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	<description>Haryana Board Solutions for Class 12, 11, 10, 9, 8, 7, 6 and 5</description>
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		<title>HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:43:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 12]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता HBSE 12th Class Physical Education शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता Textbook Questions and Answers दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions] प्रश्न 1. शारीरिक पुष्टि के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-12th-class-physical-education-solutions/">HBSE 12th Class Physical Education Solutions</a> Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता</h2>
<p><strong>HBSE 12th Class Physical Education शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शारीरिक पुष्टि के घटक (अंग) कौन-कौन से हैं? वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि (Physical Fitness) के प्रमुख घटकों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि के विभिन्न घटक या अंग निम्नलिखित हैं<br />
1. गति (Speed):<br />
गति से अभिप्राय मनुष्य की उस योग्यता से है जो किसी भी स्थिति में कम-से-कम समय लेकर अपने कार्य को पूरा करती है। गति दूसरे शारीरिक योग्यता के अंगों; जैसे शक्ति तथा सहनशीलता से भिन्न है। यह नाड़ी प्रणाली पर आधारित है। गति को साधारणतया लगभग 20 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता, क्योंकि गति बहुत सारी बातों पर आधारित होती है। भिन्न-भिन्न खेलों में गति भिन्न-भिन्न देखने को मिलती है। सभी खेल तेज तथा विस्फोटक मूवमैंट पर आधारित होते हैं।</p>
<p>2. शक्ति (Strength):<br />
शक्ति शारीरिक पुष्टि का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। शक्ति हमारे शरीर की माँसपेशियों द्वारा उत्पन्न की गई वह ऊर्जा है जिसके द्वारा हम कुछ कार्य कर सकते हैं। शक्ति को मापने के लिए पौंड या डाइन का प्रयोग किया जाता है। शक्ति को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जाता है-(1) स्थिर शक्ति, (2) गतिशील शक्ति। स्थिर शक्ति को &#8216;आइसोमीट्रिक शक्ति&#8217; के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर यह शक्ति खेलकूद में प्रयोग नहीं की जाती, परन्तु वजन उठाने में इसका प्रयोग थोड़ी मात्रा में किया जाता है। गतिशील शक्ति को &#8216;आइसोटोनिक शक्ति&#8217; के नाम से भी जाना जाता है। खींचने वाली क्रियाओं में इसका अधिक प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>3. सहनशीलता (Endurance):<br />
सहनशीलता शक्ति की तरह शारीरिक पुष्टि का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। सहनशीलता एक प्रतिरोध योग्यता है जो थकावट के विरुद्ध होती है। सामान्य शब्दों में, यह खिलाड़ी की वह योग्यता है, जिसके कारण खिलाड़ी बिना किसी थकावट के क्रिया करता है। सहनशीलता प्रत्येक खेल में अच्छी कुशलता के लिए एक महत्त्वपूर्ण योग्यता है। एक अच्छी सहनशीलता वाला खिलाड़ी अधिक प्रशिक्षण का भार सहन करके अपनी कुशलता बढ़ा सकता है। कूपर और पीटर जैसे विद्वानों का विचार है कि सहनशीलता हृदय की बीमारियों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।</p>
<p>4. लचीलापन/लचक (Flexibility):<br />
व्यक्ति के शरीर के जोड़ों की गतिक्षमता को लचक कहते हैं। अधिक लचक वाला व्यक्ति बिना किसी कष्ट के अधिक देर तक कार्य कर सकता है। अधिक लचक वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व भी अच्छा होता है। लचकदार शरीर वाले व्यक्ति जब कोई गतिविधि करते हैं तो उनकी मांसपेशियों में कम तनाव उत्पन्न होता है जिस कारण ऊर्जा या शक्ति का बचाव होता है।</p>
<p>5. स्फूर्ति/चुस्ती (Agility):<br />
खिलाड़ी जब अपने शरीर अथवा शरीर के किसी हिस्से को हवा में तेजी के साथ और सही ढंग से उसकी दिशा को बदलता है, तो उसको स्फूर्ति कहा जाता है। इसमें शरीर की बड़ी माँसपेशियाँ भाग लेती हैं और बड़ी तेजी व ठीक ढंग से तालमेल करती हैं। इसको पूरा करने के लिए अनुभव, तकनीक और कौशल की बहुत आवश्यकता होती है। यह विशेषतौर पर हर्डल्ज, कुश्ती, ऊँची छलाँग, फुटबॉल और बास्केटबॉल जैसी खेलों में बहुत महत्त्वपूर्ण है।</p>
<p>6. तालमेल (Co-ordination):<br />
शारीरिक अंगों के आपस में मिलकर कार्य करने की शक्ति को तालमेल कहते हैं। मानवीय विकास शक्ति और वृद्धि के तालमेल के बिना नहीं हो सकता। तालमेल से शरीर का प्रत्येक अंग मिल-जुलकर कार्य करता है। यदि मनुष्य के सारे अंग ठीक ढंग से कार्य करते हों परंतु दिमाग कार्य न करता हो तो शरीर के बाकी सारे अंग बेकार हो जाते हैं। इसलिए दिमाग, शरीर और स्थिति तालमेल की माँग करते हैं। तालमेल के बिना शारीरिक पुष्टि विकसित नहीं हो सकती।</p>
<p>7. संतुलन (Balance):<br />
एक ही स्थिति में अधिक समय तक रहने की शक्ति को संतुलन कहते हैं। यह शारीरिक पुष्टि के लिए बहुत आवश्यक है। उदाहरण के लिए, जब मनुष्य एक टाँग के बल पर कुछ समय के लिए खड़ा होने में सक्षम हो तो इसको उसका संतुलन कहेंगे। हैंड-स्टैंड और शीर्षासन भी ऐसी क्रियाएँ हैं जो संतुलन की उदाहरण हैं। शारीरिक शिक्षा में ऐसी बहुत सारी क्रियाएँ हैं जो संतुलन के लिए काफी लाभकारी होती हैं। शारीरिक पुष्टि के लिए संतुलन का होना बहुत आवश्यक है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
शारीरिक पुष्टि व सुयोग्यता को परिभाषित कीजिए। शारीरिक पुष्टि व सुयोग्यता का हमारे जीवन में क्या महत्त्व है?<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता से क्या अभिप्राय है? इनके महत्त्व का उल्लेख कीजिए।<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि से क्या तात्पर्य है? दैनिक जीवन में शारीरिक पुष्टि के महत्त्व का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि का अर्थ (Meaning of Physical Fitness):<br />
आज के यांत्रिक युग में प्रत्येक मनुष्य अपनी शारीरिक पुष्टि बनाए रखने के लिए प्रयत्नशील है। यह मनुष्य की वह शक्ति तथा कार्य करने की योग्यता है, जिसको वह बिना किसी बाधा के आसानी से थोड़ी-सी शक्ति का प्रयोग करके पूरा कर लेता है। शारीरिक पुष्टि या योग्यता का अर्थ बहुत व्यापक है, इसलिए इसे परिभाषित करना बहुत कठिन है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि यह हमें अपने शरीर को सही ढंग से रखने और अधिक देर तक मेहनत करने की क्षमता प्रदान करती है।</p>
<p>1..डॉ०ए०के० उप्पल (Dr.A.K. Uppal) के अनुसार, &#8220;शारीरिक पुष्टि वह क्षमता है जिसके द्वारा शारीरिक क्रियाओं के विभिन्न रूपों को बिना थकावट के तर्कपूर्ण ढंग से किया जा सके। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा नीरोगता के महत्त्वपूर्ण गुण सम्मिलित होते हैं।&#8221;</p>
<p>2. डेविड लैम्ब (David Lamb) के अनुसार, &#8220;शारीरिक पुष्टि को उस कुशलता के रूप में परिभाषित किया गया है जिसके द्वारा जीवन की वर्तमान तथा सशक्त शारीरिक चुनौतियों का सफलता के साथ मुकाबला किया जा सके।&#8221;</p>
<p>3. क्यूरेटन (Cureton) के अनुसार, &#8220;शारीरिक पुष्टि से अभिप्राय व्यक्ति को अपने शरीर का ठीक ढंग से प्रयोग करने और अधिक देर तक परिश्रम करने की क्षमता से है।&#8221;</p>
<p>सुयोग्यता का अर्थ (Meaning of Wellness):<br />
सुयोग्यता एक ऐसी अवस्था है, जो हमारे दैनिक जीवन में प्रत्येक कार्य को प्रभावकारी ढंग से करने में सहायक होती है तथा शेष बची हुई शक्ति से हम खाली समय में मनोरंजन कर सकते हैं। सुयोग्यता क्रोध को सहन करने और तनाव को दूर करने में सहायक होती है। यह एक अच्छे स्वास्थ्य का चिह्न है। यह प्रत्येक मनुष्य में भिन्न-भिन्न होती है, क्योंकि इस पर पैतृक आदतों, व्यायाम, आयु तथा लिंग का प्रभाव पड़ता है। अतः सुयोग्यता व्यक्ति की वह क्षमता या योग्यता है जिसके द्वारा वह एक उत्तम एवं संतुलित जीवन व्यतीत करता है। इसमें मन, शरीर एवं आत्मा का संतुलन शामिल होता है। इसलिए । यह शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की दशा या विशेषता होती है।</p>
<p>शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता का महत्त्व (Importance of Physical Fitness and Wellness):<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता का महत्त्व निम्नलिखित है-<br />
(1) शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता शरीर की विभिन्न प्रणालियों की कार्यक्षमता में सुधार करती हैं। इनसे व्यक्ति कीकार्यकुशलता एवं क्षमता में वृद्धि होती है। शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति पहले की अपेक्षा अधिक कार्य करने में सक्षम हो जाता है।<br />
(2) ये वृद्ध होने की प्रक्रिया को धीमा करती हैं और मनुष्य को दीर्घायु बनाती हैं।<br />
(3) ये रोग निवारक क्षमता को बढ़ाती हैं और शरीर के सुचारु विकास में मदद करती हैं।<br />
(4) ये व्यक्ति का आसन (Posture) ठीक करती हैं।<br />
(5) ये मानसिक स्वास्थ्य तथा चेतना में सुधार करती हैं और मानसिक क्षमता में वृद्धि करती हैं।<br />
(6) ये तनाव व दबाव को दूर करने में सहायक होती हैं।<br />
(7) ये हृदय और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों को दूर करती हैं।<br />
(8) ये कार्य की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि करती हैं।<br />
(9) ये व्यक्ति को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित करती हैं।<br />
(10) ये शरीर के आकार एवं बनावट में सुधार करती हैं तथा शरीर को मोटापे या स्थूलता से बचाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता पर प्रभाव डालने वाले विभिन्न तत्त्वों या कारकों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
शारीरिक सुयोग्यता व पुष्टि को प्रभावित करने वाले कारक बताएँ। शारीरिक सुयोग्यता व पुष्टि में इनका क्या योगदान है?<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि को प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता को प्रभावित करने वाले कारक या तत्त्व निम्नलिखित हैं<br />
1. आयु (Age):<br />
आयु शारीरिक पुष्टि व सुयोग्यता पर सबसे अधिक प्रभाव डालती है। जैसे-जैसे व्यक्ति बड़ा होता है वैसे-वैसे उसकी शारीरिक क्रियाएँ कम हो जाती हैं जिसके कारण उसको कई प्रकार की बीमारियाँ घेर लेती हैं। शारीरिक क्रियाएँ कम होने से व्यक्ति की शारीरिक योग्यता प्रभावित होती है। जो व्यक्ति अपनी शारीरिक क्रियाओं को जारी रखते हैं वे स्वस्थ रहते हैं और उन पर बुढ़ापे के चिह्न कम नजर आते हैं। बच्चों की शारीरिक योग्यता पर कभी भी बड़ी आयु की शारीरिक योग्यताओं के व्यायाम नहीं थोपने चाहिएँ। प्रशिक्षण कार्यक्रम आयु-वर्गों के अनुसार ही तैयार करना चाहिए।</p>
<p>2.शारीरिक बनावट (Body Structure):<br />
खिलाड़ियों का खेल के लिए चुनाव उनकी शारीरिक बनावट से किया जा सकता है। दौड़ों के लिए पतले शरीर का होना जरूरी है और फील्ड इवेंट्स में शरीर शक्तिशाली होना चाहिए। आजकल शारीरिक बनावट शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</p>
<p>3. लिंग-भेद (Gender Difference):<br />
लिंग-भेद भी शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता को प्रभावित करता है। किशोरावस्था में लड़के-लड़कियों में शारीरिक विभिन्नताएँ आ जाती हैं; जैसे लड़कियों को माहवारी का आना, आवाज का मधुर होना आदि तथा लड़कों में दाड़ी-मूंछ आना, आवाज का भारी होना आदि। ये विभिन्नताएँ लड़के और लड़कियों की शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता को प्रभावित करती हैं। इन विभिन्नताओं के आधार पर ही दोनों वर्गों के लिए शारीरिक योग्यता के कार्यक्रम तैयार करने चाहिएँ।</p>
<p>4. अच्छा आसन (Good Posture):<br />
अच्छे आसन वाला व्यक्ति जीवन में हर प्रकार से प्रशंसा का पात्र होता है। अच्छा आसन शारीरिक योग्यता को बढ़ाता है और व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारता है।</p>
<p>5. वातावरण (Environment):<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता पर वातावरण का काफी प्रभाव पड़ता है। गर्मियों में शारीरिक योग्यता का कार्यक्रम सर्दियों के कार्यक्रम से अलग होना चाहिए। गर्मियों के मौसम में व्यायाम प्रात:काल अथवा सायंकाल करने चाहिएँ। गर्मियों में व्यायाम करते समय कपड़े खुले और हल्के पहनने चाहिएँ। सर्दियों के मौसम में शरीर को सर्दी से बचाकर रखना चाहिए।</p>
<p>6. उचित अनुकूलन (Proper Conditioning):<br />
उचित अनुकूलन से शारीरिक पुष्टि व सुयोग्यता में वृद्धि होती है। अनुकूलन का शारीरिक योग्यता के साथ सीधा सम्पर्क है। यदि अनुकूलन बढ़ता है तो खेलकूद में भी कार्यकुशलता बढ़ती है। इसलिए खेलों में अनुकूलन एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।</p>
<p>7. संतुलित एवं पौष्टिक आहार (Balanced and Nutritive Food):<br />
संतुलित एवं पौष्टिक आहार से हमारी शारीरिक संरचना अच्छी रहती है। इससे न केवल खेलकूद के क्षेत्र में, बल्कि आम दैनिक जीवन में भी हमारी कार्यकुशलता एवं कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। संतुलित व पौष्टिक आहार से हमारा तात्पर्य उन पोषक तत्त्वों; जैसे वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, खनिज-लवणों, विटामिनों एवं जल आदि से है जो आहार में उचित मात्रा में उपस्थित होते हैं तथा शरीर का संतुलित विकास करते हैं। मोटापे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता में कमी आ जाती है। आजकल मोटापा एक गंभीर समस्या की भाँति फैल रहा है जिसको संतुलित आहार लेने से तथा उचित व्यायाम व आसन करने से नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p>8. खेलकूद (Sports &amp; Games):<br />
खेलकूद शारीरिक पुष्टि के अंगों; जैसे शक्ति, गति, सहनशीलता, लचक और तालमेल संबंधी योग्यताओं को विकसित करके स्वस्थता की वृद्धि में अपना बहुमूल्य योगदान देते हैं । जब शारीरिक योग्यता से अंगों का विकास होता है तो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ जाती है।</p>
<p>9. धूम्रपान न करना (No Smoking);<br />
धूम्रपान फेफड़ों के लिए हानिकारक है। इससे हृदय की बीमारियाँ भी हो जाती हैं। उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) भी रहने लगता है। व्यक्ति की कार्यक्षमता धीरे-धीरे क्षीण हो जाती है। धूम्रपान करने से मुँह, गले व आहारनली में कैंसर हो जाता है। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति कार्य को लंबी अवधि तक नहीं कर सकते। इसलिए शारीरिक पुष्टि व सुयोग्यता को बनाए रखने के लिए धूम्रपान नहीं करना चाहिए।</p>
<p>10. व्यायाम और प्रशिक्षण (Exercise and Training):<br />
प्रात:काल और सायंकाल का समय व्यायाम और प्रशिक्षण के लिए बहुत लाभदायक होता है। प्रात:काल के व्यायाम शरीर को चुस्त और लचकदार बनाते हैं । सायंकाल के व्यायाम व्यक्ति को पूरे दिन के मानसिक तनाव और शारीरिक थकावट से छुटकारा दिलाते हैं। व्यायाम और प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाते समय अभ्यास सुविधाओं और गर्मी व सर्दी जैसे मौसम का ध्यान जरूर रखना चाहिए।</p>
<p>11. जिंदादिली व मनोरंजन (Joyfulness and Recreation):<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता को बढ़ाने के लिए व्यक्ति को जिंदादिली व मनोरंजन के साथ जीना चाहिए। खेलकूद के द्वारा मनोरंजन व आमोद-प्रमोद भी होता है तथा व्यक्ति में जिंदादिली रहती है।</p>
<p>12. तनाव एवं दबाव (Tension and Stress):<br />
अधिक तनाव व दबाव व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इस कारण उसे अनेक मानसिक बीमारियाँ भी हो सकती हैं। तनाव एवं दबाव के कारण व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता भी कम होती है। खेलकूद से तनाव व दबाव को कम किया जा सकता है।</p>
<p>13. अन्य कारक (Other Factors):<br />
शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता को अन्य कारक; जैसे नशीले पदार्थ, रहन-सहन का स्तर, वंशानुक्रम तथा आराम आदि भी प्रभावित करते हैं।</p>
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<p>प्रश्न 4.<br />
शारीरिक पुष्टि को बढ़ाने के लिए किन सिद्धांतों को अपनाना चाहिए?<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के प्रमुख सिद्धांत कौन-कौन से हैं? वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास की मुख्य विधियों या सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
आप शारीरिक पुष्टि का विकास कैसे करेंगे?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के प्रमुख सिद्धांत या विधियाँ निम्नलिखित हैं-<br />
1. गर्माना (Warming up):<br />
शरीर के लिए गर्माना आवश्यक है क्योंकि गर्माना खिलाड़ी को प्रशिक्षण के लिए तैयार करता है। गर्माने से काफी हद तक खेल चोटों से बचा जा सकता है। इसलिए प्रशिक्षण व खेल प्रतियोगिताओं से पहले गर्माने की प्रक्रिया की जाती है। गर्माना के आरंभ में धीमी गति से दौड़ना चाहिए। उसके बाद खिंचाव वाले व्यायाम करने चाहिएँ। गर्माना से नाड़ी की गति तथा शरीर का तापमान बढ़ जाता है।</p>
<p>2. नियमितता का सिद्धांत (Principle of Regularity):<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास हेतु पूरा कार्यक्रम नियमित रूप से करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन अभ्यास नहीं करता तो उसके शरीर का आकार ठीक नहीं होगा और उसकी शारीरिक पुष्टि में भी धीरे-धीरे कमी हो जाएगी। इसलिए शारीरिक पुष्टि के लिए व्यायाम नियमित रूप से करना अति आवश्यक है।</p>
<p>3. अतिभार का सिद्धांत (Principle of Overload):<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के लिए अतिभार के सिद्धांत को अपनाना अति आवश्यक है। अतिभार के सिद्धांत को अपनाने के लिए लंबी दूरी के धावक धीरे-धीरे दूरी में बढ़ोतरी करते रहते हैं। अतिभार के लिए यह ध्यान रखना चाहिए कि जब तक अनुकूलन (Adaptation) न हो जाए, तब तक अतिभार नहीं करना चाहिए।</p>
<p>4. लिम्बरिंग या कूलिंग डाउन (Limbering or Cooling Down):<br />
लिम्बरिंग या कूलिंग डाउन भी गर्माना की तरह ही शरीर के लिए आवश्यक क्रिया है। किसी भी प्रतियोगिता या प्रशिक्षण के बाद यह क्रिया करनी चाहिए।</p>
<p>5. उचित आराम (Proper Rest):<br />
शारीरिक पुष्टि के कार्यक्रम के दौरान तथा बाद में उचित आराम लेना चाहिए। यदि ऐसा न किया जाए तो व्यक्ति की कार्यक्षमता में कमी हो सकती है। इसके साथ-साथ उसकी गति में भी कमी आना स्वाभाविक है। उचित आराम न लेने की अवस्था में व्यक्ति की योग्यता के कार्यक्रम में रुचि कम होने लगती है।</p>
<p>6. सामान्य से जटिल का सिद्धांत (Principle of Simple to Complex):<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के लिए जो भी व्यायाम या क्रियाएँ करें वे सभी सामान्य से जटिल सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिएँ अर्थात् सबसे पहले सामान्य व्यायाम और बाद में कठिन या जटिल व्यायाम करने चाहिएँ।</p>
<p>7. प्रगतिशीलता का सिद्धांत (Principle of Progression):<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के लिए प्रशिक्षण में प्रगतिशील सिद्धांत का पालन करना चाहिए। जब भार को जल्दी-जल्दी बढ़ाया जाता है तो इससे प्रगति की बजाय अवनति होने लगती है। इसलिए प्रगति करने हेतु भार को धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए, तभी शारीरिक पुष्टि का संतुलित विकास होगा।</p>
<p>8. विभिन्नता का सिद्धांत (Principle of Variety):<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास हेतु विभिन्नता के सिद्धांत को अपनाना चाहिए। व्यायाम में विभिन्नता होने से रुचि को अधिक बढ़ावा मिलता है और रुचि से किया गया कार्य शारीरिक पुष्टि में बहुत महत्त्वपूर्ण होता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के साधन कौन-कौन से हैं? वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
शारीरिक योग्यता या पुष्टि के विकास की विभिन्न एरोबिक या वायवीय क्रियाओं का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
शारीरिक पुष्टि में एरोबिक गतिविधियाँ कैसे सहायक होती हैं? वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि को विकसित करने वाले साधन निम्नलिखित हैं- .<br />
1.खेलकूद में भागीदारी (Participation in Games &amp; Sports):<br />
खेलों में भाग लेने का सबसे मुख्य लाभ शारीरिक पुष्टि को विकसित करना है। वास्तव में, शारीरिक पुष्टि के अनेक अंग होते हैं और प्रत्येक खेल में इनका अलग-अलग मात्रा में विकास होता है; जैसे ऐसे खेल, जिनमें निरंतर गतियाँ होती हैं; जैसे तैरना और दौड़ना। इनसे फेफड़ों और हृदय की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। दूसरे खेल; जैसे जिम्नास्टिक से लचक (Flexibility) में वृद्धि होती है। खेलकूद के क्षेत्र में शारीरिक पुष्टि को विकसित करने के लिए अनेक कारक होते हैं।</p>
<p>2. वजन/भार प्रशिक्षण (Weight Training):<br />
वजन/भार प्रशिक्षण शारीरिक पुष्टि का महत्त्वपूर्ण साधन है। वजन या भार प्रशिक्षण से अभिप्राय उन व्यायामों या कसरतों से है जो हमारे शरीर की विशेष माँसपेशियों को मज़बूत एवं शक्तिशाली बनाती हैं। यह प्रशिक्षण BAR-BELLS की सहायता से किया जाता है। इससे शरीर के विभिन्न भागों का अनुकूलन होता है।</p>
<p>3. सर्किट या परिधि प्रशिक्षण (Circuit Training):<br />
सर्किट प्रशिक्षण बहुत प्रभावशाली और लोकप्रिय व्यायाम है। यह प्राय: शक्ति तथा सहनशीलता बढ़ाने के लिए किए जाता है। सन् 1957 में मॉर्गन तथा एडम्सन ने सर्किट प्रशिक्षण का प्रारंभिक रूप से विकास किया। मॉर्गन व एडम्सन के अनुसार, &#8220;सर्किट प्रशिक्षण एक ऐसी विधि है जिसमें विभिन्न व्यायामों को यन्त्रों तथा बिना यन्त्रों के निश्चित मात्रा में किया जाता है।&#8221; सर्किट प्रशिक्षण एक प्रभावकारी ढंग से किया जाने वाला व्यायाम है, जो शक्ति तथा सहनशीलता जैसी योग्यताओं में वृद्धि करता है।</p>
<p>4. वायवीय/एरोबिक क्रियाएँ या गतिविधियाँ (Aerobic Activities):<br />
शारीरिक पुष्टि के साधन के रूप में एरोबिक क्रियाएँ बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। शारीरिक पुष्टि के विकास की विभिन्न एरोबिक या वायवीय क्रियाएँ निम्नलिखित हैं<br />
(1) जॉगिंग (Jogging):<br />
जॉगिंग एक वायवीय क्रिया है। जॉगिंग से तात्पर्य है कि धीरे-धीरे या आराम से दौड़कर शरीर को गर्माना। जॉगिंग गर्माने का सबसे बढ़िया ढंग है। इससे शरीर की सभी प्रणालियाँ अच्छे ढंग से काम करना शुरू कर देती हैं।</p>
<p>(2) साइकलिंग (Cycling):<br />
साइकलिंग वायवीय तथा अवायवीय क्रिया है। इससे हृदय और फेफड़ों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। शक्ति, सहनशीलता के लिए भी साइकलिंग करना महत्त्वपूर्ण है। इसका अभ्यास यदि प्रतिदिन नियमित रूप से किया जाए तो शारीरिक पुष्टि का विकास भली-भाँति किया जा सकता है।</p>
<p>(3) कैलिसथैनिक्स (Calisthanics):<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के लिए कैलिसथैनिक्स का प्रयोग भी किया जाता है। हालांकि कैलिसथैनिक्स के द्वारा केवल सामान्य योग्यता का विकास ही संभव है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के लिए कैलिसथैनिक्स सामान्य आधारशिला का कार्य करती है। इससे माँसपेशियों का व्यायाम होता है जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य, शक्ति, सौंदर्य में वृद्धि करना होता है। वास्तव में, कैलिसथैनिक्स एक प्रकार का स्वतंत्र व्यायाम है; जैसे Pull-ups, Push-ups और Chin-ups आदि। कैलिसथैनिक व्यायाम माँसपेशियों के तापमान और रक्त प्रवाह में वृद्धि करता है। यह शरीर में लचक को विकसित करता है।</p>
<p>(4)लयबद्ध व्यायाम (Rhythmic Exercises):<br />
इस प्रकार के व्यायाम लय के साथ किए जाते हैं; जैसे लेजियम, डम्बल, जिम्नास्टिक में ग्राउंड फ्लोर व्यायाम और लोकनृत्य आदि। इस प्रकार के लयबद्ध व्यायामों से भी शारीरिक पुष्टि का विकास होता है। ऐसे व्यायामों से थोड़ी-बहुत सहनशीलता का विकास भी होता है। इसके अतिरिक्त लचक तथा तालमेल संबंधी योग्यताओं का विकास भी होता है। लयबद्ध या तालबद्ध व्यायाम के कुछ उदाहरण हैं-आगे मुड़ना, पीछे मुड़ना, एक ही स्थान पर दौड़ना, चिट-अप, स्टेप-अप, बराबर में मुड़ना आदि।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
परिधि या सर्किट प्रशिक्षण विधि का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
परिधि प्रशिक्षण विधि क्या है? इसके लक्षणों पर प्रकाश डालिए।<br />
अथवा<br />
सर्किट प्रशिक्षण क्या है? इसकी विशेषताओं तथा लाभों का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
सर्किट प्रशिक्षण विधि का संक्षिप्त ब्योरा दीजिए। इसके क्या लाभ हैं?<br />
अथवा<br />
शारीरिक योग्यता के विकास के लिए सर्किट प्रशिक्षण का ब्योरा दीजिए। इसके लाभों पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
सर्किट या परिधि प्रशिक्षण विधि का अर्थ (Meaning of Circuit Training Method):<br />
सन् 1957 में मॉर्गन तथा एडम्सन ने सर्किट (परिधि) प्रशिक्षण का प्रारंभिक रूप से विकास किया। मॉर्गन तथा एडम्सन (Morgan and Adamson) के अनुसार, &#8220;सर्किट प्रशिक्षण विधि एक ऐसी विधि है जिसमें विभिन्न व्यायामों को यन्त्रों तथा बिना यन्त्रों के निश्चित मात्रा में किया जाता है।&#8221; सन् 1979 में स्कोलिक ने सर्किट प्रशिक्षण के लिए नए-नए व्यायामों की जानकारी दी। सर्किट प्रशिक्षण में लगभग 10 से 15 तक व्यायाम चुने जाते हैं। इन व्यायामों को इस ढंग से चुना जाता है ताकि इनका प्रभाव प्रदर्शन पर प्रभावशाली ढंग से पड़े। प्रायः व्यायामों को एक क्रम में रखा जाता है ताकि भिन्न-भिन्न मांसपेशियों के समूह को चक्र में पूरा व्यायाम मिल सके। सर्किट प्रशिक्षण नई तकनीक सिखाने में बहुत सहायक होता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि सर्किट प्रशिक्षण एक प्रभावकारी ढंग से किए जाने वाला व्यायाम है, जो शक्ति तथा सहनशीलता जैसी योग्यताओं में वृद्धि करता है।</p>
<p>सर्किट या परिधि प्रशिक्षण की विशेषताएँ या लक्षण (Features of Circuit Training):<br />
सर्किट प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-<br />
(1) इस विधि में व्यायाम सीखना आसान होता है तथा उसको लागू करना भी आसान होता है।<br />
(2) इसमें व्यायाम मध्यम अवरोध तथा मध्यम भार के साथ किए जाते हैं।<br />
(3) इसमें संख्या की अधिक पुनरावृत्ति होती है।<br />
(4) इसका लक्ष्य सहनशीलता व शक्ति को बढ़ावा देना है।<br />
(5) इसमें शरीर के सभी अंगों के व्यायाम शामिल होते हैं।<br />
(6) इसमें खिलाड़ियों को तैयारी के समय मूल सहनशीलता व शक्ति बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है।<br />
(7) इसमें व्यायाम का दबाव धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।</p>
<p>सर्किट प्रशिक्षण के लाभ (Advantages of Circuit Training):<br />
सर्किट प्रशिक्षण के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं-<br />
(1) इस विधि से एक ही समय में बहुत से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है।<br />
(2) यह विधि सीखने में बहुत सरल एवं रुचिकर है। कोई भी खिलाड़ी अपने-आप प्रशिक्षण ले सकता है।<br />
(3) इस विधि को खिलाड़ी की योग्यता के अनुसार आसानी से घटाया-बढ़ाया जा सकता है।<br />
(4) इस विधि द्वारा शक्ति, क्षमता एवं सहनशीलता का विकास होता है।<br />
(5) इस विधि द्वारा समय की बचत होती है, क्योंकि इसमें विभिन्न व्यायामों को करने के लिए अधिक समय नहीं लगता।<br />
(6) इस विधि से शरीर के सभी अंगों या भागों का व्यायाम हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
भार प्रशिक्षण विधि (Weight Training Method) का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
वज़न प्रशिक्षण से क्या अभिप्राय है? इससे होने वाले लाभों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
भार प्रशिक्षण विधि क्या है? खिलाड़ियों के लिए इसके महत्त्व का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
भार प्रशिक्षण विधि का अर्थ (Meaning of Weight Training Method):<br />
भार प्रशिक्षण विधि से हमारा अभिप्राय उन व्यायामों या कसरतों से है जो हमारे शरीर की विशेष माँसपेशियों को मज़बूत एवं शक्तिशाली बनाती हैं। यह प्रशिक्षण BAR-BELLS की सहायता से किया जाता है। इससे शरीर के विभिन्न भागों के आकार में परिवर्तन होता है और विभिन्न भागों का अनुकूलन भी होता है। इसके माध्यम से शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति सामान्य होने की कोशिश करता है। इससे माँसपेशियाँ मजबूत बनती हैं, उनके आकार तथा शरीर के भार में भी परिवर्तन होता है। यह प्रशिक्षण शारीरिक पुष्टि को विकसित करता है।</p>
<p>भार प्रशिक्षण विधि में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-<br />
(1) भार प्रशिक्षण के समय श्वास क्रिया साधारण रूप से कार्य करती हुई होनी चाहिए।<br />
(2) भार प्रशिक्षण सप्ताह में दो या चार दिन से अधिक न करें।<br />
(3) प्रशिक्षण के कार्यक्रम को पहले साधारण शारीरिक विकास से शुरू करें। फिर इवेंट प्रशिक्षण के अनुसार व्यायाम करें।<br />
(4) भार प्रशिक्षण के पश्चात् कुछ देर आराम करना जरूरी है।<br />
(5) भार प्रशिक्षण इस प्रकार किया जाए कि शरीर के प्रत्येक अंग की कसरत हो, विशेषतौर पर बाजुओं, टाँगों तथा कमर आदि की।</p>
<p>भार प्रशिक्षण विधि का महत्त्व अथवा लाभ (Advantages or Importance of Weight Training Method):<br />
खिलाड़ियों के लिए भार प्रशिक्षण विधि का महत्त्व अथवा लाभ निम्नलिखित हैं-<br />
(1) भार प्रशिक्षण से शक्ति तथा लचक में वृद्धि होती है।<br />
(2) भार प्रशिक्षण से माँसपेशियों के सिकुड़ने तथा फैलने में वृद्धि होती है।<br />
(3) शरीर के सभी अंगों को शक्ति मिलने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है।<br />
(4) भार प्रशिक्षण द्वारा नाड़ी-माँसपेशियों के आपसी तालमेल में वृद्धि होती है।<br />
(5) भार प्रशिक्षण से माँसपेशियाँ तथा हड्डियाँ मजबूत होती हैं।<br />
(6) यह प्रशिक्षण न केवल शारीरिक कार्यक्षमता में वृद्धि करता है, बल्कि दैनिक जीवन की गतिविधियों को करने की क्षमता में भी सुधार करता है।<br />
(7) यह वसा मुक्त शरीर द्रव्यमान को कम करता है। अगर हम अपनी दिनचर्या में भार प्रशिक्षण को नहीं जोड़ते हैं तो यह वसा में बदल जाएगा।<br />
(8) यह संयोजी ऊतकों व मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाता है। इससे गामक प्रदर्शन में सुधार होता है और चोट का जोखिम कम हो जाता है।</p>
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<p>प्रश्न 8.<br />
लचीलापन क्या है? इसकी विभिन्न किस्में कौन-कौन-सी हैं? इसको कैसे बढ़ाया जा सकता है? अथवा लचक से आप क्या समझते हैं? इसके प्रकारों का वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
लचीलापन/लचक का अर्थ (Meaning of Flexibility):<br />
व्यक्ति के शरीर के जोड़ों की गति-क्षमता को लचक कहते हैं। अधिक लचक वाला व्यक्ति बिना किसी कष्ट के अधिक देर तक कार्य कर सकता है तथा उसका व्यक्तित्व भी अच्छा होता है। लचकदार शरीर वाले व्यक्ति जब कोई गतिविधि करते हैं तो उनकी माँसपेशियों में कम तनाव उत्पन्न होता है जिस कारण ऊर्जा या शक्ति की बचत होती है। आमतौर पर लचीलापन, कोमलता और गतिशीलता को एक-दूसरे के लिए प्रयोग किया जाता है, परंतु इनमें बहुत अंतर है। अतः लचीलापन वह योग्यता है, जिसमें प्रत्येक क्रिया अधिक विस्तार से बिना किसी रोक-टोक के की जाती है।</p>
<p>लचक/लचीलेपन की किस्में अथवा प्रकार (Types of Flexibility):<br />
लचीलेपन की किस्में (प्रकार) निम्नलिखित हैं<br />
1. सक्रिय लचीलापन (Active Flexibility):<br />
सक्रिय लचीलेपन को खिलाड़ी बिना किसी बाहरी सहायता के स्वतंत्र रूप से माँसपेशियों की क्रियाशीलता द्वारा प्राप्त करता है। सक्रिय लचीलापन न केवल माँसपेशियों के सिकुड़ने, बल्कि जोड़ों की मांसपेशियों पर भी निर्भर करता है। अतः बिना किसी बाहरी सहायता से शरीर के जोड़ों का अधिक देर तक गति करना सक्रिय लचीलापन कहलाता है; जैसे खिंचाव वाला व्यायाम बिना किसी की सहायता से करना आदि। यह दो प्रकार का होता है<br />
(1) गतिशील लचीलापन (Dynamic Flexibility): शरीर गति में होने के कारण जब अधिक विस्तार से क्रिया करता है, तो उसको गतिशील लचीलापन कहते हैं।<br />
(2) स्थिर लचीलापन (Static Flexibility): जब कोई खिलाड़ी लेटा, बैठा या खड़ा हुआ किसी प्रकार की गतिविधि करता है, तो उसे स्थिर लचीलापन कहते हैं।</p>
<p>2. निष्क्रिय लचीलापन (Passive Flexibility):<br />
निष्क्रिय लचीलेपन से तात्पर्य बाहरी सहायता द्वारा अधिक-से-अधिक विस्तार से क्रिया करने वाली योग्यता से है। निष्क्रिय लचीलापन अन्य सभी किस्मों का आधार है। यह बहुत अधिक माँसपेशियों के सिकुड़ने, जोड़ों (लिगामेंट्स) और हड्डियों की बनावट पर निर्भर करता है।</p>
<p>लचक बढ़ाने के ढंग/तरीके (Methods of Increasing Flexibility):<br />
लचक बढ़ाने के बहुत-से ढंग है, जिनमें सक्रिय, निष्क्रिय स्टैटिक और कनट्रैक्ट-रिलैक्स व्यायाम आते हैं। अतः लचक को बढ़ाने के तरीके निम्नलिखित हैं-<br />
(1) सक्रिय ढंग में तेज और धीमी किस्म की मूवमैंट करनी चाहिएँ।<br />
(2) निष्क्रिय ढंग में माँसपेशियों को ठीक स्थिति में रखने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा व्यायाम करवाए जाते हैं। ये क्रियाएँ अपने-आप भी की जा सकती हैं अथवा किसी की सहायता से भी की जा सकती हैं।<br />
(3) स्टैटिक व्यायाम में माँसपेशियों को धीमे स्तर पर मोड़ना होता है ताकि बिना किसी तकलीफ के इसको 10 से 60 सेकिण्ड तक बढ़ाया जा सके।<br />
(4) कनट्रैक्ट-रिलैक्स किस्म के व्यायाम नाड़ी तथा माँसपेशियों के तालमेल पर आधारित होते हैं । जब माँसपेशियाँ खिंचाव की स्थिति में होती हैं तो वे फिर 5 से 10 सेकिण्ड तक अपनी पहली स्थिति में आ जाती हैं।<br />
(5) विभिन्न प्रकार के आसनों; जैसे चक्रासन, धनुरासन, हलासन आदि द्वारा लचक को बढ़ाया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
सहनशीलता से क्या अभिप्राय है? इसकी किस्मों तथा उपयोगिता या महत्ता का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
सहनक्षमता या सहनशीलता क्या है? इसके प्रकारों या भेदों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता या सहनक्षमता का अर्थ (Meaning of Endurance):<br />
सहनशीलता या सहनक्षमता शक्ति की तरह एक महत्त्वपूर्ण योग्यता है। यह एक प्रतिरोध योग्यता है जो थकावट के विरुद्ध होती है। सामान्य शब्दों में, यह खिलाड़ी की वह योग्यता है, जिसके साथ खिलाड़ी बिना किसी थकावट के क्रिया करता है। वास्तव में, किसी गति या भार को अधिक समय तक अपने ऊपर स्थिर रखने की व्यक्ति के शरीर की संरचनात्मक क्षमता को उसकी सहनक्षमता कहा जाता है।</p>
<p>सहनशीलता की किस्में या भेद (Types of Endurance):<br />
सहनशीलता की किस्में (भेद) निम्नलिखित हैं-<br />
1. बुनियादी या मौलिक सहनशीलता (Basic Endurance):<br />
बुनियादी सहनशीलता को एरोबिक सहनशीलता भी कहते हैं। यह वह क्षमता है, जो धीरे से मध्यम गति के साथ क्रिया करने से होने वाली थकावट पर नियंत्रण रखती है। इसके अंतर्गत जॉगिंग एवं साइकलिंग आदि,क्रियाएँ आती हैं।</p>
<p>2. साधारण सहनशीलता (General Endurance):<br />
भिन्न-भिन्न प्रकार की क्रियाएँ चाहे वे वायवीय (एरोबिक) अथवा अवायवीय (अनएरोबिक) हों, इसके दौरान आई थकावट पर नियंत्रण करने वाली क्षमता को साधारण सहनशीलता कहते हैं । साधारण सहनशीलता और बुनियादी सहनशीलता में अंतर है। बुनियादी सहनशीलता एरोबिक व्यायामों पर आधारित होती है जबकि साधारण सहनशीलता एरोबिक और अनएरोबिक व्यायामों को बिना किसी थकावट के लंबे समय तक करने वाली योग्यता है।</p>
<p>3. विशेष सहनशीलता (Special Endurance):<br />
विशेष खेलों में थकावट का प्रतिरोध करने वाली योग्यता को विशेष सहनशीलता कहते हैं। जिस तरह स्वाभाविक रूप से थकावट भिन्न-भिन्न खेलों में भिन्न-भिन्न होती है, उसी तरह सहनशीलता भी भिन्न-भिन्न खेलों में भिन्न-भिन्न होती है। इसको शक्ति सहनशीलता भी कहते हैं। इसका प्रयोग लम्बी दूरी की दौड़ों, तैराकी, मैराथन दौड़ तथा पोल वॉल्ट में काफी हद तक किया जाता है।</p>
<p>सहनशीलता की महत्ता या उपयोगिता (Importance or Utility of Endurance):<br />
सहनशीलता प्रत्येक खेल में अच्छी कुशलता के लिए एक महत्त्वपूर्ण योग्यता है। हमारे लिए इसकी महत्ता निम्नलिखित प्रकार से है<br />
(1) एक अच्छी सहनशीलता वाला खिलाड़ी अधिक प्रशिक्षण का भार सहन करके अपनी कुशलता बढ़ा सकता है।<br />
(2) अच्छी सहनशीलता वाला खिलाड़ी प्रतियोगिता के समय चौकन्ना रहता है और पूरा ध्यान रखता है ताकि चोट से बचा जा सके।<br />
(3) लंबे समय वाली खेलों में तकनीकी कार्यकुशलता सहनशीलता पर आधारित होती है।<br />
(4) सहनशीलता खिलाड़ी को मुकाबले के दौरान सामान्य बनाए रखती है। सहनशीलता केवल खिलाड़ियों के लिए ही महत्त्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह सामान्य पुरुषों, स्त्रियों और नौजवानों के लिए भी आवश्यक है। कूपर और पीटर जैसे विद्वानों का विचार है कि सहनशीलता हृदय की बीमारियों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।<br />
(5) सहनशीलता का सीधा संबंध व्यक्ति के शारीरिक संस्थानों से है। यदि सहनशीलता बढ़ती है तो विशेष रूप से श्वसन वरक्त प्रवाह संस्थानों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है।</p>
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<p>प्रश्न 10.<br />
गति से आप क्या समझते हैं? इसको कैसे सुधारा जाए?<br />
उत्तर:<br />
गति का अर्थ (Meaning of Speed):<br />
गति या रफ्तार से अभिप्राय मनुष्य की उस योग्यता से है जो किसी भी स्थिति में कम-से-कम समय लेकर अपने कार्य को पूरा करती है। गति दूसरे शारीरिक योग्यता अंगों; जैसे शक्ति तथा सहनशीलता से भिन्न है। यह नाड़ी प्रणाली पर आधारित है। गति को साधारणतया लगभग 20 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता, क्योंकि गति बहुत सारी बातों पर आधारित होती है। भिन्न-भिन्न खेलों में गति भिन्न-भिन्न किस्मों में देखने को मिलती है।</p>
<p>गति को कैसे सुधारा जाए? (How can speed be improved?):<br />
गति को अग्रलिखित तरीकों से सुधारा जा सकता है-<br />
1. अच्छी तकनीक (Good Technique):<br />
गति को सुधारने के लिए अच्छी तथा बढ़िया तकनीक की आवश्यकता होती है। जिम्नास्टिक तथा मुक्केबाज़ से अपनी खेल का प्रदर्शन बढ़िया कर सकते हैं।</p>
<p>2. विस्फोटक ताकत (Explosive Strength):<br />
प्रत्येक विस्फोटक गति के लिए विस्फोटक शक्ति का होना अति आवश्यक है। एक अच्छे बॉक्सर तथा जिम्नास्ट की गति को तभी सुधारा जा सकता है जब उसमें विस्फोटक शक्ति होगी।</p>
<p>3. मांसपेशियों की बनावट (Structure of Muscles):<br />
शरीर की भिन्न-भिन्न माँसपेशियों में भिन्न-भिन्न फास्ट ट्विच फाइबर (Fast Twitch Fiber) तथा स्लो ट्विच फाइबर (Slow Twitch Fiber) होते हैं। ये फाइबर जन्मजात होते हैं जो गति की कुशलता को दर्शाते हैं।</p>
<p>4. तालमेल या समन्वय की योग्यता (Co-ordination Ability):<br />
लगभग सभी खेलों; जैसे फुटबॉल, हॉकी, बॉक्सिंग, बास्केटबॉल आदि में शारीरिक अंगों के तालमेल की आवश्यकता होती है।</p>
<p>5. लचीलापन (Flexibility):<br />
जब खिलाड़ी के प्रत्येक जोड़ पर अधिक गतिविधि हो तथा उसके जोड़ प्रत्येक दिशा की ओर अत्यधिक झुक जाए अथवा मुड़ जाए तो गति-प्रदर्शन बढ़िया होगा। अल्पायु की लड़कियों में बड़ी आयु के व्यक्तियों से अधिक लचीलापन होता है।</p>
<p>6. प्रतिक्रिया की योग्यता (Metalogic Power):<br />
गति सुधारने में ऊर्जा उत्पन्न करने वाली प्रतिक्रियाएँ भी पर्याप्त तीव्रतापूर्वक होनी चाहिए। प्रतिक्रिया की योग्यता, स्पीड मूवमैंट आदि में सुधार करके गति बढ़ाई जा सकती है।</p>
<p>7. अन्य तरीके (Other Methods):<br />
(1) गति को बढ़ाने के लिए शक्ति व सहनशीलता दोनों का तालमेल जरूरी है।<br />
(2) गति को बढ़ाने के लिए लचक व विस्फोटक शक्ति को बढ़ाना चाहिए।<br />
(3) अच्छी तरह से गर्म होना गति को बढ़ाने में सहायक होता है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
शक्ति से आपका क्या अभिप्राय है? शक्ति को विकसित करने या सुधारने वाली विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
शक्ति के विकास की विधियों का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
शक्ति से आप क्या समझते हैं? इसके प्रकार क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
शक्ति का अर्थ (Meaning of Strength):<br />
शक्ति या ताकत शारीरिक योग्यता का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। साधारण शक्ति से अभिप्राय उस शक्ति से है, जो भिन्न-भिन्न स्थितियों में प्रत्येक किस्म का प्रतिरोध करती है। यह कोई क्रिया अथवा मूवमैंट नहीं है। विशेष शक्ति वह क्षमता है, जो विशेष खेलों में आवश्यक है। यह एक ऐसी क्रिया और मूवमैंट है जो हमेशा तकनीकी कौशल और तालमेल वाले सामर्थ्य के साथ जुड़ी हुई है। अतः शक्ति हमारे शरीर की माँसपेशियों द्वारा उत्पन्न की गई वह ऊर्जा है जिसके द्वारा हम कुछ कार्य कर सकते हैं। इसको मापने के लिए पौंड या डाइन (Dynes) का प्रयोग किया जाता है। एक सामान्य व्यक्ति के जीवन में साधारण शक्ति व एक खिलाड़ी लिए विशेष शक्ति आवश्यक होती है। प्रत्येक खेल में मूवमैंट अवश्य होते हैं और इनमें अनेक प्रकार की शक्तियाँ प्रयोग की जाती हैं।</p>
<p>शक्ति के प्रकार (Types of Strength):<br />
शक्ति के दो प्रकार होते हैं-<br />
(1) स्थिर शक्ति<br />
(2) गतिशील शक्ति।</p>
<p>शक्ति को विकसित करने की विधियाँ (Methods of Improving Strength):<br />
शक्ति को विकसित करने या बढ़ाने के लिए बहुत सारे तरीके हैं लेकिन शक्ति को बढ़ाने के लिए भार प्रशिक्षण (Weight Training) सबसे अच्छा तथा कारगर तरीका है। इसमें खिलाड़ी की माँसपेशियाँ प्रतिरोध के विरुद्ध कार्य करती हैं और ऐसा करने से माँसपेशियों की शक्ति में वृद्धि होती है। शक्ति को ।<br />
सुधारने या बढ़ाने की विधियाँ या तरीके निम्नलिखित हैं<br />
1. अधिकतम उत्सुकता विधि (High Intensity Method):<br />
यह विधि अक्सर वजन उठाने तथा थ्रो करते समय प्रयोग में लाई जाती है। इस तरीके में शक्ति तथा प्रतिरोध वाले व्यायाम अधिक लाभप्रद होते हैं।</p>
<p>2. विस्फोटक विधि (Explosive Method):<br />
इस विधि को जिम्नास्ट तथा जम्प करने वाले ज्यादा प्रयोग में लाते हैं। जब कोई खिलाड़ी तीव्र गति से किसी प्रतिरोध को रोकने का प्रयास करता है तो उसकी इस क्षमता को विस्फोटक शक्ति कहते हैं।</p>
<p>3. प्रतिक्रिया विधि (Reaction Method):<br />
इस विधि के द्वारा अधिकतम शक्ति तथा विस्फोटक शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। इसमें पुली द्वारा व्यायाम, रेत के थैलों के साथ व्यायाम तथा विशेष प्रकार से बने औजार (Equipment) के साथ व्यायाम करवाए जाते हैं।</p>
<p>4. आइसोकाइनेटिक व्यायाम (Isokinetic Exercise):<br />
इस प्रकार के व्यायाम तैराकी के द्वारा करवाए जाते हैं क्योंकि तैराकी द्वारा माँसपेशियों की सिकुड़न अधिक तेजी के साथ होती है। इस विधि में चोट आदि लगने का खतरा कम रहता है।</p>
<p>5. आइसोमीट्रिक व्यायाम (Isometric Exercise):<br />
शक्ति को बढ़ाने का यह तरीका गतिशील ताकत की जगह स्थिर &#8211; ताकत को ज़्यादा बढ़ाता है। इस प्रकार के व्यायाम में कम समय तथा कम उपकरणों की आवश्यकता होती है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
खेलकूद में भागीदारी की महत्ता पर प्रकाश डालिए।<br />
अथवा<br />
खेलों में भागीदारी (Participation in Games &amp; Sports) का क्या महत्त्व है? वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
खेलों में भागीदारी का महत्त्व निम्नलिखित है<br />
1. सामाजिक अनुभव (Social Experience):<br />
खेलों में भागीदारी व्यक्तिगत तौर पर अकेले खेल खेलकर संभव नहीं है। किसी खेल को संभव बनाने के लिए एक से अधिक खिलाड़ियों का होना जरूरी है। जैसे कि फुटबॉल की टीम जब कभी किसी मुकाबले या प्रशिक्षण में भाग लेती है तो इसमें अधिकतम 25 (11+11+1+ 2) व्यक्ति शामिल होते हैं। वे खेल के नियमों तथा कोच या रैफरी द्वारा निर्देशित आदेशों की पालना करते हैं। इससे हमें समाज के नियमों को सीखने का अनुभव प्राप्त होता है।</p>
<p>2. सामाजिक मूल्य (Social Values):<br />
सामाजिक मूल्य मनुष्य की अंतर-प्रतिक्रियाओं के वे पक्ष हैं, जिनको समाज में प्रत्येक स्थिति में सुरक्षित और उत्साहित रखना चाहिए। प्रत्येक समाज के कुछ ऐसे मूल्य हैं, जो उसकी परंपरा की देन हैं। जीवन के यही गुण हमें उन्नति की सीमा तक पहुँचाने के लिए सहायक होते हैं। सामाजिक गुण जीवन के आदर्श और वास्तविक का मेल हैं। शिक्षा के उद्देश्य ही व्यक्ति में इन मूल्यों और गुणों की उत्पत्ति के कारण हैं। इसलिए वही अध्यापक बच्चों में सामाजिक गुण पैदा कर सकता है, जिसके अंदर सामाजिक गुण मौजूद हों। एक अच्छी खेल-भावना (Sportmanship) रखने वाला शारीरिक शिक्षा का अध्यापक ही बच्चों में खिलाड़ीपन के गुणों का विकास कर सकता है।</p>
<p>3. प्रतिस्पर्धा (Competition):<br />
सभ्यता की उन्नति का दूसरा तथ्य प्रतिस्पर्धा (Competition) है। प्रतिस्पर्धा वह चैलेंज है जिसमें व्यक्ति अथवा समूह दूसरे व्यक्ति अथवा समूह से आगे निकलने का प्रयत्न करता है। प्रतिस्पर्धा की भावना से जीवन-स्तर ऊँचा होता है, व्यक्ति और समूह कार्यशील रहते हैं और समाज उन्नति के रास्ते पर चलता रहता है। प्रतिस्पर्धा सामाजिक जीवन का एक स्वाभाविक क्रम है। बर–ड रसल (Bertrand Russel) का विचार है, &#8220;प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों व्यक्ति की प्राकृतिक क्रियाएँ हैं और व्यक्ति को पछाड़े बिना मुकाबले को समाप्त नहीं किया जा सकता।&#8221;</p>
<p>4. सहयोग (Co-operation):<br />
समाज में रहकर हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करना पड़ता है। इसका कारण यह है कि कोई भी सामाजिक जीव अपने आप में पूर्ण नहीं है। यह बहुत सारी चीजें समाज को देता है और बहुत सारी चीजें अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए समाज से लेता है। परिवार, देश, समाज और सारा विश्व व्यक्तियों, समूहों, दलों, की आपसी सहयोग के कारण ही सुरक्षित है। आपसी सहयोग तभी संभव है जब व्यक्ति और समूह अपने आपको उसके लिए पेश करे। हमदर्दी, मित्रता, प्रेम, त्याग आदि ऐसे गुण हैं, जिन पर सहयोग की नींव रखी जाती है। शारीरिक शिक्षा क्षेत्र में सहयोग की भावना बहुत ही आवश्यक है। सामूहिक खेलों में तो सहयोग की भावना की ओर भी अधिक जरूरत है। हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल आदि खेल खिलाड़ियों के आपसी सहयोग के साथ ही खेली और जीती जा सकती हैं। सहयोग तभी लाभदायक सिद्ध हो सकता है जब उसके पीछे कार्य की इच्छा और भावना अच्छी हो। खेल के मैदान में सहयोग की भावना तभी शक्तिशाली हो सकती है जब खिलाड़ियों को खेलों का उद्देश्य अच्छी तरह बताया जाए और उनको पूरे अनुशासन में रहकर उस उद्देश्य की पूर्ति करनी सिखाई जाए। इस तरह सहयोग की. भावना दृढ़ होगी और समूह और समाज अच्छी तरह कार्य करेंगे।</p>
<p>5. सामाजिक पहचान (Social Recognition):<br />
पहचान प्राप्त करने की प्रवृत्ति बच्चे में जन्मजात होती है और वह इसी स्वार्थ के लिए बचपन में ही अन्य व्यक्तियों का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयत्न करता है। यह कई प्रकार की योग्यताओं और विशेष कारनामों का दिखावा करता है। यह प्रवृत्ति जीवन के अंतिम समय तक बनी रहती है। प्रतिस्पर्धा और सहयोग की भावना की नींव इसी मूल-प्रवृत्ति पर रखी जाती है। व्यक्ति अपनी पहचान और मान प्राप्त करने के लिए ही प्रतिस्पर्धा करता है। वह चाहता है कि समाज के अन्य सदस्य उसकी योग्यताओं और गुणों का लोहा मानें। प्रशंसा द्वारा उसमें प्रतिस्पर्धा शक्ति और सहयोग प्रवृत्ति और भी तेज होती है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
सुयोग्यता (Wellness) के प्रमुख अंगों या घटकों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
सुयोग्यता के अवयव कौन-कौन से हैं? वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
सुयोग्यता के प्रमुख अंग या घटक अग्रलिखित हैं<br />
1. सामाजिक सुयोग्यता (Social Wellness):<br />
सामाजिक सुयोग्यता व्यक्ति के सामाजिक एवं नैतिक विचारों के आदान-प्रदान से संबंधित कौशलों को बढ़ाने पर बल देती है। इसको बढ़ाने व विकसित करने के लिए व्यक्ति को सकारात्मक या रचनात्मक क्रियाएँ करते रहना चाहिए। उसे अपने पड़ोसियों व मित्रों से मिलते-जुलते रहना चाहिए।</p>
<p>2. शारीरिक सुयोग्यता (Physical Wellness):<br />
शारीरिक सुयोग्यता की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को विभिन्न शारीरिक क्रियाओं; जैसे जॉगिंग, तैराकी व खेलों में भाग लेना चाहिए। उसे स्वयं को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण में रहने का प्रयास करना चाहिए और संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करना चाहिए।</p>
<p>3. भावनात्मक सुयोग्यता (Emotional Wellness):<br />
भावनात्मक या संवेगात्मक सुयोग्यता भी शारीरिक सुयोग्यता के प्रमुख अंगों में से एक है। इसको बढ़ाने के लिए व्यक्ति को अतिभार से दूर रहने, हास्य फ़िल्में देखने व मनोरंजनदायक क्रियाओं में व्यस्त रहने पर ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>4. बौद्धिक सुयोग्यता (Intellectual Wellness):<br />
बौद्धिक या मानसिक सुयोग्यता व्यक्ति की तर्कसंगत निर्णय करने की योग्यता होती है जो मानसिक सजगता, नए विचारों का खुलापन, अभिप्रेरणा, सृजनता व जिज्ञासा पर बल देती है। इसको विकसित करने के लिए व्यक्ति को अपने ज्ञान को विस्तृत करने व कौशल को बढ़ाने का निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।</p>
<p>5. आध्यात्मिक सुयोग्यता (Spiritual Wellness):<br />
आध्यात्मिक सुयोग्यता आध्यात्मिक नवीनीकरण व आत्मिक शान्ति पर बल देती है। इसको विकसित करने के लिए व्यक्ति को स्वयं के प्रति सच्चा रहना चाहिए, अच्छे चरित्र का निर्माण करना चाहिए तथा सद्गुणों को विकसित करना चाहिए।</p>
<p>6. पोषण-संबंधी सुयोग्यता (Nutritional Wellness):<br />
पोषण संबंधी सुयोग्यता संतुलित व स्वास्थ्यवर्द्धक आहार के माध्यम से अधिकतम ऊर्जा के स्तरों की प्राप्ति पर बल देती है। पोषण-संबंधी सुयोग्यता बढ़ाने के लिए व्यक्ति को भोजन में वसा कम लेनी चाहिए तथा ताजे फल तथा सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए।</p>
<p>7. पर्यावरणीय सुयोग्यता (Environmental Wellness):\<br />
पर्यावरणीय सुयोग्यता भी शारीरिक सुयोग्यता का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। पर्यावरणीय सुयोग्यता, पृथ्वी की दशा व इसके भौतिक पर्यावरण पर हमारी आदतों के प्रभावों के प्रति सजगता होती है। इसको बढ़ाने के लिए व्यक्ति को प्रदूषण की मात्रा को कम करने का प्रयास करना चाहिए।</p>
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<p><span style="color: #0000ff;">लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शारीरिक पुष्टि की महत्ता पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि की महत्ता को निम्नलिखित तथ्यों से समझा जा सकता है-<br />
(1) शारीरिक पुष्टि शरीर की विभिन्न प्रणालियों के कार्य करने की गति में सुधार करती है।<br />
(2) यह शरीर के संस्थानों को सुचारु रूप से कार्य करने में सहायता करती है।<br />
(3) यह मनुष्य को दीर्घायु बनाती है।<br />
(4) यह रोग निवारक क्षमता को बढ़ाती है।<br />
(5) यह शरीर के सुचारु विकास में सहायक होती है।<br />
(6) यह मानसिक स्वास्थ्य तथा चेतना में सुधार लाती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जीवन में शारीरिक सुयोग्यता के लाभ बताएँ।<br />
अथवा<br />
शारीरिक सुयोग्यता का महत्त्व लिखें।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक सुयोग्यता के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं-<br />
(1) खुशहाल जीवन जीने के लिए शारीरिक सुयोग्यता बहुत महत्त्वपूर्ण है।<br />
(2) शारीरिक सुयोग्यता मानसिक क्षमता में वृद्धि करती है।<br />
(3) शारीरिक सुयोग्यता से कार्य की गुणवत्ता एवं क्षमता में भी वृद्धि होती है।<br />
(4) शारीरिक सुयोग्यता से तनाव एवं दबाव को दूर रखने में सहायता मिलती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
शारीरिक सुयोग्यता व खेलों में भार प्रशिक्षण कैसे महत्त्वपूर्ण है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक सुयोग्यता व खेलों में भार प्रशिक्षण का बहुत महत्त्व है। भार प्रशिक्षण में खेल संबंधी उपकरण आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। इस प्रशिक्षण द्वारा खिलाड़ी बहुत कम समय में अच्छे परिणाम दे सकते हैं। खिलाड़ियों के लिए सीखने हेतु यह विधि बहुत आसान है। खिलाड़ी स्वयं भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण के द्वारा शरीर के प्रत्येक अंग का व्यायाम हो जाता है। इससे माँसपेशियाँ और हड्डियाँ मजबूत होती हैं। शरीर के सभी अंगों को शक्ति मिलने से शारीरिक सुयोग्यता का विकास होता है। इस प्रकार भार प्रशिक्षण शारीरिक सुयोग्यता व खेलों में बहुत महत्त्वपूर्ण है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
सहनशीलता या सहनक्षमता के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
प्रत्येक खेल में अच्छी कुशलता के लिए सहनशीलता बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। हमारे लिए इसका महत्त्व निम्नलिखित है-<br />
(1) एक अच्छी सहनशीलता वाला खिलाड़ी अधिक प्रशिक्षण का भार सहन करके अपनी कुशलता बढ़ा सकता है।<br />
(2) अच्छी सहनशीलता वाला खिलाड़ी प्रतियोगिता के समय सतर्क रहता है, ताकि चोट से बचा जा सके।<br />
(3) लंबे समय वाली खेलों में तकनीकी कार्यकुशलता सहनशीलता पर आधारित होती है।<br />
(4) यह खिलाड़ी की मुकाबले के दौरान संयम बनाए रखने में सहायक होती है।<br />
(5) यह थकावट को रोकने में सहायक होती है। इसकी सहायता से खिलाड़ी अपनी थकान को दूर कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
एरोबिक गतिविधियों के महत्त्व का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
एरोबिक गतिविधियाँ वे गतिविधियाँ हैं जिनको करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इन गतिविधियों में कम तीव्रता तथा लंबी अवधि वाली गतिविधियाँ शामिल होती हैं जो लयात्मक होती हैं और शरीर को गति में लाती हैं। जॉगिंग, साइकलिंग, लयबद्ध व्यायाम एरोबिक गतिविधियों के उदाहरण हैं । एरोबिक गतिविधियाँ करने से शारीरिक फिटनेस बनी रहती है। इनसे हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। इनसे रक्त धमनियों में सुधार होता है। एरोबिक गतिविधियाँ करने से पेट ठीक रहता है और पाचन शक्ति बढ़ती है। इनसे भूख में वृद्धि होती है और शरीर में लचकता बढ़ती है। इन गतिविधियों के मनोवैज्ञानिक फायदे भी हैं। इस प्रकार एरोबिक गतिविधियों का बहुत महत्त्व है।</p>
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<p>प्रश्न 6.<br />
अनएरोबिक गतिविधियों के महत्त्व का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अनएरोबिक गतिविधियाँ एरोबिक गतिविधियों के विपरीत होती हैं। अनएरोबिक गतिविधियों में हमारा शरीर कसरत के दौरान ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग नहीं करता। इन क्रियाओं में ऊर्जा का स्रोत एडिनोसिन ट्राईफास्फेट होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए अनएरोबिक गतिविधियाँ बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं। ये गतिविधियाँ शारीरिक पुष्टि के विकास एवं इसे बनाए रखने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण साधन हैं। संक्षेप में, अनएरोबिक गतिविधियों का महत्त्व निम्नलिखित है<br />
(1) अनएरोबिक गतिविधियों के माध्यम से माँसपेश्यिाँ मजबूत बनती हैं और माँसपेशियाँ की कमजोरियाँ दूर होती हैं।<br />
(2) ये गतिविधियाँ मोटापे को कम करती हैं।<br />
(3) ये गतिविधियाँ अन्य गतिविधियों के लिए सहनशक्ति में सुधार करती हैं।<br />
(4) ये हड्डी के नुकसान के प्रभावों को दूर करने में सहायक होती हैं और टूटी हुई हड्डियों या ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करती हैं।<br />
(5) ये गतिविधियाँ मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास में जॉगिंग का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास में जॉगिंग या धीमी गति की दौड़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। जॉगिंग दौड़ का एक ऐसा रूप है जिसमें व्यक्ति लगातार धीमी गति से दौड़ता है। इसका मुख्य उद्देश्य शारीरिक पुष्टि को बढ़ाना है। इससे शरीर पर वह तनाव उत्पन्न नहीं होता, जो तेज गति की दौड़ के कारण होता है।</p>
<p>जॉगिंग वार्मिंग-अप का सबसे बढ़िया तरीका हैं। इसके लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसे प्रत्येक व्यक्ति कर सकता है। पहले की अपेक्षा पिछले कुछ वर्षों में यह एरोबिक क्रिया काफी लोकप्रिय हुई है। यह उन व्यक्तियों के लिए भी सबसे अच्छी क्रिया है जो अपने शरीर के भार को कम करना चाहते हैं। इसके द्वारा शरीर की सभी प्रमुख माँसपेशियों का व्यायाम हो जाता है। इसको हृदय वाहिका प्रणाली (Cardio-Vascular System) विशेषकर हृदय की कोरोनरी धमनियों (CoronaryArteries) के रोगों से बचाव के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह हृदय व फेफड़ों की कार्य-कुशलता को बढ़ाने के लिए अत्यन्त लाभदायक है। समूह में जॉगिंग करने से उत्साह व मनोरंजन प्राप्त होता है। इससे तनाव व थकान महसूस भी नहीं होती। जॉगिंग लम्बी अवधि के लिए की जाती है। इसलिए यह ध्यान रखना चाहिए कि कपड़े कुछ ढीले पहनने चाहिएँ और जूते हल्के व सॉफ्ट होने चाहिएँ। जॉगिंग क्रिया न केवल शारीरिक पुष्टि को बढ़ाती, बल्कि सुयोग्यता में भी वृद्धि करने में सहायक होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
जॉगिंग करने के चार लाभ बताइए।<br />
अथवा<br />
जॉगिंग के लाभदायक प्रभाव क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
जॉगिंग करने के लाभ निम्नलिखित हैं-<br />
(1) जॉगिंग शरीर की साँस लेने वाली क्रिया में सुधार करती है।<br />
(2) जॉगिंग से शरीर के सभी अंगों का अभ्यास होता है।<br />
(3) जॉगिंग करने से समय से पहले बुढ़ापा नहीं आता।<br />
(4) जॉगिंग मोटापे को कम करती है।<br />
(5) जॉगिंग से उच्च रक्तचाप की समस्या दूर होती है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
कैलिसथैनिक्स पर एक संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए।<br />
अथवा<br />
कैलिस्थैनिक्स का शारीरिक पुष्टि के विकास के साधन के रूप में व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के लिए कैलिसथैनिक्स का प्रयोग भी किया जाता है। हालांकि कैलिसथैनिक्स के द्वारा केवल सामान्य योग्यता का विकास ही संभव है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के लिए कैलिसथैनिक्स सामान्य आधारशिला का कार्य करती है। सैंचुरी शब्दकोश के अनुसार, &#8220;कैलिसथैनिक्स हल्की जिम्नास्टिक की तरह का व्यायाम होता है।&#8221; इससे मांसपेशियों का व्यायाम होता है जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य, शक्ति, सौंदर्य में वृद्धि करना होता है। वास्तव में, कैलिसथैनिक्स एक प्रकार का स्वतंत्र व्यायाम है; जैसे Pull-ups, Push-ups और Chin-ups आदि। कैलिसथैनिक व्यायाम माँसपेशियों के तापमान और रक्त प्रवाह में वृद्धि करता है। यह शरीर में लचक को विकसित करता है। कैलिसथैनिक व्यायाम में विभिन्न प्रकार के हल्के उपकरणों का प्रयोग किया जा सकता है, जिन्हें करने में कम शक्ति की आवश्यकता पड़ती है।</p>
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<p>प्रश्न 10.<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास में खेलकूद की भूमिका का वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
खेलों में भाग लेने का सबसे मुख्य लाभ शारीरिक पुष्टि को प्राप्त करना है। वास्तव में, शारीरिक पुष्टि के अनेक अंग होते हैं और खेलों में इनका अलग-अलग मात्रा में विकास होता है; जैसे ऐसे खेल, जिनमें निरंतर गतियाँ होती हैं; जैसे तैरना और दौड़ना। इनसे फेफड़ों और हृदय की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। दूसरे खेल; जैसे जिम्नास्टिक से लचक (Flexibility) में वृद्धि होती है। खेलकूद के क्षेत्र में शारीरिक पुष्टि को विकसित करने के लिए अनेक कारक होते हैं। प्रशिक्षण और अभ्यास की सघनता, नियमितता और कौन-सा खेल है जिसके लिए प्रशिक्षण लिया जा रहा है, ये सभी कारक महत्त्वपूर्ण हैं। खिलाड़ी के किसी खेल में खेलने की दिशा और उसकी निपुणता (Skill) का स्तर भी उसकी योग्यता पर प्रभाव डालता है। यदि वह आईस हॉकी में गोल-कीपर के रूप में खेलता है तो उसकी एरोबिक योग्यता विकसित नहीं होगी। दूसरी ओर बास्केटबॉल, फुटबॉल तथा वाटर-पोलो में एरोबिक योग्यता का विकास होता है। निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि खेलों में भाग लेने से शारीरिक पुष्टि विकसित होती है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
शारीरिक सुयोग्यता में साइकलिंग के कोई चार योगदान बताइए।<br />
अथवा<br />
साइकिल चलाने (Cycling) के चार लाभ बताइए।<br />
उत्तर:<br />
साइकलिंग एक अनएरोबिक व्यायाम है। इसका शारीरिक सुयोग्यता के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान है। इसके लाभ अथवा शारीरिक सुयोग्यता में योगदान निम्नलिखित हैं<br />
(1) साइकिल चलाने से शरीर की माँसपेशियों में सुधार होता है।<br />
(2) इससे श्वास संस्थान की निपुणता में सुधार होता है।<br />
(3) इससे सहनशीलता का विकास होता है।<br />
(4) इससे हृदय व फेफड़ों की कार्यकुशलता में बढ़ोतरी होती है।<br />
(5) इससे शरीर से वसा कम होती है और दिल के दौरे को सामान्य बनाती है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
भार प्रशिक्षण के महत्त्व का वर्णन कीजिए। अथवा<br />
भार प्रशिक्षण के मुख्य लाभ बताएँ। उत्तर-भार प्रशिक्षण के लाभ अथवा महत्त्व निम्नलिखित तथ्यों से स्पष्ट हैं-<br />
(1) भार प्रशिक्षण के द्वारा शरीर के वजन को घटाया व बढ़ाया जा सकता है।<br />
(2) भार प्रशिक्षण से शक्ति तथा लचक में वृद्धि होती है।<br />
(3) भार प्रशिक्षण के द्वारा माँसपेशियों के सिकुड़ने तथा फैलने में वृद्धि होती है।<br />
(4) शरीर के सभी अंगों को शक्ति मिलने से शारीरिक शक्ति का विकास होता है।<br />
(5) भार प्रशिक्षण द्वारा नाड़ी-संस्थान के आपसी तालमेल में वृद्धि होती है।<br />
(6) भार प्रशिक्षण से माँसपेशियाँ तथा हडियाँ मजबूत होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
भार प्रशिक्षण के प्रमुख सिद्धांत लिखें।<br />
अथवा<br />
आप भार प्रशिक्षण किस प्रकार करेंगे?<br />
उत्तर:<br />
भार प्रशिक्षण में अधिक भार सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है अर्थात् व्यायाम धीरे-धीरे अधिक भार बढ़ाकर किए जाते हैं। इसके प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं<br />
(1) व्यायाम सरल से कठिन की ओर होने चाहिएँ।<br />
(2) भार प्रशिक्षण से पहले झुकने तथा मुड़ने वाले व्यायाम करने चाहिएँ, ताकि शरीर में गर्मी आ जाए।<br />
(3) भार प्रशिक्षण के समय श्वसन क्रिया सामान्य रहनी चाहिए।<br />
(4) व्यायाम करते हुए बीच-बीच में आराम करना चाहिए।<br />
(5) शरीर को शक्तिशाली बनाने के लिए अधिक भार उठाना चाहिए तथा क्षमता बढ़ाने के लिए हल्के भार का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
सर्किट (परिधि) प्रशिक्षण का संक्षिप्त ब्यौरा दें।<br />
उत्तर:<br />
सर्किट/परिधि प्रशिक्षण बहुत प्रभावशाली और लोकप्रिय व्यायाम है। यह प्रायः शक्ति तथा सहनशीलता बढ़ाने के लिए किए जाता है। सन् 1957 में मॉर्गन तथा एडम्सन ने सर्किट प्रशिक्षण का प्रारंभिक रूप से विकास किया। मॉर्गन तथा एडम्सन के अनुसार, &#8220;सर्किट प्रशिक्षण एक ऐसी विधि है जिसमें विभिन्न व्यायामों को यन्त्रों तथा बिना यन्त्रों के निश्चित मात्रा में किया जाता है।&#8221; इसके पश्चात् इस प्रशिक्षण में बहुत अधिक परिवर्तन आए। सन् 1979 में स्कोलिक ने सर्किट प्रशिक्षण के लिए नए-नए व्यायामों की जानकारी दी। सर्किट प्रशिक्षण में लगभग 10 से 15 तक व्यायाम चुने जाते हैं। इन व्यायामों को इस ढंग से चुना जाता है ताकि इनका प्रभाव प्रदर्शन पर प्रभावशाली ढंग से पड़े। प्रायः व्यायामों को एक क्रम में रखा जाता है ताकि भिन्न-भिन्न मांसपेशियों के समूह को चक्र में पूरा व्यायाम मिल सके। सर्किट प्रशिक्षण नई तकनीक सिखाने में बहुत सहायक होता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि सर्किट प्रशिक्षण एक प्रभावकारी ढंग से किया जाने वाला व्यायाम है, जो शक्ति तथा सहनशीलता जैसी योग्यताओं में वृद्धि करता है।</p>
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<p>प्रश्न 15.<br />
सर्किट प्रशिक्षण खेलों व शारीरिक सुयोग्यता में कैसे महत्त्वपूर्ण है?<br />
उत्तर:<br />
सर्किट प्रशिक्षण का खेलों व शारीरिक सुयोग्यता के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। यह निम्नलिखित बातों/तथ्यों से स्पष्ट है<br />
(1) सर्किट प्रशिक्षण से थोड़े स्थान पर ही अधिक व्यायाम संभव हैं।<br />
(2) इस प्रशिक्षण से खिलाड़ी के प्रत्येक अंग की तैयारी हो जाती है।<br />
(3) इस प्रशिक्षण द्वारा बहुत-से खिलाड़ी एक-साथ अभ्यास कर सकते हैं।<br />
(4) इस प्रशिक्षण द्वारा शक्ति, क्षमता एवं सहनशीलता का विकास होता है अर्थात् यह शारीरिक पुष्टि व सुयोग्यता के सभी घटकों के विकास में सहायक होती है।<br />
(5) यह प्रशिक्षण आसान एवं रुचिकर होता है और इसमें विभिन्न आसन होते हैं, जिस कारण खिलाड़ी उबता नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
सर्किट प्रशिक्षण की प्रमुख विधियों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
आप सर्किट प्रशिक्षण किस प्रकार करेंगे?<br />
उत्तर:<br />
सर्किट प्रशिक्षण की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं-<br />
1. लगातार विधि: सर्किट प्रशिक्षण विधि में अन्य विधियों से अधिक व्यायाम होते हैं। इसमें बिना किसी रुकावट के व्यायाम करने होते हैं, जब तक एक चक्र पूरा नहीं हो जाता। दो चक्रों के मध्य 3 से 5 मिनट की रुकावट की जा सकती है। इसमें यह बताना कि कितनी बार दोहराई होनी है, बहुत कठिन है, परंतु कोच अपने निर्णय के अनुसार व्यायामों की दोहराई की संख्या निश्चित कर सकता है।</p>
<p>2. अंतराल विधि: इसमें लगातार विधि से कम व्यायाम होते हैं। इसमें तीव्रता अधिक होती है तथा आयतन कम होता है। इस विधि में खिलाड़ी निश्चित समय में ही निश्चित व्यायाम करता है तथा फिर थोड़ा आराम करता है।</p>
<p>3. दोहराई विधि: यह विधि सर्किट प्रशिक्षण में कम प्रयोग की जाती है। इसमें पहली दोनों विधियों से कम संख्या में व्यायाम होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
सर्किट प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ लिखें।<br />
उत्तर:<br />
सर्किट प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ अग्रलिखित हैं<br />
(1) इस विधि में व्यायाम सीखना आसान होता है तथा उसको लागू करना भी आसान होता है।<br />
(2) इसमें व्यायाम मध्यम अवरोध तथा मध्यम भार के साथ किए जाते हैं।<br />
(3) इसमें संख्या की अधिक पुनरावृत्ति होती है।<br />
(4) इसका लक्ष्य सहनशीलता व शक्ति को बढ़ावा देना है।<br />
(5) इसमें शरीर के सभी अंगों के व्यायाम शामिल होते हैं।<br />
(6) इसमें खिलाड़ियों को तैयारी के समय मूल सहनशीलता व शक्ति बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है।<br />
(7) इसमें व्यायाम का दबाव धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
परिधि प्रशिक्षण के लाभों का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
सर्किट प्रशिक्षण के क्या लाभ हैं?<br />
उत्तर:<br />
परिधि/परिधि प्रशिक्षण के लाभ निम्नलिखित हैं-<br />
(1) परिधि प्रशिक्षण में खेल संबंधी उपकरण आसानी से प्राप्त किए जाते हैं।<br />
(2) यह प्रशिक्षण रुचिकर है और सीखने में बहुत आसान है।<br />
(3) इसमें विभिन्न अभ्यासों या व्यायामों को करने के लिए अधिक समय की जरूरत नहीं पड़ती।<br />
(4) इनमें एक ही समय में बहुत-से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है।<br />
(5) इसमें सीखने वालों की योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण को घटाया-बढ़ाया जा सकता है।<br />
(6) यह प्रशिक्षण पुष्टि व सुयोग्यता के सभी घटकों के विकास में सहायक होता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
तालमेल संबंधी योग्यता का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
तालबद्ध व्यायाम क्या होते हैं? उदाहरण दें।<br />
अथवा<br />
तालबद्ध व्यायामों का शारीरिक पुष्टि के विकास के साधन के रूप में वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक अंगों के आपस में मिलकर कार्य करने की शक्ति को तालमेल कहते हैं। मानवीय विकास शक्ति और वृद्धि के तालमेल के बिना नहीं हो सकता। तालमेल से शरीर का प्रत्येक अंग मिल-जुलकर कार्य करता है। जब मानवीय शरीर तालमेल से कार्य करता है तो मनुष्य के व्यक्तित्व में वृद्धि होती है। यदि मनुष्य के सारे अंग ठीक ढंग से कार्य करते हों, परंतु दिमाग कार्य न करता हो तो शरीर के बाकी सारे अंग बेकार हो जाते हैं। इसलिए दिमाग, शरीर और स्थिति तालमेल की माँग करते हैं। तालमेल के बिना शारीरिक पुष्टि विकसित नहीं हो सकती। लेजियम, लोक-नृत्य, जम्पिंग, पी०टी० कसरतें आदि तालबद्ध व्यायाम हैं। इनमें शरीर की तालबद्ध गतिविधियाँ होती हैं जो समूह में की जाती हैं। ये गतिविधियाँ हृदय की माँसपेशियों के लिए जरूरी होती हैं। इन व्यायामों से लचक एवं लय संबंधी योग्यताओं का विकास होता है।</p>
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<p><span style="color: #0000ff;">अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न [Very Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शारीरिक पुष्टि से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि/योग्यता का अर्थ बहुत व्यापक है, इसलिए इसे परिभाषित करना बहुत कठिन है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि यह हमें अपने शरीर को सही ढंग से रखने और अधिक देर तक मेहनत करने की क्षमता प्रदान करती है। डॉ० ए० के० उप्पल के अनुसार, &#8220;शारीरिक पुष्टि वह क्षमता है जिसके द्वारा शारीरिक क्रियाओं के विभिन्न रूपों को बिना थकावट के तर्कपूर्ण ढंग से किया जा सके। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा नीरोगता के महत्त्वपूर्ण गुण सम्मिलित होते हैं।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
सुयोग्यता से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
सुयोग्यता एक ऐसी अवस्था है, जो हमारे दैनिक जीवन में प्रत्येक कार्य को प्रभावकारी ढंग से करने में सहायक होती है तथा शेष बची हुई शक्ति से हम खाली समय में मनोरंजन कर सकते हैं। सुयोग्यता व्यक्ति की वह क्षमता या योग्यता है जिसके द्वारा वह एक उत्तम एवं संतुलित जीवन व्यतीत करता है। इसमें मन, शरीर एवं आत्मा का संतुलन शामिल होता है। इसलिए यह शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की दशा या विशेषता होती है।</p>
<p>प्रश्न 3. शारीरिक योग्यता के क्या अवयव हैं?<br />
उत्तर:<br />
(1) गति, (2) शक्ति, (3) लचक, (4) सहनशीलता, (5) स्फूर्ति, (6) तालमेल, (7) समन्वय आदि।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
शक्ति या ताकत से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
शक्ति हमारे शरीर की माँसपेशियों द्वारा उत्पन्न की गई वह ऊर्जा है जिसके द्वारा हम कुछ कार्य कर सकते हैं। शक्ति को मापने के लिए पौंड या डाइन का प्रयोग किया जाता है। यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है:</p>
<p>स्थिर शक्ति<br />
गतिशील शक्ति।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
स्थिर शक्ति से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
स्थिर शक्ति को &#8216;आइसोमीट्रिक शक्ति&#8217; भी कहा जाता है। कुछ समय के लिए मनुष्य लगातार अपनी माँसपेशियों की अधिक-से-अधिक जितनी शक्ति लगा सकता है, वह उसकी स्थिर शक्ति कहलाती है। इस शक्ति को डायनेमोमीटर (Dynamometer) द्वारा मापा जाता है। प्रत्यक्ष रूप से इस प्रकार की शक्ति में कार्य होता हुआ दिखाई नहीं पड़ता।</p>
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<p>प्रश्न 6.<br />
लचक का क्या अर्थ है?<br />
उत्तर:<br />
व्यक्ति के शरीर के जोड़ों की गतिक्षमता को लचक कहते हैं। अधिक लचक वाला व्यक्ति बिना किसी कष्ट के अधिक देर तक कार्य कर सकता है तथा उसका व्यक्तित्व भी अच्छा होता है। आमतौर पर लचीलापन, कोमलता और गतिशीलता को एक-दूसरे के लिए प्रयोग किया जाता है, परंतु इनमें बहुत अंतर है। अतः लचक वह योग्यता है, जिसमें प्रत्येक क्रिया अधिक विस्तार से बिना किसी रोक-टोक के की जाती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
सक्रिय लचक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
सक्रिय लचक को खिलाड़ी बिना किसी बाहरी सहायता के स्वतंत्र रूप से माँसपेशियों की क्रियाशीलता द्वारा प्राप्त करता है। सक्रिय लचक न केवल माँसपेशियों के सिकुड़ने, बल्कि जोड़ों की मांसपेशियों पर भी निर्भर करती है। अतः बिना किसी बाहरी सहायता से शरीर के जोड़ों का अधिक देर तक गति करना सक्रिय लचक कहलाता है; जैसे खिंचाव वाला व्यायाम बिना किसी की सहायता से करना आदि।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
गतिशील लचक से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
जब शरीर गति में होने के कारण अधिक विस्तार से क्रिया करता है, तो उसको गतिशील लचक कहते हैं। लचक का यह रूप शरीर को अधिक श्रम और खेल प्रदर्शन के लिए तैयार करता है। इस प्रकार की लचक चोट के जोखिम को कम करती है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
निष्क्रिय लचक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
निष्क्रिय लचक से तात्पर्य बाहरी सहायता से अधिक-से-अधिक विस्तार से क्रिया करने वाली योग्यता से है। निष्क्रिय लचक अन्य सभी किस्मों का आधार है। यह बहुत अधिक माँसपेशियों के सिकुड़ने, जोड़ों (लिगामेंट्स) और हड्डियों की बनावट पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
सहनक्षमता/सहनशीलता का क्या अर्थ है?<br />
अथवा<br />
सहनशीलता के बारे में आप क्या जानते हैं?<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता या सहनक्षमता एक प्रतिरोध योग्यता है जो थकावट के विरुद्ध होती है। सामान्य शब्दों में, यह खिलाड़ी की वह योग्यता है, जिसके साथ खिलाड़ी बिना किसी थकावट के क्रिया करता है। वास्तव में, किसी गति या भार को अधिक समय तक अपने ऊपर स्थिर रखने की व्यक्ति के शरीर की संरचनात्मक क्षमता को उसकी सहनक्षमता या सहनशीलता कहा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
अनएरोबिक क्रियाएँ क्या होती हैं? उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
अनएरोबिक क्रियाएँ वे होती हैं जो ऑक्सीजन के बिना की जाती हैं। इन क्रियाओं से एडिनोसिन ट्राइफास्फेट जोकि माँसपेशियों के लिए ऊर्जा या शक्ति का साधन होता है ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में कार्बन-डाइऑक्साइड के प्रयोग द्वारा तैयार होता है। थ्रोइंग व जम्पिंग क्रियाएँ, वेट लिफ्टिंग, तैराकी आदि अनएरोबिक क्रियाओं के उदाहरण हैं।</p>
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<p>प्रश्न 12.<br />
एरोबिक क्रियाएँ क्या होती हैं? उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
एरोबिक क्रियाएँ वे होती हैं जिनको करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जॉगिंग, साइकलिंग आदि एरोबिक क्रियाएँ हैं।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
प्रतिक्रिया योग्यता क्या है?<br />
उत्तर:<br />
प्रतिक्रिया योग्यता द्वारा खिलाड़ी किसी संकेत को देखकर अथवा सुनकर पूर्ण तीव्रता से प्रक्रिया प्रारम्भ करता है। जैसे दौड़ के प्रारम्भ होने के समय बंदूक की आवाज़ से पूर्व केवल संकेत का आभास करके खिलाड़ी ब्लॉक में से बाहर आकर दौड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
अधिकतम शक्ति से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
अधिकतम शक्ति, शक्ति का एक महत्त्वपूर्ण रूप है। अधिकतम अवरोध के विरूद्ध कार्य करने की योग्यता अधिकतम शक्ति (Maximum Strength) कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
आहार शारीरिक योग्यता को कैसे प्रभावित करता है? अथवा संतुलित आहार शारीरिक योग्यता को किस प्रकार प्रभावित करता है?<br />
उत्तर:<br />
संतुलित आहार से हमारी शारीरिक संरचना अच्छी रहती है। इससे न केवल खेलकूद के क्षेत्र में, बल्कि आम दैनिक जीवन में भी हमारी कार्यकुशलता एवं कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। संतुलित व पौष्टिक आहार से हमारा तात्पर्य उन पोषक तत्त्वों; जैसे वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, खनिज-लवणों, विटामिनों एवं जल आदि से है जो आहार में उचित मात्रा में उपस्थित होते हैं तथा शरीर का संतुलित विकास करते हैं। मोटापे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता में कमी आ जाती है। आजकल मोटापा एक महामारी की भाँति फैल रहा है जिसको संतुलित आहार लेने से तथा उचित व्यायाम करने से नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
शारीरिक पुष्टि (Physical Fitness) के विकास के सिद्धांतों को सूचीबद्ध कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक पुष्टि के विकास के सिद्धांत निम्नलिखित हैं<br />
(1) निरंतरता का सिद्धांत<br />
(2) नियमितता का सिद्धांत<br />
(3) अतिभार का सिद्धांत<br />
(4) विभिन्नता का सिद्धांत<br />
(5) प्रगतिशीलता का सिद्धांत<br />
(6) गर्माना<br />
(7) लिम्बरिंग डाउन आदि।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
विस्फोटक शक्ति क्या है?<br />
उत्तर:<br />
विस्फोटक शक्ति खिलाड़ी का वह सामर्थ्य है जब वह तेज गति से प्रतिरोध पर काबू पाता है। यह शक्ति हमेशा डायनैमिक होती है तथा प्रत्येक क्षेत्र के लिए महत्त्वपूर्ण होती है। यह गति तथा शक्ति का सुमेल है। यह भिन्न-भिन्न खेलों में भिन्न-भिन्न किस्मों में पाई जाती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
गति क्या है?<br />
उत्तर:<br />
गति व्यक्ति की वह योग्यता या क्षमता है जिसके द्वारा वह एक ही प्रकार की हलचल या हरकत को पुनः तेज गति से करता है अर्थात् शरीर के अंगों या संपूर्ण शरीर को अधिकतम वेग से घुमाने की क्षमता को गति कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
व्यायाम शारीरिक योग्यता को कैसे प्रभावित करता है?<br />
उत्तर:<br />
व्यायाम शारीरिक योग्यता को बहुत प्रभावित करता है। प्रात:काल और सायंकाल का समय व्यायाम और प्रशिक्षण के लिए अति लाभदायक है। प्रात:काल के व्यायाम शरीर को चुस्त और लचकदार: बनाते हैं । सायंकाल के व्यायाम व्यक्ति को पूरे दिन के मानसिक तनाव और शारीरिक थकावट से छुटकारा दिलाते हैं। व्यायाम और प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाते समय अभ्यास सुविधाओं और गर्मी व सर्दी जैसे मौसम का ध्यान जरूर रखना चाहिए।</p>
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<p>प्रश्न 20.<br />
जॉगिंग (Jogging) से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
जॉगिंग से तात्पर्य है कि धीरे-धीरे या आराम से दौड़कर शरीर को गर्माना। जॉगिंग गर्माने का सबसे बढ़िया ढंग है। इससे शरीर की सभी प्रणालियाँ अच्छे ढंग से काम करना शुरू कर देती हैं।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
साइकलिंग (Cycling) से आपका क्या आशय है?<br />
उत्तर:<br />
साइकलिंग वायवीय तथा अवायवीय क्रिया है। इससे हृदय और फेफड़ों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। साइकलिंग का अभ्यास यदि प्रतिदिन नियमित रूप से किया जाए तो शारीरिक पुष्टि आसानी से विकसित की जा सकती है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
भार प्रशिक्षण क्या है?<br />
उत्तर:<br />
भार प्रशिक्षण विधि से हमारा अभिप्राय उन व्यायामों या कसरतों से है जो हमारे शरीर की विशेष माँसपेशियों को मज़बूत एवं शक्तिशाली बनाती हैं। यह प्रशिक्षण BAR-BELLS की सहायता से किया जाता है। इससे शरीर के विभिन्न भागों के आकार में परिवर्तन होता है और विभिन्न भागों का अनुकूलन भी होता है। इसके माध्यम से शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति सामान्य होने की कोशिश करता है। इससे माँसपेशियाँ मजबूत बनती हैं, उनके आकार तथा शरीर के भार में भी परिवर्तन होता है। यह प्रशिक्षण शारीरिक पुष्टि को विकसित करता है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
वज़न (भार) प्रशिक्षण के कोई दो लाभ बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) वज़न प्रशिक्षण से शक्ति तथा लचक में वृद्धि होती है।<br />
(2) वज़न प्रशिक्षण से माँसपेशियों के सिकुड़ने तथा फैलने में वृद्धि होती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
स्फूर्ति किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
जब खिलाड़ी अपने शरीर या शरीर के किसी हिस्से को हवा में तेजी के साथ और सही ढंग से उसकी दिशा को बदलता है तो उसको स्फूर्ति कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
सुयोग्यता कार्यक्रम क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?<br />
उत्तर:<br />
सुयोग्यता कार्यक्रम व्यक्ति के आकार एवं आकृति में सुधार करने में सहायता करते हैं। ये व्यक्ति की कार्यक्षमता, उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक होते हैं। इसलिए सुयोग्यता कार्यक्रम हमारे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
वंशानुक्रम से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
वंशानुक्रम से अभिप्राय है-अपने पूर्वजों से प्राप्त होने वाले शारीरिक गुण। यह व्यक्ति की शारीरिक योग्यता को प्रभावित करता है। इसका मुख्य कारण व्यक्ति की शारीरिक संरचना होती है जोकि व्यक्ति के वंश से मिले गुणों द्वारा निर्धारित होती है।</p>
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<p>प्रश्न 27.<br />
तालबद्ध व्यायाम क्या होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
तालबद्ध व्यायाम में शरीर की तालबद्ध गतिविधियाँ होती हैं जो समूह में की जाती हैं। ये गतिविधियाँ हृदय की मांसपेशियों के लिए अच्छी होती हैं। इन व्यायामों से लचक एवं लय संबंधी योग्यताओं का विकास होता है। लेजियम, समूह नृत्य, पी०टी० कसरतें आदि तालबद्ध व्यायाम हैं।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
शारीरिक योग्यता के विकास में अतिभार का सिद्धांत कैसे सहायक है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक योग्यता के विकास के लिए अतिभार के सिद्धांत को अपनाना अति आवश्यक है। अतिभार के सिद्धांत को अपनाने के लिए लंबी दूरी के धावक धीरे-धीरे दूरी में बढ़ोतरी करते रहते हैं। अतिभार सघनता के द्वारा भी बढ़ाया जा सकता है। अतिभार के लिए यह ध्यान में रखना चाहिए कि जब तक अनुकूलन न हो जाए तब तक अतिभार नहीं करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
मनोरंजनात्मक क्रियाएँ क्या होती हैं?<br />
उत्तर:<br />
मनोरंजनात्मक क्रियाएँ, वे क्रियाएँ होती हैं जो व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक ऊर्जा का पुनरुद्धार (Restoring) करने में सहायक होती है। इस पुनरुद्धार से व्यक्ति अपना दैनिक कार्य अधिक कुशलतापूर्वक करने के योग्य हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
सर्किट प्रशिक्षण विधि को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
मॉर्गन तथा एडम्सन के अनुसार, &#8220;सर्किट प्रशिक्षण विधि एक ऐसी विधि है जिसमें विभिन्न व्यायामों को यन्त्रों तथा यन्त्रों के बिना निश्चित मात्रा में किया जाता है।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
सर्किट प्रशिक्षण विधि के मुख्य व्यायामों के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
(1) स्टैपिंग-अप ऑन ए बॉक्स<br />
(2) पुश-अप<br />
(3) सिट-अप<br />
(4) जंपिंग ओवर द हर्डल्स<br />
(5) गुड मॉर्निंग व्यायाम<br />
(6) पुल-अप।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
सर्किट प्रशिक्षण विधि के प्रमुख सिद्धांत बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) प्रशिक्षण स्टेशनों की संख्या बढ़ाना<br />
(2) सर्किट दोहराई<br />
(3) भार में वृद्धि करना<br />
(4) आराम की अवधि को घटाना<br />
(5) व्यायाम के समय को बढ़ाना।</p>
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<p>प्रश्न 33.<br />
बुनियादी या मौलिक सहनशीलता क्या है?<br />
उत्तर:<br />
बुनियादी सहनशीलता को एरोबिक सहनशीलता भी कहते हैं। यह वह योग्यता है, जो धीरे से मध्यम गति के साथ क्रिया करने से होने वाली थकावट पर नियंत्रण रखती है। इसके अंतर्गत जॉगिंग एवं साइकलिंग आदि क्रियाएँ आती हैं।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
सामान्य सहनशीलता क्या है?<br />
उत्तर:<br />
भिन्न-भिन्न प्रकार की क्रियाएँ चाहे वे वायवीय (एरोबिक) अथवा अवायवीय (अनएरोबिक) हों, इसके दौरान आई थकावट पर नियंत्रण करने वाली क्षमता को सामान्य सहनशीलता कहते हैं। यह एरोबिक और अनएरोबिक व्यायामों को बिना किसी थकावट के लंबे समय तक करने वाली योग्यता है।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
विशेष सहनशीलता क्या है?<br />
उत्तर:<br />
विशेष खेलों में थकावट का प्रतिरोध करने वाली योग्यता को विशेष सहनशीलता कहते हैं। जिस तरह स्वाभाविक रूप से थकावट भिन्न-भिन्न खेलों में भिन्न-भिन्न होती है, उसी तरह सहनशीलता भी भिन्न-भिन्न खेलों में भिन्न-भिन्न होती है। इसको शक्ति सहनशीलता भी कहते हैं। इसका प्रयोग लम्बी दूरी की दौड़ों, तैराकी, मैराथन दौड़ तथा पोल वॉल्ट में काफी हद तक किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
संतुलन योग्यता से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक प्रक्रियाओं के दौरान खिलाड़ी को अपना संतुलन बनाए रखना पड़ता है। ऐसा करते समय वह अपनी क्रिया प्रारम्भ रखता है। कई खेल-क्रियाएँ ऐसी होती हैं जोकि खिलाड़ी का संतुलन बिगाड़ने में भूमिका निभाती है लेकिन खिलाड़ी तत्काल ही स्वयं संतुलन उत्पन्न कर लेता है। यथा-जिम्नास्टिक की प्रक्रियाओं के समय खिलाड़ी का संतुलन बिगड़ जाता है लेकिन पाँवों पर खड़ा होने के समय वह स्वयं ही संतुलित हो जाता है।</p>
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<p><strong>HBSE 12th Class Physical Education शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न [Objective Type Questions]</span></p>
<p><span style="color: #0000ff;">भाग-I : एक शब्द/वाक्य में उत्तर दें</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शक्ति कितने प्रकार की होती है?<br />
उत्तर:<br />
शक्ति दो प्रकार की होती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
लचक कितने प्रकार की होती है?<br />
उत्तर:<br />
लचक दो प्रकार की होती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
वाटरलू की प्रसिद्ध लड़ाई कहाँ जीती गई?<br />
उत्तर:<br />
वाटरलू की प्रसिद्ध लड़ाई ऐटन के खेल के मैदानों पर जीती गई।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
अत्यधिक गर्मी में अभ्यास करने से क्या हो सकता है?<br />
उत्तर:<br />
अत्यधिक गर्मी में अभ्यास करने से हीटस्ट्रोक हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
अत्यधिक सर्दी में अभ्यास करने से क्या हो सकता है?<br />
उत्तर:<br />
अत्यधिक सर्दी में अभ्यास करने से फ्रास्ट बाइट हो सकता है।</p>
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<p>प्रश्न 6.<br />
किस विधि में शरीर के सभी अंगों का अभ्यास हो सकता है?<br />
उत्तर:<br />
सर्किट या परिधि प्रशिक्षण विधि में शरीर के सभी अंगों का अभ्यास हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
सहनशीलता कितने प्रकार की होती है?<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता तीन प्रकार की होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
भार प्रशिक्षण को सर्वप्रथम किस राष्ट्र ने अपनाया था?<br />
उत्तर:<br />
भार प्रशिक्षण को सर्वप्रथम जर्मनी ने अपनाया था।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
जिम्नास्टिक द्वारा किस शारीरिक पुष्टि के घटक में वृद्धि होती है?<br />
उत्तर:<br />
जिम्नास्टिक द्वारा लचक में वृद्धि होती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
किस योग्यता में प्रत्येक क्रिया अधिक विस्तार से बिना रोक-टोक के की जाती है?<br />
उत्तर:<br />
लचक में प्रत्येक क्रिया अधिक विस्तार से बिना रोक-टोक के की जाती है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
स्थिर शक्ति का दूसरा नाम क्या है?<br />
उत्तर:<br />
स्थिर शक्ति का दूसरा नाम आइसोमीट्रिक (Isometric) शक्ति या क्षमता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
1980 के दशक से पूर्व शारीरिक पुष्टि के कितने तत्त्व या घटक समझे जाते थे?<br />
उत्तर:<br />
1980 के दशक से पूर्व शारीरिक पुष्टि के पाँच तत्त्व या घटक समझे जाते थे।</p>
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<p>प्रश्न 13.<br />
1980 के बाद शारीरिक पुष्टि का कौन-सा घटक नहीं माना जाता?<br />
उत्तर:<br />
1980 के बाद शारीरिक पुष्टि का फूर्तीलापन या स्फूर्ति घटक नहीं माना जाता।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
गति सर्वाधिक किस प्रणाली पर निर्भर करती है?<br />
उत्तर:<br />
गति सर्वाधिक माँसपेशी प्रणाली पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
सहनशीलता को कैसे मापा जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता को पुनरावृत्ति की संख्या द्वारा मापा जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
अतिभार किसके द्वारा बढ़ाया जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
अतिभार सघनता द्वारा बढ़ाया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
वायवीय क्रियाओं में किस गैस का प्रयोग किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
वायवीय क्रियाओं में ऑक्सीजन का प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
साइकलिंग कैसी क्रिया है?<br />
उत्तर:<br />
साइकलिंग एक वायवीय एवं अवायवीय क्रिया है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
किसी खिलाड़ी की स्फूर्ति को कैसे परखा जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
साइड स्टैप परीक्षण से खिलाड़ी की स्फूर्ति को परखा जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
शारीरिक पुष्टि का कोई एक घटक बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता।</p>
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<p>प्रश्न 21.<br />
थो करने के लिए किस प्रकार की शक्ति आवश्यक होती है?<br />
उत्तर:<br />
थ्रो करने के लिए विस्फोटक शक्ति आवश्यक होती है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
पेशीय रेशे कितने प्रकार के होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
पेशीय रेशे दो प्रकार के होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
स्थिर शक्ति को किस प्रकार नापा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
स्थिर शक्ति को डायनेमोमीटर द्वारा नापा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
कैलिसथैनिक्स में किस प्रकार के उपकरणों का प्रयोग किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
कैलिसथैनिक्स में हल्के उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
जिम्नास्टिक में ग्राउंड फ्लोर व्यायाम और लोकनृत्य किस प्रकार के व्यायाम हैं?<br />
उत्तर:<br />
जिम्नास्टिक में ग्राउंड फ्लोर व्यायाम और लोकनृत्य लयबद्ध या तालबद्ध व्यायाम हैं।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
जॉगिंग करते समय किस तरह के कपड़े पहनने चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
जॉगिंग करते समय ढीले कपड़े (Loose Clothes) पहनने चाहिएँ।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
जॉगिंग के लिए सतह कैसी होनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
जॉगिंग के लिए सतह समतल होनी चाहिए।</p>
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<p>प्रश्न 28.<br />
शारीरिक पुष्टि को प्रभावित करने वाले कोई दो कारक बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
1. पौष्टिक आहार<br />
2. नियमित व्यायाम।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
शारीरिक अंगों का विकास किससे होता है?<br />
उत्तर:<br />
नियमित व्यायाम गतिविधियों एवं संतुलित व पौष्टिक आहार से शारीरिक अंगों का विकास होता है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
क्या शारीरिक योग्यता से हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है?<br />
उत्तर:<br />
हाँ, शारीरिक योग्यता से हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
क्या जिम्नास्टिक से शारीरिक योग्यता में वृद्धि होती है?<br />
उत्तर:<br />
हाँ, जिम्नास्टिक से शारीरिक योग्यता में वृद्धि होती है।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
हमारे शरीर में शक्ति किससे पैदा होती है?<br />
उत्तर:<br />
हमारे शरीर में शक्ति माँसपेशियों से पैदा होती है।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
एरोबिक क्रियाओं के कोई दो उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
1. जॉगिंग<br />
2. साइकलिंग।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
अनएरोबिक क्रियाओं के कोई दो उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
1. वेट-लिफ्टिग<br />
2. थ्रोइंग इवेंट्स।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
कैलिसथैनिक्स कैसी क्रिया है?<br />
उत्तर:<br />
कैलिसथैनिक्स एक स्वतंत्र वायवीय क्रिया है।</p>
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<p>प्रश्न 36.<br />
शक्ति को किस इकाई से मापा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
शक्ति को पौंड या डाइन इकाई से मापा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
भार प्रशिक्षण के प्रयोग का सुझाव कब और किसने दिया था?<br />
उत्तर:<br />
भार प्रशिक्षण के प्रयोग का सुझाव सन् 1812 में कैड्रिक बान ने दिया था।</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
जॉगिंग किस प्रकार की क्रिया है?<br />
उत्तर:<br />
जॉगिंग एक वायवीय क्रिया है।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
कौन-सी शक्ति, गति एवं शक्ति की योग्यताओं का संयोग होती है?<br />
उत्तर:<br />
विस्फोटक शक्ति, गति एवं शक्ति की योग्यताओं का संयोग होती है।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
सर्किट प्रशिक्षण विधि किस प्रणाली पर आधारित है?<br />
उत्तर:<br />
सर्किट प्रशिक्षण विधि जिम्नास्टिक प्रणाली पर आधारित है।</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
सर्किट प्रशिक्षण पर अनुसंधान सर्वप्रथम कहाँ किया गया?<br />
उत्तर:<br />
सर्किट प्रशिक्षण पर अनुसंधान सर्वप्रथम यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, इंग्लैंड में किया गया।</p>
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<p>प्रश्न 42.<br />
जोड़ों की गति-क्षमता को क्या कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
जोड़ों की गति-क्षमता को लचक कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
शीर्षासन से कौन-सी योग्यता मिलती है?<br />
उत्तर:<br />
शीर्षासन से शारीरिक योग्यता मिलती है।</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
भार प्रशिक्षण कितनी उम्र में शुरू करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
भार प्रशिक्षण लगभग 12 वर्ष की उम्र में शुरू करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
सर्किट/परिधि प्रशिक्षण विधि का प्रतिपादन किसने किया था?<br />
उत्तर:<br />
परिधि प्रशिक्षण विधि का प्रतिपादन मॉर्गन व एडम्सन ने किया था।</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
परिधि प्रशिक्षण विधि का प्रतिपादन किस सन में किया गया था?<br />
उत्तर:<br />
परिधि प्रशिक्षण विधि का प्रतिपादन मॉर्गन व एडम्सन द्वारा सन् 1957 में किया गया था।</p>
<p>प्रश्न 47.<br />
गतिशील शक्ति किस प्रकार की शक्ति है?<br />
उत्तर:<br />
गतिशील शक्ति एक आइसोटोनिक शक्ति है।</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
खींचने (Pull-up) तथा धक्का लगाने (Push-up) में कौन-सी शक्ति का प्रयोग किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
खींचने (Pull-up) तथा धक्का लगाने (Push-up) में गतिशील शक्ति का प्रयोग किया जाता है।</p>
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<p>प्रश्न 49.<br />
तालमेल क्या है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक अंगों के आपस में मिलकर कार्य करने की शक्ति को तालमेल कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 50.<br />
शो/फेंकने के लिए कौन-सी गति की आवश्यकता होती है?<br />
अथवा<br />
गोला फेंकने में किस प्रकार की शक्ति की आवश्यकता होती है?<br />
उत्तर:<br />
गोला फेंकने में गतिशील शक्ति (Dynamic Strength) की आवश्यकता होती है।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
ऊँची कूद, ट्रिपल जम्प तथा पोल वॉल्ट में उतरते समय कौन-सी शक्ति प्रयोग होती है?<br />
उत्तर:<br />
ऊँची कूद, ट्रिपल जम्प तथा पोल वॉल्ट में उतरते समय अधिकतम शक्ति प्रयोग होती है।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
&#8220;सहनशीलता थकावट को रोकने या विरोध करने की योग्यता है।&#8221; ये शब्द किसने कहे?<br />
उत्तर:<br />
ये शब्द हर्रे ने कहे।</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
वह कौन-सी शक्ति है जो हमेशा तकनीकी कौशल और तालमेल व सामर्थ्य के साथ जुड़ी है?<br />
उत्तर:<br />
साधारण शक्ति हमेशा तकनीकी कौशल और तालमेल व सामर्थ्य के साथ जुड़ी है।</p>
<p>प्रश्न 54.<br />
शारीरिक पुष्टि का कौन-सा घटक एक प्रतिरोध योग्यता है जो थकावट के विरुद्ध होता है?<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता।</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
तैराकी में बैक स्ट्रोक सीखने के लिए शरीर में कौन-सा शारीरिक पुष्टि का घटक होना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
तैराकी में बैक स्ट्रोक सीखने के लिए शरीर में लचक होनी चाहिए।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 56.<br />
शारीरिक योग्यता के कौन-से अंग को आंतरिक बल (Stamina) भी कहा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
सहनशीलता को।</p>
<p>प्रश्न 57.<br />
साइकलिंग शारीरिक पुष्टि के किस अवयव के लिए महत्त्वपूर्ण है?<br />
उत्तर:<br />
साइकलिंग शक्ति व सहनशीलता के लिए महत्त्वपूर्ण है।</p>
<p>प्रश्न 58.<br />
तैराकी तथा दौड़ों के द्वारा शरीर के किस अंग की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है?<br />
उत्तर:<br />
तैराकी तथा दौड़ों के द्वारा फेफड़ों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।</p>
<p>प्रश्न 59.<br />
ऑक्सीजन की उपस्थिति में किया गया शारीरिक अभ्यास क्या कहलाता है?<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सीजन की उपस्थिति में किया गया शारीरिक अभ्यास एरोबिक अभ्यास कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
एक ही स्थिति में अधिक समय तक रहने की शक्ति को क्या कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
एक ही स्थिति में अधिक समय तक रहने की शक्ति को संतुलन कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 61.<br />
जॉगिंग करने से शरीर के किस अंग की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है?<br />
उत्तर:<br />
जॉगिंग करने से हृदय और फेफड़ों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है।</p>
<p>प्रश्न 62.<br />
वजन प्रशिक्षण को सप्ताह में कितने दिन करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
वजन प्रशिक्षण को सप्ताह में दो से चार दिन करना चाहिए।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 63.<br />
सर्किट प्रशिक्षण में कितने व्यायाम होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
सर्किट प्रशिक्षण में 10 से 15 व्यायाम होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 64.<br />
परिधि प्रशिक्षण विधि में लगभग कितने स्टेशन होते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
परिधि प्रशिक्षण विधि में लगभग 8 से 12 स्टेशन होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 65.<br />
खिलाड़ियों को जॉगिंग कैसी सतह पर करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
खिलाड़ियों को जॉगिंग समतल सतह वाले मैदान पर करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 66.<br />
अत्यधिक गर्मी व आर्द्रता वाले मौसम में खिलाड़ी को अभ्यास करते हुए कैसे कपड़े पहनने चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
अत्यधिक गर्मी व आर्द्रता वाले मौसम में खिलाड़ी को अभ्यास करते हुए सूती के हल्के कपड़े पहनने चाहिए।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">भाग-II: सही विकल्प का चयन करें</span></p>
<p>1. अनएरोबिक योग्यता सहायक है<br />
(A) क्षमता के विकास में<br />
(B) शक्ति के विकास में<br />
(C) दिमाग एवं माँसपेशीय विकास में<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) दिमाग एवं माँसपेशीय विकास में</p>
<p>2. &#8220;शारीरिक पुष्टि किसी के जीने के ढंग के दबावों का सफल अनुकूलन है।&#8221; ये शब्द किसने कहे?<br />
(A) मॉर्गन ने<br />
(B) एडम्सन ने<br />
(C) डॉ० क्रोल्स ने<br />
(D) डॉ०ए०के० उप्पल ने<br />
उत्तर:<br />
(C) डॉ० क्रोल्स ने</p>
<p>3. व्यक्ति की ऐसी दक्षता या कुशलता जिसके द्वारा व्यक्ति संतुलित जीवन व्यतीत करता है, को क्या कहते हैं?<br />
(A) कुशलता<br />
(B) सामर्थ्य<br />
(C) सुयोग्यता<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) सुयोग्यता</p>
<p>4. निम्नलिखित में से कौन-सी शारीरिक गतिविधि मानसिक लाभ का वर्णन करती है?<br />
(A) शारीरिक गतिविधि शारीरिक बनावट को बढ़ाती है<br />
(B) शारीरिक गतिविधि नियम की समझ का विकास करती है<br />
(C) शारीरिक गतिविधि स्ट्रेस व तनाव को दूर करने में सहायक है<br />
(D) शारीरिक गतिविधि दोस्ती का विकास करती है<br />
उत्तर:<br />
(C) शारीरिक गतिविधि स्ट्रेस व तनाव को दूर करने में सहायक है</p>
<p>5. निम्नलिखित में से शारीरिक पुष्टि के अंग हैं<br />
(A) गति<br />
(B) सहनशीलता<br />
(C) शक्ति<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
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<p>6. गति का सीधा संबंध व्यक्ति के किस संस्थान से होता है?<br />
(A) नाड़ी प्रणाली<br />
(B) माँसपेशी प्रणाली<br />
(C) पाचन प्रणाली<br />
(D) श्वसन प्रणाली<br />
उत्तर:<br />
(B) माँसपेशी प्रणाली</p>
<p>7. नियमित व्यायाम करने से क्या किया जा सकता है?<br />
(A) नियमितता बनाए रखी जा सकती है<br />
(B) शरीर को स्थूल बनाया जा सकता है<br />
(C) शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता बढ़ाई जा सकती है<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता बढ़ाई जा सकती है</p>
<p>8. सुयोग्यता के आवश्यक अंग हैं<br />
(A) सामाजिक सुयोग्यता<br />
(B) शारीरिक सुयोग्यता<br />
(C) बौद्धिक सुयोग्यता<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>9. स्वास्थ्य संबंधित सुयोग्यता का उद्देश्य है<br />
(A) शारीरिक सुयोग्यता का विकास करना<br />
(B) पोषण संबंधी सुयोग्यता बढ़ाना<br />
(C) सक्रिय व स्वस्थ जीवन-शैली का विकास करना<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>10. एरोबिक योग्यता का विकास होता है<br />
(A) बास्केटबॉल खेलने से<br />
(B) फुटबॉल खेलने से<br />
(C) वाटर-पोलो खेलने से<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
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<p>11. शारीरिक पुष्टि को संतुलित बनाए रखने में सहायक है<br />
(A) नियमित व्यायाम<br />
(B) स्वच्छ वातावरण<br />
(C) संतुलित व पौष्टिक भोजन<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>12. शारीरिक पुष्टि का अर्थ है<br />
(A) अच्छे शरीर का होना<br />
(B) शरीर के सभी संस्थानों का सुचारु रूप से कार्य करना<br />
(C) दैनिक कार्य करने की क्षमता<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>13. शारीरिक पुष्टि का एक पहलू है<br />
(A) शारीरिक सुयोग्यता<br />
(B) शारीरिक शिक्षा<br />
(C) शारीरिक क्रिया<br />
(D) शारीरिक ढाँचा<br />
उत्तर:<br />
(A) शारीरिक सुयोग्यता</p>
<p>14. शारीरिक पुष्टि का एक घटक है<br />
(A) माँसपेशीय शक्ति<br />
(B) पोषण<br />
(C) नींद<br />
(D) दिखना<br />
उत्तर:<br />
(A) माँसपेशीय शक्ति</p>
<p>15. शारीरिक पुष्टि व्यक्ति की उम्र को &#8230;&#8230;&#8230;..<br />
(A) रोकती<br />
(B) कम करती<br />
(C) बढ़ाती<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) बढ़ाती</p>
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<p>16. शक्ति हमारे शरीर के किस अंग द्वारा पैदा होती है?<br />
(A) फेफड़ों द्वारा<br />
(B) माँसपेशियों द्वारा<br />
(C) नाड़ियों द्वारा<br />
(D) मस्तिष्क द्वारा<br />
उत्तर:<br />
(B) माँसपेशियों द्वारा</p>
<p>17. मनुष्य की वह योग्यता जो किसी भी स्थिति में कम-से-कम समय लेकर अपने कार्य को पूरा करती है, वह कहलाती है<br />
(A) शक्ति<br />
(B) स्फूर्ति<br />
(C) गति<br />
(D) सहनशीलता<br />
उत्तर:<br />
(C) गति</p>
<p>18. गति के विकास की विधियाँ हैं<br />
(A) त्वरण दौड़ें<br />
(B) पेस दौड़ें<br />
(C) लिम्बरिंग डाउन<br />
(D) (A) व (B) दोनों<br />
उत्तर:<br />
(D) (A) व (B) दोनों</p>
<p>19. गतिशील शक्ति किस प्रकार की शक्ति है?<br />
(A) आइसोटोनिक<br />
(B) आइसोकाइनेटिक<br />
(C) आइसोमीट्रिक<br />
(D) एरोबिक<br />
उत्तर:<br />
(A) आइसोटोनिक</p>
<p>20. खींचना (Pull-up) तथा धक्का लगाने (Push-up) में कौन-सी शक्ति का प्रयोग किया गया है?<br />
(A) गतिशील शक्ति का<br />
(B) स्थिर शक्ति का<br />
(C) अधिकतम शक्ति का<br />
(D) शक्ति सहनशीलता का<br />
उत्तर:<br />
(A) गतिशील शक्ति का</p>
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<p>21. सर्किट प्रशिक्षण विधि किस प्रणाली पर आधारित है?<br />
(A) जिम्नास्टिक पर<br />
(B) एथलेटिक्स पर<br />
(C) स्पिंटस पर<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) जिम्नास्टिक पर</p>
<p>22. शीर्षासन से कौन-सी योग्यता मिलती है?<br />
(A) मानसिक योग्यता<br />
(B) शारीरिक योग्यता<br />
(C) सामाजिक योग्यता<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) शारीरिक योग्यता</p>
<p>23. शक्ति के कितने प्रकार होते हैं?<br />
(A) चार<br />
(B) दो<br />
(C) तीन<br />
(D) पाँच<br />
उत्तर:<br />
(B) दो</p>
<p>24. स्थिर शक्ति को किस यन्त्र से मापा जाता है?<br />
(A) थर्मामीटर<br />
(B) लैक्टोमीटर<br />
(C) डायनेमोमीटर<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) डायनेमोमीटर</p>
<p>25. शरीर की शक्ति को नापा जा सकता है<br />
(A) किलोग्राम में<br />
(B) डाइन में<br />
(C) मीटर में<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) डाइन में</p>
<p>26. निम्नलिखित में से कौन-सा एक गतिशील शक्ति का भाग नहीं है?<br />
(A) अधिकतम शक्ति<br />
(B) शक्ति सहनक्षमता<br />
(C) विस्फोटक शक्ति<br />
(D) स्थिर शक्ति<br />
उत्तर:<br />
(D) स्थिर शक्ति</p>
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<p>27. लचक को बढ़ाने वाले आसन हैं<br />
(A) चक्रासन व हलासन<br />
(B) धनुरासन व भुजंगासन<br />
(C) शलभासन व पश्चिमोत्तानासन<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>28. ऊँची कूद, ट्रिपल जम्प तथा पोल वॉल्ट में उतरते समय कौन-सी शक्ति प्रयोग होती है?<br />
(A) स्थिर शक्ति<br />
(B) अधिकतम शक्ति<br />
(C) विस्फोटक शक्ति<br />
(D) शक्ति सहनशीलता<br />
उत्तर:<br />
(B) अधिकतम शक्ति</p>
<p>29. जैवलिन थ्रो तथा डिस्कस थ्रो में कौन-सी शक्ति प्रयोग होती है?<br />
(A) विस्फोटक शक्ति<br />
(B) अधिकतम शक्ति<br />
(C) स्थिर शक्ति<br />
(D) गतिशील शक्ति<br />
उत्तर:<br />
(A) विस्फोटक शक्ति</p>
<p>30. वह शक्ति जो भिन्न-भिन्न स्थितियों में तेज गति के साथ अवरोध पर काबू पाती है, कौन-सी शक्ति कहलाती है?<br />
(A) साधारण शक्ति<br />
(B) विस्फोटक शक्ति<br />
(C) गतिशील शक्ति<br />
(D) स्थिर शक्ति<br />
उत्तर:<br />
(B) विस्फोटक शक्ति</p>
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<p>31. वह कौन-सी शक्ति है जो हमेशा तकनीकी कौशल और तालमेल व सामर्थ्य के साथ जुड़ी है?<br />
(A) साधारण शक्ति<br />
(B) गतिशील शक्ति<br />
(C) विशेष शक्ति<br />
(D) विस्फोटक शक्ति<br />
उत्तर:<br />
(A) साधारण शक्ति</p>
<p>32. थकावट के विरुद्ध अवरोधक योग्यता कहलाती है<br />
(A) गति<br />
(B) शक्ति<br />
(C) लचीलापन<br />
(D) सहनशीलता<br />
उत्तर:<br />
(D) सहनशीलता</p>
<p>33. माँसपेशीय सहनशीलता विशेषतः एक<br />
(A) शारीरिक थकावट को रोकने की क्षमता है<br />
(B) सभी प्रकार के खिलाड़ियों की अर्जित विशेषता है<br />
(C) जिम्नास्ट की मूलभूत सुयोग्यता का घटक है<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) शारीरिक थकावट को रोकने की क्षमता है</p>
<p>34. जिम्नास्टिक द्वारा शारीरिक पुष्टि के किस घटक में वृद्धि होती है?<br />
(A) लचक में<br />
(B) गति में<br />
(C) शक्ति में<br />
(D) सहनशीलता में<br />
उत्तर:<br />
(A) लचक में</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>35. स्वास्थ्य संबंधित सुयोग्यता के घटकों में से मुख्य घटक है<br />
(A) गति<br />
(B) शक्ति<br />
(C) लचीलापन<br />
(D) शारीरिक बनावट<br />
उत्तर:<br />
(D) शारीरिक बनावट</p>
<p>36. सर्किट प्रशिक्षण सर्वप्रथम किसके द्वारा शुरुआत, व्याख्यायित व अध्ययन किया गया?<br />
(A) मॉर्गन व एडम्सन<br />
(B) एच०क्लार्क व डी० क्लार्क<br />
(C) स्कोलिक<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) मॉर्गन व एडम्सन</p>
<p>37. सहनशीलता को कैसे मापा जा सकता है?<br />
(A) अवधि द्वारा<br />
(B) पुनरावृत्ति की संख्या द्वारा<br />
(C) थर्मामीटर द्वारा<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) पुनरावृत्ति की संख्या द्वारा</p>
<p>38. सहनशीलता की कितनी किस्में हैं?<br />
(A) दो<br />
(B) चार<br />
(C) तीन<br />
(D) पाँच<br />
उत्तर:<br />
(C) तीन</p>
<p>39. किस सहनशीलता के लिए जॉगिंग और साइकलिंग जैसी क्रियाएँ आवश्यक हैं?<br />
(A) साधारण सहनशीलता<br />
(B) विशेष सहनशीलता<br />
(C) मौलिक सहनशीलता<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) मौलिक सहनशीलता</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>40. एरोबिक अथवा अनएरोबिक व्यायामों के दौरान आई थकावट पर नियंत्रण करने वाली क्षमता को क्या कहते हैं?<br />
(A) मौलिक सहनशीलता<br />
(B) साधारण सहनशीलता<br />
(C) विशेष सहनशीलता<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) साधारण सहनशीलता</p>
<p>41. तैराकी में बैक स्ट्रोक सीखने के लिए शरीर में कौन-सा शारीरिक पुष्टि का घटक होना चाहिए?<br />
(A) स्फूर्ति<br />
(B) लचक<br />
(C) गति<br />
(D) शक्ति<br />
उत्तर:<br />
(B) लचक</p>
<p>42. शारीरिक योग्यता के कौन-से अंग को आंतरिक बल (Stamina) भी कहा जाता है?<br />
(A) सहनशीलता<br />
(B) गति<br />
(C) संतुलन<br />
(D) तालमेल<br />
उत्तर:<br />
(A) सहनशीलता</p>
<p>43. पुनः दोहराना विधि सुधार में सहायक है<br />
(A) तेजी योग्यता<br />
(B) अधिकतम शक्ति<br />
(C) विस्फोटक शक्ति<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>44. कैलिसथैनिक्स में किस प्रकार के उपकरणों का प्रयोग किया जाता है?<br />
(A) भारी<br />
(B) हल्के<br />
(C) (A) व (B) दोनों<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) हल्के</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>45. साधारण शक्ति को बढ़ाया जा सकता है<br />
(A) अंतराल प्रशिक्षण द्वारा<br />
(B) फार्टलेक सिद्धांत द्वारा<br />
(C) निरंतर प्रशिक्षण द्वारा<br />
(D) सर्किट प्रशिक्षण द्वारा<br />
उत्तर:<br />
(D) सर्किट प्रशिक्षण द्वारा</p>
<p>46. स्फूर्ति में शरीर का कौन-सा अंग हिस्सा लेता है?<br />
(A) माँसपेशियाँ<br />
(B) त्वचा<br />
(C) टाँगें<br />
(D) पाँव<br />
उत्तर:<br />
(A) माँसपेशियाँ</p>
<p>47. प्रतिक्रिया व बढ़ना किस योग्यता के प्रकार हैं?<br />
(A) लचीलापन<br />
(B) फुर्ति<br />
(C) सहनशीलता<br />
(D) तेजी<br />
उत्तर:<br />
(D) तेजी</p>
<p>48. साइकलिंग शारीरिक पुष्टि के किस अवयव के लिए महत्त्वपूर्ण है?<br />
(A) शक्ति<br />
(B) गति<br />
(C) लचक<br />
(D) शक्ति व सहनशीलता<br />
उत्तर:<br />
(D) शक्ति व सहनशीलता</p>
<p>49. कौन-सा व्यायाम कार्बनिक शक्ति, शरीर के नियंत्रण तथा लचक को विकसित करता है?<br />
(A) जॉगिंग<br />
(B) साइकलिंग<br />
(C) कैलिसथैनिक्स<br />
(D) लयबद्ध व्यायाम<br />
उत्तर:<br />
(C) कैलिसथैनिक्स</p>
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<p>50. लेजियम, डम्बल, जिम्नास्टिक में ग्राउंड फ्लोर व्यायाम और लोक-नृत्य किस प्रकार के व्यायाम हैं?<br />
(A) वायवीय<br />
(B) अवायवीय<br />
(C) लयबद्ध<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(C) लयबद्ध</p>
<p>51. तैराकी तथा दौड़ों के द्वारा शरीर के किस अंग की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है?<br />
(A) दिमाग की<br />
(B) जिगर की<br />
(C) फेफड़ों की<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) फेफड़ों की</p>
<p>52. ऑक्सीजन की उपस्थिति में किया गया शारीरिक अभ्यास कहलाता है<br />
(A) एरोबिक<br />
(B) अनएरोबिक<br />
(C) आइसोमीट्रिक<br />
(D) आइसोकाइनेटिक<br />
उत्तर:<br />
(A) एरोबिक</p>
<p>53. शारीरिक अंगों के आपस में मिलकर कार्य करने की शक्ति को कहते हैं<br />
(A) शक्ति<br />
(B) लचीलापन<br />
(C) तालमेल<br />
(D) सहनशीलता<br />
उत्तर:<br />
(C) तालमेल</p>
<p>54. लय योग्यता, समायोजन की योग्यता, प्रतिक्रिया योग्यता और संतुलन की योग्यता किस प्रकार की क्रियाएँ हैं?<br />
(A) शारीरिक क्रियाएँ<br />
(B) मानसिक क्रियाएँ<br />
(C) तालमेल संबंधी क्रियाएँ<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) तालमेल संबंधी क्रियाएँ</p>
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<p>55. एक ही स्थिति में अधिक समय तक रहने की शक्ति को क्या कहते हैं?<br />
(A) संतुलन<br />
(B) तालमेल<br />
(C) स्फूर्ति<br />
(D) सहनशीलता<br />
उत्तर:<br />
(A) संतुलन</p>
<p>56. सर्किट प्रशिक्षण का अनुसंधान कहाँ किया गया?<br />
(A) कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र में<br />
(B) ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, लंदन में<br />
(C) कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड में<br />
(D) यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, इंग्लैंड में<br />
उत्तर:<br />
(D) यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, इंग्लैंड में</p>
<p>57. ऐसी एक्टिविटी जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में की जाती है, कहलाती है-<br />
(A) अनएरोबिक<br />
(B) एरोबिक<br />
(C) एरोबिक व अनएरोबिक<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) एरोबिक</p>
<p>58. वैज्ञानिक विधि से प्रशिक्षण प्राप्त करने की विधि है<br />
(A) निरंतर प्रशिक्षण विधि<br />
(B) सर्किट प्रशिक्षण विधि<br />
(C) अंतराल प्रशिक्षण विधि<br />
(D) वज़न प्रशिक्षण विधि<br />
उत्तर:<br />
(B) सर्किट प्रशिक्षण विधि</p>
<p>59. हमारी मांसपेशियाँ &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; ऊतकों से बनी होती हैं।<br />
(A) संयोजी<br />
(B) धारीदार<br />
(C) पेशीय<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) पेशीय</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>60. एरोबिक अभ्यास है<br />
(A) कम अवधि का<br />
(B) लम्बी अवधि का<br />
(C) (A) व (B) दोनों<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(C) (A) व (B) दोनों</p>
<p>61. अतिभार (Overload) किसके द्वारा बढ़ाया जा सकता है?<br />
(A) अधिक वजन उठाकर<br />
(B) भरपेट भोजन खाकर<br />
(C) सघनता द्वारा<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) सघनता द्वास</p>
<p>62. धीरे-धीरे या आराम से दौड़कर शरीर को गर्म करना क्या कहलाता है?<br />
(A) जॉगिंग<br />
(B) गर्माना<br />
(C) अतिभार<br />
(D) लिम्बरिंग डाउन<br />
उत्तर:<br />
(A) जॉगिंग</p>
<p>63. वायवीय प्रक्रिया में किस गैस का प्रयोग किया जाता है?<br />
(A) नाइट्रोजन<br />
(B) ऑक्सीजन<br />
(C) कार्बन-डाइऑक्साइड<br />
(D) ऑर्गन<br />
उत्तर:<br />
(B) ऑक्सीजन</p>
<p>64. जॉगिंग करने से शरीर के किस अंग की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है?<br />
(A) हृदय की<br />
(B) फेफड़ों की<br />
(C) हृदय और फेफड़ों की<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) हृदय और फेफड़ों की</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>65. सर्किट ट्रेनिंग निम्नलिखित के विकास में एक प्रभावशाली विधि है<br />
(A) गति<br />
(B) लचीलापन<br />
(C) ताकत क्षमता<br />
(D) चपलता<br />
उत्तर:<br />
(C) ताकत क्षमता</p>
<p>66. भार प्रशिक्षण किस आयु-वर्ग में आरम्भ करना चाहिए?<br />
(A) 11 वर्ष<br />
(B) 12 वर्ष<br />
(C) 13 वर्ष<br />
(D) 14 वर्ष<br />
उत्तर:<br />
(B) 12 वर्ष</p>
<p>67. वजन प्रशिक्षण से सहज क्रियाएँ; जैसे माँसपेशियों के &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; तथा &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; में वृद्धि होती है।<br />
(A) सिकुड़ने, फैलने<br />
(B) फैलने, सिकुड़ने<br />
(C) तीव्र, मंद<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) सिकुड़ने, फैलने</p>
<p>68. निम्नलिखित में से पुष्टि के विकास का साधन कौन-सा है?<br />
(A) खेलकूद<br />
(B) जॉगिंग<br />
(C) तालबद्ध व्यायाम<br />
(D) उपरोक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपरोक्त सभी</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<p>69. परिधि प्रशिक्षण विधि का प्रतिपादन किसने किया था?<br />
(A) मॉर्गन व स्टेनले<br />
(B) मॉर्गन व एडम्सन<br />
(C) हिल<br />
(D) थॉम्पसन व डेवरिस<br />
उत्तर:<br />
(A) मॉर्गन व स्टेनले</p>
<p><span style="color: #0000ff;">भाग-III: रिक्त स्थानों की पूर्ति करें</span></p>
<p>1. सर्किट प्रशिक्षण विधि &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; पर आधारित है।<br />
2. गति को साधारणतया लगभग &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; तक बढ़ाया जा सकता है।<br />
3. थ्रो फेंकने के लिए &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; की आवश्यकता होती है।<br />
4. शक्ति &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; द्वारा पैदा होती है।<br />
5. शरीर की शक्ति को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; में मापा जा सकता है।<br />
6. व्यक्ति के शरीर के जोड़ों में गति-क्षमता को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. कहते हैं।<br />
7. &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. प्रशिक्षण विधि में स्टेशन रखे जाते हैं।<br />
8. एरोबिक्स &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; वर्ष की उम्र के बाद नहीं करनी चाहिए।<br />
9. विस्फोटक शक्ति गति और &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; की योग्यताओं का मिश्रण है।<br />
10. एक ही स्थिति में अधिक समय तक रहने की शक्ति को &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; कहा जाता है।<br />
11. अतिभार के सिद्धांत को निभाने के लिए लंबी दूरी के दौड़ाक धीरे-धीरे दूरी में &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. करते हैं।<br />
12. भार प्रशिक्षण को सर्वप्रथम &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; ने अपनाया था।<br />
13. एरोबिक्स में समय की अवधि &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; होती है।<br />
14. सभी तरह की खेलें &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230; पर आधारित होती हैं।<br />
15. सक्रिय लचक &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.. प्रकार की होती है।<br />
उत्तर:<br />
1. जिम्नास्टिक<br />
2. 20 प्रतिशत<br />
3. परिवर्तनशील गति<br />
4. माँसपेशियों<br />
5. पौंड या डाइन<br />
6. लचक<br />
7. सर्किट<br />
8. 60<br />
9. शक्ति<br />
10. संतुलन<br />
11. बढ़ोतरी<br />
12. जर्मनी<br />
13. लम्बी<br />
14. विस्फोटक गति<br />
15. दो।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता" width="196" height="17" /></p>
<h3>शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता Summary</h3>
<p><strong>शारीरिक पुष्टि एवं सुयोग्यता परिचय</strong><br />
शारीरिक पुष्ट्रि(Physical Fitness):<br />
आधुनिक युग में प्रत्येक मनुष्य अपनी शारीरिक पुष्टि बनाए रखने के लिए प्रयत्नशील है। यह मनुष्य की वह शक्ति तथा कार्य करने की योग्यता है, जिसको वह बिना किसी बाधा के आसानी से थोड़ी-सी शक्ति का प्रयोग करके पूरा कर लेता है। शारीरिक पुष्टि का अर्थ बहुत व्यापक है, इसलिए इसे परिभाषित करना बहुत कठिन है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि यह हमें अपने शरीर को सही ढंग से रखने और अधिक देर तक मेहनत करने की क्षमता प्रदान करती है।</p>
<p>सुयोग्यता (Wellness):<br />
सुयोग्यता एक ऐसी अवस्था है, जो हमारे दैनिक जीवन में प्रत्येक कार्य को प्रभावकारी ढंग से करने में सहायक होती है तथा शेष बची हुई शक्ति से हम खाली समय में मनोरंजन कर सकते हैं। यह क्रोध को सहन करने और तनाव को दूर करने में सहायक होती है। यह एक अच्छे स्वास्थ्य का चिह्न है। यह प्रत्येक मनुष्य में भिन्न-भिन्न होती है, क्योंकि इस पर पैतृक आदतों, व्यायाम, आयु तथा लिंग का प्रभाव पड़ता है। अतः सुयोग्यता व्यक्ति की वह क्षमता या योग्यता है जिसके द्वारा वह एक उत्तम एवं संतुलित जीवन व्यतीत करता है। इसमें मन, शरीर एवं आत्मा का संतुलन शामिल होता है। इसलिए यह शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की दशा या विशेषता होती है।</p>
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		<title>HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:16:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 9]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य HBSE 9th Class Physical Education शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Textbook Questions and Answers दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-9th-class-physical-education-solutions/">HBSE 9th Class Physical Education Solutions </a>Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य</h2>
<p><strong>HBSE 9th Class Physical Education शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शारीरिक शिक्षा से आप क्या समझते हैं? इसके लक्ष्यों पर प्रकाश डालिए। अथवा शारीरिक शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ बताएँ। इसके लक्ष्यों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ (Meaning and Definitions of Physical Education):<br />
शारीरिक शिक्षा ऐसी शिक्षा है जो वैयक्तिक जीवन को समृद्ध बनाने में प्रेरक सिद्ध होती है। शारीरिक शिक्षा, शारीरिक विकास के साथ शुरू होती है और मानव-जीवन को पूर्णता की ओर ले जाती है, जिसके परिणामस्वरूप वह एक हृष्ट-पुष्ट और मजबूत शरीर, अच्छा स्वास्थ्य, मानसिक योग्यता और सामाजिक एवं भावनात्मक संतुलन रखने वाला व्यक्ति बन जाता है। ऐसा व्यक्ति किसी भी प्रकार की चुनौतियों अथवा परेशानियों से प्रभावी तरीके से लड़ने में सक्षम होता है। शारीरिक शिक्षा के विषय में विभिन्न शिक्षाशास्त्रियों के विचार निम्नलिखित हैं</p>
<p>1. सी० ए० बूचर (C.A. Bucher):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, संपूर्ण शिक्षा पद्धति का एक अभिन्न अंग है, जिसका उद्देश्य नागरिक को शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक तथा सामाजिक रूप से शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से, जो गतिविधियाँ उनके परिणामों को दृष्टिगत रखकर चुनी गई हों, सक्षम बनाना है।&#8221;</p>
<p>2. सी० सी० कोवेल (C.C.Cowell):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा व्यक्ति-विशेष के सामाजिक व्यवहार में वह परिवर्तन है जो बड़ी माँसपेशियों तथा उनसे संबंधित गतिविधियों की प्रेरणा से उपजता है।&#8221;</p>
<p>3. जे० बी० नैश (J. B. Nash):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, शिक्षा के संपूर्ण क्षेत्र का वह भाग है जो बड़ी माँसपेशियों से होने वाली क्रियाओं तथा उनसे संबंधित प्रतिक्रियाओं से संबंध रखता है।&#8221;</p>
<p>4. ए० आर० वेमैन (A. R. Wayman):<br />
के मतानुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह भाग है जिसका संबंध शारीरिक गतिविधियों द्वारा व्यक्ति के संपूर्ण विकास एवं प्रशिक्षण से है।&#8221; ।</p>
<p>5. आर० कैसिडी (R. Cassidy):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं।&#8221;</p>
<p>6. जे० एफ० विलियम्स (J. E. Williams):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा मनुष्य की उन शारीरिक क्रियाओं को कहते हैं, जो किसी विशेष लक्ष्य को लेकर चुनी और कराई गई हों।&#8221;</p>
<p>7. सी० एल० ब्राऊनवैल (C.L. Brownwell):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा उन परिपूर्ण एवं संतुलित अनुभवों का जोड़ है जो व्यक्ति को बहु-पेशीय प्रक्रियाओं में भाग लेने से प्राप्त होते हैं तथा उसकी अभिवृद्धि और विकास को चरम-सीमा तक बढ़ाते हैं।&#8221;</p>
<p>8. निक्सन व कोजन (Nixon and Cozan):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, शिक्षा की पूर्ण क्रियाओं का वह भाग है जिसका संबंधशक्तिशाली माँसपेशियों की क्रियाओं और उनसे संबंधित क्रियाओं तथा उनके द्वारा व्यक्ति में होने वाले परिवर्तनों से है।&#8221;</p>
<p>9. डी०ऑबरटियूफर (D. Oberteuffer):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा उन अनुभवों का जोड़ है जो व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों से प्राप्त हुई है।&#8221;</p>
<p>उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी पहलू है जिसमें शारीरिक गतिविधियों या व्यायामों द्वारा व्यक्ति के विकास के प्रत्येक पक्ष प्रभावित होते हैं। यह व्यक्ति के व्यवहार और दृष्टिकोण में आवश्यक परिवर्तन करती है। इसका उद्देश्य न केवल व्यक्ति का शारीरिक विकास है, बल्कि यह मानसिक विकास, सामाजिक विकास, भावनात्मक विकास, बौद्धिक विकास, आध्यात्मिक विकास एवं नैतिक विकास में भी सहायक होती है अर्थात् यह व्यक्ति का संपूर्ण या सर्वांगीण विकास करती है। संक्षेप में, विभिन्न विद्वानों द्वारा दी गई परिभाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने से हमें निम्नलिखित जानकारी प्राप्त होती है</p>
<p>(1) शारीरिक शिक्षा साधारण शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण अंग है।<br />
(2) शारीरिक शिक्षा का माध्यम शिक्षा के साथ-साथ क्रियाएँ हैं। जब तक ये क्रियाएँ शक्तिशाली नहीं होंगी, शरीर के सारे अंगों का पूरी तरह से विकास नहीं हो सकता।<br />
(3) शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य केवल शारीरिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक विकास करना भी है।<br />
(4) आज की शारीरिक शिक्षा वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें क्रियाओं का चुनाव इस प्रकार किया जाता है जिससे इसके उद्देश्य की पूर्ति की जा सके।<br />
(5) शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाओं द्वारा व्यक्ति अपने शरीर में सुधार करता है और इसे मजबूत बनाता है।<br />
(6) यह शिक्षा शरीर की कार्य-कुशलता व क्षमता में वृद्धि करती है।</p>
<p>शारीरिक शिक्षा के लक्ष्य (Aims of Physical Education)-शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य विद्यार्थी को इस प्रकार तैयार करना है कि वह एक सफल एवं स्वस्थ नागरिक बनकर अपने परिवार, समाज व राष्ट्र की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता या योग्यता उत्पन्न कर सके और समाज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनकर सफलता से जीवनयापन करते हुए जीवन का पूरा आनंद उठा सके। विभिन्न विद्वानों के अनुसार शारीरिक शिक्षा के लक्ष्य निम्नलिखित हैं</p>
<p>1.जे० एफ० विलियम्स (J. E. Williams):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य एक प्रकार का कुशल नेतृत्व तथा पर्याप्त समय प्रदान करना है, जिससे व्यक्तियों या संगठनों को इसमें भाग लेने के लिए पूरे-पूरे अवसर मिल सकें, जो शारीरिक रूप से आनंददायक, मानसिक दृष्टि से चुस्त तथा सामाजिक रूप से निपुण हों।&#8221;</p>
<p>2. जे० आर० शर्मन (J.R. Sherman):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य है कि व्यक्ति के अनुभव को इस हद तक प्रभावित करे कि वह अपनी क्षमता से समाज में अच्छे से रह सके, अपनी जरूरतों को बढ़ा सके, उन्नति कर सके तथा अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सक्षम हो सके।&#8221;</p>
<p>3. केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय (Central Ministry of Education):<br />
के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा को प्रत्येक बच्चे को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाना चाहिए और उसमें ऐसे व्यक्तिगत एवं सामाजिक गुणों का विकास करना चाहिए ताकि वह दूसरों के साथ प्रसन्नता व खुशी से रह सके और एक अच्छा नागरिक बन सके।&#8221;</p>
<p>दी गई परिभाषाओं का अध्ययन करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है। इसके लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए जे०एफ० विलियम्स (J.E. Williams) ने भी कहा है कि &#8220;शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य मनुष्य के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
शारीरिक शिक्षा से आपका क्या अभिप्राय है? इसके उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा का अर्थ (Meaning of Physical Education):<br />
शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से व्यक्ति में एक चुनी हुई दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है।</p>
<p>शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य (Objectives of Physical Education):<br />
उद्देश्य, लक्ष्य की तरह अदृश्य या अपूर्ण नहीं है, बल्कि ये साधारण भाषा में लिखे जाते हैं। ये किसी भी मापक द्वारा तोले जा सकते हैं। ये गिनती में बहुत अधिक हैं तथा किसी मुख्य स्थान पर जाने के लिए निर्धारक का काम करते हैं। नि:संदेह इनकी प्राप्ति व्यक्तियों तथा सिद्धांतों द्वारा ही होती है, परंतु प्रत्येक हालत में सब उद्देश्यों को प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसका भाव यह नहीं है कि उद्देश्यों का कोई महत्त्व ही नहीं है, इनके द्वारा ही बच्चों या विद्यार्थियों के आचरण में कई तरह के परिवर्तन तथा सुधार किए जा सकते हैं। विभिन्न विद्वानों ने शारीरिक शिक्षा के भिन्न-भिन्न उद्देश्य बताएँ हैं, जो निम्नलिखित प्रकार से हैं</p>
<p>1. हैगमैन तथा ब्राऊनवैल (Hagman and Brownwell) के अनुसार, शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(i) शारीरिक स्वास्थ्य में बढ़ोतरी करना (Increase in Physical Health)<br />
(ii) गति या तकनीकी योग्यताओं में बढ़ोतरी करना (Increase in Motor Skills)<br />
(iii) ज्ञान में वृद्धि करना (Increase in Knowledge)<br />
(iv) अभिरुचि में सुधार लाना (Improvement in Aptitude)।</p>
<p>2. जे०बी०नैश (J. B. Nash) के अनुसार, शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(i) शारीरिक अंगों का विकास (Development of Organic)<br />
(ii) नाड़ी-माँसपेशियों संबंधी विकास (Neuro Muscular Development)<br />
(iii) अर्थ समझने की योग्यता का विकास (Development of Inter-pretative Ability)<br />
(iv) भावनात्मक विकास (Emotional Development)।</p>
<p>3. बॅक वाल्टर (Buck Walter) ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को तीन भागों में विभाजित किया है<br />
(i) सेहत या स्वास्थ्य में सुधार करना (Improvement in Health),<br />
(ii) खाली समय का उचित प्रयोग (Proper or Worthy use of Leisure Time),<br />
(iii) नैतिक आचरण (Ethical Character)।</p>
<p>4. लास्की (Laski) के अनुसार शारीरिक शिक्षा के पाँच उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(i) शारीरिक विकास (Physical Development),<br />
(ii) नाड़ी-माँसपेशियों के समन्वय में विकास (Development of Neuro-Muscular Co-ordination),<br />
(iii) भावनात्मक विकास (Emotional Development),<br />
(iv) सामाजिक विकास (Social Development),<br />
(v) बौद्धिक विकास (Intellectual Development)।</p>
<p>5. इरविन (Irwin) के अनुसार शारीरिक शिक्षा के पाँच उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(i) शारीरिक विकास (Physical Development),<br />
(ii) भावनात्मक विकास (Emotional Development),<br />
(iii) सामाजिक विकास (Social Development),<br />
(iv) मानसिक विकास (Mental Development),<br />
(v) मनोरंजक गतिविधियों में निपुणता या मनोरंजक विकास (Skill in Recreation Activities or Development of Recreation)।</p>
<p>6. चार्ल्स ए० बूचर (Charles A. Bucher) ने अपनी पुस्तक &#8216;शारीरिक शिक्षा की बुनियाद&#8217; में शारीरिक शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य बताए हैं<br />
(i) शारीरिक विकास (Physical Development),<br />
(ii) गतिज विकास (Motor Development),<br />
(iii) मानसिक विकास (Mental Development),<br />
(iv) मानवीय संबंधों का विकास (Development of Human Relations)।</p>
<p>उपर्युक्त वर्णित उद्देश्यों के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि शारीरिक शिक्षा के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
1.शारीरिक विकास (Physical Development):<br />
शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाएँ शारीरिक विकास का माध्यम हैं । शारीरिक क्रियाएँ माँसपेशियों को मजबूत करने, रक्त का बहाव ठीक रखने, पाचन-शक्ति में बढ़ोतरी करने और श्वसन क्रिया को ठीक रखने में सहायक होती हैं। शारीरिक क्रियाएँ न केवल भिन्न-भिन्न प्रणालियों को स्वस्थ और ठीक रखती हैं, बल्कि उनके आकार, शक्ल और कुशलता में भी बढ़ोतरी करती हैं। शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाना और उसके व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू को निखारना है।</p>
<p>2. मानसिक विकास (Mental Development):<br />
शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी होना चाहिए।शारीरिक शिक्षा ऐसी क्रियाएँ प्रदान करती हैं, जो व्यक्ति के दिमाग को उत्तेजित करती हैं। उदाहरणस्वरूप बास्केटबॉल की खेल के दौरान एक टीम के खिलाड़ियों ने विरोधी टीम के खिलाड़ियों से बॉल बचा कर रखनी होती है। इसके साथ अपना निशाना भी देखना होता है और अपनी शक्ति का अन्दाज़ा लगाकर बॉल को ऊपर बास्केट में डालना होता है। जो खिलाड़ी केवल शारीरिक तौर पर शक्तिशाली हो और मानसिक तौर पर उसकी प्रफुल्लता पूरी न हो, वह कभी अच्छा खिलाड़ी नहीं बन सकता। इसलिए खेल खेलने वाले व्यक्ति का शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी हो जाता है। शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है।</p>
<p>3. संवेगात्मक या भावनात्मक विकास (Emotional Development):<br />
शारीरिक तौर पर स्वस्थ और मानसिक तौर पर चुस्त व्यक्ति भी कई बार बहुत भावुक हो जाते हैं। ये जीवन में साधारण समस्याओं को हंसते-हंसते सुलझा देने के स्थान पर उनको एक बड़ी समस्या बनाकर उनमें उलझ जाते हैं। वे अपनी खुशी, दुःख, पसन्द और ईर्ष्या को ज़रूरत से अधिक महत्ता देते हैं। ऐसा करने से उनका बहुमूल्य समय और शक्ति व्यर्थ चले जाते हैं और वे अच्छे परिणाम प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। खेलें शारीरिक भावनाओं पर नियन्त्रण करने की कला सिखाती हैं। शारीरिक शिक्षा कई प्रकार के ऐसे अवसर पैदा करती है, जिनसे शरीर का भावनात्मक या संवेगात्मक विकास होता है। खेल में बार-बार जीतना या हारना दोनों हालातों में भावनात्मक पहलू प्रभावित होते हैं। इससे खिलाड़ियों में भावनात्मक स्थिरता उत्पन्न होती है। इसलिए उन पर जीत-हार का बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। शारीरिक शिक्षा खिलाड़ियों को अपनी भावनाओं पर काबू रखना सिखाती है।</p>
<p>4. सामाजिक विकास (Social Development):<br />
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसे समाज में मिल-जुलकर रहना पड़ता है। शारीरिक शिक्षा भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करती है। उनमें एकता व एकबद्धता लाती है। खेल में धर्म, जाति, श्रेणी, वर्ग या क्षेत्र आदि के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। इस तरह से शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक व नैतिक विकास में वृद्धि होती है; जैसे एक-दूसरे से. मिलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना, दूसरों की आज्ञा का पालन करना, बड़ों का सम्मान करना, नियमों का पालन करना आदि।</p>
<p>5. सांस्कृतिक विकास (Cultural Development)&#8221;<br />
शारीरिक शिक्षा संबंधी खेल और क्रियाकलापों के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के व्यक्ति व खिलाड़ी आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानते हैं व उनके रीति-रिवाजों, परंपराओं और जीवन-शैली के बारे में परिचित होते हैं, जिससे सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p>6. चरित्र या नैतिक निर्माण (Character or Moral Development):<br />
यदि सभी व्यक्तियों को अपने आस-पास के सभी नियमों को निभाते हुए सरलता से जीवन जीना आ जाता है तो वे सुलझे हुए इंसान बन जाते हैं। खेलें खेलते हुए यदि खिलाड़ियों को रैफ़री का निर्णय पसन्द न भी आए तो भी वे उसकी आज्ञा का पालन हैं और कोई दुर्व्यवहार नहीं करते। इस प्रकार खेल के मैदान में ही आज्ञा पालन, सत्य बोलना, समय के पाबन्द रहना, अनुशासन में रहना, बड़ों का कहना मानना, छोटों से प्यार करना, पड़ोसियों के साथ मेल-जोल से रहना, आदि गुण सीखे जाते हैं।</p>
<p>7. गतिज विकास (Motor Development):<br />
शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाएँ शरीर में ज्यादा-से-ज्यादा तालमेल बनाती हैं। अगर शारीरिक शिक्षा में उछलना, दौड़ना, फेंकना आदि क्रियाएँ न हों तो कोई भी उद्देश्य पूरा नहीं किया जा सकता। मानवीय शरीर में सही गतिज विकास तभी हो सकता है जब नाड़ी प्रणाली और माँसपेशीय प्रणाली का संबंध ठीक रहे। इससे कम थकावट और अधिक-से-अधिक कुशलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।</p>
<p>निष्कर्ष (Conclusion)-दिए गए विवरण से स्पष्ट है कि शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों का क्षेत्र बहुत विशाल है। शारीरिक शिक्षा, एक सामान्य शिक्षा के रूप में शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक होती है। यह व्यक्ति या छात्र में आंतरिक कुशलताओं का विकास करती है और उसमें अनेक प्रकार के छुपे हुए गुणों को बाहर निकालती है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
शिक्षा के क्षेत्र में शारीरिक शिक्षा क्यों आवश्यक है? वर्णन करें। अथवा हमें शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता किन कारणों से पड़ती है? वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
शिक्षा के क्षेत्र में शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता या उपयोगिता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वर्तमान युग में शारीरिक शिक्षा पूरे विश्व के स्कूल-कॉलेजों में पाठ्यक्रम का महत्त्वपूर्ण अंग बन गई है। एच०सी० बॅक (H.C. Buck) के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा कार्यक्रम का वह भाग है जो माँसपेशियों के क्रियाकलापों के माध्यम से बच्चों की वृद्धि, विकास तथा शिक्षा से संबंधित है।&#8221; आज के मनुष्य को योजनाबद्ध खेलों और शारीरिक शिक्षा की बहुत आवश्यकता है। आधुनिक संदर्भ में शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता या उपयोगिता निम्नलिखित प्रकार से है</p>
<p>1. शारीरिक विकास (Physical Development):<br />
शारीरिक विकास शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से होता है। शारीरिक क्रियाएँ माँसपेशियों को मजबूत, रक्त का संचार सही, पाचन-शक्ति में बढ़ोतरी तथा श्वसन क्रिया को ठीक रखती हैं। शारीरिक क्रियाएँ अलग-अलग प्रणालियों को स्वस्थ और ठीक रखती हैं । शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाना है। नियमित रूप में किया जाने वाला व्यायाम एक स्वस्थ जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्ति की निपुणता और सामर्थ्य में वृद्धि करता है। इस कारण शारीरिक क्रियाकलाप शारीरिक वृद्धि और विकास के लिए बहुत आवश्यक है।</p>
<p>2. नियमबद्ध वृद्धि एवं विकास (Harmonious Growth and Development):<br />
नियमित रूप से वृद्धि और विकास शारीरिक शिक्षा का सबसे महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है। सभी सजीव वस्तुएँ वृद्धि करती हैं। जैसे एक छोटा-सा बीज बड़ा होकर एक भारी पेड़ बन जाता है। शारीरिक शिक्षा का संबंध भी वृद्धि और विकास से है। व्यायाम करने से माँसपेशियाँ मजबूत बनती हैं। नियमित रूप से किया जाने वाला शारीरिक अभ्यास विभिन्न अंगों में वृद्धि एवं विकास करता है। इसलिए आज हमें इसकी बहुत आवश्यकता है।</p>
<p>3. अच्छे नागरिक के गुणों का विकास (Development of Qualities of Good Citizen):<br />
शारीरिक शिक्षा खेलकूद के माध्यम से अच्छे नागरिकों के गुणों को विकसित करती है; जैसे खेलों के नियमों की पालना करना, खेलों में आपसी तालमेल बनाना, हार व जीत में संयम रखना, दूसरों का आदर करना, देशभक्ति की भावना आदि।</p>
<p>4. मानसिक विकास (Mental Development):<br />
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी होना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों के मिलाप से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक क्रियाओं में भाग लेता है तो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसका मानसिक विकास भी होता है।</p>
<p>5. नेतृत्व का विकास (Development of Leadership):<br />
शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व करने के अनेक अवसर होते हैं। उदाहरणतया, हॉकी की टीम के कैप्टन को निष्पक्षता और समझदारी से खेलना पड़ता है। कई बार प्रतियोगिताओं का आयोजन करना भी नेतृत्व के गुणों के विकास में सहायक होता है। इसलिए हमें शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता पड़ती है।</p>
<p>6. गतिज विकास (Motor Development):<br />
शारीरिक क्रियाएँ शरीर में अधिक-से-अधिक तालमेल बढ़ाती हैं। यदि शारीरिक क्रियाओं में कूदना, दौड़ना, फेंकना आदि न हो तो कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। मानवीय शरीर में सही गतिज विकास तभी हो सकता है जब नाड़ी प्रणाली और माँसपेशी प्रणाली का संबंध ठीक रहे। शारीरिक शिक्षा विभिन्न शारीरिक प्रणालियों की कार्यक्षमता को सुचारु करने में सहायक होती है।</p>
<p>7. भावनात्मक विकास (Emotional Development):<br />
शारीरिक क्रियाएँ कई प्रकार के ऐसे अवसर पैदा करती हैं जिनसे भावनात्मक विकास होता है। खेल में बार-बार विजयी होना या हारना, दोनों अवस्थाओं में भावनात्मक स्थिरता आती है। इसलिए खिलाड़ी पर जीत-हार का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सिखाती है। जिस व्यक्ति का अपने संवेगों पर नियंत्रण होता है वह सफलता की ओर अग्रसर होता है। इसलिए हमें शारीरिक शिक्षा की अधिक आवश्यकता है।</p>
<p>8. सामाजिक विकास (Social Development):<br />
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज में मिल-जुलकर सम्मानपूर्वक जीना चाहता है। शारीरिक शिक्षा की क्रियाओं द्वारा व्यक्ति का सामाजिक विकास होता है जैसे कि एक-दूसरे को सहयोग देना, दूसरों का सम्मान करना और आज्ञा का पालन करना, अनुशासन, वफादारी, सहनशीलता, सदाचार, नियमों व कर्त्तव्यों की पालना, नियमबद्धता इत्यादि। ये सभी गुण मित्रता और भाईचारे में वृद्धि करते हैं। इसलिए शारीरिक शिक्षा हमारे लिए उपयोगी एवं आवश्यक है।</p>
<p>9. स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान (Knowledge of Health Education):<br />
स्वस्थ जीवन के लिए स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी होना आवश्यक है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को एक अच्छा जीवन व्यतीत करने का मार्ग दर्शाती है। शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा के<br />
अंतर्गत जन-संपर्क के रूप में कार्य करती है, जो सेहत और रोगों से संबंधी जानकारी प्रदान करती है। यह लोगों को अपनी आदतों और जीवन व्यतीत करने के तौर-तरीकों का विकास करने की प्रेरणा देती है।</p>
<p>निष्कर्ष (Conclusion)-उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि शारीरिक गतिविधियाँ नियमित रूप से वृद्धि करने में सहायक होती हैं। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में हमें शारीरिक शिक्षा की अति आवश्यकता पड़ती है। इसकी उपयोगिता देखते हुए इसका क्षेत्र दिन-प्रतिदिन विस्तृत होता जा रहा है। अतः हम यह कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा को हमें विशाल स्तर पर सर्व-प्रिय बनाना चाहिए और इसे न केवल शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित रखना चाहिए बल्कि इसे ग्रामीण या अन्य क्षेत्रों तक भी पहुँचाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
आधुनिक संदर्भ में शारीरिक शिक्षा के महत्त्व का वर्णन कीजिए। अथवा शारीरिक शिक्षा का क्या महत्त्व है? वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
आज का युग एक मशीनी व वैज्ञानिक युग है, जिसमें मनुष्य स्वयं मशीन बनकर रह गया है। इसकी शारीरिक शक्ति खतरे में पड़ गई है। मनुष्य पर मानसिक तनाव और कई प्रकार की बीमारियों का संक्रमण बढ़ रहा है। मनुष्य को नीरोग एवं स्वस्थ रखने में शारीरिक शिक्षा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शारीरिक शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए रूसो (Rousseau) ने कहा&#8221;शारीरिक शिक्षा शरीर का एक मजबूत ढाँचा है जो मस्तिष्क के कार्य को निश्चित तथा आसान करता है।&#8221; शारीरिक शिक्षा के महत्त्व को निम्नलिखित प्रकार से समझा जा सकता है</p>
<p>1. शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है (Physical Education is Useful for Health):<br />
अच्छा स्वास्थ्य अच्छी जलवायु की उपज नहीं, बल्कि यह अच्छी खुराक, व्यक्तिगत स्वच्छता, उचित आराम, अनावश्यक चिंताओं से मुक्ति और रोग-रहित जीवन है। आवश्यक डॉक्टरी सहायता भी स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए ज़रूरी है। बहुत ज्यादा कसरत करना, परन्तु आवश्यक खुराक न खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जो व्यक्ति खेलों में भाग लेते हैं, उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है। खेलों में भाग लेने से शरीर की सारी शारीरिक प्रणालियाँ सही ढंग से काम करने लग जाती हैं। ये प्रणालियाँ शरीर में हुई थोड़ी-सी कमी या बढ़ोतरी को भी सहन कर लेती हैं। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति खेलों में अवश्य भाग ले। आधुनिक युग में शारीरिक शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ० राधाकृष्णन (Dr. Radha Krishanan) ने कहा है, &#8220;मजबूत शारीरिक नींव के बिना कोई राष्ट्र महान नहीं बन सकता।&#8221;.</p>
<p>2. शारीरिक शिक्षा हानिकारक मनोवैज्ञानिक व्याधियों को कम करती है (Physical Education decreases Harmful Psychological Disorders):<br />
आधुनिक संसार में व्यक्ति का ज्यादा काम दिमागी हो गया है। जैसे प्रोफैसर, वैज्ञानिक, गणित-शास्त्री, दार्शनिक आदि सारे व्यक्ति मानसिक कामों से जुड़े हुए हैं। मानसिक काम से हमारे स्नायु संस्थान (Nervous System) पर दबाव बढ़ता है। इस दबाव को कम करने के लिए काम में परिवर्तन आवश्यक है। यह परिवर्तन मानसिक शांति पैदा करता है। सबसे लाभदायक परिवर्तन शारीरिक कसरतें हैं। जे०बी० नैश (J.B. Nash) का कहना है कि &#8220;जब कोई विचार दिमाग में आ जाता है तो हालात बदलने पर भी दिमाग में चक्कर लगाता रहता है।&#8221; अतः स्पष्ट है कि शारीरिक क्रियाएँ करने से हमारी मानसिक थकान कम होती है।</p>
<p>3. शारीरिक शिक्षा भीड़-भाड़ वाले जीवन के दुष्प्रभाव को कम करती है (Physical Education decreases the side effects of Congested Life):<br />
आजकल शहरों में जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। इस बढ़ी हुई जनसंख्या के कारण कई समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। शहरों में यातायात वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। मोटरों, गाड़ियों और फैक्टरियों का धुआँ निरंतर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। अतः शारीरिक शिक्षा से लोगों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। विभिन्न क्षेत्रों में शारीरिक शिक्षा संबंधी खेल क्लब बनाकर लोगों को अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।</p>
<p>4. शारीरिक शिक्षा सुस्त जीवन के बुरे प्रभावों को कम करती है (Physical Education corrects the harmful effects of Lazy Life):<br />
आज का युग मशीनी है। दिनों का काम कुछ घण्टों में हो जाता है. जिसके कारण. मनुष्य के पास काफी समय बच जाता है जो गुजारना बहुत मुश्किल होता है। बिना काम के जीवन सुस्त और क्रिया-रहित हो जाता है। ऐसी हालत में लोगों को दौड़ने-कूदने के मौके देकर उनका स्वास्थ्य ठीक रखा जा सकता है। जब तक व्यक्ति योजनाबद्ध तरीके से खेलों और शारीरिक क्रियाओं में भाग नहीं लेगा, तब तक वह अपने स्वास्थ्य को अधिक दिनों तक तंदुरुस्त नहीं रख पाएगा।</p>
<p>5. शारीरिक शिक्षा सम्पूर्ण व्यक्तित्व बनाने में सहायता करती है (Physical Education helps in making Proper Personality):<br />
शारीरिक शिक्षा मनुष्य के सम्पूर्ण व्यक्तित्व में बढ़ोतरी करती है। यह बहु-पक्षीय प्रगति करती है। इससे शरीर के प्रत्येक पक्ष का विकास होता है, जिससे मनुष्य का सम्पूर्ण व्यक्तित्व बनता है।</p>
<p>6. शारीरिक शिक्षा मनोरंजन प्रदान करती है (Physical Education provides the Recreation):<br />
मनोरंजन जीवन का महत्त्वपूर्ण अंग है। मनोरंजन व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक खुशी प्रदान करता है। इसमें व्यक्ति निजी प्रसन्नता और संतुष्टि के कारण अपनी इच्छा से भाग लेता है। शारीरिक शिक्षा और मनोरंजन में गहरा संबंध है। शारीरिक शिक्षा मनुष्य को कई प्रकार की क्रियाएँ प्रदान करती है जिससे उसको मनोरंजन प्राप्त होता है।</p>
<p>7. शारीरिक शिक्षा शारीरिक संस्थानों का ज्ञान प्रदान करती है (Physical Education Provides the Knowledge of Human Body System):<br />
शारीरिक शिक्षा मानवीय शरीर की सभी प्रणालियों का ज्ञान प्रदान करती है। यह किसी भी व्यक्ति के . शरीर की विभिन्न प्रणालियों पर व्यायाम द्वारा पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी देती है। यह विभिन्न रोगों से व्यक्ति को अपने शारीरिक अंगों की रक्षा करने संबंधी जानकारी देती है।</p>
<p>8. खाली समय का सही उपयोग (Proper Use of Leisure Time):<br />
शारीरिक शिक्षा खाली समय के सही उपयोग में सहायक होती है। खाली समय में व्यक्ति शारीरिक क्रियाकलापों द्वारा कोई अच्छा कार्य कर सकता है। जैसे कि वह खाली समय में कोई खेल, खेल सकता है। यदि वह बाहर जाकर नहीं खेल सकता तो घर में ही खेल सकता है जिससे व्यक्ति का मन सामाजिक कुरीतियों की तरफ नहीं जाता।</p>
<p>9. अच्छे नागरिक के गुणों का विकास (Development Qualities of Good Citizen):<br />
शारीरिक शिक्षा खेलकूद के माध्यम से अच्छे नागरिकों के गुणों को विकसित करती है। जैसे खेलों के नियमों की पालना करना, खेलों में आपसी तालमेल बनाना, हार व जीत में संयम रखना, दूसरों के प्रति आदर व सम्मान की भावना, देशभक्ति की भावना जो लोकतांत्रिक जीवन में आवश्यक है, को विकसित करती है। 1</p>
<p>10. सांस्कृतिक विकास (Cultural Development):<br />
शारीरिक शिक्षा खेल व शारीरिक गतिविधियों की प्रक्रिया है। खेलों और क्रियाकलापों के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के खिलाड़ी आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानते हैं। वे एक-दूसरे के रीति-रिवाज़ों, परंपराओं और जीवन-शैली से परिचित होते हैं, जिससे सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p>11. राष्ट्रीय एकता का विकास (Development of National Integration):<br />
शारीरिक शिक्षा एक ऐसा माध्यम है, जिससे राष्ट्रीय एकता में वृद्धि की जा सकती है। खेलें खिलाड़ियों में सांप्रदायिकता, असमानता, प्रांतवाद और भाषावाद जैसे अवगुणों को दूर करती है। इसमें खिलाड़ियों को ऐसे अनेक अवसर मिलते हैं, जब उनमें सहनशीलता, सामाजिकता, बड़ों का सत्कार और देश-भक्ति की भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। ये गुण उनमें राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं और उनके व्यक्तित्व को विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार खेलकूद में भाग लेने से मातृत्व या राष्ट्रीयता की भावना विकसित होती है। ..</p>
<p>12. शारीरिक शिक्षा और सामाजिक एकता (Physical Education and Social Cohesion):<br />
सामाजिक जीवन में कई तरह की भिन्नताएँ होती हैं; जैसे अलग भाषा, अलग संस्कृति, रंग-रूप, अमीरी-गरीबी, शक्तिशाली-कमज़ोर आदि । इन भिन्नताओं के बावजूद मनुष्य को सामाजिक इकाई में रहना पड़ता है। शारीरिक शिक्षा भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करती है। उनमें एकता व एकबद्धता लाती है।खेल में धर्म, जाति, श्रेणी, वर्ग या क्षेत्र आदि के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। इस तरह से शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक व नैतिक विकास में वृद्धि होती है; जैसे एक-दूसरे से मिलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना, दूसरों की आज्ञा का पालन करना, बड़ों का सम्मान करना, नियमों का पालन करना आदि।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
शारीरिक शिक्षा के मुख्य सिद्धांतों का वर्णन करें। उत्तर-शारीरिक शिक्षा के मुख्य सिद्धांत निम्नलिखित हैं<br />
(1) शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा का एक अभिन्न अंग है जो व्यक्ति के संपूर्ण विकास में सहायक होता है।</p>
<p>(2) शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों को शामिल किया जाता है जिनमें भाग लेकर छात्र या व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करने में समर्थ हो सके। इससे अच्छे संवेगों का विकास होता है और बुरे संवेगों का निकास होता है।</p>
<p>(3) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम या गतिविधियाँ ज्ञान संबंधी तथ्यों को सीखने में योगदान देती हैं।</p>
<p>(4) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम गतिक कौशल, शारीरिक सुयोग्यता एवं पुष्टि तथा स्वास्थ्य में सुधार करने वाले होने चाहिएँ। .</p>
<p>(5) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम छात्रों की रुचियों, आवश्यकताओं एवं पर्यावरण पर आधारित होने चाहिएँ।</p>
<p>(6) शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रमों में छात्रों का पूर्ण चिकित्सा-परीक्षण किया जाना चाहिए, क्योंकि बिना चिकित्सा परीक्षण के किसी को यह पता नहीं चल सकता कि छात्र किस प्रकार की असमर्थता का सामना कर रहा है।</p>
<p>(7) शारीरिक शिक्षा का महत्त्वपूर्ण माध्यम शारीरिक क्रियाएँ हैं। जब तक ये क्रियाएँ व्यवस्थित एवं प्रभावशाली नहीं होंगी, तब तक व्यक्ति या छात्रों के सभी अंगों का पूरी तरह से विकास नहीं हो सकता।</p>
<p>(8) शारीरिक शिक्षा के सिद्धांत वैज्ञानिक प्रक्रिया पर आधारित हैं। इसमें क्रियाओं का चुनाव इस प्रकार से किया जाना चाहिए कि इसके उद्देश्यों की पूर्ति पूर्णत: की जा सके।</p>
<p>(9) शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों द्वारा छात्रों के आचरण में कई प्रकार के महत्त्वपूर्ण परिवर्तन एवं सुधार किए जा सकते हैं; जैसे नियमों की पालना करना, सहयोग देना, दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना आदि।</p>
<p>(10) शारीरिक शिक्षा के बारे में जानकारी सामान्य भाषा में देनी चाहिए और यह जानकारी भरपूर होनी चाहिए।</p>
<p>(11) शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों को भी शामिल करना चाहिए जिनमें छात्रों की स्वाभाविक इच्छाओं एवं आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।</p>
<p>(12) शारीरिक क्रियाओं का चयन छात्रों की आयु, लिंग के अनुसार होना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में शारीरिक शिक्षा का क्या योगदान है? वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास को अपना उद्देश्य बनाती है। संक्षेप में, हम कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा मनुष्य के संपूर्ण विकास में सहायक होती है। यह बात निम्नलिखित तथ्यों से स्पष्ट होती है<br />
1. नेतृत्व का विकास (Development of Leadership):<br />
शारीरिक शिक्षा में नेतृत्व करने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं; जैसे क्रिकेट टीम में टीम का कैप्टन, निष्पक्षता, सूझ-बूझ और भावपूर्ण ढंग से खेल की रणनीति तैयार करता है। जब किसी खेल के नेता को खेल से पहले शरीर गर्माने के लिए नियुक्त किया जाता है, तब भी नेतृत्व की शिक्षा दी जाती है। कई बार प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन करना भी नेतृत्व के विकास में सहायता करता है।</p>
<p>2. अनुशासन का विकास (Development of Discipline):<br />
शारीरिक शिक्षा हमें अनुशासन का अमूल्य गुण भी सिखाती है। हमें अनुशासन में रहते हुए और खेल के नियमों का पालन करते हुए खेलना पड़ता है। इस प्रकार खेल अनुशासन की भावना में वृद्धि करते हैं। खेल में अयोग्य करार दिए जाने के डर से खिलाड़ी अनुशासन भंग नहीं करते। वे अनुशासन में रहकर ही खेलते हैं।</p>
<p>3. सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार का विकास (Development of Sympathetic Attitude):<br />
खेल के दौरान यदि कोई खिलाड़ी घायल हो जाता है तो दूसरे सभी खिलाड़ी उसके प्रति हमदर्दी की भावना रखते हैं। ऐसा फुटबॉल अथवा क्रिकेट खेलते समय देखा भी जा सकता है। जब भी किसी खिलाड़ी को चोट लगती है तो सभी खिलाड़ी हमदर्दी प्रकट करते हुए उसकी सहायता के लिए दौड़ते हैं। यह गुण व्यक्तित्व निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<p>4. अच्छे नागरिक के गुणों का विकास (Development of Qualities of Good Citizen):<br />
शारीरिक शिक्षा खेलकूद के माध्यम से अच्छे नागरिकों के गुणों को विकसित करती है। जैसे खेलों के नियमों की पालना करना, खेलों में आपसी तालमेल बनाना, हार व जीत में संयम रखना, दूसरों के प्रति आदर व सम्मान की भावना, देशभक्ति की भावना आदि।</p>
<p>5.शारीरिक विकास (Physical Development):<br />
शारीरिक शिक्षा संबंधी क्रियाएँ शारीरिक विकास का माध्यम हैं। शारीरिक क्रियाएँ माँसपेशियों को मजबूत, रक्त का बहाव ठीक रखने, पाचन-शक्ति में बढ़ोतरी और श्वसन क्रिया को ठीक रखने में सहायक हैं। शारीरिक क्रियाओं से खिलाड़ी या व्यक्ति का शरीर मजबूत, शक्तिशाली, लचकदार और प्रभावशाली बनता है।</p>
<p>6. मानसिक विकास (Physical Development):<br />
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी होना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों के मिलाप से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक क्रियाओं में भाग लेता है तो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसका मानसिक विकास भी होता हैं।</p>
<p>7. उच्च नैतिकता की शिक्षा (Lesson of High Morality):<br />
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति में खेल-भावना (Sportsmanship) उत्पन्न करती है। यह इस बात में भी सहायता करती है कि खिलाड़ी का स्तर नैतिक दृष्टि से ऊँचा रहे तथा वह पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अपने उद्देश्य की ओर अग्रसर होता रहे। संक्षेप में, शारीरिक शिक्षा खिलाड़ी का उच्च स्तर का नैतिक विकास करने में सहायक होती है।</p>
<p>8. भावनात्मक संतुलन (Emotional Balance):<br />
भावनात्मक संतुलन भी व्यक्तित्व के पूर्ण विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शारीरिक शिक्षा और खेलों द्वारा पैदा होता है। शारीरिक शिक्षा खिलाड़ी में अनेक प्रकार से भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है। बच्चे को बताया जाता है कि वह विजय प्राप्त करने के बाद आवश्यकता से अधिक प्रसन्न न हो और हार के गम को भी । सहज भाव से ले। इस तरह भावनात्मक संतुलन एक अच्छे व्यक्तित्व के लिए अत्यावश्यक है।</p>
<p>9. सामाजिक विकास (Social Development):<br />
शारीरिक शिक्षा समूचे व्यक्तित्व का विकास इस दृष्टि से भी करती है कि व्यक्ति में अनेक प्रकार के सामाजिक गुण आ जाते हैं। उदाहरणतया सहयोग, टीम भावना, उत्तरदायित्व की भावना और नेतृत्व जैसे गुण भी बच्चे में खेलों द्वारा ही उत्पन्न होते हैं। ये गुण बड़ा होने पर अधिक विकसित हो जाते हैं। फलस्वरूप बच्चा एक अच्छा नागरिक बनता है।</p>
<p>10. अच्छी आदतों का विकास (Development of Good Habits):<br />
अच्छी आदतें व्यक्तित्व की कुंजी होती हैं । शारीरिक शिक्षा से खिलाड़ी.या व्यक्ति में अच्छी आदतों का विकास होता है; जैसे दूसरों का आदर व सम्मान करना, बड़ों का आदर करना, समय का पाबंद होना, नियमों का पालन करना, समय पर भोजन करना, व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना आदि। ये सभी संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं।</p>
<p>निष्कर्ष (Conclusion)-उपर्युक्त विवरण से हम कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा व्यक्तियों या बच्चों में न केवल भीतरी गुणों को ही व्यक्त करती है, अपितु यह उनके व्यक्तित्व के विकास में भी सहायक होती है। यह उनमें कई प्रकार के सामाजिक व नैतिक गुण पैदा करती है और उनमें भावनात्मक संतुलन बनाए रखती है। शारीरिक क्रियाओं द्वारा व्यक्ति में कुर्बानी, निष्पक्षता, मित्रता की भावना, सहयोग, स्व-नियंत्रण, आत्म-विश्वास और आज्ञा की पालना करने जैसे गुणों का विकास होता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक के व्यक्तिगत गुणों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक के व्यक्तिगत गुण निम्नलिखित हैं</p>
<p>1. व्यक्तित्व (Personality):<br />
अच्छा व्यक्तित्व शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का सबसे बड़ा गुण है, क्योंकि व्यक्तित्व बहुत सारे गुणों का समूह है। एक अच्छे व्यक्तित्व वाले अध्यापक में अच्छे गुण; जैसे कि सहनशीलता, पक्का इरादा, अच्छा चरित्र, सच्चाई, समझदारी, ईमानदारी, मेल-मिलाप की भावना, निष्पक्षता, धैर्य, विश्वास आदि होने चाहिएँ।</p>
<p>2. चरित्र (Character):<br />
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक एक अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति होना चाहिए, क्योंकि उसका सीधा संबंध विद्यार्थियों से होता है। यदि उसके अपने चरित्र में कमियाँ हैं तो वह कभी भी विद्यार्थियों के चरित्र को ऊँचा नहीं उठा पाएगा।</p>
<p>3. नेतृत्व के गुण (Qualities of Leadership):<br />
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक में एक अच्छे नेता के गुण होने चाहिएँ क्योंकि उसने ही विद्यार्थियों से शारीरिक क्रियाएँ करवानी होती हैं और उनसे क्रियाएँ करवाने के लिए सहयोग लेना होता है। यह तभी संभव है जब शारीरिक शिक्षा का अध्यापक अच्छे नेतृत्व वाले गुण अपनाए।</p>
<p>4. दृढ़ इच्छा शक्ति (Strong Will Power):<br />
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक दृढ़ इच्छा शक्ति या पक्के इरादे वाला होना चाहिए। वह विद्यार्थियों में दृढ़ इच्छा शक्ति की भावना पैदा करके उन्हें मुश्किल-से-मुश्किल प्रतियोगिताओं में भी जीत प्राप्त करने के लिए प्रेरित करे।</p>
<p>5. अनुशासन (Discipline):<br />
अनुशासन एक बहुत महत्त्वपूर्ण गुण है और इसकी जीवन के हर क्षेत्र में जरूरत है। शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भी बच्चों में अनुशासन की भावना पैदा करना है। शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों में निडरता, आत्मनिर्भरता, दुःख में धीरज रखना जैसे गुण पैदा करता है। इसलिए जरूरी है कि शारीरिक शिक्षा का अध्यापक खुद अनुशासन में रहकर बच्चों में अनुशासन की आदतों का विकास करे ताकि बच्चे एक अच्छे समाज की नींव रख सकें।</p>
<p>6. आत्म-विश्वास (Self-confidence):<br />
किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्म-विश्वास का होना बहुत आवश्यक है। शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों में आत्म-विश्वास की भावना पैदा करके उन्हें निडर, बलवान और हर दुःख में धीरज रखने वाले गुण पैदा कर सकता है।</p>
<p>7. सहयोग (Co-operation):<br />
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का सबसे बड़ा गुण सहयोग की भावना है। शारीरिक शिक्षा के अध्यापक का संबंध केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं है बल्कि मुख्याध्यापक, बच्चों के माता-पिता और समाज से भी है।</p>
<p>8. सहनशीलता (Tolerance):<br />
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक बच्चों से अलग-अलग क्रियाएँ करवाता है। इन क्रियाओं में बच्चे बहुत सारी गलतियाँ करते हैं। उस वक्त शारीरिक शिक्षा के अध्यापक को सहनशील रहकर उनकी गलतियों पर गुस्सा न करते हुए गलतियाँ दूर करनी चाहिएँ। यह तभी हो सकता है अगर शारीरिक शिक्षा का अध्यापक सहनशीलता जैसे गुण का धनी हो।</p>
<p>9.त्याग की भावना (Spirit of Sacrifice):<br />
शारीरिक शिक्षा के अध्यापक में त्याग की भावना का होना बहुत जरूरी है। त्याग की भावना से ही अध्यापक बच्चों को प्राथमिक प्रशिक्षण अच्छी तरह देकर उन्हें अच्छे खिलाड़ी बना सकता है। &#8211;</p>
<p>10. न्यायसंगत (Fairness):<br />
शारीरिक शिक्षा का अध्यापक न्यायसंगत या न्यायप्रिय होना चाहिए, क्योंकि अध्यापक को न केवल शारीरिक क्रियाएँ ही करवानी होती हैं बल्कि अलग-अलग टीमों में खिलाड़ियों का चुनाव करने जैसे निर्णय भी लेने होते हैं। न्यायप्रिय और निष्पक्ष रहने वाला अध्यापक ही बच्चों से सम्मान प्राप्त कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
शारीरिक शिक्षा के बारे में क्या-क्या गलत धारणाएँ या भ्रांतियाँ प्रचलित हैं? वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से व्यक्ति में एक चुनी हुई दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है। अत:शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के संपूर्ण (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक आदि) व्यक्तित्व का विकास होता है।</p>
<p>शारीरिक शिक्षा के बारे में गलत धारणाएँ (Misconception about Physical Education):<br />
शारीरिक शिक्षा के बारे में लोगों की अलग-अलग धारणाएँ हैं। कुछ लोग शारीरिक शिक्षा को क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स आदि समझ लेते हैं। इसके कारण इस विषय संबंधी गलत धारणाएँ प्रचलित हो जाती हैं। इस विषय संबंधी कुछ भ्रांतियाँ या गलत धारणाएँ निम्नलिखित हैं</p>
<p>(1) यह एक आम भ्रांति है कि शारीरिक प्रशिक्षण और शारीरिक शिक्षा एक ही वस्तु है। परंतु ये दोनों भिन्न शब्द हैं। प्रशिक्षण वह कार्यक्रम है जो सेना में सैनिकों को शक्ति या शौर्य प्रदर्शन हेतु दिया जाता है। दूसरी ओर शारीरिक शिक्षा का अर्थ है-अभिव्यक्ति, आत्म-अनुशासन, कल्पनाशील विचार, आयोजन में भाग लेना आदि।</p>
<p>(2) लोगों की यह आम धारणा है कि शारीरिक शिक्षा के द्वारा शरीर को ही स्वस्थ बनाया जा सकता है। शारीरिक शिक्षा का संबंध केवल शारीरिक स्फूर्ति को बनाए रखने वाली शारीरिक क्रियाओं अथवा व्यायाम से ही है। अत: कोई भी इस प्रकार की क्रिया जिसका उद्देश्य व्यायाम करने से या शरीर को स्फूर्ति प्रदान करना हो, शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत मानी जाती है। परन्तु<br />
यह धारणा गलत है।</p>
<p>(3) कुछ लोग मानते हैं कि शारीरिक शिक्षा द्वारा वे अपने बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल नहीं कर सकते। उनका मानना है कि यह समय एवं पैसे की बर्बादी है जो कि ग़लत धारणा है। वास्तव में शारीरिक शिक्षा से बच्चों को आगे बढ़ने की शक्ति एवं प्रेरणा मिलती है। यह उनका पूर्ण रूप से शारीरिक विकास करने में सहायक होती है जिसके कारण वे सभी कार्य अधिक कुशलता एवं क्षमता से करने में समर्थ होते हैं।</p>
<p>(4) कुछ लोग यह सोचते हैं कि शारीरिक शिक्षा व्यक्ति या खिलाड़ी के लिए कोई कैरियर या व्यवसाय नहीं है। परन्तु यह गलत है, क्योंकि वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों में खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में आरक्षण दिया जा रहा है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में खिलाड़ियों के चयन की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>(5) कुछ लोगों की धारणा है कि शारीरिक शिक्षा केवल खेल है। खेल के लिए किसी प्रकार के निर्देश की आवश्यकता नहीं होती और न ही निरीक्षण आवश्यक होता है परन्तु यह एक नकारात्मक अवधारणा है।</p>
<p>(6) कुछ लोग शारीरिक शिक्षा को पी०टी० कहते हैं। वास्तव में पी०टी० अंग्रेजी में फिजिकल ट्रेनिंग शब्दों के प्रथम दो अक्षर &#8211; हैं। ये शब्द सेना में प्रयोग किए जाते हैं जो प्रात:काल सैनिकों को स्वस्थ रखने के लिए कराए जाते हैं। शारीरिक शिक्षा को पूर्ण से पी०टी० कहना गलत है।</p>
<p>(7) कुछ लोग शारीरिक शिक्षा को सामूहिक ड्रिल कहते हैं परन्तु सामूहिक ड्रिल और शारीरिक शिक्षा में बहुत अंतर है। शारीरिक शिक्षा से सर्वांगीण विकास होता है और सामूहिक ड्रिल से केवल शारीरिक विकास होता है। शारीरिक शिक्षा में स्वतंत्रता व विविधता रहने से वातावरण आनंददायी बनता है और सामूहिक ड्रिल में पुनरावृत्ति अधिक होने से थकान और उदासीन वृत्ति आ जाती है।</p>
<p>(8) कुछ लोग जिम्नास्टिक को शारीरिक शिक्षा कहते हैं। जिम्नास्टिक के द्वारा तो केवल शरीर को अधिक लचीला बनाया जाता है। परन्तु शारीरिक शिक्षा संपूर्ण विकास का पहलू है।</p>
<p>(9) कुछ लोगों की धारणा है कि शारीरिक शिक्षा संबंधी गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासनहीनता फैलती है परन्तु यह गलत धारणा है। एक खिलाड़ी खेल गतिविधियों से अनेक आवश्यक नियमों की जानकारी प्राप्त करता है। एक अच्छा खिलाड़ी सदा अनुशासित ढंग से व्यवहार करता है और खेलों के नियमों के अनुसार खेलता है। वह न केवल खेल के मैदान में नियमों का अनुसरण करता है बल्कि अपने वास्तविक जीवन में भी नियमों का अनुसरण करता है।</p>
<p>(10) कुछ लोग यह सोचते हैं कि शारीरिक शिक्षा का अर्थ केवल खेलों में भाग लेना है। परन्तु वास्तव में शारीरिक गतिविधियों में भाग लेकर व्यक्ति या खिलाड़ी शारीरिक रूप से मजबूत एवं सुडौल बनता है और इन गतिविधियों का उसके स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>(11) कुछ लोगों की धारणा है कि वीडियो गेम शारीरिक शिक्षा की गतिविधि है जिससे शारीरिक विकास होता है परन्तु यह गलत धारणा है। वीडियो गेम से मनोरंजन तो हो सकता है परन्तु शारीरिक विकास नहीं।</p>
<p>(12) कुछ लोगों की धारणा है कि शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों में भाग केवल सक्षम व धनी व्यक्ति/खिलाड़ी ही लेते हैं, परन्तु यह गलत धारणा है। खेल गतिविधियों में कोई भी भाग ले सकता है। इनमें अमीरी-गरीबी आदि प्रवृत्तियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सभी अपना, अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन समान रूप से करते हैं।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शारीरिक शिक्षा की परम्परागत अवधारणा को आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा की अवधारणा व्यक्तियों के लिए कोई नई नहीं है। वास्तव में इसकी जड़ें बहुत प्राचीन हैं। प्राचीन समय में विचारों के आदान-प्रदान का सर्वव्यापी माध्यम शारीरिक गतिविधियों एवं शारीरिक अंगों का हाव-भाव था। प्राचीन समय में दौड़ने, कूदने, छलांग लगाने, युद्ध करने तथा शिकार करने आदि को ही शारीरिक शिक्षा का अभिन्न अंग माना जाता है। उस समय मानव इन सभी क्रियाओं का प्रयोग अपनी रक्षा करने और आजीविका कमाने के लिए करता है। पुरातन समय में कुशल, योद्धा एवं योग्य नागरिक बनाने के लिए जो शारीरिक क्रियाएँ करवाई जाती थीं, वे शारीरिक प्रशिक्षण कहलाती थीं। इन गतिविधियों या क्रियाओं का मुख्य उद्देश्य शारीरिक विकास था अर्थात् व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत एवं शक्तिशाली बनाना था।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा न केवल शारीरिक विकास करती है बल्कि यह मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक विकास भी करती है अर्थात् इसका उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है। इस अवधारणा के अनुसार शारीरिक शिक्षा का मुख्य लक्ष्य शिक्षा है न कि स्वास्थ्य, शारीरिक क्रियाएँ या प्रशिक्षण। शिक्षाशास्त्रियों के अनुसार यह शिक्षा का ही एक महत्त्वपूर्ण एवं अभिन्न अंग है क्योंकि शारीरिक क्रियाओं व खेलों द्वारा बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जाता है। चार्ल्स ए० बूचर के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा समस्त शिक्षा प्रणाली का ही एक आधारभूत अंग है।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
शारीरिक शिक्षा समाजीकरण की प्रक्रिया को किस प्रकार से प्रभावित करती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा समाजीकरण का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। व्यक्ति किसी भी खेल में खेल के नियमों का पालन करते हुए तथा अपनी टीम के हित को सामने रखते हुए भाग लेता है। वह अपनी टीम को पूरा सहयोग देता है। वह हार-जीत को समान समझता है। उसमें अनेक सामाजिक गुण; जैसे सहनशीलता, धैर्यता, अनुशासन, सहयोग आदि विकसित होते हैं। इतना ही नहीं, प्रत्येक पीढ़ी कुछ-न-कुछ खास परंपराएँ व नियम भावी पीढ़ी के लिए छोड़ जाती है जिससे विद्यार्थियों को शारीरिक शिक्षा के माध्यम से परिचित करवाया जाता है। इस प्रकार शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के समाजीकरण में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एक शिक्षक क्या भूमिका निभा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
वर्तमान में स्कूल ही एकमात्र ऐसी प्राथमिक संस्था है, जहाँ शारीरिक शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यार्थी स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान शिक्षकों से सीखते हैं। मुख्याध्यापक व शिक्षक-वर्ग विद्यार्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा का कार्यक्रम बनाकर उन्हें शिक्षा देते हैं जिनसे विद्यार्थी यह जान पाते हैं कि किन तरीकों और साधनों से वे अपने शारीरिक संस्थानों व स्वास्थ्य को सुचारु व अच्छा बनाए रख सकते हैं। शिक्षकों द्वारा ही उनमें अपने शरीर व स्वास्थ्य के प्रति एक स्वस्थ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है और उनको अच्छे स्वास्थ्य हेतु प्रेरित किया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(1) शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को शारीरिक तौर पर स्वस्थ बनाना अर्थात् संपूर्ण शारीरिक विकास करना है ताकि वह &#8211; अपने जीवन को सफल बना सके।</p>
<p>(2) शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी बहुत आवश्यक होता है। अतः शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास में भी सहायक होती है। बुद्धि के बल पर हम बड़ी-से-बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं।</p>
<p>(3) सामाजिक, नैतिक, चारित्रिक एवं गत्यात्मक विकास भी शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य हैं। इन उद्देश्यों की पूर्ति होने पर हम अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और समाज व देश के अच्छे नागरिक बनकर देश की उन्नति में भागीदार बन सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
&#8220;आधुनिक शिक्षा को पूरा करने के लिए शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता है।&#8221;इस कथन की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
प्राचीनकाल में विद्या का प्रसार बहुत कम था। उस समय पिता ही पुत्र को पढ़ा देता था या शिक्षा आचार्य दे दिया करते थे। परंतु वर्तमान युग में प्रत्येक व्यक्ति के पढ़े-लिखे होने की आवश्यकता है। बच्चा विभिन्न क्रियाओं में भाग लेकर अपना शारीरिक विकास करता है। इसलिए बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। शारीरिक शिक्षा केवल शारीरिक निर्माण तक ही सीमित नहीं है, वास्तव में यह बच्चे का मानसिक, भावनात्मक, नैतिक और सामाजिक पक्ष का भी विकास करती है। आधुनिक शिक्षा को पूरा करने के लिए शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
&#8220;शारीरिक शिक्षा बढ़ रहे स्कूली दायित्व को पूरा करती है।&#8221; इस कथन की व्याख्या करें।<br />
उत्तर:<br />
प्राचीनकाल में शिक्षा का प्रसार बहुत कम था। बच्चा प्राथमिक शिक्षा अपने माता-पिता और भाई-बहनों से प्राप्त करता था। स्कूलों तथा कॉलेजों का प्रचलन बिल्कुल नहीं था। परंतु आधुनिक युग में शिक्षा का क्षेत्र बहुत बढ़ गया है। जगह-जगह पर स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं। आज के युग में बच्चे को छोटी आयु में ही स्कूल भेज दिया जाता है। घर में बच्चा अनुसरण करके अथवा गलतियाँ करके बहुत कुछ सीख जाता है। अभिभावक व स्कूल के अध्यापक उसकी गलतियों में सुधार करते हैं । बच्चा सहयोग और सहायता करना सीख जाता है। पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा का मिश्रण सीखने की क्रिया को ओर आसान और रुचिपूर्ण बनाता है। परिणामस्वरूप शारीरिक शिक्षा बढ़ रहे स्कूली दायित्व को पूरा करती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
शारीरिक शिक्षा, स्वस्थ जीवन व्यतीत करने में कैसे सहायता करती है?<br />
उत्तर:<br />
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसे समाज के साथ रहना पड़ता है। यदि व्यक्ति को सफल जीवन व्यतीत करना है तो उसे स्वयं को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखना होगा। इस कार्य में शारीरिक शिक्षा उसको महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करती है और उन्हें विकसित करने में सहायक होती है। शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे व्यक्ति में अनेक सामाजिक एवं नैतिक गुणों का विकास होता है। इसके माध्यम से वह अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहता है, एक-दूसरे को सहायता करता है, दूसरों की भावनाओं की कदर करता है और मनोविकारों व बुरी आदतों से दूर रहता है। इस प्रकार शारीरिक शिक्षा, स्वस्थ जीवन व्यतीत करने में सहायता करती है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य के लिए कैसे लाभदायक है?<br />
उत्तर:<br />
अच्छा स्वास्थ्य अच्छी जलवायु की उपज नहीं, बल्कि यह अच्छी खुराक, व्यक्तिगत स्वच्छता, उचित आराम, अनावश्यक ज़्यादा कसरत करना, परन्तु आवश्यक खुराक न खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जो व्यक्ति खेलों में भाग लेते हैं, उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है। खेलों में भाग लेने से शरीर की सारी शारीरिक प्रणालियाँ सही ढंग से काम करने लग जाती हैं। ये प्रणालियाँ शरीर में हुई थोड़ी-सी कमी या बढ़ोतरी को भी सहन कर लेती हैं। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति खेलों में अवश्य भाग ले।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
शारीरिक शिक्षा राष्ट्रीय एकता में कैसे सहायक होती है?।<br />
असमानता, प्रांतवाद और भाषावाद जैसे अवगुणों को दूर करती हैं। इसमें खिलाड़ियों को ऐसे अनेक अवसर मिलते हैं, जब उनमें सहनशीलता, सामाजिकता, बड़ों का सत्कार, देश-भक्ति और राष्ट्रीय आचरण जैसे गुण विकसित होते हैं। ये गुण उनमें राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं और उनके व्यक्तित्व को विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः खेलकूद में भाग लेने से मातृत्व या राष्ट्रीयता की भावना विकसित होती है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
शारीरिक शिक्षा घरेलू तथा पारिवारिक जीवन में क्या योगदान देती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा घरेलू तथा पारिवारिक जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को न केवल अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने की कुशलता प्रदान करती है, बल्कि यह उसे अपने परिवार एवं समाज के स्वास्थ्य को ठीक रखने में भी सहायता करती है। किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य जितना अच्छा होगा, उसका पारिवारिक जीवन भी उतना ही अच्छा होगा। शारीरिक शिक्षा अनेक सामाजिक व नैतिक गुणों जैसे सहनशीलता, धैर्यता, अनुशासन, सहयोग, बंधुत्व, आत्मविश्वास, अच्छा आचरण आदि को विकसित करने में सहायक होती है। शारीरिक शिक्षा अवसाद, चिन्ता, दबाव व तनाव को कम करती है। यह अनेक रोगों से बचाने में सहायक होती है, क्योंकि इसकी गतिविधियों द्वारा रोग निवारक क्षमता बढ़ती है। ये सभी विशेषताएँ घरेलू तथा पारिवारिक जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान देती हैं।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
खाली समय का सदुपयोग किस प्रकार किया जा सकता है? संक्षेप में लिखें। अथवा &#8220;शारीरिक शिक्षा खाली समय का सदुपयोग करना सिखाती है।&#8221; समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
किसी ने ठीक ही कहा है कि &#8220;खाली दिमाग शैतान का घर होता है।&#8221; (An idle brain is a devil&#8217;s workshop.) यह आमतौर पर देखा जाता है कि खाली या बेकार व्यक्ति को हमेशा शरारतें ही सूझती हैं। कभी-कभी तो वह इस प्रकार के अनैतिक कार्य करने लग जाता है, जिनको सामाजिक दृष्टि से उचित नहीं समझा जा सकता। खाली या बेकार समय का सदुपयोग न करके उसका दिमाग बुराइयों में फंस जाता है। शारीरिक शिक्षा में अनेक शारीरिक क्रियाएँ शामिल होती हैं। इन क्रियाओं में भाग लेकर हम अपने समय का सदुपयोग कर सकते हैं। अतः शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को खाली समय का सदुपयोग करना सिखाती है।</p>
<p>खाली समय का प्रयोग यदि खेल के मैदान में खेलें खेलकर किया जाए तो व्यक्ति के हाथ से कुछ नहीं जाता, बल्कि वह कुछ प्राप्त ही करता है। खेल का मैदान जहाँ खाली समय का सदुपयोग करने का उत्तम साधन है, वहीं व्यक्ति की अच्छी सेहत बनाए रखने का भी उत्तम साधन है। इसके अतिरिक्त व्यक्ति को एक अच्छे नागरिक के गुण भी सिखा देता है। इसलिए हम दावे के साथ कह सकते हैं कि खाली समय का सदुपयोग करने के लिए खेल का मैदान ही योग्य साधन है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
शारीरिक शिक्षा के मुख्य क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा का क्षेत्र बहुत विशाल है। इसके मुख्य क्षेत्रों का वर्णन निम्नलिखित है<br />
1. शोधक क्रियाएँ-इन क्रियाओं द्वारा विद्यार्थियों के शारीरिक अंगों की कमजोरियों में सुधार किया जा सकता है। प्रायः ये कमज़ोरियाँ माँसपेशियों के अवगुणों के कारण होती हैं।</p>
<p>2. खेल-कूद क्रियाएँ-इन क्रियाओं में एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, तैरना और किश्ती चलाना आदि शामिल हैं।</p>
<p>3. मौलिक क्रियाएँ-इस क्षेत्र में शरीर का संतुलन ठीक रखने के लिए चलना-फिरना, भागना, चढ़ना और उतरना इत्यादि क्रियाएँ शामिल हैं।</p>
<p>4. लयबद्ध क्रियाएँ-नाचना और गाना मनुष्य का स्वभाव है। इस स्वभाव से मनुष्य अपनी खुशी और पीड़ा को प्रकट करता है। शारीरिक शिक्षा में लोक-नाच और ताल-भरी क्रियाओं का विशेष स्थान है। टिपरी, डम्बल, लोक-नाच, लेजियम, उछलना और जिम्नास्टिक्स जैसी क्रियाएँ शामिल हैं।</p>
<p>5. यौगिक क्रियाएँ-यौगिक क्रियाएँ केवल खेलों और बीमारी के उपचार के लिए ही लाभदायक नहीं हैं, बल्कि इन क्रियाओं द्वारा शरीर और आत्मा का निर्माण भी किया जा सकता है।</p>
<p>6. मनोरंजन-शारीरिक शिक्षा में मनोरंजन का विशेष स्थान है। विकसित देशों में शारीरिक शिक्षा के अध्यापक को मनोरंजन की शिक्षा अवश्य दी जाती है। इसमें नाच, नाटक, पहाड़ों की सैर, कैंप लगाने, लंबी सैर, मछली पकड़ना, बागवानी और कुदरत के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। इन क्रियाओं से व्यक्ति का विकास आसानी से हो सकता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न [Very Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
शारीरिक शिक्षा से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से, व्यक्तियों में एक चुनी हुई दिशा में, परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है।शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के संपूर्ण (शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक) व्यक्तित्व का विकास होता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए। अथवा . शारीरिक शिक्षा की कोई दो परिभाषाएँ लिखें।<br />
उत्तर:<br />
1. ए०आर० वेमैन के मतानुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह भाग है जिसका संबंध शारीरिक गतिविधियों द्वारा व्यक्ति के संपूर्ण विकास एवं प्रशिक्षण से है।&#8221;<br />
2. आर० कैसिडी के अनुसार, &#8220;शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री जे०एफ०विलियम्स के अनुसार शारीरिक शिक्षा क्या है?<br />
उत्तर:<br />
जे० एफ० विलियम्स के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य एक प्रकार का कुशल नेतृत्व तथा पर्याप्त समय प्रदान करना है, जिससे व्यक्तियों या संगठनों को इसमें भाग लेने के लिए पूरे-पूरे अवसर मिल सकें, जो शारीरिक रूप से आनंददायक, मानसिक दृष्टि से चुस्त तथा सामाजिक रूप से निपुण हों।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
शारीरिक शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य क्या है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य विद्यार्थी को इस प्रकार तैयार करना है कि वह एक सफल एवं स्वस्थ नागरिक बनकर अपने परिवार, समाज व राष्ट्र की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता या योग्यता उत्पन्न कर सके और समाज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनकर सफलता से जीवनयापन करते हुए जीवन का पूरा आनंद उठा सके। .</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
सैन्ट्रल मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के अनुसार शारीरिक शिक्षा का क्या लक्ष्य है?<br />
उत्तर:<br />
सैन्ट्रल मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा को प्रत्येक बच्चे को शारीरिक, मानसिक एवं भावात्मक रूप से स्वस्थ बनाना चाहिए और उसमें ऐसे व्यक्तिगत एवं सामाजिक गुणों का विकास करना चाहिए ताकि वह प्रसन्नता एवं खुशी से रह सके और एक अच्छा नागरिक बन सके।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
राष्ट्रीय योजना के अनुसार शारीरिक शिक्षा किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा वह शिक्षा है जो बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व तथा उसकी शारीरिक प्रक्रियाओं द्वारा उसके शरीर, मन और आत्मा के पूर्ण-रूपेण विकास हेतु दी जाती है। अतः शारीरिक शिक्षा केवल शरीर की शिक्षा ही नहीं अपितु संपूर्ण शरीर का ज्ञान है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
हमें बेकार या खाली समय का सदुपयोग कैसे करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
हमें बेकार या खाली समय का सदुपयोग खेलें खेलकर करना चाहिए। खेलें खेलने से जहाँ बेकार समय का सदुपयोग हो जाता है, वहीं खेलों द्वारा शारीरिक रूप से अभ्यस्त होकर शरीर में सुंदरता, शक्ति और चुस्ती-स्फूर्ति आ जाती है। शरीर की कार्यकुशलता बढ़ जाती है और शरीर नीरोग रहता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
बेकार व्यक्ति का मन शैतान का घर क्यों कहलाता है?<br />
उत्तर:<br />
बेकार व्यक्ति आमतौर पर बुरे व्यक्तियों की संगत में बैठते हैं, जिसके फलस्वरूप वे कई प्रकार की समाज विरोधी बुराइयों में फंस जाते हैं। बेकार व्यक्ति को शरारतें ही दिखाई देती हैं । चोरी, हेरा-फेरी और नशे की आदत बेकार व्यक्तियों में अधिकतर पाई जाती है। बेकार व्यक्ति लोगों का विश्वास गंवा बैठता है। इसलिए बेकार व्यक्ति का मन शैतान का घर कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
शारीरिक शिक्षा के कोई दो सिद्धांत बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) शारीरिक शिक्षा सामान्य शिक्षा का एक अभिन्न अंग है जो व्यक्ति के संपूर्ण विकास में सहायक होता है।<br />
(2) शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों को शामिल किया जाता है जिनमें भाग लेकर छात्र या व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करने लगे। इससे अच्छे संवेगों का विकास होता है और बुरे संवेगों का निकास होता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
मानसिक विकास में शारीरिक शिक्षा या क्रियाओं का क्या योगदान है?<br />
उत्तर:<br />
एक कथन के अनुसार, &#8220;स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग का वास होता है।&#8221; भाव यह है कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का विकास भी होना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों के मिलाप से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है। जब कोई व्यक्ति शारीरिक क्रियाओं में भाग लेता है तो उसके शारीरिक विकास के साथ-साथ उसका मानसिक विकास भी होता है। शारीरिक क्रियाओं से व्यक्ति की कल्पना-शक्ति, तर्क-शक्ति एवं स्मरण-शक्ति बढ़ती है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
शारीरिक शिक्षा का ज्ञान व्यक्ति को अच्छा कार्यक्रम बनाने में कैसे सहायता करता है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को शरीर से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और उसे करने की सही तकनीकों की जानकारी प्रदान करती है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को उसके विभिन्न पक्षों; जैसे शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक आदि का ज्ञान प्रदान करती है। इसलिए शारीरिक शिक्षा का ज्ञान व्यक्ति को अच्छा कार्यक्रम बनाने में सहायता करता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
शारीरिक शिक्षा सांस्कृतिक विकास को कैसे बढ़ावा देती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा खेल व शारीरिक गतिविधियों की प्रक्रिया है। खेलों और शारीरिक क्रियाकलापों के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के खिलाड़ी आपस में मिलते हैं और एक-दूसरे के बारे में जानते हैं। वे एक-दूसरे के रीति-रिवाजों, परंपराओं और जीवन-शैली से परिचित होते हैं, जिससे सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
शारीरिक शिक्षा नेतृत्व का विकास कैसे करती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व करने के अनेक अवसर होते हैं। जब किसी खिलाड़ी को शरीर गर्माने के लिए नियुक्त किया जाता है तो उस समय भी नेतृत्व की शिक्षा दी जाती है। कई बार प्रतियोगिताओं का आयोजन करना भी नेतृत्व के गुणों के विकास में सहायता करता है। उदाहरणतया, हॉकी की टीम के कैप्टन को निष्पक्षता और समझदारी से खेलना पड़ता है। &#8230;</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
शारीरिक शिक्षा अनुशासन की भावना कैसे विकसित करती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा हमें अनुशासन की अमूल्य भावना सिखाती है। हमें अनुशासन में रहते हुए और खेल के नियमों का पालन करते हुए खेलना पड़ता है। इस प्रकार खेल अनुशासन की भावना में वृद्धि करते हैं। खेल में अयोग्य करार दिए जाने के डर से खिलाड़ी अनुशासन भंग नहीं करते। वे अनुशासन में रहकर ही खेलते हैं।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
चार्ल्स बूचर के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
चार्ल्स बूचर ने अपनी पुस्तक &#8216;शारीरिक शिक्षा की बुनियाद&#8217; में शारीरिक शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य बताए हैं<br />
(1) शारीरिक विकास,<br />
(2) गतिज विकास,<br />
(3) मानसिक विकास,<br />
(4) मानवीय संबंधों का विकास।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
जे० बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
जे० बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(1) शारीरिक अंगों का विकास,<br />
(2) नाड़ी-माँसपेशियों संबंधी विकास,<br />
(3) अर्थ समझने की योग्यता का विकास,<br />
(4) भावनात्मक विकास।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
इरविन के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
इरविन के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-<br />
(1) शारीरिक विकास,<br />
(2) भावनात्मक विकास,<br />
(3) सामाजिक विकास,<br />
(4) मानसिक विकास,<br />
(5) मनोरंजक गतिविधियों में निपुणता या मनोरंजक विकास।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
लास्की के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
लास्की के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(1) शारीरिक विकास,<br />
(2) नाड़ी-माँसपेशियों के तालमेल में विकास,<br />
(3) भावनात्मक विकास,<br />
(4) सामाजिक विकास,<br />
(5) बौद्धिक विकास। .</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
शारीरिक शिक्षा भावनात्मक संतुलन में किस प्रकार सहायक है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा अनेक प्रकार से भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है। बच्चे को बताया जाता है कि वह विजय प्राप्त करने के बाद आवश्यकता से अधिक प्रसन्न न हो और हार के गम को भी सहज भाव से ले। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति की अपने भावों को नियंत्रित करने में सहायता करती है।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
खेलों या शारीरिक शिक्षा द्वारा व्यक्ति का सामाजिक व नैतिक विकास कैसे होता है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करती है। उनमें एकता व एकबद्धता लाती है। खेल में धर्म, जाति, श्रेणी, वर्ग या क्षेत्र आदि के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। इस तरह से शारीरिक शिक्षा कई ऐसे अवसर प्रदान करती है जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक व नैतिक विकास में वृद्धि होती है; जैसे एक-दूसरे से मिलकर रहना, एक-दूसरे का सम्मान करना, दूसरों की आज्ञा का पालन करना, बड़ों का सम्मान करना, नियमों का पालन करना आदि।</p>
<p><strong>HBSE 9th Class Physical Education शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न [Objective Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
जे०बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
जे० बी० नैश के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, शिक्षा के बड़े क्षेत्र का वह अंग है जो बड़ी माँसपेशियों से होने वाले कार्य तथा उनसे संबंधित प्रतिक्रियाओं से संबंध रखता है।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
आर० कैसिडी के अनुसार शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
आर० कैसिडी के अनुसार, &#8220;शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
ए० आर० वेमैन के अनुसार शारीरिक शिक्षा को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ए० आर० वेमैन के मतानुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह भाग है जिसका संबंध शारीरिक गतिविधियों द्वारा व्यक्ति के संपूर्ण विकास एवं प्रशिक्षण से है।&#8221;</p>
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<p>प्रश्न 4.<br />
&#8220;शारीरिक शिक्षा शरीर का एक मजबूत ढाँचा है जो मस्तिष्क के कार्य को निश्चित एवं आसान करता है।&#8221; यह कथन किसका है?.<br />
उत्तर:<br />
यह कथन रूसो का है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
&#8220;शारीरिक क्रियाओं पर केंद्रित अनुभवों द्वारा जो परिवर्तन मानव में आते हैं, वे ही शारीरिक शिक्षा कहलाते हैं?&#8221; यह कथन किसने कहा? .. .<br />
उत्तर:<br />
यह कथन आर० कैसिडी ने कहा।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
मध्यकाल में शारीरिक शिक्षा कहाँ दी जाती थी?<br />
उत्तर:<br />
मध्यकाल में शारीरिक शिक्षा गुरुकुल में दी जाती थी।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
शारीरिक शिक्षा किन अनुभवों का अध्ययन है? उ<br />
त्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा उन सभी शारीरिक अनुभवों का अध्ययन है, जो शारीरिक अभ्यास द्वारा प्रकट होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सामाजिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को किस प्रकार का बनाती हैं?<br />
उत्तर:<br />
सामाजिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को सक्षम बनाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
शारीरिक शिक्षा को पहले कौन-कौन-से नामों से जाना जाता था?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा को शारीरिक सभ्यता, शारीरिक प्रशिक्षण, खेल और कोचिंग आदि नामों से जाना जाता था।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
शारीरिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को किस प्रकार का बनाती हैं?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक रूप से शारीरिक क्रियाएँ मनुष्य को स्वस्थ एवं मजबूत बनाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
किस प्रकार की शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
शारीरिक शिक्षा व मनोरंजन के केन्द्रीय सलाहाकार बोर्ड की स्थापना कब हुई?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा व मनोरंजन के केन्द्रीय सलाहाकार बोर्ड की स्थापना सन् 1950 में हुई।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
&#8220;मजबूत शारीरिक नींव के बिना कोई राष्ट्र महान् नहीं बन सकता।&#8221; यह कथन किसका है?<br />
उत्तर:<br />
यह कथन डॉ० राधाकृष्णन का है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के शरीर को कैसा बनाती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के शरीर को मजबूत एवं तंदुरुस्त बनाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
सफल जीवन व्यतीत करने के लिए किसकी सबसे अधिक जरूरत है?<br />
उत्तर:<br />
सफल जीवन व्यतीत करने के लिए सुडौल, मजबूत व स्वस्थ शरीर की सबसे अधिक जरूरत है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
मनुष्य किस प्रकार का प्राणी है?<br />
उत्तर:<br />
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के किन पक्षों का विकास करती है?<br />
अथवा<br />
शारीरिक शिक्षा किस क्षेत्र के विकास में मदद करती है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा मानसिक, शारीरिक, सामाजिक, व्यक्तिगत, बौद्धिक आदि पक्षों का विकास करती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शारीरिक शिक्षा का क्या महत्त्व है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा मित्रता, सद्भावना तथा अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देती है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
शारीरिक शिक्षा का शाब्दिक अर्थ क्या है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक शिक्षा का शाब्दिक अर्थ है-शरीर की शिक्षा।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
शारीरिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?<br />
उत्तर:<br />
शारीरिक वृद्धि एवं विकास करना।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न [Multiple Choice Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
मनुष्य कैसा प्राणी है?<br />
(A) अलौकिक<br />
(B) सामाजिक<br />
(C) प्राकृतिक<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(B) सामाजिक</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जे०बी० नैश के अनुसार शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं<br />
(A) शारीरिक अंगों का विकास<br />
(B) नाड़ी-माँसपेशीय संबंधी विकास<br />
(C) भावनात्मक विकास<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
&#8220;शारीरिक शिक्षा शरीर का मजबूत ढाँचा है जो मस्तिष्क के कार्य को निश्चित एवं आसान करता है।&#8221; यह कथन है<br />
(A) रूसो का<br />
(B) अरस्तू का<br />
(C) प्लेटो का<br />
(D) सुकरात का<br />
उत्तर:<br />
(A) रूसो का</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
लयात्मक क्रियाओं में शामिल हैं<br />
(A) नाचना<br />
(B) लो क-नृत्य<br />
(C) लेजियम<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
शारीरिक शिक्षा किस विकास में मदद करती है?<br />
(A) मानसिक विकास में ।<br />
(B) भावनात्मक विकास में ।<br />
(C) सामाजिक विकास में<br />
(D) सर्वांगीण विकास में<br />
उत्तर:<br />
(D) सर्वांगीण विकास में</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
हैगमैन और ब्राऊनवैल ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?<br />
(A) तीन<br />
(B) चार<br />
(C) पाँच<br />
(D) छह<br />
उत्तर:<br />
(B) चार</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
जे०बी० नैश ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?<br />
(A) चार<br />
(B) तीन<br />
(C) पाँच<br />
(D) छह<br />
उत्तर:<br />
(A) चार</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
बी० वाल्टर ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?<br />
(A) चार<br />
(B) दो<br />
(C) पाँच<br />
(D) तीन<br />
उत्तर:<br />
(D) तीन</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
लास्की ने शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों को कितने भागों में बाँटा है?<br />
(A) तीन<br />
(B) चार<br />
(C) पाँच<br />
(D) छह<br />
उत्तर:<br />
(C) पाँच</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
&#8216;शारीरिक शिक्षा की बुनियाद&#8217; (Foundation of Physical Education) नामक पुस्तक लिखी है<br />
(A) चार्ल्स ए० बूचर ने<br />
(B) लास्की ने<br />
(C) जे०बी० नैश ने<br />
(D) बी० वाल्टर ने<br />
उत्तर:<br />
(A) चार्ल्स ए० बूचर ने</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
शारीरिक शिक्षा का क्षेत्र है<br />
(A) विकट<br />
(B) सरल<br />
(C) सीमित<br />
(D) विशाल<br />
उत्तर:<br />
(D) विशाल</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में सम्मिलित गतिविधियाँ हैं<br />
(A) एथलेटिक्स<br />
(B) जिम्नास्टिक्स<br />
(C) मनोरंजनात्मक गतिविधियाँ<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 3 शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य" width="196" height="17" /></p>
<h3>शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य Summary</h3>
<p><strong>शारीरिक शिक्षा का अर्थ, लक्ष्य एवं उद्देश्य परिचय</strong></p>
<p>शारीरिक शिक्षा की अवधारणा बहुत प्राचीन है। प्राचीन समय में इसका प्रयोग अव्यवस्थित रूप से था जो आज पूर्णत: व्यवस्थित हो चुका है। इसलिए शिक्षाशास्त्रियों ने शारीरिक शिक्षा की अवधारणा को पुनः परिभाषित किया है। शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा न केवल शारीरिक विकास करती है, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक आदि विकास भी करती है अर्थात् इसका उद्देश्य व्यक्ति या छात्र का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षाशास्त्रियों के अनुसार शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का ही एक महत्त्वपूर्ण एवं अभिन्न अंग है क्योंकि शारीरिक क्रियाओं व खेलों द्वारा बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है।</p>
<p>चार्ल्स ए० बूचर (Charles A. Bucher) के अनुसार, &#8220;शारीरिक शिक्षा समस्त शिक्षा प्रणाली का ही एक आधारभूत अंग है।&#8221; आज शारीरिक क्रियाएँ या गतिविधियाँ न केवल मनोरंजन या शक्ति प्रदर्शन के ही साधन मानी जाती हैं, बल्कि ये बालक के विकास के विभिन्न पक्षों को प्रभावित कर उनके विकास में सहायक होती हैं। आज यह माना जाने लगा है कि शारीरिक शिक्षा की आधुनिक अवधारणा से न केवल व्यक्ति की मूल भावनाओं या संवेगों को एक नई दिशा मिलती है, बल्कि उसमें अनेक नैतिक एवं मूल्यपरक गुणों का भी विकास होता है। इससे मानसिक एवं बौद्धिक क्षमता में भी वृद्धि होती है। आज शारीरिक शिक्षा न केवल शारीरिक प्रशिक्षण, शारीरिक सुयोग्यता एवं सामूहिक ड्रिल की प्रक्रिया है, बल्कि यह बहु-आयामी एवं उपयोगी प्रक्रिया है जो जीवन एवं स्वास्थ्य के प्रत्येक पहलू के लिए अति आवश्यक है।</p>
<p>संक्षेप में, शारीरिक शिक्षा, शिक्षा का वह अभिन्न अंग है, जो खेलकूद तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से व्यक्ति में एक चुनी हुई दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। इससे केवल बुद्धि तथा शरीर का ही विकास नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, चरित्र एवं आदतों के निर्माण में भी सहायक होती है। अतः शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के संपूर्ण (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक आदि) व्यक्तित्व का विकास होता है।</p>
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		<title>HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:15:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 9]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व HBSE 9th Class Physical Education व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Questions and Answers दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-9th-class-physical-education-solutions/">HBSE 9th Class Physical Education Solutions </a>Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व</h2>
<p><strong>HBSE 9th Class Physical Education व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य से क्या अभिप्राय है? इसके आवश्यक नियमों का वर्णन कीजिए। अथवा व्यक्तिगत स्वास्थ्य क्या है? इसको सुधारने वाले तरीकों का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य में सुधार करने वाले साधनों या ढंगों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ (Meaning of Personal Health):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य दो शब्दों से मिलकर बना है&#8217;व्यक्ति&#8217; एवं स्वास्थ्य&#8217;। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य की सफाई के सिद्धांत जो व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में लाए जाते हैं। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं ही प्रयत्नशील होना पड़ता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी आचरण; जैसे शरीर की स्वस्थता, दाँतों की सफाई,Meaning and Importance of Personal Health आँखों की सफाई, बालों की सफाई, हाथों की सफाई, भोजन या आहार, व्यायाम तथा मद्यपान संबंधी नियमों का पालन आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इनके प्रति लापरवाही हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। उदाहरण के लिए, दाँतों की सफाई न करने से दाँतों पर जमे रोगाणुओं से दाँतों में कृमि एवं अन्य विकार पैदा हो सकते हैं। इसलिए हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>व्यक्तिगत स्वास्थ्य के आवश्यक नियम या तरीके (Important Rules or Methods of Personal Health)-व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ठीक तथा स्वस्थ रखने के लिए हमें अपने जीवन में स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने की आदत डालनी चाहिए। ये नियम देखने में बड़े साधारण-से लगते हैं लेकिन इनका पालन करना हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य मानव जीवन की आधारशिला होती है। केवल, एक स्वस्थ व्यक्ति ही अपने जीवन को सफलता के पथ पर अग्रसर कर सकता है। स्वस्थ व्यक्ति के लिए असंभव कार्य भी संभव हो जाता है, जबकि अस्वस्थ व्यक्ति के लिए ऐसा करना कठिन होता है। अतः व्यक्ति को हमेशा व्यक्तिगत रूप से स्वयं को स्वस्थ बनाने के लिए प्रयासशील रहना चाहिए। इसलिए हमें अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए निम्नलिखित तरीकों या नियमों को अपनाना चाहिए</p>
<p>1. शारीरिक स्वस्थता (Physical Fitness):<br />
हमें अपने शरीर की सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। प्रतिदिन ताजे पानी से नहाना चाहिए। स्वास्थ्य हेतु शुद्ध जल, शुद्ध वायु एवं संतुलित आहार के साथ-साथ शारीरिक स्वस्थता पर नियमित रूप से ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>2. दाँतों की सफाई (Cleanliness of Teeth):<br />
सुबह स्नान करने से पहले तथा रात्रि को सोने से पहले अपने दाँतों को मंजन, दातुन या ब्रश से साफ करना चाहिए। .</p>
<p>3. नाखूनों की सफाई (Cleanliness of Nails):<br />
हमें अपने नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए। यदि इनमें मैल होगी तो वह खाते समय भोजन के साथ हमारे शरीर के अंदर चली जाएगी और हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाएगी।</p>
<p>4. कपड़ों की सफाई (Cleanliness of Clothes):<br />
हमें कपड़े साफ-सुथरे, मौसम के अनुसार तथा ढीले पहनने चाहिएँ। गंदे कपड़े साफ शरीर को भी गंदा कर देते हैं।</p>
<p>5. नाक द्वारा साँस लेना (Breathing by Nose):<br />
साँस हमेशा नाक द्वारा ही लेनी चाहिए। नाक से साँस लेने से वायु एक तो साफ होकर अंदर जाती है और दूसरे फेफड़ों तक पहुँचते-पहुँचते थोड़ा गर्म भी हो जाती है।</p>
<p>6. भोजन का उचित समय (Proper Time of Diet/Food):<br />
भोजन प्रतिदिन उचित समय पर ही करना चाहिए। भोजन अच्छी तरह चबाकर और धीरे-धीरे करना चाहिए। भोजन संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए।</p>
<p>7. मादक वस्तुओं का सेवन निषेध (No use of Drugs or Intoxicants):<br />
मादक वस्तुओं के प्रयोग से सदैव बचना चाहिए। इससे शरीर को नुकसान होता है। सिग्रेट, तम्बाकू, शराब आदि पीने की आदत कभी नहीं डालनी चाहिए।</p>
<p>8. खुले वातावरण में व्यायाम (Exercise in Open Environment):<br />
अपनी अवस्था, काम और स्वास्थ्य के अनुसार प्रतिदिन खुले वातावरण में व्यायाम अवश्य करना चाहिए। इससे शरीर चुस्त एवं गठीला बनता है।</p>
<p>9. जल्दी सोना और जल्दी उठना (Early to bed and Early to rise):<br />
हमें रात को जल्दी सोना तथा प्रातः जल्दी उठना चाहिए। इससे स्वास्थ्य ठीक रहता है। बेंजामिन फ्रैंकलिन के अनुसार, &#8220;जल्दी सोना और जल्दी उठना, व्यक्ति को समृद्ध, स्वस्थ एवं बुद्धिमान बनाता है।&#8221;</p>
<p>10. शुद्ध एवं संतुलित भोजन (Pure and Balanced Diet):<br />
हमारा भोजन शुद्ध एवं सादा होना चाहिए। हमें सदैव संतुलित भोजन करना चाहिए।</p>
<p>11. उचित मुद्रा (Correct Posture):<br />
चलते-फिरते, काम करते समय, पढ़ते समय एवं सोते समय उचित मुद्रा (आसन) का ध्यान रखना चाहिए। ऊपर वर्णित नियमों का पालन करने से प्रत्येक व्यक्ति अपने-आपको स्वस्थ रख सकता है। अपने-आपको स्वस्थ रखना भी एक महान् देश सेवा है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
आँखों की सफाई और संभाल या देखभाल हेतु हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
आँखें मनुष्य के शरीर का कोमल अंग हैं। सुंदर आँखें सुंदरता की निशानी हैं। इनकी सफाई और रक्षा ध्यान से करनी चाहिए। आँखों को कई प्रकार के रोग हो जाते हैं; जैसे आँखों का फ्लू, कुकरे, आँखों की सूजन और आँखों की खुजली आदि। आँखों की सफाई और संभाल निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है</p>
<p>(1) तेज प्रकाश और अंधेरे में आँखों से काम नहीं लेना चाहिए। नंगी आँख से सूर्यग्रहण नहीं देखना चाहिए।<br />
(2) बहुत कम और बहुत तेज प्रकाश में तथा नीचे को झुककर कभी नहीं पढ़ना चाहिए। .<br />
(3) पुस्तक को बहुत निकट रखकर नहीं पढ़ना चाहिए। पढ़ते समय पुस्तक आँखों से लगभग 30 सेंटीमीटर की दूरी पर होनी चाहिए।<br />
(4) आँखों में पसीना नहीं पड़ने देना चाहिए। आँखों को हमेशा स्वच्छ व शुद्ध पानी से नियमित रूप से धोना चाहिए।<br />
(5) बहुत देर तक एक स्थान पर नजर नहीं टिकानी चाहिए।<br />
(6) आँखों की सफाई करने के लिए स्वयं का स्वच्छ रूमाल प्रयोग में लेना चाहिए।<br />
(7) पढ़ते समय कुर्सी और मेज व्यक्ति के कद के अनुसार होना चाहिए।<br />
(8) खसरा और छोटी माता जैसी बीमारियों के दौरान बच्चों की आँखों का ध्यान रखना चाहिए।<br />
(9) खट्टी चीजें, तेल, लाल मिर्च, तम्बाकू, शराब और अफीम आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।<br />
(10) सिनेमा और टेलीविजन अधिक निकट बैठकर नहीं देखना चाहिए।<br />
(11) प्रतिदिन आँखों पर ठंडे पानी के छीटें मारने चाहिएँ।<br />
(12) तेज धूप एवं धूल से बचने के लिए धूप के चश्मे का प्रयोग अधिक लाभदायक है।<br />
(13) आँखों की निकट एवं दूर की दृष्टि की जाँच नेत्र चिकित्सक से कराकर चिकित्सक की सलाह के अनुसार चश्मे आदि का प्रयोग करना चाहिए।<br />
(14) आँखों के लिए विटामिन &#8216;ए&#8217; युक्त खाद्य पदार्थों; जैसे गाजर, पपीता, पत्तेदार सब्जियाँ, दूध, मक्खन, घी, आम आदि का प्रयोग करना चाहिए।<br />
(15) सुबह सूर्य निकलने के समय दो मिनट तक सूर्य की ओर अवश्य देखना चाहिए, परंतु तेज रोशनी में नहीं देखना चाहिए।<br />
(16) आँखों को बिना गर्दन हिलाए चारों ओर घुमाना चाहिए।<br />
(17) चलती बस या ट्रेन में कभी नहीं पढ़ना चाहिए। इससे आँखों पर अधिक दबाव पड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
निम्नलिखित का संक्षेप में वर्णन कीजिए<br />
(क) व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान<br />
(ख) त्वचा की सफाई<br />
(ग) नाक की देखभाल।<br />
उत्तर:<br />
(क) व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान (Personal Health Science):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जो हमें तंदुरुस्ती और नीरोग रहने की शिक्षा देती है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान में अरोग्यता प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने पर बल दिया गया है। जिंदगी केवल जीवित रहने के लिए नहीं, अपितु रोग-रहित रहने के लिए भी है। रोग-रहित रहना ही व्यक्तिगत अरोग्यता प्राप्त करना है। स्वास्थ्य विज्ञान में व्यक्तिगत अरोग्यता एक ऐसी धारा है, जिसके नियमों को अपनाकर मनुष्य अरोग्य रह सकता है। बचपन मनुष्य की संपूर्ण जिंदगी का आधार होता है। इस कारण निजी अरोग्यता नियमों का पालन मनुष्य को बचपन से ही करना चाहिए।</p>
<p>व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान के मौलिक नियम निम्नलिखित हैं<br />
(1) अंगों और कपड़ों की सफाई<br />
(2) अंगों और कपड़ों का सही प्रयोग<br />
(3) अंगों की सुरक्षा<br />
(4) संतुलित व पौष्टिक भोजन का प्रयोग<br />
(5) शारीरिक बीमारियों से बचने के लिए उचित प्रबंध आदि।</p>
<p>व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान मनुष्य को रहन-सहन, खाने-पीने, शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती के लिए व्यायाम करने का ढंग बताता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान का उद्देश्य है कि मनुष्य को दवाइयों के प्रयोग के बिना स्वस्थ बनाना। इसलिए व्यक्ति को खाने-पीने की वस्तुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का ज्ञान प्राप्त करना बहुत आवश्यक है। पर्यावरण को साफ कैसे रखना है, कौन-सी वस्तु का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है आदि का ज्ञान व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान से मिलता है।</p>
<p>(ख) त्वचा की सफाई (Cleanliness of Skin):<br />
त्वचा हमारे शरीर की चारदीवारी है। यह हमारे शरीर के आंतरिक अंगों को ढकती है और उसकी रक्षा करती है। यह हमारे शरीर का तापमान ठीक रखती है। इसके द्वारा हमारे शरीर में से पसीना और अन्य बदबूदार पदार्थों का निकास होता है। इसको स्पर्श करने से ही किसी बाहरी वस्तु के गुण और लक्षणों का ज्ञान होता है। त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है। इसलिए हमें अपनी त्वचा की नियमित सफाई करनी चाहिए और इसकी सफाई का सबसे उत्तम ढंग प्रतिदिन स्वच्छ पानी से स्नान करना या नहाना है। नहाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है</p>
<p>(1) नहाने से पहले पेट साफ और खाली होना चाहिए।<br />
(2) खाने के तुरंत पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।<br />
(3) व्यायाम अथवा बहुत थकावट के एकदम पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।<br />
(4) सर्दियों में नहाने से पहले धूप में शरीर की मालिश करें। यह शरीर को विटामिन &#8216;डी&#8217; देने के लिए उपयोगी होता है।<br />
(5) ताजे और स्वच्छ पानी से नहाना लाभदायक होता है।<br />
(6) नहाने के लिए साबुन का प्रयोग कम करना चाहिए। नहाने के लिए उपयुक्त साबुन, जिसमें क्षार की मात्रा कम हो, प्रयोग में लेना हितकर है।<br />
(7) नहाने के पश्चात् शरीर को साफ तौलिए या साफ कपड़े से पौंछकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए।<br />
(8) शरीर को पौंछने के लिए अपने स्वयं का ही तौलिया काम में लाना चाहिए।</p>
<p>(ग) नाक की देखभाल (Care of Nose):<br />
नाक श्वास लेने और सूंघने की शक्ति रखती है। नाक की संभाल शरीर के बाकी अंगों की तरह करनी चाहिए। इसको बीमारी से बचाने के लिए साफ वायु में श्वास लेना चाहिए। जिस व्यक्ति को जुकाम लगा हो, उसके पास नहीं बैठना चाहिए। नाक में उँगली नहीं मारनी चाहिए और किसी का रूमाल भी प्रयोग नहीं करना चाहिए। नाक को जोर से साफ नहीं करना चाहिए। इसकी सफाई हेतु स्वच्छ रूमाल का प्रयोग करना चाहिए। हमें हमेशा नाक द्वारा श्वास लेना चाहिए। नाक में छोटे-छोटे बाल होते हैं। वायु के कीटाणु और मिट्टी इनमें रुक जाती हैं जिससे हमारे अंदर साफ वायु जाती है। नाक के बालों को कभी भी काटना और तोड़ना नहीं चाहिए। यदि हमारे नाक के अंदर ये बाल न हों तो हमारे शरीर के अंदर गंदी हवा प्रवेश कर जाएगी और हमारा शरीर रोग का शिकार हो जाएगा। इसलिए हमें नाक की देखभाल की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।</p>
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<p>प्रश्न 4.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित नियमों के बारे में लिखिए तथा बालों की सही प्रकार से सफाई करने की विधि बताइए।<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित नियम (Rules related to Personal Health)-व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं<br />
(1) शरीर के आंतरिक अंगों; जैसे दिल, फेफड़े, जिगर, आमाशय, तिल्ली, गुर्दे और बाहरी अंग; जैसे हाथ, आँख, कान, नाक, त्वचा, पैर और बाल आदि की नियमित सफाई व संभाल करनी चाहिए।<br />
(2) समय-समय पर अपने शरीर का नियमित डॉक्टरी परीक्षण करवाना चाहिए।<br />
(3) हमेशा खुश व प्रसन्न रहना चाहिए।<br />
(4) हमेशा साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिएँ। पहनावा ऋतु और मौसम के अनुसार होना चाहिए।<br />
(5) खुले एवं स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए। घर हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए।<br />
(6) हमेशा नाक द्वारा श्वास लेनी चाहिए।<br />
(7) नियमित शारीरिक क्रियाएँ या व्यायाम करने चाहिएँ।<br />
(8) हमें हमेशा संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।<br />
(9) हमें पर्याप्त विश्राम करना चाहिए और उचित समय तक सोना चाहिए।</p>
<p>बालों की सफाई करने की विधि (Method of Cleanliness of Hair):<br />
पुराने समय में बालों के रख-रखाव व निखार के लिए महिलाएँ अनेक प्राकृतिक तरीके इस्तेमाल करती थीं, जिनसे उनके बाल वास्तव में ही काले, घने, मजबूत और चमकदार होते थे। आज के युग में कई तरह के साबुन और अन्य चीजों से बालों को धोने या साफ करने के लिए प्रयोग में लाया जाने लगा है। इनसे बाल पोषक तत्त्व हासिल करने के स्थान पर समय से पूर्व टूट कर गिरने लगते हैं, साथ ही सफेद होने लगते हैं। हमें भूलकर भी बालों के साथ ज्यादा प्रयोग नहीं करने चाहिएँ। ऐसा करने से बाल कमजोर होकर असमय टूटने लगते हैं। इसलिए बालों की सही प्रकार से सफाई करनी चाहिए, ताकि ये मजबूत, काले व चमकदार बने रहें। बालों की सफाई हेतु निम्नलिखित विधि अपनानी चाहिए</p>
<p>(1) खट्टी दही में चुटकी भर फिटकरी मिला लें, साथ ही थोड़ी-सी हल्दी भी मिला लें। इस मिश्रण को सिर के बालों में लगाने से सिर की गंदगी तो दूर होती ही है, साथ ही बाल भी निखर जाते हैं।<br />
(2) बालों को धोने के बाद गोलाकार कंघी से बालों में भली प्रकार से ब्रश करना चाहिए। इसके बाद सिर के बालों की जड़ों में उंगली घुमाते हुए अपना हाथ ऊपर से नीचे की ओर फिराएँ। ऐसा करने से बाल हमेशा मुलायम बने रहते हैं।<br />
(3) धूल-मिट्टी के प्रभाव से सिर के बाल रूखे एवं बेजान से हो जाते हैं । इनसे छुटकारा पाने के लिए उत्तम किस्म के शैम्पू से बालों को धोना चाहिए।<br />
(4) कुदरती साधनों के इस्तेमाल से बालों को सुंदर बनाया जा सकता है। बालों को अच्छी तरह धोने के बाद बालों में ताजी मेहंदी पीसकर लगानी चाहिए। कुछ समय बाद बालों को पानी से धो लेना चाहिए।<br />
(5) बालों को पानी में भीगे आँवलों से धोना चाहिए। बालों को आँवले से धोने से बाल चमकदार व मुलायम बनते हैं।<br />
(6) पसीना बालों की जड़ों में पहुंचने पर बालों को नुकसान होता है। इसलिए नियमित अंतराल पर उचित विधि द्वारा बालों को साफ करना चाहिए।<br />
(7) बालों को गर्म पानी में धोने से ये कमजोर होते हैं। इसलिए बालों को हमेशा गुनगुने पानी से ही धोना चाहिए।<br />
(8) कंघी हमेशा बालों को सुखाने के बाद ही करनी चाहिए। गीले बालों में कंघी करने से बाल कमजोर हो सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
दाँतों की सफाई पर विस्तृत नोट लिखें। अथवा दाँतों की देखभाल हेतु हमें किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
दाँतों के न रहने से मुँह का स्वाद चला जाता है और चेहरे की खूबसूरती भी समाप्त हो जाती है। गंदे दाँतों से स्वयं को और दूसरों को बदबू भी आती है। यदि दूध के दाँतों का ध्यान अच्छी प्रकार न रखा जाए तो पक्के दाँत शुरू से कमजोर हो सकते हैं जोकि टूटने के उपरांत टेढ़े-मेढ़े निकलते हैं। दाँत साफ न रहने के कारण इनके ऊपर जो इनैमल और इंटीन की तह होती है, वह दाँत गंदे रहने से नष्ट हो जाती है। फिर दाँतों के नीचे तक कीटाणु चले जाते हैं और मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। इसलिए हमें नियमित रूप से दाँतों की सफाई करनी चाहिए। दाँतों की संभाल और सफाई निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है</p>
<p>(1) हमें मिठाई, चीनी, टॉफियाँ आदि अधिक नहीं खानी चाहिएँ।<br />
(2) दाँतों में कभी भी कोई तीखी चीज़ नहीं मारनी चाहिए।<br />
(3) कठोरै बोतलों के ढक्कन अथवा कठोर खाने वाली चीजें दाँतों से न खोलें/तोड़ें।<br />
(4) हमें बहुत अधिक गर्म और ठंडी चीजों का भी सेवन नहीं करना चाहिए।<br />
(5) किसी दूसरे का ब्रश प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।<br />
(6) दाँतों को रेत, कोयले की राख आदि से साफ नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे दाँतों की ऊपरी परत को हानि पहुँचती है।<br />
(7) पान, गुटका, तम्बाकू आदि दाँतों एवं मसूड़ों के लिए घातक होते हैं। इसलिए इनका सेवन नहीं करना चाहिए।<br />
(8) यदि दाँत खराब हो जाएँ तो निकलवा लेने चाहिएँ ताकि छूत के कारण दूसरे दाँत भी खराब न हो जाएँ।।<br />
(9) प्रतिदिन सुबह उठकर और रात को सोने से पहले ब्रश करना चाहिए और खाना खाने के पश्चात् कुल्ला करना चाहिए।<br />
(10) दाँतों की मजबूती के लिए कैल्शियम एवं विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों; जैसे गाजर, मूली, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, &#8230; आँवला, नींबू, टमाटर, बन्दगोभी आदि का सेवन करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
कानों एवं नाखूनों की सफाई पर संक्षिप्त नोट लिखें। अथवा कानों तथा नाखूनों की सफाई करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
कानों की सफाई (Cleanliness of Ears):<br />
कान सुनने की शक्ति रखते हैं। कान की बाहरी बनावट टेढ़ी और कठोर दिखाई देती है परंतु अंदर इसका पर्दा नाजुक होता है। यदि कान में कोई फोड़ा अथवा फुसी हो जाए तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कोई तेज दवाई डालने से कान के पर्दे को नुकसान पहुँच सकता है। कान में कभी भी कोई नुकीली चीज़ नहीं मारनी चाहिए। इससे कान में चोट लग सकती है। यदि कान में दर्द है तो समय पर इसका इलाज करवाना चाहिए, नहीं तो पीब (Pus) पड़ने का डर होता है और पर्दा भी गल सकता है। कान को साफ करने के लिए खुरदरे और मोटे तिनके पर अच्छी प्रकार से रूई लपेटकर हाइड्रोजन परऑक्साइड में भिगोकर साफ करें। यह सप्ताह में एक बार अवश्य करें। नहाने के पश्चात् कान के बाहरी भाग को जरूर साफ करना चाहिए। स्वयं को शोरगुल से दूर रखना चाहिए।</p>
<p>नाखूनों की सफाई (Cleanliness of Nails):<br />
हाथों व पैरों की उँगलियों के आगे कठोर बढ़ा हुआ भाग नाखून होता है। इसकी सफाई मनुष्य के शरीर के बाकी अंगों की भाँति बहुत जरूरी है। नाखूनों को साफ न करने से कई हानियाँ हो सकती हैं। अतः नाखूनों की सफाई के लिए निम्नलिखित कार्य करने चाहिएँ<br />
(1)नाखून बढ़ने नहीं देने चाहिएँ अर्थात् समय-समय पर बढ़े हुए नाखूनों को काटते रहना चाहिए, ताकि इनमें मैल आदि न जमा हो सके।<br />
(2) खाना खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन आदि से धोने चाहिएँ।<br />
(3) नाखून दाँतों से नहीं तोड़ने चाहिए। इससे नाखूनों के बीच वाली मैल मुँह द्वारा हमारे शरीर के अंदर पहुँच जाती है और कई प्रकार की बीमारियाँ पैदा करती है।<br />
(4) नाखून ब्लेड और कैंची से भी नहीं काटने चाहिएँ, बल्कि इनको नेलकटर से काटना चाहिए।<br />
(5) नाखूनों को सोडियम कार्बोनेट के पानी से धोना चाहिए।<br />
(6) कठोर, खुरदरे, पीले, काले अथवा सफेद धब्बों वाले नाखून डॉक्टर को जरूर दिखा लेने चाहिएँ।<br />
(7) कई फैशन के तौर पर अपने नाखून बढ़ा लेते हैं परंतु ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।<br />
(8) पैरों के नाखून भी काटने आवश्यक हैं। इनको न काटने से उँगलियों में दर्द होना शुरू हो जाता है।</p>
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<p>प्रश्न 7.<br />
व्यायाम क्या है? व्यायाम करने से हमें क्या-क्या लाभ होते हैं?<br />
अथवा<br />
व्यायाम हमारे लिए क्यों आवश्यक है? इसके क्या-क्या फायदे हैं?<br />
उत्तर:<br />
व्यायाम का अर्थ (Meaning of Exercise):<br />
कुछ विशेष तथा तेज शारीरिक क्रियाएँ जो मनुष्य अपनी इच्छानुसार करता है, व्यायाम कहलाता है। जिस प्रकार भोजन, जल और वायु जीवन के लिए आवश्यक हैं उसी प्रकार व्यायाम भी शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। व्यायाम न करने से शरीर आलसी एवं रोगी हो जाता है, जबकि व्यायाम करने से शरीर चुस्त, फुर्तीला व सक्रिय बनता है। व्यायाम करने से शरीर नीरोग रहता है। बुद्धि व स्मरण शक्ति तेज होती है, जिससे मनुष्य दिन-प्रतिदिन उन्नति करता है। व्यायाम से अनेक प्रकार की दुर्बलताएँ दूर हो जाती हैं। इसलिए हमारे लिए व्यायाम बहुत आवश्यक है।<br />
व्यायाम करने के लाभ या फायदे (Advantages of doing Exercise)-व्यायाम करने से होने वाले लाभ. निम्नलिखित हैं</p>
<p>(1) व्यायाम करने से शरीर की माँसपेशियाँ लचकदार तथा मजबूत बनती हैं। शरीर में कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।<br />
(2) व्यायाम करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट रहता है और बुढ़ापा देर से आता है।<br />
(3) व्यायाम करने से भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया ठीक रहती है।<br />
(4) व्यायाम करने से क्षयरोग, दमा और कब्ज आदि नहीं हो सकते। अत: व्यायाम करने से शरीर नीरोग रहता है।<br />
(5) व्यायाम करने से रात को नींद अच्छी आती है।<br />
(6) व्यायाम करने से रक्त का संचार तेज होता है। वृक्क (Kidneys) में रक्त के अधिक पहुँचने से उसके सारे विषैले पदार्थ मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।<br />
(7) व्यायाम करने से शरीर के सभी अंग सुचारु रूप से कार्य करते हैं।<br />
(8) व्यायाम करने से नाड़ी प्रणाली स्वस्थ रहती है। ज्ञानेंद्रियों की शक्ति बढ़ जाती है।<br />
(9) व्यायाम करने से फेफड़ों में ऑक्सीजन अधिक पहुँचती है और कार्बन-डाइऑक्साइड भी बाहर निकलती है।<br />
(10) व्यायाम शरीर की बहुत-सी कमियों तथा जोड़ों के रोगों को दूर करने में सहायक होता है।<br />
(11) व्यायाम से हृदय बलशाली हो जाता है तथा धमनियाँ, शिराएँ और केशिकाएँ आदि मजबूत बनती हैं।<br />
(12) व्यायाम करने से टूटी कोशिकाओं को ऑक्सीजन तथा ताजा रक्त मिलता है। इस प्रकार इनकी मुरम्मत हो जाती है।<br />
(13) व्यायाम करने से शरीर में फूर्ति बढ़ती है और आलस्य दूर होता है।<br />
(14) व्यायाम करने से स्मरण शक्ति, तर्क शक्ति एवं कल्पना शक्ति बढ़ती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सोते समय हमें क्या-क्या सावधानियाँ रखनी चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
थकान को दूर करने के लिए तथा व्यय हुई शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए हमें आराम के साथ-साथ नींद की नितांत आवश्यकता होती है। इसलिए परमात्मा ने काम के लिए दिन और विश्राम के लिए रात को बनाया। जब हम प्रकृति के इस नियम का उल्लंघन करते हैं तो अनेक प्रकार के कष्ट सहते हैं। पूरी नींद लेने से थकी माँसपेशियाँ और दिमाग भी ताजा हो जाता है। इसलिए गहरी नींद में सोना भोजन से भी अधिक आवश्यक है।</p>
<p>सोते समय हमें निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिएँ<br />
(1) सोने का कमरा साफ-सुथरा तथा हवादार होना चाहिए।<br />
(2) खिड़कियाँ व रोशनदान हवादार होने चाहिएँ।<br />
(3) प्रतिदिन नियमित समय पर सोना चाहिए।<br />
(4) सोने से दो घंटे पहले कुछ नहीं खाना चाहिए।<br />
(5) मुँह ढककर कभी नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से कार्बन-डाइऑक्साइड फेफड़ों में चली जाती है और ऑक्सीजन नहीं मिलती।<br />
(6) सोने के कमरे में कोयले की अंगीठी जलती हुई छोड़कर कभी नहीं सोना चाहिए।<br />
(7) रात को जल्दी सोना चाहिए और प्रातः जल्दी उठना चाहिए।<br />
(8) रात को सोने से पूर्व चाय या कॉफी के स्थान पर दूध पीना चाहिए।<br />
(9) गर्मियों में सोने से पहले स्नान करना चाहिए। सर्दियों में गर्म पानी से मुँह-हाथ धो लेने चाहिएँ।<br />
(10) सोने वाले स्थान के पास पशु नहीं बाँधने चाहिएँ।<br />
(11) सोते समय शरीर पर हल्के कपड़े होने चाहिएँ।<br />
(12) रात को वृक्षों के नीचे सोना हानिकारक है। इसका कारण यह है कि रात के समय वृक्ष कार्बन-डाइऑक्साइड गैस छोड़ते हैं और ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। इसलिए ऐसे वातावरण में साँस लेना हानिकारक है।<br />
(13) चिंता, क्रोध तथा दुःखों को भूलकर बिना किसी तनाव के सोना चाहिए।<br />
(14) गर्मी के मौसम में यदि बाहर सोना हो तो मच्छरदानी का प्रयोग करें।<br />
(15) पलंग या चारपाई कद के अनुसार होनी चाहिए। इस पर बिछा हुआ बिस्तर मौसम के अनुसार तथा साफ-सुथरा होना चाहिए।<br />
(16) चारपाई खटमल रहित होनी चाहिए क्योंकि वे मनुष्य का रक्त चूसते हैं तथा गहरी नींद नहीं सोने देते।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
अच्छी मुद्रा या आसन (Good Posture) के लाभों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
शरीर की किसी एक स्थिति को मुद्रा नहीं कहा जाता। हम अपने शरीर को कई अलग-अलग ढंगों से टिकाते हैं। शरीर को स्थिर रखने की स्थितियों को मुद्रा या आसन कहा जाता है। शरीर को बिना तकलीफ उठाना, बैठाना, घुमाना आदि मुद्रा में ही आते हैं । शरीर की प्रत्येक प्रकार की स्थिति ठीक हो अथवा गलत मुद्रा ही कहलाएगी। परंतु गलत और ठीक मुद्रा में बहुत<br />
अंतर होता है। ठीक मुद्रा देखने में सुंदर व आकर्षक लगती है। इससे शरीर की माँसपेशियों पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता। ठीक मुद्रा वाला व्यक्ति काम करने, चलने-फिरने में चुस्त और फुर्तीला लगता है। भद्दी मुद्रा व्यक्ति के शरीर के लिए अनावश्यक बोझ बन जाती है। इसलिए हमेशा शरीर की स्थिति प्रत्येक प्रकार का आसन (Posture) प्राप्त करते समय ठीक रखनी चाहिए। संक्षेप में, अच्छी मुद्रा के निम्नलिखित लाभ हैं<br />
(1) शरीर को अच्छी स्थिति में रखने से हिलाना-डुलाना आसान हो जाता है और शरीर के दूसरे भागों पर भी भार नहीं पड़ता।<br />
(2) अच्छी मुद्रा शरीर में आत्मविश्वास पैदा करती है।<br />
(3) अच्छी मुद्रा मन को प्रसन्नता एवं खुशी प्रदान करती है।<br />
(4) अच्छी मुद्रा वाले व्यक्ति की कार्य करने में शक्ति कम लगती है।<br />
(5) अच्छी मुद्रा हड्डियों और माँसपेशियों को संतुलित रखती है।<br />
(6) अच्छी मुद्रा वाले व्यक्ति को बीमारियाँ कम लगती हैं।</p>
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<p>प्रश्न 10.<br />
भद्दी मुद्रा के कारणों का उल्लेख करते हुए मुद्रा ठीक करने के ढंगों का वर्णन कीजिए। अथवा मुद्रा संबंधी विकार बताइए। मुद्रा संबंधी विकार ठीक करने के तरीकों का उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
मुद्रा संबंधी विकार या विकृतियाँ (Postural Deformities): मुद्रा संबंधी विकार या विकृतियाँ निम्नलिखित हैं<br />
(1) कूबड़पन,<br />
(2) कमर का आगे निकलना,<br />
(3) रीढ़ की हड्डी का टेढ़ा होना,<br />
(4) दबी हुई छाती होना,<br />
(5) घुटनों अथवा टखनों का भिड़ना,<br />
(6) गोल कंधे,<br />
(7) टेढ़ी गर्दन,<br />
(8) चपटे पैर आदि।</p>
<p>भद्दी मुद्रा के कारण (Cause of Incorrect Posture): भद्दी मुद्रा के निम्नलिखित कारण हैं<br />
(1) भोजन की कमी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है, इस कारण मुद्रा भी ठीक नहीं रहती।<br />
(2) व्यायाम न करने से मुद्रा भद्दी हो जाती है।<br />
(3) घर अथवा स्कूल में सही ढंग से बैठने का प्रबंध न होना।<br />
(4) भारी बैग को ठीक ढंग से न पकड़ना।<br />
(5) तंग कपड़े और तंग जूते पहनना भी मुद्रा के लिए हानिकारक हैं।<br />
(6) पढ़ते समय बैठने के लिए सही कुर्सी या मेज का न होना और कुर्सी पर ठीक से न बैठना।</p>
<p>मुद्रा ठीक रखने के ढंग या तरीके (Methods of Keep Right to Posture): मुद्रा ठीक करने के ढंग निम्नलिखित हैं<br />
(1) बच्चों को ठीक मुद्रा के बारे में जानकारी देनी चाहिए। स्कूल में अध्यापकों और घर में माँ-बाप का कर्त्तव्य है कि बच्चों<br />
की खराब मुद्रा को ठीक करने के लिए निरंतर प्रयास करें।<br />
(2) भोजन की कमी के कारण आई कमजोरी को ठीक करना चाहिए।<br />
(3) बच्चों को न तो तंग कपड़े डालने चाहिएँ और न ही तंग जूते।<br />
(4) हमें गलत ढंग से न तो चलना चाहिए और न ही पढ़ना और बैठना चाहिए।<br />
(5) हमें उचित और पूरी नींद लेनी चाहिए।<br />
(6) बच्चों के स्कूल बैग का भार हल्का होना चाहिए।<br />
(7) आवश्यकतानुसार डॉक्टरी परीक्षण करवाते रहना चाहिए ताकि मुद्रा-त्रुटि को समय पर ठीक किया जा सके।<br />
(8) हमारे घरों, स्कूलों और कॉलेजों में ठीक मुद्रा की जानकारी देने वाले चित्र लगे होने चाहिएँ।<br />
(9) घरों और स्कूलों में पूरे कद वाला शीशा लगा होना चाहिए जिसके आगे खड़े होकर बच्चा अपनी मुद्रा देख सके।<br />
(10) सोते समय शरीर को अधिक मोड़ना नहीं चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
निम्नलिखित आसनों या मुद्राओं (Postures) पर संक्षिप्त नोट लिखें<br />
(क) बैठने की मुद्रा<br />
(ख) खड़े होने की मुद्रा<br />
(ग) चलने की मुद्रा<br />
(घ) लेटने की मुद्रा।<br />
उत्तर:<br />
(क) बैठने की मुद्रा (Posture of Sitting):<br />
कई कामों में हमें अधिक देर तक बैठना पड़ता है। अधिक देर बैठने से धड़ की माँसपेशियाँ थक जाती हैं और धड़ में कई दोष आ जाते हैं। बैठते समय रीढ़ की हड्डी सीधी, छाती आमतौर पर खुली, कंधे समतल, पेट स्वाभाविक तौर पर अंदर की ओर, सिर और धड़ सीधी स्थिति में होने चाहिए। बच्चे स्कूल में अधिक समय बैठते हैं परंतु घर में चलते-फिरते रहते हैं। बैठने वाला स्थान हमेशा खुला और समतल होना चाहिए। बैठने वाला स्थान साफ-सुथरा हो। देखा जाता है कि कई व्यक्ति सही ढंग से बैठकर नहीं पढ़ते। पढ़ते समय हमें ऐसी मुद्रा में बैठना चाहिए जिससे आँखों व शरीर पर कम-से-कम दबाव पड़े। लिखने के लिए मेज या डैस्क का झुकाव आगे की ओर होना चाहिए। हमें कभी भी सिर झुकाकर न तो पढ़ना चाहिए और न ही लिखना चाहिए। इससे हमारी रीढ़ की हड्डी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। गलत ढंग से बैठने से शरीर में कई विकार पैदा हो सकते हैं।</p>
<p>(ख) खड़े होने की मुद्रा (Posture of Standing):<br />
गलत ढंग से खड़े होने अथवा चलने से भी शरीर में थकावट आ जाती है। खड़े होने के दौरान शरीर का भार दोनों पैरों पर बराबर होना चाहिए। खड़े होने के दौरान पेट सीधा, छाती फैली हुई और धड़ सीधा होना चाहिए। ठीक ढंग से खड़े होने से हमारे शरीर में रक्त की गति ठीक रहती है। यदि आपको अधिक देर खड़े होना पड़े तो दोनों पैरों पर बदल-बदल कर खड़े होना चाहिए ताकि प्रत्येक टाँग पर शरीर का भार बारी-बारी पड़े।</p>
<p>(ग) चलने की मुद्रा (Posture of Walking):<br />
हमारी चाल हमेशा सही होनी चाहिए। ठीक चाल से अच्छा प्रभाव पड़ता है। चलते समय पंजे और एड़ियों पर ठीक भार पड़ना चाहिए। अच्छी चाल वाला व्यक्ति प्रत्येक मनुष्य को अपनी ओर आकर्षित करता है। चलते समय पैरों का अंतर समान रहना चाहिए। हाथ आगे पीछे आने-जाने चाहिएँ। घुटने आपस में टकराने नहीं चाहिएँ। चलते समय पैरों की रेखाएँ चलने की दिशा की रेखा के समान होनी चाहिएँ।</p>
<p>(घ) लेटने की मुद्रा (Posture of Lying):<br />
लेटते समय हमारा शरीर विश्राम अवस्था में और शांत होना चाहिए। सोते समय शरीर प्राकृतिक तौर पर टिका होना चाहिए। हमें सोते समय कभी भी गलत ढंग से नहीं लेटना चाहिए। इससे हमारे रक्त के संचार पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे श्वास क्रिया भी रुक जाने का खतरा पैदा हो सकता है। गर्दन अथवा अन्य किसी भाग की. नाड़ी आदि चढ़ जाने का खतरा रहता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं<br />
1. व्यायाम (Exercises):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को व्यायाम अर्थात् शारीरिक गतिविधियाँ काफी प्रभावित करती हैं। व्यायाम करने से शरीर की उचित वृद्धि एवं विकास होता है। व्यायाम शरीर के सभी अंगों की कार्यक्षमता को सुचारू करने में सहायक होता है। व्यायाम करने से न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विकास होता है बल्कि यह सर्वांगीण विकास में सहायक होता है।</p>
<p>2. भोजन (Food):<br />
हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सबसे अधिक भोजन प्रभावित करता है। यदि हमारे भोजन में सभी आवश्यक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में हैं तो इनका हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारे शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इसलिए हमारा भोजन संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए।</p>
<p>3. नशीले पदार्थों से परहेज (Away from Intoxicants):<br />
हमारे स्वास्थ्य के लिए नशीले पदार्थों का सेवन सबसे अधिक हानिकारक है। इन पदार्थों के सेवन से हमारे शरीर के सभी पहलुओं या पक्षों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इनके सेवन से हमारा शरीर अनेक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इन पदार्थों के सेवन से स्वयं को बचाना चाहिए।</p>
<p>4. भोजन संबंधी आदतें (Food Related Habits):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भोजन करने संबंधी आदतें भी महत्त्वपूर्ण होती हैं। खाने-पीने की आदतें जितनी उचित होंगी, व्यक्ति का स्वास्थ्य भी उतना अच्छा होगा।</p>
<p>5. चिकित्सा जाँच (Medical Checkup):<br />
नियमित चिकित्सा जाँच स्वास्थ्य के सभी पक्षों को प्रभावित करती है। नियमित चिकित्सा जाँच से हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता हैं और शारीरिक अंग रोगमुक्त रहते हैं।</p>
<p>6. आसन (Posture):<br />
आसन भी हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसलिए हमें उचित आसन की आदत डालनी चाहिए।</p>
<p>7. विश्राम एवं निद्रा (Rest and Sleep):<br />
विश्राम एवं निद्रा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं बल्कि सभी प्रकार के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। सामान्य तौर पर व्यक्ति को आठ घंटे तक सोना चाहिए। लंबी अवधि तक कार्य करने के बीच में थोड़ा-बहुत विश्राम कर लेना चाहिए।</p>
<p>8. अच्छी आदतें (Good Habits):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को अच्छी आदतें भी प्रभावित करती हैं। अच्छी आदतें हमारी दिनचर्या को प्रभावित करती हैं; जैसे जल्दी सोना, जल्दी उठना, दाँतों पर नियमित ब्रश करना, स्नान करने के बाद नाश्ता करना आदि। अच्छी आदतों से हमारा आसन और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
व्यक्तित्व के विकास में स्वास्थ्य की भूमिका का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अधिकांश लोग स्वास्थ्य के महत्त्व को नहीं समझते। हम जब भी स्वास्थ्य की बात करते हैं तो हमारा ध्यान शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित रहता है। हम शरीर के अन्य पहलुओं के बारे में नहीं सोचतें। अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता हम सभी को है। एक व्यक्ति को स्वस्थ तभी कहा जाता है जब उसका शरीर स्वस्थ एवं मन साफ व शांत हो। वास्तव में अच्छे स्वास्थ्य की कल्पना संपूर्ण स्वास्थ्य का नाम है जिसमें शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सामाजिक स्वास्थ्य एवं बौद्धिक स्वास्थ्य आदि शामिल हैं। स्वास्थ्य का व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। स्वास्थ्य निम्नलिखित प्रकार से व्यक्तित्व में अपना योगदान देता है</p>
<p>(1) स्वास्थ्य जीवन को बढ़ाने के लिए कौशल और ज्ञान को विकसित करने की क्षमता बढ़ाता है। हमारी बौद्धिक क्षमता हमारी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती है जिससे हमारा व्यक्तित्व आकर्षिक बनता है।<br />
(2) अच्छे स्वास्थ्य का हमारे शरीर के प्रत्येक पहलू पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारा शरीर चुस्त, फुर्तीला एवं मजबूत बनता है जिससे हमारा व्यक्तित्व काफी आकर्षित लगता है।<br />
(3) स्वास्थ्य संबंधी जानकारी होने से शरीर नीरोग रहता है जो शरीर रोगमुक्त होता है और उसका जीवनकाल भी अधिक होता है अर्थात् शरीर को विकारों से मुक्त बनाए रखता है और हमेशा अच्छा महसूस कराता है।<br />
(4) अच्छे स्वास्थ्य से खुशी एवं प्रसन्नता महसूस होती है। प्रसन्नता एवं खुशी से व्यक्ति के व्यक्तित्व का पता चलता है।<br />
(5) किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को उसका स्वभाव सबसे अधिक प्रभावित करता है। जो व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर एवं बीमार होता है उसमें अनेक विकार पैदा हो जाते हैं; जैसे क्रोध करना, चिंता करना, घृणा करना आदि। परन्तु जो व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ या रोगमुक्त होता है वह अपने मनोविकारों पर नियंत्रण करने में समर्थ होता है। इस प्रकार स्वास्थ्य व्यक्ति के स्वभाव को सुधारने में सहायक होता है जिससे उसका व्यक्तित्व अन्य व्यक्तियों से अधिक आकर्षित एवं अच्छा होता है।<br />
(6) अच्छे स्वास्थ्य से शारीरिक सुंदरता में वृद्धि होती है। शारीरिक सुंदरता का आकर्षण व्यक्तित्व के विकास में योगदान देता है लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि आप सुंदर नहीं हैं तो आपका व्यक्तित्व आकर्षक नहीं हो सकता।<br />
(7) अच्छा स्वास्थ्य व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आत्मविश्वास व्यक्तित्व की कुंजी है।</p>
<p>निष्कर्ष (Conclusion):<br />
उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि अच्छा स्वास्थ्य व्यक्तित्व की कुंजी है। आकर्षित व्यक्तित्व से कोई भी व्यक्ति किसी को भी प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य न केवल व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है बल्कि यह शरीर के प्रत्येक पहलू के विकास में सहायक होता है। इसलिए हमें स्वास्थ्य के बारे में संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
कानों की सफाई करते समय किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
कान सुनने की शक्ति रखते हैं। कान की बाहरी बनावट टेढ़ी और कठोर दिखाई देती है परंतु अंदर इसका पर्दा नाजुक होता है। यदि कान में कोई फोड़ा अथवा फुसी हो जाए तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कोई तेज दवाई डालने से कान के पर्दे को .. नुकसान पहुंच सकता है। कान में कभी भी कोई नुकीली चीज़ नहीं मारनी चाहिए। इससे कान में चोट लग सकती है। यदि कान में दर्द है तो समय परं इसका इलाज करवाना चाहिए, नहीं तो पीब (Pus) पड़ने का डर होता है और पर्दा भी गल सकता है। कान को साफ करने के लिए खुरदरे और मोटे तिनके पर अच्छी प्रकार से रूई लपेटकर हाइड्रोजन परऑक्साइड में भिगोकर साफ करें। यह सप्ताह में एक बार अवश्य करें। नहाने के पश्चात् कान के बाहरी भाग को जरूर साफ करना चाहिए। स्वयं को शोरगुल से दूर रखना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
नाखूनों की सफाई करते समय किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
नाखूनों की सफाई के लिए हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-<br />
(1) नाखून बढ़ने नहीं देने चाहिएँ अर्थात् समय-समय पर बढ़े हुए नाखूनों को काटते रहना चाहिए, ताकि इनमें मैल आदि न जमा हो सके।<br />
(2) खाना खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन आदि से धोने चाहिएँ।<br />
(3) नाखून दाँतों से नहीं तोड़ने चाहिएँ। इससे नाखूनों के बीच वाली मैल मुँह द्वारा हमारे शरीर के अंदर पहुँच जाती है और कई प्रकार की बीमारियाँ पैदा करती है।<br />
(4) नाखून ब्लेड और कैची से भी नहीं काटने चाहिएँ, बल्कि इनको नेलकटर से काटना चाहिए।<br />
(5) नाखूनों को सोडियम कार्बोनेट के पानी से धोना चाहिए।<br />
(6) कठोर, खुरदरे, पीले, काले अथवा सफेद धब्बों वाले नाखून डॉक्टर को जरूर दिखा लेने चाहिएँ।<br />
(7) कई फैशन के तौर पर अपने नाखून बढ़ा लेते हैं परंतु ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
व्यायाम करने के कोई पाँच लाभ बताएँ। उत्तर-व्यायाम करने से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं<br />
(1) व्यायाम करने से शरीर की माँसपेशियाँ लचकदार तथा मजबूत बनती हैं। शरीर में कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।<br />
(2) व्यायाम करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट रहता है और बुढ़ापा देर से आता है।<br />
(3) व्यायाम करने से भूख अधिक लगती है और पाचन क्रिया ठीक रहती है।<br />
(4) व्यायाम करने से रात को नींद अच्छी आती है।<br />
(5) व्यायाम करने से रक्त का संचार तेज होता है। वृक्क (Kidneys) में रक्त के अधिक पहुंचने से उसके सारे विषैले पदार्थ मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
बालों की सफाई न रखने या करने से होने वाली हानियाँ बताएँ। उत्तर-यदि बालों को सही ढंग से साफ न किया जाए तो इससे निम्नलिखित हानियाँ हो सकती हैं<br />
(1) बालों की सफाई न करने से सिर में सिकरी (Dandruff) हो जाती हैं।<br />
(2) बालों की नियमित सफाई न करने से ये कमजोर हो जाते हैं।<br />
(3) सिर में जुएँ आदि हो जाती हैं।<br />
(4) बालों की सफाई न करने से बाल सड़ने लगते हैं।<br />
(5) समय से पहले बाल सफेद होने लगते हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
भद्दी मुद्रा के मुख्य कारण बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
भद्दी मुद्रा के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) भोजन की कमी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है, इस कारण मुद्रा भी ठीक नहीं रहती।<br />
(2) व्यायाम न करने से मुद्रा भद्दी हो जाती है।<br />
(3) घर अथवा स्कूल में सही ढंग से बैठने का प्रबंध न होना।<br />
(4) भारी बैग को ठीक ढंग से न पकड़ना।<br />
(5) तंग कपड़े और तंग जूते पहनना भी मुद्रा के लिए हानिकारक हैं।<br />
(6) पढ़ते समय बैठने के लिए सही कुर्सी या मेज का न होना और कुर्सी पर ठीक से न बैठना।</p>
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<p>प्रश्न 6.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले चार कारक निम्नलिखित हैं<br />
(1) व्यक्तिगत स्वास्थ्य को व्यायाम अर्थात् शारीरिक गतिविधियाँ काफी प्रभावित करती हैं। व्यायाम करने से शरीर की उचित वृद्धि एवं विकास होता है। व्यायाम शरीर के सभी अंगों की कार्यक्षमता को सुचारु करने में सहायक होता है। व्यायाम करने से न केवल हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विकास होता है बल्कि यह सर्वांगीण विकास में सहायक होता है।</p>
<p>(2) हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सबसे अधिक भोजन प्रभावित करता है। यदि हमारे भोजन में सभी आवश्यक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में हैं तो इनका हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हमारे शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इसलिए हमारा भोजन संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए।</p>
<p>(3) हमारे स्वास्थ्य के लिए नशीले पदार्थों का सेवन सबसे अधिक हानिकारक है। इन पदार्थों के सेवन से हमारे शरीर के सभी पहलुओं या पक्षों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इनके सेवन से हमारा शरीर अनेक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इन पदार्थों के सेवन से स्वयं को बचाना चाहिए।</p>
<p>(4) व्यक्तिगत स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भोजन करने संबंधी आदतें भी महत्त्वपूर्ण होती हैं। खाने-पीने की आदतें जितनी उचित होंगी, व्यक्ति का स्वास्थ्य भी उतना अच्छा होगा।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता क्यों पड़ती है?<br />
उत्तर:<br />
हमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से पड़ती है<br />
(1) एक अच्छा, स्वस्थ व सुडौल शरीर बनाने के लिए।<br />
(2) माँसपेशियों में निरंतर शक्ति संचार बनाए रखने के लिए।<br />
(3) दाँतों को नष्ट होने से बचाने के लिए।<br />
(4) त्वचा को साफ-सुथरा व स्वस्थ रखने तथा रोगों से मुक्त रखने के लिए।<br />
(5) संक्रमण रोगों की रोकथाम एवं बचाव करने के लिए।<br />
(6) आँख, कान एवं नाक को स्वस्थ तथा रोगों से मुक्त रखने के लिए।<br />
(7) व्यक्ति में ऊर्जा या शक्ति को बनाए रखने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए।<br />
(8) शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को बनाए रखने के लिए।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ<br />
(1) आयु और आवश्यकतानुसार व्यायाम अथवा सैर करें।<br />
(2) पौष्टिक और संतुलित भोजन खाएँ।<br />
(3) प्रतिदिन स्नान करके साफ व स्वच्छ कपड़े पहनें।<br />
(4) समय-समय पर शरीर का डॉक्टरी परीक्षण करवाएँ।<br />
(5) अच्छी आदतों को अपनाएँ।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
त्वचा के हमारे शरीर के लिए क्या लाभ हैं?<br />
अथवा<br />
त्वचा के प्रमुख कार्य क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
त्वचा के हमारे शरीर के लिए निम्नलिखित लाभ या कार्य हैं-<br />
(1) त्वचा शरीर को ढककर रखती है।<br />
(2) यह शरीर का तापमान स्थिर रखती है।<br />
(3) यह शरीर के अंदर बीमारी के कीटाणुओं को प्रवेश होने से रोकती है।<br />
(4) त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
त्वचा की सफाई के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? अथवा नहाते समय हमें किन नियमों की पालना करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
त्वचा हमारे शरीर की चारदीवारी है। यह हमारे शरीर के आंतरिक अंगों को ढकती है और उसकी रक्षा करती है। यह हमारे शरीर का तापमान ठीक रखती है। इसके द्वारा हमारे शरीर में से पसीना और अन्य बदबूदार पदार्थों का निकास होता है। इसको स्पर्श करने से ही किसी बाहरी वस्तु के गुण और लक्षणों का ज्ञान होता है। त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है। इसलिए हमें अपनी त्वचा की नियमित सफाई करनी चाहिए और इसकी सफाई का सबसे उत्तम ढंग प्रतिदिन स्वच्छ पानी से स्नान करना या नहाना है। नहाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है<br />
(1) नहाने से पहले पेट साफ और खाली होना चाहिए।<br />
(2) खाने के तुरंत पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।<br />
(3) व्यायाम अथवा बहुत थकावट के एकदम पश्चात् नहीं नहाना चाहिए।<br />
(4) सर्दियों में नहाने से पहले धूप में शरीर की मालिश करें। यह शरीर को विटामिन &#8216;डी&#8217; देने के लिए उपयोगी होता है।<br />
(5) ताजे और स्वच्छ पानी से नहाना लाभदायक होता है।<br />
(6) नहाने के लिए साबुन का प्रयोग कम करना चाहिए। नहाने के लिए उपयुक्त साबुन, जिसमें क्षार की मात्रा कम हो, प्रयोग में लेना हितकर है।<br />
(7) नहाने के पश्चात् शरीर को साफ तौलिए या साफ कपड़े से पौंछकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिएँ।<br />
(8) शरीर को पौंछने के लिए अपने स्वयं का ही तौलिया काम में लाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
बालों की सफाई और संभाल कैसे करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
बालों की सफाई और संभाल निम्नलिखित प्रकार से करनी चाहिए<br />
(1) नहाने के पश्चात् बालों को तेल लगाएँ परंतु बाल बहुत चिकने न हों।<br />
(2) प्रतिदिन सुबह और सोने से पहले बालों में कंघी करनी चाहिए।<br />
(3) हमें कभी भी गिले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए।<br />
(4) बालों को हमेशा हर्बल व प्राकृतिक शैंपू से ही धोना चाहिए।<br />
(5) बालों पर कंघी करने के बाद इसको साफ कर लेना चाहिए और दूसरों की कंघी कभी भी प्रयोग नहीं करनी चाहिए।<br />
(6) बालों की चमक एवं मजबूती हेतु सप्ताह में एक बार बालों पर तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
व्यायाम करते समय कौन-कौन-सी सावधानियाँ अपनानी चाहिएँ? उत्तर-व्यायाम करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ अपनानी चाहिएँ<br />
(1) व्यायाम सदैव खुली हवा, खुली जगह पर करना चाहिए अर्थात् खुले एवं स्वच्छ वातावरण में करना चाहिए। इससे रक्त में अधिक ऑक्सीजन जाती है।<br />
(2) व्यायाम करने के शीघ्र बाद नहाना नहीं चाहिए। इससे स्वास्थ्य बिगड़ने का डर रहता है।<br />
(3) व्यायाम प्रात:काल या सायंकाल करना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद किसी भी प्रकार का व्यायाम लाभदायक नहीं होता।<br />
(4) शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्तियों एवं वृद्धों को आसान व्यायाम करने चाहिएँ।<br />
(5) व्यायाम के बाद थोड़ा विश्राम करना चाहिए।<br />
(6) व्यायाम करने के पश्चात् कुछ समय शरीर को ढीला छोड़कर लंबे तथा गहरे साँस लेने चाहिएँ।<br />
(7) बीमारी में या बीमारी से उठने के शीघ्र बाद व्यायाम नहीं करना चाहिए।<br />
(8) व्यायाम करते समय न अधिक तंग और न अधिक खुले कपड़े पहनने चाहिएँ।<br />
(9) व्यायाम सदा सावधानी से और नियमों के अनुसार ही करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
दाँतों की संभाल कैसे की जानी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
दाँतों की संभाल अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए इनकी संभाल के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ.<br />
(1) प्रतिदिन सुबह-शाम ब्रश करना चाहिए।<br />
(2) बहुत गर्म और बहुत ठंडी चीजें खाने से परहेज करें।<br />
(3) यदि दाँत में खोल हो जाए तो तुरंत भरवा लेना चाहिए।<br />
(4) प्रतिदिन कीकर, नीम और फलाही या टाहली की दातुन यदि संभव हो तो करें।<br />
(5) प्रतिदिन खाने के पश्चात् साफ पानी से कुल्ला करें और सुबह-शाम दंत-मंजन करें।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य की महत्ता पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
हमारे लिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे लिए निम्नलिखित प्रकार से उपयोगी होता है<br />
(1) जो व्यक्ति अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सजग रहता है उसका व्यक्तित्व आकर्षित एवं प्रभावित होता है।<br />
(2) शरीर की छवि आत्म-सम्मान, आत्म-विश्वास आदि को प्रभावित करती है। अत: व्यक्तिगत स्वास्थ्य से आत्मविश्वास में बढोत्तरी होती है।<br />
(3) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।<br />
(4) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण शारीरिक अंगों; जैसे आँख, नाक, कान, त्वचा, दाँत आदि पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।<br />
(5) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण हमारी कार्यक्षमता एवं योग्यता में वृद्धि होती है।<br />
(6) व्यक्तिगत स्वास्थ्य के कारण हमारा शरीर नीरोग रहता है। हमारे शरीर की रोग निरोधक क्षमता पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।<br />
(7) व्यक्तिगत स्वास्थ्य हमारे आसन को ठीक करने में सहायक होता है।<br />
(8) यह हमारी हीन भावनाओं को दूर करने में सहायक होता है।<br />
(9) यह हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने में हमारी सहायता करता है।<br />
(10) यह हमारी अच्छी आदतों को विकसित करने में सहायता करता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
लेटते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
लेटते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए<br />
(1) लेटते समय शरीर विश्राम की स्थिति में होना चाहिए।<br />
(2) तकिया बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए।<br />
(3) सोते समय शरीर प्राकृतिक रूप से टिका होना चाहिए।<br />
(4) सोते समय कठोर गद्दे का प्रयोग करना चाहिए। ऐसे गद्दे पर लेटने से शरीर का आसन सही रहता है।<br />
(5) कभी भी लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
मुद्रा ठीक रखने के लिए क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
मुद्रा ठीक रखने के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ<br />
(1) बच्चों को ठीक मुद्रा के बारे में जानकारी देनी चाहिए। स्कूल में अध्यापकों और घर में माँ-बाप का कर्तव्य है कि बच्चों की खराब मुद्रा को ठीक करने के लिए निरंतर प्रयास करें।<br />
(2) भोजन की कमी के कारण आई कमजोरी को ठीक करना चाहिए।<br />
(3) बच्चों को न तो तंग कपड़े पहनने चाहिएँ और न ही तंग जूते।<br />
(4) हमें गलत ढंग से न तो चलना चाहिए और न ही पढ़ना और बैठना चाहिए।<br />
(5) उचित और पूरी नींद लेनी चाहिए।<br />
(6) बच्चों के स्कूल बैग का भार हल्का होना चाहिए।<br />
(7) आवश्यकतानुसार डॉक्टरी परीक्षण करवाते रहना चाहिए ताकि मुद्रा-त्रुटि को समय पर ठीक किया जा सके।<br />
(8) हमारे घरों, स्कूलों और कॉलेजों में ठीक मुद्रा की जानकारी देने वाले चित्र लगे होने चाहिएँ।<br />
(9) घरों और स्कूलों में पूरे कद वाला शीशा लगा होना चाहिए जिसके आगे खड़े होकर बच्चा अपनी मुद्रा देख सके।<br />
(10) सोते समय शरीर को अधिक मोड़ना नहीं चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रमुख नियमों का उल्लेख कीजिए। उत्तर-व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं<br />
(1) शरीर के आंतरिक अंगों; जैसे दिल, फेफड़े, जिगर, आमाशय, तिल्ली, गुर्दे और बाहरी अंग; जैसे हाथ, आँख, कान, नाक, दाँत, त्वचा, पैर और बाल आदि की जानकारी प्राप्त करके इनकी संभाल करनी चाहिए।<br />
(2) अपनी आयु के अनुसार और समय पर नींद लेनी चाहिए।<br />
(3) समय-समय पर अपने शरीर का डॉक्टरी परीक्षण करवाना चाहिए।<br />
(4) सदा साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिएँ और संतुलित भोजन का प्रयोग करना चाहिए।<br />
(5) कपड़ों और घर को सदा साफ रखना चाहिए।<br />
(6) सदा प्रसन्न रहना चाहिए।<br />
(7) ऋतु और मौसम के अनुसार पहनावा पहनना चाहिए।<br />
(8) खुले एवं स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए।<br />
(9) सदा नाक द्वारा श्वास लेनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
हाथों की सफाई करने की विधि बताइए।<br />
उत्तर:<br />
हाथ हमारे शरीर के ऐसे अंग हैं, जिनके द्वारा प्रत्येक कार्य किए जाते हैं; जैसे-खाना-पीना, लिखना, घरेलू कार्य करना आदि। हमें खाना खाते समय, खाना खाने के बाद तथा किसी भी कार्य को करने के बाद अच्छी तरह हाथ साफ करने चाहिएँ। हाथ साफ करने की विधि निम्नलिखित हैं<br />
(1) पानी के बहाव को समायोजित करें जिससे यह छलके न।<br />
(2) अपने हाथों को गीला करें।<br />
(3) अपने गीले हाथों पर साबुन लगाकर अच्छे से रगड़ें।<br />
(4) हथेलियों, हाथों के पिछले भाग और कलाइयों पर झाग मलें। अपने हाथों को सभी तरफ, अपनी उंगलियों के बीच और अपने नाखूनों के आस-पास कम-से-कम 20 सेकिण्ड तक रगड़ें। अपने नाखूनों के नीचे और आस-पास सफाई करने के लिए नाखून के ब्रश या किसी पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं।<br />
(5) अपने हाथों को चलते पानी से अच्छी तरह से धोएँ।<br />
(6) पानी के नल को बन्द करने के लिए अपने हाथ में कागज़ या साफ तौलिए का उपयोग करें। इससे आपका साफ हाथ नल के हैंडल, जो साफ नहीं होता, से छूने से बचा रहता है।<br />
(7) अब अपने हाथों को सुखा लें।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न  [Very Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य दो शब्दों से मिलकर बना है-&#8216;व्यक्ति&#8217; एवं स्वास्थ्य&#8217;। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य की सफाई के सिद्धांत जो व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में लाए जाते हैं। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं ही प्रयत्नशील होना पड़ता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी आचरण; जैसे शरीर की स्वस्थता, दाँतों की सफाई, आँखों की सफाई, बालों की सफाई, हाथों की सफाई, भोजन, आहार, व्यायाम तथा मद्यपान संबंधी नियमों का पालन आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इनके प्रति लापरवाही हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। उदाहरण के लिए, दाँतों की सफाई न करने से दाँतों पर जमे रोगाणुओं से दाँतों में कृमि एवं अन्य विकार पैदा हो सकते हैं। इसलिए हमें व्यक्तिगत स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
त्वचा की सफाई रखनी क्यों आवश्यक है? अथवा त्वचा की सफाई की क्या आवश्यकता है?<br />
उत्तर:<br />
यदि त्वचा की सफाई न रखी जाए तो पसीना और त्वचा में से निकले हुए बदबूदार पदार्थ शरीर पर जम जाते हैं, जिसके कारण शरीर को त्वचा की बीमारियाँ लगने का डर रहता है। इसलिए त्वचा की सफाई रखना उतना ही आवश्यक है, जितना कि जीवित रहने के लिए भोजन।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
अच्छी मुद्रा क्या है?<br />
उत्तर:<br />
अच्छी मुद्रा का अर्थ, व्यक्ति के सही एवं उचित संतुलन से है जब वह बैठा हो, खड़ा हो, पढ़ रहा हो, पैदल चल रहा हो, भाग रहा रहो या कोई क्रिया कर रहा हो। इसका अर्थ यह है कि अच्छी मुद्रा शरीर की वह स्थिति है जिससे व्यक्ति को थकान महसूस नहीं होती या बहुत कम होती है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
बालों की सफाई क्यों आवश्यक है?<br />
उत्तर:<br />
बालों की सफाई करने से बाल मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं। बालों को हमेशा हर्बल या प्राकृतिक शैंपू से साफ करना चाहिए, क्योंकि इससे बालों को आवश्यक पोषण मिलता है और लम्बे समय तक बाल सुरक्षित रहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
गीले बालों में कंघी क्यों नहीं करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
गीले बालों में कंघी करने से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। इसलिए गीले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए। गीले बालों को सुखाने के बाद ही कंघी करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
कान के पर्दे के बचाव के लिए क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
कान का पर्दा एक नर्म झिल्ली का बना हुआ होता है, जिसका बचाव बहुत आवश्यक होता है। इसलिए गले की बीमारियों और जुकाम का तुरंत इलाज किया जाए। कान में कोई सख्त और तीखी चीज न डाली जाए। कान में दर्द होने पर कानों में बोरिक एसिड ग्लिसरीन में मिलाकर डालें। मोटे तिनके पर रूई लपेटकर हाइड्रोजन परऑक्साइड में भिगोकर कान साफ करें।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
क्या ठीक चाल शरीर को आकर्षक बनाती है?<br />
अथवा<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य में चलने की उचित मुद्रा किस प्रकार से सहायक है?<br />
अथवा<br />
चलने की सही मुद्रा क्या है?<br />
उत्तर:<br />
अंग्रेजी भाषा में इसको गेट और पंजाबी में चाल अथवा तोर आदि कहा जाता है। हमारी चाल हमेशा सही होनी चाहिए। ठीक चाल से अच्छा प्रभाव पड़ता है। चलते समय पंजे और एड़ियों पर ठीक भार पड़ना चाहिए। अच्छी चाल वाला व्यक्ति प्रत्येक मनुष्य को अपनी ओर आकर्षित करता है। चलते समय पैरों का अंतर समान रहना चाहिए। हाथ आगे-पीछे आने-जाने चाहिए। घुटने आपस में टकराने नहीं चाहिएँ। चलते समय पैरों की रेखाएँ चलने की दिशा की रेखा के समान होनी चाहिएँ।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
नाक के बाल किस प्रकार से लाभदायक हैं?<br />
उत्तर:<br />
हमें हमेशा नाक द्वारा श्वास लेना चाहिए। नाक में छोटे-छोटे बाल होते हैं। वायु के कीटाणु और मिट्टी इनमें रुक जाती हैं जिससे हमारे अंदर साफ वायु जाती है। नाक के बालों को कभी भी काटना और तोड़ना नहीं चाहिए। यदि हमारे नाक के अंदर ये बाल न हों तो हमारे शरीर के अंदर गंदी हवा प्रवेश कर जाएगी और हमारा शरीर रोग का शिकार हो जाएगा।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
हमें किस आसन में लेटना चाहिए? अथवा व्यक्तिगत स्वास्थ्य में लेटने की उचित मुद्रा किस प्रकार से सहायक है? अथवा लेटने की सही मुद्रा क्या है?<br />
उत्तर:<br />
लेटते समय हमारा शरीर विश्राम अवस्था में और शांत होना चाहिए। सोते समय शरीर प्राकृतिक तौर पर टिका होना चाहिए। हमें सोते समय कभी भी गलत ढंग से नहीं लेटना चाहिए। इससे हमारे रक्त के संचार पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे श्वास क्रिया भी रुक जाने का खतरा पैदा हो सकता है। गर्दन अथवा अन्य किसी भाग की नाड़ी आदि चढ़ जाने का खतरा रहता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन किस प्रकार सहायक है?<br />
उत्तर:<br />
स्वस्थ जीवन जीने के लिए भोजन ही मुख्य आधार होता है। वास्तव में हमें भोजन की आवश्यकता न केवल शरीर की खोई हुई शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए होती है, बल्कि शरीर की वृद्धि एवं विकास के लिए और शरीर को नीरोग रखने के लिए भी होती है। इसलिए इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु व्यक्ति को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। ऐसा भोजन करने से शारीरिक अंगों की कार्यक्षमता पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले किन्हीं तीन कारकों के नाम बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) व्यायाम,<br />
(2) उचित आसन,<br />
(3) विश्राम एवं निद्रा।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु.हमें कौन-कौन-सी सफाई करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
(1) कपड़ों की सफाई,<br />
(2) आँखों की सफाई,<br />
(3) कान, नाक की सफाई,<br />
(4) दाँतों की सफाई,<br />
(5) मुँह की सफाई,<br />
(6) नाखूनों की सफाई,<br />
(7) त्वचा व बालों की सफाई आदि।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
व्यक्तिगत सफाई (Personal Cleanliness) क्या है?<br />
उत्तर:<br />
व्यक्तिगत सफाई या स्वच्छता से अभिप्राय व्यक्ति का तन, मन और आत्मा से शुद्ध और निर्मल होना है। इसमें व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वच्छता शामिल है। व्यावहारिक रूप में व्यक्तिगत सफाई का तात्पर्य शरीर के अंगों की साफ-सफाई से है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
नाक साफ न करने से क्या हानि हो सकती है?<br />
उत्तर:<br />
नाक साफ न करने से हमारे शरीर के अंदर गंदी हवा व धूल-कण प्रवेश कर जाएँगे और हमारा शरीर रोगग्रस्त हो जाएगा; जैसे जुकाम आदि हो जाना।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
आराम और नींद में क्या अंतर है?<br />
उत्तर:<br />
आराम और नींद दोनों ही हमारी खोई हुई ऊर्जा या शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए बहुत ही आवश्यक हैं। आराम या विश्राम के लिए हमारी आखें कभी-कभी बंद रहती हैं, परन्तु हमारा मस्तिष्क सचेत अवस्था में होता है और सक्रिय रूप से कार्य करता है। आराम की अवस्था में हमें आस-पास की गतिविधियों की जानकारी रहती है। दूसरी ओर, नींद की अवस्था में हमारा मस्तिष्क सक्रिय रूप से कार्य नहीं करता। इस अवस्था में हमें आस-पास के वातावरण व गतिविधियों के बारे में कोई चेतना नहीं रहती।</p>
<p><strong>HBSE 9th Class Physical Education व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न [Objective Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
हमें अपने बढ़े हुए नाखून किससे काटने चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
हमें अपने बढ़े हुए नाखून नेलकटर से काटने चाहिएँ।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
हमें शुद्ध और साफ वायु कैसे प्राप्त हो सकती है?<br />
उत्तर:<br />
खुली वायु में रहने और नाक द्वारा श्वास लेने से शुद्ध और साफ वायु प्राप्त हो सकती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
त्वचा शरीर में से अनावश्यक पदार्थों का निकास किस रूप में करती है?<br />
उत्तर:<br />
त्वचा शरीर में से अनावश्यक पदार्थों का निकास पसीने के रूप में करती है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
त्वचा शरीर को क्या प्रदान करती है?<br />
उत्तर:<br />
त्वचा शरीर को सुंदरता प्रदान करती है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
त्वचा की सफाई का सबसे उत्तम ढंग कौन-सा होता है?<br />
उत्तर:<br />
ताजे पानी से स्नान करना।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
बालों की सुंदरता के लिए बालों का किस प्रकार का होना आवश्यक है?<br />
उत्तर:<br />
घना, मजबूत व चमकदार।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
बालों की सफाई न रखने से बालों में क्या पड़ जाती हैं?<br />
उत्तर:<br />
बालों की सफाई न रखने से बालों में सिकरी व जुएँ पड़ जाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य का कोई एक नियम बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
खुले एवं स्वच्छ वातावरण में रहना।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
नाक द्वारा श्वास क्यों लेना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
नाक द्वारा श्वास लेने से हवा कीटाणुरहित, गर्म होकर व छनकर फेफड़ों में प्रवेश करती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
दाँतों की संभाल के लिए क्या नहीं खाना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
दाँतों की संभाल के लिए अधिक मिठाइयाँ, ठंडी चीजें व अधिक गर्म चीजें नहीं खानी चाहिएँ।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
त्वचा की कितनी परतें होती हैं?<br />
उत्तर:<br />
त्वचा की दो परतें होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु कोई एक अच्छी आदत बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
जल्दी सोना और जल्दी उठना।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
हमें कैसे वातावरण में सैर करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
हमें स्वच्छ एवं खुले वातावरण में सैर करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
हमें किस प्रकार का भोजन करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
हमें पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
कान की सफाई किस प्रकार करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
कान की सफाई खुरदरे तिनके पर रुई लपेटकर ग्लिसरीन का प्रयोग करके करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
हमें दाँतों की सफाई कब करनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
हमें दाँतों की सफाई सुबह स्नान करने से पहले और रात को सोने से पहले करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
हमें कपड़े किसके अनुसार पहनने चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
हमें कपड़े मौसम के अनुसार पहनने चाहिएँ।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
हमें कब नहीं नहाना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
हमें व्यायाम करने और खाना खाने के तुरंत बाद नहीं नहाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
वयस्क व्यक्ति को कितने घंटे सोना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
वयस्क व्यक्ति को लगभग 8 घंटे सोना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बढ़ावा कैसे दिया जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
शरीर के अंगों की उचित सफाई करके व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
आँखों की सफाई न करने से कौन-सा रोग सामान्यतया हो सकता है?<br />
उत्तर:<br />
सामान्यतया आँखों की सफाई न करने से फ्लू नामक रोग हो सकता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न [Multiple Choice Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
आँखों की सफाई न रखने से कौन-से रोग हो जाते हैं?<br />
(A) आँखों का फ्लू<br />
(B) आँखों की जलन<br />
(C) कुकरे<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
व्यक्ति के जीवन की अनमोल वस्तु कौन-सी है?<br />
(A) आराम<br />
(B) पैसा<br />
(C) स्वास्थ्य<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) स्वास्थ्य</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी नियमों की पालना कब से आरंभ की जानी चाहिए?<br />
(A) युवावस्था से<br />
(B) प्रौढ़ावस्था से<br />
(C) बुढ़ापे में<br />
(D) बचपन से<br />
उत्तर:<br />
(D) बचपन से</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
हमें स्नान कब करना चाहिए?<br />
(A) शौचादि के पश्चात्<br />
(B) खाना खाने से पहले<br />
(C) (A) और (B) दोनों ।<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) (A) और (B) दोनों</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
व्यायाम अथवा कार्य करने के पश्चात् कब नहाना चाहिए?<br />
(A) तुरंत<br />
(B) 5 मिनट बाद&#8230;<br />
(C) शरीर को ठंडा करने के बाद<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) शरीर को ठंडा करने के बाद</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
नहाने से पहले धूप में बैठकर शरीर की मालिश किस मौसम में करनी चाहिए?<br />
(A) गर्मियों में<br />
(B) सर्दियों में<br />
(C) वर्षा में<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) सर्दियों में</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
आँखों की सफाई हेतु हमें ध्यान देना चाहिए<br />
(A) आँखों की नियमित सफाई की ओर<br />
(B) आँखों के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थ की ओर<br />
(C) आँखों की नियमित चिकित्सा जाँच की ओर<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
शरीर का सबसे कोमल अंग कौन-सा है?<br />
(A) नाक<br />
(B) कान<br />
(C) आँख<br />
(D) सिर<br />
उत्तर:<br />
(C) आँख</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
नंगी आँख से सूर्य की ओर कब बिल्कुल नहीं देखना चाहिए?<br />
(A) सूर्योदय के समय<br />
(B) सूर्यास्त के समय<br />
(C) सूर्यग्रहण के समय<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) सूर्यग्रहण के समय</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पढ़ते समय किताब आँखों से कितनी दूर रखनी चाहिए?<br />
(A) लगभग 40 सेंटीमीटर<br />
(B) लगभग 60 सेंटीमीटर<br />
(C) लगभग 30 सेंटीमीटर<br />
(D) लगभग 50 सेंटीमीटर<br />
उत्तर:<br />
(C) लगभग 30 सेंटीमीटर</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
दाँतों के लिए कौन-से वृक्ष की दातुन करना लाभदायक होता है?<br />
(A) नीम की<br />
(B) कीकर की<br />
(C) फलाही या टाहली की<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कान का कौन-सा भाग बहुत नर्म झिल्ली का बना होता है?<br />
(A) बाह्य कान<br />
(B) आंतरिक कान<br />
(C) कान का पर्दा<br />
(D) कर्णपट उ<br />
त्तर:<br />
(C) कान का पर्दा</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य के नियम निम्नलिखित हैं<br />
(A) नियमित डॉक्टरी परीक्षण करवाना चाहिए<br />
(B) स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए<br />
(C) संतुलित एवं पौष्टिक भोजन खाना चाहिए<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
&#8220;जल्दी सोना और जल्दी उठना, व्यक्ति को समृद्ध, स्वस्थ एवं बुद्धिमान बनाता है।&#8221; यह कथन है<br />
(A) बेंजामिन फ्रैंकलिन का<br />
(B) स्वामी विवेकानंद का<br />
(C) गाँधी जी का<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) बेंजामिन फ्रैंकलिन का</p>
<p>प्रश्न 15. कान की सफाई करनी चाहिए<br />
(A) सिर की सूई से<br />
(B) खुरदरे मोटे तिनके पर रूई लपेटकर<br />
(C) कठोर एवं नोकदार सिलाई से<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) खुरदरे मोटे तिनके पर रूई लपेटकर</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
खाना खाते समय क्या करना चाहिए?<br />
(A) खाना खाने से पहले हाथ और नाखून साबुन से धोने चाहिएँ<br />
(B) भोजन चबाकर खाना चाहिए<br />
(C) भोजन बिना बोले करना चाहिए<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य हेतु निम्नलिखित कथन सही है<br />
(A) प्रतिदिन उठने के बाद साफ पानी से मुँह धोना चाहिए<br />
(B) शौच से निवृत्त के बाद दाँतों की सफाई करनी चाहिए<br />
(C) हमेशा हाथ धोकर ही भोजन करना चाहिए<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
हमें त्वचा की देखभाल हेतु करना चाहिए<br />
(A) नियमित रूप से ताजे पानी से नहाना चाहिए<br />
(B) स्वयं को धूल भरे वातावरण से दूर रखना चाहिए<br />
(C) त्वचा की नियमित सफाई करनी चाहिए।<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 2 व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्वव" width="196" height="17" /></p>
<h3>व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व Summary</h3>
<p><strong>व्यक्तिगत स्वास्थ्य का अर्थ एवं महत्त्व परिचय</strong></p>
<p>प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन का पूरी तरह आनंद लेना चाहता है। जीवन का पूरा आनंद तभी लिया जा सकता है जब व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा हो। अच्छा स्वास्थ्य आचरण व नियमों पर निर्भर करता है। हमारा दैनिक आचरण, रहन-सहन, खान-पान, व्यवहार विचार आदि हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।</p>
<p>व्यक्तिगत स्वास्थ्य (Personal Health):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य से अभिप्राय है कि हम कैसे अपने-आपको मेहनत करने के योग्य, स्वस्थ तथा नीरोग बना सकते हैं जिससे हम अपने जीवन का अधिक-से-अधिक लाभ समाज और देश को दे सकें तथा अपने-आपको नीरोग बना सकें। अतः हम कह सकते हैं कि स्वास्थ्य ही व्यक्ति की सबसे बड़ी संपत्ति है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य दो शब्दों से मिलकर बना है- &#8216;व्यक्ति&#8217; एवं &#8216;स्वास्थ्य&#8217;। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य की सफाई के सिद्धांत जो व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर व्यवहार में लाए जाते हैं। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं ही प्रयत्नशील होना पड़ता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी आचरण; जैसे शरीर की स्वस्थता, दाँतों की सफाई, आँखों की सफाई, बालों की सफाई, हाथों की सफाई, भोजन या आहार, व्यायाम तथा मद्यपान संबंधी नियमों का पालन आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इनके प्रति लापरवाही हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।</p>
<p>व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता (Importance of Personal Health):<br />
व्यक्तिगत स्वास्थ्य व्यक्ति को निम्नलिखित बातों में सहायता करता है<br />
(1) एक अच्छा, स्वस्थ व सुडौल शरीर बनाने में।<br />
(2) मांसपेशियों में निरंतर शक्ति संचार बनाए रखने में।।<br />
(3) दाँतों को नष्ट होने से बचाने में।<br />
(4) त्वचा को साफ-सुथरा व स्वस्थ रखने तथा रोगों से मुक्त रखने में।<br />
(5) संक्रमण रोगों की रोकथाम एवं बचाव करने में। आँख, कान एवं नाक को स्वस्थ तथा रोगों से मुक्त रखने में।<br />
(6) व्यक्ति में ऊर्जा या शक्ति को बनाए रखने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने में।<br />
(7) शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को बनाए रखने में।</p>
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		<title>HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-8th-class-science-solutions-chapter-6/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 05:48:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 8]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame HBSE 8th Class Science Combustion and Flame Textbook Questions and Answers Question 1. List conditions under which combustion can take place. Answer: Following conditions are necessary for [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-8th-class-science-solutions/">HBSE 8th Class Science Solutions</a> Chapter 6 Combustion and Flame Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame</h2>
<p><strong>HBSE 8th Class Science Combustion and Flame Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p>Question 1.<br />
List conditions under which combustion can take place.<br />
Answer:<br />
Following conditions are necessary for combustion:<br />
(i) The substance should be combustible.<br />
(ii) It should have low ignition temperature.<br />
(iii) There should be proper supply of air.</p>
<p>Question 2.<br />
Fill in the blanks:<br />
(a) Burning of wood and coal causes &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. of air.<br />
(b) A liquid fuel, used in homes is &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. .<br />
(c) Fuel must be heated to its before it &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. starts burning.<br />
(d) Fire produced by oil cannot be controlled by &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. .<br />
Answer:<br />
(a) pollution<br />
(b) Kerosene<br />
(c) ignition temperature<br />
(d) water.</p>
<p>Question 3.<br />
Explain how the use of CNG in automobiles has reduced pollution in our cities.<br />
Answer:<br />
CNG has replaced petrol and diesel as fuel in automobiles because petrol and diesel produced a lot of unbumt carbon particles and emitted carbondioxide and nitrogen oxides and sulphur dioxide. These all gases are poisonous gases and cause various environmental hazards. But CNG is safe because it produces these substances in very small amounts thus reducing pollution in cities.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
Compare LPG and wood as fuels.<br />
Answer:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>LPG</td>
<td>Wood</td>
</tr>
<tr>
<td>It has more calorific value i.e. 55000 kJ/kg. It is smoke free fuel.</td>
<td>It has less calorific value i.e. 17000 to 22000.</td>
</tr>
<tr>
<td>It is easy to transport.</td>
<td>It gives out lot of smoke which is quite dangerous.</td>
</tr>
<tr>
<td>It is easily stored in cylinders.</td>
<td>It is difficult to transport wood.</td>
</tr>
<tr>
<td>It does not cause any environment problem.</td>
<td>It is difficult to store as it needs of space to store. It is cut so lead to deforestation thus gives rise to many natural and environmental problem.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Question 5.<br />
Give reasons:<br />
(a) Water is not used to control the fire involving electrical equipment.<br />
(b) LPG is a better domestic fuel than wood.<br />
(c) Paper by itself catches fire easily whereas a piece of paper wrapped around an aluminium pipe does not. .<br />
Answer:<br />
(a) Water is a conductor of electricity, so it can easily conduct electric current and causes danger of electric shocks.<br />
(b) LPG is a better domestic fuel than wood because unlike wood it does not produce smoke and is comparatively easy to transport.<br />
(c) Paper by itself catches fire easily because it has low ignition temperature but when wrapped around an aluminium pipe its</p>
<p>Question 6.<br />
Make a labelled diagram of a candle flame.<br />
Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1355" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-6-Combustion-and-Flame-1.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame-1" width="232" height="211" /><br />
Different Zones of Candle flame</p>
<p>Observe the foaming reaction. What happens to the candles? Why? In what order?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1356" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-6-Combustion-and-Flame-2.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame-2" width="346" height="172" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-6-Combustion-and-Flame-2.png 346w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-6-Combustion-and-Flame-2-300x149.png 300w" sizes="auto, (max-width: 346px) 100vw, 346px" /><br />
Answer:<br />
The candles get extinguished. The smaller candle with get extinguisher first because thfe supply of oxygen is cut of due to foam; The smaller candle will come in effect of foam earlier than the longer one and thus stop burning prior to the longer candle.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Activity</span></p>
<p>Combustible and Non-combustible Substances</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>Material</td>
<td>Conmbustible</td>
<td>Non-combustible</td>
</tr>
<tr>
<td>Wood</td>
<td>✓</td>
<td></td>
</tr>
<tr>
<td>Paper</td>
<td>✓</td>
<td></td>
</tr>
<tr>
<td>Iron nails</td>
<td></td>
<td>✓</td>
</tr>
<tr>
<td>Kerosene oil</td>
<td>✓</td>
<td></td>
</tr>
<tr>
<td>Stone piece</td>
<td></td>
<td>✓</td>
</tr>
<tr>
<td>Straw</td>
<td>✓</td>
<td></td>
</tr>
<tr>
<td>Charcoal</td>
<td>✓</td>
<td></td>
</tr>
<tr>
<td>Matchsticks</td>
<td>✓</td>
<td></td>
</tr>
<tr>
<td>Glass</td>
<td></td>
<td>✓</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>HBSE 8th Class Science Combustion and Flame Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Very Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
Why do we need fuel?<br />
Answer:<br />
We need fuel to generate energy.</p>
<p>Question 2.<br />
Name any three fuels.<br />
Answer:<br />
Coal, wood, LPG, kerosene, petrol.</p>
<p>Question 3.<br />
What is produced during combustion?<br />
Answer:<br />
Heat and light.</p>
<p>Question 4.<br />
In what forms light is given during combustion?<br />
Answer:<br />
In form of flame or glow.</p>
<p>Question 5.<br />
How does charcoal burn?<br />
Answer:<br />
It burns with glow.</p>
<p>Question 6.<br />
How does a candle burn?<br />
Answer:<br />
It burns with flame.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 7.<br />
Name two objects which burn without flame.<br />
Answer:<br />
Coal and charcoal.</p>
<p>Question 8.<br />
Name two objects which burn with flame.<br />
Answer:<br />
LPG and candle.</p>
<p>Question 9.<br />
Name any three combustible substances.<br />
Answer:<br />
Wood, coal, LPG.</p>
<p>Question 10.<br />
What is necessary for substances to burn?<br />
Answer:<br />
Air.</p>
<p>Question 11.<br />
How does sun produces heat although it does not have air?<br />
Answer:<br />
It produces heat by nuclear reactions.</p>
<p>Question 12.<br />
In addition to air, what else is a necessary condition for a substance to burn?<br />
Answer:<br />
Low ignition temperature.</p>
<p>Question 13.<br />
What are the substances with very low ignition temperature called?<br />
Answer:<br />
Inflammable substances.</p>
<p>Question 14.<br />
Name some inflammable substances.<br />
Answer:<br />
Alcohol, petrol, LPG., etc.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 15.<br />
What substances are used to extinguish fire?<br />
Answer:<br />
Water, sand, fire extinguishers.</p>
<p>Question 16.<br />
What should we use to extinguish fire in case of electric short circuit?<br />
Answer:<br />
Sand or soil.</p>
<p>Question 17.<br />
Name different types of fire extinguishers.<br />
Answer:<br />
(i) Soda-acid fire extinguishers<br />
(ii) Hydrocarbon fire extinguisher.</p>
<p>Question 18.<br />
Name different types of combustions.<br />
Answer:<br />
Rapid combustion, Spontaneous combustion and explosions.</p>
<p>Question 19.<br />
Name different zones of a flame.<br />
Answer:<br />
Outer non-luminous zone, luminous zone and dark zone.</p>
<p>Question 20.<br />
Which zone of a flame has highest temperature?<br />
Answer:<br />
Non-luminous zone.</p>
<p>Question 21.<br />
Name two properties of an ideal fuel.<br />
Answer:<br />
High calorific value and low cost.</p>
<p>Question 22.<br />
Is there any ideal fuel?<br />
Answer:<br />
No ideal fuel exist.</p>
<p>Question 23.<br />
What is smoke?<br />
Answer:<br />
Smoke is unburnt carbon particles.</p>
<p>Question 24.<br />
Which diseases do incomplete combustion cause?<br />
Answer:<br />
Respiratory and skin diseases.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 25.<br />
What is supposed to be the cause of global warming?<br />
Answer:<br />
Increasing amount of carbon dioxide.</p>
<p>Question 26.<br />
What is the rise in temperature of the environment of earth called?<br />
Answer:<br />
Global warming.</p>
<p>Question 27.<br />
What does global warming lead to?<br />
Answer:<br />
Global warming leads to melting of polar glaciers.</p>
<p>Question 28.<br />
Which chemicals give rise to acid rains?<br />
Answer:<br />
Sulphur dioxide and nitrogen oxides.</p>
<p>Question 29.<br />
Which fuel is being used in automobiles in place of petrol and diesel?<br />
Answer:<br />
CNG.</p>
<p>Question 30.<br />
Does CNG produce poisonous substances on burning?<br />
Answer:<br />
In very small amounts.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
Define combustion.<br />
Answer:<br />
A chemical process in which a substance reacts with oxygen to give off heat is called combustion. Burning of substances to get heat is called combustion.</p>
<p>Question 2.<br />
What is produced when a combustible substance burns?<br />
Answer:<br />
When a combustible substance burns it produces heat and light. Light is in the form of glow or flame. Some combustible substances do not<br />
burn in a flame, they simply glow.</p>
<p>Question 3.<br />
How will you prove that air is necessary for burning?<br />
Answer:<br />
Burn a candle. Now put a beaker inverted on it. You will see the flame will flicker and then it will extinguish. As the inverted beaker has cut off the oxygen supply, the flame is extinguished. This proves air is necessary for burning.</p>
<p>Question 4.<br />
What do you mean by ignition temperature?<br />
Answer:<br />
The lowest temperature at which a substance catches fire is called its ignition temperature. This is the temperature which has to be there, if the substance has to burn, below it the object will not catch fire.</p>
<p>Question 5.<br />
What are inflammable substances?<br />
Answer:<br />
Some substances have very low ignition temperature and they catch fire very easily. Suflj substances are called inflammable substances. Petrol, alcohol, LPG etc. are the inflammable substances.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 6.<br />
Write three things necessary for fire to produce?<br />
Answer:<br />
Three conditions necessary to produce fire are following:<br />
(i) Presence of oxygen i.e, air.<br />
(ii) Ignition temperature.<br />
(iii) Presence of combustible substances.</p>
<p>Question 7.<br />
What can be done to put the fire off?<br />
Answer:<br />
To put off the fire one of the conditions necessary for burning should be removed or controlled. If we cut off the supply of air, fire will be extinguished or we can bring the ignition temperature down to blow off the fire.</p>
<p>Question 8.<br />
Why can’t water control the fire due to oils?<br />
Answer:<br />
Water cannot put off fire due to oils because water is lighter than oil. It settles down the oil particles and cannot bring the ignition temperature of the substance down, thus cannot control the fire.</p>
<p>Question 9.<br />
What should be done to control fire due to oils?<br />
Answer:<br />
In case of fire due to oils, water is not useful as it is lighter than oil and settles down below the oil particles. In such cases, sand or soil should be used. They cut off the supply of air to the fire and it is put off.</p>
<p>Question 10.<br />
How does carbondioxide help in putting off fire?<br />
Answer:<br />
Carbondioxide covers the surface of the burning substance and does not allow the oxygen to reach the substance. In absence of oxygen the fire gets put off.</p>
<p>Question 11.<br />
What is rapid combustion?<br />
Answer:<br />
When gases bum quickly to produce heat and light it is called rapid combustion. This process takes place rapidly and takes less time.</p>
<p>Question 12.<br />
What is spontaneous combustion?<br />
Answer:<br />
When an object catches fire on its own without any apparant cause, it is called spontaneous combustion. In this type of combustion the object suddenly bursts into flame. For example, phosphorus catches fire in air.</p>
<p>Question 13.<br />
Write the properties of an ideal fuel.<br />
Answer:<br />
An ideal fuel has following qualities:<br />
(i) It has high calorific value.<br />
(ii) It has low ignition temperature.<br />
(iii) It is cheap and easily available.<br />
(iv) It can be easily transported.</p>
<p>Question 14.<br />
Write some harmful effects of burning fuel.<br />
Answer:<br />
Burning fuel can cause following ill effects:<br />
(i) Unbumt carbon particles of these fuels can cause respiratory and skin diseases.<br />
(ii) Smoke emitted by these fuels cause pollution and many diseases.<br />
(iii) Poisonous gases like carbondioxide, carbonmonoxide and sulphurdioxide etc. pollute the air.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Long Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
Explain the conditions necessary for cpmbustion.<br />
Answer:<br />
Combustion is burning of substances. For combustion of substances following conditions are necessary: .<br />
(i) Air:<br />
Substances only bum in sufficient supply of air i.e. oxygen. If the supply of air is hindered the object will not bum. In case of a burning object, if air is hindered, it will stop burning. This fact is used in extinguishing the fires.</p>
<p>(ii) Ignition Temperature:<br />
Ignition temperature is the minimum temperature at which a substance starts burning. Those substances which have low ignition temperature can bum easily, while those which have high ignition temperature need more heating and burn late.</p>
<p>(iii) Presence of combustible substance:<br />
If a substance is not combustible, it will not catch fire at all, so to produce fire it is necessary to have a combustible substance.</p>
<p>Question 2.<br />
Describe the working of soda-acid fire extinguisher.<br />
Answer:<br />
Soda-acid fire extinguisher is based on the cooling the temperature of the burning object. This type of fire extinguisher contains sulphuric acid and sodium bicarbonate. When the extinguisher becomes functional, the sulphuric acid reacts with sodium bicarbonate to produce carbondioxide. Carbondioxide when released, cuts off the supply of oxygen and water is released to bring down the ignition temperature of the burning object. In this way fire is controlled.</p>
<p>Question 3.<br />
What are different types of combustion?<br />
Answer:<br />
Combustion is of three types:<br />
(i) Rapid combustion: When gases bum rapidly to produce heat and light it is called rapid combustion.<br />
(ii) Spontaneous combustion: When any material like phosphorus bums on its own without any apparant cause, it is called spontaneous combustion.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1357" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-6-Combustion-and-Flame-3.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame-3" width="164" height="200" /></p>
<p>(iii) Explosion:<br />
When combustion takes place with sudden release of heat and light and a large amount of gas in form of bang, it is called explosion as in case of crackers and bombs.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
Explain various harmful effects of burning fuels.<br />
Answer:<br />
Fuels are very useful for us. But there are certain disadvantages of burning fuels.<br />
(i) Fuels like wood, coal, petroleum etc. which are carbon fuels generally release unbumt carbon particles which are quite harmful. They cause various respiratory and skin diseases.</p>
<p>(ii) In most of the cases carbondioxide is released during burning of fuels. This carbondioxide is released in environment. Carbondioxide is an identified cause of increasing temperature of the earth, which is called global warming.</p>
<p>(iii) Incomplete combustion of fuels release many poisonous gases like carbonmonoxide. in the environment. These poisonous gases create air pollution, such air if inhaled can be fatal.</p>
<p>(iv) Combustion of coal and diesel generates sulphurdioxide. It is a corrosive gas and it causes suffocation.</p>
<p>(v) Burning of petrol releases nitrogen oxides. These oxides of nitrogen and sulphurdioxide combine with rain water to cause acid rains.</p>
<p>Question 5.<br />
Describe the various zones of a candle flame.<br />
Answer:<br />
The candle flame has three different zones. These zones can be distinguished on the basis of their colour.<br />
(i) The outer zone:<br />
It is blue in colour and it has very high temperature. It is the hottest zone of the flame. In this zones the wax vapours bum completely due to availability of enough oxygen, in turn carbondioxide and water vapours are produced.</p>
<p>(ii) The middle zone:<br />
In this zone the flame bums with yellow colour and the wax vapours start burning here. The yellowish colour of the flame is due to the burning of carbon particles. These carbon particles are produced due te incomplete burning of the wax vapours due to less suppy of oxygen. Carbonmonoxide is also produced along the carbon particles. This zone is luminious but with low temperature.</p>
<p>(iii) The inner zone:<br />
This zone appears black in colour as no combustion of wax vapour take place in this zone due to no supply of oxygen in this zone. It is the coolest zone of the flame having unbumt wax vapour.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1358" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-6-Combustion-and-Flame-4.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 Combustion and Flame-4" width="225" height="147" /></p>
<p><strong>Combustion and Flame Class 8 HBSE Notes</strong></p>
<p>1. All substances which catch fire/bum in air are called combustible substances.<br />
2. Wood, paper, petrol, L.P.G., charcoal etc. are some examples of combustible substances.<br />
3. During combustion heat and light is emitted. The light is emitted in the form of flame.<br />
4. All combustible substances do not burn with flame, for example coal does not bum with flame, while wood, paper, candle, L.P.G., etc. bum with a flame.<br />
5. There are two main things required by a substance to become combustible. These are: low ignition temperature and air.<br />
6. Ignition temperature is the lowest temperature at which a combustible substance can easily catch fire. Inflammable substances have very low ignition temperature.<br />
7. If any of the above condition is removed,&#8217;fire can be extinguished. Either we bring ignition temperature below minimum or we cut off the supply of air.<br />
8. Water, sand are mostly used to bring fire under control.<br />
9. There are three main zones of a flame. The outermost zone has the highest temperature while the inner zone has unbumt carbon particles.<br />
10. Fuel is a substance which is used to give energy and heat. Ideal fuel has low ignition temperature and readily available. It is cheap and has high calorific value. It is free from pollution.<br />
11. But no fuel is an ideal fuel.<br />
12. Fuels are not same in their efficiency and cost.<br />
13. Calorific value of fuels is expressed in units of kilojouls per kg.<br />
14. Combustion of an inflammable substance should be complete because incomplete combustion produce unburnt carbon particle which can cause serious environmental hazards like acid rain, global warming and poisonous gases causing dangerous diseases in living beings.<br />
15. Global warming the most alarming environmental problem is being created due to increased amount of carbondioxide in air.<br />
16. Acidic rain is caused due to the oxides of nitrogen and sulphur released in environment due to burning of coal, diesel and petrol.</p>
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		<title>HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 05:47:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 8]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum HBSE 8th Class Science Coal and Petroleum Textbook Questions and Answers Question 1. What are the advantages of using GNG and LPG as fuels? Answer: CNG &#8211; [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-8th-class-science-solutions/">HBSE 8th Class Science Solutions</a> Chapter 5 Coal and Petroleum Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum</h2>
<p><strong>HBSE 8th Class Science Coal and Petroleum Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p>Question 1.<br />
What are the advantages of using GNG and LPG as fuels?<br />
Answer:<br />
CNG &#8211; Compressed Natural Gas and LPG &#8211; Liquefied Petroleum Gas are easy to handle and use. It is easy to transport them and moreover they are free from any types of pollution on usage.</p>
<p>Question 2.<br />
Name the petroleum product used for surfacing of roads?<br />
Answer:<br />
Bitumen or coaltar is used for surfacing of roads.</p>
<p>Question 3.<br />
Describe how coal is formed from dead vegetation. What is this process called?<br />
Answer:<br />
Millions of years ago many dead animals and plants got trapped under the layers of earth. They got compressed and the temperature under the earth started raising due to hfgh pressure and temperature, the dead plants and animals got converted into coal. This process is called carbonization.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
Fill in the blanks:<br />
(а) Fossil fuels are &#8230;&#8230;&#8230;. , &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. and &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. .<br />
(b) On destructive distillation of coal &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. , &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. and &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. are obtained.<br />
(c) Process of separation of different constituents from petroleum is called &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. .<br />
(d) Least polluting fuel for vehicle is &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;. .<br />
Answer:<br />
(a) coal, petroleum and natural gas<br />
(b) coke, coal-tar and coal gas<br />
(c) refining<br />
(d) CNG.</p>
<p>Question 5.<br />
Tick True/Ffdse against the following statements:<br />
(а) Fossil fuels can be made in the laboratory. (T/F)<br />
(b) CNG is more polluting fuel than petrol. (T/F)<br />
(c) Coke is almost pure form of carbon. (T/F)<br />
(d) Coal-tar is a mixture of various substances. (T/F)<br />
(e) Kerosene is not a fossil fuel. (T/F)<br />
Answer:<br />
(a) False<br />
(b) False<br />
(c) True<br />
(d) True<br />
(e) False.</p>
<p>Question 6.<br />
Explain why fossil fuels are exhaustible natural resources?<br />
Answer:<br />
Fossil fuels are exhaustible natural resources because they are made by the decomposition of the dead remains of living organisms. It is present in limited quantity beneath the earth, thus it will come to an end by human usage.</p>
<p>Question 7.<br />
Describe characteristics and uses of coke.<br />
Answer:<br />
Coke is obtained by burning of coal in absence of oxygen. The process is called destructive distillation. Coke is used to manufacture steel. Coke is used in the extraction of many metals.</p>
<p>Question 8.<br />
Explain the process of formation of petroleum.<br />
Answer:<br />
Petroleum is a fossil fuel. It is formed beneath the earth by decomposition of the dead bodies of the living organisms hurried beneath the earth. Due to some natural calamities like earthquake or volcano, innumerable living organisms (Plants and animals) got hurried beneath the earth. Due to heat and pressure, they started getting decomposed and got converted into liquid and gas form. In this way Petroleum oil and petroleum gas are formed.</p>
<p>Question 9.<br />
The following Table shows the total power shortage in India from 1991-1997. Show the data in the form of a graph. Plot shortage percentage for the year on the Y- axis and the year on the X-axis.</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>Year</td>
<td>Shortage %</td>
</tr>
<tr>
<td>1. 1991</td>
<td>7.9</td>
</tr>
<tr>
<td>2. 1992</td>
<td>7.8</td>
</tr>
<tr>
<td>3. 1993</td>
<td>8.3</td>
</tr>
<tr>
<td>4. 1994</td>
<td>7.4</td>
</tr>
<tr>
<td>5. 1995</td>
<td>7.1</td>
</tr>
<tr>
<td>6. 1996</td>
<td>9.2</td>
</tr>
<tr>
<td>7. 1997</td>
<td>11.5</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1342" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-5-Coal-and-Petroleum-1.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum-1" width="379" height="233" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-5-Coal-and-Petroleum-1.png 379w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-5-Coal-and-Petroleum-1-300x184.png 300w" sizes="auto, (max-width: 379px) 100vw, 379px" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Extended Learning &#8211; Activities And Projects</span></p>
<p>Get an outline map of India. Mark the places in the map where coal, petroleum and natural gas are found. Show the places where petroleum refineries are situated.<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p>2. Choose any five families of your neighbourhood. Enquire whether their energy consumption (coal, gas, electricity, petrol, kerosene) has increased or decreased in the last five years. Enquire also about the measures they adopt to conserve energy.<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>3. Find out the location of major thermal power plants in India. What could be the reasonsi for their being located at those places?<br />
For more information visit:</p>
<ul>
<li>www.energyquest.ca.gov/story/chapter08.html</li>
<li>en.wikipedia.org/ wiki/ Non-renewable_resources</li>
<li>http://www.eiadoe.gov/kids/energyfacts/ sources/non-renewable/oil.html</li>
</ul>
<p>Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p><strong>HBSE 8th Class Science Coal and Petroleum Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Very Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
From where we find all the materials we use in our daily life?<br />
Answer:<br />
We get all these materials from natural resources as well as from man-made resources.</p>
<p>Question 2.<br />
How many kinds of natural resources are there on the basis of availability of materials?<br />
Answer:<br />
On the basis of availability of materials, natural resources are oftwo types: Inexhaustible and exhaustible.</p>
<p>Question 3.<br />
What are inexhaustible natural resources?<br />
Answer:<br />
Inexhaustible natural resources are those resources which cannot be finished by human activities.</p>
<p>Question 4.<br />
Give two examples Pf Inexhaustible natural resources.<br />
Answer:<br />
Sunlight and air.</p>
<p>Question 5.<br />
What are exhaustible natural resources?<br />
Answer:<br />
Exhaustible natural resources are those resources which are present in limited quantity and can get finished by hurt!an activities.</p>
<p>Question 6.<br />
Give two examples of exhaustible natural resources.<br />
Answer:<br />
Petroleum, wildlife.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 7.<br />
What are fossil fuels?<br />
Answer:<br />
Those fuels which got formed by the decomposition of the dead remains of living organisms for a long period of time are called fossil fuels.</p>
<p>Question 8.<br />
Give tWo examples .of fossil fuel.<br />
Answer:<br />
Petroleum, coal.</p>
<p>Question 9.<br />
What is coal?<br />
Answer:<br />
Coal is an exhaustible natural fossil fuel which is as hard as stone and is of black colour.</p>
<p>Question 10.<br />
Write any two uses of coal.<br />
Answer:<br />
Coal is used as fuel to cook food. Coal is used as fuel to run trains.</p>
<p>Question 11.<br />
What does coal mainly consist of?<br />
Answer:<br />
Coal mainly consists of carbon.</p>
<p>Question 12.<br />
What is cabonization?<br />
Answer:<br />
Slow process of conversion of dead remains of living organisms into coal is called carbonization.</p>
<p>Question 13.<br />
Which gas is released when coal ishumt?<br />
Answer:<br />
Carbondioxide.</p>
<p>Question 14.<br />
To which process coal is put to get some useful products?<br />
Answer:<br />
Destructive distillation.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 15.<br />
What is destructive distillation?<br />
Answer:<br />
Burning of coal in absence of oxygen to get coke and; other useful products is called destructive distillation.</p>
<p>Question 16.<br />
What is the pure form of carbon?<br />
Answer:<br />
Coke.</p>
<p>Question 17.<br />
What is coal-tar?<br />
Answer:<br />
Coal-tar is a black liquid that is produced during destructive distillation of coal.</p>
<p>Question 18.<br />
Which petroleum product is used for metalling the roads in place of coal-tar?<br />
Answer:<br />
Bitumen.</p>
<p>Question 19.<br />
What is used as fuel in light vehicles?<br />
Answer:<br />
Petrol.</p>
<p>Question 20.<br />
What is used as fuel in heavy vehicles?<br />
Answer:<br />
Diesel.</p>
<p>Question 21.<br />
Where was petroleum formed?<br />
Answer:<br />
Petroleum was formed under the sea.</p>
<p>Question 22.<br />
Which conditions under the sea formed petroleum?<br />
Answer:<br />
Absence of air, high temperature and high pressure.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 23.<br />
Where was the first oil well digged?<br />
Answer:<br />
Pennsylvania, U.S.A. in year 1859.</p>
<p>Question 24.<br />
Name some places of India where oil is found.<br />
Answer:<br />
Assam, Gujarat, Bombay High, River basins of Godawari and Kaveri.</p>
<p>Question 25.<br />
Which constituents are separated from-petroleum during its refining?<br />
Answer:<br />
Petroleum gas, petrol, diesel, lubricating oil, paraffin wax etc.</p>
<p>Question 26.<br />
What is the full form of L.P.G.?<br />
Answer:<br />
Liquefied Petroleum Gas,</p>
<p>Question 27.<br />
What is the use of L.P.G.?<br />
Answer:<br />
L.P.G. is used as fuel in home and in vehicles.</p>
<p>Question 28.<br />
What is the use of Paraffin wax?<br />
Answer:<br />
Used in ointments, candles, vaseline, etc.</p>
<p>Question 29.<br />
What are petrochemicals?<br />
Answer:<br />
Various useful constituents obtained from petroleum are called petrochemicals.</p>
<p>Question 30.<br />
What is full form of C.N.G.?<br />
Answer:<br />
Compressed Natural Gas.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 31.<br />
What are the uses of C.N.G.?<br />
Answer:<br />
C.N.G. is used as pollution free fuel for vehicles and in power generation.</p>
<p>Question 32.<br />
Where in India is C.N.G. found?<br />
Answer:<br />
Tripura, Jaisalmer, Offshore of Mumbai and in Krishna Godawari Delta.</p>
<p>Question 33.<br />
Can coal, petroleum and natural gas be prepared in laboratory?<br />
Answer:<br />
No.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
In how many types can we classify our resources?<br />
Answer:<br />
We can classify out natural resources in two types:<br />
(i) Man-made resources<br />
(ii) Natural resources.<br />
Natural resources can further be classified in two types on the basis of the availability of resources: Exhaustible and inexhaustible resources.</p>
<p>Question 2.<br />
What do you mean by Inexhaustible natural resources?<br />
Answer:<br />
These are the resources which are present in nature in unlimited amount and can never get finished by human activities. Air, sunlight, soil etc. are examples of inexhaustible natural resources.</p>
<p>Question 3.<br />
What do you mean by exhaustible natural resources?<br />
Answer:<br />
Exhaustible natural resources are those resources which are present in nature in limited amounts and can get finished by human activities. Petroleum, Natural Gas, Coal etc. are exhaustible natural resources.</p>
<p>Question 4.<br />
What do you mean by fossil fuels?<br />
Answer:<br />
Fuels which were formed by the dead remains of the living organisms by process which took thousands of year to complete are called fossil fuels. Petroleum, coal, natural gas are the fossil fuels which got formed under the sea and earth respectively, when they got hurried under the sea and earth.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 5.<br />
What is coal and write its uses?<br />
Answer:<br />
Coal is a black stone like substance. It is formed by the dead remains of the living organisms.<br />
(i) Coal is used as fuel to cook food.<br />
(ii) It is used to run trains, as it is burnt to generate steam in engine.<br />
(iii) It is used in thermal power plants to produce electricity.<br />
(iv) Coal is also used as fuel in different industries.</p>
<p>Question 6.<br />
How was coal formed?<br />
Answer:<br />
Millions of years ago dense forests of earth got hurried under the soil due to volcanoes and earthquakes. More deposits of soil compressed the hurried dead bodies. As they became deeper temperature started rising. This started converting dead bodies into coal.</p>
<p>Question 7.<br />
What is coke? How is it useful to us?<br />
Answer:<br />
Coke is a hard porous black substance. It is obtained by destructive distillation of coke. It is almost pure form of carbon.<br />
(i) Coke is used to manufacture steel.<br />
(ii) It is used in extraction of many metals.</p>
<p>Question 8.<br />
What is coal-tar? How is it useful to us?<br />
Answer:<br />
Black liquid obtained during destructive distillation of coal is coal-tar. It is thick and smells unpleasant. It is a mixture of hundreds of substances. Substances obtained from coal-tar are used to manufacture synthetic dyes, drugs, explosives, perfumes, plastics, paints, roofing materials, photographic materials, etc.</p>
<p>Question 9.<br />
What do you mean by petroleum?<br />
Answer:<br />
Petroleum is a fossil fuel obtained from the dead remains of organisms living in sea. Petroleum is a dark oily liquid having unpleasant . odour. It has various useful constituents which are separated from it by process of fractional distillation at petroleum refineries.</p>
<p>Question 10.<br />
How was petroleum lormed?<br />
Answer:<br />
Millions of years ago, sea organisms died and their dead bodies got settled at the bottom of the sea. Slowly they got covered by sand and clay. Absence of air, high temperature and high pressure for years, converted these bodies into petroleum oil and natural gas.</p>
<p>Question 11.<br />
Name any three constituents obtained from refining petroleum and their uses.<br />
Answer:<br />
(i) L.P.G.: It is used as domestic fuel and fuel for vehicles.<br />
(ii) Petrol: It is used as fuel for light vehicles, aviation fuel and used in drycleaning of fabric.<br />
(iii) Kerosene: It is used as fuel for stoves, lamps an d for jet aircrafts.</p>
<p>Question 12.<br />
What is diesel? How is it different from petrol?<br />
Answer:<br />
Diesel is one of the constituents obtained by the refining or fractional distillation of petroleum. It is mainly used as the fuel for vehicles as petrol is used. But it is different from petrol, as it is used as fuel for heavy vehicles like trucks, lories, etc. while petrol is used as fuel in light vehicles like cars, scooters, etc.</p>
<p>Question 13.<br />
What is CNG?<br />
Answer:<br />
GNG is Compressed Natural Gas which is a fossil fuel and is formed along petroleum oil. It is used as the pollution free fuel for transport vehicles. It is more convinient to use as its transportation is easy and it can be directly burnt.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Long Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
Classify various materials we use in our lives.<br />
Answer:<br />
All the materials we use can be broadly classified into two groups:<br />
(a) Natural Resources<br />
(b) Man-made Resources.<br />
(a) Natural resources are those resources which are present in our nature, gifted by God. They can be freely used. Soil, air, sunlight, water, wildlife, etc. are some natural resources.<br />
(b) Man-made resources are those resources which are formed by various efforts of man and are artificial. Plastics, fibres, electricity, etc. are all artificial resources.</p>
<p>On availability of materials natural materials can further be classified as:<br />
(i) Inexhaustible Natural Resources:<br />
Those resources which are present in unlimited quantity and will never get exhausted by human activities. Sunlight, air, soil, etc. are some inexhaustible natural resources.</p>
<p>(ii) Exhaustible Natural Resources:<br />
Those resources which are available in limited amount and will get finished by human activities. Petroleum, coal, wildlife, forests, etc. are some examples of exhaustible natural resources.</p>
<p>Question 2.<br />
What is coal and how was it formed? Explain.<br />
Answer:<br />
Coal is a fossil fuel which is as hard as a stone. It is black in colour and is mainly used as fuel. As coal is a fossil fuel, it was formed by the dead remains of the plants. Millions of years ago vegetation in forests got trapped under soil layers due to earthquakes and volcanic erruptions. More soil layers got deposited on it and it went deeper and deeper beneath the earth.</p>
<p>This raised the temperature and pressure beneath the soil. This initiated the process of burning these dead remains. Slowly all the vegetations got converted into coal which is a rich form of carbon. This whole process is also called carbonization.</p>
<p>Question 3.<br />
How was petroleum formed? What is refining of petroleum?<br />
Answer:<br />
Petroleum is a fossil fuel which got formed by the dead remains of the sea-animals. These animals slowly got trapped under soil and clay and more deposits were formed with time. Due to depth, the temperature and pressure raised and over the years they got converted into petroleum oil. Since oil is lighter than water, it did not get mix with water and got raised to the superficial rocks, which did not allow it to pass through them. To obtain petroleum, we have to dig wells to perforate the top rocks and pump up the petroleum oil.</p>
<p>The petroleum oil we get from these wells is a mixture of variuos other useful substances. Petroleum oil is, thus, refined to separate these useful by-products in petroleum refineries.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
Name different constituents of petroleum and write their uses.<br />
Answer:<br />
Following are various constituents of petroleum oil obtained during fractional distillation in oil refineries:<br />
(i) Liquefied Petroleum Gas (L.P.G.): It is primarily used as domestic fuel. Now it is used as fuel in vehicles and industry.<br />
(ii) Petrol: It is a black liquid used as fuel in light vehicles like scooters, cars, etc. It is also used as aviation fuel and used for dry cleaning of fabrics.<br />
(iii) Kerosene: It is used as fuel in stoves, lamps and jet aircrafts.<br />
(iv) Diesel: It is used as fuel for heavy vehicles and in electric generators.<br />
(v) Lubricating oil: It, is used to lubricate metal parts and machines.<br />
(vi) Paraffin wax: It is used in ointments&#8217;, vaselines and in candles.<br />
(vii) Bitumen: It is used in paints and is used in road-surfacing in place of coal-tar.</p>
<p>Question 5.<br />
Write a note on Natural Gas.<br />
Answer:<br />
Natural gas is one of the most important forms of fossil fuel. The reason being that it is very easy to transport through pipes and cylinders. Natural gas is extracted and stored under very high pressure. As it is kept compressed under high pressure, it is called .</p>
<p>Compressed Natural Gas or CNG. The great advantage of CNG is that it does not cause pollution on usage as in case of other petrochemicals like petrol and diesel. Secondly, it can be directly burnt in homes and factories for cooking and other purposes. Natural gas is also used as the fuel for many manufacturing units of chemicals and fertilizers.</p>
<p>Question 6.<br />
Why is it necessary to use coal and petroleum economically?<br />
Answer:<br />
There are two main reasons for which economical use of fossil fuels is necessary.<br />
(i) Fossil fuels are exhaustible sources. If they are used indiscriminately, they will be exhausted, as they are present in nature in limited amount. It takes millions of years to form fossil fuels, so it is not possible to make new fossil fuels artificially.</p>
<p>(ii) Secondly, fossil fuels specially coke, petrol, diesel, etc. generate polluting gases on burning. Coke is almost carbon and produces carbondioxide on binning, whieh pollutes our environment. These polluting emissions have given rise to dangers of global warming and air pollution. So, their limited and economic use can control pollution and give better environment to live in.</p>
<p>Question 7.<br />
Write some ways in which we can conserve fossil fuels.<br />
Answer:<br />
Economic and controlled consumption of fossil fuel can help conserving our natural resources. Following ways and measures can conserve owr resources:<br />
(i) Vehicles shcaiM be driven at eeaastant and moderate speed.<br />
(ii) Engines should he switched off at traffic lights or other temporary halts.<br />
(iii) Proper and regular maintenance of vehicles.<br />
(iv) Vehicle pooling can reduce number of vehicles plying on road thus less consumption of fuel.<br />
(v) At home gas stoves should he cleaned properly and burners should not he left boring unnecessarily.<br />
(vi) Pressure cookers should be preferred to pans. If pans are being used, they should he properly covered and their bottoms should not have deposits of burnt oil.<br />
(vii) Small pans and burners should be used and pulses etc. should be dipped in water before cooking them.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum" width="145" height="13" /></p>
<p><strong>Coal and Petroleum Class 8 HBSE Notes</strong></p>
<p>1. We get various materials from various sources. These sources cam be natural or man-made. Natural resources are like air, water, soil, minerals, etc.<br />
2. Natural resources are of two types according to their availability<br />
(a) Inexhaustible<br />
(b) Exhaustible.<br />
3. Inexhaustible resources are those which are unlimited and are not supposed to come to an end by human use e.g. air is in exhaustible resource.<br />
4. Exhaustible resourcs are those resources which are present in limited quantity and which can come to an end by human use e.g. forests, coal, petroleum, wildlife and natural gas, minerals, etc.<br />
5. Coal, petroleum, natural gas etc. are called fossil fuels because they are formed by the decomposition of the dead bodies of plants and animals.<br />
6. These fossil fuels are used by humans for their various energy requirements.<br />
7. Coal was formed under the earth about 300 million years ago. The de forests of the earth got hurried under soil due to earthquakes and volcanic erruptions. The compressed under the layers of soil. Rising temperature under the earth converted these dead bodies into coal. Coal mainly consists of carbon.<br />
8. The whole process of conversion of dead bodies of plants and animals into coal is called carbonization.<br />
9. Heating of coal in absence oT cur to form coke is called destructive distillation. Destructive distillation is the process which produces various petroleum products like coaltar, coal-gas, etc.<br />
10. Petroleum is refined to get various by-products like petrol, petroleum gas, paraffin wax, diesel, lubricating oil, etc.<br />
11. All these resources of energy are present in limited quantity. It was a long process which took place to convert dead bodies of living beiqgs to get converted into petroleum products. So they will get exhausted if used indiscriminately.</p>
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		<title>HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 05:24:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 8]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current HBSE 8th Class Science Chemical Effects of Electric Current Textbook Questions and Answers Question 1. Fill in the blanks: (а) Most liquids that [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-8th-class-science-solutions/">HBSE 8th Class Science Solutions</a> Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current</h2>
<p><strong>HBSE 8th Class Science Chemical Effects of Electric Current Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p>Question 1.<br />
Fill in the blanks:<br />
(а) Most liquids that conduct electricity are solutions of __________ and __________.<br />
(b) The passage of an electric current through a solution causes __________ effect.<br />
(c) If you pass current through copper sulphate solution, copper gets deposited on the plate connected to the __________ terfninal of the battery.<br />
(d) The process of depositing a layer of any desired metal on another metafile object, by means of electricity, is called __________.<br />
Answer:<br />
(a) acids and bases<br />
(b) chemical<br />
(c) negative<br />
(d) electroplating</p>
<p>Question 2.<br />
When the free ends of a tester are dipped into a solution, the magnetic needle shows deflection, dan yon explain the<br />
Answer:<br />
Yes, the solution is a good conductor of electricity. The reason is that tote solution is a good conductor of electricity, so the needle get deflected.</p>
<p>Question 3.<br />
Name three liquids, which when tested in the manner shown in figure, may cause the magnetic needle to direct.<br />
Answer:<br />
Tap water, lime water, vinegar.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-1379 size-full" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-1-1.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 1" width="228" height="191" /></p>
<p>Question 4.<br />
The bulb does not glow in the setup shewn in figure. List the possible reasons. Explain your answer.<br />
Answer:<br />
If the bulb does not glow it may be because of some reasons like the bulb may be fused. Replaced with a new bulb, if it still does not glow, it shows that the connection of wires may be loose. After tightening connetions if still the bulb does not glow, then it is for sure that the solution does not conduct electric current.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1368" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-2.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 2" width="279" height="207" /></p>
<p>Question 5.<br />
A tester is used to check the conduction of electricity through two liquids, labeled A and B. It is found that the bulb of the tester glows brightly for liquid A while it glows very dimly for liquid B. You would conclude that<br />
(i) liquid A is a better conductor than liquid B.<br />
(ii) liquid Bis a better conductor than liquid<br />
(iii) both liquids are equally conducting.<br />
(iv) conducting properties of liquid cannot be compared in this manner.<br />
Answer:<br />
(ii) liquid A is a better conductor than liquid B.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 6.<br />
Does pure water conduct electricity? If not, what can we do to make it conducting?<br />
Answer:<br />
Some salt can be added to it to make it a conductor.</p>
<p>Question 7.<br />
In case of fire, before the firemen use the water hoses, they shut off the main electrical supply for the area. Explain why they do this.<br />
Answer:<br />
Water is a good conductor of electric current. So, the firemen shut off the electric supply before spraying water to save themselves and other people from electrocution.</p>
<p>Question 8.<br />
A child staying in the coastal region tests the drinking water and also the seawater with his tester. He finds that the compass needle deflects more in the case of seawater. Can you explain the reason?<br />
Answer:<br />
Drinking water has been processed and purified before supplying it to the houses. Many salts and minerals have been removed from it, so it has decreased its conductivity. On the other hand the sea water is rich in salts, and other acids and basic substances, that is why it is a better conductor of electricity and deflects the needle more than the purified drinking water.</p>
<p>Question 9.<br />
Is it safe for the electrician to carry out electrical repairs outdoors during heavy downpour? Explain.<br />
Answer:<br />
No, it is highly dangerous to carry on electric repairs in water, as water is a good conductor of electricity. It can cause electrocution.</p>
<p>Question 10.<br />
Paheli had heard that rainwater is as good as distilled water. So she collected some rainwater in a clean glass tumbler and tested it using a tester. To her surprise she found that the compass needle showed deflection. What could be the reasons?<br />
Answer:<br />
While it rains, the raindrops get mixed with the suspended particles of the air. So, they do not remain pure. It becomes the mixture of salts and other impurities thus shows conduction of electricity.</p>
<p>Question 11.<br />
Prepare a list of objects around you that are electroplated.<br />
Answer:<br />
Following objects around us are electroplated, rims of cycles, door handles, taps, showers, metallic pens, artificial jewellery, utensils, metallic almirahs, buckles of clothes and belts etc.</p>
<p>Question 12.<br />
The process that you saw in Activity 14.7 is used for purification of copper. A thin plate of pure copper and a thick rod of impure copper are used as electrodes. Copper from impure rod is sought to be transfered to the thin copper plate. Which electrode should be attached to the positive terminal of the battery and why?<br />
Answer:<br />
The impure copper rod should be attached to the positive terminal because the free copper will get drawn towards the negative terminal to be get deposted, so the copper from impure rod will get collected in the pure copper plate.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Extended Learning &#8211; Activities and Projects</span></p>
<p>Question 1.<br />
Test the conduction of electricity through various fruits and vegetables. Display your result in a tabular form.<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p>Question 2.<br />
Repeat the Activity 14.7 with a zinc plate in place of the copper plate connected to the negative terminal of the battery. Now replace zinc plate with some other metallic object and again repeat the activity. Which metal gets deposited over which other metal? Discuss your findings with your friends.<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p>Question 3.<br />
Find out if there is a commercial electroplating unit in your town. What objects are electroplated there and for what purpose? (The process of electroplating in a commercial unit is much more complex than what we did in Activity 14.7). Find out how they dispose off the chemicals they discard.<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
Imagine that you are an ‘entrepreneur’ and have been provided a loan by a bank to set up a small electroplating unit. What object you would like to electroplate and for what purpose? (Look up the meaning of‘entrepreneur’ in a dictionary).<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p>Question 5.<br />
Find out the health concerns associated with chromium electroplating. How are people trying to resolve them?<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p>Question 6.<br />
You can make a fun pen for yourself. Take a conducting metal plate and spread a moist paste of Potassium Iodide and starch. Connect the plate to a battery as shown in Fig. 14.11. Now using the free end of the wire, write a few letters on the paste. What do you see?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1369" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-3.jpg" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 3" width="271" height="217" /><br />
For more information on this topic visit:<br />
www.tutorvista.com/content/physies/phys- ics-iv/thermalchemical-currents/chemical-ef- fects-current.php<br />
www.physchem.co.za/Redox/ Electrolysis.htm<br />
electronics .howstuffworks.com/3 ed ,htm<br />
Answer:<br />
For self attempt.</p>
<p><strong>HBSE 7th Class Science Chemical Effects of Electric Current Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Very Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What is electric current?<br />
Answer:<br />
Flow of electrons is called current.</p>
<p>Question 2.<br />
How can we check current?<br />
Answer:<br />
By using a tester.</p>
<p>Question 3.<br />
What are conductors?<br />
Answer:<br />
Substances which allow the electric current to pass through them are called conductors.</p>
<p>Question 4.<br />
What are insulators?<br />
Answer:<br />
Substances which do not allow electric current to pass through them are called insulators.</p>
<p>Question 5.<br />
Name any conductor.<br />
Answer:<br />
Copper.</p>
<p>Question 6.<br />
Name any insulator.<br />
Answer:<br />
Plsatic.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 7.<br />
Are liquids conductor of electricity?<br />
Answer:<br />
Yes, some liquids are conductors of electricity.</p>
<p>Question 8.<br />
Name any liquid conductor.<br />
Answer:<br />
Tap water.</p>
<p>Question 9.<br />
Can distilled water conduct electricity?<br />
Answer:<br />
No.</p>
<p>Question 10.<br />
How can distilled water be made conductor of electricity?<br />
Answer:<br />
By adding some salt to it.</p>
<p>Question 11.<br />
How can we check magnetic effects of electric current?<br />
Answer:<br />
By using magnetic compass.</p>
<p>Question 12.<br />
How does magnetic compass show magnetic effect?<br />
Answer:<br />
By deflection.</p>
<p>Question 13.<br />
What makes most of the liquids good conductors of electricity?<br />
Answer:<br />
Acids, bases and salts.</p>
<p>Question 14.<br />
Name any two liquids except water which conduct electricity.<br />
Answer:<br />
Vinegar and lemon juice.</p>
<p>Question 15.<br />
What is an electric circuit?<br />
Answer:<br />
Path of the flow of electric current is called electric circuit.</p>
<p>Question 16.<br />
What in a electric circuit shows that current is passing through it?<br />
Answer:<br />
Glowing bulb.</p>
<p>Question 17.<br />
Will a bulb glow when circuit is completed in an insulating solution?<br />
Answer:<br />
No.</p>
<p>Question 18.<br />
Which effect of electric current causes the bulb, to glow?<br />
Answer:<br />
Heating effect.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 19.<br />
What glows in a bulb?<br />
Answer:<br />
Filament</p>
<p>Question 20.<br />
What is LED?<br />
Answer:<br />
LED is like a bulb which even glows at low or a small current.</p>
<p>Question 21.<br />
What is full form of LED?<br />
Answer:<br />
Light Emitting Diode.</p>
<p>Question 22.<br />
What are the better sources of light than bulbs and tubes?<br />
Answer:<br />
C.F.L.</p>
<p>Question 23.<br />
What is used in CFLs?<br />
Answer:<br />
Mercury.</p>
<p>Question 24.<br />
What other object can be used in place of bulbs to see the flow of electric current?<br />
Answer:<br />
Magnetic Compass.</p>
<p>Question 25.<br />
What are the metal rods dipped in liquids to which cells are attached called?<br />
Answer:<br />
Electrodes.</p>
<p>Question 26.<br />
What are the bubbles seen near electrodes after passing current through a conducting solution?<br />
Answer:<br />
Hydrogen and Oxygen gas.</p>
<p>Question 27.<br />
When we pass current through a conducting solution of water, which gas bubbles will appear near positively charged electrode?<br />
Answer:<br />
Oxygen.</p>
<p>Question 28.<br />
Which gas will accumulate near negative electrode when electric current is passed through a conducting solution of water?<br />
Answer:<br />
Hydrogen.</p>
<p>Question 29.<br />
Name any chemical effect of electric current.<br />
Answer:<br />
Electroplating.</p>
<p>Question 30.<br />
What is electroplating?<br />
Answer:<br />
Coating of a desired metal oft other metallic surface using electric current is Called electroplating.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 31.<br />
To which terminal of the battery the metal meant for electroplating is attached?<br />
Answer:<br />
Negative terminal.</p>
<p>Question 32.<br />
Which metal is plated on handlebars of cycles and rims of wheels?<br />
Answer:<br />
Chromium.</p>
<p>Question 33.<br />
Which metal is plated on the iron to protect it from mist and corrosion, which is used in building bridges? .<br />
Answer:<br />
line.</p>
<p>Question 34.<br />
Is air an insulator or conductor?<br />
Answer:<br />
Insulator.</p>
<p>Question 35.<br />
In which direction does current flow?<br />
Answer:<br />
Current flows from negative terminal to the positive terminal.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What is an electric Current?<br />
Answer:<br />
Plow of electrons is called electric current. Negatively charged electrons flow from negative terminal to the positive terminal and this is called electric current and the path through which it flows is called electric circuit.</p>
<p>Question 2.<br />
What is a tester?<br />
Answer:<br />
Tester is an instrument which is Used to check the flow of electric current. It is attached to the terminal of the electric circuit, if the bulb attached to tester glows, it confirms the passage of current.</p>
<p>Question 3.<br />
What are conductors?<br />
Answer:<br />
Substances which allow the electric current to pass through them are called conductors. Substances through which electric current passes easily are called good conductors and substances through which current passes partially or in small quantity they are called bad conductors. Substances like copper, iron, aluminium etc. are called conductors.</p>
<p>Question 4.<br />
What are insulators?<br />
Answer:<br />
Substances which do not allow the electric current to pass through them are called insulators. Electric current do not pass through them and do not show any effect of electric current. Substances like wood, plastic, rubber* distilled water etc. are insulators.</p>
<p>Question 5.<br />
Can electric current pass through liquids? Explain.<br />
Or<br />
Are liquids Conductor or insulator? Explain.<br />
Answer:<br />
Some liquids allow the electric current to pass through them and some liquids do not allow the electric current to pass through them. Mostly liquid conductors are solutions of acids, bases and salts. Liquids free from acids, bases and salts are insulators e.g. mineral water is pure form of water it is an insulator. Lemon juice vinegar are conductors.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 6.<br />
You are given a solution containing lemon juice and salt.<br />
You are told to check whether it is a conductor or insulator. How will you show it diagrammatically.<br />
Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1370" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-4.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 4" width="180" height="220" /></p>
<p>Question 7.<br />
You are given distilled water. Check if it is a conductor or insulator?<br />
Answer:<br />
Distilled water is taken in a Plastic container. The free ends of the tester are dipped in the container. After waiting for a few miniutes we will find that the bulb does not glow. It confirms that distilled water does not allow electric current to pass through it so it is an insulator.</p>
<p>Question 8.<br />
What is magnetic effect of current?<br />
Answer:<br />
When current is passed through a coil it behaves like a strong permanent magnet. The strength of the magnet depends upon the current through the wire and number of turns of the coil. This coil will continue to behave like a magnet still the current passes through it.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1371" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-5.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 5" width="169" height="158" /></p>
<p>Question 9.<br />
Draw an electric circuit showing different components like a battery, conducting wire, bulb and free ends dipped in conducting solution.<br />
Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1372" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-6.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 6" width="288" height="209" /></p>
<p>Question 10.<br />
What is LED, why is it a most preferable source of light?<br />
Answer:<br />
LED means Light Emitting Diode. Ordinary bulbs do not glow when current is small. They need large supply of current to emit light. So, they consume more current, they thus prove to be costly. On the other hand LED can glow even at very small supply of electricity and consume small current. Thus it is economical.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1373" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-7.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 7" width="194" height="198" /></p>
<p>Question 11.<br />
Why does a bulb glow when electric current passes through it?<br />
Answer:<br />
When electric current passes through a bulb, the filament of the bulb starts heating up. This is called heating effect of current. The filament gets heated up to such a high temperature that it starts glowing.</p>
<p>Question 12.<br />
How can we prove conduction of substances when current is very small and the bulb does not glow?<br />
Answer:<br />
When current passing through a conductor is very small, the bulb does not glow. In such case we use magnetic compass to know the conduction of current. Electric current has magnetic effect which deflects the magnetic compass proving that current is flowing around the compass.</p>
<p>Question 13.<br />
Why do we need magnetic compass to test the conduction of electric current?<br />
Answer:<br />
Sometimes when we make to flow current through a conductor, the bulb does not glow. This is because the electric current flowing through conductor is so small, that the filament of the bulb does not get heated up to the temperature where it starts glowing. So, in case of small current we need magnetic compass to test the conduction. juice is mixed in distilled water it becomes conductor of electricity.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Long Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What happens when we add a pinch of salt or some lemon juice in distilled water to test its conduction of electric current?<br />
Answer:<br />
Distilled water does not allow the electric current to pass through it. But when we add some salt or the lemon juice to it, it starts conducting electric current and shows deflection of magnetic compass because salts and acids are conductors of electric current when salt or lemon juice is mixed in distilled water it becomes conductor of electricity.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1374" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-8.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 8" width="309" height="229" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-8.png 309w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-8-300x222.png 300w" sizes="auto, (max-width: 309px) 100vw, 309px" /></p>
<p>Question 2.<br />
Why is it not advisable to touch any electrical appliance with wet hands?<br />
Answer:<br />
It is not advisable to touch electrical appliances with wet hands because it can send electric shock in our body. Water is conductor of electric current. It easily allows electric current to pass through it, so when we will touch the switch or electrical appliance with wet hands the water will alow the current to pass through it and electric current will reach our body giving us shocks. This can sometimes prove very dangerous even fatal.</p>
<p>Question 3.<br />
What is Electroplating? How does it take place?<br />
Answer:<br />
Electroplating is the process of coating a desired metal on an undesired metal surface using electric current.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1375" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-9.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 9" width="294" height="224" /><br />
Metallic plate and the substance requiring coating are dipped in conducting solution with conducting wires. The object to be coated is attached to the negative terminal. When electric current is passed through the solution, the compounds of the conducting solution start breaking and free metallic particles get deposited on the object at negative terminal of battery. In this way we can get a coating of desired metal on any object by preparing suitable conducting solution and using suitable electrodes.</p>
<p>Question 4.<br />
What are the advantages of electroplating?<br />
Answer:<br />
Electroplating has many advantages.</p>
<ul>
<li>It is used to coat metal surfaces with desired metal coatings.</li>
<li>It saves metal surfaces from rusting</li>
<li>It saves corrosion of surfaces of metals.</li>
<li>Coating of chromium on metals give lustre to objects.</li>
<li>Cheap metals like iron, aluminium etc. can be coated with costly metals like silver, gold etc. to give them rich look as in case of artificial jewellery.</li>
<li>It can make reactive metals like iron etc. less reactive and they can be used for storing food items etc.</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 5.<br />
Show experimentally that a current carrying wire behaves like a magnet.<br />
Answer:<br />
As in figure shown below, a wire is fixed along the edge of a table. Place a magnetic compass near the wire. Connect the two ends of the wire to a battery cell. There is a deflection in the magnetic compass. Place the compass at different points on the table at varying distances from the wire. Observe the deflection in each case. We guess from this activity that a current carrying wire behaves like a magnet. When the current is stopped, the associated megnatic property also vanishes.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1376" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-10.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 10" width="280" height="126" /></p>
<p>Question 6.<br />
How can you prepare an electric pen?<br />
Answer:<br />
Take a filter paper and soak it into potassiumiodide and starch solution. Spread it on a metal sheet. Now join two connecting wires to the terminals of battery. Attach the wire<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1377" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-8th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Chemical-Effects-of-Electric-Current-11.png" alt="HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 14 Chemical Effects of Electric Current 11" width="262" height="157" /><br />
connected at positive end to plate. Now write on the sheet the wire attached to negative terminal. Wherever you will write blue coloured inck will appear. This happen due to electrolysis of potassium iodide solution which produces iodine. Iodine on reaction with starch produce ink of blue colour.</p>
<p><strong>Chemical Effects of Electric Current Class 8 HBSE Notes</strong></p>
<ul>
<li>Flow of electrons is called current.</li>
<li>Those objects which allow the current to pass though them are called conductors.</li>
<li>Those objects which do not allow the current to pass through them are called insulators.</li>
<li>Objects like copper, aluminium etc. and almost all metals are good conductors of electricity.</li>
<li>Objects like wood, plastic, rubber etc. do not allow electricity to pass through totem and are &#8211; thus bad conductors of electricity and are thus called insulators.</li>
<li>liquids like’vinegar, lemon juice, tap water etc. are conductors of electricity and distilled water is an insulator. Salted distilled water becomes a conductor.</li>
<li>Electric current has many chemical effects.</li>
<li>Electric current when passed through a conducting solution causes different changes in it, these are called chemical changes.</li>
<li>It may evolve gas after breaking the chemical solution into different elements. Chemical effects depend upon the conducting solution and the electrodes used.</li>
<li>Electrodes are the rods of different metals immersed in conducting solution to complete the circuit and cause flow of electrons.</li>
<li>Electric current when passed through a conducting solution can cause electroplating.</li>
<li>Electroplating is the process of depositing layer of any suitable metal on another metal.</li>
</ul>
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		<title>HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 05:03:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 7]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects HBSE 7th Class Science Electric Current and its Effects Textbook Questions and Answers Question 1. Draw in your notebook the symbols to represent [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-science-solutions/">HBSE 7th Class Science Solutions</a> Chapter 14 Electric Current and its Effects Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects</h2>
<p><strong>HBSE 7th Class Science Electric Current and its Effects Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p>Question 1.<br />
Draw in your notebook the symbols to represent the following components of electrical circuits : Connecting wires, Switch in the ‘OFF’ position. Bulb, Cell, Switch in the ‘ON’ position, and Battery.<br />
Answer:<br />
Draw in your notebook the synbols to represent the following components of electrical circuits :<br />
Connecting wires — —<br />
Switch in off position — —<br />
Bulb — —<br />
Cell — —<br />
Switch in &#8216;on&#8217; position — —<br />
Battery — —</p>
<p>Question 2.<br />
Draw the circuit diagram to represent the circuit shown in Fig. 14.1.<br />
Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1098" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-1.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 1" width="214" height="142" /></p>
<p>Question 3.<br />
Fig 14.2 shows four cells fixed on a board. Draw lines to indicate how you will connect their terminals with wires to make a battery of four cells.<br />
Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1099" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-2.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 2" width="346" height="176" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-2.png 346w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-2-300x153.png 300w" sizes="auto, (max-width: 346px) 100vw, 346px" /></p>
<p>Question 4.<br />
The bulb in the circuit shown in Fig 14.3 does not glow. Can you identify the problem? Make necessary changes in the circuit to make the bulbs glow.<br />
Answer:<br />
The problem in this circuit is that of the battery. The cells have not been arranged in right series. The correct circuit is like this.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1100" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-3.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 3" width="349" height="190" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-3.png 349w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-3-300x163.png 300w" sizes="auto, (max-width: 349px) 100vw, 349px" /></p>
<p>Question 5.<br />
Name any two effects of electric current.<br />
Answer:<br />
Electric current has following effects:</p>
<ul>
<li>Electric current can give rise to heating and lighting.</li>
<li>Electric current can make a straight conductor a temporary magnet.</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 6.<br />
When the current is switched on through a wire, a compass needle kept nearby gets deflected from its north-south position. Explain.<br />
Answer:<br />
When current is passed through the wire, it deflects the compass near it from its north-south position behaving like a magnet. This is called magnetic effect of the current. As we know that needle of the compass is made up of a thin magnet, when this needle comes in contact with another magnet the like poles of the magnet repell each other and opposite poles attract each other. So the deflection is seen in the needle. In this case the wire behaves like a magnet and cause deflection in needle of the compass.</p>
<p>Question 7.<br />
Will the compass needle show deflection when the switch in the circuit shown by Fig. 14.4 is closed?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1101" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-4.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 4" width="329" height="156" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-4.png 329w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-4-300x142.png 300w" sizes="auto, (max-width: 329px) 100vw, 329px" /><br />
Answer:<br />
No, because there is no source of electric current in this circuit i.e. there is no battery.</p>
<p>Question 8.<br />
Fill in the blanks:<br />
(a) Longer line in the symbol for a cell represents its _______ terminal.<br />
(b) The combination of two or more cells is called a _______.<br />
(c) When current is switched on in a room-heater, its _______.<br />
(d) The safety device based on the heating effect of electric current is called a _______.<br />
Answer:<br />
(a) Positive<br />
(b) Battery<br />
(c) Element becomes red hot and emit heat<br />
(d) Fuse.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 9.<br />
Mark ‘T’ if the statement true and ‘F’ if it is false.<br />
(a) To make a battery of two cells, the negative terminal of one cell is connected to the negative terminal of the other cell.<br />
(b) When the electric current through the fuse exceeds a certain limit, the fuse wire melts and breaks.<br />
(c) An electromagnet does not attract a piece of iron.<br />
(d) An electric bell has an electromagnet.<br />
Answer:<br />
(a) F<br />
(b) T<br />
(c) F<br />
(d) T</p>
<p>Question 10.<br />
Do you think an electromagnet can be used for separating plastic bags from a garbage heap? Explain.<br />
Answer:<br />
No, the plastic bags do not get attracted by the magnet, so they cannot be separated by an electromagnet. Plastic bags are not magnetic materials, only magnetic materials like iron can be attracted by the magnet.</p>
<p>Question 11.<br />
An electrician is carrying out some repairs in your house. He wants to replace a fuse by a piece of a wire. Would you agree? Give reasons for your response.<br />
Answer:<br />
No, we would not agree to allow to replace the fuse by a wire. Wires in the fuses are of specific metting points. So we should always use ISI marked fuses in our houses to save short circuits.</p>
<p>Question 12.<br />
Zubeda made an electric circuit using a cell holder shown in Fig. 14.4, a switch and a bulb. When she put the switch in the &#8216;ON&#8217; position, the bulb did not glow. Help Zubeda in identifying the possible defects in the circuit.<br />
Answer:<br />
It is important to put the cells in right series. The positive terminal of the cell should be connected with negative terminal of the second cell. The switch should be closed properly and bulb should not be fused. If Zubeda will check these then the bulb will certainly glow.</p>
<p>Question 13.<br />
In the circuit shown in Fig. 14.5<br />
(i) Would any of the bulb glow when the switch is in the &#8216;OFF&#8217; position?<br />
(ii) What will be the order in which the bulbs A, B and C will glow when the switch is moved to the &#8216;ON&#8217; position?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1102" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-5.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 5" width="366" height="165" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-5.png 366w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-5-300x135.png 300w" sizes="auto, (max-width: 366px) 100vw, 366px" /><br />
Answer:<br />
(i) No, bulb will glow.</p>
<p>(ii) The bulb A will glow first, follow by B bulb and then C, because A bulb comes first in the path of electric current flowing from positive terminal towards the negative terminal of the battery.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Extended Learning-Activities and Projects</span></p>
<p>Question 1.<br />
Set up the circuit shown in Fig. 14.6 again. Move the key to ‘ON’ position and watch carefully in which direction the compass needle gets deflected. Switch ‘OFF’ the current. Now keeping rest of the circuit intact, reverse the connections at the terminal of the cell. Again switch ‘on’ the current. Note the direction in which the needle gets deflected. Think of an explanation.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p>Question 2.<br />
Make four electromagnets with 20, 40, 60 and 80 turns. Connect them one by one to a battery of 2 cells. Bring the electromagnet near a box of pins. Count the number of pins attracted by it. Compare the strengths of the electromagnets.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p><strong>HBSE 7th Class Science Electric Current and its Effects Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Very Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What is electric current?<br />
Answer:<br />
Flow of electrons is called electric current.</p>
<p>Question 2.<br />
What is conventaional current?<br />
Answer:<br />
The current flowing the positive end of the conducting wire towards the negative end is called conventaional current.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 3.<br />
What are the different sources of current in an electric circuit?<br />
Answer:<br />
Cell or a battery are the sources of elctric current in an electric circuit.</p>
<p>Question 4.<br />
What role does a switch plays in an electric circuit?<br />
Answer:<br />
The switch regulates the flow of electric current. It allows the current to pass when it is in &#8216;ON&#8217; position.</p>
<p>Question 5.<br />
Write the symbols of the following : Switch (open).<br />
Switch closed and a cell.<br />
Answer:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1103" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-6.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 6" width="540" height="74" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-6.png 540w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-6-300x41.png 300w" sizes="auto, (max-width: 540px) 100vw, 540px" /></p>
<p>Question 6.<br />
What is an open electric circuit?<br />
Answer:<br />
An electric circuit having the switch in &#8216;off position is called open electric circuit.</p>
<p>Question 7.<br />
What is a closed electric circuit?<br />
Answer:<br />
An electric circuit having the switch in &#8216;on&#8217; position is called a closed circuit or a complete circuit.</p>
<p>Question 8.<br />
Which effect of the electric current enables the room heater to heat the room?<br />
Answer:<br />
The heating and lighting effect of the electric current enables the room heater to heat the room.</p>
<p>Question 9.<br />
What is a fuse?<br />
Answer:<br />
It is a safety device used to avoid damages from short circuits and over loading in electric appliances.</p>
<p>Question 10.<br />
Which effect of the electric current is used in Electric bells?<br />
Answer:<br />
The magnetic effect of the electric current is used in electric bells to make the sound.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What is an electric current and electric circuit?<br />
Answer:<br />
Flow of electrons is called electric current. The path through which the electric current passes is called an electric circuit.</p>
<p>Question 2.<br />
What are the components of the electric circuit? Name different components of the electric circuit and draw their symbols.<br />
Answer:<br />
Various elelments connected in the electric circuit are called components of the electric circuit. Following are some components of electric circuit and their symbols :<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1104" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-7.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 7" width="358" height="218" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-7.png 358w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-7-300x183.png 300w" sizes="auto, (max-width: 358px) 100vw, 358px" /></p>
<p>Question 3.<br />
What is a cell and what is a battery?<br />
Answer:<br />
Cell and battery are both the sources of electric current in an electric circuit. A cell has two terminals &#8211; +ve terminal and &#8211; ve terminal. A combination of two or more than two cells is called a battery. Battery is formed by joining a positive terminal of a cell to the negative terminal of other cell.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
What is an electric fuse? Explain its working.<br />
Answer:<br />
A fuse is a safety device used in household circuit to prevent damage to electric appliances due to overload and short circuit. It is the weakest part in the electric circuit. It melts and breaks the circuits when the problem arises in the circuit due to short circuiting, overloading or fluctuations of current in power supply system.</p>
<p>Question 5.<br />
What is short circuit and overloaded circuit?<br />
Answer:<br />
Short circuit occurs when live wire and neutral wire come in direct contact. The short circuit occurs either due to melting of plastic insulation or connection of live wire with the earth wire. An overload circuit is the one through which more current passes than it can bear.</p>
<p>Question 6.<br />
What is an M. C. B.?<br />
Answer:<br />
M.C.B. is miniature circuit breaker. This is a safety device like a fuse. It is used instead of or in addition to fuses, in household circuits. It is a switch that automatically switches off a current when it exceeds the specified maximum limit.</p>
<p>Question 7.<br />
Write any three applications of the electromagnets.<br />
Answer:<br />
Fallowing are the applications of the electromagnets :</p>
<ul>
<li>Electromagnets are used to separate scrap iron from other metallic scraps.</li>
<li>Used in electric motors of washing machines, fans, air conditioners etc.</li>
<li>Used for preparing strong magnets.</li>
</ul>
<p><span style="color: #0000ff;">Long Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
Explain the construction and working of an electric bell with help of a labelled diagram.<br />
Answer:<br />
An electric bell consists of an electromagnet, Armature, contact spring, Hammer and gong.<br />
Electromagnet: It consists of a U-shaped soft iron rod having insulated copper wire wounded on it. One end of wire is connected to terminal T and other to the brass stud.</p>
<p>Armature: is a soft iron rod, suspended to brass stud. It faces the poles of the electromagnet.</p>
<p>Contact spring is attached to the armature and to a silver-cadmium alloy contact point. Spring is made up of steel.</p>
<p>Contact screw adjustment: It is a brass pillar having a brass screw passing through it. The tip of the screw is made up of silver cadmium alloy. Pillar is connected to T<sub>2</sub> with a copper wire.</p>
<p>Hammer and Gong : Hammer is made up of steel and is attached to the armature. Gong is made up of brass, and the hammer strikes the gong to make the sound.</p>
<p>Working : When electric current passes through T<sub>1</sub> and T<sub>2</sub>, current passes from the battery to electromagnet, then to the contact screw and to T<sub>2</sub> completing the circuit. Electromagnet pulls the armature towards itself, the contact spring gets under tension, hammer strikes against gong thus making the sound. The whole process stops, when current stops flowing.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1105" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-8.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 Electric Current and its Effects 8" width="338" height="323" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-8.png 338w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-14-Electric-Current-and-its-Effects-8-300x287.png 300w" sizes="auto, (max-width: 338px) 100vw, 338px" /></p>
<p><strong>Electric Current and its Effects Class 7 HBSE Notes</strong></p>
<ul>
<li>Flow of electrons is called electric current.</li>
<li>The path in which the electric current flows is called an electric circuit.</li>
<li>Conventially the current is said to flow from positive end of the conducting wire to the negative end of the conducting wire.</li>
<li>There are many components which are attached to the path of the electric current. These are called the elements of the electric circuit,</li>
<li>Elements like cell, battery, switch, bulb, connecting wires are represented by different symbols.</li>
<li>Cell and battery are the sources of the electric current in a circuit. Battery is the combination of two or more than two cells.</li>
<li>A circuit is said to be complete or closed when the switch regulating the flow of the current is in &#8216;on&#8217; position when the switch is in &#8216;off&#8217; position the circuit is called open.</li>
<li>Flow of the electric current causes certain effects like heating and lighting and electromagnetism.</li>
<li>The electric appliances like room heaters, gysers, rods etc. give out heat due to heating effect.</li>
<li>When electric current passes through a magnetic substance like iron, it behaves like a temporary magnet.</li>
<li>Electric bell works on this principle.</li>
<li>Hans Christian Oersted found out the relation between electricity and magnetism.</li>
<li>A fuse is a safety device used in house hold circuit to prevent damage to electric appliances due to over-load or short circuit.</li>
</ul>
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		<title>HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-12th-class-hindi-solutions-aroh-chapter-1/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 04:45:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 12]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत HBSE 12th Class Hindi आत्म-परिचय, एक गीत Textbook Questions and Answers कविता के साथ प्रश्न 1. कविता एक ओर जग-जीवन का भार लिए घूमने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-12th-class-hindi-solutions/">HBSE 12th Class Hindi Solutions</a> Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत</h2>
<h3>HBSE 12th Class Hindi आत्म-परिचय, एक गीत Textbook Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">कविता के साथ</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
कविता एक ओर जग-जीवन का भार लिए घूमने की बात करती है और दूसरी ओर मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ विपरीत से लगते इन कथनों का क्या आशय है?<br />
उत्तर:<br />
सर्वप्रथम कवि जग-जीवन का भार ढोने की बात कहता है। इसका भाव यह है कि कवि संसार से पूर्णतया अलग नहीं हुआ। संसार की समस्याओं के प्रति वह भी सचेत है। परंतु वह अपनी कविता द्वारा संसार के कष्टों तथा दुखों को दूर करना चाहता है। वह संसार को सुखद बनाना चाहता है।</p>
<p>इस रास्ते पर चलते-चलते कवि को यह अनुभव होता है कि संसार उसकी उपेक्षा कर रहा है। वह संसार के व्यवहार से दुखी है। संसार की जड़-परंपराएँ तथा रूढ़ियाँ कवि के मार्ग को रोकना चाहती हैं, परंतु कवि इन बाधाओं की परवाह नहीं करता। वह अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जहाँ पर दाना रहते हैं, वहीं नादान भी होते हैं कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा?<br />
उत्तर:<br />
कवि समझता है कि जो लोग सांसारिक सुख-सुविधाओं का संग्रह करने में सक्रिय हैं, उनको &#8216;दाना&#8217; अर्थात् बुद्धिमान कहा जाता है। परंतु कवि का अपना दृष्टिकोण अलग है। वह ऐसे लोगों को मूर्ख समझता है। कवि सांसारिक सफलताओं को व्यर्थ समझता है। वह ऐसे लोगों को नादान कहता है जो धन-संपत्ति के पीछे भाग रहे हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
मैं और, और जग और कहाँ का नाता-पंक्ति में और शब्द की विशेषता बताइए।<br />
उत्तर:<br />
इस पद्य पंक्ति में प्रयुक्त &#8216;और&#8217; शब्द में यमक अलंकार का प्रयोग हुआ है। प्रथम एवं तृतीय &#8216;और&#8217; का अर्थ &#8216;अन्य&#8217; है अर्थात् भिन्न या अलग। कवि स्वयं के साथ जोड़कर भावनाओं से जुड़े हुए व्यक्ति को संकेतित करता है। तीसरा &#8216;और&#8217; सांसारिक मोह-माया से लिप्त आम व्यक्ति के लिए प्रयुक्त हुआ है। दूसरे &#8216;और&#8217; का प्रयोग &#8216;तथा&#8217; के लिए प्रयुक्त हुआ है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
शीतल वाणी में आग के होने का क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
&#8216;शीतल वाणी में आग&#8217; से कवि का अभिप्राय यह है कि उसका अपना स्वभाव और स्वर कोमल एवं शांत है। परंतु उसके मन में विद्रोह की भावना विद्यमान है। कवि प्रेमहीन तथा स्वार्थी संसार से घृणा करता है। वह तो प्रेममय संसार से ही प्यार करता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे?<br />
उत्तर:<br />
बच्चे इस आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे कि उनके माता-पिता उनके लिए चुग्गा (भोजन सामग्री) लेकर आ रहे होंगे। वे शीघ्र घर पहुँचकर उन्हें भोजन देंगे और साथ ही प्यार भी करेंगे।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
&#8216;दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!&#8217; की आवृत्ति से कविता की किस विशेषता का पता चलता है?<br />
उत्तर:<br />
यह पद्य पंक्ति गीत का मुखड़ा है। इसकी आवृत्ति से प्रेमजन्य व्याकुलता का पता चलता है। प्रेम के क्षण बड़े प्रिय लगते हैं। अतः प्रेम के क्षणों के बीतने का पता ही नहीं चल पाता।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">कविता के आसपास </span></p>
<p>प्रश्न.<br />
संसार में कष्टों को सहते हुए भी खुशी और मस्ती का माहौल कैसे पैदा किया जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
यह संसार निश्चय से काँटों की बाड़ है। यहाँ सुख और दुख दोनों साथ-साथ चलते हैं। कष्टों को सहकर भी हम खुशी से जीवन व्यतीत कर सकते हैं। यदि हमारे मन में सच्चे प्रेम की मस्ती है तो नित-नवीन कल्पनाओं को साकार करके हम सुखद जीवन जी सकते हैं। हमें यह स्वीकार करके कर्म करना चाहिए कि सांसारिक धन-वैभव क्षण-भंगुर हैं। प्रेम ही जीवन को खशी देता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">आपसदारी</span><br />
जयशंकर प्रसाद की आत्मकथ्य कविता की कुछ पंक्तियाँ दी जा रही हैं। क्या पाठ में दी गई आत्मपरिचय कविता से इस कविता का आपको कोई संबंध दिखाई देता है? चर्चा करो।<br />
आत्मकथ्य<br />
मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,<br />
उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।<br />
आरोह (भाग 2) हरिवंश राय बच्चन]<br />
सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?<br />
छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ?<br />
क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मै मौन रहूँ?<br />
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म-कथा?<br />
अभी समय भी नहीं, थकी सोई है मेरी मौन व्यथा।<br />
-जयशंकर प्रसाद</p>
<p>&#8216;आत्मकथ्य&#8217; जयशंकर प्रसाद द्वारा छायावाद के परिपेक्ष्य में रचित कविता है। परंतु बच्चन जी की &#8216;आत्मपरिचय&#8217; कविता छायावाद से हटकर व्यक्तिगत प्रेम को आधार बनाकर रची गई कविता है। जहाँ प्रसाद जी अपने प्रेम को छिपाकर रखते हैं, वहाँ बच्चन जी सहज, सरल भाषा में बड़ी ईमानदारी के साथ प्रेमाभिव्यक्ति करते हैं। भले ही इन दोनों कविताओं के भाव लगभग समान हो, परंतु इनकी अभिव्यंजना शैली अलग-अलग है। बच्चन द्वारा यह कहना कि &#8216;मैं स्नेह-सुरा का पान किया करता हूँ&#8217; में प्रेम की स्पष्ट अभिव्यक्ति है। परंतु प्रसाद जी द्वारा यह कहना &#8211;<br />
“यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मलिन उपहास ।<br />
तब भी कहते हो कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती।&#8221;<br />
यहाँ प्रसाद जी ने छायावादी अभिव्यंजना शैली द्वारा अपनी प्रेमाभिव्यक्ति का संदेश दिया है।</p>
<h3>HBSE 12th Class Hindi आत्म-परिचय, एक गीत Important Questions and Answers</h3>
<p><span style="color: #0000ff;">सराहना संबंधी प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नलिखित पंक्तियों में निहित काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए मैं स्नेह-सुरा का पान किया करता हूँ,<br />
मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ,<br />
जग पूछ रहा उनको, जो जग की गाते,<br />
मैं अपने मन का गान किया करता हूँ!<br />
उत्तर:<br />
इन पद्य-पंक्तियों में कवि ने निजी प्रेम की अभिव्यक्ति की है। कवि का हृदय प्रिया के स्नेह से सराबोर है। वह हमेशा अपने मन में प्रिया के स्नेह को अनुभव किया करता है। इसीलिए वह संसार की परवाह नहीं करता।</p>
<ol>
<li>कवि ने सहज, सरल एवं साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग किया है।</li>
<li>&#8216;किया करता&#8217; में अनुप्रास अलंकार है तथा &#8216;स्नेह-सुरा&#8217; में रूपक अलंकार है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव दिखाई देता है।</li>
<li>किया करता हूँ की आवृत्ति के कारण गीत में मधुर संगीत की उत्पत्ति हुई है।</li>
<li>माधुर्य गुण है तथा शृंगार रस का परिपाक हुआ है।</li>
<li>आत्मकथात्मक शैली का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखित पंक्तियों में निहित काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए<br />
मैं निज उर के उद्गार लिए फिरता हूँ,<br />
मैं निज उर के उपहार लिए फिरता हूँ<br />
है यह अपूर्ण संसार न मुझको भाता<br />
मैं स्वप्नों का संसार लिए फिरता हूँ!<br />
उत्तर:<br />
इसमें कवि निजी प्रेम को स्वीकार करता हुआ कहता है कि कवि के हृदय में नवीन मनोभाव हैं जिन्हें वह संसार को उपहार के रूप में भेंट करना चाहता है। कवि को यह अधूरा संसार अच्छा नहीं लगता। इसलिए वह सपनों के संसार में खोया रहता है।</p>
<ol>
<li>प्रस्तुत गीत में विषयानुकूल, सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित व भावभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>कोमलकांत पदावली का प्रयोग है।</li>
<li>&#8216;लिए फिरता हूँ की आवृत्ति के कारण इस पद्य में संगीतात्मकता का समावेश हुआ है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव है।</li>
<li>माधुर्य गुण है तथा श्रृंगार रस का परिपाक हुआ है।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
निम्नलिखित पंक्तियों में निहित काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए-<br />
मैं और, और जग और, कहाँ का नाता,<br />
मैं बना-बना कितने जग रोज़ मिटाता;<br />
जग जिस पृथ्वी पर जोड़ा करता वैभव,<br />
मैं प्रति पग से उस पृथ्वी को ठुकराता!<br />
उत्तर:<br />
यहाँ कवि स्वीकार करता है कि उसका संसार के साथ निर्वाह नहीं हो सकता। कवि प्रतिदिन नए संसार की रचना करता है, परंतु अगले क्षण ही वह उसे नष्ट कर देता है। यह संसार धन-वैभव के पीछे पागल बना हुआ है परंतु कवि को इस धन-वैभव की कोई इच्छा नहीं है।</p>
<ol>
<li>कवि सांसारिक जीवन से अलग-थलग आदर्श लोक में विचरण करना चाहता है।</li>
<li>&#8216;जग जिस पृथ्वी पर जोड़ा करता वैभव&#8217; में विशेषण-विपर्यय अलंकार है।</li>
<li>&#8216;कहाँ का नाता&#8217; में प्रश्न अलंकार है तथा &#8216;बना-बना&#8217; में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।</li>
<li>&#8216;और&#8217; शब्द की आवृत्ति चमत्कार उत्पन्न करती है। इस शब्द में यमक अलंकार का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग है तथा कोमलकांत पदावली का प्रयोग है।</li>
<li>शब्द-योजना सार्थक तथा सटीक बन पड़ी है।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 4.<br />
निम्नलिखित पंक्तियों में निहित काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए<br />
मैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूँ,<br />
शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूँ,<br />
हों जिस पर भूपों के प्रासाद निछावर,<br />
मैं वह खंडहर का भाग लिए फिरता हूँ।<br />
उत्तर:<br />
यहाँ कवि स्वीकार करता है कि उसके रुदन से भी प्रेम झलकता है, परंतु उसकी वाणी में एक कोमल ऊर्जा है। कवि का जीवन निराशा के कारण खंडहर बन चुका है, परंतु कवि अपने जीवन में उस प्रेम को महत्त्व देता है जिस पर बड़े-बड़े राजा महल को भी न्योछावर कर देते हैं।</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग किया है।</li>
<li>शब्द-योजना सार्थक एवं सटीक बन पड़ी है।</li>
<li>&#8216;मैं&#8217; शब्द के प्रयोग के कारण आत्मकथात्मक शैली का प्रयोग किया गया है।</li>
<li>&#8216;रोदन में आग&#8217; तथा &#8216;शीतल वाणी में आग&#8217; दोनों में विरोधाभास अलंकार का सफल प्रयोग है।</li>
<li>माधुर्य गुण है तथा वियोग शृंगार का सुंदर परिपाक हुआ है।</li>
<li>लिए फिरता हूँ की आवृत्ति के कारण मधुरता की मस्ती उत्पन्न हो गई है।</li>
<li>इस पद्यांश में उमर खय्याम की रुबाइयों का स्पष्ट प्रभाव है।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 5.<br />
निम्नलिखित पंक्तियों में निहित काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए-<br />
मुझसे मिलने को कौन विकल?<br />
मैं होऊँ किसके हित चंचल?<br />
यह प्रश्न शिथिल करता पद को, भरता उर में विह्वलता है!<br />
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!<br />
उत्तर:<br />
यहाँ कवि स्वीकार करता है कि दुनिया में उसका कोई नहीं है और न ही उसकी कोई प्रतीक्षा कर रहा है। प्रेम के अभाव के कारण कवि के कदम शिथिल पड़ जाते हैं और उसके मन में उदासी छा जाती है।</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने खड़ी बोली के साहित्यिक रूप का वर्णन किया है।</li>
<li>&#8216;मझसे मिलने को कौन विकल&#8217; और &#8216;किसके हित चंचल&#8217; दोनों में प्रश्न अलंकार है।</li>
<li>&#8216;जल्दी-जल्दी&#8217; में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।</li>
<li> प्रसाद गुण है तथा वियोग शृंगार का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव है।</li>
<li>आत्मकथात्मक तथा भावात्मक शैलियों का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">विषय-वस्तु पर आधारित लघूत्तरात्मक प्रश्न (आत्मपरिचय)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
&#8216;आत्मपरिचय&#8217; कविता के आधार पर कवि के व्यक्तित्व का संक्षिप्त परिचय दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कवि प्रेम और मस्ती का जीवन जीना चाहता है। वह हमेशा प्रेम तथा स्नेह के काल्पनिक संसार में खोया रहता है। प्रेम ही उसके जीवन का प्राण है। इसलिए वह हमेशा स्नेह की सुरा का पान करता रहता है। परंतु प्रिया ने उसके प्रेम का अनुकूल उत्तर नहीं दिया। इसीलिए उसके हृदय में विरह-जन्य पीड़ा व अवसाद है। इसके साथ-साथ कवि सांसारिक मोह-माया से अलग-थलग प्रेममय संसार की रचना करना चाहता है। वह इस संपूर्ण संसार को मस्ती में डुबा देना चाहता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
कवि को यह संसार अच्छा क्यों नहीं लगता?<br />
उत्तर:<br />
कवि इस संसार को अपूर्ण मानता है। कवि का विचार है कि संसार एक भार है। लोग व्यर्थ ही दुनियादारी में उलझे हैं। कवि सांसारिक मोह-माया से अलग-थलग आदर्श समाज की स्थापना करना चाहता है। वह स्वयं को संसार से अलग मानता है। इसीलिए वह कहता भी है<br />
&#8220;जग जिस पृथ्वी पर जोड़ा करता वैभव,<br />
मैं प्रति पग से उस पृथ्वी को ठुकराता।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
&#8216;जग पूछा रहा उनको, जो जग की गाते&#8217;-इस पंक्ति द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?<br />
उत्तर:<br />
कवि स्पष्ट करता है कि संसार केवल उन लोगों का सम्मान करता है जो लोग धन-वैभव के संग्रह में संलग्न हैं और संपन्न हैं। धनवान व्यक्ति का सभी आदर करते हैं, निर्धन को कोई नहीं पूछता। विशेषकर कवि जैसे सत्यनिष्ठ व्यक्ति की कोई परवाह भी नहीं करता। परन्तु कवि तो अपने मन में प्रेम के गीत लिए फिरता है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
कवि ने जग को मूढ क्यों कहा है?<br />
उत्तर:<br />
कवि की दृष्टि में संसार के सभी लोग धन-वैभव के संग्रह में अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। वे सांसारिक विषय-वासनाओं में लीन हैं। अज्ञानता के कारण उनके जीवन से सच्चा प्रेम लुप्त हो चुका है। इसलिए यह संसार तथा इसके लोग मूढ़ हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
&#8216;जग भक्-सागर तरने को नाव बनाए&#8217; कथन का क्या आशय है?<br />
उत्तर:<br />
कवि की दृष्टि में संसार रूपी सागर महाभयंकर है। इसे पार करने के लिए मनुष्य को कोई-न-कोई नौका अवश्य चाहिए। संसार समझता है कि वह धन-संपत्ति द्वारा इस सागर को पार कर जाएगा, परंतु ऐसा संभव नहीं है। कवि अपने प्रिय के प्रेम को नाव बनाकर यह संसार पार करना चाहता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
&#8216;आत्मपरिचय&#8217; गीत के आधार पर कवि के मन की दशा पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
कवि मौज और मस्ती का कवि है। वह प्रेम पाने और देने में विश्वास रखता है और एक प्यार भरी जिंदगी जीना चाहता है इसलिए वह अपने हार्दिक प्रेम को प्रिया के समक्ष प्रकट करना चाहता है। कवि प्रेम के बिना इस संसार को अधूरा मानता है और अपने मन में प्रेममय संसार की कल्पना करता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
कवि अपने हृदय में अग्नि जलाकर क्यों जलता रहता है?<br />
उत्तर:<br />
कवि के मन में अपने प्रिय के लिए अत्यधिक प्रेम है। प्रिय की मधुर यादें उसे सुखानुभूति प्रदान करती हैं। अतः वह संयोग की दशा में भी प्रिय के वियोग की अग्नि जलाकर उसमें जलता रहता है। इससे कवि को आनंद मिलता रहता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कवि के अन्दर और बाहर कौन-सी असंगति है और यह असंगति क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
कवि संसार के लोगों के सामने हँसता और खेलता दिखाई देता है। ऐसा लगता है कि मानों वह अपने प्रेम की असफलता पर हँस रहा है, परंतु वह अपनी विरह-व्यथा के कारण मन-ही-मन रोता रहता है। बाहर से कवि प्रसन्न नज़र आता है, लेकिन मन-ही-मन वह विरह-जनित पीड़ा को अनुभव करता रहता है। इसलिए कवि का जीवन अन्दर और बाहर से असंगत हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
कवि कौन-कौन से संसार बनाकर रोज़ मिटाता रहता है?<br />
उत्तर:<br />
कवि मन-ही-मन प्रेममय संसार की कल्पना करता है। परन्तु कवि का यह प्रेममय संसार प्रेम की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। इसलिए कवि उसे मिटा देता है। वह फिर से प्रेममय संसार की रचना में लीन हो जाता है। परंतु संसार के लोग इससे बेखबर होकर धन-संपदा के संग्रह में लगे रहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
कवि की शीतल वाणी में आग क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
कवि के मन में विरह-वेदना की आग जलती रहती है, लेकिन उसकी वाणी बड़ी कोमल, मधुर और शीतल है। वह अपनी विरह-जनित पीड़ा को कोमलकांत पदावली द्वारा व्यक्त करता है। परंतु प्रिय के वियोग की आग उसके मन में हमेशा जलती रहती है। अतः शीतलता और वियोग बड़ा विचित्र बन पड़ा है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
&#8216;मैं और, और जग और, कहाँ का नाता&#8217; के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?<br />
उत्तर:<br />
इस पद्य पंक्ति द्वारा कवि संसार और अपने स्वभाव के अंतर को स्पष्ट करता है। कवि स्वयं तो प्रेम भावना के लोक में विचरण करता रहता है, परंतु संसार के लोग स्वार्थ को पूरा करने में संलग्न हैं। इसलिए कवि का मेल नहीं खाता।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कवि दीवानों का वेश क्यों लिए फिरता है?<br />
उत्तर:<br />
कवि को प्रेम के क्षेत्र में असफलता मिली है। इसलिए वह प्रेम-दीवानों के समान अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। कवि का एकमात्र लक्ष्य अपने प्रिय को पाना है, परंतु वह उसे मिल नहीं पा रहा। इसलिए वह दीवानों का वेश धारण करके घूमता रहता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">एक गीत</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
&#8216;एक गीत&#8217; कविता का प्रतिपाद्य/मूलभाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
यह गीत प्रेम के महत्त्व पर प्रकाश डालता है। कवि कहता है कि प्रेम मानव जीवन को उत्साह, उमंग और उल्लास प्रदान करता है। प्रेम के कारण मनुष्य को लगता है कि दिन जल्दी-जल्दी ढल रहा है। इसलिए प्रेमी अपनी प्रिय से मिलने के लिए तेज कदमों से चल पड़ता है। यही नहीं, पक्षियों के पंखों में गतिशीलता आ जाती है। जिस किसी व्यक्ति का प्रिय उसकी प्रतीक्षा नहीं करता, उसका जीवन निष्क्रिय और शिथिल हो जाता है। इसलिए प्रेम ही जीवन का मूल आधार है।</p>
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<p>प्रश्न 2.<br />
&#8216;दिन जल्दी-जल्दी ढलता है&#8217;, के आधार पर आशा और निराशा के क्रम को स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
निश्चय ही यह गीत आशा और निराशा के भावों को क्रम से अभिव्यक्त करता है। प्रथम दो काव्यांशों में कवि ने आशा के भावों को जागृत किया है जिससे प्रेरित होकर दिन का पंथी अपने प्रियजनों से मिलने की आशा में शीघ्रता से चलना आरम्भ कर देता है। जब चिड़िया को यह ध्यान आया कि उसके बच्चे उसकी प्रतीक्षा में होंगे तो वह भी तेज गति से उड़ने लगती है। किन्तु जब कवि यह सोचता है कि उसका चाहने वाला कोई नहीं है और कोई उसकी प्रतीक्षा करने वाला नहीं है तो उसके मन का उत्साह नष्ट हो जाता है और उसके मन में निराशा का भाव समा जाता है। अतः स्पष्ट है कि प्रस्तुत गीत में कवि ने आशा और निराशा के भावों को क्रमशः अभिव्यक्ति किया है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
कवि के मन में शिथिलता उत्पन्न क्यों हो जाती है?<br />
उत्तर:<br />
कवि जानता है कि इस दुनिया में उसका कोई अपना नहीं है। कोई प्रियजन उसकी प्रतीक्षा नहीं करता है। इसलिए वह सोचता है कि मैं किसके लिए अपने को चंचल करूँ। उसका सारा उत्साह तथा उमंग नष्ट हो जाती है। इसलिए उसके कदम शिथिल हो जाते हैं। परंतु यह स्थिति कवि के मन में आतुरता का भाव भी उत्पन्न करती है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर</span></p>
<p>1. हरिवंश राय बच्चन का जन्म कब हुआ?<br />
(A) सन् 1909 में<br />
(B) सन् 1908 में<br />
(C) सन् 1907 में<br />
(D) सन् 1912 में<br />
उत्तर:<br />
(C) सन् 1907 में</p>
<p>2. &#8216;आत्मपरिचय&#8217; कविता के रचयिता हैं _________.<br />
(A) माखनलाल चतुर्वेदी<br />
(B) रघुवीर सहाय<br />
(C) कुँवर नारायण<br />
(D) हरिवंश राय बच्चन<br />
उत्तर:<br />
(D) हरिवंश राय बच्चन</p>
<p>3. हरिवंश राय बच्चन का जन्म किस नगर में हुआ?<br />
(A) प्रयाग में<br />
(B) बनारस में<br />
(C) लखनऊ में<br />
(D) कानपुर में<br />
उत्तर:<br />
(A) प्रयाग में</p>
<p>4. हरिवंश राय बच्चन का जन्म किस परिवार में हुआ?<br />
(A) ब्राह्मण परिवार में<br />
(B) कायस्थ परिवार में<br />
(C) क्षत्रिय परिवार में<br />
(D) राजपूत परिवार में<br />
उत्तर:<br />
(B) कायस्थ परिवार में</p>
<p>5. बच्चन जी की आरंभिक शिक्षा कहाँ पर हुई?<br />
(A) काशी में<br />
(B) लखनऊ में<br />
(C) प्रयाग में<br />
(D) मुम्बई में<br />
उत्तर:<br />
(A) काशी में</p>
<p>6. बच्चन जी ने स्नातकोत्तर परीक्षा कहाँ से उत्तीर्ण की?<br />
(A) दिल्ली विश्वविद्यालय<br />
(B) लखनऊ विश्वविद्यालय<br />
(C) कलकत्ता विश्वविद्यालय<br />
(D) इलाहाबाद विश्वविद्यालय<br />
उत्तर:<br />
(D) इलाहाबाद विश्वविद्यालय</p>
<p>7. बच्चन जी ने पी० एचण्डी की उपाधि कहाँ प्राप्त की?<br />
(A) इलाहाबाद विश्वविद्यालय<br />
(B) कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय<br />
(C) मुम्बई विश्वविद्यालय<br />
(D) दिल्ली विश्वविद्यालय<br />
उत्तर:<br />
(B) कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय</p>
<p>8. बच्चन जी की पहली पत्नी का नाम क्या था?<br />
(A) श्यामा।<br />
(B) तेजी<br />
(C) मनोरमा<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) श्यामा</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>9. 1942 में बच्चन जी ने दूसरा विवाह किससे किया?<br />
(A) मनोरमा से<br />
(B) कमला देवी से<br />
(C) तेजी से<br />
(D) राधा से<br />
उत्तर:<br />
(C) तेजी से</p>
<p>10. बच्चन जी को किस मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया?<br />
(A) वित्त मंत्रालय<br />
(B) शिक्षा मंत्रालय<br />
(C) कृषि मंत्रालय<br />
(D) विदेश मंत्रालय<br />
उत्तर:<br />
(D) विदेश मंत्रालय</p>
<p>11. किस वर्ष बच्चन जी को राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया?<br />
(A) 1969 में<br />
(B) 1965 में<br />
(C) 1966 में<br />
(D) 1970 में<br />
उत्तर:<br />
(C) 1966 में</p>
<p>12. भारत सरकार ने बच्चन जी को किस उपाधि से विभूषित किया?<br />
(A) पद्म श्री<br />
(B) पद्म विभूषण<br />
(C) ज्ञान पीठ पुरस्कार<br />
(D) व्यास सम्मान<br />
उत्तर:<br />
(B) पद्म विभूषण</p>
<p>13. &#8216;मधुशाला&#8217; का प्रकाशन किस वर्ष हुआ?<br />
(A) सन् 1935<br />
(B) सन् 1936<br />
(C) सन् 1938<br />
(D) सन् 1937<br />
उत्तर:<br />
(A) सन् 1935</p>
<p>14. ये रचनाएँ हरिवंश राय बच्चन की हैं-<br />
(A) मधुशाला, मधुबाला और अपरा<br />
(B) मधुशाला, कामायनी, मधुबाला<br />
(C) मधुकलश, मधुबाला, मधुशाला<br />
(D) मधुकुशल, मधु, मधुबाला<br />
उत्तर:<br />
(C) मधुकलश, मधुबाला, मधुशाला</p>
<p>15. &#8216;मधुबाला&#8217; का प्रकाशन किस वर्ष हुआ?<br />
(A) सन् 1938 में<br />
(B) सन् 1935 में<br />
(C) सन् 1939 में<br />
(D) सन् 1940 में<br />
उत्तर:<br />
(A) सन् 1938 में</p>
<p>16. &#8216;मधुकलश&#8217; का प्रकाशन किस वर्ष हुआ?<br />
(A) सन् 1935 में<br />
(B) सन् 1936 में<br />
(C) सन् 1937 में<br />
(D) सन् 1938 में<br />
उत्तर:<br />
(D) सन् 1938 में</p>
<p>17. हरिवंश राय बच्चन किस भावना के कवि हैं?<br />
(A) रहस्यवाद भावना के<br />
(B) छायावादी भावना के<br />
(C) प्रेम और मस्ती के<br />
(D) प्रगतिवादी भावना के<br />
उत्तर:<br />
(C) प्रेम और मस्ती के</p>
<p>18. &#8216;क्या भूलूँ क्या याद करूँ&#8217;, किस विधा की रचना है?<br />
(A) प्रबंध काव्य<br />
(B) गीति काव्य<br />
(C) जीवनी<br />
(D) निबंध<br />
उत्तर:<br />
(C) जीवनी</p>
<p>19. हरिवंश राय बच्चन की आधुनिक काव्य रचनाओं पर किसका प्रभाव पड़ा?<br />
(A) स्वच्छंदतावाद का<br />
(B) उमर खय्याम का<br />
(C) रहस्यवाद का<br />
(D) प्रगतिवाद का<br />
उत्तर:<br />
(B) उमर खय्याम का</p>
<p>20. बच्चन जी द्वारा रचित गीत &#8216;दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!&#8217; उनके किस काव्य-संग्रह से संकलित है?<br />
(A) निशा निमंत्रण<br />
(B) मधुशाला<br />
(C) सतरंगिणी<br />
(D) मिलनयामिनी<br />
उत्तर:<br />
(A) निशा निमंत्रण</p>
<p>21. &#8216;भव-सागर&#8217; में कौन-सा अलंकार है?<br />
(A) उत्प्रेक्षा<br />
(B) उपमा<br />
(C) रूपक<br />
(D) अनुप्रास<br />
उत्तर:<br />
(C) रूपक</p>
<p>22. &#8216;सीखा ज्ञान भुलाना&#8217; में कौन-सा अलंकार है?<br />
(A) विरोधाभास<br />
(B) असंगति<br />
(C) अनुप्रास<br />
(D) रूपक<br />
उत्तर:<br />
(A) विरोधाभास</p>
<p>23: &#8216;साँसों के तार में कौन-सा अलंकार है?<br />
(A) उपमा<br />
(B) उत्प्रेक्षा<br />
(C) अनुप्रास<br />
(D) रूपक<br />
उत्तर:<br />
(A) उपमा</p>
<p>24. &#8216;स्नेह-सुरा&#8217; में कौन-सा अलंकार है?<br />
(A) रूपक<br />
(B) यमक<br />
(C) उपमा<br />
(D) उत्प्रेक्षा<br />
उत्तर:<br />
(A) रूपक</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>25. &#8216;एक गीत&#8217; नामक कविता में दिन का पंथी किसे माना गया है?<br />
(A) &#8216;चिड़िया को<br />
(B) कवि को<br />
(C) सूर्य को<br />
(D) प्रत्याशा को<br />
उत्तर:<br />
(B) कवि को</p>
<p>26. अपने बच्चों के विषय में सोचकर पक्षियों की चंचलता किन अंगों में सबसे अधिक व्यक्त होती है?<br />
(A) आँखों में<br />
(B) हृदय में<br />
(C) पैरों में<br />
(D) पंखों में<br />
उत्तर:<br />
(D) पंखों में 27.</p>
<p>27. मुझसे मिलने को कौन विकल? पंक्ति में कौन-सा भाव है?<br />
(A) शिथिलता<br />
(B) चंचलता<br />
(C) विह्वलता<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(C) विह्वलता</p>
<p>28. &#8216;दिन जल्दी-जल्दी ढलता है&#8217; गीत में नीड़ों से झांक रहे बच्चों का ध्यान चिड़िया के परों में क्या भरता है?<br />
(A) शिथिलता<br />
(B) चंचलता<br />
(C) विकलता<br />
(D) विह्वलता<br />
उत्तर:<br />
(B) चंचलता</p>
<p>29. &#8216;दिन जल्दी-जल्दी ढलता है&#8217; कविता में कवि हताश और दुखी क्यों है?<br />
(A) पत्नी से तलाक होने के कारण<br />
(B) प्रियतमा की निष्ठुरता के कारण<br />
(C) संतान-सुख से वंचित होने के कारण<br />
(D) परिवार से पिछड़ने के कारण<br />
उत्तर:<br />
(B) प्रियतमा की निष्ठुरता के कारण</p>
<p>30. किसके बच्चे प्रत्याशा में हैं?<br />
(A) गाय के<br />
(B) कवि के<br />
(C) पंथी के<br />
(D) चिड़िया के<br />
उत्तर:<br />
(D) चिड़िया के</p>
<p>31. &#8216;एक गीत&#8217; नामक कविता में कवि की पंक्ति &#8216;मुझसे मिलने को कौन विकल&#8217;? किस भाव को व्यक्त करती है?<br />
(A) प्रश्न<br />
(B) प्रसन्नता<br />
(C) आश्चर्य<br />
(D) हताशा<br />
उत्तर:<br />
(D) हताशा</p>
<p>32. &#8216;हो जाए न पथ में रात कहीं&#8217; सोचकर कौन जल्दी-जल्दी चलता है?<br />
(A) चिड़िया के बच्चे<br />
(B) पंथी<br />
(C) चिड़िया<br />
(D) तोता<br />
उत्तर:<br />
(B) पंथी</p>
<p>33. दिन ढलने के साथ ही बच्चे कहाँ से झाँकने लगे होंगे?<br />
(A) दरवाजे से<br />
(B) छत से<br />
(C) नीड़ों से<br />
(D) खिड़की से<br />
उत्तर:<br />
(C) नीड़ों से</p>
<p>34. मैं होऊँ किसके हित चंचल?- यह प्रश्न पैरों को कैसा कर देता है?<br />
(A) शिथिल<br />
(B) चंचल<br />
(C) विह्वल<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(A) शिथिल</p>
<p>35. &#8216;एक गीत&#8217; कविता में किस भाव की प्रधानता है?<br />
(A) रतिभाव<br />
(B) उत्साह भाव<br />
(C) हास्य भाव<br />
(D) वात्सल्य भाव<br />
उत्तर:<br />
(D) वात्सल्य भाव</p>
<p><strong>आत्म-परिचय पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</strong></p>
<p><em>[1] </em><em>मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ</em><br />
<em>कर दिया किसी ने झंकृत जिनको छूकर</em><br />
<em>मैं साँसों के दो तार लिए फिरता हूँ!</em> <em>[पृष्ठ-5]</em></p>
<p>शब्दार्थ-जग-जीवन = सांसारिक गतिविधियाँ। भार = बोझ। झंकृत = तारों को बजाकर स्वर निकालना।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से लिया गया है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस कविता में कवि ने अपने प्रेममय जीवन पर प्रकाश डाला है। इसमें कवि निजी प्रेम को खुले शब्दों में स्वीकार करता हुआ कहता है</p>
<p>व्याख्या-यद्यपि मेरा जीवन सांसारिक बाधाओं और कष्टों के बोझ से दबा हुआ है, लेकिन फिर भी मैं अपने जीवन से प्रेम करता हूँ। मुझे अपने सामाजिक कर्तव्यों का बोध है। मेरा हृदय प्रेम से लबालब भरा है। किसी प्रिया ने मेरे हृदय के तारों को छूकर झंकृत कर दिया था, जिससे मेरी साँसों में संगीत के तार बजने लगे। फलस्वरूप मैं आज भी उसी प्रेम की झंकार में लीन रहता हूँ। भाव यह है कि भले ही मेरे सामने कुछ बाधाएँ और रुकावटें हैं, लेकिन मैं उनकी परवाह न करके प्रेम के सहारे अपना जीवन सुखपूर्वक जी रहा हूँ।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>कवि ने खुले शब्दों में अपने प्रेम को स्वीकार किया है। उसके मन में किसी प्रकार की कुंठा नहीं है।</li>
<li>सहज, सरल, प्रवाहमयी तथा संगीतात्मक भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>&#8216;साँसों के तार&#8217; में रूपक अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है, फिर भी&#8217; के प्रयोग से पता चलता है कि कवि सांसारिक बाधाओं से ग्रस्त है।</li>
<li>इसी में &#8216;रहस्यात्मकता&#8217; देखी जा सकती है। यह कवि की प्रेमिका भी हो सकती है या कोई प्रियजन अथवा कोई दैवीय शक्ति।</li>
<li>संपूर्ण पद्य में श्रृंगार रस का सुन्दर परिपाक हुआ है।</li>
<li>प्रस्तुत गीत पर उमर खय्याम् की रुबाइयों का स्पष्ट प्रभाव है।</li>
<li>गीत की भाषा में विषय के अनुसार मस्ती, कोमलता, मादकता और मधुरता विद्यमान है।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर:</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि एवं कविता का नाम लिखिए।<br />
(ख) &#8216;जग-जीवन के भार&#8217; से कवि का क्या आशय है?<br />
(ग) &#8216;फिर भी&#8217; द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?<br />
(घ) यहाँ कवि ने &#8216;किसी ने के द्वारा किस ओर संकेत किया है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का प्रमुख भाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि-हरिवंश राय बच्चन कविता-आत्मपरिचय</p>
<p>(ख) &#8216;जग-जीवन के भार&#8217; से कवि का आशय है कि सांसारिक दायित्व और जीवन की जिम्मेदारियाँ, जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति को निभाना पड़ता है।</p>
<p>(ग) &#8216;फिर भी&#8217; द्वारा कवि यह बताना चाहता है कि सामाजिक कर्तव्यों तथा दायित्वों के बोझ से उसका जीवन दब गया है। प्रायः संसार के प्राणी इन दायित्वों को निभाते-निभाते प्रेमशून्य हो जाते हैं, परंतु कवि फिर भी अपने जीवन में प्रेम को अत्यधिक महत्त्व देता है और उसी के सहारे जिंदा है।</p>
<p>(घ) यहाँ &#8216;किसी ने&#8217; शब्द कवि के प्रिय का प्रतीक है। यह प्रिय कवि की प्रेमिका भी हो सकती है या कोई प्रियजन भी हो सकता है। यही नहीं, &#8216;किसी ने&#8217; के द्वारा कवि परमात्मा की ओर भी संकेत कर सकता है।</p>
<p>(ङ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि यह स्पष्ट करना चाहता है कि जीवन के दायित्वों और कर्तव्यों को निभाते हुए भी वह प्रेम के सहारे जीवनयापन कर रहा है। कवि खुले शब्दों में अपने प्रिय के प्रेम की घोषणा करता है।</p>
<p><em>[2] मैं स्नेह-सुरा का पान किया करता हूँ,</em><br />
<em>मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ,</em><br />
<em>जग पूछ रहा उनको, जो जग की गाते,</em><br />
<em>मैं अपने मन का गान किया करता हूँ! [पृष्ठ-5]</em></p>
<p>शब्दार्थ-सुरा = मदिरा, शराब । पान करना = पीना। जग = संसार । ध्यान करना = परवाह करना । जग की गाते = संसार की स्तुति करते।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से लिया गया है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस कविता में कवि ने अपने प्रेममय जीवन पर प्रकाश डाला है। इस पद्यांश में कवि स्वीकार करता है कि वह हमेशा अपने प्रेम की मस्ती में डूबा रहता है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि मैं हमेशा प्रेम रूपी मदिरा का पान करता रहा हूँ। भाव यह है कि मैं हमेशा प्रेम के भावों में डूबा रहा हूँ। इसलिए मुझे सांसारिक बाधाओं की कोई चिंता नहीं है। मुझे इस बात की कोई चिंता नहीं कि संसार के लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? संसार हमेशा उन लोगों की स्तुति करता है जो सदैव सामाजिक दायित्वों में उलझे रहते हैं तथा निजी सुख-दुख की परवाह नहीं करते, परंतु मैं तो अपने गीतों द्वारा अपने मन के भावों को व्यक्त करता हूँ। आशय यह है कि मेरी कविताओं में मेरे प्रेममय व्यक्तित्व की ही अभिव्यक्ति हुई है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>कवि ने खुले शब्दों में अपने प्रेम की अभिव्यक्ति की है और सांसारिक बाधाओं की परवाह न करने का वर्णन किया है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित एवं भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>अनुप्रास तथा रूपक अलंकारों का स्वाभाविक प्रयोग है।</li>
<li>प्रवाहमयी भाषा के कारण गीत में विषयानुकूल मस्ती, मादकता, कोमलता तथा मधुरता देखी जा सकती है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव देखा जा सकता है।</li>
<li>संपूर्ण पद्य में संगीतात्मकता है तथा शृंगार रस का सुंदर परिपाक हुआ है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर:<br />
प्रश्न-<br />
(क) कवि जग का ध्यान क्यों नहीं करता?<br />
(ख) &#8216;स्नेह-सुरा&#8217; से कवि का क्या आशय है?<br />
(ग) जग किसको पूछता है?<br />
(घ) कवि ने अपने गीतों में किस प्रकार के भावों को व्यक्त किया है?<br />
(ङ) इस पद्यांश में किस प्रकार की भाषा का प्रयोग हुआ है?<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि अपने प्रिय के प्रेम में रम गया है। वह हमेशा अपने प्रिय को पाना चाहता है। इसलिए वह संसार के झंझटों की परवाह नहीं करता और उससे दूर रहना चाहता है।</p>
<p>(ख) &#8216;स्नेह-सुरा&#8217; का अर्थ है प्रेम की मस्ती अथवा प्यार का दीवानापन। कवि हमेशा प्रेम की मस्ती का पान करता रहता है। इसलिए उसे संसार की कोई चिंता नहीं है।</p>
<p>(ग) यह संसार केवल उसी को पूछता है जो उसकी चिंता करता है। यहाँ कवि यह कहना चाहता है कि सांसारिक प्राणी केवल उसी व्यक्ति को महत्त्व देते हैं जो अपनी कविताओं में सांसारिक बातों का वर्णन करते हैं।</p>
<p>(घ) कवि अपने गीतों में स्वच्छंद प्रेम की भावनाओं को व्यक्त करता है। कवि हमेशा प्रेम की मस्ती में डूबा रहता है।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने सहज, सरल, तत्समनिष्ठ तथा संगीतात्मक भाषा का प्रयोग किया है।</p>
<p><em>[3] मैं निज उर के उद्गार लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>मैं निज उर के उपहार लिए फिरता हूँ</em><br />
<em>है यह अपूर्ण संसार न मुझको भाता</em><br />
<em>मैं स्वप्नों का संसार लिए फिरता हूँ! [पृष्ठ-5]</em></p>
<p>शब्दार्थ-निज = अपने। उर = हृदय। उद्गार = भाव। उपहार = भेंट। अपूर्ण = अधूरा। भाना = अच्छा लगना। स्वप्नों का संसार = नवीन इच्छाओं का संसार।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से लिया गया है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस कविता में कवि ने अपने प्रेममय जीवन का वर्णन किया है। इसमें कवि निजी प्रेम को खुले शब्दों में स्वीकार करता हुआ कहता है</p>
<p>याख्या-मेरे निजी हृदय में नए-नए मनोभाव हैं। हमेशा वे मनोभाव मेरे हृदय में उमडते-घमडते रहते हैं। इसलिए मैं इस संसार को अपने हृदय के कोमल भाव देना चाहता हूँ। यह बाह्य संसार अधूरा है, क्योंकि इसमें प्रेम का अभाव है। इस अधूरे संसार को मैं पसंद नहीं करता। मेरे मन में प्रेममय संसार का सपना निवास करता है, मैं उसी सपने को साकार करने के लिए भटकता रहता हूँ। भाव यह है कि मैं प्रेममय संसार में ही लीन रहना चाहता हूँ।</p>
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<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने प्रेममय संसार को अधिक महत्त्व प्रदान किया है तथा खुले शब्दों में अपने प्रेम को स्वीकार किया है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित एवं भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>इस पद्यांश में उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव देखा जा सकता है।</li>
<li>प्रवाहमयी भाषा होने के कारण गीत में विषयानुकूल मस्ती, मादकता, मधुरता तथा कोमलता विद्यमान है।</li>
<li>संपूर्ण पद्य में संगीतात्मकता है तथा शृंगार रस का परिपाक हुआ है।</li>
<li>लिए फिरता हूँ के प्रयोग से काव्य में मस्ती का वातावरण उत्पन्न हो गया है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर:<br />
प्रश्न-<br />
(क) कवि के हृदय में किस प्रकार के उद्गार हैं?<br />
(ख) कवि संसार को अपूर्ण क्यों कहता है?<br />
(ग) “स्वप्नों के संसार&#8217; द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?<br />
(घ) कवि के मन की दशा कैसी है?<br />
(ङ) इस पयांश का प्रमुख भाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि के हृदय में प्रेममय उद्गार हैं। वह अपने प्रिय को भरपूर प्रेम देना चाहता है और प्रेममय जीवन-यापन करना चाहता है।</p>
<p>(ख) कवि के अनुसार प्रेमशून्य संसार अपूर्ण और अधूरा है। परन्तु यदि जीवन में प्रेम की प्राप्ति हो जाती है तो जीवन मधुर लगने लगता है।</p>
<p>(ग) स्वप्नों के संसार&#8217; से कवि का तात्पर्य है-प्रेममय जीवन। जो लोग प्रेम की भावना से परिपूर्ण होकर जीते हैं, वे ही जीवन का आनंद उठाना जानते हैं।</p>
<p>(घ) कवि अपने हृदयगत प्रेम को अपने प्रिय के समक्ष प्रकट करना चाहता है। कवि को यह संसार प्रेम के बिना अपूर्ण लगता है। इसलिए वह प्रेममय जीवन जीना चाहता है।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने खुले शब्दों में अपने प्रेम को स्वीकार किया है और प्रेम को मानव-जीवन की मूल भावना माना है।</p>
<p><em>[4] मैं जला हृदय में अग्नि, दहा करता हूँ,</em><br />
<em>सुख-दुख दोनों में मग्न रहा करता हूँ</em><br />
<em>जग भव-सागर तरने को नाव बनाए,</em><br />
<em>मैं भव मौजों पर मस्त बहा करता हूँ! [पृष्ठ-5]</em></p>
<p>शब्दार्थ-हृदय = मन। अग्नि = आग (भावों का आवेग)। दहा = जला। मग्न रहना = मस्त रहना। भव-सागर = संसार रूपी सागर। मौजों = किनारा।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से अवतरित है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस कविता में कवि ने प्रेममय संसार को अधिक महत्त्व प्रदान किया है। कवि प्रेम की दीवानगी को ही अपना जीवन मानता है और प्रेम की मस्ती में जीना चाहता है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि मैं स्वयं अपने हृदय में प्रेम की आग जलाता हूँ और उसी में जलता रहता हूँ। आशय यह है कि कवि को प्रेममय जीवन ही सुखद लगता है। वह प्रेम की दीवानगी में मस्त होकर जीवन के सुख-दुख को निरंतर भोगता रहता है। लोग इस संसार को मुसीबतों का सागर कहते हैं और उस पार उतरने के लिए कोई-न-कोई माध्यम अपनाते हैं। परंतु कवि प्रेम रूपी नाव के द्वारा ही सांसारिक बाधाओं को पार कर लेता है। इस प्रकार कवि संसार रूपी सागर के किनारे पर पहुँच जाता है। कवि यह सारा कार्य मौज और मस्ती के साथ करता है। प्रेम के कारण उसके मन में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने प्रेम को जीवन का आधार स्वीकार किया है। वह प्रेम की मस्ती को ही अपना जीवन मानता है।</li>
<li>&#8216;अग्नि&#8217;, &#8216;नाव&#8217; में रूपकातिशयोक्ति एवं भवसागर&#8217; और &#8216;भव मौजों में रूपक तथा &#8216;सुख-दुख&#8217; में अनुप्रास अलंकारों का सहज और स्वाभाविक प्रयोग हुआ है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का सफल प्रयोग है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित तथा भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>प्रवाहमयी भाषा होने के कारण गीत में विषयानुकूल मस्ती, मादकता, मधुरता तथा कोमलता विद्यमान है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव देखा जा सकता है।</li>
<li>संपूर्ण पद्य में संगीतात्मकता है तथा शृंगार रस का परिपाक हुआ है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर-</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि अपने हृदय में अग्नि जलाकर उसमें क्यों जला करता है?<br />
(ख) कवि सुख-दुख में कैसे मग्न रहता है?<br />
(ग) भव-सागर से पार उतरने के लिए नाव बनाने का क्या अर्थ है?<br />
(घ) &#8216;भव मौजों से कवि का क्या अभिप्राय है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का मुख्य भाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि अपने प्रिय से अत्यधिक प्रेम करता है। प्रिय की यादें कवि को आनंद प्रदान करती हैं। इसलिए वियोगावस्था में भी कवि अपने प्रिय की विरहाग्नि में जलकर आनंद प्राप्त करता है।</p>
<p>(ख) अपने प्रिय की मधुर यादों में लीन रहने के कारण कवि सुख-दुख में भी मस्त रहता है, उसे सांसारिक चिंताएँ नहीं सतातीं।</p>
<p>(ग) इस संसार को भयंकर सागर कहा गया है। इसे पार करने के लिए कोई-न-कोई नौका अवश्य चाहिए। कवि अपने प्रिय के प्रेम को नौका बनाकर इस भव-सागर को पार करना चाहता है।</p>
<p>(घ) &#8216;भव मौजों से कवि का अभिप्राय है संसार रूपी सागर का किनारा। कवि का आशय यह है कि संसार के आकर्षणों में उसकी कोई रुचि नहीं है। वह संसार में प्रवेश ही नहीं करना चाहता। सांसारिक विषय-वासनाओं को त्यागकर ही वह प्रेम का सच्चा आनंद प्राप्त करना चाहता है।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने यह स्पष्ट किया है कि वह प्रेम की उन्मत्तता में मस्त होकर जीवन के सुख-दुख को भोगना चाहता है। वह अपनी प्रेम रूपी नौका द्वारा ही इस संसार रूपी सागर को पार करना चाहता है।</p>
<p><em>[5] मैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>उन्मादों में अवसाद लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>जो मुझको बाहर हँसा, रुलाती भीतर,</em><br />
<em> मैं, हाय, किसी की याद लिए फिरता हूँ! [पृष्ठ-5]</em></p>
<p>शब्दार्थ-यौवन = जवानी। उन्माद = मस्ती, पागलपन। अवसाद = दुख तथा निराशा।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘आरोह भाग 2&#8242; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से लिया गया है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस कविता में कवि ने प्रेममय संसार को ही श्रेष्ठ माना है। इसमें कवि प्रेम के वियोग पक्ष की मार्मिक अभिव्यक्ति करता है तथा प्रेम की दीवानगी तथा निराशा का वर्णन करता है।</p>
<p>व्याख्या-कवि कहता है कि मेरे जीवन में यौवन की एक मस्ती है। मैं अपनी प्रिया को मिलने के लिए हमेशा व्याकुल रहता हूँ। मैं प्रिया के प्रेम का दीवाना हूँ। यद्यपि वियोगावस्था के कारण मेरे अंदर निराशा तथा दुख के भाव उत्पन्न हो गए हैं, लेकिन मैं लोगों के सामने हमेशा हँसता रहता हूँ। वियोग की पीड़ा मेरे हृदय को परेशान कर देती है। मेरे मन में प्रिया की याद ऐसे समा चुकी है कि मैं उसे याद करके मन ही मन रोता रहता हूँ, परंतु लोगों के सामने हँसने का अभिनय करता हूँ। भाव यह है कि प्रिया का वियोग हमेशा मुझे अन्दर-ही-अन्दर कचोटता रहता है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इस पद्यांश में कवि ने श्रृंगार के वियोग पक्ष की मार्मिक अभिव्यक्ति की है। कवि ने वियोगावस्था से उत्पन्न अपनी दीवानगी, निराशा तथा बेचैनी का स्वाभाविक वर्णन किया है।।</li>
<li>कवि ने सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग किया है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित तथा भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>यह पद्यांश विषयानकल मस्ती, मादकता, मधुरता, कोमलता से परिपूर्ण है।</li>
<li>इस पद्यांश में उमर खय्याम की रुबाइयों का स्पष्ट प्रभाव है।</li>
<li>संपूर्ण पद्यांश में संगीतात्मकता है तथा वियोग शृंगार का सफल वर्णन हुआ है।</li>
<li>&#8216;हाय&#8217; शब्द से कवि की विरह वेदना साकार हो उठी है।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर:</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) &#8216;यौवन के उन्माद&#8217; द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?<br />
(ख) कवि अवसाद से ग्रस्त क्यों है?<br />
(ग) कवि के भीतर तथा बाहर कैसी असंगति है?<br />
(घ) इस पद्यांश में किस प्रकार के श्रृंगार रस का चित्रण हुआ है और क्यों?<br />
(ङ) इस पयांश का मुख्य भाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(क) &#8216;यौवन के उन्माद&#8217; से कवि का अभिप्राय है-यौवनकालीन अल्हड़ जवानी में मन में प्रेम का जोश। लगता है कि कवि नए-नए प्रेम के कारण अत्यधिक व्याकुल है, प्रिया का वियोग उसे व्यथित कर देता है।</p>
<p>(ख) कवि की प्रिया उसे छोड़कर चली गई है। अतः कवि प्रेमजन्य निराशा के कारण अत्यधिक व्यथित है। इसलिए वह अवसाद से ग्रस्त है।</p>
<p>(ग) भले ही कवि विरह-व्यथा के कारण अन्दर-ही-अन्दर कसमसाता रहता है, परन्तु वह संसार के सामने हमेशा हँसता तथा मुस्कुराता रहता है। वह नहीं चाहता कि लोग उसकी विरह-व्यथा का मज़ाक बनाए। इसलिए कवि का मन अन्दर से सुंदर तथा बाहर से अंसगत दिखाई देता है।</p>
<p>(घ) इस पद्यांश में शृंगार रस के वियोग पक्ष का मार्मिक चित्रण हुआ है। कवि अपनी प्रिया के प्रेम से वंचित है इसलिए वह निराशा और अवसाद से ग्रस्त है।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने अपनी विरह-व्यथा की मार्मिक अभिव्यक्ति की है। कवि सहज, सरल शब्दावली में अपनी वियोग जनित अभिलाषा और पीड़ा को व्यक्त करता है।</p>
<p><em>[6] कर यत्न मिटे सब, सत्य किसी ने जाना?</em><br />
<em>नादान वहीं है, हाय, जहाँ पर दाना!</em><br />
<em>फिर मूढ़ न क्या जग, जो इस पर भी सीखे?</em><br />
<em>मैं सीख रहा हूँ, सीखा ज्ञान भुलाना! [पृष्ठ-6]</em></p>
<p>शब्दार्थ-यत्न = कोशिश। नादान = भोला-भाला। दाना = लाभ। मूढ = मूर्ख। जग = संसार।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से लिया गया है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस कविता में कवि ने प्रेम की दीवानगी तथा मस्ती का संवेदनशील वर्णन किया है। इस पद्यांश में कवि सांसारिक दौड़-धूप को व्यर्थ बताता हुआ यही सलाह देता है कि मनुष्य को मस्ती के साथ जीना चाहिए।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि संसार के सभी लोग अनेक प्रयास करके थक चुके हैं। सभी ने सत्य को जानने की बड़ी कोशिश की, परंतु कोई सत्य को नहीं जान सका। इसका प्रमुख कारण यह है कि जो लोग संसार के धन-वैभव अथवा भोग-विलास की सामग्री एकत्रित करने में लगे हैं, वे सभी मूर्ख हैं। वे इस सच्चाई को भूल जाते हैं कि संसार के जाल में उलझकर कोई सच्चा सुख प्राप्त नहीं कर सकता। कवि सोचता है कि मैं ऐसे लोगों को मूर्ख क्यों न कहूँ जो सांसारिक लाभ तथा लोभ में उलझे हुए हैं। मैं तो इस मूर्खता को समझ चुका हूँ। इसलिए मैं तो इस सांसारिक ज्ञान को भुलाकर प्रेम की मस्ती में जीना चाहता हूँ।</p>
<p>विशेष-<br />
(1) इस पद्यांश में कवि ने सांसारिक सुख-वैभव की व्यर्थता को सिद्ध करने का प्रयास किया है।</p>
<p>(2) &#8216;कर यत्न मिटे सब सत्य&#8217; में अनुप्रास अलंकार &#8216;सत्य किसी ने जाना&#8217; में प्रश्नालंकार तथा “सीखा ज्ञान भुलाना&#8217; में विरोधाभास अलंकारों का संदर व स्वाभाविक प्रयोग हुआ है। इस संदर्भ में &#8216;कबीरदास&#8217; ने भी कहा है<br />
&#8216;पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ पंडित भया न कोय&#8217;।</p>
<p>(3) कवि ने संसार को मूर्ख सिद्ध करने के लिए अनेक तर्क दिए हैं।</p>
<p>(4) सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</p>
<p>(5) शब्द-चयन सर्वथा उचित व भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</p>
<p>(6) इस पद्यांश में आत्मकथात्मक शैली का सफल प्रयोग किया गया है तथा मुक्त छंद है।</p>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि किसे नादान कहता है और क्यों?<br />
(ख) &#8216;दाना&#8217; से कवि का क्या अभिप्राय है?<br />
(ग) कवि &#8216;जग को मूढ़&#8217; क्यों कहता है?<br />
(घ) कवि किस प्रकार के ज्ञान को भलाना चाहता है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का प्रमुख भाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि उन लोगों को नादान कहता है जो सांसारिक धन-वैभव को प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन भाग-दौड़ करते रहते हैं। कवि का विचार है कि अज्ञानता के कारण लोग प्रेम मार्ग को त्यागकर धन-वैभव तथा भोग-विलास में अपना जीवन नष्ट कर रहे हैं।</p>
<p>(ख) &#8216;दाना&#8217; से कवि का अभिप्राय है सांसारिक धन-वैभव और भोग-विलास जो मनुष्य को सच्चा सुख प्रदान नहीं करते।</p>
<p>(ग) जो लोग सांसारिक सुख भोग की संपत्ति का संग्रह करने में लगे हुए हैं, कवि उन्हें मूढ़ कहता है क्योंकि ऐसे लोग ही अज्ञान के कारण प्रेम को प्राप्त नहीं कर पाते।</p>
<p>(घ) कवि सांसारिक विषय-वासनाओं के ज्ञान को भुलाना चाहता है, क्योंकि यह ज्ञान कवि को सच्चा सुख प्रदान नहीं करता।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने सत्य पर प्रकाश डाला है कि संसार में जीवन के सत्य को कोई नहीं पहचान सका। जो लोग सांसारिक मोह-माया के शिकार बने हुए हैं, वह निश्चित ही मूर्ख हैं। कवि ने इस प्रकार के ज्ञान को भुलाने की कामना की है।</p>
<p><em>[7] मैं और, और जग और, कहाँ का नाता,</em><br />
<em>मैं बना-बना कितने जग रोज़ मिटाता;</em><br />
<em>जग जिस पृथ्वी पर जोड़ा करता वैभव,</em><br />
<em>मैं प्रति पग में उस पृथ्वी को ठुकराता! [पृष्ठ-6]</em></p>
<p>शब्दार्थ-जग = संसार। नाता = संबंध। रोज़ = प्रतिदिन। वैभव = धन-संपत्ति। प्रतिपग = हर कदम।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘आरोह भाग 2&#8242; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से अवतरित है। इसके कवि श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस गीत में कवि ने निजी प्रेम का खुले शब्दों में वर्णन किया है। इस पद्यांश में कवि ने स्वयं को सांसारिक मोह-माया से भिन्न बताया है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि मेरा इस संसार में कोई लंबा-चौड़ा संबंध नहीं है। मैं भावनाओं का कवि हूँ और संसार की रीति-नीति से सर्वथा भिन्न हूँ। संसार के लोग दुनियादारी निभाने में लगे रहते हैं, लेकिन मैं अपने जीवन में भावनाओं को महत्त्व देता हूँ। इसलिए मेरा संसार से कोई मेल नहीं है। मैं प्रतिदिन न जाने कितने संसार बनाता हूँ और न जाने कितने मिटा डालता हूँ। भाव यह है कि मैं प्रतिदिन एक आदर्श समाज बनाने की कल्पना करता हूँ। परंतु जब मेरी कल्पना साकार नहीं होती तो मैं नई कल्पना करने लगता हूँ। इस संसार के लोग धन-संपत्ति का संग्रह करने में लगे हैं, लेकिन मेरे मन में धन-वैभव के लिए कोई लालसा नहीं है। मैं हर कदम पर धन-वैभव में लगे हुए इस संसार को ठुकराता हुआ चलता हूँ। मेरे मन में सुख-समृद्धि की कोई इच्छा नहीं है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>कवि ने सांसारिक धन-वैभव को त्यागकर भावनाओं के प्रति अपनी आसक्ति को व्यक्त किया है।</li>
<li>कवि का यह चिंतन पूर्णतया मौलिक और दार्शनिक है।</li>
<li>&#8216;जग जिस पृथ्वी पर जोड़ा करता वैभव&#8217; में विशेषण विपर्यय अलंकार का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>&#8216;कहाँ का माता&#8217; में प्रश्नालंकार, &#8216;जग जिस पृथ्वी पर&#8217;, &#8216;प्रति पग में अनुप्रास, &#8216;बना-बना&#8217; में पुनरुक्ति अलंकार, &#8216;और&#8217; में यमक (भिन्न तथा &#8216;व&#8217; के अर्थ में) इन अलंकारों की छटा दर्शनीय है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित व भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>इस पद्यांश में प्रसाद गुण है तथा संगीतात्मकता का समावेश हुआ है।</li>
</ol>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि स्वयं को संसार से अलग क्यों समझता है?<br />
(ख) &#8216;और जग और&#8217; का भाव स्पष्ट कीजिए।<br />
(ग) कवि किस प्रकार के संसार को मिटाता रहता है?<br />
(घ) कवि स्वयं को संसार से क्यों नहीं जोड़ पाता?<br />
(ङ) इस पद्यांश का भाव स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि संसार के अन्य लोगों के समान धन-संपत्ति के संग्रह में विश्वास नहीं करता। वह तो निजी भावनाओं में ही खोया रहता है। इसलिए वह स्वयं को संसार से अलग समझता है।</p>
<p>(ख) &#8216;और जग और&#8217; का भावार्थ यह है कि संसार के लोग कवि की भावनाओं को समझ नहीं पाते। सांसारिक प्राणी धन-संपत्ति के पीछे भागते रहते हैं, लेकिन कवि प्रेम और प्यार के संसार में खोया रहता है।</p>
<p>(ग) कवि तो प्रेम और प्यार में विश्वास करने वाला व्यक्ति है। इसलिए वह कल्पना द्वारा एक आदर्श समाज बनाने का प्रयास करता है परंतु जब वह प्रेम की कसौटी पर खरा नहीं उतरता तो वह उसे नष्ट कर देता है। इस प्रकार वह फिर से प्रेममय संसार की कल्पना करने लगता है।</p>
<p>(घ) कवि प्रेम और प्यार में विश्वास करने वाला व्यक्ति है, परंतु संसार के लोग धन-वैभव के संग्रह में लगे हुए हैं। इसलिए कवि और संसार के लक्ष्य अलग-अलग हैं। इसी कारण कवि स्वयं को संसार से जोड़ नहीं पाता।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि स्वयं को संसार से अलग समझता है। वह प्रेम और प्यार की भावनाओं को अलग महत्त्व देता है। इसलिए वह एक ऐसा संसार बनाना चाहता है जो प्रेम और प्यार पर आधारित हो। इसलिए कवि सांसारिक धन-वैभव को ठोकर मारकर प्रेममय संसार बनाने की कामना करता है।</p>
<p><em>[8] मैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>हों जिस पर भूपों के प्रासाद निछावर,</em><br />
<em>मैं वह खंडहर का भाग लिए फिरता हूँ। [पृष्ठ-6]</em></p>
<p>शब्दार्थ-निज = अपना। रोदन = रोना। राग = प्रेम। आग = जोश, आवेश। भूप = राजा। प्रासाद = महल। खंडहर = टूटा-फूटा भवन। निछावर = कुर्बान करना।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से लिया गया है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस पद्यांश में कवि ने अपनी विरह-वेदना को मुखरित किया है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि मेरे रोने में प्रेम छिपा हुआ है अर्थात् मैं अपने गीत में प्रेम के आँसू बहाता रहता हूँ। भले ही मेरी वाणी कोमल तथा शीतल है फिर भी उसमें प्रेम-विरह की आग है। मेरे गीतों में एक ऐसा जोश है जो मुझे कविता लिखने की प्रेरणा देता है। प्रेम पर तो बड़े-बड़े राजा-महाराजा अपने महलों को न्योछावर कर देते हैं, परंतु मेरा प्रेम निराशा के कारण टूटे-फूटे भवन जैसा हो गया है। फिर भी मैं अपने मन में उस मल्यवान प्रेम को लिए फिरता हूँ। मैं अपनी इस विरह-भावना से अत्यधिक प्रेम करता</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने अपनी विरह-वेदना को मुखरित किया है तथा साथ ही स्पष्ट किया है कि उसकी वाणी कोमल तथा शीतल है, परंतु उसमें विरहाग्नि छिपी हुई है। कवि ने अपने विरह जनित प्रेम को खंडहर बताकर अपनी निराशा को व्यक्त किया</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित व भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव है।</li>
<li>माधुर्य गुण है तथा वियोग-शृंगार का सुंदर परिपाक हुआ है।</li>
<li>संपूर्ण पद्यांश में संगीतात्मकता का समावेश है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि अपने &#8216;रोदन में राग को क्यों लिए फिरता है?<br />
(ख) &#8216;शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूँ&#8217; का आशय स्पष्ट कीजिए।<br />
(ग) राजाओं के प्रासाद किस पर न्यौछावर होते हैं?<br />
(घ) कवि के अनुसार खंडहर का भाव क्या है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि के स्वर में निराशा और व्यथा है। लेकिन कवि के इस रुदन में सच्चे प्रेम की भावना है। वह वियोग जनित वेदना को इसलिए अपने हृदय में लिए हुए है, क्योंकि वह अपने प्रेम को भुला नहीं सकता।</p>
<p>(ख) विरह-वेदना के कारण कवि का स्वर कोमल तथा शीतल है, परंतु उसमें अपने प्रिय को न पा सकने की बेचैनी भी प्रबल है। यहाँ शीतलता और अग्नि का संयोग अद्भुत है। कवि अपनी विरहाग्नि को अपने गीतों में छिपाए हुए है। बडे राजा भी प्रेम के लिए अपना सब कछ त्याग देते हैं। यहाँ तक कि वे अपनी प्रिया को पाने के लिए राजगद्दी भी छोड़ देते हैं और एक सामान्य व्यक्ति के समान जीवन व्यतीत करने लगते हैं।</p>
<p>(घ) जिस प्रकार महल टूटकर खंडहर हो जाता है, उसी प्रकार कवि के प्रेम का महल भी टूट चुका है, अब उसके हृदय में केवल उसकी प्रिया की यादें ही बसी हैं जिसकी तुलना कवि खंडहर के साथ करता है।</p>
<p>(ङ) कवि ने अपने कोमल गीतों द्वारा अपनी विरह वेदना को व्यक्त किया है। यह वेदना अग्नि के समान कवि को गीत लिखने की प्रेरणा देती है।</p>
<p><em>[9] मैं रोया, इसको तुम कहते हो गाना,</em><br />
<em>मैं फूट पड़ा, तुम कहते, छंद बनाना;</em><br />
<em>क्यों कवि कहकर संसार मुझे अपनाए,</em><br />
<em>मैं दुनिया का हूँ एक नया दीवाना! [पृष्ठ-6]</em></p>
<p>शब्दार्थ-फूट पड़ा = अत्यधिक आवेग से रोना। छंद बनाना = कविता लिखना। दीवाना = पागल।</p>
<p>प्रसंग प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘आरोह भाग 2&#8242; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से अवतरित है। इसके रचयिता श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस पद्यांश में कवि ने सरल शब्दों में यह समझाने का प्रयास किया है कि उसके प्रत्येक गीत में विरह-वेदना की अभिव्यक्ति हुई है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि तुम मेरी कविता को गीत कहते हो। यह कोई गाना नहीं है, बल्कि मेरे हृदय का रुदन है, मेरी विरह-वेदना है। प्रेम की निराशा के कारण ही मेरी भावनाएँ अत्यधिक आवेग के साथ व्यक्त हुई हैं, परंतु तुम इसे कविता की संज्ञा देते हो। सच्चाई तो यह है कि मेरे गीतों के माध्यम से मेरा क्रंदन फूट पड़ा है। संसार मुझे कवि समझकर क्यों अपनाना चाहता है? सच्चाई तो यह है कि मैं कवि नहीं हूँ, मैं तो प्रेम का दीवाना हूँ। मेरे हृदय में प्रेम की मस्ती भरी हुई है। मैं गीतों के माध्यम से प्रेम-विरह की भावनाओं को प्रकट करता हूँ।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने स्वीकार किया है कि उसके प्रत्येक गीत में विरह-व्यथा का रुदन है। यह कोई गीत नहीं है।</li>
<li>कवि स्पष्ट करता है कि उसकी आवेगपूर्ण भावनाओं के कारण ही गीत की उत्पत्ति होती है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>&#8216;क्यों कवि कहकर&#8217; में अनुप्रास अलंकार का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
<li>इस पद्यांश पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव है।</li>
<li>संबोधन शैली के प्रयोग के कारण इस पद्य में नाटकीयता तथा सजीवता उत्पन्न हो गई है।</li>
<li>माधुर्य गुण है तथा वियोग-शृंगार का सुंदर परिपाक हुआ है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) लोग कवि के रुदन को गाना क्यों कहते हैं?<br />
(ख) छंद बनाना और फूट पड़ना में क्या संबंध है?<br />
(ग) कवि स्वयं को एक नया दीवाना क्यों कहता है?<br />
(घ) संसार कवि को कवि कहकर क्यों अपनाना चाहता है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का मुख्य भाव स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(क) भले ही कवि अपनी कविताओं के द्वारा अपनी विरह-व्यथा को व्यक्त करता है, लेकिन लोग उसकी कविता से प्यार करते हैं। इसीलिए उसे गाना कहते हैं।</p>
<p>(ख) जब कवि अपनी तीव्र विरह-व्यथा को काव्य में शब्दों द्वारा व्यक्त करता है तो उसे छंद बनाना कहते हैं। वस्तुतः एक उत्कृष्ट कविता में भावनाओं का आवेग अवश्य होना चाहिए तभी वह कविता पाठक को भाव-विभोर करती है।</p>
<p>(ग) कवि स्वयं को नया दीवाना इसलिए कहता है क्योंकि उसके हृदय में प्रेम की मस्ती है और अपने गीतों द्वारा प्रेममयी भावनाओं को व्यक्त करता है।</p>
<p>(घ) संसार कवि को कवि कहकर इसलिए अपनाना चाहता है क्योंकि कवि की भावनाएँ छंदोबद्ध रचना के माध्यम से व्यक्त हुई है। संसार के लोग कवि को मात्र कवि समझते हैं, परंतु कोई भी उसकी प्रेम भावनाओं को नहीं समझ पाता।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने सहज तथा स्पष्ट शब्दावली में यह स्पष्ट कर दिया है कि उसके प्रत्येक गीत के पीछे उसकी विरह-वेदना छिपी हुई है। इस विरह-वेदना के कारण ही कवि के गीत उत्पन्न हुए हैं।</p>
<p><em>[10] मैं दीवानों का वेश लिए फिरता हूँ,</em><br />
<em>मैं मादकता निःशेष लिए फिरता हूँ</em><br />
<em>जिसको सुनकर जग झूम, झुके, लहराए, </em><br />
<em>मैं मस्ती का संदेश लिए फिरता हूँ! [पृष्ठ-6]</em></p>
<p>शब्दार्थ-मादकता = मस्ती। निःशेष = पूर्ण। जग = संसार।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; से अवतरित है। इसके कवि श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस पद्यांश में कवि ने अपनी प्रेम भावना को मुखरित किया है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि मैं इस संसार में प्रेम के दीवानों की वेशभूषा धारण करके विचरण कर रहा हूँ। इसलिए लोग मुझे दीवाना समझते हैं। परंतु मैं अपनी दीवानगी से सबको मस्त बना देता हूँ। मेरे संपूर्ण काव्य में एक मस्ती और उल्लास है। इसीलिए मैं प्रेम और यौवन के गीत गाता हूँ। यही कारण है कि लोग मेरे गीतों को सुनकर झूम उठते हैं। प्रेम से झुक जाते हैं और मस्ती से लहराने लगते हैं। मैं अपने पाठकों को मौज और मस्ती का संदेश देना चाहता हूँ। मेरी कविता में केवल प्रेममयी भावनाओं का ही वर्णन अभिव्यक्त हुआ है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने स्पष्ट किया है कि वह प्रेम के कारण दीवाना हो चुका है और सभी को प्रेम की मस्ती का संदेश देना चाहता है।</li>
<li>&#8216;झूम झुके&#8217; में अनुप्रास अलंकार का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
<li>सहज, सरल तथा साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित व भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>इस पद्यांश में उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव है।</li>
<li>&#8216;लिए फिरता हूँ शब्दों के प्रयोग के कारण इस पद्यांश में संगीत और मस्ती समाहित हो गई है।</li>
<li>प्रसाद गुण है तथा शृंगार रस का सुंदर परिपाक हुआ है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि संसार को क्या संदेश देना चाहता है?<br />
(ख) कवि की किस बात को सुनकर संसार के लोग झूमते, झुकते और लहराने लगते हैं?<br />
(ग) &#8216;मैं दीवानों का वेश लिए फिरता हूँ&#8217; इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।<br />
(घ) कवि के गीतों में मादकता क्यों है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का भाव स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि संसार के लोगों को यह संदेश देना चाहता है कि वे सांसारिक झंझटों को त्यागकर प्रेम और मस्ती के साथ जीवन-यापन करें। इसी से उन्हें सच्चे आनंद की प्राप्ति होगी।</p>
<p>(ख) कवि के गीतों में प्रेम की मस्ती और मादकता है जिसे सुनकर संसार के लोग झूम उठते हैं, प्रेम से झुक जाते हैं और मस्ती में लहराने लगते हैं।</p>
<p>(ग) यहाँ कवि यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह प्रेम के दीवानों के समान अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य अपनी प्रिया के प्रेम को प्राप्त करना है।</p>
<p>(घ) कवि प्रेम की मस्ती में आकंठ डूबा हुआ है। वह हमेशा प्रेम और यौवन के गीत गाता है। इसलिए हमेशा प्रेम और मस्ती में ही डूबा रहता है। उसे सांसारिक मोह-माया से कोई लगाव नहीं है।</p>
<p>(ङ) इस पद्यांश में कवि ने यह स्पष्ट किया है कि प्रेम की मस्ती के कारण वह दीवाना बन चुका है। उसकी इसी मादकता पर संसार के लोग झूम उठते हैं और वह लोगों को इसी मस्ती का संदेश देना चाहता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p><strong>एक गीत पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</strong></p>
<p><em>[1] हो जाए न पथ में रात कहीं,</em><br />
<em>मंजिल भी तो है दूर नहीं</em><br />
<em>यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है!</em><br />
<em>दिन जल्दी-जल्दी ढलता है! [पृष्ठ-7]</em></p>
<p>शब्दार्थ-पथ = रास्ता। मंजिल = लक्ष्य। पंथी = मुसाफिर । ढलना = समाप्त होना।</p>
<p>प्रसंग प्रस्तत पद्यांश हिंदी की पाठयपस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;एक गीत&#8217; से अवतरित है। यह गीत कवि के काव्य-संग्रह &#8216;निशा निमंत्रण&#8217; में संकलित है। इसके कवि श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस पद्यांश में कवि ने प्रेम की बेचैनी का अत्यंत सूक्ष्म चित्रण किया है।</p>
<p>व्याख्या-कवि कहता है कि मुसाफिर बार-बार यह सोचता है कि कहीं उसे रास्ते में रात न हो जाए। मंजिल अब उस नहीं है। वह पास ही आने वाली है। भाव यह है कि वह अपने प्रिय को प्राप्त करने वाला है। बार-बार अपने प्रिय के बारे में सोचकर वह जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाता है, ताकि वह अपने प्रिय से मिल सके। प्रिय-मिलन की बेचैनी के कारण उसे लगता है कि दिन जल्दी-जल्दी ढल रहा है और कभी भी छिप सकता है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इस पद्यांश में कवि ने प्रेम की बेचैनी का बड़ा ही सजीव, सूक्ष्म वर्णन किया है।</li>
<li>प्रेमी को दिन के छिपने का डर लगा रहता है इसलिए वह जल्दी-जल्दी चलता है। इस प्रकार प्रेमी की व्यग्रता को व्यक्त किया गया है।</li>
<li>&#8216;जल्दी-जल्दी&#8217; में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>सहज, सरल, साहित्यिक और प्रवाहमयी हिंदी भाषा का सफल प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित एवं भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>कोमलकांत पदावली के कारण इस गीत में संगीतात्मकता का समावेश हुआ है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर-</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि और कविता का नाम लिखिए।<br />
(ख) &#8216;थका हुआ पंथी&#8217; किस कारण जल्दी-जल्दी चलता है?<br />
(ग) &#8216;पंथी&#8217; किस आशा से प्रेरित होकर जल्दी-जल्दी चलता है?<br />
(घ) &#8216;दिन जल्दी-जल्दी ढलता है। कवि को यह कथन बेचैन क्यों करता है?<br />
(ङ) इस,पद्यांश का भाव स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि का नाम हरिवंशराय बच्चन कविता का नाम एक गीत</p>
<p>(ख) थका हुआ मुसाफिर अपने लक्ष्य को पास देखकर उसे जल्दी से प्राप्त करना चाहता है, इसीलिए वह जल्दी-जल्दी चलता है।</p>
<p>(ग) पंथी के मन में यह आशा उत्पन्न हो चुकी है कि उसकी मंजिल पास आ चुकी है इसलिए अब जल्दी से उसका प्रिय से मिलन होगा। इसलिए वह जल्दी-जल्दी चलता है।</p>
<p>(घ) कवि अपनी मंजिल को पाने के लिए बेचैन है। वह चाहता है कि दिन छिपने से पहले अपने प्रिय को प्राप्त कर ले, लेकिन दिन जल्दी-जल्दी अस्त होने जा रहा है इसलिए वह बेचैन हो उठता है।</p>
<p>(ङ) कवि ने यह स्पष्ट किया है कि लक्ष्य को पाने वाला व्यक्ति हमेशा व्यग्र रहता है। उसे लगता है कि समय जल्दी से बीतता जा रहा है। इसलिए वह बड़ी तीव्र गति से अपने काम को पूरा करना चाहता है। इस प्रकार के व्यक्ति का मन बड़ा बेचैन हो उठता है।</p>
<p><em>[2] बच्चे प्रत्याशा में होंगे,</em><br />
<em>नीड़ों से झाँक रहे होंगे</em><br />
<em>यह ध्यान परों में चिड़ियों के भरता कितनी चंचलता है!</em><br />
<em>दिन जल्दी-जल्दी ढलता है! [पृष्ठ-7]</em></p>
<p>शब्दार्थ-प्रत्याशा = आशा। नीड़ = घोंसला। झाँकना = बाहर देखना। पर = पंख। चंचलता = तीव्रता। .</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;एक गीत&#8217; से अवतरित है। यह गीत कवि के काव्य-संग्रह &#8216;निशा निमंत्रण&#8217; में संकलित है। इसके कवि श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इसमें कवि ने चिड़िया के बिंब द्वारा अपनी मन की व्याकुलता को व्यक्त किया है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि जब चिड़ियाँ आकाश में उड़ती हुई अपने घोंसलों में लौटती हैं तो उनके मन में बार-बार यह विचार उठता है कि उनके बच्चे बेचैन होकर उनकी प्रतीक्षा कर रहे होंगे। वह बार-बार घोंसलों से मुँह बाहर निकालकर झाँक रहे होंगे। चिड़ियों को अपने बच्चों की चिंता सताने लगती है। इसलिए वे तीव्र गति से अपने पंखों को फड़फड़ाते हुए घोंसलों की तरफ बढ़ने लगती हैं। उनके मन में यह भय सताता रहता है कि कहीं दिन न छिप जाए। इसलिए वह तीव्र गति से उड़ने लगती है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>यहाँ कवि ने चिड़िया के बिंब द्वारा प्रेमी के हृदय की बेचैनी को व्यक्त किया है।</li>
<li>जल्दी-जल्दी&#8217; में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>सहज, सरल, साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित व भावाभिव्यक्ति में सहायक है।</li>
<li>इस पद्यांश का बिंब-विधान तथा चित्र-विधान दोनों ही आकर्षक बन पड़े हैं।</li>
<li>प्रसाद गुण है तथा वात्सल्य भाव का सुन्दर परिपाक हुआ है।</li>
<li>संपूर्ण पद्य में संगीतात्मकता है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) बच्चे किस आशा से नीड़ों से बाहर झाँक रहे होंगे?<br />
(ख) चिड़ियों के घोंसलों द्वारा किस दृश्य की कल्पना की गई है?<br />
(ग) चिड़ियों के पंखों में चंचलता क्यों उत्पन्न हो जाती है?<br />
(घ) चिड़ियों को क्यों लगता है कि दिन जल्दी-जल्दी ढल रहा है?<br />
(ङ) इस कविता द्वारा कवि क्या संदेश देना चाहता है?<br />
उत्तर:<br />
(क) चिड़ियों के बच्चे इसलिए घोंसलों से बाहर झांक रहे हैं, क्योंकि वे माँ के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि माँ लौटकर उन्हें चुग्गा देगी। इसलिए वे माँ की ममता के लिए बेचैन हैं।</p>
<p>(ख) चिड़ियों के घोंसलों द्वारा उस दृश्य की कल्पना की है जब चिड़ियों के बच्चे अपने माँ के आने की प्रतीक्षा के कारण घोंसलों से बाहर झाँकने लगते हैं। एक ओर उनके मन में माँ की ममता होती है और दूसरी ओर वे भूखे होते हैं।</p>
<p>(ग) चिड़िया अपने बच्चों से शीघ्र मिलना चाहती है। बच्चों की ममता उन्हें पुकारती है। वे शीघ्र ही बच्चों को भोजन व सुरक्षा देना चाहती है। इसीलिए उनके पंखों में चंचलता उत्पन्न हो गई है।</p>
<p>(घ) चिड़ियों के मन में बेचैनी है। वे जल्दी-जल्दी अपने शावकों के पास पहुँच जाना चाहती हैं। परंतु उनकी मंजिल दूर है। इसी बेचैनी के कारण उन्हें लगता है कि दिन जल्दी-जल्दी ढल रहा है।</p>
<p>(ङ) कवि ने माँ की ममता का सजीव चित्रण किया है। वात्सल्य और प्रेम के कारण ही शावकों का मन बेचैन हो उठता है। चिड़ियों के माध्यम से कवि ने मानवीय ममता तथा वात्सल्य का सजीव वर्णन किया है।</p>
<p><em>[3] मुझसे मिलने को कौन विकल?</em><br />
<em>मैं होऊँ किसके हित चंचल?</em><br />
<em>यह प्रश्न शिथिल करता पद को, भरता उर में विह्वलता है!</em><br />
<em>दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!</em></p>
<p>शब्दार्थ-विकल = व्याकुल। हित = के लिए। चंचल = बेचैन, क्रियाशील। शिथिल = ढीला करना। पद = पाँव। उर = हृदय। विह्वलता = आतुरता का भाव।</p>
<p>प्रसंग-प्रस्तुत पद्यांश हिंदी की पाठ्यपुस्तक &#8216;आरोह भाग 2&#8217; में संकलित कविता &#8216;एक गीत&#8217; से अवतरित है। यह गीत कवि के काव्य-संग्रह &#8216;निशा निमंत्रण&#8217; में संकलित है। इसके कवि श्री हरिवंश राय बच्चन हैं। इस पद्यांश में कवि ने अपनी हृदयगत निराशा, उदासी तथा प्रेम की असफलता का सजीव वर्णन किया है।</p>
<p>व्याख्या कवि कहता है कि इस संसार में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो मुझसे मिलने के लिए बेचैन हो। इसलिए मेरा मन किसी के लिए भी चंचल नहीं होता। आशय यह है कि मेरे मन में किसी के प्रति प्रेम की भावना नहीं है। यह स्थिति मेरे कदमों को शिथिल कर देती है। प्रेम के अभाव के कारण मैं ढीला पड़ जाता हूँ और मेरे हृदय में निराशा तथा उदासी की भावना उत्पन्न होकर मुझे व्याकुल कर देती है। फिर भी मैं प्रेम की तरंग में खो जाता हूँ और दिन जल्दी-जल्दी ढल जाता है।</p>
<p>विशेष-</p>
<ol>
<li>इसमें कवि ने प्रेम के क्षेत्र में असफल होने के कारण अपने हृदयगत निराशा और उदासी का संवेदनशील वर्णन किया है।</li>
<li>&#8216;जल्दी-जल्दी&#8217; में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है तथा प्रथम दो पंक्तियों में प्रश्नालंकार है।</li>
<li>सहज, सरल, साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग हुआ है।</li>
<li>शब्द-चयन सर्वथा उचित व सटीक है।</li>
<li>प्रसाद गुण है तथा वियोग-शृंगार का परिपाक हुआ है।</li>
<li>संपूर्ण पद्य में संगीतात्मकता का समावेश है।</li>
</ol>
<p>पद पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर</p>
<p>प्रश्न-<br />
(क) कवि के मन में यह प्रश्न क्यों उठता है कि उससे मिलने के लिए कोई व्याकुल है?<br />
(ख) कवि किसके लिए चंचलता को त्याग देता है?<br />
(ग) कवि के कदम शिथिल क्यों हो जाते हैं?<br />
(घ) कवि के मन में कैसी विह्वलता उत्पन्न होती है?<br />
(ङ) इस पद्यांश का मुख्य भाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(क) कवि अब अकेला रह गया है, क्योंकि उसका प्रिय उसे छोड़कर चला गया है। इसीलिए वह सोचता है कि उससे मिलने के लिए कोई व्याकुल नहीं है।</p>
<p>(ख) कवि के मन में अब अपने प्रिय को मिलने की बेचैनी नहीं है। इसलिए वह चंचलता को त्याग देता है।</p>
<p>(ग) कवि अब समझ चुका है कि जिसे वह प्रेम करता था, अब वह उसे मिलने वाला नहीं है। इसलिए उसके कदम शिथिल हो जाते हैं और वह तटस्थ भाव से चलने लगता है।</p>
<p>(घ) कवि के मन में यह विह्वलता उत्पन्न होती है कि वह इस प्रेममय संसार में अकेला रह गया है। कोई भी व्यक्ति अब उसकी प्रतीक्षा नहीं कर रहा, इसलिए कवि निराश व उदास है।</p>
<p>(ङ) कवि ने यह स्वीकार किया है कि उसकी प्रिया उसे छोड़कर चली गई है। अतः वह अब अकेला रह गया है। इसलिए इस पद्यांश में कवि की वियोगजन्य पीड़ा का मार्मिक वर्णन हुआ है।</p>
<h3>आत्म-परिचय, एक गीत Summary in Hindi</h3>
<p><strong>आत्म-परिचय, एक गीत कवि-परिचय</strong></p>
<p>प्रश्न-<br />
श्री हरिवंश राय बच्चन का संक्षिप्त जीवन-परिचय देते हुए उनकी काव्यगत विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।<br />
अथवा<br />
श्री हरिवंश राय बच्चन का साहित्यिक परिचय अपने शब्दों में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
1. जीवन-परिचय-श्री हरिवंश राय बच्चन का आधुनिक हिंदी कवियों में महत्त्वपूर्ण स्थान है। उनका जन्म सन् 1907 में इलाहाबाद (प्रयाग) के कटरा मुहल्ले के एक कायस्थ परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम प्रताप नारायण था जो अपने मधुर स्वभाव के कारण सभी लोगों में प्रिय थे। बच्चन जी की आरंभिक शिक्षा काशी में हुई। सन् 1938 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पीएच०डी० की उपाधि प्राप्त की। तत्पश्चात् वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन का कार्य करने लगे। वे आकाशवाणी के साहित्यिक कार्यक्रमों से भी संबद्ध रहे। भारत सरकार ने उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर उनको विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया। सन् 1966 में बच्चन जी राज्यसभा के सदस्य मनोनीत हुए।</p>
<p>बच्चन जी को अपने आरंभिक जीवन में अनेक संघर्षों का सामना करना पड़ा। उनकी आर्थिक स्थिति सुखद नहीं थी। वे अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। तभी उनकी पत्नी श्यामा असाध्य रोग से ग्रस्त होकर मृत्यु का शिकार हो गई। पत्नी की मृत्यु से कवि को गहरा आघात लगा। जिससे उनके जीवन में केवल निराशा एवं दुख छा गया। सन् 1942 में कवि ने तेजी बच्चन से दूसरा विवाह किया। तेजी बच्चन के आने से उनके जीवन का भाग्योदय हुआ और वे निरंतर प्रगति करते चले गए। भारत सरकार ने बच्चन जी को &#8216;पद्म विभूषण&#8217; की उपाधि से विभूषित किया।</p>
<p>2. प्रमुख रचनाएँ बच्चन जी की प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-&#8216;मधुशाला&#8217; (सन् 1935), &#8216;मधुबाला&#8217; (सन् 1938), &#8216;मधुकलश&#8217; (सन् 1938), &#8216;निशा निमंत्रण&#8217;, &#8216;आकुल-अंतर&#8217;, &#8216;एकांत संगीत&#8217;, &#8216;प्रणय पत्रिका&#8217;, &#8216;सतरंगिणी&#8217;, &#8216;दो चट्टानें&#8217;, &#8216;मिलनयामिनी&#8217;, &#8216;आरती&#8217; और &#8216;अंगारे&#8217;, &#8216;नये पुराने झरोखे&#8217;, &#8216;टूटी-फूटी कड़ियाँ&#8217; आदि। उनकी कुछ आत्मकथामूलक रचनाओं से उनके संपूर्ण जीवन का विशद वर्णन मिलता है। ये रचनाएँ हैं-&#8216;क्या भूलूँ क्या याद करूँ&#8217;, &#8216;नीड़ का निर्माण फिर&#8217;, &#8216;बसेरे से दूर&#8217;, &#8216;दशद्वार से सोपान तक।<br />
सन् 2003, में मुंबई में इस महान् साहित्यकार का निधन हो गया।</p>
<p>3. काव्यगत विशेषताएँ उत्तर छायावादी कवियों में बच्चन जी को विशेष प्रसिद्धि मिली। वे हिंदी साहित्य में हालावाद के प्रवर्तक माने जाते हैं। उन्होंने उमर खय्याम की रुबाइयों का अत्यंत सुन्दर अनुवाद किया था। &#8216;मधुशाला&#8217; बच्चन जी की एक उल्लेखनीय रचना है, जिसमें प्रेम की मस्ती देखी जा सकती है। &#8216;मधुशाला&#8217;, &#8216;मधुबाला&#8217; तथा &#8216;मधुकलश&#8217; उनकी कीर्ति की आधार-स्तंभ काव्य-रचनाएँ हैं। उनके काव्य में प्रेम भावना, मदमस्त जीवन तथा भाग्यवाद का समर्थन देखने को मिलता है। उनके काव्य की कुछ विशेषताएँ इस प्रकार हैं<br />
(i) व्यक्तिनिष्ठता श्री हरिवंश राय बच्चन आधुनिक हिंदी काव्य की वैयक्तिक काव्यधारा के प्रमुख कवि के रूप में जाने जाते हैं। उनकी विचारधारा व्यक्तिनिष्ठ है। उन्होंने वैयक्तिक यथार्थ की भूमिका पर ही जीवन एवं जगत को देखने व समझने का प्रयास किया है। वे समाज-हित के साथ-साथ व्यक्ति-हित को भूलने के पक्ष में नहीं हैं। कहीं-कहीं उनके साहित्य में वैयक्तिकता के नाम पर पलायनवादिता का स्वर भी सुनाई पड़ता है।</p>
<p>(ii) प्रेम,और सौंदर्य-वस्तुतः हरिवंश राय बच्चन प्रेम और सौंदर्य के कवि हैं। उनके अन्य साहित्य में भी उनकी यह भावना देखी जा सकती है। उनके साहित्य में प्रेम और सौंदर्य के साथ जीवन के प्रति पूर्ण आस्था अभिव्यक्त हुई है। उनकी रचनाओं में गहन अनुभूतियों को भी सर्वत्र देखा जा सकता है<br />
&#8220;इस पार प्रिये, तुम हो, मधु है,<br />
उस पार न जाने क्या होगा।&#8221;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 12th Class Hindi Solutions Aroh Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत" width="196" height="17" /></p>
<p>(iii) मानवतावाद-बच्चन जी की रचनाओं में मानवतावादी भावना भी मुखरित हुई है। उनकी रचनाओं में मानव मात्र के प्रति प्रेम का भाव सर्वत्र व्याप्त है। वे मानव की करता को देखकर व्यथित हो उठते हैं।</p>
<p>(iv) सामाजिक यथार्थ बच्चन जी की गद्य रचनाओं में सामाजिक यथार्थ का चित्रण अत्यंत सजीवता से हुआ है। सामाजिक यथार्थ के साथ-साथ उनकी रचनाओं की प्रक्रिया भी अनायास ही मुखरित हो उठी है। उनकी आत्मकथात्मक रचनाओं में उनके संघर्षशील जीवन के दर्शन होते हैं।</p>
<p>(v) आशा और सूजन का स्वर-बच्चन जी की कविताओं में केवल प्रणय और निराशा ही नहीं, बल्कि आशा और सृजन का स्वर भी सुनाई पड़ता है। &#8216;पथ की पहचान&#8217; नामक कविता में कवि ने मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। वे पाठकों को सृजन की कल्पना करने तथा यथार्थ को स्वीकार करने का संदेश भी देते हैं। &#8216;बंगाल का अकाल&#8217; शीर्षक कविता तथा &#8216;परवर्ती&#8217; काव्य में कवि ने जन-जीवन को प्रतिस्थापित किया है और नए संदर्भो को प्रस्तुत किया है। एक स्थल पर कवि कहता है<br />
&#8220;किंतु जग के पथ पर यदि<br />
स्वप्न दो तो सत्य दो सौ,<br />
स्वप्न पर ही मुग्ध मत हो,<br />
सत्य का भी ज्ञान कर लो।&#8221;</p>
<p>4. भाषा, छंद एवं अलंकार-बच्चन जी ने अपनी काव्य रचनाओं में आडंबरहीन भाषा का प्रयोग किया है। उनकी भाषा में यदि प्रवाह है, तो चित्र विधान की शक्ति तथा प्रतीक शब्द योजना भी है। वे हमेशा सीधे ढंग से अपनी बात कहते हैं। वे भाषा में अभिधा-शक्ति का प्रयोग करते हुए अपने मन के भाव पाठकों तक पहुँचाते हैं। गेय होने के कारण उनकी रचनाओं को गीत के रूप में मान्यता प्राप्त है। यही कारण है कि आधुनिक गीतकारों में उनका प्रमुख स्थान है।<br />
बच्चन जी की कविताओं में अलंकारों का प्रयोग स्वाभाविक रूप में हुआ है। अनुप्रास, रूपक, यमक, उत्प्रेक्षा, मानवीकरण आदि उनके प्रिय अलंकार हैं। उदाहरण के लिए<br />
अनुप्रास-&#8220;है अनिश्चित, कब सुमन, कब कंटकों के शर मिलेंगे।&#8221;<br />
रूपक-&#8220;ये उदय होते, लिए कुछ ध्येय नयनों के निलय में।&#8221;<br />
उपमा-“घूमती नूरमहल थी एक दिवस बन जिन महलों की नूर।<br />
खड़े हैं खंडहर से वे आज किसी दिन हो जाएँगे धूर।&#8221;<br />
मानवीकरण-&#8220;रास्ते का एक काँटा, पाँव का दिल चीर देता।&#8221;<br />
बच्चन जी के कवि-रूप पर विचार करते हुए डॉ० मत्येंद्र नाथ शुक्ल ने अपनी पुस्तक &#8216;कविता का आधुनिक परिप्रेक्ष्य में लिखा है<br />
&#8220;छायावादी संस्कारों से अलग हटकर बच्चन ने कविता को नितांत नवीन संदर्भ प्रदान किया है। इनकी रचना-यात्रा में व्यष्टि-समष्टि, सूक्ष्म-स्थूल, सामान्य-विशेष तथा विभिन्न सामाजिक रूपों का सफल चित्रण हुआ है।&#8221;</p>
<p><strong>आत्म-परिचय कविता का सार</strong></p>
<p>प्रश्न-<br />
श्री हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित कविता &#8216;आत्मपरिचय&#8217; का सार अपने शब्दों में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
&#8216;आत्मपरिचय&#8217; श्री हरिवंश राय बच्चन की एक उल्लेखनीय कविता है। इसमें कवि ने अपने प्रेममय व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला है। कवि अपने कर्त्तव्यों के प्रति सदा सजग है। वह जीवन के कष्टों तथा बाधाओं चाहता है। प्रेम से उसका हृदय झंकृत है। वह हमेशा अपनी प्रिया के स्नेह में लीन रहता है। संसार के अन्य लोग हमेशा अपनी समस्याओं में उलझे रहते हैं, परंतु कवि का हृदय प्रेम से सदा सराबोर रहता है। वह संसार की कभी चिंता नहीं करता। सांसारिक जीवन के बोझ को ढोता हुआ भी वह जीवन में प्यार को अधिक महत्त्व प्रदान करता है। कवि के हृदय में नए-नए मनोभाव हैं। ये मनोभाव उसके लिए उपहारस्वरूप हैं। यह अधूरा संसार कवि को अच्छा नहीं लगता। इसलिए वह सपनों के संसार मे डूबा रहता है। सुख-दुख दोनों कवि के लिए एक समान हैं। वह अपने प्रेम की मस्ती और उमंग से जीवनयापन करना ही ठीक समझता है और इस प्रकार प्रेम रूपी नाव के द्वारा संसार की मुसीबतों को पार करता है। कवि के मन में सदा यौवन का पागलपन सवार रहता है। इसीलिए वह अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए बेचैन रहता है। प्रिया का वियोग कवि को पीड़ित करता है, लेकिन वह संसार के सामने हँसता रहता है। संसार के अनेक लोगों ने सत्य को जानने की कोशिश की, परंतु कोई भी सत्य को जान नहीं पाया। लोग संसार के भौतिक साधनों का संग्रह करने के चक्कर में उलझकर रह गए हैं। परंतु कवि जान चुका है कि इससे दूर रहने में ही भलाई है।</p>
<p>संसार जिसे हर रोज़ जोड़ने का प्रयास करता है, कवि उसे हर कदम पर ठुकराता हुआ चलता है। वह तो हमेशा भावनाओं के संसार में जीना चाहता है। कवि को अपने रोने में भी संगीत सुनाई देता है, उसकी शीतल वाणी में विद्रोह की आग है। उसका प्रेम भले ही खंडहर के समान टूटा-फूटा है, पर वह उस प्रेम पर राजाओं के महलों को भी न्योछावर करना चाहता है। अंत में कवि कहता है कि उसका रुदन ही गीत बन गया है। कवि ने खुलकर अपनी भावनाएँ व्यक्त की, पर लोग उसे छंद की संज्ञा देते हैं। सचमुच कवि एक दीवाना है, उसके गीतों में एक मस्ती है, उसके गीतों को सुनकर संसार के लोग झूम उठते हैं। इसलिए कवि सबके लिए प्रेम की मस्ती का संदेश लिए गीत लिखता है।</p>
<p><strong>एक गीत कविता का सार</strong></p>
<p>प्रश्न-<br />
&#8216;एक गीत&#8217; कविता का सार अपने शब्दों में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
प्रस्तुत गीत &#8216;एक गीत&#8217; &#8216;बच्चन जी&#8217; का एक प्रसिद्ध प्रेमगीत है जो कि &#8216;निशा निमंत्रण&#8217; में संकलित है। इसमें कवि ने अपने प्रेम की व्याकुलता का वर्णन किया है। कवि अपने प्रियजन से मिलने के लिए अत्यधिक बेचैन है। वह तीव्र गति से चलकर अपने प्रियजन तक पहुँच जाना चाहता है। उसे लगता है कि अब उसका लक्ष्य दूर नहीं है। कवि चिड़ियों का रूपक बाँधते हुए कहता है कि चिड़ियों के बच्चे अपने माता-पिता की प्रतीक्षा कर रहे होंगे और वह अपने घोंसलों से बाहर झांककर देख रहे होंगे। यह सोच चिड़िया के पंखों में चंचलता उत्पन्न कर देती है। परन्तु कवि सोचता है कि इस संसार में कोई भी उसका अपना नहीं है जो उसे मिलने के लिए व्याकुल हो रहा है। इसलिए उसके कदम शिथिल पड़ जाते हैं। अंत में कवि स्पष्ट करता है कि प्रेम के कारण मनुष्य के जीवन में गतिशीलता का संचरण होता है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-science-solutions-chapter-15/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 04:31:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 7]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light HBSE 7th Class Science Light Textbook Questions and Answers Question 1. Fill in the blanks : (a) An image that cannot be obtained on a screen is called _________. (b) Image [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-7th-class-science-solutions/">HBSE 7th Class Science Solutions</a> Chapter 15 Light Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light</h2>
<p><strong>HBSE 7th Class Science Light Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p>Question 1.<br />
Fill in the blanks :<br />
(a) An image that cannot be obtained on a screen is called _________.<br />
(b) Image formed by a convex _________ is always virtual and smaller in size.<br />
(c) An image formed by a _________ mirror is always of the same size as that of the object.<br />
(d) An image which can be obtained on a screen is called a _________ image.<br />
(e) An image formed by a concave _________ cannot be obtained on a screen.<br />
Answer:<br />
(a) virtual image<br />
(b) mirror<br />
(c) plane<br />
(d) real<br />
(e) lens.</p>
<p>Question 2.<br />
Mark ‘T’ if the statement is true and ‘F’ if it is false :<br />
(a) We can obtain an enlarged and erect image by a convex mirror.<br />
(b) A concave lens always form a virtual image.<br />
(c) We can obtain a real, enlarged and inverted image by a concave mirror.<br />
(d) A real image cannot be obtained on a screen.<br />
(e) A concave mirror always form a real image.<br />
Answer:<br />
(a) F<br />
(b) T<br />
(c) T<br />
(d) F<br />
(e) F</p>
<p>Question 3.<br />
Match the items given in Column I with one Or more items of Column II.</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>Column I</td>
<td>Column II</td>
</tr>
<tr>
<td>(a) A plane mirror</td>
<td>(i) Used as a magnifying glass.</td>
</tr>
<tr>
<td>(b) A convex mirror</td>
<td>(ii) Can form image of objects spread over a large area.</td>
</tr>
<tr>
<td>(c) A convex lens</td>
<td>(iii) Used by dentists to see enlarged image.</td>
</tr>
<tr>
<td>(d) A concave mirror</td>
<td>(iv) The image is always inverted and magnified.</td>
</tr>
<tr>
<td>(e) A Concave lens</td>
<td>(v) The image is erect and of the same size as the object.</td>
</tr>
<tr>
<td></td>
<td>(vi) The image is erect and smaller in size than the object.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Answer:<br />
(a) (v)<br />
(b) (ii)<br />
(c) (i)<br />
(d) (iii)<br />
(e) (vi)</p>
<p>Question 4.<br />
State the characteristics of the image formed by a plane mirror.<br />
Answer:</p>
<ul>
<li>Plane mirror forms an erect image.</li>
<li>It forms a virtual image.</li>
<li>Size of the image is same as that of the object.</li>
<li>Image gets formed at the same distance behind the mirror as the object stands infornt of it.</li>
<li>Image formed is a laterally inverted image, i.e. right hand side of the object seems to be the left hand side and vice-versa.</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 5.<br />
Find out the letters of English alphabet or any other language known to you in which the image formed in a place mirror appears exactly like the letter itself. Discuss your findings.<br />
Answer:<br />
Letters like A, H, I, M, O, T, U, V, W etc appear same when seen through a plane mirror.</p>
<p>Question 6.<br />
What is a virtual image? Give one situation where a virtual image is formed.<br />
Answer:<br />
The image which cannot be taken on a screen is called a virtual image. When some object is placed very close to the concave mirror we do not get any image of that object on the white screen placed behind the mirror. Such image is called a virtual image.</p>
<p>Question 7.<br />
State two differences between a convex and a concave lens.<br />
Answer:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>Convex lens</td>
<td>Concave lens</td>
</tr>
<tr>
<td>(i) Convex lens can form both real and virtual images.</td>
<td>(i) Concave lens always form a virtual image.</td>
</tr>
<tr>
<td>(ii) It can form magnified image.</td>
<td>(ii) Image is always diminished in size.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Question 8.<br />
Give one use each of a concave and a convex mirror.<br />
Answer:</p>
<ul>
<li>Use of Concave mirror: Concave mirror is used by dentists to- examine the teeth.</li>
<li>Use of Convex mirror: Convex mirror is used as side view mirror in vehicles.</li>
</ul>
<p>Question 9.<br />
Which type of mirror can form a real image?<br />
Answer:<br />
Concave mirror can form a real image.</p>
<p>Question 10.<br />
Which type of lens forms always a virtual image?<br />
Answer:<br />
Convex lens always form a virtual image.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Choose the correct option in questions 11-13</span></p>
<p>Question 11.<br />
A virtual image larger than the object can be produced by a _________.<br />
(i) concave lens<br />
(ii) concave mirror<br />
(iii) convex mirror<br />
(iv) plane mirror<br />
Answer:<br />
(iii) convex mirror</p>
<p>Question 12.<br />
David is observing his image in a plane mirror. The distance between the mirror and his image is 4 m. If he moves 1 m towards the mirror, then the distance between David and his image will be _________.<br />
(i) 3 m<br />
(ii) 5 m<br />
(iii) 6 m<br />
(iv) 8 m<br />
Answer:<br />
(i) 3 m</p>
<p>Question 13.<br />
The rear view mirror of a car is a plane mirror. A driver is reversing his car at a speed of 2 m/s. The driver sees in his rear view mirror the image of a truck parked behind his car. The speed at which the image of the truck appears to approach the driver will be _________.<br />
(i) 1m/s<br />
(ii) 2m/s<br />
(iii) 4mls<br />
(iv) 8m/s<br />
Answer:<br />
(iii) 4mls</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Extended Learning-Activities and Projects</span></p>
<p>Question 1.<br />
Play with a mirror Write your name with a sketch pen on a thin sheet of paper, polythene or glass.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1093" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-7th-Class-Science-Solutions-Chapter-15-Light-1.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light 1" width="248" height="252" /><br />
Read your name on the sheet while standing in front of a plane mirror. Now look at your image in the mirror.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p>Question 2.<br />
A burning candle in water<br />
Take a shoe box, open on one side. Place a small lighted candle in it. Place a clear glass sheet (roughly 25 cm x 25 cm) infront of this candle (fig. 15.1). Try to locate the image of the candle behind the glass sheet. Place a glass of water as its position. Ask your friends to look at the image of the candle through the sheet of glass. Ensure that candle is not visible to your friends. Your friends will be surprised to see the candle burning in water. Try to explain the reason.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 3.<br />
Make a rainbow&#8217;.<br />
Try to make your own rainbow. You can try this project in the morning of in the evening. Stand with your back towards the sun. Take a hosepipe or a water pipe used in the garden. Make a find spray in front of you. Your can see different colours of rainbow in the spray.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p>Question 4.<br />
Visit a laughing gallery in some science centre or a science park or a village mela. You will find some large mirrors there. You can see your distorted and funny images in these mirrors. Try to find out the kind of mirrors used there.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p>Question 5.<br />
Visit a nearby hospital. You can also visit the clinic of an ENT specialist, or a dentist. Request the doctor to show you the mirrors used for examining ear, nose,<br />
throat and teeth. Can you recognise the kind of mirror used in these instruments?<br />
Answer:<br />
Do it yourseld.</p>
<p>Question 6.<br />
Role play<br />
Here is a game that a group of children can play. One child will be chosen to act as object and another will act as the image of the object. The object and the image will sit opposite to each other. The object will make movements, such as raising a hand, touching an ear, etc. The image will have to make the correct movement following the movement of the object. The rest of the group will watch the movements of the image. If the image fails to make the correct movement, she/he will be retired. Another child will take her/his place and the game will continue. A scoring scheme can be introduced. The group that scores the maximum will be declared the winner.<br />
Answer:<br />
Do it yourself.</p>
<p><strong>HBSE 7th Class Science Light Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">Very Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What do you mean by rectilinear propagation of light?<br />
Answer:<br />
Rectilinear propagation of light means that beam of a light always travels in a straight line.</p>
<p>Question 2.<br />
How can we change the direction of the light?<br />
Answer:<br />
We can change the direction of the light by the phenomenon called reflection.</p>
<p>Question 3.<br />
What do you mean by reflection of light?<br />
Answer:<br />
When a ray of light falls on the surface of any mirror, it bounces back in the same medium. This is called reflection of light.</p>
<p>Question 4.<br />
What is a mirror?<br />
Answer:<br />
Any polished or shining surface is called a mirror.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 5.<br />
What do you mean by a real image?<br />
Answer:<br />
Image which can be obtained on a screen is called a real image.</p>
<p>Question 6.<br />
What do you mean by a virtual image?<br />
Answer:<br />
Image which cannot be obtained on a screen is called a virtual image.</p>
<p>Question 7.<br />
What is a convex mirror?<br />
Answer:<br />
A mirror which reflects the light from its inner polished side.</p>
<p>Question 8.<br />
What is a concave mirror?<br />
Answer:<br />
A mirror, which reflects light from its outer polished surface.</p>
<p>Question 9.<br />
What kind of image is formed by a plane mirror?<br />
Answer:<br />
It forms an erect, virtual and image of same size as that of the object.</p>
<p>Question 10.<br />
What kind of image is formed by a concave mirror?<br />
Answer:<br />
It can form both real and virtual, erect or inverted image.</p>
<p>Question 11.<br />
What kind of image is formed when an object is placed very close to the concave mirror?<br />
Answer:<br />
A virtual erect and a magnified image will be formed.</p>
<p>Question 12.<br />
What kind of image is formed by a convex mirror?<br />
Answer:<br />
Convex mirror forms an erect, virtual and diminished image.</p>
<p>Question 13.<br />
What kind of image is formed by a concave lens?<br />
Answer:<br />
An erect, virtual and diminished image is formed by a concave lens.</p>
<p>Question 14.<br />
What happens when a beam of light enters a prism?<br />
Answer:<br />
The beam of light splits into seven colours.</p>
<p>Question 15.<br />
What do you mean by lateral inversion?<br />
Answer:<br />
When right hand side of an object appears as the left hand side and vice-versa.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">Short Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
What is a virtual image? Give one example of virtual image.<br />
Answer:<br />
Virtual image : It is an image which cannot be obtained on a screen. It is formed when the reflected rays appears to meet each other but actually do not meet in reality. It is always erect. Image formed by a plane mirror is a virtual image.</p>
<p>Question 2.<br />
What is real image of an object?<br />
Answer:<br />
Real image is formed when two or more reflected rays actually meet. This image can be obtained on a screen. It is always inverted. Pin-hole camera forms a real image.</p>
<p>Question 3.<br />
Give two uses of concave mirror.<br />
Answer:</p>
<ul>
<li>It is used as a reflector in search-light and head-lights of the automobiles.</li>
<li>It is used as a shaving mirror.</li>
</ul>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light" width="145" height="13" /></p>
<p>Question 4.<br />
Give two uses of convex mirror.<br />
Answer:</p>
<ul>
<li>It is used in the cars and scooters to get the rear view to see the traffic coming from behind.</li>
<li>It is used as reflectors in street lamps so as to diverse the light over a large area.</li>
</ul>
<p>Question 5.<br />
What do you mean by reflection of light?<br />
Answer:<br />
When a beam of light is incident on a plane surface a part of it is scattered back into the same medium. The scattering back of light into the same medium is called reflection.</p>
<p>Question 6.<br />
Why is silvered glass used as a mirror?<br />
Answer:<br />
The silvered glass has a smooth surface and the smoothness helps in forming a clear image. Silvering makes it shiny and the shiny surface helps in reducing the absorption.</p>
<p>Question 7.<br />
A man walks towards a plane mirror. At what rate will his image move if :<br />
(a) the mirror is stationary,<br />
(b) the mirror moves towards the man.<br />
Answer:<br />
(a) If the mirror is stationary the image moves at the same rate as the man.<br />
(b) When the mirror moves towards the man the image moves at twice the rate of the mirror.</p>
<p>Question 8.<br />
State four characteristics of the image formed by a plane mirror.<br />
Answer:</p>
<ul>
<li>The image formed is as far behind the mirror as the object.</li>
<li>It is exactly of same shape and size.</li>
<li>It is erect but laterally inverted.</li>
<li>It is virtual.</li>
</ul>
<p>Question 9.<br />
Distinguish between a real image and a virtual image.<br />
Answer:<br />
Difference between a real and virtual image :</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>Real Image</td>
<td>Virtual Image</td>
</tr>
<tr>
<td>1. It is formed by actual intersection of rays.</td>
<td>1. It is formed when rays appear to intersect.</td>
</tr>
<tr>
<td>2. It can be taken on a screen.</td>
<td>2. It cannot be taken on a screen.</td>
</tr>
<tr>
<td>3. It is always inverted.</td>
<td>3. It is always erect.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Question 10.<br />
Distinguish between a concave mirror and convex mirror.<br />
Answer:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>Concave mirror</td>
<td>Convex</td>
</tr>
<tr>
<td>1. It reflects light from its inner shining surface.</td>
<td>1. It reflects light from its outer shining surface.</td>
</tr>
<tr>
<td>2. It can form both real and virtual image.</td>
<td>2. It always forms a virtual image.</td>
</tr>
<tr>
<td>3. It can form both erect and inverted image.</td>
<td>3. It always forms an erect image.</td>
</tr>
<tr>
<td>4. It can form a magnified image.</td>
<td>4. It always forms a diminished image.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color: #0000ff;">Long Answer Type Questions</span></p>
<p>Question 1.<br />
How would you ascertain that a given mirror is a (a) Plane mirror, (b) Concave mirror, (c) Convex mirror without touching their surface?<br />
Answer:<br />
Hold the given mirror in the hand near your face, see the image. If the image is upright of the same size and does not change in size by moving the mirror, then the mirror is a plane mirror.</p>
<p>It the image is upright, larger and becomes inverted on moving the mirror away from your face, then the given mirror is a concave mirror. If the image is upright, smaller than your face and remains upright on moving the mirror away from your face, then the given mirror is the convex mirror. In this way one can ascertain the kind of mirror, without touching its surface.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/HBSE-Solutions.png" alt="HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 Light" width="145" height="13" /></p>
<p><strong>Light Class 7 HBSE Notes</strong></p>
<p>1. Light is an invisible energy which casue the sensation of sight.</p>
<p>2. Any object that gives out light is called the source of light e.g. Sun, firefly, candle etc.</p>
<p>3. Sun, moon, stars etc are called natural sources of light.</p>
<p>4. Candle, bulb etc are called man-made sources of light.</p>
<p>5. Light always travels in a straight line, this property of light is called the rectilinear propagation of light.</p>
<p>6. When light falls on a plane mirror, it falls back. This property of turning back of light is called in the same medium is called reflection of light.</p>
<p>7. There are two laws of reflection :<br />
(i) The incident ray the normal at the point of incidence and the reflected ray lie in the same plane.<br />
(ii) The angle of reflection is equal to the angle of incidence.</p>
<p>8. Any polished and shining surface is called a mirror.</p>
<p>9. Mirrors are of two types : concave mirror and convex mirror.</p>
<p>10. Concave mirror form a real and inverted image of the object.</p>
<p>11. Convex mirror always forms a virtual erect and small image.</p>
<p>12. Real image is one which can be obtained on a screen.</p>
<p>13. Virtual image is one, which cannot be obtained on a screen.</p>
<p>14. Lenses are also used to form images. Lenses are used to make spectacles, microscopes, magnifying glasses and telescopes etc.</p>
<p>15. Lenses are of two types. Concave lens and convex lens.</p>
<p>16. Concave lens is also called diverging lens, because it diverge the light falling on it. Convex lens is called the converging lens because it converges the light falling on it.</p>
<p>17. Concave lens forms, virtual erect and diminished image.</p>
<p>18. Convex lens can form both real and virtual images depending upon the position of the object. It magnifies the objects, when they are placed very near the lens.</p>
<p>19. White light splits into seven colours when it enters a prism.</p>
<p>20. This phenomenon is called dispersion of light.</p>
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		<title>HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-9th-class-physical-education-solutions-chapter-8-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 04:18:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 9]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा HBSE 9th Class Physical Education सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा Textbook Questions and Answers दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions] प्रश्न 1. सुरक्षा शिक्षा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-9th-class-physical-education-solutions/">HBSE 9th Class Physical Education Solutions </a>Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा<span style="font-size: 16px;"> Textbook Exercise Questions and Answers.</span></p>
<h2>Haryana Board 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा</h2>
<p><strong>HBSE 9th Class Physical Education सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा Textbook Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न [Long Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
सुरक्षा शिक्षा से क्या अभिप्राय है? सुरक्षा शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए। अथवा बचाव शिक्षा क्या है? खेलों में लगने वाली चोटों के कारण बताते हुए इसकी आवश्यकता का वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
सुरक्षा/बचाव शिक्षा का अर्थ (Meaning of Safety Education):<br />
सुरक्षा/बचाव शिक्षा से अभिप्राय उस शिक्षा से है, जिसके द्वारा हम यह सीखते हैं कि हमें अपने जीवन में स्वयं का तथा दूसरे का बचाव कैसे करना है। सुरक्षा शिक्षा से ही हमें पता चलता है कि घर में बिजली या आम से, सड़क पर बस या ट्रक आदि के नीचे आने से, तालाब आदि में डूब जाने से और खेल के मैदान में चोट लगने से कैसे बचाव करना है।</p>
<p>खेलों में लगने वाली चोटों के कारण (Causes of Sports Injuries):<br />
खेल के मैदान में प्रायः चोटें लगती रहती हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) खेल का मैदान समतल न होना।<br />
(2) खेलों में घटिया किस्म के सामान का प्रयोग।<br />
(3) मैदान की खराब योजनाबंदी।<br />
(4) खेल की घटिया निगरानी या प्रबंध।<br />
(5) अकुशल व अपरिपक्व खिलाड़ियों का खेलों में भाग लेना।<br />
(6) खेलने से पहले शरीर का अच्छी तरह गर्म (Warm up) न होना।<br />
(7) खिलाड़ियों में बदले की भावना होना।<br />
(8) खिलाड़ी का थका होना।<br />
(9) खिलाड़ियों की लापरवाही व जल्दबाजी।<br />
(10) खिलाड़ियों का नशा करके खेलना।</p>
<p>कुछ खेलों; जैसे मुक्केबाज़ी, कुश्ती, साइकिल दौड़, कारों की दौड़, नेज़ा फेंकना, हैमर फेंकना, हॉकी तथा कबड्डी आदि में अधिक चोटें लगती हैं।</p>
<p>सुरक्षा शिक्षा की आवश्यकता (Need of Safety Education):<br />
आज के मशीनी युग में यातायात के साधनों के बढ़ने के कारण सुरक्षा शिक्षा की बहुत आवश्यकता है। इससे हम काफी सीमा तक होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पा सकते हैं। आजकल साधारण तौर पर बच्चे सड़क पर चलते-फिरते अथवा खेलते समय दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं, क्योंकि वे यातायात के नियमों का पालन नहीं करते। इससे कई बार उनको अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है। यदि हमें सुरक्षा शिक्षा का पता होगा तो हम प्रतिदिन होने वाली दुर्घटनाओं से मुक्त हो सकते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
प्राथमिक सहायता या चिकित्सा से क्या अभिप्राय है? इसकी महत्ता पर प्रकाश डालिए। अथवा प्राथमिक सहायता क्या है? इसकी आवश्यकता व उपयोगिता का वर्णन करें। अथवा प्राथमिक सहायता क्या होती है? इसकी हमें क्यों आवश्यकता पड़ती है?<br />
उत्तर;<br />
प्राथमिक सहायता का अर्थ (Meaning of First Aid):<br />
किसी रोग के होने या चोट लगने पर किसी प्रशिक्षित या अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा जो सीमित उपचार किया जाता है, उसे प्राथमिक चिकित्सा या सहायता (First Aid) कहते हैं। इसका उद्देश्य कम-से-कम साधनों में इतनी व्यवस्था करना होता है कि चोटग्रस्त व्यक्ति को सम्यक इलाज कराने की स्थिति में लाने में लगने वाले समय में कम-से-कम नुकसान हो। अतः प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षित या अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा कम-से-कम साधनों में किया गया सरल व तत्काल उपचार है।</p>
<p>प्राथमिक सहायता की आवश्यकता (Need of First Aid):<br />
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अचानक दुर्घटनाएं होती रहती हैं। साधारणतया घरों, स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों तथा खेल के मैदानों में दुर्घटनाएँ देखने में आती हैं। मोटरसाइकिलों, बसों, कारों, ट्रकों आदि में टक्कर होने से व्यक्ति घायल हो जाते हैं। मशीनों की बढ़ रही भरमार और जनसंख्या में हो रही निरंतर वृद्धि ने भी दुर्घटनाओं को ओर अधिक बढ़ा दिया है। प्रत्येक समय प्रत्येक स्थान पर डॉक्टरी सहायता मिलना कठिन होता है। इसलिए ऐसे संकट का मुकाबला करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक सहायता का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। यदि घायल अथवा रोगी व्यक्ति को तुरन्त प्राथमिक सहायता मिल जाए तो उसका जीवन बचाया जा सकता है। कुछ चोटें तो इस प्रकार की हैं, जो खेल के मैदान में बहुत होती हैं, जिनको मौके पर प्राथमिक सहायता देना बहुत आवश्यक है। यह तभी सम्भव है, यदि हमें प्राथमिक सहायता सम्बन्धी उचित जानकारी हो। इस प्रकार रोगी की स्थिति बिगड़ने से बचाने और उसके जीवन की रक्षा के लिए प्राथमिक सहायता की बहुत आवश्यकता होती है। इसलिए प्राथमिक सहायता की आज के समय में बहुत आवश्यकता हो गई है। इसका ज्ञान प्रत्येक नागरिक को प्राप्त करना आवश्यक होना चाहिए।</p>
<p>प्राथमिक सहायता की महत्ता (Importance of First Aid):<br />
प्राथमिक सहायता रोगी के लिए वरदान की भाँति होती है और प्राथमिक सहायक भगवान की ओर से भेजा गया दूत माना जाता है। आज के समय में कोई किसी के दुःख-दर्द की परवाह नहीं करता। एक प्राथमिक सहायक ही है जो दूसरों के दर्द को समझने और उनके दुःख में शामिल होने की भावना रखता है। आज प्राथमिक सहायता की महत्ता बहुत बढ़ गई है; जैसे<br />
(1) प्राथमिक सहायता द्वारा किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की बहुमूल्य जान बच जाती है।<br />
(2) प्राथमिक सहायता देने वाले व्यक्ति में दूसरों के प्रति स्नेह और दया की भावना और तीव्र हो जाती है।<br />
(3) प्राथमिक सहायता प्राथमिक सहायक को समाज में सम्मान दिलाती है।<br />
(4) प्राथमिक सहायता लोगों को दूसरों के काम आने की आदत सिखाती है जिससे मानसिक संतुष्टि मिलती है।<br />
(5) प्राथमिक सहायता देने वाला व्यक्ति डॉक्टर के कार्य को सरल कर देता है।<br />
(6) प्राथमिक सहायता द्वारा लोगों के आपसी रिश्तों में सहयोग की भावना बढ़ती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
प्राथमिक सहायता के नियमों या सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
प्राथमिक सहायता आज की जिंदगी में बहुत महत्त्व रखती है। इसकी जानकारी बहुत आवश्यक है। प्राथमिक सहायता के नियम निम्नलिखित हैं<br />
(1) रोगी अथवा घायल को विश्राम की स्थिति में रखना।<br />
(2) घाव से बह रहे रक्त को बंद करना।<br />
(3) घायल की सबसे जरूरी चोट की ओर अधिक ध्यान देना।<br />
(4) दुर्घटना के समय जिस प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तुरंत उपलब्ध करवाना।<br />
(5) घायल की स्थिति को खराब होने से बचाना।<br />
(6) घायल की अंत तक सहायता करना।<br />
(7) घायल के नजदीक भीड़ एकत्रित न होने देना।<br />
(8) घायल को हौसला देना।<br />
(9) घायल को सदमे से बचाकर रखना।<br />
(10) प्राथमिक सहायता देते समय संकोच न करना।<br />
(11) घायल को सहायता देते समय सहानुभूति और विनम्रता वाला व्यवहार करना।<br />
(12) प्राथमिक सहायता देने के बाद शीघ्र ही किसी अच्छे डॉक्टर के पास पहुँचाने का प्रबंध करना।<br />
(13) यदि घायल व्यक्ति की साँस नहीं चल रही हो तो उसे कृत्रिम श्वास (Artificial Respiration) देना चाहिए।<br />
(14) रोगी को आराम से लेटे रहने देना चाहिए, जिससे उसकी तकलीफ़ ज़्यादा न बढ़ सके।<br />
(15) यदि यह पता लगे कि रोगी ने जहर पी लिया है तो उसे उल्टी करवानी चाहिए।<br />
(16) यदि घायल व्यक्ति को साँप या जहरीले कीट ने काट लिया हो तो काटे हुए स्थान को ऊपर की तरफ से बाँध देना चाहिए ताकि ज़हर सारे शरीर में न फैले।<br />
(17) यदि घायल व्यक्ति पानी में डूब गया है तो उसे बाहर निकालकर सबसे पहले उसे पेट के बल लेटाकर पानी निकालना चाहिए तथा उसे कम्बल आदि में लपेटकर रखना चाहिए।.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
प्राथमिक सहायता का अर्थ स्पष्ट कीजिए तथा एक अच्छे प्राथमिक चिकित्सक या उपचारक के गुणों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
प्राथमिक चिकित्सा देने वाले व्यक्ति में कौन-कौन-से गुण होने चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
प्राथमिक सहायता का अर्थ (Meaning of First Aid):<br />
घायल या मरीज को तत्काल दी जाने वाली सहायता प्राथमिक सहायता कहलाती है।</p>
<p>प्राथमिक चिकित्सक या उपचारक के गुण (Qualities of First Aider):<br />
घायल व्यक्ति को गंभीर स्थिति में जाने से रोकने के लिए और उसका जीवन बचाने के लिए प्राथमिक सहायता देना बहुत आवश्यक है। यह तभी हो सकता है यदि प्राथमिक सहायक बुद्धिमान और होशियार हो और प्राथमिक सहायता के नियमों से परिचित हो। प्राथमिक सहायता देने वाले व्यक्ति में निम्नलिखित गुण होने चाहिएँ</p>
<p>(1) प्राथमिक सहायक चुस्त और बुद्धिमान होना चाहिए ताकि घायल के साथ घटी हुई घटना के बारे में समझ सके।<br />
(2) प्राथमिक सहायक निपुण एवं सूझवान होना चाहिए ताकि प्राप्त साधनों के साथ ही घायल को बचा सके।<br />
(3) वह बड़ा फुर्तीला होना चाहिए ताकि घायल व्यक्ति को शीघ्र संभाल सके।<br />
(4) प्राथमिक सहायक योजनाबद्ध व्यवहार कुशल होना चाहिए, जिससे वह घटना संबंधी जानकारी जल्द-से-जल्द प्राप्त करते हुए रोगी का विश्वास प्राप्त कर सके।<br />
(5) उसमें सहानुभूति की भावना होनी चाहिए ताकि वह घायल को आराम और हौसला दे सके।<br />
(6) प्राथमिक सहायक सहनशील, लगन और त्याग की भावना वाला होना चाहिए।<br />
(7) प्राथमिक सहायक अपने काम में निपुण होना चाहिए ताकि लोग उसकी सहायता के लिए स्वयं सहयोग करें।<br />
(8) वह स्पष्ट निर्णय वाला होना चाहिए ताकि वह निर्णय कर सके कि कौन-सी चोट का पहले इलाज करना है।<br />
(10) प्राथमिक सहायक दृढ़ इरादे वाला व्यक्ति होना चाहिए ताकि वह असफलता में भी सफलता को ढूँढ सके।<br />
(11) उसका व्यवहार सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए ताकि घायल को ज़ख्मों से आराम मिल सके।<br />
(12) प्राथमिक सहायक दूसरों के प्रति विनम्रता वाला और मीठा बोलने वाला होना चाहिए।<br />
(13) प्राथमिक सहायक स्वस्थ और मज़बूत दिल वाला होना चाहिए ताकि मौजूदा स्थिति पर नियंत्रण पा सके।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
मोच (Sprain) क्या है? इसके कारण एवं उपचार के उपायों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
मोच कितने प्रकार की होती है? इसके लक्षण व इलाज के बारे में बताएँ।<br />
अथवा<br />
मोच किसे कहते हैं? इसके लिए प्राथमिक सहायता क्या हो सकती है?<br />
अथवा<br />
मोच के कारणों, लक्षणों व बचाव एवं उपचार का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
मोच (Sprain):<br />
किसी जोड़ के अस्थि-बंधकों (Ligaments) के फट जाने को मोच आना कहते हैं अर्थात् जोड़ के आसपास के जोड़-बंधनों तथा तन्तु वर्ग (Tissues) फट जाने या खिंच जाने को मोच कहते हैं। सामान्यतया घुटनों, रीढ़ की हड्डी तथा गुटों में ज्यादा मोच आती है। इसकी प्राथमिक चिकित्सा जल्दी शुरू कर देनी चाहिए।</p>
<p>प्रकार (Types):<br />
मोच तीन प्रकार की होती है जो निम्नलिखित है<br />
1. नर्म मोच (Mold or Minor Sprain):<br />
इसमें जोड़-बंधनों पर खिंचाव आता है। जोड़ में हिलजुल करने पर दर्द अनुभव होता है। इस हालत में कमजोरी तथा दर्द महसूस होता है।</p>
<p>2. मध्यम मोच (Medicate or Moderate Sprain):<br />
इसमें जोड़-बंधन काफी मात्रा में टूट जाते हैं। इस हालत में सूजन तथा दर्द बढ़ जाता है।</p>
<p>3. पूर्ण मोच (Complete or Several Sprain):<br />
इसमें जोड़ की हिलजुल शक्ति समाप्त हो जाती है। जोड़-बंधन पूरी तरह टूट जाते हैं। जोड़-बंधनों के साथ-साथ जोड़ कैप्सूल भी जख्मी हो जाता है। इस हालत में दर्द असहनीय हो जाता है।</p>
<p>कारण (Causes):<br />
मोच आने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) खेलते समय सड़क पर पड़े पत्थरों पर पैर आने से मोच आ जाती है।<br />
(2) किसी गीली अथवा चिकनी जगह पर; जैसे ओस वाली घास, खड़े पानी में पैर रखने से मोच आ जाती है।<br />
(3) खेल के मैदान में यदि किसी गड्ढे में पैर आ जाए तो यह मोच का कारण बन जाता है।<br />
(4) अनजान खिलाड़ी यदि गलत तरीके से खेले तो भी मोच आ जाती है।<br />
(5) अखाड़ों की गुड़ाई ठीक न होने के कारण भी मोच आ जाती है।<br />
(6) असावधानी से खेलने पर भी मोच आ जाती है।</p>
<p>लक्षण (Symptoms);<br />
मोच के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं<br />
(1) सूजन वाले स्थान पर दर्द शुरू हो जाता है।<br />
(2) थोड़ी देर बाद जोड़ के मोच वाले स्थान पर सूजन आने लगती है।<br />
(3) सूजन वाले भाग में कार्य की क्षमता कम हो जाती है।<br />
(4) सख्त मोच की हालत में जोड़ के ऊपर की चमड़ी का रंग नीला हो जाता है।</p>
<p>बचाव के उपाय (Measures of Prevention):<br />
खेलों में मोच से बचाव की विधियाँ निम्नलिखित हैं<br />
(1) पूर्ण रूप से शरीर के सभी जोड़ों को गर्मा लेना चाहिए।<br />
(2) खेल उपकरण अच्छी गुणवत्ता के होने चाहिएँ।<br />
(3) मैदान समतल व साफ होना चाहिए।<br />
(4) सुरक्षात्मक कपड़े, जूते व उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>उपचार (Treatment):<br />
मोच के उपचार/इलाज हेतु निम्नलिखित प्राथमिक सहायता की जा सकती है<br />
(1) मोच वाली जगह को हिलाना नहीं चाहिए। आरामदायक स्थिति में रखना चाहिए।<br />
(2) मोच वाले स्थान पर 48 घंटे तक पानी की पट्टी रखनी चाहिए।<br />
(3) यदि मोच टखने पर हो तो आठ के आकार की पट्टी बाँध देनी चाहिए। प्रत्येक मोच वाले स्थान पर पट्टी बाँध देनी चाहिए।<br />
(4) मोच वाले स्थान पर भार नहीं डालना चाहिए बल्कि मदद के लिए कोई सहारा लेना चाहिए।<br />
(5) हड्डी टूटने के शक को दूर करने के लिए एक्सरे करवा लेना चाहिए।<br />
(6) 48 घंटे से 72 घंटे के बाद सेक तथा मालिश कर लेनी चाहिए।<br />
(7) मोच वाले स्थान का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उसी स्थान पर बार-बार मोच आने का डर रहता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
खिंचाव से क्या अभिप्राय है? इसके कारणों, लक्षणों व बचाव एवं उपचार का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
माँसपेशियों के तनाव से आपका क्या अभिप्राय है? इसके चिह्न तथा इलाज के बारे में लिखें। अथवा पट्ठों का तनाव क्या होता है? यह किस कारण होता है? अथवा पट्ठों का फटना या खिंच जाना किसे कहते हैं? इसके कारण, लक्षण तथा उपचार के उपाय बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
पट्ठों का तनाव/खिंचाव (Pull in Muscles/Strain):<br />
खिंचाव माँसपेशी की चोट है। खेलते समय कई बार खिलाड़ियों की माँसपेशियों में खिंचाव आ जाता है जिसके कारण खिलाड़ी अपना खेल जारी नहीं रख सकता। कई बार तो माँसपेशियाँ फट भी जाती हैं, जिसके कारण काफी दर्द महसूस होता है। प्रायः खिंचाव वाले हिस्से में सूजन आ जाती है। खिंचाव का मुख्य कारण खिलाड़ी का खेल के मैदान में अच्छी तरह गर्म न होना है। इसे पट्ठों का खिंच जाना भी कहते हैं।</p>
<p>कारण (Causes):<br />
खिंचाव आने के निम्नलिखित कारण हैं<br />
(1) शरीर के सभी अंगों का आपसी तालमेल ठीक न होना।<br />
(2) अधिक शारीरिक थकान।<br />
(3) पट्ठों को तेज़ हरकत में लाना।<br />
(4) शरीर में से पसीने द्वारा पानी का बाहर निकलना।<br />
(5) खिलाड़ी द्वारा शरीर को बिना गर्म किए खेल में हिस्सा लेना।<br />
(6) खेल का समान ठीक न होना।<br />
(7) खेल का मैदान अधिक सख्त या नरम होना।<br />
(8) माँसपेशियों तथा रक्त केशिकाओं का टूट जाना।</p>
<p>चिह्न/लक्षण (Signs/Symptoms):<br />
माँसपेशियों या पट्ठों में खिंचाव आने के लक्षण निम्नलिखित हैं<br />
(1) खिंचाव वाले स्थान पर बहुत तेज दर्द होता है।<br />
(2) खिंचाव वाले स्थान पर माँसपेशियाँ फूल जाती हैं, जिसके कारण दर्द अधिक होता है।<br />
(3) शरीर के खिंचाव वाले अंग को हिलाने से भी दर्द होता है।<br />
(4) चोट चाला स्थान नरम हो जाता है।<br />
(5) खिंचाव वाले स्थान पर गड्ढा-सा दिखता है।</p>
<p>बचाव के उपाय (Measures of Prevention):<br />
खेल में खिंचाव से बचने के लिए निम्नलिखित उपायों का प्रयोग करना चाहिए<br />
(1) गीले व चिकने ग्राऊंड, ओस वाली घास पर कभी नहीं खेलना चाहिए।<br />
(2) ऊँची तथा लंबी छलाँग हेतु बने अखाड़ों की जमीन सख्त नहीं होनी चाहिए।<br />
(3) खेलने से पहले कुछ हल्का व्यायाम करके शरीर को अच्छी तरह गर्म करना चाहिए। इससे खेलने के लिए शरीर तैयार हो जाता है।<br />
(4) चोटों से बचने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को आवश्यक शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।<br />
(5) खिलाड़ी को सुरक्षात्मक कपड़े, जूते व उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>उपचार (Treatment):<br />
खिंचाव के उपचार/इलाज के उपाय निम्नलिखित हैं.<br />
(1) खिंचाव वाली जगह पर पट्टी बाँधनी चाहिए।<br />
(2) खिंचाव वाले स्थान पर ठंडे पानी अथवा बर्फ की मालिश करनी चाहिए।<br />
(3) माँसपेशियों में खिंचाव आ जाने के कारण खिलाड़ी को आराम करना चाहिए।<br />
(4) खिंचाव वाले स्थान पर 24 घंटे बाद सेक देना चाहिए।<br />
(5) चोटग्रस्त क्षेत्र को आराम देने तथा सूजन कम करने के लिए मालिश करनी चाहिए।<br />
(6) दर्द कम होने पर सामान्य क्रिया धीरे-धीरे जारी रखनी चाहिए।</p>
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<p>प्रश्न 7.<br />
रगड़ या खरोंच क्या है? इसके कारण, बचाव के उपाय तथा इलाज लिखें।<br />
अथवा<br />
खरोंच के कारण, लक्षण एवं उपचार के उपायों का उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
रगड़ (Abrasion):<br />
रगड़ त्वचा की चोट है। प्रायः रगड़ एक मामूली चोट होती है लेकिन कभी-कभी यह गंभीर भी साबित हो जाती है। अगर रगड़ का चोटग्रस्त क्षेत्र विस्तृत हो जाए और उसमें बाहरी कीटाणु हमला कर दें तो यह भयानक हो जाती है।</p>
<p>कारण (Causes):<br />
रगड़ आने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) कठोर धरातल पर गिर पड़ना।<br />
(2) कपड़ों में रगड़ पैदा करने वाले तंतुओं के कारण।<br />
(3) जूतों का पैरों में सही प्रकार से फिट न आना।<br />
(4) हैलमेट और कंधों के पैडों का असुविधाजनक होना।</p>
<p>लक्षण (Symptoms):<br />
रगड़ के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं<br />
(1) त्वचा पर रगड़ दिखाई देती है और वहाँ पर जलन महसूस होती है।<br />
(2) रगड़ वाले स्थान से खून बहने लगता है।</p>
<p>बचाव के उपाय (Measures of Prevention):<br />
रगड़ से बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं<br />
(1) सुरक्षात्मक कपड़े पहनने चाहिएँ, इनमें पूरी बाजू वाले कपड़े, बड़ी-बड़ी जुराबें, घुटनों व कुहनी के पैड शामिल हैं।<br />
(2) खेल उपकरण अच्छी गुणवत्ता वाले होने चाहिएँ और प्रतियोगिता से पूर्व शरीर को गर्मा लेना चाहिए।<br />
(3) फिट जूते पहनने चाहिएँ।<br />
(4) ऊबड़-खाबड़ खेल के मैदान से बचना चाहिए।</p>
<p>इलाज (Treatment):<br />
रगड़ के इलाज या उपचार के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिएँ- ..<br />
(1) चोटग्रस्त स्थान को ऊँचा रखना चाहिए।<br />
(2) चोटग्रस्त स्थान को जितनी जल्दी हो सके गर्म पानी व नीम के साबुन से धोना चाहिए।<br />
(3) यदि रगड़ अधिक हो तो उस स्थान पर पट्टी करवानी चाहिए। पट्टी खींचकर नहीं बाँधनी चाहिए।<br />
(4) चोटग्रस्त स्थान को प्रत्येक दिन गर्म पानी से साफ करना चाहिए।<br />
(5) चोट के तुरंत बाद एंटी-टैटनस का टीका अवश्य लगवाना चाहिए।<br />
(6) दिन के समय चोट पर पट्टी बाँधनी चाहिए और रात को चोट खुली रखनी चाहिए।<br />
(7) चोट लगने के तुरंत बाद खेलना नहीं चाहिए। ऐसा करने से दोबारा उसी जगह पर चोट लग सकती है जो खतरनाक सिद्ध हो सकती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
जोड़ उतरना क्या है? इसके कारण, लक्षण तथा इलाज बताएँ। अथवा जोड़ उतरने के कारण, चिन तथा उपचार के उपायों का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
जोड़ों के विस्थापन (Dislocation) से आप क्या समझते हैं? इनके प्रकारों, कारणों, लक्षणों तथा बचाव व उपचार का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
जोड़ उतरना या जोड़ों का विस्थापन (Dislocation):<br />
एक या अधिक हड्डियों के जोड़ पर से हट जाने को जोड़ उतरना कहते हैं। कुछ ऐसी खेलें होती हैं जिनमें जोड़ों की मज़बूती अधिक होनी चाहिए; जैसे जिम्नास्टिक, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी आदि। इन खेलों में हड्डी का उतरना स्वाभाविक है। प्रायः कंधे, कूल्हे</p>
<p>कारण (Causes):<br />
जोड़ उतरने के निम्नलिखित कारण हैं<br />
(1) खेल का मैदान ऊँचा नीचा होना अथवा अधिक सख्त या नरम होना।<br />
(2) खेल सामान का शारीरिक शक्ति से भारी होना।।<br />
(3) खेल से पहले शरीर को हल्के व्यायामों द्वारा गर्म न करना।<br />
(4) खिलाड़ी का अचानक गिरने से हड्डी का हिल जाना।</p>
<p>लक्षण या चिह्न (Symptoms or Signs):<br />
जोड़ उतरने के लक्षण निम्नलिखित हैं<br />
(1) जोड़ों में तेज दर्द होती है तथा सूजन आ जाती है।<br />
(2) जोड़ों का रूप बदल जाता है।<br />
(3) जोड़ में खिंचाव-सा महसूस होता है।<br />
(4) जोड़ में गति बन्द हो जाती है। थोड़ी-सी गति से दर्द होता है।<br />
(5) उतरे हुए स्थान से हड्डी बाहर की ओर उभरी हुई नज़र आती है।</p>
<p>बचाव (Prevention):<br />
इससे बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं<br />
(1) असमतल मैदान या जगह पर संभलकर चलना चाहिए।<br />
(2) गीली या फिसलने वाली जगह पर कभी नहीं खेलना चाहिए।<br />
(3) खेलने से पूर्व शरीर को गर्मा लेना चाहिए।<br />
(4) प्रतियोगिता के दौरान सतर्क व सावधान रहना चाहिए।</p>
<p>उपचार/इलाज (Treatment):<br />
जोड़ उतरने के इलाज निम्नलिखित हैं<br />
(1) घायल को आरामदायक स्थिति में रखना चाहिए।<br />
(2) घायल अंग को गद्दियों या तकियों से सहारा देकर स्थिर रखें। हड्डी पर प्लास्टिक वाली पट्टी बांधनी चाहिए।<br />
(3) उतरे जोड़ को चढ़ाने का प्रयास कुशल प्राथमिक सहायक को सावधानी से करना चाहिए।<br />
(4) जोड़ पर बर्फ या ठण्डे पानी की पट्टी बाँधनी चाहिए।<br />
(5) घायल को प्राथमिक सहायता के बाद तुरंत अस्पताल या डॉक्टर के पास ले जाएँ।<br />
(6) चोट वाले स्थान पर भार नहीं पड़ना चाहिए।<br />
(7) चोट वाले स्थान पर शलिंग (Sling) डाल देनी चाहिए, ताकि हड्डी स्थिर रहे।</p>
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<p>प्रश्न 9.<br />
फ्रैक्चर (Fracture) की कितनी किस्में होती हैं? सबसे खतरनाक कौन-सा फ्रैक्चर है?<br />
अथवा<br />
टूट कितने प्रकार की होती है? वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
फ्रैक्चर का अर्थ (Meaning of Fracture):<br />
किसी हड्डी का टूटना, फिसलना अथवा दरार पड़ जाना टूट (Fracture) कहलाता है। हड्डी पर जब दुःखदायी स्थिति में दबाव पड़ता है तो हड्डी से सम्बन्धित माँसपेशियाँ उस दबाव को सहन नहीं कर सकतीं, जिस कारण हड्डी फिसल अथवा टूट जाती है। अतः फ्रैक्चर का अर्थ है-हड्डी का टूटना या दरार पड़ जाना।</p>
<p>हड्डी टूटने या फ्रैक्चर के प्रकार (Types of Fracture):<br />
हड्डी टूटने या फ्रैक्चर के प्रकार निम्नलिखित हैं<br />
1. साधारण या बंद फ्रैक्चर (Simple or Closed Fracture):<br />
जब हड्डी टूट जाए, परन्तु घाव न दिखाई दे, तो वह बंद फ्रैक्चर होता है।</p>
<p>2. जटिल फ्रैक्चर (Complicated Fracture):<br />
इस फ्रैक्चर से कई बार हड्डी की टूट के साथ जोड़ भी हिल जाते हैं। कई बार हड्डी टूटकर शरीर के किसी नाजुक अंग को नुकसान पहुँचा देती है; जैसे रीढ़ की हड्डी की टूट मेरुरज्जु को, सिर की हड्डी की टूट दिमाग को और पसलियों की हड्डियों की टूट दिल, फेफड़े और जिगर को नुकसान पहुँचाती हैं। ऐसी स्थिति में टूट काफी जटिल टूट बन जाती है।</p>
<p>3. विशेष या खुला फ्रैक्चर (Compound or Open Fracture):<br />
जब हड्डी त्वचा को काटकर बाहर दिखाई दे तो वह खुला फ्रैक्चर होता है। इस स्थिति में बाहर से मिट्टी के रोगाणुओं को शरीर के अंदर जाने का रास्ता मिल जाता है।</p>
<p>4. बहुसंघीय या बहुखंडीय फ्रैक्चर (Comminuted or Multiple Fracture):<br />
जब हड्डी कई भागों से टूट जाए तो इसे बहुसंघीय या बहुखंडीय फ्रैक्चर या टूट कहा जाता है।</p>
<p>5. चपटा या संशोधित टूट या फ्रैक्चर (Impacted Fracture):<br />
जब टूटी हड्डियों के सिरे एक-दूसरे में घुस जाते हैं तो वह चपटी टूट कहलाती है।</p>
<p>6.कच्चा फ्रैक्चर (Green-stick Fracture):<br />
यह छोटे बच्चों में होता है क्योंकि छोटी आयु के बच्चों की हड्डियाँ बहुत नाजुक होती हैं जो शीघ्र मुड़ जाती हैं। यही कच्चा फ्रैक्चर होता है।</p>
<p>7. दबी हुई टूट या फ्रैक्चर (Depressed Fracture):<br />
सामान्यतया यह टूट सिर की हड्डियों में होती है। जब खोपड़ी के ऊपरी .. भाग या आस-पास से हड्डी टूट जाने पर अंदर फंस जाती है तो ऐसी टूट दबी हुई टूट कहलाती है।<br />
सबसे अधिक खतरनाक टूट या फ्रैक्चर जटिल फ्रैक्चर होता है क्योंकि इसमें हड्डी टूटकर किसी नाजुक अंग को नुकसान पहुँचाती है। इस फ्रैक्चर में घायल की स्थिति बहुत नाजुक हो जाती है उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
हड्डी टूटने (Fracture) के कारण, लक्षण, बचाव तथा इलाज या उपचार के बारे में लिखें।<br />
अथवा<br />
अस्थि-भंग (Fracture) कितने प्रकार के होते हैं? इनके कारणों, लक्षणों तथा बचाव व उपचार का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अस्थि-भंग (Fracture) सात प्रकार का होता है। कारण (Causes):<br />
हड्डी टूटने या फ्रैक्चर के कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) यदि कोई भार तेजी से आकर हड्डी में लगे तो हड्डी अपने स्थान से खिसक जाती है।<br />
(2) खेल मैदान का ऊँचा-नीचा होना अथवा असमतल होना।<br />
(3) खेल सामान का शारीरिक शक्ति से भारी होना।<br />
(4) खिलाड़ी के अचानक गिरने से हड्डी का हिल जाना।<br />
(5) माँसपेशियों में कम शक्ति के कारण अकसर हड्डियाँ टूट जाती हैं।<br />
(6) किसी भी दशा में गिरने से सम्बन्धित जोड़ के पास की माँसपेशियों का सन्तुलन ठीक न होने के कारण हड्डी टूट जाती है; जैसे घुटने के जोड़, कूल्हे (Hip) का जोड़ आदि।</p>
<p>लक्षण (Symptoms):<br />
हड्डी टूटने के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं<br />
(1) टूटी हुई हड्डी वाले स्थान पर दर्द होता है।<br />
(2) टूटी हुई हड्डी वाले स्थान पर सूजन आ जाती है।<br />
(3) टूटी हुई हड्डी के स्थान वाले अंग कुरूप हो जाते हैं।<br />
(4) टूट वाले स्थान में ताकत नहीं रहती।<br />
(5) हाथ लगाकर हड्डी की टूट की जाँच की जा सकती है।</p>
<p>बचाव के उपाय (Measures of Prevention):<br />
फ्रैक्चर से बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं<br />
(1) असमतल मैदान पर ठीक से चलना चाहिए।<br />
(2) फिसलने वाले स्थान पर सावधानी से चलना चाहिए।<br />
(3) कभी भी अधिक भावुक.होकर नहीं खेलना चाहिए।<br />
(4) खेल-भावना तथा धैर्य के साथ खेलना चाहिए।</p>
<p>उपचार/इलाज (Treatment):<br />
फ्रैक्चर के इलाज या उपचार के उपाय निम्नलिखित हैं<br />
(1) टूट वाले स्थान को हिलाना-जुलाना नहीं चाहिए।<br />
(2) टूट के उपचार को करने से पहले रक्तस्त्राव एवं अन्य तीव्र घावों का उपचार करना चाहिए।<br />
(3) टूटी हड्डी को पट्टियों व कमठियों के द्वारा स्थिर कर देना चाहिए।<br />
(4) टूटी हड्डी पर पट्टियाँ पर्याप्त रूप से कसी होनी चाहिएँ। पट्टियाँ इतनी न कसी हों कि रक्त संचार में बाधा पैदा हो जाए।<br />
(5) कमठियाँ इतनी लम्बी होनी चाहिएँ कि वे टूटी हड्डी का एक ऊपरी तथा एक निचला जोड़ स्थिर कर दें।<br />
(6) घायल की पट्टियों को इस प्रकार से सही स्थिति में लाएँ कि उसको कोई तकलीफ न हो।<br />
(7) घायल व्यक्ति को कंबल या किसी कपड़े के द्वारा गर्म करना चाहिए ताकि उसे कोई सदमा न पहुँचे।</p>
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<p>प्रश्न 11.<br />
कृत्रिम श्वास से क्या अभिप्राय है? कृत्रिम श्वास की विभिन्न विधियों पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
कृत्रिम श्वास (Artificial Respiration):<br />
कई बार किसी घटना के कारण व्यक्ति का श्वास काफी देर तक रुका रह जाता है और श्वास चलना बंद हो जाता है। व्यक्ति बेहोशी की स्थिति में होता है और कई बार तो उसकी जान खतरे में पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को जो श्वास दिया जाता है, वह कृत्रिम श्वास कहलाता है। कृत्रिम श्वास से उस व्यक्ति की जान बच सकती है। इस प्रकार कृत्रिम श्वास व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्त्व रखती है।</p>
<p>कृत्रिम या बनावटी श्वास देने की विधियाँ (Techniques of Artificial Respiration):<br />
कृत्रिम श्वास की प्राथमिक सहायता में बहुत महत्ता है। दुर्घटना में आमतौर पर व्यक्ति का श्वास रुक जाता है। श्वास को पुन: चलाने के लिए कृत्रिम श्वास की आवश्यकता पड़ती है। प्राथमिक सहायक को इस बारे में पूरी तरह जानकारी होनी चाहिए । मनुष्य के जीवन में कृत्रिम श्वास देने के लिए विभिन्न विधियाँ प्रयोग में लाई जाती हैं, जिनमें हैं</p>
<p>(क) शैफर विधि (Schafer Technique): शैफर विधि का प्रयोग निम्नलिखित प्रकार से किया जाता है<br />
1. रोगी का आसन (Posture of Patient):<br />
रोगी को आसन पर मुँह के बल इस प्रकार लेटा दें कि उसकी बाजू सिर के ऊपर की दिशा की ओर हों।</p>
<p>2. प्राथमिक सहायक का आसन (Posture of First Aider):<br />
रोगी के एक ओर होकर घुटनों के बल बैठे। उस समय आपका मुँह रोगी के सिर की ओर होना चाहिए और फिर अपने हाथ रोगी की कमर पर इस प्रकार रखें कि दोनों हाथ रीढ़ की हड्डी को दबाते हों। इस स्थिति में दोनों बाजुएँ सीधी रहनी चाहिएँ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-4469" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/07/HBSE-9th-Class-Physical-Education-Solutions-Chapter-8-सुरक्षा-शिक्षा-तथा-प्राथमिक-शिक्षा-2.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा 2" width="298" height="202" /></p>
<p>3. कृत्रिम श्वास की विधि (Technique of Artificial Respiration):<br />
(1) धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए शरीर का सारा भार कमर पर डालें। इससे रोगी के पेट के सारे अंग जमीन के साथ लगे होने के कारण फेफड़ों पर दबाव पड़ने से श्वास बाहर निकलने की क्रिया आरंभ हो जाती है।</p>
<p>(2) दो सेकिण्ड के बाद अपना सारा भार पहले वाली स्थिति में ले आएँ। इस प्रकार बाहर की हवा अंदर आने की क्रिया आरंभ हो जाएगी।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-4471" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/07/HBSE-9th-Class-Physical-Education-Solutions-Chapter-8-सुरक्षा-शिक्षा-तथा-प्राथमिक-शिक्षा-1.jpg" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा 1" width="295" height="200" /></p>
<p>(ख) सिल्वेस्टर विधि (Silvester Technique):<br />
सिल्वेस्टर विधि का प्रयोग उस समय करना चाहिए, जिस समय रोगी मुँह के बल लेटने के योग्य न हो।</p>
<p>1. रोगी का आसन (Posture of Patient):<br />
रोगी को साफ स्थान पर पीठ के बल लेटा दें और यह ध्यान रखें कि उसकी गर्दन पीछे की ओर लटकी होनी चाहिए। इस स्थिति में उसकी जुबान को पकड़कर रखना चाहिए।</p>
<p>2. प्राथमिक सहायक का आसन (Posture of First Aider):<br />
प्राथमिक सहायक ने रोगी को सिर की ओर कोहनी करके सीधा लेटाना चाहिए। रोगी की कोहनियों को दोनों हाथों से पकड़ना चाहिए।</p>
<p>3. कृत्रिम श्वास की विधि (Technique ofArtificial Respiration):<br />
रोगी की बाजुओं को उसकी छाती पर एक-दूसरे के पास रखें और बाजुओं को अपनी ओर खींचते हुए कोहनियों को जोर से दबाएँ। इस प्रकार छाती का आकार बढ़ने से हवा फेफड़ों में भर जाती है।</p>
<p>(ग) होल्गर नीलसन विधि (Holger Nielson Technique):<br />
इस विधि में पीठ पर दबाव डालकर फेफड़ों में से हवा बाहर निकल जाती है और बाजू ऊपर उठाकर हवा को फेफड़ों में दाखिल होने दिया जाता है।</p>
<p>1. रोगी का आसन (Posture of Patient):<br />
रोगी को मुँह के बल लेटाकर इस प्रकार करें कि उसकी हाथों की तलियाँ उसके माथे के नीचे हों।</p>
<p>2. प्राथमिक सहायंक का आसन (Posture of First Aider):<br />
प्राथमिक सहायक का दायाँ घुटना सिर के पास और बायाँ घुटना कोहनी के पास रखना चाहिए। दोनों बाजुओं को सीधी करके रोगी के कंधों पर भार डालना चाहिए। .</p>
<p>3. कृत्रिम श्वास की विधि (Technique of Aritificial Respiration):<br />
(1) अपनी बाजुओं को सीधी करके शरीर का भार रोगी के कंधों पर डालें। हवा फेफड़ों में से बाहर निकल जाएगी।<br />
(2) रोगी की बाजुओं को ऊपर की ओर उठाएँ। ध्यान रखें कि छाती जमीन के। साथ लगी रहे। इस प्रकार हवा फेफड़ों में प्रवेश कर जाएगी।<br />
(3) जब तक प्राकृतिक श्वास क्रिया पुनः आरंभ न हो जाए, उस समय तक बाजुओं और कंधों को ऊपर उठाते और नीचे करते रहो।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-4472" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/07/HBSE-9th-Class-Physical-Education-Solutions-Chapter-8-सुरक्षा-शिक्षा-तथा-प्राथमिक-शिक्षा-3.png" alt="" width="277" height="211" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
घरों में होने वाली दुर्घटनाओं के कारण तथा उनसे बचाव के तरीके बताएँ। अथवा घर में किस प्रकार की दुर्घटनाएँ घटती हैं? उन दुर्घटनाओं से बचने के लिए कौन-कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
घरों में होने वाली दुर्घटनाएँ (Accidents occur at Homes):<br />
घरों में आमतौर पर रसोईघर, रिहायशी कमरे, सीढ़ियाँ और आँगन आदि में दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इनका वर्णन निम्नलिखित है<br />
1. रसोईघर में दुर्घटना होने के कारण-<br />
(i) धुएँ के निकलने का उचित प्रबंध न होना।<br />
(ii) बिजली की तारों आदि का नंगे होना।<br />
(iii) फर्श अधिक फिसलना होना।<br />
(iv) चीजों आदि का अधिक ऊँचाई पर होना।<br />
(v) रसोई में सफाई न होना।<br />
(vi) आग भड़कने वाले कपड़े पहनकर काम करना।<br />
(vii) मिट्टी के तेल और ईंधन सामग्री आदि का उचित स्थान पर न रखा होना।<br />
(viii) जूठे बर्तनों का सही ढंग से न रखा होना।<br />
(ix) साबुन और सर्फ का रसोई में सही जगह पर न रखा होना।</p>
<p>2. स्नानघर में दुर्घटना होने के कारण<br />
(i) स्नानघर बहुत छोटा होना जिससे उठते अथवा बैठते समय चोट लग जाती है।<br />
(ii) स्नानघर में कई बार काई जम जाती है, जिससे दुर्घटना हो सकती है।<br />
(iii) फर्श आदि पर तेल अथवा साबुन का गिरा होना।<br />
(iv) कपड़े टाँगने के लिए किल्लियाँ उचित स्थान पर न होना।<br />
(v) फव्वारे अथवा पानी के नलों की ऊँचाई ठीक न होना।</p>
<p>3. रिहायशी कमरे में दुर्घटना के कारण:<br />
(i) कमरों में सामान इधर-उधर बिखरा होना।<br />
(ii) आग को सुलगते छोड़कर सोना।<br />
(iii) फर्नीचर रखने की अवस्था सही न होना।<br />
(iv) रोशनी का ठीक प्रबंध न होना।<br />
(v) फर्श अधिक फिसलना होना।<br />
(vi) बच्चों के खिलौनों का बिखरे होना।<br />
(vii) कैंची अथवा चाकू का बिस्तरों पर बिखरे होना।</p>
<p>4. सीढ़ियों से दुर्घटना के कारण:<br />
(i) सीढ़ियों का सही ढंग से न बने होना।<br />
(ii) सीढ़ी चढ़ते समय अथवा उतरते समय पकड़ने की सही व्यवस्था न होना।<br />
(iii) सीढ़ियाँ तंग होना और कई बार टूटी भी होना।<br />
(iv) बच्चों वाले घर में सीढ़ियों के आगे दरवाजा न लगा होना।<br />
(v) बाँस की सीढ़ी का सही ढंग से प्रयोग न करना।<br />
(vi) सीढ़ियों में रोशनी का ठीक प्रबंध न होना।</p>
<p>5. आँगन में दुर्घटना के कारण:<br />
(i) आँगन तंग और ऊँचा-नीचा होना।<br />
(ii) घर का कूड़ा-कर्कट आँगन में इधर-उधर फेंका होना।<br />
(iii) जानवरों को आँगन में बाँधना।<br />
(iv) बच्चों द्वारा आँगन में खेलते हुए खड्डे आदि का खोदना।</p>
<p>बचाव के तरीके/सावधानियाँ (Safety Methods/Precautions):<br />
घरों में होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव/सुरक्षा के तरीके निम्नलिखित हैं<br />
(1) घर का सारा सामान एक निश्चित स्थान पर सलीके से रखना चाहिए।<br />
(2) माचिस आदि के सुलगते हुए टुकड़े इधर-उधर नहीं बिखेरने चाहिएँ।<br />
(3) रोशनी का उचित प्रबंध होना चाहिए।<br />
(4) स्नानघर में काई आदि नहीं जमने देनी चाहिए और स्नानघर को साफ रखना चाहिए।<br />
(5) घर के फर्श पर पानी अथवा तेल गिर जाने पर उसको उसी समय अच्छी तरह साफ करना चाहिए।<br />
(6) घर को अच्छी प्रकार रगड़कर साफ करना चाहिए।<br />
(7) घर व रसोई में प्रत्येक वस्तु सही स्थान पर और सही ऊँचाई पर रखी होनी चाहिए।<br />
(8) घर का कूड़ा-कर्कट एक स्थान पर डालना चाहिए।<br />
(9) जलती लकड़ियाँ और कोयले के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए।<br />
(10) सीढ़ियों में चढ़ते-उतरते समय पक्के और मज़बूत सहारे होने चाहिएँ।<br />
(11) चाकू, छुरी, कील आदि वस्तुओं का प्रयोग करने के उपरांत उनको उचित स्थान पर रख देना चाहिए।<br />
(12) आँगन समतल होना चाहिए।<br />
(13) बच्चों के खिलौने बिखरे नहीं होने चाहिएँ।</p>
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<p>प्रश्न 13.<br />
स्कूल में होने वाली दुर्घटनाओं के कारण तथा इनसे बचाव के तरीके बताइए।<br />
अथवा<br />
विद्यालय में किस प्रकार की दुर्घटनाएं घटती हैं? उन दुर्घटनाओं से बचने के लिए कौन-कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
स्कूल या विद्यालय में होने वाली दुर्घटनाएँ (Accidents occur at School):<br />
दुर्घटनाएँ न केवल घरों में होती हैं, बल्कि स्कूलों में भी हो जाती हैं। स्कूल में होने वाले दुर्घटनाएँ-फर्श से फिसलकर गिर जाना, खेलते हुए चोट लगना, खेलने का सामान ठीक न होने के कारण चोट लगना, स्कूल की सीढ़ियों से गिर जाना, पानी वाले स्थान के आस-पास काई जमी होने के कारण फिसलकर गिर जाना आदि।<br />
संक्षेप में, स्कूल में दुर्घटनाएँ होने के कारण अग्रलिखित हैं<br />
(1) स्कूल का फर्श और कमरे गंदे व चिकने होना।<br />
(2) खेल का मैदान साफ और समतल न होना।<br />
(3) खेल का टूटा-फूटा सामान इधर-उधर बिखरा हुआ होना।<br />
(4) खेलों के नियमों का उल्लंघन करना।<br />
(5) खेलों का निरीक्षण और नेतृत्व विशेषज्ञ अध्यापकों की निगरानी में न होना।<br />
(6) कबड्डी और कुश्ती आदि खेलों में अंगूठी अथवा कोई अन्य तीखी चीज़ डालना।<br />
(7) स्कूल में तैरने के तालाब, स्नानघर और नलों आदि की ठीक सफाई न होना।<br />
(8) शौचालय की उचित व्यवस्था व सफाई न होना।<br />
(9) स्कूल की सीढ़ियों पर काई का जमा होना।<br />
(10) पीने वाले पानी के स्थान के आस-पास काई का जमा होना।</p>
<p>बचाव के तरीके या सावधानियाँ (Safety Methods or Precautions):<br />
स्कूल में सुरक्षा बहुत आवश्यक है। स्कूलों में बचाव निम्नलिखित अनुसार किया जा सकता है.<br />
(1) स्कूल में सारे कमरे हवादार और खुले होने चाहिएँ।<br />
(2) स्कूल में खेलने का स्थान समतल और साफ-सुथरा होना चाहिए।<br />
(3) खेलने की वस्तुएँ उचित स्थान पर रखी होनी चाहिएँ।<br />
(4) कबड्डी और कुश्ती जैसी खेलें खेलते समय अँगूठी, कड़ा या कोई तीखी चीज़ पहनने की मनाही होनी चाहिए।<br />
(5) खेलों के नियम का उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।<br />
(6) स्कूल में पीने वाले पानी की सफाई जरूर होनी चाहिए।<br />
(7) पीने वाले पानी के स्थान पर काई आदि नहीं जमने देनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
किसी व्यक्ति के जल जाने के कारण, लक्षण तथा इलाज के उपाय लिखें।<br />
अथवा<br />
किसी व्यक्ति के जल जाने के लक्षण, उपचार तथा उस स्थिति में न करने योग्य बातों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
केवल आग के संपर्क में आकर ही नहीं, किसी भी गर्म वस्तु के शरीर से छू जाने पर त्वचा जल जाती है। जले हुए स्थान पर बहुत दर्द होता है। कई बार त्वचा पर छाले भी पड़ जाते हैं। किसी गर्म वस्तु अथवा आग के संपर्क में शारीरिक त्वचा के आ जाने से त्वचा की ऊपरी अथवा निचली परत की बनावट के जल जाने को जलन कहा जाता है। साधारण तौर पर शरीर पर जलन से संबंधित घटनाएँ रसोईघर, कारखानों और प्रयोगशालाओं में होती रहती हैं।</p>
<p>कारण (Causes):<br />
जलने के कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) आग के प्रत्यक्ष संपर्क से।<br />
(2) किसी गर्म वस्तु के छूने से।<br />
(3) बिजली के करंट से।<br />
(4) आकाशीय बिजली गिरने से।<br />
(5) तेजाब से।<br />
(6) गर्म दूध,पानी, घी और तेल आदि से।</p>
<p>लक्षण (Symptoms):<br />
जलन पैदा होने के निम्नलिखित लक्षण होते हैं<br />
(1) जलन से त्वचा लाल हो जाती है।<br />
(2) त्वचा पर छाले पड़ जाते हैं।<br />
(3) प्रभावित अंग या भाग में दर्द होता है।<br />
(4) जलन से तंतु नष्ट हो जाते हैं।<br />
(5) जले हुए अंग कुरूप दिखाई देते हैं।</p>
<p>इलाज/उपचार (Treatment) जलन का इलाज निम्नलिखित तरीके से करना चाहिए<br />
(1) रोगी को कंबल में लपेट देना चाहिए, ताकि उसका शरीर गर्म रहे।<br />
(2) जले हुए स्थान को स्थिर रखने के लिए पट्टियों अथवा फट्टियों का प्रयोग करना चाहिए।<br />
(3) जलन होने की स्थिति में पड़े छाले नहीं छेड़ने चाहिएँ और उन पर नर्म पट्टी का लेप करना चाहिए।<br />
(4) रोगी को गर्म चाय अथवा दूध देना चाहिए।<br />
(5) जलन वाले स्थान को मीठे सोडे से धो लें, रोगी को आराम मिलेगा।<br />
(6) यदि जलन तेजाबी हो तो खारे पानी के साथ धो लें।<br />
(7) जलन पर पूरी तरह नियंत्रण करने के लिए डॉक्टर की सलाह लें।</p>
<p>जलन की स्थिति में न करने योग्य बातें (Things to Avoid in Burns Situation):<br />
जलन की स्थिति में न करने योग्य बातें निम्नलिखित हैं<br />
(1) जले हुए व्यक्ति पर पानी नहीं डालना चाहिए।<br />
(2) जले हुए व्यक्ति के शरीर पर पड़े छाले नहीं छेड़ने चाहिएँ।<br />
(3) जिस किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लगी हो, उसे दौड़ने नहीं देना चाहिए क्योंकि दौड़ने से आग तीव्र होती है।<br />
(4) यदि जले हुए व्यक्ति के कपड़े उसकी त्वचा से चिपक जाएँ तो उन्हें खींचना नहीं चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
लू लगने के लक्षण तथा इलाज के बारे में लिखें।<br />
उत्तर:<br />
लू ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की गर्मी के प्रभाव से लगती है। तेज़ धूप में काम करते, खेलते अथवा चलते-फिरते सूर्य की तेज़ किरणों के शरीर पर पड़ जाने के कारण शरीर में असंतुलन की अवस्था का पैदा हो जाना लू लगना (Heat Stroke or Sunstroke) कहलाता है। लू लगने से कई बार रोगी बेहोश भी हो जाता है।</p>
<p>लक्षण (Symptoms): लू लगने के निम्नलिखित लक्षण होते हैं<br />
(1) साँस रुक-रुक कर आती है।<br />
(2) लू लगने से व्यक्ति की नब्ज तेज़ चलने लगती है।<br />
(3) रोगी के चेहरे का रंग पीला पड़ जाता है।<br />
(4) लू के प्रभाव से रोगी बेहोश हो जाता है।<br />
(5) रोगी की त्वचा गर्म हो जाती है।<br />
(6) रोगी को साँस लेने में कठिनाई आती है।<br />
(7) लू के कारण रोगी के शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है।</p>
<p>इलाज (Treatment):<br />
लू लगने की स्थिति में निम्नलिखित अनुसार इलाज किया जा सकता है<br />
(1) लू लगने की स्थिति में रोगी के कपड़े ढीले कर दें।<br />
(2) रोगी को शीघ्रता से ठंडे स्थान पर ले जाना चाहिए।<br />
(3) रोगी को होश में लाने की कोशिश करनी चाहिए।<br />
(4) रोगी को हवादार वातावरण में रखें ताकि उसको लू से राहत मिल सके।<br />
(5) रोगी के आस-पास लोगों को एकत्रित न होने दें।<br />
(6) रोगी के शरीर पर बर्फ के टुकड़े रखें ताकि उसके शरीर का तापमान साधारण स्थिति में आ जाए।<br />
(7) रोगी के शरीर पर बर्फ का लेप करते रहना चाहिए।<br />
(8) रोगी को होश आने की स्थिति में ठंडा पानी अथवा ग्लूकोज़ देना चाहिए।<br />
(9) रोगी को विश्राम की स्थिति में रखना चाहिए।<br />
(10) रोगी को शीघ्रता से डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।</p>
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<p>प्रश्न 16.<br />
साँप के डसने तथा पागल कुत्ते के काटने की प्राथमिक सहायता का वर्णन करें।<br />
अथवा<br />
साँप के काटने के चिह्नों तथा प्राथमिक चिकित्सा पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
1. साँपका डसना (Biting by Snake):<br />
हमारे देश में विभिन्न प्रकार के साँप पाए जाते हैं जिनमें से कई बहुत जहरीले होते हैं, जिनके डसने से मनुष्य की मृत्यु तक हो जाती है। ऐसे मनुष्य को समय पर प्राथमिक सहायता देकर बचाया जा सकता है।<br />
चिह्न (Remarks): साँप के डसने के चिह्न का निम्नलिखित कारणों से पता चलता है<br />
(1) डसे हुए स्थान पर बहुत दर्द होता है।<br />
(2) व्यक्ति के हाथ-पैर काँपने लग जाते हैं<br />
(3) मुँह में से झाग और लारें निकलनी शुरू हो जाती हैं।<br />
(4) उल्टियाँ आनी आरंभ हो जाती हैं।<br />
(5) व्यक्ति की जुबान बाहर निकल आती है।<br />
(6) साँस लेने में कठिनाई होती है।</p>
<p>प्राथमिक सहायता (FirstAid):<br />
साँप के डसने की प्राथमिक सहायता निम्नलिखित है<br />
(1) साँप के डसे हुए अंग के बीच रक्त संचार को रोक देना चाहिए।<br />
(2) डसे हुए स्थान को लाल दवाई से धो दें।<br />
(3) रोगी को गर्म चाय पिलाएँ।<br />
(4) साँस बंद होने की स्थिति में कृत्रिम श्वास दें।<br />
(5) रोगी को नींद न आने दें।</p>
<p>2. पागल कुत्ते के काटने की प्राथमिक सहायता (First Aid of Mad Dog Biting):<br />
पागल कुत्ते का ज़हर व्यक्ति की केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालता है। इसके काटने से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को पागल कुत्ता काट जाए तो हमें प्राथमिक सहायता निम्नलिखित अनुसार देनी चाहिए<br />
(1) कटे हुए जख्म से रक्त बहाने का प्रयत्न करें।<br />
(2) कटे हुए स्थान को रस्सी अथवा रूमाल के साथ बाँध दें ताकि रक्त बाहर की ओर बह सके।<br />
(3) पागल कुत्ते के काटे हुए स्थान को लाल दवाई के साथ धो दें।<br />
(4) कटे हुए स्थान को नीचे की ओर रखें।<br />
(5) रोगी को गर्म चाय अथवा गर्म कॉफी दें।<br />
(6) रोगी को विश्राम की स्थिति में रखें।<br />
(7) डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही टीके लगवाएँ।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघूत्तरात्मक प्रश्न [Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
खेल की चोटों को कम करने के आधारभूत चरण क्या हैं? अथवा क्या खेलों की चोटों में बचाव के पक्ष, उपचार से अधिक महत्त्वपूर्ण हैं?<br />
उत्तर:<br />
खेल की चोटों को कम करने के आधारभूत चरण निम्नलिखित हैं<br />
(1) प्रतियोगिता से पूर्व शरीर को गर्माना।<br />
(2) सुरक्षात्मक उपकरण का प्रयोग खेल की आवश्यकता के अनुसार करना।<br />
(3) तैयारी के समय उचित अनुकूलन बनाए रखना।<br />
(4) प्रतियोगिता के दौरान सतर्क व सावधान रहना।<br />
(5) सुरक्षात्मक कपड़ों व जूतों का प्रयोग करना।<br />
इस प्रकार उपर्युक्त विवरण के आधार पर खेलों की चोटों में बचाव के पक्ष, उपचार से अधिक महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि सावधानी हमेशा सभी औषधियों या दवाइयों से बेहतर होती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
प्राथमिक सहायता के मुख्य नियमों या सिद्धांतों का वर्णन कीजिए। उत्तर-प्राथमिक सहायता के नियम निम्नलिखित हैं<br />
(1) रोगी अथवा घायल को विश्राम की स्थिति में रखना।<br />
(2) घाव से बह रहे रक्त को बंद करना।<br />
(3) घायल की सबसे जरूरी चोट की ओर अधिक ध्यान देना।<br />
(4) दुर्घटना के समय जिस प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तुरंत उपलब्ध करवाना।<br />
(5) घायल की स्थिति को खराब होने से बचाना।<br />
(6) घायल की अंत तक सहायता करना।<br />
(7) घायल के नजदीक भीड़ एकत्रित न होने देना।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
खेलों में चोटों के प्राथमिक उपचार का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। अथवा खेलों में चोट लगने पर क्या उपचार करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
खेलों में चोट लगने पर निम्नलिखित उपचार करने चाहिएँ:<br />
(1) खेलों में चोट लगने पर सबसे पहले बर्फ की मालिश करनी चाहिए। बर्फ सूजन और रक्त के बहाव को रोकती है।</p>
<p>(2) दबाव का प्रयोग करके भी सूजन को घटाया जा सकता है। बर्फ की मालिश के बाद पट्टी को उस स्थान पर इस प्रकार बाँधना चाहिए कि जिससे रक्त का प्रवाह भी न रुके तथा न ही इतनी ढीली होनी चाहिए जिससे कि दोबारा सूजन हो जाए।</p>
<p>(3) खेलों में चोट लगने पर यह जरूरी है कि आराम किया जाए। जब भी शरीर के किसी हिस्से पर चोट लगती है तो चोट वाले स्थान पर दर्द, सूजन जैसे चिह्न बन जाते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए आराम करना जरूरी है।</p>
<p>(4) चोट लगने पर उस स्थान का उसी के अनुसार इलाज करना चाहिए। यदि शरीर के निचली तरफ चोट लगी है तो उस दर्द और सूजन से बचाने के लिए आराम और सोते समय चोट लगने वाला हिस्सा ऊँचा रखना चाहिए। यदि चोट शरीर के ऊपरी हिस्से में लगी है तो दर्द और सूजन से बचने के लिए ऊपरी हिस्सा थोड़ा ऊँचा कर देना चाहिए। इससे चोट वाले<br />
स्थान को आराम मिलता है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
खेल में खिंचाव से कैसे बचा जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
खेल में खिंचाव से बचने के लिए निम्नलिखित उपायों का प्रयोग करना चाहिए<br />
(1) गीले व चिकने ग्राऊंड, ओस वाली घास पर कभी नहीं खेलना चाहिए।<br />
(2) ऊँची तथा लंबी छलाँग हेतु बने अखाड़ों की जमीन सख्त नहीं होनी चाहिए।<br />
(3) खेलने से पहले कुछ हल्का व्यायाम करके शरीर को अच्छी तरह गर्मा लेना चाहिए। इससे खेलने के लिए शरीर तैयार हो जाता है।<br />
(4) चोटों से बचने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को आवश्यक शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।<br />
(5) खिलाड़ी को सुरक्षात्मक कपड़े, जूते व उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
प्राथमिक सहायक को किन तीन मुख्य बातों को ध्यान में रखना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
प्राथमिक सहायता देने की विधि रोगी की स्थिति के अनुसार देनी चाहिए, जिसके लिए तीन बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है<br />
1. चोट की स्थिति-ध्यान रखा जाए कि चोट से शरीर का कौन-सा अंग और कौन-सी प्रणाली प्रभावित हुई है। उसके अनुसार उपचार विधि अपनाई जाए।<br />
2. चोट का जोर-जहाँ चोट का अधिक ज़ोर हो, पहले उसको संभालने का प्रयत्न किया जाए।<br />
3. प्राथमिक सहायता की विधि-जिस प्रकार की चोट लगी हो, उपचार विधि उसी के अनुसार अपनाई जानी चाहिए। मौके पर उपलब्ध साधनों के अनुसार प्राथमिक सहायता देने की विधि अपनाई जानी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
प्राथमिक सहायता के मुख्य नियमों या सिद्धांतों का वर्णन कीजिए। उत्तर-प्राथमिक सहायता के नियम निम्नलिखित हैं<br />
(1) रोगी अथवा घायल को विश्राम की स्थिति में रखना।<br />
(2) घाव से बह रहे रक्त को बंद करना।<br />
(3) घायल की सबसे जरूरी चोट की ओर अधिक ध्यान देना।<br />
(4) दुर्घटना के समय जिस प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तुरंत उपलब्ध करवाना।<br />
(5) घायल की स्थिति को खराब होने से बचाना।<br />
(6) घायल की अंत तक सहायता करना।<br />
(7) घायल के नजदीक भीड़ एकत्रित न होने देना।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
खेलों में चोटों के प्राथमिक उपचार का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
खेलों में चोट लगने पर क्या उपचार करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
खेलों में चोट लगने पर निम्नलिखित उपचार करने चाहिएँ<br />
(1) खेलों में चोट लगने पर सबसे पहले बर्फ की मालिश करनी चाहिए। बर्फ सूजन और रक्त के बहाव को रोकती है।</p>
<p>(2) दबाव का प्रयोग करके भी सूजन को घटाया जा सकता है। बर्फ की मालिश के बाद पट्टी को उस स्थान पर इस प्रकार बाँधना चाहिए कि जिससे रक्त का प्रवाह भी न रुके तथा न ही इतनी ढीली होनी चाहिए जिससे कि दोबारा सूजन हो जाए।</p>
<p>(3) खेलों में चोट लगने पर यह जरूरी है कि आराम किया जाए। जब भी शरीर के किसी हिस्से पर चोट लगती है तो चोट वाले स्थान पर दर्द, सूजन जैसे चिह्न बन जाते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए आराम करना जरूरी है।</p>
<p>(4) चोट लगने पर उस स्थान का उसी के अनुसार इलाज करना चाहिए। यदि शरीर के निचली तरफ चोट लगी है तो उस दर्द और सूजन से बचाने के लिए आराम और सोते समय चोट लगने वाला हिस्सा ऊँचा रखना चाहिए। यदि चोट शरीर के ऊपरी हिस्से में लगी है तो दर्द और सूजन से बचने के लिए ऊपरी हिस्सा थोड़ा ऊँचा कर देना चाहिए। इससे चोट वाले<br />
स्थान को आराम मिलता है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
खेल में खिंचाव से कैसे बचा जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
खेल में खिंचाव से बचने के लिए निम्नलिखित उपायों का प्रयोग करना चाहिए<br />
(1) गीले व चिकने ग्राऊंड, ओस वाली घास पर कभी नहीं खेलना चाहिए।<br />
(2) ऊँची तथा लंबी छलाँग हेतु बने अखाड़ों की जमीन सख्त नहीं होनी चाहिए।<br />
(3) खेलने से पहले कुछ हल्का व्यायाम करके शरीर को अच्छी तरह गर्मा लेना चाहिए। इससे खेलने के लिए शरीर तैयार हो जाता है।<br />
(4) चोटों से बचने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को आवश्यक शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।<br />
(5) खिलाड़ी को सुरक्षात्मक कपड़े, जूते व उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
प्राथमिक सहायक को किन तीन मुख्य बातों को ध्यान में रखना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
प्राथमिक सहायता देने की विधि रोगी की स्थिति के अनुसार देनी चाहिए, जिसके लिए तीन बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है<br />
(1) चोट की स्थिति-ध्यान रखा जाए कि चोट से शरीर का कौन-सा अंग और कौन-सी प्रणाली प्रभावित हुई है। उसके अनुसार उपचार विधि अपनाई जाए।<br />
(2) चोट का जोर-जहाँ चोट का अधिक ज़ोर हो, पहले उसको संभालने का प्रयत्न किया जाए।<br />
(3) प्राथमिक सहायता की विधि-जिस प्रकार की चोट लगी हो, उपचार विधि उसी के अनुसार अपनाई जानी चाहिए। मौके पर उपलब्ध साधनों के अनुसार प्राथमिक सहायता देने की विधि अपनाई जानी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
मोच कितने प्रकार की होती है? वर्णन कीजिए। इत्तर-मोच तीन प्रकार की होती है जो निम्नलिखित है<br />
(1) नर्म मोच-इसमें जोड़-बंधनों (Ligaments) पर खिंचाव आता है। जोड़ में हिलजुल करने पर दर्द अनुभव होता है। इस हालत में कमजोरी तथा दर्द महसूस होता है।<br />
(2) मध्यम मोच-इसमें जोड़-बंधन काफी मात्रा में टूट जाते हैं। इस हालत में सूजन तथा दर्द बढ़ जाता है।<br />
(3) पूर्ण मोच-इसमें जोड़ की हिलजुल शक्ति समाप्त हो जाती है। जोड़-बंधन पूरी तरह टूट जाते हैं। जोड़-बंधनों के साथ-साथ जोड़ कैप्सूल भी जख्मी हो जाता है। इस हालत में दर्द असहनीय हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 7<br />
आजकल प्राथमिक सहायता की पहले से अधिक आवश्यकता क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अचानक दुर्घटनाएं होती रहती हैं। साधारणतया घरों, स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों तथा खेल के मैदानों में दुर्घटनाएँ देखने में आती हैं। मोटरसाइकिलों, बसों, कारों, ट्रकों आदि में टक्कर होने से व्यक्ति घायल हो जाते हैं। मशीनों की बढ़ रही भरमार और जनसंख्या में हो रही निरंतर वृद्धि ने भी दुर्घटनाओं को और अधिक बढ़ा दिया है। प्रत्येक समय प्रत्येक स्थान पर डॉक्टरी सहायता मिलना कठिन होता है। इसलिए ऐसे संकट का मुकाबला करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक सहायता का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। यदि घायल अथवा रोगी व्यक्ति को तुरन्त प्राथमिक सहायता मिल जाए तो उसका जीवन बचाया जा सकता है। कुछ चोदें तो इस प्रकार की हैं, जो खेल के मैदान में निरंतर लगती रहती हैं, जिनको मौके पर प्राथमिक सहायता देना बहुत आवश्यक है। यह तभी सम्भव है, यदि हमें प्राथमिक सहायता सम्बन्धी उचित जानकारी हो। इस प्रकार रोगी की स्थिति बिगड़ने से बचाने और उसके जीवन की रक्षा के लिए प्राथमिक सहायता की बहुत आवश्यकता होती है। इसलिए प्राथमिक सहायता की आज के समय में बहुत आवश्यकता हो गई है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
आज के मशीनी युग में सुरक्षा शिक्षा की आवश्यकता क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
आज के मशीनी युग में मशीनों के द्वारा काम करने का रुझान बढ़ गया है और यातायात के साधनों का बहुत तीव्रता से विकास हो रहा है। अनजान व्यक्ति द्वारा मशीनों का प्रयोग और लापरवाही से चलाई बस, कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल आदि हमेशा दुर्घटनाओं के कारण बनते हैं। आधुनिक समय में इन दुर्घटनाओं से बचने के लिए प्रत्येक प्रकार के वाहनों और मशीनों का प्रयोग करने संबंधी शिक्षा की आवश्यकता बढ़ गई है। आज का प्रत्येक कार्य जोखिम भरा बन गया है, जिस कारण सुरक्षा शिक्षा की आवश्यकता हर समय प्रत्येक व्यक्ति को होती है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
सुरक्षा के लिए सामाजिक स्तर पर लोगों को क्या समझाना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
सामाजिक स्तर पर लोगों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए समझाना चाहिए कि वे घातक बीमारियों के फैलने से बचाव के लिए गली-मौहल्ले को साफ रखें। साधारण लोगों के लिए प्रयोग किए जा रहे रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और कार्पोरेशन की ओर से बनाए पाखानों का सही प्रयोग करें। सड़कों पर छिलके न फेंकें और न ही अपना कोई वाहन, रेहड़ी आदि सड़क पर खड़ी करके यातायात में रुकावट उत्पन्न करें, बल्कि प्रत्येक प्रकार की उत्पन्न हुई सामाजिक रुकावटों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
मोच (Sprain) क्या है? इसके बचाव की विधियाँ बताएँ। अथवा खेल में मोच से कैसे बचा जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
मोच लिगामेंट की चोट होती है। सामान्यतया मोच कोहनी के जोड़ या टखने के जोड़ पर अधिक आती है। किसी जोड़ के संधिस्थल के फट जाने को मोच आना कहते हैं।<br />
मोच से बचाव की विधियाँ-खेलों में मोच से बचाव की विधियाँ निम्नलिखित हैं<br />
(1) पूर्ण रूप से शरीर के सभी जोड़ों को गर्मा लेना चाहिए।<br />
(2) खेल उपकरण अच्छी गुणवत्ता के होने चाहिएँ।<br />
(3) मैदान समतल व साफ होना चाहिए।<br />
(4) थकावट के समय खेल रोक देना चाहिए।<br />
(5) सुरक्षात्मक कपड़े, जूते व उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
मोच आने के कौन-कौन-से कारण हो सकते हैं?<br />
उत्तर:<br />
मोच आने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) खेलते समय सड़क पर पड़े पत्थरों पर पैर आने से मोच आ जाती है।<br />
(2) किसी गीली अथवा चिकनी जगह पर; जैसे ओस वाली घास या खड़े पानी में अचानक पैर के फिसल जाने से मोच आ जाती है।<br />
(3) खेल के मैदान में यदि किसी गड्ढे में पैर आ जाए तो यह मोच का कारण बन जाती है।<br />
(4) अनजान खिलाड़ी यदि गलत तरीके से खेले तो भी मोच आ जाती है।<br />
(5) अखाड़ों की गुड़ाई ठीक न होने के कारण भी मोच आ जाती है।<br />
(6) असावधानी से खेलने पर भी मोच आ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
बिजली के झटके (Electric Shock) की प्राथमिक सहायता का वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
बिजली की नंगी तार में करंट के कारण व्यक्ति बिजली के साथ चिपक जाता है और उसकी मृत्यु भी हो सकती है। कई बार व्यक्ति झटका खाकर गिर पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति तार के साथ चिपक जाए तो सबसे पहले मेन-स्विच को बंद करें ताकि उसकी जान बचाई जा सके। ऐसे समय में घबराना नहीं चाहिए बल्कि बुद्धिमता से काम लेना चाहिए। बिजली के झटके की स्थिति में निम्नलिखित प्राथमिक सहायता दी जा सकती है</p>
<p>(1) बिजली के झटके के कारण साँस रुकने की स्थिति में कृत्रिम श्वास देनी चाहिए।<br />
(2) रोगी को दूध, कॉफी अथवा चाय पिलानी चाहिए।<br />
(3) बिजली के झटके के पश्चात् जले हुए स्थान का इलाज करना चाहिए।<br />
(4) डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए।<br />
(5) ऐसी दुर्घटना होने पर व्यक्ति को सीधे हाथ से नहीं पकड़ना चाहिए, बल्कि सूखी लकड़ी का प्रयोग करना चाहिए।<br />
(6) बिजली के झटके की स्थिति में सबसे पहले मेन-स्विच को बंद करना चाहिए ताकि बिजली के प्रवाह को रोका जा सके।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
किसी व्यक्ति के जल जाने की स्थिति में न करने योग्य बातों का वर्णन कीजिए। उत्तर-किसी व्यक्ति के जल जाने की स्थिति में न करने योग्य बातें निम्नलिखित हैं<br />
(1) जले हुए व्यक्ति पर पानी नहीं डालना चाहिए।<br />
(2) जले हुए व्यक्ति के शरीर पर पड़े छाले नहीं छेड़ने चाहिएँ।<br />
(3) जिस किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लगी हो, उसे दौड़ने नहीं देना चाहिए क्योंकि दौड़ने से आग तीव्र होती है।<br />
(4) यदि जले हुए व्यक्ति के कपड़े उसकी त्वचा से चिपक जाएँ तो उन्हें खींचना नहीं चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
सड़कों पर दुर्घटनाएँ होने के साधारण कारण कौन-से होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
सड़कों पर दुर्घटनाएँ होने के साधारण कारण निम्नलिखित हैं<br />
(1) शराब पीकर वाहन चलाना।<br />
(2) सिग्नल बत्तियों को नजरअंदाज करके चौक पार करना।<br />
(3) मोटरगाड़ियों को लंबे समय तक बिना निरीक्षण करवाए चलाना।<br />
(4) ड्राइवरों द्वारा थकावट और नींद की स्थिति में मोटरगाड़ियाँ चलाना।<br />
(5) ट्रकों में आवश्यकता से अधिक भार लादना और बसों में अधिक सवारियाँ बिठाना।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
घावों के प्राथमिक उपचार पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:<br />
घावों के प्राथमिक उपचार हेतु निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं<br />
(1) सबसे पहले रोगी को अनुकूल आसन में बैठाएँ।<br />
(2) रक्त बहते हुए अंग को थोड़ा ऊपर उठाकर रखें।<br />
(3) घाव में यदि कोई बाहरी चीज दिखाई पड़े जो आसानी से हटाई जाए तो साफ पट्टी से हटा दीजिए।<br />
(4) घाव को जहाँ तक हो सके खुला रखें अर्थात् कपड़े आदि से न ढके।<br />
(5) घाव पर मरहम पट्टी लगाएँ।<br />
(6) घायल अंग को स्थिर रखें।<br />
(7) घाव पर पट्टी इस प्रकार से बाँधनी चाहिए जिससे बहता रक्त रुक सके।<br />
(8) घायल के घाव को आयोडीन टिंक्चर या स्प्रिट से भली-भाँति धो देना चाहिए।<br />
(9) घायल को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत डॉक्टर के पास ले जाए।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
जोड़ या हड्डी के उतर जाने (Dislocation) की प्राथमिक सहायता का उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
जोड़ के उतर जाने की प्राथमिक सहायता निम्नलिखित प्रकार से करनी चाहिए.<br />
(1) घायल को आरामदायक या सुखद स्थिति में रखना चाहिए।<br />
(2) घायल अंग को गद्दियों या तकियों से सहारा देकर स्थिर रखें।<br />
(3) उतरे जोड़ को चढ़ाने का प्रयास कुशल प्राथमिक सहायक को सावधानी से करना चाहिए।<br />
(4) यदि दर्द अधिक हो तो गर्म पानी की टकोर करनी चाहिए।<br />
(5) जोड़ पर बर्फ या ठण्डे पानी की पट्टी बाँधनी चाहिए।<br />
(6) घायल को प्राथमिक सहायता के बाद तुरंत अस्पताल या डॉक्टर के पास ले जाएँ।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
प्राथमिक सहायक या उपचारक के कर्तव्यों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
प्राथमिक सहायक या उपचारक के प्रमुख कर्त्तव्य या दायित्व निम्नलिखित हैं<br />
(1) प्राथमिक उपचारक को रोगी या घायल को अस्पताल ले जाने के लिए योग्य सहायता का उपयोग करना चाहिए।<br />
(2) उसको घायल की पूरी देखभाल की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।<br />
(3) घायल के शरीरगत चिह्नों; जैसे सूजन, कुरूपता आदि को प्राथमिक उपचारक को अपनी ज्ञानेंद्रियों से पहचानकर उचित सहायता देनी चाहिए।<br />
(4) प्राथमिक चिकित्सक को स्थिति को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए।<br />
(5) प्राथमिक सहायक को घायल या रोगी को यह महसूस करवाना चाहिए कि वह अच्छा है, उसे कुछ नहीं हुआ है। उसे उसके साथ उत्साहपूर्ण बातें करनी चाहिएँ।<br />
(6) प्राथमिक सहायक को घायल का तुरंत उपचार शुरू करना चाहिए। यदि घायल के किसी अंग से रक्त बह रहा हो तो उसे तुरंत रोकने का प्रयास करना चाहिए।<br />
(7) प्राथमिक सहायक को घायल के आस-पास लोगों को इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए।<br />
(8) यदि घायल को डॉक्टर की जरूरत है तो प्राथमिक सहायक को तुरंत डॉक्टर को बुलाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
हड्डी टूटने या अस्थिभंग (Fracture) के प्राथमिक उपचार या सहायता पर प्रकाश डालिए।<br />
अथवा<br />
टूटी हड्डी के उपचार हेतु किन-किन नियमों (उपायों) का पालन करना चाहिए? उत्तर-टूटी हड्डी के प्राथमिक उपचार के लिए निम्नलिखित उपायों या नियमों को अपनाना चाहिए<br />
(1) टूटी हड्डी का उसी स्थान पर प्राथमिक उपचार करना चाहिए।<br />
(2) टूट के उपचार को करने से पहले रक्तस्राव एवं अन्य तीव्र घावों का उपचार करना चाहिए।<br />
(3) टूटी हड्डी को पट्टियों व कमठियों के द्वारा स्थिर कर देना चाहिए।<br />
(4) टूटी हड्डी पर पट्टियाँ पर्याप्त रूप से कसी होनी चाहिएँ। पट्टियाँ इतनी न कसी हों कि रक्त संचार में बाधा पैदा हो जाए।<br />
(5) कमठियाँ इतनी लम्बी होनी चाहिएँ कि वे टूटी हड्डी का एक ऊपरी तथा एक निचला जोड़ स्थिर कर दें।<br />
(6) घायल की पट्टियों को इस प्रकार से सही स्थिति में लाएँ कि उसको कोई तकलीफ न हो।<br />
(7) घायल व्यक्ति को कंबल या किसी कपड़े के द्वारा गर्म करना चाहिए ताकि उसे कोई सदमा न पहुँचे।<br />
(8) प्राथमिक सहायता या उपचार देने के बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचा देना चाहिए ताकि उसका उचित उपचार किया जा सके।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
आज के दैनिक जीवन में सुरक्षा शिक्षा का महत्त्व क्यों अधिक बढ़ गया है?<br />
अथवा<br />
व्यक्तियों के लिए सुरक्षा शिक्षा का क्या महत्त्व है?<br />
उत्तर:<br />
आज के वैज्ञानिक युग में दुर्घटनाएँ होना साधारण बात हो गई है। कहीं-न-कहीं बड़ी अथवा छोटी दुर्घटनाएँ निरंतर घटती रहती हैं। दुर्घटना में व्यक्ति को या तो गम्भीर चोट लग जाती है या हड्डियाँ आदि टूट जाती हैं। प्राकृतिक आपदा; जैसे बाढ़ आदि की स्थिति में कई व्यक्ति नदी के पानी में डूब जाते हैं। खेतों में काम करते समय किसान साँप के डंक का शिकार हो जाता है या कई बार व्यक्ति जहरीली वस्तु खा लेता है। ये दुर्घटनाएँ किसी समय भी घटित हो सकती हैं। आज के युग में व्यक्तियों को सुरक्षा शिक्षा की बहुत आवश्यकता है, क्योंकि सुरक्षा शिक्षा से हमें अनेक महत्त्वपूर्ण एवं आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त होती हैं। इससे हम काफी सीमा तक होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पा सकते हैं।</p>
<p>इस शिक्षा से हमें घरेलू एवं यातायात संबंधी अनेक महत्त्वपूर्ण नियमों की जानकारियाँ होती हैं जिनको अपनाकर हम दुर्घटनाओं से अपना बचाव कर सकते हैं। एक प्रसिद्ध कहावत है-&#8220;सावधानी हटी-दुर्घटना घटी।&#8221; सुरक्षा शिक्षा में इसी कहावत को व्यापक रूप से समझाया जाता है। प्रायः देखा गया है कि सड़क पर अधिकतर दुर्घटनाएँ असावधानी के कारण होती हैं । यदि सावधान व सतर्क रहा जाए तो ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। यह शिक्षा हमें अपने जीवन के प्रति सजग करती है और हमें अनेक नियमों की जानकारी देकर हमारे जीवन को सुरक्षित करने में सहायता करती है। यदि हमें सुरक्षा संबंधी नियमों का पता होगा तभी हम दुर्घटनाओं से स्वयं का बचाव कर पाएंगे।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
सुरक्षा शिक्षा के प्रमुख सिद्धांतों या नियमों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
सुरक्षा शिक्षा के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं<br />
(1) सामान्य दुर्घटनाओं से बचने के लिए अनेक क्षेत्रों से संबंधित सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए; जैसे बिजली की तारें नंगी नहीं रहनी चाहिएँ। सुरक्षा शिक्षा के अन्तर्गत अनेक प्रकार के यातायात संबंधी नियमों की जानकारी प्रदान की जाती है।</p>
<p>(2) सीढ़ियों पर चढ़ने एवं उतरने में सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p>(3) सुरक्षा शिक्षा के अन्तर्गत नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों से अवगत करवाया जाता है; जैसे किसी व्यक्ति द्वारा शराब आदि पीकर वाहन नहीं चलाना चाहिए।</p>
<p>(4) यह शिक्षा हमें हमेशा सतर्कता हेतु प्रेरित करती है, क्योंकि जरा-सी असावधानी के कारण दुर्घटना हो सकती है।</p>
<p>(5) इसमें सुरक्षा संबंधी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है। इसलिए हमें सुरक्षा शिक्षा के संबंध में दी जा रही जानकारियों को ध्यान से सुनना एवं समझना चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
सुरक्षा शिक्षा में डूबने पर क्या प्राथमिक उपचार दिए जाने की शिक्षा दी जाती है?<br />
उत्तर:<br />
सुरक्षा शिक्षा में डूबने पर प्राथमिक उपचार की शिक्षा दी जाती है जो निम्नलिखित है<br />
(1) सबसे पहले डूबते व्यक्ति को पानी से बाहर निकालना चाहिए।<br />
(2) उसे जमीन पर पेट के बल लिटाना चाहिए।<br />
(3) यदि वह बेहोश हो तो उसे सी०पी०आर० (कृत्रिम श्वास) देनी चाहिए।<br />
(4) उसके शरीर से पानी निकालने के लिए उचित तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए।<br />
(5) यदि व्यक्ति श्वास नहीं ले पा रहा हो तो सी०पी०आर० को दोहराना चाहिए। जब तक व्यक्ति श्वास शुरू नहीं करता या आपातकालीन सहायता नहीं आती, तब तक यह प्रक्रिया दोहराते रहना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
तेजधार वाली वस्तुओं का प्रयोग करते समय कौन-कौन-सी बातें ध्यान रखने योग्य हैं?<br />
उत्तर:<br />
तेजधार वाली वस्तुओं का प्रयोग करते समय निम्नलिखित बातें ध्यान रखने योग्य हैं.<br />
(1) तेजधार वाली वस्तुओं का प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए।<br />
(2) तेजधार वाली वस्तुओं या यंत्रों को चलाने में निपुणता या कुशलता होनी चाहिए।<br />
(3) तेजधार वाली वस्तुओं का प्रयोग सुरक्षा शिक्षा के नियमों के अनुसार करना चाहिए।<br />
(4) व्यक्ति जिस टूल या मशीन को चलाने में निपुण हो, उसी टूल को चलाना चाहिए।<br />
(5) तेजधार वाली वस्तुओं का प्रयोग तकनीकी सहायक की सलाहानुसार करना चाहिए।<br />
(6) उत्तम व बढ़िया किस्म की तेजधार वाली वस्तुएँ ही प्रयोग करनी चाहिए क्योंकि इनके टूटने की संभावना कम रहती है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
सुरक्षा शिक्षा में सहायक प्रमुख संस्थाओं का वर्णन करें।<br />
उत्तर:<br />
सुरक्षा शिक्षा की जिम्मेवारी किसी एक व्यक्ति अथवा संस्था की नहीं है, बल्कि इसमें सबको मिलकर भाग लेना चाहिए।<br />
1. सरकारी स्तर पर-सरकार के द्वारा सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ का ठीक प्रबंध किया जाना चाहिए। यातायात के नियमों से लोगों को अवगत करवाना चाहिए। सड़कों पर रोशनी का ठीक प्रबंध हो। सड़कों की स्थिति ठीक हो। सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था ठीक होनी चाहिए।</p>
<p>2. शैक्षिक स्तर पर स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी इस शिक्षा से परिचित करवाना चाहिए। इसका प्रचार समय-समय पर होते रहना चाहिए।</p>
<p>3. म्यूनिसिपल कमेटी अथवा कार्पोरेशन स्तर पर-इस संस्था की जिम्मेदारी बनती है कि गलियों, सड़कों और मकानों का निर्माण ठीक प्रकार से करवाया जाए। गलियों और सड़कों पर रोशनी का सही प्रबंध हो।</p>
<p>4. सामाजिक स्तर पर-लोगों को अपने कर्तव्य को मुख्य रखते हुए सड़कों पर गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। यदि मनुष्य सड़क पर कोई ऐसी वस्तु देखे जिससे दुर्घटना हो सकती है तो उसको पीछे कर दे या उसको वहाँ से हटा दे।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
जख्मी या दुर्घटनाग्रस्त खिलाड़ियों के इलाज के बारे में लिखें।<br />
उत्तर:<br />
बहुत-सी सावधानियाँ रखते हुए और सुरक्षा का पूरा ध्यान देने पर भी खिलाड़ियों को चोटें लगती रहती हैं। कई बार खिलाड़ियों का जीवन खतरे में भी पड़ जाता है। खेल में प्राथमिक सहायता के प्रबंध बहुत जरूरी हैं। इसलिए खेल के मैदान में जख्मी खिलाड़ियों के तुरंत इलाज के लिए प्राथमिक सहायता बहुत आवश्यक है<br />
(1) खेलों के मुकाबले के दौरान हर समय प्रत्येक टीम के डॉक्टर का मौके पर हाजिर रहना जरूरी है। खेल समाप्त होने तक डॉक्टर मैदान में मौजूद रहना चाहिए।<br />
(2) शारीरिक शिक्षा के सभी अध्यापकों और कोचों को प्राथमिक सहायता की जानकारी होनी चाहिए।<br />
(3) खेलों के दौरान मैदान में प्राथमिक सहायता के बॉक्स भी अवश्य रखे जाने चाहिएँ।<br />
(4) प्राथमिक सहायता के प्रबंधकों के पास एक मेडिकल वैन अथवा कार होनी चाहिए, जिससे जख्मी खिलाड़ी को उसी समय अस्पताल पहुँचाया जा सके।<br />
(5) खेल के दौरान हुई किसी खतरनाक दुर्घटना के लिए बीमे की योजना भी लागू की जानी चाहिए। यदि उपर्युक्त सभी बातों को अच्छी तरह ध्यान में रखा जाए और खेल के मैदान में उचित सुरक्षा-ढंगों को अपनाया जाए तो जख्मी खिलाड़ियों की गिनती बहुत हद तक कम की जा सकती है।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
स्कूल में बच्चों को दुर्घटनाओं से बचाने हेतु सफाई की कैसी व्यवस्था होनी चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
स्कूल में सफाई का प्रबंध निम्नलिखित तरीके से करना चाहिए<br />
(1) पाखाने या शौचालय साफ रखे जाएँ और पानी के निकास का सही प्रबंध हो।<br />
(2) पानी पीने के लिए रखी टंकी में समय-समय पर लाल दवाई डाली जाए और यहाँ की उचित सफाई की जाए।<br />
(3) प्रयोग न किए जाने वाले स्थानों की समय-समय पर सफाई की जाए।<br />
(4) कमरों के डैस्क, दरवाजे, खिड़कियाँ सही स्थिति में रखी जाएँ।<br />
(5) स्कूल के खेल का मैदान समतल व साफ-सुथरा होना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
खेलों में दुर्घटनाओं से सुरक्षित रहने के लिए क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
खेलों में दुर्घटनाओं से सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिएँ<br />
(1) खेल के मैदान साफ रखे जाएँ और नैट, पोल और गोल पोस्टों में हुई कमियों को तुरंत ठीक किया जाए।<br />
(2) खेलों का निरीक्षण खेल विशेषज्ञ अध्यापकों और कोचों द्वारा नियमानुसार किया जाए।<br />
(3) खतरनाक खेलों; जैसे बॉक्सिंग, कबड्डी, जिम्नास्टिक्स, कराटे और तैराकी आदि के अभ्यास करते समय आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जाएँ।<br />
(4) खिलाड़ियों को आवश्यक सुरक्षा गार्ड पहनकर खेलना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
लू लगने से बचने के लिए निम्नलिखित बातों की ओर ध्यान देना चाहिए<br />
(1) लू लगने की स्थिति में रोगी के कपड़े ढीले कर दें,<br />
(2) रोगी को शीघ्रता से ठंडे स्थान पर ले जाना चाहिए,<br />
(3) रोगी को होश में लाने की कोशिश करनी चाहिए,<br />
(4) रोगी को हवादार वातावरण में रखें ताकि उसको लू से राहत मिल सके,<br />
(5) रोगी के आस-पास लोगों को एकत्रित न होने दें,<br />
(6) रोगी के शरीर पर बर्फ के टुकड़े रखें ताकि उसके शरीर का तापमान साधारण स्थिति में आ जाए,<br />
(7) रोगी के शरीर पर बर्फ का लेप करते रहना चाहिए,<br />
(8) रोगी को होश आने की स्थिति में ठंडा पानी अथवा ग्लूकोज़ देना चाहिए,<br />
(9) रोगी को विश्राम की स्थिति में रखना चाहिए,<br />
(10) रोगी को शीघ्रता से डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
रिहायशी अथवा सोने वाले कमरे को दुर्घटना-रहित करने के लिए क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
रिहायशी अथवा सोने वाले कमरे को दुर्घटना-रहित करने के निम्नलिखित उपाय करने चाहिएँ.<br />
(1) रिहायशी कमरे में रखे हथियारों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।<br />
(2) सर्दियों में सुलगती अंगीठी सोते समय कमरे में न रखें।<br />
(3) माचिस आदि के सुलगते टुकड़े इधर-उधर न फेंकें।<br />
(4) फर्नीचर को कमरे में सही स्थान पर रखें।<br />
(5) कमरे में रोशनी का ठीक प्रबंध करें।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति-लघूत्तरात्मक प्रश्न [Very Short Answer Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
सुरक्षा शिक्षा (Safety Education) क्या है?<br />
अथवा<br />
बचाव शिक्षा से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
सुरक्षा या बचाव शिक्षा से अभिप्राय है कि किसी कार्य अथवा खेल के दौरान संभावित पैदा होने वाली दुर्घटना अथवा हादसे के प्रति ज्ञान हासिल करना तथा दुर्घटना से बचने के लिए पहले प्रबंध करना। सुरक्षा शिक्षा द्वारा हम सीखते हैं कि किसी चोट अथवा दुर्घटना से आपको कैसे बचना है तथा दूसरों को किस प्रकार बचाना है। इसलिए प्रत्येक कार्य जो आप करने जा रहे हैं, उसके बारे में आपको पूरा-पूरा ज्ञान होना चाहिए। इसी को सुरक्षा शिक्षा कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
प्राथमिक सहायता (First Aid) से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
किसी रोग के होने या चोट लगने पर किसी व्यक्ति द्वारा जो तुरंत सीमित उपचार किया जाता है, उसे प्राथमिक चिकित्सा या सहायता (First Aid) कहते हैं। इसका उद्देश्य कम-से-कम साधनों में इतनी व्यवस्था करना होता है कि चोटग्रस्त व्यक्ति को सम्यक इलाज कराने की स्थिति में लाने में लगने वाले समय में कम-से-कम नुकसान हो।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
&#8220;सुरक्षा में ही बचाव है।&#8221; वाक्य का अर्थ स्पष्ट करें।<br />
उत्तर:<br />
इस वाक्य का अर्थ है कि यदि आप दूसरों का बचाव करेंगे तो आपका भी बचाव होगा। जब आप अपनी मोटरगाड़ी यातायात के नियमों के अनुसार सुरक्षित चलाते हैं तो इससे आपका भी बचाव होता है और दूसरों का भी। इसलिए हमें सुरक्षा के नियमों का तत्परता से पालन करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो आप क्या करेंगे?<br />
उत्तर:<br />
रोगी को तुरंत छाया में ले आएँगे और उसको होश में लाने के लिए कपड़े अथवा पंखे से हवा करेंगे। यदि उसकी बेहोशी के कारण साँस रुकती हो तो कृत्रिम श्वास देंगे। उसके शरीर के बढ़े हुए तापमान को साधारण स्थिति में करने के लिए उसके सिर और रीढ़ की हड्डी पर बर्फ की थैलियाँ रखने का प्रयोग करेंगे।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
किसी रोगी को प्राथमिक सहायता देने के कोई तीन लाभ बताइए।<br />
उत्तर:<br />
(1) प्राथमिक सहायता द्वारा किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की बहुमूल्य जान बच जाती है।<br />
(2) प्राथमिक सहायता देने वाले व्यक्ति में दूसरों के प्रति स्नेह व दया की भावना और तीव्र हो जाती है। उसको आत्मिक खुशी प्राप्त होती है।<br />
(3) प्राथमिक सहायता देने वाले का समाज में सम्मान बढ़ता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
बिजली के झटके (Electric Shock) से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
बिजली की नंगी तार जिसमें बिजली का करंट हो उससे शरीर का छू जाना अथवा किसी धातु अथवा गीली वस्तु द्वारा संपर्क हो जाने से जोरदार झटका लगता है अथवा व्यक्ति तार के साथ चिपक जाता है। इसको बिजली का झटका अथवा धक्का लगना कहते हैं । झटका लगने से व्यक्ति का शरीर झुलस सकता है और मृत्यु भी हो सकती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
यदि कोई व्यक्ति बिजली की तार के साथ चिपक जाए तो क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर-:<br />
(1) मेन स्विच शीघ्र बंद कर देना चाहिए,<br />
(2) सूखी लकड़ी के साथ तार से छुड़वाने का प्रयत्न करना चाहिए,<br />
(3) पैरों &#8216; में रबड़ के जूते और हाथों में रबड़ के दस्ताने डालकर ही दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को हाथ लगाएँ।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
प्राथमिक सहायता के कोई दो उद्देश्य बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) घायल व्यक्ति की जान बचाना,<br />
(2) घायल की स्थिति को नियंत्रित करना।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
दुर्घटनाओं से बचाव हेतु किन सामान्य नियमों का पालन करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
(1) यातायात के नियमों का पालन करना,<br />
(2) सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना,<br />
(3) सड़क पर चलते समय सतर्क रहना।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
सड़क पार करते समय रखी जाने वाली कोई तीन सावधानियाँ बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) हमें हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग से ही सड़क पार करनी चाहिए।<br />
(2) सड़क पार करते समय किसी वार्तालाप में स्वयं को व्यस्त नहीं करना चाहिए।<br />
(3) सड़क के दाएं-बाएं देखकर ही सड़क पार करनी चाहिए और दौड़कर कभी भी सड़क पार नहीं करनी चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
खिलाड़ियों को खेल शिक्षा देने के साथ सुरक्षा शिक्षा देना क्यों अनिवार्य है?<br />
उत्तर:<br />
खेल कला सिखाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को सुरक्षा शिक्षा देना भी बहुत जरूरी है। खिलाड़ियों, अधिकारियों तथा कोचों की लापरवाही के कारण अधिकतर खेलते समय घातक हादसे हो जाते हैं जिससे खिलाड़ी तथा दर्शक गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसलिए प्रत्येक खेल से संबंधित बचाव प्रबंध करके खेल करवानी चाहिए। खिलाड़ियों को स्वयं के बचाव संबंधी उचित शिक्षा देनी चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
खेलने से पहले शरीर गर्म करना क्या चोटों से बचाता है?<br />
उत्तर:<br />
खेलने से पहले अच्छी तरह शरीर गर्म करना चोटों से बचाता है। शरीर को गर्म करने से शरीर के सभी अंग पूरी तरह क्रियाशील हो जाते हैं। माँसपेशियों में लचक आ जाती है। वे शरीर पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को सहन करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं। तंतु, नाड़ी तथा माँसपेशियों में तालमेल बढ़ने से शरीर खेल के दौरान पैदा हो रहे प्रत्येक प्रकार के खतरे से सचेत हो जाता है तथा शरीर चोटों से बचा रहता है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
क्या थके हुए खिलाड़ी को खेल के दौरान बदल लेना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
अच्छा खिलाड़ी यदि खेलते हुए बुरी तरह थक जाता है तो उसे किसी दूसरे खिलाड़ी से बदल लेना चाहिए।खेलते समय जीतने की भावना खिलाड़ी में बेकाबू होती है। थका हुआ खिलाड़ी अपने शरीर का अधिक जोर लगाकर जीतने की कोशिश करता हुआ संकट में फंस सकता है। थकावट की हालत में खेलते हुए कई बार खेल के मैदान में मौत के हादसे भी हो सकते हैं। इसलिए थके हुए खिलाड़ी को अन्य खिलाड़ी से बदल लेना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
प्राथमिक सहायता बॉक्स में कौन-कौन-सी चीजें होनी चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
(1) मिली-जुली चिपकने वाली पट्टियाँ,<br />
(2) पतला कागज,<br />
(3) आवश्यक दवाइयाँ,<br />
(4) रुई का बंडल,<br />
(5) कैंची,<br />
(6) सेफ्टी पिन,<br />
(7) तैयार की हुई आकार के अनुसार कीटाणुरहित पट्टियाँ,<br />
(8) कमठियों का एक सैट,<br />
(9) चिपकने वाली पलस्तर,<br />
(10) मरहम पट्टियाँ,<br />
(11) साल वोलाटाइल,<br />
(12) डैटॉल आदि।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
किन कारणों से श्वास क्रिया में रुकावट आ सकती है?<br />
उत्तर:<br />
(1) पानी में डूब जाने से,<br />
(2) सड़क अथवा घरेलू दुर्घटना होने से,<br />
(3) बिजली के करंट लगने से,<br />
(4) ज़हरीली गैसों के सूंघने से,<br />
(5) गले में किसी चीज के फँस जाने अथवा तंतु सूजने से श्वास क्रिया में रुकावट आ सकती है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
प्राथमिक सहायक कौन होता है?<br />
उत्तर:<br />
घायल व्यक्ति को गंभीर स्थिति में जाने से रोकने के लिए तथा उसका जीवन बचाने के लिए प्राथमिक सहायता देने में निपुण व्यक्ति को प्राथमिक सहायक कहा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
खेल के मैदान में खेलते समय चोट लगने के कोई चार कारण बताइए।<br />
उत्तर;<br />
(1) खेलों का घटिया सामान तथा घटिया निगरानी।<br />
(2) ऊँचे-नीचे या असमतल खेल के मैदान।<br />
(3) बचाव संबंधी उचित सामान की कमी।<br />
(4) खिलाड़ियों द्वारा लापरवाही तथा बदले की भावना से खेलना।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
&#8220;इलाज से परहेज़ बेहतर है।&#8221; इस कथन की व्याख्या करें।<br />
उत्तर:<br />
&#8220;इलाज से परहेज़ बेहतर है।&#8221; यह बात बिल्कुल ठीक है। परहेज़ करने में कोई मूल्य नहीं लगता तथा न शरीर को कष्ट सहना पड़ता है। इलाज करवाने से खर्चा भी होता है, शरीर कष्ट भी सहता है। इलाज के पश्चात् भी शरीर पूरी तरह ठीक हो अथवा न हो, कुछ कहा नहीं जा सकता। गलत खाने से, गलत ढंग से खेलने से, खराब हालत में खेलने से तथा खराब वस्तु के प्रयोग करने से परहेज करना बहुत अच्छा होता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
क्या खेल मैदान के आस-पास दर्शकों की भीड़ चोट का कारण बन सकती है?<br />
उत्तर:<br />
दर्शकों की बहुत भीड़ खेल के मैदान में चोट का कारण बन सकती है। कई बार खेल के मैदान तथा दर्शकों के लिए बाड़ अथवा दीवार खेल प्रबंधकों द्वारा नहीं बनाई होती। दर्शक खेल के मैदान में आ जाते हैं। बॉल, जैवलिन, डिस्कस अथवा हैमर जैसे खेल उपकरण किसी दर्शक को ज़ख्मी कर सकते हैं। कई बार दर्शक अपनी टीम के पक्ष में भावुक होकर दूसरे खिलाड़ियों तथा विरोधी सहायकों से लड़ पड़ते हैं तथा एक-दूसरे को घातक चोटें लगवा बैठते हैं । इसलिए दर्शकों को प्रत्येक हालत में खेल के मैदान से आवश्यक दूरी पर रखना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
कंट्यूशन/भीतरी घाव से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
कंट्यूशन माँसपेशी की चोट होती है। यदि एक प्रत्यक्ष मुक्का या कोई खेल उपकरण शरीर को लग जाए तो कंट्यूशन का कारण बन सकता है। मुक्केबाजी, कबड्डी और कुश्ती आदि में कंट्यूशन होना स्वाभाविक है। कंट्यूशन में माँसपेशियों में रक्त कोशिकाएँ टूट जाती हैं और कभी-कभी माँसपेशियों से रक्त भी बहने लगता है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
कृत्रिम श्वास (Artificial Respiration) देने से आपका क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
जब किसी कारण किसी व्यक्ति की प्राकृतिक श्वास क्रिया में रुकावट आ जाए और श्वास लेने में तकलीफ हो तो उसके फेफड़ों में कृत्रिम ढंग से ऑक्सीजन के प्रवेश करवाने की क्रिया को कृत्रिम श्वास देना कहा जाता है। कृत्रिम श्वास देने से अभिप्राय फेफड़ों में कृत्रिम विधि द्वारा हवा का प्रवेश करवाना और बाहर निकालना है ताकि रोगी की जान बच सके।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
कृत्रिम श्वास देने के कोई दो लाभ बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) कृत्रिम श्वास देने की क्रिया द्वारा श्वास रुके व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।<br />
(2) कृत्रिम श्वास द्वारा रोगी को उसकी बेहोशी की हालत में से शीघ्र निकाला जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
जोड़ उतर जाने (Dislocation) से क्या अभिप्राय है?<br />
अथवा<br />
जोड़ उतरना क्या है?<br />
उत्तर:<br />
हड्डी का अपने जोड़ वाले स्थान से हट जाना या खिसक जाना, जोड़ उतरना कहलाता है। कुछ ऐसे खेल होते हैं जिनमें हड्डी का उतरना स्वाभाविक है। प्रायः कंधे, कूल्हे तथा कलाई आदि की हड्डी अधिक उतरती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
फ्रैक्चर का क्या अर्थ है?<br />
अथवा<br />
हड्डी का टूटना क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी हड्डी का टूटना, फिसलना अथवा दरार पड़ जाना टूट (Fracture) कहलाता है। हड्डी पर जब दुःखदायी स्थिति में दबाव पड़ता है तो हड्डी से सम्बन्धित मांसपेशियाँ उस दबाव को सहन नहीं कर सकतीं, जिस कारण हड्डी फिसल अथवा टूट जाती है। अतः फ्रैक्चर का अर्थ है-हड्डी का टूटना या दरार पड़ जाना।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
जटिल फ्रैक्चर क्या होता है? गुंझलदार टूट (Complicated Fracture) क्या है?<br />
उत्तर:<br />
जटिल फ्रैक्चर से कई बार हड्डी की टूट के साथ जोड़ भी हिल जाते हैं। कई बार हड्डी टूटकर शरीर के किसी नाजुक अंग को नुकसान पहुँचा देती है; जैसे रीढ़ की हड्डी की टूट मेरुरज्जु को, सिर की हड्डी की टूट दिमाग को और पसलियों की हड्डियों की टूट दिल, फेफड़े और जिगर को नुकसान पहुँचाती हैं। ऐसी स्थिति में टूट काफी जटिल टूट बन जाती है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
दबा हुआ फ्रैक्चर (Depressed Fracture) क्या होता है? ।<br />
उत्तर:<br />
सामान्यतया यह फ्रैक्चर सिर की हड्डियों में होता है। जब खोपड़ी के ऊपरी भाग या आस-पास से हड्डी टूट जाने पर अंदर फंस जाती है तो ऐसा फ्रैक्चर दबा हुआ फ्रैक्चर कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
जोड़ों का विस्थापन (Dislocation) कितने प्रकार का होता है? उत्तर-जोड़ों का विस्थापन तीन प्रकार का होता है<br />
(1) कूल्हे का विस्थापन,<br />
(2) कन्धे का विस्थापन,<br />
(3) निचले जबड़े का विस्थापन।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 28.<br />
प्राथमिक सहायता के उपकरण (First Aid Equipments) कैसे होने चाहिएँ?<br />
उत्तर:<br />
प्राथमिक सहायता के बॉक्स में जो उपकरण या सामग्री हो वह जो काम किया जाना है उसी के अनुकूल होनी चाहिए। उसका आधार स्वास्थ्य के नियमों तथा समय की आवश्यकतानुसार ही होना चाहिए। प्राथमिक सहायता के बॉक्स में सभी आवश्यक उपकरण होने चाहिएँ।</p>
<p><strong>HBSE 9th Class Physical Education सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा Important Questions and Answers</strong></p>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न [Objective Type Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
वह शिक्षा जो हमें दुर्घटनाओं आदि से बचाती है, क्या कहलाती है?<br />
उत्तर:<br />
वह शिक्षा जो हमें दुर्घटनाओं आदि से बचाती है, सुरक्षा शिक्षा कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
आज के मशीनी युग में किस प्रकार की शिक्षा की अधिक आवश्यकता है?<br />
उत्तर:<br />
आज के मशीनी युग में सुरक्षा शिक्षा की अधिक आवश्यकता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सामान्यतया सड़कों पर बच्चों के साथ दुर्घटनाएँ क्यों होती हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि बच्चे सड़कों पर चलने संबंधी यातायात के नियमों का पालन नहीं करते।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
चौक पार करते समय किस बात की ओर ध्यान देना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
चौक पार करते समय ट्रैफिक पुलिसकर्मी के इशारे की ओर ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
रसोईघर में दुर्घटना के कोई दो कारण बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) फर्श का चिकना होना,<br />
(2) जल्दी आग पकड़ने वाले वस्त्र पहनना।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
घायल या मरीज़ को तुरंत दी जाने वाली सहायता क्या कहलाती है?<br />
उत्तर:<br />
घायल या मरीज़ को तुरंत दी जाने वाली सहायता प्राथमिक सहायता कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रसोईघर या स्नानघर का फर्श किस प्रकार का होना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
रसोईघर या स्नानघर का फर्श चिकनाहट-रहित तथा समतल होना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
प्राथमिक सहायता मेंABC का पूरा नाम लिखें।<br />
उत्तर:<br />
A= Airways,<br />
B = Breathing,<br />
C = Compression ,</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
घाव कितने प्रकार के होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
घाव चार प्रकार के होते हैं<br />
(1) कट जाने का घाव,<br />
(2) फटा हुआ घाव,<br />
(3) छिपा हुआ घाव,<br />
(4) कुचला हुआ घाव।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
प्राथमिक चिकित्सा की प्रमुख विशेषता या गुण क्या है?<br />
उत्तर;<br />
घायल की जान बचाना।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
जेब्रा क्रॉसिंग (Zebra Crossing) की लाइनें कैसी होती हैं?<br />
उत्तर:<br />
जेब्रा क्रॉसिंग में क्षैतिज आकार की काली और सफेद लाइनें लगी होती हैं; जैसा कि चित्र में दिया गया है</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
हमें सड़क पार करते समय किसका प्रयोग करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
हमें सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
N.C.C. का क्या अर्थ है?<br />
उत्तर:<br />
N.C.C. का अर्थ है-National Cadet Corps.</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
घर पर दुर्घटनाओं से बचाव हेतु दो उपाय बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(1) प्रकाश का उचित प्रबंध हो,<br />
(2) घर में बिजली की नंगी तारें न हों।</p>
<p>प्रश्न 15.</p>
<p>सीढ़ियों पर चढ़ते समय किन दो बातों का ध्यान रखना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
(1) सीढ़ियों की एक-एक पौड़ी चढ़नी चाहिए,<br />
(2) दौड़कर सीढ़ियाँ न चढ़ें।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
किस प्रकार की मोच में दर्द असहनीय हो जाता है?<br />
उत्तर:<br />
पूर्ण मोच में दर्द असहनीय हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
रगड़ किस अंग की चोट है?<br />
उत्तर:<br />
रगड़ त्वचा की अंग की चोट है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
कंट्यूशन किस अंग की चोट है?<br />
उत्तर:<br />
कंट्यूशन माँसपेशियों की चोट है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
खिंचाव कितने प्रकार की होती है?<br />
उत्तर:<br />
खिंचाव माँसपेशियों की चोट है। यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है<br />
(1) साधारण खिंचाव,<br />
(2) असाधारण खिंचाव।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी जोड़ के सन्धि-स्थल (Ligaments) के फट जाने या खिंच जाने को क्या कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
किसी जोड़ के सन्धि-स्थल (Ligaments) के फट जाने या खिंच जाने को मोच कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
साधारण अथवा बन्द फ्रैक्चर (Simple or Closed Fracture) क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
जब हड्डी टूट जाए, परन्तु घाव न दिखाई दे, तो वह बंद फ्रैक्चर होता है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
किस प्रकार की टूट अधिक खतरनाक होती है?<br />
उत्तर:<br />
जटिल टूट अधिक खतरनाक होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 23.<br />
मुक्केबाजी में प्राय: कैसी चोट लगती है?<br />
उत्तर:<br />
मुक्केबाजी में कंट्यूशन या भीतरी घाव चोट लगती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
कच्ची अस्थि-भंग प्रायः किन्हें होता है? उत्तर-कच्ची अस्थि-भंग प्रायः बच्चों को होता है।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
ऑस्टिओपोरोसिस (Oesteoporosis) के कारण किस प्रकार की चोट लग सकती है?<br />
उत्तर:<br />
ऑस्टिओपोरोसिस (Oesteoporosis) के कारण फ्रैक्चर हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
मूर्च्छित रोगी या घायल व्यक्ति को होश में लाने के लिए किस उपाय का प्रयोग किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
मूर्च्छित रोगी या घायल व्यक्ति को होश में लाने के लिए कृत्रिम श्वास का प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
चोट के तुरंत बाद खिलाड़ी को कौन-सा टीका लगवाना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
चोट के तुरंत बाद खिलाड़ी को एंटी-टैटनस का टीका लगवाना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
खेल चोटों का कोई एक कारण लिखें।<br />
उत्तर:<br />
शरीर को बिना गर्माए अभ्यास या प्रतियोगिता में भाग लेना।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
मोच किस अंग की चोट है?<br />
उत्तर:<br />
मोच लिगामेंट की चोट है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
पागल कुत्ते के काटने पर घाव को सर्वप्रथम किससे धोना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
पागल कुत्ते के काटने पर घाव को सर्वप्रथम साफ पानी से धोना चाहिए।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
मोच क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
किसी जोड़ के संधि-स्थल के फट जाने को मोच कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
खिलाड़ी को प्रशिक्षण व प्रतियोगिता से पूर्व शरीर को क्या करना चाहिए?<br />
उत्तर:<br />
खिलाड़ी को प्रशिक्षण व प्रतियोगिता से पूर्व शरीर को भली-भाँति गर्मा लेना चाहिए।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न [Multiple Choice Questions]</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
बत्ती वाला चौक कब पार करना चाहिए?<br />
(A) हरी बत्ती होने पर<br />
(B) लाल बत्ती होने पर<br />
(C) पीली बत्ती होने पर<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) हरी बत्ती होने पर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
घर में पक्की सीढ़ी बनाते समय ध्यान रखना चाहिए<br />
(A) सीढ़ी की पटरियों की समान दूरी का ।<br />
(B) सीढ़ियों में उचित रोशनी का<br />
(C) सीढ़ी के दोनों ओर सुरक्षा पाइप लगवाने का<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सड़क पर पैदल चलने के लिए कौन-सा प्रबंध होना चाहिए?<br />
(A) रोशनी का प्रबंध<br />
(B) फुटपाथ का प्रबंध<br />
(C) ट्रैफिक पुलिस का प्रबंध<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) फुटपाथ का प्रबंध</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
यातायात को ठीक ढंग से चलाने के लिए चौराहों पर किसका प्रबंध होना चाहिए?<br />
(A) सिग्नल लाइटों का<br />
(B) पुलिस का<br />
(C) आपातकालीन सेवाओं का<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) सिग्नल लाइटों का</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
प्राथमिक सहायता बॉक्स में कौन-कौन-से उपकरण होने चाहिएँ?<br />
(A) तैयार की हुई आकार के अनुसार कीटाणुरहित पट्टियाँ<br />
(B) आवश्यक दवाइयाँ व रुई का बंडल<br />
(C) चिपकने वाली पलस्तर व मरहम पट्टियाँ<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
प्राथमिक सहायता के नियम हैं<br />
(A) घायल की सबसे बड़ी चोट की ओर अधिक ध्यान देना<br />
(B) घायल की स्थिति को खराब होने से बचाना<br />
(C) रोगी अथवा घायल को विश्राम की स्थिति में रखना<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
सड़कों पर दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार को कौन-सी शिक्षा का प्रचार करना चाहिए?<br />
(A) सर्व शिक्षा<br />
(B) शारीरिक शिक्षा<br />
(C) सुरक्षा शिक्षा<br />
(D) प्राथमिक शिक्षा<br />
उत्तर:<br />
(C) सुरक्षा शिक्षा</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सूर्य की तेज धूप में शरीर का गर्मी के प्रभाव में आ जाना क्या कहलाता है?<br />
(A) जलन<br />
(B) लू लगना<br />
(C) आग लगना<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(B) लू लगना</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
शरीर की चेतना के खो जाने को क्या कहते हैं?<br />
(A) चेतनता<br />
(B) बेहोशी<br />
(C) तनाव<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) बेहोशी</p>
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<p>प्रश्न 10.<br />
प्राथमिक सहायक होना चाहिए-<br />
(A) बुद्धिमान व फुर्तीला<br />
(B) सूझवान व शांत स्वभाव वाला<br />
(C) सहानुभूति वाला एवं विनम्र<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
दुर्घटनाओं के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारण है<br />
(A) जल्दबाजी एवं लापरवाही<br />
(B) यातायात के नियमों का पालन न करना<br />
(C) शराब या अन्य नशीले पदार्थ का सेवन करना<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
“सुरक्षा या एहतियात इलाज से बेहतर है।&#8221; यह कथन है<br />
(A) हरबर्ट स्पेंसर का<br />
(B) जॉनसन का<br />
(C) एडवर्ड कोक का<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(C) एडवर्ड कोक का</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
किन कारणों से श्वास क्रिया में रुकावट आ सकती है?<br />
(A) पानी में डूब जाने से<br />
(B) जहरीली गैसों के सूंघने से<br />
(C) बिजली के करंट लगने से<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
कंट्यूशन किस अंग की चोट है?<br />
(A) माँसपेशियों की<br />
(B) हड्डियों की<br />
(C) त्वचा की<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) माँसपेशियों की</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 9th Class Physical Education Solutions Chapter 8 सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
खेलों में लगने वाली सामान्य चोट है<br />
(A) रगड़<br />
(B) मोच<br />
(C) खिंचाव<br />
(D) उपर्युक्त सभी<br />
उत्तर:<br />
(D) उपर्युक्त सभी</p>
<h3>सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा Summary</h3>
<p><strong>सुरक्षा शिक्षा तथा प्राथमिक शिक्षा परिचय</strong></p>
<p>सुरक्षा शिक्षा (Safety Education):<br />
आज के युग में व्यक्तियों को सुरक्षा शिक्षा की बहुत आवश्यकता है, क्योंकि सुरक्षा शिक्षा से हमें अनेक महत्त्वपूर्ण एवं आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त होती हैं। इससे हम काफी सीमा तक होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पा सकते हैं। इस शिक्षा से हमें घरेलू एवं यातायात संबंधी अनेक महत्त्वपूर्ण नियमों की जानकारियाँ होती हैं जिनको अपनाकर हम दुर्घटनाओं से अपना बचाव कर सकते हैं। एक प्रसिद्ध कहावत है-“सावधानी हटी-दुर्घटना घटी।&#8221; सुरक्षा शिक्षा में इसी कहावत को व्यापक रूप से समझाया जाता है। प्रायः देखा गया है कि सड़क पर अधिकतर दुर्घटनाएँ असावधानी के कारण होती हैं। यदि सावधान व सतर्क रहा जाए तो ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। यह शिक्षा हमें अपने जीवन के प्रति सजग करती है और हमें अनेक नियमों की जानकारी देकर हमारे जीवन को सुरक्षित करने में सहायता करती है। यदि हमें सुरक्षा संबंधी नियमों का पता होगा तभी हम दुर्घटनाओं से स्वयं का बचाव कर पाएंगे।</p>
<p>प्राथमिक सहायता (First Aid):<br />
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अचानक दुर्घटनाएं होती रहती हैं। साधारणतया घरों, स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों तथा खेल के मैदानों में दुर्घटनाएँ देखने में आती हैं। मोटरसाइकिलों, बसों, कारों, ट्रकों आदि में टक्कर होने से व्यक्ति घायल हो जाते हैं। मशीनों की बढ़ रही भरमार और जनसंख्या में हो रही निरंतर वृद्धि ने भी दुर्घटनाओं को ओर अधिक बढ़ा दिया है। प्रत्येक समय प्रत्येक स्थान पर डॉक्टरी सहायता मिलना कठिन होता है। इसलिए ऐसे संकट का मुकाबला करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक सहायता का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। यदि घायल अथवा रोगी व्यक्ति को तुरन्त प्राथमिक सहायता मिल जाए तो उसका जीवन बचाया जा सकता है। कुछ चोटें तो इस प्रकार की हैं, जो खेल के मैदान में बहुत होती हैं, जिनको मौके पर प्राथमिक सहायता देना बहुत आवश्यक है। यह तभी सम्भव है, यदि हमें प्राथमिक सहायता सम्बन्धी उचित जानकारी हो। इस प्रकार रोगी की स्थिति बिगड़ने से बचाने और उसके जीवन की रक्षा के लिए प्राथमिक सहायता की बहुत आवश्यकता होती है। इसलिए प्राथमिक सहायता की आज के समय में बहुत आवश्यकता हो गई है। इसका ज्ञान प्रत्येक नागरिक को प्राप्त करना आवश्यक होना चाहिए।</p>
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 12:34:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था बहुविकल्पीय प्रश्न 1. एक रासायनिक अभिक्रिया A ⇌ B साम्य में कहलायेगी, जब &#8211; (1) A पूर्णत: B में परिवर्तित होता है। (2) A का B में ठीक 10% परिवर्तन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions/">HBSE 11th Class Chemistry Important Questions</a> Chapter 7 साम्यावस्था Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न</span></p>
<p>1. एक रासायनिक अभिक्रिया A ⇌ B साम्य में कहलायेगी, जब &#8211;<br />
(1) A पूर्णत: B में परिवर्तित होता है।<br />
(2) A का B में ठीक 10% परिवर्तन होता है<br />
(3) A का B में 50% परिवर्तन होता है<br />
(4) A के B में परिवर्तन होने की दर और B के A में परिवर्तन होने की दर बराबर होती है।<br />
उत्तर:<br />
(4) A के B में परिवर्तन होने की दर और B के A में परिवर्तन होने की दर बराबर होती है।</p>
<p>2. A + 2B ⇌ C अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक हैं-<br />
(1) \(\frac{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]^2}{[\mathrm{C}]}\)<br />
(2) \(\frac{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}{[\mathrm{C}]}\)<br />
(3) \(\frac{[\mathrm{C}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]^2}\)<br />
(4) \(\frac{[\mathrm{C}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\)<br />
उत्तर:<br />
(3) \(\frac{[\mathrm{C}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]^2}\)</p>
<p>3. अभिक्रिया, A (ठोस) + 2B (गैस) ⇌ 3D (ठोस) + 2C (गैस) के लिए-<br />
(1) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> (RT)<sup>0</sup><br />
(2) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> R² T²<br />
(3) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<br />
(4) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> = R<sup>-2</sup> T<sup>-2</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> (RT)<sup>0</sup></p>
<p>4. यदि अभिकारकों तथा उत्पाद की सान्द्रता दोगुनी कर दी जाय तो साम्य स्थिरांक K<sub>c</sub> होगा &#8211;<br />
(1) 2K<sub>c</sub><br />
(2) \(\frac{K_c}{2}\)<br />
(3) K²<sub>c</sub>.<br />
(4) अपरिवर्तित<br />
उत्तर:<br />
(4) अपरिवर्तित</p>
<p>5. अभिक्रिया N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2NH<sub>3</sub> + X किलो जूल में अधिक अमोनिया बनाने के लिए आवश्यक शर्ते हैं-<br />
(1) उच्च ताप और उच्च दाब<br />
(2) कम ताप और उच्च दाब<br />
(3) कम ताप और कम दाब<br />
(4) उच्च ताप और कम दाब।<br />
उत्तर:<br />
(2) कम ताप और उच्च दाब</p>
<p>6. PCI<sub>5</sub> = PCI<sub>3</sub> + CI<sub>2</sub> में यदि आयतन मूल आयतन का 16 गुना कर दिया जाये तो वियोजन की मात्रा हो जायेगी-<br />
(1) 4 गुनी<br />
(2) 1/4 गुनी<br />
(3) 2 गुनी<br />
(4) 1/2 गुनी।<br />
उत्तर:<br />
(1) 4 गुनी</p>
<p>7. यदि अभिक्रिया A + B ⇌ C + D में यदि A का सान्द्रण दोगुना तथा B का सान्द्रण आधा कर दिया जाये तो अभिक्रिया के वेग में क्या परिवर्तन होगा-<br />
(1) दोगुनी वृद्धि<br />
(2) घटकर आधी<br />
(3) कोई परिवर्तन नहीं<br />
(4) घटकर चौथाई।<br />
उत्तर:<br />
(3) कोई परिवर्तन नहीं</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>8. N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2NH<sub>3</sub> क्रिया में मानक ताप व दाब पर 68 ग्राम NH<sub>3</sub> बनाने हेतु H<sub>2</sub> का आवश्यक आयतन लेंगे-<br />
(1) 67.2 लीटर<br />
(2) 22.4 लीटर<br />
(3) 134.4 लीटर<br />
(4) 112.3 लीटर।<br />
उत्तर:<br />
(3) 134.4 लीटर</p>
<p>9. अभिक्रिया H<sub>2</sub> + I<sub>2</sub> ⇌ 2HI की साम्यावस्था में H<sub>2</sub> व I<sub>2</sub> की मोलर सान्द्रताएँ क्रमश: a तथा b हैं तथा HI के संश्लेषण की मात्रा x हो, तो साम्य स्थिरांक K<sub>c</sub> का मान होगा-<br />
(1) \(\frac{x^2}{(a-x)(b-x)}\)<br />
(2) \(\frac{4 x^2}{(a-x)(b-x)}\)<br />
(3) \(\frac{2 x^2}{(a-x)(b-x)}\)<br />
(4) \(\frac{x^2}{4(a-x)(b-x)}\)<br />
उत्तर:<br />
(2) \(\frac{4 x^2}{(a-x)(b-x)}\)</p>
<p>10. अभिक्रिया PCI<sub>5</sub> ⇌ PCI<sub>3</sub> + CI<sub>2</sub> में यदि x वियोजन की मात्रा हो तब Kp का मान होगा-<br />
(1) \(\frac{x^2}{(1-x) P}\)<br />
(2) \(\frac{x}{\left(1-x^2\right) P}\)<br />
(3) \(\frac{x}{(1-x)^2 P}\)<br />
(4) \(\frac{x^2 P}{\left(1-x^2\right)}\)<br />
उत्तर:<br />
(4) \(\frac{x^2 P}{\left(1-x^2\right)}\)</p>
<p>11. द्रव अनुपाती क्रिया के नियम का सत्यापन किसने किया—<br />
(1) गोल्डबर्ग ने<br />
(2) बोडेन्सटीन ने<br />
(3) आरहीनियस ने<br />
(4) ओस्टवाल्ड ने।<br />
उत्तर:<br />
(2) बोडेन्सटीन ने</p>
<p>12. यदि CH<sub>3</sub>COOK का वियोजन स्थिरांक 10<sup>-2</sup> हो, तो CH<sub>3</sub>COOH का वियोजन स्थिरांक होगा-<br />
(1) 10<sup>-2</sup><br />
(2) 10<sup>-12</sup><br />
(3) 10<sup>-14</sup><br />
(4) 10<sup>-16</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) 10<sup>-12</sup></p>
<p>13. सोडियम सल्फेट का जलीय विलयन होता है-<br />
(1) अम्लीय<br />
(2) क्षारीय<br />
(3) उदासीन<br />
(4) उभयधर्मी।<br />
उत्तर:<br />
(1) अम्लीय</p>
<p>14. यौगिक जिसके जलीय विलयन की pH सबसे अधिक है-<br />
(1) NH<sub>4</sub> CI<br />
(2) NH<sub>3</sub>CO<sub>3</sub><br />
(3) NaOH<br />
(4) NaCI<br />
उत्तर:<br />
(3) NaOH</p>
<p>15. अल्प विलेय लवण AgCI की 26°C पर जल में विलेयता 1.25 × 10<sup>-5</sup> मोल/लीटर है। इसका विलेयता गुणनफल होगा-<br />
(1) 1.25 × 10<sup>10</sup><br />
(3) 1.56 x 10<sup>10</sup><br />
(2) 1.50 x 10<sup>-5</sup><br />
(4) 3.53 x 10<sup>-3</sup><br />
उत्तर:<br />
(3) 1.56 x 10<sup>10</sup></p>
<p>16. निम्न में से कौन सा युग्म समआयतन प्रभाव दर्शाता है-<br />
(1) BaCl<sub>2</sub> + Ba(NO)<sub>2</sub><br />
(2) KCl + HCl<br />
(3) CH<sub>3</sub>COOH +CH<sub>3</sub>COONa<br />
(4) AgCN + NaCN.<br />
उत्तर:<br />
(3) CH<sub>3</sub>COOH +CH<sub>3</sub>COONa</p>
<p>17. निम्न में से किस लवण का जल अपघटन होगा-<br />
(1) KCI<br />
(2) Na<sub>2</sub>SO<sub>4</sub><br />
(3) NaNO<sub>3</sub><br />
(4) KCN<br />
उत्तर:<br />
(4) KCN</p>
<p>18. किसी विद्युत अपघट्य के वियोजन की मात्रा निर्भर करती है-<br />
(1) तापमान पर<br />
(2) विलायक की प्रकृति पर<br />
(3) सान्द्रता पर<br />
(4) आयनों के आवेश पर<br />
उत्तर:<br />
(4) आयनों के आवेश पर</p>
<p>19. एक यौगिक में OH<sup>&#8211;</sup> तो नहीं है, लेकिन वह जल में घोलने पर क्षारीय विलयन देता है। वह यौगिक है-<br />
(1) NH<sub>3</sub><br />
(2) CO<sub>2</sub><br />
(3) BCl<sub>3</sub><br />
(4) NH<sub>4</sub>Cl<br />
उत्तर:<br />
(1) NH<sub>3</sub></p>
<p>20. किसी विद्युत अपघट्य का आयनन निर्भर करता है-<br />
(1) विद्युत अपघट् की प्रकृति पर<br />
(2) ताप पर<br />
(3) विलायक की प्रकृति पर<br />
(4) इन सभी पर<br />
उत्तर:<br />
(4) इन सभी पर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>21. निम्न में से कौन-सा तथ्य गलत है-<br />
(1) जलीय विघटन में आयन होते हैं<br />
(2) सब आयन रंगीन होते हैं<br />
(3) आयनों पर वैद्युत आवेश होता है<br />
(4) आयनिक अभिक्रियाएँ क्षणिक होती हैं।<br />
उत्तर:<br />
(4) आयनिक अभिक्रियाएँ क्षणिक होती हैं।</p>
<p>22. पिघले हुए साधारण नमक में वैद्युत चालन होता है, क्योंकि उसमें होते हैं-<br />
(1) मुक्त इलैक्ट्रॉन<br />
(2) मुक्त आयन<br />
(3) मुक्त परमाणु<br />
(4) मुक्त अणु।<br />
उत्तर:<br />
(3) मुक्त परमाणु</p>
<p>23. प्रबल वैद्युत अपघट्य का अभिप्राय है कि-<br />
(1) उसका आयनन अधिक होता है।<br />
(2) उसकी जल में विलेयता अधिक होती है<br />
(3) उसके आयन वैद्युत धारा को ले जाते हैं।<br />
(4) धनायनों तथा ऋणायनों की संख्या समान होती है।<br />
उत्तर:<br />
(1) उसका आयनन अधिक होता है।</p>
<p>24. आहनियस का आयनन सिद्धांन्त असफल रहता है-<br />
(1) अम्लों के लिए<br />
(2) क्षारों के लिए<br />
(3) लवणों के लिए<br />
(4) प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए।<br />
उत्तर:<br />
(4) प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए।</p>
<p>25. निम्न में से कौन-सा वर्ग सदैव प्रबल विद्युत अपघट्य का कार्य करता है-<br />
(1) अम्ल<br />
(2) क्षार<br />
(3) लवण<br />
(4) जटिल यौगिक।<br />
उत्तर:<br />
(4) जटिल यौगिक।</p>
<p>26. एक विद्युत् अपघट्य के संतृप्त विलयन में एक निश्चित ताप पर यह स्थिर होता है-<br />
(1) आयनिक गुणनफल<br />
(2) विलेयता गुणनफल<br />
(3) आयनिक स्थिरांक<br />
(4) वियोजन स्थिरांक।<br />
उत्तर:<br />
(4) वियोजन स्थिरांक।</p>
<p>27. ऐसीटिक अम्ल और सोडियम ऐसीटेट के विलयन मिलाने पर ऐसीटिक अम्ल के वियोजन की मात्रा कम होने का कारण है-<br />
(1) विलेयता गुणनफल<br />
(2) आयनी गुणनफल<br />
(3) उभय प्रतिरोधी क्रिया<br />
(4) सम आयन प्रभाव।<br />
उत्तर:<br />
(3) उभय प्रतिरोधी क्रिया</p>
<p>28. एक वैद्युत अपघट्य का अवक्षेपण होता है, क्योंकि आयनों के सान्द्रण का गुणनफल-<br />
(1) विलेयता से अधिक होता है<br />
(2) विलेयता से कम होता है<br />
(3) विलेयता गुणनफल से अधिक होता है<br />
(4) विलेयता गुणनफल के बराबर होता है।<br />
उत्तर:<br />
(1) विलेयता से अधिक होता है</p>
<p>29. सिल्वर क्लोराइड का विलेयता गुणनफल 1.57 × 10<sup>-1</sup> है। इसके संतृप्त विलयन में Cl<sup>&#8211;</sup> की सान्द्रता होगी-<br />
(1) 12.5 × 10<sup>5</sup><br />
(2) 1.57 × 10<sup>5</sup><br />
(3) 1.25 × 10<sup>-5</sup><br />
(4) 0.125 × 10<sup>5</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) 0.125 × 10<sup>5</sup></p>
<p>30. BaSO<sub>4</sub> का विलेयता गुणनफल 1 × 10<sup>-10</sup> है। इसके जलीय विलयन में SO<sub>4</sub><sup>2-</sup> आयन का सान्द्रण होगा-<br />
(1) 1 × 10<sup>-5</sup><br />
(2) 1 × 10<sup>5</sup><br />
(3) 2 × 10<sup>-5</sup><br />
(4) 1 × 10<sup>7</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) 1 × 10<sup>-5</sup></p>
<p>31. शुद्ध जल की मोलरता है-<br />
(1) 55.4<br />
(2) 18<br />
(3) NH<sub>3</sub><br />
(4) OH<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) 55.4</p>
<p>32. निम्न में तीव्र लुईस क्षार है-<br />
(1) CH<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(2) F<sup>&#8211;</sup><br />
(3) NH<sub>3</sub><br />
(4) OH<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(3) NH<sub>3</sub></p>
<p>33. निम्न में से कौन-सा लुईस अम्ल है<br />
(1) OH<sup>&#8211;</sup><br />
(2) CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup><br />
(3) NH<sub>3</sub><br />
(4) BF<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
(4) BF<sub>3</sub></p>
<p>34. निम्न में से कौन सा ब्रॉन्स्टेड अम्ल तथा ब्रॉन्स्टेड क्षारक दोनों का कार्य करता है-<br />
(1) HSO<sub>4</sub><br />
(2) CH<sub>3</sub>NH<sub>2</sub><br />
(3) OH<sup>&#8211;</sup><br />
(4) NH<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) CH<sub>3</sub>NH<sub>2</sub></p>
<p>35. CH<sub>3</sub>NH<sub>2</sub> का संयुग्मी अम्ल है.<br />
(1) CH<sub>3</sub>OH<br />
(2) CH<sub>3</sub>NH<sub>3</sub><sup>+</sup><br />
(3) CH<sub>3</sub>NH<sub>3</sub><br />
(4) CH<sub>3</sub>NH<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) CH<sub>3</sub>NH<sub>3</sub><sup>+</sup></p>
<p>36. Cl<sup>&#8211;</sup> आयन किस अम्ल का संयुग्मी क्षारक है-<br />
(1) HCl<br />
(2) HOCl<br />
(3) HClO<sub>3</sub><br />
(4) H<sub>3</sub>O<sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) HCl</p>
<p>37. निम्न में लुईस क्षार होता है-<br />
(1) Cu<sup>2+</sup><br />
(2) Ag<sup>+</sup><br />
(3) CN<sup>&#8211;</sup><br />
(4) SO<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
(3) CN<sup>&#8211;</sup></p>
<p>38. जब pH = 0 है, तो [H<sup>+</sup>] होगा-<br />
(1) 0<br />
(2) 1<br />
(3) 7<br />
(4) 14<br />
उत्तर:<br />
(1) 0</p>
<p>39. अम्लीय विलयन में OH<sup>+</sup> आयन की सान्द्रता होगी<br />
(1) &gt; 10<sup>-7</sup><br />
(2) 10<sup>-7</sup><br />
(3) &lt; 10<sup>-5</sup><br />
(4) इनमें से कोई नही।<br />
उत्तर:<br />
(1) &gt; 10<sup>-7</sup></p>
<p>40. यौगिक जिसका 0.1 M विलयन क्षारीय है-<br />
(1) CH<sub>3</sub>COONH<sub>4</sub><br />
(2) NH<sub>4</sub>NO<sub>3</sub><br />
(3) NH<sub>4</sub>Cl<br />
(4) CH<sub>3</sub>COOK<br />
उत्तर:<br />
(4) CH<sub>3</sub>COOK</p>
<p>41. निम्न में से कौन-सा जल अपघटित होगा-<br />
(1) KCl<br />
(2) NH<sub>4</sub>Cl<br />
(3) K<sub>2</sub>SO<sub>4</sub><br />
(4) NaCl.<br />
उत्तर:<br />
(2) NH<sub>4</sub>Cl</p>
<p>42. ऐसीटिक अम्ल के जलीय विलयन में होता है-<br />
(1) H<sup>+</sup> तथा CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup><br />
(2) H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>, CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> तथा CH<sub>3</sub>COOH<br />
(3) H<sup>+</sup>, H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> तथा CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup><br />
(4) CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup>, H<sup>+</sup> तथा CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup>.<br />
उत्तर:<br />
(2) H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>, CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> तथा CH<sub>3</sub>COOH</p>
<p>43. NH<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup> का संयुग्मी अम्ल है-<br />
(1) NH<sub>3</sub><br />
(2) NH<sub>2</sub>OH<br />
(3) NH<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(4) N<sub>2</sub>H<sub>4</sub><br />
उत्तर:<br />
(1) NH<sub>3</sub></p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></strong></p>
<p>44. निम्न में से कौन-सा बफर विलयन होता है-<br />
(1) NaOH + NaCl<br />
(2) HNO<sub>3</sub> +KNO<sub>3</sub><br />
(3) HCl+ NaCl<br />
(4) NH<sub>4</sub>Cl + NH<sub>4</sub> OH.<br />
उत्तर:<br />
(4) NH<sub>4</sub>Cl + NH<sub>4</sub> OH.</p>
<p>45. एक प्रबल अम्ल एवं प्रबल क्षार की उदासीनीकरण की ऊष्मा सदैव होती है-<br />
(1) 13.7 kcal<br />
(2) 9.6 kcal<br />
(3) 6 kcal<br />
(4) 11.4 kcal.<br />
उत्तर:<br />
(1) 13.7 kcal</p>
<p>46. दुर्बल क्षार एवं प्रबल अम्ल के लवण के जलीय विलयन की PH ज्ञात करने के लिये सही सम्बन्ध है-<br />
(1) pH = 7 + \(\frac {1}{2}\) log K<sub>b</sub> + \(\frac {1}{2}\) log C<br />
(2) pH = 7 &#8211; \(\frac {1}{2}\) log K<sub>b</sub> &#8211; \(\frac {1}{2}\) log C<br />
(3) pH = 7 + \(\frac {1}{2}\) log K<sub>a</sub> + \(\frac {1}{2}\) log C<br />
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(1) pH = 7 + \(\frac {1}{2}\) log K<sub>b</sub> + \(\frac {1}{2}\) log C</p>
<p>47. निम्न में से क्षारीय लवण कौन-सा है-<br />
(1) PbS<br />
(2) PbCO<sub>3</sub><br />
(3) PbSO<sub>4</sub><br />
(4) 2 PbCO<sub>3</sub>.Pb (OH)<sub>2</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(4) 2 PbCO<sub>3</sub>.Pb (OH)<sub>2</sub>.</p>
<p>48. दुर्बल अम्ल जिसका वियोजन स्थिरांक K<sub>a</sub> तथा सान्द्रता C है, के विलयन में हाइड्रोजन आयन सान्द्रता होती है-<br />
(1) \(\sqrt{\mathrm{K}_a \mathrm{/C}}\)<br />
(2) C/K<sub>a</sub><br />
(3) K<sub>a</sub> C<br />
(4) \(\sqrt{K_a \cdot C}\)<br />
उत्तर:<br />
(4) \(\sqrt{K_a \cdot C}\)</p>
<p>49. प्रबलतम ब्रॉन्स्टेड क्षार होगा-<br />
(1) ClO<sup>&#8211;</sup><br />
(2) ClO<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(3) ClO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
(4) ClO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) ClO<sup>&#8211;</sup></p>
<p>50. 1 × 10<sup>-8</sup> M &#8211; HCl विलयन की pH है-<br />
(1) 6 व 7 के बीच<br />
(2) 7 व 8 के बीच<br />
(3) 8<br />
(4) &#8211; 8.<br />
उत्तर:<br />
(1) 6 व 7 के बीच</p>
<p>51. 90°C पर शुद्ध जल में [H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>] = 10<sup>-6</sup> M है। इस ताप पर Kw का मान क्या है-<br />
(1) 10<sup>-6</sup><br />
(2) 10<sup>-12</sup><br />
(3) 10<sup>-11</sup><br />
(4) 10<sup>-8</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) 10<sup>-12</sup></p>
<p>52. निम्न में से किस विलयन की pH सर्वाधिक है-<br />
(1) NH<sub>4</sub>Cl<br />
(2) (NH<sub>4</sub>)<sub>2</sub> SO<sub>4</sub><br />
(3) Na<sub>2</sub> CO<sub>3</sub><br />
(4) Na NO<sub>3</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(3) Na<sub>2</sub> CO<sub>3</sub></p>
<p>53. निम्न में से कौन सा अम्ल व क्षार दोनों की तरह कार्य करता है—<br />
(1) SO<sub>4</sub><sup>2-</sup><br />
(2) H<sub>3</sub>O<sup>+</sup><br />
(3) CO<sub>3</sub><sup>2-</sup><br />
(4) HCO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) HCO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup></p>
<p>54. लुईस संकल्पना के अनुसार निम्न में से कौन क्षार नहीं है-<br />
(1) OH<sup>&#8211;</sup><br />
(2) Ag<sup>+</sup><br />
(3) NH<sub>3</sub><br />
(4) H<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) Ag<sup>+</sup></p>
<p>55. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के एक 10<sup>-3</sup> M विलयन का pH होगा-<br />
(1) 1.3<br />
(2) 2.0<br />
(3) 3·0<br />
(4) 4.5.<br />
उत्तर:<br />
(3) 3·0</p>
<p>56. जल नहीं हो सकता-<br />
(1) लूईस अम्ल<br />
(2) लुईस क्षार<br />
(3) ब्रॉन्स्टेड अम्ल<br />
(4) ब्रॉन्स्टेड क्षार।<br />
उत्तर:<br />
(1) लूईस अम्ल</p>
<p>57. ऐथिल ऐसीटेट के जल अपघटन में स्व उत्प्रेरक है-<br />
(1) C<sub>2</sub>H<sub>2</sub>OH<br />
(2) CH<sub>3</sub>COOC<sub>2</sub>H<sub>5</sub><br />
(3) H<sub>2</sub>O<br />
(4) CH<sub>3</sub>COOH.<br />
उत्तर:<br />
(4) CH<sub>3</sub>COOH.</p>
<p>58. न्यूनतम pH मान का जलीय विलयन है।<br />
(1) पोटॅशियम नाइट्रेट<br />
(2) कॉस्टिक सोडा<br />
(3) सोडियम सायनाइड<br />
(4) फेरिक क्लोराइड।<br />
उत्तर:<br />
(4) फेरिक क्लोराइड।</p>
<p>59. अम्लीय शक्ति का सही क्रम है-<br />
(1) HClO &lt; HClO<sub>2</sub> &lt; HClO<sub>3</sub> &lt; HClO<sub>4</sub><br />
(2) HClO<sub>4</sub> &lt; HClO &lt; HClO<sub>2</sub> &lt; HClO<sub>3</sub><br />
(3) HClO<sub>2</sub> &lt; HClO<sub>3</sub> &lt; HClO<sub>4</sub> &lt; HClO<br />
(4) HClO<sub>4</sub> &lt; HClO<sub>3</sub> &lt; HClO<sub>2</sub> &lt; HClO.<br />
उत्तर:<br />
(1) HClO &lt; HClO<sub>2</sub> &lt; HClO<sub>3</sub> &lt; HClO<sub>4</sub></p>
<p>60. एक विलयन के pH मान के लिये व्यंजक है-<br />
(1) log [H<sup>+</sup>]<br />
(2) log \(\frac{1}{\left[\mathrm{H}^{+}\right]}\)<br />
(3) \(\frac{1}{\log \left[\mathrm{H}^{+}\right]}\)<br />
(4) \(-\log \left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\)<br />
उत्तर:<br />
(2) log \(\frac{1}{\left[\mathrm{H}^{+}\right]}\)</p>
<p>61. PbS<sub>2</sub> के विलेयता गुणनफल के लिये व्यंजक है-<br />
(1) [Pb<sup>2+</sup>] [S<sup>2-</sup>]²<br />
(2) [Pb<sup>4+</sup>] [S<sup>2-</sup>]²<br />
(3) [Pb<sup>2+</sup>] [2S<sup>2-</sup>]<br />
(4) [2Pb<sup>4+</sup>] [S<sup>2-</sup>]²<br />
उत्तर:<br />
(2) [Pb<sup>4+</sup>] [S<sup>2-</sup>]²</p>
<p>62. H<sub>2</sub>S विलयन का pH है-<br />
(1) &gt;7<br />
(2) &lt;7<br />
(3) 7<br />
(4) 0<br />
उत्तर:<br />
(2) &lt;7</p>
<p>63. HS<sup>&#8211;</sup> का संयुग्मी क्षार है-<br />
(1) S<sup>2-</sup><br />
(2) H<sub>2</sub>S<br />
(3) उपरोक्त दोनों<br />
(4) दोनों में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(1) S<sup>2-</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>64. यदि 50°C पर pkw = 13.36 है तो इस ताप पर जल का pH मान क्या होगा-<br />
(1) 7.00<br />
(2) 6.68<br />
(3) 7.63<br />
(4) 6·00.<br />
उत्तर:<br />
(2) 6.68</p>
<p>65. निम्न अम्लों में से किसका pK<sub>a</sub> मान सबसे कम होगा-<br />
(1) CH<sub>3</sub> &#8211; CH<sub>2</sub> &#8211; COOH<br />
(2) (CH<sub>3</sub>)<sub>2</sub> CHCOOH<br />
(3) HCOOH<br />
(4) CH<sub>3</sub> &#8211; COOH.<br />
उत्तर:<br />
(3) HCOOH</p>
<p>66. PbCl<sub>2</sub> का विलेयता गुणनफल K<sub>sp</sub> है। इसकी विलेयता है-<br />
(1) \(\sqrt{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}}}\)<br />
(2) \(\sqrt[3]{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}}}\)<br />
(3) \(\sqrt[3]{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}} / 4}\)<br />
(4) \(\sqrt{8 \mathrm{~K}_{\mathrm{sp}}}\)<br />
उत्तर:<br />
(3) \(\sqrt[3]{\mathrm{K}_{\mathrm{sp}} / 4}\)</p>
<p>67. A<sub>2</sub>X<sub>3</sub> की विलयेता Y मोल ली.<sup>-1</sup> है। इसका विलेयता गुणनफल है-<br />
(1) 6Y<sup>4</sup><br />
(2) 64Y<sup>4</sup><br />
(3) 36Y<sup>5</sup><br />
(4) 108Y<sup>5</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) 108Y<sup>5</sup></p>
<p>68. AgCl की 30°C पर विलेयता 1.5 x 10<sup>-3</sup> gL<sup>-1</sup> है। इसका विलेयता गुणनफल है।<br />
(1) (1.5 × 10<sup>-3</sup>)²<br />
(2) (1.05 × 10<sup>-5</sup>)²<br />
(3) (1.05 x 10<sup>-3</sup>)²<br />
(4) (1.5 × 10<sup>-3</sup> × 143.5)².<br />
उत्तर:<br />
(2) (1.05 × 10<sup>-5</sup>)²</p>
<p>69. उच्च दाब निम्न अग्र अभिक्रिया में अनुकूलता प्रदान करेगा-<br />
(1) H<sub>2</sub>(g) + I<sub>2</sub>(g) ⇌ 2HI(g)<br />
(2) N<sub>2</sub>(g) + 3H<sub>2</sub>(g) ⇌ 2NH<sub>3</sub>(g)<br />
(3) N<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub> (g) ⇌ 2NO(g)<br />
(4) PCl<sub>5</sub>(g) ⇌ PCl<sub>3</sub> (g) + Cl<sub>2</sub> (g).<br />
उत्तर:<br />
(1) H<sub>2</sub>(g) + I<sub>2</sub>(g) ⇌ 2HI(g)</p>
<p>70. अग्र एवं विपरीत अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक क्रमश: K<sub>1</sub> एवं K<sub>2</sub> हैं तो अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक होता है-<br />
(1) K<sub>1</sub> x K<sub>2</sub><br />
(2) K<sub>2</sub> &#8211; K<sub>1</sub><br />
(3) \(\frac{\mathrm{K}_1}{\mathrm{~K}_2}\)<br />
(4) \(\frac{\mathrm{K}_1+\mathrm{K}_2}{\mathrm{~K}_1-\mathrm{K}_2}\)<br />
उत्तर:<br />
(3) \(\frac{\mathrm{K}_1}{\mathrm{~K}_2}\)</p>
<p>71. जब दो क्रियाकारक A एवं B संयोग के पश्चात् उत्पाद C एवं D देते हैं तो प्रारम्भिक अवस्था में अभिक्रिया भागफल (Reaction quotient, Q)-<br />
(1) शून्य होता है<br />
(2) समय के साथ बढ़ता है<br />
(3) समय पर निर्भर नहीं करता<br />
(4) समय के साथ कम होता है।<br />
उत्तर:<br />
(2) समय के साथ बढ़ता है</p>
<p>72. अभिक्रिया x + 3y → 2Z में x, y तथा z के साम्य सान्द्रण क्रमशः 2, 2 तथा 4 हैं। साम्य स्थिरांक का मान है-<br />
(1) 1<br />
(2) 2<br />
(3) 3<br />
(4) 4.<br />
उत्तर:<br />
(1) 1</p>
<p>73. MgCO<sub>3</sub>(s) ⇌ MgO (s) + CO<sub>2</sub> (g) के लिए निम्न में से सही है-<br />
(1) K<sub>p</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{Mg}} \mathrm{O} \times \mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{MgCO}_3}}\)<br />
(2) K<sub>p</sub> = \(\frac{P_{\mathrm{Mgo}}+P_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{MgCO}_3}}\)<br />
(3) K<sub>p</sub> = \(\frac{[\mathrm{Mgo}]\left[\mathrm{CO}_2\right]}{\left[\mathrm{MgCO}_3\right]}\)<br />
(4) K<sub>p</sub> = P<sub>CO<sub>2</sub></sub> ·<br />
उत्तर:<br />
(4) K<sub>p</sub> = P<sub>CO<sub>2</sub></sub> ·</p>
<p>74. यदि N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2NH<sub>3</sub> के लिए साम्य स्थिरांक K तथा 2N<sub>2</sub> + 6H<sub>2</sub> ⇌ 4NH<sub>3</sub> के लिए साम्य स्थिरांक K&#8217; है तो K&#8217; का मान होगा-<br />
(1) K²<br />
(2) \(\sqrt{K}\)<br />
(3) \(\frac{1}{\sqrt{\mathrm{K}}}\)<br />
(4) \(\frac{1}{K^2}\)<br />
उत्तर:<br />
(1) K²</p>
<p>75. HI के निर्माण के लिए साम्य स्थिरांक (K) का मान 50 है तो K का मान HI के वियोजन के लिए होता है-<br />
(1) 50<br />
(2) 5<br />
(3) 0.2<br />
(4) 0·02.<br />
उत्तर:<br />
(4) 0·02.</p>
<p>76. साम्य 2HI (g) ⇌ H<sub>2</sub> (g) + I<sub>2</sub> (g) के लिए निम्न में से सही है-<br />
(1) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub><br />
(2) K<sub>c</sub> = 2K<sub>p</sub><br />
(3) K<sub>p</sub> &gt; K<sub>c</sub><br />
(4) K<sub>c</sub> = K<sub>p</sub> (RT)².<br />
उत्तर:<br />
(1) K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub></p>
<p>77. 500°C पर उत्क्रमणीय अभिक्रिया N<sub>2</sub>(g) + 3H<sub>2(g)</sub> ⇌ 2 NH<sub>3(g)</sub> के लिए K<sub>p</sub> का मान 1.44 x 10<sup>-5</sup> है। जब आंशिक दाब वायुमण्डल (Atm) में पाया जाता है। यदि सान्द्रता मोल ली- 1 में है तो सम्बन्धित K<sub>c</sub> का मान है-<br />
(1) 1.44 × 10<sup>-5</sup>/ (0.082 × 500)²<br />
(2) 1.44 x 10<sup>5</sup> / ( 8.314 × 773)<sup>-2</sup><br />
(3) 1.44 × 10<sup>-5</sup>/ (0.0821 × 773)²<br />
(4) 1.44 x 10<sup>-5</sup>/ (0.0821 × 773)<sup>-2</sup>.<br />
उत्तर:<br />
(4) 1.44 x 10<sup>-5</sup>/ (0.0821 × 773)<sup>-2</sup>.</p>
<p>78. अभिक्रिया H<sub>2</sub> + I<sub>2</sub> ⇌ 2HI के लिए<br />
(1) K<sub>c</sub> = 2K<sub>p</sub><br />
(2) K<sub>c</sub> &gt; K<sub>p</sub><br />
(3) K<sub>c</sub> = K<sub>p</sub><br />
(4) K<sub>c</sub> &lt; K<sub>p</sub><br />
उत्तर:<br />
(3) K<sub>c</sub> = K<sub>p</sub></p>
<p>79. इकाई आयतन में उपस्थित पदार्थ के ग्राम अणुओं की संख्या कहलाती है-<br />
(1) सक्रियता<br />
(2) नॉर्मल विलयन<br />
(3) मोलर विलयन<br />
(4) सक्रिय द्रव्यमान।<br />
उत्तर:<br />
(4) सक्रिय द्रव्यमान।</p>
<p>80. अभिक्रिया C<sub>(s)</sub> + CO<sub>2(g)</sub> ⇌ 2CO<sub>(g)</sub> के लिए साम्यावस्था पर CO<sub>2</sub> एवं CO के आंशिक दाब क्रमश: 2.0 तथा 4.0 atm हैं। अभिक्रिया के लिए K<sub>p</sub> होगा-<br />
(1) 0.5<br />
(2) 4.0<br />
(3) 8.0<br />
(4) 32.0<br />
उत्तर:<br />
(3) 8.0</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ताप बढ़ाने पर KNO<sub>3</sub> की विलेयता बढ़ जाती है, जबकि Ca(OH)<sub>2</sub> की विलेयता घट जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
KNO<sub>3</sub> का जल में घुलना ऊष्माशोषी अभिक्रिया है, जबकि Ca(OH)<sub>2</sub> को विलेय करने पर ऊष्मा निकलती है। अतः ला शातेलिए के नियमानुसार ताप बढ़ाने पर KNO<sub>3</sub> की विलेयता बढ़ती है तथा Ca(OH)<sub>2</sub> की घटती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
ताप बढ़ाने पर जल में लेड नाइट्रेट की विलेयता बढ़ती है, जबकि कैल्सियम ऐसीटेट की विलेयता घटती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
लेड नाइट्रेट को जल में घोलने पर ऊष्मा अवशोषित होती है जबकि कैल्सियम ऐसीटेट को घोलने पर उत्सर्जित होती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
&#8220;रासायनिक साम्य गतिक होता है?&#8221; इस कथन की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रिया में अग्र अभिक्रिया की दर घटती है, वहीं पश्च अभिक्रिया की दर बढ़ती जाती है। रासायनिक साम्यावस्था आने पर अग्र अभिक्रिया की दर पश्च अभिक्रिया की दर के बराबर हो जाती है, अर्थात् अभिक्रिया रुकती नहीं वरन् सतत रूप से दोनों ओर गतिक रहती है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
Cl<sub>2</sub> की उपस्थिति में PCl<sub>5</sub> के वियोजन की मात्रा कम हो जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
PCl<sub>5</sub> ⇌ PCl<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub>; ला-शातेलिए के नियमानुसार, Cl<sub>2</sub> की सान्द्रता बढ़ाने पर पश्च अभिक्रिया अधिक होगी जिससे PCl<sub>5</sub> का वियोजन घट जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
FeCl<sub>3</sub> के विलयन में NH<sub>4</sub>CNS मिलाने पर गहरा लाल रंग आ जाता है। इसमें NH<sub>4</sub>Cl विलयन मिलाने पर रंग गायब हो जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37841" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 1" width="337" height="65" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-1.png 337w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-1-300x58.png 300w" sizes="auto, (max-width: 337px) 100vw, 337px" /><br />
उपरोक्त विलयन में NH<sub>4</sub>Cl मिलाने पर पश्च अभिक्रिया तेजी से होती है तथा Fe(CNS)<sub>3</sub> विघटित हो जाती है जिससे लाल रंग गायब हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
अभिक्रिया, 2HI ⇌ H<sub>2</sub> + I<sub>2</sub> में दाब m गुना करने पर साम्य स्थिरांक पर क्या प्रभाव होगा?<br />
उत्तर:<br />
साम्य स्थिरांक पर दाब का कोई प्रभाव नहीं होता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
नाइट्रिक ऑक्साइड के संश्लेषण में उच्च ताप अमोनिया के संश्लेषण में अपेक्षाकृत कम ताप प्रयुक्त किया जाता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
नाइट्रिक ऑक्साइड का संश्लेषण ऊष्माशोषी अभिक्रिया है। वहीं अमोनिया का संश्लेषण ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सोडा वाटर की बोतल खोलने पर बुलबुले उठते हैं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
सोडा वाटर की बोतल खोलने पर दाब कम होने के कारण गैस की जल में विलेयता घट जाती है तथा गैस के तेजी से बाहर निकलने के कारण बुलबुले उठते हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
किस अभिक्रिया साम्य स्थिरांक के लिए अभिक्रिया पूर्णता की ओर अधिक होगी।<br />
K = 1; K = 10<sup>10</sup>; K = 10<sup>-10</sup><br />
उत्तर:<br />
K = 10<sup>10</sup></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
Mg एवं Fe दोनों ही Cu<sup>2+</sup> आयन को Cu में परिवर्तित कर देते हैं। यदि साम्यावस्थाएँ निम्न हों तो कौन अधिक सीमा तक Cu<sup>2+</sup> को Cu में परिवर्तित करेगा।<br />
Mg (g) + Cu<sup>2+</sup> ⇌ Mg<sup>2+</sup> Cu; K<sub>c</sub> = 6 × 10<sup>90</sup><br />
Fe(s) + Cu<sup>2+</sup> ⇌ Fe<sup>2+</sup> + Cu; K<sub>c</sub> = 3 x 10<sup>26</sup><br />
उत्तर:<br />
Mg क्योंकि K<sub>c</sub> अधिक होने पर अभिक्रिया पूर्णता की ओर अधिक होगी।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
उत्क्रमणीय अभिक्रिया A + B ⇌ C + D का साम्य स्थिरांक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\)</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
(a) अभिक्रिया a + bB ⇌ cC + dD के लिए स्थिरांक का व्यंजक लिखिए।<br />
(b) यदि उपरोक्त अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक K<sub>c</sub> = 5.0 x 10³ है तो अभिक्रिया CC + dD ⇌ C + dD के साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37842" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 2" width="424" height="242" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-2.png 424w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-2-300x171.png 300w" sizes="auto, (max-width: 424px) 100vw, 424px" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<sub>2</sub>, K<sub>c</sub> = 100 लीटर मोल हो तो निम्नलिखित अभिक्रियाओं के K<sub>1</sub>, K<sub>2</sub> के मान ज्ञात कीजिए।<br />
(i) 2NO<sub>2</sub> ⇌ N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub> तथा<br />
(ii) NO<sub>2</sub> ⇌ \(\frac {1}{2}\) N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(i) K<sub>1</sub> = \(\frac{1}{K_c}=\frac{1}{100}\) = 10<sup>-2</sup> मोल लीटर<sup>-1</sup> ;<br />
(ii) K<sub>1</sub> = \(\sqrt{\frac{1}{K_c}}=\sqrt{\frac{1}{100}}\) = 10<sup>-1</sup> मोल<sup>\(\frac {1}{2}\)</sup> लीटर<sup>\(\frac {1}{2}\)</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
विलेयता पर ताप का क्या प्रभाव होगा?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>यदि पदार्थ को घोलने पर ऊष्मा निकलती है तो ताप बढ़ाने पर उसकी विलेयता घट जाती है।</li>
<li>यदि पदार्थ को घोलने पर ऊष्मा शोषित होती है तो ताप बढ़ाने पर उसकी विलेयता बढ़ जाएगी।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 15.<br />
अभिक्रिया N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{[\mathrm{NO}]^2}{\left[\mathrm{~N}_2\right]\left[\mathrm{O}_2\right]}\) तथा K<sub>c</sub> = \(\frac{4 x^2}{(a-x)(b-x)}\)</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
अभिक्रिया PCl<sub>5</sub> ⇌ PCl<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub> के लिए K<sub>p</sub> व K<sub>c</sub> में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> x RT; ∵ ∆n = 1</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
ला &#8211; शातेलिए नियम किस अवस्था में लागू होता है।<br />
उत्तर:<br />
साम्यावस्था में।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
m<sub>1</sub>A(g) + m<sub>2</sub>B(g) → n<sub>1</sub>C(g) + n<sub>2</sub>D(g) के लिए K<sub>p</sub> तथा K<sub>c</sub> के मध्य सम्बन्ध का समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>\((\mathrm{RT})^{\left(n_1+n_2\right)-\left(m_1+m_2\right)}\)</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
निम्न में उत्क्रमणीय एवं अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ छाँटिए-<br />
(a) चूना भट्टी में चूने का टूटना<br />
(b) नौसादर का वायुमण्डल में ऊर्ध्वपातन<br />
(c) NH का बन्द पात्र में टूटना<br />
(d) KI में AgNO<sub>3</sub> मिलाना।<br />
उत्तर:<br />
उत्क्रमणीय (c) अनुत्क्रमणीय: (a), (b), (d)</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
रासायनिक साम्य स्थापित करने में उत्प्रेरक का क्या योगदान है?<br />
उत्तर:<br />
रासायनिक साम्य शीघ्र स्थापित हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
पहाड़ों पर बर्फ धीरे-धीरे पिघलती है, क्यों।<br />
उत्तर:<br />
ला-शातेलिए के नियम के अनुसार पहाड़ों पर दाब कम होता है अतः बर्फ ⇌ जल की साम्यावस्था उस ओर अधिक होती है जिधर आयतन अधिक होता है (जल में बर्फ की ओर) अतः बर्फ कम पिघलती है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
रासायनिक साम्य क्या है?<br />
उत्तर:<br />
रासायनिक साम्य अभिक्रिया की वह अवस्था जिसमें अग्र और विपरीत दोनों अभिक्रियाओं के वेग बराबर हो जाते हैं, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
सक्रिय द्रव्यमान का अर्थ स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी भी पदार्थ के सक्रिय द्रव्यमान का अभिप्राय उसकी आण्विक सान्द्रता से होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37843" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 3" width="435" height="76" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-3.png 435w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-3-300x52.png 300w" sizes="auto, (max-width: 435px) 100vw, 435px" /></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
साम्य स्थिरांक की परिभाषा दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
साम्य स्थिरांक-स्थिर ताप पर किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांकों के अनुपात को साम्य स्थिरांक कहते हैं।<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{K_f}{K_b}\)</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
ऐसी अभिक्रिया का उदाहरण दीजिए जिनमें<br />
(i) दाब बढ़ाने पर अधिक उत्पाद बनता हो<br />
(ii) ताप बढ़ाने पर अधिक उत्पाद बनता हो।<br />
उत्तर:<br />
(i) N<sub>2</sub>(g) + 3H<sub>2</sub> (g) ⇌ 2NH<sub>3</sub> (g) + 22,400 कैलोरी<br />
(ii) N<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub> (g) ⇌ 2NO (g) &#8211; 43,200 कैलोरी</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
किसी गैसीय साम्य पर क्या होगा जबकि ∆n का मान ऋणात्मक हो और दाब कम कर दिया जाये?<br />
उत्तर:<br />
∆n के ऋणात्मक मान का अर्थ क्रियाकारकों के कुल अणुओं की संख्या क्रियाफलों के कुल अणुओं की संख्या से अधिक है। अर्थात् गैसीय अभिक्रिया में दाब कम करने पर अभिक्रिया प्रतीप दिशा में विस्थापित होगी।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
सामान्य अभिक्रिया aA + bB → lL + mM हेतु ∆n = (1+ m) &#8211; (a + b) का कितना मान हो कि साम्य पर दाब का कोई प्रभाव नहीं पड़े?<br />
उत्तर:<br />
∆n = 0 होने पर दाब परिवर्तन से साम्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
K<sub>p</sub> व K<sub>c</sub> में सम्बन्ध बताइए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> (RT)<sup>∆n</sup></p>
<p>प्रश्न 29.<br />
हैबर विधि में अमोनिया की अधिकतम लब्धि हेतु किन शर्तों का होना आवश्यक है?<br />
उत्तर:<br />
हैबर विधि द्वारा अमोनिया की अधिकतम लब्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हैं-</p>
<ul>
<li>अधिकारकों (N<sub>2</sub> तथा H<sub>2</sub>) की उच्च सान्द्रता</li>
<li>उच्च दाब तथा कम ताप।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 30.<br />
K<sub>p</sub> तथा K<sub>c</sub> के मात्रक बताइए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> का मात्रक bar है।<br />
K<sub>c</sub> का मात्रक mol/L है।<br />
जब K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>∆</sup>n में ∆n = 0 होता है, तब ये विमा रहित हो जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
सक्रिय द्रव्यमान को कैसे प्रकट करते हैं?<br />
उत्तर:<br />
इसे व्यक्त करने के लिए प्रतीक अथवा सूत्र को बड़े कोष्ठक [ ] में लिखा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
∆n के पृथक् मान रखकर K<sub>p</sub> तथा K<sub>c</sub> के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
यदि ∆n=0 हो तो, K<sub>p</sub> = k<sub>c</sub><br />
∆n = + 1 हो, तो K<sub>p</sub> &gt; K<sub>c</sub><br />
∆n = &#8211; 1 हो, तो K<sub>p</sub> &gt; K<sub>c</sub></p>
<p>प्रश्न 33.<br />
द्रव्य अनुपाती क्रिया के नियम का प्रयोग H<sub>2</sub> तथा I<sub>2</sub> पर ही क्यों किया गया?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि कमरे के ताप पर H<sub>2</sub> तथा I<sub>2</sub> क्रिया नहीं करते हैं, परन्तु उच्च ताप पर ये पूर्ण क्रिया करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
अभिक्रिया वेग की इकाई क्या है?<br />
उत्तर:<br />
मोल लीटर<sup>-1</sup> सेकेण्ड<sup>-1</sup> होती है।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
K<sub>c</sub> से क्या ज्ञात होता है?<br />
उत्तर:<br />
K<sub>c</sub> को स्थिर सान्द्रता पर साम्य स्थिरांक कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
∆n ऋणात्मक मान की एक अभिक्रिया लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> → 2NH<sub>3</sub> (∆n = &#8211; 2 )</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
अभिक्रिया PCI<sub>5</sub> → PCI<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub> में यदि वियोजन की मात्रा x है तो K<sub>p</sub> का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{x^2 P}{\left(1-x^2\right)}\)</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
अभिक्रिया 2SO<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> → 2SO<sub>3</sub> + 45,2000 cal. में अधिकतम SO<sub>3</sub> प्राप्त करने के लिए आवश्यक परिस्थितियां कौन-सी हैं?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>उच्च दाब</li>
<li>निम्न ताप</li>
<li>SO<sub>2</sub> तथा O<sub>2</sub> का अधिक सान्द्रण।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 39.<br />
विद्युत अपघय से आप क्या समझते हो?<br />
उत्तर:<br />
वह पदार्थ जो जल में घोलने पर दो आवेशित भाग में टूट जाता है, विद्युत अपघट्य कहलाता है।<br />
उदाहरणार्थ &#8211; NaCl, NH<sub>4</sub>Cl, CuSO<sub>4</sub> आदि।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
आयनन की मात्रा से आप क्या समझते हो?<br />
उत्तर:<br />
किसी विद्युत अपघट्य का वह अंश जो आयनीकृत होता है, उसे आयनन की मात्रा कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
वह कौन-सा कारक है जिसका आयनन पर प्रभाव नहीं पड़ता है।<br />
उत्तर:<br />
दाब।</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
एक प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार की उदासीनीकरण ऊष्मा कितनी होती है?<br />
उत्तर:<br />
13.7 कैलोरी।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
अम्लों की सामर्थ्य किस पर निर्भर करती है ?<br />
उत्तर:<br />
अम्लों की सामर्थ्य उसके आयनन की मात्रा तथा जल में OH<sup>&#8211;</sup> आयनों के सान्द्रण पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
क्षारों की सामर्थ्य किस पर निर्भर करती है?<br />
उत्तर:<br />
क्षारों की सामर्थ्य उसके आयनन की मात्रा तथा जल में OH<sup>&#8211;</sup> आयनों के सान्द्रण निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
जल के आयनिक गुणनफल से आप क्या समझते हो? इसे किसके द्वारा व्यक्त करते हैं?<br />
उत्तर:<br />
स्थिर ताप पर जल में उपस्थित H<sup>+</sup> तथा OH<sup>&#8211;</sup> आयनों के सान्द्रण के गुणनफल को जल का आयनिक गुणनफल कहते हैं। इसे K<sub>w</sub> से प्रदर्शित करते हैं।<br />
K<sub>w</sub> = [H<sup>+</sup>][OH<sup>&#8211;</sup>]</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
K का मान कितना है?<br />
उत्तर:<br />
1 × 10<sup>-14</sup> ग्राम आयन / लीटर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 47.<br />
प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के जल-अपघटनांक स्थिरांक का सूत्र दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>w</sub> = \(\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_b}\)</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के जल अपघटनांक स्थिरांक का सूत्र दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>h</sub> = \(\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_a}\)</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार के जल अपघटनांक स्थिरांक का सूत्र दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>h</sub> = \(K<sub>w</sub> = [latex]\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_b}\)</p>
<p>प्रश्न 50.<br />
सम आयन प्रभाव क्या है?<br />
उत्तर:<br />
जब दो विद्युत अपघट्यों के विलयन में एक आयन समान होता है, तो कम आयनित विद्युत अपघट्य का आयनन कम हो जाता है। यही सम आयन प्रभाव कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
जल का H<sup>+</sup> आयन सान्दण कितना है?<br />
उत्तर:<br />
10<sup>-7</sup> ग्राम आयन प्रति लीटर।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
तनु जलीय विलयन में जल की मोलर सान्द्रता कितनी होती है?<br />
उत्तर:<br />
55.38 मोल प्रति लीटर।</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
जल का आयनन स्थिरांक कितना है?<br />
उत्तर:<br />
1.8 x 10<sup>-16</sup></p>
<p>प्रश्न 54.<br />
आरेनियस के आयनन सिद्धान्त के अनुसार अम्ल क्षार क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
वे पदार्थ जो जल में H<sup>+</sup> आयन देते हैं उन्हें अम्ल तथा जो पदार्थ जलीय विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> आयन देते हैं, उन्हें क्षार कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
जल किस प्रकार का व्यवहार करता है?<br />
उत्तर:<br />
यह अम्ल तथा क्षारक दोनों प्रकार का व्यवहार करता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37844" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 4" width="271" height="101" /></p>
<p>प्रश्न 56.<br />
संयुग्मी अम्ल क्षार समीकरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अम्ल<sub>1</sub> + क्षार<sub>2</sub> → अम्ल<sub>2</sub> + क्षार<sub>1</sub></p>
<p>प्रश्न 57.<br />
लुईस अम्ल कितने प्रकार होते हैं?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>उदासीन</li>
<li>विद्युत धनात्मक</li>
</ol>
<p>प्रश्न 58.<br />
लुईस क्षार कितने प्रकार के होते हैं?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>उदासीन</li>
<li>विद्युत ऋणात्मक।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 59.<br />
ऐसे धनायन का नाम बताइये जो जलीय विलयन में अम्लीय हो?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> आयन।</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
किसी विलयन में H<sup>+</sup> आयनों की सान्द्रता का ऋणात्मक लॉग (log) क्या कहलाता है ?<br />
उत्तर:<br />
pH मान।</p>
<p>प्रश्न 61.<br />
जल का pH मान कितना है?<br />
उत्तर:<br />
7</p>
<p>प्रश्न 62.<br />
बफर विलयन क्या है?<br />
उत्तर:<br />
इन विलयनों के pH मान स्थिर होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 63.<br />
यदि जल में अम्ल मिलाया जाय तो आयनन गुणनफल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?<br />
उत्तर:<br />
आयनन गुणनफल अपरिवर्तित रहेगा।</p>
<p>प्रश्न 64.<br />
यदि स्थिर ताप पर हीलियम मिलायी जाये तो PCI<sub>5</sub> के वियोजन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?<br />
उत्तर:<br />
कोई प्रभाव नहीं होगा।</p>
<p>प्रश्न 65.<br />
किसी लवण का K<sub>sp</sub> मान अधिक है। यह क्या दर्शाता है?<br />
उत्तर:<br />
लवण अधिक घुलनशील है।</p>
<p>प्रश्न 66.<br />
संयुग्मी अम्ल और संयुग्मी क्षार में क्या अन्तर है?<br />
उत्तर:<br />
संयुग्मी अम्ल और संयुग्मी क्षार एक प्रोटॉन के कारण भिन्न हैं।</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
BaCl<sub>2</sub> के सान्द्र विलयन में HCl प्रवाहित करने पर सफेद अवक्षेप आता है।<br />
उत्तर:<br />
HCl की उपस्थिति में [CH<sup>&#8211;</sup>] का मान अधिक हो जाता है तथा विलयन में [Ba<sup>2+</sup>] [Cl<sup>&#8211;</sup>]² का मान BaCl<sub>2</sub> के K<sub>sp</sub> से अधिक हो जाने के कारण BaCl का अवक्षेपण होने लगता है।<br />
[Ba<sup>2+</sup>] [Cl<sup>&#8211;</sup>]² (K<sub>sp</sub> साम्य पर)</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
फैरिक क्लोराइड का जलीय विलयन रखने पर भूरे रंग का अवक्षेप प्राप्त होता है।<br />
उत्तर:<br />
Fe<sup>3+</sup> + 3H<sub>2</sub>O → Fe (OH)<sub>3</sub> + 3H<sup>+</sup><br />
फैरिक आयन के जल अपघटन विलयन में भूरे का Fe(OH)<sub>3</sub> का अवक्षेप बन जाता है।</p>
<p>प्रश्न 69.<br />
BaCl के विलयन से Ba<sup>2+</sup> का भारात्मक विश्लेषण करते समय विलयन में H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> की थोड़ी अधिक मात्रा मिलायी जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
Ba<sup>2+</sup> आयनों का पूर्ण अवक्षेपण करने के लिए H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> कुछ अधिक मात्रा में मिलाया जाता है।<br />
BaCl<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → BaSO<sub>4</sub> + 2HCl</p>
<p>प्रश्न 70.<br />
Ca<sub>3</sub>(PO<sub>4</sub>)<sub>2</sub> लवण HCI की उपस्थिति में जल में घुल जाता है।<br />
उत्तर:<br />
HCl, H<sub>3</sub>PO<sub>4</sub> से प्रबल अम्ल होने के कारण Ca<sub>3</sub>(PO<sub>4</sub>)<sub>2</sub> को अपघटित कर देता है।<br />
Ca<sub>3</sub>(PO<sub>4</sub>)<sub>2</sub> + 6HCl → 3CaCl<sub>2</sub>, 2H<sub>3</sub>PO<sub>4</sub></p>
<p>प्रश्न 71.<br />
बहु-प्रोटॉनीय अम्ल (Poly Protonic acid) किन्हें कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे अम्ल जो एक से अधिक प्रोटॉन देते हैं; बहु-प्रोटॉनीय अम्ल कहलाते हैं, जैसे- H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>, H<sub>3</sub>PO<sub>4</sub>, H<sub>2</sub>PO<sub>3</sub> आदि।</p>
<p>प्रश्न 72.<br />
बोरॉन के हैलाइडों को बढ़ती हुई अम्लीय प्रकृति के क्रम में कारण सहित व्यवस्थित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
BF<sub>3</sub> &lt; BCl<sub>3</sub> &lt; BBr<sub>3</sub> &lt; Bl<sub>3</sub> ऐसा पश्च आबन्धन (back bonding) के कारण होता है।</p>
<p>प्रश्न 73.<br />
अम्लीय बफर विलयन का उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
CH<sub>3</sub>COOH + CH<sub>3</sub>COONa</p>
<p>प्रश्न 74.<br />
NaCl, CuSO<sub>4</sub> एवं KNO<sub>3</sub> लवणों में से किस लवण का जल अपघटन होगा?<br />
उत्तर:<br />
CuSO<sub>4</sub> का, NaCl व KNO<sub>3</sub> प्रबल अम्ल प्रबल क्षार के लवण हैं।</p>
<p>प्रश्न 75.<br />
pH पैमाने पर ताप बढ़ाने से क्या प्रभाव पड़ता है।<br />
उत्तर:<br />
pH पैमाना ताप बढ़ाने पर 0 से 14 की जगह 0 से 14 से कम हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 76.<br />
धातु के दो ऑक्साइड लिखिए जो अम्लीय होते हैं।<br />
उत्तर:<br />
Mn<sub>2</sub>O<sub>7</sub>; CrO<sub>3</sub></p>
<p>प्रश्न 77.<br />
अधातुओं से प्राप्त उदासीन एवं उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-कौन से हैं?<br />
उत्तर:<br />
उदासीन ऑक्साइड CO, N<sub>2</sub>O, NO: उभयधर्मी ऑक्साइड : H<sub>2</sub>O</p>
<p>प्रश्न 78.<br />
Ag के हैलाइडों में जल में घुलनशील हैलाइड कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
AgF</p>
<p>प्रश्न 79.<br />
संयुग्मी अम्ल-क्षार के वियोजन स्थिरांकों में क्या सम्बन्ध होता है?<br />
उत्तर:<br />
K<sub>a</sub> x K<sub>b</sub> = K<sub>w</sub></p>
<p>प्रश्न 80.<br />
BF<sub>3</sub>, NF<sub>3</sub>, AlCl<sub>3</sub> तथा SnCl<sub>4</sub> में कौन लुईस क्षार है?<br />
उत्तर:<br />
NF<sub>3</sub></p>
<p>प्रश्न 81.<br />
CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup>, NH<sub>4</sub><sup>+</sup>, BF<sub>3</sub> एवं SO<sub>3</sub> में अम्ल एवं क्षार बताइए-<br />
उत्तर:<br />
अम्ल NH<sub>4</sub><sup>+</sup>, BF<sub>3</sub>, SO<sub>3</sub> क्षार CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup></p>
<p>प्रश्न 82.<br />
Ca के हैलाइडों में जल में अविलेय हैलाइड कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
CaF<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 83.<br />
क्या फिनॉल्फ्थलीन NH<sub>4</sub>OH के विलयन में गुलाबी रंग देगा?<br />
उत्तर:<br />
हाँ।</p>
<p>प्रश्न 84.<br />
निम्नलिखित दशाओं में विलयन की प्रकृति बताइए।<br />
(a) pH &gt; 7<br />
(b) pH &lt; 7<br />
(c) pH = 7<br />
उत्तर:<br />
(a) क्षारीय<br />
(b) अम्लीय<br />
(c) उदासीन।</p>
<p>प्रश्न 85.<br />
हैलोजन अम्लों में कौन-सा अम्ल दो प्रकार के लवण बनाता है?<br />
उत्तर:<br />
हैलोजन अम्लों में HF दो प्रकार के लवण बनाता है। क्योंकि इसकी प्रकृति H<sub>2</sub>F<sub>2</sub> बनाने की होती है। ऐसा हाइड्रोजन आबन्ध बनने के कारण होता है। यह दो लवण KHF<sub>2</sub> तथा KF बनाता है।</p>
<p>प्रश्न 86.<br />
विद्युत अपघटनी सुचालकों की चालकता पर ताप का क्या प्रभाव होता है?<br />
उत्तर:<br />
बढ़ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 87.<br />
किसी लवण का जलीय विलयन अम्लीय है अथवा क्षारीय, कैसे ज्ञात करोगे।<br />
उत्तर:<br />
लिटमस परीक्षण द्वारा लिटमस पेपर के नीला होने पर क्षारीय तथा लाल होने पर अम्लीय।</p>
<p>प्रश्न 88.<br />
जल के आयनिक गुणनफल का मान क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
25°C पर K<sub>w</sub> = 10<sup>-14</sup></p>
<p>प्रश्न 89.<br />
यदि किसी विलयन की pH 5-5 हो तो POH कितनी होगी ?<br />
उत्तर:<br />
POH = 8.5</p>
<p>प्रश्न 90.<br />
साम्य से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
साम्य वह स्थिति है जिस पर अग्रगामी अभिक्रिया की दर पश्चगामी अभिक्रिया की दर के बराबर हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 91.<br />
भौतिक साम्य क्या है? उदाहरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
समान पदार्थ की दो विभिन्न भौतिक अवस्थाओं के मध्य स्थापित साम्यावस्था भौतिक साम्य कहलाती है।<br />
उदाहरणार्थं -H<sub>2</sub>O(s) ⇌ H<sub>2</sub>O(l)</p>
<p>प्रश्न 92.<br />
क्या साम्य एक खुले पात्र में प्राप्त हो सकता है, जबकि उत्पाद इससे निष्कासित सकते हों?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि यदि उत्पाद पात्र से निष्कासित हो जाएँगे तो यह उत्क्रमणीय प्रक्रम नहीं होगा। अतः साम्यावस्था प्राप्त नहीं होगी।</p>
<p>प्रश्न 93.<br />
अभिक्रिया<br />
N<sub>2</sub>(g) + 3H<sub>2</sub>(g) ⇌ 2NH<sub>3</sub>(g)<br />
के लिए K<sub>c</sub> का व्यंजक लिखिए K<sub>c</sub> की इकाई दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_2\right]\left[\mathrm{H}_2\right]^3}\)<br />
= \(\frac{\left(\mathrm{mol} \mathrm{L}^{-1}\right)^2}{\left(\mathrm{~mol} \mathrm{~L}^{-1}\right)\left(\mathrm{mol} \mathrm{L}^{-1}\right)^3}\)<br />
= L² mol<sup>-2</sup></p>
<p>प्रश्न 94.<br />
उन कारकों के नाम बताइए जो किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की साम्यावस्था को प्रभावित कर सकते हैं।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>ताप</li>
<li>दाब</li>
<li>सान्द्रता</li>
<li>उत्प्रेरक।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 95.<br />
किस ताप पर ठोस तथा द्रव 1 atm दाब के अन्तर्गत साम्य में होंगे ?<br />
उत्तर:<br />
गलनांक अथवा हिमांक पर।</p>
<p>प्रश्न 96.<br />
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में दाब वृद्धि का क्या प्रभाव होगा?<br />
(1) PCl<sub>5</sub>(g) ⇌ PCl<sub>3</sub>(g) + Cl<sub>2</sub>(g)<br />
(2) N<sub>2</sub> (g) + O<sub>2</sub>(g) ⇌ 2NO (g)<br />
उत्तर:<br />
(1) साम्य पश्चगामी अभिक्रिया में विस्थापित हो जाएगा।<br />
(2) कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 97.<br />
अभिक्रिया N<sub>2</sub>O<sub>4</sub>(g) ⇌ 2NO<sub>2</sub>(g) के लिए K<sub>p</sub> का व्यंजक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{NO}_2}\right)^2}{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{N}_2 \mathrm{O}_4}\right)}\)</p>
<p>प्रश्न 98.<br />
बन्द पात्र में होने वाली कौन-सी रासायनिक अभिक्रियाएँ साम्यावस्था प्राप्त करती हैं?<br />
उत्तर:<br />
बन्द पात्र में होने वाली उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रियाएँ साम्यावस्था प्राप्त करती हैं।</p>
<p>प्रश्न 99.<br />
H<sub>2</sub>(g) + I<sub>2</sub>(g) ⇌ 2HI (g), K = 49<br />
अभिक्रिया HI (g) ⇌ \(\frac {1}{2}\) H<sub>2</sub>(g) + \(\frac {1}{2}\)I<sub>2</sub>(g) के लिए K<sub>c</sub> का मान क्या है?<br />
उत्तर:<br />
K = \(\frac{[\mathrm{HI}]^2}{\left[\mathrm{H}_2\right]\left[\mathrm{I}_2\right]}\) = 49<br />
K = \(\frac{\left[\mathrm{H}_2\right]^{1 / 2}\left[\mathrm{I}_2\right]^{1 / 2}}{[\mathrm{HI}]}=\frac{1}{\sqrt{K}}=\frac{1}{\sqrt{49}}=\frac{1}{7}\)</p>
<p>प्रश्न 100.<br />
N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2NH<sub>3</sub> + ऊष्मा इस अभिक्रिया के लिए K का मान ताप बढ़ने पर किस प्रकार प्रभावित होगा?<br />
उत्तर:<br />
ताप बढ़ाने पर K का मान घट जाएगा।</p>
<p>प्रश्न 101.<br />
गर्म शीतल पेय तथा ठण्डी शीतल पेय की बोतलों में से किसमें CO<sub>2</sub> की अधिक मात्रा होगी और क्यों?<br />
उत्तर:<br />
ठण्डी बोतल में CO<sub>2</sub> अधिक मात्रा में होगी, चूँकि द्रवों में गैसों की विलेयता ताप में कमी आने पर बढ़ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 102.<br />
एक उत्प्रेरक साम्यावस्था स्थिरांक को किस प्रकार प्रभावित करता है?<br />
उत्तर:<br />
साम्यावस्था स्थिरांक उत्प्रेरक द्वारा प्रभावित नहीं होता है।</p>
<p>प्रश्न 103.<br />
आयनिक साम्यावस्था को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी दुर्बल विद्युत अपघट्य के वियोजन के दौरान आयनों तथा अनायनित अणुओं के मध्य स्थापित साम्य, आयनिक साम्यावस्था कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 104.<br />
वियोजन की मात्रा पर ताप वृद्धि का क्या प्रभाव होता है?<br />
उत्तर:<br />
वियोजन की मात्रा ताप वृद्धि पर बढ़ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 105.<br />
जलीय विलयन में HCN के आयनन के लिए, K<sub>a</sub> का व्यंजक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
HCN + H<sub>2</sub>O ⇌ H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> + CN<sup>&#8211;</sup><br />
K<sub>a</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{H}_3 \mathrm{O}^{+}\right]\left[\mathrm{CN}^{-}\right]}{[\mathrm{HCN}]}\)</p>
<p>प्रश्न 106.<br />
जल के आयनिक गुणनफल (K<sub>w</sub>) से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
यह विशिष्ट ताप पर [H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>] तथा [OH<sup>&#8211;</sup>] की सान्द्रता का गुणनफल स्थिरांक होता है।<br />
K = [H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>] [OH<sup>&#8211;</sup>]<br />
= 1.0 × 10<sup>-14</sup></p>
<p>प्रश्न 107.<br />
विलेयता गुणनफल (K<sub>sp</sub>) पर ताप का क्या प्रभाव होता है?<br />
उत्तर:<br />
K<sub>sp</sub> ताप बढ़ाने पर बढ़ता है, चूंकि विलेयता बढ़ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 108.<br />
क्या pH = 2 पर Fe(OH)<sub>3</sub> का अवक्षेप प्राप्त करना सम्भव है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं क्योंकि FO(OH)<sub>3</sub> प्रबल अम्लीय माध्यम में विलेय होगा।</p>
<p>प्रश्न 109.<br />
किन परिस्थितियों के अन्तर्गत एक पदार्थ अपने विलयन से अवक्षेपित हो जाएगा?<br />
उत्तर:<br />
जब आयनिक गुणनफल, विलेयता गुणनफल से अधिक हो जाता है, तब अवक्षेप प्राप्त होता है।</p>
<p>प्रश्न 110.<br />
सम-आयन प्रभाव किस प्रकार विद्युत अपघट्य की विलेयता को प्रभावित करता है?<br />
उत्तर:<br />
सम-आयनं प्रभाव के कारण विद्युत अपघट्यों की विलेयता घट जाती है।</p>
<p>प्रश्न 111.<br />
क्षारीय बफर क्या है?<br />
उत्तर:<br />
क्षारीय बफर वह बफर है जिसका pH 7 से अधिक होता है। यह दुर्बल क्षारक तथा प्रबल अम्ल के साथ इसके लवण का मिश्रण होता है; जैसे-NH<sub>4</sub> Cl + NH<sub>4</sub> OH</p>
<p>प्रश्न 112.<br />
अम्लों A, B, C, D के pK<sub>a</sub> मान 1.5, 3.5, 2.0 तथा 5.0 हैं। इनमें से कौन-सा प्रबलतम अम्ल है?<br />
उत्तर:<br />
pK<sub>a</sub> = 1.5 वाला अम्ल &#8216;A&#8217; प्रबलतम अम्ल है; क्योंकि pK<sub>a</sub> का मान न्यूनतम होने पर अम्ल प्रबलतम होता है।</p>
<p>प्रश्न 113.<br />
SO<sub>3</sub><sup>2-</sup> ब्रॉन्स्टेड क्षारक है अथवा अम्ल और क्यों?<br />
उत्तर:<br />
SO<sub>3</sub><sup>2-</sup> ब्रॉन्स्टेड क्षारक है, चूँकि प्रोटॉन (H<sup>+</sup>) ग्रहण करता है।</p>
<p>प्रश्न 114.<br />
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम अम्ल है-<br />
CCl<sub>4</sub>, AlCl<sub>3</sub>, NCl<sub>3</sub>, OCl<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
AlCl<sub>3</sub> प्रबलतम लूईस अम्ल है क्योंकि इसका अष्टक पूर्ण नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 115.<br />
बफर विलयन के दो अनुप्रयोग बताइए।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>बफर विलयनों का प्रयोग दवाइयों में किया जाता है।</li>
<li>बफर विलयन, रक्त के pH को नियन्त्रित करते हैं।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 116.<br />
निम्नलिखित में से कौन-सा लूईस अम्ल है। परन्तु ब्रॉन्स्टेड अम्ल नहीं है-<br />
HBrO<sub>3</sub>, SbCl<sub>3</sub>, HSO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup>, AlF<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
SbCl<sub>3</sub> तथा AlF<sub>3</sub> लूईस अम्ल हैं परन्तु ब्रॉन्स्टेड अम्ल नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 117.<br />
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम अम्ल है-<br />
HCl, HClO<sub>3</sub>, HNO<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>, HClO<sub>4</sub><br />
उत्तर:<br />
HClO<sub>4</sub> प्रबलतम अम्ल है।</p>
<p>प्रश्न 118.<br />
निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्बलतम अम्ल है।<br />
HClO<sub>4</sub>, HClO<sub>3</sub>, HClO<sub>2</sub>, HClO<br />
उत्तर:<br />
HClO दुर्बलतम अम्ल है।</p>
<p>प्रश्न 119.<br />
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रबलतम संयुग्मी क्षारक<br />
CH<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup>, NH<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup>, OH<sup>&#8211;</sup>, F<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
CH<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup> प्रबलतम संयुग्मी क्षारक है।</p>
<p>प्रश्न 120.<br />
HCN तथा NH+ के संयुग्मी क्षारक बताइए।<br />
उत्तर:<br />
HCN का संयुग्मी क्षारक CN<sup>&#8211;</sup> है तथा NH<sub>4</sub><sup>+</sup> का संयुग्मी क्षारक NH<sub>3</sub> है।</p>
<p>प्रश्न 121.<br />
ताप बढ़ाने पर जल के आयनिक गुणनफल पर क्या प्रभाव होगा?<br />
उत्तर:<br />
ताप बढ़ाने इसमें वृद्धि होगी; क्योंकि जल का वियोजन एक ऊष्माशोषी प्रक्रम है।</p>
<p>प्रश्न 122.<br />
द्रवों में गैसों की विलेयता पर दाब में वृद्धि का प्रभाव बताइए।<br />
उत्तर:<br />
द्रवों में गैसों की विलेयता दाव में वृद्धि होने पर बढ़ती है।</p>
<p>प्रश्न 123.<br />
NH<sub>4</sub>OH के लिए K<sub>b</sub> का मान 1.8 x 10<sup>-5</sup> तथा CH<sub>3</sub> NH<sub>2</sub> के लिए 4.4 x 10<sup>-6</sup> इनमें से कौन सा प्रबलतम क्षारक है और क्यों?<br />
उत्तर:<br />
CH<sub>3</sub> NH<sub>2</sub> प्रबलतम क्षारक होगा चूँकि इसके क्षारक वियोजन स्थिरांक का मान अधिक है।</p>
<p>प्रश्न 124.<br />
निम्नलिखित दशाओं में विलयन की प्रकृति बताइए-<br />
(i) pH &lt; 7<br />
(ii) pH &gt; 7<br />
उत्तर:<br />
(i) अम्लीय<br />
(ii) क्षारीय</p>
<p>प्रश्न 125.<br />
बफर विलयन से क्या समझते हैं? निम्न में कौन-सा बफर विलयन है?<br />
(1) KOH + HC<br />
(2) HNO<sub>3</sub> + KNO<sub>3</sub><br />
(3) CH<sub>3</sub> COOH + CH<sub>3</sub>COONa<br />
(4) HCI + NaCl.<br />
उत्तर:<br />
बफर विलयन (Buffer solution)-वे विलयन जिनकी अम्लीयता या क्षारीयता आरक्षित होती है, बफर विलयन कहलाते हैं।<br />
CH<sub>3</sub> COOH CH<sub>3</sub> COO Na विलयन का मिश्रण बफर विलयन है।</p>
<p>प्रश्न 126.<br />
जल के आयनिक गुणनफल की परिभाषा लिखिए। साधारण ताप पर जल के आयनिक गुणनफल मान लिखिए<br />
उत्तर:<br />
जल में विद्यमान H<sup>+</sup> व OH<sup>&#8211;</sup> आयनों के सान्द्रण के गुणनफल को जल का आयनिक गुणनफल कहते हैं साधारण ताप पर इसका मान 1 x 10<sup>-14</sup> होता है।<br />
K<sub>w</sub> = [H<sup>+</sup>] x [OH<sup>&#8211;</sup>]</p>
<p>प्रश्न 127.<br />
किसी विलयन में विद्यमान हाइड्रोजन आयनों की सान्द्रता तथा उसके pH में क्या सम्बन्ध होता है? सूत्र द्वारा व्यक्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी विलयन के H<sup>+</sup> आयन सान्द्रण व उसके pH मान में सम्बन्ध को निम्नलिखित सूत्र द्वारा व्यक्त किया जाता है-pH log<sub>10</sub> [H<sup>+</sup>]</p>
<p>प्रश्न 128.<br />
एक समीकरण दीजिए जो प्रदर्शित करता हो कि NH<sub>3</sub> एक आरहीनियस क्षारक है?<br />
उत्तर:<br />
NH<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O → NH<sub>4</sub><sup>+</sup> + OH<sup>&#8211;</sup><br />
उपर्युक्त समीकरण प्रदर्शित करता है कि NH<sub>3</sub> एक आहनियस क्षारक है, चूंकि यह जलीय विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> देता है।</p>
<p>प्रश्न 129.<br />
H<sub>2</sub>O का संयुग्मी अम्ल तथा संयुग्मी क्षारक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
संयुग्मी अम्ल : H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> तथा<br />
संयुग्मी क्षारक : OH<sup>+</sup></p>
<p>प्रश्न 130.<br />
प्रबल विद्युत अपघट्य के चार उदाहरण लिखिए?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>NaCl</li>
<li>H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub></li>
<li>K<sub>2</sub>SO<sub>4</sub></li>
<li>Ba(OH)<sub>2</sub></li>
</ol>
<p>प्रश्न 131.<br />
विशुद्ध विद्युत अपघय के दो उदाहरण दो-<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>NaCl</li>
<li>KNO<sub>3</sub></li>
</ol>
<p>प्रश्न 132.<br />
विभव विद्युत अपघट्य के दो उदाहरण लिखिए?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>CH<sub>3</sub> COOH</li>
<li>HCN</li>
</ol>
<p>प्रश्न 133.<br />
चार क्षारों के pK<sub>b</sub> निम्न हैं।</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>क्षार =</td>
<td>AOH</td>
<td>BOH</td>
<td>COH</td>
<td>DOH</td>
</tr>
<tr>
<td>PK<sub>b  </sub>=</td>
<td>4.0</td>
<td>4.5</td>
<td>5.0</td>
<td>5.5</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>अब pK<sub>b</sub> की सहायता से निम्न प्रश्नों के उत्तर दो-<br />
(1) प्रबलतम क्षार है-<br />
उत्तर:<br />
AOH</p>
<p>(2) दुर्बलतम क्षार है-<br />
उत्तर:<br />
DOH</p>
<p>(3) इन क्षारों को बढ़ती सामर्थ्य के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-<br />
उत्तर:<br />
DOH &lt; COH &lt; BOH &lt; AOH</p>
<p>(4) कौन सा क्षार प्रबलतम संयुग्मी अम्ल देगा-<br />
उत्तर:<br />
DOH</p>
<p>(5) कौन सा क्षार दुर्बलतम संयुग्मी अम्ल देगा-<br />
उत्तर:<br />
AOH</p>
<p>प्रश्न 134.<br />
निम्न यौगिकों में से कौन से यौगिक अप्रोटिक हैं-<br />
H<sub>2</sub>O, BF<sub>3</sub>, CHCl<sub>3</sub>, HSO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup>, NH<sub>4</sub><sup>+</sup>, C<sub>6</sub>H<sub>6</sub><br />
उत्तर:<br />
BF<sub>3</sub>, CHCl<sub>3</sub>, C<sub>6</sub>H<sub>6</sub> अप्रोटिक यौगिक हैं क्योंकि इनमें प्रोटॉन नहीं हैं।</p>
<p>प्रश्न 135.<br />
निम्न में से कौन से सदस्य उभय प्रोटिक हैं?<br />
NH<sub>4</sub><sup>+</sup>, H<sub>2</sub>O, H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>, HSO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup>, BF<sub>3</sub>,<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O, HSO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup> उभय प्रोटिक है क्योंकि ये प्रोटॉन दे भी सकते हैं और प्रोटॉन ले भी सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 136.<br />
H<sub>2</sub>O के आयनन स्थिरांक का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O ⇌ H<sup>+</sup> + OH<sup>&#8211;</sup><br />
K = \(\frac{\left[\mathrm{H}^{+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}{\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\right]}=\frac{\mathrm{K}_w}{\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\right]}=\frac{1 \times 10^{-14}}{55 \cdot 4}\)<br />
= 1.8 x 10<sup>-16</sup></p>
<p>प्रश्न 137.<br />
एक लीटर जल में हाइड्रोनियम आयनों की संख्या क्या होगी?<br />
उत्तर:<br />
एक लीटर जल में हाइड्रोनियम आयनों<br />
की संख्या [H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>] x N<sub>A</sub> (आवोगाद्रो संख्या)<br />
= 1 × 10<sup>-7</sup> x 6.02 x 10<sup>23</sup><br />
= 6.02 × 10<sup>16</sup> आयन</p>
<p>प्रश्न 138.<br />
एक विद्यार्थी शुद्ध जल में [OH<sup>&#8211;</sup>] = 5 × 10<sup>-7</sup> ग्राम आयन / ली० ज्ञात करता है तो जल के आयनिक गुणनफल का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
हम जानते हैं कि,<br />
शुद्ध जल में [OH<sup>&#8211;</sup>] = [H<sup>+</sup>]<br />
K<sub>w</sub> = [OH<sup>&#8211;</sup>] = [H<sup>+</sup>] = [OH<sup>&#8211;</sup>]<br />
= (5 x 10<sup>-7</sup>)²<br />
K<sub>w</sub> = 25 x 10<sup>-14</sup> ग्राम मोल /ली०²</p>
<p>प्रश्न 139.<br />
ऐसीटिक अम्ल जो कि एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है, को 50 ग्राम मात्रा के जल के निम्न आयतनों में घोला-<br />
(1) 1 ली०<br />
(2) 10 ली०<br />
(3) 100 ली०<br />
(4) 1000 ली०<br />
अब बताओ-<br />
(1) कौन से विलयन की आयनन की मात्रा अधिकतम है?<br />
उत्तर:<br />
1000 ली० वाले विलयन की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>(2) कौन से विलयन में आयनन की मात्रा निम्नतम है?<br />
उत्तर:<br />
1 ली० वाले विलयन की।</p>
<p>(3) ऊपर दिये गये अम्लों को आयनन की मात्रा के आधार पर व्यवस्थित करें।<br />
उत्तर:<br />
(1 ली० &lt; 10 ली० &lt; 100 ली० &lt; 1000 ली.) वाले विलयन।</p>
<p>प्रश्न 140.<br />
सामान्य रक्त की pH कितनी होती है?<br />
उत्तर:<br />
सामान्य रक्त की pH 7.4 होती है।</p>
<p>प्रश्न 141.<br />
समुद्री जल की pH कितनी होती है?<br />
उत्तर:<br />
समुद्री जल की pH 8.2 होती है।</p>
<p>प्रश्न 142.<br />
CH<sub>3</sub> COO<sup>&#8211;</sup> तथा OH<sup>&#8211;</sup> आयनों में से दुर्बल क्षार कौन सा है?<br />
उत्तर:<br />
OH<sup>&#8211;</sup> की तुलना में CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> दुर्बल क्षार है।</p>
<p>प्रश्न 143.<br />
यदि विलयन में HCl उपस्थित है तो H<sub>2</sub>S के आयनन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?<br />
उत्तर:<br />
HCl की उपस्थिति में H<sub>2</sub>S का आयनन कम हो जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 144.<br />
साम्यावस्था पर ∆G का मान क्या होता है।<br />
उत्तर:<br />
साम्यावस्था पर ∆G का मान शून्य होता है।</p>
<p>प्रश्न 145.<br />
यदि किसी अभिक्रिया के लिये Q<sub>c</sub> = K है तो यह क्या प्रदर्शित करता है।<br />
उत्तर:<br />
Q<sub>c</sub> = K प्रदर्शित करता है कि अभिक्रिया साम्यावस्था में है।</p>
<p>प्रश्न 146.<br />
किसी संतृप्त विलयन का ताप बढ़ाने पर क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
किसी संतृप्त विलयन का ताप बढ़ाने पर यह असंतृप्त हो जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 147.<br />
किसी एक ऐसी अभिक्रिया का उदाहरण दो जिसका ताप बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ती है।<br />
उत्तर:<br />
सभी ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं का ताप बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती है।<br />
उदाहरण-N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO &#8211; ऊर्जा</p>
<p>प्रश्न 148.<br />
किसी एक ऐसी अभिक्रिया का उदाहरण दो जिसका दाब बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती हो।<br />
उत्तर:<br />
N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2NH<sub>3</sub><br />
उपरोक्त अभिक्रिया का दाब बढ़ाने पर उत्पाद की मात्रा बढ़ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 149.<br />
NH<sub>4</sub>Cl(s) ⇌ NH<sub>3</sub> (g) + HCl(g) के लिये साम्य स्थिरांक व्यंजक लिखो,<br />
उत्तर:<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right][\mathrm{HCl}]}{\left[\mathrm{NH}_4 \mathrm{Cl}\right]}\)<br />
परन्तु [NH<sub>4</sub>Cl] = 1<br />
K<sub>c</sub> = [NH<sub>3</sub>] [HCl]</p>
<p>प्रश्न 150.<br />
जल में HCI का आयनन निम्न अभिक्रियाओं के द्वारा होता है-<br />
HCl<sub>(aq)</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>(l)</sub> ⇌ H<sub>3</sub>O<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> + Cl<sup>&#8211;</sup><sub>(aq)</sub><br />
इस आयनन में दो संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म को पहचाने।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>HCl (अम्ल), Cl<sup>&#8211;</sup> (संयुग्मी क्षार)</li>
<li>H<sub>2</sub>O (क्षार) H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> (संयुग्मी अम्ल)</li>
</ol>
<p>प्रश्न 151.<br />
चीनी के जलीय विलयन में से विद्युत का प्रवाह नहीं होता है। वरन् यदि इसमें NaCl को मिला दें तो यह विद्युत प्रवाह करता है। इस कथन को आप आयनन के रूप में किस प्रकार व्याख्यायित करेंगे।<br />
उत्तर:<br />
(i) चीनी एक अनअपघट्य है अतः इसका आयनन नहीं होता है जबकि NaCl पूर्ण रूप से जल में आयनित हो जाता है और Na<sup>+</sup> तथा Cl<sup>&#8211;</sup> आयन प्रदान करता है जिसकी सहायता से विद्युत धारा प्रवाहित होती है।</p>
<p>(ii) NaCl की सान्द्रता को यदि बढ़ा दिया जाये तो अधिक मात्रा में Na<sup>+</sup> तथा Cl<sup>&#8211;</sup> आयनों का निर्माण होगा और विद्युत का प्रवाह बढ़ जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 152.<br />
BF<sub>3</sub> प्रोटॉन नहीं रखती है तब भी यह अम्ल की तरह व्यवहार कर NH<sub>3</sub> से अभिक्रिया करती है। ऐसा क्यों? इन दोनों के मध्य किस प्रकार का बन्ध बनता है।<br />
उत्तर:<br />
BF<sub>3</sub> एक इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक है अतः यह लूईस अम्ल की तरह व्यवहार करता है। NH<sub>3</sub> के पास एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है जिसे यह BF को दान करके उपसहसंयोजक बन्ध का निर्माण करता है।<br />
(H<sub>3</sub>N → BF<sub>3</sub>)</p>
<p>प्रश्न 153.<br />
दुर्बल क्षार MOH के आयनन स्थिरांक को निम्न व्यंजक के द्वारा व्यक्त करते हैं।<br />
K<sub>b</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{M}^{+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}{[\mathrm{MOH}]}\)<br />
कुछ दुर्बल क्षारों के, आयनन स्थिरांक के मानों को निम्न सारणी में दिया गया है।<br />
क्षार &#8211; डाइमेथिल अमीन यूरिया पिरीडीन अमोनिया<br />
K<sub>b</sub>-5.4 x 10<sup>4-</sup> 1.3 x 10<sup>-14</sup> 1.77 × 10<sup>-9</sup> 1.77 × 10<sup>5</sup><br />
साम्यावस्था पर इनके क्षारों को वियोजन की घटती मात्रा के क्रम में व्यवस्थित करें। इनमें से कौन-सा क्षार प्रबलतम है।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>b</sub> का मान जितना अधिक होगा उस क्षार का आयनन भी उतना अधिक होगा अतः आयनन का क्रम है।<br />
डाइमेथिल एमीन &gt; अमोनिया &gt; पिरीडीन &gt; यूरिया<br />
जिसका आयनन जितना अधिक होता है वह उतना अधिक प्रबल क्षार होता है? अतः डाइमेथिल एमीन प्रबल क्षार है।</p>
<p>प्रश्न 154.<br />
दुर्बल क्षार का संयुग्मी अम्ल प्रबल होता है। निम्न संयुग्मी क्षारों की क्षारकता का घटता क्रम है।<br />
OH<sup>&#8211;</sup>, RO<sup>&#8211;</sup>, CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup>, Cl<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
दिये गये क्षारों के संयुग्मी अम्ल हैं-H<sub>2</sub>O, ROH, CH<sub>3</sub>COOH, HCl<br />
इनकी अम्लता का क्रम है HCl &gt; CH<sub>3</sub>COOH &gt; H<sub>2</sub>O &gt; ROH<br />
अतः संयुग्मी क्षारों की क्षारकता का क्रम है<br />
Cl<sup>&#8211;</sup> &lt; CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> &lt; OH<sup>&#8211;</sup> &lt; RO<sup>&#8211;</sup><br />
या<br />
RO<sup>&#8211;</sup> &gt; OH<sup>&#8211;</sup> &gt; CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> &gt; Cl<sup>&#8211;</sup></p>
<p>प्रश्न 155.<br />
निम्न को pH मान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें।<br />
KNO<sub>3(aq)</sub> CH<sub>3</sub>COONa<sub>(aq)</sub>, NH<sub>4</sub>Cl<sub>(aq)</sub>, C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COONH<sub>4(aq)</sub><br />
उत्तर:<br />
KNO<sub>3</sub> (प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार का लवण) अतः विलयन उदासीन, pH = 7<br />
CH<sub>3</sub>COON (दुर्बल अम्ल &#8211; प्रबल क्षार का लवण) विलयन क्षारीय pH &gt; 7<br />
NH<sub>4</sub>Cl (प्रबल अम्ल दुर्बल क्षार का लवण) विलयन अम्लीय, pH &lt; 7<br />
C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COONH<sub>4</sub> (दोनों दुर्बल परन्तु NH<sub>4</sub>OH, C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COOH की तुलना में थोड़ा प्रबल होता है) अतः pH-7 के लगभग परन्तु 7 से थोड़ा ज्यादा होगा।<br />
अतः pH का क्रम है-NH<sub>4</sub>Cl &lt; C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COONH<sub>4</sub> &gt; KNO<sub>3</sub> &lt; CH<sub>3</sub>COON</p>
<p>प्रश्न 156.<br />
2HI<sub>(g)</sub> ⇌ H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub> के लिये K<sub>c</sub> = 1 x 10<sup>-4</sup> दिये गये समय पर अभिक्रिया मिश्रण की सान्द्रता है।<br />
[HI] = 2 × 10<sup>-5</sup> mol, [H<sub>2</sub>] = 1 x 10<sup>-5</sup> mol, [I<sub>2</sub>] = 1 × 10<sup>-5</sup> mol<br />
अभिक्रिया किस दिशा में जायेगी ?<br />
उत्तर:<br />
Q = \(\frac{\left[\mathrm{H}_2\right]\left[\mathrm{I}_2\right]}{[\mathrm{HI}]^2}=\frac{\left(10^{-5}\right) \times\left(10^{-5}\right)}{\left(2 \times 10^{-5}\right)^2}\)<br />
= \(\frac {1}{4}\) = 0.25 = 2.5 x 10<sup>-1</sup><br />
चूँकि Q &gt; K अत: अभिक्रिया प्रतीप दिशा में जायेगी।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
रासायनिक साम्य की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
रासायनिक साम्य की निम्न विशेषताएँ हैं-</p>
<ul>
<li>अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं का वेग समान होता है।</li>
<li>अभिकारकों तथा उत्पादों की मात्राएँ साम्य मिश्रण में स्थिर रहती हैं।</li>
<li>ताप. दाब और सान्द्रण में परिवर्तन होने पर साम्य स्थिति बदल जाती है।</li>
<li>साम्य गतिज होता है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 2.<br />
किसी उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रिया की अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं के साम्य स्थिरांकों में क्या सम्बन्ध है?<br />
उत्तर:<br />
यदि उत्क्रमणीय अभिक्रिया को निम्न प्रकार प्रदर्शित करें-<br />
A + B ⇌ C + D<br />
तब अग्र अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक K<sub>c</sub> = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\)<br />
तथा विपरीत अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक-<br />
K<sub>c&#8217;</sub> = \(\frac{1}{\mathrm{~K}_c}\)<br />
अतः किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की अग्र तथा विपरीत अभिक्रियाओं के साम्य स्थिरांक एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
रासायनिक साम्य कितने प्रकार का होता है?<br />
उत्तर:<br />
रासायनिक साम्य निम्न दो प्रकार के होते हैं-</p>
<ul>
<li>समांगी गैसीय साम्य</li>
<li>विषमांगी गैसीय साम्य।</li>
</ul>
<p>(i) समांगी गैसीय साम्य वह साम्य जिसमें अभिकारक तथा क्रियाफल पदार्थ एक ही प्रावस्था में होते हैं और वह प्रावस्था गैसीय होती है उसे समांगी गैसीय साम्य कहते हैं।</p>
<p>समांगी गैसीय साम्य दो प्रकार का होता है।<br />
(अ) वे अभिक्रियाएँ जिनमें रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप अणुओं<br />
की संख्या में परिवर्तन नहीं होता है, जैसे-<br />
H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HI<sub>(g)</sub><br />
2HI<sub>(g)</sub> ⇌ H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub></p>
<p>(ब) वे अभिक्रियाएँ जिनमें रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप अणुओं की संख्या में परिवर्तन होता है। जैसे-<br />
PCl<sub>5(g)</sub> ⇌ PCl<sub>3(g)</sub> + Cl<sub>2</sub><br />
N<sub>2(g)</sub> + 3H<sub>2(g)</sub> ⇌ 2NH<sub>3(g)</sub></p>
<p>(ii) विषमांगी गैसीय साम्य &#8211; इनमें अभिकारक और क्रियाफल भिन्न-भिन्न प्रावस्था में होते हैं, जैसे-<br />
3Fe<sub>(s)</sub> + 4H<sub>2</sub>O<sub>(l)</sub> ⇌ Fe<sub>3</sub>O<sub>4(l)</sub> + 4H<sub>2</sub>(g)</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
अभिक्रिया N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO &#8211; xcal साम्यावस्था में हो रही है। इस अभिक्रिया पर ताप, दाब एवं सान्द्रण में परिवर्तन का क्या प्रभाव पड़ता है।<br />
उत्तर:<br />
N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO &#8211; x cal<br />
इस अभिक्रिया ऊष्मा का शोषण होता है। अतः ताप बढ़ाने पर NO का अधिक उत्पादन होगा। अभिक्रिया में आयतन अपरिवर्तित रहता है। अतः दाब का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।</p>
<p>साम्य पर N<sub>2</sub> तथा O<sub>2</sub> का सान्द्रण बढ़ाने पर इनका आंशिक दाब बढ़ जायेगा। अतः साम्य स्थिरांक K<sub>p</sub> का मान स्थिर रखने के लिए NO का सान्द्रण बढ़ जायेगा। अत: N<sub>2</sub> या O<sub>2</sub> के सान्द्रण वृद्धि इस साम्य में NO के अधिक उत्पादन में सहायक होगी।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
निम्न अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।<br />
2SO<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2SO<sub>3</sub> +x k cal.<br />
उत्तर:<br />
2SO<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2SO<sub>3</sub> + x k cal.<br />
माना कि SO<sub>2</sub> के दो ग्राम अणु तथा O<sub>2</sub> का एक ग्राम अणु मिलकर SO<sub>3</sub> के दो ग्राम अणु का निर्माण करते हैं। यदि साम्यावस्था पर 2x ग्राम SO<sub>3</sub> प्राप्त होती है, तो<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37845" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-5.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 5" width="439" height="616" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-5.png 439w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-5-214x300.png 214w" sizes="auto, (max-width: 439px) 100vw, 439px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
दाब बढ़ा देने पर जल के वाष्पीकरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?<br />
उत्तर:<br />
जल धीरे-धीरे वाष्प में परिवर्तित होता है। जल के वाष्प में परिवर्तित होने पर आयतन में वृद्धि होती है एवं ताप का शोषण होता है।<br />
जल ⇌ जल वाष्प &#8211; x cal<br />
दाब बढ़ाने पर जो परिवर्तन होता है उसके प्रभाव को नष्ट करने के लिए साम्य उस दिशा में अग्रसर होता है जिस ओर आयतन में कमी होती है, क्योंकि वाष्पन के फलस्वरूप आयतन में वृद्धि होती है। अतः कुल वाष्प द्रव में परिवर्तित हो जायेगी और जल का वाष्पीकरण कम हो जायेगा। इसके विपरीत, दाब घटाने पर जल का वाष्पीकरण अधिक होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
बर्फ के पिघलने पर ताप तथा दाब का क्या प्रभाव पड़ता है? इसका कारण स्पष्ट करो।<br />
उत्तर:<br />
बर्फ के गलनांक पर बर्फ तथा जल में निम्नलिखित साम्यावस्था स्थापित होती है-<br />
बर्फ (ठोस) ⇌ जल 80 कैलोरी /ग्राम<br />
बर्फ के पिघलने पर ऊष्मा का शोषण होता है तथा आयतन में कमी होती है अतः इस साम्यावस्था पर ताप दाब के परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>ताप का प्रभाव-ताप के प्रभाव से साम्यावस्था उस ओर विस्थापित हो जाती है जिस ओर ताप का अवशोषण होता है। अतः साम्यावस्था अग्रिम दिशा में विस्थापित होगी अर्थात् बर्फ का पिघलना बढ़ जायेगा।</p>
<p>दाब का प्रभाव-उपर्युक्त साम्य की अग्रिम दिशा में आयतन में कमी होती है। किसी तन्त्र पर दाब बढ़ने पर उसका आयतन कम होता है। अतः दाब में वृद्धि साम्यावस्था को उस ओर विस्थापित करेगी जिस ओर दाब वृद्धि का प्रभाव नष्ट होता है अर्थात् आयतन कम होता है। अतः साम्य अग्रिम दिशा में विस्थापित होगा।</p>
<p>अतः दाब में वृद्धि बर्फ के पिघलने में सहायक होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
निम्न अभिक्रियाओं पर दाब का क्या प्रभाव होगा, विवेचना कीजिए तथा इसके साम्यावस्था नियतांक (K<sub>c</sub>) का परिकलन कीजिए-<br />
(i) 2CO<sub>2</sub> ⇌ 2CO + O<sub>2</sub><br />
(ii) N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<br />
(iii) NH<sub>4</sub>Cl ⇌ NH<sub>3</sub> + HCl<br />
(iv) N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> ⇌ 2NO<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(i) 2CO<sub>2</sub> ⇌ 2CO + O<sub>2</sub><br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{[\mathrm{CO}]^2 \times\left[\mathrm{O}_2\right]}{\left[\mathrm{CO}_2\right]^2}\)<br />
इस क्रिया में दाब अधिक रखने पर CO तथा O<sub>2</sub> कम बनेगी, क्योंकि उत्पादों का आयतन बढ़ रहा है।</p>
<p>(ii) N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{[\mathrm{NO}]^2}{[\mathrm{~N}]_2\left[\mathrm{O}_2\right]}\)<br />
यह क्रिया दाब के प्रभाव से मुक्त है क्योंकि आयतन में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है।<br />
∆n = 0 है, अत: K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub></p>
<p>(iii) NH<sub>4</sub>Cl ⇌ NH<sub>3</sub> + HCl<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right][\mathrm{HCl}]}{\left[\mathrm{NH}_4 \mathrm{Cl}\right]}\)<br />
चूँकि आयतन बढ़ रहा है अतः NH<sub>4</sub>Cl का विघटन दाब बढ़ाने पर घट जाता है।</p>
<p>(iv) N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> ⇌ 2NO<sub>2</sub><br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NO}_2\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_2 \mathrm{O}_4\right]}\)<br />
चूँकि आयतन बढ़ रहा है अतः इस क्रिया में अधिक दाब बढ़ाने पर N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> का वियोजन कम होगा।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
∆n की शून्य, धनात्मक तथा ऋणात्मक क्रियाओं की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>∆n</sup><br />
यदि ∆n = 0 तो उत्पाद के अणुओं की संख्या क्रियाकारक के अणुओं की संख्या के बराबर होती है।<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>0</sup><br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub><br />
उदाहरण &#8211; H<sub>2</sub> + 1<sub>2</sub> ⇌ 2HI<br />
N<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<br />
∆n = + ve होने पर उत्पाद के अणुओं की संख्या अभिकारकों के अणुओं की संख्या से अधिक होती है अर्थात्<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>-∆n</sup><br />
K<sub>p</sub>/K<sub>c</sub> = (RT)<sup>+∆n</sup><br />
(RT)<sup>+∆n</sup> &gt; 1<br />
K<sub>p</sub>/K<sub>c</sub> &gt; 1<br />
उदाहरण &#8211; PCI<sub>5</sub> ⇌ PCl<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub> ∆n = + 1<br />
N<sub>2</sub>O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<sub>2</sub>; ∆n = + 1<br />
∆N = &#8211; ve होने पर उत्पाद के अणुओं की संख्या, क्रियाकारकों के अणुओं से कम होती है अतः ∆n = &#8211; ve होने पर<br />
k<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>-∆n</sup><br />
K<sub>p</sub>/K<sub>c</sub> = (RT)<sup>-∆n</sup><br />
1 &gt; (RT)<sup>∆n</sup><br />
उदाहरण &#8211;<br />
N<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2NH<sub>3</sub>; ∆n = &#8211; 2<br />
2SO<sub>2</sub> + O<sub>2</sub> ⇌ 2SO<sub>3</sub>; ∆n = &#8211; 1</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
यदि P वायुमण्डल दाब पर PCI<sub>5</sub> 50% वियोजित हुआ तब K<sub>P</sub> का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
K<sub>P</sub> = \(\frac{x^2 \mathrm{P}}{1-x}=\frac{(0.5)^2 \times \mathrm{P}}{1-(0.5)^2}\)<br />
= \(\frac{0.25 \times P}{1-0.25}\)<br />
= \(\frac{0.25 \mathrm{P}}{0.75}=\frac{\mathrm{P}}{3}\)</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
अभिक्रिया 2A (गैस) + B (गैस) ⇌ 3C (गैस) के लिए साम्य स्थिरांक का समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
2A + B ⇌ 3C<br />
साम्यावस्था पर यदि अनुकूल आंशिक दाब P<sub>A</sub>, P<sub>B</sub>, P<sub>C</sub> हो तब<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\left(P_C\right)^3}{\left(P_A\right)^2 \times P_B}\)<br />
जहाँ K<sub>p</sub> साम्य स्थिरांक है।<br />
इसी प्रकार निम्न सामान्य गैसीय अभिक्रिया के लिए-<br />
m<sub>1</sub>A + m<sub>2</sub>B + &#8230;&#8230;.. ⇌ n.C<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{C}}^{m_1} \times \ldots}{\mathrm{P}_{\mathrm{A}}^{m_1} \times \mathrm{P}_{\mathrm{B}}^{m_2}}\)</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
PCl<sub>5</sub> के PCI<sub>5</sub> और Cl<sub>2</sub> में वियोजन की मात्रा यदि x हो, तो साम्यावस्था पर PCl<sub>5</sub> की कितनी मोल मात्रा होगी?<br />
उत्तर:<br />
माना PCl<sub>3</sub> निम्न प्रकार से वियोजित हो रहा है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37846" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 6" width="290" height="108" /><br />
माना एक ग्राम अणु PCl<sub>5</sub> जिसका आयतन V लीटर है। यदि PCl<sub>5</sub> के वियोजन की मात्रा है, तो साम्य मिश्रण में x ग्राम अणु PCl<sub>3</sub> x, ग्राम अणु Cl<sub>2</sub> तथा 1 &#8211; x ग्राम अणु PCl<sub>5</sub> होंगे।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
निम्न अभिक्रियाओं के लिए साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखिए-<br />
(i) CaCO<sub>3(s)</sub>⇌ CaO<sub>(s)</sub> + CO<sub>2(g)</sub><br />
(ii) NH<sub>4</sub>Cl<sub>(s)</sub> ⇌ NH<sub>3(g)</sub> + HCl<sub>(g)</sub><br />
(iii) PCl<sub>5(g)</sub> ⇌ PCl<sub>3(g)</sub> + Cl<sub>2(g)</sub><br />
(iv) SO<sub>4</sub><sup>2-</sup><sub>(aq)</sub> + Pb<sup>2+</sup><sub>(aq)</sub> ⇌ PbSO<sub>4(s)</sub><br />
उत्तर:<br />
(i) K<sub>c</sub> = [CO<sub>2</sub>]<br />
(ii) K<sub>c</sub> = [NH<sub>3</sub>] [HCl]<br />
(iii) K<sub>c</sub> = [PCl<sub>3</sub>] [Cl<sub>2</sub>]<br />
(iv) K<sub>c</sub> = \(\frac{1}{\left.\left[\mathrm{SO}_4{ }^{2-}\right] \mathrm{Pb}^{2+}\right]}\)</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
ला &#8211; शातेलिये सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ला-शातेलिये सिद्धान्त के अनुसार यदि साम्यावस्था निकाय में दाब, सान्द्रता अथवा ताप परिवर्तन किया जाये तो साम्य स्वतः ही उस दिशा में विस्थापित हो जाता है जिस ओर हटने से परिवर्तन का प्रभाव समाप्त हो जाये।</p>
<p>ला-शातेलिये नियम के अनुसार-</p>
<ul>
<li>साम्य निकाय का दाब बढ़ने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होता है जिधर आयतन घटता है।</li>
<li>साम्य निकाय का ताप बढ़ने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होता जिधर ऊष्मा अवशोषित होती है।</li>
<li>साम्य निकाय में उपस्थित किसी पदार्थ की सान्द्रता बढ़ाने पर साम्य उस दिशा में विस्थापित होता है जिधर उस पदार्थ की खपत होती है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 15.<br />
साम्यावस्था स्थिरांक को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
साम्यावस्था स्थिरांक निम्न कारकों द्वारा प्रभावित होता है-<br />
(1) ताप ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के लिए ताप बढ़ने पर साम्यावस्था स्थिरांक (K<sub>c</sub>) का मान बढ़ जाता है, जबकि ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के लिए K<sub>c</sub> का मान घट जाता है।</p>
<p>(2) अभिक्रिया व्यक्त करने की विधि-यदि उत्क्रमणीय अभिक्रिया को A + B ⇌ C + D के रूप में व्यक्त करें तो साम्यावस्था स्थिरांक K<sub>c</sub> = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\) तथा यदि इस अभिक्रिया को C + D ⇌ A + B के रूप में लिखें तो साम्यावस्था स्थिरांक K<sub>c</sub>&#8216; = \(\frac{[\mathrm{C}][\mathrm{D}]}{[\mathrm{A}][\mathrm{B}]}\) होगा अर्थात्<br />
K<sub>c</sub>&#8216; = \(\frac{1}{\mathrm{~K}_c}\)</p>
<p>(3) रासायनिक अभिक्रिया की रससमीकरणमितिय &#8211; जब किसी रासायनिक अभिक्रिया को दो रससमीकरणमितीय समीकरणों के द्वारा व्यक्त किया जाता है तो दोनों स्थितियों में साम्य स्थिरांक का मान भिन्न होता है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
लुईस अवधारणा के अनुसार निम्न में से अम्ल-क्षार छाँटिये<br />
S<sup>2-</sup>, H<sup>+</sup>, OH<sup>&#8211;</sup>, BF<sub>3</sub>, Ni<sup>2+</sup>, F<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
लुईस अम्ल &#8211; H<sup>+</sup>, BF<sub>3</sub>, Ni<sup>2+</sup><br />
लुईस क्षार S<sup>2-</sup> &#8211; OH<sup>&#8211;</sup>, F<sup>&#8211;</sup></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
निम्न संयुग्मी अम्ल लिखिए-<br />
HS<sup>&#8211;</sup>, NH<sub>3</sub>, H<sub>2</sub>PO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup>, CH<sub>3</sub>NH<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
HS<sup>&#8211;</sup> का संयुग्मी अम्ल = H<sub>2</sub>S<br />
NH<sub>3</sub> का संयुग्मी अम्ल = NH<sub>4</sub><sup>+</sup><br />
H<sub>2</sub>PO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup> का संयुग्मी अम्ल = H<sub>3</sub>PO<sub>4</sub><br />
CH<sub>3</sub>NH<sub>2</sub> का संयुग्मी अम्ल = CH<sub>3</sub>NH<sub>3</sub><sup>+</sup></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
आयनन प्रभावित करने वाले कोई तीन कारक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
आयनन को प्रभावित करने वाले तीन कारक निम्नलिखित<br />
(i) ताप (Temperature) &#8211; ताप में वृद्धि करने पर आयनन की मात्रा में वृद्धि होती है, क्योंकि ताप बढ़ने पर आयनों के मध्य लगने वाले आकर्षण बल में कमी आती है।<br />
α ∝ \(\frac{1}{\sqrt{\mathrm{C}}}\)</p>
<p>(iii) विलायक की प्रकृति (Nature of Solvent ) &#8211; अध्रुवीय विलायकों की तुलना में ध्रुवीय विलायकों द्वारा आयनन अधिक होता है। किसी विलायक का परावैद्युतांक स्थिरांक जितना अधिक होगा उसमें आयनन की मात्रा उतनी ही अधिक होगी।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
साधारण नमक के संतृप्त विलयन में अवक्षेपण हेतु HCl गैस मिलायी जाती है, HCl अम्ल नहीं। कारण स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि किसी लवण के अवक्षेपण के लिए यह आवश्यक है कि विलयन में आयनों के सांद्रणों का गुणनफल (आयनिक गुणनफल) विद्युत अपघट्य के विलेयता गुणनफल से अधिक हो। यही कारण है कि साधारण नमक के संतृप्त विलयन में अवक्षेपण हेतु HCl गैस मिलायी जाती है, HCl अम्ल नहीं।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षार से बने लवण विलयन का K<sub>h</sub> तथा [H<sup>+</sup>] सान्द्रता ज्ञात करने का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
प्रबल अम्ल एवं दुर्बल क्षार से बने लवण विलयन का K<sub>h</sub> तथा [H<sup>+</sup>] सांद्रता ज्ञात करने का सूत्र निम्न प्रकार है।<br />
उदाहरणार्थ &#8211; NH<sub>4</sub>Cl<br />
ऐसे लवणों का जल अपघटन निम्न समीकरण से प्रकट करते हैं-<br />
NH<sub>4</sub>Cl + H<sub>2</sub>O ⇌ NH<sub>4</sub>OH + HCl<br />
NH<sub>4</sub><sup>+</sup> + H<sub>2</sub>O ⇌ NH<sub>4</sub>OH + H<sup>+</sup><br />
यदि दुर्बल क्षार एवं प्रबल अम्ल के लवण BA के एक ग्राम मोल को V लीटर विलयन में विलेय किया जाये और जल अपघटन की मात्रा h हो, तो विलयन में साम्यावस्था निम्न प्रकार होगी-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37847" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 7" width="406" height="359" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-7.png 406w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-7-300x265.png 300w" sizes="auto, (max-width: 406px) 100vw, 406px" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
द्वितीय समूह के विश्लेषण में एक छात्र तनु HCl के स्थान पर NH<sub>4</sub>OH मिला देता है। यदि विलयन में CdCl<sub>2</sub> मौजूद हो, तो H<sub>2</sub>S गैस प्रवाहित करने पर अवक्षेप प्राप्त होगा या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
द्वितीय समूह के विश्लेषण में तनु HCl स्थान पर NH<sub>4</sub>OH मिला दिया जाय तो विलयन में CdCl<sub>2</sub> की उपस्थिति में H<sub>2</sub>S गैस प्रवाहित करने पर NH<sub>4</sub>OH की उपस्थिति में H<sup>+</sup> आयन इसके OH<sup>&#8211;</sup> से क्रिया करके जल बनाते हैं। H<sup>+</sup> आयन की सान्द्रता पर्याप्त रूप से कम हो जाती है और इस प्रकार S<sup>2-</sup> आयन की सांद्रता बढ़ जाती है जिससे कि आयनों की सान्द्रता का गुणनफल CaS के विलेयता गुणनफल से अधिक हो जाता है अत: Cd, Cds के रूप में अवक्षेपित हो जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
Mg (OH)<sub>2</sub>, NH<sub>4</sub>Cl में विलेय है, जबकि NaCl में अविलेय, कारण बताइए।<br />
उत्तर:<br />
किसी विद्युत अपघट्य की विलेयता उसके आयनीकरण की मात्रा बढ़ने से बढ़ती है। अत: Mg (OH)<sub>2</sub>, NH<sub>4</sub>Cl में विलेय है, तो यह स्पष्ट है कि Mg (OH)<sub>2</sub> का आयनीकरण NH<sub>4</sub>Cl में बढ़ जाता है।<br />
Mg (OH)<sub>2</sub> ⇌ Mg <sup>2+</sup> +2OH<sup>&#8211;</sup><br />
NH<sub>4</sub>Cl ⇌ Cl<sup>&#8211;</sup> + NH<sub>4</sub><sup>+</sup></p>
<p>NH<sub>4</sub><sup>+</sup> आयन OH<sup>&#8211;</sup> से मिलकर दुर्बल विद्युत अपघट्य NH<sub>4</sub>OH बनाता है जिससे OH<sup>&#8211;</sup> आयनों की कमी हो जाती है। अत: Mg <sup>2+</sup> तथा OH<sup>&#8211;</sup> आयनों सान्द्राण का गुणनफल Mg (OH)<sub>2</sub> की विलेयता गुणनफल से कम हो जाता है। इसीलिए Mg (OH)<sub>2</sub> घुल जाता है।</p>
<p>NaCl के आयनीकरण से प्राप्त Na<sup>+</sup>आयन OH<sup>&#8211;</sup> आयनों से संयोग नहीं करेंगे, क्योंकि NaOH एक प्रबल विद्युत अपघट्य है जो आयनिक अवस्था में ही रहेगा। अतः अब OH<sup>&#8211;</sup> आयनों में कमी नहीं होगी और Mg(OH)<sub>2</sub> का आयनीकरण नहीं बढ़ेगा तथा यह अविलेय रह जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
विलेयता गुणनफल किसे कहते हैं? CdS प्रकार के यौगिकों के लिए विलेयता तथा विलेयता गुणनफल के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए। तृतीय समूह के अवक्षेपण में NH<sub>4</sub>OH मिलाने के पहले NH<sub>4</sub>Cl क्यों मिलाया जाता है? कारण समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
स्थिर ताप पर किसी विद्युत अपघट्य के संतृप्त विलयन में ठोस अपघट्य और विलयन में उपस्थित अवियोजित अणुओं तथा आयनों के मध्य साम्यावस्था रहती है। माना कि कोई विद्युत अपघट्य AB विलयन में है। विलयन संतृप्त है, तो अग्र साम्य स्थापित होगा-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37848" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 8" width="328" height="89" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-8.png 328w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-8-300x81.png 300w" sizes="auto, (max-width: 328px) 100vw, 328px" /><br />
निश्चित ताप पर ठोस का सक्रिय भार तथा विलयन में उपस्थित अवियोजित अणुओं व आयनों के सक्रिय भार भी स्थिर रहते हैं। अतः इस साम्यावस्था पर द्रव्य अनुपाती क्रिया का नियम लगाने पर<br />
K = \(\frac{\left[\mathrm{A}^{+}\right]\left[\mathrm{B}^{-}\right]}{[\mathrm{AB}]}\)<br />
या [A<sup>+</sup>][B<sup>&#8211;</sup>] = [AB] K = K<sub>sp</sub> (स्थिरांक)<br />
किसी भी संतृप्त विलयन में अवियोजित अणुओं की संख्या सदैव निश्चित रहती है।</p>
<p>इसका कारण K तथा [AB] का गुणनफल एक स्थिरांक [K<sub>sp</sub>] है। अत: एक स्थिरांक होगा। इस स्थिरांक को विलेयता गुणनफल कहते हैं। विलेयता गुणनफल केवल संतृप्त विलयनों के लिए आयनिक गुणनफल है।</p>
<p>K<sub>sp</sub> का मान विलयन के ताप पर निर्भर करता है। इसकी इकाई ग्राम अणु प्रति लीटर है।</p>
<p>अतः किसी विद्युत अपघट्य के संतृप्त विलयन में उपस्थित आयनों सान्द्र का गुणनफल स्थिर ताप पर स्थिर रहता है और इसे उस ताप पर विद्युत अपघट्य का विलेयता गुणनफल कहा जाता है।</p>
<p>विलेयता और विलेयता गुणनफल में सम्बन्ध</p>
<p>यदि किसी अल्प विलेय द्विअंगी (binary) विद्युत अपघट्य AB की विलेयता ग्राम अणु प्रति लीटर हो और वह लवण पूर्णतया आयनित हो रहा हो, तो A<sup>+</sup> तथा B<sup>&#8211;</sup> आयनों का सान्द्रण ग्राम आयन प्रति लीटर होगा और AB का विलेयता गुणनफल s² होगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37849" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-9.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 9" width="296" height="161" /><br />
अर्थात् किसी अल्प विलेय द्विअंगी विद्युत अपघट्य की विलेयता उसकी विलेयता गुणनफल के वर्गमूल के बराबर होती है।<br />
तृतीय समूह के अवक्षेपण में NH<sub>4</sub>OH मिलाने के पहले NH<sub>4</sub>Cl मिलाया जाता है, क्योंकि NH<sub>4</sub>OH एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है। अतः इसमें NH<sub>4</sub>Cl मिलाने पर इसकी आयनन की मात्रा कम हो जाती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37850" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-10.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 10" width="315" height="105" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-10.png 315w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-10-300x100.png 300w" sizes="auto, (max-width: 315px) 100vw, 315px" /><br />
विलयन में NH<sub>4</sub><sup>+</sup> आयनों की सान्द्रता में वृद्धि होती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
लवण का जल अपघटन से क्या तात्पर्य है? निम्न लवणों के जलीय विलयन की प्रकृति बताइए तथा अपने उत्तर का कारण भी समझाइए-<br />
(i) CuSO<sub>4</sub> (ii) Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> (iii) CH<sub>3</sub>COO NH<sub>4</sub> लवण के लिए K<sub>h</sub>, K<sub>w</sub>, K<sub>a</sub> तथा K<sub>b</sub> में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
लवण का जल अपघटन (Hydrolysis of Salt)-जब किसी लवण के अणुओं की जल के अणुओं के साथ क्रिया करायी जाती है, तो वह अपने संगत अम्ल तथा क्षार में विभक्त हो जाता है। यह प्रक्रिया लवण का जल अपघटन कहलाती है। यह एक उत्क्रमणीय प्रक्रिया है।</p>
<p>उदाहरण-<br />
NaCl + H<sub>2</sub>O ⇌ HCl + NaOH<br />
NH<sub>4</sub>Cl + H<sub>2</sub>O ⇌ HCl + NH<sub>4</sub>OH<br />
Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> + H<sub>2</sub>O ⇌ H<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> + 2NaOH<br />
(i) CuSO<sub>4</sub> का जलीय विलयन अम्लीय होता है, क्योंकि विलयन में [H<sup>+</sup>] आयन की सान्द्रता [OH<sup>&#8211;</sup>] आयन की सान्द्रता से अधिक होती है।<br />
अत: Cu<sup>2+</sup> + 2H<sub>2</sub>O ⇌ Cu (OH)<sub>2</sub> + 2H<sup>+</sup></p>
<p>(ii) Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> का जलीय विलयन क्षारीय होता है, क्योंकि Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> प्रबल क्षारक एवं दुर्बल अम्ल का लवण है। Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> को जल में मिलाने पर कार्बोनेट आयन (CO<sub>3</sub><sup>2-</sup>) जल के अणुओं से क्रिया करके दुर्बल कार्बोनिक अम्ल (H<sub>2</sub>CO<sub>3</sub>) तथा मुक्त हाइड्रॉक्साइड आयन बनाते हैं जिससे विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> आयनों की सान्द्रता H<sup>+</sup> आयनों की सान्द्रता से अधिक हो जाती है तथा विलयन क्षारीय होता है।<br />
CO<sub>3</sub><sup>2-</sup> + 2H<sub>2</sub>O ⇌ H<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> + 2OH<sup>&#8211;</sup></p>
<p>(iii) CH<sub>3</sub>COONH<sub>4</sub> का विलयन उदासीन होता है, क्योंकि यह दुर्बल क्षार NH<sub>4</sub>OH तथा दुर्बल अम्ल CH<sub>3</sub>COOH से मिलकर बना होता है।<br />
CH<sub>3</sub>COONH<sub>4</sub> + H<sub>2</sub> ⇌ CH<sub>3</sub>COOH + NH<sub>4</sub>OH<br />
K<sub>h</sub>, K<sub>w</sub>, K<sub>a</sub> तथा K<sub>b</sub> में सम्बन्ध<br />
किसी लवण की जल अपघटन साम्यावस्था इस प्रकार होगी<br />
B<sup>+</sup> + A<sup>&#8211;</sup> + H<sub>2</sub>O ⇌ HA + BOH<br />
यदि लवण BA के एक ग्राम मोल को एक लीटर विलयन में विलेय किया जाये तथा जल अपघटन की मात्रा h हो तो विलयन की साम्यावस्था निम्न होगी-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37851" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-11.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 11" width="455" height="349" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-11.png 455w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-11-300x230.png 300w" sizes="auto, (max-width: 455px) 100vw, 455px" /><br />
उपर्युक्त व्यंजक में सान्द्रता नहीं है, अतः जल-अपघटन की मात्रा सान्द्रता या तनुकरण पर निर्भर नहीं करती है।<br />
लवण की जल-अपघटन साम्यावस्था निम्न होगी-<br />
B<sup>+</sup> + A<sup>&#8211;</sup> + H<sub>2</sub>O ⇌ HA + BOH<br />
अतः K<sub>h</sub> = \(\frac{[\mathrm{HA}][\mathrm{BOH}]}{\left[\mathrm{B}^{+}\right]\left[\mathrm{A}^{+}\right]}\) &#8230; (3)<br />
जल का आयनिक गुणनफल K<sub>w</sub> = [H<sup>+</sup>] [OH<sup>&#8211;</sup>] &#8230; (4)<br />
दुर्बल अम्ल HA का वियोजन स्थिरांक निम्न होगा-<br />
HA ⇌ H<sup>+</sup> + A<sup>&#8211;</sup><br />
K<sub>a</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{H}^{+}\right]\left[\mathrm{A}^{-}\right]}{[\mathrm{HA}]}\) &#8230; (5)<br />
दुर्बल क्षार BOH का वियोजन स्थिरांक निम्न होगा-<br />
BOH ⇌ B<sup>+</sup> + OH<sup>&#8211;</sup><br />
K<sub>b</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{B}^{+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}{[\mathrm{BOH}]}\)<br />
समीकरण (4) में समीकरण (5) तथा समीकरण (6) का भाग देने पर,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37852" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-12.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 12" width="436" height="232" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-12.png 436w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-12-300x160.png 300w" sizes="auto, (max-width: 436px) 100vw, 436px" /></p>
<p>प्रश्न 25.<br />
दुर्बल अम्लों की आपेक्षिक सामर्थ्य क्या है?<br />
उत्तर:<br />
दो समान सान्द्रता वाले, दुर्बल अम्लों की आपेक्षिक सामर्थ्य उनके अपघटन स्थिरांकों के अनुपात का वर्गमूल होती है।<br />
चूँकि किसी अम्ल की अपघटन की मात्रा उसकी हाइड्रोजन आयन देने की क्षमता की माप है, अतः यह उसकी सामर्थ्य की भी माप है। अतः<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37853" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-13.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 13" width="225" height="93" /></p>
<p>प्रश्न 26.<br />
ब्रॉन्स्टेड लॉरी संकल्पना की उपयोगिता लिखो।<br />
उत्तर:<br />
ब्रॉन्स्टेड लॉरी संकल्पना की उपयोगिता (Advantages of Bronsted Lowry concept)-</p>
<ul>
<li>यह संकल्पना पदार्थों की अम्लीय तथा क्षारीय प्रकृति को उनके आयनों, जो कि विलयन में उपस्थित है, से सम्बन्धित नहीं करती। जैसे-HCl एक अम्ल इसलिए है कि वह प्रोटॉन (H<sup>+</sup>) आयन दे सकता है।</li>
<li>इस संकल्पना को जल के अतिरिक्त अन्य प्रोटॉनी विलायकों जैसे NH<sub>3</sub>, CH<sub>3</sub>COOH आदि पर भी प्रयुक्त कर सकते हैं।</li>
<li>यह सिद्धान्त लवणों के जल अपघटन पर प्राप्त विलयन की अम्लीय तथा क्षारीय प्रकृति की व्याख्या करने में भी सफल है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 27.<br />
अभिक्रिया H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HI<sub>(g)</sub> के लिये साम्य स्थिरांक की गणना करें।<br />
उत्तर:<br />
माना कि प्रारम्भ में a मोल H<sub>2</sub>, b मोल I<sub>2</sub> लिये गये हैं। साम्यावस्था पर x मोल H<sub>2</sub> तथा x मोल I<sub>2</sub> के संयोग से 2x मोल HI बनते हैं। यदि अभिक्रिया मिश्रण का कुल आयतन V लीटर है तो,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37854" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-14.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 14" width="439" height="505" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-14.png 439w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-14-261x300.png 261w" sizes="auto, (max-width: 439px) 100vw, 439px" /><br />
क्योंकि दी गयी अभिक्रिया में उत्पादों एवं अभिकारकों की संख्या समान है अतः इसमें K<sub>c</sub> तथा K<sub>p</sub> के मान भी समान होगें।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
ला-शातेलिए के सिद्धान्त के आधार पर निम्नलिखित की विवेचना कीजिए-<br />
(1) जल में पोटैशियम नाइट्रेट की विलेयता पर ताप का प्रभाव।<br />
(2) गैस की द्रव में विलेयता पर दाब का प्रभाव।<br />
उत्तर:<br />
(1) पोटैशियम नाइट्रेट को जल में घोलने पर ऊष्मा अवशोषित होती है।<br />
KNO<sub>3</sub> (s) + जल ⇌ KNO<sub>3</sub> (aq) &#8211; X kcal<br />
ला-शातेलिए के नियमानुसार ताप वृद्धि पर KNO<sub>3</sub> की जल में विलेयता बढ़ेगी।<br />
अतः जल में पोटैशियम नाइट्रेट की विलेयता ताप बढ़ाने से बढ़ती है।</p>
<p>(2) जब कोई गैस किसी द्रव में घोली जाती है तो उसके आयतन में कमी होती है, फलस्वरूप ला-शातेलिए के नियमानुसार उसकी विलेयता में दाब वृद्धि सहायक होगी; अतः दाब बढ़ाने पर द्रव में किसी गैस की विलेयता बढ़ती है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37855" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-15.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 15" width="248" height="81" /><br />
अभिक्रिया साम्य पर ताप के प्रभाव की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है जिसमें अभिक्रिया के फलस्वरूप अभिकारकों का कुल आयतन कम हो जाता है और ऊष्मा निर्मुक्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37856" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-16.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 16" width="345" height="87" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-16.png 345w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-16-300x76.png 300w" sizes="auto, (max-width: 345px) 100vw, 345px" /><br />
ला-शातलिए नियमानुसार, साम्यावस्था पर ताप बढ़ाने पर साम्य उस दिशा में परिवर्तित होगा जिसमें ऊष्मा का शोषण होता है। इसमें ताप वृद्धि पर CO<sub>2</sub> का अधिक विघटन होगा; क्योंकि तन्त्र विपरीत दिशा की ओर अग्रसर होगा अर्थात् कम ऊष्मा उत्पन्न होगी जिससे CO<sub>2</sub> का निर्माण अधिक होगा; अतः कम ताप पर CO<sub>2</sub> का निर्माण अधिक होगा।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
विद्युत वियोजन के सिद्धान्त के अनुसार सम-आयन प्रभाव की व्याख्या कीजिये।<br />
उत्तर:<br />
1. ला &#8211; शातेलिए सिद्धांत के अनुसार, यदि किसी लवण विलयन में किसी एक आयन की सांद्रता बढ़ाने पर आयन अपने विपरीत आवेश के आयन के साथ संयोग करेगा तथा विलयन से कुछ लवण तब तक अवक्षेपित होंगे, जब तक एक बार पुनः K<sub>sp</sub> = Q<sub>sp</sub> न हो जाए।</p>
<p>2. यदि किसी आयन की सांद्रता घटा दी जाए, तो कुछ और लवण घुलकर दोनों आयनों की सांद्रता बढ़ा देते हैं ताकि फिर S<sub>sp</sub> = Q<sub>sp</sub> हो जाए।</p>
<p>3. यह विलेय लवणों के लिए भी लागू हैं, सिवाय इसके कि आयनों की उच्च सांद्रता के कारण Q<sub>sp</sub> व्यंजक में मोलरता के स्थान पर हम सक्रियता (activities) का प्रयोग करते हैं। इस प्रकार सोडियम क्लोराइड के संतृप्त विलयन में HCl के वियोजन से प्राप्त क्लोराइड आयन की सांद्रता (सक्रियता) बढ़ जाने के कारण सोडियम क्लोराइड का अवक्षेपण हो जाता है। इस विधि से प्राप्त सोडियम क्लोराइड बहुत ही शुद्ध होता है।</p>
<p>4. इस प्रकार सोडियम अथवा मैग्नीशियम सल्फेट जैसी अशुद्धियों को दूर कर देते हैं।</p>
<p>5. भारात्मक विश्लेषण में किसी आयन को बहुत कम विलेयता वाले उसके अल्प विलेय लवण के रूप में पूर्ण रूपेण अवक्षेपित करने में भी सम आयन प्रभाव का प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>6. इस प्रकार भारात्मक विश्लेषण में सिल्वर आयन का अवक्षेपण सिल्वर क्लोराइड के रूप में, फेरिक अम्ल का अवक्षेपण फेरिक हाइड्रॉक्साइड के रूप में तथा अवक्षेपण बेरियम आयन का बेरियम सल्फेट के रूप में कर सकते हैं।</p>
<p>7. दुर्बल अम्ल के लवणों की विलेयता कम pH पर बढ़ती है, क्योंकि कम pH पर ऋणायन की सांद्रता इसके प्रोटॉनीकरण के कारण घटती है, जो लवण की विलेयता को बढ़ा देता है। इससे K<sub>sp</sub> = Q<sub>sp</sub> हमें दो साम्यों को एक साथ संतुष्ट करना होता है, अर्थात् K<sub>sp</sub> = [M<sup>+</sup>] [X<sup>&#8211;</sup>],<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37858" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-17a.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 17a" width="433" height="317" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-17a.png 433w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-17a-300x220.png 300w" sizes="auto, (max-width: 433px) 100vw, 433px" /><br />
अतः pH के घटने पर ‘f&#8217; भी घटता है।<br />
यदि दी गई pH पर लवण की विलेयता S हो, तो<br />
K<sub>sp</sub> = [S] [f S] = S² {K<sub>a</sub> / (K<sub>a</sub> + [H<sup>+</sup>])} एवं<br />
S = {K<sub>sp</sub> ([H<sup>+</sup>] + K<sub>a</sub>) / K<sub>a</sub>}<sup>1/2</sup><br />
अत: S, [H<sup>+</sup>] के बढ़ने या pH के घटने पर विलेयता बढ़ती है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
आरहीनियस के आयनन या विद्युत अपघटनी वियोजन सिद्धान्त को लिखें।<br />
उत्तर:<br />
सर्वप्रथम सन् 1887 में आरेनियस ने अम्ल व क्षार को निम्न प्रकार परिभाषित किया। आरेनियस के अनुसार,</p>
<p>अम्ल वे पदार्थ होते हैं जो जलीय विलयन में H<sup>+</sup> आयन देते हैं।<br />
उदाहरणार्थ-<br />
प्रबल अम्ल जैसे-HCI, HNO<sub>3</sub> व H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> आदि।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37857" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-17.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 17" width="268" height="121" /><br />
दुर्बल अम्ल जैसे CH<sub>3</sub>COOH व H<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> भी अम्ल के उदाहरण हैं। ये भी जल में कुछ सीमा तक आयनित होते हैं व यहाँ पर साम्य भी स्थापित होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37859" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-18.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 18" width="309" height="103" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-18.png 309w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-18-300x100.png 300w" sizes="auto, (max-width: 309px) 100vw, 309px" /></p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>प्रबल अम्ल (Strong Acids)</td>
<td>दुर्बल अम्ल (Weak Acids)</td>
</tr>
<tr>
<td>परक्लोरिक अम्ल (HCIO<sub>4</sub>)</td>
<td>बोरिक अम्ल (H<sub>3</sub>BO<sub>3</sub>)</td>
</tr>
<tr>
<td>सलफ्यूरिक अम्ल (H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>)</td>
<td>हाइड्रोजन सल्फाइड (H<sub>2</sub>S)</td>
</tr>
<tr>
<td>हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)</td>
<td>नाइट्रस अम्ल (HNO<sub>2</sub>)</td>
</tr>
<tr>
<td>हाइड्रोब्रोमिक अम्ल (HBr )</td>
<td>हाइपोक्लोरस अम्ल (HCIO)</td>
</tr>
<tr>
<td>हाइड्रोआयोडिक अम्ल (HI)</td>
<td>फॉस्फोरिक अम्ल (H<sub>3</sub>PO<sub>4</sub>)</td>
</tr>
<tr>
<td>नाइट्रिक अम्ल (HNO<sub>3</sub>)</td>
<td></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>क्षार वे पदार्थ होते हैं जो जलीय विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> आयन देते हैं। OH<sup>&#8211;</sup> आयन भी जलीय विलयन में जलयोजित रूप में रहता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37860" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-19.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 19" width="254" height="110" /><br />
NH<sub>4</sub>OH तथा Al(OH)<sub>3</sub> जैसे दुर्बल क्षार कम मात्रा में आयनित होते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37861" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-20.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 20" width="271" height="99" /></p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>प्रबल क्षार (Strong Bases )</td>
<td>दुर्बल क्षार (Weak Bases)</td>
</tr>
<tr>
<td>लीथियम हाइड्रॉक्साइड (LiOH)</td>
<td>अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH<sub>4</sub>OH)</td>
</tr>
<tr>
<td>सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)</td>
<td>पिरीडीन (CHN)</td>
</tr>
<tr>
<td>पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH)</td>
<td>ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड [Al(OH)<sub>3</sub>]</td>
</tr>
<tr>
<td>बेरियम हाइड्रॉक्साइड Ba(OH)<sub>2</sub></td>
<td>कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)<sub>2</sub>]</td>
</tr>
<tr>
<td>सिजियम हाइड्रॉक्साइड (CsOH)</td>
<td>ऐमीन्स (R-NH<sub>2</sub>)</td>
</tr>
<tr>
<td>रुबिडियम हाइड्रॉक्साइड (RbOH)</td>
<td>ऐनिलीन (C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>-NH<sub>2</sub>)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>आरेनियस के सिद्धान्त के अनुसार उदासीनीकरण में अम्ल के H<sup>+</sup> आयन क्षार के OH<sup>&#8211;</sup> आयनों के साथ संयोग करके जल के एक उदासीन अणु का निर्माण करते हैं। उदासीनीकरण की इस अभिक्रिया में 13.7 kcal ऊर्जा निर्मुक्त होती है; अतः यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।<br />
H<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> + OH<sup>&#8211;</sup><sub>(aq)</sub> ⇌ H<sub>2</sub>O(l); ∆H = &#8211; 13.7 kcal<br />
किसी भी अम्ल व क्षार की प्रबलता उसके द्वारा विलयन में दिये गये H<sup>+</sup> व OH<sup>&#8211;</sup> आयनों की प्रवृत्ति पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिये, HCl व HCN में HCl प्रबल अम्ल है क्योंकि यह विलयन में अधिक H<sup>+</sup> आयन देता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 32.<br />
बफर विलयन किसे कहते हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं? समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
जैसा कि पहले बताया जा चुका है कि विलयन की उदासीन, अम्लीय या क्षारीय प्रकृति उसके pH मानों पर निर्भर करती है। यदि किसी विलयन में अम्ल या क्षार को डाल दिया जाये तो उसके pH मान में अन्तर आ जाता है।</p>
<p>परन्तु कुछ विलयन ऐसे होते हैं जिनके pH का मान स्थिर होता है। अतः ऐसे विलयन जिनके pH का मान निश्चित होता है एवं प्रबल अम्ल या क्षार की कुछ मात्रा डालने पर भी उनके pH मान में कोई भी परिवर्तन नहीं होता है तो ऐसे विलयनों को बफर विलयन (Buffer Solution) कहते हैं, यह क्रिया बफर क्रिया (Buffer Action) कहलाती है। बफर विलयन को वायु में खुला रंख देने पर भी pH का मान परिवर्तित नहीं होता। इन विलयनों के pH पर तनुता का कोई प्रभाव नहीं होता। बफर विलयनों को लम्बे समय तक रखने पर भी pH के मान में कुछ अन्तर नहीं होता।</p>
<p>बफर विलयन दो प्रकार के होते हैं-<br />
(1) सरल बफर (Simple Buffers) &#8211; ये दुर्बल अम्ल एवं दुर्बल क्षार के लवण होते हैं।<br />
उदाहरण-(NH<sub>4</sub>)<sub>2</sub>CO<sub>3</sub>, अमोनियम ऐसीटेट आदि।</p>
<p>(2) मिश्रित बफर (Mixed Buffers) मिश्रित बफर में दो संघटकों का मिश्रण होता है।</p>
<ul>
<li>अम्लीय बफर</li>
<li>क्षारीय बफर</li>
</ul>
<p>बफर विलयन बनाना (Preparation of Buffer Solution)-यदि pK<sub>a</sub>, pK<sub>b</sub> तथा साम्य स्थिरांक के मान ज्ञात हो तों हम वांछित pH का बफर विलयन बना सकते हैं।</p>
<p>(A) अम्लीय बफर (Acidic Buffer) &#8211; अम्लीय बफर बनाने के लिए हम दुर्बल अम्ल एवं उसके प्रबल क्षार से बने हुये लवण लेते हैं। जिसमें दुर्बल अम्ल व उसके प्रबल क्षार के लवण को सम मोलर मात्रा में मिलाया जाता है।<br />
उदाहरण &#8211; (1) ऐसीटिक अम्ल (CH<sub>3</sub> COOH) + सोडियम ऐसीटेट (CH<sub>3</sub>COONa)</p>
<p>(2) ऐसीटिक अम्ल (CH<sub>3</sub>COOH) + पोटैशियम ऐसीटेट (CH<sub>3</sub>COOK)</p>
<p>(3) फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) + सोडियम फॉर्मेट (HCOONa) अम्लीय बफर की बफर क्रिया (Buffer Action of Acidic Buffer ) अम्लीय बफर की बफर क्रिया के अध्ययन के लिये ऐसीटिक अम्ल तथा सोडियम ऐसीटेट (CH<sub>3</sub>COONa) की सम मोलर सान्द्रताओं से बना बफर विलयन लेते हैं जलीय विलयन में CH<sub>3</sub>COOH दुर्बल वैद्युत अपघट्य होने के कारण इसका आयनन कम मात्रा में होता है, इस कारण साम्य स्थापित हो जाता है। जबकि लवण CH<sub>3</sub>COONa पूर्णत: आयनित हो जाता है। इसे हम निम्न अभिक्रियाओं के द्वारा प्रदर्शित कर सकते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37862" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-21.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 21" width="408" height="102" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-21.png 408w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-21-300x75.png 300w" sizes="auto, (max-width: 408px) 100vw, 408px" /><br />
यदि वफर विलयन में प्रबल अम्ल जैसे HCl की थोड़ी सी मात्रा डाल दें तो यह आयनित होकर H<sub>3</sub>O<sup>&#8211;</sup> आयन देता है। H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> आयन विलयन की pH को बदल सकता है परन्तु H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> विलयन में पहले से उपस्थित CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> आयनों के साथ संयोग करके CH<sub>3</sub>COOH बना लेता है। ऐसीटिक अम्ल दुर्बल विद्युत अपघट्य होने के कारण कम आयनित होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37863" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-22.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 22" width="420" height="49" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-22.png 420w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-22-300x35.png 300w" sizes="auto, (max-width: 420px) 100vw, 420px" /><br />
इस प्रकार अम्लीय बफर में उपस्थित CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> आयनों के कारण H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>, CH<sub>3</sub>COOH में परिवर्तित हो जाता है तथा अम्लीय बफर में HCl मिलाने पर जो विलयन के pH पर प्रभाव पड़ना होता है वह प्रभाव नहीं पड़ पाता। इस प्रकार बफर विलवन में कुछ मात्रा में प्रबल HCI अम्ल डालने पर इसके pH में कोई परिवर्तन नहीं होता है।</p>
<p>इसी तरह माना कि बफर विलयन में हम कुछ मात्रा में NaOH क्षार को मिलाते हैं तो प्रबल क्षार NaOH आयनित होकर OH<sup>&#8211;</sup> आयन देता है जो कि विलयन की pH में परिवर्तन कर सकता है। परन्तु क्षार से प्राप्त OH<sup>&#8211;</sup> आयन विलयन में पहले से ही उपस्थित H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> से क्रिया करके जल में परिवर्तित हो जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37864" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-23.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 23" width="369" height="61" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-23.png 369w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-23-300x50.png 300w" sizes="auto, (max-width: 369px) 100vw, 369px" /><br />
चूँकि जल एक दुर्बल वैद्युत अपघट्य है। अतः यह भी बहुत कम मात्रा में आयनित होता है अर्थात् बफर द्वारा दिये गये H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> आयनों ने क्षार से प्राप्त होने वाले OH<sup>&#8211;</sup> आयनों के प्रभाव को निरस्त कर देता है। इस प्रकार बफर विलयन में क्षार को कुछ मात्रा डालने पर भी उसके pH मान में परिवर्तन नहीं होता है।</p>
<p>यह याद रखने योग्य बात है कि बफर अपनी आरक्षित अम्लता को क्षार के विरुद्ध एवं आरक्षित क्षारकता को अम्ल के विरुद्ध काम में लाता है। इस प्रकार यह विलयन में pH में होने वाले परिवर्तन का विरोध करता है।</p>
<p>(B) क्षारीय बफर (Basic Buffer) &#8211; ये दुर्बल क्षार एवं इसके प्रबल अम्ल से बने लवण का मिश्रण होते हैं। यहाँ पर दोनों ही सम मोलर सान्द्रताओं में मिले होते हैं इसका उदाहरण निम्न प्रकार है।<br />
उदाहरण &#8211;</p>
<ul>
<li>अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH<sub>4</sub>OH) + अमोनियम क्लोराइड (NH<sub>4</sub>Cl)</li>
<li>अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH<sub>4</sub>OH) + अमोनियम नाइट्रेट (NH<sub>4</sub>NO<sub>3</sub>)</li>
<li>अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH<sub>4</sub>OH) + अमोनियम सल्फेट [(NH<sub>4</sub>)<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>]</li>
</ul>
<p>क्षारीय बफर की बफर क्रिया (Buffer Action of Basic Buffer) &#8211; क्षारीय बफर की बफर क्रिया के अध्ययन के लिये अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH<sub>4</sub>OH) तथा अमोनियम क्लोराइड (NH<sub>4</sub>Cl) का उदाहरण लेते हैं। विलयन में दोनों सम मोलर सान्द्रताओं के अनुरूप मिलते हैं। जलीय विलयन में क्षार दुर्बल होने के कारण बहुत कम मात्रा में आयनित होता है जबकि लवण पूर्णतः आयनित होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37865" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-24.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 24" width="291" height="121" /><br />
उपरोक्त विलयन में कुछ मात्रा में HCl डालने पर HCl आयनित होकर H<sub>3</sub>O<sup>+</sup> आयन देता है जो विलयन में उपस्थित OH<sup>&#8211;</sup> आयनों से क्रिया करके H<sub>2</sub>O बनाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37866" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-25.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 25" width="259" height="65" /><br />
अतः क्षारीय बफर से HCl का योग होने पर भी विलयन के pH के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है क्योंकि H<sub>2</sub>O एक दुर्बल वैद्युत अपघट्य है जो कि कम मात्रा में आयनित हो पाता है।</p>
<p>अब यदि क्षारीय बफर में कुछ मात्रा में क्षार (NaOH) डालते हैं तो यह आयनित होकर OH<sup>&#8211;</sup> आयनों को देता है ये OH<sup>&#8211;</sup> आयन विलयन में पहले से उपस्थित NH<sub>4</sub><sup>+</sup> आयनों से क्रिया करके NH<sub>4</sub>OH बनाते हैं जो कि दुर्बल क्षार होने के कारण कम मात्रा में आवनित होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37867" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-26.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 26" width="252" height="73" /><br />
इस प्रकार अम्लीय एवं क्षारीय दोनों प्रकारों के बफर विलयनों में कुछ मात्रा में प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षार डालने पर भी pH का मान परिवर्तित नहीं होता है।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
ऊष्मीय वियोजन व विद्युत वियोजन में अन्तर लिखें।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>ऊष्मीय वियोजन</td>
<td>विद्युत वियोजन</td>
</tr>
<tr>
<td>1. यौगिक को उ़च्च ताप पर गर्म करने पर ऊष्मीय वियोजन (thermal dissociation) होता है; जैसे-<br />
NH<sub>4</sub>Cl ⇌ NH<sub>3 </sub>+ HCl</td>
<td>यौगिकों को ध्रुवीय विलायक में घोलने पर विद्युत वियोजन होता है: जैसे-<br />
NaCl ⇌ Na<sup>+ </sup>+ Cl<sup>&#8211;</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>2. ऊष्मीय वियोजन में माध्यम आवश्यक नहीं है।</td>
<td>विद्युत वियोजन में जल या अन्य कोई आयनीकारक द्रव जैसा माध यम आवश्यक है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. इस वियोजन में उदासीन अणु प्राप्त होते हैं।</td>
<td>इस वियोजन से विपरीत विद्युत आवेशयुक्त आयन प्राप्त होता है।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. भौतिक विधियों द्वारा पदार्थ तथा उसके वियोजन उत्पाद को पृथक किया जा सकता है।</td>
<td>पदार्थ को आयनन से भौतिक विधि द्वारा अलग नहीं किया जा सकता; क्योंकि आवेशित होने के कारण ये बँधे रहते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>5. तनुता का इस वियोजन की मात्रा पर प्रभाव नहीं पड़ता है।</td>
<td>तनुता से इस वियोजन की मात्रा बढ़ती है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 34.<br />
वे गैसीय अभिक्रियाएँ जिनमें ∆n = 0 है, को प्रभावित करने वाले कारकों को बताएँ।<br />
उत्तर:<br />
(∆n = 0) रखने वाली गैसीय अभिक्रियाओं के साम्य पर निम्नलिखित कारक प्रभाव डालते हैं।<br />
1. दाब (Pressure) दाब परिवर्तित करने पर साम्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि अभिक्रिया में उत्पादों की संख्या व अभिकारकों की संख्या समान होती है। यहाँ पर K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> भी होता है। यदि साम्य मिश्रण पर दाब परिवर्तित कर दिया जाता है तो प्रत्येक क्रियाकारक और प्रत्येक उत्पाद का आंशिक दाब भी उसी अनुपात में परिवर्तित हो जाता है।</p>
<p>2. सान्द्रता (Concentration ) यदि साम्यावस्था पर अभिकारकों की सान्द्रता को बढ़ा दिया जाय तो अभिक्रिया दायीं तरफ विस्थापित होगी अर्थात् अधिक मात्रा में उत्पाद बनेंगे और उत्पादों की सान्द्रता बढ़ा दिया जिससे स्थिरांक का मान स्थिर रहता है।<br />
जाय तो अभिक्रिया बार्यी तरफ विस्थापित होगी अर्थात् अधिक मात्रा में अभिकारक बनेंगे जिससे कि बढ़ायी गयी मात्रा उपयोग में लायी जा सके।</p>
<p>3. अक्रिय गैस का योग (Addition of Inert Gas) &#8211; साम्यावस्था पर अक्रिय गैस को मिलाने पर कोई प्रभाव नहीं होगा चाहे गैस को स्थिर दाब पर मिलाएँ चाहे इसे स्थिर आयतन पर मिलाएँ।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
निम्न का कारण बतायें-<br />
(i) तूफानी दिनों में कपड़े शीघ्र सूखते हैं।<br />
(ii) आर्द्र दिनों में अधिक पसीना आता है।<br />
उत्तर:<br />
(i) जब गीले कपड़ों को सुखाया जाता है, तो कपड़े में से जल का वाष्पन होता है, और वातावरण की वायु संतृप्त होकर सूखने की प्रक्रिया में बाधा पहुँचाती है। तूफानी दिनों में वायु के प्रवाह के कारण आसपास की गीली वायु को शुष्क वायु विस्थापित कर देती है जिससे और आगे वाष्पन में सहायता मिलती है। अतः तूफानी दिनों में कपड़े शीघ्र सूखते हैं।</p>
<p>(ii) आर्द्र दिनों में वायु पहले से ही जल वाष्प से संतृप्त होती है। इसका अर्थ है कि शरीर के रोम कूपों से निकलने वाला पसीना वाष्पित नहीं हो पाता है। इस कारण आर्द्र दिनों में अधिक पसीना निकलता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्न समीकरणों के लिये साम्य नियतांक के व्यंजक लिखें-<br />
(i) BaCO<sub>3(s)</sub> ⇌ BaO(s) + CO<sub>2(g)</sub><br />
(ii) CH<sub>3</sub>COCH<sub>3(l)</sub> ⇌ CH<sub>3</sub>COCH<sub>3(g)</sub><br />
(iii) Al<sub>(s)</sub> + 3H<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> ⇌ Al<sup>3+</sup><sub>(aq)</sub> + \(\frac {3}{2}\)H<sub>2(g)</sub><br />
(iv) AgCl(s) ⇌ Ag<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> + Cl<sup>&#8211;</sup><sub>(aq)</sub><br />
(v) HPO<sub>4</sub><sup>2-</sup><sub>(aq)</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>(l)</sub> ⇌ H<sub>3</sub>O<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> + PO<sub>4</sub><sup>3-</sup><sub>(aq)</sub><br />
हल:<br />
(i) BaCO<sub>3(s)</sub> ⇌ BaO<sub>(s)</sub> + CO<sub>2(g)</sub><br />
K<sub>c</sub> = [CO<sub>2</sub>] तथा K<sub>p</sub> = P<sub>CO<sub>2</sub></sub><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37868" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-27.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 27" width="404" height="644" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-27.png 404w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-27-188x300.png 188w" sizes="auto, (max-width: 404px) 100vw, 404px" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्न अभिक्रियाओं में K<sub>p</sub> तथा K<sub>c</sub> में सम्बन्ध बतायें।<br />
(1) N<sub>2(g)</sub> + 3H<sub>2(g)</sub> ⇌ 2NH<sub>3(g)</sub><br />
(2) H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HI<sub>(g)</sub><br />
(3) PCl<sub>5(g)</sub> ⇌ PCl<sub>3(g)</sub> + Cl<sub>2(g)</sub><br />
हल:<br />
(1) N<sub>2(g)</sub> + 3H<sub>2(g)</sub> ⇌ 2NH<sub>3(g)</sub><br />
∆n = 2 &#8211; 4 = &#8211; 2<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>∆n</sup><br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>-2</sup></p>
<p>(2) H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HI<sub>(g)</sub><br />
∆n = 2 &#8211; 2 = 0<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>0</sup><br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub></p>
<p>(3) PCl<sub>5(g)</sub> ⇌ PCl<sub>3(g)</sub> + Cl<sub>2(g)</sub><br />
∆n = 2 &#8211; 1 = 1<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>∆n</sup><br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>1</sup></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
यदि किसी साम्य अभिक्रिया के लिये अग्र तथा पश्च अभिक्रियाओं के वेग स्थिरांक क्रमशः 2.38 10 तथा 8.15 × 10<sup>-5</sup> हों तो इस अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना करो।<br />
हल:<br />
साम्य स्थिरांक = \(\frac{\mathrm{K}_f}{\mathrm{~K}_b}\)<br />
= \(\frac{2.38 \times 10^{-5}}{8.15 \times 10^{-5}}\)<br />
= 2.92</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
298K ताप पर यदि निम्न अभिक्रिया के लिये साम्य स्थिरांक 2.0 x 10<sup>15</sup> है।<br />
Cu<sub>(s)</sub> + 2Ag<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> ⇌ Cu<sup>2+</sup><sub>(aq)</sub> + 2Ag(s)<br />
एक विलयन में जिसमें कॉपर कुछ सिल्वर आयनों को विलयन में से विस्थापित करता है, Cu<sup>2+</sup> आयन की सान्द्रता 18 x 10<sup>-2</sup>mol L<sup>-1</sup> है तथा Ag<sup>+</sup> आयन की सान्द्रता 3.0 x 10<sup>-9</sup> mol L<sup>&#8211;</sup> है। क्या यह निकाय साम्यावस्था में है।<br />
हल:<br />
अभिक्रिया<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37869" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-28.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 28" width="312" height="280" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-28.png 312w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-28-300x269.png 300w" sizes="auto, (max-width: 312px) 100vw, 312px" /><br />
Q<sub>c</sub> का मान साम्य स्थिरांक के बराबर है अतः अभिक्रिया साम्यावस्था में होगी।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
2 मोल PCl<sub>5</sub> को 4 ली० के एक पात्र में गर्म किया गया। साम्यावस्था पर इसका वियोजन 50% PCl<sub>3</sub> तथा Cl<sub>2</sub> में हो गया। साम्य स्थिरांक की गणना करें।<br />
हल:<br />
साम्यावस्था पर PCl<sub>5</sub> के वियोजित मोलों की संख्या x = 50%<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37870" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-29.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 29" width="447" height="453" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-29.png 447w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-29-296x300.png 296w" sizes="auto, (max-width: 447px) 100vw, 447px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
10 मोल H<sub>2</sub> की अभिक्रिया 5 मोल I<sub>2</sub> से कराने पर 8 मोल HI उत्पन्न होता है तो अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना करें।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37871" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-30.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 30" width="416" height="629" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-30.png 416w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-30-198x300.png 198w" sizes="auto, (max-width: 416px) 100vw, 416px" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
ग्लाइकोलाइसिस में ग्लूकोज के फास्फो-राइलेशन के लिये ∆G° का मान 13.8 kJ /mol है। 298 K ताप पर K<sub>c</sub> की गणना करो।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37872" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-31.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 31" width="329" height="302" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-31.png 329w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-31-300x275.png 300w" sizes="auto, (max-width: 329px) 100vw, 329px" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
700 K ताप पर अभिक्रिया,<br />
H<sub>2(g)</sub> + I<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HI<sub>(g)</sub> के लिये K = 50.2 है।<br />
0.50 atm HI तथा H<sub>2</sub> एवं 12 में प्रत्येक के 0.02 atm से मिलकर बने मिश्रण में क्या कोई अभिक्रिया होगी। यदि ऐसा है तो क्या HI व्यय होगा या निर्मित होगा।<br />
हल:<br />
माना अभिक्रिया भागफल (Q<sub>p</sub>) = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{(\mathrm{HI})}\right)^2}{\mathrm{P}_{\left(\mathrm{H}_2\right)} \mathrm{P}_{\left(\mathrm{I}_2\right)}}\)<br />
= \(\frac{(0.50)^2}{(0.02)(0.02)}=\frac{0.5 \times 0.5}{0.02 \times 0.02}\) = 625<br />
यहाँ पर K<sub>p</sub> = 50·2 है जिससे सिद्ध होता है कि अभिक्रिया साम्यावस्था में नहीं है। साम्यावस्था प्राप्त करने के लिये HI का व्यय होगा।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
1020 K ताप पर एक पात्र में 0.6 atm दाब पर CO<sub>2</sub> है। कुछ CO<sub>2</sub> ग्रेफाइट के योग पर CO में परिवर्तित हो जाता है। यदि साम्यावस्था पर कुल दाब 0.8 atm है तो K<sub>p</sub> की गणना करो।<br />
हल:<br />
CO<sub>2(g)</sub> + C<sub>(s)</sub> ⇌ 2CO<sub>(g)</sub><br />
अभिक्रिया होने के पश्चात् माना CO<sub>2(g)</sub> के दाब में कमी = p atm<br />
CO<sub>(g)</sub> की दाब वृद्धि = 2p atm<br />
साम्यावस्था पर<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37873" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-32.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 32" width="212" height="56" /><br />
कुल दाब = (0.6 &#8211; p + 2p) = 0.6 + p atm<br />
वास्तविक दाब = 0.8 atm<br />
0.6 + p = 0.8<br />
p = 0.8 &#8211; 0.6<br />
p = 0.2 atm<br />
P<sub>CO</sub> = 2p = 2 × 0.2 = 04 atm ; P<sub>CO<sub>2</sub></sub> = 0.6 &#8211; p&#8217;<br />
= 0.6 &#8211; 0.2 = 0.4 atm<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{CO}}\right)^2}{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}\)<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{0.4 \times 0.4}{0.4}\) = 0.4 atm</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<sub>2</sub> के लिये निश्चित ताप पर साम्य स्थिरांक के घटक लिखो तथा साम्य स्थिरांक के साम्य स्थिरांक 100 mol<sup>-1</sup> L है। नीचे दी गयी अभिक्रियाओं के लिये अलग-अलग साम्य स्थिरांक के घटक लिखो तथा साम्य स्थिरांक के मान की गणना करो।<br />
(i) 2NO<sub>2</sub> ⇌ N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub><br />
(ii) NO<sub>2</sub> ⇌ \(\frac {1}{2}\)N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub><br />
हल:<br />
अभिक्रिया,<br />
N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub> ⇌ 2NO<sub>2</sub> के लिये<br />
K<sub>1</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NO}_2\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_2\right]\left[\mathrm{O}_2\right]^2}\) = 100 &#8230; (1)<br />
अभिक्रिया,<br />
2NO<sub>2</sub> ⇌ N<sub>2</sub> + 2O<sub>2</sub> के लिये K<sub>2</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{N}_2\right]\left[\mathrm{O}_2\right]^2}{\left[\mathrm{NO}_2\right]^2}\) &#8230; (2)<br />
समीकरण (2) के साम्य स्थिरांक को व्युत्क्रम करने पर<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37874" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-33.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 33" width="370" height="746" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-33.png 370w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-33-149x300.png 149w" sizes="auto, (max-width: 370px) 100vw, 370px" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक निश्चित ताप पर N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> का वाष्प घनत्व 30 पाया गया। N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> की वियोजन की प्रतिशत मात्रा ज्ञात करें।<br />
हल:<br />
N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> का अणु भार = 2 × 14 + 4 × 16 = 92<br />
वाष्प घनत्व (D) = \(\frac {92}{2}\) = 46<br />
N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> का वियोजन निम्न प्रकार होता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37875" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-34.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 34" width="418" height="132" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-34.png 418w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-34-300x95.png 300w" sizes="auto, (max-width: 418px) 100vw, 418px" /><br />
D = आरम्भ में वाष्प घनत्व = 46,<br />
d = साम्यावस्था पर वाष्प घनत्व = 30<br />
n = एक अणु के वियोजन से बने अणुओं की संख्या = 2, α, वियोजन की मात्रा<br />
α.(n &#8211; 1) = \(\frac{D-d}{d}=\frac{46-30}{30}=\frac{16}{30}\)<br />
α(2 &#8211; 1) = \(\frac {16}{30}\) = 0.533 = 53.3 %</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
अभिक्रिया CaCO<sub>3(s)</sub> ⇌ CaO<sub>(s)</sub> + CO<sub>2(g)</sub> के लिये 700°C ताप पर P = 1.20 atm है। यदि 20.0 g CaCO<sub>3</sub> को 10 L के फ्लास्क में रखें तथा इसे 800°C तक गर्म करें तो साम्य पर CaCO<sub>3</sub> की कितनी प्रतिशतता अनअभिक्रियाकृत (Unreacted) रहेगी।<br />
हल:<br />
CaCO<sub>3</sub>(s) ⇌ CaO<sub>(s)</sub> + CO<sub>2(g)</sub><br />
K<sub>p</sub> = P<sub>CO<sub>2</sub></sub><br />
= 1.20 atm<br />
हम जानते हैं,<br />
PV = nRT<br />
n = \(\frac {PV}{RT}\)<br />
= 0.15 मोल<br />
निर्मित CO<sub>2</sub> के मोलों की संख्या = 0.15 mol<br />
वियोजित CaCO<sub>3</sub> के मोल = 0.15 mol<br />
प्रारम्भ में CaCO<sub>3</sub> के मोलों की संख्या<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37876" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-35.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 35" width="297" height="155" /><br />
अवियोजित बचे COCO<sub>3</sub> की प्रतिशतता = 100 &#8211; 75 = 25%</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
सिद्ध करें कि 500 K ताप पर PCl<sub>5</sub> का 50% वियोजन प्राप्त करने के लिये आवश्यक दाब आंकिक रूप से K<sub>p</sub> के मान का तीन गुना होता है।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37877" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-36.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 36" width="388" height="382" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-36.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-36-300x295.png 300w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
100 लीटर के पात्र में 1 मोल N<sub>2</sub> तथा 3 मोल PCl<sub>5</sub> को 227°C तक गरम किया गया। साम्यावस्था पर दाब 2.05 atm है। गैसों का आदर्श व्यवहार मानते हुए PCl<sub>5</sub> की वियोजन मात्रा एवं अभिक्रिया PCl<sub>5</sub> ⇌ PCl<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub> के लिए K<sub>p</sub> की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
N<sub>2</sub> के एक मोल के साथ PCl<sub>5</sub> के 3 मोल गरम किए जाते हैं। तो यह PCl<sub>3</sub> एवं Cl<sub>2</sub> में वियोजित होता है। माना कि साम्यावस्था पर PCl<sub>5</sub> के 3 मोल मैं से x मोल PCl<sub>3</sub> एवं Cl<sub>2</sub> में वियोजित होते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37878" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-37.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 37" width="292" height="100" /><br />
साम्यावस्था पर कुल मोलों की संख्या<br />
(n) = 1 + 3 &#8211; x + x + x<br />
n = 4 + x<br />
साम्य दाब (P) = 2.05 atm<br />
आयतन (V) = 100 litre<br />
R = 0.0821 lit atm deg<sup>-1</sup> mole<sup>-1</sup><br />
T = 227 + 273 = 500K<br />
आदर्श गैस के लिए &#8211; PV = nRT<br />
2.05 × 100 = (4 + x) x 0.0821 × 500<br />
4 + x = 4.99<br />
∴ x ≈ 1<br />
PCl<sub>5</sub> की वियोजन मात्रा (α)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37879" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-38.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 38" width="366" height="762" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-38.png 366w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-38-144x300.png 144w" sizes="auto, (max-width: 366px) 100vw, 366px" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
250°C एवं 2 वायुमण्डल दाब पर PCl<sub>5</sub> का 68.6% वियोजन होता है। इस ताप पर PCl<sub>5</sub> के वियोजन से साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
माना कि PCl<sub>5</sub> के एक मोल को 250°C पर गर्म किया जाता है तो साम्यावस्था पर PCl<sub>5</sub> के एक मोल में से \(\frac {68.6}{100}\) अर्थात् 0.686 मोल PCl<sub>3</sub> एवं Cl<sub>2</sub> में विभाजित हो जाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37880" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-39.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 39" width="429" height="113" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-39.png 429w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-39-300x79.png 300w" sizes="auto, (max-width: 429px) 100vw, 429px" /><br />
साम्य पर मिश्रण के कुल मोलों की संख्या<br />
= (1-0.686) + (0.686) + (0.686)<br />
द्रव्य अनुपाती क्रिया नियम के अनुसार-<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{PCl}_3}\right) \times\left(\mathrm{P}_{\mathrm{Cl}_2}\right)}{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{PCl}_5}\right)}\)<br />
साम्य पर मिश्रण में किसी पदार्थ का आंशिक दाब<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37881" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-40.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 40" width="388" height="229" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-40.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-40-300x177.png 300w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
200°C पर PCl<sub>5</sub> का वाष्य घनत्व 70<sup>&#8211;</sup>2 पाया गया। इस ताप पर PCl<sub>5</sub> के प्रतिशत वियोजन की गणना कीजिये (P<sup>&#8211;</sup> 31, Cl = 35.5)<br />
हल:<br />
PCl<sub>5</sub> का अणुभार = 31 + 5 x (355) = 208.5<br />
वियोजन से पूर्व<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37882" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-41.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 41" width="300" height="88" /><br />
मिश्रण का प्रेक्षित वाष्प घनत्व (d) = 70.2<br />
PCl<sub>5</sub> के वियोजन का समीकरण-<br />
PCl<sub>5</sub> ⇌ PCl<sub>3</sub> + Cl<sub>2</sub><br />
अत:<br />
n = 2<br />
α = \(\frac{\mathrm{D}-d}{d(n-1)}\)<br />
= \(\frac{104 \cdot 25-70 \cdot 2}{70 \cdot 2(2-1)}\) = 0.485<br />
प्रतिशत वियोजन = 100 x α<br />
= 100 x 0.485 = 48.5 %</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
एक मोल C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>OH एवं एक मोल CH<sub>3</sub>COOH की क्रिया कराने पर \(\frac {2}{3}\) मोल CH<sub>3</sub>COOC<sub>2</sub>H<sub>5</sub> बनता है। अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37883" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-42.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 42" width="455" height="484" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-42.png 455w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-42-282x300.png 282w" sizes="auto, (max-width: 455px) 100vw, 455px" /></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
Al(OH)<sub>3</sub> का विलेयता गुणनफल 43.2 × 10<sup>-11</sup> mol<sup>4</sup> L<sup>-4</sup> इसकी जल में विलेयता ज्ञात करें।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37884" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-43.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 43" width="317" height="437" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-43.png 317w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-43-218x300.png 218w" sizes="auto, (max-width: 317px) 100vw, 317px" /></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
0.01 M अमोनियम ऐसीटेट विलयन की जल अपघटन की मात्रा तथा उसके pH के मान की गणना कीजिये।<br />
(K<sub>a</sub> = 1.75 × 10<sup>-5</sup>, K<sub>b</sub> = 1·8 × 10<sup>-5</sup>, K<sub>w</sub> = 1.0 × 10<sup>-14</sup>)<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37885" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-44.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 44" width="305" height="351" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-44.png 305w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-44-261x300.png 261w" sizes="auto, (max-width: 305px) 100vw, 305px" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
0.01 M ऐनिलीन ऐसीटेट के विलयन में इसके जल अपघटन की मात्रा ज्ञात कीजिए। यदि ऐनिलीन तथा ऐसीटिक अम्ल के वियोजन स्थिरांक क्रमश: 4.6 x 10<sup>&#8211;</sup>10 तथा 1.8 x 10 हैं। यदि उपर्युक्त के एक लीटर विलयन में 5 लीटर जल मिला दिया जाए तो जल अपघटन की मात्रा में क्या परिवर्तन होगा ?<br />
हल:<br />
जल अपघटन की मात्रा<br />
h = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_w}{\mathrm{~K}_a \times \mathrm{K}_b}}\)<br />
= \(\sqrt{\frac{1 \times 10^{-14}}{1.8 \times 10^{-5} \times 4.6 \times 10^{-10}}}\)<br />
h का 1.0 से बड़ा मान सम्भव है अतः (1 &#8211; h) को h के बराबर नहीं माना जा सकता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37886" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-45.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 45" width="381" height="309" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-45.png 381w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-45-300x243.png 300w" sizes="auto, (max-width: 381px) 100vw, 381px" /><br />
अतः जल अपघटन की मात्रा 0.523 है।<br />
जल अपघटन की मात्रा h का व्यंजक लवण की सान्द्रता या तनुता के पद से मुक्त है अतः 5 लीटर जल मिलाने पर भी जल अपघटन की मात्रा वही रहेगी।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
अमोनियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन में \(\frac {M}{100}\) हाइड्रॉक्सिल आयनों की सान्द्रता क्या होगी ?<br />
(K<sub>b</sub> = 1.8 x 10<sup>-5</sup><br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37887" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-46.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 46" width="358" height="301" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-46.png 358w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-46-300x252.png 300w" sizes="auto, (max-width: 358px) 100vw, 358px" /></p>
<p>प्रश्न 22.<br />
1.5 x 10<sup>-5</sup> M बेरियम क्लोराइड विलयन का 15 mL 1.0 x 10<sup>-5</sup> M सोडियम सल्फेट विलयन के 35 mL के साथ मिलाया जाता है। क्या अवक्षेप बनेगा (BaSO<sub>4</sub> का K<sub>sp</sub> = 1 x 10<sup>-10</sup>)<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37888" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-47.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 47" width="215" height="65" /><br />
उपरोक्त अभिक्रिया के लिये Ba<sup>2+</sup> को BaCl<sub>2</sub> द्वारा जबकि SO<sub>4</sub><sup>2-</sup> आयन को Na<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> विलयन द्वारा वियोजन के फलस्वरूप प्राप्त करते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37889" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-48.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 48" width="237" height="81" /><br />
मिलाने के बाद कुल आयतन 15 + 35 = 50ml<br />
विलयन में Ba<sup>2+</sup> की सान्द्रता =\(\frac {15}{50}\) = 0.3<br />
विलयन में SO<sub>4</sub><sup>2-</sup> की सान्द्रता =\(\frac {35}{50}\) = 0.7<br />
मिलाने से पहले [Ba<sup>2+</sup>] = 1.5 x 10<sup>+5</sup>M<br />
मिलाने के बाद [Ba<sup>2+</sup>] = 0.3 x 1.5 x 10<sup>-5</sup><br />
= 0.45 × 10<br />
मिलाने से पहले [SO<sub>4</sub><sup>2-</sup>] = 1.0 x 10<sup>-5</sup> m )<br />
मिलाने के बाद [SO<sub>4</sub><sup>2-</sup>] = 0.7 = x 1.0 x 10<sup>-5</sup><br />
= 0.7 x 10<sup>-5</sup> M<br />
आयनिक अगुणनफल [Ba<sup>2+</sup>] [SO<sub>4</sub><sup>2-</sup>]<br />
= 0.45 × 10<sup>-5</sup> × 0.7 × 10<sup>-5</sup><br />
= 0.45 x 0.7 x 10<sup>-5</sup><br />
BaSO<sub>4</sub> के K<sub>sp</sub> का मान 1 x 10<sup>-10</sup> है।<br />
चूँकि [आयनिक गुणनफल] &lt; [विलेयता गुणनफल]<br />
अतः BaSO<sub>4</sub> अवक्षेपित नहीं होगा।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
298 K ताप पर Mg (OH)<sub>2</sub> की विलेयता 8.352 x 10<sup>-3</sup> g/100ml है Mg(OH)<sub>2</sub> का विलेयता गुणनफल क्या होगा?<br />
हल:<br />
Mg(OH)<sub>2</sub> की विलेयता<br />
= 8352 × 10<sup>-3</sup> g/100ml.<br />
= 83.52 × 10<sup>-3</sup> g/L<br />
Mg(OH)<sub>2</sub> का मोलर द्रव्यमान<br />
= 24 + 2 x 17<br />
= 24 + 34<br />
= 58g mol<sup>-1</sup><br />
Mg(OH)<sub>2</sub> की विलेयता = \(\frac{83.52 \times 10^{-3}}{58}\)<br />
= 1.44 x 10<sup>-3</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
Mg(OH)<sub>2</sub> का विलेयता साम्य है<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37904" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-49a.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 49a" width="242" height="60" /></p>
<p>[Mg<sup>2+</sup>] = 144 x 10<sup>-3</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = 2 × 1.44 x 10<sup>-3</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
K<sub>sp</sub> = [Mg<sup>2+</sup>] [OH<sup>&#8211;</sup>]²<br />
= 144 x 10<sup>-3</sup> x 2 x 1.44 x 10<sup>-3</sup><br />
= 4.1472 x 10<sup>-6</sup> mol³ L<sup>-3</sup></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
298 K ताप पर जल में AgCl की विलेयता 1.20 x 10<sup>-5</sup>mol L<sup>-1</sup> है। इस ताप पर इसका विलेयता गुणनफल ज्ञात करो।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37890" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-49.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 49" width="213" height="53" /><br />
AgCl की विलेयता = 1.20 × 10<sup>-5</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
[Ag<sup>+</sup>] = 1.20 × 10<sup>-5</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
[Cl<sup>&#8211;</sup>] = 1.20 × 10<sup>-5</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
K<sub>sp</sub> = [Ag<sup>+</sup>] [Cl<sup>&#8211;</sup>]<br />
= 1.20 × 10<sup>-5</sup> x 1.20 x 10<sup>-5</sup><br />
= 1.44 × 10<sup>-10</sup> mol² L<sup>-5</sup></p>
<p>प्रश्न 25.<br />
0.2 मोल ऐसीटिक अम्ल को 0.20 मोल NaOH से 0.50 लीटर जल में उदासीन करने पर प्राप्त विलयन की pH ज्ञात करें।<br />
(K<sub>a</sub> = 1.8 × 10<sup>-5</sup>)<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37891" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-50.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 50" width="359" height="109" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-50.png 359w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-50-300x91.png 300w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" /><br />
[CH<sub>3</sub>COONa] = \(\frac {0.2}{0.5}\) = 0.4 mol L<sup>-1</sup><br />
CH<sub>3</sub>COONa के जल अपघटन के कारण विलयन क्षारीय होगा.<br />
CH<sub>3</sub>COO<sup>&#8211;</sup> + H<sub>2</sub>O ⇌ CH<sub>3</sub>COOH + OH<sup>&#8211;</sup><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37892" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-51.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 51" width="221" height="337" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-51.png 221w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-51-197x300.png 197w" sizes="auto, (max-width: 221px) 100vw, 221px" /></p>
<p>प्रश्न 26.<br />
एक घोल में प्रत्येक Ph<sup>2+</sup> तथा Zn<sup>2+</sup> की सान्द्रता 0.01 M है। इनमें से केवल Ph<sup>2+</sup> को अवक्षेपित करने के लिये H<sub>2</sub>S के सन्तृप्त घोल में कितना [H<sub>3</sub>O<sup>+</sup>] रखना चाहिये। (K<sub>ap</sub> (H<sub>2</sub>S) = 1.1 x<br />
10<sup>-22</sup> तथा K<sub>sp</sub> (ZnS) = 1.0 × 10<sup>-21</sup>)।<br />
हल:<br />
ZnS अवक्षेपित न हो इसके लिये,<br />
[Zn<sup>2+</sup>] [S<sup>2-</sup>] &lt; Ksp (ZnS)<br />
10<sup>-2</sup>[S<sup>2-</sup>] &lt; 1.0 x 10<sup>-21</sup><br />
अतः [S²] = 10<sup>-19</sup> वह अधिकतम सान्द्रता है जिस पर ZnS अवक्षेपित नहीं होगा या दूसरे शब्दों में कहें तो इस सान्द्रता शुरु हो जायेगा।<br />
H<sub>2</sub>S ⇌ 2H<sup>+</sup> + S<sup>2-</sup><br />
[H<sup>+</sup>]² [S<sup>2-</sup>] = 1.1 × 10<sup>-22</sup><br />
[H<sup>+</sup>]² = \(\frac{1.1 \times 10^{-22}}{10^{-19}}\)<br />
[H<sup>+</sup>]² = 11 x 10<sup>4-</sup><br />
[H<sup>+</sup>] = 3.3 x 10<sup>-2</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
अत: [H<sup>+</sup>] = 3.3 x 10<sup>-2</sup> M है तो केवल Phs अवक्षेपित होगा ZnS नहीं</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
Pb(OH) की जल में विलेयता 6<sup>&#8211;</sup>7 10M है। Pb(OH)<sub>2</sub> की pH = 8 के बफर विलयन में विलेयता ज्ञात करें।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37893" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-52.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 52" width="304" height="264" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-52.png 304w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-52-300x261.png 300w" sizes="auto, (max-width: 304px) 100vw, 304px" /></p>
<p>प्रश्न 28.<br />
pH = 9 के बफर विलयन को बनाने के लिये NH तथा NH<sub>4</sub>Cl की मात्रा की गणना करो, जबकि दोनों की मिश्रित सान्द्रता 0.6 मोल / L है। (pK (NH<sub>3</sub>) = 4.7)<br />
हल:<br />
माना कि (NH<sub>3</sub> + NH<sub>4</sub>Cl) बफर विलयन में मोल NH<sub>3</sub> के तथा b मोल NH<sub>4</sub>Cl के हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37894" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-53.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 53" width="417" height="341" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-53.png 417w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-53-300x245.png 300w" sizes="auto, (max-width: 417px) 100vw, 417px" /><br />
b के मान को समीकरण 1 में रखने पर मोल<br />
a + b = 0.6<br />
a + 2a = 0.6<br />
3a = 0.6<br />
a = \(\frac {0.6}{3}\) = 0.2 मोल<br />
b = 0.4 मोल<br />
NH<sub>3</sub> के मोल = 0.2, NH<sub>4</sub>Cl के मोल = 0.4</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 29.<br />
यदि HCl के 200 मिली जलीय विलयन (pH = 2) में NaOH का 300 मिली जलीय विलयन (pH = 12) मिला दिया जाये तो परिणामी pH क्या होगी?<br />
हल:<br />
[H<sup>+</sup>] [HCl] = 10<sup>-2</sup><br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = [NaOH] = 10<sup>-2</sup> (∴ pH = 12; pOH = 2 )<br />
विलयन में H<sup>+</sup> के मिली मोल = 10<sup>-2</sup> x 200<br />
विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> के मिली मोल = 10<sup>-2</sup> x 300<br />
विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> के बचे मिली मोल<br />
= (300 &#8211; 200) × 10<sup>-2</sup><br />
= 100 × 10<sup>-2</sup> मिली मोल<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = \(\frac{100 \times 10^{-2}}{500}\)<br />
कुल आयतन = 200 + 300 मिली<br />
[OH ] = 0.2 × 10<sup>-2</sup><br />
pOH = 2.6989<br />
pH = 14 &#8211; 2.6989<br />
pH = 11.3011</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
10% अमोनिया (भार प्रतिशत विलयन) के विलयन का घनत्व 0.99 g / cm³ है। इस विलयन में OH<sup>&#8211;</sup> तथा H<sup>+</sup> आयनों की सान्द्रता की गणना करें। (NH<sub>4</sub><sup>+</sup> के लिये K<sub>a</sub> = 5.0 × 10<sup>-10</sup>10 M)<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37895" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-54.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 54" width="312" height="634" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-54.png 312w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-54-148x300.png 148w" sizes="auto, (max-width: 312px) 100vw, 312px" /></p>
<p>प्रश्न 31.<br />
NaOCN के 0.002 M जलीय विलयन में जल अपघटनांक की प्रतिशतता ज्ञात कीजिये। HOCN के लिये (K<sub>a</sub> = 3.33 × 10<sup>-4</sup> M)<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37896" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-55.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 55" width="262" height="248" /></p>
<p>प्रश्न 32.<br />
250 ml जलीय विलयन में Ca(OH)<sub>2</sub> के कितने मोल होंगे यदि उस विलयन की pH = 10.65 हो। Ca(OH)<sub>2</sub> का पूर्ण विघटन होता है।<br />
हल:<br />
माना कि 250ml जल में Ca(OH)<sub>2</sub> के a मोल उपस्थित हैं।<br />
Ca(OH)<sub>2</sub> की मोलरता = \(\frac{a \times 1000}{250}\) = 4a<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = 2 × 4a<br />
&#8211; log [OH<sup>&#8211;</sup>] = &#8211; log 8a<br />
pOH = 3.35 = &#8211; log 8a<br />
a = 5.58 × 10<sup>-5</sup> mol/ 250ml.</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
\(\frac { N }{ 1000 }\) NaOH विलयन की pH कितनी होगी?<br />
हल:<br />
\(\frac { N }{ 1000 }\) NaOH ≈ \(\frac { N }{ 1000 }\) NaOH = 10<sup>-3</sup>N NOOH<br />
∴ [NaOH] = <sup>-3</sup> N<br />
NaOH → Na<sup>+</sup> + OH<sup>&#8211;</sup><br />
10<sup>-3</sup>N 10<sup>-3</sup>N<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = 10<sup>-3</sup><br />
[H<sup>+</sup>][OH<sup>&#8211;</sup>] = 10<sup>-14</sup><br />
[H<sup>+</sup>] = \(\frac{10^{-14}}{10^{-3}}\)<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log 10<sup>-11</sup><br />
pH = 11</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
10<sup>-4</sup> M HCl की pH क्या होगी?<br />
हल:<br />
HCl → H<sup>+</sup> + Cl<sup>&#8211;</sup><br />
10<sup>-4</sup>M 10<sup>-4</sup> M<br />
[H<sup>+</sup>] = 10<sup>-4</sup> M<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log 10<sup>-4</sup><br />
pH = + 4</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
0.00001 M H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> विलयन की pH क्या होगी।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37897" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-56.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 56" width="330" height="250" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-56.png 330w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-56-300x227.png 300w" sizes="auto, (max-width: 330px) 100vw, 330px" /></p>
<p>प्रश्न 36.<br />
किसी मोनोबेसिक अम्ल का pH मान 6.99 है। [H<sup>+</sup>] की सान्द्रता ज्ञात करें।<br />
हल:<br />
pH = 6.99<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
[H<sup>+</sup>] = Antilog (- pH)<br />
= Antilog (- 6.99)<br />
= Antilog (\(\bar { 7 }\).001)<br />
[H<sup>+</sup>] = 1.023 x 10<sup>-7</sup></p>
<p>प्रश्न 37.<br />
0.001 M Ba(OH)<sub>2</sub> विलयन की pH ज्ञात करें।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37898" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-57.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 57" width="295" height="294" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-57.png 295w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-57-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 295px) 100vw, 295px" /></p>
<p>प्रश्न 38.<br />
किसी 0.42 g प्रति लीटर वाले H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> विलयन के pH की गणना करें।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37899" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-58.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 58" width="342" height="362" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-58.png 342w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-58-283x300.png 283w" sizes="auto, (max-width: 342px) 100vw, 342px" /></p>
<p>प्रश्न 39.<br />
0.2 M ऐसीटिक अम्ल के विलयन का pH मान ज्ञात करो। CH<sub>3</sub>COOH का वियोजन स्थिरांक K<sub>a</sub> =1.8<sup>-5</sup> है।<br />
हल:<br />
[H<sup>+</sup>] = C α ; α = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_{\mathrm{a}}}{\mathrm{C}}}\)<br />
α = \(\sqrt{\frac{1.8 \times 10^{-5}}{0 \cdot 2}}\)<br />
α = \(\sqrt{9 \times 10^{-5}}\)<br />
α = \(\sqrt{90 \times 10^{-6}}\)<br />
α = 9.487 x 10<sup>-3</sup><br />
α = 0.0095<br />
[H<sup>+</sup>] = C α<br />
= 0·2 × 0.0095<br />
= 0.0019 M<br />
[H<sup>+</sup>] = 0.0019<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log (0·0019)<br />
pH = 2.72</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
यदि ऐसीटिक अम्ल का 0.001 M विलयन 5% वियोजित होता है तो इस विलयन की pH क्या होगी?<br />
हल:<br />
[CH<sub>3</sub>COOH] = 0.001 M<br />
वियोजन मात्रा (α) = 5%<br />
= \(\frac {5}{100}\) = 0.05<br />
परन्तु ऐसीटिक अम्ल के लिये<br />
[H<sup>+</sup>] = Cα<br />
= 0·001 0·05<br />
= 5 × 10<sup>-5</sup><br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log 5 × 10<sup>-5</sup><br />
= &#8211; [log 5 + log 10<sup>-5</sup>]<br />
= &#8211; [0·699 &#8211; 5]<br />
pH = 4.301</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 41.<br />
50 ml 0.1 M NaOH तथा 50 ml 0.05M CH<sub>3</sub>COOH के मिश्रण की pH क्या होगी?<br />
हल:<br />
NaOH + CH<sub>3</sub>COOH → CH<sub>3</sub>COONa+ H<sub>2</sub>O<br />
1M            1M<br />
एक मोल NaOH, 1 मोल CH<sub>3</sub>COOH से क्रिया करता है।<br />
NaOH के मिली मोलों की संख्या<br />
= M x V<br />
= 0.1 x 50<br />
= 5 मिली मोल<br />
CH<sub>3</sub>COOH के मिली मोलों की संख्या<br />
= M × v<br />
= 0.05 × 50<br />
= 2.5 मिली मोल<br />
NaOH के 5 मिली मोल एवं CH<sub>3</sub>COOH के 2.5 मिली मोल में अभिक्रिया होने के पश्चात् NaOH के 2.5 मिली मोल शेष रहते हैं।<br />
अतः शेष बचे NaOH की मोलरता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37900" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-59.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 7 साम्यावस्था 59" width="300" height="452" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-59.png 300w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-7-साम्यावस्था-59-199x300.png 199w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>प्रश्न 42.<br />
एक निश्चित ताप पर यदि जल के आयनिक गुणनफल (K<sub>w</sub>) का मान 25 x 10<sup>-14</sup> हो तो pH की गणना करें।<br />
हल:<br />
K<sub>w</sub> = 25 × 10<sup>-14</sup><br />
∴ [H<sup>+</sup>] = [OH<sup>&#8211;</sup>] ( जल उदासीन है)<br />
[H<sup>+</sup>][OH<sup>&#8211;</sup>] = K<sub>w</sub><br />
[H<sup>+</sup>] [H<sup>+</sup>] = 25 × 10<sup>-14</sup><br />
[H<sup>+</sup>]² = 25 × 10<sup>-14</sup><br />
[H<sup>+</sup>] = \(\sqrt{25 \times 10^{-14}}\) = 5 × 10<sup>-7</sup><br />
pH = log [H<sup>+</sup>] = &#8211; log 5 x 10<sup>-7</sup><br />
pH = &#8211; [log 5 + log 10<sup>7</sup>]<br />
pH = &#8211; [0.699 &#8211; 7]<br />
pH = 6.301</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
एक विलयन का pH मान 3 है। इसे कितने गुना तनु किया जाये कि इसका pH मान 6 हो जाये।<br />
हल:<br />
आरम्भ में विलयन का pH = 3<br />
[H<sup>+</sup>] = 10<sup>-pH</sup><br />
= 10<sup>-3</sup><br />
तनु करने के पश्चात् pH = 6,<br />
[H<sup>+</sup>] = 10<sup>-pH</sup> = 10<sup>-6</sup><br />
अर्थात् विलयन में हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता 10<sup>-3</sup> से घटाकर 10<sup>-6</sup> करने के लिये विलयन को 1000 गुना तनु करना होगा।</p>
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