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	<title>Haryana Board Solutions</title>
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	<description>Haryana Board Solutions for Class 12, 11, 10, 9, 8, 7, 6 and 5</description>
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions-chapter-9-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:51:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन बहुविकल्पीय प्रश्न: 1. हाइड्रोजन के लिए कौन-सा उपयुक्त है- (1) एक अपचायक (2) एक ऑक्सीकारक (3) ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही (4) न तो ऑक्सीकारक न ही अपचायक । [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions/">HBSE 11th Class Chemistry Important Questions</a> Chapter 9 हाइड्रोजन Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न:</span></p>
<p>1. हाइड्रोजन के लिए कौन-सा उपयुक्त है-<br />
(1) एक अपचायक<br />
(2) एक ऑक्सीकारक<br />
(3) ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही<br />
(4) न तो ऑक्सीकारक न ही अपचायक ।<br />
उत्तर:<br />
(3) ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही</p>
<p>2. निम्न में से कौन सी धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन उत्पन्न नहीं करती-<br />
(1) जिंक<br />
(2) कॉपर<br />
(3) लोहा<br />
(4) मैग्नीशियम ।<br />
उत्तर:<br />
(2) कॉपर</p>
<p>3. हाइड्रोजन अपचयित नहीं करता-<br />
(1) गरम क्यूप्रिक ऑक्साइड को<br />
(2) गरम फैरिक ऑक्साइड को<br />
(3) गरम स्टैनिक ऑक्साइड को<br />
(4) गरम एल्यूमिनियम ऑक्साइड को ।<br />
उत्तर:<br />
(4) गरम एल्यूमिनियम ऑक्साइड को ।</p>
<p>4. हाइड्रोजन के नाभिकीय अपररूप है-<br />
(1) ऑर्थो<br />
(2) पैरा<br />
(3) ऑर्थो व पैरा दोनों<br />
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(3) ऑर्थो व पैरा दोनों</p>
<p>5. हाइड्रोजन अपने यौगिकों में ऑक्सीकरण संख्या को प्रदर्शित करता है-<br />
(1) केवल &#8211; 1<br />
(2) केवल जीरो<br />
(3) + 1, 1 और जीरो<br />
(4) केवल + 1<br />
उत्तर:<br />
(3) + 1, 1 और जीरो</p>
<p>6. निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस को उत्पन्न नहीं करता-<br />
(1) Fe तथा जलीय H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub><br />
(2) Cu तथा जलीय HCl<br />
(3) सोडियम तथा एथिल एल्कोहॉल<br />
(4) आयरन तथा भाप ।<br />
उत्तर:<br />
(2) Cu तथा जलीय HCl</p>
<p>7. रॉकेट के लिये निम्न में से कौन प्रोपेलेण्ट के रूप में प्रयोग किया जा सकता है-<br />
(1) द्रव ऑक्सीजन + द्रव ऑर्गन<br />
(2) द्रव हाइड्रोजन + द्रव ऑक्सीजन<br />
(3) द्रव नाइट्रोजन + द्रव ऑक्सीजन<br />
(4) द्रव हाइड्रोजन + द्रव नाइट्रोजन ।<br />
उत्तर:<br />
(2) द्रव हाइड्रोजन + द्रव ऑक्सीजन</p>
<p>8. भारी जल तैयार कर सकते हैं-<br />
(1) जल के प्रभाजी आसवन द्वारा<br />
(2) \({ }_1^1 \mathrm{H}\) तथा \({ }_2^1 \mathrm{H}\) के रासायनिक विनिमय द्वारा<br />
(3) क्षारीयकृत जल के विद्युत अपघटन द्वारा<br />
(4) उपरोक्त सभी विधियों द्वारा ।<br />
उत्तर:<br />
(4) उपरोक्त सभी विधियों द्वारा ।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>9. एक ड्यूटीरियम में पाये जाते हैं-<br />
(1) एक न्यूट्रॉन तथा एक प्रोटॉन<br />
(2) एक पॉजीट्रॉन तथा एक न्यूट्रॉन<br />
(3) दो प्रोटॉन तथा एक न्यूट्रॉन<br />
(4) एक प्रोटॉन तथा दो न्यूट्रॉन ।<br />
उत्तर:<br />
(1) एक न्यूट्रॉन तथा एक प्रोटॉन</p>
<p>10. भारी जल जम जाता है-<br />
(1)-3.8°C पर<br />
(2) 3.8°C पर<br />
(3) 0°C पर<br />
(4) 3.2°C पर ।<br />
उत्तर:<br />
(2) 3.8°C पर</p>
<p>11. हाइड्रोजन परमाणु का आयनीकरण करने पर प्राप्त होता है-<br />
(1) हाइड्राइड आयन<br />
(2) हाइड्रोनियम आयन<br />
(3) प्रोटॉन<br />
(4) हाइड्रॉक्सिल आयन ।<br />
उत्तर:<br />
(3) प्रोटॉन</p>
<p>12. सबसे हल्का तत्व है-<br />
(1) हाइड्रोजन<br />
(2) हीलियम<br />
(3) निऑन<br />
(4) ऑर्गन ।<br />
उत्तर:<br />
(1) हाइड्रोजन</p>
<p>13. ट्राइटियम में न्यूट्रॉनों की संख्या है-<br />
(1) 1<br />
(2) 2<br />
(3) 3<br />
(4) 4<br />
उत्तर:<br />
(2) 2</p>
<p>14. भारत में भारी जल का निर्माण होता है-<br />
(1) दिल्ली में<br />
(3) भिलाई में<br />
(2) मुम्बई में<br />
(4) नांगल में।<br />
उत्तर:<br />
(4) नांगल में।</p>
<p>15. ट्राइटियम प्राप्त किया जा सकता है-<br />
(1) नाभिकीय अभिक्रिया द्वारा<br />
(2) गर्म C पर वाष्प प्रवाह द्वारा<br />
(3) Al पर NaOH की क्रिया द्वारा<br />
(4) Zn पर H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> की क्रिया द्वारा ।<br />
उत्तर:<br />
(1) नाभिकीय अभिक्रिया द्वारा</p>
<p>16. हीलियम प्राप्त करने के लिये हाइड्रोजन का संलयन किया जा सकता है-<br />
(1) उच्च ताप तथा उच्च दाब पर<br />
(2) उच्च ताप तथा निम्न दाब पर<br />
(3) निम्न ताप तथा उच्च दाब पर<br />
(4) निम्न ताप तथा निम्न दाब पर ।<br />
उत्तर:<br />
(1) उच्च ताप तथा उच्च दाब पर</p>
<p>17. किस पर तनु H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> की क्रिया द्वारा हाइड्रोजन बनायी जा सकती है-<br />
(1) जिंक<br />
(2) हीलियम<br />
(3) कॉपर<br />
(4) मरकरी ।<br />
उत्तर:<br />
(1) जिंक</p>
<p>18. हाइड्रोजन प्राप्त नहीं होती है जब जिंक क्रिया करता है-<br />
(1) ठण्डे जल से<br />
(2) तनु H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> से<br />
(3) तनु HCl से<br />
(4) गर्म NaOH (20%) से ।<br />
उत्तर:<br />
(1) ठण्डे जल से</p>
<p>19. हाइड्रोजन का रेडियो एक्टिव समस्थानिक होता है-<br />
(1) <sub>1</sub>H<sup>1</sup><br />
(2) <sub>1</sub>H<sup>2</sup><br />
(3) <sub>1</sub>H<sup>3</sup><br />
(4) इनमें से कोई नहीं ।<br />
उत्तर:<br />
(3) <sub>1</sub>H<sup>3</sup></p>
<p>20. प्लेटिनम द्वारा हाइड्रोजन का अधिशोषण कहलाता है-<br />
(1) अपचयन<br />
(2) रुकावट<br />
(3) हाइड्रोजनीकरण<br />
(4) विहाइड्रोजनीकरण ।<br />
उत्तर:<br />
(2) रुकावट</p>
<p>21. औद्योगिक हाइड्रोजन का निर्माण होता है-<br />
(1) मार्श गैस से<br />
(2) तेल गैस से<br />
(3) प्रोड्यूसर गैस से<br />
(4) कोयला गैस से ।<br />
उत्तर:<br />
(1) मार्श गैस से</p>
<p>22. जल का परीक्षण करते हैं-<br />
(1) गन्ध से<br />
(2) स्वाद से<br />
(3) जलीय CuSO<sub>4</sub> से<br />
(4) निर्जलीय COCl<sub>3</sub> से जो कि नीले रंग से गुलाबी रंग में बदल जाता है।<br />
उत्तर:<br />
(4) निर्जलीय COCl<sub>3</sub> से जो कि नीले रंग से गुलाबी रंग में बदल जाता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>23. H<sup>&#8211;</sup> (हाइड्राइड) आयन, OH<sup>&#8211;</sup> आयन से प्रबल क्षारीय है। निम्न में से कौन सी अभिक्रिया होती जब NaH को जल में घोला जायेगा-<br />
(1) H<sup>&#8211;</sup>(aq) + H<sub>2</sub>O(l) → H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>(aq)<br />
(2) H<sup>&#8211;</sup>(aq) + H<sub>2</sub>O(l) → OH<sup>&#8211;</sup>(aq) + H<sub>2</sub><br />
(3) H<sup>&#8211;</sup>(aq) + H<sub>2</sub>O(l) → कोई अभिक्रिया नहीं<br />
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं ।<br />
उत्तर:<br />
(2) H<sup>&#8211;</sup>(aq) + H<sub>2</sub>O(l) → OH<sup>&#8211;</sup>(aq) + H<sub>2</sub></p>
<p>24. निम्न में से कौन-सा हाइड्राइड अरससमीकरणमितीय प्रकृति का होता है-<br />
(1) आयनिक हाइड्राइड<br />
(2) आण्विक हाइड्राइड<br />
(3) धात्विक हाइड्राइड<br />
(4) उपरोक्त सभी।<br />
उत्तर:<br />
(3) धात्विक हाइड्राइड</p>
<p>25. जल की अस्थायी कठोरता, जो कि कैल्शियम बाइकार्बोनेट की वजह से होती है, को दूर किया जाता है। जब हम मिलाते हैं-<br />
(1) CaCO<sub>3</sub><br />
(2) CaCl<sub>2</sub><br />
(3) Ca(OH)<sub>2</sub><br />
(4) HCl<br />
उत्तर:<br />
(2) CaCl<sub>2</sub></p>
<p>26. कैलगॉन विधि में प्रयोग करते हैं-<br />
(1) सोडियम पोली मैटा फॉस्फेट<br />
(2) जलीय सोडियम एल्यूमिनियम सिलिकेट<br />
(3) धनायन विनिमयक रेजिन<br />
(4) ऋणायन विनिमयक रेजिन ।<br />
उत्तर:<br />
(1) सोडियम पोली मैटा फॉस्फेट</p>
<p>27. जल का क्रान्तिक ताप ऑक्सीजन से ज्यादा होता है क्योंकि जल के अणुओं में होता है-<br />
(1) ऑक्सीजन से कम इलेक्ट्रॉन<br />
(2) दो सह-संयोजक बन्ध<br />
(3) V &#8211; आकार<br />
(4) द्विध्रुव आघूर्ण ।<br />
उत्तर:<br />
(4) द्विध्रुव आघूर्ण ।</p>
<p>28. पॉली फॉस्फेट को जल के मृदुलीकरण में प्रयोग करते हैं क्योंकि वे &#8211;<br />
(1) ऋणायन के साथ घुलनशील यौगिक बनाते हैं<br />
(2) ऋणायन को अवक्षेपित करते हैं।<br />
(3) धनायन के साथ घुलनशील यौगिक बनाते हैं<br />
(4) धनायन को अवक्षेपित करते हैं।<br />
उत्तर:<br />
(3) धनायन के साथ घुलनशील यौगिक बनाते हैं</p>
<p>29. निम्न में से कौन-सा यौगिक जल की कठोरता ज्ञात करने में प्रयुक्त होता है-<br />
(1) ऑक्सेलिक अम्ल<br />
(2) EDTA<br />
(3) सोडियम सिट्रेट<br />
(4) सोडियम थायो सल्फेट ।<br />
उत्तर:<br />
(2) EDTA</p>
<p>30. भार की दृष्टि से हाइड्रोजन की H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में प्रतिशत मात्रा है-<br />
(1) 5.88<br />
(2) 6.25<br />
(3)25<br />
(4) 50<br />
उत्तर:<br />
(1) 5.88</p>
<p>31. निम्न में से किस अभिक्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अपचायक का कार्य करता- है-<br />
(1) PbO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → PbO + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
(2) Na<sub>2</sub>SO<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → Na<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> + H<sub>2</sub>O<br />
(3) 2KI + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2KOH + I<sub>2</sub><br />
(4) KNO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → KNO<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O.<br />
उत्तर:<br />
(1) PbO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → PbO + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub></p>
<p>32. H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> से अम्लीय KMnO<sub>4</sub> के विलयन में जब H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> मिलायी जाती है-<br />
(1) केवल जल बनता है<br />
(2) ऑक्सीकारक का कार्य करती है।<br />
(3) अपचायक का कार्य करती है।<br />
(4) H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> को अपचयित करती है<br />
उत्तर:<br />
(3) अपचायक का कार्य करती है।</p>
<p>33. H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की साम्य अणुक संरचना है-<br />
(1) तलीय जैसी नीचे दी गयी है।<br />
IMG<br />
(2) रेखीय<br />
(3) चतुष्फलकीय<br />
(4) तलीय जैसी नीचे दी गयी है।<br />
<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37911" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-1-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 1" width="190" height="69" /><br />
उत्तर:<br />
(1) तलीय जैसी नीचे दी गयी है।<br />
<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37912" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 2" width="157" height="57" /></p>
<p>34. H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> एक काले पदार्थ X को सफेद पदार्थ में परिवर्तित कर देती है। X है-<br />
(1) ZnS<br />
(2) PbS<br />
(3) CuS<br />
(4) NiS<br />
उत्तर:<br />
(2) PbS</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>35. H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का ऑक्सीजन परमाणु जो ऑक्सीकरण के लिये प्रयुक्त किया जाता है, जुड़ा रहता है-<br />
(1) आयनिक बन्ध द्वारा<br />
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा<br />
(3) हाइड्रोजन बन्ध द्वारा<br />
(4) उप-सहसंयोजक बन्ध द्वारा ।<br />
उत्तर:<br />
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा</p>
<p>36. दो समीकरणों का संज्ञान लीजिए ।<br />
(x) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> + 2HI → I<sub>2</sub> ↑ + 2H<sub>2</sub>O<br />
(y) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> + O<sub>3</sub> → 2O<sub>2</sub> ↑ + H<sub>2</sub>O<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> है।<br />
(1) आयनिक बन्ध द्वारा<br />
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा<br />
(3) हाइड्रोजन बन्ध द्वारा<br />
(4) उप-सहसंयोजक बन्ध द्वारा ।<br />
उत्तर:<br />
(2) सहसंयोजक बन्ध द्वारा</p>
<p>37. ऑक्साइड जो तनु अम्ल से क्रिया करके H<sub>2</sub>O H<sub>2</sub> देता है-<br />
(1) PbO<sub>2</sub><br />
(2) MnO<sub>2</sub><br />
(2) Na<sub>2</sub>O<sub>2</sub><br />
(3) TiO<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(2) MnO<sub>2</sub></p>
<p>38. अभिक्रिया H<sub>2</sub>S + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → S + 2H<sub>2</sub>O दर्शाती है-<br />
(1) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का अम्लीय गुण<br />
(2) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का क्षारीय गुण<br />
(3) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का ऑक्सीकारक गुण<br />
(4) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का अपचायक गुण ।<br />
उत्तर:<br />
(3) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का ऑक्सीकारक गुण</p>
<p>39. H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) -2<br />
(2) -1<br />
(3) +1<br />
(4) +2.<br />
उत्तर:<br />
(2) -1</p>
<p>40. भारी जल में कैल्शियम कार्बाइड जब क्रिया करता है तो क्या बनता है-<br />
(1) C<sub>2</sub>D<sub>2</sub><br />
(2) CaD<sub>2</sub><br />
(3) Ca<sub>2</sub>D<sub>2</sub>O<br />
(4) CD<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(1) C<sub>2</sub>D<sub>2</sub></p>
<p>41. परमाणु रियेक्टर में भारी जल उपयोग में लाया जाता है-<br />
(1) शीतलक के रूप में<br />
(2) मन्दक के रूप में<br />
(3) दोनों शीतलक तथा मन्दक के रूप में<br />
(4) न उपरोक्त में से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(2) मन्दक के रूप में</p>
<p>42. भारी जल है-<br />
(1) H<sub>2</sub>O<sup>18</sup><br />
(2) बार-बार आसवन से प्राप्त जल<br />
(3) D<sub>2</sub>O<br />
(4) 4°C ताप पर जल ।<br />
उत्तर:<br />
(3) D<sub>2</sub>O</p>
<p>43. D<sub>2</sub>O का अधिकता से प्रयोग किया जाता है-<br />
(1) रसायन उद्योग में<br />
(2) नाभिकीय रिएक्टर में<br />
(3) दवाई बनाने में<br />
(4) कीटाणुनाशको के निर्माण में ।<br />
उत्तर:<br />
(2) नाभिकीय रिएक्टर में</p>
<p>44. भारी जल तैयार किया जाता है-<br />
(1) जल के प्रभाजी आसवन द्वारा<br />
(2) \({ }_1^1 \mathrm{H}\) तथा \({ }_2^1 \mathrm{H}\) के रासायनिक विनिमय द्वारा<br />
(3) क्षारीयकृत जल के विद्युत अपघटन द्वारा<br />
(4) उपरोक्त सभी विधियों से ।<br />
उत्तर:<br />
(4) उपरोक्त सभी विधियों से ।</p>
<p>45. लीथियम- 6 पर न्यूट्रॉनों की बमबारी कराने पर हीलियम &#8211; 4 और (x) बनता है। (x) है-<br />
(1) H<br />
(2) D<br />
(3) T<br />
(4) Be.<br />
उत्तर:<br />
(3) T</p>
<p>46. भारी जल का अणुभार क्या है-<br />
(1) 10<br />
(2) 18<br />
(3) 20<br />
(4) 22<br />
उत्तर:<br />
(3) 20</p>
<p>47. जल का उच्चतम घनत्व का ताप 4°C है। भारी जल का उच्चतम घनत्व का ताप क्या है-<br />
(1 ) 8.1°C<br />
(2) 6.1°C<br />
(3) 9.3°C<br />
(4) 11.2°C<br />
उत्तर:<br />
(4) 11.2°C</p>
<p>48. भारी जल की खोज किसके द्वारा हुई &#8211;<br />
(1) लुई और मैक्डोनाल्ड<br />
(2) यूरे और वाशबर्न<br />
(3) टेलर, आइरिंग और फ्रॉस्ट<br />
(4) बर्ग और मैन्जल<br />
उत्तर:<br />
(2) यूरे और वाशबर्न</p>
<p>49. गलित कैल्सियम हाइड्राइड का विद्युत अपघटन करने पर क्या होता है-<br />
(1) हाइड्रोजन कैथोड पर मुक्त होती है।<br />
(2) हाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है।<br />
(3) हाइड्रोजन कैथोड व ऐनोड दोनों पर मुक्त होती हैं<br />
(4) हाइड्रोजन मुक्त नहीं होती ।<br />
उत्तर:<br />
(2) हाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है।</p>
<p>50. ट्राइटियम एक बीटा-उत्सर्जक है। इसकी अर्द्ध- आयु 12.4 वर्ष है। ट्राइटियम के विघटन से क्या बनता है-<br />
(1) ड्यूटीरियम<br />
(2) हीलियम-3<br />
(3) हीलियम-4<br />
(4) हाइड्रोजन<br />
उत्तर:<br />
(2) हीलियम-3</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>51. ड्यूटीरियम के खोजकर्ता कौन हैं ?<br />
(1) बर्ग और मैन्जल<br />
(2) मोस्ले<br />
(3) लुई और मैक्डोनाल्ड<br />
(4) यूरे<br />
उत्तर:<br />
(4) यूरे</p>
<p>52. निम्न में से कौन-सा पदार्थ जल में स्थायी कठोरता उत्पन्न करता है-<br />
(1) NaCl<br />
(2) NaHCO<sub>3</sub><br />
(3) K<sub>2</sub>SO<sub>4</sub><br />
(4) Mg(NO<sub>3</sub>)<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(4) Mg(NO<sub>3</sub>)<sub>2</sub></p>
<p>53. \(\mathrm{NaOCl}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{NaCl}+\mathrm{O}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
इस अभिक्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अणु-<br />
(1) इलेक्ट्रॉन लेता है<br />
(2) इलेक्ट्रॉन देता है<br />
(3) इलेक्ट्रॉन लेता भी है तथा देता भी है<br />
(4) इलेक्ट्रॉन न लेता है और न देता है।<br />
उत्तर:<br />
(2) इलेक्ट्रॉन देता है</p>
<p>54. हाइड्रोजन परॉक्साइड का उपयोग पुराने तेल चित्रों का सफेद रंग काला पड़ जाने पर उसको पुनः सफेद करने में होता है। यह निम्न अभिक्रिया पर आधारित है-<br />
(1) Ag<sub>2</sub>O + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2Ag + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
(2) PbO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → PbO + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
(3) PbS + 4H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → PbSO<sub>4</sub> + 4H<sub>2</sub>O<br />
(4) H<sub>2</sub>S + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → S + 2H<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
(3) PbS + 4H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → PbSO<sub>4</sub> + 4H<sub>2</sub>O</p>
<p>55. निम्न में किस क्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ऑक्सीकरण के रूप में कार्य करता है ?<br />
(1 ) I<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2HI + O<sub>2</sub><br />
(2) 2FeCl<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2FeCl<sub>2</sub> + 2HC1 + O2<br />
(3) PbO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → PbO + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
(4) Ag<sub>2</sub>O + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2Ag + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(2) 2FeCl<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2FeCl<sub>2</sub> + 2HC1 + O2</p>
<p>56. भारी पानी को पीने में प्रयुक्त नहीं करते हैं क्योंकि-<br />
(1) यह विषैला होता है<br />
(2) यह महँगा होता है<br />
(3) इसकी शरीर क्रियात्मक क्रिया साधारण जल से भिन्न होती है<br />
(4) इसके रासायनिक गुण साधारण जल से भिन्न होते हैं।<br />
उत्तर:<br />
(3) इसकी शरीर क्रियात्मक क्रिया साधारण जल से भिन्न होती है</p>
<p>57. सोडियम हाइपोक्लोराइट H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> से अभिक्रिया करके बनाता है-<br />
(1 ) NaCl<br />
(2) H<sub>2</sub>O<br />
(3)O<sub>2</sub><br />
(4) उपरोक्त सभी।<br />
उत्तर:<br />
(4) उपरोक्त सभी।</p>
<p>58. जल का क्रान्तिक ताप O<sub>2</sub> से अधिक है क्योंकि जल के अणु में-<br />
(1) O<sub>2</sub> की तुलना में कम इलेक्ट्रॉन हैं<br />
(2) दो सहसंयोजक आबन्ध हैं<br />
(3) आकृति V आकार की है<br />
(4) द्विध्रुव आघूर्ण होता है ।<br />
उत्तर:<br />
(4) द्विध्रुव आघूर्ण होता है ।</p>
<p>59. साधारण हाइड्रोजन का परमाण्वीय हाइड्रोजन में परिवर्तन होता है-<br />
(1) नाभिकीय अभिक्रिया<br />
(2) एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया<br />
(3) एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया<br />
(4) एक विघटन अभिक्रिया ।<br />
उत्तर:<br />
(2) एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया</p>
<p>60. HCl से H<sub>2</sub> निम्न में किसकी क्रिया द्वारा उत्पन्न होती है-<br />
(1) Cu<br />
(2) Mg<br />
(3) P<br />
(4) Hg<br />
उत्तर:<br />
(2) Mg</p>
<p>61. वह ऑक्साइड जो तनु अम्ल से अभिक्रिया करके H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> देता है-<br />
(1) PbO<sub>2</sub><br />
(2) Na<sub>2</sub>O<sub>2</sub><br />
(3) MnO<sub>2</sub><br />
(4) TiO<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(2) Na<sub>2</sub>O<sub>2</sub></p>
<p>62. \(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{H}^{+}+\mathrm{O}_2+2 e^{-}, \mathrm{E}^0=-0 \cdot 68 \mathrm{~V}\) उपरोक्त अभिक्रिया H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के किस व्यवहार को निरूपित करती है-<br />
(1) अपचायक<br />
(3) अम्लीय<br />
(2) ऑक्सीकारक<br />
(4) उत्प्रेरक ।<br />
उत्तर:<br />
(1) अपचायक</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>63. क्रोमिक अम्ल के अम्लीय विलयन को H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के साथ क्रिया कराने पर प्राप्त होता है-<br />
(1) CrO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
(2) Cr<sub>2</sub>O<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
(3) CrO<sub>5</sub> + H<sub>2</sub>O<br />
(4) H<sub>2</sub>Cr<sub>2</sub>O + H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(3) CrO<sub>5</sub> + H<sub>2</sub>O</p>
<p>64. भारी जल को भारी कहा जाता है, क्योंकि &#8211;<br />
(1) इसमें हाइड्रोजन का भारी समस्थानिक होता है<br />
(2) यह ड्यूटीरियम का ऑक्साइड है<br />
(3) इसके घनत्व साधारण जल से ज्यादा हैं।<br />
(4) इसमें से भारी दुर्गन्ध आती है।<br />
उत्तर:<br />
(2) यह ड्यूटीरियम का ऑक्साइड है</p>
<p>65. कैलेगॉन का सूत्र है-<br />
(1) Na<sub>4</sub>[Na<sub>2</sub>(PO<sub>4</sub>)<sub>6</sub>]<br />
(2) Na<sub>2</sub>[Na<sub>4</sub>(PO<sub>3</sub>)<sub>6</sub>]<br />
(3) Na<sub>4</sub>[Na<sub>2</sub>(PO<sub>3</sub>)<sub>6</sub>]<br />
(4) Na<sub>2</sub>[Na<sub>4</sub>(PO<sub>4</sub>)<sub>6</sub>]<br />
उत्तर:<br />
(2) Na<sub>2</sub>[Na<sub>4</sub>(PO<sub>3</sub>)<sub>6</sub>]</p>
<p>66. निम्न में से कौन-सा यौगिक हाइड्रोजन द्वारा द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलता है-<br />
(1) ग्लिसरॉल<br />
(2) तेल<br />
(3) ऐसिटिलीन<br />
(4) इथाइलीन ।<br />
उत्तर:<br />
(2) तेल</p>
<p>67. सबसे अधिक क्रियाशील है-<br />
(1) नवजात हाइड्रोजन<br />
(2) साधारण हाइड्रोजन<br />
(3) भारी हाइड्रोजन<br />
(4) ऑर्थो हाइड्रोजन ।<br />
उत्तर:<br />
(1) नवजात हाइड्रोजन</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न:</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
हाइड्रोजन का नामकरण किस वैज्ञानिक ने किया ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन का नामकरण लेवोशिए ने किया।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
हाइड्रोजन के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन के एक अणु में हाइड्रोजन के दो परमाणु होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
हाइड्रोजन को हवा में जलाने से कौन-सा पदार्थ प्राप्त होता है ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन को हवा में जलाने से जल (H<sub>2</sub>O) प्राप्त होता है।</p>
<p>प्रश्न 4. हाइड्रोजन गैस प्राप्त करने के दो मुख्य स्रोतों के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
डाइहाइड्रोजन प्राप्त करने के दो मुख्य स्रोत जल तथा अम्ल हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
जल के विद्युत् अपघटन से ऋणोद पर एकत्र होने वाली गैस का नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
जल के विद्युत् अपघटन से ऋणोद पर डाइहाइड्रोजन गैस (H<sub>2</sub>) एकत्रित होती है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किस उत्प्रेरक की उपस्थिति में होता है ?<br />
उत्तर:<br />
वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण निकिल ( बारीक चूर्ण) उत्प्रेरक की उपस्थिति में होता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
हाइड्रोजन के रेडियोऐक्टिव समस्थानिक का नाम बताइए।<br />
उत्तर:<br />
ट्राइटियम (<sub>1</sub>H<sup>3</sup>) रेडियोऐक्टिव है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कक्ष-ताप पर डाइहाइड्रोजन अन्य पदार्थों से मन्द दर पर अभिक्रिया क्यों करती है ?<br />
उत्तर:<br />
डाइहाइड्रोजन की बंन्ध वियोजन ऊर्जा अत्यन्त उच्च (436 kJ mol<sup>-1</sup>) होती है जिस कारण यह अन्य पदार्थों से मन्द दर पर अभिक्रिया करती है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
हाइड्रोजन के कौन-से समस्थानिक का प्रयोग नाभिकीय रिऐक्टर में किया जाता है ?<br />
उत्तर:<br />
ड्यूटीरियम (D) का प्रयोग नाभिकीय रिएक्टर में किया &#8216;जाता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
जब सोडियम हाइड्राइड विद्युत्-अपघटित होता है तो डाइहाइड्रोजन कौन से इलेक्ट्रोड पर मुक्त होती है ?<br />
उत्तर:<br />
डाइहाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है; इसे निम्न प्रकार दर्शाया जा सकता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37913" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 3" width="183" height="58" /><br />
ऐनोड पर : 2H<sup>&#8211;</sup> &#8211; 2e<sup>&#8211;</sup> → H<sub>2</sub>(g)</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
हाइड्रोजन अणु उच्च ध्रुवी क्यों होता है ?<br />
उत्तर:<br />
अपने लघु आकार तथा उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण हाइड्रोजन अणु उच्च ध्रुवी होता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
शुद्ध H<sub>2</sub> कैसे प्राप्त करते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
अम्लीकृत जल के विद्युत् अपघटन से शुद्ध H<sub>2</sub> तथा O<sub>2</sub> प्राप्त करते हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व कौन-सा है ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
हाइड्रोजन तत्व कक्ष ताप पर दूसरे तत्वों के साथ धीमी गति से क्रिया क्यों करता है।<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि इसकी बन्ध एन्थैल्पी का मान बहुत अधिक (436kJ.mol) होता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
हाइड्रोजन का स्थान आवर्त सारणी में अभी तक स्थायी क्यों नहीं है ?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि यह क्षार धातुओं तथा हैलोजन दोनों के साथ समानता प्रदर्शित करता है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
हाइड्रोजन का कौन सा समस्थानिक न्यूट्रॉन नहीं रखता ?<br />
उत्तर:<br />
प्रोटियम (<sub>1</sub>H<sup>1</sup>)</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
एक ऐसा उदाहरण दीजिए जिसमें हाइड्रोजन ऑक्सीकारक का कार्य करता है ?<br />
उत्तर:<br />
2Na + H2 → 2NaH</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
उस हाइड्रोजन का नाम लिखिए जिसमें नाभिक एक ही दिशा में चक्रण करता है।<br />
उत्तर:<br />
ऑर्थो हाइड्रोजन</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
उन धातुओं के नाम बताइए जो NaOH से क्रिया करके H<sub>2</sub> गैस का उत्पादन करती है ?<br />
उत्तर:<br />
Al तथा Be वो धातुएँ हैं जो NaOH से क्रिया करके H<sub>1</sub> गैस का उत्पादन करती हैं।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
उन धातुओं के नाम बताइए जो 5% HNO<sub>3</sub> से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।<br />
उत्तर:<br />
Mg और Mn</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
H<sub>2</sub>S की तुलना में जल का क्वथनांक तथा गलनांक उच्च क्यों होता है?<br />
उत्तर:<br />
जल- अणु अन्तर- आण्विक हाइड्रोजन बन्धों द्वारा संगुणित रहते हैं जिससे इनका क्वथनांक तथा गलनांक उच्च हो जाता है, जबकि H<sub>2</sub>S में ऐसा नहीं होता ।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
जल किस तत्व का ऑक्साइड है?<br />
उत्तर:<br />
जल हाइड्रोजन का ऑक्साइड है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
उस जल का नाम लिखिए, जो साबुन के साथ आसांनी से झाग उत्पन्न करता है।<br />
उत्तर:<br />
मृदु जल, साबुन के साथ आसानी से झाग उत्पन्न करता है ।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
सोडियम जियोलाइट का नाम व रासायनिक सूत्र लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
सोडियम जियोलाइट / परम्यूटिट (Na<sub>2</sub>Z) सोडियम ऐलुमिनियम सिलिकेट को कहते हैं। इसका रासायनिक सूत्र Na<sub>2</sub>Al<sub>2</sub>Si<sub>2</sub>O<sub> 8</sub> है।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
जल की अस्थायी कठोरता किन लवणों के कारण होती है?<br />
उत्तर:<br />
जल की अस्थायी कठोरता कैल्सियम या मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट लवणों के कारण होती है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
जल की अस्थायी कठोरता दूर करने की किसी एक विधि का नाम लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
जल की अस्थायी कठोरता दूर करने के लिए क्लार्क विधि का उपयोग किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
एक ऐसे पदार्थ का नाम लिखिए जो जल में घुलकर, उसे स्थायी कठोर बनाता है।<br />
उत्तर:<br />
मैग्नीशियम क्लोराइड जल में घुलकर उसे स्थायी कठोर बना देता है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
आसवन द्वारा जल की कौन-सी कठोरता दूर होती है ?<br />
उत्तर:<br />
आसवन द्वारा जल की स्थायी तथा अस्थायी दोनों प्रकार की कठोरता दूर हो जाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
जल कितने प्रकार का होता है?<br />
उत्तर:<br />
जल दो प्रकार होता हैं- मृदु जल तथा कठोर जल ।</p>
<p>प्रश्न 30. साधारण जल से भारी जल किस प्रकार उत्पन्न होता है?<br />
उत्तर:<br />
साधारण जल का बार-बार विद्युत अपघटन (repeated electrolysis) कराने पर भारी जल प्राप्त होता है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
किन-किन विधियों द्वारा जल- अणु निर्जलीय लवणों से जुड़कर हाइड्रेट बनाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
उपसहसंयोजक बन्ध तथा हाइड्रोजन बन्ध द्वारा जुड़कर जल &#8211; अणु हाइड्रेट बनाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
कठोर जल की परिभाषा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
कठोर जल, वह जल है जो साबुन के साथ आसानी से झाग नहीं देता है अथवा अत्यधिक कठिनाई से झाग देता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 33.<br />
वर्षा के जल में कौन-कौन सी अशुद्धियाँ होती हैं ?<br />
उत्तर:<br />
वर्षा का जल शुद्धतम प्राकृतिक जल है, किन्तु इसमें अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन परऑक्साइड आदि गैसों के अतिरिक्त 0.005% ठोस अशुद्धियाँ भी मिली होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
किस गैस द्वारा जल शुद्ध किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
क्लोरीन गैस द्वारा जल शुद्ध किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए दो विधियों के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
जल की स्थायी कठोरता दूर करने की दो विधियाँ, आयन- विनिमय रेजिन विधि तथा जियोलाइट अथवा परम्यूटिट विधि हैं।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
संश्लेषण विधि से जल का आयतनी संघटन ज्ञात करने के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है ?<br />
उत्तर:<br />
संश्लेषण विधि से जल का आयतनी संघटन ज्ञात करने के लिए गैस आयतनमापी नली (eudiometer tube) नामक उपकरण का प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
पेयजल को शुद्ध करने के लिए पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO<sub>4</sub>) क्या कार्य करता है?<br />
उत्तर:<br />
पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO<sub>4</sub>) जल के रोगाणुओं को नष्ट करता है तथा कार्बनिक अशुद्धियों को ऑक्सीकृत करता है।</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
गैस आयतनमापी नली में 15 घन सेमी ऑक्सीजन तथा 35 घन सेमी हाइड्रोजन लेकर मिश्रण में विद्युत् धारा प्रवाहित करने के बाद 5 घन सेमी गैस बाकी बच रही है। इस गैस का क्या नाम है ?<br />
उत्तर:<br />
गैस आयतनमापी नली में बची हुई उस गैस का नाम डाइहाइड्रोजन है।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
एक कुएँ के जल में कैल्सियम बाइकार्बोनेट लवण विलेय है। यह किस प्रकार का कठोर जल होगा?<br />
उत्तर:<br />
कुएँ के जल में कैल्सियम बाइकार्बोनेट लवण विलेय है। यह अस्थायी कठोर जल होगा।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
किसी कठोर जल में कैल्सियम बाइकार्बोनेट घुला है। इसे मृदु जल किस प्रकार बनाया जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
कैल्सियम बाइकार्बोनेट घुले अस्थायी कठोर जल को उबालने से कैल्सियम बाइकार्बोनेट लवण अविलेय कैल्सियम कार्बोनेट लवण में परिवर्तित हो जाता है और नीचे बैठ जाता है। इसको छानकर दूर कर लिया जाता है।<br />
\(\mathrm{Ca}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2 \longrightarrow \mathrm{CaCO}_3 \downarrow+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{CO}_2 \uparrow\)</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
जल में कठोरता उत्पन्न करने वाले दो लवणों के नाम लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
जल में कैल्सियम व मैग्नीशियम के क्लोराइड व सल्फेट घुले रहने के कारण जल कठोरता (स्थायी) व्यक्त करता है।</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
कठोर जल में घुले हुए MgSO<sub>4</sub> से धावन सोडा की क्या क्रिया होती है?<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37914" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 4" width="297" height="74" /></p>
<p>प्रश्न 43.<br />
क्या होता है जब &#8211; P<sub>4</sub>O<sub>10</sub> ठण्डे जल में घोला जाता है? (केवल रासायनिक समीकरण दीजिए)<br />
उत्तर:<br />
ऑर्थो-फॉस्फोरिक अम्ल बनता है।<br />
\(\mathrm{P}_4 \mathrm{O}_{10}+6 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow 4 \mathrm{H}_3 \mathrm{PO}_4\)</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
कठोर जल साबुन के साथ कम और देर में झाग क्यों देता है ?<br />
उत्तर:<br />
कठोर जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं जिसके कारण कठोर जल साबुन के साथ झाग बनाने के स्थान पर कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के स्टिऐरेट बनाता रहता है जो जल में अविलेय होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
सोडियम कार्बोनेट के द्वारा जल की स्थायी कठोरता क्यों दूर हो जाती है ?<br />
उत्तर:<br />
यदि स्थायी कठोर जल में सोडियम कार्बोनेट या धावन सोडा (Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub>) मिलाकर गर्म किया जाता है तो उसमें विलेय मैग्नीशियम तथा कैल्सियम के लवण अविलेय कार्बोनेटों में बदल जाते हैं जिनको छानकर अलग कर लिया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
&#8220;कठोर जल के एक नमूने की कठोरता 6° है ।&#8221; इस कथन का क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
कठोर जल के एक नमूने में कठोरता 6° है। इसका अर्थ यह है कि उसकी कठोरता एक ppm ( part per million) है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37915" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-5.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 5" width="276" height="73" /></p>
<p>प्रश्न 47.<br />
क्लार्क विधि से अस्थायी कठोरता दूर करने की रासायनिक समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
इस विधि में चूने का जल मिलाकर अस्थायी कठोरता दूर करते हैं।<br />
\(\mathrm{Ca}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2+\mathrm{Ca}(\mathrm{OH})_2 \longrightarrow 2 \mathrm{CaCO}_3 \downarrow+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
कठोरता</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 48.<br />
हाइड्राइड अन्तराल क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
वर्ग 3, 4 और 5 की संक्रमण धातुएँ धात्विक हाइड्राइड बनाती हैं। वर्ग 6 में क्रोमियम भी एक हाइड्राइड बनाता है। इसके पश्चात् इसमें एक अन्तराल बन जाता है क्योंकि 7, 8 तथा 9 से सम्बन्धित धातुएँ कोई हाइड्राइड नहीं बनाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
जल आयनिक एवं ध्रुवीय सहसंयोजक यौगिकों के लिये एक अच्छा विलायक क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
आयनिक यौगिक जल में घुलकर आयन देते हैं जबकि ध्रुवीय सहसंयोजक यौगिक जल के साथ हाइड्रोजन बन्ध बनाते हैं। इसी कारण आयनिक एवं ध्रुवीय सहसंयोजक यौगिकों के लिये जल अच्छा विलायक है।</p>
<p>प्रश्न 50.<br />
जल गैस क्या है?<br />
उत्तर:<br />
CO तथा H<sub>2</sub> का मिश्रण जल गैस है।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का सान्द्रण कम दाब पर क्यों किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
70°C तक गर्म करने पर H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का सान्द्रण 45% तक हो जाता है, परन्तु इससे ऊपर उच्च ताप पर गर्म करने पर इसका अपघटन हो जाता है। अत: अपघटन को रोकने के लिए H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का सान्द्रण कम दाब पर किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड जल की अपेक्षा उत्तम ऑक्सीकारक है। कारण सहित बताइए ।<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में ऑक्सीजन की ऋण विद्युता जल की अपेक्षा अधिक होती है; अत: H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> जल की अपेक्षा उत्तम ऑक्सीकारक होता है । इसके अतिरिक्त H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में O की ऑक्सीकरण संख्या -1 है, जबकि H<sub>2</sub>O में O की ऑक्सीकरण संख्या -2 है। H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में O की उच्च ऑक्सीकरण संख्या उसके जल की अपेक्षा उत्तम ऑक्सीकारक होने का एक कारण है।</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
एक पदार्थ का नाम बताइए जो H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को ऑक्सीकृत कर सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
अम्लीकृत KMnO<sub>4</sub>, H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को ऑक्सीकृत कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 54.<br />
10 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> विलयन की सामर्थ्य परिकलित कीजिए ।<br />
हल : H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के 10 आयतन विलयन का अर्थ है कि 1L H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> मानक ताप एवं दाब पर 10L ऑक्सीजन देगा-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37916" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 6" width="203" height="91" /><br />
∴ 22.4L ऑक्सीजन बनती है = 68 g H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> से<br />
∴ 10.L ऑक्सीजन बनती है = \(\frac { 68×10 }{ 22.4 }\)g H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> = 30.36 g H<sub>2</sub>O<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
&#8217;10 आयतन&#8217; H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> विलयन की सामर्थ्य 30.36 gm/ L है।</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड विलयन की आयतन में व्यक्त सान्द्रता का मोलरता तथा नॉर्मलता के साथ सम्बन्ध बताइये ।<br />
उत्तर:</p>
<ul>
<li>आयतन सान्द्रता = 5.6 × नॉर्मलता</li>
<li>आयतन सान्द्रता 11.2 × मोलरता</li>
</ul>
<p>प्रश्न 56.<br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड विलयन की आयतन सान्द्रता एवं प्रतिशत सान्द्रता में सम्बन्ध बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37917" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 7" width="335" height="133" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-7.png 335w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-7-300x119.png 300w" sizes="auto, (max-width: 335px) 100vw, 335px" /></p>
<p>प्रश्न 57.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की आयतन सान्द्रता तथा इसकी सामर्थ्य (g / L<sup>-1</sup>) में, का आपस में सम्बन्ध बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
आयतन सान्द्रता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37918" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 8" width="218" height="79" /></p>
<p>प्रश्न 58.<br />
जब H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की क्रिया खून के साथ होती है तो एक गैस तेजी से निकलती है ? व्याख्या करें ?<br />
उत्तर:<br />
रक्त में उपस्थित एन्जाइम H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के ऑक्सीकरण की दर बढ़ा देता है जिससे O<sub>2</sub> गैस तेजी के साथ निकलती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37919" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-9.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 9" width="281" height="52" /></p>
<p>प्रश्न 59.<br />
&#8217;15 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>&#8216; से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
15 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का अर्थ है कि H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का 1 ml S.T.P. पर 15 ml O<sub>2</sub> गैस देता है।</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
ऐसे दो यौगिकों के नाम लिखिये जो H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के अपघटन की क्रिया को धीमा कर देते हैं।<br />
उत्तर:<br />
एसिटानिलाइड, ग्लिसरॉल।</p>
<p>प्रश्न 61.<br />
&#8217;25 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>&#8216; के 10ml में कितनी H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> उपस्थित है?<br />
उत्तर:<br />
25 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के 10 ml में ऑक्सीजन की मात्रा = 10 × 25 = 250 ml at NTP<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37920" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-10.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 10" width="221" height="74" /><br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की मात्रा जो 250 ml O<sub>2</sub> को NTP पर मुक्त करती है<br />
= \(\frac { 68 × 250 }{ 22400 }\) = 0.759 g</p>
<p>प्रश्न 62.<br />
दिये गये H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> विलयन के 10ml में 0.91 g H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> उपस्थित है। इसकी सान्द्रता आयतन में व्यक्त करें ।<br />
उत्तर:<br />
68 g H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> NTP पर उत्पन्न करती है = 22400 ml O<sub>2</sub><br />
0.91 g H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> NTP पर उत्पन्न करती है।<br />
= \(\frac { 22400×0.91 }{ 68 }\)<br />
= 300 ml S.T.P. पर<br />
अतः आयतन सान्द्रता = \(\frac { 300 }{ 100 }\) = &#8217;30 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>&#8216;</p>
<p>प्रश्न 63.<br />
परहाइड्राल क्या है?<br />
उत्तर:<br />
परहाइड्राल H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का व्यापारिक नाम है जो कि घाव, दाँत, कान आदि को साफ करने में प्रयुक्त होता है।</p>
<p>प्रश्न 64.<br />
सूखे BaO<sub>2</sub> को H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को बनाने में प्रयुक्त नहीं करते हैं, क्यों ।<br />
उत्तर:<br />
सूखे BaO<sub>2</sub> को प्रयोग में नहीं लाते क्योंकि अभिक्रिया के दौरान यह BaSO<sub>4</sub> को बनाता है जो कि एक सुरक्षा कवच की तरह इसके ऊपर चढ़ जाता है तथा बचे हुये BaO<sub>2</sub> की अभिक्रिया नहीं होने देता है।</p>
<p>प्रश्न 65.<br />
वह कौन-सा यौगिक है जो तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया कराने पर हाइड्रोजन परॉक्साइड देता है ?<br />
उत्तर:<br />
BaO<sub>2</sub></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 66.<br />
भारी जल का सूत्र लिखिए। इसके दो उपयोग दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
भारी जल का रासायनिक सूत्र D<sub>2</sub>O है। भारी जल (D<sub>2</sub>O) का अणुभार = 2 × 2 + 16 = 20 होता है। इसका उपयोग परमाणु भट्टी में न्यूट्रॉनों की गति मन्द करने में तथा जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि ज्ञात करने में होता है।</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
भारी जल का रासायनिक सूत्र लिखिए। भारी जल का उपयोग परमाणु भट्टी में क्यों किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
भारी जल का रासायनिक सूत्र D<sub>2</sub>O है। इसका उपयोग परमाणु भट्टी में न्यूट्रॉनों की गति को मन्द करने के लिए होता है।</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
भारी जल (D<sub>2</sub>O) के एक अणु में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
दस ।</p>
<p>प्रश्न 69.<br />
नाभिकीय रिएक्टर में भारी जल की क्या उपयोगिता है?<br />
उत्तर:<br />
यह मन्दक के रूप में कार्य करता है। यहाँ यह न्यूट्रॉन की गति को कम करके नाभिकीय अभिक्रिया को सन्तुलित करता है।</p>
<p>प्रश्न 70.<br />
क्या होता है जब भारी जल कैल्सियम कार्बाइड के साथ अभिक्रिया करता है।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37921" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-11.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 11" width="353" height="92" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-11.png 353w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-11-300x78.png 300w" sizes="auto, (max-width: 353px) 100vw, 353px" /></p>
<p>प्रश्न 71.<br />
क्या होता है जब भारी जल क्लोरोफार्म के साथ क्षार की उपस्थिति में क्रिया करता है।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37922" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-12.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 12" width="262" height="68" /></p>
<p>प्रश्न 72.<br />
साधारण जल की अपेक्षा भारी जल में NaCl कम घुलनशील है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O की अपेक्षा D<sub>2</sub>O का परा वैद्युत स्थिरांक कम होता है यही कारण है कि NaCl भारी जल में कम विलेय है।</p>
<p>प्रश्न 73.<br />
साधारण जल का विद्युत अपघटन भारी जल की अपेक्षा शीघ्र होता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
साधारण जल में OH बन्ध की बन्धन ऊर्जा का मान D<sub>2</sub>O के OD बन्ध की बन्धन ऊर्जा के मान से कम होता है जिसके कारण साधारण जल का विद्युत अपघटन आसानी से होता हैं ।</p>
<p>प्रश्न 74.<br />
यद्यपि D<sub>2</sub>O हर तरह से H<sub>2</sub>O जैसा है फिर भी यह विषैला है। क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
D<sub>2</sub>O विषैला है क्योंकि एन्जाइम के द्वारा संचालित सभी अभिक्रियाएँ H<sup>+</sup> की अपेक्षा D<sup>+</sup> की उपस्थिति में धीमी गति से होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 75.<br />
D<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को कैसे बनाया जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
जब पोटैशियम परसल्फेट की क्रिया भारी जल से होती है तो D<sub>2</sub>O<sub>2</sub> बनता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37923" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-13.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 13" width="312" height="95" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-13.png 312w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-13-300x91.png 300w" sizes="auto, (max-width: 312px) 100vw, 312px" /></p>
<p>प्रश्न 76.<br />
हाइड्रोजन, क्षार धातुओं तथा हैलोजनों के साथ समानता रखती है, क्षार धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय हैं, हैलोजनों के ऑक्साइड अम्लीय हैं जबकि हाइड्रोजन का ऑक्साइड उदासीन है। स्पष्ट करो।<br />
उत्तर:<br />
क्षार धातुओं के ऑक्साइड घुलने पर OH<sup>&#8211;</sup> आयन देते हैं तथा हैलोजनों के ऑक्साइड H<sup>+</sup> देते हैं जबकि हाइड्रोजन के ऑक्साइड जल वियोजित होकर समान मात्रा में H<sup>+</sup> तथा OH<sup>&#8211;</sup> आयन देते हैं ।</p>
<p>प्रश्न 77.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का क्वथनांक आशा से अधिक होता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के अणु अन्तराअणुक हाइड्रोजन बन्ध द्वारा संगुणित रहते हैं। H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में जल से अधिक संगुणन होता है। इसी कारण H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का क्वथनांक आशा से अधिक होता है।</p>
<p>प्रश्न 78.<br />
जब गलित कैल्सियम हाइड्राइड का विद्युत अपघटन किया जाता है तो हाइड्रोजन ऐनोड पर प्राप्त होती है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
CaH<sub>2</sub> में हाइड्रोजन H<sup>&#8211;</sup> के रूप में रहती है । वैद्युत अपघटन करने पर H<sup>&#8211;</sup> आयन ऑक्सीकृत होकर ऐनोड पर H<sub>2</sub> को मुक्त करता है।</p>
<p>प्रश्न 79.<br />
अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट और H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की अभिक्रिया का सन्तुलित समीकरण लिखें ।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37924" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-14.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 14" width="400" height="152" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-14.png 400w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-14-300x114.png 300w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>
<p>प्रश्न 80.<br />
D<sub>2</sub>O का गलनांक, साधारण जल से अधिक होता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि D<sub>2</sub>O में उपस्थित हाइड्रोजन बन्ध अधिक प्रबल होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 81.<br />
साधारण जल की अपेक्षा, भारी जल का घनत्व अधिक होता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
भारी जल का अधिक घनत्व इसके अधिक अणुभार के कारण है।</p>
<p>प्रश्न 82.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अस्थायी द्रव क्यों होता है ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को खुले में रखने पर या गर्म करने पर यह अपघटित हो जाता है।<br />
\(2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{O}_2\)</p>
<p>प्रश्न 83.<br />
भारी जल के एक अणु में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
10 इलेक्ट्रॉन ।</p>
<p>प्रश्न 84.<br />
अम्लों की भास्मिकता निकालने में भारी जल का प्रयोग किस प्रकार किया जाता है।<br />
उत्तर:<br />
आयनिक हाइड्रोजन या ऑक्सीजन से जुड़ी साधारण हाइड्रोजन का भारी हाइड्रोजन द्वारा विनिमय होता है।<br />
उदाहरण:<br />
CH<sub>3</sub>COOH की D<sub>2</sub>O से क्रिया कराने पर CH<sub>3</sub>COOD प्राप्त होता है न कि CD<sub>3</sub>COOD | इससे सिद्ध होता है कि CH<sub>3</sub>COOH में केवल एक आयनिक हाइड्रोजन है और यह मोनो बेसिक अम्ल है ।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 85.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को जिस बोतल में रखते हैं उसकी आन्तरिक सतह मोम की होती है तथा बोतल रंगीन होती है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
खुरदरी सतह H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के विघटन में उत्प्रेरक का कार्य करती है। मोम की चिकनी सतह H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के विघटन की दर कम कर देती है। रंगीन बोतल प्रकाश को रोकती है जिससे H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का विघटन कम हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 86.<br />
सूर्य में कौन-सा तत्व अधिक मात्रा में उपस्थित है ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन |</p>
<p>प्रश्न 87.<br />
ज्वालामुखी एवं पेट्रोलियम कुँओं से निकलने वाली गैसों में मुख्य रूप से कौन-सी गैस है ?<br />
उत्तर:<br />
ज्वालामुखी एवं पेट्रोलियम कुँओं से अधिक मात्रा में हाइड्रोजन प्राप्त होती है।</p>
<p>प्रश्न 88.<br />
धातुओं पर अम्लों की क्रिया द्वारा निकलने वाली गैस को हाइड्रोजन नाम किसने दिया ?<br />
उत्तर:<br />
लेवोशिये ने सर्वप्रथम इसे हाइड्रोजन नाम दिया।</p>
<p>प्रश्न 89.<br />
ऐसे दो-दो उदाहरण दें जिनमें हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण अंक +1 तथा 1 हो।<br />
उत्तर:<br />
(i) ऑक्सीकरण अंक + 1 वाले उदाहरण-<br />
HCl तथा H<sub>2</sub>O</p>
<p>(ii) ऑक्सीकरण अंक &#8211; 1 वाले उदाहरण-<br />
NaH, CaH<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 90.<br />
वैज्ञानिक यूरे, ब्रिकवैड व मर्फी ने हाइड्रोजन के कौन से समस्थानिक की खोज की ?<br />
उत्तर:<br />
वैज्ञानिक यूरे, ब्रिकवैड व मर्फी ने ड्यूटीरियम की खोज की ।</p>
<p>प्रश्न 91.<br />
वैज्ञानिक लोजिअर, ब्लीकनें व स्मिथ ने हाइड्रोजन के कौन-से समस्थानिक की खोज की ?<br />
उत्तर:<br />
ट्राइटियम की ।</p>
<p>प्रश्न 92.<br />
गोल्ड हेबर विधि का समीकरण लिखें ?<br />
उत्तर:<br />
गोल्ड हेबर विधि में ट्राइटियम को लीथियम पर मन्द न्यूट्रॉनों के प्रहार से बनाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37925" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-15.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 15" width="202" height="53" /></p>
<p>प्रश्न 93.<br />
हाइड्रोजन को सर्वप्रथम किस वैज्ञानिक ने तैयार किया ?<br />
उत्तर:<br />
रॉबर्ट बॉयल ने सर्वप्रथम हाइड्रोजन को तैयार किया ।</p>
<p>प्रश्न 94.<br />
किस वैज्ञानिक ने हाइड्रोजन को ज्वलनशील वायु कहा ?<br />
उत्तर:<br />
हैनरी कैवेन्डिश ने हाइड्रोजन को ज्वलनशील वायु कहा।</p>
<p>प्रश्न 95.<br />
क्या ह्लेता है जब सोडियम की जल से क्रिया कराते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है।<br />
\(2 \mathrm{Na}+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O} \longrightarrow 2 \mathrm{NaOH}+\mathrm{H}_2 \uparrow\)</p>
<p>प्रश्न 96.<br />
H<sub>2</sub> गैस में कौन-कौन सी अशुद्धियाँ होती हैं ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub> गैस में AsH<sub>3</sub>, PH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>S, SO<sub>2</sub>, CO<sub>2</sub>, NO<sub>2</sub>, नमी आदि की अशुद्धियाँ होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 97.<br />
AsH<sub>3</sub> तथा PH<sub>3</sub> की अशुद्धि को हाइड्रोजन से दूर करने के लिये इसे किस विलयन से गुजारते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
AsH<sub>3</sub> तथा PH<sub>2</sub> की अशुद्धि को हाइड्रोजन से दूर करने के लिये इसे AgNO<sub>3</sub> विलयन से गुजारते हैं।</p>
<p>प्रश्न 98.<br />
सहसंयोजक हाइड्राइड के दो उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
B<sub>2</sub>H<sub>6</sub>, CH<sub>4</sub></p>
<p>प्रश्न 99.<br />
धात्विक हाइड्राइड के दो उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
ZrH, TaH</p>
<p>प्रश्न 100.<br />
आयनिक हाइड्राइड के दो उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
CaH<sub>2</sub>, SrH<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 101.<br />
जल में उपस्थित ऑक्सीजन तत्व पर संकरण क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
sp<sup>3</sup></p>
<p>प्रश्न 102.<br />
जल अणु पुंज किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
जल में H<sub>2</sub>O-HOH प्रकार के अणु समूह या गुच्छे उपस्थित होते हैं, इन्हें जल अणु पुंज कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 103.<br />
Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> का जलीय विलयन कैसा होता है ?<br />
उत्तर:<br />
Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> का जलीय विलयन क्षारीय होता है।</p>
<p>प्रश्न 104.<br />
CuSO<sub>4</sub> का जलीय विलयन कैसा होता है ?<br />
उत्तर:<br />
CuSO<sub>4</sub> का जलीय विलयन अम्लीय होता है।</p>
<p>प्रश्न 105.<br />
बॉयलर में किस रासायनिक पदार्थ की पपड़ी जमती है ?<br />
उत्तर:<br />
बॉयलर में CaSO<sub>4</sub>, MgSO<sub>4</sub> लवण के कारण पपड़ी जमती है।</p>
<p>प्रश्न 106.<br />
जल की अस्थायी कठोरता कैसे दूर होती है ?<br />
उत्तर:<br />
जल की अस्थायी कठोरता को उबालकर या जल में बुझा चूना डालकर दूर करते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37926" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-16.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 16" width="361" height="95" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-16.png 361w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-16-300x79.png 300w" sizes="auto, (max-width: 361px) 100vw, 361px" /></p>
<p>प्रश्न 107.<br />
किस धातु के स्टियरेट जल में अविलेय हैं ?<br />
उत्तर:<br />
मैग्नीशियम व कैल्सियम के स्टियरेट जल में अविलेय हैं।</p>
<p>प्रश्न 108.<br />
किस धातु का स्टियरेट जल में विलेय है?<br />
उत्तर:<br />
सोडियम धातु का स्टियरेट जल में विलेय होता है।</p>
<p>प्रश्न 109.<br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड की खोज किसने की थी ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की खोज बेनार्ड नामक फ्रेंच रसायनज्ञ ने की थी ।</p>
<p>प्रश्न 110.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के भण्डारण में स्थायी कारक पदार्थ मिलाते हैं, इनके नाम बतायें ।<br />
उत्तर:<br />
फॉस्फोरिक अम्ल, ग्लिसरॉल, ऐसीटेनिलाइड आदि ।</p>
<p>प्रश्न 111.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के क्वथनांक का सही मान ज्ञात नहीं है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का क्वथनांक सही रूप से निर्धारित नहीं हो पाता है क्योंकि यह उस तापक्रम से पहले विघटित हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 112.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की गैसीय अवस्था एवं क्रिस्टलीय अवस्था में बन्ध कोण कितना है ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की गैसीय अवस्था में बन्ध कोण 111.5° व क्रिस्टलीय अवस्था में बन्ध कोण 90.2° होता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 113.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को रंगीन बोतलों में रखते हैं, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का प्रकाश द्वारा विघटन रोकने के लिये इसे रंगीन बोतलों में रखते हैं।</p>
<p>प्रश्न 114.<br />
धातु की सतह पर हाइड्रोजन का चिपकना क्या कहलाता है ?<br />
उत्तर:<br />
धातु की सतह पर हाइड्रोजन का चिपकना अधिशोषण कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 115.<br />
क्या तनु HCl के साथ कॉपर की क्रिया करा कर हाइड्रोजन उत्पन्न कर सकते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं।</p>
<p>प्रश्न 116.<br />
जल गैस के घटक क्या हैं ?<br />
उत्तर:<br />
जल गैस के घटक CO, H<sub>2</sub> हैं ।</p>
<p>प्रश्न 117.<br />
क्या होता है जब निम्न पर जल गिराते हैं-<br />
(i) CaC<sub>2</sub><br />
(ii) Mg<sub>3</sub>P<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(i) CaC<sub>2</sub> जल से क्रिया करके CH ≡ CH बनाता है।<br />
(ii) Mg<sub>3</sub>P<sub>2</sub> जल से क्रिया करके PH<sub>3</sub> बनाता है।</p>
<p>प्रश्न 118.<br />
परम्यूटिट का रासायनिक सूत्र लिखें ।<br />
उत्तर:<br />
परम्यूटिट का रासायनिक सूत्र Na<sub>2</sub>Al<sub>2</sub>Si<sub>2</sub>O<sub>8</sub>.xH<sub>2</sub>O होता है।</p>
<p>प्रश्न 119.<br />
केलगॉन का रासायनिक सूत्र है ।<br />
उत्तर:<br />
Na<sub>2</sub>[Na<sub>4</sub>(PO<sub>3</sub>)<sub>6</sub>] को केलगॉन कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 120.<br />
क्या समुद्री प्राणी आसुत जल में रह सकते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
समुद्री प्राणी आसुत जल में नहीं रह सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 121.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की क्षारकता कितनी होती है ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की क्षारकता दो होती है।</p>
<p>प्रश्न 122.<br />
ऐसीटैनिलाइड H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के विघटन को रोकता है। इसकी प्रकृति कैसी होती है ?<br />
उत्तर:<br />
ऐसीटैनिलाइड संदमक का कार्य करता है।</p>
<p>प्रश्न 123.<br />
जल की कठोरता की मात्रा की परिभाषा दें ।<br />
उत्तर:<br />
इसे भारानुसार जल के 10 लाख भाग में उपस्थित कैल्सियम कार्बोनेट या इसके तुल्यांक के भारानुसार भागों की संख्या के रूप में परिभाषित कर सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 124.<br />
ऐसी अभिक्रियाओं का उदाहरण दो जिसमें हाइड्रोजन ऑक्सीकारक तथा अपचायक की तरह कार्य करता है ?<br />
उत्तर:<br />
अपचायक के रूप में,<br />
\(\mathrm{CuO}_{(s)}+\mathrm{H}_{2(g)} \longrightarrow \mathrm{Cu}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_{(\ell)}\)<br />
ऑक्सीकारक के रूप में,<br />
\(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{H}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{Na}^{+} \mathrm{H}^{-}(s)\)</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न:</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
हाइड्रोजन की प्राप्ति पर विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन ब्रह्माण्ड में अतिबाहुल्य तत्व (ब्रह्माण्ड के सम्पूर्ण द्रव्यमान का 70 प्रतिशत) है तथा यह सौर वायुमण्डल का प्रमुख तत्व है। बड़े ग्रहों-बृहस्पति (Jupiter) तथा शनि (Saturn) में अधिकांशत: हाइड्रोजन होती है, हालांकि अपनी हल्की प्रकृति के कारण यह पृथ्वी के वायुमण्डल में कम मात्रा (द्रव्यमानानुसार लगभग 0.15 प्रतिशत) में पाई जाती है। संयुक्त अवस्था में हाइड्रोजन तत्व भू-पर्पटी तथा महासागर में 15.4 प्रतिशत भाग का निर्माण करते हैं। संयुक्त अवस्था में जल के अतिरिक्त यह पादप तथा जन्तु-ऊतकों, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हाइड्राइड, हाइड्रोकार्बन और कई अन्य यौगिकों में पायी जाती है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
क्या होता है, जबकि डाइहाइड्रोजन निम्न- लिखित के साथ अभिक्रिया करती है-<br />
(i) फेरिक क्लोराइड,<br />
(ii) सिल्वर क्लोराइड,<br />
(iii) सल्फर।<br />
उत्तर:<br />
डाइहाइड्रोजन की फेरिक क्लोराइड, सिल्वर क्लोराइड तथा सल्फर के साथ अभिक्रियाएँ निम्नवत् हैं-<br />
(i) फेरिक क्लोराइड से अभिक्रिया (Reaction with ferric chloride)-डाइहाइड्रोजन फेरिंक क्लोराइड के साथ क्रिया करके उसे फेरस क्लोराइड में अपचयित कर देती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37927" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-17.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 17" width="252" height="102" /></p>
<p>(ii) सिल्वर क्लोराइड से अभिक्रिया (Reaction with silver chloride) &#8211; डाइहाइड्रोजन की सिल्वर क्लोराइड से अभिक्रिया होने पर सिल्वर तथा हाइड्रोजन क्लोराइड गैस प्राप्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37928" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-18.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 18" width="248" height="75" /></p>
<p>(iii) सल्फर से अभिक्रिया (Reaction with sulphur ) &#8211; हाइड्रोजन गैस को गर्म उबलते सल्फर में प्रवाहित करने से हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बनती है।<br />
\(\mathrm{H}_2+\mathrm{S} \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \uparrow\) हाइड्रोजन सल्फाइड</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
उदाहरण देकर सिद्ध कीजिए कि डाइहाइड्रोजन एक प्रबल अपचायक है।<br />
उत्तर:<br />
डाइहाइड्रोजन को लेड, कॉपर आदि के गर्म ऑक्साइडों पर प्रवाहित करने से शुद्ध धातु प्राप्त होती है।<br />
PbO + H<sub>2</sub> → Pb + H<sub>2</sub>O<br />
CuO + H<sub>2</sub> → Cu + H<sub>2</sub>O<br />
उपरोक्त अभिक्रियाएँ सिद्ध करती हैं कि H<sub>2</sub> एक प्रबल अपचायक है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
क्या होता है, जबकि &#8211;<br />
(i) जल में सोडियम का टुकड़ा डाला जाता है ?<br />
(ii) डाइहाइड्रोजन और क्लोरीन की अभिक्रिया सूर्य के प्रकाश में होती है ?<br />
(iii) जल के साथ हाइड्रोलिथ की अभिक्रिया होती है ?<br />
उत्तर:<br />
(i) जल में सोडियम का टुकड़ा डालने पर डाइहाइड्रोजन गैस बनती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37929" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-19.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 19" width="375" height="70" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-19.png 375w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-19-300x56.png 300w" sizes="auto, (max-width: 375px) 100vw, 375px" /></p>
<p>(ii) सूर्य के प्रकाश में डाइहाइड्रोजन तथा क्लोरीन की अभिक्रिया से हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) गैस बनती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37930" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-20.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 20" width="306" height="96" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-20.png 306w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-20-300x94.png 300w" sizes="auto, (max-width: 306px) 100vw, 306px" /></p>
<p>(iii) जल के साथ हाइड्रोलिथ की अभिक्रिया से डाइहाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37931" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-21.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 21" width="340" height="73" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-21.png 340w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-21-300x64.png 300w" sizes="auto, (max-width: 340px) 100vw, 340px" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
निम्न अभिक्रियाओं को पूर्ण करें-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37932" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-22.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 22" width="185" height="135" /><br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37933" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-23.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 23" width="250" height="176" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
निम्न अभिक्रियाओं को पूर्ण करें-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37934" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-24.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 24" width="219" height="132" /><br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37935" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-25.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 25" width="294" height="198" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रिक्त स्थानों को भरिए ।<br />
(अ) हाइड्रोजन &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;तथा&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;दोनों प्रकार के गुण रखता है।<br />
(ब) H<sup>+</sup> आयन जल में&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; आयन की तरह रहते हैं तथा इन्हें&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; आयन कहते हैं।<br />
(स) हाइड्रोजन&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. पर प्राप्त होती है जब NaH का विद्युत अपघटन किया जाता है।<br />
(द) हाइड्रोनियम&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;तथा&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है।<br />
उत्तर:<br />
(अ) विद्युत धनीय, विद्युत ऋणीय<br />
(ब) H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>, हाइड्रोनियम<br />
(स) ऐनोड<br />
(द) +1, -1</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
हाइड्रोजन अपने यौगिकों में तीन प्रकार के बन्ध बनाता है। इसे उदाहरण सहित समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
(i) आयनिक बन्ध (उदाहरण &#8211; NaH)<br />
(ii) सहसंयोजक बन्ध ( उदाहरण HCl, NH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>O)<br />
(iii) हाइड्रोजन बन्ध ( उदाहरण NH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>O, HF)</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
(i) हाइड्रोजन को गुब्बारों में नहीं भरा जाता । क्यों ?<br />
(ii) H<sub>2</sub> को सुखाने के लिये सान्द्र H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> का प्रयोग नहीं करते, क्यों ?<br />
(iii) क्या समुद्री जानवर आसुत जल में जीवित रह सकते हैं?<br />
उत्तर:<br />
(i) हाइड्रोजन अत्यन्त ज्वलनशील गैस है। हवा की अधिकता में इसमें तुरन्त आग लग जाती है। अत: इसे गुब्बारों में नहीं भरा जाता है।<br />
(ii) जब सान्द्र H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> हाइड्रोजन गैस के साथ मौजूद H<sub>2</sub>O के अणुओं को सोखता है तब अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करता है। इस ऊर्जा की उपस्थिति में हाइड्रोजन में तुरन्त आग लग जाती है अत: Ha को सुखाने के लिये सान्द्र H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> का प्रयोग नहीं करते हैं।<br />
(iii) नहीं। क्योंकि आसुत जल में घुली हुयी O<sub>2</sub> उपस्थित नहीं होती ।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
अन्तराकाशी हाइड्राइडों के दो उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(i) CuH तथा<br />
(ii) FeH.</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
क्या आप यह अपेक्षा करते हैं कि N, O तथा F के हाइड्राइडों के क्वथनांक उनके वर्ग के संगत सदस्यों के हाइड्राइडों से निम्न होते हैं? कारण बताइए।<br />
उत्तर:<br />
NH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>O तथा HF के आण्विक भारों के आधार पर इनके क्वथनांक संगत सदस्यों के हाइड्राइडों से कम होने चाहिए, परन्तु N, O, F की उच्च विद्युत् ऋणता के कारण हाइड्राइडों में हाइड्रोजन बन्ध बनाने की क्षमता उल्लेखनीय है। अत: NH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>O तथा HF के क्वथनांक उनके वर्ग के सदस्यों से उच्च होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
हाइड्रोजन किस प्रकार के तत्वों के साथ धात्विक हाइड्राइड बनाता है?<br />
उत्तर:<br />
d तथा f-ब्लॉक के तत्वों के साथ ।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
वण समान हाइड्राइड तथा आण्विक हाइड्राइडों में अन्तर बताइए ?<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>लवण समान हाइड्राइड</td>
<td>आण्विक हाइड्राइड</td>
</tr>
<tr>
<td>(1) s-ब्लॉक के तत्व, बनाते हैं।</td>
<td>(1) p-ब्लॉक के तत्व बनाते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>(2) आयनिक बन्ध बनाते हैं।</td>
<td>(2) सह-संयोजक बन्ध बनाते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>(3) ये जल के साथ विस्फोटीय रूप से अभिक्रिया करते हैं।</td>
<td>(3) जल के साथ विस्फोटीय रूप से अभिक्रिया नहीं करते हैं तथा जल में विलेय नहीं होते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>(4) हाइड्रोजन H<sup>&#8211;</sup> आयन में के रूप में होता है।</td>
<td>(4) हाइड्रोजन H<sup>&#8211;</sup> आयन के रूप नहीं होता है।</td>
</tr>
<tr>
<td>(5) उदाहरण: NaH, CaH<sub>2</sub>, KH आदि।</td>
<td>(5) उदाहरण: CH<sub>4</sub>, NH<sub>3</sub>, HF आदि ।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 14.<br />
कठोर जल से हानियाँ और लाभ लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
कठोर जल से हानियाँ (Disadvantages from hard water) &#8211; कठोर जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड तथा सल्फेट लवण घुले होते हैं जो साबुन से क्रिया करके अविलेय यौगिक बनाते हैं; जिसके कारण साबुन का अधिकतर भाग इस क्रिया में ही नष्ट हो जाता है और साबुन झाग नहीं देता है।<br />
कठोर जल से लाभ (Advantages of hard water) &#8211; कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के कार्बोनेट, बाइकार्बोनेट तथा सल्फेट लवण हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं तथा इन लवणों की उपस्थिति के कारण ही जल स्वादिष्ट होता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
जल की कठोरता से क्या अभिप्राय है? क्या कठोर जल पीने के लिए उपयुक्त है ?<br />
उत्तर:<br />
जल का साबुन के साथ आसानी से झाग न देने अथवा अत्यधिक कठिनाई से झाग देने का गुण उसकी कठोरता कहलाता है अथवा जब जल साबुन के रगड़ने पर कम झाग अथवा देर से झाग उत्पन्न करता है तो जल के इस गुण को जल की कठोरता कहते हैं। कठोर जल की पीने के लिए उपयुक्तता निम्नवत् है-</p>
<ul>
<li>कठोर जल में घुले कैल्सियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड तथा सल्फेट लवण हमारे स्वास्थ्य के लिए हितकर हैं। इनकी उपस्थिति से जल स्वादिष्ट हो जाता है, परन्तु पीने के जल में अधिक कठोरता नहीं होनी चाहिए।</li>
<li>मृदु जल जब सीसे के नलों में बहता है तो कुछ धातु एवं उसके यौगिकों के घुलने से जल विषैला हो जाता है; अतः सीसे के नलों से बहाकर ले जाने के लिए जल कठोर होना चाहिए।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 16.<br />
जल की कठोरता के क्या कारण हैं? कठोर जल को मृदु बनाने की किसी एक विधि का वर्णन कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
जल की कठोरता, जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड तथा सल्फेट लवणों के कारण होती है। कठोर जल को मृदु बनाना (Softening of hard water) &#8211; स्थायी अथवा अस्थायी रूप से कठोर जल को शुद्ध करने के लिए आसवन विधि सर्वोत्तम मानी जाती है। इस विधि से जल में विलेय और निलम्बित दोनों प्रकार की अशुद्धियाँ दूर की जा सकती हैं।</p>
<p>इसके लिए अविरत क्रियाशील भभका प्रयोग किया जाता है। इसमें ताँबे के भभके को जल से भरकर गर्म करते हैं। उत्पन्न भाप को नल में से गुजारते हैं। इस नल से गुजरते समय, वाष्प जल को गर्म करती है तथा स्वयं ठण्डी होकर द्रव बन जाती है। यह जल ग्राही पात्र में एकत्रित कर लिया जाता है। इस प्रकार प्राप्त जल में कोई भी लवण नहीं होता है। यह शुद्ध जल &#8216; आसुत जल&#8217; कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
जल की अस्थायी कठोरता उबालने से कैसे दूर हो जाती है ? रासायनिक समीकरण भी दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अस्थायी कठोर जल को उबालने पर उसमें घुले कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट लवण अविलेय कार्बोनेट लवणों में परिवर्तित हो जाते हैं, जो नीचे बैठ जाते हैं। इनको छानकर दूर कर लिया जाता है।<br />
\(\mathrm{Ca}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{CO}_2 \uparrow+\mathrm{CaCO}_3 \downarrow\)<br />
\(\mathrm{Mg}\left(\mathrm{HCO}_3\right)_2 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{CO}_2 \uparrow+\mathrm{MgCO}_3 \downarrow\)</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
बुझा हुआ चूना मिलाकर जल को उबालने से वह मृदु क्यों हो जाता है ?<br />
उत्तर:<br />
अस्थायी कठोर जल में बुझा हुआ चूना मिलाकर जल को उबालने से उसमें विलेय बाइकार्बोनेट लवण, अविलेय कार्बोनेट लवणों में बदल जाते हैं जिन्हें छानकर अलग कर दिया जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37936" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-26.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 26" width="375" height="205" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-26.png 375w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-26-300x164.png 300w" sizes="auto, (max-width: 375px) 100vw, 375px" /></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
कठोर जल में साबुन के रगड़े जाने पर झाग के देर से बनने का कारण स्पष्ट कीजिए । सम्बन्धित अभिक्रिया का समीकरण भी दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कठोर जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट, बाइकार्बोनेट्स इत्यादि साबुन (जो कि उच्च वसीय अम्लों के सोडियम लवण होते हैं) से क्रिया करके अविलेय कैल्सियम व मैग्नीशियम लवण बना लेते हैं जिससे कठोर जल झाग उत्पन्न नहीं करता है।<br />
उदाहरण &#8211; सोडियम स्टिऐरेट एक उच्च वसीय अम्ल का लवण है अर्थात् साबुन है। यह कठोर जल में विद्यमान कैल्सियम व मैग्नीशियम लवणों से क्रिया करके अविलेय लवण बना लेता है जिससे साबुन झाग नहीं बनाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37937" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-27.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 27" width="411" height="181" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-27.png 411w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-27-300x132.png 300w" sizes="auto, (max-width: 411px) 100vw, 411px" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
जल की अस्थायी तथा स्थायी कठोरता से क्या तात्पर्य है ? &#8221; कठोर जल में साबुन की काफी मात्रा व्यर्थ में चली जाती है।&#8221; समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
अस्थायी कठोरता (Temporary hard-ness) – जब जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट लवण [Ca(HCO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> तथा Mg(HCO<sub>3</sub>)<sub>2</sub>] घुले होते हैं तो यह जल अस्थायी कठोर जल तथा इस प्रकार की कठोरता अस्थायी कठोरता कहलाती है। यह कठोरता जल को उबालने से सरलता से दूर हो जाती है।</p>
<p>स्थायी कठोरता (Permanent hardness) &#8211; जब जल में कैल्सियम तथा मैग्नीशियम के सल्फेट तथा क्लोराइड लवण घुले रहते हैं तो यह जल स्थायी कठोर जल तथा इस प्रकार की कठोरता स्थायी कठोरता कहलाती है। यह कठोरता उबालने से दूर नहीं होती ।</p>
<p>कठोर जल में अधिक साबुन खर्च होने का कारण (Reason of excess soap consumption in hard water) &#8211; कठोर जल में कैल्सियम, मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट तथा बाइकार्बोनेट घुले होते हैं जिनसे क्रिया करके सोडियम स्टिऐरेट अर्थात् साबुन अविलेय लवण बनाता है जिससे साबुन झाग नहीं बनाता है। अतः कठोर जल में साबुन की क्रिया के कारण इसकी काफी मात्रा व्यर्थ में चली जाती है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
मृदु और कठोर जल में क्या अन्तर है?<br />
उत्तर:<br />
मृदु और कठोर जल में अन्तर</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>मृदु जल</td>
<td>कठठेर जल</td>
</tr>
<tr>
<td>1. यह साबुन के साथ आसानी से झाग देता है।</td>
<td>1. यह साबुन के साथ कम झाग या देर में झाग उत्पन्न करता है।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. मृदु जल से कपड़े धोने में साबुन कम खर्च होता है।</td>
<td>2. कठोर जल से कपड़े धोने में साबुन अधिक खर्च होता है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. इसमें कैल्सियम व मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट व बाइकार्बोनेट लवणों का अभाव होता है।</td>
<td>3. इसमें कैल्सियम व मैग्नीशियम के क्लोराइड, सल्फेट तथा बाइकार्बोनेट लवण विलेय होते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. यह जल पीने के लिए उपयुक्त नहीं होता है; क्योंकि इसमें शरीर की वृद्धि के लिए कैल्सियम लवण नहीं घुले रहते हैं।</td>
<td>4. यह जल कम मात्रा में पीने के लिए उपयोगी होता है।</td>
</tr>
<tr>
<td>5. इसके प्रयोग से बॉयलर शीघ्र खराब नहीं होते हैं।</td>
<td>5. इसके प्रयोग से बॉयलर शीघ्र खराब हो जाते हैं।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 22.<br />
जल की कठोरता दूर करने की जियोलाइट विधि में सोडियम जियोलाइट कुछ देर बाद अप्रभावी हो जाता है, क्यों ? इसे पुनः प्रभावी किस तरह बनाया जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
अधिक समय तक उपयोग करने के पश्चात् जब सम्पूर्ण सोडियम परम्यूटिट, कैल्सियम अथवा मैग्नीशियम परम्यूटिट में बदल जाता है तो यह शक्तिहीन हो जाता है; अतः इसे शक्तिशाली करने के लिए नली में जल प्रवाह को रोककर, दूसरी नली द्वारा सोडियम क्लोराइड का विलयन प्रवाहित करते हैं। यह सोडियम क्लोराइड, कैल्सियम और मैग्नीशियम के जियोलाइट से क्रिया कर उन्हें पुनः सोडियम जियोलाइट में बदल देता है; अत: सोडियम परम्यूटिट पुनः जल को मृदु करने के योग्य हो जाता है।<br />
\(\mathrm{CaZ}+2 \mathrm{NaCl} \longrightarrow \mathrm{CaCl}_2+\mathrm{Na}_2 \mathrm{Z}\)</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
परम्यूटिट क्या है? जल की कठोरता दूर करने में यह किस प्रकार सहायक हैं?<br />
उत्तर:<br />
परम्यूटिट सोडियम ऐलुमिनियम सिलिकेट नामक पदार्थ है। इसका सूत्र Na<sub>2</sub>Al<sub>2</sub>Si<sub>2</sub>O<sub>2</sub> है। जल की कठोरता दूर करने के लिए इसे कठोर जल में प्रवाहित किया जाता है। जल में उपस्थित कैल्सियम तथा मैग्नीशियम लवण इसके साथ क्रिया करते हैं । सोडियम परमाणुओं के स्थान पर कैल्सियम या मैग्नीशियम परमाणु आ जाते हैं तथा कैल्सियम या मैग्नीशियम परम्यूटिट बन जाता है जिसे अलग कर लिया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
जल के स्वतः अपघटन से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
जब जल के दो अणु आपस में अभिक्रिया करते हैं तो अभिक्रिया के दौरान H<sup>+</sup> आयन का आदान-प्रदान होता है। इस प्रकार जल का एक अणु अम्ल की भाँति जबकि दूसरा अणु क्षार की भाँति कार्य करता है। वह अणु जो H<sup>+</sup> को ग्रहण करता है, H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> में परिवर्तित हो जाता<br />
उत्तर:<br />
सान्द्रता ग्राम/लीटर में. → 2.24 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का अर्थ है कि 1 लीटर H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> N. T. P. पर 2.24 लीटर O<sub>2</sub> देता है।<br />
2H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2H<sub>2</sub>O + O<sub>2</sub><br />
2 × 34 1 mol<br />
= 68g =22.4L<br />
22.4 लीटर O<sub>2</sub> प्राप्त होती है = 68 or H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> से<br />
2.24 लीटर O<sub>2</sub> प्राप्त होती है = \(\frac { 68×2.24 }{ 22.4 }\) = 6.8g/L</p>
<p>प्रतिशत सान्द्रता &#8211;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37938" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-28.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 28" width="305" height="170" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-28.png 305w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-28-300x167.png 300w" sizes="auto, (max-width: 305px) 100vw, 305px" /></p>
<p>नॉर्मलता-<br />
आयतन सान्द्रता 5.6 × नॉर्मलता<br />
नॉर्मलता = \(\frac { 2.24 }{ 5.6 }\) = 0.4N<br />
मोलरता- आयतन सान्द्रता = 11.2 × मोलरता<br />
\(\frac { 2.24 }{ 5.6 }\) मोलरता<br />
मोलरता = 0.2 M</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
&#8217;20 आयतन&#8217; H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की नॉर्मलता ज्ञात कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
20 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का अर्थ है कि यहाँ 1 लीटर H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> से 20 लीटर O<sub>2</sub> N. T. P. पर प्राप्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37939" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-29.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 29" width="203" height="91" /><br />
22.4 लीटर O<sub>2</sub> हेतु N. T. P. पर आवश्यक<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> = 68g<br />
20 लीटर O<sub>2</sub> हेतु N. T. P. पर आवश्यक<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> = \(\frac { 68×20 }{ 22.4 }\) = 60.71 g/L<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37940" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-30.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 30" width="325" height="153" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-30.png 325w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-30-300x141.png 300w" sizes="auto, (max-width: 325px) 100vw, 325px" /></p>
<p>प्रश्न 33.<br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड की संरचना की विवेचना कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड का अणुसूत्र H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> है। इसके लिए दो संरचना सूत्र प्रस्तुत किए गए हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37941" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-31.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 31" width="334" height="105" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-31.png 334w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-31-300x94.png 300w" sizes="auto, (max-width: 334px) 100vw, 334px" /><br />
उत्तर:<br />
किगंजेट द्वारा प्रस्तुत सूत्र की पुष्टि के प्रमाण-<br />
(i) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> जल और ऑक्सीजन में अपघटित होता है।<br />
(ii) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की प्रकृति क्षीण अम्लीय है।<br />
बेअर द्वारा प्रस्तुत सूत्र की पुष्टि के प्रमाण-</p>
<p>(i) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> एथिलीन से क्रिया करके एथिलीन ग्लाइकॉल बनाता है जिससे यह विदित होता है कि H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के अणु में दो -OH मूलक परस्पर ऑक्सीजन परमाणु द्वारा जुड़े हैं (HO- -OH)।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37942" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-32.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 32" width="246" height="83" /></p>
<p>(ii) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> डाइ &#8211; एथिल सल्फेट [ (C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>)<sub>2</sub> SO<sub>4</sub>] के साथ क्रिया करने पर डाइ &#8211; एथिल परॉक्साइड बनाता है जिसके अपचयन से एथिल ऐल्कोहॉल बनता है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के एक अणु में O &#8211; O बन्ध उपस्थित है और एक-एक ऑक्सीजन परमाणु से केवल एक हाइड्रोजन जुड़ी है ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37944" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-33.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 33" width="413" height="81" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-33.png 413w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-33-300x59.png 300w" sizes="auto, (max-width: 413px) 100vw, 413px" /></p>
<p>(iii) यह क्लोरो सल्फोनिक अम्ल से अभिक्रिया करने पर डाइसल्फ्यूरिक अम्ल बनाता है जिसमें O &#8211; O बन्ध होता है। इससे सूत्र II की पुष्टि होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37945" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-34.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 34" width="418" height="100" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-34.png 418w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-34-300x72.png 300w" sizes="auto, (max-width: 418px) 100vw, 418px" /></p>
<p>(iv) द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment), अवरक्त अवशोषण स्पेक्ट्रा आदि भी सूत्र II की पुष्टि करते हैं। अब्राहम (Abraham, 1951) के अनुसार OH तथा O -O बन्ध के बीच का कोण 97° होता है। अब यह विश्वास किया जाता है कि H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का जलीय विलयन दोनों सूत्रों का चलावयवी (tautomeric) साम्य है<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37946" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-35.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 35" width="349" height="92" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-35.png 349w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-35-300x79.png 300w" sizes="auto, (max-width: 349px) 100vw, 349px" /><br />
हाइड्रोजन परॉक्साइड की अम्लीय संरचना (Acidic structure of Hydrogen peroxide ) &#8211; ठोस हाइड्रोजन परॉक्साइड की संरचना एक खुली पुस्तक की तरह होती है, जिसमें पुस्तक के दोनों भागों के मध्य 90.2° का कोण होता है। दोनों ऑक्सीजन परमाणु पुस्तक के अक्ष पर तथा दोनों पृष्ठों पर एक-एक हाइड्रोजन परमाणु स्थित होता है।</p>
<p>O–O बन्ध दूरी = 145. 8pm, O-H बन्ध दूरी = 98.8pm,<br />
O–O–H कोण = 101.9°<br />
अतः इसका संरचना सूत्र निम्न है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37947" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-36.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 36" width="212" height="81" /></p>
<p>प्रश्न 34.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अम्लीय तथा क्षारीय दोनों माध्यमों में प्रबल ऑक्सीकारक का कार्य करता है। विवेचना कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
अम्लीय माध्यम में ऑक्सीकारक गुण-<br />
(i) \(2 \mathrm{FeSO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Fe}_2\left(\mathrm{SO}_4\right)_3+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(ii) \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{I}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(iii) \(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)</p>
<p>क्षारीय माध्यम में ऑक्सीकारक गुण-<br />
(i) \(\mathrm{Na}_2 \mathrm{SO}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Na}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(ii) \(\mathrm{KNO}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{KNO}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(iii) \(\mathrm{Na}_3 \mathrm{AsO}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{Na}_3 \mathrm{AsO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
क्या होता है जब-<br />
(i) BaO<sub>2</sub> की क्रिया ठंडे तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से कराते हैं।<br />
(ii) BaO<sub>2</sub> की क्रिया फॉस्फोरिक अम्ल से कराते हैं।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37949" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-37-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 37" width="337" height="136" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-37-1.png 337w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-37-1-300x121.png 300w" sizes="auto, (max-width: 337px) 100vw, 337px" /></p>
<p>प्रश्न 36.<br />
निम्न को पूरा करें-<br />
(i) PbS + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub><br />
(ii) MnO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup> + H<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37950" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-38.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 38" width="328" height="129" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-38.png 328w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-38-300x118.png 300w" sizes="auto, (max-width: 328px) 100vw, 328px" /></p>
<p>प्रश्न 37.<br />
&#8217;10 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> विलयन का आयतन बताइये जो 200 ml के 2N KMnO<sub>4</sub> के साथ अम्लीय माध्यम में अभिक्रिया करता है।<br />
उत्तर:<br />
&#8217;10 आयतन H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>&#8216; की नॉर्मलता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37951" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-39.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 39" width="180" height="62" /><br />
हम जानते हैं कि,<br />
N<sub>1</sub>V<sub>1</sub>(H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>) = N<sub>2</sub>V<sub>2</sub>(KMnO<sub>4</sub>)<br />
\(\frac { 10 }{ 5.6 }\) × V<sub>1</sub> = 2 × 200</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
हाइड्रॉजीन तथा H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का मिश्रण Cu(11) उत्प्रेरक की उपस्थिति में रोकेट प्रोपेलेन्ट की तरह कार्य करता है ? क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
हाइड्रॉजीन तथा H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के मध्य होने वाली अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है तथा इसके साथ-साथ बनने वाले उत्पाद का आयतन बहुत अधिक बढ़ जाता है ।<br />
अतः इसका मिश्रण रॉकेट के ईधन या प्रोपेलेन्ट की तरह प्रयुक्त होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37952" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-40.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 40" width="281" height="59" /></p>
<p>प्रश्न 39.<br />
निम्न अभिक्रियाओं को लिखिए-<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के द्वारा अम्लीय एवं क्षारीय माध्यम में Fe<sup>2+</sup> का Fe<sup>3+</sup> आयनों में ऑक्सीकरण ।<br />
उत्तर:<br />
(i) अम्लीय माध्यम में,<br />
\(2 \mathrm{Fe}^{2+}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+2 \mathrm{H}^{+} \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}^{3+}+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)</p>
<p>(ii) क्षारीय माध्यम में,<br />
\(2 \mathrm{Fe}^{2+}+4 \mathrm{OH}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}(\mathrm{OH})_3\)</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
अभिक्रिया लिखें-<br />
(i) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के द्वारा अम्लीय माध्यम में आयोडाइड आयन का आयोडीन में ऑक्सीकरण<br />
(ii) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> द्वारा अम्लीय डाईक्रोमेट आयन का ऑक्सीकरण ।<br />
उत्तर:<br />
(i) \(2 \mathrm{I}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+2 \mathrm{H}^{+} \rightarrow \mathrm{I}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(ii) <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37953" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-41.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 41" width="332" height="130" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-41.png 332w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-41-300x117.png 300w" sizes="auto, (max-width: 332px) 100vw, 332px" /></p>
<p>प्रश्न 41.<br />
क्या होता है जब H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अभिक्रिया करता है।<br />
(i) क्षारीय पोटैशियम फेरी सायनाइड के साथ ।<br />
(ii) सल्फ्यूरस अम्ल के साथ ।<br />
(iii) सोडियम आर्सेनाइट के साथ ।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37954" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-42.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 42" width="398" height="279" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-42.png 398w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-42-300x210.png 300w" sizes="auto, (max-width: 398px) 100vw, 398px" /></p>
<p>प्रश्न 42.<br />
H<sub>2</sub>O एवं D<sub>2</sub>0 के गुणों को जानते हुए क्या आप मानते हैं कि D<sub>2</sub>O का उपयोग पेय-प्रयोजनों के रूप में किया जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं, भारी जल पेय प्रयोजनों के रूप में उपयोगी नहीं होता है। इसके निम्न कारण हैं-<br />
(i) भारी अणु होने के कारण D<sub>2</sub>O में आयतन H<sub>2</sub>O की तुलना में एक-तिहाई ही होता है।<br />
(ii) D<sub>2</sub>O में बन्ध H<sub>2</sub>O की तुलना में अत्यन्त धीमी गति से टूटते हैं।<br />
(iii) कम पराविद्युतांक के कारण इसमें आयनिक पदार्थ जल की तुलना में कम विलेय होते हैं। उपर्युक्त कारणों से भारी जल शरीर में होने वाली अपचयोपचयी अभिक्रियाओं को साधारण जल की तुलना में अति मन्द दर से करता है जिससे ये असन्तुलित हो जाती हैं। अतः यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसके अतिरिक्त इससे बीजों का अंकुरण रुक जाता है, इसमें रहने वाले टैडपोल तथा अन्य छोटे-छोटे जीव मर जाते हैं तथा यह पेड़-पौधों का विकास रोक देता है।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
(i) भारी जल का अणुभार बताइए। भारी जल से ड्यूटीरियम बनाने के लिए एक रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण दीजिए ।<br />
(ii) सोडियम के साथ भारी जल की क्रिया का समीकरण लिखिए और अभिक्रिया के उत्पादों के नाम बताइए ।<br />
(iii) भारी जल क्या है? यह कैसे प्राप्त होता है ?<br />
उत्तर:<br />
(i) भारी जल का अणुसूत्र D<sub>2</sub>O है जिसके आधार पर इसका अणुभार = 2 × 2 + 16 = 20 है। भारी जल से ड्यूटीरियम विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त कर सकते हैं जिसका रासायनिक समीकरण निम्नांकित प्रकार है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37955" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-43.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 43" width="241" height="58" /></p>
<p>(ii) सोडियम की भारी जल से अभिक्रिया का समीकरण निम्नांकित प्रकार से है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37956" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-44.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 44" width="347" height="103" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-44.png 347w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-44-300x89.png 300w" sizes="auto, (max-width: 347px) 100vw, 347px" /></p>
<p>(iii) ड्यूटीरियम ऑक्साइड (D<sub>2</sub>O) को भारी जल कहते हैं। इसका निर्माण साधारण जल की ड्यूटीरियम (D<sub>2</sub>) के साथ विनियम विधि द्वारा किया जा सकता है-<br />
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{D}_2 \longrightarrow \mathrm{D}_2 \mathrm{O}+\mathrm{H}_2 \uparrow\)</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
(क) ड्यूटीरियम ऑक्साइड को भारी जल क्यों कहते हैं? केवल रासायनिक समीकरण देते हुए सल्फर डाइऑक्साइड से इसकी अभिक्रिया बताइए ।<br />
(ख) भारी जल के उपयोग बताइए ।<br />
(ग) भारी जल का न्यूट्रॉन विमन्दक तथा ट्रेसर के रूप में उपयोग समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
(क) भए पइड्रोजन में प्रोटॉन, 1 न्यूट्रॉन तथा 1 इलेक्ट्रॉन होता है, जबकि साधारण डाइहाइड्रोजन में 1 प्रोटॉन और 1 इलेक्ट्रॉन ही होता है। भारी हाइड्रोजन के नाभिक में एक अतिरिक्त न्यूट्रॉन के कारण यह भार में भारी होता है; अतः भारी हाइड्रोजन कहलाता है। भारी हाइड्रोजन से बने ड्यूटीरियम ऑक्साइड (D<sub>2</sub>O) का भार भी साधारण जल (H<sub>2</sub>O) से अधिक होता है; अत: इसे भारी जल कहते हैं।<br />
D<sub>2</sub>O पर SO<sub>2</sub> की अभिक्रिया से ड्यूटीरो सल्फ्यूरस अम्ल बनता है।<br />
D<sub>2</sub>O+SO2 → D<sub>2</sub>SO<sub>3</sub></p>
<p>(ख) भारी जल के प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं-<br />
(i) ड्यूटीरियम तथा इसके यौगिक बनाने में काम आता है। (ii) यह नाभिकीय अभिक्रियाओं में मन्दक (moderator) के रूप में प्रयुक्त होता है।<br />
(iii) इसका उपयोग आरेख (tracer) के रूप में रासायनिक तथा जैव-अभिक्रियाओं की क्रियाविधि के अध्ययन में होता है।<br />
(iv) आयनिक व अनायनिक हाइड्रोजन में विभेद करने में (In differentiating between ionic and non-ionic hydrogen)-आयनिक एवं अनायनिक हाइड्रोजन में विभेद करने में भारी जल का प्रयोग करते हैं। आयनिक हाइड्रोजन, अर्थात् वह हाइड्रोजन जोकि उच्च विद्युत् ऋणात्मकता वाले तत्वों से क्रिया कर यौगिक बनाती है, का विनिमय भारी जल के द्वारा आसानी से हो जाता है।</p>
<p>(ग) (i) न्यूट्रॉन विमन्दक के रूप में उपयोग (Uses as a neutron moderator) &#8211; नाभिकीय रिएक्टर में U<sup>235</sup> पर मन्द गति के न्यूट्रॉनों की बमबारी करने के फलस्वरूप U<sup>235</sup> का नाभिकीय विखण्डन हो जाता है और ऊर्जा उत्पन्न होती है। तीव्रगामी न्यूट्रॉनों की गति को मन्द करने के लिए उनको भारी जल से गुजारते हैं। इस प्रकार नाभिकीय रिएक्टरों में भारी जल का उपयोग न्यूट्रॉन विमन्दक के रूप में होता है।</p>
<p>(ii) ट्रेसर के रूप में उपयोग (Uses as a tracer) &#8211; D<sub>2</sub>O का उपयोग ट्रेसर के रूप में रासायनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि ज्ञात करने में होता है। इससे ज्ञात होता है कि किस बन्ध का विदलन होता है और किस बन्ध का निर्माण होता है।</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
निम्न यौगिकों के नाम लिखें तथा उन अभिक्रियाओं को भी लिखें जिनके द्वारा ये बनाए जाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37957" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-45.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 45" width="385" height="227" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-45.png 385w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-45-300x177.png 300w" sizes="auto, (max-width: 385px) 100vw, 385px" /></p>
<p>प्रश्न 46.<br />
बेरियम परॉक्साइड से H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को बनाने के लिये सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर फॉस्फोरिक अम्ल को प्राथमिकता देते हैं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि बनने वाली H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के अपघटन में H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> उत्प्रेरक का कार्य करता है, इसलिये H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> के स्थान पर फॉस्फोरिक अम्ल को प्राथमिकता देते हैं। साथ ही BaO<sub>2</sub> पर BaSO<sub>4</sub> की एक पर्त जम जाती है । जिससे BaO<sub>2</sub> की क्रियाशीलता घट जाती है।</p>
<p>प्रश्न 47.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की शीशी को खोलने से पहले ठण्डा करते हैं, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> एक अस्थायी द्रव है, जो रखने पर या अधिक ताप पर अपघटित होकर जल व ऑक्सीजन को देता है। यदि खोलने से पहले शीशी को ठण्डा किया जाये तो द्रव का वाष्प दाब कम हो जाता है। यदि शीशी को ठण्डान किया जाये तो शीशी को खोलते ही विस्फोट हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> तथा O<sub>3</sub> ओजोन में पाँच विभेद दें।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> (हाइड्रोजन परॉक्साइड)</td>
<td>O<sub>3</sub> (ओजोन)</td>
</tr>
<tr>
<td>1. यह एक गन्धहीन, रंगहीन व गाढ़ा द्रव होता है।</td>
<td>1. मछली जैसी गन्ध की हल्के नीले रंग की गैस है।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. इसका मर्करी पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है।</td>
<td>2. यह मर्करी की सतह को नष्ट कर देती है जिससे मर्करी काँच पर चिपक जाती है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. इसका टेट्रामेथिल बेस पेपर पर कोई प्रभाव नहीं होता है।</td>
<td>3. यह टेट्रामेथिल बेस पेपर को बैंगनी कर देती है।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. यह अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन को रंगहीन कर देता है।</td>
<td>4. ओजोन अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन पर कोई प्रभाव नहीं डालती है।</td>
</tr>
<tr>
<td>5. यह बेन्जीडीन पेपर पर कोई प्रभाव नहीं डालता है।</td>
<td>5. यह बेन्जीडीन पेपर को भूरा कर देती है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 49.<br />
कठोर जल को क्वथित्रों में प्रयोग करने से पहले मृदु बनाया जाता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
कठोर जल को जब क्वथित्रों में प्रयोग किया जाता है तो कठोर जल में उपस्थित लवण क्वथित्र के भीतर एक अघुलनशील परत बना लेते हैं, यह परत या पपड़ी ऊष्मा की कुचालक होती है इसलिये इसमें ईंधन का दुरुपयोग होता है तथा क्वथित्र का जीवन काल भी कम हो जाता है। इस कारण कठोर जल को क्वथित्रों में प्रयोग करने से पहले मृदु कर देते हैं।</p>
<p>प्रश्न 50.<br />
क्या यह सत्य है कि हाइड्रोजन गैस धातु की तरह कार्य कर सकती है तथा यह किन परिस्थितियों में सम्भव है ?<br />
उत्तर:<br />
धातुएँ सदैव विद्युत धनात्मक तत्व होती हैं। जब किसी ऐसे यौगिक का विद्युत अपघटन होता है जिसमें धातुओं के साथ अधातुएँ भी उपस्थित हों तो धातुएँ सदैव कैथोड पर मुक्त होती हैं। इसी प्रकार हाइड्रोजन गैस यह व्यवहार तब प्रदर्शित करती है जब यह उच्च वैद्युत ऋणात्मक तत्व जैसे क्लोरीन के साथ संयोग कर यौगिक बनाये एवं यह यौगिक गलित अवस्था में विद्युत अपघट्य की तरह कार्य करे। ऐसी परिस्थिति में वैद्युत अपघटन होने पर हाइड्रोजन गैस सदैव कैथोड पर ही मुक्त होगी। यह व्यवहार धातुओं के समान ही है।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
क्या होता है जब-<br />
(1) O<sub>3</sub> की H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> से क्रिया करायी जाती है।<br />
(2) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की सिल्वर ऑक्साइड से अभिक्रिया होती है।<br />
(3) फेरस सल्फेट के अम्लीय विलयन में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> विलयन को मिलाया जाता है।<br />
(4) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को KMnO<sub>4</sub> के अम्लीय विलयन में मिलाते हैं।<br />
(5) लेड सल्फाइड में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> मिलाते हैं।<br />
(6) क्षारीय पोटैशियम फेरीसायनाइड में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की क्रिया होती है।<br />
(7) NaOH विलयन की उपस्थिति में क्रोमियम हाइड्रॉक्साइड की क्रिया H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> से होती है।<br />
(8) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> की क्रिया K<sub>2</sub>Cr<sub>2</sub>O<sub>7</sub> और H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> से होती है।<br />
(9) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> को KI विलयन में मिलाते हैं।<br />
उत्तर:<br />
(1) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ओजोन को ऑक्सीजन में अपचयित कर देता हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37958" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-46.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 46" width="278" height="70" /></p>
<p>(2) H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> सिल्वर ऑक्साइड Ag<sub>2</sub>O को Ag में अपचयित कर देता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37959" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-47.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 47" width="272" height="65" /></p>
<p>(3) यह तनु अम्ल की उपस्थिति में फेरस सल्फेट को फेरिक सल्फेट में ऑक्सीकृत कर देता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37960" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-48.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 48" width="346" height="126" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-48.png 346w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-48-300x109.png 300w" sizes="auto, (max-width: 346px) 100vw, 346px" /></p>
<p>(4) अम्लीय माध्यम में हाइड्रोजन परॉक्साइड (H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>) पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO<sub>4</sub>) को मैंगनस सल्फेट (MnSO<sub>4</sub>) में अपंचयित कर देता है&#8211;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37961" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-49.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 49" width="452" height="144" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-49.png 452w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-49-300x96.png 300w" sizes="auto, (max-width: 452px) 100vw, 452px" /></p>
<p>(5) हाइड्रोजन परॉक्साइड (H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>) लेड सल्फाइड को लेड सल्फेट में ऑक्सीकृत कर देता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37962" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-50.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 50" width="376" height="95" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-50.png 376w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-50-300x76.png 300w" sizes="auto, (max-width: 376px) 100vw, 376px" /></p>
<p>(6) क्षारीय माध्यम में K<sub>3</sub>[Fe(CN)<sub>6</sub>] को K<sub>4</sub>[Fe(CN)<sub>6</sub>] में अपचयित कर देता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37963" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-51.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 51" width="431" height="104" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-51.png 431w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-51-300x72.png 300w" sizes="auto, (max-width: 431px) 100vw, 431px" /></p>
<p>(7) NaOH के विलयन में निलम्बित क्रोमिक हाइड्रॉक्साइड में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> डालने पर क्रोमियम लवणों का क्रोमेट में ऑक्सीकरण हो जाता है तथा विलयन का रंग पीला हो जाता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37965" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-52.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 52" width="371" height="72" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-52.png 371w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-52-300x58.png 300w" sizes="auto, (max-width: 371px) 100vw, 371px" /></p>
<p>(8) यह अम्लीय पोटैशियम डाइक्रोमेट को नीले क्रोमिक परॉक्साइड या ब्लू परक्रोमेट (CrO<sub>5</sub>) में परिवर्तित कर देता है जो अम्ल से विघटित होकर ऑक्सीजन व क्रोमियम सल्फेट देता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37966" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-53.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 9 हाइड्रोजन Img 53" width="414" height="199" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-53.png 414w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/08/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-9-हाइड्रोजन-Img-53-300x144.png 300w" sizes="auto, (max-width: 414px) 100vw, 414px" /></p>
<p>(9) यह अम्लीय पोटैशियम आयोडाइड विलयन से आयोडीन को मुक्त करता है-<br />
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{O}\)<br />
\(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{O} \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{I}_2\)<br />
\(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4 \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{I}_2\)</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions-chapter-8-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:42:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ बहुविकल्पीय प्रश्न 1. अपचयन का उदाहरण है- (1) Sn2+ → Sn4+ (2) I&#8211; → I0 (3) [Fe(CN)6]3- → [Fe(CN)6]4- (4) MnO42- → MnO4&#8211;. उत्तर: (3) [Fe(CN)6]3- → [Fe(CN)6]4- [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions/">HBSE 11th Class Chemistry Important Questions</a> Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न</span></p>
<p>1. अपचयन का उदाहरण है-<br />
(1) Sn<sup>2+</sup> → Sn<sup>4+</sup><br />
(2) I<sup>&#8211;</sup> → I<sup>0</sup><br />
(3) [Fe(CN)<sub>6</sub>]<sup>3-</sup> → [Fe(CN)<sub>6</sub>]<sup>4-</sup><br />
(4) MnO<sub>4</sub><sup>2-</sup> → MnO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup>.<br />
उत्तर:<br />
(3) [Fe(CN)<sub>6</sub>]<sup>3-</sup> → [Fe(CN)<sub>6</sub>]<sup>4-</sup></p>
<p>2. निम्न में रेडॉक्स अभिक्रिया है-<br />
(1) SnCl<sub>2</sub> + 2FeCl<sub>3</sub> → SnCl<sub>4</sub> + 2FeCl<sub>2</sub><br />
(2) AgNO<sub>3</sub> + HCl → AgCl + HNO<sub>3</sub><br />
(3) 2KI + Pb(NO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> → 2KNO<sub>3</sub> + PbI<sub>2</sub><br />
(4) BaCl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → BaSO<sub>4</sub> + 2HCl.<br />
उत्तर:<br />
(1) SnCl<sub>2</sub> + 2FeCl<sub>3</sub> → SnCl<sub>4</sub> + 2FeCl<sub>2</sub></p>
<p>3. अभिक्रिया Na<sub>2</sub>S<sub>2</sub>O<sub>3</sub> + Br<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O → Na<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> + S + 2HBr में ऑक्सीकरण पदार्थ है-<br />
(1) Na<sub>2</sub>S<sub>2</sub>O<sub>3</sub><br />
(2) Br<sub>2</sub><br />
(3) H<sub>2</sub>O<br />
(4) S.<br />
उत्तर:<br />
(2) Br<sub>2</sub></p>
<p>4. निम्न में ऑक्सीकरण प्रक्रिया है-<br />
(1) Fe<sup>3+</sup> + e<sup>&#8211;</sup> → Fe<sup>2+</sup><br />
(2) I<sub>2</sub> + 2e<sup>&#8211;</sup> → 2I<sup>&#8211;</sup><br />
(3) 2H<sup>+</sup> + 2e<sup>&#8211;</sup> → H<sub>2</sub><br />
(4) Cu &#8211; 2e<sup>&#8211;</sup> → Cu<sup>2+</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) Cu &#8211; 2e<sup>&#8211;</sup> → Cu<sup>2+</sup></p>
<p>5. ऑक्सीकरण &#8211; अपचयन अभिक्रिया में-<br />
(1) ऑक्सीकारक इलेक्ट्रॉन देता है<br />
(2) अपचायक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है<br />
(3) ऑक्सीकारक H<sup>+</sup> ग्रहण करता है<br />
(4) अपचायक इलेक्ट्रॉन देता है।<br />
उत्तर:<br />
(4) अपचायक इलेक्ट्रॉन देता है।</p>
<p>6. निम्न में ऑक्सीकरण &#8211; अपचयन अभिक्रिया कौन-सी है&#8211;<br />
(1) KI + I<sub>2</sub> → KI<sub>3</sub><br />
(2) Cu<sup>2+</sup> + 4Cl<sup>&#8211;</sup> → [CuCl<sub>4</sub>]<sup>2-</sup><br />
(3) CO + Cl<sub>2</sub> → COCl<sub>2</sub><br />
(4) Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup> + 2I<sup>&#8211;</sup> → Hg<sub>2</sub>I<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(3) CO + Cl<sub>2</sub> → COCl<sub>2</sub></p>
<p>7. K<sub>2</sub>Cr<sub>2</sub>O<sub>7</sub> में क्रोमियम का ऑक्सीकरण अंक है-<br />
(1) -6<br />
(2) -2<br />
(3) +2<br />
(4) +6.<br />
उत्तर:<br />
(4) +6.</p>
<p>8. क्लोरीन का उच्चतम ऑक्सीकरण अंक वाला यौगिक है-<br />
(1) SO<sub>2</sub>Cl<sub>2</sub><br />
(2) HOCl<br />
(3) COCl<sub>2</sub><br />
(4) CH<sub>2</sub>Cl<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(2) HOCl</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>9. NH<sub>2</sub>OH तथा N<sub>3</sub>H में नाइट्रोजन की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमश: है-<br />
(1) -1, -1/3<br />
(2) -1/3, -1<br />
(3) 1/3, -1<br />
(4) 1, 1/3.<br />
उत्तर:<br />
(1) -1, -1/3</p>
<p>10. S<sub>8</sub> में सल्फर की संयोजकता है-<br />
(1) 0<br />
(2) 2<br />
(3) 4<br />
(4) 8<br />
उत्तर:<br />
(1) 0</p>
<p>11. [Fe(CN)<sub>6</sub>]<sup>3-</sup> मैं Fe का ऑक्सीकरण अंक है-<br />
(1) &#8211; 3<br />
(2) 0<br />
(3) + 3<br />
(4) + 6.<br />
उत्तर:<br />
(3) + 3</p>
<p>12. निम्न में स्वतः ऑक्सीकरण अपचयन अभिक्रिया (असमानुपातन अभिक्रिया) कौन-सी है?<br />
(1) MnO<sub>2</sub> + 4HCl → MnCl<sub>2</sub> + Cl<sub>2</sub> + 2H<sub>2</sub>O<br />
(2) Cl<sub>2</sub> + 2NaOH → NaCl + NaOCl + H<sub>2</sub>O<br />
(3) 2KI + Cl<sub>2</sub> → 2KCl + I<sub>2</sub><br />
(4) Zn + 2NaOH → Na<sub>2</sub>ZnO<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(2) Cl<sub>2</sub> + 2NaOH → NaCl + NaOCl + H<sub>2</sub>O</p>
<p>13. निम्न में से अपघटन अभिक्रिया कौन-सी है-<br />
(1) C + O<sub>2</sub> → CO<sub>2</sub><br />
(2) 3Mg + N<sub>2</sub> → Mg<sub>3</sub>N<sub>2</sub><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37972" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 1" width="180" height="65" /><br />
(4) CuSO<sub>4</sub> + Zn → Cu + ZnSO<sub>4</sub><br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37972" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 1" width="180" height="65" /></p>
<p>14. निम्न में से विस्थापन अभिक्रिया कौन-सी है?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37973" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 2" width="252" height="152" /><br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37974" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 3" width="252" height="63" /></p>
<p>15. तत्वों की बढ़ती क्रियाशीलता का सही क्रम है-<br />
(1) Ca &lt; Na &lt; Li<br />
(2) Ni &lt; Na &lt; Ca<br />
(3) Au &lt; Mg &lt; Zn<br />
(4) Sn &lt; Ag &lt; Au.<br />
उत्तर:<br />
(2) Ni &lt; Na &lt; Ca</p>
<p>16. निम्न में से कौन सी अभिक्रिया का होना सम्भव नहीं है-<br />
(1) Cu<sup>2+</sup> + Zn → Zn<sup>2+</sup> + Cu<br />
(2) 2KBr + I<sub>2</sub> → 2KI + Br<sub>2</sub><br />
(3) 2Ag<sup>+</sup> + Cu → 2Ag + Cu<sup>2+</sup><br />
(4) Fe + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → FeSO<sub>4</sub> + H<sub>2</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(2) 2KBr + I<sub>2</sub> → 2KI + Br<sub>2</sub></p>
<p>17. कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन का प्लैटिनम इलेक्ट्रोडॉ के मध्य विद्यत अपघटन करने पर क्या होता है?<br />
(1) कैथोड पर हाइड्रोजन और ऐनोड पर ऑक्सीजन मुक्त होती है<br />
(2) कैथोड पर कॉपर जमा होता है और ऐनोड पर हाइड्रोजन निकलती है<br />
(3) कैथोड पर ऑक्सीजन निकलती है और ऐनोड पर कॉपर जमा होता है<br />
(4) सल्फ्यूरिक अम्ल का विलयन बनता है।<br />
उत्तर:<br />
(4) सल्फ्यूरिक अम्ल का विलयन बनता है।</p>
<p>18. K, Mg Fe और Zn धातुओं की अपचायक क्षमता बढ़ने है-<br />
(1) K &lt; Mg &lt; Fe &lt; Zn<br />
(2) K &lt; Mg &lt; Zn &lt; Fe<br />
(3) Fe &lt; Zn &lt; Mg &lt; K<br />
(4) Zn उत्तर:<br />
(3) Fe &lt; Zn &lt; Mg &lt; K</p>
<p>19. निम्न में से किस धातु को उसके लवण के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन करके प्राप्त किया जा सकता है-<br />
(1) Al<br />
(2) Ca<br />
(3) Na<br />
(4) Ag<br />
उत्तर:<br />
(4) Ag</p>
<p>20. विद्युत रासायनिक श्रेणी में Cu Zn, Mg, Fe धातुओं की घटती हुई अपचायक क्षमता का क्रम है-<br />
(1) Mg, Fe, Zn, Cu<br />
(2) Cu Zn, Fe, Mg.<br />
(3) Zn, Mg Fe, Cu<br />
(4) Mg, Zn, Fe, Cu.<br />
उत्तर:<br />
(4) Mg, Zn, Fe, Cu.</p>
<p>21. चार तत्वों A B C तथा D के मानक अपचयन विभव क्रमशः &#8211; 2.90, + 2.90, + 1.50, 0.74 तथा +0.34 वोल्ट हैं। इनमें सर्वाधिक प्रबल अपचायक है-<br />
(1) A<br />
(2) B<br />
(3) C<br />
(4) D<br />
उत्तर:<br />
(1) A</p>
<p>22. Al, Sr, Hg और Cu को अपचायक क्षमता का बढ़ता क्रम है-<br />
(1) Al, Hg, Sr, Cu<br />
(2) Hg, Cu, Al, Sr<br />
(3) Hg, Al, Cu, Sr<br />
(4) Cu, Hg. Al, Sr.<br />
उत्तर:<br />
(2) Hg, Cu, Al, Sr</p>
<p>23. निम्न में से कौन सी धातु अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती है-<br />
(1) Fe<br />
(2) Zn<br />
(3) Cu<br />
(4) Mg.<br />
उत्तर:<br />
(3) Cu</p>
<p>24. कौन-सा हैलोजन अम्ल श्रेष्ठ अपचायक है-<br />
(1)HCl<br />
(2) HBr<br />
(3) HI<br />
(4) HF.<br />
उत्तर:<br />
(3) HI</p>
<p>25. अपचायक के रूप में कार्य नहीं करने वाला ऑक्साइड है-<br />
(1) ClO<sub>2</sub><br />
(2) SO<sub>2</sub><br />
(3) NO<sub>2</sub><br />
(4) CO<sub>2</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(4) CO<sub>2</sub>.</p>
<p>26. K<sub>3</sub>[Cr(C<sub>2</sub>O<sub>4</sub>)<sub>3</sub>] मैं क्रोमियम की समन्वय संख्या तथा ऑक्सीकरण अंक क्रमश: है-<br />
(1) 6+3<br />
(2) 3 व 0<br />
(3) 4 व +2<br />
(4) 3 व + 3.<br />
उत्तर:<br />
(1) 6+3</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>27. कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकारक या अपचायक के रूप में कार्य करने में सक्षम है-<br />
(1) H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub><br />
(2) SO<sub>2</sub><br />
(3) H<sub>2</sub>S<br />
(4) HNO<sub>3</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(2) SO<sub>2</sub></p>
<p>28. ब्रोमीन जल SO<sub>2</sub> से क्रिया करके बनाती है-<br />
(1) H<sub>2</sub>O तथा HBr<br />
(2) H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> तथा HBr<br />
(3) HBr तथा S<br />
(4) S तथा H<sub>2</sub>O.<br />
उत्तर:<br />
(2) H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> तथा HBr</p>
<p>29. अधोलिखित में कौन-सी अभिक्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अपचायक का कार्य करता है-<br />
(1) 2FeCl<sub>2</sub> + 2HCl + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2FeCl<sub>3</sub> + 2H<sub>2</sub>O<br />
(2) Cl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2HCl + O<sub>2</sub><br />
(3) 2HI + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2H<sub>2</sub>O + I<sub>2</sub><br />
(4) H<sub>2</sub>SO<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> + H<sub>2</sub>O.<br />
उत्तर:<br />
(2) Cl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2HCl + O<sub>2</sub></p>
<p>30. K [Co(CO)<sub>4</sub>] में कोबाल्ट की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) +1<br />
(2) +3<br />
(3) -1<br />
(4) &#8211; 3.<br />
उत्तर:<br />
(3) -1</p>
<p>31. अधोलिखित समीकरण में A के पर होगा-<br />
2Fe<sup>3+</sup><sub>(aq)</sub> + Sn<sup>2+</sup><sub>(aq)</sub> → 2Fe<sup>2+</sup><sub>(aq)</sub> + A<br />
(1) Sn<sup>4+</sup><br />
(2) Sn<sup>3+</sup><br />
(3) Sn<sup>2+</sup><br />
(4) Sn<sup>0</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) Sn<sup>4+</sup></p>
<p>32. अधोलिखित में से किस यौगिक में Mn की ऑक्सीकरण संख्या KIO<sub>4</sub> में आयोडीन की ऑक्सीकरण संख्या के तुल्य है-<br />
(1) पोटैशियम मँगनेट<br />
(2) पोटैशियम परमैंगनेट<br />
(3) मैंग्नस क्लोराइड<br />
(4) मैग्नीज क्लोराइड।<br />
उत्तर:<br />
(2) पोटैशियम परमैंगनेट</p>
<p>33. ऐनायनों SO<sub>3</sub><sup>2-</sup>, S<sub>4</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup> और S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup> में सल्फर की ऑक्सीकरण अवस्थाओं का क्रम है-<br />
(1) S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup> &lt; S<sub>2</sub>O<sub>4</sub><sup>2-</sup> &lt; SO<sub>3</sub><sup>2-</sup><br />
(2) S<sub>2</sub>O<sub>4</sub><sup>2-</sup> &lt; SO<sub>3</sub><sup>2-</sup> &lt; S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup><br />
(3) SO<sub>3</sub><sup>2-</sup>&lt; S<sub>2</sub>O<sub>4</sub><sup>2-</sup> &lt; S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup><br />
(4) S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup> &lt; S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup> &lt; SO<sub>3</sub><sup>2-</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) S<sub>2</sub>O<sub>4</sub><sup>2-</sup> &lt; SO<sub>3</sub><sup>2-</sup> &lt; S<sub>2</sub>O<sub>6</sub><sup>2-</sup></p>
<p>34. क्षारीय माध्यम में I<sup>&#8211;</sup>, MnO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup> द्वारा ऑक्सीकृत होता है, प्रक्रिया में I<sup>&#8211;</sup> निम्न में परिवर्तित होता है-<br />
(1) IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(2) I<sub>2</sub><br />
(3) IO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(4) IO<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup></p>
<p>35. [Ni (CO)<sub>4</sub>] मैं Ni की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) 0<br />
(2)+2<br />
(3)+3<br />
(4)+4.<br />
उत्तर:<br />
(1) 0</p>
<p>36. निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया रेडॉक्स अभिक्रिया है-<br />
(1) Zn+2AgCN → 2Ag + Zn(CN)<sub>2</sub><br />
(2) CaC<sub>2</sub>O<sub>4</sub> + 2HCl → CaCl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>C<sub>2</sub>O<sub>4</sub><br />
(3) NaCl + KNO<sub>3</sub> → NaNO<sub>3</sub> + KCl<br />
(4) Mg(OH)<sub>2</sub> + 2NH<sub>4</sub>Cl → 2NH<sub>4</sub>OH + MgCl<sub>2</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(1) Zn+2AgCN → 2Ag + Zn(CN)<sub>2</sub></p>
<p>37. CHCl<sub>2</sub> में कार्बन परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) 3<br />
(2) 2<br />
(3) 5<br />
(4) 0<br />
उत्तर:<br />
(4) 0</p>
<p>38. दी गयी अभिक्रिया में Br का व्यवहार है-<br />
Br<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O → HOBr + HBr<br />
(1) केवल ऑक्सीकृत होती है<br />
(2) अपचयित होती है<br />
(3) दोनों व्यवहार दर्शाती है<br />
(4) न ऑक्सीकृत होती है न अपचयित।<br />
उत्तर:<br />
(3) दोनों व्यवहार दर्शाती है</p>
<p>39. F<sub>2</sub>O में फ्लुओरीन व ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमशः<br />
(1) -1,-2<br />
(2) -1, +2<br />
(3) -2,+2<br />
(4) +2, -1.<br />
उत्तर:<br />
(2) -1, +2</p>
<p>40. विद्युत् रासायनिक श्रेणी में प्रबलतम अपचायक है-<br />
(1) Li<br />
(2) Na<br />
(3) Cs<br />
(4) Ra.<br />
उत्तर:<br />
(1) Li</p>
<p>41. KI तथा अम्लीय K<sub>2</sub>Cr<sub>2</sub>O<sub>7</sub> के विलयन में बने अन्तिम उत्पाद Cr की ऑक्सीकरण अवस्था है-<br />
(1) + 2<br />
(2) +3<br />
(3) +4<br />
(4) +6.<br />
उत्तर:<br />
(2) +3</p>
<p>42. निम्न में से किसमें फॉस्फोरस की ऑक्सीकरण संख्या +3 है-<br />
(1) फॉस्फोरस अम्ल<br />
(2) पाइरोफॉस्फोरिक अम्ल<br />
(3) ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल<br />
(4) मेटाफॉस्फोरिक अम्ल।<br />
उत्तर:<br />
(3) ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल</p>
<p>43. H<sub>2</sub>S<sub>2</sub>O<sub>8</sub> में S की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) +2<br />
(2) +4<br />
(3) +6<br />
(7) +7<br />
उत्तर:<br />
(3) +6</p>
<p>44. SF<sub>6</sub> में S की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) + 2<br />
(2) +4<br />
(3) +6<br />
(4) +7<br />
उत्तर:<br />
(3) +6</p>
<p>45. KMnO<sub>4</sub> में Mn की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) +4<br />
(2) +5<br />
(3) +6<br />
(4) +7<br />
उत्तर:<br />
(4) +7</p>
<p>46. रेडॉक्स अभिक्रिया<br />
2Hg<sup>2+</sup> + Sn<sup>2+</sup> → (A) + (B).<br />
मैं उत्पाद (A) तथा (B) हैं-<br />
(1) Hg<sup>+</sup> और Sn<br />
(2) Hg और Sn<sup>4+</sup><br />
(3) Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup> और Sn<sup>4+</sup><br />
(4) Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup> और Sn.<br />
उत्तर:<br />
(3) Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup> और Sn<sup>4+</sup></p>
<p>47. CH<sub>4</sub>, CaH<sub>2</sub> तथा H<sub>2</sub> में हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमश: हैं-<br />
(1) -1, +1, +1<br />
(2) &#8211; 1, +1, 0<br />
(3) +1, -1, 0<br />
(4) -1, -1, +1.<br />
उत्तर:<br />
(3) +1, -1, 0</p>
<p>48. [Fe(CN)<sub>6</sub>]<sup>4-</sup> आयन में Fe की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) + 2<br />
(2) +3<br />
(3) +4<br />
(4) +6.<br />
उत्तर:<br />
(1) + 2</p>
<p>49. मोर लवण है-<br />
(1) सामान्य लवण<br />
(2) संकर लवण<br />
(3) अम्लीय लवण<br />
(4) द्विक लवण<br />
उत्तर:<br />
(4) द्विक लवण</p>
<p>50. OF<sub>2</sub> तथा H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) -2,-1<br />
(2) +2,-1<br />
(3) +2+1<br />
(4) -2, +1.<br />
उत्तर:<br />
(2) +2,-1</p>
<p>51. H<sub>2</sub>SO<sub>5</sub> में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) +2<br />
(2) +4<br />
(3) +6<br />
(4) +8.<br />
उत्तर:<br />
(3) +6</p>
<p>52. Mg<sub>2</sub>P<sub>2</sub>O<sub>7</sub> तथा P<sub>4</sub>O<sub>7</sub><sup>4-</sup> में फॉस्फोरस की ऑक्सीकरण संख है-<br />
(1) 5, 5<br />
(2) 5, 2.5<br />
(3) 2.5, 5<br />
(4) -2.5, -5.<br />
उत्तर:<br />
(2) 5, 2.5</p>
<p>53. [Cu(NH<sub>3</sub>)<sub>4</sub>]<sup>2+</sup> में Cu की ऑक्सीकरण संख्या है-<br />
(1) + 2<br />
(2) +3<br />
(3) 0<br />
(4) + 1.<br />
उत्तर:<br />
(1) + 2</p>
<p>54. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल का प्लैटिनम इलेक्ट्रोड के साथ कैथोड अभिक्रिया में विद्युत अपघटन है-<br />
(1) उपचयन<br />
(2) अपचयन<br />
(3) उपचयन एवं अपचयन दोनों<br />
(4) उदासीनीकरण।<br />
उत्तर:<br />
(2) अपचयन</p>
<p>55. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ अपचायक के रूप में कार्य करता है-<br />
14H<sup>+</sup> + Cr<sub>2</sub>O<sub>7</sub><sup>2-</sup> + 3Ni → 2Cr<sup>3+</sup> + 7H<sub>2</sub>O<br />
(1) H<sub>2</sub>O<br />
(2) Ni<br />
(3) H<sup>+</sup><br />
(4) CO<sub>2</sub>O<sub>7</sub><sup>2-</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) Ni</p>
<p>56. अपचायक-<br />
(1) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं<br />
(2) इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं।<br />
(3) प्रोटॉन ग्रहण करते हैं<br />
(4) प्रोटॉन त्यागते हैं।<br />
उत्तर:<br />
(2) इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं।</p>
<p>57. KMnO<sub>4</sub> का तुल्यांकी भार, जब यह MnSO में परिवर्तित होता है, है-<br />
(1) M/S<br />
(2) M/6<br />
(3) M/3<br />
(4) M/2.<br />
उत्तर:<br />
(1) M/S</p>
<p>58. लोहे के गैल्वेनीकरण में प्रयुक्त होती है-<br />
(1) Al<br />
(2) Pb<br />
(3) Zn<br />
(4) Sn.<br />
उत्तर:<br />
(3) Zn</p>
<p>59. प्रबलतम अपचायक है&#8211;<br />
(1) F<br />
(2) Cl<sup>&#8211;</sup><br />
(3) Br<sup>&#8211;</sup><br />
(4) I<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) I<sup>&#8211;</sup></p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नलिखित में से वे पदार्थ छाँटकर लिखिए जो ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों का कार्य कर सकते हैं-<br />
O<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>, FeCl<sub>2</sub>, HNO<sub>3</sub>, SO<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
ऑक्सीकारक व अपचायक पदार्थों के गुण O<sub>3</sub> व H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> रखते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया के ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ कारण सहित लिखिए-<br />
2K<sub>2</sub>MnO<sub>4</sub> + O<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> → 2KMnO<sub>4</sub> + 2KOH + O<sub>2</sub> ↑<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37975" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 4" width="362" height="102" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-4.png 362w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-4-300x85.png 300w" sizes="auto, (max-width: 362px) 100vw, 362px" /><br />
क्योंकि Mn की ऑक्सीकरण संख्या + 6 से बढ़कर 7 हो जाती है अत: K<sub>2</sub>MnO<sub>4</sub> अपचायक है तथा ओजोन K<sub>2</sub>MnO<sub>4</sub> को KMnO<sub>4</sub> में ऑक्सीकृत करती है; अत: O<sub>3</sub> ऑक्सीकारक है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
रेडॉक्स अभिक्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण सहित बताइए।<br />
उत्तर:<br />
रेडॉक्स अभिक्रिया &#8211; जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में एक पदार्थ का ऑक्सीकरण तथा दूसरे का अपचयन हो रहा हो वे अभिक्रियाएँ रेडॉक्स अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।<br />
उदाहरण &#8211; 2FeCl<sub>3</sub> + SnCl<sub>2</sub> → 2FeCl<sub>2</sub> + SnCl<sub>4</sub></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
अपचयन को उदाहरण सहित समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ द्वारा हाइड्रोजन या अन्य धन- विद्युती तत्व ग्रहण करने अथवा ऑक्सीजन या अन्य ऋण विद्युती तत्व त्यागने की प्रक्रिया अपचयन कहलाती है।<br />
उदाहरण &#8211; Cl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub> → 2HCl (क्लोरीन का अपचयन)<br />
CuO + H<sub>2</sub> → Cu + H<sub>2</sub>O (क्यूप्रिक ऑक्साइड का अपचयन)</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
ऑक्सीकारक क्या होते हैं? कुछ ऑक्सीकारकों के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी अभिक्रिया में जिन पदार्थों का अपचयन होता है उन्हें ऑक्सीकारक कहते हैं।<br />
उदाहरण &#8211; KMnO<sub>4</sub>, K<sub>2</sub>Cr<sub>2</sub>O<sub>7</sub>, सान्द्र HNO<sub>3</sub>, तनु H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>.</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
ऑक्सीकरण को उदाहरण देकर समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन या अन्य ऋण- विद्युती तत्व ग्रहण करने अथवा हाइड्रोजन या अन्य धन विद्युती तत्व त्यागने की प्रक्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं।</p>
<p>उदाहरण-</p>
<ul>
<li>C + O<sub>2</sub> → CO<sub>2</sub> (कार्बन का ऑक्सीकरण)</li>
<li>2KI + Cl<sub>2</sub> → I<sub>2</sub> + 2KCI (KI का ऑक्सीकरण)</li>
</ul>
<p>प्रश्न 7.<br />
अपचायक क्या होते हैं? कुछ अपचायकों के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया में जिन पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है उन्हें अपचायक कहते हैं।<br />
उदाहरण &#8211; 2FeCl<sub>3</sub> + SnCl<sub>2</sub> → 2FeCl<sub>2</sub> + SnCl<sub>4</sub><br />
उपर्युक्त अभिक्रिया में SnCl<sub>2</sub> अपचायक है क्योंकि SnCl<sub>2</sub> का SnCl<sub>4</sub> में ऑक्सीकरण हो रहा है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कारण देते हुए ऑक्सीकरण संख्या के आधार पर बताइए कि निम्नलिखित अभिक्रिया में कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकारक है?<br />
2KI + Cl<sub>2</sub> → 2KCl + I<sub>2</sub>↑<br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया 2 KI + Cl<sub>2</sub> → 2KCl + I<sub>2</sub><br />
ऑक्सीकरण संख्या -1 0 -1 0<br />
इसमें Cl<sub>2</sub> की ऑक्सीकरण संख्या शून्य है और KCl में Cl की ऑक्सीकरण संख्या -1 है। यहाँ ऑक्सीकरण संख्या में कमी हो रही है; अत: Cl<sub>2</sub> एक ऑक्सीकारक है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
इलेक्ट्रॉनीकरण किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वह प्रक्रिया जिसमें किसी परमाणु आयन अथवा अणु द्वारा एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण किया जाता है उसे इलेक्ट्रॉनीकरण कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
निम्नलिखित में से कौन ऑक्सीकारक तथा कौन अपचायक है?<br />
2KI + Cl<sub>2</sub> → 2KCl + I<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
यहाँ Cl<sub>2</sub> ऑक्सीकारक है तथा KI अपचायक है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ कारण सहित लिखिए-<br />
2K<sub>4</sub>Fe(CN)<sub>6</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> + 2HCl → 2K<sub>3</sub>Fe(CN)<sub>6</sub> + 2KCl + 2H<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37976" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-5.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 5" width="387" height="111" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-5.png 387w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-5-300x86.png 300w" sizes="auto, (max-width: 387px) 100vw, 387px" /><br />
K<sub>4</sub>Fe(CN)<sub>6</sub> मैं Fe की ऑक्सीकरण संख्या में 2 से +3 की वृद्धि हो रही है अत: K<sub>4</sub>Fe(CN)<sub>6</sub> अपचायक है तथा H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या -1 से -2 हो जाती है अत: H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कारण सहित बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-सी ऑक्सीकरण तथा कौन-सी अपचयन अभिक्रिया है?<br />
(i) Fe → Fe<sup>2+</sup> + 2e<sup>&#8211;</sup><br />
(ii) Sn<sup>4+</sup> + 2e<sup>&#8211;</sup> → Sn<sup>2+</sup><br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया (i) ऑक्सीकरण अभिक्रिया है; क्योंकि इसमें Fe का Fe<sup>2+</sup> में ऑक्सीकरण (धनात्मक संयोजकता में वृद्धि हो रहा है। अभिक्रिया (ii) अपचयन अभिक्रिया है क्योंकि इसमें Sn<sup>4+</sup> का Sn<sup>2+</sup> में अपचयन (धनात्मक संयोजकता में कमी) हो रही है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
निम्नलिखित में प्लैटिनम की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए-<br />
[PtCl<sub>6</sub>]<sup>2-</sup>, (NH<sub>4</sub>)<sub>2</sub>PtCl<sub>6</sub>, PtCl<sub>4</sub><br />
उत्तर:<br />
+ 4 + 4 + 4</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
निम्नलिखित में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए-<br />
F<sub>2</sub>O, Cl<sub>2</sub>O<sub>7</sub>, H<sub>2</sub>O<sub>2</sub>, NaOCl, O<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
+2, 2, 1, 2, 0</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
S<sub>8</sub> अणु में सल्फर की संयोजकता और ऑक्सीकरण संख्या बताइए।<br />
उत्तर:<br />
संयोजकता 2<br />
ऑक्सीकरण संख्या &#8211; 0</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
अभिक्रिया 3ClO<sup>&#8211;</sup> → 2Cl<sup>&#8211;</sup> + ClO<sub>3</sub> किस प्रकार की अभिक्रिया है?<br />
उत्तर:<br />
असमानुपातन अभिक्रिया है; क्योंकि इसमें ClO<sup>&#8211;</sup> का ClO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup> में ऑक्सीकरण तथा Cl<sup>&#8211;</sup> में अपचयन होता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
असमानुपातन (disproportionation) अभिक्रिया किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
वह अभिक्रिया जिसमें एक ही पदार्थ का ऑक्सीकरण व अपचयन होता हो, असमानुपातन अभिक्रिया कहलाती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37977" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 6" width="389" height="71" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-6.png 389w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-6-300x55.png 300w" sizes="auto, (max-width: 389px) 100vw, 389px" /></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
उन धातुओं और अधातुओं के बारे में बताइए जो असमानुपातन अभिक्रिया प्रदर्शित कर सकती हैं।<br />
उत्तर:<br />
(क) वे अधातुएँ जो परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाओं में रह सकती हैं, असमानुपातन अभिक्रिया प्रदर्शित कर सकती हैं। फॉस्फोरस, क्लोरीन तथा सल्फर ऐसी ही अधातुएँ हैं।</p>
<p>(ख) संक्रमण श्रेणी (d-ब्लॉक तत्व) से सम्बद्ध धातुएँ असमानुपातन अभिक्रियाएँ प्रदर्शित कर सकती हैं। उदाहरणार्थ- मैंगनीज, आयरन तथा कॉपर आदि।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
निम्नलिखित ऑक्साइडों में से कौन-कौन से ऑक्साइड H<sub>2</sub> द्वारा अपंचयित हो सकते हैं? कारण सहित समझाइए-<br />
Na<sub>2</sub>O, MgO, Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub>, CuO, Ag<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
इनमें CuO तथा Ag<sub>2</sub>O हाइड्रोजन गैस द्वारा अपचयित होंगे; क्योंकि विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Fe या उससे नीचे रखी धातुओं के ऑक्साइड H<sub>2</sub> द्वारा अपचयित हो जाते हैं; अतः<br />
CuO + H<sub>2</sub> → Cu↓ + H<sub>2</sub>O<br />
Ag<sub>2</sub>O + H<sub>2</sub> → 2Ag↓+ H<sub>2</sub>O</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
निम्नलिखित आयनों में से कौन-सा आयन ब्रोमीन द्वारा ऑक्सीकृत होगा-<br />
F<sup>&#8211;</sup>, Cl<sup>&#8211;</sup>, I<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
फ्लुओरीन तथा क्लोरीन, ब्रोमीन से अधिक प्रबल ऑक्सीकारक हैं, परन्तु आयोडीन, ब्रोमीन से क्षीण ऑक्सीकारक है; अत: ब्रोमीन आयोडाइड आयन को आयोडीन में ऑक्सीकृत कर देगी-<br />
2I<sup>&#8211;</sup> + Br<sub>2</sub> → I<sub>2</sub> + Br<sup>&#8211;</sup><br />
परन्तु यह फ्लुओराइड एवं क्लोराइड को ऑक्सीकृत नहीं करेगा।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
लोहा, कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित करता है, किन्तु सिल्वर नहीं करता, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि लोहा विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Cu से ऊपर है; अत: CuSO<sub>4</sub> से Cu को विस्थापित कर देता है, जबकि सिल्वर इस श्रेणी में कॉपर से नीचे है अत: यह CuSO<sub>4</sub> से Cu को विस्थापित नहीं करता है।<br />
Fe + CuSO<sub>4</sub> → FeSO<sub>4</sub> + Cu ↓<br />
Ag + CuSO<sub>4</sub> → कोई अभिक्रिया नहीं।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
कारण सहित समझाइए कि निम्नलिखित अभिक्रिया सम्भव है अथवा नहीं-<br />
Fe + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → FeSO<sub>4</sub> + H<sub>2</sub> ↑<br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया Fe + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → FeSO<sub>4</sub> + H<sub>2</sub>↑ में Fc (जो विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर है) के परमाणु इलेक्ट्रॉन देने में सक्षम हैं; अत: Fe अम्ल H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> में से H<sub>2</sub> विस्थापित कर देगा, इसलिए यह क्रिया सम्भव है अर्थात् Fe का E°, H के E° से उच्च है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
दो धातुओं के नाइट्रेटों के नाम बताइए जो तेजी से गर्म करने पर धातु में अपघटित हो जाते हैं।<br />
उत्तर:<br />
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में सिल्वर या उससे नीचे के तत्वों के नाइट्रेट गर्म करने पर अपने तत्वों में अपघटित हो जाते हैं। इस प्रकार Ag, Pt आदि के नाइट्रेट ताप से अपघटित हो जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
घटते हुए इलेक्ट्रोड विभव के अनुसार कुछ तत्व निम्नलिखित क्रम में हैं, बताइए इनमें से कौन-से तत्व अम्लों से हाइड्रोजन का विस्थापन कर सकते हैं-<br />
Ba, Mg, Zn, H, Cu, Ag<br />
उत्तर:<br />
Mg का विस्थापन नहीं होगा; क्योंकि Zn का इलेक्ट्रोड विभव अर्थात् इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता Mg से कम है।<br />
Sn का विस्थापन होगा; क्योंकि Zn की इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता अर्थात् इसका इलेक्ट्रोड विभव Sn से अधिक है; अत: Zn, विलयन में से Sn को विस्थापित कर देगा।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
क्या विलयन में Zn द्वारा Mg या Sn का विस्थापन हो जायेगा?<br />
उत्तर:<br />
Mg का विस्थापन नहीं होगा; क्योकि Zn का इलेक्ट्रोड विभव अर्थात् इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता Mg से कम है।<br />
Sn का विस्थापन होगा: क्योंकि Zn की इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता अर्थात् इसका इलेक्ट्रोड विभव Sn से अधिक है; अत: Zn, विलयन में से Sn को विस्थापित कर देगा।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
विद्युत-रासायनिक श्रेणी के आधार पर समझाइए कि निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया सम्भव है और क्यों?<br />
(i) SnO + H<sub>2</sub> → Sn + H<sub>2</sub>O<br />
(ii) CaO + H<sub>2</sub> → Ca + H<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Ca का स्थान Sn की अपेक्षा काफी पहले है; अत: Ca के लक्षण अधिक स्थायी होते हैं। इस कारण केवल अभिक्रिया (i) ही सम्भव है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
2KCI + I<sub>2</sub> → 2KI + CI<sub>2</sub> क्रिया होगी या नहीं?<br />
उत्तर:<br />
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में I<sub>2</sub> का स्थान Cl<sub>2</sub> से ऊपर है; अत: I<sub>2</sub>, KCI से Cl<sub>2</sub> विस्थापित नहीं करेगी।<br />
अभिक्रिया 2KCI + I<sub>2</sub> 2KI + Cl<sub>2</sub> सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
निम्नलिखित में से किस ऑक्साइड का हाइड्रोजन द्वारा अपचयन होता है?<br />
Na<sub>2</sub>O, CaO, Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub>, CuO, ZnO<br />
उत्तर:<br />
उन धातुओं के ऑक्साइडों का हाइड्रोजन द्वारा अपचयन होगा जो विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में आयरन तथा कॉपर के बीच स्थित हैं; अत: केवल CuO का हाइड्रोजन द्वारा अपचयन होगा।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
विद्युत् &#8211; रासायनिक श्रेणी के आधार पर बताइए कि लोहे की कीलों को CuSO<sub>4</sub> विलयन में छोड़ देने पर उन पर ताँबा क्यों चढ़ जाता है?<br />
उत्तर:<br />
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Cu का स्थान लोहे से नीचे है; अत: CuSO<sub>4</sub> विलयन से लोहा, Cu को विस्थापित कर देता है जिसके फलस्वरूप विस्थापित Cu, लोहे की कीलों पर चढ़ जाता है।<br />
CuSO<sub>4</sub> + Fe &#8211; → FeSO<sub>4</sub> + Cu ↓</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
लोहे पर निम्नलिखित धातुओं में से किसकी परत चढ़ाई जा सकती है?<br />
Mg, Cu, Ag<br />
उत्तर:<br />
लोहे पर Cu तथा Ag की परत चढ़ाई जा सकती है; क्योंकि इन तत्वों का इलेक्ट्रोड विभव धनात्मक है। इसके विपरीत Mg की परत लोहे पर नहीं चढ़ाई जा सकती; क्योंकि इसका इलेक्ट्रोड विभव Fe से कम है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
जिंक तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया करता है, जबकि ताँबा नहीं। कारण सहित स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
Zn का इलेक्ट्रोड विभव H के इलेक्ट्रोड विभव से उच्च है। इस कारण जिंक तनु HCl से हाइड्रोजन पृथक् करता है।<br />
Zn + 2HCI → ZnCl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub> ↓<br />
जबकि कॉपर का इलेक्ट्रोड विभव हाइड्रोजन के इलेक्ट्रोड विभव से कम है; इस कारण यह तनु HCl से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
कौन-सी धातुएँ तनु H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती हैं?<br />
उत्तर:<br />
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर अर्थात् वे धातुएँ, जिनका मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) व ऋणात्मक होता है तनु H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> से हाइड्रोजन विस्थापित कर देती हैं; जैसे- Zn, Fe, K आदि। इसके विपरीत हाइड्रोजन से नीचे अर्थात् धनात्मक मानक इलेक्ट्रोड विभव वाली धातुएँ; जैसे &#8211; Cu, Ag आदि अम्ल से H<sub>2</sub> विस्थापित नहीं कर पाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
भाप को अपघटित करने वाली धातुओं के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में वे धातुएँ, जो हाइड्रोजन से ऊपर हैं, जलवाष्प को अपघटित कर देती हैं और हाइड्रोजन मुक्त करती हैं। जैसे &#8211; Fe, Zn, Na आदि।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
निम्न तत्वों को उनकी बढ़ती क्रियाशीलता के क्रम में समझाइए &#8211;<br />
Al, Ag, Fe, Ca, Cu<br />
उत्तर:<br />
Ag &lt; Cu &lt; Fe &lt; Al &lt; Ca प्रश्न 35. निम्नलिखित धातुओं को उनकी घटती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में लिखिए- Fe, Na, Cu, Zn उत्तर: विद्युत्-रासायनिक श्रेणी में Na का स्थान Zn से ऊपर है, Zn का स्थान Fe से ऊपर हैं, Fe का Cu से ऊपर है। अतः श्रेणी में धातुओं की आक्सीकृत होने की प्रवृत्ति ऊपर से नीचे की ओर घटती है। इनकी घटती हुई अपचायक क्षमता निम्न प्रकार है- Na &gt; Zn &gt; Fe &gt; Cu</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 36.<br />
निम्नलिखित हैलोजनों को उनकी बढ़ती हुई ऑक्सीकारक क्षमता के क्रम में लिखिए-<br />
I<sub>2</sub>, Cl<sub>2</sub>, Br<sub>2</sub>, F<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
I<sub>2</sub> &lt; Br<sub>2</sub> &lt; Cl<sub>2</sub> &lt; F<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 37.<br />
निम्नलिखित हैलोजन अम्लों को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में लिखिए-<br />
HCl, HI, HF, HBr<br />
उत्तर:<br />
HF &lt; HCl &lt; HBr &lt; HI</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया सम्भव है या नहीं-<br />
Cu + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → CuSO<sub>4</sub> + H<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
सम्भव नहीं है, क्योंकि Cu की ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति हाइड्रोजन से दुर्बल है।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
क्या कारण है सोडियम साधारण ताप पर जल से क्रिया करता है जबकि मैग्नीशियम केवल उच्च ताप पर क्रिया करता है?<br />
उत्तर:<br />
मैग्नीशियम के पृष्ठ पर ऑक्साइड की रक्षी परत होती है। तथा साधारण ताप पर Mg की जल से अभिक्रिया मन्द होती है।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
एक सेल में जिंक की छड़, जिंक आयन के घोल में तथा कॉपर की छड़ क्यूप्रिक आयन के घोल में डुबी हुई हैं। दोनों छड़ों को तार से जोड़ने पर इलेक्ट्रोडों पर क्या क्रियाएँ होंगीं?<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37978" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 7" width="263" height="113" /><br />
क्योंकि कॉपर का मानक अपचयन विभव धनात्मक है।</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में कॉपर डालने से विलयन का रंग नीला हो जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
कॉपर सिल्वर आयनों को सिल्वर में अपचयित कर देता है और स्वयं Cu<sup>2+</sup> आयनों में ऑक्सीकृत हो जाता है जिसका रंग नीला होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37979" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 8" width="283" height="59" /></p>
<p>प्रश्न 42.<br />
Sn<sup>2+</sup>, Fe<sup>2+</sup> और I<sup>&#8211;</sup> को बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के अनुसार क्रमबद्ध कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
Fe<sup>2+</sup> + I<sup>&#8211;</sup> + Sn<sup>2+</sup></p>
<p>प्रश्न 43.<br />
निम्न में से कौन-सा ऑक्साइड H<sub>2</sub> द्वारा अपचयित हो सकता है और क्यों?<br />
Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub>, MgO, CuO, Na<sub>2</sub>O, Ag<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
CuO और Ag<sub>2</sub>O, क्योंकि Cu और Ag हाइड्रोजन से दुर्बल अपचायक हैं।</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में लोहे की छड़ डालने पर विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे क्यों गायब हो जाता है? समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
CuSO<sub>4</sub> + Fe → FeSO<sub>4</sub> + Cu<br />
क्योंकि Cu<sup>2+</sup> आयन, Fe से विस्थापित होकर Cu बनाता है।</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
लीथियम हाइड्राइड (LiH) में लीथियम तथा हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या बताइए।<br />
उत्तर:<br />
LiH में Li की ऑक्सीकरण संख्या (+1) तथा हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या (- 1) है।</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
Na<sub>2</sub>O में सोडियम की ऑक्सीकरण संख्या क्या होगी?<br />
उत्तर:<br />
Na<sub>2</sub>O (माना सोडियम की ऑक्सीकरण संख्या x है )<br />
2 × x + (- 2 ) = 0<br />
या 2x = + 2<br />
∴ x = + 1</p>
<p>प्रश्न 47.<br />
[Fe(CO)<sub>5</sub>] में Fe की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?<br />
उत्तर:<br />
[Fe(CO)<sub>5</sub>] में Fe की ऑक्सीकरण संख्या शून्य (0) है।</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
निम्न में से कौन-सा ऑक्साइड गर्म करने पर अपघटित होगा?<br />
Ag<sub>2</sub>O, CO, MgO तथा ZnO<br />
उत्तर:<br />
केवल Ag<sub>2</sub>O ही गर्म करने पर अपघटित होता है।</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
क्या लोहे पर Mg की परत चढ़ सकती है?<br />
उत्तर:<br />
लोहे पर Mg की परत नहीं चढ़ सकती है क्योंकि Fe<sup>2+</sup> या Fe<sup>3+</sup> आयनों में से कोई भी Mg से क्रिया नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 50.<br />
चाँदी के तार को CuSO<sub>4</sub> विलयन में डालने पर क्या प्रभाव पड़ेगा?<br />
उत्तर:<br />
चाँदी के तार को CuSO<sub>4</sub> में डालने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
Zn की छड़ को CuSO<sub>4</sub> विलयन में डालने पर विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे गायब क्यों हो जाता है?<br />
उत्तर:<br />
Zn की छड़ को CuSO<sub>4</sub> विलयन में डालने पर Zn, CuSO<sub>4</sub> से क्रिया करती है जिसके कारण Cu<sup>2+</sup> आयन Cu में परिवर्तित हो जाते हैं तथा ZnSO<sub>4</sub> बनने लगता है। ZnSO<sub>4</sub> रंगहीन होता है, इस कारण विलयन का नीला रंग गायब हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
निम्न समीकरण को पूरा कीजिए-<br />
P + OH<sup>&#8211;</sup> + &#8230;&#8230;.. H<sub>2</sub>PO<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup> + PH<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
4P + 3OH<sup>&#8211;</sup> + 3H<sub>2</sub>O → 3H<sub>2</sub>PO<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup> + PH<sub>3</sub><br />
यह एक असमानुपातन अभिक्रिया है।</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
निम्न समीकरण को सन्तुलित कीजिए-<br />
I<sub>2</sub> + OH<sup>&#8211;</sup> → I<sup>&#8211;</sup> + IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup> + H<sub>2</sub>O<br />
उत्तर:<br />
3I<sub>2</sub> + 6OH<sup>&#8211;</sup> → 5I<sup>&#8211;</sup> + IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup> + H<sub>2</sub>O</p>
<p>प्रश्न 54.<br />
Cu की छड़ को AgNO<sub>3</sub> विलयन में डालने पर विलयन का रंग नीला क्यों हो जाता है?<br />
उत्तर:<br />
Cu की छड़ को AgNO<sub>3</sub> में डालने पर Cu(NO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> बनने के कारण विलयन का रंग नीला हो जाता है क्योंकि Cu<sup>2+</sup> आयनों का रंग नीला होता है।</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
ताँबे के तार को AgNO<sub>3</sub> में डालने पर क्या अभिक्रिया होती है?<br />
उत्तर:<br />
Cu + 2AgNO<sub>3</sub> → Cu (NO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> + 2Ag.</p>
<p>प्रश्न 56.<br />
KMnO<sub>4</sub> में सभी परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्या का योग क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्य।</p>
<p>प्रश्न 57.<br />
संयोजकता एवं ऑक्सीकरण संख्या में एक प्रमुख अन्तर बताइए।<br />
उत्तर:<br />
संयोजकता पूर्ण होती है जबकि ऑक्सीकरण संख्या आंशिक भी हो सकती है।</p>
<p>प्रश्न 58.<br />
SO<sub>2</sub> के सम्पर्क में अम्लीकृत K<sub>2</sub>Cr<sub>2</sub>O का कागज ले जाने पर यह हरा हो जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
अम्लीय माध्यम में SO<sub>2</sub>, K<sub>2</sub> Cr<sub>2</sub>O को Cr<sub>2</sub> (SO<sub>4</sub>)<sub>4</sub> में अपचयित कर देती है जो हरे रंग का होता है।</p>
<p>प्रश्न 59.<br />
एक द्विधात्विक यौगिक में एक धातु तथा एक अधातु है। किसकी ऑक्सीकरण संख्या धनात्मक होगी?<br />
उत्तर:<br />
धातु की।</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
दो धातुओं से बने यौगिक में किसकी ऑक्सीकरण संख्या धनात्मक होगी?<br />
उत्तर:<br />
कम विद्युत् ऋणात्मक तत्व की।</p>
<p>प्रश्न 61.<br />
निम्नलिखित को ऑक्सीकरण संख्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-<br />
HXO, HXO<sub>3</sub>, HXO<sub>2</sub>, HXO<sub>4</sub><br />
उत्तर:<br />
HXO &lt; HXO<sub>2</sub> &lt; HXO<sub>3</sub> &lt; HXO<sub>4</sub>.</p>
<p>प्रश्न 62.<br />
निम्न समीकरण में ऑक्सीकारक तथा अपचायक छाँटें-<br />
PCl<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub> → PCI<sub>5</sub><br />
उत्तर:<br />
सभी की ऑक्सीकरण संख्या निम्न हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37980" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-9.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 9" width="219" height="107" /></p>
<p>प्रश्न 63.<br />
स्वत: रेडॉक्स अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
2Cu → Cu + Cu<sup>2+</sup></p>
<p>प्रश्न 64.<br />
P<sub>4</sub> में फॉस्फोरस की सामान्य संयोजकता व ऑक्सीकरण संख्या बताइए।<br />
उत्तर:<br />
3 तथा 0.</p>
<p>प्रश्न 65.<br />
CH<sub>4</sub>, CaH<sub>2</sub>, H<sub>2</sub>, HCl में हाइड्रोजन (H) की ऑक्सीकरण संख्या बताइए।<br />
उत्तर:<br />
CH<sub>4</sub> = + 1<br />
CaH<sub>2</sub> = &#8211; 1<br />
H<sub>2</sub> = 0<br />
HCl = + 1</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 66.<br />
CH<sub>4</sub>, CH<sub>3</sub>Cl, CH<sub>2</sub>Cl<sub>2</sub>, CHCl<sub>3</sub> और CCl<sub>4</sub> में कार्बन<br />
की ऑक्सीकरण संख्याएँ बताइए।<br />
उत्तर:<br />
CH<sub>4</sub> = &#8211; 4<br />
CH<sub>3</sub>Cl = &#8211; 2<br />
CH<sub>2</sub>Cl<sub>2</sub> = 0<br />
CHCl<sub>3</sub> = + 2<br />
CCl<sub>4</sub> = + 4</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
Zn + Fe<sup>2+</sup> → Zn<sup>2+</sup> + Fe में किसका ऑक्सीक हो रहा है तथा किसका अपचयन?<br />
उत्तर:<br />
Zn का ऑक्सीकरण तथा Fe<sup>2+</sup> का अपचयन।</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
N, S तथा Cl की न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या क्या होगी?<br />
उत्तर:<br />
न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या = समूह संख्या &#8211; 8<br />
N = 5 &#8211; 8 = &#8211; 3<br />
S = 6 &#8211; 8 = &#8211; 2</p>
<p>प्रश्न 69.<br />
फ्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या सदैव &#8211; 1 है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि यह सर्वाधिक विद्युत् ऋणात्मक तत्व है, इसकी ऑक्सीकरण संख्या सदैव ऋणात्मक होगी तथा<br />
न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या = 7 &#8211; 8<br />
= &#8211; 1</p>
<p>प्रश्न 70.<br />
MnCl<sub>2</sub>, MnO<sub>2</sub> तथा KMnO<sub>4</sub> को ऑक्सीकरण संख्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37981" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-10.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 10" width="197" height="83" /></p>
<p>प्रश्न 71.<br />
क्लोरीन की न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या व अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या का उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
न्यूनतम ऑक्सीकरण संख्या वाला यौगिक = NaCl<br />
अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या वाला यौगिक = Cl<sub>2</sub>O<sub>7</sub></p>
<p>प्रश्न 72.<br />
KMnO<sub>4</sub> → K<sub>2</sub>MnO<sub>4</sub> में KMnO<sub>4</sub> तथा K<sub>2</sub> MnO<sub>4</sub> का तुल्यांकी भार बताइए।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37982" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-11.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 11" width="365" height="103" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-11.png 365w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-11-300x85.png 300w" sizes="auto, (max-width: 365px) 100vw, 365px" /></p>
<p>प्रश्न 73.<br />
[Fe (SCN)]<sup>2+</sup> में Fe की ऑक्सीकरण संख्या क्या है।<br />
उत्तर:<br />
+ 3.</p>
<p>प्रश्न 74.<br />
वैद्युत रासायनिक सेल में ऐनोड ऋणावेशित क्यों होता है?<br />
उत्तर:<br />
वैद्युत रासायनिक सेल में ऐनोड ऋणावेशित होता है क्योंकि ऐनोड पर इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 75.<br />
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड को उत्क्रमणीय इलेक्ट्रोड क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड उत्क्रमणीय इलेक्ट्रोड कहलाते हैं। क्योंकि वैद्युत रासायनिक सेल में यह ऐनोड तथा कैथोड दोनों की तरह व्यवहार करता है।</p>
<p>प्रश्न 76.<br />
गैल्वेनी सेल में वैद्युत ऊर्जा का स्रोत क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
गैल्वेनी सेल में, रेडॉक्स अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित प्रकृति की होती है। अभिक्रिया में मुक्त ऊर्जा (∆G) के रूप में ऊर्जा निकलती है। यही ऊर्जा वैद्युत ऊर्जा में रूपान्तरित हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 77.<br />
इलेक्ट्रॉनिक संकल्पना के अनुसार ऑक्सीकरण क्या है?<br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया के दौरान ऑक्सीकरण में किसी स्पीशीज द्वारा एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन का निष्कासन होता है। हरण दीजिए।</p>
<p>प्रश्न 78.<br />
असमानुपातन अभिक्रिया का एक उदाहरण है।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37983" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-12.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 12" width="225" height="95" /><br />
चूँकि P की ऑक्सीकरण संख्या में कमी के साथ-साथ वृद्धि भी हो रही है। इसलिए यह एक असमानुपातन अभिक्रिया का उदाहरण है।</p>
<p>प्रश्न 79.<br />
(CN)<sup>&#8211;</sup> आयन में कार्बन की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(CN)<sup>&#8211;</sup><br />
x &#8211; 3 = &#8211; 1<br />
∴ x = + 2</p>
<p>प्रश्न 80.<br />
N<sub>2</sub>O, NO और N<sub>2</sub>O<sub>5</sub> में से कौन-सा HNO<sub>3</sub> का एनहाइड्राइड है?<br />
उत्तर:<br />
HNO<sub>3</sub> का एनहाइड्राइड N<sub>2</sub>O<sub>5</sub> है और यह निम्न प्रकार बनता है-<br />
2HNO<sub>3</sub> → N<sub>2</sub>O<sub>5</sub> + H<sub>2</sub>O</p>
<p>प्रश्न 81.<br />
सोडियम अमलगम (Na-Hg) में सोडियम की ऑक्सीकरण अवस्था क्या है?<br />
उत्तर:<br />
सोडियम अमलगम साधारणतः दो धातुओं से मिलकर बना एक समांगी मिश्रण है तथा इसमें कोई भी रासायनिक अभिक्रिया नहीं होती है। दोनों धातुएँ मूल अवस्था में होती हैं तथा इसकी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ शून्य होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 82.<br />
विरंजक चूर्ण में क्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?<br />
उत्तर:<br />
विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र निम्न है &#8211;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37984" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-8-अपचयोपचय-अभिक्रियाएँ-13.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ 13" width="269" height="68" /><br />
इसमें Cl की ऑक्सीकरण अवस्था &#8211; 1 है।</p>
<p>प्रश्न 83.<br />
ऑक्सीकरण अभिक्रिया में तत्व के ऑक्सीकरण अंक में क्या परिवर्तन होता है?<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सीकरण अभिक्रिया में तत्व के ऑक्सीकरण अंक में वृद्धि होती है-<br />
Fe<sup>2+</sup> → Fe<sup>3+</sup> + e<sup>&#8211;</sup></p>
<p>प्रश्न 84.<br />
KO<sub>2</sub> (पोटैशियम सुपरऑक्साइड) में ऋणायन पर आवेश व ऑक्सीजन में ऑक्सीकरण संख्या होगी।<br />
उत्तर:<br />
KO<sub>2</sub> पोटैशियम का सुपर ऑक्साइड है-<br />
KO<sub>2</sub> → K<sup>+</sup> + O<sub>2</sub><sup>+</sup><br />
ऋणायन पर आवेश &#8211; 1 होगा, ऑक्सीजन में ऑक्सीकरण संख्या &#8211; 1/2 होगी।</p>
<p>प्रश्न 85.<br />
Fe<sub>0.94</sub>O में Fe की ऑक्सीकरण संख्या है?<br />
उत्तर:<br />
Fe<sub>0.94</sub>O<br />
x × 0.94 + 1 × (- 2) = 0<br />
या 0.94x &#8211; 2 = 0<br />
या 0.94x = 2<br />
∴ x = \(\frac { 200 }{ 94 }\)</p>
<p>लघु उत्तरीय प्रश्न:</p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ऑक्सीकरण व अपचयन अभिक्रियाओं में अन्तर बताइए।<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सीकरण तथा अपचयन में अन्तर<br />
Table</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किस पदार्थ का ऑक्सीकरण और किस पदार्थ का अपचयन हो रहा है, बताइए ?<br />
(i) \(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{O}_2\)<br />
(ii) \(\mathrm{SO}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{Cl}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{HCl}+\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4\)<br />
(iii) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+\mathrm{I}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{HI}+\mathrm{S}\)<br />
(iv) \(2 \mathrm{KMnO}_4+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+5 \mathrm{HNO}_2 \longrightarrow \mathrm{K}_2 \mathrm{SO}_4+2 \mathrm{MnSO}_4+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+5 \mathrm{HNO}_3\)<br />
उत्तर:<br />
(i) PbS का ऑक्सीकरण तथा O<sub>3</sub> का अपचयन।<br />
(ii) SO<sub>2</sub> का ऑक्सीकरण तथा Cl<sub>2</sub> का अपचयन।<br />
(iii) H<sub>2</sub>S का ऑक्सीकरण तथा l<sub>2</sub> का अपचयन।<br />
(iv) HNO<sub>2</sub> का ऑक्सीकरण तथा KMnO<sub>4</sub> का अपचयन।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
नीचे दी गई अभिक्रियाओं में पहचानिए कि किसका ऑक्सीकरण हो रहा है और किसका अपचयन ?<br />
(i) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}_{(g)}+\mathrm{Cl}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{HCl}_{(g)}+\mathrm{S}_{(\mathrm{s})}\)<br />
(ii) \(3 \mathrm{Fe}_3 \mathrm{O}_{4(s)}+8 \mathrm{Al}_{(s)} \longrightarrow 9 \mathrm{Fe}_{(s)}+4 \mathrm{Al}_2 \mathrm{O}_{3(s)}\)<br />
(iii) \(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{H}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{NaH}_{(s)}\)<br />
उत्तर:<br />
(i) H<sub>2</sub>S का ऑक्सीकरण हो रहा है; क्योंकि हाइड्रोजन से ऋणविद्युती तत्व क्लोरीन का संयोग हो रहा है या धर्नविद्युती तत्व हाइड्रोजन का सल्फर से निष्कासन हो रहा है। हाइड्रोजन के संयोग के कारण क्लोरीन का अपचयन हो रहा है।<br />
(ii) ऑक्सीजन के संयोग के कारण ऐलुमिनियम का ऑक्सीकरण हो रहा है। ऑक्सीजन के निष्कासन के कारण फेरोसोफेरिक ऑक्साइड (Fe<sub>3</sub>O<sub>4</sub>) का अपचयन हो रहा है।<br />
(iii) विद्युत् ऋणात्मकता की अवधारणा के सावधानी-पूर्वक अध्ययन से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि सोडियम ऑक्सीकृत तथा हाइड्रोजन अपचयित होता है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> एक ऑक्सीकारक व अपचायक पदार्थ है। एक-एक समीकरण द्वारा कथन की पुष्टि कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
माना \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KOH}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)</p>
<p>इस अभिक्रिया में KI ऑक्सीकृत होकर I<sub>2</sub> देता है, जबकि H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> का अपचयन होता है; अतः इस क्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ऑक्सीकारक का कार्य करता है।<br />
माना \(\mathrm{Ag}_2 \mathrm{O}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{Ag} \downarrow+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{O}_2 \uparrow\)</p>
<p>इस अभिक्रिया में Ag<sub>2</sub>O अपचयित होकर Ag बनाता है। इसलिए यह अपचयन की क्रिया है जिसमें H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> एक अपचायक है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
ओजोन एक ऑक्सीकारक और अपचायक पदार्थ है। एक-एक समीकरण द्वारा इस कथन की पुष्टि कीजिए।<br />
अथवा<br />
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किसमें ओजोन ऑक्सीकारक तथा किसमें अपचायक का कार्य करती है? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।<br />
\(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{O}_2 \uparrow\)<br />
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+\mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+2 \mathrm{O}_2 \uparrow\)<br />
उत्तर:<br />
यदि ओजोन की किसी पदार्थ से क्रिया होने पर उस पदार्थ में ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि (PbS का PbSO<sub>4</sub> में ऑक्सीकरण होने पर S की ऑक्सीकरण संख्या -2 से +6 हो जाती है) होती है तो उस पदार्थ का ऑक्सीकरण होता है। लेड सल्फाइड, ओजोन की क्रिया से लेड सल्फेट में ऑक्सीकृत हो जाता है; अतः इस अभिक्रिया में ओजोन ऑक्सीकारक है।<br />
\(\mathrm{PbS}+4 \mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{PbSO}_4+4 \mathrm{O}_2 \uparrow\)<br />
इसी प्रकार, यदि ओजोन की क्रिया से किसी पदार्थ से ऑक्सीजन पृथक् हो जाए तो ओजोन अपचायक होती है; जैसे-निम्नांकित अभिक्रिया में ओजोन अपचायक है; क्योंकि इसमें H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> के H<sub>2</sub>O में परिवर्तन पर ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या -1 से घटकर -2 हो जाती है; अतः इसमें H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ऑक्सीकारक का कार्य करता है।<br />
\(\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2+\mathrm{O}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{O}+2 \mathrm{O}_2 \uparrow\)<br />
उपर्युक्त अभिक्रियाओं से स्पष्ट है कि ओजोन ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों की तरह व्यवहार करती है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
कारण सहित बताइए कि निम्नलिखित में कौन-सा ऑक्सीकारक तथा कौन-सा अपचायक है?<br />
\(2 \mathrm{I}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{OH}^{-}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)<br />
अथवा<br />
कारण देते हुए बताइए कि निम्नांकित अभिक्रिया मे कौन-सा पदार्थ अपचायक है?<br />
\(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KOH}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)<br />
उत्तर:<br />
उपर्युक्त समीकरण को इस प्रकार भी लिखा जा सकता है-<br />
\(2 \mathrm{I}^{-}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{OH}^{-}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)<br />
IMG</p>
<p>क्योंकि आयोडीन (I) की ऑ. सं. में -1 से 0 तक वृद्धि तथा ऑक्सीजन (O) की ऑ सं. में -1 से -2 तक कमी हो रही है; अतः H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ऑक्सीकारक तथा I<sup>2</sup> अपचायक है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> किसमें ऑक्सीकारक तथा किसमें अपचायक का कार्य करता है?<br />
(i) \(\mathrm{Cl}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{HCl}+\mathrm{O}_2 \uparrow\)<br />
(ii) \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KOH}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)<br />
उत्तर:<br />
(i) IMG<br />
इस अभिक्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> अपचायक है; क्योंकि O की ऑ. सं. में -1 से 0 की वृद्धि हो रही है।<br />
(ii)IMG<br />
इस अभिक्रिया में H<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ऑक्सीकारक है; क्योंकि O की ऑ. सं. -1 से -2 तक घट रही है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कारण देते हुए बताइए कि निम्नलिखित अभिक्रिया में कौन-सा पदार्थ ऑक्सीकारक है ?<br />
(i) \(2 \mathrm{FeCl}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+2 \mathrm{HCl}+\mathrm{S} \downarrow\)<br />
(ii) \(\mathrm{SnCl}_2+\mathrm{HgCl}_2 \longrightarrow \mathrm{SnCl}_4+\mathrm{Hg} \downarrow\)<br />
उत्तर:<br />
IMG<br />
इस अभिक्रिया में FeCl<sub>3</sub> में Fe की ऑ. सं. +3 है तथा FeCl<sub>2</sub> में Fe की ऑ. सं. +2 है; क्योंकि ऑ. सं. में कमी हो रही है; अत: FeCl<sub>3</sub> ऑक्सीकारक है।<br />
(ii) IMG<br />
इस अभिक्रिया में HgCl<sub>2</sub> में Hg की ऑ. सं. +2 है तथा Hg में Hg की ऑ. सं. 0 (शून्य) है; क्योंकि ऑ. सं. में कमी हो रही है; अत: HgCl<sub>2</sub> ऑक्सीकारक है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में किसमें SO<sub>2</sub> ऑक्सीकारक तथा किसमें अपचायक का कार्य करती है?<br />
(i) \(2 \mathrm{Mg}+\mathrm{SO}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{MgO}+\mathrm{S} \downarrow\)<br />
(ii) \(2 \mathrm{SO}_2+\mathrm{O}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{SO}_3 \uparrow\)<br />
उत्तर:<br />
(i) IMG<br />
यहाँ SO<sub>2</sub> में S की ऑ. सं. +4 तथा सल्फर में S की ऑ. सं. 0 है अर्थात् ऑ. सं. में कमी हो रही है; अतः इसमें SO<sub>2</sub> का S में अपचयन होता है और SO<sub>2</sub> ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करती है।</p>
<p>(ii) IMG</p>
<p>यहाँ SO<sub>2</sub> में S की ऑ. सं. +4 तथा SO<sub>3</sub> में S की ऑ. सं. +6 है अर्थात् ऑ. सं. में वृद्धि हो रही है; अतः इस क्रिया में SO<sub>2</sub> अपचायक की भाँति कार्य करती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
निम्नांकित अभिक्रियाओं में ऑक्सीकारक और अपचायक बताइए। कारण भी दीजिए-<br />
(i) \(2 \mathrm{FeCl}_3+\mathrm{SnCl}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+\mathrm{SnCl}_4\)<br />
(ii) \(2 \mathrm{FeCl}_3+2 \mathrm{KI} \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+2 \mathrm{KCl}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)<br />
(iii) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_3+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \longrightarrow 3 \mathrm{~S} \downarrow+3 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(iv) \(2 \mathrm{Cu}^{2+}+4 \mathrm{I}^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{CuI}+\mathrm{I}_2 \uparrow\)<br />
उत्तर:<br />
IMG<br />
उपर्युक्त अभिक्रिया में Sn की ऑक्सीकरण संख्या में +2 से +4 की वृद्धि हो रही है; अतः SnCl<sub>2</sub> अपचायक है तथा Fe की ऑ. सं. में + 3 से +2 की कमी हो रही है; अत: FeCl<sub>3</sub> एक ऑक्सीकारक है।<br />
(ii) IMG<br />
उपर्युक्त अभिक्रिया में FeCl<sub>3</sub> ऑक्सीकारक है; क्योंकि यह KI (जिसमें I की ऑ. सं. -1 है) को I<sub>2</sub> (जिसकी ऑ. सं. शून्य है) में ऑक्सीकृत कर देता है और KI एक अपचायक है; क्योंकि यह FeCl<sub>3</sub> (जिसमें Fe की ऑ. सं. +3) को FeCl<sub>2</sub> (जिसमें Fe की ऑ. सं. +2) में अपचयित कर देता हैं।<br />
(iii) IMG<br />
उपर्युक्त अभिक्रिया में क्योंकि H<sub>2</sub>S में S की ऑ. सं. में -2 से 0 तक वृद्धि तथा H<sub>2</sub>SO<sub>3</sub> में S की ऑ.सं. में +4 से 0 तक कमी हो रही है; अतः इस अभिक्रिया में H<sub>2</sub>SO<sub>3</sub> ऑक्सीकारक तथा H<sub>2</sub>S अपचायक है।<br />
(iv) IMG</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
अभिक्रिया \(\mathrm{Cl}_{2(g)}+2 \mathrm{I}^{-} \longrightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 \mathrm{Cl}^{-}\) के लिए E<sup>0</sup><sub>cell</sub> का मान नीचे दी गई अर्द्ध्र- अभिक्रियाओं की सहायता से ज्ञात करिए-<br />
\(\mathrm{Cl}_{2(\mathrm{~g})}+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Cl}^{-}\) E<sup>0</sup> = + 1.36V<br />
\(\mathrm{I}_{2(\mathrm{~g})}+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{I}^{-}\) E<sup>0</sup> = +0.54V<br />
उत्तर:<br />
\(\mathrm{E}_{\text {cell }}^0=\mathrm{E}_{\text {(cathode) }}^0-E_{(\text {Anode) }}^0\)<br />
= \(\mathrm{E}_{\mathrm{Cl}_2 / \mathrm{Cl}^{-}}^0-\mathrm{E}_{\mathrm{I}_2 / \mathrm{I}}^0\)<br />
= 1.36 -(+ 0.54)<br />
= 0.82 V</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 29.<br />
Zn<sup>2+</sup>, Mg<sup>2+</sup> और Na<sup>+</sup> के लिए मानक अपचयन विभव के मान क्रमशः -0.76V, -2.37 V तथा -2.71V हैं।<br />
अतः निम्न में से सर्वाधिक शक्तिशाली ऑक्सीकारक कौन-सा है ?<br />
Zn<sup>2+</sup>, Mg<sup>2+</sup> य| Na<sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
उपर्युक्त लिखे आयनों में से Zn<sup>2+</sup> सर्वाधिक शक्तिशाली ऑक्सीकारक है क्योंकि इसके मानक अपचयन विभव का मान सबसे अधिक है अतः यह आसानी से इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया गैल्वनिक सेल में विद्युत् का उत्पादन करती है-<br />
\(2 \mathrm{Fe}^{3+}+2 \mathrm{Cl}^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}^{2+}+\mathrm{Cl}_2\)<br />
इस सेल में ऐनोड और कैथोड पर होने वाली अभिक्रियाओं को लिखिए। इसके साथ-साथ ऐनोड और कैथोड की प्रवृत्ति बताइए तथा सेल आरेख लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
IMG<br />
सेल में ऐनोड पर ऑक्सीकरण होता है तथा यह-ve terminal होता है जबकि कैथोड पर अपचयन होता है तथा यह + ve terminal का कार्य करता है।<br />
सेल आरेख- \(\mathrm{Cl}^{-}\left|\mathrm{Cl}_2 \| \mathrm{Fe}^{3+}\right| \mathrm{Fe}^{2+}\)</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
निम्नलिखित धातुओं को उनकी ऑक्सीकृत होने की घटती हुई प्रवृत्ति के क्रम में लिखिए-<br />
Zn, Cu, Mg, Ag<br />
उत्तर:<br />
विद्युत् रासायनिक श्रेणी में धातुओं की इलेक्ट्रॉन त्याग करने की अर्थात् ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति ऊपर से नीचे की ओर घटती है। विद्युत् रासायनिक श्रेणी में Mg का स्थान Zn के ऊपर, Zn का स्थान Cu के ऊपर और Cu का स्थान Ag के ऊपर है। अतः इन धातुओं की ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति घटने का क्रम होगा-<br />
Mg &gt; Zn &gt; Cu &gt; Ag</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
कॉपर का मानक इलेक्ट्रोड विभव +0.34 V और जिंक का मानक इलेक्ट्रोड विभव -0.76 V है। इन दोनों इलेक्ट्रोडों को परस्पर जोड़ने से बने गैल्वेनिक सेल का E.M.F. कितना होगा ? सेल अभिक्रिया की समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
\(\mathrm{E}_{\text {cell }}^0=E_{(\text {cathode) }}^0-\mathrm{E}_{\text {(Anode) }}^0\)<br />
\(\mathrm{E}_{\text {cell }}^0=\mathrm{E}_{\mathrm{Cu}^{2+} / \mathrm{Cu}}^0-\mathrm{E}_{\mathrm{Zn}^{2+} / \mathrm{Zn}}^0\)<br />
= + 0.34 &#8211; (-0.76)<br />
∴ E<sup>0</sup><sub>cell</sub> = + 1. 10 V<br />
IMG</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
मानक इलेक्ट्रोड विभव को परिभाषित कीजिए। इलेक्ट्रोड विभव तथा मानक इलेक्ट्रोड विभव में सम्बन्ध बताइए।<br />
उत्तर:<br />
मानक इलेक्ट्रोड विभव (Standard electrode potential) &#8211; 25°C पर किसी धातु की छड़ उसके किसी लवण के एक मोलर (1 M) सान्द्रता वाले विलयन में डुबोने से उस धातु की सतह पर धनात्मक या ऋणात्मक आवेश आ जाता है; इस कारण धातु तथा आयनों के बीच जो विभवान्तर उत्पन्न होता है, उसे मानक इलेक्ट्रोड विभव (standard electrode potential) कहते हैं। मानक इलेक्ट्रोड विभव को E<sup>0</sup> से व्यक्त करते हैं। इसका मात्रक भी वोल्ट होता है।<br />
IMG<br />
इलेक्ट्रोड विभव व मानक इलेक्ट्रोड विभव में सम्बन्ध (Relation between electrode potential and standard electrode potential)—माना इलेक्ट्रोड क्रिया निम्नलिखित प्रकार से है-<br />
\(\mathrm{M}^{n+}+n e^{-} \longrightarrow \mathrm{M}\)<br />
नेर्नस्ट समीकरण के अनुसार,<br />
\(\mathrm{E}=\mathrm{E}^0+\frac{0-0591}{n} \log _{10}\left[\mathrm{M}^{n+}\right]\)<br />
\(\mathrm{E}=\mathrm{E}^0-\frac{0 \cdot 0591}{n} \log _{10} \frac{1}{\left[\mathrm{M}^{n+}\right]}\)<br />
जहाँ, E = इलेक्ट्रोड विभव, E<sup>0</sup> = मानक इलेक्ट्रोड विभव, n = इलेक्ट्रोड क्रिया में भाग लेने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा [M<sup>n+</sup>]= धातु आयनों की मोलर सान्द्रता।<br />
किसी विलयन की सान्द्रता [M<sup>n+</sup>] = 0 होगी।<br />
अत: 25°C पर इलेक्ट्रोड विभव (E) = मानक इलेक्ट्रोड विभव (E<sup>0</sup>)</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
कुछ अर्द्ध-अभिक्रियाओं के E<sup>0</sup> निम्न प्रकार हैं।<br />
\(\mathrm{I}_2+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{I}^{-;} \mathbf{E}^0=+0.54 \mathrm{~V}\)<br />
\(\mathrm{Cl}_2+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Cl}^{-;} \mathrm{E}^0=+1.36 \mathrm{~V}\)<br />
\(\mathrm{Fe}^{3+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Fe}^{2+;} \mathbf{E}^0=+0 \cdot 76 \mathrm{~V}\)<br />
\(\mathrm{Ce}^{4+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Ce}^{3+;} \mathrm{E}^0=+1 \cdot 6 \mathrm{~V}\)<br />
\(\mathrm{Sn}^{4+}+2 e^{-} \longrightarrow \mathrm{Sn}^{2+;} \mathbf{E}^0=+0 \cdot 15 \mathrm{~V}\)<br />
उपर्युक्त विभवों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-</p>
<p>प्रश्न (a). क्या Fe<sup>3+</sup> द्वारा Ce<sup>3+</sup> का ऑक्सीकरण हो सकता है ? कारण सहित समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
नहीं, क्योंकि Ce<sup>3+</sup> का मानक इलेक्ट्रोड विभव अधिक है।</p>
<p>प्रश्न (b). क्या I<sub>2</sub> क्लोरीन को KCl में से विस्थापित कर सकती है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं। क्योंकि I<sub>2</sub> का मानक इलेक्ट्रोड विभव कम है।</p>
<p>प्रश्न (c). SnCl<sub>2</sub> और FeCl<sub>3</sub> विलयनों को मिलाने पर क्या अभिक्रिया होगी? समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
\(2 \mathrm{FeCl}_3+\mathrm{SnCl}_2 \rightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+\mathrm{SnCl}_4\)</p>
<p>प्रश्न (d).<br />
उपर्युक्त अर्द्ध सेल अभिक्रियाओं में सबसे प्रबल ऑक्सीकारक और सबसे प्रबल अपचायक कौन-सा है ?<br />
उत्तर:<br />
प्रबल ऑक्सीकारक- Ce<sup>4+</sup><br />
प्रबल अपचायक- Sn<sup>2+</sup></p>
<p>प्रश्न (e). FeCl<sub>3</sub> विलयन डालने पर क्या KI विलयन से आयोडीन मुक्त होगी?<br />
उत्तर:<br />
हाँ आयोडीन मुक्त होगी।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
(i) कुछ पदार्थों के अपचयन विभव निम्नवत् हैं, इनमें सबसे प्रबल ऑक्सीकारक तथा सबसे प्रबल अपचायक बताइए-<br />
IMG<br />
इन इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-<br />
(क) क्या Fe<sup>2+</sup> आयन Cu<sup>2+</sup> आयन को अपचयित कर सकता है ?<br />
(ख) निम्नांकित में से सबसे प्रबल अपचायक है-<br />
Cu<sup>+</sup>, Fe<sup>2+</sup>, Hg<sup>+</sup>, Br<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) जो पदार्थ जितना अधिक प्रबल ऑक्सीकारक होता है उसका अपचयन विभव उतना-ही अधिक धनात्मक या कम ऋणात्मक होता है तथा जो पदार्थ अधिक प्रबल अपचायक होता है, उसका अपचयन विभव कम धनात्मक या अधिक ऋणात्मक होता है; अतः<br />
(क) Sn<sup>2+</sup>, Mn<sup>2+</sup>, I<sup>+</sup> तथा Fe<sup>2+</sup> अपचायकों मे से सबसे प्रबल अपचायक Sn<sup>2+</sup> है; क्योंकि इसका अपचयन विभव सबसे कम धनात्मक है।<br />
(ख) Sn<sup>4+</sup>, MnO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup>, I<sub>2</sub> तथा Fe<sup>3+</sup> अपचायकों में से सबसे प्रबल ऑक्सीकारक MnO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup> है; क्योंकि इसका अपचयन विभव सबसे अधिक धनात्मक है।</p>
<p>(ii) (क) Fe<sup>2+</sup> आयन Cu<sup>2+</sup> आयन को अपचयित कर देगा; क्योंकि अपचायक Fe<sup>2+</sup> का इलेक्ट्रोड विभव ऑक्सीकारक Cu<sup>2+</sup> से अधिक है। अभिक्रिया समीकरण (b) में से (a) को घटाने पर,<br />
\(\mathrm{Fe}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Fe}^{3+}+e^{-} ; \mathrm{E}^0=-0.77\) वोल्ट<br />
\(\mathrm{Cu}^{+} \longrightarrow \mathrm{Cu}^{2+}+e^{-} ; \mathrm{E}^0=-1 \cdot 5\) वोल्ट<br />
या \(\mathrm{Fe}^{2+}+\mathrm{Cu}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Cu}^{+}+\mathrm{Fe}^{3+} ; \mathrm{E}^0=-0.73\) वोल्ट</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
(i) निम्नलिखित सम्भव अभिक्रियाओं की सहायता से Mg, Zn, Cu तथा Ag को उनके घटते हुए इलेक्ट्रोड विभव के क्रम में लिखिए-<br />
\(\mathrm{Cu}+2 \mathrm{Ag}_{(\mathrm{aq})}^{+} \longrightarrow \mathrm{Cu}^{2+}{ }_{(a q)}+2 \mathrm{Ag}\)<br />
\(\mathrm{Mg}+\mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)} \longrightarrow \mathrm{Mg}^{2+}{ }_{(a q)}+\mathrm{Zn}\)<br />
\(\mathrm{Zn}+\mathrm{Cu}^{2+}{ }_{(a q)} \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+\mathrm{Cu}\)</p>
<p>(ii) कुछ अर्द्ध-अभिक्रियाओं के इलेक्ट्रोड विभव इस प्रकार हैं-<br />
\(\mathrm{Fe}_{(a q)}^{3+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Fe}_{(a q)}^{2+}\); E<sup>0</sup> = + 0.76 वोल्ट<br />
\(\mathrm{Ce}_{(a q)}^{4+}+e^{-} \longrightarrow \mathrm{Ce}_{(a q)}^{3+}\); E<sup>0</sup> = + 1.60 वोल्ट<br />
कारण देते हुए बताइए कि क्या Fe<sup>3+</sup> से Ce<sup>4+</sup> ऑक्सीकृत हो सकता है?</p>
<p>(iii) इलेक्ट्रोड अभिक्रियाओं-<br />
(a) \(\mathrm{Zn}(s) \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+2 e^{-}\); E<sup>0</sup> = 0.76 वोल्ट<br />
(b) \(\mathrm{Cu}(s) \longrightarrow \mathrm{Cu}^{2+}{ }_{(a q)}+2 e^{-}\); E<sup>0</sup> = -0.337 वोल्ट में कारण सहित बताइए कि<br />
\(\mathrm{Zn}_{(s)}+\mathrm{Cu}_{(a q)}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Zn}_{(a q)}^{2+}+\mathrm{Cu}_{(s)}\) का होना सम्भव है या नहीं ?<br />
उत्तर:<br />
(i) विद्युत्-रासायनिक श्रेणी के अनुसार तत्वों का घटता इलेक्ट्रोड विभव क्रम निम्नवत् है-<br />
Mg &gt; Zn &gt; Cu &gt; Ag</p>
<p>(ii) इन अर्द्ध-सेल अभिक्रियाओं में Fe<sup>3+</sup> का Fe<sup>2+</sup> में अपचयन विभव, Ce<sup>4+</sup> के Ce<sup>3+</sup> में अपचयन विभव से अधिक है। नियमानुसार उच्च विभव का अपचायक कम विभव के ऑक्सीकारक से क्रिया करेगा; अत: Fe<sup>3+</sup> से Ce<sup>4+</sup> ऑक्सीकृत नहीं होगा।</p>
<p>(iii) प्रश्नानुसार,<br />
IMG<br />
इस क्रिया में Zn अपचायक का कार्य करता है तथा कॉपर ऑक्सीकारक का कार्य करता है। Zn का E<sup>0</sup>, Cu के E<sup>0</sup> से उच्च है; अतः नियमानुसार उच्च E<sup>o</sup> का अपचायक कम E<sup>0</sup> के ऑक्सीकारक से ही क्रिया कर सकता है; अतः निम्नलिखित अभिक्रिया सम्भव है-<br />
\(\mathrm{Zn}_{(s)}+\mathrm{Cu}_{(a q)}^{2+} \longrightarrow \mathrm{Zn}_{(a q)}^{2+}+\mathrm{Cu}_{(s)}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 37.<br />
H<sub>2</sub>S केवल अपचायक की तरह कार्य करता है जबकि SO<sub>2</sub> अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>S में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या का मान -2 है जबकि SO<sub>2</sub> में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या +4 है। H<sub>2</sub>S में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या बढ़ तो सकती है परन्तु यह घट नहीं सकती है अत: H<sub>2</sub>S केवल अपचायक की भाँति कार्य करता है। जबकि SO<sub>2</sub> में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या घट भी सकती है तथा बढ़ भी सकती है।</p>
<p>इसी कारण SO<sub>2</sub> की ऑक्सीकरण संख्या बढ़ तो सकती है परन्तु यह घट नहीं सकती है अत: H<sub>2</sub>S केवल अपचायक की भाँति कार्य करता है। जबकि SO<sub>2</sub> में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या घट भी सकती है तथा बढ़ भी सकती है। इसी कारण SO<sub>2</sub> अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है। अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं की अर्द्ध-अभिक्रियाओं को लिखिए-<br />
(i) \(2 \mathrm{Fe}_{(a q)}^{3+}+2 \mathrm{I}_{(a q)}^{-} \longrightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 \mathrm{Fe}_{(a q)}^{2+}\)<br />
(ii) \(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{Cl}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{NaCl}_{(s)}\)<br />
(iii) \(\mathrm{Zn}_{(s)}+2 \mathrm{H}_{(a q)}^{+} \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+\mathrm{H}_{2(g)}\)<br />
उत्तर:<br />
(i) \(2 \mathrm{Fe}^{3+}{ }_{(a q)}+2 \mathrm{I}^{-}{ }_{(a q)} \rightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 \mathrm{Fe}^{2+}{ }_{(a q)}\) की अर्द्ध अभिक्रियाएँ निम्न हैं-<br />
ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-<br />
\(2 \mathrm{I}_{(a q)}^{-} \longrightarrow \mathrm{I}_{2(s)}+2 e^{-}\)<br />
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया<br />
\(2 \mathrm{Fe}^{3+}(a q)+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Fe}^{2+}(a q)\)</p>
<p>(ii) \(2 \mathrm{Na}_{(s)}+\mathrm{Cl}_{2(g)} \longrightarrow 2 \mathrm{NaCl}_{(s)}\) की अर्द्ध अभिक्रियाएँ निम्न हैं-<br />
ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-<br />
\(2 \mathrm{Na}_{(s)} \longrightarrow 2 \mathrm{Na}_{(a q)}^{+}+2 e^{-}\)<br />
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया-.<br />
\(\mathrm{Cl}_{2(g)}+2 e^{-} \longrightarrow 2 \mathrm{Cl}^{&#8211;}(a q)\)</p>
<p>(iii) \(\mathrm{Zn}_{(s)}+2 \mathrm{H}_{(a q)}^{+} \longrightarrow \mathrm{Zn}_{(a q)}^{2+}+\mathrm{H}_{2(g)}\) की अर्द्ध अभिक्रियाएँ निम्न हैं-<br />
ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-<br />
\(\mathrm{Zn}_{(s)} \longrightarrow \mathrm{Zn}^{2+}{ }_{(a q)}+2 e^{-}\)<br />
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया-<br />
\(2 \mathrm{H}_{(a q)}^{+}+2 e^{-} \longrightarrow \mathrm{H}_{2(g)}\)</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया के लिए,<br />
\(\mathrm{Mn}+\mathrm{CuSO}_4 \longrightarrow \mathrm{MnSO}_4+\mathrm{Cu}\)<br />
(i) ऑक्सीकरण एवं अपचयन अर्द्ध-अभिक्रियाएँ लिखिए।<br />
(ii) कौन-सी स्पीशीज अपचायक की भाँति तथा कौन-सी ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करेगी ?<br />
(iii) अभिक्रिया में SO<sub>4</sub><sup>2-</sup> आयन की क्या भूमिका है ?<br />
उत्तर:<br />
(i) ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया-<br />
\(\mathrm{Mn} \longrightarrow \mathrm{Mn}^{2+}+2 e^{-}\)<br />
अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया-<br />
\(\mathrm{Cu}^{2+}+\mathrm{SO}_4^{2-}+2 e^{-} \longrightarrow \mathrm{Cu}+\mathrm{SO}_4^{2-}\)</p>
<p>(ii) यहाँ पर Mn अपचायक की भाँति कार्य करता है क्योंकि इससे इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं। Cu<sup>2+</sup> आयन ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करता है, क्योंकि यह इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है।</p>
<p>(iii) SO<sub>4</sub><sup>2-</sup> आयनों की प्रवृत्ति उभयनिष्ठ होती है। यह रेडॉक्स अभिक्रिया में किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं निभाते हैं। इन्हें दर्शक आयन (spectator ions) कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
निम्नलिखित यौगिकों में जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या बताइए-<br />
XeF<sub>4</sub>, XeOF<sub>2</sub>, XeO<sub>2</sub>F<sub>2</sub>, XeF<sub>6</sub><br />
उत्तर:<br />
(i) XeF<sub>4</sub> (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)<br />
x + 4 × -1 = 0<br />
∴ =+4</p>
<p>(ii) XeOF<sub>2</sub> (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)<br />
x + (-2) + 2 × (-1) = 0<br />
या x &#8211; 4 = 0<br />
∴ x = +4</p>
<p>(iii) XeO<sub>2</sub>F<sub>2</sub> (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)<br />
x + 2 × (-2) + 2 × (-1) = 0<br />
या x &#8211; 4 &#8211; 2 = 0<br />
∴ x = +6</p>
<p>(iv) XeF<sub>6</sub> (यदि x जीनॉन की ऑक्सीकरण संख्या है)<br />
x + 6 × (-1) = 0<br />
या x &#8211; 6 = 0<br />
∴ x = +6</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
निम्नलिखित आयनों के लिए असमानुपातन अभिक्रियाएँ लिखिए-<br />
(i) ClO<sup>&#8211;</sup><br />
(ii) ClO<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(iii) ClO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) ClO<sup>&#8211;</sup> के लिए असमानुपातन अभिक्रिया-<br />
IMG<br />
(ii) ClO<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup> के लिए असमानुपातन अभिक्रिया-<br />
IMG<br />
(iii) ClO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup> के लिए असमानुपातन अभिक्रिया-<br />
IMG</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
निम्न अभिक्रियाओं को आयन इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा सन्तुलित करें-<br />
(1) \(\mathrm{FeCl}_3+\mathrm{H}_2 \mathrm{~S} \longrightarrow \mathrm{FeCl}_2+\mathrm{HCl}+\mathrm{S}\)<br />
(2) \(\mathrm{Cu}+\mathrm{HNO}_3 \longrightarrow \mathrm{Cu}\left(\mathrm{NO}_3\right)_2+\mathrm{NO}+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(3) \(\mathrm{KI}+\mathrm{Cl}_2 \longrightarrow \mathrm{KCl}+\mathrm{I}_2\)<br />
(4) \(\mathrm{MnO}_2+\mathrm{HCl} \longrightarrow \mathrm{MnCl}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}+\mathrm{Cl}_2\)<br />
(5) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+\mathrm{HNO}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+\mathrm{NO}_2+\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
उत्तर:<br />
(1) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+2 \mathrm{FeCl}_3 \longrightarrow 2 \mathrm{FeCl}_2+2 \mathrm{HCl}+\mathrm{S}\)<br />
(2) \(3 \mathrm{Cu}+8 \mathrm{HNO}_3 \longrightarrow 3 \mathrm{Cu}\left(\mathrm{NO}_3\right)_2+2 \mathrm{NO}+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(3) \(2 \mathrm{KI}+\mathrm{Cl}_2 \longrightarrow 2 \mathrm{KCl}+\mathrm{I}_2\)<br />
(4) \(\mathrm{MnO}_2+4 \mathrm{HCl} \longrightarrow \mathrm{MnCl}_2+\mathrm{Cl}_2+2 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)<br />
(5) \(\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}+8 \mathrm{HNO}_3 \longrightarrow \mathrm{H}_2 \mathrm{SO}_4+8 \mathrm{NO}_2+4 \mathrm{H}_2 \mathrm{O}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 43.<br />
कॉपर एवं सिल्वर इ्केक्ट्रोडों के मध्य एक सेल निम्न प्रकार हैं-<br />
IMG<br />
उत्तर:<br />
= E<sup>0</sup><sub>सेल</sub> = E<sup>0</sup><sub>कैथोड</sub> &#8211; E<sup>0</sup><sub>ऐनोड<br />
</sub>= \(\mathrm{E}_{\mathrm{Ag}^{+} / \mathrm{Ag}}^0-\mathrm{E}_{\mathrm{Cu}^{2+} / \mathrm{Cu}}^0\)<br />
= 0.80 = 0.34<br />
= 0.46 V</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 10:45:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 10]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Exercise 12.3 प्रश्न 1. संलग्न आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि .. PQ = 24cm, PR = 7cm तथा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-10th-class-maths-solutions/">HBSE 10th Class Maths Solutions</a> Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Exercise 12.3</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
संलग्न आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि .. PQ = 24cm, PR = 7cm तथा 0 वृत्त का केंद्र है।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8512" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-1.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 1" width="228" height="204" /><br />
यहाँ पर,<br />
PQ = 24cm<br />
PR = 7cm<br />
हम जानते हैं कि अर्धवृत्त में बना कोण ∠RPQ = 90°<br />
समकोण त्रिभुज RPQ में पाइथागोरस प्रमेय से<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8511" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-2.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 2" width="253" height="109" /><br />
अतः दिए गए वृत्त का व्यास (RQ) = 25cm<br />
दिए गए वृत्त की त्रिज्या (r) = \(\frac{25}{2}\) cm<br />
दिए गए वृत्त के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = अर्धवृत्त का क्षेत्रफल – ΔRPQ का क्षेत्रफल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8510" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-3.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 3" width="264" height="218" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.2" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
संलग्न आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि केंद्र 0 वाले दोनों संकेंद्रीय वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 7cm और 14cm हैं तथा ∠AOC = 40° है।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8508" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-5.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 5" width="161" height="153" /><br />
यहाँ पर, बड़े वृत्त की त्रिज्या (R) = 14cm<br />
छोटे वृत्त की त्रिज्या (r) = 7cm<br />
चाप AC तथा चाप BD द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण (e) = 40°<br />
छायांकित त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (त्रिज्यखंड AOC &#8211; त्रिज्यखंड BOD) का क्षेत्रफल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8509" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-4.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 4" width="307" height="277" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-4.png 307w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-4-300x271.png 300w" sizes="auto, (max-width: 307px) 100vw, 307px" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
संलग्न आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि ABCD भुजा 14cm का एक वर्ग है तथा APD और BPC दो अर्धवृत्त हैं।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8507" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-6.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 6" width="150" height="162" /><br />
यहाँ पर, वर्ग ABCD की भुजा = 14cm<br />
वर्ग ABCD का क्षेत्रफल = भुजा &#8211; भुजा<br />
= 14 x 14 cm<sup>2</sup> = 196 cm<sup>2</sup><br />
प्रत्येक अर्धवृत्त की त्रिज्या (r) = \(\frac{14}{2}\) = 7 cm<br />
दोनों अर्धवृत्तों (APD + BPC) का क्षेत्रफल = 2 x (\(\frac{1}{2}\) πr² )<br />
= \(\frac{22}{7}\) x 7 x 7 cm<sup>2</sup><br />
= 154 cm<sup>2</sup><br />
अतः आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = (196 &#8211; 154) cm<sup>2</sup><br />
= 42 cm<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
संलग्न आकृति में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जहाँ भुजा 12cm वाले एक समबाहु त्रिभुज OAB के शीर्ष 0 को केंद्र मानकर 6 सें०मी० त्रिज्या वाला एक वृत्तीय चाप खींचा गया है।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8506" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-7.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 7" width="154" height="192" /><br />
यहाँ पर, ΔAOB समबाहु त्रिभुज है। .<br />
∴ ∠AOB = 60°<br />
[∵ समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।]<br />
समबाहु ΔOAB का क्षेत्रफल = \(\frac{\sqrt{3}}{4}\) &#8211; (भुजा)<sup>2</sup><br />
= \(\frac{\sqrt{3}}{4}\) x 12 x 12 cm<sup>2</sup><br />
= 36√3 cm<sup>2</sup><br />
वृत्त की त्रिज्या (r) = 6cm<br />
वृत्त का क्षेत्रफल = πr²<br />
= \(\frac{22}{7}\) x 6 x 6 cm<sup>2</sup><br />
= \(\frac{792}{7}\) cm<sup>2</sup><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8505" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-8.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 8" width="559" height="110" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-8.png 559w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-8-300x59.png 300w" sizes="auto, (max-width: 559px) 100vw, 559px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.2" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
भुजा 4 cm वाले एक वर्ग के प्रत्येक कोने से 1 cm त्रिज्या वाले वृत्त का एक चतुर्थांश काटा गया है तथा बीच में 2 cm व्यास का एक वृत्त भी काटा गया है, जैसाकि संलग्न आकृति में दर्शाया गया है। वर्ग के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8504" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-9.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 9" width="161" height="163" /><br />
यहाँ पर,<br />
दिए गए वर्ग की भुजा = 4 cm<br />
दिए गए वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा &#8211; भुजा<br />
= 4 x 4 cm<sup>2</sup> = 16 cm<sup>2</sup><br />
कोने से काटे गए वृत्त के प्रत्येक चतुर्थांश की त्रिज्या (r<sub>1</sub>) = 1 cm<br />
कोने से काटे गए वृत्त के चारों चतुर्थांश का क्षेत्रफल = 4 x प्रत्येक चतुर्थांश का क्षेत्रफल<br />
= \(4\left(\frac{\pi r_{1}^{2}}{4}\right)=\frac{22}{7}\) = x 1 x 1 cm<sup>2</sup><br />
= \(\frac{22}{7}\)cm<sup>2</sup><br />
बीच के वृत्त का व्यास = 2 cm<br />
बीच के वृत्त की त्रिज्या (r<sub>2</sub>) = 2/2 cm = 1 cm<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8503" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-10.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 10" width="574" height="274" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-10.png 574w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-10-300x143.png 300w" sizes="auto, (max-width: 574px) 100vw, 574px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
एक वृत्ताकार मेज़पोश, जिसकी त्रिज्या 32 cm है, में बीच में एक समबाहु त्रिभुज ABC छोड़ते हुए एक डिज़ाइन बना हुआ है, जैसाकि संलग्न आकृति में दिखाया गया है। इस छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8502" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-11.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 11" width="172" height="178" /><br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8501" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-13.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 13" width="204" height="125" /><br />
यहाँ पर, समबाहु त्रिभुज ABC की भुजा BC द्वारा वृत्त के केंद्र O पर<br />
अंतरित कोण (BOC) = \(\frac{360^{\circ}}{3}\) = 120°<br />
ΔBOD में,<br />
∠BOD = \(\frac{120^{\circ}}{2}\) = 60° ; OB (वृत्त की त्रिज्या) = 32cm<br />
\(\frac{\mathrm{OD}}{\mathrm{OB}}\)= cos 60° तथा \(\frac{\mathrm{BD}}{\mathrm{OB}}\) = sin 60°<br />
\(\frac{\mathrm{OD}}{32}=\frac{1}{2}\) तथा \(\frac{\mathrm{BD}}{32}=\frac{\sqrt{3}}{2}\)<br />
समबाहु त्रिभुज ABC की भुजा BC = 2 x BD = 2 x 16√3 cm<br />
= 32√3 cm<br />
दिए गए वृत्त का क्षेत्रफल = πr²</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8500" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-14.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 14" width="369" height="249" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-14.png 369w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-14-300x202.png 300w" sizes="auto, (max-width: 369px) 100vw, 369px" /></p>
<p>अतः दी आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = \(\left[\frac{22528}{7}-768 \sqrt{3}\right]\) cm<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
संलग्न आकृति में, ABCD भुजा 14 cm वाला एक वर्ग है। A,B,C और D को केंद्र मानकर, चार वृत्त इस प्रकार खींचे गए हैं कि प्रत्येक वृत्त तीन शेष वृत्तों में से दो वृत्तों को बाह्य रूप से स्पर्श करता है। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8499" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-15.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 15" width="135" height="141" /><br />
यहाँ पर,<br />
दिए गए वर्ग ABCD की भुजा = 14 cm<br />
दिए गए वर्ग ABCD का क्षे० = भुजा &#8211; भुजा<br />
= (14 x 14)cm2 = 196cm2<br />
प्रत्येक वृत्त के चतुर्थांश की त्रिज्या (r) = \(\frac{14}{2}\) = 7 cm<br />
प्रत्येक वृत्त के चतुर्थांश का क्षेत्रफल = \(\frac{\pi r^{2}}{4}=\frac{22}{7} \times \frac{7 \times 7}{4}\) cm<sup>2</sup><br />
= \(\frac{77}{2}\) cm<sup>2</sup><br />
चारों वृत्तों के चारों चतुर्थांशों का क्षेत्रफल = 4 x प्रत्येक चतुर्थांश का क्षेत्रफल .<br />
= 4 x \(\frac{77}{2}\) cm<sup>2</sup> = 154 cm<sup>2</sup><br />
अतः आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = वर्ग का क्षेत्रफल – चार चतुर्थांशों का क्षेत्रफल<br />
= (196 &#8211; 154) cm<sup>2</sup><br />
= 42 cm<sup>2</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.2" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
संलग्न आकृति एक दौड़ने का पथ (racing track) दर्शाती है, जिसके बाएँ और दाएँ सिरे अर्धवृत्ताकार हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8498" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-16.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 16" width="367" height="121" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-16.png 367w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-16-300x99.png 300w" sizes="auto, (max-width: 367px) 100vw, 367px" /><br />
दोनों आंतरिक समांतर रेखाखंडों के बीच की दूरी 60m है तथा इनमें से प्रत्येक रेखाखंड 106m लंबा है। यदि यह पथ 10m चौड़ा है, तो ज्ञात कीजिए।<br />
(i) पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में चली गई दूरी<br />
(ii) पथ का क्षेत्रफल।<br />
हल :<br />
यहाँ पर,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8497" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-17.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 17" width="293" height="133" /><br />
(i) प्रत्येक आंतरिक अर्धवृत्त का व्यास = 60m<br />
प्रत्येक आंतरिक अर्धवृत्त की त्रिज्या (r) = \(\frac{60}{2}\) = 30 m<br />
दोनों आंतरिक अर्धवृत्तों की परिधि = 2 x प्रत्येक अर्धवृत्त की परिधि<br />
= 2 x (πr)<br />
= 2 x \(\frac{22}{7}\) x 30m<br />
= \(\frac{1320}{7}\) m<br />
= Sm आंतरिक दोनों किनारों की दूरी = AB + CD = (106 + 106)m<br />
= 212 m<br />
अतः पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में तय दूरी<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8496" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-18.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 18" width="215" height="113" /></p>
<p>(ii) आंतरिक आयत का क्षेत्रफल = 106 x 60 m<sup>2</sup> = 6360 m<sup>2</sup><br />
बाहरी आयत का क्षेत्रफल = 106 x 80 m<sup>2</sup> = 8480 m<sup>2</sup><br />
आयताकार छायांकित आकृति का क्षेत्रफल = बाहरी क्षेत्रफल &#8211; आंतरिक क्षेत्रफल<br />
= (8480 &#8211; 6360)m<sup>2</sup> = 2120m<sup>2</sup><br />
प्रत्येक बाहरी अर्धवृत्त की त्रिज्या (R) = 80/2 = 40m<br />
प्रत्येक अर्धवृत्ताकार छायांकित आकृति का क्षेत्रफल= \(\frac{1}{2}\)[πR<sup>2</sup> &#8211; πr<sup>2</sup>]<br />
= \(\frac{1}{2} \times \frac{22}{7}\) [(40)<sup>2</sup> &#8211; (30)<sup>2</sup>] cm = &#8221; x 700 m<sup>2</sup> = 1100 m<sup>2</sup><br />
वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल दोनों अर्धवृत्ताकार छायांकित आकृतियों का क्षेत्रफल = 2 x 1100 m<sup>2</sup><br />
= 2200 m<sup>2</sup><br />
अतः छायांकित कुल पथ का क्षेत्रफल = (2120 + 2200) m<sup>2</sup><br />
= 4320 m<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
संलग्न आकृति में, AB और CD केंद्र 0 वाले एक वृत्त के दो परस्पर लंब व्यास हैं तथा OD छोटे वृत्त का व्यास है। यदि OA = 7cm है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8495" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-19.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 19" width="178" height="179" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-19.png 178w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-19-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 178px) 100vw, 178px" /><br />
यहाँ पर,<br />
बड़े वृत्त की त्रिज्या (OA) = 7cm<br />
बड़े वृत्त का व्यास (AB) = 2 x OA = 2 x 7cm = 14cm<br />
परंतु OC = OA = 7cm (प्रत्येक बड़े वृत्त की त्रिज्या)<br />
ΔABC का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) x AB x OC<br />
= \(\frac{1}{2}\) x 14 x 7 cm<sup>2</sup> = 49cm<sup>2</sup><br />
बड़े अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = T(OA) = \(\frac{\pi(\mathrm{OA})^{2}}{2}=\frac{22}{7} \times \frac{1}{2}\)x 7 x 7 cm2<br />
= 77 cm<sup>2</sup><br />
दिए गए छोटे वृत्त का व्यास (OD) = 7cm (बड़े वृत्त की त्रिज्या)<br />
दिए गए छोटे वृत्त की त्रिज्या (r) = \(\frac{7}{2}\) cm<br />
दिए गए छोटे वृत्त का क्षेत्रफल =πr<sup>2</sup>= \(\frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2}\)cm<sup>2</sup> = 38.5cm<sup>2</sup><br />
अतः छायांकित भाग का क्षेत्रफल = छोटे वृत्त का क्षेत्रफल + (बड़े अर्धवृत्त का क्षेत्रफल &#8211; AABC का क्षेत्रफल)<br />
= [38.5 + (77-49)] cm<sup>2</sup><br />
= [38.5 + 28] cm<sup>2</sup><br />
= 66.5 cm<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
एक समबाहु त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल 17320.5 cm है। इस त्रिभुज के प्रत्येक शीर्ष को केंद्र मानकर त्रिभुज की भुजा के आधे के बराबर की त्रिज्या लेकर एक वृत्त खींचा जाता है (देखिए संलग्न आकृति)। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
(π = 3.14 और √3 = 1.73205 लीजिए।)<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8494" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-20.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 20" width="217" height="196" /><br />
यहाँ पर, समबाहु त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = 17320.5 cm<sup>2</sup><br />
\(\frac{\sqrt{3}}{4}\) (भुजा)<sup>2</sup> = 17320.5 cm<br />
(भुजा)<sup>2</sup> = 17320.5 x \(\frac{4}{\sqrt{3}}\)<br />
= \(\frac{17320.5 \times 4}{1.73205}\) = 40000<br />
= (200)<sup>2</sup><br />
भुजा = 200 cm<br />
प्रत्येक वृत्त की त्रिज्या (r) = <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8493" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-21.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 21" width="110" height="48" /><br />
= 100 cm<br />
प्रत्येक त्रिज्यखंड का कोण (θ) = 60० (समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण)<br />
तीनों त्रिज्यखंडों का क्षेत्रफल = \(3\left[\frac{\theta}{360} \times \pi r^{2}\right]\)<br />
= 3 x \(\frac{60}{360}\) x 3.14 x 100 x 100ccm<sup>2</sup><br />
= 15700 cm<sup>2</sup><br />
इस प्रकार, आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = ΔABC का क्षेत्रफल &#8211; तीनों त्रिज्यखंडों का क्षेत्रफल<br />
= (17320.5-15700)cm<sup>2</sup><br />
= 1620.5cm<sup>2</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.2" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक वर्गाकार रूमाल पर, नौ वृत्ताकार डिज़ाइन बने हैं, जिनमें से प्रत्येक की। त्रिज्या 7cm है (देखिए संलग्न आकृति)। रूमाल के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8492" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-22.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 22" width="181" height="195" /><br />
यहाँ पर,<br />
रूमाल के प्रत्येक वृत्ताकार डिजाइन की त्रिज्या (r) = 7 cm<br />
रूमाल के प्रत्येक वृत्ताकार डिजाइन का व्यास (d) = 2 x r cm<br />
= 2&#215;7 cm<br />
= 14 cm<br />
वर्गाकार रूमाल की प्रत्येक भुजा = 3 x प्रत्येक वृत्त का व्यास<br />
= 3 x 14 cm = 42 cm<br />
रूमाल के 9 वृत्ताकार डिजाइनों का क्षेत्रफल = 9 x πr²<br />
= 9 x \(\frac{22}{7}\) x 7 x 7 cm<sup>2</sup><br />
= 1386 cm<sup>2</sup><br />
वर्गाकार रूमाल का क्षेत्रफल = भुजा &#8211; भुजा<br />
= 42 x 42 cm<sup>2</sup> = 1764 cm<sup>2</sup><br />
अतः . वृत्ताकार डिजाइनों को छोड़कर शेष रूमाल का क्षेत्रफल = (1764 &#8211; 1386) cm2<br />
= 378 cm<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
संलग्न आकृति में, OACB केंद्र 0 और त्रिज्या 3.5 cm वाले एक वृत्त का चतुर्थांश है। यदि OD = 2cm है, तो निम्नलिखित के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए-<br />
(i) चतुर्थांश OACB (ii) छायांकित भाग<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8491" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-23.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 23" width="206" height="186" /><br />
(i) यहाँ पर, चतुर्थांश OACB की त्रिज्या (r) = 3.5 cm<br />
चतुर्थांश OACB का क्षेत्रफल = \(\frac{\pi r^{2}}{4}\)<br />
= \(\frac{22}{7} \times \frac{1}{4}\) x 3.5 x 3.5 cm<sup>2</sup><br />
= 9.625 cm<sup>2</sup></p>
<p>(ii) अब समकोण AOBD का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) x OB x OD<br />
= \(\frac{1}{2}\) x 3.5 x 2 cm<sup>2</sup><br />
= 3.5 cm<sup>2</sup><br />
अतः आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = (चतुर्थांश OACB &#8212; AOBD) का क्षेत्रफल<br />
= (9.625 -3.5) cm<sup>2</sup><br />
= 6.125 cm<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
संलग्न आकृति में, एक चतुर्थांश OPBQ के अंतर्गत एक वर्ग OABC बना हुआ . है। यदि OA = 20 cm है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 लीजिए।)<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8490" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-24.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 24" width="169" height="178" /><br />
यहाँ पर, वर्ग OABC में, भुजा OA = भुजा AB = 20 cm<br />
वर्ग OABC का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा<br />
= 20 x 20 cm<sup>2</sup> = 400 cm<sup>2</sup><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8489" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-25.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 25" width="369" height="254" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-25.png 369w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-25-300x207.png 300w" sizes="auto, (max-width: 369px) 100vw, 369px" /><br />
= 628 cm<sup>2</sup><br />
अतः आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = (चतुर्थांश OPBQ &#8211; वर्ग OABC) का क्षेत्रफल<br />
= (628 &#8211; 400) cm<sup>2</sup><br />
= 228 cm<sup>2</sup></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
AB और CD केंद्र O तथा त्रिज्याओं 21cm और 7cm वाले दो संकेंद्रीय वृत्तों के क्रमशः दो चाप हैं (देखिए संलग्न आकृति)। यदि ∠AOB = 30° है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8488" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-26.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 26" width="166" height="239" /><br />
यहाँ पर,<br />
त्रिज्यखंड OAB की त्रिज्या (R) = 21 cm<br />
चाप AB द्वारा केंद्र O पर अंतरित कोण (θ) = 30°<br />
त्रिज्यखंड OAB का क्षेत्रफल = \(\frac{\theta}{360}\) x πR<sup>2</sup><br />
= \(\frac{30}{360} \times \frac{22}{7}\) x 21 x 21 cm<sup>2</sup><br />
= \(\frac{231}{2}\) cm<sup>2</sup><br />
त्रिज्यखंड OCD की त्रिज्या (r) = 7 cm<br />
चाप CD द्वारा केंद्र O पर अंतरित कोण (θ) = 30°<br />
त्रिज्यखंड OCD का क्षेत्रफल = \(\frac{\theta}{360}\) x πr<sup>2</sup><br />
= \(\frac{30}{360} \times \frac{22}{7}\) x 7 x 7 cm<sup>2</sup><br />
= \(\frac{77}{6}\) cm<sup>2</sup><br />
अतः आकृति के छायांकित भाग का क्षेत्रफल = (त्रिज्यखंड OAB &#8212; त्रिज्यखंड OCD) का क्षेत्रफल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8487" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-27.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 27" width="186" height="161" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
संलग्न आकृति में, ABC त्रिज्या 14 cm वाले एक वृत्त का चतुर्थांश है तथा BC को व्यास मान कर एक अर्धवृत्त खींचा गया है। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8486" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-28.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 28" width="158" height="149" /><br />
यहाँ पर, समकोण त्रिभुज ABC में, AB = AC = 14 cm<br />
(वृत्त की त्रिज्या के समान)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8485" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-29.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 29" width="522" height="375" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-29.png 522w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-29-300x216.png 300w" sizes="auto, (max-width: 522px) 100vw, 522px" /><br />
समकोण त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) x AC x AB<br />
= \(\frac{1}{2}\) x 14 x 14 cm<sup>2</sup> = 98 cm<sup>2</sup><br />
अतः आकृति में दर्शाए गए छायांकित. भाग का क्षेत्रफल<br />
= BC पर बने अर्धवृत्त का क्षेत्रफल &#8211; (चतुर्थांश का क्षेत्रफल &#8211; ΔABC का क्षेत्रफल)<br />
= [154 -(154-98)] cm<sup>2</sup><br />
= [154 &#8211; 154 + 98] cm<sup>2</sup> = 98 cm<sup>2</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.2" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
संलग्न आकृति में, छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जो 8cm त्रिज्याओं वाले दो वृत्तों के चतुर्थांशों के बीच उभयनिष्ठ है।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8484" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-30.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 30" width="171" height="166" /><br />
यहाँ पर,<br />
आकृति में छायांकित डिजाइन का क्षेत्रफल = 2[चतुर्थांश ABD का क्षेत्रफल &#8211; समकोण ΔABD का क्षेत्रफल)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8483" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-31.png" alt="HBSE 10th Class Maths Solutions Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.3 31" width="390" height="211" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-31.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-10th-Class-Maths-Solutions-Chapter-12-वृत्तों-से-संबंधित-क्षेत्रफल-Ex-12.3-31-300x162.png 300w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions-chapter-12-ex-12-3-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 10:40:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 7]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://haryanaboardsolutions.com/?p=8469</guid>

					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3 Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3 प्रश्न 1. यदि m = 2 है, तो निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए : (i) m &#8211; 2 (ii) 3m &#8211; 5 (iii) 9 &#8211; [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions/">HBSE 7th Class Maths Solutions</a> Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3 Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
यदि m = 2 है, तो निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए :<br />
(i) m &#8211; 2<br />
(ii) 3m &#8211; 5<br />
(iii) 9 &#8211; 5m<br />
(iv) 3m<sup>2</sup> &#8211; 2m &#8211; 7<br />
(v) \(\frac{5 m}{2}\) &#8211; 4<br />
हल :<br />
जब m = 2, तो<br />
(i) m &#8211; 2<br />
= 2 &#8211; 2<br />
= 0</p>
<p>(ii) 3m &#8211; 5<br />
= 3 × 2 &#8211; 5<br />
= 6 &#8211; 5<br />
= 1</p>
<p>(iii) 9 &#8211; 5m<br />
= 9 &#8211; 5 × 2<br />
= 9 &#8211; 10<br />
= -1</p>
<p>(iv) 3m<sup>2</sup> &#8211; 2m &#8211; 7 = 3(2)<sup>2</sup> &#8211; 2 × 2 &#8211; 7<br />
= 3(4) &#8211; 4 &#8211; 7<br />
= 12 &#8211; 11 = 1</p>
<p>(v) \(\frac{5 m}{2}\) &#8211; 4<br />
\(\frac{5 \times 2}{2}\) &#8211; 4<br />
= 5 &#8211; 4<br />
= 1</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
यदि p = &#8211; 2 है, तो निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए :<br />
(i) 4p + 7<br />
(ii) -3p<sup>2</sup> + 4p + 7<br />
(iii) -2p<sup>3</sup> &#8211; 3p<sup>2</sup> + 4p + 7<br />
हल :<br />
जब p = -2 हो तो<br />
(i) 4p + 7 = 4(-2) + 7 = &#8211; 8 + 7 = -1<br />
(ii) &#8211; 3p<sup>2</sup> + 4p +7 = &#8211; 3(-2)<sup>2</sup> + 4(-2) + 7<br />
= -3(4) &#8211; 8 + 7<br />
= 12 &#8211; 1 = &#8211; 13</p>
<p>(iii) &#8211; 2p<sup>3</sup> &#8211; 3p + 4p + 7<br />
= &#8211; 2(-2)<sup>3</sup> &#8211; 3(-2)<sup>2</sup> + 4(-2) + 7<br />
= -2(-8) &#8211; 3(4) &#8211; 8 + 7<br />
= 16 &#8211; 12 &#8211; 8 + 7<br />
= 23 &#8211; 20 = 3</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
निम्नलिखित व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए, जब x = -1 है:<br />
(i) 2x &#8211; 7<br />
(ii) &#8211; x + 2<br />
(iii) x<sup>2</sup> + 2x + 1<br />
(iv) 2x<sup>2</sup> &#8211; x &#8211; 2<br />
हल :<br />
जब x = -1 हो तो<br />
(i) 2x &#8211; 7 = 2(-1) &#8211; 7<br />
= &#8211; 2 &#8211; 7 = -9</p>
<p>(ii) &#8211; x + 2 = &#8211; (-1) + 2<br />
1 + 2 = 3</p>
<p>(iii) x<sup>2</sup> + 2x + 1 = (-1)<sup>2</sup> + 2(-1) + 1<br />
= 1 &#8211; 2 + 1<br />
= 0</p>
<p>(iv) 2x<sup>2</sup> &#8211; x &#8211; 2 = 2(-1)<sup>2</sup> &#8211; (-1) &#8211; 2<br />
= 2(1) + 1 &#8211; 2<br />
= 2 + 1 &#8211; 2 = 1</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
यदि a = 2 और b = &#8211; 2 है, तो निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए:<br />
(i) a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup><br />
(ii) a<sup>2</sup> + ab + b<sup>2</sup><br />
(iii) a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup><br />
हल :<br />
जब a = 2 और b = -2 हो तो<br />
(i) a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup> = (2)<sup>2</sup> + (-2)<sup>2</sup><br />
= 4 + 4<br />
= 8</p>
<p>(ii) a<sup>2</sup> + ab + b<sup>2</sup><br />
= (2)<sup>2</sup> + (2) (-2) + (-2)<sup>2</sup><br />
= 4 &#8211; 4 + 4<br />
= 4</p>
<p>(iii) a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup> = (2)<sup>2</sup> &#8211; (-2)<sup>2</sup><br />
= 4 &#8211; 4 = 0.</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
जब a = 0 और b = &#8211; 1 है, तो दिए हुए व्यंजकों के मान ज्ञात कीजिए :<br />
(i) 2a + 2b<br />
(ii) 2a + b<sup>2</sup> + 1<br />
(ii) 2a<sup>2</sup>b + 2ab<sup>2</sup> + ab<br />
(iv) a<sup>2</sup> + ab + 2<br />
हल :<br />
जब a = 0 और b = -1 हो तो<br />
(i) 2a + 2b = 2(0) + 2(-1)<br />
= 0 &#8211; 2 = -2</p>
<p>(ii) 2a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup> + 1<br />
= 2(0)<sup>2</sup> + (-1)<sup>2</sup> + 1<br />
= 0 + 1 + 1 = 2</p>
<p>(iii) 2a<sup>2</sup>b + 2ab<sup>2</sup> + ab<br />
= 2(0)<sup>2</sup> (-1) + 2(0) (-1)<sup>2</sup> + (0) (-1)<br />
= 0 + 0 + 0 = 0</p>
<p>(iv) a<sup>2</sup> + ab + 2 = (0)<sup>2</sup> + (0) (- 1) + 2<br />
= 0 + 0 + 2 = 2</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
इन व्यंजकों को सरल कीजिए तथा इनके मान ज्ञात कीजिए, जब x का मान 2 है:<br />
(i) x + 7 + 4(x &#8211; 5)<br />
(ii) 3(x + 2) + 5x &#8211; 7<br />
(iii) 6x + 5(x -2)<br />
(iv) 4(2x &#8211; 1) + 3x + 11<br />
हल :<br />
(i) x + 7 + 4(x -5) = x + 7 + 4x &#8211; 20<br />
= (x + 4x) + (7 &#8211; 20)<br />
= 5x &#8211; 13<br />
x = 2 रखने पर,<br />
5x &#8211; 13 = 5(2) &#8211; 13<br />
= 10 &#8211; 13<br />
= -3</p>
<p>(ii) 3(x + 2) + 5x &#8211; 7 = 3x + 6 + 5x &#8211; 7<br />
= (3x + 5x) + (6 &#8211; 7)<br />
= 8x &#8211; 1<br />
x = 2 रखने पर,<br />
8x &#8211; 1 = 8(2) &#8211; 1 = 16 &#8211; 1 = 15</p>
<p>(iii) 6x + 5(x &#8211; 2) = 6x + 5x &#8211; 10<br />
= 11x &#8211; 10<br />
x = 2 रखने पर,<br />
11x &#8211; 10 = 11 × 2 &#8211; 10<br />
= 22 &#8211; 10 = 12</p>
<p>(iv) 4(2x &#8211; 1) + 3x + 11= 8x &#8211; 4 + 3x + 11<br />
= (8x + 3x) + (-4 + 11)<br />
= 11x + 7<br />
x = 2 रखने पर,<br />
11x + 7 = 11 × 2 + 7 = 22 + 7<br />
= 29 उत्तर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
इन व्यंजकों को सरल कीजिए तथा इनके मान ज्ञात कीजए, जब x = 3, a = -1 और b = -2 है:<br />
(i) 3x &#8211; 5 &#8211; x + 9<br />
(ii) 2 &#8211; 8x + 4x + 4<br />
(iii) 3a + 5 &#8211; 8a + 1<br />
(iv) 10 &#8211; 3b &#8211; 4 &#8211; 5b<br />
(v) 2a &#8211; 2b &#8211; 4 &#8211; 5 + a<br />
हल :<br />
(i) 3x &#8211; 5 &#8211; x + 9 = 2x + 4<br />
x = 3 रखने पर, 2x + 4 = 2(3) + 4<br />
= 6 + 4 = 10</p>
<p>(ii) 2 &#8211; 8x + 4x + 4 = 6 &#8211; 4x<br />
x = 3 रखने पर,<br />
6 &#8211; 4x = 6 &#8211; 4(3)<br />
= 6 &#8211; 12 = -6</p>
<p>(iii) 3a + 5 &#8211; 8a + 1 = -5a + 6<br />
a = -1 रखने पर,<br />
-5a + 6 = &#8211; 5(-1)+ 6<br />
= 5 + 6 = 11</p>
<p>(iv) 10 &#8211; 3b &#8211; 4 &#8211; 5b = 6 &#8211; 8b<br />
b = -2 रखने पर,<br />
6 &#8211; 8b = 6 &#8211; 8(-2)<br />
= 6 + 16 = 22</p>
<p>(v) 2a &#8211; 2b &#8211; 4 &#8211; 5 + a<br />
= 3a &#8211; 2b &#8211; 9<br />
a = &#8211; 1 और b = &#8211; 2 रखने पर,<br />
3a &#8211; 2b &#8211; 9 = 3(-1) -2 (-2) &#8211; 9<br />
= &#8211; 3 + 4 &#8211; 9<br />
= -8</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
(i) यदि z = 10 है, तो z<sup>3</sup> &#8211; 3(z &#8211; 10) का मान ज्ञात कीजिए।<br />
(ii) यदि p = &#8211; 10 है, तो p<sup>2</sup> &#8211; 2p &#8211; 100 का मान ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
(i) जब z = 10 हो, तो<br />
z<sup>3</sup> &#8211; 3(z &#8211; 10) = (10)<sup>3</sup> &#8211; 3(10 &#8211; 10)<br />
= 1000 &#8211; 3(0)<br />
= 1000 &#8211; 0 = 1000</p>
<p>(ii) जब p = &#8211; 10 हो, तो<br />
p<sup>2</sup> &#8211; 2p &#8211; 100 = (-10)<sup>2</sup> &#8211; 2(- 10) &#8211; 100<br />
= 100 + 20 &#8211; 100<br />
= 20</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 12 बीजीय व्यंजक Ex 12.3" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
यदि x = 0 पर 2x<sup>2</sup> + x &#8211; a का मान 5 के बराबर है, तो a का मान क्या होना चाहिए ?<br />
हल:<br />
x = 0 पर 2x<sup>2</sup> + x &#8211; a = 5 (दिया है)<br />
2(0) + 0 &#8211; a = 5 ⇒ 0 + 0 &#8211; a = 5<br />
-a = 5 ⇒ a = -5 उत्तर</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
व्यंजक 2(a<sup>2</sup> + ab) + 3 &#8211; ab को सरल कीजिए और इसका मान ज्ञात कीजिए, जब a = 5 और b = -3 है।<br />
हल :<br />
जब a = 5 और b = -3 हो, तो<br />
2(a<sup>2</sup> + ab)+ 3 &#8211; ab = 2a<sup>2</sup> + 2ab+ 3 &#8211; ab<br />
= 2a<sup>2</sup> + 2ab &#8211; ab + 3<br />
= 2a<sup>2</sup> + ab + 3<br />
जब a = 5 और b = -3 हो, तो<br />
2a<sup>2</sup> + ab + 3 = 2(5)<sup>2</sup> + (5 × -3) + 3<br />
= 2 × 25 + (-15) + 3<br />
= 50 + 3 &#8211; 15<br />
= 38</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-8th-class-maths-solutions-chapter-14-ex-14-2-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 10:14:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 8]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://haryanaboardsolutions.com/?p=8373</guid>

					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2 Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2 प्रश्न 1. निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखण्ड कीजिए (i) a2 + 8a + 16 (ii) p2 &#8211; 10p + 25 (iii) 25m2 + 30m + 9 (iv) 49 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-8th-class-maths-solutions/">HBSE 8th Class Maths Solutions</a> Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2 Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखण्ड कीजिए<br />
(i) a<sup>2</sup> + 8a + 16<br />
(ii) p<sup>2</sup> &#8211; 10p + 25<br />
(iii) 25m<sup>2</sup> + 30m + 9<br />
(iv) 49 y<sup>2</sup> + 84yz + 36z<sup>2</sup><br />
(v) 4x<sup>2</sup> &#8211; 8x + 4<br />
(vi) 121b<sup>2</sup> &#8211; 88bc + 16c<sup>2</sup><br />
(vii) (l + m)<sup>2</sup> &#8211; 4lm<br />
(viii) a<sup>4</sup> + 2a<sup>2</sup>b<sup>2</sup> + b<sup>4</sup><br />
हल:<br />
हम जानते हैं कि सर्वसमिका<br />
(a + b)<sup>2</sup> = a<sup>2</sup> + 2ab + b<sup>2</sup><br />
तथा, (a &#8211; b)<sup>2</sup> = a<sup>2</sup> &#8211; 2ab + b<sup>2</sup></p>
<p>(i) a<sup>2</sup> + 8a + 16<br />
= a<sup>2</sup> + 2 × a × 4 + (4)<sup>2</sup>.<br />
= a<sup>2</sup> + 8a + 16<br />
= (a + 4)<sup>2</sup></p>
<p>(ii) p<sup>2</sup> &#8211; 10p + 25<br />
= p<sup>2</sup> &#8211; 2 × p × 5 + (5)<sup>2</sup><br />
= (p &#8211; 5)<sup>2</sup></p>
<p>(iii) 25m<sup>2</sup> + 30m + 9<br />
= (5m)<sup>2</sup> + 2 × 5m × 3 + (3)<sup>2</sup><br />
= (5m + 3)<sup>2</sup></p>
<p>(iv) 49y<sup>2</sup> + 84yz + 36z<sup>2</sup><br />
= (7y)<sup>2</sup> + 2 × 7y × 6z + (6z)<sup>2</sup><br />
= (7y + 6z)<sup>2</sup><br />
∴ 49y<sup>2</sup> + 84yz + 36z<sup>2</sup> = (7y + 6z)<sup>2</sup></p>
<p>(v) 4x<sup>2</sup> &#8211; 8x + 4<br />
= (2x)<sup>2</sup> &#8211; 2 × 2x × 2 + (2)<sup>2</sup><br />
= (2x &#8211; 2)<sup>2</sup><br />
= 2<sup>2</sup>(x &#8211; 1)<br />
= 4(x &#8211; 1)<sup>2</sup><br />
∴ 4x<sup>2</sup> &#8211; 8x + 4 = 4(x &#8211; 1)<sup>2</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(vi) 121b<sup>2</sup> &#8211; 88bc + 16c<sup>2</sup><br />
= (11b)<sup>2</sup> &#8211; 2 × 11b × 4c + (4c)<sup>2</sup><br />
= (11b &#8211; 4c)<sup>2</sup><br />
∴ 121b<sup>2</sup> &#8211; 44bc &#8211; 44bc +16c<sup>2</sup></p>
<p>(vii) (l + m)<sup>2</sup> &#8211; 4lm<br />
(l + m)<sup>2</sup> का प्रयोग करने पर-<br />
(l + m)<sup>2</sup> = l<sup>2</sup> + 2lm + m<sup>2</sup></p>
<p>∴ (l + m)<sup>2</sup> &#8211; 4lm = l<sup>2</sup> + 2lm + m<sup>2</sup> &#8211; 4lm<br />
= l<sup>2</sup> &#8211; 2 × l × m + m <sup>2</sup><br />
= (l &#8211; m)<sup>2</sup><br />
∴ (l + m)<sup>2</sup> &#8211; 4lm = (l &#8211; m)<sup>2</sup></p>
<p>(viii) a<sup>4</sup> + 2a<sup>2</sup>b<sup>2</sup> + b<sup>4</sup><br />
= (a<sup>2</sup>)<sup>2</sup> + 2 × a<sup>2</sup> × b<sup>2</sup> + (b<sup>2</sup>)<sup>2</sup><br />
= (a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup>)<sup>2</sup><br />
∴a<sup>4</sup> + 2a<sup>2</sup>b<sup>2</sup> + b<sup>4</sup> = (a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup>)<sup>2</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
गुणनखंड कीजिए<br />
(i) 4p<sup>2</sup> &#8211; 9q<sup>2</sup><br />
(ii) 63a<sup>2</sup> -112b<sup>2</sup><br />
(iii) 49x<sup>2</sup> &#8211; 36<br />
(iv) 16x<sup>5</sup> &#8211; 144x<sup>3</sup><br />
(v) (l + m)<sup>2</sup> (l &#8211; m)<sup>2</sup><br />
(vi) 9x<sup>2</sup>y<sup>2</sup> &#8211; 16<br />
(vii) (x<sup>2</sup> &#8211; 2xy + y<sup>2</sup>)<br />
(viii) 25a<sup>2</sup> &#8211; 4b<sup>2</sup> + 28bc &#8211; 49c<sup>2</sup><br />
हल:<br />
(i) 4p<sup>2</sup> &#8211; 9q<sup>2</sup><br />
सर्वसमिका a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup> = (a + b)(a &#8211; b) से<br />
∴ 4p<sup>2</sup> &#8211; 9q<sup>2</sup> = (2p)<sup>2</sup> &#8211; (3q)<sup>2</sup><br />
= (2p + 3q) (2p &#8211; 3q)<br />
∴ 4p<sup>2</sup> &#8211; 9q<sup>2</sup> = (2p + 3q) (2p &#8211; 3q)</p>
<p>(ii) 63a<sup>2</sup> &#8211; 112b<sup>2</sup><br />
दोनों पदों में 7 उभयनिष्ठ है<br />
∴ 63a<sup>2</sup> &#8211; 112b<sup>2</sup> = 7(9a<sup>2</sup> &#8211; 16b<sup>2</sup>)<br />
= 7[(3a)<sup>2</sup> &#8211; (4b)<sup>2</sup>]<br />
= 7 (3a + 4b) (3a &#8211; 4b)<br />
∴ 63a<sup>2</sup> &#8211; 112b<sup>2</sup> = 7 (3a + 4b) (3a &#8211; 4b)</p>
<p>(iii) 49x<sup>2</sup> &#8211; 36<br />
= (7x)<sup>2</sup> &#8211; (6)<sup>2</sup><br />
= (7x + 6) (7x &#8211; 6)<br />
∴ 49x<sup>2</sup> &#8211; 36 = (7x + 6) (7x &#8211; 6)</p>
<p>(iv) 16x<sup>5</sup> &#8211; 144x<sup>3</sup><br />
= 16x<sup>3</sup>(x<sup>2</sup> &#8211; 9)[16 x<sup>2</sup> उभ्यनिष्ठ लेने पर]<br />
= 16x<sup>3</sup> (x<sup>2</sup> &#8211; 3<sup>2</sup>)<br />
= 16x<sup>3</sup>[(x + 3)(x &#8211; 3)]<br />
∴ 6x<sup>5</sup> &#8211; 144x<sup>3</sup> = 16x<sup>3</sup>[(x + 3)(x &#8211; 3)]</p>
<p>(v) (l + m)<sup>2</sup> &#8211; (l &#8211; m)<sup>2</sup><br />
सर्वसमिका<br />
(a + b)<sup>2</sup> = a<sup>2</sup> + 2ab + b<sup>2</sup><br />
तथा, (a &#8211; b)<sup>2</sup> = a<sup>2</sup> &#8211; 2ab + b<sup>2</sup><br />
∴ (l + m)<sup>2</sup> = l<sup>2</sup> + 2lm + m<sup>2</sup><br />
(l &#8211; m)<sup>2</sup> = l<sup>2</sup> &#8211; 2lm + m<sup>2</sup></p>
<p>∴ (l + m)<sup>2</sup> &#8211; (l &#8211; m)<sup>2</sup> = l<sup>2</sup> + 2lm + m<sup>2</sup> &#8211; (l<sup>2</sup> &#8211; 2lm + m<sup>2</sup>)<br />
= l<sup>2</sup> + 2lm + m<sup>2</sup> &#8211; l<sup>2</sup> + 2lm &#8211; m<sup>2</sup><br />
= 4lm<br />
∴ (l + m)<sup>2</sup> &#8211; (l &#8211; m)<sup>2</sup> = 4lm</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(vi) 9x<sup>2</sup>y<sup>2</sup> &#8211; 16<br />
= (3xy)<sup>2</sup> &#8211; (4)<sup>2</sup><br />
= (3xy + 4) (3xy &#8211; 4)<br />
∴ 9x<sup>2</sup>y<sup>2</sup> &#8211; 16 = (3xy + 4) (3xy &#8211; 4)</p>
<p>(vii) (x<sup>2</sup> &#8211; 2xy + y<sup>2</sup>) &#8211; z<sup>2</sup><br />
पहला पद, x<sup>2</sup> &#8211; 2xy + y<sup>2</sup><br />
= (x)<sup>2</sup> &#8211; 2 × x × y + (y)<sup>2</sup><br />
= (x &#8211; y)<sup>2</sup><br />
∴ (x<sup>2</sup> &#8211; 2xy + y<sup>2</sup>) &#8211; z<sup>2</sup> = (x &#8211; y)<sup>2</sup> &#8211; (z)<sup>2</sup><br />
= (x &#8211; y + z) (x &#8211; y &#8211; z)<br />
अतः (x<sup>2</sup> &#8211; 2xy + y<sup>2</sup>) &#8211; z<sup>2</sup> = (x &#8211; y + z) (x &#8211; y &#8211; z)</p>
<p>(viii) 25a<sup>2</sup> &#8211; 4b<sup>2</sup> + 28bc &#8211; 49c<sup>2</sup><br />
⇒ 25a<sup>2</sup> &#8211; (4b<sup>2</sup> &#8211; 28bc + 49c<sup>2</sup>)<br />
⇒ 25a<sup>2</sup> &#8211; [(2b)<sup>2</sup>&#8211; 2 x 2b x 7c + (7c)<sup>2</sup>]<br />
⇒ 25a<sup>2</sup> &#8211; (2b &#8211; 7c)<sup>2</sup><br />
⇒ (5a)<sup>2</sup> &#8211; (2b &#8211; 7c)<sup>2</sup><br />
⇒ (5a + 2b &#8211; 7c) (5a &#8211; 2b + 7c)<br />
∴ 25a<sup>2</sup> &#8211; 4b<sup>2</sup> + 28bc &#8211; 49c<sup>2</sup> = (5a + 2b &#8211; 7c) (5a &#8211; 2b + 7c)</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखंड कीजिए<br />
(i) ax<sup>2</sup> + 6x<br />
(ii) 7p<sup>2</sup> + 21q<sup>2</sup><br />
(iii) 2x<sup>3</sup> + 2xy<sup>2</sup> + 2xz<sup>2</sup><br />
(iv) am<sup>2</sup> + bm<sup>2</sup> + bn<sup>2</sup> + an<sup>2</sup><br />
(v) (lm + l) + m + 1<br />
(vi) y(y + z) + 9 (y + z)<br />
(vii) 5y<sup>2</sup> &#8211; 20y &#8211; 8z + 2yz<br />
(viii) 10ab + 4a + 5b + 2<br />
(ix) 6xy &#8211; 4y + 6 &#8211; 9x<br />
हल:<br />
(i) ax<sup>2</sup> + bx<br />
दोनों पदों में x उभयनिष्टि है।<br />
ax<sup>2</sup> + bx = x (ax + b)<br />
∴ ax<sup>2</sup> + bx= x (ax + b)</p>
<p>(ii) 7p<sup>2</sup> + 21q<sup>2</sup><br />
दोनों पदों में 7 उभयनिष्टि है।<br />
7p<sup>2</sup> + 21q<sup>2</sup> = 7(p<sup>2</sup> + 3q<sup>2</sup>)<br />
∴ 7p<sup>2</sup> + 21q<sup>2</sup> = 7(p<sup>2</sup> + 3q<sup>2</sup>)</p>
<p>(iii) 2x<sup>3</sup> + 2xy<sup>2</sup> + 2xz<sup>2</sup><br />
इस योजक में 2x उभयनिष्टि है।<br />
2x<sup>3</sup> + 2xy<sup>2</sup> + 2xz<sup>2</sup><br />
= 2x(x<sup>2</sup> + y<sup>2</sup> + z<sup>2</sup>)<br />
∴ 2x<sup>3</sup> + 2xy<sup>2</sup> + 2xz<sup>2</sup> = 2x(x<sup>2</sup> + y<sup>2</sup> + z<sup>2</sup>)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(iv) am<sup>2</sup> + 6m<sup>2</sup> + bn<sup>2</sup> + an<sup>2</sup><br />
= (am<sup>2</sup> + 6m<sup>2</sup>) + (bn<sup>2</sup> + an<sup>2</sup>)<br />
= m<sup>2</sup>(a + b) + n<sup>2</sup>(b + a)<br />
= m<sup>2</sup>(a + b) + n<sup>2</sup>(a + b)<br />
= (a + b) (m<sup>2</sup> + n<sup>2</sup>)<br />
∴ am<sup>2</sup> + 6m<sup>2</sup> + bn<sup>2</sup> + an<sup>2</sup> = (a + b) (m<sup>2</sup> + n<sup>2</sup>)</p>
<p>(v) (lm + l) + m + 1<br />
= lm + l) + (m + 1)<br />
= l(m + 1) + 1 (m + 1)<br />
= (m + 1) (l + 1)<br />
∴ (lm + l) + m + 1 = (m + 1) (l + 1)</p>
<p>(vi) y(y + z) + 9(y + z)<br />
= (y + z)(y + 9)<br />
∴ y(y + z) + 9(y + z) = (y + z)(y + 9)</p>
<p>(vii) 5y<sup>2</sup> &#8211; 20y &#8211; 8z + 2yz<br />
= (5y<sup>2</sup> &#8211; 20y) + 2yz &#8211; 8z<br />
= 5y (y &#8211; 4) + 2z (y &#8211; 4)<br />
= (y &#8211; 4) (5y + 2z)<br />
∴ 5y<sup>2</sup> &#8211; 20y &#8211; 8z + 2yz = (y &#8211; 4) (5y + 2z)</p>
<p>(viii) 10ab + 4a + 5b + 2<br />
= (10ab + 4a) + (5b + 2)<br />
= 2a (5b + 2) + 1(5b + 2)<br />
= (5b + 2) (2a + 1)<br />
∴ 10ab + 4a + 5b + 2 = (5b + 2) (2a + 1)</p>
<p>(ix) 6xy &#8211; 4y + 6 &#8211; 9x<br />
= (6xy &#8211; 9x) &#8211; (4y &#8211; 6)<br />
= 3x(2y &#8211; 3) &#8211; 2(2y &#8211; 3)<br />
= (2y &#8211; 3) (3x &#8211; 2).<br />
∴ 6xy &#8211; 4y + 6 &#8211; 9x = (2y &#8211; 3) (3x &#8211; 2).</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
गुणनखंड कीजिए<br />
(i) a<sup>4</sup> &#8211; b<sup>4</sup><br />
(ii) p<sup>4</sup> &#8211; 81<br />
(iii) x<sup>4</sup> &#8211; (y + z)<sup>4</sup><br />
(iv) x<sup>4</sup> &#8211; (x &#8211; z)<sup>4</sup><br />
(v) a<sup>4</sup> &#8211; 2a<sup>2</sup>b<sup>2</sup> + b<sup>4</sup><br />
Solution:<br />
(i) a<sup>4</sup> &#8211; b<sup>4</sup><br />
= (a<sup>2</sup>)<sup>2</sup> &#8211; (b<sup>2</sup>)<sup>2</sup><br />
= (a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup>) (a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup>) (सर्वसमिका a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup> = (a + b) (a- b) से)<br />
= (a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup>) [a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup>]<br />
= (a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup>) [(a + b) (a- b)]<br />
अतः a<sup>4</sup> &#8211; b<sup>4</sup> = (a<sup>2</sup> + b<sup>2</sup>) (a + b) (a- b)</p>
<p>(ii) p<sup>4</sup> &#8211; 81<br />
= p<sup>4</sup> &#8211; 81<br />
= (p<sup>2</sup>)<sup>2</sup> &#8211; (9)<sup>2</sup><br />
= (p<sup>2</sup> + 9) (p<sup>2</sup> &#8211; 9)<br />
= (p<sup>2</sup> + 9) (p<sup>2</sup> &#8211; 3<sup>2</sup>)<br />
= (p<sup>2</sup> + 9) (p + 3) (p &#8211; 3)<br />
∴ p<sup>4</sup> &#8211; 81 = (p<sup>2</sup> + 9) (p + 3) (p &#8211; 3)</p>
<p>(iii) x<sup>4</sup> &#8211; (y + z)<sup>4</sup><br />
= (x<sup>2</sup>)<sup>2</sup> &#8211; [(y + z)<sup>2</sup>]<sup>2</sup><br />
= [x<sup>2</sup> + (y + z)<sup>2</sup>] [x<sup>2</sup> &#8211; (y + z)<sup>2</sup>]<br />
= [(x<sup>2</sup> + (y + z)<sup>2</sup>)] [(x + y + z) (x &#8211; y &#8211; z)]<br />
∴ x<sup>4</sup> &#8211; (y + z)<sup>4</sup> = (x + y + z) (x &#8211; y &#8211; z) (x<sup>2</sup> + (y + z)<sup>2</sup>)</p>
<p>(iv) x<sup>4</sup> &#8211; (x &#8211; z)<sup>4</sup><br />
= (x<sup>2</sup>)<sup>2</sup> &#8211; [(x &#8211; z)<sup>2</sup>]<sup>2</sup><br />
= [x<sup>2</sup> + (x &#8211; z)<sup>2</sup>] [x<sup>2</sup> &#8211; (x &#8211; z)<sup>2</sup>]<br />
= [x<sup>2</sup> + (x &#8211; z)<sup>2</sup>] [(x + x &#8211; z) (x &#8211; x + z)]<br />
= [x<sup>2</sup> + (x &#8211; z)<sup>2</sup>] (2x &#8211; z) z<br />
∴ x<sup>4</sup> &#8211; (x &#8211; z)<sup>4</sup> = z (2x &#8211; z) [x<sup>2</sup> + (x &#8211; z)<sup>2</sup>]<br />
= z (2x &#8211; z) (x<sup>2</sup> + x<sup>2</sup> &#8211; 2xz + z<sup>2</sup>)<br />
= z (2x &#8211; z) (2x<sup>2</sup> &#8211; 2xz + z<sup>2</sup>)</p>
<p>(v) a<sup>4</sup> &#8211; 2a<sup>2</sup>b<sup>2</sup> + b<sup>4</sup><br />
= (a<sup>2</sup>)<sup>2</sup> &#8211; 2 × a<sup>2</sup> × b<sup>2</sup> + (b<sup>2</sup>)<sup>2</sup><br />
= (a<sup>2</sup> &#8211; b<sup>2</sup>)<sup>2</sup><br />
= [(a + b) (a &#8211; b)]<sup>2</sup><br />
= (a + b)<sup>2</sup> (a &#8211; b)<sup>2</sup><br />
∴ a<sup>4</sup> &#8211; 2a<sup>2</sup>b<sup>2</sup> + b<sup>4</sup> = (a + b)<sup>2</sup> (a &#8211; b)<sup>2</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
निम्नलिखित व्यंजकों के गुणनखंड कीजिए<br />
(i) p<sup>2</sup> + 6p + 8<br />
(ii) q<sup>2</sup> &#8211; 10q + 21<br />
(iii) p<sup>2</sup> + 6p &#8211; 16<br />
हल:<br />
(i) p<sup>2</sup> + 6p + 8<br />
अंक 8 को दो संख्याओं में इस प्रकार विभाजित करते हैं कि उनका योग व्यंजक के बीच वाली संख्या 6 के बराबर तथा उनका गुणनफल 8 हो-<br />
अर: 8 = 4 × 2 (∴ 4 + 2 = 6)<br />
अतः व्यंजक के मध्य पद 6p को 4p तथा 2p में विभाजित करेंगे ।<br />
∴ p<sup>2</sup> + 6p + 8 ⇒ p<sup>2</sup> + 4p + 2p + 8<br />
दो-दो संख्या लेकर याग्म बनाने पर-<br />
= (p<sup>2</sup> + 4p) + (2p + 8)<br />
= p(p + 4) + 2(p + 4)<br />
= (p + 4) (p + 2)</p>
<p>(ii) q<sup>2</sup> &#8211; 10q + 21<br />
21 = 7 × 3 (∴ 7 + 3 = 10)<br />
अतः q<sup>2</sup> &#8211; 7q &#8211; 3q + 21<br />
युग्म बनाने पर,<br />
= (q<sup>2</sup> &#8211; 7q) &#8211; (3q &#8211; 21)<br />
= q(q &#8211; 7) &#8211; 3(q &#8211; 7)<br />
= (q &#8211; 3)(q &#8211; 7)<br />
अतः q<sup>2</sup> &#8211; 10q + 21 = (q &#8211; 3)(q &#8211; 7)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Maths Solutions Chapter 14 गुणनखंडन Ex 14.2" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(iii) p<sup>2</sup> + 6p &#8211; 16<br />
व्यंजक के आखिरी पद 16 को दो संख्याओं में इस प्रकार विभाजित करेंगे कि उनका गुणनफल 16 तथा उनका अन्तर 6 हो जाय, क्योंकि पद 16 से पूर्व ॠणात्कक (-) चित्र है ।<br />
16 = 8 × 2 (8 &#8211; 2 = 6)<br />
अतः p<sup>2</sup> + 6p &#8211; 16 = p<sup>2</sup> + 8p &#8211; 2p &#8211; 16<br />
युग्म बनाने पर = (p<sup>2</sup> + 8p) &#8211; (2p + 16)<br />
= p (p + 8) &#8211; 2 (p + 8)<br />
= (p + 8)(p &#8211; 2)<br />
अतः p<sup>2</sup> + 6p &#8211; 16 = (p + 8)(p &#8211; 2)</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 10:06:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 7]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3 Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3 प्रश्न 1. निम्नांकित आकृतियों में अज्ञात x का मान ज्ञात कीजिए: हल : त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions/">HBSE 7th Class Maths Solutions</a> Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3 Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नांकित आकृतियों में अज्ञात x का मान ज्ञात कीजिए:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8470" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.3-1.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3 - 1" width="670" height="323" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.3-1.png 670w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.3-1-300x145.png 300w" sizes="auto, (max-width: 670px) 100vw, 670px" /><br />
हल :<br />
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। अत:<br />
(i) ΔABC में,<br />
∠A + ∠B + ∠C= 180°<br />
⇒ x + 50° + 60° = 180°<br />
⇒ x = 180° &#8211; 50° &#8211; 60°<br />
⇒ x = 180° &#8211; 110°<br />
⇒ x = 70°</p>
<p>(ii) ΔPQR में,<br />
∠P + ∠Q + ∠R = 180°<br />
90° + 30° + x = 180°<br />
x = 180° &#8211; 90° &#8211; 30°<br />
= 180° &#8211; 120°<br />
= 60°</p>
<p>(iii) ΔXYZ में<br />
∠X + ∠Y + ∠Z = 180°<br />
30° + 110° + x = 180°<br />
x = 180° &#8211; 30° &#8211; 110°<br />
= 180° &#8211; 140°<br />
=40°</p>
<p>(iv) x + x + 50° = 180°<br />
⇒ 2x + 50° = 180°<br />
⇒ 2x = 180° &#8211; 50°<br />
⇒ 2x = 130°<br />
⇒ x = \(\frac {130°}{2}\)<br />
⇒ x = 65°</p>
<p>(v) x + x + x = 180°<br />
⇒ 3x = 180°<br />
⇒ x = \(\frac {180°}{3}\)<br />
⇒ x = 60°</p>
<p>(vi) x + 2x + 90° = 180°<br />
⇒ 3x + 90° = 180°<br />
⇒ 3x = 180° &#8211; 90°<br />
⇒ 3x = 90°<br />
⇒ x = \(\frac {90°}{3}\)<br />
⇒ x = 30°</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नांकित आकृतियों में अज्ञात x और y का मान ज्ञात कीजिए:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8471" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.3-2.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.3 - 2" width="681" height="350" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.3-2.png 681w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.3-2-300x154.png 300w" sizes="auto, (max-width: 681px) 100vw, 681px" /><br />
हल :<br />
(i) त्रिभुज में बाह्य कोण और संलग्न अंत: कोण रैखिक युग्म बनाते हैं। अतः<br />
y + 120° = 180°<br />
⇒ y = 180° &#8211; 120° = 60°<br />
एक त्रिभुज में कोणों का योग 180° होता है।<br />
∴ x + 50° + y = 180°<br />
⇒ x = 180° &#8211; 50° &#8211; y<br />
⇒ x = 130° &#8211; 60° = 70°.<br />
अतः x = 70° और y = 60°</p>
<p>(ii) यहाँ y = 80°, [शीर्षाभिमुख कोण]<br />
त्रिभुज में कोणों का योग 180° होता है।<br />
∴ x + y + 50° = 180°<br />
⇒ x + 80° + 50° = 180°, [∵ y = 80°]<br />
⇒ x + 130° = 180°<br />
⇒ x = 180°- 130°<br />
⇒ x = 50°<br />
अतः x = 50° और y = 80°</p>
<p>(iii) त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग 180° होता है।<br />
∴ y + 60° + 50° = 180°<br />
y = 180° &#8211; 60° &#8211; 50°<br />
y = 180° &#8211; 110°<br />
y = 70°<br />
बाह्य कोण (x) = 50° + 60° = 110°<br />
अत: x = 110° और y = 70°</p>
<p>(iv) त्रिभुज के तीनों कोणों का योग = 180°<br />
∴ x + y + 30° = 180°<br />
x = 60°, (शीर्षाभिमुख कोण)<br />
60° + y + 30° = 180°<br />
y = 180° &#8211; 60° &#8211; 30°<br />
= 180° &#8211; 90°<br />
= 90°<br />
अत: x = 60° और y = 90°</p>
<p>(v) त्रिभुज के तीनों अन्त: कोणों का योग 180° होता है।<br />
∴ x + x + y = 180°<br />
[(∵ y = 90°) शीर्षाभिमुख कोण]<br />
2x + 90° = 180°<br />
2x = 180° &#8211; 90°<br />
2x = 90°<br />
x = \(\frac {90°}{2}\) = 45°<br />
अत: x = 45° और y = 90°</p>
<p>(vi) त्रिभुज के तीनों अन्त: कोणों का योग 180° होता है।<br />
∴ x + x + y = 180°<br />
x + x + x = 180°,<br />
[(∵ y = x°) शीर्षाभिमुख कोण]<br />
3x = 180°<br />
x = \(\frac {180°}{2}\) = 60°<br />
∴ y = 60°<br />
अतः x = 60° और y = 60°</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 07:16:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 7]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 प्रश्न 1. ΔPQR में भुजा का मध्य बिन्दु D है: &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. है। PD &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. है। क्यो QM = MR ? [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions/">HBSE 7th Class Maths Solutions</a> Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
ΔPQR में भुजा \(\overline{Q R}\) का मध्य बिन्दु D है:<br />
\(\overline{PM}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. है।<br />
PD &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. है।<br />
क्यो QM = MR ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8449" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.1-1.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 - 1" width="217" height="147" /><br />
हल :<br />
\(\overline{PM}\) शीर्ष लम्य है,<br />
जो शीर्ष P से सम्मुख भुजा \(\overline{Q R}\) पर है।<br />
PD, ΔPQR में शीर्ष Pसे सम्मुख भुजा \(\overline{Q R}\) की माध्यिका है। QM ≠ MR, क्योंकि \(\overline{Q R}\) का मध्य विन्दु M नहीं है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्न के लिए अनुमान से आकृति खींचिए :<br />
(a) ΔABC में, BE एक माध्यिका है।<br />
(b) ΔPQR में, PQ तथा PR त्रिभुज के शीर्षलम्ब है।<br />
(c) ΔXYZ में, YL एक शीर्षलंब उसके बहिर्भाग में है।<br />
हल :<br />
(a) ΔBC में BE एक माध्यिका की आकृति निम्न प्रकार है:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8450" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.1-2.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 - 2" width="174" height="143" /><br />
(b) ΔPQR में, PQ तथा PR त्रिभुज के शीर्ष लम्बों की आकृति निम्न प्रकार है :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8451" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.1-3.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 - 3" width="197" height="159" /><br />
(c) ΔXYZ में YL एक शीर्ष लम्ब उसके बहिर्भाग में आकति निम्न प्रकार हैं:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8452" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.1-4.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 - 4" width="191" height="160" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
आकृति खींचकर पुष्टि कीजिए कि एक समद्विबाहु त्रिभुज में शीर्षलम्ब व माध्यिका एक ही रेखाखण्ड हो सकता है? .<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8453" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-6-त्रिभुज-और-उसके-गुण-Ex-6.1-5.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.1 - 5" width="200" height="186" /><br />
एक रेखाखण्ड BC खींचते हैं। कागज के मोड़ने की विधि से \(\overline{BC}\) का लम्ब समद्विभाजक किया। मुड़ी हुई लाइन D बिन्दु पर मिलती है, जो कि BC&#8217; का मध्य बिन्दु है।</p>
<p>इस लम्ब समद्विभाजक पर कोई बिन्दु लिया। AB और AC को मिलाया। इस प्रकार ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज प्राप्त होगा, जिसमें AB = AC. स्पष्ट है कि \(\overline{BC}\) का मध्य बिन्दु D है। अत: AD माध्यिका है और BC का शीर्ष लम्ब AD है।</p>
<p>इससे सिद्ध होता है कि समद्विबाहु त्रिभुज में माध्यिका और शीर्षलम्ब एक ही होते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions-chapter-5-intext-questions-in-hindi/</link>
					<comments>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions-chapter-5-intext-questions-in-hindi/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 06:54:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 7]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions and Answers. Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions प्रयास कीजिए (पृष्ठ सं. 107) प्रश्न 1. निम्नलिखित कोणों के युग्मों में कौन-से पूरक है? हल : (i) इस जोड़े में दो कोणों का योग [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-maths-solutions/">HBSE 7th Class Maths Solutions</a> Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">प्रयास कीजिए (पृष्ठ सं. 107)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नलिखित कोणों के युग्मों में कौन-से पूरक है?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8408" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-1.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 1" width="282" height="474" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-1.png 282w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-1-178x300.png 178w" sizes="auto, (max-width: 282px) 100vw, 282px" /><br />
हल :<br />
(i) इस जोड़े में दो कोणों का योग<br />
= 70° + 20° = 90°<br />
अतः कोणों का यह युग्म एक-दूसरे का पूरक है। उत्तर<br />
(ii) इस जोड़े में दो कोणों का योग<br />
= 75° + 25° = 100°<br />
अत: कोणों का यह युग्म एक-दूसरे का पूरक नहीं है। उत्तर<br />
(iii) इस जोड़े में दो कोणों का योग<br />
= 48° + 52° = 100°<br />
≠ 90°<br />
अतः कोणों का यह युग्म एक-दूसरे का पूरक नहीं है। उत्तर<br />
(iv) इस जोड़े में दो कोणों का योग<br />
= 35° + 55° = 90°<br />
अतः कोणों का यह युग्म एक-दूसरे का पूरक है। उत्तर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखित कोणों में प्रत्येक के पूरक का माप क्या है?<br />
(i) 45° (ii) 65° (iii) 41° (iv) 54°<br />
हल :<br />
हम जानते हैं कि किसी कोण और इसके पूरक कोण का योग 90° होता है। अतः<br />
(i) 45° के कोण के पूरक कोण का माप<br />
= (90° &#8211; 45°) = 45°<br />
(ii) 65° के कोण के पूरक कोण का माप<br />
= (90° &#8211; 65°) = 25°<br />
(iii) 41° के कोण के पूरक कोण का माप<br />
= (90° -41°) = 49°<br />
(iv) 54° के कोण के पूरक कोण का माप<br />
= (90° &#8211; 54°) = 36°</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
दो पूरक कोणों के मापों का अंतर 12° है। कोणों के माप ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
माना एक कोण हैं, तो दूसरा कोण (x + 12)° होगा। अब x° और (x + 12)° पूरक कोण होंगे।<br />
∴ x° + (x + 12)° = 90°<br />
⇒ 2x° + 12° = 90°<br />
⇒ 2x° = 90° &#8211; 12°<br />
⇒ 2x° = 78°<br />
⇒ x° = \(\frac {78°}{2}\) = 39°<br />
अतः एक कोण = x° = 39°<br />
औरदूसरा कोण = (x + 12)° = 39° + 12° = 51°.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठसं 108-109</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
आकृति में सम्परक कोणों के युग्म ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8409" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-2.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 2" width="346" height="480" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-2.png 346w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-2-216x300.png 216w" sizes="auto, (max-width: 346px) 100vw, 346px" /><br />
हल :<br />
आकृति (i) के युग्म में,<br />
कोणों का योग = 110° + 50° = 160° ≠ 180°<br />
अतः ये सम्परक नहीं हैं।<br />
आकृति (ii) के युग्म में,<br />
कोणों का योग = 105° + 65° = 170° ≠ 180°<br />
अतः ये सम्पूरक नहीं हैं।<br />
आकृति (iii) के युग्म में,<br />
कोणों का योग = 130° + 50° = 180°<br />
अतः ये सम्पूरक हैं।<br />
आकृति (iv) के युग्म में,<br />
कोणों का योग = 45° + 45° = 90° ≠ 180°<br />
अतः ये सम्पूरक नहीं हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखित कोणों में प्रत्येक के सम्पूरक का माप क्या होगा?<br />
(i) 100°<br />
(ii) 90°<br />
(iii) 55°<br />
(iv) 125°<br />
हल :<br />
हम जानते हैं कि एक कोण और इसके सम्पुरक कोण का योग 180° होता है। इसलिए<br />
(i) 100° के कोण का सम्पूरक कोण<br />
= (180° &#8211; 100°) = 80°<br />
(ii) 90° के कोण का सम्पूरक कोण<br />
= (180° &#8211; 90°) = 90°<br />
(iii) 550 के कोण का सम्पूरक कोण<br />
= (180°- 55°) = 125°<br />
(iv) 125° के कोण का सम्पूरक कोण<br />
= (180° &#8211; 125°) = 55°</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
दो सम्पूरक कोणों में बड़े कोण का माप छोटे कोण के माप से 44° अधिक है। कोणों के माप ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
माना छोटा कोण = x° हो, तो<br />
बड़ा कोण = (x + 44°)<br />
अब और (x + 44)° सम्पूरक कोण होंगे।<br />
x° + (x + 44)° = 180°<br />
x° + x° + 44° = 180°<br />
2x° + 44° = 180°<br />
2x° = 180° &#8211; 44° = 136°<br />
2x = 136°<br />
x = \(\frac {136°}{2}\) = 68°<br />
अतः छोटा कोण = x° = 68°<br />
और बड़ा कोण = x + 44° = (68° + 44)°<br />
= 112°</p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 110</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
क्या 1 और 2 से अंकित कोण आसन्न हैं ? [आकृति (i)-(v)] यदि ये आसन्न नहीं हैं तो बताइए, &#8216;क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8410" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-3.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 3" width="330" height="358" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-3.png 330w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-3-277x300.png 277w" sizes="auto, (max-width: 330px) 100vw, 330px" /><br />
हल :<br />
(i) हाँ, कोण 1 और 2 आसन्न हैं।<br />
(ii) हाँ, कोण 1 और 2 आसन्न हैं।<br />
(iii) नहीं, कोण 1 और 2 आसन्न नहीं है, क्योंकि इनमें उभयनिष्ठ शीर्ष नहीं हैं।<br />
(iv) नहीं, कोण 1 और 2 आसन्न नहीं हैं, क्योंकि कोणों की अन्य भुजाएँ, उभयनिष्ठ भुजा के एक ही ओर स्थित हैं।<br />
(v) हाँ, कोण | और 2 आसन्न हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
आकृति में, क्या निम्नलिखित कोण आसन्न हैं?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8411" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-4.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 4" width="182" height="103" /><br />
(a) ∠ZAOB और ∠BOC<br />
(b) ∠BOD और ∠BOC<br />
अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।<br />
हल :<br />
(a) आकृति में, ∠AOB और ∠BOC का उभयनिष्ठ शीर्ष तथा उभयनिष्ठ भुजा है। इनकी अन्य भुजा उभयनिष्ठ भुजा के विपरीत है। अत: ∠AOB और ∠BOC आसन्न कोण हैं।<br />
(b) ∠BOD और ∠BOC आसन्न कोण नहीं हैं, क्योंकि इनकी अन्य भुजाएँ उभयनिष्ठ OB के विपरीत नहीं हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 111</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
बताइए कोणों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा रैखिक युग्म बनाता है?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8412" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-5.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 5" width="238" height="107" /><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8413" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-6.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 6" width="333" height="313" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-6.png 333w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-6-300x282.png 300w" sizes="auto, (max-width: 333px) 100vw, 333px" /><br />
हल :<br />
आकृति (i) में,<br />
कोणों का योग = 140° + 40° = 180°<br />
अत: यह युग्म रैखिक युग्म बनाता है।<br />
आकृति (ii) में,<br />
कोणों का योग = 60° + 90° = 150°<br />
अत: यह युग्म रैखिक युग्म नहीं बनाता है।<br />
आकृति (iii) में,<br />
कोणों का योग = 90° + 40° = 130°<br />
अत: यह युग्म रैखिक युग्म नहीं बनाता है।<br />
आकृति (iv) में,<br />
कोणों का योग = 65° + 115° = 180°<br />
अत: यह युग्म रैखिक युग्म बनाता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 113</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
दी हुई आकृति में, यदि ∠1 = 30°, तो ∠2 एवं ∠3 ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8414" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-7.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 7" width="200" height="69" /><br />
हल :<br />
दो रेखाएँ एक बिन्दु पर काटती हैं।<br />
∴ ∠1 = ∠3, (शीर्षाभिमुख कोण)<br />
⇒ ∠1 = ∠3 = 30°<br />
⇒ ∠3 = 30°<br />
हम जानते हैं :<br />
∠1 +∠2 = 180°, (रैखिक युग्म कोण)<br />
∠2 = 180° &#8211; ∠1<br />
∠2 = 180° &#8211; 30°<br />
∠2 = 150°<br />
अतः ∠2 = 150° और ∠3 = 30°.</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
अपने आस पास से शीर्षाभिमुख कोणों का एक उदाहरण दीजिए।<br />
हल :<br />
कैंची को खोलने पर उसके दोनों ब्लेड़ों के मध्य बनने वाले कोण।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 116</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
अपने आस-पास के परिवेश से ऐसे उदाहरण ज्ञात कीजिए जहाँ रेखाएँ समकोण पर प्रतिच्छेद करती हैं।<br />
हल :<br />
अपने आसपास के परिवेश में समकोण पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखाओं के निम्न उदाहरण हैं:<br />
(i) ब्लैक बोर्ड के किनारे<br />
(ii) मेज की टाँगे ऊपर का तख्ता<br />
(iii) कैरम बोर्ड के किनारे<br />
(iv) पेपर शीट के किनारे।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
एक समबाहु त्रिभुज के शीर्षों पर प्रतिच्छेदी रेखाओं द्वारा निर्मित कोणों के माप ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8415" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-8.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 8" width="173" height="116" /><br />
माना ABC एक समबाहु त्रिभुज है जिसके हमें कोण ज्ञात करने हैं।<br />
∵ समबाहु त्रिभुज के सभी कोण समान होते हैं।<br />
∴ ∠A = ∠B = ∠C = x° (माना)<br />
∠A + ∠B + ∠C = 180°<br />
x + x + x = 180°<br />
3x = 180°<br />
x = 60°<br />
∴ ∠A = ∠B = ∠C = 60°.</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
एक आयत खींचिए और प्रतिच्छेदी रेखाओं द्वारा निर्मित चार शीर्षों के कोणों के माप ज्ञात कीजिए।<br />
हल :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8416" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-9.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 9" width="173" height="127" /><br />
माना ABCD एक आयत है। हमें इसके कोण ज्ञात करने हैं अर्थात् ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है जिसमें ∠A = 90°.<br />
हम जानते हैं कि<br />
∠C = ∠A, [∵ समान्तर □ के प्रम्मुख कोण समान होते हैं]<br />
= 90° [∵ ∠A = 90° (दिया है)]<br />
पुन: ∠A + ∠B = 180°<br />
[∵ ∠A और ∠B चतुर्भुज के आसन्न कोण हैं]<br />
⇒ 90° + ∠B = 180°<br />
⇒ ∠B = 180° &#8211; 90° = 90°<br />
∴ ∠D = ∠B.<br />
[∵ समान्तर चतुर्भुज के सम्मुख कोण समान होते हैं।]<br />
= 90°<br />
अत: ∠A = ∠B = ∠C = ∠D = 90°.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
यदि दो रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं, तो क्या वे हमेशा एक-दूसरे को सम कोण पर प्रतिच्छेद करती है?<br />
हल :<br />
नहीं, दो रेखाएँ हमेशा एक-दूसरे को समकोण पर प्रतिच्छेद नहीं करती है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 117</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
मान लीजिए दो रेखाएँ दी हुई हैं। इन रेखाओं के लिए आप कितनी तिर्यक छेदी रेखाएँ खींच सकते हैं?<br />
हल :<br />
दी गई दो रेखाओं के लिए असंख्य तिर्यक रेखाएँ खींच सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
यदि एक रेखा तीन रेखाओं का तिर्यक छेदी रेखा है, तो बताइए कितने प्रतिच्छेदन बिन्दु हैं।<br />
हल :<br />
यदि तीन रेखाओं की एक तिर्यक छेदी रेखा हैं तो इनके तीन अथवा तीन से अधिक प्रतिच्छेद बिन्दु हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8417" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-10.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 10" width="305" height="131" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-10.png 305w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-10-300x129.png 300w" sizes="auto, (max-width: 305px) 100vw, 305px" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
अपने आस-पास कुछ तिर्यक् छेदी रेखाएँ ढूंढने का प्रयास कीजिए।<br />
हल :<br />
अपने आस-पास कुछ तिर्यक् छेदी रेखाओं के उदाहरण निम्न हैं :</p>
<ul>
<li>लोहे की सीढ़ी</li>
<li>खिड़की की ग्रिल</li>
<li>तौलिया स्टैण्ड आदि।</li>
</ul>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 118</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
प्रत्येक आकृति में कोण युग्म को नाम दीजिए :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8418" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-11.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 11" width="325" height="268" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-11.png 325w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-11-300x247.png 300w" sizes="auto, (max-width: 325px) 100vw, 325px" /><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8419" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-12.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 12" width="303" height="136" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-12.png 303w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-12-300x135.png 300w" sizes="auto, (max-width: 303px) 100vw, 303px" /><br />
हल :<br />
प्रथम आकृति में : ∠1 और ∠2 संगत कोण हैं।<br />
दूसरी आकृति में : ∠3 और ∠4 एकान्तर कोण हैं।<br />
तीसरी आकृति में : ∠5 और ∠6 अन्त:कोण हैं।<br />
चौथी आकृति में : ∠7 और ∠8 संगत कोण हैं।<br />
पाँचवीं आकृति में : ∠9 और ∠10 एकांतर कोण हैं।<br />
छठी आकृति में : ∠11 और ∠12 रैखिक युग्म हैं।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 121</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
(i) l || m<br />
t एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∠x = ?<br />
(ii) a || b<br />
c एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∠y = ?<br />
(iii) l<sub>1</sub>, l<sub>2</sub> दो रेखाएँ हैं।<br />
t एक तिर्यक छेदी रेखा है। क्या ∠1 = ∠2 हैं ?<br />
(iv) l || m,<br />
t एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∠z = ?<br />
(v) l || m,<br />
t एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∠x = ?<br />
(vi) l || m, P || q, a, b, c,d ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8420" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-13.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 13" width="538" height="227" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-13.png 538w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-13-300x127.png 300w" sizes="auto, (max-width: 538px) 100vw, 538px" /><br />
हल :<br />
(i) आकृति में, l || m और t तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ ∠x = 60°, (एकान्तर कोण)<br />
(ii) आकृति में, a || b और c एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ ∠y = 55°, (एकान्तर कोण)<br />
(iii) आकृति में, l<sub>1</sub> और l<sub>2</sub> दो असमान्तर रेखाएँ हैं और t तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ ∠1 ≠ ∠2<br />
(iv) आकृति में, l || m और t एक तिर्यक छेदी रेखा है,।<br />
∴ 60° + z = 180° [तिर्यक छेदी रेखा के एक ही ओर के अंत: कोणों का योग 180° होता है।<br />
⇒ z = 180° &#8211; 60°<br />
= 120°</p>
<p>(v) आकृति में, l || m और t एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ ∠x = 120°, (संगत कोण)</p>
<p>(vi) आकृति में, p || q और l तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ a + 60° = 180°,<br />
(अंत:कोणों का योग 180° होता है)<br />
⇒ a = 180° &#8211; 60° = 120°<br />
∠1 = 60°, (एकान्तर कोण)<br />
आकृति में, l || m और q एक तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ ∠c = ∠1, (एकान्तर कोण)<br />
∠c = 60°, (∵ ∠1 = 60°)<br />
स्पष्टतः ∠b = ∠c, (शीर्षभिमुख कोण)<br />
∴ ∠b = 60°<br />
अब<br />
∠d = 180° &#8211; ∠b<br />
= 180° &#8211; 60°<br />
= 120°<br />
अत: ∠a = 120°, ∠b = 60°, ∠c = 60°<br />
और ∠d = 120.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">पृष्ठ सं. 122</span></p>
<p>(i) क्या l || m है ? क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8421" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-14.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 14" width="213" height="145" /><br />
(ii) क्या l || m है ? क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8422" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-15.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 15" width="180" height="178" /><br />
(iii) यदि l ||m, तो x क्या है?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-8423" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-16.png" alt="HBSE 7th Class Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण InText Questions 16" width="183" height="182" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-16.png 183w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/08/HBSE-7th-Class-Maths-Solutions-Chapter-5-रेखा-एवं-कोण-InText-Questions-16-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 183px) 100vw, 183px" /><br />
हल :<br />
(i) आकृति में, एकान्तर कोण बराबर हैं।<br />
इसलिए l || m है।<br />
(ii) आकृति में, ∠1 = 180° &#8211; 130° = 50°<br />
∴ हम देखते हैं कि संगत कोण समान है।<br />
इसलिए l || m.<br />
(iii) आकृति में, l ||m और t तिर्यक छेदी रेखा है।<br />
∴ x + 70° = 180°,<br />
(तिर्यक रेखा के एक ओर बने अन्तः कोणों का योग 180° होता है।)<br />
x = 180° &#8211; 70° = 110°.</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions-chapter-8-in-hindi/</link>
					<comments>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions-chapter-8-in-hindi/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:58:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions) प्रश्न 1. कल्पना कीजिए कि हल्का ग्रह भारी तारे के परितः R त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर गति कर रहा है तथा इसका परिक्रमण काल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
कल्पना कीजिए कि हल्का ग्रह भारी तारे के परितः R त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर गति कर रहा है तथा इसका परिक्रमण काल 7 है। भारी ग्रह व तारे के बीच गुरुत्वाकर्षण बल R<sup>-5/2</sup> के अनुक्रमानुपाती हो तो-<br />
(a) T² ∝ R³<br />
(b) T² ∝ R<sup>7/2</sup><br />
(c) T² ∝ R<sup>3/2</sup><br />
(d) T² ∝ R<sup>3.75</sup><br />
उत्तर:<br />
(b) T² ∝ R<sup>7/2</sup></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
m द्रव्यमान के एक पिण्ड को पृथ्वी तल से h = R/5 ऊँचाई पर ले जाया जाता है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। यदि पृथ्वी तल पर गुरुत्वीय त्वरण (g) हो तो पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होगी-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36529" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -1" width="204" height="177" /><br />
(a) mgh<br />
(b) \(\frac{4}{5}\)mgh<br />
(c) \(\frac{5}{6}\)mgh<br />
(d) \(\frac{6}{7}\)migh<br />
उत्तर:<br />
(b) \(\frac{4}{5}\)mgh</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सोने के दो एकसमान ठोस गोले एक-दूसरे को स्पर्श कर रहे हैं। इनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल होगा-<br />
(a) त्रिज्या के वर्ग के समानुपाती ।<br />
(b) त्रिज्या के घन के समानुपाती ।<br />
(c) त्रिज्या के चतुर्थ घात के समानुपाती ।<br />
(d) त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती ।<br />
उत्तर:<br />
(c) त्रिज्या के चतुर्थ घात के समानुपाती ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
चन्द्रमा पर वायुमण्डल की अनुपस्थिति का निम्न कारण है-<br />
(a) चन्द्रमा काफी हल्का है।<br />
(b) चन्द्रमा पृथ्वी के परितः परिक्रमण करता है।<br />
(c) गैसों के अणुओं की वर्ग माध्य मूल वेग पलायन वेग से अधिक है।<br />
(d) उपर्युक्त सभी।<br />
उत्तर:<br />
(c) गैसों के अणुओं की वर्ग माध्य मूल वेग पलायन वेग से अधिक है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
सूर्य के चारों ओर घूमते ग्रह की माध्य त्रिज्या दी जाती है-<br />
(a) दीर्घवृत्त की अर्ध दीर्घ अक्ष (a) के बराबर ।<br />
(b) दीर्घवृत्त की अर्ध लघु अक्ष (b) के बराबर ।<br />
(c) अर्घ दीर्घ व अर्थ लघु अक्ष का माध्य \(\frac{a+b}{2}\)।<br />
(d) अर्ध दीर्घ व अर्ध लघु अक्ष का गुणोत्तर माध्य \(\sqrt{ab}\)।<br />
उत्तर:<br />
(a) दीर्घवृत्त की अर्ध दीर्घ अक्ष (a) के बराबर ।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
पृथ्वी तल से \(\sqrt{gR_e}\), वेग से फेंके गये प्रक्षेप्य की ऊर्जा क्या होगी? (R<sub>e</sub> पृथ्वी की त्रिज्या है)।<br />
(a) 2R<sub>e</sub><br />
(b) R<sub>e</sub> / 2<br />
(c) R<sub>e</sub><br />
(d) अनन्त<br />
उत्तर:<br />
(c) R<sub>e</sub></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
गुरुत्वीय त्वरण का मान अधिकतम होता है-<br />
(a) पृथ्वी की भूमध्य रेखा पर<br />
(b) पृथ्वी के ध्रुवों पर<br />
(c) किसी पहाड़ की चोटी पर<br />
(d) पृथ्वी के अन्दर गहरी खान में<br />
उत्तर:<br />
(b) पृथ्वी के ध्रुवों पर</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G की विमा है-<br />
(a) [ML<sup>2</sup>T<sup>-2</sup>]<br />
(b) [M<sup>-1</sup>LT<sup>-2</sup>]<br />
(c) [M<sup>-1</sup>L<sup>3</sup>T<sup>-2</sup>]<br />
(d) [M<sup>-1</sup>L<sup>3</sup>T<sup>-1</sup>]<br />
उत्तर:<br />
(c) [M<sup>-1</sup>L<sup>3</sup>T<sup>-2</sup>]</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
यदि पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ जाये तो अक्षांश पर स्थित किसी वस्तु का भार-<br />
(a) बढ़ जायेगा<br />
(b) घट जायेगा<br />
(c) अपरिवर्तित रहेगा<br />
(d) कुछ निश्चित नहीं है<br />
उत्तर:<br />
(b) घट जायेगा</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पृथ्वी की सतह के निकट चक्कर लगा है। उपग्रह का कक्षीय वेग लगभग होगा-<br />
(a) 8km/s<br />
(c) 4 km/s<br />
(b) 11.2 km/s<br />
(d) 6km/s<br />
उत्तर:<br />
(a) 8km/s</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
चन्द्रमा पर पलायन वेग है (लगभग).<br />
(a) 11.2 km/s<br />
(b) 5 km/s<br />
(c) 10 km/s<br />
(d) 2.4 km/s<br />
उत्तर:<br />
(d) 2.4 km/s</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
पृथ्वी व चन्द्रमा के द्रव्यमान तथा त्रिज्या क्रमशः M<sub>1</sub>,R<sub>1</sub> व M<sub>2</sub>,R<sub>2</sub> हैं। उनके केन्द्रों के बीच की दूरी d है। उनके बीच मध्य- बिन्दु से m द्रव्यमान के कण को किस न्यूनतम वेग से प्रक्षेपित किया जाना चाहिए जिससे वह अनन्त पर पहुँच जाए?<br />
(a) \(2 \sqrt{\frac{G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)<br />
(b) \(2 \sqrt{\frac{2G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)<br />
(c) \(2 \sqrt{\frac{2G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)<br />
(d) \(2 \sqrt{\frac{GM(M_1+M_2)}{d(M_1+M_2)}}\)<br />
उत्तर:<br />
(a) \(2 \sqrt{\frac{G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम सार्वत्रिक होता है क्योंकि-<br />
(a) वह सदैव आकर्षण होता है।<br />
(b) वह सौरमण्डल के सभी सदस्यों एवं कणों पर लागू होता है।<br />
(c) यह सभी द्रव्यमान पर दूरियों के लिए लागू होता है तथा माध्यम से प्रभावित नहीं होता है।<br />
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(c) यह सभी द्रव्यमान पर दूरियों के लिए लागू होता है तथा माध्यम से प्रभावित नहीं होता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी तल के निकट परिक्रमा करने वाले कृत्रिम उपग्रह का परिक्रमण काल होता है-<br />
(a) 24 घण्टा<br />
(b) 84 मिनट<br />
(c) 48 मिनट<br />
(d) 12 घण्टा<br />
उत्तर:<br />
(b) 84 मिनट</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
किसी खोखले गोले के केन्द्र पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता होती है-<br />
(a) \(\frac{GM}{r^2}\)<br />
(b) g<br />
(c) 0<br />
(d) \(\frac{2GM}{r^2}\)<br />
उत्तर:<br />
(c) 0</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
धूमकेतु की पूँछ सूर्य से दूर होने का क्या कारण है?<br />
उत्तर:<br />
सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरणों के दाव के कारण इस पर उपस्थित गैसें सूर्य से दूर की ओर पूँछ बना लेती हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
किसी उपग्रह का वेग उसके द्रव्यमान पर किस प्रकार निर्भर करता है?<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह का वेग उसके द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
समुद्र में उत्पन्न ज्वार भाटे का प्रमुख कारण क्या है?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा का पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण प्रभाव ज्वार भाटे का प्रमुख कारण है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
तुल्यकाली उपग्रह क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा उपग्रह जो पृथ्वी के किसी निश्चित भू-भाग के ऊपर सदैव देखा जा सकता है तुल्यकाली उपग्रह कहलाता है। इसका आवर्तकाल 24 घंटे होता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
चन्द्रमा पर 10°C पर पानी से भरी बोतल का ढक्कन खोलने पर क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
पानी उबलने लगेगा क्योंकि चन्द्रमा पर वायुमण्डल न होने के कारण क्वथनांक काफी घट जाता है और पानी उबलने लगता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
पृथ्वी के अन्दर केन्द्र की ओर जाने पर g का मान दूरी के साथ कैसे बदलता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी अन्दर की ओर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण का परिवर्तन चित्र की भाँति रेखीय रूप से होता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
समुद्र में ज्वार भाटा क्यों उत्पन्न होता है?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण ज्वार भाटा उत्पन्न होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
अपनी अक्ष पर घूर्णन के कारण पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी होती</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
यदि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमती है, तो गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्य; क्योंकि पृथ्वी पर सूर्य का आकर्षण बल (अभिकेन्द्रीय बल) सदैव पृथ्वी की गति के लम्बवत् होता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
1 kg wt (किग्रा भार ) में कितने न्यूटन होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
1kg wt = 1kg द्रव्यमान का भार = mg<br />
= 1 × 9.8 न्यूटन<br />
1kg wt = 9.8 न्यूटन</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक उपग्रह को ग्रह के परितः घूमने के लिए अभिकेन्द्रीय बल कहाँ से प्राप्त होता है?<br />
उत्तर:<br />
ग्रह एवं उपग्रह के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ही आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी उपग्रह की बन्धन ऊर्जा से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
ऊर्जा की वह मात्रा जो उपग्रह को देने पर उपग्रह पलायन कर जाये, उपग्रह की बन्धन ऊर्जा कहलाती है। इसका मान,<br />
\(E_b=\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}\)</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
सरल लोलक पर आधारित घड़ी उपग्रह पर काम में नहीं ली जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह में वस्तुएँ भारहीनता की स्थिति में होती हैं अतः g = 0 होता है इसलिए सरल लोलक पर आधारित घड़ी \(\left(T=2 \pi \sqrt{\frac{l}{g}}\right)\) कार्य नहीं करती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर g का मान किस प्रकार बदलता है? ग्राफ बनाइये।<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर g का मान घटता है व निम्न चित्र के अनुसार बदलता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36530" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-2.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -2" width="214" height="175" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
कृत्रिम उपग्रह में चलने कूदने तथा पानी पीने में कठिनाई महसूस होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
भारहीनता के कारण।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
किसी वस्तु को पृथ्वी तल से अनन्त तक ले जाने में कितना कार्य करना पड़ता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल पर वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा \(\frac{GMm}{R}\) के बराबर कार्य करना पड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
यदि दो वस्तुओं के मध्य दूरी % घटा दी जाये तो उनके मध्य लगने वाला बल कितने प्रतिशत बढ़ जायेगा ?<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36531" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-3.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -3" width="358" height="159" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-3.png 358w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-3-300x133.png 300w" sizes="auto, (max-width: 358px) 100vw, 358px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
पृथ्वी के केन्द्र पर ४ का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्य ।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
संचार उपग्रह पृथ्वी सतह से कितनी ऊँचाई पर परिक्रमा करते हैं?<br />
उत्तर:<br />
36000km की ऊँचाई पर</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
ध्रुवीय उपग्रह किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे कृत्रिम उपग्रह जिनकी कक्षा का तल पृथ्वी के उत्तरी व दक्षिणी ध्रुवों के पास से गुजरता है, ध्रुवीय उपग्रह कहलाते हैं। इनकी कक्षा पश्च गतिक होती है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
समस्त पृथ्वी पर एक साथ संचार लिंक करने की दृष्टि से न्यूनतम कितने भू-स्थाई उपग्रह आवश्यक हैं?<br />
उत्तर:<br />
तीन</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
पार्किंग कक्षा किसे कहते हैं?<br />
उत्तर;<br />
उपग्रह की वह कक्षा जिसका केन्द्र पृथ्वी के केन्द्र से सम्पाती होता है, पार्किंग कक्षा कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
ठोस गोले के केन्द्र पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का मान क्या होता है? यह मान सतह पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के मान का कितने प्रतिशत होता है?<br />
उत्तर:<br />
गोले के केन्द्र पर स्थितिज ऊर्जा \(U_0=\frac{3}{2} \frac{G M m}{R}\)<br />
सतह पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा \(U_s=-\frac{G M m}{R}\)<br />
∴ \(\frac{U_0}{U_s} \times 100=\frac{3}{2} \times 100=\mathbf{1 5 0} \%\)</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण, पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का कौन-सा भाग है?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का \(\frac{1}{6}\) भाग होता है अर्थात्<br />
\(g_m=\frac{g_e}{6}\)</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं? इसकी विमा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी वस्तु को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में जो कार्य करना पड़ता है उसे उस बिन्दु पर उस वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। इसका विमीय सूत्र = [M<sup>1</sup>L<sup>2</sup>T<sup>-2</sup>]</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
पृथ्वी तल से किसी वस्तु के लिए पलायन वेग का मान 11.2 km / s है। जब वस्तु क्षैतिज से 30° पर फेंकी जाये तो पलायन वेग का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
पलायन वेग प्रक्षेपण कोण पर निर्भर नहीं करता है अतः 30° के कोण पर प्रक्षेपित करने पर भी पलायन वेग 11.2 kms<sup>-1</sup> ही होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 27.<br />
चन्द्रमा पृथ्वी की तुलना में बहुत हल्का है, फिर ये पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण द्वारा गिरता क्यों नहीं?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा पृथ्वी के परितः वृत्तीय कक्षा में परिक्रमा करता है। अतः पृथ्वी द्वारा आरोपित समस्त गुरुत्वाकर्षण बल अभिकेन्द्र बल के रूप में व्यय हो जाता है इसीलिए हल्का होने पर भी चन्द्रमा गिरता नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
10g सोने का भार ध्रुवों पर भूमध्य रेखा की तुलना में अधिक होता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
किसी स्थान पर किसी वस्तु का भार mg<br />
स्पष्ट है कि भार का मान 8 पर निर्भर करता है, और ध्रुवों पर गुरुत्वीय त्वरण अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। इसीलिए 10g सोने का भार ध्रुवों पर भूमध्य रेखा की अपेक्षा अधिक होता है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
भारत द्वारा छोड़े गये प्रथम उपग्रह का नाम बताइये।<br />
उत्तर:<br />
आर्यभट्ट 19 अप्रैल 1975 ।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
गुरुत्वीय क्षेत्र की विमा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता,<br />
\(E_g=\frac{F}{M}\)<br />
∴ Eg का विमीय सूत्र = \(\frac{\left[M^1 L^1 T^{-2}\right]}{\left[M^1\right]}=\left[M^0 L^1 T^{-2}\right]\)</p>
<p>प्रश्न 31 –<br />
केप्लर का द्वितीय नियम किस भौतिक राशि के संरक्षण पर आधारित है?<br />
उत्तर:<br />
कोणीय संवेग संरक्षण के सिद्धान्त पर</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
पृथ्वी की परिक्रमा करते उपग्रह में बैठा अंतरिक्ष यात्री एक गेंद उपग्रह के बाहर छोड़ देता है। क्या गेंद पृथ्वी तल पर पहुँचेगी?<br />
उत्तर:<br />
नहीं गेंद भी उपग्रह के साथ-साथ पृथ्वी की परिक्रमा करेगी।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
जब कोई वस्तु पृथ्वी की ओर गिरती है तो क्या पृथ्वी भी उस वस्तु की ओर गिरती है? यदि हाँ तो पृथ्वी का गिरना हमें दिखाई क्यों नहीं देता?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक होने के कारण, पृथ्वी का वस्तु की ओर त्वरण नगण्य होता है।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
पृथ्वी के केन्द्र से R दूरी पर गुरुत्वीय विभव कितना होता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र से R दूरी पर गुरुत्वीय विभव<br />
\(V_G=- \frac{GM}{R}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
केप्लर के तीसरे नियम का गणितीय स्वरूप क्या है?<br />
उत्तर:<br />
T² = K r³ ;<br />
जहाँ T = ग्रह का आवर्तकाल<br />
r = सूर्य एवं पृथ्वी के मध्य औसत दूरी;<br />
K = नियतांक</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
चन्द्रमा पर उतरने से पहले अंतरिक्ष यात्री अपनी पीठ पर भारी वजन क्यों बाँध लेते हैं?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा पर 8 का मान कम होने के कारण।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
किसी पिण्ड की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा शुक्र ग्रह पर.7.5 × 10<sup>6</sup> J है। पिण्ड को ग्रह से बाहर फेंकने के लिए आवश्यक ऊर्जा का मान बताइये।<br />
उत्तर:<br />
आवश्यक ऊर्जा =.0. (-7.5 × 10<sup>6</sup>) J<br />
= 7.5 × 10<sup>5</sup> J</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
पृथ्वी तल पर पलायन वेग का मान कितना है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल पर पलायन वेग 11.2 km.s<sup>-1</sup> है।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
किसी प्रक्षेप्य द्वारा प्राप्त महत्तम ऊँचाई का सूत्र लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
\(h=\frac{v^2 R}{2 g R-v^2}\)</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
एक कमानीदार तुला एक कृत्रिम उपग्रह में टंगी है जिससे 11 द्रव्यमान का एक पिण्ड लटका है। तुला का पाठ्यांक कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्या</p>
<p>प्रश्न 41 –<br />
गुरुत्वाकर्षण नियतांक 6 को सार्वत्रिक नियतांक क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि G का मान समय स्थिति अथवा पिण्डों की प्रकृति व अवस्था पर निर्भर नहीं होता है, अतः इसे सार्वत्रिक नियतांक कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 42 –<br />
क्या घर्षण बल गुरुत्वाकर्षण से बढ़ता है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि घर्षण बल की उत्पत्ति विद्युतीय प्रकृति की है।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम G का प्रायोगिक मान ज्ञात किया?<br />
उत्तर:<br />
कैवेन्डिश</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
कृत्रिम उपग्रह की कक्षा को वायुमण्डल से बाहर क्यों रखा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
ताकि वायु के घर्षण के कारण उपग्रह की ऊर्जा कम न हो जाये।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
भार व द्रव्यमान में अन्तर स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
भार व द्रव्यमान में अन्तर</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>भार</td>
<td>द्रव्यमान</td>
</tr>
<tr>
<td>1. पृथ्वी द्वारा पिण्ड पर आरोपित आकर्षण बल पिण्ड का भार कहलाता है।</td>
<td>1. किसी पिण्ड में उपस्थित द्रव्य की मात्रा को उसका द्रव्यमान कहते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. इसका मात्रक न्यूटन या किग्रा-भार है।</td>
<td>2. इसका मात्रक किग्रा है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. यह सदिश राशि है।</td>
<td>3. यह अदिश राशि है।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. इसका मान g के साथ परिवर्तित होता हैं।</td>
<td>4. इसका मान g के साथ परिवर्तित नहीं होता है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 2.<br />
यदि कोई पिण्ड पृथ्वी तल से v(v &gt; v<sub>e</sub>) वेग से फेंका जाता है तो पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के बाहर इसका वेग ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल पर कुल ऊर्जा = अनन्त पर कुल ऊर्जा<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36532" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -4" width="383" height="238" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-4.png 383w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-4-300x186.png 300w" sizes="auto, (max-width: 383px) 100vw, 383px" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
दो पिण्डों A व B के बीच की दूरी है। गुरुत्वाकर्षण की पारस्परिक क्रिया में बल को दूरी के व्युत्क्रम वर्ग के नियम के अनुसार लेने पर पिण्ड 1 का त्वरण है। यदि पारस्परिक क्रिया दूरी के व्युत्क्रम चतुर्थ घात के नियम का पालन करे, तो पिण्ड का त्वरण क्या होगा ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36533" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -5" width="271" height="67" /><br />
उत्तर:<br />
A पर B के कारण गुरुत्वीय बल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36534" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -6" width="386" height="291" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-6.png 386w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-6-300x226.png 300w" sizes="auto, (max-width: 386px) 100vw, 386px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
किसी ग्रह से सूर्य की औसत दूरी पृथ्वी से सूर्य की औसत दूरी की नौ गुनी है। ग्रह कितने वर्ष में सूर्य की परिक्रमा करेगा?<br />
उत्तर:<br />
केप्लर के तृतीय नियम से<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36535" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-7.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -7" width="354" height="236" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-7.png 354w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-7-300x200.png 300w" sizes="auto, (max-width: 354px) 100vw, 354px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
दो पिण्डों के मध्य गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि उनके बीच की दूरी 2 गुनी कर दें, तो उनके मध्य आकर्षण बल कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
r दूरी पर बल F = \(\frac{G m_1 m_2}{r^2}\)<br />
और 2r दूरी पर बल F&#8217; = \(\frac{G m_1 m_2}{(2 r)^2}=\frac{1}{4} \frac{G m_1 m_2}{r^2}=\frac{1}{4} F\)<br />
या F&#8217; = \(\frac{F}{4}\)</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
बृहस्पति पर वातावरण हल्की गैसों (सामान्यतः हाइड्रोजन) से युक्त है, जबकि पृथ्वी के वातावरण में बहुत कम हाइड्रोजन गैस है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
बृहस्पति ग्रह पर पलायन वेग पृथ्वी पर पलायन वेग से काफी अधिक है। इसलिए वहाँ से वस्तुओं को पलायन के लिए काफी अधिक वेग की आवश्यकता होती है। ऊष्मीय वेग इस पलायन वेग से कम होता है; अतः वहाँ से हल्की गैसें पलायन नहीं कर पाती हैं। इसीलिए हाइड्रोजन गैस बृहस्पति ग्रह के वातावरण में अधिक पायी जाती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रेडियन प्रति घंटा में भूस्थिर उपग्रह का कोणीय वेग कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
भूस्थिर उपग्रह का आवर्तकाल<br />
T = पृथ्वी के घूर्णन का आवर्तकाल = 24 घंटे<br />
∴ कोणीय वेग ω = \(\frac{2π}{T}=\frac{2π}{24}\) रेडियन प्रति घंटा<br />
या w = \(\frac{π}{12}\) रेडियन / घंटा</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
जब कोई उपग्रह गिरता हुआ पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश करता है तो वह गर्म हो जाता है, अर्थात् उसकी यान्त्रिक ऊर्जा में ह्रास होता है। परन्तु उपग्रह बढ़ती हुई चाल से कुण्डलिनी के रूप में नीचे गिरता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
अपनी कक्षा में घूमते हुए उपग्रह की कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है जब उपग्रह पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश करता है तो उसकी यांत्रिक ऊर्जा में (जोकि ऋणात्मक होती है) हास होता है अतः यह और ऋणात्मक हो जाती है परन्तु कक्षीय चाल v<sub>o</sub> = \(\frac{GM_e}{R_e+h}\) तभी बढ़ेगी जब ऊँचाई घटेगी। अतः उपग्रह कुण्डलिनी के रूप में बढ़ती हुई चाल से नीचे गिरता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
पृथ्वी पर कोई पिण्ड आपस में गुरुत्वीय बल के कारण एक दूसरे की तरफ गति नहीं करते; क्यों?<br />
उत्तर:<br />
दो पिण्डों के मध्य आकर्षण बल, पृथ्वी की तुलना में उनके कम द्रव्यमानों के कारण नगण्य होता है अतः इनसे निर्मित त्वरण भी बहुत कम (शून्य) होता है इसीलिए वे एक दूसरे की ओर गति नहीं करते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36536" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -8" width="260" height="213" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पृथ्वी के परितः गतिशील उपग्रह पर एक बल लगता है। इस बल के कारण पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर कितना कार्य किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर आरोपित गुरुत्वाकर्षण बल उपग्रह को आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करने में व्यय हो जाता है। चूंकि अभिकेन्द्र बल एवं उपग्रह की कक्षीय चाल vo परस्पर लम्बवत् होते हैं। अतः इस बल द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
चन्द्रमा के खिंचाव के कारण ज्वार भाटा अधिक तथा सूर्य के खिंचाव के कारण ज्वार भाटा कम प्रभावी होता है जबकि सूर्य का खिंचाव चन्द्रमा की अपेक्षा अधिक होता है। समझाइये क्यों?<br />
उत्तर:<br />
जिस प्रकार गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है उसी प्रकार ज्वार भाटा दूरी की तृतीय घात के व्युत्क्रमानुपाती है। चूँकि पृथ्वी से चन्द्रमा की दूरी सूर्य की तुलना में काफी कम है, इसीलिए चन्द्रमा के खिचाव के कारण ज्वार भाटा अधिक आता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
एक हाथी एवं एक चींटी में से किसका पलायन वेग अधिक होगा और किसकी पलायन ऊर्जा अधिक होगी?<br />
उत्तर:<br />
पलायन वेग के सूत्र v<sub>e</sub> = \(\sqrt{\frac{2GM}{R}}\) में वस्तु का द्रव्यमान (m) नहीं है। अतः हाथी एवं चीटी दोनों के लिए पलायन वेग समान होगा। परन्तु पलायन ऊर्जा E<sub>e</sub> = \(\frac{1}{2}\)mv<sub>e</sub>² द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होती है अतः हाथी के लिए पलायन ऊर्जा काफी अधिक होगी।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
समझाइये कि टेनिस की गेंद पहाड़ी पर अधिक एवं मैदान पर कम क्यों उछलती है?<br />
उत्तर;<br />
गुरुत्वीय त्वरण g का मान मैदान की अपेक्षा पहाड़ी पर कम होता है अतः टेनिस की गेंद का भार (mg) पहाड़ी पर कम एवं मैदान पर अधिक होता है भार जितना कम होता है गेंद उतनी ही अधिक उछलती है। इसीलिए मैदान की अपेक्षा पहाड़ी पर टेनिस की गेंद अधिक उछलती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
मध्य रात्रि में सूर्य हमें पृथ्वी की दिशा में खींचता है। परन्तु मध्य दिन में पृथ्वी की विपरीत दिशा में खींचता है। क्या हमारा भार रात को अधिक एवं दिन में कम होता है? समझाइये |<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि गुरुत्वाकर्षण खिंचाव पिण्ड को निश्चित अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है जिससे वह अपनी कक्षा में घूर्णन कर सके। वह पिण्ड के भार में परिवर्तन नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
m द्रव्यमान का एक कण, त्रिज्या के क्षैतिज वृत्त में एक अभिकेन्द्रीय बल \(\frac{k}{r^2}\) के अन्तर्गत् घूम रहा है, जहाँ k नियतांक है। कण में कुल कितनी ऊर्जा है ?<br />
उत्तर:<br />
गतिज ऊर्जा K = \(\frac{1}{2}\)mv²<br />
दिया है &#8211;<br />
F = \(\frac{k}{r^2}=frac{mv^2}{r^2}\) ⇒ mv² = \(\frac{k}{r}\)<br />
∴ K = \(\frac{1}{2}\)mv² = \(\frac{k}{2r}\)<br />
स्थितिज ऊर्जा U = -F.r = &#8211;\(\frac{k}{r^2}\).r = \(&#8211; \frac{k}{r}\)<br />
कुल ऊर्जा,<br />
E<sub>t</sub> = K + U = \(\frac{k}{2r}-\frac{k}{r}=- \frac{k}{2r}\)<br />
या E<sub>t</sub> = \(&#8211; \frac{k}{2r}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
अपनी अक्ष पर पृथ्वी के घूमने की वह चाल ज्ञात कीजिए ताकि भूमध्य रेखा पर किसी वस्तु का भार इस समय के भार का 3/5 हो जाये। भूमध्य रेखा की त्रिज्या 6400 km मान लीजिए।<br />
उत्तर:<br />
दिया है- g&#8217; = \(\frac{3}{5}\)g<br />
जहाँ g = पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण<br />
भूमध्य रेखा के लिए-<br />
∵ g&#8217; = g &#8211; R ω²<br />
∴ \(\frac{3}{5}\)g = g &#8211; R ω²<br />
या R ω² = g &#8211; \(\frac{3}{5}\)g = \(\frac{2}{5}\)g<br />
या ω² = \(\frac{2g}{5R}\) ⇒ ω = \(\sqrt{\frac{2g}{5R}}=\sqrt{\frac{2 \times 9.8}{5 \times 6.4 \times 10^6}}\)<br />
या ω = 7.8 × 10<sup>-4</sup> rad.s<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
पृथ्वी के परितः वृत्तीय पथ पर परिक्रमा करते उपग्रह पर अभिकेन्द्र बल है। इस पर पृथ्वी का गुरुत्वीय बल कितना है? तथा इस पर परिणामी बल कितना है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के परितः वृत्तीय पथ पर परिक्रमा करने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल गुरुत्वीय बल ही प्रदान करता है। अतः गुरुत्वीय बल ही परिणामी बल F है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
क्या घर्षण बल व अन्य सम्पर्क बल गुरुत्वाकर्षण के कारण उत्पन्न होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; घर्षण अथवा अन्य सम्पर्क बलों की उत्पत्ति विद्युत बलों के कारण होती है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
यदि दो ग्रहों की त्रिज्याएं R<sub>1</sub> व R<sub>2</sub> हों तथा माध्य घनत्व ρ<sub>1</sub> व ρ<sub>2</sub> हों तो सिद्ध कीजिए कि दोनों ग्रहों पर गुरुत्वीय त्वरणों का अनुपात R<sub>1</sub>ρ<sub>1</sub> : R<sub>2</sub>ρ<sub>2</sub> होगा।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय त्वरण<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36537" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-9.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -9" width="275" height="193" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
यदि किसी उपग्रह की घूर्णन आवृत्ति N हो तो सिद्ध कीजिए कि (R+h)³ ∝ \(\frac{1}{N^2}\)<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह का आवर्तकाल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36538" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -10" width="388" height="255" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-10.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-10-300x197.png 300w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
यदि पृथ्वी के समीप परिक्रमा कर रहे उपग्रह की गतिज ऊर्जा दो गुनी हो जाये तो क्या उपग्रह अपनी कक्षा को छोड़कर पलायन कर जायेगा? यदि हाँ तो क्यों?<br />
उत्तर:<br />
गतिज ऊर्जा दो गुनी हो जाती है अतः<br />
K&#8217; = 2K<br />
या \(\frac{1}{2}\)mv&#8217;² = \(\frac{1}{2}\)mv² × 2<br />
या v&#8217; = v<sub>o</sub>√2<br />
पृथ्वी के समीप परिक्रमा करने वाले उपग्रह की कक्षीय चाल v<sub>o</sub> एवं पलायन वेग में निम्न सम्बन्ध होता है-<br />
∵ v<sub>e</sub> = v<sub>o</sub>√2<br />
∴ v&#8217; = v<sub>e</sub> (पलायन वेग )<br />
अतः उपग्रह अपनी कक्षा छोड़कर पलायन कर जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
साधारणतः पृथ्वी से फेंके गये प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार होता है परन्तु अधिक ऊँचाई तक फेंके गये प्रक्षेप्यों का पथ दीर्घ वृत्ताकार होता है, क्यों?<br />
उत्तर;<br />
साधारण ऊँचाई तक g का मान लगभग नियत रहता है। अतः प्रक्षेप्य लगभग नियत त्वरण के अन्तर्गत गति करता है जिससे इसका पथ परवलयाकार हो जाता है परन्तु अत्यधिक ऊंचाई पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी के केन्द्र से दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती g ∝ \(\frac{1}{r^2}\) होता है, फलस्वरूप g का मान घटता चला जाता है अतः परिवर्ती गुरुत्वीय त्वरण के कारण प्रक्षेप्य पथ दीर्घ वृत्ताकार हो जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36539" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -11" width="215" height="152" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 23.<br />
किसी धातु के दो समान आकार के गोले (ठोस) एक-दूसरे को स्पर्श करते हुए रखे हैं। उनके बीच कार्य करने वाला बल उनकी त्रिज्या से किस प्रकार सम्बन्धित है?<br />
उत्तर:<br />
गोलों के मध्य गुरुत्वाकर्षण बल,<br />
\(F=G \frac{m_1 m_2}{r^2}\)<br />
गोले समान धातु के हैं अतः इनके घनत्व (ρ) भी समान होंगे अतः<br />
= \(\frac{G m_1 m_2}{(2 r)^2}=\frac{G \frac{4}{3} \pi r^3 \rho \frac{4}{3} \pi r^3 \rho}{4 r^2}\)<br />
\(F=\frac{4}{9} \pi^2 G \rho^2 r^4\)<br />
या F ∝ r<sup>4</sup></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
एक पिण्ड को पृथ्वी के केन्द्र से ऊपर उठाते हुए चन्द्रमा तक ले जाते हैं। पिण्ड के भार में क्या परिवर्तन होंगे?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र पर g= 0, अतः पिण्ड का भार भी शून्य होता है। पृथ्वी के केन्द्र से ऊपर जाने पर g का मान भी बढ़ता है और पृथ्वी सतह पर अधिकतम हो जाता है पुनः पृथ्वी सतह से ऊपर जाने पर g का मान दूरी घटने के साथ-साथ घटता है और जहाँ पर पृथ्वी व चन्द्रमा की गुरुत्वाकर्षण सीमाएं मिलती है, वहाँ पर भार शून्य हो जाता है। इसके बाद चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण के कारण भार पुनः बढ़ता जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
पृथ्वी सतह से h ऊँचाई पर जाने पर यदि वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल आधा रह जाता है तो h व R में सम्बन्ध बताइये।<br />
उत्तर:<br />
∵ F<sub>h</sub> = \(\frac{1}{2}\)F<sub>s</sub><br />
∴ \(\frac{G M \cdot m}{(R+h)^2}=\frac{1}{2} \frac{G M m}{R^2} \Rightarrow \frac{1}{(R+h)^2}=\frac{1}{2 R^2}\)<br />
या (R+h )² = 2R²<br />
या (R+h) = R√2<br />
या h = R√2 &#8211; R = R(√2 &#8211; 1)<br />
या h = R(1.414 &#8211; 1)<br />
या h = 0.414 R</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
एक उपग्रह किसी ग्रह के समीप परिक्रमा करता है। यदि उपग्रह का आवर्तकाल T एवं ग्रह का माध्य घनत्व d हो, तो सिद्ध कीजिए कि T × √d एक सार्वत्रिक नियतांक है।<br />
उत्तर:<br />
किसी ग्रह के उपग्रह का आवर्तकाल,<br />
\(T=2 \pi \sqrt{\frac{(R+h)^3}{G M}}\)<br />
∵ उपग्रह ग्रह के समीप परिक्रमा करता है अतः h &lt;&lt; R<br />
∴ h को छोड़ने पर<br />
\(2 \pi \sqrt{\frac{R^3}{G \cdot \frac{4}{3} \pi R^3 \cdot d}}=\sqrt{\frac{4 \pi^2 \times 3}{4 \pi G d}}=\sqrt{\frac{3 \pi}{G d}}\)<br />
या T × √d = \(\sqrt{\frac{3 \pi}{G d}}\) = एक सार्वत्रिक नियतांक<br />
या T . √d = सार्वत्रिक नियतांक</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 27.<br />
एक ग्रह की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या से दो गुनी है तथा ग्रह तथा पृथ्वी दोनों के औसत घनत्व समान हैं। यदि ग्रह एवं पृथ्वी पर पलायन वेग क्रमशः v<sub>p</sub> तथा v<sub>e</sub> हों, तो सिद्ध कीजिए कि v<sub>p</sub> = 2v<sub>e</sub>.<br />
उत्तर:<br />
दिया है-<br />
R<sub>p</sub> = 2R<sub>e</sub><br />
ρ<sub>p</sub> = ρ<sub>e</sub> = ρ<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36540" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -12" width="368" height="442" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-12.png 368w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-12-250x300.png 250w" sizes="auto, (max-width: 368px) 100vw, 368px" /></p>
<p>प्रश्न 28.<br />
कोई ग्रह सूर्य के परितः v ms<sup>-1</sup> की चाल से T<sub>s</sub> में एक पूरा चक्कर लगाता है। दिखाइये कि इस ग्रह पर सूर्य की ओर दिष्ट<br />
त्वरण का मान \(\frac{2πv}{T}\) होता है।<br />
उत्तर:<br />
अभिकेन्द्रीय त्वरण,<br />
a<sub>c</sub> = \(\frac{v^2}{r}\)<br />
= \(\frac{v}{r}\) v = ω v = \(\frac{2π}{T}\) v<br />
या a<sub>c</sub> = \(\frac{2πv}{r}\)</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
यदि हम अपनी छोटी अंगुली भी हिलाते हैं तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को छोड़ना पड़ता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से इस ब्रह्माण्ड का प्रत्येक कण दूसरे कणों को आकर्षित करता है और यह आकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है अतः जब हम अपनी अंगुली उठाते हैं तो कणों के मध्य दूरी बदलती है जिससे आकर्षण बदलता है यह ब्रह्माण्ड को विचलित कर देता है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
कृत्रिम उपग्रह में कोई ईंधन नहीं होता फिर भी यह पृथ्वी के चारों ओर घूमता है क्यों?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तथा उपग्रह के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उपग्रह को पृथ्वी के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है। इसीलिए उपग्रह पृथ्वी के परितः घूमता रहता है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
अंतरिक्ष यान में भारहीनता के कारण एक यात्री को क्या-क्या परेशानियाँ अनुभव होती हैं? इनका समाधान क्या है?<br />
उत्तर:<br />
भारहीनता के कारण अंतरिक्ष यात्री गिलास से पानी नहीं पी सकता है और न ही गिलास से पानी डाल सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए अंतरिक्ष यान इस तरह बनाया जाता है कि इसमें खोखले रिम वाले बड़े-बड़े पहिए बनाये जाते हैं, पहियों को घुमा दिया जाता है। इस रिम में बने कैबिन में बैठा यात्री अभिकेन्द्र बल के कारण भार अनुभव करता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions )</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
केप्लर के ग्रहीय गति के नियम लिखिए एवं केप्लर के तृतीय नियम से गुरुत्वाकर्षण नियम का सत्यापन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
केप्लर के नियम (Kepler&#8217;s Laws)<br />
केप्लर (1571-1630) ने टायको ब्रेह (1546-1601) के द्वारा किये गये प्रहीय प्रेक्षणों का कई वर्षों तक अध्ययन किया और निम्नलिखित तीन नियम प्रस्तुत किये-</p>
<p>प्रथम नियम : प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घ-वृत्ताकार कक्षा (elliptical orbit) में परिक्रमण करता है और सूर्य कक्षा की एक नाभि (focus) पर स्थित होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36541" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -13" width="242" height="169" /><br />
द्वितीय नियम : ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समयान्तराल में समान क्षेत्रफल तय करती है अर्थात् ग्रह की क्षेत्रीय चाल (Areal Speed) नियत रहती है।<br />
माना ग्रह dt समय में dA क्षेत्रफल प्रस्थार्पित करता है, तो क्षेत्रीय चाल \(\frac{d A}{d t}\) = नियतांक। चित्र में ग्रह को B से A तक जाने में जितना समय लगता है, उतना ही समय B&#8217; से A&#8217; तक जाने में लगता है। अत: क्षेत्रफल SAB = क्षेत्रफल SA&#8217;B&#8217; । दोनों क्षेत्रफल समान होने का अर्थ है कि ग्रह की कक्षीय चाल बदलती है। सूर्य से दूर जाने पर कक्षीय चाल घटती है और पास आने पर बढ़ती है। अतः क्षेत्रीय चाल कोणीय संवेग के रूप में लिखने पर घूमते हुए ग्रह का कोणीय संवेग नियत रहता है। अर्थात्<br />
\(\frac{d A}{d t}=\frac{L}{2m}\)<br />
यहाँ L कोणीय संवेग है तथा m ग्रह का द्रव्यमान है।<br />
तृतीय नियम-ग्रह के आवर्त काल का वर्ग ग्रह एवं सूर्य के बीच औसत दूरी के घन के अनुक्रमानुपाती होती है। अर्थात्<br />
T² ∝ r³<br />
या T² = k r³<br />
जहाँ k, एक नियतांक है एवं r, सूर्य एवं ग्रह के मध्य औसत दूरी है।</p>
<p>केप्लर के नियम से न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम (Derivation of Newton&#8217;s Law of Gravitation from Kepler&#8217;s Law) :<br />
न्यूटन ने पाया कि अधिकांश ग्रह सूर्य के परित: लगभग वृत्ताकार कक्षाओं में गति करते हैं। केप्लर के द्वितीय नियम के अनुसार, ग्रह के त्रिज्यीय सदिश की क्षेत्रफलीय चाल नियत रहती है। अत: वृत्ताकार कक्षा में त्रिज्य सदिश की तथा स्वयं ग्रह की रेखीय चाल क्रमशः v तथा ω नियत रहेगी।<br />
माना r त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर गतिशील होने के कारण ग्रह के द्रव्यमान m पर केन्द्र की ओर लगने वाला अभिकेन्द्र बल F लगता है, तो<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36542" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -14" width="390" height="383" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-14.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-14-300x295.png 300w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /><br />
इस प्रकार केप्लर के नियमों के आधार पर न्यूटन ने निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले-</p>
<ul>
<li>ग्रहों पर अभिकेन्द्र बल आरोपित होता है जिसकी दिशा सूर्य की ओर होती है।</li>
<li>इस बल का परिमाण, ग्रह तथा सूर्य के बीच दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होती है। (F ∝ \(\frac{1}{r^2}\))</li>
<li>यह बल ग्रह के द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती है,<br />
(F ∝ m)</li>
</ul>
<p>प्रश्न 2.<br />
गुरुत्वीय विभव से क्या तात्पर्य है? बिन्दु द्रव्यमान के लिए सूत्र निगमित कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential) :<br />
एकांक द्रव्यमान को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में जो कार्य करना पड़ता है, उसे उस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव कहते हैं।&#8221; ये सदैव ऋणात्मक होता है और अनन्त पर इसका मान शून्य मानते हैं। इसे V से व्यक्त करते हैं। इसका मात्रक Jkg<sup>-1</sup> एवं विमीय सूत्र [M<sup>0</sup> L<sup>2</sup> T<sup>-2</sup>] है।</p>
<p>किन्हीं दो बिन्दुओं के मध्य गुरुत्वीय विभवान्तर उस कार्य के बराबर है जो एकांक द्रव्यमान को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में करना पड़ता है। अत: A व B दो बिन्दुओं के बीच गुरुत्वीय विभवान्तर<br />
\(V_B-V_A=\left(\frac{U_B-U_A}{m}\right)\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)</p>
<p>बिन्दु द्रव्यमान के कारण विभव (Potential due to Point Mass) :<br />
माना M द्रव्यमान का कण स्थिति A पर रखा है। कण के केन्द्र से r दूरी पर बिन्दु P है जिस पर हमें कण के कारण गुरुत्वीय विभव ज्ञात करना है। बिन्दु P की स्थिति r का फलन है अत: इस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव भी r का फलन होगा। अत: P पर गुरुत्वीय विभव-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36543" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-15.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -15" width="388" height="614" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-15.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-15-190x300.png 190w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
गुरुत्वीय विभव से क्या तात्पर्य है? किसी ठोस गोलाकार पिण्ड के कारण विभिन्न स्थितियों में गुरुत्वीय विभव के लिए सूत्र निगमित कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential) :<br />
एकांक द्रव्यमान को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में जो कार्य करना पड़ता है, उसे उस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव कहते हैं।&#8221; ये सदैव ऋणात्मक होता है और अनन्त पर इसका मान शून्य मानते हैं। इसे V से व्यक्त करते हैं। इसका मात्रक Jkg<sup>-1</sup> एवं विमीय सूत्र [M<sup>0</sup> L<sup>2</sup> T<sup>-2</sup>] है।</p>
<p>किन्हीं दो बिन्दुओं के मध्य गुरुत्वीय विभवान्तर उस कार्य के बराबर है जो एकांक द्रव्यमान को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में करना पड़ता है। अत: A व B दो बिन्दुओं के बीच गुरुत्वीय विभवान्तर<br />
\(V_B-V_A=\left(\frac{U_B-U_A}{m}\right)\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)</p>
<p>किसी ठोस गोलाकार पिण्ड के कारण गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential Due to Solid Sphere) :<br />
माना M द्रव्यमान एवं R त्रिज्या का एक ठोस गोला है जिसका केन्द्र O है। किसी बाहरी बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव ज्ञात करने के लिए गोले को बिन्दु द्रव्यमान माना जा सकता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36544" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -16" width="257" height="144" /><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36545" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-17.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -17" width="392" height="757" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-17.png 392w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-17-155x300.png 155w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
खोखले गोले के कारण उसके बाहर पृष्ठ पर एवं उसके अन्दर गुरुत्वीय विभव के लिए सूत्र प्राप्त कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
गोलीय कोश के कारण गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential due to Hollow Sphere):<br />
1. बाह्य बिन्दु A पर (r &gt; R) गुरुत्वीय विभव<br />
\(V_{\text {out }}=-\frac{G M}{r}\) &#8230;&#8230;&#8230;..(7)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36546" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-18.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -18" width="194" height="120" /><br />
2. पृष्ठ पर स्थित बिन्दु (r = R) पर गुरुत्वीय विभव-<br />
\(V_s=-\frac{G M}{R}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.(8)</p>
<p>3. गोले के आन्तरिक बिन्दु C(r &lt; R) पर विभव-<br />
गोले के अन्दर गुरुत्वीय क्षेत्र का मान शून्य होता है। अत: एकांक द्रव्यमान को पृष्ठ के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में कोई अतिरिक्त कार्य नहीं करना पड़ता है। अतः अन्दर किसी बिन्दु पर गुरुत्वीय वभव वही होगा जो उसके पृष्ठ पर होता है।<br />
∴ \(V_{\text {in }}=-\frac{G M}{R}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(9)<br />
खोखले गोले के कारण दूरी के साथ गुरुत्वीय विभव में परिवर्तन निम्न चित्र (8.23) में प्रदर्शित है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36547" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-19.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -19" width="242" height="169" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
एक कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी के निकट निश्चित वृत्तीय कक्षा में चक्कर लगा रहा है। सिद्ध कीजिए कि इसका परिक्रमण काल \(T=\sqrt{\frac{3π}{ρG}}\) होगा, जहाँ ρ पृथ्वी का घनत्व एवं G गुरुत्वाकर्षण नियतांक है।<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह का परिक्रमण काल (Revolution Period of Satellite):<br />
उपग्रह अपने ग्रह के चारों ओर एक चक्कर लगाने में जितना समय लेता है, उसे उपग्रह का परिक्रमण काल कहते हैं।<br />
यदि उपग्रह का परिक्रमण काल T हो, तो<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36548" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-20.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -20" width="390" height="821" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-20.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-20-143x300.png 143w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /><br />
\(T=2π \sqrt{\frac{(R+h)^3}{GM}}\)<br />
उपग्रह पृथ्वी के अति निकट परिक्रमा करता है अत: h&lt;&lt; R<br />
h को R की तुलना में छोड़ने पर-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36549" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-21.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -21" width="366" height="290" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-21.png 366w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-21-300x238.png 300w" sizes="auto, (max-width: 366px) 100vw, 366px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
उपग्रह की ऊर्जा एवं बन्धन ऊर्जा से क्या अभिप्राय है?<br />
इनके लिए सूत्र प्राप्त कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह की ऊर्जा (Energy of Satellite)<br />
अपनी कक्षा में परिक्रमण करते समय उपग्रह की कक्ष्पिय चाल के कारण उसमें गतिज ऊर्जा होती है और उसकी स्थिति के कारण स्थितिज ऊर्जा होती है। इन दोनों प्रकार की ऊर्जाओं का योग उपग्रह की कुल ऊर्जा होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36550" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-22.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -22" width="392" height="329" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-22.png 392w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-22-300x252.png 300w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" /><br />
स्पष्ट है कि कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है जिसका अभिप्राय है कि उपग्रह ग्रह के साथ बद्ध निकाय है। इसे मुक्त करने के लिए बाह्य ऊर्जा की आवश्यकता होती है।</p>
<p>उपग्रह की बन्धन ऊर्जा (Binding Energy of Satellite) :<br />
&#8220;ऊर्जा की वह न्यूनतम मात्रा जो किसी उपग्रह को दे देने पर उपग्रह सदैव के लिए अपनी कक्षा छोड़कर चला जाये अर्थात् पलायन कर जाये, उपग्रह की बन्धन ऊर्जा कहलाती है।&#8217; इसे E<sub>b</sub> से व्यक्त करते हैं।<br />
उपग्रह की कुल ऊर्जा, E_t=-\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}<br />
उपग्रह जब पलायन कर जायेगा तो अनन्त पर उसकी ऊर्जा शून्य हो जायेगी। अत: उपग्रह की बन्धन ऊर्जा<br />
\(E_b=E_{\infty}-E_t=0-\left[-\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}\right]\)<br />
या \(E_b=\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
सिद्ध कीजिए कि पलायन वेग पिण्ड के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।<br />
उत्तर:<br />
पलायन वेग (Escape Velocity) :<br />
&#8220;वह न्यूनतम वेग जिससे फेंके जाने पर कोई वस्तु पलायन कर जाये अर्थात् पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा के बाहर चली जाये और लौटकर वापस न आ सके, पलायन वेग कहलाता है।&#8217; इसकी कोई निश्चित दिशा नहीं होती है। अत: इसे पलायन वेग न कहकर पलायन चाल कहना अधिक यथार्थ होगा। आदतन हम इसे पलायन वेग कह देते हैं।</p>
<p>(i) पृथ्वी सतह से पलायन वेग के लिए सूत्र-हम जानते हैं कि जब किसी वस्तु को पृथ्वी सतह से दूर की ओर फेंका जाता है तो उसकी गतिज ऊर्जा गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में बदलने लगती है और जहाँ पर सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है, वहीं से वस्तु वापस लौट आती है। इस आधार पर स्पष्ट है कि यदि वस्तु को पृथ्वी सतह से उसकी गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के बराबर गतिज ऊर्जा दे दी जाये तो वह अनन्त पर पहुँच जायेगी अर्थात पलायन कर जायेगी। अत:<br />
पलायन ऊर्जा = गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का परिमाण<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36551" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-23.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -23" width="390" height="585" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-23.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-23-200x300.png 200w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम लिखिए एवं सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) की परिभाषा, मात्रक एवं विमीय सूत्र ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर;<br />
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम (Universal Law of Gravitation) इस नियम के अनुसार, &#8220;बह्माण्ड में प्रत्येक द्रव्य कण किसी भी अन्य द्रव्य कण को अपनी ओर एक बल द्वारा आकर्षित करता है जिसका मान (परिमाण) दोनों कणों के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती एवं उनके द्रव्यमान केन्द्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।&#8221; इस बल की दिशा दोनों कण्णों को मिलाने वाली रेखा की सीध में होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36552" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-24.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -24" width="227" height="72" /><br />
माना m<sub>1</sub> व m<sub>2</sub> द्रव्यमान के दो कण परस्पर r दूरी पर चित्र के अनुसार हैं।<br />
यदि इन दोनों के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल F हो तो उक्त गुरुत्वाकर्षण बल के नियमानुसार<br />
एवं \(F \propto m_1 m_2\)<br />
\(F \propto \frac{1}{r^2}\)<br />
दोनों नियमों को मिलाने पर<br />
या \(F \propto \frac{m_1 m_2}{r^2}\)<br />
या \(F=G \frac{m_1 m_2}{r^2}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(1)<br />
जहाँ G एक नियतांक है जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Constant of Gravity) कहते हैं। खगोलीय पिण्डों या पृथ्वी व सूर्य के मध्य दूरी इनके व्यास की तुलना में अत्यधिक होने के कारण इन्हें कण माना जा सकता है। अतः समीकरण (1) ऐसी समस्याओं पर भी लागू होता है।</p>
<p>सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G):<br />
1. परिभाषा-<br />
∵ गुरुत्वाकर्षण बल, \(F=G \frac{m_1 m_2}{r^2}\)<br />
यदि m<sub>1</sub> = m<sub>2</sub> = 1, r = 1 तो F = G<br />
अर्थात् &#8220;सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक उस गुरुत्व बल के तुल्य है जो एकांक द्रव्यमान के दो कणो के मध्य एकांक दूरी पर कार्य करता है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36553" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-25.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -25" width="427" height="287" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-25.png 427w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-25-300x202.png 300w" sizes="auto, (max-width: 427px) 100vw, 427px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
पृथ्वी का उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर क्यों घूमता है? इसके आवर्तकाल एवं कक्षीय चाल के लिए सूत्रों का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर;<br />
उपग्रह की कक्षीय चाल, परिक्रमण काल एवं कुल ऊर्जा (Orbital Speed, Period of Revolution and Total Energy):<br />
उपग्रह (Satellite):<br />
वे आकाशीय पिण्ड जो ग्रहों की परिक्रमा करते हैं, उपग्रह कहलाते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं-<br />
(1) प्राकृतिक उपग्रह (Natural Satellites)<br />
उदाहरण-चन्द्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है।<br />
(2) कृत्रिम उपग्रह (Artificial Satellites)<br />
उदाहरण-सभी मानव निर्मित उपग्रह कृत्रिम उपग्रह की श्रेणी में आते हैं; जैसे-INSAT-1A, IB; EDUSAT; G-SAT आदि।</p>
<p>उपग्रह का कक्षीय वेग (Orbital Velocity of Satellite) :<br />
माना m द्रव्यमान का उपग्रह पृथ्वी (द्रव्यमान M ) सतह से h ऊँचाई पर v<sub>o</sub> कक्षीय चाल से पृथ्वी की परिक्रमा करता है। उपग्रह की कक्षा की त्रिज्या,<br />
r = (R + h)<br />
पृथ्वी एवं उपग्रह के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36554" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-26.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -26" width="390" height="634" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-26.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-26-185x300.png 185w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Questions) :</span></p>
<p><strong>गुरुत्वाकर्षण नियम पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 1,.<br />
M, 2M, 3M, 4M द्रव्यमान के चार कण a भुजा वाले वर्ग के शीर्षों पर रखे गये हैं तो वर्ग केन्द्र पर रखे M द्रव्यमान वाले कण पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर;<br />
\(\frac{4 \sqrt{2} G M^2}{a^2}\)</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
दो गोलों के द्रव्यमान 60 kg तथा 50 kg हैं। इनके गुरुत्व केन्द्रों के बीच की दूरी 0.50m है। इनके बीच कितना गुरुत्वाकर्षण बल होगा?<br />
उत्तर:<br />
8.0 × 10<sup>-7</sup> N</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
M द्रव्यमान का एक समरूप गोला तथा m द्रव्यमान और L लम्बाई की एक समरूप छड़ इस प्रकार रखे गये हैं कि छड़ का पास वाला सिरा गोले के केन्द्र से r दूरी पर स्थित हो तो गोले व छड़ के मध्य लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
\(\frac{GMm}{r(r+L)}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><strong>गुरुत्वीय त्वरण पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
एक व्यक्ति का पृथ्वी तल पर भार 80 kg है। इस व्यक्ति का चन्द्रमा पर भार क्या होगा? दिया है, चन्द्रमा का द्रव्यमान 7.34 × 10<sup>22</sup> kg त्रिज्या = 1.75 × 10<sup>6</sup> m; गुरुत्वीय नियतांक = 6.67 × 10<sup>-11</sup> Nm.kg<sup>-2</sup> व्यक्ति का चन्द्रमा पर द्रव्यमान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
128 N; 80 kg</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
यदि पृथ्वी का व्यास उसके वर्तमान व्यास का आधा हो जाये तथा घनत्व वही रहे तो इस आहे आकार की पृथ्वी की सतह पर &#8216;8 का मान कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
4.90 ms</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किसी व्यक्ति का पृथ्वी पर भार 490 N है। पृथ्वी पर . गुरुत्वीय त्वरण g 9.8 Nkg है। चन्द्रमा की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण &amp; है। ज्ञात कीजिए-<br />
(i) चन्द्रमा की सतह पर व्यक्ति का भार ।<br />
(ii) पृथ्वी व चन्द्रमा पर व्यक्ति का द्रव्यमान ।<br />
(iii) यदि व्यक्ति पृथ्वी सतह पर 1 min में 150 m चलता है तो चन्द्रमा पर मिनट में कितना चलेगा?<br />
(iv) यदि व्यक्ति पृथ्वी तल पर 2 mm कूद सकता हो चन्द्रमा पर कितना कूदेगा?<br />
उत्तर:<br />
(i) 81.67 N;<br />
(ii) पृथ्वी व चन्द्रमा दोनों पर द्रव्यमान<br />
(iii) 150m;<br />
(iv) 12m ]</p>
<p><strong>गुरुत्वीय त्वरण में परिवर्तन पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
पृथ्वी की सतह से / ऊंचाई तक जाने पर किसी वस्तु के भार में 1% कमी आती है। यदि वस्तु के सतह से / गहराई नीचे ले जाया जाये तो भार में परिवर्तन कितना होगा?<br />
जिससे<br />
उत्तर:<br />
0.5%</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
अपनी अक्ष पर पृथ्वी के घूर्णन की चाल ज्ञात कीजिए। &#8216;भूमध्य रेखा पर किसी व्यक्ति का भार इस समय के भार का<br />
जाये। भूमध्य रेखा पर पृथ्वी की त्रिज्या 6400 किमी है।<br />
उत्तर:<br />
5.53 x 104 रेडियन / से०</p>
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<p>प्रश्न 9.<br />
किस ऊँचाई पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी की के मान का (i) 4% तथा (ii) 50% होगा? पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km है।<br />
उत्तर:<br />
(i) 25600 km;<br />
(ii) 2649.6 km</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पृथ्वी तल से कितना नीचे जाने पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का (i) आधा रह जायेगा (ii) एक चौथाई रह जायेगा ? (पृथ्वी की त्रिज्या = 6400km )<br />
उत्तर:<br />
(i) 3200 km<br />
(ii) 4800km</p>
<p><strong>गुरुत्वीय क्षेत्र तथा गुरुत्वीय विभव पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
चन्द्रमा तथा पृथ्वी के बीच की औसत दूरी 3.85 × 10<sup>8</sup> m है। दोनों के मध्य किस स्थान पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता शून्य होगी?<br />
(दिया है- पृथ्वी का द्रव्यमान = 5.96 × 10<sup>24</sup> kg: चन्द्रमा का द्रव्यमान 7.36 ×10<sup>22</sup> kg)<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र से 3.465 × 10<sup>8</sup> m</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
2 किग्रा द्रव्यमान का एक कण 1.0 मी त्रिज्या तथा 100 किग्रा द्रव्यमान के एक समान गोले पर रखा है। गोले के पृष्ठ पर गुरुत्वीय विभव ज्ञात करो तथा कण को दूर करने में गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
V = 6.67 × 10<sup>-9</sup> J/kg, W = 1.3340 × 10<sup>-8</sup> J</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
(i) चन्द्रमा तथा पृथ्वी के बीच की दूरी 3.85 × 10<sup>8</sup> m है। दोनों के मध्य किस बिन्दु पर गुरुत्वीय बल क्षेत्र शून्य होगा? (पृथ्वी का द्रव्यमान = 6 × 10<sup>24</sup> kg; चन्द्रमा का द्रव्यमान = 7.5 × 10<sup>22</sup> kg)<br />
(ii) इस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
(i) पृथ्वी के केन्द्र से 3.46 × 10<sup>8</sup> cm;<br />
(ii) -1.30 × 106 J.kg<sup>-1</sup></p>
<p><strong>गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा पर आधारित प्रश्नं</strong></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी का द्रव्यमान 6.0 × 10<sup>24</sup> kg तथा त्रिज्या 6.4 × 10<sup>6</sup> m है।<br />
(i) 4 kg के एक पिण्ड को पृथ्वी तल से अनन्त तक ले जाने में कितना कार्य करना होगा?<br />
(ii) 4kg के पिण्ड की पृथ्वी तल पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कितनी होगी?<br />
(iii) पृथ्वी तल पर गुरुत्वीय विभव कितना होगा?<br />
(iv) यदि पिण्ड अनन्त से पृथ्वी तल पर गिरे तो पृथ्वी तल से टकराते समय पिण्ड का वेग क्या होगा?<br />
(G = 6.67 × 10<sup>-11</sup> N.m²kg<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर:<br />
(i) 2.5 × 10<sup>8</sup> J;<br />
(ii) -2.5 × 10<sup>8</sup> J;<br />
(iii) -6.25 × 10<sup>7</sup> J.kg<sup>-1</sup>;<br />
(iv) 11.18 × 10³ ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
200g द्रव्यमान के तीन कण अनन्त से लाकर किसी समबाहु त्रिभुज के शीर्षो पर रखे जाते हैं। यदि त्रिभुज की प्रत्येक भुजा 40 cm हो तो किया गया कार्य कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
2.0 × 10<sup>-11</sup> J</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><strong>उपग्रह की कक्षीय चाल, पलायन वेग तथा परिक्रमण काल पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
यदि पृथ्वी का द्रव्यमान और त्रिज्या किसी ग्रह की क्रमशः 9 गुनी तथा दुगुनी है तो रॉकेट को इस ग्रह के गुरुत्वाकर्षण बल से बाहर निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम वेग की गणना कीजिए। पृथ्वी की सतह पर पलायन वेग 11.2 km.s<sup>-1</sup> लीजिए।<br />
उत्तर:<br />
5.28k.ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
m द्रव्यमान का एक पिण्ड पृथ्वी की सतह से 4R ऊंचाई पर स्थित है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पिण्ड को कितना न्यूनतम वेग दिया जाये कि वह पलायन कर जाये?<br />
उत्तर:</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
पृथ्वी के समीप उसकी परिक्रमा करने वाले उपग्रह के कक्षीय वेग की गणना कीजिए। यदि पृथ्वी की त्रिज्या 6.4 × 10<sup>6</sup> m तथा गुरुत्वीय त्वरण 10 ms<sup>-2</sup> हो। यदि उपग्रह पृथ्वी तल से 2000 km की ऊँचाई पर रहे तब कक्षीय वेग कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
8 km.s<sup>-1</sup>; 6.98 kms<sup>-1</sup></p>
<p><strong>उपग्रह द्वारा प्राप्त ऊँचाई पर ऊर्जा पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
500g के पिण्ड को पृथ्वी से पलायन करने के लिए कितनी आवश्यक ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (g = 10 ms<sup>-2</sup> तथा पृथ्वी की from R<sub>e</sub> = 6400 km)<br />
उत्तर:<br />
3.2 × 10<sup>7</sup> J</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी पिण्ड को पृथ्वी तल से किस वेग से फेंका जाये कि वह (i) 2R<sub>e</sub>; (ii) 4R<sub>e</sub> ऊँचाई तक पहुँच जाये? (पृथ्वी त्रिज्या R = 6400km; g = 10 ms<sup>-1</sup>)<br />
उत्तर:<br />
(i) 9.24 km.s<sup>-1</sup>;<br />
(ii) 10.11 km.s<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
500kg का एक कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी से 1800 km की ऊंचाई पर पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है। उपग्रह की (i) स्थितिज ऊर्जा, (ii) गतिज ऊर्जा, (iii) कुल ऊर्जा ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
दिया है- पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km तथा g = 10 ms<sup>-1</sup><br />
(i) 2.5 × 10<sup>10</sup> J;<br />
(ii) 1.25 × 10<sup>10</sup> J;<br />
(iii) -1.25 × 10<sup>10</sup> J</p>
<p><strong>केप्लर के नियमों पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 22.<br />
नेप्चून ग्रह की सूर्य से दूरी पृथ्वी से सूर्य की दूरी की 30 गुनी है। पृथ्वी का परिक्रमण काल 1 वर्ष है। नेप्चून के परिक्रमण काल की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
164.3 वर्ष</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
बृहस्पति ग्रह की सूर्य से दूरी पृथ्वी की सूर्य से दूरी की 5.2 गुनी है तो बृहस्पति के घूर्णन का आवर्त्तकाल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
11.86 वर्ष</p>
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		<title>HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:56:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 12]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास Important Questions and Answers. Haryana Board 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास वस्तुनिष्ठ प्रश्न- 1. जीवन की उत्पत्ति की सबसे तर्कसंगत जैव रासायनिक मत का प्रतिपादन किया- (अ) मूरे (ब) वीजमान (स) स्टैनले मिलर (द) ओपेरिन उत्तर: (द) ओपेरिन 2. किस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-12th-class-biology-important-questions/">HBSE 12th Class Biology Important Questions</a> Chapter 7 विकास Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न-</span></p>
<p>1. जीवन की उत्पत्ति की सबसे तर्कसंगत जैव रासायनिक मत का प्रतिपादन किया-<br />
(अ) मूरे<br />
(ब) वीजमान<br />
(स) स्टैनले मिलर<br />
(द) ओपेरिन<br />
उत्तर:<br />
(द) ओपेरिन</p>
<p>2. किस जहाज पर डार्विन को प्रकृति- वैज्ञानिक के पद पर रखा गया था ?<br />
(अ) सेन्चुरी<br />
(स) बिगुल<br />
(ब) सीगल<br />
(द) बीगल<br />
उत्तर:<br />
(द) बीगल</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>3. डी व्रिज ने किसका प्रतिपादन किया था ?<br />
(अ) प्रबलता का नियम<br />
(स) पृथक्करण का नियम<br />
(ब) प्राकृतिक चयनवाद<br />
(द) उत्परिवर्तनवाद<br />
उत्तर:<br />
(द) उत्परिवर्तनवाद</p>
<p>4. आस्ट्रेलोपिथेकस नामक आदि मानव का चेहरा था-<br />
(अ) हाइपेग्निथस प्रकार का<br />
(स) हाइपरथेस प्रकार का<br />
(ब) प्रोग्रेस प्रकार का<br />
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(ब) प्रोग्रेस प्रकार का</p>
<p>5. अग्नि का प्रथम प्रयोग करने वाला प्रगैतिहासिक मानव सम्भवतः था-<br />
(अ) पेकिंग मानव<br />
(ब) निएन्डरथल<br />
(स) क्रो-मैगनॉन<br />
(द) जावा कपि मानव<br />
उत्तर:<br />
(अ) पेकिंग मानव</p>
<p>6. मानव का कपियों से भिन्न, एक प्रमुख लक्षण है-<br />
(अ) पैर हाथों से लम्बे<br />
(ब) वस्तुओं को पकड़ने योग्य हाथ<br />
(स) आगे निकले हुए जबड़े<br />
(द) सिर कम विकसित<br />
उत्तर:<br />
(अ) पैर हाथों से लम्बे</p>
<p>7. पृथ्वी पर &#8220;जीवन की उत्पत्ति” की दिशा में इनमें से कौनसे यौगिकों का उद्विकास हुआ-<br />
(अ) प्रोटीन्स एवं अमीनो अम्ल<br />
(ब) प्रोटीन्स एवं न्यूक्लिक अम्ल<br />
(स) यूरिया एवं अमीनो अम्ल<br />
(द) यूरिया एवं न्यूक्लिक अम्ल<br />
उत्तर:<br />
(ब) प्रोटीन्स एवं न्यूक्लिक अम्ल</p>
<p>8. संरचनाओं में कौनसे समुच्चय में केवल समवृति अंग है-<br />
(अ) कॉकरोच, मच्छर व मधुमक्खी के मैण्डिबल्स<br />
(ब) मानव, बंदर व कंगारू के हाथ<br />
(स) चमगादड़, पक्षी तथा मधुमक्खी के पंख<br />
(द) घोड़े, टिड्डी व चमगादड़ के पश्चपाद ।<br />
उत्तर:<br />
(स) चमगादड़, पक्षी तथा मधुमक्खी के पंख</p>
<p>9. प्राकृतिक चयन के विषय में हमारी आधुनिक समझ के अनुसार, योग्यतम सदस्य हैं-<br />
(अ) जिनमें वातावरण के अनुसार अनुकूलन की सबसे अधिक क्षमता होती है।<br />
(ब) जिनके वंशजों की संख्या अधिकतम होती है<br />
(स) जो बहुत सी संतानें उत्पन्न करते हैं, परन्तु कुछ ही संतानें लैंगिक परिपक्वता तक जीवित रहती हैं<br />
(द) जिनमें विशिष्ट वातावरणीय दशाओं का सामना करने की अधिकतम क्षमता होती है।<br />
उत्तर:<br />
(द) जिनमें विशिष्ट वातावरणीय दशाओं का सामना करने की अधिकतम क्षमता होती है।</p>
<p>10. डार्विन ने किस स्थान को उद्विकास की जीवित प्रयोगशाला माना-<br />
(अ) गेल्पेगोस द्वीप<br />
(ब) लक्ष्य द्वीप<br />
(स) मेडागास्कर<br />
(द) माल द्वीप<br />
उत्तर:<br />
(अ) गेल्पेगोस द्वीप</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>11. जावा मानव का वैज्ञानिक नाम है-<br />
(अ) पिथेकैन्थ्रोपस इरेक्टस<br />
(ब) होमो इरेक्टस इरेक्टस<br />
(स) होमो हैबिलिस<br />
(द) अ व ब दोनों<br />
उत्तर:<br />
(द) अ व ब दोनों</p>
<p>12. निएन्डरथल मानव-<br />
(अ) वर्तमान मानव से कम विकसित था<br />
(ब) वर्तमान मानव से मिलता-जुलता था<br />
(स) वर्तमान मानव से इसका मस्तिष्क बहुत बड़ा था<br />
(द) इसका मस्तिष्क वर्तमान मानव के मस्तिष्क से छोटा था<br />
उत्तर:<br />
(अ) वर्तमान मानव से कम विकसित था</p>
<p>13. वीजमान अपने प्रयोग में पीढ़ी दर पीढ़ी नवजात चूहों की पूँछ को कर पृथक करते हरे । फिर भी पूँछ न तो गायब हुई और न ही छोटी हुई, उक्त प्रयोग से ज्ञात होता है-<br />
(अ) लैमार्क के अर्जित लक्षणों की वंशागति का खण्डन<br />
(ब) डार्विन के प्राकृतिक वरण मत का समर्थन<br />
(स) डी &#8211; ब्रिज के उत्परिवर्तन मत का समर्थन<br />
(द) सिद्ध होता है कि कशेरुकियों की पूँछ एक अनिवार्य लक्षण है<br />
उत्तर:<br />
(अ) लैमार्क के अर्जित लक्षणों की वंशागति का खण्डन</p>
<p>14. विज्ञान की वह शाखा जिसमें जीवाश्मों का अध्ययन किया जाता है-<br />
(अ) इथोलॉजी<br />
(ब) इरोलॉजी<br />
(स) आर्निथोलॉजी<br />
(द) पेलिओन्टोलॉजी<br />
उत्तर:<br />
(द) पेलिओन्टोलॉजी</p>
<p>15. जीनकोश (Gene pool) सदैव अपरिवर्तित रहते हैं, इसे कहते हैं-<br />
(अ) आनुवंशिक संतुलन<br />
(ब) रासायनिक संतुलन<br />
(स) भौतिक संतुलन<br />
(द) रासायनिक साम्य<br />
उत्तर:<br />
(अ) आनुवंशिक संतुलन</p>
<p>16. होमो सैपियंस (मानव) सर्वप्रथम विकसित हुआ-<br />
(अ) ऑस्ट्रेलिया में<br />
(ब) अफ्रीका में<br />
(स) अमेरिका में<br />
(द) रूस में<br />
उत्तर:<br />
(ब) अफ्रीका में</p>
<p>17. अमेरिकी वैज्ञानिक एच.एल. शैपिरो ने भावी मानव का नाम रखा है-<br />
(अ) होमो फ्यूचेरिस<br />
(ब) होमो यूचेरिस<br />
(स) होमो ट्यूरेसिस<br />
(द) होमो पीटूचेरिस<br />
उत्तर:<br />
(अ) होमो फ्यूचेरिस</p>
<p>18. जीव संख्या में सहसा आने वाले बड़े-बड़े परिवर्तन कहलाते हैं-<br />
(अ) म्यूटेशन<br />
(ब) आनुवंशिक संतुलन<br />
(स) संस्थापक प्रवाह<br />
(द) अभिसारी विकास<br />
उत्तर:<br />
(अ) म्यूटेशन</p>
<p>19. निम्न में औद्योगिक प्रदूषण का सूचक है-<br />
(अ) पैन- स्पर्मिया<br />
(ब) मृत यीस्ट<br />
(स) बोगनविलिया<br />
(द) लाइकेन<br />
उत्तर:<br />
(द) लाइकेन</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>20. मलयआर्क पेलौगो पर कार्य करने वाले वैज्ञानिक का नाम है-<br />
(अ) डार्विन<br />
(ब) एल्फ्रेड वॉलेस<br />
(स) मेंडल<br />
(द) लैमार्क<br />
उत्तर:<br />
(अ) डार्विन</p>
<p>21. 1938 में दक्षिण अफ्रीका में एक मछली पकड़ी गई जो &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. थी।<br />
(अ) सीलाकेंथि<br />
(ब) पीलाकेंथि<br />
(स) टीलाकेंथि<br />
(द) मीलाकेंथि<br />
उत्तर:<br />
(अ) सीलाकेंथि</p>
<p>22. डी &#8211; व्रिज ने जैविक क्रम विकास से सम्बन्धित अपना उत्परिवर्तन मत किस जीव पर शोध करते हुए प्रस्तुत किया था ?<br />
(अ) इवनिंग प्रिमरोज<br />
(ब) ड्रोसोफिला<br />
(स) पाइसम सेटाइवम<br />
(द) ऐल्थीयारोजिया<br />
उत्तर:<br />
(अ) इवनिंग प्रिमरोज</p>
<p>23. एक पृथक्कृत जनसंख्या में जीन की आवृति में परिवर्तन क्या कहलाता है?<br />
(अ) जेनेटिक ड्रिफ्ट<br />
(ब) जीन प्रवाह<br />
(स) उत्परिवर्तन<br />
(द) प्राकृतिक वरण<br />
उत्तर:<br />
(अ) जेनेटिक ड्रिफ्ट</p>
<p>24. निम्न में से कौन मानव का सर्वाधिक निकट सम्बन्धी है ?<br />
(अ) चिम्पैंजी<br />
(ब) गोरिल्ला<br />
(स) औरगउटान<br />
(द) गिब्बन<br />
उत्तर:<br />
(अ) चिम्पैंजी</p>
<p>25. जीवों में विविधता का कारण है-<br />
(अ) उत्परिवर्तन<br />
(ब) दीर्घकालिक उद्विकासीय परिवर्तन<br />
(स) क्रमिक परिवर्तन<br />
(द) अल्पकालिक उद्विकासीय परिवर्तन<br />
उत्तर:<br />
(ब) दीर्घकालिक उद्विकासीय परिवर्तन</p>
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<p>26. वर्तमान फसली पादपों में तीव्र जाति उद्भवन का कारण है-<br />
(अ) उत्परिवर्तन<br />
(ब) पृथक्करण<br />
(स) बहुगुणिता<br />
(द) लैंगिक जनन<br />
उत्तर:<br />
(अ) उत्परिवर्तन</p>
<p>27. हार्डी &#8211; वेनवर्ग साम्यता को प्रभावित करने वाला घटक है-<br />
(अ) जीन प्रवाह<br />
(ब) आनुवंशिक विचलन<br />
(स) उत्परिवर्तन<br />
(द) उपरोक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(द) उपरोक्त सभी</p>
<p>28. ट्राइरेनोसोरस रेक्स की लगभग ऊँचाई कितनी थी ?<br />
(अ) 20 फुट<br />
(ब) 10 फुट<br />
(स) 15 फुट<br />
(द) 5 फुट<br />
उत्तर:<br />
(अ) 20 फुट</p>
<p>29. विशाल डरावने कटार जैसे दाँत वाला था-<br />
(अ) डायनोसौर<br />
(ब) ट्राइरेनोसोरस रेक्स<br />
(स) इक्थियोसाएस<br />
(द) ड्रायोपिथिकस<br />
उत्तर:<br />
(ब) ट्राइरेनोसोरस रेक्स</p>
<p>30. स्तनधारी प्राणी पूरी तरह से जल में रहते हैं-<br />
(अ) समुद्री गायें<br />
(ब) सील<br />
(स) डॉल्फिन<br />
(द) उपरोक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(द) उपरोक्त सभी</p>
<p>31. दिशात्मक परिवर्तन या विदारण (डिसरप्शन ) किसके दोनों सिरों पर होता है-<br />
(अ) संग्रह चक्र<br />
(ब) वृद्धि वक्र<br />
(स) वितरण वक्र<br />
(द) तिरछा वक्र<br />
उत्तर:</p>
<p>32. शारवनी अवरोहण और प्राकृतिक वरण विकास, ये संरचनाएँ किस वैज्ञानिक की हैं—<br />
(अ) मिलर<br />
(ब) आपेरिन<br />
(स) एल्फ्रेड वालेस<br />
(द) डार्विन<br />
उत्तर:<br />
(अ) मिलर</p>
<p>33. एक तलछट पर दूसरे तलछट की परत पृथ्वी के लम्बे इतिहास की गवाह है। यह संकेत देता है-<br />
(अ) अर्थक्रस्ट (भूपर्थरी) का अनुप्रस्थ काट<br />
(ब) अर्थक्रस्ट का लम्बवत् काट<br />
(स) अर्थक्रस्ट का तिरछा काट<br />
(द) अर्थक्रस्ट का अनुदैर्घ्य काट<br />
उत्तर:<br />
(द) अर्थक्रस्ट का अनुदैर्घ्य काट</p>
<p>34. &#8220;बिग बैंग&#8221; नामक महाविस्फोट का सिद्धान्त किससे सम्बन्धित है-<br />
(अ) सूर्य की उत्पत्ति<br />
(ब) मंगल ग्रह की उत्पत्ति<br />
(स) ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति<br />
(द) चन्द्रमा की उत्पत्ति<br />
उत्तर:<br />
(अ) सूर्य की उत्पत्ति</p>
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<p>35. खगोल वैज्ञानिक अभी भी अपना मन पसंदीदा सिद्धान्त मानते<br />
(अ) बिग बैंग महाविस्फोट सिद्धान्त को<br />
(ब) स्वतः जनन के सिद्धान्त को<br />
(स) पेन- स्पर्मिया ( सर्वबीजाणु) सिद्धान्त को<br />
(द) आपेरेन के सिद्धान्त को<br />
उत्तर:<br />
(स) पेन- स्पर्मिया ( सर्वबीजाणु) सिद्धान्त को</p>
<p>36. “मिल्की वे&#8221; क्या है?<br />
(अ) आकाश गंगा<br />
(ब) प्रकाश वर्ष<br />
(स) महासागर<br />
(द) पेन- स्पर्मिया<br />
उत्तर:<br />
(अ) आकाश गंगा</p>
<p>37. तारकीय दूरियों को मापा जाता है-<br />
(अ) किलोमीटर में<br />
(स) प्रकाश वर्ष में<br />
(ब) मीलों में<br />
(द) किलो वाट में<br />
उत्तर:<br />
(स) प्रकाश वर्ष में</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
किस वैज्ञानिक ने साल्टेशन को प्रजाति की उत्पत्ति का मुख्य कारण बताया?<br />
उत्तर:<br />
ह्यूगो डी ब्रिज वैज्ञानिक ने साल्टेशन को प्रजाति की उत्पत्ति का मुख्य कारण बताया।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जीवात् जीवोत्पत्ति का सिद्धान्त किसने दिया था?<br />
उत्तर:<br />
जीवात् जीवोत्पत्ति का सिद्धान्त हार्वे तथा हक्सले ने दिया था।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम क्या है?<br />
उत्तर:<br />
आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम होमो सैपियन्स है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
वर्तमान मानव के सबसे निकट सम्बन्धी मानव का नाम बताइये।<br />
उत्तर:<br />
क्रोमैगनॉन मानव वर्तमान मानव का सबसे निकटतम सम्बन्धी है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
पृथ्वी का उद्भव किस आकाश गंगा से हुआ ?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी का उद्भव मिल्की आकाश गंगा से हुआ।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
अध: मानव ( Subhuman) व आदि मानव किसे माना गया?<br />
उत्तर:<br />
रामापिथिकस को अधः मानव तथा आस्ट्रैलोपिथेकस को आदिमानव माना गया है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
तारकीय दूरियों को किसमें मापा जाता है ?<br />
उत्तर:<br />
तारकीय दूरियों को प्रकाश वर्षों (Light Years) में मापा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति में कौनसा महाविस्फोटक का सिद्धान्त बताने का प्रयास करता है?<br />
उत्तर:<br />
बिग बैंग (Big Bang ) नामक महाविस्फोट ।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
अनुरूपता ( Analogy) का उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऑक्टोपस (Octopus) तथा स्तनधारियों की आँखें अनुरूपता का उदाहरण हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
औद्योगिक प्रदूषण के सूचक का उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
लाइकेन (Lichen ) औद्योगिक प्रदूषण के सूचक होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
योजक कड़ी (Connecting Link) किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
जन्तुओं में कुछ जीव ऐसे होते हैं जिनमें दो वर्गों के लक्षण एक साथ पाये जाते हैं। ऐसे जन्तुओं को योजक कड़ी (Connecting Link) कहते हैं। उदाहरण- आर्किओप्टेरिस में रेप्टाइल्स व पक्षियों दोनों के लक्षण मिलते हैं ।</p>
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<p>प्रश्न 12.<br />
योग्यतम की उत्तरजीविता से क्या समझते हो ?<br />
उत्तर:<br />
जीवन संघर्ष में केवल वे ही जीव जीवित रह पाते हैं. जिनमें वातावरण के अनुरूप अनुकूलन की क्षमता होती है। इसे ही योग्यतम की उत्तरजीविता कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
जीवाश्म की परिभाषा दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
चार्ल्स लायल के अनुसार &#8211; &#8220;पूर्व जीवों के चट्टानों से प्राप्त अवशेष जीवाश्म कहलाते हैं।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
अनुहरण (Mimicry) किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
किसी जीव का दूसरों को धोखा देने के लिए, अपनी सुरक्षा या किसी अन्य लाभ (आक्रमण) के लिए दूसरे जीवों के या किसी अन्य प्राकृतिक वस्तु के समान दिखाई देना या नकल करना अनुहरण कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
उत्परिवर्तन को परिभाषित कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
जीवों के आनुवंशिक संगठन में अचानक वंशागत होने वाले परिवर्तन उत्परिवर्तन (Mutation) कहलाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने स्वतः जननवाद (Spontaneous generations theory) को गलत सिद्ध किया ।<br />
उत्तर:<br />
लुईस पाश्चर (Louis Pasteur ) ने स्वतः जननवाद को गलत सिद्ध किया ।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
डार्विनवाद की दो मुख्य संकल्पनाएँ कौन-सी हैं ?<br />
उत्तर:</p>
<ul>
<li>शाखनी अवरोहण (Branching Descent )</li>
<li>प्राकृतिक वरण विकास (Natural Selection ) ।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 18.<br />
होमोसेपियन्स के प्रवसन का कारण कौन-सी भौगोलिक प्रजातियाँ हैं ?<br />
उत्तर:<br />
चार प्रजातियाँ है- नीग्रॉयड (Negroid), ऑस्ट्रेलॉयड (Australoid), कॉकेसायड्स (Caucasoids) तथा मंगोलायड्स (Mongoloids)।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
कौन से युग (काल) को डायनोसौर का स्वर्णिम युग कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
मीसोजोइक युग (काल) को डायनोसौर का स्वर्णिम युग कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किस समुद्री जहाज पर डार्विन ने प्रकृति का अध्ययन किया?<br />
उत्तर:<br />
बीगल नामक समुद्री जहाज पर डार्विन ने प्रकृति का अध्ययन किया।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
मानव के किस पूर्वज ने सर्वप्रथम दो पैरों पर चलना आरम्भ किया?<br />
उत्तर:<br />
आस्ट्रेलोपिथिकस ने सर्वप्रथम दो पैरों पर चलना आरम्भ किया।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
एक बच्चा पैदा हुआ जिसमें एक छोटी-सी पूँछ है, बताइए यह किसका उदाहरण है?<br />
उत्तर:<br />
पूर्वजानुरूपता का उदाहरण है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
क्रोमेग्नॉन मानव भोजन ग्रहण करने के आधार पर किस प्रकार का प्राणी था ?<br />
उत्तर:<br />
क्रोमेग्नॉन मानव भोजन ग्रहण करने के आधार पर मांसाहारी प्रकार का प्राणी था।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
जीव विज्ञान की वह शाखा जिसमें जीवाश्मों का अध्ययन किया जाता है उसे क्या कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
जीवाश्म विज्ञान (पेलियोन्टोलॉजी) शाखा जिसमें जीवाश्मों का अध्ययन किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 25<br />
उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने स्वतः उत्पत्तिवाद सिद्धान्त का विरोध किया?<br />
उत्तर:<br />
वैज्ञानिक लुई पाश्चर (Louis Pasteur ) ने स्वत: उत्पत्तिवाद सिद्धान्त का विरोध किया।</p>
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<p>प्रश्न 26.<br />
दो कशेरूकी शरीर के अंगों के नाम लिखिए जो मनुष्य की अग्रपाद के समजात अंग होते हैं।<br />
उत्तर:</p>
<ul>
<li>व्हेल के फ्लिपर</li>
<li>पक्षी का पंख ।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 27.<br />
बोगनविलिया का कांटा तथा कुकुरबिटा का प्रतान किस प्रकार के अंग हैं समजात अथवा समवृत्ति ? उनमें इस प्रकार की समानता किस प्रकार के विकास से आयी है ?<br />
उत्तर:<br />
बोगनविलिया का कांटा तथा कुकुरबिटा का प्रतान समजात अंग हैं। यह समानता अपसारी विकास से आयी है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
मानव विकास के क्रम में कौनसे मानव के मस्तिष्क का आकार 1400 सी. सी. था?<br />
उत्तर:<br />
निएंडरथल (Neanderthal) मानव के मस्तिष्क का आकार 1400 सी. सी था</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
&#8216;ड्रायोपिथिकस&#8217; तथा &#8216;रामापिथिकस&#8217; नामक नर वानर में दो समानताएँ लिखिए।<br />
उत्तर:</p>
<ul>
<li>इनके शरीर बालों से भरपूर थे।</li>
<li>दोनों गोरिल्ला एवं चिंपैंजी जैसे चलते थे ।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 30.<br />
महाकपियों तथा मानव के पूर्वज के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
महाकपियों तथा मानव के पूर्वज का नाम ड्रायोपिथेकस (Dryopithecus) है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
किस वैज्ञानिक ने प्रयोग करते हुए यह प्रदर्शित किया कि &#8220;जीवन पहले से विद्यमान जीवन से ही निकलकर आता है &#8220;?<br />
उत्तर:<br />
लुई पाश्चर ।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
ड्रायोपिथिकस तथा रामापिथिकस नरवानरों में अन्तर बताइए ।<br />
उत्तर:<br />
ड्रायोपिथिकस वनमानुष (ऐप) जैसे थे जबकि रामापिथिकस अधिक मनुष्यों जैसे थे।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघूत्तरात्मक प्रश्न-</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
पूर्वजता या प्रत्यावर्तन (Atavism or Reversion) किसे कहते हैं? इसके कोई दो उदाहरण दीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
जीव जातियों में कभी-कभी अचानक ऐसे लक्षण आ जाते हैं जो उनकी स्वयं की जाति में नहीं पाये जाते किन्तु बहुत समय पूर्व पुराने पूर्वजों में ये लक्षण पाये जाते थे। इसे पूर्वजता या प्रत्यावर्तन कहते हैं।<br />
इन संरचनाओं द्वारा यह सिद्ध होता है कि जो इन संरचनाओं को रखते हैं उनका विकास उन पूर्वजों से हुआ है जिनमें ये संरचनाएँ पूर्ण विकसित रही होंगी।<br />
उदाहरण-</p>
<ul>
<li>मानव शिशु में पूँछ की उपस्थिति</li>
<li>लम्बे तथा शरीर पर घने बाल हमारा आदि कपियों से संबध दर्शाता है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 2.<br />
स्वतः जननवाद (Spontaneous Creation) से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
स्वतः जननवाद (Spontaneous Creation) &#8211; इसके अनुसार जीवों की उत्पत्ति निर्जीव पदार्थों द्वारा स्वत: हुई है। इस सिद्धान्त<br />
का प्रतिपादन वान हैलमाण्ट ने किया था। इन्होंने बताया कि पसीने से भीगे कपड़े तथा गेहूं के भूसे को एक साथ रखने से 21 दिन में चूहे उत्पन्न हो जाते हैं। नील नदी पर जब सूर्य की किरणें गिरती हैं तो जीवों का निर्माण होता है। नम मिट्टी में मेंढक बनते हैं। भारत में आज भी कई लोग विश्वास करते हैं कि गधे के मूत्र और गाय के गोबर से बिच्छू उत्पन्न हो जाते हैं। इस विचार को वैज्ञानिकों ने अस्वीकार कर दिया है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
जीवाश्म के अध्ययन से जीवों के विकास के संबंध में प्रमाणित हुए कोई चार तथ्य लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
जीवाश्म के अध्ययन से जीवों के विकास के संबंध में निम्न चार तथ्य प्रमाणित हुए-</p>
<ul>
<li>जीवाश्म जो कि पुरानी चट्टानों से प्राप्त हुए सरल प्रकार के तथा जो नई चट्टानों से प्राप्त हुए जटिल प्रकार के थे।</li>
<li>विकास के प्रारम्भ में एककोशिकी प्रोटोजोआ जन्तु बने जिनसे बहुकोशिकी जन्तुओं का विकास हुआ।</li>
<li>कुछ जीवाश्म विभिन्न वर्ग के जीवों के बीच की योजक कड़ियों को प्रदर्शित करती हैं।</li>
<li>पौधों में एन्जिओस्पर्म (Angiosperm) तथा जन्तुओं में स्तनधारी (Mammals) सबसे अधिक विकसित और आधुनिक हैं।</li>
<li>जीवाश्म के अध्ययन से किसी भी जन्तु जीवाश्म कथा ( विकासीय इतिहास) या वंशावली (Pedigree) का क्रमवार अध्ययन किया जा सकता है।</li>
</ul>
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<p>प्रश्न 4.<br />
जैव विकांस से क्या अभिप्राय है? समझाइये |<br />
उत्तर:<br />
ओपेरिन वैज्ञानिक के अनुसार पृथ्वी की उत्पत्ति के बाद इसके जल भण्डार में रासायनिक पदार्थों के संयोजन से जीव की उत्पत्ति हुई। ये एक सरल कोशिका के बने जीव थे, इन्हीं से जैव विकास की क्रिया द्वारा विभिन्न प्रकार के जीवों की उत्पत्ति हुई। उद्विकास या जैव विकास का शाब्दिक अर्थ है, &#8220;सिमटी वस्तु का खुलकर या फैलकर समय-समय पर हुए परिवर्तनों को प्रदर्शित करना, सरल जीवों से जटिल जीवों के उत्पत्ति क्रम को जैव विकास कहते हैं।</p>
<p>&#8221; अन्य शब्दों में प्रारम्भिक निम्न कोटि के जीवों से क्रमिक परिवर्तनों द्वारा जटिल जीवों की उत्पत्ति को जैव विकास कहते हैं। &#8216;परिवर्तन के साथ अवतरण&#8217; जैव विकास की मौलिक कल्पना है। पृथ्वी पर आवास करने वाले जीवधारी एक-दूसरे से भिन्न हैं परन्तु इन सभी का संरचनात्मक संगठन एक ही है, अर्थात् प्रत्येक का शरीर कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। सभी जीवों में जैविक क्रियायें समान रूप से होती हैं। सभी जीव अपना जीवन एक कोशिका समान संरचना युग्मनज से प्रारम्भ करते हैं जो इन विविध जीवधारियों के एक पूर्वजता को दर्शाता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
डार्विनवाद को समझाने के लिए वैज्ञानिक वालेस ने कौन-सा चार्ट प्रस्तुत किया? समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
डार्विनवाद को समझाने के लिए वालेस ने एक चार्ट प्रस्तुत किया जिसे वालेस चार्ट कहते हैं-<br />
यह सिद्धान्त बाद में डार्विन की पुस्तक, प्राकृतिक वरण द्वारा जाति उत्पत्ति में समझाया गया।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>प्रमाणित तथ्य (Facts)</td>
<td>परिणाम (Consequences)</td>
</tr>
<tr>
<td>(अ) जीव-जन्तुओं में सन्तानोत्पत्ति की प्रचुर क्षमता</p>
<p>(ब) एक जाति के प्राणियों की संख्या स्थिर</td>
<td>जीवन संघर्ष</td>
</tr>
<tr>
<td>(अ) जीवन संघर्ष</p>
<p>(ब) विभिन्नताएँ तथा आनुवंशिकता</td>
<td>योग्यतम की उत्तरजीविता या प्राकृतिक वरण</td>
</tr>
<tr>
<td>(अ) योग्यतम की उत्तरजीविता</p>
<p>(ब) वातावरण में सतत् परिवर्तन</td>
<td>निर्तर प्राकृतिक वरण द्वारा नयी जाति की उत्पत्ति</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 6.<br />
जीवन की उत्पत्ति व विकास के सम्बन्ध में मिलर द्वारा किये गये प्रयोग को समझाइये |<br />
अथवा<br />
स्टैनले मिलर के प्रयोग का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइये ।<br />
उत्तर:<br />
मिलर ने एक तर्कपूर्ण प्रयोग किया। इस प्रयोग का उद्देश्य उस परिकल्पना का परीक्षण करना था जिसके अनुसार यह माना जाता है। कि अमीनो अम्ल सदृश पदार्थ अमोनिया, जल एवं मीथेन जैसे प्रथम यौगिकों से बने होंगे। मिलर ने एक विशिष्ट वायुरोधक उपकरण जिसे चिन्गारी विमुक्त उपकरण (Spark Discharge Apparatus) कहते हैं।</p>
<p>इस उपकरण में मीथेन, अमोनिया, हाइड्रोजन (2:1:2) एवं जल का उच्च ऊर्जा ले विद्युत स्फुलिंग (High Energy Electrical Spark) में से परिवहन किया। जलवाष्प एवं उष्णता की पूत उबलते हुए जल के पात्र द्वारा की गई। परिवहन करती हुई जलवाष्प ठण्डी व संघनित होकर जल में परिवर्तित हो गई।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36729" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-1.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 1" width="412" height="375" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-1.png 412w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-1-300x273.png 300w" sizes="auto, (max-width: 412px) 100vw, 412px" /></p>
<p>इस प्रयोग का उद्देश्य उन परिस्थितियों का निर्माण करना था जो कि जीव की उत्पत्ति के समय पृथ्वी पर रही होंगी। मिलर ने दो सप्ताह तक इस उपकरण में गैसों का परिवहन होने दिया । इसके बाद उसने उपकरण की &#8216;U&#8217; नली में जमे द्रव को निकाल कर निरीक्षण किया तो इसमें अमीनो अम्ल एवं कार्बनिक अम्लों के साथ-साथ राइबोस, शर्करा, प्यूरीन्स, पिरामिडिन्स आदि पाये गए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
निएण्डरथल मानव के जीवाश्म कहाँ पाये गये? इसकी विशेषताओं का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
इसके जीवाश्म सी. फूहलरोट (C. Fullhrott) द्वारा 1956 में जर्मनी की निएण्डर घाटी से प्राप्त हुए या पाये गये । विशेषताएँ निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>इनकी उत्पत्ति और विकास 40,000 से 1 लाख वर्ष पहले हुआ।</li>
<li>ये खुले मैदानों में झोंपड़ियाँ बनाकर रहते थे।</li>
<li>कपाल गुहा का आयतन 1300-1600 सी.सी. (आज के मानव के समान) औसतन (1400 सी. सी.) ।</li>
<li>पूर्व ऊर्ध्व शरीर था।</li>
<li>शरीर पर बाल पूर्व मानव की तुलना में संख्या में कम थे ।</li>
<li>अल्पविकसित ठोड़ी (Chin) उपस्थित थी (आर्थीग्नेथस चेहरा) ।</li>
<li>बोलने का केन्द्र (Speech Centre) का प्रारम्भ इसी मानव से हुआ।</li>
<li>ये जानवरों की खाल के कपड़े पहनते थे ।</li>
<li>ये अपने मृतकों को क्रियाकर्म के साथ दफनाते थे।</li>
<li>स्वभाव में सर्वाहारी ।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 8.<br />
जीवन की उत्पत्ति अंतरिक्ष से होने पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
कुछ वैज्ञानिक यह मानते हैं कि जीवन अंतरिक्ष से आया है। पूर्व ग्रीक विचारकों का मानना है कि जीवन की &#8216;स्पोर&#8217; नामक इकाई विभिन्न या अनेक ग्रहों में स्थानान्तरित हुई, पृथ्वी जिसमें एक थी। कुछ खगोल वैज्ञानिक &#8216;पैन स्पर्मिया&#8217; (सर्वबीजाणु) को अभी भी मान्यता देते हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
औद्योगिक अतिकृष्णता का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
प्राकृतिक वरण के सिद्धान्त के अध्ययन के लिये इंग्लैण्ड में पाये जाने वाले विशेष शलभ (Moth Bistoy Betularia) का परीक्षण किया। इस प्रयोग के अध्ययन से यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि इंग्लैण्ड में औद्योगिक विकास से पूर्व की वनस्पतियों के तने भूरे रंग के थे क्योंकि उन पर भूरी लाइकेन परत के रूप में जमा थी।</p>
<p>उस समय वहाँ भूरे रंग के शलभ की संख्या बहुत अधिक थी तथा काले रंग के शलभ कार्बोनेरिया संख्या में कम एवं दुर्लभ थे। इसका सम्भावित कारण तनों का भूरा रंग भूरे शलभों की मांसाहारी पक्षियों से सुरक्षा प्रदान कर रहा था क्योंकि तनों पर शलभ के समान पृष्ठभूमि के कारण पहचान में नहीं आते। औद्योगिक विकास होने पर कोयले का अत्यधिक उपयोग किया जाने लगा।</p>
<p>इससे वातावरण में कालिख की मात्रा बढ़ गई। जिसके फलस्वरूप तनों पर कालिख के जमने के कारण उनका रंग काला हो गया। इस समय भूरे शलभ पक्षियों की पहचान में आसानी से आने लगे। उन्होंने इन्हें मारकर नष्ट कर दिया। कुछ समय बाद देखा कि भूरे रंग की शलभों की संख्या तो कम हो गई परन्तु काले रंग के शलभों की संख्या में भारी वृद्धि हो गई क्योंकि इस समय तनों का रंग काला उनको सुरक्षा प्रदान कर रहा है।</p>
<p>वर्तमान में उद्योगों में कोयले के स्थान पर बिजली का उपयोग किया जाने लगा जिससे वातावरण में कालिख एवं धुआँ लगभग समाप्त हो गया जिसके कारण वनस्पतियों के तने वापस अपने पूर्व रंग अर्थात् भूरे हो गये। इस रंग परिवर्तन का प्रभाव काले रंग के शलभों की संख्या पर भी पड़ा।</p>
<p>अब पक्षियों द्वारा काले शलभों को पहचान लिए जाने के कारण इनका भक्षण अधिक संख्या में होने लगा परन्तु भूरे रंग के शलभों को पक्षी द्वारा नहीं पहचान पाने के कारण शिकार होने से बच गये। इससे इनकी संख्या में पुनः पूर्ववत् वृद्धि हो गई। इस तरह प्रकृति जीवों के चयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
कृत्रिम चयन ( Artificial Selection) किसे कहते हैं? उदाहरण देकर समझाइये |<br />
उत्तर:<br />
कृत्रिम चयन ( Artificial Selection ) &#8211; मानव द्वारा जननिक विभिन्नताओं का उपयोग जन्तुओं तथा पौधों की उत्तम क्वालिटी नस्ल सुधार के लिए किया जाता है मानव वांछनीय लक्षणों वाले सदस्यों का आबादी से चयन कर उन्हें उन सदस्यों से पृथक् कर लेता है जिनमें ये लक्षण नहीं पाये जाते। अब चयनित सदस्यों के बीच अंत:प्रजनन (Interbreeding) कराई जाती है।</p>
<p>इस प्रक्रिया को ही कृत्रिम वरण चयन ( Artificial Selection) कहते हैं। यदि यह प्रक्रिया कई पीढ़ियों तक जारी रहे तो अंततः एक नई वांछनीय लक्षणों वाली प्रजाति की उत्पत्ति हो जाती है। जन्तु प्रजनकों (Animal Breeders) द्वारा कृत्रिम चयन के माध्यम से अनेक पालतू जानवरों की वांछनीय लक्षणों युक्त जातियों का उनके सामान्य पूर्वजों से विकास किया गया है जैसे कुत्ता, घोड़ा, कबूतर, मुर्गी, गाय, बकरी, भेड़ और सुअर आदि।</p>
<p>इसी प्रकार पादप प्रजनकों (Plant breeders) द्वारा उपयोगी पौधों की उत्तम किस्मों को प्राप्त किया गया है जैसे गेहूं, चावल, गन्ना, कपास, दाल, सब्जियाँ और फल आदि। कृत्रिम चयन प्राकृतिक वरण के ही समान हैं केवल इसमें प्रकृति का स्थान मानव द्वारा मानव उपयोगी लक्षणों के विकास के लिये ले लिया जाता है। चयनित लक्षण मानव उपयोगी होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
जन्तु वर्गीकरण किस प्रकार से जैव विकास को प्रमाणित करता है?<br />
उत्तर:<br />
प्रकृति में पाये जाने वाले विविध जाति के जन्तुओं को समानताओं (similarities) एवं विभिन्नताओं (dissimilarities) के आधार पर छोटे या बड़े समहों में वर्गीकृत (classify) किया गया है। जैव विकास का यह महत्त्वपूर्ण प्रमाण है। सभी जन्तुओं को सर्वप्रथम लीनियस ने द्विनाम पद्धति के आधार पर विभिन्न समुदायों में बाँटा था।</p>
<p>पृष्ठवंशी उपसमुदाय (Subphylum vertebrata) को कई वर्गों (classes) में बाँटा गया जो कि क्रमिक विकास के अनुसार चतुर्मुखीय (cyclostomes), मत्स उभयचरों (Amphibians), सरीसृपों (Reptiles), पक्षियों (Aves) तथा स्तनियों (Mammals) में श्रेणीबद्ध किया गया है।</p>
<p>इस क्रम से स्पष्ट है कि आदिकाल में किसी अपृष्ठवंशी (non-chordates) मछली सदृश जन्तु से परिवर्तित होकर मछली बनी, मछली से विकसित होकर उभयचर, उभयचर से सरीसृप, सरीसृप से पक्षी तथा बाद में स्तनी बने। इन सब वर्गों में क्रमिक विकास का प्रमाण इनमें पायी जाने वाली समानताओं के द्वारा मिलता है। वर्गीकरण की इस विधि से समस्त जन्तुओं व पेड़-पौधों का वंश वृक्ष (Family tree) तैयार किया जा सकता है जिससे समुदाय प्रोटोजोआ से लेकर पृष्ठवंशी (Chordata) तक विभिन्न समुदायों के जन्तुओं में क्रमिक विकास का प्रमाण मिलता है।</p>
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<p>प्रश्न 12.<br />
संयोजक कड़ियों से आप क्या समझते हैं? उचित उदाहरण देकर इनका जैव विकास में महत्व को समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
जीवों के वर्गीकरण में समान गुणों वाले जीवों को एक ही वर्ग में रखा गया है। कुछ जन्तु ऐसे भी हैं जिनमें दो वर्गों के गुण पाये जाते हैं। इन जन्तुओं को योजक कड़ियाँ (Connecting links) कहते हैं।</p>
<p>संयोजक कड़ियों के उदाहरण-<br />
आर्किओप्टेरिक्स (Archeopteryx ) &#8211; जर्मनी के बवेरिया प्रदेश में आर्किओप्टेरिक्स नामक जन्तु के जीवाश्म मिले हैं। इस जन्तु के कुछ लक्षण जैसे चोंच, पंख, पैरों की आकृति एवीज वर्ग (पक्षी वर्ग) के तो कुछ लक्षण जैसे दाँत, पूँछ तथा शरीर के शल्कों का होना रेप्टीलिया वर्ग के हैं। अत: इस जन्तु को एवीज तथा रेप्टीलिया वर्ग के मध्य योजक कड़ी कहते हैं।</p>
<p>इससे प्रमाणित होता है कि पक्षियों का विकास सरीसृपों (Reptiles ) से हुआ है। जैव विकास में संयोजक कड़ियों का महत्त्व-संयोजक कड़ियाँ जैव विकास को प्रमाणित करने के लिए महत्त्वपूर्ण आधार हैं। इनके माध्यम से विभिन्न जातियों एवं वर्गों की निश्चित वंशावली एवं पूर्वजों का ज्ञान उपलब्ध होता है। इनमें जैव विकास का क्रम और दिशा भी निर्धारित होती है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
उत्परिवर्तन किसे कहते हैं? उत्परिवर्तन सिद्धान्त के मुख्य बिन्दुओं का वर्णन कीजिये ।<br />
उत्तर:<br />
डी &#8211; ब्रीज (1901) ने इवनिंग प्रिमरोज जाति के पौधों पर परीक्षणों के पश्चात् ज्ञात किया कि कुछ पौधे अकस्मात् अपनी जाति से बिल्कुल भिन्न हो जाते हैं। यही नहीं, विभिन्न लक्षण वंशागत होकर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाते रहते हैं और नयी जाति का निर्माण करते हैं। जातीय लक्षणों में अकस्मात् वंशागत परिवर्तनों की क्रिया को डी- ब्रीज ने उत्परिवर्तन की संज्ञा दी एवं उत्परिवर्तनवाद का सिद्धान्त दिया। आधुनिक अनुसंधानों से यह भी पता चल चुका है कि जीवों में उत्परिवर्तन उनकी जनन कोशिकाओं में स्थित गुणसूत्रों एवं जीन्स की व्यवस्था में परिवर्तन के कारण होता है।</p>
<p>डी- ब्रीज के उत्परिवर्तन सिद्धान्त के तथ्य निम्नलिखित हैं-</p>
<ol>
<li>प्राकृतिक रूप से जनन करने वाली जातियों या समष्टियों में समय-समय पर उत्परिवर्तन विकसित होते हैं। उत्परिवर्ती जीव (mutant organisms) जनक जीवों से भिन्न होते हैं।</li>
<li>उत्परिवर्तन वंशागत होते हैं तथा इनसे नयी जातियों का विकास होता है।</li>
<li>उत्परिवर्तन दीर्घ एवं आकस्मिक होते हैं।</li>
<li>ये किसी भी दिशा में हो सकते हैं। अतः लाभप्रद भी हो सकते हैं और हानिकारक भी।</li>
<li>उत्परिवर्तनों पर प्राकृतिक वरण का प्रभाव पड़ता है। लाभप्रद उत्परिवर्तन जीवों के अन्दर संचित कर लिये जाते हैं और हानिकारक उत्परिवर्तन वाले जीव प्राकृतिक वरण द्वारा नष्ट हो जाते हैं।</li>
<li>डार्विन ने इन आकस्मिक परिवर्तनों को स्पोर्ट्स (Sports) का नाम दिया। अंगों का अत्यधिक विशेषीकरण (Specialization) की व्याख्या इन्हीं स्पोर्ट्स (Sports) या आकस्मिक उत्परिवर्तन द्वारा की जा सकती है।</li>
<li>अंगों के विकास की प्रारम्भिक अवस्था को उत्परिवर्तन सिद्धान्त के द्वारा समझाया जा सकता है, क्योंकि उत्परिवर्तन प्रारम्भ से ही पूर्ण होते हैं।</li>
</ol>
<p>उत्परिवर्तनवाद का महत्त्व &#8211; इसमें किंचित् मात्र भी सन्देह नहीं है कि उत्परिवर्तन प्रकृति में होते हैं तथा विकास में इनका योगदान होता है। प्राकृतिक वरण एवं उत्परिवर्तनों के फलस्वरूप ही जीवों में विकास होता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
डार्विन के संदर्भ में जीवन-संघर्ष को समझाइए ।<br />
अथवा<br />
डार्विन के अनुसार प्रकृति में जीवन संघर्ष कितने प्रकार का होता है? समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
जीवन संघर्ष तीन प्रकार का होता है-<br />
(i) अन्त: जातीय संघर्ष यह एक ही जाति के सदस्यों के मध्य होता है, जैसे-दो कुत्तों के मध्य रोटी का टुकड़ा फेंक दिया जाये तो वे आपस में लड़ने लगते हैं। उनमें से जो अधिक शक्तिशाली होता है वही रोटी ग्रहण कर लेता है। अन्त: जातीय संघर्ष भोजन, स्थान व जनन के लिये होता है।</p>
<p>(ii) अन्तर्जातीय संघर्ष &#8211; यह संघर्ष दो विभिन्न जातियों में होता है। प्राय: देखा जाता है कि चूहे को देखते ही बिल्ली उसे खाने को दौड़ती है। चूहा अपनी रक्षा का प्रयास करता है। यह संघर्ष प्रायः भोजन के लिये होता है।</p>
<p>(iii) वातावरण संघर्ष &#8211; पृथ्वी के वातावरण में कई परिवर्तन होते रहते हैं। जैसे अधिक सर्दी, अधिक गर्मी, भूचाल, वर्षा आदि। जीवों को ऐसे परिवर्तनों से संघर्ष करना पड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
कपि एवं मानव में अन्तर स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कपि (Apes) एवं मानव ( Human) में अन्तर &#8211;</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>कपि (Apes)</td>
<td>मानव (Human)</td>
</tr>
<tr>
<td>1. अर्द्ध ऊर्ध्व स्थिति</td>
<td>पूर्ण ऊर्ध्व स्थिति</td>
</tr>
<tr>
<td>2. गर्दन छोटी व धंसी हुई</td>
<td>लम्बी तथा ऊर्ध्व गर्दन</td>
</tr>
<tr>
<td>3. पूर्ण शरीर पर बालों की घनी वृद्धि</td>
<td>मानव में घनी वृद्धि केवल कुछ स्थानों पर होती है।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. कपाल गुहा का आयतन (cranial capacity) कम होता है। (450-500 सी.सी.)</td>
<td>कपाल गुहा का आयतन (cranial capacity) अधिक होता है (1300-1600 सी.सी.)</td>
</tr>
<tr>
<td>5. कम बुद्धिमान होते हैं</td>
<td>अधिक बुद्धिमान होते हैं</td>
</tr>
<tr>
<td>6. अग्र पाद पश्च पादों से लम्बे</td>
<td>अग्र पाद पश्च पादों से छोटे</td>
</tr>
<tr>
<td>7. जबड़े &#8216;U&#8217; आकृति के होते हैं</td>
<td>मानव में अर्द्धवृत्ताकार जबड़े होते हैं</td>
</tr>
<tr>
<td>8. ठोड़ी (Chin) अनुपस्थित होती है</td>
<td>ठोड़ी (Chin) उपस्थित होती है</td>
</tr>
<tr>
<td>9. अंगूठा हथेली के समानान्तर होता है</td>
<td>सम्मुख अंगूठा (हथेली के समकोण पर स्थित)</td>
</tr>
<tr>
<td>10. श्रोणि मेखला दीर्घीत</td>
<td>चौड़ी श्रोणि मेखला</td>
</tr>
<tr>
<td>11. प्रमुख रूप से वृक्षाश्रयी वास</td>
<td>स्थलीय वास</td>
</tr>
<tr>
<td>12. ऊपरी होंठ पर खाँच नहीं होती</td>
<td>ऊपरी होंठ पर मध्यवर्ती खाँच (Furrow) उपस्थित</td>
</tr>
<tr>
<td>13. शिशु एवं बाल्यावस्था अपेक्षाकृत छोटी</td>
<td>शिशु एवं बाल्यावस्था लम्बी</td>
</tr>
<tr>
<td>14. मादा में उभरे हुए स्तन नहीं</td>
<td>मादा में स्तन उभरे हुए</td>
</tr>
<tr>
<td>15. प्रीमैक्सिली हड्डियाँ मैक्सिली से पृथक्</td>
<td>प्रीमैक्सिली हड्डियाँ मैक्सिली से समेकित</td>
</tr>
</tbody>
</table>
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<p>प्रश्न 16.<br />
डी &#8211; ब्रीज और लेमार्क के सिद्धान्त में क्या अन्तर है? समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
डी ब्रीज और लेमार्क के सिद्धान्त में अन्तर-</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>डी-व्रीज के सिद्धान्त</td>
<td>लेमार्क के सिद्धान्त</td>
</tr>
<tr>
<td>1. डी-व्रीज ने जैव विकास के उत्परिवर्तन के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।</td>
<td>जबकि लैमार्क ने उपार्जित लक्षणों की वंशागति के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. डी-व्रीज के मतानुसार नई जातियों की उत्पत्ति छोटी-छोटी विभिन्नताओं के वंशागत होने से नहीं बल्कि उत्परिवर्तन के कारण आकस्मिक बड़ी विभिन्नताओं के वंशागत होने से होती है ।</td>
<td>लैमार्क के मतानुसार जीवों की वृद्धि एवं उनकी आकृति पर वातावरण का अत्यधिक प्रभाव पड़ता है जिससे उनके अंगों की संरचना में धीरेधीरे परिवर्तन होने लगता है। यह उपार्जित परिवर्तन एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पैतृक गुणों में वंशागत रहते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. उदाहरण-इवनिंग प्रिमरोज</td>
<td>उदाहरण-जिराफ की गर्दन का लम्बा होना।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 17.<br />
पादप या उसके भागों में पायी जाने वाली समजातता एवं तुल्यरूपता उपयुक्त उदाहरण सहित समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
समजातता व्हेल, चमगादड़ों, चीता और मानव (सभी स्तनधारी) अग्रपाद की अस्थियों में समानता दर्शाते हैं। ये यद्यपि भिन्न-भिन्न क्रियाकलाप करते हैं परन्तु इनकी शारीरिक संरचना समान होती है। ये सभी संरचनाएँ समजातीय होती हैं, जिनमें समान पूर्वज परम्पराएँ होती हैं; इसे समजातता कहते हैं। तुल्यरूपता- पक्षी एवं तितलियों के पंख लगभग एक समान दिखते हैं; लेकिन इनमें पूर्वज परम्परा सामान्य नहीं है और न ही शरीर की रचना में समानता है। भले ही वे समान क्रिया को सम्पन्न करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
पृथ्वी पर जीवन के विकास की प्रक्रिया में डार्विन तथा डी- ब्रीज के मतों में क्या अन्तर है?<br />
उत्तर:<br />
डार्विन तथा डी ब्रीज के मतों में अन्तर-</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td width="312">डार्विन का मत</td>
<td width="312">डी व्रीज का मत</td>
</tr>
<tr>
<td width="312">1. डार्विन के परिवर्तन छोटे तथा दिशात्मक हैं।</td>
<td width="312">जबकि डी-व्रीज के उत्परिवर्तन (Mutation) आकस्मिक तथा दिशाहीन हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td width="312">2. डार्विन के अनुसार परिवर्तन तथा प्राकृतिक वरण अनेक पीढ़ियों के पश्चात् उत्पन्न होता है जो कि नई जाति के लिए उत्तरदायी होता है।</td>
<td width="312">जबकि डी-व्रीज के अनुसार आकस्मिक उत्परिवर्तन के द्वारा नयी जाति उत्पन्न होती है।</td>
</tr>
<tr>
<td width="312">3. डार्विन के अनुस्रार विकास धीरे-धीरे अर्थात् चरणों में हुआ है।</td>
<td width="312">जबकि डी-व्रीज के अनुसार विकांस एक चरण में हुआ है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 19.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36730" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-2.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 2" width="433" height="115" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-2.png 433w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-2-300x80.png 300w" sizes="auto, (max-width: 433px) 100vw, 433px" /><br />
ऊपर दिखाये गए डार्विन के फिंच पक्षियों में आप क्या भिन्नताएँ देख रहे हैं? लिखिए।<br />
अथवा<br />
गैलेपेगॉस द्वीपों पर फिंचों की विभिन्न किस्मों के अस्तित्व को डार्विन ने किस प्रकार समझाया ?<br />
उत्तर:<br />
डार्विन ने दक्षिण अमेरिका के समीप स्थित गेलेपेगोस द्वीप (Galapogos Island) की भिन्न वातावरणीय परिस्थितियों के कारण उपस्थित भिन्न प्रकार के जन्तु और पादप समष्टि (Fauna \&amp; Flora) अध्ययन किया। उन्होंने एक प्रकार की चिड़िया जिसे डार्विन की फिंच (Darwin&#8217;s Finch) के नाम से जाना जाता है, उसका अध्ययन किया।</p>
<p>उन्होंने लगभग 20 प्रकार की चिड़ियाँ (Finches) देखीं, जो विश्व के किसी क्षेत्र में नहीं मिलती हैं। इन सभी फिंच की चोंच की आकृति अलग-अलग प्रकार की थी। इसकी एक जाति की फिंच अपनी चोंच से पेड़ की छाल को भेद तो देती थी पर भेदे हुए छिद्र के अन्दर से कीटों (Insects) को निकालने में असमर्थ थी अत: यह फिंच चोंच से एक कांटे की सहायता से कीटों को निकाल कर भक्षण करती थी।</p>
<p>ये सभी चिड़ियाँ (फिंच) देखने पर भिन्न-भिन्न प्रकार की थीं लेकिन ये सभी फिंच जाती की थीं जिनका मूल निवास दक्षिणी अमेरिका था। इनमें से कुछ सम्भवतया इन द्वीपों पर पहुँच गयीं और धीरे-धीरे इनमें भिन्न वातावरण में अनुकूलन स्थापित होने के फलस्वरूप चिड़ियों के खाने में अर्थात् उपलब्ध भोजन के आधार पर परिवर्तन आया।</p>
<p>प्रारम्भ में ये बीजभक्षी थीं, फिर शाकाहारी और अन्त में कीटभक्षी हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन पक्षियों की चोंच में भिन्नता स्थानीय वातावरण एवं उसमें उपलब्ध भोजन से अनुकूलनता का परिणाम है। इस तरह मूल रूप से एक जाति के पक्षी में जो भिन्न-भिन्न वातावरण में अभिगमन कर गये उनसे अनेक जातियों एवं उपजातियों का विकास हुआ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
(i) वह कौनसा विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र है जहाँ ये जीव पाये जाते हैं?<br />
(ii) उस परिघटना का नाम लिखिए एवं समझाइए जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में इतनी विविध जातियों का विकास हुआ है।<br />
(iii) अपरा (प्लेसेन्टल) भेडिया और तस्मानियाई भेड़िया का साथ-साथ एक ही पर्यावरण में रहते रहना किस प्रकार सम्भव हुआ, कारण प्रस्तुत करते हुए समझाइए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36731" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-3.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 3" width="427" height="442" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-3.png 427w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-3-290x300.png 290w" sizes="auto, (max-width: 427px) 100vw, 427px" /></p>
<p>उत्तर:<br />
यदि जैव विकास (Organic Evolution) हुआ है तो प्रारम्भ से लेकर आज तक की जीव-जातियों की रचना, कार्यिकी एवं रसायनी, भ्रूणीय विकास, वितरण आदि में कुछ न कुछ सम्बन्ध एवं क्रम होना आवश्यक है। लैमार्क, डार्विन वैलेस, डी व्रिज आदि ने जैव विकास के बारे में अपनी-अपनी परिकल्पनाओं को सिद्ध करने के लिए इन्हीं &#8211; सम्बन्धों एवं क्रम को दिखाने वाले प्रमाण प्रस्तुत किये हैं जिन्हें हम</p>
<p>निम्नलिखित श्रेणियों में बाँट सकते हैं-</p>
<ol>
<li>जीवों की तुलनात्मक संरचना</li>
<li>शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन से प्रमाण</li>
<li>संयोजक कड़ियों के प्रमाण</li>
<li>अवशेषी अंग</li>
<li>भ्रोणिकी से प्रमाण</li>
<li>जीवाश्मीय प्रमाण</li>
<li>जीवों के घरेलू पालन से प्रमाण</li>
<li>रक्षात्मक समरूपता</li>
</ol>
<p>(1) जीवों की तुलनात्मक संरचना ( Comparative Anatomy) से प्रमाण &#8211; जन्तुओं में शारीरिक संरचनाएँ दो प्रकार की होती हैं-<br />
(i) समजात अंग (Homologous organ ) &#8211; वे अंग जिनकी मूलभूत संरचना एवं उत्पत्ति समान हो लेकिन कार्य भिन्न हो, समजात अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए व्हेल, पक्षी, चमगादड़, घोड़े तथा मनुष्य के अग्रपाद समजात अंग अर्थात् होमोलोगस अंग हैं।</p>
<p>इन जन्तुओं के अग्रपाद बाहर से देखने से भिन्न दिखाई देते हैं। इनका बाहरी रूप उनके आवास एवं स्वभाव के अनुकूल होता है। व्हेल के अग्रपाद तैरने के लिए फ्लिपर में, पक्षी तथा चमगादड़ के अग्रपाद उड़ने के लिए पंख में रूपान्तरित हो गये हैं जबकि घोड़े के अग्रपाद दौड़ने के लिए, मनुष्य के मुक्त हाथ पकड़ने के लिए उपयुक्त हैं।</p>
<p>इन जन्तुओं के अग्रपादों के कार्यों एवं बाह्य बनावट में असमानताएँ होते हुए भी, इन सभी जन्तुओं के कंकाल (ह्यूमरस, रेडियस अल्ना, कार्पल्स, मेटाकार्पल्स व अंगुलास्थियाँ ) की मूल संरचना तथा उद्भव (Origin) समान होता है। ऐसे अंगों को समजात अंग (Homologous Organ) कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36732" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-4.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 4" width="434" height="273" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-4.png 434w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-4-300x189.png 300w" sizes="auto, (max-width: 434px) 100vw, 434px" /></p>
<p>कीटों के मुखांग (Mouth Parts of Insects ) &#8211; कीटों के मुखांग क्रमशः लेब्रम ( Labrum), मेण्डिबल (Mandibles), मैक्सिला (Maxilla), लेबियम (Labium) एवं हाइपोफे रिंक्स (hypopharynx) से मिलकर बने होते हैं। प्रत्येक कीट में इनकी संरचना एवं परिवर्धन समान होता है लेकिन इनके कार्यों में भिन्नता पाई जाती है।</p>
<p>कॉकरोच के मुखांग भोजन को काटने व चबाने (Biting and Chewing) का कार्य करते हैं । तितली एवं मक्खी में भोजन चूसने का एवं मच्छर में मुखांग भेदन एवं चूषण (Piercing and Sucking) दोनों का कार्य करते हैं। अकशेरुकियों के पैर (Legs of Invertibrates) &#8211; इसी प्रकार कॉकरोच एवं मधुमक्खी ( Honeybee) के टांगों के कार्य भिन्न- भिन्न हैं।</p>
<p>कॉकरोच अपनी टांगों का उपयोग चलने (Walking) में करता है जबकि मधुमक्खी अपनी टांगों का उपयोग परागकण को एकत्रित (Collecting of Pollens) करने में करती है। जबकि दोनों की टांगों में खण्ड पाये जाते हैं तथा सभी खण्ड समान होते हैं जैसे कॉक्सा (Coxa), ट्रोकेन्टर (Trochanter ), फीमर (Femur), टिबिया (Tibia), 1 से 5 युग्मित टारसस (1-5 Jointed Tarsus)।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36733" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-5.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 5" width="313" height="228" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-5.png 313w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-5-300x219.png 300w" sizes="auto, (max-width: 313px) 100vw, 313px" /></p>
<p>बोगेनविलिया का काँटा और कुकुरबिटा के प्रतान (Tendril) में समानता होती है। इसी प्रकार और भी उदाहरण जैसे</p>
<ol>
<li>आलू व अदरक,</li>
<li>गाजर व मूली ।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>1. अपसारित विकास ( अनुकूली अपसारिता / अनुकूली विकिरण ) [Divergent Evolution (adaptive divergence / adaptive radiation)] &#8211; विभिन्न जन्तुओं में पायी जाने वाली समजातता यह प्रदर्शित करती है कि इन सबकी उत्पत्ति किसी समान पूर्वज से हुई है। किसी एक पूर्वज से उत्पन्न होने के बाद जातियाँ अपने-अपने आवासों के अनुसार अनुकूलित हो जाती हैं। जिसे ही अनुकूली विकिरण या अपसारित विकास कहते हैं। इन जातियों में समजात अंग (Homologous Organs) पाये जाते हैं । जैसे आस्ट्रेलिया में अनुकूली विकिरण के द्वारा ही विभिन्न प्रकार के मासूपिल्स (Marsupials) की उत्पत्ति हुई ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36734" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-6.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 6" width="470" height="473" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-6.png 470w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-6-298x300.png 298w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-6-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 470px) 100vw, 470px" /></p>
<p>2. समवृत्ति अंग (Analogous Organs) &#8211; वे अंग जिनके कार्य समान हों किन्तु उनकी मूल संरचना एवं उत्पत्ति में अन्तर हो, समवृत्ति अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए-कीट, पक्षी तथा चमगादड़ के पंख उड़ने का कार्य करते हैं परन्तु इनकी मूल संरचना एवं उत्पत्ति में बड़ा अन्तर होता है । इन अंगों में केवल आभासी समानताएँ पाई जाती हैं। वातावरण एवं स्वभाव के कारण कार्यों में समानता होती है। कीट के पंखों का विकास शरीर की भित्ति से निकले प्रवर्गों के रूप में होता है जबकि पक्षी एवं चमगादड़ में इनकी उत्पत्ति शरीर भित्ति के प्रवर्गों के रूप में नहीं होती है । अतः इनके कार्यों में तो समानता होती है, परन्तु उत्पत्ति एवं संरचना में भिन्नता होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36735" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-7.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 7" width="440" height="273" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-7.png 440w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-7-300x186.png 300w" sizes="auto, (max-width: 440px) 100vw, 440px" /></p>
<p>इसी तरह मधुमक्खी के डंक एवं बिच्छू के डंक दोनों ही समान कार्य करते हैं परन्तु इनकी संरचना एवं परिवर्धन भिन्न होता है । मधुमक्खी एक कीट है, इसके बाह्य जननांग मिलकर अण्ड निक्षेपक (Ovipositor) नाल बनाते हैं। यही अण्ड निक्षेपक नाल रूपान्तरित होकर डंक बनाती है जबकि बिच्छू में शरीर का अन्तिम खण्ड रूपान्तरित होकर डंक बनाता है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त समवृत्ति के उदाहरण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>ऑक्टोपस (अष्ट भुज) तथा स्तनधारियों की आँखें (दोनों में रेटिना की स्थिति में भिन्नता है) या पेंग्विन और डॉल्फिन मछलियों के फिलपर्स ।</li>
<li>रस्कस का पर्णाभ स्तम्भ (Phylloclade) और सामान्य पर्ण।</li>
<li>आलू (तना) और शकरकंद (जड़)।</li>
</ul>
<p>समवृत्ति अंगों में कार्य की समानता एवं विशिष्ट वातावरण की आवश्यकता के अनुरूप विकास, अभिसरण जैव विकास (Convergent Evolution) को प्रकट करता है।</p>
<p>(2) शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन से प्रमाण (Evidence from Physiology and Biochemistry)-fafum. जीव शरीर क्रिया और जैव रसायन में समानता प्रदर्शित करते हैं, कुछ स्पष्ट उदाहरण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>जीवद्रव्य (Protoplasm) &#8211; जीवद्रव्य की संरचना और संगठन सभी जन्तुओं में (प्रोटोजोआ से स्तनधारियों तक) लगभग समान होती है।</li>
<li>एन्जाइम (Enzyme) &#8211; सभी जीवों में एन्जाइम समान कार्य करते हैं। जैसे ट्रिप्सिन ( Trypsin) । अमीबा से लेकर मानव तक प्रोटीन पाचन और एमाइलेज (Amylase) पॉरीफेरा से स्तनधारियों तक स्टार्च पाचन करता है।</li>
<li>रुधिर (Blood) &#8211; रुधिर की रचना सभी कशेरुकियों में लगभग समान होती है।</li>
<li>हार्मोन (Hormones) &#8211; सभी कशेरुकियों में समान प्रकार के हार्मोन बनते हैं, जिनकी रचना व कार्य समान होते हैं।</li>
<li>अनुवांशिक पदार्थ (Hereditary Material) &#8211; सभी जीवों में आनुवांशिक पदार्थ DNA होता है जिसकी मूल संरचना सभी जीवों में समान होती है।</li>
<li>ए.टी.पी. (ATP) &#8211; सभी जीवों में जैविक ऑक्सीकरण के फलस्वरूप ATP के रूप में ऊर्जा संचित होती है।</li>
<li>साइटोक्रोम &#8211; सी (Cytochrome &#8211; C) &#8211; यह श्वसन वर्णक है जो सभी जीवों के माइटोकॉन्ड्रिया में उपस्थित होता है। इस प्रोटीन में 78-88 तक अमीनो अम्ल एक समान होते हैं जो समपूर्वजता को प्रदर्शित करते हैं।</li>
</ul>
<p>इस प्रकार शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि सभी जीवों का विकास एक ही मूल पूर्वज (Common Ancestor) से हुआ है।</p>
<p>(3) संयोजक कड़ियों के प्रमाण (Evidence of Connective Links) &#8211; जीवों के वर्गीकरण में समान गुणों वाले जीवों को एक ही वर्ग में रखा गया है। कुछ जन्तु ऐसे भी हैं जिनमें दो वर्गों के गुण पाये जाते हैं। इन जन्तुओं को योजक कड़ियाँ (Connective Links) कहते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>संयोजक कड़ियों के उदाहरण-<br />
(i) आर्किओप्टेरिक्स (Archeopteryx) &#8211; जर्मनी के बवेरिया प्रदेश में आर्किओप्टेरिक्स नामक जन्तु के जीवाश्म मिले हैं। इस जन्तु के कुछ लक्षण जैसे चोंच, पंख, पैरों की आकृति, एवीज वर्ग (पक्षी वर्ग) के तो कुछ लक्षण जैसे दाँत, पूँछ तथा शरीर पर शल्कों का होना रेप्टीलिया वर्ग के हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36736" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-8.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 8" width="456" height="337" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-8.png 456w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-8-300x222.png 300w" sizes="auto, (max-width: 456px) 100vw, 456px" /></p>
<p>अतः इस जन्तु को एवीज तथा रेप्टीलिया वर्ग के मध्य योजक कड़ी कहते हैं। इससे प्रमाणित होता है कि पक्षियों का विकास सरीसृपों (Reptiles) से हुआ है।</p>
<p>(ii) प्लेटीपस और एकिडना (Platypus and Echidna ) &#8211; प्लेटीपस और एकिडना दोनों ही मैमेलिया वर्ग के जन्तु हैं। इनके शरीर पर बाल पाये जाते हैं तथा बच्चों को दूध पिलाने के लिए दुग्ध ग्रन्थियाँ (Mammary Glands) होती हैं जो मैमेलिया वर्ग के लक्षण हैं। ये दोनों ही जन्तु रेप्टीलिया वर्ग के जन्तुओं की भाँति कवचदार पीतकयुक्त अण्डे देते हैं। इस प्रकार प्लेटीपस और एकिडना रेप्टीलिया और मैमेलिया वर्ग के मध्य एक योजक कड़ी हैं। ये जन्तु भी सिद्ध करते हैं कि स्तनधारियों का विकास सरीसृपों ( Reptiles ) से हुआ है।</p>
<p>(iii) पेरीपेटस (Peripatus ) &#8211; यह एनेलिडा तथा आर्थोपोडा संघ के बीच की संयोजी कड़ी है। पेरीपेटस में एनेलिडा संघ के निम्न लक्षण पाये जाते हैं-</p>
<ul>
<li>बेलनाकार आकृति</li>
<li>देहभित्ति की आकृति व चर्म का पेशीय होना</li>
<li>क्यूटिकल द्वारा निर्मित बाह्य कंकाल अनुपस्थित एवं पार्श्व पादों के समान उभारों का उपस्थित होना।</li>
</ul>
<p>संघ आर्थ्रोपोडा के समान पेरीपेटस में निम्न लक्षण पाये जाते हैं-</p>
<ul>
<li>तीन खण्डों के समेकन से सिर भाग का बनना</li>
<li>ऐंटिनी (Antennae ) का होना</li>
<li>एक जोड़ी सरल नेत्रों तथा एक जोड़ी मुख पैपिली का उपस्थित होना ।</li>
</ul>
<p>अतः पेरिपेटस को एनीलीडा तथा आर्थ्रोपोडा संघ को जोड़ने वाली संयोजी कड़ी कहते हैं। यह प्रमाणित करता है कि आर्थोपोडा का विकास एनिलिडा से हुआ है ।</p>
<p>(iv) फुफ्फुस मछली (Lungfish ) प्रोटोप्टेरस (Portopterus) &#8211; प्रोटोप्टेरस में कुछ लक्षण मछलियों के (जैसे क्लोम तथा शल्कों की उपस्थिति) और कुछ लक्षण उभयचरों के (जैसे फुफ्फुस की उपस्थिति) पाये जाते हैं। अत: प्रोटोप्टेरस पिसीज तथा उभयचर संघ के बीच संयोजी कड़ी है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36737" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-9.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 9" width="441" height="307" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-9.png 441w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-9-300x209.png 300w" sizes="auto, (max-width: 441px) 100vw, 441px" /></p>
<p>उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न संयोजी कड़ियों के उदाहरण हैं-</p>
<ul>
<li>वायरस (Virus) &#8211; संजीव और निर्जीव के मध्य</li>
<li>यूग्लीना (Euglena) &#8211; पादप और जन्तु के मध्य</li>
<li>प्रोटेरोस्पॉन्जिया (Proterospongia ) &#8211; प्रोटोजोआ और पॉरीफेरा के मध्य</li>
<li>नियोपाइलीना (Neopilina) &#8211; मोलस्का और एनेलिडा के मध्य उक्त कार्बनिक विकास और समपूर्वजता के अच्छे उदाहरण प्रदर्शित करते हैं।</li>
</ul>
<p>(4) अवशेषी अंगों के प्रमाण (Evidences from Vestigeal Organs) &#8211; अधिकांश जन्तुओं में कुछ ऐसे अंग होते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं परन्तु इन अंगों का जीवन भर पूर्ण विकास नहीं होता है। ये जन्तु की जीवन क्रिया में कोई योगदान नहीं देते है। अर्थात् ये निरर्थक एवं अनावश्यक होते हैं। ऐसे अंगों को अवशेषी अंग (Vestigeal Organs) कहते हैं। मनुष्य के शरीर में लगभग 180 ऐसी रचनायें होती हैं जिनमें सामान्य निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>कृमिरूपी &#8211; परिशेषिका (Vermiform Appendix ) &#8211; यह भोजन नाल का भाग होता है, जिसका कोई कार्य नहीं होता है परन्तु खरहे जैसे शाकाहारी जन्तुओं में यह सीकम के रूप में विकसित एवं . क्रियाशील होती है।</li>
<li>कर्ण पल्लव (Earpinna ) &#8211; घोड़े, गधे, कुत्ते व हाथी जैसे जन्तुओं के बाहरी कान से लगी कुछ पेशियाँ होती हैं जो कान को हिलाने का कार्य करती हैं परन्तु मनुष्य में ये पेशियाँ अविकसित रूप में पाई जाती हैं तथा कर्ण पल्लव अचल होता है ।</li>
<li>पुच्छ कशेरुकाएँ (Caudal Vertebrae) &#8211; मनुष्य में पूँछ नहीं पायी जाती है किन्तु फिर भी पुच्छ कशेरुकाएँ अत्यधिक हासित दुम के रूप में अवशेषी अंग के रूप में पायी जाती हैं। इससे पता चलता है कि मनुष्य के पूर्वज में पूँछ थी ।</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px;"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36738" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-10.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 10" width="451" height="373" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-10.png 451w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-10-300x248.png 300w" sizes="auto, (max-width: 451px) 100vw, 451px" /></p>
<ul>
<li>निमेषक पटला (Nictitating Membrane)-मेढक, पक्षियों तथा खरगोश में यह झिल्ली कई रूप में उपयोगी होती है, परन्तु मनुष्य में होते हुए भी इसका कोई कार्य नहीं होता है। यह लाल अर्द्धचन्द्राकार झिल्ली होती है जो आँख के एक ओर स्थित होती है । इसको प्लिका सेमील्यूनेरिस (Plica Semilunaris) कहते हैं।</li>
<li>त्वचा के बाल (Hair ) &#8211; बन्दरों, घोड़ों, सूअरों, कपियों आदि स्तनियों के शरीर पर घने बाल होते हैं। ये ताप नियन्त्रण में सहायता करते हैं। मानव में बालों का यह कार्य नहीं रहा, फिर भी शरीर पर कुछ बाल होते हैं।</li>
<li>अक्कल दाढ़ ( Wisdom Teeth) &#8211; तीसरा मोलर दन्त अन्य प्राइमेट (Primate) स्तनियों में सामान्य होता है । मानव में इसका उपयोग नहीं होता है। अतः यह देर से निकलता है और अर्ध विकसित रहता है। यह दंतरोगों के प्रति संवेदनशील होता है।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>अन्य जन्तुओं में अवशेषी अंग (Vestigeal Organs in other Animals)</p>
<ul>
<li>अजगर (Python) के पश्च पाद और श्रोणि मेखला</li>
<li>बिना उड़ने वाले ( Flightless) पक्षियों के पंख जैसे शुतुरमुर्ग, ईमू कीवी आदि ।</li>
<li>घोड़े के पैरों की स्पिलिंट अस्थियाँ (Splint Bones ) 2 और 4 अगुंली।</li>
<li>व्हेल के पश्चपाद और श्रोणि मेखला</li>
</ul>
<p>पादपों के अवशेषी अंग (Vestigeal Organs in Plants) &#8211; रस्कस और अनेक भूमिगत तनों की शल्की पत्तियाँ ।<br />
अनावश्यक अंगों के अवशेषों का जन्तु के शरीर पर पाया जाना यह सिद्ध करता है कि ये अंग इनके पूर्वजों में क्रियाशील एवं विकसित रहे होंगे किन्तु इनके महत्त्व की समाप्ति पर उद्विकास के द्वारा क्रमशः विलुप्त हो जाने की प्रक्रिया में वर्तमान जन्तुओं में उपस्थित होते हैं।</p>
<p>(5) श्रोणिकी से प्रमाण (Evidences from Embryology) &#8211; श्रोणिकी तुलनात्मक भ्रोणिकी तथा प्रायोगिक श्रोणिकी से विकास के पक्ष में निर्णायक प्रमाण मिलते हैं। सभी मेटोजोअन प्राणी एक कोशिकीय युग्मनज (Zygote) से विकसित होते हैं और सभी प्राणियों के परिवर्धन की प्रारम्भिक अवस्थाओं में अत्यधिक समानता होती है।</p>
<p>मनुष्य सहित सभी मेटाजोअन वर्गों के प्राणियों के अण्डों के परिवर्धन के समय विदलन, ब्लास्टूला एवं गेस्टुला में वही मूलभूत समानताएँ पायी जाती हैं। प्रौढ़ जन्तुओं में जितने निकट का सम्बन्ध होता है उनके परिवर्धन में उतनी अधिक समानता देखने को मिलती है। विभिन्न वर्गों में परिवर्धन के बाद की अवस्थाएँ अपसरित हो जाती हैं व यह अपसरण एक विशाखित वृक्ष के समान होता हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36739" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-11.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 11" width="363" height="399" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-11.png 363w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-11-273x300.png 273w" sizes="auto, (max-width: 363px) 100vw, 363px" /></p>
<p>इसी प्रकार विभिन्न कशेरुकियों के भ्रूणों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर ज्ञात होता है कि उच्च वर्ग के जन्तुओं के भ्रूण निम्न वर्गों के प्रौढ़ जन्तुओं के समान होते हैं, जैसे मेढ़क का टेडपोल लारवा मछली के समान होता है। इसी आधार पर हेकल ने पुनरावर्तन का सिद्धान्त (Recapitulation Theory ) प्रतिपादित किया।</p>
<p>इसके अनुसार प्रत्येक जीव भ्रूणीय परिवर्धन में अपनी जाति के जातीय विकास की कथा को दोहराता है। पुनरावर्तन सिद्धान्त के आधार पर निषेचित अण्डे की तुलना समस्त जन्तुओं के एककोशिकीय पूर्वज से ब्लास्टुला की प्रोटोजोआ मण्डल या कॉलोनी से की जा सकती है। मेढ़क के ही नहीं वरन् रेप्टाइल, पक्षी और यहाँ तक कि मनुष्य के भ्रूण में भी क्लोम दरारें, क्लोम, नोटोकॉर्ड, युग्मित आयोटिक चॉपें, प्रोनेफ्रोस, पुच्छ तथा पेशियाँ आदि मछली के समान होती हैं और आरम्भ में सभी का हृदय मछली के समान द्विकक्षीय होता है।</p>
<p>इससे यह प्रमाणित होता है कि प्रारम्भ मे समस्त वर्टिब्रेट्स का विकास मछली के समान पूर्वजों से हुआ है। मनुष्य के भ्रूणीय परिवर्धन में देखा गया है कि उसका भ्रूण प्रारम्भ में मछली से, बाद में एम्फिबियन से और फिर रेप्टाइल से मिलता-जुलता होता है और सातवें मास में यह शिशु कपि से मिलता- जुलता होता है। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक जीव अपने भ्रूण परिवर्धन में उन समस्त अवस्थाओं से गुजरता है जिनसे कभी उसके पूर्वज धीरे-धीरे विकसित होकर बने होंगे।</p>
<p>(6) जीवाश्मीय प्रमाण (Palaeontological Evidences) &#8211; वैज्ञानिक चार्ल्स लायल के अनुसार पूर्व जीवों के चट्टानों से प्राप्त अवशेष जीवाश्म ( Fossils) कहलाते हैं। जीवाश्म का अध्ययन पेलियो-ओन्टोलॉजी (Palacontology) कहलाता है। जीवाश्म कार्बनिक विकास के पक्ष में सर्वाधिक मान्य प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। क्योंकि जीवाश्म द्वारा जीवों के सम्पूर्ण विकासीय इतिहास का अध्ययन किया जा सकता है।</p>
<p>जीवाश्म के अध्ययन से जीवों के विकास के सम्बन्ध में निम्न तथ्य प्रमाणित हुए-</p>
<ul>
<li>जीवाश्म जो कि पुरानी चट्टानों से प्राप्त हुए सरल प्रकार के तथा जो नई चट्टानों से प्राप्त हुए जटिल प्रकार के थे।</li>
<li>विकास के प्रारम्भ में एक कोशिकी प्रोटोजोआ जन्तु बने जिनसे बहुकोशिकी जन्तुओं का विकास हुआ।</li>
<li>कुछ जीवाश्म विभिन्न वर्ग के जीवों के बीच की संयोजक कड़ियाँ (Connecting-links) को प्रदर्शित करती हैं।</li>
<li>पौधों में एन्जिओस्पर्म (Angiosperm) तथा जन्तुओं में स्तनधारी (mammals) सबसे अधिक विकसित और आधुनिक हैं।</li>
<li>जीवाश्म के अध्ययन से किसी भी जन्तु को जीवाश्म कथा ( विकासीय इतिहास) या वंशावली का क्रमवार अध्ययन किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>घोड़े की वंशावली ( जीवाश्मीय इतिहास ) [Evolution (Pedigree) of Horse] वैज्ञानिक सी. मार्श (C. Marsh) के अनुसार घोड़े का प्रारम्भिक जीवाश्म उत्तरी अमेरिका में पाया गया जिसका नाम इओहिप्पस (Eohippus) था। इसका विकास इओसीन काल में हुआ। इओहिप्पस लोमड़ी के समान तथा लगभग एक फुट ऊँचे थे। इनके अग्रपादों में चार तथा पश्च पादों में तीन-तीन अंगुलियाँ थीं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36740" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-12.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 12" width="412" height="745" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-12.png 412w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-12-166x300.png 166w" sizes="auto, (max-width: 412px) 100vw, 412px" /></p>
<p>ओलिगोसीन काल में इन पूर्वजों से भेड़ के आकार के मीसोहिप्पस (Mesohippus) घोड़ों का विकास हुआ। इनके अग्र व पश्च पादों में केवल तीन-तीन अंगुलियाँ थीं। बीच की अंगुलियाँ इधर- उधर की दोनों अंगुलियों से बड़ी थीं और शरीर का अधिकांश भाग इन्हीं पर रहता था। इनसे मायोसीन काल के मेरीचिप्पस (Merychippus) घोड़ों का विकास हुआ।</p>
<p>ये टट्ट के आकार के थे। इनके अग्र व पश्च पादों में तीन-तीन अंगुलियाँ थीं जिनमें से बीच वाली सबसे लम्बी थी और केवल यही भूमि तक पहुँचती थी । प्लायोसीन काल में प्लीओहिप्पस (Pliohippus) घोड़ों का विकास हुआ। ये आकार में टट्ट से ऊँचे थे। इनके अग्र व पश्चपादों में केवल एक-एक अंगुली विकसित थी और इधर-उधर की अंगुलियाँ अत्यधिक हासित होकर स्प्लिट अस्थियों (Splint Bones)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>के रूप में त्वचा में दबी हुई थीं। केवल एक ही अंगुली की उपस्थिति के कारण ये तेजी से दौड़ सकते थे । प्लीस्टोसीन युग में इन्हीं घोड़ों से आधुनिक घोड़े इक्वस (Equus) का विकास हुआ। इक्वस की ऊँचाई लगभग 5 फीट है और यह उसी रूप में आज भी चला आ रहा है।</p>
<p>(7) जीवों के घरेलू पालन ( Domestication) से प्रमाण- मनुष्य अपने लिए उपयोगी जन्तुओं (घोड़े, गाय, कुत्ता, बकरी, भेड़, भैंस, कबूतर, मुर्गा आदि) तथा खेतिहर वनस्पतियों (गोभी, आलू, कपास, गेहूँ, चावल, मक्का, गुलाब आदि) की इनके जंगली पूर्वजों से नस्लें सुधार कर उत्पत्ति की है।</p>
<p>यद्यपि नस्लें सुधार कर नयी जातियों की उत्पत्ति वैज्ञानिक नहीं कर पाये हैं, फिर भी इस प्रक्रिया में बदले हुए लक्षण विकसीय ही माने जायेंगे हजारों-लाखों वर्षों का समय मिले तो सम्भवतः मानव इस विधि से नयी जीव जातियों की उत्पत्ति कर लेगा। अतः इतने पुराने इतिहास की प्रकृति में अनुमानत: इसी प्रकार नस्लों में सुधार के फलस्वरूप नयी-नयी जातियों की उत्पत्ति हुई होगी।</p>
<p>(8) रक्षात्मक समरूपता (Protective Resemblance) से प्रमाण &#8211; इंगलिस्तान (Britain) के औद्योगिक नगरों के आस-पास के पेड़ चिमनियों के धुएँ से काले पड़ जाते हैं। इन क्षेत्रों के कीटों, विशेष तौर से पतंगों (moths) की विभिन्न जातियों में, गत सदी में, औद्योगिक साँवलेपन (Industrial melanism) का रोग हो गया।</p>
<p>उदाहरणार्थ, पंतगों की बिस्टन बिटूलैरिया (Biston betularia) नामक जाति में शरीर व पंख हल्के रंग के काले धब्बेदार होते थे । सन् 1884 में इनकी आबादी में पहली बार एक बिल्कुल काला पतंगा देखा गया। यह परिवर्तन रंग के जीन में अचानक जीन &#8211; उत्परिवर्तन (gene- mutation) के कारण हुआ।</p>
<p>बाद में काले पतंगों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 90% हो गयी। यह एक विकासीय परिवर्तन था। इससे पतंगों का रंग पेड़ों के रंग से मिलता-जुलता हो गया ताकि ये शत्रुओं (पक्षियों) और शिकार की निगाहों से बच सकें । जीन &#8211; उत्परिवर्तन के कारण वातावरण से रक्षात्मक समरूपता के अन्य उदाहरण भी मिलते हैं। इसे सादृश्यता (Mimicry) कहते हैं।</p>
<p>ऐसी तितलियाँ होती हैं जो उन्हीं सूखी पत्तियों जैसी दिखायी देती हैं जिन पर ये आराम के समय बैठती हैं शाखाओं से मिलती-जुलती आकृति की कई कीट जातियाँ पायी जाती हैं। ये सब दृष्टान्त &#8216;जैव &#8211; विकास&#8217; को प्रमाणित करते हैं । इंगलिस्तान के पतंगों के सम्बन्ध में तो यहाँ तक कहा &#8211; गया है कि इनमें &#8220;वैज्ञानिकों ने विकास प्रक्रिया को होते हुए स्वयं देखा है। &#8221;<br />
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<p>प्रश्न 21.<br />
हार्डी-वेनबर्ग का नियम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
इसके अनुसार किसी समुदाय में यदि प्रजनन बेतरतीब (Random) होता है, यदि उत्परिवर्तन नहीं होते हैं तथा यदि समुदाय में सदस्यों की संख्या विशाल होती है तब इस समुदाय की जीन की जीन आवृत्ति (Gen Frequency) एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी में स्थिर रहेगी अर्थात् यह समुदाय आनुवंशिक संतुलन (Genetic Equilibrium) स्थिति में होगा।</p>
<p>इस हार्डी &#8211; वेनबर्ग ने निम्न समीकरण द्वारा समझाया-<br />
सभी अलील आवृत्तियों का योग 1 (एक) होता है तथा व्यष्टिगत आवृत्तियों को pq कहा गया । द्विगुणित में p तथा q अलील A तथा अलील a की आवृत्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। एक जीव संख्या में AA की आवृत्ति साधारणतया P<sup>2</sup> होती है। ठीक इस प्रकार से aa की आवृत्ति q<sup>2</sup> होती है और Aa की 2pg होती है अत: P<sup>2</sup> + 2pg + q<sup>2</sup>=1 हुआ। यह (p+q)<sup>2</sup> की द्विपदी अभिव्यक्ति है।</p>
<p>इस प्रकार हार्डी &#8211; वेनबर्ग सिद्धान्त यह स्पष्ट करता है कि यदि जीन आवृत्तियाँ परिवर्तित नहीं होती हैं अर्थात् वह समुदाय आनुवंशिक &#8216;संतुलन की दशा में होता है तब इसमें विकास की दर भी शून्य होती है । इस सिद्धान्त को दिये गये उदाहरण से समझाया जा सकता है। मान लीजिए किसी विशाल समुदाय में दी गई आवृत्ति में दो अलील (Allel) A व a उपस्थित हैं। मेन्डल के वंशागति नियमानुसार इस समुदाय में तीन प्रकार के सदस्य उपस्थित होंगे जिनका अनुपात निम्न होगा &#8211;</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>AA</td>
<td>Aa</td>
<td>aa</td>
</tr>
<tr>
<td>36%</td>
<td>48%</td>
<td>16%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>यदि यह माना जाये कि समुदाय के सदस्यों के बीच प्रजनन अव्यवस्थित (Random) ढंग से हो रहा तब ऐसी स्थिति में सभी सदस्य संख्या में लगभग एक सामान युग्मक उत्पादित करेंगे । यहाँ यह भी मान लें कि जीन A व a में उत्परिवर्तन नहीं होता है तब इस समुदाय के कुल उत्पादित युग्मकों &#8216;उत्पादित युग्मकों का प्रतिशत निम्न प्रकार का होगा-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36742" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-14.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 14" width="340" height="85" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-14.png 340w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-14-300x75.png 300w" sizes="auto, (max-width: 340px) 100vw, 340px" /></p>
<p>लैंगिक प्रजनन में इन युग्मकों में परस्पर निषेचन निम्नलिखित चार प्रकार से सम्भव होगा-<br />
शुक्राणु A का संयुग्मन अण्ड A से<br />
शुक्राणु a का संयुग्मन अण्ड a से<br />
शुक्राणु A का संयुग्मन अण्ड a से तथा<br />
शुक्राणु a का संयुग्मन अण्ड A से<br />
उपर्युक्त उदाहरणानुसार युग्मकों के परस्पर संयुग्मन की आवृत्ति प्रतिशत निम्नलिखित प्रकार की होगी-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36743" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-15.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 15" width="392" height="120" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-15.png 392w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-15-300x92.png 300w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>अतः इस नयी अगली पीढ़ी में सदस्यों का वही अनुपात उपलब्ध होगा जो मूल जनक समुदाय में था । स्पष्ट है कि यहाँ जीन आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है अर्थात् यह समुदाय पीढ़ी दर पीढ़ी आनुवंशिक सन्तुलन की दशा में रहता है व ऐसे समुदाय में विकास की दर शून्य होगी। इस वर्णन से स्पष्ट है कि विकास परिवर्तन उसी दशा में सम्भव है जब हार्डी-वेनबर्ग नियम की एक या अधिक शर्तें भंग होती हैं तथा इसके फलस्वरूप जब समुदाय का आनुवंशिक सन्तुलन बिगड़ता है । पाँच घटक हार्डी-वेनबर्ग साम्यता को प्रभावति करते हैं जो निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>जीन पलायन (Gene Migration) या जीन प्रवाह (Gene flow),</li>
<li>आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift),</li>
<li>उत्परिवर्तन (Mutation),</li>
<li>आनुवंशिक पुनर्योग (Genetic Recombination) और</li>
<li>प्राकृतिक वरण (Natural Selection )</li>
</ul>
<p>इस प्रकार किसी समुदाय में प्राकृतिक चयन प्रक्रिया तभी होती है जब उस समुदाय में प्रजनन अव्यवस्थित प्रकार से नहीं होता है, जब उसमें आनुवंशिक उत्परिवर्तन होते या जब समुदाय में सदस्यों की संख्या कम होती है, तभी विकास सम्भव होता है। जब जीन संख्या का स्थान परिवर्तन होता है तो जीन आवृत्तियाँ भी बदल जाती हैं। यह दोनों मौलिक (पुरानी) तथा नई जीव संख्या में होता है।</p>
<p>नयी समष्टि में नई जीनें और अलील जोड़ दी जाती हैं व पुरानी समष्टि में ये घट जाती हैं।. यदि यही प्रक्रिया बार- बार होगी तो जीन प्रवाह सम्भव होगा। यदि यह परिवर्तन संयोगवश होता है तो आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) कहलाता है । कभी-कभी अलील आवृत्ति का यह परिवर्तन समष्टि के नये नमूने में इतना भिन्न हो जाता है तो वह नूतन प्रजाति (Species) ही हो जाती है।</p>
<p>मौलिक अपवाहित (Original Drifted Population) संस्थापक बन जाती है व इस प्रभाव को संस्थापक प्रवाह कहा जाता है। सूक्ष्म जीवों पर किये गये प्रयोग यह दर्शाते हैं कि पूर्व विद्यमान लाभकारी उत्परिवर्तन का वरण होता है व नये फीनोटाइप (Phenotype) दिखाई देते हैं तथा कुछ पीढ़ियों के बाद यही नयी जाति हो जाती है। प्राकृतिक वरण में इन्हें जनन के अधिक अवसर प्राप्त होते हैं।</p>
<p>वास्तव में उत्परिवर्तन व युग्मों के निर्माण समय में पुनर्योजन या जीन अपवाह का परिणाम होता है, इससे आगामी पीढ़ी में जीन आवृत्ति में परिवर्तन आता है। धीरे-धीरे जनन की सफलता के सहारे से प्राकृतिक वरण इसे अलग समष्टि का रूप दे देता है। फिर प्राकृतिक वरण स्थायित्व प्रदान कर देता है। (व्यष्टियों को लक्षण प्राप्त होना) दिशात्मक परिवर्तन ( Directional) या विदारण (डिसरप्शन ) जो वितरण वक्र के दोनों सिरों में होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36744" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-16.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 16" width="449" height="369" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-16.png 449w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-16-300x247.png 300w" sizes="auto, (max-width: 449px) 100vw, 449px" /></p>
<p>प्रश्न 22.<br />
अपसारी विकास (Divergent Evolution) क्या है ? पौधों का उदाहरण लेते हुए समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
अपसारी विकास (Divergent Evolution) &#8211; विभिन्न जन्तुओं में पायी जाने वाली समजातता यह प्रदर्शित करती है कि इन सबकी उत्पत्ति किसी समान पूर्वज से हुई है। किसी एक पूर्वज से उत्पन्न होने के बाद जातियाँ अपने-अपने आवासों के अनुसार अनुकूलित हो जाती हैं जिसे ही अपसारी विकास कहते हैं।</p>
<p>इन जातियों में समजात पाये जाते हैं- जैसे बोगनविलिया का कांटा तथा कुकुरबिटा के प्रतान (Tendril) समजात होते हैं। ये दोनों ही तने के रूपान्तरण हैं जो कार्य तथा भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार ( आकारिकी) रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
मानव के अवशेषी अंगों की सूची बनाइए ।<br />
उत्तर:<br />
मानव के शरीर में लगभग 180 अवशेषी अंग हैं जिनमें से सामान्य निम्नलिखित हैं-</p>
<ol>
<li>कृमिरूपी परिशेषिका (Vermiform Appendix )</li>
<li>कर्ण पल्लव (Ear pinna)</li>
<li>पुच्छ कशेरूकाएँ (Caudal Vertebrae)</li>
<li>निमेषक पटल (Nictitating Membrane)</li>
<li>त्वचा के बाल (Hair )</li>
<li>अक्कल दाढ़ (Wisdom Teeth)</li>
<li>सरवाइकल फिस्टुला (Cervical Fistula)</li>
<li>केनाइन दाँत (Canine teeth)</li>
<li>अतिरिक्त चूचुक (Extra nipple )</li>
<li>रूडीमेन्टरी गिल स्लिटस (Rudimentary gill slits)</li>
<li>मानव शिशु में पूँछ (Human Body with Tail)</li>
</ol>
<p>प्रश्न 24.<br />
विकास के आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धान्त का वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के बारे में हमें &#8216;बिग बैंग&#8217; नामक महाविस्फोट का सिद्धान्त यह कहता है कि एक महा विस्फोट के फलस्वरूप ब्रह्माण्ड का विस्तार हुआ और तापमान में कमी आई। कुछ समय बाद हाइड्रोजन एवं हीलियम गैसें बनीं। ये गैसें गुरुत्वाकर्षण के कारण संघनीभूत हुईं और वर्तमान ब्रह्माण्ड की आकाश गंगाओं का गठन हुआ। आकाश गंगा के सौर मण्डल में पृथ्वी की रचना 4.5 बिलियन वर्ष (450 करोड़) पूर्व मानी जाती है। प्रारम्भिक अवस्था में पृथ्वी पर वायुमण्डल नहीं था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>जल, वाष्य, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अमोनिया आदि धरातल को ढकने वाले गलित पदार्थों से निर्मुक्त हुई। सूर्य से आने वाली पराबैंगनी (अल्ट्रावायलेट) किरणों ने पानी को (H<sub>2</sub>) तथा (O<sub>2</sub>) में विखण्डित कर दिया तथा हल्की (H<sub>2</sub>) मुक्त हो गई। ऑक्सीजन ने अमोनिया (NH<sub>2</sub>) एवं मीथेन (CH<sub>2</sub>) के साथ मिलकर पानी, कार्बन डाइऑक्साइड (CO<sub>2</sub>) तथा अन्य गैसों आदि की रचना की।</p>
<p>पृथ्वी के चारों तरफ ओजोन परत का गठन हुआ। जब यह ठण्डा हुआ, तो जल-वाष्प बरसात के रूप में बरसी और गहरे स्थान भर गए, जिससे महासागरों की रचना हुई। पृथ्वी की उत्पत्ति के लगभग 50 करोड़ वर्ष बाद अर्थात् 400 करोड़ वर्ष पहले जीवन प्रकट हुआ। पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में वैज्ञानिकों एवं दार्शनिकों ने समय-समय पर अपनी-अपनी परिकल्पनाएँ प्रस्तुत कीं। इनमें प्रमुख</p>
<p>परिकल्पनाएँ निम्न हैं-<br />
1. विशिष्ट सृष्टि का सिद्धान्त (Theory of Special Creation)-यह सिद्धान्त धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इस विचारधारा के प्रमुख समर्थक फादर सुआरेझ (Father Suarez) थे, बाइबिल के अनुसार जीवन तथा सभी वस्तुओं की रचना भगवान द्वारा 6 दिनों में की गई।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>प्रथम दिन</td>
<td>स्वर्ग तथा नरक</td>
</tr>
<tr>
<td>द्वितीय दिन</td>
<td>आकाश तथा जल</td>
</tr>
<tr>
<td>तीसरे दिन</td>
<td>सूखी धरती और वनस्पति</td>
</tr>
<tr>
<td>चौथे दिन</td>
<td>सूर्य, चन्द्रमा और तारे</td>
</tr>
<tr>
<td>पाँचवें दिन</td>
<td>मछलियाँ और पक्षी</td>
</tr>
<tr>
<td>छठे दिन</td>
<td>स्थलीय जन्तु और मनुष्य बने।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रथम मनुष्य (Adam) आदम बना और इसकी बारहवीं पसली से (Five) हौवा प्रथम नारी बनी। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विश्व और सृष्टि की रचना ब्रह्मा द्वारा की गई। (प्रथम मानव मनु और प्रथम नारी श्रद्धा थे ) । इसके अनुसार जीवन अपरिवर्तनशील है तथा उत्पत्ति के बाद उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ। विशिष्ट सृष्टिवाद का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं होने के कारण इसे स्वीकार नहीं किया गया।</p>
<p>2. स्वतः जनन का सिद्धान्त (अजीवात जीवोत्पत्ति) (Theory of Spontaneous Generation Abiogenesis or Autogenesis)-इस परिकल्पना का प्रतिपादन पुराने यूनानी दार्शानिक जैसे थेल्स, एनेक्सिमेन्डर, जेनोफेन्स, प्लेटो, एम्पीडोकल्स, अरस्तू द्वारा किया गया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन की उत्पत्ति निर्जीव पदार्थों से अपने आप अचानक हुई। इनका विश्वास था कि नील नदी के कीचड़ पर प्रकाश की किरणें गिरने पर उससे मेंढ़क, सर्प, मगरमच्छ आदि उत्पन्न हो गये।</p>
<p>अजैविक उत्पत्ति का प्रायोगिक समर्थन वाल हेल्मोन्ट (Val Helmont 1642) द्वारा किया गया। इनके द्वारा अन्धेरे स्थल पर गेहूँ के चौकर (Barn) में पसीने से भीगी गन्दी कमीज (Shirt) को रखने पर 21 दिन में चूहों की उत्पत्ति को स्वतः जनन के द्वारा होना बताया।</p>
<p>3. ब्रह्माण्डवाद का सिद्धान्त (Cosmologic Theory)-यह सिद्धान्त रिचर (Richter) द्वारा प्रतिपादित किया गया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन पृथ्वी पर सर्वप्रथम किसी अन्य ग्रह या नक्षत्र से जीवद्रव्य (Protoplasm), बीजाणु (Spores) या अन्य कणों के रूप में कॉस्मिक धूल के साथ पहुँचा जिसने जीवन के विभिन्न रूपों को जन्म दिया।</p>
<p>4. कॉस्मिक पेनस्पर्मिया सिद्धान्त (Cosmic Panspermia Theory)-यह सिद्धान्त आरीनियस (Arrhenius) द्वारा प्रतिपाद्ति किया गया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवों के बीजाणु (Spores) ब्रह्माण्ड में एक ग्रह से दूसरे ग्रह पर स्वतन्त्र रूप से आ जा सकते हैं। इन्होंने ही पृध्व्वी पर पहुँचकर जीवन के विभिन्न रूपों को जन्म दिया।</p>
<p>5. जीवन की अनन्तकालता का सिद्धान्त (Theory of Eternity of Life)-हेल्महॉट्ज (Helmhotz) ने जीवन की अनन्तकालिता (Eternity of Life) में विश्वास किया। इनके अनुसार जीवन की उत्पत्ति या सृष्टि का प्रश्न उठता ही नहीं, क्योंकि &#8216;जीवन अमर है; ब्रह्माप्ड की उत्पत्ति के समय ही अजीव और सजीव पदार्थों की एक साथ उत्पत्ति हुई ।</p>
<p>6. जीवात् जीवोत्पत्ति का सिद्धान्त (Theory of Biogenesis)-यह सिद्धान्त हार्वे (Harvey, 1951) और हक्सले (T.H. Huxley, 1870) नामक वैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपाद्त किया। इनके अनुसार पृथ्वी पर नये जीवन की उत्पत्ति या निर्माण पूर्व जीवों से होता है न कि निर्जीव पदार्थों से। यह सिद्धान्त स्वतः जनन (Spontaneous Generation) का तो खण्डन करता है किन्तु पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति की व्याख्या नहीं करता है। जीवात् जीवोत्पत्ति का प्रायोगिक सत्यापन और स्वतः जनन का प्रायोगिक खण्डन करने के लिए प्रमुख वैज्ञानिकों द्वारा किये गये प्रयोग अग्र हैं।</p>
<p>7. फ्रांसेस्को रेडी (Francesco Redi, 1668-इटालियन ) का प्रयोग-इन्होंने मरे हुए सांपों, मछलियों और माँस के टुकड़ों को जारों में रखकर कुछ जार खुुले छोड़े तथा कुछ को सील किया या जालीदार कपड़े में बंद किया। खुले जारों में मक्खियों ने माँस पर अण्डे दिये जिनसे डिम्भक (Larvae of maggots) निकले बंद जारों में मक्खियाँ नहीं घुस पायीं।</p>
<p>अतः इनके माँस में डिम्भक (Larvae or maggots) नहीं दिखाई दिये। इस प्रयोग द्वारा सिद्ध होता है कि डिम्भक का विकास मक्खियों द्वारा दिये गये अण्डों से हुआ जबकि बंद जार में मक्खियों के नहीं घुस पाने के कारण उनमें किसी प्रकार के डिम्भक (Larvae) का विकास नहीं हुआ। अतः जीव का जन्म पहले से उपस्थित जीव द्वारा संभव है न कि स्वतः जनन द्वारा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36745" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-17.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 17" width="292" height="329" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-17.png 292w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-17-266x300.png 266w" sizes="auto, (max-width: 292px) 100vw, 292px" /></p>
<p>8. लैजेरो स्पैलैन्जनी (Lazzaro Spallanzani 1767 इटालियन) का प्रयोग-इन्होंने बंद फ्लास्कों में सब्जियों और माँस को उबालकर जीवाणु रहित (Sterilized) पोषक शोरबा (Broth) तैयार किया। खुले या ढीले कार्क से बन्द्र जारों में रखने पर इस शोरबे में अनेक जीवाणु पनप जाते थे, परन्तु सीलबन्द करके रखने पर इसमें जीवाणु उत्पन्न नहीं होते थे।</p>
<p>नीधम (Needham) ने इस प्रयोग के विरोध में कहा कि अधिक उबालने से यह शोरबा जीवों के स्वतः उत्पादन के योग्य नहीं रहा। इस पर स्पैलैन्जनी (Spallanzani) ने सीलबंद फ्लास्कों की नलियों को तोड़ दिया। कुछ दिन बाद हवा के भीतर पहुँचने के कारण, इन जारों के शोरबे में भी जीवाणु हो गये। इससे सिद्ध हुआ कि सूक्ष्म जीवाणु भी स्वतः उत्पादन द्वारा नहीं, वरन् हवा में उपस्थित जीवाणु से ही बनते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>9. लुईस पाश्चर (Louis Pasteur, 1860-1862-फ्रांसीसी) का प्रयोग-लुईस पाश्चर ने रोगों का रोगाणु सिद्धान्त (Germ Theory of Diseases or Germ Theory) प्रतिपादित के साथ अजैव उत्पत्ति को गलत सिद्ध किया।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36746" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-18.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 18" width="360" height="327" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-18.png 360w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-18-300x273.png 300w" sizes="auto, (max-width: 360px) 100vw, 360px" /></p>
<p>इन्होंने शक्कर और यीस्ट (Yeast) का घोल उबाल कर उसे जीवाणु रहित कर दिया। अब इस घोल को दो प्रकार के फ्लास्क में रखा एक जार (फ्लास्क) की गर्दन को गरम करके खींच कर &#8216;S&#8217; आकार (हंस की गर्दन के समान) का बना दिया तथा दूसरे की गर्दन को तोड़ दिया  &#8216;S&#8217; आकृति की गर्दन वाले फ्लास्क में कोई जीवाणु दिखाई नहीं दिये क्योंकि मुड़ी गर्दन पर धूल कण और सूक्ष्म जीव चिपक गए और विलयन तक नहीं पहुँच सके। जबकि टूटी ग्रीवा वाले फ्लांस्क में वायु और सूक्ष्म जीव आसानी से पहुँच जाने के कारण उसमें सूक्ष्म जीवों की कॉलोनी का विकास हो गया। लुईस पाश्चर के प्रयोगों से अजीवात् जीवोत्पत्ति की धारणा समाप्त हो गई और सजीवों से ही जीवन की उत्पत्ति सिद्ध हो गई।</p>
<p>10. ओपेरिन-हेल्डेन सिद्धान्त (Oparin-Haldane Theory of Origin of Life)-वैज्ञानिक ए.आई. ओपेरियन और जे.बी.एस. हेल्डेन (इंग्लैण्ड में जन्मे भारतीय वैज्ञानिक) ने प्रकृतिवाद् या रासायनिक विकास का सिद्धान्त (Naturalistic Theory or Theory of Chemical Evolution) प्रतिपादित किया। यह सिद्धान्त जीवन की उत्पत्ति का आधुनिक सिद्धान्त (Modern Theory of Origin of Life) है। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन की उत्पत्ति रसायनों के संयोग से हुई जिसे निम्न बिन्दुओं के आधार पर समझाया गया है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36747" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-19.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 19" width="380" height="448" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-19.png 380w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-19-254x300.png 254w" sizes="auto, (max-width: 380px) 100vw, 380px" /></p>
<p>(i) परमाणु अवस्था (The Atomic Stage)-पृथ्व्वी की उत्पत्ति लगभग 4-6 अरब वर्ष पूर्व हुई। ऐसे तत्व जो जीवद्रव्य बनाने में प्रमुख रूप से भाग लेते हैं केवल परमाण्वीय अवस्था में पाये जाते थे। केवल हल्के तत्वों ने मिलकर पृथ्वी का आद्य वातावरण निर्मित किया जैसे कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन। इनमें सर्वाधिक मात्रा में हाइड्रोजन उपस्थित थी।</p>
<p>(ii) आण्विक अवस्था (अणुओं और सरल अकार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति) Molecular Stage (Origin of Molecules and Simple Inorganic Compounds)-पृथ्वी के ताप में कमी होने के साथ हल्के स्वतन्त्र परमाणुओं में संयोग से अणु और सरल अकार्बनिक यौगिक बनने लगे। अति उच्च ताप के कारण सक्रिय हाइड्रोजन परमाणुओं ने सम्मूर्ण ऑक्सीजन से संबोग कर जल बनाया और वातावरण में मुक्त ऑक्सीजन नहीं रही।</p>
<p>इसलिए आद्य वातावरण अपचायी (Reducing) था जबकि वर्तमान वातावरण स्वतन्त्र ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण उपचायी (Oxidising) है। हाइड्रोजन परमाणुओं ने नाइट्रोजन से संयोग कर अमोनिया (NH3) का निम्माण किया। जल तथा अमोनिया सम्भवतः प्रथम अकार्घनिक (Inorganic) यौगिक थे। इन हल्के तत्वों में क्रियाओं द्वारा CO<sub>2</sub>,CO N<sub>2</sub>,H<sub>2</sub> आदि का भी निर्माण हो गया।</p>
<p>(iii) प्रारम्भिक कार्बनिक याँगिकों की उत्पत्ति (Origin of Early Organic Compounds)-वातावरण में उपस्थित नाइट्रोजन और कार्बन के धात्चिक परमाणुओं के साथ संयोग से नाइट्राइड और कार्बाइड का निर्माण हुआ। जल वाष्प और धात्चिक कार्बाइड के क्रिया द्वारा प्रथम काबंनिक यौगिक मेथेन CH<sub>4</sub> का निर्माण हुआ। इसके बाद HCN हाइड्रोजन सायनाइड बना।</p>
<p>उस समय जो जल पृथ्वी पर बनता उच्च ताप के कारण वाष्पीकृत हो जाता जिससे बादल बन जाते तथा जलवाष्प वर्षा बंदों के रूप में पुनः भूमि पर आ जाती जिससे लम्बे समय तक इस प्रक्रम के चलते रहने से पृथ्वी का ताप कम होने लगा और इस पर समुद्र बनने लगे।</p>
<p>(iv) सरल कार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति (Origin of Simple Organic Compounds)-आदि सागर के जल में बड़ी मात्रा में मेथेन, अमोनिया, हाइड्रोजन, सायनाइड्स, कार्बाइड और नाइट्राइड्स उपस्थित थे। इन प्रारम्भिक यौगिकों में संयोग द्वारा सरल कार्बनिक यौगिकों का निर्माण हुआ जैसे अमीनो अम्ल, गिलसरॉल, वसा अम्ल, प्यूरीन, पिरीमिडीन आद्व। क्रियाओं के लिए ऊर्जा सूर्य के प्रकाश की पराबैंगनी किरणों, कॉस्मिक किरणों और ज्बालामुखी आदि से प्राप्त हई ।</p>
<p>(v) जटिल कार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति (Origin of Complex Organic Compounds)-समुद्री जल में छोटे सरल कार्बनिक यौगिकों के संयोग से बड़े जटिल कार्बनिक यौगिक बनने लगे जैसे-एमीनो अम्लों के संयोग से बड़ी शृंखलाएँ पॉलीपेप्टाइड्स (Polypeptides) और प्रोटीन बने। वसा अम्ल और ग्लिसरॉल के संयोग से वसा (Fat) और लिपिड (Lipid) बने।</p>
<p>सरल शर्कराओं के संयोग से डाइसैकेराइड और पॉलीसेकेराइड बने। शर्करा, नाइट्रोजनी क्षारक और फास्फेट्स के संयोग से न्यूक्लिओटाइड बने जिनकें बहुलीकरण से न्यूक्लिक अम्ल बने। इस प्रकार समुद्री जल में ऐसे दीर्घ अणुओं (Macro molecules) का निर्माण हो गया जो जीवद्रव्य के मुख्य घटकों का निर्माण करते हैं। अतः आदि सागर में जीवन की उत्पत्ति की संम्भावनाएँ स्थापित हो गईं।<br />
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<p>लम्बे समय के बाद रासायनिक विकास के परिणामस्वरूप आदि सागरों का जल इन कार्बनिक यौगिकों से पूर्णतया संतृप्त हो गया। कोसरवेट व न्यूक्लिओ प्रोटीन का निर्माण-बड़े कार्बनिक अणु जो कि सागर में अजैव संश्लेषण द्वारा बने थे, एक-दूसरे के समीप आने लगे जिससे बड़ी कोलाइडी बूँदों के समान संरचनाओं का निर्माण हुआ। इन्हीं कोलाइडी बूँदों का ऑपेरिन द्वारा कोसरवेट नाम दिया गया।</p>
<p>कोसरवेट (संराशयक) वृहद् अणुओं का झुण्ड था जिसमें प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, लिपिड्स और पॉलीसेकेराइड्स आदि थे। इनमें वातावरण से कार्बनिक अणुओं के अवशोषण की क्षमता थी, ये जीवाणुओं के समान मुकुलन द्वारा विभाजित हो सकते थे, इनमें ग्लूकोज के अपघटन जैसी क्रियाएँ होती थीं। रासायनिक क्रियाओं के लिए आवश्यक ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती थी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>ओपैरिन के अनुसार कोसरवेट सर्वप्रथम बने सरलजीवीय अणु थे जिन्होंने बाद में कोशिका को जन्म दिया। स्टैनले मिलर का प्रयोग (Experiment of S. Miller)ओपैरिन की परिकल्पना के अनुसार, प्रबल ऊर्जा की उपस्थिति में, मीथेन, हाइड्रोजन, जलवाष्प एवं अमोनिया के संयोजन से अमीनो अम्लों, सरल शर्कराओं तथा अन्य कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण की सम्भावना को, अमेरिकी वैज्ञानिक स्टैनले मिलर (Stanley Miller 1953,1957)</p>
<p>ने अपने आचार्य-हेरोल्ड यूरे (Harold Urey) की देखरेख में एक साधारण से प्रयोग द्वारा सिद्ध किया। उन्होंने 5 लीटर के एक फ्लास्क में 2: 1: 2 के अनुपात में, मीथेन, अमोनिया एवं हाइड्रोजन का गैसीय मिश्रण भरा। एक आधा लीटर के फ्लास्क को काँच की नली द्वारा बड़े फ्लास्क से जोड़ा। इस छोटे फ्लास्क में जल भरकर इसे उबालने का प्रंबध किया जिससे जलवाष्प पूरे उपकरण में घूमती है।</p>
<p>बड़े फ्लास्क में टंग्टन (Tungsten) के दो इलेक्ट्रोड (Electrodes) फिट करके, आदिवायुमण्डल की बिजली जैसे प्रभाव को उत्पन्न करने के लिए एक सप्ताह तक तीव्र विद्युत की चिन्गारियाँ मुक्त कीं। इसलिए इस उपकरण को चिन्गारी-विमुक्ति उपकरण (Spark-Discharge Apparatus) कहते हैं। बड़े फ्लास्क को उन्होंने दूसरी ओर एक U नली द्वारा भी छोटे फ्लास्क से जोड़ा।</p>
<p>इस नली को एक स्थान पर एक कन्डेंसर (Condenser) में से निकाला। प्रयोग के अन्त में बनी गैस वाष्प के साथ जब कन्डेंसर के कारण ठण्डी हुई तो U नली में एक गहरा लाल-सा ग़द्दला तरल भर गया। विश्लेषण से पता लगा कि यह तरल ग्लाइसीन एवं एलैनीन नामक सरलतम अमीनो अम्लों, सरल शर्कराओं, कार्बनिक अम्लों तथा अन्य कार्बनिक यौगिकों का मिश्रण था।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36749" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-21.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 21" width="435" height="385" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-21.png 435w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-21-300x266.png 300w" sizes="auto, (max-width: 435px) 100vw, 435px" /></p>
<p>अन्य वैज्ञानिकों ने भी इसी प्रकार आदि पृथ्वी पर उपस्थित दशाओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करके सरल अकार्बनिक एवं कार्बनिक यौगिकों से जटिल कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण को सिद्ध किया। उल्का पिण्डों सें प्राप्त रासायनिक विश्लेषण द्वारा भी पता चलता है कि अंतरिक्ष में भी यह घटना क्रम चलता होगा। इन कार्बनिक अणुओं से जीवन प्रारम्भ हुआ।</p>
<p>यह अणु अपने समान अणु बनाने में भी सक्षम थे। उसके पश्चात् एक कोशिकीय जीव जल में उत्पन्न हुए एवं उसके बाद धीरे-धीरे विकास की ओर लगातार बढ़ते हुए जैवविविधता बढ़ती गई व जो पृथ्वी पर आज हमें पादप व जीव-जन्तु देखने को मिलते हैं वह सभी एक कोशिकीय जलीय जीवों से विकसित हुये हैं।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
समजात एवं तुल्यरूप अंगों में उदाहरण सहित अन्तर स्पष्ट कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
समजातता और समवृत्तता में अन्तर- समजात अंग (Homologous Organs) &#8211; वे अंग जिनकी मूलभूत संरचना एवं उत्पत्ति समान हो लेकिन कार्य भिन्न हों समजात अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए व्हेल, पक्षी, चमगादड़, घोड़े तथा मनुष्य के अग्रपाद समजात अंग अर्थात् होमोलोगस अंग हैं। इन जन्तुओं के अग्रपाद बाहर से देखने से भिन्न दिखाई देते हैं।</p>
<p>इनका बाहरी रूप उनके आवास एवं स्वभाव के अनुकूल होता है। व्हेल के अग्रपाद तैरने के लिए फिल्पर में, पक्षी तथा चमगादड़ के अग्रपाद उड़ने के लिए पंख में रूपान्तरित हो गये हैं, जबकि घोड़े के अग्रपाद दौड़ने के लिए, मनुष्य के मुक्त हाथ पकड़ने के लिए उपयुक्त हैं। इन जन्तुओं के अग्रपादों के कार्यों एवं बाह्य बनावट में असमानताएँ होते हुए भी, इन सभी जन्तुओं के कंकाल की मूल संरचना तथा उद्भव (Origin) समान होता है। ऐसे अंगों को समजात अंग (Homologous Organ) कहते हैं।</p>
<p>इन अंगों की समजातता यह सिद्ध करती है कि इन सभी जन्तुओं के पूर्वज समान रहे होंगे तथा कालान्तर में इनका क्रमिक विकास हुआ हुआ है। अवशेषी अंग (Vestigeal Organs) अधिकांश जन्तुओं में कुछ ऐसे अंग होते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं परन्तु इन अंगों का जीवनभर पूर्ण विकास नहीं होता है ये जन्तु जीवन क्रिया में कोई योगदान नहीं देते हैं अर्थात् ये निरर्थक एवं अनावश्यक होते हैं ऐसे अंगों</p>
<p>को अवशेषी अंग कहते हैं। मनुष्य के शरीर में अनेक रचनाएँ होती हैं जो निम्न हैं-<br />
1. कृमिरूपी परिशेषिका (Vermiform Appendix ) &#8211; यह भोजन नाल का भाग होता है जिसका कोई कार्य नहीं होता है परन्तु खरगोश जैसे शाकाहारी जन्तुओं में यह सीकम के रूप में विकसित एवं क्रियाशील होती है।</p>
<p>2. कर्ण पल्लव (Ear Pinna ) घोड़े, गधे, कुत्ते व हाथी जैसे प्राणियों के बाहरी कान से लगी कुछ पेशियाँ होती हैं जो कान को हिलाने का कार्य करती हैं परन्तु मनुष्य में ये पेशियाँ अविकसित रूप में पाई जाती हैं तथा कर्ण पल्लव अचल होता है।</p>
<p>3. पुच्छ कशेरुकाएँ (Caudal Vertebrae) &#8211; मनुष्य में पूँछ नहीं पायी जाती है। फिर भी कशेरुकदण्ड के अन्त में 3 से 5 तक (प्राय: अर्धविकसित) पुच्छ कशेरुकाएँ होती हैं। भ्रूणीय परिवर्धन पूरा होते-होते, ये समेकित (Fused) होकर हड्डी का एक ही टुकड़ा, कोक्सिस (Coccyx ) बना लेती हैं।</p>
<p>4. निमेषक पटल (Nictitating Membrane) &#8211; मेंढक, पक्षियों तथा खरगोश में यह झिल्ली कई रूप में उपयोगी होती है, परन्तु मनुष्य में होते हुए भी इसका कोई कार्य नहीं होता है। यह लाल अर्द्धचन्द्राकार झिल्ली होती है जो आँख के एक ओर स्थित होती है। इसको प्लिका सेमील्यूनेरिस (Plica Semilunaris) कहते हैं।</p>
<p>5. शरीर पर बाल (Hair on the Body ) &#8211; गाय, घोड़े, गधे, बन्दर आदि का पूर्ण शरीर वालों से ढका रहता है, जो शरीर के ताप आदि के नियंत्रण में महत्त्वपूर्ण सहायता देते हैं। मनुष्य अपने शरीर को तापक्रम के अनुकूल कपड़ों से ढक लेता है, अर्थात् बालों की आवश्यकता नहीं होती है, अतः ये बहुत सूक्ष्म होते हैं।</p>
<p>अनावश्यक अंगों के अवशेषों का जन्तु के शरीर पर पाया जाना यह सिद्ध करता है कि ये अंग इनके पूर्वजों में क्रियाशील एवं विकसित रहे होंगे। किन्तु इनके महत्व की समाप्ति पर उद्विकास के द्वारा क्रमशः विलुप्त हो जाने की प्रक्रिया में वर्तमान जन्तुओं में उपस्थित होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
एक भौगोलिक क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विकास का प्रक्रम एक बिन्दु से शुरू होकर अन्य भौगोलिक क्षेत्रों तक प्रसारित होता है। उदाहरण सहित समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
डार्विन जब अपनी यात्रा के दौरान गैलापैगो द्वीप गए तो उन्होंने प्राणियों में यह घटना देखी डार्विन को एक काली छोटी चिड़िया (डार्विन फिंच) ने आश्चर्यचकित किया। उन्होंने महसूस किया कि उसी द्वीप के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की फिंच भी पाई जाती हैं। जितनी भी किस्मों को उन्होंने परिकल्पित किया था, वे सभी उसी द्वीप में ही विकसित हुई थीं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>ये पक्षी मूलतः बीजभक्षी विशिष्टताओं के साथ-साथ अन्य स्वरूप में बदलावों के साथ अनुकूलित हुई और चोंच के ऊपर उठने जैसे परिवर्तनों ने इसे कीट भक्षी एवं शाकाहारी फिंच बना दिया। एक विशेष भू-भौगोलिक क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विकास का प्रक्रम एक बिंदु से शुरू होकर अन्य भू-भौगोलिक क्षेत्रों तक प्रसारित होने को अनुकूल विकिरण (Adaptive radiation) कहा जाता है। डार्विन की फिंच इस प्रकार की घटना का एक सबसे अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करती है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
आनुवंशिक संतुलन क्या है? हार्डी वेनबर्ग साम्यता को प्रभावित करने वाले कोई चार घटक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
हार्डी &#8211; वेनबर्ग के सिद्धान्तानुसार एक जीव संख्या में अलील (युग्मविकल्पी) आवृत्तियाँ और उनके लोकस (विस्थल) सुस्थिर होती हैं, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक निरन्तर रहते हैं। जीन कोश सदा अपरिवर्तनीय रहते हैं। इसे आनुवंशिक संतुलन कहते हैं। इसे प्रभावित करने वाले चार घटक निम्न प्रकार से हैं-</p>
<ul>
<li>जीन पलायन या जीन प्रवाह</li>
<li>उत्परिवर्तन |</li>
<li>आनुवंशिक विचलन ।</li>
<li>आनुवंशिक पुनर्योग।</li>
</ul>
<p><span style="color: #0000ff;">निबन्धात्मक प्रश्न-</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
प्राकृतिक वरण कितने प्रकार का होता है? प्रत्येक का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
प्राकृतिक वरण मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है-</p>
<ol>
<li>स्थायीकारी वरण</li>
<li>दिशात्मक वरण</li>
<li>विचलित वरण</li>
</ol>
<p>1. स्थायीकारी वरण (Stabilizing Selection ) &#8211; स्थायीकारी वरण तब कार्य करता है जब जीवों के लक्षण वातावरण के अनुकूल होते हैं। यह किसी भी पराकाष्ठा को रोक कर औसत या मध्यमान समलक्षणी समष्टि को प्रेरित करता है व घंटीनुमा आरेख (Bell-shaped Curve) के दोनों सिरों पर उपस्थित जीव धीरे-धीरे विलुप्त हो जाते हैं। स्थायीकारी चयन विभिन्नताओं को कम करता जाता है पर मध्यमान को नहीं बदलता है। इस प्रकार के वरण में उद्विकास की दर प्रारूपिक रूप से धीमी होती है।</p>
<p>स्थायीकारी वरण हमेशा अपरिवर्तित वातावरण में ही कार्य करता है। उदाहरण- शिशुओं में मृत्युदर मानव शिशुओं में जन्म के समय वजन (Birth weight) भी स्थायीकारी वरण का उदाहरण है। नये-नये जन्मे शिशुओं का उपयुक्ततम (Birth weight-7.3 पाउण्ड) होता है। जिनका वजन 55 पाउण्ड से कम या 10 पाउण्ड से ज्यादा होता है उनकी मृत्युदर ज्यादा होती है।</p>
<p>2.  दिशात्मक वरण (Directional) &#8211; इस प्रकार का वरण वातावरण संबंधी परिवर्तनों से संबद्ध होता है। यह पराकाष्ठा वाले जीवों का वरण करके समष्टि की जीनी संरचना को उसी दिशा की ओर प्रेरित करता है। इस प्रकार का वरण सामान्य या औसत के एक ओर स्थित जीवों की एक बड़ी संख्या को लुप्त करता है और इसकी ओर स्थित जीवों की संख्या में वृद्धि करता है।</p>
<p>यह ऐसे जीवों का वरण करता है जो परिवर्तित वातावरण के अनुसार सर्वाधिक उपयुक्त होते हैं। इस प्रकार या समष्टि के मध्यमान को एक निश्चित दिशा में परिवर्तित कर देता है अर्थात् यह जीन- आवृति परिवर्तन उत्पन्न कर देता है। दिशात्मक वरण वातावरण संबंधी परिवर्तन के साथ-साथ उसके बाद होता है।</p>
<p>उदाहरण-</p>
<ul>
<li>DDT के प्रति कीटों की प्रतिरोधकता ।</li>
<li>विस्टन बीटेलेरीया।</li>
</ul>
<p>3.  विचलित वरण-यह एक दुर्लभ प्रकार का वरण होता है लेकिन उद्विकास के संदर्भ में काफी महत्त्वपूर्ण है। वातावरण की परिवर्तित परिस्थितियों के अनुसार उस समष्टि में एक से ज्यादा समलक्षणी जीव उपयुक्ततम हो सकते हैं। जब यह वरण काम करता है। तो दोनों छोरों पर स्थित सजीव केन्द्र पर स्थित औरों की तुलना में अधिक संतानें उत्पन्न करते हैं व समष्टि में दो चोटियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। इस प्रकार एक समष्टि दो उप समष्टि में विभक्त हो जाती है।</p>
<p>अगर इन दोनों उप समष्टि (Sub population) के बीच में जीन विनिमय (Gene flow) नहीं हो पाये तो प्रत्येक उपसष्टि (Sub population) से एक नयी जाति की उत्पत्ति हो जाती है। उदाहरण &#8211; समुद्री मॉलस्का (Limpets) में दो प्रकार के कवच पाये जाते हैं सफेद या भूरा सफेद रंग वाले मॉलस्का सफेद रंग के बार्नेकल जीव पर रहते हैं व भूरे वाले मॉलस्का भूरे रंग की चट्टानों पर रहते हैं। दोनों अपने-अपने वातावरण के सर्वाधिक अनुकूल होने के कारण बचे रहते हैं व समष्टि में दोनों की संख्या बनी रहती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
भौगोलिक वितरण किस प्रकार जैव विकास में सहायक रहा? उपयुक्त उदाहरण द्वारा समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
जीव-जन्तुओं के भौगोलिक वितरण से जैव-विकास के प्रमाण मिलते हैं। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष प्रकार के जीव-जन्तु तथा पेड़-पौधे मिलते हैं। यद्यपि कुछ देश भौगोलिक दृष्टि से भिन्न होते हुए भी वहां समान प्रकार के जीव पाये जाते हैं जबकि समान जलवायु वाले &#8216;कुछ&#8217; देशों में विभिन्न प्रकार के प्राणी व पौधे मिलते हैं।</p>
<p>उदाहरण के लिये हाथी तथा सिंह अफ्रीका में पाये जाते हैं परन्तु आस्ट्रेलिया व अमेरिका में नहीं। बाघ भारत में पाये जाते हैं परन्तु अमेरिका व आस्ट्रेलिया में नहीं। इसी प्रकार आस्ट्रेलिया में मार्सुपियोलिया गण के जन्तुओं जैसे कंगारू, तस्मानियन भेड़िया, अफ्रीका में दरियाई घोड़ा, जिराफ, गोरिल्ला आदि पाये जाते हैं, अन्यत्र नहीं मिलते।</p>
<p>डार्विन ने द. अमेरिका के पश्चिमी तट पर प्रशान्त महासागर में स्थित गेलेपगॉस द्वीप पर पायी जाने वाली फिन्चेज (काली चिड़िया) के अध्ययन में पाया कि ये पक्षी अमेरिका में पाये जाने वाले पक्षियों के समान हैं परन्तु इनके चोंच के आकार व संरचना में भिन्नता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इन पक्षियों की चोंच में भिन्नता स्थानीय वातावरण एवं उसमें उपलब्ध भोजन से अनुकूलता का परिणाम है (चित्र पाठ्यपुस्तक के प्रश्न 8 में देखिये) । इस प्रकार मूल रूप से एक जाति के पक्षी में जो भिन्न- भिन्न वातावरण में अभिगमन कर गये उनसे अनेक जातियों एवं उप- जातियों का विकास हुआ। इस प्रकार जन्तुओं का भौगोलिक वितरण जैव-विकास में सहायक रहा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>अतः एक विशेष भू-भौगोलिक क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विकास का प्रक्रम एक बिंदु से प्रारम्भ होकर अन्य भू-भौगोलिक क्षेत्रों तक प्रसारित होने को अनुकूली विकिरण (Adaptive Radiation) कहा गया। एक अन्य उदाहरण आस्ट्रेलियाई मासुंपियल (शिशुधानी प्राणियों) का है।</p>
<p>अधिकांश मार्सुपियल जो एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न थे; एक पूर्वज प्रभाव से विकसित हुए, और वे सभी आस्ट्रेलियाई महाद्वीप के अंतर्गत हुए हैं। जब एक से अधिक अनुकूली विकिरण एक अलग- थलग भौगोलिक क्षेत्र में (भिन्न आवासों का प्रतिनिधित्व करते हुए) प्रकट होते हैं तो इसे अभिसारी विकास कहा जा सकता है।</p>
<p>आस्ट्रेलिया के अपरास्तनी जंतु भी इस प्रकार के स्तनधारियों की किस्मों के विकास में अनुकूली विकिरण प्रदर्शित करते हैं, जिनमें से प्रत्येक मेल खाते मासुंपियल (उदाहरणार्थ- अपरास्तनी भेड़िया तथा तस्मानियाई वूल्फ मासुपियल) के समान दिखते हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
जीवाश्मिकी (पुराजीवी विज्ञान) तथा श्रोणिकी से जैव विकास की पुष्टि के प्रमाण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
यदि जैव विकास (Organic Evolution) हुआ है तो प्रारम्भ से लेकर आज तक की जीव-जातियों की रचना, कार्यिकी एवं रसायनी, भ्रूणीय विकास, वितरण आदि में कुछ न कुछ सम्बन्ध एवं क्रम होना आवश्यक है। लैमार्क, डार्विन वैलेस, डी व्रिज आदि ने जैव विकास के बारे में अपनी-अपनी परिकल्पनाओं को सिद्ध करने के लिए इन्हीं &#8211; सम्बन्धों एवं क्रम को दिखाने वाले प्रमाण प्रस्तुत किये हैं जिन्हें हम निम्नलिखित श्रेणियों में बाँट सकते हैं-</p>
<ol>
<li>जीवों की तुलनात्मक संरचना</li>
<li>शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन से प्रमाण</li>
<li>संयोजक कड़ियों के प्रमाण</li>
<li>अवशेषी अंग</li>
<li>भ्रोणिकी से प्रमाण</li>
<li>जीवाश्मीय प्रमाण</li>
<li>जीवों के घरेलू पालन से प्रमाण</li>
<li>रक्षात्मक समरूपता</li>
</ol>
<p>(1) जीवों की तुलनात्मक संरचना ( Comparative Anatomy) से प्रमाण &#8211; जन्तुओं में शारीरिक संरचनाएँ दो प्रकार की होती हैं-<br />
(i) समजात अंग (Homologous organ ) &#8211; वे अंग जिनकी मूलभूत संरचना एवं उत्पत्ति समान हो लेकिन कार्य भिन्न हो, समजात अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए व्हेल, पक्षी, चमगादड़, घोड़े तथा मनुष्य के अग्रपाद समजात अंग अर्थात् होमोलोगस अंग हैं। इन जन्तुओं के अग्रपाद बाहर से देखने से भिन्न दिखाई देते हैं।</p>
<p>इनका बाहरी रूप उनके आवास एवं स्वभाव के अनुकूल होता है। व्हेल के अग्रपाद तैरने के लिए फ्लिपर में, पक्षी तथा चमगादड़ के अग्रपाद उड़ने के लिए पंख में रूपान्तरित हो गये हैं जबकि घोड़े के अग्रपाद दौड़ने के लिए, मनुष्य के मुक्त हाथ पकड़ने के लिए उपयुक्त हैं। इन जन्तुओं के अग्रपादों के कार्यों एवं बाह्य बनावट में असमानताएँ होते हुए भी, इन सभी जन्तुओं के कंकाल (ह्यूमरस, रेडियस अल्ना, कार्पल्स, मेटाकार्पल्स व अंगुलास्थियाँ ) की मूल संरचना तथा उद्भव (Origin) समान होता है। ऐसे अंगों को समजात अंग (Homologous Organ) कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36750" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-22.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 22" width="441" height="306" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-22.png 441w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-22-300x208.png 300w" sizes="auto, (max-width: 441px) 100vw, 441px" /></p>
<p>कीटों के मुखांग (Mouth Parts of Insects ) &#8211; कीटों के मुखांग क्रमशः लेब्रम ( Labrum), मेण्डिबल (Mandibles), मैक्सिला (Maxilla), लेबियम (Labium) एवं हाइपोफे रिंक्स (hypopharynx) से मिलकर बने होते हैं। प्रत्येक कीट में इनकी संरचना एवं परिवर्धन समान होता है लेकिन इनके कार्यों में भिन्नता पाई जाती है।</p>
<p>कॉकरोच के मुखांग भोजन को काटने व चबाने (Biting and Chewing) का कार्य करते हैं । तितली एवं मक्खी में भोजन चूसने का एवं मच्छर में मुखांग भेदन एवं चूषण (Piercing and Sucking) दोनों का कार्य करते हैं। अकशेरुकियों के पैर (Legs of Invertibrates) &#8211; इसी प्रकार कॉकरोच एवं मधुमक्खी ( Honeybee) के टांगों के कार्य भिन्न- भिन्न हैं।</p>
<p>कॉकरोच अपनी टांगों का उपयोग चलने (Walking) में करता है जबकि मधुमक्खी अपनी टांगों का उपयोग परागकण को एकत्रित (Collecting of Pollens) करने में करती है। जबकि दोनों की टांगों में खण्ड पाये जाते हैं तथा सभी खण्ड समान होते हैं जैसे कॉक्सा (Coxa), ट्रोकेन्टर (Trochanter ), फीमर (Femur), टिबिया (Tibia), 1 से 5 युग्मित टारसस (1-5 Jointed Tarsus)।<br />
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<p>बोगेनविलिया का काँटा और कुकुरबिटा के प्रतान (Tendril) में समानता होती है। इसी प्रकार और भी उदाहरण जैसे</p>
<ol>
<li>आलू व अदरक,</li>
<li>गाजर व मूली ।</li>
</ol>
<p>1. अपसारित विकास ( अनुकूली अपसारिता / अनुकूली विकिरण ) [Divergent Evolution (adaptive divergence / adaptive radiation)] &#8211; विभिन्न जन्तुओं में पायी जाने वाली समजातता यह प्रदर्शित करती है कि इन सबकी उत्पत्ति किसी समान पूर्वज से हुई है। किसी एक पूर्वज से उत्पन्न होने के बाद जातियाँ अपने-अपने आवासों के अनुसार अनुकूलित हो जाती हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>जिसे ही अनुकूली विकिरण या अपसारित विकास कहते हैं। इन जातियों में समजात अंग (Homologous Organs) पाये जाते हैं। जैसे आस्ट्रेलिया में अनुकूली विकिरण के द्वारा ही विभिन्न प्रकार के मासूपिल्स (Marsupials) की उत्पत्ति हुई ।<br />
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<p>(ii) समवृत्ति अंग (Analogous Organs) &#8211; वे अंग जिनके कार्य समान हों किन्तु उनकी मूल संरचना एवं उत्पत्ति में अन्तर हो, समवृत्ति अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए-कीट, पक्षी तथा चमगादड़ के पंख उड़ने का कार्य करते हैं परन्तु इनकी मूल संरचना एवं उत्पत्ति में बड़ा अन्तर होता है । इन अंगों में केवल आभासी समानताएँ पाई जाती हैं।</p>
<p>वातावरण एवं स्वभाव के कारण कार्यों में समानता होती है। कीट के पंखों का विकास शरीर की भित्ति से निकले प्रवर्गों के रूप में होता है जबकि पक्षी एवं चमगादड़ में इनकी उत्पत्ति शरीर भित्ति के प्रवर्गों के रूप में नहीं होती है । अतः इनके कार्यों में तो समानता होती है, परन्तु उत्पत्ति एवं संरचना में भिन्नता होती है।<br />
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<p>इसी तरह मधुमक्खी के डंक एवं बिच्छू के डंक दोनों ही समान कार्य करते हैं परन्तु इनकी संरचना एवं परिवर्धन भिन्न होता है । मधुमक्खी एक कीट है, इसके बाह्य जननांग मिलकर अण्ड निक्षेपक (Ovipositor) नाल बनाते हैं। यही अण्ड निक्षेपक नाल रूपान्तरित होकर डंक बनाती है जबकि बिच्छू में शरीर का अन्तिम खण्ड रूपान्तरित होकर डंक बनाता है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त समवृत्ति के उदाहरण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>ऑक्टोपस (अष्ट भुज) तथा स्तनधारियों की आँखें (दोनों में रेटिना की स्थिति में भिन्नता है) या पेंग्विन और डॉल्फिन मछलियों के फिलपर्स ।</li>
<li>रस्कस का पर्णाभ स्तम्भ (Phylloclade) और सामान्य पर्ण।</li>
<li>आलू (तना) और शकरकंद (जड़)।</li>
</ul>
<p>समवृत्ति अंगों में कार्य की समानता एवं विशिष्ट वातावरण की आवश्यकता के अनुरूप विकास, अभिसरण जैव विकास (Convergent Evolution) को प्रकट करता है।</p>
<p>(2) शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन से प्रमाण (Evidence from Physiology and Biochemistry)-fafum. जीव शरीर क्रिया और जैव रसायन में समानता प्रदर्शित करते हैं, कुछ स्पष्ट उदाहरण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>जीवद्रव्य (Protoplasm ) &#8211; जीवद्रव्य की संरचना और संगठन सभी जन्तुओं में (प्रोटोजोआ से स्तनधारियों तक) लगभग समान होती है।</li>
<li>एन्जाइम (Enzyme) &#8211; सभी जीवों में एन्जाइम समान कार्य करते हैं। जैसे ट्रिप्सिन ( Trypsin) । अमीबा से लेकर मानव तक प्रोटीन पाचन और एमाइलेज (Amylase) पॉरीफेरा से स्तनधारियों तक स्टार्च पाचन करता है।</li>
<li>रुधिर (Blood) &#8211; रुधिर की रचना सभी कशेरुकियों में लगभग समान होती है।</li>
<li>हार्मोन (Hormones) &#8211; सभी कशेरुकियों में समान प्रकार के हार्मोन बनते हैं, जिनकी रचना व कार्य समान होते हैं।</li>
<li>अनुवांशिक पदार्थ (Hereditary Material ) &#8211; सभी जीवों में आनुवांशिक पदार्थ DNA होता है जिसकी मूल संरचना सभी जीवों में समान होती है।</li>
<li>ए.टी.पी. ( ATP ) &#8211; सभी जीवों में जैविक ऑक्सीकरण के फलस्वरूप ATP के रूप में ऊर्जा संचित होती है।</li>
<li>(vii) साइटोक्रोम &#8211; सी ( Cytochrome &#8211; C ) &#8211; यह श्वसन वर्णक है जो सभी जीवों के माइटोकॉन्ड्रिया में उपस्थित होता है। इस प्रोटीन में 78-88 तक अमीनो अम्ल एक समान होते हैं जो समपूर्वजता को प्रदर्शित करते हैं।</li>
</ul>
<p>इस प्रकार शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि सभी जीवों का विकास एक ही मूल पूर्वज (Common Ancestor) से हुआ है।</p>
<p>(3) संयोजक कड़ियों के प्रमाण (Evidence of Connective Links) &#8211; जीवों के वर्गीकरण में समान गुणों वाले जीवों को एक ही वर्ग में रखा गया है। कुछ जन्तु ऐसे भी हैं जिनमें दो वर्गों के गुण पाये जाते हैं। इन जन्तुओं को योजक कड़ियाँ (Connective Links) कहते हैं।</p>
<p>संयोजक कड़ियों के उदाहरण-<br />
(i) आर्किओप्टेरिक्स (Archeopteryx) &#8211; जर्मनी के बवेरिया प्रदेश में आर्किओप्टेरिक्स नामक जन्तु के जीवाश्म मिले हैं। इस जन्तु के कुछ लक्षण जैसे चोंच, पंख, पैरों की आकृति, एवीज वर्ग (पक्षी वर्ग) के तो कुछ लक्षण जैसे दाँत, पूँछ तथा शरीर पर शल्कों का होना रेप्टीलिया वर्ग के हैं। अतः इस जन्तु को एवीज तथा रेप्टीलिया वर्ग के मध्य योजक कड़ी कहते हैं। इससे प्रमाणित होता है कि पक्षियों का विकास सरीसृपों (Reptiles) से हुआ है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36754" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-26.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 26" width="448" height="340" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-26.png 448w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-26-300x228.png 300w" sizes="auto, (max-width: 448px) 100vw, 448px" /></p>
<p>(ii) प्लेटीपस और एकिडना (Platypus and Echidna ) &#8211; प्लेटीपस और एकिडना दोनों ही मैमेलिया वर्ग के जन्तु हैं। इनके शरीर पर बाल पाये जाते हैं तथा बच्चों को दूध पिलाने के लिए दुग्ध ग्रन्थियाँ (Mammary Glands) होती हैं जो मैमेलिया वर्ग के लक्षण हैं। ये दोनों ही जन्तु रेप्टीलिया वर्ग के जन्तुओं की भाँति कवचदार पीतकयुक्त अण्डे देते हैं। इस प्रकार प्लेटीपस और एकिडना रेप्टीलिया और मैमेलिया वर्ग के मध्य एक योजक कड़ी हैं। ये जन्तु भी सिद्ध करते हैं कि स्तनधारियों का विकास सरीसृपों ( Reptiles ) से हुआ है।</p>
<p>(iii) पेरीपेटस (Peripatus ) &#8211; यह एनेलिडा तथा आर्थोपोडा संघ के बीच की संयोजी कड़ी है। पेरीपेटस में एनेलिडा संघ के निम्न लक्षण पाये जाते हैं-</p>
<ul>
<li>बेलनाकार आकृति</li>
<li>देहभित्ति की आकृति व चर्म का पेशीय होना</li>
<li>क्यूटिकल द्वारा निर्मित बाह्य कंकाल अनुपस्थित एवं पार्श्व पादों के समान उभारों का उपस्थित होना।</li>
</ul>
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<p>संघ आर्थ्रोपोडा के समान पेरीपेटस में निम्न लक्षण पाये जाते हैं-</p>
<ul>
<li>तीन खण्डों के समेकन से सिर भाग का बनना</li>
<li>ऐंटिनी (Antennae ) का होना</li>
<li>एक जोड़ी सरल नेत्रों तथा एक जोड़ी मुख पैपिली का उपस्थित होना ।</li>
</ul>
<p>अतः पेरिपेटस को एनीलीडा तथा आर्थ्रोपोडा संघ को जोड़ने वाली संयोजी कड़ी कहते हैं। यह प्रमाणित करता है कि आर्थोपोडा का विकास एनिलिडा से हुआ है ।</p>
<p>(iv) फुफ्फुस मछली (Lungfish ) प्रोटोप्टेरस (Portopterus) &#8211; प्रोटोप्टेरस में कुछ लक्षण मछलियों के (जैसे क्लोम तथा शल्कों की उपस्थिति) और कुछ लक्षण उभयचरों के (जैसे फुफ्फुस की उपस्थिति) पाये जाते हैं। अत: प्रोटोप्टेरस पिसीज तथा उभयचर संघ के बीच संयोजी कड़ी है।<br />
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<p>उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न संयोजी कड़ियों के उदाहरण हैं-</p>
<ul>
<li>वायरस (Virus) &#8211; संजीव और निर्जीव के मध्य</li>
<li>यूग्लीना (Euglena) &#8211; पादप और जन्तु के मध्य</li>
<li>प्रोटेरोस्पॉन्जिया (Proterospongia ) &#8211; प्रोटोजोआ और पॉरीफेरा के मध्य</li>
<li>नियोपाइलीना (Neopilina) &#8211; मोलस्का और एनेलिडा के मध्य उक्त कार्बनिक विकास और समपूर्वजता के अच्छे उदाहरण प्रदर्शित करते हैं।</li>
</ul>
<p>(4) अवशेषी अंगों के प्रमाण (Evidences from Vestigeal Organs) &#8211; अधिकांश जन्तुओं में कुछ ऐसे अंग होते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं परन्तु इन अंगों का जीवन भर पूर्ण विकास नहीं होता है। ये जन्तु की जीवन क्रिया में कोई योगदान नहीं देते है। अर्थात् ये निरर्थक एवं अनावश्यक होते हैं। ऐसे अंगों को अवशेषी अंग (Vestigeal Organs) कहते हैं। मनुष्य के शरीर में लगभग 180 ऐसी रचनायें होती हैं</p>
<p>जिनमें सामान्य निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>कृमिरूपी &#8211; परिशेषिका (Vermiform Appendix ) &#8211; यह भोजन नाल का भाग होता है, जिसका कोई कार्य नहीं होता है परन्तु खरहे जैसे शाकाहारी जन्तुओं में यह सीकम के रूप में विकसित एवं . क्रियाशील होती है।</li>
<li>कर्ण पल्लव (Earpinna ) &#8211; घोड़े, गधे, कुत्ते व हाथी जैसे जन्तुओं के बाहरी कान से लगी कुछ पेशियाँ होती हैं जो कान को हिलाने का कार्य करती हैं परन्तु मनुष्य में ये पेशियाँ अविकसित रूप में पाई जाती हैं तथा कर्ण पल्लव अचल होता है ।</li>
<li>पुच्छ कशेरुकाएँ (Caudal Vertebrae) &#8211; मनुष्य में पूँछ नहीं पायी जाती है किन्तु फिर भी पुच्छ कशेरुकाएँ अत्यधिक हासित दुम के रूप में अवशेषी अंग के रूप में पायी जाती हैं। इससे पता चलता है कि मनुष्य के पूर्वज में पूँछ थी ।</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px;"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36756" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-28.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 28" width="447" height="380" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-28.png 447w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-28-300x255.png 300w" sizes="auto, (max-width: 447px) 100vw, 447px" /></p>
<ul>
<li>निमेषक पटला (Nictitating Membrane)-मेढक, पक्षियों तथा खरगोश में यह झिल्ली कई रूप में उपयोगी होती है, परन्तु मनुष्य में होते हुए भी इसका कोई कार्य नहीं होता है। यह लाल अर्द्धचन्द्राकार झिल्ली होती है जो आँख के एक ओर स्थित होती है । इसको प्लिका सेमील्यूनेरिस (Plica Semilunaris) कहते हैं।</li>
<li>त्वचा के बाल (Hair ) &#8211; बन्दरों, घोड़ों, सूअरों, कपियों आदि स्तनियों के शरीर पर घने बाल होते हैं। ये ताप नियन्त्रण में सहायता करते हैं। मानव में बालों का यह कार्य नहीं रहा, फिर भी शरीर पर कुछ बाल होते हैं।</li>
<li>अक्कल दाढ़ ( Wisdom Teeth) &#8211; तीसरा मोलर दन्त अन्य प्राइमेट (Primate) स्तनियों में सामान्य होता है । मानव में इसका उपयोग नहीं होता है। अतः यह देर से निकलता है और अर्ध विकसित रहता है। यह दंतरोगों के प्रति संवेदनशील होता है।</li>
</ul>
<p>अन्य जन्तुओं में अवशेषी अंग (Vestigeal Organs in other Animals)</p>
<ul>
<li>अजगर (Python) के पश्च पाद और श्रोणि मेखला</li>
<li>बिना उड़ने वाले ( Flightless) पक्षियों के पंख जैसे शुतुरमुर्ग, ईमू कीवी आदि ।</li>
<li>घोड़े के पैरों की स्पिलिंट अस्थियाँ (Splint Bones ) 2 और 4 अगुंली।</li>
<li>व्हेल के पश्चपाद और श्रोणि मेखला</li>
</ul>
<p>पादपों के अवशेषी अंग (Vestigeal Organs in Plants) &#8211; रस्कस और अनेक भूमिगत तनों की शल्की पत्तियाँ ।<br />
अनावश्यक अंगों के अवशेषों का जन्तु के शरीर पर पाया जाना यह सिद्ध करता है कि ये अंग इनके पूर्वजों में क्रियाशील एवं विकसित रहे होंगे किन्तु इनके महत्त्व की समाप्ति पर उद्विकास के द्वारा क्रमशः विलुप्त हो जाने की प्रक्रिया में वर्तमान जन्तुओं में उपस्थित होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(5) श्रोणिकी से प्रमाण (Evidences from Embryology) &#8211; श्रोणिकी तुलनात्मक भ्रोणिकी तथा प्रायोगिक श्रोणिकी से विकास के पक्ष में निर्णायक प्रमाण मिलते हैं। सभी मेटोजोअन प्राणी एक कोशिकीय युग्मनज (Zygote) से विकसित होते हैं और सभी प्राणियों के परिवर्धन की प्रारम्भिक अवस्थाओं में अत्यधिक समानता होती है।</p>
<p>मनुष्य सहित सभी मेटाजोअन वर्गों के प्राणियों के अण्डों के परिवर्धन के समय विदलन, ब्लास्टूला एवं गेस्टुला में वही मूलभूत समानताएँ पायी जाती हैं। प्रौढ़ जन्तुओं में जितने निकट का सम्बन्ध होता है उनके परिवर्धन में उतनी अधिक समानता देखने को मिलती है। विभिन्न वर्गों में परिवर्धन के बाद की अवस्थाएँ अपसरित हो जाती हैं व यह अपसरण एक विशाखित वृक्ष के समान होता हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36757" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-29.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 29" width="357" height="395" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-29.png 357w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-29-271x300.png 271w" sizes="auto, (max-width: 357px) 100vw, 357px" /></p>
<p>इसी प्रकार विभिन्न कशेरुकियों के भ्रूणों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर ज्ञात होता है कि उच्च वर्ग के जन्तुओं के भ्रूण निम्न वर्गों के प्रौढ़ जन्तुओं के समान होते हैं, जैसे मेढ़क का टेडपोल लारवा मछली के समान होता है। इसी आधार पर हेकल ने पुनरावर्तन का सिद्धान्त (Recapitulation Theory ) प्रतिपादित किया।</p>
<p>इसके अनुसार प्रत्येक जीव भ्रूणीय परिवर्धन में अपनी जाति के जातीय विकास की कथा को दोहराता है। पुनरावर्तन सिद्धान्त के आधार पर निषेचित अण्डे की तुलना समस्त जन्तुओं के एककोशिकीय पूर्वज से ब्लास्टुला की प्रोटोजोआ मण्डल या कॉलोनी से की जा सकती है। मेढ़क के ही नहीं वरन् रेप्टाइल, पक्षी और यहाँ तक कि मनुष्य के भ्रूण में भी क्लोम दरारें, क्लोम, नोटोकॉर्ड, युग्मित आयोटिक चॉपें, प्रोनेफ्रोस, पुच्छ तथा पेशियाँ आदि मछली के समान होती हैं और आरम्भ में सभी का हृदय मछली के समान द्विकक्षीय होता है।</p>
<p>इससे यह प्रमाणित होता है कि प्रारम्भ मे समस्त वर्टिब्रेट्स का विकास मछली के समान पूर्वजों से हुआ है। मनुष्य के भ्रूणीय परिवर्धन में देखा गया है कि उसका भ्रूण प्रारम्भ में मछली से, बाद में एम्फिबियन से और फिर रेप्टाइल से मिलता-जुलता होता है और सातवें मास में यह शिशु कपि से मिलता- जुलता होता है। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक जीव अपने भ्रूण परिवर्धन में उन समस्त अवस्थाओं से गुजरता है जिनसे कभी उसके पूर्वज धीरे-धीरे विकसित होकर बने होंगे।</p>
<p>(6) जीवाश्मीय प्रमाण (Palaeontological Evidences) &#8211; वैज्ञानिक चार्ल्स लायल के अनुसार पूर्व जीवों के चट्टानों से प्राप्त अवशेष जीवाश्म ( Fossils) कहलाते हैं। जीवाश्म का अध्ययन पेलियो-ओन्टोलॉजी (Palacontology) कहलाता है। जीवाश्म कार्बनिक विकास के पक्ष में सर्वाधिक मान्य प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। क्योंकि जीवाश्म द्वारा जीवों के सम्पूर्ण विकासीय इतिहास का अध्ययन किया जा सकता है।</p>
<p>जीवाश्म के अध्ययन से जीवों के विकास के सम्बन्ध में निम्न तथ्य प्रमाणित हुए-</p>
<ul>
<li>जीवाश्म जो कि पुरानी चट्टानों से प्राप्त हुए सरल प्रकार के तथा जो नई चट्टानों से प्राप्त हुए जटिल प्रकार के थे।</li>
<li>विकास के प्रारम्भ में एक कोशिकी प्रोटोजोआ जन्तु बने जिनसे बहुकोशिकी जन्तुओं का विकास हुआ।</li>
<li>कुछ जीवाश्म विभिन्न वर्ग के जीवों के बीच की संयोजक कड़ियाँ (Connecting-links) को प्रदर्शित करती हैं।</li>
<li>पौधों में एन्जिओस्पर्म (Angiosperm) तथा जन्तुओं में स्तनधारी (mammals) सबसे अधिक विकसित और आधुनिक हैं।</li>
<li>जीवाश्म के अध्ययन से किसी भी जन्तु को जीवाश्म कथा ( विकासीय इतिहास) या वंशावली का क्रमवार अध्ययन किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>घोड़े की वंशावली ( जीवाश्मीय इतिहास ) [Evolution (Pedigree) of Horse] वैज्ञानिक सी. मार्श (C. Marsh) के अनुसार घोड़े का प्रारम्भिक जीवाश्म उत्तरी अमेरिका में पाया गया जिसका नाम इओहिप्पस (Eohippus) था। इसका विकास इओसीन काल में हुआ। इओहिप्पस लोमड़ी के समान तथा लगभग एक फुट ऊँचे थे। इनके अग्रपादों में चार तथा पश्च पादों में तीन-तीन अंगुलियाँ थीं ।<br />
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<p>ओलिगोसीन काल में इन पूर्वजों से भेड़ के आकार के मीसोहिप्पस (Mesohippus) घोड़ों का विकास हुआ। इनके अग्र व पश्च पादों में केवल तीन-तीन अंगुलियाँ थीं। बीच की अंगुलियाँ इधर- उधर की दोनों अंगुलियों से बड़ी थीं और शरीर का अधिकांश भाग इन्हीं पर रहता था। इनसे मायोसीन काल के मेरीचिप्पस (Merychippus) घोड़ों का विकास हुआ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>ये टट्ट के आकार के थे। इनके अग्र व पश्च पादों में तीन-तीन अंगुलियाँ थीं जिनमें से बीच वाली सबसे लम्बी थी और केवल यही भूमि तक पहुँचती थी । प्लायोसीन काल में प्लीओहिप्पस (Pliohippus) घोड़ों का विकास हुआ। ये आकार में टट्ट से ऊँचे थे। इनके अग्र व पश्चपादों में केवल एक-एक अंगुली विकसित थी और इधर-उधर की अंगुलियाँ अत्यधिक हासित होकर स्प्लिट अस्थियों</p>
<p>(Splint Bones) के रूप में त्वचा में दबी हुई थीं। केवल एक ही अंगुली की उपस्थिति के कारण ये तेजी से दौड़ सकते थे । प्लीस्टोसीन युग में इन्हीं घोड़ों से आधुनिक घोड़े इक्वस (Equus) का विकास हुआ। इक्वस की ऊँचाई लगभग 5 फीट है और यह उसी रूप में आज भी चला आ रहा है।</p>
<p>(7) जीवों के घरेलू पालन ( Domestication) से प्रमाण- मनुष्य अपने लिए उपयोगी जन्तुओं (घोड़े, गाय, कुत्ता, बकरी, भेड़, भैंस, कबूतर, मुर्गा आदि) तथा खेतिहर वनस्पतियों (गोभी, आलू, कपास, गेहूँ, चावल, मक्का, गुलाब आदि) की इनके जंगली पूर्वजों से नस्लें सुधार कर उत्पत्ति की है।</p>
<p>यद्यपि नस्लें सुधार कर नयी जातियों की उत्पत्ति वैज्ञानिक नहीं कर पाये हैं, फिर भी इस प्रक्रिया में बदले हुए लक्षण विकसीय ही माने जायेंगे हजारों-लाखों वर्षों का समय मिले तो सम्भवतः मानव इस विधि से नयी जीव जातियों की उत्पत्ति कर लेगा। अतः इतने पुराने इतिहास की प्रकृति में अनुमानत: इसी प्रकार नस्लों में सुधार के फलस्वरूप नयी-नयी जातियों की उत्पत्ति हुई होगी।</p>
<p>(8) रक्षात्मक समरूपता (Protective Resemblance) से प्रमाण &#8211; इंगलिस्तान (Britain) के औद्योगिक नगरों के आस-पास के पेड़ चिमनियों के धुएँ से काले पड़ जाते हैं। इन क्षेत्रों के कीटों, विशेष तौर से पतंगों (moths) की विभिन्न जातियों में, गत सदी में, औद्योगिक साँवलेपन (Industrial melanism) का रोग हो गया।</p>
<p>उदाहरणार्थ, पंतगों की बिस्टन बिटूलैरिया (Biston betularia) नामक जाति में शरीर व पंख हल्के रंग के काले धब्बेदार होते थे । सन् 1884 में इनकी आबादी में पहली बार एक बिल्कुल काला पतंगा देखा गया। यह परिवर्तन रंग के जीन में अचानक जीन &#8211; उत्परिवर्तन (gene- mutation) के कारण हुआ। बाद में काले पतंगों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 90% हो गयी। यह एक विकासीय परिवर्तन था ।</p>
<p>इससे पतंगों का रंग पेड़ों के रंग से मिलता-जुलता हो गया ताकि ये शत्रुओं (पक्षियों) और शिकार की निगाहों से बच सकें । जीन &#8211; उत्परिवर्तन के कारण वातावरण से रक्षात्मक समरूपता के अन्य उदाहरण भी मिलते हैं। इसे सादृश्यता (Mimicry) कहते हैं।</p>
<p>ऐसी तितलियाँ होती हैं जो उन्हीं सूखी पत्तियों जैसी दिखायी देती हैं जिन पर ये आराम के समय बैठती हैं शाखाओं से मिलती-जुलती आकृति की कई कीट जातियाँ पायी जाती हैं। ये सब दृष्टान्त &#8216;जैव &#8211; विकास&#8217; को प्रमाणित करते हैं । इंगलिस्तान के पतंगों के सम्बन्ध में तो यहाँ तक कहा &#8211; गया है कि इनमें &#8220;वैज्ञानिकों ने विकास प्रक्रिया को होते हुए स्वयं देखा है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36759" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-31.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 31" width="284" height="343" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-31.png 284w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-31-248x300.png 248w" sizes="auto, (max-width: 284px) 100vw, 284px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
समजातता और समवृत्तता का अन्तर बताइये समजात और अवशेषी अंगों को उदाहारण सहित समझाइये। इन सबसे किस प्रकार जैव विकास प्रमाणित होता है?<br />
उत्तर:<br />
समजातता और समवृत्तता में अन्तर- समजात अंग (Homologous Organs) &#8211; वे अंग जिनकी मूलभूत संरचना एवं उत्पत्ति समान हो लेकिन कार्य भिन्न हों समजात अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए व्हेल, पक्षी, चमगादड़, घोड़े तथा मनुष्य के अग्रपाद समजात अंग अर्थात् होमोलोगस अंग हैं।</p>
<p>इन जन्तुओं के अग्रपाद बाहर से देखने से भिन्न दिखाई देते हैं। इनका बाहरी रूप उनके आवास एवं स्वभाव के अनुकूल होता है। व्हेल के अग्रपाद तैरने के लिए फिल्पर में, पक्षी तथा चमगादड़ के अग्रपाद उड़ने के लिए पंख में रूपान्तरित हो गये हैं, जबकि घोड़े के अग्रपाद दौड़ने के लिए, मनुष्य के मुक्त हाथ पकड़ने के लिए उपयुक्त हैं।</p>
<p>इन जन्तुओं के अग्रपादों के कार्यों एवं बाह्य बनावट में असमानताएँ होते हुए भी, इन सभी जन्तुओं के कंकाल की मूल संरचना तथा उद्भव (Origin) समान होता है। ऐसे अंगों को समजात अंग (Homologous Organ) कहते हैं। इन अंगों की समजातता यह सिद्ध करती है कि इन सभी जन्तुओं के पूर्वज समान रहे होंगे तथा कालान्तर में इनका क्रमिक विकास हुआ हुआ है।</p>
<p>अवशेषी अंग (Vestigeal Organs) अधिकांश जन्तुओं में कुछ ऐसे अंग होते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं परन्तु इन अंगों का जीवनभर पूर्ण विकास नहीं होता है ये जन्तु जीवन क्रिया में कोई योगदान नहीं देते हैं अर्थात् ये निरर्थक एवं अनावश्यक होते हैं ऐसे अंगों को अवशेषी अंग कहते हैं। मनुष्य के शरीर में अनेक रचनाएँ होती हैं जो निम्न हैं-</p>
<p>1. कृमिरूपी परिशेषिका (Vermiform Appendix ) &#8211; यह भोजन नाल का भाग होता है जिसका कोई कार्य नहीं होता है परन्तु खरगोश जैसे शाकाहारी जन्तुओं में यह सीकम के रूप में विकसित एवं क्रियाशील होती है।</p>
<p>2. कर्ण पल्लव (Ear Pinna ) घोड़े, गधे, कुत्ते व हाथी जैसे प्राणियों के बाहरी कान से लगी कुछ पेशियाँ होती हैं जो कान को हिलाने का कार्य करती हैं परन्तु मनुष्य में ये पेशियाँ अविकसित रूप में पाई जाती हैं तथा कर्ण पल्लव अचल होता है।</p>
<p>3. पुच्छ कशेरुकाएँ (Caudal Vertebrae) &#8211; मनुष्य में पूँछ नहीं पायी जाती है। फिर भी कशेरुकदण्ड के अन्त में 3 से 5 तक (प्राय: अर्धविकसित) पुच्छ कशेरुकाएँ होती हैं। भ्रूणीय परिवर्धन पूरा होते-होते, ये समेकित (Fused) होकर हड्डी का एक ही टुकड़ा, कोक्सिस (Coccyx ) बना लेती हैं।</p>
<p>4. निमेषक पटल (Nictitating Membrane) &#8211; मेंढक, पक्षियों तथा खरगोश में यह झिल्ली कई रूप में उपयोगी होती है, परन्तु मनुष्य में होते हुए भी इसका कोई कार्य नहीं होता है। यह लाल अर्द्धचन्द्राकार झिल्ली होती है जो आँख के एक ओर स्थित होती है। इसको प्लिका सेमील्यूनेरिस (Plica Semilunaris) कहते हैं।</p>
<p>5. शरीर पर बाल (Hair on the Body ) &#8211; गाय, घोड़े, गधे, बन्दर आदि का पूर्ण शरीर वालों से ढका रहता है, जो शरीर के ताप आदि के नियंत्रण में महत्त्वपूर्ण सहायता देते हैं। मनुष्य अपने शरीर को तापक्रम के अनुकूल कपड़ों से ढक लेता है, अर्थात् बालों की आवश्यकता नहीं होती है, अतः ये बहुत सूक्ष्म होते हैं।</p>
<p>अनावश्यक अंगों के अवशेषों का जन्तु के शरीर पर पाया जाना यह सिद्ध करता है कि ये अंग इनके पूर्वजों में क्रियाशील एवं विकसित रहे होंगे। किन्तु इनके महत्व की समाप्ति पर उद्विकास के द्वारा क्रमशः विलुप्त हो जाने की प्रक्रिया में वर्तमान जन्तुओं में उपस्थित होते हैं।</p>
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<p>प्रश्न 5.<br />
डार्विनिज्म पर एक निबंध लिखिये।<br />
अथवा<br />
डार्विनवाद क्या है? सविस्तार वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
प्राकृतिक वरण ( चयन) के सिद्धान्त के क्रियान्वयन के पदक्रमों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी पर जीवों के क्रमिक परिवर्तन से नई जाति का बनना जैव विकास कहलाता है। यह आज सर्वमान्य है परन्तु जैव विकास की क्रियाविधि क्या रही है? इस समस्या के समाधान हेतु 19 वीं शताब्दी के आरम्भ में ही लेमार्क (Lamarck) द्वारा, बाद में डार्विन (Darwin) एवं ह्यूगो डी व्रिज (Hugo de Vries) द्वारा प्रयास किया गया।</p>
<p>(1) लामार्कवाद (Lamarckism)-फ्रांस के वैज्ञानिक जीन बेपटिस्ट डी लामार्क (1744-1829) ने अपनी संकल्पना प्रस्तुत की जिसे लामार्कवाद कहते हैं। इन्होंने उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धान्त प्रतिपादित किया।<br />
लामार्कवाद की मुख्य चार अवधारणायें निम्न हैं-<br />
(i) आंतरिक जैव बल (Internal vital force)-लामार्क के अनुसार सभी जीवों में कुछ आन्तरिक जैव बल उपस्थित हैं, इन बलों के कारण ही जीवों में अपने अंगों तथा पूर्ण शरीर के आकार में वृद्धि करने की प्रवृत्ति बनी रहती है।</p>
<p>(ii) वातावरण का प्रभाव और नई आवश्यकताएँ (Effect of environment and new needs)-वातावरण सभी प्रकार के जीवों को प्रभावित करता है। परिवर्तित वातावरण ही जीवों में नई आवश्यकताओं को उत्पन्न करता है। इन नई आवश्यकताओं के कारण जीव नई संरचनाओं को उत्पन्न करते हैं जिससे उनके स्वभाव और संरचनाओं में परिवर्तन आ जाते हैं।</p>
<p>(iii) अंगों का उपयोग तथा अनुपयोग (Use and disuse of organs)-यदि अंग लगातार उपयोग में आता है तो यह अधिक विकसित और शक्तिशाली हो जाता है तथा अनुपयोगी अंग धीरे-धीरे अपह्गासित होने लगते हैं।</p>
<p>(iv) उपार्जित लक्षणों की वंशागति (Inheritance of acquired character)-इस प्रकार जीव के जीवन काल में आंतरिक जैव बलों, वातावरण का प्रत्यक्ष प्रभाव, नई आवश्यकता और अंगों के उपयोग तथा अनुपयोग के द्वारा नए लक्षणों का विकास हो जाता है। इन लक्षणों को उपार्जित लक्षण कहते हैं।</p>
<p>ये लक्षण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी से वंशागत होते हैं, कई पीढ़ियों तक इन लक्षणों की वंशागति से एक नई जाति का विकास हो जाता है जो अपने पूर्वज से भिन्न होती है उदाहरण-जिराफ, अफ्रीका में पाया जाने वाला जन्तु है। इसके पूर्वजों की आकृति काफी छोटी थी और उस समय उनके निवास स्थान में घास-फूस अधिक थी अतः पूर्वज घास पर निर्वाह करते थे।</p>
<p>धीरे-धीरे वातावरण में परिवर्तन हुआ जिसके कारण यह क्षेत्र रेगिस्तान बनने लगा। अतः जिराफ को भोजन के लिए ऊँचे पेड़-पौधों की पत्तियों पर निर्भर होना पड़ा। पेड़ों की पत्तियों तक पहुँचने के लिए छोटे जन्तु को अपनी गर्दन लगातार ऊपर करनी पड़ती तथा अग्र टाँगों द्वारा कूदकर पत्तियों तक पहुँचना पड़ता।</p>
<p>लामार्क ने बताया कि जिराफ की अगली टाँगों तथा गर्दन का अधिक उपयोग होने से ये अंग लम्बे होते गये। इन लक्षणों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तान्तरण हुआ। जिराफ के अंगों का लम्बा होना उपार्जित लक्षण तथा इसका हस्तानान्तरण वंशागति कहलाते हैं जिसके फलस्वरूप आधुनिक जिराफ का विकास हुआ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36760" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-32.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 32" width="631" height="248" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-32.png 631w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-32-300x118.png 300w" sizes="auto, (max-width: 631px) 100vw, 631px" /></p>
<p>(2) माल्थस (Malthus, 1838), चार्ल्स लाइल (Charles Lyell)- हरबर्ट स्पेन्सर (Herbert Spencer), वैलेस (Wallace 1823-1913) आदि के विचारों से प्रभावित होकर वैज्ञानिक वैलेस के साथ सन् 1858 में चार्स्स डार्विन ने जीवों में जीवन के लिए संघर्ष तथा प्रकृति द्वारा योग्य जातियों के चयन के विचार संयुक्त रूप से छपवाये। सन् 1959 में अपनी बहुचर्चित पुस्तक &#8216;प्राकृतिक वरण द्वारा जातियों की उत्पत्ति&#8217; (Origin of Species by Natural Selection) का प्रकाशन कर प्राकृतिक वरण का सिद्धान्त के रूप में किया। इसे ही आज डार्विनवाद कहा जाता है।</p>
<p>प्राकृतिक वरणवाद के मुख्य बिन्दु निम्न हैं-<br />
(1) अत्यधिक प्रजनन (Over Production)-सभी जीव जातियों में संतानोत्पत्ति की प्रचुर क्षमता होती हैं और जीव गुणात्मक रूप में अपनी जाति की संख्या में वृद्धि करते हैं। जैसे-</p>
<ul>
<li>पादप हजारों की संख्या में बीज पैदा करते हैं।</li>
<li>कीट सैकड़ों अण्डे एक बार में देते हैं।</li>
<li>एक जोड़ा हाथी सम्पूर्ण जीवन में लगभग 6 संतान पैदा करता है।</li>
</ul>
<p>यदि सभी संतानें जीवित रहें और इसी प्रकार प्रजनन करें तो लगभग 750 वर्ष में एक जोड़े हाथी से 19 मिलियन हाथी पैदा हो जायेंगे। कुछ जीव अधिक संतान पैदा करते हैं, जबकि कुछ जीव कम संख्या में संतानोत्पत्ति करते हैं, इसे विभेदात्मक जनन कहते हैं।</p>
<p>(2) उत्तरजीविता के लिए संघर्ष (Struggle of Existence)- प्रत्येक जीव अपनी मूलभूत आवश्यकताओं जैसे स्थान, आवास और भोजन आदि के लिए अपनी ही जाति अथवा अन्य जाति के सदस्यों के साथ प्रतियोर्गिता करते हैं। इसे उत्तरजीविता के लिए संघर्ष कहते हैं। यह संघर्ष जीव के सम्पूर्ण जीवन में जारी रहता है, युग्मनज (Zygote) बनने से लेकर प्राकृतिक मृत्यु तक।</p>
<p>उत्तरजीविता के लिए संघर्ष तीन प्रकार से होता है-</p>
<ul>
<li>सजातीय संघर्ष (Intraspecific Struggle)-यह संघर्ष एक ही जाति के सदस्यों के बीच उनकी समान आवश्यकताओं के लिए होता है जैसे भोजन, आवास और जनन (यह सबसे तीव्रतम संघर्ष होता है)।</li>
<li>अन्तरजातीय संधर्ष (Interspecific Struggle)-यह<br />
भिन्न जाति के सदस्यों के बीच होता है। भोजन तथा आवास के लिए।</li>
<li>वातावरणीय संघर्ष (Environmental Struggle)-यह जीवों के उनके वातावरण की भिन्न परिस्थितियों के बीच होने वाले संघर्ष हैं, जैसे-जीव वर्षा, बाढ़-सूखा, भूकम्प, सर्दी-गर्मी आदि से सुरक्षित रहने के लिए संघर्ष करते हैं।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(3) विभिन्नताएँ एवं वंशागति (Variations \&amp; Heredity)-केवल समान जुड़वाँ संतानों (Identical Twins) को छोड़कर कोई भी दो जीव तथा उनकी आवश्यकताएँ समान नहीं होतीं। इसका अर्थ है जीवों के मध्य अन्तर होते हैं, यही अन्तर विभिन्नताएँ कहलाती हैं। इन्हीं विभिन्नताओं के कारण कुछ जीव दूसरों की अपेक्षा अपने वातावरण के प्रति अधिक अनुकूलित होते हैं।</p>
<p>डार्विन के अनुसार विभिन्नताएँ सतत होती हैं और ऐसी विभिन्नताएँ जो जीव को अपने वातावरण के प्रति अनुकूल बनाने या अनुकूलन स्थापित करने में सहायक होती हैं, अगली पीढ़ी में वंशागत हो जाती हैं जबकि अन्य विलुप्त हो जाती हैं।</p>
<p>(4) योग्यतम की उत्तरजीविता या प्राकृतिक वरण (Survival of Fittest or Natural Selection)-डार्विन के अनुसार उत्तरजीविता के लिए संघर्ष में केवल अधिक सफलतापूर्वक जीवन व्यतीत करने वाले सदस्य ही योग्यतम सिद्ध होते हैं। संघर्ष में जो भी अधिक सक्षम होते हैं वही विजयी होकर योग्यतम सिद्ध होते हैं।</p>
<p>योग्यतम प्राणी ही अपने विशिष्ट लक्षणों के कारण लैंगिक प्रजनन के लिए संगम साथी (Mating Partner) को पाने में सफल होते हैं। इसे लैंगिक वरण (Sexual Selection) कहते हैं। उत्तरजीविता के लिए संघर्ष में केवल वही जीव जीवित रहते हैं जो लाभदायक विभिन्नताएँ रखते हैं अर्थात् प्रकृति केवल योग्यतम जीवों का ही चयन करती है, इसे प्राकृतिक वरण (Natural Selection) कहते हैं अर्थात् योग्यता अनुकूलन क्षमता का अन्तिम परिणाम होती है और प्रकृति द्वारा चयनित हो जाती है।</p>
<p>(5) नई जाति की उत्पत्ति (Origin of New Species)डार्विन ने स्पष्ट किया कि ऐसी विभिन्नताएँ जो वातावरणीय परिवर्तनों के कारण उत्पन्न होती हैं अगली पीढ़ी में स्थानान्तरित हो जाती हैं जिससे नई संतान अपने पूर्वजों से भिन्नता प्रदर्शित करती है। अगली पीढ़ी में प्राकृतिक वरण का यही प्रक्रम पुनः दोहराया जाता है और कई पीढ़ियों के बाद अतंतः एक नई जाति का निर्माण हो जाता है।</p>
<p>प्राकृ तिक वरण के उदाहरण (Examples of Natural Selection)-<br />
(i) औद्योगिक अतिकृष्णता (Industrial Melanism)-इस घटना का अध्ययन बेनार्ड केटलवेल द्वारा किया गया। औद्योगिक क्रान्ति के पहले श्लभ (मोथ विस्टन बेटेलेरिया) का स्लेटी रूप प्रभावी था, कारबोनेरिया रूप काला कम ही मिलता था क्योंकि यह पक्षी द्वारा परभक्षण के प्रति अनुकूलित (Susceptible) था। यह तभी दिखाई देता था जब पेड़ के तने पर विश्राम अवस्था में होता था।</p>
<p>औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप अत्यधिक मात्रा में धुआँ (Somke) होता है जो पेड़ के तने पर जमा होता जाता है और उसे काला कर देता है। अब ग्रे रूप (स्लेटी) अनुकूलित (Susceptible) हो जाता है और काला रूप पनप जाता है। कोयले का तेल और बिजली द्वारा प्रतिस्थापित काले रूप के उत्पादन को कम करता है जिससे स्लेटी मॉथथ की आकृति पुन: बढ़ जाती है।</p>
<p>(ii) औषधि प्रतिरोधिता (Drug Resistance)-औषधियाँ जो रोगजनक (Pathogens) को नष्ट करती हैं समय के साथ अप्रभावी होती जा रही हैं क्योंकि रोगजनक जाति के सदस्य इनको झेल लेते हैं और जीवित रहते हैं, पनपते हैं और प्रतिरोधी समष्टि का उत्पादन करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
&#8216;जीवन की उत्पत्ति&#8217; में केवल रासायनिक विकास ही हुआ। विस्तारपूर्वक लिखिये ।<br />
उत्तर:<br />
रासायनिक विकास का सिद्धान्त यह सिद्धान्त रूसी वैज्ञानिक ओपेरिन और हेल्डेन ने दिया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन की उत्पत्ति रसायनों के संयोग से हुई, जिसे निम्न बिन्दुओं के आधार पर समझाया गया-<br />
(i) परमाणु अवस्था &#8211; पृथ्वी की उत्पत्ति लगभग 4.6 अरब वर्ष पूर्व हुई। ऐसे तत्व जो जीवद्रव्य बनाने में प्रमुख रूप से भाग लेते हैं केवल परमाण्वीय अवस्था में पाये जाते थे। केवल हल्के तत्वों ने मिलकर पृथ्वी का आद्य वातावरण निर्मित किया जैसे कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन। इनमें सर्वाधिक मात्रा में हाइड्रोजन उपस्थित थी ।</p>
<p>(ii) आण्विक अवस्था (अणुओं और सरल अकार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति) &#8211; पृथ्वी के ताप में कमी होने के साथ हल्के स्वतन्त्र परमाणुओं के संयोग से अणु और सरल अकार्बनिक यौगिक बनने लगे। अति उच्च ताप के कारण सक्रिय हाइड्रोजन परमाणुओं ने सम्पूर्ण ऑक्सीजन से संयोग कर जल बनाया और वातावरण में मुक्त O<sub>2</sub> नहीं रही।</p>
<p>आरम्भिक जीव- कोशिका का निर्माण इसलिए आद्य वातावरण अपचायी (Reducing ) था जबकि वर्तमान वातावरण स्वतन्त्र ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण उपचाय (Oxidising ) है। हाइड्रोजन परमाणुओं ने नाइट्रोजन से संयोग कर अमोनिया का निर्माण किया । जल तथा अमोनिया संभवतः प्रथम अकार्बनिक यौगिक थे । इन हल्के तत्वों में क्रियाओं द्वारा CO<sub>2</sub>, CO, N<sub>2</sub>, H<sub>2</sub> आदि का भी निर्माण हो गया।</p>
<p>(iii) प्रारम्भिक कार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति &#8211; वातावरण में उपस्थित नाइट्रोजन और कार्बन के धात्विक परमाणुओं के साथ संयोग से नाइट्राइड और कार्बाइड का निर्माण हुआ। जलवाष्प और धात्विक कार्बाइड की क्रिया द्वारा प्रथम कार्बनिक यौगिक मेथेन (CH<sub>4</sub>) का निर्माण हुआ। इसके बाद (HCN) हाइड्रोजन सायनाइड बना।</p>
<p>उस समय जो जल पृथ्वी पर बनता वह उच्च ताप के कारण वाष्पीकृत होकर बादल बन जाते तथा जलवाष्प वर्षा बूँदों के रूप में पुनः भूमि पर आ जाती जिससे लम्बे समय तक इस प्रक्रम के चलते रहने से पृथ्वी का ताप कम होने लगा और इस पर समुद्र बनने लगे ।</p>
<p>(iv) सरल कार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति- आदि सागर में जल में बड़ी मात्रा में मेथेन, अमोनिया, हाइड्रोजन, सायनाइड्स, कार्बाइड और नाइट्राइड उपस्थित थे। इन प्रारम्भिक यौगिकों में संयोगों द्वारा सरल कार्बनिक यौगिकों का निर्माण हुआ, जैसे- अमीनो अम्ल, ग्सिलरॉल, वसा अम्ल, प्यूरीन, पिरामिडिन आदि।</p>
<p>क्रियाओं के लिए ऊर्जा सूर्य के प्रकाश की पराबैंगनी किरणों, कॉस्मिक किरणों और ज्वालामुखी आदि से प्राप्त हुई। लेडरबर्ग ने प्रतिकृति प्लेटिंग प्रयोग द्वारा जीवाणुओं को उनके वातावरण के प्रति अनुकूलता की आनुवंशिकता का प्रदर्शन किया।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
जीवन की उत्पत्ति के सम्बंध में ऑपेरिन मत पर निबंध लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के बारे में हमें &#8216;बिग बैंग&#8217; नामक महाविस्फोट का सिद्धान्त यह कहता है कि एक महा विस्फोट के फलस्वरूप ब्रह्माण्ड का विस्तार हुआ और तापमान में कमी आई। कुछ समय बाद हाइड्रोजन एवं हीलियम गैसें बनीं। ये गैसें गुरुत्वाकर्षण के कारण संघनीभूत हुईं और वर्तमान ब्रह्माण्ड की आकाश गंगाओं का गठन हुआ।</p>
<p>आकाश गंगा के सौर मण्डल में पृथ्वी की रचना 4.5 बिलियन वर्ष (450 करोड़) पूर्व मानी जाती है। प्रारम्भिक अवस्था में पृथ्वी पर वायुमण्डल नहीं था। जल, वाष्य, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अमोनिया आदि धरातल को ढकने वाले गलित पदार्थों से निर्मुक्त हुई। सूर्य से आने वाली पराबैंगनी (अल्ट्रावायलेट) किरणों ने पानी को (H<sub>2</sub>) तथा (O<sub>2</sub>) में विखण्डित कर दिया तथा हल्की (H<sub>2</sub>) मुक्त हो गई।</p>
<p>ऑक्सीजन ने अमोनिया (NH<sub>2</sub>) एवं मीथेन (CH<sub>2</sub>) के साथ मिलकर पानी, कार्बन डाइऑक्साइड (CO<sub>2</sub>) तथा अन्य गैसों आदि की रचना की। पृथ्वी के चारों तरफ ओजोन परत का गठन हुआ। जब यह ठण्डा हुआ, तो जल-वाष्प बरसात के रूप में बरसी और गहरे स्थान भर गए, जिससे महासागरों की रचना हुई। पृथ्वी की उत्पत्ति के लगभग 50 करोड़ वर्ष बाद अर्थात् 400 करोड़ वर्ष पहले जीवन प्रकट हुआ। पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के बारे में वैज्ञानिकों एवं दार्शनिकों ने समय-समय पर अपनी-अपनी परिकल्पनाएँ प्रस्तुत कीं। इनमें प्रमुख परिकल्पनाएँ निम्न हैं-</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>1. विशिष्ट सृष्टि का सिद्धान्त (Theory of Special Creation)-यह सिद्धान्त धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इस विचारधारा के प्रमुख समर्थक फादर सुआरेझ (Father Suarez) थे, बाइबिल के अनुसार जीवन तथा सभी वस्तुओं की रचना भगवान द्वारा 6 दिनों में की गई।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>प्रथम दिन</td>
<td>स्वर्ग तथा नरक</td>
</tr>
<tr>
<td>द्वितीय दिन</td>
<td>आकाश तथा जल</td>
</tr>
<tr>
<td>तीसरे दिन</td>
<td>सूखी धरती और वनस्पति</td>
</tr>
<tr>
<td>चौथे दिन</td>
<td>सूर्य, चन्द्रमा और तारे</td>
</tr>
<tr>
<td>पाँचवें दिन</td>
<td>मछलियाँ और पक्षी</td>
</tr>
<tr>
<td>छठे दिन</td>
<td>स्थलीय जन्तु और मनुष्य बने।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रथम मनुष्य (Adam) आदम बना और इसकी बारहवीं पसली से (Five) हौवा प्रथम नारी बनी। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विश्व और सृष्टि की रचना ब्रह्मा द्वारा की गई। (प्रथम मानव मनु और प्रथम नारी श्रद्धा थे ) । इसके अनुसार जीवन अपरिवर्तनशील है तथा उत्पत्ति के बाद उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ। विशिष्ट सृष्टिवाद का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं होने के कारण इसे स्वीकार नहीं किया गया।</p>
<p>2. स्वतः जनन का सिद्धान्त (अजीवात जीवोत्पत्ति) (Theory of Spontaneous Generation Abiogenesis or Autogenesis)-इस परिकल्पना का प्रतिपादन पुराने यूनानी दार्शानिक जैसे थेल्स, एनेक्सिमेन्डर, जेनोफेन्स, प्लेटो, एम्पीडोकल्स, अरस्तू द्वारा किया गया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन की उत्पत्ति निर्जीव पदार्थों से अपने आप अचानक हुई।</p>
<p>इनका विश्वास था कि नील नदी के कीचड़ पर प्रकाश की किरणें गिरने पर उससे मेंढ़क, सर्प, मगरमच्छ आदि उत्पन्न हो गये। अजैविक उत्पत्ति का प्रायोगिक समर्थन वाल हेल्मोन्ट (Val Helmont 1642) द्वारा किया गया। इनके द्वारा अन्धेरे स्थल पर गेहूँ के चौकर (Barn) में पसीने से भीगी गन्दी कमीज (Shirt) को रखने पर 21 दिन में चूहों की उत्पत्ति को स्वतः जनन के द्वारा होना बताया।</p>
<p>3. ब्रह्माण्डवाद का सिद्धान्त (Cosmologic Theory)-यह सिद्धान्त रिचर (Richter) द्वारा प्रतिपादित किया गया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन पृथ्वी पर सर्वप्रथम किसी अन्य ग्रह या नक्षत्र से जीवद्रव्य (Protoplasm), बीजाणु (Spores) या अन्य कणों के रूप में कॉस्मिक धूल के साथ पहुँचा जिसने जीवन के विभिन्न रूपों को जन्म दिया।</p>
<p>4. कॉस्मिक पेनस्पर्मिया सिद्धान्त (Cosmic Panspermia Theory)-यह सिद्धान्त आरीनियस (Arrhenius) द्वारा प्रतिपाद्ति किया गया। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवों के बीजाणु (Spores) ब्रह्माण्ड में एक ग्रह से दूसरे ग्रह पर स्वतन्त्र रूप से आ जा सकते हैं। इन्होंने ही पृध्व्वी पर पहुँचकर जीवन के विभिन्न रूपों को जन्म दिया।</p>
<p>5. जीवन की अनन्तकालता का सिद्धान्त (Theory of Eternity of Life)-हेल्महॉट्ज (Helmhotz) ने जीवन की अनन्तकालिता (Eternity of Life) में विश्वास किया। इनके अनुसार जीवन की उत्पत्ति या सृष्टि का प्रश्न उठता ही नहीं, क्योंकि &#8216;जीवन अमर है; ब्रह्माप्ड की उत्पत्ति के समय ही अजीव और सजीव पदार्थों की एक साथ उत्पत्ति हुई ।</p>
<p>6. जीवात् जीवोत्पत्ति का सिद्धान्त (Theory of Biogenesis)-यह सिद्धान्त हार्वे (Harvey, 1951) और हक्सले (T.H. Huxley, 1870) नामक वैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपाद्त किया। इनके अनुसार पृथ्वी पर नये जीवन की उत्पत्ति या निर्माण पूर्व जीवों से होता है न कि निर्जीव पदार्थों से।</p>
<p>यह सिद्धान्त स्वतः जनन (Spontaneous Generation) का तो खण्डन करता है किन्तु पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति की व्याख्या नहीं करता है। जीवात् जीवोत्पत्ति का प्रायोगिक सत्यापन और स्वतः जनन का प्रायोगिक खण्डन करने के लिए प्रमुख वैज्ञानिकों द्वारा किये गये प्रयोग अग्र हैं।</p>
<p>7. फ्रांसेस्को रेडी (Francesco Redi, 1668-इटालियन ) का प्रयोग-इन्होंने मरे हुए सांपों, मछलियों और माँस के टुकड़ों को जारों में रखकर कुछ जार खुुले छोड़े तथा कुछ को सील किया या जालीदार कपड़े में बंद किया। देखिए सामने। खुले जारों में मक्खियों ने माँस पर अण्डे दिये जिनसे डिम्भक (Larvae of maggots) निकले बंद जारों में मक्खियाँ नहीं घुस पायीं।</p>
<p>अतः इनके माँस में डिम्भक (Larvae or maggots) नहीं दिखाई दिये। इस प्रयोग द्वारा सिद्ध होता है कि डिम्भक का विकास मक्खियों द्वारा दिये गये अण्डों से हुआ जबकि बंद जार में मक्खियों के नहीं घुस पाने के कारण उनमें किसी प्रकार के डिम्भक (Larvae) का विकास नहीं हुआ। अतः जीव का जन्म पहले से उपस्थित जीव द्वारा संभव है न कि स्वतः जनन द्वारा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36761" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-33.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 33" width="296" height="326" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-33.png 296w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-33-272x300.png 272w" sizes="auto, (max-width: 296px) 100vw, 296px" /></p>
<p>8. लैजेरो स्पैलैन्जनी (Lazzaro Spallanzani 1767 इटालियन) का प्रयोग-इन्होंने बंद फ्लास्कों में सब्जियों और माँस को उबालकर जीवाणु रहित (Sterilized) पोषक शोरबा (Broth) तैयार किया। खुले या ढीले कार्क से बन्द्र जारों में रखने पर इस शोरबे में अनेक जीवाणु पनप जाते थे, परन्तु सीलबन्द करके रखने पर इसमें जीवाणु उत्पन्न नहीं होते थे।</p>
<p>नीधम (Needham) ने इस प्रयोग के विरोध में कहा कि अधिक उबालने से यह शोरबा जीवों के स्वतः उत्पादन के योग्य नहीं रहा। इस पर स्पैलैन्जनी (Spallanzani) ने सीलबंद फ्लास्कों की नलियों को तोड़ दिया। कुछ दिन बाद हवा के भीतर पहुँचने के कारण, इन जारों के शोरबे में भी जीवाणु हो गये। इससे सिद्ध हुआ कि सूक्ष्म जीवाणु भी स्वतः उत्पादन द्वारा नहीं, वरन् हवा में उपस्थित जीवाणु से ही बनते हैं।</p>
<p>9. लुईस पाश्चर (Louis Pasteur, 1860-1862-फ्रांसीसी) का प्रयोग-लुईस पाश्चर ने रोगों का रोगाणु सिद्धान्त (Germ Theory of Diseases or Germ Theory) प्रतिपादित के साथ अजैव उत्पत्ति को गलत सिद्ध किया।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36762" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-34.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 34" width="365" height="330" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-34.png 365w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-34-300x271.png 300w" sizes="auto, (max-width: 365px) 100vw, 365px" /></p>
<p>इन्होंने शक्कर और यीस्ट (Yeast) का घोल उबाल कर उसे जीवाणु रहित कर दिया। अब इस घोल को दो प्रकार के फ्लास्क में रखा एक जार (फ्लास्क) की गर्दन को गरम करके खींच कर &#8216;S&#8217; आकार (हंस की गर्दन के समान) का बना दिया तथा दूसरे की गर्दन को तोड़ दिया देखिए सामने &#8216;S&#8217; आकृति की गर्दन वाले फ्लास्क में कोई जीवाणु दिखाई नहीं दिये क्योंकि मुड़ी गर्दन पर धूल कण और सूक्ष्म जीव चिपक गए और विलयन तक नहीं पहुँच सके।</p>
<p>जबकि टूटी ग्रीवा वाले फ्लांस्क में वायु और सूक्ष्म जीव आसानी से पहुँच जाने के कारण उसमें सूक्ष्म जीवों की कॉलोनी का विकास हो गया। लुईस पाश्चर के प्रयोगों से अजीवात् जीवोत्पत्ति की धारणा समाप्त हो गई और सजीवों से ही जीवन की उत्पत्ति सिद्ध हो गई।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>10. ओपेरिन-हेल्डेन सिद्धान्त (Oparin-Haldane Theory of Origin of Life)-वैज्ञानिक ए.आई. ओपेरियन और जे.बी.एस. हेल्डेन (इंग्लैण्ड में जन्मे भारतीय वैज्ञानिक) ने प्रकृतिवाद् या रासायनिक विकास का सिद्धान्त (Naturalistic Theory or Theory of Chemical Evolution) प्रतिपादित किया। यह सिद्धान्त जीवन की उत्पत्ति का आधुनिक सिद्धान्त (Modern Theory of Origin of Life) है। इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन की उत्पत्ति रसायनों के संयोग से हुई जिसे निम्न बिन्दुओं के आधार पर समझाया गया है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36763" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-35.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 35" width="383" height="448" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-35.png 383w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-35-256x300.png 256w" sizes="auto, (max-width: 383px) 100vw, 383px" /></p>
<p>(i) परमाणु अवस्था (The Atomic Stage)-पृथ्व्वी की उत्पत्ति लगभग 4-6 अरब वर्ष पूर्व हुई। ऐसे तत्व जो जीवद्रव्य बनाने में प्रमुख रूप से भाग लेते हैं केवल परमाण्वीय अवस्था में पाये जाते थे। केवल हल्के तत्वों ने मिलकर पृथ्वी का आद्य वातावरण निर्मित किया जैसे कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन। इनमें सर्वाधिक मात्रा में हाइड्रोजन उपस्थित थी।</p>
<p>(ii) आण्विक अवस्था (अणुओं और सरल अकार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति) Molecular Stage (Origin of Molecules and Simple Inorganic Compounds)-पृथ्वी के ताप में कमी होने के साथ हल्के स्वतन्त्र परमाणुओं में संयोग से अणु और सरल अकार्बनिक यौगिक बनने लगे। अति उच्च ताप के कारण सक्रिय हाइड्रोजन परमाणुओं ने सम्मूर्ण ऑक्सीजन से संबोग कर जल बनाया और वातावरण में मुक्त ऑक्सीजन नहीं रही।</p>
<p>इसलिए आद्य वातावरण अपचायी (Reducing) था जबकि वर्तमान वातावरण स्वतन्त्र ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण उपचायी (Oxidising) है। हाइड्रोजन परमाणुओं ने नाइट्रोजन से संयोग कर अमोनिया (NH3) का निम्माण किया। जल तथा अमोनिया सम्भवतः प्रथम अकार्घनिक (Inorganic) यौगिक थे। इन हल्के तत्वों में क्रियाओं द्वारा CO<sub>2</sub>,CO N<sub>2</sub>,H<sub>2</sub> आदि का भी निर्माण हो गया।</p>
<p>(iii) प्रारम्भिक कार्बनिक याँगिकों की उत्पत्ति (Origin of Early Organic Compounds)-वातावरण में उपस्थित नाइट्रोजन और कार्बन के धात्चिक परमाणुओं के साथ संयोग से नाइट्राइड और कार्बाइड का निर्माण हुआ। जल वाष्प और धात्चिक कार्बाइड के क्रिया द्वारा प्रथम काबंनिक यौगिक मेथेन CH<sub>4</sub> का निर्माण हुआ। इसके बाद HCN हाइड्रोजन सायनाइड बना।</p>
<p>उस समय जो जल पृथ्वी पर बनता उच्च ताप के कारण वाष्पीकृत हो जाता जिससे बादल बन जाते तथा जलवाष्प वर्षा बंदों के रूप में पुनः भूमि पर आ जाती जिससे लम्बे समय तक इस प्रक्रम के चलते रहने से पृथ्वी का ताप कम होने लगा और इस पर समुद्र बनने लगे।</p>
<p>(iv) सरल कार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति (Origin of Simple Organic Compounds)-आदि सागर के जल में बड़ी मात्रा में मेथेन, अमोनिया, हाइड्रोजन, सायनाइड्स, कार्बाइड और नाइट्राइड्स उपस्थित थे। इन प्रारम्भिक यौगिकों में संयोग द्वारा सरल कार्बनिक यौगिकों का निर्माण हुआ जैसे अमीनो अम्ल, गिलसरॉल, वसा अम्ल, प्यूरीन, पिरीमिडीन आद्व। क्रियाओं के लिए ऊर्जा सूर्य के प्रकाश की पराबैंगनी किरणों, कॉस्मिक किरणों और ज्बालामुखी आदि से प्राप्त हई ।</p>
<p>(v) जटिल कार्बनिक यौगिकों की उत्पत्ति (Origin of Complex Organic Compounds)-समुद्री जल में छोटे सरल कार्बनिक यौगिकों के संयोग से बड़े जटिल कार्बनिक यौगिक बनने लगे जैसे-एमीनो अम्लों के संयोग से बड़ी शृंखलाएँ पॉलीपेप्टाइड्स (Polypeptides) और प्रोटीन बने। वसा अम्ल और ग्लिसरॉल के संयोग से वसा (Fat) और लिपिड (Lipid) बने।</p>
<p>सरल शर्कराओं के संयोग से डाइसैकेराइड और पॉलीसेकेराइड बने। शर्करा, नाइट्रोजनी क्षारक और फास्फेट्स के संयोग से न्यूक्लिओटाइड बने जिनकें बहुलीकरण से न्यूक्लिक अम्ल बने। इस प्रकार समुद्री जल में ऐसे दीर्घ अणुओं (Macro molecules) का निर्माण हो गया जो जीवद्रव्य के मुख्य घटकों का निर्माण करते हैं। अतः आदि सागर में जीवन की उत्पत्ति की संम्भावनाएँ स्थापित हो गईं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36764" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-36.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 36" width="368" height="564" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-36.png 368w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-36-196x300.png 196w" sizes="auto, (max-width: 368px) 100vw, 368px" /></p>
<p>लम्बे समय के बाद रासायनिक विकास के परिणामस्वरूप आदि सागरों का जल इन कार्बनिक यौगिकों से पूर्णतया संतृप्त हो गया। कोसरवेट व न्यूक्लिओ प्रोटीन का निर्माण-बड़े कार्बनिक अणु जो कि सागर में अजैव संश्लेषण द्वारा बने थे, एक-दूसरे के समीप आने लगे जिससे बड़ी कोलाइडी बूँदों के समान संरचनाओं का निर्माण हुआ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>इन्हीं कोलाइडी बूँदों का ऑपेरिन द्वारा कोसरवेट नाम दिया गया। कोसरवेट (संराशयक) वृहद् अणुओं का झुण्ड था जिसमें प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, लिपिड्स और पॉलीसेकेराइड्स आदि थे। इनमें वातावरण से कार्बनिक अणुओं के अवशोषण की क्षमता थी, ये जीवाणुओं के समान मुकुलन द्वारा विभाजित हो सकते थे, इनमें ग्लूकोज के अपघटन जैसी क्रियाएँ होती थीं।</p>
<p>रासायनिक क्रियाओं के लिए आवश्यक ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती थी। ओपैरिन के अनुसार कोसरवेट सर्वप्रथम बने सरलजीवीय अणु थे जिन्होंने बाद में कोशिका को जन्म दिया। स्टैनले मिलर का प्रयोग (Experiment of S. Miller)ओपैरिन की परिकल्पना के अनुसार, प्रबल ऊर्जा की उपस्थिति में, मीथेन, हाइड्रोजन, जलवाष्प एवं अमोनिया के संयोजन से अमीनो अम्लों, सरल शर्कराओं तथा अन्य कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण की सम्भावना को, अमेरिकी वैज्ञानिक स्टैनले मिलर (Stanley Miller 1953,1957) ने अपने आचार्य-हेरोल्ड यूरे (Harold Urey) की देखरेख में एक साधारण से प्रयोग द्वारा सिद्ध किया।</p>
<p>उन्होंने 5 लीटर के एक फ्लास्क में 2: 1: 2 के अनुपात में, मीथेन, अमोनिया एवं हाइड्रोजन का गैसीय मिश्रण भरा। देखिए चित्र 7.5 में। एक आधा लीटर के फ्लास्क को काँच की नली द्वारा बड़े फ्लास्क से जोड़ा। इस छोटे फ्लास्क में जल भरकर इसे उबालने का प्रंबध किया जिससे जलवाष्प पूरे उपकरण में घूमती है।</p>
<p>बड़े फ्लास्क में टंग्टन (Tungsten) के दो इलेक्ट्रोड (Electrodes) फिट करके, आदिवायुमण्डल की बिजली जैसे प्रभाव को उत्पन्न करने के लिए एक सप्ताह तक तीव्र विद्युत की चिन्गारियाँ मुक्त कीं। इसलिए इस उपकरण को चिन्गारी-विमुक्ति उपकरण (Spark-Discharge Apparatus) कहते हैं। बड़े फ्लास्क को उन्होंने दूसरी ओर एक U नली द्वारा भी छोटे फ्लास्क से जोड़ा।</p>
<p>इस नली को एक स्थान पर एक कन्डेंसर (Condenser) में से निकाला। प्रयोग के अन्त में बनी गैस वाष्प के साथ जब कन्डेंसर के कारण ठण्डी हुई तो U नली में एक गहरा लाल-सा ग़द्दला तरल भर गया। विश्लेषण से पता लगा कि यह तरल ग्लाइसीन एवं एलैनीन नामक सरलतम अमीनो अम्लों, सरल शर्कराओं, कार्बनिक अम्लों तथा अन्य कार्बनिक यौगिकों का मिश्रण था।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36765" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-37.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 37" width="435" height="390" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-37.png 435w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-37-300x269.png 300w" sizes="auto, (max-width: 435px) 100vw, 435px" /></p>
<p>अन्य वैज्ञानिकों ने भी इसी प्रकार आदि पृथ्वी पर उपस्थित दशाओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करके सरल अकार्बनिक एवं कार्बनिक यौगिकों से जटिल कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण को सिद्ध किया। उल्का पिण्डों सें प्राप्त रासायनिक विश्लेषण द्वारा भी पता चलता है कि अंतरिक्ष में भी यह घटना क्रम चलता होगा। इन कार्बनिक अणुओं से जीवन प्रारम्भ हुआ।</p>
<p>यह अणु अपने समान अणु बनाने में भी सक्षम थे। उसके पश्चात् एक कोशिकीय जीव जल में उत्पन्न हुए एवं उसके बाद धीरे-धीरे विकास की ओर लगातार बढ़ते हुए जैवविविधता बढ़ती गई व जो पृथ्वी पर आज हमें पादप व जीव-जन्तु देखने को मिलते हैं वह सभी एक कोशिकीय जलीय जीवों से विकसित हुये हैं।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
तुलनात्मक शरीर रचना से जैव विकास के लिए क्या प्रमाण प्राप्त होते हैं? विस्तृत वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
यदि जैव विकास (Organic Evolution) हुआ है तो प्रारम्भ से लेकर आज तक की जीव-जातियों की रचना, कार्यिकी एवं रसायनी, भ्रूणीय विकास, वितरण आदि में कुछ न कुछ सम्बन्ध एवं क्रम होना आवश्यक है। लैमार्क, डार्विन वैलेस, डी व्रिज आदि ने जैव विकास के बारे में अपनी-अपनी परिकल्पनाओं को सिद्ध करने के लिए इन्हीं &#8211; सम्बन्धों एवं क्रम को दिखाने वाले प्रमाण प्रस्तुत किये हैं जिन्हें हम</p>
<p>निम्नलिखित श्रेणियों में बाँट सकते हैं-</p>
<ol>
<li>जीवों की तुलनात्मक संरचना</li>
<li>शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन से प्रमाण</li>
<li>संयोजक कड़ियों के प्रमाण</li>
<li>अवशेषी अंग</li>
<li>भ्रोणिकी से प्रमाण</li>
<li>जीवाश्मीय प्रमाण</li>
<li>जीवों के घरेलू पालन से प्रमाण</li>
<li>रक्षात्मक समरूपता</li>
</ol>
<p>(1) जीवों की तुलनात्मक संरचना ( Comparative Anatomy) से प्रमाण &#8211; जन्तुओं में शारीरिक संरचनाएँ दो प्रकार की होती हैं-<br />
(i) समजात अंग (Homologous organ ) &#8211; वे अंग जिनकी मूलभूत संरचना एवं उत्पत्ति समान हो लेकिन कार्य भिन्न हो, समजात अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए व्हेल, पक्षी, चमगादड़, घोड़े तथा मनुष्य के अग्रपाद समजात अंग अर्थात् होमोलोगस अंग हैं।</p>
<p>इन जन्तुओं के अग्रपाद बाहर से देखने से भिन्न दिखाई देते हैं। इनका बाहरी रूप उनके आवास एवं स्वभाव के अनुकूल होता है। व्हेल के अग्रपाद तैरने के लिए फ्लिपर में, पक्षी तथा चमगादड़ के अग्रपाद उड़ने के लिए पंख में रूपान्तरित हो गये हैं जबकि घोड़े के अग्रपाद दौड़ने के लिए, मनुष्य के मुक्त हाथ पकड़ने के लिए उपयुक्त हैं।</p>
<p>इन जन्तुओं के अग्रपादों के कार्यों एवं बाह्य बनावट में असमानताएँ होते हुए भी, इन सभी जन्तुओं के कंकाल (ह्यूमरस, रेडियस अल्ना, कार्पल्स, मेटाकार्पल्स व अंगुलास्थियाँ ) की मूल संरचना तथा उद्भव (Origin) समान होता है। ऐसे अंगों को समजात अंग (Homologous Organ) कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36766" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-38.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 38" width="438" height="303" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-38.png 438w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-38-300x208.png 300w" sizes="auto, (max-width: 438px) 100vw, 438px" /></p>
<p>कीटों के मुखांग (Mouth Parts of Insects ) &#8211; कीटों के मुखांग क्रमशः लेब्रम ( Labrum), मेण्डिबल (Mandibles), मैक्सिला (Maxilla), लेबियम (Labium) एवं हाइपोफे रिंक्स (hypopharynx) से मिलकर बने होते हैं। प्रत्येक कीट में इनकी संरचना एवं परिवर्धन समान होता है लेकिन इनके कार्यों में भिन्नता पाई जाती है। कॉकरोच के मुखांग भोजन को काटने व चबाने (Biting and Chewing) का कार्य करते हैं ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>तितली एवं मक्खी में भोजन चूसने का एवं मच्छर में मुखांग भेदन एवं चूषण (Piercing and Sucking) दोनों का कार्य करते हैं। अकशेरुकियों के पैर (Legs of Invertibrates) &#8211; इसी प्रकार कॉकरोच एवं मधुमक्खी ( Honeybee) के टांगों के कार्य भिन्न- भिन्न हैं। कॉकरोच अपनी टांगों का उपयोग चलने (Walking) में करता है जबकि मधुमक्खी अपनी टांगों का उपयोग परागकण को एकत्रित (Collecting of Pollens) करने में करती है। जबकि दोनों की टांगों में खण्ड पाये जाते हैं तथा सभी खण्ड समान होते हैं जैसे कॉक्सा (Coxa), ट्रोकेन्टर (Trochanter ), फीमर (Femur), टिबिया (Tibia), 1 से 5 युग्मित टारसस (1-5 Jointed Tarsus)।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36767" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-39.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 39" width="311" height="246" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-39.png 311w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-39-300x237.png 300w" sizes="auto, (max-width: 311px) 100vw, 311px" /></p>
<p>बोगेनविलिया का काँटा और कुकुरबिटा के प्रतान (Tendril) में समानता होती है। इसी प्रकार और भी उदाहरण जैसे</p>
<ol>
<li>आलू व अदरक,</li>
<li> गाजर व मूली ।</li>
</ol>
<p>(i)अपसारित विकास ( अनुकूली अपसारिता / अनुकूली विकिरण ) [Divergent Evolution (adaptive divergence / adaptive radiation)] &#8211; विभिन्न जन्तुओं में पायी जाने वाली समजातता यह प्रदर्शित करती है कि इन सबकी उत्पत्ति किसी समान पूर्वज से हुई है। किसी एक पूर्वज से उत्पन्न होने के बाद जातियाँ अपने-अपने आवासों के अनुसार अनुकूलित हो जाती हैं। जिसे ही अनुकूली विकिरण या अपसारित विकास कहते हैं। इन जातियों में समजात अंग (Homologous Organs) पाये जाते हैं । जैसे आस्ट्रेलिया में अनुकूली विकिरण के द्वारा ही विभिन्न प्रकार के मासूपिल्स (Marsupials) की उत्पत्ति हुई ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36768" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-40.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 40" width="441" height="472" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-40.png 441w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-40-280x300.png 280w" sizes="auto, (max-width: 441px) 100vw, 441px" /></p>
<p>(ii) समवृत्ति अंग (Analogous Organs) &#8211; वे अंग जिनके कार्य समान हों किन्तु उनकी मूल संरचना एवं उत्पत्ति में अन्तर हो, समवृत्ति अंग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए-कीट, पक्षी तथा चमगादड़ के पंख उड़ने का कार्य करते हैं परन्तु इनकी मूल संरचना एवं उत्पत्ति में बड़ा अन्तर होता है । इन अंगों में केवल आभासी समानताएँ पाई जाती हैं।</p>
<p>वातावरण एवं स्वभाव के कारण कार्यों में समानता होती है। कीट के पंखों का विकास शरीर की भित्ति से निकले प्रवर्गों के रूप में होता है जबकि पक्षी एवं चमगादड़ में इनकी उत्पत्ति शरीर भित्ति के प्रवर्गों के रूप में नहीं होती है । अतः इनके कार्यों में तो समानता होती है, परन्तु उत्पत्ति एवं संरचना में भिन्नता होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36769" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-41.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 41" width="441" height="276" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-41.png 441w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-41-300x188.png 300w" sizes="auto, (max-width: 441px) 100vw, 441px" /></p>
<p>इसी तरह मधुमक्खी के डंक एवं बिच्छू के डंक दोनों ही समान कार्य करते हैं परन्तु इनकी संरचना एवं परिवर्धन भिन्न होता है । मधुमक्खी एक कीट है, इसके बाह्य जननांग मिलकर अण्ड निक्षेपक (Ovipositor) नाल बनाते हैं। यही अण्ड निक्षेपक नाल रूपान्तरित होकर डंक बनाती है जबकि बिच्छू में शरीर का अन्तिम खण्ड रूपान्तरित होकर डंक बनाता है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त समवृत्ति के उदाहरण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>ऑक्टोपस (अष्ट भुज) तथा स्तनधारियों की आँखें (दोनों में रेटिना की स्थिति में भिन्नता है) या पेंग्विन और डॉल्फिन मछलियों के फिलपर्स ।</li>
<li>रस्कस का पर्णाभ स्तम्भ (Phylloclade) और सामान्य पर्ण।</li>
<li>आलू (तना) और शकरकंद (जड़)।</li>
</ul>
<p>समवृत्ति अंगों में कार्य की समानता एवं विशिष्ट वातावरण की आवश्यकता के अनुरूप विकास, अभिसरण जैव विकास (Convergent Evolution) को प्रकट करता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(2) शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन से प्रमाण (Evidence from Physiology and Biochemistry)-fafum. जीव शरीर क्रिया और जैव रसायन में समानता प्रदर्शित करते हैं, कुछ स्पष्ट उदाहरण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>जीवद्रव्य (Protoplasm) &#8211; जीवद्रव्य की संरचना और संगठन सभी जन्तुओं में (प्रोटोजोआ से स्तनधारियों तक) लगभग समान होती है।</li>
<li>एन्जाइम (Enzyme) &#8211; सभी जीवों में एन्जाइम समान कार्य करते हैं। जैसे ट्रिप्सिन (Trypsin) । अमीबा से लेकर मानव तक प्रोटीन पाचन और एमाइलेज (Amylase) पॉरीफेरा से स्तनधारियों तक स्टार्च पाचन करता है।</li>
<li>रुधिर (Blood) &#8211; रुधिर की रचना सभी कशेरुकियों में लगभग समान होती है।</li>
<li>हार्मोन (Hormones) &#8211; सभी कशेरुकियों में समान प्रकार के हार्मोन बनते हैं, जिनकी रचना व कार्य समान होते हैं।</li>
<li>अनुवांशिक पदार्थ (Hereditary Material) &#8211; सभी जीवों में आनुवांशिक पदार्थ DNA होता है जिसकी मूल संरचना सभी जीवों में समान होती है।</li>
<li>ए.टी.पी. ( ATP) &#8211; सभी जीवों में जैविक ऑक्सीकरण के फलस्वरूप ATP के रूप में ऊर्जा संचित होती है।</li>
<li>साइटोक्रोम &#8211; सी ( Cytochrome &#8211; C) &#8211; यह श्वसन वर्णक है जो सभी जीवों के माइटोकॉन्ड्रिया में उपस्थित होता है। इस प्रोटीन में 78-88 तक अमीनो अम्ल एक समान होते हैं जो समपूर्वजता को प्रदर्शित करते हैं। इस प्रकार शरीर क्रिया विज्ञान और जैव रसायन के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि सभी जीवों का विकास एक ही मूल पूर्वज (Common Ancestor) से हुआ है।</li>
</ul>
<p>(3) संयोजक कड़ियों के प्रमाण (Evidence of Connective Links) &#8211; जीवों के वर्गीकरण में समान गुणों वाले जीवों को एक ही वर्ग में रखा गया है। कुछ जन्तु ऐसे भी हैं जिनमें दो वर्गों के गुण पाये जाते हैं। इन जन्तुओं को योजक कड़ियाँ (Connective Links) कहते हैं।</p>
<p>संयोजक कड़ियों के उदाहरण-<br />
(i) आर्किओप्टेरिक्स (Archeopteryx) &#8211; जर्मनी के बवेरिया प्रदेश में आर्किओप्टेरिक्स नामक जन्तु के जीवाश्म मिले हैं। इस जन्तु के कुछ लक्षण जैसे चोंच, पंख, पैरों की आकृति, एवीज वर्ग (पक्षी वर्ग) के तो कुछ लक्षण जैसे दाँत, पूँछ तथा शरीर पर शल्कों का होना रेप्टीलिया वर्ग के हैं। अतः इस जन्तु को एवीज तथा रेप्टीलिया वर्ग के मध्य योजक कड़ी कहते हैं। इससे प्रमाणित होता है कि पक्षियों का विकास सरीसृपों (Reptiles) से हुआ है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36770" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-42.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 42" width="447" height="338" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-42.png 447w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-42-300x227.png 300w" sizes="auto, (max-width: 447px) 100vw, 447px" /></p>
<p>(ii) प्लेटीपस और एकिडना (Platypus and Echidna ) &#8211; प्लेटीपस और एकिडना दोनों ही मैमेलिया वर्ग के जन्तु हैं। इनके शरीर पर बाल पाये जाते हैं तथा बच्चों को दूध पिलाने के लिए दुग्ध ग्रन्थियाँ (Mammary Glands) होती हैं जो मैमेलिया वर्ग के लक्षण हैं। ये दोनों ही जन्तु रेप्टीलिया वर्ग के जन्तुओं की भाँति कवचदार पीतकयुक्त अण्डे देते हैं। इस प्रकार प्लेटीपस और एकिडना रेप्टीलिया और मैमेलिया वर्ग के मध्य एक योजक कड़ी हैं। ये जन्तु भी सिद्ध करते हैं कि स्तनधारियों का विकास सरीसृपों ( Reptiles ) से हुआ है।</p>
<p>(iii) पेरीपेटस (Peripatus ) &#8211; यह एनेलिडा तथा आर्थोपोडा संघ के बीच की संयोजी कड़ी है। पेरीपेटस में एनेलिडा संघ के निम्न लक्षण पाये जाते हैं-</p>
<ul>
<li>बेलनाकार आकृति</li>
<li>देहभित्ति की आकृति व चर्म का पेशीय होना</li>
<li>क्यूटिकल द्वारा निर्मित बाह्य कंकाल अनुपस्थित एवं पार्श्व पादों के समान उभारों का उपस्थित होना।</li>
</ul>
<p>संघ आर्थ्रोपोडा के समान पेरीपेटस में निम्न लक्षण पाये जाते हैं-</p>
<ul>
<li>तीन खण्डों के समेकन से सिर भाग का बनना</li>
<li>ऐंटिनी (Antennae ) का होना</li>
<li>एक जोड़ी सरल नेत्रों तथा एक जोड़ी मुख पैपिली का उपस्थित होना ।</li>
</ul>
<p>अतः पेरिपेटस को एनीलीडा तथा आर्थ्रोपोडा संघ को जोड़ने वाली संयोजी कड़ी कहते हैं। यह प्रमाणित करता है कि आर्थोपोडा का विकास एनिलिडा से हुआ है ।</p>
<p>(iv) फुफ्फुस मछली (Lungfish ) प्रोटोप्टेरस (Portopterus) &#8211; प्रोटोप्टेरस में कुछ लक्षण मछलियों के (जैसे क्लोम तथा शल्कों की उपस्थिति) और कुछ लक्षण उभयचरों के (जैसे फुफ्फुस की उपस्थिति) पाये जाते हैं। अत: प्रोटोप्टेरस पिसीज तथा उभयचर संघ के बीच संयोजी कड़ी है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36771" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-43.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 43" width="449" height="315" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-43.png 449w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-43-300x210.png 300w" sizes="auto, (max-width: 449px) 100vw, 449px" /></p>
<p>उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न संयोजी कड़ियों के उदाहरण हैं-</p>
<ul>
<li>वायरस (Virus) &#8211; संजीव और निर्जीव के मध्य</li>
<li>यूग्लीना (Euglena) &#8211; पादप और जन्तु के मध्य</li>
<li>प्रोटेरोस्पॉन्जिया (Proterospongia ) &#8211; प्रोटोजोआ और पॉरीफेरा के मध्य</li>
<li>नियोपाइलीना (Neopilina) &#8211; मोलस्का और एनेलिडा के मध्य उक्त कार्बनिक विकास और समपूर्वजता के अच्छे उदाहरण प्रदर्शित करते हैं।</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(4) अवशेषी अंगों के प्रमाण (Evidences from Vestigeal Organs) &#8211; अधिकांश जन्तुओं में कुछ ऐसे अंग होते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं परन्तु इन अंगों का जीवन भर पूर्ण विकास नहीं होता है। ये जन्तु की जीवन क्रिया में कोई योगदान नहीं देते है। अर्थात् ये निरर्थक एवं अनावश्यक होते हैं। ऐसे अंगों को अवशेषी अंग (Vestigeal Organs) कहते हैं। मनुष्य के शरीर में लगभग 180 ऐसी रचनायें होती हैं जिनमें सामान्य निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>कृमिरूपी &#8211; परिशेषिका (Vermiform Appendix ) &#8211; यह भोजन नाल का भाग होता है, जिसका कोई कार्य नहीं होता है परन्तु खरहे जैसे शाकाहारी जन्तुओं में यह सीकम के रूप में विकसित एवं . क्रियाशील होती है।</li>
<li>कर्ण पल्लव (Earpinna ) &#8211; घोड़े, गधे, कुत्ते व हाथी जैसे जन्तुओं के बाहरी कान से लगी कुछ पेशियाँ होती हैं जो कान को हिलाने का कार्य करती हैं परन्तु मनुष्य में ये पेशियाँ अविकसित रूप में पाई जाती हैं तथा कर्ण पल्लव अचल होता है ।</li>
<li>पुच्छ कशेरुकाएँ (Caudal Vertebrae) &#8211; मनुष्य में पूँछ नहीं पायी जाती है किन्तु फिर भी पुच्छ कशेरुकाएँ अत्यधिक हासित दुम के रूप में अवशेषी अंग के रूप में पायी जाती हैं। इससे पता चलता है कि मनुष्य के पूर्वज में पूँछ थी ।</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px;"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36772" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-45.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 45" width="450" height="373" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-45.png 450w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-45-300x249.png 300w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></p>
<ul>
<li>निमेषक पटला (Nictitating Membrane)-मेढक, पक्षियों तथा खरगोश में यह झिल्ली कई रूप में उपयोगी होती है, परन्तु मनुष्य में होते हुए भी इसका कोई कार्य नहीं होता है। यह लाल अर्द्धचन्द्राकार झिल्ली होती है जो आँख के एक ओर स्थित होती है । इसको प्लिका सेमील्यूनेरिस (Plica Semilunaris) कहते हैं।</li>
<li>त्वचा के बाल (Hair ) &#8211; बन्दरों, घोड़ों, सूअरों, कपियों आदि स्तनियों के शरीर पर घने बाल होते हैं। ये ताप नियन्त्रण में सहायता करते हैं। मानव में बालों का यह कार्य नहीं रहा, फिर भी शरीर पर कुछ बाल होते हैं।</li>
<li>अक्कल दाढ़ ( Wisdom Teeth) &#8211; तीसरा मोलर दन्त अन्य प्राइमेट (Primate) स्तनियों में सामान्य होता है । मानव में इसका उपयोग नहीं होता है। अतः यह देर से निकलता है और अर्ध विकसित रहता है। यह दंतरोगों के प्रति संवेदनशील होता है।</li>
</ul>
<p>अन्य जन्तुओं में अवशेषी अंग (Vestigeal Organs in other Animals)</p>
<ul>
<li>अजगर (Python) के पश्च पाद और श्रोणि मेखला</li>
<li>बिना उड़ने वाले ( Flightless) पक्षियों के पंख जैसे शुतुरमुर्ग, ईमू कीवी आदि ।</li>
<li>घोड़े के पैरों की स्पिलिंट अस्थियाँ (Splint Bones ) 2 और 4 अगुंली।</li>
<li>व्हेल के पश्चपाद और श्रोणि मेखला</li>
</ul>
<p>पादपों के अवशेषी अंग (Vestigeal Organs in Plants) &#8211; रस्कस और अनेक भूमिगत तनों की शल्की पत्तियाँ ।<br />
अनावश्यक अंगों के अवशेषों का जन्तु के शरीर पर पाया जाना यह सिद्ध करता है कि ये अंग इनके पूर्वजों में क्रियाशील एवं विकसित रहे होंगे किन्तु इनके महत्त्व की समाप्ति पर उद्विकास के द्वारा क्रमशः विलुप्त हो जाने की प्रक्रिया में वर्तमान जन्तुओं में उपस्थित होते हैं।</p>
<p>(5) श्रोणिकी से प्रमाण (Evidences from Embryology) &#8211; श्रोणिकी तुलनात्मक भ्रोणिकी तथा प्रायोगिक श्रोणिकी से विकास के पक्ष में निर्णायक प्रमाण मिलते हैं। सभी मेटोजोअन प्राणी एक कोशिकीय युग्मनज (Zygote) से विकसित होते हैं और सभी प्राणियों के परिवर्धन की प्रारम्भिक अवस्थाओं में अत्यधिक समानता होती है।</p>
<p>मनुष्य सहित सभी मेटाजोअन वर्गों के प्राणियों के अण्डों के परिवर्धन के समय विदलन, ब्लास्टूला एवं गेस्टुला में वही मूलभूत समानताएँ पायी जाती हैं। प्रौढ़ जन्तुओं में जितने निकट का सम्बन्ध होता है उनके परिवर्धन में उतनी अधिक समानता देखने को मिलती है। विभिन्न वर्गों में परिवर्धन के बाद की अवस्थाएँ अपसरित हो जाती हैं व यह अपसरण एक विशाखित वृक्ष के समान होता हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36773" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-46.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 46" width="363" height="395" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-46.png 363w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-46-276x300.png 276w" sizes="auto, (max-width: 363px) 100vw, 363px" /></p>
<p>इसी प्रकार विभिन्न कशेरुकियों के भ्रूणों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर ज्ञात होता है कि उच्च वर्ग के जन्तुओं के भ्रूण निम्न वर्गों के प्रौढ़ जन्तुओं के समान होते हैं, जैसे मेढ़क का टेडपोल लारवा मछली के समान होता है। इसी आधार पर हेकल ने पुनरावर्तन का सिद्धान्त (Recapitulation Theory ) प्रतिपादित किया।</p>
<p>इसके अनुसार प्रत्येक जीव भ्रूणीय परिवर्धन में अपनी जाति के जातीय विकास की कथा को दोहराता है। पुनरावर्तन सिद्धान्त के आधार पर निषेचित अण्डे की तुलना समस्त जन्तुओं के एककोशिकीय पूर्वज से ब्लास्टुला की प्रोटोजोआ मण्डल या कॉलोनी से की जा सकती है। मेढ़क के ही नहीं वरन् रेप्टाइल, पक्षी और यहाँ तक कि मनुष्य के भ्रूण में भी क्लोम दरारें, क्लोम, नोटोकॉर्ड, युग्मित आयोटिक चॉपें,</p>
<p>प्रोनेफ्रोस, पुच्छ तथा पेशियाँ आदि मछली के समान होती हैं और आरम्भ में सभी का हृदय मछली के समान द्विकक्षीय होता है। इससे यह प्रमाणित होता है कि प्रारम्भ मे समस्त वर्टिब्रेट्स का विकास मछली के समान पूर्वजों से हुआ है। मनुष्य के भ्रूणीय परिवर्धन में देखा गया है कि उसका भ्रूण प्रारम्भ में मछली से, बाद में एम्फिबियन से और फिर रेप्टाइल से मिलता-जुलता होता है और सातवें मास में यह शिशु कपि से मिलता- जुलता होता है। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक जीव अपने भ्रूण परिवर्धन में उन समस्त अवस्थाओं से गुजरता है जिनसे कभी उसके पूर्वज धीरे-धीरे विकसित होकर बने होंगे।</p>
<p>(6) जीवाश्मीय प्रमाण (Palaeontological Evidences) &#8211; वैज्ञानिक चार्ल्स लायल के अनुसार पूर्व जीवों के चट्टानों से प्राप्त अवशेष जीवाश्म ( Fossils) कहलाते हैं। जीवाश्म का अध्ययन पेलियो-ओन्टोलॉजी (Palacontology) कहलाता है। जीवाश्म कार्बनिक विकास के पक्ष में सर्वाधिक मान्य प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। क्योंकि जीवाश्म द्वारा जीवों के सम्पूर्ण विकासीय इतिहास का अध्ययन किया जा सकता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>जीवाश्म के अध्ययन से जीवों के विकास के सम्बन्ध में निम्न तथ्य प्रमाणित हुए-</p>
<ul>
<li>जीवाश्म जो कि पुरानी चट्टानों से प्राप्त हुए सरल प्रकार के तथा जो नई चट्टानों से प्राप्त हुए जटिल प्रकार के थे।</li>
<li>विकास के प्रारम्भ में एक कोशिकी प्रोटोजोआ जन्तु बने जिनसे बहुकोशिकी जन्तुओं का विकास हुआ।</li>
<li>कुछ जीवाश्म विभिन्न वर्ग के जीवों के बीच की संयोजक कड़ियाँ (Connecting-links) को प्रदर्शित करती हैं।</li>
<li>पौधों में एन्जिओस्पर्म (Angiosperm) तथा जन्तुओं में स्तनधारी (mammals) सबसे अधिक विकसित और आधुनिक हैं।</li>
<li>जीवाश्म के अध्ययन से किसी भी जन्तु को जीवाश्म कथा ( विकासीय इतिहास) या वंशावली का क्रमवार अध्ययन किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>घोड़े की वंशावली ( जीवाश्मीय इतिहास ) [Evolution (Pedigree) of Horse] वैज्ञानिक सी. मार्श (C. Marsh) के अनुसार घोड़े का प्रारम्भिक जीवाश्म उत्तरी अमेरिका में पाया गया जिसका नाम इओहिप्पस (Eohippus) था। इसका विकास इओसीन काल में हुआ। इओहिप्पस लोमड़ी के समान तथा लगभग एक फुट ऊँचे थे। इनके अग्रपादों में चार तथा पश्च पादों में तीन-तीन अंगुलियाँ थीं ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36774" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-47.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 47" width="402" height="746" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-47.png 402w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-47-162x300.png 162w" sizes="auto, (max-width: 402px) 100vw, 402px" /></p>
<p>ओलिगोसीन काल में इन पूर्वजों से भेड़ के आकार के मीसोहिप्पस (Mesohippus) घोड़ों का विकास हुआ। इनके अग्र व पश्च पादों में केवल तीन-तीन अंगुलियाँ थीं। बीच की अंगुलियाँ इधर- उधर की दोनों अंगुलियों से बड़ी थीं और शरीर का अधिकांश भाग इन्हीं पर रहता था। इनसे मायोसीन काल के मेरीचिप्पस (Merychippus) घोड़ों का विकास हुआ।</p>
<p>ये टट्ट के आकार के थे। इनके अग्र व पश्च पादों में तीन-तीन अंगुलियाँ थीं जिनमें से बीच वाली सबसे लम्बी थी और केवल यही भूमि तक पहुँचती थी । प्लायोसीन काल में प्लीओहिप्पस (Pliohippus) घोड़ों का विकास हुआ। ये आकार में टट्ट से ऊँचे थे। इनके अग्र व पश्चपादों में केवल एक-एक अंगुली विकसित थी और इधर-उधर की अंगुलियाँ अत्यधिक हासित होकर स्प्लिट अस्थियों (Splint Bones) के रूप में त्वचा में दबी हुई थीं। केवल एक ही अंगुली की उपस्थिति के कारण ये तेजी से दौड़ सकते थे । प्लीस्टोसीन युग में इन्हीं घोड़ों से आधुनिक घोड़े इक्वस (Equus) का विकास हुआ। इक्वस की ऊँचाई लगभग 5 फीट है और यह उसी रूप में आज भी चला आ रहा है।</p>
<p>(7) जीवों के घरेलू पालन ( Domestication) से प्रमाण- मनुष्य अपने लिए उपयोगी जन्तुओं (घोड़े, गाय, कुत्ता, बकरी, भेड़, भैंस, कबूतर, मुर्गा आदि) तथा खेतिहर वनस्पतियों (गोभी, आलू, कपास, गेहूँ, चावल, मक्का, गुलाब आदि) की इनके जंगली पूर्वजों से नस्लें सुधार कर उत्पत्ति की है।</p>
<p>यद्यपि नस्लें सुधार कर नयी जातियों की उत्पत्ति वैज्ञानिक नहीं कर पाये हैं, फिर भी इस प्रक्रिया में बदले हुए लक्षण विकसीय ही माने जायेंगे हजारों-लाखों वर्षों का समय मिले तो सम्भवतः मानव इस विधि से नयी जीव जातियों की उत्पत्ति कर लेगा। अतः इतने पुराने इतिहास की प्रकृति में अनुमानत: इसी प्रकार नस्लों में सुधार के फलस्वरूप नयी-नयी जातियों की उत्पत्ति हुई होगी।</p>
<p>(8) रक्षात्मक समरूपता (Protective Resemblance) से प्रमाण &#8211; इंगलिस्तान (Britain) के औद्योगिक नगरों के आस-पास के पेड़ चिमनियों के धुएँ से काले पड़ जाते हैं। इन क्षेत्रों के कीटों, विशेष तौर से पतंगों (moths) की विभिन्न जातियों में, गत सदी में, औद्योगिक साँवलेपन (Industrial melanism) का रोग हो गया।</p>
<p>उदाहरणार्थ, पंतगों की बिस्टन बिटूलैरिया (Biston betularia) नामक जाति में शरीर व पंख हल्के रंग के काले धब्बेदार होते थे । सन् 1884 में इनकी आबादी में पहली बार एक बिल्कुल काला पतंगा देखा गया। यह परिवर्तन रंग के जीन में अचानक जीन &#8211; उत्परिवर्तन (gene- mutation) के कारण हुआ। बाद में काले पतंगों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 90% हो गयी।</p>
<p>यह एक विकासीय परिवर्तन था । इससे पतंगों का रंग पेड़ों के रंग से मिलता-जुलता हो गया ताकि ये शत्रुओं (पक्षियों) और शिकार की निगाहों से बच सकें । जीन &#8211; उत्परिवर्तन के कारण वातावरण से रक्षात्मक समरूपता के अन्य उदाहरण भी मिलते हैं।</p>
<p>इसे सादृश्यता (Mimicry) कहते हैं। ऐसी तितलियाँ होती हैं जो उन्हीं सूखी पत्तियों जैसी दिखायी देती हैं जिन पर ये आराम के समय बैठती हैं शाखाओं से मिलती-जुलती आकृति की कई कीट जातियाँ पायी जाती हैं। ये सब दृष्टान्त &#8216;जैव &#8211; विकास&#8217; को प्रमाणित करते हैं । इंगलिस्तान के पतंगों के सम्बन्ध में तो यहाँ तक कहा &#8211; गया है कि इनमें &#8220;वैज्ञानिकों ने विकास प्रक्रिया को होते हुए स्वयं देखा है। &#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36759" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-31.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास 47" width="284" height="343" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-31.png 284w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-12th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-7-विकास-31-248x300.png 248w" sizes="auto, (max-width: 284px) 100vw, 284px" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
(a) 15 मिलियन साल पहले रहने वाले प्राइमेट्स का नाम दीजिए तथा उनके लक्षण दीजिए।<br />
(b) (i) पहले मानव समान जन्तु कहाँ मिले?<br />
(ii) निएण्डरथल, होमोबिलिस तथा होमोइरेक्टस इस पृथ्वी पर किस क्रम में विकसित हुए?<br />
(iii) आधुनिक मानव इस गृह पर कब उत्पन्न हुआ?<br />
उत्तर:<br />
(a) 15 मिलियन साल पहले रहने वाले प्राइमेट्स का नाम ड्रायोपिथेकस (Dryopithecus) है।</p>
<p>ड्रायोपिथेकस के लक्षण निम्न हैं-</p>
<ul>
<li>माथा गोल,</li>
<li>आधुनिक मानव के समान,</li>
<li>किन्तु इसके लम्बे कैनाइन दाँत कपि की भाँति थे,</li>
<li>यह कुछ झुक कर चारों पादों पर चलता था,</li>
<li>मानव तथा कपियों दोनों का ही पूर्वज रहा है।</li>
</ul>
<p>(b) (i) प्रथम स्तनधारी श्रूज ( Shrews ) ईस्ट अफ्रीका,<br />
(ii) होमो हे बिलस (Homohabilis), होमो इरेक्टस (Homoerectus), निएण्डरथल (Neanderthal),<br />
(iii) 10,000 से 11,000 वर्ष पूर्व आधुनिक मानव उत्पन्न हुआ ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न-</span></p>
<p>1. पेंग्विन एवं डॉल्फिन के पक्ष के उदाहरण हैं- (NEET-2020)<br />
(अ) अभिसारी विकास का<br />
(ब) औद्योगिक मैलेनिज्म का<br />
(स) प्राकृतिक वरण का<br />
(द) अनुकूली विकिरण का<br />
उत्तर:<br />
(अ) अभिसारी विकास का</p>
<p>2. एस. एल. मिलर ने अपने प्रयोग में एक बंद फ्लास्क में किसका मिश्रण कर ऐमिनो अम्ल उत्पन्न किये- (NEET-2020)<br />
(अ) 800°C पर CH<sub>3</sub> H<sub>2</sub>, NH<sub>3</sub> और जल वाष्प<br />
(ब) 600°C पर CH<sub>4</sub>, H<sub>2</sub>, NH<sub>2</sub> और जल वाष्प<br />
(स) 600°C पर CH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>, NH<sub>2</sub> और जल वाष्प<br />
(द) 800°C पर CH<sub>4</sub>, H<sub>2</sub>, NH<sub>2</sub> और जल वाष्प<br />
उत्तर:<br />
(द) 800°C पर CH<sub>4</sub>, H<sub>2</sub>, NH<sub>2</sub> और जल वाष्प</p>
<p>3. अनेक कशेरूकों के अग्रपाद की अस्थि संरचना में समानता किसका उदाहरण है? (NEET-2019)<br />
(अ) अभिसारी विकास<br />
(ब) तुल्यरूपता<br />
(द) अनुकूली विकिरण<br />
(स) समजातता<br />
उत्तर:<br />
(स) समजातता</p>
<p>4. निम्नलिखित अपसारी विकास के उदाहरण में से गलत विकल्प का चयन कीजिए-<br />
(अ) चमगादड़, मनुष्य एवं चीता का मस्तिष्क<br />
(ब) चमगादड़, मानव एवं चीता का हृदय<br />
(स) मानव, चमगादड़ एवं चीता के अग्रपाद<br />
(द) ऑक्टोपस, चमगादड़ एवं मानव की आँखें<br />
उत्तर:<br />
(द) ऑक्टोपस, चमगादड़ एवं मानव की आँखें</p>
<p>5. ह्यूगो डी ब्रिज के अनुसार विकास की क्रियाविधि किस प्रकार होती है- (NEET-2018)<br />
(अ) लैंगिक दृश्य प्ररूप परिवर्तन (लक्षणप्ररूपी विभिन्नता)<br />
(ब) साल्टेशन<br />
(स) बहुवरण उत्परिर्वन<br />
(द) लघु उत्परिवर्तन<br />
उत्तर:<br />
(ब) साल्टेशन</p>
<p>6. आदिमानव से अभिनव मानव तक मानव विकास का कालानुक्रमिक क्रम है- (NEET II-2016 )<br />
(अ) रामपिथेकस → होमो हैविलिस → आस्ट्रेलोपिथेकस → होमो इरेक्टस<br />
(ब) आस्ट्रेलोपिथेकस → होमो हैविलिस → रामपिथेकस होमो → इरेक्टस<br />
(स) आस्ट्रेलोपिथेकस → रामपिथेकस → होमो हैबिलिस → होमो इरेक्टस<br />
(द) रामपिथेकस → आस्ट्रेलोपिथेकस → होमो हैविलिस → होमो इरेक्टस<br />
उत्तर:<br />
(द) रामपिथेकस → आस्ट्रेलोपिथेकस → होमो हैविलिस → होमो इरेक्टस</p>
<p>7. निम्नलिखित संरचनाओं में से कौनसी संरचना पक्षी के पंख के समजात है- (NEET-2016)<br />
(अ) खरगोश का पश्च पाद<br />
(ब) व्हेल का फ्लीपर<br />
(स) शार्क का पृष्ठ पंख<br />
(द) शलभ का पंख<br />
उत्तर:<br />
(ब) व्हेल का फ्लीपर</p>
<p>8. पक्षी के पंख और कीट के पंख- (NEET-2015)<br />
(अ) अनुरूप संरचनाएँ और अभिसारी विकास को दर्शाती हैं।<br />
(ब) वंशावली संरचनाएँ और अपसारी विकास को दर्शाती हैं।<br />
(स) समजातीय संरचनाएँ हैं और अभिसारी विकास को दर्शाती हैं।<br />
(द) समजातीय संरचनाएँ अपसारी विकास को दर्शाती हैं।<br />
उत्तर:<br />
(द) समजातीय संरचनाएँ अपसारी विकास को दर्शाती हैं।</p>
<p>9. बिल्ली और छिपकली के अग्रपाद चलने; व्हेल के अग्रपाद तैरने और चमगादड़ के अग्रवाद उड़ने के लिए होते हैं, ये किसके उदाहरण हैं- (NEET-2014)<br />
(अ) समवृति अंग<br />
(ब) अनुकूली विकिरण<br />
(स) समजात अंग<br />
(द) अभिसारी विकास<br />
उत्तर:<br />
(स) समजात अंग</p>
<p>10. अपने पूर्वजों से विकसित होने के दौरान, आधुनिक मानव (होमोसेपिएस) की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण प्रवृत्ति क्या रही थी- (NEET-2012)<br />
(अ) जबड़ों का छोटा होते जाना<br />
(ब) द्विनेत्रीय दृष्टि<br />
(स) बढ़ती जाति कपाल धारिता<br />
(द) सीधी खड़ी देह भंगिमा<br />
उत्तर:<br />
(अ) जबड़ों का छोटा होते जाना</p>
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<p>11. पूर्वजों से आधुनिक मनुष्य (होमो सैपियन्स) के उद्विकास में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण प्रवृत्ति थी- (CBSE, 2011 )<br />
(अ) जबड़ों का छोटा होना<br />
(ब) द्विनेत्री बाइनोकुलर दृष्टि<br />
(स) मस्तिष्क क्षमता में वृद्धि<br />
(द) सीधी मुद्रा<br />
उत्तर:<br />
(स) मस्तिष्क क्षमता में वृद्धि</p>
<p>12. जब कभी विभिन्न वंशवृत्तों की दो स्पेशीज अनुकूलनों के कारण एक-दूसरे के समान दिखने लगती हैं, तब इस परिघटना को क्या कहा जाता है? (CBSE-2007, RPMT-2010).<br />
(अ) अपसारी विकास<br />
(ब) अभिसारी विकास<br />
(स) सूक्ष्म विकास<br />
(द) सह विकास<br />
उत्तर:<br />
(ब) अभिसारी विकास</p>
<p>13. मिलर के प्रयोग में निम्नलिखित में से कौन अनुपस्थित था ? (CPMT, 2010)<br />
(अ) CH<sub>4</sub><br />
(ब) H<sub>2</sub><br />
(स) NH<sub>3</sub><br />
(द) O<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(द) O<sub>2</sub></p>
<p>14. डार्विन की फिन्च एक अच्छा उदाहरण है- (CBSE PMT-2008, CBSE, 2010)<br />
(अ) औद्योगिक मीलेनीकरण का<br />
(ब) संयोजी कड़ी का<br />
(स) अनुकूली विकिरण का<br />
(द) अभिसारी जैव &#8211; विकास का<br />
उत्तर:<br />
(स) अनुकूली विकिरण का</p>
<p>15. मानव के पूर्वजों में से मस्तिष्क का आकार 1000 सी.सी. से अधिक था- (RPMT-2010)<br />
(अ) होमो निएण्डरथेलेन्सिस<br />
(ब) होमो इरेक्टस<br />
(स) रामापिथेकस<br />
(द) होमो हैबिलिस<br />
उत्तर:<br />
(अ) होमो निएण्डरथेलेन्सिस</p>
<p>16. आधुनिक मानव का नवीनतम एवं सीधा प्रागैतिहासिक पूर्वज है- (RPMT-2009)<br />
(अ) क्रोमैगनॉन मानव<br />
(ब) प्री-निएण्डरस्थल मानव<br />
(स) निएण्डरथल मानव<br />
(द) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(अ) क्रोमैगनॉन मानव</p>
<p>17. एक सबसे पुराना सर्वश्रेष्ठतः संरक्षित तथा सर्वाधिक पूर्ण होमिनिड जीवाश्म, जिसे लूसी नाम से जाना जाता है, किस वंश का प्रतिनिधित्व करता है- [AMU (Med)-2009]<br />
(अ) आरियोबाइथेकस<br />
(ब) ड्रायोपाइथेकस<br />
(स) पाइथेकेन्थ्रोपस<br />
(द) आस्ट्रेलोपाइथेकस<br />
उत्तर:<br />
(द) आस्ट्रेलोपाइथेकस</p>
<p>18. इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति के दौरान पैपर्ड मॉथ अथवा विस्टन बेटुलेरिया की काले रंग की प्रजाति, इसके हल्के रंग वाली प्रजातियों पर अधिक प्रभावी हो गयी। यह एक उदाहरण है- (RPMT 2006, CBSE, 2009)<br />
(अ) प्राकृतिक चयन का, जिसमें गहरे रंग वाली प्रजातियों का चयन हुआ<br />
(ब) सूर्य के प्रकाश की बहुत कम मात्रा के कारण गहरे रंग वाले जीवों की उत्पत्ति का<br />
(स) सुरक्षात्मक मिमिक्री का<br />
(द) अंधेरे वातावरण के कारण गहरे रंग के गुण की आनुवंशिकता का<br />
उत्तर:<br />
(अ) प्राकृतिक चयन का, जिसमें गहरे रंग वाली प्रजातियों का चयन हुआ</p>
<p>19. विकास का महत्त्वपूर्ण प्रमाण प्रदान करता है- (RPMT 2008)<br />
(अ) जीवाश्म<br />
(ब) आकारिकी<br />
(स) भ्रूण<br />
(द) अवशेषी अंग<br />
उत्तर:<br />
(अ) जीवाश्म</p>
<p>20. रासायनिक विकास की संकल्पना किस पर आधारित है- (CBSE-2007)<br />
(अ) रसायनों का क्रिस्टलीकरण<br />
(ब) तीव्र गर्मी में जल, वायु तथा मृत्तिका की परस्पर क्रिया<br />
(स) रसायनों पर सौर विकिरण का प्रभाव<br />
(द) उपयुक्त पर्यावरण परिस्थितियों में रसायनों के संयोजन द्वारा जीवन का संभावित उद्भव<br />
उत्तर:<br />
(द) उपयुक्त पर्यावरण परिस्थितियों में रसायनों के संयोजन द्वारा जीवन का संभावित उद्भव</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>21. अनुकूली विकिरण का क्या अर्थ है ? (CBSE, 2007)<br />
(अ) भौगोलिक पृथक्करण के कारण होने वाले अनुकूलन<br />
(ब) एक समान पूर्वज से विभिन्न स्पीशीज का विकास<br />
(स) किसी स्पीशीज के सदस्यों का विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में प्रवास<br />
(द) किसी एक व्यष्टि की, विभिन्न पर्यावरणों के लिए अनुकूलन क्षमता<br />
उत्तर:<br />
(ब) एक समान पूर्वज से विभिन्न स्पीशीज का विकास</p>
<p>22. गेलोपेगॉस द्वीप समूह के फिंच पक्षी किस एक के पक्ष में प्रमाण प्रस्तुत करते हैं? (CBSE, 2007)<br />
(अ) विशिष्ट सृजन<br />
(ब) उत्परिवर्तनों के कारण हुआ विकास<br />
(स) प्रतिगामी विकास<br />
(द) जैव भौगोलिक विकास<br />
उत्तर:<br />
(द) जैव भौगोलिक विकास</p>
<p>23. मानव पूर्वजों में मस्तिष्क का आकार 1000 C. C. से ज्यादा किसका था? (CBSE, 2007)<br />
(अ) होमो निएंडरथैलेसिस<br />
(ब) होमो इरेक्टस<br />
(स) रामापिथेकस<br />
(द) होमो हैबिलिस<br />
उत्तर:<br />
(अ) होमो निएंडरथैलेसिस</p>
<p>24. प्राकृतिक वरण का सिद्धान्त प्रतिपादित किया- (CPMT, 2006)<br />
(अ) लैमार्क ने<br />
(स) वैलेस ने<br />
(ब) डार्विन ने<br />
(द) वीजमान ने<br />
उत्तर:<br />
(द) वीजमान ने</p>
<p>25. जैव विकास के समर्थन में पाया जाने वाला एक महत्त्वपूर्ण प्रमाण किसका पाया जाता है? (CBSE, 2006)<br />
(अ) समजात तथा अवशेषी अंग<br />
(ब) समवृत्ति तथा अवशेषी अंग<br />
(स) केवल समजात अंग<br />
(द) समजात एवं समवृत्ति अंग<br />
उत्तर:<br />
(अ) समजात तथा अवशेषी अंग</p>
<p>26. डी ब्रीज ने जैविक क्रमविकास से सम्बन्धित अपना उत्परिवर्तन मत किस जीव पर शोध करते हुए प्रस्तुत किया था- (CBSE, 2005)<br />
(अ) इनोथेरा लैमार्कियाना ( सन्ध्या प्रिमरोज )<br />
(ब) ड्रोसोफिलामेलोनोगेस्टर<br />
(स) पाइसम सैटाइवम<br />
(द) एल्थीया रोजिया<br />
उत्तर:<br />
(अ) इनोथेरा लैमार्कियाना ( सन्ध्या प्रिमरोज )</p>
<p>27. मुर्दे को दफन करने एवं धर्म के प्रमाण सर्वप्रथम किस जीवाश्म से मिलते हैं ? (RPMT, 2005 )<br />
(अ) निएण्डरथल<br />
(स) होमो इरेक्टस<br />
(ब) क्रो-मैग्नॉन<br />
(द) होमो हेबिलिस<br />
उत्तर:<br />
(अ) निएण्डरथल</p>
<p>28. निम्नलिखित में से किए गए प्रयोगों से ज्ञात होता है कि सरलतम सजीव जीवधारी निर्जीव पदार्थ से स्वतः जात उत्पन्न नहीं हो सकते थे- (NEET-2005)<br />
(अ) सड़ते &#8211; गलते जैविक पदार्थों में लार्वा प्रकट हुए<br />
(ब) मांस को यदि गर्म करके किसी पात्र में सील बंद करके रखा। गया तो मांस खराब नहीं हुआ<br />
(स) भण्डारित मांस में सूक्ष्म जीव प्रकट नहीं हुए<br />
(द) अनिजर्मीकृत जैव पदार्थ से सूक्ष्म जीव प्रकट हुए।<br />
उत्तर:<br />
(ब) मांस को यदि गर्म करके किसी पात्र में सील बंद करके रखा। गया तो मांस खराब नहीं हुआ</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Biology Important Questions Chapter 7 विकास" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>29. निम्न में से कौनसा गलत है- (Orissa JEE-2004)<br />
(अ) कीटों एवं पक्षियों के पंख समरूप हैं।<br />
(ब) कीटों एवं चमगादड़ के पंख समरूप हैं।<br />
(स) कीटों एवं पक्षियों के पंख समजात अंग हैं<br />
(द) चिड़ियों एवं चमगादड़ के पंख समजात अंग हैं।<br />
उत्तर:<br />
(स) कीटों एवं पक्षियों के पंख समजात अंग हैं</p>
<p>30. आलू और शकरकंद- (AIMS-2004)<br />
(अ) में खांचशील भाग होते हैं जो समजात अंग होते हैं।<br />
(ब) में खांचशील भाग होते हैं जो समवृद्धि अंग होते हैं।<br />
(स) किसी एक बाहरी स्थान से भारत में प्रविष्ट कराए गए हैं।<br />
(द) एक ही जीन के दो स्पीशीज ।<br />
उत्तर:<br />
(ब) में खांचशील भाग होते हैं जो समवृद्धि अंग होते हैं।</p>
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:43:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions) प्रश्न 1. क्या विलगित निकाय का ताप परिवर्तित हो सकता है ? उत्तर: हाँ; रुद्धोष्म प्रक्रम में विलगित निकाय का ताप [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 12 ऊष्मागतिकी Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
क्या विलगित निकाय का ताप परिवर्तित हो सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ; रुद्धोष्म प्रक्रम में विलगित निकाय का ताप परिवर्तित हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
संलग्न चित्र में किसी गैस के लिए P-Vवक्र AB व AC प्रदर्शित है। बताइये इनमें कौन सा वक समतापीय एवं कौन-सा टोम वक्र है ?<br />
उत्तर:<br />
समतापीय वक्र कम ढाल एवं रुद्धोष्म वक्र दाब (P) अधिक ढाल वाले होते हैं।<br />
अतः<br />
AB &#8211; समतापीय वक्र<br />
एवं AC &#8211; रुद्धोष्म वक्र</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
यदि दो निकाय A व B किसी तीसरे निकाय C से अलग-अलग ऊष्मीय साम्य अवस्था में हैं तो A व B क्या आपस में भी ऊष्मीय साम्य अवस्था में होंगे ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ; ऊष्मागतिकी के शून्यांकी के नियमानुसार ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
क्या ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से किसी क्रिया के होने की दिशा का ज्ञान हो सकता है ?<br />
उत्तर;<br />
नहीं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
मेयर का सम्बन्ध लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
मेयर सम्बन्ध = C<sub>P</sub> &#8211; C<sub>V</sub>= R<br />
जहाँ C<sub>P</sub> = नियत दाब पर गैस की मोलर विशिष्ट ऊष्मा<br />
C<sub>V</sub> = नियत आयतन पर गैस की मोलर विशिष्ट ऊष्मा<br />
R = सार्वत्रिक गैस नियतांक</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किसी आदर्श गैस के रुद्धोष्म प्रसार में P व V के मध्य सम्बन्ध लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
PV<sub>γ</sub> जहाँ γ = \(\frac{C_P}{C_V}\)</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता की विमा क्या होती है ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता<br />
η = \(\frac{W}{Q_1}\) जहाँ W= कृत कार्य; Q<sub>1</sub> = स्रोत से ली गई ऊष्मा<br />
∵ W एवं Q की विमाएँ समान है, अतः दक्षता η विमाहीन राशि है।<br />
∴ η का विमीय सूत्र [ M°LOT]</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
समदाबीय प्रक्रम में निकाय की अवस्था परिवर्तन से दाब में क्या परिवर्तन होता है ?<br />
उत्तर:<br />
समदाबीय प्रक्रम में दाब नहीं बदलता है अतः दाब में परिवर्तन ∆P = 0</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
क्या किसी गैस के ताप में वृद्धि बिना ऊष्मा दिये की जा सकती है ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ, रुद्धोष्म सम्पीडन में गैस पर किया गया कार्य निकाय का ताप बढ़ाता है क्योंकि कृत कार्य ऊष्मा में बदलकर आन्तरिक ऊर्जा में वृद्धि करता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
ऊष्मागतिकी का शून्य नियम किस ऊष्मागतिकी चर को परिभाषित करता है ?<br />
उत्तर:<br />
ताप को ।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
समतापीय व रुद्धोष्म प्रक्रम में किसी गैस की विशिष्ट ऊष्मा क्या होती है ?<br />
उत्तर:<br />
विशिष्ट ऊष्मा S = \(\frac{Q}{m.∆T}\)<br />
समतापी प्रक्रम में ∆T = 0. ∴ S = ∞ (अनन्त)<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम में Q = 0 ∴ S = 0 (शून्य)</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कार्नो चक्र किस प्रकार का प्रक्रम है ?<br />
उत्तर:<br />
कान चक्र उत्क्रमणीय चक्रीय प्रक्रम है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
कार्नो इंजन की दक्षता किस पर निर्भर करती हैं ?<br />
उत्तर:<br />
कान इंजन की दक्षता,<br />
η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)<br />
अतः दक्षता स्रोत के ताप (T<sub>1</sub>) व सिंक के ताप (T<sub>2</sub>) पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
बन्दूक से चली गोली लक्ष्य से टकरा कर गर्म हो जाती है। क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
लक्ष्य से टकराने पर गोली की गतिज ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा में बदल जाती है, इसलिए गोली गर्म हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
मोम का जलना कौन-सा परिवर्तन है ?<br />
उत्तर:<br />
मोम का जलना समतापी प्रक्रम है क्योंकि ताप नियत रहता है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
आन्तरिक ऊर्जा के कौन-कौन से स्वरूप हैं ?<br />
उत्तर:<br />
अणुओं की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा, आन्तरिक घूर्णन ऊर्जा तथा काम्पनिक ऊर्जा; आन्तरिक स्थितिज ऊर्जा आदि ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
आदर्श गैस को स्थिर ताप पर संपीडित करने पर आन्तरिक ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा ?<br />
उत्तर:<br />
कोई परिवर्तन नहीं होगा क्योंकि आदर्श गैस की आन्तरिक ऊर्जा केवल ताप पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
चक्रीय प्रक्रम से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
वह प्रक्रम जिसमें कोई निकाय विभिन्न अवस्थाओं से होता हुआ पुनः अपनी प्रारम्भिक अवस्था में आ जाता है, चक्रीय प्रक्रम कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
किसी गैस के रुद्धोष्म संपीडन में गैस के बाहर से कोई ऊष्मा नहीं दी जाती है पर गैस का ताप बढ़ जाता है क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
रुद्धोष्म संपीडन में गैस पर किया गया कार्य ऊष्मा में बदल जाता है, इसीलिए गैस का ताप बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
स्थैतिक कल्प प्रक्रम से क्या तात्पर्य है ?<br />
उत्तर;<br />
किसी ऊष्मागतिक निकाय में चलने वाला कोई ऐसा प्रक्रम, जिसकी प्रत्येक स्थिति में निकाय बाह्य परिवेश के साथ तापीय व यान्त्रिक साम्य में रहता है, स्थैतिक कल्प प्रक्रम कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
मुक्त निकाय किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
यह ऐसा निकाय होता है, जो बाह्य परिवेश ऊर्जा तथा पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान कर सकता है</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
बन्द निकाय किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा निकाय जो परिवेश के साथ केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकता है, पदार्थ का नहीं बन्द निकाय कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
समतापी प्रक्रम के उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
बर्फ का गलना, ठोसों का पिघलना, द्रवों का उबलना आदि।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
प्रावस्था समीकरण किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
किसी ऊष्मागतिक निकाय के लिए ऊष्मागतिक चरों (P., V, T) के मध्य सम्बन्ध को प्रावस्था समीकरण कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
ऊष्मा इंजन क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा इंजन चक्र (cycle) में काम करने वाली एक ऐसी युक्ति है जो अविरत रूप से ऊष्मा को यान्त्रिक कार्य में परिवर्तित करती हैं।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता की परिभाषा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी ऊष्मा इंजन द्वारा प्रदत्त यान्त्रिक कार्य (W) एवं इंजन द्वारा स्त्रोत से ली गई ऊष्मा (Q) के अनुपात को इंजन की दक्षता कहते हैं और इसे &#8221; से व्यक्त करते हैं। अतः<br />
η = \(\frac{W}{Q}\)</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
दो दिये गये तापों T<sub>1</sub> तथा T<sub>2</sub>(T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य कार्य करने वाले कार्यों की दक्षता बताइये।<br />
उत्तर:<br />
कानों इंजन की दक्षता<br />
η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
कार्नो इंजन की दक्षता किस राशि पर निर्भर करता है ?<br />
उत्तर:<br />
केवल उन तापों पर निर्भर करती है जिनके बीच कार्नो इंजन कार्य कर रहा है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
क्या कानों इंजन की दक्षता कार्यकारी पदार्थ पर निर्भर करती है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं।</p>
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<p>प्रश्न 30.<br />
ऊष्मा पम्प किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
किसी ठण्डे स्थान से ऊष्मा लेकर गर्म स्थान को देने वाली युक्ति को ऊष्मा पम्प कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
T<sub>1</sub>वे T<sub>2</sub>(T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य करने वाले प्रशीतक के निष्पादन गुणांक का सूत्र लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
कानों के आदर्श प्रशीतक का निष्पादन गुणांक<br />
ß = \(\frac{T_2}{T_1-T_2}\)</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का क्लॉसियस का प्रकथन बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
इस कथन के अनुसार कोई ऐसा प्रक्रम सम्भव नहीं है जिसके द्वारा बिना बाह्य कार्य के किसी शीतल वस्तु से किसी तप्त वस्तु की ऊष्मा स्थानान्तरित की जा सके।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का केल्विन प्लांक कथन बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
इस कथन के अनुसार ऐसा कोई प्रक्रम सम्भव नहीं है जो किसी ऊष्मा भण्डार से ली गयी ऊष्मा को पूर्णतः कार्य में बदल सके।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
कोई ऊष्मा इंजन एक चक्र में स्रोत से Q<sub>1</sub> ऊष्मा लेता है तथा सिंक को Q<sub>2</sub> ऊष्मा दे देता है। इंजन की दक्षता बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता<br />
η = (\(1-\frac{Q_2}{Q_1}\))</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
क्या कानों इंजन को व्यवहार में प्राप्त किया जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; यह एक आदर्श इंजन है जो व्यवहार में प्राप्त कर पाना में सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
क्या किसी निकाय की सम्पूर्ण आन्तरिक ऊर्जा को कार्य में बदला जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
C<sub>P</sub> का मान C<sub>V</sub> से अधिक होता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
मोलर विशिष्ट ऊष्मा की परिभाषा से-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37072" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -1" width="393" height="515" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-1.png 393w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-1-229x300.png 229w" sizes="auto, (max-width: 393px) 100vw, 393px" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
क्या किसी गैस को ऊष्मा दिये बिना उसके ताप में वृद्धि सम्भव है ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ जब गैस का रुद्धोष्म संपीडन किया जाता है तो उसका ताप बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सिद्ध कीजिए कि दो दिये गये तापों के बीच कार्य करने वाला कोई भी इंजन उन्हीं तापों के मध्य कार्य करने वाले उत्क्रमणीय इंजन से अधिक दक्ष नहीं हो सकता है।<br />
उत्तर:<br />
कार्नो प्रमेय (Carnot&#8217;s Theorem)<br />
इस प्रमेय के अनुसार,<br />
(अ) किन्हीं तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> (T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य कार्य करने वाले इंजन की दक्षता उन तापों के मध्य कार्य करने वाले कार्नो इंजन की दक्षता से अधिक नहीं हो सकती है अर्थात् कार्नो (उत्क्रमणीय) इंजन की दक्षता अधिकतम होती है।<br />
(ब) किन्हीं दो तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> के मध्य कार्य करने वाले सभी कार्नो उत्क्रमणीय इंजनों की दक्षता समान होती है चाहे कोई भी कार्यकारी पदार्थ लिया जाये।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
भाप का अतितप्त होना समदाबी प्रक्रम है या समतापी और क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
भाप का अतितप्त होना समदाबी प्रक्रम है, क्योंकि भाप को ऊष्मा देते रहने पर भाप ताप बढ़ता है लेकिन दाब नियत रहता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
जब एक कार का पहाड़ी पर एक नियत चाल से नीचे उतरती है तो ब्रेक ड्रम गर्म हो जाते हैं क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
नियत चाल से चलते रहने पर गतिज ऊर्जा तो नियत रहती है परन्तु . नीचे उतरने के कारण गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कम होती है जो आन्तरिक ऊर्जा में बदल जाती है जिसके कारण ड्रम गर्म हो जाते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किस निकाय को दी गयी ऊष्मा पूर्णतः कार्य में बदल जाती है ?<br />
उत्तर-<br />
समतापीय प्रक्रम में क्योंकि ताप समान रहने से आन्तरिक ऊर्जा नियत रहती है अर्थात्<br />
dU = 0<br />
dQ = dU + dW = 0 + dW<br />
या dQ = dW</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
यदि गर्म वायु ऊपर उठती है, तो पहाड़ों की ऊंचाई पर समुद्र तल की अपेक्षा ठण्डी क्यों होती है ?<br />
उत्तर:<br />
समुद्र तल से ऊँचाई पर जाने से वायुदाब घटता है; अतः गर्म हवा के ऊपर उठने पर इसका रुद्धोष्म प्रसार होता है जिसके कारण ताप में कमी उत्पन्न होती है इसीलिए समुद्र तल की अपेक्षा पहाड़ों पर वायु ठण्डी होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कार्नो इंजन में सिंक का ताप बढ़ने पर इंजन की दक्षता पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?<br />
उत्तर:<br />
कार्नो इंजन की दक्षता η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)<br />
स्पष्ट है कि सिंक का ताप T2 बढ़ने पर n का मान कम होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
क्या दो समतापी वक्र एक दूसरे को काट सकते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि यदि दो समतापी वक्र काटते हैं तो कटान बिन्दु पर दो भिन्न तापों पर गैस के दाब व आयतन समान होंगे जोकि सम्भव नहीं हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
परम शून्य ताप शून्य ऊर्जा का ताप नहीं होता है; समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
अणुओं की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा ही ताप का फलन होती है, जबकि ऊर्जा के अन्य रूप जैसे अन्तराणविक स्थितिज ऊर्जा अणुओं के मध्य लगने वाले आणविक बलों एवं आणविक दूरी पर निर्भर करती है। अतः परम शून्य ताप पर केवल अणुओं की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा तो शून्य हो जाती है लेकिन आणविक ऊर्जा के अन्य रूप शून्य नहीं होते हैं। इस प्रकार परम शून्य ताप शून्य ऊर्जा का ताप नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
स्काई लैब पृथ्वी पर गिरते समय जल गई थी, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
वायुमण्डल में प्रवेश करने पर वायु के घर्षण के कारण स्काई लैब घर्षण के विरुद्ध कार्य होने के कारण गर्म होने लगी। जिससे उसका ताप बढ़ने लगा। जैसे-जैसे वह पृथ्वी के समीप आती गई, वायुमण्डल का घनत्व बढ़ने से घर्षण भी बढ़ता गया और फलस्वरूप ताप बढ़ते रहने से एक स्थिति में वह जलने लगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
“उत्क्रमणीयता एक आदर्श इंजन की कसौटी है।&#8221; उक्त कथन की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
उत्क्रमणीय प्रक्रम में निकाय बाह्य परिस्थितियों में अल्प परिवर्तन से पुनः विपरीत क्रम में अपनी प्रारम्भिक स्थिति में लौट आता है फ्रान्सीसी इंजीनियर कार्नो ने उत्क्रमणीय क्रियाओं पर आधारित एक आदर्श इंजन की परिकल्पना की जिसको वास्तविक इंजन की सारी कमियों से मुक्त माना गया। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि उत्क्रमणीयता एक आदर्श इंजन की कसौटी है, यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि आदर्श इंजन मात्र एक कल्पना है, यह व्यावहारिक नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मीय इंजन की कार्यविधि एवं दक्षता:<br />
ऊष्मा इंजन में, कार्यकारी पदार्थ स्रोत से ऊष्मा ग्रहण कर, इस ऊष्मा का कुछ भाग कार्य के रूप में परिवर्तित कर देता है तथा शेष भाग सिंक को दे देता है एवं अपनी प्रारम्भिक अवस्था में लौट आता है। ऐसे परिवर्तनों की श्रेणी चक्र (cycle) कहलाती है। चक्र की बार-बार पुनरावृत्ति से कार्य सतत् रूप से मिलता रहता है।<br />
माना कार्यकारी पदार्थ स्रोत से Q<sub>1</sub> ऊष्मा लेता है तथा उसमें से Q<sub>2</sub> ऊष्मा सिंक को दे देता है अतः कार्यकारी पदार्थ द्वारा अवशोषित ऊष्मा की मात्रा (Q<sub>1</sub> &#8211; Q<sub>2</sub>) होगी। चूँकि कार्यकारी पदार्थ अपनी प्रारम्भिक स्थिति में लौट आता है अतः आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन शून्य है।<br />
इसलिए ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से,<br />
dQ = dU + dW<br />
लेकिन dU = 0<br />
क्योंकि प्रारम्भिक तथा अन्तिम अवस्था एक ही है<br />
∴ dQ = dW<br />
या Q<sub>1</sub> &#8211; Q<sub>2</sub> = W &#8230;&#8230;.(1)<br />
इंजन की ऊष्मीय दक्षता (Thermal efficiency) कार्यकारी पदार्थ द्वारा एक चक्र में किये गये कुल कार्य तथा स्रोत से कार्यकारी पदार्थ द्वारा अवशोषित ऊष्मा का अनुपात होती है, अर्थात्</p>
<p>दक्षता (η) = \(\frac{\text { कार्य में परिवर्तित ऊष्मा }}{\text { स्रोत से अवशोषित ऊष्मा }}\)<br />
या η = \(\frac{W}{Q_1}\)<br />
η = \(\frac{Q_1-Q_2}{Q_1}\) (समी 1 से)<br />
या η = \(1-\frac{Q_2}{Q_1}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(2)<br />
समीकरण (2) से स्पष्ट है कि यदि Q<sub>2</sub> = 0 तो η = 1 अर्थात् दक्षता 100% होगी। दूसरे शब्दों में, यदि एक ऐसा इंजन बनाया जाये, जो इस प्रकार कार्य करे कि कार्यकारी पदार्थ किसी भी चक्र में सिंक को कोई ऊष्मा न दे तो ऊष्मा का कार्य में शत-प्रतिशत रूपान्तरण हो जायेगा । परन्तु शत-प्रतिशत दक्षता का इंजन बनाना सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
ऊष्मागतिकी क्या है ? ऊष्मागतिकी के शून्यांकी नियम की व्याख्या कीजिए तथा इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:</p>
<p>ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम (Zeroth Law Of Thermodynamics):<br />
इस नियम के आधार पर ताप की अविधारणा दी जाती है। इस नियम को समझने के लिए तीन निकाय A, B व C की कल्पना करते हैं निकाय A व B एक रुद्धोष्म दीवार से पृथक हैं और इनमें से प्रत्येक एक तीसरे निकाय C से एक सुचालक दीवार से सम्पर्क में हैं [ चित्र 12.3] 1 निकायों की अवस्थाएँ तब तक परिवर्तित होती हैं जब तक A व B दोनों निकाय C के साथ तापीय साम्य में नहीं आ जाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37075" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -4" width="219" height="226" /><br />
अब यदि A व B के बीच रुद्धोष्म दीवार को सुचालक दीवार से प्रतिस्थापित कर दी जाती है तथा C को A व B से किसी रुद्धोष्म दीवार से पृथक दिया जाता है। (चित्र 12.4 ) तब यह देखा जाता है कि A व B की अवस्थाएँ अब और नहीं बदलती हैं अर्थात् वे दोनों तापीय साम्य में होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37076" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -5" width="234" height="222" /><br />
इससे ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम दिया गया जिसके अनुसार, &#8220;यदि दो निकाय किसी अन्य तीसरे निकाय के साथ पृथक्-पृथक् रूप से तापीय साम्य में है तो वे परस्पर भी तापीय साम्य में होते हैं।<br />
अतः यदि निकायों A, B व C के ताप यदि T<sub>A</sub>, T<sub>B</sub> E T<sub>C</sub> हों और T<sub>A</sub> = T<sub>C</sub> एवं T<sub>B</sub> = T<sub>C</sub> तो T<sub>A</sub> = T<sub>B</sub>।</p>
<p>यही ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम है अतः ताप पदार्थ का वह गुण है जो यह बताता है कि कोई निकाय अपने पड़ोसी निकाय के साथ ऊष्मीय साम्य में है अथवा नहीं। इस प्रकार ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम ताप की अवधारणा को प्रदर्शित करता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
एक निकाय की ऊष्मा, &#8211; कार्य व आन्तरिक ऊर्जा की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा, कार्य एवं आंतरिक ऊर्जा (Heat, Work And Internal Energy):<br />
ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम ताप की अवधारणा प्रदान करता है। और ताप किसी वस्तु की ऊष्णता या शीतलता का बोध कराता है। दो भिन्न ताप की वस्तुएँ जब सम्पर्क में लाई जाती हैं तो उच्च ताप की वस्तु से निम्न ताप की वस्तु की ओर ऊष्मा का प्रवाह होता है और यह तब तक होता रहता है, जब तक दोनों के ताप समान नहीं हो जाते हैं अर्थात् जब तक &#8216;ऊष्मीय साम्य&#8217; स्थापित नहीं हो जाता है। यहाँ तापान्तर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु की ओर ऊर्जा का प्रवाह ऊष्मा कहलाता है। इस प्रकार का ऊष्मा स्थानान्तरण एक अयांत्रिक ऊर्जा स्थानान्तरण (Non- mechanical energy transfer) है।</p>
<p>उदाहरणार्थ- कोई पिण्ड चालन अथवा विकिरण द्वारा ऊर्जा का क्षय कर रहा है अर्थात् वह चालन अथवा विकिरण द्वारा ऊष्मा दे रहा है जो कि पिण्ड एवं वातावरण के तापान्तर पर निर्भर हो लेकिन यदि निकाय किसी अन्य विधि द्वारा बाह्य यांत्रिक बलों के विरुद्ध कार्य करने में ऊर्जा क्षय कर रहा हो तो हम कह सकते हैं कि &#8216;कार्य&#8217; (Work) हो रहा है। अब ऊष्मा का अन्य सम्बन्धित राशियों जैसे &#8211; कार्य व आंतरिक ऊर्जा के मध्य सम्बन्ध की विवेचना करनी है। ऊष्मागतिकी में कार्य एवं ऊष्मा अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं, अतः निम्नलिखित बातों का ध्यान आवश्यक है-</p>
<ul>
<li>कार्य व ऊष्मा निकाय की परिसीमा एवं निकाय की अवस्था बदलने पर उत्पन्न होते हैं।</li>
<li>कार्य व ऊष्मा को परिवेश पर हुए प्रभाव द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है।</li>
<li>कार्य व ऊष्मा दोनों का धनात्मक एवं ऋणात्मक मान सम्भव हैं।</li>
<li>चूँकि कार्य व ऊष्मा निकाय की अवस्था परिवर्तन की विधि मार्ग पर निर्भर करते हैं अर्थात् अवस्था फलन नहीं होते हैं। अतः इन्हें ऊष्मागतिकीय &#8216;अवस्था चर&#8217; नहीं माना जा सकता है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 16.<br />
ऊष्मागतिकीय निकाय, ऊष्मागतिकीय चर राशियों व ऊष्मागतिकीय प्रक्रम से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकीय निकाय (Thermodynamics System) : बहुत बड़ी संख्या में कणों का ऐसा निकाय जिसके ताप, दाब तथा आयतन के कुछ निश्चित मान हो अर्थात् जिसे ताप, दाब तथा आयतन के पदों में व्यक्त किया जा सके, ऊष्मागतिकीय निकाय कहलाता हैं उदाहरणार्थ &#8211; एक बर्तन में भरी गैस ये दो प्रकार के होते हैं-</p>
<ul>
<li>सूक्ष्म निकाय (Microscopic System): सूक्ष्म निकाय में कणों की संख्या बहुत कम होती है जिससे प्रत्येक कण का स्वतन्त्र रूप से अध्ययन किया जा सके, जैसे- एक परमाणु ।</li>
<li>स्थूल निकाय (Macroscopic System): स्थूल निकाय में कणों की संख्या अत्यधिक होती है किसी पात्र में बन्द गैस स्थूल निकाय का उदाहरण है। इसमें अणुओं की संख्या अवोद्रो संख्या की कोटि की होती है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 17.<br />
साइकिल में हवा भरते समय पम्प गर्म हो जाता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
हवा भरते समय वायु का रुद्धोष्म संपीडन होता है, अतः यान्त्रिक कार्य ऊष्मा में बदल जाता है इसीलिए पम्प गर्म हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
बन्द कमरे में बिजली का पंखा चलाने पर क्या कमरे की वायु ठण्डी हो जायेगी ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं, बल्कि वायु गर्म हो जायेगी क्योंकि पंखा चलने पर वायु के अणुओं का वेग बढ़ने से उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ेगी।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
ठण्डे जल की बाल्टी में गर्म लोहे का टुकड़ा डाला गया। क्या जल की आन्तरिक ऊर्जा बढ़ेगी ? क्या लोहे ने कुछ कार्य किया ?<br />
उत्तर:<br />
जल की आन्तरिक ऊर्जा में वृद्धि होगी। यह वृद्धि ऊष्मा के स्थानान्तरण के कारण होती है इसीलिए लोहे के टुकड़े द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
आदर्श गैस का नियत दाब पर 1°C ताप बढ़ने पर किये जाने वाले कार्य के लिए कितने कैलोरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है ?<br />
उत्तर:<br />
एक मोल गैस पर किया गया कुल कार्य<br />
∆W = ∆Q &#8211; ∆U<br />
=C<sub>P</sub>. ∆T &#8211; C<sub>V</sub> ∆T<br />
= (C<sub>P</sub> &#8211; C<sub>V</sub>) ∆T = R.∆T<br />
यदि ∆T = 1°C<br />
तो ∆W = R = 2 कैलोरी ।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
यदि कमरे में रेफ्रीजरेटर का दरवाजा खुला रख दिया जाये तो बताइये कि क्या कमरा ठण्डा हो जायेगा ? या गर्म ?<br />
उत्तर:<br />
रेफ्रीजरेटर विपरीत दिशा में कार्यरत ऊष्मीय इंजन के समान है अर्थात् कम ताप वाली वस्तु से ऊष्मा ग्रहण करता है तथा उच्च ताप की वस्तु में ऊष्मा का परित्याग करता है। अतः कमरे से अवशोषित ऊष्मा की तुलना में अधिक ऊष्मा का परित्याग करेगा। अतः कमरा गर्म हो जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
यदि कार्नो के उत्क्रमणीय इंजन में ऊर्जा नष्ट या अपव्यय नहीं होती है तो इसकी दक्षता 100% से कम क्यों होती है ?<br />
उत्तर:<br />
कार्नो इंजन की दक्षता<br />
η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)<br />
जहाँ T<sub>1</sub> → स्रोत का ताप एवं<br />
T<sub>2</sub> → सिंक का ताप<br />
जब तक T<sub>1</sub> एवं T<sub>2</sub> के मान भिन्न रहेंगे तब तक \(\frac{T_2}{T_1}\) का मान कुछ न कुछ रहेगा और η का मान 100% से कम होगा। केवल एक स्थिति ऐसी है जब T<sub>2</sub> = 0K हो तो η = 100% हो जायेगा और T<sub>2</sub> = 0K प्राप्त करना सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
संलग्न चित्र के अनुसार एक निकाय प्रारम्भिक अवस्था A से अन्तिम अवस्था B तक दो मार्गों अर्थात् प्रक्रमों I व II के द्वारा पहुँचता है। यदि इन प्रक्रमों के लिए आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन ∆U<sub>I</sub> व ∆U<sub>II</sub> हो तो इन दोनों में क्या सम्बन्ध होगा और क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37073" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-2.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -2" width="240" height="197" /><br />
उत्तर:<br />
∆U<sub>I</sub> = ∆U<sub>II</sub><br />
क्योंकि आन्तरिक ऊर्जा किसी स्थिति के लिए अद्वितीय फलन होती है और यह परिवर्तन के मार्ग पर निर्भर नहीं करती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
संलग्न चित्र में प्रदर्शित सूचक आरेख में कुल कार्य की मात्रा का प्रकार (धनात्मक / ऋणात्मक) क्या होगा और क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37074" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-3.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -3" width="241" height="198" /><br />
उत्तर:<br />
चक्रीय प्रक्रम में किया गया कार्य बन्द वक्र के क्षेत्रफल से प्राप्त होता है। प्रक्रम (1) दक्षिणावर्त है अतः इसमें किया गया कार्य धनात्मक होगा और प्रक्रम (2) वामावर्त है अतः इसमें कृत कार्य ऋणात्मक होगा। चूँकि प्रक्रम (1) का क्षेत्रफल प्रक्रम (2) के क्षेत्रफल से कम है, अतः कुल कार्य ऋणात्मक होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ऊष्मागतिकी के शून्यांकी, प्रथम व द्वितीय नियम की विस्तारपूर्वक व्याख्या कीजिए ।<br />
उत्तर;<br />
ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम (Zeroth Law Of Thermodynamics):<br />
इस नियम के आधार पर ताप की अविधारणा दी जाती है। इस नियम को समझने के लिए तीन निकाय A, B व C की कल्पना करते हैं निकाय A व B एक रुद्धोष्म दीवार से पृथक हैं और इनमें से प्रत्येक एक तीसरे निकाय C से एक सुचालक दीवार से सम्पर्क में हैं 1 निकायों की अवस्थाएँ तब तक परिवर्तित होती हैं जब तक A व B दोनों निकाय C के साथ तापीय साम्य में नहीं आ जाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37075" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -4" width="219" height="226" /><br />
अब यदि A व B के बीच रुद्धोष्म दीवार को सुचालक दीवार से प्रतिस्थापित कर दी जाती है तथा C को A व B से किसी रुद्धोष्म दीवार से पृथक दिया जाता है। तब यह देखा जाता है कि A व B की अवस्थाएँ अब और नहीं बदलती हैं अर्थात् वे दोनों तापीय साम्य में होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37076" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -5" width="234" height="222" /><br />
इससे ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम दिया गया जिसके अनुसार, &#8220;यदि दो निकाय किसी अन्य तीसरे निकाय के साथ पृथक्-पृथक् रूप से तापीय साम्य में है तो वे परस्पर भी तापीय साम्य में होते हैं।<br />
अतः यदि निकायों A, B व C के ताप यदि T<sub>A</sub>, T<sub>B</sub> व T<sub>C</sub> हों और T<sub>A</sub> = T<sub>C</sub> एवं T<sub>B</sub> = T<sub>C</sub> तो T<sub>A</sub> = T<sub>B</sub>।</p>
<p>यही ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम है अतः ताप पदार्थ का वह गुण है जो यह बताता है कि कोई निकाय अपने पड़ोसी निकाय के साथ ऊष्मीय साम्य में है अथवा नहीं। इस प्रकार ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम ताप की अवधारणा को प्रदर्शित करता है।</p>
<p>ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम दो भिन्न कथनों में निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है-<br />
1. इस नियम के पहले कथन को ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम भी कहते हैं, इसके अनुसार जब ऊष्मा प्राप्त करने के लिए यांत्रिक कार्य किया जाता है तो कार्य की प्रत्येक इकाई द्वारा ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा प्राप्त होती है। इसके विपरीत जब कार्य करने हेतु ऊष्मा दी जाती हैं तो इकाई कार्य प्राप्त करने के लिए ऊष्मा की समान मात्रा आवश्यक होती है अर्थात् कार्य एवं ऊष्मा एक दूसरे के तुल्य हैं। यदि W कार्य करने से Q ऊष्मा उत्पन्न होती है तो<br />
W ∝ Q<br />
या W =JQ<br />
जहाँ J = 4.2 × 10³ Jkcal<sup>-1</sup> होता है जिसे ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक कहते हैं। उक्त नियम तभी सत्य है जब सम्पूर्ण कार्य ऊष्मा में या सम्पूर्ण ऊष्मा कार्य में परिणित हो रही हो।</p>
<p>2. इस नियम का दूसरा कथन ऊर्जा संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Energy) पर आधारित है माना किसी निकाय को do ऊष्मा दी जाती है तो वह ऊष्मा दो रूपों में व्यय होती है- (i) अणुओं की आंतरिक ऊर्जा बढ़ाने में dU के रूप में और (ii) शेष भाग आन्तराण्विक आकर्षण बलों के विरुद्ध बाह्य कार्य करने में dW के रूप में इस प्रकार<br />
dQ = dU + dW &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)<br />
इस समीकरण को ही &#8216;ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम&#8217; कहते हैं, अर्थात् &#8220;किसी निकाय को दी गई ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि एवं किये गये बाह्य कार्य के योग के बराबर होती है।&#8221; यह नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही प्रतिपादन है जिसके अनुसार, &#8220;ऊर्जा को न तो उत्पन्न कर सकते है। और न ही नष्ट कर सकते हैं, केवल इसका रूपान्तरण सम्भव है।&#8221; जब भी हमें एक प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती है तो किसी अन्य प्रकार की ऊर्जा लुप्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37077" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -6" width="193" height="235" /><br />
माना संलग्न चित्र के अनुसार एक घर्षण रहित पिस्टन युक्त पात्र में गैस भरी है। पिस्टन का अनुप्रस्थ परिच्छेद क्षेत्रफल A हैं और इस पर बाह्य दाब P कार्यरत है। यदि इस निकाय को dQ ऊष्मा दी जाती है। जिससे इसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि dU होती है और पिस्टन दाब P के विरुद्ध dx विस्थापन से विस्थापित होता है अतः बाह्य कार्य<br />
dW = F<sub>ext</sub> × dx = P.A.dx<br />
या dW = P.dV<br />
जहाँ dV = A.dx आयतन में परिवर्तन<br />
अतः dQ = dU + dW</p>
<p>ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। यह ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम है अर्थात् कार्य का ऊष्मा में अथवा ऊष्मा का कार्य में रूपान्तरण होने पर कार्य की निश्चित मात्रा से निश्चित ऊष्मा उत्पन्न होती है या निश्चित ऊष्मा से कार्य की निश्चित मात्रा उत्पन्न होती है, परन्तु उपलब्ध ऊष्मा का कितना भाग यांत्रिक कार्य में परिवर्तित होता है एवं इसकी शर्तें व सीमाएँ क्या है ? इसकी जानकारी ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम नहीं देता है।</p>
<p>उदाहरणार्थ &#8211; फर्श पर लुढ़कती हुई गेंद ऊष्मागतिकी के नियमानुसार उस समय रुक जायेगी जब उसकी सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा ) ऊष्मा में बदल जायेगी। परन्तु क्या इस प्रक्रिया का व्युत्क्रम अर्थात् फर्श पर रुकी हुई गेंद ऊष्मा अवशोषित करके गतिशील हो जायेगी ? इस प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से प्रथम नियम नहीं देता है। इस प्रकार किसी क्रिया के होने व न होने की जानकारी को प्राप्त करने के लिए अन्य नियम की आवश्यकता है जिसे ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम कहते हैं। यह नियम प्रथम नियम का पूरक है। ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम को विभिन्न वैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न कथनों के रूप में प्रस्तुत किया है परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से सभी कथन सत्य हैं। यहाँ हम दो कथनों पर विचार करेंगे जिनमें एक आन्तरिक ऊर्जा को कार्य में बदलने की सीमा के बारे में है और दूसरा ऊष्मा प्रवाह की दिशा के बारे में है।</p>
<p>1. केल्विन प्लांक का कथन (Statement of Kelvin Planck) : इस कथन के अनुसार, &#8220;इस प्रकार के इंजन का निर्माण सम्भव नहीं है, जो सम्पूर्ण चक्र में किसी वस्तु से ऊष्मा लेकर कार्यकारी निकाय में कोई परिवर्तन किये बिना उसे पूर्णतः कार्य में परिवर्तित कर दे।&#8221; अर्थात् कोई ऐसा ऊष्मा इंजन नहीं बन सका है, जो लोत से ली गई सम्पूर्ण ऊष्मा को कार्य में बदल सके और सिंक को कुछ भी न दे। दूसरे शब्दों में ऊष्मा के अविरल रूप से कार्य में बदलने के लिए ठण्डी वस्तु अर्थात् सिंक का होना आवश्यक है।</p>
<p>2. क्लासियस का कथन (Claussius&#8217;s Statement) : इस कथन के अनुसार, &#8220;किसी भी चक्रीय प्रक्रम में कार्यकारी पदार्थ द्वारा निम्न ताप वाली वस्तु से उच्च ताप वाली वस्तु की ओर ऊष्मा का प्रवाह नहीं हो सकता जब तक कि कार्यकारी पदार्थ पर बाह्य कार्य नहीं किया जाता है।&#8221; यह कथन प्रशीतक (refrigerator) के सिद्धान्त पर आधारित है जो ठण्डी वस्तु में से ऊष्मा अवशोषित कर गर्म वस्तु (कमरे की वायु) को प्रदान करता है, लेकिन इस कार्य को करने के लिए प्रशीतक में संपीडक (compressor) की आवश्यकता होती है अर्थात् बिना सम्पीडक की बाह्य सहायता के प्रशीतक वस्तुओं को ठण्डा नहीं कर सकता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
समतापी व रुद्धोष्म प्रक्रम में अन्तर स्पष्ट करते हुए इन प्रक्रमों में किये गये कार्य की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
समतापी प्रक्रम (Isothermal Process):<br />
जब किसी ऊष्मागतिकीय निकाय में दाब (P), एवं आयतन (V) में परिवर्तन होता है, परन्तु ताप (T) नियत रहता है, तो ऐसे प्रक्रम को समतापी प्रक्रम कहते हैं। इस परिवर्तन के दौरान निकाय एवं परिवेश (Surroundings) के मध्य ऊष्मा का आदान-प्रदान आवश्यक है जब निकाय का प्रसार होता है तो निकाय द्वारा कार्य किया गया है, अतः इस कार्य के तुल्य ऊष्मा परिवेश से निकाय में आ जाती है जिससे निकाय का ताप नियत बना रहता है।</p>
<p>इसी प्रकार निकाय के संपीडन के समय निकाय पर किये गये कार्य के तुल्य ऊष्मा परिवेश से निकाय में आ जाती है। इससे निकाय का ताप नियत बना रहता है। इसी प्रकार निकाय के संपीडन के समय निकाय पर किये गये कार्य के तुल्य ऊष्मा निकाय से परिवेश को चली जाती है। यदि समतापीय परिवर्तन किसी भारहीन एवं घर्षण रहित पिस्टन युक्त सिलिण्डर में मौजूद किसी गैसीय निकाय के साथ पिस्टन की सहायता से किया जाता है तो समतापी प्रक्रम के लिए निम्नलिखित दो शर्तों को पूरा होना आवश्यक है-<br />
(i) निकाय की परिसीमाएँ ( पिस्टन एवं सिलेण्डर) ऊष्मा की सुचालक होनी चाहिए ताकि उनसे होकर ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सके।<br />
(ii) परिवर्तन धीरे-धीरे होना चाहिए ताकि ऊष्मा के आदान-प्रदान के लिए पर्याप्त समय मिल सके।</p>
<p>मोल गैस के लिए आदर्श गैस समीकरण PV = nRT यदि n को नियत रखकर समतापी परिवर्तन किया जाता है, तो<br />
अतः nRT = नियतांक<br />
PV = नियतांक &#8230;&#8230;..(1)<br />
उक्त समीकरण (1) को समतापी प्रक्रम का अवस्था समीकरण कहते हैं। यही बॉयल का नियम है, जिसके अनुसार,<br />
P ∝ \(\frac{1}{V}\), V ∝ \(\frac{1}{P}\)<br />
अर्थात् किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का स्थिर ताप पर दाब व आयतन परस्पर व्युत्क्रमानुपाती होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
समतापी प्रक्रम की व्याख्या कीजिए एवं इस प्रक्रम में कृत कार्य के लिए सूत्र स्थापित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
समतापी प्रक्रम में किया गया कार्य (Work done in an Isothermal Process):<br />
माना किसी सिलेण्डर में n मोल आदर्श गैस का समतापीय प्रसार किया जाता है तो वह अपनी प्रारम्भिक अवस्था A(P<sub>1</sub> V<sub>1</sub>) से अन्तिम अवस्था B(P<sub>2</sub> V<sub>2</sub>) में पहुँच जाती है। यह प्रक्रम संलग्न सूचक आरेख चित्र में समतापी वक्र AB द्वारा प्रदर्शित किया गया है। यदि आयतन के सूक्ष्म परिवर्तन dV के लिए दाब को P पर नियत मान लें तो इस अन्तराल में कृत कार्य-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37078" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-7.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -7" width="394" height="919" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-7.png 394w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-7-129x300.png 129w" sizes="auto, (max-width: 394px) 100vw, 394px" /><br />
समी (1) व (2) समतापी प्रक्रम में n मोल आदर्श गैस के लिए किये गये कार्य को प्रदर्शित करते हैं। चूँकि समतापीय प्रक्रम के लिए अवस्था समीकरण<br />
PV = नियतांक<br />
अत: P dV + V.dP = 0<br />
या V dP = -P dV<br />
या \(\frac{d \mathrm{P}}{d \mathrm{~V}}=-\frac{\mathrm{P}}{\mathrm{V}}\)<br />
अर्थात् समतापी प्रक्रम में P-V वक्र का ढाल (प्रवणता) ऋणात्मक होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
रुद्धोष्म प्रकरण के लिए अवस्था समीकरण के सूत्र का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का रुद्धोष्म प्रक्रम में अनुप्रयोग (First Law of Thermodynamics Applied to Adiabatic Process)<br />
(अ) P व V के मध्य रुद्धोष्म सम्बन्ध (Adiabatic Relation between P and V):<br />
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37079" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -8" width="394" height="1080" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8.png 394w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8-109x300.png 109w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8-374x1024.png 374w" sizes="auto, (max-width: 394px) 100vw, 394px" /><br />
यह समीकरण रुद्धोष्म प्रक्रम में दाब एवं आयतन में सम्बन्ध है। इसे &#8216;पायसन सम्बन्ध&#8217; (Poisson&#8217;s relation) कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम क्या है ? इसकी सहायता से आन्तरिक ऊर्जा की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम दो भिन्न कथनों में निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है-<br />
1. इस नियम के पहले कथन को ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम भी कहते हैं, इसके अनुसार जब ऊष्मा प्राप्त करने के लिए यांत्रिक कार्य किया जाता है तो कार्य की प्रत्येक इकाई द्वारा ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा प्राप्त होती है। इसके विपरीत जब कार्य करने हेतु ऊष्मा दी जाती हैं तो इकाई कार्य प्राप्त करने के लिए ऊष्मा की समान मात्रा आवश्यक होती है अर्थात् कार्य एवं ऊष्मा एक दूसरे के तुल्य हैं। यदि W कार्य करने से Q ऊष्मा उत्पन्न होती है तो<br />
W ∝ Q<br />
या W =JQ<br />
जहाँ J = 4.2 × 10³ Jkcal<sup>-1</sup> होता है जिसे ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक कहते हैं। उक्त नियम तभी सत्य है जब सम्पूर्ण कार्य ऊष्मा में या सम्पूर्ण ऊष्मा कार्य में परिणित हो रही हो।</p>
<p>2. इस नियम का दूसरा कथन ऊर्जा संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Energy) पर आधारित है माना किसी निकाय को do ऊष्मा दी जाती है तो वह ऊष्मा दो रूपों में व्यय होती है- (i) अणुओं की आंतरिक ऊर्जा बढ़ाने में dU के रूप में और (ii) शेष भाग आन्तराण्विक आकर्षण बलों के विरुद्ध बाह्य कार्य करने में dW के रूप में इस प्रकार<br />
dQ = dU + dW &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)<br />
इस समीकरण को ही &#8216;ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम&#8217; कहते हैं, अर्थात् &#8220;किसी निकाय को दी गई ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि एवं किये गये बाह्य कार्य के योग के बराबर होती है।&#8221; यह नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही प्रतिपादन है जिसके अनुसार, &#8220;ऊर्जा को न तो उत्पन्न कर सकते है। और न ही नष्ट कर सकते हैं, केवल इसका रूपान्तरण सम्भव है।&#8221; जब भी हमें एक प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती है तो किसी अन्य प्रकार की ऊर्जा लुप्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37077" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -6.1" width="193" height="235" /><br />
माना संलग्न चित्र के अनुसार एक घर्षण रहित पिस्टन युक्त पात्र में गैस भरी है। पिस्टन का अनुप्रस्थ परिच्छेद क्षेत्रफल A हैं और इस पर बाह्य दाब P कार्यरत है। यदि इस निकाय को dQ ऊष्मा दी जाती है। जिससे इसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि dU होती है और पिस्टन दाब P के विरुद्ध dx विस्थापन से विस्थापित होता है अतः बाह्य कार्य<br />
dW = F<sub>ext</sub> × dx = P.A.dx<br />
या dW = P.dV<br />
जहाँ dV = A.dx आयतन में परिवर्तन<br />
अतः dQ = dU + dW</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
सूचक आरेख से क्या तात्पर्य है ? इसकी सहायता से बाह्य कार्य ज्ञात करने की प्रक्रिया समझाते हुए सिद्ध कीजिए कि बाह्य कार्य परिवर्तन के मार्ग पर निर्भर करता है।<br />
उत्तर:<br />
सूचक आरेख (Indicator Diagram):<br />
किन्हीं दो चर राशियों द्वारा किसी ऊष्मागतिक निकाय की अवस्था का ग्राफीय प्रस्तुतीकरण निकाय का सूचक आरेख कहलाता है। यदि ग्राफ दाब व आयतन के मध्य खींचा जाये तो इस आरेख को P-V आरेख कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37080" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-9.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -9" width="240" height="210" /><br />
माना किसी गैसीय निकाय का प्रसार होता है और A [P<sub>1</sub>, V<sub>1</sub>] प्रारम्भिक तथा B [P<sub>2</sub>, V<sub>2</sub>] अन्तिम अवस्थाएँ हैं। प्रक्रम को चित्र में दिये गये सूचक आरेख में प्रदर्शित किया गया है। प्रक्रम के दौरान दाब एवं आयतन में होने वाले परिवर्तन रेखा AB के विभिन्न बिन्दुओं द्वारा प्रदर्शित होंगे।</p>
<p>पूरे प्रक्रम (A → B) के लिए कार्य ज्ञात करने लिए आकृति ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात करना होगा। इसके लिए माना दाब P पर सूक्ष्म आयतन परिवर्तन dV के संगत कृत कार्य<br />
dW = PV आकृति EFGH का क्षेत्रफल<br />
अत: A से B तक परिवर्तन के दौरान कृत कुल कार्य<br />
या W = आकृति ABCD का क्षेत्रफल<br />
\(\mathrm{W}=\int d \mathrm{~W}=\int_{\mathrm{V}_1}^{\mathrm{V}_2} \mathrm{P} . d \mathrm{~V}\)<br />
अत: PV वक्र तथा आयतन अक्ष के मध्य घिरे क्षेत्रफल से किसी प्रक्रम में गैस द्वारा किया गया कार्य सीधे प्राप्त हो जाता है।</p>
<p>ऊष्मा के समान कार्य भी पथ का फलन होता है। किसी निकाय द्वारा किया गया कार्य अथवा निकाय पर किया गया कार्य प्रारम्भिक एवं अन्तिम अवस्थाओं के प्रक्रम के पथ पर भी निर्भर करता है। उदाहरण के लिए चित्र में प्रदर्शित सूचक आरेख में प्रारम्भिक अवस्था से अन्तिम अवस्था तक परिवर्तन के तीन पथ (i) if (ii) ior (iii) ib प्रदर्शित किये गये हैं। इन तीनों मार्गों के लिए कृत कार्य विभिन्न प्रकार से किये गये छायांकित भागों के क्षेत्रफलों द्वारा प्राप्त होगा। चित्र से स्पष्ट है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37081" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -10" width="237" height="179" /><br />
W<sub>iaf</sub> &gt; W<sub>if</sub> &gt; W<sub>ibf</sub><br />
स्पष्ट है कि दो निश्चित अवस्थाओं के एक अवस्था से दूसरी अवस्था तक पहुँचने में कृत कार्य अपनाये गये पथ पर निर्भर करता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37082" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -11" width="221" height="165" /><br />
यदि परिवर्तन के दौरान विभिन्न प्रक्रमों से होते हुए निकाय पुन: अपनी प्रारम्भिक स्थिति में लौट आता है तो ऐसे प्रक्रम को &#8216;चक्रीय प्रक्रम&#8217; (Cyclic Process) कहते हैं। चक्रीय प्रक्रम में किया कुल कार्य बन्द चक्र के क्षेत्रफल से प्राप्त होता है साथ ही साथ प्रक्रम यदि दक्षिणावर्त (clockwise) है तो कार्य धनात्मक एवं प्रक्रम यदि वामावर्त (anticlockwise) है तो कार्य ऋणात्मक होता है। उदाहरण के लिए चित्र में प्रारम्भिक अवस्था A से ACB एवं BDA होते हुए निकाय पुनः अवस्था A में लौट आता है। इन दो प्रक्रमों में प्रक्रम ACB में कृत कार्य<br />
W<sub>1</sub> = + आकृति ACBYXA का क्षेत्रफल<br />
एवं प्रक्रम BDA में<br />
W<sub>2</sub> = &#8211; आकृति BDAXYB का क्षेत्रफल<br />
अत किया गया कुल कार्य<br />
W = W<sub>1</sub> + W<sub>2</sub><br />
= + ACBYXA का क्षेत्रफल &#8211; BDAXYB का क्षेत्रफल<br />
या W = + ACBDA का क्षेत्रफल<br />
अर्थात् किया गया कार्य बन्द लूप के क्षेत्रफल के बराबर होता है। चित्र में प्रदर्शित प्रक्रम दक्षिणावर्त है अतः कुल कार्य धनात्मक मिला है। यदि प्रक्रम वामावर्त अर्थात् ADBCA होता तो कुल कार्य इतना ही होता परन्तु ऋणात्मक होता।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम की व्याख्या कीजिए एवं इसमें कृत कार्य के सूत्र का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process):<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम वह प्रक्रम है जिसमें निकाय के ताप (T), दाब (P) तथा आयतन (V) तीनों परिवर्तित हो सकते हैं, लेकिन निकाय की ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है अर्थात् निकाय एवं परिवेश के मध्य ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है। निकाय एवं परिवेश के मध्य ऊष्मा का आदान प्रदान न हो सके, इसके लिए निम्न दो शर्तों का पूर्ण होना आवश्यक है- (i) निकाय की परिसीमाएँ (पिस्टन एवं सिलिण्डर) ऊष्मा की कुचालक होनी चाहिए ताकि उनसे होकर ऊष्मा का आदान-प्रदान न हो सके।<br />
(ii) परिवर्तन शीघ्रता से होना चाहिए ताकि ऊष्मा के आदान-प्रदान के लिए पर्याप्त समय न मिल सके।</p>
<p>रुद्धोष्म प्रक्रम में किया गया कार्य (Work done in Adiabatic Process):<br />
माना चित्र के अनुसार एक भारहीन एवं घर्षण रहित पिस्टनयुक्त सिलिण्डर में एक गैस के मोल मौजूद पिस्टन एवं सिलेण्डर दोनों ऊष्मा के कुचालक हैं। माना गैस का दाब P में पिस्टन का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A है। यदि पिस्टन ऊपर की ओर $d x$ दूरी पर विस्थापित होता है तो गैस द्वारा कृत कार्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37083" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -12" width="247" height="175" /><br />
dW = F.dx = (P.A).dx<br />
या dW = P.Adx = P.dV<br />
जहाँ dV = A.dx = आयतन में परिवर्तन<br />
अब माना गैस का रुद्धोष्म प्रसार प्रारम्भिक अवस्था (P<sub>1</sub>, V<sub>1</sub>, T<sub>1</sub>)$ से कम अवस्था (P<sub>2</sub>, V<sub>2</sub>, T<sub>2</sub>) तक होता है तो गैस द्वारा किया गया कुल<br />
\(\mathrm{W}_{\text {रुद्धोष्म }}=\int d \mathrm{~W}=\int_{\mathrm{V}_1}^{\mathrm{V}_2} \mathrm{P} d \mathrm{~V}\)<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम में गैसीय निकाय &#8220;पायसन के नियम&#8221; (Poisson&#8217;s Law) का पालन करता है। जिसके अनुसार<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37084" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -13" width="390" height="751" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-13.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-13-156x300.png 156w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /><br />
यह समी. (4) n मोल आदर्श गैस द्वारा रुद्धोष्म प्रक्रम में किये गये कार्य को निरूपित करता है। स्पष्ट है कि जब T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub> तभी W का मान धनात्मक होगा और यदि T<sub>1</sub> &lt; T<sub>2</sub> तो Wरुद्धोष्म का मान ऋणात्मक होता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
समआयतनीय एवं समदाबीय प्रक्रम की व्याख्या करते हुए इन प्रक्रमों में कृत कार्य की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
समआयतनीय प्रक्रम (Isochoric Process):<br />
ऐसा प्रक्रम जिसमें परिवर्तन के दौरान दाब (P) व ताप (T) में तो परिवर्तन होता है परन्तु आयतन नियत रहता है, सम आयतनीय प्रक्रम कहलाता है। अतः इस प्रक्रम में न तो गैस द्वारा कोई कार्य किया जाता है और न ही परिवेश द्वारा गैसीय निकाय पर कोई कार्य किया जाता है क्योंकि आयतन नियत होने से इस प्रक्रम में aV 0 होता है।</p>
<p>समआयतनीय प्रक्रम में ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics Applied to Isochoric Process):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम-<br />
dQ = dU + dW<br />
या dQ = dU + P.dV<br />
∵ समआयतनीय प्रक्रम में आयतन नियत रहता है अतः $d V=0$<br />
∴ P. dV = 0<br />
अतः dQ = dU &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;(1)<br />
अर्थात् गैस द्वारा अवशोषित सम्पूर्ण ऊष्मा निकाय की आंतरिक ऊर्जा व उसके ताप को परिवर्तित करने में व्यय होती है।<br />
∵ स्थिर आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा-<br />
\(\mathrm{C}_{\mathrm{V}}=\left(\frac{d \mathrm{Q}}{d \mathrm{~T}}\right)_{\mathrm{V}}\)<br />
∴ dQ = C<sub>V</sub>.dT<br />
अतः dQ = C<sub>V</sub>.dT &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.(2)</p>
<p>समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process):<br />
ऐसा प्रक्रम जिसमें परिवर्तन के दौरान ताप (T) व आयतन (V) तो परिवर्तित होते हैं लेकिन दाब (P) नियत रहता है समदावीय प्रक्रम कहलाता है। अर्थात् जब पदार्थ की अवस्था परिवर्तित होती है तो दाब (P) नियत रहता है। उदाहरणार्थ- पानी का जमना (freezing of water); पानी का वाष्प बनना (formation of steam) इत्यादि ।</p>
<p>समदाबी प्रक्रम में किया गया कार्य (Work Done in an Isobaric Process):<br />
माना नियत दाब (P) पर ऊष्मागतिकीय निकाय में मौजूद गैस का आयतन VI से V2 तक परिवर्तित होता है तो गैस द्वारा किया गया कार्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37085" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -14" width="419" height="339" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-14.png 419w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-14-300x243.png 300w" sizes="auto, (max-width: 419px) 100vw, 419px" /><br />
चूँकि ताप परिवर्तन से आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन होता है। अतः समदाबीय प्रक्रम में अवशोषित ऊष्मा आंशिक रूप से आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि करने तथा शेष ऊष्मा कार्य करने में व्यय होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
ऊष्मागतिकी के अध्ययन के आवश्यक महत्वपूर्ण पदों को परिभाषित कीजिए तथा ऊष्मीय साम्य की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी निकाय (Thermodynamic System):<br />
ब्रह्माण्ड का वह भाग जिसमें विशाल संख्या में अणु, परमाणु, आयन, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, फोटॉन आदि मौजूद हों तथा जिसका चयन ऊष्मागतिकी अध्ययन के लिए किया गया हो, ऊष्मागतिकी निकाय कहलाता है।<br />
ऊष्मागतिकी निकाय निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-<br />
(i) सूक्ष्म निकाय (Microscopic System) &#8211; सूक्ष्म निकाय में कणों की संख्या बहुत कम होती है, जिससे प्रत्येक कण का स्वतन्त्र रूप से अध्ययन किया जा सके। जैसे-एक परमाणु।<br />
(ii) स्थूल निकाय (Macroscopic System) &#8211; स्थूल निकाय में कणों की संख्या अत्यधिक होती है। किसी पात्र में बन्द गैस स्थूल निकाय के रूप में होती है क्योंकि इसमें अणुओं की संख्या अवागाद्रो संख्या की कोटि की होती है।<br />
(iii) खुला निकाय (Open System)-यदि निकाय एवं वातावरण (परिवेश) के मध्य ऊष्मा तथा पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान होता है तो उसे खुला निकाय कहते हैं।<br />
(iv) बन्द निकाय (Closed System) &#8211; यदि निकाय एवं परिवेश के मध्ग केवल ऊष्मा का आदान-प्रदान होता है (पदार्थ का नहीं) तो उस निकाय को बन्द निकाय कहते हैं।<br />
(v) विलगित निकाय (Isolated System) &#8211; यदि निकाय एवं परिवेश के मध्य ऊष्मा एवं पदार्थ का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है तो उसे विलगित निकाय कहते हैं।<br />
(vi) समांगी निकाय (Homogeneous System) &#8211; यदि किसी ऊष्मागतिक निकाय में उपस्थित सभी भाग समान प्रावस्था में हो तो वह समांगी निकाय कहलाता है। उदाहरणार्थ-शुद्ध ठोस, शुद्ध द्रव, शुद्ध गैस इत्यादि।<br />
(vii) विषमांगी निकाय (Heterogeneous System)-यदि किसी ऊष्मागतिक निकाय में दो या दो से अधिक प्रावस्थाएँ हो तो वह विषमांगी निकाय कहलाता है। उदाहरणार्थ-अघुलनशील द्रवों का मिश्रण इत्यादि।</p>
<p>तापीय साम्य (Thermal Equilibrium):<br />
यदि दो ऊष्मागतिक निकायों के ताप समान हो, तो वे दोनों ऊष्मीय साम्यावस्था में कहे जाते हैं।<br />
माना दो भिन्न पात्रों A व B में दो गैसें भरी हैं और उन गैसों का दाब व आयतन (P<sub>A</sub>, V<sub>A</sub>) व (P<sub>B</sub>, V<sub>B</sub>) हैं। चित्र के अनुसार दोनों पात्र रुद्धोष्म दीवार (ऊष्मारोधी) द्वारा पृथक किये गये हैं जिससे A व B के मध्य ऊष्मा का विनिमय नहीं हो पाता है। यहाँ पर (P<sub>A</sub>, V<sub>A</sub>) के किसी भी सम्भावित युग्म का मान (P<sub>B</sub>, V<sub>B</sub>) के किसी भी सम्भव युग्म के मान के साथ साम्यावस्था में होगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37086" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-15.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -15" width="263" height="141" /><br />
अब हम रुद्धोष्म दीवार के स्थान पर एक ऊष्मा पार्थ दीवार लेते हैं। उक्त दीवार ऊष्मा को एक निकाय से दूसरे निकाय में जाने देती है। इस समय हम पाते हैं कि निकाय A व B के स्थूल चर उस समय तक परिवर्तित होते हैं, जब तक दोनों निकाय साम्यावस्था की स्थिति प्राप्त नहीं कर लेते हैं। यह व्यवस्था चित्र में प्रदर्शित की गई है। माना कि A व B निकाय के चर परिवर्तित होकर (P<sub>A</sub>&#8216;, V<sub>A</sub>&#8216;) तथा (P<sub>B</sub>&#8216;, V<sub>B</sub>&#8216;) हो जाते हैं, ताकि नई अवस्था पुनः एक-दूसरे की साम्यावस्था में हो जाती हैं। यहाँ यह आवश्यक नहीं कि दोनों चर बदलें। इस समय निकाय A व B में ऊर्जा का प्रवाह नहीं होता है। ऐसी स्थिति में निकाय A व B ऊष्मीय साम्य में है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37087" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -16" width="262" height="146" /><br />
यहाँ यह उल्लेखनीय है कि ऊष्मागतिकी साम्य वह अवस्था है जब ऊष्मागतिकीय स्थूल निकाय के घर जैसे-दाब, ताप इत्यादि में समय के साथ परिवर्तन न हो। ये सामान्यतः तीन प्रकार के होते हैं-<br />
(i) ऊष्मीय साम्य (Thermal Equilibrium) : ऊष्मीय साम्य वह अवस्था है, जब ऊष्मागतिकीय स्थूल निकाय के चर जैसे-दाब, ताप इत्यादि में समय के साथ परिवर्तन न हो।<br />
(ii) रासायनिक साम्य (Chemical Equilibrium) : यदि किसी निकाय की रासायनिक संरचना समय के साथ नहीं बदलती है तो निकाय रासायनिक साम्य में होता है।<br />
(iii) यांत्रिक साम्य (Mechanical Equilibrium) : यदि निकाय के विभिन्न हिस्सों तथा निकाय के परिवेश के मध्य किसी प्रकार के असन्तुलित बल कार्य नहीं करें तो निकाय परिवेश के साथ यांत्रिक साम्य में होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
कार्नो के उत्क्रमणीय इंजन की कार्यविधि लिखते हुए प्रत्येक प्रक्रम में किये गये कार्य को P-V वक्र द्वारा ज्ञात कीजिए तथा दक्षता का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कार्नो चक्र (Cornat&#8217;s Cycle)<br />
कार्नो इंजन की कार्य प्रणाली को संलग्न चित्र 12.21 की सहायता से समझा जा सकता है। इस चित्र में चार प्रक्रम प्रदर्शित हैं, जिनमें दो प्रक्रम समतापी एवं दो रुद्धोष्म हैं। इस चक्र को कार्नों चक्र कहते हैं।<br />
अब हमें विस्तार से चारों चक्रों पर विचार करते हैं। माना सिलेण्डर में कार्यकारी पदार्थ का एक मोल है और प्रारम्भिक अवस्था $\mathrm{A}$ से प्रदर्शित है जहाँ दाब, आयतन एवं ताप क्रमशः P<sub>1</sub>, V<sub>1</sub> व T<sub>1</sub> हैं।<br />
प्रक्रम 1 : समतापीय प्रसार (Isothermal Expansion): गैस सिलेण्डर को स्रोत पर रखकर पिस्टन के दाब को धीरे-धीरे कम करते हैं और गैस को प्रसारित होने दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान स्रोत नियत ताप T<sub>1</sub> पर होता है। गैस के प्रसार के कारण गैस को बाह्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37088" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-19.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -19" width="325" height="285" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-19.png 325w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-19-300x263.png 300w" sizes="auto, (max-width: 325px) 100vw, 325px" /><br />
कार्य करना पड़ता है अतः उसका ताप कम होता है परन्तु सिलेण्डर का आधार ऊष्मा का सुचालक होता है। इसलिए आवश्यक ऊष्मा गैसीय निकाय स्रोत से ले लेता है और फलस्वरूप उसका ताप T<sub>1</sub> पर नियत रहता है। अतः यह समतापीय प्रसार चक्र के AB भाग द्वारा प्रदर्शित है। माना निकाय द्वारा स्रोत से अवशोषित ऊष्मा Q<sub>1</sub> है तथा ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से समतापीय प्रसार के लिए यह ऊष्मा बाह्य कार्य के बराबर होनी चाहिए क्योंकि समतापीय प्रक्रम में dU = 0 होता है। यहाँ पर B बिन्दु पर दाब, आयतन व ताप क्रमश: P<sub>2</sub>, V<sub>2</sub> व T<sub>1</sub> हैं। यदि किया गया कार्य W<sub>1</sub> है अत:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37089" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-20.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -20" width="390" height="405" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-20.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-20-289x300.png 289w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के केल्विन प्लांक व क्लासियस के कथनों को लिखिए तथा स्पष्ट कीजिए कि उक्त कथन एक-दूसरे के तुल्य है।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। यह ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम है अर्थात् कार्य का ऊष्मा में अथवा ऊष्मा का कार्य में रूपान्तरण होने पर कार्य की निश्चित मात्रा से निश्चित ऊष्मा उत्पन्न होती है या निश्चित ऊष्मा से कार्य की निश्चित मात्रा उत्पन्न होती है, परन्तु उपलब्ध ऊष्मा का कितना भाग यांत्रिक कार्य में परिवर्तित होता है एवं इसकी शर्तें व सीमाएँ क्या है ? इसकी जानकारी ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम नहीं देता है।</p>
<p>उदाहरणार्थ &#8211; फर्श पर लुढ़कती हुई गेंद ऊष्मागतिकी के नियमानुसार उस समय रुक जायेगी जब उसकी सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा ) ऊष्मा में बदल जायेगी। परन्तु क्या इस प्रक्रिया का व्युत्क्रम अर्थात् फर्श पर रुकी हुई गेंद ऊष्मा अवशोषित करके गतिशील हो जायेगी ? इस प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से प्रथम नियम नहीं देता है। इस प्रकार किसी क्रिया के होने व न होने की जानकारी को प्राप्त करने के लिए अन्य नियम की आवश्यकता है जिसे ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम कहते हैं। यह नियम प्रथम नियम का पूरक है। ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम को विभिन्न वैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न कथनों के रूप में प्रस्तुत किया है परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से सभी कथन सत्य हैं। यहाँ हम दो कथनों पर विचार करेंगे जिनमें एक आन्तरिक ऊर्जा को कार्य में बदलने की सीमा के बारे में है और दूसरा ऊष्मा प्रवाह की दिशा के बारे में है।</p>
<p>1. केल्विन प्लांक का कथन (Statement of Kelvin Planck) : इस कथन के अनुसार, &#8220;इस प्रकार के इंजन का निर्माण सम्भव नहीं है, जो सम्पूर्ण चक्र में किसी वस्तु से ऊष्मा लेकर कार्यकारी निकाय में कोई परिवर्तन किये बिना उसे पूर्णतः कार्य में परिवर्तित कर दे।&#8221; अर्थात् कोई ऐसा ऊष्मा इंजन नहीं बन सका है, जो लोत से ली गई सम्पूर्ण ऊष्मा को कार्य में बदल सके और सिंक को कुछ भी न दे। दूसरे शब्दों में ऊष्मा के अविरल रूप से कार्य में बदलने के लिए ठण्डी वस्तु अर्थात् सिंक का होना आवश्यक है।</p>
<p>2. क्लासियस का कथन (Claussius&#8217;s Statement) : इस कथन के अनुसार, &#8220;किसी भी चक्रीय प्रक्रम में कार्यकारी पदार्थ द्वारा निम्न ताप वाली वस्तु से उच्च ताप वाली वस्तु की ओर ऊष्मा का प्रवाह नहीं हो सकता जब तक कि कार्यकारी पदार्थ पर बाह्य कार्य नहीं किया जाता है।&#8221; यह कथन प्रशीतक (refrigerator) के सिद्धान्त पर आधारित है जो ठण्डी वस्तु में से ऊष्मा अवशोषित कर गर्म वस्तु (कमरे की वायु) को प्रदान करता है, लेकिन इस कार्य को करने के लिए प्रशीतक में संपीडक (compressor) की आवश्यकता होती है अर्थात् बिना सम्पीडक की बाह्य सहायता के प्रशीतक वस्तुओं को ठण्डा नहीं कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कान प्रमेय का कथन लिखते हुए व्युत्पन्न कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कार्नो प्रमेय (Carnot&#8217;s Theorem)<br />
इस प्रमेय के अनुसार,<br />
(अ) किन्हीं तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> (T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य कार्य करने वाले इंजन की दक्षता उन तापों के मध्य कार्य करने वाले कार्नो इंजन की दक्षता से अधिक नहीं हो सकती है अर्थात् कार्नो (उत्क्रमणीय) इंजन की दक्षता अधिकतम होती है।<br />
(ब) किन्हीं दो तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> के मध्य कार्य करने वाले सभी कार्नो उत्क्रमणीय इंजनों की दक्षता समान होती है चाहे कोई भी कार्यकारी पदार्थ लिया जाये।<br />
व्युत्पत्ति (Proof) : कार्नो प्रमेय के प्रथम कथन (अ) की उपपत्ति के लिए समान स्रोत (T<sub>1</sub> K) व समान सिंक (T<sub>2</sub>K) के मध्य कार्य करने वाले दो इंजन लेते हैं जिनमें एक अनुत्क्रमणीय (irreversible) एवं दूसरा उत्क्रमणीय (reversible) है। दोनों इंजनों में कार्यकारी पदार्थ का चयन इस प्रकार किया जाता है कि दोनों इंजनों का प्रत्येक चक्र में किया गया कार्य (W) समान हो । अब यदि अनुत्क्रमणीय इंजन स्रोत (ताप T<sub>1</sub>) से Q<sub>1</sub> ऊष्मा लेकर उसके एक भाग को कार्य (W) में बदलकर अर्थात् W कार्य करके शेष ऊष्मा (Q<sub>1</sub> &#8211; W) सिंक (ताप T<sub>2</sub>) को दे देता है तो इस अनुत्क्रमणीय इंजन की दक्षता,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37090" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-21.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -21" width="359" height="122" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-21.png 359w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-21-300x102.png 300w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" /><br />
\(\eta_I=\frac{W}{Q_1}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)<br />
इसी प्रकार यदि उत्क्रमणीय इंजन समान ताप T<sub>1</sub> पर स्रोत से I ऊष्मा लेकर W कार्य करके सिंक को (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; W) ऊष्मा देता है, तो किये गये उत्क्रमणीय इंजन की दक्षता<br />
\(\eta_R=\frac{W}{Q_1&#8242;}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(2)<br />
यहाँ पर माना कि η<sub>I</sub> &gt; η<sub>R</sub><br />
अतः \(\frac{\mathrm{W}}{\mathrm{Q}}&gt;\frac{\mathrm{W}}{\mathrm{Q}_1^{\prime}} \Rightarrow \frac{1}{\mathrm{Q}_1}&gt;\frac{1}{\mathrm{Q}_1^{\prime}}\)<br />
या Q<sub>1</sub>&#8216; &gt; Q<sub>1</sub><br />
अर्थात् (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>) = एक धनात्मक संख्या</p>
<p>अब यदि चित्र के अनुसार दोनों इंजनों को इस प्रकार जोड़ते हैं कि अनुत्क्रमणीय इंजन (i) सीधी दिशा में और उत्क्रमणीय इंजन (R) विपरीत दिशा में कार्य करें तो उत्क्रमणीय इंजन अनुत्क्रमणीय इंजन द्वारा चलित एक प्रशीतक (Refrigerator) की भाँति कार्य करता है तथा यह T<sub>2</sub> ताप पर सिंक से (Q<sub>1</sub> &#8211; W) ऊष्मा लेकर और इस पर W कार्य किया जाता है। यहाँ T<sub>1</sub> ताप पर यह स्रोत को Q<sub>1</sub>&#8216; ऊष्मा देता है। उत्क्रमणीय इंजन पर किये गये कार्य W की सीधे अनुत्क्रमणीय इंजन द्वारा पूर्ति होती है तथा अनुत्क्रमणीय इंजन तथा प्रशीतक (उत्क्रमणीय) एक स्वचालित युक्ति की भाँति कार्य करते हैं।<br />
यहाँ पर स्रोत अनुत्क्रमणीय इंजन को Q<sub>1</sub> ऊष्मा देता है तथा उत्क्रमणीय इंजन से Q<sub>1</sub>&#8216; ऊष्मा लेता है<br />
स्रोत द्वारा ली गई ऊष्मा (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>)<br />
इसी प्रकार अनुत्क्रमणीय इंजन सिंक को (Q<sub>1</sub> &#8211; W) ऊष्मा देता है और उत्क्रमणीय इंजन सिंक से (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; W) ऊष्मा लेता है। अतः<br />
सिंक द्वारा ऊष्मा क्षय = (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; W) &#8211; (Q<sub>1</sub> &#8211; W)<br />
= (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>)<br />
Q<sub>1</sub>&#8216; &gt; Q<sub>1</sub> अत: (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>) धनात्मक राशि है।<br />
इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक चक्र में T<sub>2</sub> (निम्न ताप) पर सिंक से (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>) ऊष्मा की मात्रा बिना किसी बाह्य ऊर्जा स्रोत की सहायता से उच्च ताप T<sub>1</sub> पर स्रोत को स्थानान्तरित कर रही है जो कि ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार सम्भव नहीं है अर्थात् हमारी परिकल्पना η<sub>I</sub> &gt; η<sub>R</sub> सम्भव नहीं है अतः हम कह सकते हैं कि समान तापों के मध्य कार्य कर रहे इंजनों में उत्क्रमणीय (कार्नो) इंजन की दक्षता अधिकतम होती है।<br />
कान प्रमेय के द्वितीय कथन हेतु हम अनुत्क्रमणीय इंजन के स्थान पर एक अन्य उत्क्रमणीय इंजन (R&#8217;) लेते हैं अर्थात् दो समान तापों T<sub>1</sub> (उच्च) व T<sub>2</sub> (निम्न) के मध्य दो उत्क्रमणीय इंजन कार्य कर रहे हैं। अब यदि R इंजन की दक्षता (η<sub>R</sub>) को इंजन (R&#8217;) की दक्षता (η&#8217;<sub>R</sub>) से अधिक मानें तो प्राप्त होने वाला परिणाम पुनः ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का उल्लंघन होगा अर्थात् ऊष्मा का स्थानान्तरण बिना किसी बाह्य ऊर्जा स्रोत की सहायता के निम्न ताप से उच्च ताप की ओर होना सम्भव नहीं है। अत: η<sub>R</sub> &gt; η&#8217;<sub>R</sub> ठीक नहीं होगा। इसी प्रकार η&#8217;<sub>R</sub> &gt; η<sub>R</sub> माने तो समान परिणाम व उल्लंघन प्राप्त होता है कि η<sub>R</sub> = η&#8217;<sub>R</sub> माने तो होना चाहिए।<br />
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि समान तापों के मध्य कार्य रहे सभी उत्क्रमणीय इंजनों की दक्षता समान होती है, चाहे कार्यकारी पदार्थ कुछ भी लिया गया हो।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का उल्लेख करते हुए गैसों की विशिष्ट ऊष्माओं का मेयर सम्बन्ध Cp &#8211; Cy = R प्राप्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
C<sub>P</sub> व C<sub>V</sub> में मेयर सम्बन्ध (Mayer&#8217;s Relation Between C<sub>P</sub> And C<sub>V</sub>):<br />
मोलर विशिष्ट ऊष्मा की परिभाषा से, नियत आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37091" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -22" width="400" height="1123" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22.png 400w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22-107x300.png 107w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22-365x1024.png 365w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Questions)</span></p>
<p><strong>ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
संलग्न चित्र में किसी आदर्श गैस के ऊष्मागतिकीय प्रक्रियाओं का दाब आयतन आरेख दर्शाया गया है। इससे A → B, B → C तथा C → A प्रक्रमों में अलग-अलग कृत कार्य तथा सम्पूर्ण चक्र ABCA में कृत कार्य ज्ञात कीजिए ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37092" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-23.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -23" width="249" height="243" /><br />
उत्तर:<br />
शून्य, 150 जूल गैस द्वारा, 375 जूल गैस पर, 225 जूल गैस पर</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
एक ऊष्मागतिक प्रक्रिया में किसी गैस को 300 जूल ऊष्मा दी जाती है तथा गैस पर 200 जूल कार्य भी किया जाता है। गैस की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
500 जूल वृद्धि</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
चित्र में किसी आदर्श गैस के एक चक्रीय प्रक्रम का दाब &#8211; आयतन आरेख दर्शाया गया है। गैस की आन्तरिक ऊर्जा का मान अवस्था A में 150 जूल, अवस्था B में 100 जूल तथा अवस्था C में 2500 जूल है, तो ज्ञात कीजिए-<br />
(i) प्रक्रम A → B में गैस द्वारा दी गई ऊष्मा,<br />
(ii) प्रक्रम B → C में गैस द्वारा कृत कार्य,<br />
(iii) प्रक्रम B → C में गैस द्वारा ली गई ऊष्मा ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37093" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-24.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -24" width="237" height="234" /><br />
उत्तर:<br />
(i) 50 जूल,<br />
(ii) 20 जूल,<br />
(iii) 170 जूल</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
1 cm³ जल उसके क्वथनांक पर 1671 cm³ आयतन भाप बनाने के लिए 540 कैलोरी ऊष्मा अवशोषित करता है। यदि वायुमण्डलीय दाब 1.013 × 10<sup>5</sup> N/m² है और ऊष्मा का यान्त्रिक तुल्यांक = 4.19 जूल / कैलोरी है, अन्तराण्विक बलों के विरुद्ध इस प्रक्रम में खर्च ऊर्जा ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
500 कैलोरी</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
एक मनुष्य का द्रव्यमान 60 kg है। यदि उसे भोजन से 10<sup>5</sup> cal ऊष्मा मिलती हो एवं उसके शरीर की दक्षता 28% हो तो वह मनुष्य कितनी ऊँचाई तक चढ़ सकता है ? [g = 9.8ms<sup>-2</sup>; J = 4.2 J.cal<sup>-1</sup>]<br />
उत्तर:<br />
200m</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
शीशे की एक गोली 150 ms<sup>-1</sup> की चाल से एक लक्ष्य से टकराकर रुक जाती है यदि 80% गतिज ऊर्जा गोली में रह जाती है तो गोली के ताप में वृद्धि ज्ञात कीजिए। शीशे की विशिष्ट ऊष्मा 30 cal. kg<sup>-1</sup>C<sup>-1</sup> है। (J = 4.2J cal<sup>-1</sup>)<br />
उत्तर:<br />
71.43°C</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
संलग्न चित्र में एक आदर्श गैस की ऊष्मागतिकी प्रक्रियाओं का P &#8211; V ग्राफ दिखाया गया है। इस ग्राफ से ज्ञात कीजिए-<br />
(i) A → B<br />
(ii) B → C<br />
(iii) C → D<br />
(iv) D → A प्रक्रमों में किया गया कार्य।<br />
उत्तर:<br />
(i) 6000; J<br />
(ii) शून्य,<br />
(iii) 1000J;<br />
(iv) शून्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37071" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-25.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी - 25" width="330" height="202" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-25.png 330w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-25-300x184.png 300w" sizes="auto, (max-width: 330px) 100vw, 330px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
ऊष्मागतिक प्रक्रम में किसी गैस के दाब में इस प्रकार परिवर्तन किया जाता है कि गैस के अणुओं के द्वारा 30J ऊष्मा निष्कासित होती है तथा गैस पर 10J का कार्य किया जाता है। यदि गैस की प्रारम्भिक ऊर्जा 40J हो तो अन्तिम आन्तरिक ऊर्जा का मान ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
20 जूल</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
नियत वायुमण्डलीय दाब एवं 20°C प्रारम्भिक ताप वाले 1 kg द्रव्यमान के धातु के टुकड़े को 20000 J ऊष्मा दी जाती है। निम्न मानज्ञात कीजिए-<br />
(a) ताप में परिवर्तन (b) कृत कार्य, (c) आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन ।<br />
[दिया है- विशिष्ट ऊष्मा = 400 J kg<sup>-1</sup> °C<sup>-1</sup>, आयतन प्रसार गुणांक (y) = 9 × 10<sup>-5</sup>/°C<br />
घनत्व = 9000 kg/m³, वायुमण्डल दाब = 10<sup>5</sup> N/m²]<br />
उत्तर:<br />
(a) 50°C,<br />
(b) 0.05 J,<br />
(c) 19999.95 J</p>
<p><strong>समतापी प्रक्रम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
O<sub>2</sub> गैस के एक मोल का आयतन 0°C पर एवं वायुमण्डलीय दाब पर 22.4 लीटर है। उसको समतापीय रूप से संपीडित करते हैं जिससे आयतन 11.2 लीटर तक घट जाता है। उस प्रक्रम में किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
1572.6 J</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
2 मोल आदर्श गैस का 27°C पर समतापी प्रसार किया जाता है जिससे उसका आयतन बढ़कर प्रारम्भिक आयतन का तीन गुना हो जाता है। गैस द्वारा कृत कार्य तथा अवशोषित ऊष्मा की मात्रा का परिकलन कीजिए। (R=8.31Jmol! K-1)<br />
उत्तर:<br />
5.48 × 103 J; 1.31 × 10° cal</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी आदर्श गैस के 10 किलोग्राम अणुओं द्वारा कितनी ऊर्जा अवशोषित होगी यदि इसे 8 वायुमण्डलीय प्रारम्भिक दाब से 4 वायुमण्डलीय दाब तक स्थिर ताप 27°C पर प्रसारित किया जाए ?<br />
उत्तर:<br />
1.728107 J</p>
<p><strong>रुद्धोष्म प्रक्रम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
27°C पर एक आदर्श एवं एक परमाणु गैस के 2 मोल V आवतन घेरते हैं। गैस रुद्धोष्म प्रक्रम द्वारा 2V आयतन तक प्रसारित होती है। गणना कीजिए-<br />
(i) गैस का अन्तिम ताप<br />
(ii) गैस की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन<br />
(ii) इस प्रक्रम में गैस द्वारा कृत कार्य ।<br />
(R = 8.31 J. mole<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup>)<br />
उत्तर:<br />
(i) 189 K;<br />
(ii) -2767.2 J;<br />
(iii) 2767.23</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
एक पिस्टन किसी गैस सिलिण्डर को दो भागों में विभाजित करता है प्रारम्भ में पिस्टन को ऐसे दबाते हैं जिससे एक भाग में दाब P तथा आयतन 5V है तथा दूसरे भाग में दाब 8P तथा आयतन V है। अब पिस्टन को स्वतन्त्र छोड़ दिया जाता है। रुद्धोष्म तथा समतापी प्रक्रियाओं के लिए नये दाब तथा आयतन ज्ञात कीजिए। (γ = 1.5)<br />
उत्तर:<br />
(i) समतापी – \(\frac{13P}{6}\), \(\frac{48}{13}\) V एवं \(\frac{30}{13}\)<br />
(ii) रुद्धोष्म प्रक्रम &#8211; 1.84P, \(\frac{8V}{3}\) एवं \(\frac{10V}{3}\)</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
एक आदर्श गैस जिसका प्रारम्भिक दाब P आयतन V तथा ताप T है, रुद्धोष्म प्रक्रिया द्वारा तब तक फैलती है जब तक कि आयतन बढ़कर 5.66 V तथा ताप गिरकर T/2 हो जाता है। (i) गैस की परमाणुकता क्या है ? (ii) प्रसार के दौरान गैस द्वारा किया गया कार्य प्रारम्भिक दाब P व आयतन V के फलन के रूप में ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(i) y = 1.4.<br />
(ii) = PV</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
27°C पर एक आदर्श एवं एकपरमाणुक गैस के 3 मोल V आयतन घेरते हैं। गैस रुद्धोष्म प्रक्रम द्वारा 8 V आयतन तक प्रसारित होती है। गणना कीजिए-<br />
(i) गैस का अन्तिम ताप,<br />
(ii) गैस की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन तथा<br />
(iii) इस प्रक्रिया में गैस द्वारा किया गया कार्य दिया है- सार्वत्रिक गैस नियतांक R = 8.31 जूल / मोल K<br />
उत्तर:<br />
(i) 75 K,<br />
(ii) 5609.251,<br />
(iii) 5609.25 J</p>
<p>मेयर सूत्र पर आधारित</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
सामान्य ताप व दाब पर मोल ऑक्सीजन गैस का आयतन 22.4 लीटर है। ऑक्सीजन की दोनों मोलर ऊष्मा धारिताओं की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
C<sub>V</sub> = 20.755 J. mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup>; C<sub>P</sub> = 29.085 J. mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
एक कान इंजन की दक्षता 50% तथा इसके सिंक का ताप 27°C है। यदि इसकी दक्षता 10% बढ़ा दी जाये तब इसके स्रोत के ताप में कितनी वृद्धि हो जायेगी।<br />
उत्तर:<br />
140K</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
500K तथा 400K तापों के मध्य कार्य करने वाला कार्नो इंजन यदि प्रत्येक चक्र में स्रोत से 2000 cal ऊष्मा ग्रहण करता है तो गणना कीजिए-<br />
(i) प्रत्येक चक्र में सिंक में विसर्जित ऊष्मा की मात्रा<br />
(ii) प्रत्येक चक्र में इंजन द्वारा किया गया बाह्य कार्य<br />
(iii) इंजन की दक्षता<br />
उत्तर:<br />
(i) 1600 cal;<br />
(ii) 1680 J;<br />
(iii) 20%</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी कार्नो इंजन की दक्षता 100K व TK तथा 180K व 900K के लिए समान है तब T की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
500K</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
हिमांक व वाष्पन के मध्य कार्य कर रहे कार्नो इंजन की दक्षता की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
27%</p>
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