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	<title>Class 11 &#8211; Haryana Board Solutions</title>
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	<description>Haryana Board Solutions for Class 12, 11, 10, 9, 8, 7, 6 and 5</description>
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:58:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions) प्रश्न 1. कल्पना कीजिए कि हल्का ग्रह भारी तारे के परितः R त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर गति कर रहा है तथा इसका परिक्रमण काल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
कल्पना कीजिए कि हल्का ग्रह भारी तारे के परितः R त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर गति कर रहा है तथा इसका परिक्रमण काल 7 है। भारी ग्रह व तारे के बीच गुरुत्वाकर्षण बल R<sup>-5/2</sup> के अनुक्रमानुपाती हो तो-<br />
(a) T² ∝ R³<br />
(b) T² ∝ R<sup>7/2</sup><br />
(c) T² ∝ R<sup>3/2</sup><br />
(d) T² ∝ R<sup>3.75</sup><br />
उत्तर:<br />
(b) T² ∝ R<sup>7/2</sup></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
m द्रव्यमान के एक पिण्ड को पृथ्वी तल से h = R/5 ऊँचाई पर ले जाया जाता है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। यदि पृथ्वी तल पर गुरुत्वीय त्वरण (g) हो तो पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होगी-<br />
<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36529" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -1" width="204" height="177" /><br />
(a) mgh<br />
(b) \(\frac{4}{5}\)mgh<br />
(c) \(\frac{5}{6}\)mgh<br />
(d) \(\frac{6}{7}\)migh<br />
उत्तर:<br />
(b) \(\frac{4}{5}\)mgh</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सोने के दो एकसमान ठोस गोले एक-दूसरे को स्पर्श कर रहे हैं। इनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल होगा-<br />
(a) त्रिज्या के वर्ग के समानुपाती ।<br />
(b) त्रिज्या के घन के समानुपाती ।<br />
(c) त्रिज्या के चतुर्थ घात के समानुपाती ।<br />
(d) त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती ।<br />
उत्तर:<br />
(c) त्रिज्या के चतुर्थ घात के समानुपाती ।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
चन्द्रमा पर वायुमण्डल की अनुपस्थिति का निम्न कारण है-<br />
(a) चन्द्रमा काफी हल्का है।<br />
(b) चन्द्रमा पृथ्वी के परितः परिक्रमण करता है।<br />
(c) गैसों के अणुओं की वर्ग माध्य मूल वेग पलायन वेग से अधिक है।<br />
(d) उपर्युक्त सभी।<br />
उत्तर:<br />
(c) गैसों के अणुओं की वर्ग माध्य मूल वेग पलायन वेग से अधिक है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
सूर्य के चारों ओर घूमते ग्रह की माध्य त्रिज्या दी जाती है-<br />
(a) दीर्घवृत्त की अर्ध दीर्घ अक्ष (a) के बराबर ।<br />
(b) दीर्घवृत्त की अर्ध लघु अक्ष (b) के बराबर ।<br />
(c) अर्घ दीर्घ व अर्थ लघु अक्ष का माध्य \(\frac{a+b}{2}\)।<br />
(d) अर्ध दीर्घ व अर्ध लघु अक्ष का गुणोत्तर माध्य \(\sqrt{ab}\)।<br />
उत्तर:<br />
(a) दीर्घवृत्त की अर्ध दीर्घ अक्ष (a) के बराबर ।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
पृथ्वी तल से \(\sqrt{gR_e}\), वेग से फेंके गये प्रक्षेप्य की ऊर्जा क्या होगी? (R<sub>e</sub> पृथ्वी की त्रिज्या है)।<br />
(a) 2R<sub>e</sub><br />
(b) R<sub>e</sub> / 2<br />
(c) R<sub>e</sub><br />
(d) अनन्त<br />
उत्तर:<br />
(c) R<sub>e</sub></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
गुरुत्वीय त्वरण का मान अधिकतम होता है-<br />
(a) पृथ्वी की भूमध्य रेखा पर<br />
(b) पृथ्वी के ध्रुवों पर<br />
(c) किसी पहाड़ की चोटी पर<br />
(d) पृथ्वी के अन्दर गहरी खान में<br />
उत्तर:<br />
(b) पृथ्वी के ध्रुवों पर</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G की विमा है-<br />
(a) [ML<sup>2</sup>T<sup>-2</sup>]<br />
(b) [M<sup>-1</sup>LT<sup>-2</sup>]<br />
(c) [M<sup>-1</sup>L<sup>3</sup>T<sup>-2</sup>]<br />
(d) [M<sup>-1</sup>L<sup>3</sup>T<sup>-1</sup>]<br />
उत्तर:<br />
(c) [M<sup>-1</sup>L<sup>3</sup>T<sup>-2</sup>]</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
यदि पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ जाये तो अक्षांश पर स्थित किसी वस्तु का भार-<br />
(a) बढ़ जायेगा<br />
(b) घट जायेगा<br />
(c) अपरिवर्तित रहेगा<br />
(d) कुछ निश्चित नहीं है<br />
उत्तर:<br />
(b) घट जायेगा</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पृथ्वी की सतह के निकट चक्कर लगा है। उपग्रह का कक्षीय वेग लगभग होगा-<br />
(a) 8km/s<br />
(c) 4 km/s<br />
(b) 11.2 km/s<br />
(d) 6km/s<br />
उत्तर:<br />
(a) 8km/s</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
चन्द्रमा पर पलायन वेग है (लगभग).<br />
(a) 11.2 km/s<br />
(b) 5 km/s<br />
(c) 10 km/s<br />
(d) 2.4 km/s<br />
उत्तर:<br />
(d) 2.4 km/s</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
पृथ्वी व चन्द्रमा के द्रव्यमान तथा त्रिज्या क्रमशः M<sub>1</sub>,R<sub>1</sub> व M<sub>2</sub>,R<sub>2</sub> हैं। उनके केन्द्रों के बीच की दूरी d है। उनके बीच मध्य- बिन्दु से m द्रव्यमान के कण को किस न्यूनतम वेग से प्रक्षेपित किया जाना चाहिए जिससे वह अनन्त पर पहुँच जाए?<br />
(a) \(2 \sqrt{\frac{G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)<br />
(b) \(2 \sqrt{\frac{2G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)<br />
(c) \(2 \sqrt{\frac{2G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)<br />
(d) \(2 \sqrt{\frac{GM(M_1+M_2)}{d(M_1+M_2)}}\)<br />
उत्तर:<br />
(a) \(2 \sqrt{\frac{G}{d}\left(M_1+M_2\right)}\)</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम सार्वत्रिक होता है क्योंकि-<br />
(a) वह सदैव आकर्षण होता है।<br />
(b) वह सौरमण्डल के सभी सदस्यों एवं कणों पर लागू होता है।<br />
(c) यह सभी द्रव्यमान पर दूरियों के लिए लागू होता है तथा माध्यम से प्रभावित नहीं होता है।<br />
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(c) यह सभी द्रव्यमान पर दूरियों के लिए लागू होता है तथा माध्यम से प्रभावित नहीं होता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी तल के निकट परिक्रमा करने वाले कृत्रिम उपग्रह का परिक्रमण काल होता है-<br />
(a) 24 घण्टा<br />
(b) 84 मिनट<br />
(c) 48 मिनट<br />
(d) 12 घण्टा<br />
उत्तर:<br />
(b) 84 मिनट</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
किसी खोखले गोले के केन्द्र पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता होती है-<br />
(a) \(\frac{GM}{r^2}\)<br />
(b) g<br />
(c) 0<br />
(d) \(\frac{2GM}{r^2}\)<br />
उत्तर:<br />
(c) 0</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
धूमकेतु की पूँछ सूर्य से दूर होने का क्या कारण है?<br />
उत्तर:<br />
सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरणों के दाव के कारण इस पर उपस्थित गैसें सूर्य से दूर की ओर पूँछ बना लेती हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
किसी उपग्रह का वेग उसके द्रव्यमान पर किस प्रकार निर्भर करता है?<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह का वेग उसके द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
समुद्र में उत्पन्न ज्वार भाटे का प्रमुख कारण क्या है?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा का पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण प्रभाव ज्वार भाटे का प्रमुख कारण है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
तुल्यकाली उपग्रह क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा उपग्रह जो पृथ्वी के किसी निश्चित भू-भाग के ऊपर सदैव देखा जा सकता है तुल्यकाली उपग्रह कहलाता है। इसका आवर्तकाल 24 घंटे होता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
चन्द्रमा पर 10°C पर पानी से भरी बोतल का ढक्कन खोलने पर क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
पानी उबलने लगेगा क्योंकि चन्द्रमा पर वायुमण्डल न होने के कारण क्वथनांक काफी घट जाता है और पानी उबलने लगता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
पृथ्वी के अन्दर केन्द्र की ओर जाने पर g का मान दूरी के साथ कैसे बदलता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी अन्दर की ओर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण का परिवर्तन चित्र की भाँति रेखीय रूप से होता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
समुद्र में ज्वार भाटा क्यों उत्पन्न होता है?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण ज्वार भाटा उत्पन्न होता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
अपनी अक्ष पर घूर्णन के कारण पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी होती</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
यदि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमती है, तो गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्य; क्योंकि पृथ्वी पर सूर्य का आकर्षण बल (अभिकेन्द्रीय बल) सदैव पृथ्वी की गति के लम्बवत् होता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
1 kg wt (किग्रा भार ) में कितने न्यूटन होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
1kg wt = 1kg द्रव्यमान का भार = mg<br />
= 1 × 9.8 न्यूटन<br />
1kg wt = 9.8 न्यूटन</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक उपग्रह को ग्रह के परितः घूमने के लिए अभिकेन्द्रीय बल कहाँ से प्राप्त होता है?<br />
उत्तर:<br />
ग्रह एवं उपग्रह के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ही आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी उपग्रह की बन्धन ऊर्जा से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर:<br />
ऊर्जा की वह मात्रा जो उपग्रह को देने पर उपग्रह पलायन कर जाये, उपग्रह की बन्धन ऊर्जा कहलाती है। इसका मान,<br />
\(E_b=\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}\)</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
सरल लोलक पर आधारित घड़ी उपग्रह पर काम में नहीं ली जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह में वस्तुएँ भारहीनता की स्थिति में होती हैं अतः g = 0 होता है इसलिए सरल लोलक पर आधारित घड़ी \(\left(T=2 \pi \sqrt{\frac{l}{g}}\right)\) कार्य नहीं करती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर g का मान किस प्रकार बदलता है? ग्राफ बनाइये।<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर g का मान घटता है व निम्न चित्र के अनुसार बदलता है।<br />
<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36530" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-2.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -2" width="214" height="175" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
कृत्रिम उपग्रह में चलने कूदने तथा पानी पीने में कठिनाई महसूस होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
भारहीनता के कारण।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
किसी वस्तु को पृथ्वी तल से अनन्त तक ले जाने में कितना कार्य करना पड़ता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल पर वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा \(\frac{GMm}{R}\) के बराबर कार्य करना पड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
यदि दो वस्तुओं के मध्य दूरी % घटा दी जाये तो उनके मध्य लगने वाला बल कितने प्रतिशत बढ़ जायेगा ?<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36531" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-3.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -3" width="358" height="159" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-3.png 358w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-3-300x133.png 300w" sizes="auto, (max-width: 358px) 100vw, 358px" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
पृथ्वी के केन्द्र पर ४ का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्य ।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
संचार उपग्रह पृथ्वी सतह से कितनी ऊँचाई पर परिक्रमा करते हैं?<br />
उत्तर:<br />
36000km की ऊँचाई पर</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
ध्रुवीय उपग्रह किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे कृत्रिम उपग्रह जिनकी कक्षा का तल पृथ्वी के उत्तरी व दक्षिणी ध्रुवों के पास से गुजरता है, ध्रुवीय उपग्रह कहलाते हैं। इनकी कक्षा पश्च गतिक होती है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
समस्त पृथ्वी पर एक साथ संचार लिंक करने की दृष्टि से न्यूनतम कितने भू-स्थाई उपग्रह आवश्यक हैं?<br />
उत्तर:<br />
तीन</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
पार्किंग कक्षा किसे कहते हैं?<br />
उत्तर;<br />
उपग्रह की वह कक्षा जिसका केन्द्र पृथ्वी के केन्द्र से सम्पाती होता है, पार्किंग कक्षा कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
ठोस गोले के केन्द्र पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का मान क्या होता है? यह मान सतह पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के मान का कितने प्रतिशत होता है?<br />
उत्तर:<br />
गोले के केन्द्र पर स्थितिज ऊर्जा \(U_0=\frac{3}{2} \frac{G M m}{R}\)<br />
सतह पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा \(U_s=-\frac{G M m}{R}\)<br />
∴ \(\frac{U_0}{U_s} \times 100=\frac{3}{2} \times 100=\mathbf{1 5 0} \%\)</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण, पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का कौन-सा भाग है?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का \(\frac{1}{6}\) भाग होता है अर्थात्<br />
\(g_m=\frac{g_e}{6}\)</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं? इसकी विमा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी वस्तु को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में जो कार्य करना पड़ता है उसे उस बिन्दु पर उस वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। इसका विमीय सूत्र = [M<sup>1</sup>L<sup>2</sup>T<sup>-2</sup>]</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
पृथ्वी तल से किसी वस्तु के लिए पलायन वेग का मान 11.2 km / s है। जब वस्तु क्षैतिज से 30° पर फेंकी जाये तो पलायन वेग का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
पलायन वेग प्रक्षेपण कोण पर निर्भर नहीं करता है अतः 30° के कोण पर प्रक्षेपित करने पर भी पलायन वेग 11.2 kms<sup>-1</sup> ही होगा।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 27.<br />
चन्द्रमा पृथ्वी की तुलना में बहुत हल्का है, फिर ये पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण द्वारा गिरता क्यों नहीं?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा पृथ्वी के परितः वृत्तीय कक्षा में परिक्रमा करता है। अतः पृथ्वी द्वारा आरोपित समस्त गुरुत्वाकर्षण बल अभिकेन्द्र बल के रूप में व्यय हो जाता है इसीलिए हल्का होने पर भी चन्द्रमा गिरता नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
10g सोने का भार ध्रुवों पर भूमध्य रेखा की तुलना में अधिक होता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
किसी स्थान पर किसी वस्तु का भार mg<br />
स्पष्ट है कि भार का मान 8 पर निर्भर करता है, और ध्रुवों पर गुरुत्वीय त्वरण अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। इसीलिए 10g सोने का भार ध्रुवों पर भूमध्य रेखा की अपेक्षा अधिक होता है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
भारत द्वारा छोड़े गये प्रथम उपग्रह का नाम बताइये।<br />
उत्तर:<br />
आर्यभट्ट 19 अप्रैल 1975 ।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
गुरुत्वीय क्षेत्र की विमा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता,<br />
\(E_g=\frac{F}{M}\)<br />
∴ Eg का विमीय सूत्र = \(\frac{\left[M^1 L^1 T^{-2}\right]}{\left[M^1\right]}=\left[M^0 L^1 T^{-2}\right]\)</p>
<p>प्रश्न 31 –<br />
केप्लर का द्वितीय नियम किस भौतिक राशि के संरक्षण पर आधारित है?<br />
उत्तर:<br />
कोणीय संवेग संरक्षण के सिद्धान्त पर</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
पृथ्वी की परिक्रमा करते उपग्रह में बैठा अंतरिक्ष यात्री एक गेंद उपग्रह के बाहर छोड़ देता है। क्या गेंद पृथ्वी तल पर पहुँचेगी?<br />
उत्तर:<br />
नहीं गेंद भी उपग्रह के साथ-साथ पृथ्वी की परिक्रमा करेगी।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
जब कोई वस्तु पृथ्वी की ओर गिरती है तो क्या पृथ्वी भी उस वस्तु की ओर गिरती है? यदि हाँ तो पृथ्वी का गिरना हमें दिखाई क्यों नहीं देता?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक होने के कारण, पृथ्वी का वस्तु की ओर त्वरण नगण्य होता है।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
पृथ्वी के केन्द्र से R दूरी पर गुरुत्वीय विभव कितना होता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र से R दूरी पर गुरुत्वीय विभव<br />
\(V_G=- \frac{GM}{R}\)</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
केप्लर के तीसरे नियम का गणितीय स्वरूप क्या है?<br />
उत्तर:<br />
T² = K r³ ;<br />
जहाँ T = ग्रह का आवर्तकाल<br />
r = सूर्य एवं पृथ्वी के मध्य औसत दूरी;<br />
K = नियतांक</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
चन्द्रमा पर उतरने से पहले अंतरिक्ष यात्री अपनी पीठ पर भारी वजन क्यों बाँध लेते हैं?<br />
उत्तर:<br />
चन्द्रमा पर 8 का मान कम होने के कारण।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
किसी पिण्ड की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा शुक्र ग्रह पर.7.5 × 10<sup>6</sup> J है। पिण्ड को ग्रह से बाहर फेंकने के लिए आवश्यक ऊर्जा का मान बताइये।<br />
उत्तर:<br />
आवश्यक ऊर्जा =.0. (-7.5 × 10<sup>6</sup>) J<br />
= 7.5 × 10<sup>5</sup> J</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
पृथ्वी तल पर पलायन वेग का मान कितना है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल पर पलायन वेग 11.2 km.s<sup>-1</sup> है।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
किसी प्रक्षेप्य द्वारा प्राप्त महत्तम ऊँचाई का सूत्र लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
\(h=\frac{v^2 R}{2 g R-v^2}\)</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
एक कमानीदार तुला एक कृत्रिम उपग्रह में टंगी है जिससे 11 द्रव्यमान का एक पिण्ड लटका है। तुला का पाठ्यांक कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
शून्या</p>
<p>प्रश्न 41 –<br />
गुरुत्वाकर्षण नियतांक 6 को सार्वत्रिक नियतांक क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि G का मान समय स्थिति अथवा पिण्डों की प्रकृति व अवस्था पर निर्भर नहीं होता है, अतः इसे सार्वत्रिक नियतांक कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 42 –<br />
क्या घर्षण बल गुरुत्वाकर्षण से बढ़ता है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि घर्षण बल की उत्पत्ति विद्युतीय प्रकृति की है।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम G का प्रायोगिक मान ज्ञात किया?<br />
उत्तर:<br />
कैवेन्डिश</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
कृत्रिम उपग्रह की कक्षा को वायुमण्डल से बाहर क्यों रखा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
ताकि वायु के घर्षण के कारण उपग्रह की ऊर्जा कम न हो जाये।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
भार व द्रव्यमान में अन्तर स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
भार व द्रव्यमान में अन्तर</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>भार</td>
<td>द्रव्यमान</td>
</tr>
<tr>
<td>1. पृथ्वी द्वारा पिण्ड पर आरोपित आकर्षण बल पिण्ड का भार कहलाता है।</td>
<td>1. किसी पिण्ड में उपस्थित द्रव्य की मात्रा को उसका द्रव्यमान कहते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. इसका मात्रक न्यूटन या किग्रा-भार है।</td>
<td>2. इसका मात्रक किग्रा है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. यह सदिश राशि है।</td>
<td>3. यह अदिश राशि है।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. इसका मान g के साथ परिवर्तित होता हैं।</td>
<td>4. इसका मान g के साथ परिवर्तित नहीं होता है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 2.<br />
यदि कोई पिण्ड पृथ्वी तल से v(v &gt; v<sub>e</sub>) वेग से फेंका जाता है तो पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के बाहर इसका वेग ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तल पर कुल ऊर्जा = अनन्त पर कुल ऊर्जा<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36532" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -4" width="383" height="238" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-4.png 383w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-4-300x186.png 300w" sizes="auto, (max-width: 383px) 100vw, 383px" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
दो पिण्डों A व B के बीच की दूरी है। गुरुत्वाकर्षण की पारस्परिक क्रिया में बल को दूरी के व्युत्क्रम वर्ग के नियम के अनुसार लेने पर पिण्ड 1 का त्वरण है। यदि पारस्परिक क्रिया दूरी के व्युत्क्रम चतुर्थ घात के नियम का पालन करे, तो पिण्ड का त्वरण क्या होगा ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36533" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -5" width="271" height="67" /><br />
उत्तर:<br />
A पर B के कारण गुरुत्वीय बल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36534" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -6" width="386" height="291" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-6.png 386w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-6-300x226.png 300w" sizes="auto, (max-width: 386px) 100vw, 386px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
किसी ग्रह से सूर्य की औसत दूरी पृथ्वी से सूर्य की औसत दूरी की नौ गुनी है। ग्रह कितने वर्ष में सूर्य की परिक्रमा करेगा?<br />
उत्तर:<br />
केप्लर के तृतीय नियम से<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36535" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-7.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -7" width="354" height="236" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-7.png 354w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-7-300x200.png 300w" sizes="auto, (max-width: 354px) 100vw, 354px" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
दो पिण्डों के मध्य गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि उनके बीच की दूरी 2 गुनी कर दें, तो उनके मध्य आकर्षण बल कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
r दूरी पर बल F = \(\frac{G m_1 m_2}{r^2}\)<br />
और 2r दूरी पर बल F&#8217; = \(\frac{G m_1 m_2}{(2 r)^2}=\frac{1}{4} \frac{G m_1 m_2}{r^2}=\frac{1}{4} F\)<br />
या F&#8217; = \(\frac{F}{4}\)</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
बृहस्पति पर वातावरण हल्की गैसों (सामान्यतः हाइड्रोजन) से युक्त है, जबकि पृथ्वी के वातावरण में बहुत कम हाइड्रोजन गैस है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
बृहस्पति ग्रह पर पलायन वेग पृथ्वी पर पलायन वेग से काफी अधिक है। इसलिए वहाँ से वस्तुओं को पलायन के लिए काफी अधिक वेग की आवश्यकता होती है। ऊष्मीय वेग इस पलायन वेग से कम होता है; अतः वहाँ से हल्की गैसें पलायन नहीं कर पाती हैं। इसीलिए हाइड्रोजन गैस बृहस्पति ग्रह के वातावरण में अधिक पायी जाती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रेडियन प्रति घंटा में भूस्थिर उपग्रह का कोणीय वेग कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
भूस्थिर उपग्रह का आवर्तकाल<br />
T = पृथ्वी के घूर्णन का आवर्तकाल = 24 घंटे<br />
∴ कोणीय वेग ω = \(\frac{2π}{T}=\frac{2π}{24}\) रेडियन प्रति घंटा<br />
या w = \(\frac{π}{12}\) रेडियन / घंटा</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
जब कोई उपग्रह गिरता हुआ पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश करता है तो वह गर्म हो जाता है, अर्थात् उसकी यान्त्रिक ऊर्जा में ह्रास होता है। परन्तु उपग्रह बढ़ती हुई चाल से कुण्डलिनी के रूप में नीचे गिरता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
अपनी कक्षा में घूमते हुए उपग्रह की कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है जब उपग्रह पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश करता है तो उसकी यांत्रिक ऊर्जा में (जोकि ऋणात्मक होती है) हास होता है अतः यह और ऋणात्मक हो जाती है परन्तु कक्षीय चाल v<sub>o</sub> = \(\frac{GM_e}{R_e+h}\) तभी बढ़ेगी जब ऊँचाई घटेगी। अतः उपग्रह कुण्डलिनी के रूप में बढ़ती हुई चाल से नीचे गिरता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
पृथ्वी पर कोई पिण्ड आपस में गुरुत्वीय बल के कारण एक दूसरे की तरफ गति नहीं करते; क्यों?<br />
उत्तर:<br />
दो पिण्डों के मध्य आकर्षण बल, पृथ्वी की तुलना में उनके कम द्रव्यमानों के कारण नगण्य होता है अतः इनसे निर्मित त्वरण भी बहुत कम (शून्य) होता है इसीलिए वे एक दूसरे की ओर गति नहीं करते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36536" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -8" width="260" height="213" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पृथ्वी के परितः गतिशील उपग्रह पर एक बल लगता है। इस बल के कारण पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर कितना कार्य किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर आरोपित गुरुत्वाकर्षण बल उपग्रह को आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करने में व्यय हो जाता है। चूंकि अभिकेन्द्र बल एवं उपग्रह की कक्षीय चाल vo परस्पर लम्बवत् होते हैं। अतः इस बल द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
चन्द्रमा के खिंचाव के कारण ज्वार भाटा अधिक तथा सूर्य के खिंचाव के कारण ज्वार भाटा कम प्रभावी होता है जबकि सूर्य का खिंचाव चन्द्रमा की अपेक्षा अधिक होता है। समझाइये क्यों?<br />
उत्तर:<br />
जिस प्रकार गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है उसी प्रकार ज्वार भाटा दूरी की तृतीय घात के व्युत्क्रमानुपाती है। चूँकि पृथ्वी से चन्द्रमा की दूरी सूर्य की तुलना में काफी कम है, इसीलिए चन्द्रमा के खिचाव के कारण ज्वार भाटा अधिक आता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
एक हाथी एवं एक चींटी में से किसका पलायन वेग अधिक होगा और किसकी पलायन ऊर्जा अधिक होगी?<br />
उत्तर:<br />
पलायन वेग के सूत्र v<sub>e</sub> = \(\sqrt{\frac{2GM}{R}}\) में वस्तु का द्रव्यमान (m) नहीं है। अतः हाथी एवं चीटी दोनों के लिए पलायन वेग समान होगा। परन्तु पलायन ऊर्जा E<sub>e</sub> = \(\frac{1}{2}\)mv<sub>e</sub>² द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होती है अतः हाथी के लिए पलायन ऊर्जा काफी अधिक होगी।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
समझाइये कि टेनिस की गेंद पहाड़ी पर अधिक एवं मैदान पर कम क्यों उछलती है?<br />
उत्तर;<br />
गुरुत्वीय त्वरण g का मान मैदान की अपेक्षा पहाड़ी पर कम होता है अतः टेनिस की गेंद का भार (mg) पहाड़ी पर कम एवं मैदान पर अधिक होता है भार जितना कम होता है गेंद उतनी ही अधिक उछलती है। इसीलिए मैदान की अपेक्षा पहाड़ी पर टेनिस की गेंद अधिक उछलती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
मध्य रात्रि में सूर्य हमें पृथ्वी की दिशा में खींचता है। परन्तु मध्य दिन में पृथ्वी की विपरीत दिशा में खींचता है। क्या हमारा भार रात को अधिक एवं दिन में कम होता है? समझाइये |<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि गुरुत्वाकर्षण खिंचाव पिण्ड को निश्चित अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है जिससे वह अपनी कक्षा में घूर्णन कर सके। वह पिण्ड के भार में परिवर्तन नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
m द्रव्यमान का एक कण, त्रिज्या के क्षैतिज वृत्त में एक अभिकेन्द्रीय बल \(\frac{k}{r^2}\) के अन्तर्गत् घूम रहा है, जहाँ k नियतांक है। कण में कुल कितनी ऊर्जा है ?<br />
उत्तर:<br />
गतिज ऊर्जा K = \(\frac{1}{2}\)mv²<br />
दिया है &#8211;<br />
F = \(\frac{k}{r^2}=frac{mv^2}{r^2}\) ⇒ mv² = \(\frac{k}{r}\)<br />
∴ K = \(\frac{1}{2}\)mv² = \(\frac{k}{2r}\)<br />
स्थितिज ऊर्जा U = -F.r = &#8211;\(\frac{k}{r^2}\).r = \(&#8211; \frac{k}{r}\)<br />
कुल ऊर्जा,<br />
E<sub>t</sub> = K + U = \(\frac{k}{2r}-\frac{k}{r}=- \frac{k}{2r}\)<br />
या E<sub>t</sub> = \(&#8211; \frac{k}{2r}\)</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
अपनी अक्ष पर पृथ्वी के घूमने की वह चाल ज्ञात कीजिए ताकि भूमध्य रेखा पर किसी वस्तु का भार इस समय के भार का 3/5 हो जाये। भूमध्य रेखा की त्रिज्या 6400 km मान लीजिए।<br />
उत्तर:<br />
दिया है- g&#8217; = \(\frac{3}{5}\)g<br />
जहाँ g = पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण<br />
भूमध्य रेखा के लिए-<br />
∵ g&#8217; = g &#8211; R ω²<br />
∴ \(\frac{3}{5}\)g = g &#8211; R ω²<br />
या R ω² = g &#8211; \(\frac{3}{5}\)g = \(\frac{2}{5}\)g<br />
या ω² = \(\frac{2g}{5R}\) ⇒ ω = \(\sqrt{\frac{2g}{5R}}=\sqrt{\frac{2 \times 9.8}{5 \times 6.4 \times 10^6}}\)<br />
या ω = 7.8 × 10<sup>-4</sup> rad.s<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
पृथ्वी के परितः वृत्तीय पथ पर परिक्रमा करते उपग्रह पर अभिकेन्द्र बल है। इस पर पृथ्वी का गुरुत्वीय बल कितना है? तथा इस पर परिणामी बल कितना है?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के परितः वृत्तीय पथ पर परिक्रमा करने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल गुरुत्वीय बल ही प्रदान करता है। अतः गुरुत्वीय बल ही परिणामी बल F है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
क्या घर्षण बल व अन्य सम्पर्क बल गुरुत्वाकर्षण के कारण उत्पन्न होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; घर्षण अथवा अन्य सम्पर्क बलों की उत्पत्ति विद्युत बलों के कारण होती है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
यदि दो ग्रहों की त्रिज्याएं R<sub>1</sub> व R<sub>2</sub> हों तथा माध्य घनत्व ρ<sub>1</sub> व ρ<sub>2</sub> हों तो सिद्ध कीजिए कि दोनों ग्रहों पर गुरुत्वीय त्वरणों का अनुपात R<sub>1</sub>ρ<sub>1</sub> : R<sub>2</sub>ρ<sub>2</sub> होगा।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय त्वरण<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36537" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-9.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -9" width="275" height="193" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
यदि किसी उपग्रह की घूर्णन आवृत्ति N हो तो सिद्ध कीजिए कि (R+h)³ ∝ \(\frac{1}{N^2}\)<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह का आवर्तकाल<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36538" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -10" width="388" height="255" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-10.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-10-300x197.png 300w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
यदि पृथ्वी के समीप परिक्रमा कर रहे उपग्रह की गतिज ऊर्जा दो गुनी हो जाये तो क्या उपग्रह अपनी कक्षा को छोड़कर पलायन कर जायेगा? यदि हाँ तो क्यों?<br />
उत्तर:<br />
गतिज ऊर्जा दो गुनी हो जाती है अतः<br />
K&#8217; = 2K<br />
या \(\frac{1}{2}\)mv&#8217;² = \(\frac{1}{2}\)mv² × 2<br />
या v&#8217; = v<sub>o</sub>√2<br />
पृथ्वी के समीप परिक्रमा करने वाले उपग्रह की कक्षीय चाल v<sub>o</sub> एवं पलायन वेग में निम्न सम्बन्ध होता है-<br />
∵ v<sub>e</sub> = v<sub>o</sub>√2<br />
∴ v&#8217; = v<sub>e</sub> (पलायन वेग )<br />
अतः उपग्रह अपनी कक्षा छोड़कर पलायन कर जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
साधारणतः पृथ्वी से फेंके गये प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार होता है परन्तु अधिक ऊँचाई तक फेंके गये प्रक्षेप्यों का पथ दीर्घ वृत्ताकार होता है, क्यों?<br />
उत्तर;<br />
साधारण ऊँचाई तक g का मान लगभग नियत रहता है। अतः प्रक्षेप्य लगभग नियत त्वरण के अन्तर्गत गति करता है जिससे इसका पथ परवलयाकार हो जाता है परन्तु अत्यधिक ऊंचाई पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी के केन्द्र से दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती g ∝ \(\frac{1}{r^2}\) होता है, फलस्वरूप g का मान घटता चला जाता है अतः परिवर्ती गुरुत्वीय त्वरण के कारण प्रक्षेप्य पथ दीर्घ वृत्ताकार हो जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36539" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -11" width="215" height="152" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 23.<br />
किसी धातु के दो समान आकार के गोले (ठोस) एक-दूसरे को स्पर्श करते हुए रखे हैं। उनके बीच कार्य करने वाला बल उनकी त्रिज्या से किस प्रकार सम्बन्धित है?<br />
उत्तर:<br />
गोलों के मध्य गुरुत्वाकर्षण बल,<br />
\(F=G \frac{m_1 m_2}{r^2}\)<br />
गोले समान धातु के हैं अतः इनके घनत्व (ρ) भी समान होंगे अतः<br />
= \(\frac{G m_1 m_2}{(2 r)^2}=\frac{G \frac{4}{3} \pi r^3 \rho \frac{4}{3} \pi r^3 \rho}{4 r^2}\)<br />
\(F=\frac{4}{9} \pi^2 G \rho^2 r^4\)<br />
या F ∝ r<sup>4</sup></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
एक पिण्ड को पृथ्वी के केन्द्र से ऊपर उठाते हुए चन्द्रमा तक ले जाते हैं। पिण्ड के भार में क्या परिवर्तन होंगे?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र पर g= 0, अतः पिण्ड का भार भी शून्य होता है। पृथ्वी के केन्द्र से ऊपर जाने पर g का मान भी बढ़ता है और पृथ्वी सतह पर अधिकतम हो जाता है पुनः पृथ्वी सतह से ऊपर जाने पर g का मान दूरी घटने के साथ-साथ घटता है और जहाँ पर पृथ्वी व चन्द्रमा की गुरुत्वाकर्षण सीमाएं मिलती है, वहाँ पर भार शून्य हो जाता है। इसके बाद चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण के कारण भार पुनः बढ़ता जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
पृथ्वी सतह से h ऊँचाई पर जाने पर यदि वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल आधा रह जाता है तो h व R में सम्बन्ध बताइये।<br />
उत्तर:<br />
∵ F<sub>h</sub> = \(\frac{1}{2}\)F<sub>s</sub><br />
∴ \(\frac{G M \cdot m}{(R+h)^2}=\frac{1}{2} \frac{G M m}{R^2} \Rightarrow \frac{1}{(R+h)^2}=\frac{1}{2 R^2}\)<br />
या (R+h )² = 2R²<br />
या (R+h) = R√2<br />
या h = R√2 &#8211; R = R(√2 &#8211; 1)<br />
या h = R(1.414 &#8211; 1)<br />
या h = 0.414 R</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
एक उपग्रह किसी ग्रह के समीप परिक्रमा करता है। यदि उपग्रह का आवर्तकाल T एवं ग्रह का माध्य घनत्व d हो, तो सिद्ध कीजिए कि T × √d एक सार्वत्रिक नियतांक है।<br />
उत्तर:<br />
किसी ग्रह के उपग्रह का आवर्तकाल,<br />
\(T=2 \pi \sqrt{\frac{(R+h)^3}{G M}}\)<br />
∵ उपग्रह ग्रह के समीप परिक्रमा करता है अतः h &lt;&lt; R<br />
∴ h को छोड़ने पर<br />
\(2 \pi \sqrt{\frac{R^3}{G \cdot \frac{4}{3} \pi R^3 \cdot d}}=\sqrt{\frac{4 \pi^2 \times 3}{4 \pi G d}}=\sqrt{\frac{3 \pi}{G d}}\)<br />
या T × √d = \(\sqrt{\frac{3 \pi}{G d}}\) = एक सार्वत्रिक नियतांक<br />
या T . √d = सार्वत्रिक नियतांक</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 27.<br />
एक ग्रह की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या से दो गुनी है तथा ग्रह तथा पृथ्वी दोनों के औसत घनत्व समान हैं। यदि ग्रह एवं पृथ्वी पर पलायन वेग क्रमशः v<sub>p</sub> तथा v<sub>e</sub> हों, तो सिद्ध कीजिए कि v<sub>p</sub> = 2v<sub>e</sub>.<br />
उत्तर:<br />
दिया है-<br />
R<sub>p</sub> = 2R<sub>e</sub><br />
ρ<sub>p</sub> = ρ<sub>e</sub> = ρ<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36540" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -12" width="368" height="442" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-12.png 368w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-12-250x300.png 250w" sizes="auto, (max-width: 368px) 100vw, 368px" /></p>
<p>प्रश्न 28.<br />
कोई ग्रह सूर्य के परितः v ms<sup>-1</sup> की चाल से T<sub>s</sub> में एक पूरा चक्कर लगाता है। दिखाइये कि इस ग्रह पर सूर्य की ओर दिष्ट<br />
त्वरण का मान \(\frac{2πv}{T}\) होता है।<br />
उत्तर:<br />
अभिकेन्द्रीय त्वरण,<br />
a<sub>c</sub> = \(\frac{v^2}{r}\)<br />
= \(\frac{v}{r}\) v = ω v = \(\frac{2π}{T}\) v<br />
या a<sub>c</sub> = \(\frac{2πv}{r}\)</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
यदि हम अपनी छोटी अंगुली भी हिलाते हैं तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को छोड़ना पड़ता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से इस ब्रह्माण्ड का प्रत्येक कण दूसरे कणों को आकर्षित करता है और यह आकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है अतः जब हम अपनी अंगुली उठाते हैं तो कणों के मध्य दूरी बदलती है जिससे आकर्षण बदलता है यह ब्रह्माण्ड को विचलित कर देता है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
कृत्रिम उपग्रह में कोई ईंधन नहीं होता फिर भी यह पृथ्वी के चारों ओर घूमता है क्यों?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी तथा उपग्रह के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उपग्रह को पृथ्वी के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है। इसीलिए उपग्रह पृथ्वी के परितः घूमता रहता है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
अंतरिक्ष यान में भारहीनता के कारण एक यात्री को क्या-क्या परेशानियाँ अनुभव होती हैं? इनका समाधान क्या है?<br />
उत्तर:<br />
भारहीनता के कारण अंतरिक्ष यात्री गिलास से पानी नहीं पी सकता है और न ही गिलास से पानी डाल सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए अंतरिक्ष यान इस तरह बनाया जाता है कि इसमें खोखले रिम वाले बड़े-बड़े पहिए बनाये जाते हैं, पहियों को घुमा दिया जाता है। इस रिम में बने कैबिन में बैठा यात्री अभिकेन्द्र बल के कारण भार अनुभव करता है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions )</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
केप्लर के ग्रहीय गति के नियम लिखिए एवं केप्लर के तृतीय नियम से गुरुत्वाकर्षण नियम का सत्यापन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
केप्लर के नियम (Kepler&#8217;s Laws)<br />
केप्लर (1571-1630) ने टायको ब्रेह (1546-1601) के द्वारा किये गये प्रहीय प्रेक्षणों का कई वर्षों तक अध्ययन किया और निम्नलिखित तीन नियम प्रस्तुत किये-</p>
<p>प्रथम नियम : प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घ-वृत्ताकार कक्षा (elliptical orbit) में परिक्रमण करता है और सूर्य कक्षा की एक नाभि (focus) पर स्थित होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36541" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -13" width="242" height="169" /><br />
द्वितीय नियम : ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समयान्तराल में समान क्षेत्रफल तय करती है अर्थात् ग्रह की क्षेत्रीय चाल (Areal Speed) नियत रहती है।<br />
माना ग्रह dt समय में dA क्षेत्रफल प्रस्थार्पित करता है, तो क्षेत्रीय चाल \(\frac{d A}{d t}\) = नियतांक। चित्र में ग्रह को B से A तक जाने में जितना समय लगता है, उतना ही समय B&#8217; से A&#8217; तक जाने में लगता है। अत: क्षेत्रफल SAB = क्षेत्रफल SA&#8217;B&#8217; । दोनों क्षेत्रफल समान होने का अर्थ है कि ग्रह की कक्षीय चाल बदलती है। सूर्य से दूर जाने पर कक्षीय चाल घटती है और पास आने पर बढ़ती है। अतः क्षेत्रीय चाल कोणीय संवेग के रूप में लिखने पर घूमते हुए ग्रह का कोणीय संवेग नियत रहता है। अर्थात्<br />
\(\frac{d A}{d t}=\frac{L}{2m}\)<br />
यहाँ L कोणीय संवेग है तथा m ग्रह का द्रव्यमान है।<br />
तृतीय नियम-ग्रह के आवर्त काल का वर्ग ग्रह एवं सूर्य के बीच औसत दूरी के घन के अनुक्रमानुपाती होती है। अर्थात्<br />
T² ∝ r³<br />
या T² = k r³<br />
जहाँ k, एक नियतांक है एवं r, सूर्य एवं ग्रह के मध्य औसत दूरी है।</p>
<p>केप्लर के नियम से न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम (Derivation of Newton&#8217;s Law of Gravitation from Kepler&#8217;s Law) :<br />
न्यूटन ने पाया कि अधिकांश ग्रह सूर्य के परित: लगभग वृत्ताकार कक्षाओं में गति करते हैं। केप्लर के द्वितीय नियम के अनुसार, ग्रह के त्रिज्यीय सदिश की क्षेत्रफलीय चाल नियत रहती है। अत: वृत्ताकार कक्षा में त्रिज्य सदिश की तथा स्वयं ग्रह की रेखीय चाल क्रमशः v तथा ω नियत रहेगी।<br />
माना r त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर गतिशील होने के कारण ग्रह के द्रव्यमान m पर केन्द्र की ओर लगने वाला अभिकेन्द्र बल F लगता है, तो<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36542" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -14" width="390" height="383" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-14.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-14-300x295.png 300w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /><br />
इस प्रकार केप्लर के नियमों के आधार पर न्यूटन ने निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले-</p>
<ul>
<li>ग्रहों पर अभिकेन्द्र बल आरोपित होता है जिसकी दिशा सूर्य की ओर होती है।</li>
<li>इस बल का परिमाण, ग्रह तथा सूर्य के बीच दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होती है। (F ∝ \(\frac{1}{r^2}\))</li>
<li>यह बल ग्रह के द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती है,<br />
(F ∝ m)</li>
</ul>
<p>प्रश्न 2.<br />
गुरुत्वीय विभव से क्या तात्पर्य है? बिन्दु द्रव्यमान के लिए सूत्र निगमित कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential) :<br />
एकांक द्रव्यमान को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में जो कार्य करना पड़ता है, उसे उस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव कहते हैं।&#8221; ये सदैव ऋणात्मक होता है और अनन्त पर इसका मान शून्य मानते हैं। इसे V से व्यक्त करते हैं। इसका मात्रक Jkg<sup>-1</sup> एवं विमीय सूत्र [M<sup>0</sup> L<sup>2</sup> T<sup>-2</sup>] है।</p>
<p>किन्हीं दो बिन्दुओं के मध्य गुरुत्वीय विभवान्तर उस कार्य के बराबर है जो एकांक द्रव्यमान को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में करना पड़ता है। अत: A व B दो बिन्दुओं के बीच गुरुत्वीय विभवान्तर<br />
\(V_B-V_A=\left(\frac{U_B-U_A}{m}\right)\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)</p>
<p>बिन्दु द्रव्यमान के कारण विभव (Potential due to Point Mass) :<br />
माना M द्रव्यमान का कण स्थिति A पर रखा है। कण के केन्द्र से r दूरी पर बिन्दु P है जिस पर हमें कण के कारण गुरुत्वीय विभव ज्ञात करना है। बिन्दु P की स्थिति r का फलन है अत: इस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव भी r का फलन होगा। अत: P पर गुरुत्वीय विभव-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36543" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-15.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -15" width="388" height="614" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-15.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-15-190x300.png 190w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
गुरुत्वीय विभव से क्या तात्पर्य है? किसी ठोस गोलाकार पिण्ड के कारण विभिन्न स्थितियों में गुरुत्वीय विभव के लिए सूत्र निगमित कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential) :<br />
एकांक द्रव्यमान को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में जो कार्य करना पड़ता है, उसे उस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव कहते हैं।&#8221; ये सदैव ऋणात्मक होता है और अनन्त पर इसका मान शून्य मानते हैं। इसे V से व्यक्त करते हैं। इसका मात्रक Jkg<sup>-1</sup> एवं विमीय सूत्र [M<sup>0</sup> L<sup>2</sup> T<sup>-2</sup>] है।</p>
<p>किन्हीं दो बिन्दुओं के मध्य गुरुत्वीय विभवान्तर उस कार्य के बराबर है जो एकांक द्रव्यमान को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में करना पड़ता है। अत: A व B दो बिन्दुओं के बीच गुरुत्वीय विभवान्तर<br />
\(V_B-V_A=\left(\frac{U_B-U_A}{m}\right)\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)</p>
<p>किसी ठोस गोलाकार पिण्ड के कारण गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential Due to Solid Sphere) :<br />
माना M द्रव्यमान एवं R त्रिज्या का एक ठोस गोला है जिसका केन्द्र O है। किसी बाहरी बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव ज्ञात करने के लिए गोले को बिन्दु द्रव्यमान माना जा सकता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36544" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -16" width="257" height="144" /><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36545" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-17.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -17" width="392" height="757" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-17.png 392w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-17-155x300.png 155w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
खोखले गोले के कारण उसके बाहर पृष्ठ पर एवं उसके अन्दर गुरुत्वीय विभव के लिए सूत्र प्राप्त कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
गोलीय कोश के कारण गुरुत्वीय विभव (Gravitational Potential due to Hollow Sphere):<br />
1. बाह्य बिन्दु A पर (r &gt; R) गुरुत्वीय विभव<br />
\(V_{\text {out }}=-\frac{G M}{r}\) &#8230;&#8230;&#8230;..(7)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36546" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-18.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -18" width="194" height="120" /><br />
2. पृष्ठ पर स्थित बिन्दु (r = R) पर गुरुत्वीय विभव-<br />
\(V_s=-\frac{G M}{R}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.(8)</p>
<p>3. गोले के आन्तरिक बिन्दु C(r &lt; R) पर विभव-<br />
गोले के अन्दर गुरुत्वीय क्षेत्र का मान शून्य होता है। अत: एकांक द्रव्यमान को पृष्ठ के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में कोई अतिरिक्त कार्य नहीं करना पड़ता है। अतः अन्दर किसी बिन्दु पर गुरुत्वीय वभव वही होगा जो उसके पृष्ठ पर होता है।<br />
∴ \(V_{\text {in }}=-\frac{G M}{R}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(9)<br />
खोखले गोले के कारण दूरी के साथ गुरुत्वीय विभव में परिवर्तन निम्न चित्र (8.23) में प्रदर्शित है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36547" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-19.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -19" width="242" height="169" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
एक कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी के निकट निश्चित वृत्तीय कक्षा में चक्कर लगा रहा है। सिद्ध कीजिए कि इसका परिक्रमण काल \(T=\sqrt{\frac{3π}{ρG}}\) होगा, जहाँ ρ पृथ्वी का घनत्व एवं G गुरुत्वाकर्षण नियतांक है।<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह का परिक्रमण काल (Revolution Period of Satellite):<br />
उपग्रह अपने ग्रह के चारों ओर एक चक्कर लगाने में जितना समय लेता है, उसे उपग्रह का परिक्रमण काल कहते हैं।<br />
यदि उपग्रह का परिक्रमण काल T हो, तो<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36548" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-20.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -20" width="390" height="821" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-20.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-20-143x300.png 143w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /><br />
\(T=2π \sqrt{\frac{(R+h)^3}{GM}}\)<br />
उपग्रह पृथ्वी के अति निकट परिक्रमा करता है अत: h&lt;&lt; R<br />
h को R की तुलना में छोड़ने पर-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36549" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-21.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -21" width="366" height="290" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-21.png 366w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-21-300x238.png 300w" sizes="auto, (max-width: 366px) 100vw, 366px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
उपग्रह की ऊर्जा एवं बन्धन ऊर्जा से क्या अभिप्राय है?<br />
इनके लिए सूत्र प्राप्त कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
उपग्रह की ऊर्जा (Energy of Satellite)<br />
अपनी कक्षा में परिक्रमण करते समय उपग्रह की कक्ष्पिय चाल के कारण उसमें गतिज ऊर्जा होती है और उसकी स्थिति के कारण स्थितिज ऊर्जा होती है। इन दोनों प्रकार की ऊर्जाओं का योग उपग्रह की कुल ऊर्जा होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36550" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-22.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -22" width="392" height="329" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-22.png 392w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-22-300x252.png 300w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" /><br />
स्पष्ट है कि कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है जिसका अभिप्राय है कि उपग्रह ग्रह के साथ बद्ध निकाय है। इसे मुक्त करने के लिए बाह्य ऊर्जा की आवश्यकता होती है।</p>
<p>उपग्रह की बन्धन ऊर्जा (Binding Energy of Satellite) :<br />
&#8220;ऊर्जा की वह न्यूनतम मात्रा जो किसी उपग्रह को दे देने पर उपग्रह सदैव के लिए अपनी कक्षा छोड़कर चला जाये अर्थात् पलायन कर जाये, उपग्रह की बन्धन ऊर्जा कहलाती है।&#8217; इसे E<sub>b</sub> से व्यक्त करते हैं।<br />
उपग्रह की कुल ऊर्जा, E_t=-\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}<br />
उपग्रह जब पलायन कर जायेगा तो अनन्त पर उसकी ऊर्जा शून्य हो जायेगी। अत: उपग्रह की बन्धन ऊर्जा<br />
\(E_b=E_{\infty}-E_t=0-\left[-\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}\right]\)<br />
या \(E_b=\frac{1}{2} \frac{G M m}{r}\)</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
सिद्ध कीजिए कि पलायन वेग पिण्ड के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।<br />
उत्तर:<br />
पलायन वेग (Escape Velocity) :<br />
&#8220;वह न्यूनतम वेग जिससे फेंके जाने पर कोई वस्तु पलायन कर जाये अर्थात् पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा के बाहर चली जाये और लौटकर वापस न आ सके, पलायन वेग कहलाता है।&#8217; इसकी कोई निश्चित दिशा नहीं होती है। अत: इसे पलायन वेग न कहकर पलायन चाल कहना अधिक यथार्थ होगा। आदतन हम इसे पलायन वेग कह देते हैं।</p>
<p>(i) पृथ्वी सतह से पलायन वेग के लिए सूत्र-हम जानते हैं कि जब किसी वस्तु को पृथ्वी सतह से दूर की ओर फेंका जाता है तो उसकी गतिज ऊर्जा गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में बदलने लगती है और जहाँ पर सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है, वहीं से वस्तु वापस लौट आती है। इस आधार पर स्पष्ट है कि यदि वस्तु को पृथ्वी सतह से उसकी गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के बराबर गतिज ऊर्जा दे दी जाये तो वह अनन्त पर पहुँच जायेगी अर्थात पलायन कर जायेगी। अत:<br />
पलायन ऊर्जा = गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का परिमाण<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36551" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-23.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -23" width="390" height="585" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-23.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-23-200x300.png 200w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम लिखिए एवं सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) की परिभाषा, मात्रक एवं विमीय सूत्र ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर;<br />
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम (Universal Law of Gravitation) इस नियम के अनुसार, &#8220;बह्माण्ड में प्रत्येक द्रव्य कण किसी भी अन्य द्रव्य कण को अपनी ओर एक बल द्वारा आकर्षित करता है जिसका मान (परिमाण) दोनों कणों के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती एवं उनके द्रव्यमान केन्द्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।&#8221; इस बल की दिशा दोनों कण्णों को मिलाने वाली रेखा की सीध में होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36552" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-24.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -24" width="227" height="72" /><br />
माना m<sub>1</sub> व m<sub>2</sub> द्रव्यमान के दो कण परस्पर r दूरी पर चित्र के अनुसार हैं।<br />
यदि इन दोनों के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल F हो तो उक्त गुरुत्वाकर्षण बल के नियमानुसार<br />
एवं \(F \propto m_1 m_2\)<br />
\(F \propto \frac{1}{r^2}\)<br />
दोनों नियमों को मिलाने पर<br />
या \(F \propto \frac{m_1 m_2}{r^2}\)<br />
या \(F=G \frac{m_1 m_2}{r^2}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(1)<br />
जहाँ G एक नियतांक है जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Constant of Gravity) कहते हैं। खगोलीय पिण्डों या पृथ्वी व सूर्य के मध्य दूरी इनके व्यास की तुलना में अत्यधिक होने के कारण इन्हें कण माना जा सकता है। अतः समीकरण (1) ऐसी समस्याओं पर भी लागू होता है।</p>
<p>सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G):<br />
1. परिभाषा-<br />
∵ गुरुत्वाकर्षण बल, \(F=G \frac{m_1 m_2}{r^2}\)<br />
यदि m<sub>1</sub> = m<sub>2</sub> = 1, r = 1 तो F = G<br />
अर्थात् &#8220;सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक उस गुरुत्व बल के तुल्य है जो एकांक द्रव्यमान के दो कणो के मध्य एकांक दूरी पर कार्य करता है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36553" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-25.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -25" width="427" height="287" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-25.png 427w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-25-300x202.png 300w" sizes="auto, (max-width: 427px) 100vw, 427px" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
पृथ्वी का उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर क्यों घूमता है? इसके आवर्तकाल एवं कक्षीय चाल के लिए सूत्रों का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर;<br />
उपग्रह की कक्षीय चाल, परिक्रमण काल एवं कुल ऊर्जा (Orbital Speed, Period of Revolution and Total Energy):<br />
उपग्रह (Satellite):<br />
वे आकाशीय पिण्ड जो ग्रहों की परिक्रमा करते हैं, उपग्रह कहलाते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं-<br />
(1) प्राकृतिक उपग्रह (Natural Satellites)<br />
उदाहरण-चन्द्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है।<br />
(2) कृत्रिम उपग्रह (Artificial Satellites)<br />
उदाहरण-सभी मानव निर्मित उपग्रह कृत्रिम उपग्रह की श्रेणी में आते हैं; जैसे-INSAT-1A, IB; EDUSAT; G-SAT आदि।</p>
<p>उपग्रह का कक्षीय वेग (Orbital Velocity of Satellite) :<br />
माना m द्रव्यमान का उपग्रह पृथ्वी (द्रव्यमान M ) सतह से h ऊँचाई पर v<sub>o</sub> कक्षीय चाल से पृथ्वी की परिक्रमा करता है। उपग्रह की कक्षा की त्रिज्या,<br />
r = (R + h)<br />
पृथ्वी एवं उपग्रह के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36554" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-26.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण -26" width="390" height="634" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-26.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-8-गुरुत्वाकर्षण-26-185x300.png 185w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Questions) :</span></p>
<p><strong>गुरुत्वाकर्षण नियम पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 1,.<br />
M, 2M, 3M, 4M द्रव्यमान के चार कण a भुजा वाले वर्ग के शीर्षों पर रखे गये हैं तो वर्ग केन्द्र पर रखे M द्रव्यमान वाले कण पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर;<br />
\(\frac{4 \sqrt{2} G M^2}{a^2}\)</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
दो गोलों के द्रव्यमान 60 kg तथा 50 kg हैं। इनके गुरुत्व केन्द्रों के बीच की दूरी 0.50m है। इनके बीच कितना गुरुत्वाकर्षण बल होगा?<br />
उत्तर:<br />
8.0 × 10<sup>-7</sup> N</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
M द्रव्यमान का एक समरूप गोला तथा m द्रव्यमान और L लम्बाई की एक समरूप छड़ इस प्रकार रखे गये हैं कि छड़ का पास वाला सिरा गोले के केन्द्र से r दूरी पर स्थित हो तो गोले व छड़ के मध्य लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
\(\frac{GMm}{r(r+L)}\)</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><strong>गुरुत्वीय त्वरण पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
एक व्यक्ति का पृथ्वी तल पर भार 80 kg है। इस व्यक्ति का चन्द्रमा पर भार क्या होगा? दिया है, चन्द्रमा का द्रव्यमान 7.34 × 10<sup>22</sup> kg त्रिज्या = 1.75 × 10<sup>6</sup> m; गुरुत्वीय नियतांक = 6.67 × 10<sup>-11</sup> Nm.kg<sup>-2</sup> व्यक्ति का चन्द्रमा पर द्रव्यमान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
128 N; 80 kg</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
यदि पृथ्वी का व्यास उसके वर्तमान व्यास का आधा हो जाये तथा घनत्व वही रहे तो इस आहे आकार की पृथ्वी की सतह पर &#8216;8 का मान कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
4.90 ms</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किसी व्यक्ति का पृथ्वी पर भार 490 N है। पृथ्वी पर . गुरुत्वीय त्वरण g 9.8 Nkg है। चन्द्रमा की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण &amp; है। ज्ञात कीजिए-<br />
(i) चन्द्रमा की सतह पर व्यक्ति का भार ।<br />
(ii) पृथ्वी व चन्द्रमा पर व्यक्ति का द्रव्यमान ।<br />
(iii) यदि व्यक्ति पृथ्वी सतह पर 1 min में 150 m चलता है तो चन्द्रमा पर मिनट में कितना चलेगा?<br />
(iv) यदि व्यक्ति पृथ्वी तल पर 2 mm कूद सकता हो चन्द्रमा पर कितना कूदेगा?<br />
उत्तर:<br />
(i) 81.67 N;<br />
(ii) पृथ्वी व चन्द्रमा दोनों पर द्रव्यमान<br />
(iii) 150m;<br />
(iv) 12m ]</p>
<p><strong>गुरुत्वीय त्वरण में परिवर्तन पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
पृथ्वी की सतह से / ऊंचाई तक जाने पर किसी वस्तु के भार में 1% कमी आती है। यदि वस्तु के सतह से / गहराई नीचे ले जाया जाये तो भार में परिवर्तन कितना होगा?<br />
जिससे<br />
उत्तर:<br />
0.5%</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
अपनी अक्ष पर पृथ्वी के घूर्णन की चाल ज्ञात कीजिए। &#8216;भूमध्य रेखा पर किसी व्यक्ति का भार इस समय के भार का<br />
जाये। भूमध्य रेखा पर पृथ्वी की त्रिज्या 6400 किमी है।<br />
उत्तर:<br />
5.53 x 104 रेडियन / से०</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
किस ऊँचाई पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी की के मान का (i) 4% तथा (ii) 50% होगा? पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km है।<br />
उत्तर:<br />
(i) 25600 km;<br />
(ii) 2649.6 km</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
पृथ्वी तल से कितना नीचे जाने पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का (i) आधा रह जायेगा (ii) एक चौथाई रह जायेगा ? (पृथ्वी की त्रिज्या = 6400km )<br />
उत्तर:<br />
(i) 3200 km<br />
(ii) 4800km</p>
<p><strong>गुरुत्वीय क्षेत्र तथा गुरुत्वीय विभव पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
चन्द्रमा तथा पृथ्वी के बीच की औसत दूरी 3.85 × 10<sup>8</sup> m है। दोनों के मध्य किस स्थान पर गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता शून्य होगी?<br />
(दिया है- पृथ्वी का द्रव्यमान = 5.96 × 10<sup>24</sup> kg: चन्द्रमा का द्रव्यमान 7.36 ×10<sup>22</sup> kg)<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र से 3.465 × 10<sup>8</sup> m</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
2 किग्रा द्रव्यमान का एक कण 1.0 मी त्रिज्या तथा 100 किग्रा द्रव्यमान के एक समान गोले पर रखा है। गोले के पृष्ठ पर गुरुत्वीय विभव ज्ञात करो तथा कण को दूर करने में गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
V = 6.67 × 10<sup>-9</sup> J/kg, W = 1.3340 × 10<sup>-8</sup> J</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
(i) चन्द्रमा तथा पृथ्वी के बीच की दूरी 3.85 × 10<sup>8</sup> m है। दोनों के मध्य किस बिन्दु पर गुरुत्वीय बल क्षेत्र शून्य होगा? (पृथ्वी का द्रव्यमान = 6 × 10<sup>24</sup> kg; चन्द्रमा का द्रव्यमान = 7.5 × 10<sup>22</sup> kg)<br />
(ii) इस बिन्दु पर गुरुत्वीय विभव कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
(i) पृथ्वी के केन्द्र से 3.46 × 10<sup>8</sup> cm;<br />
(ii) -1.30 × 106 J.kg<sup>-1</sup></p>
<p><strong>गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा पर आधारित प्रश्नं</strong></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी का द्रव्यमान 6.0 × 10<sup>24</sup> kg तथा त्रिज्या 6.4 × 10<sup>6</sup> m है।<br />
(i) 4 kg के एक पिण्ड को पृथ्वी तल से अनन्त तक ले जाने में कितना कार्य करना होगा?<br />
(ii) 4kg के पिण्ड की पृथ्वी तल पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कितनी होगी?<br />
(iii) पृथ्वी तल पर गुरुत्वीय विभव कितना होगा?<br />
(iv) यदि पिण्ड अनन्त से पृथ्वी तल पर गिरे तो पृथ्वी तल से टकराते समय पिण्ड का वेग क्या होगा?<br />
(G = 6.67 × 10<sup>-11</sup> N.m²kg<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर:<br />
(i) 2.5 × 10<sup>8</sup> J;<br />
(ii) -2.5 × 10<sup>8</sup> J;<br />
(iii) -6.25 × 10<sup>7</sup> J.kg<sup>-1</sup>;<br />
(iv) 11.18 × 10³ ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
200g द्रव्यमान के तीन कण अनन्त से लाकर किसी समबाहु त्रिभुज के शीर्षो पर रखे जाते हैं। यदि त्रिभुज की प्रत्येक भुजा 40 cm हो तो किया गया कार्य कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
2.0 × 10<sup>-11</sup> J</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><strong>उपग्रह की कक्षीय चाल, पलायन वेग तथा परिक्रमण काल पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
यदि पृथ्वी का द्रव्यमान और त्रिज्या किसी ग्रह की क्रमशः 9 गुनी तथा दुगुनी है तो रॉकेट को इस ग्रह के गुरुत्वाकर्षण बल से बाहर निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम वेग की गणना कीजिए। पृथ्वी की सतह पर पलायन वेग 11.2 km.s<sup>-1</sup> लीजिए।<br />
उत्तर:<br />
5.28k.ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
m द्रव्यमान का एक पिण्ड पृथ्वी की सतह से 4R ऊंचाई पर स्थित है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पिण्ड को कितना न्यूनतम वेग दिया जाये कि वह पलायन कर जाये?<br />
उत्तर:</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
पृथ्वी के समीप उसकी परिक्रमा करने वाले उपग्रह के कक्षीय वेग की गणना कीजिए। यदि पृथ्वी की त्रिज्या 6.4 × 10<sup>6</sup> m तथा गुरुत्वीय त्वरण 10 ms<sup>-2</sup> हो। यदि उपग्रह पृथ्वी तल से 2000 km की ऊँचाई पर रहे तब कक्षीय वेग कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
8 km.s<sup>-1</sup>; 6.98 kms<sup>-1</sup></p>
<p><strong>उपग्रह द्वारा प्राप्त ऊँचाई पर ऊर्जा पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
500g के पिण्ड को पृथ्वी से पलायन करने के लिए कितनी आवश्यक ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (g = 10 ms<sup>-2</sup> तथा पृथ्वी की from R<sub>e</sub> = 6400 km)<br />
उत्तर:<br />
3.2 × 10<sup>7</sup> J</p>
<p><img decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी पिण्ड को पृथ्वी तल से किस वेग से फेंका जाये कि वह (i) 2R<sub>e</sub>; (ii) 4R<sub>e</sub> ऊँचाई तक पहुँच जाये? (पृथ्वी त्रिज्या R = 6400km; g = 10 ms<sup>-1</sup>)<br />
उत्तर:<br />
(i) 9.24 km.s<sup>-1</sup>;<br />
(ii) 10.11 km.s<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
500kg का एक कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी से 1800 km की ऊंचाई पर पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है। उपग्रह की (i) स्थितिज ऊर्जा, (ii) गतिज ऊर्जा, (iii) कुल ऊर्जा ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
दिया है- पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km तथा g = 10 ms<sup>-1</sup><br />
(i) 2.5 × 10<sup>10</sup> J;<br />
(ii) 1.25 × 10<sup>10</sup> J;<br />
(iii) -1.25 × 10<sup>10</sup> J</p>
<p><strong>केप्लर के नियमों पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 22.<br />
नेप्चून ग्रह की सूर्य से दूरी पृथ्वी से सूर्य की दूरी की 30 गुनी है। पृथ्वी का परिक्रमण काल 1 वर्ष है। नेप्चून के परिक्रमण काल की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
164.3 वर्ष</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
बृहस्पति ग्रह की सूर्य से दूरी पृथ्वी की सूर्य से दूरी की 5.2 गुनी है तो बृहस्पति के घूर्णन का आवर्त्तकाल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
11.86 वर्ष</p>
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:43:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions) प्रश्न 1. क्या विलगित निकाय का ताप परिवर्तित हो सकता है ? उत्तर: हाँ; रुद्धोष्म प्रक्रम में विलगित निकाय का ताप [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 12 ऊष्मागतिकी Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
क्या विलगित निकाय का ताप परिवर्तित हो सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ; रुद्धोष्म प्रक्रम में विलगित निकाय का ताप परिवर्तित हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
संलग्न चित्र में किसी गैस के लिए P-Vवक्र AB व AC प्रदर्शित है। बताइये इनमें कौन सा वक समतापीय एवं कौन-सा टोम वक्र है ?<br />
उत्तर:<br />
समतापीय वक्र कम ढाल एवं रुद्धोष्म वक्र दाब (P) अधिक ढाल वाले होते हैं।<br />
अतः<br />
AB &#8211; समतापीय वक्र<br />
एवं AC &#8211; रुद्धोष्म वक्र</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
यदि दो निकाय A व B किसी तीसरे निकाय C से अलग-अलग ऊष्मीय साम्य अवस्था में हैं तो A व B क्या आपस में भी ऊष्मीय साम्य अवस्था में होंगे ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ; ऊष्मागतिकी के शून्यांकी के नियमानुसार ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
क्या ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से किसी क्रिया के होने की दिशा का ज्ञान हो सकता है ?<br />
उत्तर;<br />
नहीं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
मेयर का सम्बन्ध लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
मेयर सम्बन्ध = C<sub>P</sub> &#8211; C<sub>V</sub>= R<br />
जहाँ C<sub>P</sub> = नियत दाब पर गैस की मोलर विशिष्ट ऊष्मा<br />
C<sub>V</sub> = नियत आयतन पर गैस की मोलर विशिष्ट ऊष्मा<br />
R = सार्वत्रिक गैस नियतांक</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किसी आदर्श गैस के रुद्धोष्म प्रसार में P व V के मध्य सम्बन्ध लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
PV<sub>γ</sub> जहाँ γ = \(\frac{C_P}{C_V}\)</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता की विमा क्या होती है ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता<br />
η = \(\frac{W}{Q_1}\) जहाँ W= कृत कार्य; Q<sub>1</sub> = स्रोत से ली गई ऊष्मा<br />
∵ W एवं Q की विमाएँ समान है, अतः दक्षता η विमाहीन राशि है।<br />
∴ η का विमीय सूत्र [ M°LOT]</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
समदाबीय प्रक्रम में निकाय की अवस्था परिवर्तन से दाब में क्या परिवर्तन होता है ?<br />
उत्तर:<br />
समदाबीय प्रक्रम में दाब नहीं बदलता है अतः दाब में परिवर्तन ∆P = 0</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
क्या किसी गैस के ताप में वृद्धि बिना ऊष्मा दिये की जा सकती है ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ, रुद्धोष्म सम्पीडन में गैस पर किया गया कार्य निकाय का ताप बढ़ाता है क्योंकि कृत कार्य ऊष्मा में बदलकर आन्तरिक ऊर्जा में वृद्धि करता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
ऊष्मागतिकी का शून्य नियम किस ऊष्मागतिकी चर को परिभाषित करता है ?<br />
उत्तर:<br />
ताप को ।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
समतापीय व रुद्धोष्म प्रक्रम में किसी गैस की विशिष्ट ऊष्मा क्या होती है ?<br />
उत्तर:<br />
विशिष्ट ऊष्मा S = \(\frac{Q}{m.∆T}\)<br />
समतापी प्रक्रम में ∆T = 0. ∴ S = ∞ (अनन्त)<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम में Q = 0 ∴ S = 0 (शून्य)</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कार्नो चक्र किस प्रकार का प्रक्रम है ?<br />
उत्तर:<br />
कान चक्र उत्क्रमणीय चक्रीय प्रक्रम है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
कार्नो इंजन की दक्षता किस पर निर्भर करती हैं ?<br />
उत्तर:<br />
कान इंजन की दक्षता,<br />
η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)<br />
अतः दक्षता स्रोत के ताप (T<sub>1</sub>) व सिंक के ताप (T<sub>2</sub>) पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
बन्दूक से चली गोली लक्ष्य से टकरा कर गर्म हो जाती है। क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
लक्ष्य से टकराने पर गोली की गतिज ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा में बदल जाती है, इसलिए गोली गर्म हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
मोम का जलना कौन-सा परिवर्तन है ?<br />
उत्तर:<br />
मोम का जलना समतापी प्रक्रम है क्योंकि ताप नियत रहता है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
आन्तरिक ऊर्जा के कौन-कौन से स्वरूप हैं ?<br />
उत्तर:<br />
अणुओं की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा, आन्तरिक घूर्णन ऊर्जा तथा काम्पनिक ऊर्जा; आन्तरिक स्थितिज ऊर्जा आदि ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
आदर्श गैस को स्थिर ताप पर संपीडित करने पर आन्तरिक ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा ?<br />
उत्तर:<br />
कोई परिवर्तन नहीं होगा क्योंकि आदर्श गैस की आन्तरिक ऊर्जा केवल ताप पर निर्भर करती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
चक्रीय प्रक्रम से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
वह प्रक्रम जिसमें कोई निकाय विभिन्न अवस्थाओं से होता हुआ पुनः अपनी प्रारम्भिक अवस्था में आ जाता है, चक्रीय प्रक्रम कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
किसी गैस के रुद्धोष्म संपीडन में गैस के बाहर से कोई ऊष्मा नहीं दी जाती है पर गैस का ताप बढ़ जाता है क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
रुद्धोष्म संपीडन में गैस पर किया गया कार्य ऊष्मा में बदल जाता है, इसीलिए गैस का ताप बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
स्थैतिक कल्प प्रक्रम से क्या तात्पर्य है ?<br />
उत्तर;<br />
किसी ऊष्मागतिक निकाय में चलने वाला कोई ऐसा प्रक्रम, जिसकी प्रत्येक स्थिति में निकाय बाह्य परिवेश के साथ तापीय व यान्त्रिक साम्य में रहता है, स्थैतिक कल्प प्रक्रम कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
मुक्त निकाय किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
यह ऐसा निकाय होता है, जो बाह्य परिवेश ऊर्जा तथा पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान कर सकता है</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
बन्द निकाय किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा निकाय जो परिवेश के साथ केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकता है, पदार्थ का नहीं बन्द निकाय कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
समतापी प्रक्रम के उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
बर्फ का गलना, ठोसों का पिघलना, द्रवों का उबलना आदि।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
प्रावस्था समीकरण किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
किसी ऊष्मागतिक निकाय के लिए ऊष्मागतिक चरों (P., V, T) के मध्य सम्बन्ध को प्रावस्था समीकरण कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
ऊष्मा इंजन क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा इंजन चक्र (cycle) में काम करने वाली एक ऐसी युक्ति है जो अविरत रूप से ऊष्मा को यान्त्रिक कार्य में परिवर्तित करती हैं।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता की परिभाषा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी ऊष्मा इंजन द्वारा प्रदत्त यान्त्रिक कार्य (W) एवं इंजन द्वारा स्त्रोत से ली गई ऊष्मा (Q) के अनुपात को इंजन की दक्षता कहते हैं और इसे &#8221; से व्यक्त करते हैं। अतः<br />
η = \(\frac{W}{Q}\)</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
दो दिये गये तापों T<sub>1</sub> तथा T<sub>2</sub>(T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य कार्य करने वाले कार्यों की दक्षता बताइये।<br />
उत्तर:<br />
कानों इंजन की दक्षता<br />
η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
कार्नो इंजन की दक्षता किस राशि पर निर्भर करता है ?<br />
उत्तर:<br />
केवल उन तापों पर निर्भर करती है जिनके बीच कार्नो इंजन कार्य कर रहा है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
क्या कानों इंजन की दक्षता कार्यकारी पदार्थ पर निर्भर करती है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 30.<br />
ऊष्मा पम्प किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
किसी ठण्डे स्थान से ऊष्मा लेकर गर्म स्थान को देने वाली युक्ति को ऊष्मा पम्प कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
T<sub>1</sub>वे T<sub>2</sub>(T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य करने वाले प्रशीतक के निष्पादन गुणांक का सूत्र लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
कानों के आदर्श प्रशीतक का निष्पादन गुणांक<br />
ß = \(\frac{T_2}{T_1-T_2}\)</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का क्लॉसियस का प्रकथन बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
इस कथन के अनुसार कोई ऐसा प्रक्रम सम्भव नहीं है जिसके द्वारा बिना बाह्य कार्य के किसी शीतल वस्तु से किसी तप्त वस्तु की ऊष्मा स्थानान्तरित की जा सके।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का केल्विन प्लांक कथन बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
इस कथन के अनुसार ऐसा कोई प्रक्रम सम्भव नहीं है जो किसी ऊष्मा भण्डार से ली गयी ऊष्मा को पूर्णतः कार्य में बदल सके।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
कोई ऊष्मा इंजन एक चक्र में स्रोत से Q<sub>1</sub> ऊष्मा लेता है तथा सिंक को Q<sub>2</sub> ऊष्मा दे देता है। इंजन की दक्षता बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता<br />
η = (\(1-\frac{Q_2}{Q_1}\))</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
क्या कानों इंजन को व्यवहार में प्राप्त किया जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; यह एक आदर्श इंजन है जो व्यवहार में प्राप्त कर पाना में सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
क्या किसी निकाय की सम्पूर्ण आन्तरिक ऊर्जा को कार्य में बदला जा सकता है ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
C<sub>P</sub> का मान C<sub>V</sub> से अधिक होता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
मोलर विशिष्ट ऊष्मा की परिभाषा से-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37072" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -1" width="393" height="515" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-1.png 393w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-1-229x300.png 229w" sizes="auto, (max-width: 393px) 100vw, 393px" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
क्या किसी गैस को ऊष्मा दिये बिना उसके ताप में वृद्धि सम्भव है ?<br />
उत्तर:<br />
हाँ जब गैस का रुद्धोष्म संपीडन किया जाता है तो उसका ताप बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सिद्ध कीजिए कि दो दिये गये तापों के बीच कार्य करने वाला कोई भी इंजन उन्हीं तापों के मध्य कार्य करने वाले उत्क्रमणीय इंजन से अधिक दक्ष नहीं हो सकता है।<br />
उत्तर:<br />
कार्नो प्रमेय (Carnot&#8217;s Theorem)<br />
इस प्रमेय के अनुसार,<br />
(अ) किन्हीं तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> (T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य कार्य करने वाले इंजन की दक्षता उन तापों के मध्य कार्य करने वाले कार्नो इंजन की दक्षता से अधिक नहीं हो सकती है अर्थात् कार्नो (उत्क्रमणीय) इंजन की दक्षता अधिकतम होती है।<br />
(ब) किन्हीं दो तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> के मध्य कार्य करने वाले सभी कार्नो उत्क्रमणीय इंजनों की दक्षता समान होती है चाहे कोई भी कार्यकारी पदार्थ लिया जाये।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
भाप का अतितप्त होना समदाबी प्रक्रम है या समतापी और क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
भाप का अतितप्त होना समदाबी प्रक्रम है, क्योंकि भाप को ऊष्मा देते रहने पर भाप ताप बढ़ता है लेकिन दाब नियत रहता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
जब एक कार का पहाड़ी पर एक नियत चाल से नीचे उतरती है तो ब्रेक ड्रम गर्म हो जाते हैं क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
नियत चाल से चलते रहने पर गतिज ऊर्जा तो नियत रहती है परन्तु . नीचे उतरने के कारण गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कम होती है जो आन्तरिक ऊर्जा में बदल जाती है जिसके कारण ड्रम गर्म हो जाते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किस निकाय को दी गयी ऊष्मा पूर्णतः कार्य में बदल जाती है ?<br />
उत्तर-<br />
समतापीय प्रक्रम में क्योंकि ताप समान रहने से आन्तरिक ऊर्जा नियत रहती है अर्थात्<br />
dU = 0<br />
dQ = dU + dW = 0 + dW<br />
या dQ = dW</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
यदि गर्म वायु ऊपर उठती है, तो पहाड़ों की ऊंचाई पर समुद्र तल की अपेक्षा ठण्डी क्यों होती है ?<br />
उत्तर:<br />
समुद्र तल से ऊँचाई पर जाने से वायुदाब घटता है; अतः गर्म हवा के ऊपर उठने पर इसका रुद्धोष्म प्रसार होता है जिसके कारण ताप में कमी उत्पन्न होती है इसीलिए समुद्र तल की अपेक्षा पहाड़ों पर वायु ठण्डी होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कार्नो इंजन में सिंक का ताप बढ़ने पर इंजन की दक्षता पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?<br />
उत्तर:<br />
कार्नो इंजन की दक्षता η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)<br />
स्पष्ट है कि सिंक का ताप T2 बढ़ने पर n का मान कम होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
क्या दो समतापी वक्र एक दूसरे को काट सकते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि यदि दो समतापी वक्र काटते हैं तो कटान बिन्दु पर दो भिन्न तापों पर गैस के दाब व आयतन समान होंगे जोकि सम्भव नहीं हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
परम शून्य ताप शून्य ऊर्जा का ताप नहीं होता है; समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
अणुओं की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा ही ताप का फलन होती है, जबकि ऊर्जा के अन्य रूप जैसे अन्तराणविक स्थितिज ऊर्जा अणुओं के मध्य लगने वाले आणविक बलों एवं आणविक दूरी पर निर्भर करती है। अतः परम शून्य ताप पर केवल अणुओं की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा तो शून्य हो जाती है लेकिन आणविक ऊर्जा के अन्य रूप शून्य नहीं होते हैं। इस प्रकार परम शून्य ताप शून्य ऊर्जा का ताप नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
स्काई लैब पृथ्वी पर गिरते समय जल गई थी, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
वायुमण्डल में प्रवेश करने पर वायु के घर्षण के कारण स्काई लैब घर्षण के विरुद्ध कार्य होने के कारण गर्म होने लगी। जिससे उसका ताप बढ़ने लगा। जैसे-जैसे वह पृथ्वी के समीप आती गई, वायुमण्डल का घनत्व बढ़ने से घर्षण भी बढ़ता गया और फलस्वरूप ताप बढ़ते रहने से एक स्थिति में वह जलने लगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
“उत्क्रमणीयता एक आदर्श इंजन की कसौटी है।&#8221; उक्त कथन की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
उत्क्रमणीय प्रक्रम में निकाय बाह्य परिस्थितियों में अल्प परिवर्तन से पुनः विपरीत क्रम में अपनी प्रारम्भिक स्थिति में लौट आता है फ्रान्सीसी इंजीनियर कार्नो ने उत्क्रमणीय क्रियाओं पर आधारित एक आदर्श इंजन की परिकल्पना की जिसको वास्तविक इंजन की सारी कमियों से मुक्त माना गया। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि उत्क्रमणीयता एक आदर्श इंजन की कसौटी है, यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि आदर्श इंजन मात्र एक कल्पना है, यह व्यावहारिक नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
ऊष्मा इंजन की दक्षता की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मीय इंजन की कार्यविधि एवं दक्षता:<br />
ऊष्मा इंजन में, कार्यकारी पदार्थ स्रोत से ऊष्मा ग्रहण कर, इस ऊष्मा का कुछ भाग कार्य के रूप में परिवर्तित कर देता है तथा शेष भाग सिंक को दे देता है एवं अपनी प्रारम्भिक अवस्था में लौट आता है। ऐसे परिवर्तनों की श्रेणी चक्र (cycle) कहलाती है। चक्र की बार-बार पुनरावृत्ति से कार्य सतत् रूप से मिलता रहता है।<br />
माना कार्यकारी पदार्थ स्रोत से Q<sub>1</sub> ऊष्मा लेता है तथा उसमें से Q<sub>2</sub> ऊष्मा सिंक को दे देता है अतः कार्यकारी पदार्थ द्वारा अवशोषित ऊष्मा की मात्रा (Q<sub>1</sub> &#8211; Q<sub>2</sub>) होगी। चूँकि कार्यकारी पदार्थ अपनी प्रारम्भिक स्थिति में लौट आता है अतः आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन शून्य है।<br />
इसलिए ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से,<br />
dQ = dU + dW<br />
लेकिन dU = 0<br />
क्योंकि प्रारम्भिक तथा अन्तिम अवस्था एक ही है<br />
∴ dQ = dW<br />
या Q<sub>1</sub> &#8211; Q<sub>2</sub> = W &#8230;&#8230;.(1)<br />
इंजन की ऊष्मीय दक्षता (Thermal efficiency) कार्यकारी पदार्थ द्वारा एक चक्र में किये गये कुल कार्य तथा स्रोत से कार्यकारी पदार्थ द्वारा अवशोषित ऊष्मा का अनुपात होती है, अर्थात्</p>
<p>दक्षता (η) = \(\frac{\text { कार्य में परिवर्तित ऊष्मा }}{\text { स्रोत से अवशोषित ऊष्मा }}\)<br />
या η = \(\frac{W}{Q_1}\)<br />
η = \(\frac{Q_1-Q_2}{Q_1}\) (समी 1 से)<br />
या η = \(1-\frac{Q_2}{Q_1}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(2)<br />
समीकरण (2) से स्पष्ट है कि यदि Q<sub>2</sub> = 0 तो η = 1 अर्थात् दक्षता 100% होगी। दूसरे शब्दों में, यदि एक ऐसा इंजन बनाया जाये, जो इस प्रकार कार्य करे कि कार्यकारी पदार्थ किसी भी चक्र में सिंक को कोई ऊष्मा न दे तो ऊष्मा का कार्य में शत-प्रतिशत रूपान्तरण हो जायेगा । परन्तु शत-प्रतिशत दक्षता का इंजन बनाना सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
ऊष्मागतिकी क्या है ? ऊष्मागतिकी के शून्यांकी नियम की व्याख्या कीजिए तथा इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए।<br />
उत्तर:</p>
<p>ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम (Zeroth Law Of Thermodynamics):<br />
इस नियम के आधार पर ताप की अविधारणा दी जाती है। इस नियम को समझने के लिए तीन निकाय A, B व C की कल्पना करते हैं निकाय A व B एक रुद्धोष्म दीवार से पृथक हैं और इनमें से प्रत्येक एक तीसरे निकाय C से एक सुचालक दीवार से सम्पर्क में हैं [ चित्र 12.3] 1 निकायों की अवस्थाएँ तब तक परिवर्तित होती हैं जब तक A व B दोनों निकाय C के साथ तापीय साम्य में नहीं आ जाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37075" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -4" width="219" height="226" /><br />
अब यदि A व B के बीच रुद्धोष्म दीवार को सुचालक दीवार से प्रतिस्थापित कर दी जाती है तथा C को A व B से किसी रुद्धोष्म दीवार से पृथक दिया जाता है। (चित्र 12.4 ) तब यह देखा जाता है कि A व B की अवस्थाएँ अब और नहीं बदलती हैं अर्थात् वे दोनों तापीय साम्य में होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37076" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -5" width="234" height="222" /><br />
इससे ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम दिया गया जिसके अनुसार, &#8220;यदि दो निकाय किसी अन्य तीसरे निकाय के साथ पृथक्-पृथक् रूप से तापीय साम्य में है तो वे परस्पर भी तापीय साम्य में होते हैं।<br />
अतः यदि निकायों A, B व C के ताप यदि T<sub>A</sub>, T<sub>B</sub> E T<sub>C</sub> हों और T<sub>A</sub> = T<sub>C</sub> एवं T<sub>B</sub> = T<sub>C</sub> तो T<sub>A</sub> = T<sub>B</sub>।</p>
<p>यही ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम है अतः ताप पदार्थ का वह गुण है जो यह बताता है कि कोई निकाय अपने पड़ोसी निकाय के साथ ऊष्मीय साम्य में है अथवा नहीं। इस प्रकार ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम ताप की अवधारणा को प्रदर्शित करता है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
एक निकाय की ऊष्मा, &#8211; कार्य व आन्तरिक ऊर्जा की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा, कार्य एवं आंतरिक ऊर्जा (Heat, Work And Internal Energy):<br />
ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम ताप की अवधारणा प्रदान करता है। और ताप किसी वस्तु की ऊष्णता या शीतलता का बोध कराता है। दो भिन्न ताप की वस्तुएँ जब सम्पर्क में लाई जाती हैं तो उच्च ताप की वस्तु से निम्न ताप की वस्तु की ओर ऊष्मा का प्रवाह होता है और यह तब तक होता रहता है, जब तक दोनों के ताप समान नहीं हो जाते हैं अर्थात् जब तक &#8216;ऊष्मीय साम्य&#8217; स्थापित नहीं हो जाता है। यहाँ तापान्तर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु की ओर ऊर्जा का प्रवाह ऊष्मा कहलाता है। इस प्रकार का ऊष्मा स्थानान्तरण एक अयांत्रिक ऊर्जा स्थानान्तरण (Non- mechanical energy transfer) है।</p>
<p>उदाहरणार्थ- कोई पिण्ड चालन अथवा विकिरण द्वारा ऊर्जा का क्षय कर रहा है अर्थात् वह चालन अथवा विकिरण द्वारा ऊष्मा दे रहा है जो कि पिण्ड एवं वातावरण के तापान्तर पर निर्भर हो लेकिन यदि निकाय किसी अन्य विधि द्वारा बाह्य यांत्रिक बलों के विरुद्ध कार्य करने में ऊर्जा क्षय कर रहा हो तो हम कह सकते हैं कि &#8216;कार्य&#8217; (Work) हो रहा है। अब ऊष्मा का अन्य सम्बन्धित राशियों जैसे &#8211; कार्य व आंतरिक ऊर्जा के मध्य सम्बन्ध की विवेचना करनी है। ऊष्मागतिकी में कार्य एवं ऊष्मा अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं, अतः निम्नलिखित बातों का ध्यान आवश्यक है-</p>
<ul>
<li>कार्य व ऊष्मा निकाय की परिसीमा एवं निकाय की अवस्था बदलने पर उत्पन्न होते हैं।</li>
<li>कार्य व ऊष्मा को परिवेश पर हुए प्रभाव द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है।</li>
<li>कार्य व ऊष्मा दोनों का धनात्मक एवं ऋणात्मक मान सम्भव हैं।</li>
<li>चूँकि कार्य व ऊष्मा निकाय की अवस्था परिवर्तन की विधि मार्ग पर निर्भर करते हैं अर्थात् अवस्था फलन नहीं होते हैं। अतः इन्हें ऊष्मागतिकीय &#8216;अवस्था चर&#8217; नहीं माना जा सकता है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 16.<br />
ऊष्मागतिकीय निकाय, ऊष्मागतिकीय चर राशियों व ऊष्मागतिकीय प्रक्रम से आप क्या समझते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकीय निकाय (Thermodynamics System) : बहुत बड़ी संख्या में कणों का ऐसा निकाय जिसके ताप, दाब तथा आयतन के कुछ निश्चित मान हो अर्थात् जिसे ताप, दाब तथा आयतन के पदों में व्यक्त किया जा सके, ऊष्मागतिकीय निकाय कहलाता हैं उदाहरणार्थ &#8211; एक बर्तन में भरी गैस ये दो प्रकार के होते हैं-</p>
<ul>
<li>सूक्ष्म निकाय (Microscopic System): सूक्ष्म निकाय में कणों की संख्या बहुत कम होती है जिससे प्रत्येक कण का स्वतन्त्र रूप से अध्ययन किया जा सके, जैसे- एक परमाणु ।</li>
<li>स्थूल निकाय (Macroscopic System): स्थूल निकाय में कणों की संख्या अत्यधिक होती है किसी पात्र में बन्द गैस स्थूल निकाय का उदाहरण है। इसमें अणुओं की संख्या अवोद्रो संख्या की कोटि की होती है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 17.<br />
साइकिल में हवा भरते समय पम्प गर्म हो जाता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
हवा भरते समय वायु का रुद्धोष्म संपीडन होता है, अतः यान्त्रिक कार्य ऊष्मा में बदल जाता है इसीलिए पम्प गर्म हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
बन्द कमरे में बिजली का पंखा चलाने पर क्या कमरे की वायु ठण्डी हो जायेगी ?<br />
उत्तर:<br />
नहीं, बल्कि वायु गर्म हो जायेगी क्योंकि पंखा चलने पर वायु के अणुओं का वेग बढ़ने से उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ेगी।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
ठण्डे जल की बाल्टी में गर्म लोहे का टुकड़ा डाला गया। क्या जल की आन्तरिक ऊर्जा बढ़ेगी ? क्या लोहे ने कुछ कार्य किया ?<br />
उत्तर:<br />
जल की आन्तरिक ऊर्जा में वृद्धि होगी। यह वृद्धि ऊष्मा के स्थानान्तरण के कारण होती है इसीलिए लोहे के टुकड़े द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
आदर्श गैस का नियत दाब पर 1°C ताप बढ़ने पर किये जाने वाले कार्य के लिए कितने कैलोरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है ?<br />
उत्तर:<br />
एक मोल गैस पर किया गया कुल कार्य<br />
∆W = ∆Q &#8211; ∆U<br />
=C<sub>P</sub>. ∆T &#8211; C<sub>V</sub> ∆T<br />
= (C<sub>P</sub> &#8211; C<sub>V</sub>) ∆T = R.∆T<br />
यदि ∆T = 1°C<br />
तो ∆W = R = 2 कैलोरी ।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
यदि कमरे में रेफ्रीजरेटर का दरवाजा खुला रख दिया जाये तो बताइये कि क्या कमरा ठण्डा हो जायेगा ? या गर्म ?<br />
उत्तर:<br />
रेफ्रीजरेटर विपरीत दिशा में कार्यरत ऊष्मीय इंजन के समान है अर्थात् कम ताप वाली वस्तु से ऊष्मा ग्रहण करता है तथा उच्च ताप की वस्तु में ऊष्मा का परित्याग करता है। अतः कमरे से अवशोषित ऊष्मा की तुलना में अधिक ऊष्मा का परित्याग करेगा। अतः कमरा गर्म हो जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
यदि कार्नो के उत्क्रमणीय इंजन में ऊर्जा नष्ट या अपव्यय नहीं होती है तो इसकी दक्षता 100% से कम क्यों होती है ?<br />
उत्तर:<br />
कार्नो इंजन की दक्षता<br />
η = \(1-\frac{T_2}{T_1}\)<br />
जहाँ T<sub>1</sub> → स्रोत का ताप एवं<br />
T<sub>2</sub> → सिंक का ताप<br />
जब तक T<sub>1</sub> एवं T<sub>2</sub> के मान भिन्न रहेंगे तब तक \(\frac{T_2}{T_1}\) का मान कुछ न कुछ रहेगा और η का मान 100% से कम होगा। केवल एक स्थिति ऐसी है जब T<sub>2</sub> = 0K हो तो η = 100% हो जायेगा और T<sub>2</sub> = 0K प्राप्त करना सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
संलग्न चित्र के अनुसार एक निकाय प्रारम्भिक अवस्था A से अन्तिम अवस्था B तक दो मार्गों अर्थात् प्रक्रमों I व II के द्वारा पहुँचता है। यदि इन प्रक्रमों के लिए आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन ∆U<sub>I</sub> व ∆U<sub>II</sub> हो तो इन दोनों में क्या सम्बन्ध होगा और क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37073" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-2.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -2" width="240" height="197" /><br />
उत्तर:<br />
∆U<sub>I</sub> = ∆U<sub>II</sub><br />
क्योंकि आन्तरिक ऊर्जा किसी स्थिति के लिए अद्वितीय फलन होती है और यह परिवर्तन के मार्ग पर निर्भर नहीं करती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
संलग्न चित्र में प्रदर्शित सूचक आरेख में कुल कार्य की मात्रा का प्रकार (धनात्मक / ऋणात्मक) क्या होगा और क्यों ?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37074" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-3.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -3" width="241" height="198" /><br />
उत्तर:<br />
चक्रीय प्रक्रम में किया गया कार्य बन्द वक्र के क्षेत्रफल से प्राप्त होता है। प्रक्रम (1) दक्षिणावर्त है अतः इसमें किया गया कार्य धनात्मक होगा और प्रक्रम (2) वामावर्त है अतः इसमें कृत कार्य ऋणात्मक होगा। चूँकि प्रक्रम (1) का क्षेत्रफल प्रक्रम (2) के क्षेत्रफल से कम है, अतः कुल कार्य ऋणात्मक होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ऊष्मागतिकी के शून्यांकी, प्रथम व द्वितीय नियम की विस्तारपूर्वक व्याख्या कीजिए ।<br />
उत्तर;<br />
ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम (Zeroth Law Of Thermodynamics):<br />
इस नियम के आधार पर ताप की अविधारणा दी जाती है। इस नियम को समझने के लिए तीन निकाय A, B व C की कल्पना करते हैं निकाय A व B एक रुद्धोष्म दीवार से पृथक हैं और इनमें से प्रत्येक एक तीसरे निकाय C से एक सुचालक दीवार से सम्पर्क में हैं 1 निकायों की अवस्थाएँ तब तक परिवर्तित होती हैं जब तक A व B दोनों निकाय C के साथ तापीय साम्य में नहीं आ जाते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37075" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -4" width="219" height="226" /><br />
अब यदि A व B के बीच रुद्धोष्म दीवार को सुचालक दीवार से प्रतिस्थापित कर दी जाती है तथा C को A व B से किसी रुद्धोष्म दीवार से पृथक दिया जाता है। तब यह देखा जाता है कि A व B की अवस्थाएँ अब और नहीं बदलती हैं अर्थात् वे दोनों तापीय साम्य में होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37076" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -5" width="234" height="222" /><br />
इससे ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम दिया गया जिसके अनुसार, &#8220;यदि दो निकाय किसी अन्य तीसरे निकाय के साथ पृथक्-पृथक् रूप से तापीय साम्य में है तो वे परस्पर भी तापीय साम्य में होते हैं।<br />
अतः यदि निकायों A, B व C के ताप यदि T<sub>A</sub>, T<sub>B</sub> व T<sub>C</sub> हों और T<sub>A</sub> = T<sub>C</sub> एवं T<sub>B</sub> = T<sub>C</sub> तो T<sub>A</sub> = T<sub>B</sub>।</p>
<p>यही ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम है अतः ताप पदार्थ का वह गुण है जो यह बताता है कि कोई निकाय अपने पड़ोसी निकाय के साथ ऊष्मीय साम्य में है अथवा नहीं। इस प्रकार ऊष्मागतिकी का शून्यांकी नियम ताप की अवधारणा को प्रदर्शित करता है।</p>
<p>ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम दो भिन्न कथनों में निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है-<br />
1. इस नियम के पहले कथन को ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम भी कहते हैं, इसके अनुसार जब ऊष्मा प्राप्त करने के लिए यांत्रिक कार्य किया जाता है तो कार्य की प्रत्येक इकाई द्वारा ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा प्राप्त होती है। इसके विपरीत जब कार्य करने हेतु ऊष्मा दी जाती हैं तो इकाई कार्य प्राप्त करने के लिए ऊष्मा की समान मात्रा आवश्यक होती है अर्थात् कार्य एवं ऊष्मा एक दूसरे के तुल्य हैं। यदि W कार्य करने से Q ऊष्मा उत्पन्न होती है तो<br />
W ∝ Q<br />
या W =JQ<br />
जहाँ J = 4.2 × 10³ Jkcal<sup>-1</sup> होता है जिसे ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक कहते हैं। उक्त नियम तभी सत्य है जब सम्पूर्ण कार्य ऊष्मा में या सम्पूर्ण ऊष्मा कार्य में परिणित हो रही हो।</p>
<p>2. इस नियम का दूसरा कथन ऊर्जा संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Energy) पर आधारित है माना किसी निकाय को do ऊष्मा दी जाती है तो वह ऊष्मा दो रूपों में व्यय होती है- (i) अणुओं की आंतरिक ऊर्जा बढ़ाने में dU के रूप में और (ii) शेष भाग आन्तराण्विक आकर्षण बलों के विरुद्ध बाह्य कार्य करने में dW के रूप में इस प्रकार<br />
dQ = dU + dW &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)<br />
इस समीकरण को ही &#8216;ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम&#8217; कहते हैं, अर्थात् &#8220;किसी निकाय को दी गई ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि एवं किये गये बाह्य कार्य के योग के बराबर होती है।&#8221; यह नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही प्रतिपादन है जिसके अनुसार, &#8220;ऊर्जा को न तो उत्पन्न कर सकते है। और न ही नष्ट कर सकते हैं, केवल इसका रूपान्तरण सम्भव है।&#8221; जब भी हमें एक प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती है तो किसी अन्य प्रकार की ऊर्जा लुप्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37077" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -6" width="193" height="235" /><br />
माना संलग्न चित्र के अनुसार एक घर्षण रहित पिस्टन युक्त पात्र में गैस भरी है। पिस्टन का अनुप्रस्थ परिच्छेद क्षेत्रफल A हैं और इस पर बाह्य दाब P कार्यरत है। यदि इस निकाय को dQ ऊष्मा दी जाती है। जिससे इसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि dU होती है और पिस्टन दाब P के विरुद्ध dx विस्थापन से विस्थापित होता है अतः बाह्य कार्य<br />
dW = F<sub>ext</sub> × dx = P.A.dx<br />
या dW = P.dV<br />
जहाँ dV = A.dx आयतन में परिवर्तन<br />
अतः dQ = dU + dW</p>
<p>ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। यह ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम है अर्थात् कार्य का ऊष्मा में अथवा ऊष्मा का कार्य में रूपान्तरण होने पर कार्य की निश्चित मात्रा से निश्चित ऊष्मा उत्पन्न होती है या निश्चित ऊष्मा से कार्य की निश्चित मात्रा उत्पन्न होती है, परन्तु उपलब्ध ऊष्मा का कितना भाग यांत्रिक कार्य में परिवर्तित होता है एवं इसकी शर्तें व सीमाएँ क्या है ? इसकी जानकारी ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम नहीं देता है।</p>
<p>उदाहरणार्थ &#8211; फर्श पर लुढ़कती हुई गेंद ऊष्मागतिकी के नियमानुसार उस समय रुक जायेगी जब उसकी सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा ) ऊष्मा में बदल जायेगी। परन्तु क्या इस प्रक्रिया का व्युत्क्रम अर्थात् फर्श पर रुकी हुई गेंद ऊष्मा अवशोषित करके गतिशील हो जायेगी ? इस प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से प्रथम नियम नहीं देता है। इस प्रकार किसी क्रिया के होने व न होने की जानकारी को प्राप्त करने के लिए अन्य नियम की आवश्यकता है जिसे ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम कहते हैं। यह नियम प्रथम नियम का पूरक है। ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम को विभिन्न वैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न कथनों के रूप में प्रस्तुत किया है परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से सभी कथन सत्य हैं। यहाँ हम दो कथनों पर विचार करेंगे जिनमें एक आन्तरिक ऊर्जा को कार्य में बदलने की सीमा के बारे में है और दूसरा ऊष्मा प्रवाह की दिशा के बारे में है।</p>
<p>1. केल्विन प्लांक का कथन (Statement of Kelvin Planck) : इस कथन के अनुसार, &#8220;इस प्रकार के इंजन का निर्माण सम्भव नहीं है, जो सम्पूर्ण चक्र में किसी वस्तु से ऊष्मा लेकर कार्यकारी निकाय में कोई परिवर्तन किये बिना उसे पूर्णतः कार्य में परिवर्तित कर दे।&#8221; अर्थात् कोई ऐसा ऊष्मा इंजन नहीं बन सका है, जो लोत से ली गई सम्पूर्ण ऊष्मा को कार्य में बदल सके और सिंक को कुछ भी न दे। दूसरे शब्दों में ऊष्मा के अविरल रूप से कार्य में बदलने के लिए ठण्डी वस्तु अर्थात् सिंक का होना आवश्यक है।</p>
<p>2. क्लासियस का कथन (Claussius&#8217;s Statement) : इस कथन के अनुसार, &#8220;किसी भी चक्रीय प्रक्रम में कार्यकारी पदार्थ द्वारा निम्न ताप वाली वस्तु से उच्च ताप वाली वस्तु की ओर ऊष्मा का प्रवाह नहीं हो सकता जब तक कि कार्यकारी पदार्थ पर बाह्य कार्य नहीं किया जाता है।&#8221; यह कथन प्रशीतक (refrigerator) के सिद्धान्त पर आधारित है जो ठण्डी वस्तु में से ऊष्मा अवशोषित कर गर्म वस्तु (कमरे की वायु) को प्रदान करता है, लेकिन इस कार्य को करने के लिए प्रशीतक में संपीडक (compressor) की आवश्यकता होती है अर्थात् बिना सम्पीडक की बाह्य सहायता के प्रशीतक वस्तुओं को ठण्डा नहीं कर सकता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
समतापी व रुद्धोष्म प्रक्रम में अन्तर स्पष्ट करते हुए इन प्रक्रमों में किये गये कार्य की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
समतापी प्रक्रम (Isothermal Process):<br />
जब किसी ऊष्मागतिकीय निकाय में दाब (P), एवं आयतन (V) में परिवर्तन होता है, परन्तु ताप (T) नियत रहता है, तो ऐसे प्रक्रम को समतापी प्रक्रम कहते हैं। इस परिवर्तन के दौरान निकाय एवं परिवेश (Surroundings) के मध्य ऊष्मा का आदान-प्रदान आवश्यक है जब निकाय का प्रसार होता है तो निकाय द्वारा कार्य किया गया है, अतः इस कार्य के तुल्य ऊष्मा परिवेश से निकाय में आ जाती है जिससे निकाय का ताप नियत बना रहता है।</p>
<p>इसी प्रकार निकाय के संपीडन के समय निकाय पर किये गये कार्य के तुल्य ऊष्मा परिवेश से निकाय में आ जाती है। इससे निकाय का ताप नियत बना रहता है। इसी प्रकार निकाय के संपीडन के समय निकाय पर किये गये कार्य के तुल्य ऊष्मा निकाय से परिवेश को चली जाती है। यदि समतापीय परिवर्तन किसी भारहीन एवं घर्षण रहित पिस्टन युक्त सिलिण्डर में मौजूद किसी गैसीय निकाय के साथ पिस्टन की सहायता से किया जाता है तो समतापी प्रक्रम के लिए निम्नलिखित दो शर्तों को पूरा होना आवश्यक है-<br />
(i) निकाय की परिसीमाएँ ( पिस्टन एवं सिलेण्डर) ऊष्मा की सुचालक होनी चाहिए ताकि उनसे होकर ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सके।<br />
(ii) परिवर्तन धीरे-धीरे होना चाहिए ताकि ऊष्मा के आदान-प्रदान के लिए पर्याप्त समय मिल सके।</p>
<p>मोल गैस के लिए आदर्श गैस समीकरण PV = nRT यदि n को नियत रखकर समतापी परिवर्तन किया जाता है, तो<br />
अतः nRT = नियतांक<br />
PV = नियतांक &#8230;&#8230;..(1)<br />
उक्त समीकरण (1) को समतापी प्रक्रम का अवस्था समीकरण कहते हैं। यही बॉयल का नियम है, जिसके अनुसार,<br />
P ∝ \(\frac{1}{V}\), V ∝ \(\frac{1}{P}\)<br />
अर्थात् किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का स्थिर ताप पर दाब व आयतन परस्पर व्युत्क्रमानुपाती होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
समतापी प्रक्रम की व्याख्या कीजिए एवं इस प्रक्रम में कृत कार्य के लिए सूत्र स्थापित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
समतापी प्रक्रम में किया गया कार्य (Work done in an Isothermal Process):<br />
माना किसी सिलेण्डर में n मोल आदर्श गैस का समतापीय प्रसार किया जाता है तो वह अपनी प्रारम्भिक अवस्था A(P<sub>1</sub> V<sub>1</sub>) से अन्तिम अवस्था B(P<sub>2</sub> V<sub>2</sub>) में पहुँच जाती है। यह प्रक्रम संलग्न सूचक आरेख चित्र में समतापी वक्र AB द्वारा प्रदर्शित किया गया है। यदि आयतन के सूक्ष्म परिवर्तन dV के लिए दाब को P पर नियत मान लें तो इस अन्तराल में कृत कार्य-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37078" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-7.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -7" width="394" height="919" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-7.png 394w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-7-129x300.png 129w" sizes="auto, (max-width: 394px) 100vw, 394px" /><br />
समी (1) व (2) समतापी प्रक्रम में n मोल आदर्श गैस के लिए किये गये कार्य को प्रदर्शित करते हैं। चूँकि समतापीय प्रक्रम के लिए अवस्था समीकरण<br />
PV = नियतांक<br />
अत: P dV + V.dP = 0<br />
या V dP = -P dV<br />
या \(\frac{d \mathrm{P}}{d \mathrm{~V}}=-\frac{\mathrm{P}}{\mathrm{V}}\)<br />
अर्थात् समतापी प्रक्रम में P-V वक्र का ढाल (प्रवणता) ऋणात्मक होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
रुद्धोष्म प्रकरण के लिए अवस्था समीकरण के सूत्र का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का रुद्धोष्म प्रक्रम में अनुप्रयोग (First Law of Thermodynamics Applied to Adiabatic Process)<br />
(अ) P व V के मध्य रुद्धोष्म सम्बन्ध (Adiabatic Relation between P and V):<br />
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37079" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -8" width="394" height="1080" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8.png 394w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8-109x300.png 109w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-8-374x1024.png 374w" sizes="auto, (max-width: 394px) 100vw, 394px" /><br />
यह समीकरण रुद्धोष्म प्रक्रम में दाब एवं आयतन में सम्बन्ध है। इसे &#8216;पायसन सम्बन्ध&#8217; (Poisson&#8217;s relation) कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम क्या है ? इसकी सहायता से आन्तरिक ऊर्जा की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम दो भिन्न कथनों में निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है-<br />
1. इस नियम के पहले कथन को ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम भी कहते हैं, इसके अनुसार जब ऊष्मा प्राप्त करने के लिए यांत्रिक कार्य किया जाता है तो कार्य की प्रत्येक इकाई द्वारा ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा प्राप्त होती है। इसके विपरीत जब कार्य करने हेतु ऊष्मा दी जाती हैं तो इकाई कार्य प्राप्त करने के लिए ऊष्मा की समान मात्रा आवश्यक होती है अर्थात् कार्य एवं ऊष्मा एक दूसरे के तुल्य हैं। यदि W कार्य करने से Q ऊष्मा उत्पन्न होती है तो<br />
W ∝ Q<br />
या W =JQ<br />
जहाँ J = 4.2 × 10³ Jkcal<sup>-1</sup> होता है जिसे ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक कहते हैं। उक्त नियम तभी सत्य है जब सम्पूर्ण कार्य ऊष्मा में या सम्पूर्ण ऊष्मा कार्य में परिणित हो रही हो।</p>
<p>2. इस नियम का दूसरा कथन ऊर्जा संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Energy) पर आधारित है माना किसी निकाय को do ऊष्मा दी जाती है तो वह ऊष्मा दो रूपों में व्यय होती है- (i) अणुओं की आंतरिक ऊर्जा बढ़ाने में dU के रूप में और (ii) शेष भाग आन्तराण्विक आकर्षण बलों के विरुद्ध बाह्य कार्य करने में dW के रूप में इस प्रकार<br />
dQ = dU + dW &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)<br />
इस समीकरण को ही &#8216;ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम&#8217; कहते हैं, अर्थात् &#8220;किसी निकाय को दी गई ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि एवं किये गये बाह्य कार्य के योग के बराबर होती है।&#8221; यह नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही प्रतिपादन है जिसके अनुसार, &#8220;ऊर्जा को न तो उत्पन्न कर सकते है। और न ही नष्ट कर सकते हैं, केवल इसका रूपान्तरण सम्भव है।&#8221; जब भी हमें एक प्रकार की ऊर्जा प्राप्त होती है तो किसी अन्य प्रकार की ऊर्जा लुप्त होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37077" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -6.1" width="193" height="235" /><br />
माना संलग्न चित्र के अनुसार एक घर्षण रहित पिस्टन युक्त पात्र में गैस भरी है। पिस्टन का अनुप्रस्थ परिच्छेद क्षेत्रफल A हैं और इस पर बाह्य दाब P कार्यरत है। यदि इस निकाय को dQ ऊष्मा दी जाती है। जिससे इसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि dU होती है और पिस्टन दाब P के विरुद्ध dx विस्थापन से विस्थापित होता है अतः बाह्य कार्य<br />
dW = F<sub>ext</sub> × dx = P.A.dx<br />
या dW = P.dV<br />
जहाँ dV = A.dx आयतन में परिवर्तन<br />
अतः dQ = dU + dW</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
सूचक आरेख से क्या तात्पर्य है ? इसकी सहायता से बाह्य कार्य ज्ञात करने की प्रक्रिया समझाते हुए सिद्ध कीजिए कि बाह्य कार्य परिवर्तन के मार्ग पर निर्भर करता है।<br />
उत्तर:<br />
सूचक आरेख (Indicator Diagram):<br />
किन्हीं दो चर राशियों द्वारा किसी ऊष्मागतिक निकाय की अवस्था का ग्राफीय प्रस्तुतीकरण निकाय का सूचक आरेख कहलाता है। यदि ग्राफ दाब व आयतन के मध्य खींचा जाये तो इस आरेख को P-V आरेख कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37080" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-9.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -9" width="240" height="210" /><br />
माना किसी गैसीय निकाय का प्रसार होता है और A [P<sub>1</sub>, V<sub>1</sub>] प्रारम्भिक तथा B [P<sub>2</sub>, V<sub>2</sub>] अन्तिम अवस्थाएँ हैं। प्रक्रम को चित्र में दिये गये सूचक आरेख में प्रदर्शित किया गया है। प्रक्रम के दौरान दाब एवं आयतन में होने वाले परिवर्तन रेखा AB के विभिन्न बिन्दुओं द्वारा प्रदर्शित होंगे।</p>
<p>पूरे प्रक्रम (A → B) के लिए कार्य ज्ञात करने लिए आकृति ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात करना होगा। इसके लिए माना दाब P पर सूक्ष्म आयतन परिवर्तन dV के संगत कृत कार्य<br />
dW = PV आकृति EFGH का क्षेत्रफल<br />
अत: A से B तक परिवर्तन के दौरान कृत कुल कार्य<br />
या W = आकृति ABCD का क्षेत्रफल<br />
\(\mathrm{W}=\int d \mathrm{~W}=\int_{\mathrm{V}_1}^{\mathrm{V}_2} \mathrm{P} . d \mathrm{~V}\)<br />
अत: PV वक्र तथा आयतन अक्ष के मध्य घिरे क्षेत्रफल से किसी प्रक्रम में गैस द्वारा किया गया कार्य सीधे प्राप्त हो जाता है।</p>
<p>ऊष्मा के समान कार्य भी पथ का फलन होता है। किसी निकाय द्वारा किया गया कार्य अथवा निकाय पर किया गया कार्य प्रारम्भिक एवं अन्तिम अवस्थाओं के प्रक्रम के पथ पर भी निर्भर करता है। उदाहरण के लिए चित्र में प्रदर्शित सूचक आरेख में प्रारम्भिक अवस्था से अन्तिम अवस्था तक परिवर्तन के तीन पथ (i) if (ii) ior (iii) ib प्रदर्शित किये गये हैं। इन तीनों मार्गों के लिए कृत कार्य विभिन्न प्रकार से किये गये छायांकित भागों के क्षेत्रफलों द्वारा प्राप्त होगा। चित्र से स्पष्ट है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37081" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -10" width="237" height="179" /><br />
W<sub>iaf</sub> &gt; W<sub>if</sub> &gt; W<sub>ibf</sub><br />
स्पष्ट है कि दो निश्चित अवस्थाओं के एक अवस्था से दूसरी अवस्था तक पहुँचने में कृत कार्य अपनाये गये पथ पर निर्भर करता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37082" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -11" width="221" height="165" /><br />
यदि परिवर्तन के दौरान विभिन्न प्रक्रमों से होते हुए निकाय पुन: अपनी प्रारम्भिक स्थिति में लौट आता है तो ऐसे प्रक्रम को &#8216;चक्रीय प्रक्रम&#8217; (Cyclic Process) कहते हैं। चक्रीय प्रक्रम में किया कुल कार्य बन्द चक्र के क्षेत्रफल से प्राप्त होता है साथ ही साथ प्रक्रम यदि दक्षिणावर्त (clockwise) है तो कार्य धनात्मक एवं प्रक्रम यदि वामावर्त (anticlockwise) है तो कार्य ऋणात्मक होता है। उदाहरण के लिए चित्र में प्रारम्भिक अवस्था A से ACB एवं BDA होते हुए निकाय पुनः अवस्था A में लौट आता है। इन दो प्रक्रमों में प्रक्रम ACB में कृत कार्य<br />
W<sub>1</sub> = + आकृति ACBYXA का क्षेत्रफल<br />
एवं प्रक्रम BDA में<br />
W<sub>2</sub> = &#8211; आकृति BDAXYB का क्षेत्रफल<br />
अत किया गया कुल कार्य<br />
W = W<sub>1</sub> + W<sub>2</sub><br />
= + ACBYXA का क्षेत्रफल &#8211; BDAXYB का क्षेत्रफल<br />
या W = + ACBDA का क्षेत्रफल<br />
अर्थात् किया गया कार्य बन्द लूप के क्षेत्रफल के बराबर होता है। चित्र में प्रदर्शित प्रक्रम दक्षिणावर्त है अतः कुल कार्य धनात्मक मिला है। यदि प्रक्रम वामावर्त अर्थात् ADBCA होता तो कुल कार्य इतना ही होता परन्तु ऋणात्मक होता।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम की व्याख्या कीजिए एवं इसमें कृत कार्य के सूत्र का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process):<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम वह प्रक्रम है जिसमें निकाय के ताप (T), दाब (P) तथा आयतन (V) तीनों परिवर्तित हो सकते हैं, लेकिन निकाय की ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है अर्थात् निकाय एवं परिवेश के मध्य ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है। निकाय एवं परिवेश के मध्य ऊष्मा का आदान प्रदान न हो सके, इसके लिए निम्न दो शर्तों का पूर्ण होना आवश्यक है- (i) निकाय की परिसीमाएँ (पिस्टन एवं सिलिण्डर) ऊष्मा की कुचालक होनी चाहिए ताकि उनसे होकर ऊष्मा का आदान-प्रदान न हो सके।<br />
(ii) परिवर्तन शीघ्रता से होना चाहिए ताकि ऊष्मा के आदान-प्रदान के लिए पर्याप्त समय न मिल सके।</p>
<p>रुद्धोष्म प्रक्रम में किया गया कार्य (Work done in Adiabatic Process):<br />
माना चित्र के अनुसार एक भारहीन एवं घर्षण रहित पिस्टनयुक्त सिलिण्डर में एक गैस के मोल मौजूद पिस्टन एवं सिलेण्डर दोनों ऊष्मा के कुचालक हैं। माना गैस का दाब P में पिस्टन का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A है। यदि पिस्टन ऊपर की ओर $d x$ दूरी पर विस्थापित होता है तो गैस द्वारा कृत कार्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37083" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -12" width="247" height="175" /><br />
dW = F.dx = (P.A).dx<br />
या dW = P.Adx = P.dV<br />
जहाँ dV = A.dx = आयतन में परिवर्तन<br />
अब माना गैस का रुद्धोष्म प्रसार प्रारम्भिक अवस्था (P<sub>1</sub>, V<sub>1</sub>, T<sub>1</sub>)$ से कम अवस्था (P<sub>2</sub>, V<sub>2</sub>, T<sub>2</sub>) तक होता है तो गैस द्वारा किया गया कुल<br />
\(\mathrm{W}_{\text {रुद्धोष्म }}=\int d \mathrm{~W}=\int_{\mathrm{V}_1}^{\mathrm{V}_2} \mathrm{P} d \mathrm{~V}\)<br />
रुद्धोष्म प्रक्रम में गैसीय निकाय &#8220;पायसन के नियम&#8221; (Poisson&#8217;s Law) का पालन करता है। जिसके अनुसार<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37084" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -13" width="390" height="751" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-13.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-13-156x300.png 156w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /><br />
यह समी. (4) n मोल आदर्श गैस द्वारा रुद्धोष्म प्रक्रम में किये गये कार्य को निरूपित करता है। स्पष्ट है कि जब T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub> तभी W का मान धनात्मक होगा और यदि T<sub>1</sub> &lt; T<sub>2</sub> तो Wरुद्धोष्म का मान ऋणात्मक होता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
समआयतनीय एवं समदाबीय प्रक्रम की व्याख्या करते हुए इन प्रक्रमों में कृत कार्य की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
समआयतनीय प्रक्रम (Isochoric Process):<br />
ऐसा प्रक्रम जिसमें परिवर्तन के दौरान दाब (P) व ताप (T) में तो परिवर्तन होता है परन्तु आयतन नियत रहता है, सम आयतनीय प्रक्रम कहलाता है। अतः इस प्रक्रम में न तो गैस द्वारा कोई कार्य किया जाता है और न ही परिवेश द्वारा गैसीय निकाय पर कोई कार्य किया जाता है क्योंकि आयतन नियत होने से इस प्रक्रम में aV 0 होता है।</p>
<p>समआयतनीय प्रक्रम में ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics Applied to Isochoric Process):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम-<br />
dQ = dU + dW<br />
या dQ = dU + P.dV<br />
∵ समआयतनीय प्रक्रम में आयतन नियत रहता है अतः $d V=0$<br />
∴ P. dV = 0<br />
अतः dQ = dU &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;(1)<br />
अर्थात् गैस द्वारा अवशोषित सम्पूर्ण ऊष्मा निकाय की आंतरिक ऊर्जा व उसके ताप को परिवर्तित करने में व्यय होती है।<br />
∵ स्थिर आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा-<br />
\(\mathrm{C}_{\mathrm{V}}=\left(\frac{d \mathrm{Q}}{d \mathrm{~T}}\right)_{\mathrm{V}}\)<br />
∴ dQ = C<sub>V</sub>.dT<br />
अतः dQ = C<sub>V</sub>.dT &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.(2)</p>
<p>समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process):<br />
ऐसा प्रक्रम जिसमें परिवर्तन के दौरान ताप (T) व आयतन (V) तो परिवर्तित होते हैं लेकिन दाब (P) नियत रहता है समदावीय प्रक्रम कहलाता है। अर्थात् जब पदार्थ की अवस्था परिवर्तित होती है तो दाब (P) नियत रहता है। उदाहरणार्थ- पानी का जमना (freezing of water); पानी का वाष्प बनना (formation of steam) इत्यादि ।</p>
<p>समदाबी प्रक्रम में किया गया कार्य (Work Done in an Isobaric Process):<br />
माना नियत दाब (P) पर ऊष्मागतिकीय निकाय में मौजूद गैस का आयतन VI से V2 तक परिवर्तित होता है तो गैस द्वारा किया गया कार्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37085" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -14" width="419" height="339" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-14.png 419w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-14-300x243.png 300w" sizes="auto, (max-width: 419px) 100vw, 419px" /><br />
चूँकि ताप परिवर्तन से आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन होता है। अतः समदाबीय प्रक्रम में अवशोषित ऊष्मा आंशिक रूप से आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि करने तथा शेष ऊष्मा कार्य करने में व्यय होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
ऊष्मागतिकी के अध्ययन के आवश्यक महत्वपूर्ण पदों को परिभाषित कीजिए तथा ऊष्मीय साम्य की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी निकाय (Thermodynamic System):<br />
ब्रह्माण्ड का वह भाग जिसमें विशाल संख्या में अणु, परमाणु, आयन, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, फोटॉन आदि मौजूद हों तथा जिसका चयन ऊष्मागतिकी अध्ययन के लिए किया गया हो, ऊष्मागतिकी निकाय कहलाता है।<br />
ऊष्मागतिकी निकाय निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-<br />
(i) सूक्ष्म निकाय (Microscopic System) &#8211; सूक्ष्म निकाय में कणों की संख्या बहुत कम होती है, जिससे प्रत्येक कण का स्वतन्त्र रूप से अध्ययन किया जा सके। जैसे-एक परमाणु।<br />
(ii) स्थूल निकाय (Macroscopic System) &#8211; स्थूल निकाय में कणों की संख्या अत्यधिक होती है। किसी पात्र में बन्द गैस स्थूल निकाय के रूप में होती है क्योंकि इसमें अणुओं की संख्या अवागाद्रो संख्या की कोटि की होती है।<br />
(iii) खुला निकाय (Open System)-यदि निकाय एवं वातावरण (परिवेश) के मध्य ऊष्मा तथा पदार्थ दोनों का आदान-प्रदान होता है तो उसे खुला निकाय कहते हैं।<br />
(iv) बन्द निकाय (Closed System) &#8211; यदि निकाय एवं परिवेश के मध्ग केवल ऊष्मा का आदान-प्रदान होता है (पदार्थ का नहीं) तो उस निकाय को बन्द निकाय कहते हैं।<br />
(v) विलगित निकाय (Isolated System) &#8211; यदि निकाय एवं परिवेश के मध्य ऊष्मा एवं पदार्थ का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है तो उसे विलगित निकाय कहते हैं।<br />
(vi) समांगी निकाय (Homogeneous System) &#8211; यदि किसी ऊष्मागतिक निकाय में उपस्थित सभी भाग समान प्रावस्था में हो तो वह समांगी निकाय कहलाता है। उदाहरणार्थ-शुद्ध ठोस, शुद्ध द्रव, शुद्ध गैस इत्यादि।<br />
(vii) विषमांगी निकाय (Heterogeneous System)-यदि किसी ऊष्मागतिक निकाय में दो या दो से अधिक प्रावस्थाएँ हो तो वह विषमांगी निकाय कहलाता है। उदाहरणार्थ-अघुलनशील द्रवों का मिश्रण इत्यादि।</p>
<p>तापीय साम्य (Thermal Equilibrium):<br />
यदि दो ऊष्मागतिक निकायों के ताप समान हो, तो वे दोनों ऊष्मीय साम्यावस्था में कहे जाते हैं।<br />
माना दो भिन्न पात्रों A व B में दो गैसें भरी हैं और उन गैसों का दाब व आयतन (P<sub>A</sub>, V<sub>A</sub>) व (P<sub>B</sub>, V<sub>B</sub>) हैं। चित्र के अनुसार दोनों पात्र रुद्धोष्म दीवार (ऊष्मारोधी) द्वारा पृथक किये गये हैं जिससे A व B के मध्य ऊष्मा का विनिमय नहीं हो पाता है। यहाँ पर (P<sub>A</sub>, V<sub>A</sub>) के किसी भी सम्भावित युग्म का मान (P<sub>B</sub>, V<sub>B</sub>) के किसी भी सम्भव युग्म के मान के साथ साम्यावस्था में होगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37086" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-15.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -15" width="263" height="141" /><br />
अब हम रुद्धोष्म दीवार के स्थान पर एक ऊष्मा पार्थ दीवार लेते हैं। उक्त दीवार ऊष्मा को एक निकाय से दूसरे निकाय में जाने देती है। इस समय हम पाते हैं कि निकाय A व B के स्थूल चर उस समय तक परिवर्तित होते हैं, जब तक दोनों निकाय साम्यावस्था की स्थिति प्राप्त नहीं कर लेते हैं। यह व्यवस्था चित्र में प्रदर्शित की गई है। माना कि A व B निकाय के चर परिवर्तित होकर (P<sub>A</sub>&#8216;, V<sub>A</sub>&#8216;) तथा (P<sub>B</sub>&#8216;, V<sub>B</sub>&#8216;) हो जाते हैं, ताकि नई अवस्था पुनः एक-दूसरे की साम्यावस्था में हो जाती हैं। यहाँ यह आवश्यक नहीं कि दोनों चर बदलें। इस समय निकाय A व B में ऊर्जा का प्रवाह नहीं होता है। ऐसी स्थिति में निकाय A व B ऊष्मीय साम्य में है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37087" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -16" width="262" height="146" /><br />
यहाँ यह उल्लेखनीय है कि ऊष्मागतिकी साम्य वह अवस्था है जब ऊष्मागतिकीय स्थूल निकाय के घर जैसे-दाब, ताप इत्यादि में समय के साथ परिवर्तन न हो। ये सामान्यतः तीन प्रकार के होते हैं-<br />
(i) ऊष्मीय साम्य (Thermal Equilibrium) : ऊष्मीय साम्य वह अवस्था है, जब ऊष्मागतिकीय स्थूल निकाय के चर जैसे-दाब, ताप इत्यादि में समय के साथ परिवर्तन न हो।<br />
(ii) रासायनिक साम्य (Chemical Equilibrium) : यदि किसी निकाय की रासायनिक संरचना समय के साथ नहीं बदलती है तो निकाय रासायनिक साम्य में होता है।<br />
(iii) यांत्रिक साम्य (Mechanical Equilibrium) : यदि निकाय के विभिन्न हिस्सों तथा निकाय के परिवेश के मध्य किसी प्रकार के असन्तुलित बल कार्य नहीं करें तो निकाय परिवेश के साथ यांत्रिक साम्य में होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
कार्नो के उत्क्रमणीय इंजन की कार्यविधि लिखते हुए प्रत्येक प्रक्रम में किये गये कार्य को P-V वक्र द्वारा ज्ञात कीजिए तथा दक्षता का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कार्नो चक्र (Cornat&#8217;s Cycle)<br />
कार्नो इंजन की कार्य प्रणाली को संलग्न चित्र 12.21 की सहायता से समझा जा सकता है। इस चित्र में चार प्रक्रम प्रदर्शित हैं, जिनमें दो प्रक्रम समतापी एवं दो रुद्धोष्म हैं। इस चक्र को कार्नों चक्र कहते हैं।<br />
अब हमें विस्तार से चारों चक्रों पर विचार करते हैं। माना सिलेण्डर में कार्यकारी पदार्थ का एक मोल है और प्रारम्भिक अवस्था $\mathrm{A}$ से प्रदर्शित है जहाँ दाब, आयतन एवं ताप क्रमशः P<sub>1</sub>, V<sub>1</sub> व T<sub>1</sub> हैं।<br />
प्रक्रम 1 : समतापीय प्रसार (Isothermal Expansion): गैस सिलेण्डर को स्रोत पर रखकर पिस्टन के दाब को धीरे-धीरे कम करते हैं और गैस को प्रसारित होने दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान स्रोत नियत ताप T<sub>1</sub> पर होता है। गैस के प्रसार के कारण गैस को बाह्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37088" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-19.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -19" width="325" height="285" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-19.png 325w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-19-300x263.png 300w" sizes="auto, (max-width: 325px) 100vw, 325px" /><br />
कार्य करना पड़ता है अतः उसका ताप कम होता है परन्तु सिलेण्डर का आधार ऊष्मा का सुचालक होता है। इसलिए आवश्यक ऊष्मा गैसीय निकाय स्रोत से ले लेता है और फलस्वरूप उसका ताप T<sub>1</sub> पर नियत रहता है। अतः यह समतापीय प्रसार चक्र के AB भाग द्वारा प्रदर्शित है। माना निकाय द्वारा स्रोत से अवशोषित ऊष्मा Q<sub>1</sub> है तथा ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से समतापीय प्रसार के लिए यह ऊष्मा बाह्य कार्य के बराबर होनी चाहिए क्योंकि समतापीय प्रक्रम में dU = 0 होता है। यहाँ पर B बिन्दु पर दाब, आयतन व ताप क्रमश: P<sub>2</sub>, V<sub>2</sub> व T<sub>1</sub> हैं। यदि किया गया कार्य W<sub>1</sub> है अत:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37089" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-20.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -20" width="390" height="405" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-20.png 390w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-20-289x300.png 289w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के केल्विन प्लांक व क्लासियस के कथनों को लिखिए तथा स्पष्ट कीजिए कि उक्त कथन एक-दूसरे के तुल्य है।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law Of Thermodynamics):<br />
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। यह ऊष्मा तथा कार्य की तुल्यता का नियम है अर्थात् कार्य का ऊष्मा में अथवा ऊष्मा का कार्य में रूपान्तरण होने पर कार्य की निश्चित मात्रा से निश्चित ऊष्मा उत्पन्न होती है या निश्चित ऊष्मा से कार्य की निश्चित मात्रा उत्पन्न होती है, परन्तु उपलब्ध ऊष्मा का कितना भाग यांत्रिक कार्य में परिवर्तित होता है एवं इसकी शर्तें व सीमाएँ क्या है ? इसकी जानकारी ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम नहीं देता है।</p>
<p>उदाहरणार्थ &#8211; फर्श पर लुढ़कती हुई गेंद ऊष्मागतिकी के नियमानुसार उस समय रुक जायेगी जब उसकी सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा ) ऊष्मा में बदल जायेगी। परन्तु क्या इस प्रक्रिया का व्युत्क्रम अर्थात् फर्श पर रुकी हुई गेंद ऊष्मा अवशोषित करके गतिशील हो जायेगी ? इस प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से प्रथम नियम नहीं देता है। इस प्रकार किसी क्रिया के होने व न होने की जानकारी को प्राप्त करने के लिए अन्य नियम की आवश्यकता है जिसे ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम कहते हैं। यह नियम प्रथम नियम का पूरक है। ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम को विभिन्न वैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न कथनों के रूप में प्रस्तुत किया है परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से सभी कथन सत्य हैं। यहाँ हम दो कथनों पर विचार करेंगे जिनमें एक आन्तरिक ऊर्जा को कार्य में बदलने की सीमा के बारे में है और दूसरा ऊष्मा प्रवाह की दिशा के बारे में है।</p>
<p>1. केल्विन प्लांक का कथन (Statement of Kelvin Planck) : इस कथन के अनुसार, &#8220;इस प्रकार के इंजन का निर्माण सम्भव नहीं है, जो सम्पूर्ण चक्र में किसी वस्तु से ऊष्मा लेकर कार्यकारी निकाय में कोई परिवर्तन किये बिना उसे पूर्णतः कार्य में परिवर्तित कर दे।&#8221; अर्थात् कोई ऐसा ऊष्मा इंजन नहीं बन सका है, जो लोत से ली गई सम्पूर्ण ऊष्मा को कार्य में बदल सके और सिंक को कुछ भी न दे। दूसरे शब्दों में ऊष्मा के अविरल रूप से कार्य में बदलने के लिए ठण्डी वस्तु अर्थात् सिंक का होना आवश्यक है।</p>
<p>2. क्लासियस का कथन (Claussius&#8217;s Statement) : इस कथन के अनुसार, &#8220;किसी भी चक्रीय प्रक्रम में कार्यकारी पदार्थ द्वारा निम्न ताप वाली वस्तु से उच्च ताप वाली वस्तु की ओर ऊष्मा का प्रवाह नहीं हो सकता जब तक कि कार्यकारी पदार्थ पर बाह्य कार्य नहीं किया जाता है।&#8221; यह कथन प्रशीतक (refrigerator) के सिद्धान्त पर आधारित है जो ठण्डी वस्तु में से ऊष्मा अवशोषित कर गर्म वस्तु (कमरे की वायु) को प्रदान करता है, लेकिन इस कार्य को करने के लिए प्रशीतक में संपीडक (compressor) की आवश्यकता होती है अर्थात् बिना सम्पीडक की बाह्य सहायता के प्रशीतक वस्तुओं को ठण्डा नहीं कर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
कान प्रमेय का कथन लिखते हुए व्युत्पन्न कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कार्नो प्रमेय (Carnot&#8217;s Theorem)<br />
इस प्रमेय के अनुसार,<br />
(अ) किन्हीं तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> (T<sub>1</sub> &gt; T<sub>2</sub>) के मध्य कार्य करने वाले इंजन की दक्षता उन तापों के मध्य कार्य करने वाले कार्नो इंजन की दक्षता से अधिक नहीं हो सकती है अर्थात् कार्नो (उत्क्रमणीय) इंजन की दक्षता अधिकतम होती है।<br />
(ब) किन्हीं दो तापों T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> के मध्य कार्य करने वाले सभी कार्नो उत्क्रमणीय इंजनों की दक्षता समान होती है चाहे कोई भी कार्यकारी पदार्थ लिया जाये।<br />
व्युत्पत्ति (Proof) : कार्नो प्रमेय के प्रथम कथन (अ) की उपपत्ति के लिए समान स्रोत (T<sub>1</sub> K) व समान सिंक (T<sub>2</sub>K) के मध्य कार्य करने वाले दो इंजन लेते हैं जिनमें एक अनुत्क्रमणीय (irreversible) एवं दूसरा उत्क्रमणीय (reversible) है। दोनों इंजनों में कार्यकारी पदार्थ का चयन इस प्रकार किया जाता है कि दोनों इंजनों का प्रत्येक चक्र में किया गया कार्य (W) समान हो । अब यदि अनुत्क्रमणीय इंजन स्रोत (ताप T<sub>1</sub>) से Q<sub>1</sub> ऊष्मा लेकर उसके एक भाग को कार्य (W) में बदलकर अर्थात् W कार्य करके शेष ऊष्मा (Q<sub>1</sub> &#8211; W) सिंक (ताप T<sub>2</sub>) को दे देता है तो इस अनुत्क्रमणीय इंजन की दक्षता,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37090" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-21.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -21" width="359" height="122" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-21.png 359w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-21-300x102.png 300w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" /><br />
\(\eta_I=\frac{W}{Q_1}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(1)<br />
इसी प्रकार यदि उत्क्रमणीय इंजन समान ताप T<sub>1</sub> पर स्रोत से I ऊष्मा लेकर W कार्य करके सिंक को (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; W) ऊष्मा देता है, तो किये गये उत्क्रमणीय इंजन की दक्षता<br />
\(\eta_R=\frac{W}{Q_1&#8242;}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(2)<br />
यहाँ पर माना कि η<sub>I</sub> &gt; η<sub>R</sub><br />
अतः \(\frac{\mathrm{W}}{\mathrm{Q}}&gt;\frac{\mathrm{W}}{\mathrm{Q}_1^{\prime}} \Rightarrow \frac{1}{\mathrm{Q}_1}&gt;\frac{1}{\mathrm{Q}_1^{\prime}}\)<br />
या Q<sub>1</sub>&#8216; &gt; Q<sub>1</sub><br />
अर्थात् (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>) = एक धनात्मक संख्या</p>
<p>अब यदि चित्र के अनुसार दोनों इंजनों को इस प्रकार जोड़ते हैं कि अनुत्क्रमणीय इंजन (i) सीधी दिशा में और उत्क्रमणीय इंजन (R) विपरीत दिशा में कार्य करें तो उत्क्रमणीय इंजन अनुत्क्रमणीय इंजन द्वारा चलित एक प्रशीतक (Refrigerator) की भाँति कार्य करता है तथा यह T<sub>2</sub> ताप पर सिंक से (Q<sub>1</sub> &#8211; W) ऊष्मा लेकर और इस पर W कार्य किया जाता है। यहाँ T<sub>1</sub> ताप पर यह स्रोत को Q<sub>1</sub>&#8216; ऊष्मा देता है। उत्क्रमणीय इंजन पर किये गये कार्य W की सीधे अनुत्क्रमणीय इंजन द्वारा पूर्ति होती है तथा अनुत्क्रमणीय इंजन तथा प्रशीतक (उत्क्रमणीय) एक स्वचालित युक्ति की भाँति कार्य करते हैं।<br />
यहाँ पर स्रोत अनुत्क्रमणीय इंजन को Q<sub>1</sub> ऊष्मा देता है तथा उत्क्रमणीय इंजन से Q<sub>1</sub>&#8216; ऊष्मा लेता है<br />
स्रोत द्वारा ली गई ऊष्मा (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>)<br />
इसी प्रकार अनुत्क्रमणीय इंजन सिंक को (Q<sub>1</sub> &#8211; W) ऊष्मा देता है और उत्क्रमणीय इंजन सिंक से (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; W) ऊष्मा लेता है। अतः<br />
सिंक द्वारा ऊष्मा क्षय = (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; W) &#8211; (Q<sub>1</sub> &#8211; W)<br />
= (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>)<br />
Q<sub>1</sub>&#8216; &gt; Q<sub>1</sub> अत: (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>) धनात्मक राशि है।<br />
इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक चक्र में T<sub>2</sub> (निम्न ताप) पर सिंक से (Q<sub>1</sub>&#8216; &#8211; Q<sub>1</sub>) ऊष्मा की मात्रा बिना किसी बाह्य ऊर्जा स्रोत की सहायता से उच्च ताप T<sub>1</sub> पर स्रोत को स्थानान्तरित कर रही है जो कि ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार सम्भव नहीं है अर्थात् हमारी परिकल्पना η<sub>I</sub> &gt; η<sub>R</sub> सम्भव नहीं है अतः हम कह सकते हैं कि समान तापों के मध्य कार्य कर रहे इंजनों में उत्क्रमणीय (कार्नो) इंजन की दक्षता अधिकतम होती है।<br />
कान प्रमेय के द्वितीय कथन हेतु हम अनुत्क्रमणीय इंजन के स्थान पर एक अन्य उत्क्रमणीय इंजन (R&#8217;) लेते हैं अर्थात् दो समान तापों T<sub>1</sub> (उच्च) व T<sub>2</sub> (निम्न) के मध्य दो उत्क्रमणीय इंजन कार्य कर रहे हैं। अब यदि R इंजन की दक्षता (η<sub>R</sub>) को इंजन (R&#8217;) की दक्षता (η&#8217;<sub>R</sub>) से अधिक मानें तो प्राप्त होने वाला परिणाम पुनः ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम का उल्लंघन होगा अर्थात् ऊष्मा का स्थानान्तरण बिना किसी बाह्य ऊर्जा स्रोत की सहायता के निम्न ताप से उच्च ताप की ओर होना सम्भव नहीं है। अत: η<sub>R</sub> &gt; η&#8217;<sub>R</sub> ठीक नहीं होगा। इसी प्रकार η&#8217;<sub>R</sub> &gt; η<sub>R</sub> माने तो समान परिणाम व उल्लंघन प्राप्त होता है कि η<sub>R</sub> = η&#8217;<sub>R</sub> माने तो होना चाहिए।<br />
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि समान तापों के मध्य कार्य रहे सभी उत्क्रमणीय इंजनों की दक्षता समान होती है, चाहे कार्यकारी पदार्थ कुछ भी लिया गया हो।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का उल्लेख करते हुए गैसों की विशिष्ट ऊष्माओं का मेयर सम्बन्ध Cp &#8211; Cy = R प्राप्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
C<sub>P</sub> व C<sub>V</sub> में मेयर सम्बन्ध (Mayer&#8217;s Relation Between C<sub>P</sub> And C<sub>V</sub>):<br />
मोलर विशिष्ट ऊष्मा की परिभाषा से, नियत आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37091" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -22" width="400" height="1123" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22.png 400w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22-107x300.png 107w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-22-365x1024.png 365w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Questions)</span></p>
<p><strong>ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
संलग्न चित्र में किसी आदर्श गैस के ऊष्मागतिकीय प्रक्रियाओं का दाब आयतन आरेख दर्शाया गया है। इससे A → B, B → C तथा C → A प्रक्रमों में अलग-अलग कृत कार्य तथा सम्पूर्ण चक्र ABCA में कृत कार्य ज्ञात कीजिए ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37092" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-23.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -23" width="249" height="243" /><br />
उत्तर:<br />
शून्य, 150 जूल गैस द्वारा, 375 जूल गैस पर, 225 जूल गैस पर</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
एक ऊष्मागतिक प्रक्रिया में किसी गैस को 300 जूल ऊष्मा दी जाती है तथा गैस पर 200 जूल कार्य भी किया जाता है। गैस की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
500 जूल वृद्धि</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
चित्र में किसी आदर्श गैस के एक चक्रीय प्रक्रम का दाब &#8211; आयतन आरेख दर्शाया गया है। गैस की आन्तरिक ऊर्जा का मान अवस्था A में 150 जूल, अवस्था B में 100 जूल तथा अवस्था C में 2500 जूल है, तो ज्ञात कीजिए-<br />
(i) प्रक्रम A → B में गैस द्वारा दी गई ऊष्मा,<br />
(ii) प्रक्रम B → C में गैस द्वारा कृत कार्य,<br />
(iii) प्रक्रम B → C में गैस द्वारा ली गई ऊष्मा ।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37093" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-24.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी -24" width="237" height="234" /><br />
उत्तर:<br />
(i) 50 जूल,<br />
(ii) 20 जूल,<br />
(iii) 170 जूल</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
1 cm³ जल उसके क्वथनांक पर 1671 cm³ आयतन भाप बनाने के लिए 540 कैलोरी ऊष्मा अवशोषित करता है। यदि वायुमण्डलीय दाब 1.013 × 10<sup>5</sup> N/m² है और ऊष्मा का यान्त्रिक तुल्यांक = 4.19 जूल / कैलोरी है, अन्तराण्विक बलों के विरुद्ध इस प्रक्रम में खर्च ऊर्जा ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
500 कैलोरी</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
एक मनुष्य का द्रव्यमान 60 kg है। यदि उसे भोजन से 10<sup>5</sup> cal ऊष्मा मिलती हो एवं उसके शरीर की दक्षता 28% हो तो वह मनुष्य कितनी ऊँचाई तक चढ़ सकता है ? [g = 9.8ms<sup>-2</sup>; J = 4.2 J.cal<sup>-1</sup>]<br />
उत्तर:<br />
200m</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
शीशे की एक गोली 150 ms<sup>-1</sup> की चाल से एक लक्ष्य से टकराकर रुक जाती है यदि 80% गतिज ऊर्जा गोली में रह जाती है तो गोली के ताप में वृद्धि ज्ञात कीजिए। शीशे की विशिष्ट ऊष्मा 30 cal. kg<sup>-1</sup>C<sup>-1</sup> है। (J = 4.2J cal<sup>-1</sup>)<br />
उत्तर:<br />
71.43°C</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
संलग्न चित्र में एक आदर्श गैस की ऊष्मागतिकी प्रक्रियाओं का P &#8211; V ग्राफ दिखाया गया है। इस ग्राफ से ज्ञात कीजिए-<br />
(i) A → B<br />
(ii) B → C<br />
(iii) C → D<br />
(iv) D → A प्रक्रमों में किया गया कार्य।<br />
उत्तर:<br />
(i) 6000; J<br />
(ii) शून्य,<br />
(iii) 1000J;<br />
(iv) शून्य<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37071" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-25.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी - 25" width="330" height="202" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-25.png 330w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-12-ऊष्मागतिकी-25-300x184.png 300w" sizes="auto, (max-width: 330px) 100vw, 330px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 12 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
ऊष्मागतिक प्रक्रम में किसी गैस के दाब में इस प्रकार परिवर्तन किया जाता है कि गैस के अणुओं के द्वारा 30J ऊष्मा निष्कासित होती है तथा गैस पर 10J का कार्य किया जाता है। यदि गैस की प्रारम्भिक ऊर्जा 40J हो तो अन्तिम आन्तरिक ऊर्जा का मान ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
20 जूल</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
नियत वायुमण्डलीय दाब एवं 20°C प्रारम्भिक ताप वाले 1 kg द्रव्यमान के धातु के टुकड़े को 20000 J ऊष्मा दी जाती है। निम्न मानज्ञात कीजिए-<br />
(a) ताप में परिवर्तन (b) कृत कार्य, (c) आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन ।<br />
[दिया है- विशिष्ट ऊष्मा = 400 J kg<sup>-1</sup> °C<sup>-1</sup>, आयतन प्रसार गुणांक (y) = 9 × 10<sup>-5</sup>/°C<br />
घनत्व = 9000 kg/m³, वायुमण्डल दाब = 10<sup>5</sup> N/m²]<br />
उत्तर:<br />
(a) 50°C,<br />
(b) 0.05 J,<br />
(c) 19999.95 J</p>
<p><strong>समतापी प्रक्रम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
O<sub>2</sub> गैस के एक मोल का आयतन 0°C पर एवं वायुमण्डलीय दाब पर 22.4 लीटर है। उसको समतापीय रूप से संपीडित करते हैं जिससे आयतन 11.2 लीटर तक घट जाता है। उस प्रक्रम में किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
1572.6 J</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
2 मोल आदर्श गैस का 27°C पर समतापी प्रसार किया जाता है जिससे उसका आयतन बढ़कर प्रारम्भिक आयतन का तीन गुना हो जाता है। गैस द्वारा कृत कार्य तथा अवशोषित ऊष्मा की मात्रा का परिकलन कीजिए। (R=8.31Jmol! K-1)<br />
उत्तर:<br />
5.48 × 103 J; 1.31 × 10° cal</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी आदर्श गैस के 10 किलोग्राम अणुओं द्वारा कितनी ऊर्जा अवशोषित होगी यदि इसे 8 वायुमण्डलीय प्रारम्भिक दाब से 4 वायुमण्डलीय दाब तक स्थिर ताप 27°C पर प्रसारित किया जाए ?<br />
उत्तर:<br />
1.728107 J</p>
<p><strong>रुद्धोष्म प्रक्रम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
27°C पर एक आदर्श एवं एक परमाणु गैस के 2 मोल V आवतन घेरते हैं। गैस रुद्धोष्म प्रक्रम द्वारा 2V आयतन तक प्रसारित होती है। गणना कीजिए-<br />
(i) गैस का अन्तिम ताप<br />
(ii) गैस की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन<br />
(ii) इस प्रक्रम में गैस द्वारा कृत कार्य ।<br />
(R = 8.31 J. mole<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup>)<br />
उत्तर:<br />
(i) 189 K;<br />
(ii) -2767.2 J;<br />
(iii) 2767.23</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
एक पिस्टन किसी गैस सिलिण्डर को दो भागों में विभाजित करता है प्रारम्भ में पिस्टन को ऐसे दबाते हैं जिससे एक भाग में दाब P तथा आयतन 5V है तथा दूसरे भाग में दाब 8P तथा आयतन V है। अब पिस्टन को स्वतन्त्र छोड़ दिया जाता है। रुद्धोष्म तथा समतापी प्रक्रियाओं के लिए नये दाब तथा आयतन ज्ञात कीजिए। (γ = 1.5)<br />
उत्तर:<br />
(i) समतापी – \(\frac{13P}{6}\), \(\frac{48}{13}\) V एवं \(\frac{30}{13}\)<br />
(ii) रुद्धोष्म प्रक्रम &#8211; 1.84P, \(\frac{8V}{3}\) एवं \(\frac{10V}{3}\)</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
एक आदर्श गैस जिसका प्रारम्भिक दाब P आयतन V तथा ताप T है, रुद्धोष्म प्रक्रिया द्वारा तब तक फैलती है जब तक कि आयतन बढ़कर 5.66 V तथा ताप गिरकर T/2 हो जाता है। (i) गैस की परमाणुकता क्या है ? (ii) प्रसार के दौरान गैस द्वारा किया गया कार्य प्रारम्भिक दाब P व आयतन V के फलन के रूप में ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(i) y = 1.4.<br />
(ii) = PV</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
27°C पर एक आदर्श एवं एकपरमाणुक गैस के 3 मोल V आयतन घेरते हैं। गैस रुद्धोष्म प्रक्रम द्वारा 8 V आयतन तक प्रसारित होती है। गणना कीजिए-<br />
(i) गैस का अन्तिम ताप,<br />
(ii) गैस की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन तथा<br />
(iii) इस प्रक्रिया में गैस द्वारा किया गया कार्य दिया है- सार्वत्रिक गैस नियतांक R = 8.31 जूल / मोल K<br />
उत्तर:<br />
(i) 75 K,<br />
(ii) 5609.251,<br />
(iii) 5609.25 J</p>
<p>मेयर सूत्र पर आधारित</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
सामान्य ताप व दाब पर मोल ऑक्सीजन गैस का आयतन 22.4 लीटर है। ऑक्सीजन की दोनों मोलर ऊष्मा धारिताओं की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
C<sub>V</sub> = 20.755 J. mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup>; C<sub>P</sub> = 29.085 J. mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
एक कान इंजन की दक्षता 50% तथा इसके सिंक का ताप 27°C है। यदि इसकी दक्षता 10% बढ़ा दी जाये तब इसके स्रोत के ताप में कितनी वृद्धि हो जायेगी।<br />
उत्तर:<br />
140K</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
500K तथा 400K तापों के मध्य कार्य करने वाला कार्नो इंजन यदि प्रत्येक चक्र में स्रोत से 2000 cal ऊष्मा ग्रहण करता है तो गणना कीजिए-<br />
(i) प्रत्येक चक्र में सिंक में विसर्जित ऊष्मा की मात्रा<br />
(ii) प्रत्येक चक्र में इंजन द्वारा किया गया बाह्य कार्य<br />
(iii) इंजन की दक्षता<br />
उत्तर:<br />
(i) 1600 cal;<br />
(ii) 1680 J;<br />
(iii) 20%</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी कार्नो इंजन की दक्षता 100K व TK तथा 180K व 900K के लिए समान है तब T की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
500K</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
हिमांक व वाष्पन के मध्य कार्य कर रहे कार्नो इंजन की दक्षता की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
27%</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:38:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम बहुविकल्पीय प्रश्न: प्रश्न 1. न्यूटन के गति के नियम लागू होते हैं: (a) घूर्णी तन्त्र में (b) त्वरित तन्त्र में (c) अजड़त्वीय निर्देश तन्त्रों में (d) [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 5 गति के नियम Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न:</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
न्यूटन के गति के नियम लागू होते हैं:<br />
(a) घूर्णी तन्त्र में<br />
(b) त्वरित तन्त्र में<br />
(c) अजड़त्वीय निर्देश तन्त्रों में<br />
(d) त्वरण रहित तन्त्र में<br />
उत्तर:<br />
(d) त्वरण रहित तन्त्र में</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
एक कार घर्षण युक्त सड़क पर नियत वेग से गतिशील है, तो:<br />
(a) कार के इंजन के द्वारा बल लगाया जा रहा है<br />
(b) कार के इंजन के द्वारा बल नही लगाया जा रहा है।<br />
(c) कार का संवेग बढ़ रहा है<br />
(d) यह सम्भव नहीं<br />
उत्तर:<br />
(a) कार के इंजन के द्वारा बल लगाया जा रहा है</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
एक किग्रा भार बराबर होता है:<br />
(a) 1 न्यूटन<br />
(b) 9.8 न्यूटन<br />
(c) 980 न्यूटन<br />
(d) 98 न्यूटन<br />
उत्तर:<br />
(b) 9.8 न्यूटन</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
न्यूटन का तृतीय तुल्य है:<br />
(a) रेखीय संवेग संरक्षण के नियम के<br />
(b) ऊर्जा संरक्षण के नियम के<br />
(c) कोणीय संवेग संरक्षण के नियम के<br />
(d) ऊर्जा व द्रव्यमान तुल्यता के नियम के<br />
उत्तर:<br />
(a) रेखीय संवेग संरक्षण के नियम के</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
न्यूटन का गति का तृतीय नियम देता है:<br />
(a) बल की माप<br />
(b) बल की परिभाषा<br />
(c) जड़त्व की परिभाषा<br />
(d) बल का गुण<br />
उत्तर:<br />
(d) बल का गुण</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
यदि किसी कण द्वारा तय की गई दूरी (x) एवं समय (t) सम्बन्ध t = ax<sup>2</sup> + bx, यहाँ a एवं b स्थिरांक हैं, तो कण का मन्दन होगा:<br />
(a) 2av<sup>3</sup><br />
(b) 2bv<sup>3</sup><br />
(c) 2av<sup>2</sup><br />
(d) 2bv<sup>2</sup><br />
उत्तर:<br />
(a) 2av<sup>3</sup></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
एक स्प्रिंग तुला के पलड़े पर एक बीकर में थोड़ा पानी रखा हुआ है। यदि हम बीकर की तली को बिना छुए जल में अपनी अँगुली डुबाएँ तो तुला का:<br />
(a) पाठ्यांक पहले की अपेक्षा बढ़ जायेगा<br />
(b) पाठ्यांक पहले की अपेक्षा घट जायेगा<br />
(c) पाठ्यांक अपरिवर्तित रहेगा<br />
(d) पाठ्यांक परिवर्तन बीकर में भरे पदार्थ पर निर्भर करेगा।<br />
उत्तर:<br />
(a) पाठ्यांक पहले की अपेक्षा बढ़ जायेगा</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
एक स्वचालित मशीन गन से एक ही दिशा में गोलियाँ दागी जती हैं। प्रत्येक गोली का द्रव्यमान 50 ग्राम एवं वेग 1000 मी/से है। यदि गोली चलाने वाले व्यक्ति पर लगने वाला औसत बल 200 न्यूटन हो, तो प्रति मिनट दागी गयी गोलियों की संख्या होगी।<br />
(a) 30<br />
(b) 60<br />
(c) 120<br />
(d) 240<br />
उत्तर:<br />
(d) 240</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
तीन घनाकार आकृति के पिण्ड जिनके द्रव्यमान क्रमश: m<sub>1</sub> = 20 किग्रा m<sub>2</sub> = 40 किग्रा एवं m<sub>3</sub> = 60 किग्रा हैं, घर्षण रहित तल पर चित्रानुसार रखे हुए हैं। तीनों पिण्ड एक अविस्तारित डोरी से जुड़े हैं। तनाव T<sub>1</sub> एवं T<sub>2</sub> के मान होंगे:<br />
(a) 20 एंव 10 न्यूटन<br />
(b) 20 एवं 60 न्यूटन<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35634" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-1.png" alt="" width="366" height="86" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-1.png 366w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-1-300x70.png 300w" sizes="auto, (max-width: 366px) 100vw, 366px" /><br />
(c) 40 एवं 20 न्यूटन<br />
(d) 10 एवं 20 नयूटन<br />
उत्तर:<br />
(b) 20 एवं 60 न्यूटन</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
स्थिर <sup>238</sup>U से एक a-कण 10<sup>7</sup> मी/से वेग से विघटित होता है।<br />
शेष नाभिक का विघटित वेग होगा:<br />
(a) 10<sup>7</sup> मी/से<br />
(b) \(\frac{4}{238}\) × 10<sup>7</sup> मी/से<br />
(c) \(\frac{4}{234}\) × 10<sup>7</sup> मी/से<br />
(d) \(\frac{1}{238}\) × 10<sup>7</sup>मी/से<br />
उत्तर:<br />
(c) \(\frac{4}{234}\) × 10<sup>7</sup> मी/से</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
जब एक व्यक्ति खुरदरी सतह पर चलता है, तो सतह द्वारा आरोपित घर्षण बल:<br />
(a) व्यक्ति की गति की दिशा में होता है<br />
(b) व्यक्ति की गति की दिशा से विपरीत होता है<br />
(c) व्यक्ति की गति की दिशा के लम्बवत् होता है।<br />
(d) व्यक्ति की गति की दिशा के लम्बवत् नीचे की ओर होता है।<br />
उत्तर:<br />
(a) व्यक्ति की गति की दिशा में होता है</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
एक पिण्ड पर F = 4t<sup>3</sup> न्यूटन बल, प्रथम दो सेकण्ड तक लगाया जाता है। पिण्ड के रेखीय संवेग में वृद्धि होगी:<br />
(a) 16 न्यूटन सेकण्ड<br />
(b) 8 न्यूटन सेकण्ड<br />
(c) 48 न्यूटन सेकण्ड<br />
(d) 32 न्यूटन सेकण्ड<br />
उत्तर:<br />
(a) 16 न्यूटन सेकण्ड</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
एक बिन्दु पर 10<sup>-10</sup> न्यूटन के दो बल कोण θ पर कार्य कर रहे है। उनका परिणामी बल भी होगा 10 न्यूटन कोण θ का मान हैं।<br />
(a) 0°<br />
(b) 60°<br />
(c) 120°<br />
(d) 180°<br />
उत्तर:<br />
(c) 120°</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
2 किग्रा द्रव्यमान का एक ब्लॉक फर्श पर रखा हुआ है। स्थैतिक घर्षण गुणांक का मान 0.4 है। यदि 2.5 न्यूटन का एक बल चित्रानुसार ब्लॉक पर लगाया जाये तो ब्लॉक व फर्श के मध्य घर्षण बल का मान है<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35636" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-2.png" alt="" width="243" height="78" /><br />
F = 2.5N<br />
(a) 2.5 न्यूटन<br />
(b) 5.0 न्यूटन<br />
(c) 7.5 न्यूटन<br />
(d) 10 न्यूटन<br />
उत्तर:<br />
(a) 2.5 न्यूटन</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
घर्षण रहित फर्श पर किस व्यक्ति को चलने के लिए निम्न नियम की सहायता लेनी होगी:<br />
(a) न्यूटन के प्रथम नियम की<br />
(b) न्यूटन के द्वितीय नियम की<br />
(c) न्यूटन के तृतीय नियम की<br />
(d) उपर्युक्त सभी नियमों की<br />
उत्तर:<br />
(c) न्यूटन के तृतीय नियम की</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
समान वेग से सरल रेखीय पथ पर गतिशील एक ट्रेन में एक बच्चे ने हाइड्रोजन गैस के गुब्बारे से बँधी हुई डोरी को हाथ में पकड़ रखा है। यदि ड्राइवर अचानक ब्रेक लगाता है तो गुब्बारा:<br />
(a) पीछे जायेगा<br />
(b) ऊर्ध्व ऊपर रहगा<br />
(c) आगे जायेगा<br />
(d) ऊर्ध्व नीचे रहेगा<br />
उत्तर:<br />
(a) पीछे जायेगा</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
एक गुटका एक मेज पर रखा हुआ है। प्रतिक्रिया बल होगा:<br />
(a) नीचे की ओर मेज द्वारा<br />
(b) नीचे की ओर गुटके द्वारा<br />
(c) ऊपर की ओर गुटके द्वारा<br />
(d) ऊपर की ओर मेज द्वारा।<br />
उत्तर:<br />
(d) ऊपर की ओर मेज द्वारा।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
सरकस में दौड़ते हुए घोड़े की पीठ पर बैठा घुड़सवार उछलकर पुन: घोड़े पर आ जाता है क्योंकि:<br />
(a) वृत्तीय पथ में गति है<br />
(b) स्थिरता का जड़त्व है<br />
(c) गतिशीलता का जड़त्व है<br />
(d) यह असम्भव है<br />
उत्तर:<br />
(c) गतिशीलता का जड़त्व है</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
निम्न में से किस प्रक्रिया में बल की आवश्यकता नहीं होती है?<br />
(a) समान चाल से वर्तुल गति<br />
(b) समान वेग से रेखीय गति<br />
(c) समान त्वरण से रेखीय गति<br />
(d) सभी में बल की आवश्यकता होती है।<br />
उत्तर:<br />
(a) समान चाल से वर्तुल गति</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
यदि किसी पिण्ड पर कई बल कार्यरत हैं तो उसके साम्यावस्था में होने के लिए आवश्यक शर्त है।<br />
(a) पिण्ड बहुत हल्का होना चाहिए<br />
(b) पिण्ड बहुत भारी होना चाहिए<br />
(c) पिण्ड पर कार्यरत् बल संगामी होने चाहिए<br />
(d) पिण्ड पर कार्यरत् सभी बलों का सदिश योग शून्य होना चाहिए।<br />
उत्तर:<br />
(c) पिण्ड पर कार्यरत् बल संगामी होने चाहिए</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न:</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
एक वृत्ताकार चिकनी चकती पर एक चिकनी गोली रखी है। चकती को घुमाने पर गोली चकती से लुढ़ककर नीचे गिर जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
चकती एवं गोली दोनों चिकनी हैं अतः गोली को चकती के साथ घूमने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल (घर्षण बल के द्वारा) नहीं मिल पाता है; अत; गोली वृत्त की स्पर्श रेखा की दिशा में गति करती हुई नीचे गिर जाती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
कार में बैठा व्यक्ति कार के मुड़ने पर विपरीत दिशा में झुक जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
कार के मुड़ने पर व्यक्ति के ऊपरी भाग को आवश्यक अभिकेन्द्र बल नहीं मिल पाता है अतः वह अपकेन्द्र बल के कारण विपरीत दिशा में झुक जाता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
मोड़ पर सड़क के करवट के क्या लाभ हैं?<br />
उत्तर:<br />
सड़क पर करवट से वाहन के अधिकतम सुरक्षित वेग में वृद्धि होती है जिससे वाहन बिना फिसले मोड़ से सुरक्षित गुजर जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
यदि नियत परिमाण का बल सदैव गतिशील पिण्ड की गति की दिशा के लम्बवत् कार्य करता है, तो कण का पथ कैसा होगा?<br />
उत्तर:<br />
कण का पथ वृत्ताकार होगा क्योंकि लगाया गया बल अभिकेन्द्र बल का कार्य करेगा।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
क्षैतिज वृत्त में घूमने वाले पिण्ड की गतिज ऊर्जा प्रत्येक स्थिति में समान रहती है। क्या ऊर्ध्व वृत्त में भी यह कथन सत्य होगा?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि ऊध्वं वृत्तीय गति में गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा का एक-दूसरे में रूपान्तरण होता रहता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
एक डोरी से भारी पत्थर लटकाया गया है। जैसे ही पत्थर को सरल लोलक की तरह दोलन कराया जाता है, डोरी टूट जाती है। इस घटना का क्या कारण है?<br />
उत्तर:<br />
केवल लटकाये जाने की स्थिति में डोरी में तनाव T = mg होता है, जो डोरी की सहनशीलता के अन्दर होता है और डोरी नहीं टूटती है। दोलन कराने पर निम्नतम बिन्दु तनाव अधिकतम Tmax = (mg + \(\frac{m v^2}{r}\)<br />
हो जाता है, जो डोरी की सहनशीलता से अधिक हो जाता है जिससे डोरी टूट जाती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
अभिकेन्द्रीय बल को यह नाम क्यों दिया गया?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि इसकी दिशा सदैव केन्द्र की ओर होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
पृथ्वी पर अभिकेन्द्रीय बल कहाँ अधिकतम होता है?<br />
उत्तर:<br />
अभिकेन्द्रीय बल F = \(\frac{m v^2}{r}\) ध्रुवों पर r का मान न्यूनतम होता है। अतः यहाँ पर F का मान अधिकतम होता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
एक कार को समतल सड़क पर मुड़ने के लिए अभिकेन्द्रीय बल किसके द्वारा प्रदान किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
सड़क व कार के पहियों के टायरों के मध्य लगने वाला घर्षण बल ही आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
अभिकेन्द्र बल एवं अपकेन्द्र बल में कौन वास्तविक बल एवं कौन छद्म बल है?<br />
उत्तर:<br />
अभिकेन्द्र बल वास्तविक एवं अपकेन्द्र बल छद्म बल है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
ऊर्ध्व वृत्त में गतिमान पिण्ड की उच्चतम बिन्दु पर न्यूनतम चाल को क्या कहते हैं? इसका मान क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
उच्चतम बिन्दु पर न्यूतनतम चाल को क्रान्तिक चाल कहते हैं और इसका मान v = \(\sqrt{r g}\) होता है।</p>
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<p>प्रश्न 12.<br />
ऊर्ध्वाधर वृत्त के निम्नतम बिन्दु पर क्रान्तिक चाल एवं डोरी में इस दशा में तनाव कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
डोरी में तनाव T = 6 mg तथा क्रान्तिक चाल Vc = \(\sqrt{5 r g}\)</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
जेट इंजन किसके संरक्षण पर आधारित है- ऊर्जा के, संवेग के या द्रव्यमान के?<br />
उत्तर:<br />
जेट इंजन संवेग संरक्षण के सिद्धान्त पर आधारित है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
पृथ्वी चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल लगाती है; इसका प्रतिक्रिया बल कहाँ लग रहा होगा?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के केन्द्र पर चन्द्रमा की ओर।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
कुँए से पानी खींचते समय यदि रस्सी टूट जाये तो मनुष्य किस ओर गिरेगा?<br />
उत्तर:<br />
पीछे की ओर।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
एक खिलाड़ी कूदने से पहले कुछ दूरी तक भागता क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
खिलाड़ी गति जड़त्व के लिए कूदने से पहले कुछ दूर दौड़ता है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
यदि किसी पिण्ड पर नेट बल शून्य है, तो पिण्ड क्या विरामावस्था में होगा?<br />
उत्तर:<br />
आवश्यक नहीं है क्योंकि नियत वेग से गतिमान वस्तु पर भी नेट बल शून्य होता है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
जब कोई गेंद ऊपर की ओर फेंकी जाती है तो उसका वेग पहले घटता है फिर बढ़ता है। क्या इस प्रक्रिया में संवेग संरक्षण का उल्लंघन होता है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं, क्योंकि (गेंद + पृथ्वी) का संवेग संरक्षित रहता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
क्या रॉकेट मुक्त आकाश में उड़ सकता है?<br />
उत्तर:<br />
हाँ; रॉकेट मुक्त आकाश में उड़ सकता है।</p>
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<p>प्रश्न 20.<br />
चलती बस के अचानक रुकने पर उसमें बैठा यात्री आगे की ओर गिर जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
गति जड़त्व के कारण यात्री के शरीर का ऊपर वाला भाग गतिशील रहता है जबकि बस की सीट के सम्पर्क वाला भाग बस के साथ रुक जाता है। इसलिए यात्री आगे की ओर गिर जाता है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
यदि एक दीवार पर समान द्रव्यमान तथा समान वेग से बारी-बारी से लोहे, पत्थर, मिट्टी, टेनिस की गेंद मारी जाये तो किसके द्वारा सबसे अधिक बल लगेगा?<br />
उत्तर:<br />
टेनिस की गेंद से क्योंकि यह सर्वाधिक वेग से वापस लौटेगी तथा संवेग में परिवर्तन सर्वाधिक होगा।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
दो तलों के मध्य घर्षण गुणांक किन-किन बातों पर निर्भर करता है?<br />
उत्तर:<br />
आर्द्रता, तलों की प्रकृति, ताप, तलों की स्वच्छता पर।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
पृथ्वी किस प्रकार का निर्देश तन्त्र है?<br />
उत्तर:<br />
अजड़त्वीय निर्देश तन्त्र, क्योंकि पृथ्वी के घूर्णन के कारण इस पर स्थित वस्तुओं की गति त्वरित गति की श्रेणी में आती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
पहिए गोल क्यों बनाये जाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
पहिए गोल इसलिए बनाये जाते हैं ताकि वे सर्पी घर्षण को लोटनी घर्षण में बदल सकें।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
किसी पिण्ड की गति प्रारम्भ करने की अपेक्षा उसकी गति को बनाये रखना आसान होता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि गतिक घर्षण बल का मान सीमान्त घर्षण बल की तुलना में कम होता है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
दो समान द्रव्यमान के दो व्यक्ति अपने पैरों पर बर्फ पर चलने वाली स्की (ice-skates) बाँधकर बर्फ के समतल मैदान पर कुछ दूरी पर खड़े हैं। एक व्यक्ति की कमर में एक रस्सी बँधी है जिसका दूसरा सिरा दूसरे व्यक्ति के हाथ में है। यदि दूसरा व्यक्ति रस्सी को अपनी ओर खींचे तो दोनों व्यक्तियों की गति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?<br />
उत्तर:<br />
दोनों व्यक्ति समान संवेग से एक-दूसरे की ओर गति करेंगे।</p>
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<p>प्रश्न 27.<br />
एक वस्तु पर कार्यरत् असमान संगामी बलों की संख्या कम से कम क्या होनी चाहिए जिससे वस्तु संतुलित रहे?<br />
उत्तर:<br />
वस्तु पर कार्यरत् असमान संगामी बलों की संख्या तीन होनी चाहिए जिससे वस्तु संतुलित रह सके।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
समतल पृष्ठ पर एक W भार के बक्से को ऊर्ध्वाधर से θ कोंण पर F परिमाण का बल लगाकर खींचा जा रहा है। यदि बक्सा क्षैतिज दिशा में खिसके तब समान पृष्ठ का बक्से पर कितना प्रतिक्रिया बल मिलता है?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35639" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-3.png" alt="" width="257" height="166" /><br />
उत्तर:<br />
बल को वियोजित करने पर,<br />
R + Fcosθ = W<br />
प्रतिक्रिया बल, R = W &#8211; Fcosθ</p>
<p>प्रश्न 29<br />
एक नत समतल पर m द्रव्यमान की वस्तु रखी है जिस पर क्षैतिज बल F लग रहा है। वस्तु पर अभिलम्ब प्रतिक्रिया बल क्या है?<br />
उत्तर:<br />
बल F को एवं mg को वियोजित करने पर अभिलम्ब<br />
प्रतिक्रिया<br />
R = mg cosθ + F sinθ<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35651" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-4.png" alt="" width="263" height="173" /></p>
<p>प्रश्न 30.<br />
कार की छत से धागे द्वारा लटकी गेंद कार के बायें मुड़ने पर किस ओर हटेगी?<br />
उत्तर:<br />
कार के बायीं ओर मुड़ने पर छद्म बल ( अपकेन्द्र बल) दायीं ओर को लगेगा। अतः गेंद दायीं ओर हटेगी।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
एक लड़के के हाथ में एक पिंजरा है जिसकी फर्श पर एक चिड़िया बैठी है। यदि चिड़िया पिंजरे के भीतर उड़ने लगे तो क्या लड़के को पिंजरे के भार के कोई परिवर्तन अनुभव होगा?<br />
उत्तर:<br />
हाँ, पिंजरा पहले से हल्का प्रतीत होगा क्योकि अब चिड़िया का भार अनुभव नहीं होगा।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
क्रिया व प्रतिक्रिया बल एक दूसरे के विपरीत व परिमाण में समान होते हैं लेकिन फिर भी वे एक दूसरे को निरस्त नहीं कर पाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
प्रश्नगत क्रिया एवं प्रतिक्रिया बल एक दूसरे को निरस्त नही कर पाते क्योंकि ये दोनों बल एक ही वस्तु पर कार्य न करके दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
यदि किसी पिण्ड को तीन समान्तर बल सन्तुलन में रखते हैं तो उन बलों की विशेषता क्या होगी?<br />
उत्तर:<br />
बल समतलीय तथा संगामी होंगे।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न:</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
रेलगाड़ी का ड्राइवर स्टार्ट करने के लिए पहले रेल के इंजन को पीछे धकेलता है तथा फिर आगे बढ़ाता है। ऐसा क्यों करता है?<br />
उत्तर:<br />
इंजन को पीछे धकेलने से डिब्बों को जोड़ने वाली कड़ियाँ ढीली पड़ जाती हैं। अब इंजन द्वारा आगे की ओर बल लगाने पर सर्वप्रथम पहला डिब्बा तथा फिर बारी-बारी से पिछले डिब्बे त्वरित होते हैं। यदि ड्राइवर ऐसा न करे तो कड़ियों के तने होने पर पूरी गाड़ी एक साथ त्वरित होगी, जिसके लिए इंजन को बहुत अधिक बल लगाना पड़ेगा।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
क्या समान वेग से गति करने वाला पिण्ड सन्तुलन में है?<br />
उत्तर:<br />
हाँ, सरल रेखीय गति में,<br />
संतुलन की अवस्था में Fnet = 0<br />
अर्थात्<br />
Fnet = ma = \(\frac{m(\Delta v)}{t}\)<br />
= 0<br />
या<br />
∆v = 0<br />
अर्थात् पिण्ड समान वेग से गतिमान है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
एक हल्के एवं दूसरे भारी पिण्ड के रेखीय संवेग समान हैं। किस पिण्ड की गतिज ऊर्जा अधिक होगी?<br />
उत्तर:<br />
गतिज ऊर्जा E = \(\frac{1}{2}\)mv<sup>2</sup><br />
= \(\frac{m^2 v^2}{2 m}\)<br />
= \(\frac{p^2}{2 m}\)<br />
∴ p<sup>2</sup> = 2mE ⇒ P = \(\sqrt{2 m E}\)<br />
दिया है:<br />
P<sub>1</sub> = P<sub>2</sub><br />
∴ \(\sqrt{2 m_1 E_1}\) = \(\sqrt{2 m_7 E_2}\)<br />
या<br />
m<sub>1</sub>E<sub>1</sub> = m<sub>2</sub>E<sub>2</sub><br />
⇒ \(\frac{E_1}{E_2}\) = \(\frac{m_2}{m_1}\)<br />
∵ m<sub>2</sub> &gt; m<sub>1</sub><br />
∴ E<sub>1</sub> &gt; E<sub>2</sub><br />
अर्थात् हल्के पिण्ड की गतिज ऊर्जा अधिक होगी।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
एक हल्के एवं भारी पिण्ड की गतिज ऊर्जा समान है। किस पिण्ड का रेखीय संवेग अधिक होगा?<br />
उत्तर:<br />
गतिज ऊर्जा E = \(\frac{p^2}{2 m}\)<br />
∵ E<sub>1</sub> = E<sub>2</sub><br />
∴\(\frac{p_1^2}{2 m_1}\) = \(\frac{p_2^2}{2 m_2}\)<br />
या<br />
\(\frac{p_1^2}{p_2^2}\) = \(\frac{m_1}{m_2}\)<br />
∵ m<sub>1</sub> &lt; m<sub>2</sub><br />
p<sub>1</sub><sup>2</sup> &lt; P<sub>2</sub><sup>2</sup> या P<sub>1</sub> &lt; P<sub>2</sub><br />
अर्थात् हल्के पिण्ड का रेखीय संवेग कम होगा और भारी का अधिक।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
समान द्रव्यमान M के तीन समरूप गुटके एक घर्षण रहित मेज पर चित्र के अनुसार धकेले जाते हैं। बताइये कि (i) गुटकों का त्वरण क्या है? (ii) गुटके A पर नेट बल कितना है ? (iii) गुटका A गुटके B पर कितना बल लगाता है? (iv) गुटका B गुटके C पर कितना बल लगाता है? (v) गुटकों के सम्पर्क तलों पर क्रिया तथा प्रतिक्रिया बलों को दिखाइये।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35653" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-5.png" alt="" width="308" height="101" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-5.png 308w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-5-300x98.png 300w" sizes="auto, (max-width: 308px) 100vw, 308px" /><br />
उत्तर:<br />
(i) प्रत्येक गुटके का त्वरण a = \(\frac{F}{3 M}\)<br />
(ii) गुटके A पर नेट बल = \(\frac{F}{3}\)<br />
(iii) गुटके A द्वारा B पर लगाया गया बल = \(\frac{2 F}{3}\)<br />
(iv) गुटके B द्वारा C पर लगाया गया बल = \(\frac{F}{3}\)<br />
(v) क्रिया तथा प्रतिक्रिया बल चित्र में प्रदर्शित हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35654" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-6.png" alt="" width="384" height="87" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-6.png 384w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-6-300x68.png 300w" sizes="auto, (max-width: 384px) 100vw, 384px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
समान द्रव्यमान के तीन गुटके डोरियों से बाँधकर एक चिकनी क्षैतिज मेज पर बल द्वारा खींचे जाते हैं। डोरियों में तनाव T<sub>1</sub> व T<sub>2</sub> ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
माना बल F के कारण त्वरण a उत्पन्न होता है। अतः न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35655" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-7.png" alt="" width="331" height="93" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-7.png 331w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-7-300x84.png 300w" sizes="auto, (max-width: 331px) 100vw, 331px" /><br />
∴ प्रथम पिण्ड के लिए गति का समी०<br />
F &#8211; T<sub>1</sub> = ma ⇒ T<sub>1</sub> = F &#8211; ma<br />
= F &#8211; m\(\frac{F}{3 m}\)<br />
या<br />
T<sub>1</sub> = F &#8211; \(\frac{F}{3 m}\) = \(\frac{2F}{3 m}\)<br />
या<br />
T<sub>1</sub> = \(\frac{2F}{3 m}\)<br />
इसी प्रकार दूसरे पिण्ड के लिए<br />
T<sub>1</sub> &#8211; T<sub>2</sub> = ma = \(\frac{F}{3}\)<br />
या<br />
T<sub>2</sub> = T<sub>1</sub> &#8211; \(\frac{F}{3}\) = \(\frac{2F}{3}\) &#8211; \(\frac{F}{3}\) = \(\frac{F}{3}\)<br />
या<br />
T<sub>2</sub> = \(\frac{F}{3}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
पेड़ की शाखा को हिलाने पर आम नीचे क्यों गिर जाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
जब पेड़ की शाखा को हिलाते हैं तो यह गति करती है। जड़त्व के कारण आम स्थिर रहता है। इसी कारण आम शाखा से अलग होकर नीचे गिर जाता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
धूल हटाने के लिए गलीचे को डण्डे से क्यों पिटते हैं?<br />
उत्तर:<br />
जब गलीचे को डण्डे से पीटते हैं तो गलीचा तो गति में आ जाता है लेकिन धूल के कण विराम जड़त्व के कारण गति में नहीं आ पाते हैं और वे गलीच से अलग हो जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
स्पष्ट कीजिए कि क्यों किसी तीव्र गति से चल रही बस के यकायक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं?<br />
उत्तर:<br />
न्यूटन के गति के प्रथम नियम अर्थात् जड़त्व के नियम के अनुसार गतिशील वस्तु रुकने का विरोध करती है। इसीलिए तीव्र गतिशील वाहक के यकायक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
न्यूटन के गति के प्रथम नियम को जड़त्व का नियम क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
न्यूटन के गति के प्रथम नियम के अनुसार बाह्य बल की अनुपस्थिति में किसी पिण्ड की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होता है और जड़त्व किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी अवस्था परिवर्तन का विरोध करती है। इसीलिए गति के प्रथम नियम को जड़त्व का नियम कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे की ओर क्यों खींचता है?<br />
उत्तर:<br />
गति के द्वितीय नियम से F = \(\frac{\Delta p}{\Delta t}\)<br />
स्पष्ट है कि ∆p संवेग परिवर्तन के लिए समयान्तराल ∆r का मान जितना अधिक होगा, बल F का मान उतना ही कम होगा। इसीलिए क्रिकेट खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे खींच लेता है। ताकि गेंद का संवेग शून्य होने का समय बढ़ जाये और हाथ पर गेंद द्वारा आरोपित बल कम हो जाये।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
बल की परिभाषा दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
बल वह कारक है जो किसी वस्तु की अवस्था को बदल दे या बदलने का प्रयास करे।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
एक जड़त्वीय तन्त्र के अन्तर्गत् एक कण का त्वरण मापने पर शून्य आता है। क्या हम कह सकते हैं कि कण पर कोई बल कार्यरत् नहीं है? स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
जड़त्वीय निर्देश तन्त्र में न्यूटन के गति के प्रथम व द्वितीय नियम वैध होते हैं। गति की परिभाषा आपेक्षिक आधार पर की जाती है। सामान्यतः पृथ्वी को स्थिर मान कर हम गति को परिभाषित करते हैं और पृथ्वी को जड़त्वीय निर्देश तन्त्र मानते हैं। अतः पृथ्वी पर किसी वस्तु का त्वरण शून्य होने पर भी उस पर गुरुत्वीय बल (भार) कार्य करता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार रस्साकशी के खेल में प्रत्येक टीम अपनी विरोधी टीम को समान बल से खींचता है, तो फिर एक टीम जीतती है और दूसरी हार जाती है ऐसा क्यों?<br />
उत्तर:<br />
रस्साकशी के खेल में दोनों टीमें जब तक समान बल से रस्से को सींचती हैं तब तक पूरे निकाय पर नेट बल शून्य रहता है। जैसे ही 1 एक टीम का बल दूसरी टीम के बल से अधिक हो जाता है, नेट बल लगने लगता और पूरा निकाय नेट बल की दिशा में गति करने लगता है। फलस्वरूप एक टीम जीत जाती है और दूसरी हार जाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
एक मेज पर एक किताब रखी हुई है। किताब का भार एवं मेज द्वारा किताब पर लगाया गया अभिलम्ब बल परिमाण में समान एवं दिशा में विपरीत हैं। क्या इसे न्यूटन के तृतीय नियम का उदाहरण माना जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
हाँ, क्योंकि तृतीय नियम के लिए दोनों बल परिमाण में समान एवं दिशा में विपरीत होने चाहिए तथा दोनों बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगने चाहिए । यहाँ ये शर्तें पूर्ण होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
किसी वस्तु पर लगने वाले आवेग की परिभाषा लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
आवेग (Impulse): जब दो वस्तुओं में टक्कर होती है, तो वे एक दूसरे पर बल आरोपित करती हैं। फलस्वरूप प्रत्येक वस्तु के संवेग में दूसरी वस्तु द्वारा लगाये बल के कारण परिवर्तन होता है। सामान्यतः इस प्रकार की टक्कर में सम्पर्क का समय अर्थात् स्पर्श काल (Duration of Contact) अत्यल्प होता है जबकि वस्तुओं के संवेग में परिवर्तन अत्यधिक होता है। इसका अर्थ है कि टक्कर के समय लगने वाले बल का परिमाण अत्याधिक होना चाहिए। उदाहरणार्थ- क्रिकेट के खेल में बल्ले द्वारा गेंद पर अत्यधिक बल अत्यल्प समय के लिए लगाया जाता है। ऐसे ही बल को &#8216;आवेगी बल&#8217; (Impulsive Force) कहते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि. सम्पर्क के समय बल एक समान ( uniform ) हो। इस प्रकार, &#8220;किसी वस्तु की गति पर बल के समग्र प्रभाव को आवेग कहते हैं और इसका मान बल एवं समयान्तराल के गुणनफल से प्राप्त करते हैं।&#8221; इसे / से व्यक्त करते हैं और यह सदिश राशि है जिसकी दिशा वही होती है, जो आरोपित बल की होती है।<br />
अत:<br />
आवेग = बल x समयान्तराल<br />
या<br />
I = F.∆l &#8230;..(1)<br />
सदिश रूप में<br />
\(\vec{I}\) = \(\vec{I}\)∆l &#8230;..(2)<br />
∵ न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से<br />
\(\vec{F}\) = \(\frac{\Delta \vec{p}}{\Delta t}\)<br />
\(\vec{I}\) = \(\frac{\Delta \vec{p}}{\Delta t}\) x ∆t<br />
या<br />
\(\vec{I}\) = \(\Delta \vec{p}\) &#8230;.(3)<br />
अर्थात् &#8220;किसी वस्तु पर कार्यरत् आवेग, उसके संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है।&#8221; यही आवेग संवेग प्रमेय हैं।<br />
यदि किसी वस्तु पर कोई बल \(\vec{F}\) है अल्प समय dt के लिए कार्यरत् रहता है, तो बल का आवेग,<br />
dI = F.dt<br />
यदि ब F समय t1 से t2 तक के लिए आरोपित रहता है, तो कुल आवेग<br />
I = \(\int d I\) = \(\int_{t_1}^{t_2} F \cdot d t\)<br />
यदि बल समय का फलन (function) नहीं है तो नियत रहेगा। अतः<br />
I = \(F \cdot \int_{t_1}^{t_2} d t-F \cdot[t]_{t_1}^{t_2}\)<br />
या<br />
I = F.∆t<br />
मात्रक एवं विमीय सूत्र<br />
∵ आवेग I = F. ∆t<br />
∴ I का मात्रक = N. s.<br />
तथा I का विमीय सूत्र = [M<sup>1</sup>L<sup>1</sup>T<sup>-2</sup>][T<sup>1</sup>]<br />
= [M<sup>1</sup>L<sup>1</sup>T<sup>-1</sup>]</p>
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<p>प्रश्न 17.<br />
आवेगी बल क्या होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
अत्यधिक परिमाण के वे बल जो अत्यल्प अवधि (स्पर्श काल) के लिए कार्यरत् होते हैं, आवेगी बल कहलाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
विलगित निकाय किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा निकाय जिस पर कोई बाह्य बल कार्य न कर रहा हो या कार्यरत् बाह्य बलों का सदिश योग शून्य हो, विलगित निकाय कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
किसी बन्दूक से एक गोली छोड़ने पर बन्दूक पीछे की ओर प्रतिक्षिप्त क्यों करती है?<br />
उत्तर:<br />
संवेग संरक्षण के सिद्धान्त के अनुसार बाह्य बल की अनुपस्थिति में किसी निकाय का कुल संवेग संरक्षित अर्थात् नियत रहता है। अतः जब बन्दूक से गोली दागी जाती है तो जिस संवेग से गोली गति करती है, ठीक उतने ही संवेग से बन्दूक प्रतिक्षिप्त होती है, ताकि कुल संवेग नियत रहे।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
एक व्यक्ति सीमेन्ट के फर्श पर गिरता है तो रेत की ढेरी पर गिरने की अपेक्षा अधिक चोट लगती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
जब व्यक्ति किसी ऊँचाई से सीमेन्ट की फर्श पर गिरता है तो अचानक रूक जाता है क्योंकि फर्श दबती नहीं है। अतः आवेग को संतुलित करने के लिए फर्श द्वारा अधिक बल लगाया जाता है है जिससे चोट अधिक लगती है। इसके विपरीत जब व्यक्ति रेत के ढेर पर गिरता है तो रेत दब जाता है और संवेग को शून्य होने के लिए अधिक समय लगता है, अतः रेत की फर्श द्वारा कम बल लगाया जाता है जिससे चोट कम लगती है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
एक गुब्बारे (द्रव्यमान M) से बंधी रस्सी से एक व्यक्ति (द्रव्यमान m) लटका है तथा गुब्बारा स्थिर है। यदि वह व्यकि इसी रस्सी के सहारे चढ़ने लगे तो गुब्बारा किस वेग से तथा किस दिशा में चलने लगेगा? व्यक्ति का रस्सी के सापेक्ष वेग v है।<br />
उत्तर:<br />
व्यक्ति तथा गुब्बारे का प्रारम्भिक संवेग शून्य है, अतः व्यक्ति जिस संवेग से ऊपर चढ़ेगा, गुब्बारा उतने ही संवेग से नीचे गति करेगा। यदि गुब्बारे का वेग u है, तो व्यक्ति ऊपर की ओर (V &#8211; u) वेग से ऊपर चढ़ेगा।<br />
अतः व्यक्ति का संवेग + गुब्बारे का संवेग = 0<br />
या<br />
m(v &#8211; u) &#8211; Mu = 0<br />
या<br />
mv &#8211; mu &#8211; Mu = 0<br />
या<br />
mv &#8211; u(m + M) = 0<br />
या<br />
u(M + m) = mv<br />
∴ u = \(\frac{m v}{M+m}\)</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
कीचड़ वाली सड़क पर हम फिसल क्यों जाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
कीचड़ वाली सड़क पर हमारे पैरों और सड़क के बीच जल की एक पतली पर्त होती है। यह पर्त अन्तर्ग्रथन (interlocking) को समाप्त करके घर्षण को कम कर देती है। इसीलिए कीचड़ युक्त सड़क पर हम फिसल जाते हैं।,</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
चाल से गतिमान एक ट्रक के ड्राइवर को अपने सामने दूरी पर एक चौड़ी दीवार दिखाई देती है टक्कर से बचने के लिए उसे ब्रेक लगानी चाहिए अथवा बिना ब्रेक लगाये गाड़ी को वृत्तीय मोड़ देना चाहिए? कारण भी बताइये।<br />
उत्तर:<br />
ब्रेक लगाने चाहिए, ब्रेक लगाने पर ट्रक की गतिज ऊर्जा घर्षण बल के विरुद्ध कार्य करने में व्यय होगी। यदि घर्षण बल F<sub>f</sub> तथा रुकने से पूर्व ट्रक द्वारा चली गई दूरी हो तो<br />
\(\frac{1}{2}\)mv<sup>2</sup> = F<sub>f</sub> x. ∴ x = \(\frac{m v^2}{2 F_f}\)<br />
ट्रक को टक्कर से बचाने के लिए x &lt; r<br />
∴ \(\frac{m v^2}{2 F_f} \leq r\) या \(F_f \geq \frac{m v^2}{2 r}\)<br />
ट्रक को मोड़ने पर,. \(F_f=\frac{m v^2}{r^{\prime}}\)<br />
∴ \(r^{\prime}=\frac{m v^2}{F_f}\)<br />
टक्कर से बचने के लिए \(r^{\prime} \leq r,\)<br />
या \(\frac{m v^2}{F_f} \leq r\)<br />
स्पष्ट है कि ब्रेक द्वारा रोकने के आवश्यक घर्षण बल \(\frac{m v^2}{2 r}\) वृत्तीय मोड़ देने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्र बल \(\frac{m v^2}{r}\) से आधा है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
एक राइफल से गोली दागी जाती है। यदि राइफल स्वतन्त्रता पूर्वक प्रतिक्षेपित होती है, तो बताइये कि राइफल की गतिज ऊर्जा गोली की गतिज से किस प्रकार सम्बन्धित होगी?<br />
उत्तर:<br />
गतिशील पिण्ड की गतिज ऊर्जा E = \(\frac{p^2}{2 m}\)<br />
∴ गोली एवं राइफल दोनों के संवेग समान होंगे, अतः E ∝ \( \frac{1}{m}\) स्पष्ट है कि राइफल की गतिज ऊर्जा गोली की गतिज ऊर्जा से कम होगी क्योंकि राइफल का द्रव्यमान गोली के द्रव्यमान से अधिक होता है।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
ढालू सड़क पर चढ़ने की अपेक्षा समतल सड़क पर टायरों की पकड़ अधिक मजबूत होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
समतल सड़क पर घर्षण बल μmg होता है जबकि ढालू सड़क पर μmg cosθ होता है। यदि θ &gt; 0° तो cosθ &lt; 1, अतः समतल सड़क पर घर्षण बल अधिक होने के कारण टायरों की पकड़ अधिक मजबूत होती है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
किसी सतह का अत्यधिक पॉलिश करने पर घर्षण बल बढ जाता है। कारण बताइये।<br />
उत्तर:<br />
जब किसी पृष्ठ को बहुत अधिक पॉलिश कर दिया जाता है तो पृष्ठ के अणु एक-दूसरे की आणविक परास के अन्दर आ जाते हैं। अतः अन्तरापरमाणवीय आकर्षण बढ़ जाता है जिसके कारण घर्षण बल बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
50g द्रव्यमान की वस्तु निर्वात् में नियत वेग 10ms<sup>-1</sup> के वेग से क्षैतिज घर्षण रहित तल पर गति करती है, वस्तु पर बल क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
नियत वेग से गतिमान वस्तु का त्वरण शून्य होगा, अर्थात् a = 0 अतः उस पर लगने वाला बल F = ma = 0 होगा।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
विद्युत् बन्द कर देने के बाद भी पंखा कुछ देर तक घूमता रहता है, कारण सहित उत्तर दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
गति जड़त्व के कारण पंखा विद्युत् आपूर्ति बन्द करने के बाद कुछ समय तक घूमता रहता है। यदि घर्षण बल जैसे विरोधी बल न हों तो पंखा अनन्त काल तक घूमता रहेगा।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
भारहीन तथा घर्षण रहित एक घिरनी पर भारहीन तथा न बढ़ने वाली एक रस्सी के दोनों सिरों पर समान द्रव्यमान के दो बन्दर लटके हैं। रस्सी के सापेक्ष एक बन्दर तेजी से चढ़ता है। कौन सा बन्दर सबसे पहले ऊपर पहुँचेगा?<br />
उत्तर:<br />
किसी भी बन्दर को संवेग प्रदान करने वाला कोई भी बाहय बल आरोपित नहीं हो रहा है। केवल बन्दर ही एक दूसरे पर बराबर संवेग लगा रहे है। अतः दोनों बन्दर एक साथ घिरनी पर पहुँचेंगे।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
एक क्षैतिज सड़क पर एक पहिया घूमता हुआ आगे बढ़ रहा है। इस पर घर्षण बल की दिशा बताइये।<br />
उत्तर:<br />
आगे बढ़ रहे घूमते पहिए पर दो घर्षण बल कार्य करते हैं:</p>
<ul>
<li>लोटनी घर्षण बल एवं</li>
<li>गतिक घर्षण बल 1 चूँकि पहिया आगे बढ़ रहा है, अतः गतिक घर्षण बल पीछे की ओर कार्य करेगा। पहिए के सड़क के सम्पर्क वाले भाग की प्रवृत्ति पीछे की ओर है अतः लोटनी घर्षण बल आगे को लगेगा। चूँकि लोटनी घर्षण बल गतिक घर्षण बल से कम होता है अतः परिणामी घर्षण बल पीछे की ओर लगेगा।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 31.<br />
एक डोरी के सिरे पर एक पत्थर बाँधकर उसे तेजी से घुमाने पर डोरी टूट जाती है और पत्थर स्पर्श रेखा की दिशा में दूर चला जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा दिशा के जड़त्व के कारण होता है। जब डोरी टूटती है तो पत्थर को डोरी द्वारा प्राप्त होने वाला अभिकेन्द्रीय बल समाप्त हो जाता है। बल की अनुपस्थिति में पत्थर तात्क्षणिक वेग की दिशा में दूर चला जाता है। यह दिशा डोरी टूटने<br />
के बिन्दु पर वृत्तीय पथ की स्पर्श रेखा की दिशा में होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 32.<br />
एक नाभिक जो स्थिर अवस्था में है, अचानक दो समान भागों में टूट जाता है। दोनों नाभिकों के मध्य वह कोण ज्ञात कीजिए जिस पर ये एक दूसरे से दूर जाते हैं।<br />
उत्तर:<br />
बड़ा नाभिक स्थिर है अतः इसका संवेग = 0 (शून्य)। टूटने के बाद दोनों नाभिकों के द्रव्यमान m<sub>1</sub> व m<sub>2</sub> तथा उनके वेग क्रमशः \(\overrightarrow{v_1}\) व \(\overrightarrow{v_2}\) हैं, तो उनके संवेग<br />
\(\overrightarrow{p_1}\) = m<sub>1</sub> \(\overrightarrow{v_1}\)<br />
एवं<br />
\(\overrightarrow{p_2}\) = m<sub>2</sub> \(\overrightarrow{v_2}\)<br />
संवेग संरक्षण के सिद्धान्त से<br />
टूटने के बाद कुल संवेग = टूटने के पूर्व संवेग<br />
\(\overrightarrow{p_1}\) + \(\overrightarrow{p_2}\) = 0<br />
∴ \(\vec{p}=-\overrightarrow{p_2}\)<br />
या<br />
m<sub>1</sub> \(\overrightarrow{v_1}\) = m<sub>2</sub> \(\overrightarrow{v_2}\)<br />
∵ m<sub>1</sub> व m<sub>2</sub> अदिश राशियाँ हैं अतः \(\overrightarrow{v_1}\) व \(\overrightarrow{v_2}\) की दिशाएँ परस्पर विपरीत दिशा में अर्थात 180° के कोण पर होंगी।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
एक स्थिर वाहन के अन्दर बैठे कुछ यात्री इसको अन्दर से धक्का लगा रहे हैं। कारण सहित बताइये कि वह वाहन चलेगा या नहीं?<br />
उत्तर:<br />
नहीं; क्योंकि यात्रियों द्वारा लगाया गया बल, वाहन की दीवार द्वारा आरोपित समान परन्तु विपरीत प्रतिक्रिया बल द्वारा संतुलित हो जाता है; अतः वाहन पर शुद्ध बल शून्य होगा और वाहन नहीं चलेगा।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
विरामावस्था में रखा एक बम समान द्रव्यमान के तीन टुकड़ों में विस्फोटित हो जाता है। दो टुकड़ों का संवेग क्रमशः -2p\(\hat{i}\) और p\(\hat{j}\) है। तीसरे टुकड़ें के संवेग का परिमाण ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
दिया है;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36178" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-24.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-24" width="347" height="251" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-24.png 347w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-24-300x217.png 300w" sizes="auto, (max-width: 347px) 100vw, 347px" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
एक व्यक्ति पूर्णतया घर्षण रहित बर्फ के तालाब के मध्य में खड़ा है वह किनारे तक कैसे पहुँच सकता है?<br />
उत्तर:<br />
वह सामने की ओर फूँक मारकर या सामने की ओर थूककर किनारे पर पहुँच सकता है। ऐसा करने पर वह आगे की ओर कुछ बल लगाता है और वायु को कुछ संवेग प्रदान करता है। संवेग संरक्षण के सिद्धान्त से उसके शरीर को विपरीत दिशा में समान संवेग प्राप्त होता है। घर्षण की अनुपस्थिति में व्यक्ति की गतिज ऊर्जा में कोई हानि नहीं होती है और वह तालाब के किनारे पर पहुँच जाता है।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
वर्षा होने पर सड़क के मोड़ पर स्कूटर प्रायः फिसल क्यों जाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वर्षा होने पर सड़क पानी के कारण गीली हो जाती है जिससे घर्षण कम हो जाता है। फलस्वरूप स्कूटर को घर्षण के द्वारा पर्याप्त अभिकेन्द्रीय बल नहीं मिल पाता है और वह फिसल जाता है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
न्यूटन का गति का द्वितीय नियम लिखिए तथा इससे सिद्ध कीजिए कि F = ma; इस सूत्र की सहायता से बल के S.I. मात्रक की परिभाषा दीजिए तथा बल का विमीय सूत्र प्राप्त कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
न्यूटन का गति का द्वितीय नियम (Newton&#8217;s Second Law of Motion) :<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की समय दर उस पर लगाये गये बाह्य बल के अनुक्रमानुपाती होती है और उसी दिशा में होती है जिस दिशा में बल लगाया जाता है।&#8221;</p>
<p>यदि m द्रव्यमान की वस्तु पर बल \(\vec{F}\) समयान्तराल ∆t के लिये लगाने पर उसका वेग \(\vec{v}\) से (\(\vec{v}+∆ \vec{v}\)) हो जाये तथा उसके संवेग में परिवर्तन \(\Delta \vec{p}\) हो तब<br />
\(\vec{F} \propto \frac{\overrightarrow{∆ p}}{∆ t}\)<br />
अति सूक्ष्म समयान्तराल (∆t → 0) के लिए \(\frac{\overrightarrow{∆ p}}{∆ t}\), समय t के सापेक्ष \(\vec{p}\) का अवकलन अथवा अवकल गुणांक हो जाता है जिसे \(\frac{d \vec{p}}{d t}\) द्वारा प्रदर्शित करते हैं। अतः<br />
\(\vec{F} \propto \frac{d \vec{p}}{dt}\)<br />
\(\vec{F}=k\frac{d \vec{p}}{dt}\)<br />
जहाँ k = आनुपातिकता स्थिरांक (constant of proportionality) है।<br />
k का मान चयनित मात्रकों की पद्धति पर निर्भर करता है। मात्रकों का चयन इस प्रकार करते हैं कि k = 1<br />
अत: समी० (1) से<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35858" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-8" width="397" height="384" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-8.png 397w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-8-300x290.png 300w" sizes="auto, (max-width: 397px) 100vw, 397px" /><br />
अतः किसी वस्तु पर कार्यरत् बल वस्तु के द्रव्यमान तथा उसमें उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जड़त्व क्या है? उदाहरण सहित समझाइये।<br />
उत्तर :<br />
अनुच्छेद 5.4 का अवलोकन कीजिए।<br />
जड़त्व का नियम (Law of Motion) :<br />
जड़त्व (Inertia) :<br />
जड़त्व शब्द की उत्पत्ति जड़ता शब्द से हुई है जिसका अर्थ स्थिरता या अपरिवर्तनीयता है। प्रत्येक वस्तु जिस अवस्था में होती है, उसी अवस्था में रहना चाहती है अर्थात् यदि वह विरामावस्था है तो विरामावस्था में ही रहना चाहती है और यदि गतिशील है तो उसी वेग से चलते रहना चाहती है तथा अपनी उक्त अवस्थाओं में परिवर्तन का विरोध करती है। यही कारण है कि वस्तु की अवस्था परिवर्तित करने के लिए बाह्य असन्तुलित बल की आवश्यकता होती है। वस्तु के इस गुण को गैलीलियो ने &#8216;जड़त्व&#8217; नाम द्यिया।</p>
<p>अतः, &#8220;जड़त्व किसी वस्तु का वह गुण है जिस कारण वह अपनी अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।&#8221;</p>
<p>किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके जड़त्व की माप है। अतः भारी वस्तु अपनी विरामावस्था में परिवर्तन का विरोध, हल्की वस्तु की तुलना में अधिक करती है।</p>
<p>जड़त्व के प्रकार (Kinds of Inertia) &#8211;</p>
<ol>
<li>विराम का जड़त्व (Inertia of Rest) : वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विरामावस्था में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है, विराम का जड़त्व कहलाता है।</li>
<li>गति का जड़त्व (Inertia of Motion) : तस्तु का वह गुण जिसके कारण सरल रेखा में गतिशील वस्तु अपनी गति में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है, गति का जड़त्व कहलाता है।</li>
<li>दिशा का जड़त्व (Inertia of Direction) : दिशा के जड़्व के कारण कोई वस्तु अपनी वास्तविक दिशा में रहने का प्रयास करती है और दिशा परिवर्तन का विरोध करती है।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 3.<br />
न्यूटन के गति का द्वितीय नियम लिखिए तथा सिद्ध कीजिए कि बल का आवेग संवेग परिवर्तन के बराबर होता है। उदाहरण सहित इसका महत्त्व समझाइये।<br />
उत्तर :<br />
न्यूटन का गति का द्वितीय नियम (Newton&#8217;s Second Law of Motion) :<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की समय दर उस पर लगाये गये बाह्य बल के अनुक्रमानुपाती होती है और उसी दिशा में होती है जिस दिशा में बल लगाया जाता है।&#8221;<br />
यदि m द्रव्यमान की वस्तु पर बल \(\vec{F}\) समयान्तराल ∆t के लिये लगाने पर उसका वेग \(\vec{v}\) से (\(\vec{v}+∆ \vec{v}\)) हो जाये तथा उसके संवेग में परिवर्तन \(\Delta \vec{p}\) हो तब<br />
\(\vec{F} \propto \frac{\overrightarrow{∆ p}}{∆ t}\)<br />
अति सूक्ष्म समयान्तराल (∆t → 0) के लिए \(\frac{\overrightarrow{∆ p}}{∆ t}\), समय t के सापेक्ष \(\vec{p}\) का अवकलन अथवा अवकल गुणांक हो जाता है जिसे \(\frac{d \vec{p}}{d t}\) द्वारा प्रदर्शित करते हैं। अतः<br />
\(\vec{F} \propto \frac{d \vec{p}}{dt}\)<br />
\(\vec{F}=k\frac{d \vec{p}}{dt}\)<br />
जहाँ k = आनुपातिकता स्थिरांक (constant of proportionality) है।<br />
k का मान चयनित मात्रकों की पद्धति पर निर्भर करता है। मात्रकों का चयन इस प्रकार करते हैं कि k = 1<br />
अत: समी० (1) से<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35858" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-9" width="397" height="384" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-8.png 397w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-8-300x290.png 300w" sizes="auto, (max-width: 397px) 100vw, 397px" /><br />
अतः किसी वस्तु पर कार्यरत् बल वस्तु के द्रव्यमान तथा उसमें उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।</p>
<p>आवेग संवेग प्रमेय (Impulse Momentum Theorem) :<br />
कथन-इस प्रमेय के अनुसार, &#8221; किसी बल का आवेग उस बल के कारण उत्पन्न हुए संवेग परिवर्तन के बराबर होता है।&#8221; उप्पत्ति-न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35859" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-10" width="426" height="290" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-10.png 426w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-10-300x204.png 300w" sizes="auto, (max-width: 426px) 100vw, 426px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
सिद्ध कीजिए कि तीन संयुग्मी बलों \(\vec{F}_1, \vec{F}_2 व \vec{F}_3\) की स्थिति में वस्तु साम्यावस्था में होगी जब \(\vec{F}_1+\vec{F}_2+\vec{F}_3=0\).<br />
उत्तर :<br />
किसी कण की साम्यावस्था (Equilibrium of a particle concurrent forces) ;<br />
संगामी बल (Concurrent Forces) :<br />
&#8220;यदि किसी वस्तु पर कार्य करने वाले सभी बलों की क्रिया रेखाएँ एक उभयनिष्ट बिन्दु से गुजरती हैं, तो उन्हें संगामी बल कहते हैं।&#8221; ऐसी अवस्था में वस्तु पर परिणामी बल उस पर कार्यरत् सभी बलों के सदिश योग के बराबर होता है और यही परिणामी बल वस्तु के रेखीय त्वरण को निर्धारित करता है। यदि वस्तु पर कार्यरत् बल संगामी नहीं हैं तो वस्तु पर परिणामी बलयुग्म लग सकता है और फलस्वरूप वस्तु घूर्णन गति भी कर सकती है। संगामी बलों के प्रभाव में यदि वस्तु साम्यावस्था में है तो सभी बलों का सदिश योग शून्य होगा। अर्थात्<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35860" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-11" width="215" height="213" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-11.png 215w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-11-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 215px) 100vw, 215px" /><br />
या \(\vec{F}_1+\vec{F}_2+\ldots \ldots+\vec{F}_n=0\)</p>
<p>किसी वस्तु पर कार्यरत् बलों की संख्या के.अनुसार सदिशों के संयोजन हेतु उपयुक्त त्रिभुज नियम, समान्तर चतुर्भुज नियम या बहुभुज नियम का प्रयोग करते हुए परिणामी बल के परिमाण एवं दिशा ज्ञात की जा सकती है और तदानुसार वस्तु की गति का निर्धारण किया जा सकता है।</p>
<p>संगामी बलों के प्रभाव में संतुलन की आवश्यक शर्त (Necessary condition for equilibrium under effect of concurrent forces) :<br />
संतुलन का अर्थ है कि वस्तु अपनी यथास्थिति को बनाये रखे। इसकी आवश्यक शर्तें निम्नलिखित हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35861" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-12" width="196" height="177" /><br />
(i) यदि पिण्ड पर दो संगामी बल कार्य करें तो बलों के संतुलन के लिए दोनों बल परिमाण में समान किन्तु परस्पर विपरीत दिशा में लगने चाहिए।<br />
(ii) यदि बलों की क्रिया रेखाएँ समान नहीं हैं तो बलों की संख्या कम से कम तीन होनी चाहिए।<br />
(iii) तीन संगामी बलों के प्रभाव में संतुलित अवस्था में<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35862" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-13" width="446" height="378" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-13.png 446w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-13-300x254.png 300w" sizes="auto, (max-width: 446px) 100vw, 446px" /></p>
<p>(iv) यदि किसी वस्तु पर लगने वाले N संगामी बल N भुजाओं वाले बहुभुज की भुजाओं द्वारा क्रमागतः रूप से व्यक्त किये जा सकते हैं तो ये बल संतुलन में होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
बल निर्देशक आरेख क्या है? व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर ;<br />
बल निर्देशक आरेख द्वारा यांत्रिकी में समस्याओं का हल (Solutions of Problems in Mechanics by Force Diagram)<br />
बल निर्देशक आरेख (Force Diagram) :<br />
आमतौर पर यांत्रिकी की किसी प्रारूपी समस्या में बलों की क्रिया के अधीन केवल एक पिण्ड का ही समावेश नहीं होता। अधिकांश प्रकरणों में हम विभिन्न पिण्डों के ऐसे संयोजन पर विचार करते हैं जिनमें पिण्ड परस्पर एक दूसरे पर बल लगाते हैं। इसके अतिरिक्त संयोजन का प्रत्येक पिण्ड गुरुत्वीय बल का भी अनुभव करता है। इस प्रकार की किसी समस्या को हल करने के लिए प्रयास करते समय हमें एक तथ्य को ध्यान रखना आवश्यक है कि हम संयोजन के किसी भी भाग को चुनकर उस पर न्यूटन के गति के नियमों को इस शर्त के साथ लागू कर सकते हैं कि चुने हुए भाग पर संयोजन के शेष भागों द्वारा आरोपित सभी बलों को सम्मिलित करना सुनिश्चित कर लिया गया है। संयोजन के चुने हुए भाग को हम &#8216;निकाय&#8217; (System) कह सकते हैं तथा संयोजन के शेष भाग को &#8216;वातावरण&#8217; (environment) कह सकते हैं। अब हमें यांत्रिकी की किसी प्रारूपी समस्या को सुव्यवस्थित ढंग से हल करने के लिए निम्नलिखित चरणों को अपनाना चाहिए-<br />
(i) पिण्डों के संयोजन के विभिन्न भागों, सम्बन्धों आदि को दर्शाने वाला संक्षिप्त योजनाबद्ध आरेख खीचिए।</p>
<p>(ii) संयोजन के किसी भाग को, जिसकी गति के बारे में हमें जानना हो, निकाय के रूप में चुनिए।</p>
<p>(iii) एक पृथक् आरेख खींचिए जिसमें केवल निकाय तथा पिण्डों के संयोजन के शेष भागों (वातावरण) द्वारा निकाय पर आरोपित सभी बलों को सम्मिलित करके दर्शाया गया हो। निकाय पर सभी अन्य साधनों द्वारा आरोपित बलों को भी सम्मिलित कीजिए। परन्तु यह ध्यान रहे कि निकाय द्वारा वातावरण पर आरोपित बलों को इसमें सम्मिलित नही करना है। इस प्रकार के आरेख को &#8216;बल निर्देशक आरेख&#8217; कहते हैं।</p>
<p>(iv) किसी बल निर्देशक आरेख में बलों से संबन्धित केवल वही सूचनाएँ (बलों के परिमाण तथा दिशाएँ) सम्मिलित कीजिए जो या तो आप को दी गई हैं अथवा जो निर्विवाद् निश्चित हैं। उदाहरण के लिए किसी पतली डोरी में तनाव की दिशा सदैव डोरी की लम्बाई के अनुदिश होती है; गुरुत्वीय बल की दिशा ऊध्र्वाधर नीचे की ओर होती है; अभिलम्ब प्रतिक्रिया बल तल के लम्बवत् होता है, आदि। शेष उन सभी को अज्ञात माना जाना चाहिए जिन्हें गति के नियमों के अनुप्रयोगों द्वारा ज्ञात किया जाना है।</p>
<p>(v) यदि आवश्यक हो तो संयोजन के किसी अन्य भाग को निकाय मानकर उसके लिए भी यही विधि अपनाइये। ऐसा करने के लिए न्यूटन के तृतीय नियम का ध्यान रखना आवश्यक है, अर्थात् यदि निकाय A के बल निर्देशक आरेख में B (वातावरण) के कारण A पर बल को \(\vec{F}\) द्वारा दर्शाया गया है, तो निकाय B के बल निर्देशक में A (वातावरण) के कारण B पर बल \(-\vec{F}\) द्वारा दर्शाया जाना चाहिए। यांत्रिकी की समस्याओं को हल करने में बल निर्देशक आरेख खोंचना सहायक है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
संवेग संरक्षण का नियम लिखकर इसे प्राप्त कीजिए एवं इस नियम की सहायता से गति का तृतीय नियम निगमित कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
संवेग संरक्षण नियम एवं इसके अनुप्रयोग (Law of Conservation of Momentum and its Applications) :<br />
संवेग संरक्षण नियम (Law of Conservation of Momentum) ;<br />
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से किसी विलगित कण पर कार्य करने वाला बल, उसके संवेग परिवर्तन की दर के बराबर होता है, अर्थात्<br />
\(\vec{F}=\frac{d \vec{p}}{d t}\)<br />
यदि पिण्ड या कण पर आरोपित बल अनुपस्थित हो तो-<br />
\(\vec{F}=0 \quad \text { अत: } \quad \frac{d \vec{p}}{d t}=0\)<br />
या \(\vec{p}\) = नियतांक [क्योंकि नियतांक का अवकलन शून्य होता है] आंकिक रूप से p = नियतांक<br />
या \(m \vec{v}\) = नियतांक<br />
अर्थात् &#8220;बाह्य बल की अनुपस्थिति में किसी कण का कुल रेखीय संवेग नियत रहता है।&#8217; यही रेखीय संवेग संरक्षण का सिद्धान्त है।</p>
<p>कणों के निकाय के लिए संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum for System of Particles) :<br />
जब हम कणों के एक निकाय पर विचार करते हैं तो हमें निकाय पर आरोपित बाह्य बलों और निकाय के आन्तरिक बलों में भेद करना होगा। चूँकि आन्तरिक बल बराबर एवं विपरीत बलों के युग्म के रूप में होते हैं (अर्थात् \(\overrightarrow{F_{B A}}=-\overrightarrow{F_{A B}}\) ), अतः आन्तरिक बलों का सदिश योग शून्य होगा और निकाय पर केवल बाह्य आरोपित बलों का ही प्रभाव होगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35863" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-14" width="425" height="579" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-14.png 425w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-14-220x300.png 220w" sizes="auto, (max-width: 425px) 100vw, 425px" /><br />
अर्थात् ऐसा निकाय जिस पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं कर रहा है या कार्यरत् बाह्य बलों का सदिश योग शून्य है, एक विलगित निकाय (Isolated System) कहलाता है। समीकरण (4) के अनुसार बाह्य बल की अनुपस्थिति में विलगित निकाय का कुल संवेग नियत या संरक्षित रहता है। यही एक विलगित निकाय के लिए संवेग संरक्षण का नियम है।</p>
<p>समीकरण (4) व (5) के अनुसार निकाय कण विशेष का संवेग या वेग परिवर्तित हो सकता है परन्तु बाह्य बल की अनुपस्थिति में निकाय का कुल संवेग नियत रहेगा।</p>
<p>कणों की खोज (Invention of Particles)-संवेग संरक्षण का नियम भौतिकी के मूलभूत नियमों में से एक है। संवेग संरक्षण के सामान्य नियम का अभी तक कोई अपवाद सामने नहीं आया है। वास्तव में जब कभी किसी प्रयोग में संवेग संरक्षण के सामान्य नियम का अतिक्रमण दृष्टि गोचर होता है, तो एक छिपे हुए या अज्ञात कण की खोज प्रारम्भ होती है, जो ऊपरी तौर से ऊर्जा संरक्षण नियम के अतिक्रमण के लिए भी उत्तरदायी होता है। इसी से न्यूट्रिनो, मेसॉन और कई अन्य मूल कणों की खोज सम्भव हो सकी है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
संगामी बलों से क्या तात्पर्य है? संगामी बलों के संतुलन के लिए आवश्यक शर्त क्या है?<br />
उत्तर :</p>
<p>किसी कण की साम्यावस्था (Equilibrium of a particle concurrent forces) ;<br />
संगामी बल (Concurrent Forces) :<br />
&#8220;यदि किसी वस्तु पर कार्य करने वाले सभी बलों की क्रिया रेखाएँ एक उभयनिष्ट बिन्दु से गुजरती हैं, तो उन्हें संगामी बल कहते हैं।&#8221; ऐसी अवस्था में वस्तु पर परिणामी बल उस पर कार्यरत् सभी बलों के सदिश योग के बराबर होता है और यही परिणामी बल वस्तु के रेखीय त्वरण को निर्धारित करता है। यदि वस्तु पर कार्यरत् बल संगामी नहीं हैं तो वस्तु पर परिणामी बलयुग्म लग सकता है और फलस्वरूप वस्तु घूर्णन गति भी कर सकती है। संगामी बलों के प्रभाव में यदि वस्तु साम्यावस्था में है तो सभी बलों का सदिश योग शून्य होगा। अर्थात्<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35860" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-11" width="215" height="213" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-11.png 215w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-11-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 215px) 100vw, 215px" /><br />
या \(\vec{F}_1+\vec{F}_2+\ldots \ldots+\vec{F}_n=0\)</p>
<p>किसी वस्तु पर कार्यरत् बलों की संख्या के.अनुसार सदिशों के संयोजन हेतु उपयुक्त त्रिभुज नियम, समान्तर चतुर्भुज नियम या बहुभुज नियम का प्रयोग करते हुए परिणामी बल के परिमाण एवं दिशा ज्ञात की जा सकती है और तदानुसार वस्तु की गति का निर्धारण किया जा सकता है।</p>
<p>संगामी बलों के प्रभाव में संतुलन की आवश्यक शर्त (Necessary condition for equilibrium under effect of concurrent forces) :<br />
संतुलन का अर्थ है कि वस्तु अपनी यथास्थिति को बनाये रखे। इसकी आवश्यक शर्तें निम्नलिखित हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35861" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-12" width="196" height="177" /><br />
(i) यदि पिण्ड पर दो संगामी बल कार्य करें तो बलों के संतुलन के लिए दोनों बल परिमाण में समान किन्तु परस्पर विपरीत दिशा में लगने चाहिए।<br />
(ii) यदि बलों की क्रिया रेखाएँ समान नहीं हैं तो बलों की संख्या कम से कम तीन होनी चाहिए।<br />
(iii) तीन संगामी बलों के प्रभाव में संतुलित अवस्था में<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35862" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-15" width="446" height="378" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-13.png 446w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-13-300x254.png 300w" sizes="auto, (max-width: 446px) 100vw, 446px" /></p>
<p>(iv) यदि किसी वस्तु पर लगने वाले N संगामी बल N भुजाओं वाले बहुभुज की भुजाओं द्वारा क्रमागतः रूप से व्यक्त किये जा सकते हैं तो ये बल संतुलन में होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
घर्षण से आप क्या समझते हैं? सीमान्त घर्षण, गतिक घर्षण तथा सर्पी घर्षण की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
घर्षण (Friction) :<br />
एक क्षैतिज मेज पर रखे m द्रव्यमान के पिण्ड पर लगने वाले बलों पर विचार करते हैं। जब तक कोई बाहरी बल पिण्ड पर नहीं लगाया जाता है तब तक पिण्ड विरामावस्था में रहता है और पिण्ड का भार \(\vec{W}=m \vec{g}\) व मेज द्वारा पिण्ड पर आरोपित अभिलम्ब बल परस्पर विपरीत दिशा में होने के कारण एक दूसरे को निरस्त कर देते हैं।</p>
<p>अब माना पिण्ड पर कोई बाह्य बल \(\vec{F}\) क्षैतिजत: आरोपित किया जाता है जो परिमाण में इतना कम है कि पिण्ड में कोई गति उत्पन्न नहीं कर पाता है। प्रश्न यह उठता है कि बाह्य बल \(\vec{F}\) परिमाण में भले ही कितना कम हो, लेकिन पिण्ड में इसके द्वारा त्वरण (\(\vec{a}=\frac{\vec{F}}{m}\)) उत्पन्न होना चाहिए</p>
<p>और वस्तु को गतिशील होना चाहिए था; परन्तु ऐसा नहीं होता है। इसका अर्थ यह है कि \(\vec{F}\) के विपरीत दिशा में निश्चित रूप से एक विरोधी बल उत्पन्न होता है जो \(\vec{F}\) का विरोध करता है और पिण्ड विरामावस्था में बना रहता है। यह विरोधी बल पिण्ड एवं मेज के सम्पर्क पृष्ठ के अनुदिश लगता है। इसी बल को घर्षण बल (Force of Friction) कहते हैं। इस बल को f<sub>s</sub> से व्यक्त करते हैं। इसे स्थैतिक घर्षण (Static Friction) कहते हैं। इस प्रकार,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35864" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-16" width="199" height="187" /><br />
&#8220;जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु की सतह पर फिसलती है या फिसलने का प्रयास करती है तो स्पर्शी तलों के मध्य एक विरोधी बल उत्पन्न हो जाता है जो गति के विपरीत दिशा में ( अर्थात् बाह्य बल की विपरीत दिशा में ) गति का विरोध करता है। इसी विरोधी बल को घर्षण बल कहते हैं।&#8221;</p>
<p>यह ध्यान देने योग्य है कि स्थैतिक घर्षण का तब तक कोई अस्तित्व नहीं है जब तक कोई बाह्य बल नहीं लगाया जाता है। स्थैतिक घर्षण बल स्वत: समायोजित होने वाला बल है अर्थात् बाह्य बल को बढ़ाने पर यह बढ़ता है और एक सीमा तक बढ़ने के बाद फिर नहीं बढ़ता है। इसी अधिकतम स्थैतिक घर्षण बल को सीमान्त घर्षण (Limiting Friction) कहते हैं। बाह्य बल का मान इससे अधिक करने पर पिण्ड गति आरम्भ कर देता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
घर्षण से क्या हानियाँ हैं? घर्षण कम करने की विधियों का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर ;</p>
<p>घर्षण (Friction) :<br />
एक क्षैतिज मेज पर रखे m द्रव्यमान के पिण्ड पर लगने वाले बलों पर विचार करते हैं। जब तक कोई बाहरी बल पिण्ड पर नहीं लगाया जाता है तब तक पिण्ड विरामावस्था में रहता है और पिण्ड का भार \(\vec{W}=m \vec{g}\) व मेज द्वारा पिण्ड पर आरोपित अभिलम्ब बल परस्पर विपरीत दिशा में होने के कारण एक दूसरे को निरस्त कर देते हैं।</p>
<p>अब माना पिण्ड पर कोई बाह्य बल \(\vec{F}\) क्षैतिजत: आरोपित किया जाता है जो परिमाण में इतना कम है कि पिण्ड में कोई गति उत्पन्न नहीं कर पाता है। प्रश्न यह उठता है कि बाह्य बल \(\vec{F}\) परिमाण में भले ही कितना कम हो, लेकिन पिण्ड में इसके द्वारा त्वरण (\(\vec{a}=\frac{\vec{F}}{m}\)) उत्पन्न होना चाहिए</p>
<p>और वस्तु को गतिशील होना चाहिए था; परन्तु ऐसा नहीं होता है। इसका अर्थ यह है कि \(\vec{F}\) के विपरीत दिशा में निश्चित रूप से एक विरोधी बल उत्पन्न होता है जो \(\vec{F}\) का विरोध करता है और पिण्ड विरामावस्था में बना रहता है। यह विरोधी बल पिण्ड एवं मेज के सम्पर्क पृष्ठ के अनुदिश लगता है। इसी बल को घर्षण बल (Force of Friction) कहते हैं। इस बल को f<sub>s</sub> से व्यक्त करते हैं। इसे स्थैतिक घर्षण (Static Friction) कहते हैं। इस प्रकार,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35864" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-17" width="199" height="187" /><br />
&#8220;जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु की सतह पर फिसलती है या फिसलने का प्रयास करती है तो स्पर्शी तलों के मध्य एक विरोधी बल उत्पन्न हो जाता है जो गति के विपरीत दिशा में ( अर्थात् बाह्य बल की विपरीत दिशा में ) गति का विरोध करता है। इसी विरोधी बल को घर्षण बल कहते हैं।&#8221;</p>
<p>यह ध्यान देने योग्य है कि स्थैतिक घर्षण का तब तक कोई अस्तित्व नहीं है जब तक कोई बाह्य बल नहीं लगाया जाता है। स्थैतिक घर्षण बल स्वत: समायोजित होने वाला बल है अर्थात् बाह्य बल को बढ़ाने पर यह बढ़ता है और एक सीमा तक बढ़ने के बाद फिर नहीं बढ़ता है। इसी अधिकतम स्थैतिक घर्षण बल को सीमान्त घर्षण (Limiting Friction) कहते हैं। बाह्य बल का मान इससे अधिक करने पर पिण्ड गति आरम्भ कर देता है।</p>
<p>घर्षण एक बुराई (Friction as an Evil) :</p>
<ul>
<li>मशीनों में टूट फूट (wear and tear) का कारण घर्षण ही है।</li>
<li>घर्षण का प्रतिकार करने में ही शक्ति का बड़ा भाग व्यर्थ चला जाता है जिससे मशीनों की दक्षता काफी कम हो जाती है।</li>
<li>घर्षण के कारण ही मशीन के घूमने वाले हिस्सों में ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे वे गर्म हो जाती हैं।</li>
</ul>
<p>घर्षण को कम करने की विधियाँ (Methods of Reducing Friction) :<br />
1. पॉलिश द्वारा (By Polishing) :दो पृष्ठों के मध्य घर्षण को कम करने के लिए उन्हें पॉलिश किया जाता है। घड़ियों में प्रयुक्त ज्वेल बियरिंग (jewel-bearing) एवं तुला में प्रयुक्त छुर-धारों (knife-edges) पर उच्च कोटि की पॉलिश की जाती है ताकि घर्षण कम हो जाये।</p>
<p>2. बाल बियरिंग (Ball-Bearing) : लोटनी घर्षण फिसलन घर्षण से कम होता है। इसीलिए घूर्णन करने वाली मशीनों में शैफ्ट को बाल बियरिंग चित्र 5.22 पर जड़ (fix) दिया जाता है ताकि घर्षण को काफी कम किया जा सके। बाइसिकिल में फ्री-हील, मोटर कार की एक्सिल, मोटर एवं डायनमों की शैफ्ट आदि में बाल बियरिंग का प्रयोग किया जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35865" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-18.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-18" width="293" height="194" /></p>
<p>3. स्नेहक (Lubricants) : स्नेहक ऐसा पदार्थ (ठोस या द्रव) होता है, जो सम्पर्क वाली दोनों सतहों के मध्य एक पतली पर्त बना लेता है। यह सम्पर्क वाली सतहों के गड्ढ़ों (depressions) को भी भर देता है और घर्षण को काफी कम कर देता है। हल्की मशीनों में कम श्यानता का पतला तेल प्रयोग किया जाता है। भारी और तेज चलने वाली मशीनों में गाढ़ा तेल (thick oil) या ठोस स्नेहक (grease) प्रयोग किये जाते हैं। दो सतहों के मध्य स्नेहक के प्रयोग से घर्षण कम किया जाता है।<br />
कभी-कभी ठोस पॉउडर के रूप में स्नेहक का प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, फरम बोर्ड पर पॉउडर छिड़क देते हैं, जिससे बोर्ड व गोटियों के बीच घर्षण कम हो जाता है।</p>
<p>4. सुप्रवाहिता (Streamlining) : तीव्र गति वाले वाहनों जैसे-वायुयान, जलयान, जेटयान आदि को सामने की ओर विशेष आकार (नुकीला) का बनाना सुप्रवाहिता कहलाता है। इससे तरल घर्षण (अर्थात् वायु का घर्षण वाहन पर) घट जाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
जड़त्वीय एवं अजड़त्वीय निर्देश तन्त्र की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
जड़त्वीय एवं अजड़त्वीय निर्देश तन्त्र ( प्रारम्भिक अवधारणा) (Inertial and Non-inertial Frames of References) :<br />
जड़त्वीय निर्देश तन्त्र (Inertial Frame of Reference ) ;<br />
निर्देश तंत्रों की परिकल्पना गति की विश्लेषणात्मक व्याख्या के लिए की जाती है। यदि हम एक निर्देशांक पद्धति (coordinate system) की कल्पना करें जो किसी दृढ़ पिण्ड से सम्बद्ध है तथा इस निर्देशांक पद्धति के सापेक्ष किसी कण की स्थिति का मापन करते हुए इसकी गति का अध्ययन करें तो इस निर्देशांक पद्धति को निर्देश तन्त्र कहा जाता है। सामान्यतः प्रेक्षक की स्थिति निर्देश तन्त्र के मूल बिन्दु पर ली जाती हैं किन्तु यह आवयश्क नहीं है। सामान्यतः प्रेक्षक उस निर्देश तन्त्र को काम में लेता है जो उसके सापेक्ष स्थिर होता है। कार्तीय निर्देशांक पद्धति (cartesian coordinate system) को सरलतम निर्देश तन्त्र के रूप में लिया जाता है। इस प्रकार के निर्देश तन्त्र त्रिविमीय आकाश (three dimensional space) में परस्पर लम्बवत् तीन सरल रेखीय अक्षों X, Y व 2 से मिलकर बनते हैं और ये अक्ष मूलबिन्दु पर मिलती हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35866" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-19.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-19" width="387" height="211" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-19.png 387w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-19-300x164.png 300w" sizes="auto, (max-width: 387px) 100vw, 387px" /><br />
इस प्रकार के तन्त्र से किसी क्षण पर स्थिति तीन निर्देशांकों (x. 31.2) द्वारा व्यक्त की जाती है। यद्यपि कार्तीय निर्देशांक पद्धति, दक्षिणावर्ती (right handed) (चित्र) व वामावर्ती (left handed) (चित्र b) दो प्रकार की होती है परन्तु अधिकांशतः दक्षिणावर्ती कार्तीय निर्देशांक पद्धति का ही प्रयोग निर्देश तन्त्र के रूप में किया जाता है।</p>
<p>ऐसे निर्देश तन्त्र जिनमें न्यूटन के गति सम्बन्धी प्रथम और द्वितीय नियम वैध होते हैं, जड़त्वीय निर्देश तन्त्र कहलाते हैं। इस प्रकार के तन्त्र में यदि किसी कण पर कोई बाह्य बल कार्यरत् नहीं है तो यह कण या तो स्थिर रहता है अथवा एक समान वेग से सरल रेखीय गति करता है (जड़त्व का नियम)। अत: इन्हें जगत्वीय निर्देश तन्त्र कहा जाता है। इस प्रकार के तन्त्रों को गैलीलियन तन्त्र अथवा न्यूटोनियन निर्देश तन्त्र के नाम से भी जाना जाता है।</p>
<p>गणितीय विश्लेषण से यह सिद्ध किया जा सकता है कि जड़त्वीय निर्देश तन्त्र या तो स्थिर होते हैं अथवा नियत वेग से गतिमान होते हैं। यह भी सिद्ध किया जा सकता है कि किसी जड़त्वीय निर्देश तन्त्र के सापेक्ष नियत वेग से गतिमान अन्य कोई तन्त्र भी जड़त्वीय ही होगा।</p>
<p>जड़त्वीय निर्देश तन्त्र के लिए न्यूटन द्वारा निरपेक्ष आकाश (Absolute space) की कल्पना की गई। न्यूटन ने यह माना कि निरपेक्ष आकाश एक ऐसा जड़त्वीय तंत्र है जो स्वयं निरपेक्ष विरामावस्था में है, अतः इसके सापेक्ष सभी प्रकार की गतियों का अध्ययन किया जा सकता है। परन्तु आपेक्षिकता के विशिष्ट सिद्धान्त के आधार पर यह कल्पना यथार्थ की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। अनुभवों के आधार पर यह ज्ञात है कि स्थिर तारे (fixed stars) निरपेक्ष आकाश के सापेक्ष लगभग स्थिर होते हैं। अतः इन तारों से सम्बद्ध निर्देश तन्त्र सर्वोत्तम उपलब्ध जड़त्वीय निर्देश तन्त्र है।</p>
<p>अजड़त्वीय निर्देश तन्त्र : वे निर्देश तन्त्र जिनमें न्यूटन के गति के प्रथम व द्वितीय नियम वैध नहीं रहते हैं, अजड़त्वीय निर्देश तन्त्र कहलाते हैं। इन तन्त्रों में बल की अनुपस्थिति में भी किसी कण की गति त्वरित प्रतीत होती है। सभी त्वरित तन्त्र एवं घूर्णन करते हुए तन्त्र अजड़त्वीय होते हैं।</p>
<p>क्या पृथ्वी जड़त्वीय निर्देश तन्त्र है? &#8211; पृथ्वी न केवल अपनी स्वयं की अक्ष पर अपितु सूर्य के चारों ओर भी घूर्णन करती है अतः पृथ्वी सम्बद्ध जड़त्वीय निर्देश तन्त्र वास्तव में जड़त्वीय निर्देश तन्त्र नहीं हैं। पृथ्वी की स्वयं की घूर्णन गति के कारण इसकी सतह पर स्थित कोई स्थिर कण इसके केन्द्र की ओर अभिकेन्द्रीय बल का अनुभव करता है।<br />
उदाहरणार्थ : भूमध्य रेखा पर इस अभिकेन्द्रीय त्वरण का मान-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35867" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-20.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-20" width="298" height="159" /><br />
सामान्य यांत्रिकी की समस्याओं में इस त्वरण को यदि न्यून मानकर छोड़ दें, तो पृथ्वी को जड़त्वीय निर्देश तन्त्र माना जा सकता है। परन्तु कुछ समस्याओं में इस त्वरण के प्रभाव दृष्टिगोचर होते हैं। वास्तव में पृथ्वी के अपनी अक्ष पर घूमने तथा सूर्य के चारों ओर परिक्रमण से सम्बन्धित त्वरणों के संशोधन के पश्चात् ही पृथ्वी को व्यावहारिक निर्देश तन्त्र माना जा सकता है। हालांकि पृथ्वी को जड़त्वीय निर्देश तन्त्र मानकर ही हम भौतिकी की समस्याओं को हल करते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Questions)</span></p>
<p><strong>न्यूटन के गति के नियमों, आवेग एवं संवेग पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
एक मीनार की दीवार पर जल के फब्बारे द्वारा लगाया जाने वाला बल ज्ञात कीजिए, जबकि पाइप का क्षेत्रफल 10<sup>-2</sup> m<sup>-2</sup> तथा पानी का वेग 15 ms<sup>-1</sup> है। मान लीजिए कि जल दीवार से टकराने के बाद वापस नही लौटता है। (g = 10 ms<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर :<br />
250 N</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
विरामावस्था में पड़ा एक बम तीन समान टुकड़ों में विभक्त हो जाता है दो टुकड़े समकोण पर क्रमशः 9 ms<sup>-1</sup> व 12 ms<sup>-1</sup> के वेग से गति करते है, तो तीसरे टुकड़े का वेग ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
15 ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
500 g का हथौड़ा 6 ms<sup>-1</sup> के वेग से एक कील के सिरे पर टकराकर उस कील को 5 cm अन्दर धकेल देता है। यदि कील का द्रव्यमान उपेक्षणीय हो तो ज्ञात कीजिए-<br />
(a) टक्कर के पश्चात त्वरण;<br />
(b) टक्कर में लगा समय;<br />
(c) आवेग का मान।<br />
उत्तर :<br />
(a) 360 ms<sup>-2</sup>;<br />
(b) \(\frac{1}{60}\) s;<br />
(c) 3N.s.</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
एक वस्तु का द्रव्यमान 2 kg तथा प्रारम्भिक वेग 5 ms<sup>-1</sup> है, वस्तु की गति की दिशा में एक बल 4 s के लिए कार्य करता है। बल-समय ग्राफ संलग्न चित्र में प्रदर्शित है। वस्तु के आवेग तथा वेग की गणना कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35869" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-21.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-21" width="318" height="201" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-21.png 318w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-21-300x190.png 300w" sizes="auto, (max-width: 318px) 100vw, 318px" /><br />
उत्तर :<br />
8.5 N.s. ; 9.25 ms<sup>-1</sup></p>
<p><strong>परिवर्ती द्रव्यमान पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
500 kg द्रव्यमान का एक वाहन 6 ms<sup>-1</sup> के वेग से गति कर रहा है। इस पर 10kg min<sup>-1</sup> की दर से रेत डाली जा रही है। वाहन को नियत वेग से गतिशील रखने के लिए आवश्यक बल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
N</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
एक रॉकेट का ईंधन 100 kg.s<sup>-1</sup> की दर से जल रहा है। निष्कासित गैसें 4.5 × 10<sup>4</sup> ms<sup>-1</sup> के वेग से निकलती हैं। रॉकेट पर उछाल बल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
4.5 × 10<sup>6</sup> N</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
एक क्षैतिज घर्षण रहित सड़क पर खड़ी 2000kg की कार के ऊपर एक गन रखी गयी है। किसी समय गन द्वारा 10g की गोली कार के सापेक्ष 500 ms<sup>-1</sup> के वेग से छोड़ी जाती है। प्रति सेकण्ड छोड़ी गयी गोलियों की संख्या 10 है, तो निकाय पर आरोपित औसत प्रणोद ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
50N</p>
<p><strong>घर्षण पर आधरित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
2 kg का एक गुटका क्षैतिज से 60° के कोण पर झुके हुए एक आनत तल पर रखा है गुटके एवं तल के बीच घर्षण गुणांक 0.7 है गुटके पर लगने वाला घर्षण बल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
6.86N</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
10 ms<sup>-1</sup> की चाल से सड़क पर लुढ़कता हुआ एक पिण्ड 50m दूरी तय करके विरामावस्था में आ जाता है। घर्षण गुणांक ज्ञात कीजिए। (g = 10 ms<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर :<br />
0.1</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
एक मोटर कार सीधी क्षैतिज सड़क पर 1 चाल से चल रही है। यदि सड़क तथा टायरों के बीच स्वैतिक घर्षण गुणांक (4) हो, तो वह कम से कम दूरी क्या है जिसमें मोटर कार को रोका जा सकता है?<br />
उत्तर :<br />
\(\frac{u^2}{2 \mu_s \cdot g}\)</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक व्यक्ति जिसका द्रव्यमान 80kg है, एक खम्भे से नीचे फिसलता है। घर्षण बल 720 N पर नियत है। व्यक्ति का त्वरण ज्ञात कीजिए। (g = 10ms<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर :<br />
1.0 ms<sup>-2</sup></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
1200g द्रव्यमान का बक्सा क्षैतिज धरातल पर 12 g भार के बल से खींचा जाता है। घर्षण गुणांक 0.2 है सक्से में उत्पन्न त्वरण कितना होगा?<br />
उत्तर :<br />
7.84 ms<sup>-2</sup></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
L लम्बाई की एक चेन अशंत मेज पर पड़ी है तथा अशंतः मेज के किनारे से लटकी है। यदि चेन तथा मेज के मध्य स्थैतिक घर्षण गुणक µ<sub>s</sub> हो तो चेन कितनी अधिकतम लटकायी जा सकती है, जिससे कि मेज पर पड़ा चेन का भाग न खिसके?<br />
उत्तर :<br />
\(l=\frac{\mu_s \cdot L}{1+\mu_s}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
एक नत तल जिसकी लम्बाई 13 m तथा ऊँचाई 5m है और µ = \(\frac{1}{3}\) है। किस प्रारंभिक वेग से वस्तु प्रक्षेपित की जानी चाहिए ताकि वस्तु तल के उच्चतम बिन्दु पर विरामावस्था में आ जाये ?<br />
उत्तर :<br />
13.28 ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
धातु का बना एक ब्लॉक धातु से बनी नत तल की सतह जो क्षैतिज के साथ 30° का कोण बनाती है, पर रखा हुआ है। यदि ब्लॉक का द्रव्यमान 0.5 kg और घर्षण गुणांक 0.2 है तो (i) वस्तु को फिसलने से रोकने के लिए आवश्यक बल क्या होगा ? (ii) सतह पर ऊपर की ओर गति कराने के लिए आवश्यक बल क्या होगा ? (iii) ऊपर की ओर 20 cms<sup>-2</sup> त्वरण से गति के लिए आवश्यक बल क्या होगा?<br />
उत्तर :<br />
(i) 1.6N<br />
(ii) 3.299 N<br />
(iii) 3.399 N</p>
<p><strong>वृत्तीय गति पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
0.10 kg द्रव्यमान का पिण्ड 1.0m व्यास के वृत्तीय पथ पर 31.48 में 10 चक्कर की दर से घूम रहा है। पिण्ड पर लगने वाले बल की गणना कीजिए।<br />
उत्तर :<br />
0.2N</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
वह अधिकतम वेग ज्ञात कीजिए जिससे एक रेलगाड़ी 100 m त्रिज्या वाले वृत्ताकार पथ पर चलाई जा सकती है। पटरियों का झुकाव 11.31° है। (tan 11.31° = 0.2, g = 10ms<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर :<br />
14 ms<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 18.<br />
एक साइकिल सवार जिसका द्रव्यमान 100 kg है, 100 m त्रिज्या के वृत्तीय मोड़ को 10 ms की चाल से पार करना चाहता है। यदि साइकिल के टायरों व सड़क के बीच घर्षण गुणांक 11 0.6 हो, तो क्या सवार मोड़ को पार कर लेगा? (g = 10ms<sup>-2</sup>)<br />
उत्तर :<br />
हाँ</p>
<p><strong>संगामी बलों पर आधारित प्रश्न</strong></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
2 किग्रा भार की एक वस्तु को संलग्न चित्र की भाँति लटकाया गया है। क्षैतिज डोरी में तनाव T<sub>1</sub> (किग्रा भार में) ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35870" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-22.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-22" width="258" height="161" /><br />
उत्तर :<br />
2√3 किग्रा भार</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
M द्रव्यमान को किसी अवितान्य डोरी से संलग्न चित्र की भाँति लटकाते हैं। क्षैतिज डोरी में तनाव क्या होगा?<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-35871" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-5-गति-के-नियम-23.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 5 गति के नियम-23" width="277" height="192" /><br />
उत्तर :<br />
√3 Mg</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:31:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ बहुविकल्पीय प्रश्न 1. एक मोल ऑक्सीजन में, ऑक्सीजन के अणुओं की संख्या होगी &#8211; (1) 1 (2) 100 (3) 6·023 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions/">HBSE 11th Class Chemistry Important Questions</a> Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न</span></p>
<p>1. एक मोल ऑक्सीजन में, ऑक्सीजन के अणुओं की संख्या होगी &#8211;<br />
(1) 1<br />
(2) 100<br />
(3) 6·023 × 10<sup>23</sup><br />
(4) 0.6023 x 10<sup>23</sup>.<br />
उत्तर:<br />
(3) 6·023 × 10<sup>23</sup></p>
<p>2. तुल्यांकी भार का मात्रक होता है-<br />
(1) ग्राम<br />
(2) किलोग्राम<br />
(3) ग्राम प्रति लीटर<br />
(4) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(4) इनमें से कोई नहीं</p>
<p>3. NTP पर प्रत्येक गैस के एक ग्राम अणु भार का आयतन &#8211;<br />
(1) 224 लीटर होता है<br />
(2) 224 c. c. होता है<br />
(3) 2.24 लीटर होता है<br />
(4) 22.4 लीटर होता है।<br />
उत्तर:<br />
(4) 22.4 लीटर होता है।</p>
<p>4. 44 ग्राम CO<sub>2</sub> में उपस्थित अणुओं की संख्या है-<br />
(1) 12 × 10<sup>23</sup><br />
(2) 3 × 10<sup>10</sup><br />
(3) 6 × 10<sup>23</sup><br />
(4) 1 × 10<sup>23</sup><br />
उत्तर:<br />
(3) 6 × 10<sup>23</sup></p>
<p>5. मानक ताप तथा दाब पर 0.25 मोल अमोनिया गैस का आयतन है-<br />
(1) 2-24 लीटर<br />
(2) 5.6 लीटर<br />
(3) 11.2 लीटर<br />
(4) 22.4 लीटर।<br />
उत्तर:<br />
(2) 5.6 लीटर</p>
<p>6. एक धातु के क्लोराइड का सूत्र MCl<sub>3</sub> है और धातु का तुल्यांकी भार 9 है। तत्व का परमाणु भार होगा-<br />
(1) 9<br />
(2) 18<br />
(3) 27<br />
(4) 3<br />
उत्तर:<br />
(3) 27</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>7. किसी तत्व की परमाणुकता प्रकट करती है—<br />
(1) तत्व का परमाणु क्रमांक<br />
(2) तत्व का परमाणु भार<br />
(3) तत्व की आवोगाद्रो संख्या<br />
(4) तत्व के अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या।<br />
उत्तर:<br />
(4) तत्व के अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या।</p>
<p>8. 111 ग्राम CaCl<sub>2</sub> में आयनों की कुल संख्या होगी &#8211;<br />
(1) एक मोल<br />
(2) दो मोल<br />
(3) तीन मोल<br />
(4) चार मोल।<br />
उत्तर:<br />
(3) तीन मोल</p>
<p>9. वायु है-<br />
(1) यौगिक<br />
(2) मिश्रण<br />
(3) तत्व<br />
(4) इनमें से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(2) मिश्रण</p>
<p>10. एक मोल H<sub>2</sub>O में हैं-<br />
(1) 6.02 × 10<sup>23</sup> ऑक्सीजन के परमाणु<br />
(2) 6.02 x 10<sup>23</sup> हाइड्रोजन के परमाणु<br />
(3) 18.1 × 10<sup>20</sup> H<sub>2</sub>O के परमाणु<br />
(4) H<sub>2</sub>O के 3 ग्राम अणु।<br />
उत्तर:<br />
(1) 6.02 × 10<sup>23</sup> ऑक्सीजन के परमाणु</p>
<p>11. ऑक्सेलिक अम्ल (C<sub>2</sub>O<sub>4</sub>H<sub>2</sub>. 2H<sub>2</sub>O) का तुल्यांकी भार क्या है, यदि इसका अणु भार 126 है?<br />
(1) 98<br />
(2) 63<br />
(3) 196<br />
(4) 126<br />
उत्तर:<br />
(2) 63</p>
<p>12. पदार्थों का कौन सा युग्म गुणित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है?<br />
(1) CO तथा CO<sub>2</sub><br />
(2) H<sub>2</sub>O तथा D<sub>2</sub>O<br />
(3) NaCl तथा NaBr<br />
(4) MgO तथा Mg (OH)<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(1) CO तथा CO<sub>2</sub></p>
<p>13. MnSO<sub>4</sub> का तुल्यांकी भार, अणु भार का आधा हो जाता है, जब यह परिवर्तित होता है-<br />
(1) Mn<sub>2</sub>O<sub>3</sub> में<br />
(2) MnO<sub>2</sub> मैं<br />
(3) MnO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup> मैं<br />
(4) MnO<sub>4</sub><sup>2-</sup> में<br />
उत्तर:<br />
(4) MnO<sub>4</sub><sup>2-</sup> में</p>
<p>14. मोल X तथा 9 मोल Y निम्न क्रिया के अनुसार क्रिया करके बनाते हैं-<br />
X + 2Y → Z<br />
Z के कितने मोल बनेंगे ?<br />
(1) 5 मोल Z<br />
(2) 8 मोल 7<br />
(3) 14 मोल Z<br />
(4) 4 मोल Z<br />
उत्तर:<br />
(4) 4 मोल Z</p>
<p>15. 27 ग्राम एल्युमिनियम ऑक्सीजन के कितने ग्राम से पूर्णतः अभिक्रिया करेगी?<br />
(1) 8 ग्राम<br />
(2) 16 ग्राम<br />
(3) 32 ग्राम<br />
(4) 24 ग्राम।<br />
उत्तर:<br />
(4) 24 ग्राम।</p>
<p>16. चूने के पत्थर (CaCO) की कितनी मात्रा CaO के 56 किग्रा. देगी।<br />
(1) 1000 किग्रा.<br />
(2) 56 किग्रा.<br />
(3) 2 किग्रा.<br />
(4) 100 किग्रा.<br />
उत्तर:<br />
(4) 100 किग्रा.</p>
<p>17. Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub> के 5-3 ग्राम 500 मिली में घुले हैं। विलयन की मोलरता होगी-<br />
(1) 0.1 M<br />
(2) 0.2 M<br />
(3) 0.3 M<br />
(4) 1.0 M<br />
उत्तर:<br />
(1) 0.1 M</p>
<p>18. निम्न में से अणुओं की न्यूनतम संख्या किसमें होगी?<br />
(1) 0.1 मोल CO<sub>2</sub> में<br />
(2) 11 लीटर CO<sub>2</sub> में<br />
(3) 22 ग्राम CO<sub>2</sub> मैं<br />
(4) 22.4 x 10³ मिली CO<sub>2</sub> में<br />
उत्तर:<br />
(1) 0.1 मोल CO<sub>2</sub> में</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>19. NaOH में ऑक्सीजन का प्रतिशत है-<br />
(1) 40<br />
(2) 16<br />
(3) 8<br />
(4) 1<br />
उत्तर:<br />
(1) 40</p>
<p>20. शुद्ध जल की मोलरता होती है.<br />
(1) 55.6<br />
(2) 50<br />
(3) 100<br />
(4) 18<br />
उत्तर:<br />
(1) 55.6</p>
<p>21. अणुओं की न्यूनतम संख्या निम्न में से किसमें है?<br />
(1) I मोल SO<sub>2</sub> में<br />
(2) SO<sub>2</sub> गैस के 1 × 10<sup>23</sup> अणुओं में<br />
(3) S. T.P. पर 11.2 लीटर SO<sub>2</sub> मैं<br />
(4) सभी में समान है।<br />
उत्तर:<br />
(3) S. T.P. पर 11.2 लीटर SO<sub>2</sub> मैं</p>
<p>22. अणुओं की सबसे अधिक संख्या उपस्थिति है।<br />
(1) 28 ग्राम CO मैं<br />
(2) 36 ग्राम जल में<br />
(3) 54 ग्राम N<sub>2</sub>O<sub>5</sub> में<br />
(4) 46 ग्राम C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>OH में<br />
उत्तर:<br />
(2) 36 ग्राम जल में</p>
<p>23. 560 ग्राम Fe में उपस्थित परमाणुओं की संख्या होगी-<br />
(1) 70 ग्राम नाइट्रोजन की दोगुनी<br />
(2) 20 ग्राम हाइड्रोजन की आधी<br />
(3) (1) तथा (2) दोनों सही हैं<br />
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(3) (1) तथा (2) दोनों सही हैं</p>
<p>24. यदि जल का घनत्व 1 ग्राम / सेमी³ है, तो जल के एक अणु का आयतन होगा-<br />
(1) 18 सेमी.³<br />
(2) 22400 सेमी<br />
(3) 6.02 x 10<sup>-23</sup> सेमी³<br />
(4) 3.0 x 10<sup>-23</sup> सेमी³<br />
उत्तर:<br />
(4) 3.0 x 10<sup>-23</sup> सेमी³</p>
<p>25 00300 में सार्थक अंकों की संख्या है-<br />
(1) एक<br />
(2) दो<br />
(3) तीन<br />
(4) चार।<br />
उत्तर:<br />
(3) तीन</p>
<p>26. 0.05 g भार वाले जल की बूँद में H<sub>2</sub>O अणुओं की संख्या है-<br />
(1) 1.5 × 10<sup>23</sup><br />
(2) 1.672 × 10<sup>21</sup><br />
(3) 1.5 x 10<sup>20</sup><br />
(4) 6.02 × 10<sup>22</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) 1.672 × 10<sup>21</sup></p>
<p>27. निश्चित ताप एवं दाब के अधीन विभिन्न गैसों के समान आयतन में होता है-<br />
(1) समान घनत्व<br />
(2) समान द्रव्यमान<br />
(3) समान परमाणु<br />
(4) समान अणु<br />
उत्तर:<br />
(4) समान अणु</p>
<p>28. मैग्नीशियम फॉस्फेट, Mg<sub>3</sub> (PO<sub>4</sub>)<sub>2</sub> के कितने मोल में 0-25 मोल ऑक्सीजन परमाणु होंगे?<br />
(1) 0.02<br />
(2) 3·125 x 10<sup>-2</sup><br />
(3) 1.25 x 10<sup>-2</sup><br />
(4) 2.5 × 10<sup>-2</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) 3·125 x 10<sup>-2</sup></p>
<p>29. सल्फर का एक परमाणु कार्बन के एक परमाणु से कितने गुना भारी होता है?<br />
(1) 32 गुना<br />
(2) 12 गुना<br />
(3) \(\frac { 8 }{ 3 }\) गुना<br />
(4) \(\frac { 12 }{ 32 }\) 32 गुना।<br />
उत्तर:<br />
(3) \(\frac { 8 }{ 3 }\) गुना</p>
<p>30. निम्नलिखित के द्रव्यमानों का सही अवरोही क्रम क्या है?<br />
(i) ऑक्सीजन के 6.022 x 10<sup>23</sup> परमाणु<br />
(ii) H<sub>2</sub>S के 1.0 × 10<sup>23</sup> अणु<br />
(iii) ऑक्सीजन के 6.022 x 10<sup>23</sup> अणु<br />
(1) (i) &gt; (ii) &gt; (iii)<br />
(2) (i) &gt; (iii) &gt; (ii)<br />
(3) (iii) &gt; (i) &gt; (ii)<br />
(4) (ii) &gt; (i) &gt; (iii)<br />
उत्तर:<br />
(3) (iii) &gt; (i) &gt; (ii)</p>
<p>31. 294.406, 280.208 एवं 24 के योग का सही लिखा गया उत्तर होगा-<br />
(1) 598.61<br />
(2) 599<br />
(3) 598.6<br />
(4) 598.614<br />
उत्तर:<br />
(2) 599</p>
<p>32. मोललता की इकाई है-<br />
(1) मोल्स<br />
(2) मोल्स/ किग्रा.<br />
(3) मोल्स / लीटर<br />
(4) ग्राम/लीटर।<br />
उत्तर:<br />
(2) मोल्स/ किग्रा.</p>
<p>33. मोल अंश की इकाई है-<br />
(1) मोल्स<br />
(2) मोल्स / किग्रा.<br />
(3) ईकाई नहीं होती<br />
(4) मोल्स / लीटर।<br />
उत्तर:<br />
(3) ईकाई नहीं होती</p>
<p>34. यदि N<sub>A</sub> आवागाद्रो संख्या है, तो 4.2 g नाइट्राइड आयन (N<sup>3-</sup>) में संयोजक इलेक्ट्रॉनों की संख्या है-<br />
(1) 4.2 N<sub>A</sub><br />
(2) 2.4 N<sub>A</sub><br />
(3) 1.6 N<sub>A</sub><br />
(4) 3.2 N<sub>A</sub><br />
उत्तर:<br />
(2) 2.4 N<sub>A</sub></p>
<p>35. एक विद्यार्थी की लम्बाई 64.25 इंच है, इसकी लम्बाई फीट में होगी-<br />
(1) 5.345 फीट<br />
(2) 5 फीट<br />
(3) 5.3 फीट<br />
(4) 5.34 फीट।<br />
उत्तर:<br />
(1) 5.345 फीट</p>
<p>36. समस्थानिक होते हैं-<br />
(1) न्यूट्रॉनों की संख्या में भिन्न<br />
(2) प्रोटॉनों की संख्या में भिन्न<br />
(3) उपर्युक्त दोनों<br />
(4) उपर्युक्त में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(3) उपर्युक्त दोनों</p>
<p>37. एक परमाण्वीय द्रव्यमान इकाई (amu) का मान है-<br />
(1) 166 × 10<sup>-24</sup> ग्राम<br />
(2) 1.66 × 10<sup>-27</sup> ग्राम<br />
(3) 1.008 ग्राम<br />
(4) इनमें से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(3) 1.008 ग्राम</p>
<p>38. कैल्सियम का परमाणु भार 40 है। यदि इसकी संयोजकता दो हो तो कैल्सियम का तुल्यांक भार होगा<br />
(1) 20<br />
(2) 40<br />
(3) 10<br />
(4) 80<br />
उत्तर:<br />
(1) 20</p>
<p>39. किसमें सबसे अधिक परमाणु हैं ?<br />
(1) 24 g C &#8211; 12<br />
(2) 56g Fe &#8211; 56<br />
(3) 27 g Al &#8211; 23<br />
(4) 108 g Ag &#8211; 108.<br />
उत्तर:<br />
(1) 24 g C &#8211; 12</p>
<p>40. CO के 6.022 x 10<sup>24</sup> अणुओं में ऑक्सीजन के ग्राम अणुओं की संख्या है-<br />
(1) 10 ग्राम मोल्स<br />
(2) 5 ग्राम मोल्स<br />
(3) 1 ग्राम मोल<br />
(4) 0.5 ग्राम मोल<br />
उत्तर:<br />
(2) 5 ग्राम मोल्स</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>41. अभिव्यक्ति के किस ढंग में विलयन की संघनन क्षमता इसके तापमान से स्वतन्त्र होती है-<br />
(1) मोलरता<br />
(2) नॉर्मलता<br />
(3) फॉर्मलता<br />
(4) मोललता।<br />
उत्तर:<br />
(4) मोललता।</p>
<p>42. एक मोलल विलयन वह होता है जिसमें विलेय का एक मोल होता है &#8211;<br />
(1) 1000 g विलायक में<br />
(2) एक लीटर विलायक में<br />
(3) एक लीटर विलयन में<br />
(4) 22-4 लीटर विलयन में।<br />
उत्तर:<br />
(1) 1000 g विलायक में</p>
<p>43. 0.635 ग्राम कॉपर में उपस्थित परमाणुओं की संख्या होगी-<br />
(1) 6·023 x 10<sup>-23</sup><br />
(2) 6·023 × 10<sup>23</sup><br />
(3) 6.023 x 10<sup>22</sup><br />
(4) 6·023 × 1021.<br />
उत्तर:<br />
(4) 6·023 × 1021.</p>
<p>44. यौगिक C<sub>66</sub>H<sub>122</sub> के एक अणु का भार है—<br />
(1) 1.4 × 10<sup>-21</sup> ग्राम<br />
(2) 1.09 × 10<sup>23</sup> ग्राम<br />
(3) 5.025 x 10<sup>23</sup> ग्राम<br />
(4) 16.023 x 10<sup>23</sup> ग्राम।<br />
उत्तर:<br />
(1) 1.4 × 10<sup>-21</sup> ग्राम</p>
<p>45. CO के 14 g के लिये असत्य कथन है-<br />
(1) यह N.T.P. पर 2.24 लीटर घेरता है<br />
(2) यह CO के \(\frac { 1 }{ 2 }\) मोल के लगभग है<br />
(3) यह CO और N<sub>2</sub> के समान मोलों के लगभग है<br />
(4) यह CO के 3.01 × 10<sup>23</sup> अणुओं के लगभग है।<br />
उत्तर:<br />
(1) यह N.T.P. पर 2.24 लीटर घेरता है</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
रसायन के दो लाभ बताइए।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>खाद्य पदार्थों की पैदावार बढ़ाने में।</li>
<li>चिकित्सा क्षेत्र में।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 2.<br />
रसायन का विनाशकारी रूप क्या है?<br />
उत्तर:<br />
परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, विषैली गैसें जैसे मस्टर्ड गैस, टी. एन. टी. आदि रसायन के विनाशकारी रूप हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
रसायन विज्ञान के सिद्धान्तों का व्यावहारिक उपयोग किन-किन क्षेत्रों में होता है?<br />
उत्तर:<br />
रसायन विज्ञान के सिद्धान्तों का व्यावहारिक उपयोग मौसम विज्ञान, नाड़ी तन्त्र और कम्प्यूटर प्रचालन में होता है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
द्रव्य क्या है?<br />
उत्तर:<br />
द्रव्य वह वस्तु है जिसमें आयतन और द्रव्यमान होता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
द्रव्य के सूक्ष्म कण को क्या कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
द्रव्य के सूक्ष्म कण को परमाणु कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
द्रव्य भौतिक रूप में कितनी अवस्थाओं में पाया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
द्रव्य भौतिक रूप में ठोस, द्रव तथा गैस तीन अवस्थाओं में पाया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
द्रव्य को विभिन्न अवस्थाओं में परिवर्तित किया जा सकता है या नहीं?<br />
उत्तर:<br />
ताप और दाब की परिस्थितियों के परिवर्तन द्वारा द्रव्य की इन तीनों अवस्थाओं को एक-दूसरे में परिवर्तित किया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
ऐसे द्रव्य का नाम बताइए जो द्रव्य की तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
जल।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
मिश्रण क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी मिश्रण में दो या दो से अधिक घटकों का अनुपात अनिश्चित होता है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
यौगिक किसे कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
यौगिक एक शुद्ध समांगी पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में संयोग करने पर प्राप्त होता है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
निम्नलिखित को शुद्ध पदार्थ और मिश्रण के रूप में वर्गीकृत कीजिये।<br />
(i) ग्रेफाइट, (ii) दूध, (iii) गैसोलीन, (iv) ऑक्सीजन, (v) आसुत जल, (vi) पीतल, (vii) सोडियम क्लोराइड, (viii) लोहा, (ix) इस्पात, (x) शर्बत, (xi) 24 कैरेट गोल्ड, (xii) ग्लूकोज, (xiii) 22 कैरेट गोल्ड, (xiv) शहद, (xv) बुझा हुआ चूना।<br />
उत्तर:<br />
शुद्ध पदार्थ &#8211; ग्रेफाइट, ऑक्सीजन, आसुत जल, सोडियम क्लोराइड, लोहा, 24 कैरेट गोल्ड, ग्लूकोज, बुझा हुआ चूना।<br />
मिश्रण &#8211; दूध, गैसोलीन, पीतल, इस्पात, शर्बत, 22 कैरेट गोल्ड, शहद।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
निम्नलिखित को तत्व, यौगिक और मिश्रण में वर्गीकृत कीजिये-<br />
(1) गन्धक का तेजाब, (2) कोल्ड ड्रिंक, (3) चीनी, (4) संगमरमर, (5) टिन, (6) लैड, (7) आयोडीन युक्त खाद्य लवण, (8) नल का पानी, (9) हीरा, (10) दूध, (11) सीमेन्ट, (12) सिलिका, (13) प्लास्टर ऑफ पेरिस, (14) निकिल।<br />
उत्तर:<br />
तत्व &#8211; टिन, लैड, हीरा, निकिल।<br />
यौगिक-गंधक का तेजाब, चीनी, संगमरमर, सिलिका, प्लॉस्टर ऑफ पेरिस ।<br />
मिश्रण &#8211; कोल्डड्रिंक, आयोडीन युक्त खाद्य लवण, नल का पानी, दूध, सीमेंट।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
विज्ञान की किस शाखा के अन्तर्गत पदार्थ के अणुओं तथा परमाणुओं से सम्बन्धित ज्ञान प्राप्त किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
रसायन विज्ञान के अन्तर्गत पदार्थ के अणुओं तथा परमाणुओं से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है। नहीं ।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
किस द्रव्य का अवस्था आयतन निश्चित होता है, आकार<br />
उत्तर:<br />
द्रव का आयतन निश्चित होता है, आकार नहीं।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
जल में नमक का मिश्रण विलयन क्यों है, जबकि तेल और जल का मिश्रण विलयन नहीं है?<br />
उत्तर:<br />
जल में नमक का मिश्रण विलयन है क्योंकि नमक व जल दोनों आपस मे मिलकर एक समांगी मिश्रण बनाते हैं अतः ये विलयन का निर्माण करते हैं। जबकि जल और तेल आपस में मिलकर असमांगी मिश्रण बनाते हैं अतः ये विलयन नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
वायु को कभी-कभी विषमांगी मिश्रण क्यों माना जाता है?<br />
उत्तर:<br />
वायु को कभी-कभी विषमांगी मिश्रण माना जाता है, जब उसमें धूल के कण उपस्थित हों।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
निम्न को धातुओं एवं अधातुओं में वर्गीकृत कीजिए-<br />
(i) आर्गन, (ii) पोटैशियम, (III) हीलियम, (iv) पारा, (v) हीरा, (vi) सिलिकन, (vii) सीसा (Hg), (viii) मैग्नीशियम (Mg)<br />
उत्तर:<br />
धातुएँ पौटेशियम, पारा, सीसा (Hg), मैग्नीशियम (Mg)।<br />
अधातुएँ-आर्गन, हीलियम, हीरा, सिलिकन।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
किसी एक पर्यावरण प्रदूषक का नाम लिखें।<br />
उत्तर:<br />
क्लोरो फ्लुओरोकार्बन (फ्रिऑन)।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
किस द्रव्य अवस्था का आयतन तथा आकार दोनों ही अनिश्चित होते हैं।<br />
उत्तर:<br />
गैस का आयतन तथा आकार दोनों ही अनिश्चित होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किस द्रव्य अवस्था का आयतन व आकार दोनों ही निश्चित होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
ठोस का आयतन तथा आकार दोनों ही निश्चित होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
द्रव्य की किस अवस्था में अन्तरा अणुक अवकाश सबसे अधिक व किस अवस्था में सबसे कम होता है।<br />
उत्तर:<br />
द्रव्य की गैस अवस्था में अन्तरा अणुक अवकाश सबसे अधिक व ठोस अवस्था में अन्तरा अणुक अवकाश सबसे कम होता है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
अणु एक-दूसरे को किस विशेष आकर्षण बल द्वारा आकर्षित करते हैं?<br />
उत्तर:<br />
अणु एक-दूसरे को अन्तरा अणुक आकर्षण बल द्वारा आकर्षित करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
जल की गैसीय अवस्था वाष्प कहलाती है जबकि अमोनिया की गैसीय अवस्था गैस क्यों?<br />
उत्तर:<br />
उन पदार्थों की गैसीय अवस्था वाष्प कहलाती है जो कि कमरे के ताप पर द्रव होते हैं। चूँकि जल कमरे के ताप पर द्रव होता है अतः इसकी गैसीय अवस्था वाष्य कहलाती है परन्तु अमोनिया कमरे के ताप पर द्रव नहीं होती अतः इसकी गैसीय अवस्था गैस कहलाती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
निम्न में से समांगी व असमांगी मिश्रण छॉटिये धुआँ, बादल, काष्ठ, नल का पानी<br />
उत्तर:<br />
समांगी मिश्रण धुआँ, बादल, काष्ठ। असमांगी मिश्रण नल का पानी।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
लोहे का बुरादा एवं गन्धक का चूर्ण किस प्रकार का मिश्रण है।<br />
उत्तर:<br />
लोहे का बुरादा एवं गंधक का चूर्ण एक विषमांगी मिश्रण है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
मूल मात्रकों को व्यक्त करने के लिए कौन-सी पद्धति पूरे संसार में अपनाई जा रही है?<br />
उत्तर:<br />
मूल मात्रकों को व्यक्त करने के लिए पूरे संसार में अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति (S. I.) अपनाई जा रही है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
मात्रकों की अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति क्या है?<br />
उत्तर:<br />
मात्रकों की अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति (फ्रांसीसी में Le system international d&#8217; units) S. I. (एस. आई.) कहा जाता है को सन् 1960 में भार और माप के ग्यारहवें सर्व सम्मेलन (Conference Generale des Poios at Measures. CGPM) में स्वीकृत किया गया था।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
कौन-सा संस्थान भारतीय राष्ट्रीय मापन के मानकों का अनुरक्षण करता है?<br />
उत्तर:<br />
भारत में मापन के मानकों के अनुरक्षण का कार्य राष्ट्रीय भौतिकी प्रयोगशाला, नई दिल्ली द्वारा किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
अन्तर्राष्ट्रीय प्रणाली में कितने मूल मात्रक हैं?<br />
उत्तर:<br />
अन्तर्राष्ट्रीय प्रणाली में सात मूल मात्रक हैं।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
ताप का ऋणात्मक मान किस पैमाने पर सम्भव होता है तथा किस पर नहीं?<br />
उत्तर:<br />
0°C से कम ताप (अर्थात् ऋणात्मक मान) सेल्सियस पैमाने पर तो सम्भव है परन्तु केल्विन पैमाने पर ताप का ऋणात्मक मान सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
मानक किलोग्राम को परिभाषित करने के लिए पेरिस (फ्रान्स) के सैवरेस में सन्दर्भ सिलिण्डर प्लेटिनम- इरीडियम का ही क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
प्लेटिनम- इरीडियम रासायनिक अभिक्रिया के प्रति निष्क्रिय है।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
लम्बाई का मात्रक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
लम्बाई का SI मात्रक मीटर है।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
एक माइकॉन में कितने मीटर होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
10<sup>-6</sup> मीटर।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
एक मीटर में कितने एंग्स्ट्रॉम होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
1010 एंग्स्ट्रॉम</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
एक सौर दिन में कितने सेकण्ड होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
86400 सेकण्ड</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
प्रकाश वर्ष किस राशि का मात्रक है?<br />
उत्तर:<br />
दूरी का मात्रक है।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
ऊर्जा का SI मात्रक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
जल।</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
घनत्व का S. I मात्रक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
kg/m³।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
निम्न मात्रक कौन-सी भौतिक राशि दर्शाते हैं?<br />
(i) kg m²s<sup>-2</sup><br />
(ii) kg m<sup>2</sup><sup>-2</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) बल<br />
(ii) कार्य।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
आधार मात्रक व परिशुद्ध मात्रक में अन्तर बताइए।<br />
उत्तर:<br />
आधार मात्रक वे मात्रक हैं जो दूसरी भौतिक राशियों से प्राप्त होते हैं। परिशुद्ध मात्रक आधार मात्रकों से प्राप्त होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
मूल राशियाँ क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे भौतिक राशियाँ जो एक-दूसरे से स्वतन्त्र होती है। मूल राशियाँ कहलाती हैं ये राशियाँ अन्य राशियों पर निर्भर नहीं करती हैं।</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
व्युत्पन्न मात्रक क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे मात्रक जो मूल मात्रकों की सहायता से प्राप्त किये जाते हैं, व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
जूल, मीटर किलोग्राम, किलोग्राम / मीटर सेकण्ड तथा ऐम्पियर में कौन-कौन मूल मात्रक हैं?<br />
उत्तर:<br />
मूल मात्रक किलोग्राम, सेकण्ड एम्पियर।<br />
व्युत्पन्न मात्रक &#8211; जूल, किलोग्राम / मीटर।</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
माइकॉन से क्या समझते हो?<br />
उत्तर:<br />
इसे μ(म्यू) से प्रदर्शित करते हैं। इसके द्वारा अति सूक्ष्म जीवाणुओं के आकार को व्यक्त करते हैं।<br />
1 माइक्रॉन = 10<sup>6</sup> मीटर</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
एंग्स्ट्रॉम (Å) क्या है?<br />
उत्तर:<br />
इसके द्वारा नाभिक का आकार तथा प्रकाश की तरंगदैर्ध्य मापी जाती है। इसे Å से प्रदर्शित करते हैं<br />
1 एंग्स्ट्रॉम (Å) = 10<sup>-4</sup><br />
माइक्रॉन = 10<sup>-10</sup> मीटर</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
एक परमाणु की त्रिज्या 10<sup>-10</sup> m है। इसका माइक्रोमीटर में मान बताइये?<br />
उत्तर:<br />
10<sup>-10</sup> m = \(\frac{10^{-10}}{10^{-6}}\) = 10<sup>-4</sup> माइक्रोमीटर<br />
चूँकि 1 माइक्रोमीटर = 10<sup>-6</sup> मी.</p>
<p>प्रश्न 47.<br />
वेनेडियम धातु लोहे के साथ मिलकर मिश्रधातु बनाती है। वेनेडियम का घनत्व 5.96g/cm³ है इसका SI मात्रक क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
S. I. मात्रक MKS पद्धति अर्थात् मी. किग्रा. सेकण्ड पद्धति, अतः वैनेडियम का घनत्व 5.96 kg/m³</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
40 कैलोरी को जूल में परिवर्तित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
1 कैलोरी = 4.2 जूल<br />
अतः 40 कैलोरी = 4.2 x 40 जूल = 168.0 जूल</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
निम्न भौतिक राशियों की SI मात्रक लिखें।<br />
(i) क्षेत्रफल, (ii) घनत्व, (iii) वेग, (iv) त्वरण (v) दाब,<br />
(vi) सान्द्रता (vii) आवृत्ति, (viii) विद्युत आवेश, (ix) ऊर्जा (x) बल।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>भौतिक राशियाँ</td>
<td>S. I मात्रक</td>
</tr>
<tr>
<td>(i) क्षेत्रफल</td>
<td>वर्ग मीटर (m²)</td>
</tr>
<tr>
<td>(ii) घनत्व</td>
<td>किग्रा. प्रति घनमीटर (kg/m²)</td>
</tr>
<tr>
<td>(iii) वेग</td>
<td>मीटर प्रति सेकण्ड (m/s)</td>
</tr>
<tr>
<td>(iv) त्वरण</td>
<td>मीटर प्रति सेकण्ड² (m/s²)</td>
</tr>
<tr>
<td>(v) दाब</td>
<td>पास्कल या न्यूटन / मी.² (N/m²)</td>
</tr>
<tr>
<td>(vi) सान्द्रता</td>
<td>मोल / मी.³ (mol/m³)</td>
</tr>
<tr>
<td>(vii) आवृत्ति</td>
<td>हर्ट्ज (Hz या s<sup>-1</sup>)</td>
</tr>
<tr>
<td>(viii) विद्युत आवेश</td>
<td>कूलॉम या एम्पियर सेकण्ड (As)</td>
</tr>
<tr>
<td>(ix) ऊर्जा</td>
<td>जूल (kgm² s<sup>-2</sup>)</td>
</tr>
<tr>
<td>(x) बल</td>
<td>न्यूटन (kgm/s²)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 50.<br />
एक मील में कितने किलोमीटर व कितने मीटर होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
एक मील में 1.6 किलोमीटर एवं 1609.3 मीटर होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
एक इंच में कितने मीटर होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
एक इंच में 2.54 x 10<sup>-2</sup> मीटर होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
एक अर्ग में कितने जूल होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
एक अर्ग में 10<sup>-7</sup> जुल होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
निम्न को मीटर में परिवर्तित करें<br />
(1) माइक्रोमीटर (2) गीगा मीटर, (3) पिको मीटर, (4) सेन्टीमीटर।<br />
उत्तर:<br />
(1) एक माइक्रोमीटर = 10<sup>-6</sup> मीटर<br />
(2) एक गीगा मीटर = 10<sup>9</sup> मीटर<br />
(3) एक पिको मीटर = 10<sup>-12</sup> मीटर<br />
(4) एक सेन्टी मीटर = 10<sup>-2</sup> मीटर</p>
<p>प्रश्न 54.<br />
2 फीट 2 इंच को S.I. इकाई में व्यक्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
1 फीट 12 इंच<br />
2 फीट 2 इंच 26 इंच<br />
1 इंच = 2.54 x 10<sup>-2</sup> मी.<br />
26 इंच = 2.54 × 10<sup>-2</sup> × 26<br />
= 66.04 × 10<sup>-2</sup> मी.</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
0.000213 सेमी. को वैज्ञानिक पद्धति में लिखें।<br />
उत्तर:<br />
2.13 x 10<sup>-4</sup> सेमी. अथवा 2.13 x 10<sup>-6</sup> मीटर।</p>
<p>प्रश्न 56.<br />
20°C को फारेनहाइट में परिवर्तित कीजिए।<br />
उत्तर<br />
°F = \(\frac { 9 }{ 5 }\) (°C) + 32<br />
°F = \(\frac { 9 }{ 5 }\) × 20 + 32<br />
= 36 + 32 &#8211; 68<br />
अत: 20°C = 68°F</p>
<p>प्रश्न 57.<br />
10°F को सेन्टीग्रेड में परिवर्तित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
°F = \(\frac { 9 }{ 5 }\) (°C) + 32<br />
10 = \(\frac { 9 }{ 5 }\)(°C) + 32<br />
10 &#8211; 32 = \(\frac { 9 }{ 5 }\)(°C)<br />
&#8211; 22 = \(\frac { 9 }{ 5 }\)(°C) =<br />
(°C) = &#8211; \(\frac { 22×5 }{ 9 }\) = &#8211; 12.22<br />
10°F = &#8211; 12.22°C</p>
<p>प्रश्न 58.<br />
किसी माप को लिखने की वैज्ञानिक विधि क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी माप को 10 की घात में लिखने की विधि को वैज्ञानिक विधि कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 59.<br />
मापन में सार्थक अंक से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
सार्थक अंक वे अर्थपूर्ण अंक होते हैं जो निश्चित रूप से ज्ञात होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
0.00018 को चर घातांकी संकेतन में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
1.8 × 10<sup>4</sup></p>
<p>प्रश्न 61.<br />
परिशुद्धता और यथार्थपरकता से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
परिशुद्धता किसी राशि के विभिन्न मापनों व सामीप्य को व्यक्त करती है। यथार्थपरकता किसी विशिष्ट प्रायोगिक मान के वास्तविक मान से मेल रखने को व्यक्त करती है।</p>
<p>प्रश्न 62.<br />
7.00g तथा 70g में क्या अन्तर है?<br />
उत्तर:<br />
700g में तीन सार्थक अंक हैं जबकि 70g में दो सार्थक अंक हैं। अतः प्रथम माप द्वितीय माप की तुलना में अधिक परिशुद्ध है।</p>
<p>प्रश्न 63.<br />
इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान में सार्थक अंक बताइये।<br />
उत्तर:<br />
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.108 × 10<sup>-31</sup>kg<br />
सार्थक अंक = 4 (चार)</p>
<p>प्रश्न 64.<br />
निम्नलिखित संख्याओं को चार सार्थक अंकों सहित लिखिए।<br />
(i) 7.024572<br />
(ii) 2.6206 x 10³<br />
उत्तर:<br />
(i) 7.025<br />
(ii) 2.621 × 10³</p>
<p>प्रश्न 65.<br />
निम्नलिखित गणनाओं के परिणाम उपयुक्त सार्थक अंकों में व्यक्त कीजिए।<br />
(i) \(\frac{3.24 \times 0.8606}{5.006}\)<br />
(ii) 943 × 0.00345<br />
उत्तर:<br />
(i) \(\frac{3.24 \times 0.8606}{5.006}\) में तीनों संख्याओं में सार्थक अंक तीन, चार और चार हैं। अतः उपर्युक्त सार्थक अंकों में परिणाम 0.557 है।<br />
(ii) 9.43 × 0-00345 का मान उपर्युक्त सार्थक अंकों में 0.0325 है।</p>
<p>प्रश्न 66.<br />
निम्नलिखित संख्याओं में सार्थक अंकों की संख्या बताइये?<br />
(i) 46.8, (ii) 0.00203, (iii) 3.630, (iv) 80.00<br />
उत्तर:<br />
(i) 46.8 में सार्थक अंकों की संख्या 3 है।<br />
(ii) 0.00203 में सार्थक अंकों की संख्या 3 है।<br />
(iii) 3.630 में सार्थक अंकों की संख्या 4 है।<br />
(iv) 80.00 में सार्थक अंकों की संख्या 4 है।</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
निम्नलिखित में कितने सार्थक अंक उपस्थित हैं?<br />
(i) 6000.0, (ii) 126,00, (iii) 4003, (iv) 2091, (v) 0.020, (vi) 52-82, (vii) 200<br />
उत्तर:<br />
(i) 60000 में पाँच सार्थक अंक हैं।<br />
(ii) 126,00 में पाँच सार्थक अंक हैं।<br />
(iii) 4003 में चार सार्थक अंक हैं।<br />
(iv) 2091 में चार सार्थक अंक हैं।<br />
(v) 0.020 में दो सार्थक अंक हैं।<br />
(vi) 52.82 में चार सार्थक अंक हैं।<br />
(vii) 200 में एक, दो व तीन सार्थक अंक हैं।</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
निम्न को वैज्ञानिक निरूपण में व्यक्त कीजिए-<br />
(i) 0.0012, (ii) 213,0000, (iii) 2002, (iv) 600.0, (v) 5000, (vi) 7216:3<br />
उत्तर:<br />
(i) 0.0012 = 1.2 x 10<sup>-3</sup><br />
(ii) 213,0000 = 2.13 × 10<sup>6</sup><br />
(iii) 2002 = 2.002 x 10³<br />
(iv) 600.0 = 6.00 x 10²<br />
(v) 5000 = 5.0 × 10³<br />
(vi) 7216.3 = 7.2163 × 10³</p>
<p>प्रश्न 69.<br />
C-12 के एक परमाणु का भार ग्राम में क्या है?<br />
उत्तर:<br />
1.992648 × 10<sup>-23</sup> g ≈ 1.99 × 10<sup>-23</sup> g.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 70.<br />
निम्न में से किस संख्या में सबसे अधिक सार्थक अंक हैं?<br />
(i) 0.00423,<br />
(ii) 4.8032,<br />
(iii) 5.123<br />
उत्तर:<br />
उपर्युक्त संख्याओं में से 4-8032 में सर्वाधिक सार्थक अंक 5 हैं।</p>
<p>प्रश्न 71.<br />
योग कीजिए-<br />
(i) 92.8 + 2.02 + 10.222<br />
(ii) 77.85 + 14.10 + 8.3<br />
उत्तर:<br />
(i) 92.8 + 2.02 + 10.222 = 105.042<br />
= 105.0 (सार्थक अंक के नियमानुसार)<br />
उत्तर:<br />
105.0</p>
<p>(ii) 77.85 + 14.10 + 8.3 = 100.25<br />
= 100.2 (सार्थक अंक के नियमानुसार)<br />
उत्तर:<br />
100.2</p>
<p>प्रश्न 72.<br />
घटाव कीजिए-<br />
(i) 5.16 &#8211; 0.015<br />
(ii) 237.5 &#8211; 16.92<br />
(iii) 0.08638 &#8211; 0.0604<br />
उत्तर:<br />
(i) 5.16 &#8211; 0015 = 5.145 = 5.14<br />
(सार्थक अंक के नियमानुसार )</p>
<p>(ii) 237.5 &#8211; 16.92 = 220.58 = 220.6<br />
(सार्थक अंक के नियमानुसार)</p>
<p>(iii) 0.08638 &#8211; 0.0604 = 0.02598 = 0.0260<br />
(सार्थक अंक के नियमानुसार)</p>
<p>प्रश्न 73.<br />
गुणा कीजिए &#8211;<br />
(i) 210 x 120<br />
(ii) 5.02 x 10<sup>23</sup><br />
(iii) 0.06204 x 296.4 x 1.002<br />
उत्तर:<br />
(i) 210 x 120 = 25200<br />
= 2.52 x 10<sup>4</sup></p>
<p>(ii) 5.02 x 10<sup>23</sup> = 5.02 x 10<sup>23</sup></p>
<p>(iii) 0.06204 × 296.4 x 1.002 = 18.425433 = 18.4</p>
<p>प्रश्न 74.<br />
निम्नलिखित को तीन सार्थक अंकों के रूप में व्यक्त कीजिए।<br />
(i) 6.5089<br />
(ii) 32.1912<br />
(iii) 8.721 × 10<sup>24</sup><br />
(iv) 30000.<br />
उत्तर:<br />
(i) 6.5089 तीन सार्थक अंकों के रूप में 6.51<br />
(ii) 32.1912 तीन सार्थक अंकों के रूप में 32.2<br />
(iii) 8.721 x 10<sup>4</sup> तीन सार्थक अंकों के रूप में 8.72 × 10<sup>4</sup><br />
(iv) 30000 तीन सार्थक अंकों के रूप में, 3.00 x 10<sup>4</sup></p>
<p>प्रश्न 75.<br />
निम्नलिखित गणनाओं में कितने सार्थक अंक हैं?<br />
(i) \(\frac{312.21 \times 0.0212 \times 0.01323}{0.3454}\)<br />
(i) 5 × 2.138<br />
(iii) 0.112 + 0.8932 + 0.0123<br />
उत्तर:<br />
(i) चूँकि इसमें न्यूनतम परिशुद्ध अंक (0.0212) में तीन सार्थक अंक है अतः उत्तर में तीन सार्थक अंक होने चाहिये।<br />
(ii) दूसरे अंक (2-138) में चार सार्थक अंक हैं, अतः उत्तर में चार सार्थक अंक होने चाहिये<br />
(iii) इस स्थिति में दशमलव स्थानों की न्यूनतम संख्या तीन है अतः उत्तर में तीन सार्थक अंक होने चाहिये।</p>
<p>प्रश्न 76.<br />
किसी भी संख्या में किस स्थिति में शून्य को सार्थक नहीं माना जाता है।<br />
उत्तर:<br />
जब किसी संख्या में शून्य प्रथम गैर शून्य अंक के बाँयीं ओर लिखा हो तो वह सार्थक नहीं रहता है।<br />
उदाहरण 0.014 में दोनों शून्य सार्थक नहीं हैं।</p>
<p>प्रश्न 77.<br />
बताइये निम्न में से कौन-सा मापन अधिक यथार्थ है? 5.0g या 5.00g.<br />
उत्तर:<br />
5.0 g तथा 500g में से 500g अधिक यथार्थ है क्योंकि इसमें मापन दशमलव के बाद दो स्थानों तक किया जा सकता है।</p>
<p>प्रश्न 78.<br />
चरघातांकी संकेतन या वैज्ञानिक संकेतन से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
जब किसी संख्या को N x 10<sup>n</sup> के रूप में व्यक्त किया जाता है, तो इस संकेतन को चरघातांकी संकेतन या वैज्ञानिक संकेतन कहते हैं। यहाँ N दशमलव के बार्थी तरफ एक गैर-शून्य अंक वाली संख्या है।<br />
यहाँ n = पूर्णांक, जिसे घातांक (exponent) कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 79.<br />
S. I मात्रक मीटर से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
मीटर (Metre) मीटर एक सेकण्ड के 1/299,792,458 वें समयान्तराल के दौरान निर्वात् में प्रकाश द्वारा तय किये गये पथ की लम्बाई होती है।</p>
<p>प्रश्न 80.<br />
S. I मात्रक किलोग्राम को परिभाषित करें।<br />
उत्तर:<br />
किलोग्राम (Kilogram ) यह प्रारूपी ( Prototype) किलोग्राम के द्रव्यमान के बराबर होता है वास्तव में यह फ्रांस में भार और माप के अन्तर्राष्ट्रीय ब्यूरो में संग्रहित प्लेटिनम ब्लॉक का द्रव्यमान है।</p>
<p>प्रश्न 81.<br />
तत्व द्रव्यमान के किस अनुपात में संयोग करते हैं<br />
उत्तर:<br />
स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार।</p>
<p>प्रश्न 82.<br />
द्रव्य की अविनाशिता का नियम किसने दिया था?<br />
उत्तर:<br />
यह नियम लोमोनोसोव ने 1756 ई. में दिया था।</p>
<p>प्रश्न 83.<br />
amu से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
amu को परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 84.<br />
कार्बन का कौन सा समस्थानिक तत्व के सापेक्ष द्रव्यमान को व्यक्त करने में प्रयुक्त होता है?<br />
उत्तर:<br />
कार्बन-12(<sup>12</sup>C) समस्थानिक</p>
<p>प्रश्न 85.<br />
तत्व के परमाणु द्रव्यमान अंशत: (Fractional) क्यों होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
उनके समस्थानिकों की उपस्थिति के कारण।</p>
<p>प्रश्न 86.<br />
मोल क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ के मोल में उतने ही कण उपस्थित होते हैं जितनी कार्बन 12 समस्थानिक के 12g में परमाणुओं की संख्या होती है।</p>
<p>प्रश्न 87.<br />
किसी तत्व के एक ग्राम परमाणु में कितने परमाणु होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
6.023 x 10<sup>23</sup> के तुल्य परमाणु।</p>
<p>प्रश्न 88.<br />
परमाणु द्रव्यमान इकाई को समझाइए।<br />
उत्तर:<br />
कार्बन 12 के एक परमाणु का द्रव्यमान स्वेच्छा से 12 amu माना गया है। इसलिए- कार्बन 12 के एक परमाणु के द्रव्यमान के बारहवें भाग को परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते हैं।<br />
अतः 1 amu = \(\frac{1.9926 \times 10^{-23}}{12}\)<br />
= 166 × 10<sup>24</sup> g<br />
1.9926 × 10<sup>-23</sup>, C-12 के एक परमाणु का वास्तविक द्रव्यमान।</p>
<p>प्रश्न 89.<br />
औसत परमाणु द्रव्यमान से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
प्रकृति में तत्वों के समस्थानिक पाये जाते हैं। अतः तत्व के समस्थानिक परमाणु द्रव्यमानों के परिकलन में उनकी आपेक्षिक बाहुल्यता पर भी विचार किया जाता है। इस प्रकार परिकलित किया गया परमाणु द्रव्यमान औसत परमाणु द्रव्यमान कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 90.<br />
आण्विक द्रव्यमान क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान वह संख्या है जो यह प्रदर्शित करती है कि इस पदार्थ का एक अणु कार्बन 12 के एक परमाणु के 1/12 वें भाग से कितने गुना भारी है।</p>
<p>प्रश्न 91.<br />
मोल संकल्पना क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ का एक मोल उसकी वह मात्रा है जिसमें उतने ही कण उपस्थित रहते हैं जितनी C-12 समस्थानिक के ठीक 12g में परमाणुओं की संख्या होती है यह संख्या 6.023 x 10<sup>23</sup> परमाणु / मोल होती है।</p>
<p>एक मोल में कर्णों की इस संख्या को आवोगाद्रो संख्या कहते हैं। इसे N<sub>A</sub> या N व्यक्त करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 92.<br />
मोलर द्रव्यमान क्या है?<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ के एक मोल में व्यक्त द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान कहते हैं। उदाहरणार्थ-<br />
जल का मोलर द्रव्यमान = 18.02 g</p>
<p>प्रश्न 93.<br />
हाइड्रोजन का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात करो यदि उसकी परमाणुकता 2 हो?<br />
उत्तर:<br />
आण्विक द्रव्यमान परमाणु द्रव्यमान परमाणुकता = 1.008 x 2 = 2.016 u<br />
∴ हाइड्रोजन का आण्विक द्रव्यमान 2.016 u होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 94.<br />
मैग्नीशियम के 2.5 ग्राम परमाणुओं का द्रव्यमान बताइये।<br />
उत्तर:<br />
मैग्नीशियम का ग्राम परमाणु 24 g<br />
मैग्नीशियम का 2.5 ग्राम परमाणु 24 x 2.5 = 60 g</p>
<p>प्रश्न 95.<br />
48u ओजोन में कितने ऑक्सीजन परमाणु उपस्थिति होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
48u ओजोन (O<sub>3</sub>) में ऑक्सीजन के \(\frac { 48u }{ 16u }\) = 3 परमाणु होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 96.<br />
उन तीन तत्वों के नाम लिखिये जो कि मनुष्य के शरीर का 90% भाग बनाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन।</p>
<p>प्रश्न 97.<br />
हाइड्रोजन गैस आसानी से आग पकड़ लेती है और ऑक्सीजन दहन में सहायक होती है। परन्तु जल आग बुझाने के लिये क्यों प्रयुक्त किया जाता है?<br />
उत्तर:<br />
चूँकि जल (H<sub>2</sub>O) एक यौगिक है, इस यौगिक के गुण हाइड्रोजन और ऑक्सीजन दोनों के गुणों से भिन्न होते हैं। अतः जल को आग बुझाने के लिये प्रयुक्त करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 98.<br />
आवागाद्रो संकल्पना क्या है?<br />
उत्तर:<br />
दाब व ताप की समान परिस्थितियों में दो गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या समान होती है।</p>
<p>प्रश्न 99.<br />
बताइये कि निम्नलिखित नियमों का प्रतिपादन किसने किया-<br />
(1) स्थिर अनुपात का नियम<br />
(2) द्रव्यमान संरक्षण का नियम<br />
(3) गुणित अनुपात का नियम<br />
(4) व्युत्क्रम अनुपात का नियम<br />
(5) गैसीय आयतन का नियम<br />
उत्तर:<br />
(1) प्राउस्ट, (2) लेवोशिए, (3) जॉन डाल्टन (4) रिक्टर (5) गैलुसाक।</p>
<p>प्रश्न 100.<br />
गैलुसाक के आयतन के नियम का पालन कब नहीं होता?<br />
उत्तर:<br />
जब अभिकारकों अथवा उत्पादों में से कोई ठोस अथवा द्रव्य हो।</p>
<p>प्रश्न 101.<br />
स्थिर अनुपात के नियम का पालन किन अवस्थाओं में नहीं होता है?<br />
उत्तर:<br />
वे यौगिक जिनमें समस्थानिक उपस्थित होते हैं जैसे H<sub>2</sub>O और D<sub>2</sub>O। इन यौगिकों में स्थिर अनुपात के नियम का पालन नहीं होता है।</p>
<p>प्रश्न 102.<br />
परमाणु स्वतन्त्र अवस्था में नहीं रह सकता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
अपना इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पूर्ण करने के लिये परमाणु आपस में संयोग करके अणु बनाते इसलिये परमाणु स्वतन्त्र अवस्था में नहीं रह सकता है।</p>
<p>प्रश्न 103.<br />
संख्या 3.82 में से 0.0016 को घटाइये तथा उत्तर सार्थक अंकों में दीजिए।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>3.82</td>
</tr>
<tr>
<td>&#8211; 0.016</td>
</tr>
<tr>
<td>3.8184     उत्तर = 3.82</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 104.<br />
यदि किसी जल के नमूने का भार 10 g है तो उसमें जल के कितने मोल उपस्थित हैं?<br />
उत्तर:<br />
जल का अणुभार = 2 + 16 = 18<br />
जल में उपस्थित मोल = \(\frac { भार }{ अणुभार }\) = \(\frac { 10 }{ 18 }\) = 0.55 मोल</p>
<p>प्रश्न 105.<br />
0.2 मोल CO<sub>2</sub> में कितने ग्राम CO<sub>2</sub> उपस्थित हैं?<br />
उत्तर:<br />
1 मोल CO<sub>2</sub> = 12 + 32 = 44 g<br />
0.1 मोल CO<sub>2</sub> = 0.1 x 44 = 4.4 g</p>
<p>प्रश्न 106.<br />
नाइट्रोजन गैस का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
नाइट्रोजन गैस का परमाणु द्रव्यमान 14 g/mol<br />
अतः नाइट्रोजन गैस का द्रव्यमान 14 x 2<br />
= 28 g/mol</p>
<p>प्रश्न 107.<br />
S<sub>8</sub> का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए?<br />
उत्तर:<br />
सल्फर का परमाण्विक द्रव्यमान = 32 g/mol<br />
अतः S<sub>8</sub> का आण्विक द्रव्यमान 32 × 8<br />
= 256 g/mol</p>
<p>प्रश्न 108.<br />
0.1 मोल CO में कितने ग्राम CO<sub>2</sub> उपस्थित है?<br />
उत्तर:<br />
1 मोल CO<sub>2</sub> = 12 + 2 × 16 = 44 g<br />
0.1 मोल CO<sub>2</sub> = 0.1 x 44 = 4.4 g</p>
<p>प्रश्न 109.<br />
4 ग्राम ऑक्सीजन में परमाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
परमाणुओं की संख्या<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37023" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 1" width="318" height="123" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-1.png 318w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-1-300x116.png 300w" sizes="auto, (max-width: 318px) 100vw, 318px" /></p>
<p>प्रश्न 110.<br />
1 अणु कार्बन मोनो ऑक्साइड (CO) के द्रव्यमान की गणना करें।<br />
उत्तर:<br />
CO का मोलर द्रव्यमान 12 + 16 = 28 g<br />
6.02 x 10<sup>23</sup> अणुओं का द्रव्यमान = 28 g<br />
1 अणु CO का द्रव्यमान = \(\frac{28}{5.02 \times 10^{23}}\)<br />
= 4.65 × 10<sup>-23</sup> g</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में, रसायन विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान किस प्रकार है?<br />
उत्तर:<br />
रसायन विज्ञान का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान उर्वरकों, क्षारों, अम्लों, लवण, रंग, बहुलकों, दवाओं, साबुन, अपमार्जकों, धातुओं, मिश्र धातुओं तथा कार्बनिक, अकार्बनिक रसायनों सहित नवीन सामग्री के निर्माण में लगे रासायनिक उद्योग द्वारा है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
कैन्सर चिकित्सा तथा एड्स के उपचार हेतु प्रयोग में लायी जाने वाली औषधियाँ बताइए।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>कैन्सर चिकित्सा में सिस प्लैटिन तथा टैक्सॉल औषधियां प्रयुक्त होती हैं।</li>
<li>एड्स से ग्रस्त रोगियों के उपचार हेतु ऐजिडोथाइमिडिन (AZT) जीवन रक्षक औषधि प्रयुक्त की जाती है।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 3.<br />
रासायनिक सिद्धान्तों के आधार पर किन-किन पदार्थों का संश्लेषण सम्भव हो सका?<br />
उत्तर:<br />
रासायनिक सिद्धान्तों के आधार पर चुम्बकीय, विद्युतीय और प्रकाशीय गुणधर्म युक्त पदार्थ संश्लेषित करना सम्भव हो सका है जिसके फलस्वरूप अतिचालक, सिरेमिक, सुचालक, बहुलक, प्रकाशीय फाइबर (तन्तु) जैसे पदार्थ संश्लेषित किये जा सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
रसायन विज्ञान द्वारा पर्यावरणीय प्रदूषण की समस्याओं को कैसे नियन्त्रित किया गया?<br />
उत्तर:<br />
समताप मण्डल (stratosphere) में ओजोन अवक्षय (Ozone depletion) उत्पन्न करने वाले एवं पर्यावरण प्रदूषक क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) जैसे पदार्थों के विकल्प सफलतापूर्वक संश्लेषित किये गये हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
रसायन विदों की भावी पीढ़ियों के लिए कौन-कौन सी बौद्धिक चुनौतियाँ हैं?<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>पर्यावरण की अनेक समस्याएँ,</li>
<li>ग्रीन हाउस गैसों (मेथेन, कार्बन डाइ ऑक्साइड),</li>
<li>जैव रासायनिक प्रक्रियाओं की समझ,</li>
<li>रसायनों का व्यापक स्तर पर उत्पादन,</li>
<li>विभिन्न ऐन्जाइमों का उपयोग,</li>
<li>नवीन उपयोगी पदार्थों का उत्पादन।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 6.<br />
तत्व के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान वह संख्या है जो यह प्रदर्शित करती है कि तत्व का एक परमाणु कार्बन- 12 के परमाणु के बारहवें भाग द्रव्यमान अथवा हाइड्रोजन के 1.008 भाग द्रव्यमान से कितने गुना भारी है। किसी भी तत्व का परमाणु द्रव्यमान इसके परमाणु का औसत सापेक्ष द्रव्यमान होता है, जबकि उसकी तुलना कार्बन परमाणु (C<sup>12</sup> समस्थानिक) का भार 12 मानकर की जाती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
यौगिक के सूत्र से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
किसी यौगिक के अणु का इसमें उपस्थित विभिन्न तत्वों के प्रतीकों के रूप में संक्षिप्त प्रदर्शन यौगिक का सूत्र कहलाता है। इन्हें दो रूपों में वर्गीकृत किया जाता है।</p>
<ul>
<li>मूलानुपाती सूत्र &#8211; यौगिक का वह सूत्र जो यौगिक के एक अणु में उपस्थित भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं का सरलतम अनुपात बताता है।</li>
<li>आण्विक सूत्र &#8211; यौगिक का वह सूत्र जो उस यौगिक में उपस्थित भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं का वास्तविक अनुपात प्रदर्शित करता है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 8.<br />
मूलानुपाती सूत्र व आण्विक सूत्र में सम्बन्ध बताएँ?<br />
उत्तर:<br />
आण्विक सूत्र =nx मूलानुपाती सूत्र<br />
(यहाँ n = 1, 2, 3, 4 &#8230;&#8230;..)<br />
मूलानुपाती व आण्विक सूत्रों में से आण्विक सूत्र यौगिक के वास्तविक सूत्र को व्यक्त करता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
मोलरता एवं मोललता में अन्तर बताइए।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>मोलरता</td>
<td>मोललता</td>
</tr>
<tr>
<td>1. यह 1 लीटर विलयन में घुले हुए हुए विलेय के मोलों की संख्या है।</td>
<td>1. यह 1 किग्रा. विलायक में घुले हुए विलेय के मोलों की संख्या है।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. यह ताप पर निर्भर करती है।</td>
<td>2. यह ताप पर निभर्भर नहीं होती है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. इसका मात्रक mol L<sup>-1</sup> है।</td>
<td>3. इसका मात्रक mol L<sup>-1</sup> है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 10.<br />
रूपान्तरण गुणक या विमीय विश्लेषण विधि से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
रूपान्तरण गुणक या विमीय विश्लेषण विधि &#8211; गणनाओं के लिये जो आँकड़े दिये जाते हैं, यह आवश्यक नहीं है कि वे सभी मात्रकों की एक ही पद्धति में हों। अत: कभी-कभी मात्रकों को एक पद्धति से दूसरी पद्धति में परिवर्तित करना पड़ता है। इस परिवर्तन के लिये जिस तकनीक का प्रयोग किया जाता है उसे विमीय विश्लेषण अथवा इकाई गुणक विधि या गुणक लेवल विधि या रूपान्तरण गुणक विधि कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक व्यक्ति प्रति सेकण्ड दस लाख रुपये खर्च करता है। क्या वह अपने जीवन में 1 मोल खर्च कर सकता है।<br />
उत्तर:<br />
दस लाख रुपये खर्च करता है 1 सेकण्ड में,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37024" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 2" width="396" height="165" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-2.png 396w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-2-300x125.png 300w" sizes="auto, (max-width: 396px) 100vw, 396px" /><br />
अतः व्यक्ति अपने जीवनकाल में ये रुपये खर्च नहीं कर सकता।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्न को हल कीजिए :<br />
(i) 2.3 x 10<sup>5</sup> + 2.9 x 10<sup>4</sup><br />
(ii) 6.0 × 10<sup>4</sup> &#8211; 4.0 × 10<sup>-5</sup><br />
(iii) (5.0 × 10<sup>6</sup>) × (2.0 × 10<sup>6</sup>)<br />
(iv) ( 3.2 x 10<sup>-2</sup>) ÷ (80×10<sup>2</sup>)<br />
हल:<br />
(i) दोनों संख्याओं के चरघातांकों को समान करके जोड़ने योग<br />
= (2.3 × 10<sup>5</sup>) + (0.29 × 10<sup>4</sup>)<br />
= 2.59 × 10<sup>4</sup></p>
<p>(ii) दोनों संख्याओं के चरघातांकों को समान करके घटाने पर-<br />
घटाव = (6.0 × 10<sup>-4</sup>) &#8211; (0.40 × 10<sup>4</sup>)<br />
= 5.60 × 10<sup>-4</sup></p>
<p>(iii)<br />
= (5.0 × 10<sup>6</sup>) × (2.0 × 10<sup>6</sup>)<br />
= (5·0 × 2·0) × (10<sup>6+6</sup>)<br />
= 100 × 10<sup>12</sup> = 1.0 × 10<sup>13</sup></p>
<p>(iv) (3.2 x 10<sup>-2</sup>) ÷ (8.0 × 10<sup>2</sup>)<br />
= \(\frac{3.2 \times 10^{-2}}{8.0 \times 10^2}\)<br />
= \(\frac{3 \cdot 2}{8} \times 10^{-2-(2)}\)<br />
= 0.4 × 10<sup>-4</sup> = 4 x 10<sup>-5</sup></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
2.12 g ग्लूकोज तथा 2.925 g नमक को 30.2 g पानी में मिलाया गया है, विलयन का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
ग्लूकोज का द्रव्यमान = 2.12 g<br />
नमक का द्रव्यमान = 2.925 g<br />
पानी का द्रव्यमान = 30.2 g<br />
विलयन का कुल द्रव्यमान = 35.245 g<br />
यहाँ सही उत्तर 35.2g है क्योंकि यहाँ प्रश्न में दशमलव के बाद सबसे कम संख्या एक है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
चाँदी धातु का द्रव्यमान 6.342 g तथा घनत्व 1.2g/cm³ है। इसके आयतन की गणना करें।<br />
हल:<br />
चाँदी धातु का द्रव्यमान = 6.342 g<br />
चौदी धातु का घनत्व = 1.2g/cm³<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37025" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 3" width="240" height="122" /><br />
चूँकि दी गई संख्याओं में निम्नतम सार्थक अंक 2 है अतः अन्तिम परिणाम में भी दो सार्थक अंक होने चाहिये अतः परिणाम में से अन्तिम दो अंक 8 व 5 को हटाने के लिये 2 में एक अंक का योग हो जायेगा अतः सही उत्तर 5.3cm है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
हाइड्रोजन के एक परमाणु का द्रव्यमान 1008u है। अतः हाइड्रोजन के 10 परमाणुओं का द्रव्यमान कितना होगा ?<br />
हल:<br />
H के एक परमाणु का द्रव्यमान = 10.08 u<br />
H के 10 के परमाणुओं का द्रव्यमान = 1008 × 10 = 10.08 u<br />
चूँकि 10 एक यथार्थ संख्या है अतः इसके सार्थक अंक अनन्त होंगे। अतः अन्तिम परिणाम में सार्थक अंक दूसरी संख्या के सार्थक अंक के समान होना चाहिये। अतः कुल द्रव्यमान 10.08 है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
1.3 मिनट को सेकेण्ड में परिवर्तित करें।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37026" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 4" width="431" height="178" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-4.png 431w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-4-300x124.png 300w" sizes="auto, (max-width: 431px) 100vw, 431px" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
निम्नलिखित को अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति (S.I.) में व्यक्त कीजिए।<br />
(i) 90 मिलियन मील (यह सूर्य तथा पृथ्वी के बीच की दूरी है।<br />
(ii) 90 मील प्रति घण्टा (राजधानी एक्सप्रेस की गति)<br />
(iii) 5 फुट 6 इंच (भारतीय पुरुषों की औसत लम्बाई)<br />
हल:<br />
(i) 90 मीलियन मील दूरी की इकाई अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति में मीटर होती है।<br />
1 मील 1.60 कि.मी. = 160 x 10<sup>3</sup> मी.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37027" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-5.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 5" width="397" height="263" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-5.png 397w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-5-300x199.png 300w" sizes="auto, (max-width: 397px) 100vw, 397px" /></p>
<p>(ii) 90 मील प्रति घन्टा<br />
1 मील = 1.6 कि.मी. = 1.6 x 10<sup>3</sup> मीटर<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37028" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 6" width="412" height="347" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-6.png 412w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-6-300x253.png 300w" sizes="auto, (max-width: 412px) 100vw, 412px" /></p>
<p>(iii) 5 फुट 6 इंच 5×12 + 666 इंच<br />
1 इंच = 2.54 × 10<sup>-2</sup> मीटर<br />
रूपान्तरण गुणांक = 2.54 x 10<sup>-2 <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37029" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 7" width="42" height="60" /></sup><br />
66 इंच = 66 इंच x रूपान्तरण गुणांक<br />
= 66 x 2.54 × 10<sup>-2</sup> मीटर<br />
= 167.64 × 10<sup>-2</sup> मीटर<br />
= 1.68 मीटर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
10 दिनों में कितने सेकण्ड (4) होते हैं।<br />
हल:<br />
हम जानते हैं.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37030" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 8" width="359" height="182" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-8.png 359w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-8-300x152.png 300w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
10 लीटर जल के आयतन को मीटर³ (m³) में व्यक्त कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37031" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-9.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 9" width="415" height="207" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-9.png 415w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-9-300x150.png 300w" sizes="auto, (max-width: 415px) 100vw, 415px" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
ट्रेन की चाल मीटर/सेकेण्ड में बताइये जो कि 950 मील की दूरी 25 घण्टे में तय करती है। (दिया गया है कि 1 मील 1.60 कि. मी.)।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37032" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-9a.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 9a" width="381" height="512" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-9a.png 381w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-9a-223x300.png 223w" sizes="auto, (max-width: 381px) 100vw, 381px" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
निम्नलिखित को हल करें तथा इसमें उपस्थित सार्थक अंकों को बताएँ।<br />
(1) 3.412 × 11.5<br />
(2) 80.674 + 6.2<br />
(3) 6180.03546 + 406.27<br />
हल:<br />
(i) 3412 × 11.5 = 39.2380<br />
चूँकि यहाँ पर न्यूनतम परिशुद्ध संख्या में तीन सार्थक अंक हैं, अतः परिणाम में कुल तीन सार्थक अंक होने चाहिये।<br />
अतः सही उत्तर 39.2</p>
<p>(ii) \(\frac { 80.674 }{ 6.2 }\) = 13.0119<br />
यहाँ भी उत्तर में दो सार्थक अंक होने चाहिये।<br />
अत: सही उत्तर = 13</p>
<p>(iii) 6180.03546+ 406.27<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37033" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-10.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 10" width="337" height="87" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-10.png 337w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-10-300x77.png 300w" sizes="auto, (max-width: 337px) 100vw, 337px" /><br />
यहाँ उत्तर में चार सार्थक अंक है क्योंकि गुणनफल में 618 एक परिशुद्ध अंक है तथा इसके सार्थक अंक तीन का प्रयोग उत्तर देने में नहीं किया जाता है।<br />
21 . 91<br />
<span style="text-decoration: underline;">406 . 27</span><br />
<span style="text-decoration: underline;">428 . 18</span> उत्तर को दशमलव के दो स्थानों तक दें।<br />
अतः सही उत्तर = 428.18</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
20.0 फुट³ एल्युमीनियम का भार ग्राम में ज्ञात करें यदि इसका घनत्व 2.70 g / cm³ है।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37034" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-11.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 11" width="518" height="337" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-11.png 518w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-11-300x195.png 300w" sizes="auto, (max-width: 518px) 100vw, 518px" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
4.9 ग्राम सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा सोडियम क्लोराइड का कितना द्रव्यमान वियोजित होगा, बंदि इस अभिक्रिया में 6g सोडियम बाइसल्फेट (NaHSO) तथा 1.825g हाइड्रोजन क्लोराइड बनता हो।<br />
हल:<br />
अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण निम्न है-<br />
NaCl + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> → NaHSO<sub>4</sub> + HCl<br />
अभिकारकों का द्रव्यमान = NaCl का द्रव्यमान + H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> का द्रव्यमान<br />
= x + 4.9 g<br />
उत्पादों का द्रव्यमान = NaHSO<sub>4</sub> का द्रव्यमान + HCl का द्रव्यमान<br />
= 6.0g + 1.825 g<br />
= 7.825 g<br />
द्रव्यमान संरक्षण के नियमानुसार,<br />
अभिकारकों का द्रव्यमान = उत्पादों का द्रव्यमान<br />
x + 4.9 g = 7.825 g<br />
x = 7.825 &#8211; 4.9 = 2.925 g<br />
अत: NaCl का द्रव्यमान = 2.925 g</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
10g कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करने पर मानक ताप व दाब पर 2.24L CO<sub>2</sub> गैस व 5.6g CaO बना सिद्ध करें कि ये आँकड़े द्रव्य की अविनाशिता का नियम सिद्ध करते हैं।<br />
हल:<br />
अभिक्रिया का समीकरण<br />
COCO<sub>3</sub> → CaO + CO<sub>2</sub>↑<br />
दिया गया है CaCO<sub>3</sub> का द्रव्यमान = 10g<br />
CaO का द्रव्यमान = 5.6g<br />
∵ 22.4L CO<sub>2</sub> का मानक ताप व दाब पर द्रव्यमान = 44 g<br />
1L CO<sub>2</sub> का मानक ताप व दाव पर द्रव्यमान = \(\frac { 44 }{ 22.4 }\)g<br />
∴ 2.24 L CO<sub>2</sub> का मानक ताप व दाब पर द्रव्यमान<br />
= \(\frac {44×22.4 }{ 22.4 }\)g = 4.4g<br />
उत्पादों का कुल द्रव्यमान = 5.6 + 4.4 = 10g<br />
चूँकि इस अभिक्रिया में अभिकारकों का द्रव्यमान व उत्पादों का द्रव्यमान समान है, अत: उपर्युक्त आँकड़े द्रव्य की अविनाशिता का नियम सिद्ध करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
17g सिल्वर नाइट्रेट, सोडियम क्लोराइड से क्रिया करके 14.35g सिल्वर क्लोराइड तथा 8.5g सोडियम नाइट्रेट देता है। सोडियम क्लोराइड का द्रव्यमान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37035" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-12.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 12" width="304" height="144" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-12.png 304w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-12-300x142.png 300w" sizes="auto, (max-width: 304px) 100vw, 304px" /><br />
द्रव्यमान संरक्षण के नियमानुसार<br />
अभिकारकों का द्रव्यमान = उत्पादों का द्रव्यमान<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37036" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-13.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 13" width="405" height="71" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-13.png 405w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-13-300x53.png 300w" sizes="auto, (max-width: 405px) 100vw, 405px" /><br />
17g + x = 14.35g + 8.5g<br />
17g + x = 22.85g<br />
x = 22.85g &#8211; 17g = 5.85g</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
2.16g धात्विक कॉपर को नाइट्रिक अम्ल के साथ गर्म कर जलाने पर प्राप्त कॉपर ऑक्साइड का भार 2.7g पाया गया। एक अन्य प्रयोग में, 1.15g कॉपर ऑक्साइड अपचयित होकर 0.92g कॉपर प्राप्त होता है। दर्शाइये कि दिये गये आँकड़े &#8216;स्थिर अनुपात के नियम&#8217; का पालन करते हैं।<br />
हल:<br />
प्रथम प्रयोग में,<br />
धात्विक कॉपर का द्रव्यमान = 2.16g<br />
कॉपर ऑक्साइड का द्रव्यमान = 2.7 g<br />
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 2.7 &#8211; 2.16 = 0.54g<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37037" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-14.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 14" width="382" height="95" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-14.png 382w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-14-300x75.png 300w" sizes="auto, (max-width: 382px) 100vw, 382px" /><br />
ऑक्सीजन का प्रतिशत = 100 &#8211; 80 = 20%<br />
द्वितीय प्रयोग में,<br />
धात्विक कॉपर का द्रव्यमान = 0.92g<br />
कॉपर ऑक्साइड का द्रव्यमान = 1.15g<br />
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 1.15 &#8211; 0.92 = 0.23g<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37038" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-15.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 15" width="357" height="113" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-15.png 357w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-15-300x95.png 300w" sizes="auto, (max-width: 357px) 100vw, 357px" /><br />
ऑक्सीजन का प्रतिशत = 100 &#8211; 80 = 20%<br />
दोनों प्रयोगों कॉपर तथा ऑक्सीजन दोनों के द्रव्यमानों का अनुपात एक जैसा है अतः यह स्थिर अनुपात के नियम को दर्शाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित आँकड़े स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि करते हैं। कार्बन मोनो ऑक्साइड के दो विभिन्न नमूनों में कार्बन का द्रव्यमान निम्न प्रकार से है- (i) 1.26g कार्बन, 1.42g मोनो ऑक्साइड में, (ii) 1008g कार्बन, 1.136g मोनो ऑक्साइड में<br />
हल:<br />
प्रथम नमूने में<br />
कार्बन मोनो ऑक्साइड का द्रव्यमान = 1.42g<br />
कार्बन का द्रव्यमान = 1.26g<br />
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 1.42 &#8211; 1.26 = 0.16g<br />
कार्बन का प्रतिशत = \(\frac { 1.26 }{ 1.42 }\) x 100 = 88.73%<br />
ऑक्सीजन का प्रतिशत = 100 &#8211; 88.73 = 11.27%<br />
दूसरे नमूने में,<br />
कार्बन मोनोऑक्साइड का द्रव्यमान = 136g<br />
कार्बन का द्रव्यमान = 1.008g<br />
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 0.128g<br />
कार्बन की प्रतिशतता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37039" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-16.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 16" width="379" height="97" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-16.png 379w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-16-300x77.png 300w" sizes="auto, (max-width: 379px) 100vw, 379px" /><br />
ऑक्सीजन का प्रतिशत = 100 &#8211; 88.73 = 11.27%<br />
चूँकि यहाँ पर दिये गये नमूने में कार्बन व ऑक्सीजन का प्रतिशत मात्राएँ समान हैं अतः ये आँकड़े स्थिर अनुपात के नियम का पालन करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
एक प्रयोग में तत्व &#8216;X&#8217; के 15g तत्व &#8216;Y&#8217; के 25g से संयोग करके एक यौगिक बनाते हैं। जबकि दूसरे प्रयोग में तत्व &#8216;X&#8217; के 3g तत्व &#8216;Y&#8217; के Sg से संयोग करके यौगिक बनाते हैं। कारण सहित बताइये कि इन आँकड़ों से रासायनिक संयोग के किस नियम का सत्यापन होता है।<br />
हल:<br />
पहले प्रयोग में,<br />
X : Y<br />
15 : 25<br />
3 : 5<br />
दूसरे प्रयोग में,<br />
X : Y<br />
3 : 5<br />
यहाँ X तथा Y के द्रव्यमानों में अनुपात होने के कारण स्पष्ट है कि उपर्युक्त आँकड़े स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
कॉपर सल्फेट क्रिस्टल में 25.45% कॉपर तथा 36.07% जल है। यदि स्थिर अनुपात का नियम सत्य हो तो 40g कॉपर सल्फेट का क्रिस्टल प्राप्त करने के लिये आवश्यक कॉपर के भार की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
दिये गये आँकड़ों के अनुसार,<br />
कॉपर का प्रतिशत = 25.45%<br />
जल का प्रतिशत = 36.07%<br />
अत: सल्फेट प्रतिशत = 100 &#8211; (25.45 + 36.07)<br />
= 100 &#8211; 61.52 = 38.48%<br />
यदि स्थिर अनुपात का नियम सत्य है तो स्थिर संघटन का प्रतिशत कॉपर सल्फेट के दूसरे क्रिस्टल में भी वही होना चाहिये।<br />
अतः<br />
100g CuSO<sub>4</sub> क्रिस्टल में Cu = 25.45g<br />
40g CuSO<sub>4</sub> क्रिस्टल में Cu = \(\frac { 25.45×40 }{ 100 }\)<br />
= 10.18 g</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
कार्बन दो प्रकार के ऑक्साइड बनाता है जिनमें क्रमशः 42.8% व 27.27% कार्बन उपस्थित है। सिद्ध कीजिए कि ये प्रेक्षण गुणित अनुपात क नियम को सिद्ध करते हैं।<br />
हल:<br />
कार्बन के दोनों ऑक्साइड में कार्बन व ऑक्सीजन की निम्न प्रतिशत मात्राएँ हैं।<br />
प्रथम ऑक्साइड<br />
C = 42.8%<br />
O = 57.2%<br />
द्वितीय ऑक्साइड<br />
27.27%<br />
72.73<br />
प्रथम ऑक्साइड में,<br />
57.2g ऑक्सीजन से = 42.8g कार्बन संयोग करता है।<br />
1g ऑक्सीजन से =\(\frac { 42.8 }{ 57.2 }\) = 0.748g<br />
दूसरे ऑक्साइड में,<br />
72.73g ऑक्सीजन = 27.27g कार्बन संयोग करता है।<br />
1g ऑक्सीजन = \(\frac { 27.27 }{ 72.73 }\) = 0.375g<br />
उपर्युक्त दोनों ऑक्साइड में कार्बन की विभिन्न मात्राओं में (0.748 : 0.375) एक सरल अनुपात 21 है अतः यह आँकड़े गुणित अनुपात नियम को सिद्ध करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
एक तत्व के दो सल्फाइडों में सल्फर का द्रव्यमान क्रमशः 53.33% और 36.36% है सिद्ध कीजिये कि ये आँकड़े गुणित अनुपात नियम की पुष्टि करते हैं।<br />
हल:<br />
प्रथम सल्फाइड में,<br />
सल्फर की मात्रा = 53.33%<br />
तत्व की मात्रा = 100 &#8211; 53.33 = 46.47%<br />
अतः तत्व व सल्फर के प्रतिशतों का अनुपात<br />
= 46.67:53.33<br />
= 1 : 1 . 14<br />
द्वितीय सल्फाइड में,<br />
सल्फर की मात्रा = 26.36%<br />
तत्व की मात्रा = 100 &#8211; 36.36 = 63.64%<br />
= 1 : 0.57<br />
तत्व और सल्फर के अनुपात = 63.64:36.36<br />
चूँकि दोनों सल्फाइडों में तत्व की मात्रा निश्चित है अतः दोनों सल्फाइडों में सल्फर तत्व की निश्चित मात्रा में संयोग करने वाली मात्राओं में परस्पर अनुपात 0.571.14 या 2 है, जो एक सरल गुणित अनुपात है, अतः इन आँकड़ों से गुणित अनुपात का नियम सिद्ध होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
कार्बन हाइड्रोजन के साथ क्रिया करके तीन यौगिक A. B तथा C बनाता है। यौगिक A, B तथा C में हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्र क्रमश: 25, 14.3 तथा 7.7 है ये आँकड़े किस नियम को सिद्ध करते हैं ?<br />
हल:<br />
यौगिक में<br />
हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्रा = 25.0%<br />
कार्बन की प्रतिशत मात्रा 100 &#8211; 25 = 75%<br />
अत: हाइड्रोजन का 25 भाग अभिक्रिया करता है 75 भाग कार्बन से, हाइड्रोजन का 1 भाग अभिक्रिया करेगा<br />
= \(\frac { 75 }{ 25 }\) = 3 भाग कार्बन से।<br />
यौगिक B में<br />
हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्रा = 14.3%<br />
कार्बन की प्रतिशतता = 100 &#8211; 14.3<br />
= 85.7%<br />
अतः हाइड्रोजन के 14.3 भाग से अभिक्रिया करता है<br />
= 85.7 भाग कार्बन,<br />
हाइड्रोजन के 1 भाग से अभिक्रिया करेगा<br />
= \(\frac { 85.7 }{ 14.3 }\) = 6 भाग कार्बन<br />
यौगिक C में<br />
हाइड्रोजन की प्रतिशत मात्रा = 7.7%<br />
कार्बन की प्रतिशतता = 100.7.7 = 92.3%<br />
7.7 भाग हाइड्रोजन अभिक्रिया करता है = 92.3 भाग कार्बन से<br />
1 भाग हाइड्रोजन अभिक्रिया करेगा = \(\frac { 92.3 }{ 77 }\) = 120 भाग कार्बन से। चूँकि यौगिक A, B तथा C में हाइड्रोजन की समान मात्रा से<br />
अभिक्रिया करने वाले कार्बन की मात्राओं का प्रतिशत निम्न प्रकार से है<br />
3 : 6 : 12<br />
1 : 2 : 4<br />
जो कि एक सरल गुणित अनुपात है अतः यह आँकड़े गुणित अनुपात के नियम को सिद्ध करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
H<sub>2</sub> एवं Cl<sub>2</sub>, सूर्य के प्रकाश में क्रिया करके HCI गैस बनाती है। 20ml हाइड्रोजन से HCl का कितना आयतन प्राप्त होता?<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37040" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-17.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 17" width="287" height="85" /><br />
1 आयतन हाइड्रोजन से प्राप्त होता है = 2 आयतन HCl<br />
20 ml हाइड्रोजन से प्राप्त होगी = 2 x 20 ml HCl<br />
= 40ml HCl</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
एक धातु दो ऑक्साइड बनाती है। इन ऑक्साइडों के एक-एक g को अलग-अलग अपचयित करने पर क्रमशः 0-798g तथा 0.888g धातु प्राप्त हुई। ये परिणाम रासायनिक संयोग के किस नियम की पुष्टि करते हैं?<br />
हल:<br />
प्रथम ऑक्साइड में,<br />
ऑक्साइड की मात्रा = 1.00 g<br />
धातु की मात्रा = 0.798g<br />
ऑक्सीजन की मात्रा = 1.00 &#8211; 0.798<br />
= 0.202 g<br />
0.202g ऑक्सीजन संयुक्त होती है = 0.798g धातु से<br />
1g ऑक्सीजन संयुक्त होगी = \(\frac { 0.798 }{ 0.202 }\) = 3.95g धातु से<br />
द्वितीय ऑक्साइड में,<br />
ऑक्साइड की मात्रा = 100g<br />
धातु की मात्रा = 0.888g<br />
ऑक्सीजन की मात्रा = 1.00 &#8211; 0.888 = 0.112g<br />
0.112g ऑक्सीजन संयुक्त होती है = 0.888g धातु से<br />
1g ऑक्सीजन संयुक्त होगी = \(\frac { 0.888 }{ 0.202 }\) = 3.95 g धातु से<br />
अत: 1g ऑक्सीजन से संयुक्त होने वाली धातु की मात्राएँ क्रमशः 3.95 और 7.92g हैं, जो कि 1 : 2 के सरल अनुपात में हैं, अतः दिये गये आँकड़े गुणित अनुपात के नियम की पुष्टि करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
यदि नाइट्रिक ऑक्साइड निम्नांकित समीकरण के अनुसार बनती है।<br />
N<sub>2(g)</sub> + O<sub>2(g)</sub> → 2NO<sub>(g)</sub><br />
तो 30 L NO गैस बनाने के लिये नाइट्रोजन का कितना आयतन आवश्यक होगा?<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37041" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-18.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 18" width="271" height="91" /><br />
2L NO प्राप्त करने के लिये आवश्यक होती है = 1L इट्रोजन<br />
30L NO प्राप्त करने के लिये आवश्यक होती है।<br />
15 L नाइट्रोजन</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
6.488 ग्राम सीसा 1.002 ग्राम ऑक्सीजन से क्रिया कराने पर लैड परऑक्साइड (Pb<sub>2</sub>O<sub>2</sub>) प्राप्त होता है। लैड परऑक्साइड को हम लैड नाइट्रेट को गर्म करके भी प्राप्त कर सकते हैं जिसमें 13.38% ऑक्सीजन है उपरोक्त सूचनाएं स्थिर संघटन नियम को सिद्ध करती हैं।<br />
हल:<br />
प्रथम ऑक्साइड में,<br />
लैड परऑक्साइड का द्रव्यमान,<br />
6.488g + 1.002 = 7.490g<br />
7.49g लैंड परऑक्साइड में है = 1.002g O<sub>2</sub><br />
100g लैड परऑक्साइड में होगी = \(\frac { 1.002×100 }{ 7.49 }\)O<sub>2</sub><br />
= 13.38%<br />
अत: ऑक्सीजन की प्रतिशतता = 13.38%<br />
दूसरे प्रयोग में भी 13-38% ऑक्सीजन उपस्थित है। जो प्रथम प्रयोग में ऑक्सीजन की प्रतिशत मात्रा के समतुल्य है, अतः स्थिर अनुपात नियम की सत्यता सिद्ध होती है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
निम्नलिखित के मोलर द्रव्यमान की गणना कीजिए।<br />
C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>COOH, P<sub>4</sub>, S<sub>8</sub>, PCl<sub>5</sub>, SO<sub>2</sub>Cl<sub>2</sub><br />
हल:<br />
(i) C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>COOH का मोलर द्रव्यमान-<br />
= 2 × 12 + 5 × 1 + 12 + 16 × 2 + 1<br />
= 24 + 5 + 12 + 32 + 1<br />
= 74 g/mol</p>
<p>(ii) P<sub>4</sub> का मोलर द्रव्यमान-<br />
= 31 × 4 = 124 g/mol</p>
<p>(iii) S<sub>8</sub> का मोलर द्रव्यमान-<br />
= 32 × 8 = 256g/mol</p>
<p>(iv) PCl<sub>5</sub> का मोलर द्रव्यमान-<br />
= 31 + 35.5 x 5<br />
= 31 + 177.5 = 208.5 g/mol</p>
<p>(v) SO<sub>2</sub> Cl<sub>2</sub> का मोलर द्रव्यमान<br />
= 32 + 16 × 2 + 2 × 35.5<br />
= 32 + 32+ 71.0 = 135.0g/mol</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
नीचे दिये गए यौगिकों के सूत्र द्रव्यमान का परिकलन<br />
कीजिए।<br />
(i) MgO (ii) CaCl 2 (iii) CaCO3 (iv) AlCl3<br />
हल:<br />
(i) MgO का सूत्र द्रव्यमान<br />
= 24 + 16 = 40g</p>
<p>(ii) CaCl<sub>2</sub> का सूत्र द्रव्यमान<br />
= 40+2 × 35.5<br />
= 40 + 71 = 111g</p>
<p>(iii) CaCO<sub>3</sub> का सूत्र द्रव्यमान<br />
= 40 + 12 + 16 × 3<br />
= 40 + 12 + 48 = 100g</p>
<p>(iv) AlCl<sub>3</sub> का सूत्र द्रव्यमान<br />
= 27 +3 × 35.5<br />
= 27 + 106.5 = 133.5g</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
120g कार्बन में ग्राम परमाणु तथा परमाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37042" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-19.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 19" width="303" height="102" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-19.png 303w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-19-300x101.png 300w" sizes="auto, (max-width: 303px) 100vw, 303px" /><br />
परमाणुओं की संख्या = ग्राम-परमाणुओं की संख्या x 6.02 × 10<sup>23</sup><br />
= 10 × 6.02 x 10<sup>23</sup><br />
= 6.02 x 10<sup>24</sup> परमाणु</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
एक कार्बन परमाणु का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
कार्बन का परमाणु द्रव्यमान = 12 u<br />
1 मोल कार्बन परमाणुओं का द्रव्यमान = 12 g<br />
अर्थात् 6.02 x 10<sup>23</sup> परमाणुओं का द्रव्यमान = 12g<br />
अतः एक C. परमाणु द्रव्यमान का = \(\frac{12}{6.02 \times 10^{23}}\)g<br />
= 1.99 × 10<sup>-23</sup>g</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
5.75 g सोडियम में मोल संख्या ज्ञात कीजिये।<br />
(सोडियम का परमाणु द्रव्यमान 23u)<br />
हल:<br />
1 मोल = परमाणु द्रव्यमान<br />
23g सोडियम = 1 मोल सोडियम<br />
5.75g सोडियम = \(\frac { 5.75 }{ 23 }\) मोल सोडियम<br />
= 0.25 मोल सोडियम</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
2.3 g सोडियम में सोडियम परमाणुओं की संख्या कितनी होगी (सोडियम का परमाणु भार 23 )।<br />
हल:<br />
23g सोडियम में सोडियम परमाणु = 6.022 x 10<sup>23</sup><br />
2.3g सोडियम में सोडियम परमाणु<br />
= \(\frac{6.022 \times 10^{23} \times 2.3}{23}\)<br />
= 6.022 × 10<sup>22</sup> Na परमाणु</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
0.585 ग्राम NaCl में Cl<sup>&#8211;</sup> आयनों की संख्या कितनी है।<br />
(NaCl का सूत्र भार = 58.5)<br />
हल:<br />
58.5g NaCl में उपस्थित है<br />
= 6.02 × 10<sup>23</sup> NaCl अणु<br />
0.585g NaCl में उपस्थित हैं<br />
= \(\frac{6.02 \times 10^{23} \times 0.585}{58.5}\)NaCl अणु<br />
= 6.02 × 10<sup>21</sup> NaCl अणु<br />
एक अणु NaCl में उपस्थित है Cl<sup>&#8211;</sup> आयन<br />
6.02 x 10<sup>21</sup> अणु NaCl में उपस्थित है<br />
= 6.02 × 10<sup>21</sup> Cl<sup>&#8211;</sup> आयन</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
नाइट्रोजन व हाइड्रोजन के संयोग से बनी अमोनिया का अणुसूत्र ज्ञात करो।<br />
हल:<br />
नाइट्रोजन + हाइड्रोजन = आयतन<br />
1 आयतन + 3 आयतन = 2 आयतन<br />
अमोनिया आवोगाद्रो नियम से 1n अणु + 3n अणु = 2n अणु यदि n = 1 रखने पर,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37043" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-20.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 20" width="293" height="90" /><br />
\(\frac { 1 }{ 2 }\) अणु नाइट्रोजन = 1 नाइट्रोजन परमाणु<br />
\(\frac { 3 }{ 2 }\) अणु हाइड्रोजन = \(\frac { 3 }{ 2 }\) x 2 = 3 हाइड्रोजन परमाणु<br />
अतः अमोनिया का अणुसूत्र NH<sub>3</sub> होगा।<br />
या (NH<sub>3</sub>) x n का द्रव्यमान = 17 n<br />
परन्तु अमोनिया का आण्विक द्रव्यमान = 17<br />
n = \(\frac { 17 }{ 17 }\) = 1<br />
अतः अमोनिया का अणुसूत्र NH<sub>3</sub> होगा।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
3.01 × 10<sup>2</sup>2 NH<sub>3</sub> अणुओं का द्रव्यमान बताइए ?<br />
हल:<br />
NH<sub>3</sub> का मोलर द्रव्यमान = 14 + 3 = 17g/mol<br />
6.02 × 10<sup>23</sup> NH<sub>3</sub> अणुओं का द्रव्यमान = 17g/mol<br />
3.01 × 10<sup>22</sup> NH<sub>3</sub> अणुओं का = \(\frac{17 \times 3.01 \times 10^{22}}{602 \times 10^{23}}\)<br />
= 8.5 × 10<sup>-1</sup><br />
= 0.85g/mol</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
2.31 x 10<sup>-6</sup> कॉपर में परमाणुओं की कितनी संख्या होगी? कॉपर का परमाणु द्रव्यमान 63.5a.m.u है।<br />
हल:<br />
63.5g कॉपर 6.02 x 10<sup>23</sup> कॉपर परमाणु<br />
2.31 × 10<sup>-6</sup>g कॉपर = \(\frac{602 \times 10^{23} \times 2.31 \times 10^{-6}}{63.5}\) कॉपर परमाणु<br />
= 0.219 × 10<sup>17</sup><br />
= 2.19 × 10<sup>16</sup> कॉपर परमाणु</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
द्रव मर्करी का घनत्व 13.6 ग्राम / सेमी. है। एक लीटर धातु में मर्करी के कितने मोल उपस्थित हैं ?<br />
हल:<br />
मर्करी का द्रव्यमान = घनत्व x आयतन<br />
= 13.6 × 1000 = 13600g<br />
मर्करी की मोल संख्या<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37044" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-21.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 21" width="259" height="95" /><br />
मर्करी की मोल संख्या = 68 मोल</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
निम्नलिखित का द्रव्यमान ग्राम में ज्ञात कीजिए &#8211;<br />
(i) 2 ग्राम परमाणु Ca<br />
(ii) 3N परमाणु He<br />
(iii) \(\frac { 1 }{ 2 }\) मोल N<sub>2</sub><br />
(iv) 3N अणु O<sub>2</sub><br />
ग्राम परमाणु परमाणु भार<br />
हल:<br />
(i) 2 ग्राम परमाणु Ca<br />
द्रव्यमान = ग्राम परमाणु x परमाणु भार<br />
= 2 x 20<br />
= 40 ग्राम</p>
<p>(ii) 3N परमाणु He<br />
He के N परमाणु = ग्राम &#8211; परमाणु द्रव्यमान<br />
He के 3N परमाणु = 3 x 4 = 12 ग्राम</p>
<p>(iii) \(\frac { 1 }{ 2 }\) मोल Na<sub>2</sub><br />
द्रव्यमान = ग्राम अणु x अणु &#8211; भार<br />
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 28<br />
= 14 ग्राम</p>
<p>(iv) 3N अणु O<sub>2</sub><br />
= O<sub>2</sub> के N अणु = ग्राम &#8211; अणु द्रव्यमान = 32 ग्राम<br />
O<sub>2</sub> के 3N अणु = 3 × 32<br />
= 96 ग्राम</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
4.9g H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> में कितने g अणु होते हैं?<br />
हल:<br />
H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> का आण्विक द्रव्यमान<br />
= 2 × 1 + 32 + 16 × 4<br />
= 2 + 32 + 64 = 98 g<br />
98g H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> में उपस्थित है = ग्राम मोल<br />
4.9g H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> में उपस्थित है = \(\frac { 1 }{ 98 }\) x 49 ग्राम मोल<br />
= 0.05g ग्राम मोल<br />
अर्थात् 0.05 ग्राम अणु</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 39.<br />
सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (NaCO<sub>3</sub>.10H<sub>2</sub>O) एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक रसायन है। इसके सूत्र द्रव्यमान का परिकलन कीजिए।<br />
हल:<br />
Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub>. 10H<sub>2</sub>O का सूत्र द्रव्यमान<br />
= [2 × 23 + 12 + 3 × 16 + 10 (2 × 1 + 16)]g<br />
= [46 + 12 + 48 + 180] = 286g</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
निम्नलिखित के द्रव्यमान का परिकलन कीजिए.<br />
(i) N के 1 मोल परमाणु<br />
(ii) Al के 5 mol परमाणु<br />
(iii) Na<sup>+</sup> आयन के 5.0 मोल<br />
(iv) NaOH के 10 mol<br />
हल:<br />
(i) N का परमाण्वीय द्रव्यमान = 14g<br />
अतः N के मोल परमाणु का द्रव्यमान = 14g</p>
<p>(ii) Al के 5 mol परमाणु में द्रव्यमान<br />
Al का परमाण्वीय द्रव्यमान = 27g<br />
Al के 1 मोल परमाणु का द्रव्यमान = 27g<br />
अत: Al के 5 मोल परमाणु = 27 x 5 = 135g</p>
<p>(iii) Na<sup>+</sup> आयन के 5.0 mol का द्रव्यमान<br />
Na<sup>+</sup> आयन का परमाणु द्रव्यमान = 23g<br />
Na<sup>+</sup> आयन के 1 मोल का द्रव्यमान = 23g<br />
अत: Na<sup>+</sup> आयन के 5.0 मोल का द्रव्यमान = 23 x 5.0 = 115.0g</p>
<p>(iv) NaOH के 10 मोल का द्रव्यमान<br />
NaOH का द्रव्यमान = 40g<br />
NaOH के 1 मोल का द्रव्यमान = 40g<br />
अत: NaOH के 10 मोल का द्रव्यमान<br />
= 40 × 10g = 400g</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
निम्न को मोल में परिवर्तित करें।<br />
(i) 12g SO<sub>2</sub> गैस<br />
(ii) 25g जल<br />
(iii) 22g कार्बन डाई ऑक्साइड<br />
हल:<br />
(i) SO<sub>2</sub> गैस का परमाणु भार = 32 + 32 = 64g<br />
64g SO<sub>2</sub> = 1 मोल SO<sub>2</sub><br />
12g SO<sub>2</sub> = \(\frac { 12 }{ 64 }\) मोल SO<sub>2</sub><br />
= 0.1875 मोल SO<sub>2</sub></p>
<p>(ii) 25g जल<br />
जल (H<sub>2</sub>O) का अणु भार = 2 + 16 = 18g<br />
18 ग्राम जल = 1 मोल जल<br />
25 ग्राम जल = \(\frac { 25 }{ 44 }\) मोल जल<br />
= 1.39 मोल जल</p>
<p>(iii) 22g कार्बन डाई ऑक्साइड<br />
कार्बन डाई ऑक्साइड CO<sub>2</sub> = 12 + 32 = 44g<br />
44g CO<sub>2</sub> = 1 मोल CO<sub>2</sub><br />
22g CO<sub>2</sub> = \(\frac { 22 }{ 44 }\) मोल CO<sub>2</sub><br />
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) = 0.5 मोल CO<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 42.<br />
1.4g नाइट्रोजन गैस में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या बताइए।<br />
हल:<br />
नाइट्रोजन गैस का मोलर द्रव्यमान<br />
= 14 x 2 = 28g<br />
28g नाइट्रोजन गैस में उपस्थित इलेक्ट्रॉन<br />
= 14 मोल इलेक्ट्रॉन<br />
1.4g नाइट्रोजन गैस में उपस्थित इलेक्ट्रॉन = \(\frac { 14&#215;1.4 }{ 28 }\) मोल इलेक्ट्रॉन<br />
= 0.7 मोल इलेक्ट्रॉन<br />
= 0.7 × 6.02 × 10<sup>23</sup> इलेक्ट्रॉन<br />
= 4.214 10<sup>23</sup> इलेक्ट्रॉन</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
3.42g सुक्रोज (C<sub>12</sub>H<sub>22</sub>O<sub>11</sub>) में उपस्थित प्रत्येक प्रकार के परमाणुओं की संख्या बताइये।<br />
हल:<br />
सुक्रोज (C<sub>12</sub>H<sub>22</sub>O<sub>11</sub>) का अणु भार<br />
= 12 × 12 + 22 × 1 + 11 × 16<br />
= 144 +22+ 176 = 342g<br />
342g सुक्रोज में उपस्थित है = 6.02 x 10<sup>23</sup> अणु<br />
3.42g सुक्रोज में उपस्थित होंगे<br />
= \(\frac{6.02 \times 3.42 \times 10^{23}}{342}\)अणु<br />
= 6.02 × 10<sup>21</sup> अणु<br />
1 अणु सुक्रोज में है = 12 कार्बन परमाणु<br />
6.02 x 10<sup>21</sup> अणु सुक्रोज में उपस्थित होंगे<br />
= 12 × 6.02 × 10<sup>21</sup> कार्बन परमाणु<br />
= 72.24 x 10<sup>21</sup> कार्बन परमाणु<br />
= 7.224 × 10<sup>22</sup>C परमाणु<br />
1 अणु सुक्रोज में हैं = 22 हाइड्रोजन परमाणु<br />
6.02 × 10<sup>21</sup> अणु सुक्रोज में उपस्थित होंगे<br />
= 22 × 6.02 × 10<sup>21</sup><br />
= 132.44 × 10<sup>21</sup> हाइड्रोजन परमाणु<br />
= 1.32 × 10<sup>23</sup> H-परमाणु<br />
1 अणु सुक्रोज में है = 11 ऑक्सीजन परमाणु<br />
6.02 x 10<sup>21</sup> अणु सुक्रोज में उपस्थित होंगे<br />
= 11 × 6.02 × 10<sup>21</sup> O-परमाणु<br />
= 66.22 × 10<sup>21</sup>O-परमाणु<br />
= 6.622 × 10<sup>22</sup> O-परमाणु</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
1.21g ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub>) में उपस्थित एलुमिनियम आयन की संख्या बताइये।<br />
हल:<br />
Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub> का अणु भार<br />
= 2 × 27 + 3 x 16 = 54 + 48<br />
= 102 g/mol<br />
102 g Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub> में उपस्थित है<br />
= \(\frac{2 \times 1.21}{102}\) मोल एलुमिनियम आयन<br />
= 0.024 मोल एलुमिनियम आयन<br />
= 0.024 × 6.02 × 10<sup>23</sup> एलुमिनियम आयन<br />
= 0.144 × 10<sup>23</sup> एलुमिनियम आयन<br />
= 1.44 x 10<sup>22</sup> एलुमिनियम आयन</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
कैल्सियम के कितने भार में परमाणुओं की संख्या 3.2g सल्फर में उपस्थित परमाणुओं की संख्या के बराबर होगी।<br />
हल:<br />
3.2g सल्फर में उपस्थित परमाणु<br />
S का परमाणु भार = 32g<br />
32g सल्फर में परमाणुओं की संख्या = 6.02 x 10<sup>23</sup><br />
3. 2g सल्फर में परमाणुओं की संख्या<br />
= \(\frac{6.02 \times 3.2}{32}\) x 10<sup>23</sup><br />
= 6.02 × 10<sup>22</sup><br />
Ca के 6.02 x 10<sup>22</sup> परमाणुओं का भार<br />
Ca का परमाणु भार = 40g<br />
6.02 × 10<sup>23</sup> Ca-परमाणु का भार = 40g<br />
6.02 × 10<sup>22</sup>2 Ca-परमाणु का भार<br />
= \(\frac{40 \times 6.02 \times 10^{22}}{602 \times 10^{23}}\)<br />
= 4.0 g</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
SO<sub>2</sub> के अणुओं की संख्या क्या होगी जिसमें 8.0g ऑक्सीजन उपस्थित हो।<br />
हल:<br />
SO<sub>2</sub> का अणु भार = 32 + 2 × 16 = 64g<br />
32 g ऑक्सीजन उपस्थित है = 64g SO<sub>2</sub> में<br />
8.0 g ऑक्सीजन उपस्थित होगी = \(\frac{64 \times 8 \cdot 0}{32}\)<br />
= 16g SO<sub>2</sub> में<br />
64g SO<sub>2</sub> में उपस्थित है<br />
= 6.02 × 10<sup>23</sup> अणु<br />
16g SO<sub>2</sub> में उपस्थित होगी<br />
= \(\frac{6.02 \times 16}{64}\) x 10<sup>23</sup> अणु<br />
= 1.505 x 10<sup>23</sup> अणु</p>
<p>प्रश्न 47.<br />
200 mg H<sub>2</sub>S में से 10<sup>21</sup> अणु हटा दिये गये हैं। बताइये कि H<sub>2</sub>S के कितने मोल शेष बचे।<br />
हल:<br />
H<sub>2</sub>S का अणु भार = 2 + 32 = 34g<br />
34g H<sub>2</sub>S में अणुओं की संख्या = 6.02 × 10<sup>23</sup><br />
200 × 10<sup>-3</sup>g H<sub>2</sub>S में अणुओं की संख्या 6<br />
= \(\frac{6.02 \times 10^{23} \times 200 \times 10^{-3}}{34}\)<br />
= 35.41 × 10<sup>20</sup><br />
= 3.54 x 10<sup>21</sup> अणु<br />
इसमें से हटाये गये अणुओं की संख्या 10<sup>21</sup><br />
बचे अणुओं की संख्या = 3.54 x 10<sup>21</sup> &#8211; 11.00 × 10<sup>21</sup><br />
= 2.54 x 10<sup>21</sup> अणु<br />
6.02 × 10<sup>23</sup> H<sub>2</sub>S अणु उपस्थित है<br />
= 1 मोल H<sub>2</sub>S में<br />
2.54 × 10<sup>21</sup> H<sub>2</sub>S अणु उपस्थित है।<br />
= \(\frac{2.54 \times 10^{21}}{6.02 \times 10^{23}}\) मोल H<sub>2</sub>S में<br />
= 0.42 × 10<sup>-2</sup> मोल H<sub>2</sub>S<br />
= 4.2 x 10<sup>-3</sup> मोल H<sub>2</sub>S</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
1 मिली जल में उपस्थित अणुओं की संख्या क्या होगी ?<br />
(यदि जल का घनत्व 1 ग्राम / मिली)<br />
हल:<br />
मिली जल का द्रव्यमान 1 x 1 = 1 ग्राम<br />
1 मिली जल में मोलों की संख्या = \(\frac { 1 }{ 18 }\) मोल<br />
अणुओं की संख्या = \(\frac { 1 }{ 18 }\)6.02 × 10<sup>23</sup><br />
= 3.34 x 10<sup>22</sup> अणु</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
शरीर में पाये जाने वाले हार्मोन इन्सुलिन में 3.2% सल्फर पाया जाता है। इसका न्यूनतम अणुभार ज्ञात करो।<br />
हल:<br />
इन्सुलिन में न्यूनतम सल्फर परमाणु हो सकता है।<br />
(सल्फर का परमाणु भार = 32g)<br />
3.2% सल्फर से तात्पर्य है कि 100g इन्सुलिन में 3.2g सल्फर उपस्थित है।<br />
3.2g ग्राम सल्फर उपस्थित है = 100 ग्राम इन्सुलिन में = 1000 ग्राम इन्सुलिन में<br />
अतः इन्सुलिन का न्यूनतम अणु भार = 1000g</p>
<p>प्रश्न 50.<br />
शरीर के रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन का अणु भार 89600 है। इसमें 0.25% (भारानुसार) आयरन होता है। हीमोग्लोबिन के एक अणु में आयरन परमाणुओं की संख्या ज्ञात करो।<br />
हल:<br />
0.25% के अनुसार,<br />
100 ग्राम हीमोग्लोबिन में Fe की मात्रा = 0.25g<br />
89600 ग्राम में उपस्थित Fe की मात्रा<br />
= \(\frac { 0.25 }{ 100 }\) × 89600 = 224 ग्राम Fe<br />
1 मोल हीमोग्लोबिन में 224 ग्राम Fe उपस्थित है अर्थात् \(\frac { 224 }{ 56 }\) = 4 ग्राम-परमाणु Fe उपस्थित है।<br />
अतः 1 अणु हीमोग्लोबिन में Fe के परमाणुओं की संख्या = 4 परमाणु Fe</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
किसी तत्व के 3 x 10<sup>23</sup> परमाणुओं का भार 66 ग्राम है। तत्व का परमाणु भार ज्ञात करें।<br />
हल:<br />
3 x 10<sup>23</sup> परमाणुओं का भार = 66 ग्राम<br />
6.02 × 10<sup>23</sup> परमाणुओं का भार = \(\frac{66 \times 6.02 \times 10^{23}}{3 \times 10^{23}}\)ग्राम<br />
तत्व का परमाणु भार 132-44 ग्राम है।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
किसी गैस का 1 ग्राम N. T.P. पर 1400 मिली आयतन घेरता है। गैस का अणु भार क्या है? N. T. P. पर, 1 मिली. गैस में कितने अणु हैं?<br />
हल :<br />
1400 मिली गैस का भार = 1 ग्राम<br />
N.T.P. पर 22400 मिली गैस का भार = \(\frac { 22400 }{ 1400 }\) ग्राम = 16 ग्राम<br />
गैस का अणु भार = 16 ग्राम<br />
N.T.P. पर 22400 मिली. गैस में अणुओं की संख्या = 6.02 x 10<sup>23</sup> अणु<br />
अतः 1 मिली. गैस में अणुओं की संख्या<br />
= \(\frac{6.02 \times 10^{23}}{22400}\)<br />
= 2.688 ×10<sup>19</sup> अणु</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
61g ऑक्सीजन के द्वारा N. T.P. पर ग्रहण करने वाला आयतन क्या होगा?<br />
हल:<br />
ऑक्सीजन (O<sub>2</sub>) गैस का भार = 16 x 2 = 32g<br />
328 ऑक्सीजन का N. T. P. पर आयतन = 22.4 ली.<br />
16g ऑक्सीजन का N. T. P. पर आयतन<br />
= \(\frac { 22.4×16 }{ 32 }\)<br />
= 11.2 ली.</p>
<p>प्रश्न 54.<br />
110g कॉपर सल्फेट (CuSO<sub>4</sub>) से कितना कॉपर प्राप्त होता है ?<br />
हल:<br />
CuSO<sub>4</sub> का अणु भार = 63.5 + 32 + 4 × 16<br />
= 159.5 g<br />
159.5 g CuSO<sub>4</sub> में Cu का द्रव्यमान = 63.5 g<br />
110g CuSO<sub>4</sub> में Cu का द्रव्यमान<br />
= \(\frac{63.5 \times 110}{159 \cdot 5}\)<br />
= 43.79 g</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
कैल्सियम क्लोराइड के अशुद्ध नमूने का अध्ययन करने पर क्लोरीन का प्रतिशत 45.5 पाया गया। इस नमूने में शुद्ध कैल्सियम क्लोराइड का प्रतिशत कितना होगा।<br />
हल:<br />
शुद्ध कैल्सियम क्लोराइड (CaCl<sub>2</sub>) का अणु भार<br />
= Ca का परमाणु भार + 2Cl<br />
का परमाणु भार<br />
=40 + 2 × 35.5<br />
= 40 + 71 = 111g<br />
शुद्ध CaCl<sub>2</sub> में क्लोरीन की प्रतिशत मात्रा<br />
= \(\frac{71 \times 100}{111}\)<br />
= 63.96 %<br />
यदि क्लोरीन का 63.96 भाग है तो CaCl<sub>2</sub> है = 100 भाग<br />
यदि क्लोरीन का 45.5 भाग है तो CaCl<sub>2</sub> है<br />
= \(\frac{100 \times 45.5}{63.96}\)<br />
= 71.14%<br />
अतः शुद्ध CaCl की प्रतिशतता = 71.14%</p>
<p>प्रश्न 56.<br />
KClO<sub>3</sub> में उपस्थित KCl व ऑक्सीजन तत्वों की % मात्राएँ ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
KClO<sub>3</sub> का मोलर द्रव्यमान = 39 + 35.5 + 3 x 16 = 122.5<br />
K की प्रतिशत मात्रा = \(\frac{39 \times 100}{122.5}\) = 31.83 %<br />
Cl की प्रतिशत मात्रा = \(\frac{35 \cdot 5}{122 \cdot 5}\) x 100 = 28.97 %<br />
O की प्रतिशत मात्रा = \(\frac { 48 }{ 122.5 }\) x 100 = 39.20 %</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 57.<br />
एक यौगिक में Na, S, H व ऑक्सीजन तत्व उपस्थित हैं। इन तत्वों की % मात्राएँ क्रमशः 14 28%, 9.92%, 96.20% व 69-60% हैं। यौगिक का अणुसूत्र ज्ञात कीजिए। यौगिक में उपस्थित सभी हाइड्रोजन परमाणु H<sub>2</sub>O के रूप में स्थित हैं। क्रिस्टलीय यौगिक का सूत्र ज्ञात कीजिए, यदि इसका मोलर द्रव्यमान 322g हो।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37045" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-22.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 22" width="722" height="293" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-22.png 722w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-22-300x122.png 300w" sizes="auto, (max-width: 722px) 100vw, 722px" /><br />
अतः यौगिक का मूलानुपाती सूत्र Na<sub>2</sub>SH<sub>20</sub>O<sub>14</sub></p>
<p>मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान<br />
= 23 × 2 + 32 + 20 + 14 x 16<br />
= 46 + 32 + 20 + 224<br />
= 322 g</p>
<p>यौगिक का मोलर द्रव्यमान = 322 g<br />
मोलर द्रव्यमान = 322 g<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37046" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-23.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 23" width="248" height="68" /><br />
यौगिक का अणु सूत्र Na<sub>2</sub>SH<sub>20</sub>O<sub>14</sub>, क्रिस्टलीय यौगिक का सूत्र Na<sub>2</sub>SO<sub>4</sub>.10H<sub>2</sub>O</p>
<p>प्रश्न 58.<br />
एक कार्बनिक यौगिक का रासायनिक विश्लेषण करने पर C, H और ऑक्सीजन तत्वों की उपस्थिति पायी गयी। कार्बन व H की % मात्राएँ क्रमश: 40% तथा 6.67% प्राप्त हुईं। यदि यौगिक का मोलर द्रव्यमान 180g हो तो यौगिक का अणुसूत्र ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
यौगिक का मूलानुपाती सूत्र निम्न प्रकार ज्ञात करते हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37047" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-24.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 24" width="598" height="382" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-24.png 598w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-24-300x192.png 300w" sizes="auto, (max-width: 598px) 100vw, 598px" /></p>
<p>प्रश्न 59.<br />
धावन सोडे (Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub>. 10H<sub>2</sub>O) के शुद्ध नमूने में क्रिस्टलन जल की प्रतिशतता ज्ञात कीजिए ।<br />
हल:<br />
धावन सोडे (Na<sub>2</sub>CO<sub>3</sub>. 10H<sub>2</sub>O) का अणु भार<br />
= 2 × Na का परमाणु भार + C का परमाणु भार + 3 x O का परमाणु भार + 10 x H<sub>2</sub>O का अणु भार<br />
= 2 × 23 + 12 + 3 × 16 + 10 × 18<br />
= 46+ 12 +48 + 180 = 286g<br />
286g धावन सोडे के शुद्ध नमूने में जल = 180g<br />
100g धावन सोडे के शुद्ध नमूने में जल = \(\frac { 180×100 }{ 286 }\)<br />
= 62.94%</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
एक यौगिक का संघटन निम्न प्रकार से है.<br />
C = 34·6%, H = 3 · 85% तथा O = 61.55% इस यौगिक का मूलानुपाती सूत्र ज्ञात कीजिए-<br />
हल:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>तत्व</td>
<td>प्रतिशतता</td>
<td>परमाणु द्रव्यमान</td>
<td>आपेक्षिक संख्या</td>
<td>सरलतम परमाणु संख्या</td>
<td>सरलतम पूर्ण अनुपात</td>
</tr>
<tr>
<td>C</td>
<td>34.6</td>
<td>12</td>
<td>\(\frac { 34.6 }{ 12 }\) = 2.88</td>
<td>\(\frac { 2.88 }{ 2.88 }\) = 1</td>
<td>1</td>
</tr>
<tr>
<td>H</td>
<td>3.85</td>
<td>1</td>
<td>\(\frac { 3.85 }{ 1 }\) = 38.5</td>
<td>\(\frac { 3.85 }{ 2.88 }\) = 1.33</td>
<td>2</td>
</tr>
<tr>
<td>O</td>
<td>61.55</td>
<td>16</td>
<td>\(\frac { 61.55 }{ 16 }\) = 3.85</td>
<td>\(\frac { 3.85 }{ 2.88 }\) = 1.33</td>
<td>2</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>यौगिक का मूलानुपाती सूत्र CH<sub>2</sub>O<sub>2</sub>.</p>
<p>प्रश्न 61.<br />
रासायनिक विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि किसी यौगिक में 10 ग्राम आयरन क्लोराइड में 3.438 ग्राम आयरन और 6.560 ग्राम क्लोरीन है। आयरन क्लोराइड का मूलानुपाती सूत्र निकालिये।<br />
हल:<br />
आयरन क्लोराइड में आयरन की प्रतिशतता = \(\frac{3.438 \times 100}{10}\) = 34.38%<br />
आयरन क्लोराइड में क्लोरीन की प्रतिशतता = \(\frac{6.560 \times 100}{10}\) = 65.6%</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>तत्व</td>
<td>प्रतिशतता</td>
<td>परमाणु द्रव्यमान</td>
<td>आपेक्षिक संख्या</td>
<td>सरलतम परमाणु संख्या</td>
<td>सरलतम पूर्ण अनुपात</td>
</tr>
<tr>
<td>Fe</td>
<td>34.38</td>
<td>55.8</td>
<td>\(\frac { 34.38 }{ 55.8 }\) = 0.616</td>
<td>\(\frac { 0.616 }{ 0.616 }\) = 1</td>
<td>1</td>
</tr>
<tr>
<td>Cl</td>
<td>65.6</td>
<td>35.5</td>
<td>\(\frac { 65.6 }{ 35.5 }\) = 1.848</td>
<td>\(\frac { 1.848 }{ 0.616 }\) = 3</td>
<td>3</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>मूलानुपाती सूत्र &#8211; FeCl<sub>3</sub></p>
<p>प्रश्न 62.<br />
एक C, H एवं N युक्त यौगिक में तत्वों का भार सम्बन्धी अनुपात 9:1: 3.5 है। यदि यौगिक का वाष्प घनत्व 54 हो तो अणुसूत्र ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37048" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-25.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 25" width="717" height="410" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-25.png 717w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-25-300x172.png 300w" sizes="auto, (max-width: 717px) 100vw, 717px" /></p>
<p>प्रश्न 63.<br />
एक यौगिक का विश्लेषण करने पर प्रतिशत रचना निम्न प्रकार है।<br />
C = 54.5%, H = 9.9%, O = 36.41%<br />
यदि इस यौगिक का वाष्प घनत्व 44.1 हो तो अणुसूत्र निकालिए।<br />
हल:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>तत्व</td>
<td>प्रतिशतता</td>
<td>परमाणु द्रव्यमान</td>
<td>आपेक्षिक संख्या</td>
<td>सरलतम परमाणु संख्या</td>
<td>सरलतम पूर्ण अनुपात</td>
</tr>
<tr>
<td>C</td>
<td>54.5</td>
<td>12</td>
<td>\(\frac {45.6 }{ 12 }\) = 4.5411</td>
<td>\(\frac { 4.541 }{ 2.275 }\) = 2</td>
<td>2</td>
</tr>
<tr>
<td>H</td>
<td>9.9</td>
<td>1</td>
<td>\(\frac { 99 }{ 1 }\) = 99</td>
<td>\(\frac { 9.9 }{ 2.275 }\) = 4</td>
<td>4</td>
</tr>
<tr>
<td>O</td>
<td>36.41</td>
<td>16</td>
<td>\(\frac { 36.41 }{ 16 }\) = 2.275</td>
<td>\(\frac { 2.275 }{ 2.275 }\) = 1</td>
<td>1</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37049" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-26.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 26" width="284" height="318" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-26.png 284w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-26-268x300.png 268w" sizes="auto, (max-width: 284px) 100vw, 284px" /></p>
<p>प्रश्न 64.<br />
5.325 ग्राम कार्बनिक यौगिक का अध्ययन करने पर पाया गया कि उसमें 3.758 ग्राम कार्बन, 0.316 ग्राम हाइड्रोजन तथा 1.251 ग्राम ऑक्सीजन है। इस यौगिक का मूलानुपाती सूत्र व अणुसूत्र ज्ञात करो यदि इसका वाष्प घनत्व 68 हो।<br />
हल:<br />
यौगिक का द्रव्यमान = 5.325<br />
ग्राम कार्बन का द्रव्यमान = 3.758 ग्राम<br />
हाइड्रोजन का द्रव्यमान = 0.316 ग्राम<br />
ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 1.251 ग्राम<br />
कार्बन की प्रतिशतता = \(\frac { 3.758 }{ 5.325 }\) × 100 = 70.57%<br />
हाइड्रोजन की प्रतिशतता = \(\frac { 0.316 }{ 5.325 }\) = 5.93%<br />
ऑक्सीजन की प्रतिशतता = \(\frac { 1.251 }{ 5.325 }\) x 100 = 23.50%</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>तत्व</td>
<td>प्रतिशतता</td>
<td>परमाणु द्रव्यमान</td>
<td>आपेक्षिक संख्या</td>
<td>सरलतम परमाणु संख्या</td>
<td>सरलतम पूर्ण अनुपात</td>
</tr>
<tr>
<td>C</td>
<td>70.57</td>
<td>12</td>
<td>70.57/ 12 = 5.88</td>
<td>\(\frac { 5.88 }{ 1.47 }\) = 4</td>
<td>4</td>
</tr>
<tr>
<td>H</td>
<td>5.93</td>
<td>1</td>
<td>5.93/1 = 5.93</td>
<td>\(\frac { 5.93 }{ 1.47 }\) = 4</td>
<td>4</td>
</tr>
<tr>
<td>O</td>
<td>23.50</td>
<td>16</td>
<td>23.50/16 = 1.47</td>
<td>\(\frac { 1.47 }{ 1.47 }\) = 1</td>
<td>1</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>यौगिक का मूलानुपाती सूत्र = CHO<br />
मूलानुपाती सूत्र का अणुभार = (4 x 12) + (4 × 1) + 16 = 68<br />
यौगिक का अणुभार = 2 x वाष्प घनत्व = 2 × 68 = 136<br />
यौगिक का अणुसूत्र = (मूलानुपाती सूत्र)<sub>n</sub><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37050" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-27.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 27" width="314" height="128" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-27.png 314w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-27-300x122.png 300w" sizes="auto, (max-width: 314px) 100vw, 314px" /></p>
<p>प्रश्न 65.<br />
50g नाइट्रोजन और 8g हाइड्रोजन को मिला कर NH<sub>3(g)</sub> प्राप्त की गई है। सीमान्त अभिकर्मक कौन सा है? बनी हुई NH<sub>3</sub> की मात्रा की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
अभिक्रिया की संतुलित समीकरण निम्न है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37051" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-28.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 28" width="338" height="180" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-28.png 338w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-28-300x160.png 300w" sizes="auto, (max-width: 338px) 100vw, 338px" /><br />
समीकरण के अनुसार,<br />
1.786 मोल N<sub>2</sub> से क्रिया करने वाले H<sub>2</sub> के मोलों की संख्या<br />
= \(\frac { 3 }{ 1 }\) × 1.786 = 5.358 मोल<br />
परन्तु H<sub>2</sub> के उपस्थित मोल = 4<br />
इसलिये सम्पूर्ण H<sub>2(g)</sub> अभिक्रिया में भाग लेगी अतः H<sub>2</sub> सीमान्त अभिकर्मक है।<br />
बनने वाली NH<sub>3</sub><br />
3 मोल H<sub>2</sub> से बनी NH<sub>3</sub> = 2 मोल<br />
4 मोल H<sub>2</sub> से बनी अमोनिया = \(\frac { 2 }{ 3 }\) × 4 मोल = 2.66 मोल<br />
2.66 मोल = 2.66 × 17 = 45.22g</p>
<p>प्रश्न 66.<br />
3.0g H<sub>2</sub> व 30.0g O<sub>2</sub> क्रिया करके जल बनाती है। इसमें सीमान्त अभिकर्मक क्या है? बनने वाले जल की मात्रा क्या होगी? एवं इसमें उस अभिकर्मक की मात्रा ज्ञात करें जो कि अनाभिकृत रह जाता है।<br />
हल:<br />
अभिक्रिया निम्न प्रकार होगी &#8211;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37052" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-29.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 29" width="322" height="125" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-29.png 322w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-29-300x116.png 300w" sizes="auto, (max-width: 322px) 100vw, 322px" /><br />
सीमान्त अभिकर्मक के लिये,<br />
4g H<sub>2</sub> क्रिया करती है = 32g O<sub>2</sub> से<br />
3g H<sub>2</sub> क्रिया करेगी = \(\frac { 32×3 }{ 4 }\)<br />
= 24g O<sub>2</sub> से<br />
परन्तु प्रश्न के अनुसार 30g O<sub>2</sub> है अर्थात् O<sub>2</sub> की मात्रा अधिक है।<br />
यहाँ सीमान्त अभिकर्मक H<sub>2</sub> है।<br />
4g H<sub>2</sub> से बनता है = 36g H<sub>2</sub>O<br />
3g H<sub>2</sub> से बनेगा = \(\frac { 36×3 }{ 4 }\)g H<sub>2</sub>O<br />
= 27g H<sub>2</sub>O<br />
चूँकि हम जानते हैं कि 3g H, क्रिया करती है 24g ऑक्सीजन से परन्तु प्रश्न के अनुसार 30g ऑक्सीजन है।<br />
अत: O की शेष मात्रा 30 &#8211; 24 = 6g</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
1.0g Mg का एक बंद पात्र में दहन किया जाता है, जिसमें 0.5 g O<sub>2</sub> उपस्थित है। सीमान्त अभिकर्मक क्या है ? तथा MgO अभिक्रिया में कितनी मात्रा में बनता है।<br />
हल:<br />
सन्तुलित अभिक्रिया निम्न प्रकार है.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37053" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-30.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 30" width="331" height="87" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-30.png 331w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-30-300x79.png 300w" sizes="auto, (max-width: 331px) 100vw, 331px" /><br />
सीमान्त अभिकर्मक का निर्धारण<br />
48g Mg क्रिया करता है = 32 g O<sub>2</sub> से<br />
1g Mg क्रिया करता है = \(\frac { 32 }{ 48 }\) = 0.67g O<sub>2</sub> से<br />
परन्तु प्रश्नानुसार O<sub>2</sub> की मात्रा = 0.5g<br />
चूँकि उपलब्ध O<sub>2</sub>, आवश्यकता से कम है, अतः O<sub>2</sub> एक सीमान्त अभिकर्मक है।<br />
MgO की मात्रा का निर्धारण<br />
32 g O<sub>2</sub> मैग्नीशियम से क्रिया करके बनाती है = 80g MgO<br />
∴ 0.5 g O<sub>2</sub> मैग्नीशियम से क्रिया करके बनाती है।<br />
= \(\frac { 80×0.5 }{ 32 }\)<br />
= 1.25g MgO</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
एक लवण का अणुभार 40g mol<sup>-1</sup> है। लवण की 4 ग्राम मात्रा 250 ग्राम जल में घोली गयी है, विलयन की मोललता बताएँ।<br />
हल:<br />
विलेय का अणुभार &#8216;M<sub>B</sub>&#8216; = 40g mol<sup>-1</sup><br />
विलेय का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 4 g<br />
विलायक का भार &#8216;W<sub>A</sub>&#8216; = 250 g<br />
मोललता (m) = \(\frac{\mathrm{W}_{\mathrm{B}} \times 1000}{\mathrm{M}_{\mathrm{B}} \times \mathrm{W}_{\mathrm{A}}}\)<br />
= \(\frac{4 \times 1000}{40 \times 250}\)<br />
= 0.4 मोल/ किग्रा.</p>
<p>प्रश्न 69.<br />
यदि 10g ऑक्सेलिक अम्ल को 500ml विलयन (घनत्व = 1.1 g ml<sup>-1</sup>) में घोला जाए तो विलयन में ऑक्सलिक अम्ल का द्रव्यमान प्रतिशत क्या होगा?<br />
हल:<br />
विलेय का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 10 g<br />
विलेय का घनत्व &#8216;d&#8217; = 1.1 g/ml<br />
विलयन का द्रव्यमान = आयतन x घनत्व = 500 x 1.1 = 550 g<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37054" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-31.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 31" width="320" height="113" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-31.png 320w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-31-300x106.png 300w" sizes="auto, (max-width: 320px) 100vw, 320px" /></p>
<p>प्रश्न 70.<br />
सल्फ्यूरिक अम्ल के 49% (भार प्रतिशत) विलयन का घनत्व 1.109 ग्राम / मिली है विलयन की मोललता एवं मोलरता ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
49% (भार प्रतिशत) का अर्थ है कि 49 ग्राम विलेय 100 ग्राम विलयन में उपस्थित है।<br />
विलेय का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 49g<br />
विलायक का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 100 &#8211; 49 = 51 g<br />
विलेय का अणुभार &#8216;M<sub>B</sub>&#8216; = 98g mol<sup>-1</sup> (सल्फ्यूरिक अम्ल )<br />
मोलरता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37055" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-32.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 32" width="369" height="325" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-32.png 369w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-32-300x264.png 300w" sizes="auto, (max-width: 369px) 100vw, 369px" /></p>
<p>प्रश्न 71.<br />
80 ग्राम जल तथा 90 ग्राम मेथिल ऐल्कोहॉल के मिश्रण में दोनों के मोल प्रभाज ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
जल का भार &#8216;W<sub>A</sub>&#8216; = 80g<br />
जल का अणुभार &#8216;M<sub>A</sub>&#8216; = 18 g/mol<br />
मैथिल ऐल्कोहॉल का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 90g<br />
मेथिल ऐल्कोहॉल का अणुभार &#8216;M<sub>B</sub>&#8216; = 32g/mol<br />
मेथिल ऐल्कोहॉल के मोल प्रभाज<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37056" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-33.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 33" width="375" height="383" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-33.png 375w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-33-294x300.png 294w" sizes="auto, (max-width: 375px) 100vw, 375px" /></p>
<p>प्रश्न 72.<br />
सुक्रोज के विलयन का भार 214.2g है। इसमें 34.2g सुक्रोज घुला हुआ है। सुक्रोज की मोललता की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
सुक्रोज का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 34.2 g<br />
जल का भार &#8216;W<sub>A</sub>&#8216; = विलयन का भार &#8211; विलेय का भार<br />
= 214.2 &#8211; 34.2 = 180 g<br />
सुक्रोज (C<sub>12</sub>H<sub>22</sub>O<sub>11</sub>) का मोलर द्रव्यमान<br />
= 12 × 12 + 1 x 22 + 16 × 11<br />
= 342g/mol<br />
मोललता (&#8216;m&#8217;) = \(\frac{\mathrm{W}_{\mathrm{B}} \times 1000}{\mathrm{M}_{\mathrm{B}} \times \mathrm{W}_{\mathrm{A}}}\)<br />
= \(\frac{34.2 \times 1000}{342 \times 180}\)<br />
= 0.55 m</p>
<p>प्रश्न 73.<br />
5.85g सोडियम क्लोराइड को 500g जल में विलेय किया गया। प्राप्त विलयन की मोललता बताएँ।<br />
हल:<br />
विलेय का भार &#8216;W<sub>B</sub>&#8216; = 5.85g<br />
विलेय का अणुभार &#8216;M<sub>B</sub>&#8216; = 2335.5<br />
= 58.5g/mol<br />
विलायक का भार &#8216;W<sub>A</sub>&#8216; = 500g<br />
मोललता (m) = \(\frac{\mathrm{W}_{\mathrm{B}} \times 1000}{\mathrm{M}_{\mathrm{B}} \times \mathrm{W}_{\mathrm{A}}}\)<br />
= \(\frac{5.85 \times 1000}{58.5 \times 500}\)<br />
= 0.2 mol/kg</p>
<p>प्रश्न 74.<br />
एथिलीन ग्लाइकॉल (C<sub>2</sub>H<sub>6</sub>O<sub>2</sub>) के मोल प्रभाज की गणना करो यदि विलयन में C<sub>2</sub>H<sub>6</sub>O<sub>2</sub> का 20% द्रव्यमान उपस्थित हो।<br />
हल:<br />
20% C<sub>2</sub>H<sub>6</sub>O<sub>2</sub> का मतलब है कि,<br />
20g C<sub>2</sub>H<sub>6</sub>O<sub>2</sub> 100g विलयन में उपस्थित है।<br />
अतः विलेय का भार W<sub>B</sub> = 20g<br />
विलायक का भार W<sub>A</sub> = 100 &#8211; 20 = 80g<br />
विलेय का मोलर द्रव्यमान M<sub>B</sub><br />
= 2 × 12 + 6 × 1 + 2 × 16 = 62g/mol<br />
विलायक का मोलर द्रव्यमान<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37057" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-34.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 34" width="350" height="275" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-34.png 350w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-34-300x236.png 300w" sizes="auto, (max-width: 350px) 100vw, 350px" /><br />
जल का मोल प्रभाज. = 1 &#8211; x<sub>(माइकल)</sub><br />
= 1 &#8211; 0.068 = 0.932<br />
उत्तर-ग्लाइकॉल का मोल प्रभाज = 0.068<br />
जल का मोल प्रभाज = 0.932</p>
<p>प्रश्न 75.<br />
उस विलयन की मोलरता की गणना कीजिए। जिसमें 5g NaOH 450ml विलयन में घुला हुआ है।<br />
हल:<br />
विलेय का भार W<sub>B</sub> = 5g<br />
विलेय का मोलर द्रव्यमान = M<sub>B</sub> = 40g/mol<br />
विलयन का आयतन V = 450ml<br />
मोलरता M = ?<br />
M = \(\frac{W_B \times 1000}{40 \times 450}\)<br />
= \(\frac{5 \times 1000}{40 \times 450}\)<br />
= 0.278 mol/L<br />
उत्तर. दिये गये विलयन की मोलरता 0.278 mol/ L है।</p>
<p>प्रश्न 76.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए तथा इसे जाँच तथा भूल विधि द्वारा सन्तुलित कीजिए-<br />
मैग्नीशियम नाइट्राइड + जल → मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड + अमोनिया<br />
हल:<br />
अभिक्रिया के लिए रासायनिक समीकरण निम्नवत् है<br />
Mg<sub>3</sub>N<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O → Mg(OH)<sub>2</sub> + NH<sub>3</sub><br />
समीकरण को निम्नलिखित पदों में सन्तुलित किया जा सकता है<br />
(i) Mg परमाणुओं को सन्तुलित करना<br />
Mg<sub>3</sub>N<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O → 3Mg(OH)<sub>2</sub> + NH<sub>3</sub></p>
<p>(ii) N परमाणुओं को सन्तुलित करना<br />
Mg<sub>3</sub>N<sub>2</sub> + H<sub>2</sub>O → 3Mg(OH)<sub>2</sub> + 2NH<sub>3</sub></p>
<p>(iii) O परमाणुओं को सन्तुलित करना<br />
Mg<sub>3</sub>N<sub>2</sub> + 6H<sub>2</sub>O → 3Mg(OH)<sub>2</sub> + 2NH<sub>3</sub><br />
जाँच करने पर ज्ञात होता है कि H परमाणु पहले से ही सन्तुलित है अतः पूर्णतया सन्तुलित समीकरण निम्नवत् है-<br />
Mg<sub>3</sub>N<sub>2</sub> + 6H<sub>2</sub>O → 3Mg(OH)<sub>2</sub> + 2NH<sub>3</sub>↑</p>
<p>प्रश्न 77.<br />
100 किलो 90 प्रतिशत शुद्ध चूने के पत्थर (CaCO<sub>3</sub>) को गर्म करने पर प्राप्त CaO का द्रव्यमान ज्ञात करो ?<br />
हल:<br />
CaCO<sub>3</sub> → CaO + CO<sub>2</sub><br />
CaCO<sub>3</sub> का मोलर द्रव्यमान = 100g<br />
90 प्रतिशत शुद्धता = 100kg CaCO<sub>3</sub> में 90 kg शुद्ध CaCO<sub>3</sub> उपस्थित है।<br />
100kg CaCO<sub>3</sub> में शुद्ध पदार्थ = 90kg<br />
अभिक्रिया के अनुसार,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37058" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-1-रसायन-विज्ञान-की-कुछ-मूल-अवधारणाएँ-35.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ 35" width="286" height="97" /><br />
अतः समीकरण के अनुसार<br />
100g CaCO<sub>3</sub> से CaO बनता है = 56g<br />
या 100kg CaCO<sub>3</sub> से CaO बनेगा = 56kg<br />
अत: 90kg CaCO<sub>3</sub> से CaO बनेगा = \(\frac { 56 }{ 100 }\) x 90<br />
= 50.4 kg</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:29:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन (A) वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions) 1. ग्लाइकोलाइसिस की क्रिया सम्पन्न होती है- (A) माइटोकॉण्ड्रिया में (B) कोशिकाद्रव्य में (C) हरित लवक में (D) केन्द्रक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-biology-important-questions/">HBSE 11th Class Biology Important Questions</a> Chapter 14 पादप में श्वसन Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन</h2>
<p><span style="color: #0000ff;"><br />
(A) वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions)</span></p>
<p>1. ग्लाइकोलाइसिस की क्रिया सम्पन्न होती है-<br />
(A) माइटोकॉण्ड्रिया में<br />
(B) कोशिकाद्रव्य में<br />
(C) हरित लवक में<br />
(D) केन्द्रक द्रव्य में<br />
उत्तर:<br />
(B) कोशिकाद्रव्य में</p>
<p>2. ग्लाइकोलाइसिस में कितने ATP अणुओं का लाभ होता है ? (UPCPMT)<br />
(A) 2<br />
(B) 4<br />
(C) 6<br />
(D) 8<br />
उत्तर:<br />
(A) 2</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>3. यदि श्वसनी पदार्थ ग्लूकोज है जो इसका R. Q. होगा &#8211;<br />
(A) 0.7<br />
(B) 1<br />
(C) 1.8<br />
(D) 2<br />
उत्तर:<br />
(B) 1</p>
<p>4. ग्लूकोज के एक अणु के पूर्ण आक्सीकरण से कितने ATP बनते हैं ?<br />
(A) 8<br />
(B) 16<br />
(C) 32<br />
(D) 38<br />
उत्तर:<br />
(D) 38</p>
<p>5. ग्लाइकोलाइसिस तथा क्रेब्स चक्र के बीच मध्यस्थ कड़ी है-<br />
(A) पाइरुविक अम्ल<br />
(B) एसीटिक अम्ल<br />
(C) ऐसीटिल CO ~ A<br />
(D) सक्सिनिल CO ~ Α<br />
उत्तर:<br />
(C) ऐसीटिल CO ~ A</p>
<p>6. ऑक्सीसोम्स पाये जाते हैं-<br />
(A) माइटोकॉण्ड्रिया की आन्तरिक कला पर<br />
(B) माइटोकॉण्ड्रिया की बाह्य कला पर<br />
(C) माइटोकॉण्ड्रिया की सतह पर<br />
(D) इनमें से किसी में नहीं<br />
उत्तर:<br />
(A) माइटोकॉण्ड्रिया की आन्तरिक कला पर</p>
<p>7. ग्लूकोज के एक अणु के वायवीय ऑक्सीकरण में उत्पन्न ऊर्जा होती है-<br />
(A) 247 kJ<br />
(B) 300kJ<br />
(C) 2870kJ<br />
(D) 6700kJ<br />
उत्तर:<br />
(C) 2870kJ</p>
<p>8. मांसल शुष्कोद्भिदी पादपों में रात्रि में श्वसन भागफल होता है-<br />
(A) 0<br />
(B) 1<br />
(C) 0.7<br />
(D) 1 से अधिक<br />
उत्तर:<br />
(C) 0.7</p>
<p>9. क्रेब्स चक्र में कुल कितने ATP बनते हैं ?<br />
(A) 8<br />
(B) 12<br />
(C) 24<br />
(D) 36<br />
उत्तर:<br />
(C) 24</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>10. किण्वन में भाग लेने वाला विकर (emzyme)<br />
(A) हैक्सोकाइनेज<br />
(B) पाइरुवेट<br />
(C) फॉस्फेटेज<br />
(D) जाइमेज<br />
उत्तर:<br />
(D) जाइमेज</p>
<p>11. यदि किसी पौधे के चारों ओर CO<sub>2</sub> की सान्द्रता अत्यधिक हो तो श्वसन क्रिया-<br />
(A) तीव्र हो जायेगी<br />
(B) रुक जायेगी<br />
(C) धीमी हो जायेगी<br />
(D) अप्रभावित रहेगी<br />
उत्तर:<br />
(C) धीमी हो जायेगी</p>
<p>12. निम्न में से श्वसन संदमक हैं/<br />
(A) आयोडोऐसीटेट<br />
(B) मैलोनेट<br />
(C) सायनाइड<br />
(D) ये सभी<br />
उत्तर:<br />
(B) मैलोनेट</p>
<p>13. प्रकाश सन्तुलन तीव्रता में-<br />
(A) प्रकाश अवशोषण बढ़ जाता है।<br />
(B) वायुमण्डल से गैस विनिमय बढ़ जाता है।<br />
(C) वायुमण्डल से गैस विनिमय नहीं हाता है।<br />
(D) O<sub>2</sub> का अवशोषण बढ़ जाता है<br />
उत्तर:<br />
(C) वायुमण्डल से गैस विनिमय नहीं हाता है।</p>
<p>14. क्रेब्स चक्र को कहते हैं-<br />
(A) EMP चक्र<br />
(B) TCA चक्र<br />
(C) हेच स्लेक चक्र<br />
(D) CAM चक्र<br />
उत्तर:<br />
(B) TCA चक्र</p>
<p>15. EMP पथ जैव-रासायनिक पथ है-<br />
(A) ग्लाइकोलाइसिस में<br />
(B) ETS में<br />
(C) क्रेब्स चक्र में<br />
(D) इन सभी में<br />
उत्तर:<br />
(A) ग्लाइकोलाइसिस में</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>16. R. Q. सर्वाधिक होगा जब श्वसन पदार्थ होगा-<br />
(A) ग्लूकोज<br />
(B) वसा<br />
(C) मैलिक अम्ल<br />
(D) प्रोटीन<br />
उत्तर:<br />
(C) मैलिक अम्ल</p>
<p>17. उच्च श्रेणी के पादप के किस भाग में अनॉक्सी श्वसन होता है ?<br />
(A) भीगे बीज में<br />
(B) फल में<br />
(C) पत्ती में<br />
(D) शुष्क बीज में<br />
उत्तर:<br />
(D) शुष्क बीज में</p>
<p>18. पेन्टोज फॉस्फेट पथ बताया-<br />
(A) नॉरेनवर्ग ने<br />
(B) ब्लैकमैन ने<br />
(C) वारबर्ग ने<br />
(D) इनमें से कोई नहीं<br />
उत्तर:</p>
<p>19. सायटोक्रोम सहायक होते हैं-<br />
(A) इलेक्ट्रॉन अभिगमन में<br />
(B) ऊर्जा के विमोचन में<br />
(C) ऊर्जा संचयन में है<br />
(D) ग्लूकोज के. ऑक्सीकरण में<br />
उत्तर:<br />
(C) ऊर्जा संचयन में है</p>
<p>20. कार्बनिक पदार्थों के टूटने के<br />
(A) एक अपचय क्रिया<br />
(B) एक उपचय क्रिया<br />
(C) एक पाचन क्रिया<br />
(D) इनमें कोई नहीं<br />
उत्तर:<br />
(B) एक उपचय क्रिया</p>
<p>21. श्वसन दर बढ़ जाएगी यदि मात्रा बढ़ाई जाए-<br />
(A) N<sub>2</sub> की<br />
(B) O<sub>2</sub> की<br />
(C) CO<sub>2</sub> की<br />
(D) CO की<br />
उत्तर:<br />
(C) CO<sub>2</sub> की</p>
<p>22. श्वसन के पद नियंत्रित होते<br />
(A) एन्जाइम द्वारा<br />
(B) क्रियाधर द्वारा<br />
(C) हार्मोन्स द्वारा<br />
(D) देह द्रव द्वारा<br />
उत्तर:<br />
(A) एन्जाइम द्वारा</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>23. पाइकुविक अम्ल किस क्रिया का उत्पाद है ? (RPMT)<br />
(A) क्रेब्स चक्र<br />
(B) केल्विन चक्र<br />
(C) PPP<br />
(D) ग्लाइकोलाइसिस<br />
उत्तर:<br />
(D) ग्लाइकोलाइसिस</p>
<p>24. श्वसन क्रिया में अन्तिम इलेक्ट्रॉन ग्राही है- (RPMT, UPPMT, UPCPMT)<br />
(A) CO<sub>2</sub><br />
(B) O<sub>2</sub><br />
(C) H<sub>2</sub><br />
(D) NADH<br />
उत्तर:<br />
(B) O<sub>2</sub></p>
<p>25. RQ श्वसन गुणांक एक से कम होता है-<br />
(A) वसा का<br />
(B) ग्लूकोज का<br />
(C) फ्रक्टोज का<br />
(D) कार्बनिक अम्ल का<br />
उत्तर:<br />
(A) वसा का</p>
<p>26. ऐल्कोड़लीय किण्बन निम्न की उपस्थिति में होता है- (RPMT)<br />
(A) माल्टोज<br />
(B) जाइमेज<br />
(C) एमाइलेज<br />
(D) इनवर्टेंज<br />
उत्तर:<br />
(B) जाइमेज</p>
<p>27. क्षेख घक्र कहुँ सम्पन्न होता है ?<br />
(A) कोशिका द्रव्य<br />
(B) माइटोकॉष्ड्रूया<br />
(C) हरित लवक<br />
(D) ER.<br />
उत्तर:<br />
(B) माइटोकॉष्ड्रूया</p>
<p>28. एक व्यर्ष प्रकिया है-<br />
(A) श्वसन<br />
(B) प्रकाश संश्लेषण<br />
(C) प्रकाश श्वसन<br />
(D) गति<br />
उत्तर:<br />
(C) प्रकाश श्वसन</p>
<p>29. सक्सिनिक जिताइड्रोजिनेय का एक प्रभिसर्षी संखमक्ड क्या दोका है ? (CBSE AIMPT)<br />
(A) मैलानेट<br />
(B) ऑक्सैलोएसीटेट<br />
(C) α कीटोग्लटैरेट<br />
(D) मैलेट<br />
उत्तर:<br />
(A) मैलानेट</p>
<p>30. सीमाकारी कारकों का नियम जिसने दिखा ? (UPCPMT)<br />
(A) लीबिग ने<br />
(B) स्लैकमन ने<br />
(C) कैस्विन ने<br />
(D) आर्नन ने<br />
उत्तर:<br />
(B) स्लैकमन ने</p>
<p>31. माझ्टोकौष्टिया में ATP का निर्माण क्जिता है- (UPCPMT)<br />
(A) बाद्य झिल्ली पर<br />
(B) अन्तः झिल्ली पर<br />
(C)F1 कण पर<br />
(D) क्रिस्टी पर<br />
उत्तर:<br />
(B) अन्तः झिल्ली पर</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>32. क्रेख्स चक्र में GTP क्रा निर्माण होता है- (UPCPMT)<br />
(A) ऑक्सीकरणीय फॉस्फेटीकरण में<br />
(B) क्रियाधर फॅ्स्पेटीकरण में<br />
(C) प्रकाश फॉस्पेटीकरण में<br />
(D) विकाबोक्सीकरण में<br />
उत्तर:<br />
(B) क्रियाधर फॅ्स्पेटीकरण में</p>
<p>33. केष्क चक में &#8216;ऊर्ला सिक्का&#8217; काजनाता है-<br />
(A) AMP<br />
(B) GTP<br />
(C) NADPH2<br />
(D) ATP<br />
उत्तर:<br />
(D) ATP</p>
<p>34. प्वसन मधध्यित वसा कार्बोकाइड्रेट और प्रोटिनों के भुन में कौन-सा उपापचयी सामान्यत होत्ता है ? (NDETUG)<br />
(A) ग्लूकोस-6-फॉस्पेट<br />
(B) फ्रक्टोस-1, 6-डाइफॉस्फेट<br />
(C) पाइकुविक अम्ल<br />
(D) ऐसीटिल CO ~ A<br />
उत्तर:<br />
(D) ऐसीटिल CO ~ A</p>
<p>35. निम्नलिखित में से किस प्रांक्या में CO<sub>2</sub> मुक्त कीजी छोती है ?<br />
(A) प्राणियों में वायु श्वसन<br />
(B) ऐल्कोहॉली किण्वन<br />
(C) लैक्टेट किण्वन<br />
(D) पादपों में वायु श्वसन<br />
उत्तर:<br />
(C) लैक्टेट किण्वन</p>
<p><span style="color: #0000ff;">(B) अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
श्वसन को परिभाषित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
श्वसन एक अपचयी क्रिया है, जिसमें O<sub>2</sub> प्रयुक्त तथा CO<sub>2</sub> व ऊर्जा मुक्त होती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
ऑक्सीश्वसन का समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
C<sub>6</sub>H<sub>12</sub>O<sub>6</sub> + 6O<sub>2</sub> → 6CO<sub>2</sub>+ 6 H<sub>2</sub>O + 2870kJ</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
कोशिकीय श्वसन में इलेक्ट्रॉन अभिगमन कहाँ होता है ?<br />
उत्तर:<br />
माइटोकॉण्ड्रिया के ऑक्सीसोम्स (Oxisomes ) पर ।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
अत्यधिक ताप पर श्वसन क्रिया कैसे प्रभावित होती है ?<br />
उत्तर:<br />
अत्यधिक ताप पर विकर (Enzyme) विघटित हो जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
ऑक्सी तथा अनॉक्सी श्वसन में कौन-सा प्रक्रम समान होता<br />
उत्तर:<br />
ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis)</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
कोशिका के कौन-से दो अणु इलेक्ट्रॉन बैंकर का कार्य करते<br />
उत्तर:<br />
NAD तथा FAD</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
क्रेन्स चक्र कोशिका के किस भाग में सम्पन्न होता है ?<br />
उत्तर:<br />
माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria) में।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
कोशिका का ऊर्जा गृह क्या कहलाता है ?<br />
उत्तर:<br />
माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria)।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
कोशिका की ऊर्जा मुद्राएँ क्या होते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ATP (Adenosine Triphosphate) ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
ग्लूकोज का पायरुविक अम्ल में अपूर्ण आक्सीकरण क्या कहलाता है ?<br />
उत्तर:<br />
ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) |</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
अनॉक्सीश्वसन की अवस्था में यीस्ट द्वारा 38 ATP के उत्पादन के लिए आवश्यक ग्लूकोस अणुओं की संख्या बताइए ।<br />
उत्तर:<br />
अनॉक्सी श्वसन में एक ग्लूकोज से 2 ATP निकलते हैं। अतः 38 ATP निकलने के लिए 19 ग्लूकोज अणुओं की आवश्यकता होगी।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
ग्लूकोज को ग्लूकोज-6- फॉस्फेट में परिवर्तित करने वाले एन्जाइम का नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
हेक्सोकाइनेस (Hexokinase) ।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
वान्ट हाफ का नियम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
वान्ट हाफ के अनुसार प्रति 10°C तापमान वृद्धि से श्वसन दर 2-3 गुणा घट जाती है ।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
किसी जीव द्वारा ग्लूकोज पर अनॉक्सीश्वसन किया जा रहा है, इसका R. Q. कितना होगा ?<br />
उत्तर:<br />
अनन्त, क्योंकि अनॉक्सी श्वसन में O<sub>2</sub> नहीं ली जाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
पाइरुविक अम्ल से ऐसीटिल CO ~ A के निर्माण में कितने ATP अणु निकलते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
2 ATP</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
दहन तथा श्वसन में एक अन्तर लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
दहन क्रिया उच्च ताप पर तथा श्वसन क्रिया सामान्य ताप पर होती है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
दो श्वसन क्रिया संदमक पदार्थों के नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
कार्बन मोनो ऑक्साइड, आयोडोऐसीटेट ।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
ETS में इलेक्ट्रॉन का अन्तिम ग्राही कौन होता है ?<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सीजन ।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
ATPase की भूमिका लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
ADP तथा iP से ATP का निर्माण ।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
जाइमोसिस (Zymosis) क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
किण्वन का अन्य रूप ।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">(C) लघु उत्तरीय प्रश्न &#8211; I (Short Answer Type Questions -1)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
निम्नलिखित के श्वसन गुणांक लिखिए-<br />
1 अंकुरित मंडयुक्त गेहूँ,<br />
2. अंकुरित तिलहन,<br />
3. अंकुरित दलहनी बीज,<br />
4. नागफनी का प्रकाश में।<br />
उत्तर:<br />
1. अंकुरित गेहूँ में कार्बोहाइड्रेट के श्वसन का RQ = 1<br />
2. अंकुरित तिलहन में वसा होता है, अतः RQ = 0.64<br />
3. अंकुरित दाल में श्वसन पदार्थ प्रोटीन है, अतः RQ = 0.8 &#8211; 0.9<br />
4. नागफनी का प्रकाश में डीएसिडिफिकेशन होता है, अत: RQ = 1.33</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
जन्तुओं की पेशियाँ थकावट क्यों महसूस करती हैं ?<br />
उत्तर:<br />
जन्तुओं द्वारा कार्य किये जाने में ऊर्जा खर्च होती है जो कि पेशियों द्वारा अनॉक्सीश्वसन से उत्पन्न होती है। इस क्रिया के फलस्वरूप पेशियों में लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) जमा हो जाती है। लैक्टिक अम्ल की अधिकता के कारण पेशियों में थकावट महसूस होती है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
पाश्चर प्रभाव क्या है ?<br />
उत्तर:<br />
किसी जीवधारी की अवायवीय परिस्थितियों को वायवीय परिस्थितियों में बदल देने की क्रिया को पाश्चर प्रभाव (Pasteur effect) कहते हैं। यह क्रिया भोज्य पदार्थों ( Substrate &#8211; क्रियाधर) को बचाने के लिए होती है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
एक वायुरोधक काँच के एक जार में एक खरगोश को बन्द कर दिया गया जिसका सम्बन्ध एक द्रोणी (trough) से कर दिया गया जिसमें हरी शैवाल उगी है। क्या खरगोश कुछ समय तक जीवित रहेगा ? कारण बताइए ।<br />
उत्तर:<br />
कोई भी जीव भोजन के बिना कुछ समय तक जीवित रह सकता है किन्तु श्वसन के बिना नहीं। खरगोश को श्वसन के लिए ऑक्सीजन चाहिए जो उसे द्रोणी में उगी शैवाल से प्राप्त हो जाती है । परन्तु शैवाल दिन के समय ही O<sub>2</sub> निकालेंगे। रात्रि के समय शैवाल CO<sub>2</sub> निकालेंगे अतः रात्रि के समय O<sub>2</sub> के अभाव में खरगोश मर सकता है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
नागफनी जैसे माँसल पौधों में श्वसन गुणांक कैसे पता लगायेंगे ?<br />
उत्तर:<br />
नागफनी में दिन के समय अपूर्ण आक्सीकरण होता है।<br />
C<sub>6</sub>H<sub>12</sub>O<sub>6</sub> +3O<sub>2</sub> → C4H6O5 + 2 CO<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub>O<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34150" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-1.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 1" width="234" height="49" /><br />
नागफनी में रात के समय डीएसिडीफिकेशन (Deacidification) होता है-<br />
C<sub>4</sub>H<sub>6</sub>O<sub>5</sub> +3O<sub>2</sub> → 4CO<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub>O<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34151" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-2.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 2" width="227" height="50" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
श्वसन भागफल तथा प्रकाश संश्लेषण भागफल में दो अन्तर लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
श्वसन भागफल तथा प्रकाश संश्लेषण भागफल में अन्तर-</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>श्वसन भागफल (Respiratory Quotient)</td>
<td>प्रकाश संश्लेषण भागफल (Photosynthetic Quotient)</td>
</tr>
<tr>
<td>1. यह एक निर्धारित समय में छोड़ी गई CO<sub>2</sub> तथा ली गई O<sub>2</sub> की मात्रा का अनुपात है ।</td>
<td>1. यह एक निर्धारित समय में छोड़ी गई O<sub>2</sub> तथा ली गई CO<sub>2</sub> की है।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. विभिन्न श्वसन पदार्थों का R.Q. भिन्न-भिन्न होता है।</td>
<td>2. मात्रा का अनुपात है । | लगभग सभी पदार्थों का P.Q. 1. होता है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color: #0000ff;">(D) लघु उत्तरीय प्रश्न- II ( Short Answer Type Questions-II)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ऑक्सी श्वसन क्या है ? यह अनॉक्सी श्वसन से अधिक दक्ष क्यों माना जाता है ?<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सी श्वसन (Aerobic respiration) &#8211; श्वसन का वह प्रकार जिसमें खाद्य पदार्थों में जैवरासायनिक ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, ऑक्सीश्वसन कहलाता है।<br />
C<sub>6</sub>H<sub>12</sub>O + 6O<sub>2</sub> → 6CO<sub>2</sub> + 6H<sub>2</sub>O + 2870kJ<br />
ऑक्सी श्वसन, अनॉक्सी श्वसन की अपेक्षा दक्ष होता है, क्योंकि-<br />
1. ग्लाइकोलासिस में जितनी ऊर्जा निकलती है तथा जितने ATP अणु बनते हैं, उनकी संख्या दोनों क्रियाओं में समान है।<br />
2. ऑक्सीश्वसन में क्रेब्स द्वारा पाइरुविक अम्ल (Pyruvic acid) का पूर्ण आक्सीकरण (Oxidation) होता है। मुक्त ऊर्जा ATP के रूप में संचित होती है।<br />
3. अनॉक्सी श्वसन में केवल आन्तरिक परिवर्तन द्वारा CO<sub>2</sub> तथा एल्कोहॉल बनते हैं। अधिकतम ऊर्जा इन यौगिकों में रह जाती है।<br />
4. ऑक्सीश्वसन में ग्लूकोज में एक अणु से ATP के 38 अ हैं, जबकि अनॉक्सीश्वसन में केवल 2 ATP अणु ही बनते हैं।<br />
अतः ऑक्सीश्वसन, अनॉक्सीश्वसन की अपेक्षा अधिक दक्ष है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में भी श्वसन होता है। कैसे सिद्ध करोगे ? प्रयोग द्वारा समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
श्वसन क्रिया के प्रथम पद में ग्लूकोज से पाइरुविक अम्ल के निर्माण की क्रिया में ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है। इसे ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) कहते हैं। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में नॉक्सीश्वसन (Anaerobic respiration) होता है- विकर C<sub>6</sub>H<sub>12</sub>O<sub>6</sub> → 2 C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>OH + 2 CO<sub>2</sub> ↑ + 247 kJ<br />
उपरोक्त प्रक्रिया को निम्न प्रयोग द्वारा समझाया जा सकता है- प्रयोग &#8211; काँच की एक परखनली को पारे से पूर्णतः भरकर पेट्रीप्लेट में भरे पारे पर इस प्रकार उलटते हैं कि परखनली में पारे का तल नीचे न गिरे।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34152" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-3.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 3" width="351" height="283" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-3.png 351w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-3-300x242.png 300w" sizes="auto, (max-width: 351px) 100vw, 351px" /></p>
<p>अब कुछ अंकुरित बीज चिमटी की सहायता से परखनली में प्रवेश कराते हैं। ये बीज ऊपर उठकर परखनली की पेंदी में ऊपर की ओर पहुँच जाते हैं। परखनली को स्टैण्ड पर कस देते हैं। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। अंकुरित बीजों (germinating seeds) में अनॉक्सीश्वसन की क्रिया होने के फलस्वरूप CO<sub>2</sub> उत्पन्न होती है।</p>
<p>CO<sub>2</sub> के एकत्र होने के कारण धीरे-धीरे नली में भरे पारे का तल गिरने लगता है। यह देखने के लिए कि परखनली में CO<sub>2</sub> ही उत्पन्न हुई है, एक KOH की टिकिया पारे के ऊपर पहुँचाते हैं। यह परखनली की CO<sub>2</sub> को सोख लेती है और पारे का तल पुनः ऊपर उठ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
हरे पौधों द्वारा श्वसन क्रिया का प्रदर्शन कीजिए।<br />
अथवा<br />
सिद्ध कीजिए कि हरे पौधों में ऑक्सीश्वसन में CO<sub>2</sub> उत्पन्न होती है।<br />
उत्तर:<br />
एक बेलजार A में एक हरा पौधा (इसके स्थान पर अंकुरित बीज, आलू अथवा प्याज) लेते हैं । बेलजार के दोनों ओर चूने के पानी से भरी दो बोतलें A तथा B को नली की सहायता से जोड़ दिया जाता है। बेलजार B को काले कपड़े या कागज से ढँक देते हैं ताकि पौधों में प्रकाश संश्लेषण न हो ।</p>
<p>बोतल C का सम्बन्ध KOH से भरी U नली से कर देते हैं, U नली से कर देते हैं, U नली का एक सिरा रखते हैं तथा A नली के एक सिरे से चूषण पम्प जोड़ देते हैं। बोतल, बेलजार तथा नली को चित्रानुसार जोड़ते हैं तथा पूरे उपकरण को वायुरुद्ध (air tight) रखा जाता है। चूषण पम्प को कुछ देर बाद खोलने से वायु का खिंचाव होता है जिससे वायु U नली में रखे KOH से होती हुई C बोतल में प्रवेश करती है।</p>
<p>वायु में उपस्थित CO<sub>2</sub> KOH द्वारा अवशोषित हो जाती है। बोतल C के चूने के पानी का दूधिया न होना इसका प्रमाण है । कुछ समय पश्चात् हम देखते हैं कि A बोतल के चूने के पानी का रंग दूधिया हो गया है। इससे यह सिद्ध होता है कि अंकुरित बीज श्वसन में CO<sub>2</sub> गैस निकालते हैं जो कि A बोतल के चूने के पानी को दूधिया कर देती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34153" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-4.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 4" width="417" height="221" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-4.png 417w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-4-300x159.png 300w" sizes="auto, (max-width: 417px) 100vw, 417px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
श्वसनमापी द्वारा ऑक्सी श्वसन का प्रदर्शन कैसे किया जाता<br />
उत्तर:<br />
श्वसनमापी द्वारा श्वसन क्रिया का प्रदर्शन-<br />
श्वसन मापी काँच का बना एक उपकरण है, जिसमें एक नलिका के मुड़े सिरे पर एक बल्ब लगा रहता है। बल्ब में कॉर्क लगा एक मुँह भी होता है। बल्ब में कुछ अंकुरित बीज रखकर इसमें लगी नली के दूसरे छोर को पारे से भरी एक नाद से सम्पर्क कर देते हैं। नली के मुँह में पारे के ऊपर KOH की एक टिकिया रखकर उपकरण को स्टैण्ड पर कस देते हैं।</p>
<p>दूसरे दिन उपकरण को देखने से ज्ञात होता है कि पारा श्वसनमापी ( Respirometer) नलिका में ऊपर चढ़ गया है। इसका कारण है कि बल्ब में रखे बीज श्वसन क्रिया में. O<sub>2</sub> अवशोषित करके CO<sub>2</sub> उत्पन्न करते हैं। CO<sub>2</sub> को KOH द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है जिससे नलिका में वायुदाब कम होता है और पारा नली में ऊपर चढ़ जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34154" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-5.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 5" width="218" height="376" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-5.png 218w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-5-174x300.png 174w" sizes="auto, (max-width: 218px) 100vw, 218px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
यीस्ट कोशिकाओं को चीनी के घोल में रखने से आप यीस्ट कोशिकाओं एवं चीनी के घोल में किन परिवर्तनों की आशा करते हैं ?<br />
अथवा<br />
खजूर का ताजा रस देर तक रखे रस की अपेक्षा मीठा होता है और मादक होता जाता है। समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
चीनी के घोल में यीस्ट कोशिकाओं को रखने से इसमें निम्न परिवर्तन होता है-<br />
चीनी के घोल में परिवर्तन &#8211; यीस्ट कोशिकाओं द्वारा चीनी के घोल में एल्कोहॉलिक किण्वन (Alcoholic fermentation) होता है, फलस्वरूप यीस्ट कोशिकाओं में उपस्थित जाइमेज समूह के विकर, सुक्रोज ( Sucrose) पर क्रिया करके इसे ग्लूकोज आदि में तोड़ देते हैं। बाद में अनॉक्सी श्वसन के द्वारा ग्लूकोज (Glucose) से ऐल्कोहॉल तथा CO<sub>2</sub> बनते हैं। इस क्रिया में उत्पन्न ऊर्जा घोल का ताप भी बढ़ाती है। देर तक रखे खजूर (Date palm) के रस का यीस्ट द्वारा किण्वन (Fermentation) से ऐल्कोहॉल बनने के कारण यह मादक (Narcotic) हो जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34155" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-6.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 6" width="432" height="361" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-6.png 432w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-6-300x251.png 300w" sizes="auto, (max-width: 432px) 100vw, 432px" /></p>
<p>यीस्ट कोशिकाओं में परिवर्तन- यीस्ट कोशिकाएँ प्रचुरता में पोषण तथा ऊर्जा पाकर कायिक वृद्धि करके संख्या में वृद्धि करती हैं। इस प्रक्रिया को मुकुलन (budding) कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन में अन्तर लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन में अन्तर</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)</td>
<td>श्वसन (Respiration)</td>
</tr>
<tr>
<td>1. इसमें प्रकाश आवश्यक है।</td>
<td>1. इसमें प्रकाश आवश्यक नहीं है।</td>
</tr>
<tr>
<td>2. CO<sub>2</sub> तथा H<sub>2</sub>O कच्चे माल हैं।</td>
<td>2. कार्बोहाइड्रेट कच्चा माल (Raw material) है।</td>
</tr>
<tr>
<td>3. काबोंहाइड्रेट उत्पाद होता है।</td>
<td>3. CO<sub>2</sub> व जल उत्पाद होते हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td>4. यह ऊर्जाशोषी (endo- thermic) अभिक्रिया है।</td>
<td>4. यह ऊर्जाक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic reaction) है।</td>
</tr>
<tr>
<td>5. यह संश्लेषणात्मक क्रिया है।</td>
<td>5. यह विघटनात्मक क्रिया है।</td>
</tr>
<tr>
<td>6. इससे शुष्क भार में वृद्धि होती है।</td>
<td>6. इससे शुष्क भार में कमी होती है।</td>
</tr>
<tr>
<td>7. प्रकाश फॉस्फेटीकरण होता है।</td>
<td>7. ऑक्सीकरणीय फॉस्फेटीकरण होता है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 7.<br />
क्या कारण है कि बीज से भरे गोदाम को खोलने पर गर्मी महसूस होती है ?<br />
अथवा<br />
हरी घास के अन्दर का ताप बाहर के वातावरण से अधिक होता है। उत्तर- बीज भरे गोदाम या अनाज से भरे गोदाम को खोलने पर गर्मी निकलती है क्योंकि बीज जीवित होते हैं तथा इनमें धीमी गति से श्वसन क्रिया होती है जिससे ऊष्मा उत्पन्न होती है। यह ऊष्मा हमें गोदाम खोलने पर महसूस होती है। ऐसा ही घास के ढेर में होता है, कटी घास की पत्तियों में काफी समय तक श्वसन होता रहता है जिससे ऊष्मा निकलती है जो अन्दर के वातावरण को गर्म कर देती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
ऐसीटिक अम्ल किण्वन तथा लैक्टिक अम्ल किण्वन पर टिप्पणी लिखिए ।<br />
उत्तर:<br />
(i) ऐसीटिक अम्ल किण्वन (Acetic Acid Fermenta- tion) &#8211; कुछ जीवाणुओं में एल्कोहॉलिक किण्वन (Fermentation) होने से ऐथिल ऐल्कोहॉल को ऐसीटिक अम्ल में ऑक्सीकृत कर दिया जाता है। इसे ऐसीटिक अम्ल किण्वन कहते हैं-<br />
C<sub>2</sub>H<sub>5 </sub>OH + O<sub>2</sub> → CH<sub>3</sub>COOH + H<sub>2</sub>O + 118.2 kcal ऐथिल एल्कोहल ऐसीटिक अम्ल</p>
<p>(ii) लैक्टिक अम्ल किण्वन (Lactic Acid Fermentation) &#8211; उच्च श्रेणी के पादपों, जन्तुओं की माँसपेशियों तथा कुछ जीवाणुओं जैसे- लैक्टोबैसीलस लैक्टाइ आदि में यह क्रिया होती है। इसमें ग्लूकोज से पाइरुविक अम्ल (Pyruvic acid) तथा फिर विकर की उपस्थिति में लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) बनता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34156" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-7.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 7" width="399" height="294" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-7.png 399w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-7-300x221.png 300w" sizes="auto, (max-width: 399px) 100vw, 399px" /><br />
किण्वन प्रक्रिया अवायवीय दशाओं में तीव्रतम होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
निम्न पर टिप्पणियाँ लिखिए-<br />
(i) प्रोटोप्लाज्मिक श्वसन,<br />
(ii) फ्लोटिंग श्वसन तथा<br />
(iii) लवणीय श्वसन ।<br />
उत्तर:<br />
(i) प्रोटोप्लाज्मिक श्वसन-यदि क्रिया में श्वंसन पदार्थ प्रोटीन होता है तो ऐसे श्वसन को प्रोटोप्लाज्मिक श्वसन कहते हैं।<br />
(ii) फ्लोटिंग श्वसन यदि श्वसन क्रिया में श्वसनी पदार्थ कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं तो इसे फ्लोटिंग श्वसन (Floating respiration) कहते हैं।<br />
(iii) लवणीय श्वसन -पौधों को लवणीय जल में रखने पर श्वसन दर में वृद्धि होती है। इसे लवणीय श्वसन (Salt respiration) कहते हैं।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">(E) निबन्धात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ग्लाइकोलाइसिस की क्रिया का वर्णन कीजिए।<br />
अथवा<br />
EMP पथवे क्या है ? इसके विभिन्न पदों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ग्लाइकोलिसिस शब्द्ध की उत्पवि ग्रीक शब्द ग्लाइकोस अर्थात् शरंकर एवं लाइसिस अर्थात् टृटना से हुआ है। ग्लाइकोलिसिस की प्रक्रिया गुस्ताव इबेडेन, ओटो मेयर हॉफ तथा जे पारानास द्वारा दिया गया तथा इसे सामान्यतः इएमपी पाथ कहते हैं। अनाक्सी जीवों में साँस की केवल यड़ी प्रक्रिया है। ग्लाइकोलिसिस कोशिका द्रव्य में संपन्न होता है और यह सभी सजीवों में मिलता है । इस प्रक्रिया में ग्लूकोज आशिक ऑक्सीकरण द्वारा पाइरविक अम्ल के दो अणुओं में बदल जाता है।</p>
<p>पादपों में यह ग्लूकोज सुक्रोज से प्राप्त होता है जो कि प्रकाश संश्लेषित कार्बन अभिक्रियाओं का अंतिम उत्पाद है या संचयित कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त होता है। सुक्रोस इवर्टेस नामक एंजाइम की सहायता से ग्लूकोज तथा फ्रक्टोज में परिवतितत हो जाता है। ये दोनों मोनोसैकेराइड सरलता से ग्लाइकोलाइटिक चक्र में प्रवेश कर जाते हैं।</p>
<p>ग्लूकोज एवं फ्रक्टोज, हैक्सोकाइनेज एंजाइम द्वारा फॉस्फरिकृत होकर ग्लूकोज-6 फॉस्फ़टट बनाते है। न्लूकोज का फॉस्फरिकृत रुप समायवीकरण द्वारा फ्रुक्टोज- 6 फॉस्पेट में परिवर्तित हो जाता है। ग्लूकोज एवं फ्रुक्टोज के उपापच्य के बाद के क्रम एक समान होते हैं। ग्लाइकोलिसिस के विभिन्न चरण में दर्शाए गए हैं। ग्लाइकीलिसस में दस मृंखलाबद्ध अभिक्रियाओं में विभिन्न एंजाइम द्वारा ग्लूकोज से पाइस्वेट का निर्माण होता है। म्लाइकोलिसिस के विभिन्न चरणों के अध्ययन के दौरान उन चरणों पर ध्यान दें जिसमें एटीपी का उपयोग (एटीपी ऊर्जा) अथवा संश्लेषण (इस मामले में NADH+H<sup>+</sup>) होता है।</p>
<p>एटीपी का उपयोग दो चरणों में होता है: पहले चरण में जब ग्लूकोज-6 फॉस्फेंट में परिवर्तन होता है तथा दूसरे चरण में व दूसरे फ्रक्टोज -6 फास्फ्टंट का फ्रुक्येज 1,6 , बिसफॉस्फेंड में परिकतन होता है। प्रक्ट्टोज 1.6 विसफॉस्फेट टूटकर डाइहाइड्रोक्सीएसीटोन फॉस्फेंट तथा 3-फौस्फोग्लिखासि्डहाइड (पीजीएएल) बनाता है। जब 3-फॉस्फोंम्लिसरलिद्धाइड (पीजीएएल) का 1 , 3 -बाई फॉस्फोग्लिसरेट (बीपीजीए) में परिवर्तन होता है तो NAD<sup>+</sup> से NADH+H<sup>+</sup> का निर्मांण होता है।</p>
<p>पीजीएएल से दो समान अपचयोपचय (रिडॉक्स) दो हाइड्रोजन अणु पृथक होकर NAD के एक अणु की और स्थानांतरित होता है। पीजीएल्ल अक्सीकृत होकर अकार्बनिक फॉस्फेट से मिलकर बीपीजीए में परिवर्तित हो जाता है। डीपीजीए का 3- फॉस्फोग्लिसरीक अम्ल में परिवर्तन ऊर्जा उत्पाद्न करने वाली प्रक्रिया है।</p>
<p>इस ऊर्जा का उपयोग एटीपी (ATP) निर्मांण में ह्रोता है। पीईपी (P.E.P.) का पायरूविक अम्ल में परिवर्तन के दौरान भी एटीपी का निमाँण होता है। क्या हुम यह गणना कर सकते हो कि एक अणु से कितने एटीपी के अणुख्तों का प्रत्यक्ष रूप से संश्लेषण होता है? पायरूविक अम्ल न्लाइकोलिसिस का मुख्य उत्पाद है।</p>
<p>पायरुवेट का उपापच्यी भविघ्य क्या है? यह कोशिकीय आवश्यकता पर निर्भर है। यहाँ तीन प्रमुख तरीके हैंजिसमें विधिन्न कोशिकाएं ग्लाइकोलिसिस द्वारा उत्पन्न पायरुविक अम्ल का उपयोग करती हैं। ये लैक्टिक अम्ल किष्वन, एल्कोहलिक किण्वन और ऑक्सी साँस है। अधिकांश प्रोकेरियोट तथा एक कोशिका यूकैरियोट में किण्वन अनाक्सी परिस्थितियों में होता है।</p>
<p>ग्लूकोज के पूर्ण औक्सीकरण के फलस्वरूप कार्बनडाइऑक्साइड तथा जल बनने हंतु जीवथारियों में क्रेंख्स चक्र के द्वारा होता है, जिसे ऑंक्सी श्वसन या साँस कहते हैं, जिसमें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
ऑक्सीश्वसन से आप क्या समझते हैं ? क्रेब्स चक्र का आरेख बनाकर वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सी श्वसन (Aerobic Respiration)<br />
जैसा कि पहले बताया जा चुका है, ऑक्सीश्वसन वह क्रिया है जिसमें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यद्यपि उपरोक्त ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) की क्रिया ऑक्सी तथा अनॉक्सी (acrobic and anaerobic) दोनों प्रकार के श्वसन में ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) की क्रिया ऑक्सी तथ अनॉक्सी (acrobic and anaerobic) दोनों प्रकार के श्वसन में सामान्य होती है।</p>
<p>परन्तु जब ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) में बने पाइरुविक अम्ल का विघटन ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है तब इसे ऑक्सीश्वसन (aerobic respiration) कहते हैं। यदि पाइरुविक अम्ल का विघटन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है तो इसे अनॉक्सीश्वसन (anaerobic respiration) कहते हैं।</p>
<p>ग्लाइकोलाइसिस में उत्पन्न हुआ पाइरुविक अम्ल माइटोकॉण्ड्रिया के मैट्रिक्स में प्रवेश करता है तथा एन्जाइम संकुलों की उपस्थिति में ऑक्सीकरणीय विकार्बोक्सलिकरण से सक्रिय ऐसीटेट बनाता है। अभिक्रिया में पाइर्वेट डिहाइड्रोजिनेस तथा NAD + कोएन्जाइम A, थियामिन फॉस्फेट (TPP) तथा लाइपोइक अम्ल की आवश्यकता होती है। अभिक्रिया का सम्पूर्ण रासायनिक समीकरण अग्रवत् है-</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>लाइपोइक अम्ल<br />
पाइरुवेट डिहाइड्रोजिनेस<br />
पाइरुविक अम्ल + सहएन्जाइम A+NaD<sup>+</sup> Mg<sup>++ ,</sup>TPP<br />
ऐसीटिल CO ~ A+ NaDH+H<sup>+</sup>+ CO<sub>2</sub><br />
ऐसीटिल CO ~ A क्रेम्स चक्र (Kreb&#8217;s cycle) में प्रवेश कर जाता है।</p>
<p>क्रेब्स चक्र या ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल चक्र (Kreb&#8217;s Cycle or Tricarboxylic acid cycle)<br />
इस चक्र की खोज हेन्स क्रेब (Hans Krebs) ने 1937 में की थी। इसके लिए इन्हें 1953 का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। इसे सिट्रिक अम्ल चक्र (Citric acid cycle) या ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल चक्र (Tricarboxylic acid cycle or TCA Cycle) भी कहते हैं। यह चक्र माइटोकॉन्ड्रिया के मेट्रिक्स में पूर्ण होता है। इस चक्र के प्रमुख चरण निम्नवत् हैं-</p>
<p>(i) संघनन (Condensation ) ऐसीटिल CO ~ A जल की उपस्थिति में सामान्यतः कोशिका में उपस्थित ऑक्सेलोऐसीटेट से क्रिया करके 6- कार्बन वाला यौगिक सिट्रेट बनाता है तथा COM A को मुक्त कर देता है। इस अभिक्रिया के लिए ऊर्जा ऐसीटिल CO ~ A का उच्च ऊर्जा आबन्ध प्रदान करता है। यह अभिक्रिया सिट्रेट सिन्थेटेस एन्जाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है। सिट्रेट में 3- COOH समूह उपस्थित होते हैं। अतः इसे ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल चक्र (Tricarboxylic acid cycle or TCA cycle) कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34157" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-9.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 9" width="533" height="49" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-9.png 533w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-9-300x28.png 300w" sizes="auto, (max-width: 533px) 100vw, 533px" /></p>
<p>(ii) निर्डलन (Dehvdration)-सिट्टेट ऐकोनाइडेस एन्दाइम की उपस्थिति में H<sub>2</sub>O निष्कासित करके सिसऐकोनाइट्रेट बनाता हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34158" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-10.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 10" width="637" height="693" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-10.png 637w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-10-276x300.png 276w" sizes="auto, (max-width: 637px) 100vw, 637px" /></p>
<p>(iii) जलयोजन (Hydration)-सिसऐकोनाइट्रेट ऐकोनाइटेस एन्जाइम की उपस्थिति में H<sub>2</sub>O से संयोग करके आइसोसिट्रेट बनाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34159" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-11.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 11" width="299" height="44" /></p>
<p>(iv) ऑक्सीकरणीय विकाबोंक्सिलीकरण (Oxidative Decarboxylation) &#8211; आइसोसिट्रेट हास्र्रोजन परमाणुओं का एक युग्म देकर (ऑक्सीकरण) CO<sub>2</sub> का एक अणु निक्षासित करके (विकार्बोक्सिलीकणण) 5 -कार्षन -कीटोग्लूटरोट बनाता है। यह किया आइसोस्ट्रेट किछाम्रोजिनेस एव्ञाइम द्वारा उत्रेरित होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34160" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-12.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 12" width="575" height="56" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-12.png 575w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-12-300x29.png 300w" sizes="auto, (max-width: 575px) 100vw, 575px" /><br />
(v) ऑक्सीकरणीय विकार्बोक्सिलीकरण (Oxidative Decarboxylation)- यह दो पदों में पूर्ण होता है।</p>
<p>(i) प्रथम पद में Co ~ A, α कीटोग्लूटारेट से अभिक्रिया करके 4- कार्बन सक्सिनिल CO ~ A बनाता है तथा हाइड्रोजन परमाणुओं का एक युग्म तथा CO<sub>2</sub> को निर्मुक्त करता है। इस अभिक्रिया में α -कीटोग्लूटारेट डिहाइड्रोजिनेस संकुल एन्जाइम भाग लेता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34161" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-13.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 13" width="655" height="47" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-13.png 655w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-13-300x22.png 300w" sizes="auto, (max-width: 655px) 100vw, 655px" /></p>
<p>(ii) द्वितीय पद में सक्सीनिल CO ~ A 4 कार्बन सक्सीनेट तथा CO ~ A एवं HO अणु में टूट जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34162" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-14.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 14" width="646" height="46" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-14.png 646w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-14-300x21.png 300w" sizes="auto, (max-width: 646px) 100vw, 646px" /></p>
<p>(vi) विहाइड्रोजनीकरण (Dehydrogenation ) &#8211; इस प्रक्रम में सक्सीनेट 4- कार्बन फ्यूमेरेट में सक्सीनेट डीहाइड्रोजिनेस एन्जाइम की उपस्थिति में बदल जाता है तथा हाइड्रोजन परमाणुओं का एक युग्म निर्मुक्त करता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34163" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-15.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 15" width="314" height="48" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-15.png 314w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-15-300x46.png 300w" sizes="auto, (max-width: 314px) 100vw, 314px" /></p>
<p>(vii) जलयोजन (Hydration) – फ्यूमेरेस एन्जाइम की उपस्थिति में फ्यूमेरेट H<sub>2</sub>O के साथ जलयोजित होकर 4 कार्बन मेलेट बनाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34164" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-16.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 16" width="205" height="42" /></p>
<p>(viii) विहाइड्रोजनीकरण (Dehydrogenation ) &#8211; इस प्रक्रम में ऑक्सेलोऐसीटेट का निर्माण होता है। यह क्रिया मैलेट डीहाइड्रोजिनेस एन्जाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34165" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-17.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 17" width="429" height="46" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-17.png 429w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-17-300x32.png 300w" sizes="auto, (max-width: 429px) 100vw, 429px" /></p>
<p>ऑक्सेलोऐसीटेट ऐसीटिल CO ~ A से संयुक्त होकर सिट्रेट बनाता है।<br />
इस प्रकार क्रेन्स चक्र नियमित रूप से चलता रहता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
इलेक्ट्रोन परिवान तन्र या प्वृसन में ATP का ऑक्सीकरणीय उपादन (Electron Transport System or Oxidative Production of ATP in Respiration) ग्लूकोस का ऑक्सीजन की उपस्थिति में वियोजित होना ऑक्सीकरण प्रक्रिया है। इस प्रक्रम के दौरान कुछ मध्यवर्ती जैसे फॉस्फोग्लिसरेल्हिद्धाइड, पाइइविक अम्ल, आइसोसिट्रिक अम्ल, α-कीटोग्लूटारिक अम्ल, सक्सीनिक अम्ल तथा मैलिक अम्ल ऑक्सीकृत होते हैं। प्रत्येक ऑक्सीकरण पद में 2H निर्मुक्त होते हैं,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34166" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-18.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 18" width="492" height="329" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-18.png 492w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-18-300x201.png 300w" sizes="auto, (max-width: 492px) 100vw, 492px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
किण्वन को परिभाषित कीजिए तथा विभिन्न प्रकार की किण्वन प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किण्वन (Fermentation)<br />
अनेक सूक्ष्मजीवों में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में श्वसन क्रिया छोती है तथा यह जीवन की अन्य क्रियाओं से सम्बन्धित होती है। उदाहरण के लिए-सूक्ष्म जीव जिस पोषक माध्यम (किसी कार्बनिक पदार्थ का कोलॉइडी घोल (Colloidal solution) या अन्य प्रकार का नम पदार्थ) में पाये जाते हैं को पहले कुछ पाचक क्रियाओं द्वारा घुलनशील तथा अवशोषण योग्य बनाकर भोजन अवशोषित करते हैं।</p>
<p>ये पोषक पदार्थ जीव के शरीर में पहुँचकर O<sub>2</sub> के अभाव में विघटित हो जाते हैं। इससे उत्पन्न कर्जा जैविक क्रियाओं (Vital activities) को सम्पन्न करती है। इस प्रक्रिया में पोषक पदार्थ पूर्णतः विखण्डित नहीं हो पाता है और न ही उससे सम्पूर्ण ऊर्जा कोशिका को प्राप्त छोती है। अपूर्ण विखण्डित पदार्थ वातावरण में मुक्त कर दिया जाता है।</p>
<p>उपरोक्त क्रिया को सामूधिक रूप से दिण्न्न (Fermentation) कहते हैं। यह क्रिया प्रायः कवकों (Fungi) एक जटिल समूह के रूप में होते हैं। जैसे-यीस्ट (Yeast) में इसे जाइमेज (Zymase) समूह का़ जाता है। एल्कोईगिलिक किष्बन (Alcoholic Fermentation) &#8211; यह्ठ क्रिया प्राय: यीस्ट (Yeast) में पायी जाती है। इसमें सर्वप्रथम जटिल कार्बोहाड्रेट्स को ग्लूकोज आदि सरल कार्बोहाइड्डेट्स में तोड़ा जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34167" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-19.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 19" width="688" height="424" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-19.png 688w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-19-300x185.png 300w" sizes="auto, (max-width: 688px) 100vw, 688px" /></p>
<p>किण्वन को प्रर्भावित करने वाले कारक (Factors Affecting Fermentation)<br />
1. ऑक्सीजन की उपस्थिति किण्वन को कम करती है क्योंकि किण्वन अनॉक्सी प्रक्रिया है।<br />
2. प्रकाश की तीव्रता से किण्वन की क्रिया घटती है।<br />
3. तापमान से किण्वन की क्रिया बढ़ती है। तापमान के कम होने से घटती है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
श्वसन को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
श्वसन को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Respiration)<br />
(अ) आन्तरिक कारक (Internal Factors)<br />
1. श्वसनी पदार्थ या क्रियाधर की सान्द्रता (Concentration of Respiratory Substrate)-श्वसन क्रिया में श्वसनी पदार्थ की सान्द्रता बढ़ने पर श्वसन की दर बढ़ जाती है तथा पदार्थ की सान्द्रता में कमी होने पर श्वसन दर घट जाती है।<br />
2. औीवद्रु्य (Protoplasm)-जीवद्रव्य की मात्रा एवं सान्द्रता से श्वसन प्रभावित होता है, जैसे-विभाजन करने वाली कोशिकाओं में जीवद्रव्य की मात्रा अधिक होती है, अत: इनमें श्वसन दर भी अधिक होती है।<br />
3. विकर (Enzyme)-समुचित विकर सान्द्रता होने पर ही श्वसन क्रिया ठीक प्रकार से संचालित होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>(ब) बाद्य कारक (External Factors)<br />
1. तापमान (Temperature)-सामान्यतः श्वसन 5°C से 25°C ताप पर होता है। यदि ताप को 35°C तक बढ़ाया जाय तो श्वसन दर बढ़ती है परन्तु इसमे अधिक ताप बढ़ने पर श्वसन दर घटने लगती है। कुछ जीवाणु 10°C तथा 60°C पर भी श्वसन करते हैं।<br />
2. ऑक्सीजन (Oxygen) &#8211; ऑक्सीश्वसन के लिए O<sub>2</sub> मङखवपूर्ण कारक है। इसकी उचित सान्द्रता (concentration) में श्वसन दर बड़ती है किन्तु अत्याधक सान्द्रता विकरों का संदमन करती है जिससे श्वसन दर घट जाती है।<br />
3. जल (Water)-समस्त जैविक क्रियाएँ जल की उपस्थिति में होती हैं। विकर (enzyme) जल की उपस्थिति में ही क्रियाशील होते हैं। जल की कमी से श्वसन दर घटती है।<br />
4. प्रकाश (Light)-प्रकाश श्वसन को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। प्रकाश के कारण ही श्वसन में प्रयुक्त भोज्य पदार्थ का संश्लेषण होता है। भोज्य पदार्थ की कमी होने पर श्वसन दर घट जाती है।<br />
5. CO<sub>2</sub> वायुमण्डल में = CO<sub>2</sub> = की सान्द्रता बढ़ने पर श्वसन दर घट जाती है।<br />
6. श्वसन संदमक (Respiration inhibitors) &#8211; कुछ पदार्थ जैसे-कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)<sub>2</sub> सायनाइड (Cyanide), आयोडोऐसेटेट, मैलोनेट आदि श्वसन संदमक का कार्य करते हैं।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
श्वसन भागफल से आप क्या समझते हैं ? विभिन्न खाद्य पदार्थों के श्वसन भागफल बताइए।<br />
उत्तर:<br />
देखिए अनुच्छेद 14.5 (श्वसन भागफल या श्वसन गुणांक) ।<br />
&#8220;श्वसन पथ एक ऐम्पीबोलिक पथ होता है&#8221;<br />
(Respiratory Pathway is an Amphibolic Pathway)<br />
श्वसन क्रिया के लिए ग्लूकोब एक सामान्य क्रियाधर (Common Substrate) होता है, जिसे कोशिकीय ईधन (Cellular fuel) कहते हैं, अन्य काबोंहाइड्डेटस भी श्वसन क्रिया से पहले ग्लूकोज में परिवर्तित कर दिये जाते हैं। वसा (Fat) को पहले गिलसरॉल तथा वसीय अम्लों (Fatty acids) में विर्घटित किया जाता है।</p>
<p>वसीय अम्ल ऐसीटिल कोएनाइम (Acetyle Co-A) बनकर श्वसन मार्ग में प्रवेश करता है। गिलसरॉल फॉस्पोम्लिसरेलिड़हाइड (PGAL) में बदलकर श्वसन पथ में प्रवेश करता है। प्रोटीन्स विषटित होकर ऐमीनो अम्ल बनाती हैं। एमीनो अम्ल (Amino acids) विएमिनीकरण (veamination) के पश्चात क्रेब्स चक्र के विभिन्न चरणों में प्रवेश करता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>इसी प्रकार वसा अम्ल के संश्लेषण में श्वसन मार्ग से ऐसीटिल कोएन्जाइम पृथक् हो जाता है। अत: वसा अम्ल के संश्लेषण एवं विषटन के दौरान श्वसनीय पथ का प्रयोग होता है। इसी प्रकार प्रोटीन के संश्लेषण व विषटन के दौरान मी श्वसन पथ का प्रयोग होता है। इस तरह श्वसन पथ में उपचय (Anabolism) तथा अप्य (Catabohism) क्रियाएँ साथ-साथ होती रहती हैं। यही कारण है कि श्वसन पथ को ऐम्प्रीबोलिक पथ (Amphibolic Pathway) कहा जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34168" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-20.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 20" width="545" height="483" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-20.png 545w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-20-300x266.png 300w" sizes="auto, (max-width: 545px) 100vw, 545px" /></p>
<p>श्वसन भागफल या श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient, R.Q.)<br />
किसी दिये गये समय, ताप व दाब पर निष्कासित CO<sub>2</sub> तथा प्रयुक्त O<sub>2</sub> के अनुपात को श्वसन भागफल RQ कहते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-34169" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-21.png" alt="HBSE 11th Class Biology Important Questions Chapter 14 पादप में श्वसन 21" width="740" height="670" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-21.png 740w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/06/HBSE-11th-Class-Biology-Important-Questions-Chapter-14-पादप-में-श्वसन-21-300x272.png 300w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></p>
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता</title>
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		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:24:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता बहुविकल्पीय प्रश्न 1. तत्त्वों का प्रथम आवर्ती वर्गीकरण किसने प्रस्तुत किया था? (1) डॉबेराइनर (2) जे. ए. आर. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-important-questions/">HBSE 11th Class Chemistry Important Questions</a> Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">बहुविकल्पीय प्रश्न</span></p>
<p>1. तत्त्वों का प्रथम आवर्ती वर्गीकरण किसने प्रस्तुत किया था?<br />
(1) डॉबेराइनर<br />
(2) जे. ए. आर. न्यूलैण्ड<br />
(3) डी. आई. मेण्डलीव<br />
(4) लोथर मेयर।<br />
उत्तर:<br />
(3) डी. आई. मेण्डलीव</p>
<p>2. निम्न ऑक्साइडों में उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-सा है?<br />
(1) MgO<br />
(2) Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub><br />
(3) P<sub>2</sub>O<sub>5</sub><br />
(4) SiO<sub>2</sub>.<br />
उत्तर:<br />
(2) Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub></p>
<p>3. परमाणु क्रमांक 21 के तत्त्व का आवर्त सारणी में क्या स्थान है?<br />
(1) आवर्त &#8211; 3, वर्ग II<br />
(2) आवर्त &#8211; 4, वर्ग II<br />
(3) आवर्त &#8211; 4, वर्ग III<br />
(4) आवर्त &#8211; 3, वर्ग III.<br />
उत्तर:<br />
(3) आवर्त &#8211; 4, वर्ग III</p>
<p>4. दीर्घाकार आवर्त सारणी तत्त्वों के किस लक्षण पर आधारित है?<br />
(1) संयोजकता<br />
(2) परमाणु द्रव्यमान<br />
(3) परमाणु आकार<br />
(4) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास<br />
उत्तर:<br />
(4) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास</p>
<p>5. निम्न में से कौन-सा युग्म आवर्त सारणी एक ही आवर्त में है?<br />
(1) Na, Ca<br />
(2) Na, Cl<br />
(3) Ca, Cl<br />
(4) Hg, Sb.<br />
उत्तर:<br />
(2) Na, Cl</p>
<p>6. कैलिफोर्नियम तत्त्व निम्न परिवार का सदस्य है-<br />
(1) ऐक्टिनॉइड श्रेणी<br />
(2) क्षारीय धातु समूह<br />
(3) क्षारीय मृदा समूह<br />
(4) लैन्थेनॉइड श्रेणी।<br />
उत्तर:<br />
(1) ऐक्टिनॉइड श्रेणी</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>7. आवर्त सारणी को बनाने वाला मेण्डलीव था-<br />
(1) फ्रेंच रसायनशास्त्री<br />
(2) जर्मन रसायनशास्त्री<br />
(3) डच रसायनशास्त्री<br />
(4) रूसी रसायनशास्त्री।<br />
उत्तर:<br />
(4) रूसी रसायनशास्त्री।</p>
<p>8. आवर्त तालिका में निम्न में से किस तत्त्व की विद्युत ऋणात्मकता अधिकतम है?<br />
(1) नाइट्रोजन<br />
(2) ऑक्सीजन<br />
(3) क्लोरीन<br />
(4) फ्लुओरीन।<br />
उत्तर:<br />
(4) फ्लुओरीन।</p>
<p>9. Fe<sup>2+</sup> (Fe की परमाणु संख्या = 26) में d- इलेक्ट्रॉनों की संख्या बराबर नहीं है<br />
(1) Ne (प. सं. = 10) में p- इलेक्ट्रॉनों की<br />
(2) Mg (प. सं. = 10) में p- इलेक्ट्रॉनों की<br />
(3) Fe में d &#8211; इलेक्ट्रॉनों की<br />
(4) Cl<sup>&#8211;</sup> (Cl की प. सं. = 17) में p- इलेक्ट्रॉनों की।<br />
उत्तर:<br />
(4) Cl<sup>&#8211;</sup> (Cl की प. सं. = 17) में p- इलेक्ट्रॉनों की।</p>
<p>10. सबसे हल्की धातु है-<br />
(1) Li<br />
(2) Mg<br />
(3) Ca<br />
(4) Na<br />
उत्तर:<br />
(1) Li</p>
<p>11. 3d &#8211; संक्रमण श्रेणी के तत्त्वों का परमाणु क्रमांक है-<br />
(1) 22 से 30<br />
(2) 21 से 30<br />
(3) 21 से 31<br />
(4) 21 से 291<br />
उत्तर:<br />
(2) 21 से 30</p>
<p>12. निम्न में से कौन अधिकतम अधात्विक गुण प्रदर्शित करेगा-<br />
(1) Be<br />
(2) B<br />
(3) Mg<br />
(4) Al<br />
उत्तर:<br />
(2) B</p>
<p>13. समइलेक्ट्रॉनिक सदस्यों की त्रिज्या-<br />
(1) नाभिकीय आवेशों के बढ़ने के साथ बढ़ती है<br />
(2) नाभिकीय आवेशों के बढ़ने के साथ घटती है<br />
(3) पहले बढ़ती है और फिर घटती है<br />
(4) सभी के लिए समान होती है।<br />
उत्तर:<br />
(2) नाभिकीय आवेशों के बढ़ने के साथ घटती है</p>
<p>14. निम्नलिखित ऑक्साइडों में से कौन-सा सर्वाधिक क्षारीय है?<br />
(1) Na<sub>2</sub>O<br />
(2) SiO<sub>2</sub><br />
(3) SO<sub>2</sub><br />
(4) Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
(1) Na<sub>2</sub>O</p>
<p>15. निम्न में कौन-सा तत्त्व अत्यधिक विद्युत धनात्मक है?<br />
(1) Al<br />
(2) Mg<br />
(3) P<br />
(4) S<br />
उत्तर:<br />
(2) Mg</p>
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<p>16. Vth आवर्त में उपस्थित तत्त्वों की संख्या है—<br />
(1) 18<br />
(2) 32<br />
(3) 8<br />
(4) 24<br />
उत्तर:<br />
(1) 18</p>
<p>17. IIB के तत्त्व कहलाते हैं-<br />
(1) सामान्य तत्त्व<br />
(2) संक्रमण तत्त्व<br />
(3) क्षारीय धातु<br />
(4) क्षारीय मृदा धातु।<br />
उत्तर:<br />
(3) क्षारीय धातु</p>
<p>18. निम्नलिखित में से सबसे दुर्बल क्षार है-<br />
(1) NaOH<br />
(2) KOH<br />
(3) Ca(OH)<sub>2</sub><br />
(4) Cu(OH)<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(4) Cu(OH)<sub>2</sub></p>
<p>19. निम्नलिखित यौगिकों में सर्वाधिक अम्लीय है—<br />
(1) p<sub>2</sub>O<sub>5</sub><br />
(2) As<sub>2</sub>O<sub>3</sub><br />
(3) Sb<sub>2</sub>O<sub>3</sub><br />
(4) Bi<sub>2</sub>O<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
(1) p<sub>2</sub>O<sub>5</sub></p>
<p>20. तत्त्वों में उच्चतम आयनन विभव (IE) किस तत्त्व का है-<br />
(1) H<br />
(2) He<br />
(3) Hg<br />
(4) Au<br />
उत्तर:<br />
(2) He</p>
<p>21. निम्न में उपधातु कौन-सी है-<br />
(1) Zn<br />
(2) Ge<br />
(3) Sn<br />
(4) Al<br />
उत्तर:<br />
(2) Ge</p>
<p>22. ज्ञाततत्त्वों में उच्चतम इलेक्ट्रॉन बन्धुता किस तत्त्व की है—<br />
(1) H<br />
(2) O<br />
(3) F<br />
(4) Cl.<br />
उत्तर:<br />
(4) Cl.</p>
<p>23. निम्न में उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-सा है-<br />
(1) BaO<br />
(2) SnO<br />
(3) SiO<sub>2</sub><br />
(4) Li<sub>2</sub>O.<br />
उत्तर:<br />
(2) SnO</p>
<p>24. C, N, P और SI तत्त्वों की विद्युत ऋणात्मकता के बढ़ने का क्रम है-<br />
(1) C.N. Si. P<br />
(2) N, Si, C, P<br />
(3) Si. P. C.N<br />
(4) P, Si, N. C.<br />
उत्तर:<br />
(3) Si. P. C.N</p>
<p>25. उदासीन ऑक्साइड है-<br />
(1) CO<br />
(2) ZnO<br />
(3) SO<sub>2</sub><br />
(4) SnO<sub>2</sub><br />
उत्तर:<br />
(1) CO</p>
<p>26. निम्न में से किसकी त्रिज्या सबसे बड़ी है-<br />
(1) Na<sup>+</sup><br />
(2) O<sup>2-</sup><br />
(3) F<sup>&#8211;</sup><br />
(4) Mg<sup>2-</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) O<sup>2-</sup></p>
<p>27. किस तत्त्व की द्वितीय इलेक्ट्रॉन बन्धुता शून्य होती है-<br />
(1) Cl<br />
(2) O<br />
(3) S<br />
(4) N.<br />
उत्तर:<br />
(1) Cl</p>
<p>28. निम्नांकित में लघुतम आयनिक त्रिज्या वाला आयन है-<br />
(1) K<sup>+</sup><br />
(2) Ca<sup>2+</sup><br />
(3) Ti<sup>3+</sup><br />
(4) Ti<sup>4+</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) Ti<sup>4+</sup></p>
<p>29. निम्नलिखित में सबसे बड़ा आयन कौन-सा है-<br />
(1) Al<sup>3+</sup><br />
(2) Ba<sup>2+</sup><br />
(3) Mg<sup>2+</sup><br />
(4) Na<sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) Ba<sup>2+</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>30. त्रिज्या (radii) का सही क्रम है-<br />
(1) N &lt; Be &lt; B<br />
(2) F<sup>&#8211;</sup> &lt; O<sup>2-</sup> &lt; N<sup>3-</sup><br />
(3) Na &lt; Li &lt; K<br />
(4) Fe<sup>3+</sup> &lt; Fe<sup>2</sup> &lt; Fe<sup>4+</sup><br />
उत्तर:<br />
(2) F<sup>&#8211;</sup> &lt; O<sup>2-</sup> &lt; N<sup>3-</sup></p>
<p>31. प्रथम आयनन विभव के सही क्रम वाला समूह है-<br />
(1) K &gt; Na &gt; Li<br />
(2) Be &gt; Mg &gt; Ca<br />
(3) B &gt; C &gt; N<br />
(4) Ge &gt; Si &gt; C.<br />
उत्तर:<br />
(2) Be &gt; Mg &gt; Ca</p>
<p>32. निम्न में से किसकी विद्युत ऋणात्मकता सर्वाधिक है-<br />
(1) H<br />
(2) E<br />
(3) He<br />
(4) Na.<br />
उत्तर:<br />
(2) E</p>
<p>33. निम्न में से सबसे अधिक आकार होगा &#8211;<br />
(1) Li<sup>+</sup><br />
(2) Na<sup>+</sup><br />
(3) Mg<sup>2+</sup><br />
(4) Rb<sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) Rb<sup>+</sup></p>
<p>34. निम्न में से किस तत्त्व की आयनन ऊर्जा अधिकतम है-<br />
(1) [Ne] 3s<sup>2</sup> 3p<sup>1</sup><br />
(2) [Ne] 3s² 3p<sub>2</sub><br />
(3) [Ne] 3s² 3p²<br />
(4) [Ar] 3d<sup>10</sup>, 4s² 4p²<br />
उत्तर:<br />
(3) [Ne] 3s² 3p²</p>
<p>35. निम्नलिखित में से किसकी श्रेणी के तत्त्वों की परमाणु त्रिज्या लगभग समान होगी-<br />
(1) Li, Be, B, C<br />
(2) Na, K, Rb, Cs<br />
(3) F, Cl, Br, I<br />
(4) Fe, Co, Ni, Cr.<br />
उत्तर:<br />
(4) Fe, Co, Ni, Cr.</p>
<p>36. विद्युत ऋणात्मकता का सही क्रम है-<br />
(1) O<sup>+</sup> &gt; O &gt; O<sup>&#8211;</sup><br />
(2) O &gt; O<sup>+</sup> &gt; O<sup>&#8211;</sup><br />
(3) O<sup>+</sup> &gt; O<sup>&#8211;</sup> &gt; O<br />
(4) O<sup>+</sup> &gt; O &gt; O<sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
(1) O<sup>+</sup> &gt; O &gt; O<sup>&#8211;</sup></p>
<p>37. आयनन विभव का न्यूनतम मान है-<br />
(1) हैलोजनों का<br />
(2) अक्रिय गैस का<br />
(3) क्षारीय मृदा धातुओं का<br />
(4) क्षार धातुओं का।<br />
उत्तर:<br />
(4) क्षार धातुओं का।</p>
<p>38. फ्लुओरीन व निऑन की परमाणु त्रिज्याएँ (Å ) क्रमश: हैं-<br />
(1) 0.72, 1.60<br />
(2) 1.60, 1.60<br />
(3) 0.72, 0.72<br />
(4) इनमें से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(1) 0.72, 1.60</p>
<p>39. आयोडीन स्पीशीज के आकार का सही क्रम है-<br />
(1) I &gt; I<sup>+</sup> &gt; I<sup>&#8211;</sup><br />
(2) I &gt; I<sup>&#8211;</sup> &gt; I<sup>+</sup><br />
(3) I<sup>+</sup> &gt; I<sup>&#8211;</sup> &gt; I<br />
(4) I<sup>&#8211;</sup> &gt; I<sup>&#8211;</sup> &gt; I<sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) I<sup>&#8211;</sup> &gt; I<sup>&#8211;</sup> &gt; I<sup>+</sup></p>
<p>40. हैलोजन परिवार की विद्युत ऋणात्मकता का क्रम होता है-<br />
(1) Cl &gt; Br &gt; F &gt; I<br />
(2) I &gt; Br &gt; Cl &gt; F<br />
(3 ) F&gt; Cl &gt; Br &gt; I<br />
(4) Br &gt; Cl &gt; F &gt; I<br />
उत्तर:<br />
(3 ) F&gt; Cl &gt; Br &gt; I</p>
<p>41. निम्न में से किस धातु की ऑक्सीकरण अवस्था एक से अधिक है-<br />
(1 ) Na<br />
(2) Mg<br />
(3) Fe<br />
(4) AL<br />
उत्तर:<br />
(3) Fe</p>
<p>42. N<sup>3-</sup>, O<sup>2-</sup> पर F<sup>&#8211;</sup> आयनों की आयनिक त्रिज्याओं के मान का सही क्रम है-<br />
(1 ) N<sup>3-</sup> &gt; O<sup>2-</sup> &gt; F<sup>&#8211;</sup><br />
(2) N<sup>3-</sup> &lt; O<sup>2-</sup> &lt; F<sup>&#8211;</sup><br />
(3) N<sup>3-</sup> &gt; O<sup>2-</sup> &lt; F<sup>&#8211;</sup><br />
(4) N<sup>3-</sup> &lt; O<sup>2-</sup> &gt; F<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
(1 ) N<sup>3-</sup> &gt; O<sup>2-</sup> &gt; F<sup>&#8211;</sup></p>
<p>43. आयनिक त्रिज्याओं का सही क्रम है-<br />
(1) Ti<sup>4-</sup> &lt; Mn<sup>3+</sup><br />
(2) <sub>35</sub>Cl<sup>&#8211;</sup> &lt; <sup>37</sup>Cl<sup>&#8211;</sup><br />
(3) K<sup>+</sup> &lt; Cl<sup>&#8211;</sup><br />
(4) p<sup>3+</sup> &gt; p<sup>5+</sup><br />
उत्तर:<br />
(4) p<sup>3+</sup> &gt; p<sup>5+</sup></p>
<p>44. निम्न तत्त्वों में किस तत्त्व की परमाणु त्रिज्या सबसे कम होगी-<br />
(1) N<br />
(2) F<br />
(3) Na<br />
(4) K.<br />
उत्तर:<br />
(2) F</p>
<p>45. इलेक्ट्रॉन बन्धुता निर्भर करती है-<br />
(1) परमाणु आकार<br />
(2) नाभिकीय आवेश<br />
(3) परमाणु क्रमांक<br />
(4) परमाणु आकार तथा नाभिकीय आवेश दोनों पर।<br />
उत्तर:<br />
(4) परमाणु आकार तथा नाभिकीय आवेश दोनों पर।</p>
<p>46. K, Ca तथा Ba के द्वितीय आयनन विभव का घटता क्रम है-<br />
K = 19, Ca = 20, Ba = 56<br />
(1) K &gt; Ca &gt; Ba<br />
(2) Ca &gt; Ba &gt; K<br />
(3) Ba &gt; K &gt; Ca<br />
(4) K &gt; Ba &gt; Ca<br />
उत्तर:<br />
(1) K &gt; Ca &gt; Ba</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अति लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
किन्हीं दो प्रारूपी तत्त्वों (Typical elements) के नाम बताओ।<br />
उत्तर:<br />
Na और Mg.</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
किन्हीं दो सेतु तत्त्वों (Bridge elements) के नाम बताओ।<br />
उत्तर:<br />
Na और Mg.</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
किन्हीं दो संक्रमण तत्त्वों के नाम लिखें।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>क्रोमियम (Cr)</li>
<li>कॉपर (Cu).</li>
</ol>
<p>प्रश्न 4.<br />
ट्रान्स- यूरेनिक तत्त्वों के दो उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>Np</li>
<li>Pul</li>
</ol>
<p>प्रश्न 5.<br />
d-ब्लॉक तत्त्वों को संक्रमण तत्त्व क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
ये तत्त्व &#8211; ब्लॉक व p-ब्लॉक तत्त्वों के बीच सेतु (Bridge) बनाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
परमाणु क्रमांक 58 से 71 तक के तत्त्वों को दुर्लभ मृदा तत्त्व (Rare earth elements) कहते हैं। क्यों?<br />
उत्तर:<br />
ये प्रकृति (Nature) में अल्प मात्रा में पाये जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
बोरॉन (B) उपधातु (Metalloid) है। स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
बोरॉन में धातु व अधातु दोनों के गुण पाये जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
प्रबलतम धात्विक प्रकृति वाला तत्त्व कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
सीजियम (Cs).</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
एक तत्त्व (X) आवर्त सारणी के तीसरे वर्ग में है। इस तत्त्व के ऑक्साइड का सूत्र क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
X<sub>2</sub>O<sub>3</sub>.</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
डॉबेराइनर के त्रिक किन्हें कहा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
डॉबेराइनर ने लगभग समान गुण-धर्म वाले अनेक तत्त्वों को तीन-तीन के समूह में उनके परमाणु भार में वृद्धि के क्रमानुसार रखा। इस प्रकार के समूह डॉबेराइनर के त्रिक कहलाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
मेण्डलीव की आधुनिक आवर्त सारणी में वर्गों तथा आवर्तों की संख्या लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
मेण्डलीव की आवर्त सारणी में नौ वर्ग (समूह) तथा सात आवर्त हैं।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
संक्रमण तत्त्वों के दो गुण लिखिए।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>विभिन्न संयोजकताएँ प्रदर्शित करना।</li>
<li>रंगीन संकर आयन बनाना।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 13.<br />
दीर्घाकार आवर्त सारणी में कुल कितने वर्ग व आवर्त हैं?<br />
उत्तर:<br />
वर्ग &#8211; 18, आवर्त &#8211; 7.</p>
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<p>प्रश्न 14.<br />
p-ब्लॉक के एक तत्त्व की बाह्यतम कक्षा में चार (4) इलेक्ट्रॉन हैं। इस तत्त्व का वर्ग व नाम बताओ यदि यह तत्त्व तीसरे आवर्त का है।<br />
उत्तर:<br />
वर्ग-14 (IVA), नाम- सिलिकॉन (14Si).</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
आवर्त सारणी में फॉस्फोरस को किस आवर्त और किस समूह में रखा गया है?<br />
उत्तर:<br />
आवर्त सारणी में फॉस्फोरस को तृतीय आवर्त तथा वर्ग 15 में रखा गया है।.</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
आवर्त सारणी में प्रत्येक आवर्त किस क्वाण्टम संख्या के साथ प्रारम्भ होता है?<br />
उत्तर:<br />
मुख्यं क्वाण्टम संख्या (17).</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
मानव निर्मित तत्त्व किस श्रेणी से सम्बन्धित होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
ऐक्टिनॉइड श्रेणी।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
कार्बन के फ्लुओराइड का सूत्र लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
CF<sub>4</sub></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
द्वितीय आवर्त किस तत्त्व पर समाप्त होता है?<br />
उत्तर:<br />
निऑन (Ne)।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
ns² np<sup>6</sup> का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास रखने वाले तत्त्व अक्रिय क्यों कहलाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि इनकी संयोजी कक्षा पूर्ण रूप से भरी होती है।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
f &#8211; ब्लॉक के तत्त्वों को f-ब्लॉक तत्त्व ही क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि इन तत्त्वों में अन्तिम विभेदी इलेक्ट्रॉन (n &#8211; 2 ) f उपकोश में प्रवेश करता है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
अर्द्ध-पूर्ण तथा पूर्ण कक्षक अधिक स्थायी होते हैं, स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अर्द्ध-पूर्ण तथा पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक विन्यास वाले कक्षकों की ऊर्जा निम्न होती है। अतः ये स्थायी होते हैं। इसके अतिरिक्त इनके विन्यास में सममिति पायी जाती है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
किन्हीं दो उभयधर्मी ऑक्साइड का उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
जल (H<sub>2</sub>O), बेरीलियम ऑक्साइड (BeO)।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
तीन ऐसे तत्त्वों के नाम लिखें जिनके ऑक्साइड उभयधर्मी होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
Al, As, Sb.</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
उत्कृष्ट गैसें आवर्त सारणी के किस समूह में रखी जाती हैं?<br />
उत्तर:<br />
शून्य वर्ग या समूह 18.</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
हैलोजनों को आवर्त सारणी के किस समूह में रखा गया हैं?<br />
उत्तर:<br />
समूह 17 में (VII A ).</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
क्षार धातुओं को आवर्त सारणी के किस समूह में रखा गया है?<br />
उत्तर:<br />
समूह 1 में (IA).</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
क्षारीय मृदा धातुओं को आवर्त सारणी के किस समूह में रखा गया है?<br />
उत्तर:<br />
समूह 2 में (IIA ).</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
आवर्त सारणी में p-ब्लॉक में तीसरे आवर्त में कुल तत्त्वों की संख्या क्या है?<br />
उत्तर:<br />
छ: (6).</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
s-ब्लॉक तत्त्वों में अधिकतम आयनन ऊर्जा वाला तत्त्व कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
(Be) बेरीलियम।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
d-ब्लॉक के तत्त्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(n-1)d<sup>1 &#8211; 10</sup> ns<sup>1-2</sup>.</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
क्षार धातुएँ प्रबल अपचायक क्यों होती क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि क्षार धातुओं में इलेक्ट्रॉनों को त्यागने की प्रबल प्रवृत्ति होती है</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
हैलोजन प्रबल ऑक्सीकारक क्यों होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि हैलोजनों में इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करने की प्रबल प्रवृत्ति होती है।</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
उन दो तत्त्वों के नाम लिखें, जिनके लिये मेण्डलीव ने आवर्त सारणी में स्थान छोड़ दिया था और जिनकी खोज बाद में हुई।<br />
उत्तर:<br />
स्कैण्डियम (Sc) तथा गैलियम (Ga).</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
<sub>92</sub>U के बाद के तत्त्व ट्रान्स- यूरेनिक तत्त्व कहलाते हैं।<br />
उत्तर:<br />
<sub>92</sub>U के बाद के तत्त्व कृत्रिम रूप से बनाये गये हैं, जिसके कारण इन तत्त्वों को ट्रान्स- यूरेनिक तत्त्व कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 36.<br />
किन्हीं दो दुर्लभ मृदा तत्त्वों के नाम लिखो।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>लैन्थेनम (La )</li>
<li>सीरियम (Ce).</li>
</ol>
<p>प्रश्न 37.<br />
आवर्त सारणी में तत्त्वों का वर्गीकरण करने के लिये मेण्डलीव ने तत्त्वों के कौन से गुण का प्रयोग किया?<br />
उत्तर:<br />
परमाणु भार का।</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
लोथर मेयर वक्र के आधार पर तत्त्वों के गुण किसके आवर्ती फलन हैं?<br />
उत्तर:<br />
लोथर मेयर वक्र के आधार पर तत्त्वों के गुण सामान्यतः उनके परमाणु भारों के आवर्ती फलन होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
समान गुणों वाले तत्त्व एक ही वर्ग में क्यों रखे गये हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि इनमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है अथवा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
प्रारूपिक तत्त्व क्या हैं?<br />
उत्तर:<br />
s-ब्लॉक तथा p-ब्लॉक के तत्त्वों को सम्मिलित रूप से प्रारूपिक तत्त्व कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 41.<br />
प्रथम बार तत्त्वों का आवर्ती वर्गीकरण किसने किया था?<br />
उत्तर:<br />
प्रथम बार तत्त्वों का आवर्ती वर्गीकरण इवानोविच मेण्डलीव ने किया था।</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
तत्त्वों के गुणों की आवर्तिता से आप क्या समझते हैं?<br />
उत्तर:<br />
एक नियमित अन्तर के बाद गुणों की पुनरावृत्ति होने को गुणों की आवर्तिता कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
जिन तत्त्वों की सभी कक्षायें पूर्ण हैं वे कौन से तत्त्व हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे तत्त्व अक्रिय गैसें हैं।</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
दुर्लभ तत्त्वों की संख्या कितनी है?<br />
उत्तर:<br />
कुल 14 तत्त्व, ये लैन्थेनॉइड हैं। (Ci से Cu तक)</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
दुर्लभ तत्त्वों के गुणों में अत्यधिक समानता क्यों पाई जाती है?<br />
उत्तर:<br />
इन तत्त्वों के सबसे बाहरी कोश का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है।</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
प्रत्येक आवर्त के अन्तिम तत्त्व कौन से हैं?<br />
उत्तर:<br />
प्रत्येक आवर्त के अन्तिम तत्त्व अक्रिय गैसें हैं।</p>
<p>प्रश्न 47.<br />
मुद्रा धातुओं से क्या समझते हो?<br />
उत्तर:<br />
कॉपर, सिल्वर तथा गोल्ड को मुद्रा धातु कहते हैं क्योंकि इनका उपयोग मुद्राएँ बनाने में होता है।</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
आवर्त सारणी के भिन्न-भिन्न आवर्तों में तत्त्वों की संख्या भी भिन्न होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि प्रत्येक कोश में उपकोशों की संख्या अलग-अलग होती है तथा प्रत्येक आवर्त एक नये कोश के साथ भरना प्रारम्भ करता है इस प्रकार यह ns &#8211; np विन्यास पर पूर्ण हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
f &#8211; ब्लॉक के तत्त्वों को अन्तः संक्रमण तत्त्व क्यों कहते हैं?<br />
उत्तर:<br />
f-ब्लॉक के तत्त्वों में अन्तिम इलेक्ट्रॉन (n &#8211; 2)f उपकोश में प्रवेश करता है। जबकि संक्रमण तत्त्वों में अन्तिम या विभेदी इलेक्ट्रॉन (- 1)d उपकोश में प्रवेश करता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 50.<br />
क्षारीय मृदा तत्त्व क्या होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वे तत्त्व जिनके ऑक्साइड मृदा (सिलिका, SiO<sub>2</sub>) के समान गलनीय होते हैं तथा क्षारीय गुण व्यक्त करते हैं। क्षारीय मृदा तत्त्व कहलाते हैं, जैसे-Ca, Sr, Ba, Mg आदि।</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
MgO, Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub>, Na, O, SO<sub>3</sub> व p<sub>2</sub>O<sub>5</sub> में सर्वाधिक क्षारीय ऑक्साइड कौन-सा है, और क्यों?<br />
उत्तर:<br />
Na, O सर्वाधिक क्षारीय ऑक्साइड है क्योंकि यह क्षारीय धातुओं का ऑक्साइड है।</p>
<p>प्रश्न 52.<br />
सम- इलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज में किसकी संख्या समान होती है?<br />
उत्तर:<br />
सम- इलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।</p>
<p>प्रश्न 53.<br />
वर्ग 17 तथा वर्ग 18 के रेडियोऐक्टिव तत्त्वों के नाम लिखें।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>ऐस्टेटीन (At) वर्ग-17</li>
<li>रेडॉन (Rn) &#8211; वर्ग-18</li>
</ol>
<p>प्रश्न 54.<br />
122 परमाणु क्रमांक वाले तत्त्व का IUPAC नाम तथा प्रतीक क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
IUPAC के अनुसार 1 को un, 2 को bi कहते हैं। अत: 122 परमाणु क्रमांक वाले तत्त्व का नाम Unbibium (Ubb) होगा।</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
निम्नलिखित तत्त्वों को अधात्विक लक्षणों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए-<br />
B, C, Si, N, F<br />
उत्तर:<br />
अधात्विक लक्षण का बढ़ता हुआ क्रम<br />
Si &lt; B &lt; C &lt; N &lt; F<br />
अधात्विक लक्षण आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर बढ़ता है तथा समूह में ऊपर से नीचे आने पर घटता है।</p>
<p>प्रश्न 56.<br />
निम्नलिखित तत्त्वों को धात्विक लक्षणों के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें-<br />
B, Al, Mg, K<br />
उत्तर:<br />
धात्विक लक्षणों का बढ़ता हुआ क्रम- B</p>
<p>प्रश्न 57.<br />
निम्नलिखित आयनों को आकार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-<br />
Be<sup>2+</sup>, Cl<sup>&#8211;</sup>, S<sup>2-</sup>, Na<sup>+</sup>, Mg<sup>2+</sup>, Br<sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:<br />
बढ़ते हुए आकार का सही क्रम<br />
Be<sup>2+</sup> &lt; Mg<sup>2+</sup> &lt; Na<sup>+</sup> &lt; Cl<sup>&#8211;</sup> &lt; S<sup>2-</sup> &lt; Br<sup>&#8211;</sup></p>
<p>प्रश्न 58.<br />
उन स्पीशीज का नाम लिखिए जो निम्न परमाणुओं या आयनों में से प्रत्येक की सम- इलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज हैं-<br />
(i) Na<sup>+</sup> (ii) Cl<sup>&#8211;</sup> (iii) K<sup>+</sup> (iv) Rb<br />
उत्तर:<br />
(i) Ne (ii) Ar (iii) Ca<sup>2+</sup> (iv) Sr<sup>+</sup>.</p>
<p>प्रश्न 59.<br />
एक तत्त्व तृतीय आवर्त में है। इसके संयोजी कोश में पाँच इलेक्ट्रॉन हैं। यह आवर्त सारणी के किस वर्ग से सम्बन्धित है?<br />
उत्तर:<br />
यह आवर्त सारणी के वर्ग 15 से सम्बन्धित है।</p>
<p>प्रश्न 60.<br />
एक तत्त्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d<sup>5</sup> 4s<sup>1</sup> है। क्या यह s &#8211; ब्लॉक से सम्बन्धित है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं, यह s &#8211; ब्लॉक से सम्बन्धित नहीं है। यह d &#8211; ब्लॉक का तत्त्व है।</p>
<p>प्रश्न 61.<br />
निम्न संयोजी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास वाले तत्त्वों के ब्लॉक लिखिए।<br />
(i) 3s² 3p<sup>5</sup><br />
(ii) 3d<sup>10</sup> 4s<sup>2</sup><br />
(iii) 3p<sup>6</sup> 4s<sup>2</sup><br />
(iv) 4s<sup>1</sup> 3d<sup>5</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) 3s² 3p<sup>5</sup> → p ब्लॉक के तत्त्व<br />
(ii) 3d<sup>10</sup> 4s<sup>2</sup> → d &#8211; ब्लॉक के तत्त्व<br />
(iii) 3p<sup>6</sup> 4s<sup>2</sup> → s &#8211; ब्लॉक के तत्त्व<br />
(iv) 4s<sup>1</sup> 3d<sup>5</sup> → d ब्लॉक के तत्त्व</p>
<p>प्रश्न 62.<br />
जल में घुलनशील, सिल्वर हैलाइड कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
जल में घुलनशील सिल्वर हैलाइड &#8211; AgF</p>
<p>प्रश्न 63.<br />
जल में अघुलनशील सिल्वर हैलाइड कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
जल में अघुलनशील सिल्वर हैलाइड &#8211; AgCl, AgBr, AgI।</p>
<p>प्रश्न 64.<br />
जल में घुलनशील क्षारीय मृदा धातुओं के सल्फेटों के उदाहरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
घुलनशील सल्फेट &#8211; BeSO<sub>4</sub>, MgSO<sub>4</sub>, BaSO<sub>4</sub></p>
<p>प्रश्न 65.<br />
जल में अघुलनशील सल्फेटों के उदाहरण दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अघुलनशील सल्फेट &#8211; CaSO<sub>4</sub>, SrSO<sub>4</sub>, BaSO<sub>4</sub></p>
<p>प्रश्न 66.<br />
उपधातुओं के कुछ उदाहरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
सिलिकॉन (Si), आर्सेनिक (As), एन्टीमनी (Sb), टेलुरियम (Te).</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
p-ब्लॉक के तत्त्वों की कुल संख्या क्या है?<br />
उत्तर:<br />
p-ब्लॉक में कुल 30 तत्त्व होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
मेण्डलीव का पूरा नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
मेण्डलीव का पूरा नाम दमित्री इवानोविच मेण्डलीव था।</p>
<p>प्रश्न 69.<br />
दुर्लभ मृदा धातुएँ किन्हें कहते हैं।<br />
उत्तर:<br />
वे धातुऐं जो पृथ्वी में पायी जाती हैं व इनकी उपलब्धता बहुत. ही कम मात्रा में होती है&#8217; उन्हें दुर्लभ मृदा धातुएँ कहते हैं। ये f-ब्लॉक तत्त्व होते हैं। इन्हें अन्तः संक्रमण तत्त्व भी कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 70.<br />
तीसरे आवर्त में 8 तत्त्व होते हैं, 18 तत्त्व नहीं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
तीसरा आवर्त 3s<sup>1</sup> इलेक्ट्रॉन से भरना शुरू होता है और 3p<sup>6</sup></p>
<p>प्रश्न 71.<br />
प्रबलतम अधात्विक तत्त्व कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
फ्लुओरीन (F) पर पूर्ण होता है।</p>
<p>प्रश्न 72.<br />
अधिकतम इलेक्ट्रॉन बन्धुता वाला तत्त्व कौन-सा है?<br />
उत्तर:<br />
क्लोरीन (Cl)</p>
<p>प्रश्न 73.<br />
एक तत्त्व की तृतीय इलेक्ट्रॉन बन्धुता शून्य (0) है। यदि यह तत्त्व तीसरे आवर्त का है तो इसका नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
नोवल गैसों की प्रथम इलेक्ट्रॉन बन्धुता लगभग शून्य होती है। सल्फर (S)</p>
<p>प्रश्न 74.<br />
F, Cl, Br, I को बढ़ते हुए विद्युत ऋणात्मकता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
I &lt; Br &lt; Cl &lt; F (विद्युत ऋणात्मकता)</p>
<p>प्रश्न 75.<br />
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर बतायें कि <sub>15</sub>P31 आवर्त सारणी में कहाँ स्थित है?<br />
उत्तर:<br />
<sub>15</sub>P31 = 1s² 2s² 2p<sup>6</sup>3s² 3p³.<br />
आवर्त = तृतीय, ब्लॉक = p-ब्लॉक, वर्ग = 15 (VA)</p>
<p>प्रश्न 76.<br />
सभी संक्रमण तत्त्व d-ब्लॉक के तत्त्व होते हैं परन्तु सभी d-block के तत्त्व संक्रमण तत्त्व नहीं कहलाते हैं। क्यों?<br />
उत्तर:<br />
वे सभी d-ब्लॉक के तत्त्व जिनकी मूल (आद्य) अवस्था अवस्था में 3d &#8211; कक्षक अपूर्ण भरित होते हैं, वे संक्रमण तत्त्व कहलाते हैं। परन्तु d-ब्लॉक के कुछ तत्त्व जैसे- Zn, Cd एवं Hg में 3d-कक्षक पूर्ण भरित होते हैं इन्हें संक्रमण तत्त्व नहीं माना गया है।</p>
<p>प्रश्न 77.<br />
परमाणु क्रमांक 119 वाले तत्त्व की संयोजकता व ग्रुप बताएँ इसके बाह्यतम कोश का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास तथा इसके ऑक्साइड का सामान्य सूत्र लिखें।<br />
उत्तर:<br />
समूह (group) = 1, संयोजकता = 1<br />
बाह्यतम कोश का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 8s<sup>1</sup><br />
ऑक्साइड का सूत्र = M<sub>2</sub>O</p>
<p>प्रश्न 78.<br />
हैलोजनों को बढ़ती हुई विद्युत ऋणात्मकता के क्रम में लिखिये।<br />
उत्तर:<br />
I &lt; Br &lt; Cl&lt; F (विद्युत &#8211; ऋणात्मकता का क्रम )</p>
<p>प्रश्न 79.<br />
N की इलेक्ट्रॉन बन्धुता C से कम होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि N का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास स्थायी होता है।</p>
<p>प्रश्न 80.<br />
हैलोजन सबसे अधिक ऋण विद्युती होते हैं, क्यों।<br />
उत्तर:<br />
आवर्त में बायें से दायें चलने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है। अत: हैलोजनों की इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति भी बढ़ती है।</p>
<p>प्रश्न 81.<br />
धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय होते हैं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि धातुओं के ऑक्साइड जल से क्रिया करके क्षार बनाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 82.<br />
अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं, स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
अधातुओं के ऑक्साइड जल से क्रिया करके अम्ल बनाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 83.<br />
एक तत्त्व की तृतीय इलेक्ट्रॉन बन्धुता का मान शून्य हो जाता है। यह तत्त्व तीसरे आवर्त में स्थित होता है। उस तत्त्व का नाम बताइये।<br />
उत्तर:<br />
सल्फर (S).</p>
<p>प्रश्न 84.<br />
उत्कृष्ट गैसों में सहसंयोजक त्रिज्या नहीं होती है, कारण स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
चूँकि उत्कृष्ट गैसों के परमाणु परस्पर सहसंयोजक बन्ध नहीं बनाते हैं इसलिये उत्कृष्ट गैसें सहसंयोजक त्रिज्या नहीं बनाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 85.<br />
सबसे प्रबल अधात्विक लक्षण वाले तत्त्व का नाम बताओ?<br />
उत्तर:<br />
फ्लुओरीन (F).</p>
<p>प्रश्न 86.<br />
SO<sub>2</sub> की अपेक्षा SO<sub>2</sub> प्रबल अम्लीय है, स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी अधातु के ऑक्साइड में ऑक्सीकरण बढ़ने के साथ उसकी अम्लीय प्रकृति बढ़ती है। इस कारण SO<sub>2</sub> ज्यादा अम्लीय है।</p>
<p>प्रश्न 87.<br />
हैलोजन प्रबल ऑक्सीकारक क्यों हैं?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि हैलोजन के अन्दर इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिकतम होती है।</p>
<p>प्रश्न 88.<br />
हैलोजनों को उनकी घटती ऑक्सीकारक क्षमता के क्रम में लिखिये।<br />
उत्तर:<br />
F<sub>2</sub> &gt; Cl<sub>2</sub> &gt; Br<sub>2</sub> &gt; I<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 89.<br />
उत्कृष्ट गैसों का परमाणु आकार हैलोजनों से अधिक क्यों होता है?<br />
उत्तर:<br />
उत्कृष्ट गैसों का परमाणु आकार हैलोजनों से अधिक होता है, क्योंकि वाण्डर वाल्स त्रिज्या सह संयोजी त्रिज्या से बड़ी होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 90.<br />
क्षार धातुओं की आयनन ऊर्जा निम्नतम क्यों होती है।<br />
उत्तर:<br />
इनका परमाणु आकार बड़ा होता है जिसमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों तथा नाभिक के मध्य आकर्षण कम होता है।</p>
<p>प्रश्न 91.<br />
सोडियम एक प्रबल धन विद्युतीय तत्त्व क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
सोडियम की आयनन एन्थैल्पी कम है, क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉन निकाल कर धन आयन बनाता है, अतः यह प्रबल धन- विद्युतीय है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37285" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 1" width="232" height="82" /></p>
<p>प्रश्न 92.<br />
निम्नलिखित तत्त्वों में से किस तत्त्व की प्रथम आयनन एन्यैल्पी सबसे कम है और क्यों?<br />
Na, F, I, Mg<br />
उत्तर:<br />
Na, F, I, Mg में आयोडीन (I) की आयनन एन्थल्पी सबसे कम है, क्योंकि इसका आकार इन सबसे उच्च है।</p>
<p>प्रश्न 93.<br />
प्रभावी नाभिकीय आवेश के मान में प्रयुक्त परिरक्षण नियतांक (σ) को ज्ञात करने का नियम किस वैज्ञानिक ने दिया था?<br />
उत्तर:<br />
स्लेटर ने।</p>
<p>प्रश्न 94.<br />
प्रभावी नाभिकीय आवेश पर टिप्पणी दीजिए।<br />
उत्तर:<br />
नाभिकीय आवेश का वह भाग जिसे संयोजी इलेक्ट्रॉन महसूस करता है, प्रभावी नाभिकीय आवेश कहलाता है।</p>
<p>प्रश्न 95.<br />
आवर्त में किस सदस्य के तत्त्वों का आकार सबसे कम होता है और क्यों?<br />
उत्तर:<br />
आवर्त में हैलोजन तत्त्वों का आकार सबसे कम होता है क्योंकि इनका प्रभावी नाभिकीय आवेश बहुत अधिक होता है।</p>
<p>प्रश्न 96.<br />
आवर्त सारणी में स्थित संक्रमण तत्त्वों में आवर्त में Sc से Mn तक जाने पर आकार लगातार कमी होती जाती हैं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि Sc से Mn तक जाने पर नाभिकीय आकर्षण बल बढ़ता है। यह बल परिरक्षण प्रभाव से अधिक होता है। अतः आकार में लगातार कमी होती जाती है।</p>
<p>प्रश्न 97.<br />
आवर्त सारणी में संक्रमण धातुओं में Mn, Fe, Co तथा Ni के आकार लगभग समान क्यों होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
इन तत्त्वों में नाभिकीय आकर्षण बल तथा परिरक्षण प्रभाव दोनों आपस में तुल्य होते हैं, जिसके कारण Mn Fe Co तथा Ni के आकार लगभग समान होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 98.<br />
Cr तथा Mn धातु के एक-एक अम्लीय ऑक्साइड तथा उनके द्वारा प्राप्त अम्ल का नाम लिखिये।<br />
उत्तर:</p>
<ol>
<li>Cr का अम्लीय ऑक्साइड CrO<sub>3</sub> [क्रोमियम (VI) ऑक्साइड) होता है तथा इससे प्राप्त अम्ल H, Cro</li>
<li>Mn का अम्लीय ऑक्साइड Mn<sub>2</sub>O<sub>7</sub> [मँगनीज (VII) ऑक्साइड] होता है तथा इससे प्राप्त अम्ल HMnO<sub>4</sub> है।</li>
</ol>
<p>प्रश्न 99.<br />
Cl<sub>2</sub>O<sub>7</sub> किस अम्ल का अम्लीय ऐनहाइड्राइड है?<br />
उत्तर:<br />
Cl<sub>2</sub>O<sub>7</sub> (क्लोरीन (VII) ऑक्साइड) HClO<sub>4</sub> का अम्लीय ऐनहाइड्राइड है।</p>
<p>प्रश्न 100.<br />
ZnO, N<sub>2</sub>O<sub>2</sub>, P<sub>2</sub>O<sub>5</sub> तथा MgO को उनके बढ़ते हुए अम्लीय लक्षण के क्रम में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
MgO &lt; Na<sub>2</sub>O &lt; ZnO &lt; p<sub>2</sub>O<sub>5</sub>.<br />
(धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय जबकि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।)</p>
<p>प्रश्न 101.<br />
Cl<sub>2</sub>O<sub>3</sub>, Cl<sub>2</sub>O तथा Cl<sub>2</sub>O<sub>5</sub> ऑक्साइडों को उनकी अम्लीयता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कजिए।<br />
उत्तर:<br />
जैसे-जैसे ऑक्सीकरण संख्या बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे अम्लीयता भी बढ़ती जाती है। अतः अम्लीयता का क्रम निम्न प्रकार होगा-<br />
(I)        (III)         (V)<br />
Cl<sub>2</sub>O &lt; Cl<sub>2</sub>O<sub>3</sub> &lt; Cl<sub>2</sub>O<sub>5</sub></p>
<p>प्रश्न 102.<br />
क्षार धातुओं में सबसे अधिक एवं सबसे कम आयनन ऊर्जा किसकी होती है?<br />
उत्तर:<br />
क्षार धातुओं में सबसे अधिक आयनन ऊर्जा II की तथा सबसे कम Cs की होती है।</p>
<p>प्रश्न 103.<br />
क्षार धातुएँ प्रबल अपचायक तथा सबसे अधिक धन विद्युती होती हैं, स्पष्ट करें।<br />
उत्तर:<br />
क्षार धातुओं में इलेक्ट्रॉनं त्यागने की प्रवृत्ति अधिकतम होती हैं क्योंकि इनकी आयनन एन्थैल्पी बहुत कम होती है अतः ये प्रबल अपचायक होने के साथ-साथ सर्वाधिक धन विद्युती होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 104.<br />
हैलोजन की द्वितीय इलेक्ट्रॉन बन्धुता शून्य होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
हैलोजनों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns<sup>2</sup> np<sup>5</sup> होता है। अत: यह केवल एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ns² np<sup>6</sup> का स्थायी विन्यास प्राप्त कर लेता है। इस विन्यास में अब दूसरा इलेक्ट्रॉन जोड़ना सम्भव नहीं होता है। अत: हैलोजन की द्वितीय इलेक्ट्रॉन बन्धुता शून्य होती है।</p>
<p>प्रश्न 105.<br />
Cl<sup>&#8211;</sup> आयन का आकार Cl परमाणु से बड़ा क्यों होता है?<br />
उत्तर:<br />
Cl परमाणु के द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर लेने पर प्राप्त Cl<sup>&#8211;</sup> आयन में प्रभावी नाभिकीय आवेश कम हो जाता है एवं अन्तर इलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण बढ़ता है अतः संयोजी कक्ष बाहर की ओर फैल जाता है। इसलिए आकार बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 106.<br />
उत्कृष्ट गैसों का परमाणु आकार हैलोजनों से अधिक क्यों होता है?<br />
उत्तर:<br />
उत्कृष्ट गैसों का परमाणु आकार हैलोजनों से अधिक होता है क्योंकि वाण्डर वाल्स त्रिज्याएँ सहसंयोजी त्रिज्याओं से बड़ी होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 107.<br />
वर्ग के तत्त्व क्षार धातुएँ क्यों कहलाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वर्ग के तत्त्व क्षार धातुएँ इसलिये कहलाते हैं क्योंकि इनके ऑक्साइड जल में विलेय क्षार बनाते हैं तथा इनकी राख क्षारीय प्रकृति की होती हैं।</p>
<p>प्रश्न 108.<br />
निम्नलिखित ऑक्साइडों में सर्वाधिक क्षारीय ऑक्साइड कौन-सा है?<br />
Na, O, As, O BaO, Al, O.<br />
उत्तर:<br />
उपरोक्त ऑक्साइडों में सर्वाधिक क्षारीय ऑक्साइड Na<sub>2</sub>O है क्योंकि यह प्रथम समूह में उपस्थित है तथा प्रथम समूह के ऑक्साइड सर्वाधिक क्षारीय होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 109.<br />
Al की तुलना में Mg की ∆<sub>1</sub>H<sub>1</sub> या IE<sub>1</sub> अधिक क्यों होती है?<br />
उत्तर:<br />
Al के छोटे आकार एवं अधिक इसकी प्रथम आयनन ऊर्जा का मान नाभिकीय आवेश के कारण Mg से अधिक होने की आशा की जाती है परन्तु वास्तव में यह कम होती है क्योंकि Mg का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पूर्ण पूरित अर्थात् अधिक सममित होता है।</p>
<p>Mg के अन्तर कक्षा का इलेट्रॉनिक विन्यास 3s² है जिसका भेदन प्रभाव उच्च है। अतः IE<sub>1</sub> ज्यादा होगी।</p>
<p>प्रश्न 110.<br />
शून्य वर्ग की आयनन ऊर्जा आवर्त सारणी में अधिकतम क्यों होती है?<br />
उत्तर:<br />
पूर्णपूरित इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (ns² np<sup>6</sup>) के कारण उत्कृष्ट गैसों में से एक इलेक्ट्रॉन को निकालना अत्यन्त मुश्किल होता है। अतः उत्कृष्ट गैसों की आयनन ऊर्जा सर्वाधिक होती है।</p>
<p>प्रश्न 111.<br />
आवर्त सारणी में उच्चतम आयनन विभव किस तत्त्व का होता है?<br />
उत्तर:<br />
आवर्त सारणी में उच्चतम आयनन विभव He हीलियम का होता है क्योंकि इसका आकार छोटा होता है व इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s² होता है। अतः इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिये अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।</p>
<p>प्रश्न 112.<br />
निम्न को प्रथम आयनन एन्थैल्पी के घटते क्रम में व्यवस्थित करिए-<br />
Mg, Al, P, S, Cl, Ne<br />
उत्तर:<br />
Ne &gt; C1 &gt; SP &gt; Al &gt; Mg (होना चाहिये।)<br />
परन्तु यह गलत क्रम है क्योंकि P की आयनन एन्यैल्पी स्थाई अर्द्धपूर्ण विन्यास के कारण S से ज्यादा होनी चाहिये। इसी प्रकार Mg की Al से ज्यादा आयनन एन्थैल्पी होनी चाहिये। अतः सही क्रम होगा।<br />
Ne &gt; Cl &gt; P &gt; S &gt; Mg &gt; Al (सही क्रम)</p>
<p>प्रश्न 113.<br />
Ga व Al की प्रथम आयनन एन्थैल्पी के मान लगभग समान क्यों होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
निम्न परिरक्षण प्रभाव के कारण Al व Ga के आकार लगभग समान होते हैं। इस कारण इन दोनों तत्त्वों की प्रथम आयनन एन्थैल्पी के मान लगभग समान होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 114.<br />
क्षारीय मृदा धातुओं की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी लगभग शून्य क्यों होती है?<br />
उत्तर:<br />
पूर्ण भरे कक्षक ns² तथा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की बहुत कम क्षमता के कारण क्षारीय मृदा धातुओं की इलेक्ट्रॉन बन्धुता शून्य होती है।</p>
<p>प्रश्न 115.<br />
N व P की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान क्रमशः C व SI से कम होता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
NP में अर्द्धपूर्ण भरे कक्षक (ns² np³) होते हैं जो अधिक स्थायी होते हैं। अत: इनकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान C व Si से कम होता है।<br />
N &lt; C, P &lt; Si</p>
<p>प्रश्न 116.<br />
A की संयोजकता 3 व B की संयोजकता 2 है। A की विद्युत ऋणात्मकता का मान B से अधिक है तो यौगिक का सूत्र होगा।<br />
उत्तर:<br />
B<sub>3</sub>A<sub>2</sub>.</p>
<p>प्रश्न 117.<br />
Li<sup>+</sup>, Mg<sup>2+</sup>, K<sup>+</sup> तथा Al<sup>3+</sup> को बढ़ती आयनिक त्रिज्या के क्रम में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
Li<sup>+</sup> &lt; Al<sup>3+</sup> &lt; Mg<sup>2+</sup> &lt; K<sup>+</sup>.</p>
<p>प्रश्न 118.<br />
Na, Mg व AI को बढ़ते धन विद्युती क्रम में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
Al &lt; Mg &lt; Na (बढ़ता हुआ धन विद्युतीक्रम)।</p>
<p>प्रश्न 119.<br />
N<sup>3-</sup>, Na<sup>+</sup>, F<sup>&#8211;</sup>, O<sup>2-</sup> व Mg<sup>2+</sup> को आयनिक आकार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
Mg<sup>2+</sup> &lt; Na<sup>+</sup> &lt; F<sup>&#8211;</sup> &lt; O<sup>2-</sup> &lt; N<sup>3-</sup> (आयनिक आकार)</p>
<p>प्रश्न 120.<br />
Cl<sup>&#8211;</sup>, S<sup>2-</sup>, Ca<sup>2+</sup> व Ar को बढ़ते हुये आकार के क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
Ca<sup>2+</sup> &lt; Ar &lt; Cl<sup>&#8211;</sup> &lt; S<sup>2-</sup> (बढ़ते हुए आकार का क्रम)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 121.<br />
CO<sub>2</sub>, N<sub>2</sub>O<sub>5</sub>, SiO<sub>2</sub> व SiO<sub>3</sub> को बढ़ते हुए अम्लीय लक्षण के क्रम में लिखिये।<br />
उत्तर:<br />
SiO<sub>2</sub> &lt; CO<sub>2</sub> &lt; N<sub>2</sub>O<sub>5</sub> &lt; SO<sub>3</sub> (बढ़ते हुए अम्लीय लक्षणों का क्रम)</p>
<p>प्रश्न 122.<br />
F, Cl, Br तथा I को उनकी इलेक्ट्रॉन बन्धुता बढ़ते क्रम में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
I &lt; Br &lt; F</p>
<p>प्रश्न 123.<br />
<sub>6</sub>A<sup>12</sup>, <sub>7</sub>B<sup>14</sup>, <sub>8</sub>C<sup>16</sup> तथा <sub>9</sub>D<sup>19</sup> को उनकी आयनन ऊर्जा के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
A &lt; C &lt; B &lt; D (आयनन ऊर्जा)</p>
<p>प्रश्न 124.<br />
AsH<sub>3</sub>, NH<sub>3</sub>, PH<sub>3</sub>, BiH, तथा SbH<sub>3</sub> को अपचायक क्षमता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
NH<sub>3</sub> &lt; PH<sub>3</sub> &lt; AsH<sub>3</sub> &lt; SbH<sub>3</sub> &lt; BiH<sub>3</sub> (अपचायक क्षमता)</p>
<p>प्रश्न 125.<br />
हैलाइड आयनों की अपचायक क्षमता का घटता क्रम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
I<sup>&#8211;</sup> &gt; Br<sup>&#8211;</sup> &gt; Cl<sup>&#8211;</sup> &gt; F<sup>&#8211;</sup> (अपचायक क्षमता)</p>
<p>प्रश्न 126.<br />
H<sub>2</sub>SO<sub>3</sub> की अपेक्षा H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> प्रबल ऑक्सी अम्ल होता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
ऑक्सी अम्लों में ऑक्सीजन की संख्या बढ़ाने पर ऑक्सी अम्लों की तीव्रता भी बढ़ती जाती है। इस कारण HSO<sub>4</sub> प्रबल ऑक्सी अम्ल है जबकि H<sub>2</sub>SO<sub>3</sub> कम प्रबल ऑक्सी अम्ल है।</p>
<p>प्रश्न 127.<br />
सबसे प्रबल अम्लीय ऑक्साइड कौन-सा होता है?<br />
उत्तर:<br />
Cl<sub>2</sub>O<sub>7</sub> [क्लोरीन (VII) ऑक्साइड]</p>
<p>प्रश्न 128.<br />
निम्नलिखित तत्त्वों को इलेक्ट्रॉन बन्धुता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए-<br />
Be, B, C, N, O, F, Ne.<br />
उत्तर:<br />
Ne &lt; Be &lt; N &lt; B &lt; C &lt; O &lt; F<br />
(इलेक्ट्रॉन बन्धुता)</p>
<p>प्रश्न 129.<br />
VII A वर्ग के तत्त्वों की क्रियाशीलता VIA वर्ग के तत्त्वों से अधिक होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि VII A वर्ग के तत्त्वों की इलेक्ट्रॉन बन्धुता VIA वर्ग के तत्त्वों से अधिक होती है। इसलिये VII A वर्ग के तत्त्व अधिक क्रियाशील होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 130.<br />
S की इलेक्ट्रॉन बन्धुता O से अधिक होती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
O का आकार छोटा होता है। इस कारण इलेक्ट्रॉन घनत्व सल्फर से उच्च होता है जिससे आने वाला इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन के ऊपर अधिक इलेक्ट्रॉन घनत्व होने के कारण प्रतिकर्षण महसूस करता है।</p>
<p>अतः इलेक्ट्रॉन बन्धुत का मान कम हो जाता है जबकि सल्फर की इलेक्ट्रॉन बन्धुता अधिक हो जाती है। क्रम लिखिए।</p>
<p>प्रश्न 131.<br />
द्वितीय आवर्त के तत्त्वों की इलेक्ट्रॉन बन्धुता का सही<br />
उत्तर:<br />
Be &lt; Li &lt; N &lt; B &lt; C &lt; O &lt; F (इलेक्ट्रॉन बन्धुता)</p>
<p>प्रश्न 132.<br />
क्षारीय धातुओं के हाइड्रॉक्साइड प्रबलतम क्षारीय क्यों होते हैं?<br />
उत्तर:<br />
आयनन विभव के मान निम्नतम होने के कारण क्षारीय धातुओं के हाइड्रॉक्साइड प्रबलतम क्षारीय होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 133.<br />
क्षार धातुएँ (+1) ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करती हैं? ये (+2) ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित नहीं करतीं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि क्षार धातुओं की प्रथम व द्वितीय आयनन एन्थैल्पी में अन्तर 16 eV से अधिक होता है।</p>
<p>प्रश्न 134.<br />
Mg तत्त्व (+ 2) ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है (+ 1) नहीं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि Mg तत्त्व के प्रथम व द्वितीय आयनन विभवों में अन्तर 11 eV से कम होता है।</p>
<p>प्रश्न 135.<br />
HF, HCl, HBr तथा HI की अम्लीय प्रबलता का बढ़ता हुआ क्रम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
HF &lt; HCl &lt; HBr &lt; HI (अम्लीय प्रबलता)</p>
<p>प्रश्न 136.<br />
F<sub>2</sub>, Cl<sub>2</sub>, Br<sub>2</sub> तथा I<sub>2</sub> की बढ़ती हुयी क्रियाशीलता का क्रम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
I<sub>2</sub> &lt; Br<sub>2</sub> &lt; Cl<sub>2</sub> &lt; F<sub>2</sub> (क्रियाशीलता)</p>
<p>प्रश्न 137.<br />
Li, B तथा Be को प्रथम आयनन ऊर्जा के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
Li &lt; B &lt; Be (प्रथम आयनन विभव)</p>
<p>प्रश्न 138.<br />
F<sub>2</sub>, N<sub>2</sub>, Cl<sub>2</sub>, तथा O<sub>2</sub> को बढ़ती बन्ध लम्बाई के क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
N<sub>2</sub> &lt; O<sub>2</sub> &lt; F<sub>2</sub> &lt; Cl<sub>2</sub> (बन्ध लम्बाई)</p>
<p>प्रश्न 139.<br />
HClO, HClO<sub>2</sub>, HClO<sub>3</sub>, HClO<sub>4</sub> को तापीय स्थायित्व के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
HClO &lt; HClO<sub>2</sub> &lt; HClO<sub>3</sub> &lt; HClO<sub>4</sub><br />
(तापीय स्थायित्व )</p>
<p>प्रश्न 140.<br />
N<sub>2</sub>, O<sub>2</sub>, F<sub>2</sub> व Cl<sub>2</sub> को बन्ध वियोजन ऊर्जा के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
F<sub>2</sub> &lt; C<sub>2</sub> &gt; O<sub>2</sub> N<sub>2</sub> (बन्ध वियोजन ऊर्जा)</p>
<p>प्रश्न 141.<br />
O, O<sup>&#8211;</sup>, O<sup>2-</sup> को आयनिक त्रिज्या के बढ़ते क्रम में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
O &lt; O<sup>&#8211;</sup> &lt; O<sup>2-</sup> (आयनिक त्रिज्या)</p>
<p>प्रश्न 142.<br />
Na<sup>+</sup>, O<sup>2-</sup>, F<sup>&#8211;</sup> को आयनिक त्रिज्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए।<br />
उत्तर:<br />
Na<sup>+</sup> &lt; F<sup>&#8211;</sup> &lt; O<sup>2-</sup>.</p>
<p>प्रश्न 143.<br />
निम्न युग्मों में से किसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अपेक्षाकृत अधिक ऋणात्मक है-<br />
(i) Br, Cl<br />
(ii) F, Cl<br />
(iii) O, S<br />
(iv) O, O-<br />
उत्तर:<br />
(i) Cl<br />
(ii) Cl<br />
(iii) S<br />
(iv) O.</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न </span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
वर्ग 15 के तत्त्वों के हाइड्राइडों में N का हाइड्राइड (NH<sub>3</sub>) सबसे अधिक स्थायी होता है। क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
वर्ग 15 के तत्त्वों में धन विद्युती गुण N से Bi तक बढ़ता जाता है। इस प्रकार N सर्वाधिक इलेक्ट्रॉन ऋणात्मकता वाला तत्त्व है। यहाँ NH<sub>3</sub> में H एक विद्युतधनी तत्त्व है जबकि N विद्युतऋणी तत्त्व की भाँति कार्य करता है, विद्युत ऋणात्मकता में अन्तर के कारण इस NH<sub>3</sub> एक स्थायी यौगिक हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
आवर्त सारणी में लैन्थेनॉइडों और एक्टिनॉइडों की संख्या केवल 14-14 है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
लैन्थेनॉइड तथा एक्टिनॉइड दोनों ही f-ब्लॉक के तत्त्व हैं, अर्थात् दोनों में ही अन्तिम इलेक्ट्रॉन f- उपकोश में प्रवेश करता है जिसमें अधिकतम 14 इलेक्ट्रॉन ही आ सकते हैं। इस कारण लैन्येनॉइडों व एक्टिनॉइडों में अधिकतम 14-14 तत्त्व होते हैं।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
आवर्त सारणी में Ar (परमाणु भार 39.90) को K (परमाणु भार 39.10) से पहले क्यों रखा गया है?<br />
उत्तर:<br />
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्त्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया गया है। Ar का परमाणु क्रमांक (18) तथा K का परमाणु क्रमांक (19) है अत: Ar को K से पहले रखा गया है। Ar सक्रिय गैस तत्त्व है जो कि समूह 18 (शून्य) में आता है जबकि K एक क्षार धातु तत्त्व है इसे समूह l (IA) में रखा गया है।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
सोडियम एक प्रबल धातु है जबकि क्लोरीन एक प्रबल अधातु है क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
सोडियम (ns<sup>1</sup>) की आयनन ऊर्जा बहुत कम होती है। इस कारण सोडियम की प्रवृत्ति इलेक्ट्रॉन त्यागने की होती है। इस प्रवृत्ति के कारण यह एक प्रबल धातु है जबकि क्लोरीन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (ns² np<sup>5</sup>) होता है। इसकी इलेक्ट्रॉन बन्धुता बहुत अधिक है। अतः इसकी प्रवृत्ति इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की होती है, अत: Cl एक प्रबल अधातु है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
आवर्त सारणी में एक नियमित अन्तर के बाद तत्त्व के गुणों की पुनरावृत्ति होती है। इस गुण को आवर्तिता (Periodicity) कहते हैं। इसका कारण स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्त्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया जाता है जिससे उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की पुनरावृत्ति होती है, इसे आवर्तिता कहते हैं। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में आवर्ती परिवर्तन (Periodic Change) ही तत्त्वों के गुणों में आवर्तिता का कारण है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किसी वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर तत्त्वों का ऑक्सीकारक गुण क्यों घट जाता है।<br />
उत्तर:<br />
वर्ग में ऊपर से नीचे की ओर आने पर आयनन विभव मान में कमी आती जिसके कारण इलेक्ट्रॉनों को त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ती है अर्थात् अपचायक गुण बढ़ता है तथा ऑक्सीकारक गुण घट जाता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
निम्न परमाणु क्रमांक वाले तत्त्वों में प्रत्येक का ब्लॉक व आवर्त क्या होगा ?<br />
(1) 25<br />
(2) 30<br />
(3) 35<br />
(4) 19<br />
(5) 12<br />
उत्तर:<br />
(1) 25 = 1s² 2s² 2p<sup>6</sup> 3s² 3p<sup>6</sup> 3d<sup>5</sup> 4s²<br />
ब्लॉक &#8211; d<br />
आवर्त &#8211; चौथा (4)<br />
वर्ग &#8211; सातवां (7)</p>
<p>(2) 30 = 1s² 2s² 2p<sup>6</sup> 3s² 3p<sup>6</sup> 3d<sup>10</sup> 4s²<br />
ब्लॉक ⇒ d<br />
आवर्त ⇒ चौथा (4)<br />
वर्ग ⇒ बारहवां (12)</p>
<p>(3) 35 = 1s² 2s³ 2p<sup>6</sup> 3s² 3p<sup>6</sup> 3d<sup>10</sup> 4s² 4p<sup>5</sup><br />
ब्लॉक = p<br />
आवर्त = चौथा (4)<br />
वर्ग = 17</p>
<p>(4) 19 = 1s² 2s² 2p<sup>6</sup> 3s² 3p<sup>6</sup> 4s<sup>1</sup><br />
ब्लॉक &#8211; s<br />
आवर्त चौथा &#8211; (4)<br />
वर्ग प्रथम &#8211; (1)</p>
<p>(5) 12 = 1s² 2s² 2p<sup>6</sup> 3s²<br />
ब्लॉक &#8211; s<br />
आवर्त तृतीय &#8211; (3)<br />
द्वितीय &#8211; (2)</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
निम्न में से प्रत्येक का नाम व परमाणु क्रमांक लिखिए।<br />
(1) छठी उत्कृष्ट गैस (The sixth noble gas)<br />
(2) तीसरी क्षार धातु (The third alkali metal)<br />
(3) चौथा संक्रमण तत्त्व (The fourth transition element)<br />
(4) चौथी हैलोजन (The fourth halogen)<br />
उत्तर:<br />
(1) Rn (परमाणु क्रमांक: 86)<br />
(2) K (परमाणु क्रमांक 19)<br />
(3) Cr (परमाणु क्रमांक 24)<br />
(4) 1 (परमाणु क्रमांक : 53)</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
निम्न गुणों को क्रम में व्यवस्थित कीजिए-<br />
(1) क्षार धातुओं के गलनांक<br />
(2) हैलोजनों के क्वथनांक<br />
(3) सोडियम हैलाइडों के गलनांक<br />
(4) क्षार धातुओं के फ्लुओराइडों की घुलनशीलता।<br />
उत्तर:<br />
(1) Li &gt; Na &gt; KR &gt; b &gt; Cs.<br />
(क्षार धातुओं के गलनांक)</p>
<p>(2) I<sub>2</sub> &gt; Br<sub>2</sub> &gt; Cl<sub>2</sub> &gt; F<sub>2</sub><br />
(हैलोजनों के क्वथनांक)</p>
<p>(3) NaF &gt; NaCl &gt; NaBr Nal<br />
(सोडियम हैलाइडों के गलनांक)</p>
<p>(4) CsF &gt; RbF &gt; KF &gt; NaF &gt; LiF<br />
(फ्लुओराइडों की घुलनशीलता)</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
यदि तत्त्वों के विन्यास निम्न प्रकार हैं तो प्रत्येक तत्त्व का ब्लॉक तथा वर्ग बताइए।<br />
(i) 3s² 3p<sup>5</sup><br />
(ii) 3d<sup>10</sup> 4s²<br />
(iii) 3s² 3p<sup>6</sup> 4s<sup>1</sup><br />
(iv) 6s² 4f<sup>3</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) p-ब्लॉक, वर्ग = 17<br />
(ii) d-ब्लॉक, वर्ग = 12<br />
(iii) ब्लॉक, वर्ग = 1<br />
(iv) f-ब्लॉक, वर्ग = 3</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक तत्त्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s² 2s² 2p<sup>6</sup>, 3s² 3p<sup>6</sup>, 4s<sup>1</sup> है तथा इसका परमाणु भार 39 है।<br />
(i) इसके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या क्या होगी ?<br />
(ii) इस तत्त्व का आवर्त सारणी में स्थान बताएँ।<br />
(iii) इस तत्त्व का नाम व प्रतीक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
(i) तत्त्व का परमाणु क्रमांक = 15<br />
परमाणु भार = 39<br />
न्यूट्रॉनों की संख्या = 39 &#8211; 19<br />
= 20</p>
<p>(ii) आवर्त सारणी में इसका स्थान,<br />
ब्लॉक s<br />
आवर्त = 4<br />
वर्ग = I (IA)</p>
<p>(iii) पोटैशियम (K)</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
निम्नलिखित परमाणु क्रमांकों के IUPAC नाम तथा प्रतीक लिखिए।<br />
(1) 104<br />
(2) 108<br />
(3) 110<br />
(4) 115<br />
(5) 120<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>परमाणु क्रमांकों</td>
<td>संकेत</td>
<td>नाम</td>
</tr>
<tr>
<td>(1) 104</td>
<td>Unq</td>
<td>अननिलक्वाडियम (Unnilquadium)</td>
</tr>
<tr>
<td>(2) 108</td>
<td>Uuo</td>
<td>अननिलऑक्टियम (Unniloctium)</td>
</tr>
<tr>
<td>(3) 110</td>
<td>Uun</td>
<td>अनअननिलियम (Ununnilium)</td>
</tr>
<tr>
<td>(4) 115</td>
<td>Uup</td>
<td>अनअनपेन्टियम (Ununpentium)</td>
</tr>
<tr>
<td>(5) 120</td>
<td>Ubn</td>
<td>अनबाईनिलियम (Unbinilium)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 13.<br />
किसी वर्ग में परमाणु क्रमांक वृद्धि के साथ गलनांक (m. pt.) तथा क्वथनांक (b.pt.) घटता है। स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
किसी वर्ग में परमाणु क्रमांक के बढ़ने पर प्रोटॉनों तथा इलेक्ट्रॉनों के मध्य आकर्षण बल का मान घटता है। जिसके फलस्वरूप उनकी अवस्था परिवर्तन में धीरे-धीरे कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। जिससे अवस्था परिवर्तन (ठोस से द्रव) कम तापक्रम पर होता है।<br />
व्यय ऊर्जा ∝ तापक्रम<br />
अतः किसी वर्ग में ऊपर से नीचे की ओर आने पर तत्त्वों के परमाणु क्रमांकों की वृद्धि के साथ गलनांकों तथा क्वथनांकों के मानों में कमी होती जाती है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
मेण्डलीव की आवर्त सारणी के सामान्य लक्षण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
मेण्डलीव की आवर्त सारणी के सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं।</p>
<ul>
<li>प्रत्येक आवर्त में तत्त्व अपने परमाणु भारों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित हैं।</li>
<li>एक ही समूह के सभी तत्त्वों के गुण-धर्म समान होते हैं।</li>
<li>प्रत्येक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्त्वों की ऋण विद्युत संयोजकता कम होती जाती है। जबकि धन विद्युत संयोजकता बढ़ती जाती है।</li>
<li>तत्त्वों का परमाणु भार उसका मौलिक गुण होता है।</li>
<li>आवर्त सारणी में रिक्त स्थानों के तत्त्वों के गुण-धर्मों को पहले ही बताया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 15.<br />
लघु आवर्त तथा दीर्घ आवर्त से क्या तात्पर्य है ? आवर्त सारणी में कितने लघु आवर्त तथा कितने दीर्घं आवर्त होते हैं।<br />
उत्तर:<br />
लघु आवर्त (Short Period) &#8211; जिन आवतों में तत्वों की संख्या 8 होती है, उन्हें लघु आवर्त कहते हैं।</p>
<p>दीर्घं आवर्त (Long Period) &#8211; जिन आवर्ती में तत्त्वों की संख्या 8 से अधिक होती है, उन्हें दीर्घ आवर्त कहते हैं।</p>
<p>आवर्त सारणी में प्रथम तीन आवर्त (प्रथम, द्वितीय व तृतीय) लघु आवर्त कहलाते हैं। इनमें प्रथम आवर्त दो तत्व हैं, जबकि द्वितीय व तृतीय आवर्त में आठ-आठ तत्त्व है। आवर्त सारणी में बाद के चार आवर्त (चतुर्थ, पंचम, षष्टम तथा सप्तम) दीर्घ आवर्त कहलाते हैं। इनमें चतुर्थ व पंचम आवतों में 18-18 तत्त्व हैं, जबकि षष्ठम आवर्त में 32 तत्त्व हैं और सप्तम आवर्त अपूर्ण है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
नये तत्त्वों की खोज में मेण्डलीव की आवर्त सारणी की क्या उपयोगिता है?<br />
उत्तर:<br />
मेण्डलीव ने अपनी मूल आवर्त सारणी में नये तत्त्वों के लिये ने. कई खाली स्थान छेड़ दिये थे तथा इन तत्त्वों के गुणों के बारे में जानकारी भी दी थी। इस सारणी के ज्ञान से ही नये तत्त्वों को खोजने में काफी सहायता मिली। इन तत्त्वों की खोज के बाद पाये गये इन तत्त्वों के गुण मेण्डलीव के द्वारा बताये गये गुणों के समान ही थे। उदाहरण-स्कैण्डियम (Sc), गैलियम (Ga), जर्मेनियम (Ge) आदि की खोज काफी समय बाद हुई थी।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
आवर्त सारणी में किन तत्त्वों को प्रारूपी तत्त्व कहते हैं? उनके नाम लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
प्रारूपी या प्रतिरूपी या निरूपक तत्त्व (Typical elements) द्वितीय एवं तृतीय आवर्त के तत्त्व प्रतिरूपी या निरूपक तत्त्व (representative or typical elements) कहलाते हैं ये तत्त्व अपने वर्गों में उपस्थित अन्य तत्त्वों का आदर्श प्रतिनिधित्व करते हैं। Li व Na प्रथम वर्ग (I group) के निरूपक तत्त्व हैं जबकि Be व Mg द्वितीय वर्ग (II group) के निरूपक तत्त्व हैं। इस प्रकार अन्य वर्गों के निरूपक तत्त्व निम्न प्रकार है।</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>वर्ग (group)</td>
<td>I</td>
<td>II</td>
<td>III</td>
<td>IV</td>
<td>V</td>
<td>VI</td>
<td>VII</td>
</tr>
<tr>
<td>द्वितीय आवर्त</td>
<td>Li</td>
<td>Be</td>
<td>B</td>
<td>C</td>
<td>N</td>
<td>O</td>
<td>F</td>
</tr>
<tr>
<td>तृतीय आवर्त</td>
<td>Na</td>
<td>Mg</td>
<td>Al</td>
<td>Si</td>
<td>P</td>
<td>S</td>
<td>Cl</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 18.<br />
सेतु तत्त्व (Bridge elements) कौन से तत्त्व होते हैं? टिप्पणी लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
सेतु तत्त्व (Bridge elements) &#8211; तृतीय आवर्त (3rd period) में I से VII वर्ग के तत्त्व सेतु तत्त्व (Bridge elements) कहलाते हैं। ये तत्त्व अपने वर्ग के दोनों उपवर्गों (Sub-group) के तत्त्वों के मध्य एक सेतु (Bridge) का कार्य करते हैं। इनके अपने वर्ग के दोनों उपवर्गों (Sub-group) के तत्त्वों के गुणों से मिलते-जुलते हैं।</p>
<p>सेतु तत्त्वों (Bridge elements) के गुण उस उपवर्ग के तत्त्वों के गुणों से अधिक समानता रखते हैं जिनमें वे स्वयं उपस्थित होते हैं।<br />
उदाहरणार्थ-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37286" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 2" width="416" height="616" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-2.png 416w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-2-203x300.png 203w" sizes="auto, (max-width: 416px) 100vw, 416px" /></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
नॉर्मल तत्त्व (Normal Elements) किन्हें कहते हैं।<br />
उत्तर:<br />
नॉर्मल तत्त्व (Normal elements) &#8211; जिन तत्त्वों के गुण सेतु तत्त्वों के गुणों से अधिक समानता रखते हैं, उन्हें नॉर्मल या सामान्य तत्त्व कहते हैं। सेतु तत्त्व भी नॉर्मल तत्त्व होते हैं। सभी A उपवर्गों को नॉर्मल तत्त्व कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
आवर्त सारणी का उपयोग करते हुए, निम्नलिखित युग्मों वाले तत्त्वों के संयोग से बने यौगिकों के अणु सूत्र की प्रागुक्ति कीजिए-<br />
(क) सिलिकॉन एवं ब्रोमीन<br />
(ख) ऐलुमीनियम एवं सल्फर<br />
उत्तर:<br />
(क) सिलिकॉन आवर्त सारणी के 14वें वर्ग का तत्त्व है जिसकी संयाजकता 4 है। ब्रोमीन, जो 17वें वर्ग (हैलोजन परिवार का सदस्य है) की संयोजकता । है अतः यौगिकों का अणुसूत्र SiBr<sub>4</sub> होगा।</p>
<p>(ख) आवर्त सारणी में 13वें वर्ग का तत्त्व ऐलुमीनियम है जिसकी संयोजकता 3 है, सल्फर 16वें वर्ग का तत्त्व है जिसकी संयोजकता 2 है, अतः ऐलुमीनियम तथा सल्फर से बने यौगिकों का अणसूत्र AL<sub>2</sub>S<sub>3</sub> होगा।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
लीथियम किस तत्त्व के साथ विकर्ण सम्बन्ध प्रदर्शित करता है। उसका नाम तथा संकेत लिखें। विकर्ण समानता प्रदर्शित करने वाले दो गुणों का उल्लेख कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
लीथियम मैग्नीशियम के साथ विकर्ण सम्बन्ध रखता है।</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>IA</td>
<td>IIA</td>
</tr>
<tr>
<td>Li ( लीथियम)</td>
<td>Mg (मैग्नीशियम)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>विकर्ण समानता के कारण समान गुण-<br />
(1) इनका परमाणु आकार लगभग समान होता है।<br />
(2) इनकी विद्युत ऋणात्मकता लगभग समान है।<br />
(3) इन दोनों तत्त्वों के कार्बोनेट ताप द्वारा समान रूप से अपघटित होते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37287" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 3" width="270" height="193" /></p>
<p>प्रश्न 22.<br />
कुछ तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्नलिखित है<br />
(i) 1s² 2s² p<sub>6</sub> 3s²<br />
(ii) 1s² 2s² 2p<sup>5</sup><br />
(iii) 1st 2s² 2p<sup>6</sup> 3s² 3p²<br />
(iv) 1s² 2s² p<sup>6</sup> 3s² 3p<sup>6</sup><br />
(v) 1s² 2s² 2p<sup>6</sup> 3s² 3p³<br />
(vi) 1s² 2s² 2p<sup>6</sup> 3s² 3p<sup>6</sup> 3d<sub>5</sub> 4s<sub>1</sub><br />
उपर्युक्त इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर बताइये कि प्रत्येक कौन-सा तत्त्व है।<br />
उत्तर:<br />
(i) जिस तत्त्व का संयोजी कोश विन्यास ns² np<sup>5</sup> होगा वह हैलोजन परिवार का तत्त्व होगा। अतः तत्त्व (ii) एक हैलोजन है।</p>
<p>(ii) जिस तत्त्व का संयोजी कोश विन्यास ns² होगा वह क्षारीय मृदा तत्त्व होगा अतः तत्त्व (i) क्षारीय मृदा तत्त्व है।</p>
<p>(iii) कार्बन परिवार के तत्त्वों का संयोजी कोश विन्यास ns np होता है अतः तत्त्व (iii) कार्बन परिवार का तत्त्व है।</p>
<p>(iv) जिस तत्त्व का संयोजी कोश विन्यास ns<sup>2</sup> np<sup>6</sup> होगा वह तत्त्व उत्कृष्ट गैस का तत्त्व होगा। अतः तत्त्व (iv) उत्कृष्ट गैसों का तत्त्व होगा।</p>
<p>(v) वे तत्त्व जिनका संयाजी कोश विन्यास ns² np<sup>3</sup> होता है वह तत्त्व नाइट्रोजन परिवार का तत्त्व होगा। तत्त्व (vi) नाइट्रोजन परिवार का तत्त्व है।</p>
<p>(vi) संक्रमण तत्त्व का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (n-1) d<sup>1-10</sup> ns<sup>1-2</sup> होता है अतः तत्त्व (v) एक संक्रमण तत्त्व है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 23.<br />
तत्त्वों को वर्गीकृत करने के लिये परमाणु क्रमांक, परमाणु भार की तुलना में एक अच्छा आधार क्यों है?<br />
उत्तर:<br />
तत्त्वों का परमाणु भार नाभिक से सम्बन्ध रखता है जो कि परमाणु के केन्द्र में उपस्थित होता है। लेकिन तत्त्वों के गुणधर्म इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पर निर्भर करते हैं, जो कि परमाणु क्रमांक से सम्बन्धित होता है। इसलिए परमाणु क्रमांक तत्त्वों के वर्गीकरण के लिये परमाणु भार की तुलना में एक अच्छा आधार है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
निम्नलिखित पदों पर टिप्पणी दें-<br />
(1) आवरण प्रभाव<br />
(2) भेदन प्रभाव<br />
(3) धात्विक गुण<br />
उत्तर:<br />
(1) आवरण प्रभाव (Screening effect)- संयोजी इलेक्ट्रॉन तथा नाभिक के बीच उपस्थित अन्तः इलेक्ट्रॉन, संयोजी या बाह्यतम इलेक्ट्रॉनों को नाभिक से परिरक्षित करते हैं। इसे आवरण या परिरक्षण प्रभाव कहते हैं जैसे-जैसे अन्तः इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती जाती है। वैसे-वैसे आवरण प्रभाव भी बढ़ता जाता है।</p>
<p>(2) भेदन &#8211; प्रभाव (Penetration effect)-कक्षक की आकृति के कारण s-इलेक्ट्रॉन नाभिक का भेदन P d या f-इलेक्ट्रॉनों की तुलना में अधिक समीप से करते हैं तथा अधिक दृढ़ता से बँधे रहते हैं, इसे ही भेदन प्रभाव कहा जाता है।<br />
भेदन क्षमता (Penetration Power) &#8211; s &gt; p &gt; d &gt; f</p>
<p>(3) धात्विक गुण (Metallic Character) &#8211; इलेक्ट्रॉन को त्यागने की प्रवृत्ति धात्विक प्रकृति होती है अर्थात् जो धातु जितनी आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग देगी या जिस धातु की आयनन एन्थैल्पी का मान बहुत कम होगा, उसका धात्विक गुण उतना ही अधिक होगा।</p>
<p>अतः &#8220;धातुओं के वे गुण जिनके कारण उनमें सरलता से धनायन बनाने की प्रवृत्ति पाई जाती है तथा कुछ विशेष गुण जैसे-धात्विक चमक, तन्यता तथा आघातवर्धनीयता, ऊष्मा तथा विद्युत चालकता आदि होते हैं। धातुओं के धात्विक गुण कहलाते हैं।&#8221;</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
Na<sup>+</sup>, Mg<sup>2+</sup> तथा Al<sup>3+</sup> आयनों की आयनिक त्रिज्या का क्रम Na<sup>+</sup> &gt; Mg<sup>2+</sup> &gt; Al<sup>3+</sup> होता है। कारण स्पष्ट करें।<br />
उत्तर:<br />
यदि आयनों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है तो आकार प्रोटॉनों की संख्या पर निर्भर करता है प्रोटॉन की संख्या अधिक होने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश अधिक होगा तथा आकार उतना ही कम<br />
हो जायेगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37288" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 4" width="279" height="109" /></p>
<p>प्रश्न 26.<br />
आर्वत सारणी के किसी वर्ग में तत्त्वों के परमाणु क्रमांकों की वृद्धि के साथ उनके निम्नलिखित गुणों में क्या परिवर्तन होता है?<br />
(1) परमाणु आकार<br />
(2) विद्युत ऋणात्मकता<br />
(3) आयनन एन्बैल्पी<br />
उत्तर:<br />
(1) आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में तत्त्वों के परमाणु क्रमांकों की वृद्धि के साथ उनके परमाणु आकार में क्रमशः वृद्धि होती है।</p>
<p>(2) आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में तत्त्वों के परमाणु क्रमांकों की वृद्धि के साथ उनकी विद्युत ऋणात्मकता का गुण क्रमशः घटता है।</p>
<p>(3) आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में तत्त्वों की आयनन एन्थैल्पी परमाणु क्रमांक के बढ़ने के साथ घटती है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
निम्नलिखित प्रत्येक समूह में से उस परमाणु का चयन करें जिसकी आयनन ऊर्जा सर्वाधिक हो तथा उत्तर को स्पष्ट करें-<br />
(1) F, O, N<br />
(2) Mg, P, Ar<br />
(3) B, Al, Ga<br />
उत्तर:<br />
(1) F की आयनन ऊर्जा सर्वाधिक होगी क्योंकि इसका आकार सबसे कम है जिसके परिणामस्वरूप इसका प्रभावी नाभिकीय आवेश उच्चतम होगा।</p>
<p>(2) स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण Ar की आयनन एन्थैपी सर्वाधिक होगी।</p>
<p>(3) B, Al, Ga के समूह में B की आयनन एन्थैल्पी सर्वाधिक है क्योंकि इसका परमाणु आकार सबसे कम है तथा प्रभावी नाभिकीय आवेश सर्वाधिक है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
आयनन ऊर्जा के कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य लिखें।<br />
उत्तर:<br />
आयनन ऊर्जा के कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य निम्न प्रकार हैं-<br />
(1) बाह्यतम कोश का स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास होने के कारण अक्रिय गैसों की आयनन एन्यैल्पी अधिक होती है। उन आपनों की भी आयनन एन्थल्पी अधिक होती है जिनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अक्रिय गैस जैसा होता है।</p>
<p>(2) एक ही कोश के विभिन्न उपकोशों से इलेक्ट्रॉन बाहर निकालने के लिये आवश्यक ऊर्जा का क्रम निम्न प्रकार है-<br />
s &gt; p &gt; d &gt; f.</p>
<p>(3) किसी आवर्त में क्षार धातुओं की आयनन एन्थेल्पी सबसे कम और अक्रिय गैसों की सर्वाधिक होती है।</p>
<p>(4) सभी ज्ञात तत्त्वों में से हीलियम की आयनन एन्थैल्पी सबसे अधिक व सीजियम (Cs) की आयनन एन्थैल्पी सबसे कम होती है।</p>
<p>(5) तत्त्व की प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान सदैव द्वितीय आयनन एन्थैल्पी से कम होता है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
तत्त्वों के निम्न युग्मों में से किसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्यैल्पी अपेक्षाकृत ऋणात्मक होती है।<br />
(1) N या O (2) F या Cl (3) Be या B, उत्तर की व्याख्या करें।<br />
उत्तर:<br />
(1) O परमाणु की इलेक्ट्रॉन बन्धुता अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि इसके परमाणुओं को उत्कृष्ट गैस तत्त्व का विन्यास प्राप्त करने के लिए दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। जबकि नाइट्रोजन<br />
का विन्यास सममित होता है। इसे इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता नहीं होती है। इसकी इलेक्ट्रॉन बन्धुता धनात्मक होती है।</p>
<p>(2) Cl की इलेक्ट्रॉन बन्धुता अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि इसका आकार F से बड़ा होता है जिसके कारण अन्तः इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण बल कम होता है। इससे आने वाला इलेक्ट्रॉन अधिक आकर्षण बल महसूस करता है और ऊर्जा ऋणात्मक हो जाती है।</p>
<p>(3) सममित विन्यास के कारण तत्त्व Be को इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान धनात्मक (+ 66 kJ mol<sup>-1</sup>) होती है किन्तु B की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्फैल्पी का मान ( 88kJ mol<sup>&#8211;</sup>) ऋणात्मक होता है क्योंकि इसका विन्यास सममित नहीं होता है अतः B की इलेक्ट्रॉन लब्धि ऊर्जा अधिक ऋणात्मक होती है।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
सही मिलान करें-</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>तत्त्व</td>
<td>गुण</td>
</tr>
<tr>
<td>1. Cl</td>
<td>शून्य वर्ग से सम्बन्धित तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>2. Br</td>
<td>संयोजी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन वाला तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>3. F</td>
<td>निम्नतम आयनन एन्थैल्पी वाला तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>4. O</td>
<td>तत्त्व जो सर्वाधिक संख्या में यौगिक बनाता है</td>
</tr>
<tr>
<td>5. Xe</td>
<td>वह तत्त्व जो कमरे के ताप पर द्रव है</td>
</tr>
<tr>
<td>6. C</td>
<td>लघुतम आकार वाला तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>7. Cs</td>
<td>उच्चतम ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी वाला तत्त्व</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>उत्तर:<br />
सही मिलान निम्न प्रकार है-</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>तत्त्व</td>
<td>गुण</td>
</tr>
<tr>
<td>1. Cl</td>
<td>उच्चतम ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी वाला तत्त्व वह तत्त्व जो कमरे के ताप पर द्रव है</td>
</tr>
<tr>
<td>2. Br</td>
<td>लघुतम आकार वाला तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>3. F</td>
<td>संयोजी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन वाला तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>4. O</td>
<td>शून्य वर्ग से सम्बन्धित तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>5. Xe</td>
<td>तत्त्व जो सर्वाधिक संख्या में यौगिक बनाता है</td>
</tr>
<tr>
<td>6. C</td>
<td>निम्नतम आयनन एन्थैल्पी वाला तत्त्व</td>
</tr>
<tr>
<td>7. Cs</td>
<td>उच्चतम ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी वाला तत्त्व वह तत्त्व जो कमरे के ताप पर द्रव है</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color: #0000ff;">विस्तृत उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
आधुनिक आवर्त नियम क्या है? आवर्त सारणी के दीर्घ स्वरूप का संक्षिप्त वर्णन कीजिये। इस सारणी से क्या लाभ हैं।<br />
उत्तर:<br />
जब मेण्डलीव ने आवर्त सारणी का विकास किया, तब रसायनज्ञों को परमाणु की आन्तरिक संरचना का ज्ञान नहीं था। बीसवीं शताब्दी के प्रारम्भ में अवपरमाणुक कणों का विकास हुआ।</p>
<p>सन् 1913 में अंग्रेज भौतिकी वैज्ञानिक हेनरी मोजले ने तत्त्वों के अभिलाक्षणिक X- किरण स्पेक्ट्रमों में नियमितता पाई और देखा कि \(\sqrt{v}\) (जहाँ v, X-किरण की आवृत्ति है) और परमाणु क्रमांक (Z) के मध्य ग्राफ खींचने पर एक सरल रेखा प्राप्त होती है। परन्तु परमाणु भार व \(\sqrt{v}\) के आलेख में सरल रेखा प्राप्त नहीं होती है।</p>
<p>अतः मोजले ने बताया कि परमाणु भार की तुलना में परमाणु क्रमांक किसी तत्त्व के गुणों को दर्शाने में अत्यधिक सक्षम हैं। इसी के अनुसार मेण्डलीव के आवर्त नियम में परिवर्तन किया गया।</p>
<p>सन् 1913 में मोजले (Mosley) ने आधुनिक आवर्त नियम दिया जिसे आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law) कहते हैं। इस नियम के अनुसार, &#8220;तत्त्वों के भौतिक तथा रासायनिक गुणधर्म उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं।</p>
<p>अर्थात् यदि तत्त्वों को उनके परमाणु क्रमांकों के बढ़ते हुये क्रम में रखा जाये तो एक नियमित अन्तराल (Regular interval) के बाद समान गुणों की पुनरावृत्ति होती है और नियमित अन्तराल के बाद समान गुणों वाले तत्त्व की पुनरावृत्ति होती है ।</p>
<p>आधुनिक आवर्त नियम की सहायता से प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले 92 तत्त्वों में समानताएँ मिलीं। ऐक्टीनियम (Ac) और प्रोटोक्टीनियम (Pa) की भाँति नूप्ट्यूनियम (Np) और प्लूटोनियम (Pu) भी यूरेनियम के अयस्क पिच ब्लैंड में पाये गये। इन्हें भी बाद में आधुनिक आवर्त सारणी में स्थान दिया गया।<br />
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<p>प्रश्न 2.<br />
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर तत्त्वों का वर्गीकरण किस प्रकार किया गया है? समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
परमाणु संरचना वाले अध्याय में हम पढ़ चुके हैं कि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन की पहचान क्वाण्टम संख्याओं से होती है। किसी परमाणु में विभिन्न उपकोशों व कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों के वितरण को ही उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic configuration) कहते हैं। में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration in Periods).</p>
<p>आवर्त में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration in Periods):<br />
दीर्घ आवर्त सारणी में तत्त्वों को उनके परमाणु क्रमांकों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया गया है। इसलिए प्रत्येक तत्त्व में अपने से पहले वाले तत्त्व की तुलना में एक इलेक्ट्रॉन अधिक होता है। तत्त्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास मुख्य ऊर्जा तल, हुण्ड का नियम, पाऊली अपवर्जन सिद्धान्त (ऑफबाऊ सिद्धान्त) के आधार पर देते हैं।</p>
<p>आवर्त मुख्य ऊर्जा या बाह्य कोश के लिये n का मान बताता है। आवर्त सारणी में प्रत्येक उत्तरोत्तर आवर्त (Successive period) की पूर्ति अगले उच्च मुख्य ऊर्जा स्तर n = 1, n = 2 आदि से सम्बन्धित होती है।</p>
<p>प्रत्येक आवर्त में तत्त्वों की संख्या, भरे जाने वाले ऊर्जा स्तर में उपलब्ध परमाणु कक्षकों की संख्या से दोगुनी होती है। अतः प्रत्येक आवर्त में उपलब्ध तत्त्वों की संख्या को निम्न प्रकार व्याख्यायित कर सकते हैं।<br />
(1) प्रथम आवर्त (n = 1) का प्रारम्भ सबसे निचले स्तर (1s) के भरने से प्रारम्भ होता है। s-उपकोश में एक ही कक्षक होता है अतः इसमें 2 तत्त्व ही होते हैं। हाइड्रोजन जिसका विन्यास 1s है तथा हीलियम जिसका विन्यास 1s<sup>1</sup> है। इस प्रकार प्रथम कोश (K-कोश) पूर्ण हो जाता है।</p>
<p>(2) दूसरे आवर्त (n = 2) का प्रारम्भ Li से होता है इसमें दो उपकोश s तथा p होते हैं। इस प्रकार इस आवर्त में कुल चार कक्षक उपस्थित होते हैं। अतः इसमें कुल 8 तत्त्व होते हैं। पहला लीथियम जिसका विन्यास (1s², 2s<sup>1</sup>) होता है। दूसरा बेरीलियम जिसका विन्यास (1s², 2s²) होता है। इसके बाद बोरॉन तत्त्व आता है जहाँ से शुरू करते हुये जब हम निऑन तत्त्व तक पहुँचते हैं, तो 2p कक्षक पूर्ण रूप से इलेक्ट्रॉनों से भर जाता है। इस प्रकार L-कोश निऑन तत्त्व के साथ (2s², 2p<sup>6</sup>) पूर्ण रूप से भर जाता है अतः दूसरे आवर्त में कुल आठ तत्त्व होते हैं।</p>
<p>(3) तीसरे आवर्त m = 3 का आरम्भ सोडियम (Na) के साथ होता है। जिसमें इलेक्ट्रॉन 35 कक्षक में जाता है। धीरे-धीरे 3s एवं 3p कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों के भरने के पश्चात् तीसरे आवर्त में तत्त्वों की संख्या सोडियम से ऑर्गन तक कुल मिलाकर आठ होती है।</p>
<p>(4) चौथे आवर्त (n = 4), का प्रारम्भ पोटैशियम से होता है तथा इलेक्ट्रॉन 4s कक्षक में प्रवेश करना प्रारम्भ कर देता है। यहाँ महत्त्वपूर्ण बात यह है कि 4p कक्षकों के भरने से पहले 3d-कक्षक भरते हैं जो कि ऊर्जात्मक (Energetically) रूप से अनुकूल है। 3d-कक्षक प्रथम संक्रमण श्रेणी (First transition series) बनाते हैं।</p>
<p>यह श्रेणी स्केन्डियम (Sc, Z = 21) से प्रारम्भ होती है इनका विन्यास 301 452 होता है। 3d- श्रेणी जिंक (Zn, Z = 30) पर पूर्ण हो जाती है जिसकी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d<sup>10</sup>4s² होता है। यह चौथा आवर्त 4p कक्षकों के भरने के साथ क्रिप्टॉन (Kr, Z = 36) पर समाप्त हो जाता है। इस प्रकार चौथे आवर्त में कुल मिलाकर 18 तत्त्व होते हैं।</p>
<p>(5) पाँचवें आवर्त (n 5) का प्रारम्भ रूबीडियम से होता है। यह आवर्त चौथे आवर्त के समान होता है। इसमें 4d संक्रमण श्रेणी आती है। यह संक्रमण श्रेणी इट्रियम (Ytrrium, Z 39) से शुरू होती है संक्रमण श्रेणी में इलेक्ट्रॉन भरने के पश्चात् 5p-कक्षकों में इलेक्ट्रॉन भरते हैं। तथा आवर्त जीनॉन पर खत्म हो जाता है। इस आवर्त में भी कुल 18 तत्त्व होते हैं।</p>
<p>(6) छठवें आवर्त (n = 6) में कुल 32 तत्त्व होते हैं। यहाँ उत्तरोत्तर इलेक्ट्रॉन क्रमश: 6s, 4f, 5d तथा 6p के कक्षकों में भरते हैं। इलेक्ट्रॉनों का भरना 4f-कक्षकों में सीरियम (Cerium Z = 58) से शुरू होता है तथा ल्यूटीशियम (Lutetium, Z = 71) पर समाप्त होता है। 4f इस श्रेणी 45 आन्तरिक संक्रमण श्रेणी या लैन्थेनॉइड श्रेणी (Inner transition series or Lanthanoid series) कहते हैं।</p>
<p>(7) सातवाँ आवर्त (n = 7) छठवें आवर्त के समान है, जिसमें इलेक्ट्रॉन उत्तरोत्तर 7s, 5f, 6d और 7p कक्षक में भरते हैं। इनमें कृत्रिम विधियों (Artificial methods) द्वारा मानव निर्मित रेडियोधर्मी तत्त्व (Radioactive elements) आते हैं। सातवां आवर्त परमाणु क्रमांक 118 वाले तत्त्व जिसकी खोज हो चुकी है के साथ पूर्ण होता है। यह तत्त्व उत्कृष्ट गैस परिवार से सम्बन्धित होगा। ऐक्टीनियम (Ac, Z = 89) के पश्चात् 14 इलेक्ट्रॉन 5f श्रेणी में भरते हैं। इस श्रेणी को 5f-आन्तरिक संक्रमण श्रेणी या ऐक्टिनॉइड श्रेणी (5f-inner transition series or Actinoid series) कहते हैं। उपरोक्त विवरण को संक्षिप्त रूप में हम निम्न सारणी द्वारा व्यक्त कर सकते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37290" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 6" width="721" height="266" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-6.png 721w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-6-300x111.png 300w" sizes="auto, (max-width: 721px) 100vw, 721px" /></p>
<p>वर्ग में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration in Group):<br />
एक ही वर्ग या ऊर्ध्वाधर स्तम्भ में उपस्थित तत्त्वों के संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होते हैं। इनके बाह्य कक्षकों में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या एवं गुणधर्मों में भी समानता होती है।</p>
<p>उदाहरणार्थ- क्षार धातुओं की संयोजकता कोश का विन्यास mst होता है। इस विन्यास से यह स्पष्ट होता है कि किसी तत्त्व के गुणधर्म उसके परमाणु क्रमांक पर निर्भर करते हैं, न कि उसके सापेक्षिक परमाणु द्रव्यमान पर।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
मेण्डलीव की आवर्त सारणी की विवेचना कीजिए। इसके मुख्य दोष क्या हैं? इसकी उपयोगिता भी बताइये।<br />
उत्तर:<br />
रूसी रसायनज्ञ दमित्री मेण्डलीव ने सर्वप्रथम आवर्त सारणी को प्रतिपादित किया। इन्होंने बड़ी संख्या में तत्त्वों के रसायनिक गुणों का अध्ययन किया और सन् 1869 में आवर्त नियम को प्रस्तुत किया। इस नियम के अनुसार, &#8220;परमाणु भार तत्त्वों का मूल लक्षण है तथा तत्त्वों के भौतिक व रासायनिक गुण उनके परमाणु भारों के आवर्ती फलन होते हैं।&#8221;</p>
<p>यदि तत्त्वों को उनके परमाणु भारों के बढ़ते हुए क्रम से क्षैतिज पंक्तियों (Horizontal lines) में रखा जाये तो समान गुणों वाले तत्त्व एक नियमित अन्तराल (Regular interval) के बाद पुन: आते हैं। अर्थात् तत्त्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म (या तत्त्वों के गुण) की एक निश्चित अन्तराल (या आवर्त) के बाद पुनरावृत्ति होती है। नियमित अन्तराल के पश्चात् गुणों की इस प्रकार की पुनरावृत्ति को आवर्तिता (Periodicity) कहते हैं।</p>
<p>मेण्डलीव द्वारा तत्त्वों का वर्गीकरण निश्चित तौर पर लोथर मेयर के वर्गीकरण से अधिक विस्तृत था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
निम्न पर टिप्पणी लिखिए।<br />
(1) डोबेराइनर त्रिक<br />
(2) न्यूलैण्ड का अष्टक नियम<br />
(3) लोथर मेयर का परमाण्वीय आयतन वक्र।<br />
उत्तर:<br />
मेण्डलीव की आवर्त सारणी की मुख्य उपयोगिताएँ निम्न प्रकार हैं-<br />
1. तत्त्वों का व्यवस्थित अध्ययन (Systematic study of the elements)-मेण्डलीव ने प्रथम बार तत्त्वों को आवर्तों व वर्गों में व्यवस्थित किया। इन्होंने तत्त्वों को इस प्रकार से व्यवस्थित किया कि किसी विशेष वर्ग में एक समान गुणधर्मों वाले तत्त्व ही व्यवस्थित हुए। इस प्रकार इन्होंने लगभग 105 तत्त्वों को केवल 9 वर्गों में व्यवस्थित कर दिया।</p>
<p>2. तत्त्वों के गुणों का अध्ययन (Study of properties of elements)-मेण्डलीव की आवर्त सारणी में किसी तत्त्व विशेष का अध्ययन करने से ही उस समूह के अन्य सभी तत्त्वों का अध्ययन हो जाता है, क्योंकि एक ही समूह में स्थित सभी तत्त्वों के गुण समान होते हैं।</p>
<p>3. नये तत्त्वों की खोज (Discovery of new elements)मेण्डलीव की आवर्त सारणी अज्ञात तत्त्वों को खोजने में एवं उनके गुणधर्मो के अध्ययन करने में अत्यधिक उपयोगी सिद्ध हुई। मेण्डलीव ने उस समय के अज्ञात तत्त्वों के लिए आवर्त सारणी में रिक्त स्थान छोड़ दिया तथा उनके गुणों की भी भविष्यवाणी की थी जो कि बाद में सत्य सिद्ध हुई एवं इससे नये तत्त्वों की खोज में काफी सहायता मिली।</p>
<p>उदाहरणार्थ-मेण्डलीव की मूल आवर्त सारणी में बाद में खोजे गये तत्त्व स्कैण्डियम (Sc), गैलियम (Ga) और जर्मेनियम (Ge) के स्थान रिक्त छोड़े गये और उन्होंने इन्हें क्रमशः एका-बोरॉन (Eka-Boron), एका-ऐलुमिनियम (Eka-Aluminium) तथा एका-सिलिकॉन (EkaSilicon) कहा। मेण्डलीव ने इन नये तत्त्वों की पहचान ही नहीं की बल्कि इन तत्त्वों के कुछ भौतिक गुणधर्मों का भी ब्यौरा दिया जिसे सारणी 3.3 में सूचीबद्ध किया गया है।</p>
<p>सारणी 3.3 &#8211; मेण्डलीव द्वारा एका-ऐलुमिनियम (गेलियम) तथा एका सिलिकॉन (जर्मेनियम) तत्वों की प्रागुक्ति</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>गुण</td>
<td>एका-ऐलुमिनियम (भविष्य सूचक तत्त्व)</td>
<td>गैलियम (खोजा गया तत्त्व)</td>
<td>एका-सिलिकॉन (भविष्य सूचक तत्त्व)</td>
<td>जर्मेनियम (खोजा गया तत्त्व)</td>
</tr>
<tr>
<td>परमाणु भार</td>
<td>68</td>
<td>70</td>
<td>72</td>
<td>72.6</td>
</tr>
<tr>
<td>घनत्व (g/cm³)</td>
<td>5.9</td>
<td>5.94</td>
<td>5.5</td>
<td>5.36</td>
</tr>
<tr>
<td>गलनांक/K</td>
<td>निम्न</td>
<td>302.93</td>
<td>उच्च</td>
<td>1231</td>
</tr>
<tr>
<td>ऑक्साइड का सूत्र</td>
<td>E<sub>2</sub>O<sub>3</sub></td>
<td>Ga<sub>2</sub>O<sub>3</sub></td>
<td>EO<sub>2</sub></td>
<td>GeO<sub>2</sub></td>
</tr>
<tr>
<td>क्लोराइड का सूत्र</td>
<td>ECl<sub>3</sub></td>
<td>GaCl<sub>3</sub></td>
<td>ECl<sub>4</sub></td>
<td>GeCl<sub>4</sub></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>4. सन्देहपूर्ण परमाणु द्रव्यमानों का सुधार (Correction of doubtful atomic masses) मेण्डलीव की आवर्त सारणी की सहायता से बहुत से तत्त्वों के परमाणु भारों का सही निर्धारण किया गया। चूँकि आवर्त सारणी में किसी भी तत्त्व की स्थिति से उसकी संयोजकता ज्ञात की जा सकती है और उसका तुल्यांकी भार ज्ञात होने पर परमाणु भार ज्ञात किया जा सकता है।<br />
परमाणु भार = तुल्यांकी भार x संयोजकता<br />
यदि तत्त्वों की सही संयोजकता ज्ञात हो तो तत्त्व का सही परमाणु भार ज्ञात किया जा सकता है।</p>
<p>उदाहरणार्थ-सन् 1869 से पहले बेरीलियम (Be) का परमाणु भार 13.5 माना जाता था। इसकी गणना निम्न प्रकार की गयी थी।<br />
परमाणु भार = तुल्यांकी भार x संयोजकता<br />
= 4.5 x 3<br />
= 13.5<br />
इस परमाणु भार के अनुसार बेरीलियम (Be) की स्थिति मूल आवर्त सारणी में कार्बन तथा नाइट्रोजन के मध्य होनी चाहिए। परन्तु इस तत्त्व के गुणधर्म के अनुसार इसे वर्ग IIA के तत्त्वों Mg एवं Ca के साथ लीथियम व बोरॉन के मध्य होना चाहिए। अत: मेण्डलीव ने इसकी शुद्ध संयोजकता 2 मान कर इसका शुद्ध व सही परमाणु भार 9 निकला<br />
परमाणु भार = 4.5 x 2 = 9<br />
इसी प्रकार मेण्डलीव की मूल आवर्त सारणी की सहायता से कुछ अन्य तत्त्वों के सही परमाणु भारों को ज्ञात करने में सहायता मिली।</p>
<p>(2) अंग्रेज रसायनज्ञ जॉन एलेक्जेंडर न्यूलैण्ड ने सन् 1865 में अष्टक नियम (Law of octaves) को विकसित किया। इसके अनुसार, &#8220;जब तत्त्वों को उनके परमाणु द्रव्यमानों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया जाता है तो प्रत्येक आठवाँ तत्त्व पहले तत्त्व से गुणधर्म में समानता रखता है।&#8221; यह सम्बन्ध उसी प्रकार का था, जैसा आठवें संगीत स्वर (Eight musical note) का सम्बन्ध प्रथम संगीत स्वर के साथ होता है। इसी कारण न्यूलैण्ड ने इसे &#8216;अष्टक का नियम&#8217; नाम दिया।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37291" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 7" width="421" height="239" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-7.png 421w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-7-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 421px) 100vw, 421px" /><br />
इस प्रकार यदि बोरॉन (B) से शुरूआत करें तो आठव्वॉं तत्त्व एलुमीनियम (Al) आता है और इन दोनों तत्त्वों के गुणधर्म आपस में समान हैं। सीमाएँ (Limitations)</p>
<ul>
<li>यह नियम केवल कैल्सियम तक ही सफल रहा। कैल्सियम के पश्चात् प्रत्येक आठवां तत्त्व अपने समूह में ऊपर आने वाले तत्त्व के समान गुणधर्म नहीं रखता था।</li>
<li>अज्ञात तत्त्वों के लिए इस वर्गीकरण में कोई स्थान सुरक्षित नहीं रखा गया।</li>
<li>यह नियम अधिक परमाणु भार वाले तत्त्वों पर लागू नहीं होता है।</li>
<li>उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की खोज के पश्चात् यह नियम पूर्ण रूप से असफल हो गया क्योंकि अब नवाँ तत्त्व प्रथम तत्त्व के समान था न कि आठवाँ।</li>
</ul>
<p>(3) जर्मन वैज्ञानिक लोथर मेयर (Lother Meyer) ने सन् 1869 में यह विचार दिया था। इसके अनुसार, &#8220;तत्त्वों के गुणधर्मों व परमाणु आयतन (परमाणु भार/घनत्व) के बीच एक घनिष्ठ सम्बन्ध होता है। लोथर मेयर ने तत्त्वों के परमाणु भार एवं परमाणु आयतनों के मध्य एक ग्राफ (वक्र) खींचा तथा बताया कि समान गुणधर्म वाले तत्त्व इस वक्र पर समान स्थितियों में आते हैं।&#8221;</p>
<p>इस प्रकार लोथर मेयर ने पाया कि परमाणु भारों की वृद्धि के साथ परमाणु आयतनों में नियमित समानता होती है अर्थात् यहाँ पर आवर्तिता (Periodicity) पायी जाती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37292" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Important Questions Chapter 3 तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता 8" width="462" height="386" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-8.png 462w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Important-Questions-Chapter-3-तत्त्वों-का-वर्गीकरण-एवं-गुणधर्मों-में-आवर्तिता-8-300x251.png 300w" sizes="auto, (max-width: 462px) 100vw, 462px" /><br />
इस वक्र की कुछ विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-</p>
<ul>
<li>प्रबल विद्युतधनी तत्त्वों जैसे-क्षार, धातुओं ने वक्र में शिखर पर स्थान प्राप्त किया।</li>
<li>कुछ कम विद्युतधनी तत्त्वों जैसे-क्षारीय मृदा धातुओं ने वक्र के अवरोही भाग में स्थान प्राप्त किया।</li>
<li>विद्युतऋणी तत्त्व जैसे-हैलोजनों ने वक्र के चढ़ते हुए भाग में स्थान ग्रहण किया।</li>
<li>आठवें समूह के तत्त्व वक्र के निचले भाग में स्थित हुए।</li>
</ul>
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:16:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions) प्रश्न 1. 0°C पर केल्विन तापक्रम का सही मान है- (a) 273.15 K (b) 272.85 K (c) 273K (d) [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
0°C पर केल्विन तापक्रम का सही मान है-<br />
(a) 273.15 K<br />
(b) 272.85 K<br />
(c) 273K<br />
(d) 273.2 K<br />
उत्तर:<br />
(a) 273.15 K</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
किसी रोगी का ताप 40°C है तो उसका ताप फॉरनहाइट स्केल पर होगा-<br />
(a) 72°F<br />
(b) 100°F<br />
(c) 96°F<br />
(d) 104°F<br />
उत्तर:<br />
(d) 104°F</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
ताप जो सेण्टीग्रेड तथा फॉरेनहाइट पैमाने पर समान ताप देता है,<br />
(a) 0°<br />
(b) 30°<br />
(c) + 40°<br />
(d) &#8211; 40°<br />
उत्तर:<br />
(d) &#8211; 40°</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
ऑक्सीजन -183 °C पर उबलती है यह ताप लगभग है-<br />
(a) -297°F<br />
(c) -261°F<br />
(b) -285°F<br />
(d) -329°F<br />
उत्तर:<br />
(a) -297°F</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
किसी जल का सेल्सियस तथा फॉरेनहाइट पैमाने पर ताप का अनुपात 13 है जल का ताप है-<br />
(a) 40°C<br />
(b) -26.66°C<br />
(c) -40°C<br />
(d) 26.66°C<br />
उत्तर:<br />
(d) 26.66°C</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
परम शून्य ताप है-<br />
(a) जिस पर गैस द्रवित हो जाए<br />
(b) न्यूनतम सम्भव ताप<br />
(c) जिस पर वास्तविक गैसों का आयतन शून्य हो जाए<br />
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(b) न्यूनतम सम्भव ताप</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
गैस नियतांक का मात्रक है-<br />
(a) कैलोरी / °C<br />
(b) जूल / मोल<br />
(c) जूल / मोल K<br />
(d) जूल/ किग्रा<br />
उत्तर:<br />
(c) जूल / मोल K</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
यदि कोई गैस बॉयल के नियम का पालन करे तो उसके लिए PV वP के बीच ग्राफ होगा-<br />
(a) अतिपरवलय<br />
(b) PV अक्ष के समान्तर सरल रेखा<br />
(c) P अक्ष के समान्तर सरल रेखा<br />
(d) मूल बिन्दु से गुजरती P अक्ष से 45° कोण पर सरल रेखा ।<br />
उत्तर:<br />
(c) P अक्ष के समान्तर सरल रेखा</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
किसी गैस की विशिष्ट ऊष्मा के मान-<br />
(a) केवल दो मान C<sub>p</sub> तथा C<sub>v</sub> होते हैं<br />
(b) किसी दिये हुए ताप पर केवल एकमात्र मान होता है।<br />
(c) मान 0 से ∞ के बीच कुछ भी हो सकते हैं<br />
(d) मान गैस के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।<br />
उत्तर:<br />
(c) मान 0 से ∞ के बीच कुछ भी हो सकते हैं</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
100°C की वायु से जलन उसी ताप पर भाप की जलन से-<br />
(a) अधिक घातक<br />
(b) कम घातक<br />
(c) दोनों बराबर घातक<br />
(d) इनमें से कोई नहीं।<br />
उत्तर:<br />
(b) कम घातक</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
कार के इंजन में पानी को रेडिएटर में शीतलक के रूप में प्रयोग किए जाने का कारण है-<br />
(a) कम घनत्व के कारण<br />
(b) निम्न क्वथनांक के कारण<br />
(c) आसानी से उपलब्धता के कारण<br />
(d) उच्च विशिष्ट ऊष्मा के कारण।<br />
उत्तर:<br />
(d) उच्च विशिष्ट ऊष्मा के कारण।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
निम्न में कौन-सा ऊष्मा चालकता के बढ़ते क्रम में सही है-<br />
(a) Al, Cu, Ag<br />
(b) Cu, Ag. Al<br />
(c) Al, Ag. Cu<br />
(d) Ag. Cu, Al.<br />
उत्तर:<br />
(a) Al, Cu, Ag</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
यदि समान धातु की दो छड़ों की लम्बाइयों व त्रिज्याओं का अनुपात क्रमशः 12 तथा 23 हो तथा तापान्तर समान हो, तब स्थायी अवस्था में ऊष्मा प्रवाह की दर का अनुपात होगा-<br />
(a) 8:9<br />
(b) 4:3<br />
(c) 1:3<br />
(d) 3:2<br />
उत्तर:<br />
(a) 8:9</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
दो समान लम्बाई की छड़ों A तथा B के दोनों सिरे नियत समान ताप तथा 02 पर हैं। छड़ों में ऊष्मा संचरण की समान दर के लिए शर्त होगी-<br />
(a) K<sub>1</sub>A<sub>1</sub> = K<sub>2</sub>A<sub>2</sub><br />
(b) K<sub>1</sub>²A<sub>1</sub> = K<sub>2</sub>²A<sub>2</sub><br />
(c) K<sub>1</sub>A<sub>2</sub> = K<sub>2</sub>A<sub>1</sub><br />
(d) K<sub>1</sub>A<sub>1</sub>² = K<sub>2</sub>A<sub>2</sub>²<br />
उत्तर:<br />
(a) K<sub>1</sub>A<sub>1</sub> = K<sub>2</sub>A<sub>2</sub></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
किसी छड़ का ऊष्मा चालकता गुणांक निर्भर करता है-<br />
(a) छड़ के दोनों सिरों के बीच तापान्तर पर<br />
(b) छड़ की लम्बाई पर<br />
(c) छड़ के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर<br />
(d) छड़ के पदार्थ पर |<br />
उत्तर:<br />
(d) छड़ के पदार्थ पर</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
स्थायी अवस्था में किसी छड़ का ताप-<br />
(a) समय के साथ घटता है<br />
(b) समय के साथ बढ़ता है<br />
(c) समय के साथ नहीं बदलता परन्तु भिन्न-भिन्न बिन्दुओं पर भिन्न-भिन्न होता है<br />
(d) समय के साथ नहीं बदलता तथा छड़ के प्रत्येक बिन्दु पर समान होता है।<br />
उत्तर:<br />
(c) समय के साथ नहीं बदलता परन्तु भिन्न-भिन्न बिन्दुओं पर भिन्न-भिन्न होता है</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
एक गर्म पानी से भरी बाल्टी 70°C से 65°C तक 11 मिनट में 65°C से 60°C तक 12 मिनट में तथा 60°C से 55°C तक मिनट में ठण्डी होती है, तो<br />
(a) t<sub>1</sub> = t<sub>2</sub> = t<sub>3</sub><br />
(b) t<sub>1</sub> &lt; t<sub>2</sub> &lt; t<sub>3</sub><br />
(c) t<sub>1</sub> &gt; t<sub>2</sub> &gt; t<sub>3</sub><br />
(d) t<sub>1</sub> &lt; t<sub>2</sub> &gt; t<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
(b) t<sub>1</sub> &lt; t<sub>2</sub> &lt; t<sub>3</sub></p>
<p><span style="color: #0000ff;">अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ऊष्मा के विभिन्न मात्रक कौन-कौन से हैं?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा के विभिन्न मात्रक जूल तथा कैलोरी हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
स्वस्थ मनुष्य के शरीर का ताप C में कितना होता है?<br />
उत्तर:<br />
37°C.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
द्रवों एवं गैसों में ऊष्मा संचरण किस विधि से होता है?<br />
उत्तर:<br />
द्रवों एवं गैसों में ऊष्मा संचरण संवहन विधि से होता है</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
ताप मापने के लिए कौन-कौन से तापक्रम पैमाने प्रचलित हैं?<br />
उत्तर:<br />
सेल्सियस पैमाना, डिग्री फॉरेनहाइट तथा केल्विन पैमाने प्रचलित हैं।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
बर्फ का गलनांक ०°C है पानी का हिमांक कितना होगा ?<br />
उत्तर:<br />
पानी का हिमांक C होगा।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
किसी वस्तु का ताप किस ऊर्जा की माप है?<br />
उत्तर:<br />
किसी वस्तु का ताप उसके अणुओं की औसत ऊर्जा की माप है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
परम शून्य ताप से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
0 K ताप को परम शून्य ताप कहा जाता है। यह न्यूनतम सम्भव ताप है इसीलिए इसे परम शून्य ताप कहते हैं डिग्री सेल्सियस पैमाने पर इसके संगत ताप &#8211; 273.15°C है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
किसी वस्तु को ऊष्मा प्रदान करने पर उसमें किस तरह के प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं?<br />
उत्तर:<br />
वस्तु का ताप बढ़ सकता है, उसका प्रसार हो सकता है, उसकी अवस्था में परिवर्तन हो सकता है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
केल्विन पैमाने पर जल का क्वथनांक कितना होता है?<br />
उत्तर:<br />
K = C + 273.15 &#8211; 100 + 273.15 = 373.15 K</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
एक द्रव का नाम बताइए जो ऊष्मा का सुचालक है?<br />
उत्तर:<br />
पारा ऊष्मा का सुचालक है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
किसी पदार्थ के रेखीय प्रसार गुणांक तथा आयतन प्रसार गुणांक में सम्बन्ध लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
आयतन प्रसार गुणांक<br />
= 3 × रेखीव प्रसार गुणांक<br />
γ = 3α</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी धातु के रेखीय प्रसार गुणांक (α), क्षेत्रीय प्रसार गुणांक (ß) तथा आयतन प्रसार गुणांक (γ) में सम्बन्ध लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
α : ß : γ = 1 : 2 : 3</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
क्या किसी पदार्थ को गर्म किए जाने पर उसका आयतन कम हो जाता है ? उदाहरण दें।<br />
उत्तर:<br />
हाँ, जल को 0°C से 4°C तक गर्म किए जाने पर जल का आयतन कम हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
टेलीफोन के दो खम्भों के बीच तारों को कुछ ढीला क्यों छोड़ा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
टेलीफोन के तारों को दो खम्भों के बीच ढीला इसलिए रखते हैं जिससे वे सर्दियों में सिकुड़कर टूट न जाएँ।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
रेखीय प्रसार गुणांक का मात्रक लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
रेखीय प्रसार गुणांक का मात्रक प्रति °C है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
विशिष्ट ऊष्मा का मात्रक क्या है?<br />
उत्तर:<br />
विशिष्ट ऊष्मा का मात्रक J kg<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup> अथवा cal kg<sup>-1</sup> °C<sup>-1</sup> है।</p>
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<p>प्रश्न 17.<br />
किस द्रव की विशिष्ट ऊष्मा सबसे अधिक होती है?<br />
उत्तर:<br />
जल की विशिष्ट ऊष्मा सबसे अधिक होती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
जल की विशिष्ट ऊष्मा कितनी होती है?<br />
उत्तर &#8211;<br />
जल की विशिष्ट ऊष्मा = 1 Cal g<sup>-1</sup> °C<sup>-1</sup><br />
अथवा 4.18 × 10³ J kg<sup>-1</sup> C<sup>-1</sup> होती है।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
जल की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होने से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
इसका अर्थ है कि जल देर में गर्म तथा देर में ठण्डा होता</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
यदि किसी वस्तु की ऊष्मा धारिता Q तथा उसका द्रव्यमान m हो तो वस्तु की विशिष्ट ऊष्मा क्या होगी ?<br />
उत्तर:<br />
वस्तु की विशिष्ट ऊष्मा (s) = \(\frac{\text { ऊष्मा धारिता (Q) }}{\text { द्रव्यमान (m) }}\)</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
ताँबा, लोहा, जल में से किसकी विशिष्ट ऊष्मा सबसे अधिक है?<br />
उत्तर:<br />
जल की विशिष्ट ऊष्मा सबसे अधिक है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
m द्रव्यमान तथा गुप्त ऊष्मा वाले पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के लिए कितनी ऊष्मा चाहिए ?<br />
उत्तर:<br />
पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा Q = mL</p>
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<p>प्रश्न 23.<br />
किसी लोहे के टुकड़े को हथौड़े से पीटने पर वह गर्म हो जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि हथौड़े की गतिज ऊर्जा, टुकड़े से टकराने पर ऊष्मा में बदल जाती है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
बर्फ की गुप्त ऊष्मा का J kg<sup>-1</sup> में मान बताइए। अथवा बर्फ की गुप्त ऊष्मा का मान बताइए।<br />
उत्तर:<br />
बर्फ की गुप्त ऊष्मा 3.36 × 10<sup>5</sup> J kg<sup>-1</sup> है।</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
लकड़ी, काँच, पारा तथा वायु में ऊष्मा का सबसे बुरा चालक कौन है?<br />
उत्तर:<br />
वायु, सबसे बुरा चालक है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
जल के क्वथनांक पर दाब का क्या प्रभाव पड़ता है?<br />
उत्तर:<br />
दाब के बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है तथा दाब के घटने पर क्वथनांक घटता है।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
द्रव में अपद्रव्य मिलाने पर क्वथनांक पर क्या प्रभाव पड़ता है?<br />
उत्तर:<br />
क्वथनांक बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
ऊष्मा चालकता से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
पदार्थों का वह गुण, जिसके कारण उनमें चालन की प्रक्रिया द्वारा ऊष्मा का संचरण होता है, पदार्थ की ऊष्मा चालकता कहलाता है।</p>
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<p>प्रश्न 29.<br />
स्थायी अवस्था में छड़ के प्रत्येक भाग का ताप स्थिर क्यों रहता है?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि इस अवस्था में छड़ का कोई भी भाग ऊष्मा का अवशोषण नहीं करता ।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
ऊष्मीय विकिरण की प्रकृति कैसी होती है?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मीय विकिरण की प्रकृति विद्युत् चुम्बकीय तरंगों के समान होती है। यही कारण है कि इसे चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
सर्दियों में टेलीफोन की तारें तन जाती हैं, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
सर्दियों में ताप कम होने के कारण वे संकुचित हो जाती है, इस कारण वन जाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 32.<br />
निर्वात में प्रकाश की चाल क्या होती है?<br />
उत्तर:<br />
3 × 10<sup>8</sup> m/s.</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
ड्यूआर फ्लास्क अथवा धर्मस बोतल की भीतरी तथा बाहरी दीवारों पर किसका लेप होता है?<br />
उत्तर:<br />
चाँदी का |</p>
<p>प्रश्न 34.<br />
दो व्यक्ति चाय पीने बैठते हैं। एक ने अपनी चाय में तुरन्त ठण्डा दूध मिला दिया पर दूसरे ने थोड़ी देर बाद किसकी चाय देरी से ठण्डी होगी ?<br />
उत्तर:<br />
जिसने तुरन्त दूध मिला दिया क्योंकि कम ताप वाली वस्तु के ठण्डी होने की दर कम होती है।</p>
<p>प्रश्न 35.<br />
क्या भू-उपग्रह के भीतर जल को उबाला जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
नहीं, क्योंकि भू-उपग्रह के भीतर वायु भारहीन होती है, अतः संवहन धाराएँ नहीं बहती हैं।</p>
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<p>प्रश्न 36.<br />
जब चीनी को चाय में मिलाया जाता है तो यह ठण्डी हो जाती है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
चीनी चाय से ऊष्मा अवशोषित कर लेती है, अतः चाय का ताप घट जाता है।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
किसी हीटर में ऊष्मा निरन्तर उत्पन्न होती है। फिर भी कुछ समय पश्चात् इसका ताप स्थिर हो जाता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
कुछ समय पश्चात् ऊष्मा उत्पन्न होने की दर तथा विकिरण के द्वारा ऊष्मा हानि बराबर हो जाती है जिससे ताप स्थिर रहता है।</p>
<p>प्रश्न 38.<br />
अत्यधिक ठण्ड होने पर प्राणी अपने आप को समेट कर बैठते हैं, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
ऐसा करने पर उनका क्षेत्रफल कम हो जाता है, जिससे ऊष्मा की क्षति कम होती है।</p>
<p>प्रश्न 39.<br />
हाथ पर ईथर डालने से हाथ को ठण्डक का अनुभव क्यों होता है ?<br />
उत्तर:<br />
ईथर के वाष्पीकरण के लिए गुप्त ऊष्मा हाथ में लेने के कारण ठण्डक का अनुभव होता है।</p>
<p>प्रश्न 40.<br />
अवस्था परिवर्तन में कौन सी राशि नहीं बदलती है ?<br />
उत्तर:<br />
ताप ।</p>
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<p>प्रश्न 41.<br />
वीन के नियम के उपयोग लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
इसकी सहायता से सूर्य एवं अन्य नक्षत्रों के ताप ज्ञात किये जा सकते हैं।</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
गैसों के दाब गुणांकों का मान कितना होता है ?<br />
उत्तर-<br />
α = ß = \(\frac{1}{273}\)</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
ऊष्माधारिता किसे कहते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
किसी पदार्थ की ऊष्माधारिता वह ऊष्मा है जो एकांक ताप परिवर्तन के लिए आवश्यक होती हैं।<br />
S = \(\frac{∆Q}{∆T}\)</p>
<p>प्रश्न 44.<br />
पूर्ण सूर्यग्रहण का समय फ्रॉनहॉफर रेखाएँ अपेक्षाकृत काली होती हैं या चमकीली ?<br />
उत्तर:<br />
चमकीली।</p>
<p>प्रश्न 45.<br />
किरचॉफ के नियम के अनुसार अच्छे अवशोषक&#8230;&#8230;. होते हैं।<br />
उत्तर:<br />
अच्छे उत्सर्जक ।</p>
<p>प्रश्न 46.<br />
किस ताप पर डिग्री सेन्टीग्रेट व फॉरेनहाइट पैमाना बराबर होते हैं ?<br />
उत्तर:<br />
40°C पर ।</p>
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<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न ( Short Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
स्टीफन के नियम से न्यूटन के शीतलन के नियम की उत्पत्ति कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
तापीय प्रसार (THERMAL EXPANSION):<br />
जब किसी पदार्थ को गर्म किया जाता है, तो उसका ताप बढ़ने से पदार्थ के अनेक भौतिक गुण बदल जाते हैं। इनमें से एक प्रभाव पदार्थ के आकार पर भी पड़ता है। इसी को पदार्थ का तापीय प्रसार कहते हैं। तापीय प्रसार विभिन्न पदार्थों के लिए भिन्न-भिन्न होता है। ताप के बढ़ने से सभी पदार्थ (ठोस, द्रव या गैस) प्रसारित होते हैं।</p>
<p>ठोसों में तापीय प्रसार (Thermal Expansion In Solids):<br />
ठोसों को गर्म करने पर अणुओं की गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप ठोस पदार्थों की लम्बाई, पृष्ठ का क्षेत्रफल तथा आयतन भी बढ़ जाता है। इस प्रकार ठोसों में प्रसार तीन प्रकार का होता है-</p>
<ul>
<li>रेखीय प्रसार (Linear Expansion)</li>
<li>क्षेत्रीय प्रसार (Superficial Expansion)</li>
<li>आयतन प्रसार (Volume Expansion)</li>
</ul>
<p>प्रश्न 2.<br />
वीन के नियम से आप क्या समझते हो ?<br />
उत्तर:<br />
वीन का विस्थापन नियम (Wein&#8217;s Displacement Law):<br />
कृष्णिका विकिरण में सभी तरंगदैर्घ्यों के लिए उत्सर्जन क्षमता e<sub>λ</sub> समान नहीं होती है। एक विशेष ताप पर एक विशेष तरंगदैर्घ्य को उत्सर्जकता अधिकतम होती है। इस तरंगदैर्घ्य को λ<sub>m</sub> से व्यक्त करते हैं और ताप बढ़ाने पर λ<sub>m</sub> का मान घटता है। वैज्ञानिक वीन से λ<sub>m</sub> एवं ताप T में सम्बन्ध स्थापित करते हुए एक नियम दिया जो उन्हीं के नाम से &#8216;वीन का विस्थापन नियम&#8217; के रूप में जाना गया। इस नियम के अनुसार &#8221; λ<sub>m</sub> का मान कृष्णिका के परम ताप (T) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।&#8221; अर्थात्<br />
λ<sub>m</sub> ∝ \(\frac{1}{T}\)<br />
या λ<sub>m</sub> ∝ \(\frac{b}{T}\)<br />
या λ<sub>m</sub>.T = b<br />
यहाँ b एक नियतांक है जिसे &#8216;वीन-नियतांक&#8217; (Wein Constant) कहते हैं। इसका मान कृष्णिका के लिए 2.90 × 10<sup>3</sup>m होता है। इस नियम की सहायता से सूर्य के ताप की गणना निम्न प्रकार की जा सकती है। विभिन्न प्रयोगों द्वारा यह ज्ञात हुआ है कि सूर्य के लिए λ<sub>m</sub> का मान 4753 × 10<sup>-10</sup> होता है। अतः वीन के नियमानुसार<br />
\(T=\frac{b}{\lambda_m}=\frac{2.90 \times 10^{-3}}{4753 \times 10^{-10}}=6100 \mathrm{~K}\)</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
धातु छड़ की स्थायी दशा एवं परिवर्तित दशा से आप क्या समझते हो ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा स्थानान्तरण (Heat Transfer):<br />
ऊष्मा का संचरण सदैव उच्च ताप से निम्न ताप की ओर होता है। ताप में अन्तर के कारण एक निकाय से दूसरे निकाय में अथवा किसी निकाय के एक भाग से उसके दूसरे भाग में ऊर्जा के स्थानान्तरण को ऊष्मा स्थानान्तरण कहते हैं। ऊष्मा स्थानान्तरण की निम्न तीन विधियाँ हैं-</p>
<ul>
<li>चालन (Conduction)</li>
<li>संवहन (Convection) एवं</li>
<li>विकिरण (Radiation) ।</li>
</ul>
<p>सामान्यतः ठोसों में ऊष्मा का स्थानान्तरण चालन विधि से होता है जबकि द्रवों व गैसों में ऊष्मा का संचरण संवहन विधि से होता है। सूर्य से पृथ्वी तक सूर्य की ऊर्जा विकिरण विधि से आती है। यहाँ पर यह उल्लेख भी आवश्यक है कि चालन व संवहन ऊष्मा संचरण की धीमी विधियाँ हैं जबकि विकिरण तीव्र गति की विधा है। चालन व संवहन के लिए माध्यम की आवश्यकता है जबकि विकिरण के लिए माध्य की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
त्रिक बिन्दु से आप क्या समझते हैं? पानी के लिए इसका मान क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
त्रिक बिन्दु (Triple Point):<br />
हम जानते हैं कि अवस्था परिवर्तन के समय किसी पदार्थ का ताप नियत रहता है। पदार्थ के दाब व ताप के मध्य खींच गया ग्राफ प्रावस्था आरेख कहलाता है। चित्र 11.13 में जल के लिए एवं चित्र (11.14) में CO<sub>2</sub> के लिए प्रावस्था आरेख प्रदर्शित किये गये हैं। इस प्रकार के आरेख में P-T तल को ठोस, द्रव व वाष्प क्षेत्र में विभाजित किया जा सकता है। ये क्षेत्र विभिन्न वक्रों द्वारा प्रथक होते हैं। ये वक्र हैं-(i) ऊर्ध्वपातन वक्र (BO) (ii) वाष्पन वक्र (CO) (iii) संगलन वक्र (A O) । ऊर्ध्वपातन वक्र B O के बिन्दु उस अवस्था के व्यक्त करते हैं जिस पर ठोस व वाष्प अवस्थाएँ सहवर्ती होती हैं। इसी प्रकार वाष्पन वक्र CO के बिन्दुओं पर द्रव एवं वाष्प अवस्थाएँ सहवर्ती होती हैं। संगलन वक्र AO के बिन्दुओं पर ठोस व द्रव की अवस्थाएँ सहवर्ती होती हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36882" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -1" width="277" height="468" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-1.png 277w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-1-178x300.png 178w" sizes="auto, (max-width: 277px) 100vw, 277px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
उष्मीय चालकता गुणांक से आप क्या समझते हो ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा स्थानान्तरण (Heat Transfer):<br />
ऊष्मा का संचरण सदैव उच्च ताप से निम्न ताप की ओर होता है। ताप में अन्तर के कारण एक निकाय से दूसरे निकाय में अथवा किसी निकाय के एक भाग से उसके दूसरे भाग में ऊर्जा के स्थानान्तरण को ऊष्मा स्थानान्तरण कहते हैं। ऊष्मा स्थानान्तरण की निम्न तीन विधियाँ हैं-</p>
<ul>
<li>चालन (Conduction)</li>
<li>संवहन (Convection) एवं</li>
<li>विकिरण (Radiation) ।</li>
</ul>
<p>सामान्यतः ठोसों में ऊष्मा का स्थानान्तरण चालन विधि से होता है जबकि द्रवों व गैसों में ऊष्मा का संचरण संवहन विधि से होता है। सूर्य से पृथ्वी तक सूर्य की ऊर्जा विकिरण विधि से आती है। यहाँ पर यह उल्लेख भी आवश्यक है कि चालन व संवहन ऊष्मा संचरण की धीमी विधियाँ हैं जबकि विकिरण तीव्र गति की विधा है। चालन व संवहन के लिए माध्यम की आवश्यकता है जबकि विकिरण के लिए माध्य की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
गलन की गुप्त ऊष्मा से क्या अभिप्राय है? बर्फ के लिए इसका क्या मान होता है?<br />
उत्तर:<br />
गुप्त ऊष्मा (Latent Heat):<br />
पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के समय ऊष्मा की आपूर्ति निरन्तर होती रहती है, लेकिन पदार्थ का ताप नहीं बदलता है। यह तब तक नियत रहता है जब तक सम्पूर्ण पदार्थ की अवस्था परिवर्तित नहीं हो जाती है। इस समय पदार्थ को दी गई ऊष्मा उसका ताप न बढ़ाकर उसके अणुओं को आणविक बलों के विरुद्ध अलग करने में व्यय होती है। &#8220;पदार्थ के<br />
एकांक द्रव्यमान की अवस्था परिवर्तित करने के लिए आवश्यक ऊष्मा को पदार्थ की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।&#8221; इसे L से व्यक्त करते हैं। चूँकि अवस्था परिवद्रन के समय दी गई ऊष्मा से ताप वृद्धि नहीं होती है इसलिए ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा कहते हैं। अवस्था परिवर्तन के दौरान ताप व दाब का मान नियत रहता है।</p>
<p>उदाहरण के लिए यदि -15°C पर स्थित बर्फ को ऊष्मा दी जाये तो पहले बर्फ का ताप बढ़कर 0°C तक पहुँचता है। यही बर्फ का गलनांक है। अतः ऊष्मा प्रदान करने की प्रक्रिया जारी रखी जाये तो बर्फ का अवस्था परिवर्तन अर्थात् पिघलना प्रारम्भ होता है। ताप का मान 0°C पर ही नियत रहेगा जब तक पूरी बर्फ नहीं गल जाती। अवस्था परिवर्तन की यही स्थिति वाष्पन के समय होती है। क्वथनांक पर द्रव का ताप नियत हो जाता है और तब तक नियत रहता है जब तक सारा द्रव वाष्प में परिवर्तित नहीं हो जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36883" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-2.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -2" width="397" height="216" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-2.png 397w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-2-300x163.png 300w" sizes="auto, (max-width: 397px) 100vw, 397px" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
वाष्पन की गुप्त ऊष्मा से क्या अभिप्राय है? भाप के लिए इसका क्या मान होता है?<br />
उत्तर:<br />
वाष्पन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporisation):<br />
ऊष्मा की वह मात्रा जो पदार्थ के एकांक द्रव्यमान को उसके क्वथनांक पर द्रव से गैस अवस्था में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक होती है, पदार्थ की वाष्पन की गुप्त ऊष्मा L<sub>v</sub> कहलाती है। अवस्था परिवर्तन से सम्बन्धित ऊष्मा व ताप के मध्य जल के लिए परिवर्तन चित्र में प्रदर्शित है।<br />
यहाँ यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि अवस्था परिवर्तन के समय ऊष्मा चाहे ली जाये या दी जाये लेकिन ताप नियत रहता है। चित्र 11.15 में A B, C D तथा EF की प्रवणता समान नहीं है जिसका कारण।</p>
<p>विभिन्न अवस्थाओं में विशिष्ट ऊष्मा का असमान होना है। जल के लिए L<sub>f</sub> = 2.33 × 10<sup>5</sup> J.kg<sup>-1</sup> व L<sub>v</sub> = 22.6 × 10<sup>5</sup> J.kg है अर्थात् 0°C पर 1 kg बर्फ को पूर्णतः पिघलाने के लिए 3.33 × 10<sup>5</sup> J ऊष्मा की आवश्यकता होती है और उक्त जल को 100°C पर पूर्णरूप से वाष्प में बदलने के लिए 22.6 × 10<sup>5</sup> J ऊष्मा की आवश्यकता होती है। स्पष्ट है कि 100°C के जल की अपेक्षा 100°C की भाप में 22.6 × 10<sup>5</sup> J ऊष्मा अधिक होती है। इसीलिए उबलते हुए जल की अपेक्षा भाप से अधिक जलन होती है। निम्न सारणी में कुछ पदार्थों के ताप व गुप्त ऊष्मा के मान दिये गये हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36884" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-3.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -3" width="413" height="260" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-3.png 413w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-3-300x189.png 300w" sizes="auto, (max-width: 413px) 100vw, 413px" /><br />
<img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
विद्युत् हीटर का स्विच ऑन करने के कुछ समय पश्चात् हीटर का ताप स्थिर हो जाता है, जबकि उसमें धारा प्रवाहित होती रहती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
कुछ समय के बाद स्थायी अवस्था आ जाती है, इस अवस्था मैं चालन, संवहन व विकिरण द्वारा ऊष्मा हानि दर हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर के बराबर हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
जाड़ों में मोटी कमीज की अपेक्षा दो पतली कमीजें पहनना अधिक उपर्युक्त है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि दो पतों के मध्य वायु की एक पर्त बन जाती है जो कि ऊष्मा की कुचालक है, जिससे शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं जा पाती है।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
किसी पदार्थ के उष्मीय प्रतिरोध से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
चालन (Conduction):<br />
यदि किसी चालक छड़ के सिरों पर तापान्तर उत्पन्न किया जाता है तो ऊष्मा का संचरण उच्च ताप के सिरे से निम्न ताप के सिरे की ओर होने लगता है। ऊष्मा के इसी स्थानान्तरण को चालन कहते हैं। उदाहरण के लिए-लोहे की छड़ का एक सिरा गर्म करने पर दूसरे सिरे का गर्म हो जाना। हम जानते हैं कि ठोसों के अणु केवल अपने स्थान पर कम्पन कर सकते हैं लेकिन अपना स्थान नहीं छोड़ते। छड़ के गर्म सिरे पर अणु ऊष्मा ग्रहण करके अधिक आयाम के दोलन करने लगते हैं अर्थात् उनकी दोलन ऊर्जा बढ़ जाती है। इस प्रकार इस भाग के अणुओं की गतिज दूसरे पड़ोसी भाग के अणुओं की अपेक्षा अधिक हो जाती है। इन अणुओं की टक्क्र समीपवर्ती कम ऊर्जा वाले भाग के अणुओं से होती है, अतः ऊर्जा का स्थानान्तरण कम ऊर्जा वाले अणुओं को हो जाता है। यही प्रक्रिया आगे के भागों की ओर बढ़ती है और इस प्रकार अणुओं के माध्यम से ऊष्मीय ऊर्जा का स्थानान्तरण होता रहता है। यही चालन विधि है। स्पष्ट है कि इस विधा में केवल ऊष्मीय ऊर्जा का स्थानान्तरण होता है, द्रव्य का नहीं।</p>
<p>सभी पदार्थों का ऊष्मा के प्रति व्यवहार समान नहीं है। कुछ पदार्थ जैसे-ताँबा, चाँदी, लोहा आदि ऊष्मा के अच्छे चालक होते हैं। इसके विपरीत कुछ अन्य पदार्थ जैसे-काँच, प्लास्टिक, बेकेलाइट, प्लाईवुड आदि ऊष्मा के कुचालक होते हैं। धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन भी ऊष्मा चालन में सक्रिय योगदान देते हैं। &#8220;पदार्थों का वह गुण जो ऊष्मा के चालन की व्याख्या करता है उसे ऊष्मा चालकता से परिभाषित करते हैं। ऊष्मा चालन की व्याख्या किसी पदार्थ में किसी दिये गये तापान्तर पर ऊष्मा प्रवाह की दर से की जाती है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36885" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -4" width="293" height="155" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
समान पदार्थ के दो गोलों की त्रिज्याओं एवं इसके पृष्ठ तापक्रम के मान क्रमशः r<sub>1</sub>,r<sub>2</sub> एवं T<sub>1</sub>,T<sub>2</sub> हैं तथा ये समान शक्ति की ऊर्जा विकिरित करते हैं, तो r<sub>1</sub> एवं r<sub>2</sub> का अनुपात कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
पदार्थ की शक्ति<br />
(P) = Aσ T<sup>4</sup> = 4πr²σ T<sup>4</sup><br />
P a r²T<sup>4</sup><br />
या r² ∝ \(\frac{1}{T^4}\) [∵ P = स्थिरांक ]<br />
∴ \(\frac{r_1}{r_2}=\left(\frac{\mathrm{T}_2}{\mathrm{~T}_1}\right)^2\)</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
तीन कृष्ण पिण्डों के लिए तीव्रता- तरंग दैर्ध्य ग्राफ प्रदर्शित है। पिण्डों के ताप क्रमश: T<sub>1</sub>,T<sub>2</sub> व T<sub>3</sub> हों तो T<sub>1</sub>,T<sub>2</sub> व T<sub>3</sub> में सम्बन्ध ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36886" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -5" width="245" height="181" /><br />
उत्तर:<br />
चीन के नियम से, λ<sub>m</sub> × \(\frac{1}{T}\) तथा चित्र से,<br />
(λ<sub>m</sub>)<sub>1</sub> &lt; (λ<sub>m</sub>)<sub>3</sub> &lt; (λ<sub>m</sub>)<sub>2</sub><br />
अतः T<sub>1</sub> &gt; T<sub>3</sub> &gt; T<sub>2</sub> से।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
चित्र में दिखाया गया ग्राफ किसी वस्तु के तापक्रम के लिए डिग्री सेल्सियस एवं डिग्री फॉरेनहाइट के बीच है, तब AB रेखा का ढाल ज्ञात कीजिए।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36887" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -6" width="264" height="175" /><br />
उत्तर:<br />
सेण्टीग्रेड तथा फॉरेनहाइट तापक्रम पैमाने में सम्बन्ध<br />
\(\frac{C}{5}=\frac{F-32}{9}\)<br />
\(C=\frac{5}{9} F-\frac{160}{9}\)<br />
उपर्युक्त समीकरण की तुलना y = mx + c से करने पर,<br />
\(m=\frac{5}{9}\)<br />
अतः रेखा की ढाल = \(\frac{5}{9}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
वायु तथा लकड़ी दोनों ही ऊष्मा के कुचालक हैं, यदि तप्त तन्तु व अपने बीच लकड़ी का पर्दा रख दें, तो ऊष्मा हम तक नहीं पहुँच पाती, परन्तु बीच में केवल वायु होने से हम तप्त तन्तु की ऊष्मा का आभास करते हैं, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
वायु तथा लकड़ी दोनों ही ऊष्मा की कुचालक हैं, परन्तु वायु में संवहन द्वारा ऊष्मा का संचरण हो सकता है जबकि लकड़ी में संवहन की प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए तप्त तन्तु व हमारे बीच लकड़ी का पर्दा होने से तप्त तन्तु की ऊष्मा हम तक नहीं पहुँच पाती, परन्तु लकड़ी के पर्दे की अनुपस्थिति में तप्त तन्तु से ऊष्मा संवहन द्वारा हम तक पहुँच जाती है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
धातु के दो गोले S<sub>1</sub> एवं S<sub>2</sub> समान पदार्थ के बने हैं एवं इनकी सतहों की प्रकृति भी समान है। S<sub>1</sub> गोले का द्रव्यमान, S<sub>2</sub> के द्रव्यमान का तीन गुना है। दोनों गोलों को समान उच्च तापक्रम तक गर्म कर एक कमरे में एक-दूसरे से ऊष्मारोधित रूप में भिन्न तापक्रम पर रखा जाता है तो S<sub>1</sub> एवं S<sub>2</sub> के ठण्डा होने की दरों का अनुपात ज्ञात कीजिए ।<br />
उत्तर-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36888" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-7.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -7" width="318" height="441" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-7.png 318w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-7-216x300.png 216w" sizes="auto, (max-width: 318px) 100vw, 318px" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
स्टील के खाना पकाने के बर्तनों की पेंदी में ताँबे की पर्त लगाई जाती है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
स्टील की अपेक्षा ताँबे की ऊष्मा चालकता काफी अधिक होती है, अतः ताँबे की अतिरिक्त तली होने के कारण आग पर रखने पर यह अधिक ऊष्मा का कम समय में संचरण करती है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
रेफ्रिजरेटर में शीतलक कुण्डलियाँ ऊपर क्यों बनाई जाती हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ऊपर की वायु कुण्डलियों के सम्पर्क में आने पर ठण्डी होकर भारी हो जाती है अतः नीचे आने लगती है तथा नीचे की गर्म हल्की वायु ऊपर जाने लगती है। इस प्रकार रेफ्रिजरेटर में वायु में संवहन धाराएँ बन जाती हैं तथा पूरा स्थान ठण्डा हो जाता है, यदि शीतलक कुण्डलियाँ नीचे लगायी जाएँ, तो संवहन धाराएँ नहीं बनेंगी।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
तारा A हरे रंग का, तारा B नीले रंग का प्रकाश उत्सर्जित करता है। इन दोनों में किसका ताप अधिक है?<br />
उत्तर:<br />
वीन के नियम के अनुसार, λ<sub>m</sub>T = नियतांक,<br />
इसके अनुसार, T ∝ \(\frac{1}{λ_m}\)<br />
चूँकि नीले रंग की तरंगदैर्घ्य हरे रंग से कम होती है, अतः नीला रंग उत्सर्जित करने वाले तारे का ताप अधिक होगा अर्थात् तारे B का ताप A की अपेक्षा अधिक होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
यदि पृथ्वी पर वायुमण्डल अनुपस्थित होता तो पृथ्वी इतनी ठण्डी हो जाती है कि यहाँ जीवन सम्भव नहीं होता। समझाइए, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
पृथ्वी के चारों ओर वायुमण्डल अवरक्त विकिरणों के लिए एक कुचालक आवरण की भाँति व्यवहार करता है। यह दिन के समय पृथ्वी द्वारा प्राप्त की गई ऊष्मा को रात्रि के समय वापस जाने से रोक लेता है। किन्तु यदि पृथ्वी पर वायुमण्डल अनुपस्थित होता तो पृथ्वी सारी ऊष्मा को उत्सर्जित कर देती और यदि सारी ऊष्मा पृथ्वी की सतह छोड़ देती तो यह अत्यधिक ठण्डी हो जाती।</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
वे बर्तन जिनके पैदे काले और खुरदुरे होते हैं उनमें रखा द्रव पॉलिश किये हुए आधार वाले बर्तन की तुलना में जल्दी उबलने लग जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
काले और खुरदुरे पृष्ठ चमकीले पृष्ठों की तुलना में ऊष्मा के अच्छे अवशोषक होते हैं। इस कारण ही वे बर्तन जिनके पैदे काले और खुरदुरे होते हैं, उनमें रखा द्रव पॉलिश किये हुए पेंदे वाले बर्तन की तुलना में जल्दी उबलने लग जाता है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
मोटे काँच के गिलास में गर्म चाय डालने से गिलास टूट जाता है परन्तु चम्मच रखे गिलास में चाय डालने से गिलास नहीं टूटता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
जब काँच के गिलास में गर्म चाय डालते हैं तो गिलास के भीतर की सतह फैलती है परन्तु काँच ऊष्मा का कुचालक होने के कारण ऊष्मा बाहर की सतह पर शीघ्र नहीं पहुँचती जिसके कारण गिलास टूट जाता है। यदि गिलास में चम्मच रख दें तो ऊष्मा चम्मच में फैल जाती है और गिलास टूटने से बच जाता है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
रेल की पटरियों के मध्य कुछ स्थान खाली क्यों छोड़ा जाता है?<br />
उत्तर:<br />
यदि रेल की पटरियों के मध्य स्थान खाली नहीं छोड़ा जायेगा तो गर्मियों में ताप वृद्धि के कारण ये प्रसारित होंगी और खाली स्थान के अभाव में मुड़ जाएंगी इससे ट्रेन पटरी से उतर सकती है। इसी कारण दो पटरियों के मध्य कुछ स्थान खाली रखा जाता है।</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
दो छड़ों के पदार्थों की ऊष्मा चालकताओं का अनुपात 4 : 3 है। यदि दोनों की त्रिज्या एवं ऊष्मीय प्रतिरोध समान हों तो उनकी लम्बाईयों का अनुपात क्या<br />
होगा ?<br />
उत्तर:<br />
R = \(\frac{l}{KA}\) ∵ R<sub>1</sub> = R<sub>2</sub> तथा A<sub>1</sub> = A<sub>2</sub><br />
∴ \(\frac{l_1}{\mathrm{~K}_1 \mathrm{~A}}=\frac{l_2}{\mathrm{~K}_2 \mathrm{~A}} \Rightarrow \frac{l_1}{l_2}=\frac{\mathrm{K}_1}{\mathrm{~K}_2}=\frac{4}{3}\)<br />
∴ l<sub>1</sub> : l<sub>2</sub> = 4 : 3</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 25.<br />
जिस रात आकाश में बादल होते हैं, उस रात अधिक गर्मी पड़ती है। कारण स्पष्ट कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
दिन में पृथ्वी सूर्य के ऊष्मीय विकिरण को अवशोषित करके गर्म हो जाती है तथा रात को ऊष्मीय विकिरण उत्सर्जित करके ठण्डी होती है, जब आकाश में बादल होते हैं जो कि ऊष्मीय विकिरण के अवशोषक हैं, तब पृथ्वी से उत्सर्जित विकिरण बादलों से परावर्तित होकर वापस पृथ्वी की ओर आ जाती है, जिससे पृथ्वी गर्म बनी रहती है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
पारे के एक तापमापी A का बल्ब गोलाकार तथा दूसरे का बेलनाकार है। दोनों में पारे की मात्रा समान है। इनमें से कौन-सा तापमापी गर्म जल का ताप शीघ्र नापेगा ?<br />
उत्तर:<br />
शेष सभी बातें समान हैं, ऊष्मा चालन की दर क्षेत्रफल के अनुक्रमानुपाती होती है, बेलनाकार बल्ब का पृष्ठ क्षेत्रफल गोलाकार बल्ब की अपेक्षा अधिक होता है, अतः बेलनाकार बल्ब में ऊष्मा चालान की दर अधिक होगी, अतः बेलनाकार बल्ब वाला तापमापी गर्म जल का ताप शीघ्र पढ़ेगा।</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
धातु की छड़ को गर्म करने पर परिवर्ती अवस्था में समय के साथ ताप का बढ़ना किस पर निर्भर करता है?<br />
उत्तर:<br />
विसरणशीलता पर।<br />
विसरणशीलता = \(\frac{K}{ρs}\)<br />
जहाँ K = ऊष्मा चालकता,<br />
ρ = छड़ के पदार्थ का घनत्व<br />
s = पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
धातु की एक गेंद पर काला चिह्न है, गेंद को 1000° C तक गर्म करके अन्धेरे कमरे में ले जाया जाता है, यहाँ पर काला चिह्न शेष गेंद से अधिक चमकता हुआ दिखाई देता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
काले धब्बे वाला भाग शेष सतह की तुलना में विकिरण का अच्छा अवशोषक है, अत: किरचॉफ के नियम के अनुसार उच्च ताप पर यह विकिरण का अच्छा उत्सर्जक भी है। यही कारण है कि उच्च ताप पर काला चिह्न, शेष गेंद की अपेक्षा अधिक चमकता हुआ दिखाई देता है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
ऊष्मा तापमापी में प्रयुक्त पदार्थ के क्या विभिन्न गुण हैं ?<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा तापमापी में प्रयुक्त पदार्थ में निम्न गुण हैं-<br />
(i) क्वथनांक अधिक तथा हिमांक निम्न होना चाहिए जिससे अधिक परास के ताप को मापा जा सके।<br />
(ii) पदार्थ का प्रसार गुणांक उच्च होना चाहिए जिससे तापमापी संवेदनशील हो ।<br />
(iii) यह शुद्ध अवस्था में उपलब्ध होना चाहिए।<br />
(iv) काँच की नली में यह चिपकना नहीं चाहिए।<br />
(v) इसका ऊष्मा चालकता अच्छी होनी चाहिए।<br />
(vi) इसका प्रसार एक समान होना चाहिए जिससे इसका अंशांकन युग्म हो सके।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
बिजली के चूल्हे में ऊष्मा सतत निकलती रहती है, फिर भी उसका ताप कुछ समय बाद स्थिर हो जाता है, क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
बिजली के चूल्हे में जब विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो चूल्हा लगातार धीरे-धीरे गर्म होने लगता है जिससे उसका ताप बढ़ता है। गर्म होने पर उससे ऊष्मा विकरित होने लगती है। कुछ समय बाद जब चूल्हे में विद्युत् धारा के कारण ऊष्मा उत्पादन की दर और चूल्हे द्वारा विकरित ऊष्मा की दर बराबर हो जाती है, तब चूल्हे का ताप स्थिर हो जाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
तापमापन से क्या अभिप्राय है ? तापीय पैमाने क्या होते हैं ? इन्हें कैसे प्राप्त किया जाता है ? विभिन्न तापीय पैमानों के व्यंजक ज्ञात कीजिए एवं इनमें सम्बन्ध बताइये।<br />
उत्तर:<br />
ताप मापन (Temperature Measurement)<br />
&#8220;तापमापन हेतु प्रयुक्त उपकरण तापमापी कहलाता है।&#8221; ताप के मापक्रम के लिए पदार्थ के ऐसे गुण का चयन किया जाता है, जो ताप के साथ परिवर्तित तथा प्रेक्षणीय होता है। पदार्थ के ऐसे गुण को &#8220;तापमापक गुण&#8221; कहते हैं। सामान्यतः उपयोग में आने वाला तापमापी काँच में द्रव के प्रसार (ताप के साथ आयतन में परिवर्तन) पर आधारित है।</p>
<p>इस प्रकार के तापमापियों में सामान्यतः पारा तथा ऐल्कोहॉल जैसे द्रवों का उपयोग किया जाता है। अन्य प्रकार के तापमापियों में गैसों के ऊष्मीय प्रसार (स्थिर आयतन पर गैस के दाब में परिवर्तन); चालक तार के विद्युत् प्रतिरोध को परिवर्तित होना आदि ताप मापक गुणों का उपयोग किया जाता है। तापमापी में अंशाकन इस प्रकार किया जाता है कि ताप को संख्यात्मक रूप से व्यक्त किया जा सके। किसी मानक तापमाप क्रम के निर्धारण हेतु दो नियत सन्दर्भ बिन्दुओं की आवश्यकता होती है। शुद्ध जल का हिमांक तथा क्वथनांक दो सुविधाजनक नियत बिन्दु हैं। ये ऐसे ताप हैं जो मानक दाब पर नियत रहते हैं तथा शुद्ध रूप से पुनरोत्पादित (reproduce) किये जा सकते हैं।<br />
तापमापक गुणों के आधार पर तापमापियों को निम्न प्रकार विभाजित किया जा सकता है-</p>
<ul>
<li>द्रव तापमापी ( जैसे-पारा तापमापी एवं ऐल्कोहॉल तापमापी)</li>
<li>गैस तापमापी (जैसे-स्थिर आयतन वायुतापमापी, हाइड्रोजन गैस तापमापी)</li>
<li>प्रतिरोध तापमापी (जैसे-प्लेटिनम प्रतिरोध तापमापी)</li>
<li>ताप युग्म तापमापी, ताप बढ़ने पर ताप वैद्युत वाहक बल बढ़ने के सिद्धान्त पर आधारित है।</li>
<li>विकिरण तापमापी, ताप बढ़ने पर विकिरण की मात्रा पर आधारित है।</li>
<li>तप्त तन्तु तापमापी, प्रदीप्ति समानता पर आधारित है।</li>
<li>वाष्पदाब तापमापी, संतृप्त वाष्पदाब पर आधारित है।</li>
</ul>
<p>प्रश्न 2.<br />
न्यूटन के शीतलन नियम को लिखिए तथा इसके लिए आवश्यक प्रतिबन्ध निकालिए।<br />
उत्तर:<br />
न्यूटन का शीतलन नियम (Newton&#8217;s Law of Cooling):<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;किसी तप्त वस्तु के शीतल \(\frac{d T}{d t}\) अथवा वस्तु द्वारा ऊष्मा क्षय की दर \(\frac{d Q}{d t}\) वातावरण के मध्य तापान्तर के अनुक्रमानुपाती होती है तापान्तर अधिक न हो।&#8221; यदि वस्तु एवं वातावरण के ताप क्रमशः \mathrm{T}_0 हैं, तो न्यूटन के शीतलन नियम से<br />
&#8211;\(\frac{d Q}{d t}\) ∝ (T<sub>Y</sub> &#8211; T<sub>0</sub>)<br />
या &#8211;\(\frac{d Q}{d t}\) = k(T &#8211; T<sub>0</sub>) &#8230;&#8230;&#8230;(1)<br />
जहाँ K एक नियतांक है जिसका मान धनात्मक होता है तथा इसका मान वस्तु के पृष्ठ व प्रकृति पर निर्भर करता है। यदि T ताप पर वस्तु द्रव्यमान व विशिष्ट ऊष्मा क्रमशः m व S हों और d t समय में d T ताप हो,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36889" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -8" width="406" height="952" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-8.png 406w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-8-128x300.png 128w" sizes="auto, (max-width: 406px) 100vw, 406px" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
रेखीय प्रसार गुणांक, क्षेत्रीय प्रसार गुणांक तथा आयतन प्रसार गुणांक परिभाषित कर इनमें परस्पर सम्बन्ध प्राप्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
रेखीय प्रसार गुणांक तथा क्षेत्रीय प्रसार गुणांक में सम्बन्ध (Relation Between Coefficient of Linear Expansion and Coefficient of Superficial Expansion)<br />
माना किसी ताप पर किसी पदार्थ के एक वर्गाकार पटल की प्रत्येक भुजा की लम्बाई l मीटर है, अतः इसका क्षेत्रफल l² मी² होगा। इस पटल का ताप ∆t°C बढ़ा देने पर पटल की प्रत्येक भुजा की लम्बाई (l+∆l) मीटर तथा क्षेत्रफल (l+∆l)² मी² हो जायेगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36890" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-9.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -9" width="386" height="612" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-9.png 386w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-9-189x300.png 189w" sizes="auto, (max-width: 386px) 100vw, 386px" /></p>
<p>रेखीय प्रसार गुणांक तथा आयतन प्रसार गुणांक में सम्बन्ध (Relation Between Coefficient of Linear Expansion and Coefficient of Volume Expansion):<br />
माना किसी ताप पर किसी पदार्थ के घन की प्रत्येक भुजा 1 मीटर है। अतः इसका आयतन 1 मी०³ होगा। इस घन का ताप 1°C बढ़ा देने पर घन की प्रत्येक भुजा (1+α) मीटर तथा घन का आयतन (1+α)³ हो जाएगा।<br />
अतः घन के आयतन में वृद्धि<br />
∆V = अन्तिम आयतन &#8211; प्रारम्भिक आयतन<br />
= (1+α)³ &#8211; 1<br />
∆V = 1 + 3α + 3α² + α³ &#8211; 1<br />
= 3α + 3α² + α³<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36891" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -10" width="225" height="245" /><br />
∵ α का मान अत्यन्त कम है अतः α² व α³ के मान बहुत छोटे होंगे। अतः α² व α³ को छोड़ने पर,<br />
आयतन में वृद्धि ∆V = 3 α<br />
∴ आयतन प्रसार गुणांक<br />
\(\gamma=\frac{\text { आयतन में वृद्धि }}{\text { प्रारम्भिक आयतन } \times \text { ताप में वृद्धि }}\)<br />
\(\gamma=\frac{3 \alpha}{1 \times 1} \quad \text { या } \gamma=3 \alpha\)<br />
अतः किसी पदार्थ का आयतन प्रसार गुणांक उसके रेखीय प्रसार गुणांक का तीन गुना होता है।<br />
अत: α : β : γ = α : 2 α : 3 α \\<br />
या α : β : γ = 1 : 2 : 3<br />
यही रेखीय, क्षेत्रीय तथा आयतन प्रसार गुणांकों में सम्बन्ध है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
पदार्थ की अवस्था परिवर्तन से आप क्या समझते हैं ? इसे उदाहरण देकर समझाइए ।<br />
उत्तर:<br />
अवस्था परिवर्तन (Change of State):<br />
पदार्थ की तीन अवस्थाएँ ठोस, द्रव एवं गैस हैं उदाहरण के लिए, जल ठोस अवस्था में बर्फ (ice) के रूप में, द्रव अवस्था में जल के रूप में तथा गैसीय अवस्था में भाप के रूप में होता है। इन परिवर्तनों का कारण पदार्थ और उसके परिवेश के बीच ऊष्मा का विनिमय होता है।<br />
अतः वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ अपनी भौतिक अवस्था को परिवर्तित करता है, अवस्था परिवर्तन कहलाता है।<br />
अवस्था परिवर्तन के बारे में अधिक जानकारी के लिए हम चित्र में प्रदर्शित प्रयोग पर विचार करते हैं।<br />
एक बीकर में कुछ बर्फ के टुकड़े लेकर बर्फ का ताप (IPC) नोट कर लेते हैं। अब बीकर को बर्नर द्वारा गर्म करते हैं एवं तापमापी का पाठ्यांक हर दो मिनट बाद नोट करते जाते हैं विडोलक की सहायता से बर्फ को विडोलित करते रहते हैं प्रयोग में हम देखते हैं कि जब तक बीकर में बर्फ उपस्थित रहती है तब तक थर्मामीटर का पाठ्यांक नियत रहता है अर्थात् बढ़ता नहीं है। स्पष्ट है कि ऊष्मा की सतत आपूर्ति होने पर भी ताप के मान में कोई वृद्धि नहीं होती है। यहाँ ऊष्मा का उपयोग बर्फ (ठोस) से द्रव (जल) में अवस्था परिवर्तन में हो रहा है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36892" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -11" width="326" height="341" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-11.png 326w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-11-287x300.png 287w" sizes="auto, (max-width: 326px) 100vw, 326px" /><br />
अवस्था परिवर्तन के लिए मुख्यतः दो शर्तें आवश्यक हैं-<br />
(i) अवस्था परिवर्तन एक निश्चित ताप पर होता है।<br />
(ii) जिस समय अन्तराल में अवस्था का परिवर्तन होता है उस बीच पदार्थ का ताप स्थिर रहता है, जब तक पूरे पदार्थ का अवस्था परिवर्तन नहीं हो जाता।</p>
<p>अवस्था परिवर्तन की कुछ मुख्य क्रियाएँ निम्नलिखित हैं-<br />
(i) गलन (Melting) : ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तन को गलन कहते हैं। यह क्रिया जिस निश्चित ताप पर होती है, वह गलनांक (Melting Point) कहलाता है।</p>
<p>(ii) क्वथन (Boiling) : जब कोई पदार्थ पूर्णत: किसी निश्चित ताप पर द्रव अवस्था से गैस अवस्था में बदलता है तो इस परिवर्तन को क्वथन कहते हैं। यह क्रिया जिस निश्चित ताप पर होती है, वह क्वथनांक (Boiling Point) कहलाता है।</p>
<p>(iii) वाष्पन (Vapourisation ) : ऊपरी सतह से द्रव सभी ताप पर गैसीय अवस्था में परिवर्तित होता रहता है। यह क्रिया वाष्पन कहलाती है।</p>
<p>(iv) संघनन या द्रवण ( Condensation ) : वह क्रिया जिसमें गैस का ताप कम करने पर वह एक निश्चित ताप पर गैस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाती है, द्रवण या संघनन कहलाती है। यह ताप द्रवणांक कहलाता है।</p>
<p>(v) ऊर्ध्वपातन (Sublimation ) : कुछ ठोस पदार्थ (जैसे- नौसादर, कपूर इत्यादि) ऐसे होते हैं, जो गर्म करने पर बिना द्रवित हुए भी ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में आ जाते हैं तथा ठण्डा होने या सीधे ठोस में बदल जाते हैं। इस क्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं। उदाहरण के लिए- आयोडीन, शुष्क हिम, नेप्यलीन इत्यादि ।</p>
<p>(vi) हिमायन (Freezing) : द्रव से ठोस अवस्था में परिवर्तन हिमायन (Freezing) कहलाता है। इस क्रिया के लिए आवश्यक निश्चित ताप हिमांक (Freezing point) कहलाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
गलनांक एवं क्वथनांक पर दाब के प्रभाव की विवेचना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
गलनांक पर दाब का प्रभाव (Effect of Pressure on Meeting Point):<br />
पदार्थ का गलनांक निश्चित दाब पर निश्चित (नियत) होता है लेकिन दाब बदलने पर गलनांक बदल जाता है। दाब बढ़ाने पर गलनांक भी बढ़ जाता है। इस तथ्य को समझने के लिए चित्र की भाँति एक प्रयोग करते हैं। एक बर्फ की पट्टिका पर चित्र की भाँति इसके दोनों ऊपर से गुजरते हुए तार के दोनों मुक्त सिरों पर समान भार (जैसे 5 kg) लटका देते हैं तो भार के कारण उत्पन्न दाब के कारण तार के नीचे की बर्फ कमरे के ताप पर भी पिघल जाती है जिससे तार बर्फ की पट्टिका में प्रवेश कर जाता है और धीरे-धीरे पूरी पट्टिका से आर-पार गुजर जाता है। तार नीचे धँसता जाता है और उसके ऊपर पिघली हुई बर्फ पुन: जम जाती है। इस क्रिया को &#8216;पुनर्हिमायन&#8217; कहते हैं। स्पष्ट है कि दाब बढ़ाने पर गलनांक भी बढ़ जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36893" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -12" width="288" height="188" /></p>
<p>दाब पर क्वथनांक का प्रभाव (Effect of Pressure on Boiling Point):<br />
द्रवों का क्वथनांक भी दाब पर निर्भर करता है। दाब बढ़ाने पर क्वथनांक बढ़ जाता है एवं दाब घटाने पर क्वथनांक कम हो जाता है। उदाहरण के लिए एक वायुमण्डलीय दाब पर जल का क्वथनांक 100°C होता है परन्तु दाब यदि दो वायुमण्डलीय दाब के बराबर कर दिया जाये तो जल का क्वथनांक 128°C हो जाता है। क्वथन की प्रक्रिया को समझने के लिए निम्न प्रयोग पर विचार करते हैं-<br />
चित्र में प्रदर्शित व्यवस्था के अनुसार एक फ्लास्क में जल गर्म करते हैं जल को गर्म करने पर हम देखते हैं कि जल में घुली हुई वायु बुलबुलों के रूप में बाहर आती है इसके पश्चात् भाप के बुलबुले तली में बनते हैं किन्तु जैसे ही ऊपरी भाग के ठण्डे जल की ओर उठते हैं, संघनित होकर अदृश्य हो जाते हैं। जल का ताप जैसे ही 100°C पहुँचता है तो भाप के बुलबुले पृष्ठ पर पहुँचते हैं।</p>
<p>फ्लास्क के अन्दर भाप दिखाई नहीं देती हैं परन्तु जैसे ही वह बाहर आती है तो जल की अत्यन्त छोटी-छोटी बूँदों में संघनित होकर धुँध के रूप में प्रकट होती है। अब यदि कुछ देर के लिए भाप की निकासनली को बन्द कर दिया जाये तो फ्लास्क के भीतर दाब में वृद्धि होती है। क्वथन की प्रक्रिया कुछ देर के लिए रुक जाती है और फिर यह प्रक्रिया प्रारम्भ होती है तो हम देखते हैं कि थर्मामीटर का पाठ्यांक पहले से कुछ बढ़ जाता है। स्पष्ट है कि दाब बढ़ने पर जल का क्वथनांक बढ़ जाता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36894" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -13" width="250" height="322" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-13.png 250w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-13-233x300.png 233w" sizes="auto, (max-width: 250px) 100vw, 250px" /><br />
अब यदि बर्नर को हटाकर जल को लगभग 80°C तक ठंडा करें और फ्लास्क से थर्मामीटर व निकास नली को हटाकर उसके मुख को कसकर बन्द कर दें तथा फ्लास्क को उल्टा करके उसके ऊपर बर्फ के समान ठंडा जल डालें तो फ्लास्क के भीतर की वाष्प संघनित होकर फ्लास्क के भीतर जल के पृष्ठ पर दाब को घटा देती है। अब निम्न दाब पर जल में पुन: क्वथन प्रारम्भ हो जाता है। इस प्रकार दाब में कमी होने पर क्वथनांक कम हो जाता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
ऊष्मामिति का क्या सिद्धान्त है ? कैलोरीमापी की सहायता से द्रव &#8216;की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात करने की विधि का वर्णन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
कैलोरीमापी की संरचना:<br />
कैलोरीमिति की क्रिया में प्रयोग किए जाने वाले उपकरण को कैलोरीमापी कहते हैं। इसमें ताँबे का बना एक बेलनाकार बर्तन होता है। ताँबे का प्रयोग करने का कारण इसकी विशिष्ट ऊष्मा कम होना (लगभग 0.095 कैलोरी / ग्राम°C) है। इसकी बाहरी सतह चमकदार बनायी जाती है जिससे विकिरण विधि द्वारा बाहर की ऊष्मा अन्दर तथा अन्दर की ऊष्मा बाहर नहीं जा पाती है। इस बर्तन को लकड़ी के बड़े<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36895" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -14" width="276" height="265" /><br />
डिब्बे में रखकर खाली स्थान में ऊष्मा-अवरोधी पदार्थ, जैसे-रूई आदि रख देते हैं जिससे चालन तथा संवहन से होने वाले ऊष्मा के स्थानान्तरण को रोका जाता है। कैलोरीमापी में रखे पदार्थ को हिलाने के लिए विलोडक होता है जो कि ताँबे का बना होता है। कैलोरीमापी को लकड़ी के ढक्कन से बन्द कर देते हैं जिससे कि संवहन द्वारा ऊष्मा हानि को रोका जा सके। अन्दर भरे द्रव का ताप ज्ञात करने के लिए तापमापी T का उपयोग किया जाता है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
संवहन की प्रयोग द्वारा व्याख्या कीजिए एवं इसके निम्नलिखित दैनिक जीवन के उदाहरणों पर प्रकाश डालिए-<br />
(i) हमारे पूरे शरीर का ताप समान रहना।<br />
(ii) एअर कण्डीशनर का हीटर के रूप में उपयोग होना।<br />
उत्तर:<br />
संवहन (Convection):<br />
संवहन ऊष्मा संचरण की वह विधि है, जिसमें ऊष्मा का संचरण पदार्थ की वास्तविक गति के द्वारा होता है। इस विधि द्वारा ऊष्मा का संचरण मुख्य रूप से द्रवों एवं गैसों में होता है। संवहन प्राकृतिक भी हो सकता है। प्राकृतिक संवहन में पदार्थ की गति घनत्व में अन्तर के कारण होती है और प्रणोदित भी हो सकता है। प्राकृतिक संवहन को समझने के लिए हम एक धातु के बर्तन में जल को गर्म करते हैं तो हम देखते हैं कि ऊष्मीय स्रोत से ऊष्मा प्राप्त करके बर्तन के पेढें के निकट के जल में प्रसार होता है, जिससे यहाँ का घनत्व घट जाता है। अतः उत्प्लावन के कारण यह ऊपर उठता है और इसकी जगह लेने के लिए ऊपर का ठंडा जल आता है तथा यह भी गर्म होकर पूर्व क्रिया को दोहराता है। इस प्रकार यही प्रक्रिया जारी रहती है और ऊष्मा का संचरण नीचे (अधिक ताप) से ऊपर (कम ताप) की ओर होता रहता है। स्पष्ट है संवहन में द्रव (तरल) के विभिन्न भागों का स्थूल अधिगमन होता है। तरल के इस अभिगमन को संवहन धारा से निरूपित करते हैं। इसी प्रकार गैसों (जैसे &#8211; वायु) में भी संवहन धारायें उत्पन्न होती हैं जिसके कारण ऊष्मा का संचरण अधिक ताप से निम्न ताप के क्षेत्र की ओर होता है।</p>
<p>संवहन की उक्त घटना को देखने के लिए हम जल में KMnO<sub>4</sub> क्रिस्टल के कुछ कण एक फ्लास्क की तली में डालकर उसमें जल भर कर फ्लास्क को गर्म करते हैं तो हम देखते हैं कि गर्म करने पर KMnO<sub>4</sub> के कण ऊपर की ओर गति करते हैं और संवहन धाराओं को रंग के आधार पर आसानी से देखा जा सकता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36896" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-15.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -15" width="281" height="300" /><br />
प्रणोदित संवहन में पदार्थ को किसी पम्प या ब्लोअर द्वारा गति कराने हेतु विवश कराया जाता है।<br />
संवहन के दैनिक जीवन में उदाहरण-<br />
1. किसी स्वस्थ मनुष्य का हृदय एक पम्प की तरह कार्य करते हुए रक्त का पूरे शरीर में संचरण करता है जिसके कारण पूरे शरीर का ताप एक समान बना रहता है यह प्रणोदित संवहन का उदाहरण है।</p>
<p>2. ठंडे प्रदेशों में सर्दी के दिनों में बाहर का ताप 0°C से भी कम होता है जबकि किसी बन्द कमरे का ताप 20FC तक रखने के लिए एअर कंडीशनर को हीटर (Heater) की तरह काम में लाते हैं। यह भी प्रणोदित संवहन का उदाहरण है।</p>
<p>3. हम जानते हैं कि पृथ्वी को विषुवत् रेखीय व ध्रुवीय क्षेत्रों पर सूर्य से असमान ऊष्मा प्राप्त होती है विषुवत् रेखीय क्षेत्रों की वायु का तप्त होना तथा ध्रुवीय क्षेत्रों में वायु के शीतल होने का यही कारण है। इन्हीं कारणों से विषुवत् रेखीय क्षेत्रों से वायु का संचरण ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर होता है और पुनः विषुवत् रेखीय क्षेत्रों की ओर आती है। उक्त संवहन धाराओं को व्यापारिक धाराएँ कहते हैं। यह प्राकृतिक संवहन का उदाहरण है।</p>
<p>4. प्राकृतिक संवहन के कारण ही दिन में जलाशयों की तुलना में थल शीघ्र गर्म हो जाता है। इस घटना का मूल कारण जल की उच्च विशिष्ट ऊष्मा तथा मिश्रित धाराओं द्वारा अवशोषित ऊष्मा को बड़े आयतन के जल के सब भागों में विसरित करना है। जबकि गर्म जल के सम्पर्क वाली वायु चालन द्वारा गर्म होने से ऊपर की ओर फैलती है और अधिक घनत्व की वायु उसका रिक्त स्थान भरती है, फलस्वरूप गर्म वायु ऊपर उठती है व थल गर्म हो जाता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
ऊष्मा चालन की परिवर्ती एवं स्थायी अवस्था की व्याख्या कीजिए तथा ऊष्मा चालक गुणांक की परिभाषा दीजिए। इसका मात्रक एवं विमीय सूत्र ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
चालन (Conduction):<br />
यदि किसी चालक छड़ के सिरों पर तापान्तर उत्पन्न किया जाता है। तो ऊष्मा का संचरण उच्च ताप के सिरे से निम्न ताप के सिरे की ओर होने लगता है। ऊष्मा के इसी स्थानान्तरण को चालन कहते हैं। उदाहरण के लिए &#8211; लोहे की छड़ का एक सिरा गर्म करने पर दूसरे सिरे का गर्म हो जाना। हम जानते हैं कि ठोसों के अणु केवल अपने स्थान पर कम्पन कर- सकते हैं लेकिन अपना स्थान नहीं छोड़ते। छड़ के गर्म सिरे पर अणु ऊष्मा ग्रहण करके अधिक आयाम के दोलन करने लगते हैं अर्थात् उनकी दोलन ऊर्जा बढ़ जाती है। इस प्रकार इस भाग के अणुओं की गतिज दूसरे पड़ोसी भाग के अणुओं की अपेक्षा अधिक हो जाती है। इन अणुओं की टक्कर समीपवर्ती कम ऊर्जा वाले भाग के अणुओं से होती है, अतः ऊर्जा का स्थानान्तरण कम ऊर्जा वाले अणुओं को हो जाता है। यही प्रक्रिया आगे के भागों की ओर बढ़ती है और इस प्रकार अणुओं के माध्यम से ऊष्मीय ऊर्जा का स्थानान्तरण होता रहता है। यही चालन विधि है स्पष्ट है कि इस विधा में केवल ऊष्मीय ऊर्जा का स्थानान्तरण होता है, द्रव्य का नहीं।</p>
<p>सभी पदार्थों का ऊष्मा के प्रति व्यवहार समान नहीं है। कुछ पदार्थ जैसे &#8211; ताँबा, चाँदी, लोहा आदि ऊष्मा के अच्छे चालक होते हैं। इसके विपरीत कुछ अन्य पदार्थ जैसे- काँच, प्लास्टिक, बेकेलाइट, प्लाईवुड आदि ऊष्मा के कुचालक होते हैं। धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन भी ऊष्मा चालन में सक्रिय योगदान देते हैं। “पदार्थों का वह गुण जो ऊष्मा के चालन की व्याख्या करता है उसे ऊष्मा चालकता से परिभाषित करते हैं। ऊष्मा चालन की व्याख्या किसी पदार्थ में किसी दिये गये तापान्तर पर ऊष्मा प्रवाह की दर से की जाती है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36885" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -4.1" width="293" height="155" /><br />
चित्र 11.16 के अनुसार माना L लम्बाई तथा A अनुप्रस्थ परिच्छेद की एक चालक छड़ है जिसका एक सिरा गर्म एवं दूसरा सिरा ठंडा है अर्थात् दोनों सिरों के मध्य तापान्तर है। ऊष्मा की हानि को कम करने के लिए छड़ के पार्श्व पृष्ठ पर कुचालक पदार्थ की पट्टी लपेट देते हैं छड़ को सूक्ष्म लम्बाई के अनेक परिच्छेदों से मिलकर बना हुआ मान सकते हैं। चालन प्रक्रिया के प्रारम्भ में छड़ का प्रत्येक परिच्छेद अपने पूर्ववर्ती परिच्छेद से कुछ ऊष्मा Q<sub>1</sub> प्राप्त करता है।</p>
<p>इस ऊष्मा का कुछ भाग Q<sub>2</sub> यह परिच्छेद अवशोषित कर लेता है जिससे इस अंश का ताप बढ़ता है। तथा ऊष्मा के शेष भाग Q<sub>3</sub> को यह अपने बाद वाले अल्पांश को स्थानान्तरित कर देता है। अत: इस अवस्था में Q<sub>1</sub> = (Q<sub>2</sub> + Q<sub>3</sub>) होता है। &#8220;जब तक इस प्रक्रिया द्वारा चालक छड़ का कोई भाग ऊष्मा का अवशोषण करता रहता है अर्थात् छड़ के किसी भाग का ताप बढ़ता रहता है तब तक यह ऊष्मा चालन की परिवर्ती अवस्था कहलाती है।&#8221; इस अवस्था में छड़ के प्रत्येक परिच्छेद का ताप समय के साथ बढ़ता रहता है परन्तु गर्म सिरे से छड़ की लम्बाई के अनुदिश ताप का पतन होता है।</p>
<p>छड़ के एक सिरे को लगातार गर्म करते रहने पर कुछ समय बाद छड़ के प्रत्येक परिच्छेद अल्पांश का ताप नियत हो जाता है। इस अवस्था में छड़ के प्रत्येक परिच्छेद, अपने से पहले परिच्छेद से प्राप्त ऊष्मा Q<sub>1</sub> को अगले परिच्छेद को स्थानान्तरित कर देता है अर्थात् व किसी परिच्छेद द्वारा ऊष्मा का अवशोषण नहीं होता है (Q<sub>2</sub> = 0) अत: Q<sub>1</sub> = Q<sub>3</sub> होता है। &#8220;छड की यह अवस्था जब छड़ का कोई भी भाग ऊष्मा का अवशोषण नहीं करता है, ऊष्मा चालन की स्थायी अवस्था (Steady State of Heat Conduction) कहलाती है।&#8221; इस अवस्था में छड़ के किसी भी परिच्छेद से एकांक समय में प्रवाहित ऊष्मा ऊष्मीय धारा कहलाती है। इसे से व्यक्त करते हैं अतः<br />
H= \(\frac{ΔQ}{Δt}\) &#8230;&#8230;&#8230;(1)<br />
जहाँ ΔQ = Δt समय में प्रवाहित ऊष्मा की मात्रा<br />
यह पाया जात है कि ऊष्मा चालन की स्थायी अवस्था में,<br />
H ∝ A, (छड़ का परिच्छेद क्षेत्रफल)<br />
H ∝ (T<sub>1</sub> &#8211; T<sub>2</sub>) (छड़ के सिरों का तापान्तर)<br />
एवं H ∝ \(\frac{1}{L}\) (L = छड़ की लम्बाई)<br />
H ∝ \(\frac{A(T_1-T_2)}{L}\)<br />
या H ∝ \(\frac{A.ΔT}{L}\)<br />
या H = K.A.\(\frac{ΔT}{L}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;.(2)<br />
यहाँ एक नियतांक है जिसे छड़ के पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक (Coefficient of Heat Conduction) कहते हैं।<br />
यदि A = 1 ताप प्रवणता \(\frac{ΔT}{L}\) = 1°C.m<sup>-1</sup><br />
तो H = K<br />
अर्थात् &#8220;किसी पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक ऊष्मा प्रवाह की उस दर के तुल्य है जो उस, पदार्थ की एकांक अनुप्रस्थ परिच्छेद वाली किसी छड़ के सिरों के मध्य एकांक ताप प्रवणता उत्पन्न कर दे।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36897" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -16" width="314" height="253" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-16.png 314w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-16-300x242.png 300w" sizes="auto, (max-width: 314px) 100vw, 314px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
स्टीफन का नियम लिखिए एवं इसके लिये आवश्यक प्रतिबन्ध बतलाइये। न्यूटन के नियम की उत्पत्ति स्टीफन के नियम से कीजिये।<br />
उत्तर:<br />
स्टीफन के नियम से न्यूटन के शीतलन नियम की व्युत्पत्ति<br />
(Deduction Of Newton&#8217;s Law of Cooling By Stefan&#8217;s Law)<br />
माना किसी वस्तु का क्षेत्रफल A व परमताप T तथा वातावरण का ताप T<sub>0</sub> है तो स्टीफेन के नियम से-<br />
\(\frac{d \mathrm{Q}}{d t}=\frac{\sigma \varepsilon \mathrm{A}}{\mathrm{J}}\left(T^4-\mathrm{T}_0^4\right)\)<br />
जहाँ σ = स्टीफन नियतांक; ε = वस्तु की उत्सर्जकता एवं dQ = d t समय से उत्सर्जित ऊष्मीय ऊर्जा।<br />
dQ = dt समय से उत्सर्जित ऊष्मीय ऊर्जा।<br />
यदि T व T<sub>0</sub> के मध्य तापान्तर ∆T हो,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36898" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-17.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -17" width="388" height="633" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-17.png 388w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-17-184x300.png 184w" sizes="auto, (max-width: 388px) 100vw, 388px" /><br />
अर्थात् किसी तप्त वस्तु के शीतलन की दर वस्तु एवं वातावरण के मध्य तापान्तर के अनुक्रमानुपाती होती है बशर्तें कि तापान्तर कम हो। यही न्यूटन का शीतलन नियम है।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
जल का असंगत प्रसार क्या है ? इसके दैनिक जीवन में उदाहरणों को समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
जल का असंगत प्रसार (Anomalous Expansion of Water):<br />
किसी द्रव को गर्म करने पर ताप वृद्धि के साथ-साथ उसके आयतन में भी वृद्धि होती है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36899" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-18.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -18" width="288" height="526" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-18.png 288w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-18-164x300.png 164w" sizes="auto, (max-width: 288px) 100vw, 288px" /><br />
द्रव को ठण्डा करते जाने पर उसका ताप घटता जाता है तथा आयतन भी घटता जाता है। 4°C ताप तक आयतन कम होता है तथा 4°C के बाद जल के आयतन में वृद्धि होना प्रारम्भ होती है तथा 100°C तक वृद्धि होती जाती है।<br />
4°C पर जल का आयतन सबसे कम तथा घनत्व सबसे अधिक (1.0 × 10³ kg / m³) होता है। इस प्रकार पानी का 0°C तथा 4°C के बीच में व्यवहार असामान्य होता है। इसे जल का असामान्य प्रसार कहते हैं।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
ऊष्मीय विकिरण से क्या तात्पर्य है ? ऊष्मीय विकिरणों की क्या प्रकृति होती है ? समझाइये |<br />
उत्तर:<br />
विकिरण (Radiation)<br />
&#8220;ऊष्मा संचरण की वह विधि जिसमें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, विकिरण कहलाती है।&#8221; सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा इसी विधि से आती है। चूँकि सूर्य व पृथ्वी सतह के मध्य कई करोड़ किलोमीटर की दूरी में विकिरण निर्वात् में गति करता है, जो इस बात का प्रमाण है कि विकिरण द्वारा ऊष्मा के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p>अन्य उदाहरण में यदि हम आग के पास खड़े होते हैं तो हमें तुरन्त गर्मी का अनुभव होने लगता है, क्योंकि वायु अल्प ऊष्मा चालक हैं तथा धाराएँ इतनी शीघ्रता से स्थापित नहीं हो सकती। विकिरण ऊर्जा चुम्बकीय तरंगों की तरंगदैर्घ्य अलग-अलग भी हो सकती है। प्रकाश के वेग (c = 3 × 10<sup>8</sup> ms<sup>-1</sup>) से निर्वात में गति करती हैं। पदार्थ (ठोस, द्रव व गैस) विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं। वस्तु द्वारा उसके तापान्तर के कारण उत्सर्जित विद्युत चुम्बकीय (जैसे गर्म लाल लोहे से उत्सर्जित विकिरण) को ऊष्मा विकिरण कहते हैं।&#8221; ऊष्मा विकिरणों की तरंगदैर्घ्य परास 1 μm से 100μm तक ये तरंगें सीधी रेखा में गमन करती हैं तथा परावर्तन व अपवर्तन नियमों का पालन करती हैं। प्रत्येक वस्तु 0K ताप से अधिक ताप वाले ऊष्मीय विकिरणों का उत्सर्जन करती है तथा जब किसी विकिरण आपतित होते हैं तो आपतित विकिरण (Q) का का कुछ भाग परावर्तित (Q<sub>R</sub>) कुछ भाग का अवशोषण (Q<sub>A</sub>) व शेष भाग (Q<sub>T</sub>) होता है। अर्थात्<br />
Q = Q<sub>R</sub> + Q<sub>A</sub> + Q<sub>T</sub><br />
या \(\frac{Q}{Q}=\frac{Q_R}{Q}+\frac{Q_A}{Q}+\frac{Q_T}{Q}\)<br />
या 1 = r + a + t<br />
यहाँ r, a व t क्रमशः परावर्तन, अवशोषण व परागमन कहलाते है<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36900" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-19.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण -19" width="414" height="167" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-19.png 414w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-11-द्रव्य-के-तापीय-गुण-19-300x121.png 300w" sizes="auto, (max-width: 414px) 100vw, 414px" /><br />
उक्त तीनों क्रियाएँ (परावर्तन, अवशोषण तथा पारगमन पृष्ठ की प्रकृति व आपतित विकिरणों की तरंगदैर्घ्य पर निर्भर) है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
ऊष्मीय संचरण की कौन-कौन सी विधियाँ हैं ? उनका वर्णन कीजिये तथा इनके व्यावहारिक अनुप्रयोग बताइये ।<br />
उत्तर:<br />
ऊष्मा स्थानान्तरण (Heat Transfer):<br />
ऊष्मा का संचरण सदैव उच्च ताप से निम्न ताप की ओर होता है। ताप में अन्तर के कारण एक निकाय से दूसरे निकाय में अथवा किसी निकाय के एक भाग से उसके दूसरे भाग में ऊर्जा के स्थानान्तरण को ऊष्मा स्थानान्तरण कहते हैं। ऊष्मा स्थानान्तरण की निम्न तीन विधियाँ हैं-<br />
(i) चालन (Conduction)<br />
(ii) संवहन (Convection) एवं<br />
(iii) विकिरण (Radiation) ।<br />
सामान्यतः ठोसों में ऊष्मा का स्थानान्तरण चालन विधि से होता है जबकि द्रवों व गैसों में ऊष्मा का संचरण संवहन विधि से होता है। सूर्य से पृथ्वी तक सूर्य की ऊर्जा विकिरण विधि से आती है। यहाँ पर यह उल्लेख भी आवश्यक है कि चालन व संवहन ऊष्मा संचरण की धीमी विधियाँ हैं जबकि विकिरण तीव्र गति की विधा है। चालन व संवहन के लिए माध्यम की आवश्यकता है जबकि विकिरण के लिए माध्य की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Question)</span></p>
<p><strong>तापमापन पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
दो वस्तुओं के तापों में अन्तर 63°F है सेल्सियस पैमाने पर यह अन्तर कितना होगा ?<br />
उत्तर:<br />
35°C</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
एक अशुद्ध तापमापी के स्थिर बिन्दु 5°C तथा 95°C चिह्नित हैं। इस तापमापी द्वारा एक वस्तु का ताप 59° मापा गया। सेल्सियस पैमाने पर इस वस्तु के ताप का शुद्ध मान क्या होगा ?<br />
उत्तर:<br />
60°C</p>
<p><strong>ऊष्मीय प्रसार पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
पीतल के एक घन की भुजा की लम्बाई 15°C ताप पर 10 सेमी है। 60°C ताप पर गर्म करने पर इसकी भुजा की लम्बाई तथा आयतन ज्ञात कीजिए रेखीय प्रसार गुणांक = 1.9 × 10 प्रति °C है।<br />
उत्तर:<br />
10.0085 सेमी, 10002.5 सेमी</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
एक पीतल की चकती में एक छेद है। 27°C ताप पर छेद का व्यास 2.50 सेमी है। चकती को 327°C ताप पर गर्म करने पर इसके छेद के व्यास परिवर्तन ज्ञात कीजिए दिया है, पीतल का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.9 × 10<sup>-5</sup>°C<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
0.0142 सेमी</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
स्टील की लोलक युक्त एक घड़ी का 20°C पर आवर्तकाल 2 सेकण्ड है। यदि घड़ी का ताप बढ़ाकर 30°C कर दिया जाये तो प्रतिदिन समय में कमी या वृद्धि कितनी होगी? स्टील के लिए रेखीय प्रसार गुणांक = 1.2 × 10<sup>-5</sup>°C<sup>-1</sup> है।<br />
उत्तर:<br />
5.18 सेकण्ड धीमी हो जायेगी।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
काँच के बने एक फलास्क का °C पर आयतन 100 सेमी³ है। इसका 100°C पर आयतन क्या होगा ? दिया है, काँच का आयतन प्रसार गुणांक = 2.5 × 10<sup>-5</sup>°C<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
1000.25 सेमी³</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
कोई व्यक्ति किसी बैलगाड़ी के लकड़ी के पहिए की नेमी पर लोहे की रिंग चढ़ाता है। यदि 37°C पर नेमी व लोहे की रिंग का व्यास क्रमश: 5,443 व 5.434m हैं तो लोहे को किस ताप पर गर्म किया जाये कि नेमी पहिये में ठीक से बैठ जाये यहाँ लोहे का रेखीय प्रसार गुणांक 1.20 × 10<sup>-5</sup> K<sup>-1</sup> है। |<br />
उत्तर:<br />
T<sub>2</sub> = 175.02°C</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
यदि पारे का काँच के सापेक्ष आभासी प्रसार गुणांक 0.00040/°C व इसका वास्तविक प्रसार 0.00049/°C है तो काँच का रेखीय प्रसार गुणांक ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
α<sub>g</sub> = 0.00003°C</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
एक धातु का आयतन प्रसार गुणांक 6.0 × 10<sup>5</sup> प्रति °C है। इसका रेखीय प्रसार गुणांक तथा क्षेत्रीय प्रसार गुणांक का मान कितना होगा ?<br />
उत्तर:<br />
4.0 × 10<sup>-5</sup> प्रति/°C</p>
<p><strong>ऊष्मामिति पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
-20°C की 5 किग्रा बर्फ को 100°C की भाप में बदलने के लिए कितनी ऊष्मा की आवश्यकता होगी? बर्फ की विशिष्ट ऊष्मा 0.5 किलो कैलोरी / किग्रा °C बर्फ की गुप्त ऊष्मा = 80 किलो कैलोरी / किग्रा, भाप की गुप्त ऊष्मा = 540 किलोकैलोरी/किया। |<br />
उत्तर:<br />
3650 जूल</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
किसी बाँध से जल 200 मी की ऊँचाई से गिरता है। यदि गिरने के कारण सम्पूर्ण ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है और गिरते हुए जल द्वारा ग्रहण कर ली जाती है तो ताप वृद्धि ज्ञात कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
10.4°C</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
2 किलोग्राम अमोनिया प्रति मिनट बर्फ की मशीन में भेजी जाती है कितने समय में °C का 500 किग्रा जल बर्फ में बदल जायेगा ? (अमोनिया के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा = 320 किलोकॅलोरी/किग्रा. बर्फ की गुप्त ऊष्मा = 80 किलो कैलोरी /किलोग्राम)<br />
उत्तर:<br />
62.5 मिनट</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
एक बर्तन जिसकी ऊष्मा धारिता 5 कैलोरी है, में 95 ग्राम जल 50°C पर भरा है। इसमें &#8216;C की 10 ग्राम बर्फ डालने पर मिश्रण का ताप क्या होगा ?<br />
उत्तर:<br />
38.2°C</p>
<p><strong>ऊष्मा के चालन पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
काँच की खोखली नली की दीवारें 1.5 mm मोटी हैं तथा क्षेत्रफल 10 cm² है। इस नली में बर्फ भरकर इसे एक पात्र में रख दिया जाता है जिसका ताप 100°C हैं। जब काँच की दीवारों में से ऊष्मा का प्रवाह स्थायी हो जायेगा तो बर्फ के पिघलने की दर कितनी होगी ? काँच का ऊष्मीय चालकता गुणांक 1 Wm<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup> तथा बर्फ की गुप्त ऊष्मा 334.8 Jg<sup>-1</sup> है |<br />
उत्तर:<br />
0.199 ग्राम/सेकण्ड</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
1.5 m लम्बाई की एकसमान अनुप्रस्थ काट की कॉपर की एक छड़ का एक सिरा बर्फ के सम्पर्क में एवं दूसरा सिरा 100°C के जल के साथ रखा गया। इसकी लम्बाई में किस बिन्दु पर 200°C का तापमान बनाये रखना चाहिए जिससे कि स्थायी अवस्था में पिघली हुई बर्फ का द्रव्यमान उसी समयान्तराल में उत्पन्न भाव के बराबर हो । कल्पना कीजिए कि पूरी पद्धति चारों ओर से ऊष्मारोधी है। बर्फ के पिघलने की गुप्त ऊष्मा = 80 कैलोरी प्रति ग्राम पानी के भाप बनने की गुप्त ऊष्मा = 540 कैलोरी/ग्राम ।<br />
उत्तर:<br />
1.396 मीटर</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
25 cm लम्बी धातु की छड़ का एक सिरा भाप में तथा दूसरा में है। यदि 12 ग्राम बर्फ प्रति मिनट गल रही हो, तो धातु की ऊष्मा चालकता ज्ञात कीजिए। छड़ का अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 5 cm² तथा बर्फ की गलन की गुप्त ऊष्मा = 3.4 × 10<sup>5</sup> J kg<sup>-1</sup> है।<br />
उत्तर:<br />
3.4 × 10² J/m sec °C</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
समान क्षेत्रफल की दो प्लेटें एक दूसरे के सम्पर्क में रखी जाती हैं। इसकी मोटाइयाँ क्रमश: 2.0 तथा 3.0 cm है। पहली प्लेट के बाह्य पृष्ठ का ताप -25°C तथा दूसरी प्लेट का बाह्य पृष्ठ का ताप 25°C है। इन प्लेटों के सम्पर्क पृष्ठ का ताप क्या होगा यदि (i) दोनों प्लेटें एक ही पदार्थ की बनी हों, (ii) दोनों प्लेटों के ऊष्मीय चालकता गुणांकों का अनुपात 2:3 हो ?<br />
उत्तर:<br />
(i) -5°C<br />
(ii) 0°C</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
25.0 सेमी लम्बी और 8.80 वर्ग सेमी अनुप्रस्थ क्षेत्रफल की एक छड़ में ऊष्मा प्रवाहित हो रही है। छड़ के पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक 920 × 10<sup>-4</sup> किलोकैलोरी मी<sup>-1</sup> °C<sup>-1</sup> से<sup>-1</sup> है और स्थायी अवस्था में छड़ के सिरों के ताप 125°C और 0°C हैं निम्नलिखित गणनाएँ कीजिए-<br />
(i) छड़ में ताप प्रवणता,<br />
(ii) छड़ पर तप्त सिरे के 10.0cm दूर वाले बिन्दु पर ताप,<br />
(iii) ऊष्मा स्थानान्तरण की दर<br />
उत्तर:<br />
(i) 5 × 10² °C / मीटर<br />
(ii) 75°C<br />
(iii) 4.1 × 10<sup>-2</sup> k.cal/sec</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
4.0 cm व्यास वाली एवं 20 cm लम्बी ऐलुमिनियम की एक छड़ के ऊष्मीय प्रतिरोध की गणना कीजिए ऐलुमिनियम का ऊष्मा चालकता गुणांक 0.50 कैलोरी प्रति सेमी सेकण्ड °C है तथा ऊष्मा संचरण की दर छड़ की लम्बाई की दिशा में होती है। यदि छड़ के दोनों सिरों के बीच तापान्तर 50°C हो, तो ऊष्मा संचरण की दर ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
3.18 × 10³ s°C kcal, 1.57 × 10<sup>-2</sup> kcals<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
एक समतल तली की केतली को स्टोव पर रखकर पानी उबाला जा रहा है। तली का क्षेत्रफल 270 cm², मोटाई 0.3 cm तथा उसके पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक 0.5 कैलोरी / sec °C cm है। यदि केतली में 10 ग्राम / मिनट की दर से भाप बन रही हो, तो तली के अन्दर तथा बाहर की सतह के तापान्तर की गणना कीजिए। (भाप की गुप्त ऊष्मा = 540 cal/gram)<br />
उत्तर:<br />
0.2°C</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
35 cm लम्बी धातु की छड़ का एक सिरा भाप में दूसरा बर्फ में रहता है। यदि 10 gm. m<sup>-1</sup> की दर से बर्फ पिघल रही हैं तो उस धातु की ऊष्मा चालकता ज्ञात कीजिए। यदि छड़ का अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 7 cm² व बर्फ की गलन की गुप्त ऊष्मा 3.4 × 10<sup>5</sup> J. kg<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
2.833 × 10<sup>7</sup> Jm<sup>-1</sup>s<sup>-1</sup>°C<sup>-1</sup></p>
<p>स्टीफन के नियम पर आधारित</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
ताँबे का एक ठोस गोला (घनत्व ρ, विशिष्ट ऊष्मा C, त्रिज्या r) जिसका प्रारम्भिक ताप 200 K है, एक ऐसे कोष्ठ में लटका है। जिसकी दीवारें लगभग 0 K ताप पर हैं। गोले के ताप को 100 K तक गिरने में लगने वाला समय कितना होगा? (स्टीफन नियतांक σ है ।)<br />
उत्तर:<br />
\(\frac{7}{72} \frac{r \rho \mathrm{C}}{\sigma} \times 10^{-6} \mathrm{sec}\)</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
पृथ्वी अपने तल पर सूर्य से 14000 वाट/मी² की दर से विकिरण प्राप्त करती है। पृथ्वी के तल से सूर्य के केन्द्र की दूरी 1.5 × 10<sup>11</sup> m है, तथा सूर्य की त्रिज्या 7.0 × 10<sup>8</sup> m है सूर्य को कृष्णिका मानते हुए इसका पृष्ठ-ताप ज्ञात कीजिए। (स्टीफन नियतांक σ = 5.67 × 10<sup>-8</sup> वाट/m² K<sup>4</sup>)<br />
उत्तर:<br />
5803 K</p>
<p>प्रश्न 24.<br />
एक कृष्णिका के पृष्ठ का क्षेत्रफल 5 × 10<sup>-4</sup> m² तथा ताप 727°C है यह प्रति मिनट कितनी ऊष्मा विकिरित करेगा? स्टीफन नियतांक= 5.67 × 10 <sup>-8</sup>J/m² sec K<sup>4</sup>.<br />
उत्तर:<br />
1.7 × 10³ जूल</p>
<p>प्रश्न 25.<br />
यदि सूर्य के प्रत्येक cm² पृष्ठ से ऊर्जा 1.5 × 10<sup>-3</sup> cal s<sup>-1</sup> cm<sup>-2</sup> की दर से विकरित हो रही है। यदि स्टीफन नियतांक 5.7 × 10<sup>-8</sup> Js m<sup>-2</sup> K<sup>-1</sup> हो तो सूर्य के पृष्ठ का ताप केल्विन में ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
5765.9K</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 26.<br />
127°C का ताप वाले कृष्णिका के तल से 1.6 × 10<sup>6</sup> J cm<sup>-2</sup> की दर से उत्सर्जन हो रहा है। कृष्णिका के ताप का मान ज्ञात कीजिए जिस पर उत्सर्जन की दर 81 × 10<sup>6</sup>J cm<sup>-2</sup> हो।<br />
उत्तर:<br />
1200K</p>
<p>न्यूटन के शीतलन के नियम पर आधारित</p>
<p>प्रश्न 27.<br />
एक द्रव 5 मिनट में 80°C से 70°C तक ठण्डा होता है इसे 70°C से 60°C तक ठण्डा होने में कितना समय लगेगा? वातावरण का ताप 40°C पर स्थिर है।<br />
उत्तर:<br />
7 मिनट</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
किसी पिण्ड को 60°C से 50°C तक ठण्डा होने में 10 मिनट का समय लगा है। यदि कमरे का ताप 25°C हो, तो न्यूटन के शीतलन नियम को उचित मानते हुए पिण्ड का ताप अगले 10 मिनट में कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
42.85°C</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
किसी बर्तन में भरे जल का ताप 5 min में 90°C से 80°C हो जाता है, जबकि कमरे का ताप 20°C है तब 63°C से 55°C ताप गिरने में कितना समय लगेगा ?<br />
उत्तर:<br />
6.67 मिनट</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 11 द्रव्य के तापीय गुण" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><strong>वीन के विस्थापन नियम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 30.<br />
दो तारे X और Y क्रमश: 4800Å तथा 6000Å तरंगदैर्ध्य पर अधिकतम विकिरण उत्सर्जित करते हैं। यदि Y का ताप 5800K हो तो X का ताप क्या होगा ?<br />
उत्तर:<br />
7250 K</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
तरंगदैर्घ्य λ के संगत कृष्ण पिण्ड अधिकतम ऊर्जा उत्सर्जित करता है। कृष्ण पिण्ड का ताप इस प्रकार बढ़ायें कि अधिकतम ऊर्जा के संगत तरंगदैर्घ्य \(\frac{5 λ}{7}\) हो जाती है। कृष्ण पिण्ड से उत्सर्जित शक्ति कितने गुना बढ़ जायेगी?<br />
उत्तर:<br />
\(\frac{2401}{625}\) गुना</p>
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		<title>HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhagya]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:11:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत Important Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न 1. एक आदर्श गैस का वर्ग-माध्य-मूल वेग है- (a) (b) (c) (d) उत्तर: (c) प्रश्न 2. समान ताप पर हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के अणुओं के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-physics-important-questions/">HBSE 11th Class Physics Important Questions</a> Chapter 13 अणुगति सिद्धांत Important Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">वस्तुनिष्ठ प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
एक आदर्श गैस का वर्ग-माध्य-मूल वेग है-<br />
(a) \(\mathrm{C}_{r m s}=\sqrt{3 \mathrm{RTM}}\)<br />
(b) \(\mathrm{C}_{r m s}=\sqrt{\mathrm{RTM}}\)<br />
(c) \(C_{r m s}=\sqrt{\frac{3 R T}{M}}\)<br />
(d) \(\mathrm{C}_{r m s}=\sqrt{\frac{\mathrm{M}}{\mathrm{RT}}}\)<br />
उत्तर:<br />
(c) \(C_{r m s}=\sqrt{\frac{3 R T}{M}}\)</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
समान ताप पर हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के अणुओं के वर्ग- माध्य-मूल वेगों का अनुपात होगा-<br />
(a) 32:1<br />
(b) 16:1<br />
(c) 8:1<br />
(d) 4:1<br />
उत्तर:<br />
(d) 4:1</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
गैस नियतांक का मात्रक है-<br />
(a) कैलोरी / °C<br />
(b) जूल / मोल<br />
(c) जूल / मोल K<br />
(d) जूल / किग्रा<br />
उत्तर:<br />
(c) जूल / मोल K</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
किसी बर्तन में P दाब पर गैस है। यदि सभी अणुओं के द्रव्यमान आधे और उनकी चालें दोगुनी कर दी जाएँ तो परिणामी दाब होगा-<br />
(a) 4P<sub>0</sub><br />
(b) P<sub>0</sub><br />
(c) 2P<sub>0</sub><br />
(d) P<sub>0</sub>/2<br />
उत्तर:<br />
(c) 2P<sub>0</sub></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
यदि कोई गैस बॉयल के नियम का पालन करे तो उसके लिए PV व P के बीच ग्राफ होगा-<br />
(a) अतिपरवलय<br />
(b) PV अक्ष के समान्तर सरल रेखा<br />
(c) P-अक्ष के समान्तर सरल रेखा<br />
(d) मूलबिन्दु से गुजरती P अक्ष से 45° कोण पर सरल रेखा ।<br />
उत्तर:<br />
(d) मूलबिन्दु से गुजरती P अक्ष से 45° कोण पर सरल रेखा ।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
हीलियम गैस के परमाणुओं की वर्ग-माध्य-मूल चाल हाइड्रोजन गैस के अणुओं की वर्ग-माध्य-मूल चाल का \(\frac{5}{7}\) है। यदि हाइड्रोजन गैस का ताप 0°C हो तो हीलियम का ताप लगभग होगा-<br />
(a) 0°C<br />
(b) 0K<br />
(c) 273°C<br />
(d) 100°C<br />
उत्तर:<br />
(a) 0°C</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
किसी गैस का परम ताप 9 गुना बढ़ा दिया जाता है। गैस के अणुओं का वर्ग माध्य-मूल वेग हो जाएगा-<br />
(a) 9 गुना<br />
(b) 3 गुना<br />
(c) \(\frac{1}{3}\) गुना<br />
(d) √3 गुना ।<br />
उत्तर:<br />
(b) 3 गुना</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
एक ही बर्तन में ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन अणुओं की औसत गतिज ऊर्जाओं का अनुपात होगा-<br />
(a) 1:1<br />
(c) 8:1<br />
(b) 4:1<br />
(d) 16:1<br />
उत्तर:<br />
(a) 1:1</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
एक आदर्श गैस का दाब P और इसके एकांक आयतन की गतिज ऊर्जा E में परस्पर सम्बन्ध है-<br />
(a) P = E<br />
(b) P = \(\frac{E}{2}\)<br />
(c) P = \(\frac{2}{3}\) E<br />
(d) P = \(\frac{2}{5}\) E<br />
उत्तर:<br />
(c) P = \(\frac{2}{3}\) E</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
यदि किसी गैस के एक ग्राम अणु की गतिज ऊर्जा 27°C पर E है तो 627°C पर यह होगी-<br />
(a) 26<br />
(b) 3E<br />
(c) \(\frac{627}{27}\) E<br />
(d) \(\frac{27}{627}\) E<br />
उत्तर:<br />
(b) 3E</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
त्रि-परमाणुक अरेखीय गैस की सामान्य ताप पर स्वातन्त्र्य की कोटियों की कुल संख्या है-<br />
(a) 1<br />
(b) 2<br />
(c) 6<br />
(d) 3.<br />
उत्तर:<br />
(c) 6</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी द्वि-परमाणुक अणु की स्थानान्तरीय तथा घूर्णीय स्वातन्त्र्य कोटियों की कुल संख्या होगी-<br />
(a) 2<br />
(b) 3<br />
(c) 4<br />
(d) 5<br />
उत्तर:<br />
(d) 5</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
एक गुब्बारे में 4 वायुमण्डलीय दाब तथा 27°C ताप पर 1500 m³ गैस है। -3°C ताप तथा 2 वायुमण्डलीय दाब पर गैस का आयतन हो जाएगा-<br />
(a) 2700 m³<br />
(b) 1900 m³<br />
(c) 1700 m³<br />
(d) 1500 m³<br />
उत्तर:<br />
(a) 2700 m³</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
गैस समीकरण PV = RT में V निम्न में से किसका आयतन है-<br />
(a) गैस की किसी मात्रा का<br />
(b) 1 ग्राम गैस का<br />
(c) 1 ग्राम अणु गैस का<br />
(d) 1 लीटर गैस का।<br />
उत्तर:<br />
(c) 1 ग्राम अणु गैस का</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
सामान्य ताप तथा दाब (STP) पर वायु में ब्राउनियन गति में 5 × 10<sup>-17</sup> kg द्रव्यमान के धुएँ के कणों की वर्ग-माध्य-मूल<br />
चाल ज्ञात कीजिए-<br />
(a) 1.5mm gl<br />
(b) 1.5 cm st<br />
(c) 1.5 m sl<br />
(d) 1.5 kms l<br />
उत्तर:<br />
(b) 1.5 cm st</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
नियत दाब पर 27°C की एक आदर्श गैस को इस प्रकार गर्म लिया जाता है कि उसका आयतन दो गुना हो जाता है। गैस का ताप होगा-<br />
(a) 300°C<br />
(b) 327°C<br />
(c) 600°C<br />
(d) 54°C<br />
उत्तर:<br />
(b) 327°C</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
स्थिर दाब पर 300 ml गैस को जो 27°C पर है, 7°C तक ठण्डा किया जाता है, तब इसका अन्तिम आयतन होगा-<br />
(a) 540 ml<br />
(b) 350ml<br />
(c) 280 ml<br />
(d) 135ml<br />
उत्तर:<br />
(c) 280 ml</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
किस ताप पर किसी आदर्श गैस का आयतन 0°C के आयतन का तीन गुना हो जाएगा-<br />
(a) 546°C<br />
(b) 182°C<br />
(c) 819°C<br />
(d) 646°C<br />
उत्तर:<br />
(a) 546°C</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
हीलियम गैस के अणुओं का वर्ग माध्य-मूल वेग हाइड्रोजन अणुओं के वर्ग माध्य-मूल वेग का वाँ भाग है। यदि हाइड्रोजन गैस का ताप °C है तो हीलियम का ताप लगभग होगा-<br />
(a) 5°C<br />
(b) 0K<br />
(c) 273°C<br />
(d) 100°C<br />
उत्तर:<br />
(a) 5°C</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
किसी द्वि- परमाणुक गैस के अणुओं का कमरे के ताप पर वर्ग-माध्य-मूल वेग 1930 m/see पाया गया है। गैस है-<br />
(a) H<sub>2</sub><br />
(b) F<sub>2</sub><br />
(c) O<sub>2</sub><br />
(d) Cl<sub>2<br />
</sub>उत्तर:<br />
(b) F<sub>2</sub></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
अणु गति सिद्धान्त से परम शून्य ताप पर अणुओं का वेग-<br />
(a) अनन्त होता है<br />
(b) धनात्मक किन्तु नगण्य होता है<br />
(c) शून्य होता है<br />
(d) कुछ निश्चित नहीं होता।<br />
उत्तर:<br />
(c) शून्य होता है</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस के दाब में कितने प्रतिशत वृद्धि की जाये कि स्थिर ताप पर इसके आयतन में 10% कमी आजाये-<br />
(a) 10%<br />
(b) 11%<br />
(c) 9%<br />
(d) 8%.<br />
उत्तर:<br />
(b) 11%</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
चन्द्रमा पर वायुमण्डल की अनुपस्थिति का कारण है कि चन्द्रमा के पृष्ठ पर पलायन वेग का मान-<br />
(a) वायु के अणुओं के C<sub>rms</sub> से अधिक होता है<br />
(b) वायु के अणुओं के C<sub>rms</sub> से कम होता है<br />
(c) वायु के अणुओं के C<sub>rms</sub> से दोगुना होता है।<br />
(d) 11.2 km/sec होता है जो कि वायु के अणुओं के C<sub>rms</sub> से अधिक है।<br />
उत्तर:<br />
(d) 11.2 km/sec होता है जो कि वायु के अणुओं के C<sub>rms</sub> से अधिक है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">अतिलघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
अणु गति सिद्धान्त के आधार पर किसी गैस के दाब का सूत्र लिखिए। प्रयुक्त संकेतों के अर्थ भी स्पष्ट कीजिए ।<br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैस के दाब का सूत्र P = \(\frac{1}{3} \frac{m \mathrm{~N}}{\mathrm{~V}} \bar{v}^2\)<br />
जहाँ<br />
m → गैस के एक अणु का द्रव्यमान<br />
\(\bar{v}\)गैस के अणुओं का वर्ग माध्य वेग<br />
N → गैस के V आयतन में अणुओं की संख्या ।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
सामान्य ताप एवं दाब पर एक मोल गैस का आयतन कितना होता है?<br />
उत्तर:<br />
सामान्य ताप व दाब पर एक मोल गैस का आयतन 22.4 लीटर होता है।</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
आदर्श गैस के लिए स्थिर ताप पर दाब P तथा घनत्व d में क्या सम्बन्ध है ?<br />
उत्तर:<br />
\(\frac{P}{d}\) = नियतांक</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
गैस नियतांक का मात्रक SI पद्धति में लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
जूल / मोल K</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
आदर्श गैस समीकरण PV = RT से R का विमीय सूत्र लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
PV = RT से,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37217" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -1" width="368" height="51" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-1.png 368w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-1-300x42.png 300w" sizes="auto, (max-width: 368px) 100vw, 368px" /><br />
= \(\frac{\mathrm{ML}^{-1} \mathrm{~T}^{-2} \times \mathrm{L}^3}{\mathrm{~K}}\)<br />
= \({\left[\mathrm{ML}^2 \mathrm{~T}^{-2} \mathrm{~K}^{-1}\right]}\)</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
गैस के अणु गति सिद्धान्त के अनुसार परम शून्य ताप क्या होता है?<br />
उत्तर:<br />
परम शून्य ताप वह ताप है, जिस पर गैस के समस्त अणु गतिहीन हो जाते हैं।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
परम शून्य ताप पर किसी गैस की गतिज ऊर्जा कितनी होगी ?<br />
उत्तर:<br />
परम शून्य ताप पर किसी गैस की गतिज ऊर्जा शून्य होती है, क्योंकि किसी गैस के अणु की गतिज ऊर्जा E, परम ताप T के अनुक्रमानुपाती होती है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
क्या ताप बढ़ने पर स्वातन्त्र्य कोटियाँ बदल जाती हैं?<br />
उत्तर:<br />
ताप बढ़ने पर गैस के अणु की घूर्णन गति के साथ उसके परमाणुओं की कम्पनिक गति भी प्रारम्भ हो जाती है जिसके कारण स्वातन्त्र्य की कोटियाँ बढ़ जाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
किसी गैस की स्वातन्त्र्य कोटियों का क्या अर्थ है?<br />
उत्तर:<br />
किसी कण के पास जितने प्रकार की स्वतन्त्र गतिज ऊर्जाएँ हो सकती हैं, उनकी संख्या उस कण की स्वातन्त्र्य कोटियाँ कहलाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
एकपरमाणुक गैस के लिए दो विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात कितना होता है?<br />
उत्तर:<br />
\(\frac{C_P}{C_V}\) = \(\frac{5}{3}\)</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एकपरमाणुक गैस की आन्तरिक ऊर्जा अणुओं की कौन-सी गति के कारण होती है?<br />
उत्तर:<br />
स्थानान्तरीय गति के कारण।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी गैस के परम ताप T तथा उसके एक अणु की औसत ऊर्जा E में क्या सम्बन्ध है?<br />
उत्तर:<br />
एक अणु की औसत गतिज ऊर्जा E = \(\frac{3}{2}\) K<sub>B</sub>T,<br />
जहाँ K<sub>B</sub> बोल्ट्जमैन नियतांक है।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
बोल्ट्जमैन नियतांक से क्या तात्पर्य है?<br />
उत्तर:<br />
सार्वत्रिक गैस नियतांक R तथा आवोगाद्रो संख्या N<sub>A</sub> के अनुपात को बोल्ट्जमैन नियतांक कहते हैं।<br />
K<sub>B</sub> = \(\frac{R}{N_A}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 14.<br />
एक सिलेण्डर में समान परम ताप T पर हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन गैसें भरी हैं। इनमें से किसके अणुओं की औसत गतिज अधिक होगी ?<br />
उत्तर:<br />
दोनों के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जाएं बराबर होंगी-<br />
E ∝ T</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
एक चींटी फर्श पर चल रही है। इसकी स्वातन्त्र्य की कोटि कितनी है?<br />
उत्तर:<br />
2 (दो)।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
ऊर्जा के समविभाजन का नियम बताइए ।<br />
उत्तर:<br />
इस नियम के अनुसार किसी गैस की सम्पूर्ण ऊर्जा उसकी सभी स्वातन्त्र्य कोटियों में समान रूप से बँटी रहती है तथा परम ताप T पर प्रत्येक स्वातन्त्र्य कोटि से सम्बद्ध ऊर्जा &#8211; ABT होती है, जहाँ बोल्ट्जमैन नियतांक है।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
एक वायुयान हवा में उड़ रहा है। इसके उड़ने की स्वातन्त्र्य कोटि कितनी है?<br />
उत्तर:<br />
वायुयान तीनों दिशाओं में स्वतन्त्रतापूर्वक गति कर सकता है, अतः वायुयान की स्वातन्त्र्य कोटि 3 होगी।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
किसी दृढ़ द्विपरमाणुक गैस के लिए दो विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात कितना होगा?<br />
उत्तर:<br />
∵ γ = \(1+\frac{2}{f}\) = \(1+\frac{2}{5}\)<br />
[∵दृढ द्वि-परमाणुक के लिए /= 5)<br />
∴ γ = \(\frac{7}{5}\)</p>
<p><span style="color: #0000ff;">लघु उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
अणु गति सिद्धान्त के आधार पर आवोगाद्रो के नियम का सत्यापन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
आवोगाद्रो का नियम (Avagadra&#8217;s Law):<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;समान ताप व दाब पर सभी गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या समान होती है।&#8221;<br />
गैसों के अणुगति सिद्धान्त से निगमन-अणुगति सिद्धान्त के अनुसार गैस का दाब<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37213" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-15.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -15" width="291" height="429" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-15.png 291w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-15-203x300.png 203w" sizes="auto, (max-width: 291px) 100vw, 291px" /><br />
अर्थात् नियत दाब तथा ताप पर समान आयतन पर सभी गैसों में अणु की एक नियत संख्या होती है। यही आवोगाद्रो नियम है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
परम शून्य ताप से क्या अभिप्राय है?<br />
उत्तर;<br />
आदर्श गैस के ताप की अणुगतिक व्याख्या (Molecular Kinetic Interpretation of Temperature of an Ideal Gas):<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37214" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -6" width="424" height="785" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6.png 424w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-162x300.png 162w" sizes="auto, (max-width: 424px) 100vw, 424px" /><br />
अर्थात् गैस का परमताप उसकी औसत गतिज ऊर्जा के समानुपाती होता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि आदर्श गैस की आन्तरिक ऊर्जा केवल उसके परमताप पर निर्भर करती है, दाब या आयतन पर नहीं। ताप की इस व्याख्या से स्पष्ट है कि आदर्श गैसों का अणुगति सिद्धान्त आदर्श गैस समीकरण और इस पर आधारित विभिन्न गैस नियमों के पूर्णतः संगत है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
कणों की ब्राउनियन गति से क्या अभिप्राय है? तथा यह किन कारकों पर निर्भर करती है ?<br />
उत्तर:<br />
द्रव्य की आण्विक प्रकृति (Molecular Nature Of Matter):<br />
&#8216;द्रव्य परमाणुओं से मिलकर बना है।&#8217; इस सिद्धान्त को बीसर्वी शताब्दी के वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण माना है। इनमें से रिचर्ड फिनमेन ने परमाणु परिकल्पना प्रस्तुत की जिसके अनुसार &#8211; &#8220;सभी वस्तुएँ परमाणुओं से बनी हैं, जो अनवरत गतिमान अत्यन्त सूक्ष्म कण हैं, बीच में अल्प दूरी होने पर ये एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं पर एक-दूसरे में निष्पीड़ित किए जाने पर प्रतिकर्षित करने लगते हैं।&#8221;</p>
<p>यह विचार कि द्रव्य सतत नहीं हो सकता, कई संस्कृतियों में पहले से ही विद्यमान था। भारत में कणाद ने वैशेषिक दर्शन (छठठी शताब्दी ई.पू.) में परमाण्वीय प्रारूप का विस्तृत विकास किया। उन्होंने परमाणुओं को अविभाज्य, सूक्ष्म तथा द्रव्य को अविभाज्य अंश माना। यह भी तर्क दिया कि यदि द्रव्य को विभाजित करने के क्रम में कोई अन्त हो तो किसी सरसों के दाने तथा मेरु पर्वत में कोई अन्तर नहीं होगा।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
अणुओं के वेग के वर्ग-माध्य-मूल मान एवं परम ताप में सम्बन्ध बताइए।<br />
उत्तर:<br />
गैस के अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग (Root mean square velocity of Gas molecules):<br />
माना 1 ग्राम मोल गैस का आयतन V तथा ताप T है। गैस के 1 ग्राम मोल मे अणुओं की संख्या N<sub>A</sub> = 6.02 × 10<sup>23</sup> इस संख्या को आवोगाद्रो संख्या कहते हैं। गैस के अणुगति सिद्धान्त के अनुसार 1 मोल गैस का दाब<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37215" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-16.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -16" width="385" height="595" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-16.png 385w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-16-194x300.png 194w" sizes="auto, (max-width: 385px) 100vw, 385px" /><br />
समी (5) से स्पष्ट है कि वर्ग माध्य मूल वेग गैस के परम ताप पर निर्भर करता है। परम शून्य ताप पर C<sub>rms</sub> = 0 अर्थात् वर्ग माध्य मूल वेग शून्य होने से गतिज ऊर्जा का मान भी शून्य होगा। परम शून्य ताप पर गैस में आण्विक गति समाप्त हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
परम शून्य ताप पर अणु का वेग व गतिज ऊर्जा कितनी होगी ?<br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैस का दाब का व्यंजक<br />
(Expression Of Pressure Of Ideal Gas):<br />
जब कोई गैस किसी पात्र में बन्द कर दी जाती है तो बर्तन की दीवार पर दाब लगाती है। गैस के अणुगति मॉडल के अनुसार गैस के गतिमान अणुओं द्वारा बर्तन की दीवारों से टकराने के कारण उत्पन्न होता है। जब भी गैस का कोई अणु पात्र की दीवार से टकराकर लौटता है, तो उनके संवेग में कुछ परिवर्तन होता है। संवेग संरक्षण सिद्धान्त के अनुसार यह परिवर्तन दीवार को हस्तान्तरित हो जाता है। गति के द्वितीय नियम से संवेग परिवर्तन की दर दीवार पर लगने वाले बल के बराबर होती हैं। क्योंकि गैस में असंख्यक अणु निरन्तर एक के बाद एक दीवार से टकसाते हैं। दीवार पर लगा बल स्थायी होता है। दीवार के इकाई क्षेत्रफल पर आरोपित बल ही गैस का दाब होता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
हल्की गैस का विसरण भारी गैस की तुलना में आसानी से क्यों होता है ?<br />
उत्तर:<br />
गैस के अन्दर अणुओं का वेग उनके द्रव्यमानों पर निर्भर करता है, इसलिए भारी गैस के अणुओं की गति हल्की गैस की तुलना में कम होती है। इस कारण ही हल्की गैस, भारी गैस में आसानी से विसरित होती है।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
किसी बर्तन में भरी गैस के ताप पर क्या प्रभाव पड़ेगा यदि उसे तीव्र गतिमान ट्रेन में रख दियाजाये ?<br />
उत्तर:<br />
गैस का ताप प्रति अणु स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा के अनुक्रमानुपाती होता है तीव्र गतिमान ट्रेन में रखने पर गैस के अणुओं की द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष गति अपरिवर्तित रहती है, अतः बर्तन में भरी गैस के ताप में कोई परिवर्तन नहीं होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 8.<br />
यदि अणुओं के मध्य आकर्षण बल अचानक समाप्त हो जाये तो एक पात्र में भरी गैस के दाब में क्या कोई परिवर्तन होगा ?<br />
उत्तर:<br />
गैस के अणुओं के मध्य आकर्षण बल की अनुपस्थिति में, गैस के अणु पात्र की दीवारों से कठोरता से टकराएँगे। इस कारण गैस द्वारा लगाया गया दाब बढ़ जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
किसी गैस के परम ताप T तथा गैस के वर्ग माध्य वेग (C) में ग्राफ खींचिए।<br />
उत्तर:<br />
गैस का वर्ग माध्य वेग<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37216" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-2.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -2" width="214" height="160" /><br />
\(C_{r m s}^2=\frac{3 \mathrm{RT}}{\mathrm{M}} \text { या } c_{r m s}^2 \propto \mathrm{T}\)<br />
अर्थात् \(C_{r m s}^2\) व T के बीच खींचा गया ग्राफ सरल रेखीय होगा।</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
&#8220;ब्राउनियन गति अवलोकनीय होती है चूँकि आवोगाद्रो संख्या निश्चित होती है।&#8221; टिप्पणी कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
यदि आवोगाद्रो संख्या अनिश्चित हो तो प्रत्येक निलम्बित कण पर बहुत से परमाणुओं द्वारा बमबारी की जायेगी, इस प्रकार निलम्बित कणों को प्रदान किया गया कुल आवेग शून्य होगा। इसलिए कर्णों का गमन नगण्य हो जायेगा और इनको प्रेक्षित नहीं किया जा सकता।</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक प्रयोग में एक गैस एक अतिरिक्त नियम VP²= नियतांक का पालन करती है। प्रारम्भ में गैस का ताप T तथा आयतन V है। इसके प्रसार के पश्चात् इसका आयतन 2V हो जाता है, तो इसका ताप कितना होगा?<br />
लागू<br />
उत्तर &#8211; आदर्श गैस का समीकरण PV = RT सभी प्रक्रमों के लिए होता है।<br />
अतिरिक्त प्रतिबन्ध है-<br />
VP² = नियतांक &#8230;&#8230;&#8230;.(1)<br />
समीकरण PV = RT से,<br />
P= \(\frac{RT}{V}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(2)<br />
यह मान समीकरण (1) में रखने पर,<br />
V(\(\frac{RT}{V}\))² = नियतांक<br />
या \(\frac{T^2}{V}\) = नियतांक (चूँकि R = नियतांक)<br />
यदि अंतिम आयतन V&#8217; तथा ताप T&#8217; हो, तो<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37218" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-3.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -3" width="335" height="280" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-3.png 335w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-3-300x251.png 300w" sizes="auto, (max-width: 335px) 100vw, 335px" /></p>
<p>प्रश्न 12.<br />
किसी पात्र में P<sub>0</sub> दाब पर गैस भरी है। यदि अणुओं का द्रव्यमान आधा व चाल दोगुनी कर दी जाये तो परिणामी दाब क्या होगा ?<br />
उत्तर:<br />
अणु गति सिद्धान्त के अनुसार,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37219" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-4.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -4" width="363" height="319" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-4.png 363w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-4-300x264.png 300w" sizes="auto, (max-width: 363px) 100vw, 363px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
एक पिस्टनयुक्त सिलेण्डर में निश्चित ताप व दाब पर गैस भरी है। अणु गति सिद्धान्त से स्पष्ट कीजिए-<br />
(i) ताप बढ़ने पर गैस का दाब बढ़ जाता है।<br />
(ii) पिस्टन को बाहर खींचने पर दाब घट जाता है।<br />
उत्तर:<br />
(i) ताप बढ़ाने से गैस के अणुओं की औसत चाल बढ़ जाती है। इससे सिलेण्डर की दीवार से प्रति सेकण्ड अधिक अणु टकराते हैं तथा प्रत्येक टक्कर में दीवार को अधिक संवेग हस्तान्तरित होता है। इन दोनों ही कारणों से दाब बढ़ जाता है।</p>
<p>(ii) आयतन बढ़ने से अणुओं को गति करने के लिए अधिक स्थान मिलता है, अतः दीवारों से प्रति सेकण्ड कम अणु टकराते हैं। इसके अतिरिक्त ये टक्करें अब दीवारों के बड़े क्षेत्रफल पर होती हैं। इन दोनों ही कारणों से दाब घट जाता है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
ब्राउनियन गति तापमान के साथ क्यों बढ़ जाती है ?<br />
उत्तर:<br />
क्योंकि ताप बढ़ जाता है, इसलिए अणु अधिक तेज गति करते हैं और इस तरह निलम्बित कण पर अधिक बल लगाते हैं यही कारण है कि ब्राउनियन गति ताप में वृद्धि से बढ़ जाती है।</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
किसी आदर्श द्वि-परमाण्विक गैस को नियत दाब पर गर्म किया जाता है प्रदान ऊष्मा का वह भाग ज्ञात कीजिए जो गैस की अन्तिम ऊर्जा में वृद्धि करता है।<br />
उत्तर:<br />
जब किसी गैस को गर्म किया जाता है तो प्रदान ऊष्मा का एक भाग उसकी आन्तरिक ऊर्जा बढ़ाता है, जबकि दूसरा दाब के विरुद्ध कार्य करने में खर्च होता है अर्थात्<br />
(∆Q)<sub>P</sub> = ∆U + ∆W<br />
⇒ nC<sub>P</sub>∆T = nC<sub>V</sub>∆T + P∆V<br />
अतः वह भाग जो आन्तरिक ऊर्जा में वृद्धि करता है<br />
\(\frac{\mathrm{DU}}{(\mathrm{DQ})_{\mathrm{P}}}=\frac{\mathrm{C}_{\mathrm{V}}}{\mathrm{C}_{\mathrm{P}}}=\frac{1}{\gamma}=\frac{5}{7}\)<br />
[क्योंकि y = 3 द्विपरमाण्विक गैस के लिए]</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
दो गैसों X व Y के ताप, दाब व आयतन क्रमशः T, P व V हैं। यदि गैसें मिश्रित की जायें तो मिश्रण का ताप व आयतन क्रमशः V व T ही रहते हैं। मिश्रण का दाब व द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
डाल्टन नियम से,<br />
मिश्रण का दाब = P<sub>1</sub> + P<sub>2</sub> = P + P = 2P<br />
इसी प्रकार द्रव्यमान दोगुना अर्थात् 2M हो जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
देर तक स्कूटर चलाते रहने पर टायर में वायुदाब कुछ बढ़ जाता है, क्यों?<br />
उत्तर:<br />
टायर व सड़क के बीच घर्षण के कारण टायर का ताप बढ़ जाने से उसमें भरी वायु का दाव बढ़ जाता है।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
एक बन्द बर्तन में हीलियम व नाइट्रोजन के उच्च समान ताप हैं किस गैस की प्रति अणु कुल गतिज ऊर्जा अधिक होगी ?<br />
उत्तर:<br />
नाइट्रोजन की, क्योंकि दोनों गैसें समान ताप पर होने से दोनों की स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जाएँ तो समान होंगी, परन्तु नाइट्रोजन गैस द्विपरमाणुक है, अतः इसके घूर्णन की गतिज ऊर्जा अधिक होगी।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
गैस का अवस्था समीकरण (\(P+\frac{aT^2}{V}\))V<sup>c</sup> = (RT + b) द्वारा प्रदर्शित है, जहाँ a, b, c व R नियतांक हैं। समतापी वक्र P = BV<sup>m</sup> &#8211; NV<sup>n</sup> द्वारा प्रदर्शित है, जहाँ A व B ताप पर निर्भर हैं तब व के मान ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
(\(P+\frac{aT^2}{V}\) )V<sup>c</sup> = RT + b<br />
⇒ P + aT<sup>2</sup>V<sup>-1</sup> = RTV<sup>-c</sup> + bV<sup>-c</sup><br />
⇒ P = (RT+ b) V<sup>-c</sup> &#8211; (aT²) V<sup>-1</sup><br />
इस समीकरण की दिये गये समीकरण P = BV<sup>m</sup> &#8211; NV<sup>n</sup> से तुलना करने पर m = -c व n = -1 प्राप्त होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
चित्र में तीन गैसों A, B व C के निश्चित मोलों के दाब (P) के सापेक्ष दाब आयतन (PV) का परिवर्तन स्थिर ताप (T) पर प्रदर्शित है। उचित तर्क देकर बताइए कि इनमें से कौन-सी गैस आदर्श गैस है<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37220" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-5.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -5" width="214" height="155" /><br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैस के निश्चित मोलों (i) के लिए समीकरण है = PV &#8211; MRT चूँकि मोलों की संख्या व ताप T नियत हैं, अत: PV &#8211; नियत रहेगा। अतः ग्राफ C आदर्श गैस को निरूपित करता है</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
एक बक्से में हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के बराबर-बराबर अणु हैं, यदि बक्से में एक सूक्ष्म छिद्र हो तो कौन-सी गैस तेजी से निकलेगी ?<br />
उत्तर:<br />
प्रति सेकण्ड छिद्र से गैस लीक होने का आयतन छिद्र का क्षेत्रफल × गैस की औसत चाल<br />
चूँकि गैस के अणुओं की चाल<br />
अणुभार हाइड्रोजन का अणुभार ऑक्सीजन की तुलना में कम होता है, अतः बक्से में से छिद्र द्वारा हाइड्रोजन गैस तेजी से निकलेगी।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
आदर्श गैस को ठोस या द्रव अवस्था में नहीं परिवर्तित किया जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैस के अणुओं के मध्य अन्तराण्विक बल शून्य माने जाते हैं। द्रव व ठोस अवस्था में अणु परस्पर बन्धन की अवस्था में होते हैं और यह बन्धन आदर्श गैस के अणुओं में सम्भव नहीं है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
किस ताप पर गैस के सभी अणु गति विहीन हो जाते हैं?<br />
उत्तर:<br />
गैस के अणु गति सिद्धान्त के अनुसार गैस की प्रति अणु औसत गतिज ऊर्जा परमताप के अनुक्रमानुपाती होती है अर्थात्<br />
\(\frac{1}{2}\)mv<sub>rms</sub>² = kT<br />
\(\frac{1}{2}\)mv<sub>rms</sub>² ∝ T<br />
∵ v<sub>rms</sub>² = 0<br />
∴ T = 0<br />
अतः परम शून्य ताप पर गैस के अणु गतिविहीन हो जाते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><span style="color: #0000ff;">दीर्घ उत्तरीय प्रश्न</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
अणु गति सिद्धान्त की आदर्श गैस के लिए प्रमुख परिकल्पनाएँ लिखिए। उनके आधार पर गैस दाब के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैसों का अणुगति सिद्धान्त (Molecular Kinetic Theory Of Ideal Gas):<br />
आदर्श गैसों का अणुगति सिद्धान्त निम्नलिखित मुख्य परिकल्पनाओं पर आधारित है-<br />
1. अणु (Molecule): प्रत्येक गैस बहुत छोटे-छोटे अणुओं से मिलकर बनी मानी गई है। ये अणु दृढ़ पूर्णतः प्रत्यास्थ ठोस गोले के रूप में माने गये हैं। ये अणु द्रव्यमान बिन्दु (Mass Point) माने जाते हैं अर्थात् इनका द्रव्यमान तो होता है, परन्तु आकार तथा आयतन प्रायः नगण्य होता है। वास्तव में ऐसा होना असम्भव है क्योंकि अणुओं का आयतन गैस के आयतन की तुलना में कम चाहे जितना हो, लेकिन शून्य कदापि नहीं हो सकता।</p>
<p>2. गति (Motion): अणु अनवरत ( Incessant) यादृच्छिक या अनियमित गति की अवस्था में माना जाता है। ये सभी सम्भव दिशाओं में सभी सम्भव वेगों से निरन्तर गति करते रहते हैं, अतः गैस आण्विक अव्यवस्था की अवस्था में होती है।</p>
<p>3. संघट्ट (Collisions): अणु आपस में तथा वर्तन की दीवारों से निरन्तर टकराते रहते हैं। प्रत्येक टक्कर में अणु की चाल तथा गति की दिशा बदल जाती है, परन्तु सभी अणुओं की कुल गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है। टक्कर के कारण आण्विक घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, अतः प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या पूरी गैस में समान रहती है।</p>
<p>4. बल (Force): अणुओं की टक्करें पूर्ण प्रत्यास्थ होती हैं, अतः अणुओं के मध्य कोई भी आकर्षण या प्रतिकर्षण बल कार्य नहीं करता है इसका तात्पर्य यह है कि आदर्श गैस की सम्पूर्ण ऊर्जा केवल गतिज ऊर्जा के रूप में ही होती है, आण्विक स्थितिज ऊर्जा शून्य होती है।</p>
<p>5. समय ( Time): टक्कर में अणुओं के सम्पर्क का समय दो उत्तरोत्तर टक्करों के मध्य लगे समय की तुलना में नगण्य होता है।</p>
<p>6. पथ (Path): दो उत्तरोत्तर टक्करों के बीच अणुओं का मार्ग ऋजुरेखीय होता है, इसे मुक्त पथ ( Free Path) कहते हैं। दो उत्तरोत्तर टक्करों के मध्य अणुओं के बीच औसत दूरी माध्य मुक्त पथ (Mean free Path) कहलाती है। सामान्य ताप एवं दाब पर यह 107 मी कोटि का होता है। माध्य मुक्त पथ को तय करने में लगा समय माध्य मुक्मत काल (mean free time) कहलाता है इसका मान 10-10 सेकण्ड कोटि का होता है।</p>
<p>7. अणुओं की गति पर गुरुत्वाकर्षण बल का कोई प्रभाव नहीं होता है क्योंकि अणुओं का द्रव्यमान नगण्य तथा वेग अत्यधिक होता है। इसी कारण पूरे बर्तन में गैस का घनत्व हर जगह समान होता है।</p>
<p>8. गैस के अणु सभी दिशाओं में समान रूप से दाव डालते हैं।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
अणु गति सिद्धान्त के आधार पर ताप की क्या अविधारणा है? इसके आधार पर परम शून्य ताप की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैस के ताप की अणुगतिक व्याख्या (Molecular Kinetic Interpretation of Temperature of an Ideal Gas):<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37221" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -6.1" width="424" height="785" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-1.png 424w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-1-162x300.png 162w" sizes="auto, (max-width: 424px) 100vw, 424px" /><br />
अर्थात् गैस का परमताप उसकी औसत गतिज ऊर्जा के समानुपाती होता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि आदर्श गैस की आन्तरिक ऊर्जा केवल उसके परमताप पर निर्भर करती है, दाब या आयतन पर नहीं। ताप की इस व्याख्या से स्पष्ट है कि आदर्श गैसों का अणुगति सिद्धान्त आदर्श गैस समीकरण और इस पर आधारित विभिन्न गैस नियमों के पूर्णतः संगत है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
वाण्डर वाल्स समीकरण लिखिए। समझाइए कि सामान्य गैस समीकरण में यह संशोधन किन कारणों से आवश्यक हुए?<br />
उत्तर:<br />
वास्तविक गैसों के लिए अवस्था समीकरण : वाण्डरवाल समीकरण<br />
(Equation Of State For Real Gas : Vanderwaal&#8217;s Equation):<br />
बॉयल के नियमानुसार, स्थिर ताप पर किसी गैस के निश्चित द्रव्यमान के लिए दाब P तथा आयतन V का गुणनफल एक नियतांक होता है अर्थात् PV= नियतांक प्रयोगों द्वारा यह पाया जाता है कि कोई भी वास्तविक गैस इस नियम का पूर्णतः पालन नहीं करती। अति निम्न दाब तथा उच्च ताप पर वास्तविक गैसें इस नियम का एक सीमा तक पालन करती है, परन्तु उच्च दाब तथा निम्न ताप पर वास्तविक गैसें इस नियम से बहुत अधिक विचलन दिखाती हैं। बॉयल के नियमानुसार यदि PV व P के बीच ग्राफ खींचा जाए तो P अक्ष के समान्तर एक सरल रेखा आनी चाहिए परन्तु इन ग्राफों से स्पष्ट है कि PV का मान P के बढ़ने पर नियत नहीं रहता है बल्कि हाइड्रोजन के लिए P का मान बढ़ने पर PV का मान बढ़ता है। जबकि नाइट्रोजन के लिए P के बढ़ने पर PV का मान पहले घटता है तथा फिर बढ़ने लगता है। कार्बन डाइ ऑक्साइड जैसी गैसें (अधिक ताप पर द्रवित होने वाली गैसें) तो बॉयल के नियम से और भी अधिक विचलन दिखाती हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37222" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-7.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -7" width="232" height="215" /><br />
के बढ़ने पर PV का मान बढ़ता है, जबकि नाइट्रोजन के लिए P के बढ़ने पर PV का मान पहले घटता है तथा फिर बढ़ने लगता है। कार्बन डाइ ऑक्साइड जैसी गैसें (अधिक ताप पर द्रवित होने वाली गैसें तो बॉयल के नियम से और भी अधिक विचलन दिखाती हैं।<br />
यह पाया गया है कि वास्तविक गैसों के आदर्श गैस के नियम से विचलन के दो प्रमुख कारण हैं- (i) अणुओं का अशून्य आकार तथा (ii) अन्तराण्विक अन्योन्यक्रिया ।</p>
<p>(i) अणुओं का अशून्य आकार :<br />
आदर्श गैस के लिए अणुओं का आकार नगण्य माना जाता है जिससे अणुओं द्वारा घेरा गया आयतन गैस के कुल आयतन की तुलना में नगण्य होता है, परन्तु वास्तव में अणुओं का आकार नगण्य नहीं माना जा सकता है। एक वास्तविक गैस के लिए अणु का व्यास 10-10 मीटर की कोटि का होता है, जबकि गैस में दो अणुओं के बीच की औसत दूरी 10 मीटर की कोटि की होती है, अतः गैस के अणुओं का आयतन गैस के आयतन की तुलना में नगण्य नहीं माना जा सकता, विशेषकर अधिक दाब की स्थिति में जबकि गैस का स्वयं का आयतन बहुत कम होता है। यदि गैस का आयतन V है तो इस आयतन का कुछ भाग तो स्वयं अणु घेर लेते हैं, अतः अणुओं की गति के लिए उपलब्ध आयतन V से कुछ कम होगा। इसके लिए अणुओं के प्रभावी आयतन को गैस के प्रेक्षित आयतन V में से घटाना होगा। यदि अणुओं का प्रभावी आयतन 6 हो तो अणुओं को अपनी गति के लिए उपलब्ध आयतन (V &#8211; b) होगा।<br />
अतः आदर्श गैस का आयतन Vi = V &#8211; b<br />
जहाँ b एक नियतांक है।</p>
<p>(ii) अन्तराण्विक अन्योन्यक्रिया : आदर्श गैस के लिए अणुओं के बीच पारस्परिक आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण बल को नगण्य माना जाता है, परन्तु वास्तविक गैस के लिए यह मान्यता सही नहीं है। गैस का प्रत्येक अणु दूसरे अणुओं पर एक बल आरोपित करता है, जिसे अन्तराण्विक बल कहते हैं साधारण दाब पर गैस के अणु बहुत दूर-दूर होते हैं, अतः उनके बीच अन्तराण्विक बल का मान नगण्य होता है। इसके अतिरिक्त उच्च ताप पर अणुओं की गतिज ऊर्जा अधिक होती है। जिससे अन्तराण्विक बल का उनकी गति पर प्रभाव नगण्य होता है, अतः निम्न दाब तथा उच्च ताप पर अन्तराण्विक बलों को नगण्य माना जा सकता है परन्तु उच्च दाब पर अणु एक-दूसरे के पास आ जाते हैं तथा वै एक-दूसरे को आकर्षित करने लगते हैं, अतः उच्च दाब तथा निम्न ताप पर आकर्षण बल की उपेक्षा नहीं की जा सकती।</p>
<p>माना कि गैस किसी बर्तन में बन्द है जो अणु पूर्णतः वर्तन के अन्दर हैं, जैसे- अणु A (चित्र 13.8); वे अपने चारों ओर के अणुओं द्वारा समान रूप से आकर्षित होते हैं, अतः ऐसे अणुओं पर परिणामी अन्तराण्विक बल शून्य होता है, परन्तु जो अणु वर्तन की दीवार के समीप हैं, जैसे- अणु B उन पर परिणामी अन्तराण्विक बल अन्दर की ओर कार्य करता है जिससे वे अन्दर की ओर खिंचते हैं। इस खिचाव के कारण दीवार से टकराते समय अणु के संवेग में कुछ कमी आ जाती है। जिससे अणु दीवार पर उतना बल आरोपित नहीं कर पाता जितना कि वह अन्तराण्विक बल की अनुपस्थिति में करता है। अतः गैस का प्रेक्षित दाब उसके वास्तविक दाब से कम होता है। यदि दाब में यह कमी ß हो तो गैस का वास्तविक दाब (P + ß) रखना होगा।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37223" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-8.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -8" width="197" height="214" /><br />
ß का मान दो बातों पर निर्भर करता है- (i) दीवार के समीप अणु को आकर्षित करने वाले अणुओं की प्रति एकांक आयतन में संख्या पर, (ii) दीवार के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर प्रति सेकण्ड टकराने वाले अणुओं की संख्या पर ये दोनों कारक प्रति एकांक आयतन में अणुओं की संख्या अर्थात् गैस के घनत्व के अनुक्रमानुपाती होते हैं।<br />
अतः दाब में कमी ß ∝ (घनत्व × घनत्व) ∝ (घनत्व)²<br />
घनत्व ∝ \(\frac{1}{\text { आयतन (V) }}\)<br />
अतः ß ∝ \(\frac{1}{V^2}\) अथवा ß = \(\frac{a}{V^2}\)<br />
जहाँ गैस के 1 ग्राम अणु के लिए नियतांक है।<br />
अतः वास्तविक दाब (P+ ß) = \(P+\frac{a}{V^2}\)<br />
अतः आदर्श गैस समीकरण में P के स्थान पर (\(P+\frac{a}{V^2}\)) रखना होगा।</p>
<p>वाण्डर वाल्स समीकरण : आदर्श गैस समीकरण में अणुओं के अशून्य आकार तथा अणुओं के बीच लगने वाले अन्तराण्विक बल का संशोधन लगाने पर वास्तविक गैस के लिए निम्न समीकरण प्राप्त होता है-<br />
(\(P+\frac{a}{V^2}\))(V &#8211; b) = RT<br />
यह वाण्डर वाल गैस समीकरण कहलाता है तथा 6 वाण्डर वाल नियतांक कहलाते हैं। वास्तविक गैसें इस समीकरण का उच्च दाब व निम्न ताप पर भी काफी सीमा तक पालन करती हैं।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
गैसों के अणु गति सिद्धान्त के आधार पर किसी गैस के लिए बॉयल, चार्ल्स, आवोगाद्रो तथा गेलुसाक के नियमों का निगमन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
गैसीय नियम एवं अणुगति सिद्धान्त से निगमन<br />
(Gas Laws and Derivations of its on the Basis of Kinetic Theory)<br />
(i) बॉयल का नियम (Boyle&#8217;s Law):<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;नियत ताप पर, गैस के किसी दिए गए द्रव्यमान का दाब उसके आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होता है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37225" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-9.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -9" width="419" height="375" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-9.png 419w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-9-300x268.png 300w" sizes="auto, (max-width: 419px) 100vw, 419px" /><br />
यही बॉयल का नियम है अर्थात् नियत ताप पर किसी गैस के निश्चित द्रव्यमान का आयतन उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती है।</p>
<p>(ii) चार्ल्स का नियम (Charle&#8217;s Law):<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;नियत दाब पर किसी दी गई गैस का आयतन उसके परमताप (T) के अनुक्रमानुपाती होता है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37226" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-10.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -10" width="345" height="439" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-10.png 345w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-10-236x300.png 236w" sizes="auto, (max-width: 345px) 100vw, 345px" /></p>
<p>(iii) दाब-ताप का नियम या गैलुसॉक का नियम (PressureTemperature law or Gay-Lussac&#8217;s Law):<br />
इस नियम के अनुसार, &#8220;नियत आयतन पर गैस का दाब परमताप के अनुक्रमानुपाती होता है।&#8221;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37227" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-11.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -11" width="383" height="495" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-11.png 383w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-11-232x300.png 232w" sizes="auto, (max-width: 383px) 100vw, 383px" /></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
स्वतन्त्र्यता की कोटि से क्या अभिप्राय है? ऊर्जा समवितरण से एकपरमाणुक, द्विपरमाणुक एवं त्रिपरमाणुक गैसों की विशिष्ट ऊष्माओं की व्याख्या कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
एकल, द्विपरमाणुक व बहुपरमाणुक अणुओं की स्वातंत्र्य कोटियाँ (Degrees Of freedom Of monoatomic Diatomic and Polyatomic Molecules):<br />
(a) गैस के एक-परमाण्विक अणु के लिए,<br />
N = 1 तथा K = 0<br />
f = 3 × 1 &#8211; 0 = 3<br />
अर्थात् गैसों के एक परमाण्विक अणु में स्वतन्त्रता की तीन कोटियाँ होती हैं।</p>
<p>(b) गैस के द्वि-परमाण्विक अणु के लिए, द्वि-परमाण्विक अणु में दोनों परमाणु एक निश्चित दूरी पर आण्विक बन्ध द्वारा बँधे रहते हैं, अत:<br />
N = 2 तथा K = 1<br />
f = 3 × 2 &#8211; 1 = 5</p>
<p>(c) गैस के त्रि-परमाण्विक अणु के लिए-समतलीय त्रि-परमाण्विक अणु में तीनों परमाणु एक-दूसरे के सापेक्ष निश्चित दूरियों पर तीन आण्विकों द्वारा बद्ध रहते हैं जैसा चित्र 13.9 में प्रदर्शित है। अतः<br />
N = 3 तथा K = 3<br />
f = 3 × 3 &#8211; 3 = 6<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37228" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-12.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -12" width="203" height="176" /><br />
अर्थात् समतलीय त्रि-परमाण्विक अणु में छः स्वतन्त्रता की कोटियाँ होती हैं।<br />
रेखीय त्रि-परमाण्विक अणु में,<br />
N = 3 तथा K = 2<br />
f = 3 × 3 &#8211; 2 = 7<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37229" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -13" width="322" height="108" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-13.png 322w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-13-300x101.png 300w" sizes="auto, (max-width: 322px) 100vw, 322px" /><br />
अर्थात् रेखीय त्रि-परमाण्विक अणु में सात स्वतन्त्रता की कोटियाँ होती हैं।<br />
किसी बर्तन में बन्द गैस एक ऊष्मागतिक निकाय है। गैस के परमाणु अथवा अणु अनियमित गति की अवस्था में रहते हैं। उनमें विभिन्न प्रकार की गतियों के कारण गतिज ऊर्जा होती है। गैस के अणुओं की स्वतन्त्रता की कोटियाँ इस बात से भी निर्धारित की जाती हैं कि वे अणु कितने तरीके से ऊर्जा अवशोषित करते हैं। किसी निकाय के कण जितने स्वतन्त्र तरीकों से ऊर्जा अवशोषित कर सकते हैं, वे उसकी स्वतन्त्रता की कोटियाँ कहलाती हैं।</p>
<p>गैसों की विशिष्ट ऊष्माएँ (SPECIFIC HEAT OF A GAS)<br />
हमें ज्ञात है कि 1 मोल गैस की परमताप पर कुल आन्तरिक ऊर्जा<br />
U = \(\frac{1}{2} f \mathrm{RT}\) &#8230;&#8230;.(1)<br />
अवकलन करने पर<br />
\(\frac{d \mathrm{U}}{d \mathrm{~T}}=\frac{1}{2} f \mathrm{R}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;..(2)<br />
माना कि गैस को &#8216;स्थिर आयतन पर&#8217; गर्म करके उसके ताप में dT वृद्धि की जाती है। तब गैस को दी गयी ऊष्मा dQ = C<sub>V</sub>dT होगी। चूँकि आयतन स्थिर रहता है, अतः बाह्य कार्य शून्य होगा। अतः ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से,<br />
dU = dQ &#8211; dW से,<br />
dU = C<sub>V</sub>dT<br />
या C<sub>V</sub> = \(\frac{dU}{dT}\) &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;&#8230;(3)<br />
समी (2) व (3) से<br />
\(\mathrm{C}_{\mathrm{V}}=\frac{1}{2} f \mathrm{R}\)<br />
यह गैस की स्थिर आयतन पर ग्राम-अणुक विशिष्ट ऊष्मा है। स्थिर दाब पर ग्राम-अणुक विशिष्ट ऊष्मा के लिए मेयर सम्बन्ध \(\mathrm{C}_{\mathrm{P}}-\mathrm{C}_{\mathrm{V}}=\mathrm{R}\) से<br />
C<sub>P</sub> = C<sub>V</sub> + R = \(\frac{1}{2} fR\) + R<br />
C<sub>P</sub> = (\(\frac{f}{2}\) + 1)R<br />
गैस की ग्राम अणुक विशिष्ट ऊष्माओं की निष्पत्ति-<br />
\(\gamma=\frac{\mathrm{C}_{\mathrm{P}}}{\mathrm{C}_{\mathrm{V}}}=\frac{\left(\frac{f}{2}+1\right) \mathrm{R}}{\frac{f}{2} \mathrm{R}}\)<br />
\(\gamma=1+\frac{2}{f}\)<br />
स्पष्ट है कि स्वातंत्र्य कोटि की संख्या f का मान बढ़ने पर γ घटता है।</p>
<p>प्रश्न 6.<br />
माध्य मुक्त पथ से क्या अभिप्राय है? इसके लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
माध्य मुक्त पथ की अवधारणा (Concept Of Mean Free Path):<br />
गैसों के अणुगति सिद्धान्त के अनुसार किसी गैस के अणु विभिन्न चालों से सभी सम्भव दिशाओं में लगातार गति करते रहते हैं। गति करने के दौरान ये एक-दूसरे से संघट्ट करते हैं जिससे उनकी चाल तथा गति की दिशा दोनों बदलते रहते हैं। टक्करों के समय को छोड़कर, अणु एक-दूसरे पर कोई आकर्षण बल नहीं लगाते हैं, अतः दो टक्करों के बीच अणु नियत चालों से सीधी रेखाओं में चलते हैं। यदि किसी एक अणु के पथ को प्रेक्षित किया जाए तब वह टेढ़ी-मेढ़ी सीधी रेखाओं का पथ प्राप्त होता है।</p>
<p>दो उत्तरोत्तर टक्करों के बीच अणु पथ की लम्बाई अणु का मुक्त पथ कहलाती है। एक दीर्घ समयावधि में अणु के सभी मुक्त पथों का औसत अणु का माध्य मुक्त पथ (Mean Free Path) कहलाता है अतः &#8220;किसी अणु का माध्य मुक्त पथ वह औसत दूरी है जो कि अणु अन्य अणुओं से दो उत्तरोत्तर टक्करों के बीच तय करता है।&#8221; इसे प्रायः λ से प्रदर्शित करते हैं।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37229" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-13.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -13" width="322" height="108" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-13.png 322w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-13-300x101.png 300w" sizes="auto, (max-width: 322px) 100vw, 322px" /><br />
यदि गैस के अणु द्वारा N टक्करों में तय की गई दूरियाँ क्रमश: λ<sub>1</sub>, λ<sub>2</sub>, λ<sub>3</sub> &#8230;&#8230;&#8230; λ<sub>N</sub></p>
<p>औसत मुक्त पथ λ = \(\frac{\lambda_1+\lambda_2+\lambda_3+\ldots \lambda_N}{N}\) &#8230;&#8230;&#8230;.(1)<br />
यदि कुल पथ में अणु द्वारा लिया गया समय t हो तथा अणु की औसत चाल हो तो<br />
औसत मुक्त पथ λ = \(\frac{\lambda_1+\lambda_2+\lambda_3+\ldots \lambda_N}{N}\) &#8230;&#8230;.(2)</p>
<p>माध्य मुक्त पथ के लिए व्यंजक (Expressions for Mean Free Path):<br />
माना एक पात्र में गैस भरी है तथा इसके प्रति एकांक आयतन में अणु है। प्रत्येक अणु का व्यास है माना इस गैस का केवल एक अणु 1] वेग से गतिमान है तथा शेष सभी अणु स्थिर हैं। गतिमान अणु उन सभी अणुओं से टकरायेगा, जिनके केन्द्र इसके केन्द्र से दूरी पर है जैसा चित्र 13-15 में प्रदर्शित है 3 समय में अणु द्वारा तय की गई दूरी है। अत: Ar समय में यह अणु उन सभी अणुओं से टकरायेगा जिनकी त्रिज्या है तथा लम्बाई के बेलन में है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37230" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-14.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -14" width="319" height="135" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-14.png 319w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-14-300x127.png 300w" sizes="auto, (max-width: 319px) 100vw, 319px" /><br />
बेलन का आयतन = πd²v.∆t<br />
बेलन में अणुओं की संख्या = आयतन × प्रति एकांक आयतन में उपस्थित अणु<br />
= (πd²v.∆t).n &#8230;&#8230;..(3)<br />
यदि अणु द्वारा अन्य अणुओं से 3 समय में टक्करों की संख्या है अर्थात्<br />
N = = πd²v.∆t.n &#8230;&#8230;&#8230;&#8230;(4)<br />
औसत मुक्त पशु λ = \(\frac{v.∆t}{N}\)<br />
= \(\frac{v \cdot \Delta t}{\pi d^2 v \cdot \Delta t \cdot n}=\frac{1}{\pi d^2 n}\)<br />
या λ = \(\frac{1}{\pi d^2 n}\) &#8230;&#8230;&#8230;..(5)<br />
इस सूत्र को प्राप्त करने में हमने यह कल्पना की कि दूसरे सभी अणु विरामावस्था में है। परन्तु वास्तव में सभी अणु गतिमान है और संघट्ट दर अणुओं के औसत आपेक्षिक वेग द्वारा निर्धारित की जाती है। अन्य अणुओं की गति पर विचार करने पर अणु का माध्य मुक्त पथ निम्नलिखित होगा &#8211;<br />
λ = \(\frac{1}{√2 \pi d^2 n}\) &#8230;&#8230;&#8230;..(6)<br />
यही अभीष्ट व्यंजक है, इसके अनुसार अणु का माध्य मुक्त पथ प्रति एकांक आयतन में अणुओं की संख्या के अनुक्रमानुपाती है अर्थात् यह गैस के अणु घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती है।<br />
आदर्श गैस के लिए<br />
PV = NkT<br />
n = \(\frac{N}{V}\)<br />
P = nkT ⇒ n = \(\frac{P}{kT}\)<br />
समीकरण (6) मैं n का मान रखने पर<br />
λ = \(\frac{kT}{√2 \pi d^2 P}\) &#8230;&#8230;&#8230;..(7)<br />
स्पष्ट है कि<br />
λ ∝ \(\frac{T}{P}\)<br />
अर्थात् गैस के अणुओं का औसत मुक्त पथ गैस के परमताप के अनुक्रमानुपाती तथा गैस के दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
अणु गति सिद्धान्त का सम्बन्ध P = \(\frac{1}{3} r \bar{c^2}\) मानते हुए सिद्ध कीजिए कि अणु की औसत गतिज ऊर्जा गैस के परम ताप के समानुपाती होती है।<br />
उत्तर:<br />
आदर्श गैस के ताप की अणुगतिक व्याख्या (Molecular Kinetic Interpretation of Temperature of an Ideal Gas):<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37221" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-1.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत -6.2" width="424" height="785" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-1.png 424w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Physics-Important-Questions-Chapter-13-अणुगति-सिद्धांत-6-1-162x300.png 162w" sizes="auto, (max-width: 424px) 100vw, 424px" /><br />
अर्थात् गैस का परमताप उसकी औसत गतिज ऊर्जा के समानुपाती होता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि आदर्श गैस की आन्तरिक ऊर्जा केवल उसके परमताप पर निर्भर करती है, दाब या आयतन पर नहीं। ताप की इस व्याख्या से स्पष्ट है कि आदर्श गैसों का अणुगति सिद्धान्त आदर्श गैस समीकरण और इस पर आधारित विभिन्न गैस नियमों के पूर्णतः संगत है।</p>
<p><span style="color: #0000ff;">आंकिक प्रश्न (Numerical Questions)</span></p>
<p><strong>आदर्श गैस समीकरण तथा इसके नियम पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
250 सेमी³ आयतन वाले विद्युत् बल्ब को सील करते समय 27°C ताप पारे का 10<sup>-3</sup> मिमी दाब था। बल्ब में अणुओं की संख्या कितनी है?<br />
उत्तर:<br />
8.04 × 10<sup>15</sup></p>
<p>प्रश्न 2.<br />
1 × 10<sup>-6</sup> m³ आयतन के वायु के बुलबुले झील की सतह के नीचे 40 मीटर गहराई पर हैं, जहाँ ताप 283K है। जब बुलबुला जल की संतह पर पहुँचे, तो इसका आयतन बताइए जल की सतह पर ताप 27°C है वायुमण्डलीय दाब = 1.01 × 10<sup>5</sup> Pa<br />
उत्तर:<br />
4.15 × 10<sup>-6</sup> m³</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
किसी गैस का निश्चित आयतन पर दाब 2000 न्यूटन / मी² से परिवर्तित होकर 3000 N/m² हो जाता है। यदि प्रारम्भिक ताप 350 K था तो अन्तिम ताप ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
525K</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
किसी फ्लास्क में 27°C ताप पर 13 ग्राम आदर्श गैस भरी है ताप बढ़कर 52°C करने पर कितनी गैस फ्लास्क से निकल जायेगी जबकि गैस का तापं 52°C व दाब पूर्ववत् ही रहें?<br />
उत्तर:<br />
1 ग्राम</p>
<p>प्रश्न 5.<br />
अन्तरिक्ष के किसी क्षेत्र के प्रति सेमी³ आयतन में औसतन केवल 5 अणु हैं तथा वहाँ पर ताप 3 K है इतनी विरल गैस का दाब क्या है ? (बोल्ट्जमैन नियतांक (k) = 1.38 × 10<sup>-23</sup> जूल / K)<br />
उत्तर:<br />
20.7 x 10-17N/m²</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p><strong>अणुओं के वेगों पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
स्थिर दाब पर 327°C ताप की हाइड्रोजन को किस ताप तक ठण्डा किया जाए कि उसके अणुओं का वर्ग माध्य-मूल वेग पहले का आधा हो जाये ?<br />
उत्तर:<br />
123°C</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
तीन अणुओं के वेग क्रमश: 3v, 4v व 5v हैं। इनकी वर्ग-माध्य-मूल चाल ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
4.08v</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
किसी ताप पर ऑक्सीजन के अणुओं की वर्ग-माध्य मूल चाल 150 मी/से है उसी ताप पर हाइड्रोजन के अणुओं की वर्ग- माध्य-मूल चाल क्या होगी ? (M<sub>o</sub> = 32, M<sub>H</sub> = 2)<br />
उत्तर:<br />
600 मी/से</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
नाइट्रोजन अणु के वर्ग माध्य-मूल वेग का मान 15°C ताप तथा पारे के स्तम्भ के 76 सेमी दाब पर ज्ञात कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
5.06 × 10<sup>4</sup> सेमी / से</p>
<p><strong>अणुओं की ऊर्जा पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
27°C ताप पर हाइड्रोजन के लिए ज्ञात कीजिए-<br />
(i) एक ग्राम अणु गैस की गतिज ऊर्जा,<br />
(ii) एक ग्राम गैस की गतिज ऊर्जा [हाइड्रोजन का अणुभार 2, तथा R = 8.31 J mol<sup>-1</sup>K<sup>-1</sup>]<br />
उत्तर:<br />
(i) 3.74 × 10<sup>5</sup> जूल<br />
(ii) 1.87 × 10<sup>3</sup> जूल</p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक ग्राम अणु गैस की गतिज ऊर्जा सामान्य ताप व दाब पर ज्ञात कीजिए तथा 273°C पर इसका मान क्या होगा ?<br />
उत्तर:<br />
3.40 × 10<sup>3</sup> जूल, 6.80 × 10<sup>3</sup> जूल</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
गैस की गतिज ऊर्जा प्रति मोल, NTP पर ज्ञात कीजिए यदि गैस का घनत्व 0.178 किग्रा / घन मीटर है तथा अणुभार 4 हो ।<br />
उत्तर:<br />
3414 जूल</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Physics Important Questions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत" width="196" height="17" data-pin-nopin="true" /></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
किसी गैस का ताप 68°C है इसको किस ताप पर गर्म किया जाये ताकि (i) अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा दोगुनी हो जाये, (ii) अणुओं का वर्ग माध्य-मूल वेग दोगुना हो जाये ?<br />
उत्तर:<br />
(i) 137°C<br />
(ii) 547°C</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
300 K ताप पर किसी गैस के अणु की माध्य गतिज ऊर्जा क्या है? इस ताप पर हाइड्रोजन गैस के किसी अणु की वर्ग-माध्य-मूल चाल क्या होगी ? (R = 8.31 J mole<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup>, N = 6.02 × 10<sup>23</sup> प्रति मोल तथा हाइड्रोजन के अणु का द्रव्यमान 3.34 × 10<sup>-27</sup> Kg)<br />
उत्तर:<br />
1.93 × 10<sup>3</sup> ms<sup>-1</sup></p>
<p><strong>औसत मुक्त पथ पर आधारित</strong></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
100°C तथा I arm दाब पर, जल वाष्य में, जल के अणु के माध्य मुक्त पथ की गणना कीजिए। जल के अणु का व्यास 44 बोल्ट्समैन नियतांक kg = 1.38 × 10-23 JK<br />
उत्तर:<br />
7.2 × 10<sup>-8</sup> मी</p>
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 12:05:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था प्रश्न 1. एक द्रव को सील बन्द पात्र में निश्चित ताप पर उसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है- (क) [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-solutions/">HBSE 11th Class Chemistry Solutions</a> Chapter 7 साम्यावस्था Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
एक द्रव को सील बन्द पात्र में निश्चित ताप पर उसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है-<br />
(क) वाष्प दाब परिवर्तन का प्रारम्भिक परिणाम क्या होगा ?<br />
(ख) प्रारम्भ में वाष्पन एवं संघनन की दर कैसे बदलती है?<br />
(ग) क्या होगा जबकि साम्य पुन: अन्तिम रूप से स्थापित हो जायेगा तब अन्तिम वाष्प दाब क्या होगा ?<br />
उत्तर:<br />
(क) पात्र का आयतन बढ़ाने पर वाष्प दाब प्रारम्भिक रूप से घटेगा क्योंकि इस स्थिति में वाष्पों की समान मात्रा अधिक स्थान पर वितरित रहती है।</p>
<p>(ख) पात्र का आयतन बढ़ाने पर प्रारम्भ में वांष्पन दर बढ़ेगी, क्योंकि अब अधिक स्थान उपलब्ध होगा। चूँक प्रति इकाई आयतन में वाष्प की मात्रा आयतन बढ़ाने पर घटेगी। अतः प्रारम्भ में संघनन की दर कम होगी।</p>
<p>(ग) साम्यावस्था पर वाष्पन दर संघनन दर के बराबर होती है। अन्तिम वाष्प दाब समान होगा क्योंक यह ताप पर निर्भर करता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
निम्नलिखित साम्य के लिये K<sub>c</sub> क्या होगा यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सान्द्रतायें हैं-<br />
[SO<sub>2</sub>] = 0.60M, [O<sub>2</sub>] = 0.82 M, [SO<sub>3</sub>] = 1.90M<br />
2SO<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub> (g) \(\rightleftharpoons\) 2SO<sub>3</sub> (g)<br />
हल:<br />
अभिक्रिया<br />
2SO<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub>(g) \(\rightleftharpoons\) 2SO<sub>3</sub>(g)<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{SO}_3\right]^2}{\left[\mathrm{SO}_2\right]^2\left[\mathrm{O}_2\right]}\)<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{(1.90)^2}{(0.60)^2(0.82)}\)<br />
K<sub>c</sub> = 12.229 mol L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
एक निश्चित ताप एवं कुल दाब 10<sup>5</sup>P<sub>a</sub> पर आयोडीन वाष्प में आयतानुसार 40% आयोडीन परमाणु होते हैं।<br />
I<sub>2</sub>(g) = 2I(g)<br />
साम्य के लिए K<sub>p</sub> की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
साम्य पर कुल दाब = 10<sup>5</sup>P<sub>a</sub>a<br />
आयोडीन परमाणु I का आंशिक दाब<br />
P<sub>i</sub> = \(\frac { 40 }{ 100 }\) x (10<sup>5</sup>P<sub>a</sub>) = 0.4 x 10<sup>5</sup>P<sub>a</sub><br />
आयोडीन अणुओं (12) का आंशिक दाब<br />
P<sub>i<sub>2</sub></sub> = \(\frac { 60 }{ 100 }\) × (10<sup>5</sup>P<sub>a</sub>) = 0.6 × 10<sup>5</sup>P<sub>a</sub><br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{I}}\right)^2}{P_{\mathrm{I}_2}}=\frac{\left(0.4 \times 10^5\right)^2}{\left(0.6 \times 10^5\right)}\)<br />
= 2.67 × 10<sup>4</sup> P<sub>a</sub></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
निम्नलिखित में से प्रत्येक अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक K<sub>C</sub> का व्यंजक लिखिए-<br />
(i) 2NOCl(g) ⇌ 2NO (g) + Cl1⁄2 (g)<br />
(ii) 2Cu(NO<sub>3</sub>)<sub>2</sub>(s) ⇌ 2CuO(s) + 4NO<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub>(g)<br />
(iii) CH<sub>3</sub>COOC<sub>2</sub>H<sub>5</sub>(g) + H<sub>2</sub>O(l) ⇌ C<sub>3</sub>COOH(aq) + C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>OH(aq)<br />
(iv) Fe<sup>3+</sup>(aq) + 3OH<sup>&#8211;</sup>(aq) ⇌ Fe(OH)<sub>3</sub>(s)<br />
(v) I<sub>2</sub>(s) + 5F<sub>2</sub> ⇌ 2IF<sub>5</sub><br />
हल:<br />
(i) K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NO}^2\left[\mathrm{Cl}_2\right]\right.}{[\mathrm{NOCl}]^2}]\)<br />
(ii) K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NO}_2\right]^4[\mathrm{CuO}]^2\left[\mathrm{O}_2\right]}{\left[\mathrm{Cu}\left(\mathrm{NO}_3\right)_2\right]^2}=\left[\mathrm{NO}_2\right]^4\left[\mathrm{O}_2\right]\)<br />
(iii) K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{CH}_3 \mathrm{COOH}\right]\left[\mathrm{C}_2 \mathrm{H}_5 \mathrm{OH}\right]}{\left[\mathrm{CH}_3 \mathrm{COOC}_2 \mathrm{H}_5\right]\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\right]}\)<br />
(iv) K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{Fe}(\mathrm{OH})_3\right]}{\left[\mathrm{Fe}^{3+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]^3}=\frac{1}{\left[\mathrm{Fe}^{3+}\right]\left[\mathrm{OH}^{-}\right]^3}\)<br />
(v) K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{IF}_{\mathrm{s}}\right]^2}{\left[\mathrm{~F}_2\right]^5}\)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
K के मान से निम्नलिखित में से प्रत्येक साम्य के लिए K<sub>c</sub> का मान ज्ञात कीजिए।<br />
(i) 2NOCl (g) ⇌ 2NO(g) + Cl<sub>2</sub> (g)<br />
K<sub>p</sub> = 1·8 × 10<sup>-2</sup> 500K ताप पर</p>
<p>(ii) CaCO<sub>3</sub> (g) ⇌ CaO ( s) + CO<sub>2</sub> (g)<br />
K<sub>p</sub> = 1.67, 1073K ताप पर<br />
हल:<br />
(i) 2NOCl(g) ⇌ 2NO(g) + Cl<sub>2</sub>(g)<br />
K<sub>p</sub> = 1.8 × 10<sub>-2</sub><br />
∆n = (2 + 1) &#8211; 2 = 1<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\mathrm{K}_p}{(\mathrm{RT})^{\Delta n}}=\frac{1.8 \times 10^{-2}}{(0.0821 \times 500)^1}\)<br />
= 4.4 × 10<sup>-4</sup> mol L<sup>-1</sup></p>
<p>(ii) CaCO<sub>3</sub>(s) ⇌ CaO (s) + CO<sub>2</sub>(g)<br />
K<sub>p</sub> = 167 ∆n = 1<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\mathrm{K}_p}{(\mathrm{RT})^{\Delta n}}=\frac{167}{0.0821 \times 1073}\)<br />
= 1.90 mol L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
NO(g) + O<sub>3</sub>(g) ⇌ NO<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub>(g) के लिए 1000 K पर K<sub>C</sub> = 6.3 x 10<sup>14</sup> है। साम्य में अग्र एवं प्रतीप दोनों अभिक्रियाएँ प्राथमिक रूप से द्विअणुक हैं। प्रतीप अभिक्रिया के लिए K&#8217;<sub>C</sub> क्या है?<br />
उत्तर:<br />
प्रतीप अभिक्रिया के लिये.<br />
K&#8217;<sub>c</sub> = \(\frac{1}{6.3 \times 10^{14}}\) = 1.59 × 10<sup>-15</sup></p>
<p>प्रश्न 7.<br />
साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?<br />
उत्तर:<br />
सुविधा के लिए शुद्ध ठोस के लिए द्रव्यमान स्थिर होता है यदि शुद्ध द्रव अधिक मात्रा में है तब इसका त्रिज्या द्रव्यमान भी स्थिर होगा अतः क्रिया द्रव्यमान एक लिया जा सकता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36839" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 1" width="427" height="171" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-1.png 427w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-1-300x120.png 300w" sizes="auto, (max-width: 427px) 100vw, 427px" /><br />
घनत्व एक गहन गुण है तथा पदार्थ के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है। इसके अतिरिक्त एक शुद्ध पदार्थ (ठोस या द्रव) की मोलर सान्द्रता के मान सदैव समान रहते हैं तथा इन्हें साम्य स्थिरांक का मान लिखते समय उपेक्षित किया जा सकता है। यद्यपि गैसीय अवस्था या जलीय विलयन में, पदार्थों लिए दिये गये आयतन में उनकी मात्रा परिवर्तनीय हो सकती है तथा उनकी मोलर सान्द्रता स्थिर नहीं रहती जिससे साम्य स्थिरांक के लिए व्यंजक लिखते समय इसे उपेक्षित नहीं किया जा सकता।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
N<sub>2</sub> और O<sub>2</sub> के मध्य निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-<br />
2N<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub>(g) ⇌ 2N<sub>2</sub>O(g)<br />
यदि एक 101 के पात्र में 0.48 mol N<sub>2</sub> एवं 0.933 mol O<sub>2</sub> रखे जायें तथा एक ताप जिस पर N<sub>2</sub>O बनने दिया जाये तो साम्य मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए। (K<sub>c</sub> = 20 x 10<sup>-37</sup>)<br />
हल:<br />
माना कि N<sub>2</sub>(g) के X मोल अभिक्रिया में भाग लेते हैं। अभिक्रिया के अनुसार O<sub>2</sub> के \(\frac { X }{ 2 }\) मोल अभिक्रिया करके N<sub>2</sub>O(g) के X मोल बनायेंगे। उस स्पीशीज की अभिक्रिया के पहले तथा साम्य बिन्दु पर प्रति लीटर मोलर सान्द्रतायें हैं-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36840" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 2" width="399" height="176" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-2.png 399w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-2-300x132.png 300w" sizes="auto, (max-width: 399px) 100vw, 399px" /><br />
साम्य स्थिरांक का मान अत्यन्त कम है अतः अभिकारकों को केवल कुछ मात्रा ही अधिकृत हुई है। इसलिए X अत्यन्त कम होगा तथा अभिकारकों के सम्बन्ध में इसे उपेक्षणीय माना जा सकता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36841" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 3" width="316" height="332" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-3.png 316w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-3-286x300.png 286w" sizes="auto, (max-width: 316px) 100vw, 316px" /><br />
उत्तर-अतः साम्य मिश्रण में<br />
N<sub>2</sub> की मोलर सान्द्रता = 0.0482 mol L<sup>-1</sup><br />
O<sub>2</sub> की मोलर सान्द्रता = 0.0433 mol L<sup>-1</sup><br />
N<sub>2</sub>O की मोलर सान्द्रता = 6.58 x 10<sup>-20</sup> mol L<sup>-1</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार नाइट्रिक ऑक्साइड Br<sub>2</sub> से अभिक्रिया करके नाइट्रोसिल ब्रोमाइड बनाती हैं।<br />
2NO(g) + Br<sub>2</sub>(g) ⇌ 2NOBr<sub>(g)</sub><br />
जब स्थिर ताप पर एक बन्द पात्र में 0-087 mol NO एवं 0.0437 mol Br<sub>2</sub> मिश्रित किए जाते हैं तब 0.0518 mol NOBr प्राप्त होती है। NO तथा Br<sub>2</sub> की साम्य मात्रा ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
2NO(g) + Br<sub>2</sub>(g) ⇌ 2NOBr<sub>(g)</sub><br />
NO(g) के 2 मोल, Br<sub>2</sub>(g) के मोल से अभिक्रिया करके 2 मोल NOBr<sub>(g)</sub> बनाते हैं। साम्य मिश्रण के संगठन निम्नवत् हैं-<br />
साम्य पर निर्मित NOBr(g) के मोलों की संख्या = 0.0518 mol<br />
NO(g) के मोलों की संख्या = 0.0518 मोल<br />
साम्य पर NO (g) के शेष मोलों की संख्या<br />
= 0.087 &#8211; 0.0518 = 00352 मोल<br />
Br<sub>2</sub>(g) के मोलों की संख्या =\(\frac { 1 }{ 2 }\) x 0.0518 = 0.0259<br />
साम्य पर Br<sub>2</sub>(g) के शेष मोलों की संख्या<br />
= 0.437 &#8211; 0.0259<br />
= 0.0178 mol<br />
उत्तर-विभिन्न स्पीशीज की प्रारम्भिक मोलर सान्द्रताएँ तथा साम्य मोलर सान्द्रताओं को निम्न प्रकार निरूपित कर सकते हैं।<br />
2NO(g) + Br<sub>2</sub>(g) ⇌ 2NOBr(g)<br />
प्रारम्भिक मोल 0-087 0.0437 0<br />
साम्य पर मोल 0.0352 00178 0.0518</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
साम्य 2SO<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub>(g) ⇌ 2SO<sub>3</sub>(g) के लिये 450K पर K<sub>p</sub> = 2.0 × 10<sup>+10</sup> bar<sup>-1</sup> है। इस ताप पर K<sub>C</sub> के मान की गणना करो।<br />
हल:<br />
दिया गया है<br />
K<sub>p</sub> = 2 × 10<sup>10</sup> bar<sup>-1</sup><br />
R = 0.0831 L bar K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
T = 450K<br />
2SO<sub>2</sub>(g) + O<sub>2</sub>(g) ⇌ 2SO<sub>3</sub>(g)<br />
∆n = 2 &#8211; 3 = &#8211; 1<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\mathrm{K}_p}{(\mathrm{RT})^{\Delta n}}\)<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{2.0 \times 10^{10}}{(0.0831 \times 450)^{-1}}\)<br />
K<sub>c</sub> = 2.0 x 10<sup>10</sup> x 0.0831 x 450<br />
K<sub>c</sub> = 7.47 x 10<sup>10</sup> mol L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
HI (g) का एक नमूना 0.2 atm दाब पर एक फ्लास्क में रखा जाता है। साम्य पर H<sub>2</sub>(g) का आंशिक दाब 0.08 atm है। दिये गये साम्य के लिए K<sub>p</sub> का मान क्या होगा?<br />
2HI (g) ⇌ H<sub>2</sub> (g) + I<sub>2</sub> (g)<br />
हल:<br />
P<sub>HI</sub> = 0.04 atm<br />
P<sub>H<sub>2</sub></sub> = 0.08 atm<br />
P<sub>I<sub>2</sub></sub> = 0.08 atm<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{H}_2} \times \mathrm{P}_{1_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{HI}}^2}\)<br />
= \(\frac{(0.08)(0.08)}{(0.04)(0.04)}\)<br />
K<sub>p</sub> = 4</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
500 K ताप पर एक 20 L पात्र में Ng के 1.57 मोल H<sub>2</sub> के 1.92 मोल एवं NH<sub>3</sub> के 8.13 मोल को लिया जाता है। अभिक्रिया<br />
N<sub>2</sub>(g) + 3 H<sub>2</sub> (g) ⇌ 2NH<sub>3</sub> (g) के लिए K<sub>C</sub> का मान 1.7 x 10² है। क्या अभिक्रिया मिश्रण साम्य में है? यदि नहीं तो नेट अभिक्रिया की दिशा क्या होगी?<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36842" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 4" width="310" height="448" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-4.png 310w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-4-208x300.png 208w" sizes="auto, (max-width: 310px) 100vw, 310px" /><br />
यहाँ अभिक्रिया भागफल (Q<sub>C</sub>) का मान K<sub>c</sub> से अधिक है। अर्थात् Q<sub>C</sub> &gt; K<sub>c</sub> अतः अभिक्रिया साम्य में न होकर विपरीत दिशा में अग्रसरित होगी।</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
एक गैसीय अभिक्रिया के लिए<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_3\right]^4\left[\mathrm{O}_2\right]^5}{\left[\mathrm{NO}^4\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{O}\right]^6\right.}\) है तो<br />
इस व्यंजक के लिए संतुलित समीकरण लिखिए।<br />
उत्तर:<br />
4 NO<sub>(g)</sub> + 6H<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> → 4 (4NH<sub>3</sub>) NH<sub>3</sub> (g) + 5O<sub>2</sub> (g)</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
H<sub>2</sub>O का एक मोल एवं CO का एक मोल 725 K ताप पर 101 के पात्र में लिए जाते हैं। साम्य पर 40% जल भारात्मक CO के साथ निम्नलिखित समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करता है।<br />
H<sub>2</sub>O (g) + CO (g) ⇌ H<sub>2</sub> (g) + CO<sub>2</sub> (g)<br />
अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
वास्तविक रूप से उपस्थित जल के मोलों की संख्या = 1 mol<br />
अधिकृत जल का प्रतिशत = 40%<br />
अधिकृत जल के मोलों की संख्या = (1.0 0.4)<br />
समीकरण के अनुसार जल के 0.4ml, CO के 0.4 ml के साथ अभिक्रिया करके 0.4 ml H<sub>2</sub> तथा 0.4 mol CO<sub>2</sub> बनाएँगे। अतः अभिक्रिया से पहले तथा साम्य बिन्दु पर अभिकारकों तथा उत्पादों की मोलर सान्द्रता प्रति लीटर निम्न प्रकार होगी-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36843" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-5.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 5" width="371" height="447" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-5.png 371w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-5-249x300.png 249w" sizes="auto, (max-width: 371px) 100vw, 371px" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
700K ताप पर अभिक्रिया<br />
H<sub>2</sub> (g) + I<sub>2</sub> (g) = 2HI (g)<br />
के लिए साम्य स्थिरांक 54.8 है। यदि हमने शुरू में HI (g) लिया हो, 700K ताप पर साम्य स्थापित हो तथा साम्य पर 0.5 ml L<sup>-1</sup> HI (g) उपस्थित हो तो साम्य पर H<sub>2</sub> (g) एवं I<sub>2</sub> (g) की सान्द्रता क्या होगी ?<br />
हल:<br />
माना H<sub>2</sub> (g) तथा I<sub>2</sub> (g) की साम्यावस्था पर सान्द्रता X mol L<sup>-1</sup> है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36844" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 6" width="340" height="414" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-6.png 340w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-6-246x300.png 246w" sizes="auto, (max-width: 340px) 100vw, 340px" /><br />
साम्यावस्था पर [H<sub>2</sub>] = 0.068 mol L<sup>-1</sup><br />
[I<sub>2</sub>] = 0.068 mol L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 16.<br />
ICl की सान्द्रता प्रारम्भ में 0.78 M को यदि साम्य पर दिया जाये प्रत्येक की साम्य सान्द्रतायें क्या होंगी।<br />
2 ICl<sub>(g)</sub> ⇌ I<sub>2(g)</sub> + Cl<sub>2(g)</sub> Kc = 0.14<br />
हल:<br />
अभिक्रिया<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36845" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 7" width="324" height="500" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-7.png 324w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-7-194x300.png 194w" sizes="auto, (max-width: 324px) 100vw, 324px" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
नीचे दर्शाये गये साम्य में 899 K पर K<sub>p</sub> का मान 0.04 atm है। C<sub>2</sub>H<sub>6</sub> (g) साम्य पर सान्द्रता क्या होगी यदि 4.0 atm दाब पर C<sub>2</sub>H <sub>6</sub>को एक फ्लास्क में रखा गया है एवं साम्यावस्था पर आने दिया जाता है।<br />
C<sub>2</sub>H<sub>6(g)</sub> ⇌ C<sub>2</sub>H<sub>4(g)</sub> + H<sub>2(g)</sub><br />
हल:<br />
अभिक्रिया में,<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36846" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 8" width="322" height="98" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-8.png 322w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-8-300x91.png 300w" sizes="auto, (max-width: 322px) 100vw, 322px" /><br />
साम्यावस्था पर मोलों की कुल संख्या,<br />
= 4 &#8211; α + α + α<br />
= 4 + α<br />
C<sub>2</sub>H<sub>6</sub> के मोल अंश x<sub>C<sub>2</sub></sub>H<sub>6</sub> = \(\frac{(4-\alpha)}{(4+\alpha)}\)<br />
C<sub>2</sub>H<sub>4</sub> के मोल अंश x<sub>C<sub>2</sub></sub>H<sub>6</sub> = \(\frac{\alpha}{(4+\alpha)}\)<br />
H<sub>2</sub> के मोल अंश H<sub>H<sub>2</sub></sub> = \(\frac{\alpha}{(4+\alpha)}\)<br />
P<sub>C<sub>2</sub></sub> = X<sub>C<sub>2</sub></sub>H<sub>6</sub> x कुल दाब<br />
= \(\frac{(4-\alpha)}{(4+\alpha)}\) x 1 atm<br />
= \(\frac{(4-\alpha)}{(4+\alpha)}\) atm<br />
P<sub>C<sub>2</sub></sub>H<sub>4</sub> = x<sub>C<sub>2</sub></sub>H<sub>4</sub> x कुल दाब<br />
= \(\frac{\alpha}{(4+\alpha)}\) x 1 atm<br />
= \(\frac{\alpha}{(4+\alpha)}\)atm<br />
P<sub>H<sub>2</sub></sub> = X<sub>H<sub>2</sub></sub> x कुल दाब<br />
= \(\frac{\alpha}{(4+\alpha)}\) x 1 atm<br />
= \(\frac{\alpha}{(4+\alpha)}\) atm<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36847" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-9.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 9" width="471" height="332" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-9.png 471w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-9-300x211.png 300w" sizes="auto, (max-width: 471px) 100vw, 471px" /><br />
अत: C<sub>2</sub>H<sub>6</sub> की सान्द्रता (4 &#8211; α) = 4 &#8211; 0.78 = 3.22</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
एथेनॉल एवं ऐसीटिक अम्ल की अभिक्रिया में ऐथिल ऐसीटेट बनाया जाता है एवं साम्य को इस प्रकार दर्शाया जा सकता है।<br />
CH<sub>3</sub>COOH(l) + C<sub>2</sub>H<sub>5</sub>OH(l) ⇌ CH<sub>3</sub>COOC<sub>2</sub>H<sub>5</sub>(l) + H<sub>2</sub>O<br />
(i) इस अभिक्रिया के लिए सान्द्रता अनुपात (अभिक्रिया भागफल) Q<sub>c</sub> लिखिए।</p>
<p>(ii) यदि 293 K पर 1.00 mol ऐसीटिक अम्ल एवं 0.18 mol ऐथेनॉल प्रारम्भ लिया जाय तो अन्तिम साम्य मिश्रण में 0.171 mol एथिल ऐसीटेट है। साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।</p>
<p>(iii) 0.5mol ऐथेनॉल 1.0 mol ऐसीटिक अम्ल से प्रारम्भ करते हुए 293 K ताप पर कुछ समय पश्चात् एथिल ऐसीटेट के 0.214 मोल पाए गये तो क्या साम्य स्थिरांक स्थाई हो गया।<br />
हल:<br />
(i) अभिक्रिया के लिए सान्द्रता अनुपात<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36876" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/10/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-10-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 10" width="427" height="554" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/10/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-10-1.png 427w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/10/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-10-1-231x300.png 231w" sizes="auto, (max-width: 427px) 100vw, 427px" /></p>
<p>चूँकि Q<sub>C</sub> का मान K से कम है (Q<sub>C</sub> &lt; K<sub>c</sub>) अतः साम्यावस्था प्राप्त नहीं होगी परन्तु अभिकारक अभिक्रिया में भाग लेंगे तथा उत्पाद बनाएँगे।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
437 K ताप पर निर्वात में PCl<sub>5</sub> का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCI<sub>5</sub> की सान्द्रता 0.5 x 10<sup>-1</sup> mol L<sup>-1</sup> पाई गई, यदि K<sub>c</sub> का मान 8.3 x 10<sup>-3</sup> है। तो साम्य पर PCI<sub>3</sub> एवं CI<sub>2</sub> की सान्द्रताएँ क्या होंगी।<br />
PCI<sub>5</sub> (g) ⇌ PCI<sub>3</sub> (g) + CI<sub>2</sub> (g)<br />
हल:<br />
माना PCl<sub>5</sub> की मोलर सान्द्रता प्रति लीटर = X मोल L<sup>-1</sup><br />
साम्यावस्था पर PCI<sub>5</sub> की मोलर सान्द्रता = 0.05 mol L<sup>-1</sup><br />
PCI<sub>3</sub> के वियोजित मोल = (X &#8211; 0.05) mol L<sup>-1</sup><br />
CI<sub>2</sub> के प्राप्त मोल = (X &#8211; 0.05) mol L<sup>-1</sup><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36849" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-11.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 11" width="434" height="342" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-11.png 434w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-11-300x236.png 300w" sizes="auto, (max-width: 434px) 100vw, 434px" /><br />
साम्य बिन्दु पर PCI<sub>3</sub> की मोलर सान्द्रता<br />
= (0.07 &#8211; 0.05) = 0.02 mol L<sup>-1</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 20.<br />
लौह अयस्क से स्टील बनाते समय जो अभिक्रिया होती है वह आयरन (II) ऑक्साइड का कार्बन मोनो ऑक्साइड द्वारा अपचयन है एवं इससे धात्विक लौह एवं CO<sub>2</sub> मिलते हैं।<br />
FeO (s) + CO (g) ⇌ Fe (s) + CO<sub>2</sub> (g)<br />
K<sub>p</sub> = 0.265 atm at 1050K<br />
1050 K पर CO एवं CO<sub>2</sub> के साम्य पर आंशिक दाब क्या होंगे यदि उनके प्रारम्भिक आशिक दाब हैं।<br />
P<sub>CO</sub> = 14 atm एवं P<sub>CO<sub>2</sub></sub> = 0.80 atm<br />
हल:<br />
FeO(s) + CO (g) ⇌ Fe (s) + CO<sub>2</sub>(g)<br />
अभिक्रिया के लिये, Q<sub>p</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}}}\)<br />
दिया गया है। P<sub>CO<sub>2</sub></sub> = 0.80atm<br />
P<sub>CO</sub> = 1.4 atm<br />
K<sub>p</sub> = 0.265 atm<br />
Q<sub>p</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}}}=\frac{0 \cdot 81}{1 \cdot 40}\) = 0.571<br />
परन्तु K<sub>p</sub> = 0.265<br />
चूँकि Q<sub>p</sub>, K<sub>p</sub> से अधिक है अतः अभिक्रिया पश्चगामी दिशा में अग्रसारित होगी। अत: CO<sub>2</sub> का दाव घटेगा तथा CO का दाब बढ़ेगा जिससे साम्यावस्था प्राप्त हो सके। अतः यदि CO<sub>2</sub> के दाब में होने वाली कमी p है तो CO के दाव में वृद्धि होगी।<br />
साम्यावस्था पर P<sub>CO<sub>2</sub></sub> = (0.80 &#8211; p) atm<br />
P<sub>CO</sub> = (1.4 + p) atm<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}_2}}{\mathrm{P}_{\mathrm{CO}}}\)<br />
0.265 = \(\frac{0 \cdot 80-p}{1 \cdot 40+p}\)<br />
0.265 (1.4+p) = 0.80 &#8211; p<br />
0.371 + 0.265p = 0.80 &#8211; p<br />
1.265p = 0.429<br />
P = \(\frac { 0.429 }{ 1.265 }\) = 0.339 atm<br />
अतः साम्यावस्था पर P<sub>CO</sub> = 1.4 + 0.339<br />
= 1.739 atm<br />
P<sub>CO<sub>2</sub></sub> = 0.80 &#8211; 0.339 = 0.461 atm</p>
<p>प्रश्न 21.<br />
अभिक्रिया N<sub>2</sub> (g) + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2 NH<sub>3</sub> के लिए (500 K पर) साम्य स्थिरांक K<sub>C</sub> = 0.061 है एक विशेष समय पर मिश्रण का संघटन इस प्रकार है-<br />
[N<sub>2</sub>] = 3.0 mol L<sup>-1</sup> [H<sub>2</sub>] = 2.0 mol L<sup>-1</sup><br />
एवं [NH<sub>3</sub>] = 0.5 mol L<sup>-1</sup><br />
क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसरित होगी?<br />
हल:<br />
N<sub>2</sub> (g) + 3H<sub>2</sub> ⇌ 2 NH<sub>3</sub> (g)<br />
[N<sub>2</sub>] = 3.0 mol L<sup>-1</sup><br />
[H<sub>2</sub>] = 2.0 mol L<sup>-1</sup><br />
[NH<sub>3</sub>] = 0.5 mol L<sup>-1</sup><br />
Q<sub>C</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{NH}_{3(\mathrm{~g})}\right]^2}{\left[\mathrm{~N}_{2(\mathrm{~g})}\right]\left[\mathrm{H}_{2(\mathrm{~g})}\right]^3}=\frac{(0.5)^2}{(3.0)(2.0)^3}\)<br />
= \(\frac{0.25}{(3.0)(2.0)^3}=\frac{0.25}{24}\)<br />
= 0.0104<br />
चूँकि Q<sub>C</sub> का मान K के मान (0.061) से कम है अतः अभिक्रिया साम्यावस्था में नहीं है। यह तब तक अग्रगामी दिशा में अग्रसरित होगी जब तक कि Q<sub>C</sub> का मान K<sub>c</sub> के समान न हो जाये।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
ब्रोमीन मोनो क्लोराइड (BrCI) विघटित होकर ब्रोमीन एवं क्लोरीन देता है तथा साम्य स्थापित होता है ।<br />
2 BrCl (g) ⇌ Br<sub>2</sub> (g) + Cl<sub>2</sub>(g)<br />
इसके लिए 500 K पर K<sub>C</sub> = 32 है। यदि प्रारम्भ में BrCl की सान्द्रता 3.3 x 10<sup>-3</sup> mol L<sup>-1</sup> हो तो साम्य पर मिश्रण में इसकी सान्द्रता क्या होगी?<br />
हल:<br />
माना साम्यावस्था प्राप्त करने के लिये BrCl के x मोल वियोजित होते हैं। विभिन्न स्पीशीज की प्रारम्भिक व साम्य बिन्दु पर मोलर सान्द्रतायें निम्न प्रकार होंगी।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36850" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-12.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 12" width="360" height="609" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-12.png 360w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-12-177x300.png 177w" sizes="auto, (max-width: 360px) 100vw, 360px" /><br />
साम्य बिन्दु पर BrCl की मोलर सान्द्रता<br />
= 3.3 x 10<sup>-3</sup> &#8211; 3.0 x 10<sup>-3</sup><br />
= 3.0 x 10<sup>-4</sup> mol/L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 23.<br />
1127 K एवं 1 atm दाब पर CO तथा CO<sub>2</sub> के गैसीय मिश्रण में साम्यावस्था पर ठोस कार्बन में 90.55% (भारात्मक) CO है।<br />
C<sub>(s)</sub> + CO<sub>2(g)</sub> ⇌ 2CO<sub>(g)</sub><br />
उपर्युक्त ताप पर अभिक्रिया के लिए K<sub>c</sub> के मान की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
अभिक्रिया के लिए K<sub>p</sub> की गणना-<br />
माना गैसीय मिश्रण का कुल द्रव्यमान = 100 g<br />
मिश्रण में CO का द्रव्यमान = 90.55 g<br />
मिश्रण में CO<sub>2</sub> का द्रव्यमान = (100 &#8211; 90.55) = 9.45 g<br />
CO के मोलों की संख्या = \(\frac { 90.55 }{ 28 }\)<br />
= 3.234 mol<br />
CO<sub>2</sub> के मोलों की संख्या =\(\frac { 9.45 }{ 44 }\)<br />
= 0.2l<sub>5</sub> mol<br />
मिश्रण में CO का आंशिक दाब<br />
P<sub>C<sub>O</sub></sub> = \(\frac{3.234}{3.234+0.215}\)<br />
= 0.938 atm<br />
मिश्रण में CO<sub>2</sub> का आंशिक दाब<br />
P<sub>CO<sub>2</sub></sub> = \(\frac{0.215}{(3.234+0.215)}\) x 1 atm<br />
= 0.062 atm<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36851" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-13.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 13" width="399" height="151" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-13.png 399w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-13-300x114.png 300w" sizes="auto, (max-width: 399px) 100vw, 399px" /><br />
K<sub>p</sub> = 0.959 atm R = 0.082 L atm K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
= 1127K<br />
∆<sub>n</sub> = 2 &#8211; 1 = 1<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{14.19}{(0.082) \times(1127 K)}\)<br />
= 0.153 mol L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 24.<br />
298 K पर NO एवं O<sub>2</sub> से NO<sub>2</sub> बनती है।<br />
NO (g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) ⇌ NO<sub>2</sub> (g)<br />
अभिक्रिया के लिए (क) ∆G° एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए &#8211;<br />
∆<sub>f</sub>G° (NO<sub>2</sub>) = 52.0KJ/mol<br />
∆<sub>f</sub>G° (NO) = 87.0kJ/mol<br />
∆<sub>f</sub>G° (O<sub>2</sub>) = 0.0kJ/mol<br />
हल:<br />
(क) ∆G° की गणना &#8211;<br />
∆G° = ∑ ∆G° <sub>(उत्पाद)</sub> &#8211; ∑ ∆G°<sub>(अधिकारक)</sub><br />
∆G° = [∆<sub>f</sub>G° (NO<sub>2</sub>)] &#8211; [∆<sub>f</sub>G°(NO) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∆<sub>f</sub>G°(O<sub>2</sub>)]<br />
∆G° = 52.0 (87.0 + \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 0)<br />
∆G° = 52 &#8211; 87<br />
∆G° = &#8211; 35 kJ mol<sup>-1</sup></p>
<p>(ख) K<sub>c</sub> की गणना ∆<sub>f</sub>G° = &#8211; 2.303 RT log K<sub>c</sub><br />
log K<sub>c</sub> = \(\frac{-\Delta_f \mathrm{G}^{\mathrm{o}}}{2 \cdot 303 \mathrm{RT}}\)<br />
log K<sub>c</sub> = \(\frac{-\left(-35 \times 10^3\right)}{2 \cdot 303 \times 8.314 \times 298}\)<br />
log K<sub>c</sub> = 6.134<br />
K<sub>c</sub> = Antilog 6.134<br />
K<sub>c</sub> = 1.36 x 10<sup>6</sup></p>
<p>प्रश्न 25.<br />
निम्नलिखित में से प्रत्येक साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है &#8211;<br />
(क) PCl<sub>5</sub> (g) ⇌ PCI (g) + Cl<sub>2</sub> (g)<br />
(3) CaO (s) + CO<sub>2</sub> (g) ⇌ CaCO<sub>3</sub> (s)<br />
(ग) 3Fe (s) + 4H<sub>2</sub>O (g) ⇌ Fe<sub>3</sub>O<sub>4</sub> (s) + 4H<sub>2</sub> (g)<br />
उत्तर:<br />
(क) दाब में कमी अग्रगामी अभिक्रिया को बढ़ा देगी तथा उत्पादों के मोलों की संख्या बढ़ेगी।<br />
(ख) दाब में कमी पश्चगामी अभिक्रिया को बढ़ा देगी तथा उत्पादों के मोलों की संख्या घटेगी।<br />
(ग) साम्यावस्था स्थिरांक पर दाब परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। क्योंकि उत्पादों के मोलों की संख्या समान है।</p>
<p>प्रश्न 26.<br />
निम्नलिखित में से दाब बढ़ाने कौन-कौन सी अभिक्रिया प्रभावित होगी? यह भी बताइए कि दाब परिवर्तन करने पर अभिक्रिया अग्र या प्रतीप दिशा में गतिमान होगी।<br />
(i) COCl<sub>2</sub> (g) ⇌ CO (g) + Cl<sub>2</sub> (g)<br />
(ii) CH<sub>4</sub> (g) + 2S<sub>2</sub> (g) ⇌ CS<sub>2</sub> (g) + 2H<sub>2</sub>S (g)<br />
(iii) CO<sub>2</sub> (g) + C<sub>(s)</sub> ⇌ 2 CO (g)<br />
(iv) 2H<sub>2</sub> (g) + CO (g) ⇌ CH<sub>3</sub>OH (g)<br />
(v) CaCO<sub>3</sub> (s) ⇌ CaO (s) + CO<sub>2</sub> (g)<br />
(vi) 4NH (g) + 5O<sub>2</sub>(g) ⇌ 4NO (g) + 6H<sub>2</sub>O (g)<br />
उत्तर:<br />
(i) मोलों की संख्या में अन्तर ∆n = 1 + 1 &#8211; 1 &#8211; 1 दाब वृद्धि पश्चगामी अधिक्रिया का समर्थन करेगी चूँकि पश्चगामी दिशा में गैसीय घटकों के मोलों की संख्या की प्रति इकाई आयतन में कमी हो रही है।</p>
<p>(ii) मोलों की संख्या में अन्तर ∆n = (1 + 2) &#8211; (1 + 2) = 0<br />
दाब वृद्धि साम्यावस्था को प्रभावित नहीं करती है क्योंकि अभिक्रिया के फलस्वरूप मोलों की संख्या में कोई अन्तर नहीं हो रहा है।</p>
<p>(iii) मोलों की संख्या में अन्तर ∆n = 2 &#8211; 1 = 1<br />
दाब में वृद्धि पश्चगामी अभिक्रिया का समर्थन करेगी चूँकि पश्चगामी दिशा में गैसीय घटकों के मोलों की संख्या की प्रति इकाई आयतन में कमी हो रही है।</p>
<p>(iv) मोलों की संख्या में अन्तर ∆n = 1 &#8211; (2 + 1) = &#8211; 2<br />
दाब में वृद्धि अग्रगामी क्रिया का समर्थन करेगी चूँकि अग्रगामी दिशा में गैसीय घटकों के मोलों की संख्या की प्रति इकाई आयतन में कमी हो रही है।</p>
<p>(v) मोलों की संख्या में अन्तर = ∆n = 1<br />
दाब में वृद्धि पश्चगामी अभिक्रिया का समर्थन करेगी चूँकि पश्चगामी दिशा में गैसीय घटकों के मोलों की संख्या की प्रति इकाई आयतन में कमी हो रही है।</p>
<p>(vi) मोलों की संख्या में अन्तर ∆n = (4 + 6) &#8211; (4 + 5) = 1<br />
दाब में वृद्धि पश्चगामी अभिक्रिया का समर्थन करेगी चूँकि पश्चगामी दिशा में गैसीय घटकों के मोलों की संख्या की प्रति इकाई आयतन में कमी हो रही है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 27.<br />
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए 1024 K पर साम्य स्थिरांक 1.6 x 10<sup>5</sup> है।<br />
H<sub>2(g)</sub> + Br<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HBr<sub>(g)</sub><br />
यदि HBr के 10.0 bar सील युक्त पात्र में डाले जाएँ तो सभी गैसों के 1124 K पर साम्य दाब ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
Kp की गणना-<br />
H<sub>2(g)</sub> + Br<sub>2(g)</sub> ⇌ 2HBr<sub>(g)</sub><br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub>(RT)<sup>∆n</sup> ∆n = 0<br />
K<sub>p</sub> = K<sub>c</sub> = 1.6 x 10<sup>5</sup><br />
गैसों के आंशिक दाब-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36852" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-14.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 14" width="338" height="482" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-14.png 338w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-14-210x300.png 210w" sizes="auto, (max-width: 338px) 100vw, 338px" /><br />
उत्तर-P<sub>H<sub>2</sub></sub> = 0.050/2 = 0.025 bar<br />
P<sub>Br<sub>2</sub></sub> = 0.025 bar<br />
P<sub>HBr</sub> = (10 &#8211; 0.050) = 9.95 bar</p>
<p>प्रश्न 28.<br />
निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाई हाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है।<br />
CH<sub>4(g)</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> ⇌ CO<sub>(g)</sub> + 3H<sub>2(g)</sub><br />
(क) उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए K<sub>p</sub> का व्यंजक लिखिए।<br />
(ख) K<sub>p</sub> एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा यदि &#8211;<br />
(i) दाब बढ़ा दिया जाय।<br />
(ii) ताप बढ़ा दिया जाय।<br />
(iii) उत्प्रेरकं प्रयुक्त किया जाय।<br />
उत्तर:<br />
(क) CH<sub>4(g)</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> ⇌ CO<sub>(g)</sub> + 3H<sub>2(g)</sub> के लिए K<sub>p</sub> का व्यंजक<br />
K<sub>p</sub> = \(\frac{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{CO}}\right)\left(\mathrm{P}_{\mathrm{H}_2}\right)^3}{\left(\mathrm{P}_{\mathrm{CH}_4}\right)\left(\mathrm{P}_{\mathrm{H}_2 \mathrm{O}}\right)}\)</p>
<p>(ख) (i) दाब बढ़ाने पर मोलों की संख्या प्रति इकाई आयतन बढ़ेगी। अतः दाब बढ़ाने पर साम्यावस्था बायीं ओर अर्थात् पश्चगामी दिशा में स्थानान्तरित होगी। परिणामस्वरूप अभिकारकों की अधिक मात्रा बनेगी तथा K<sub>p</sub> का मान घट जायेगा।</p>
<p>(ii) यदि ताप बढ़ाया जाता है तो अग्रगामी अभिक्रिया बढ़ेगी चूँकि यह ऊष्माशोषी है इसलिए साम्यावस्था दाई ओर अग्रगामी दिशा में स्थानान्तरित होगी तथा K<sub>p</sub> का मान घटेगा।</p>
<p>(iii) उत्प्रेरक के प्रयोग से साम्यावस्था परिवर्तित नहीं होगी क्योंकि यह अग्रगामी तथा पश्चगामी दोनों अभिक्रियाओं को समान रूप से प्रभावित करता है।</p>
<p>प्रश्न 29.<br />
साम्य 2H<sub>2</sub> (g) + CO (g) ⇌ CH<sub>3</sub>OH (g) पर (i) H<sub>2</sub> मिलाने पर (ii) CH<sub>3</sub>OH मिलाने पर (iii) CO हटाने पर (iv) CH<sub>3</sub>OH हटाने पर साम्यावस्था किस प्रकार प्रभावित होगी?<br />
उत्तर:<br />
(i) साम्यावस्था अग्रगामी दिशा में स्थानान्तरित होगी।<br />
(ii) साम्यावस्था पश्चगामी दिशा में स्थानान्तरित होगी।<br />
(iii) साम्यावस्था पश्चगामी दिशा में स्थानान्तरित होगी।<br />
(iv) साम्यावस्था अग्रगामी दिशा में स्थानान्तरित होगी।</p>
<p>प्रश्न 30.<br />
473 K पर PCl<sub>5</sub> के विघटन के लिए K का मान 8.3 x 10<sup>-3</sup> है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाये तो<br />
PCI<sub>5</sub> (g) ⇌ PCl<sub>3</sub> (g) + Cl<sub>2</sub> (g)<br />
∆<sub>r</sub>H° = 124.0 kJ mol<sup>-1</sup><br />
(क) अभिक्रिया के लिए K<sub>c</sub> का व्यंजक लिखिए।<br />
(ख) प्रतीप अभिक्रिया के लिए समान ताप पर K<sub>c</sub> का मान क्या होगा?<br />
(ग) यदि<br />
(i) और अधिक PCl<sub>5</sub> मिलाया जाये।<br />
(ii) दाब बढ़ाया जाये।<br />
(iii) ताप बढ़ाया जाये तो K<sub>c</sub> पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?<br />
उत्तर:<br />
(क) K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{PCl}_3\right]\left[\mathrm{Cl}_2\right]}{\left[\mathrm{PCl}_5\right]}\)<br />
यहाँ दिया है K<sub>c</sub> = 8.3 × 10<sup>-3</sup></p>
<p>(ख) प्रतीप अभिक्रिया के लिये,<br />
K<sub>c</sub>&#8216; = \(\frac{\left[\mathrm{PCl}_5\right]}{\left[\mathrm{PCl}_3\right]\left[\mathrm{Cl}_2\right]}\)<br />
K<sub>c</sub>&#8216; = \(\frac{1}{\mathrm{~K}_{\mathrm{C}}}\)<br />
K<sub>c</sub>&#8216; = \(\frac{1}{8.3 \times 10^{-3}}\) = 120.48</p>
<p>(ग) (i) यदि और अधिक PCl<sub>5</sub> मिलाया जायेगा तो K<sub>c</sub> का मान नियत रहता है।</p>
<p>(ii) जब दाब बढ़ाया जाता है तो अभिक्रिया कम आयतन की दिशा में अग्रसर होती है अतः अभिक्रिया पश्चगामी दिशा में विस्थापित हो जायेगी परिणामस्वरूप K<sub>c</sub> का मान घट जायेगा।</p>
<p>(iii) ताप बढ़ाने पर अग्रगामी अभिक्रिया तीव्र होगी चूँकि अभिक्रिया ऊष्माशोषी है। इसलिए साम्यावस्था स्थिरांक K<sub>c</sub> का मान बढ़ जायेगा।</p>
<p>प्रश्न 31.<br />
हैबर विधि में प्रयुक्त हाइड्रोजन को प्राकृतिक गैस से प्राप्त मेथेन को उच्च ताप की भाप से क्रिया कर बनाया जाता है। दो पदों वाली अभिक्रिया में प्रथम पद में CO तथा H<sub>2</sub> बनती है। दूसरे पद में प्रथम पद में बनने वाली CO और अधिक भाप से क्रिया करती है।<br />
CO<sub>(g)</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> ⇌ CO<sub>2(g)</sub> + H<sub>2(g)</sub><br />
यदि 400°C पर अभिक्रिया पात्र में CO एवं भाप का सममोलर मिश्रण इस प्रकार लिया जाये कि P<sub>CO</sub> = P<sub>H<sub>2</sub>O</sub> = 4.0 bar, H<sub>2</sub> का साम्यावस्था पर आंशिक दाब क्या होगा?<br />
400°C पर K<sub>p</sub> = 10.1 है।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36853" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-15.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 15" width="349" height="387" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-15.png 349w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-15-271x300.png 271w" sizes="auto, (max-width: 349px) 100vw, 349px" /></p>
<p>प्रश्न 32.<br />
बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सान्द्रता सुप्रेक्ष्य होगी &#8211;<br />
(क) Cl<sub>2</sub> (g) ⇌ 2Cl (g) K<sub>c</sub> = 5 × 10<sup>-39</sup><br />
(ख) Cl<sub>2</sub> (g) + 2NO (g) ⇌ 2NOCl (g) K<sub>c</sub> = 3.7 x 10<sup>8</sup><br />
(ग) Cl<sub>2</sub> (g) + 2 NO<sub>2</sub> (g) ⇌ 2 NO<sub>2</sub> Cl (g) K<sub>c</sub> = 1.8<br />
उत्तर:<br />
(क) K<sub>c</sub> = 5 x 10<sup>-9</sup> यह मान अत्यन्त कम है। इसलिये साम्यावस्था पर अभिकारकों की मात्रा बहुत अधिक है।</p>
<p>(ख) K<sub>c</sub> = 3.7 x 10<sup>8</sup> यह मान अत्यधिक उच्च है इसलिए साम्यावस्था पर उत्पादों की मात्रा बहुत अधिक है तथा अभिक्रिया पूर्णता के निकट है।</p>
<p>(ग) K<sub>c</sub> = 1.8 यह मान 1 से अधिक है। इसलिए अभिकारकों की मात्रा उत्पादों की मात्रा से कम होगी। अतः इस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सान्द्रता सप्रेक्ष्य होगी।</p>
<p>प्रश्न 33.<br />
25°C पर अभिक्रिया 3O<sub>2</sub> (g) ⇌ 2O<sub>3</sub> (g) के लिए K का मान 2.0 x 10<sup>-50</sup> है यदि वायु में 25°C ताप पर O<sub>2</sub> की साम्यावस्था सान्द्रता 1.6 x 10<sup>-2</sup> है तो O<sub>3</sub> की सान्द्रता क्या होगी?<br />
हल:<br />
3O<sub>2</sub> (g) ⇌ 2O<sub>3</sub> (g)<br />
K<sub>c</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{O}_3\right]^2}{\left[\mathrm{O}_2\right]^3}\)<br />
2.0 x 10<sup>-50</sup> = \(\frac{\left[\mathrm{O}_3\right]^2}{\left(1.6 \times 10^{-2}\right)^3}\)<br />
[O<sub>3</sub>]² = 2.0 x 10<sup>-50</sup> x 2.56 x 1.6 × 10<sup>-6</sup><br />
= 8.19 × 10<sup>-56</sup><br />
[O<sub>3</sub>] = 2.9 x 10<sup>-28</sup> mol L<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 34.<br />
CO<sub>(g)</sub> + 3H<sub>2(g)</sub> ⇌ CH<sub>4 (g)</sub> + H<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> अभिक्रिया एक लीटर फ्लास्क में 1300 K पर साम्यावस्था में है। इसमें CO के 0.3 mol, H<sub>2</sub>,के 0.01 mol, H<sub>2</sub> O के 0.01 mol एवं CH<sub>4</sub>, की अज्ञात<br />
मात्रा है दिये गये ताप पर अभिक्रिया के लिए K<sub>c</sub> का मान 3.90 है। मिश्रण में CH<sub>4</sub> की मात्रा ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36854" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-16.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 16" width="307" height="312" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-16.png 307w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-16-295x300.png 295w" sizes="auto, (max-width: 307px) 100vw, 307px" /></p>
<p>प्रश्न 35.<br />
संयुग्मी अम्ल-क्षारक युग्म का क्या अर्थ है। निम्नलिखित स्पीशीज के लिए संयुग्मी अम्ल / क्षारक बताइए-<br />
HNO<sub>2</sub> CN<sup>&#8211;</sup>, HClO<sub>4</sub>, F<sup>&#8211;</sup>, OH<sup>&#8211;</sup>, CO<sub>3</sub><sup>2-</sup>, एवं S<sup>2-</sup><br />
उत्तर:<br />
अम्ल तथा क्षारक के वे युग्म जो क्रमश: एक प्रोटॉन की उपस्थिति या अनुपस्थिति के कारण एक-दूसरे से भिन्न होते हैं, संयुग्मी अम्ल-क्षारक युग्म कहलाते हैं अतः संयुग्मी अम्ल में एक अतिरिक्त प्रोटॉन होता है तथा प्रत्येक क्षारक में एक प्रोटॉन कम होता है।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36855" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-17.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 17" width="263" height="195" /></p>
<p>प्रश्न 36.<br />
निम्नलिखित में कौन लूइस अम्ल हैं?<br />
H<sub>2</sub>O, BF<sub>3</sub>, H<sup>+</sup> एक NH<sub>4</sub><sup>+</sup><br />
उत्तर:<br />
BF<sub>3</sub>, H<sup>+</sup> लूईस अम्ल हैं।</p>
<p>प्रश्न 37.<br />
निम्नलिखित ब्रॉन्स्टेड अम्लों के लिए संयुग्मी क्षारकों के सूत्र लिखिए-<br />
HF, H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> एक HCO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
उत्तर:</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>ब्रॉन्स्टेड अम्ल</td>
<td>संयुग्मी क्षारक</td>
</tr>
<tr>
<td>HF</td>
<td>F<sup>&#8211;</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub></td>
<td>HSO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>HCO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup></td>
<td>CO<sub>3</sub><sup>2-</sup></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 38.<br />
ब्रॉन्स्टेड क्षारकों NH<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup>, NH<sub>3</sub> तथा HCOO<sup>&#8211;</sup> के संयुग्मी अम्ल लिखिए।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>ब्रॉन्स्टेड क्षारक</td>
<td>संयुग्मी अम्ल</td>
</tr>
<tr>
<td>NH<sub>2</sub><sup>&#8211;</sup></td>
<td>NH<sub>3</sub></td>
</tr>
<tr>
<td>NH<sub>3</sub></td>
<td>NH<sub>4</sub><sup>+</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>HCOO<sup>&#8211;</sup></td>
<td>HCOOH</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 39.<br />
स्पीशीज H<sub>2</sub>O, HCO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup>, HSO<sub>4</sub> तथा NH<sub>3</sub> ब्रॉन्स्टेड अम्ल तथा क्षारक दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं, प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।<br />
उत्तर:</p>
<table border="2">
<tbody>
<tr>
<td>स्पीशीज</td>
<td>संयुग्मी अम्ल</td>
<td>संयुग्मी क्षारक</td>
</tr>
<tr>
<td>H<sub>2</sub>O</td>
<td>H<sub>3</sub>O<sup>+</sup></td>
<td>OH<sup>&#8211;</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>HCO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup></td>
<td>H<sub>2</sub>CO<sub>3</sub></td>
<td>CO<sub>3</sub><sup>2-</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>HSO<sub>4</sub><sup>&#8211;</sup></td>
<td>H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub></td>
<td>SO<sub>4</sub><sup>2-</sup></td>
</tr>
<tr>
<td>NH<sub>3</sub></td>
<td>NH<sub>4</sub><sup>+</sup></td>
<td>NH<sup>2-</sup></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>प्रश्न 40.<br />
निम्नलिखित स्पीशीज को लूइस अम्ल तथा क्षारक में वर्गीकृत कीजिए तथा बताइए कि ये किस प्रकार लूईस अम्ल-क्षारक का कार्य करते हैं-<br />
(क) OH<sup>&#8211;</sup> (ख) F<sup>&#8211;</sup> (ग) H<sup>+</sup> (घ) BCl<sub>3</sub><br />
उत्तर:<br />
(कं) OH<sup>&#8211;</sup> लुईस क्षारक, यह इलेक्ट्रॉन युग्म दाता है।<br />
(ख) F<sup>&#8211;</sup> लूईस क्षारक, एक इलेक्ट्रॉन युग्म दान कर सकता है।<br />
(ग) H<sup>+</sup> लुईस अम्ल, एक इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकता है।<br />
(घ) BCl<sub>3</sub> लूइस अम्ल, एक इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 41.<br />
एक मृदु पेय के नमूने में हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता 3.8 x 10<sup>-3</sup> M है, उसकी pH ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log (3.8 x 10<sup>-3</sup>)<br />
= 2.4202</p>
<p>प्रश्न 42.<br />
सिरके के एक नमूने की pH 3. 76 है। इसमें हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= \(\frac{1}{\log \left[\mathrm{H}^{+}\right]}=3.76\)<br />
= 3.76<br />
\(\frac{1}{\left[\mathrm{H}^{+}\right]}\) = anti log 3.76 = 5754.4<br />
[H<sup>+</sup>] = 1.74 × 10<sup>4</sup>M</p>
<p>प्रश्न 43.<br />
HF, HCOOH तथा HCN का 298 K का आयनन स्थिरांक क्रमश: 6.8 × 10<sup>-4</sup>, 1.8 × 10<sup>4</sup> तथा 4.8 x 10<sup>-9</sup> है। इनके संगत संयुग्मी क्षारकों के आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
HF के लिए,<br />
K<sub>w</sub> = 10<sup>-14</sup><br />
K<sub>a</sub> = 6.8 × 10<sup>-4</sup><br />
K<sub>b</sub> = \(\frac{\mathrm{K}_w}{\mathrm{~K}_a}=\frac{10^{-14}}{6.8 \times 10^{-4}}\)<br />
= 1.47 × 10<sup>-11</sup><br />
HCOOH के लिए<br />
K<sub>a</sub> = 1.8 × 10<sup>-4</sup><br />
K<sub>b</sub> = \(\frac{\mathrm{K}_w}{\mathrm{~K}_a}\)<br />
= \(\frac{10^{-14}}{4.8 \times 10^{-4}}\)<br />
= 5.55 x 10<sup>-9</sup><br />
HCN के लिए<br />
K<sub>a</sub> = 4.8 × 10<sup>-9</sup><br />
K<sub>b</sub> = \(\frac{\mathbf{K}_w}{\mathbf{K}_a}\)<br />
= \(\frac{10^{-14}}{1.8 \times 10^{-9}}\)<br />
= 2.08 x 10<sup>-6</sup></p>
<p>प्रश्न 44.<br />
फीनॉल का आयनन स्थिरांक 1.0 x 10<sup>-10</sup> है। 0.05 M फीनॉल के विलयन में फीनॉलेट आयन की सान्द्रता तथा 0.01 M सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
माना फीनॉल के C mol जल में घुलकर विलयन बनाते हैं तथा फीनॉल के वियोजन की मात्रा α है । साम्य बिन्दु पर विभिन्न स्पीशीज की सान्द्रता निम्न प्रकार होगी-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36856" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-18.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 18" width="461" height="498" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-18.png 461w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-18-278x300.png 278w" sizes="auto, (max-width: 461px) 100vw, 461px" /><br />
जब फीनॉल (PhOH) को 0.01 M सोडियम फीनेट विलयन में मिलाया जाता है तब<br />
PhOH ⇌ PhO<sup>&#8211;</sup> + H<sup>+</sup><br />
PhONa ⇌ PhO<sup>&#8211;</sup> + Na<sup>+</sup><br />
सोडियम फीनेट के आयनन के कारण PhO<sup>&#8211;</sup> की सान्द्रता की पूर्णता (पूर्ण आयनन) = 0.01 M<br />
PhOH से PhO<sup>&#8211;</sup> आयनों की सान्द्रता = x M<br />
PhO<sup>&#8211;</sup> आयनों की कुल सान्द्रता PhO<sup>&#8211;</sup> = 0.01 + x<br />
= 0.01 M (x अत्यन्त कम होने के कारण नगण्य है)<br />
अनायनित PhOH की सान्द्रता = 0.05 &#8211; x = 0.05 M<br />
PhOH के लिए आयनन स्थिरांक<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36857" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-19.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 19" width="325" height="309" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-19.png 325w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-19-300x285.png 300w" sizes="auto, (max-width: 325px) 100vw, 325px" /></p>
<p>प्रश्न 45.<br />
H<sub>2</sub>S का प्रथम आयनन विभव स्थिरांक 9.1 x 10<sup>-8</sup> है। इसके 0.1 M विलयन में HS<sup>&#8211;</sup> आयनों की सान्द्रता की गणना कीजिए तथा बताइए कि यदि इसमें 0.1 M HCl भी उपस्थित हो तो सान्द्रता किस प्रकार प्रभावित होगी। यदि H<sub>2</sub>S का द्वितीय वियोजन स्थिरांक 1.2 x 10<sup>-13</sup> हो तो सल्फाइड S<sup>2-</sup> आयनों की दोनों स्थितियों में सान्द्रता की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
0.1 M H<sub>2</sub>S विलयन में [HS<sup>&#8211;</sup> ] की गणना-<br />
माना H<sub>2</sub>S के विलयन की मात्रा = α<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36858" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-20.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 20" width="376" height="410" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-20.png 376w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-20-275x300.png 275w" sizes="auto, (max-width: 376px) 100vw, 376px" /><br />
0.1 M HCl विलयन में [HS<sup>&#8211;</sup>] सान्द्रता-<br />
जब 0.1 M HCl विलयन में H<sub>2</sub>S मिलाई जाती है तब वियोजन निम्न प्रकार होता है-<br />
H<sub>2</sub>S ⇌ H<sup>+</sup> + HS<sup>&#8211;</sup><br />
HCl → H<sup>+</sup> + Cl<sup>&#8211;</sup><br />
HCl के वियोजन से प्राप्त (H<sup>+</sup>] = 0.1 M<br />
माना H<sub>2</sub>S (दुर्बल अम्ल) के वियोजन के कारण [H<sup>+</sup>] = xM<br />
H<sup>+</sup> आयनों की कुल सान्द्रता = 0.1 x 0.1 M<br />
(x अत्यन्त कम होने के कारण उपेक्षणीय है)<br />
विलयन में [HS<sup>&#8211;</sup>] = xM<br />
अवियोजित H<sub>2</sub>S की सान्द्रता = [H<sub>2</sub>S] = 0.1 &#8211; x = 0.1 M<br />
K<sub>αl</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{H}^{+}\right]\left[\mathrm{HS}^{-}\right]}{\left[\mathrm{H}_2 \mathrm{~S}\right]}\)<br />
9.1 × 10<sup>-8</sup> = \(\frac{(0.1 \times x)}{(0.1)}\)<br />
x = 9.1 × 10<sup>-8</sup><br />
HCl की अनुपस्थिति में [S<sup>2-</sup>] की गणना-<br />
H<sub>2</sub>S ⇌ H<sup>+</sup> + HS<sup>&#8211;</sup>, K<sub>α1</sub> = 9.1 × 10<sup>-8</sup><br />
HS<sup>&#8211;</sup> ⇌ H<sup>+</sup> + S<sup>2-</sup>, K<sub>α2</sub> = 1.2 × 10<sup>-13</sup><br />
सम्पूर्ण अभिक्रिया के लिए K<sub>α</sub> गणना हेतु दोनों समीकरणों से<br />
K<sub>α</sub> = K<sub>α1</sub> × K<sub>α2</sub> = (9.1 × 10<sup>-8</sup>) × (1.2 × 10<sup>-13</sup>)<br />
= 1.092 × 10<sup>-20</sup><br />
H<sub>2</sub>S का समीकरण निम्न प्रकार होता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36859" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-21.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 21" width="298" height="321" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-21.png 298w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-21-279x300.png 279w" sizes="auto, (max-width: 298px) 100vw, 298px" /><br />
0.1 MHCI की उपस्थिति में [S<sup>2-</sup>] की गणना-<br />
माना H<sub>2</sub>S के वियोजन के कारण [S<sup>2-</sup>] = zM.<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36860" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-22.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 22" width="429" height="292" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-22.png 429w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-22-300x204.png 300w" sizes="auto, (max-width: 429px) 100vw, 429px" /></p>
<p>प्रश्न 46.<br />
ऐसीटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.74 x 10<sup>-5</sup> है इसके 0.05M विलयन में वियोजन की मात्रा, ऐसीटेट आयन सान्द्रता तथा pH का परिकलन कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36861" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-23.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 23" width="534" height="451" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-23.png 534w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-23-300x253.png 300w" sizes="auto, (max-width: 534px) 100vw, 534px" /></p>
<p>प्रश्न 47.<br />
0.01 M कार्बनिक अम्ल (HA) के विलयन की PH 4.15 है। इसके ऋणायन की सान्द्रता, अम्ल का आयनन स्थिरांक तथा pK<sub>a</sub> मान परिकलित कीजिए।<br />
हल:<br />
HA ⇌ H<sup>+</sup> + A<sup>&#8211;</sup><br />
pH = 4.15, C = [HA<sup>&#8211;</sup>] = 0.01 M<br />
[H<sup>+</sup>] = 10<sup>-PH</sup><br />
&#8211; log [H<sup>+</sup>] = 4.15<br />
log [H<sup>+</sup>] = &#8211; 4.15 = \(\overline{5}\).85<br />
[H<sup>+</sup>] = antilog \(\overline{5}\).85 = 7.079 × 10–5<br />
ऋणायन की सान्द्रता [A<sup>&#8211;</sup>] = [H<sup>+</sup>] = 7.08 x 10<sup>-5</sup> M<br />
Ka = (7.08 × 10<sup>-5</sup>)²/0.01 = 5.8 × 10<sup>-7</sup><br />
pK<sub>a</sub> = &#8211; log K<sub>a</sub><br />
= &#8211; log 5.08 × 10<sup>-7</sup> = 6.29</p>
<p>प्रश्न 48.<br />
पूर्ण वियोजन मानते हुए निम्नलिखित विलयनों के pH मान ज्ञात कीजिए।<br />
(क) 0.003 M HCl<br />
(ख) 0.005 M NaOH<br />
(ग) 0.002 M HBr<br />
(घ) 0.002 M KOH<br />
हल:<br />
(क) HCl<sub>(aq)</sub> → H<sup>+</sup><sub>(aq)</sub> + Cl<sup>&#8211;</sup> <sub>(g)</sub><br />
[HCl] = 0.003 M<br />
[H<sup>+</sup>] = [HCl] = 0.003<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = &#8211; log 3 × 10<sup>-3</sup> = 2.528</p>
<p>(ख) NaOH<sub>aq</sub> → Na<sup>+</sup><sub>aq</sub> + OH<sup>&#8211;</sup><sub>aq</sub><br />
[NaOH] = 0.005 = 5 × 10<sup>-3</sup> M<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = [NaOH] = 5 × 10<sup>-3</sup> M<br />
[H<sup>+</sup>] = \(\frac{\left[\mathrm{K}_w\right]}{\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}=\frac{10 \times 10^{-14}}{5.0 \times 10^{-3}}\) = 2 × 10<sup>-12</sup><br />
pH = &#8211; log 2 x 10<sup>-12</sup> = 11.70</p>
<p>(ग) HBr → H<sup>+</sup> + Br<sup>&#8211;</sup><br />
[HBr] = 0.002M = [H<sup>+</sup>]<br />
|pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = &#8211; log 2 × 10<sup>-3</sup> = 2.70</p>
<p>(घ) KOH → K<sup>+</sup> + OH<sup>&#8211;</sup><br />
[OH] = 0.002 M<br />
[H<sup>+</sup>] = \(\frac{\left[\mathrm{K}_w\right]}{\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}=\frac{1 \times 10^{-14}}{0.002}\) = 5 × 10<sup>-12</sup> M<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = 11.30</p>
<p>प्रश्न 49.<br />
निम्नलिखित में विलयनों के pH ज्ञात कीजिए-<br />
(क) 2g TiOH को जल में घोलकर 2 L विलयन बनाया जाए।<br />
(ख) 0.3 g Ca(OH)<sub>2</sub> को जल में घोलकर 500 ml विलयन बनाया जाए।<br />
(ग) 0.3 g NaOH को जल में घोलकर 200 ml विलयन बनाया जाए।<br />
(घ) 13.6 M HCl के ml को जल से तनुकरण करके कुल आयतन 1 L किया जाए।<br />
हल:<br />
(क) Ti(OH) विलयन की मोलरता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36862" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-24.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 24" width="524" height="823" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-24.png 524w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-24-191x300.png 191w" sizes="auto, (max-width: 524px) 100vw, 524px" /><br />
pOH = &#8211; log [OH<sup>&#8211;</sup>]<br />
= &#8211; log (3.75 × 10<sup>-2</sup> ) = 1.426<br />
pH = 14 &#8211; pOH<br />
= 14 &#8211; 1.426 = 12.574</p>
<p>(घ) M<sub>1</sub>V<sub>1</sub> = M<sub>2</sub>V<sub>2</sub><br />
13.6M × 1 = M<sub>2</sub> x 1000<br />
M<sub>2</sub> = \(\frac { 13.6 }{ 1000 }\)<br />
= 1.36 × 10<sup>-2</sup> M<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36863" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-25.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 25" width="355" height="56" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-25.png 355w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-25-300x47.png 300w" sizes="auto, (max-width: 355px) 100vw, 355px" /><br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log (1.36 × 10<sup>-2</sup>)<br />
= 1.866.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 50.<br />
ब्रोमो ऐसीटिक अम्ल की आयनन की मात्रा 0.132 है। 0.1 M अम्ल की pH तथा pka का मान ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
ब्रोमो ऐसीटिक अम्ल की आयनन की मात्रा (α) = 0.132<br />
अम्ल की सान्द्रता = 0.1 M<br />
[H<sup>+</sup>] = C × α = 0.1 x 0.132<br />
= 00132 M<br />
PH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = &#8211; log 0.0132<br />
= &#8211; log (1.32 × 10<sup>-2</sup>)<br />
= 1.88.<br />
K<sub>a</sub> = \(\frac { Ca² }{ 1-α }\)<br />
[CH<sub>3</sub>COO] = Cα तथा [CH<sub>3</sub>COOBr] =C(1 &#8211; α)<br />
= \(\frac{0.1 \times(0.0132)^2}{1-0.0132}\)<br />
= 2.01 x 10<sup>-3</sup><br />
pK<sub>a</sub> = &#8211; log K<sub>a</sub> = &#8211; log (2.01 × 10<sup>-3</sup>)<br />
= 2.71</p>
<p>प्रश्न 51.<br />
0.005 M कोडीन C<sub>18</sub>H<sub>21</sub> NO<sub>3</sub> विलयन की PH 9.95 है। इसका आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36864" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-26.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 26" width="450" height="218" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-26.png 450w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-26-300x145.png 300w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></p>
<p>प्रश्न 52.<br />
0.001 M एनिलीन विलयन का pH क्या है एनिलीन का आयनन स्थिरांक 4.27 x 10<sup>-10</sup> है। इसके संयुग्मी अम्ल का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36865" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-27.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 27" width="364" height="442" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-27.png 364w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-27-247x300.png 247w" sizes="auto, (max-width: 364px) 100vw, 364px" /></p>
<p>प्रश्न 53.<br />
यदि 0.05 M ऐसीटिक अम्ल के pKa का मान 4.74 है तो आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए। यदि इसे<br />
(अ) 0.01 M HCl<br />
(ब) 0.1 M HCl विलयन में डाला जाए तो वियोजन की मात्रा किस प्रकार प्रभावित होती है।<br />
हल:<br />
PK<sub>a</sub> = &#8211; log K<sub>a</sub><br />
4.74 = &#8211; log K<sub>a</sub><br />
log K<sub>a</sub> = &#8211; 4.74 + 1 &#8211; 1<br />
log K<sub>a</sub> = \(\overline{5}\).26<br />
K<sub>a</sub> = anti log (\(\overline{5}\).26)<br />
= 1.8 × 10<sup>-5</sup><br />
K<sub>a</sub> = Cα²<br />
α = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_a}{\mathrm{C}}}=\sqrt{\frac{\left(1.8 \times 10^{-5}\right)}{0.05}}\)<br />
= \(\sqrt{3.6 \times 10^{-4}}\)<br />
= 1.9 x 10<sup>-2</sup><br />
= 0.019 = 1.9 %<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36866" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-28.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 28" width="413" height="611" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-28.png 413w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-28-203x300.png 203w" sizes="auto, (max-width: 413px) 100vw, 413px" /><br />
इस स्थिति में वियोजन की मात्रा 0.01 M HCl से 10 गुना कम हो जाती है।</p>
<p>प्रश्न 54.<br />
डाइ मेथिल एमीन का आयनन स्थिरांक 5.4 x 10<sup>-4</sup> है। इसके 0.02 M विलयन की आयनन की मात्रा की गणना करिए यदि यह विलयन NaOH के प्रति 0.1M हो तो डाड़ मेथिल एमीन का प्रतिशत आयनन क्या होगा?<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36867" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-29.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 29" width="353" height="384" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-29.png 353w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-29-276x300.png 276w" sizes="auto, (max-width: 353px) 100vw, 353px" /><br />
NaOH की अनुपस्थिति में वियोजन की मात्रा 0.164 से अत्यन्त कम है।</p>
<p>प्रश्न 55.<br />
निम्नलिखित जैविक द्रवों जिनकी PH दी गई है की हाइड्रोजन आयन सान्द्रता परिकलित कीजिए।<br />
(क) मानव पेशीय द्रव 6.83<br />
(ख) मानव उदर द्रव 1.2<br />
(ग) मानव रुधिर 7.38<br />
(घ) मानव लार 6.4<br />
हल:<br />
(क) मानव पेशीय द्रव की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 6.83<br />
log\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 6.83<br />
= antilog 6.83<br />
[H<sup>+</sup>] = antilog (6.83)<br />
= 1.48 × 10<sup>-7</sup> M</p>
<p>(ख) मानव उदर द्रव की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 1.2 या log \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 1.2<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = anti log (1.2)<br />
= anti log (- 1.2)<br />
= 6.309 × 10<sup>-2</sup> M</p>
<p>(ग) मानव रुधिर की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 7.38 या \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 73.8<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = anti log (7.38)<br />
[H<sup>+</sup>] = anti log (- 7.38)<br />
= 4.168 × 10<sup>-8</sup> M</p>
<p>(घ) मानव लार की [H<sup>+</sup>]<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = anti log (6.4)<br />
[H<sup>+</sup>] = anti log ( &#8211; 6.4)<br />
= 3.981 × 10<sup>7</sup>M.</p>
<p>प्रश्न 56.<br />
दूध, कॉफी, टमाटर रस, नीबू रस तथा अण्डे की सफेदी के pH का मान क्रमश: 6.8, 5.0, 4.2 2.2 तथा 7.8 हैं। प्रत्येक के संगत H<sup>+</sup> आयन की सान्द्रता ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
दूध की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 6.8<br />
या log \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 6.8<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = antilog (6.8)<br />
[H<sup>+</sup>] = antilog (- 6.8)<br />
= 1.585 x 10<sup>-7</sup> M<br />
कॉफी की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 5.0<br />
या log \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 5.0<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = antilog (5.0)<br />
[H<sup>+</sup>] = antilog (-5.0)<br />
= 1.0 x 10<sup>-5</sup> M<br />
टमाटर रस की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 4.2<br />
या log \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 4.2<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = anti log 4.2<br />
[H<sup>+</sup>] = anti log (4.2)<br />
= 6.309 × 10<sup>-5</sup> M<br />
नीबू रस की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 2.2<br />
या log \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 2.2<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = anti log (2.2)<br />
[H<sup>+</sup>] = anti log (2.2)<br />
= 6.309 × 10<sup>-3</sup> M<br />
अण्डे की सफेद जर्दी की [H<sup>+</sup>]<br />
pH = 7.8<br />
या \(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = 7.8<br />
\(\left[\frac{1}{\mathrm{H}^{+}}\right]\) = anti log (7.8)<br />
[H<sup>+</sup>] = anti log ( 7.8)<br />
= 1.585 × 10<sup>-8</sup> M.</p>
<p>प्रश्न 57.<br />
298K पर 0.561 g KOH जल में घोलने पर प्राप्त 200 ml विलयन की pH तथा पोटैशियम, हाइड्रोजन तथा हाइड्रोक्सिल आयनों की सान्द्रताऐं ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
विलयन की मोलर सान्द्रता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36868" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-30.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 30" width="376" height="352" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-30.png 376w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-30-300x281.png 300w" sizes="auto, (max-width: 376px) 100vw, 376px" /></p>
<p>प्रश्न 58.<br />
298 K पर Sr (OH)<sub>2</sub> विलयन की विलेयता 19.23g/ L है स्ट्रॉन्शियम तथा हाइड्रोक्सिल आयन की सान्द्रता एवं विलयन की pH ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
विलयन की मोलरता<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36869" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-31.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 31" width="394" height="341" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-31.png 394w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-31-300x260.png 300w" sizes="auto, (max-width: 394px) 100vw, 394px" /></p>
<p>प्रश्न 59.<br />
प्रोपेनोइक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.32 × 105 है, 0.05 M अम्ल विलयन के आयनन की मात्रा तथा PH ज्ञात कीजिए। यदि विलयन में 0.01 M HCI मिलाया जाये तो उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
यदि आयनन की मात्रा है तो<br />
α = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_a}{\mathrm{C}}}\)<br />
= \(\sqrt{\frac{1.32 \times 10^{-5}}{0.05}}\)<br />
= 1.62 × 10<sup>-2</sup><br />
[H<sup>+</sup>] = Cα<br />
= 0.05 x 1.62 × 10<sup>-2</sup><br />
= 8.12 x 10<sup>-4</sup><br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
= &#8211; log (8.12 x 10<sup>-4</sup>)<br />
= 3.09<br />
0.01 M HCl की उपस्थिति में आयनन की मात्रा घटेगी क्योंकि HCl की उपस्थिति में साम्य बाँयी तरफ जायेगा अतः प्रोपेनोइक अम्ल की सान्द्रता बढ़ेगी।<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36870" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-32.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 32" width="425" height="276" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-32.png 425w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-32-300x195.png 300w" sizes="auto, (max-width: 425px) 100vw, 425px" /></p>
<p>प्रश्न 60.<br />
यदि सायनिक अम्ल (HCNO) के 0.1M विलयन की pH = 2.34 हो तो अम्ल के आयनन स्थिरांक तथा आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36871" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-33.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 33" width="299" height="390" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-33.png 299w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-33-230x300.png 230w" sizes="auto, (max-width: 299px) 100vw, 299px" /></p>
<p>प्रश्न 61.<br />
यदि नाइट्स अम्ल का आयनन स्थिरांक 4.5 x 10<sup>-4</sup> है तो 0.04 M सोडियम नाइट्राइट विलयन की pH तथा जलयोजन की मात्रा ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
सोडियम नाइट्राइट प्रबल क्षार NaOH तथा दुर्बल अम्ल HNO का लवण है। इसके जलयोजन की मात्रा निम्न प्रकार होगी &#8211;<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36872" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-34.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 34" width="416" height="214" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-34.png 416w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-34-300x154.png 300w" sizes="auto, (max-width: 416px) 100vw, 416px" /><br />
PH की गणना-जलीय विलयन में NaNO<sub>2</sub> का जलयोजन निम्न प्रकार होता है-<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36873" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-35.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 35" width="318" height="332" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-35.png 318w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-35-287x300.png 287w" sizes="auto, (max-width: 318px) 100vw, 318px" /></p>
<p>प्रश्न 62.<br />
यदि पिरीडीनियम हाइड्रोजन क्लोराइड के 0.02 M विलयन का pH 3.44 है तो पिरीडीन का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए ।<br />
हल:<br />
पिरीडीनियम हाइड्रोजन क्लोराइड [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>N<sup>+</sup> HCl<sup>&#8211;</sup>) का<br />
pH = &#8211; \(\frac { 1 }{ 2 }\) [log K<sub>w</sub> &#8211; log K<sub>b</sub> + log c]<br />
pH = 3.44, Kw = 1 x 10<sup>-14</sup>, C = 0.02 M<br />
3.44= &#8211; \(\frac { 1 }{ 2 }\)[log(1 × 10<sup>-14</sup>) &#8211; log K<sub>b</sub> + log(2 x 10<sup>-2</sup>)]<br />
3.44 = &#8211; \(\frac { 1 }{ 2 }\)[- 14 &#8211; log K<sub>b</sub> &#8211; 1.70]<br />
6.88 = 14 + log K<sub>b</sub> + 1.70<br />
log K<sub>b</sub> = 6.88 &#8211; 14 &#8211; 1.70 = &#8211; 8.82<br />
K<sub>b</sub> = antilog (- 8.82) = 1.51 x 10<sup>-9</sup></p>
<p>प्रश्न 63.<br />
निम्नलिखित लवणों के जलीय विलयनों के उदासीन अम्लीय तथा क्षारीय होने की प्रागुक्ति कीजिए।<br />
NaCl, KBr, NaCN, NH<sub>4</sub>NO<sub>3</sub>, NaNO<sub>3</sub> तथा KF<br />
हल:<br />
अम्लीय &#8211; NH<sub>4</sub>NO<sub>3</sub><br />
क्षारीय &#8211; NaCN, NaNO<sub>3</sub>, KF<br />
उदासीन NaCl, KBr</p>
<p>प्रश्न 64.<br />
क्लोरोऐसीटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.35 x 10<sup>-3</sup> है 0.1 M अम्ल तथा इसके 0.1 M सोडियम लवण की pH ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
अम्ल विलयन का pH<br />
K<sub>a</sub> = 1.35 x 10<sup>-3</sup><br />
C = 0.1 M<br />
[H<sup>+</sup>] = (K<sub>a</sub> × C)1/2<br />
= (1.35 × 10<sup>-3</sup> x 0.1) 1⁄2<br />
= 1.16 × 10<sup>-2</sup> M<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = &#8211; log (1.16 × 10<sup>-2</sup>) = 1.94<br />
अम्ल के सोडियम लवण का pH<br />
K<sub>h</sub> = \(\frac{\mathrm{K}_w}{\mathrm{~K}_a}=\frac{1.0 \times 10^{-14}}{1.35 \times 10^{-3}}=7.4 \times 10^{-12}\)<br />
जलयोजन मात्रा h = \(\sqrt{\frac{\mathrm{K}_h}{\mathrm{C}}}\)<br />
= \(\sqrt{\frac{\left(7.4 \times 10^{-12}\right)}{0.1}}\)<br />
= 8.6 x 10<sup>-7</sup><br />
अम्ल का सोडियम लवण जलयोजन द्वारा क्षारीय विलयन बनाता है<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = Ch = 0.1 x 8.6 × 10<sup>&#8211;</sup> = 8.6 × 10<sup>-7</sup><br />
[H<sup>+</sup>] = \(\frac{\mathrm{K}_w}{\left[\mathrm{OH}^{-}\right]}=\frac{1.0 \times 10^{-14}}{8.6 \times 10^{-7}}\) = 1.16 x 10<sup>-8</sup><br />
pH = &#8211; log[H<sup>+</sup>] = log (1.16 × 10<sup>-8</sup>)<br />
= 7.94</p>
<p>प्रश्न 65.<br />
310K ताप पर यदि जल का आयनन स्थिरांक 2.7 x 10<sup>-14</sup> है तो ताप पर उदासीन जल की pH क्या होगी?<br />
हल:<br />
उदासीन जल के लिए [H<sup>+</sup>] = [OH<sup>&#8211;</sup>]<br />
[H<sup>+</sup>] [OH<sup>&#8211;</sup>] = Kw = 2.7 x 10<sup>-14</sup><br />
[H<sup>+</sup>]² = 2.7 x 10<sup>-14</sup><br />
[H<sup>+</sup>] = (2.7 x 10<sup>-14</sup>)1/2 = 1.643 × 10<sup>-7</sup><br />
जल का pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = log (1.643 x 10<sup>-7</sup>) = 6.78</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 66.<br />
निम्नलिखित मिश्रणों की pH परिकलित कीजिए-<br />
(क) 0.2 M Ca(OH) का 10 ml + 0.1 M HCl का 25 ml<br />
(ख) 0.01 M H<sub>2</sub> SO<sub>4</sub> का 10ml + 0.01 M Ca(OH)<sub>2</sub> का 10 ml<br />
(ग) 0.1 M H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> का 10ml + 0.1 M KOH का 10ml<br />
हल:<br />
(क) मिश्रित करने पर Ca(OH)<sub>2</sub> विलयन की मोलरता<br />
= \(\frac{(0.2 \mathrm{M}) \times(10 \mathrm{ml})}{(35 \mathrm{ml})}\)<br />
= 0.057 M<br />
विलयन में [OH<sup>&#8211;</sup>] = 2 x 0.057 M = 0.114 M<br />
मिश्रित करने पर HCl की मोलरता<br />
= \(\frac{(0.1 \mathrm{M}) \times(25 \mathrm{ml})}{(35 \mathrm{ml})}\)<br />
= 0.071 M<br />
विलयन में [H<sup>+</sup>] = 0.071 M<br />
उदासीनीकरण के पश्चात् [OH<sup>&#8211;</sup>] = (0114 &#8211; 0.071) = 0.043 M<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] = = log[OH<sup>&#8211;</sup>]<br />
= &#8211; log (4.3 x 10<sup>-2</sup>)<br />
= 1.367 = 1.37<br />
pH = 14 &#8211; POH = 14 &#8211; 1.37 = 12.63</p>
<p>(ख) मिश्रित करने पर H<sub>2</sub> SO<sub>4</sub> विलयन की मोलरता<br />
= \(\frac{(0.01 \mathrm{M} \times 10 \mathrm{ml})}{(20 \mathrm{ml})}\)<br />
= 0.005 M<br />
विलयन में [H<sup>+</sup>] = 2 × 0.005 = 0.01 M<br />
मिश्रित करने पर Ca(OH)<sub>2</sub> विलयन की मोलरता<br />
= \(\frac{(0.01 \mathrm{M} \times 10 \mathrm{ml})}{(20 \mathrm{ml})}\)<br />
= 0.005 M<br />
विलयन में [OH<sup>&#8211;</sup>] = 0.005 × 2 = 0.01 M<br />
चूँकि विलयन में [H<sup>+</sup>] तथा [OH<sup>&#8211;</sup>] समान हैं अतः विलयन उदासीन है।<br />
अतः विलयन का pH = 7</p>
<p>(ग) मिश्रित करने पर H<sub>2</sub>SO<sub>4</sub> की मोलरता<br />
= \(\frac{(0.1 \times 0.1)}{20}\)<br />
= 0.05 M<br />
विलयन में [H<sup>+</sup>] = (0.05 x 2 ) = 0.10 M<br />
मिश्रित करने पर KOH की मोलरता<br />
= \(\frac{(0.1 \times 0.1)}{20}\)<br />
= 0.05 M<br />
विलयन में [OH<sup>&#8211;</sup>] = 0.05 M<br />
उदासीनीकरण के पश्चात् [H<sup>+</sup>] = 0.05 M<br />
= 0.1 &#8211; 0.05 = 0.05 M<br />
pH = &#8211; log [H<sup>+</sup>] = &#8211; log (5 x 10<sup>-2</sup>)<br />
= 1.301</p>
<p>प्रश्न 67.<br />
सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फैरिक हाइड्रोक्साइड, लैंड क्लोराइड तथा मरक्यूरस आयोडाइड विलयन के 298 K पर निम्नलिखित दिये गये विलेयता गुणनफल स्थिरांक की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।<br />
K<sub>sp</sub>(Ag<sub>2</sub>CrO<sub>4</sub>) = 1.1 × 10<sup>-12</sup><br />
K<sub>sp</sub> (BaCr O<sub>4</sub>) = 1.2 × 10<sup>-10</sup><br />
K<sub>sp</sub> = (Fe(OH<sub>3</sub>) = 1.0 × 10<sup>-38</sup><br />
K<sub>sp</sub> = (PbCl<sub>2</sub>) = 1.6 x 10<sup>-5</sup><br />
K<sub>sp</sub>(Hg<sub>2</sub>I<sub>2</sub>) = 45 × 10<sup>-29</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) (Ag<sub>2</sub>CrO<sub>4</sub>)<br />
(Ag<sub>2</sub>CrO<sub>4</sub>) ⇌ 2Ag<sup>+</sup>(aq) + CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup> (aq)<br />
माना जल में लवण की विलेयता = S<br />
[Ag<sup>+</sup>(aq)]= 2S<br />
[CrO<sub>4</sub><sup>-2</sup>(aq)] = S<br />
K<sub>sp</sub> = [Ag<sup>+</sup> (aq)]² [CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup> (aq)<br />
1.1 x = 10<sup>-12</sup> = (2S)² × S = 4s³<br />
S³ = \(\frac{\left(1.1 \times 10^{-12}\right)}{4}\)<br />
= 0.275 x 10<sup>-12</sup><br />
S = \(\sqrt[3]{0.275 \times 10^{-12}}\)<br />
S = 6.5 × 10<sup>-5</sup> M<br />
Ag<sup>+</sup> आयनों की मोलरता<br />
= 2S = 2 × 6.5 x 10<sup>-5</sup> M<br />
= 1.3 × 10<sup>-4</sup> M<br />
CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup> आयनों की मोलरता<br />
= S = 6.5 x 10<sup>-5</sup> M</p>
<p>(ii) (BaCrO<sub>4</sub>)<br />
BaCrO<sub>4</sub> ⇌ Ba<sup>2+</sup> (aq) + CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup> (aq)<br />
माना जल में लवण की विलेयता S है।<br />
[Ba<sup>2+</sup>(aq)] = S<br />
[CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup>] = S<br />
K<sub>sp</sub> = [Ba<sup>2+</sup> (aq)] [CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup>(aq)]<br />
1.2 × 10<sup>-10</sup> = S x S = S²<br />
S = (1.2 × 10<sup>-10</sup>)1/2<br />
S = 1.10 × 10<sup>5-</sup> M<br />
Ba<sup>2+</sup> (aq) आयनों की मोलरता = 1.1 x 10<sup>5-</sup> M<br />
CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup> आयनों की मोलरता = 1.1 × 10<sup>5-</sup> M</p>
<p>(iii) (Fe(OH)<sub>3</sub>)<br />
Fe(OH)<sub>3</sub>(aq) ⇌ Fe<sup>3+</sup>(aq) + 3OH<sup>&#8211;</sup>(aq)<br />
माना जल में लवण की विलेयता S है।<br />
Fe<sup>3+</sup>(aq) = S<br />
[OH<sup>&#8211;</sup>] (aq) = 3S<br />
K<sub>sp</sub> = [Fe<sup>3+</sup>(aq)] [OH<sup>&#8211;</sup>(aq)]³<br />
1.0 × 10<sup>-38</sup> = S × (3S)³ = 27S<sup>4</sup><br />
S = \(\left(\frac{1.0 \times 10^{-38}}{27}\right)^{1 / 4}\)<br />
= 1.387 x 10<sup>-10</sup> M<br />
Fe<sup>3+</sup>(aq) आयनों की मोलरता<br />
= 1.387 × 10<sup>-10</sup> M<br />
OH<sup>&#8211;</sup> (aq) आयनों की मोलरता<br />
= 3 × 1.387 × 10<sup>-10</sup> M<br />
= 4.16 × 10<sup>-10</sup> M</p>
<p>(iv) (PbCl<sub>2</sub>)<br />
PbCl<sub>2</sub> ⇌ Pb<sup>2+</sup> + 2Cl<sup>&#8211;</sup>(aq)<br />
माना लवण की जल में विलेयता = S<br />
Pb<sup>2+</sup>(aq) = S<br />
Cl<sup>&#8211;</sup> (aq) = 2S<br />
K<sub>sp</sub> = [Pb<sup>2+</sup>aq] [CI<sup>&#8211;</sup>(aq)]²<br />
1.6 × 10<sup>-5</sup> = (S) × (2S)² = 4S³<br />
S³ = \(\frac{1.6 \times 10^{-5}}{4}\) = 4.0 x 10<sup>-6</sup><br />
S = (4.0 × 10<sup>-6</sup>)<sup>1/3</sup> = 1.58 × 10<sup>-2</sup> M<br />
Pb<sup>2+</sup> (aq) आयनों की मोलरता<br />
= 1.58 x 10<sup>-2</sup> M<br />
Cl<sup>&#8211;</sup>(aq) आयनों की मोलरता<br />
= 3.16 × 10<sup>-2</sup> M</p>
<p>(v) (Hg<sub>2</sub>I<sub>2</sub>)<br />
Hg<sub>2</sub>I<sub>2</sub> ⇌ Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup> + 2I<sup>&#8211;</sup> (aq)<br />
माना जल में Hg<sub>2</sub>I<sub>2</sub> की विलेयता = S<br />
Hg<sub>2</sub>I<sup>2+</sup>(aq) = S<br />
I<sup>&#8211;</sup> (aq) = 2S<br />
K<sub>sp</sub>= [Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup>(aq)] [I<sup>&#8211;</sup>(aq)]²<br />
45 × 10<sup>-29</sup> = (S) × (2S)² = 4S³<br />
S³ = \(\frac{4.5 \times 10^{-29}}{4}\) = 1.125 × 10<sup>-29</sup><br />
S = (1.125 × 10<sup>-29</sup>)<sup>1/3</sup><br />
= 2.24 x 10<sup>-10</sup> M<br />
Hg<sub>2</sub><sup>2+</sup> (aq) आयनों की मोलरता<br />
= 2.24 x 10<sup>-10</sup> M<br />
I<sup>&#8211;</sup> (aq) आयनों की मोलरता<br />
= 4.48 × 10<sup>-10</sup> M</p>
<p>प्रश्न 68.<br />
Ag<sub>2</sub>CrO<sub>4</sub> तथा AgBr का विलेयता गुणनफल क्रमशः 1.1 × 10<sup>-12</sup> तथा 5.0 x 10<sup>-13</sup> है। उनके संतृप्त विलयन की मोलरता का अनुपात ज्ञात कीजिए।<br />
हल:<br />
Ag<sub>2</sub>CrO<sub>4</sub> ⇌ = 2Ag<sup>+</sup>(aq) + CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup>(aq)<br />
माना लवण की जल में विलेयता S है।<br />
[Ag<sup>+</sup>(aq)] = 2S<br />
[CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup>(aq)] = S<br />
K<sub>sp</sub> = [Ag<sup>+</sup>(aq)]² [CrO<sub>4</sub><sup>2-</sup>(aq)]<br />
= (2S)² × S = 4S³<br />
S = \(\left(\frac{\mathrm{K}_{s p}}{4}\right)^{1 / 3}=\left(\frac{1.1 \times 10^{-12}}{4}\right)^{1 / 3}\)<br />
= 0.65 × 10<sup>-4</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36874" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-36.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था 36" width="328" height="343" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-36.png 328w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-7-साम्यावस्था-36-287x300.png 287w" sizes="auto, (max-width: 328px) 100vw, 328px" /></p>
<p>प्रश्न 69.<br />
यदि 0.002 M सान्द्रता वाले सोडियम आयोडेट तथा क्यूप्रिक क्लोरेट विलयन के समान आयतन को मिलाया जाए तो क्या कॉपर आयोडेट का अवक्षेपण होगा?<br />
(कॉपर आयोडेट के लिए K<sub>sp</sub> = 7.4 x 10<sup>-6</sup>)<br />
हल:<br />
मिश्रण के पश्चात् NaIO<sub>3</sub> की सान्द्रता<br />
= \(\frac { 0.002 }{ 2 }\) = 0.001 M<br />
Cu (ClO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> की सान्द्रता मिश्रण के पश्चात्<br />
= \(\frac { 0.002 }{ 2 }\) = 0.001 M<br />
NaIO<sub>3</sub> ⇌ Na<sup>+</sup> + IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
[IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup>] = 0.001 M<br />
Cu (ClO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> ⇌ Cu<sup>2+</sup> + 2 ClO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup><br />
[Cu<sup>2+</sup>] = 0.001 M<br />
Cu (IO<sub>3</sub>)<sub>2</sub> का आयनिक गुणनफल= [Cu<sup>2+</sup>][IO<sub>3</sub><sup>&#8211;</sup>]²<br />
= (0.001) (0.001)²<br />
= (0.001) (0.001)²<br />
= 1 × 10<sup>-9</sup><br />
चूँकि Kp (7.4 x 10<sup>-4</sup>) का मान आयनिक गुणनफल (1 × 10<sup>-9</sup>) की तुलना में काफी अधिक है अतः अवक्षेपण नहीं होगा। आयनिक गुणनफल विलेयता गुणनफल से कम है। अतः कोई अवक्षेप नहीं बनेगा।</p>
<p>प्रश्न 70.<br />
बैन्जोइक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 x 10<sup>-5</sup> तथा सिल्वर बैन्जोएट का K<sub>sp</sub>2.5 x 10<sup>-13</sup> है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बॅन्जोएट जल की तुलना में कितना विलेय होगा?<br />
हल:<br />
C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COOAg ⇌ C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup> + Ag<sup>+</sup><br />
माना सिल्वर वैन्जोएट की विलेयता X mol L<sup>&#8211;</sup><br />
K<sub>sp</sub> = [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>][Ag<sup>+</sup>]<br />
X² = K<sub>sp</sub> = 2.5 × 10<sup>-13</sup><br />
X = \(\sqrt{\mathrm{K}_{S P}}=\sqrt{2.5 \times 10^{-13}}\)<br />
= 5.0 x 10<sup>-7</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
बफर का pH = 3.19<br />
PH = &#8211; log [H<sup>+</sup>]<br />
3.19 = &#8211; log [H<sup>&#8211;</sup>] = 3.19 = \(\overline{4}\).81<br />
[H<sup>+</sup>] = antilog \(\overline{4}\).81 = 6.457 x 10<sup>-4</sup><br />
C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO ⇌ आयन H<sup>+</sup> आयन के साथ बैन्जोइक अम्ल बनाता है। परन्तु H<sup>+</sup> आयन स्थिर रहता है बफर विलयन के कारण<br />
C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COOH ⇌ C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup> + H<sup>+</sup><br />
K<sub>a</sub> = \(\frac{\left[\mathrm{C}_6 \mathrm{H}_5 \mathrm{COO}^{-}\right]\left[\mathrm{H}^{+}\right]}{\left[\mathrm{C}_6 \mathrm{H}_5 \mathrm{COOH}\right]}\)<br />
= \(\frac{6.457 \times 10^{-4}}{6.46 \times 10^{-5}}\) = 10<br />
माना बफर विलयन में विलेयता Y मोल/लीटर है।<br />
तब लगभग सारा बैजोएट आयन बैन्जोइक अम्ल में बदल जायेगा।<br />
Y = [Ag<sup>+</sup>] = [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>] + [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COOH]<br />
= [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>] + 10[C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>]<br />
= 11[C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>]<br />
या [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>] = \(\frac { y }{ 11 }\)<br />
K<sub>sp</sub> = [C<sub>6</sub>H<sub>5</sub>COO<sup>&#8211;</sup>] [Ag<sup>+</sup>]<br />
2.5 × 10<sup>-13</sup> = \(\frac { y }{ 11 }\) x y<br />
y² = 11 x 2.5 x 10<sup>-13</sup> = 2.75 × 10<sup>-12</sup><br />
y = (2.75 x 10<sup>-12</sup>)<sup>1/2</sup> = 166 x 10<sup>-6</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
बफर तथा जल में सिल्वर बैन्जोएट की विलेयताओं का अनुपात<br />
\(\frac { y }{ x }\) = \(\frac{\left(1.66 \times 10^6\right)}{5.0 \times 10^7}\) = 3.32</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 7 साम्यावस्था" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 71.<br />
फेरस सल्फेट तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सान्द्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो।<br />
(आयरन सल्फाइड के लिये K<sub>sp</sub> = 6.3× 10<sup>-18</sup>)<br />
हल:<br />
माना FeSO<sub>4</sub> तथा Na<sub>2</sub>S दोनों विलयनों की सान्द्रताएँ मिलाने से पहले x mol L<sup>-1</sup> या xM है विलयनों के समान आयतन मिलाने पर विलयन तथा आयनों की सान्द्रता घटकर आधी अर्थात् \(\frac { x }{ 2 }\) रह जाती है।<br />
FeS का विलेयता गुणनफल K<sub>sp</sub> = 6.3 × 10<sup>-18</sup><br />
FeS(s) ⇌ Fe<sup>2+</sup> (aq) + S<sup>2-</sup> (aq)<br />
\(\frac { x }{ 2 }\) \(\frac { x }{ 2 }\)<br />
\(\frac { x }{ 2 }\) x \(\frac { x }{ 2 }\) = 6.3 x 10<sup>-18</sup><br />
x² = 4 × 6.3 × 10<sup>-18</sup><br />
= 25.2 x 10<sup>-18</sup> M<br />
x = (25.2 × 10<sup>-18</sup>)<sup>1/2</sup><br />
= 5.02 x 10<sup>-9</sup> M<br />
दोनों विलयनों की अधिकतम सान्द्रताएँ 5-02 x 10<sup>-9</sup> M हैं</p>
<p>प्रश्न 72.<br />
1g कैल्सियम सल्फेट को घोलने के लिए कम से कम कितने आयतन जल की आवश्यकता होगी?<br />
(CaSO<sub>4</sub> के लिए K<sub>sp</sub> 9.1 x 10<sup>-6</sup>)<br />
हल:<br />
CaSO<sub>4</sub> (s) ⇌ Ca<sup>2+</sup>(aq) + SO<sub>4</sub><sup>2-</sup>(aq)<br />
यदि CaSO<sub>4</sub> की विलेयता S है, तो<br />
S = \(\sqrt{\mathrm{K}_{s p}}\)<br />
= \(\sqrt{9.1 \times 10^{-6}}\)<br />
= 3.02 x 10<sup>-3</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
CaSO<sub>4</sub> का मोलर द्रव्यमान = 40 + 32 + 64<br />
= 136 g mol<sup>-1</sup><br />
CaSO<sub>4</sub> का द्रव्यमान<br />
= (3.02 x 10<sup>-3</sup>) × 136<br />
= 0.411 g L<sup>-1</sup><br />
0.411 g CaSO<sub>4</sub> को घोलने के लिये आवश्यक जल<br />
= 1 L<br />
1 g CaSO<sub>4</sub> को घोलने के लिये आवश्यक जल का आयतन<br />
= \(\frac { 1×1 }{ 0.411 }\)<br />
= 2.43 L</p>
<p>प्रश्न 73.<br />
0.1 M HCl में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सान्द्रता 1.0 x 10<sup>-19</sup> M है। यदि इस विलयन का 10 mL निम्नलिखित 0.04 M विलयन के 5mL में डाला जाये तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा?<br />
FeSO<sub>4</sub>, MnCl<sub>2</sub>, ZnCl<sub>2</sub> एवं CdCl<sub>2</sub><br />
हल:<br />
प्रश्नानुसार<br />
सल्फाइड (S<sup>2-</sup>) आयनों की सान्द्रता<br />
= 1.0 × 10<sup>-19</sup>M<br />
M = 1.0 × 10<sup>-19</sup>M<br />
M<sub>2</sub> = ?<br />
V<sub>1</sub> = 10mL<br />
V<sub>2</sub> = 15ml<br />
M<sub>1</sub> V<sub>1</sub> = M<sub>2</sub>V<sub>2</sub><br />
1.0 × 10<sup>-19</sup> × 10 = M<sub>2</sub> × 15<br />
M<sub>2</sub> = \(\frac{1.0 \times 10^{-19} \times 10}{15}\)<br />
= 0.67 × 10<sup>-19</sup><br />
= 6.7 × 10<sup>-20</sup><br />
धातु आयनों [M<sup>2-</sup>] की सान्द्रता<br />
= 5 × 0.04 × 10<sup>3-</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
= 2 × 10<sup>-4</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
M<sub>1</sub>V<sub>1</sub> = M<sub>2</sub>V<sub>2</sub><br />
M<sub>1</sub> = 2 × 10<sup>-4</sup> M<br />
M<sub>2</sub> = ?<br />
V<sub>1</sub> = 5 mL<br />
V<sub>1</sub> = 15 ml<br />
M<sub>1</sub>V<sub>1</sub> = M<sub>2</sub>V<sub>2</sub><br />
2 × 10<sup>-4</sup> × 5 = M<sub>2</sub> × 15<br />
M<sub>2</sub> = \(\frac { 5 }{ 15 }\) x 2 x 10<sup>4-</sup><br />
= 6.7 x 10<sup>-5</sup> mol L<sup>-1</sup><br />
आयनिक गुणनफल<br />
= [M<sup>2+</sup>] [S<sup>2-</sup>]<br />
= 6.7 × 10<sup>-5</sup> × 6.7 x 10<sup>-20</sup><br />
= 44.89 × 10<sup>-25</sup><br />
= 4.5 × 10<sup>-24</sup><br />
चूँकि Zn S का K<sub>sp</sub> 2.0 x 10<sup>-23</sup> है जो आयनिक गुणनफल से अधिक है, अत: यह अवक्षेपित नहीं होगा। FeS का K<sub>sp</sub> 6.3 x 10<sup>-18</sup> है, MnS का K<sub>sp</sub> 2.5 × 10<sup>-3</sup> तथा Cds का K<sub>sp</sub> 8.0 x 10<sup>-27</sup> है। चूंकि Cds का K<sub>sp</sub> आयनिक गुणनफल से कम है इसलिये CdCl<sub>2</sub> में अवक्षेपण हो जायेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी</title>
		<link>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-solutions-chapter-6-in-hindi/</link>
					<comments>https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-solutions-chapter-6-in-hindi/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 11:58:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Class 11]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी सही उत्तर चुनिए- प्रश्न 1. ऊष्मागतिकी अवस्था फलन एक राशि है- (i) जो ऊष्मा परिवर्तनों के लिए प्रयुक्त होती है। (ii) जिसका मान पथ पर निर्भर नहीं करता है। (iii) [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-solutions/">HBSE 11th Class Chemistry Solutions</a> Chapter 6 ऊष्मागतिकी Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी</h2>
<p><span style="color: #0000ff;">सही उत्तर चुनिए-</span></p>
<p>प्रश्न 1.<br />
ऊष्मागतिकी अवस्था फलन एक राशि है-<br />
(i) जो ऊष्मा परिवर्तनों के लिए प्रयुक्त होती है।<br />
(ii) जिसका मान पथ पर निर्भर नहीं करता है।<br />
(iii) जो दाब &#8211; आयतन कार्य की गणना करने में प्रयुक्त होती है।<br />
(iv) जिसका मान केवल ताप पर निर्भर करता है।<br />
उत्तर:<br />
(ii) जिसका मान पथ पर निर्भर नहीं करता है।</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
एक प्रक्रम के रूद्धोष्म परिस्थितियों के होने के लिए-<br />
(i) ∆T = 0<br />
(ii) ∆P = 0<br />
(iii) q = 0<br />
(iv) W = 0<br />
उत्तर:<br />
(iii) q = 0</p>
<p>प्रश्न 3.<br />
सभी तत्वों की एन्थैल्पी उनकी सन्दर्भ &#8211; अवस्था में होती है-<br />
(i) इकाई<br />
(ii) शून्य<br />
(iii) &lt; 0<br />
(iv) सभी तत्वों के लिए भिन्न होती है<br />
उत्तर:<br />
(iii) शून्य।</p>
<p>प्रश्न 4.<br />
मेथेन के दहन के लिये ∆U° का मान &#8211; X kJ mol<sup>-1</sup> है, इसके लिये ∆H° का मान होगा-<br />
(i) = ∆U°<br />
(ii) &gt; ∆U°<br />
(iii) &lt; ∆U°<br />
(iv) = 0<br />
उत्तर:<br />
(iii) &lt; ∆U°<br />
मेथेन के दहन को निम्न अभिक्रिया द्वारा प्रदर्शित करते हैं-<br />
CH<sub>4</sub>(g) + 2O<sub>2</sub>(g) → CO<sub>2</sub>(g) + 2H<sub>2</sub>O<sub>(l)</sub><br />
∆n<sub>g</sub> = 1 &#8211; 3 = &#8211; 2<br />
अतः<br />
∆H<sup>Θ</sup> = ∆U° + ∆n<sub>g</sub> RT से<br />
∆H<sup>Θ</sup> &lt; ∆U° (∵ ∆n<sub>g</sub> = &#8211; 3)</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
मेथेन, ग्रेफाइट एवं डाई हाइड्रोजन के लिए 298 K पर एन्थैल्पी के मान क्रमश: &#8211; 890 kJ mol<sup>-1</sup> 393.5 kJ mol<sup>-1</sup> एवं &#8211; 285.8 kJ mol<sup>-1</sup> है। CH<sub>4</sub>(g) की विरचन एन्थैल्पी क्या होगी?<br />
(i) &#8211; 74.8 kJ mol<sup>-1</sup><br />
(ii) &#8211; 52.27 kJ mol<sup>-1</sup><br />
(iii) &#8211; 74.8 kJ mol<sup>-1</sup><br />
(iv) + 52.26 kJ mol<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) &#8211; 74.8 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup>(CH<sub>4</sub>) = 2 ∆<sub>c</sub>H<sup>Θ</sup> (H<sub>2</sub>) + ∆<sub>c</sub>H<sup>Θ</sup>(C) &#8211; ∆<sub>c</sub>H<sup>Θ</sup> (CH<sub>4</sub>)<br />
= 2 + (- 285.8) + (- 293.5) &#8211; (- 890.3)<br />
= &#8211; 74 kJ mol<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
एक अभिक्रिया A + B → C + D + q के लिए एन्ट्रॉपी परिवर्तन धनात्मक पाया गया है। यह अभिक्रिया सम्भव होगी-<br />
(i) उच्च ताप<br />
(ii) केवल निम्न ताप पर<br />
(iii) किसी भी ताप पर नहीं<br />
(iv) किसी भी ताप पर।<br />
उत्तर:<br />
(iv) किसी भी ताप पर।<br />
क्योंकि अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है जिसके लिये (∆H &lt; 0) तथा (AS &gt; 0) इसलिये यह अभिक्रिया सभी तापों पर स्वतः प्रवर्तित होगी।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
एक प्रक्रम में निकाय द्वारा 70 J ऊष्मा अवशोषित होती है एवं 394 J कार्य किया जाता है। इस प्रक्रम में आन्तरिक ऊर्जा में कितना परिवर्तन होगा ?<br />
उत्तर:<br />
निकाय द्वारा अवशोषित ऊष्मा (q) = 701 J<br />
निकाय द्वारा किया गया कार्य (W) = 394 J<br />
अतः आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन (∆U) = g + w<br />
= 701 + (- 394)<br />
= 701394 = 307 J<br />
इस प्रक्रम की आन्तरिक ऊर्जा में परिवर्तन 307 जूल होता है।</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
एक बम कैलोरीमीटर में NH<sub>4</sub>CN (s) की अभिक्रिया डाई ऑक्सीजन के साथ की गई एवं ∆U का मान 742.7 kJ mol<sup>-1</sup> पाया गया (298K पर)। इस अभिक्रिया के लिए 298K पर एन्थैल्पी परिवर्तन ज्ञात कीजिए-<br />
NH<sub>2</sub> CN(s) + \(\frac { 3 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) → N<sub>2</sub> (g) + CO<sub>2</sub> (g) + H<sub>2</sub>O(l)<br />
उत्तर:<br />
अभिक्रिया NH<sub>2</sub> CN (s) + 2 O<sub>2</sub> (8) → N<sub>2</sub>(g) + CO<sub>2</sub>(g) + H<sub>2</sub>O (l) के लिए<br />
∆U = &#8211; 742.7 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∆n<sub>g</sub> = 2 &#8211; \(\frac { 3 }{ 2 }\) = + \(\frac { 1 }{ 2 }\)<br />
R = 8.314 × 10<sup>-3</sup> KJ K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
T = 298 K<br />
∆H = ∆U + ∆n<sub>g</sub>RT मान रखने पर<br />
∆H = (- 742.7) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) (8.314 × 10<sup>-3</sup>) × 298<br />
= &#8211; 741 kJ mol<sup>-1</sup><br />
अभिक्रिया के दौरान होने वाला परिवर्तन &#8211; 741 kJ mol<sup>-1</sup> है।</p>
<p>प्रश्न 9.<br />
60.0 ग्राम एलुमिनियम का ताप 35°C से 55°C करने के लिये कितने kJ ऊष्मा की आवश्यकता होगी ? AI की मोलर ऊष्माधारिता 24 J moll K<sup>-1</sup> है।<br />
उत्तर:<br />
Al का द्रव्यमान = 60.0 ग्राम<br />
ताप में वृद्धि ∆T = T<sub>2</sub> &#8211; T<sub>1</sub><br />
= 55 &#8211; 35<br />
= 20°C<br />
या T<sub>2</sub> = 55 + 273<br />
= 328K<br />
T<sub>1</sub> = 35 + 273<br />
= 308K<br />
T<sub>2</sub> &#8211; T<sub>1</sub> = 328 &#8211; 308<br />
= 20K<br />
Al की मोलर ऊष्माधारिता = 24 J mol K<sup>-1</sup><br />
Al का मोलर द्रव्यमान = 27g mol<sup>-1</sup><br />
Al की विशिष्ट ऊष्माधारिता =\(\frac { 24 }{ 27 }\) Jg<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup><br />
आवश्यक ऊष्मा (q) = C x m + ∆T<br />
= \(\frac { 24 }{ 27 }\) x 60.0 × 20<br />
= 1065.6 J<br />
= 1.067 kJ<br />
1.067 kJ ऊष्मा की आवश्यकता होती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 10.<br />
10-0°C पर 1 मोल जल की बर्फ जमाने पर एन्थैल्पी रिवर्तन की गणना कीजिए-<br />
∆H<sub>fus</sub> = 6.03 kJ mol<sup>-1</sup> 0°C पर<br />
C<sub>p</sub> [H<sub>2</sub>O (l)] = 75.3 mol<sup>-1 </sup>K<sup>-1</sup><br />
C<sub>p</sub> [H<sub>2</sub>O (s) = 360 J mol<sup>-1 </sup>K<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36703" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-6-ऊष्मागतिकी-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी 1" width="310" height="90" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-6-ऊष्मागतिकी-1.png 310w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-6-ऊष्मागतिकी-1-300x87.png 300w" sizes="auto, (max-width: 310px) 100vw, 310px" /><br />
हैस के नियमानुसार,<br />
ΔΗ = ΔH<sub>1</sub> + ΔH<sub>2</sub> + ΔH<sub>3</sub><br />
∆H<sub>1</sub> = C<sub>p</sub> [H<sub>2</sub>O (l) ] × ΔT<br />
= 75.3 J mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup> ( 10K)<br />
= 753 J mol<br />
∆H<sub>2</sub> (ठोसीकरण) = &#8211; 6.03 kJ mol<sup>-1</sup><br />
(चिन्ह परिवर्तित) = &#8211; 6030 J mol<sup>-1</sup><br />
∆H<sub>3</sub> = Cp [H<sub>2</sub>O (s)] × ∆T<br />
= 36.8 J mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup> (-10K )<br />
= &#8211; 368 J mol<sup>-1</sup><br />
∆H = (753 &#8211; 6030 &#8211; 368) J mol<sup>-1</sup><br />
∆H = &#8211; 5635J mol<sup>-1</sup><br />
= &#8211; 5.645 kJ mol<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
CO<sub>2</sub> की दहन एन्थैल्पी 393.5 kJ mol<sup>-1</sup> हैं। कार्बन एवं ऑक्सीजन से 35.2 g CO<sub>2</sub> बनने पर उत्सर्जित ऊष्मा की गणना कीजिए।<br />
उत्तर:<br />
C(s) + O<sub>2</sub> (g) ⇒ CO<sub>2</sub> (g); ∆H° = 393 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∵ 44g CO<sub>2</sub> के निर्माण में मुक्त ऊर्जा = 393.5 kJ<br />
∴ 35.2g CO<sub>2</sub> के निर्माण में मुक्त होने वाली ऊर्जा = \(\frac { 393.5×35.2 }{ 44 }\)<br />
= 314.8 kJ<br />
35.2g CO<sub>2</sub> के बनने में 314.8 kJ ऊर्जा मुक्त होती है।</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
CO(g), CO<sub>2</sub> (g), N<sub>2</sub>O(g) एवं N<sub>2</sub>O<sub>4</sub>(g) की विरचन एन्थैल्पी क्रमश: &#8211; 110, &#8211; 393,81 एवं 9.7 kJ हैं। अभिक्रिया, N<sub>2</sub>O<sub>4<sub>(g)</sub></sub> + 3CO(g) → N<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> + 3CO<sub>2(g)</sub> के लिये ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> का मान ज्ञात करें।<br />
उत्तर:<br />
N<sub>2</sub>O<sub>4(g)</sub> + 3CO<sub>(g)</sub> → N<sub>2</sub>O<sub>(g)</sub> + 3CO<sub>2(g)</sub><br />
∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = (∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> (N<sub>2</sub>O) + 3 × ∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> (CO<sub>2</sub>)<br />
&#8211; (∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup>N<sub>2</sub>O<sub>4</sub> + 3 × ∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> (CO)]<br />
= [81 + (3 x 393)] &#8211; 9.7 + (3 x &#8211; 110)]<br />
= [81 &#8211; 1179][9.7 &#8211; 330]<br />
= &#8211; 777.7 kJ mol<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 13.<br />
N<sub>2</sub> (g) + 3H<sub>2</sub>(g) → 2NH<sub>3</sub> (g) ; ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 92.4 kJ mol<sup>-1</sup><br />
गैस की विरचन एन्थैल्पी का मान क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
NH<sub>3</sub> गैस की मानक विरचन एन्थैल्पी<br />
∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> (NH<sub>3</sub>(g)) = \(\frac { -92.4 }{ 2 }\)<br />
= &#8211; 46.2 kJ mol<sup>-1</sup><br />
NH<sub>3</sub> की मानक विरचन एन्थैल्पी का मान &#8211; 46.2 kJ mol<sup>-1</sup> है।</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
निम्नलिखित आँकड़ों से CH<sub>3</sub> OH (l) की मानक विरचन एन्थैल्पी ज्ञात कीजिए-<br />
CH<sub>3</sub> OH (l) + \(\frac { 3 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) → CO<sub>2</sub> (g) + 2H<sub>2</sub>O (l)<br />
∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 726 kJ mol<sup>-1</sup><br />
C (s) + O<sub>2</sub> (g) → CO<sub>2</sub> (g),<br />
∆<sub>c</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 393 kJ mol<sup>-1</sup><br />
H<sub>2</sub> (g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) H<sub>2</sub>O (l)<br />
∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 286 kJ mol<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
CH<sub>3</sub>OH (g) की मानक विरचन एन्थैल्पी निम्नलिखित समीकरण से ज्ञात की जा सकती है-<br />
C(s) + 3H<sub>2</sub> (g) + O<sub>2</sub> (g) ⇒ CH<sub>3</sub>OH (l) ∆<sub>f</sub>H° = ?<br />
दी गई समीकरण निम्न प्रकार है-<br />
CH<sub>3</sub>OH (l) + \(\frac { 3 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) ⇒ CO<sub>2</sub>(g) + 2H<sub>2</sub>O (l),<br />
∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = 726 kJ mol<sup>-1</sup> &#8230; (1)<br />
C(s) + O<sub>2</sub> (g) = CO<sub>2</sub> (g),<br />
∆<sub>c</sub>H<sup>Θ</sup> = 393 kJ mol<sup>-1</sup> &#8230; (2)<br />
H<sub>2</sub>(g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) ⇒ H<sub>2</sub>O (l),<br />
∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup>= &#8211; 286 kJ mol<sup>-1</sup> &#8230; (3)<br />
समीकरण (3) को (2) से गुणा करके समीकरण (2) में जोड़ने पर,<br />
C(s) + 2H<sub>2</sub> (g) + 2O<sub>2</sub> (g) ⇒ CO<sub>2</sub> (g) + 2H<sub>2</sub>O (l),<br />
∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = (- 393 &#8211; 572)<br />
= &#8211; 965 kJ mol<sup>-1</sup> &#8230; (4)<br />
CH<sub>3</sub>OH (l) + \(\frac { 3 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) ⇒ CO<sub>2</sub>(g) + 2H<sub>2</sub>O (l),<br />
∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = 726 kJ mol<sup>-1</sup><br />
समीकरण (4) में समीकरण (1) घटाने पर,<br />
C<sub>(s)</sub> + 2H<sub>2</sub> (g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) ⇒ CH<sub>3</sub>OH (l),<br />
∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 239 kJ mol<sup>-1</sup><br />
CH<sub>3</sub>OH की मानक विरचन एन्थैल्पी का मान &#8211; 239 kJ mol<sup>-1</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 15.<br />
CCl<sub>4</sub>(g) → C(g) + 4Cl(g) अभिक्रिया के लिये एन्थैपी परिवर्तन ज्ञात कीजिए एवं CCl<sub>4</sub> में C &#8211; Cl की आबंध एन्थैल्पी की गणना कीजिए।<br />
∆V<sub>ap</sub>H<sup>Θ</sup> (CCl<sub>4</sub>) = 30.5 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> (CCl<sub>4</sub>) = 135.5 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∆<sub>a</sub>H<sup>Θ</sup> (C) = 715.0 kJ mol<sup>-1</sup>)<br />
यहाँ ∆<sub>a</sub>H<sup>Θ</sup> कन एन्थैल्पी है।<br />
∆<sub>a</sub>H<sup>Θ</sup>(Cl<sub>2</sub>) = 242 kJ mol<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
दिये गये मानों के लिये ऊष्मीय रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं-<br />
(i) CCl<sub>4</sub>(g) → CCl<sub>4</sub> (g) ∆H<sub>1</sub> = 30.5kJ mol<sup>-1</sup><br />
(ii) C(s) + 2Cl<sub>2</sub> (g) → CCl<sub>4</sub> (l) ; ∆H<sub>2</sub> = 135.5kJ mol<sup>-1</sup><br />
(iii) C(s) → C(g) ; ∆H<sub>3</sub> = 715.0kJ mol<sup>-1</sup><br />
(iv) Cl<sub>2</sub>(g) → 2Cl(g) ; ∆H<sub>4</sub> = 242 kJ mol<sup>-1</sup><br />
प्रश्नानुसार, CCl<sub>4</sub>(g) → C(g) +4Cl(g) ; ∆H = ?<br />
समी. (iii) + 2 x समी. (iv) &#8211; समी. (i) समी. (ii)<br />
∆H = ∆H<sub>3</sub> + 2∆H<sub>4</sub> &#8211; ∆H<sub>1</sub> &#8211; ∆H<sub>2</sub><br />
∆H = 715.0 + 2 (242) 30.5 &#8211; ( &#8211; 135.5 ) kJ mol<sup>-1</sup><br />
= 1304 kJ mol<sup>-1</sup><br />
CCl<sub>4</sub> में C &#8211; CI की बन्ध एन्थैल्पी ( औसत मान )<br />
= \(\frac { 1304 }{ 4 }\)<br />
= 326 kJ mol<sup>-1</sup><br />
C &#8211; Cl की बन्ध एन्थैल्पी का मान 326 kJmol<sup>-1</sup> है।</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
एक विलगित निकाय के लिए ∆U = 0, इसके लिए ∆S क्या होगा?<br />
उत्तर:<br />
∆S शून्य से अधिक होगा क्योंकि विलगित निकाय में यदि दो गैसों को मिश्रित किया जाता है तो ∆U = 0 परन्तु एन्ट्रॉपी बढ़ती है । अत: ∆S शून्य से अधिक होगा।</p>
<p>प्रश्न 17.<br />
298 K पर अभिक्रिया 2A + B → C के लिए ∆H = 400kl mol<sup>-1</sup> एवं ∆S = 0.2kJK<sup>-1</sup> mor ∆H एवं ∆S को ताप विस्तार में स्थिर मानते हुए बताइए कि किस ताप पर अभिक्रिया स्वतः होगी?<br />
उत्तर:<br />
2A + B → C<br />
∆H = 400kJ mol<sup>-1</sup><br />
AS = 0.2kJmol<sup>-1</sup><br />
∆G = ∆H &#8211; T ∆ S<br />
0 = 400 2.0 X T (∵ ∆G = 0 साम्यावस्था)<br />
0.2T = 400<br />
T = \(\frac { 400 }{ 0.2 }\) = 2000K<br />
2000 K से अधिक ताप पर अभिक्रिया स्वतः होगी।</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
अभिक्रिया 2Cl (g) →Cl<sub>2</sub> (g) के लिए ∆H एवं ∆S के चिन्ह क्या होंगे ?<br />
उत्तर:<br />
∆H = &#8211; ve<br />
AS = &#8211; ve<br />
अभिक्रिया में आबन्धों का निर्माण होने से यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है। Cl परमाणु के 2 क्लोरीन, क्लोरीन अणु के एक मोल की तुलना में अधिक एन्ट्रॉपी रखते हैं।</p>
<p>प्रश्न 19.<br />
अभिक्रिया 2A (g) + B (g) → 2D (g) के लिए AU° = – 10.5 kJ उवं ∆S° = 44.1 JK<sup>-1</sup> अभिक्रिया के लिए ∆G° की गणना कीजिए और बताइए कि क्या अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित हो सकती है?<br />
उत्तर:<br />
2A (g) + B (g) → 2D(g)<br />
∆H° = ∆U° + ∆n<sub>g</sub> RT<br />
∆U° = &#8211; 10.5 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∆n<sub>g</sub> = 2 &#8211; 3 = -1<br />
R = 8.314 × 10<sup>-3</sup> kJ K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
T = 298K<br />
∴ ∆H° = (- 10.5 kJ mol<sup>-1</sup>) + [(- 1) × (8.314 × 10<sup>-3</sup> kJ mol<sup>-1</sup> K<sup>-1</sup> x (298K)]<br />
= &#8211; 10.5 kJ mol<sup>-1</sup> &#8211; 2.478 kJmol<sup>-1</sup><br />
= &#8211; 12.978 kJ mol<sup>-1</sup><br />
गिब्स हैल्महोल्ट्ज समीकरण के अनुसार,<br />
∆G° = ∆H° &#8211; T∆S°<br />
∆G° = (- 12.978 kJ mol<sup>-1</sup> ) &#8211; ( 298K) × (- 0.44K JK<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup>)<br />
= &#8211; 12.978 + 13.112<br />
= + 0.134 kJ mol<sup>-1</sup><br />
चूँकि ∆G° धनात्मक है अतः अभिक्रिया की प्रकृति स्वतः प्रवर्तित नहीं होगी।</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
300K पर एक अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक 10 है। ∆G° का मान क्या होगा?<br />
(R = 8.314 JK<sup>-1</sup> mol&#8217;)<br />
उत्तर&#8221;<br />
∆G° = &#8211; RT In K = 2.303 RT log K<sub>p</sub><br />
R = 8.314 JK<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
T = 300K<br />
K<sub>p</sub> = 10<br />
∆G° = &#8211; 2.303 × (8.314 JK<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup> ) x (300K ) log 10<br />
= &#8211; 5744.14 J mol<sup>-1</sup><br />
= &#8211; 5.744 kJ mol<sup>-1</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 6 ऊष्मागतिकी" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के आधार पर NO (g) तथा NO<sub>2</sub> (g) की ऊष्मागतिकी पर टिप्पणी कीजिए-<br />
(i) \(\frac { 1 }{ 2 }\) N<sub>2</sub>(g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) → NO(g); ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = 90 kJ mol<sup>-1</sup><br />
(ii) NO(g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\)O<sub>2</sub> (g) → NO<sub>2</sub>(g); ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 74 kJ mol<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
(i) \(\frac { 1 }{ 2 }\) N<sub>2</sub>(g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) O<sub>2</sub> (g) → NO(g); ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = 90 kJ mol<sup>-1</sup><br />
चूँकि यहाँ ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> धनात्मक है अत: NO ऊष्मागतिक रूप से स्थायी नहीं है। अतः इसका निर्माण एक ऊष्माशोषी प्रक्रम है।</p>
<p>(ii) NO(g) + \(\frac { 1 }{ 2 }\)O<sub>2</sub> (g) → NO<sub>2</sub>(g); ∆<sub>r</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 74 kJ mol<sup>-1</sup><br />
NO का NO<sub>2</sub> में ऑक्सीकरण एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रम है क्योंकि ∆H<sub>r</sub>° &#8211; ऋणात्मक है इसलिए NO<sub>2</sub> ऊष्मागतिक रूप से स्थायी है।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
जब 1.00 mol H<sub>2</sub>O (1) को मानक परिस्थितियों में विरचित किया जाता है तब परिवेश के एन्ट्रॉपी परिवर्तन की गणना कीजिए। ∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 286kJ mol<sup>-1</sup><br />
उत्तर:<br />
H<sub>2</sub>O(l) की ∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup> = &#8211; 268 kJ mol<sup>-1</sup><br />
जो कि परिवेश में ऊष्मा उत्सर्जन को बताता है,<br />
q<sub>(surr)</sub> = H<sub>2</sub>O के लिए &#8211; ∆<sub>f</sub>H<sup>Θ</sup><br />
= &#8211; (- 268 kJ mol<sup>-1</sup> )<br />
= + 286 kJ mol<sup>-1</sup><br />
∆S<sub>surr</sub> = \(\frac{q_{\text {(surr) }}}{\mathrm{T}}\)<br />
= \(\frac{286 \times 10^3\left(\mathrm{~J} \mathrm{~mol}^{-1}\right)}{298 \cdot 15(\mathrm{~K})}\)<br />
= 959.24 JK<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup></p>
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		<title>HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Prasanna]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Dec 2024 11:56:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Haryana State Board HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ Textbook Exercise Questions and Answers. Haryana Board 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ प्रश्न 1. 30°C तथा 1 bar दाब पर वायु के 500dm आयतन 200 dm³ तक संपीडित करने के लिये कितने न्यूनतम दाब की आवश्यकता होगी ? [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Haryana State Board <a href="https://haryanaboardsolutions.com/hbse-11th-class-chemistry-solutions/">HBSE 11th Class Chemistry Solutions</a> Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ Textbook Exercise Questions and Answers.</p>
<h2>Haryana Board 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ</h2>
<p>प्रश्न 1.<br />
30°C तथा 1 bar दाब पर वायु के 500dm आयतन 200 dm³ तक संपीडित करने के लिये कितने न्यूनतम दाब की आवश्यकता होगी ?<br />
हल:<br />
P<sub>1</sub> = 1 bar, P<sub>2</sub> =?<br />
V<sub>1</sub> = 500 dm³<br />
V<sub>2</sub> = 200 dm³<br />
स्थिर ताप 30°C है अतः<br />
P<sub>1</sub>V<sub>1</sub> = P<sub>2</sub>V<sub>2</sub> (बॉयल का नियम)<br />
1 × 500 = P<sub>2</sub> × 200<br />
P<sub>2</sub> = \(\frac{1 \times 500}{200}\) = 2.5 bar</p>
<p>प्रश्न 2.<br />
35°C ताप तथा 1.2 bar दाब पर 120 ml धारिता वाले पात्र में गैस की निश्चित मात्रा भरी है। यदि 35°C पर गैस को 180 ml धारिता वाले फ्लास्क में स्थानान्तरित किया जाता है तो गैस का दाब क्या होगा?<br />
हल:<br />
P<sub>1</sub> = 1.2 bar, P<sub>2</sub> = ?<br />
V<sub>1</sub> = 120 ml, V<sub>2</sub> = 180ml<br />
चूँकि ताप स्थिर है अतः<br />
P<sub>1</sub> V<sub>1</sub> = P<sub>2</sub> V<sub>2</sub> (बॉयल का नियम)<br />
P<sub>2</sub> = \(\frac{1.2 \mathrm{bar} \times 120 \mathrm{ml}}{180 \mathrm{ml}}\)<br />
= 0.8 bar</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 3.<br />
आदर्श गैस समीकरण PV = nR T का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि दिये गये ताप पर गैस का घनत्व गैस के दाब के समानुपाती होता है?<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36649" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-1.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 1" width="329" height="342" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-1.png 329w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-1-289x300.png 289w" sizes="auto, (max-width: 329px) 100vw, 329px" /></p>
<p>प्रश्न 4.<br />
0°C पर तथा 2 bar दाब पर किसी गैस के ऑक्साइड का घनत्व 5 bar दाब पर डाई नाइट्रोजन के घनत्व के समान है तो ऑक्साइड का अणुभार क्या है?<br />
हल:<br />
गैस का घनत्व (घ) = \(\frac { PM }{ RT }\) (R तथा T स्थिरांक हैं)<br />
नाइट्रोजन के लिए P = 5 bar M = 28g mol<sup>-1</sup><br />
d<sub>N2</sub> = \(\frac { PM }{ RT }\) = \(\frac { 5×28 }{ RT }\)<br />
गैसीय ऑक्साइड के लिए P = 2 bar, M = ?<br />
\(\frac { PM }{ RT }\) = \(\frac { 2×M }{ RT }\)<br />
प्रश्न के अनुसार d<sub>N2</sub> = d ऑक्साइड<br />
\(\frac { 5×28 }{ RT }\) = \(\frac { 2×M }{ RT }\)<br />
5 × 28 = \(\frac { 2 × M × R × T }{ RT }\)<br />
5 x 28 = 2 × M<br />
M = \(\frac { 5×28 }{ 2 }\)<br />
= 70g mol<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 5.<br />
27°C पर 1g आदर्श गैस का दाब 2 bar है। जब समान ताप एवं दाब पर उसमें 2g आदर्श गैस मिलायी जाती है तो दाब 3 bar हो जाता है। इन गैसों के अणुभार में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।<br />
हल:<br />
माना दोनों गैसों A तथा B के मोलर द्रव्यमान क्रमश: M<sub>A</sub> तथा M<sub>B</sub> हैं।<br />
गैस A के मोलों की संख्या (n<sub>A</sub>)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36650" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-2.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 2" width="271" height="427" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-2.png 271w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-2-190x300.png 190w" sizes="auto, (max-width: 271px) 100vw, 271px" /><br />
गैस A का दाब (P<sub>A</sub> = 2 bar)<br />
गैस A तथा B का दाब (P<sub>A</sub> + P<sub>B</sub>) = 3 bar<br />
P<sub>B</sub> = (3 &#8211; 2) = 1 bar<br />
P<sub>A</sub>V = n<sub>A</sub> RT (आदर्श गैस समीकरण)<br />
P<sub>B</sub>V = n<sub>B</sub> RT (आदर्श गैस समीकरण)<br />
\(\frac{\mathrm{P}_{\mathrm{A}}}{\mathrm{P}_{\mathrm{B}}}=\frac{n_{\mathrm{A}}}{n_{\mathrm{B}}}=\frac{(2 \mathrm{bar})}{(1 \mathrm{bar})}=\frac{2}{1}\) &#8230; (2)<br />
समीकरण (1) तथा (2) से,<br />
\(\frac{\mathrm{M}_{\mathrm{B}}}{2 \mathrm{M}_{\mathrm{A}}}=\frac{n_{\mathrm{A}}}{n_{\mathrm{B}}}=\frac{2}{1}\)<br />
या \(\frac{\mathrm{M}_{\mathrm{B}}}{2 \mathrm{M}_{\mathrm{A}}}=\frac{2}{1}\)<br />
M<sub>B</sub> = 4M<sub>A</sub></p>
<p>प्रश्न 6.<br />
नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में एलुमिनियम होता है। यह कास्टिक सोडा से क्रिया कर डाई हाइड्रोजन गैस देता है। यदि 1 bar तथा 20°C ताप पर 0.15 g एलुमिनियम अभिक्रिया करेगा तो निर्गमित डाइ हाइड्रोजन का आयतन क्या होगा?<br />
हल:<br />
2 Al + 2 NaOH + 2H<sub>2</sub>O → 2Na AlO<sub>2</sub> + 3H<sub>2</sub> ↑<br />
2 × 27 = 54g<br />
NTP पर 54 g Al द्वारा प्राप्त हाइड्रोजन = 3 x 22400 ml<br />
NTP पर 0.15 g Al द्वारा प्राप्त हाइड्रोजन<br />
= \(\frac{(3 \times 22400) \times(0.15 \mathrm{~g})}{(54 \mathrm{~g})}\) = 186.67 ml<br />
V<sub>1</sub> = 186.67 ml, V<sub>2</sub> = ?<br />
P<sub>1</sub> = 1.013 bar, P<sub>2</sub> = 1 bar<br />
T<sub>1</sub> = 0 + 273 = 273 K, T<sub>2</sub> = 20 + 273 = 293 K<br />
\(\frac{\mathrm{P}_1 \mathrm{~V}_1}{\mathrm{~T}_1}=\frac{\mathrm{P}_2 \mathrm{~V}_2}{\mathrm{~T}_2}\)<br />
V<sub>2</sub> = \(\frac{\mathrm{P}_1 \mathrm{~V}_1 \mathrm{~T}_2}{\mathrm{P}_2 \mathrm{~T}_1}=\frac{1.013 \times 186.67 \times 293}{273}\)<br />
= 203 ml<br />
निर्गमित डाईहाइड्रोजन का आयतन 200.35ml होगा।</p>
<p>प्रश्न 7.<br />
यदि 27°C पर 9dm धारिता वाले फ्लास्क में 3.21 मेथेन तथा 4.4g कार्बन डाइ ऑक्साइड का मिश्रण हो तो इसका दाव क्या होगा?<br />
हल:<br />
मेथेन के मोलों की संख्या (n<sub>1</sub>)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36651" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-3.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 3" width="483" height="404" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-3.png 483w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-3-300x251.png 300w" sizes="auto, (max-width: 483px) 100vw, 483px" /><br />
गैसीय मिश्रण का कुल दाब P = P<sub>CH<sub>4</sub></sub> + P<sub>CO<sub>2</sub></sub><br />
= 5.543 × 10<sup>4</sup> Pa + 2.771 × 10<sup>4</sup> Pa<br />
= 8.314 × 10<sup>4</sup> Pa</p>
<p>प्रश्न 8.<br />
27°C ताप पर जब 1L के फ्लास्क में 0.7bar पर 2.0 L ऑक्सीजन तथा 0.8 bar पर 0.5 L डाइ हाइड्रोजन को भरा जाता है तो गैसीय मिश्रण का दाब क्या होगा?<br />
हल:<br />
डाइऑक्सीजन के मोलों की संख्या<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36652" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-4.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 4" width="414" height="410" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-4.png 414w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-4-300x297.png 300w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-4-150x150.png 150w" sizes="auto, (max-width: 414px) 100vw, 414px" /></p>
<p>प्रश्न 9.<br />
यदि 27°C ताप तथा 2 bar दाब पर एक गैस का घनत्व 5.46 g/dm³ है तो STP पर इसका घनत्व क्या होगा?<br />
हल:<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36653" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-5.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 5" width="423" height="371" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-5.png 423w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-5-300x263.png 300w" sizes="auto, (max-width: 423px) 100vw, 423px" /><br />
प्रश्नानुसार<br />
d<sub>1</sub> = 5.46g/dm³ d<sub>2</sub> = ?<br />
T<sub>1</sub> = 27 + 273 = 300K, T<sub>2</sub> = 0 + 273 = 273 K<br />
P<sub>1</sub> = 2 bar P<sub>2</sub> = 1.01325 bar<br />
d<sub>2</sub> = \(\frac{5.46 \times 1.01325 \times 300}{2 \times 273}\)<br />
= 3.04 g/dm³</p>
<p>प्रश्न 10.<br />
यदि 546°C तथा 0.1 bar दाब पर 34.05 ml फॉस्फोरस वाष्प का भार 0.0625 g है तो फॉस्फोरस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?<br />
हल:<br />
PV = nRT (आदर्श गैस समीकरण)<br />
PV = \(\frac { w }{ M }\)RT<br />
M = \(\frac { wRT }{ PV }\)<br />
फॉस्फोरस वाष्पों का द्रव्यमान (w) = 0.0625g<br />
वाष्पों का आयतन (V) = 34.05 × 10<sup>-3</sup> L<br />
वाष्पों का दाब (P) = 0.1 bar<br />
ताप (T) = 819 K<br />
मान रखने पर<br />
M = \(\frac { wRT }{ PV }\)<br />
= \(\frac{(0.0625 \mathrm{~g})\left(0.083 \mathrm{bar} \mathrm{L} K^{-1} \mathrm{~mol}^{-1}\right) \times(819 K)}{(0.1 \text { bar }) \times\left(34.05 \times 10^{-3} \mathrm{~L}\right)}\)<br />
= 1.248 × 103 g mol<sup>-1</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 11.<br />
एक विद्यार्थी 27°C पर गोल पेंदे के फ्लास्क में अभिक्रिया मिश्रण डालना भूल गया तथा उस फ्लास्क को ज्वाला पर रख दिया। कुछ समय पश्चात् उसे अपनी भूल का अहसास हुआ। उसने उत्तापमापी की सहायता से फ्लास्क का ताप 477°C पाया। आप बताइये कि वायु का कितना भाग फ्लास्क से बाहर निकला।<br />
हल:<br />
प्रयोगशाला में कार्य करते समय दाब में कोई परिवर्तन नहीं हुआ अत: चार्ल्स के नियमानुसार<br />
\(\frac{\mathrm{V}_1}{\mathrm{~T}_1}=\frac{\mathrm{V}_2}{\mathrm{~T}_2}\)<br />
V<sub>2</sub> = \(\frac{\mathrm{V}_1 \times \mathrm{T}_2}{\mathrm{~T}_1}\)<br />
V<sub>1</sub> = VL (माना) V<sub>2</sub> = ?<br />
T<sub>1</sub> = 27 + 273 = 300K<br />
T<sub>2</sub> = 477 + 273 = 750K<br />
V<sub>2</sub> = \(\frac{\mathrm{VL} \times(750 \mathrm{~K})}{(300 \mathrm{~K})}\) = 2.5 V<br />
बाहर निकलने वाली वायु का आयतन = 2.5 V &#8211; V<br />
= 1.5 V<br />
बाहर निकलने वाली वायु का भाग = \(\frac { 1.5V }{ 2.5V }\) = \(\frac { 3 }{ 5 }\)</p>
<p>प्रश्न 12.<br />
3.32 bar पर 5dm³ का आयतन घेरने वाली 4.0 mol गैस के ताप की गणना कीजिए। (R = 0.083 bar dm 3 K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup> )<br />
हल:<br />
गैस के मोलों की संख्या (n) = 4.0<br />
मोल गैस का आयतन (V) = 5 dm³<br />
गैस का दाब (P) = 3.32 bar<br />
गैस स्थिरांक (R) = 0.083 bar dm³ K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
PV = nRT<br />
T = \(\frac { PV }{ nR }\)<br />
T = \(\frac{3.32 \times 5}{4.0 \times 0.083}\)<br />
= 50K</p>
<p>प्रश्न 13.<br />
1.4 ग्राम डाई नाइट्रोजन गैस में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए।<br />
हल:<br />
N<sub>2</sub> का आण्विक द्रव्यमान = 28g<br />
∵ 28g N<sub>2</sub> में अणुओं की संख्या = 6.022 × 10<sup>23</sup><br />
∴ 1.4g N<sub>2</sub> में अणुओं की संख्या<br />
= \(\frac{6.022 \times 10^{23} \times 1.4 g}{28 g}\)<br />
= 3.011 × 10<sup>22</sup><br />
नाइट्रोजन का परमाणुक्रमांक = 7<br />
डाई नाइट्रोजन के एक अणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2 × 7 = 14<br />
N<sub>2</sub> के 3.011 × 10<sup>22</sup> अणुओं में इलेक्ट्रॉनों की संख्या<br />
= 14 × 3.011 × 10<sup>22</sup><br />
= 4.215 x 10<sup>23</sup> इलेक्ट्रॉन</p>
<p>प्रश्न 14.<br />
यदि एक सेकेण्ड में 10<sup>10</sup> गेहूँ के दाने वितरित किये जायें तो आवोगाद्रो की संख्या के बराबर दाने वितरित करने में कितना समय लगेगा।<br />
हल:<br />
10<sup>10</sup> दानों को वितरित करने में लगने वाला समय = 1s<br />
6.022 x 10<sup>23</sup> दानों को वितरित करने में लगने वाला समय<br />
= \(\frac{(1 s) \times 6.022 \times 10^{23}}{10^{10}}\)<br />
= \(\frac{6.022 \times 10^{13}}{60 \times 60 \times 24 \times 365}\)<br />
= 1.91 x 10<sup>6</sup> वर्ष</p>
<p>प्रश्न 15.<br />
27°C ताप पर 1dm³ आयतन वाले फ्लास्क में 8g डाइ ऑक्सीजन तथा 4g डाइ हाइड्रोजन के मिश्रण का कुल दाब कितना होगा?<br />
हल:<br />
ऑक्सीजन के मोलों की सख्या (n<sub>1</sub>)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36654" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-6.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 6" width="273" height="487" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-6.png 273w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-6-168x300.png 168w" sizes="auto, (max-width: 273px) 100vw, 273px" /><br />
गैसीय मिश्रण का कुल दाब P = P<sub>O2</sub> + P<sub>H2</sub><br />
= 6.225 + 49.8 = 56.025 bar</p>
<p>प्रश्न 16.<br />
गुब्बारे के भार तथा विस्थापित वायु के भार के अन्तर को पेलोड कहते हैं। यदि 27°C पर 10m त्रिज्या वाले गुब्बारे में 1.66 bar पर 100 kg हीलियम भरी जाये तो पेलोड की गणना कीजिए। (वायु का घनत्व d = 1.2 kgm<sup>-3</sup> तथा R = 0.08bar dm³ K<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup>)।<br />
हल:<br />
विस्थापित वायु के द्रव्यमान की गणना-<br />
गुब्बारे की त्रिज्या = 10m<br />
गुब्बारे का आयतन V = \(\frac { 4 }{ 3 }\)πr³<br />
= \(\frac{4}{3} \times \frac{22}{7}\) x (10)³<br />
= 4190.5 m³<br />
विस्थापित वायु का द्रव्यमान-<br />
= गुब्बारे का आयतन वायु का घनत्व<br />
= 4190.5 × 12<br />
= 5028.6 kg<br />
गुब्बारे का द्रव्यमान ज्ञात करना-<br />
= \(\frac{1.66 \times 4190.5 \times 10^3}{0.083 \times 300}\)<br />
= 279.37 x 10³ मोल<br />
He का द्रव्यमान = He के मोल He का द्रव्यमान<br />
= 279.37 × 10³ × 4<br />
= 1117.48 × 10³ = 1117.48 kg<br />
भरे हुए गुब्बारे का द्रव्यमान = 100 + 1117.48<br />
= 1217.48 kg<br />
पेलोड की गणना &#8211;<br />
पेलोड = विस्थापित वायु का द्रव्यमान &#8211; भरे हुए गुब्बारे का द्रव्यमान<br />
= 5028.6 &#8211; 1217.48<br />
= 3811.12 kg</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 17.<br />
31.1°C तथा 1 bar दाब पर 8.8g CO<sub>2</sub> द्वारा घेरे गये आयतन की गणना कीजिए। (R= 0.083 bar L mol<sup>-1</sup>)।<br />
हल:<br />
CO<sub>2</sub> के मोलों की संख्या (n)<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36655" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-7.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 7" width="136" height="46" /><br />
= \(\frac { 8.8 }{ 44 }\)<br />
= 0.2 mol<br />
CO<sub>2</sub> का दाब P = 1 bar<br />
गैस स्थिरांक R = 0.083 bar LK<sup>-1</sup> mol<sup>-1</sup><br />
ताप T = 31.1 + 273 = 304.1 K<br />
PV = nRT<br />
V = \(\frac{n \mathrm{RT}}{\mathrm{P}}=\frac{0.2 \times 0.083 \times 304.1}{1}\)<br />
= 5.048 L</p>
<p>प्रश्न 18.<br />
समान दाब पर किसी गैस के 2.9 g द्रव्यमान का 95°C तथा 0.184 g हाइड्रोजन का 17°C पर आयतन समान है। बताइये गैस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?<br />
हल:<br />
गैस के मोलों की संख्या<br />
<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-36656" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-8.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ 8" width="349" height="209" srcset="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-8.png 349w, https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2023/07/HBSE-11th-Class-Chemistry-Solutions-Chapter-5-द्रव्य-की-अवस्थाएँ-8-300x180.png 300w" sizes="auto, (max-width: 349px) 100vw, 349px" /><br />
गैस का ताप T<sub>1</sub> = 95 + 273 = 368 K<br />
हाइड्रोजन का ताप T<sub>2</sub> = 17 + 273 = 290K<br />
PV = n RT<br />
दोनों गैसों के लिए PV तथा R स्थिरांक हैं।<br />
n<sub>(g)</sub> × T<sub>1</sub> = n<sub>(H<sub>2</sub>)</sub> × T<sub>2</sub><br />
n(g) = \(\frac{n_{\left(\mathrm{H}_2\right)} \times \mathrm{T}_2}{\mathrm{~T}_1}\)<br />
\(\frac{2.9 g}{M}=\frac{(0.092 \mathrm{~mol})(290 \mathrm{~K})}{(368 \mathrm{~K})}\)<br />
M = \(\frac{(2.9 \mathrm{~g})(368 \mathrm{~K})}{(0.092 \mathrm{~mol})(290 \mathrm{~K})}\)<br />
= 40 g mol<sup>-1</sup></p>
<p>प्रश्न 19.<br />
1 bar दाब पर डाइ हाइड्रोजन तथा डाइ ऑक्सीजन को मिश्रण में 20% डाइ हाइड्रोजन (भार से) रखा जाता है तो डाइ हाइड्रोजन का आंशिक दाब क्या होगा?<br />
हल:<br />
माना कि मिश्रण में हाइड्रोजन का द्रव्यमान = 20 g मिश्रण में ऑक्सीजन का द्रव्यमान = 80 g<br />
H<sub>2</sub> के मोलों की संख्या (N<sub>H2</sub>) = \(\frac{20 \mathrm{~g}}{2 \mathrm{~g} \mathrm{~mol}^{-1}}\)<br />
= 10 mol<br />
O<sub>2</sub> के मोलों की संख्या (n<sub>O2</sub>) = \(\frac{80 \mathrm{~g}}{32 \mathrm{~g} \mathrm{~mol}^{-1}}\) = 2.5 mol<br />
गैसीय मिश्रण का कुल दाब = 1 bar<br />
समान परिस्थितियों में गैसों के आंशिक दाबों का अनुपात इनके मोलों की संख्या के अनुपात के बराबर होगा।<br />
अत : H<sub>2</sub> का आंशिक दाब (P<sub>H2</sub>)<br />
= \(\frac{10 \mathrm{~mol}}{12.5 \mathrm{~mol}}\) x (1 bar)<br />
= 0.8 bar</p>
<p>प्रश्न 20.<br />
\(\frac{\mathbf{P V}^2 \mathbf{T}^2}{n}\) राशि की SI इकाई क्या होगी?<br />
हल:<br />
\(\frac{\mathrm{PV}^2 \mathrm{~T}^2}{n}=\frac{\left(\mathrm{Nm}^{-2}\right)\left(\mathrm{m}^3\right)^2(\mathrm{~K})^2}{\mathrm{~mol}}\)<br />
= Nm<sup>4</sup>K² mol<sup>-1</sup></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="https://haryanaboardsolutions.com/wp-content/uploads/2022/03/Haryana-Board-Solutions.png" alt="HBSE 11th Class Chemistry Solutions Chapter 5 द्रव्य की अवस्थाएँ" width="196" height="17" /></p>
<p>प्रश्न 21.<br />
चार्ल्स के नियम के आधार पर समझाइये कि न्यूनतम सम्भव ताप &#8211; 273°C होता है।<br />
हल:<br />
चार्ल्स के नियमानुसार<br />
V<sub>t</sub> = V<sub>0</sub>[1 + \(\frac { t }{ 273 }\)]<br />
यदि t = 273°C हो तो<br />
V<sub>t</sub> = V<sub>0</sub>[1 + \(\frac { 1 }{ 273 }\) x &#8211; 273]<br />
= V<sub>0</sub>(1 &#8211; 1)<br />
V<sub>t</sub> = 0<br />
अतः &#8211; 273°C पर किसी गैस का आयतन शून्य हो जाता है। इस ताप को परम शून्य ताप कहते हैं परन्तु वास्तव में यह सम्भव नहीं है, क्योंकि सभी गैसें &#8211; 273°C ताप पर पहुँचने से पहले ही द्रव में परिवर्तित हो जाती हैं।</p>
<p>प्रश्न 22.<br />
कार्बन डाइऑक्साइड तथा मेथेन का क्रान्तिक ताप क्रमशः 31.1.C एवं &#8211; 81.9 °C है। इनमें से किसमें प्रबल अन्तराआण्विक बल है, तथा क्यों ?<br />
उत्तर:<br />
क्रान्तिक तापों के मान से ज्ञात होता है कि CO<sub>2</sub> के अणुओं में आकर्षण बल अधिक है दोनों ही गैसें अध्रुवीय हैं, परन्तु CO<sub>2</sub> के अणुओं में वान्डर वाल बल अधिक होते हैं क्योंकि इसका आण्विक आकार बड़ा है।</p>
<p>प्रश्न 23.<br />
वान्डर वाल प्राचल की भौतिक सार्थकता को समझाइये।<br />
उत्तर:<br />
(i) वान्डर वाल प्राचल (a) &#8211; इसका मान गैसों के अणुओं में उपस्थित आकर्षण बलों के परिमाण की माप होती है। अतः a का मान अधिक होने पर अन्तराआण्विक आकर्षण बलों का मान भी बढ़ जाता है।</p>
<p>(ii) वान्डर वाल प्रचल (b) &#8211; इसका मान गैस अणुओं के प्रभावी आकार की माप है। इसका मान गैस अणुओं के वास्तविक आयतन का चार गुना होता है। यह अपवर्जित आयतन कहलाता है।</p>
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