धरातल को निरन्तर काटते-छाँटते रहते हैं, इनमें बहता हुआ जल, हवा, हिमानी आदि प्रमुख प्राकृतिक साधन हैं। मिट्टियों के अपरदन में मानवीय क्रियाकलाप का भी योगदान कम नहीं है। मानव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विभिन्न प्रकार के तकनीकी साधन अपनाकर मिट्टी के कटाव को बढ़ावा देता है। वर्तमान समय में भूमि के अधिकतम उपयोग, अधिकतम रासायनिक क्रियाओं व खाद का उपयोग अव्यवस्थित कृषि पद्धति आदि करने से मिट्टी का कटाव अधिक हो रहा है।

मृदा अपरदन के प्रकार (Types of Soil Erosion)-मृदा अपरदन मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन प्रकार का होता है-

  • जलीय अपरदन (Fluvial Erosion)
  • वायुद अपरदन (Acolian Erosion)
  • समुद्री अपरदन (Marine Erosion)

1. जलीय अपरदन (Fluvial Erosion)-जल के विभिन्न रूप प्रभावित जल, एकत्रित जल, नदी पोखरों, झरनों, हिमानी द्वारा मिट्टी का कटाव को जलीय अपरदन कहते हैं। इसमें मिट्टियाँ अपनी मूलचट्टानों को छोड़कर दूसरे स्थान पर जाकर जमा हो जाती हैं। बहते हुए जल द्वारा वहाँ अपरदन कई रूप में होता है
(1) अवनलिका अपरदन (Gully Erosion)-प्रथम अवस्था में मिट्टियाँ इस प्रकार का अपरदन पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों के तंग मार्ग में मिट्टी के कटाव करती हैं। इसमें कटाव लम्बवत रूप से होता है तथा घाटी गहरी होती जाती है।

(2) चद्दर अपरदन (Sheet Erosion)-इस प्रकार का अपरदन नदियों के लिए तलीय भाग के पानी द्वारा होता है। इसमें अपरदन परतों के रूप में होता है, इसलिए इसे चद्दर अपरदन कहते हैं।

(3) सरिता अपरदन (River Erosion)-जब नदी अपनी वृद्ध अवस्था में छोटी-छोटी जल धाराओं में बँट जाती है और मिट्टी की ऊपरी परत (महीन व चिकने कणयुक्त) को काट देती है, तो उसे सरिता अपरदन कहा जाता है।

(4) नदी तटीय कटाव (Riparian Erosion) यह अपरदन नदियों के तेज प्रवाह के कारण होता है। इसमें नदियाँ तटीय भागों को अधिक अपरदित करती हैं। इसका निर्माण नदी की सर्पाकार अवस्था में भी मिलता है।

(5) छपछपाना कटाव (Splash Erosion)-जब वर्षा रुक-रुककर होती है, तो इस क्रिया से मिट्टी ढीली हो जाती है, जो बाद में पानी के साथ बह जाती है। इसे छपछपाना कटाव कहते हैं।

2. वायुद अपरदन (Acolian Erosion)-वायु अपनी प्राकृतिक शक्ति द्वारा मैदानी तथा मरुस्थलों की मिट्टी को अपने साथ उड़ा ले जाती है और उसे दूसरे स्थान पर निक्षेपण कर देती है। हवा द्वारा मिट्टियों का अपरदन व निक्षेपण विस्तृत भागों में होता है। मरुस्थलों में इस प्रकार का अपरदन व निक्षेपण कई कि०मी० तक होता रहता है। इसमें वायु का वेग तेज होता है। जिन क्षेत्रों में अव्यवस्थित कृषि होती है और भूमि बारम्बार जोत से ढीली हो जाती है, उसे वायु अपने साथ उड़ा ले जाती है। इस प्रकार का अपरदन उपजाऊ भाग की मिट्टियाँ उड़ाकर उसे अनुपजाऊ बना देता है। मिट्टियों की निक्षेपण क्रिया द्वारा विभिन्न प्रकार की मरुस्थलीय स्थलाकृतियाँ बनती व बिगड़ती रहती हैं। जिन भागों पर ये मिट्टियाँ बिछा दी जाती हैं, वहाँ मिट्टी की पतली परत का निर्माण हो जाता है, जो बहुत उपजाऊ होती है, लेकिन पानी के अभाव के कारण अनुपजाऊ हो जाती है।

3. समुद्री अपरदन (Marine Erosion)-नदियों व झीलों आदि की लहरों द्वारा समुद्र के तटवर्ती भागों का अपरदन होता है। ये लहरें धीरे-धीरे तटीय भागों को अपरदित करना शुरू कर देती हैं और वहाँ अनेक स्थलाकृतियों का निर्माण कर देती हैं। ये लहरें दलदल का भी निर्माण करती हैं, जिससे खारी मिट्टियों का निर्माण होता है। लहरें तटीय भागों पर गहरी नालियों का निर्माण कर देती हैं तथा उपजाऊ भूमि को अनुपयुक्त बना देती हैं। ज्वार-भाटा भी तटीय कटावों में सहयोगी होता है।

इस प्रकार पानी की क्रियाओं द्वारा या हवाओं द्वारा निरन्तर मिट्टियों का कटाव होता रहता है। मिट्टी अपरदन के कारण (Causes of Soil Erosion) मृदा अपरदन के निम्नलिखित कारण हैं-
1. वर्षा की भिन्नता (Variability of Rainfall) अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा के वितरण में भिन्नता पाई जाती है। जहाँ पर कम वर्षा होती है, वहाँ मिट्टी शुष्क होकर अपरदित होने लगती है। कहीं-कहीं पर पानी से दरारें व मिट्टी भुरभुरी होकर बिखर जाती है। अतः वर्षा का असमान वितरण भी मिट्टी कटाव में सहायक होता है।

2. निरन्तर कृषि (Regular Cultivation)-लगातार कई वर्षों तक एक ही क्षेत्र पर कृषि करने से मिट्टियों का कटाव होता है। इसकी उपजाऊ शक्ति धीरे-धीरे कम होती जाती है और मिट्टी में रासायनिक तत्त्वों की कमी आ जाती है। स्थानान्तर कृषि से वनों का नाश होता है, इसके द्वारा भी काफी मात्रा में मिट्टी अपरदन होता है।

3. जंगलों की कटाई (Deforestation)-वर्तमान समय में जनसंख्या के विस्फोट के कारण वनों की निरन्तर कटाई से वन धीरे-धीरे कम हो रहे हैं और ताप व वर्षा की दशाओं पर विपरीत प्रभाव डाल रहे हैं, जिसका प्रभाव वनस्पति के विकास व वृद्धि पर पड़ता है। इस प्रकार धीरे-धीरे वन उजड़ जाते हैं और मृदा अपरदन बढ़ता जाता है।

4. नदियाँ (Rivers)-बहती हुई नदियाँ अपने रास्ते से मिट्टी बहाकर ले जाती हैं और रास्ते में अनेक खड्डों का निर्माण कर देती हैं। कई बार नदियाँ अपना रास्ता बदल देती हैं और नए तरीके से अपने मार्ग का निर्माण कर देती हैं। इस निर्माण क्रिया में भी मृदा अपरदन होता रहता है। बाढ़ के समय मृदा अपरदन काफी मात्रा में होता है।

5. हवाएँ (Airs) मरुस्थलीय भागों में वायु द्वारा मृदा अपरदन तीव्र गति से होता है। वायु अपने साथ मिट्टी को उड़ाकर ले जाती है और दूसरे स्थान पर उसका निक्षेपण कर देती है। वायु की तीव्रता के अनुसार मृदा अपरदन कम या ज्यादा होता है।

6. अनियन्त्रित पशुचारण (Uncontrolled Pastroalis) पशुचारण से पेड़-पौधों का विनाश होता है। पशु घास को जड़ सहित खींच लेते हैं, जिसके परिणामस्वरूप भूमि-क्षरण प्रारम्भ हो जाता है। पशुओं के चलने-फिरने से भी मिट्टी ढीली पड़ जाती है। इस प्रकार पशुओं के अनियमित चराने से मृदा अपरदन होता है।

7. कृषि के गलत तरीके (Faulty Methods ofCultivation)-आधुनिक समय में विज्ञान के क्षेत्र में उन्नति के कारण के अनेक विकसित तरीकों की खोज हो चुकी है। मानव अधिक फसल के लिए इन तरीकों का गलत प्रयोग करता है। इस कारण भी मृदा अपरदन होता है। खेतों को बारम्बार जोतना या आवश्यकता न होने पर जोतना, अनियन्त्रित सिंचाई, अधिक कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग करना आदि से मिट्टियाँ अपना गुण खो देती हैं और इनका विघटन प्रारम्भ हो जाता है।

8. वनस्पति का विनाश (Destruction of Vegetation) प्राकृतिक वातावरण में धीरे-धीरे परिवर्तन से ताप में भिन्नता तथा इन क्षेत्रों की मिट्टियों के निर्माण में परिवर्तन होना शुरू हो जाता है। इस परिवर्तन के कारण पौधों व वनस्पति पर विपरीत प्रभाव पड़ते हैं। वनस्पति नष्ट होनी शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे शुष्कता भी बढ़ती जाती है। वनस्पति आवरण के कम होने के कारण ताप की तीव्रता अधिक होती जाती है और मिट्टियों का क्षरण प्रारम्भ हो जाता है।

HBSE 11th Class Geography Important Questions Chapter 6 मृदाएँ Read More »