Author name: Prasanna

HBSE 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद

Haryana State Board HBSE 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद Important Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संघात्मक सरकार किसे कहा जाता है?
उत्तर:
संघात्मक सरकार उसे कहा जाता है, जिसमें शासन की शक्तियाँ संविधान द्वारा केंद्र तथा राज्यों में बंटी हुई हों तथा प्रत्येक इकाई अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतन्त्र हो।

प्रश्न 2.
भारत के संविधान में संघ के स्थान पर किन शब्दों का प्रयोग किया गया है?
उत्तर:
भारत के संविधान में भारत के लिए ‘संघ’ के स्थान पर ‘राज्यों का संघ’ शब्द का प्रयोग किया गया है।

प्रश्न 3.
भारतीय संविधान के कोई दो संघात्मक लक्षण बताएँ।
उत्तर:

  • भारतीय संविधान लिखित तथा कठोर है,
  • संविधान द्वारा केंद्र तथा राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा किया गया है।

प्रश्न 4.
भारतीय संविधान के कोई दो एकात्मक लक्षण बताइए।
उत्तर:

  • संकटकालीन स्थिति की घोषणा होने पर हमारा संघीय ढाँचा एकात्मक में बदल जाता है।
  • भारतीय संविधान द्वारा देश के प्रत्येक नागरिक के लिए इकहरी नागरिकता के सिद्धान्त को अपनाया गया है।

प्रश्न 5.
भारत में केंद्रीय सरकार को अधिक शक्तिशाली बनाने के कोई दो कारण बताएँ।
उत्तर:

  • समस्त देश के आर्थिक विकास के लिए,
  • स्वतन्त्रता-प्राप्ति के समय देशी रियासतों की समस्या तथा भारत की एकता व अखण्डता को बनाए रखना।

प्रश्न 6.
भारतीय संविधान द्वारा शासन की शक्तियों को कितनी तथा कौन-सी सूचियों में बाँटा गया है? प्रत्येक सूची में दिए गए तीन-तीन विषय लिखिए।
उत्तर:
भारतीय संविधान द्वारा शासन की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटा गया है। ये हैं-

  • संघीय सूची,
  • राज्य सूची तथा
  • समवर्ती सूची।

संघीय सूची में विदेशी मामले, प्रतिरक्षा व रेलवे, राज्य सूची में कृषि, पुलिस व जेलें तथा समवर्ती सूची में शिक्षा, विवाह व तलाक आदि विषय शामिल हैं।

प्रश्न 7.
समवर्ती सूची में दिए गए विषयों के सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति किसके पास है ?
उत्तर:
समवर्ती सूची में दिए गए विषयों पर संसद तथा राज्य विधानमण्डल दोनों को कानून बनाने का अधिकार है। दोनों द्वारा परस्पर विरोधी कानून बनाने की स्थिति में संसद द्वारा बनाया गया कानून लागू होगा।

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प्रश्न 8.
अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) किसे कहते हैं? भारतीय संविधान द्वारा ये शक्तियाँ किसे दी गई हैं?
उत्तर:
अवशिष्ट शक्तियाँ वे विषय हैं जिनका वर्णन तीनों सूचियों संघ सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची में से किसी में भी नहीं किया गया है। इन पर कानून बनाने की शक्ति संसद को दी गई है।

प्रश्न 9.
अन्तर्राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) की स्थापना क्यों तथा किसके द्वारा की जाती है?
उत्तर:
अन्तर्राज्यीय परिषद् की स्थापना राज्यों के आपसी झगड़ों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

प्रश्न 10.
पॉल एपलबी (Paul Appleby) ने भारतीय संघात्मक व्यवस्था को कैसी संघात्मक व्यवस्था का नाम दिया है?
उत्तर:
पॉल एपलबी (Paul Appleby) ने भारतीय संघवाद व्यवस्था को अत्यन्त संघात्मक (Extremely Federal) व्यवस्था का नाम दिया है।

प्रश्न 11.
सातवीं अनुसूची में कितनी सूचियाँ दी गई हैं और प्रत्येक में कितने विषय शामिल हैं?
उत्तर:
सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ-संघ सूची, समवर्ती सूची व राज्य सूची हैं। संघ सूची में मूलतः 97 विषय (वर्तमान में 100 विषय), समवर्ती सूची में मूलतः 47 (वर्तमान में 52 विषय) विषय तथा राज्य सूची में मूलतः 66 विषय (वर्तमान में 61 विषय) शामिल हैं।

प्रश्न 12.
समवर्ती सूची में मूल रूप से कितने विषय थे और वर्तमान में कितने विषय हैं?
उत्तर:
समवर्ती सूची में मूल रूप से 47 विषय थे और वर्तमान में 52 विषय हैं।

प्रश्न 13.
संघ सूची में मूल रूप से कितने विषय थे और वर्तमान में कितने विषय हैं ?
उत्तर:
संघ सूची में मूल रूप से 97 विषय थे और वर्तमान में भी 100 विषय ही हैं।

प्रश्न 14.
राज्य सूची में मूल रूप से कितने विषय थे और अब कितने विषय हैं?
उत्तर:
राज्य सूची में मूल रूप से 66 विषय थे और वर्तमान में 61 विषय हैं।

प्रश्न 15.
राज्य सूची में दिए गए किन्हीं दो विषयों के नाम बताइए।
उत्तर:
राज्य सूची में निम्नलिखित दो विषय हैं-

  • कानून व शान्ति-व्यवस्था,
  • कृषि।

प्रश्न 16.
समवर्ती सूची में दिए गए दो विषयों के नाम बताइए।
उत्तर:
समवर्ती सूची में निम्नलिखित दो विषय हैं-

  • दण्ड विधान,
  • विवाह।

प्रश्न 17.
केंद्र की आय के दो साधन बताइए।
उत्तर:
केंद्र की आय के दो साधन हैं-

  • सीमा-शुल्क,
  • आय-कर।

प्रश्न 18.
राज्यों की आय के दो साधन बताइए।
उत्तर:
राज्यों की आय के दो साधन हैं

  • बिक्री-कर
  • कषि भूमि के उत्तराधिकार के विषय में शल्क।

प्रश्न 19.
केंद्र व राज्यों के बीच तनाव के दो कारण बताइए।
उत्तर:
केंद्र व राज्यों के बीच तनाव के दो प्रमुख कारण हैं-

  • राज्यपालों की भेदभावपूर्ण तथा विवादास्पद भूमिका,
  • केंद्र द्वारा उन राज्यों के साथ भेदभाव किया जाना, जिनमें विपक्षी दलों की सरकारें होती हैं।

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प्रश्न 20.
वित्त आयोग की नियुक्ति कौन करता है और उसके क्या कार्य हैं?
अथवा
वित्त आयोग की स्थापना क्यों की जाती है? इसके सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर:
वित्त आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। वित्त आयोग देश की वित्तीय व्यवस्था का परीक्षण करता है और केंद्र व राज्यों के बीच वित्तीय सम्बन्धों के बारे में भी सिफारिश करता है।

प्रश्न 21.
केंद्र-राज्य सम्बन्धों पर पुनः विचार करने के लिए कब और किस आयोग की स्थापना की गई थी? अथवा सरकारिया आयोग की स्थापना कब और किस उद्देश्य के लिए की गई थी?
उत्तर:
9 जून, 1983 को केंद्र-राज्य सम्बन्धों पर पुनः विचार करने के लिए केंद्रीय सरकार ने सरकारिया आयोग की स्थापना की थी, जिसके अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के भूतपूर्व न्यायाधीश श्री आर०एस० सरकारिया थे।

प्रश्न 22.
सरकारिया आयोग की कोई दो सिफारिशें बताइए।
उत्तर:
सरकारिया आयोग की दो प्रमुख सिफारिशें थीं-

  • केंद्र को राज्यों में केंद्रीय पुलिस बल नियुक्त करने का अधिकार बना रहे,
  • अन्तर्राज्यीय परिषदों की स्थापना की जाए।

प्रश्न 23.
उन दो परिस्थितियों को बताएँ जिनमें कि संसद राज्य सूची पर कानून बना सकती है।
उत्तर:
संसद राज्य सूची पर दी गई दो परिस्थितियों में कानून बना सकती है-

  • अन्तर्राष्ट्रीय सन्धि व समझौते लागू करने पर,
  • जब राज्यसभा राज्य सूची के किसी विषय को 2/3 बहुमत से राष्ट्रीय महत्त्व को घोषित कर दे।

प्रश्न 24.
केंद्र व राज्यों के बीच दो विधायी सम्बन्ध बताइए।
उत्तर:
केंद्र व राज्यों के बीच दो विधायी सम्बन्ध इस प्रकार हैं-(1) समवर्ती सूची के विषय पर केंद्र व राज्य दोनों ही कानून बना सकते हैं, (2) राज्यपाल विधान सभा द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेज सकता है।

प्रश्न 25.
केंद्र व राज्यों के बीच दो वित्तीय सम्बन्ध बताइए।
उत्तर:
केंद्र व राज्यों के बीच दो वित्तीय सम्बन्ध इस प्रकार हैं-

  • केंद्र राज्यों को अनुदान देता है,
  • वित्तीय संकट की स्थिति में केंद्र राज्यों की आय के साधनों में परिवर्तन कर सकता है।

प्रश्न 26.
केंद्र व राज्यों के बीच दो प्रशासनिक सम्बन्ध बताइए।
उत्तर:
केंद्र व राज्यों के बीच दो प्रशासनिक सम्बन्ध इस प्रकार हैं-

  • केंद्र राज्यों में केंद्रीय पुलिस बल भेज सकता है,
  • राज्य के उच्च प्रशासनिक अधिकारी अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्य होते हैं।

प्रश्न 27.
केंद्र कब और किस आधार पर राज्य में आपात स्थिति लागू कर सकता है?
उत्तर:
केंद्र राज्य में संवैधानिक तन्त्र विफल हो जाने पर आपात स्थिति लागू कर सकता है। ऐसा केंद्र राज्यपाल की रिपोर्ट पर अथवा बिना रिपोर्ट के भी कर सकता है।

प्रश्न 28.
केंद्र-राज्य सम्बन्धों पर विचार-विमर्श हेतु गठित सरकारिया आयोग ने अपनी रिपोर्ट कब प्रस्तुत की?
उत्तर:
केंद्र-राज्य सम्बन्धों पर विचार-विमर्श हेतु गठित सरकारिया आयोग ने अपनी रिपोर्ट 27 अक्तूबर, 1987 को प्रस्तुत की।

प्रश्न 29.
राज्य की स्वायत्तता की मांग के कोई दो कारण लिखें।
उत्तर:
राज्यों की स्वायत्तता की माँग के दो कारण इस प्रकार हैं-

  • संसद की व्यापक विधि निर्माण शक्तियाँ,
  • वित्तीय दृष्टि से राज्यों की केंद्र पर निर्भरता।

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प्रश्न 30.
राज्य स्वायत्तता के कोई दो साधन लिखें।
उत्तर:
राज्यों की स्वायत्तता के लिए विभिन्न सुझाए गए साधनों में दो निम्नलिखित हैं-

  • संविधान में संघात्मक शासन का स्थापित किया जाना,
  • राष्ट्रपति के परामर्श हेतु एक समिति का गठन हो जो उसे निष्पक्ष परामर्श प्राप्त करा सके।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संघात्मक सरकार से क्या अभिप्राय है? संक्षेप में व्याख्या करें।
उत्तर:
संघ जिसे अंग्रेजी में (Federation) अथवा (Federal) कहा जाता है, वास्तव में लैटिन भाषा के एक शब्द (Foedus) से बना है जिसका अर्थ है सन्धि अथवा समझौता। इस प्रकार संघ सरकार कुछ राज्यों का एक ऐसा स्थायी संगठन है, जिसकी स्थापना एक समझौते के आधार पर की जाती है। जब दो या अधिक स्वतन्त्र राज्य कुछ सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक केंद्रीय सरकार संगठित करते हैं तथा शेष उद्देश्यों की पूर्ति वे स्वयं करते हैं तो एक संघात्मक शासन की स्थापना हो जाती है।

प्रश्न 2.
संघात्मक सरकार के चार लक्षण बताएँ।।
उत्तर:
संघात्मक सरकार के चार लक्षण निम्नलिखित हैं
1. शक्तियों का बँटवारा संघात्मक सरकार में शक्तियों का बँटवारा होता है। महत्त्वपूर्ण शक्तियाँ केंद्र के पास तथा स्थानीय महत्त्व की शक्तियाँ राज्य सरकारों को दी जाती हैं। दोनों इकाइयाँ अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतन्त्र होती हैं।

2. लिखित तथा कठोर संविधान संघ राज्य कई राज्यों के बीच एक समझौते का परिणाम होता है, इसलिए समझौते की सभी शर्ते लिखित रूप में होनी चाहिएँ। साथ ही ये शर्ते स्थायी हों, अतः संविधान लिखित तथा कठोर होता है।

3. स्वतन्त्र तथा सर्वोच्च न्यायालय केंद्र तथा राज्यों के आपसी विवादों को निपटाने के लिए तथा कोई भी इकाई संविधान के विरुद्ध कानून न बना सके, इसके लिए एक स्वतन्त्र तथा सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की जाती है।

4. दो-सदनीय विधानपालिका-संघात्मक सरकार में दो-सदनीय विधानमण्डल की आवश्यकता होती है। विधानमण्डल का निम्न सदन राष्ट्र की जनता का प्रतिनिधित्व करता है तथा ऊपरी सदन संघ की इकाइयों का प्रतिनिधित्व करता है।

प्रश्न 3.
संघात्मक सरकार के चार लाभ बताएँ।
उत्तर:
संघात्मक सरकार के चार मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं
1. शक्तिशाली राज्य की स्थापना-संघ सरकार स्थापित होने से छोटे-छोटे राज्यों को मिलाकर एक शक्तिशाली संघ राज्य कायम हो जाता है।

2. सरकार में अधिक कार्यकुशलता-संघ सरकार में केंद्र तथा राज्यों में शक्तियों तथा कार्य-क्षेत्रों का बँटवारा हो जाने से सरकारों की प्रशासनिक दक्षता बढ़ जाती है।

3. बड़े राज्यों के लिए उपयोगी-संघ सरकार अधिक जनसंख्या तथा भिन्नता वाले राज्यों के लिए उपयुक्त है।

4. अधिक लोकतन्त्रीय संघ सरकार में लोकतन्त्र की संस्थाएँ अधिक तथा प्रत्येक स्तर पर संगठित की जाती हैं। इसमें स्थानीय स्वशासन संस्थाएँ लोगों को लोकतन्त्र का प्रशिक्षण देती हैं।

प्रश्न 4.
भारतीय संविधान संघात्मक है, स्पष्ट करो।
अथवा
भारतीय संविधान के उन प्रावधानों का उल्लेख करें जो इसे संघीय स्वरूप प्रदान करते हैं।
अथवा
भारतीय संविधान की कोई पाँच संघीय विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर:
भारतीय संविधान की संघीय विशेषताएँ (लक्षण) इस प्रकार हैं-
(1) भारतीय संविधान द्वारा शासन की शक्तियों का तीन सूचियों में विभाजन किया गया है-

1. संघीय सूची (Union List), इस सूची में राष्ट्रीय महत्त्व के मूलतः 97 विषय (वर्तमान में 100 विषय) हैं जिन पर कानून बनाने की शक्ति संघीय संसद के पास है।

2. राज्य सूची (State List) में मूलतः 66 विषय (वर्तमान में 61 विषय) हैं। ये विषय स्थानीय महत्त्व के हैं और उन पर कानून बनाने का अधिकार राज्यों के विधानमण्डलों को दिया गया है।

3. समवर्ती सूची (Concurrent List), इस सूची में दिए गए मूल 47 विषयों (वर्तमान में 52 विषय) पर संसद तथा राज्य विधानमण्डल दोनों ही कानून बना सकते हैं,
(2) संविधान देश का सर्वोच्च कानून (Supremacy of the Constitution) है,
(3) भारतीय संविधान लिखित तथा कठोर है,
(4) संविधान की रक्षा करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई है,
(5) संघीय विधानमण्डल (संसद) का गठन द्वि-सदनीय प्रणाली के आधार पर किया गया है। लोकसभा देश की जनता का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि राज्यसभा में राज्यों के प्रतिनिधि बैठते हैं।

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प्रश्न 5.
भारत में शक्तिशाली केंद्र की स्थापना के पाँच कारण बताएँ।
उत्तर:
भारत में शक्तिशाली केंद्र की स्थापना के कारण इस प्रकार हैं-

  • ऐतिहासिक अनुभव के कारण संविधान के निर्माताओं ने शक्तिशाली केंद्रीय सरकार की स्थापना की,
  • तत्कालीन परिस्थितियों भारत का विभाजन, साम्प्रदायिक दंगों, तेलंगाना में सशस्त्र किसान आन्दोलन, भारतीय देशी रियासतों की समस्या इत्यादि ने भी संविधान निर्माताओं को प्रभावित किया,
  • भारतीय आर्थिक समस्याओं के समाधान हेतु भी केंद्रीय शासन का शक्तिशाली होना अनिवार्य था,
  • समस्त संसार में केंद्रीयकरण की प्रवृत्ति विद्यमान है, भारत इसका कोई अपवाद नहीं है,
  • स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय भारत में 562 देशी रियासतें मौजूद थीं। संविधान निर्माताओं ने देशी रियासतों की समस्या से निपटने के लिए शक्तिशाली केंद्रीय सरकार की स्थापना करने का निर्णय दिया।

प्रश्न 6.
केंद्र तथा राज्यों में कोई छह प्रशासनिक सम्बन्ध बताएँ।
उत्तर:
केंद्र तथा राज्यों में प्रशासनिक सम्बन्ध इस प्रकार हैं-

  • केंद्रीय सरकार को राज्य सरकारों को निर्देश तथा आदेश देने का अधिकार है,
  • राज्यपाल केंद्रीय सरकार के एजेण्ट के रूप में कार्य करता है,
  • बाहरी आक्रमण अथवा सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में केंद्रीय सरकार द्वारा प्रान्तीय सरकारों को निर्देश दिया जाता है,
  • राष्ट्रपति को प्रान्तीय संकट की घोषणा (अनुच्छेद 356) करने का अधिकार है,
  • राज्यों के आपसी झगड़ों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रपति अन्तर्राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) की स्थापना कर सकता है,
  • राष्ट्रपति अनुसूचित जातियों, जन-जातियों तथा अन्य पिछड़ी हुई जातियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए राज्यों को निर्देश दे सकता है।

प्रश्न 7.
अर्द्ध-संघात्मक (Quasi-Federal) से क्या अभिप्राय है? संक्षेप में व्याख्या करें।
उत्तर:
भारत में संघात्मक सरकार की स्थापना की गई है, परन्तु पूर्ण संघात्मक नहीं, अर्द्ध-संघात्मक। अर्द्ध-संघात्मक से अभिप्राय है कि केंद्र तथा राज्यों में शक्तियों का बँटवारा तो किया गया है, परन्तु शक्ति सन्तुलन केंद्र के पक्ष में है। संघ के अधिक शक्तिशाली होने के कारण भारतीय संघीय व्यवस्था को अर्द्ध-संघात्मक कहा जाता है। प्रो० के०सी० व्हीयर के शब्दों में, “भारत का नया संविधान ऐसी शासन-व्यवस्था को जन्म देता है जो अधिक-से-अधिक अर्द्ध-संघीय है।”

प्रश्न 8.
राज्यों की स्वायत्तता पर संक्षेप में एक लेख लिखिए। .
उत्तर:
संविधान के लागू होने से लेकर अब तक केंद्र-राज्यों के सम्बन्धों में तनाव है। राज्य अधिक-से-अधिक स्वायत्तता की माँग करते रहे हैं तथा केंद्र के नियन्त्रण को कम करने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। राज्यों की स्वायत्तता का अर्थ है कि राज्यों को अपने आन्तरिक क्षेत्र में अपनी शक्तियों का प्रयोग करने की स्वतन्त्रता हो। संविधान द्वारा जो शक्तियाँ राज्यों को दी गई हैं, उनमें केंद्र हस्तक्षेप न करे।

प्रश्न 9.
संसद किन परिस्थितियों में राज्य सूची में दिए गए विषयों के सम्बन्ध में कानून बना सकती है?
उत्तर:
ये परिस्थितियाँ इस प्रकार हैं-

  • देश में संकटकालीन स्थिति की घोषणा होने पर,
  • यदि राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से यह प्रस्ताव पास कर दे कि राज्य सूची में दिया गया कोई विषय राष्ट्रीय महत्त्व का बन गया है और उस पर संसद को कानून बनाना चाहिए,
  • किसी अन्तर्राष्ट्रीय सन्धि अथवा समझौते को लागू करने के लिए,
  • यदि दो अथवा दो से अधिक राज्यों के विधानमण्डल प्रस्ताव पास करके संसद को ऐसा करने की प्रार्थना करें,
  • किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने की स्थिति में उस राज्य के लिए।

प्रश्न 10.
वित्त आयोग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
संविधान की धारा 280 के अन्तर्गत यह व्यवस्था की गई है कि देश की आर्थिक परिस्थिति का अध्ययन करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर एक वित्त आयोग की नियुक्ति की जाएगी। वित्त आयोग की स्थापना प्रायः 5 वर्ष के लिए की जाती है। इस आयोग के सदस्यों की योग्यताएँ तथा नियुक्ति का तरीका निश्चित करने का अधिकार संसद को प्राप्त है। वित्त आयोग सरकार को दी गई कुछ बातों के बारे में परामर्श देता है

  • संघ तथा राज्यों में राजस्व का विभाजन,
  • केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दिए जाने वाले अनुदान की मात्रा के बारे में,
  • अन्य कोई भी मामला जो राष्ट्रपति द्वारा आयोग को सौंपा गया है। अब तक पन्द्रह (11 अप्रैल 2020 से) वित्त आयोग नियुक्त किए जा चुके हैं।

प्रश्न 11.
‘अवशिष्ट शक्तियाँ’ (Residuary Powers) पर संक्षिप्त नोट लिखें।
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार उन सब विषयों को, जिनका वर्णन किसी भी सूची अर्थात् संघीय सूची, राज्य सूची, अथवा समवर्ती सूची में नहीं किया गया है, उन्हें अवशिष्ट शक्तियों का नाम दिया गया है। इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है। अमेरिका में अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र को नहीं, बल्कि राज्य सरकारों को सौंपी गई हैं।

प्रश्न 12.
सरकारिया आयोग पर संक्षेप में लेख लिखिए।
उत्तर:
सन् 1983 में तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्रीमती इन्दिरा गाँधी ने केंद्र व राज्यों के सम्बन्धों पर विचार करके रिपोर्ट देने के । लिए न्यायमूर्ति श्री आर०एस० सरकारिया के नेतृत्व में तीन-सदस्यीय आयोग का गठन किया। इस आयोग ने भारतीय संविधान के अन्तर्गत केंद्र तथा राज्यों के सम्बन्धों को ठोस बताया और अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसमें किसी परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। केवल कार्य-प्रणाली में परिवर्तन की आवश्यकता है और उन्हें ईमानदारी से लागू करना है। केंद्र सरकार ने इन सुझावों के आधार पर कोई ठोस कार्य नहीं किया।

प्रश्न 13.
योजना आयोग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
योजना आयोग एक संविधानोत्तर संस्था है, क्योंकि संविधान में इसकी स्थापना की कोई व्यवस्था नहीं है। भारत में योजना आयोग की स्थापना भारत सरकार द्वारा 15 मार्च, 1950 को एक प्रस्ताव पारित करके की गई थी और 28 मार्च, 1950 से योजना आयोग ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया था परन्तु 16वीं लोकसभा चुनाव के बाद नवगठित भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने 65 वर्ष पुराने योजना आयोग के स्थान पर नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इण्डिया (NITI) आयोग का गठन करने का निर्णय लिया जिसके परिणामस्वरूप एक नई संस्था नीति (NITI-National Institute for Transforming India) का मार्ग प्रशस्त किया तथा 5 जनवरी, 2015 को इसकी नियुक्ति कर दी गई।

यद्यपि यहाँ हम सर्वप्रथम पाठ्यक्रम के अनुसार योजना आयोग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अनुसार योजना आयोग के स्वरूप, इसके कार्यों एवं भारत के विकास में योजना आयोग द्वारा निभाई गई भूमिका का भी संक्षेप में उल्लेख करेंगे एवं तत्पश्चात् नवगठित नीति आयोग की संरचना, उद्देश्यों एवं कार्यों पर भी संक्षेप में प्रकाश डालेंगे।

भारत में 1950 में कार्यरत योजना आयोग में प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष (Ex-officio Chairman) होता था और वही इसकी बैठकों की अध्यक्षता करता था। इसके अतिरिक्त आयोग का एक उपाध्यक्ष होता था जिसकी नियुक्ति मंत्रिमंडल के द्वारा की जाती थी। उपाध्यक्ष पद पर देश के विख्यात अर्थशास्त्री या प्रसिद्धि प्राप्त वित्त विशेषज्ञ विराजमान रहे हैं।

यद्यपि उपाध्यक्ष मंत्रिमंडल का सदस्य नहीं होता था परंतु उसका स्तर कैबिनेट मंत्री के समान होता था। उपाध्यक्ष वास्तव में योजना आयोग का सबसे प्रभावकारी अधिकारी होता था। इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान वेतन एवं भत्ते मिलते थे। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा योजना आयोग में 14-15 व्यक्ति और होते थे।

इनमें सात-आठ तो मंत्री शामिल थे; जैसे मानव संसाधन और विकास मंत्री, वित्त मंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, कृषि मंत्री और योजना-राज्य मंत्री तथा पांच-छः अन्य सदस्य होते थे। सदस्यों में से कोई एक सदस्य आयोग के सचिव (Member Secretary) के रूप में कार्य करता था। आयोग के विशेषज्ञ सदस्यों को केंद्रीय राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाता था।

प्रश्न 14.
समवर्ती सूची पर एक नोट लिखिए।
उत्तर:
इस सूची में साधारणतः वे विषय रखे गए हैं, जिनका महत्त्व क्षेत्रीय व संघीय दोनों ही दृष्टियों से है। इस सूची के विषयों पर संघ तथा राज्य, दोनों को ही कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है। यदि इस सूची के किसी विषय पर संघीय तथा राज्य व्यवस्थापिका द्वारा निर्मित कानून परस्पर विरोधी हों, तो सामान्यतः संघ का कानून मान्य होगा।

इस सूची में वर्तमान समय में कुल 52 विषय हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं फौजदारी विषय, विवाह और विवाह-विच्छेद, दत्तक और उत्तराधिकार, कारखाने, श्रमिक-संघ, औद्योगिक विवाद, आर्थिक और सामाजिक योजना, सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक बीमा, पुनर्वास और पुरातत्व आदि। 42वें संवैधानिक संशोधन में 4 विषय शिक्षा, वन, जंगली जानवरों और पक्षियों की रक्षा और नाप-तोल राज्य सूची में से समवर्ती सूची में परिवर्तित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त समवर्ती सूची में एक नवीन विषय-‘जनसंख्या नियन्त्रण’ और ‘परिवार नियोजन’ रखा गया है।

प्रश्न 15.
केंद्र तथा राज्यों के बीच तनाव के पाँच कारण लिखें।
उत्तर:
केंद्र तथा राज्यों के बीच तनाव के पाँच कारण निम्नलिखित हैं-
(1) केंद्र तथा राज्यों के बीच तनाव का मुख्य कारण वित्त रहा है। राज्यों को हमेशा केंद्र से यह शिकायत रहती है कि वह सहायता देते समय भेदभावपूर्ण नीति अपनाता है,

(2) केंद्र व राज्यों के बीच तनाव का कारण राज्यपाल की भूमिका भी है। राज्यपाल राष्ट्रपति के एजेन्ट के रूप में कार्य करता है। विशेष रूप से ऐसे राज्यों में जहाँ विरोधी दलों की सरकारें होती हैं, वहाँ राज्यपाल की भूमिका विवा का विषय बनी रहती है,

(3) नौकरशाही की भूमिका भी तनाव का अन्य कारण है, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति केंद्र द्वारा किए जाने के कारण राज्य सरकारों का उन पर नियन्त्रण नहीं होता,

(4) कानून तथा व्यवस्था की समस्याएँ भी तनाव का कारण हैं, क्योंकि केंद्र शान्ति व व्यवस्था का बहाना लेकर राज्य के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है,

(5) दलीय भावना के कारण भी केंद्र राज्यों तथा राज्य केंद्र पर दोषारोपण करते रहते हैं, विशेष रूप से उस समय जब केंद्र में एक दल की सरकार हो तथा राज्य में किसी दूसरे दल की।

HBSE 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद

प्रश्न 16.
राज्य की स्वायत्तता से आप क्या समझते हैं? .
उत्तर:
राज्यों की स्वायत्तता का अर्थ स्वतन्त्रता नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि राज्यों को उनके मामलों में केंद्रीय सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न किया जाना। राज्यों को जो शक्तियाँ संविधान द्वारा उपलब्ध करवाई गई हैं उन्हें उनका प्रयोग बिना किसी रोक-टोक के करने की आज्ञा होनी चाहिए। इस प्रकार राज्यों की स्वायत्तता का अर्थ न तो राज्यों की स्वतन्त्रता से है और न ही प्रभुसत्ता से। यह एक ऐसा वैधानिक दर्जा है जिसमें राज्यों को कुछ क्षेत्रों में पूर्ण स्वतन्त्रता तथा कम-से-कम केंद्रीय हस्तक्षेप का आश्वासन प्राप्त होता है। राज्यों को अपने एक निश्चित क्षेत्र में स्वतन्त्रतापूर्वक कार्य के अधिकार का नाम ही राज्यों की स्वायत्तता है।

प्रश्न 17.
राज्य की स्वायत्तता की माँग के मुख्य कारणों का उल्लेख करो।
उत्तर:
राज्य की स्वायत्तता की माँग के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

  • संसद की व्यापक विधि निर्वाण शक्तियाँ,
  • वित्तीय दृष्टि से राज्यों की केंद्र पर निर्भरता,
  • अखिल भारतीय सेवाएँ तथा राज्यपाल,
  • राज्यों के बीच भाषायी एवं सांस्कृतिक विभिन्नता,
  • राज्यपाल की भूमिका एवं राष्ट्रपति शासन,
  • अन्तर्राष्ट्रीय झगड़े,
  • राज्यसभा में राज्यों का असमान प्रतिनिधित्व ।

प्रश्न 18.
भारतीय संविधान की कोई तीन एकात्मक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
भारतीय संविधान की तीन एकात्मक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

1. शक्तिशाली केंद्रीय सरकार-वैसे तो संविधान ने केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया है, परंतु इस विभाजन में केंद्र को अधिक शक्तियाँ दी गई हैं। संघीय सूची में 97 विषय हैं, जबकि राज्य सूची में केवल 66 विषय हैं। राज्य विषयों की संख्या ही कम नहीं, इनका महत्त्व भी कम है। जेलें, पुलिस तथा अन्य स्थानीय विषयों पर ही राज्य सरकारों को कानून बनाने का अधिकार है।

समवर्ती सूची में दिए गए विषयों पर राज्य सरकारें तथा केंद्रीय सरकारें दोनों ही कानून बना सकती हैं, परंतु मतभेद या विरोध की स्थिति में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा बनाया गया कानून ही माना जाएगा और राज्य विधानमंडल के कानून को रद्द कर दिया जाएगा। अवशिष्ट शक्तियों (Residuary Powers) के विषय भी केंद्रीय सरकार को ही सौंपे गए हैं।

2. राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह से करता है। वह जिस राज्यपाल को जब चाहे, उसके पद से हटा सकता है। इस प्रकार गवर्नरों द्वारा भी केंद्र सरकार राज्य सरकारों के शासन-प्रबंध में हस्तक्षेप कर सकती है।

3. राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन-संसद कानून पास कर किसी भी राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन करने का अधिकार रखती है। वह दो या दो से अधिक राज्यों को मिलाकर एक राज्य बना सकती है या एक राज्य को दो भागों में बाँट सकती है; जैसे पंजाब का विभाजन करके (पंजाब व हरियाणा) दो राज्य बनाए गए थे। यह अधिकार केंद्र को बहुत अधिक शक्ति देता है। इससे वह चाहे तो राज्यों पर निरंकुश होकर नियंत्रण कर सकता है।

निबंधात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संघीय सरकार की परिभाषा देते हुए इसकी विशेषताओं का वर्णन करें।
अथवा
संघ किसे कहते हैं? इसके आवश्यक लक्षणों का वर्णन कीजिए।
अथवा
संघात्मक सरकार की परिभाषा दीजिए तथा उसके गुण-दोषों की विवेचना कीजिए।
अथवा
संघ क्या है? संघ की सफलता में सहायक अनिवार्य तत्त्वों का वर्णन कीजिए।
अथवा
संघात्मक सरकार की परिभाषा दें। एकात्मक तथा संघात्मक सरकार में भेद बतलाइए। अथवा संघ क्या होता है? एक अच्छे संघ के निर्माण के लिए कौन-से तथ्य सहायक होते हैं? अथवा संघ क्या होता है? भारत में कौन-सी सरकार उपयुक्त है?
उत्तर:
संघात्मक सरकार ऐसी शासन-व्यवस्था है, जिसमें शासन-सत्ता का विकेंद्रीयकरण किया जाता है तथा जिसमें दोहरी सरकारें स्थापित की जाती हैं और उनकी शक्तियों का बँटवारा कर दिया जाता है।

संघ जिसे अंग्रेज़ी में ‘Federation’ अथवा ‘Federal’ कहा जाता है, वास्तव में लैटिन भाषा के एक शब्द ‘फोडस’ (Foedus) से बना है जिसका अर्थ है ‘सन्धि अथवा समझौता’ । इस प्रकार संघ सरकार कुछ राज्यों का एक ऐसा स्थायी संगठन है, जिसकी स्थापना एक समझौते के आधार पर की जाती है। जब दो अथवा दो से अधिक स्वतन्त्र राज्य कुछ सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक केंद्रीय सरकार संगठित करते हैं तथा शेष उद्देश्यों की पूर्ति वे स्वयं करते हैं तो एक संघात्मक शासन की स्थापना हो जाती है। विभिन्न विद्वानों ने संघ सरकार की निम्नलिखित परिभाषाएँ दी हैं

1. मॉण्टेस्क्यू (Montesquieu):
के शब्दों में, “संघात्मक सरकार एक ऐसा समझौता है जहाँ बहुत-से एक जैसे राज्य बड़े राज्य के सदस्य बनने के लिए सहमत हों।”

2. हेमिल्टन (Hemilton):
का कथन है, “संघ राज्य, राज्यों का एक ऐसा समुदाय है जो एक नवीन राज्य की स्थापना करता है।”

3. गार्नर (Garner):
का कथन है, “संघ सरकार एक ऐसी प्रणाली है जिसमें केंद्रीय तथा स्थानीय सरकारें एक ही प्रभुसत्ता के अधीन होती हैं। ये सरकारें संविधान द्वारा अथवा संसदीय कानून द्वारा निर्धारित अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वोच्च होती हैं।”

4. जेलीनेक (Jelineck):
के अनुसार, “संघात्मक राज्य कई राज्यों के मेल से बना हुआ एक प्रभुसत्ता सम्पन्न राज्य है।”

5. फाइनर (Finer):
के शब्दों में, “संघात्मक राज्य वह राज्य है जिसमें अधिकार और शक्ति का कुछ भाग स्थानीय राज्यों को दिया जाए, दूसरा भाग संघात्मक सरकार को दिया जाए जो कि अपने स्थानीय राज्यों की इच्छा से बनी होती है।”

इन परिभाषाओं के आधार पर संघात्मक सरकार वह शासन-प्रणाली है, जिसमें कई स्वतन्त्र राज्य मिलकर समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक संघ स्थापित कर लेते हैं। इस संघ में प्रत्येक सदस्य-राज्य कुछ विशेष क्षेत्रों में अपनी स्वतन्त्रता बनाए रखता है तथा सामान्य हित के विषयों को एक केंद्रीय सत्ता के सुपुर्द कर देता है। संघात्मक सरकार के लक्षण (Features of Federal Government)-संघात्मक सरकार के आवश्यक लक्षण अथवा विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

1. लिखित, कठोर तथा सर्वोच्च संविधान संघ राज्य कई राज्यों के बीच एक समझौते का परिणाम होता है, इसलिए समझौते की सभी शर्ते लिखित रूप में होनी चाहिएँ। साथ ही ये शर्ते स्थायी भी हों। इसलिए संघ सरकार का संविधान केवल लिखित ही नहीं, कठोर भी होता है, जिससे कोई भी इकाई मनमाने ढंग से इसमें परिवर्तन न कर सके। संविधान सर्वोच्च भी होता है ताकि कोई भी सरकार उस संविधान के विरुद्ध कानून बनाकर दूसरी इकाई के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप न कर सके।

2. शक्तियों का बँटवारा-संघात्मक सरकार में केंद्रीय महत्त्व के विषय केंद्रीय सरकार को तथा प्रान्तीय और स्थानीय महत्त्व के विषय राज्य सरकारों को सौंप दिए जाते हैं। दोनों सरकारें अपने-अपने क्षेत्र में कानून बनाती तथा प्रशासन चलाती हैं। वे एक-दूसरे के मामले में हस्तक्षेप नहीं करतीं। भारत में शक्तियों के विभाजन के अधीन तीन सूचियाँ केंद्रीय सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची बनाई गई हैं।

3. स्वतन्त्र तथा सर्वोच्च न्यायपालिका-संघात्मक शासन में एक निष्पक्ष तथा स्वतन्त्र संघीय न्यायालय का होना भी जरूरी है। संघ सरकार में यद्यपि केंद्र व राज्यों में अधिकारों का स्पष्ट विभाजन किया जाता है, फिर भी उनमें कई बातों में विवाद होना स्वाभाविक है। संघ न्यायालय उनके विवादों को हल करता है। यह न्यायालय संविधान के संरक्षण का भी कार्य करता है। केंद्रीय तथा प्रान्तीय सरकारें संविधान के विरुद्ध कानून न बना सकें, इसके लिए एक स्वतन्त्र तथा सर्वोच्च न्यायपालिका का होना बहुत आवश्यक है।

4. द्वि-सदनीय विधानपालिका-संघात्मक सरकार में द्वि-सदनीय विधानमण्डल की आवश्यकता पड़ती है। विधानमण्डल का निम्न सदन सारे राष्ट्र की जनता का तथा उच्च सदन संघ की इकाइयों का प्रतिनिधित्व करता है। ऊपरी सदन राज्यों के हितों की रक्षा करने के लिए गठित किया जाता है। इसमें संघ की इकाइयों को बराबर सीट देने की व्यवस्था की जाती है, जिससे उनकी संवैधानिक समानता स्थापित हो सके।

5. दोहरा शासन-संघात्मक सरकार में दोहरा शासन-प्रबन्ध होता है। एक केंद्रीय शासन तथा दूसरा स्थानीय अथवा प्रान्तीय शासन। संघ तथा प्रान्तों के अधिकार संविधान द्वारा निश्चित होते हैं। दोनों सरकारें अपने-अपने क्षेत्र में स्वतन्त्र होती हैं।

6. दोहरी नागरिकता-संघ सरकार में नागरिकों को दोहरी नागरिकता प्राप्त होती है। एक उस राज्य की नागरिकता जहाँ वह निवास करता है, तथा दूसरी संघ की नागरिकता। ऊपर वर्णित तत्त्व संघीय सरकार के निर्माण में आवश्यक हैं। इन तत्त्वों के आधार पर ही संघात्मक सरकार की स्थापना होती है।

HBSE 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद

प्रश्न 2.
“भारतीय संविधान का स्वरूप या ढाँचा संघात्मक है, लेकिन उसकी आत्मा एकात्मक है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए।
अथवा
भारतीय संविधान की संघीय विशेषताएँ बताएँ। भारतीय संविधान में दिए गए एकात्मक तत्त्वों का विवरण दो।
उत्तर:
26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने पर अधिकांश विद्वानों तथा राजनेताओं ने इसे एक आवाज में संघात्मक संविधान माना। फिर भी संविधान का संघात्मक ढाँचा विद्वानों में हमेशा विवाद का विषय रहा है। एक ओर प्रो० अलैक्जेण्ड्रोविक्स, के० संथानम, मोरिस जोन्स, एम०वी० पायली, डॉ० अम्बेडकर, पाल एपेल्बी आदि विद्वान् और राजनेता .. भारतीय संविधान को संघात्मक मानते थे तो दूसरी ओर कुछ विचारक इस बात से सहमत नहीं थे।

प्रो० अलेक्जेण्ड्रोविक्स के शब्दों में, “भारत निस्सन्देह एक संघ है जिसमें प्रभुसत्ता के तत्त्वों को केंद्र और राज्यों के बीच विभाजित किया गया है।” डॉ० के०सी० व्हीयर, जेनिंग्ज, डी०डी० बसु, डी०एन० बैनर्जी, के०पी० मुखर्जी, के०वी० राव आदि भारत के संविधान को संघात्मक मानने के लिए तैयार नहीं हैं। के०पी० मुखर्जी के अनुसार,

“भारतीय संविधान निश्चय ही गैर-संघात्मक या एकात्मक संविधान है।” इसी तरह के०सी० व्हीयर का कहना है, “भारतीय संविधान अर्द्ध-संघात्मक है। वह नाममात्र की एकात्मक विशेषताओं के साथ संघात्मक राज्य होने के बजाय गौण संघीय विशेषताओं के साथ एकात्मक राज्य है।” कहने का तात्पर्य यह है कि भारतीय संविधान में संघात्मक एवं एकात्मक दोनों तरह के तत्त्व पाए जाते हैं।

इस तरह भारतीय संविधान संघात्मक होते हुए भी उसका झुकाव एकात्मकता की ओर है। भारतीय संविधान के संघात्मक तत्त्व (Federal Elements of Indian Constitution)-भारतीय संविधान में निम्नलिखित संघात्मक तत्त्व मौजूद हैं

1. लिखित संविधान भारत का संविधान एक लिखित संविधान है। 9 दिसम्बर, 1946 में संविधान का कार्य आरम्भ हुआ तथा 26 नवम्बर, 1949 में संविधान पूरा हुआ। 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ। वर्तमान में संविधान में 395 अनुच्छेद हैं जिन्हें 12 अनुसूचियों और 22 अध्यायों में बाँटा गया है। भारतीय संविधान में अब तक 104 संशोधन हो चुके हैं।

2. संविधान की कठोरता भारत का संविधान एक कठोर संविधान है। यद्यपि भारत का संविधान अमेरिका के संविधान की तरह कठोर तो नहीं है, परन्तु फिर भी इसमें संशोधन करने की प्रक्रिया इतनी सरल नहीं रखी गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 ने भी इसीलिए संविधान में संशोधन करने के लिए संसद का 2/3 बहुमत तथा केंद्र-राज्यों के सम्बन्धों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाली व्यवस्थाओं पर आधे राज्यों के अनुमोदन के साथ संसद के दो-तिहाई बहुमत का जटिल तरीका अपनाया गया है।

3. संविधान की सर्वोच्चता भारत में संविधान को सर्वोच्च बनाया गया है। यदि किसी समय केंद्र तथा राज्यों के बीच अधिकार क्षेत्र के किसी मामले पर विवाद हो तो उसका हल संविधान में दी गई व्यवस्थाओं के अन्तर्गत ही निकाला जाएगा। अमेरिका आदि संघीय संविधानों की तरह भारत में भी यही तरीका अपनाया गया है।

4. शक्तियों का विभाजन-भारत में संघीय शासन के अन्तर्गत शक्तियों को केंद्र तथा राज्यों में बाँटा गया है। इस उद्देश्य के लिए तीन सूचियाँ (संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची) बनाई गई हैं। संघ सूची में 97 विषय (वर्तमान में 100 विषय), राज्य सूची में 66 विषय (वर्तमान में 61 विषय) तथा समवर्ती सूची में 47 विषय (वर्तमान में 52 विषय) रखे गए हैं। अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र सरकार को दी गई हैं।

राष्ट्रीय महत्त्व के विषय, यथा-देश की सुरक्षा, संचार साधन, विदेश-नीति, मुद्रा, बैंकिंग आदि महत्त्वपूर्ण विषय संघ सूची में रखे गए हैं। पुलिस, जेल, स्वास्थ्य, स्थानीय प्रशासन आदि विषय राज्य सूची में रखे गए हैं। दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण समझे जाने वाले विषय समवर्ती सूची में रखे गए हैं, परन्तु इस सूची पर सर्वोच्चता केंद्र सरकार को दी गई है।

5. दोहरी शासन-प्रणाली-भारत में दोहरी शासन-प्रणाली अपनाई गई है। केंद्र तथा राज्यों की अलग-अलग सरकारें हैं। दोनों को शासन की शक्तियाँ संविधान ने दी हैं। यद्यपि सहकारी संघवाद के कारण दोनों सरकारें आपस में सहयोग करके अपने-अपने दायरे में शासन चलाती हैं, फिर भी दोनों में से कोई किसी के अधीन नहीं हैं।

6. न्यायपालिका की विशेष स्थिति-संघ-शासन में केंद्र तथा राज्यों के बीच अधिकार क्षेत्र के विवाद को संविधान में की गई. व्यवस्थाओं के आधार पर निपटाने की शक्ति न्यायपालिका को दी जाती है। इस आधार पर भारत में भी न्यायपालिका को सर्वोच्च शक्ति प्रदान की गई है। उच्चतम न्यायालय केंद्र तथा राज्यों के आपसी विवादों का निपटारा करता है। इसके निर्णय अन्तिम होते हैं।

7. दो-सदनीय विधानमण्डल-संघ शासन में दो-सदनीय विधानमण्डल होता है। एक सदन सारे देश का तथा दूसरा सदन उन इकाइयों का प्रतिनिधित्व करता है जो मिलकर संघीय सरकार का निर्माण करती हैं। भारत में लोकसभा सारे देश का तथा राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है। यह व्यवस्था इसलिए की जाती है, जिससे केंद्र सरकार राज्यों के हितों को नुकसान न पहुँचा सके।

संविधान में एकात्मक तत्त्व (Unitary Elements of Indian Constitution)-भारतीय संविधान में संघ शासन की इन आधारभूत विशेषताओं के होते हुए भी एकात्मक तत्त्वों की कमी नहीं है। भारत के संविधान में निम्नति

1. इकहरी नागरिकता भारत में अमेरिका के विरुद्ध इकहरी नागरिकता प्रदान की गई है। कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में रहे (जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर) वह राज्य का नहीं, भारत का नागरिक है। इकहरी नागरिकता की यह व्यवस्था संघ शासन के विरुद्ध है।

2. केंद्र तथा राज्यों के लिए एक संविधान-संघ शासन वाले राज्यों में संघ की इकाइयों को अलग-अलग संविधान बनाने का अधिकार होता है। अमेरिका, स्विट्जरलैण्ड तथा अन्य संघीय देशों में यही तरीका अपनाया गया है। लेकिन भारत में जम्मू-कश्मीर को छोड़कर अन्य राज्यों का अपना अलग संविधान नहीं है। पूरे देश पर एक ही संविधान लागू होता है।

3. शक्तियों का विभाजन केंद्र के पक्ष में शक्तियों का विभाजन भी केंद्र के पक्ष में है। संघ सूची में 97 विषय हैं जिन पर कानून बनाने का अधिकार संघ सरकार को है। राज्य सूची में दिए गए विषयों पर भी केंद्र कानून बना सकता है, यदि राज्यसभा ऐसा प्रस्ताव पास कर दे, राज्य स्वयं कानून बनाने की प्रार्थना करे अथवा राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो। समवर्ती सूची पर केंद्र तथा राज्यों को कानून बनाने का अधिकार है, परन्तु विवाद की दशा में केंद्र का कानून लागू होगा। ऐसी दशा में केंद्र सरकार राज्यों की तुलना में अधिक शक्तिशाली है।

4. अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास आमतौर पर संघ शासन में अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों के पास होती हैं, लेकिन भारतीय संविधान में साफ तौर पर यह व्यवस्था की गई है कि जो विषय तीनों सूचियों में नहीं हैं ऐसे सभी अवशिष्ट विषयों पर संसद कानून बनाएगी, राज्यों के विधानमण्डल नहीं।

5. राज्यपालों की नियुक्ति-भारतीय संघ के राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। राष्ट्रपति ही राज्यपाल को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजता है तथा किसी भी राज्यपाल का कार्यकाल बढ़ाता है अथवा पाँच वर्ष की अवधि से पहले हटाता भी है। राज्यपाल की नियुक्ति करते समय उस राज्य के मुख्यमन्त्री से परामर्श लिया जाता है, परन्तु उस परामर्श को मानना आवश्यक नहीं है। राज्यपाल अपने कार्यों के लिए राज्य के प्रति नहीं, वरन् राष्ट्रपति के प्रति उत्तरदायी होता है, यह संघात्मक गुणों के विपरीत है।

6. राज्यों में राष्ट्रपति शासन-राष्ट्रपति राज्यपाल के सुझाव अथवा स्वयं निर्णय करके किसी भी राज्य में वहाँ की विधिवत निर्वाचित सरकार को भंग करके राष्ट्रपति शासन लाग कर सकता है। ऐसी दशा में शासन की सारी शक्तियाँ केंद्र के पास आ जाती हैं।

7. राज्यसभा में असमान प्रतिनिधित्व-अमेरिकी सीनेट की तरह संघ शासन वाले देशों में केंद्रीय विधानमण्डल के ऊपरी सदन में सभी राज्यों के बराबर संख्या में प्रतिनिधि होते हैं, परन्तु भारत में इस सिद्धान्त को नहीं अपनाया गया है। राज्यसभा में राज्यों को उनकी आबादी के अनुसार स्थान दिए गए हैं। जिस कारण राज्यसभा अधिक प्रभावशाली बनकर राज्यों के हितों की पूरी तरह रक्षा नहीं कर सकती।

8. संसद को राज्यों के पुनर्गठन का अधिकार संघ शासन में केंद्रीय विधानमण्डल सम्बन्धित राज्य की इच्छा के बिना उसकी सीमाओं तथा नामों आदि में परिवर्तन नहीं कर सकता। लेकिन भारत में संसद को यह अधिकार दिया गया है।

सन् 1956 में केंद्र ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम पास किया, जिसके अधीन कितने ही नए राज्य बनाए गए हैं, उनकी सीमाओं में परिवर्तन किए गए हैं तथा उनके नामों में भी परिवर्तन किए गए हैं। इसी आधार पर के०पी० मुखर्जी ने लिखा है, “अगर एकात्मक सरकार की परिभाषा यह नहीं है तो मैं नहीं जानता कि वह क्या है।”

9. इकहरी न्याय पद्धति संघ शासन में न्याय व्यवस्था दोहरी होती हैं, परन्तु भारत में नीचे से ऊपर तक न्यायपालिका का ढाँचा एकीकृत है। उच्चतम न्यायालय न्यायपालिका के शिखर पर है। इसके साथ ही पूरे देश के लिए एक जैसी दीवानी तथा फौजदारी व्यवस्था है।

में राज्य केंद्र पर आश्रित केंद्र की अपेक्षा राज्य सरकारों की आय के साधन बहुत कम हैं। इसलिए राज्यों को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर रहना पड़ता है। अनेक केंद्रीय करों से प्राप्त राजस्व का राज्यों में वितरण किया जाता है। इन सभी व्यवस्थाओं और नीति आयोग के निर्देशन में पूरे राष्ट्र के सुनियोजित विकास की व्यवस्था ने राज्यों को केंद्र पर निर्भर बना दिया है।

11. नीति आयोग पर केंद्र का प्रभुत्व (Dominance of Centre on NITI Commission)-1 जनवरी, 2015 को 65 वर्ष पुराने योजना आयोग के स्थान पर अस्तित्व में आए नीति आयोग पर भी केंद्र का ही प्रभुत्व है। नीति आयोग का अध्यक्ष भी योजना आयोग की तरह प्रधानमन्त्री होगा तथा उपाध्यक्ष की नियुक्ति भी प्रधानमन्त्री करता है। इसके अतिरिक्त दो पूर्वकालिक सदस्यों की नियुक्ति भी प्रधानमन्त्री द्वारा की जाती है। इसके साथ-साथ समय-समय पर विशिष्ट सदस्यों को भी प्रधानमन्त्री द्वारा ही आमन्त्रित किया जाता है।

पदेन सदस्यों में भी केंद्रीय मन्त्री ही सम्मिलित होते हैं। नीति आयोग में उल्लेखित प्रशासनिक परिषद् में यद्यपि राज्यों के मुख्यमन्त्री सदस्य होंगे परन्तु इसकी अध्यक्षता प्रधानमन्त्री द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त विशिष्ट क्षेत्रीय परिषदों का गठन भी प्रधानमन्त्री द्वारा ही किया जाएगा। इस प्रकार स्पष्ट है कि नवगठित नीति आयोग में केंद्र का ही प्रभुत्व बना हुआ है जो भारतीय शासन को एकात्मकता की ओर झुकाता है।

निष्कर्ष-उपरोक्त संघात्मक एवं एकात्मक तत्त्वों का अध्ययन करने के पश्चात् इस निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि भारतीय संविधान न तो पूर्णतः एकात्मक है और न ही संघात्मक। डॉ० जैनिंग्ज के अनुसार, यह कहना उचित होगा कि, “भारत सशक्त केंद्रीयकरण वाली विशेषताओं से युक्त संघ है।”

प्रश्न 3.
केंद्र तथा राज्यों के बीच विधायी सम्बन्धों का वर्णन करें। अथवा केंद्र राज्यों की वित्तीय जरूरतों को कैसे पूरा करता है? स्पष्ट करें। अथवा केंद्र तथा राज्यों के प्रशासनिक सम्बन्धों का विवरण दो।
अथवा
भारत में संघ तथा राज्यों के आपसी सम्बन्धों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर:
भारत में संघात्मक सरकार की स्थापना की गई है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत शासन की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटा गया है और अवशेष शक्तियाँ केंद्र सरकार को सौंपी गई हैं। भारत में पूर्णतः संघात्मक सरकार नहीं है और जिन देशों में पूर्ण संघात्मक सरकार की स्थापना की गई है, उन देशों में भी केंद्र का राज्यों पर प्रभुत्व बढ़ता ही जा रहा है तथा राज्यों की भी केंद्र पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। भारत में केंद्र अथवा संघ सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के आपसी सम्बन्धों को तीन भागों में बाँटा जा सकता है

  • विधायी सम्बन्ध,
  • प्रशासनिक सम्बन्ध,
  • वित्तीय सम्बन्ध ।

1. केंद्र तथा राज्यों के विधायी सम्बन्ध (Legislative Relation between Centre and States) भारतीय संविधान ने केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच विधायी सम्बन्धों का विवरण संविधान के ग्यारहवें भाग के अध्याय एक में अनुच्छेद .245 से 254 तक में दिया है।

(1) संघ सूची इस सूची में संविधान लागू होते समय मूलतः 97 विषय (वर्तमान में 100 विषय) रखे गए है। इनमें प्रतिरक्षा, अणुशक्ति, विदेशी मामले, युद्ध और सन्धि, रेलवे, मुद्रा, बैंकिंग, डाक- तार आदि विषय शामिल हैं। संघ सूची में इन सभी मामलों पर कानून बनाने की शक्ति संसद को प्राप्त है और उन पर केंद्र सरकार का ही प्रशासनिक नियन्त्रण कायम है।

(2) राज्य सूची इस सूची में मूल रूप से 66 विषय (वर्तमान में 61 विषय) रखे गए हैं। राज्य सूची में पुलिस, जेल, न्याय . प्रबन्ध, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा स्थानीय स्वशासन आदि शामिल हैं। समय-समय पर संविधान संशोधनों द्वारा इस सूची में विषयों को निकाला तथा जोड़ा जाता रहा है, परन्तु मूल रूप में इनकी संख्या 66 ही रही है। इस सूची में शामिल विषयों पर राज्य सरकार कानून बनाती है तथा उन पर उनका ही प्रशासनिक नियन्त्रण कायम रहता है।

(3) समवर्ती सूची-इस सूची में मूल 47 विषय (वर्तमान में 52 विषय) रखे गए हैं। इनमें फौजदारी कानून, निवारक नजरबंदी कानून, विवाह, तलाक, ट्रेड यूनियन, श्रम, कल्याण, खाद्य पदार्थों में मिलावट आदि विषय शामिल हैं। इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार केंद्र तथा राज्यों को प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त जिन विषयों का उल्लेख तीनों सूचियों में से किसी में भी नहीं है, ऐसे सभी मामलों पर अवशिष्ट अधिकार के रूप में कानून बनाने की शक्ति संसद को दी गई है।

संसद द्वारा राज्य-सूची पर कानून निर्माण-यद्यपि राज्य सूची में दिए गए विषयों पर कानून बनाने का अधिकार राज्यों का – है, परन्तु निम्नलिखित परिस्थितियों में राज्य सूची के विषयों पर भी संसद कानून बना सकती है-

(1) यदि राज्यसभा अपने उपस्थित स्यों के बहमत और कल सदस्य संख्या के 2/3 बहमत से प्रस्ताव पास करके राज्य सूची के किसी विषय को राष्ट्रीय महत्त्व का घोषित कर दे,

(2) राष्ट्रपति देश में संकटकाल की घोषणा कर दे,

(3) अगर दो या दो से अधिक राज्यों के विधानमण्डल एक प्रस्ताव पारित करके राज्य सूची के किसी विषय पर संसद को कानून बनाने की अपील करें,

(4) अन्तर्राष्ट्रीय सन्धियों तथा समझौतों को लागू कराने के लिए संसद राज्य सूची के किसी विषय पर कानून बना सकती है,

(5) राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के विफल हो जाने पर राष्ट्रपति संकटकाल की घोषणा कर सकता है। तब उस राज्य के लिए राज्य सूची में दिए गए सभी विषयों पर कानून बनाने का अधिकार संसद को मिल जाता है,

(6) राज्यपाल राज्य विधानमण्डल द्वारा पारित किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए उसके पास भेज सकता है। राष्ट्रपति ऐसे विधेयकों पर अपनी स्वीकृति दे सकता है अथवा उसे रोक सकता है,

(7) राज्य सरकारों को एक राज्य से दूसरे राज्यों अथवा संघ प्रशासित क्षेत्रों से आने वाली वस्तुओं या उनके व्यापार और वाणिज्य से सम्बन्धित मामलों पर युक्तिसंगत प्रतिबन्ध लगाने का अधिकार दिया गया है। लेकिन ऐसा विधेयक विधानमण्डल में पेश करने से पहले राष्ट्रपति की स्वीकृति अनिवार्य है।

इस विवरण से स्पष्ट है कि विधायी क्षेत्र में राज्य सूची में दिए गए मामलों पर भी केंद्र सरकार को बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण शक्तियाँ प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त समवर्ती सूची पर केंद्र तथा राज्य दोनों को ही कानून बनाने का अधिकार है, परन्तु विवाद की दशा में राज्य विधानमण्डल द्वारा बनाया गया कानून लागू नहीं होगा, वरन् केंद्रीय संसद द्वारा बनाया गया कानून लागू होगा।

2. केंद्र तथा राज्यों के प्रशासनिक सम्बन्ध (Administrative Relation of Centre and State) भारतीय संविधान ने केंद्र तथा राज्य सरकारों को जिन मामलों पर कानून बनाने का अधिकार दिया है, उन्हीं मामलों पर उसने उन्हें अपना प्रशासनिक नियन्त्रण कायम करने की शक्ति भी दी है। संविधान में केंद्र और राज्यों के प्रशासनिक सम्बन्धों का विवरण दिया गया है, जो इस प्रकार है

(1) संविधान के अनुच्छेद 256 में यह व्यवस्था की गई है कि राज्य सरकारें अपनी प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग इस तरह करेंगी जिससे संसद के कानूनों का पालन होता रहे,

(2) केंद्र सरकार राज्य सरकारों को अपनी प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग करने के बारे में जरूरी निर्देश दे सकती है। केंद्र सरकार नदियों, जलाशयों और महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक मार्गों को राष्ट्रीय महत्त्व का घोषित कर सकती है तथा रेलवे सम्पत्ति के संरक्षण के बारे में निर्देश दे सकती है,

(3) राष्ट्रपति ऐसे किसी भी कार्य को केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार या उसके किसी अधिकारी को सौंप सकता है जो केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है,

(4) केंद्र तथा राज्य सरकारें न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्णयों को लागू करेगी और इस बारे में आवश्यक कानून संसद द्वारा बनाए जाएँगे,

(5) नदियों के पानी के प्रयोग, वितरण और नियन्त्रण के मामलों पर संसद कानून बना सकती है तथा उस बारे में राज्यों के बीच विवाद होने पर मामले को मध्यस्थ या पंच के द्वारा हल करने के निर्देश केंद्र सरकार सम्बन्धित राज्य सरकारों को दे सकती है,

(6) भारतीय संघ के राज्यों के बीच होने वाले आपसी विवादों का निपटारा करने के लिए संविधान ने केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रपति को अन्तराज्यीय-परिषद् (Inter-state Council) कायम करने की शक्ति दे रखी है,

(7) राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल राज्य सरकार का संवैधानिक मुखिया होने के साथ सम्बन्धित राज्य में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य करता है। अतः उसके द्वारा केंद्र सरकार राज्य के प्रशासन को प्रभावित करती है,

(8) केंद्र सरकार को अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए आयोग नियुक्त करने की शक्ति दी गई है। ऐसे आयोगों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर या अपनी ओर से भी इन वर्गों के कल्याण के लिए निर्देश देने का अधिकार राष्ट्रपति के माध्यम से केंद्र सरकार को प्राप्त है। ऊपर वर्णित विवरण से स्पष्ट है कि प्रशासनिक सम्बन्धों के मामलों में राज्यों की तुलना में केंद्र सरकार की स्थिति बहुत अधिक प्रभावशाली है।

3. केंद्र तथा राज्यों के वित्तीय सम्बन्ध (Financial Relations between Centre and State Relation)-संविधान में केंद्र तथा राज्यों के मध्य वित्तीय सम्बन्धों की भी व्यवस्था की गई है जिसके अन्तर्गत वित्तीय मामलों में केंद्रीय सरकार राज्य सरकारों की तुलना में अधिक शक्तिशाली है। केंद्र तथा राज्यों के वित्तीय सम्बन्धों को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है

(1) संघ तथा राज्यों की आय के साधन-संविधान के अनुसार संघ तथा केंद्र सरकार की आय के मुख्य साधनों में आय-कर, आयात व निर्यात-कर, सीमा शुल्क, समाचार-पत्रों की बिक्री तथा विज्ञापन पर कर, शराब तथा अन्य वस्तुओं पर उत्पादन कर, सम्पत्ति शुल्क, डाक, टेलीफोन से प्राप्त आय आदि शामिल हैं। दूसरी ओर राज्य सरकार की आय के प्रमुख साधनों में कृषि से होने वाली आय पर कर, शराब तथा ऐसी अन्य वस्तुओं पर उत्पादन कर, कृषि पर सम्पदा शुल्क, बिक्री-कर, बिजली के उपभोग पर कर, आमोद-प्रमोद के साधनों पर कर, वाहनों पर कर आदि शामिल किए गए हैं।

(2) करों के वितरण की व्यवस्था केंद्र की तुलना में राज्यों की आय के स्रोत बहुत कम हैं। राज्यों को शिक्षा, स्वास्थ्य और चिकित्सा आदि सुविधाओं के लिए धन की बहुत जरूरत पड़ती है। इसीलिए संविधान में व्यवस्था की गई है कि कुछ कर ऐसे होंगे जिन्हें लगाने का अधिकार तो केंद्र सरकार को होगा, लेकिन इन करों से होने वाली आय को केंद्र प्रशासित क्षेत्रों को छोड़कर राज्य : सरकारें अपने-अपने राज्यों में इकट्ठा करेंगी और वे ही उसे खर्च करेंगी।

इन करों में स्टाम्प शुल्क, दवाइयों और शृंगार की वस्तुओं पर उत्पादन शुल्क आदि शामिल हैं। संविधान में यह व्यवस्था की गई है कि कुछ वस्तुओं पर केंद्र सरकार कर लगाएगी और वसूली करेगी, परन्तु आय का कुछ भाग राज्यों को दिया जाएगा। उदाहरणस्वरूप, कृषि-भूमि को छोड़कर अन्य सम्पत्तियों पर उत्तराधिकार कर, रेल-भाड़े और माल-भाड़े पर लगने वाला कर, समाचार-पत्रों पर बिक्री तथा विज्ञापन कर, आय-कर, पटसन तथा जूट के निर्यात पर कर आदि शामिल हैं।

(3) राज्यों को अनुदान-ऊपर वर्णित वित्तीय व्यवस्था के अतिरिक्त संविधान में व्यवस्था की गई है कि केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय अनुदान या आर्थिक सहायता देगी। इनके अन्तर्गत राज्य सरकारें केंद्र से विकास की नई परियोजनाओं और दूसरे विकास कार्यों के लिए अनुदान प्राप्त कर सकती हैं। इसी तरह बाढ़, भूकम्प, अकाल तथा अन्य प्राकृतिक विपदाओं की हालत में पीड़ित जनता की सहायता के लिए केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय सहायता देती है। आदिम जातियों और कबीलों की उन्नति के लिए भी केंद्र सरकार राज्यों को अनुदान देती है। पूर्वोत्तर भारत में अनुसूचित क्षेत्रों की उन्नति तथा विकास के लिए केंद्र सरकार उन्हें वित्तीय सहायता देती है।

(4) ऋण-संविधान ने केंद्र तथा राज्य सरकारों को ऋण लेने का अधिकार भी दे रखा है। केंद्र सरकार अपनी संचित निधि की जमानत पर संसद की अनुमति से देशवासियों तथा विदेशी सरकारों अथवा अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय इकाइयों से ऋण ले सकती है। राज्य सरकारें देशवासियों तथा केंद्र सरकार से ही ऋण प्राप्त कर सकती हैं।

(5) वित्तीय संकटकाल में केंद्र तथा राज्यों के सम्बन्ध-संविधान के अनुच्छेद 360 के अन्तर्गत राष्ट्र की वित्तीय साख अथवा वित्तीय स्थिरता को खतरा पैदा हो जाने की दशा में राष्ट्रपति आर्थिक संकट की घोषणा कर सकता है। इस घोषणा के परिणामस्वरूप राज्यों के आर्थिक मामलों में केंद्र सरकार को निर्देश देने का अधिकार मिल जाता है। राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा पास किए गए धन सम्बन्धी विधेयकों और प्रस्तावों पर राष्ट्रपति की स्वीकृति लेनी जरूरी हो जाती है।

(6) वित्त आयोग-संविधान के अनुसार संविधान के लागू होने के दो साल के अन्दर राष्ट्रपति एक वित्त आयोग (Finance Commission) गठित करेगा और फिर हर पाँच वर्ष बाद एक नया वित्त आयोग कायम किया जाएगा। आयोग में अध्यक्ष समेत पाँच सदस्य होंगे। यह आयोग केंद्र तथा राज्यों के बीच राजस्व के बंटवारे के बारे में निर्णय करके अपनी सिफारिशें राष्ट्रपति को पेश करता है।

(7) भारत का नियन्त्रक तथा महालेखा परीक्षक-संविधान ने पूरे देश के लिए एक नियन्त्रक तथा महालेखा परीक्षक नियुक्त करने की व्यवस्था की है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। यह महालेखा परीक्षक केंद्र तथा राज्य सरकारों के लेखा-जोखा की निष्पक्ष तरीके से जाँच करके अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है, जिसे राष्ट्रपति संसद में प्रति वर्ष पेश करता है।

(8) योजना आयोग-योजना आयोग का उल्लेख संविधान में नहीं किया गया है, फिर भी संसद के 15 मार्च, 1950 को पास किए गए एक कानून के अनुसार उसे कायम किया गया था। देश के सम्पूर्ण सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी योजना आयोग की थी और वही उस सम्बन्ध में योजना का प्रारूप तैयार करता था। इस आयोग की अध्यक्षता प्रधानमन्त्री करता है। वर्तमान में योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया गया है।

HBSE 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद

प्रश्न 4.
संघ (केंद्र) तथा राज्यों के बीच सम्बन्धों की आलोचनात्मक व्याख्या करें।
उत्तर:
संविधान द्वारा केंद्र तथा राज्यों के बीच शक्तियों का जो विभाजन किया गया है, वह संघ के पक्ष में है अर्थात् संघीय सरकार को राज्य सरकारों के मुकाबले में बहुत ही अधिक शक्तिशाली बनाया गया है। ऐसा होने पर भी सन् 1967 तक केंद्र तथा राज्यों के सम्बन्ध अच्छे रहे और उनमें किसी प्रकार का संघर्ष अथवा तनाव (Tension) उत्पन्न नहीं हुआ।

इसका मुख्य कारण था केंद्र तथा राज्यों में एक ही राजनीतिक दल अर्थात् काँग्रेस दल की सरकारों का होना। सन् 1967 के चुनावों के पश्चात् केंद्र में तो पुनः काँग्रेस दल की सरकार की स्थापना हुई, परन्तु कई राज्यों-बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु आदि में गैर-काँग्रेसी सरकारों की स्थापना हुई। इन सरकारों ने राज्यों को और अधिक शक्तियाँ देने की माँग की, जिससे केंद्र तथा राज्यों में संघर्ष आरम्भ हो गया। संघ तथा राज्यों के बीच संघर्ष अथवा तनाव के मुख्य कारण निम्नलिखित रहे हैं और आज भी हैं

1. वित्तीय समस्या केंद्र तथा राज्यों के बीच तनाव का एक मुख्य कारण वित्त रहा है। राज्य सरकारों को सदा यह शिकायत रहती है कि उन्हें जन-कल्याण के अनेक कार्य करने पड़ते हैं और उनकी आय के साधन बहुत कम हैं, इस कारण से उन्हें केंद्र द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता पर निर्भर रहना पड़ता है। केंद्र राज्यों को सहायता देते समय राज्यों में विरोधी दलों की सरकारों के साथ पक्षपात करता है। अतः अधिकतर राज्यों की यह माँग रहती है कि उनकी आय के साधनों में वृद्धि की जाए, ताकि वित्त के मामले में उनकी केंद्र पर निर्भरता कुछ कम हो।

2. राज्यपाल की भूमिका केंद्र तथा राज्यों के बीच तनाव का एक बहुत बड़ा कारण यह है कि राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है और वह अपने कार्यों के लिए राष्ट्रपति के प्रति उत्तरदायी होता है। राष्ट्रपति राज्यपाल को पद से हटाने की भी शक्ति रखता है, राज्यपाल राष्ट्रपति के एजेन्ट के रूप में कार्य करता है। पिछले कुछ समय से राज्यपाल की भूमिका के बारे में देश में काफी विवाद रहा है। विशेष रूप से ऐसे राज्यों में जहाँ विरोधी दलों की सरकारें बनी हैं। इस विवाद का एक मुख्य प्रश्न यह रहा है कि राज्यपाल को किन परिस्थितियों में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करनी चाहिए।

3. नौकरशाही की भूमिका भारत में राज्यों के उच्च अधिकारी अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवाओं (I.A.S.) के सदस्यों में से नियुक्त किए जाते हैं, जिन पर राज्य सरकारों का पूरा नियन्त्रण नहीं होता। उनकी नियुक्ति केंद्रीय सरकार द्वारा की जाती है। इसलिए राज्य सरकारों की यह माँग रही है कि उन सभी कर्मचारियों पर, जो राज्य में काम कर रहे हैं, राज्य सरकार का ही नियन्त्रण होना चाहिए। परन्तु अभी स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।

4. कानून तथा व्यवस्था की समस्याएँ-संविधान के अनुसार कानून तथा व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार का दायित्व है, परन्तु केंद्रीय सरकार किसी भी राज्य में शान्ति तथा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा पुलिस बल भेज सकती है। राज्य सरकारों का यह विचार रहा है कि केंद्र द्वारा राज्यों में सशस्त्र सेनाएँ तभी भेजनी चाहिएँ जब राज्य द्वारा ऐसी माँग की जाए, परन्तु व्यवहार में केंद्र ने कई बार अपनी इस शक्ति का प्रयोग राज्य की इच्छा के विरुद्ध किया है।

5. संकटकालीन प्रावधान-संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार केंद्रीय सरकार राज्य की विधायी एवं प्रशासनिक सत्ता अपने हाथों में ले सकता है। इस प्रावधान का प्रयोग राज्य में “सवैधानिक तन्त्र की विफलता” (Failure of Constitutional Machinery in the State) की स्थिति में होता है। यह कदम राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर सर्वप्रथम सन् 1959 में केरल में ई०एम०एस० नम्बूदरिपाद की सरकार को निलम्बित करके राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।

उसके बाद लगभग सभी राज्यों को किसी-न-किसी कारण से राष्ट्रपति शासन के अन्तर्गत रहना पड़ा है। जिन राज्यों में विरोधी दल की सरकार को बर्खास्त किया जाता है, उनके द्वारा केंद्र पर सदा ही पक्षपात का आरोप लगाया जाता है। इसी प्रकार सन् 1989 में कर्नाटक में जनता दल की सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन का लागू किया जाना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है।

सन् 1997 में उत्तर प्रदेश में राज्यपाल रोमेश भण्डारी द्वारा भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त करना भी एक ऐसा ही उदाहरण है। इस कारण से राज्य सरकारों ने प्रायः यह कहा है कि संवैधानिक तन्त्र की विफलता के प्रावधान की व्याख्या केंद्र ने समय-समय पर भिन्न-भिन्न प्रकार से की है।

6. दलीय कारण-दलीय भावना के कारण भी केंद्र राज्यों पर तथा राज्य केंद्र पर दोषारोपण करते रहते हैं, विशेष रूप से उस समय जब केंद्र में एक दल की सरकार हो तथा राज्य में किसी दूसरे दल की।

7. केंद्रीय कानूनों का कार्यान्वन-संविधान के अनुच्छेद 256 तथा 257 केंद्र को यह अधिकार देते हैं कि वह राज्य सरकारों को संसद के कानून के अनुसार कार्य करने तथा राज्य के कार्यकारी अधिकारों के प्रयोग के बारे में आदेश दे। अनुसूचित जातियों के कल्याण के बारे में भी उन्हें आदेश दिए जा सकते हैं। ऐसे कई आदेश राज्य सरकारों द्वारा अस्वीकार भी कर दिए जाते हैं, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है।

8. अन्य फुटकर कारण-इस श्रेणी में राज्यों की सीमाओं अथवा नाम में परिवर्तन, नए राज्यों का निर्माण, भाषा का विवाद तथा नदियों के जल के बँटवारे से सम्बन्धित प्रश्न शामिल हैं। कई बार केंद्र द्वारा बनाई गई औद्योगिक नीति भी केंद्र तथा राज्यों के बीच तनाव का कारण बन जाती है।

प्रश्न 5.
सरकारिया आयोग पर एक नोट लिखें।
उत्तर:
सन् 1983 में तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्रीमती इन्दिरा गाँधी ने केंद्र-राज्यों के सम्बन्धों पर विचार करने के लिए एक तीन-सदस्यीय आयोग का गठन किया। न्यायमूर्ति आर०एस० सरकारिया को इस आयोग का अध्यक्ष तथा पी० शिवरामन और एस०आर० सेन को इस आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था। इस आयोग ने सरकार को अपनी रिपोर्ट 27 अक्तूबर, 1987 को पेश की। इस आयोग की मुख्य सिफारिशें इस प्रकार हैं

(1) आयोग ने राज्य सरकारों के वित्तीय साधन बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया है,

(2) आयोग ने राज्यों के अधिकार बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन के सुझाव दिए हैं। एक सुझाव यह है कि संविधान में संशोधन करके राज्यों को अनुच्छेद 242 के अन्तर्गत राज्य सूची के कानूनों में संशोधन करने का अधिकार दिया जाए,

(3) आयोग ने केंद्र व राज्य के विवादों को सुलझाने के लिए स्थायी अन्तर्राज्यीय परिषद् गठित किए जाने की सिफारिश की है। प्रधानमन्त्री, केंद्रीय मन्त्रियों और सभी मुख्यमन्त्रियों को इस परिषद् में रखा जाए,

(4) आयोग के अनुसार राज्यपालों की नियुक्ति से पहले सम्बन्धित मुख्यमन्त्री से परामर्श किया जाना चाहिए,

(5) राज्यों के विधेयकों पर राष्ट्रपति की स्वीकृति में विलम्ब रोका जाना चाहिए,

(6) उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति में विलम्ब रोका जाना चाहिए,

(7) उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों का स्थानान्तरण उनकी स्वीकृति से किया जाना चाहिए,

(8) आयोग ने संविधान की समवर्ती सूची के अन्तर्गत विषयों पर कानून बनाने के सम्बन्ध में संयम बरतने की सलाह दी है,

(9) आयोग ने राज्य सूची के विषयों पर केंद्रीय योजनाएँ बनाने पर रोक लगाने का सुझाव दिया है,

(10) आयोग ने सुझाव दिया है कि स्थानीय निकायों के नियमित चुनाव कराने और इनके समुचित कामकाज का संसद द्वारा कानून बनाना चाहिए,

(11) समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाने से पहले केंद्र द्वारा राज्यों से परामर्श अनिवार्य होना चाहिए। इसके लिए दृढ़ परम्परा का पालन किया जाए,

(12) आयोग ने कहा है कि सामान्य तौर पर केंद्र को केवल उन क्षेत्रों में कार्रवाई करनी चाहिए जिनमें राष्ट्र के व्यापक हित में एक-सी नीति और कार्रवाई जरूरी है,

(13) आयोग ने राष्ट्रीय विकास परिषद्, नीति आयोग जैसे संगठनों तथा अखिल भारतीय सेवाओं को मजबूत बनाने के भी सुझाव दिए हैं,

(14) आयोग की राय में राज्यों की क्षेत्रीय परिषदों की व्यवस्था असफल रही है और इसे फिर सक्रिय किया जाना चाहिए,

(15) आयोग ने देश की एकता और अखण्डता के हित में सभी राज्यों में समान रूप से त्रि-भाषा फार्मूले को इसकी सही भावना से लागू करने के लिए प्रभावशाली कदम उठाने की सिफारिश की है,

(16) राजभाषा के रूप में हिन्दी को सरल बनाने पर जोर देते हुए आयोग ने कहा है कि आसानी से समझे जाने वाले शब्दों के स्थान पर कठिन सांस्कृतिक शब्दों का उपयोग उचित नहीं है,

(17) आयोग ने कहा है कि राजभाषा के विकास के लिए यदि अंग्रेज़ी सहित विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के उन प्रचलित शब्दों और रूप को, जो अब हिन्दुस्तान के हिस्से बन चुके हैं, निकाला गया तो वह संविधान के अनुच्छेद की भावना के विरुद्ध होगा।

आयोग के अनुसार संविधान के अन्तर्गत केंद्र और राज्यों के बीच अधिकारों के वितरण में राज्यों की स्वतन्त्रता की आवश्यकताओं के साथ एक मजबूत केंद्र की जरूरत को महत्त्व दिया गया है। सरकारिया आयोग की सभी सिफारिशें केंद्रीय सरकार के विचाराधीन हैं और अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

प्रश्न 6.
राज्य की स्वायत्तता का क्या अर्थ है? इसकी माँग के मुख्य कारणों का वर्णन करें।
उत्तर:
भारत में केंद्र तथा राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन प्रारम्भ से ही विवादपूर्ण रहा है। संविधान सभा में भी अनेक सदस्यों ने यह आपत्ति उठाई थी कि शक्ति विभाजन की यह योजना भारत संघ के घटक राज्यों को ‘नगरपालिकाओं’ का रूप देती है। वास्तविकता भी यही है कि भारत के संविधान में केंद्र सरकार को विस्तृत शक्तियाँ दी गई हैं और राज्य नामक इकाइयों को निश्चित रूप से कमजोर रखा गया है।

सन् 1967 तक राज्यों में तथा केंद्र में एक ही दल काँग्रेस की सरकार सत्ता में रहने से केंद्र राज्यों के बीच विवाद नहीं उठे, किन्तु सन् 1967 के बाद जब देश के 8 राज्यों में दूसरे दलों की गैर-काँग्रेसी सरकारें बनी तो केंद्र-राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण और सामंजस्य की समस्या पैदा हो गई। राज्यों की ओर से स्वायत्तता की माँग उठी।

राज्यों की स्वायत्तता की माँग के समर्थक यह मानते हैं कि संविधान में कई ऐसे प्रावधान हैं जो राज्यों की स्वायत्तता को सीमित करते हैं। यहाँ हम राज्यों की स्वायत्तता से सम्बन्धित विभिन्न प्रश्नों; जैसे राज्य की स्वायत्तता की माँग के कारण एवं स्वायत्तता के पक्ष एवं विपक्ष में विभिन्न तर्कों का उल्लेख करेंगे।

राज्य की स्वायत्तता का अर्थ साधारण शब्दों में स्वायत्तता का अर्थ है कि किसी को भी अपने क्षेत्र में निर्बाध कार्य करने की स्वतन्त्रता अर्थात् आन्तरिक व बाह्य कार्य-क्षेत्र में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न होना। राज्यों के मामले में स्वायत्तता का अर्थ थोड़ा-सा भिन्न है। राज्यों की स्वायत्तता का अर्थ स्वतन्त्रता नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि राज्यों को उनके मामलों में केंद्रीय सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।

राज्यों को शक्तियाँ संविधान द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं और उन्हें उनका प्रयोग करने की पूर्ण स्वतन्त्रता होनी चाहिए। राज्यों को जन-कल्याण की योजनाएँ बनाने एवं उन्हें लागू करने की शक्तियाँ बिना किसी रोक-टोक के प्राप्त होनी चाहिएँ। यही नहीं वित्तीय क्षेत्र में भी राज्य स्वतन्त्र होने चाहिएँ। तभी राज्य की स्वायत्तता को लागू किया जा सकता है।

दूसरे शब्दों में, केंद्र का राजनीतिक व प्रशासनिक मामलों में न्यूनतम हस्ताक्षेप होना चाहिए। केंद्र का कार्य-क्षेत्र सीमित होना चाहिए। उसे केवल विदेश सम्बन्ध, रक्षा, मुद्रा और जन-संचार के विषयों के मामलों में शक्तियाँ प्रदान की जानी चाहिएँ। कराधान के क्षेत्र में भी उनकी शक्तियाँ सीमित होनी चाहिएँ। उन्हें केवल उतने ही कर लगाने का अधिकार दिया ।

जाना चाहिए, जितने उन्हें उपरोक्त कार्य सम्पन्न करने के लिए आवश्यक हों। राज्यों को कराधान के इतने अधिकार प्रदान किए जाने चाहिएँ, जिससे कि वे साधनों का अभाव महसूस न करें। अतः राज्यों की स्वायत्तता का अर्थ न तो राज्यों की स्वतन्त्रता से है और न ही प्रभुसत्ता से। यह एक ऐसा वैधानिक दर्जा है जिसमें राज्यों को कुछ क्षेत्रों में पूर्ण स्वतन्त्रता तथा कम-से-कम केंद्रीय हस्तक्षेप का आश्वासन प्राप्त हो एक निश्चित क्षेत्र में स्वतन्त्रतापूर्वक कार्य के अधिकार का नाम ही राज्यों की स्वायत्तता है।

राज्य की स्वायत्तता की मांग के कारण (Causes of demand for State Autonomy) भारत में राज्यों पर केंद्र के नियन्त्रण के अनेक साधन हैं। इन साधनों के कारण ही राज्यों की स्वायत्तता की माँग ने जन्म लिया। उन कारणों का विवरण निम्नलिखित है

1. संसद की व्यापक विधि निर्माण शक्तियाँ संविधान द्वारा केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का बंटवारा अवश्य किया गया है, परन्तु निम्नलिखित परिस्थितियों में संसद उन विषयों पर भी कानून बना सकती है जो राज्य सूची में दिए गए हैं (1) यदि राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से यह प्रस्ताव पास कर दे कि राष्ट्रीय हित के लिए यह आवश्यक है।

संसद राज्य सूची के किसी विषय पर भी कानून बनाए तो संसद उस पर कानून बना सकती है, (2) राष्ट्रपति द्वारा आपात्काल की घोषणा हो जाने पर संसद राज्य सूची में सम्मिलित विषयों पर भी कानून बना सकती है। केंद्रीय संसद की शक्ति की व्यापकता का तीन बातों से पता चलता है-प्रथम, यदि समवर्ती सूची में तथा उन दोनों में कोई विरोध हो तो संसद द्वारा निर्मित कानून मान्य होगा। द्वितीय, अवशिष्ट

शक्तियाँ केंद्र को प्राप्त हैं। तृतीय, यदि राज्य विधानमण्डल द्वारा स्वीकृत किसी विधेयक का सम्बन्ध किसी निजी सम्पत्ति पर कब्जा करने अथवा उच्च न्यायालयों की शक्तियों को कम करने से हो तो राज्यपाल के लिए यह जरूरी है कि उस विधेयक को वह राष्ट्रपति के पास उनकी स्वीकृति के लिए भेजे। अतः राज्य प्रशासन में केंद्र के अत्यधिक हस्तक्षेप के कारण ही राज्यों के द्वारा स्वायत्तता की माँग जोर पकड़ रही है।

2. वित्तीय दृष्टि से राज्यों की केंद्र पर निर्भरता वित्तीय दृष्टि से भी राज्यों को केंद्र का मुँह ताकना पड़ता है। केंद्र पर राज्यों की आर्थिक निर्भरता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

3. अखिल भारतीय सेवाएँ तथा राज्यपाल अखिल भारतीय सेवाएँ जैसे भारतीय प्रशासनिक सेवा (I.A.S.) तथा भारतीय . पुलिस सेवा (I.P.S.) पर भारत की संघीय सरकार का नियन्त्रण है। इन सेवाओं से सम्बन्धित उच्च अधिकारी राज्यों में अनेक महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्त होते हैं। अतएव इन अधिकारियों के माध्यम से ही केंद्रीय सरकार राज्यों की सरकारों पर नियन्त्रण रखती है। जहाँ तक राज्यपाल का प्रश्न है, उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है तथा वह राज्य में केंद्र के एजेण्ट के रूप में कार्य करता है। .

4. राज्यों के बीच भाषायी एवं सांस्कृतिक विभिन्नता भारत में राज्यों की भाषायी एवं सांस्कृतिक विभिन्नता भी राज्यों की स्वायत्तता की माँग को बढ़ाने में एक महत्त्वपूर्ण कारक रहा है। इसी आधार पर कुछ राज्य यह महसूस करते हैं कि हिन्दी भाषी राज्य गैर-हिन्दी भाषी राज्यों पर अपना आधिपत्य एवं प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी भावना से ग्रस्त होकर सन् 1960 के दशक में हिन्दी भाषा के विरोध में गैर-हिन्दी भाषायी राज्यों के द्वारा आन्दोलन चलाए गए। अतः ऐसी माँग एवं भावनाएँ ही भारतीय संघवाद के स्वरूप को चुनौती देने के साथ-साथ राज्यों की स्वायत्तता की माँग के रूप में आगे बढ़ती जा रही हैं।

5. राज्यपाल की भूमिका एवं राष्ट्रपति शासन-अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड जैसे संघों में केंद्र को यह शक्ति प्रदान नहीं है कि राज्यों की स्वायत्तता (Autonomy) समाप्त कर सके, किंतु भारत में आपात्काल की घोषणा किए जाने पर संविधान एकात्मक रूप धारण कर लेता है। आपात्काल में केंद्रीय संसद उन विषयों पर कानून बना सकती है जो राज्य सूची में सम्मिलित हैं।

जब राष्ट्रपति यह घोषणा कर देता है कि किसी राज्य की सरकार संविधान की धाराओं के अनुसार नहीं चलाई जा रही, तो राज्य की विधानसभा भंग कर दी जाती है और राष्ट्रपति के माध्यम से राज्यपाल को राज्य की सभी प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार प्राप्त हो जाता है। राज्य का राज्यपाल जनता के द्वारा निर्वाचित नहीं होता। राज्यपाल केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता है।

इसलिए राज्यपाल केवल मात्र राज्यों में केंद्र सरकार का एजेण्ट बनकर कार्य करता है। केंद्र सरकार अपनी राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाओं की पूर्ति करने के लिए राज्यों में अनुच्छेद 356 का प्रयोग कर विशेषतः विपक्षी दलों की सरकार को भंग करने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार केंद्र सरकार राज्यपाल के पद के माध्यम से राज्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करती है।

इसी कारण आज राज्यपाल का पद सबसे अधिक विवादित पद बना हुआ है। राज्यों में राज्यपाल के निर्णयों एवं केंद्र द्वारा राष्ट्रपति शासन लागू करने की शक्ति के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में विभिन्न राज्यों द्वारा दायर याचिकाओं पर, न्यायपालिका ने निर्णय दिया कि केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 356 का प्रयोग गलत ढंग से किया जाता रहा है।

इसीलिए केंद्र राज्य सम्बन्धों सम्बन्धी गठित सरकारिया आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में यह संस्तुति दी थी कि राज्यपाल के पद पर गैर-राजनीतिक व्यक्ति की नियुक्ति की जाए ताकि यह संविधान के अनुसार बिना केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के निष्पक्ष होकर अपना कार्य कर सके, परन्तु अभी तक इस समस्या का कोई हल नहीं हो पाया है। इसीलिए राज्यों के द्वारा निरन्तर स्वायत्तता की माँग जोर पकड़ती जा रही है।

6. अन्तर्राज्यीय झगड़े-राज्यों के बीच भाषायी एवं सांस्कृतिक विभिन्नता के साथ-साथ राज्यों के बीच सीमा सम्बन्धी एवं नदी जल सम्बन्धी विवादों का केंद्र सरकार द्वारा समुचित समाधान न करवाने के कारण भी राज्यों की स्वायत्तता की माँग को बल दिया है। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक, मणिपुर और नागालैंड एवं पंजाब व हरियाणा के बीच राजधानी चण्डीगढ़ को लेकर आज भी विवाद कायम है।

इसी तरह से तमिलनाडु एवं कर्नाटक के बीच कावेरी नदी जल विवाद एवं गुजरात, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के बीच नर्मदा नदी जल-विवाद आदि ने राज्यों के बीच संघात्मक भावना को जहाँ ठेस पहुंचाई है, वहीं केंद्र के प्रभावी नियन्त्रण के अभाव ने भी राज्यों की स्वायत्तता की माँग को बल देने का कार्य किया है।

7. संसद किसी नवीन राज्य का निर्माण कर सकती है और किसी भी राज्य की सीमा घटा या बढ़ा सकती है –अमेरिका . या ऑस्ट्रेलियाई संघ व्यवस्था में केंद्र राज्यों की इच्छा के विरुद्ध उनकी सीमाओं में हेर-फेर नहीं कर सकता, परन्तु भारत में केंद्रीय संसद नवीन राज्यों का निर्माण कर सकती है और राज्यों के आकार को घटा या बढ़ा सकती है। ऐसा करने के लिए संसद को राज्यों की अनुमति नहीं लेनी पड़ती।

8. राज्यसभा में सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व नहीं विश्व की अधिकांश संघ व्यवस्थाओं में संसद के उच्च सदन का संगठन राज्यों की समानता के सिद्धान्त के आधार पर किया गया है। समानता का सिद्धान्त इसलिए अपनाया गया है जिससे केंद्रीय संसद पर बड़े राज्य का आधिपत्य कायम न हो सके, परन्तु भारत के उच्च सदन अर्थात् राज्यसभा में सभी राज्यों का बराबर संख्या में प्रतिनिधित्व नहीं होता।

9. राज्यों के अपने संविधान नहीं हैं-अमेरिका और स्विट्जरलैंड के राज्यों के अपने पृथक् संविधान हैं और उनमें संशोधन करने की शक्तियाँ भी राज्यों के विधानमण्डलों को ही प्राप्त हैं, परन्तु भारत में एक ही संविधान है जो केंद्र और राज्यों दोनों की संरचना और शक्तियों का उल्लेख करता है। राज्यों को यह अधिकार प्राप्त नहीं है कि वे भारतीय संविधान की उन धाराओं में संशोधन कर सकें जिनका उनकी संरचना और प्रकार्यों से सम्बन्ध है। भारतीय संविधान में संशोधन प्रक्रिया की शुरुआत केवल संसद ही कर सकती है।

निष्कर्ष दिए गए कारणों की वजह से विभिन्न राज्यों में राज्य की स्वायत्तता की माँग ने जोर पकड़ा। डी०एम०के० तथा : अन्ना डी०एम०के० ने अपने राज्य के लिए स्वायत्तता की माँग की। मार्क्सवादी दल ने संविधान की प्रस्तावना से ‘यूनियन’ शब्द को हटाकर ‘फेडरल’ शब्द का उल्लेख करने की माँग की। इसी प्रकार अकाली दल ने पंजाब में राज्य की स्वायत्तता के लिए उग्र आन्दोलन चलाया। जम्मू और कश्मीर में भी इसी प्रकार की माँग को लेकर कई सम्मेलनों का आयोजन किया गया।

प्रश्न 7.
राज्यों की स्वायत्तता के विभिन्न प्रश्नों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
राज्यों की स्वायत्तता के विभिन्न प्रश्न (Various Issues of State Autonomy)-राज्यों की स्वायत्तता का मामला एक अहम् एवं कठिन विषय है जिसके चलते देश की एकता पर संकट आ सकता है। समय-समय पर राज्यों की स्वायत्तता से सम्बन्धित जिन मामलों पर आवाज उठाई गई वे विषय इस प्रकार हैं

1. राज्यपाल की नियुक्ति राज्यपाल की नियुक्ति का अधिकार भारत के राष्ट्रपति का है। वह राज्यपाल की नियुक्ति प्रधानमन्त्री के परामर्श से करता है। साधारणतया राज्यपाल की नियुक्ति में अमुक राज्य के मुख्यमन्त्री की सलाह नहीं ली जाती। विपक्षी दलों की यह माँग रही है कि राज्यपाल की नियुक्ति के समय राज्य के मुख्यमन्त्री की सलाह ली जानी चाहिए।

केंद्र द्वारा अनेकों बार राज्य की सलाह लिए बिना राज्यपाल की नियुक्ति की है जिसका राज्य सरकार द्वारा विरोध किया जाता है। इस प्रकार राज्य सरकार और राज्यपाल के सम्बन्धों में खटास पैदा हो जाती है। यही नहीं जब केंद्र में सत्ता परिवर्तन होता है तो जिन राज्यों में विपक्ष सत्ता में होता है तो राज्यपालों के इस्तीफे माँग लिए जाते हैं।

जैसा 2004 में काँग्रेस के सत्ता में आने के बाद, एन०डी०ए० (N.D.A.) द्वारा नियुक्त राज्यपालों के इस्तीफे माँग लिए गए। इस विवाद को लेकर अन्तर्राज्यीय परिषद् में कई बार चर्चा हुई और यह सुझाव दिया गया कि राज्यपाल की नियुक्ति में सम्बन्धित राज्य से सलाह लेने की प्रक्रिया को संवैधानिक दर्जा दिया जाए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

2. राज्यपाल की भूमिका तथा राष्ट्रपति शासन-राज्यपाल की नियुक्ति केंद्र द्वारा की जाती है और वह केंद्र के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है। राज्यपाल कई बार केंद्र में सत्तारूढ़ दल के दबाव में आकर ऐसे कार्य कर देता है जो उसे नहीं वह राज्य में संवैधानिक मशीनरी फेल होने की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज देता है जिसके स्वीकार होते ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाता है।

इस मामले में राज्यपाल की भूमिका विवादास्पद रही है। राज्यपाल निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करता। अभी तक अनेकों उदाहरण हैं जबकि राज्यपाल से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राष्ट्रपति ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। सन् 1952 से अब तक लगभग 130 बार से भी अधिक राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा चुका है। इन मामलों में राज्यपाल की भूमिका निन्दा का पात्र बनी। सन् 2005 में बिहार में राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया जिसकी विपक्ष ने जमकर आलोचना की। ऐसे में राज्यों की स्वायत्तता माँगना स्वाभाविक है।

3. राज्यों के विधेयकों पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने में देरी-राज्यों को यह शिकायत रहती है कि जिन विधेयकों को विधानमण्डल पारित कर देती है, उन पर स्वीकृति देने में केंद्र अनावश्यक देरी करता है। कुछ पर स्वीकृति नहीं दी जाती और इसकी सूचना तक भी राज्य सरकार को नहीं दी जाती। कुछ पर भेदभाव की नीति अपनाई जाती है। माँग होने पर भी राष्ट्रपति की स्वीकृति की अवधि निश्चित करने के लिए संविधान में संशोधन नहीं किया जाता। इस प्रकार राज्यों के विधेयकों पर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने में देरी होना भी राज्यों की स्वायत्तता की माँग बढ़ाता है।

4. अखिल भारतीय सेवाओं का पक्षपातपूर्ण प्रयोग-अखिल भारतीय सेवाएँ केंद्र द्वारा नियन्त्रित और अनुशासित हैं। इन सेवाओं के किसी सदस्य का व्यवहार सेवा की शर्तों, आचार संहिता आदि के कितना ही विरुद्ध, आपत्तिजनक एवं पक्षपातपूर्ण क्यों न हो राज्य सरकारें केंद्र की अनुमति के बिना इन सेवाओं के सदस्यों के विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर सकती।

इससे राज्य सरकारें शिथिल होती हैं। कई बार तो केंद्र से प्रोत्साहन पाकर इन सेवाओं के सदस्य राज्य सरकारों की योग्यता, कुशलता पर ही प्रश्न-चिह्न लगा देते हैं। केंद्र में जब सत्ताधारी पार्टी इन सेवाओं का प्रयोग विपक्षी राज्य सरकारों को बदनाम करने के लिए करती है और सेवा के उन सदस्यों को पदोन्नत कर पुरस्कृत करती है जो राज्य सरकारों की उपेक्षा कर केंद्र के आदेशों का सीधे पालन करते हैं तो राज्यों में बेचैनी पैदा होती है।

इस प्रकार अखिल भारतीय सेवाओं का पक्षपातपूर्ण प्रयोग, केंद्र एवं राज्यों के सम्बन्धों में दरार पैदा करता है। अतः स्पष्ट है कि अखिल भारतीय सेवाओं के पक्षपातपूर्ण ढंग के प्रयोग ने राज्यों की स्वायत्तता की माँग को बढ़ावा दिया है।

5. केंद्र का राज्यों की विपक्षी सरकारों एवं उनकी समस्याओं के प्रति असवेदनशील एवं उदासीन व्यवहार केंद्र का दृष्टिकोण राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारों के प्रति असंवेदनशील और उदासीन रहा है। केंद्र एक लम्बे समय तक समस्याओं पर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है, जो अन्ततः केंद्र और राज्यों में टकराव पैदा करती हैं।

विपक्षी दल की राज्य सरकारों के प्रति असंवेदनशीलता का एक अन्य पहलू दो राज्य सरकारों के परस्पर विवाद में उस राज्य सरकार की समस्या के प्रति उदासीन हो जाना भी देखने में आया, जो दूसरे दल की थी। जनवरी, 1994 में पानी को लेकर हरियाणा और दिल्ली की सरकार के विवाद को इस श्रेणी में रखा जा सकता है। इसके अन्तर्गत हरियाणा के मुख्यमन्त्री ने दिल्ली को होने वाली पानी की सप्लाई को कम कर दिया, चूंकि दिल्ली में भाजपा की सरकार थी।

इस पर केंद्र सरकार चुप बनी रही और उस पर भी तभी जूं रेंगी जब दिल्ली सरकार ने केंद्रीय मन्त्रियों की पानी की सप्लाई को रोकने की चेतावनी दी। उपर्युक्त विवेचन से स्पष्ट होता है कि केंद्र-राज्य, सम्बन्ध में केंद्र सरकार की नीति प्रारम्भ से ही राज्यों को अपने ऊपर आश्रित बनाए रखने की रही है। सन् 1967 से राज्यों में केंद्र के हस्तक्षेप की यह नीति खुलकर सामने आई जो कि सन् 1995 तक जारी रही।

सन् 1996 से केंद्र में मिली-जुली सरकारों में क्षेत्रीय दलों के प्रभावी होने के कारण यह प्रवृत्ति कमजोर हो रही है और आम-सहमति की नीति का विकास हो रहा है। अतः कहा जा सकता है कि केंद्र के राज्यों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार ने राज्यों की स्वायत्तता की माँग को न केवल जन्म दिया, बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया है।

6. राज्यों की वित्तीय दुर्दशा-राज्यों की वित्तीय स्थिति में निरन्तर गिरावट ने नीति निर्धारकों के सामने जटिल समस्याएँ खड़ी कर दी हैं जिनके कारण राज्यों में न तो विकास गति पकड़ रहा है और न ही पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। राजस्व में निरन्तर कमी, वित्तीय और प्राथमिक घाटे, कों के बढ़ते बोझ और अन्य देनदारियाँ, पूँजीगत खाते और रख-रखाव के खर्चों में कमी इत्यादि राज्यों की वित्तीय दुर्दशा के संकेत हैं।

साथ ही राज्यों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता की वृद्धि का संकुचन और केंद्रीय वेतन पुनः निरीक्षण के प्रभाव ने राज्यों की वित्तीय स्थिति पर घातक प्रभाव डाला है। ऐसी स्थिति के लिए केंद्र की अपेक्षा राज्य सरकारें स्वयं ही अधिक जिम्मेदार हैं। अतः राज्यों की स्वायत्तता के लिए राज्यों की वित्तीय दुर्दशा भी एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा है।

7. दूरदर्शन और आकाशवाणी का पक्षपातपूर्ण इस्तेमाल केंद्र का दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे महत्त्वपूर्ण जन-संचार साधनों पर पूर्ण नियन्त्रण और एकाधिकार है। सन् 1966 में चन्दा समिति ने इन्हें स्वायत्तशासी बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन इसे नामंजूर कर दिया। दूरदर्शन और आकाशवाणी एक ऐसा संवेदनशील मुद्दा बन गया है जिसने केंद्र और राज्यों के बीच उत्तेजना पैदा की है।

राज्यों की जन-संचार के इन साधनों के विरुद्ध ये शिकायतें रहीं-

(1) खबरें निष्पक्ष भाव से एवं पक्षपातरहित होकर प्रसारित नहीं की जातीं। यह स्थिति अत्यधिक उत्तेजना उस समय पैदा करती है जब किसी महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र और विपक्षी राज्य सरकारों में नीति सम्बन्धी कोई महत्त्वपूर्ण मतभेद होता है और दूरदर्शन एवं आकाशवाणी राज्यों के दृष्टिकोण की उपेक्षा करके केवल केंद्र में सत्ताधारी पार्टी के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हैं।

(2) राज्यों को विशेषकर चुनाव के समय प्रचार सुविधाएँ नहीं दी जातीं।

(3) देश के विविध जातीय एवं सांस्कृतिक समूहों को समुचित प्रतिनिधित्व न देना। इस प्रकार केंद्र द्वारा दूरदर्शन और आकाशवाणी को पक्षपातपूर्ण इस्तेमाल करना, राज्यों के लिए द्वितीय या अतिरिक्त चैनल खोलने की माँग को जन्म देती है। अतः इस प्रकार दूरदर्शन और आकाशवाणी का पक्षपातपूर्ण तरीके से प्रयोग राज्यों की स्वायत्तता के लिए एक मुद्दा है।

8. समवर्ती सूची-राज्य और केंद्र के बीच शक्तियों के विभाजन के लिए संविधान में तीन सूचियों की व्यवस्था है। केंद्रीय सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची। समवर्ती सूची में ऐसे विषय रखे गए हैं जिन पर केंद्र और राज्यों दोनों को कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है। संसद के द्वारा कानून बनाने की स्थिति में राज्यों द्वारा बनाया गया कानून मान्य नहीं होता। इसलिए विपक्षी दल समवर्ती सूची को पूर्णरूपेण राज्यों के अधीन करने के पक्ष में हैं।

9. अवशिष्ट शक्तियाँ अवशिष्ट शक्तियों को लेकर भी केंद्र व राज्यों में तनाव है। यह भी राज्यों की स्वायत्तता की माँग को बढ़ावा देने का कारण है। राज्य सभी अवशिष्ट शक्तियों को राज्यों के देने के पक्ष में है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दिए गए विकल्पों में से उचित विकल्प छाँटकर लिखें

1. संविधान द्वारा भारत को कहा गया है
(A) संघीय राज्य
(B) एकात्मक राज्य
(C) राज्यों का संघ
(D) बनावट में संघात्मक, परंतु भाव में एकात्मक
उत्तर:
(C) राज्यों का संघ

2. संविधान में संघीय सूची में मूलतः विषयों की संख्या कितनी है?
(A) 97
(B) 99
(C) 100
(D) 102
उत्तर:
(A)97

3. संघीय सूची में दिए गए विषयों के सम्बन्ध में कानून बनाने का अधिकार है
(A) संसद के पास
(B) राज्यसभा के पास
(C) लोकसभा के पास
(D) राज्य विधानमंडल के पास
उत्तर:
(A) संसद के पास

4. संविधान में राज्य-सूची में मूलतः कुल विषय कितने दिए गए हैं?
(A) 97
(B) 61
(C) 66
(D) 47
उत्तर:
(C) 66

HBSE 11th Class Political Science Important Questions Chapter 7 संघवाद

5. संविधान में समवर्ती सूची में मूलतः कुल विषय कितने दिए गए हैं?
(A) 61
(B) 47
(C) 52
(D) 66
उत्तर:
(B) 47

6. समवर्ती सूची में दिए गए विषयों के संबंध में कानून पास करने का अधिकार है
(A) संसद के पास
(B) राज्य विधानमंडलों के पास
(C) संसद तथा राज्य विधानमंडल दोनों के पास
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) संसद तथा राज्य विधानमंडल दोनों के पास

7. समवर्ती सूची में दिए गए किसी विषय के संबंध में संसद तथा राज्य विधानमंडल द्वारा परस्पर विरोधी कानून बनाने की स्थिति में
(A) दोनों कानून रद्द हो जाएँगे
(B) संसद द्वारा पास किया गया कानन लाग होगा
(C) राज्य विधानमंडल द्वारा पास किया गया कानून लागू होगा
(D) दोनों में गतिरोध उत्पन्न हो जाएगा
उत्तर:
(B) संसद द्वारा पास किया गया कानून लागू होगा

8. भारतीय संघ में कुल कितने राज्य हैं?
(A) 26
(B) 21
(C) 28
(D) 29
उत्तर:
(C) 28

9. निम्नलिखित परिस्थितियों में संसद राज्य-सूची में दिए गए विषयों के संबंध में भी कानून बना सकती है
(A) संकटकालीन स्थिति की घोषणा होने पर
(B) दो अथवा दो से अधिक राज्यों द्वारा ऐसी प्रार्थना करने पर
(C) किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि अथवा समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए
(D) उपर्युक्त सभी परिस्थितियों में
उत्तर:
(D) उपर्युक्त सभी परिस्थितियों में

10. वित्त आयोग के सदस्यों की नियुक्ति करने का अधिकार निम्नलिखित को है
(A) राष्ट्रपति
(B) उप-राष्ट्रपति
(C) संसद
(D) प्रधानमंत्री
उत्तर:
(A) राष्ट्रपति

11. अंतर्राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) की स्थापना करने का अधिकार निम्नलिखित को प्राप्त है
(A) राज्यपाल
(B) राष्ट्रपति
(C) प्रधानमंत्री
(D) मुख्य न्यायाधीश
उत्तर:
(B) राष्ट्रपति

12. भारत की संघीय व्यवस्था का संरक्षक है
(A) राष्ट्रपति
(B) संसद
(C) प्रधानमंत्री
(D) सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर:
(D) सर्वोच्च न्यायालय

13. भारतीय संघ में नए राज्यों को शामिल तथा राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन करने का अधिकार किसके पास है?
(A) राष्ट्रपति
(B) संसद
(C) प्रधानमंत्री
(D) सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर:
(B) संसद

14. शिक्षा निम्नलिखित सूची का विषय है
(A) संघ सूची
(B) राज्य-सूची
(C) समवर्ती सूची
(D) अवशिष्ट शक्तियाँ
उत्तर:
(C) समवर्ती सूची

15. भारतीय संघ में कुल कितने संघीय क्षेत्र हैं?
(A) 7
(B) 10
(C) 9
(D) 8
उत्तर:
(D) 8

16. शेष शक्तियों (Residuary Powers) के संबंध में कानून बनाने का अधिकार निम्नलिखित को है
(A) राष्ट्रपति
(B) संसद
(C) राज्य विधानमंडल
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(B) संसद

17. निम्नलिखित में से कौन-सा विषय संघीय सूची में है?
(A) विदेशी मामले
(B) विवाह और तलाक
(C) शिक्षा
(D) स्थानीय सरकार
उत्तर:
(A) विदेशी मामले

18. निम्नलिखित विषय राज्य-सूची में शामिल है
(A) प्रतिरक्षा
(B) डाक
(C) कृषि
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) कृषि

19. निम्नलिखित विषय समवर्ती-सूची में शामिल हैं
(A) विदेशी मामले
(B) शिक्षा
(C) कृषि
(D) पुलिस एवं जेलें
उत्तर:
(B) शिक्षा

20. वित्त आयोग (Finance Commission) नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त है
(A) प्रधानमंत्री को
(B) राष्ट्रपति को
(C) संसद को
(D) लोकसभा को
उत्तर:
(B) राष्ट्रपति को

21. “भारतीय संविधान रूप में तो संघात्मक है पर भावना में एकात्मक है।” यह किसने कहा?
(A) डी०एन० बनर्जी ने
(B) दुर्गादास बसु ने
(C) डॉ० अम्बेडकर ने
(D) के०सी० बीयर ने
उत्तर:
(A) डी०एन० बनर्जी ने

22. “भारतीय संविधान न तो पूर्ण रूप से संघात्मक है और न ही एकात्मक, बल्कि दोनों का मिश्रण है।” यह कथन किसका है?
(A) डी०डी० बसु का
(B) के०सी० बीयर का
(C) जी०एन० जोशी का
(D) जी०एन० सिंह का
उत्तर:
(A) डी०डी० बसु का

23. 42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा समवर्ती सूची में जोड़े गए विषयों से समवर्ती सूची के विषयों की कुल संख्या कितनी हो गई?
(A) 47
(B) 49
(C) 52
(D) 66
उत्तर:
(C) 52

24. वर्तमान में राज्यसूची में कितने विषय हैं?
(A) 47
(B) 52
(C) 66
(D) 61
उत्तर:
(D) 61

निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर एक शब्द में दें

1. भारतीय संविधान में संघ के स्थान पर किस शब्द का प्रयोग किया गया है?
उत्तर:
राज्यों का संघ (Union of States)।

2. शक्तियों के विभाजन की तीन सूचियों में मूलतः कितने-कितने विषय शामिल हैं?
उत्तर:
संघीय सूची में 97, राज्य-सूची में 66 तथा समवर्ती सूची में 47 विषय शामिल हैं।

3. भारतीय संघ में कुल कितने राज्य एवं संघीय क्षेत्र हैं?
उत्तर:
भारतीय संघ में कुल 28 राज्य एवं 8 संघीय क्षेत्र हैं।

4. भारतीय संविधान का स्वरूप कैसा है?
उत्तर:
भारतीय संविधान का स्वरूप संघात्मक है।

5. भारत में अंतर्राज्यीय परिषद् की स्थापना कब हुई?
उत्तर:
भारत में अंतर्राज्यीय परिषद् की स्थापना 28 मई, 1990 को हुई।

6. संविधान में शक्तियों के विभाजन के आधार पर कौन-सी शासन-प्रणाली अपनाई गई है?
उत्तर:
संविधान में शक्तियों के विभाजन के आधार पर संघात्मक शासन-प्रणाली अपनाई गई है।

7. भारतीय संविधान द्वारा अवशिष्ट शक्तियाँ किसे प्रदान की गई हैं?
उत्तर:
भारतीय संविधान द्वारा अवशिष्ट शक्तियाँ संघीय संसद को प्रदान की गई हैं।

8. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक राष्ट्रपति द्वारा कब पारित किया गया?
उत्तर:
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक राष्ट्रपति द्वारा 9 अगस्त, 2019 को पारित हुआ।

9. नीति आयोग कब अस्तित्व में आया?
उत्तर:
1 जनवरी, 2015 को।

10. जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक लोकसभा एवं राज्यसभा द्वारा कब पारित किया गया?
उत्तर:
जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक लोकसभा एवं राज्यसभा में क्रमशः 5 एवं 6 अगस्त, 2019 को पारित हुआ।

रिक्त स्थान भरें

1. “भारतीय संविधान रूप में तो संघात्मक है, परन्तु भाव में एकात्मक है।” यह कथन ……………. ने कहा।
उत्तर:
डी०एन० बनर्जी

2. अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने का अधिकार ………….. को प्राप्त है।
उत्तर:
संसद

3. भारतीय संघ में …………… केंद्र शासित प्रदेश हैं।
उत्तर:
8

4. संघीय सूची में ……………. विषय हैं।
उत्तर:
97

5. राज्य सूची में …………… विषय हैं।
उत्तर:
61

6. शिक्षा ……………. सूची का विषय है।
उत्तर:
समवर्ती

7. भारत में वित्त आयोग नियुक्त करने का अधिकार को है।
उत्तर:
राष्ट्रपति

8. नीति आयोग के उपाध्यक्ष ………………….हैं।
उत्तर:
राजीव कुमार

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HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

Haryana State Board HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

HBSE 7th Class English A Bicycle in Good Repair Textbook Questions and Answers

Comprehension Check

A Bicycle in Good Repair Summary In Hindi Class 7 HBSE  Question 1.
“ I got up early, for me.” It implies that
(i) he was an early riser.
(ii) he was a late riser.
(iii) he got up late that morning.
Mark the correct answer.
Answer:
(ii) he was a late riser.

A Bicycle in Good Repair Summary Class 7 HBSE  Question 2.
The bicycle “goes easily enough in the morning and a little stiffly after lunch.” The remark is ________.
(i) humorous.
(ii) inaccurate.
(iii) sarcastic.
(iv) enjoyable.
(v) meaningless.
Mark your choice (s).
Answer:
(iii) sarcastic.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

Class 7 Honeycomb Chapter 9 HBSE Question 3.
The friend shook the bicycle violently. Find two or three sentences in the text which express the author’s disapproval of it.
Answer:

  • I said “Don’t do that; you’ll hurt it”
  • felt as if much as I should had he started whacking my dog.
  • Before I could shop him he had unscrewed something somewhere.

Class 7 English A Bicycle in Good Repair HBSE Question 4.
“…if not, it would make a serious difference to the machine.” What does ‘it’ refer to?
Answer:
“It refers to the screws which had been opened by the author’s friends.

Working With The Text

Answer the following questions :

A Bicycle in Good Repair Class 7 HBSE Question 1.
Did the front wheel really wobble?
What is your opinion. Give a reason for your answer?
Answer:
No, the bicycle was in perfect position. The front wheel did not wobble. It was his Mend who had caught laid of the front Wheel and Shook it. The author had also but upset near shaking of it.

Question 2.
In What condition did the author find the bicycle when he returned from the tool shed?
Answer:
The author was shocked on returning from the tool shed. He found that his friend was sitting on the ground with the front Wheel be-tween his legs. He was moving it between his fingers.

Question 3.
“Nothing is easier than taking off the gear-case.” Modify this sentence in the light of what actually happens.
Answer:
Actually the author wanted that his friend should not take off the gear-case. He tried to stop him because he had learnt that buying of new one was easier.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

Question 4.
What special treatment did the chain receive?
Answer:
The chain could also not be saved from the treatment of author’s friend. He took off the gear case to take out the chain. He tightened it till it would not move and then he loosened it. In this way chain got very loose.

Question 5.
The friend has two qualities he knows what he is doing and is absolutely sure it is good. Find the two phrases in the text which mean the same.
Answer:
He said, “People talk like that who un-derstand nothing about machines. Nothing is easier than taking off a gear case.”

Question 6.
Describe ‘the fight’ between the man and the machine. Find the relevant sentences in the text and write them.
Answer:
The man was very adamant to put the bicycle in a right position. He took out the part of the wheel and was playing with it. He un-screwed the screws and dozen little balls rolled all over. He made the gear-case in two pieces. He tightened the screws till they would not move and then loosened them. To refix the gear he stood the bicycle against the house to work from both sides. He did so, till it lost balance.

  • Then he lost his temper and tried bullying the thing.
  • One moment the bicycle would be on the gravel path and he on the top of it.
  • By a sudden, quick movement it would free itself and tiring upon him, hit him sharply over the head with one of its handles.’

HBSE 7th Class English A Bicycle in Good Repair Important Questions and Answers

Question 1.
Why did the author get up early in the morning?
Answer:
The author got up early in the morning because he and his friend had decided to go for a bicycle ride.

Question 2.
What did author’s friend ask him when he arrived?
Answer:
Author’s friend asked him how the author’s bicycle ran.

Question 3.
What had the experienced friend of the narrator told the author?
Answer:
The experienced friend of the author had told the author that if anything goes wrong with gearcase, it is better to sell the machine and buy a new one.

Question 4.
How did the iron halls get scattered?
Answer:
The narrator’s friend took the front wheel off the fork and held it between his legs. He found fault with the bearings. He set about repairing the machine. He unscrewed it and the little iron balls rolled away.

Question 5.
How did author’s bicycle get ruined?
Answer:
The author told his friend that his bicycle goes a little stuffy after lunch. The friend took it other way. He showed that he knew much about the machine.
→ The friend took off the front wheel of the bicycle. He got all of ball bearings, out. Five of the balls got lost when he was refixing the wheel. He accepted that it would make a serious difference in the machine.

→ The friend took off the front wheel of the bicycle. He got all of ball bearings out. Five of the balls got lost when he was refixing the wheel. He accepted that it would make a serious difference in the machine.

→ He started doing his experiments with the chain of the bicycle. First, he made it so tight that it could not more. He then tried to make it loose and it was now twice as loose as before.

→ He had already taken out the gearcase. The gear box was broken into two pieces. Then they fixed the wheel but had forgotten the balls. The wheel was refixed. It was now in a wobbling state. The friend now failed to refix the gearbox. The bicycle was completely damaged.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

Question 6.
Why could the author not stop his friend from destroying his bicycle? How did he react when the bicycle got damaged?
Answer:
The author’s friend pretended that he had great skill in repairing the parts of the bicycle. The author tried to stop his friend from troubling the parts of the bicycle. It had no effect on his friend. The friend also declared that the bearings were all wrong. The cycle was all damaged by his friend. The author was sad at heart. However, he made a sarcastic remark that he appreciated the friend’s confidence and hopefulness.

Multiple Choice Questions (MCQ)

Tick (✓) the correct option :

Question 1.
Why had the friend come to narrator’s house?
(а) to repair his bicycle
(b) to go for a long bicycle-ride
(c) to chat with him
(d) to play cricket with him
Answer:
(b) to go for a long bicycle-ride

2. Noun of ‘propose’ is ________.
(а) proposal
(b) purpose
(c) preposition
(d) none of these
Answer:
(а) proposal

3. What impression do you form about the friend?
(a) The friend was a confused and nervous person.
(b) The friend was a true friend in real term.
(c) The friend was over-confident of his skill in repairing a bicycle.
(d) The friend paid attention to the narrator’s words.
Answer:
(c) The friend was over-confident of his skill in repairing a bicycle.

4. The lesson describes the fight between ________.
(a) narrator and his friend
(b) parts of machine
(c) man and machine
(d) all of these
Answer:
(c) man and machine

5. Where did the author send his friend for changing himself?
(a) back kitchen
(b) backyard
(c) verandah
(d) bathroom
Answer:
(a) back kitchen

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

Make Sentences

Use the following words in sentences of your own:
(i) at length
(ii) proposed
(iii) violently
(iv) hurt
(v) triumph
(vi) lost his
(vii) position.
Answer:
(i) At length: At length, the bride’s make up was complete and she was ready for the wedding.
(ii) Proposed: He proposed a new play to increase the profit of the business.
(iii) Violently: He violently killed his partner for being dishonest in business.
(iv) Hurt: He hurt the feelings of his lame friend by calling him a handicapped.
(v) Triumph: Ashoka stops fighting after his triumph in Kalinga’s war.
(vi) Lost his temper : My father lost his temper when he came to know about his clerk’s dishonesty.
(vii) Position : My brother secured the first position in the text as a result of his hardwork and dedication.

A Bicycle in Good Repair Passages for Comprehension

Read the passages given below carefully and answer the questions that follow :

PASSAGE – 1

I got ……………………… it run?”
Questions :
(i) Why did ‘I’ get up early?
(ii) For what purpose had ‘lie’ come?
(iii) What does ‘machine’ refer to?
(iv) Choose a word which meanings antonym of ‘ugly’.
Answers :
(i) ‘I’ get up early as a man had proposed to go for a ride together.
(ii) ‘He’ had come to go for a ride together.
(iii) ‘Machine’ refers to bicycle.
(iv) Lovely.

PASSAGE – 2

I did ………………………. my dog.
Questions:
(i) What does ‘it’ refer to?
(ii) How did ‘I’ feel?
(iii) What does this act of ‘his’ show about his nature
(iv) Choose the word which means to ‘hit hard’.
Answers:
(i) ‘It’ refers to wheel.
(ii) ‘I’ felt as if his dog was being whacked.
(iii) It shows that he is lunatic.
(iv) Whacking

PASSAGE – 3

I went beside him.
Questions:
(i) Why did ‘I’ go to the tool shed?
(ii) What did’I’find on returning.
(iii) What was ‘he’ doing with the front wheel?
(iv) Choose the word which means ‘left over part’.
Answers:
(i) T went to the tool shed to find some tools.
(ii) T found on returning that he was sitting on the ground with the front wheel between his legs.
(iii) ‘He’ was playing with the front wheel by moving it between his finger.’
(iv) Remnant.

PASSAGE – 4

We grovelled …………………… I admit.
Questions:
(i) What does sixteen refer to?
(ii) What difference did they think it would make?
(iii) Which act of ‘I’ was not sensible?
(iv) Choose a word which means ‘to be prostrate.
Answers:
(i) Sixteen refers to the screws.
(ii) It would not let the machine run smoothly.
(iii) ‘I’ had put them for safety in the hat which could wobble any time.
(iv) Grovelled.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

PASSAGE – 5

I had ……………………… screws disappeared.
Questions:
(i) What had ‘I’ to confess?
(ii) How had the gear-case come to be in two pieces?
(iii) What was a mystery?
(iv) Choose a word which means to ‘acknowledge’.
Answers:
(i) ‘I’ had to confess that he was right in saying that nothing was easier than taking off a gear-case.
(ii) The man had broken the gear-case in two pieces.
(iii) It was mystery to know where the screws disappeared
(iv) Confess.

PASSAGE – 6

I said ……………………… me good.”
Questions:
(i) What was T enjoying watching?
(ii) What confidence did he show?
(iii) Which things did the author feel do good?
(iv) Choose the word which means “that cannot be explained”.
Answers :
(i) ‘I’ enjoyed watching fix the screws.
(ii) He exercised the skill with a lot of confidence.
(iii) The author felt that confidence and inexplicable hopefulness did him good.
(iv) Inexplicable.

PASSAGE – 7

Now he ……………………… its handles.
Questions:
(i) What does word ‘Now’ indicate?
(ii) What gave him the sense of victory?
(iii) Why did he take such a quick movement?
(iv) Choose the word which means ‘victory’.
Answers:
(i) Word ‘Now’ indicates that again and again he was changing his position.
(ii) He felt as if he had put all the parts of machine together.
(iii) He wanted to show his skill.
(iv) Triumph.

The Story of Cricket Translation in Hindi

Before you read
If you ……………………….. to nothing?
पढ़ने से पहले
अगर आप साइकल पर लम्बी यात्रा पर जाना चाहते हैं तो साइकल की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। अगर हो सके तो एक निपुण मिस्त्री से जाँच करानी चाहिए। पर क्या होगा अगर मशीन की अपनी मर्जी है और मिस्त्री इस बारे में कुछ नहीं जानता।

Word Meaning : Mechanic-a skilled person = मिस्त्री, Over haul-To repair = मरम्मत।

1. A man it run?”
एक शाम को एक जानने वाले व्यक्ति ने सुझाव रखा कि हम अगले दिन इकटे साइकिल चलाने चलेंगे और मैंने स्वीकार कर लिया। मैं जल्दी सो कर उठ गया। मैंने कोशिश की और मैं अपने
आप से ख़श था। वह आधा घंटा देरी से आया। मैं उसका बगीचे में इतंजार कर रहा था। मौसम सुहावना था। उसने कहा, “तुम्हारी मशीन देखने में सुन्दर है। वह कैसे चलती है ?”

Word Meaning : Proposed-to put forward a plan = सुझाव देना, Effort-to try = कोशिश, Pleasedhappy = खुश।

2. “Oh, like after lunch.”
He caught ………………… it violently.
I said ………………….. hurt it.”
“ओह, (और मशीनों की तरह ही)।” मैंने जवाब मे कहा “सुबह बहुत आसानी से; दोपहर के भोजन के बाद कुछ सख्त हो जाती है।
उसने मशीन को आगे के पहिए से पकड़कर और चिमटे को जोर से हिलाया।
मैंने कहा, “ऐसा मत करो, तुम उसे नुकसान पहुंचा दोगे।”

Word Meaning : Fork-pronged instrument = चिमटा, Violently-very hastly = बहुत तेजी से।

3. I did …………………………………. my dog.
He said ………………… a wobble.
मुझे समझ नहीं आया कि वह उसे क्यों हिला रहा था जबकि उसने उसके साथ कुछ नहीं किया था। इसके अलावा अगर उसे हिलाने की जरूरत थी तो हिलाने के लिए मैं सही व्यक्ति था। मुझे ऐसा लगा जैसे कि उसने मेरे कुत्ते को जोर से चोट दी है।
उसने कहा, “आगे का पहिया हिलता है।”
मैंने कहा, अगर तुम इसे न हिलाओ तो वह नही हिलता।” वह बिल्कुल नहीं हिलता था, वास्तव में कुछ भी हिलने जैसी चीज न थी।

Word Meaning : Whacking-resounding hard blow = जोर से चोट देना, Wobbles To move = हिलना।

4. He said ……………………….. beside him.
उसने कहा, यह खतरनाक है, क्या तुम्हारे पास हथौड़ा है ?” मुझे दृढ़ रहना चाहिए पर मुझे लगा शायद वह वास्तव में इस बारे में कुछ जानता होगा। मैं औजारों की जगह ढूँढने गया। जब मैं वापिस आया तो वह अपनी टाँगों के बीच में अगला पहिया फंसा कर बैठा था। वह उसके साथ खेल रहा था। वह उसे अपनी अंगुली में उमेठ रहा था। उस मशीन के बचे हुए पुर्जे उसके साथ पथरीले रास्ते पर पड़े थे।

Word Meaning: Firm-strong = दृढ़, Twiddling-to twist the fingers = अंगुली उमेठना, Remnant-leftover remains = अवशेष, पुर्जे Gravel-full of stones = पथरी।

5. He said ……………………………. get off.” He said …. ………. by accident.
उसने कहा, “मुझे ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि यंत्र के सारे भाग गलत जुड़े हैं।” मैंने कहा, “अपने आप को और परेशान मत करो, तुम अपने आप को थका दोगे। चलो हम इसे, वापिस रख कर चले।”
उसने कहा, “अब बाहर निकाला है तो परेशानी का कारण देख लेते हैं।” वह ऐसे बोला जैसे कि अचानक किसी कारण वह बाहर निकला हो।

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

Word Meaning : Bearings-shaft = यंत्र के भाग जहाँ गति होती है,Dropped-to make fall = गिराना।

6. Before I ……………………….. little balls. “Catch ’em!” ……… about thein.
इससे पहले कि मैं उसे रोक पाता उसने किसी के कहीं पेंच खोल दिए थे, और पूरे रास्ते में दर्जनों छोटी-छोटी गोलियाँ (बेरिंग के अन्दर के छर्रे) फैली हुई थीं।
“पकड़ो! वह चिल्लाया, पकड़ो।” “हमें कोई भी नहीं खोनी। वह उनके बारे में बहुत उत्सुक था।

Word Meaning : Unscrewed-open the screw = पेंच खोलना, Excited-in great spirit = उत्साहपूर्वक।

8. We grovelled …………………. I admit.
हम आधे घंटे तक सिर नीचे कर के घूमते रहे, और सोलह ढूँढ लिए। उसने कहा कि वह आशा करता है अगर उन्हें सारे मिल जाते, क्योंकि अगर नहीं, तो मशीन को बहुत गम्भीर फर्क पड़ेगा। मैंने उन्हें अपनी टोपी में सुरक्षापूर्वक रख दिया। यह करना समझदारी की बात नहीं थी, मैंने स्वीकार किया।

Word Meaning : Grovelled-to lie prostrate = सिर नीचे करना, Hoped-wish for = आशा।

9. He then ………………… comes cheaper.”
उसने कहा कि जब वह यह कर रहा है तो वह मेरे लिए चेन को देख लेगा, और एकदम उसने गियर को निकालना शुरू कर दिया। मैंने उसे रोकने की कोशिश की। मैंने उससे बताया कि एक बार मेरे अनुभवी दोस्त ने औपचारिकता से कहा, अगर तुम्हारे गियर के साथ कुछ गलत हो जाए तो मशीन को बेच कर नई खरीद लेना, यह सस्ता रहेगा।

Word Meaning : Chain-belt = जंजीर, GearCase-a thorny wheel on which the chain is move = गियर, Dissuade-to stop = रोकना, Experienced-With experience = अनुभवी, solemnly-Sacred = औपचारिका

10. He said ……………………agear-case.” I had. ………………… screws disappeared.
उसने कहा, “जो लोग ऐसा बोलते हैं वह मशीन के बारे में कुछ नहीं समझते। गियर निकालने से आसान कुछ नहीं है।”
मुझे स्वीकार करना पड़ा कि वह ठीक था। पाँच मिनट से कम में उपकरण यंत्र दो हिस्सों में हो गया, और पेंच ढूँढने के लिए रास्ते में झुका हुआ लेटा हुआ था। उसने कहा कि यह उसके लिए हमेशा रहस्य था जिस तरह से पेंच गायब हुए।

Word Meaning Confessacknowledgement= स्वीकारोक्ति, Mystery-secretरहस्य, Disappeared-To vanish = गायब।

11. Common sense ……………….thegate!’
But I am weak when it comes to hurting other people’s feelings, and I let him muddle on.
मेरी सामान्य समझ मेरे कानों में कुछ फुसफुसा रही थी, “उसको रोको, इससे पहले कि वह कोई और शरारत करे। तुम्हारे पास अपनी संपत्ति को एक पागल के आक्रमण से बचाने का पूरा अधिकार है। उसको गर्दन से पकडकर गेट के बाहर निकाल दो।” पर जब दूसरे लोगों की भावनाओं से खेलने का समय आता है तो मैं कमजोर महसूस करता हूँ और मैंने उसे बेवकूफी करने दी।

Word Meaning : Whisper-low voice = फुसफुसाना, Lunatic-mad = पागल, Ravages-toplunder = लूटना, Scruff-the back of neck = गर्दन के पीछे से।

12. He gave ……………………. place again.
उसने पेंच ढूँढने बंद कर दिए। उसने कहा कि पेंचों में मुड़ने की कुशलता होती है। जबकि तुम ऐसी आशा नही करते।।
अब वह चेन के बारे में देखेगा। उसने उसे तब तक कसा जब तक वह हिलनी बंद नहीं हो गई. आगे उसने उसे इतना ढीला कर दिया जैसे कि पहले से दुगनी ढीली हो गई। तब उसने कहा कि हमें अगला पहिया सही जगह वापस रखने के बारे में सोचना चाहिए।

Word Meaninng : Knack-dexterity = कुशलता, Expected-to hope for = आशा।

13. I held ………………….. changed places. At length ……………………… out laughing.
मैंने चिमटे को खोला और वह पहिए के बारे में फिक्र करने लगा। दस मिनट के आखिर में मैंने सुझाव दिया कि वह चिमटा पकड़े और मैं पहिए को पकडूंगा, और हमने अपने स्थान बदले। आखिर में हमने उसे सही जगह पर रखा और जिस पल वह सही जगह पर आया तब वह जोर से हँसने लगा।

Word Meaning : Suggested-to give your opinion = सुझाव।

14. I said ……………………………. the path.
मैंने कहा, “यह क्या मजाक है ?” उसने कहा, “ठीक है, मैं एक गधा हूँ।” पहली बार इन शब्दों ने मेरे मन में उसके लिए इज्जत पैदा की। मैंने पूछा कि उसकी इस खोज का क्या कारण था।
उसके कहा, “हम गोलियों को भूल गए।”, मैंने अपनी टोपी ढूंढी वह रास्ते में उलटी-पुलटी पड़ी थी।

Word Meaning : Ass-donkey = गधा, Respect-Honour = इज्जत, Topsy-Turvy-upside down = उल्टा पुल्टा।

15. He was …………………. to providence.” We found ……………………….. the present.
वह खुश मनोवृत्ति का था। उसने कहा, “ठीक है, हम जो भी ढूँढ सकते हैं उन्हें रखते हैं और दूरदर्शिता पर विश्वास रखते हैं।”
हमने ग्यारह पा लिए। हमने छ: को एक तरफ और पाँच को | दूसरी तरफ लगा दिया, और आधे घंटे बाद पहिया सही जगह पर रखा गया। यह कहना जरूरी नहीं था कि वास्तव में वह अब हिल रहा था, एक बच्चा भी शायद देख सकता था। उसने कहा कि वर्तमान के लिए यही सही रहेगा।

Word Meaning : Disposition-temper = मनोवृत्ति, providence-foresight = दूरदर्शिता. Noticeobserve = ध्यान देना।

16. I said …………………………… me good.” मैंने कहा, “तुम्हें ऐसा करते देखना मेरे लिए बहुत उपयोगी होगा। यह सिर्फ तुम्हारी कला नहीं है जो मुझे आकर्षित करती है
यह तुम्हारा अटूट आत्म विश्वास, तुम्हारी अव्याख्यायित आशावादिता मुझे अच्छी लगती है।”

Word Meaning : Skill-art = कला, Inexplicable-which can’t be explained = जिसकी व्याख्या न की जा सके, अव्याख्यायित Fascinates-attracts = आकृर्षित, Hopefulness-withhope = आशावादिता।

17. Thus encouraged ……………. his head.
तब प्रोत्साहित होकर वह गियर को फिर से सही स्थान पर लगाने लगा। उसने साइकल को घर के साथ सहारा देकर दूसरी तरफ से काम करना शुरू किया। तब उसने उससे पेड़ के साथ खड़ा किया और फिर उस तरफ से काम करना आरंभ किया। फिर . मैंने उसके लिए पकड़ा, जबकि वह अपना सिर पहियों के बीच दबाकर धरती पर लेट रहा। और नीचे की तरफ से काम करते हुए | उससे अपने ऊपर गिरा दिया। तब उसने मुझसे ले लिया, और जब | तक उसने अपना संयम नहीं खोया जब तक कि उसके सिर के ऊपर गिर नहीं गई।

Word Meaning : Encouraged-to encourage = प्रोत्साहन, Refix-to fix = दुबारा से जोड़ना, Balance-to manage in right manner = संयम, Slid-to slip = फिसलना।

18. Then he …………………………. on him. तब वह उत्तेजित हो गया और दबंग बनने की कोशिश कर रहा था। मैं देखकर खुश था कि साइकिल वही भाव दिखा रही थी। बाद की विधि उसमें और मशीन के बीच की लड़ाई में पतित हो रही थी। एक पल में साइकिल अकड़पूर्वक रास्ते पर होती और वह उसके ऊपर अपने आप को पाता। अगले पल स्थिति उल्टी हो जाती। वह कंकड़ भरे रास्ते पर होता और साइकिल उसके ऊपर।

Word Meaning : Temper-disposition = संयम, Bullying-a tyrant = दबंग, Spirit-feeling = भावना, Subsequent-one after other = एक के बाद एक, Degenerated-corrupt = पतित होना।

19. Now he ……………………… its handles.
अब वह जीत के उल्लास से भरपूर अपनी टाँगों के बीच में साइकिल को फँसा कर खड़ा हुआ होता। पर उसकी जीत कुछ ही पल की होती। अचानक एकदम तीव्र गति से वह अपने आप को आजाद कर देता, और तेजी से मुड़ते हुए एक हैन्डल से उसे मार देता।
Word Meaning: Flushed-rash of emotions = प्रफुल्लता, Victory to win = जीत, Triumphvictroy = जीत।

20. At a ……………………………… his brow. The bicycle …………………….. him home. पौने एक बजे, मैला-कुचैला और फूहड़, कटा हुआ और खून से लथपथ उसने कहा, “मैं सोचता हूँ कि चलेगा” और अपनी भौंह को साफ करते हुए उठा।

ऐसा लगा जैसे कि साइकिल भी बहुत सहन कर चुकी थी। यह कहना मुश्किल था कि ज्यादा सजा किसे मिली थी। मैं उसे पिछवाड़े में रसोई में ले गया, जहाँ तक हो सकता था उसने अपने आप को साफ किया। तब मैंने उसे घर भेज दिया।

Word Meaning : Quarter-One fourth = पौना, Dishevelled–with disordered hair = फूहड़, Wiped-to clean = साफ करना, Punishment-to punish = सजा, Brow-arch of hair over eye = भौंह।

A Bicycle in Good Repair Summary in English

The author’s friend and author decided to go for a bicycle ride together. The author made an effort. He got up early butin vain. When his friend turned up, he took to repairing of the machine. He took out the front wheel and started shaking it. The author was surprised. His friend took out the wheel and unscrewed all the screws. The authors put the screws in his hat for safety. Next he took off the gear case. I wished to stop him from doing all this but being weak I could not do so.

He could not find all the screws and then began lightening the chain. Next he loosened it. Having no other option, I held the fork open The whole scene had turned into a joke. All the screws had gone topsy-nervy. We had been able to find only eleven screws.

Then he set to refix the gear case. To do so he stood the bicycle against the house. Many times he tried to balance but lost the balance. He lost his temper. There was fight between him and the bicycle. He behaved as if he had been victorious. Both his friend and bicycle had been badly injured. I then send him home.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 9 A Bicycle in Good Repair

A Bicycle in Good Repair Summary in Hindi

लेखक का दोस्त और लेखक ने साइकिल की सवारी पर जाने की सोची। लेखक ने कोशिश की। वह जल्दी उठा पर असफल। जब उसका दोस्त आयम, तो उसने मशीन की मरम्मत शुरू की। उसने आगे का पहिया निकाला और हिलाने लगा। लेखक हैरान हो गया। उसके दोस्त ने पहिया निकाला और सारे पेंच खोल दिए। लेखक ने पेंच सुरक्षा के लिए टोपी में रख दिए। उसके बाद उसने गियर केस निकाला। मैं उसको रोकना चाहता था पर कमजोरी के कारण मैं ऐसा न कर सका।

वह सारे पेंच ढूँढ न सका और चेन को कसने लगा। फिर उसने पेंच खोल दिए। और कोई चारा न देखते हुए मैंने चिमटा खोल दिया। सारा दृश्य मजाक लग रहा था। सारे पेंच उल्टे-पुल्टे हो गए। हमें सिर्फ ग्यारह पेंच मिले।

तब उसने गियर केस को दुबारा से कसा। ऐसा करने के लिए उसने साइकिल को घर के साथ खड़ा किया। कई बार उसने संयम कायम करने की कोशिश की पर असफल रहा। उसे गुस्सा आया। उसके और साइकिल के बीच में युद्ध हुआ। उसने ऐसा दर्शाया जैसे कि उसकी जीत हुई हो। दोनों उसका दोस्त और साइकिल जख्मी हो गए। मैंने फिर उसे घर भेज दिया।

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HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

Haryana State Board HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

HBSE 7th Class English The Story of Cricket Textbook Questions and Answers

Comprehension Check

The Story of Cricket In Hindi Class 7 HBSE  Question 1.
Cricket is originally a / an ___________.
(a) Indian game.
(b) British game.
(c) International game.
Mark the right answer.
Answer:
(b) British game.

The Story of Cricket Class 7 HBSE Question 2.
‘There is a historical reason behind both these oddities.’ In the preceding two paragraphs, find two words/phrases that mean the same as ‘oddities’.
Answer:
‘Peculiarities’ and ‘Curious’ mean same as oddities.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

Class 7 Honeycomb Chapter 9 HBSE Question 3.
How is a cricket bat different from a hockey stick?
Answer:
Till the middle of the eighteenth century bats were roughly of the same shape, curving outwards at the bottom. But now cricket bat is straight while hockey bat remains curved.

Comprehension Check

Write True or False against each of the following sentences:
(а) India joined the world of Test cricket before independence. ___________
(b) The colonisers did nothing to encourage the Parsis in playing cricket. ___________
(c) Palwankar Baloo was India’s first Test captain. ___________
(d) Australia played its first Test against England as a soverign nation. ___________
Answer:
(a) True
(b) True
(c) False
(d) False.

Comprehension Check

Class 7 English The Story of Cricket HBSE Question 1.
A ‘professional’ cricket player is one who makes a living by playing cricket. Find the opposite of ‘professional’ in the last paragraphs.
Answer:
Amateur

The Story of Cricket Class 7 HBSE Honeycomb Question 2.
In ‘the triumph of the one-day game’, ‘triumph’ means
(i) superiority to Test cricket.
(ii) inferiority to Test cricket.
(iii) achievement and success over Test cricket.
Mark the right answer.
(iv) popularity among viewers.
Answer:
(iv) popularity among viewers.

Question 3.
‘………. the men or for whom the world is a stage’.
(i) It refers to famous cricket fields in the world.
(ii) It means the there are many cricket playing countries in the world.
(iii) It implies that cricketers are like actors and every cricket ground is like the stage on which the drama of a cricket match is enacted the world over.

Working With The Text

Question 1.
Name some stick and ball games that you have witnessed or heard of.
Answer:
Hockey, Polo, Billiards are some of the games I have heard of.

Question 2.
The Parsis were the first Indian community to take to cricket. Why?
Answer:
Parsis were brought into British contact to westernise. They had contact because of their interest in trade.

Question 3.
The rivalry between the Parsis and the Bombay Gymkhana had happy ending for the former. What does ‘a happy ending’ refer to ?
Answer:
‘Happy ending’ refers to the beating of Bombay Gymkhana by Parsi club at cricket in 1889.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

Question 4.
Does cricket owe its present popularity to television? If so, why?
Answer:
Television coverage increased the audience into the small towns and villages. It also helped the children watch their heroes into action. Children could now watch international events.

Question 5.
Guess why cricket has a large viewership in India, not in China or Russia.
Answer:
The reasons are mainly that India is one of the oldest cricket playing nations. Secondly, it has the largest market for the cricketing world.

Question 6.
What do you understand by the game’s (cricket) ‘equipment’?
Answer:
Cricket equipment refers to the bat made of leather, twine and cork. The equipment like bat and ball are even today handmade.

Question 7.
How is Test cricket a unique game in many ways?
Answer:
Test cricket can be played for five days and still end in a draw. No other game can take more than a day. Secondly, the dimensions of the cricket ground is not specified. It can vary from a circular to an oval shape.

Question 8.
How is cricket different from other team games?
Answer:
Unlike other team games the dimensions of the cricket ground are not specified. Secondly cricket is the only game which can go as long as five days and end in a draw. No other game can take more than one day.

Question 9.
How have advances in technology- affected the game of cricket?
Answer:
Modern technology brought about a change in equipment. The invention of vulcanised rubber led to the introduction of pads and gloves. Secondly, satellite television technology made the game very popular. It could now be watched in every city and village.

Question 10.
Explain how cricket changed with changing times and yet remained unchanged in some ways.
Answer:
The cricket changed with changing times. The amateur players were replaced by paid professionals. One day itemational became more popular. Technology also brought about a great change. But still the roots remain true to the origin in rural England. Cricket’s most important equipments are still handmade. The protective equipments has been unfluenced by change of technology.

HBSE 7th Class English The Story of Cricket Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What does ‘amateurs’ stand for?
Answer:
‘Amateurs’ were the pioneers of cricket. They were the rich people who could afford to play cricket for pleasure.

Question 2.
Who are professionals in cricket?
Answer:
The professionals were those who were paid-up players. They played cricket to earn their living.

Question 3.
What led to the replacement of a curved-fat by a straight one?
Answer:
During the 1760s and 1770s it became common to pitch the ball through the air rather than roll it along the ground. This resulted in replacement of curved bat with straight one.

Question 4.
What hardships had the Parsis to undergo when they set up the cricket club?
Answer:
The Parsis were the first Indian community to set up a cricket club. They were not encourgage and not even allowed to use public park.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

Question 5.
How did bowlers benefit by the change of pitching the ball through the air rather than roll in along the ground?
Answer:
Bowlers got option of length, increased pace. They also immitated skill of spin and swing.

Question 6.
Who funded the Parsi Clubs?
Answer:
Parsis formed the first Indian Cricket Club in Bombay in 1848. They were funded and sponsored by Parsi businessmen like the Tatas and Wadias.

Question 7.
Why is the name of C.K. Nayudu even not forgotten today?
Answer:
Even today he is remembered as an outstanding batsman of his times. His place in Indian cricket is assured because he was the country’s first Test captain.

Short Answer Type Questions

Question 1.
Which were the first Indian community to set up a cricket club? What competition did it face?
Answer:
Parsis were the first Indian community to set up a cricket club. It faced many problems.

  • The white people did not encourage the Parsis.
  • They had to face a quarrel with the Bombay a white’s only club over the use of. a public park. The whites used the park for playing polo and had made the place uneven.

Question 2.
What was the shape of the bat till eighteenth century? What advantage did it give to the batsman?
Answer:
Till the middle of the eighteenth century bats were roughly the same shape as hockey-sticks curving outwards at the bottom. It helped batsman because the ball was bowled under arm, along the ground. The curve at the end of the bat gave the batsman best chance of making the contact.

Question 3.
What changes were made in the cricket game since its inception?
Answer:
Cricket as a game was started in 17th century. With the changing social and economic history changes were brought:

  • The curved bat was replaced by straight one.
  • The weight of the ball was limited between 5 1/2 to 5 3/4 ounces
  • The width of the bat was limited to four inches
  • The protective equipments were used.

Question 4.
How have global commerce and technology effect change in game of cricket?
Answer:
Global commerce and technology have made Indian players the most famous and best- paid players. The change was brought about as gentlemanly amateur was replaced by paid- professionals. The one day game over shadowed. Test cricket in terms of popularity.

Some Other Questions For Examination

Question 1.
What was the shape of the bat till the middle of 18th century?
Answer:
The bat was shaped like a hockey stick curving outwards at the bottom.

Question 2.
Why was the curved shape of the bat necessary?
Answer:
The curved shape of the bat was necessary because the ball was bowled along the ground.

Question 3.
What were helmets made of?
Answer:
Helmets were made out of metal and man-made light weight materials.

Question 4.
What has made cricket such a popular game?
Answer:
Multinational television companies have made cricket such a popular game.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

Question 5.
How has the cricket evolved in England?
Answer:
The cricket evolved in England from many stick and ball games which were played there.

Question 6.
Which two games have their tools made with industrial or man-made materials?
Answer:
Golf, tennis.

Question 7.
Who was Palwankar Baloo?
Answer:
Palwankar Baloo was the greatest Indian slow bowler at the time when Indians were not allowed to play Test cricket.

Question 8.
What led to the replacement of a curved bat by a straight one?
Answer:
During the 1760s and 1770s, it became common to pitch the ball through the air rather than roll it along the ground. This resulted in replacement of curved bat with straight one.

Question 9.
Cricket was the earliest modern team sport to be codified. What does the word ‘codified’ indicate?
Answer:
The word ‘codified’ indicates the law of cricket.

Question 10.
A cricket match can end in a ‘draw’. What does the word ‘draw’ refer to?
Answer:
The word ‘draw’ refers to the concept that game ends up and no team can be declared a winner team.

Question 11.
What were the revolutionary changes brought about in the game of cricket by the pitching of the ball through the air?
Answer:
Many revolutionary changes were brought about in the game of cricket by the booling action of pitching the fall in the air. It provided the bowlers the option of length, deception through the air besides the increased pace. It brought about novel and fabulocus opportunities of spin and swing.

Besides, the pitching of the ball through the air also affected the batsman. The batsman was required to master timing and shot selection. The replacement of the current bat with the straight bat was its instant result.

Multiple Choice Questions (MCQ)

Tick (✓) the correct option :

1. Where was cricket born?
(a) India
(b) China
(c) U.S.A.
(d) England
Answer:
(d) England

2. When was cricket accepted as a distinct game?
(a) 19th century
(b) 18th century
(c) 17th century
(d) 14th century
Answer:
(c) 17th century

3. What does ‘protective equipment’ refer to in the game of cricket?
(a) pads
(b) gloves
(c) helmets
(d) all of these
Answer:
(d) all of these

4. When were pads introduced in cricket?
(a) 1948
(b) 1857
(c) 1848
(d) 1863
Answer:
(c) 1848

5. What has been the shift in the head office of cricket?
(a) from London to Dubai
(b) from London to India.
(c) from India to U.S.
(d) from Dubai to London
Answer:
(a) from London to Dubai

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

6. When were the first written ‘laws of cricket’ formed?
(a) 1747
(b) 1844
(c) 1743
(d) 1744
Answer:
(d) 1744

7. What is the specified length of pitch in the game of cricket?
(а) twenty-seven yards
(b) twenty-two yards
(c) twenty-five yards
(d) twenty-four yards.
Answer:
(b) twenty-two yards

8. Which of the following statements is incorrect?
(а) The shape and the size of the cricket ground has been specified.
(b) Cricket’s most important tools are all made of natural, pre-industrial materials.
(c) Three days had become the length of cricket match by 1780.
Answer:
(а) The shape and the size of the cricket ground has been specified.

9. The cricket bat is made with __________.
(a) leather
(b) twine
(c) cork
(d) all of these
Answer:
(d) all of these

10. When did India enter the world of Test cricket?
(a) 1943
(b) 1933
(c) 1932
(d) 1957
Answer:
(c) 1932

11. The first Test cricket was play between __________ and __________.
(a) India, England
(b) England, Australia
(c) India, Australia
(d) India, China
Answer:
(b) England, Australia

12. Who are professionals in cricket?
(a) paid-up players
(b) trainers
(c) umpires
(d) unskilled players.
Answer:
(a) paid-up players

13. Which of the following words means ‘supreme’? ‘
(a) dominated
(b) benefited
(c) independent
(d) sovereign
Answer:
(d) sovereign

14. Who was chosen to give decisions in cricket?
(a) batsmen
(b) bowlers
(c) audience
(d) umpires
Answer:
(d) umpires

Make Sentences

Make sentences of your own with the help of the following words :
1. Transformation
2. Struggle
3. Memories
4. Pionfeers
5. Authorities
6. Foundation
7. Assured
8. Absolutely
9. Fortunate
10. Intellectual.
Answer:
1. Transformation : The village has undergone a transformation recently with new houses having been built there.
2. Struggle: Many great leaders were killed in the struggle for freedom.
3. Memories : The memories of my childhood are very pleasant.
4. Pioneers : He was one of the early pioneers of recording.
5. Authorities: The municipal authorities were powerless and inactive.
6. Foundation : Suddenly, there was a strong earthquake that shook the foundation of the jail.
7. Assured : There is one area women can rest assured will never change, their role in the home.
8. Absolutely : She knew absolutely nothing about new neighbours.
9. Fortunate : I am fortunate to be born in such a good family.
10. Intellectual : The seminar was very effective for intellectual curiosity of artists and scientists.

The Story of Cricket Passages for Comprehension

Read the following passages carefully and answer the questions that follow :

PASSAGE – 1

Till the making contact.

Questions :
(i) What was similarity between cricket and hockey stick?
(ii) Why were the bats curved at the bottom?
(iii) When did this game come to be recognized?
(iv) Choose a word which means ‘bent’.
Answers :
(i) The cricket and hockey stick were initially of the same shape. Both were curving outwards at the bottom.
(ii) The bats were curved because the ball was bowled under arm.
(iii) This game gained recognition in seventeenth century.
(iv) Curve.

PASSAGE – 2

One of a-half.
Questions :
(i) Why is cricket referred to as a peculiar game?
(ii) What does the word ‘draw’ refer to?
(iii) In terms of time how can you say that football is superior to cricket?
(iv) Choose a word which means ‘strangeness’.
Answers :
(i) Cricket can be played for five days and ends up without any result.
(ii) ‘Draw’ refers to the concept that game ends up and no team can be declared a winner team.
(iii) A football match can be played in one and half-an-hour while cricket match can take five days.
(iv) Peculiarities.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

PASSAGE – 3

There’s a all disputes.
Questions :
(i) Which oddities are referred to?
(ii) What does word ‘codified’ indicate?
(iii) Who was chosen to give the decision?
(iv) Choose the word which means ‘disagreement’.
Answers :
(i) The cricket match can go for five days and end in a draw. Secondly the size and shape of cricket ground is not specified.
(ii) The word codified indicates the laws of cricket.
(iii) The umpires were chosen to give the decision.
(iv) Disputes.

PASSAGE – 4

This change ………………. straight one.
Questions:
(i) Which ‘change’ gave bowler option of length?
(ii) How did this change help the batsman?
(iii) What advantage did batsman now enjoy?
(iv) Choose the word which means ‘chance’.
Answers:
(i) It had become to pitch the ball through the air rather than roll along the ground.
(ii) Any player, regardless of their area of special skill, is referred to as a batsman, batswoman or batter while they are batting.
(ii) The batsman learnt new possiblities of spin and swing.
(iii) Possibilities

PASSAGE – 5

The material in Asia.
Questions :
(i) Of which material bat was made initially?
(ii) What change has taken over years in manufacturing of bat?
(iii) How did the cane become available?
(iv) Choose the word which means “found”.
Answers :
(i) Initially, bat was made of leather, twine and cork.
(ii) Earlier bat was cut out of a single piece of wood which has been replaced by two pieces.
(iii) The cane become available to the European colonialists as they settled in Asia.
(iv) Available.

The Story of Cricket Translation in Hindi

Before you read
Sport is …………….. called cricket?
खेल स्वस्थ जीवन का अटूट हिस्सा है। यह एक ऐसा तरीका है जिससे हम अपना मनोरंजन करते हैं, प्रतियोगिता करते हैं और स्वस्थ रहते हैं। अनेक खेलों जैसे हॉकी, फुटबाल, टेनिस और क्रिकेट में से क्रिकेट आज सबसे अधिक राष्ट्रीय स्तर पर मनोरंजन – का साधन है। हम सब क्रिकेट खेल के बारे में वास्तव में क्या जानते हैं।

Word Meaning : Integral-complete = अटूट, Amuse-cause laughter = मनोरंजन, Competerivalary = प्रतिस्पर्धा करना, Appealing-to like = पसन्द करना, Entertainment-amusement = मनोरंजन।
1.Cricket grew ……………..distinet game.
क्रिकेट का जन्म 500 वर्ष पूर्व इंग्लैंड में स्टिक और बॉल खेलों में से हुआ। ‘बैट’ प्राचीन अग्रेजी का शब्द है जिसका अर्थ है स्टिक या क्लब। सत्रहवीं सदी से क्रिकेट को एक विशेष खेल के रूप में पहचाना जाने लगा।

Word Meaning : Simply-plain = स्पष्ट, Recognisable-which can be recognised = पहचान योग्य, Distinet-perceptible = विशिष्ट।

2. Till the …………………….. making contact.
अठारहवीं सदी तक बैट का आकार हॉकी स्टिक की तरह था, नीचे से बाहर की तरफ निकलता हुआ। इसका एक सरल कारण था कि गेंद को बाजू के नीचे से फेंका जाता था बल्ले के नीचे की मोड से बल्लेबाज को गेंद से मिलने सबसे अच्छा मौका मिलता था।

Word Meaning : Roughly–uneven = ऊबड़-खाबड़, Curving-which is currved = मुड़ा हुआ. Contact-meet = मिलना।

3. One of ……………….. modern cricket!
किक्रेट की अजीब विशेषताओं में से एक है कि टैस्ट मैच पाँच दिन तक चल सकता है, फिर भी अन्त में यह बिना नतीजे के समाप्त हो जाता है। और कोई भी आधुनिक खेल आधे समय से भी अधिक समय नहीं लेता। एक फुटबाल मैच को ज्यादातर डेढ़ घंटा लगता है। बेसबाल की नौ पारी खेलने में क्रिकेट के सीमित ऑवर के मैच से आधा समय लगता है। जो आधुनिक किक्रेट का छोटा रूप है।

Word Meaning : Peculearities distinct features = विशेषताएँ. Generally-mostly = सामान्यतः, Innings-beingplayed by one team =खेलने की पारी, Version-form = रूप, Limited-Restricted = सीमिता

4. Another curious ………………. in Delhi.
क्रिकेट की दूसरी विशेषता यह है कि इसकी पिच की लम्बाई पूर्ण रूप से निर्धारित की जाती है बाईस- गज-पर मैदान की लम्बाई और आकार को निर्धारित नहीं किया जाता। बाकी दूसरे टीम वाले खेलों जैसे हॉकी और फुटबाल में खेलने के क्षेत्रफल को निर्धारित किया जाता है। क्रिकेट में नहीं किया जाता। मैदान कई आकार के हो सकते हैं जैसे एडिलेड ओवल (अंडाकार) या लगभग गौलाकार जैसे चेन्नई में चेप मैदान मेलबोर्न क्रिकेट मैदान में छक्का बनाने के लिए फिरोज शाह कोटला मैदान, दिल्ली की तुलना में अधिक जगह की जरूरत पड़ती है।

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Word Meaning: Curious-eager to know = ‘उत्सुक, Characteristics -qualities = विशेषताएँ, Specified-fixed = निर्धारित, Dimensions-size in terms of length and width = आकार।

5. There’s a ……………………… all disputes.
इन दोनों अनोखेपन के पीछे एक ऐतिहासिक कारण रहा है। आधुनिक खेलों में किक्रेट सबसे पहले नियमबद्ध किया गया। क्रिकेट के नियमों को 1744 में सर्वप्रथम लिखा गया। नियमों में कहा गया सारे मूल नियम दो सन्जन पुरुष जो कि अम्पायर कहलाए जाएंगे, वह सारे मामले हल करेंगे।

Word Meaning : Historical-pertaning to history= ऐतिहासिक.Codified-collection of laws: नियमबद्ध करना, Principals First importance = आधारभूत, absolutely-completely = पूर्ण रूप से, Disputes-to argue = विवाद करना, Umpiresthose who give decision = अम्पायर।

6. The stumps ………………….. theground.
स्टंप 22 जरूर ऊँचे होने चाहिए और उनके ऊपर रखी जाने वाली बेल 6 इंच की गेंद का भार 5 से 6 औंस होना चाहिए और दो स्टंप के बीच 22 गज का अंतर होना चाहिए। दुनिया का सबसे पहला क्रिकेट क्लब हैमबल्डन में 1760 में बना। मैरीलिबोन क्रिकेट क्लब 1787 में बना। 1760 और 1770 के बीच में गेंद को जमीन में घसीटने की बजाए हवा में उछालना ज्यादा प्रचलित हो गया।

Word Meaning : Pitch = पिच, Formed to construct = बनाना, Roll-to turn around = गोल घुमाना, Ground-open space = मैदान।

7. This change ………………. straight one.
इस बदलाव ने गेंदबाज को लम्बाई का विकल्प, हवा में उछालना और बढ़ती गति का योगदान दिया। इससे फिरकी और उछालने के नए तरीकों की संभावनाएँ सामने आई। इसके जवाब में बल्लेबाज को समय के चयन का और शॉट चुनने का पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना पड़ा। इसके फलस्वरूप मुड़े हुए बल्ले को एकदम सीधे बल्ले में बदल दिया गया।

Word Meaning : Option-choice = विकल्प, Deception-a trick = छल, Increased -to increase = बढ़ोत्तरी, Pace-speed = गति, Possibilities-chance = संभावना, Responsereply = जवाब, Immediate-at once = एकदम, Curved-bent = TGI GATTI

8. The weight ……………….. cricket ball. गेंद का भार पाँच औंस के बीच और साढ़े पाँच औंस चौड़ाई को चार इंच तक सीमित कर दिया गया। 1774 में ‘पहला पगबाधा नियम’ प्रकाशित किया। इसी समय के लगभग तीसरी स्टंप प्रचलित हो गई थी। 1780 तक मुख्य मैच के तीन दिन का समय निर्धारित किया गया, और उसी वर्ष ही छ: क्रिकेट गेंद का प्रचलन हुआ।

Word Meaning : Limited-restricted = सीमित, Published–to be printed = प्रकाशित, Stump-one of the sticks of a wicket = स्टंप, Major-chief = प्रमुख. Creation-toform = सृजन।

9. If you …………………. over time. अगर तुम खेल के यंत्र देखोगे, तुम देख सकते हो कि क्रिकेट बदलते समय के साथ-साथ कैसे बदल रहा है। नहीं फिर भी मौलिक रूप से यह ग्रामीण इंग्लैंड से जुड़ा है। क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण उपकरण प्राकृतिक, मशीन युग से पहले के तत्त्वों के बने है। बल्ला चमड़े, सुतली और कार्क से बनता है। आज भी बल्ला और गेंद मशीनों से नहीं बल्कि हाथ से बनाए जाते हैं। समय के अनुसार बल्ले का पदार्थ कुछ बदलता गया।

Word Meaning: Material-hatter of which athing is made = पदार्थ, Equipment-things = साज-सज्जा, उपकरण Fundamentally-pertaining _to basic principals = मूल आधार, Origins-roots = उत्पत्ति, Industrially-developmentofmachines – औद्योगिक, Manufactured-to prepare by machinery = निर्माण करना, Slightly-alittle = थोड़ा।

10. Once it ………………….. firmly rejected.
एक बार इसको लकड़ी के एक ही टुकड़े से काटा गया। अब यह दो टुकड़ों से बनता है। इसके ब्लेड सरपत के पेड़ की लकड़ी से बनते हैं और हैन्डल बेंत से बनाया जाता है। बेंत तब पाया गया जब यूरोपियन उपनिवेशो ने व्यापारी कंपनियों ने अपने आप को एशिया में स्थापित किया। गोल्फ और टैनिस के विपरीत क्रिकेट ने यंत्रों को मशीनों द्वारा या मनुष्य द्वारा बनाए गए तत्व जैस प्लास्टिक फाइबर ग्लास और धातु से बनाने के लिए सखित से मना कर दिया।

Word Meaning : Willow-a plant with plaint branches = सरपत, Cane hollow read or grass , ColoniatistsSettlers in a new coun try = उपनिवेश, Established-Tbestablish = स्थापित, Remake-tomahe again = दुबारा बनाना, Rejected– to refuse = मना करना।

11. But in ………lightweight materials.
पर रक्षक के लिए चीजें बनाने के लिए क्रिकेट पर प्रौद्योगिकी बदलाव का बहुत प्रभाव पड़ा। जब रबड़ के गुण को गुण बदलने की खोज की गई तब 1848 में पैड (Pads) का अविष्कार किया गया। बाद में रक्षक दस्ताने बनाए गए। और आधुनिक खेलों को हम धातु से बने बिना हेलमेट की सोच नहीं सकते। और हल्के भार के तत्व नाइलन के बनाए जाते हैं।

Word Meaning : Protective-Affording protection = रक्षक, Equipment-act ofequiping = सजावट, Influanced-Effect = प्रभाव, Technological-Pertaning to technology = प्रौद्योगिकी, Valcanisation to change property of rubber = रबड़ के गुण बदलने की विधि, Gloves-Worn on Hands = दस्ताने, synthetie-nylon = नाइलोन।

12. The origins
भारतीय खेल का आरंभ मुम्बई में हुआ। उस समय भारत का एक छोटा समुदाय जिसने खेल शुरू किया, वह पारसी धर्म के अनुयायी थे। अपनी व्यापार में रूचि के कारण वह ब्रिटिश के समीप आ गए। और यही पहली समुदाय थी जो पश्चिम की ओर आकृष्ट हुआ। पारसी ने पहला भारतीय क्रिकेट क्लब बनाया। यह मुम्बई में 1848 में ओरियंटल क्रिकेट क्लब के नाम से स्थापित किया गया।

Word Meaning : Zorastrian-Follower of Parsi religion = पारसी धर्म का अनुयायी. Community People of particular area = समुदाय, Contact-Come close = सम्पर्क में आना, Westernise-tending towards the west = पश्चिम की ओर उन्मुख होना।

13. Parsi clubs …………………. the surface.
पारसी क्लबों को पारसी व्यापारियों जैसे टाटा और वाडिया के द्वारा वित्तीय सहायता तथा प्रोत्साहन दिया जाता था। भारत में श्वेत अभिजात क्रिकेट ने पारसी समुदाय को कोई सहायता प्रदान नहीं की। वास्तव में बम्बई जिमखाना, जिसमें केवल श्वेत ही खेल सकते थे पारसी क्रिकेट खिलाड़ियों के बीच में एक सार्वजनिक | पार्क के ऊपर विवाद उत्पन्न हो गया। पारसी समुदाय ने शिकायत की कि पार्क खेलने लायक नहीं रहा क्योंकि पोलो के खेल के लिए बंबई जिमखाना ने पार्क को खोद दिया था।

Word Meaning:Funded Financial assis| tance = कोष (अर्थ) की सहायता देना, Sponsoredsupported = प्रवर्तित किया, Elite-high class = उच्च श्रेणी, Enthusiastic-curious to knew = उत्सुक, Public park-common park = सार्वजनिक पार्क।

14. When it…………………… Indian cricket.
जब यह बात स्पष्ट हो गई कि ब्रिटिश शासक अपने हमवतन पारसी समुदाय के प्रति पक्षपात दिखा रहे थे। तब पारसी समुदाय ने क्रिकेट खेलने के लिए अपना अलग जिमखाना बना लिया। पारसी और बंबई जिमखाना के पथ-प्रदर्शकों की दुश्मनी अंत भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत सुखद रहा।

Word Meaning: Authorities–having influence = प्रशासक, Prejudiced-opinion formed before hand = पक्षपात, Compatriots-afellow countryman = हमवतन, Rivalry-enmity = दुश्मनी, Pioneers-to be first in act = पथ-प्रदर्शक।

15. AParsi ………………. DadabhaiNaoroji. 1889 में पारसी टीम ने बंबई जिमखाना को हरा दिया। यह घटना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के सिर्फ चार वर्ष बाद घटी। यह संस्था बहुत अच्छी किस्मतवाली सिद्ध हुई क्योंकि इसके सर्वप्रथम नेताओं में पारसी नेता दादाभाई नौरोजी भी थे। जो बहुत अनुभवी राजनेता और प्रतिभाशाली व्यक्ति थे।

Word Meaning: Foundation-basics = आधार, Organisation-oct of organizing = संगठन, Statesman-a great leader = अनुभवी राजनेता, Intellectual talented = प्रतिभाशाली।

16. Modern cricket ………….. Test cricket.
आधुनिक क्रिकेट जो राष्ट्रीय स्तर पर खेला जाता है, टैस्ट मैच को और एक दिवसीय अंतराष्ट्रीय मैचों ने अपना प्रभुत्व जमा लिया है। वह खिलाड़ी प्रसिद्ध हुए जो लोगों पर एक छाप छोड़ देते हैं और जिन्होंने अपने देश का नेतृत्व किया है। आज भी वह खिलाड़ी भारतीयों द्वारा याद किए जाते हैं जिन्हें टैस्ट क्रिकेट का अवसर मिला।

Word Meaning : Dominated-to rule = प्रभुत्व, Famous-well-known = प्रसिद्ध, Memoriesto remember = याद में, Fortunate: भाग्यशाली।

17. C.K.Nayudu……………… Test captain.
सी.के. नाइडू अपने समय का विशिष्ट बल्लेबाज आज भी लोगों के लिए एक कल्पना है जबकि उसके कुछ समकालीन खिलाड़ी जैसे पलवनकर विठल और पलवनकर बालू भूले जा चुके हैं। नायडू क्रिकेट के शिखर से तभी गुजर चुके थे जब उन्होंने 1932 में इंगलैंड के विरुद्ध पहला टेस्ट मैच खेला था। उनका स्थान भारतीय क्रिकेट इतिहास में इसलिए विश्वसनीय है क्योंकि वह देश के पहले टेस्ट मैच के कप्तान थे।

Word Meaning : Outstanding-Promi. nent = विशिष्ट, Popular-well-known = प्रसिद्ध, Imagination-anidea = कल्पना, Contemporaries-belonging to some time or period = समकालीन, Assured-confident = Fridal

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18. India entered…….. sovereign nations. 1932 में भारत ने पहले टेस्ट मैच में प्रवेश किया, यह भारत की स्वतंत्रता से पन्द्रह वर्ष पूर्व की घटना थी। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि 1877 में जब टैस्ट क्रिकेट का अभ्युदय हुआ तब यह ब्रिटिश साम्राज्य के हिस्सा के बीच प्रतियोगिता थी न कि प्रभुत्व सम्पन्न राज्यों में।

Word Meaning : Origin-root = उदगम्, Independent-free = आजाद, Contest-competition = प्रतियोगिता, Sovereign-supreme power = प्रभुत्व।

19. The first ……………………… World War.
पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के बीच में खेला गया जब आस्ट्रेलिया उस समय तक थी अंग्रेजों के अधीन था। इसी प्रकार कैरिबियन के बहुत सारे छोटे देश जो सब मिलकर वैस्टइंडीज की टीम बनाते हैं यह देश द्वितीय विश्व युद्ध तक ब्रिटिश के अधीन थे।

Word Meaning : Similarly-alihe = जैसे, White settler-British = श्वेत निवासी (अंग्रेज)।

20. Television coverage ……. their heroes.
टेलीविजन के प्रसारण-क्षेत्र ने क्रिकेट को बदल दिया। इसके प्रसारण से क्रिकेट छोटे शहरों और गाँवों में पहुंच गई। और खेल के दर्शकों में बहुत बढ़ोत्तरी हो गया। इससे क्रिकेट का सामाजिक स्तर भी बहुत बढ़ गया। बच्चे जिन्हें पहले कभी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट देखने का मौका नहीं मिला था, क्योंकि वह बड़े शहरों से बाहर | रहते थे, अब वह देखकर अपने नायकों का अनुकरण कर सकते हैं।

Word Meaning : Heroes-super human power = अभिनेता, Imitating-to initate = अनुकरण करना, Beaming-shining = चमकना, Broadenedwidened = बढ़ोत्तरी, Audience-spectators = दर्शकगण।

21. The technology …………….. South Asia.
सैटेलाइट टेलीविजन की प्रौद्योगिकी से और राष्ट्रीय टेलीविजन प्रसारण के विस्तार से क्रिकेट के लिए वैश्विक बाजार बनाया गया। सिडनी में खेले गए मैचों को सूरत में लोगों द्वारा देखा जा सकता है। क्योंकि भारत में क्रिकेट का खेल देखने वालों में से सबसे अधिक दर्शक थे। और क्रिकेट की दुनिया के लिए बड़ा बाजार अत: इतना मूल केन्द्र दक्षिण एशिया की तरफ स्थानांतरित हो गया।

Word Meaning : Technology-science of industrial arts = प्रौद्योगिकी, Created-to form = बनाना, Global-worldwide = वैश्विक, viewershipspectators = दर्शकगण।

22. This shift. ………………..tax-free Dubai.
One hundred…………………………. a stage.
इस परिवर्तन के कारण आई.सी.सी. का मुख्य कार्यालय लंदन से टैक्स-फ्री दुबई में बदल गया। 150 वर्ष पूर्व पहले भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों, पारसियों को खेलने के लिए खुली जगह के लिए संघर्ष करना पड़ा। आज के विश्व में भारत के प्रसिद्ध खिलाड़ी बहुत बड़ी मात्रा में धन पाते हैं, जिनके लिए दुनिया एक रंगभूमि है।

Word Meaning : Shift-change from one place to another = परिवर्तन, Stage-scene of action = रंगभूमि।

23. This transformation ……..technology.
इस रूपान्तरण से कई छोटे-छोटे बदलाव आए हैं: जो इस क्षेत्र के अध्यवसायी कलाकार थे उनका स्थान पेशेवर कलाकारों ने ले लिया है। धीरे-धीरे एकदिवसीय मैचों ने टैस्ट क्रिकेट पर अपना प्रभाव जमा लिया और विश्व व्यापार व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बदलाव भी इसी का परिणाम हैं।

Word Meaning : Transformation change = रूपान्तरण या कायापलट, Amateur-first in field = अध्यवसायी, Replacement-to replace = प्रतिस्थापित करना, Triumph-victory = जीत, Remark able-outstanding = सराहनीय, Professional-pertaining to profession = पेशेवर।

The Story of Cricket Summary in English

Cricket grew in England 500 years ago. By 17th century it had gained recognition. Cricket game has many oddities. The main peculiarity unlike other game is that it can be played for five days and end in a draw. The other thing is that length of pitch is specified and not the size or shape of the ground.

First laws of cricket were drawn in 1744. During 1760s and 1770s many changes were observed which opened new possibilities for bowlers. The game equipment is also undergoing changes. Though the ball and bat are still handmade. Only the protective equipment has undergone a change due to technology. The origin of Indian cricket dates back to Bombay where small community of Parsis took to the game. Though Parsis were sponsored by Tatas and Wadias still the whites did nothing to promote their game. Still Parsis had a happy ending by beating Bombay Gymkhana in 1889.

In 1932 India entered the world of test cricket. Television and technology changed the status of cricket to great extent. The children got a chance to watch international cricket. The global market has greatly developed in India. Even today Indian players are the best paid and most famous players. The triumph has been brought about due to changes in global spheres.

HBSE 7th Class English Solutions Honeycomb Chapter 10 The Story of Cricket

The Story of Cricket Summary in Hindi

क्रिकेट इंग्लैंड में 500 वर्ष पूर्व आरंभ हुआ। 17वीं सदी तक इसने एक विशिष्ट स्थान पा लिया था। क्रिकेट खेल में कई विषमताएँ पाई जाती हैं। विशेष रूप से अन्य खेलों के विपरीत इसे पाँच दिनों तक बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचे खेला जा सकता है। दूसरी विशेष बात यह है कि पिच का आकार निश्चित है, पर मैदान का आकार या आकृति निश्चित नहीं है।

1744 में क्रिकेट के पहले सिद्धांत लिखे गए। 1760 और 1770 के दशकों में बदलाव के कारण बल्लेबाजों को और गेंदबाजों कई नई संभावनाओं की छूट मिली।

खेल सज्जा के सामान में बहुत सारे बदलाव देखे जा रहे हैं। जबकि बल्ला और गेंद अभी भी हस्तकला से बनाए जाते है। प्रौद्योगिकी के कारण सिर्फ सुरक्षात्मक उपकरणों में बदलाव आया है। क्रिकेट का आरंभ मुंबई में हुआ। यहाँ पर पारसी समुदाय के लोगों ने खेल का आरंभ किया। पारसी समुदाय को टाटा और वाडिया ने प्रोत्साहन दिया पर फिर भी अंग्रेजों ने इनको बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं किया।

पारसी समुदाय के लिए सुखद था जब उन्होंने 1889 मुम्बई जिमखाना को पराजित कर दिया।

1932 में भारत ने सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट खेलना आरंभ किया। टेलीविजन और प्रौद्योगिकी में विस्तार से क्रिकेट का स्वरूप बहुत बदल गया। बच्चों को अन्तर्राष्ट्रीय खेल देखने का अवसर प्रदान हुआ। विश्व क्रिकेट बाजार का विकास भारत में हआ है। आज भी भारत के खिलाड़ी पैसे के संदर्भ में अग्रणी हैं। यह जीत वैश्विक बदलावों के कारण संभव हुई है।

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HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 7 संघवाद

Haryana State Board HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 7 संघवाद Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Political Science Solutions Chapter 7 संघवाद

HBSE 11th Class Political Science संघवाद Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
नीचे कुछ घटनाओं की सूची दी गई है। इनमें से किसको आप संघवाद की कार्य-प्रणाली के रूप में चिह्नित करेंगे और क्यों?
(क) केंद्र सरकार ने मंगलवार को जीएनएलएफ के नेतृत्व वाले दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल को छठी अनुसूची में वर्णित दर्जा देने की घोषणा की। इससे पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले के शासकीय निकाय को ज्यादा स्वायत्तता प्राप्त होगी। दो दिन के गहन विचार-विमर्श के बाद नई दिल्ली में केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और सुभाष घीसिंग के नेतृत्व वाले गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

(ख) वर्षा प्रभावित प्रदेशों के लिए सरकार कार्य-योजना लाएगी। केंद्र सरकार ने वर्षा प्रभावित प्रदेशों से पुनर्निर्माण की विस्तृत योजना भेजने को कहा है ताकि वह अतिरिक्त राहत प्रदान करने की उनकी माँग पर फौरन कार्रवाई कर सके।

(ग) दिल्ली के लिए नए आयुक्त। देश की राजधानी दिल्ली में नए नगरपालिका आयुक्त को बहाल किया जाएगा। इस बात की पुष्टि करते हुए एमसीडी के वर्तमान आयुक्त राकेश मेहता ने कहा कि उन्हें अपने तबादले के आदेश मिल गए हैं और संभावना है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अशोक कुमार उनकी जगह संभालेंगे। अशोक कुमार अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की हैसियत से काम कर रहे हैं। 1975 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री मेहता पिछले साढ़े तीन साल से आयुक्त की हैसियत से काम कर रहे हैं।

(घ) मणिपुर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा । राज्यसभा ने बुधवार को मणिपुर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने वाला विधेयक पारित किया। मानव संसाधन विकास मंत्री ने वायदा किया है कि अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में भी ऐसी संस्थाओं का निर्माण होगा।

(ङ) केंद्र ने धन दिया। केंद्र सरकार ने अपनी ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश को 553 लाख रुपए दिए हैं। इस धन की पहली किश्त के रूप में अरुणाचल प्रदेश को 466 लाख रुपए दिए गए हैं।

(च) हम बिहारियों को बताएंगे कि मुंबई में कैसे रहना है। करीब 100 शिवसैनिकों ने मुंबई के जे.जे. अस्पताल में उठा-पटक करके रोजमर्रा के कामधंधे में बाधा पहुँचाई, नारे लगाए और धमकी दी कि गैर-मराठियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले को वे स्वयं ही निपटाएँगे।

(छ) सरकार को भंग करने की माँग। काँग्रेस विधायक दल ने प्रदेश के राज्यपाल को हाल में सौंपे एक ज्ञापन में सत्तारूढ़ डमोक्रेटिक एलायंस ऑफ नागालैंड (डीएएन) की सरकार को तथाकथित वित्तीय अनियमितता और सार्वजनिक धन के गबन के आरोप में भंग करने की माँग की है।

(ज) एनडीए सरकार ने नक्सलियों से हथियार रखने को कहा। विपक्षी दल राजद और उसके सहयोगी काँग्रेस तथा सीपीआई (एम) के वॉक आऊट के बीच बिहार सरकार ने आज नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें। बिहार को विकास के नए युग में ले जाने के लिए बेरोजगारी को जड़ से खत्म करने के अपने वादे को भी सरकार ने दोहराया।
उत्तर:
(क) प्रथम सूची ‘क’ की घटना संघवाद की कार्य-प्रणाली को दर्शाती है, क्योंकि इसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार सुभाष घीसिंग के नेतृत्व वाले जीएनएलएफ के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

(ख) द्वितीय सूची ‘ख’ की घटना भी संघवाद की कार्य-प्रणाली को चिहनित करती है क्योंकि संविधान के अनुसार संघ सरकार राज्यों के निर्देश देने एवं राहत सहायता देने का अधिकार राज्यों पर रखती है।

(ग) तृतीय सूची ‘ग’ की घटना को भी संघवाद के रूप में चिहनित किया जा सकता है क्योंकि संघीय शासन व्यवस्था में अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का तबादला एक राज्य से दूसरे राज्य में संघीय सरकार करती है अर्थात् यह घटना भी संघवाद की कार्य-प्रणाली को दर्शाती है।

(घ) चौथी सूची ‘घ’ की घटना भी संघवाद की कार्य-प्रणाली को दर्शाती है क्योंकि मणिपुर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने का अधिकार संघीय संसद एवं केंद्र सरकार को है।

(ङ) प्रश्न की पाँचवीं सूची भी संघवाद की कार्य-प्रणाली को दर्शाती है। संघीय ढाँचे में केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय सहायता के रूप में अनुदान सहायता प्रदान कर सकती है।

(च) छठी सूची ‘च’ की घटना संघवाद की कार्य-प्रणाली के प्रतिकूल है, क्योंकि भारतीय संविधान में इकहरी नागरिकता प्रदान की जाती है और देश के किसी भी नागरिक को देश के किसी भी राज्य में रहने और व्यवसाय करने का अधिकार है।

(छ) सातवीं सूची ‘छ’ की घटना संघीय प्रणाली की परिचायक है, क्योंकि संविधान के अनुसार जब किसी राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगती है तो केंद्र को अधिकार है कि वह राज्यपाल से राज्य की संवैधानिक स्थिति पर रिपोर्ट माँग सकता है और राज्यपाल की अनुशंसा पर राज्य में सरकार को भंग कर संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लागू करने की घोषणा कर सकता है।

(ज) प्रश्न की आठवीं अर्थात् अंतिम सूची ‘ज’ संघीय प्रणाली के अनुरूप नहीं है, क्योंकि उक्त घटना राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आती है।

HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 7 संघवाद

प्रश्न 2.
बताएँ कि निम्नलिखित में कौन-सा कथन सही होगा और क्यों?
(क) संघवाद से इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि विभिन्न क्षेत्रों के लोग मेल-जोल से रहेंगे और उन्हें इस बात का भय नहीं रहेगा कि एक की संस्कृति दूसरे पर लाद दी जाएगी।
(ख) अलग-अलग किस्म के संसाधनों वाले दो क्षेत्रों के बीच आर्थिक लेनदेन को संघीय प्रणाली से बाधा पहुँचेगी।
(ग) संघीय प्रणाली इस बात को सनिश्चित करती है कि जो केंद्र में सत्तासीन हैं उनकी शक्तियाँ सीमित रहें।
उत्तर:
प्रश्न में दिए गए उक्त तीनों कथनों में कथन ‘क’ सही होगा, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 1 के अंतर्गत भारत को राज्यों का संघ कहा गया है। यहाँ एक क्षेत्र के लोग दूसरे क्षेत्र के लोगों के साथ आपसी मेल-जोल एवं सहयोग से रह सकते हैं और अपनी-अपनी संस्कृति को बनाए भी रख सकते हैं।

प्रश्न 3.
बेल्जियम के संविधान के कुछ प्रारंभिक अनुच्छेद नीचे लिखे गए हैं। इसके आधार पर बताएँ कि बेल्ज़ियम में संघवाद को किस रूप में साकार किया गया है। भारत के संविधान के लिए ऐसा ही अनुच्छेद लिखने का प्रयास करके देखें। शीर्षक I : संघीय बेल्जियम, इसके घटक और इसका क्षेत्र?
अनुच्छेद-1-बेल्ज़ियम एक संघीय राज्य है जो समुदायों और क्षेत्रों से बना है।
अनुच्छेद-2-बेल्जियम तीन समुदायों से बना है-फ्रैंच समुदाय, फ्लेमिश समुदाय और जर्मन समुदाय।
अनुच्छेद-3-बेल्जियम तीन क्षेत्रों को मिलाकर बना है वैलून क्षेत्र, फ्लेमिश क्षेत्र और ब्रूसेल्स क्षेत्र
अनुच्छेद-4-बेल्ज़ियम में 4 भाषाई क्षेत्र हैं फ्रेंच-भाषी क्षेत्र, डच-भाषी क्षेत्र, ब्रूसेल्स की राजधानी का द्विभाषी क्षेत्र तथा जर्मन भाषी क्षेत्र राज्य का प्रत्येक ‘कम्यून’ इन भाषाई क्षेत्रों में से किसी एक का हिस्सा है।
अनुच्छेद-5-वैलून क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रांत हैं वैलून ब्राबैंट, हेनॉल्ट, लेग, लक्जमबर्ग और नामूर। फ्लेमिश क्षेत्र के अंतर्गत शामिल प्रांत हैं-एंटीवर्प, फ्लेमिश ब्राबैंट, वेस्ट फ्लैंडर्स, ईस्ट फ्लैंडर्स और लिंबर्ग।
उत्तर:
अनुच्छेद-1 : बेल्जियम एक संघीय राज्य है जो समुदायों और क्षेत्रों से बना है। इसी तरह भारत के संविधान का प्रथम अनुच्छेद है-

  • भारत राज्यों का एक संघ है,
  • राज्य और उनके राज्यक्षेत्र वे होंगे जो पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं,
  • भारत के राज्य क्षेत्र में
    (क) राज्यों के राज्य क्षेत्र,
    (ख) पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट संघराज्य क्षेत्र और,
    (ग) ऐसे अन्य राज्य क्षेत्र जो अर्जित किए जाएँ, समाविष्ट होंगे।

अनुच्छेद-2 : बेल्जियम तीन समुदायों से बना है-फ्रेंच, फ्लेमिश और जर्मन । ठीक इसके विपरीत भारत एक ऐसे समाज की स्थापना के लिए प्रेरित है जो जाति भेद की भावना से ऊपर हो।

अनुच्छेद-3 : बेल्जियम तीन क्षेत्रों से बना है-

  • वैलून क्षेत्र,
  • फ्लेमिश क्षेत्र,
  • ब्रूसेल्स क्षेत्र। ठीक इसी तरह भारत 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर बना है। अनुच्छेद-1 के अनुसार भारत राज्यों का संघ होगा। राज्य तथा संघ शासित प्रदेश वे होंगे जो अनुसूची (i) में वर्णित हैं।

अनुच्छेद-4 : बेल्जियम में चार भाषाई क्षेत्र हैं-फ्रेंच भाषी क्षेत्र, डच भाषी क्षेत्र, ब्रूसेल्स की राजधानी का हि जर्मन भाषी क्षेत्र, राज्य के प्रत्येक ‘कम्यून’ इन भाषाई क्षेत्रों में किसी एक का हिस्सा है। भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं का उल्लेख संविधान की आठवीं अनुसूची में किया गया है। इस समय अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ हैं जो इस प्रकार हैं-असमिया, बंगला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलगु, उर्दू, नेपाली, कोंकणी, मणिपुरी, मैथिली, डोगरी, संथाली तथा बोडो

इस प्रकार आज संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त संवैधानिक भाषाओं की कुल संख्या 22 है। अनुच्छेद 345 के अधीन प्रत्येक राज्य के विधानमंडल को यह अधिकार दिया गया है कि वह संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई भाषाओं में से किसी एक या एक से अधिक सरकारी कार्यों के लिए राज्य की भाषा के रूप में अपना सकता है, परन्तु राज्यों के परस्पर संबंधों तथा संघ और राज्यों के परस्पर संबंधों में संघ की राजभाषा को ही प्राधिकृत भाषा माना जाएगा।

अनुच्छेद-5 : वैलून क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रांत हैं वैलून, ब्राबैंट, हेनॉल्ट, लेग, लक्जमबर्ग, और नामूर। फ्लेमिश क्षेत्र के अंतर्गत शामिल प्रांत हैं-एंटीवर्प, फ्लेमिश ब्राबैंट, वेस्ट फ्लैंडर्स, ईस्ट फ्लैंडर्स और लिंगबर्ग। यहाँ यह स्पष्ट है कि भारतीय संविधान में अलग-अलग क्षेत्रों का उल्लेख नहीं किया गया। यद्यपि इनकी तुलना हम पहाड़ी क्षेत्र, उत्तरी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र, दक्षिण क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, पूर्वोतर भारत तथा मध्य भारत आदि के रूप में कर सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद एक में केवल इतना ही कहा गया है भारत राज्यों का संघ होगा, जिसमें राज्य तथा संघ शासित प्रदेश इस प्रकार सम्मिलित होंगे; जैसे अनुसूची (i) में दिए गए हैं।

प्रश्न 4.
कल्पना करें कि आपको संघवाद के संबंध में प्रावधान लिखने हैं। लगभग 300 शब्दों का एक लेख लिखें जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर आपके सुझाव हों
(क) केंद्र और प्रदेशों के बीच शक्तियों का बँटवारा,
(ख) वित्त-संसाधनों का वितरण,
(ग) राज्यपालों की नियुक्ति।
उत्तर:
(क) केंद्र और प्रदेशों के बीच शक्तियों का बँटवारा-संघात्मक शासन में दो स्तर की सरकारें होती हैं संघीय स्तर पर संघ की और राज्य स्तर पर संघ की इकाई (राज्य) की। संविधान के अनुच्छेद 246 में अंकित तीन सूचियों के द्वारा इन दोनों सरकारों के बीच शक्ति विभाजन किया गया है। परंतु इस विभाजन में केंद्र को अधिक शक्तियाँ दी गई हैं क्योंकि संघ सूची में संख्या की दृष्टि से 100 विषय (मूलतः 97) दिए गए हैं,

जबकि राज्य सूची में 61 विषय (मूलत : 66) हैं और समवर्ती सूची में 52 विषय (मूलतः 47) हैं। संविधान के अनुसार समवर्ती सूची पर कानून बनाने का अधिकार संघीय संसद और राज्य विधानमंडल दोनों को दिया गया है। परंतु कानून निर्माण की प्रक्रिया में परस्पर विरोध की स्थिति में संघ के कानून मान्य होंगे। इसके अतिरिक्त अवशिष्ट शक्तियाँ भी केंद्र को ही प्रदान की गई हैं।

राज्य सूची के विषय पर भी संघीय संसद को राज्यसभा द्वारा राज्य सूची के किसी विषय में विशेष बहुमत से प्रस्ताव द्वारा राष्ट्रीय महत्त्व का विषय घोषित करने, दो या दो से अधिक राज्यों द्वारा अनुरोध करने एवं राज्य सूची के किसी विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संधि या समझौता करने पर विधि बनाने का अधिकार है।

यहाँ यह भी स्पष्ट है कि मूल संविधान द्वारा संघ और राज्य व्यवस्थापिका के मध्य शक्तियों का जो विभाजन हुआ है, उसमें भी 42वें संशोधन द्वारा महत्त्वपूर्ण परिवर्तन कर दिया गया है और राज्य सूची के पाँच विषयों को समवर्ती सूची में सम्मिलित कर दिया गया है। वे पाँच विषय हैं-शिक्षा, वन, जंगली जानवरों की रक्षा, नाप-तोल तथा जनसंख्या नियंत्रण।

(ख) वित्तीय संसाधनों का वितरण-संविधान के भाग 12 द्वारा संघ तथा राज्यों के बीच वित्तीय शक्तियों अर्थात् आय के साधनों का भी बँटवारा किया गया है। कुछ वित्तीय साधन केवल संघीय सरकार के पास हैं और कुछ राज्य सरकारों के अधीन हैं, परंतु इस विभाजन के अंतर्गत वे सभी विषय जिनसे अधिक आय होती है, संघीय सरकार के अधीन हैं। इस कारण से राज्य सदा ही आर्थिक सहायता के लिए केंद्र की ओर देखते रहते हैं। संघ तथा राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों को निम्नलिखित रूप से स्पष्ट किया जा सकता है

1. संघ सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख कर-कृषि के अतिरिक्त अन्य आय पर आय-कर, निर्यात कर, आयात कर, शराब, अफीम, गांजा, भांग आदि पर उत्पाद कर, संपति कर, समाचार-पत्रों के क्रय-विक्रय पर कर, रेल तथा हवाई जहाजों में यात्रा करने वाले यात्रियों और उनके सामान पर लिया जाने वाला कर, स्टांप कर तथा संघीय सरकार द्वारा संचालित रेलवे, हवाई जहाज, टेलीफोन, बैंक, बीमा आदि से होने वाली आय इत्यादि शामिल हैं।

2. राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख कर भू-राजस्व, कृषि की आय पर आय-कर, खेती की भूमि पर उत्तराधिकार र, समाचार-पत्रों के अतिरिक्त अन्य वस्तुओं के क्रय-विक्रय पर कर, विज्ञापनों पर कर, सड़कों और जलमार्गों पर आने-जाने वाले माल पर कर, यात्री कर, मनोरंजन कर तथा दस्तावेजों की रजिस्ट्री पर कर तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित उद्योगों और कारखानों से होने वाली आय पर कर। राज्यों को दिए गए साधनों से स्पष्ट है कि वे इनकी आवश्यकताओं के लिए बहुत कम हैं, इसलिए वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अन्य साधनों की व्यवस्था की गई है जो इस प्रकार है

(क) कुछ कर ऐसे भी हैं जो संघ द्वारा लगाए जाते हैं, लेकिन राज्य सरकारें उन्हें वसूल करती हैं और अपने ही पास रखती हैं। इस श्रेणी में सौंदर्य प्रसाधनों पर उत्पादन कर, स्टांप शुल्क, दवाइयों तथा नशीले पदार्थों पर कर शामिल हैं।

(ख) कुछ ऐसे कर हैं जो संघ द्वारा ही लगाए जाते हैं और उसी द्वारा वसूल किए जाते हैं, परंतु उनकी कुल आय संघ और राज्यों के बीच बाँट दी जाती है। इस श्रेणी में कृषि संबंधी आय को छोड़कर अन्य आयकर शामिल हैं।

(ग) जूट और उसके निर्यात से होने वाली आय असम, बिहार, ओडिशा तथा बंगाल के राज्यों को एक निश्चित अनुपात में बाँट दी जाती है। संघ राज्यों को उनके विकास में सहायता के लिए अनुदान भी देता है। संघ तथा राज्यों के वित्तीय संबंधों से स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में राज्यों की स्थिति बड़ी दयनीय है। वे अपनी विकास योजनाओं के लिए संघ पर निर्भर रहते हैं। इस व्यवस्था में राज्यों पर संघ का नियंत्रण रहता है।

(ग) राज्यपालों की नियुक्ति-राज्यों में राज्यपाल कार्यपालिका का संवैधानिक मुखिया होता है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राष्ट्रपति साधारणतः उसके लिए मंत्रिपरिषद् एवं उसके मुखिया प्रधानमंत्री से परामर्श करता है। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि मंत्रिपरिषद् का मुखिया प्रधानमंत्री भी ऐसे व्यक्ति को राज्यपाल के पद पर नियुक्त करने की अनुशंसा करता है जो उसका विश्वासपात्र होता है।

राज्य के राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा-पर्यन्त अपने पद पर बने रहते हैं। इस प्रकार राज्यपाल पूरी तरह से राष्ट्रपति या केंद्र के प्रति ही उत्तरदायी रहता है। ऐसी स्थिति में राज्यपाल राज्यों में केंद्र के एजेंट के रूप में कार्य करते हैं। इसके माध्यम से केंद्र राज्यों के शासन पर अंकुश रखते हैं।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में कौन-सा प्रांत के गठन का आधार होना चाहिए और क्यों? (क) सामान्य भाषा, (ख) सामान्य आर्थिक हित, (ग) सामान्य क्षेत्र, (घ) प्रशासनिक सुविधा।
उत्तर:
अंग्रेजों ने भारत के राज्यों का गठन प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से किया था, परंतु आधुनिक युग में भाषाई आधार पर प्रांत का गठन किया जा सकता है। यद्यपि कोई एक इकाई, प्रांत, भाषाई समुदाय के आधार पर संघ का निर्माण नहीं करते हैं। समाज में अनेक विभिन्नताएँ होती हैं और आपसी विश्वास एवं सहयोग के आधार पर संघवाद का कार्य सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया जाता है।

कई इकाई, प्रांत, भाषाई समुदाय आदि मिलकर संघ का निर्माण करते हैं और संघवाद मजबूती के साथ आगे . बढ़े, उसके लिए इकाइयों में टकराव कम-से-कम अर्थात् भारत में राज्यों का पुनर्गठन भाषाई आधार पर किया गया है। कोई एक भाषाई समुदाय पूरे संघ पर हावी न हो जाए, इस कारण इकाई क्षेत्रों की अपनी भाषा, धर्म संप्रदाय या सामुदायिक पहचान बनी रहती है और वह इकाई होते हुए भी संघ की एकता में विश्वास रखती है।

प्रश्न 6.
उत्तर भारत के प्रदेशों – राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार के अधिकांश लोग हिंदी बोलते हैं। यदि इन सभी प्रांतों को मिलाकर एक प्रदेश बना दिया जाय तो क्या ऐसा करना संघवाद के विचार से संगत होगा? तर्क दीजिए।
उत्तर:
उत्तर भारत के अधिकांश लोग हिंदी भाषी हैं। भाषा के आधार पर उपर्युक्त प्रांतों को मिलाकर यदि एक प्रदेश बना दिया जाए तो यह संघवाद के विचार से संगत नहीं होगा। क्योंकि संघीय प्रणाली में द्वि-व्यवस्थापिका है-एक केंद्र की, दूसरी प्रांत की अर्थात् उसके अंतर्गत लोगों की पहचान दोहरी होती है-प्रथम क्षेत्रीय पहचान, द्वितीय राष्ट्रीय पहचान अर्थात् उपर्युक्त प्रदेशों को केवल हिंदी भाषी होने के कारण एक प्रदेश बनाना तर्कसंगत नहीं लगता।

प्रश्न 7.
भारतीय संविधान की ऐसी चार विशेषताओं का उल्लेख करें जिसमें प्रादेशिक सरकार की अपेक्षा केंद्रीय सरकार को ज्यादा शक्ति प्रदान की गई है।
उत्तर:
भारतीय संविधान द्वारा संघात्मक शासन की व्यवस्था की गई है। यहाँ एक संघ की सरकार होती है और दूसरी इकाई (राज्यों) की। दोनों सरकारों की शक्तियों का विभाजन भी संविधान के अनुसार किया गया है। परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में केंद्र को इकाई (राज्यों) की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली बनाया गया है, जिसका उल्लेख यहाँ किया जा रहा है

1. वैधानिक क्षेत्र में संघ की प्रभुता-वैधानिक क्षेत्र में केंद्र को राज्यों के मुकाबले में बहुत ही अधिक शक्तिशाली बनाया गया है। संघीय सूची में 97 विषय हैं जबकि राज्य सूची में 66 विषय रखे गए हैं। समवर्ती सूची में दिए गए विषयों के सम्बन्ध में यद्यपि दोनों (ससंद तथा राज्य विधानमंडल) को ही कानून बनाने का अधिकार दिया गया है, परन्तु इस सम्बन्ध में केंद्र को प्रभुत्व दिया गया है।

इसके अतिरिक्त अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) केंद्रीय सरकार को सौंप कर उसे और अधिक मजबूत बना दिया गया है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि वैधानिक क्षेत्र में केंद्र को इतना अधिक शक्तिशाली बना दिया गया है कि इससे राज्यों की स्वायत्तता (Autonomy) ही समाप्त हो जाती है।

2. कुछ परिस्थितियों में संसद को राज्य-सूची के विषयों के सम्बन्ध में भी कानून बनाने का अधिकार-संविधान में अनेक ऐसी परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है जिनके उत्पन्न होने पर संसद को राज्य-सूची में दिए गए विषयों के सम्बन्ध में भी कानून बनाने का अधिकार मिल जाता है। ऐसी परिस्थितियाँ निम्नलिखित हो सकती हैं

(1) संविधान के अनुच्छेद 249 के अधीन यदि राज्यसभा अपने उपस्थित तथा मत देने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत से यह प्रस्ताव पास कर दे कि राज्य सूची में दिया गया कोई भी विषय अब राष्ट्रीय महत्त्व का बन गया है और उस पर संघीय संसद द्वारा कानून बनाना सारे राष्ट्र के लिए हितकारी होगा, तो संसद को उस विषय पर कानून बनाने का अधिकार मिल जाता है।

(2) संविधान के अनुच्छेद 250 के अधीन यदि संसद अपने किसी अंतर्राष्ट्रीय समझौते अथवा सन्धि आदि में निहित उत्तरदायित्व को पूरा करने के लिए राज्य सूची के किसी विषय पर स्वयं कानून आवश्यक समझे तो उसे ऐसा करने का अधिकार प्राप्त है।

(3) संविधान के अनुच्छेद 252 के अधीन, यदि दो या इससे अधिक राज्य सूची के अंकित विषय पर संघीय संसद को ऐसा करने के लिए प्रार्थना करें, परन्तु संसद द्वारा बनाया गया वह कानून केवल उन्हीं राज्यों पर लागू होगा, जिन्होंने संसद से ऐसा करने के लिए प्रार्थना की थी।

(4) यदि अनुच्छेद 352 के अधीन देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा लागू हो तो, ऐसी स्थिति में केंद्रीय संसद राज्य सूची के किसी भी विषयों पर कानून बना सकती है।

(5) यदि अनुच्छेद 356 के अधीन किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाए तो, संघीय संसद संबंधित राज्य में राज्य-सूची के किसी भी विषय पर कानून बना सकती है। अतः उपर्युक्त व्यवस्था में संघ की महत्त्वपूर्ण स्थिति भारतीय संघीय प्रणाली की आत्मा के विरुद्ध है।

3. प्रशासकीय सम्बन्धों में भी केंद्र की प्रभुता वैधानिक क्षेत्र की भांति प्रशासनिक क्षेत्र में भी केंद्रीय सरकार बहुत अधिक शक्तिशाली है। राज्यपाल यद्यपि राज्य सरकारों के संवैधानिक मुखिया होते हैं, परन्तु उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। ऐसी स्थिति में वे केंद्रीय सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं और केंद्रीय सरकार राज्यपाल द्वारा राज्य के प्रशासन में हस्तक्षेप कर सकती है।

संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रत्येक राज्य सरकार अपनी प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग इस प्रकार से करेगी, जिससे संघीय संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन निश्चित रूप से हो सके और संघीय सरकार की प्रशासनिक शक्ति के प्रयोग में किसी प्रकार की बाथा न आए। संघीय सरकार राज्य सरकारों को प्रशासन के सम्बन्ध में निर्देश दे सकती है। यदि कोई राज्य सरकार केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करती तो राष्ट्रपति उस राज्य में संवैधानिक मशीनरी की विफलता की घोषणा करके उस राज्य की समस्त शक्तियाँ केंद्र सरकार को सौंप सकता है।

4. वित्तीय सम्बन्धों में भी केंद्र का प्रभुत्व-वित्तीय क्षेत्र में तो राज्य सरकारों की स्थिति और भी अधिक दयनीय है। राज्यों को विकास कार्यों के लिए धन की अधिक आवश्यकता होती है, परन्तु उनकी आय के साधन बहुत सीमित हैं। इस कारण से राज्यों को अपने विकास सम्बन्धी कार्य करने के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर रहना पड़ता है। जिन राज्यों में विरोधी दलों की सरकारें होती . हैं, केंद्रीय सरकार प्रायः उन राज्यों के साथ भेदभाव करती है और उन्हें उचित वित्तीय सहायता नहीं देती, जिससे उन राज्यों का विकास रुक जाता है।

HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 7 संघवाद

प्रश्न 8.
बहुत-से प्रदेश राज्यपाल की भूमिका को लेकर नाखुश क्यों हैं?
उत्तर:
संविधान के अनुसार राज्यपाल को राज्य का संवैधानिक मुखिया बनाया गया है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है। उसका कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, परंतु वह राष्ट्रपति के प्रसाद-पर्यन्त अपने पद पर बना रहता है। परंतु हाल के कुछ वर्षों से राज्यपाल की भूमिका, अधिकार क्षेत्र, नियुक्ति के तरीके आदि को लेकर केंद्र और राज्य में मतभेद उत्पन्न हए हैं। विरोधी दल की राज्य सरकारें यह आरोप लगाती रही हैं कि केंद्र सरकार राज्यपाल के माध्यम से उनकी सरकारों का पतन करने में लगी रहती है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि सन् 1950 से लेकर अब तक लगभग 127 से भी अधिक बार अनुच्छेद 356 का प्रयोग संघवाद के द्वारा किया जा चुका है।

अधिकांश मामलों में राज्यपाल की भूमिका निन्दा की पात्र बनी है। कहने का तात्पर्य यह है कि इस तरह की घटनाएँ आए दिन भारतीय राजनीति में घटती रहती हैं जिससे राज्यपाल की भूमिका विवादास्पद बन गई और अन्य लोगों में भी असन्तोष देखने को मिलता है। यद्यपि राज्यपाल का पद बहुत ही गौरव और गरिमा का पद है। इसलिए संविधान के अनुरूप राज्यपाल को अपने पद की प्रतिष्ठा हर प्रकार से बनाए रखनी चाहिए। राज्य को प्रशासन में अपनी भूमिका स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर निभानी चाहिए। इसके अतिरिक्त विशेष परिस्थितियों में उसे भी स्वविवेक की शक्तियाँ दी गई हैं, उसका प्रयोग आवश्यकता पड़ने पर केंद्र के हाथों में कठपुतली बनकर नहीं बल्कि उचित एवं विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए।

प्रश्न 9.
यदि शासन संविधान के प्रावधानों के अनुकूल नहीं चल रहा, तो ऐसे प्रदेश में राष्ट्रपति-शासन लगाया जा सकता है। बताएँ कि निम्नलिखित में कौन-सी स्थिति किसी देश में राष्ट्रपति-शासन लगाने के लिहाज से संगत है और कौन-सी नहीं? संक्षेप में कारण भी दें
(क) राज्य के विधानसभा के मुख्य विपक्षी दल के दो सदस्यों को अपराधियों ने मार दिया और विपक्षी दल प्रदेश की सरकार को भंग करने की माँग कर रहा है।
(ख) फिरौती वसूलने के लिए छोटे बच्चों के अपहरण की घटनाएँ बढ़ रही हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में इजाफा हो रहा है।
(ग) प्रदेश में हुए हाल के विधान सभा चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला है। भय है कि एक दल दूसरे दल के कुछ विधायकों से धन देकर अपने पक्ष में उनका समर्थन हासिल कर लेगा।
(घ) केंद्र और प्रदेश में अलग-अलग दलों का शासन है और दोनों एक-दूसरे के कट्टर शत्रु हैं।
(ङ) सांप्रदायिक दंगों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
(च) दो प्रदेशों के बीच चल रहे जल विवाद में एक प्रदेश ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मानने से इनकार कर दिया।
उत्तर:
(क) दिए गए प्रश्नों में ‘क’ के लिए राष्ट्रपति शासन संगत नहीं है। विपक्षी दलों की माँग अनुचित है, क्योंकि सदस्यों को मारे जाने के बदले में अपराधियों को दंडित करना चाहिए न कि सरकार को भंग करने का काम। अन्यथा संकीर्ण स्वार्थों की पूर्ति हेतु अपराधिक घटनाएँ बढ़ सकती हैं।

(ख) फिरौती वसूलने के लिए छोटे बच्चों का अपहरण और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में इज़ाफा को रोकने के लिए राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता नहीं बल्कि अपराधियों को उचित सजा और कानून व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि राज्य में ऐसी घटनाएँ करने के बारे में कोई सोच भी न सके।

(ग) प्रदेश में हुए हाल के विधान सभा चुनाव में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और विधायकों की खरीद-फरोख्त का के आधार पर राष्ट्रपति शासन लागू करना असंगत है क्योंकि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में भारत के राज्यों में अनेक गठबन्धन सरकारें बनी हैं।

(घ) केंद्र और प्रदेश में अलग-अलग दलों का शासन और दोनों एक-दूसरे के कट्टर शत्रु हैं यह स्थिति राष्ट्रपति शासन के योग्य नहीं है, क्योंकि संघात्मक एवं केंद्रीय सरकार संघ एवं राज्य सत्ता पर अलग-अलग दलों की सरकारों का होना कोई अस्वाभाविक स्थिति नहीं है। अतः यदि केंद्र में एक दल की सरकार है तो राज्य में दूसरे दल की सरकार हो सकती है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति प्रशासन थोपना गलत होगा।

(ङ) सांप्रदायिक दंगों में 200 से ज़्यादा लोग मारे गए यह घटना सरकार की संवैधानिक विफलताओं को दर्शाती है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना न्यायसंगत माना जाएगा।

(च) दो प्रदेशों के बीच चल रहे जल विवाद में एक प्रदेश ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मानने से इन्कार कर दिया। इस स्थिति में भी राष्ट्रपति शासन उचित नहीं होगा।

प्रश्न 8.
बहुत-से प्रदेश राज्यपाल की भूमिका को लेकर नाखुश क्यों हैं?
उत्तर:
संविधान के अनुसार राज्यपाल को राज्य का संवैधानिक मुखिया बनाया गया है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती । उसका कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, परंतु वह राष्ट्रपति के प्रसाद-पर्यन्त अपने पद पर बना रहता है। परंतु हाल के कुछ वर्षों से राज्यपाल की भूमिका, अधिकार क्षेत्र, नियुक्ति के तरीके आदि को लेकर केंद्र और राज्य में मतभेद उत्पन्न हुए हैं।

विरोधी दल की राज्य सरकारें यह आरोप लगाती रही हैं कि केंद्र सरकार राज्यपाल के माध्यम से उनकी सरकारों का पतन करने में लगी रहती है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि सन् 1950 से लेकर अब तक लगभग 127 से भी अधिक बार अनुच्छेद 356 का प्रयोग संघवाद के द्वारा किया जा चुका है। अधिकांश मामलों में राज्यपाल की भूमिका निन्दा की पात्र बनी है। कहने का तात्पर्य यह है कि इस तरह की घटनाएँ आए दिन भारतीय राजनीति में घटती रहती हैं जिससे राज्यपाल की भूमिका विवादास्पद बन गई और अन्य लोगों में भी असन्तोष देखने को मिलता है।

यद्यपि राज्यपाल का पद बहुत ही गौरव और गरिमा का पद है। इसलिए संविधान के अनुरूप राज्यपाल को अपने पद की प्रतिष्ठा हर प्रकार से बनाए रखनी चाहिए। राज्य को प्रशासन में अपनी भूमिका स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर निभानी चाहिए। इसके अतिरिक्त विशेष परिस्थितियों में उसे भी स्वविवेक की शक्तियाँ दी गई हैं, उसका प्रयोग आवश्यकता पड़ने पर केंद्र के हाथों में कठपुतली बनकर नहीं बल्कि उचित एवं विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए।

प्रश्न 9.
यदि शासन संविधान के प्रावधानों के अनुकूल नहीं चल रहा, तो ऐसे प्रदेश में राष्ट्रपति-शासन लगाया जा सकता है। बताएँ कि निम्नलिखित में कौन-सी स्थिति किसी देश में राष्ट्रपति-शासन लगाने के लिहाज से संगत है और कौन-सी नहीं? संक्षेप में कारण भी दें
(क) राज्य के विधानसभा के मुख्य विपक्षी दल के दो सदस्यों को अपराधियों ने मार दिया और विपक्षी दल प्रदेश की सरकार को भंग करने की माँग कर रहा है।
(ख) फिरौती वसूलने के लिए छोटे बच्चों के अपहरण की घटनाएँ बढ़ रही हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में इजाफा हो रहा है।
(ग) प्रदेश में हुए हाल के विधान सभा चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला है। भय है कि एक दल दूसरे दल के कुछ विधायकों से धन देकर अपने पक्ष में उनका समर्थन हासिल कर लेगा।
(घ) केंद्र और प्रदेश में अलग-अलग दलों का शासन है और दोनों एक-दूसरे के कट्टर शत्र हैं। (ङ) सांप्रदायिक दंगों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। (च) दो प्रदेशों के बीच चल रहे जल विवाद में एक प्रदेश ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मानने से इनकार कर दिया।
उत्तर:
(क) दिए गए प्रश्नों में ‘क’ के लिए राष्ट्रपति शासन संगत नहीं है। विपक्षी दलों की माँग अनुचित है, क्योंकि सदस्यों को मारे जाने के बदले में अपराधियों को दंडित करना चाहिए न कि सरकार को भंग करने का काम पूर्ति हेतु अपराधिक घटनाएँ बढ़ सकती हैं।

(ख) फिरौती वसूलने के लिए छोटे बच्चों का अपहरण और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में इजाफा को रोकने के लिए राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता नहीं बल्कि अपराधियों को उचित सजा और कानून व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि राज्य में ऐसी घटनाएँ करने के बारे में कोई सोच भी न सके।

(ग) प्रदेश में हुए हाल के विधान सभा चुनाव में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के आधार पर राष्ट्रपति शासन लागू करना असंगत है क्योंकि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में भारत के राज्यों में अनेक गठबन्धन सरकारें बनी हैं।

(घ) केंद्र और प्रदेश में अलग-अलग दलों का शासन और दोनों एक-दूसरे के कट्टर शत्रु हैं यह स्थिति राष्ट्रपति शासन के योग्य नहीं है, क्योंकि संघात्मक एवं केंद्रीय सरकार संघ एवं राज्य सत्ता पर अलग-अलग दलों की सरकारों का होना कोई अस्वाभाविक स्थिति नहीं है। अतः यदि केंद्र में एक दल की सरकार है तो राज्य में दूसरे दल की सरकार हो सकती है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति प्रशासन थोपना गलत होगा।

(ङ) सांप्रदायिक दंगों में 200 से ज़्यादा लोग मारे गए यह घटना सरकार की संवैधानिक विफलताओं को दर्शाती है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना न्यायसंगत माना जाएगा।

(च) दो प्रदेशों के बीच चल रहे जल विवाद में एक प्रदेश ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मानने से इन्कार कर दिया। इस स्थिति में भी राष्ट्रपति शासन उचित नहीं होगा।

प्रश्न 10.
ज्यादा स्वायत्तता की चाह में प्रदेशों ने क्या माँगें उठाई हैं?
उत्तर:
भारत में संघात्मक शासन है और संघ और इकाइयों के अधिकार क्षेत्र संविधान द्वारा बँटे हुए हैं, परंतु केंद्र को अधिक शक्ति प्रदान की गई है। राज्यों में अधिक स्वायत्तता की माँग सन् 1960 के बाद आरंभ हुई। स्वायत्तता का अर्थ स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि राज्यों को उनके मामलों में केंद्रीय सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

राज्यों को शक्तियाँ संविधान द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं और उन्हें उनका प्रयोग करने की पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए। राज्यों को जन-कल्याण की योजनाएँ बनाने एवं उन्हें लागू करने की शक्तियाँ बिना किसी रोक-टोक के प्राप्त होनी चाहिएँ। यही नहीं वित्तीय क्षेत्र में भी राज्य स्वतंत्र होने चाहिएँ। तभी राज्य की स्वायत्तता को लागू किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, केंद्र का राजनीतिक व प्रशासनिक मामलों में न्यूनतम हस्तक्षेप होना चाहिए।

केंद्र का कार्य-क्षेत्र सीमित होना चाहिए। उसे केवल विदेश संबंध, रक्षा, मुद्रा और जन-संचार के विषयों के मामलों में शक्तियाँ प्रदान की जानी चाहिएँ। कराधान के क्षेत्र में भी उनकी शक्तियाँ सीमित होनी चाहिएँ। उन्हें केवल उतने ही कर लगाने का अधिकार दिया जाना चाहिए, जितने उन्हें उपर्युक्त कार्य सम्पन्न करने के लिए आवश्यक हों। राज्यों को कराधान के इतने अधिकार प्रदान किए जाने चाहिएँ, जिससे कि वे साधनों का अभाव महसूस न करें।

प्रश्न 11.
क्या कुछ प्रदेशों में शासन के लिए विशेष प्रावधान होने चाहिएँ? क्या इससे दूसरे प्रदेशों में नाराज़गी पैदा होती है? क्या इन विशेष प्रावधानों के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच एकता मजबूत करने में मदद जब कुछ प्रदेशों में शासन के लिए विशेष प्रावधान होंगे तो अन्य राज्यों में नाराजगी या असन्तोष पनपना स्वाभाविक है। इसका एक उदाहरण यह है-उत्तराखंड राज्य का दर्जा पाने से पूर्व उत्तर प्रदेश का भाग था और उत्तर प्रदेश के लोग जहाँ चाहे रह सकते थे।

परंतु जब उत्तराखंड को विशेष दर्जा प्राप्त हो गया तो उत्तराखंड के बाहर के लोग वहाँ अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते थे जबकि उत्तराखंड के लोग उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जहाँ चाहे संपत्ति खरीद सकते हैं। स्थायी रूप से मूल निवासी का दर्जा उत्तराखंड अथवा अन्य किसी विशेष दर्जा प्राप्त अर्थात् विशेष प्रावधानों द्वारा शासित राज्यों में किसी बाहरी राज्य के व्यक्ति को नहीं मिल सकता। अर्थात्न होती है।

संविधान द्वारा संघ एवं राज्यों में शक्तियों का विभाजन समान रूप से किया गया है। परंतु कुछ राज्यों की ऐतिहासिक, सामाजिक तथा जनसंख्या संबंधी अवस्थाओं को देखते हुए विशेष प्रावधान किया गया है। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड आदि राज्य ऐसे हैं जहाँ कुछ विशेष प्रावधान लागू हैं। संघीय व्यवस्था में शक्तियों का विभाजन संघ के सभी प्रांतों में सामान रूप से होना चाहिए। यद्यपि कुछ पिछड़े एवं आदिम जातियों वाले राज्यों के लिए विशेष प्रावधानों का किया जाना भी आवश्यक था। इसीलिए संविधान में अपवादस्वरूप विशिष्ट उद्देश्यों के अंतर्गत ऐसे प्रावधान किए गए हैं।

संघवाद HBSE 11th Class Political Science Notes

→ भूमिका आधुनिक युग में प्रजातन्त्र को शासन का लोकप्रिय स्वरूप माना जाता है। प्राचीन समय में नगर-राज्य होते थे, जिनकी जनसंख्या व उनका क्षेत्र सीमित होता था।

→ वर्तमान काल में राज्यों की जनसंख्या और कार्य-क्षेत्र इतना बढ़ गया है कि उन्हें राष्ट्रीय-राज्य (National State) कहा जाने लगा है। इन राष्ट्रीय-राज्यों का प्रशासन एक-स्थान से चलाना कठिन कार्य है।

→ इसलिए शासन सुविधा की दृष्टि से राज्य को कई इकाइयों (Units) में बाँट दिया जाता है।

→इन इकाइयों में अलग-अलग शासन-व्यवस्था स्थापित कर दी जाती है तथा उन्हें स्थानीय मामलों का प्रबन्ध करने की शक्तियाँ या अधिकार प्रदान कर दिए जाते हैं और राष्ट्रीय स्तर के मामलों का प्रबन्ध केंद्रीय या राष्ट्रीय सरकार को सौंप दिया जाता है।

→ अतः इन इकाइयों की सरकारों व राष्ट्रीय सरकार में क्या संबंध स्थापित होते हैं, इस आधार पर शासन-व्यवस्था को दो भागों एकात्मक व संघात्मक (Unitary and Federal) में बाँटा जाता है।

→ इस अध्याय में संघात्मक या संघवाद व्यवस्था का विवेचन करते हुए इसके अर्थ, लक्षण या आवश्यक तत्त्व, भारतीय संघवाद का स्वरूप एवं संघात्मक स्वरूप में केंद्र को शक्तिशाली बनाने के कारणों तथा संघ एवं राज्यों के बीच संबंधों तथा दोनों के बीच पाए जाने वाले तनाव के कारणों के परिणामस्वरूप राज्यों के बीच उठने वाली स्वायत्तता की माँग से जुड़े विभिन्न प्रश्नों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।

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HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 8 स्थानीय शासन

Haryana State Board HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 8 स्थानीय शासन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 11th Class Political Science Solutions Chapter 8 स्थानीय शासन

HBSE 11th Class Political Science स्थानीय शासन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
भारत का संविधान ग्राम पंचायत को स्व-शासन की इकाई के रूप में देखता है। नीचे कुछ स्थितियों का वर्णन किया गया है। इन पर विचार कीजिए और बताइए कि स्व-शासन की इकाई बनने के क्रम में ग्राम पंचायत के लिए ये स्थितियाँ सहायक हैं या बाधक?

(क) प्रदेश की सरकार ने एक बड़ी कंपनी को विशाल इस्पात संयंत्र लगाने की अनुमति दी है। इस्पात संयंत्र लगाने से बहुत-से गाँवों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। दुष्प्रभाव की चपेट में आने वाले गाँवों में से एक की ग्राम सभा ने यह प्रस्ताव पारित किया कि क्षेत्र में कोई भी बड़ा उद्योग लगाने से पहले गाँववासियों की राय ली जानी चाहिए और उनकी शिकायतों की सुनवाई होनी चाहिए।

(ख) सरकार का फैसला है कि उसके कुल खर्चे का 20 प्रतिशत पंचायतों के माध्यम से व्यय होगा।

(ग) ग्राम पंचायत विद्यालय का भवन बनाने के लिए लगातार धन माँग रही है, लेकिन सरकारी अधिकारियों ने माँग को यह कहकर ठुकरा दिया है कि धन का आबंटन कुछ दूसरी योजनाओं के लिए हुआ है और धन को अलग मद में खर्च नहीं किया जा सकता।

(घ) सरकार ने डुंगरपुर नामक गाँव को दो हिस्सों में बाँट दिया है और गाँव के एक हिस्से को जमुना तथा दूसरे को सोहना नाम दिया है। अब डुंगरपुर नामक गाँव सरकारी खाते में मौजूद नहीं है।

(ङ) एक ग्राम पंचायत ने पाया कि उसके इलाके में पानी के स्रोत तेजी से कम हो रहे हैं। ग्राम पंचायत ने फैसला किया कि गाँव के नौजवान श्रमदान करें और गाँव के पुराने तालाब तथा कुएँ को फिर से काम में आने लायक बनाएँ।
उत्तर:
प्रश्न में कुल पाँच स्थितियों का उल्लेख किया गया है जिनका उत्तर निम्नलिखित प्रकार से है-
(क) प्रश्न की प्रथम स्थिति ग्राम पंचायत के लिए सहायक सिद्ध होगी,
(ख) द्वितीय स्थिति भी ग्राम पंचायत के लिए सहायक है,
(ग) प्रश्न की तीसरी स्थिति ग्राम पंचायत के लिए बाधक हो सकती है,
(घ) प्रश्न की चौथी स्थिति भी ग्राम पंचायत के लिए बाधक है,
(ङ) पाँचवीं स्थिति ग्राम पंचायत के लिए सहायक है।

HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 8 स्थानीय शासन

प्रश्न 2.
मान लीजिए कि आपको किसी प्रदेश की तरफ से स्थानीय शासन की कोई योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्राम पंचायत स्व-शासन की इकाई के रूप में काम करे, इसके लिए आप उसे कौन-सी शक्तियाँ देना चाहेंगे? ऐसी पाँच शक्तियों का उल्लेख करें और प्रत्येक शक्ति के बारे में दो-दो पंक्तियों में यह भी बताएँ कि ऐसा करना क्यों जरूरी है।
उत्तर:
ग्राम पंचायत स्थानीय स्व-शासन की त्रिस्तरीय ढाँचे में सबसे निम्न स्तर की संस्था है। ग्राम पंचायत स्व-शासन की इकाई के रूप में कार्य करें, इसके लिए उसे निम्नलिखित शक्तियाँ देनी चाहिएँ
1. नागरिक सुविधाएँ-नागरिक सुविधाओं के अधीन ग्राम पंचायत अनेक महत्त्वपूर्ण कार्य कर सकती है। उदाहरण के लिए – गाँव के लोगों के लिए स्वच्छ पानी, प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था, चिकित्सालयों की व्यवस्था, दूषित पानी की निकासी आदि।

2. समाज कल्याण का कार्य-ग्राम पंचायतें समाज कल्याण के लिए अनेक कार्य कर सकती हैं; जैसे परिवार नियोजन तथा कल्याण के कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न उपाय कर सकती हैं।

3. विकास कार्य-विकास के लिए भी ग्राम पंचायतें बहुत सारे कार्य कर सकती हैं; जैसे गाँव में छोटे-छोटे कुटीर उद्योग लगा सकती हैं। इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी तथा जीवन-स्तर भी उन्नत होगा।

4. शिक्षा का प्रबंध ग्राम पंचायत ग्रामीण लोगों के विकास एवं समृद्धि के लिए शिक्षा का प्रबंध करें ताकि ग्रामीण बच्चों की । शिक्षा में रुचि बढ़े और वे आसानी से शिक्षा ग्रहण कर आदर्श नागरिक बन सकें।

5. मनोरंजन कार्य-ग्राम पंचायतें ग्रामीण लोगों के लिए मनोरंजन की व्यवस्था कर सकती है। इसके लिए वह स्टेडियम में खेल-प्रतियोगिता आदि का आयोजन भी कर सकती है जिससे गाँव के बच्चों का शारीरिक विकास भी होगा।

प्रश्न 3.
सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संविधान के 73वें संशोधन में आरक्षण के क्या प्रावधान हैं? इन प्रावधानों से ग्रामीण स्तर के नेतृत्व का खाका किस तरह बदला है?
उत्तर:
24 अप्रैल, 1993 को 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम अर्थात् नए पंचायती राज अधिनियम को लागू कर शक्तिशाली स्थानीय स्वशासी सरकार की दिशा में संसद ने ऐतिहासिक कार्य किया। कमजोर वर्गों के लिए उक्त संशोधन अधिनियम के मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं

(1) कुल स्थानों में से 50% स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित करने की घोषणा की गई।

(2) अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों (S.C., S.T.) के सदस्यों का आरक्षण उनकी जनसंख्या के अनुपात के अनुसार होगा। इन आरक्षित पदों में से 1/3 स्थान इन्हीं जातियों की महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। उदाहरण के लिए, यदि गाँव की जनसंख्या 10,000 है और उसमें (S.C., S.T.) की संख्या 2,000 है, तो S.C., S.T. के लिए कुल सीटों का 5वाँ हिस्सा आरक्षित होगा अर्थात् यदि कुल 20 सीटें हैं तो S.C., S.T. के लिए चार सीटें आरक्षित करनी पड़ेंगी,

(3) पिछड़ी जातियों के आरक्षण का निर्णय राज्य की विधानसभा कानून के द्वारा करेगी, (4) पंचायतों के तीनों स्तरों पर अध्यक्षों के पदों का भी आरक्षण किया गया है। इन पदों पर S.C., S.T. और महिलाओं के लिए क्रमवार (Rotation) स्थान आरक्षित किए गए हैं। यह व्यवस्था 24 अप्रैल, 1994 से पूरे देश में लागू हो गई है। इस प्रकार कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान करने से इनकी स्थिति में काफी परिवर्तन आया है। विशेषकर महिलाओं को अपनी कार्यक्षमता सिद्ध करने का अवसर मिला है।

प्रश्न 4.
संविधान के 73वें संशोधन से पहले और संशोधन के बाद के स्थानीय शासन के बीच मुख्य भेद बताएँ।
उत्तर:
भारत में ग्रामीण स्थानीय शासन का इतिहास काफी पुराना है। वैदिक काल में भी इस बात के संकेत मिलते हैं कि लोग मिल-जुलकर अपनी स्थानीय समस्याओं का समाधान निकाल लेते थे। मुगल, मौर्य और ब्रिटिश काल में भी ग्रामीण स्वशासन की इकाइयों के कार्यों एवं शक्तियों में परिवर्तन होते रहे। स्वतंत्र भारत में इन संस्थाओं को राज्य-नीति के निदेशक सिद्धान्तों (धारा 40 के अनुसार राज्य के द्वारा पंचायतों का गठन) में स्थान दिया गया। फिर भी इनके विकास में आशातीत सफलता नहीं मिली। बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों के अनुसार 2 अक्तूबर, 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में प्रथम पंचायत की स्थापना की गई।

राज्य सरकारों द्वारा पंचायतों को भंग करना, अनियमित चुनाव, वित्त की समस्या व कमजोर वर्गों तथा महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व न मिलना आदि कुछ ऐसी समस्याएँ थीं, जिनका हल निकालने के लिए तथा पंचायती राज संस्थाओं को संविधान में दर्जा देने के लिए 24 अप्रैल, 1993 से 73वाँ संवैधानिक संशोधन लागू किया गया। संविधान के 73वें संशोधन से पूर्व स्थानीय संस्थाओं की शक्ति बहुत कम थी। वह स्थानीय संस्थाओं की देखभाल करने में असमर्थ थी और उसे वित्तीय मदद के लिए केंद्र पर बहुत निर्भर रहना पड़ता था।

परंतु 73वें संशोधन के बाद स्थिति बहुत बदल गई है। अब स्थानीय संस्थाओं के चुनाव में मतदाता भाग लेते हैं। सीटों के अनुरूप निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाते हैं। महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए भी विशेष आरक्षण सम्बन्धी प्रावधान किए गए हैं। अतः 73वें संशोधन के पहले और बाद की स्थिति में बहुत अन्तर आया है।

प्रश्न 5.
नीचे लिखी बातचीत पढ़ें। इस बातचीत में जो मुद्दे उठाए गए हैं उसके बारे में अपना मत दो सौ शब्दों में लिखें।
आलोक – हमारे संविधान में स्त्री और पुरुष को बराबरी का दर्जा दिया गया है। स्थानीय निकायों में स्त्रियों को आरक्षण देने से सत्ता में उनकी बराबर की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।
नेहा – लेकिन, महिलाओं का सिर्फ सत्ता के पद पर काबिज होना ही काफी नहीं है। यह भी जरूरी है कि स्थानीय निकायों के बजट में महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान हो।
जयेश – मुझे आरक्षण का यह गोरखधंधा पसंद नहीं। स्थानीय निकाय को चाहिए कि वह गाँव के सभी लोगों का ख्याल रखे और ऐसा करने पर महिलाओं और उनके हितों की देखभाल अपने आप हो जाएगी।
उत्तर:
उपर्युक्त बातचीत का मुख्य विषय महिलाओं के समानाधिकार से संबंधित है। संविधान में महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार दिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 में समानता का अधिकार दिया गया है। इसके के अध्याय चार में उल्लेखित नीति-निर्देशक सिद्धान्तों में भी महिलाओं के हितों को संरक्षित करने का प्रयास किया गया हैं। अनुच्छेद 39 राज्य को अपनी नीतियाँ इस प्रकार से बनाने का निर्देश देता है कि स्त्री और पुरुष दोनों को समान रूप से आजीविका का साधन जैसे समान कार्य के लिए समान वेतन आदि की व्यवस्था सम्बन्धी निर्देश दिए गए हैं।

अनुच्छेद 40 में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि राज्य ग्राम पंचायतों का गठन करने के लिए कदम उठाने का प्रयास करे। इसी प्रतिबद्धतता के अधीन संसद ने पंचायती बन्धी 73वाँ और 74वाँ अधिनियम पारित किया है और महिलाओं के लिए पंचायत और नगरपालिकाओं में एक-तिहाई आरक्षण निश्चित किया है। उपर्युक्त प्रश्न में आलोक के अनुसार स्त्री-पुरुष दोनों को संविधान में बराबर का दर्जा दिया गया है।

स्थानीय निकायों में आरक्षण देकर महिलाओं को सत्ता में पुरुषों के बराबर लाने का प्रयास किया गया है। नेहा के अनुसार बजट में भी स्त्रियों के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए और जयेश का मत है कि स्थानीय निकायों को सभी के हित के लिए कार्य करना चाहिए अर्थात् पंचायतें सभी ग्रामवासियों के कल्याण के कार्यक्रम बनाएँ तो स्वतः ही स्त्रियों का कल्याण होगा।

यहाँ यह स्पष्ट है कि उपर्युक्त तीनों विचारों के संदर्भ में यह कहना महत्त्वपूर्ण होगा कि भारत के मतदाताओं में लगभग आधा भाग महिलाओं का है और उस अनुपात में राजनीति में इनका प्रतिनिधित्व नहीं है। संविधान में समानता के सिद्धांत को स्वीकार करने के लिए यह आवश्यक है कि महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं के लिए आरक्षण आवश्यक है।

प्रश्न 6.
73वें संशोधन के प्रावधानों को पढ़ें। यह संशोधन निम्नलिखित सरोकारों में से किससे ताल्लुक रखता है?
(क) पद से हटा दिये जाने का भय जन-प्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है।
(ख) भूस्वामी सामंत और ताकतवर जातियों का स्थानीय निकायों में दबदबा रहता है।
(ग) ग्रामीण क्षेत्रों में निरक्षरता बहुत ज़्यादा है। निरक्षर लोग गाँव के विकास के बारे में फैसला नहीं ले सकते हैं।
(घ) प्रभावकारी साबित होने के लिए ग्राम पंचायतों के पास गाँव की विकास योजना बनाने की शक्ति और संसाधन का होना जरूरी है।
उत्तर:
(क) सामान्यत ग्राम पंचायत का कार्यकाल विभिन्न राज्यों में 5 वर्षों का होता है परंतु राज्य सरकार यदि ग्राम पंचायत को निश्चित अवधि से पूर्व भंग करती है तो उसे 6 महीने के भीतर दोबारा चुनाव करवाना आवश्यक है। अतः जन-प्रतिनिधियों में भय की स्थिति बनी रहती है जिसके कारण जनप्रतिनिधि जनता के प्रति उत्तरदायित्व की स्थापना के आधार पर कार्य करने का प्रयास करते हैं।

(ख) भारतीय संविधान के पंचायती राज सम्बन्धी 73वें संशोधन द्वारा महिलाओं, अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया गया है। जहाँ महिलाओं को प्रत्येक वर्ग में एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, वहाँ अनुसूचित जातियों और जनजातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण सम्बन्धी प्रावधान किया गया है। इस प्रकार इस संशोधन में उन ताकतवर वर्गों को एक तरह से झटका लगा है जिन्होंने अभी तक सत्ता में अपना दबदबा बनाया हुआ था।

(ग) 73वें संशोधन के माध्यम से पंचायत को कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान किए गए हैं। इन विषयों में तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा का भी उल्लेख किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि गाँव के लोग बहुत निरक्षर होते हैं। उन्हें प्रशिक्षण द्वारा गाँव के उत्थान के विषय में योजना बनाने एवं निर्णय लेने में सक्षम बनाया जा सके और उनकी निरक्षरता कोई बाधा न बने।

(घ) भारतीय संविधान के 73वें संवैधानिक संशोधन के अनुसार हर वर्ष एक वित्त आयोग गठित करने का प्रावधान किया गया है जो पंचायत के वित्त का पुनरावलोकन करेगा और राज्य सरकारों से पंचायत अनुदान के लिए सिफारिश करेगी। अतः गाँव की विकास योजनाओं के लिए संसाधन के रूप में सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

HBSE 11th Class Political Science Solutions Chapter 8 स्थानीय शासन

प्रश्न 7.
नीचे स्थानीय शासन के पक्ष में कछ तर्क दिए गए हैं। इन तर्कों को आप अपनी पसंद से वरीयता क्रम में सजायें और बताएँ कि किसी एक तर्क की अपेक्षा दूसरे को आपने ज़्यादा महत्त्वपूर्ण क्यों माना है। आपके जानते वेगवसल गाँव की ग्राम पंचायत का फैसला निम्नलिखित कारणों में से किस पर और कैसे आधारित था?
(क) सरकार स्थानीय समुदाय को शामिल कर अपनी परियोजना कम लागत में पूरी कर सकती है।
(ख) स्थानीय जनता द्वारा बनायी गई विकास योजना सरकारी अधिकारियों द्वारा बनायी गई विकास योजना से ज़्यादा स्वीकृत होती है।
(ग) लोग अपने इलाके की ज़रूरत, समस्याओं और प्राथमिकताओं को जानते हैं। सामुदायिक भागीदारी द्वारा उन्हें विचार-विमर्श करके अपने जीवन के बारे में फैसला लेना चाहिए।
(घ) आम जनता के लिए अपने प्रदेश अथवा राष्ट्रीय विधायिका के जन-प्रतिनिधियों से संपर्क कर पाना मुश्किल होता है।
उत्तर:
स्थानीय स्वशासन के पक्ष में जो तर्क दिए गए हैं, उनका वरीयत-क्रम इस प्रकार है (क) प्रश्न के चौथे (घ) तर्क को प्रथम वरीयता दी जाएगी, क्योंकि आम जनता का राष्ट्रीय विधायिका के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर पाना कठिन होता है और स्थानीय शासन के प्रतिनिधि हर समय अपने क्षेत्र में उपलब्ध रहते हैं इसलिए इनसे संपर्क तुरंत हो जाता है और समस्या का समाधान भी जल्दी हो जाता है, (ख) प्रश्न के तीसरे तर्क (ग) को दूसरे वरीयता-क्रम में रखा जा सकता है, क्योंकि लोग भी स्थानीय होते हैं और समस्याएँ भी स्थानीय होती हैं,

इसलिए निर्णय लेने में कोई मुश्किल नहीं होती, (ग) प्रश्न के दूसरे तर्क (ख) को तीसरी वरीयता में रखा गया है, क्योंकि पंचायती राज में स्थानीय स्तर पर शक्तियों को विकेंद्रित किया गया है। इसलिए उन स्थानीय लोगों की विकास योजनाओं को भी अधिक महत्त्व दिया जाता है, (घ) प्रश्न के प्रथम तर्क (क) को अंतिम वरीयता में रखा गया है। वेगवसल गाँव की ग्राम पंचायत का फैसला उस तर्क पर आधारित था कि स्थानीय जनता द्वारा बनाई गई विकास योजना सरकारी अधिकारी द्वारा बनाई गई विकास योजना से ज्यादा स्वीकृत ही नहीं होती बल्कि स्थानीय लोगों की सहायता से कम लागत में भी पूरा कर सकती है।

प्रश्न 8.
आपके अनुसार निम्नलिखित में कौन-सा विकेंद्रीकरण का साधन है? शेष को विकेंद्रीकरण के साधन के रूप में आप पर्याप्त विकल्प क्यों नहीं मानते?
(क) ग्राम पंचायत का चुनाव कराना।
(ख) गाँव के निवासी खुद तय करें कि कौन-सी नीति और योजना गाँव के लिए उपयोगी है।
(ग) ग्राम सभा की बैठक बुलाने की ताकत।
(घ) प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास की एक योजना चला रखी है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ग्राम पंचायत के सामने एक रिपोर्ट पेश करता है कि इस योजना में कहाँ तक प्रगति हुई है।
उत्तर:
ग्राम पंचायत स्थानीय स्वशासन का सबसे निम्न स्तर है। प्रश्न में दिए गए कथनों में कथन (ख) विकेंद्रीकरण का साधन है। यद्यपि ग्राम सभा की बैठक बुलाने का अधिकार भी ग्राम पंचायत के कार्यों का हिस्सा है, परन्तु यह विकेंद्रीकरण का साधन होने के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि यह बैठक बुलाने की शक्ति उच्च अधिकारियों को भी होती है।

वास्तव में, जब तक गाँव के निवासी ही इस शक्ति का प्रयोग न करें, तब तक यह विकेंद्रीकरण का साधन नहीं हो सकता। आम नागरिक की समस्या और उसकी दैनिक जीवन की आवश्यकताएँ पूरी करने के लिए ग्रामीण लोग ग्राम पंचायत के द्वारा अपनी समस्याओं का समाधान करें। यही सच्चा लोकतंत्र है। लोकतंत्र में सत्ता का वास्तविक विकेंद्रीकरण स्थानीय लोगों की सत्ता में भागीदारी से ही हो सकता है।

यहाँ यह भी स्पष्ट है कि एक ग्राम पंचायत को खंड विकास पदाधिकारी द्वारा इस आशय की रिपोर्ट प्राप्त होना कि प्रदेश की सरकार द्वारा चालू अमुक परियोजना की प्रगति कहाँ तक हुई है, यह विकेंद्रीकरण का साधन नहीं है क्योंकि अमुक परियोजना ग्राम सभा या ग्राम पंचायत द्वारा नहीं चलायी जा रही। अतः विकेंद्रीकरण का साधन वास्तव में (ख) भाग ही है जिसमें गाँव के निवासी स्वयं ही यह निश्चित करते हैं कि कौन-सी योजना अथवा नीति गाँव के विकास के लिए उपयोगी होगी।

प्रश्न 9.
दिल्ली विश्वविद्यालय का एक छात्र प्राथमिक शिक्षा के निर्णय लेने में विकेंद्रीकरण की भूमिका का अध्ययन करना चाहता था। उसने गाँववासियों से कुछ सवाल पूछे। ये सवाल नीचे लिखे हैं। यदि गाँववासियों में आप शामिल होते तो निम्नलिखित प्रश्नों के क्या उत्तर देते? गाँव का हर बालक/बालिका विद्यालय जाए, इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कौन-से कदम उठाए जाने चाहिएँ इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए ग्राम सभा की बैठक बुलाई जानी है।

(क) बैठक के लिए उचित दिन कौन-सा होगा, इसका फैसला आप कैसे करेंगे? सोचिए कि आपके चुने हुए दिन में कौन बैठक में आ सकता है और कौन नहीं?
(अ) खंड विकास अधिकारी अथवा कलेक्टर द्वारा तय किया हुआ कोई दिन।
(ब) गाँव का बाज़ार जिस दिन लगता है।
(स) रविवार
(द) नाग पंचमी/संक्रांति

(ख) बैठक के लिए उचित स्थान क्या होगा? कारण भी बताएँ।
(अ) जिला कलेक्टर के परिपत्र में बताई गई जगह।
(ब) गाँव का कोई धार्मिक स्थान।
(स) दलित मोहल्ला।
(द) ऊँची जाति के लोगों का टोला।
(ध) गाँव का स्कूल।
(ग) ग्राम सभा की बैठक में पहले जिला-समाहर्ता (कलेक्टर) द्वारा भेजा गया परिपत्र पढ़ा गया। परिपत्र में बताया गया था कि शैक्षिक रैली को आयोजित करने के लिए क्या कंदम उठाये जाएँ और रैली किस रास्ते होकर गुजरे। बैठक में उन बच्चों के बारे में चर्चा नहीं हुई जो कभी स्कूल नहीं आते।

बैठक में बालिकाओं की शिक्षा के बारे में, विद्यालय भवन की दशा के बारे में और विद्यालय के खुलने-बंद होने के समय के बारे में भी चर्चा नहीं हुई। बैठक रविवार के दिन हुई इसलिए कोई महिला शिक्षक इस बैठक में नहीं आ सकी। लोगों की भागीदारी के लिहाज से इस को आप अच्छा कहेंगे या बुरा? कारण भी बताएँ। (घ) अपनी कक्षा की कल्पना ग्राम सभा के रूप में करें। जिस मुद्दे पर बैठक में चर्चा होनी थी उस पर कक्षा में बातचीत करें और लक्ष्य को पूरा करने के लिए कुछ उपाय सुझायें।
उत्तर:
(क) ग्राम सभा की बैठक के लिए उचित दिन कौन-सा होगा, इसका निर्णय करने से पहले यह सोचना होगा कि अधिक-से-अधिक लोग किस दिन उपस्थित हो सकते हैं। प्रश्न में दिए गए दिन निम्नलिखित हैं (अ) खंड विकास पदाधिकारी अथवा कलेक्टर द्वारा तय किया हुआ कोई दिन (ब) जिस दिन गाँव का बाज़ार लगता है (स) रविवार (द) नागपंचमी/संक्रांति इन सब दिनों में खंड विकास पदाधिकारी
अथवा
कलेक्टर द्वारा निश्चित किया गया दिन उपयुक्त रहेगा। मैं यहाँ यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि जिस दिन गाँव का बाज़ार लगता है, लोग अपनी खरीददारी में व्यस्त रहते हैं। इसके अतिरिक्त रविवार के दिन सम्बन्धित कर्मचारी एवं महिला शिक्षक उपस्थित नहीं हो पाएंगे। नागपंचमी अथवा संक्रांति तो त्योहार का दिन है जिसमें लोग व्यस्त रहते हैं।

(ख) ग्राम सभा की बैठक के लिए कौन-सा स्थान उचित होगा, इसके लिए सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि स्थान का चुनाव करते समय यह देखा जाए कि अधिक-से-अधिक ग्रामीण सभा में उपस्थित हो सकें। प्रश्न में दिए गए स्थान निम्नलिखित हैं

(अ) जिला कलेक्टर के परिपत्र में बताई गई जगह पर बैठक करने अथवा (ब) गाँव का कोई धार्मिक स्थान या (स) दलित मोहल्ला या (द) ऊँची जाति के लोगों का टोला अथवा (ध) गाँव का स्कूल प्रश्न में दिए गए उपर्युक्त सभी स्थानों में से सबसे उपयुक्त स्थान गाँव का स्कूल है जिसे सभी वर्गों, धर्मों एवं जातियों के लोगों द्वारा समान आदर भाव के साथ निष्पक्ष स्थान के रूप में देखा जाता है।

(ग) ग्राम सभा बैठक में पहले जिला कलेक्टर द्वारा भेजा गया परिपत्र पढ़ा गया। परिपत्र में बताया गया था कि शैक्षिक रैली को आयोजित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएँ और रैली किस रास्ते से होकर गुजरे, बैठक में उन बच्चों के विषय में चर्चा नहीं हुई जो कभी विद्यालय नहीं आते। बैठक में बालिकाओं की शिक्षा के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक रविवार के दिन हुई इसलिए कोई महिला शिक्षक उस बैठक में नहीं आई।

अतः इस विवेचन से स्पष्ट होता है कि जनता की भागीदारी के लिहाज से बैठक की इस कार्यवाही में कोई कार्य जनता के हित में नहीं किया गया। जिला कलेक्टर द्वारा भेजे गए पत्र में मुख्य समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया है, क्योंकि स्थानीय समस्याएँ तो स्थानीय व्यक्तियों की व्यापक भागीदारी से ही हल हो सकती है।

(घ) अपनी कक्षा की ग्राम सभा के रूप में कल्पना करते हुए सर्वप्रथम हम एक मीटिंग बुलाने की घोषणा करेंगे। बैठक का मुख्य विषय इस प्रकार होगा-

  • उन बच्चों की समस्या पर चर्चा की जाए जो कभी स्कूल नहीं आते,
  • गरीबी उन्मूलन के उपायों पर चर्चा,
  • ग्रामीण विकास हेतु शिक्षा के महत्त्व पर चर्चा,
  • ग्राम प्रधान-द्वारा समापन-भाषण।

इस प्रकार ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से प्रत्येक बालक/बालिका को माता-पिता द्वारा विद्यालय में भेजने की अनिवार्यता निश्चित करने के साथ-साथ एक निगरानी समिति भी बनाई जाए जो गाँव में प्रत्येक घर के स्कूल जाने योग्य बच्चों एवं उनके माता-पिता को बराबर प्रेरित करने का कार्य करें।

स्थानीय शासन HBSE 11th Class Political Science Notes

→ आधुनिक युग प्रजातन्त्र का युग है और आज प्रजातन्त्र को सर्वोत्तम शासन माना जाता है। यह जन-प्रभुसत्ता पर आधारित होता है। जन-प्रतिनिधि लोक कल्याण की भावना से शासन चलाते हैं।

→ प्रजातन्त्र एक कल्याणकारी राज्य होता है। लोक कल्याण के सभी कार्य अकेली केन्द्रीय सरकार नहीं कर सकती। इसलिए सरकार के कार्य को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए अत्यावश्यक है कि प्रजातान्त्रिक संस्थाओं का निचले स्तर तक प्रसार किया जाए।

→ इससे हमारा अभिप्राय है कि गाँवों एवं शहरों में जन-निर्वाचित संस्थाएँ होनी चाहिएँ। इन संस्थाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त स्वतन्त्रता होनी चाहिए।

→ भारत में भी जनता को सक्रिय रूप से भागीदार बनाने के लिए शक्तियों के विकेन्द्रीयकरण के सिद्धान्त को अपनाया गया है। आज ग्रामों व शहरों में स्थानीय संस्थाओं की स्थापना की गई है।

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HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Haryana State Board HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

HBSE 7th Class Geography Human Environment: Settlement, Transport and Communication Textbook Questions and Answers

Class 7 Geography Chapter 7 HBSE Question 1.
Answer the following Questions:
(а) What are the four means of transport?
Answer:
The four means of transport are :

  • Roadways
  • Railways
  • Waterways
  • Airways

(b) What do you understand by the term ‘settlement’?
Answer:
Settlements are places where people build their homes.

(c) Which are the activities practised by human people?
Answer:
The activities practised by the rural people are farming, fishing, forestry, trading and craftswork.

(d) Mention two merits of railways.
Answer:
Two merits of railways are:

  • The railways carry heavy goods and people over long distances quickly.
  • The railway fare is less compared to waterways and airways.

(e) What is mass media?
Answer:
Mass media is the medium of communicating to large number of people like print media, radio and television.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Question 2.
Tick (√) of the correct answer:
(i) Which is not a mean of communication?
(a) Telephone
(b) Books
(c) Table
Answer:
(c) Table

(ii) Which type of road is constructed under the ground?
(а) Flyover
(b) Express ways
(c) Subways
Answer:
(c) Subways

(iii) Which mode of transport is most suitable to reach an island?
(a) ship
(b) train
(c) car
Answer:
(a) ship

(iv) Which vehicle does not pollute the environment?
(a) cycle
(b) bus
(c) aeroplane
Answer:
(a) cycle

Question 3.
Match the following :

(i) Internet(a) areas where people are engaged in manufacturing trade and services
(ii) Canal route(b) closely built areas of houses
(iii) Urban areas(c) houses on stilts
(iv) Compact settlement(d) Inland waterways
(e) a means of communication

Answer:
(i) (c)
(ii) (c)
(iii) (a)
(iv) (b).

Question 4.
Give Reasons:
(a) Today’s world is a shrinking.
Answer:
World is shrinking today because of the various modes of communication which are provided by worldwide information and interaction.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Question 5.
For Fun :
Mention which mode of communi-cation you will prefer most in the following situations.
(a) Your grandfather has suddenly fallen ill. How will you inform the doctor?
(b) Your mother wants to sell the old house. How will she spread this news?
(c) You are going to attend the marriage of your cousin for which you will be absent from the schools for the next days. How will you inform the teacher?
(d) Your friend has moved out with his/her family to New York. How will you keep in touch on a daily base?
Answer:
(a) Telephone
(b) Newspaper
(c) Letter/Application
(d) Telephone/Internet.

HBSE 7th Class Geography Human Environment: Settlement, Transport and Communication Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What is wet point settlement?
Answer:
The settlement growing around water is known as wet point settlement.

Question 2.
Name the cheapest means of transport.
Answer:
The cheapest means of transport is waterways.

Question 3.
What is temporary settle-ment?
Answer:
Settlement which are occupied for a short time are called temporary settlement.

Question 4.
Which means of transport is free from physical barrier?
Answer:
Air transport is free from physical barrier.

Question 5.
Which transport system is suitable for light and perishable articles?
Answer:
Road transport system is suitable for light and perishable articles.

Question 6.
Which are the types of human settlement?
Answer:
Rural and urban settlements are two kinds of human settlement.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Short Answer Type Questions

Question 1.
What are temporary settlements? Who dwell in these settlements and what are their main occupations?
Answer:

  • Settlements which are occupied for a short time are called temporary settlements.
  • The people living in deep forests, hot and cold deserts and mountains often dwell in such temporary settlements.
  • Their main occupations are hunting, gathering, shiftsing cultivation and transhumance.

Question 2.
Name the various animals used for transport in different parts of the world. .
Answer:

  • In India, donkeys, mules, bullocks and camesl are used.
  • In the Andes mountains of South America, Llamas are used.
  • In Tibet, yaks are used.

Question 3.
Write four important features of airways.
Answer:

  • Airways is the fastest means of transport.
  • It is the most expensive due to high cost of fuel.
  • It can reach even the most remote and distant areas, especially where there are no roads and railways.
  • Helicopters are extremely useful in most inaccessible areas and in times of calamities for rescuing people and for distributing food, water, clothes and medicines.

Long Answer Type Questions

Question 1.
Distinguish between transport and communication.
Answer:

TransportCommunication
1. The transfer of men and goods from one place to another. Examples: railways, airways and waterways.1. They convey our views and news from one place to another. Examples: Post and telegraph and telephone service.
2. Means of transport : train, but, aeroplane etc.2. Means of communication : postcard, telephone, television, radio etc.
3. Primitive method : Bullock carts etc.3. No primitive methods. Means of transport were the means of communication.
4. They run on petrol, diesel or electric power.4. They work by electric waves.

Question 2.
Distinguish between National Highways and State Highways.
Answer:

National HighwaysState Highways
1. They join the state capitals.1. They join the state capital with big cities with in a state.
2. They have been extended upto border countries such as Nepal, Myanmar and Pakistan.2. They have been extended to national highways.
3. They are under the control of Central Public Works Department. (CPWD) and are managed by Central Government.3. They are under Public Works Department (PWD) and are managed by State Governments.
4. They cross through states.4. They are limited to state boundaries only.
5. Total length of National Highways in India is about 52000 km.5. Total length of state highways in India is about 381,000 km.

Human Environment: Settlement, Transport and Communication Class 7 HBSE Notes

  • Site : The place where a building or a settlement develops.
  • Settlements : Places where people build their homes.
  • Transport: The means by which people and goods move are called transport.
  • Subways : Roads built underground.
  • Communication : The process of conveying messages to others.
  • Mass Media : The means through which we can communicate with large number of people.
  • Metalled Roads : Pucca roads that can be used in all the weather.
  • Unmetalled Roads : Kuchcha roads which are out of work during extreme weather.

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HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands

Haryana State Board HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands

HBSE 7th Class Geography Life in the Temperate Grasslands Textbook Questions and Answers

Life In Temperate Grasslands Class 7 HBSE Question 1.
Answer the following questions briefly:
(a) What are the Temperate Grasslands of North America called?
(b) What are the cattle farms in the North American Grasslands known as?
(c) Name the rivers that drain the velds.
(d) When is the rainy season in the Velds?
(e) What is the major occupation of the people of the South African grasslands?
Answer:
(a) The temperate grasslands of North America are called Prairies.
(b) The cattle farms in the North American Grasslands are called ranches.
(c) The tributaries of rivers Orange and Limpopo.
(d) The velds enjoy rainy season mainly in the summer months from November to February.
(e) The major occupation of the people of the South African grasslands is sheep rearing.

Chapter 9 Geography Class 7 HBSE Question 2.
Tick the correct answer:
(a) River Mississippi drains
(i) Canada
(ii) Africa
(iii) USA
Answer:
(iii) USA

(b) Drakensberg Mountains bound the _________.
(i) Prairies
(ii) Velds
(iii) Pampas
Answer:
(ii) Velds

(c) Merino is a species of _________.
(i) Fish
(ii) Elephant
(iii) Sheep
Answer:
(iii) Sheep

(d) Kimberley is famous for _________.
(i) diamonds
(ii) silver
(iii) platinum
Answer:
(i) diamonds

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands

Life in the Temperate Grasslands Questions And Answers HBSE 7th Class Question 3.
Match the following:

(i) Cowboys(a) Iran and Steel
(ii) Gold(b) Prairies
(iii) Kudu(c) Hot wind
(iv) Chinook(d) Johannesberg
(v) Coal(e) Animal

Answer:

(i) Cowboys(b) Prairies
(ii) Gold(d) Johannesberg
(iii) Kudu(e) Animal
(iv) Chinook(c) Hot wind
(v) Coal(a) Iran and Steel

Life In The Temperate Grasslands Class 7 HBSE Question 4.
Give reasons:
(i) The Prairies are known as the ‘Granaries of the world’.
(ii) Rise of wool industry in the Velds.
Answer:
(i) The Prairies are known as the ‘Granaries of the world’ due to the huge surplus of wheat production.

(ii) Sheep rearing is the most important occupation in the Velds. Merino sheep is a popular species and their wool is very warm. Sheep is bred and reared mainly for wool. This has given rise to wool industry there.

Geography Chapter 9 Class 7 HBSE Question 5.
On an outline map of North- America, mark the Rocky Mountains, the Great Lakes, river Mississippi, river Saskatchewan, the cities-Chicago and Winnipeg.
Answer:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands 1

Question 6.
For Fun :
Make a grass whistle
You will require a blade of grass about 5 cm in length. Be sure to choose the grass blade longer than your thumb. The thickness of the grass should be about 0.5 to 0.7 cm. Choose the grass that is broad and wide. Narrow blade is difficult to hold. Put your thumb together as your nails are facing you. Stretch the blade of grass lengthwise between the thumbs and the base of the hand.

Your hands should be cupped to create a hollow or a narrow opening between your palms. You should just be able to see the edge of the grass only through the narrow opening. Place your lips over the opening and blow gently into the palm. You may even feel the grass blade vibrating as you blow. As you gradually blow you will hear sound of whistle created by grass.

HBSE 7th Class Geography Life in the Temperate Grasslands Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What are the Prairies bound by?
Answer:
The prairies are bound by the Rocky Mountains in the west and the Great Lakes in the East.

Question 2.
What type of wind blows in the prairies?
Answer:
A local wind “Chinook” blows in the prairies due to the absence of the north-south barrier.

Question 3.
What kind of trees grow in Prairies where water is available?
Answer:
Where water is available, trees such as willows, alders and poplars grow in prairies.

Question 4.
Who looks after ranches?
Answer:
Sturdy men called cowboys look after ranches.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands

Question 5.
What factors have made North America a surplus food producer?
Answer:
Scientific methods of cultivation and use of tractors, harvesters and combines has made North America a surplus food producer.

Question 6.
Why are the Prairies known as the “Granaries of the world?”
Answer:
The Prairies are known, as the “Granaries of the world” due to the huge surplus of wheat production.

Question 7.
What is the extent of the dairy belt in the Prairies?
Answer:
The dairy belt -in the Prairies extends from the Great Lakes to the Atlantic Coast in the east.

Short Answer Type Questions

Question 1.
Describe the terrain and vegetation of the prairies.
Answer:

  • The prairies is a region of flat, gently sloping or hilly land.
  • Whereas, prairies are treeless, but, near the low lying plains, flanking river valleys, woodlands can be found.
  • Tall, grass, upto two metres high dominates the landscape.
  • The prairies is actually a sea of grass.

Question 2.
Describe the location and surroundings of the velds.
Answer:

  • The velds lie in the temperate grasslands.
  • The velds is bound by the Drakensburg mountains on the east.
  • Kalahari desert lies to the west of the velds.
  • The “high velds” are located on the north-eastern part.

Question 3.
Write four climatic features of the velds.
Answer:

  • The velds have a mild climate due to the influence of the Indian Ocean.
  • Winters are cold and dry. Temperature vary between 5°C and 10°C and July is the coldest month.
  • Summers are short and warm. The temperature of Johannesburg is about 20°C in summers.
  • The velds receive rainfall mainly in the summer months from November to February.

Question 4.
What are the three broad divisions of the veld?
Answer:
The three broad divisions of the Veld are:

  • High Veld – Highest ranging from 1120 m to 1670 m.
  • The Middle Veld – It is a plateau ranging from 610 m to 1120 m.
  • Low Veld – below 610 m.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 9 Life in the Temperate Grasslands

Long Answer Type Questions

Question 1.
Describe the two main occupations sheep rearing and dairy farming practised in the velds.
Answer:
Sheep rearing :

  • Sheep is bred mainly for wool.
  • It has given rise to the woollen industry in the velds.
  • Merino sheep is a popular species and their wool is very warm.

Dairy farming :

  • Cattles are reared in the warmer and wetter regions.
  • Dairy products like butter and cheese are produced for both domestic supply and also for expert.

Question 2.
Write the climatic conditions of the velds.
Answer:

  • The velds have a mild climate due to the influence of the Indian Ocean.
  • Winters are cold and dry.
  • Temperature vary between 5°C and 10°C.
  • Summers are short and warm.
  • The velds receive rainfall mainly in the summer months from November and February.

Life in the Temperate Grasslands Class 7 HBSE Notes

  • Grassland : A region where the grasses form the dominant type of the plant life.
  • Mixed Farming: Cultivation of crops and animal rearing is done on the same farm.
  • Trans-continent: Across the continent from east to west.
  • Temperate Region : Region which lies in the interior of the continents and received low rainfall.
  • Combine Harvester : A grain machine which reaps, threshes and sacks the wheat on one operation.
  • Contour Ploughing: Cutting farm beds across the hill slopes, following the contours rather than ploughing up and down the slopes.
  • Strip Cropping : Growing of crops in continuous strips along the contours of a hill slide.
  • Prairies : Mid-latitude grasslands in North America.
  • Cowboy : A man on the back of horse who guides the one who has cattle in Prairies
  • Velds : Temperate grasslands of South Africa
  • Chinook : Hot wind that blows in the winter
  • Fauna : Species of animals
  • Flora : Plants species of a particular region
  • Ranches : Cattle’s shed in Prairies
  • Red Indians : The native Americans

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HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts

Haryana State Board HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts

HBSE 7th Class Geography Life in the Deserts Textbook Questions and Answers

Life in the Deserts HBSE 7th Class Geography Question 1.
Answer the following questions briefly :
(a) What are the two types of deserts found in the world?
(b) In which continent is the Sahara desert located?
(c) What are the climatic conditions of the Ladakh desert?
(d) What mainly attracts tourists to Ladakh?
(e) What type of clothes the people of the Sahara desert wear?
(f) Name the trees that grow in Ladakh.
Answer:
(a) (i) Hot Deserts
(ii) Cold deserts.

(b) Africa

(c) The climatic conditions of the Ladakh desert are cold and dry.

(d) (i) Gompas
(ii) Meadows and glaciers
(iii) Ceremonies and festivities of local people.

(e) People of the Sahara desert wear heavy robes as protection against dust storms and hot winds.

(f) Willows, poplars, apples, apricots and walnuts.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts

HBSE 7th Class Geography Chapter 10 Life in the Deserts Question 2.
Tick the correct answer:
(i) Sahara is located in which part of Africa?
(a) eastern
(b) northern
(c) western
Answer:
(b) northern

(ii) Sahara is what type of desert?
(a) cold
(b) hot
(c) mild
Answer:
(b) hot

(iii) The Ladakh desert is mainly inhabited by __________.
(a) Christians and Muslims
(b) Buddhists and Muslims
(c) Christians and Buddhists.
Answer:
(b) Buddhists and Muslims

(iv) Deserts are characterised by __________.
(a) scanty vegetation
(b) heavy precipitation
(c) low evaporation
Answer:
(a) scanty vegetation

(v) Hemis in Ladakh is a famous __________.
(a) temple
(b) church
(c) monastery.
Answer:
(c) monastery.

(vi) Egypt is famous for growing.
(a) Wheat
(b) Maize
(c) Cotton.
Answer:
(c) Cotton.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts

Question 3.
Match the following :

(i) Oasis(a) Libya
(ii) Bedouins(b) Monastery
(iii) Oil(c) Glacier
(iv) Gangri(d) Depression with water
(v) Lamayuru(e) Cold desert
(f) Sahara

Answer:

(i) Oasis(d) Depression with water
(ii) Bedouins(f) Sahara
(iii) Oil(a) Libya
(iv) Gangri(c) Glacier
(v) Lamayuru(b) Monastery

Question 4.
Give the reasons:
(i) There is scanty vegetation in the desert.
Answer:
There is scanty vegetation in desert due to extreme harsh temperature.

(ii) People of Sahara desert wear heavy robes.
Answer:
People of Sahara desert wear heavy robes for their protection against dust storms and hot winds.

Question 5.
Map skills :
(i) On the outline map of Africa, mark the Sahara Desert.
Answer:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts 1

(ii) On the outline map of India, mark the Karakoram Range, Zanskar Range, Ladakh and Zoji La pass.
Answer:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts 2

HBSE 7th Class Geography Life in the Deserts Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
In which continent does the Sahara Desert lie?
Answer:
North Africa.

Question 2.
Define Desert?
Answer:
It is an arid region characterized by extremely high or low temperature and has scarce vegetation.

Question 3.
Name the eleven states of Africa that touch the Sahara Desert?
Answer:
Algeria, Chad, Egypt, Libya, Mali, Mauritania, Morocco, Niger, Sudan, Tunisia and Western Sahara.

Question 4.
What is the area of the world’s largest desert?
(Hint : World’s largest Desert is the Sahara Desert.)
Answer:
8.54 million sQuestion km.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts

Question 5.
Name two nomadic tribes in the Sahara Desert.
Answer:
Bedouins Tuarega.

Question 6.
What is the etymology of Ladakh?
Answer:
La – Meaning a maintain pass
Dak – meaning country.

Question 7.
Which is one of the coldest inhabited place on earth.
Answer:
Brass.

Question 8.
Why is Ladakh known as Khapa – Chan?
Answer:
Ladakh is known as Khapa – Chan as the word – means snow land.

Short Answer Type Questions

Question 1.
Illustrate the climate of the Sahara Desert.
Answer:
The climate of the Sahara Desert is searching hot1 and parch dry. It has a short rainy season. The sky is cloudless and clear. Days are unbelievable hot upto 50°C. The nights are freezing cold nearing zero degree.

Question 2.
Describe the location of Ladakh.
Answer:
Ladakh lies in the Great Himalayas, on the eastern side of Jammu and Kashmir. The Karakoram range in the north and the Zaskar mountain in the south bound it.

Question 3.
Write a short note on the people living in the Sahara Desert?
Answer:

  • The people of the Sahara Desert are Bedouins a Tuaregs which are nomadic tribes rearing livestock.
  • They are provided with milk, hides from which they make leather for mat, carpets, clothes and blanket.
  • They wear heavy robes as protection against dust storms and hot winds.

Question 4.
What are changes undergoing in the cultural landscape of the Sahara?
Answer:
(a) Gleaming glass cased office buildings tower over mosques and super highways criss-cross the ancient camel paths.
(b) Trucks are replacing camels in the salt trade.
(c) Tuaregs are seen acting as guides to the foreign tourists. More and more nomadic herdsmen are taking to city life finding jobs in gas and oil operation.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 Life in the Deserts

Question 5.
Determine the location of Ladakh with the help of physical features.
Answer:
Ladakh is a cold desert lying in the Great Himalayas (mountains) on the eastern side of Jammu and Kashmir. The Karakoram range in the north and the Zanskr range in the south enclose it. Several rivers especially Indus flow through it.

Long Answer Type Questions

Question 1.
Describe the climate of Ladakh region.
Answer:

  • The climate of Ladakh is extremely cold and dry.
  • The day temperatures in summar are just above 0°C and the night temperatures are below 30°C.
  • Winters are freezing cold. The temperature remains below 40°C for most of the time.
  • This region receives a little rainfall, as low as 10 centimetres annually.

Question 2.
Contrast the desert of Ladakh and Sahara.
Answer:

Character SketchLadakhSahara
TypeLadakh is a cold desert.Sahara is a hot desert.
LocationLadakh is located in Northern Himalayas, India.Sahara is located in Northern Africa.
ClimateIt is scorching hot and parched dry.The climate is extremely cold and dry.
FloraOnly cactus, date palms and acacia grow.Scantypatches of grasses and shrubs for animals to graze. Fruit trees also grow.
PeopleThey are nomadic tribes. Oasis offers settled population.The people are Muslims and Buddhists.
TourismIt offers no or few tourism.It offers tourism due to its festivities and ceremonies.

Life in the Deserts Class 7 HBSE Notes

  • Cramps : Buddhist monasteries of Ladakh.
  • Wadi : It is a stream in hot deserts.
  • Rainshadow : An area with small average rainfall occurring on the leeward side of mountains.
  • Oasis : An area in desert where some ground water comes up as spring.
  • Wasteland : Applied to the land which was previously used but now abandoned.
  • Homestead : Farm house and their adjoining areas.
  • Nomads : People who travel in search of food and fodder are called nomads.
  • Sand-dunes : Hill of loose sand.
  • Spring : Small opening in the ground through which underground water comes to the surfaces.
  • Homo sapiens : Species of human beings that exists today.
  • Desert: An arid region often empty and receiving less than 25 cm of rainfall annually.
  • Extreme Climate : A climate which is too hot or too cold.

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HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Human Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Regions

Haryana State Board HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Human Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Regions Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Human Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Regions

HBSE 7th Class Geography Human Environment: Settlement, Transport and Communication Textbook Questions and Answers

Class 7th Geography Chapter 8 HBSE Question 1.
Answer the following questions briefly:
(a) Name the continent in which the Amazon Basin is located.
(b) What are the crops grown by the people of the Amazon Basin?
(c) Name the birds that you are likely to find in the rain forests of the Amazon.
(d) What are the major cities located on the river Ganga?
(e) Where is the one-horned rhinoceros found?
Answer:
(а) South America.
(b) The people of the Amazon Basin grow tapioca, pine apple and sweet potato. Cash crops such as coffee, maize and cocoa are also grown.
(c) Toucans, hummingbirds, birds of paradise with their brilliantly coloured plumage.
(d) The major cities located on the river Ganga are Allahabad, Kanpur, Varanasi, Lucknow, Patna and Kolkata.
(e) The one-horned rhinoceros is found in the Brahmaputra plain.

Question 2.
Tick the correct answer:
(a) Toucans are a type of:
(i) birds
(ii) animals
(iii) crops
Answer:
(i) birds

(b) Manioc is the staple food of:
(i) Ganga Basin
(ii) Africa
(iii) Amazon
Answer:
(iii) Amazon

(c) Kolkata is located on the river:
(i) Orange
(ii) Hooghly
(iii) Bhagirathi
Answer:
(ii) Hooghly

(d) Deodars and firs are a type of:
(i) Coniferous trees
(ii) Deciduous trees
(iii) Shrubs
Answer:
(i) Coniferous trees

(e) Bengal tiger is found in:
(i) Mountains
(ii) Delta area
(iii) Amazon.
Answer:
(ii) Delta area

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Question 3.
Match the following:

(i) Cotton textile(a) Assam
(ii) Maloca(b) Terrace farming
(iii) Piranha(c) Sericulture
(iv) Silkworm(d) Slanting roof
(v) Kaziranga(e) Ganga Plain
(f) Varanasi
(g) Fish

Answer:
(i) (f)
(ii) (a)
(iii) (g)
(iv) (c)
(v) (a)

Question 4.
Give Reasons:
(i) The rainforests are depleting.
Answer:
The rainforests are depleting because:

  • Big developmental activities that result in cutting of trees.
  • Setting up of large scale-industries after clearance of forest patches.
  • Floods can submerge them or wash away the top soil.

(ii) Paddy is grown in Ganga-Brahmaputra Plain.
Answer:
As paddy needs a sufficient amount of water and it rdins heavily in plains. Paddy is grown in the-Ganga-Brahmaputra plains.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Question 5.
Map Skills:
(i) On an outline map of Indian subcontinent, draw the rivers of Ganga and Brahmaputra from the source to the month. Also show the important tributaries of both the rivers.
Answer:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Devotional Paths to the Divine 1

(ii) On the political map of the South Africa, draw the equator. Mark the countries located on equator.
Answer:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Devotional Paths to the Divine 2
Countries : Ecuador, Columbia Peru and Brazil.

Question 6.
For Fun :
Make a collage to show places of attractions in India. You can divide the class in different groups to show attractions based on mountain landscapes, coastal beaches, wildlife, wildlife sanctuaries and places of historical importance.
Answer:
Students do yourself.

Question 7.
Activity:
Collect under mentioned material and observe how destruction of trees effect the soil cover.
Material:
(i) Three small flowerpots or food cans (example – cold drinks tin cans)
(ii) One big can with holes punched in the bottom (this will act as a sprinkling can),
(iii) Twelve coins or bottle caps
(iv) Soil.

Process:
Take three small cans or pots. Fill them with soil till the top. Press the soil to make it ‘ level with the top of the can. Now put four coins or bottle caps on the soil of each can. Take the big can that has been punched with ’ holes and fill it with water. You can also take the sprinkling can from your garden. Now, sprinkle water on the three cans. On the first can sprinkle water very slowly so that no soil s splashes out. Let moderate amount of water be sprinkled on the second can. On the third v. can, sprinkle the water heavily. You will observe that unprotected soil splashes out. Where the ‘rain’ is heavy the amount of soil that splashes out is the maximum and least in case of the first can. The coins or caps represent the tree covers. It is clear that if the land is cleared completely of the vegetation, the soil cover will quickly disappear.

HBSE 7th Class Geography Human Environment: Settlement, Transport and Communication Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What is a river’s mouth?
Answer:
The place where a river flows into another body of water is called river’s mouth.

Question 2.
What are Bromeliads?
Answer:
Bromeliads are special plants that store water in their lives.

Question 3.
What is population density?
Answer:
It means the number of people that live in 1 sq km. of area.

Question 4.
Which forests cover the Ganga-Brahmaputra deltaic regions?
Answer:
Mangrove forests.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Question 5.
Define Terrace farming.
Answer:
Terraces are built on steep slopes to create flat surface on which crop are grown.

Question 6.
Name the animals found in Amazon forest.
Answer:
Monkey, sloth and ant-eating tapirs:

Question 7.
How are people housed in the Ganga-Brahmaputra plain?
Answer:
Some families live in thatched houses shaped like beehives. There are other large apartment like houses called “Maloca” with a steep slanting roof.

Short Answer Type Questions

Question 1.
How have developmental activities adversely affected the rain¬forests?
Answer:

  • Development activities have led to gradual destruction of the biologically diverse rainforests.
  • A large area of rainforests have disappeared in the Amazon basin.
  • The top soil washes away as the rain falls and the lush forest converts into a barren landscrape.

Question 2.
What is slash and burn agriculture?
Answer:
Slash and burn is a way of cultivating land where farmers clear a piece of land by slashing or cutting down trees and bushes. After two or three crops, the soil loses fertility. So farmers abandon that patch and clear another plot of land to cultivate.

Question 3.
Write the climatic conditions of the Amazon basin.
Answer:

  • Amazon basin is characterised by hot and wet climate throughout the year.
  • Both days and nights are almost equally hot and humid.
  • It rains almost everyday.

Question 4.
How have the rainforests of the Amazon basin been made accessible?
Answer:

  • The Trans-Amazon highway have made all parts of the rainforests accessible.
  • Aircrafts and helicopters are also used to reach various places of the rainforests.

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 Human Environment: Settlement, Transport and Communication

Question 5.
How has the environment played a significant role in the distribution of the population?
Answer:
The mountain areas with steep slopes have inhospitable terrain. Therefore, less number of people live in the mountain area of the Ganga-Brahmaputra Basin. The plain area provides the most suitable land for human habitation. The soil is fertile. The density of the population of the people is also very high.

Question 6.
How is River Ganga polluted?
Answer:
River Ganga is polluted because the waste water from big towns and cities and industries is discharged into river. This leads to its pollutions.

Long Answer Type Questions

Question 1.
Why was tourism flourished in the Ganga-Brahmaputra basin?
Answer:
The places which are worth visiting in the Ganga-Brahmaputra basin :

  • Taj Mahal on the banks of river Yamuna in Agra.
  • Allahabad on the confluence of the River Ganga and Yamuna.
  • Buddhist stupas in Uttar Pradesh and Bihar.
  • Imambara in Lucknow.
  • Kaziranga and Manas wildlife sanctuaries in Assam.

Question 2.
Describe the variety of wildlife found in the Ganga- Brahmaputra basin.
Answer:

  • Elephants, tigers, deer and monkeys are common.
  • The one-horned rhinoceros is found in the Brahmaputra plains.
  • In the delta area, Bengal tigers, crocodiles and alligators are found.
  • Aquatic life abounds in the fresh river waters, the lakes and the Bay of Bengal. The popular varieties of the fishes are the – Rohu, Catla and Hilsa.

Map Time

Question I.
Mark the Amazon Basin and its neighbouring areas of it on a physical map of south America.
Solution:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Devotional Paths to the Divine 3

Question II.
Mark the location of the Ganga-Brahmaputra Basin on the Indian River Map long with the rivers.
Solution:
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 8 Devotional Paths to the Divine 4

Human Environment Interactions: The Tropical and the Subtropical Regions Class 7 HBSE Notes

  • Tropical Region : Region which lies around the equator between 10°N and 10°S latitudes.
  • Temperate Regions : Interior regions of continents receive less rainfall.
  • River Basin : A single river system which drains a certain area.
  • Seringuerious : Method of collecting rubber in Amazon Basin.
  • Shifting Agriculture : A system of constantly moving over a new field as old ones wear out.
  • Head Stream: The stream constituting the major sources of river to develop in later phase.
  • Tributaries : These are the small rivers that join the main river.
  • Rain Forests : A vegetation zone characterised by high rainfall (above 200 cm.) well distributed throughout the year and tropical evergreen trees.
  • Indigenous : Original occupants of the region.
  • Tsangpo : Name given to river Brahmaputra in Tibet.
  • Sasu : Blind dolphin.
  • Manioc : This is the staple food of the people of the Amazon basin.
  • Maloca : Large apartment iiWe houses with steeply slanting roofs.
  • Piranha : It is a type of fish that eats.

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HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 रेगिस्तान में जीवन

Haryana State Board HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 रेगिस्तान में जीवन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 रेगिस्तान में जीवन

HBSE 7th Class Geography रेगिस्तान में जीवन Textbook Questions and Answers

रेगिस्तान में जीवन HBSE 7th Class Geography प्रश्न 1.
निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) विश्व में कौन-से दो प्रकार के रेगिस्तान पाए जाते हैं?
उत्तर:
तापमान के आधार पर रेगिस्तान दो प्रकार के हो सकते हैं। गर्म तथा ठंडे रेगिस्तान।

(ख) सहारा रेगिस्तान किस महाद्वीप में स्थित है?
उत्तर:
अफ्रीका में।

(ग) लाख रेगिस्तान की जलवायुगत परिस्थितियाँ क्या
उत्तर :
लद्दाख की जलवायु शीतल और शुष्क है।

(घ) लद्दाख में पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण क्या
उत्तर:
गोंपा दर्शन तथा हिमनदों की सैर प्रमुख आकर्षण है।

(च) सहारा रेगिस्तान के लोग किस प्रकार के वस्त्र पहनते हैं।
उत्तर:
गर्म वायु से बचने के लिये ये लोग भारी वस्त्र पहनते

(छ) लद्दाख में उगने वाले पेड़ों के नाम बताएँ।
उत्तर:
लद्दाख में शरपत (विलो) और पापलर के वृक्ष उगते हैं।

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 रेगिस्तान में जीवन

रेगिस्तान में जीवन प्रश्न उत्तर HBSE 7th Class Geography प्रश्न 2.
सही उत्तर चिह्नित (√) कीजिए:
(क) सहारा अफ्रीका के किस भाग में स्थित है:
(i) दक्षिणी
(ii) उत्तरी
(iii) पश्चिमी
उत्तर:
(ii) उत्तरी।

(ख) सहारा किस प्रकार का रेगिस्तान है?
(i) ठंडा
(ii) गर्म
(iii) मृदु।
उत्तर:
(ii) गर्म।

(ग) लद्दाख रेगिस्तान के अधिकांश निवासी हैं:
(i) ईसाई एवं मुसलमान
(ii) बौद्ध एवं मुसलमान
(iii) ईसाई एवं बौद्ध।
उत्तर:
(ii) बौद्ध एवं मुसलमान।

(घ) रेगिस्तान की विशेषता है:
(i) विरल वनस्पति
(ii) अधिक वर्षण
(iii) अल्प जलवाष्पण
उत्तर:
(i) विरल वनस्पति।

(च) लद्दाख में ‘हेमिस’ प्रसिद्ध है:
(i) मंदिर
(ii) चर्च
(ii) बौद्ध मठ
उत्तर:
(ii) बौद्ध मठ।

(छ) मिन निम्नलिखित फसल के लिए प्रसिद्ध है:
(i) गेहूँ
(ii) मकई
(ii) कपास
उत्तर:
(iii) कपास।

रेगिस्तान में जीवन कक्षा 7 HBSE Geography प्रश्न 3.
निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए:

(क) मरुउद्यान(i) लीबिया
(ख) बिड्इन(ii) बौद्ध मठ
(ग) तेल(iii) हिमनद
(घ) गैंग्री(iv) जल के साथ गर्त
(च) लामायुरू(v) सहारा

उत्तर:
(क) (iv)
(ख) (v)
(ग) (i)
(घ) (iii)
(ङ) (ii)

प्रश्न 4.
कारण बताइए:
(क) रेगिस्तान में अत्यल्प वनस्पति होती है।
उत्तर:
रेगिस्तान में अल्प वनस्पति का कारण वह की जब वायु तथा मृदा है रेगिस्तान में वर्षा नदी के बराबर होती है। तथा मृदा अनुपजाऊ और आर्द्रता रहती होती है।

(ख) सहारा रेगिस्तान के लोग भारी वस्त्र पहनते हैं।
उत्तर:
सहारा मरुस्थल की जलवायु अति गर्म है। यहाँ गर्म पवनें चलती हैं तथा धूल उड़ती है। इसलिये धूल तथा गर्म पवनों से बचने के लिये लोग भारी वस्त्र पहनते हैं।

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 रेगिस्तान में जीवन

प्रश्न 5.
मानचित्र कौशल:
(क) अफ्रीका के मानचित्र पर सहारा रेगिस्तान को चिह्नित करें।
(घ) गैंग्री
(ख) भारत के रूपरेखा मानचित्र पर काराकोरम श्रेणी, जासकर श्रेणी, लद्दाख एवं जोजीला दर्रा को चिह्नित करें।
उत्तर:
छात्र JPH एटलस की सहायता से स्वयं करें।

प्रश्न 6.
आओ खेलें: रेगिस्तानी खेल
कक्षा में किए जा सकने वाले इस क्रियाकलाप में सभी विद्यार्थी सम्मिलित हो सकते हैं। शिक्षक/शिक्षिका रेगिस्तानी जंतुओं की सूची बनाएंगे। सूची में जंतुओं की संख्या उतनी ही होगी जितनी कि कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या। स्तनपायी, चिड़ियों एवं सरीसृप जंतुओं की श्रेणियों से जंतुओं को चुना जा सकता है। स्तनपायी जंतुओं में ऊँट, याक, लोमड़ी, भेड़, बकरी, एंटीलोप आदि. चिड़ियों में रैवेन, चील, गिद्ध, टर्की आदि तथा सरीसृप में साँप प्रजातियाँ सम्मिलित किए जा सकते हैं।

प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक रेगिस्तानी जंतु निर्धारित करें। छात्र से उस जंतु के तीन लक्षणों को सादे कागज पर लिखने के लिए कहें। (विद्यार्थी 10 सेंटीमीटर x 15 सेंटीमीटर आकार के सूची पत्र का उपयोग कर सकते हैं।) किस प्रकार के रेगिस्तान में ये पाए जाते हैं ? अनुकूलता के प्रकार ? मानव के लिए उपयोगिता जैसे प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकते हैं।

अनुमान के खेल में ये लक्षण संकेतों के रूप में उपयोग किए जाएँगे। एक बोर्ड पर तीन कॉलम बनाएँ – स्तनपायी जीव, चिड़िया एवं सरीसृप। प्रत्येक श्रेणी के नीचे कॉलम में एक कागज चिपकाएँ। कक्षा को तीन-चार भागों में विभाजित कर सकते हैं। इस ‘रेगिस्तानी खेल’ में वे एक-दूसरे के साथ स्पर्धा करेंगे। अब प्रत्येक समूह सही उत्तर जानने का प्रयास करेगा। कक्षा को समझाएँ कि वे अनुमान करें कि कागज़ पर दी गई विशेषताएँ किस जंतु से मिलती हैं। जैसे :

  • गर्म रेगिस्तान के पशु।
  • रेत से बचने के लिए दोहरी बरौनियाँ होती हैं।
  • खाल से पानी की बोतलें बनाई जाती हैं।

सही उत्तर ‘ऊँट’ है। विद्यार्थियों में से किसी एक ने इस जंतु पर कार्ड बनाया होगा। उस विद्यार्थी को उत्तर नहीं देना होगा। सही उत्तर के लिए दस अंक दिए जाएँ। इस खेल से विद्यार्थी रेगिस्तान को समझ सकेंगे। इसी खेल को आप विभिन्न प्रकार के फल-फूल तथा लोगों के वस्त्र आदि को उदाहरण के रूप में लेकर भी खेल सकते हैं।

बहुविकल्पी प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:
1. सहारा में चलवासी …………………. तथा …………………. लोग हैं।
2. हिमालय पार की स्थिति से लद्दाख में …………………. बहुत विकसित है।
3. सहारा रेगिस्तान का मुख्य पशु …………………. है।
4. लद्दाख का मुख्य पशु …………………. है।
5. रेगिस्तान में आबादी तथा वनस्पति केन्द्रण …………………. .हैं।
6. …………………. मरुस्थल में वे स्थान है जहाँ आबादी दिखाई पड़ती है।
7. सहारा …………………. के नाम से भी जाना जाता है।
8. सहारा का क्षेत्रफल …………………. वर्ग कि. मी. है।
9. विश्व में सबसे बड़ा मरुस्थल …………………. है।
उत्तर:
1. बिडूइन और टयूरंग
2. पर्यटन
3. ऊँट
4. याक
5. मरुउद्यान
6. मरुउद्यान
7. अल खेला
8. मिलियन
9. सहारा।

प्रश्न 2.
बताइये कि निम्न कथन सत्य हैं अथवा असत्य:
1. बौद्ध मठों को गोम्पा कहते है।
2. सहारा रेल व सड़क द्वारा जुड़ा है।
3. याक को सहारा में रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है।
4. सहारा मरुस्थल विश्व का सबसे ठंडा मरुस्थल है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. असत्य
4. असत्य
5. सत्य।

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प्रश्न 3.
निम्न के जोड़े बनायें :

‘क’‘ख’
1. ऊँट(क) लद्दाख
2. याक(ख) सहारा
3. लेह(ग) चलवासी
4. बिडइन(घ) बौद्ध
5. गोम्पा(ङ) राजधानी

उत्तर:
1. (ख)
2. (क)
3. (ङ)
4. (ग)
5. (घ)

प्रश्न 4.
सही उत्तर चुनें:
1. अल खेला नाम है:
(क) सहारा मरुस्थल का
(ख) थार मरुस्थल का
(ग) लद्दाख का
(घ) राजस्थान मरुस्थल का
उत्तर:
(क) सहारा मरुस्थल का।

2. मरुउद्यान मरुस्थल में वे स्थल हैं जहाँ पर कुछ:
(क) जल पाया जाता है
(ख) वनस्पति पाई जाती है
(ख) बस्तियाँ पाई जाती हैं
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(घ) उपरोक्त सभी

3. सहारा में औसत वार्षिक वर्षा है:
(क) 50 से.मी.
(ख) 25 से.मी.
(ग) 45 से.मी.
(घ) 30 से.मी.
उत्तर:
(ख) 25 से.मी.

4. सहारा मरुस्थल है:
(क) अफ्रीका में
(ख) इराक में
(ग) तिब्बत में
(घ) चीन में
उत्तर:
(क) अफ्रीका में।

5. कौन-सा धर्म लद्दाख में आज भी जीवित है ?(
क) हिन्दू
(ख) ईसाई
(ग) ताओं
(घ) बौद्ध
उत्तर:
(घ) बौद्ध।

HBSE 7th Class Geography रेगिस्तान में जीवन Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सहारा की प्रमुख वनस्पति का नाम लिखो।
उत्तर:
नागफनी, कीकर, अकेसिया जैसी कंटीली झाडियाँ।

प्रश्न 2.
मरुउद्यान क्या है?
उत्तर:
मरुस्थलीय भाग में किसी जलराशि के आस-पास पाये जाने वाले आबादी वाले प्रदेश को मरुउद्यान कहते हैं।

प्रश्न 3.
सहारा किस प्रकार मरुस्थल में बदल गया?
उत्तर:
लाखों वर्ष पहले सहारा वनस्पति से ढका हुआ था। लेकिन मानव क्रियाओं और प्राकृतिक दशाओं के कारण यह एक मरुभूमि में बदल गया।

प्रश्न 4.
मरुस्थल के कितने प्रकार हैं?
उत्तर:
मरुस्थल दो प्रकार के होते हैं:

  • गर्म मरुस्थल
  • ठंडे मरुस्थल

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प्रश्न 5.
सहारा मरुस्थल में कौन-सी कृषि की जाती है?
उत्तर:
सहारा मरुस्थल में मरुउद्यान में खजूर तथा मोटे अनाजों की कृषि की जाती है।

प्रश्न 6.
लद्दाख से होकर बहने वाली नदियों के नाम लिखें।
उत्तर:
सिन्धु नदी लद्दाख के बीच से होकर बहती है इसके अतिरिक्त शोक शुरू तथा जस्कर अन्य नदियाँ है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
लद्दाख क्षेत्र की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
लद्दाख भारत के जम्मू-कश्मीर प्रान्त के पूर्वी भाग में स्थित है। इसकी विशेषता है कि यह क्षेत्र उच्च पर्वत भू-भाग से घिरा है तथा यहाँ शुष्कता अधिक है। वर्षा नाममात्र की है।

प्रश्न 2.
लद्दाख में किस प्रकार की कृषि की जाती हैं?
उत्तर:
लद्दाख अति ठंडा मरुस्थल है लकिन यहाँ धूप इतनी तेज होती है कि फसलें शीघ्र ही पक जाती हैं। इसलिये कुछ क्षेत्रों में गेहूँ पैदा किया जाता है। कुछ क्षेत्रों में जौ पैदा होता है।

प्रश्न 3.
लद्दाख की भौगोलिक स्थिति बताइये।
उत्तर:
लद्दाख भारत के उत्तरी-पूर्वी भाग में स्थित है। यह जम्मू और कश्मीर प्रांत में है। यह काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों से घिरा है। लद्दाख 4000 मी. की ऊँचाई पर है। यहाँ कई दर हो जोजीला दर्श कश्मीर घाटी और लद्दाख के मध्य है।

प्रश्न 4.
सहारा रेगिस्तान की जलवायु दशाएँ क्या हैं?
उत्तर:
सहारा रेगिस्तान की जलवायु अत्यधिक गर्म एवं | शुष्क है। यहाँ वर्षा अल्पकाल के लिए होती है। आकाश बादल रहित एवं स्वच्छ होता है। दिन अत्यधिक गर्म होते हैं, जबकि रातें अत्यधिक ठंडी होती हैं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
लद्दाखी लोगों की जीवनचर्या को बदलने के लिये सरकार ने क्या कदम उठाये हैं?
उत्तर:
लद्दाखी लोगों की जीवनचर्या बदलने के लिये सरकार ने निम्न कदम उठाये हैं :

  1. पर्यटन उद्योग को विकसित किया जा रहा है।
  2. संचार के साधनों में सुधार किया जा रहा है।
  3. जल विद्युत परियोजनाओं के विकास से जल संसाधनों की क्षमता का दोहन किया जा रहा है।
  4. सिंचाई सुविधाओं का विकास करना।
  5. पारम्परिक वृक्षों को लगाना।
  6. स्थानीय जानवरों की नस्लों को सुधारना।

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 10 रेगिस्तान में जीवन

प्रश्न 2.
सहारा तथा लद्दाख के लोगों के जीवन की तुलना करें।
उत्तर:
सहारा के लोगों का जीवन (Life of the People of Sahara) : सहारा अफ्रीका का गर्म मरुस्थल है। यहाँ के लोग अधिकतर अरब के मुसलमान हैं। अधिक गर्मी के कारण यहाँ के लोग मरुउद्यान के आसपास स्थायी रूप से रहते हैं अन्यथा अधिकतर लोग चलवासी जीवन व्यतीत करते हैं। मरुउद्यान के समीप लोग छोटे-छोटे गाँवों में रहते हैं। ये लोग खजूर उगाते हैं।

यही यहाँ की मुख्य फसल है। चलवासी लोग अपने जानवरों जिनमें ऊँट, भेड़, बकरी आदि होते हैं के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान जाते हैं। इनका भोजन दूध, माँस आदि होता है। ये लोग ऊपर से नीचे तक ढकने वाले वस्त्र पहनते हैं जिसे चोगा कहा जाता है। यह इनको गर्म हवाओं से बचाता है। यहाँ के ये लोग बदू (बेदुइन) कहलाते हैं। कुछ लोग बैरवर्स कहलाते हैं जो अरब के मुस्लिम हैं।

लद्दाख के लोगों का जीवन (Life of the People of Ladakh) : लद्दाख भारत के जम्मू तथा कश्मीर राज्य का उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र है। यह ठंडा मरुस्थल है। यह कराकोरम पर्वत तथा हिमालय पर्वत से घिरा हुआ है। यह भाग पर्वतों के कारण अन्य भागों से अलग पड़ जाता है। जाड़ों में यहाँ अधिक सर्दी होती है।

लद्दाख में अधिकतर मुसलमान रहते हैं। यहाँ बौद्ध धर्म के अनुयायी – भी हैं। ये लोग एक समूह के रूप में काम करते हैं। इस क्षेत्र में सरकार ने कुछ जल विद्युत केन्द्र भी बना दिये हैं। यहाँ के कुछ लोग चलवासी जीवन भी व्यतीत करते हैं जो अपनी भेड़ तथा बकरियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भोजन की तलाश में ले जाते हैं। लद्दाख को प्राय: छोटा तिब्बत कहा जाता है क्योंकि यहाँ की सभ्यता कुछ सीमा तक तिब्बत की सभ्यता से मिलती-जुलती है।

रेगिस्तान में जीवन Class 7 HBSE Notes in Hindi

1. सहारा मरुस्थल (Sahara Desert) : सहारा मरुस्थल अफ्रीका में स्थित विश्व का सबसे बड़ा मरुस्थल है तथा उत्तरी अफ्रीका में पश्चिम में अटलांटिक महासागर से पूर्व में लाल सागर तक फैला है। एटलस पर्वत इसके दक्षिण-पश्चिम में हैं। सहारा मरुस्थल का एक चौथाई भाग रेत से ढका है। मरुस्थल में कहीं-कहीं मरुउद्यान (Oasis) पाये जाते हैं। ताजे पानी की प्रमुख झील चाड है।

2. जलवायु (Climates) : सहारा में गर्म तथा शुष्क जलवायु पाई जाती है। विश्व का सबसे अधिक तापमान यहाँ रिकार्ड किया गया है। अधिकतम तापमान 55° से. तक चला जाता है। वर्षा बिल्कुल नहीं है।

3. प्राकृतिक वनस्पति (Natural Vegetation) : सहारा में शुष्क और गर्म जलवायु होने के कारण वनस्पति नहीं के बराबर मिलती है। यहाँ नागफनी, कीकर अकेसिया आदि वृक्ष पाये जाते हैं।

4. कृषि (Agriculture) : मरुउद्यानों के पास खजूर मोटे अनाज सब्जियाँ आदि उगाई जाती हैं। ऊँट यहाँ का प्रमुख जानवर है।

5. लद्दाख (Ladakh) : लद्दाख भारत के जम्मू और कश्मीर प्रान्त के पूर्वी भाग में स्थित है। यह क्षेत्र ऊँचे पर्वत तथा भू-भाग की शुष्कता के लिये प्रसिद्ध है। इसका कुल क्षेत्रफल 98000 वर्ग कि.मी. है। लद्दाख में कई दरें हैं जो 4800 मी. की ऊंचाई पर हैं। यह प्रदेश छाया प्रदेश में आ जाता है इसलिये यहाँ वर्षा बहुत कम होती है।

6. कृषि (Agriculture) : यद्यपि यह एक ठंडा मरुस्थल है किंतु तेज धूप के कारण फसलें शीघ्र पक जाती हैं। यहाँ मई में फसल बोई जाती है और सितम्बर में काट ली जाती है। 3000 मी. के नीचे के क्षेत्रों में गेहूँ मुख्य फसल है। अन्यत्र जौ पैदा की जाती है। फलों की भी खेती की जाती है। जैसे सेब, तरबूज, अंगूर, शहतूत आदि तथा भिन्न प्रकार की सब्जियाँ उगाई जाती हैं। सभी लोग पशु रखते हैं। जैसे गाय, भेड़, बकरियाँ आदि। लेह लद्दाख की राजधानी हैं और व्यापारिक तथा प्रशासनिक नगर है। लद्दाख में पर्यटन विकसित है जो लोगों की आय का प्रमुख स्रोत हैं।

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HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन

Haryana State Board HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन

HBSE 7th Class Geography प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन Textbook Questions and Answers

प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन HBSE 7th Class Geography प्रश्न 1.
निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) वनस्पतियों का विकास किन दो कारकों पर अधिकतर निर्भर करता है?
उत्तर:
तापमान तथा वर्षा।

(ख) प्राकृतिक वनस्पतियों की तीन मुख्य श्रेणियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर:
प्राकृतिक वनस्पति को निम्न तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • वन
  • घासस्थल
  • काँटेदार झाड़ियाँ।

वन उपयुक्त तापमान व वर्षा वाले क्षेत्रों में उगते हैं। घासभूमियाँ मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित होती हैं। काँटेदार झाड़ियाँ शुष्क क्षेत्रों में होती हैं।

(ग) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के दो दृढ़ काष्ठ वाले पेड़ों के नाम बताएँ।
उत्तर:
1. महोगनी
2. रोजवुड।

(घ) विश्व के किस भाग में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं?
उत्तर:
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन भूमध्य रेखा के आसपास अमेजन तथा ओरोनिको नदी और जायरे तथा कांगो बेसिन में पाए जाते हैं।

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन

(ङ) नींबू-वंश (सिटूस) के फल किस जलवायु में उगाए जाते हैं?
उत्तर:
भूमध्यसागरीय जलवायु में।

(च) शंकुधारी वन के कोई चार उपयोग बताएँ।
उत्तर:
शंकुधारी वनों के उपयोग (Uses of coniferous forest) :

  1. इन वनों के वृक्षों का उपयोग लुगदी बनाने के लिए किया जाता है।
  2. इससे कागज बनाया जाता है।
  3. इन वनों के वृक्षों की लकड़ी का उपयोग माचिस और पैकिंग के लिए बक्से बनाने में भी किया जाता है।
  4. खेल का सामान बनाने में भी इन वृक्षों की लकड़ी का उपयोग किया जाता है।

(छ) विश्व के किन भागों में मौसमी घासस्थल पाए जाते हैं?
उत्तर:
मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में तथा महाद्वीपों के भीतरी भागों में घासस्थल पाए जाते हैं।

प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन प्रश्न उत्तर HBSE 7th Class Geography प्रश्न 2.
सही उत्तर चिह्नित (√) कीजिए:
(क) काई एवं लाइकन पाए जाते है।
(i) रेगिस्तानी वनस्पति में
(ii) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन में
(iii) टुंडा वनस्पति में
उत्तर:
(iii) टुंड्रा वनस्पति में।

(ख) काँटेदार झाड़ियाँ मिलती हैं:
(i) गर्म एवं आर्द्र, उष्णकटिबंधीय जलवायु में
(ii) गर्म एवं शुष्क, रेगिस्तानी जलवायु में
(iii) ठंडी ध्रुवीय जलवायु में
उत्तर:
(i) गर्म एवं शुष्क रेगिस्तानी जलवायु में।

(ग) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का एक सामान्य जानवर
(i) बंदर
(ii) जिराफ
(iii) ऊँट
उत्तर:
(i) बंदर।

(घ) शंकुधारी वन की एक महत्त्वपूर्ण वृक्ष प्रजाति:
(i) रोजवुड
(ii) चीड़
(iii) सागवान
उत्तर:
(i) चीड़।

HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन

(ङ) स्टेपी घासस्थल पाए जाते हैं:
(i) दक्षिण अफ्रीका
(ii) आस्ट्रेलिया
(iii) रूस
उत्तर:
(ii) रूस।

प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीव संरक्षण HBSE 7th Class Geography प्रश्न 3.
निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाएँ:

(क) वालरस(i) नरम काष्ठ पेड़
(ख) देवदार का वृक्ष(ii) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन का एक जानवर
(ग) जैतून(iii) एक ध्रुवीय जानवर
(घ) हाथी(iv) आस्ट्रेलिया का शीतोष्ण घासस्थल
(ङ) कंपोस(v) एक नींबू-वंश (सिट्रस) का फल
(च) डाउन(vi) ब्राजील के उष्णकटिबंधीय घासस्थल

उत्तर:
(क) (iii)
(ख) (i)
(ग) (v)
(घ) (i)
(ङ) (vi)
(च) (iv)

प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीव HBSE 7th Class Geography प्रश्न 4.
कारण बताइए:
(क) ध्रुवीय प्रदेशों में रहने वाले जानवरों की फर एवं त्वचा मोटी होती है।
उत्तर:
ध्रुवीय प्रदेशों में रहने वाले जानवरों की फर एवं त्वचा मेंटी होती है क्योंकि ये प्रदेश अति शीतल हैं। यह इन्हें ठंडी जलवायु में सुरक्षित रखते हैं। ये जानवर सौल, वालरस, बर्फीली लोमड़ी आदि हैं।

(ख) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन, शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।
उत्तर:
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन भारत, उत्तरी आस्ट्रेलिया एवं मध्य अमेरिका के बड़े भागों में पाए जाते हैं। इन क्षेत्रों में मौसमी परिवर्तन होते रहते हैं। जल संरक्षित रखने के लिए शुष्क मौसम में वृक्ष अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।

(ग) वनस्पति के प्रकार एवं सघनता एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदलती रहती है।
उत्तर:
वनस्पति के प्रकार एवं सघनता एक स्थान से दूसरे स्थान बदलती रहती है क्योंकि वनस्पति की वृद्धि तापमान एवं आर्द्रता पर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त भूमि की ढाल एवं मिट्टी की परत की मोटाई भी वनस्पति पर प्रभाव डालती है।

प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी Class 7 Question Answer HBSE प्रश्न 5.
क्रियाकलाप :
(क) विश्व के विभिन्न भागों के वनों एवं घासस्थलों के चित्र एकत्र करें। प्रत्येक चित्र के नीचे इससे संबंधित एक वाक्य लिखें।
(ख) वर्षा वन, घासस्थल एवं शंकुधारी वन का एक कोलाज बनाएँ।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 6.
आओ खेलें : (Let’s Fun)
दी गई वर्ग पहेली में शब्द छिपे हैं। ये सब वनस्पतियों एवं वन्य जीवों से संबंधित हैं। ये शब्द क्षैतिज एवं उर्ध्वाधर रूप में दिए गए हैं। इनसे दो शब्दों की पहचान आपके लिए की गई है। अपने दोस्त से मिलकर बाकी शब्दों की पहचान करें।
HBSE 7th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन 1

बहुविकल्पी प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:
1. एक ………………. में जानवर और पौधे एक साथ रहते हैं।
2. यूरेशिया (रुस) में शीतोष्ण घासस्थलों को ………………. कहते हैं।
3. शंकुधारी वनों को ………………. भी कहते हैं।
4 ……………….. वनों को सेल्वास तथा भूमध्यरेखीय वन भी कहते हैं।
5. ………………. आई और गर्म जलवायु में अच्छी प्रकार उगते हैं।
6. पृथ्वी पर पौधों की प्राकृतिक वृद्धि जो बिना किसी प्रयत्न के होती है उसे ………………. कहते हैं।
7. ………………. प्रमुख रूप से शुष्क भागों में पाए जाते
8. ………………. विश्व का सबसे बडा साँप है।
9. उष्णकटिबंधीय सदाहरित वनों का दूसरा नाम ………………..
10. कँटीले वनों में वार्षिक वर्षा ………………. सेमी. होती
उत्तर:
1. पर्यावरण
2. स्टेपीज
3. टैगा
4. उष्णकटिबंधीय सदाहरित
5. वन
6. प्राकृतिक वनस्पति
7. कँटीले वन
8. एनाकोंडा
9. सेल्वास
10. 50 से.मी.

प्रश्न 2.
बताइए कि निम्न कथन सत्य हैं अथवा असत्य :
1. पृथ्वी का वनस्पति आवरण मानव क्रियाओं द्वारा प्रभावित होता है।
2. पौधों को अपनी वृद्धि के लिए वायु, प्रकाश तथा जल की आवश्यकता नहीं होती।
3. शीतोष्ण क्षेत्रों में पौधों की अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
4. उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वनों को मानसून वन भी कहते हैं।
5. भूमध्यसागरीय प्रदेशों में औसत वर्षा 80 से.मी. है जो सर्दियों में होती है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. असत्य
4. सत्य
5. सत्य।

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प्रश्न 3.
निम्न के जोड़े बनाएँ :

‘क’‘ख’
(i) पूवो अफ्रीका(क) लानोस
(ii) ब्राजील(ख) डान
(iii) वेनेजुएला(ग) प्रेअरी
(iv) अर्जेन्टीना(घ) स्टेपी
(v) उत्तरी अमेरिका(ङ ) पैंपास
(vi) दक्षिण अफ्रीका(च) सवाना
(vii) मध्य एशिया(छ) वेल्ड
(viii) ऑस्ट्रेलिया(ज) कंपोस

उत्तर:
(i) (च)
(ii) (ज)
(iii) (क)
(iv) (ङ)
(v) (ग)
(vi) (छ)
(vii) (घ)
(viii) (ख)

प्रश्न 4.
सही उत्तर चुनें :
1. इनमें से कौन-सी उष्ण और आर्द्र जलवायु की वनस्पति है?
(क) वन
(ख) झाड़ियाँ
(ग) घासभूमियाँ
(घ) कटीले वन
उत्तर:
(क) वन।

2. निम्न में से किस तापमान से कम पर पौधे कम उगते है?
(क) 10° से.
(ख) 15° से.
(ग) 6° से.
(घ) 20° से.
उत्तर:
(ग) 6° से.।

3. इनमें से कौन-सी वनस्पति ध्रुवीय वनस्पति के रूप में जानी जाती हैं?
(क) मरुस्थलीय वनस्पति
(ख) टुंड्रा वनस्पति
(ग) शीतोष्ण घासभूमियाँ
(घ) ज्वारीय वन
उत्तर:
(ख) टुंड्रा वनस्पति।

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4. प्राकृतिक वनस्पतियों में परिवर्तन का मुख्य कारण हैं:
(क) जलवायु में परिवर्तन
(ख) मृदा
(ग) आर्द्रता
(घ) वर्षा
उत्तर:
(क) जलवायु में परिवर्तन।

5. फीजेंट और मोनाल जैसे पक्षी पाए जाते हैं:
(क) शीतोष्ण सदाबहार वन
(ख) शीतोष्ण पर्णपाती वन
(ग) उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन
(घ) उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन
उत्तर:
(ख) शीतोष्ण पर्णपाती वन।

HBSE 7th Class Geography प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन Important Questions and Answers

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों की लकड़ी के मुख्य उपयोग क्या हैं?
उत्तर:
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों की लकड़ी फर्नीचर, यातायात तथा निर्माण सामग्री बनाने में प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 2.
वन्य जीवन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
वन्य जीवन से तात्पर्य है कि प्राकृतिक क्षेत्र में पाए जाने वाले पशु-पक्षी तथा अन्य जीव-जंतु जो अपने अनुकूल वातावरण में रहते हैं।

प्रश्न 3.
कौन-सी मानव क्रियाओं से वन्य प्राणी लुप्त हो रहे हैं?
उत्तर:
अनेक प्रकार की मानव क्रियाएँ जैसे शिकार, निवनीकरण, कृषि तथा खनन आदि से बहुत से आनवर लुप्त हो रहे हैं।

प्रश्न 4.
घासस्थल क्या है?
उत्तर:
घास के विशाल मैदान हैं जो औसत वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित हैं।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सवाना घासभूमियाँ क्या हैं? इनकी विशेषता बताएँ।
उत्तर:
सवाना घासभूमियाँ उष्णकटिबंधीय घासभूमियाँ हैं। इन घासभूमियों की विशेषता यह है कि यहाँ घास दो मी. तक लंबी हो जाती हैं। इन घासभूमियों का उपयोग कृषि के लिए किया जाने लगा है।

प्रश्न 2.
शीतोष्ण पर्णपाती वनों की विशेषताएँ लिखो।
उत्तर:

  1. ये वन ठंडी जलवायु तथा औसत वर्षा वाले भागों में पाए जाते हैं।
  2. इन वनों के वृक्ष पर्णपाती होते हैं।
  3. ये वृक्ष अपनी पत्तियाँ शुष्क मौसम में गिरा देते हैं।

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प्रश्न 3.
वन्य जीवों के जीवित रहने के लिए वन क्या प्रदान करते हैं?
उत्तर:
वन वन्य जीवों के लिए अनुकूल क्रियाशील तथा प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं। वन जानवरों के लिए भोजन तथा जल प्रदान करते हैं तथा आश्रय देते हैं।

प्रश्न 4.
ज्वारीय वन क्या है? वर्णन करें।
उत्तर:
ये वन डेल्टाई क्षेत्रों में विशेषकर गंगा, महानदी आदि के डेल्टा में उगते हैं। समुद्र का ज्वारीय जल जो उच्च ज्वार के समय स्थल भाग में आ जाता है, इन वनों की घनी वृद्धि का निर्धारण करता है। इन वनों में सुंदरी नाम का वृक्ष बहुतायत में उगता है इसलिए इन्हें सुंदरबन भी कहते हैं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों की विशेषताएँ लिखो।
उत्तर:
इन वनों को मानसूनी वन भी कहते हैं। इनकी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं :

  1. इन वनों के वृक्ष शुष्क ऋतु में वृक्ष अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।
  2. वृक्षों के नीचे झाड़ियाँ उग आती हैं।
  3. ये वन 100 से 200 से.मी. वर्षा वाले भागों में पाए जाते हैं।
  4. इन वनों की लकड़ी फर्नीचर एवं मकान बनाने में बहुत उपयोगी है।
  5. साल, सागवान, नीम तथा शीशम यहाँ के प्रमुख वृक्ष हैं। 6. इन वनों में बाघ, शेर, हाथी. बंदर आदि पाए जाते हैं।

प्रश्न 2.
भूमध्यसागरीय वनों की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:

  1. ये वन महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर पाए जाते हैं।
  2. इन वनों के वृक्षों की पत्तियाँ चौड़ी, लंबी जड़ें तथा मोटी छाल होती है।
  3. ओक, जैतून, अंजीर प्रमुख वृक्ष होते हैं।
  4. सिट्रस फलों के लिए ये वन मशहूर हैं।
  5. यहाँ वन्य जीवन बहुत कम हैं।

प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन Class 7 HBSE Notes in Hindi

1. प्राकृतिक वनस्पति के प्रकार (Types of Natural Vegetation) : भिन्न जलवायु और उच्चावच के कारण भिन्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति पाई जाती है। यह निम्न मुख्य प्रकारों में विभाजित की जा सकती है।
(i) उष्णकटिबंधीय सदाहरित वन (Tropical Evergreen Forest) : ये वन अमेजन नदी बेसिन, जायरे और कांगो बेसिन में पाए जाते हैं। इन वनों में कठोर लकड़ी के वृक्ष जैसे-महोगनी, रोजवुड, इबोनी आदि के वृक्ष होते हैं।

(ii) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन अथवा मानसूनी बन (The Tropical Deciduous Forests) : ये वन मानसून एशिया, मध्य अमेरिका के कुछ भागों में, ब्राजील और आस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं। इन वनों में साल, टोक, चंदन, शीशम, बाँस आदि के वृक्ष होते हैं। ये वृक्ष विशेष मौसम में अपनी पत्तियाँ झाड़ देते हैं।

(iii) शीतोष्ण सदाहरित वन (Temperate Evergreen Forests) : महाद्वीपों के पूर्वी भाग में इस प्रकार के वन पाए जाते हैं। चीन, जापान, दक्षिण-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका और न्यूजीलैंड, दक्षिणी-पूर्वी ब्राजील आदि में इस प्रकार के वन पाए जाते हैं। ये कठोर लकड़ी के मिश्रित वन हैं। इन वनों के प्रमुख वृक्ष हैं-ओक, पाइन, वालनट, यूकेलिप्टस आदि।

(iv) शीतोष्ण पर्णपाती वन (Temperate Deciduous Forests): वे वन तटीय क्षेत्रों में ठंडी जलवायु तथा औसत वर्षा वाले भागों में पाए जाते हैं। ये भाग हैं – पश्चिमी यूरोप, दक्षिण-पूर्वी चीन, जापान, उत्तर-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका और न्यूजीलैंड। ओक, पोपलर आदि प्रमुख वृक्षा हैं।

(v) भूमध्यसागरीय वन (Mediterrenean Vegetation) : ये वन महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर दोनों गोलाद्धों में पाए जाते हैं। ओक, जैतून, अंजीर, ऐश बीच तथा नींबू वंश के फल जैसे अंगूर आदि के वृक्ष यहाँ मिलते हैं।

(vi) शुकधारी वन (Coniferous Forests) : ये वन 50° उत्तरी अक्षांश से 70° उत्तरी अक्षांश के मध्य पाए जाते हैं। इन्हें टैगा वन भी कहते हैं। इन वृक्षों की पत्तियाँ नुकीली सूई जैसी होती हैं। ये 50 मी. तक लंबे होते हैं। ये मुलायम लकड़ी के वृक्ष हैं। इनमें चीड़, देवदार, लार्च आदि के वृक्ष होते हैं।

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(vii) कंटीले वन (The Thorn Forests) : ये वन 50 से.मी. से कम वर्षा वाले भागों में पाए जाते हैं। इन वनों के वृक्षों की जड़े लंबी और पत्तियाँ मोटी तथा काँटेदार होती हैं। ये वन राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दक्कन पठार के शुष्क क्षेत्र व मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं।

(viii) चारीय वन (Tidal Forests) : इस प्रकार के वन डेल्टाओं में पाए जाते हैं। विशेषकर गंगा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा आदि नदियों के डेल्टाओं में। गंगा डेल्टा के मैंग्रोव वनों में सुंदरी नामक वृक्ष अधिकतर पाया जाता है। दूसरा वृक्ष केसरीना है जिससे नाव बनाई जाती है।

(ix) उष्णकटिबंधीय घासभूमियाँ (Tropical Grasslands) : इन्हें सवाना के नाम से भी जानते हैं। ये घासस्थल ब्राजील के पठार, भारत के दक्कन पठार तथा उत्तरी आस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं।

(x) शीतोष्ण घास भूमियाँ (Temperate Grasslands) : ये घासभूमियाँ महादीपों के आंतरिक भागों और मध्य अक्षांशों में पाई जाती हैं। ये घासभूमियाँ भिन्न नामों से जानी जाती है, जैसे उत्तरी अमेरिका में प्रेरीज, दक्षिण अमेरिका में पंपास, अफ्रीका में वेल्ड एशिया में स्टेपीज तथा आस्ट्रेलिया में डाउन कहलाती हैं।

(xi) मरुस्थलीय वनस्पति (Desert Vagetation) : इनमें काँटेदार झाड़ियाँ जैसे नागफनी तथा लंबी घास आदि होती है।

(xii) टुंड्रा वनस्पति (Tundra Vegetation) : उत्तरी ध्रुव के आसपास इस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है। यहाँ वृक्ष नहीं उगते। टुंड्रा क्षेत्र की प्रमुख वनस्पति काई, लिचेन तथा घासें आदि होती हैं।

2. वन्य जीवन (Wildlife) : वन्य जीवन हमारे पर्यावरण का प्रमुख भाग है। वन्य क्षेत्र जानवरों के लिए अनुकूल क्रियाशील तथा प्राकृतिक निवास है। जानवर अपने अनुकूल पर्यावरण में ही रहते हैं। उष्ण कटिबंधीय वनों में बंदर, वानर, चमगादड़, छिपकली, उड़ने वाली गिलहरी आदि पाई जाती है। वनस्पति पर निर्भर करने वाले जानवर जैसे हाथी, जेब्रा, हिरन, एंटीलोप आदि उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों में पाए जाते हैं। मांसाहारी जानवर शेर, चीता, भेड़िया आदि हैं। मरुस्थलों में ऊँट पाया जाता है। ठंडे वन क्षेत्रों में रेडियर, ध्रुवीय भालू, मिक, रजत लोमडी, सील आदि पाए जाते हैं।

3. वन्य जीव संरक्षण (Conservation of wildlife) : भारत सरकार जो वन्य जीव संरक्षण के लिए कई कदम उठाए हैं। भारत से वर्तमान समय में 86 राष्ट्रीय उद्यान 480 वन्य जीव अभ्यारण्य तथा. 17 शेर सुरक्षित स्थल हैं।

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